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सेना में अग्निवीर व्यवस्था को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ा मुद्दा बनाया

लखनऊ   सेना में अग्निवीर व्यवस्था को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ा मुद्दा बनाया था। कहा था कि सेना के बाद यूपी पुलिस में यही व्यवस्था लागू करने की तैयारी हो रही है। इसी बीच बुधवार की रात यूपी पुलिस का एक लेटर वायरल हो गया। एडीजी स्थापना की ओर से जारी लेटर में कहा गया कि पुलिस विभाग के दफ्तरों में आउटसोर्सिंग से भर्ती पर विचार हो रहा है। सपा ने इसे पुलिस में भी सेना की अग्निवीर जैसी व्यवस्था लागू करने का आरोप लगाया। खुद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लेकर भाजपा को घेर लिया। इसके बाद यूपी पुलिस बैकफुट पर आ गई और कहा कि यह लेटर गलती से जारी हो गया है। इसके बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रदेश पुलिस की तरफ से जो सफाई पेश की गई है, वह समझ से परे है। पहले अखिलेश यादव ने लेटर को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि उप्र में भाजपा सरकार ने ‘पुलिस व्यवस्था’ के प्रति लापरवाही भरा नज़रिया अपना रखा है, जिसकी वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। एक-के-बाद-एक कार्यवाहक डीजीपी के बाद अब कुछ ‘पुलिस सेवाओं की आउटसोर्सिंग’ पर विचार किया जा रहा है। ठेके पर पुलिस होगी तो न ही उसकी कोई जवाबदेही होगी, न ही गोपनीय और संवेदनशील सूचनाओं को बाहर जाने से रोका जा सकेगा। भाजपा सरकार जवाब दे कि जब पुलिस का अपना भर्ती बोर्ड है तो बाक़ायदा सीधी स्थायी नियुक्ति से सरकार भाग क्यों रही है? अखिलेश ने लिखा कि पुलिस सेवा में भर्ती के इच्छुक युवाओं की ये आशंका है कि इसके पीछे आउटसोर्सिंग का माध्यम बनने वाली कंपनियों से ‘काम के बदले पैसा’ लेने की योजना हो सकती है क्योंकि सरकारी विभाग से तो इस तरह पिछले दरवाज़े से ‘पैसा वसूली’ संभव नहीं है। अपने आरोप के आधार के रूप में वो कोरोना वैक्सीन बनानेवाली प्राइवेट कंपनी का उदाहरण दे रहे हैं, जिसे भाजपा ने नियम विरूद्ध पाते हुए, वैक्सीन बनाने वाली एक सरकारी कंपनी के होते हुए भी, वैक्सीन बनाने का ठेका दिया और उससे चंदा वसूली की। कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक से आक्रोशित युवाओं में इस तरह की ‘पुलिस सेवा की आउटसोर्सिंग’ की खबर से और भी उबाल आ गया है। आउटसोर्सिंग का ये विचार तत्काल त्यागा जाए और उप्र के युवाओं को नियमित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सीधी नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से नौकरी दी जाए। यह भी कहा कि भाजपा कहीं किसी दिन ‘सरकार’ ही आउटसोर्स न कर दे। अखिलेश के हमले के बाद यूपी पुलिस की तरफ से स्पष्टीकरण आ गया। कहा गया कि सोशल मीडिया में पुलिस विभाग में आउटसोर्सिंग के संबंध में एक पत्र प्रसारित हो रहा है। यह पत्र त्रुटिवश जारी हो गया है। पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग की व्यवस्था पहले से चल रही है, इसी के संबंध में पत्र जारी किया जाना था जो कि गलती से मिनिस्टीरियल स्टाफ के लिए जारी हो गया है। ऐसा कोई प्रस्ताव पुलिस विभाग और शासन स्तर पर विचाराधीन नहीं है। यह पत्र गलत जारी हो गया है जिसे निरस्त कर दिया गया है। पुलिस का स्पष्टीकरण आने के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसे समझ से परे बताते हुए एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के स्तर पर आउटसोर्सिंग के जरिये भर्तियों पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजा गया था जो कि सोशल मीडिया पर वायरल है। भाजपा सरकार ने अग्निपथ स्कीम लाकर हमारी सेना और युवाओं का भविष्य दोनों कमजोर किया। अब यूपी पुलिस में यही खेल करने का प्रयास चल रहा है। भाजपा की सरकारें देश की हर एक संस्था को बेहतर बनाने की जगह उन्हें कमजोर करने का काम कर रही हैं। प्रदेश पुलिस की तरफ से जो सफाई पेश की गई है, वह समझ से परे है। एक के बाद एक पेपर लीक, अग्निवीर, लाखों खाली पद और अब पुलिस भर्ती में आउटसोर्सिंग की खबरों से प्रदेश के करोड़ों युवा आक्रोशित हैं। भाजपा को सामने आकर इस बारे में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। सपा सांसद ने लिखा पुलिस को अग्निवीर बनाया जा रहा सपा नेता और अंबेडकरनगर के सांसद लालजी वर्मा ने एक्स पर लिखा कि सेना को अग्निवीर बनाने के बाद अब उत्तर प्रदेश पुलिस को भी अग्निवीर बनाया जा रहा है। अखिलेश यादव  ने चुनाव के दौरान ही चेताया था कि यह सरकार सेना को अग्निवीर बनाने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को भी अग्निवीर बना देगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेह सही निकला अब उत्तर प्रदेश सरकार सब इंस्पेक्टर (लिपिक) के पदों को संविदा पर भर्ती करने का विचार कर रही है। उन्होंने यह भी लिखा कि अखिलेश यादव ने चुनाव के दौरान ही यह कहा था कि भविष्य में यह सरकार सारे सरकारी पदों को संविदा पर कर देगी ताकि आरक्षण को समाप्त किया जा सके।  

