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06 जुलाई शनिवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मार्केटिंग, सेल्स पर्सन आज काम के सिलसिले में यात्रा कर सकते हैं और कुछ हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को विदेश जाना पड़ सकता है। ऑफिस पॉलिटिक्स का प्रभाव आप पर भी पड़ सकता है, सुनिश्चित करें कि आप इससे खुद को दूर रखेंगे। आप गोल्ड और डायमंड में निवेश कर सकते हैं।  कुछ जातक ऑनलाइन लॉटरी में अपनी रुचि दिखा सकते हैं। आपको अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। आप किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते हैं जो आपको सही मायने में समझे और जो आपके साथ डील कर सके। किसी ऐसे व्यक्ति को खोजें जो आपको वैसे ही स्वीकार करे जैसे आप हैं। वृषभ राशि- यह अपने टैलेंट, नई खोज करने और अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने का समय है। अपने आप पर भरोसा रखें। यह समय आपको अप्रत्याशित अवसरों की ओर ले जाएंगी। यह दिन आपको आर्थिक उन्नति के रास्तों पर मार्गदर्शन करेगा। अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें। ऐसी एक्टिविटीज में शामिल हों, जो मेंटल हेल्थ को बढ़ावा दें। आप मेडिटेनशन कर सकते हैं या डायरी लिख सकते हैं। यह भी सुनिश्चित करें कि आप फिजिकल एक्टीविटीज में भी शामिल होतें है, जो आपके शरीर और आत्मा दोनों को ऊर्जा प्रदान करती हो। अपने साथी की इच्छाओं का सम्मान करें और उन्हें बताएं कि आप उनकी कितनी परवाह करते हैं। अपनों के लिए आपको अपने साथी से प्रशंसा मिलेगी। कुछ स्थितियों में विचारशील होना अधिक महत्वपूर्ण है। बोलने वाले चतुर दिमाग के बजाय आपको धैर्यवान बनने की आवश्यकता है। मिथुन राशि- लव लाइफ में आ रही समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करें। इससे आप दोनों रिश्ते में एक बेहतर सुधार देखेंगे। स्वास्थ्य और धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे सावधानी से निपटने की जरूरत होगी। आपको प्रोफेशनल लाइफ में काफी तरक्की मिलेगी। इमरजेंसी में मिले कामों को सावधानी से हैंडल करें। सावधानी से धन खर्च करें। इस सप्ताह पैसों की थोड़ी तंगी हो सकती है। कुछ लोगों को भाई-बहन की दवाओं के लिए धन खर्च करने की आवश्यकता पड़ेगी। प्रतिबद्धता पर चर्चा करने का सबसे अच्छा समय अभी है क्योंकि वे इसकी पेशकश करेंगे। अगर आप प्रपोज करने के बारे में सोच रहे हैं तो आज का दिन महत्वपूर्ण है। उस व्यक्ति को खोजने का प्रयास करें जिसके साथ आप गांठ बांध सकते हैं। कर्क राशि- लव लाइफ में अधिक धैर्य रखने की जरूरत है। कर्क राशि के कुछ जातक बातचीत के दौरान अपना आपा खो सकते हैं, जिससे मुश्किलें अधिक बढ़ सकती हैं। कार्यस्थल पर समझदारी से काम करें और ऑफिस पॉलिटिक्स से बचें। साथी ही किसी से ऑफिस गॉशिप डिस्कस ना करें। कुछ लोगों को फंड प्राप्त करने में संघर्ष करना पड़ेगा। हालांकि बिजनेसमैन को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि उन्हें बिजनेस पार्टनर्स का सहयोग मिलेगा। यह दिन निवेश के लिए अच्छा रहेगा। कुछ जातकों को सीने में दर्द या पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। अगर आपका प्यार कम हो रहा है, तो आपको अपने रिश्ते पर करीब से नजर डालनी चाहिए। पता लगाएं कि समस्या का कारण क्या है और यह अपने साथी को बताएं कि यह क्या है। फिर पार्टनर को बताएं कि आपके मन में क्या है।  सिंह राशि- आपकी लव लाइफ प्यार और खुशियों से भरपूर रहेगी। साथी संग आपका बंधन मजबूत होगा। कार्यक्षेत्र में परिवर्तनों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन यह बदलाव तरक्की के मार्ग सुनिश्चित करेंगे। आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहेगी। ऐसी एक्टिविटीज में शामिल हों, जो आपको मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करें। धन-संपन्नता के अप्रत्याशित अवसर मिलेंगे। नए अवसरों की तलाश करें, जिससे आय में वृद्धि की संभावना हो। संभव है कि आप अपने रोमांटिक जीवन में किसी उलझन का अनुभव कर रहे हों। आप दोनों कुछ अलग खोजते नजर आते हैं। यह आपके मौजूदा संबंध या प्रतिबद्धता के एक नए स्तर की शुरुआत का संकेत दे सकता है। अपने डर से छुटकारा पाएं। कन्या राशि- आज आप आर्थिक रूप से संपन्न रहेंगे। इस धन का उपयोग आप म्यूचुअल फंड या स्टॉक मार्केट में निवेश कर सकते हैं। मिथुन राशि की कुछ महिलाएं आज गाड़ी खरीद सकती हैं। अपने लाइफ में नए लोगों का स्वागत करने के लिए तैयार रहें। आज आपको किसी के प्रति प्यार का एहसास होगा। आज आप उन्हें प्रपोज भी कर सकते हैं और आपको पॉजिटिव फीडबैक भी मिलेगा। नवविवाहित जातक आज जीवनसाथी संग अच्छे पल बिता सकते हैं। अपनी कल्पना का प्रयोग करते हुए अपनी भावनाओं को उस व्यक्ति तक पहुंचाएं जिसकी आप सबसे ज्यादा परवाह करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप एक संभावित रोमांटिक साथी को जीतने की कोशिश करते समय रचनात्मक शब्दों और सुखदायक स्वर का प्रयोग करें। प्रभावी ढंग से संचार करना आपके सफलता की कुंजी है। तुला राशि- आज आप की नए लोगों से मुलाकात हो सकती हैं, जिसके साथ आपकी रिलेशनशिप की शुरुआत हो सकती है। कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन आपको इससे बाहर निकलने की कोशिश करना पड़ेगा। आज निवेश के अच्छा दिन है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। आय के कई स्त्रोतों से धन लाभ हो सकता है। कुछ जातकों को पेमेंट से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आपकी रोमांटिक संभावनाओं के बारे में दूसरे लोगों का क्या कहना है, इसे न सुनें। लोगों की टिप्पणियां और राय आपके विचारों और भावनाओं के रास्ते में आती हैं।  फिलहाल लोगों की बात न सुनें और अपने रिश्ते को मजबूत बनाने की कोशिश करें। वृश्चिक राशि- अपने जीवन में नए व्यक्ति का स्वागत करने के लिए तैयार रहें। मिथुन राशि के सिंगल जातक की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। सप्ताह के मध्य तक आप प्रपोज कर सकते हैं। आपको अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। प्रोफेशनल लाइफ में आप ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेंगे। खुद को साबित करने के लिए आपको कुछ नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और आप सभी काम को डेड लाइन से पहले पूरा करने में सक्षम होंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। आय के कई स्त्रोंतो से धन लाभ होगा और यह सप्ताह सुख-समृद्धि से भरपूर होगा। अपने आप को उन प्रतिबंधों को जाने दें जो आपने अपने लिए स्थापित किए हैं। अपने प्यार को आकर्षित करने के लिए प्रयास करें। जब सामाजिककरण की बात … Read more

