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आतंकियों ने कठुआ हमले से पहले बंदूक दिखाकर ग्रामीणों से जबरन खाना बनवाया था

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सेना के काफिले पर हमला करने वाले आतंकवादियों ने घात लगाने से पहले कई ग्रामीणों को बंदूक की नोक पर खाना पकाने के लिए मजबूर किया था। आतंकवादियों ने हमले के दौरान बॉडी कैमरा पहना हुआ था और वे सेना के जवानों के हथियार छीनना चाहते थे। सैनिकों ने साहस और बहादुरी का परिचय दिया और घायल होने के बावजूद हथियार छीनने की उनकी योजना को विफल कर दिया। इंडिया टुडे ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। सूत्रों ने कहा है कि आतंकवादी उन इलाकों में हमला कर रहे थे जो सुरक्षा बलों के कैंप से बहुत दूर हैं। वहां सड़कों की स्थिति भी काफी खराब है। सुरक्षा बलों को अतिरिक्त बल भेजने में समय लगा। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने पूछताछ के लिए 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने हमले की जांच तेज कर दी है। आपको बता दें कि सोमवार को कठुआ जिले के बदनोटा गांव के पास माचेडी-किंडली-मल्हार पहाड़ी सड़क पर गश्त कर रहे एक दल पर आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में एक जेसीओ सहित सेना के पांच जवान शहीद हो गए।  कई अन्य घायल हो गए। एक महीने के भीतर जम्मू क्षेत्र में यह पांचवां आतंकी हमला था। ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैन्यकर्मियों की पहचान जेसीओ अनंत सिंह, हेड कांस्टेबल कमल रावत, सिपाही अनुज नेगी, राइफलमैन आदर्श नेगी और एनके कुमार के रूप में हुई है। इससे पहले सूत्रों ने कहा था कि कठुआ में हमला पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किया गया था। उन्होंने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था। सूत्रों ने कहा था कि आतंकवादियों ने स्थानीय समर्थकों की मदद से इलाके की टोह ली थी। सूत्रों के अनुसार, आतंकवादियों ने एम4 कार्बाइन राइफलों और विस्फोटक उपकरणों का हमले के लिए इस्तेमाल किया था। हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य कर्मियों की मौत पर शोक व्यक्त किया और जोर देकर कहा कि सैनिक क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ हैं।  

हार्दिक पांड्या बन सकते हैं भारत के नए T20I कप्तान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम इस समय जिम्बाब्वे दौरे पर 5 मैच की T20I सीरीज खेल रही है। इस टूर के बाद टीम इंडिया को श्रीलंका का दौरा करना है, जहां उन्हें तीन मैच की T20I के साथ इतने ही मैच की वनडे सीरीज भी खेलनी होगी। श्रीलंका दौरे पर कई सीनियर खिलाड़ियों की टीम में वापसी होगी। ऐसे में सवाल यह है कि इस टूर पर वनडे और टी20 टीम के कप्तान कौन होंगे। बताया जा रहा है कि रोहित शर्मा को इस दौरे से भी आराम ले सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने वनडे और टी20 दोनों फॉर्मेट के कप्तान चुनने की चुनौती होगी। हार्दिक पांड्या बन सकते हैं भारत के नए T20I कप्तान हरफनमौला हार्दिक पांड्या को श्रीलंका दौरे पर पूर्ण रूप से T20I टीम की कप्तानी मिल सकती है। पांड्या ने वनडे वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा की गौरमौजूदगी में कई सीरीज में टीम की अगुवाई की थी। वहीं टी20 वर्ल्ड कप 2024 के दौरान वह टीम इंडिया के उप-कप्तान भी थे। अब रोहित शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया है तो भारत को नए कप्तान का भी ऐलान करना होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों ने एएनआई को बताया, “हार्दिक पांड्या टी20 में भारतीय टीम की कप्तानी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, रोहित शर्मा ने संन्यास की घोषणा कर दी है। हार्दिक को श्रीलंका के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए भी आराम दिए जाने की संभावना नहीं है।” केएल राहुल को मिल सकती है वनडे टीम की कमान रोहित शर्मा के श्रीलंका दौरे से आराम लेने की पूरी-पूरी संभावनाएं हैं, ऐसे में वनडे टीम की कमान केएल राहुल को सौंपी जा सकती है। राहुल ने इस फॉर्मेट में पिछले काफी समय से अच्छा प्रदर्शन किया है। वह मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज की भूमिका अदा करने के साथ-साथ विकेट कीपिंग भी करते हैं। सूत्रों ने कहा, “रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में केएल राहुल भारतीय टीम की कमान संभालेंगे क्योंकि बोर्ड का मानना ​​है कि वह लंबे प्रारूप में रन बनाते हैं।”  

चंद्रबाबू नायडू की इच्छा मोदी सरकार ने की पूरी, आंध्र के लिए 60 हजार करोड़ की योजना को दी मंजूरी; बिहार के लिए क्या?

नई दिल्ली आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात के 5 दिन ही बीते हैं कि केंद्र ने आंध्र प्रदेश में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब स्थापित करने की प्रमुख मांग को स्वीकार कर लिया है। नायडू ने बुधवार को राज्य में रिफाइनरी स्थापित करने की व्यवहार्यता पर चर्चा करने के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात भी की। अब लोगों की नजरें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जा टिकी हैं। ऐसा इसलिए कि केंद्र सरकार में टीडीपी के साथ-साथ जेडीयू की भी अहम भूमिका है। द इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में जानकार लोगों के हवाले से बताया है कि रिफाइनरी के लिए तीन स्थानों पर चर्चा की गई। इनमें श्रीकाकुलम, मछलीपट्टनम और रामायपट्टनम शामिल हैं। लोगों ने कहा कि रिफाइनरी की औपचारिक घोषणा 23 जुलाई को पेश किए जाने वाले बजट में किए जाने की संभावना है। स्थानों का आकलन किया जाएगा और फिर उन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि इस प्रक्रिया में कम से कम दो महीने लगेंगे और बजट में स्थान की घोषणा नहीं की जा सकती है। आपको बता दें कि यह चंद्रबाबू नायडू के लिए बड़ी जीत है, क्योंकि उन्होंने पीएम और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ अपनी बैठकों के दौरान रिफाइनरी स्थापित करने पर जोर दिया था। नायडू के 16 सांसद भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को समर्थन देते हैं। हालांकि, नायडू स्पष्ट रूप से लगातार कह रहे हैं कि उनके मन में अपने राज्य के हित हैं और वे किसी भी मांग को लेकर सरकार नहीं गिराएंगे। बीपीसीएल और पेट्रोलियम मंत्रालय इस कदम के बारे में फिलहाल चुप है। सीएम नायडू ने एक्स पर लिखा, “देश के पूर्वी तट पर रणनीतिक रूप से स्थित हमारे राज्य में पेट्रोकेमिकल की महत्वपूर्ण क्षमता है। आज मैंने अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्ण कुमार के नेतृत्व में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। हमने 60-70 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ आंध्र प्रदेश में एक तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना की संभावना तलाशी। मैंने 90 दिनों में एक विस्तृत योजना के साथ रिपोर्ट मांगी है। इस परियोजना के लिए लगभग 5000 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी, जिसे सरकार बिना किसी परेशानी के पूरा करने की उम्मीद करती है।” बिहार की मुख्य मांगें बिहार नौ हवाई अड्डे, चार नई मेट्रो लाइन्स और सात मेडिकल कॉलेज के साथ 200 अरब रुपये का थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए पैसा मांगा है। 20,000 किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से पैकेज की मांग रखी है। साथ ही, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का मुद्दा भी उठाया है। ऐसे में बिहार को लेकर बजट में कुछ बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं।  

