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जगन्नाथ रथ यात्रा आज से शुरू, जानें 1000 यज्ञों का पुण्य देने वाली इस यात्रा का महत्व

 पुरी उड़ीसा के पुरी में 7 जुलाई से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू होने जा रही है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजते हैं। ऐसी मान्यता है कि रथ यात्रा का साक्षात दर्शन करने भर से ही 1000 यज्ञों का पुण्य फल मिल जाता है।आपको बता दें कि हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ रथ यात्रा का आरंभ होता है। इसके साथ ही आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के 11वें दिन जगन्नाथ जी की वापसी के साथ होता है।  53 साल बाद बन रहा अद्भभुत संयोग पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तिथियां घट गई है। ऐसे में रथयात्रा के पहले की सभी परंपराएं 7 जुलाई तक चलेंगी। इसके बाद सुबह के बजाय शाम को रथयात्रा शुरू होगी। लेकिन रथयात्रा के बाद रथ नहीं हांका जाता है। इसलिए रात को रथ रोक दिया जाएगा और 8 जुलाई को जल्द सुबह रख चलाना शुरू होगा।बता दें कि तिथियों का ऐसा संयोग साल 1971 को बना था। अलग-अलग रथ में सवार होते हैं श्री कृष्ण, बलराम और सुभद्रा जी जगन्नाथ रथयात्रा में 3 रथ निकाले जाते हैं, जो कृमश: श्री कृष्ण, बलराम और उनकी बहन सुभद्रा का होता है। हर एक रथ अपने आप पर खास होता है। पहला रथ जगन्नाथ जी का होता है, जिसे नंदीघोष कहा जाता है। इसके साथ ही इसमें लहरा रही ध्वजा को त्रैलोक्य मोहिनी कहा जाता है। इस रथ में कुल 16 पहिए होते हैं। दूसरा रथ भगवान बलराम का होता है। इस रथ को तालध्वज कहा जाता है। इसके साथ ही रथ में लगे ध्वज को उनानी कहा जाता है। इस रथ में कुल 14 पहिए होते हैं। बता दें की तीसरा रथ भगवान जगन्नाथ की छोटी बहन सुभद्रा का होता है। इस रथ को पद्म ध्वज कहा जाता है। इस रथ में कुल 12 पहिए होते हैं।   कैसे शुरू हुई जगन्नाथ रथ यात्रा धार्मिक मान्‍यता के अनुसार एक बार बहन सुभद्रा ने अपने भाइयों कृष्‍ण और बलरामजी से नगर को देखने की इच्‍छा प्रकट की। फिर दोनों भाइयों ने बड़े ही प्‍यार से अपनी बहन सुभद्रा के लिए भव्‍य रथ तैयार करवाया और उस पर सवार होकर तीनों नगर भ्रमण के लिए निकले थे। रास्‍ते में तीनों अपनी मौसी के घर गुंडिचा भी गए और यहां पर 7 दिन तक रुके और उसके बाद नगर यात्रा को पूरा करके वापस पुरी लौटे। तब से हर साल तीनों भाई-बहन अपने रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं और अपनी मौसी के घर गुंडीचा मंदिर जाते हैं। इनमें सबसे आगे बलराम जी का रथ, बीच में बहन सुभद्रा का रथ और सबसे पीछे जगन्‍नाथजी का रथ होता है। जगन्‍नाथ यात्रा का महत्‍व भगवान जगन्‍नाथ और उनके भाई-बहन के रथ नीम की परिपक्‍व और पकी हुई लकड़ी से तैयार किए जाते हैं। इसे दारु कहा जाता है। रथ को बनाने में केवल लकड़ी को छोड़कर किसी अन्‍य चीज का प्रयोग नहीं किया जाता है। भगवान जगन्‍नाथ के रथ में कुल 16 पहिए होते हैं और यह बाकी दोनों रथों से बड़ा भी होता है। रथ यात्रा में कुछ धार्मिक अनुष्‍ठान भी किए जाते हैं। मान्‍यता है कि इस रथ यात्रा का साक्षात दर्शन करने भर से ही 1000 यज्ञों का पुण्य फल मिल जाता है। जब तीनों रथ यात्रा के लिए सजसंवरकर तैयार हो जाते हैं तो फिर पुरी के राजा गजपति की पालकी आती है और फिर रथों की पूजा की जाती है। उसके बाद सोने की झाड़ू से रथ मंडप और रथ यात्रा के रास्‍ते को साफ किया जाता है। हर साल इस मजार पर क्‍यों रुकता है यह रथ भगवान जगन्‍नाथ का रथ अपनी यात्रा के दौरान मुस्लिम भक्‍त सालबेग की मजार पर कुछ देर के लिए जरूर रुकता है। माना जाता है कि एक बार जगन्‍नाथजी का एक भक्‍त सालबेग भगवान के दर्शन के लिए पहुंच नहीं पाया था। फिर उसकी मृत्‍यु के बाद जब उसकी मजार बनी तो वहां से गुजरते वक्‍त रथ खुद ब खुद वहां रुक गया। फिर उसकी आत्‍मा के लिए शांति प्रार्थना की गई तो उसके बाद रथ आगे बढ़ पाया। तब से हर साल रथयात्रा के दौरान रास्‍ते में पड़ने वाली सालबेग की मजार पर जगन्‍नाथजी का रथ जरूर रुकता है।   यात्रा में शामिल होने दिल्ली से जगन्नाथ पुरी कैसे पहुंचे दिल्ली से जगन्नाथ पुरी का सफर 31 घंटे का है। आप यहां के लिए सबसे पहले तो फ्लाईट लें। इसमें 2h 39m लग सकते हैं। इसके लिए आपको दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उड़ान लेना है, जो पुरी का निकटतम हवाई अड्डा है। वहां से, आप पुरी पहुंचने के लिए टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या बस ले सकते हैं, जो लगभग 60 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा आप दिल्ली से सीधे जगन्नाथ पुरी के लिए ट्रेन भी ले सकते हैं। आपको यहां के लिए कई सारी ट्रेन मिल जाएंगी बस आपको पहले से टिरट बुक करके रखना चाहिए। जगन्नाथ पुरी में रत्र यात्रा में शामिल होने या देखने के लिए कोई टिकट की जरूरत नहीं है। पर जब आप मंदिर जाना जा रहे हैं और यहां प्रसाद लेने की सोच रहे हैं तो यहां की ऑनलाइन साइट की मदद ले सकते हैं। 3 दिन की ट्रिप में ऐसे घूमें पुरी- -सबसे पहले तो आप जगन्नाथ मंदिर जाएं। -आप रामचंडी बीच (Ramchandi Beach) पर जाएं। -कोणार्क सूर्य मंदिर घूमकर आएं। यहां आप एक खूबसूरत सुबह और शाम बीता सकते हैं। कोणार्क में कई बाज़ार हैं जो सजावटी सामान, हस्तनिर्मित वस्तुएं, सहायक उपकरण, शॉल, हैंडबैग, पट्टा पेंटिंग, कढ़ाई के काम और बहुत कुछ बेचते हैं। सरकार द्वारा संचालित एम्पोरिया कोणार्क में सबसे अधिक बार देखी जाने वाली दुकानों में से एक है जो खरीदारी करने वालों का दिल जीत लेती है। अपनी कुछ पसंदीदा चीज़ें खरीद सकते हैं और यहां के फेमस फूड्स का स्वाद ले सकते हैं।