सुनीता विलियम्स को अंतर‍िक्ष में लेकर गए बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में सकता है विस्फोट?

वॉशिंगटन  भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर स्पेस में फंसे हुए हैं। सुनीता और विल्मोर को अपने मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर एक सप्ताह बिताने के बाद 13 जून को धरती पर लौटना था लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में खराबी के चलते उनकी वापसी नहीं हो पा रही है। अब ये भी सवाल उठने लगा है कि क्या अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को ले जा रहे बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में विस्फोट हो सकता है। यह सवाल तब सामने आया जब नासा ने विस्फोट न कराने के लिए एयरोस्पेस कंपनी की सराहना की। नासा ने बोइंग की प्रशंसा की है क्योंकि कैप्सूल पर आईएसएस की यात्रा करने वाले अंतरिक्ष यात्री तब तक वहां रह सकेंगे, जब तक बोइंग को समस्याओं को ठीक करने में समय लगेगा। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चेतावनी दी गई थी कि बोइंग कैप्सूल में समस्याएं हो सकती हैं और लिफ्टऑफ से पहले यह पता चला कि हीलियम लीक हो गया था। इन सभी नकारात्मक परिस्थितियों के बावजूद नासा जून की शुरुआत में पहले क्रू स्टारलाइनर लॉन्च के साथ आगे बढ़ा। आईएसएस की अपनी यात्रा में लीक बढ़ी और वहां पहुंचने के बाद डॉकिंग में परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2019 में अपनी पहली परीक्षण उड़ान के दौरान यह अपनी अपेक्षित कक्षा तक पहुंचने में विफल रहा था। इसके बारे में बाद में पता चला कि ऑनबोर्ड घड़ी गलत तरीके से सेट की गई थी और इसके कारण स्टारलाइनर के थ्रस्टर्स गलत समय पर चालू हो गए। नासा ने कहा- बैटरियां चार्ज हो रही हैं नासा के वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने स्पेस डॉट कॉम को बताया कि बैटरियां चार्ज हो रही हैं। हम उन बैटरियों और कक्षा में उनके प्रदर्शन को देख रहे हैं। उन्हें स्टेशन द्वारा रिचार्ज किया जा रहा है। इंजीनियरों ने बोइंग अंतरिक्ष यान में कई समस्याएं पाई हैं और नासा अभी भी ये बताने की स्थिति में नहीं है कि दोनों एस्ट्रोनॉट की वापसी कब होगी। हालांकि राहत की बात ये है कि अभी तक दोनों एस्ट्रोनॉट स्वस्थ हैं। बोइंग का स्टारलाइनर कैप्सूल 5 जून को अमेरिका के समयानुसार सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर फ्लोरिडा के केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से चालक दल के साथ अपनी पहली उड़ाने के लिए रवाना हुआ था। ये नौ दिवसीय मिशन तब पटरी से उतर गया जब हीलियम लीक ने उनकी वापसी की तारीख को अनिश्चित बना दिया है। अंतरिक्ष रहस्यों से भरी दुनिया है. नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथी बैरी विल्मोर के साथ अंतरिक्ष में फंस गई हैं. लेकिन सवाल ये है कि आखिर सुनीता विलियम्स स्पेस में कैसे फंसी हैं और उनकी धरती पर वापसी कैसे होगी. आज हम आपको बताएंगे कि अंतरिक्ष में फंसने पर किसी भी एस्ट्रोनॉट्स की धरती पर वापसी कैसे होती है.   स्पेस अंतरिक्ष के रहस्यों को सुलझाने के लिए अधिकांश देशों के वैज्ञानिक लग हुए हैं. जिसके लिए वो अलग-अलग प्रोजेक्ट करते हैं. अभी बीते जून में भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथी बैरी विल्मोर के साथ स्पेस में गई थी. लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में खराबी आने की वजह से दोनों अंतरिक्ष यात्री वापस लौट नहीं पाए हैं. अंतरिक्ष यान दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पांच जून को लेकर गया था. स्पेस में खतरा अंतरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों के ऊपर कई तरह के खतरे होते हैं. स्पेस का कोई भी प्रोजेक्ट 100 फीसदी सुरक्षित नहीं होता है. अंतरिक्ष यात्रा के दौरान, उल्कापिंड, स्पेस मलबा भी एक खतरा है. हालांकि अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स स्पेस स्टेशन में दो बार लंबा समय बिता चुकी हैं. लेकिन इस बार वो स्पेस में फंस गई हैं. उनके स्पेसक्राफ्ट में खराबी के कारण धरती पर वह नहीं आ पाई हैं. इस कारण वह अभी भी स्पेस स्टेशन में मौजूद हैं. नासा के मुताबिक मिशन को 45 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है. अब सवाल है कि आखिर इस दौरान एस्ट्रोनॉट्स के शरीर पर क्या असर पड़ेगा? और सुनीता विलियम्स और उनके साथ धरती पर कैसे लौटेंगे.  शरीर पर क्या असर? स्पेस में ज्यादा दिनों तक रहने पर शरीर के तरल पदार्थ माइक्रोग्रैविटी में ऊपर की ओर बढ़ते हैं. इस कारण हमारे शरीर के फिल्टर सिस्टम यानी किडनी को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इस दौरान शरीर में मौजूद तर ऊपर की ओर जाते हैं, जिससे चेहरे पर सूजन आ जाती है. गुर्दे उचित द्रव संतुलन बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं, जिससे संभावित रूप से डिहाइड्रेशन या फ्लूइड ओवरलोड होता है. माइक्रोग्रेविटी के कारण हड्डियों में कैल्शियम का उत्सर्जन बढ़ने से गुर्दे में पथरी का खतरा बढ़ जाता है. धरती पर कब लौंटेगी सुनीता स्पेस से वापस धरती पर सुनीता विलियम्स और उनके साथी कब लौटेंगे, इसको लेकर नासा की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. नासा के मुताबिक इस मिशन को 45 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है. अनुमान के मुताबिक सुनीता और उनके साथी की वापसी जुलाई महीने के अंत तक हो सकती है. नासा की टीम लगातार सभी तकनीकी खामियों को दूर करने और उनको समझने का प्रयास कर रही हैं. 

