LATEST NEWS

नर्मदा बेसिन योजना से तेंदूखेड़ा में 3400 कनेक्शन हो चुके है और सभी कनेक्शन में घर-घर पानी पहुंच रहा है

दमोह दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक में हर साल गर्मी में भीषण जल संकट होता है, लेकिन इस साल शुरू हुई नर्मदा बेसिन परियोजना क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुई। आलम यह रहा कि नगर परिषद के टैंकरों से पानी की सप्लाई नहीं करनी पड़ी। क्योंकि 90 प्रतिशत लोगों के घरों में पानी पहुंच रहा है। दूसरी सबसे बड़ी बात जहां-जहां लाइन में लीकेज था, वहां टंकियां बनवाई गई हैं, जिनमें पानी भरा होने से मवेशी भी अपनी प्यास बुझा रहे हैं। मार्च महीने में हुई शुरुआत बता दें कि मार्च के महीने में यह योजना शुरू हुई और इस साल अन्य वर्षों की तुलना में ज्यादा गर्मी हुई। इसके बाद भी नगर में पानी की कमी नहीं आई। पानी प्रत्येक घर में पर्याप्त मात्रा में पहुंचा है। इसलिए इस वर्ष नगर परिषद की टैंकर सुविधा ही चालू ही नहीं हुई। आखिर तेंदूखेड़ा पहुंच गया नर्मदा जल दमोह जिले का तेंदूखेड़ा पहला ब्लाक है, जहां मां नर्मदा का जल पहुंचा है। नर्मदा नदी को जीवन दायनी कहा जाता। है तेंदूखेड़ा में भी इसी तरह के जीवन दाई कार्य हुए हैं, क्योंकि नगर के साथ जंगली क्षेत्रों में भी इस योजना का अच्छा लाभ मिला है। निर्माण कंपनी द्वारा नर्मदा का पानी तेंदूखेड़ा लाने के लिए जंगल, पहाड़, चट्टानों से होकर पहुंचाया गया है। बीच बीच में इन्होने एक ऐसा प्रयास किया। जिसका लाभ बेजुबान जानवरों और राहगीरों को भी पर्याप्त मात्रा में मिला है। पाटन की टेक से लेकर नरगंवा गांव तक यह लाइन जंगली क्षेत्र से आई है जिसकी दूरी 15 किमी है। इस क्षेत्र में इस वर्ष से पहले कभी पानी नही था। गर्मियों के दिनों में यहां रहने वाले जानवर पानी के अभाव में दूसरी जगह भाग जाते थे, लेकिन इस वर्ष यह जानवर यहीं है। क्योंकि ठेकेदार ने जंगली क्षेत्र में दो से तीन जगह मामूली सा लीकेज होने पर उसके नीचे होदी बना दी है जिसमें पर्याप्त पानी रहता है जो जानवर और राहगीरों के लिए भीषण गर्मी में बरदान बना रहा। दिख रहे कई तरह के जानवर पाटन से नरगवा तक जगह-जगह पानी भरा होने से मवेशियों को भी इसका पूरा लाभ मिला है। इसलिए क्षेत्र में इस वर्ष कई तरह के जानवर दिखाई दिये, यहां तक की तेंदुआ ने भी पानी के कारण इसी मार्ग पर अपना रहवास बना लिया था। इसके अलावा नीलगाय, सियार और अन्य मवेशी यह प्रतिदिन सुबह शाम पानी पीते दिखाई देते है। जानवर, मवेशियों के अलावा जो राहगीर है, उनको भी यह योजना लाभदायक सिद्ध हुई है। जंगली क्षेत्र में आवागमन करने बाले राहगीर और चरवाहो को इस वर्ष पर्याप्त पानी भरा मिला है । नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सतेन्द्र जैन का कहना है कि इस वर्ष नर्मदा का जल आने के बाद नगर में जल संकट की स्थिति नहीं बनी है। इसलिए टेंकर व्यवस्था पूरी तरह बंद रही। नर्मदा बेसिन योजना के प्रभारी अभिषेक पांडे ने बताया कि तेंदूखेड़ा नगर में 3400 कनेक्शन हो चुके है और सभी कनेक्शन में घर घर पानी पहुंच रहा है। जंगली क्षेत्र में जहां जहां लाइन थोड़ी बहुत लीकेज थी। वहां पर वन विभाग ने होदी बनवा दी थी। इसलिए वहां पर रहने बाले जानवर, मवेशियों और राहगीरों को आसानी से साफ सुथरा पानी मिल जाता है और 24 घंटे उनमें पर्याप्त पानी भरा रहता है।

कृषि और किसान का कल्याण पीएम, भाजपा और एनडीए की सरकार की प्राथमिकता रही: शिवराज सिंह चौहान

वाराणसी पीएम मोदी के आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। वहीं पीएम के स्वागत के लिए कई दिग्गज भी काशी पहुंचे हैं। इसी क्रम में काशी पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लगातार तीसरी बार पीएम बनने के बाद पीएम मोदी आज पहली बार काशी आ रहे हैं। पीएम मोदी प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लाभार्थी किसानों के खाते में करीब 20 हजार करोड़ रुपये की धनराशि डालेंगे। शिवराज सिंह ने कहा कि कृषि और किसान का कल्याण पीएम, भाजपा और एनडीए की सरकार की प्राथमिकता रही है। इसलिए सबसे पहला फैसला पीएम ने किसान सम्मान निधि किसान के खाते में पहुंचाने का फैसला किया। वहीं उन्होंने कहा कि कृषि सखियों को पीएम मोदी प्रमाण पत्र देंगे। शिवराज सिंह चौहान व सूर्य प्रताप शाही ने बाबा का लिया आशीर्वाद काशी विश्वनाथ धाम में मंगलवार को पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व सूर्य प्रताप शाही ने बाबा का विधिवत पूजन-अर्चन किया। बाबा विश्वनाथ का पूजन करने के बाद मंदिर परिसर में भ्रमण करते हुए पीएम के कार्यक्रम के लिए रवाना हुए।  