छिंदवाड़ा लोकसभा जीतने के बाद बीजेपी अमरवाड़ा उपचुनाव भी जीतना चाहती है तो कांग्रेस लोकसभा की हार का बदला लेने के मूड में

अमरवाड़ा लोकसभा चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में अब एक और चुनाव होना है. 10 जुलाई को एमपी के अमरवाड़ा में उपचुनाव होना है. यह सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि बीजेपी और कांग्रेस की नाक का सवाल बन गया है. छिंदवाड़ा लोकसभा जीतने के बाद बीजेपी इस विधानसभा को भी जीत लेना चाहती है तो वहीं कांग्रेस और कमलनाथ लोकसभा की हार का बदला लेने के मूड में है. दरअसल, पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी भले ही 164 सीटें जीत गई थी, लेकिन छिंदवाड़ा जिले की सभी 7 सीटों पर उसे हार का मुंह देखना पड़ा था. इनमें से एक सीट अमरवाड़ा विधानसभा सीट थी, जहां कांग्रेस के कमलेश शाह ने जीत दर्ज की थी. कमलेश ने जॉइन की बीजेपी कांग्रेस को यहां झटका तब लगा, जब लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने बीजेपी का दामन थाम लिया और विधायकी से इस्तीफा दे दिया. विधानसभा अध्यक्ष के इस्तीफा स्वीकार करते ही अमरवाड़ा सीट को खाली घोषित कर दिया गया और इसी वजह से अब यहां उपचुनाव हो रहा है. आसान नहीं BJP की राह बीजेपी ने भले ही विधानसभा चुनाव में बंपर जीत दर्ज की, लेकिन छिंदवाड़ा में वो सेंध नहीं लगा पाई थी. यहां सभी सीट कांग्रेस ने जीती थी. हालांकि, छिंदवाड़ा लोकसभा जीत कर बीजेपी ने भले ही इतिहास रचा हो, लेकिन अमरवाड़ा में आखिरी बार बीजेपी 2008 में विधानसभा चुनाव जीती थी. उसके बाद से ही बीजेपी को यहां जीत का इंतजार है. बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोर्चा संभाल रखा है. वहीं, कांग्रेस की तरफ से कमलनाथ भी अपने गढ़ की विधानसभा सीट को बचाने में ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. आदिवासी वर्ग तय करता है हार-जीत अमरवाड़ा विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षित सीट है. 2 लाख 55 हजार से ज्यादा वोटरों वाली आदिवासी बाहुल्य इस सीट पर हार और जीत का फैसला जनजाति वर्ग ही तय करता है. कुल वोटरों में से करीब 58% वोटर तो यहां अनुसचित जनजाति के हैं. आंकड़ों के मुताबिक 2 लाख 55 हजार वोटरों में से करीब 1 लाख 40 हजार वोटर तो अनुसूचित जनजाति के हैं. इसके बाद अनुसूचित जाति (SC) वोटर हैं, जिनकी संख्या करीब 21 हजार 167 है. यहां 6,308 मुस्लिम मतदाता भी हैं. ग्रामीण और शहरी वोटरों का अनुपात देखें तो कुल वोटरों का करीब 93% वोटर ग्रामीण क्षेत्रों के हैं. यानी इस विधानसभा सीट पर जीत का फैसला ग्रामीण आबादी ही करती है. बीजेपी-कांग्रेस में मुकाबला, गोंगपा बिगाड़ेगी खेल? अमरवाड़ा में मुख्य मुकाबला तो बीजेपी प्रत्याशी कमलेश शाह और कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह इनवाती के बीच है, लेकिन आदिवासी बहुल सीट पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी दोनों दलों के वोटरों में सेंध लगाने का दम रखती है. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के उम्मीदवार देवरावेन भलावी पर भी सबकी नजरें लगी हुई हैं, क्योंकि साल 2003 में अमरवाड़ा से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी चुनाव जीत चुकी है. कमलेश शाह का राजघराने से ताल्लुक बीजेपी प्रत्याशी कमलेश शाह तीन बार से अमरवाड़ा के विधायक हैं. यहां के प्रतिष्ठित हर्रई राजघराने से आते हैं. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह इनवाती की वैसे तो कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं, लेकिन आंचल कुंड दादा दरबार से होने के कारण उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता. क्योंकि आदिवासी बहुल इस सीट पर आदिवासी वोटरों का आंचल कुंड धाम से जुड़ाव है.  

