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भोपाल में संपन्न हुआ डॉ. अजय खरे का 12वां स्मृति व्याख्यान

जन स्वास्थ्य अभियान, मध्यप्रदेश(संबद्ध जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया) भोपाल में आयोजित हुआ डॉ. अजय  खरे का 12वां स्मृति व्याख्यान  जन स्वास्थ्य को केवल इलाज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता से जोड़कर देखने की जरूरत: सुनील कौल भोपाल  7 मार्च 2026 को भोपाल में 12वां डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, टी.टी. नगर, भोपाल में जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश और मध्यप्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस वर्ष के स्मृति व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. सुनील कौल थे, जिन्होंने “स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारक: स्वास्थ्य और चिकित्सा पर पुनर्विचार” विषय पर व्याख्यान दिया। यह व्याख्यान जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अजय खरे की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जो जन-स्वास्थ्य और विज्ञान आंदोलन से गहराई से जुड़े रहे थे। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य सम्मान 2025 भी प्रदान किए गए जिसकी घोषणा डॉक्टर अनंत भान द्वारा की गई। जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिवंगत डॉ. सी. एम. गुलाठी को मरणोपरांत विशेष जन स्वास्थ्य सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने दवाओं और दवा नीतियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया था। इसके साथ ही डॉ. सी. सत्यामाला, वरिष्ठ जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ, तथा विवेक पवार, जन स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यकर्ता, को स्वास्थ्य और उससे जुड़े सामाजिक कारकों पर उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अपने व्याख्यान में डॉ. सुनील कौल ने कहा कि जन स्वास्थ्य को केवल इलाज के दायरे में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और व्यापक सामाजिक संदर्भों के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि पानी पर टैक्स लगाने की सोच विकसित होती है तो वह दिन दूर नहीं जब हवा पर भी टैक्स लगाया जाने लगे। उन्होंने कहा कि जब राजनीति खराब होती है तो उसका सीधा असर जन स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने डॉ. अनुराग भार्गव द्वारा टीबी (तपेदिक) पर किए गए महत्वपूर्ण शोध का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने टीबी और भूख के बीच के संबंध को वैज्ञानिक रूप से स्थापित किया। आज पूरी दुनिया यह मानती है कि दवा के साथ-साथ पर्याप्त और पोषक भोजन भी टीबी के इलाज में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद आज भी देश में लगभग 4 लाख लोग हर साल टीबी से मर रहे हैं। पहले जहां टीबी से मौतों में 50 प्रतिशत तक कमी का लक्ष्य था, आज हम केवल लगभग 25 प्रतिशत कमी ही हासिल कर पा रहे हैं, जबकि टीबी की दवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य में लोगों को बचाने के लिए केवल स्वास्थ्य बजट ही नहीं, बल्कि पोषण, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समानता जैसे अन्य कारक भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पैसों का खेल बढ़ता जा रहा है, जिसका उदाहरण नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं में दिखाई देता है। “हम जिस रास्ते पर जा रहे हैं, वह भटकाव का रास्ता है,” उन्होंने कहा। मध्यप्रदेश में कुपोषण की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आंगनवाड़ी मॉडल पर्याप्त है या उसमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने पहले 1000 दिनों (गर्भधारण से दो वर्ष तक) के पोषण और देखभाल के मॉडल पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई। उन्होंने यह भी कहा कि देश के बजट का बड़ा हिस्सा गृह मंत्रालय और सेना पर खर्च होता है, जबकि सामाजिक क्षेत्र और जन स्वास्थ्य पर पर्याप्त निवेश नहीं किया जाता। महिलाओं के खिलाफ हिंसा को उन्होंने एक गंभीर जन स्वास्थ्य संकट बताया। उनके अनुसार सरकारी आंकड़ों के हिसाब से देश में हर साल लगभग 35 हजार महिलाएं दहेज या घरेलू हिंसा के कारण जलकर मर जाती हैं, जबकि गैर सरकारी संस्थाओ के अनुसार करीब 75 हजार महिलाएं दहेज या घरलू हिंसा के कारण जलने से अपनी जान गंवाती हैं। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु को रोकने के प्रयासों के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ हिंसा को भी जन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने असम में किए गए एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि 58 प्रतिशत पुरुषों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ किसी न किसी प्रकार की हिंसा की है। इसलिए हिंसा को केवल महिला का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और जन स्वास्थ्य का मुद्दा मानना होगा। उन्होंने कहा कि घृणा, जातिवाद और सांप्रदायिक हिंसा भी जन स्वास्थ्य पर गहरा असर डालते हैं। 2020 में अमेरिका की एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्था ने भी घृणा को जन स्वास्थ्य का मुद्दा माना है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था का मूल विचार सभी के लिए समान उपचार का था, लेकिन आज स्थिति यह हो गई है कि “अगर आपके पास पैसा नहीं है तो इलाज भी नहीं मिलेगा।” इससे अमीर और गरीब दोनों ही असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में जाति और वर्ग आधारित भेदभाव से ऊपर उठना होगा और लोगों की स्वायत्तता और सम्मान को मजबूत करना होगा। जलवायु परिवर्तन को भी उन्होंने एक बड़ा जन स्वास्थ्य संकट बताते हुए कहा कि हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और कई अध्ययन बताते हैं कि आने वाले वर्षों में इनमें भारी कमी आ सकती है। उन्होंने कहा, “हम बेहतर की उम्मीद कर सकते हैं, लेकिन हमें सबसे खराब स्थिति के लिए भी तैयारी करनी चाहिए।” उन्होंने विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य मॉडल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समुदाय आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आशा कार्यकर्ताओं को दवाएं देने और प्राथमिक उपचार की अधिक ट्रेनिंग दी जा सकती है, ताकि संकट की स्थिति में समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं टिकाऊ बन सकें। दवाओं की कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दवाओं की निर्माण लागत से कई गुना अधिक कीमत पर बिक्री होती है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था में असमानता को बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य को केवल डॉक्टरों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसमें एंथ्रोपोलॉजी, मनोविज्ञान और अन्य सामाजिक विज्ञानों के विशेषज्ञों की भी भागीदारी जरूरी है। अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा— “एक जिंगई ढूंढ लाओ, वो भीगी हुई चिंगारी ढूंढ लाओ।” कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रजनीश जोशी ने कहा कि हर … Read more

