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शादी के सीजन में बढ़ी मावे की डिमांड, 12 क्विंटल जप्त किया मावा

भोपाल ग्वालियर से भोपाल आया 12 क्विंटल मावा ज़प्त किया गया है। लावारिस हालत में मावा ज़प्त किया गया है। जांच के लिए सुबह 5 बजे सैंपल लिए गए। जानकारी के अनुसार शादी के सीजन में मावा की खपत को पूरा करने 40 क्विंटल मावा भोपाल भेजा गया था। मंगलवार-बुधवार की रात ट्रेन से भोपाल भेजा गया था। इसमें से 12 क्विंटल मावा को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बजरिया स्थित जीबी कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने से ज़प्त किया गया। अमले ने पकड़े गए मावा के सैंपल लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अफसरों ने मावा तब पकड़ा, जब रेलवे स्टेशन से मावा व्यापारियों को डिलीवरी देने के लिए ले जाया जा रहा था। अमले ने पकड़े गए मावा के सैंपल लिए हैं। इन्हें जांच के लिए स्ट्रीट फूड लैबोरेट्री भेजा जाएगा। वहीं, भोपाल रेलवे स्टेशन परिसर स्थित जीआरपी थाने के बाहर रखे 28 क्विंटल मावा की जांच के लिए रेलवे के फूड सेफ्टी ऑफिसर को ग्वालियर से भोपाल सप्लाई हुए मावा की जानकारी दी है। खाद्य सुरक्षा एवं प्रशासन अमले ने ग्वालियर से आए मावा की सैंपलिंग की कार्रवाई तड़के 5 बजे शुरू की थी। अभी तक नहीं आया कोई व्यापारी सामने खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि पकड़े गए मावा को क्लेम करने के लिए अभी तक भोपाल का कोई व्यापारी सामने नहीं आया है। इस वजह से मावा और उसे सप्लाई करने के लिए तैनात किए लोडिंग ऑटो को रोका गया है। पकड़े गए मावे की डिलीवरी लेने वाले व्यापारियों के सामने आने पर संबंधित मावे का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा।

भाजपा ने महापौर पर लगाया कमीशनखोरी का आरोप, छत्तीसगढ़-कोरबा में उखड़ी गिट्टी उठाकर प्रदर्शन

कोरबा. पहली बरसात में ही जिस तरह से निहारिका मुख्य मार्ग की सड़क पूरी तरह से उखड़ गई, इससे भाजपा को कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करने का मौका मिल गया है। मंगलवार को भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क से उखड़ी हुई गिट्टी को इकट्ठा किया और सुभाष चौक पर उसकी नीलामी की। विरोध को लेकर भाजपाइयों ने बताया कि नीलामी से प्राप्त पैसे महापौर को सौंपा जाएगा, जिससे कमीशन की भूख को शांत किया जा सके। कांग्रेस के खिलाफ भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। पहली बरसात में ही जिस तरह से निहारिका से लेकर कोसाबाड़ी तक की सड़क उखड़ गई, उसको लेकर भाजपा पार्षद दल ने महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को सुभाष चौक पर उन्होंने इस विषय को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। भाजपा पार्षदों ने सड़क पर बिखरी गिट्टी को इकट्ठा किया और उसे ऑटो में लेकर सुभाष चौक पर नीलाम करने लगे। विरोध के संबंध में नेता प्रतिपक्ष हीतानंद अग्रवाल से बात की तो उन्होंने बताया कि गिट्टी की नीलामी से जो पैसे इकट्ठे होंगे उसे महापौर को दिया जाएगा, जिससे कमीशन की भूख शांत हो सके। उन्होंने बताया कि दस करोड़ रुपये खर्च कर नई सड़क बनाई गई थी, लेकिन जिस तरह से पहली बरसात में ही वो उखड़ गई, उससे लगता है कि सड़क निर्माण में जमकर कमीशन खोरी की गई है। भाजपाइयों की माने तो इस सड़क को बने हुए कुछ ही माह हुए हैं। इसमें गुणवत्ता नाम की कोई चीज नहीं है। जिसके चलते गिट्टी बाहर आ रही है। सड़क पर धूल उड़ रही है, कुछ दिनों तक हुई बारिश ने ही पोल खोल कर रख दी है। भाजपाइयों ने कहा है कि इस विषय को लेकर वो महापौर को नहीं छोड़ेगे और भ्रष्टाचार की पोल खोलकर हकीकत आम जनता के समक्ष लाएंगे।