सलकनपुर में देवी लोक छिंदवाड़ा में हनुमान लोक और ओरछा में राम राजा लोक के रूप में स्थापित किए जाएंगे

भोपाल मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकाल के लोक निर्माण के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार नई योजना की तैयारी में जुट गई है। मध्य प्रदेश तीन नए धार्मिक स्थलों को विकसित करने की योजना के साथ अपने धार्मिक पर्यटन प्रयासों का विस्तार करेगी। महाकाल लोक के शुभारंभ से राज्य में धार्मिक पर्यटन को काफी बढ़ावा मिला है, पर्यटकों की संख्या 2022 में 32.1 मिलियन से बढ़कर 2023 में 112 मिलियन हो गई है। राज्य सरकार अब तीन और धार्मिक पर्यटक सेंटर विकसित करने की योजना बना रही है। बता दें कि ये पर्यटक सेंटर सलकनपुर में देवी लोक, छिंदवाड़ा में हनुमान लोक और ओरछा में राम राजा लोक के रूप में स्थापित किए जाएंगे। पर्यटन बोर्ड के निदेशक ने दी खास जानकारी मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंधक निदेशक बिदिशा मुखर्जी ने इसको लेकर जानकारी दी है, उन्होंने कहा, ‘मुख्य रूप से धार्मिक पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम विभिन्न दूतावासों के साथ बातचीत कर रहे हैं, खासकर फिनलैंड में। हमें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि हमारी ‘नर्मदा परिक्रमा’ में कई पर्यटक आए थे। दूतावास हमारे प्रमुख त्योहारों को लेकर बहुत उत्साहित हैं।’ राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए बढ़ाई गई सुरक्षा बिदिशा मुखर्जी ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए सुरक्षा बढ़ाने के लिए, हमने निर्भया फंड के माध्यम से विभिन्न आजीविका धाराओं में 10,000 से अधिक महिलाओं को ट्रेन किया है। मध्य प्रदेश सोलो महिला ट्रैवलर के लिए एक पसंदीदा स्थान बनता जा रहा है। उन्होंने आगे बताया, स्कैंडिनेवियाई देशों ने खजुराहो नृत्य महोत्सव और तानसेन महोत्सव सहित मध्य प्रदेश के स्थानीय त्योहारों में गहरी रुचि दिखाई है। राज्य ने हाल ही में ‘पीएम श्री पर्यटन हवाई सेवा’ भी शुरू की थी, जो भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो सहित 8 शहरों को जोड़ती है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत मेसर्स जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी में इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों के लिए राज्य के अंदर यात्रा को और अधिक सुलभ बनाना है।

कांग्रेस अग्निवीर ही नहीं एमएसपी जैसे कई मुद्दो्ं पर बीजेपी को बैकफुट पर डालने के लिए हथकंडे अपनाए