भारतीय न्याय संहिता के Section 69 पुरुषों को दे रही टेंशन, यह धारा पुरुषों के लिए बन रही सांसत, एक्सपर्ट से जानिए

नई दिल्ली  एक लड़की ने लड़के पर नशीला पदार्थ खिलाने और दिल्ली ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया। नतीजतन लड़के को 4 साल की जेल काटनी पड़ी। इसी साल मई की शुरुआत में बरेली की एक सत्र अदालत के सामने यह मामला आया तो कोर्ट में वह लड़की गवाही के दौरान अपने आरोपों से मुकर गई, जिस पर कोर्ट ने लड़के को बरी कर दिया। हालांकि, फिर भी वो जेल में 4 साल की जेल काट चुका था। उसे उस गुनाह की सजा मिली, जो उसने की ही नहीं थी। मामला 2019 का था,जब लड़के पर अपहरण और रेप का मुकदमा दर्ज किया गया था। कोर्ट ने लड़के को दोषमुक्त किया और लड़की को भी उतनी ही यानी 4 साल जेल की सजा सुनाई। आज बात करते हैं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जिसने 1 जुलाई 2024 से इंडियन पीनल कोड की जगह ली है। नए कानूनों में से एक सेक्शन 69 के बारे में लीगल एक्सपर्ट से जानते हैं। दरअसल, माना जा रहा है कि धारा 69 को लागू करके एक तरह से रिलेशनशिप में धोखा देने या ब्रेकअप को गैरकानूनी बना दिया गया है। पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखवाना ठीक नहीं कोर्ट ने कहा, महिलाओं के ऐसे कृत्य से जो असली पीड़िता हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। यह समाज के लिए बेहद गंभीर है। अपने मकसद की पूर्ति के लिए पुलिस व कोर्ट को माध्यम बनाना आपत्तिजनक है। महिलाओं को पुरुषों के हितों पर आघात करने की छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने ये भी कहा कि यह मुकदमा उन महिलाओं के लिए नजीर बनेगा जो पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखाती हैं। श्री 420 नहीं , अब श्री 318 कहिए, आज से लागू हो जाएंगे तीन नए आपराधिक कानून, जानिए क्या-क्या बदलेगा क्या है धारा 69, यह रेप से कितना अलग सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता का सेक्शन 69 कहता है कि जो भी छल या धोखा देकर या शादी का वादा करके पार्टनर से संबंध बनाता तो ऐसा यौन संबंध रेप की कैटेगरी में नहीं आएगा। ऐसे मामलों में सजा होगी, जो कम से कम 1 साल और अधिकतम 10 साल तक हो सकती है और साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह धारा उन मामलों में लागू होगी जो रेप की कैटेगरी में नहीं आते हैं। ये आंकड़े एनसीआरबी के 2019 तक के हैं कानून की नजर में क्या है धोखा देना एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत बताते हैं कि धोखा देने का मतलब यह है कि पार्टनर को संबंध बनाने के लिए प्रेरित करना या नौकरी, प्रमोशन या शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाना। कानूनी रूप से लोचा यहीं पर है। अनिल सिंह कहते हैं कि सेक्शन 69 बेहद व्यापक है। इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। जिस तरह से रेप के झूठे मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए अलग से इस पर कानून बनाया जाना जरूरी था। मगर, इसके बावजूद यह पुरुषों के लिए ज्यादा टेंशन देने वाला है। क्योंकि ज्यादातर रिलेशनशिप में ब्रेकअप होते रहते हैं। ऐसे में महिला पार्टनर के एफआईआर दर्ज कराने की आशंका बनी रहती है। 69 में ऐसा क्या है, जो पुरुषों के लिए टेंशन की बात एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, आप किसी भी रिलेशनशिप को यह साबित नहीं कर सकते कि वह ठीक से चल रहा है या नही। आप सभी मैसेज या फोन कॉल्स रिकॉर्ड नहीं कर सकते। सबसे बड़ी बात यह है कि आप यह कैसे साबित करोगे कि किसी ने धोखा या छल किया है या नहीं। ईगो की लड़ाई में पुरुष पार्टनर को हो रही जेल दिल्ली के साकेत कोर्ट में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला बताते हैं कि सेक्शन 69 के तहत यह पहले ही मान लिया जाता है कि पुरुष ही आरोपी है। यह उस आरोपी का दायित्व हो जाता है कि वह खुद साबित करे कि वह निर्दोष है। बहुत सी महिलाएं ऐसी आती हैं, जब उनकी रिलेशनशिप खराब हो जाती है तो वह पुरुष पार्टनर को परेशान करने के लिए या अपने ईगो को शांत करने के लिए उस पर रेप का आरोप लगा देती हैं। नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि धारा 69 में नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं है, क्योंकि शादी के वादे को प्रमोशन के वादे के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। शादी का वादा प्यार और भरोसे पर टिका होता है। वहीं नौकरी या प्रमोशन एक तरह का फायदा लेना है। पहले क्या था नियम, अब क्यों हटाया गया अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 के तहत ‘धोखे से यौन संबंध’ के अपराध को परिभाषित नहीं किया गया था। हालांकि, उसकी धारा 90 कहती है कि यौन संबंध की वो सहमति अवैध मानी जाएगी जो तथ्य की गलतफहमी में दी गई है। यदि सहमति किसी व्यक्ति ने डर या दबाव में आकर दी है, तो वो भी मान्य नहीं होगी। ऐसे मामलों में आरोपियों पर धारा 375 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज होता था। उस वक्त शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों को रेप की कैटेगरी में डाल दिया जाता था, जिसमें कठोर सजा होती है। आज लिवइन रिलेशनशिप या लड़के-लड़की के साथ रहने का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में आपसी सहमति से जब यौन संबंध बनाए जाते हैं तो उसे रेप की कैटेगरी में रखना ठीक नहीं था। कई मौकों पर अदालत कह चुकी है कि शादी का वादा करने का मतलब यह नहीं है कि कोई लड़की अपने पार्टनर के साथ संबंध बना ही ले। उसे तब भी इससे बचना चाहिए। बदले के लिए पुरुष पार्टनर पर लगा देती हैं आरोप एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि कई बार निजी भड़ास निकालने के लिए, किसी बात का बदला लेने के लिए, मुआवजा हासिल करने के लिए भी रेप के झूठे आरोप लगाए जाते हैं। यह भी देखा गया है कि रिलेशनशिप खत्म होने पर भी पुरुष पार्टनर पर रेप का आरोप लगा दिया जाता है। परिवार के दबाव में भी लड़कियां रेप का आरोप लगा देती हैं। 2017 … Read more

दिग्गज अर्थशास्त्री और नीति निर्माता ने कहा- 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर भारत अग्रसर

नई दिल्ली  भारत के बड़े अर्थशास्त्री और नीति निर्माताओं में एक एनके सिंह ने कहा है कि विश्व भारत के युग में प्रवेश की दहलीज पर खड़ा है और तेज वृद्धि दर होने के कारण देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है।भारत के बड़े अर्थशास्त्री (Economist) और नीति निर्माताओं (Policy Maker) में एक एनके सिंह (NK Singh) ने कहा है कि विश्व भारत के युग में प्रवेश की दहलीज पर खड़ा है और तेज वृद्धि दर होने के कारण देश 2047 तक विकसित राष्ट्र (Developed Country) बनने की ओर बढ़ रहा है. सिंह ने ये बातें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (London School of Economics and Political Science) यानी एलएसई (LSI) में प्रतिष्ठित मानद फेलोशिप (Fellowship) प्रदान किए जाने के दौरान अपने संबोधन में कहीं. सम्मान मिलने बाद क्या कहा? एनके सिंह भारत के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हैं. वे 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं. एनके सिंह ने आगे कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन और पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन जैसे भारतीयों की श्रेणी में आकर गर्व महसूस हो रहा है. सिंह ने ये बातें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (एलएसई) में प्रतिष्ठित मानद फेलोशिप प्रदान किए जाने के दौरान अपने संबोधन में कहीं। सिंह ने आगे कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन और पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन जैसे भारतीयों की श्रेणी में आकर गर्व महसूस हो रहा है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया कि सिंह को दिया गया सम्मान एलएसई के साथ लंबे समय तक और प्रतिबद्ध संबंधों और एलएसई के भारत सलाहकार बोर्ड के सह-अध्यक्ष के रूप में भारत के साथ संबंधों को सुविधाजनक बनाने में उसके प्रयासों को मान्यता देता है। अपने संबोधन में सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में वह और सभी केंद्रीय मंत्री 2047 के विकसित भारत के विजन को लेकर प्रतिबद्ध हैं। अगले दशकों तक भारत को विकास दर की इस रफ्तार को बनाए रखने की जरूरत है। भारत दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की विकास दर 8.2 प्रतिशत थी, जो कि चालू वित्त वर्ष में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एनके सिंह भारत के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। वे 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं। इससे पहले, वे राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन समीक्षा समिति (एफआरबीएम) के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे 2008 से 2014 तक संसद के उच्च सदन, राज्य सभा के सदस्य भी रहे। इस दौरान उन्होंने लोक लेखा समिति, विदेश मामलों की समिति और मानव संसाधन विकास समिति सहित कई प्रमुख संसदीय स्थायी समितियों में योगदान दिया।

सरकारी तेल कंपनियां ब्राजील से तेल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक लॉन्ग टर्म समझौता चाहती है

नई दिल्ली  देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में मार्च से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आम चुनावों से पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर आम लोगों को राहत दी है। तब पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में प्रति लीटर दो रुपये की कटौती की गई थी। इस कटौती के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये और डीजल की कीमत 87.62 रुपये रह गई थी। लेकिन जल्दी ही पेट्रोल-डीजल की कीमत में गिरावट आ सकती है। मिंट की एक खबर के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां ब्राजील से कच्चे तेल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक लॉन्ग टर्म समझौता करने के वास्ते बातचीत कर रही हैं। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है और पिछले कुछ समय से अपनी सप्लाई को डाइवर्सिफाई करने में लगा है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ब्राजील की दिग्गज तेल कंपनी पेट्रोब्रास के साथ बातचीत कर रही हैं। ब्राजील दुनिया में कच्चे तेल का सातवां बड़ा उत्पादक और एक्सपोर्टर है। भारतीय कंपनियों के अधिकारियों ने अप्रैल में ब्राजील का दौरा किया था। बीपीसीएल अभी अपनी रिफाइनरीज में ब्राजील के कच्चे तेल की टेस्टिंग कर रही है। जल्दी ही कॉन्ट्रैक्ट पर साइन होने की उम्मीद है। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुआ है कि ब्राजील से कितना कच्चा तेल मंगाया जाएगा। क्यों बढ़ रही है कीमत सूत्रों का कहना है कि भारतीय कंपनियां ब्राजील की कंपनी के साथ अलग-अलग बातचीत कर रही हैं लेकिन इसकी शर्तें एक ही तरह की हो सकती हैं। भारत परंपरागत रूप से पश्चिम एशिया से कच्चा तेल मंगाता रहा है क्योंकि यह सस्ता पड़ता है। लेकिन जानकारों का कहना है कि जब कंपनियां कंसोर्टियम के रूप में मोलभाव करती हैं तो उन्हें सस्ता पड़ता है। भारतीय कंपनियां ऐसे वक्त ब्राजील से कच्चे तेल की सप्लाई के लिए बातचीत कर रही हैं जब पश्चिम एशिया और यूक्रेन में संघर्ष और होरमुज की खाड़ी से सप्लाई में बाधा के कारण कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है। भारत के तेल आयात में ब्राजील की हिस्सेदारी बहुत कम है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत ने ब्राजील से 1.46 अरब डॉलर का कच्चा तेल आयात किया था जबकि भारत का कुल ऑयल बिल 139.85 अरब डॉलर रहा था। पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत का सबसे बड़ा सप्लायर रूस रहा। ब्राजील का तेल उत्पादन पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2023 में देश में कच्चे तेल का उत्पादन करीब 13 फीसदी बढ़कर 34 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज कच्चा तेल मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। ब्रेंट क्रूड 30 सेंट की गिरावट के साथ 87.17 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

अनिल अंबानी की आर-इन्फ्रा पर छह बैंकों का 1700 करोड़ रुपये बकाया, कर्ज चुकाएगी महाराष्ट्र सरकार!

मुंबई महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने मुंबई मेट्रो की सबसे पुरानी लाइन मेट्रो 1 को खरीदने की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लेकिन राज्य मंत्रिमंडल ने एमएमआरडीए (MMRDA) की कार्यकारी समिति को एकमुश्त निपटान के माध्यम से मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) के 1,700 करोड़ रुपये के कर्ज का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। 11.4 किमी लंबा मेट्रो-1 कॉरिडोर वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर के बीच है। यह मुंबई मेट्रो का एकमात्र कॉरिडोर है जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए बनाया गया था। इसके लिए एक स्पेशल पर्पज वीकल MMOPL बनाई गई थी। इसमें एमएमआरडीए की 26% और अनिल अंबानी (Anil Ambani) की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) की 74% हिस्सेदारी है। इस कॉरिडोर में रोजाना 4.6 लाख यात्री सफर करते हैं। इस न्यूज से रिलायंस इन्फ्रा का शेयर करीब 10 फीसदी उछल गया। शेयर मार्केट में गिरावट के बावजूद कंपनी का शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान 206.65 रुपये तक पहुंचा। MMOPL पर कुछ छह बैंकों का बकाया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, आईडीबीआई बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और आईआईएफसीएल (यूके) शामिल हैं। मार्च 2024 में कंपनी ने अपने ऋणदाताओं के साथ एक समझौता किया था जिसके तहत अपने पूरे ऋण का निपटान करने के लिए 1,700 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की गई। इस व्यवस्था के तहत, एमएमआरडीए और एमएमओपीएल ने ऋणदाताओं को 171 करोड़ रुपये का प्रारंभिक भुगतान किया। सूत्रों ने बताया कि अब 26 जून को कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एमएमआरडीए की कार्यकारी समिति से एकमुश्त निपटान के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कहा जाए। कैबिनेट ने पलटा फैसला उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल ने मेट्रो-1 में रिलायंस इन्फ्रा की 74% हिस्सेदारी को एमएमआरडीए द्वारा 4,000 करोड़ रुपये में खरीदने को मंजूरी दे दी थी। लेकिन एमएमआरडीए ने कहा कि उसके पास इसके लिए पैसे नहीं हैं। उसने राज्य सरकार से फंड देने का अनुरोध किया लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया। राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में अपने खरीद निर्णय को उलट दिया था। अब एमएमआरडीए कमिश्नर इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एमएमओपीएल के सभी छह ऋणदाताओं के साथ एक बैठक आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। अप्रैल 2023 से जून 2024 तक एमएमओपीएल ने 225 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज चुकाया है। एमएमओपीएल को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दिवालियापन की कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा था। आईडीबीआई बैंक ने 133.37 करोड़ रुपये के बकाये पर अक्टूबर 2023 में दिवालियापन की कार्यवाही शुरू की, जबकि एसबीआई ने 416 करोड़ रुपये की चूक के कारण अगस्त 2023 में कार्यवाही शुरू की। एमएमआरडीए ने 170 करोड़ रुपये यानी वन-टाइम सेटलमेंट की 10 फीसदी राशि का भुगतान किया था। उसके बाद एनसीएलटी ने दिवालियापन के मामलों का निपटारा कर दिया था। इस बारे में संपर्क करने पर एमएमओपीएल के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एमएमआरडीए के अधिकारी भी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 2,356 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेट्रो लाइन 1 घाटे में नहीं है, लेकिन वित्तीय संकट में फंसा अनिल अंबानी ग्रुप इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलना चाहता है। एमएमआरडीए और एमएमओपीएल के बीच 2007 में कनसेशन एग्रीमेंट पर साइन हुए थे। यह कॉरिडोर 2014 में ऑपरेशनल हुआ था। इसकी लागत को लेकर भी एमएमओपीएल और एमएमआरडीए के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। एमएमओपीएल का दावा है कि इस कॉरिडोर को बनाने में 4,026 करोड़ रुपये का खर्च आया था जबकि एमएमआरडीए का कहना है कि इसकी मूल लागत 2,356 करोड़ रुपये थी।

मप्र में वर्ष 2019 -20 से वर्ष 2023-24 तक फसलों का बीमा नहीं किया गया, 3.47 लाख से अधिक किसान हो रहे प्रभावित

भोपाल मध्य प्रदेश में पिछले 5 साल से मौसम आधारित उद्यानिकी फसलों का बीमा नहीं किया जा रहा है। प्रतिवर्ष प्रदेश के तीन लाख 46 हजार से अधिक किसान फसल बीमा से वंचित रह जाते हैं। यह स्थिति तब है जब सरकार खेती से आय बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने में लगी है। जबकि महाराष्ट्र जैसे राज्यों में किसानों को उद्यानिकी फसलों के बीमा कवरेज की व्यवस्था की गई है। वहीं, मप्र में वर्ष 2019 -20 से वर्ष 2023-24 तक फसलों का बीमा नहीं किया गया है। शुक्रवार को विधानसभा में पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने उद्यानिकी फसलों का बीमा किए जाने का प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि 5 साल से फसलों का बीमा क्यों नहीं किया जा रहा है। मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बताया ये कारण जवाब में उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बताया कि जल्द बीमा कराने का प्रयास कर रहे हैं, इसके लिए अर्चना चिटनीस भी दिल्ली गई थीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से रबी 2022-23 के लिए छह बार टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन दरें अधिक आने के कारण योजना का क्रियान्वयन नहीं किया जा सका। रबी 2022-23 से रबी 20223-24 के लिए निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन एक ही निविदा प्राप्त होने के कारण निविदा नहीं खोली गई। खरीफ 2023-24 से रबी 2025-26 के लिए निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन विभाग द्वारा केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशानुसार आगामी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए केंद्र से भी बात करके शीघ्र फसल बीमा कराने का प्रयास करेंगे। 16.41 लाख किसानों ने योजना का लिया था लाभ बता दें कि वर्ष 2015 से 2019 तक मध्य प्रदेश के 21 लाख 31 हजार 919 किसानों फसल बीमा के लिए पंजीयन कराया था। इसमें से 16 लाख 41 हजार 685 किसानों ने उद्यानिकी फसल बीमा योजना का लाभ लिया। इसके बाद से बीमा बंद है।

युवती अपने पति के साथ पहली मुलाकात सेलिब्रेट करने गई थी, सड़क हादसे में हुई मौत

इंदौर एबी रोड पर युवती सड़क हादसे का शिकार हो गई। बाइक की टक्कर से उसकी मौत हो गई। युवती अपने पति के साथ पहली मुलाकात सेलिब्रेट करने गई थी। सड़क क्रॉस करते वक्त तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी। सिर में चोट लगने से घायल युवती को अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन उसकी मौत हो गई। ढाबे पर खाना खाने गए थे घटना किशनगंज थाना अंतर्गत की है। पातालपानी निवासी 25 वर्षीय संगीता ने छह महीने पूर्व ही भाटखेड़ी(पीथमपुर)निवासी सनी भाटिया से प्रेम विवाह किया था। सनी ने पुलिस को बताया एक वर्ष पूर्व दोनों की मुलाकात हुई थी। गुरुवार को पहली मुलाकात सेलिब्रेट करने के लिए संगीता को ढाबा पर खाना खिलाने ले गया था। टक्कर के बाद 10 फीट दूर गिरी युवती संगीता मोबाइल पर सहेली से बात करते हुए रोड क्रॉस कर रही थी। तेज रफ्तार में आई बाइक ने संगीता को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि संगीता 10 फीट दूर जाकर गिरी। राहगीरों की मदद से उसे अस्पताल भिजवाया लेकिन उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को एमवाय अस्पताल में संगीता के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। भीड़ ने बाइक सवार एक युवक को मौके पर ही पकड़ लिया। उसका साथी बाइक छोड़कर भाग गया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। बाइक चालक शराब के नशे में था।

उद्धव ठाकरे और संजय राउत दो मुंह की पराकाष्ठा हैं, सोनिया गांधी के इशारे पर विष वमन कर रही नकली शिवसेना : प्रेम शुक्ला

मुंबई भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे पर जोरदार जुबानी हमला बोला। उद्धव ठाकरे की पार्टी को नकली शिवसेना बताते हुए उन्होंने सोनिया गांधी के इशारे पर चलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे और संजय राउत दो मुंह की पराकाष्ठा हैं। जिस सोनिया गांधी को बाला साहेब ठाकरे ‘इटली वाली बाई’ कहते थे, उनके चरण पखारने में उनको कोई संकोच नहीं है। लेकिन, अगर टीम इंडिया के विजय उत्सव में गुजरात की बस का इस्तेमाल हो जाए तो इनको अत्यंत पीड़ा है। उन्होंने कहा कि अच्छा हुआ कि संजय राउत ने इस बात पर आपत्ति नहीं जताई कि हार्दिक पांड्या की गेंद पर कैच पकड़ने के लिए सूर्य कुमार यादव क्यों लपक पड़े? ‘इटली वाली बाई’ के इशारे पर जिस तरह से विष-वमन नकली शिवसेना के नेता कर रहे हैं, वह विभाजनकारी कांग्रेस की सोच का परिचय दे रहा है। दरअसल, भारतीय क्रिकेट टीम का मुंबई के मरीन ड्राइव पर विजय जुलूस निकला था। इस विजय जुलूस में गुजरात की बस का इस्तेमाल किया गया था। विजय जुलूस में ‘बेस्ट’ (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) की बस का इस्तेमाल नहीं किए जाने पर राजनीति शुरू हो गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा था कि 2007 में टी-20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम के विजय जुलूस में ‘बेस्ट’ की बस का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन, इस बार गुजरात से बस मंगाई गई। क्या यह महाराष्ट्र का अपमान नहीं है? क्या इसका मतलब यह है कि मुंबई में गुणवत्तापूर्ण बसें नहीं बनतीं? मुख्यमंत्री क्यों चुप हैं?