बाढ़ राहत शिविर में पहुंचे सीएम योगी व मंत्रीगण

पीलीभीत बाढ़ की चपेट में आए पीलीभीत जिले के हालात को परखने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरनपुर के चंदिया हजारा में पहुंचे। वहां पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने शहर का भी हवाई सर्वेक्षण किया। खकरा और देवहा नदियों की बाढ़ से प्रभावित इलाके के ऊपर सीएम का हेलीकाप्टर घूमा। इसके बाद पूरनपुर के अभयपुर गांव में बने हेलीपैड पर मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर उतारा। जनप्रतिनिधियों से मिलने के बाद वह बाढ़ग्रस्त गांवों के दौरे पर रवाना हो गए। यहां मुख्यमंत्री बाढ़ ग्रस्त इलाके के लोगों को राहत सामग्री वितरित करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री जनप्रतिनिधियों और अफसरों के साथ बैठक भी कर सकते हैं। 30 गांवों में बाढ़ का पानी शारदा नदी के उफनाने से रविवार रात को नदी किनारे के 30 गांवों में जलभराव हो गया था। हालांकि सोमवार दोपहर बाद से बनबसा बैराज से नदी में पानी पास होने की मात्रा कम होने से नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया, मगर अधिकांश गांवों में मंगलवार को भी घरों, सड़कों पर जलभराव बना रहा। निचले स्थानों के घरों में तीन से चार फुट तो सड़कों पर दो से ढाई फुट पानी भरा रहा। गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर मजदूर बस्ती, कॉलोनी नंबर छह, शारदा नदी पार के गांव सिद्धनगर, बैल्हा, टाटरगंज, टिल्ला नंबर चार सहित अन्य गांवों में जलभराव को लेकर लोग घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए रहे। हालांकि गांव चंदिया हजारा और आसपास गांवों के कुछ लोगों ने हरीपुर जंगल में ऊंचे स्थानों पर भी शरण ली। इधर, शहर में देवहा और खकरा नदियों की बाढ़ से परेशानियां बढ़ी हैं। मंगलवार रात को बीसलपुर में बाढ़ से हालात बिगड़ गए। नगर के कई मोहल्ले जलमग्न हो गए।   एनडीआरएफ ने 91 लोगों को रेस्क्यू कर निकाला एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ में फंसे 38 पुरुषों, 27 महिलाओं, 24 बच्चों और दो गर्भवती महिलाओं को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।  

पूजा हेगड़े ने एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘देवा’ की शूटिंग पूरी की

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा हेगड़े ने अपनी आने वाली एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘देवा’ की शूटिंग पूरी कर ली है। पैन इंडिया स्टार पूजा हेगड़े, जिनका 2024 का कैलेंडर काफी रोमांचक और व्यस्त है। पूजा हेगड़ ने अपनी बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर ‘देवा’ की शूटिंग पूरी कर ली है। रॉय कपूर फिल्म्स और ज़ी स्टूडियो द्वारा निर्मित इस फिल्म में पूजा हेगड़े के साथ शाहिद कपूर भी हैं। शूटिंग पूरी होने के बाद पूजा ने निर्देशक रोशन एंड्रयूज और निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर तथा क्रू के साथ मिलकर केक काटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया।इससे पहले, पूजा ने फिल्म ‘सूर्या 44’ के लिए सुंदर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में एक शूटिंग शेड्यूल भी पूरा किया था, जिसमें वह प्रसिद्ध अभिनेता सूर्या के साथ अभिनय कर रही हैं। ‘देवा’ अब पोस्ट-प्रोडक्शन में है, और फैंस इस रोमांचक एक्शन से भरपूर फिल्म में पूजा हेगड़े के नए अवतार का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। देवा और सूर्या 44 के अलावा पूजा हेगड़े नाडियाडवाला ग्रैंडसन की सनकी और कुछ अघोषित प्रोजेक्ट्स में भी नजर आएंगी।

राजधानी दिल्ली में बड़ा सियासी पालाबदल, AAP के विधायक, पार्षद और पूर्व मंत्री राजकुमार आनंद समेत कई नेता BJP में शामिल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता और मंत्री राजकुमार आनंद ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और बीएसपी में शामिल हुए थे. अब वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. उनके साथ ही AAP सिटिंग एमएलए करतार सिंह तंवर, रत्नेश गुप्ता, सचिन राय, पूर्व विधायक वीना आनंद और AAP पार्षद उमेद सिंह फोगाट भी बीजेपी में शामिल हुए हैं. इन नेताओं ने दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की उपस्थिति में पार्टी ज्वाइन की. पिछले दिनों अप्रैल में राजकुमार आनंद ने भ्रष्टाचार पर पार्टी की नीति पर असंतोष जताते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. उनका इस्तीफा सीधे तौर पर शराब नीति मामले से जुड़ा था, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार किया गया था. लोकसभा चुनाव में करारी हार बता दें कि राजकुमार आनंद ने हाल में हुए लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे. चुनावी रण में उन्हें सिर्फ 5629 वोट मिले थे. इस सीट से बीजेपी की बांसुरी स्वराज ने 78370 वोटों से जीत दर्ज की. उन्हें 453185 वोट मिले. दूसरे पायदान पर 374815 वोटों के आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती रहे. पटेल नगर से पूर्व विधायक राज कुमार आनंद, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली कैबिनेट में समाज कल्याण और एससी/एसटी मंत्री थे. आनंद ने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह अपना नाम चल रहे ‘भ्रष्टाचार’ से नहीं जोड़ सकते थे. आनंद ने बसपा की टिकट पर लड़ा था लोकसभा चुनाव वह बसपा में शामिल होकर लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन पराजय का सामना करना पड़ा। बुधवार को वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उनका पार्टी में स्वागत किया। छतरपुर के विधायक करतार सिंह भी बीजेपी में हुए शामिल छतरपुर के आम आदमी पार्टी विधायक करतार सिंह तंवर ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। पटेल नगर से पूर्व विधायक वीणा आनंद, छतरपुर से पार्षद उमेश सिंह फोगाट हिमाचल प्रदेश के आप प्रभारी रतनेश गुप्ता और सह प्रभारी सचिन राय भी भाजपा में शामिल हुए। यह राजकुमार आनंद वहीं हैं, जो दिल्ली सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री थे। जब केजरीवाल जेल में थे, तब इन्होंने आप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर पार्टी से बाहर आ गए थे और बीएसपी ज्वाइन कर ली थी। इसके बाद बीएसपी ने इन्हें नई दिल्ली सीट से लोकसभा का टिकट दिया। हालांकि बीएसपी का दिल्ली में जनाधार नहीं हैं। इस तरह वह मुकाबले से पहले ही बाहर हो गए।  

