LATEST NEWS

छापेमारी में बिल्डिंग से लगा दी थी छलांग, छत्तीसगढ़-दुर्ग के महादेव सट्टा एप पैनल संचालक की मौत

दुर्ग/हैदराबाद. ऑनलाइन महादेव सट्टा एप हैदराबाद पैनल संचालक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। उसने पुलिस की कार्रवाई के दौरान तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसकी इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक का नाम सुजीत कुमार साव निवासी भिलाई बताया जा रहा है। पिछले सप्ताह एंटी साइबर क्राइम यूनिट की टीम ने हैदराबाद में दबिश देकर ऑनलाइन महादेव सट्टा एप का पैनल चलाने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए सभी आरोपी भिलाई के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटाप, मोबाइल समेत लाखों का लेखा-जेखा बरामद किया। एंटी साइबर क्राइम यूनिट एएसपी ऋचा मिश्रा ने बताया कि भिलाई के कुछ युवक ऑनलाइन महादेव सट्टा एप का पैनल हैदराबाद के तेलंगाना में चला रहे थे। सूचना मिलने के बाद एक टीम गठित कर टीम को रवाना किया गया। जहां एक मकान में छापामार कार्रवाई की। जहां पैनल संचालित करते एक नाबालिग समेत छह युवकों को गिरफ्तार किया था।

लाखों महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, सरोगेसी से मां बनी इंप्लॉयी मैटर्निटी लीव की हकदार: हाईकोर्ट

भुवनेश्वर सरोगेसी से मां बनने वाली को महिला कर्मचारी को मैटरनिटी लीव पर कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरोगेसी से मां बनने वाली महिला कर्मचारी भी मैटरनिटी लीव की पूरी हकदार है। कोर्ट ने कहा कि यह न सिर्फ महिला के लिए लाभदायक है, बल्कि नवजात शिशु के स्वास्थ्य के लिए भी काफी बेहतर होगा। ओडिशा हाई कोर्ट में जस्टिस संजीब कुमार पाणिग्रही की सिंगल बेंच ने एक महिला कर्मचारी के केस में यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संविधान के आर्टिकल 21 के तहत जीवन का अधिकार, मां बनने के अधिकार के साथ-साथ बच्चों के पूरे विकास का भी अधिकार देता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर सरकार एडॉप्टिव मां को मैटरनिटी लीव दे सकती है तो सरोगेसी से मां बनने वाली कर्मचारी को इससे वंचित रखना गलत होगा। यह है मामला इस मामले में याचिकाकर्ता गोपाबंधु एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में ज्वॉइंट डायरेक्टर (अकाउंट्स) है। याचिकाकर्ता 20 अक्टूबर 2018 को सरोगेसी से मां बनी थी। उसने 25 अक्टूबर 2018 से 22 अप्रैल 2019 तक के लिए मैटरनिटी लीव के लिए अप्लाई किया था। इसके साथ ही महिला ने 23 अप्रैल 2019 से 9 सितंबर 2019 के लिए ईएल भी अप्लाई किया था। उसने 10 सितंबर 2019 को वापस ज्वॉइन कर लिया गया था। महिला की छुट्टी का आवेदन सैंक्शन के लिए फाइनेंस डिपार्टमेंट में भेजा गया था। फाइनेंस डिपार्टमेंट के अंडर सेक्रेटरी ने महिला का आवेदन लौटा दिया था। साथ ही अधिकारियों से निवेदन किया था कि वह गवर्नमेंट सर्वेंट्स रूल्स के तहत इस तरह की छुट्टियां अप्लाई की जा सकती हैं या नहीं। ऐसा भी संकेत दिया गया था कि रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी या सरोगेसी के जरिए मां बनने पर छुट्टी का कोई प्रावधान नहीं है। कोर्ट पहुंची महिला कर्मचारी इसके बाद महिला ने हाई कोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नोट किया कि ओडिशा सर्विस कोड के रूल 194 के तहत महिला कर्मचारी 180 दिनों की मैटर्निटी लीव की हकदार है। इतना ही नहीं, अगर महिला कर्मचारी किसी एक साल तक के बच्चे को गोद लेती है तो उस स्थिति में इस छुट्टी को एक साल के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। हालांकि चौंकाने वाली बात यह थी कि इसमें सरोगेसी से मां बनने को लेकर कोई प्रावधान नहीं था। इसके बाद कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा श्रीमती चंदा केसवानी बनाम स्टेट ऑफ राजस्थान मामले में सुनाए गए फैसले का रेफरेंस लिया। इस फैसले के मुताबिक अगर सरोगेसी असिस्टेंट रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशंस) ऐक्ट, 2021 के तहत की गई है तो महिला कर्मचारी को मैटरनिटी लीव से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कही यह बात जस्टिस पाणिग्रही ने बॉम्बे हाई कोर्ट के डॉ. मिसेज हेमा विजय मेनन वर्सेस स्टेट ऑफ महाराष्ट्र से भी रेफरेंस लिया। जस्टिस पाणिग्रही ने अपने फैसले में कहा कि सरोगेसी से मां बनने वाली कर्मचारी को भी मैटरनिटी लीव मिलनी चाहिए। इससे सभी नई मांओं को समानता का भाव मिलेगा और समर्थन मिलेगा। कोर्ट ने आगे कहा कि इसके अलावा बच्चे के जन्म के बाद के शुरुआती महीने बेहद अहम होते हैं। इस दौरान बच्चा अपनी मां से घुलता-मिलता है। उसके अधिक देख-रेख की काफी ज्यादा जरूरत होगी। यह बच्चे के विकास के लिए बेहद अहम है। पूरी तरह से अनुचित- हाईकोर्ट हाईकोर्ट ने आगे कहा कि यदि सरकार गोद लेकर मां बनने वाली महिला को मातृत्व अवकाश दे सकती है तो उस माता को मातृत्व अवकाश से वंचित करना पूरी तरह से अनुचित होगा जिसे किराये की कोख देने वाली महिला के गर्भ में संतान पाने को इच्छुक दंपति के अंडाणु या शुक्राणु से तैयार भ्रूण के अधिरोपण के बाद इस प्रक्रिया से बच्चा मिला हो. हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी कि सभी नई माताओं के प्रति समान बर्ताव एवं सहायता सुनिश्चित करने के लिए उन (महिला) कर्मियों को भी मातृत्व अवकाश दिया जाए, भले ही वह किसी भी तरह मां क्यों न बनी हों. सरकार को निर्देश उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा कि इन माताओं को मातृत्व अवकाश देने से यह सुनिश्चित होता है कि उनके पास अपने बच्चे के लिए स्थिर एवं प्यार भरा माहौल तैयार करने के लिए जरूरी वक्त होता है और जच्चा एवं बच्चा की देखभाल और वेलफेयर को बढ़ावा मिलता है. कोर्ट ने राज्य सरकार को इस आदेश की सूचना मिलने के तीन महीने के अंदर याचिकाकर्ता को 180 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्देश दिया.