पहली बार जल बोर्ड में भ्रष्टाचार को भी जांच एजेंसी ने अपने दायरे में लिया: भाजपा सांसद मनोज तिवारी

नई दिल्ली दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम एक्शन मोड में है। मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में छापेमारी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक ईडी की टीम को छापेमारी के दौरान 41 लाख रुपये कैश बरामद हुआ है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि यह एक अच्छा कदम है। पहली बार जल बोर्ड में भ्रष्टाचार को भी जांच एजेंसी ने अपने दायरे में लिया है। इससे दिल्ली की आंखें खुलेंगी। हम बार-बार कह रहे हैं कि दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। आम आदमी पार्टी का नेतृत्व सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। वो उसको प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह जांच का विषय है कि ईडी की छापेमारी में जो पैसे पकड़े गए हैं वो कहां से आए। इसका निराकरण होना चाहिए। दिल्ली जल बोर्ड कथित भ्रष्टाचार मामला कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ईडी की टीम इस मामले की जांच कर रही है। ईडी ने छापेमारी के दौरान 41 लाख रुपये नकद समेत कुछ दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें कई कंपनियों के ऊपर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं। इनमें यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड, कोरोनेशन पिलर, नरेला, रोहिणी (पैकेज 3) और कोंडली (पैकेज 4), पप्पनकला, निलोठी (पैकेज 1), नजफगढ़ और केशोपुर (पैकेज 2) कंपनियां शामिल हैं। इन पर 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के संवर्धन और उन्नयन के नाम पर डीजेबी में धांधली करने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, 1,943 करोड़ रुपये के चार टेंडर लगभग दो साल पहले अक्टूबर, 2022 में विभिन्न संयुक्त उद्यम संस्थाओं को दिए गए थे। इनमें से सिर्फ तीन जेवी कंपनियों ने भाग लिया था।

बारिश में ऐसे हालात नहीं बने, इसके लिए दिल्ली सरकार लगातार इस मुद्दे पर अपने अधिकारियों के साथ की अहम मीटिंग

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने अपने अधिकारियों और एनडीआरएफ की टीमों के साथ एक हाई लेवल बैठक की। इस बैठक का एजेंडा रहा आने वाले दिनों में अगर ज्यादा बारिश होती है तो पिछले साल जैसे हालात दिल्ली में ना बने। दरअसल, दिल्ली में पिछले साल बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। यमुना नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर से ऊपर पहुंच गया था। इस बार बारिश में ऐसे हालात नहीं बने, इसके लिए दिल्ली सरकार लगातार इस मुद्दे पर अपने अधिकारियों के साथ बैठक कर रही है। साथ ही अलग-अलग जगह पर कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जिससे किसी भी हालात की निगरानी की जा सके। दिल्ली सरकार की जल मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि दिल्ली में पिछली बार यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। जिस वजह से काफी परेशानी हुई थी। लेकिन, इस बार पूरी तैयारी कर ली गई है। इस बार पूर्वी जिले के डीएम ऑफिस में बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें सभी विभागों के अधिकारी तैनात रहते हैं। यहां से हर समय निगरानी रखी जा रही है। हथिनी कुंड बैराज से 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी के रिलीज़ होते ही बाढ़ नियंत्रण विभाग समेत सभी एजेंसी सक्रिय हो जाएंगी। आतिशी के मुताबिक मीटिंग में सभी तैयारियों का जायजा लिया गया। बैठक में एनडीआरएफ की तरफ से भी अधिकारी आए थे। हम उम्मीद करते हैं कि दिल्ली में इस बार बाढ़ की स्थिति ना आए, लेकिन अगर ऐसा होता भी है तो दिल्ली सरकार पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पिछले 2 दिन में अच्छी बारिश हुई है। जिससे हथिनी कुंड बैराज से ज़्यादा पानी डिस्चार्ज हो रहा है। हालांकि, अभी वहां से 352 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जब इस बैराज से 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी डिस्चार्ज होता है, तभी बाढ़ की आशंका होती है। पिछली बार हथिनीकुंड से ज़्यादा पानी छोड़ा गया और आईटीओ बैराज के गेट नहीं खुलने की वजह से स्थिति बिगड़ गई थी। इस बार आईटीओ बैराज के सभी गेट खुलवा दिए गए हैं और जो गेट नहीं खुले, उन्हें कटवा दिया गया है।

रावतपुरा सरकार विवि के स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल उप मुख्यमंत्री

रायपुर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज रायपुर के धनेली स्थित श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में श्री सदगुरू प्राकट्य महोत्सव और स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और इंडो-नेपाल यूथ गेम्स में पदक जीतने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ और भारत में पिछले सात वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह विश्वविद्यालय शिक्षा और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के साथ ही संस्कार और आध्यात्म से भी जुड़ा है। यहां विदेशों से भी विद्यार्थी अध्ययन के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय से ही भारत पूरी दुनिया को देते आया है। चिकित्सा, विज्ञान, वेद, आध्यात्म जैसी चीजें भारत ने दुनिया को दी हैं। हमारी संस्कृति और कल्पना इतनी व्यापक है कि श्वसुधैव कुटुंबकमश् को अपनाते हुए हम पूरी दुनिया को अपना परिवार मानते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बीते दस वर्षों में विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ा है। मजबूत भारत के निर्माण की नींव इन दस वर्षों में रखी गई है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित कर अपने लिए सीमा मत बांधिए। आप अपने विषय और अपने क्षेत्र में समर्पण और निष्ठा से काम करें। एक दिन आप शिखर पर होंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया कि अपने क्षेत्र में कड़ी मेहनत और लगन से आप भी शीर्ष पर पहुंच सकते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.के. सिंह ने भी समारोह को संबोधित किया। प्रति-कुलाधिपति श्री हर्ष वर्धन ने समारोह में स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। कुल सचिव डॉ. सौरभ कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन पढ़ा। विश्वविद्यालय के डीन (एकेडमिक्स) सहित सभी प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज एक आम मेटाबोलिक लिवर डिसऑर्डर है जो बाद में लिवर कैंसर में बदल सकता है: डॉ. जितेंद्र

नई दिल्ली केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत में हर तीसरा व्यक्ति फैटी लिवर से पीड़ित है, जो टाइप-2 मधुमेह और मेटाबोलिक डिसऑर्डर के पहले की स्‍थिति है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र ने कहा कि नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज एक आम मेटाबोलिक लिवर डिसऑर्डर है जो बाद में सिरोसिस और प्राइमरी लिवर कैंसर में बदल सकता है। यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कई अन्य बीमारियों से पहले होता है। एक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के रूप में मैं फैटी लिवर की बारीकियों और मधुमेह व अन्य मेटाबोलिक डिसऑर्डर के साथ इसके संबंध को मैं समझता हूं। वह राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज में मेटाबोलिक लिवर रोगों की रोकथाम और उपचार के लिए एक वर्चुअल नोड, इंडो फ्रेंच लिवर एंड मेटाबोलिक डिजीज नेटवर्क के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे। इस नोड में ग्यारह फ्रांसीसी और 17 भारतीय डॉक्टर संयुक्त रूप से काम करेंगे। मंत्री ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप और यूरोप दोनों में जीवन शैली आहार में परिवर्तन और मुख्य रूप से मधुमेह और मोटापे जैसे मेटाबॉलिक सिंड्रोम के कारण नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में यह डिजीज लगभग 20 प्रतिशत गैर-मोटे रोगियों में होती है, जबकि पश्चिम में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के अधिकांश मामले मोटापे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत और फ्रांस दोनों में अल्कोहलिक लिवर डिजीज के काफी मामले हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज और अल्कोहलिक लिवर डिजीज दोनों ही स्टेटोसिस से लेकर स्टेटोहेपेटाइटिस सिरोसिस और एचसीसी तक एक समान प्रगति प्रदर्शित करते हैं। डॉ. जितेंद्र ने कहा कि भारत न केवल उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवा में बल्कि निवारक स्वास्थ्य सेवा में भी वैश्विक अग्रणी बन गया है, जो पिछले दशक में भारत की प्रगति को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि फैटी लिवर के विभिन्न चरणों और गंभीर, पूर्ण विकसित बीमारियों में उनकी प्रगति का पता लगाने के लिए सरल, कम लागत वाले नैदानिक ​​परीक्षण विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने महत्वपूर्ण रूप से कहा कि दृष्टिकोण और एल्गोरिदम भारतीय संदर्भ के अनुरूप होने चाहिए, कम कीमत के साथ सावधानी बरतने वाले होने चाहिए।

खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में हिंसा से ग्रस्त प्रांत है, विस्फोट में 3 की मौत, 8 घायल

इस्लामाबाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को हुए विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। वहां की पुलिस के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में हिंसा से ग्रस्त प्रांत है। यह विस्फोट प्रांत के मर्दन जिले के तख्त-ए-बही इलाके में एक पुल पर हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। इस विस्फोट में पुलिसकर्मियों सहित आठ अन्य घायल हो गए। जिला पुलिस अधिकारी मर्दन जहूर बाबर अफरीदी ने मीडिया को इस बारे में जानकारी दी। खबर के मुताबिक, उन्होंने कहा कि विस्फोट का निशाना पुलिस अधिकारी ही थे। विस्फोट तब हुआ, जब पुलिस का एक वाहन पुल के ऊपर से गुजर रहा था। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुल पर एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस लगाया गया था। विस्फोट के बाद बचाव दल, पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को पास के अस्पताल ले गए । इलाके की घेराबंदी कर दी गई है, जबकि अपराधियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इससे पहले गुरुवार को प्रांत के बाजौर जिले में हुए विस्फोट में सीनेट के एक पूर्व सदस्य समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।

रोहित समेत सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे और यशस्‍वी जायसवाल को महाराष्ट्र विधानसभा में किया सम्‍मानित

नई दिल्ली टी20 वर्ल्‍ड कप 2024 का खिताब जीतने के बाद गुरुवार को भारतीय टीम की स्‍वदेश वापसी हुई। बारबाडोस से दिल्‍ली पहुंची भारतीय टीम प्रधानमंत्री आवास में पीएम नरेंद्र मोदी से मिली। इसके बाद विजेता टीम ने मुंबई में हुई विक्‍ट्री परेड में हिस्‍सा लिया। मरीन ड्राइव पर लाखों फैंस ने रोहित शर्मा एंड कंपनी का ऐतिहासिक स्‍वागत किया। इसके बाद कप्‍तान रोहित शर्मा को महाराष्ट्र विधान भवन में सम्‍मानित किया गया। रोहित के अलावा सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे और यशस्‍वी जायसवाल को भी महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने सम्‍मानित किया। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम को 11 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की। ऐसा कार्यक्रम यहां कभी नहीं हुआ महाराष्ट्र विधान भवन में हुए एक कार्यक्रम में रोहित शर्मा ने मराठी में कहा, “सभी को नमस्कार। सीएम सर हमें यहां बुलाने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत अच्छा लगा सबको देखकर। सीएम सर ने बताया कि ऐसा कार्यक्रम यहां कभी नहीं हुआ है। हमें अच्छा लगा ऐसा कार्यक्रम हमारे लिए हो रहा है। कल जो हमने मुंबई में देखा वो हमारे लिए एक सपने की तरह है। हम वर्ल्‍ड कप लाने के लिए इतने साल रुके। हमने आखिरी बार 2013 में चैम्‍पियंस ट्रॉफी जीती थी।” जीत में पूरी टीम का योगदान रोहित शर्मा ने कहा, “ये केवल सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे या मेरी वजह से नहीं हुआ। जीत में पूरी टीम का योगदान है। मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं जो ऐसी टीम मुझे मिली। ये सभी सॉलिड प्लेयर्स थे।” रोहित ने मजाकिया अंदाज में कहा, “सूर्यकुमार यादव ने भी बताया कि उसके हाथ में कैच बैठ गया। अच्छा हुआ वह बैठ गया नहीं तो मैंने उसको बैठा दिया होता।” साउ‍थ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में सूर्यकुमार यादव ने डेविड मिलन का बेहतरीन कैच लपका था। आखिरी ओवर की पहली गेंद पर पकड़े गए इस कैच में मैच का रुख बदल दिया और भारतीय टीम ने 7 रन से मुकाबले को अपने नाम किया।

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