LPG के बाद पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे या नहीं? सरकार ने साफ किया पूरा मामला

नई दिल्ली हाल ही में LPG गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। गैस की इन कीमतों में वृद्धि के बाद अब ऐसा कहा जा रहा था कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम भी बढ़ सकते हैं। आपको बता दें कि सरकारी गलियारों से ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी अभी नहीं होगी।   पेट्रोल-डीजल के दाम पर सरकार का रुख पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी। सूत्रों का कहना है कि Strait of Hormuz से कार्गो जहाजों की आवाजाही जल्द ही सुचारू रूप से शुरू होने की उम्मीद है, जिससे आपूर्ति बाधित नहीं होगी। ऐसे में कीमतों में इजाफे की संभावना न के बराबर है। LPG की कीमतों में क्यों हुआ इजाफा? लगभग 11 महीने के अंतराल के बाद सरकार ने रसोई गैस के दामों में बदलाव किया है। घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा हुआ है। आंकड़ों की मानें तो पिछले 12 वर्षों में एलपीजी के दाम कुल 110 रुपये बढ़े हैं। सरकार ने अब तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपना पूरा ध्यान एलपीजी के उत्पादन को अधिकतम करने पर लगाएं ताकि भविष्य में कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके। भारत के पास सुरक्षित भंडार: हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश को विश्वास किया है कि ईंधन की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (हवाई ईंधन) का भरपूर भंडार है। देश के पास अगले 50 से 60 दिनों के लिए पर्याप्त बैकअप मौजूद है। सप्लाई चेन और रसद के मोर्चे पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की स्थिति पश्चिम एशिया के संघर्ष ने वैश्विक बाजार को हिलाकर रख दिया है। पिछले एक सप्ताह में ही कच्चे तेल की कीमतों में 39% का जबरदस्त उछाल आया है। शुक्रवार को कीमतें अपने एक साल के उच्चतम स्तर (52-week high) पर पहुंच गईं, जिसमें एक ही दिन में 3.50% की तेजी देखी गई। इसके बावजूद, भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के बल पर घरेलू कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रहा है।

अहमदाबाद की पिच में बदलाव ने बढ़ाया रोमांच, T20 वर्ल्डकप 2026 फाइनल में किसे मिलेगा लाभ?

अहमदाबाद आईसीसी मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताबी मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। ये वही मैदान है, जहां भारतीय टीम को पिछली दो आईसीसी इवेंट की हार झेलनी पड़ी है। हालांकि वो दोनों मुकाबले काली मिट्टी से तैयार की गई पिच पर खेले गए थे लेकिन आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्डकप 2026 के फाइनल के लिए खास मिट्टी से पिच तैयार की गई है। इस बार अलग मिट्टी से बनाई गई है पिच फाइनल के लिए जो पिच बनाई गई है, उस पर इस टूर्नामेंट में अब तक सिर्फ साउथ अफ्रीका और कनाडा के बीच मुकाबला खेला गया है, जहां साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रन बनाए थे। जवाब में कनाडा की टीम 156 रन ही बना सकी थी। इसका मतलब है कि अगर पिच इसी तरह व्यवहार करती है तो हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है। अगर उस मुकाबले पर नजर डालें तो दो बातें सामने निकलकर आती हैं। पहली, गेंदबाजों के लिए यह पिच कब्रगाह बनती नजर आ सकती है और दूसरी, बल्लेबाज यहां बड़ी पारियां खेल सकते हैं।   अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जो फाइनल के लिए पिच तैयार की गई है, उसमें मिक्स मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है। मतलब गेंद को उछाल मिलेगी और बल्लेबाज बड़े शॉट आसानी से खेल पाएंगे। आपको बता दें कि भारतीय टीम T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में आज तक न्यूजीलैंड को हरा नहीं सकी है। दोनों टीमें तीन बार आमने-सामने हुई हैं और तीनों बार भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि एक रिकॉर्ड यह भी है कि आज तक न्यूजीलैंड की टीम T20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है। दूसरी ओर भारतीय टीम दो बार चैंपियन रही है और चौथा फाइनल खेल रही है, जबकि न्यूजीलैंड का यह सिर्फ दूसरा फाइनल है। इस टूर्नामेंट में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है और फाइनल में जब दोनों टीमें मैदान पर उतरेंगी तो टीम इंडिया जीत की प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी। किसका टूटेगा सपना? हालांकि न्यूजीलैंड के कप्तान ने साफ कर दिया है कि अगर ट्रॉफी जीतने के लिए कुछ लोगों का दिल तोड़ना पड़े, तो उन्हें कोई एतराज नहीं है। अब देखना यह होगा कि भारतीय क्रिकेट फैंस का दिल टूटता है या न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम का सपना। मुकाबला शाम 7:00 बजे शुरू होगा, जबकि 6:30 बजे टॉस होगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार पर इस मैच को लाइव देखा जा सकता है। साथ ही डीडी स्पोर्ट्स पर भी इस मैच का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