अमरवाड़ा उपचुनाव : एसडीएम ऑफिस पहुंचे बीजेपी प्रत्याशी ने जमा किया नामांकन

If you are planning to visit Tirupati Balaji then know some special things about the temple before going

 छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की रैली और सभा तेज बारिश की वजह से रद्द करना पड़ी।सीएम, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा तेज बारिश के बीच सीधा एसडीएम ऑफिस पहुंचे और बीजेपी प्रत्याशी कमलेश शाह का नामांकन जमा कराया। साथ में छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और अमरवाड़ा से पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार रहीं मोनिका बट्‌टी भी मौजूद रहीं। अमरवाड़ा सीट पर 10 जुलाई को उपचुनाव होना है। यहां से कमलेश शाह पहले कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। 29 मार्च को बीजेपी जॉइन करने पर उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। गोंगपा भी मैदान में, कांग्रेस ने अभी नहीं उतारा उम्मीदवार अमरवाड़ा उपचुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) भी मैदान में है। 17 जून को पार्टी ने देव रावेन भलावी के नाम की घोषणा की है। देव रावेन भलावी गोंगपा से लोकसभा उम्मीदवार भी थे। उन्हें 55988 वोट मिले थे। उधर, कांग्रेस जिला पंचायत सदस्य नवीन मरकाम और आंचलकुंड के सेवादार गणेश महाराज के नाम पर मंथन कर रही है। 1951 से अब तक भाजपा सिर्फ दो बार चुनाव जीती अमरवाड़ा सीट के इतिहास की बात करें तो 1951 से लेकर अब तक भाजपा यहां सिर्फ दो बार चुनाव जीती है। 1990 में भाजपा के मेहमान शाह उईके इस सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे, जबकि 2008 में प्रेम नारायण ठाकुर चुनाव जीते थे। इससे पहले एक बार 1967 में भारतीय जनसंघ के एसजे ठाकुर ने चुनाव जीता था।  1951 से 2023 तक यहा 14 बार चुनाव हो चुका है, जिसमें 11 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस लिहाज से देखा जाए तो कांग्रेस यहां मजबूत है, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 के बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी को यहां बड़ा झटका लगा है। इस सीट पर उपचुनाव भी इसलिए हो रहा है क्योंकि कांग्रेस से लगातार तीसरी बार विधायक बने कमलेश शाह इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इस लिहजा से इस बार का चुनाव कांग्रेस के लिए आसान रहने वाला नहीं है। उसके सामने अपना किला बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है।        भाजपा के पास एक सीट कब्जाने का मौका छिंदवाड़ा जिले में सात विधानसभा सीटें हैं। इनमें जुन्नारदेव, अमरवाड़ा, चौरई, सौसर, छिंदवाड़ा, परासिया और पांढुर्ना शामिल है। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जिले की सभी सात सीटें जीतीं थी। अब अमरवाड़ा सीट पर उपचुनाव हो रहा है, ऐसे में भाजपा की रणनीति है कि वह यह सीट जीतकर अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी पार्टी को मजबूत करे और कांग्रेस को लोकसभा चुनाव के बाद एक और झटका दे। भाजपा को शाह से कमल खिलाने की उम्मीद भाजपा उम्मीदवार कमलेश शाह इस सीट से लगातार तीन बार विधायक बने हैं। लोकसभा चुनाव के बीच शाह के पार्टी में शामिल होने के समय भाजपा ने उन्हें उपचुनाव में उम्मीदवार बनाने का वादा किया था। पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया भी है। शाह का अमरवाड़ा सीट पर अच्छा प्रभाव है। वहीं, दूसरी तरह नकुलनाथ के छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता मायूस हैं, इसका फायदा भी पार्टी को मिल सकता है। भाजपा के कई नेता अमरवाड़ा जीतने की रणनीति बना रहे हैं। उसके तहत काम भी किया जा रहा है। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि शाह चुनाव जीतकर इस सीट पर कमल खिलाएंगे। शाह ने नामांकन दाखिल किया इधर, अमरवाड़ा सीट से भाजपा प्रत्याशी कमलेश शाह ने आज मंगलवार को नामांकन कर दिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत अन्य नेता भी मौजूद रहे। दरअसल, नामांकन से पहले सीएम यादव की यहां रैली और सभा होनी थी। लेकिन, बारिश और आंधी के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री यादव समेत सभी नेता तेज बारिश के बीच एसडीएम कार्यालय पहुंचे और कमलेश शाह का नामांकन जमा कराया। इस दौरान छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और मोनिका बट्टी भी मौजूद रहीं। जानिए, कौन हैं राजा कमलेश शाह? अमरवाड़ा सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है। इस सीट को कमलेश शाह परिवार का गढ़ माना जाता है। शाह हर्रई राजघराने के राजा हैं। इस राजघराने का गोंड आदिवासियों में काफी सम्मान है। इस क्षेत्र के गोंड आदिवासी आज भी शाह परिवार के वंशज को अपना राजा मानते हैं। शाह के दादा राजा उदयभान शाह और मां रानी शैल कुमारी भी इस सीट से कांग्रेस की विधायक रह चुकी हैं।   क्या है चुनाव कार्यक्रम? अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 21 जून तक नामांकन पत्र जमा होंगे। यह प्रक्रिया 14 जून से शुरू हुई थी। 24 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, 26 तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं। 10 जुलाई को यहां मतदान होगा और इसके तीन दिन बाद 13 जुलाई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।  