Joshimath-Badrinath Highway पर हुआ भयंकर Landslide, फंसे हजारों यात्री

जोशीमठ बदरीनाथ नेशनल हाईवे बंद होने से जोशीमठ और आसपास के इलाके में दो हजार से अधिक तीर्थयात्री 48 घंटे से फंस हुए हैं। गुरुवार सुबह छह बजे उन्हें फंसे हुए 48 घंटे हो जाएंगे। जोशीमठ में कई घंटे इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवा भी बाधित रही। यूपी, दिल्ली-एनसीआर, एमपी, राजस्थान आदि से भक्तजन धाम के दर्शन को जाते वक्त हाईवे पर भूस्खलन की वजह से बुरी तरह से फंस गए हैं।  फंसे यात्री न परिजनों से संपर्क कर पा रहे थे और न ऑनलाइन भुगतान करके सामान खरीद पाए। रोज के इस्तेमाल में होने वाले सामान से लेकर रहने के होटल अचानक डेढ़ गुना तक मंहगे हो गए। उपचुनाव के लिए मतदान के कारण बुधवार को बाजार बंद रहा, लिहाजा कई तीर्थयात्रियों को जरूरी सामान नहीं मिल सका। इसके चलते यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा मंगलवार सुबह छह बजे भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह गायब हो गया। उसे नए सिरे से बनाना पड़ रहा है। इसलिए इसमें ज्यादा समय लग रहा है। बदरीनाथ के दर्शन करने जोशीमठ से आगे गए यात्री सड़क बंद होने के कारण फंस गए। सीमा सड़क संगठन की टीम रोड खोलने के लिए जूझ रही है। गुरुवार को सड़क खुलने की संभावना जताई गई है। यात्रियों का कहना है कि इंटरनेट बंद होने से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। जेब में नगदी कम थी और जरूरी सामान खरीदने के लिए वे ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पा रहे थे। परिजनों से संपर्क न होने से लोग परेशान दिखे। मोबाइल और इंटरनेट सेवा शाम करीब सात बजे बहाल हो पाई। वहीं, महिला यात्रियों का कहना था कि सार्वजनिक शौचालय न होने से बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। होटल और लॉज में कमरे बहुत महंगे मिल रहे हैं। उपचुनाव के कारण बाजार बंद होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। यात्रियों ने व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल बदरीनाथ हाईवे बंद होने से जोशीमठ और आसपास के क्षेत्रों में फंसे यात्रियों का परेशानी झेलनी पड़ रही है। हेमकुंड की यात्रा कर लौट रहे फरीदाबाद निवासी राहुल और दीपक जायसवाल ने बताया कि हाईवे खोलने को लेकर उन्हें कोई सही जानकारी नहीं दे रहा था। इंटरनेट भी ठप होने से वे परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। यही हाल वहां फंसे अन्य यात्रियों का था। हापुड़ निवासी मोनू सैनी, मोनू भारती, अजय कुमार, संजय कुमार और मोहित कुमार भी फंस गए। मंगलवार रात को कहीं भी कमरा नहीं मिला, पूरी रात बस में बैठकर गुजारी। उनका कहना था कि प्रशासन चाहता तो किसी सार्वजनिक सुरक्षित स्थान पर यात्रियों को ठहरा सकता था। सड़क कब खुलेगी इसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी। रंगपुरी दिल्ली निवासी वेद प्रकाश ने कि रात को पहले होटल वाले ने कमरे का किराया 11 सौ रुपये बताया बाद में कमरा देने से ही मना कर दिया। चाय उन्हें 20 रुपये और ब्रेड पकोड़ा 25 रुपये में मिला। बसंत कुंज दिल्ली निवासी अर्जुन सिंह नागर, नवाब सिंह भी जोशीमठ में फंस गए। जोशीमठ गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि गोविंदघाट गुरुद्वारा में 700, जोशीमठ गुरुद्वारा में 600 यात्री ठहरे हैं। उनके खाने, रहने की व्यवस्था की है।वहीं एसडीएम जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने कहा कि यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था गुरुद्वारा में की जा रही है। पहाड़ी का एक बड़ा भाग हाईवे पर आ गया है। मंगलवार रात को तीन बार ब्लॉस्ट किया गया, लेकिन हजारों टन मलबा सड़क पर आ चुका है। बुधवार रात को ब्लॉस्ट कर बोल्डर तोड़े गए। मलबा हटाने का काम जारी है। अंकुर महाजन, कमांडर ,बीआरओ  

पहाड़ी पर ट्रक ने सेना के काफिले को ओवरटेक किया, वाहन स्लो हुए तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू

कठुआ जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में सेना के वाहनों पर अटैक मामले में सुरक्षा एजेंसियां हमलावर आतंकवादियों की तलाश में जुटी हैं. इस बीच, जांच में पता चला है कि हमले से ठीक पहले पहाड़ी पर एक ट्रक ने सेना के काफिले की गाड़ियों को ओवरटेक किया था. जैसे ही सेना के वाहन स्लो हुए तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और हमले में 5 जवान शहीद हो गए. 5 अन्य घायल हो गए. घटना 7 जुलाई की है. सुरक्षा एजेंसियों को शुरुआत से ही बड़ी साजिश की आशंका है. इसलिए मामले में 51 संदिग्धों से पूछताछ हो रही है. अधिकारियों का कहना था कि आतंकवादियों की तलाश की जा रही है. एक ट्रक चालक और 50 अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. गोलीबारी होते ही स्लो हो गया था ट्रक अधिकारियों के अनुसार, माचेडी-किंडली-मल्हार पहाड़ी सड़क पर सेना के वाहनों के पीछे एक ट्रक चल रहा था. लेकिन, लोहाई मल्हार में बदनोटा गांव के पास जब आतंकवादियों ने सेना के वाहनों पर दो अलग-अलग दिशाओं से गोलीबारी शुरू की तो यह ट्रक स्लो हो गया. जानबूझकर तो नहीं पास मांग रहा था ट्रक? ट्रक चालक पर संदेह जताया जा रहा है. अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस ट्रक ड्राइवर ने पुलिया पर ओवरटेक मांगकर जानबूझकर सैन्य काफिले को निकलने में देरी करवाई है? माना जा रहा है कि ट्रक चालक ने जानबूझकर पुलिया पर पास (ओवरटेक) मांगा था. एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा, आमतौर पर इन क्षेत्रों में सेना के वाहनों को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन ट्रक ने फिर भी पास मांगा, जिससे दोनों वाहनों की स्पीड धीमी हो गई. आतंकियों को मार गिराने के लिए सर्च ऑपरेशन फिलहाल, चार जिलों के घने जंगलों में भारी बारिश के बीच सेना और पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. कठुआ, उधमपुर और भद्रवाह से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है. हमले के संबंध में पूछताछ के लिए 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है. जंगल में छिपे आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें मार गिराने के प्रयास किए जा रहे हैं. सेना की टीमें  डोडा जिले के ऊंचे इलाकों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं. उधमपुर, सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों के विभिन्न हिस्सों में घने जंगलों में सेना और पुलिस के जवान तैनात हैं. सुबह कई इलाकों में फिर तलाशी शुरू की गई. ग्राम रक्षा समूह स्थापित करने की मांग बदनोटा गांव और आसपास के लोगों ने हमले के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए ग्राम रक्षा समूहों की स्थापना की मांग की है. स्थानीय निवासियों ने सरकार से हथियार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का आग्रह किया है ताकि वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों का समर्थन कर सकें. हेलिकॉप्टर और यूएवी की मदद ली जा रही है. सर्च टीमें डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टरों की सहायता से जंगल खंगाल रही हैं.. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच में पुलिस की सहायता कर रही है. जबकि विशेष बल यूनिट सर्जिकल ऑपरेशन कर रही हैं. एक अधिकारी ने कहा, स्थानीय लोग आतंकवाद के खिलाफ हैं और शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ एकजुट हैं. वे इलाके से आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की सहायता के लिए तैयार हैं. हथियार और प्रशिक्षण दे सरकार स्थानीय निवासी जगदीश राज ने कहा, सरकार को हमें हथियार और प्रशिक्षण देना चाहिए. हम आतंकवादियों के खिलाफ अपनी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने के लिए तैयार हैं. 20 वर्षीय छात्र पंकज ने कहा कि आतंकवादियों ने स्थानीय लोगों में डर पैदा कर दिया है, लेकिन जब आपके हाथों में हथियार होते हैं तो स्थिति पूरी तरह से बदल जाती है. उन्होंने क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान की मांग की और कहा, हम तेजी से जंगलों में जा सकते हैं और आतंकवाद के खतरे से निपटने में मदद कर सकते हैं. शाहिद अहमद ने कहा कि इलाके के मुसलमान और हिंदू शांति चाहते हैं और आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की मदद करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, अपने सैनिकों को खोने पर हमारी आंखें भर आईं. दो दशक पहले आतंकवाद के चरम के दौरान भी (यहां) ऐसा हमला कभी नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि सरकार को लड़ने के लिए हथियार और प्रशिक्षण मुहैया कराना चाहिए. अहमद ने कहा कि ग्रामीण अपने पशुओं के साथ ऊपरी इलाकों में चले गए हैं. उन्होंने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम अपनी सेनाओं के साथ हैं.  

राजधानी भोपाल से बड़ी खबर अमरकंटक एक्सप्रेस के एसी कोच में लगी आग

भोपाल राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है। अमरकंटक एक्सप्रेस में आग लग गई। आग एसी कोच के निचले हिस्से में लगी। यह हादसा मिसरोद और मंडीदीप स्टेशन के बीच हुआ। हादसे के बाद यात्री दहशत में आ गए। बताया जाता है, यह आग बी-तीन और बी-चार एसी कोच के नीचे लगी थी। उसके बाद फायर इस्टिंग्यूशर से इसे बुझाया गया। आग की घटना के बाद रेलवे ने जांच के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि ट्रेन में सवार यात्रियों में से किसी एक ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया अकाउंट में अपलोड कर दिया। अमरकंट एक्सप्रेस छत्तीसगढ़ के दुर्ग और मध्यप्रदेश के भोपाल के बीच चलती है। इसके दुर्ग और भोपाल के अलावा 27 अन्य हॉल्ट हैं। ऐसा हादसा शहडोल में भी हुआ था इससे पहले 27 जून को मध्यप्रदेश के शहडोल भी रेल हादसा हुआ था। यहां स्टेशन से लगे यार्ड में मालगाड़ी के चार डिब्बे पटरी से उतर गए थे। कुछ कोच बगल में खड़ी एक दूसरी मालगाड़ी से भी टकरा गए थे। हादसे के बाद ट्रैक की चार लाइन प्रभावित हो गई थी। हालांकि, इस हादसे से पैसेंजर ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। घटना में किसी को भी किसी भी तरह की चोट नहीं आई। यह ट्रेन कोयला भरकर छत्तीसगढ़ के परसा से राजस्थान जा रही थी। हादसे के बाद रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और पलटे हुए वैगन को हटाया। गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल महीने में भी शहडोल रेलवे स्टेशन के पास बड़ा रेल हादसा हो गया था। शहडोल रेलवे स्टेशन से नौ किमी दूर सिंहपुर स्टेशन है। इस स्टेशन के पास दो मालगाड़ियां आपस में टकरा गईं थीं। हादसे के वक्त एक ट्रेन में आग भी लग गई थी। यह हादसा इतना भीषण था कि एक इंजन के ऊपर दूसरी ट्रेन का इंजन चढ़ गया था। हादसे में इसे चला रहे मोटरमैन की भी मौत हो गई थी।

डेनमार्क और नीदरलैंड से यूक्रेन जाएंगे F-16 फाइटर जेट, क्या बदलेगा युद्ध का मंजर

वॉशिंगटन अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि F-16 लड़ाकू विमानों का पहला बैच यूक्रेन को भेजा जा रहा है। बुधवार को नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान बोलते हुए ब्लिंकन ने कहा कि F-16 को डेनमार्क और नीदरलैंड से यूक्रेन भेजा जा रहा है। वाशिंगटन डीसी में नाटो शिखर सम्मेलन में नाटो देशों के नेताओं ने यूक्रेन को अपना समर्थन जारी रखने की बात भी दोहराई है। अमेरिका में बना F-16 दुनिया के सबसे अच्छे फाइटर जेट में गिना जाता है। एफ-16 लड़ाई में कई भूमिका निभा सकता है। ये हवा से हवा और हवा से सतह पर हमले में काफी सफल रहा है। ऐसे में यूक्रेन इस जेट की मदद से युद्ध में रूस को कड़ी चुनौती दे सकता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लिंकन ने कहा कि F-16 जेट यूक्रेन के आसमान में उड़ान भरेंगे ताकि रूसी आक्रमण का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। यूक्रेन बीते काफी समय से मॉडर्न विमानों की मांग कर रहा था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को F-16 ट्रासंफर की इजाजत दी थी। हालांकि कई एक्सपर्ट ने यूक्रेनी कर्मियों को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग में लगने वाले समय पर चिंता जताई थी। अमेरिका में हो रही नाटो समिट के एजेंडे में रूस का यूक्रेन पर आक्रमण सबसे ऊपर है। नाटो के 32 सदस्य देशों के नेता इस समिट में शामिल हो रहे हैं। इनमें यूक्रेन के राष्ट्रपति भी शामिल हैं। जेलेंस्की ने जेट देने के लिए किया धन्यवाद नाटो सदस्यों ने यूक्रेन की मदद के लिए पांच अतिरिक्त पैट्रियट और अन्य रणनीतिक वायु रक्षा प्रणालियों की डिलीवरी की घोषणा की है। F-16 के ट्रांसफर पर अमेरिका, नीदरलैंड और डेनमार्क के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा, ‘हम यूक्रेन की वायु क्षमताओं को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यूक्रेन की एयरफोर्स में चौथी पीढ़ी के F-16वाले विमानों के स्क्वाड्रन शामिल हो रहे हैं। गठबंधन का इरादा उनके संधारण और शस्त्रीकरण का समर्थन करना है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने यूक्रेन को F-16 फाइटर जेट मिलने पर राहत और खुशी जाहिर की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए जेलेंस्की ने लिखा कि F-16 देकर यूक्रेन की एयरफोर्स को मजबूत करने के लिए अमेरिका, डेनमार्क और नीदरलैंड का हम शुक्रिया अदा करते हैं। मुझे विश्वास है कि ये जेट यूक्रेन के लोगों को रूसी हमलों से बेहतर तरीके से बचाने में मदद करेंगे। इससे कीव में बच्चों के अस्पताल पर हमले जैसी घटनाएं रुक सकेंगी। नाटो शिखर सम्मेलन बाइडन के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है। उनको इस साल के अंत में राष्ट्रपति चुनाव के लिए जाना है। शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान बाइडन ने यूक्रेन के लिए दीर्घकालिक समर्थन का वादा किया और नाटो को अपने इतिहास में पहले से कहीं अधिक मजबूत बताया।