नई दिल्ली अग्निवीर पर राहुल गांधी और कांग्रेस ने संसद में और संसद के बाहर जो नरेटिव सेट करना चाहा फिलहाल उस पर लगाम लगती दिख रही है. सेना के क्लैरिफिकेशन के बाद शहीद अग्निवीर परिवार ने भी मान लिया है कि उसे अब तक उसे 98 लाख रुपये मिल चुके हैं और 67 लाख की रकम और मिलने वाली है. इसके अलावा पंजाब सरकार से भी एक करोड़ रुपया अतिरक्त परिवार को मिला है. सेना से मिले 98 लाख रुपये के बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल भी सामने आ चुकी है. शायद इन्ही सब कारणों का नतीजा है कि कांग्रेस ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर बिल्कुल चुप्पी साध ली है. पर देर शाम तक कांग्रेस की ओर से पहले रणदीप सुरजेवाला ने पीसी करके सफाई देने की कोशिश की. फिर राहुल गांधी का भी बयान आ गया. अब कांग्रेस इंश्योरेंस की रकम मिलने की बात कहकर झेंप मिटाना चाहती है. कांग्रेस को समझना चाहिए कि इंश्योरेंश के लिए भी प्रिमियम जमा करना होता है, और सरकार सभी अस्थाई कर्मचारियों के लिए इतनी बड़ी रकम की इंश्योरेंश नहीं कराती. दरअसल कांग्रेस आज कल भारतीय जनता पार्टी के ही तरीके से आक्रामक ढंग से खेल रही है. झूठ या सच किसी भी तरीके से सामने वाली पार्टी पर हावी होना है. अग्निवीर ही नहीं एमएसपी आदि जैसे कई मुद्दो्ं पर बीजेपी को बैकफुट पर डालने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए गए. पर अग्निवीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर विवाद खड़ा करके कांग्रेस ने भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाया है. जिन परिवारों से सेना के सबसे निचले लेवल की भर्तियां होती हैं उन तक जो गलतफहमियां पैदा हो चुकी हैं उन्हें खत्म होने में महीनों में लग जाएंगे. झूठ बातों का नरेटिव सेट करना भारतीय राजनीति में सबसे बड़े बुराई के रूप में उभरी है. राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इस हथकंडे का इस्तेमाल सभी पार्टियां करने लगी हैं. लेकिन अग्निवीर को लेकर जिस तरह की बातें संसद में हुई हैं, वे फिक्र बढ़ाने वाली हैं – और इस मामले में सेना की भी एंट्री होने से बात और भी सीरियस हो जाती है. इसलिए जरूरी है कि अग्निवीर ही नहीं किसी भी तरह का झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने वाले बयानों को रोकने के लिए जल्द से जल्द कोई कदम उठाया जाना चाहिये. लोकसभा में झूठ गंभीर मुद्दा है, पर होगा कुछ नहीं लोकसभा भारतीय लोकतंत्र का मंदिर है. यहां पर सत्ता पक्ष या विपक्ष, किसी भी पक्ष के लोग झूठ बोलते हैं तो उस पर तत्काल एक्शन की व्यवस्था होनी चाहिए. पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सदन में राहुल गांधी के झूठ पर झूठ बोले जाने पर कार्रवाई करने की अपील की थी. बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने भी राहुल के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस भेजा है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ-साफ कहा है कि गांधी परिवार का सदस्य होने के नाते राहुल गांधी सदन को गुमराह करके बच नहीं सकते हैं, उन्हें नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना ही पड़ेगा. पर ऐसा कुछ होता नजर नहीं आता. गृहमंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी के अग्निवीर योजना, हिंदुत्व, किसानों के मुद्दे पर जो भी बयान दिया, उस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से नेता प्रतिपक्ष के बयानों की जांच की मांग की थी. शाह ने कहा, बयानों के सत्यापन का निर्देश दिया जाए और हमें संरक्षण प्रदान किया जाए. राहुल गांधी ने भाषण के अंत में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की कई बातें तथ्यात्मक और सत्य नहीं है. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि इन बातों का सत्यापन किया जाए. जिसपर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, सत्यापन किया जाएगा. पर एक्शन के नाम पर कुछ नहीं होने वाला है. क्योंकि झूठ का सहारा सभी लेते हैं. चुनाव प्रचार के दौरान भी लगातार झूठ बोला गया पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान दूषित चुनाव अभियान पर एक बयान देकर एक बहस को जन्म दे दिया था. सिंह ने कहा था कि अतीत में किसी भी प्रधान मंत्री ने समाज के एक विशिष्ट वर्ग या विपक्ष को निशाना बनाने के लिए ऐसे घृणित, असंसदीय और असभ्य शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है. पर मनमोहन सिंह ने केवल एक चश्मे से ही वर्तमान को देखा. जबकि झूठे प्रचार से गलत नरेटिव सेट करने की कोशिशें इस बार के चुनावों इंडिया गठबंधन की ओर से ज्यादा हुईं.एक उदाहरण देखिए नरेंद्र मोदी फिर पीएम बन गए तो देश में फिर चुनाव नहीं होंगे. रूस की तरह देश में एक दलीय प्रणाली की शुरूआत होगी और पुतिन की तरह नरेंद्र मोदी स्थाई रूप से देश के शासक बन जाएंगे. संविधान खतरे में है, आरक्षण खतरे में है का नरेटिव सेट करने की कोशिश कितनी हास्यास्पद थी. इसका फायदा भी विपक्ष को मिला. पर क्या देश में अब तक संविधान संशोधन नहीं होते रहे हैं. कांग्रेस राज में कितने संविधान संशोधन हुए हैं. क्या संविधान खतरे में पड़ गया. इसी तरह आरक्षण समाप्त करने का भ्रम फैलाना देश की जनता के साथ गद्दारी से कम नहीं था. अरविंद केजरीवाल का सीएए विरोध तो इतना हास्यास्पद था कि सीधे इसके लिए केस होना चाहिए था. चुनाव प्रचार के शुरूआती दिनो में कई दिन टीवी पर वे आते और यही कहते कि इस कानून के बन जाने के बाद करोड़ों पाकिस्तानी दिल्ली में आकर बस जाएंगे. हमारी नागरिक सुविधाओं का क्या होगा. जबकि हर कोई जानता है कि इस कानून के लागू होने के बाद भी मुट्ठी भर लोग ही पाकिस्तान से भारत आकर नागरिकता ले सकते हैं. यह कानून इसलिए लाया गया है कि भारत में दशकों से जो लोग रहे हैं उन्हें देश की नागरिकता मिल सके. लगातार झुठ बोलने वाले नेताओं पर लगाम के लिए उठाने होंगे कदम अग्निवीर पर कांग्रेस का झूठ सुनियोजित लगता है. क्योंकि राहुल ने अग्निवीर के परिवार का जो विडियो जारी किया उसमें परिवार से बातचीत चुनाव प्रचार के दौरान की है. स्पष्ट है कि एक बार भी कांग्रेस की ओर से यह प्रयास नहीं किया गया कि दोबारा शहीद परिवार से बातकर के पूछें कि उसे पूरी रकम मिली की नहीं. यह … Read more