एक ओपनर की जिम्मेदारी होती है कि वह टीम के लिए मैच की टोन सेट करे, इस काम में कप्तान बाबर आजम बुरी तरह फेल

नई दिल्ली एक ओपनर की जिम्मेदारी होती है कि वह टीम के लिए मैच की टोन सेट करे। चौके-छक्के लगाए और टीम के लिए तेज गति से रन बनाए। फिर चाहे बात पहले बल्लेबाजी करनी हो या फिर रन चेज करते हैं। हालांकि, इस काम में पाकिस्तान टीम के कप्तान बाबर आजम बुरी तरह फेल नजर आ रहे हैं। बाबर आजम ने तीन टी20 वर्ल्ड कप खेले हैं और एक बार भी वे पावरप्ले में एक छक्का तक नहीं जड़ पाए हैं। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाबर आजम टी20 स्टार हैं या नहीं? बाबर आजम ने तो यहां तक कहा है कि वे टी20 वर्ल्ड कप 2024 में किसी एक प्लेयर की वजह से नहीं, बल्कि टीम के तौर पर मैच हारे। बाबर आजम के इस बयान से ये मायने निकाले जा सकते हैं कि जब आप इतनी धीमी बल्लेबाज पावरप्ले में और मैच में बतौर ओपनर करोगे तो टीम को इससे क्या लाभ होगा? क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि 207 गेंदें बाबर आजम ने तीन टी20 वर्ल्ड कप (2021, 22 और 2024) के 17 मैचों में पावरप्ले में खेली हैं, जहां फील्डर क्लोज होने के बावजूद वह एक छक्का तक नहीं जड़ सके हैं। इतना ही नहीं, एकमात्र मैच में उन्होंने 130 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट (वह भी 130.77) से बल्लेबाजी की, जो भारत के खिलाफ 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में खेला गया था। इसके अलावा बाकी के 16 मैचों में उनका स्ट्राइक रेट औसत तौर पर 111.36 का है। ये आंकड़ा इस बात को भी दर्शाता है कि भले ही वह पारी को एंकर करने का बात करते हों, लेकिन इतनी धीमी गति से टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी टीम के लिए कोई फायदा नहीं कराएगी। 8 छक्के 17 मैचों में उन्होंने लगाए हैं, जहां वे ओपनर या नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने उतरे हैं। अब ऐसा भी नहीं है कि आप पारी को एंकर करते हैं तो दूसरे छोर से तेज गति से रन बनते हैं। मोहम्मद रिजवान उनके साथ ओपनर के तौर पर बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन उनका हाल भी ऐसा ही है। रिजवान 113 के स्ट्राइक रेट के करीब से टी20 वर्ल्ड कप में रन बनाने में सफल हुए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले साल पाकिस्तान की टीम ने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में पावरप्ले में 1000 से ज्यादा गेंदों का सामना किया था, लेकिन एक भी छक्का नहीं जड़ा था। अब अंदाजा लगा सकते हैं कि इस तरह की अप्रोच से आप अगर व्हाइट बॉल क्रिकेट को खेलोगे तो फिर कैसे सफलता मिलेगी? पाकिस्तान की टीम बाबर आजम की कप्तानी में तीन टी20 विश्व कप में कुल 17 मुकाबलों में से 11 मुकाबले जीती है और 6 मैच टीम हारी है। इनमें से दो मैच भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने गंवाए हैं, जबकि एक-एक मैच पाकिस्तान ने यूएसए, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के खिलाफ गंवाया है।  