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए भारतीय टीम नहीं जाएगी पाकिस्तान

नई दिल्ली फरवरी-मार्च में पाकिस्तान को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी करनी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है और टीम इंडिया के मैच लाहौर में आयोजित कराने का ड्राफ्ट शेड्यूल आईसीसी को सौंप दिया है। हालांकि, अभी तक भारतीय क्रिकेट टीम के पाकिस्तान जाने पर कोई आधिकारिक बयान किसी ओर से सामने नहीं आया है, लेकिन अब एक रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि भारतीय टीम के चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने की संभावना नहीं के बराबर हैं। यहां तक बीसीसीआई आईसीसी से एक मांग भी करने जा रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई को बीसीसीआई के सूत्रों ने बताया है कि भारतीय क्रिकेट टीम के 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने की संभावना नहीं है। बीसीसीआई आईसीसी से दुबई या श्रीलंका में मैच आयोजित करने के लिए कहेगा। इससे स्पष्ट हो गया है कि एशिया कप 2023 की तरह चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भी हाइब्रिड मॉडल के तहत पाकिस्तान को आयोजित करनी पड़ सकती है। यहां तक कि बीसीसीआई सचिव जय शाह ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, उसमें भी इस बात की पुष्टि नहीं की थी कि भारतीय टीम पाकिस्तान जाएगी। हालांकि, जय शाह ने इस बात की पुष्टि जरूर कर दी है कि भारतीय टीम आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलेगी। जय शाह ने ही एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन और बीसीसीआई के सचिव के तौर पर इस बात की पुष्टि की थी कि एशिया कप 2023 के लिए भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं जाएगी। ऐसे में पीसीबी ने हाइब्रिड मॉडल का सुझाव दिया था, जिसे भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने स्वीकार किया। फाइनल समेत इंडिया और अन्य टीमों के ज्यादातर मैच श्रीलंका में आयोजित हुए थे और कुछ मैच पाकिस्तान में आयोजित कराए गए थे। ऐसा ही कुछ चैंपियंस ट्रॉफी में भी हो सकता है। इस दिन होगा भारत-पाकिस्तान मुकाबला PCB ने चैम्पियंस ट्रॉफी का शेड्यूल तैयार कर ICC और इसके सदस्य देशों को मंजूरी के लिए भेजा है. सब जगह से हरी झंडी मिलने के बाद इसे जारी किया जाएगा. मगर उससे पहले ही यह शेड्यूल वायरल हो गया. ब्रिटेन के एक अखबार ‘द टेलीग्राफ’ ने इसे पब्लि‍श कर दिया था.  इसके अनुसार, चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 का आगाज कराची में 19 फरवरी को होगा. ओपनिंग मुकाबला पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. साथ ही शेड्यूल के मुताबिक भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है. भारत और पाकिस्ता का मुकाबला 1 मार्च को लाहौर में होगा. भारत के सभी मैच लाहौर में रखे गए हैं. भारत के लिए सेमीफाइनल भी शिफ्ट किया जाएगा चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल मुकाबले 5 और 6 मार्च को खेले जाएंगे. जबकि 19 मार्च को खिताबी टक्कर होनी है. यह सेमीफाइनल मुकाबले कराची और रावलपिंडी में होने हैं. मगर भारतीय टीम टॉप-4 में पहुंचती है, तो वो अपना सेमीफाइनल लाहौर में ही खेलेगी. भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल शिफ्ट कर दिया जाएगा. हालांकि देखने वाली बात ये भी है कि अभी तक BCCI ने चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने पर सहमति नहीं दी है. पीसीबी का रवैया पड़ सकता है भारी चैम्पियंस ट्रॉफी और उसकी तैयारियों को लेकर पीसीबी का एकतरफा रवैया उसी पर भारी पड़ने वाला है. दरअसल, पाकिस्तानी बोर्ड ने अपनी ओर से तो टूर्नामेंट को लेकर कुछ तैयारियां कर ली हैं और बाकी तैयारियां जारी हैं. मगर उसने ICC, भारत और बाकी सदस्य देशों के साथ कोई चर्चा नहीं की है. इसका बड़ा उदाहरण इससे समझ सकते हैं कि PCB ने चैम्पियंस ट्रॉफी का शेड्यूल तैयार कर ICC और बाकी एसोसिएट देशों मंजूरी के लिए भेज दिया है. मगर आगे आकर आईसीसी या किसी भी देश से बात नहीं की है. टी20 वर्ल्ड कप 2024 फाइनल में PCB के पास आईसीसी अधिकारियों से बात करने का अच्छा मौका था, लेकिन कोई भी पीसीबी अधिकारी फाइनल देखने बारबाडोस नहीं पहुंचा. यदि पीसीबी आधिकारी वहां पहुंचते तो ICC के साथ-साथ BCCI और साउथ अफ्रीकी अधिकारियों से भी बात करने का अच्छा मौका रहता. मगर उसने यहां भी ढीला रवैया अपनाया.  

रेलवे भर्ती पेपर लीक केस में विधायक वेदी राम और निषाद पार्टी के MLA विपुल दुबे के खिलाफ NBW जारी