पौधे लगाए और पेड़ों की सुरक्षा भी करें-कमिश्नर

पौधे लगाए और पेड़ों की सुरक्षा भी करें-कमिश्नर पौधे लगाना पुण्य का कार्य -कमिश्नर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने किया पौधारोपण शहडोल धरती मां को हरा भरा, स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने एवं पर्यावरण का संरक्षण करने  हेतु मध्य प्रदेश शासन ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाकर सार्थक पहल की शुरुआत की है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश भर में पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी पौधारोपण कर सहभागिता  निभा रहे है। इस अभियान के तहत कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बीएस जामोद के नेतृत्व में शहडोल संभाग में भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी कड़ी  में आज शहडोल संभाग के उमरिया जिले की जनपद पंचायत करकेली की ग्राम पंचायत पठारी में कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बीएस जामोद, एडीजीपी शहडोल जोन श्री डीसी सागर,विधायक बांधवगढ़ श्री शिव नारायण सिंह,एवं कलेक्टर उमरिया श्री धर्णेन्द कुमार जैन सहित काफी संख्या में ग्रामीणों ने पौधरोपण किया। इस दौरान कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बीएस जामोद ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि हमें धरती मां को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि  पर्यावरण जितना स्वच्छ एवं सुंदर होगा उतना ही हमारा शरीर स्वस्थ  होगा। कमिश्नर ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि पेड़ पौधे एवं पर्यावरण के बिना मानव जीवन असंभव है। हमें अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने चाहिए एवं पौधों की रक्षा भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें हर एक घर, हर एक खेत में पौधे लगाने चाहिए। इस दौरान कमिश्नर ने पेड़ पौधों का महत्व बताते हुए ग्रामीणों को कविता भी सुनाई। कमिश्नर ने कविता के माध्यम से पौधों का महत्व बताते हुए कहा कि हमें चारों दिशाओं में पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधे प्राणियों को भोजन देने के साथ-साथ हमें मीठे फल भी देते हैं, पेड़ पौधे ही बारिश को लाते हैं और हमें मीठा जल भी देते हैं। इस दौरान विधायक बांधवगढ़ श्री शिव नारायण सिंह ने भी ग्रामीणों को पेड़ पौधे एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बताया और ग्रामीणों से पौधे लगाने एवं पेड़ों की सुरक्षा करने हेतु अपील भी की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल,जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रियंका मून सिंह,   मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमरिया श्री अभय सिंह, डी एफ ओ विवेक सिंह, अपर कलेक्टर श्री शिव गोविंद सिंह मरकाम, एस डी एम बांधवगढ़ रीता डेहरिया, सहित काफी संख्या में ग्रामीणों एवं बच्चों ने भी पौधारोपण किया।

पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर किया नमन

नई दिल्ली  ‘एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे’ का नारा देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की शनिवार को 123वीं जयंती है। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत कई नेताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का एक वीडियो पोस्ट किया। पीएम मोदी ने कैप्शन में लिखा, “अपने प्रखर राष्ट्रवादी विचारों से मां भारती को गौरवान्वित करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। मातृभूमि के लिए उनका समर्पण और त्याग देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।” वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, “प्रखर राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूं। देश की एकता व अखंडता के लिए संघर्ष करने की जब-जब बात आएगी, डॉ मुखर्जी जी जरूर याद आएंगे। चाहे बंगाल को देश का हिस्सा बनाये रखने के लिए उनका संघर्ष हो या ‘एक निशान, एक प्रधान, एक विधान’ के संकल्प के साथ जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान देना हो, देश की अखंडता के उनके अद्वितीय प्रयासों के लिए प्रत्येक भारतीय उनका ऋणी है। जनसंघ की स्थापना से देश को वैचारिक विकल्प प्रदान करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी राष्ट्रप्रथम के पथ पर चिरकाल तक दिग्दर्शक रहेंगे।” इनके अलावा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा, “श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र प्रथम के सिद्धांतों पर चलकर राष्ट्र के वैभव और सम्प्रभुता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिए। कश्मीर हो या बंगाल, अखंडता के लिए उनके बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा। आज उनकी जयंती पर शत-शत नमन करता हूं। मां भारती के अमर सपूत डॉ. मुखर्जी जी के संघर्ष, समर्पण व देश के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में विराट योगदान सदैव हमें मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।” बता दें कि डॉ. मुखर्जी को एक ही देश में दो झंडे और दो निशान स्वीकार नहीं थे। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने की शुरुआत सबसे पहले उन्होंने ही की थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के अधूरे सपनों को साकार किया।      