छत्तीसगढ़-भिलाई में सूने मकानों का ताला तोड़कर लाखों की चोरी

Deficiency of which vitamin causes early ageing? Scientists discovered

भिलाई. भिलाई नगर थाना क्षेत्र के रुआंबाधा स्थित एनएसपीसीएल कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। जहां अज्ञात चोरों ने सेंधमारी कर डाली। चोरों ने कोलॉनी के दो सूने मकानों में ताला तोड़कर घुसे। एक मकान से 350 ग्राम सोना, 2 किलो चांदी, डायमंड की अंगुठी समेत 25 हजार नकद चोरी कर ले गए। गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर चोरों ने 24 लाख रुपए की चोरी को घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। वहीं, दूसरे मकान में कितने की चोरी हुई है। इसका खुलासा मकान मालिक के आने पर होगा। चोरों की करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। भिलाई नगर थाना प्रभारी राजकुमार लहरे ने बताया कि एनएसपीसीएल कॉलोनी ब्लाक-C/5 क्वाटर-8 निवासी एटीपीसी सेल पावर कंपनी लिमिटेड के सिनियर मैनेजर मयुरेश मोनल (37 वर्ष) ने चोरी शिकायत दर्ज कराई है। कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते हैं। 14 जून को अपने परिवार के साथ हैदराबाद घुमने गए थे। 17 जून को पड़ोसी निशांत जैन ने फोन पर उन्हें जानकारी दी। घर का दरवाजा खुला है। प्रार्थी मयुरेश को जैसे चोरी की वारदात की सूचना मिली। तत्काल फ्लाइट से परिवार के साथ रायपुर पहुंचे। शाम को जब अपने घर पहुंचे तो घर की दशा देख होश उड़ गए। अलमारी में रखा पुरा सामान कपड़े सब बिखरे पड़े थे। घर में रखे सभी अलमारी के दरवाजे खुले पड़े थे। अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी 25 हजार रुपए नहीं था। प्रार्थी के द्वारा पुलिस के सामने आलमारियों को चेक किया। सोने की अंगूठी, कान बाली, चूड़ी, चेन, लॉकेट, नेकलेस, मंगकसूत्र, ब्रेसलेट, सिक्के, नथ, मांग टिका वजन 350 ग्राम, चांदी के जेवर में पायल, नेकलेस, सिक्के, नोट, बिछिया,कमर बंध, मोती लोकेट के साथ, चम्मच, कटोरी, ग्लास, दिया, मछली, हाथी, बासुरी, लोटा वजन 2 हजार ग्राम, डायमण्ड की अंगूठी, टॉप्स और 25 हजार रुपये नकद समेत कुल 24 लाख की चोरी हो गया है। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि उनके घर से अज्ञात चोरों ने लगभग 24 लाख की चोरी कर फरार हो गए। पुलिस ने घटना के बाद कॉलोनी में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो चोरी की करतूत सीसीटीवी में नजर आई। फुटेज के आधार पर क्राइम ब्रांच और भिलाई नगर पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है।

नीट में अगर 0.001% की भी लापरवाही मिली तो…SC ने NTA से मांगा जवाब

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में NEET UG विवाद पर ग्रेस मार्क्स से जुड़ी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। यह केस जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एसवी भट्‌टी की वेकेशन बेंच के सामने रखा गया। कोर्ट ने कहा- अगर किसी की ओर से 0.001% भी लापरवाही हुई है। बेंच ने सरकार और NTA से यह भी कहा कि कल्पना कीजिए कि सिस्टम के साथ धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति डॉक्टर बन जाता है, वह समाज के लिए और भी ज्यादा खतरनाक है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा अगर किसी की ओर से 0.001% लापरवाही है तो उससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बर्बाद समय के बदले ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1,563 छात्रों के स्कोरकार्ड देखने के बाद उन्हें दिये गये ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिये। शीर्ष अदालत ने उन्हें 23 जून को दोबारा परीक्षा में शामिल होने या अपने वास्तविक मार्क्स के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग में भाग लेने का विकल्प दिया है। दोबारा हुई परीक्षा का परिणाम 30 जून को आएगा। जस्टिस विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एस वी एन भट्टी की अवकाशकालीन पीठ ने एनटीए से कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को उससे समय पर कार्रवाई की उम्मीद है। कोर्ट ने कहा कि जरा कल्पना कीजिए कि सिस्टम के साथ धोखाधड़ी करने वाला एक व्यक्ति अगर डॉक्टर बन जाता है, तो वह समाज के लिए और भी अधिक हानिकारक होगा। पीठ ने कहा, “हम 8 जुलाई को इससे जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे।” एडवोकेट दिनेश-जोटवानी ने नीट परीक्षा विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई पर कहा, ‘हमने एनवी सर के संस्थान की ओर से अदालत में अपना पक्ष रखा। उनके साथ इस याचिका में 20 हजार से भी ज्यादा बच्चे हैं। हमने कोर्ट के समक्ष कई मुद्दे उठाए हैं जैसे वो विवादित प्रश्न के मार्क्स (संख्या 28) जिसके दो उत्तर थे। कोर्ट ने मामले को सुना और एनटीए को कहा कि इस मुद्दे पर उसे कोर्ट का सहयोग करना चाहिए। इस परीक्षा से भविष्य के डॉक्टर निकलेंगे। पूरे देश का स्वास्थ्य इस पर है।’ इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने रविवार को बताया था कि नीट में कुछ स्थानों से विसंगतियां सामने आई हैं। गड़बड़ी में जो भी दोषी पाए जाएंगे, फिर चाहे वह एनटीए भी हो, उसको भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार विसंगतियों के सुधार का कार्य कर रही है। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा शत-प्रतिशत पारदर्शी हो, सरकार उसके लिए प्रतिबद्ध है। 8 जुलाई को अहम सुनवाई नीट-यूजी 2024 में गड़बड़ी के आरोपों की सीबीआई से जांच के अनुरोध वाली याचिका पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने विवादित नीट यूजी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र, एनटीए और अन्य को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। इससे अलावा सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नीट-यूजी विवाद पर विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों को शीर्ष अदालत में ट्रांसफर करने के अनुरोध वाली एनटीए की याचिका पर निजी पक्षों को नोटिस जारी किया। इस मामले पर भी 8 जुलाई को इस पर सुनवाई होगी। परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर फैसले के अधीन होंगे मेडिकल एडमिशन एनटीए द्वारा ग्रेस मार्क्स रद्द किए जाने से ग्रेस मार्क्स से जुड़ी आपत्तियों का निपटारा हो गया। लेकिन बहुत से अभ्यर्थियों ने पेपर लीक का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट और कई उच्च न्यायालयों में परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिकाएं दायर कर रखी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सफल उम्मीदवारों का प्रवेश उन याचिकाओं पर आने वाले अंतिम फैसले के अधीन होगा, जिनमें परीक्षा रद्द करने की मांग की गई है। परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी। साख का सवाल नीट को लेकर लगे आरोपों को देखते हुए परीक्षा कराने वाली संस्था एनटीए की साख को बचाना और नीट सहित अन्य परीक्षाओं की शुचिता को लेकर उपजे संदेह को दूर करना शिक्षा मंत्री के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा नई शिक्षा नीति के तहत सुधारों को जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दिखानी होगी। कांग्रेस ने जिस तरह से नीट परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, उससे संसद सत्र के दौरान भी इस मुद्दे के गरमाने की पूरी उम्मीद है। शीर्ष अदालत ने पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। नीट यूजी 2024 के परीक्षा परिणामों को लेकर जारी सियासत के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था की किसी भी बच्चे के करियर के साथ खिलवाड़ नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, सरकार उसे पूरा करेगी।