भ्रष्ट थानेदार और आरोपियों की धमकी से दुखी बेटी और पिता ने दी जान, राजस्थान-नागौर में लड़की का अपहरण और दुष्कर्म

नागौर. नागौर जिले के जायल उपखंड के खाटू थाना इलाके के गेलोली गांव में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया। गायलेली गांव के किसान और उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी ने मंगलवार को अपने ही घर में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बताया गया कि 13 जून 2024 को किसान की नाबालिक बेटी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। पीड़िता ने घटना के बाद 14 जून 2024 को थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। आरोप है कि पुलिस और आरोपियों ने आपस में सांठ-गांठ कर पीड़ित परिवार को ही लगातार धमका रहे थे। कल रात को आरोपी पीड़िता के घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी दी। धमकी और थाने में सुनवाई न होने के कारण पीड़िता ने अपने पिता के साथ सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही खाटू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मौका मुआयना करने के दोनों के शवों को पुलिस ने उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है। वहीं परिजन बड़ी खाटू थाने के एसएचओ और मांगीलाल व मोतीराम के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की मांग कर रहे हैं। मरने से पहले लिखा नोट मृतका ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मांगीलाल चुआ वाले 08/07/2024 को रात 12 बजे घर आए। उनके साथ 2-3 जने और भी थे। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। आत्महत्या के इस कदम के पीछे मेरे भाइयों का कोई दोष नहीं है और न बाबा का कोई दोष है। एसएचओ पर साठ-गांठ का अरोप मृतका के भाई ने बताया कि 13 जून 2024 को मांगीलाल और मोतीराम और अन्य लोग मिलकर मेरी बहन का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया। हमने बड़ी खाटू थाने में 14 जून को अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया। उसके बाद तत्कालीन एसएचओ आरोपियों के साथ मिलकर हमारे को ही धमकाते रहे। कल दे रात आरोपियों ने हमारे घर पर पहुंचकर मेरे चाचा जी और मेरी बहन को जान से मारने की धमकी दी थी। इससे आहत होकर मेरी बहन और मेरे चाचा जी ने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में नामजद आरोपी गिरफ्तार नागौर जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया की नागौर जिले के जायल उपखंड के बड़ी खाटू इलाके के गेलोली गांव में एक बाप और उसकी नाबालिक लड़की के अपने ही घर की छत से लटकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शवों को उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। सुसाइड नोट के आधार पर नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक संदिग्ध को डीटेन भी किया है। हमारे एसएचओ की लापरवाही सामने आई थी। हमने एसएचओ को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले का अनुसंधान जारी है।

अब देखना होगा कि गंभीर के कोचिंग स्टाफ में और किसका-किसका नाम जुड़ता है, अभिषेक नायर कोचिंग स्टाफ में शामिल हो सकते हैं