पहले मैच में हार के बाद राधा यादव ने कहा, हमने गेंदबाजी में कुछ गलतियां की

चेन्नई  भारतीय स्पिनर राधा यादव ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 12 रन की हार के बाद स्वीकार किया कि उनके गेंदबाजों ने कुछ गलतियां की जिसका टीम को खामियाजा भुगतना पड़ा।। तजमिन ब्रिट्स (81) और मारिजान कैप (57) ने भारतीय गेंदबाजों की एक नहीं चलने दी जिससे दक्षिण अफ्रीका चार विकेट पर 189 रन बनाने में सफल रहा। इसके जवाब में भारतीय टीम चार विकेट पर 177 रन ही बना पाई। राधा ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा,‘‘यह जानना महत्वपूर्ण था कि इस विकेट पर किस लेंथ और किस गति से गेंदबाजी करनी है। हमने गेंदबाजी इकाई के रूप में कुछ गलतियां की। हमने उन्हें 10 से 15 रन अधिक बनाने दिए। हमें उन्हें यॉर्कर लेंथ पर गेंद करनी चाहिए थी।’’ उन्होंने रविवार को होने वाले दूसरे मैच के बारे में कहा,‘‘हमें अपनी रणनीति पर अमल करना होगा और जल्द ही विकेट के व्यवहार को समझना होगा। इससे हमारे लिए काम आसान हो जाएगा।’’ दक्षिण अफ्रीका को इससे पहले वनडे श्रृंखला और एकमात्र टेस्ट मैच में हार का सामना करना पड़ा था और उसकी स्टार बल्लेबाज तज़मिन ब्रिट्स ने कहा कि उनकी टीम को इस जीत की सख्त जरूरत थी जिससे उनका अगले साल बांग्लादेश में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए आत्मविश्वास बढ़ेगा। ब्रिट्स ने कहा,‘‘हमें इस तरह की जीत और टीम में आत्मविश्वास बढ़ाने की सख्त जरूरत है। इस तरह के आत्मविश्वास से हम न केवल सेमीफाइनल में जगह बना सकते हैं बल्कि विश्व कप भी जीत सकते हैं। इस मैच में जीत दर्ज करना शानदार रहा लेकिन अगले दो मैच जीतना और बेहतर होगा।’’      

राहुल द्रविड़ ने कहा- कभी नहीं सोचा था कि उन्हें आधा दर्जन कप्तानों के साथ काम करना पड़ेगा

मुंबई भारत के टी20 विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका पर जीत के साथ ही द्रविड़ का मुख्य कोच का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। द्रविड़ ने बीसीसीआई द्वारा जारी किए गए वीडियो में कहा कि मैं वास्तव में ऐसा व्यक्ति हूं जिसे निरंतरता पसंद है। मुझे बहुत अधिक काट छांट और बदलाव करना पसंद नहीं है। क्योंकि मेरा मानना ​​है कि इससे बहुत अस्थिरता पैदा होती है और बहुत अच्छा माहौल नहीं बनता। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मैं उस टीम का हिस्सा हूं जिसकी जिम्मेदारी सही पेशेवर, सुरक्षित, संरक्षित वातावरण बनाना है जिसमें वास्तव में असफलता का डर न हो, लेकिन लोगों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त चुनौतियां हों। यह हमेशा मेरा प्रयास रहा है। द्रविड़ ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद जब खिलाड़ी बाहर आए तो वह मुश्किल दौर था तथा उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें आधा दर्जन कप्तानों के साथ काम करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मेरे कोच बनने के शुरुआती दौर में हम कोविड के प्रतिबंधों से बाहर निकल रहे थे। हमें तीनों प्रारूप में कार्यभार का प्रबंध करना था। कुछ खिलाड़ी चोटिल थे और इस कारण मुझे 8-10 महीने में पांच-छह कप्तानों के साथ काम करना पड़ा। द्रविड़ ने कहा कि यह कुछ ऐसा था जिसकी मैंने कल्पना नहीं की थी या इसके बारे में मैंने सोचा भी नहीं था लेकिन यह स्वाभाविक तौर पर हो गया। द्रविड़ के कोच रहते हुए भारत ने इंग्लैंड को पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला में हराया और टीम वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची। उन्होंने कहा कि कोविड की पाबंदियां हटने के बाद सकारात्मक बात यह रही कि हमने काफी क्रिकेट खेली। पिछले ढाई वर्षो में हमने विशेषकर सीमित ओवरों की क्रिकेट में कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया। पिछले कुछ समय में हमने टेस्ट क्रिकेट में भी कुछ युवा खिलाड़ियों को अवसर दिया।

टीकमगढ़ के ग्राम छिपरी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सजीव प्रसारण को देखने एवं सुनने जिले में रही व्यवस्था

