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चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए भारतीय टीम नहीं जाएगी पाकिस्तान

नई दिल्ली फरवरी-मार्च में पाकिस्तान को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी करनी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है और टीम इंडिया के मैच लाहौर में आयोजित कराने का ड्राफ्ट शेड्यूल आईसीसी को सौंप दिया है। हालांकि, अभी तक भारतीय क्रिकेट टीम के पाकिस्तान जाने पर कोई आधिकारिक बयान किसी ओर से सामने नहीं आया है, लेकिन अब एक रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि भारतीय टीम के चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने की संभावना नहीं के बराबर हैं। यहां तक बीसीसीआई आईसीसी से एक मांग भी करने जा रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई को बीसीसीआई के सूत्रों ने बताया है कि भारतीय क्रिकेट टीम के 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने की संभावना नहीं है। बीसीसीआई आईसीसी से दुबई या श्रीलंका में मैच आयोजित करने के लिए कहेगा। इससे स्पष्ट हो गया है कि एशिया कप 2023 की तरह चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भी हाइब्रिड मॉडल के तहत पाकिस्तान को आयोजित करनी पड़ सकती है। यहां तक कि बीसीसीआई सचिव जय शाह ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, उसमें भी इस बात की पुष्टि नहीं की थी कि भारतीय टीम पाकिस्तान जाएगी। हालांकि, जय शाह ने इस बात की पुष्टि जरूर कर दी है कि भारतीय टीम आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलेगी। जय शाह ने ही एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन और बीसीसीआई के सचिव के तौर पर इस बात की पुष्टि की थी कि एशिया कप 2023 के लिए भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं जाएगी। ऐसे में पीसीबी ने हाइब्रिड मॉडल का सुझाव दिया था, जिसे भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने स्वीकार किया। फाइनल समेत इंडिया और अन्य टीमों के ज्यादातर मैच श्रीलंका में आयोजित हुए थे और कुछ मैच पाकिस्तान में आयोजित कराए गए थे। ऐसा ही कुछ चैंपियंस ट्रॉफी में भी हो सकता है। इस दिन होगा भारत-पाकिस्तान मुकाबला PCB ने चैम्पियंस ट्रॉफी का शेड्यूल तैयार कर ICC और इसके सदस्य देशों को मंजूरी के लिए भेजा है. सब जगह से हरी झंडी मिलने के बाद इसे जारी किया जाएगा. मगर उससे पहले ही यह शेड्यूल वायरल हो गया. ब्रिटेन के एक अखबार ‘द टेलीग्राफ’ ने इसे पब्लि‍श कर दिया था.  इसके अनुसार, चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 का आगाज कराची में 19 फरवरी को होगा. ओपनिंग मुकाबला पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. साथ ही शेड्यूल के मुताबिक भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है. भारत और पाकिस्ता का मुकाबला 1 मार्च को लाहौर में होगा. भारत के सभी मैच लाहौर में रखे गए हैं. भारत के लिए सेमीफाइनल भी शिफ्ट किया जाएगा चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल मुकाबले 5 और 6 मार्च को खेले जाएंगे. जबकि 19 मार्च को खिताबी टक्कर होनी है. यह सेमीफाइनल मुकाबले कराची और रावलपिंडी में होने हैं. मगर भारतीय टीम टॉप-4 में पहुंचती है, तो वो अपना सेमीफाइनल लाहौर में ही खेलेगी. भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल शिफ्ट कर दिया जाएगा. हालांकि देखने वाली बात ये भी है कि अभी तक BCCI ने चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने पर सहमति नहीं दी है. पीसीबी का रवैया पड़ सकता है भारी चैम्पियंस ट्रॉफी और उसकी तैयारियों को लेकर पीसीबी का एकतरफा रवैया उसी पर भारी पड़ने वाला है. दरअसल, पाकिस्तानी बोर्ड ने अपनी ओर से तो टूर्नामेंट को लेकर कुछ तैयारियां कर ली हैं और बाकी तैयारियां जारी हैं. मगर उसने ICC, भारत और बाकी सदस्य देशों के साथ कोई चर्चा नहीं की है. इसका बड़ा उदाहरण इससे समझ सकते हैं कि PCB ने चैम्पियंस ट्रॉफी का शेड्यूल तैयार कर ICC और बाकी एसोसिएट देशों मंजूरी के लिए भेज दिया है. मगर आगे आकर आईसीसी या किसी भी देश से बात नहीं की है. टी20 वर्ल्ड कप 2024 फाइनल में PCB के पास आईसीसी अधिकारियों से बात करने का अच्छा मौका था, लेकिन कोई भी पीसीबी अधिकारी फाइनल देखने बारबाडोस नहीं पहुंचा. यदि पीसीबी आधिकारी वहां पहुंचते तो ICC के साथ-साथ BCCI और साउथ अफ्रीकी अधिकारियों से भी बात करने का अच्छा मौका रहता. मगर उसने यहां भी ढीला रवैया अपनाया.  

रेलवे भर्ती पेपर लीक केस में विधायक वेदी राम और निषाद पार्टी के MLA विपुल दुबे के खिलाफ NBW जारी

लखनऊ रेलवे ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक बेदी राम (MLA Bedi Ram) और निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे (Vipul Dubey) के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी हुआ है. इस मामले में विधायक बेदी राम और विपुल दुबे समेत 19 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है.   गाजीपुर की जखनियां सीट से सुभासपा विधायक बेदी राम और भदोही की ज्ञानपुर सीट से निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है. विशेष न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय ने दोनों विधायकों समेत एक दर्जन आरोपियों के अदालत में हाजिर न होने पर यह NBW जारी किया है. कोर्ट ने कृष्णा नगर इंस्पेक्टर को 26 जुलाई तक गिरफ्तारी वारंट तामील करने के निर्देश दिए हैं.   एसटीएफ ने फरवरी 2006 में बेदी राम और विपुल दुबे को पेपर लीक मामले में अरेस्ट किया था. इस मामले में दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगा था. एसटीएफ ने आरोपियों के पास से रेलवे भर्ती ग्रुप डी की परीक्षा का प्रश्न पत्र बरामद होने का दावा किया था. जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी. कोर्ट ने बेदी राम और विपुल दुबे की हाजिरी माफी की अर्जी को भी खारिज कर दिया है. 9 में से 8 मामले पेपरलीक से जुड़े हुए फरवरी 2022 में विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान बेदी राम द्वारा दिए गए शपथ पत्र से सामने आया था कि विधायक पर राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में रेलवे और पुलिस भर्ती पेपर लीक से जुड़े 8 मुकदमे दर्ज रहे हैं. बेदी राम पर दर्ज कुल 9 मुकदमों में आठ पेपर लीक से जुड़े हैं. 2009 में जयपुर में एसओजी ने रेलवे भर्ती पेपर लीक मामले में बेदी राम पर एफआईआर दर्ज की थी. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग का पेपर लीक कराने के मामले में भी एसटीएफ भोपाल ने मामला दर्ज किया था.   2006 में रेलवे पेपर लीक मामले में लगा था गैंगस्टर एक्ट इसी तरह 2006 में रेलवे का पेपर लीक कराने के मामले में लखनऊ के कृष्णा नगर में बेदी राम पर गैंगस्टर एक्ट लगा था. इसके बाद 2008 में रेलवे का पेपर लीक कराने में गोमती नगर में मुकदमा दर्ज हुआ था. फिर 2014 में पेपर लीक कराने के मामले में आशियाना में बेदी राम पर एफआईआर दर्ज हुई थी. इतना ही नहीं 21 अगस्त 2014 को यूपी एसटीएफ गैंगस्टेर एक्ट में बेदी राम की लखनऊ व जौनपुर की 8 प्रॉपर्टी कुर्क कर चुकी है.   पेपर लीक के 8 मामलों में दायर हो चुकी चार्जशीट साल 2010 में भी जौनपुर के मडियाहू में बेदी राम पर पुलिस भर्ती पेपर लीक करने में एफआईआर दर्ज हुई थी. फिलहाल, पेपर लीक से जुड़े सभी आठ मामलों में पुलिस चार्जशीट लगा चुकी है. कोर्ट में चार्जफ्रेम/आरोप तय हो चुके हैं. बेदी राम गाजीपुर की जखनियां विधानसभा सीट से विधायक हैं. वह मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं. बेदी राम को सुभासपा अध्यक्ष और यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर का करीबी माना जाता है.  