लखनऊ रेलवे ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक बेदी राम (MLA Bedi Ram) और निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे (Vipul Dubey) के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी हुआ है. इस मामले में विधायक बेदी राम और विपुल दुबे समेत 19 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है.   गाजीपुर की जखनियां सीट से सुभासपा विधायक बेदी राम और भदोही की ज्ञानपुर सीट से निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है. विशेष न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय ने दोनों विधायकों समेत एक दर्जन आरोपियों के अदालत में हाजिर न होने पर यह NBW जारी किया है. कोर्ट ने कृष्णा नगर इंस्पेक्टर को 26 जुलाई तक गिरफ्तारी वारंट तामील करने के निर्देश दिए हैं.   एसटीएफ ने फरवरी 2006 में बेदी राम और विपुल दुबे को पेपर लीक मामले में अरेस्ट किया था. इस मामले में दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगा था. एसटीएफ ने आरोपियों के पास से रेलवे भर्ती ग्रुप डी की परीक्षा का प्रश्न पत्र बरामद होने का दावा किया था. जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी. कोर्ट ने बेदी राम और विपुल दुबे की हाजिरी माफी की अर्जी को भी खारिज कर दिया है. 9 में से 8 मामले पेपरलीक से जुड़े हुए फरवरी 2022 में विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान बेदी राम द्वारा दिए गए शपथ पत्र से सामने आया था कि विधायक पर राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में रेलवे और पुलिस भर्ती पेपर लीक से जुड़े 8 मुकदमे दर्ज रहे हैं. बेदी राम पर दर्ज कुल 9 मुकदमों में आठ पेपर लीक से जुड़े हैं. 2009 में जयपुर में एसओजी ने रेलवे भर्ती पेपर लीक मामले में बेदी राम पर एफआईआर दर्ज की थी. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग का पेपर लीक कराने के मामले में भी एसटीएफ भोपाल ने मामला दर्ज किया था.   2006 में रेलवे पेपर लीक मामले में लगा था गैंगस्टर एक्ट इसी तरह 2006 में रेलवे का पेपर लीक कराने के मामले में लखनऊ के कृष्णा नगर में बेदी राम पर गैंगस्टर एक्ट लगा था. इसके बाद 2008 में रेलवे का पेपर लीक कराने में गोमती नगर में मुकदमा दर्ज हुआ था. फिर 2014 में पेपर लीक कराने के मामले में आशियाना में बेदी राम पर एफआईआर दर्ज हुई थी. इतना ही नहीं 21 अगस्त 2014 को यूपी एसटीएफ गैंगस्टेर एक्ट में बेदी राम की लखनऊ व जौनपुर की 8 प्रॉपर्टी कुर्क कर चुकी है.   पेपर लीक के 8 मामलों में दायर हो चुकी चार्जशीट साल 2010 में भी जौनपुर के मडियाहू में बेदी राम पर पुलिस भर्ती पेपर लीक करने में एफआईआर दर्ज हुई थी. फिलहाल, पेपर लीक से जुड़े सभी आठ मामलों में पुलिस चार्जशीट लगा चुकी है. कोर्ट में चार्जफ्रेम/आरोप तय हो चुके हैं. बेदी राम गाजीपुर की जखनियां विधानसभा सीट से विधायक हैं. वह मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं. बेदी राम को सुभासपा अध्यक्ष और यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर का करीबी माना जाता है.  

Apple Watch Ultra बनाम Samsung Galaxy Ultra: कीमत, स्पेसिफिकेशंस और ऑफ़र्स के ये 10 तथ्य जानें

ऐपल की तरफ से करीब दो साल पहले 23 सितंबर 2023 को Apple Watch Ultra को लॉन्च किया गया था। इस स्मार्टफोन की आज कीमत करीब 90 हजार रुपये है। इसकी टक्कर में सैमसंग ने Galaxy Watch Ultra को लॉन्च कर दिया है। सैमसंग गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा की कीमत ऐपल की वॉच के मुकाबले के में करीब आधी है। जहां ऐपल वॉच अल्ट्रा 90 हजार रुपये में आती है, जबकि गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा स्मार्टफोन करीब 60 हजार रुपये के प्राइस प्वाइंट में आती है। डिस्प्ले साइज – गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा 47mm: 1.5 इंच स्क्रीन साइज में आती है, जबकि ऐपल वॉच अल्ट्रा 49mm: 1.91 इंच स्क्रीन साइज में आती है। डिस्प्ले रेजोल्यूशन – गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा में 480×480 पिक्सल रेजोल्यूशन मिलता है, जबिक ऐपल वॉच में थोड़ा ज्यादा 502×410 पिक्सल रेजोल्यूशन मिलता है।डायमेंशन – अगर डायमेंशन की बात की जाएं, तो गैलेक्सी वॉच का डायमेंशन 47.1×47.4×12.1mm है, जबकि ऐपल वॉच का डायमेंशन 49 x44x14.4mm है।प्रोसेसर – गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा में सैमसंग इन-हाउस Exynos W1000 चिपस दिया गया है। इसी तरह ऐपल वॉच अल्ट्रा में ऐपल का ऐपल S9 चिपसेट दिया गया है। रैम – गैलेक्सी वॉच में 2 जीबी रैम दिया गया है, जबकि ऐपल की ओर से 1 जीबी रैम ही दिया जा रहा है।स्टोरेज – सैमसंग 32 जीबी स्टोरेज दे रहा है, जो ऐपल के मुकाबले कम है, क्योंकि उसमें 64 जीबी स्टोरेज दिया गया हैवजन – सैगसंग वॉच का वजन 60.5 ग्राम है, जबकि ऐपल वॉच 61.5 ग्राम में आती है।बैटरी – सैमसंग अल्ट्रा स्मार्टवॉच में 590mAh बैटरी दी गई है, जबकि ऐपल वॉच में 564mAh बैटरी मिलती है।कलर ऑप्शन – सैमसंग वॉच तीन कलर ऑप्शन टाइटेनियम सिल्वर, टाइटेनियम ग्रे और टाइटेनियम व्हाइट में आती है, जबकि ऐपल सिंगल टाइटेनिमय कलर ऑप्शन में आती है।कीमत – सैमसंग गैलेक्सी अल्ट्रा स्मार्टवॉच की कीमत 60 हजार रुपये हैं, वही ऐपल वॉच अल्ट्रा की कीमत अभी करीब 90 हजार रुपये है, जो लॉन्च के वक्त 1 से 1.25 लाख रुपये थी।

रक्त बढ़ाने के लिए 5 सबसे ज्यादा आयरन युक्त खाद्य पदार्थ

स्वस्थ शरीर के लिए हर पोषक तत्‍व को सही मात्रा में होना जरूरी है। प्रोटीन और विटामिन की तरह शरीर के बेहतर कामकाज के लिए आयरन (Iron) भी एक जरूरी पोषक तत्‍व है। शरीर को खून बनाने के लिए इसकी बहुत जरूरत होती है। शरीर में आयरन की कमी थकान, खराब नींद, वजन बढ़ना, बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया होता है, जोकि महिलाओं और बच्चों में आम समस्या है। इसलिए महिलाओं को ब्लड में आयरन लेवल पर ध्यान देना चाहिए। वैसे तो कई लोग इसके लिए दवा और सप्लीमेंट लेते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा आयरन आप भोजन से प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपको भी एनीमिया है, तो Detoxpri की फाउंडर एंड होलिस्टिक न्यूट्रिशनिस्ट प्रियांशी भटनागर आपको कुछ तरह के आयरन रिच फूड्स के बारे में बता रही हैं, आप इन्‍हें अपनी डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं। आयरन एक ऐसा पोषक तत्‍व है, जो शरीर खुद नहीं बनाता। यह आपको भोजन के जरिए ही मिल सकता है। याद रखें अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो प्‍लांट बेस फूड के साथ विटामिन सी को शामिल करके आयरन अवशोषण को बढ़ा सकते हैं। प्‍लांट बेस फूड खाएं प्‍लांट बेस फूड आयरन से भरपूर होते हैं। अगर आप वेजिटेरियन और वीगन हैं, तो दाल और चना को अपनी डाइट में शामिल करें। इनके साथ आप टमाटर खा सकती हैं। बता दें कि टमाटर में विटामिन सी होता है साथ ही यह आयरन के अवशोषण में अच्छी भूमिका निभाता है। 100 ग्राम चना में कम से कम 6.2 mg आयरन होता है। आयरन रिच स्नैक्स सूखे मेवे जैसे किशमिश और सूखा आलूबुखारा आयरन के बेहतरीन सोर्स हैं। आयरन को बूस्ट करने के लिए आप इन्‍हें सलाद और सीरियल में डालकर खा सकते हैं। 100 ग्राम किशमिश में कम से कम 1.9 mg आयरन होता है। आयरन से भरपूर ब्रेड आयरन से भरपूर ब्रेड भी एनीमिया से छुटकारा दिला सकती है। ये आयरन का सेवन बढ़ाने का सुरक्षित तरीका है। आयरन लेवल बढ़ाने के लिए आपको इसका सेवन खट्टे फलों के साथ करना चाहिए। 100 ग्राम यानी एक ब्रेड से आपको 3.6 mg आयरन मिल सकता है। हरे रंग की सब्जियां पालक और केल जैसी सब्जियों में नॉन हेम आयरन पाया जाता है। लेकिन इसमें ऑक्सलेट होते हैं, जो अवशोषण में रुकावट डालते हैं। ऐसे में उन्हें पकाकर खाएं। यह प्रक्रिया आपकी आयरन बायो एबिलिटी को इंप्रूव करती है। 100 ग्राम पालक से आपको 2.7 mg आयरन मिल सकता है। मटर शरीर में आयरन की कमी से थकान और कमजोरी होती है। हरी मटर आयरन का अच्‍छा स्‍त्रोत है। ऐसे में हरी मटर से बनी डिशेज को अपनी डाइट में शामिल करें। इसके सेवन से रेड ब्‍लड सेल्‍स के निर्माण में मदद मिलती है। 100 ग्राम मटर से आपको 1.5 mg आयरन मिल सकता है।

बंद लिफाफे में CBI ने पेश की रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा बड़ी सुनवाई, क्या फिर से होंगे NEET-UG एग्जाम?

नई दिल्ली  नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई करने वाला है. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली  बेंच आज (11 जुलाई) परीक्षा में अनियमितता और री-एग्जाम की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एफिडेविट के बाद बंद लिफाफे में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नीट पेपर लीक केवल एग्जाम सेंटर्स तक ही सीमित है, यह सोशल मीडिया पर लीक नहीं हुआ. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई को सुनवाई के दौरान कहा था कि NEET-UG 2024 की अखंडता से समझौता हुआ है तो परीक्षा रद्द होनी चाहिए. CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पेपर लीक की घटना स्थानीय तौर पर हुई है. परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट नहीं हुआ है. थोड़ी ही देर में कोर्ट मामले में की सुनवाई शुरू करने वाला है. ‘ऑनलाइन लीक नहीं हुआ पेपर’, सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता 8 जुलाई को हुई सुनवाई में सीजेआई ने ऑनलाइन नीट पेपर लीक की आशंका को लेकर चिंता जताई थी. सुनवाई के दौरान कहा गया था कि अगर इलेक्ट्रॉनिक यानी ऑनलाइन माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है. सीबीआई द्वारा कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा है कि पेपर ऑनलाइन लीक नहीं हुआ था, केवल स्थानीय लेवल पर लीक हुआ था. NEET के अलावा UGC NET पेपर लीक पर भी एक्शन में CBI नीट पेपर लीक के अलावा सीबीआई यूजीसी नेट पेपर लीक भी जांच कर रही है. सीबीआई जल्द ही उस शख्स के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर सकती है, जिसने कथित तौर पर टेलीग्राम पर यूजीसी-नेट पेपर का ‘छेड़छाड़’ स्क्रीनशॉट शेयर किया था, जिसके कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय से संभावित ‘उल्लंघन’ के बारे में अलर्ट मिलने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी. CBI ने पेपर लीक को बताया स्थानीय सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि नीट पेपर लीक की घटना स्थानीय स्तर पर हुई है, सोशल मीडिया पर नीट का पेपर सर्कुलेट नहीं हुआ है. केंद्र ने दाखिल किया हलफनामा केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र ने हलफनामे में कहा कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है. हलफनामे में कहा गया, सरकार समाधान खोजने के लिए चौतरफा प्रयास कर रही है, साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी दोषी उम्मीदवार को कोई लाभ न मिले. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 23 लाख छात्रों पर सिर्फ आशंकाओं के चलते एक नई परीक्षा का बोझ न डाला जाए. CJI का कहना कि यदि परीक्षा की पवित्रता खत्म हो जाती है तो दोबारा परीक्षा का आदेश देना होगा, यदि दागी और बेदाग को अलग करना संभव नहीं है तो दोबारा परीक्षा का ही विकल्प है। यदि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है। केंद्र सरकार और NTA ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा-     सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा, गड़बड़ी में शामिल लोगों की पड़ताल डेटा एनालिसिस के जरिए करने के लिए मद्रास IIT से अनुरोध किया गया है। जिनको ज्यादा नंबर आए हैं उनका डाटा विश्लेषण बताता है कि बड़ी अनियमितता नहीं हुई है, क्योंकि ग्राफ ऊपर उठने के साथ ही जल्दी ही नीचे गिर जाता है। यानी घंटी के आकार का ग्राफ है।     केंद्र सरकार ने कहा है कि जांच के साथ ही एहतियातन NEET काउंसिलिंग भी जुलाई के तीसरे हफ्ते में कराने का निर्णय लिया गया है। काउंसलिंग चार चरणों में होगी, ताकि किसी भी किस्म की गड़बड़ी का फायदा उठाकर आने वाले छात्र की पहचान और पड़ताल इन चार चरणों में हो ही जाए। जहां पता चला, वहीं उसे बाहर कर दिया जाएगा।     केंद्र सरकार ने पहले भी कोर्ट को बताया है कि वो NEET की परीक्षा दोबारा कराने के समर्थन में नहीं है। केंद्र ने कहा है कि वो यह सुनिश्चित कर रहा है कि 23 लाख अभ्यर्थियों पर ‘अप्रमाणित आशंकाओं’ के आधार पर दोबारा परीक्षा का बोझ ना डाला जाए। केंद्र सरकार ने कहा है कि वो ये सुनिश्चित कर रहा है कि गलत तरीके से फायदा उठाने के दोषी किसी भी अभ्यर्थी को कोई लाभ ना मिले।     सरकार ने कहा है कि शिक्षा मंत्रालय ने IIT मद्रास से आग्रह किया था कि वो नीट परीक्षा 2024 के उम्मीदवारों का डेटा एनालिसिस करने में मदद करें। आईआईटी मद्रास ने शहरवार और केंद्रवार 2 सालों (2023 और 2024) का विश्लेषण किया। यह विश्लेषण शीर्ष 1.4 लाख रैंक के लिए किया गया है।     IIT मद्रास के विश्लेषण से पता चलता है कि ना तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का कोई संकेत है और ना ही किसी खास सेंटर के उम्मीदवारों को मदद मिली जिसके चलते उन्होंने असामान्य स्कोर मिला हो। IIT मद्रास की स्टडी के मुताबिक छात्रों को मिले अंकों में समग्र वृद्धि हुई है। खासतौर से 550 से 720 अंकों के बीच। अंकों में ये बढ़ोतरी लगभग सभी शहरों और केंद्रों में देखी गई है. इसकी वजह सिलेबस में 25% की कटौती है।     जिन छात्रों ने ज्यादा अंक हासिल किए हैं, वो अलग-अलग शहरों और अलग-अलग सेंटर के है जो बड़े पैमाने पर किसी गड़बड़ी की संभावना को खारिज करता है।     सरकार ने यह भी कहा कि काउंसलिंग जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर चार चरणों में आयोजित की जाएगी। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का शिकार पाया जाता है तो उसकी उम्मीदवारी काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद भी किसी भी स्तर पर रद्द कर दी जाएगी।     NTA ने कहा, पटना/ हजारीबाग मामले में कोई प्रश्न पत्र गायब नहीं पाया गया है। प्रत्येक प्रश्न पत्र में एक अद्वितीय क्रमांक होता है और उसे एक विशेष उम्मीदवार को सौंपा जाता है। कोई भी ताला टूटा हुआ नहीं मिला। एनटीए पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में कुछ … Read more

स्कूल टाइम में ढाई घंटे चलाया मोबाइल, सवा घंटे खेला कैंडी क्रश… संभल में DM ने निकाली टीचर के मोबाइल की हिस्ट्री

संभल यूपी के संभल जिले के एक सरकारी स्कूल में निरीक्षण पर पहुंचे डीएम ने पाया कि एक टीचर ड्यूटी टाइम में मोबाइल गेम खेल रहे थे. डीएम ने टीचर का मोबाइल चेक किया तो पता चला कि 5.30 घंटे के स्कूल टाइम में उन्होंने एक घंटा 17 मिनट कैंडी क्रश खेला और इसके अलावा सोशल मीडिया का भी यूज किया. इतना ही नहीं जब डीएम ने टीचर द्वारा चेक की गई कॉपियों को दोबारा देखा तो छह पेज में 95 गलतियां भी सामने आईं. मोबाइल में कैंडी क्रश गेम खेलने वाले टीचर को डीएम के निर्देश के बाद सस्पेंड कर दिया गया है.   संभल के शरीफपुर ग्राम पंचायत के सरकारी स्कूल में डीएम औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे. यहां उन्होंने टीचरों का शिक्षण कार्य देखा और बच्चों के पढ़ाने के तरीके पूछे, उसके बाद शिक्षकों द्वारा जांची गई गृह पुस्तिकाओं को खुद चेक किया. डीएम ने क्लास के 6 छात्रों की कॉपियों के 6 पेज चेक किए तो शिक्षक के द्वारा चेक की गई कॉपियो के 6 पेज में 95 गलतियां देखने के लिए मिली हैं. जिसमें पहले पेज पर 9 गलतियां, दूसरे पर 23 गलतियां, तीसरे पेज पर 11 गलतियां, चौथे पेज पर 21 गलतियां, पांचवे पेज पर 18 गलतियां और छठे पेज पर 13 गलतियां देखने के लिए मिली. इसको लेकर उन्होंने टीचरों को फटकार भी लगाई. इस दौरान उन्होंने एक शिक्षक और एक शिक्षिका की बेहतर कार्यशैली की तारीफ भी की. स्कूल टाइम में ढाई घंटा चलाया मोबाइल इस दौरान डीएम ने शिक्षक प्रेम गोयल के मोबाइल की DIGITAL WELBEING फंक्शन से हिस्ट्री निकाली तो सामने आया कि उन्होंने स्कूल टाइम में करीब दो से ढाई घंटा मोबाइल चलाया. जिसमें एक घंटा 17 मिनट कैंडी क्रश सागा गेम खेला गया. 26 मिनट फोन पर बात की गई. इसके अलावा 17 मिनट फेसबुक, 11 मिनट गूगल क्रोम, 8 मिनट ActionDash, 6 मिनट यूट्यूब, 5 मिनट इंस्टाग्राम और 3 मिनट Read Along ऐप चलाया गया. इनमें से केवल Read Along  ऐप ही विभागीय ऐप है. स्कूल में कुल 101 छात्र, 47 ही मौजूद मिले इस स्कूल में कुल 101 छात्र-छात्राओं का नाम दर्ज है, लेकिन जब डीएम निरीक्षण पर पहुंचे तो स्कूल में 50 फीसदी से भी कम छात्रों की उपस्थिति दर्ज की गई. इस दौरान वहीं कुल 47 छात्र-छात्राएं ही मौजूद थे. हालांकि निरीक्षण के दौरान पांचों शिक्षक मौजूद थे.   स्कूल टाइमिंग में कैंडी क्रश खेल रहे थे टीचर: DM वहीं इस मामले में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा, “स्कूल के निरीक्षण में स्कूल में कायाकल्प का काम चल रहा था. प्रधान कार्य में सहयोग नहीं कर रहे थे. ऐसे में बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि कायाकल्प के काम में सहयोग कराएं. जिन पुस्तिकाओं को टीचर चेक कर चुके थे. उनमें कई कमियां मिलीं है. स्कूल टाइमिंग में एक टीचर कैंडी क्रश सागा गेम खेल चुके थे.” इस दौरान डीएम ने खराब एजुकेशन क्वालिटी को लेकर शिक्षा विभाग से नाराजगी जताई.  

कर्नाटक केवाल्मीकि निगम घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक पर छापेमारी की

बेंगलुरु कर्नाटक (Karnataka) लोकायुक्त ने आज सुबह राज्य भर में कई सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर छापे मारे. जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों और शिकायतों से जुड़े मामलों पर छापेमारी की है. कुल 9 जिलों में 11 मामलों से जुड़ी छापेमारी की गई है, जिनमें दावणगेरे और चित्रदुर्ग के दो-दो मामले शामिल हैं. इसके साथ ही ईडी ने भी पूर्व मंत्री और विधायक के घरों पर छापेमारी की है. मिली जानकरी के मुताबिक, जिलों के एसपी लोकायुक्त मामलों की निगरानी कर रहे हैं. 56 जगहों की तलाशी ली गई है. इसमें करीब 100 अधिकारी शामिल थे. कहां-कहां हुई छापेमारी? कलबुर्गी: बसवराज मागी, राजस्व अधिकारी, केंगेरी डिवीजन, बीबीएमपी जोन, बेंगलुरु मांड्या: शिवराजू एस, कार्यकारी अभियंता (रिटायर्ड), ग्रामीण पेयजल और स्वच्छता प्रभाग, मांड्या जिला चित्रदुर्ग: एम. ​​रवींद्र, मुख्य अभियंता (रिटायर्ड), लघु सिंचाई विभाग, बेंगलुरु धारवाड़: शेखर गौड़ा, परियोजना निदेशक बेलगावी: महादेव बन्नूर, सहायक कार्यकारी अभियंता दावणगेरे: डी. एच. उमेश, कार्यकारी अभियंता (वी) और एम. ​​एस. प्रभाकर, सहायक कार्यकारी अभियंता कोलार: विजयन्ना, तहसीलदार मैसूर:-महेश के, अधीक्षक अभियंता हासन: एन. एम. जगदीश, ग्रेड-1 सचिव चित्रदुर्ग: केजी जगदीश, अधीक्षक अभियंता 18 से ज्यादा जगहों पर ईडी की छापेमारी कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र और कांग्रेस विधायक बी दद्दाल के आवासों पर 24 घंटे से ज्यादा वक्त तक छापेमारी की. केंद्रीय जांच एजेंसी ने निगम के बैंक खातों से 187 करोड़ रुपये के कथित अनधिकृत अनियमितताओं की जांच के तहत 18 से ज्यादा स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. हालांकि ईडी अधिकारियों ने आधी रात को तलाशी रोक दी, लेकिन टीमें छापेमारी वाली जगह पर ही रहीं. गुरुवार सुबह 7 बजे निरीक्षण फिर से शुरू हुआ. मई में इस्तीफा देने से पहले नागेंद्र कर्नाटक के आदिवासी कल्याण मंत्री थे, जबकि दद्दाल निगम के अध्यक्ष थे. इस साल 21 मई को निगम के लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी की मौत के बाद कथित घोटाला सामने आया. अपने सुसाइड नोट में अधिकारी ने निगम से विभिन्न बैंक खातों में अवैध रूप से फंड ट्रांसफर करने का आरोप लगाया. घटना पर आक्रोश और विपक्ष की आलोचना के बीच दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और नागेंद्र ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. कर्नाटक सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया है. बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार ईडी जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी. हालांकि, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि ईडी की छापेमारी अनुचित थी. शिवकुमार ने कहा, “जब राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी पहले से ही मामले की जांच कर रही है, तो ईडी को मामले में छापेमारी करने की कोई जरूरत नहीं थी.” उन्होंने कहा कि पिछली बीजेपी सरकार के दौरान भी इसी तरह के मामले हुए थे.  