लाड़ली बहना, गैस रिफिल अनुदान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री ने किया राशि का अंतरण   टीकमगढ़ के ग्राम छिपरी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सजीव प्रसारण को देखने एवं सुनने जिले में रही व्यवस्था अनूपपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला टीकमगढ़ के ग्राम छिपरी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से लाडली बहना योजना की जुलाई 2024 की किश्‍त तथा पीएम उज्ज्वला योजना अंतर्गत उपभोक्ताओं व पात्र लाडली बहनों को गैस रिफिल अनुदान राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना  तथा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 की प्रथम किश्‍त का हितग्राहियों के खाते में अंतरण किया। इस कार्यक्रम को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष सहित जिले के जनपद व नगरीय एवं ग्रामीण निकायों में देखने एवं सुनने के लिए आवष्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगणों के साथ ही बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे। जिला स्तर पर एनआईसी कक्ष में कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ, संयुक्त कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पाण्डेय, विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री रामदास पुरी, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री बी.एस. परिहार, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनोद परस्ते सहित लाडली बहना योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राही उपस्थित थे।

स्कूली वाहनों का चलाया गया चेकिंग अभियान

अनूपपुर 20 स्कूल वाहन चेक किये 5 पर कार्रवाई,8000 रुपए का लगाया गया जुर्माना जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष कलेक्टर अनूपपुर श्री आशीष वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जितेंद्र सिंह पवांर, एव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री इसरार मन्सूरी, के निर्देशानुसार जिला परिवहन अधिकारी अनूपपुर श्री सुरेंद्र सिंह गौतम एवं यातायात प्रभारी ज्योति दुबे की संयुक्त टीम द्वारा आज  कोतमा कस्बा में स्थित स्कूलों के स्कूली वाहन चेक किए गए चेकिंग दौरान वाहनों के दस्तावेज फिटनेस, परमिट बीमा, प्रदूषण कार्ड ,ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस एवं बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों में आवश्यक सुरक्षा इंतजाम जैसे अग्निशमन यंत्र, सीसीटीव्ही कैमरे, स्कूल वाहन की खिड़कियों में लगी ग्रिल आदि की सघन चेकिंग की गई। कुल 20 वाहन चेक किए गए, जिसमे 5 वाहनों में कमी पाए जाने पर चालानी कार्रवाई  8000 का  जुर्माना लगाया गया। बिना फिटनेस बस पर हुई चालानी कार्रवाई   ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल की बस का फिटनेस न होने पर ₹5,000 का चालान काटा गया । तथा लिखित में पत्र देकर  हिदायत दी गई  बस के सभी दस्तावेज कंप्लीट  होने, के बाद ही  बच्चों के परिवहन में उसका उपयोग  करेंगे एक, बस कि गई जप्त भारत माता हायर सेकेंडरी स्कूल की बस जिसका परमिट प्रबंधक द्वारा मौके पर प्रस्तुत न करने पर बस को जप्त  किया गया।    अग्निशमन यंत्र एवं फर्स्ट एड बॉक्स ना होने पर 6वाहनों पर की गई चालानी कार्रवाई  चालानी कार्रवाई मे बृजेश सिंह चौहान प्रधान आरक्षक विष्णु तिवारी मनीष सिंह आरक्षक आरक्षक विनय मिश्रा उपस्थित रहे। स्कूली वाहन के संबंध में स्कूल प्रबंधकों को माननीय सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन अनुसार सभी मापदंडों को पूरा करने की हिदायत दी गई। सभी स्कूल वाहन पीले रंग से पेट होना चाहिए। वाहन के दाहिने और बाएं मध्य में नीले रगं से स्कूल का नाम लिखा होना चाहिए। वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण कार्ड, ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस आदि होने चाहिए। स्कूल वाहन में सीसीटीव्ही कैमरा, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स लगे होने चाहिए। वाहन की खिड़कियों में ग्रिल लगी होनी चाहिए। वाहन के आगे एवं पीछे स्कूल बस या वेन  लिखा होना चाहिए। आदि के विषय में स्कूल प्रबंधकों को बताया गया।

राजस्थान-करौली के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति ठप, पंप हाउस में पानी भरा

करौली. शहर में बारिश के बाद आमजन को हो रही परेशानी के बीच शहरवासियों को नई परेशानी झेलनी पड़ेगी। शहर की बग्गी खाना क्षेत्र स्थित पेयजल आपूर्ति के पंप हाउस में जल भराव होने से पैनल और मोटर पानी में डूब गई, इसके चलते जलदाय विभाग ने पेयजल आपूर्ति करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। पंप हाउस पर जल भराव का कारण रियासतकालीन नाले और जल बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण होना बताया जा रहा है। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता परसराम मीणा ने बताया कि बारिश के दौरान पंप हाउस में पानी भर गया, इसके चलते तत्काल विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई है। अब पैनल मोटर आदि की भली भांति जांच करने के बाद ही आपूर्ति संभव हो सकेगी। उन्होंने बताया कि शहर के मदन मोहनजी मंदिर के समीप स्थित ओवर हेड टंकी और होली खिड़कियां बाहर स्थित टंकी से होने वाली पेयजल आपूर्ति बंद रहेगी। शहरवासियों को पेयजल सुविधा के लिए जिला प्रशासन से 40 टैंकर से आपूर्ति करने का आग्रह किया गया है।

धरने पर बैठे पार्षद, छत्तीसगढ़-कोरबा में DAV पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल पर अभद्रता का आरोप