लॉकी फर्ग्यूसन टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक स्पेल में चार मेडन ओवर फेंकने वाले पहले गेंदबाज बने

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक स्पेल में चार मेडन ओवर फेंकने वाले दूसरे और पुरुष टी-20 विश्व कप के पहले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने टी20 विश्व कप 2024 में न्यूजीलैंड के आखिरी ग्रुप-स्टेज मैच में पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ अपने 4 ओवर में बिना कोई रन दिये 3 विकेट लिए। यह टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड का आखिरी मैच भी है, क्योंकि वे अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज से हार के बाद बाहर हो गए थे। यह उपलब्धि हासिल करने वाले एकमात्र अन्य गेंदबाज कनाडा के साद बिन जफर हैं, जिन्होंने 2021 में कूलिज में टी20 विश्व कप अमेरिका क्षेत्र क्वालीफायर मैच में पनामा के खिलाफ अपने 4 ओवर में बिना कोई रन दिये 2 विकेट लिये थे। मैच की बात करें तो इस मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पापुआ न्यू गिनी (पीएनजी) की टीम 19.4 ओवर में केवल 78 रनों पर सिमट गई। पीएनजी के लिए चार्ल्स अमिनी ने सर्वाधिक 17 रन बनाए। न्यूजीलैंड के लिए लॉकी फर्ग्यूसन ने अपने 4 ओवर के स्पैल में बिना कोई रन दिये 3 विकेट हासिल किये। उनके अलावा ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी और ईश सोढ़ी ने 2-2 और मिशेल सेंटनर ने 1 विकेट लिया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम ने 12.2 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 79 रन बनाकर मैच जीत लिया। न्यूजीलैंड के लिए डेवोन कॉन्वे ने 35, कप्तान केन विलियमसन ने नाबाद 18 औऱ डेरिल मिचेल ने नाबाद 19 रन बनाए। पीएनजी के लिए काबुआ मोरिआ ने 2 और सेमो कामिया ने 1 विकेट लिया।  

मिल्कीपुर उप चुनाव के लिए भाजपा के सामने आए कई दावेदार

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait?

अयोध्या मिल्कीपुर उप चुनाव के लिए भाजपा के कई दावेदार सामने आ गए हैं। इनमें पूर्व विधायक से लेकर जिला पंचायत सदस्य और प्रधान तक शामिल हैं। पासी समाज से सबसे ज्यादा नाम सामने आए हैं। यदि सपा ने भी पासी समाज से उम्मीदवार उतारा तो किसी अन्य जाति के प्रत्याशी पर विचार किया जा सकता है। अवधेश प्रसाद के फैजाबाद लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित होने के बाद यहां अब उप चुनाव होना तय है। अब निर्वाचन आयोग को उपचुनाव की घोषणा करनी है। इसी के साथ लोकसभा चुनाव में हार का सामना करने वाली भाजपा में इस सीट पर एक बार कब्जा जमाने के मकसद से हलचल शुरू हो गई है। पूर्व विधायक रहे बाबा गोरखनाथ अपनी उम्मीदवारी तय मानकर चल रहे हैं। यह अलग बात है कि पार्टी ने अभी कुछ फाइनल नहीं किया है। वैसे भी गोरखनाथ को वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के अवधेश प्रसाद ने 12,923 वोटों से पराजित किया था। इस लोकसभा चुनाव में गोरखनाथ लल्लू सिंह को इस सीट पर नहीं जिता सके। भाजपा को यहां पर 7,733 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। गोरखनाथ वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 28,076 वोटों से जीतकर पहली बार विधायक चुने गए थे। इस बीच गोरखनाथ के अलावा टिकट के दावेदारों के रूप में जो नाम सामने आए हैं, उनमें पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी, नीरज कनौजिया, आरएसएस की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे जिला महामंत्री कांशीराम रावत, राधेश्याम त्यागी, चंद्रभानु पासवान, लक्ष्मी रावत और जिला पंचायत सदस्य बबलू पासी प्रमुख हैं। इसमें से कई पासी समाज से आते हैं। इस समाज से कई दावेदारों के चलते पार्टी के लिए एक नाम का चयन करना थोड़ा मुश्किल होगा। ऐसे में किसी अन्य बिरादरी से जुड़े चेहरे को भी आजमाया जा सकता है। फिलहाल संगठन ने सभी नामों पर विचार करते हुए दावेदारों की जीत और हार की संभावनाओं को खंगालना शुरू कर दिया है।