भारत के एस्ट्रोनॉट प्राइवेट कंपनी के साथ मिलकर अंतरिक्ष में जाएंगे

नई दिल्ली भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो अपने गगनयान मिशन की तैयारी में जुटी है। ये भारत का पहला मानव युक्त अंतरिक्ष मिशन है। गगनयान मिशन के लिए चार एस्ट्रोनॉट को ट्रेनिंग दी गई है। इन चार में से दो एस्ट्रोनॉट को इस साल के अंत में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर भेजने के लिए चुना गया है। ये मिशन अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के साथ मिलकर पूरा किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इन दो एस्ट्रोनॉट में से सिर्फ एक ही स्पेस स्टेशन जाएगा। नासा की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह मिशन अक्टूबर 2024 के बाद शुरू होगा। अमेरिका में दी जाएगी मिशन की ट्रेनिंग भारत के जो एस्ट्रोनॉट इस मिशन के तहत स्पेस स्टेशन पर जाएंगे, उन्हें पहले अमेरिका में खास ट्रेनिंग दी जाएगी। इन अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में जाने और रहने की तो ट्रेनिंग पहले ही मिल चुकी है। लेकिन उनकी ये ट्रेनिंग गगनयान मिशन पर केंद्रित थी, ऐसे में अब उन्हें इंटरनेशनल स्पेस के मॉड्यूल और वहां रहने के तरीकों को भी समझना होगा। प्राइवेट कंपनी के साथ मिलकर अंतरिक्ष में जाएंगे एस्ट्रोनॉट बता दें कि एस्ट्रोनॉट को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ले जाने वाला मिशन एक्सिओम-4 है। इस मिशन को अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और एक प्राइवेट कंपनी एक्सिओम स्पेस मिलकर अंजाम देंगी। ये एक्सिओम का चौथा निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन है। इस मिशन के तहत एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष स्टेशन पर करीब 14 दिन रुकने की उम्मीद है। स्पेसएक्स भी देगा साथ नासा ने पिछले साल एक्सिओम-4 मिशन की घोषणा करते हुए बताया था कि एक्सिओम-4 मिशन के क्रू इस उड़ान के लिए नासा, इंटरनेशनल स्पेस एजेंसियों और स्पेसएक्स के साथ मिलकर ट्रेनिंग लेंगे। एक्सिओम स्पेस ने स्पेसएक्स के साथ एस्ट्रोनॉट को अंतरिक्ष में लाने और ले जाने के लिए लॉन्चर की डील की है। इसके साथ ही अंतरिक्ष यात्रियों को चीन स्पेसयान का सिस्टम, मिशन के प्रोसेस और इमरजेंसी तैयारियों के बारे में ट्रेनिंग देगा। पिछले साल अमेरिका ने किया था ऐलान इस स्पेस मिशन के लिए काफी वक्त से एजेंसियां काम कर रही हैं। पिछले साल पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान में बताया था कि नासा भारतीय एस्ट्रोनॉट को खास ट्रेनिंग देगा। इसके बाद दिल्ली दौरे पर आए नासा के अधिकारी बिल नेल्सन ने कहा था कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी 2024 के अंत तक आईएसएस के लिए भारतीय एस्ट्रोनॉट को ट्रेनिंग देगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी माताजी की समृति में रोपा आँवले का पौधा, जम्बूरी मैदान में रोपे गए 26001 पौधे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में एक वृक्ष का महत्व दस पुत्रों के समान माना गया है। वनस्पति के साथ-साथ नदी, पहाड़ आदि को जीवंत मानना हमारी संवदेनशील सांस्कृतिक परम्परा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में संचालित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में सरकार ने भी प्रदेश में वृहद पौध-रोपण का संकल्प लिया है। इस क्रम में प्रदेश में पाँच करोड़ 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। इंदौर में 51 लाख, भोपाल और जबलपुर जिले में 12-12 लाख पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जंबूरी मैदान पर आयोजित एक पेड़ मां के नाम-वृहद पौध-रोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेदीप प्रज्वलित कर एवं अपनी माताजी स्व. श्रीमती लीला बाई यादव की स्मृति में पौधा लगाकर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने जंबूरी मैदान में आँवले का पौधा लगाया। इससे पहले उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता पर बनाए गए चित्रों का अवलोकन भी किया। पौध-रोपण के लिए विद्यार्थियों का उत्साह सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि अंग्रेजों के बंग-भंग के षड़यंत्र और कश्मीर की समस्या का पूर्वानुमान लगाकर देश को सचेत करने में डॉ. मुखर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पौध-रोपण अभियान में विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस द्वारा सक्रिय रूप से भाग लेने की सराहना करते हुए कहा कि सम्पूर्ण प्रदेश में पौध-रोपण के लिए लोग उत्साहित हैं और वे स्वयं पौधरोपण के लिए आगे आ रहे हैं। भोपाल नगर निगम लगाएगा एक लाख 20 हजार पौधे महापौर श्रीमती मालती राय ने बताया कि भोपाल नगर निगम ने वृहद पौध-रोपण अभियान के अंतर्गत एक लाख 20 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। आज के अभियान में जनभागीदारी से 26001 पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए आरंभ जल-गंगा अभियान के अंतर्गत भोपाल शहर के 12 जलाशयों से 128 डम्पर गाद निकाला गया तथा 54 बावड़ियों और 42 कुंओं के संरक्षण का कार्य किया गया। सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुरूप, अपनी माँ के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएं तथा उसकी देखभाल भी करें। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत और ग्रामीण‍विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी तथा अन्य जनप्रतनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वेच्छानुदान मद से 40 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से दो दुर्घटनाओं में 10 व्यक्तियों की मृत्यु पर 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। एक जुलाई को श्योपुर जिले के ग्राम टर्राखुर्द, अर्रोदरी बलावली का पटरा भूतकछा के 7 व्यक्तियों की करोली माता दर्शन के लिये राजस्थान जाते समय सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके परिजन को चार-चार लाख रुपए प्रति मृत व्यक्ति के मान से कुल 28 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 जून को दमोह जिले के ग्राम वांसातारखेड़ा में हुई घटना में तीन व्यक्तियों की मृत्यु होने पर उनके परिजन को चार-चार लाख रुपए कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।