कोरबा. कोरबा के दीपका नगर पालिका परिषद दीपका के पार्षद एवं नेता प्रतिपक्ष अनूप यादव ने डीएवी पब्लिक स्कूल गेवरा के प्रिंसिपल मनीषा अग्रवाल पर अभद्रता करने का  आरोप लगाया है। अनूप यादव शुक्रवार को सुबह स्कूल के सामने धरने में बैठ गए। प्रदर्शनकारियों की माने तो स्कूल की प्रिंसिपल के द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाना आम बात है। बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष अनूप यादव के द्वारा एडमिशन संबंधी जानकारी के लिए स्कूल के प्राचार्य से मिलने गया था जहां डीएवी के प्रिंसिपल ने किसी भी संबंध में जानकारी देने से मना करते हुए अपने दफ्तर से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दरअसल गेवरा दीपका क्षेत्र में डीएवी पब्लिक स्कूल आम जनता एवं एसईसीएल कर्मचारियों की पहली पसंद है और विद्यालय में जितनी सीट है उससे कई गुणा लोग वेटिंग में रहते हैं और उनका एडमिशन नहीं हो पाता। यहां एडमिशन के लिए, पार्षद, यूनियन नेता, विधायक, सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक के पत्र आने की बात आम है। साथ ही इस विद्यालय का संचालन एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के निगरानी में किया जाता है। बहरहाल प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिऐ सीआईएसएफ के जवानों को तैनात किया गया है। एसईसीएल प्रबंधन की ओर से डीएवी स्कूल के अध्यक्ष और एरिया पर्सनल मैनेजर द्वारा प्रदर्शन कार्यों को आश्वासन दिया गया कि प्रबंधन द्वारा प्रिंसिपल मनीषा अग्रवाल को हटाने के लिए लिखित शिकायत डीएवी प्रबंधन को दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ : रिश्वत लेते थानेदार और नायब तहसीलदार गिरफ्तार

रायपुर छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) के दल ने एक महिला थाना प्रभारी और नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ब्यूरो के दल ने रायपुर जिले में महिला थाना प्रभारी और धमतरी जिले में नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि रायपुर के मोवा क्षेत्र की निवासी प्रीति बंजारे ने महिला थाना रायपुर में, अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज के लिए मारपीट और प्रताड़ित करने की शिकायत दी थी जिसके बाद उसकी काउंसलिंग कराई गई थी। अधिकारियों ने बताया कि बंजारे ने एसीबी को दी अपनी शिकायत में कहा कि काउंसलिंग के बाद महिला थाना प्रभारी निरीक्षक वेदवती दरियो ने प्राथमिकी दर्ज करने के लिए 35 हजार रुपए रिश्वत की मांग की है। उन्होंने बताया कि बंजारे ने इसकी शिकायत एसीबी में की थी। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को बंजारे, दरियो के पास 20 हजार रुपए लेकर पहुंची थी। जब दरिया ने बंजारे से पैसे लिए, ब्यूरो के दल ने उसे पकड़ लिया। अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में एसीबी के दल ने धमतरी जिले में नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी जिले के निवासी दिलीप पुरी ने एसीबी में शिकायत की थी कि अपनी एक जमीन का मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए उन्होंने नायब तहसीलदार क्षीरसागर बघेल से संपर्क किया था। बघेल ने इसके लिए पुरी से एक लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने बताया कि पुरी ने जब एसीबी में शिकायत की तब इसके दल ने पुरी से 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए नायब तहसीलदार क्षीरसागर बघेल को रंगे हाथ पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि दोनों प्रकरण के आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।    