जम्मू-कस्मीर पुलिस ने मामले में 50 संदिग्धों को हिरासत में लिया, रियासी आतंकी हमला केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के रियासी में पिछले दिनों श्रद्धालुओं की बस पर हुए आतंकी हमले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जम्मू-कस्मीर पुलिस ने मामले में 50 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। रियासी की एसएसपी मोहिता शर्मा ने कहा, “जिला पुलिस रियासी ने पी/एस पौनी के कांडा इलाके में तीर्थयात्रियों की बस पर हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में 50 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।” चार दिन पहले रविवार ( 09 जून) को हुई इस घटना में कई लोग हताहत हो गए थे । केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में हाल ही में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने के लिए विभिन्न जिलों के वन क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान यह कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने बताया कि एक महिला ने दो व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर जम्मू के बाहरी इलाके नरवाल बाईपास क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। पिछले चार दिन में आतंकवादियों ने रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार जगहों पर हमले किए हैं, जिनमें नौ तीर्थयात्रियों और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान की मौत हो गई तथा सात सुरक्षाकर्मी समेत कई अन्य घायल हो गए। कठुआ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए। उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सुबह डोडा जिले में गंडोह के कोटा टॉप, चट्टागल्ला और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान फिर से शुरू किया, जहां मंगलवार और बुधवार को आतंकवादियों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों सहित सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने बुधवार को जिले में दो हमलों में शामिल चार आतंकवादियों के स्केच जारी किए थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। इससे पहले पुलिस ने रविवार को रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हुए हमले में शामिल एक आतंकवादी पर 20 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया था और उसका स्केच भी जारी किया था। इस हमले में नौ लोग मारे गए थे और 41 घायल हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि रियासी और राजौरी जिले में तलाशी अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी के स्केच से मिलते-जुलते चेहरे वाले एक शख्स को दोपहर में रियासी में एक बस से हिरासत में लिया गया और उसे पूछताछ के लिए ले जाया गया। उन्होंने बताया कि राजौरी के नौशेरा और पास के पुंछ में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आतंकी खतरे के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद कठुआ, सांबा और जम्मू जिलों में भी सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। कठुआ में मंगलवार रात से शुरू हुई और 15 घंटे से अधिक समय तक चली भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया था। इस अभियान में सीआरपीएफ के एक जवान की भी मौत हो गई थी, जबकि एक नागरिक घायल हो गया। पुलिस ने बुधवार को एक परामर्श जारी कर जम्मू क्षेत्र के निवासियों से संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की आवाजाही के बारे में सतर्क रहने का आग्रह किया था। राजौरी और जम्मू जिलों के कुछ हिस्सों में आतंकी खतरे की आशंका जताने वाली खुफिया सूचनाओं के बाद यह परामर्श जारी किया गया। 

छोटे बच्चों के साथ अश्लील हरकत करने की सीख देते हुए ‘कुंवारी बेगम’ किया गिरफ्तार

A healthy mind resides only in a healthy body Madan Mohan Katiyar

गाजियाबाद कुंवारी बेगम नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाली शिखा मैत्रैय को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। छोटे बच्चों के साथ अश्लील हरकत करने की सीख देते हुए उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने केस दर्ज करके उसकी तलाश शुरू कर दी थी। वीडियो वायरल होने के बाद शिखा को खुद के फंसने की आशंका हो गई थी और इस वजह से उसने अपने यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया हैंडल्स को डिलीट करके बचने की कोशिश भी की। कौशांबी थाने में बुधवार को दीपिका नारायण नाम की एक सामाजिक कार्यकर्ता ने शिखा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने ट्विटर के जरिए भी गाजियाबाद पुलिस के पास वह विवादित वीडियो भेजा था और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी। ट्विटर पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग सख्त ऐक्शन की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से भी हस्तक्षेप की मांग सोशल मीडिया यूजर्स कर रहे थे। गुरुवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने शिखा को हापुड़ रोड इंद्रगढ़ी से गिरफ्तार किया जोकि मसूरी थाना क्षेत्र में है। पुलिस पुख्ता सूचना के आधार पर उसके आवास पर पहुंची और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है। आरोपी की गिरफ्तारी के समय उसका कंप्यूटर और मोबाइल भी जब्त किया गया है। पुलिस कंप्यूटर और सोशल मीडिया चैनल्स को खंगालने में भी जुट गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या वह इससे पहले भी अश्लील सामग्री परोसती रही है। शिखा ‘कुंवारी बेगम’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाती थी। फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर चुकी शिखा खुद को एक गेमर बताती थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि वह पहले भी अपने वीडियोज में अश्लील बातें करती रही है।  

बलौदाबाजार बंद स्थगित

बलौदाबाजार बलौदाबाजार हिंसा के विरोध में आज बुलाया गया बंद स्थगित कर दिया गया है। कलेक्टर और एसपी ने चैंबर आॅफ कॉमर्स के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिसके बाद फैसला बदला गया है। अभी भी धारा 144 लागू है और स्थिति पूरी तरह शांत और नियंत्रण में हैं। इधर प्रशासनिक अमला नुकसान का आकलन करने में लगी हुई है।

मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष,मंत्री व सांसद समेत अधिकारी रहे मौजूद

३३ रायपुर आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के सभापतित्व में नवीन विधान सभा निर्माण संबंधी समिति की बैठक हुई। इस बैठक में नवा रायपुर (अटल नगर) में निमार्णाधीन नवीन विधानसभा भवन पर हुई चर्चा के दौरान मुख्य अभियंता द्वारा बताया गया कि नवीन विधान सभा का वर्क आर्डर अगस्त, 2022 को दिया गया था, कार्य पूर्ण होने की अवधि 24 माह, 31/08/2024 तक निर्धारित किया गया है। जिसमें लगभग 68 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और जून 2025 तक विधानसभा परिसर का कार्य पूर्ण होने की संभावना है । विधानसभा भवन की वर्तमान स्थिति और कार्य की प्रगति को लेकर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विस्तृत चर्चा की गयी, जिसमें बताया गया कि छत्तीसगढ़ का नवीन विधानसभा भवन पूरे देश में अपने तरह की एक आदर्श विधानसभा होगी। इस परिसर में पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर पूरे परिसर को सौर ऊर्जा से संचालित किया जाना सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही वर्षा जल का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करते हुए वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, संपूर्ण भवन के प्रत्येक कार्य में निर्माण सामग्री सहित, उपयोग में आने वाली समस्त सामग्रियों में उच्च गुणवत्तायुक्त नवीन उत्पाद व टेक्नोलॉजी का समावेश व समुचित उपयोग सुनिश्चित करते हुए ऐसा भवन विकसित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, जो आने वाले 100 वर्षों की जरूरत की पूर्ति करने में सक्षम हो । इसके उपरांत विधायक विश्राम गृह को लेकर समीक्षा की गई जिसमें बताया गया कि नवा रायपुर सेक्टर 25 ग्राम राखी में विधायक विश्राम गृह निर्माण हेतु 44.67 एकड़ भूमि को दिनांक 13/08/2020 को लोक निर्माण विभाग को आवंटित किया गया है। विधायक विश्राम गृह के निर्माण समेत उनकी सुविधाओं को लेकर भी इस बैठक में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। जिसके बाद विधान सभा के अधिकारियों/कर्मचारियों के आवास निर्माण के संबंध में चर्चा हुई। जिसमें मुख्य अभियंता द्वारा विधानसभा में दिनांक 13/02/2024 की बैठक में बताया गया था कि विधान सभा के अधिकारियों / कर्मचारियों के लिए 200 नग शासकीय आवासों के निर्माण कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के मूल बजट में अनुमानित लागत 45 करोड़ का प्रावधान है । इस पूरी समीक्षा बैठक के उपरांत विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में प्रति माह बैठक किए जाने हेतु भी निर्देश दिए हैं। इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, संसदीय कार्य मंत्री और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन अमिताभ जैन एवं विधान सभा के सचिव दिनेश शर्मा समेत लोक निर्माण विभाग तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

भले ही कानून महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए बने हैं, लेकिन मर्द ही हमेशा गलत नहीं होता: इलाहाबाद हाई कोर्ट

नई दिल्ली   यौन उत्पीड़न के एक मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि भले ही कानून महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए बने हैं, लेकिन मर्द ही हमेशा गलत नहीं होता। कोर्ट ने शादी के झूठा वादा करके यौन उत्पीड़न करने के आरोपों की सुनवाई करते हुए यह बात कही। सारे तथ्यों के सामने आने के बाद अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में केस को साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों पर होती है। जस्टिस राहुल चतुर्वेदी और जस्टिस नंद प्रभा शुक्ला ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यौन उत्पीड़न से जुड़े कानून महिला केंद्रित हैं। इनका उद्देश्य महिलाओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना है। लेकिन यह भी ध्यान रखना होगा कि हमेशा मर्द ही गलत नहीं होते। अदालत ने आरोपी को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अर्जी पर यह बात कही। आरोपी पर एससी-एसटी ऐक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था। पीड़िता ने 2019 में केस दर्ज कराया था और कहा था कि आरोपी उसके साथ यौन संबंध बनाता रहा और वादा किया था कि शादी करेगा। लेकिन बाद में उसने शादी करने से इनकार कर दिया। यही नहीं महिला ने आरोप लगाया था कि उस शख्स ने जातिसूचक शब्द कहे थे। आरोपी शख्स के खिलाफ 2020 में चार्जशीट दाखिल की गई थी। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने 2023 में आरोपी शख्स को रेप केस से बरी कर दिया था। अदालत में आरोपी का कहना था कि दोनों के बीच सहमति से संबंध बने थे। उसने महिला से शादी करने से तब इनकार कर दिया था, जब उसे पता चला कि वह ‘यादव’ बिरादरी से नहीं है, जैसा कि उसने दावा किया था। यही नहीं पूरे मामले की पड़ताल के बाद अदालत ने पाया कि आरोप लगाने वाली महिला की पहले भी 2010 में किसी शख्स से शादी हुई थी, लेकिन दो साल बाद ही वह अलग रहने लगी थी। आरोप लगाने वाली महिला ने खुद छिपाई थी पहली शादी केस की जांच हुई तो पता चला कि आरोप लगाने वाली महिला ने अपनी पहली शादी की बात भी छिपाई थी। इसके अलावा जाति भी गलत बताई थी। इस पर अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने फैसला ठीक दिया था। हाई कोर्ट ने आरोपी पर एससी-एसटी ऐक्ट के तहत केस दर्ज करने पर कहा कि समाज में किसी भी रिश्ते के शादी में तब्दील होने के लिए आज भी जाति मायने रखती है। बेंच ने कहा कि शिकायतकर्ता यह साबित करने में नाकाम रही कि आखिर उसने जाति को लेकर झूठ क्यों बोला और उसकी जरूरत क्या थी।  

राजस्थान-बीकानेर में बुजुर्ग के हत्यारे को 200 सीसीटीवी फुटेज के जरिए पकड़ा

बीकानेर. शहर के गंगाशहर क्षेत्र स्थित गणेश धोरे के पास मिले बुजुर्ग के शव के मामले में खुलासा हो गया है। इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गये 18 वर्षीय आरोपी गीगासर निवासी प्रभूसिंह ने शातिराना अंदाज में हत्या कर फरार हो गया था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने ब्लाइंड मर्डर की तह तक पहुंचने के लिये आईटी सेल का सहारा लिया और पुलिस टीमों ने बीकानेर से देशनोक नोखा के बीच करीब 200 सीसीटीवी कैमरों को चेक किया और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई। जिसके बाद आरोपी प्रभूसिंह पकड़ में आया। पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद गणेश धोरे के पास शव को फेंककर मृतक की स्कूटी से नोखा रोड होते हुए पलाना देशनोक चला गया। जिसके बाद आरोपी इधर-उधर कपड़े से मुंह बांध कर घूमता रहा। वहां से नोखा गया और फिर नोखा से देशनोक आया और छिपता रहा। पुलिस के अनुसार आरोपी ट्रक गाड़ियों में खलासी के रूप में जाने की योजना बना रहा था, लेकिन इससे पहले ही धरा गया।

कांग्रेस ने फिर की मांग, NEET परीक्षा घोटाले की हो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच

Will Arvind Kejriwal get relief? Hearing on bail plea continues in court

नई दिल्ली मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (NEET-UG) 2024 में कथित धांधली की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। गुरुवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने फिर से अपनी मांग दोहराई है और कहा है कि 24 जून से आरंभ हो रहे संसद के सत्र के दौरान इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा। गोगोई ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में सीबीआई जांच चाहती है, लेकिन अगर सरकार इसके लिए तैयार नहीं है तो फिर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए। इससे पहले केंद्र सरकार ने गुरुवार को ही सुप्रीम कोर्ट में कहा कि नीट (स्नातक) के 1,563 अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क्स देने के फैसले को निरस्त कर दिया गया है और उन छात्रों को 23 जून को पुन: परीक्षा देने का विकल्प दिया जाएगा। केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के वकीलों ने जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ को बताया कि जिन विद्यार्थियों को ग्रेस मार्क्स दिए गए थे, उन्हें पुन: परीक्षा का विकल्प दिया जाएगा। उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इसका कोई प्रमाण नहीं है। कांग्रेस सांसद गोगोई ने संवाददाताओं से कहा, “यह रहस्य की बात है कि नीट के नतीजे 4 जून को क्यों घोषित किए गए, जब पूरा देश चुनाव नतीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहा था।  इससे यही संकेत मिलता है कि उन्हें पता था कि कोई तूफान आने वाला है। इसलिए वे 4 जून को नीट के नतीजे घोषित करके इस पर किसी भी तरह की चर्चा से बचना चाहते थे। ” गोगोई ने कहा, “इसीलिए हम इस पूरे घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच चाहते हैं क्योंकि यह 24 लाख युवाओं की जिंदगी का मसला है और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।” उन्होंने कहा, ‘‘नीट परीक्षा में हुई धांधली के आरोपों पर सरकार का जो रवैया रहा है, उस पर उन्हें आत्ममंथन करने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में सरकार ने जताया है कि 1563 छात्रों का स्कोरकार्ड रद्द किया जाएगा और उन्हें 23 जून को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा। वे बच्चे जो दोबारा परीक्षा नहीं देना चाहते, उनके गे्रस मार्क्स  हटाने के बाद जो अंक रहेंगे, वही फाइनल अंक माने जाएंगे। जो छात्र 23 जून को दोबारा परीक्षा देंगे, उनका 30 जून को परिणाम आएगा और फिर 6 जुलाई से काउंसलिंग शुरू होगी।’’ गोगोई ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस मामले पर चर्चा से भाग रहे हैं।  उन्होंने कहा, ‘‘जिस एनटीए के नेतृत्व में यह पूरा घोटाला हुआ, आप उसी एजेंसी से मामले में जांच करने की बात कह रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘परीक्षा केंद्र और कोचिंग सेंटर का एक गठजोड़ बन चुका है, जिसने आज हमारे मध्यम-गरीब वर्ग को हिला कर रख दिया है। ‘पैसे दो-पेपर लो’ जैसी सांठगांठ की जांच एनटीए कैसे कर पायेगा ? इसमें एनटीए का कोई न कोई अधिकारी शामिल है। ऐसे में एनटीए निष्पक्ष जांच कैसे करेगा ?’’ कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘कांग्रेस इस मामले में सीबीआई जांच चाहती है। यदि सरकार सीबीआई जांच के लिए तैयार नहीं है तो हम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हैं।’’ गोगोई ने दावा किया, ‘‘हमने अलग-अलग रिकॉर्डिंग सुनी है कि कैसे लाखों रुपये मांगे जा रहे हैं। एक ही सेंटर में बच्चों को एक जैसे नंबर मिल रहे हैं। इस मामले पर सरकार का रवैया कमजोर रहा है और वह इस मुद्दे से भाग रही है। लेकिन देश के मुद्दों को उठाना विपक्ष का कर्तव्य है और हम सदन के अंदर अपने 24 लाख छात्रों की आवाज जोर-शोर से उठाएंगे।’’ दूसरी तरफ, घोटाले के आरोपों को खारिज करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कोई पेपर लीक नहीं हुआ है, अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है। लगभग 1,560 छात्रों के लिए कोर्ट द्वारा सुझाए गए मॉडल को अपनाया गया था और इसके लिए शिक्षाविदों का एक पैनल बनाया गया है।” बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 5 मई को 4,750 केंद्रों पर नीट परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें लगभग 24 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। मूल रूप से, परिणाम 14 जून को घोषित किए जाने थे, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही 4 जून को नतीजे घोषित कर दिए गए, जिससे एनटीए पर और अधिक संदेह हो रहा है।  हालांकि, एनटीए ने स्पष्ट किया है कि उत्तर पुस्तिकाओं के तेजी से मूल्यांकन के कारण ऐसा किया गया। कुल 67 छात्रों ने 720 में 720 मार्क्स लाए हैं। एनटीए के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। हरियाणा के फरीदाबाद के एक केंद्र के छह छात्र उनमें शामिल थे, जिससे संभावित अनियमितताओं को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। 

छत्तीसगढ़-जगदलपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कटौती को लेकर बिजली अधिकारियों की ली बैठक

जगदलपुर. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव ने बुधवार को सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं का अविलंब निराकरण करने के निर्देश दिए। दरअसल बिजली की समस्या को लेकर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के जनता को काफी परेशानी हो रही थी, जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक किरण देव ने बिजली की समस्या को जल्द निजात दिलाने की अधिकारियों को निर्देशित किया है। भाजपा अध्यक्ष ने अधिकारियों को कहा कि बिजली अति आवश्यक सेवाओं से जुड़ी है उसे सुचारू रूप से करने का प्रयास करें ,यह विषय जनहित से जुड़ा हुआ गंभीर विषय है इसमें किसी भी प्रकार के लापरवाही ना करते जनहित में कार्य कर इन समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द करें। जनता को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो। बिजली एक आवश्यक सेवा है उसे सुचारू रूप से कितना बेहतर कर सकते हैं उसे पर कार्य करने की आवश्यकता है । बिजली की समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक कार्य करते बिजली संबंधी आये दिन हो रही समस्या पर जल्द कार्ययोजना के साथ कार्य करते उसमें निदान करें । इस महत्वपूर्ण बैठक में कार्यपालन अभियंता शहरी प्रदीप कुमार अग्रवाणी,सुदीप कुमार खेस कार्यपालन अभियंता ग्रामीण एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थिति थे।

कलेक्टर ने किया तहसील कार्यालय का निरीक्षण, राजस्व प्रकरण के जल्द निराकरण के दिए निर्देश

SC notice to Central Government and NTA 'NEET counseling will not be stopped'

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज खरोरा तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया।उन्होंने तहसीलदार के न्यायालय का निरिक्षण किया। वहां कंडिकावार प्रकरणों की समीक्षा की और लंबित रहने का कारण पूछते हुए जल्द निराकरण करने कहा। कलेक्टर ने निर्धारित समयावधि में प्रकरणों के निराकरण न होने पर अप्रसन्नता भी व्यक्त की। राजस्व वसुली के प्रकरण दर्ज न होने पर भी नाराजगी जताई और निरंतर एंट्री न होने का कारण पुछा। कलेक्टर ने राजस्व परिपत्र आरबीसी 6-4 के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयावधि में सहायता राशि देने के निर्देश दिए सभी शाखाओं में पंजी संधारण करने के निर्देश दिये। उन्होने पटवारी से और पुलिस के साथ समन्वय बैठक कर जल्द प्रतिवेदन प्राप्त करने को कहा। डॉ सिंह ने कार्यालय में आने वाले नागरिकों से भी बातचीत की और आने का कारण पूछते हुए उनकी समस्याएँ सुनी एवं अधिकारियों से उनके आवेदन पर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप, तिल्दा एसडीएम प्रकाश टण्डन, तहसीलदार एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

हर कलाकार को उसे मिलने वाले पारिश्रमिक को लेकर पुन: विचार करना चाहिए: करण जौहर

मुंबई,  फिल्म निर्माता करण जौहर ने बॉलीवुड में बड़े सितारों के शुल्क को लेकर चल रही बहस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि फिल्मी कलाकारों को उनके काम के बदले दिए जाने वाले पारश्रमिक पर नए सिरे से विचार-विमर्श करने की जरुरत है क्योंकि उनमें से कई वास्तविकता से वाकिफ नहीं होते हैं। हिंदी सिनेमा में हाल के महीनों में रिलीज हुईं कई बड़ी फिल्में अपेक्षा अनुरूप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। ऐसे में इन फिल्मों में कुछ नामचीन सितारों द्वारा लिए जाने वाले भारी-भरकम पारिश्रमिक और उनके सहायकों आदि पर होने वाले खर्च से फिल्म के बजट पर पड़ने वाले असर को लेकर बहस शुरू हो गई। जौहर ने बुधवार को अपनी आगामी फिल्म ‘किल’ का ट्रेलर जारी किए जाने के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ”सितारों को उनके काम के बदले दिए जाने वाले शुल्क पर दोबारा से विचार करने की जरुरत है। सभी अभिनेताओं के लिए यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि समय कैसा है और हमारी फिल्मों का माहौल कैसा है।” जौहर ने कहा, ”हर एक फिल्मी कलाकार को इस बात पर विचार करना चाहिए कि वे कितना शुल्क ले रहे हैं क्योंकि कई बार कुछ निर्माता ऐसे होते हैं जो फिल्म बनाने के लिए सितारों की मांग के अनुरूप उन्हें पैसों का भुगतान कर देते हैं, लेकिन अंततः इससे पूरे तंत्र को बहुत नुकसान होता है।” करण जौहर के मुताबिक, अभिनेताओं-अभिनेत्रियों के साथ उनके सहायकों को पारिश्रमिक देना कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, हालांकि इससे फिल्म निर्माण की कुल लागत बढ़ जाती है। उन्होंने कहा, ”असली मुद्दा लागत का है। इसलिए उन्हें लाभ प्रतिशत का कुछ हिस्सा दिए जाने जैसी चीजों पर विचार करना होगा…जो कि संभव है। लेकिन हर अभिनेता को अपने भीतर झांकना होगा क्योंकि उनमें से बहुत से लोग वास्तविकता से वाकिफ नहीं होते हैं।”

पबलिग को झटका: 2 साल बाद बढ़ने वाला है यह चार्ज, ATM से अब पैसे निकालना पड़ेगा महंगा

नई दिल्ली अगर आप एटीएम मशीन से कैश निकालते हैं तो आपके लिए यह खबर काम की हो सकती है। अब एटीएम से तय फ्री लिमिट के बाद पैसे निकालने पर आपको ज्यादा चार्ज देने पड़ सकते हैं। दरअसल, देश के एटीएम ऑपरेटरों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से संपर्क किया है। एटीएम ऑपरेटर इंटरचेंज चार्ज में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। क्या है डिमांड इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, एटीएम उद्योग परिसंघ ( CATMI ) की मांग है कि इंटरचेंज फीस को बढ़ाकर अधिकतम 23 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन किया जाए। इसके जरिए व्यवसाय के लिए अधिक फंडिंग सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। एटीएम मेकर एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक स्टेनली जॉनसन ने कहा-इंटरचेंज रेट दो साल पहले बढ़ाई गई थी। हम आरबीआई से संपर्क कर रहे हैं और ऐसा लगता है कि वे बढ़ोतरी का समर्थन करते हैं। हमने यानी CATMI ने चार्ज को 21 रुपये तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। वहीं, कुछ अन्य एटीएम मेकर्स ने इसे 23 रुपये तक बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में आरबीआई की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। एक एटीएम निर्माता के मुताबिक इंटरचेंज चार्ज में वृद्धि एनपीसीआई द्वारा लिया गया निर्णय है क्योंकि दर उनके द्वारा तय की जाती है। 2021 में हुई थी बढ़ोतरी बता दें कि साल 2021 में एटीएम ट्रांजैक्शन पर इंटरचेंज चार्ज 15 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये कर दिया गया। एटीएम इंटरचेंज वह चार्ज है जो कार्ड जारी करने वाले बैंक की तरफ से उस बैंक को दिया जाता है, जहां कार्ड का इस्तेमाल नकद निकालने के लिए किया जाता है। इंटरचेंज चार्ज ज्यादा होने के कारण लागत की भरपाई के लिए बैंक ग्राहकों से फ्री ट्रांजैक्शन के बाद लिए जाने वाले चार्ज में बढ़ोतरी कर सकेंगे। अभी ग्राहकों से ट्राजैक्शन के बाद 21 रुपये तक चार्ज लिए जा रहे हैं। वर्तमान में सेविंग अकाउंटहोल्डर के लिए एक महीने में न्यूनतम पांच ट्रांजैक्शन फ्री हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी बैंक हैं जिनके एटीएम पर तीन लेनदेन मुफ्त हैं। इसके बाद अलग- अलग बैंक एटीएम से चार्ज भी अलग-अलग तरह के वसूले जाते हैं।

भाजपा की टीमें इसी हफ्ते लोकसभा क्षेत्रों में जाएंगी, पता लगाएगी 8% वोट कहाँ गए

नईदिल्ली यूपी के नतीजों से भाजपा परेशान है। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हड़कंप है। पार्टी का करीब आठ फीसदी वोट चोरी हो गया है। पार्टी मंथन में जुट गई है। इस चोरी का पता लगाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित की जा रही है। फोर्स में संगठन के पदाधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक सबको जगह मिलेगी। सब क्षेत्र में जाएंगे। गांव-गली, मोहल्लों में जाकर पता करेंगे कि इतनी रखवाली के बावजूद आखिर वोटों की चोरी कैसे हो गई। इसमें कौन-कौन शामिल थे। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बन चुकी है। मगर यूपी को लेकर पार्टी नेतृत्व के मन में भारी टीस है। समझ नहीं आ रहा कि सुरागरशी कैसे हो ताकि देश के सबसे बड़े सूबे में पार्टी की सियासी जमीन खिसकने के कारणों का पता लग सके। यूपी की हार को लेकर दिल्ली और यूपी के अपने तर्क हैं। मगर सच्चाई यह है कि 2019 में अकेले दम पर करीब 50 फीसदी वोट लाने वाली भाजपा अबकी बार 41 फीसदी का आंकड़ा पार करते में हांफ गई। यूपी की हार से दिल्ली बेहद चिंतित है। भाजपा की टीमें इसी हफ्ते लोकसभा क्षेत्रों में भेजी जाएंगी  प्रदेश मुख्यालय में फिर प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन ने चर्चा की। तय किया गया है कि प्रदेश की सभी सीटों पर हार के कारणों का पता लगाने के लिए स्पेशल टीमें गठित की जाएं। इन्हें हर जिले में लोकसभा और विधानसभा स्तर तक भेजा जाए। इसके लिए 50 से 60 चेहरे चुन लिए गए हैं। इन्हें वो सारे कारण पता लगाने होंगे, जो पार्टी की हार का कारण बने। हारी सीटें जीतना तो दूर, जीती हुई सीटें तक गंवानी पड़ी। टीमें यह भी पता लगाएंगी कि आखिर पार्टी के अगड़े-पिछड़े वोट बैंक में सेंध कैसे लगी। पार्टी के पास इतना बड़ा तंत्र होने के बावजूद चूक कहां और किस स्तर पर हुई। पार्टी सूत्रों की मानें तो इसी सप्ताह टीमों को लोकसभा क्षेत्रों में भेजा जाएगा। 1962 के बाद तीसरी बार रिपीट हुई कोई सरकार “इस जनादेश के कई पहलू हैं. 1962 के बाद यह पहली बार है कि कोई सरकार अपने दो कार्यकाल पूरे करने के बाद लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी है…” विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “पूरा गठबंधन सारे विरोधी मिलकर उतनी सीटें नहीं जीत पाए, जितनी बीजेपी ने जीती.” मोदी ने कहा कि NDA के तीसरे कार्यकाल में देश कई बड़े फैसलों का नया अध्याय लिखेगा.”  

हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण चावल का वितरण सुनिश्चित करें: बघेल

रायपुर गरीबों के हक का चावल उन तक पहुंचाना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। वितरण में लापरवाही अथवा खराब चावल के वितरण की सूचना मिली तो, संबंधित खाद्य अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आज नवा रायपुर में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। इस अवसर पर खाद्य विभाग के सचिव बसवराजू एस., संचालक जितेन्द्र कुमार शुक्ला, विशेष सचिव के.डी. कुंजाम, अपर संचालक राजीव कुमार जायसवाल, जिला स्तरीय खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी, विपणन अधिकारी और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी उपस्थित थे।   खाद्य मंत्री बघेल ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि उचित मूल्य दुकान के माध्यम से लोगों तक प्रत्येक माह समय पर राशन वितरण कराना सुनिश्चित करें। किसी भी खाद्य अधिकारी के संबंध में शिकायत मिलती है तो उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने सभी पंजीकृत श्रमिकों का शत्-प्रतिशत भी राशन कार्ड बनाने के लिए कहा है और खाद्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उचित मूल्य दुकानों में चावल, चना, शक्कर, नमक, केरोसिन भंडारण की स्थिति, हितग्राहियों को वितरण की स्थिति, स्टॉक पंजी सहित अन्य जानकारी का अवलोकन करने के लिए कहा है। खाद्य मंत्री ने कहा कि गरीबों का हक का चावल उन्हें ही मिलना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की कटौती एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। चावल वितरण के संबंध में शिकायत मिलने पर खाद्य अधिकारी एवं सहायक खाद्य अधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। चावल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी स्थिति में खराब चावल का वितरण नहीं करेंगे। खाद्य मंत्री ने बरसात से पूर्व पहुंचविहीन क्षेत्रों में राशन सामग्रियों को अग्रिम भंडारण करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के ऐसे स्थानों जहां वर्षो ऋतु के दौरान आवागमन मार्ग अवरूद्ध हो जाते है वहां खाद्य़ान्न शक्कर, नमक तथा केरोसिन उपभोक्ताओं को सुलभ उपलब्ध कराने की दृष्टि से वर्षा ऋतु के पूर्व अग्रिम भण्डारण किया जाता है। खाद्य सचिव बसवराजू एस. ने खाद्य अधिकारियों को विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों का प्राथमिकता से राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए है। उन्होंने इसके लिए ग्राम पंचायत वार छूटे हुए सभी हितग्राहियों का चिन्हांकन कर परिवार के सदस्यों को भी राशन कार्ड में नाम दर्ज करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि जिन राशनकार्ड हितग्राहियों ने अपना कार्ड नवीनीकरण नहीं किया है। वे शीघ्र नवीनीकरण का कार्य करवा लें औार छुटे हुए हितग्राहियों का ई-केवायसी करवाने का निर्देश दिया। सार्वजनिक वितरण प्राणाली के अंतर्गत आधार प्रामाणीकरण आधारित राशन सामग्री के वितरण व्यवस्था के लिए राशन कार्डों में मुखिया एवं सदस्यों के आधार नबंर प्राप्त कर राशन कार्ड डेटाबेस में सीडिंग का कार्य किया जा रहा है। जिन धान खरीद्रों केन्द्रों से धान का उठाव नहीं हुआ है वहां से उन्होंने शीघ्र धान का उठान करवाने के निर्देश दिए है। राज्य में 77 लाख 11 हजार 537 राशन कार्डधारी हितग्राही हैं, उचित मूल्य दुकानों की संख्या 13 हजार 789, पहुंचविहीन दुकानों की संख्या 184 है। समीक्षा बैठक में माह जून में पीडीएस सामग्री का भण्डारण, पहुंचविहीन दुकानों में पीडीएस का भण्डारण, दुकानों में बचत स्टॉक की वसूली, बचत स्टॉक की वसूली, बचत चावल के स्टॉक की वसूली, पंजीकृत श्रमिकों को राशनकार्ड जारी करना, विशेष पिछड़ी जनजाति को राशनकार्ड जारी करना, ई-केवायसी की अघतन जानकारी, नियद नेल्लानार योजना का क्रियान्वयन, उचित मूल्य दुकानों का मासिक निरीक्षण, दुकानों को कमीशन का भुगतान, कॉल सेंटर में दर्ज शिकायतों का निराकरण, न्यायालय में लंबित प्रकरणों में जवाबदावा की स्थिति, राशनकार्ड का नवीनीकरण, खरीफ विपणन वर्ष के चावल उपार्जन की स्थिति, उपार्जन केन्द्रों से धान उठाव की स्थिति, खरीफ विपणन वर्ष में समिति लेखा-मिलान की स्थिति एवं अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।

अवनीत कौर और सनी सिंह की फिल्म लव की अरेंज मैरिज का गाना दिल समझदार जारी

मुंबई, अभिनेता सनी सिंह पिछले कुछ समय से अपनी आने वाली फिल्म लव की अरेंज मैरिज को लेकर चर्चा में हैं।इस फिल्म में सनी की जोड़ी छोटे पर्दे की जानी-मानी अभिनेत्री अवनीत कौर के साथ बनी है, जिसे पहली बार देखा जाएगा।अब निर्माताओं ने लव की अरेंज मैरिज का नया गाना दिल समझदार जारी कर दिया है, जिसे सुखविंदर सिंह ने अपनी आवाज दी है। इस गाने के बोल कुमार ने लिखे हैं।लव की अरेंज मैरिज छोटे शहर की कहानी है, जिसमें लव और इशिका की लव स्टोरी दिखाई गई है। हालांकि, यह लव स्टोरी इतनी आसान भी नहीं है, जितनी दिख रही है। लव की अरेंज मैरिज का प्रीमियर 14 जून से ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर होने जा रहा है।इस फिल्म में सनी और अवनीत के अलावा अन्नू कपूर, सुप्रिया पाठक, राजपाल यादव, सुधीर पांडे और परितोष त्रिपाठी जैसे कलाकार भी अहम भूमिका में नजर आएंगे।इशरत खान ने इस फिल्म का निर्देशन किया है।अभिनेता सनी सिंह को आखिरी बार प्रभास और कृति सैनन के साथ फिल्म आदिपुरुष में देखा गया था, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी थी।लव की अरेंज मैरिज की टक्कर महाराज से होगी, जो 14 जून को ही नेटफ्लिक्स पर आ रही है। इस फिल्म से आमिर खान के बेटे जुनैद खान डेब्यू कर रहे हैं। इस पीरियड फिल्म में जयदीप अहलावत नेगेटिव रोल में हैं।

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