Apple Watch Ultra बनाम Samsung Galaxy Ultra: कीमत, स्पेसिफिकेशंस और ऑफ़र्स के ये 10 तथ्य जानें

ऐपल की तरफ से करीब दो साल पहले 23 सितंबर 2023 को Apple Watch Ultra को लॉन्च किया गया था। इस स्मार्टफोन की आज कीमत करीब 90 हजार रुपये है। इसकी टक्कर में सैमसंग ने Galaxy Watch Ultra को लॉन्च कर दिया है। सैमसंग गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा की कीमत ऐपल की वॉच के मुकाबले के में करीब आधी है। जहां ऐपल वॉच अल्ट्रा 90 हजार रुपये में आती है, जबकि गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा स्मार्टफोन करीब 60 हजार रुपये के प्राइस प्वाइंट में आती है। डिस्प्ले साइज – गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा 47mm: 1.5 इंच स्क्रीन साइज में आती है, जबकि ऐपल वॉच अल्ट्रा 49mm: 1.91 इंच स्क्रीन साइज में आती है। डिस्प्ले रेजोल्यूशन – गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा में 480×480 पिक्सल रेजोल्यूशन मिलता है, जबिक ऐपल वॉच में थोड़ा ज्यादा 502×410 पिक्सल रेजोल्यूशन मिलता है।डायमेंशन – अगर डायमेंशन की बात की जाएं, तो गैलेक्सी वॉच का डायमेंशन 47.1×47.4×12.1mm है, जबकि ऐपल वॉच का डायमेंशन 49 x44x14.4mm है।प्रोसेसर – गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा में सैमसंग इन-हाउस Exynos W1000 चिपस दिया गया है। इसी तरह ऐपल वॉच अल्ट्रा में ऐपल का ऐपल S9 चिपसेट दिया गया है। रैम – गैलेक्सी वॉच में 2 जीबी रैम दिया गया है, जबकि ऐपल की ओर से 1 जीबी रैम ही दिया जा रहा है।स्टोरेज – सैमसंग 32 जीबी स्टोरेज दे रहा है, जो ऐपल के मुकाबले कम है, क्योंकि उसमें 64 जीबी स्टोरेज दिया गया हैवजन – सैगसंग वॉच का वजन 60.5 ग्राम है, जबकि ऐपल वॉच 61.5 ग्राम में आती है।बैटरी – सैमसंग अल्ट्रा स्मार्टवॉच में 590mAh बैटरी दी गई है, जबकि ऐपल वॉच में 564mAh बैटरी मिलती है।कलर ऑप्शन – सैमसंग वॉच तीन कलर ऑप्शन टाइटेनियम सिल्वर, टाइटेनियम ग्रे और टाइटेनियम व्हाइट में आती है, जबकि ऐपल सिंगल टाइटेनिमय कलर ऑप्शन में आती है।कीमत – सैमसंग गैलेक्सी अल्ट्रा स्मार्टवॉच की कीमत 60 हजार रुपये हैं, वही ऐपल वॉच अल्ट्रा की कीमत अभी करीब 90 हजार रुपये है, जो लॉन्च के वक्त 1 से 1.25 लाख रुपये थी।

रक्त बढ़ाने के लिए 5 सबसे ज्यादा आयरन युक्त खाद्य पदार्थ

स्वस्थ शरीर के लिए हर पोषक तत्‍व को सही मात्रा में होना जरूरी है। प्रोटीन और विटामिन की तरह शरीर के बेहतर कामकाज के लिए आयरन (Iron) भी एक जरूरी पोषक तत्‍व है। शरीर को खून बनाने के लिए इसकी बहुत जरूरत होती है। शरीर में आयरन की कमी थकान, खराब नींद, वजन बढ़ना, बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया होता है, जोकि महिलाओं और बच्चों में आम समस्या है। इसलिए महिलाओं को ब्लड में आयरन लेवल पर ध्यान देना चाहिए। वैसे तो कई लोग इसके लिए दवा और सप्लीमेंट लेते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा आयरन आप भोजन से प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपको भी एनीमिया है, तो Detoxpri की फाउंडर एंड होलिस्टिक न्यूट्रिशनिस्ट प्रियांशी भटनागर आपको कुछ तरह के आयरन रिच फूड्स के बारे में बता रही हैं, आप इन्‍हें अपनी डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं। आयरन एक ऐसा पोषक तत्‍व है, जो शरीर खुद नहीं बनाता। यह आपको भोजन के जरिए ही मिल सकता है। याद रखें अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो प्‍लांट बेस फूड के साथ विटामिन सी को शामिल करके आयरन अवशोषण को बढ़ा सकते हैं। प्‍लांट बेस फूड खाएं प्‍लांट बेस फूड आयरन से भरपूर होते हैं। अगर आप वेजिटेरियन और वीगन हैं, तो दाल और चना को अपनी डाइट में शामिल करें। इनके साथ आप टमाटर खा सकती हैं। बता दें कि टमाटर में विटामिन सी होता है साथ ही यह आयरन के अवशोषण में अच्छी भूमिका निभाता है। 100 ग्राम चना में कम से कम 6.2 mg आयरन होता है। आयरन रिच स्नैक्स सूखे मेवे जैसे किशमिश और सूखा आलूबुखारा आयरन के बेहतरीन सोर्स हैं। आयरन को बूस्ट करने के लिए आप इन्‍हें सलाद और सीरियल में डालकर खा सकते हैं। 100 ग्राम किशमिश में कम से कम 1.9 mg आयरन होता है। आयरन से भरपूर ब्रेड आयरन से भरपूर ब्रेड भी एनीमिया से छुटकारा दिला सकती है। ये आयरन का सेवन बढ़ाने का सुरक्षित तरीका है। आयरन लेवल बढ़ाने के लिए आपको इसका सेवन खट्टे फलों के साथ करना चाहिए। 100 ग्राम यानी एक ब्रेड से आपको 3.6 mg आयरन मिल सकता है। हरे रंग की सब्जियां पालक और केल जैसी सब्जियों में नॉन हेम आयरन पाया जाता है। लेकिन इसमें ऑक्सलेट होते हैं, जो अवशोषण में रुकावट डालते हैं। ऐसे में उन्हें पकाकर खाएं। यह प्रक्रिया आपकी आयरन बायो एबिलिटी को इंप्रूव करती है। 100 ग्राम पालक से आपको 2.7 mg आयरन मिल सकता है। मटर शरीर में आयरन की कमी से थकान और कमजोरी होती है। हरी मटर आयरन का अच्‍छा स्‍त्रोत है। ऐसे में हरी मटर से बनी डिशेज को अपनी डाइट में शामिल करें। इसके सेवन से रेड ब्‍लड सेल्‍स के निर्माण में मदद मिलती है। 100 ग्राम मटर से आपको 1.5 mg आयरन मिल सकता है।