टेलर स्विफ्ट का डांस हुआ वायरल, लोगों ने सलमान खान से कर दी तुलना

न्यूयॉर्क फेमस अमेरिकी सिंगर टेलर स्विफ्ट इन दिनों अपने टूर में बिजी हैं। गानों के अलावा वो स्टेज परफॉर्मेंस के लिए भी जानी जाती हैं। उनके कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो ऐसा डांस कर रही हैं, जिसे देखकर लोगों ने माथा पीट लिया। कुछ लोग तो ये तक बोल रहे हैं कि वो एकदम सलमान खान की तरह नाच रही हैं! इस वायरल वीडियो में Taylor Swift अपने Eras टूर शोज में परफॉर्म करती दिख रही हैं। एक फैन ने टिकटॉक पर उनका वीडियो शेयर किया, जिसमें वो अजीबोगरीब डांस करती दिख रही हैं। उसने कैप्शन में लिखा, ‘एक डांसर के रूप में उन्हें बहुत कम आंका गया है।’ इस पोस्ट के बाद ये वीडियो ट्विटर पर वायरल हो गया, जहां कई यूजर्स बोले कि उन्होंने अपने डांस स्टेप की रिहर्सल नहीं की। वो एक बच्चे की तरह डांस कर रही हैं, जोकि बहुत शर्मिंदगी भरा है। यूजर्स का ऐसा है रिएक्शन एक यूजर ने वीडियो पर मजेदार कॉमेंट किया, ‘टेलर स्विफ्ट महिलाओं के लिए एलन मस्क हैं और मैं इस बारे में ज्यादा विस्तार से नहीं बताऊंगा।’ दूसरे ने लिखा, ‘स्विफ्टी (टेलर स्विफ्ट) से नफरत नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि वो जानबूझकर इस तरह से अजीब तरीके से नाचती हैं, ताकि खुद को एक अरबपति की बजाय एक बेवकूफ बच्ची की तरह दिखा सकें।’ सलमान के डांस से टेलर स्विफ्ट की तुलना एक और यूजर लिखते हैं, ‘मुझे लगने लगा है कि इन लोगों का दिमाग पूरी तरह से धो दिया गया है।’ एक ने तो उनके डांस की तुलना सलमान खान के डांस से की है। एक क्लिप में सलमान ‘सुल्तान’ फिल्म के गाने ‘बेबी को बेस पसंद है’ पर डांस कर रहे हैं। दिसंबर में खत्म होगा टेलर स्विफ्ट का एरास टूर टेलर ने हाल ही में अपना 100वां एरास टूर शो पूरा किया और बताया कि वह दिसंबर में अपना टूर खत्म करने जा रही हैं। इस टूर के लिए उन्होंने दक्षिण अमेरिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप का सहित दुनिया भर में परफॉर्म किया है।

न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने कहा- टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित

Strange news of MP- SP enjoying holidays in America removed from Sagar

तारोबा (त्रिनिदाद) न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने कहा कि टी20 विश्व कप से जल्द बाहर होने के बाद टीम को फिर से एकजुट होने के लिए कुछ समय की जरूरत है। उन्होंने साथ ही 2026 में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपनी वापसी को लेकर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई। आधुनिक क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में से एक माने जाने वाले सभी प्रारूपों के खिलाड़ी विलियमसन एक दशक से अधिक समय से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ रहे हैं। विलियमसन की मौजूदगी में न्यूजीलैंड तीन बार विश्व कप फाइनल में पहुंचा जिसमें 2015 और 2019 में एकदिवसीय विश्व कप और 2021 में टी20 विश्व कप शामिल हैं। इसके अलावा पहला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खिताब भी जीता। इन चार टूर्नामेंट में से तीन में विलियमसन ने टीम की कप्तानी की। जब विलियमसन से पूछा गया कि क्या वे 2026 के टूर्नामेंट में वापसी करेंगे तो उन्होंने कहा, ‘‘ओह, मुझे नहीं पता।’’ न्यूजीलैंड का अभियान पापुआ न्यू गिनी पर सात विकेट की आसान जीत के साथ समाप्त हुआ। वे 10 वर्षों में पहली बार सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाए। तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ ट्रेंट बोल्ट ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि मौजूदा टी20 विश्व कप उनका आखिरी होगा। विलियमसन ने कहा, ‘‘अभी और तब के बीच थोड़ा समय है इसलिए यह एक टीम के रूप में फिर से एकजुट होना है। और हां, हमें अगले साल मुख्य रूप से लाल गेंद का क्रिकेट खेलना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अन्य प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलूंगा और फिर देखता हूं कि चीजें कैसे रहती हैं।’’ टी20 विश्व कप से न्यूजीलैंड के जल्द बाहर होने पर इस 34 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा ‘‘मुझे लगता है कि चाहे कुछ भी हो जाए आप हमेशा कुछ अधिक करना चाहते हैं।’’ विलियमसन ने कहा, ‘‘लेकिन यह वास्तव में अनोखा रहा है, सभी लोगों के लिए एक अनूठा अनुभव। मुझे लगता है कि बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रही हैं, लेकिन यह बस एक रास्ता खोजने की कोशिश करने के बारे में है।’’ न्यूजीलैंड अपने अभियान की शुरुआत करने वाली आखिरी टीम थी। वे चार दिनों के भीतर सुपर आठ की दौड़ से बाहर हो गए क्योंकि उन्हें अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार मैचों में हार का सामना करना पड़ा।  