नई दिल्ली ICC T20 World Cup 2024 खत्म होने के साथ ही टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ का कार्यकाल भी खत्म हो गया था और तभी से इस बात पर लगातार चर्चा हो रही थी कि टीम इंडिया का नया हेड कोच किसे नियुक्त किया जाएगा। गौतम गंभीर का नाम शुरू से चर्चा में था और आखिर में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 9 जुलाई को उनके नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया। अब देखना होगा कि गंभीर के कोचिंग स्टाफ में और किसका-किसका नाम जुड़ता है। राहुल द्रविड़ के साथ बैटिंग कोच विक्रम राठौर, बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे और फील्डिंग कोच टी. दिलीप थे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अभिषेक नायर टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो सकते हैं, जबकि टी. दिलीप फील्डिंग कोच के तौर पर टीम से जुड़े रहेंगे। हार्दिक को दो महीने मनाना… गावस्कर ने बताया WTC जीतने का अचूक तरीका अभिषेक नायर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ लंबे समय से जुड़े रहे हैं। 40 साल के नायर टीम इंडिया की ओर से 2009 में तीन वनडे इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। केकेआर में नायर और गंभीर के बीच प्रोफेशनल रिलेशन काफी मजबूत रहे हैं। नायर अपने वर्क एथिक्स के लिए काफी मशहूर हैं और गंभीर को भी ऐसे ही साथी की तलाश है। अभिषेक नायर टीम इंडिया के साथ असिस्टेंट कोच के तौर पर जुड़ सकते हैं, क्योंकि बैटिंग कोच की भूमिका खुद गंभीर निभा सकते हैं। रोहित बड़े भाई जैसे, लेकिन बहुत मुंहफट हैं… कुलदीप ने खोले कई राज इसके अलावा फील्डिंग कोच टी दिलीप को लेकर बात चल रही है और माना जा रहा है कि फील्डिंग कोच के तौर पर वो टीम इंडिया से जुड़े रहेंगे। बॉलिंग कोच के तौर पर दो नामों पर चर्चा चल रही है, पूर्व तेज गेंदबाज विनय कुमार या फिर लक्ष्मीपति बालाजी इस रोल को निभाते हुए नजर आ सकते हैं। हालांकि बीसीसीआई चाहता है कि बॉलिंग कोच के लिए कोई हाई-प्रोफाइल कोच टीम इंडिया के साथ जुड़े। अब देखना रोचक होगा कि गंभीर के कोचिंग स्टाफ में किसका-किसका नाम जुड़ता है। अभिषेक नायर की बात करें तो टीम इंडिया के वनडे और टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा के साथ भी उनकी केमेस्ट्री काफी शानदार है।  

MP में फिर उपचुनाव, विजयपुर से रावत का नाम तो शिवराज की सीट पर रमाकांत लड़ाने की तैयारी

भोपाल प्रदेश की खाली हुई विधानसभा सीटों के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इन सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्दी ही हो सकता है। कांग्रेस फिलहाल यहां प्रत्याशियों के नामों पर मंथन में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक भाजपा ने विजयपुर सीट के लिए रामनिवास रावत को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है। रावत पूर्व में इसी सीट से कांग्रेस विधायक रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। भाजपा में शामिल हुए रावत को प्रदेश सरकार के कैबिनेट में भी शामिल कर लिया गया है। इसके बाद उन्होंने मंगलवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। शिव की जगह रमाकांत पूर्व सीएम शिवराज सिंह के केंद्रीय मंत्री बन जाने के बाद खाली हुई बुदनी विधानसभा सीट के लिए भी उप चुनाव होना है। इस सीट पर भाजपा ने रमाकांत को अपना उम्मीदवार बनाया है। हालांकि इस विधानसभा क्षेत्र से शिवराज पुत्र कार्तिकेय का नाम भी लिया जा रहा था। अभी बिना पर असमंजस कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वालों में बीना विधानसभा भी शामिल है। लेकिन इस सीट से अभी तक इस्तीफा न होने के कारण फिलहाल असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दो माह में होंगे चुनाव प्रदेश की अमरवाड़ा विधानसभा सीट के बुधवार को उप चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इसके परिणाम 13 जुलाई को घोषित होंगे। सूत्रों का कहना है कि अब विजयपुर और बुदनी विधानसभा सीटों के लिए उप चुनाव अगले दो महीनों में होने की संभावना है। इसके लिए निर्वाचन आयोग तारीखों का ऐलान जल्दी कर सकता है। विजयपुर सीट से मंत्री रामनिवास रावत के सामने कौन? कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत का विजयपुर से चुनाव लड़ना तय है। विजयपुर में कांग्रेस के ज्यादातर पदाधिकारी रामनिवास के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे पार्टी को यहां नई लीडरशिप खड़ी करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस, 2023 में निर्दलीय चुनाव लड़कर तीसरे स्थान पर रहे युवा आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा को टिकट देने पर विचार कर रही है। मल्होत्रा ने पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए 44,128 (21.31%) वोट हासिल किए थे, जो दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के बाबूलाल मेवरा से मात्र 6 हजार वोट कम थे। विजयपुर में सहरिया आदिवासी और रावत-मीणा समाज की सबसे अधिक संख्या है। पूर्व विधायक बृजराज रीछी और सबलगढ़ से विधायक रहे बैजनाथ कुशवाह के नाम भी यहां आगे चल रहे हैं। इसके लिए कांग्रेस ने 6 नेताओं की एक कमेटी बनाई है। इसमें पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, सांसद अशोक सिंह जैसे बड़े नाम हैं।   बीना विधायक भी देंगी इस्तीफा निर्मला सप्रे ने भाजपा में शामिल होने के बदले बीना को जिला बनाने की मांग पार्टी के सामने रखी है। वह लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं थीं। सागर जिले में कांग्रेस का परचम लहराने वाली वह एकमात्र विधायक थीं। अब उसी कांग्रेस ने निर्मला सप्रे को कांग्रेस विधायक के रूप में सदस्यता से अयोग्य ठहराने के लिए 5 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष डिस्क्वालिफिकेशन पिटीशन दायर की है। विधानसभा एक सप्ताह के भीतर उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी कर सकती है। सूत्रों के अनुसार वह पार्टी के निर्देशों का इंतजार कर रही हैं ताकि वह अपना इस्तीफा दे सकें। अगर ऐसा होता है तो बीना में भी उपचुनाव होना लगभग तय है।

पिस्टल-कट्टे और कारतूस बरामद, राजस्थान-करौली में दस हजार के दो इनामी बदमाश पकड़े

करौली. पुलिस पर फ़ायरिंग कर भाग रहे 10 हजार के इनामी बदमाश सहित दो बदमाशों को कुड़गाव थाना पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने फायरिंग कर भाग रहे बदमाशों पर जवाबी फायरिंग की और पीछा कर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से दो देसी कट्टे, एक पिस्टल और छह कारतूस बरामद किए हैं। साथ ही लग्जरी कार को जब्त किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि गंगापुर सिटी पुलिस द्वारा बदमाशों के सपोटरा जाने की सूचना मिली। सूचना पर सपोटरा डीएसपी हरिराम मीणा और कुड़गांव थाना अधिकारी रुक्मणी गुर्जर को सूचित किया गया। कुड़गांव थाना अधिकारी रुक्मणी गुर्जर ने टीम के साथ गंगापुर सपोटरा मार्ग पर नाकाबंदी कराई। नाकाबंदी के दौरान थार गाड़ी में बैठे बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी को टक्कर मार भागने की कोशिश की साथ ही पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में कुड़गांव थाना अधिकारी रुक्मणी गुर्जर ने फायरिंग की जिससे कार सड़क के नीचे खेतों में उतर गई। गाड़ी के सड़क से नीचे उतरने के बाद भी बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस टीम में शामिल जबानों ने साहस का परिचय देते हुए दोनों बदमाशों को दबोच लिया। पुलिस ने 10 हजार के इनामी बदमाश विवके उर्फ उधम सिंह पुत्र श्यामलाल गुर्जर उम्र 23 साल निवासी बिनौरा थाना बाटोदा जिला गंगापुर सिटी व धर्मेंद्र उर्फ कल्लू पुत्र दौलत राम गुर्जर उम्र 23 साल निवासी बिनौरा थाना बाटोदा जिला गंगापुर सिटी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध देसी कट्टे, एक पिस्टल व 6 जिंदा कारतूस के साथ ही पुलिस पर फायर किए दो खाली खोल भी बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से थार गाड़ी को भी जप्त किया है। इनामी बदमाश पर गंगापुर सिटी में हत्या का प्रकरण दर्ज है। जिसमें आरोपी फरार चल रहा है। कुड़गाव थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय भी कुड़गाव थाना पहुंचे। एसपी ने कुड़गाव थाना अधिकारी रुक्मणी गुर्जर सहित उनकी टीम में शामिल सहायक उप निरीक्षक हरकेश, हेड कांस्टेबल नरेंद्र, श्रीनिवास, कांस्टेबल भूर सिंह, हरि सिंह व पुरुषोत्तम को साहस का परिचय देने पर उनकी हौसलाफजाई की।

भारत ने मेजबान जिम्बाब्वे के सामने 183 रन का लक्ष्य रखा, शुभमन गिल ने ठोकी फिफ्टी

नई दिल्ली आज इंडिया वर्सेस जिम्बाब्वे तीसरा टी20 मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीम हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आमने-सामने हैं। भारत ने मेजबान जिम्बाब्वे के सामने 183 रन का लक्ष्य रखा है। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाए।  कप्तान शुभमन गिल ने 66 रन का योगदान दिया। भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 183 रन का लक्ष्य भारत ने जिम्बाब्वे को 183 रन का लक्ष्य दिया है। मुजाराबानी ने 20वें ओवर में 12 रन दिए और गायकवाड़ (49) का शिकार किया। सैमसन 12 और रिंकू 1 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम इंडिया पहुंची 150 रन के पार भारत का तीसरा विकेट शुभमन गिल के रूप में गिरा है। उन्होंने 49 गेंदों में 66 रन की पारी खेली। उन्होंने 7 चौके और तीन छक्के जड़े। गिल को ब्लेसिंग मुजाराबानी ने 18वें ओवर की पांचवी गेंद पर अपने जाल में फंसाया। उन्होंने सिकंदर को कैच थमायाय।  

मुख्यमंत्री साय का 11 जुलाई को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा जनदर्शन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 11 जुलाई को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा। गौरतलब की है प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लोगों की समस्या सुनने के लिए प्रत्येक गुरुवार को जनदर्शन लगाते है, और लोगों की समस्या सुनते है,साथ ही मौके पर ही त्वरित निराकरण के लिए संबधित अधिकारियों को निर्देश भी देते हैं।इस गुरुवार को होने वाला जनदर्शन कार्यक्रम को अपरिहार्य कारणों से स्थगित की गई है।  

सदन में उठाएगा मुद्दा, छत्तीसगढ़-बीजापुर के नडपल्ली में पुलिस एक्शन की जांचकर लौटा कांग्रेस का विशेष दल

बीजापुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कांग्रेस का छह सदस्यीय जांच दल मंगलवार को नडपल्ली गांव में ग्रामीणों के साथ हुई पुलिसिया कार्रवाई की जांच के लिए गया। जिसने ग्रामीणों से मिलकर संपूर्ण घटना की जानकारी ली। घटनास्थल से वापस बीजापुर लौटी जांच समिति ने प्रेस वार्ता की। जांच दल के संयोजक एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने पत्रवार्ता में कहा कि नडपल्ली गांव के ग्रामीणों ने जांच दल को बताया कि 5 जुलाई की देर रात सुरक्षा बलों ने पूरे नडपल्ली गांव को घेर लिया और गांव के बुजुर्ग और महिलाओं को छोड़कर 95 लोगों को भोर 4 बजे पुलिस उसूर थाना ले गई। जिनमें पढ़ाई करने वाले छात्र, किसान, बीमार लोग भी शामिल थे। बाद में कुछ लोगों को छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि भोर में 4 बजे ग्रामीणों को थाना ले जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, यह अपने आप में ऐसी पहली घटना होगी, जिसमें पुलिस ने पूरे गांव वालों को नक्सलियों के नाम पर थाने ले गई और उन्हें प्रताड़ित किया गया। लखेश्वर बघेल ने आगे कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से आदिवासियों पर अत्याचार और प्रताड़ना की घटनाएं बढ़ी हैं। जिस तरह से नडपल्ली गांव के लोगों को पुलिस थाने में लाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे तो यही लगता है कि नक्सलियों की आड़ में भाजपा सरकार षड्यंत्रपूर्वक आदिवासियों को खत्म करना चाहती है। 15 दिन पहले आईईडी ब्लास्ट में अपने दोनों पैर खो देने वाली महिला का जिक्र करते हुए विधायक बघेल ने कहा कि जिस महिला ने आईईडी ब्लास्ट में अपने दोनों पैर गंवा दिए हैं। पुलिस उसी के बेटे को नक्सली बता कर उठा रही है। इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है। बघेल ने आगे कहा कि भाजपा सरकार को यह बताना चाहिए कि ऐसी कौन सी मुसीबत आ रही थी कि पुलिस भोर 4 बजे पूरे गांव के लोगों को उठाकर थाने ले आई है? जबकि पुलिस थाना और नडपल्ली गांव के इर्द-गिर्द सुरक्षा बलों के दो कैंप भी है। आख़िर नक्सलियों की आड़ में आदिवासी कब तक प्रताड़ित होते रहेंगे? भाजपा सरकार एक तरफ कहती है कि अब नक्सली खत्म हो गए हैं और वही दूसरी तरफ नक्सलियों के नाम पर पूरे गांव वालों को उठा लिया जाता है। बघेल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ज़रूर आदिवासी हैं, लेकिन प्रदेश का आदिवासी ही सुरक्षित नहीं है। लखेश्वर बघेल ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ेगी। आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। विदित हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा आठ जुलाई को बीजापुर जिले के उसूर थाना अंतर्गत नडपल्ली गांव में हुए पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए छह सदस्यीय जांच दल का गठन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने किया था। जिसमें बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल को संयोजक, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, नारायणपुर के पूर्व विधायक चंदन कश्यप आदि को शामिल किय गया था।

ईडी ने यूट्यूबर और बिग बॉस विजेता एल्विश को मनी लॉड्रिंग पर पूछताछ के लिए किया तलब

मुंबई   यूट्यूबर ​एल्विश यादव अब मनी लॉंड्रिंग में फंस गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एल्विश द्वारा आयोजित पार्टियों में नशे के लिए सांप के जहर के संदिग्ध इस्तेमाल से जुड़े मामले में मनी लॉड्रिंग पर पूछताछ के लिए तलब किया है। एल्विश को 23 जुलाई को बुलाया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय एजेंसी ने मई में मामला दर्ज किया था और उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले में पुलिस द्वारा एल्विश यादव और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी और आरोप पत्र का संज्ञान लेने के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आरोप लगाए थे। सूत्रों ने बताया कि एल्विश यादव को इस सप्ताह ईडी के लखनऊ कार्यालय के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने अपनी विदेश यात्रा और पेशेवर प्रतिबद्धताओं के कारण मोहलत मांगी थी। सूत्रों ने बताया कि अब उन्हें 23 जुलाई को ईडी के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के गायक राहुल यादव उर्फ ​​राहुल फाजिलपुरिया से इस सप्ताह ईडी ने पूछताछ की थी। राहुल के एल्विश यादव से कथित तौर पर संबंध हैं। उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। एल्विश यादव को नोएडा पुलिस ने 17 मार्च को गिरफ्तार किया था। यादव पर आरोप है कि उसके द्वारा आयोजित पार्टियों में नशे के लिए सांप के जहर का इस्तेमाल किया जाता था।  

मोहन सरकार राज्य के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में छात्रों के लिए समान यूनिफॉर्म कोड लागू करने की तैयारी में

भोपाल मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में छात्रों के लिए समान यूनिफॉर्म या ड्रेस कोड लागू करने की तैयारी कर रही है. राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों को अपने छात्रों के लिए एक समान ड्रेस कोड लागू करने का निर्देश दिया है. राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मंगलवार को कहा कि ड्रेस कोड लागू होने के बाद अन्य किसी भी तरह की ड्रेस पर प्रतिबंध रहेगा. पिछले साल कर्नाटक समते कई राज्यों में ‘हिजाब विवाद’ पर विवाद के बाद एमपी सरकार ने यह फैसला लिया है. ‘हिजाब विवाद’ के बाद एक ड्रेस कोड लागू करने का फैसला इस कदम के पीछे के तर्क को समझाते हुए, एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि “बुर्का, हिजाब और साड़ी” जैसे कपड़े छात्रों के बीच “मतभेद” पैदा करते हैं. मध्य प्रदेश में, केवल 50% कॉलेजों में ड्रेस कोड है. बुर्का, हिजाब और साड़ी जैसे कपड़े छात्रों के बीच मतभेद पैदा कर रहे थे, इसलिए मुख्यमंत्री मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने सभी कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने का फैसला किया.” समाज के सभी वर्ग के लिए एक ड्रेस कोड राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि नया यूनिफॉर्म कोड इस महीने के अंत में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगा. उन्होंने कहा, “हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है. सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हम एक आदर्श ड्रेस कोड लागू करेंगे. किसी वर्ग को आपत्ति नहीं होगी. हम समाज के सभी वर्ग के साथ कॉलेज में सकारात्मक को समझाते हुए और ड्रेस कोड के महत्व को बताते हुए हम ड्रेस कोड का उपयोग करेंगे. सकारात्मक परिणाम आएगा. कॉलेज में कोई बाहर से न आए इसे देखते हुए ड्रेस कोड बना रहे हैं.” छात्रों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा परमार का कहना है कि कॉलेज के छात्रों के बीच एकरूपता लाने की कोशिश कर रहे हैं. ड्रेस कोड के माध्यम से, वे अनुशासन सीखेंगे और समान व्यवहार प्राप्त करेंगे. क्योंकि वे एक जैसी ड्रेस पहनेंगे, इसलिए सभी छात्र एक जैसे दिखेंगे और छात्रों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा. विपक्ष ने साधा निशाना वहीं विपक्ष ने कहा कि सरकार का ध्यान राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर होना चाहिए. कांग्रेस प्रवक्ता कुणाल चौधरी ने कहा, “बीजेपी सरकार ने कर्नाटक से कुछ नहीं सीखा है, जहां उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले हिजाब पर प्रतिबंध को एक बड़ा मुद्दा बनाया और चुनाव हार गए. अब, वे ड्रेस कोड जैसे मुद्दे लाकर छात्रों को शिक्षा और रोजगार की मांग से भटका रहे हैं.” मध्य प्रदेश में कांग्रेस सासंद आरिफ मसूद का कहना है कि कर्नाटक में भी हिजाब विवाद बेवजह था. सरकार हिजाब और बुर्खा को लेकर छींटाकशी करना चाहती है. इसे मध्यप्रदेश में पसंद नहीं किया जाएगा. लड़कियां अगर हिजाब पहन रही हैं तो इसमें बुराई क्या है. प्रतिबंध नहीं होना चाहिए, लड़की चुने कि हिजाब पहनना है या नहीं. कॉलेज तय करेंगे अपना ड्रेस कोड एक अन्य सरकारी अधिकारी ने राज्य के सभी कॉलेजों को जारी किए गए सरकारी आदेश का हवाला देते हुए कहा, “हमने यह तय करने का काम अलग-अलग कॉलेजों पर छोड़ दिया है कि वे अपने छात्रों के लिए किस तरह की यूनिफॉर्म चाहते हैं. हमारे आदेश में यह साफ है कि ड्रेस में एकरूपता होनी चाहिए.” हिजाब विवाद क्या है? कर्नाटक में तत्कालीन बीजेपी सरकार ने कक्षाओं में हिजाब पहनने वाली छात्राओं की एंट्री पर प्रतिबंध लगाने के बाद एक राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. 1 जनवरी 2022 को कर्नाटक के उडुपी में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कॉलेज में क्लास रूम में बैठने से रोक दिया गया था. कॉलेज मैनेजमेंट ने नई यूनिफॉर्म पॉलिसी को इसकी वजह बताया था. इसके बाद इन लड़कियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. लड़कियों का तर्क था कि हिजाब पहनने की इजाजत न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है. कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित तीन जजों की फुल बेंच ने यह फैसला दिया था कि कर्नाटक के स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने की इजाजत नहीं मिलेगी. इस फैसले के खिलाफ ही सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं. अक्टूबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट में 2 जजों की बेंच ने बंटा हुआ फैसला सुनाया था. दोनों जजों की राय अलग होने के बाद मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया गया था. तब से तीन जजों की बेंच का गठन नहीं किया गया है.  

दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर हुए 75 साल के, करियर में ये काम एक बार किया

नई दिल्ली अपने जमाने में दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों का सामना करने वाले दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर बुधवार को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज के युवा क्रिकेट प्रेमियों के लिए गावस्कर जैसे दिग्गज की महानता को सही मायने में समझना बहुत मुश्किल है क्योंकि वे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जैसी ताबड़तोड़ लीग को देखते हुए बड़े हुए हैं। पूर्व क्रिकेटर से कमेंटेटर बने महान खिलाड़ी गावस्कर की छवि उनके दिमाग में इतनी विशाल नहीं है। दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में से कुछ का सामना करने वाले गावस्कर के लिए समकालीन खिलाड़ियों की नजरों में उनकी महानता जस की तस है जो दाएं हाथ के इस महान खिलाड़ी की महानता को बयां करते थकते नहीं। पूर्व भारतीय बल्लेबाज चंदू बोर्डे ने कहा, ”गावस्कर ने मेरे संन्यास के दो साल बाद अपना पदार्पण किया था। लेकिन (दिवंगत) अजीत वाडेकर ने मुंबई के इस प्रतिभाशाली लड़के के बारे में बताया था जो भारत के लिए काफी रन बना सकता था। क्या उन्होंने काफी रन नहीं बनाए?” ‘उससे बेहतर स्टांस नहीं देखा’ तो गावस्कर ने 1971 में अपनी पहली ही सीरीज में वेस्टइंडज के उन खतरनाक गेंदबाजों का सामना किस तरह किया? इस पर बोर्डे ने कहा, ”यह उनकी एकाग्रता और मजबूत तकनीक थी। मैंने उससे बेहतर स्टांस नहीं देखा और वह गेंद को इतनी बारीकी से देखता था। निश्चित रूप से वह ज्यादातर शॉट्स खेल सकता था लेकिन उसने इनका समझदारी से इस्तेमाल किया। वह बहुत ही व्यावहारिक बल्लेबाज था, वह जानता था कि कब क्या करना है।” गावस्कर ने उस सीरीज में 774 रन बनाए थे जिससे भारत वेस्टइंडीज पर 1-0 से फतह हासिल कर सका। इस पहलू पर काफी कम चर्चा गावस्कर की एंडी रॉबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, मैलकम मार्शल और इमरान खान जैसे तेज गेंदबाजों के खिलाफ महारत सभी को याद है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी के एक चर्चित पहलू पर काफी कम चर्चा होती है, वो उनका स्पिनरों के खिलाफ बल्लेबाजी करना है। गावस्कर ने एक बार कहा था कि उन्हें सबसे ज्यादा इंग्लैंड के डेरेक अंडरवुड का सामना करने में मुश्किल हुई थी। उन्होंने अपनी पीढ़ी के चतुर स्पिनरों पाकिस्तान के अब्दुर कादिर और तौसीफ अहमद तथा इंग्लैंड के जॉन एम्बुरे का डटकर सामना किया था। ‘सन्नी का ‘फुटवर्क’ शानदार था’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहिंदर अमरनाथ ने याद करते हुए कहा, ”सन्नी का ‘फुटवर्क’ शानदार था और वह स्पिन के खिलाफ हल्के हाथ से बल्लेबाजी करता था। वह गेंद को बहुत ध्यान से देखा करता था जिससे वह स्पिनरों को देर से खेलता था और कभी भी उनके खिलाफ असहज हालत में नहीं पहुंचा।” लेकिन कभी कभार वह आक्रामक बल्लेबाजी भी करते थे। उन्होंने मार्शल के खिलाफ छक्का जड़कर तब महानतम क्रिकेटर सर डोनाल्ड ब्रैडमैन के 29 टेस्ट शतक के विश्व रिकार्ड की बराबरी की थी। करियर में ये काम एक बार किया बल्कि गावस्कर ने 1987 विश्व कप के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ जो वनडे में अपना एकमात्र शतक 103 रन जड़ा था जो 88 गेंद में बना था। मुंबई के पूर्व बल्लेबाज मिलिंद रेगे ने कहा, ”शायद उस समय की जरूरत ने गावस्कर को भारत के लिए खेलते हुए रक्षात्मक होने पर मजबूर किया। लेकिन वह हमेशा आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते थे और उन्होंने अकसर घरेलू सर्किट में ऐसा किया था। वह इतनी ही सहजता से ‘पुल’ और ‘हुक’ कर सकते थे।” ‘कमेंट्री बॉक्स’ में भी गावस्कर की यह बहुमुखी प्रतिभा देखी जा सकती है जिसमें वह हास्य का तड़का लगाते रहते हैं।  

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