खसरे ने बढ़ाई चिंता: MP के 4 जिलों में 12 मरीज मिले, रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे अभियान शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर संक्रामक बीमारी खसरे (मीजल्स) ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। फरवरी 2024 के बाद, अब 2026 में प्रदेश के चार जिलों- अलीराजपुर, दतिया, शिवपुरी और बुरहानपुर में खसरे के 12 नए मामले सामने आए हैं। इन क्षेत्रों में बुखार, शरीर पर दाने और खांसी के लक्षणों वाले मरीजों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। गौरतलब है कि साल 2024 में मैहर में खसरे से दो बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब मिल रहे नए केस ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित जिलों की स्थिति: कहां कितने मरीज? स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) ने प्रभावित गांवों का दौरा कर सैंपल लिए, जिसकी रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है:     बुरहानपुर (बरौली गांव): यहां स्थिति सबसे गंभीर है, जहां भेजे गए सभी 5 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। संक्रमितों की उम्र 2 से 25 वर्ष के बीच है।     दतिया (आगोरा गांव): यहां 8 में से 3 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां संक्रमितों की आयु सीमा 0 से 40 वर्ष तक है।     शिवपुरी (गुदर गांव): खनियाधाना क्षेत्र में 5 में से 3 केस पॉजिटिव आए हैं (उम्र 4 से 15 वर्ष)।     अलीराजपुर (कांडा-चुलिया): जोबट क्षेत्र में 6 में से 1 केस पॉजिटिव मिला है। संक्रमण फैलने का मुख्य कारण ‘टीकाकरण में चूक’ खसरे के दोबारा उभरने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं।     विमुक्त और घुमक्कड़ समुदायों के लगातार स्थान बदलने के कारण बच्चों का नियमित टीकाकरण चक्र टूट जाता है।     महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने से कई बच्चे वैक्सीन की अनिवार्य डोज से वंचित रह गए थे। बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है खसरा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, खसरा न केवल श्वसन तंत्र पर हमला करता है, बल्कि बच्चों में अंधेपन (Blindness) का भी एक बड़ा कारण है। दुनिया भर में हर साल करीब 60 हजार बच्चे इसके कारण अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं। प्रमुख लक्षण और जटिलताएं     तेज बुखार, खांसी और शरीर पर लाल चकत्ते।     उल्टी, डायरिया और गंभीर डिहाइड्रेशन।     जटिल मामलों में निमोनिया और मस्तिष्क में सूजन (Encephalitis)। बचाव और सरकारी प्रयास     नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) और स्वास्थ्य संचालनालय ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है।     मरीजों को लक्षणों के आधार पर दवाइयां और विटामिन-ए सॉल्यूशन दिया जा रहा है। विटामिन-ए की दो डोज संक्रमण की गंभीरता को कम करने में सहायक होती हैं।     विशेषज्ञों का कहना है कि मीजल्स-रुबेला (MR) वैक्सीन की दोनों डोज समय पर लगवाना ही इससे बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।     ग्रामीणों और शिक्षकों को सलाह दी गई है कि संक्रमित मरीज को अलग (Isolate) रखें और साफ-सफाई व पोषण का विशेष ध्यान दें।

टी20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले ग्लैमर का तड़का, रिकी मार्टिन की परफॉर्मेंस के साथ होगी क्लोजिंग सेरेमनी

अहमदाबाद टी20 विश्व कप 2026 अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। 8 मार्च को नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाना है। सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को और न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। फाइनल मुकाबले से पहले क्लोजिंग सेरेमनी होगी। इंटरनेशनल पॉप सुपरस्टार रिकी मार्टिन क्लोजिंग सेरेमनी में अपनी प्रस्तुति देंगे। आईसीसी ने इसकी पुष्टि की है। मार्टिन एक खास तौर पर तैयार किया गया लाइव परफॉर्मेंस देने वाले हैं। भारतीय समयानुसार कार्यक्रम शाम 5:30 बजे शुरू होगा। अपनी दमदार आवाज, स्टेज पर जबरदस्त मौजूदगी और दुनिया भर में लैटिन पॉप गानों के लिए लोकप्रिय इस गायक की प्रस्तुति की खबर सुन फैंस रोमांचित हैं। गायक से उम्मीद है कि वह मैच देखने आए फैंस को एक रोमांचक और यादगार अनुभव देंगे। आईसीसी ने अपने आधिकारिक एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, “टी20 विश्व कप की पार्टी अब और बड़ी हो गई है। हमें यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि वैश्विक आइकॉन और सुपरस्टार रिकी मार्टिन आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल से पहले क्लोजिंग सेरेमनी के मुख्य आकर्षण होंगे। आप इस कार्यक्रम को मिस नहीं करना चाहेंगे।” आईसीसी ने बताया है कि फाइनल के दिन स्टेडियम के गेट दोपहर 3.30 बजे खुलेंगे। रिकी मार्टिन का कार्यक्रम शाम 5:30 बजे शुरू होगा।इस कार्यक्रम के बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम कुल चौथी बार और लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। टीम इंडिया ने 2007 में खेला गया पहला टी20 विश्व कप जीता था। इसके बाद 2024 में खेले गए पिछले विश्व कप में भी टीम इंडिया चैंपियन रही थी। अगर भारतीय टीम न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीतने में सफल रहती है, तो लगातार 2 बार टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन सकती है। न्यूजीलैंड दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। आखिरी बार न्यूजीलैंड ने 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल खेला था जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था।

महिला हॉकी विश्व कप 2026 की राह पर भारत, क्वालिफिकेशन के लिए आज से बड़ी चुनौती

हैदराबाद भारत की महिला नेशनल फील्ड हॉकी टीम रविवार से हैदराबाद, तेलंगाना में शुरू हो रहे एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2026 में महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपनी जगह पक्की करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत के अलावा इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया शामिल हैं। सभी 8 टीमों को 4-4 के दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप ए में इंग्लैंड, कोरिया, इटली और ऑस्ट्रिया हैं, जबकि ग्रुप बी में भारत, स्कॉटलैंड, उरुग्वे और वेल्स हैं। प्रत्येक ग्रुप से 2-2 टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी। फाइनल के अलावा एक कांस्य पदक मैच होगा। टूर्नामेंट में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीमें विश्व कप 2026 के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल करेंगी। इसके अलावा, हैदराबाद में चौथे स्थान पर रहने वाली दुनिया की सबसे ऊंची रैंक वाली टीम को भी टूर्नामेंट में जगह मिलेगी। आने वाले वर्ल्ड कप में पुरुषों और महिलाओं दोनों के कॉम्पिटिशन में 16 टीमें होंगी, जिसमें हर कैटेगरी में नौ टीमें पहले ही क्वालिफिकेशन हासिल कर चुकी हैं। भारत हैदराबाद में शानदार प्रदर्शन के लिए मजबूत घरेलू समर्थन पर भरोसा करेगा। टीम हाल ही में नियुक्त मुख्य कोच शोर्ड मारिन के नेतृत्व में खेलेगी। भारत अभी दुनिया में नौवें स्थान पर है और इंग्लैंड के बाद टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है, जो दुनिया भर में सातवें स्थान पर है। भारत टूर्नामेंट में विश्व कप में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी। इंडियन टीम अपने कैंपेन की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगी। 9 मार्च और 11 मार्च को स्कॉटलैंड और वेल्स के खिलाफ मैच होंगे। भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक वर्ल्ड कप के आठ एडिशन खेल चुकी है। सबसे अच्छा प्रदर्शन 1974 में रहा था, जब टीम चौथे स्थान पर रही थीं। टूर्नामेंट से पहले, “भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, “हम अपने फैन्स के सामने अपने घर पर क्वालिफायर खेलने के लिए बहुत उत्साहित हैं। टीम इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत कर रही है क्योंकि हम जानते हैं कि क्या दांव पर लगा है। यहां हर टीम विश्व कप में जगह बनाने के लिए मुकाबला कर रही है। हमें शुरू से ही मुश्किल मैचों की उम्मीद है।” उन्होंने कहा, “हैदराबाद में खेलना हमारे लिए बहुत खास होगा। घरेलू दर्शकों का हमेशा प्रेरणा देता है। हमारा फोकस एक बार में एक ही मैच पर रहने और अपना श्रेष्ठ देने पर होगा ताकि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर सकें।”  

फाइनल मुकाबले पर आकाश चोपड़ा की राय: अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती जरूर खेलें

नई दिल्ली भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले आईसीसी टी20 विश्व कप फाइनल के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन में अभिषक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती का समर्थन किया है। आकाश ने खिताबी मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान किया है। अपनी एक्स प्रोफाइल पर जारी किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि टीम फाइनल में पहुंच चुकी है और मुझे नहीं लगता कि टीम खिताबी मुकाबले में कोई बदलाव होना चाहिए। खराब प्रदर्शन के बाद भी अभिषेक और वरुण प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हो सकते हैं। चोपड़ा ने कहा, “वरुण और अभिषेक का कोई खास प्रदर्शन न होने के बावजूद, आप फाइनल में पहुंच गए हैं, इसलिए मुझे लगता है कि आप फाइनल में टीम में कोई बदलाव नहीं करना चाहेंगे।” उन्होंने कहा, “अभिषेक अभी भी नंबर 1 टी20 बल्लेबाज है। वहीं, मैं स्पिन गेंदबाजी में वरुण के साथ जाऊंगा। कुलदीप को लाने का लालच हो सकता है, लेकिन मैं वरुण को चुनूंगा क्योंकि मेरा मानना है कि एक दिन ऐसा आएगा जब सब कुछ बदल जाएगा, इसलिए मैं बिना किसी बदलाव के वाली प्लेइंग इलेवन का समर्थन करूंगा।” अभिषेक मौजूदा टूर्नामेंट में रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सात पारियों में 12.71 के कम औसत से सिर्फ 89 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ 55 रन की पारी खेलने वाले अभिषेक यूएसए, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ लगातार तीन पारियों में शून्य पर आउट हुए थे। वह रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वरुण चक्रवर्ती ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत की थी, लेकिन सुपर 8 और सेमीफाइनल में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। वरुण ने सेमीफाइनल में 4 ओवर में 64 रन लुटाए थे। फाइनल के लिए आकाश चोपड़ा की संभावित प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह।  

भोपाल में बड़ा ट्रैफिक बदलाव: ज्योति टॉकीज–बोर्ड ऑफिस मार्ग 3 महीने प्रभावित, नए डायवर्जन जारी

भोपाल भोपाल में ज्योति टॉकीज चौराहा से बोर्ड ऑफिस चौराहा के बीच आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को आने वाले तीन महीनों तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। करीब सात महीने पहले ज्योति टॉकीज चौराहे के पास नाले की दीवार क्षतिग्रस्त होने से सड़क का एक हिस्सा धंस गया था, जिसकी अब मरम्मत की तैयारी की जा रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) रंगपंचमी के बाद इस हिस्से पर मरम्मत कार्य शुरू करेगा। फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से सड़क के एक हिस्से पर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस की ओर जाने वाली लेन आंशिक रूप से बंद कर दी गई है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। इस परियोजना पर लगभग 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग के इंजीनियरों के अनुसार पूरा निर्माण कार्य करीब तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस की ओर से डायवर्जन प्लान भी तैयार किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था बनी चुनौती यह मार्ग भेल, होशंगाबाद रोड, एमपी नगर और बोर्ड ऑफिस क्षेत्र से न्यू मार्केट व मानसरोवर कॉम्प्लेक्स जाने वालों के लिए प्रमुख रास्ता है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार इस सड़क से हर घंटे लगभग 8 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती बन सकता है। 2.8 मीटर गहराई तक बनेगी नई नाले की दीवार सड़क के नीचे से गुजर रहे नाले की दीवार में दरार आने के कारण यह हिस्सा धंस गया था। अब सड़क को खोदकर करीब 2.8 मीटर गहराई तक नाले की नई दीवार बनाई जाएगी। निर्माण कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज की ओर जाने वाली लेन के नीचे नाले की मरम्मत होगी, इसके बाद दूसरी दिशा की सड़क का काम किया जाएगा। व्यापारियों से फिर होगी चर्चा एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक संजय पवार के मुताबिक एमपी नगर जोन-1 और जोन-2 क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए व्यापारियों से पहले भी बातचीत की जा चुकी है। जरूरत पड़ने पर दोबारा बैठक कर सड़क किनारे खड़े वाहनों और अतिक्रमण को हटाया जाएगा। साथ ही व्यापारियों के वाहनों को मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क करने की योजना भी है। इन इलाकों में लग सकता है जाम निर्माण कार्य के दौरान एमपी नगर जोन-1, एमपी नगर जोन-2, प्रगति पेट्रोल पंप चौराहा, गुरुदेव गुप्त चौराहा, चेतक ब्रिज, गौतम नगर, रचना नगर, मैदा मिल क्षेत्र, पर्यावास भवन रोड और अरेरा हिल्स जैसे इलाकों में ट्रैफिक दबाव बढ़ सकता है। भारी वाहनों के लिए डायवर्जन जब बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज की ओर जाने वाली सड़क पर काम होगा, तब भारी वाहनों को बोर्ड ऑफिस से डीबी सिटी मॉल के सामने से गुरुदेव गुप्त चौराहा की ओर मोड़ा जाएगा। यहां से वाहन एमपी नगर जोन-1 होते हुए होटल रेसिडेंसी के सामने से ज्योति टॉकीज पहुंचेंगे और आगे चेतक ब्रिज की ओर जा सकेंगे।  

शिक्षक भर्ती में नई व्यवस्था लागू: MP में एजुकेशन पोर्टल 3.0 से ऑनलाइन होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

भोपाल प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अब शिक्षक भर्ती परीक्षा में पात्र घोषित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन किया जाएगा। इस नई व्यवस्था की शुरुआत प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से की जाएगी। इसके लिए विभाग ने एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर एक विशेष मॉड्यूल तैयार कर लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। पोर्टल पर अपलोड करने होंगे दस्तावेज नई व्यवस्था के तहत चयनित अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर अपलोड करने होंगे। इसके बाद संबंधित अधिकारी पोर्टल के माध्यम से ही इन दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी और अभ्यर्थियों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 13 हजार पदों के लिए जारी हुई मेरिट सूची हाल ही में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लगभग 13 हजार पदों के लिए मेरिट सूची जारी की है। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है। विभाग की योजना है कि इसी महीने से पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन एजुकेशन पोर्टल-3.0 के माध्यम से शुरू कर दिया जाए। इससे उम्मीद है कि ग्रीष्मावकाश के बाद सरकारी स्कूलों को नए शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किए जाने की संभावना है।   डीईओ कार्यालय में नहीं करना पड़ेगा इंतजार अब तक शिक्षक चयन परीक्षा में मेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए संभागीय कार्यालय या जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता था। इस प्रक्रिया में कई बार अभ्यर्थियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती थी। इसके अलावा कुछ मामलों में दस्तावेज सत्यापन में गड़बड़ी की शिकायतें भी सामने आई थीं। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद अभ्यर्थी घर बैठे ही अपने दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे और अधिकारियों द्वारा उनकी जांच ऑनलाइन ही की जाएगी। इस तरह पूरी होगी ऑनलाइन प्रक्रिया नई प्रणाली के तहत पात्र अभ्यर्थी एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर लॉगिन कर निर्धारित मॉड्यूल में अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करेंगे। इसके बाद विभागीय अधिकारी पोर्टल के माध्यम से इन दस्तावेजों की जांच कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। यदि किसी दस्तावेज में त्रुटि पाई जाती है या अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता होती है, तो अभ्यर्थियों से ऑनलाइन ही सुधार या अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति आदेश भी ऑनलाइन जारी किए जाएंगे, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बन सकेगी।

मेंटेनेंस के कारण मैहर शारदा मंदिर रोपवे सेवा स्थगित, 14 मार्च तक नहीं चलेगा; ऑनलाइन टिकट का पैसा लौटेगा

सतना मैहर जिला में स्थित मां शारदा देवी मंदिर में संचालित दामोदर रोपवे सेवा 5 मार्च से 14 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य के कारण बंद कर दी गई है। रोपवे प्रबंधन ने ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को टिकट कैंसिल कर रिफंड लेने की सुविधा दी है। मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में संचालित दामोदर रोपवे सेवा 5 मार्च से 14 मार्च तक मेंटिनेंस कार्य के चलते पूरी तरह बंद कर दी गई है। इस अवधि में रोपवे का संचालन स्थगित रखा गया है। टिकट बुकिंग पर रोक और रिफंड की मांग रोपवे बंद होने के साथ ही ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी अस्थायी रूप से रोक दी गई थी, लेकिन इससे पहले कई श्रद्धालुओं ने लगभग एक सप्ताह पहले ही एडवांस टिकट बुक करा ली थी। इसके चलते कुछ यात्री पहले से बुक टिकट लेकर मैहर पहुंच रहे हैं और रिफंड की मांग कर रहे हैं। रोपवे प्रबंधन के अनुसार 5 मार्च से 15 मार्च के बीच कुल 18 लोगों ने 77 एडवांस टिकट बुक किए थे।   रिफंड प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति आठ टिकट धारकों को रिफंड, 30 यात्रियों का मिलना बाकी: 5 मार्च से 15 मार्च के बीच कुल 18 लोगों की 77 एडवांस टिकट बुक हुए थे। इनमें से 8 टिकटों का रिफंड, जिसमें 33 यात्रियों की राशि शामिल है, पूरा कर दिया गया है। वहीं 5 टिकट धारकों के 30 यात्रियों का रिफंड अभी लंबित है क्योंकि उनके बैंकिंग विवरण का इंतजार किया जा रहा है। प्रबंधन ने बताया कि शेष 5 टिकट धारकों ने कॉल का जवाब नहीं दिया है।   प्रबंधन की अपील और हेल्पलाइन नंबर उन्हें दिन में दो बार संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद जताई गई है कि मंगलवार तक सभी शेष रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, बशर्ते यात्रियों से बैंक खाते की जानकारी समय पर मिल जाए। प्रबंधन ने यात्रियों से अपील की है कि रोपवे सेवा शुरू होने तक यात्रा की योजना बनाने से पहले जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। रिफंड या टिकट से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए यात्री हेल्पलाइन नंबर 08065130000 पर संपर्क कर सकते हैं या ईमेल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

5 घंटे तक झूमेगा इंदौर: देश के सबसे बड़े रंगोत्सव में तोप-मिसाइलों से पुष्प वर्षा, लाखों लोग होंगे शामिल

इंदौर एक बार फिर इंदौर की रंग-रंगीली रंगपंचमी का उल्लास रविवार को राजवाड़ा पर दिखाई देगा। इसमें लाखों लोग अपनेपन रंग-गुलाल में रमने के लिए शामिल होंगे। 77 वर्ष से चली आ रही संस्थाओं के बैनर तले निकलने वाली गेर परंपरा को निभाने के लिए एक के बाद एक रसिया कॉर्नर, टोरी कॉर्नर, मारल क्लब, संगम कॉर्नर की गेर और नगर-निगम, हिंदरक्षक संगठन फाग यात्रा निकलेगी। रंग-गुलाल से हर एक को भिगोते हुए जब चार किलोमीटर लंबे मार्ग से हजारों लोगों की भागीदारी वाला यह कारवां जब निकलेगा तो यह दृश्य देखते ही बनेगा। धार्मिक, सामाजिक और देशभक्ति के रंग इसमें धार्मिक-सामाजिक के साथ ही देश भक्ति के रंग नजर आएंगे। हिंद रक्षक की फाग यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति तो संगम कॉर्नर की गेर में महाकाल की जटा से गंगाजी के अवतरित होने का दृश्य नजर आएंगे। किसी का गीत-संगीत युवाओं को उत्साहित करने तो कहीं रंगों से बनने वाला तिरंगा देशभक्ति भक्ति की भावना को प्रबल करेगा। शहर की हृदय स्थली पर जब सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक टैंकरों, बोरिंग मशीन, मिसाइलों के साथ ही विभिन्न उपकरणों से लाल-गुलाबी, हरे, पीले, नीले रंग उत्साह से उड़ाकर धरती के साथ आसमान भी रंगों से सराबोर होगा।   गेर मार्ग पर दर्शकों के लिए विशेष व्यवस्था स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा रंगपंचमी पर इंदौर में निकलने वाली पारंपरिक गेर को निहारने के लिए तीन इमारतों की छतों पर बैठक व्यवस्था की है। इसमें गौराकुंड के पास पृथ्वीलोक होटल की दो इमारत व बालाजी टावर पर यह बैठक व्यवस्था है। यहां की छतों पर तिरपाल लगाई गई है और दर्शकों के लिए पेयजल व सुविधाघर की व्यवस्था भी रहेगी। ऑनलाइन सीट बुकिंग और एनआरआई का उत्साह बुक माय शो से यहाँ पर 150 सीटों की बुकिंग की प्रक्रिया की गई, हालांकि शनिवार शाम 6 बजे तक 50 सीटें ही बुक हुई थीं। एक सीट का शुल्क 100 रुपये लिया गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह ऑनलाइन सीट बुकिंग की व्यवस्था की गई थी। इसमें 90 सीटों पर बुकिंग हुई थी। कई एनआरआई खास तौर पर गेर को देखने के लिए इंदौर आए थे और उन्होंने अपनी सीट बुक की थी।

‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल: 9 मार्च को जयपुर में महिलाओं की शिकायतों पर होगी सुनवाई

जयपुर महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सोमवार, 9 मार्च को जयपुर में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इस जनसुनवाई में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर स्वयं उपस्थित रहकर महिलाओं की शिकायतों और समस्याओं की सुनवाई करेंगी। यह महिला जनसुनवाई सोमवार, 9 मार्च को प्रातः 11 बजे से राजस्थान पुलिस अकादमी के बैठक कक्ष में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से संबंधित विभिन्न प्रकार की शिकायतों, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, संपत्ति संबंधी विवाद तथा अन्य सामाजिक मुद्दों से जुड़ी समस्याओं पर सुनवाई कर उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कार्यक्रम के सफल एवं सुचारू आयोजन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभाग पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित रहें और महिलाओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। जनसुनवाई के समन्वय एवं व्यवस्थाओं के लिए उपखण्ड अधिकारी जयपुर दक्षिण श्री अरुण कुमार को समग्र प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, शिकायतों के संकलन और उनके त्वरित निस्तारण के लिए समन्वय करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं से अपील की गई है कि जिन महिलाओं को किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत है, वे इस जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपनी समस्या सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत कर सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उनकी समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

08 मार्च 2026 राशिफल: मेष, वृष, मिथुन समेत सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन? जानें भविष्यफल

मेष राशि- आज मेष राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। कामकाज में कुछ नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी समझदारी से स्थितियां संभल सकती हैं। ऑफिस में किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। सेहत के मामले में थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम भी करें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन कई मामलों में लाभदायक रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और वरिष्ठों से सराहना मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। किसी करीबी व्यक्ति से सलाह लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। कामकाज में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा जिससे काम आसान हो सकता है। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर हल्की सतर्कता बरतें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलित रह सकता है। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। किसी पुराने प्रयास का परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग आपके लिए मददगार साबित होगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। सिंह राशि- सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कामकाज में भागदौड़ बढ़ सकती है और कुछ नए कार्य भी सामने आ सकते हैं। ऑफिस में अपनी बात सोच-समझकर रखें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा। परिवार का सहयोग आपको मानसिक सुकून देगा। सेहत के मामले में खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन योजनाओं पर काम करने का हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आपकी मेहनत का असर भी देखने को मिल सकता है। पैसों के मामले में स्थिति संतुलित रह सकती है। किसी मित्र से मुलाकात खुशी दे सकती है। सेहत सामान्य रहेगी लेकिन थकान हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन सहयोग और समझदारी का रहेगा। कामकाज में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी से कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रह सकता है। सेहत ठीक रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन सोच-समझकर फैसले लेने का हो सकता है। कामकाज में स्थिरता बनी रह सकती है। पैसों से जुड़े मामलों में थोड़ा संयम रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ बातचीत से कई उलझनें दूर हो सकती हैं। रिश्तों में मधुरता बनाए रखें। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। कामकाज में मन लगेगा और कुछ अच्छे अवसर भी मिल सकते हैं। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन प्रगति की ओर इशारा कर सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सफल हो सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का विचार बन सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। परिवार का सहयोग आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन शांत और सामान्य रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखें। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। सेहत सामान्य रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति संतुलित रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।

PLA में उथल-पुथल की आहट, शी जिनपिंग के एंटी-करप्शन अभियान से हिली चीनी सेना: रिपोर्ट

बीजिंग चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को 2026 में गंभीर अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। यह मुख्य रूप से फरवरी 26, 2026 को हुए एक बड़े पर्ज (शुद्धिकरण) से जुड़ा है, जिसमें 10 पीएलए अधिकारियों को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के डिप्टी के रूप में उनके पदों से हटा दिया गया। एक रिपोर्ट ऐसा दावा करती है। इसमें आगे कहा गया है कि 26 फरवरी को हुए इस सफाई अभियान (पर्ज) के नतीजे में पांच पुराने शीर्ष अधिकारियों को निकाल दिया गया, जो कभी पीएलए सेना, नौसेना, वायु सेना और एक अन्य यूनिट का नेतृत्व करते थे। इसके अलावा, चीन के फुजियान प्रांत में तैनात 73वें ग्रुप आर्मी से जुड़े दो ऑपरेशनल यूनिट चीनी कमांडर (ताइवान मामले को देख रहे थे) और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी)-स्तर के संगठनों में काम कर रहे तीन जनरलों को उनके पदों से हटा दिया गया। एक जानी-मानी अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘द डिप्लोमैट’ की एक रिपोर्ट में बताया गया, “26 फरवरी को, जरूरी सालाना टू सेशंस मीटिंग से पहले, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 10 अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पदों से हटा दिया। चीनी राजनीतिक नियमों के तहत, यह घटनाक्रम आमतौर पर इसमें शामिल लोगों के लिए गंभीर परेशानी का संकेत देता है।” रिपोर्ट में कहा गया, “हालांकि एनपीसी ने उन्हें हटाने की कोई वजह नहीं बताई, लेकिन इन अधिकारियों के बैकग्राउंड के विश्लेषण से पता चलता है कि उन्हें पद से हटाए गए पूर्व जनरलों से कनेक्शन की वजह से हटाया गया था। दूसरे शब्दों में, पूर्व अधिकारियों ने पीएलए के अंदर एक डोमिनो इफेक्ट शुरू कर दिया, जिससे एक्टिव और रिटायर्ड दोनों तरह के अधिकारियों को हटाया जा रहा है।” रिपोर्ट के मुताबिक, जांच का तेजी से बढ़ना पीएलए की ऑपरेशनल तैयारी को कमजोर कर सकता है और ऑफिसर कोर के अंदर चिंता बढ़ा सकता है; आने वाले महीनों में 26 फरवरी के मामलों के सिलसिले में और अधिकारियों के फंसने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है, “रिटायर्ड एडमिरल शेन जिनलोंग, जिन्होंने 2017 से 2021 तक पीएलए नेवी (पीएलएएन) के कमांडर के तौर पर काम किया था, उन्हें एडमिरल किन शेंगजियांग के साथ एनपीसी पद से हटा दिया गया था। शेन एक करियर नेवल ऑफिसर थे जिन्होंने एक स्क्वाड लीडर के तौर पर शुरुआत की थी और रैंक में ऊपर उठने के साथ-साथ उन्होंने काफी ऑपरेशनल अनुभव हासिल किया था।” इसमें कहा गया, “इसके उलट, किन ने अपने करियर का ज्यादातर समय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) में काम करते हुए बिताया और बाद में 2017 में उन्हें पीएलएएन पॉलिटिकल महासचिव पद से हटाया गया। शेन और किन के लीडरशिप में, चीनी नेवी ने बेड़े का आकार बढ़ाने और दक्षता दोनों में बड़ा विस्तार किया। हालांकि, उनके करियर के दौरान झांग यौक्सिया सीएमसी के उपाध्यक्ष बने, और जनवरी के आखिर में झांग को अचानक हटा दिया गया। इन व्यावसायिक रिश्तों और निजी संबंधों ने शायद शेन और किन को हटाने में मदद की।” रिपोर्ट में बताया गया कि पहले के पर्ज, खासकर 2025 और जनवरी 2026 में हुए पर्ज, पीएलए के अंदर एक लहर जैसा असर डाल रहे हैं। साथ ही, अधिकारियों के बीच बढ़ती असुरक्षा यह इशारा करती है कि और भी सैन्य नेतृत्व, चाहे वे एक्टिव हों या रिटायर्ड, “इस पर्ज में घसीटे जाएंगे।” इसमें कहा गया, “यह बढ़ता हुआ बवंडर फ्रंटलाइन यूनिट्स, जैसे कि ताइवान के दूसरी तरफ 73वीं ग्रुप आर्मी में, मनोबल और नेतृत्व कौशल पर बुरा असर डालेगा।” फरवरी 26, 2026 को, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने 10 पीएलए अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पद से हटा दिया। यह कदम पीएलए में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी जांचों का हिस्सा है, जो 2022 से शुरू हुई हैं। इनमें से कई अधिकारी रिटायर्ड थे, लेकिन उनके हटाए जाने से यह संकेत मिलता है कि जांचें सेवाओं और यूनिट्स तक फैल रही हैं। यह घटना जनवरी 2026 में दो शीर्ष जनरलों—झांग यौक्सिया और लियू झेनली—के जांच के बाद हुई, जो सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के सदस्य थे।

स्वावलंबन की राह पर मती खान, बालाघाट की इस पहल ने खींचा सबका ध्यान

भोपाल  हाउस ऑफ़ तसल्ली स्टार्टअप- राफ्टएंडरसन प्रायवेट लिमिटेड के प्रयास और “विमेन वीव” के सहयोग से मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के मेहंदीवाड़ा (वारा सिवनी) गांव की बुनकर मती नसीबा खान अपने करघे से परंपरा और स्वावलंबन की अनूठी मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उनके हाथों से हाथ-कांते ऑर्गेनिक कपास पर बुना गया स्टोल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि सादगी, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना का प्रतीक है। इसमें बुना गया चरखे का मोटिफ महात्मा गांधी के स्वदेशी और महिला स्वावलंबन के विचारों को समर्पित है। करीब 2 दिनों के अथक श्रम से तैयार यह डिजाइन करघे की लय और ग्रामीण भारत की रचनात्मकता को दर्शाता है। यह पहल न केवल पारंपरिक हथकरघा कला को जीवित रखने का प्रयास है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। स्पर्श में कोमल और आकर्षण में कालातीत यह स्टोल ग्रामीण भारत की उस सृजनशील शक्ति का प्रतीक है, जो परंपरा और आधुनिकता को एक साथ बुनती है। सृजन को सु अनुराधा शंकर से.नि. आईपीएस जो कि गांधी पीस फाउंडेशन से संबद्ध हैं के द्वारा वेटिकन सिटी के धर्मगुरू पोप तथा अन्य को रोम के एक कार्यक्रम में 26 अक्टूबर 2025 को भेंट किया गया। इस कल्पना को साकार करने में नर्मदापुरम की महिला उद्यमी रत्नम  और राकेश ने अपना योगदान दिया है।  

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