राजस्थान-जयपुर के चाकसू में 51 किलो सोने का बन रहा बगलामुखी धाम

जयपुर. वर्ष 2017 में डॉ. आशुतोष झालानी ने माता बगलामुखी शक्तिपीठ की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी। डॉ. झालानी ने मंदिर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 51 किलो सोने से माता का मंदिर बनाया जा रहा है। मंदिर को बनाने में अब तक 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्राचीन तंत्र शास्त्रों में दस महाविद्याओं काली, तारा, षोड़षी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला का उल्लेख मिलता है। इन सबकी साधना का अपना महत्व है। माता बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। इन्हें माता पीताम्बरा भी कहा जाता है। डॉ. झालानी ने बताया कि संपूर्ण सृष्टि में जो भी तरंगें हैं, वो माता बगलामुखी की वजह से हैं। यह भगवती पार्वती का उग्र स्वरूप हैं। ये स्वयं पीली आभा से युक्त हैं और इनकी पूजा में पीले रंग का विशेष प्रयोग होता है। इनको स्तम्भन शक्ति की देवी भी माना जाता है। उन्होंने बताया कि बगलामुखी में बगला शब्द संस्कृत भाषा के वल्गा का अपभ्रंश है, जिसका अर्थ होता है दुल्हन। कुब्जिका तंत्र के अनुसार बगला नाम तीन अक्षरों से निर्मित है व, ग, ला। ‘व’ अक्षर वारुणी, ‘ग’ अक्षर सिद्धिदा तथा ‘ला’ अक्षर पृथ्वी को संबोधित करता है। माता के अलौकिक सौंदर्य और स्तंभन शक्ति के कारण ही इन्हें यह नाम प्राप्त है। डॉ. झालानी ने बताया कि अक्षय जीवन सिटी के माता बगलामुखी धाम में निःशुल्क हवन का आयोजन किया जाता है।

पश्चिम बंगाल सियासत में तड़का CM बनर्जी पहुंची बीजेपी सांसद अनंत राय महाराज से मिलने

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजनीति में मंगलवार को एक ट्विस्ट देखने को मिला. सूबे की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद से मिलने उनके आवास पहुंच गईं. बीजेपी के राज्यसभा सांसद अनंत राय महाराज ने अपने आवास पर सीएम ममता का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. ममता बनर्जी और बीजेपी सांसद की मुलाकात को लेकर अधिक जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है. अनंत राय महाराज उत्तर बंगाल की राजनीति का बड़ा चेहरा हैं जहां बीजेपी ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से पैर जमाए हैं. अनंत उत्तर बंगाल के कूचबिहार को पृथक ग्रेटर कूच बिहार राज्य बनाने की मांग करने वाले संगठन ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन (जीसीपीए) के अध्यक्ष हैं. खुद को ग्रेटर कूचबिहार का महाराज बताने वाले अनंत को बीजेपी ने एक साल पहले ही पश्चिम बंगाल से राज्यसभा भेजा था. अनंत पश्चिम बंगाल से बीजेपी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचने वाले पहले नेता भी हैं. अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उनसे आवास पहुंचकर मुलाकात करने के बाद कयास भी लगाए जाने लगे हैं. तर्क दिए जा रहे हैं कि पिछले साल गृह मंत्री अमित शाह ने अनंत के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी और इसके बाद बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया. अब सीएम ममता उनसे मिलने उनके आवास पहुंची हैं तो आगे क्या होगा? नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली पिछली सरकार में राज्यमंत्री रहे निशिथ प्रमाणिक भी अनंत के करीबी माने जाते हैं. निशिथ प्रमाणिक भी उसी राजबंशी समुदाय से आते हैं जिससे अनंत. राजबंशी कितने प्रभावशाली पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति की कुल आबादी में करीब 18 फीसदी से अधिक राजबंशी समुदाय की भागीदारी है. राजबंशी समुदाय अनुसूचित जाति वर्ग का सबसे बड़ा और प्रभावशाली समुदाय है. राजनीतिक लिहाज से देखें तो उत्तर बंगाल के पांच जिलों के 20 विधानसभा क्षेत्रों में राजबंशी समुदाय के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इन पांच जिलों में कूचबिहार के साथ ही अलीपुरद्वार भी शामिल है जहां 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन 2024 के चुनाव में पार्टी कूचबिहार लोकसभा सीट हार गई.  

किताब में दावा – 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को हटाने की पूरी तैयारी थी