बंद लिफाफे में CBI ने पेश की रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा बड़ी सुनवाई, क्या फिर से होंगे NEET-UG एग्जाम?

नई दिल्ली  नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई करने वाला है. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली  बेंच आज (11 जुलाई) परीक्षा में अनियमितता और री-एग्जाम की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एफिडेविट के बाद बंद लिफाफे में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नीट पेपर लीक केवल एग्जाम सेंटर्स तक ही सीमित है, यह सोशल मीडिया पर लीक नहीं हुआ. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई को सुनवाई के दौरान कहा था कि NEET-UG 2024 की अखंडता से समझौता हुआ है तो परीक्षा रद्द होनी चाहिए. CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पेपर लीक की घटना स्थानीय तौर पर हुई है. परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट नहीं हुआ है. थोड़ी ही देर में कोर्ट मामले में की सुनवाई शुरू करने वाला है. ‘ऑनलाइन लीक नहीं हुआ पेपर’, सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता 8 जुलाई को हुई सुनवाई में सीजेआई ने ऑनलाइन नीट पेपर लीक की आशंका को लेकर चिंता जताई थी. सुनवाई के दौरान कहा गया था कि अगर इलेक्ट्रॉनिक यानी ऑनलाइन माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है. सीबीआई द्वारा कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा है कि पेपर ऑनलाइन लीक नहीं हुआ था, केवल स्थानीय लेवल पर लीक हुआ था. NEET के अलावा UGC NET पेपर लीक पर भी एक्शन में CBI नीट पेपर लीक के अलावा सीबीआई यूजीसी नेट पेपर लीक भी जांच कर रही है. सीबीआई जल्द ही उस शख्स के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर सकती है, जिसने कथित तौर पर टेलीग्राम पर यूजीसी-नेट पेपर का ‘छेड़छाड़’ स्क्रीनशॉट शेयर किया था, जिसके कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय से संभावित ‘उल्लंघन’ के बारे में अलर्ट मिलने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी. CBI ने पेपर लीक को बताया स्थानीय सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि नीट पेपर लीक की घटना स्थानीय स्तर पर हुई है, सोशल मीडिया पर नीट का पेपर सर्कुलेट नहीं हुआ है. केंद्र ने दाखिल किया हलफनामा केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र ने हलफनामे में कहा कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है. हलफनामे में कहा गया, सरकार समाधान खोजने के लिए चौतरफा प्रयास कर रही है, साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी दोषी उम्मीदवार को कोई लाभ न मिले. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 23 लाख छात्रों पर सिर्फ आशंकाओं के चलते एक नई परीक्षा का बोझ न डाला जाए. CJI का कहना कि यदि परीक्षा की पवित्रता खत्म हो जाती है तो दोबारा परीक्षा का आदेश देना होगा, यदि दागी और बेदाग को अलग करना संभव नहीं है तो दोबारा परीक्षा का ही विकल्प है। यदि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है। केंद्र सरकार और NTA ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा-     सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा, गड़बड़ी में शामिल लोगों की पड़ताल डेटा एनालिसिस के जरिए करने के लिए मद्रास IIT से अनुरोध किया गया है। जिनको ज्यादा नंबर आए हैं उनका डाटा विश्लेषण बताता है कि बड़ी अनियमितता नहीं हुई है, क्योंकि ग्राफ ऊपर उठने के साथ ही जल्दी ही नीचे गिर जाता है। यानी घंटी के आकार का ग्राफ है।     केंद्र सरकार ने कहा है कि जांच के साथ ही एहतियातन NEET काउंसिलिंग भी जुलाई के तीसरे हफ्ते में कराने का निर्णय लिया गया है। काउंसलिंग चार चरणों में होगी, ताकि किसी भी किस्म की गड़बड़ी का फायदा उठाकर आने वाले छात्र की पहचान और पड़ताल इन चार चरणों में हो ही जाए। जहां पता चला, वहीं उसे बाहर कर दिया जाएगा।     केंद्र सरकार ने पहले भी कोर्ट को बताया है कि वो NEET की परीक्षा दोबारा कराने के समर्थन में नहीं है। केंद्र ने कहा है कि वो यह सुनिश्चित कर रहा है कि 23 लाख अभ्यर्थियों पर ‘अप्रमाणित आशंकाओं’ के आधार पर दोबारा परीक्षा का बोझ ना डाला जाए। केंद्र सरकार ने कहा है कि वो ये सुनिश्चित कर रहा है कि गलत तरीके से फायदा उठाने के दोषी किसी भी अभ्यर्थी को कोई लाभ ना मिले।     सरकार ने कहा है कि शिक्षा मंत्रालय ने IIT मद्रास से आग्रह किया था कि वो नीट परीक्षा 2024 के उम्मीदवारों का डेटा एनालिसिस करने में मदद करें। आईआईटी मद्रास ने शहरवार और केंद्रवार 2 सालों (2023 और 2024) का विश्लेषण किया। यह विश्लेषण शीर्ष 1.4 लाख रैंक के लिए किया गया है।     IIT मद्रास के विश्लेषण से पता चलता है कि ना तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का कोई संकेत है और ना ही किसी खास सेंटर के उम्मीदवारों को मदद मिली जिसके चलते उन्होंने असामान्य स्कोर मिला हो। IIT मद्रास की स्टडी के मुताबिक छात्रों को मिले अंकों में समग्र वृद्धि हुई है। खासतौर से 550 से 720 अंकों के बीच। अंकों में ये बढ़ोतरी लगभग सभी शहरों और केंद्रों में देखी गई है. इसकी वजह सिलेबस में 25% की कटौती है।     जिन छात्रों ने ज्यादा अंक हासिल किए हैं, वो अलग-अलग शहरों और अलग-अलग सेंटर के है जो बड़े पैमाने पर किसी गड़बड़ी की संभावना को खारिज करता है।     सरकार ने यह भी कहा कि काउंसलिंग जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर चार चरणों में आयोजित की जाएगी। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का शिकार पाया जाता है तो उसकी उम्मीदवारी काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद भी किसी भी स्तर पर रद्द कर दी जाएगी।     NTA ने कहा, पटना/ हजारीबाग मामले में कोई प्रश्न पत्र गायब नहीं पाया गया है। प्रत्येक प्रश्न पत्र में एक अद्वितीय क्रमांक होता है और उसे एक विशेष उम्मीदवार को सौंपा जाता है। कोई भी ताला टूटा हुआ नहीं मिला। एनटीए पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में कुछ … Read more

स्कूल टाइम में ढाई घंटे चलाया मोबाइल, सवा घंटे खेला कैंडी क्रश… संभल में DM ने निकाली टीचर के मोबाइल की हिस्ट्री

संभल यूपी के संभल जिले के एक सरकारी स्कूल में निरीक्षण पर पहुंचे डीएम ने पाया कि एक टीचर ड्यूटी टाइम में मोबाइल गेम खेल रहे थे. डीएम ने टीचर का मोबाइल चेक किया तो पता चला कि 5.30 घंटे के स्कूल टाइम में उन्होंने एक घंटा 17 मिनट कैंडी क्रश खेला और इसके अलावा सोशल मीडिया का भी यूज किया. इतना ही नहीं जब डीएम ने टीचर द्वारा चेक की गई कॉपियों को दोबारा देखा तो छह पेज में 95 गलतियां भी सामने आईं. मोबाइल में कैंडी क्रश गेम खेलने वाले टीचर को डीएम के निर्देश के बाद सस्पेंड कर दिया गया है.   संभल के शरीफपुर ग्राम पंचायत के सरकारी स्कूल में डीएम औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे. यहां उन्होंने टीचरों का शिक्षण कार्य देखा और बच्चों के पढ़ाने के तरीके पूछे, उसके बाद शिक्षकों द्वारा जांची गई गृह पुस्तिकाओं को खुद चेक किया. डीएम ने क्लास के 6 छात्रों की कॉपियों के 6 पेज चेक किए तो शिक्षक के द्वारा चेक की गई कॉपियो के 6 पेज में 95 गलतियां देखने के लिए मिली हैं. जिसमें पहले पेज पर 9 गलतियां, दूसरे पर 23 गलतियां, तीसरे पेज पर 11 गलतियां, चौथे पेज पर 21 गलतियां, पांचवे पेज पर 18 गलतियां और छठे पेज पर 13 गलतियां देखने के लिए मिली. इसको लेकर उन्होंने टीचरों को फटकार भी लगाई. इस दौरान उन्होंने एक शिक्षक और एक शिक्षिका की बेहतर कार्यशैली की तारीफ भी की. स्कूल टाइम में ढाई घंटा चलाया मोबाइल इस दौरान डीएम ने शिक्षक प्रेम गोयल के मोबाइल की DIGITAL WELBEING फंक्शन से हिस्ट्री निकाली तो सामने आया कि उन्होंने स्कूल टाइम में करीब दो से ढाई घंटा मोबाइल चलाया. जिसमें एक घंटा 17 मिनट कैंडी क्रश सागा गेम खेला गया. 26 मिनट फोन पर बात की गई. इसके अलावा 17 मिनट फेसबुक, 11 मिनट गूगल क्रोम, 8 मिनट ActionDash, 6 मिनट यूट्यूब, 5 मिनट इंस्टाग्राम और 3 मिनट Read Along ऐप चलाया गया. इनमें से केवल Read Along  ऐप ही विभागीय ऐप है. स्कूल में कुल 101 छात्र, 47 ही मौजूद मिले इस स्कूल में कुल 101 छात्र-छात्राओं का नाम दर्ज है, लेकिन जब डीएम निरीक्षण पर पहुंचे तो स्कूल में 50 फीसदी से भी कम छात्रों की उपस्थिति दर्ज की गई. इस दौरान वहीं कुल 47 छात्र-छात्राएं ही मौजूद थे. हालांकि निरीक्षण के दौरान पांचों शिक्षक मौजूद थे.   स्कूल टाइमिंग में कैंडी क्रश खेल रहे थे टीचर: DM वहीं इस मामले में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा, “स्कूल के निरीक्षण में स्कूल में कायाकल्प का काम चल रहा था. प्रधान कार्य में सहयोग नहीं कर रहे थे. ऐसे में बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि कायाकल्प के काम में सहयोग कराएं. जिन पुस्तिकाओं को टीचर चेक कर चुके थे. उनमें कई कमियां मिलीं है. स्कूल टाइमिंग में एक टीचर कैंडी क्रश सागा गेम खेल चुके थे.” इस दौरान डीएम ने खराब एजुकेशन क्वालिटी को लेकर शिक्षा विभाग से नाराजगी जताई.  

कर्नाटक केवाल्मीकि निगम घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक पर छापेमारी की

बेंगलुरु कर्नाटक (Karnataka) लोकायुक्त ने आज सुबह राज्य भर में कई सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर छापे मारे. जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों और शिकायतों से जुड़े मामलों पर छापेमारी की है. कुल 9 जिलों में 11 मामलों से जुड़ी छापेमारी की गई है, जिनमें दावणगेरे और चित्रदुर्ग के दो-दो मामले शामिल हैं. इसके साथ ही ईडी ने भी पूर्व मंत्री और विधायक के घरों पर छापेमारी की है. मिली जानकरी के मुताबिक, जिलों के एसपी लोकायुक्त मामलों की निगरानी कर रहे हैं. 56 जगहों की तलाशी ली गई है. इसमें करीब 100 अधिकारी शामिल थे. कहां-कहां हुई छापेमारी? कलबुर्गी: बसवराज मागी, राजस्व अधिकारी, केंगेरी डिवीजन, बीबीएमपी जोन, बेंगलुरु मांड्या: शिवराजू एस, कार्यकारी अभियंता (रिटायर्ड), ग्रामीण पेयजल और स्वच्छता प्रभाग, मांड्या जिला चित्रदुर्ग: एम. ​​रवींद्र, मुख्य अभियंता (रिटायर्ड), लघु सिंचाई विभाग, बेंगलुरु धारवाड़: शेखर गौड़ा, परियोजना निदेशक बेलगावी: महादेव बन्नूर, सहायक कार्यकारी अभियंता दावणगेरे: डी. एच. उमेश, कार्यकारी अभियंता (वी) और एम. ​​एस. प्रभाकर, सहायक कार्यकारी अभियंता कोलार: विजयन्ना, तहसीलदार मैसूर:-महेश के, अधीक्षक अभियंता हासन: एन. एम. जगदीश, ग्रेड-1 सचिव चित्रदुर्ग: केजी जगदीश, अधीक्षक अभियंता 18 से ज्यादा जगहों पर ईडी की छापेमारी कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र और कांग्रेस विधायक बी दद्दाल के आवासों पर 24 घंटे से ज्यादा वक्त तक छापेमारी की. केंद्रीय जांच एजेंसी ने निगम के बैंक खातों से 187 करोड़ रुपये के कथित अनधिकृत अनियमितताओं की जांच के तहत 18 से ज्यादा स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. हालांकि ईडी अधिकारियों ने आधी रात को तलाशी रोक दी, लेकिन टीमें छापेमारी वाली जगह पर ही रहीं. गुरुवार सुबह 7 बजे निरीक्षण फिर से शुरू हुआ. मई में इस्तीफा देने से पहले नागेंद्र कर्नाटक के आदिवासी कल्याण मंत्री थे, जबकि दद्दाल निगम के अध्यक्ष थे. इस साल 21 मई को निगम के लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी की मौत के बाद कथित घोटाला सामने आया. अपने सुसाइड नोट में अधिकारी ने निगम से विभिन्न बैंक खातों में अवैध रूप से फंड ट्रांसफर करने का आरोप लगाया. घटना पर आक्रोश और विपक्ष की आलोचना के बीच दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और नागेंद्र ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. कर्नाटक सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया है. बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार ईडी जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी. हालांकि, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि ईडी की छापेमारी अनुचित थी. शिवकुमार ने कहा, “जब राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी पहले से ही मामले की जांच कर रही है, तो ईडी को मामले में छापेमारी करने की कोई जरूरत नहीं थी.” उन्होंने कहा कि पिछली बीजेपी सरकार के दौरान भी इसी तरह के मामले हुए थे.  

कारपेंटर पति ने पत्नी को पढ़ाया-लिखाया, लेखपाल बनते ही छोड़ा साथ; अब लोग बोल रहे ज्योति मौर्य पार्ट- 2

 झांसी बहुचर्चित पीसीएस ज्योति मौर्या मामला अभी तक लोग पूरी तरह से भुला भी नहीं पाए थे कि ठीक वैसा ही मामला झांसी में भी सामने आया है. यहां एक युवक अपनी पत्नी के लिए दर-दर भटक रहा है. पति की मानें तो उसने लव मैरिज की थी और पत्नी को पढ़ाने के लिए उसने मेहनत मजदूरी की, लेकिन जब वह लेखपाल बन गई तो उसे छोड़कर चली गई. पत्नी के लिए वह पुलिस से लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है लेकिन उसे न्याय नहीं मिला. जब बुधवार को पत्नी को लेखपाल के पद के लिए नियुक्ति पत्र मिल रहा था तो उसे खोजने के लिए वह गया हुआ था, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा. वहीं जब इस बारे में लड़की से फोन पर बात की गई तो उसने कैमरे के सामने आने से इनकार करते हुए कहा कि उसकी कोई शादी नहीं हुई है. पीड़ित शख्स झांसी की शहर कोतवाली अंतर्गत बाहर बाबा का अटा में रहने वाला नीरज विश्वकर्मा है. नीरज तीन भाई हैं, जिनमें वह सबसे छोटा है. नीरज विश्वकर्मा कारपेंटर का काम करता है. करीब 5 साल पहले झांसी के सत्यम कॉलोनी में रहने वाली रिचा सोनी से दोस्त के घर मुलाकात हुई थी. दोनों ने करीब ढाई साल ओरछा मंदिर में जाकर शादी कर ली. जिसके बाद दोनों घर आ गए और हंसी-खुशी से रहने लगे. इस दौरान लड़की रिचा ने उसे बताया था कि वह आगे पढना चाहती है. रिचा को पढ़ाने के लिए वह मजदूरी करता था. जब रिचा का सरकारी नौकरी लेखपाल में चयन हो गया तो फिर उसके रुख बदल गए. लेखपाल के पद पर चयन होने के बाद वह उसे छोड़कर चली गई. तबसे लेकर अब तक वह लौटकर घर नहीं आई.   अपनी पत्नी को पाने के लिए युवक अधिकारी से लेकर पुलिस तक के चक्कर लगा चुका है, लेकिन पत्नी नहीं मिली. यहां तक कि जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी को कलेक्ट्रेट में नियुक्ति पत्र मिल रहा है तो वह उसकी एक झलक पाने के लिए वहां पहुंच गया, लेकिन वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ा. वह नियुक्ति पत्र लेकर छिपते हुए निकल गई लेकिन उससे मुलाकात नहीं की.   नीरज ने बताया, “मैं 18 जनवरी से परेशान हूं. मेर धर्मपत्नी रिचा सोनी, जोकि अब लेखपाल बन गई हैं. इसलिए मुझे छोड़कर चली गई हैं. जिस कारण मैं दर-दर भटक रहा हूं. मैं अपनी पत्नी के लिए हर जगह जा चुका हूं, लेकिन पत्नी नहीं मिल रही है. आज उसे लेखपाल का नियुक्ति पत्र मिलना था, जब इसकी जानकारी हुई तो मैं कलेक्ट्रेट आया हुआ था. उसे खोजने के लिए हर जगह देखा, लेकिन वह नहीं मिली. वह नियुक्ति पत्र लेकर चली गई. मैने इनके लिए हर कुछ किया.” 2022 में ओरछा मंदिर में की थी शादी उसने कहा, “आज से 5-6 साल पहले इनसे उस समय मुलाकत हुई थी जब यह छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाती थी. यह मुलाकात दोस्ती में बदल गई. करीब छह महीने बाद यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई यह उसे भी पता नहीं हुआ. प्यार होने के बाद दोनों अपनी मर्जी से ओरछा मंदिर में जाकर शादी कर ली. शादी करने के बाद दोनों हंसी-खुशी से रहते थे. इसके बाद उनका कुछ विवाद हुआ था, जिस कारण वह मायके चली गई थी. फैमिली कोर्ट में उसने सेक्शन 9 दायर कर उसे अपने घर बुलाया था. जनवरी महीने में रिचा का लेखपाल पद पर चयन हो गया. लेखपाल के पद पर चयन होने के बाद वह 18 जनवरी को उसे छोड़कर चली गई. इसके बाद उससे मुलाकात नहीं की. एक बार कोतवाली में मिली थी तब यह कहने लगी कि एसडीएम के पास जाओ ओर शपथ पत्र देकर आओ कि कोई शादी नही हुई है. हम कैसे कह दें कि हमारी शादी नही हुई है.” मजदूरी कर पत्नी को पढ़ाया था: पीड़ित पीड़ित पति ने कहा कि हमने रिचा को पढ़ाने के लिए बड़ी मुश्किलों का सामना किया. हम कारपेंटर है. इन्होंने जो चाहा उसने किया. हम 400-500 रुपए प्रतिदिन कमाते थे. उसी से उसकी पढ़ाई कराई, कई बार तो कर्ज भी लेना पड़ा. आज हम दिन रात उसे याद करते हैं. रात में नींद भी नहीं आती है. आज वह कहती है कि हमारी शादी नहीं हुई है. हमारे पास शादी की फोटो और प्रमाणपत्र है, क्या यह फर्जी हैं. हमारी ओरछा में शादी हुई थी फरवरी 2022 में. हम काफी परेशान है, उसके लिए दर-दर भटक रहे हैं. जहां एक ओर पति अपनी पत्नी को वापस पाने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर लड़की का कहना है कि उसने नीरज के साथ शादी ही नहीं की. उसने कहा कि यह उसे बदनाम करने की साजिश है.    

President Murmu ने राष्ट्रपति भवन में साइना नेहवाल के साथ खेला बैडमिंटन

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन के बैडमिंटन कोर्ट में दिग्गज शटलर और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता साइना नेहवाल के साथ बैडमिंटन खेला. बैडमिंटन खेलने के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने मंझे हुए खिलाड़ी की तरह कई शॉट लगाए और उन्होंने कई मौके पर साइना नेहवाल को मात भी दी.  इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इससे पहले बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में प्रतिष्ठित डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का अनावरण किया था. राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति का यह प्रेरणादायक कदम ऐसे समय में भारत के बैडमिंटन की महाशक्ति के रूप में उभरने के अनुरूप है, जब महिला खिलाड़ी विश्व मंच पर बड़ा प्रभाव डाल रही हैं. उसने मुर्मू और नेहवाल के मुकाबले की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का खेलों के प्रति स्वाभाविक प्रेम तब देखने को मिला जब उन्होंने राष्ट्रपति भवन के बैडमिंटन कोर्ट में बहुचर्चित खिलाड़ी साइना नेहवाल के साथ बैडमिंटन खेला.’ साइना सहित पद्म पुरस्कार विजेता महिलाएं ‘उनकी कहानी-मेरी कहानी’ व्याख्यान श्रृंखला के तहत राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में व्याख्यान देंगी और दर्शकों से बातचीत करेंगी. साइना नेहवाल ने भी राष्ट्रपति के साथ खेलने का मौका मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की. नेहवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “भारत के राष्ट्रपति के साथ खेलना मेरे लिए सम्मान की बात है… यह मेरे जीवन का कितना यादगार दिन है. मेरे साथ बैडमिंटन खेलने के लिए राष्ट्रपति जी  का बहुत-बहुत धन्यवाद.” ओलंपिक में जीत चुकी हैं कांस्य हरियाणा की रहने वाली, 33 वर्षीय शटलर नेहवाल ने अपने करियर की शुरुआत में 2008 में BWF विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीतकर सभी का ध्यान आकर्षित किया था. 2008 में, वह ओलंपिक क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. उन्होंने हांगकांग की तत्कालीन विश्व नंबर पांच खिलाड़ी वांग चेन को हराया, लेकिन इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टिन यूलियांटी से हार गईं. 2009 में, साइना BWF सुपर सीरीज प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनीं.  उन्हें 2009 में अर्जुन पुरस्कार और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया. लंदन में 2012 ओलंपिक खेलों के दौरान, नेहवाल ने महिला एकल कांस्य पदक जीता. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 20 से अधिक खिताब जीते हैं और 2016 में केंद्र ने उन्हें प्रतिष्ठित पद्म भूषण से सम्मानित किया था. शटलर ने भारत के लिए एक शानदार करियर बनाया है, जिसने देश में खेल को बदल दिया है। साइना ने कई प्रमुख बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें उन्होंने कई ट्रॉफी और पदक जीते। वह खेल में दुनिया की नंबर 1 रैंकिंग रखने वाली एकमात्र महिला भारतीय खिलाड़ी भी हैं.  

उत्तर प्रदेश में मानसून का होगा तांडव? आएगा आंधी-तूफान, जमकर बरसेगा आसमान, बारिश बनेगी काल

गोरखपुर उत्तर प्रदेश में रुक-रुककर हल्की बारिश का सिलसिला तो काफी दिनों से जारी है लेकिन आज यानी 11 जुलाई से कई इलाकों में जमकर बरसात के आसार हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, तीन दिनों तक यूपी के ज्यादातर जिलों में खूब बारिश हो सकती है. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो 11 से 13 जुलाई के मध्य पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में भारी गरज और चमक के साथ मूसलाधार बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है. बीते कई दिनों से बादल आवाजाही कर रहे थे जो अब संपूर्ण प्रदेश पर पूरी तरह छा चुके हैं और ऐसे में अब अत्यधिक बारिश की स्थिति बन रही है. वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक मोहमद दानिश ने बताया कि मैदानी इलाकों में मॉनसूनी बादल उत्तर दिशा की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से तेज बारिश के संयोग बन रहे हैं. इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी के कुशीनगर, देवरिया, संतकबीर नगर, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, लखीमपुरखीरी के आसपास के इलाके में मूसलाधार बारिश को लेकर अलर्ट है. इसके चलते आवश्यकता से अधिक बारिश हो सकती है. इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में सीतापुर, पीलीभीत, रामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, बस्ती, बरेली, बहराइच, चित्रकूट, प्रयागराज, शाहजहांपुर, मिर्जापुर, फतेहपुर, सोनभद्र और कौशांबी के आसपास के इलाकों में बिजली गिरने के साथ साथ भारी बारिश और बिजली गरजे और चमकने की संभावना है. दिल्ली से सटे यूपी के इलाके यानी नोएडा-गाजियाबाद की बात करें तो यहां भी रुक-रुककर हल्की बारिश का सिलसिला जारी है. आज भी इन इलाकों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक या दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी. लेकिन 12 जुलाई को यहां भी बारिश की गतिविधियां बढ़ जाएंगी. इसके बाद फिर हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. मौसम विभाग के मुताबिक 12 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश और गरज के साथ छीटें पड़ने की संभावना है। आंचलिक मौसम केंद्र की चेतावनी के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के तराई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती, बस्ती, कुशीनगर, बहराइच, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, गोंडा, बलरामपुर, गोरखपुर, संत कबीर नगर में भारी बारिश हो सकती है। वहीं गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, रामपुर, बिजनौर, हाथरस, मथुरा, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के इलाकों में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी के मुताबिक अगले 2 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के वृद्धि होने तथा उसके बाद 3 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वंदे मातरम् गान के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रसन्नता का विषय है कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह आगामी 14 जुलाई को प्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का एक साथ शुभारंभ कर रहे हैं। एक्सीलेंस कॉलेजों की विशेषता है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप इनमें सभी कोर्स उपलब्ध होंगे तथा ये कॉलेज सभी संसाधनों से युक्त होंगे। युवा पीढ़ी को इन कॉलेजों का लाभ मिलेगा। सभी मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में कॉलेजों के शुभारंभ कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह बात कही। बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम् गान के साथ आरंभ हुई। बजट के प्रमुख बिन्दुओं पर जिलों में हों संवाद कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बजट की सभी ओर सराहना हो रही है। बजट के जन-कल्याण एवं विकास से संबंधित प्रमुख बिंदुओं पर सभी जिलों में संवाद कार्यक्रम किए जाएं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों को राजधानी से सीधे जोड़ने के लिए बनने वाले एक्सप्रेस-वे तथा सभी विभागों को उपलब्ध कराई गई पर्याप्त राशि से प्रदेश के विकास पर होने वाले प्रभाव के संबंध में जिलों में चर्चा हो। प्रदेश के सभी जिलों में औद्योगिक गतिविधियों का हो विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 20 जुलाई को जबलपुर में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हो रहा है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए सभी जिलों में सहयोग व मार्गदर्शन कार्यक्रम संचालित किए जाएं। प्रदेश के स्थानीय औद्योगिक इकाई संचालकों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें अपनी गतिविधियों का विस्तार करने एवं निवेश को बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हुए प्रोत्साहित किया जाए। पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वित गतिविधियों का होगा विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पड़ौसी राज्यों के साथ विभिन्न गतिविधियों में समन्वय और सहयोग बढ़ाया जाएगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के धार्मिक महत्व के स्थलों में बेहतर नेटवर्क विकसित करने में रुचि दिखाई है। दोनों राज्यों के बीच ‘नदी जोड़ों अभियान’ पर भी गतिविधियां चल रही हैं। इसी प्रकार महाराष्ट्र के साथ भी नदी जोड़ों अभियान की संभावनाओं पर चर्चा हुई है। नवाचार से छिंदवाड़ा सहित अन्य जिलों में पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जिला स्तर पर लक्ष्य तय कर सभी विभागों के समन्वय से किया जाए पौध-रोपण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पौध-रोपण अभियान के अंतर्गत साढे 5 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इंदौर एवं भोपाल में जारी पौध-रोपण गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी जिले पौध-रोपण का लक्ष्य तय करें एवं सभी विभागों में समन्वय करते हुए इसे अंजाम दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान में लगाए गए पौधों के रख-रखाव के लिए लोगों को प्रेरित भी किया जाए।  

गौतम गंभीर को वर्ल्ड चैंपियन, IPL चैंपियन की अधूरी ख्वाहिश

नई दिल्ली  गौतम गंभीर को 9 जुलाई 2024 को 2027 तक के लिए भारतीय मेंस टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया। वह राहुल द्रविड़ की जगह ले चुके हैं, जिनका कार्यकाल टी-20 विश्व कप के बाद खत्म हो गया था। 14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली में पैदा हुए गौतम गंभीर अपने दौर के बेहतरीन खिलाड़ियों में शुमार थे। 2004 में टेस्ट डेब्यू के बाद गंभीर का करियर 2008 तक उतार-चढ़ाव भरा रहा। अपने कभी हार न मानने के जज्बे के कारण उन्होंने जल्द ही टीम में जगह पक्की कर ली। दो-दो वर्ल्ड कप, तीन बार आईपीएल चैंपियन जीतने वाले गंभीर ने करियर में सबकुछ हासिल किया, जिसके वो हकदार थे, लेकिन उनके करियर में दो डबल जीरो काले दाग की तरह है। जीजी को भी इसकी कसक होती होगी। चलिए जानते हैं क्या है गंभीर के करियर की ये कसक और क्या है उनके डबल जीरो… डबल जीरो की कहानी क्या है? एक बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतने और दो बार आईपीएल चैंपियन बनने के बावजूद गौतम गंभीर दोनों ही टूर्नामेंट में कभी शतक नहीं जड़ पाए। 37 टी-20 इंटरनेशनल मैच में गंभीर ने सात अर्धशतक जरूर जमाए, लेकिन एक भी सेंचुरी नहीं लगा पाए। दूसरी ओर आईपीएल में उन्होंने 154 मैच खेले, जिसमें 36 अर्धशतक जरूर जमाए, लेकिन यहां भी शतक नहीं बना पाए। गौतम गंभीर के खेल में वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण के कुछ न कुछ गुण समाहित थे। गंभीर आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर थे। तेजी से रन बनाने के लिए पहचाने जाते थे, वह दोनों ही फॉर्मेट में शतक डिजर्व करते थे। मगर ऐसा हो न सका। कैसा है T20I और IPL करियर गौतम गंभीर ने 37 टी-20 इंटरनेशनल की 36 पारियों में 27.41 की औसत और 119.02 की स्ट्राइक रेट से 932 रन बनाए हैं, उनका सर्वोच्च स्कोर 75 है। आईपीएल के 154 मैच में गंभीर ने 4217 रन बनाए। 31.24 की एवरेज और 123.88 की स्ट्राइक रेट से बनाए गए इन रनों के दौरान 93 उनका बेस्ट स्कोर था। अपनी शर्तों पर काम करने वाला शख्स गौतम गंभीर को अपनी शर्तों पर काम करने वाला व्यक्ति भी माना जाता है और यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम के मुख्य कोच की भूमिका में वह किस तरह से आगे बढ़ते हैं। गंभीर वह खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वीरेंद्र सहवाग के साथ मिलकर भारतीय सलामी जोड़ी को नई दिशा दी थी, लेकिन उन्हें अपने मुखर व्यक्तित्व के लिए भी जाना जाता है और यही वजह है कि वनडे विश्व कप 2011 में खिताब जीत का श्रेय केवल महेंद्र सिंह धोनी को मिलने पर उन्होंने जब तब आपत्ति जताई। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स को दो बार चैंपियन बनाकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह एक कुशल रणनीतिकार हैं। इस साल आईपीएल में वह कोलकाता के मेंटॉर बने थे और यह टीम तीसरी बार खिताब जीतने में सफल रही थी।

PLI योजना के लागू किए जाने के तीन साल के अंदर तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश भी हुआ

नई दिल्‍ली  देश में उत्‍पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत दूरसंचार उपकरणों की विनिर्माण संबंधी बिक्री 50 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। इस योजना के लागू किए जाने के तीन साल के अंदर तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश भी हुआ है। दूरसंचार विभाग (डॉट) ने एक बयान में बताया कि पीएलआई के तहत दूरसंचार उपकरणों की निर्माण संबंधी बिक्री 50 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। इस योजना के लागू किए जाने के तीन साल के अंदर 3,400 करोड़ रुपये का निवेश भी हुआ है। इसके तहत करीब 10,500 करोड़ का निर्यात हुआ है, जिससे 17,800 से अधिक प्रत्यक्ष और कई अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। डॉट ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना मोबाइल फोन और उसके घटकों के विनिर्माण करती है। इसके परिणामस्वरूप भारत से मोबाइल फोन के उत्पादन और निर्यात दोनों में काफी तेजी आई है। भारत कई वर्षों से दूरसंचार उपकरणों का आयात करता रहा है, लेकिन मेक-इन-इंडिया और पीएलआई योजना के कारण संतुलन बदल गया है, जिसके कारण देश में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के उपकरणों का उत्पादन हो रहा है। विभाग के मुताबिक वित्‍त वर्ष 2014-15 में भारत मोबाइल फोन का एक बड़ा आयातक था, जब देश में सिर्फ 5.8 करोड़ यूनिट का उत्पादन होता था, जबकि 21 करोड़ यूनिट का आयात होता था लेकिन वित्‍त वर्ष 2023-24 में भारत में 33 करोड़ यूनिट का उत्पादन हुआ है। इस दौरान केवल 0.3 करोड़ यूनिट का आयात हुआ और करीब 5 करोड़ यूनिट का निर्यात हुआ। मोबाइल फोन के निर्यात का मूल्य वित्‍त वर्ष 2014-15 में 1,556 करोड़ रुपये और वित्‍त वर्ष 2017-18 में 1,367 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्‍त वर्ष 2023-24 में 1,28,982 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2014-15 में मोबाइल फोन का आयात 48,609 करोड़ रुपये का था, जो वित्‍त वर्ष 2023-24 में घटकर मात्र 7,665 करोड़ रुपये रह गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों तथा इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े पैमाने पर विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना से देश में उत्पादन, रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।    

अनुसूया ने अपना नाम बदलकर एम. अनुकाथिर सूर्या और लिंग बदलकर महिला से पुरुष करने का अनुरोध किया था, मिली मंजूरी

नई दिल्ली  वित्त मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की एक वरिष्ठ महिला अधिकारी के सभी आधिकारिक अभिलेखों में अपना नाम और लिंग बदलने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। यह अनुरोध 2013 बैच की आईआरएस (सीमा शुल्क व अप्रत्यक्ष कर) अधिकारी सुएम. अनुसूया ने किया था। वह वर्तमान में हैदराबाद में सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क व सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) के मुख्य आयुक्त के कार्यालय में संयुक्त आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। अनुसूया ने अपना नाम बदलकर एम. अनुकाथिर सूर्या और लिंग बदलकर महिला से पुरुष करने का अनुरोध किया था। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड नौ जुलाई 2024 को जारी कार्यालय आदेश में कहा कि प्राधिकारी ने उनके अनुरोध पर विचार किया गया और ‘‘ अब से अधिकारी को सभी आधिकारिक अभिलेखों में अनुकाथिर सूर्या के रूप में मान्यता दी जाएगी।’’ यह आदेश सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया गया है। सूर्या ने दिसंबर 2013 में चेन्नई में सहायक आयुक्त के रूप में अपना करियर शुरू किया। 2018 में उन्हें उप आयुक्त के रूप में पदोन्नत किया गया। पेशेवर मंच लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, पिछले साल वह हैदराबाद तैनात की गईं। सूर्या ने 2010 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स व संचार में स्नातक की डिग्री हासिल की। 2023 में भोपाल में नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी से ‘साइबर लॉ एंड साइबर फोरेंसिक’ में पीजी डिप्लोमा किया।    

रितेश-जेनेलिया करेंगे अंगदान, लिया बड़ा फैसला

मुंबई, शादी के 12 साल बाद भी एक्टर रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा दोनों न्यू कपल लगते हैं। दोनों एक-दूसरे से बेतहाशा मोहब्बत करने के साथ-साथ एक-दूसरे की काफी इज्जत भी करते हैं। इसी बीच कपल ने अपनी लाइफ में एक बड़ा फैसला किया है। कपल ने बताया कि वे अंग दान करने जा रहे हैं। इस बारे में दोनों लंबे वक्त से सोच रहे हैं, लेकिन अब वक्त आ गया है कि वे इस नेक काम ने आगे बढ़े। रितेश देशमुख इससे पहले अंग दान के बारे में बताते हुए अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने अंग दान करने की अपने फैसला के बारे में बात की थी, जिसके बारे में वे काफी लंबे समय से सोच रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी के लिए जीवन के उपहार से बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता है। कपल ने 1 जुलाई अपने इस प्लान के बारे में बताया था।वीडियो में रितेश देशमुख को ये कहते हुए देखा गया था कि – आज, 1 जुलाई को हम आपको बताना चाहते हैं कि हमने अपने अंग दान करने का फैसला किया है। वहीं वीडियो में जेनेलिया ने कहा, हां, हमने अपने अंग दान करने का संकल्प लिया है और यह हमारे लिए जीवन के उपहार से बेहतर कोई उपहार नहीं है। अब कपल के इस वीडियो को नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (नोटटो) ने अपने आधिकारिक हैंडल पर शेयर किया है। नोटटो इन दिग्गज अभिनेताओं का आभार व्यक्त किया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, बॉलीवुड के स्टार कपल रितेश देशमुख और जेनेलिया को जुलाई के चल रहे अंगदान महीने के दौरान अपने अंग दान करने का संकल्प लेने के लिए धन्यवाद। उनका यह कदम दूसरों को भी इस नेक काम से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। #अंगदान #बॉलीवुड #जीवन बचाएं।   आपको याद दिला दें कि अमिताभ बच्चन के कौन बनेगा करोड़पति-12 के करमवीर स्पेशल एपिसोड में जब मोहन फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी डॉ. सुनील श्रॉफ आए थे। तब इस उनके साथ एक्टर रितेश देशमुख इस एपिसोड का हिस्सा बने थे। शो में रितेश ने बताया था कि वे भी अंग दान करना चाहते हैं। उनके इस नेक काम में उनकी वाइफ जेनेलिया डिसूजा भी उनका साथ देने वाली हैं। दोनों लंबे वक्त से इस नेक काम को करना चाहते हैं, लेकिन किसी न किसी वजह से वे फैसला नहीं कर पा रहे थे। रितेश देशमुख और जेनेलिया की शादी साल 2012 में हुई थी। अब कपल की शादी को 12 साल हो गए हैं और उनके दो मासूम बेटे भी हैं। बता दें कि रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा बी-टाउन के आईडियल और फेमस कपल्स में से एक हैं। दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर कपल गोल्स देते दिखाई देते हैं।

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