इस्कॉन मंदिर मे भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री ने की आरती

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर आरती की। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और इस्कॉन मंदिर के पुजारी उपस्थित रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि श्री कृष्णा पाथेय योजना के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं के सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन में 2007 से शुरू भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की परंपरा जारी हैं। बड़े ही हर्ष और आनंद का विषय है कि इस बार भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और बहन सुभद्रा के अलग-अलग तीन रथ निकलने जा रहे हैं। इसी प्रकार प्रदेश के अलग-अलग 17 स्थानों पर भी जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के इंद्रध्युमन महाराज ने ही पुरी, उड़ीसा में जाकर जगन्नाथ धाम विकसित किया। उन्होंने ही उज्जैन से पूरी तक की सांस्कृतिक संबंध की परंपरा भी स्थापित की थी। भारत की एकता को अटूट बनाने में यह ऐतिहासिक प्रसंग महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भगवान श्री कृष्णा 5000 वर्ष पूर्व अपने भाई बलदाऊ के साथ आए थे, तब वे सांदीपनी आश्रम पैदल ही गए थे। भगवान श्री कृष्ण की उज्जैन सहित प्रदेश के अन्य स्थानों से कई लीलाएं जुड़ी है। इसलिए मध्यप्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में जहां-जहां भगवान श्री कृष्ण के चरण पग पड़े हैं, उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस्कॉन मंदिर के सभी संस्थापकों और पुजारियों को धन्यवाद भी दिया। कार्यक्रम का संचालन इस्कॉन के श्री राघव पंडित द्वारा किया गया।  

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक सैनिक शहीद हुआ, चार आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया

श्रीनगर जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए हैं। इस मुठभेड़ में एक सुरक्षाकर्मी भी शहीद हो गया। अधिकारियों ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शनिवार को एक अलग मुठभेड़ में कम से कम एक सैनिक शहीद हो गया, जबकि चार आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में तलाशी अभियान शुरू करने के बाद कुलगाम जिले के मोदरगाम गांव में पहली मुठभेड़ शुरू हुई। सुरक्षा बलों ने कम से कम दो से तीन आतंकवादियों को उनके ठिकाने पर घेर लिया है। मुठभेड़ की जानकारी देते हुए कश्मीर जोन पुलिस ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “कुलगाम जिले के मोदरगाम गांव में मुठभेड़ शुरू हो गई है। पुलिस और सुरक्षा बल काम पर लगे हुए हैं। आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी।” पहले ऑपरेशन के शुरू होने के कुछ घंटों बाद ही कुलगाम जिले के फ्रिसल चिन्नीगाम गांव में एक और मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षा बलों को इलाके में लश्कर समूह के आतंकवादियों के होने की संभावना के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। सुरक्षा बलों के गांव में पहुंचते ही गांव के एक घर में छिपे आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों स्थानों पर भीषण गोलीबारी जारी है। पिछले महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट के दो शीर्ष कमांडर पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान एक घर में फंस गए थे, जिसे वे छिपने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। सुरक्षाबलों ने सभी को मौत के घाट उतार दिया था। इस क्षेत्र में हाल ही में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। पिछले महीने ही, सुरक्षा बलों ने डोडा जिले के गंडोह इलाके में तीन आतंकवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया था।  