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ पर एक किताब बाजार में आई है, जोकि काफी चर्चा में बन गई है। इस किताब में अब तक उत्तर प्रदेश में हुए 21 सीएम के कामों और उनके जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। यह किताब   वरिष्ठ पत्रकार श्यामलाल यादव ने लिखी है। At The Heart Of Power: The Chief Ministers of Uttar Pradesh (ऐट द हर्ट ऑफ पॉवर: द चीफ मिनिस्टर और उत्तर प्रदेश) किताब में वरिष्ठ पत्रकार श्याम लाल यादव ने कई दावे किए हैं। उन्होंने अपनी किताब में दावा किया है कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को हटाने की पूरी तैयारी थी। अपनी किताब में श्याम लाल यादव लिखते हैं कि उत्तर प्रदेश में 2022 के चुनाव में कुल नौ महीने बचे थे। ऐसे में लखनऊ से दिल्ली तक बीजेपी और आरएसएस नेताओं के बीच कई दौर की मुलाकातें हुईं। एक वक्त तो तय हो गया था कि योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद से हटा दिया जाएगा। इससे पहले योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कोई बदलाव किया जाता है, उससे पहले बीजेपी के आलाकमान को आभास हो गया कि अगर चलती सरकार में योगी को हटाया गया, तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा। श्याम लाल यादव ने अपनी किताब में योगी को हटाने की कोशिश के पीछे का कारण तो नहीं बताया है, लेकिन योगी पर लिखे गए वो 16 पन्नों में योगी सरकार के विरोध में जो कुछ चीजें हो रही थीं, उसका ब्योरा जरूर दिया। उस समय उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से उनके मतभेद बढ़ रहे थे। श्याम लाल यादव आगे लिखते हैं कि हालांकि आरएसएस नेताओं के दखल के बाद 22 जून 2021 को योगी आदित्यनाथ अचानक केशव प्रसाद मौर्य से मिलने पहुंच गए थे। इसको दोनों नेताओं के रिश्ते में सुधारने की कवायद के रूप में देखा गया। केशव प्रसाद मौर्य अप्रैल 2016 में बीजेपी अध्यक्ष बनाए थे और मार्च 2017 में बीजेपी की जीत के बाद उनका नाम सीएम की रेस में था, लेकिन योगी को सीएम बना दिया गया, तभी से दोनों के बीच में मतभेद उत्पन्न हो गए थे। इसके अलावा, दूसरा ब्यूरोक्रेसी का दबदबा है। किताब में कहा गया है कि जब भी बीजेपी सरकार आती है, तो ब्यूरोक्रेसी का प्रभाव बढ़ जाता है। बीजेपी की जमीनी कार्यकर्ताओं की शिकायत रहती है कि ब्यूरोक्रेसी में कार्यकर्ताओं समेत चुने गए प्रतिनिधियों का महत्व कम हो जाता है। यही योगी सरकार में हुआ। इसका नतीजा यह हुआ कि 17 दिसंबर 2019 में बीजेपी के 100 विधायकों ने अपनी सरकार के खिलाफ लखनऊ में धरना दिया था। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ का ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगना भी था। श्याम लाल यादव किताब में लिखते हैं कि बीजेपी के कुछ विधायक सवाल उठाने लगे कि योगी सरकार में ब्राह्मणों का एनकाउंटर हुआ। किताब में योगी के अलावा अन्य सीएम के बारे में भी बड़े-बड़े रहस्यों से पर्दा उठाया गया है।

विंबलडन चैंपियन मार्केटा वोंद्रोसोवा ने बर्लिन में जीत के साथ की ग्रास कोर्ट सत्र की शुरुआत

बर्लिन विंबलडन चैंपियन मार्केटा वोंद्रोसोवा ने अपने ग्रास कोर्ट सत्र की शुरुआत बर्लिन लेडीज ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पहले दौर में क्वालीफायर रेबेका मसारोवा के खिलाफ सीधे सेट में जीत के साथ की। पांचवीं वरीय वोंद्रोसोवा ने रेबेका को 6-4, 6-3 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। वोंद्रोसोवा ने तीन बार रेबेका की सर्विस तोड़ी और फोरहैंड विनर लगाकर जीत हासिल की। चेक गणराज्य की वोंद्रोसोवा ने फ्रेंच ओपन के पहले दौर में भी स्पेन की इस खिलाड़ी को हराया था। वोंद्रोसोवा दूसरे दौर में अन्ना केलिन्सकाया से भिड़ेंगी। पिछले साल वोंद्रोसोवा विंबलडन खिताब जीतने वाली पहली गैरवरीय महिला खिलाड़ी बनीं थी। उन्होंने फाइनल में 2022 की उप विजेता ओन्स जेब्युर को 6-4, 6-4 से हराया था।  

ऑस्ट्रेलियाई ओपन चैंपियन आर्यना सबालेंका और दो बार की विंबलडन फाइनलिस्ट ओन्स जाबूर पेरिस ओलंपिक से हट गई

Politics of Madhya Pradesh heated up due to Pragya Thakur's statement. he is not a hindu

बर्लिन ऑस्ट्रेलियाई ओपन चैंपियन आर्यना सबालेंका और दो बार की विंबलडन फाइनलिस्ट ओन्स जाबूर पेरिस ओलंपिक से हट गई हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि वे घास के कोर्ट पर होने वाले विंबलडन के तुरंत बाद क्लेकोर्ट पर नहीं खेलन चाहतीं। बेलारूस की विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी सबालेंका ने कहा कि वह पेरिस ओलंपिक में खेलने के बजाय आराम करना चाहेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘कार्यक्रम बहुत व्यस्त है और मैंने अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर यह फैसला किया। मैं अगली प्रतियोगिताओं के लिए शारीरिक और स्वास्थ्य स्तर पर तैयार होने के लिए आराम करने को प्राथमिकता दूंगी।’’ ट्यूनीशिया की विश्व में दसवें नंबर की खिलाड़ी जाबूर ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि लगातार चौथे ओलंपिक में नहीं खेल पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा,‘‘हमने फैसला किया कि कोर्ट में अचानक बदलाव करने और शरीर का भिन्न परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने से मेरे घुटने को लेकर जोखिम बढ़ सकता है। मुझे किसी भी प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करना पसंद है लेकिन मुझे अपने शरीर का ध्यान रखना होगा और चिकित्सा टीम की सलाह माननी होगी।’’ जाबूर ने पिछले तीन ओलंपिक में भाग लिया लेकिन वह कभी पदक नहीं जीत पाई।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet