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जब बाबा वहां से निकले तो भगदड़ मची, जिससे लोग कुचल कर मर गए, इसमें साजिश जैसी कोई बात नहीं: रामगोपाल

इटावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने हाथरस की घटना को लेकर कहा कि उनकी नजर में हाथरस की घटना एक हादसा है, हादसे होते रहते हैं। उम्मीद से ज्यादा आस्थावान लोग वहां पर आ गए थे। रामगोपाल ने कहा कि जब बाबा वहां से निकले तो लोगों में भगदड़ मच गई, जिससे लोग कुचल कर मर गए। इसमें साजिश जैसी कोई बात नजर नहीं आती है। वे सैफई में अपने आवास पर गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। रामगोपाल ने कहा कि हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है और जो लोग घायल हैं उनके प्रति मेरी सहानुभूति है। सरकार को चाहिए कि उनको मुआवजा भी सही से दे और इलाज भी सही से कराए। आगे कोई ऐसी घटना न हो इसको लेकर कानून बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी आयोजन ऐसे होते हैं सारी व्यवस्थाएं डॉक्टर, बैरिकेडिंग, फायर ब्रिगेड आदि होनी चाहिए। अब सरकार जांच कर रही है। उसके बाद सब कुछ साफ हो जाएगा। बाबा के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका कोई औचित्य नहीं है।

पूर्व सीएम अशोक गहलोत और वसुंधरा कर चुकी हैं तारीफ, राजस्थान-जोधपुर में एक रुपये में शादी

जोधपुर. महंगाई के इस दौर में जहां शादी-विवाह के नाम पर लोग लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन राजस्थान के जोधपुर जिले में एक ऐसा संस्थान है, जो विवाह के नाम पर फिजुल खर्च को रोकने के लिए गरीब परिवारों के लोगों का मात्र एक रुपये में शादी करवाता है। बता दें कि जोधपुर में मुस्लिम समाज के लोगों के लिए यह अनूठी पहल चलाई जा रही है, जिसे ‘मारवाड़ शेख सय्यद मुगल पठान विकास संस्थान’ चला रही है। संस्थान ने बीते नौ साल में अब तक करीब 110 लोगों का निकाह करवाया है। इस शादी का खर्च मुस्लिम समाज के 140 लोगों द्वारा अपने स्तर पर उठाया जाता है। जबकि शादी के लिए गरीब जरूरतमंद लोग केवल एक रुपये का खर्च देते हैं। संस्थान द्वारा हर साल करीब 15 से 20 जोड़ों का निकाह नवाचार के आधार पर कराया जाता है। आगामी 20 अक्तूबर 2024 को संस्थान अपना 10वां सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन में करीब 15 से अधिक जोड़ों का निकाह कराया जाएगा। क्या है संस्थान का उद्देश्य संस्थान का उद्देश्य है, जिस प्रकार से शादी के नाम पर चार से पांच दिन तक कई वैवाहिक आयोजन होते हैं। साथ ही दिखावटी की प्रतिस्पर्धा में लाखों रुपये की फिजूल खर्च किए जाते हैं। इससे निम्न मध्यम वर्ग परिवारों पर इसका काफी असर दिखता है। ऐसे में महज एक रुपये में गरीब और जरूरतमंद की शादी करवाना अनूठी पहल है। शादी करवाने के अलावा हर जोड़े को घरेलू जरूरत के समान और दुल्हन को आवश्यक श्रृंगार के समान भी तोहफे स्वरूप दिए जाते हैं। इस अनूठी पहल के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे भी प्रशंसा पत्र के जरिए उनकी कार्यों की सराहना कर चुके हैं। अब तक इतने लोगों की हुई शादी मुस्लिम समाज के हाजी हमीम बख्श ने बताया, साल 2002 में हमने इस पहल की शुरुआत की। इसका उद्देश्य समाज के गरीब जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना है। समाज में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले वह लोग जो आर्थिक रूप से अपने बच्चों की शादी कराने में असमर्थ हैं। ऐसे लोगों के लिए हमने इसकी शुरुआत की और मात्र एक रुपये के नाम मात्र शुल्क में उनका निकाह भी करवाते हैं। उनके घर गृहस्थी के जरूरत के सामान भी उनको तोहफे स्वरूप देते हैं। अब तक करीब 150 जोड़ों का निकाह करवा चुके हैं। 20 अक्तूबर को फिर एक बार गरीब जरूरतमंद परिवारों का एक रुपये में निकाह करवाएंगे। इसके जरिए वह जनता में भी हम यह संदेश देना चाहते हैं कि विवाह के नाम पर फिजूल खर्च को रोकें। समारोह में आए लोगों को भोजन भी करवाते हैं हमारे इस प्रयास से निकाह करवाने वाले वर और वधू के 100-100 पारिवारिक सदस्यों को भोजन की व्यवस्था भी दी जाती है। जहां करीब 10 से 15 हजार लोगों का खाना इस सामूहिक विवाह में किया जाता है और निकाह करने वाले दूल्हा-दुल्हन को जरूरी घरेलू सामान भी हमारे द्वारा दिए जाते हैं। कई बार ऐसा देखा जाता है, परिवार की आर्थिक स्थितियां संपन्न नहीं होती। उनके घर परिवार में बच्चियों शादी की उम्र भी निकल जाती है। ऐसे लोगों को हम प्राथमिकता के साथ निकाह मात्र एक रुपये में करवाते हैं।

वानखेड़े स्टेडियम में रोहित, विराट-बुमराह हुए इमोशनल

भारतीय टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम आज यानी 4 जुलाई को मुंबई पहुंची है, जहां भारतीय टीम ने विक्ट्री परेड किया। टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने मरीन ड्राइव से लेकर वानखेड़े स्टेडियम तक विक्ट्री परेड किया है। इसके बाद वानखेड़े स्टेडियम में खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए एक प्रोग्राम हो रहा है। मुंबई एयरपोर्ट से लेकर वानखेड़े स्टेडियम तक भारतीय फैंस अपने चैंपियंस की एक झलक पाने के लिए मौजूद रहे। इससे पहले सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर खिलाड़ी दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर उतरे थे। कुछ देर होटल में आराम करने के बाद टीम के सभी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ पीएम नरेंद्र मोदी से मिले। शाम 5 बजे के करीब भारतीय खिलाड़ी मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। 29 जून को खिताबी मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 7 रनों से हराने के बाद भारतीय टीम कई दिनों तक बारबाडोस में ही तूफान के चलते फंसी रही थी। बीसीसीआई सचिव जय शाह के भरसक प्रयास के चलते आज चार्टर्ड फ्लाट के जरिए भारतीय टीम दिल्ली पहुंची। टीम इंडिया का स्वागत बड़े ही जोरो-शोरो के साथ किया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद भारतीय टीम का कार्यक्रम तय है। पहले टीम दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेगी। इसके बाद रोहित शर्मा एंड ब्रिगेड मुंबई के लिए रवाना होगी। शाम 5 बजे से मुंबई में रोड शो होगा, इसके बाद मुंबई के प्रसिद्ध वानखेड़े स्टेडियम में टीम इस जीत का जश्न मनाएगी और उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कोहली ने बुमराह की तारीफ की विराट कोहली ने प्रोग्राम के दौरान कहा कि वह और रोहित हमेशा भारत के लिए ट्रॉफी जीतना चाहते थे। उन्होंने कहा कि विश्व कप जीतने के बाद उनका रोहित से सीढ़ियों पर गले लगना इमोशनल पल था, जिसे वह कभी भूल नहीं पाएंगे। विराट कोहली ने बुमराह की भी जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मैं एक ऐसे खिलाड़ी का ज़िक्र करना चाहूंगा जिसने हमें बार-बार वापसी दिलाई और उसने जो आखिरी ओवरों में किया वह अभूतपूर्व था। उन्होंने कहा कि विश्व कप फाइनल जीतने के बाद पहली बार उन्होंने रोहित को इतना इमोशनल देखा था। विराट कोहली ने स्टेडियम में आए सभी लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद किया और कहा कि हमने सड़कों पर जो देखा, वह कुछ ऐसा है जिसे मैं अपने जीवन में कभी नहीं भूल पाऊंगा। भारतीय खिलाड़ियों ने लगाया ग्राउंड का चक्कर भारतीय खिलाड़ियों ने बीसीसीआई द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद ग्राउंड का चकक्र लगाकर फैंस का अभिवादन किया। इस दौरान रोहित और अन्य खिलाड़ी टेनिस बॉल देते हुए नजर आए। खिलाड़ियों ने टी-शर्ट भी बांटे। भारतीय टीम को मिले 125 करोड़ बीसीसीआई के सचिन जय शाह ने भारतीय टीम को टी20 विश्व कप जीतने के बाद 125 करोड़ रुपये प्राइज मनी देने का ऐलान किया था। विक्ट्री परेड के बाद वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय टीम को 125 करोड़ रुपये दिए गए। इस दौरान टीम के सभी खिलाड़ी मौजूद रहे। राहुल द्रविड़ नहीं भूल पाएंगे ये दिन राहुल द्रविड़ ने वानखेड़े स्टेडियम में कहा कि मैं इस प्यार को मिस करूंगा। आज रात मैंने सड़कों पर जो देखा, मैं उसे कभी नहीं भूलूंगा। राहुल द्रविड़ ने कहा है कि टीम एक परिवार की तरह है। इन्होंने जो किया है, वह अविश्वसनीय। रोहित शर्मा ने शानदार नेतृत्व किया। मैं इस प्यार को मिस करूंगा। आज हमने जो देखा वह अद्भुत है। मैं आज यहां बाकी सपोर्ट स्टाफ की वजह से खड़ा हूं। हाउसफुल स्टेडियम में रोहित बोले विक्ट्री परेड के खत्म होने के बाद भारतीय टीम वानखेड़े स्टेडियम में हैं, जहां पर टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने सभी का धन्यवाद किया है। रोहित ने कहा है कि ये ट्रॉफी पूरे देश के लिए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना बहुत सम्मान की बात थी। मैं काफी खुश और राहत महसूस कर रहा हूं। भारतीय टीम और बीसीसीआई की ओर से सभी का धन्यवाद। स्टेडियम में फैंस के साथ थिरके खिलाड़ी स्टेडियम में एंट्री लेने के बाद खिलाड़ियों ने फैंस के साथ थिरकते हुए नजर आए। पूरे ग्राउंड का चक्कर लगाकर फैंस का अभिवादन किया। रोहित-कोहली ने एकसाथ उठाई ट्रॉफी रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर साथ में ट्रॉफी के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए। दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने टी20 विश्व कप जीतने के बाद टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया है। विक्ट्री परेड के दौरान दोनों खिलाड़ी एक साथ ट्रॉफी के साथ नजर आए। कोहली- हार्दिक सबसे आगे भारतीय फैंस के सबसे चहेते विराट कोहली और हार्दिक पांड्या ने ज्यादा इंतजार नहीं करवाया है। विक्ट्री परेड शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही खिलाड़ी बस के ऊपर पहुंच गए हैं। अन्य खिलाड़ी भी वहां मौजूद हैं। बस के दोनों तरफ भारी पुलिसकर्मी तैनात है और साथ-साथ में चल रहे हैं, उनके आस-पास हजारों की संख्या में समर्थक भी जा रहे हैं। हार्दिक भारतीय झंडे के साथ हार्दिक पांड्या बस के ऊपर सबसे आगे खड़े होकर भारतीय झंड़े को लहरा रहे हैं। विराट कोहली उनके बगल में खड़े हैं। खिलाड़ी भी इस पल को अपने मोबाइल में कैद कर रहे हैं।

शोधकर्ताओं द्वारा सर्वेक्षण किये गए, कोलकाता शॉर्ट-टर्म एयर पॉल्यूशन से मौतों के मामले में तीसरे स्थान पर

कोलकाता एक शोध से यह बात सामने आई है कि कोलकाता में कुल मौतों में से 7.3 प्रतिशत शॉर्ट-टर्म एयर पॉल्यूशन की वजह से होती है। शोध के निष्कर्षों के अनुसार शोधकर्ताओं द्वारा सर्वेक्षण किये गए दस शहरों में से कोलकाता शॉर्ट-टर्म एयर पॉल्यूशन से संबंधित मौतों के मामले में तीसरे स्थान पर है। इस मामले में सबसे अधिक मृत्यु दर दिल्ली में 11.5 प्रतिशत है, जिसके बाद वाराणसी में 10.2 प्रतिशत मृत्यु दर है। भारत के शीर्ष संस्थानों के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्ष लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ में प्रकाशित हुए। दस प्रमुख भारतीय शहरों में किए गए शोध पर आधारित अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोलकाता में होने वाली कुल मौतों में से 7.3 प्रतिशत (जो कि प्रति वर्ष 4,700 होती है) शॉर्ट-टर्म पीएम 2.5 उत्सर्जन के कारण होती हैं। आईएएनएस के पास उपलब्ध रिपोर्ट की एक प्रति के अनुसार, कोलकाता में लोगों का अल्पकालिक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों से कहीं अधिक है। यह आंकड़ा शोध के तहत शामिल शहरों के 7.2 प्रतिशत औसत से थोड़ा अधिक है, जो सर्वे किए गए सभी दस शहरों में सालाना 33,000 मौतों के बराबर है। सर्वेक्षण के अंतर्गत शामिल दस शहरों में से शिमला में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे कम था। रिपोर्ट में कहा गया, ”हालांकि वायु प्रदूषण अभी भी यहां जोखिम भरा था, यहां सभी मौतों में से 3.7 प्रतिशत (59 प्रति वर्ष) मौतें पीएम 2.5 के शॉर्ट-टर्म के संपर्क में आने से हुई। यह डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देश मूल्य से अधिक है। शिमला के परिणाम वैश्विक साक्ष्य को पुष्ट करते हैं कि वायु प्रदूषण के संपर्क का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है।” अशोका विश्वविद्यालय के त्रिवेदी स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज में सेंटर फॉर हेल्थ एनालिटिक्स रिसर्च एंड ट्रेंड्स की निदेशक और चेयर-इंडिया कंसोर्टियम की भारत प्रमुख डॉ. पूर्णिमा प्रभाकरन के अनुसार, ”इस शोध में दस शहरों में वायु गुणवत्ता की विविधता को शामिल किया गया और पहली बार यह दर्शाया गया कि वायु प्रदूषण के निम्न स्तर पर भी मृत्यु दर का जोखिम बना रहता है।” उन्होंने कहा, ”यह जानकारी हमारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर देती है। जो वर्तमान में केवल नॉन एटेनमेंट (गैर-प्राप्ति) शहरों पर केंद्रित हैं। कम जोखिम सीमाओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में वायु गुणवत्ता मानकों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। साथ ही मानव स्वास्थ्य की प्रभावी रूप से रक्षा करने के लिए क्षेत्रीय स्रोतों से स्थानीय स्रोतों की ओर रुख करने की भी आवश्यकता है।”

बाइक सवार गंभीर घायल, छत्तीसगढ़-भाटापारा में जंगली सूअर का हमला

भाटापारा. भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के ग्राम अर्जुनी में जंगली सूअर ने बीच सड़क पर मोटरसाइकिल सवार पर अचानक हमला कर दिया जिससे मोटरसाइकिल सवार गम्भीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति अज्ञात को भाटापारा सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। मौके पर जंगली सूअर भी मृत पाया गया है जिसकी जानकारी जुटाई जा रही है। ग्राम अर्जुनी में जंगली सूअर ने बीच सड़क पर मोटरसाइकिल सवार पर अचानक हमला कर दिया जिससे मोटरसाइकिल सवार गम्भीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति अज्ञात को भाटापारा सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। मौके पर जंगली सूअर भी मृत पाया गया है जिसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

ज्ञापन देकर पुरानी बस्ती को देवभूमि के रूप में विकसित करने की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में कलेक्टर रायपुर, नगर निगम कमिश्नर और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के महाप्रबंधक को ज्ञापन देकर रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पुरानी बस्ती को देवभूमि के रूप में विकसित करने की मांग की गई है। रायपुर की प्राचीन विरासत, मठ मंदिरों तालाबों का क्षेत्र पुराने रायपुर का वैभव पुरानी बस्ती ही है। प्राचीन काल से साधु संत पुरानी बस्ती क्षेत्र को छोटी अयोध्या के रूप में पुकारते रहे हैं। अग्रवाल ने कहा कि पुरानी बस्ती क्षेत्र का योजनाबद्ध तरीके से विकास किए जाने की आवश्यकता है। इस क्षेत्र के विकास के लिए रायपुर नगर निगम, स्मार्ट सिटी लिमिटेड रायपुर, लोक निर्माण विभाग, धर्मस्व विभाग, पर्यटन विभाग और संस्कृति विभाग के साथ मिलकर संयुक्त प्लानिंग किए जाने की आवश्यकता है। पूरे क्षेत्र की प्राचीन धरोहरों को संरक्षित करते हुए देवभूमि के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा सकता है ,क्षेत्र को देवभूमि के रूप में विकसित करने से धार्मिक आस्था के सम्मान के साथ ही पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी विकसित होगा। पुरानी बस्ती क्षेत्र के चारों ओर पौराणिक और धार्मिक महत्व को प्रदर्शित करते भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाने से क्षेत्र में आने वाले लोगों को देवभूमि का एहसास होगा। उन्होंने कहा कि पुरानी बस्ती क्षेत्र को पुराना रायपुर माना जाता था। इस क्षेत्र में प्राचीनतम दूधाधारी मठ, जैतू साव मठ, नागरीदास मठ , बुढ़ेश्वर मंदिर, महामाया मंदिर ,शीतला माता मंदिर, बिरंची नारायण मंदिर, दत्तात्रेय मंदिर, नरसिंह मंदिर, हनुमान मंदिर, महादेव मंदिर ,दंतेश्वरी माता मंदिर, बावली वाले हनुमान जी का मंदिर, कंकाली मठ मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राचीन तालाब और मंदिर हैं। इसीलिए पुरानी बस्ती क्षेत्र को प्राचीन समय से छोटी अयोध्या के रूप में साधु संतों के बीच में जाना जाता है उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी आंदोलन का केंद्र पुरानी बस्ती क्षेत्र में रहा है जहां जैतू साव मठ में महात्मा गांधी का भी आगमन हुआ था। ऐतिहासिक धार्मिक और पौराणिक महत्व के क्षेत्र को शीघ्रताशीघ्र देव भूमि के रूप में विकसित करने हेतु शासन प्रशासन के स्तर पर निर्णय लिया जाना चाहिए।

भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए टीम का किया गया चयन: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत 2025 तक अंतरिक्ष और गहरे समुद्र में पहला मानव भेजेगा। मंत्री ने कहा, “भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों – तीन ग्रुप कैप्टन और एक विंग कमांडर का चयन किया गया है।” भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के गगनयान मिशन का लक्ष्य अंतरिक्ष में तीन दिवसीय मानव मिशन भेजना है। मिशन पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर परिक्रमा कर वापस लौटेगा। भारतीय वायुसेना के चार ग्रुप कैप्टन – प्रशांत बालकृष्णन नायर, अजीत कृष्णन और अंगद प्रताप तथा विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला को 2025 के लिए निर्धारित मिशन के लिए चुना गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि “भारत का डीप-सी मिशन 2025 में तीन भारतीयों को गहरे समुद्र में भेजेगा।” पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) की पहल ‘समुद्रयान’ के नाम से जानी जाने वाली यह पहल स्वदेशी रूप से विकसित मानवयुक्त पनडुब्बी वाहन मत्स्य 6000 पर सवार होकर मध्य हिंद महासागर में 6,000 मीटर की गहराई तक जाने वाला एक चालक दल अभियान होगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की हाल की उपलब्धियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि रॉकेट और उपग्रहों को लॉन्च करने के अलावा, अंतरिक्ष क्षेत्र कृषि, बुनियादी ढांचे, संचार, स्वास्थ्य सेवा आदि पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा,“2022 में हमारे पास केवल एक अंतरिक्ष स्टार्टअप था और 2024 में अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने के बाद हमारे पास लगभग 200 स्टार्टअप होंगे और उनमें से कई की वैश्विक क्षमता है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ही महीनों में अंतरिक्ष क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपये का निजी क्षेत्र का निवेश आया है।”

प्रशासन ने हटाई शासकीय भूमि पर बनी गोशाला, गोवंश को मुक्त कराया

भोपाल शहर की गोविंदपुरा तहसील में शासकीय भूमि पर किए गए कब्जों के खिलाफ प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत बुधवार को कार्रवाई करते हुए प्रशासन द्वारा लगभग आधा एकड़ जमीन को मुक्त कराया गया है, जिसकी कीमत दो करोड़ 45 लाख रुपये बताई जा रही है। एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में करोंद कला में शासकीय भूमि पर कब्जा कर गोशाला बनाने की शिकायत मिली थी। जिससे मौके पर टीम भेजकर जांच कराई तो शिकायत सही निकली। इसके बाद बुधवार को नगर निगम, पुलिस बल के सहयोग से शासकीय भूमि पर बनी गोशाला को हटाने की कार्रवाई की गई है। यह गोशाला रामबाबू दांगी द्वारा बनाई गई थी, जिसमें कुल 78 गोवंश रखे गए थे। गोशाला को करीब 6 साल से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर चलाया जा रहा था। गोशाला के चारों तरफ बहुत गंदगी फैली हुई थी। वर्षा के कारण कीचड़ हो गई थी। ऐसे में गोवंश सही से रह भी नहीं पा रहे थे। जमीन को मुक्त कराने के बाद सभी गोवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद निपानिया सूखा स्थित नगर निगम की शासकीय गोशाला में रखवाया गया है।

ढिल्लन व अरविंद सिंह 6 जुलाई तक ईडी की रिमांड पर

रायपुर  2161 करोड़ के शराब घोटाले में एक बड़ी कार्रवाई के तहत ईडी ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें भिलाई निवासी शराब कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लन और अरविंद सिंह शामिल हैं। दोनों को विशेष पीएमएलए कोर्ट ने छह जुलाई तक रिमांड पर ईडी को सौंपा है। ईडी ने अरविंद को दूसरी बार गिरफ्तार किया है। जबकि त्रिलोक पहली बार ईडी की गिरफ्त में आया है। पूर्व में जांच के दौरान ईडी ने कई बार त्रिलोक के घर में दबिश दी लेकिन वह फरार होते रहा। दो माह पहले ही उसे ईओडब्ल्यू ने गोवा से गिरफ्तार किया था। और अब उसे ईडी ने पकड़ा है।

आज तक नहीं मिला, 4 साल पहले भारतमाला परियोजना में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा

रायपुर मुख्यमंत्री जनदर्शन में आज दुर्ग जिले के हनोदा ग्राम के आनंद साहू भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि 4 साल पहले भारतमाला परियोजना में उनकी जमीन अधिग्रहित की गई, इसका मुआवजा आज तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि अब सड़क बनने का काम भी शुरू हो चुका है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए भारत माला परियोजना में आने वाली आनंद साहू की जमीन का परीक्षण कर त्वरित राहत दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्री साहू को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपके आवेदन का शीघ्र परीक्षण कर इस पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा मुआवजा प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई की जाए ताकि नागरिकों को किसी तरह की दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री के निर्देश के पश्चात श्री साहू का आवेदन दुर्ग कलेक्टर को प्रेषित कर दिया गया।

सीएम योगी ने अफसरों संग हुई समीक्षा बैठक में दिए भावी योजनाओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नगर विकास विभाग के अफसरों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। अफसरों संग हुई समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अनेक भावी योजनाओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा, नगरों में वाहनों की पार्किंग एक चुनौती बनती जा रही है। इसके समुचित समाधान के लिए शासन, प्रशासन और जनता को मिलकर काम करना पड़ेगा। इसे सुनिश्चित करना ही होगा कि वाहन तय पार्किंग स्थल पर ही खड़े हों, सड़क किनारे नहीं। आवश्यकता पड़े तो इंफोर्समेंट की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा, पार्किंग के लिए मल्टीलेवल पार्किंग प्रणाली उपयोगी सिद्ध हो रही है। मल्टीलेवल पार्किंग में कॉमर्शियल स्पेस जरूर रखें। नए पार्किंग स्थल के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अध्ययन करने के उपरांत ही कार्ययोजना तैयार करें। भविष्य के दृष्टिगत बेहतर पार्किंग सुविधा के लिए ‘पार्किंग स्थल नियम’ तैयार किए जाएं। सीएम ने आगे कहा, यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी सड़क किनारे बाइक, कार, टैक्सी की पार्किंग न हो। स्ट्रीट वेंडरों को एक जगह नियोजित करें। अवैध टैक्सी स्टैंडों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। नगरीय परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग को प्रोत्साहित करें। मलिन बस्तियों को लेकर भी सीएम योगी ने जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा, प्रत्येक नगर निगम में एक-एक मलिन बस्ती को चिन्हित कर वहां बहुमंजिला आवासीय परिसर के विकास की योजना तैयार करें। इस आवासीय परिसर के समीप स्कूल, मार्केट, पार्क, आदि बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। यहां जो बाजार विकसित करें, उसमें इसी मलिन बस्ती के परिवार को आवंटित करें। जो पार्क बनाएं, उसके संचालन की जिम्मेदारी भी इन्हें ही दी जाए। इस प्रकार चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में मलिन बस्तियों का पुनरोद्धार हो सकेगा। यहां के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में यह प्रयास अत्यंत उपयोगी होगा। नाला-नालियों से अतिक्रमण को हटवाएं बारिश के मौसम में पानी भर जाने को लेकर सीएम योगी ने कहा, जलजमाव का सबसे बड़ा कारण है नालों/नालियों पर किया गया अतिक्रमण। नालियों और नालों पर जहां कहीं अतिक्रमण है, जनता के साथ संवाद बनाकर समाधान निकालें। कार्रवाई के समय इसका ध्यान जरूर रखें कि संबंधित परिवार को मकान के भीतर आने-जाने में अनावश्यक असुविधा न हो। सीएम योगी ने कहा, नगरीय क्षेत्रों में बेतरतीब लगे विज्ञापन होर्डिंग न केवल नगर की सुंदरता खराब करते हैं बल्कि आए दिन दुर्घटना का कारक बन रहे हैं। इसे व्यवस्थित किए जाने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी नगरीय क्षेत्र में किसी भवन के ऊपर होर्डिंग नहीं लगाई जानी चाहिए। वर्तमान में प्रचलित होर्डिंग के स्थान पड़ एलईडी डिस्प्ले को स्थान दें। तकनीक आधारित इस व्यवस्था से विज्ञापन एजेंसियों, विज्ञापन दाताओं, स्थानीय प्रशासन और जनता सभी को सहूलियत होगी। तय स्थान के अतिरिक्त और कहीं भी किसी प्रकार का विज्ञापन होर्डिंग नहीं लगाई जानी चाहिए।  