ईको सेवियर्स ने महापौर को ज्ञापन देकर की पेड़ों को कंक्रीटीकरण से बचाने की मांग

निविदा शर्तों में करें बदलाव ताकि पेड़ों का हो सके संरक्षण ईको सेवियर्स ने महापौर को ज्ञापन देकर की पेड़ों को कंक्रीटीकरण से बचाने की मांग सतना  ईको सेवियर्स संस्था की लीड मेंबर दान्या चौधरी के नेतृत्व में सतना महापौर योगेश ताम्रकार से मुलाकात कर शहर में पेड़ों को कंक्रीटीकरण के जाल से बचाने के संबंध में ज्ञापन के माध्यम से सुझाव दिए गए। संस्था ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि यदि सभी सिविल वर्क में इस बात को जोड़ा जाए कि जिस स्थान पर भी पौधे लगे हों वहां पर एक मीटर के दायरे में न तो कंक्रीट किया जाएगा और न ही टाइल्स लगाए जाएं। ईको सेवियर्स ने कहा कि यदि गुरूग्राम की तर्ज पर आगे के सभी सिविल कार्यों के लिए अपनी निविदा शर्तों को बदलाव किया जाए तो पौधों का संरक्षण किया जा सकता है। ठेकेदारों के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य किया जाए कि  पेड़ों के चारों ओर एक मीटर का दायरा बिना कंक्रीट के छोड़ दिया जाए। इस तरह के नीतिगत हस्तक्षेप और निविदा शर्तों में बदलाव को सतना नगर निगम द्वारा भी लागू किया जाना चाहिए। ज्ञापन दिए जाने के दौरान आर्यन मागो, फतेह जहान, , सान्वी सहगल, आर्यवीर, रुद्रवीर, आद्या शुक्ला, मेधांश शुक्ला, दिव्य सहित अन्य ईको सेवियर्स मौजूद रहे। ईको सेवियर्स को मिल चुका है सम्मान ईको-सेवियर्स पेड़ों के चारों ओर कंक्रीटीकरण के साथ जियोटैगिंग कर रहे हैं । कुछ मामलों में नगर निगम के अधिकारियों ने इसे हटाने के लिए कहा है और अन्य मामलों में संस्थाा अपने संसाधनों को एक साथ इक_ा किया है। मैन्युअल रूप से उक्त कंक्रीट को हटा दिया है। ईको-सेवियर्स के काम को महत्व देते हुए भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री  ने इसे वैश्विक स्थिरता पुरस्कार -2023 से सम्मानित किया है। पर्यावरण-रक्षकों ने महसूस किया है कि यदि पेड़ों के आसपास कंक्रीटीकरण बेरोकटोक जारी रहता है तो यह एक कठिन लड़ाई साबित हो सकती है। ऐसे में अब यह प्रयास किया जा रहा है कि नई जगहों पर ऐसा न होने पाए। केवल पहले से बिछाए गए कंक्रीट को हटाने की दिशा में ही जद्दोजहद हो। छिद्रपूर्ण लगाएं टाइल्स पर्यावरण-रक्षकों ने जल पारगम्य फुटपाथों का उपयोग करने और फुटपाथों पर खाली स्थान या छिद्रपूर्ण सामग्री वाली टाइल्स बिछाने का आग्रह किया है ताकि पानी मिट्टी में रिस सके। उन्होंने बताया कि कुछ नगर पालिकाएं इन टाइल्सों का उपयोग कर रही हैं। हालांकि ईको-सेवियर्स द्वारा बिछाई जा रही उक्त टाइल्सों की ऑडिट से पता चला है कि कई जगहों पर कंक्रीट के ऊपर टाइल्स लगाई गई हैं, जिससे इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।

मोदी सरकार का बजट 23 जुलाई को, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सातवीं बार पेश करेंगी

नई दिल्ली देश में 18वीं लोकसभा के गठन के बाद अब मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करने जा रही है. केंद्रीय बजट 2024 की तारीखों का ऐलान भी हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को संसद में बजट पेश करेंगी. दरअसल, 18वीं लोकसभा का पहला सत्र समाप्त हो चुका है. इसमें नवनिर्वाचित सांसदों का शपथ ग्रहण हुआ और लोकसभा व राज्यसभा की संयुक्त बैठक हुई थी, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित किया था. अब सबकी निगाहें बजट सत्र पर टिकी हैं. 22 जुलाई से 12 अगस्त तक संसद सत्र चलेगा. 1 फरवरी 2024 को पेश हुआ था अंतरिम बजट इस साल अप्रैल में लोकसभा चुनाव होने थे, लिहाजा सरकार ने 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया था। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का छठा बजट था। इसमें गरीब, महिला, युवा और अन्‍नदाता, यानी किसान फोकस में दिखे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बजट सत्र की जानकारी अपने एक्स हैंडल पर दी. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “भारत सरकार की संस्तुति पर भारत की माननीय राष्ट्रपति ने बजट सत्र, 2024 के लिए संसद के दोनों सदनों को 22 जुलाई, 2024 से 12 अगस्त, 2024 तक बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है (संसदीय कार्य की अनिवार्यताओं के अधीन). केंद्रीय बजट 2024-25, 23 जुलाई, 2024 को लोकसभा में पेश किया जाएगा.” टैक्सपेयर्स को मिल सकती है राहत केंद्रीय बजट 2024 की तारीखें घोषित होने के साथ ही, इस बात की काफी उम्मीदें और अटकलें लगाई जा रही हैं कि वित्त मंत्री मोदी 3.0 सरकार के तहत टैक्सपेयर्स के लिए कुछ लाभों की घोषणा कर सकती हैं. वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया कि केंद्र सरकार केंद्रीय बजट में ग्रामीण आवास के लिए राज्य सब्सिडी बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिसमें पिछले साल की तुलना में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो 6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो जाएगी. निर्मला सीतारमण के नाम दर्ज होगा अनोखा रिकॉर्ड बता दें कि इस साल दो बार बजट पेश हो रहा है. 1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट पेश किया गया था. लेकिन अब नई सरकार का गठन होने के बाद पूर्ण केंद्रीय बजट पेश होने जा रहा है. इस बार बजट पेश करने के साथ ही वर्तमान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा. कारण, ऐसा करके वह लगातार सात केंद्रीय बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी. इस मामले में वह मोरारजी देसाई को पीछे छोड़ देंगी. देसाई ने लगातार छह बजट पेश किए थे.   फुल और अंतरिम बजट होता क्या है? इनमें क्या अंतर है? केंद्रीय बजट देश का सालाना फाइनेंशियल लेखा-जोखा होता है। यूं कहें कि बजट किसी खास वर्ष के लिए सरकार की कमाई और खर्च का अनुमानित विवरण होता है। बजट के जरिए सरकार यह तय करने का प्रयास करती है कि आगामी वित्त वर्ष में वह अपनी कमाई की तुलना में किस हद तक खर्च कर सकती है। सरकार को हर वित्त वर्ष की शुरुआत में बजट पेश करना होता है। भारत में वित्त वर्ष का पीरियड 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है। वहीं अंतरिम बजट सरकार को आम चुनावों का फैसला होने और नई सरकार बनने के बाद फुल बजट की घोषणा करने तक, देश को चलाने के लिए धन उपलब्ध कराता है। अंतरिम बजट शब्द आधिकारिक नहीं है। आधिकारिक तौर पर इसे वोट ऑन अकाउंट कहा जाता है।