कारपेंटर पति ने पत्नी को पढ़ाया-लिखाया, लेखपाल बनते ही छोड़ा साथ; अब लोग बोल रहे ज्योति मौर्य पार्ट- 2

 झांसी बहुचर्चित पीसीएस ज्योति मौर्या मामला अभी तक लोग पूरी तरह से भुला भी नहीं पाए थे कि ठीक वैसा ही मामला झांसी में भी सामने आया है. यहां एक युवक अपनी पत्नी के लिए दर-दर भटक रहा है. पति की मानें तो उसने लव मैरिज की थी और पत्नी को पढ़ाने के लिए उसने मेहनत मजदूरी की, लेकिन जब वह लेखपाल बन गई तो उसे छोड़कर चली गई. पत्नी के लिए वह पुलिस से लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है लेकिन उसे न्याय नहीं मिला. जब बुधवार को पत्नी को लेखपाल के पद के लिए नियुक्ति पत्र मिल रहा था तो उसे खोजने के लिए वह गया हुआ था, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा. वहीं जब इस बारे में लड़की से फोन पर बात की गई तो उसने कैमरे के सामने आने से इनकार करते हुए कहा कि उसकी कोई शादी नहीं हुई है. पीड़ित शख्स झांसी की शहर कोतवाली अंतर्गत बाहर बाबा का अटा में रहने वाला नीरज विश्वकर्मा है. नीरज तीन भाई हैं, जिनमें वह सबसे छोटा है. नीरज विश्वकर्मा कारपेंटर का काम करता है. करीब 5 साल पहले झांसी के सत्यम कॉलोनी में रहने वाली रिचा सोनी से दोस्त के घर मुलाकात हुई थी. दोनों ने करीब ढाई साल ओरछा मंदिर में जाकर शादी कर ली. जिसके बाद दोनों घर आ गए और हंसी-खुशी से रहने लगे. इस दौरान लड़की रिचा ने उसे बताया था कि वह आगे पढना चाहती है. रिचा को पढ़ाने के लिए वह मजदूरी करता था. जब रिचा का सरकारी नौकरी लेखपाल में चयन हो गया तो फिर उसके रुख बदल गए. लेखपाल के पद पर चयन होने के बाद वह उसे छोड़कर चली गई. तबसे लेकर अब तक वह लौटकर घर नहीं आई.   अपनी पत्नी को पाने के लिए युवक अधिकारी से लेकर पुलिस तक के चक्कर लगा चुका है, लेकिन पत्नी नहीं मिली. यहां तक कि जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी को कलेक्ट्रेट में नियुक्ति पत्र मिल रहा है तो वह उसकी एक झलक पाने के लिए वहां पहुंच गया, लेकिन वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ा. वह नियुक्ति पत्र लेकर छिपते हुए निकल गई लेकिन उससे मुलाकात नहीं की.   नीरज ने बताया, “मैं 18 जनवरी से परेशान हूं. मेर धर्मपत्नी रिचा सोनी, जोकि अब लेखपाल बन गई हैं. इसलिए मुझे छोड़कर चली गई हैं. जिस कारण मैं दर-दर भटक रहा हूं. मैं अपनी पत्नी के लिए हर जगह जा चुका हूं, लेकिन पत्नी नहीं मिल रही है. आज उसे लेखपाल का नियुक्ति पत्र मिलना था, जब इसकी जानकारी हुई तो मैं कलेक्ट्रेट आया हुआ था. उसे खोजने के लिए हर जगह देखा, लेकिन वह नहीं मिली. वह नियुक्ति पत्र लेकर चली गई. मैने इनके लिए हर कुछ किया.” 2022 में ओरछा मंदिर में की थी शादी उसने कहा, “आज से 5-6 साल पहले इनसे उस समय मुलाकत हुई थी जब यह छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाती थी. यह मुलाकात दोस्ती में बदल गई. करीब छह महीने बाद यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई यह उसे भी पता नहीं हुआ. प्यार होने के बाद दोनों अपनी मर्जी से ओरछा मंदिर में जाकर शादी कर ली. शादी करने के बाद दोनों हंसी-खुशी से रहते थे. इसके बाद उनका कुछ विवाद हुआ था, जिस कारण वह मायके चली गई थी. फैमिली कोर्ट में उसने सेक्शन 9 दायर कर उसे अपने घर बुलाया था. जनवरी महीने में रिचा का लेखपाल पद पर चयन हो गया. लेखपाल के पद पर चयन होने के बाद वह 18 जनवरी को उसे छोड़कर चली गई. इसके बाद उससे मुलाकात नहीं की. एक बार कोतवाली में मिली थी तब यह कहने लगी कि एसडीएम के पास जाओ ओर शपथ पत्र देकर आओ कि कोई शादी नही हुई है. हम कैसे कह दें कि हमारी शादी नही हुई है.” मजदूरी कर पत्नी को पढ़ाया था: पीड़ित पीड़ित पति ने कहा कि हमने रिचा को पढ़ाने के लिए बड़ी मुश्किलों का सामना किया. हम कारपेंटर है. इन्होंने जो चाहा उसने किया. हम 400-500 रुपए प्रतिदिन कमाते थे. उसी से उसकी पढ़ाई कराई, कई बार तो कर्ज भी लेना पड़ा. आज हम दिन रात उसे याद करते हैं. रात में नींद भी नहीं आती है. आज वह कहती है कि हमारी शादी नहीं हुई है. हमारे पास शादी की फोटो और प्रमाणपत्र है, क्या यह फर्जी हैं. हमारी ओरछा में शादी हुई थी फरवरी 2022 में. हम काफी परेशान है, उसके लिए दर-दर भटक रहे हैं. जहां एक ओर पति अपनी पत्नी को वापस पाने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर लड़की का कहना है कि उसने नीरज के साथ शादी ही नहीं की. उसने कहा कि यह उसे बदनाम करने की साजिश है.    

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