हिंदुओं के अपमान के विरोध में राहुल गांधी के खिलाफ जंतर-मंतर पर ‘हिंदू शक्ति संगम’ का होगा आयोजन

नई दिल्ली लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हिंदू समाज को लेकर दिए गए बयान पर देशभर में विरोध लगातार जारी है। संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा हिंदुओं के अपमान के विरोध में अब विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले कई हिंदू संगठनों और साधु-संत 9 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘हिंदू शक्ति संगम’ कार्यक्रम करेंगे। इससे पहले राहुल गांधी के बयान के विरोध में भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) और विभिन्न प्रदेशों के पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को देशभर में सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था और कांग्रेस नेता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की थी। राहुल गांधी के बयान को लेकर एक ओर भाजपा जहां राजनीतिक रूप से देशभर में अभियान चलाकर राहुल गांधी और कांग्रेस को घेरना चाहती है, वहीं, विश्व हिंदू परिषद एवं अन्य हिंदू संगठन हिंदुओं के अपमान के मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर सामाजिक स्तर पर कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं ताकि हिंदुओं के अपमान के मुद्दे पर हिंदू समाज के बीच एक संदेश दिया जा सके।

आगरा के परिवार परामर्श केंद्र में अजीब मामला: पत्नी की डिमांड सुनकर सभी हैरान

आगरा शादी के बाद प्रेम-प्रसंग की खबरें अक्सर सुनने को मिल जा रही हैँ। फिर वह महिला के प्रेम-प्रसंग का मामला हो या फिर युवक के। इसी तरह का एक मामला यूपी के आगरा से सामने आया है। यहां एक महिला ने पति से जो डिमांड कर दी है उसे सुनकर सभी के होश उड़ गए। महिला का कहना है कि पति के न रहने पर उसका बॉयफ्रेंड बन गया है अब वह उसी के साथ रहेगी, लेकिन पूरा खर्चा पति से ही लेगी। पत्नी की डिमांड सुनकर पति भी अपनी जिद पर अड़ा है और उसने खर्चा देने से सीधे मना कर दिया है। उसका कहना है कि जब पत्नी अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहेगी तो खर्चा भी वही उठाए। मीडियो रिपोर्ट्स के अनुसार आगरा के परिवार परामर्श केंद्र में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। हालांकि ये केस चार-पांच दिन पुराना बताया जा रहा है। हाथरस की रहने वाली महिला की शादी आगरा के युवक से 10 साल पहले हुई थी। इस दौरान दोनों से दो बेटियां पैदा हुईं। पति की गैर मौजूदगी के दौरान महिला का अब किसी और प्रेम-प्रसंग हो गया है उसी के साथ महिला अब रहना चाहती है और खर्च अपने पति से मांग रही है। महिला का कहना था कि पति अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहता है वो मुझे वक्त नहीं दे पाता था। वह काफी अकेलापन महसूस कर रही थी। इसी दौरान एक युवक उसकी जिंदगी में आ गया वह भी शादीशुदा है। उसके भी बच्चे हैं। वो पहले से ही अपने परिवार का खर्च उठा रहा है। वह मेरा खर्च नहीं उठा सकता। महिला ने कहा मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ ही रहना चाहती हूं, लेकिन दोनों बेटियां पति से हुई हैं इसलिए उन दोनों के खर्च की जिम्मेदारी पति की है। पति मेरा और दोनों बेटियों का सारा खर्च दें। इस पर पति ने कहा कि वो जब उसके साथ रहती ही नहीं है तो ऐसे में उसे खर्च भी क्यों दे?  

स्वास्थ्य मंत्री अपना पॉलिटिकल स्वास्थ्य सही करने में लगे हुए हैं तो विभाग कैसे सही होगा: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में बसपा के पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उनके साथ बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ताओं ने भी सपा की सदस्यता ली। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सभी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अपना पॉलिटिकल स्वास्थ्य सही करने में लगे हुए हैं तो विभाग कैसे सही होगा। इस सरकार में इमरजेंसी में कभी कोई इलाज नहीं मिल पाया है। स्वास्थ्य मंत्री पॉलिटिकल स्वास्थ्य बेहतर करना चाहते हैं, यह सरकार पता नहीं कौन सी पॉलिटिकल विटामिन चाहती है। सपा सरकार में जो मेडिकल कॉलेज चल भी रहे थे, उनको भाजपा ने खत्म कर दिया है। उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था खराब कर दी है। हाथरस में 121 मौतों पर अखिलेश यादव ने कहा कि बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई है। इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर उत्तर प्रदेश में होते रहते हैं। पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है। इस तरह के आयोजन में ज्यादा लोग आते ही हैं। हादसे में सबसे ज्यादा जान महिलाओं की गई है। प्रशासन की कमी की वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ है। इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हाथरस कोई पहला हादसा नहीं है, इससे पहले भी हुए हादसों में स्वास्थ्य सेवाएं फेल थी। उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन था। सबसे पहले वोट मांगने सहारनपुर गए थे। इनकी जीत हुई। हालांकि, दूसरे दल ने दूरी बना ली, लेकिन सांसदों से दूरी कभी नहीं रही।

16 साल पहले मची थी हाथरस जैसी भगदड़, राजस्थान में भी 216 लोगों ने गंवाई थी जान

जोधपुर. हाथरस में बाबा नारायण हरि साकार उर्फ भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस भगदड़ की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। हादसे के बाद बुधवार को हाथरस पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। सीएम योगी ने घटना में साजिश की तरफ इशारा करते हुए कहा, यह हादसा था या कोई साजिश और अगर साजिश थी तो इसमें किसका हाथ है। इन सभी पहलुओं को जानने के लिए हम न्यायिक जांच भी कराएंगे, जो उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में की जाएगी। हाथरस के हादसे ने राजस्थान के जोधपुर स्थित मेहरानगढ़ किले में हुए हादसे की याद दिला दी। बता दें कि साल 2008 में जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में नवरात्रि के पहले दिन चांमुडा माता के दर्शन के लिए भारी भीड़ जुटी थी। इसी दौरान वहां भी भगदड़ मची और उस भगदड़ में 216 बेकसूर लोग बेमौत मारे गए। 16 साल बाद भी नहीं आई जांच रिपोर्ट जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में हुए हादसे के अब 16 साल बीत चुके हैं। हाथरस वाले हादसे की तरह ही मेहरानगढ़ दुखांतिका की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस जसराज चोपड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन हुआ था। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 216 लोगों की मौत मामले में हुई जांच की रिपोर्ट आज 16 साल बाद भी सार्वजनिक नहीं हो सकी है। मेहरानगढ़ हादसे की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने से अब यह सवाल उठता है कि हाथरस भगदड़ पर गठित होने वाली कमेटी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होगी या नहीं। मालूम हो कि हाथरस वाले मामले में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, इसमें प्रशासन और पुलिस के सेवानिवृत अधिकारियों को रखकर घटना की तह में जाएंगे, जो भी इसके लिए दोषी होगा उन सभी को सजा दी जाएगी। ‘ऐसी घटनाएं फिर न हो, इसके लिए बनेगी एसओपी’ योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। ताकि भविष्य में होने वाले इस तरह के किसी भी बड़े आयोजन में उसे लागू किया जा सके, इन सभी चीजों को सुनिश्चित किया जाएगा। अब बात जोधपुर के मेहरानगढ़ किले के हादसे की जोधपुर शहर में एक सालों पुराना किला है मेहरानगढ़ किला। जोधपुर रेलवे स्टेशन से यह किला करीब तीन-चार किलोमीटर दूर है। इस किले में चामुंडा माता का एक बहुत प्रसिद्ध मंदिर है। नवरात्र में यहां चामुंडा माता की पूजा के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटती है। 30 सितंबर 2008 को यहां नवरात्र के पहले दिन पूजा करने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई और इस भगदड़ में 216 लोगों की मौत हो गई। मेहरानगढ़ किले में हुए इस दु:खद घटना को दुखांतिका कहते हैं। यह हादसा मेहरानगढ़ दुर्ग में हुई थी, इसलिए इस घटना को मेहरानगढ़ दुखांतिका कहा जाता है। रिपोर्ट ठंडे बस्ते में साल 2008 में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे। 30 सितंबर को हुई इस दुर्घटना के बाद दो अक्तूबर को सरकार ने जस्टिस जसराज चोपड़ा की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया। जांच आयोग ने करीब ढाई साल बाद अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। लेकिन जब रिपोर्ट सौंपी गई कि तब राज्य में बीजेपी की सरकार थी। कहा जाता है कि सरकार ने उस रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया और इस घटना के पीड़ितों के परिवारजन न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। अगली सुनवाई 29 जुलाई को इसी साल मई में राजस्थान हाईकोर्ट खंडपीठ में जोधपुर के मेहरानगढ दुखांतिका को लेकर चोपड़ा आयोग की रिपोर्ट एवं दो कैबिनेट उप समितियों की रिपोर्ट को पेश किया गया था। इस दौरान महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा, अब इस मामले को 16 साल हो चुके हैं। इसीलिए सामाजिक सद्भाव और शांति-व्यवस्था को देखते हुए इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पूरी रिपोर्ट को राज्य सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए। अब मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को है।

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