वरिष्ठ कश्मीरी अधिवक्ता मियां कयूम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

जम्मू विशेष अदालत ने शनिवार को वरिष्ठ कश्मीरी अधिवक्ता मियां कयूम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मियां कयूम को राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने 25 जून को श्रीनगर में अधिवक्ता बाबर कादरी की हत्या की जांच के दौरान गिरफ्तार किया था। कादरी की सितंबर 2020 में श्रीनगर शहर के हवाल इलाके में उनके घर में आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। बाबर कादरी ने मियां कयूम पर उन्हें मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। पुलिस ने कहा था कि कादरी की हत्या में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का कमांडर साकिब मंजूर शामिल था। मंजूूर और एक अन्य आतंकवादी 2022 में श्रीनगर में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। शनिवार को मियां कयूम को उसकी दूसरी रिमांड की अवधि समाप्त होने पर विशेष न्यायाधीश जतिंदर सिंह जामवाल की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 20 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा- पुलिस को असामाजिक तत्वों के मन में भय पैदा करना चाहिए, ताकि ऐसे तत्व अपराध करनेे से डरें

बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि पुलिस को असामाजिक तत्वों के मन में भय पैदा करना चाहिए, ताकि ऐसे तत्व अपराध करनेे से डरें। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि कुछ पुलिसकर्मियों को यह भी नहीं पता कि ई-बीट सिस्टम लागू है। सिद्धारमैया ने यहां पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन के उद्घाटन के बाद राज्य पुलिस से सवाल किया कि आपको बंदूकें क्यों दी जाती हैं? उपद्रवी इससे क्यों नहीं डरते? उन्होंने इस अवसर पर एक नया सॉफ्टवेयर भी जारी किया। सीएम नेे कहा कि संबंधित थानों के अधिकारियों को पता होता है कि उपद्रवी तत्व व नशे के कारोबारी कौन हैं, तो उन पर लगाम क्यों नहीं लग पा रहा है। उन्होंने पिछले एक साल में राज्य में सांप्रदायिक दंगों के बिना कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह मंत्री परमेश्वर और कर्नाटक पुलिस को बधाई दी। सीएम ने पुलिस मैनुअल के अनुसार प्रत्येक एसपी-डीसीपी-आईजी को अपने अधिकार क्षेत्र के थानों के निरीक्षण का निर्देश दिया।

हाथरस हादसा : मुख्य आरोपी को प्रकाश मधुकर को कोर्ट ने 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया

हाथरस हाथरस में सत्संग के बाद हुई भगदड़ में 121 लोगों के मारे जाने के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी को प्रकाश मधुकर को कोर्ट ने 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। आरोपी को एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। हाथरस में हुई भगदड़ की घटना के मामले में हाथरस SP निपुण अग्रवाल ने बताया, “जनपद हाथरस की SOG ने मधुकर को शुक्रवार देर शाम दिल्ली के नजफगढ़ से गिरफ्तार किया था। पुछताछ की गई है, इनकी फंडिंग अभी जांच के दायरे हैं… फंडिंग कहां से आ रही है, डोनर की लिस्ट का संकलन किया जा रहा है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

जांच में जुटी पुलिस, छत्तीसगढ़-रायपुर में दफ्तर की चौथी मंजिल से कूदा कर्मचारी

रायपुर. सगढ़ में चौथे मंजिल से छलांग लगाकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली है। नवा रायपुर स्थित पर्यावास भवन के चौथे मंजिल से एक युवक ने कूदकर खुदकुशी कर ली। मृतक उसी बिल्डिंग में हाउसिंग बोर्ड के अकाउंट शाखा में पदस्थ था। घटना के बाद परिसर में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने पर राखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। वहीं अब तक आत्महत्या की वजह सामने नहीं आया है। मृतक का नाम नरेश साहू 35 साल बताया जा रहा है। वह नवा रायपुर के पर्यावास भवन में हाउसिंग बोर्ड के अकाउंट शाखा के पद पर काम करता था। मृतक पचपेड़ी नाका में अपने परिवार के साथ रहता था। 3-4 साल पहले उसकी शादी हुई थी और एक बच्ची भी है। मृतक मूल निवासी सुपेला भिलाई का था।

भारत में हुए 21.4 अरब डॉलर मूल्य के 501 सौदे, 2022 की दूसरी तिमाही के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा

नई दिल्ली भारत में अप्रैल से जून के बीच 501 सौदे हुए हैं, जिनका मूल्य 21.4 अरब डॉलर था। यह 2022 की दूसरी तिमाही के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसकी वजह राजनीतिक स्थिरता और आने वाले बजट को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट होना है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। आने वाले छह महीनों में सौदों की गतिविधियों में और बढ़त देखने को मिल सकती है।शुक्रवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ग्रांट थॉर्नटन भारत डीलट्रैकर के मुताबिक, विलय एवं अधिग्रहण और प्राइवेट इक्विटी (पीई) सौदों की संख्या 467 रही और इनकी वैल्यू 14.9 अरब थी। अप्रैल से जून के बीच वॉल्यूम में 9 प्रतिशत का इजाफा देखे को मिला। सौदों में बढ़त की वजह अदाणी ग्रुप की ओर से इंडस्ट्रियल मटेरियल और पोर्ट सेक्टर में चार उच्च वैल्यू वाले सौदे करना था, जो कि पिछली तिमाही हुई डील की वैल्यू का 52 प्रतिशत थी। 2024 की दूसरी तिमाही में एक अरब डॉलर की एक और 30 हाई-वैल्यू डील (100 मिलियन डॉलर से अधिक) हुई है और इस वजह पिछली तिमाही के मुकाबले हाई-वैल्यू डील में 58 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पारंपरिक सेक्टर्स जैसे फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग में मजबूल डील देखने को मिली है, जो कि कुल डील का करीब 50 प्रतिशत था। 2024 की दूसरी तिमाही में 14 आईपीओ आए, जिन्होंने करीब 4.2 अरब डॉलर की राशि जुटाई। यह 2022 की दूसरी तिमाही के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा था। ग्रांट थॉर्नटन भारत में पार्टनर (ग्रोथ) शांति विजेता ने कहा, “तिमाही में मजबूत निजी इक्विटी गतिविधि और बड़े घरेलू सौदे देखे गए। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सीमा पार सौदों में गिरावट के बावजूद, घरेलू निवेश मजबूत रहा है।”

एसडीएम बयाना के निर्देश पर गांव मुर्रीकी में दरबार सजाने वाले अनिल कुमार नाम के एक बाबा को पाबंद कर दिया

भरतपुर यूपी के हाथरस में सत्संग के दौरान हुए हादसे के बाद अब भरतपुर के बयाना में भी पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है । बयाना पुलिस ने एसडीएम बयाना के निर्देश पर बयाना पंचायत समिति के गांव मुर्रीकी में दरबार सजाने वाले अनिल कुमार नाम के एक बाबा को पाबंद कर दिया है। यह बाबा भी सीआरपीएफ में सिपाही रह चुका है और अब खुद को हनुमान भक्त बताते हुए कैंसर जैसे गम्भीर बीमारियों का इलाज का दावा करता है, वह भी गुलाब की पंखड़ियों व लोंग खिलाकर। इस बाबा के दरबार मे भी सैंकड़ो की संख्या में लोग इलाज के लिये पहुचंते है और बाबा की कृपा से खुद को ठीक होने का दावा करते है। बाबा अनिल कुमार ने बताया कि वह मध्यप्रदेश के भिंड जिले के गांव सारुपुरा के निवासी हैं। वह जगह-जगह जाकर लोगो को सभी प्रकार की बीमारी से निजात दिलाने के लिए दरबार लगाते हैं।अब दरबार बयाना तहसील के गांव मुर्रकी में करीब डेढ़ माह से लगा रखा है। बाबा का दावा है कि दरबार में आने वाले लोगो को अपनी मर्जी से नहीं बल्कि हनुमान जी की कृपा से मरीजों को गुलाब के फूल की पंखुड़ियां एवं लौंग को दवा के रूप में देकर कैंसर, टीवी, लकवा, हार्टअटैक, पथरी, शुगर, ब्लडप्रेशर, बांझपन, नामर्दी, रीढ़, हाथ, पैर, सिर, मुंह, पेट, पीठ, कमर, घुटने सहित अन्य सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज कर रहे है। बाबा का दावा है कि इस गांव में डेढ़ माह में करीब 1लाख 70 हजार लोगो का ईलाज कर चुके हैं। ऐसे तमाम रोगी है जो अपनी बीमारियों का इलाज होने का दावा कर रहे है। यहां इलाज कराने के लिए लोग मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, सहित देशभर के अन्य प्रांतों से लोग पहुंच रहे थे। वैज्ञानिक युग में भी बाबा के द्वारा हर लाइलाज बीमारी के इलाज़ का दावा करना अंधविश्वास या आस्था है।अब यह फैसला आपको करना है इसे चमत्कार माना जाए या अंधविश्वास ! यहां स्पष्ट कर दें कि खास खबर ऐसे किसी भी दावे को सही नहीं ठहराता है। बाबा के दरबार को लेकर एसडीएम राजीव कुमार से जब परमिशन के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि बाबा ने किसी भी प्रकार की कोई परमिशन नहीं ली है। संबंधित थाने को निर्देश देकर के बाबा अनिल कुमार को पाबंद करवा दिया गया है और जो लोग वहां मौजूद थे उन्हें समझ करके घर भेज दिया है।

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