मायावती कल चेन्नई जाएंगी, तमिलनाडु BSP अध्यक्ष को देंगी श्रद्धांजलि

चेन्नई तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में शुक्रवार शाम को बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग की सरेआम चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई. तीन बाइक पर सवार हत्यारों ने आर्मस्ट्रांग पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए जिन्हें बाद में अरेस्ट कर लिया गया. इस हत्या के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने ऐलान किया है कि वह रविवार को चेन्नई जाएंगी और मृतक के परिजनों से मुलाकात करेंगी. इस हत्या पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सवाल खड़े करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई तो मुख्यमंत्री स्टालिन ने हमलावरों की गिरफ्तारी की जानकारी सोशल पर मीडिया दी। स्टालिन ने हत्या पर अफसोस जताते हुए हमलावरों के पकड़े जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रॉन्ग की हत्या स्तब्धकारी एवं अत्यंत दुःखद है। पुलिस ने रातों रात हत्या में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।” उन्होंने एक लंबे चौड़े पोस्ट में आगे लिखा, “इसके साथ ही मैं आर्मस्ट्रॉन्ग की शोक संतृप्त पार्टी, परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं… मैंने पुलिस अधिकारियों को मामले की शीघ्र तहकीकात कर दोषियों को कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाने का आदेश दे दिया है।” इससे पहले बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने भी एक्स पर दुख जताते हुए नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था, “बसपा तमिलनाडु राज्य इकाई के अध्यक्ष के. आर्मस्ट्रॉन्ग की आज शाम (5 जुलाई) उनके चेन्नई आवास के बाहर की गई नृशंस हत्या अति-दुःखद व अति-निन्दनीय है। पेशे से वकील आर्मस्ट्रॉन्ग राज्य में दलितों की सशक्त आवाज़ के रूप में जाने जाते थे। सरकार दोषियों के खिलाफ अविलम्ब सख्त कार्रवाई करे।   बसपा सुप्रीमो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘तमिलनाडु में बीएसपी के कर्मठ एवं समर्पित नेता व स्टेट पार्टी यूनिट के अध्यक्ष श्री के. आर्मस्ट्रांग की कल शाम उनके चेन्नई आवास के बाहर की गयी जघन्य हत्या से पूरे समाज में दुःख व आक्रोश की लहर. सरकार को अविलम्ब सख्त/जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को आगे रोका जा सके. इस अति-दुःखद व चिन्ताजनक घटना की गंभीरता आदि को देखते हुए कल सुबह मेरा चेन्नई जाकर श्री आर्मस्ट्रांग को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने व उनके पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देने का कार्यक्रम. सभी शान्ति व्यवस्था बनाए रखें, यह अपील.’ 8 आरोपी अरेस्ट इस हाई प्रोफाइल हत्या के बाद एक्टिव हुई चेन्नई पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का कनेक्शन आर्कोट सुरेश गैंग के साथ जुड़ा बताया जा रहा है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक BSP प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग की हत्या के मामले में शुरुआती जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं. यह हत्याकांड पुरानी रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा लग रहा है. दरअसल, पिछले साल चेन्नई में आर्कोट सुरेश नामक हिस्ट्रीशीटर की हत्या हुई थी. आर्मस्ट्रांग की हत्या के सिलसिले में अब तक गिरफ्तार किए गए 8 आरोपी या तो आर्कोट सुरेश के रिश्तेदार हैं या फिर गिरोह के सदस्य हैं. इनमें से एक पोन्नई बाला जो अभी हिरासत में है, आर्कोट सुरेश का भाई है. हालांकि अभी तक यह साबित नही हो सका है कि यह आपसी रंजिश का मामला है या फिर इसमें कुछ और एंगल है. आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या के पीछे के मकसद का पता लगाया जा सकेगा. चेन्नई उत्तर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक असरा गर्ग ने एजेंसी को बताया कि जांच के लिए दस टीमें गठित की गई हैं. मर्डर में धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया है. दोस्त से बात कर रहे थे आर्मस्ट्रांग बता दें कि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 5 जून को शाम 7 बजे बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रदेश अध्यक्ष की बेरहमी से हत्या कर दी गई. 47 साल के आर्मस्ट्रांग पेरम्बूर इलाके में अपने नवनिर्मित घर के पास दोस्त से बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान शाम करीब 7 बजे हथियारों से लैस 3 बाइकों पर सवार बदमाशों ने आर्मस्ट्रांग पर हमला कर दिया. वारदात की जगह पर पड़ा मिला चाकू घटनास्थल पर एक बड़ा चाकू पड़ा मिला है, जहां आर्मस्ट्रांग की हत्या की गई. आर्मस्ट्रांग को घायल अवस्था में एक निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने आजतक को बताया कि 6 लोगों में से 4 ने एक फूड डिलीवरी कंपनी की टी-शर्ट पहन रखी थी. स्टालिन के खिलाफ लड़ चुके हैं चुनाव पेशे के एक वकील और अंबेडकरवादी थे जो दलितों के हित के लिए काम करते थे. 52 वर्षीय आर्मस्ट्रांग कई सालों तक बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे. वह उत्तरी चेन्नई इलाके में काफी लोकप्रिय थे. खास कर उन युवाओं के बीच जिसकी उन्होंने पढ़ाई पूरी करने और नौकरियों के कई मामलों में मदद की थी. वह अपनी राजनीतिक सक्रियता और स्थानीय मध्यस्थता में भूमिका के लिए भी जाने जाते थे. आर्मस्ट्रांग ने 2006 के स्थानीय निकाय चुनावों में शहर के एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी. वे तब चर्चा में आए जब उन्होंने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को आमंत्रित किया और चेन्नई के अमिनजिकरई में पुल्ला रेड्डी एवेन्यू में एक विशाल रैली और जनसभा आयोजित की. 2011 में आर्मस्ट्रांग ने विधानसभा चुनाव लड़ा था और कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में डीएमके के एमके स्टालिन से हार गए. उनके परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटी है.

हाईकोर्ट ने DDA के अतिक्रमण हटाओ अभियान का किया सपोर्ट, कहा दिल्ली अपनी जड़ों को खो रही

नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण करने वालों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली अपनी जड़ों को खो रही। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में आने वाली बाढ़ मानव निर्मित है, क्योंकि यमुना के मैदानी इलाकों पर बड़ी संख्या में लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। इस वजह से पानी के निकलने का रास्ता बंद हो गया है और शहर में बाढ़ आ रही है। हाईकोर्ट मयूर विहार में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की ओर से अतिक्रमण हटाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि कृपया मगरमच्छ के आंसू न बहाएं। दिल्ली में बाढ़ को लेकर हाईकोर्ट सख्त अदालत ने कहा कि DDA ने दशकों पहले यमुना नदी के रास्ते को साफ करने और अतिक्रमण करने वालों को हटाने की मुहिम तेज की थी। हालांकि, अतिक्रमणकारी वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेड़ेला की पीठ ने कहा कि यह शहर अपनी जड़ों को ही खो रहा है। यह कैसे हो सकता है कि कोई विवेकशील व्यक्ति यमुना के मैदानों पर भी कब्जा कर ले। आखिर पानी कहां जाएगा? उसे तो जगह चाहिए। आज इस शहर के सभी नाले, जिनसे होकर पानी बहता है, अवैध निर्माण के कारण बंद हैं। इससे कानून का पालन करने वाला एक आम नागरिक ही परेशान हो रहा है। अतिक्रमण की वजह से डूब रहे घर- कोर्ट अदालत ने यमुना खादर स्लम यूनियन के वकील से कहा, ‘अतिक्रमण की वजह से उन लोगों के घर डूब रहे, जिन्होंने अधिकृत क्षेत्रों में निर्माण किया है। जिन्हें घर बनाने को लेकर सभी तरह की अनुमति मिली हैं। उनके घर डूब रहे हैं। ऐसा उन लोगों की वजह से हो रहा जिन्होंने कानून को अपने हाथ में ले लिया है और यमुना के पानी बहाव वाले एरिया पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया है। मगरमच्छ के आंसू न बहाएं, कोर्ट की दो टूक यमुना खादर स्लम यूनियन के वकील ने दावा किया कि वे वैकल्पिक आवास की मांग कर रहे हैं। वो यमुना खादर पर रहने की अनुमति नहीं मांग रहे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि उन्होंने पहले ही बेदखली के खिलाफ अंतरिम रोक हासिल कर ली है। पीठ ने कहा, ‘कृपया मगरमच्छ के आंसू न बहाएं। यह भूमि अधिग्रहण यमुना नदी के चैनलाइजेशन के लिए था। अब कानून का पालन करने वाले नागरिक पीड़ित हैं क्योंकि उनके घरों में बाढ़ आ गई है। आप एक कब्जाधारक हैं। अदालत पहले ही एक फैसला सुना चुकी है। कब्जाधारक अदालत में आ रहे हैं और छह साल के लिए रोक आदेश प्राप्त कर रहे हैं।’ अदालत ने इस दौरान एकल पीठ के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया जिसने DDA अभियान के लिए रास्ता साफ कर दिया था। पीठ ने DDA की ओर से किए गए उस सैटेलाइट इमेजरी का जिक्र किया जिसमें अतिक्रमण दिखाया गया था। अदालत ने याचिकाकर्ताओं के वैकल्पिक भूमि पर पुनर्वास के तर्कों का जवाब देते हुए कहा कि यह दावा कि आपके मुवक्किल 1970 के दशक से वहां रह रहे हैं, बकवास है। यह सब कल्पना की उपज है, सब झूठ का पुलिंदा है। जब DUSIB पुनर्वास के लिए कॉलोनियों को मान्यता दे रहा है, तो वह आपकी कॉलोनी को क्यों छोड़ेगा? कोर्ट ने आदेश में क्या कहा याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कहा था कि वे बेघर हैं और खादर क्षेत्र में रैन बसेरों और झुग्गियों में रह रहे। DDA ने कहा कि वे यमुना में बाढ़ के मैदान पर अवैध रूप से रह रहे हैं। सिंगल जज ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर किए गए दस्तावेजों में 2006 की कटऑफ डेट्स से पहले स्लम और जेजे क्लस्टर्स के निरंतर अस्तित्व का पता नहीं चलता है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर किए गए कुछ दस्तावेजों में स्लम और जेजे क्लस्टर्स का अस्तित्व नहीं दिखाया गया है जो उन्हें पुनर्वास के हकदार बनाते हैं। इसमें कहा गया है कि केवल वे ग्रुप जिन्हें दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की ओर से पहचाना गया है, वे ही पुनर्वास के हकदार हैं।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet