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पंचायतों में चलाया विशेष क्रियान्वयन महाअभियान, PM आवास में बिलासपुर जिला बना नंबर वन

बिलासपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन में जिले ने राज्य स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले ने 40 हजार से अधिक आवास पूर्ण कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. 12,337 तथा तखतपुर में 7,930 आवास पूर्ण हुए हैं. वतर्मान में 30,983 आवास निर्माणाधीन हैं, जिन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से 12 फरवरी 2026 को जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष महाअभियान चलाया गया. बिहान केडर की दीदियों सहित एफएलसीआरपी /आरसी, सक्रिय महिला, पशु सखी, कृषि सखी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, आवास मित्र एवं पंचायत सचिवों द्वारा घर-घर संपर्क कर हितग्राहियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु प्रेरित किया गया. इस अभियान में नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी ने निर्माण कार्य को नई गति प्रदान की है. जिला प्रशासन द्वारा सभी अपूर्ण आवासों को 30 जून 2026 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

कम उम्र, बड़ा सपना: 13 साल के जयवर्धन ने Shark Tank में कर डाली ₹60 लाख की ऐतिहासिक डील

मुंबई ‘ शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 ‘ जब से शुरू हुआ है, तभी से इसकी कहानियां और कंटेस्टेंट्स हर तरफ चर्चा का विषय हैं। लेकिन बड़ों के साथ-साथ एक 13 साल के बच्चे ने साबित कर दिया है कि टैलेंट की कोई उम्र नहीं होती। गाजियाबाद के इस बच्चे ने जजों को इंप्रेस तो किया ही, साथ ही चौंका भी दिया। स्नैपडील के संस्थापक कुणाल बहल 13 साल के बच्चे जयवर्धन त्यागी को देखकर दंग रह गए। गाजियाबाद के बच्चे जयवर्धन त्यागी के एआई स्टार्टअप, न्यूरापेक्साई को देखने के बाद सारे जज देखते ही रह गए। इस स्कूली बच्चे ने शार्क – कुणाल बहल, नमिता थापर, विनीता सिंह, रितेश अग्रवाल और अमन गुप्ता को शुरुआत से ही प्रभावित किया। आइए उनकी कंपनी के बारे में और जानें और देखें कि क्या उन्हें शो में कोई डील मिली। न्यूरापेक्साई क्या है? जयवर्धन का न्यूरापेक्साई एक एआई-सहायक मेडटेक प्लेटफॉर्म है जो एमआरआई स्कैन, लैब रिपोर्ट, इमेज और मेडिकल हिस्ट्री का विश्लेषण करके स्पष्ट और उपयोगी रिपोर्ट तैयार कर सकता है। यह टूल फिलहाल यूजर्स के लिए मुफ्त उपलब्ध है। जयवर्धन ने प्रोडक्ट लॉन्च करने के लिए 5% इक्विटी के लिए 60 लाख रुपये की मांग की थी, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 12 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक साल पहले कंपनी शुरू की थी। जयवर्धन त्यागी की पूरी जर्नी जयवर्धन ने अपनी जर्नी के बारे में बताया और शेयर किया कि बचपन से ही उन्हें शतरंज में इंट्रेस्ट था और एक समय वे ग्रैंडमास्टर बनने का सपना देखते थे। हालांकि, बाद में उन्हें ब्लॉक कोडिंग में दिलचस्पी पैदा हुई, जिसने उन्हें कोडिंग और वेब डेवलपमेंट की ओर प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जब वे महज 10 साल के थे, तब उन्होंने एक ऑल-इन-वन सोशल मीडिया वेबसाइट बनाने की कोशिश भी की थी। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार उन्होंने रॉकेट बनाने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण वह उड़ नहीं सका। जयवर्धन ने नेपोलियन और स्टीव जॉब्स को अपना प्रेरणा बताया। जयवर्धन के पिता क्या करते हैं? उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता गणित के प्रोफेसर हैं और उन्होंने मैथ्स के जरिए अपने काम को करने की कोशिश की है। जयवर्धन ने कहा कि एक दोस्त के सुझाव पर उन्होंने न्यूरापेक्साई बनाया, जिसने उन्हें अपने रिज्यूमे में जोड़ने लायक किसी प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए प्रेरित किया। बच्चे के जवाब ने जीत लिया दिल जब शार्क्स ने उनसे उनकी भविष्य की प्लानिंग के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘यह कोई स्कूल प्रोजेक्ट नहीं है। मैंने इसके लिए अपनी जेईई कोचिंग छोड़ दी। मैं पढ़ाई को बहुत महत्व देता हूं, लेकिन इस मौके को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरी उम्र 13 है या 21।’ बच्चे को मिला 60 लाख का निवेश सभी शार्क जयवर्धन के काम और उनकी बातों से इंप्रेस हुए। हालांकि, चूंकि एआई मॉडल अभी शुरुआती फेज में है, इसलिए उन्होंने फिलहाल इसमें निवेश करना उचित नहीं समझा। कुणाल बहल ने सबसे पहले मना कर दिया। विनीता सिंह ने भी इसे फिलहाल निवेश के योग्य न बताते हुए मना कर दिया। रितेश अग्रवाल ने जयवर्धन के साथ एक-दो दिन बिताने के बारे में बात की, लेकिन कंपनी में निवेश न करने का ऑप्शन चुना। अमन गुप्ता ने पिता से किया मजाक हालांकि, अमन गुप्ता ने बिना किसी बातचीत के बिजनेस में निवेश करने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि यह एआई मॉडल कितना अच्छा है। लेकिन मुझे पता है कि आप भविष्य में कुछ बड़ा करेंगे। मैं आपका सपोर्ट करना चाहता हूं और आपको वह सब कुछ देना चाहता हूं जो आपने मांगा है।’ उन्होंने जयवर्धन के पिता के साथ मजाक भी किया और कहा, ‘क्या खाके पैदा किया है? मुझे दो और करने हैं ऐसे।’

बांग्लादेश की सत्ता बदलते ही एक्टिव तारिक रहमान, PAK मुद्दे पर क्या है रणनीति?

बांग्लादेश बांग्लादेश में नई सरकार बनने वाली है। प्रधानमंत्री के रूप में बीएनपी के तारिक रहमान शपथ लेंगे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान को लेकर तारिक रहमान का रुख क्या रहता है। गौरतलब है कि केयरटेकर प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के सत्ता में रहने के दौरान दोनों देशों के बीच संबंध काफी बेहतर हुए थे। यूनुस पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान को बहुत कुछ दिया। उन्होंने पाकिस्तान के लिए वीजा शर्तों में ढील दी। इसके अलावा बांग्लादेश के समुद्र में पाकिस्तान को एक्सेस दी। जबकि सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह आतंकवादियों के लिए रास्ता हो सकता है। गौरतलब है कि साल 2001 से 2007 के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सत्ता संभाल चुकी है। इस दौरान पाकिस्तान से उसके रिश्ते कभी नरम तो कभी गरम रहे। हालांकि भारत ने कई बार आरोप लगाया कि तत्कालीन बांग्लादेश सरकार ने पाकिस्तानी आतंकियों को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने दिया। बदल सकती हैं चीजें हालांकि इस बार चीजें बदल सकती हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि इस बार जमात-ए-इस्लामी सरकार में बीएनपी की समर्थक नहीं है। एनडीटीवी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि बीएनपी पाकिस्तान से पूरी तरह दूरी तो नहीं बनाएगा। लेकिन उम्मीद है कि तारिक रहमान भारत के साथ अच्छे संबंधों की अहमियत को दिमाग में जरूर रखेंगे। एक्सपर्ट्स का दावा है कि वह पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य रखेंगे, लेकिन इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि वह आईएसआई को अपने देश पर हावी होने देंगे। जबकि यूनुस सरकार के दौरान ऐसा हो रहा था। ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में पाकिस्तान एक अन्य अधिकारी ने दावा पाकिस्तान कुछ दिन तक वेट एंड वॉच की स्थिति में रहेगा। वह बहुत दबाव नहीं बनाएगा और तारिक रहमान के सेटल होने का इंतजार करेगा। अधिकारी ने कहा कि वैसे भी फिलहाल तारिक रहमान की सबसे बड़ी चुनौती हिंसाग्रस्त बांग्लादेश को स्थिर करना होगा। दूसरी तरफ भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान के अच्छे संबंधों पर आपत्ति नहीं होगी। हालांकि भारत को चौंकन्ना रहना होगा कि कहीं तारिक रहमान, मोहम्मद यूनुस के कदमों पर न चल पड़ें। पिछले कुछ अरसे में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के लोग बांग्लादेश पहुंचे। इस दौरान पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ मजबूत सैन्य संबंध स्थापित करने की कोशिश की। वहीं, इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक इनके जरिए पाकिस्तान बांग्लादेश में बेस बनाकर भारत को निशाना बनाने की फिराक में था।  

दिन में गर्मी, रात में ठंड: इंदौर के लोगों की तबीयत बिगड़ी, एमवाय अस्पताल में पहुंच रहे सैकड़ों मरीज

इंदौर  मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में तेज धूप और गर्मी बढ़ी जबकि रात में ठंडक के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर वायरल फीवर के रूप में सामने आ रहा है। एमवाय अस्पताल में ही एक दिन में करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के शासकीय और निजी अस्पतालों में बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय मौसम का उतार-चढ़ाव संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। दिन में पसीना और रात में ठंडी हवा चलने से लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। खासतौर पर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जो देर रात तक बाहर रहते हैं या ठंड-गर्मी के बीच लापरवाही बरतते हैं। शादियों का सीजन भी बढ़ा रहा खतरा इन दिनों शादी समारोह का सीजन चल रहा है। देर रात तक कार्यक्रमों में शामिल होना, ठंडी चीजें खाना, नींद पूरी न होना और भीड़भाड़ में समय बिताने से भी वायरल संक्रमण फैलने की बड़ी वजह सामने आई है। डाक्टरों के अनुसार कई लोग हल्का बुखार या सर्दी होने के बाद भी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। संक्रमण परिवार के अन्य लोगों तक भी फैल रहा है। गंभीर बीमारियों वाले मरीजों के लिए ज्यादा जोखिम शुगर, बीपी, कैंसर, ह्दय रोग, लिवर, अस्थमा, गर्भवती महिलाओं और किडनी से संबंधित बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। वायरल फीवर होने पर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की रिकवरी धीमी हो जाती है। कई बार उनकी स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ रहा है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण संक्रमण का असर ज्यादा समय तक बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चों और बुजुर्गों में भी वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं। तापमान में अचानक बदलाव से उनकी इम्युनिटी जल्दी प्रभावित होती है, जिससे बुखार और खांसी लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बचाव ही सबसे बड़ा इलाज इस मौसम में हल्के गर्म कपड़े साथ रखना, ठंडी चीजों से परहेज करना और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, फल-सब्जियां और भरपूर नींद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। रोजाना वायरल के एक हजार मरीज     वायरल फीवर, शरीर एवं जोड़ों का दर्द, भूख कम होना। इसमें सामान्य मरीज जो जल्दी ठीक हो जाते हैं, लेकिन बीपी, किडनी, कैंसर, ह्दय रोग, शुगर, गर्भवती महिलाओं, अस्थमा मरीजों को इंफेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। ये हाई रिस्क मरीज हैं। शादी समारोह के कारण इन दिनों वायरल फीवर ज्यादा बढ़ रहा है। एमवाय के मेडिसिन विभाग में रोजाना 400, चाचा नेहरू अस्पताल में 400 बच्चे और एमटीएच में 200 गर्भवती महिलाएं वायरल फीवर के इलाज के लिए आ रही हैं। इस तरह करीब एक हजार मरीज रोजाना आ रहे हैं।- डॉ. धर्मेंद्र झंवर, प्रो. मेडिसिन विभाग, एमजीएम मेडिकल कॉलेज  

आईएसएल 2025-26: जमशेदपुर एफसी की 28 सदस्यीय टीम घोषित

जमशेदपुर करीब एक साल बाद इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के जमशेदपुर लौटने पर, जमशेदपुर एफसी ने आगामी सीजन के लिए अपनी 28 सदस्यीय टीम घोषित की है। शील्ड जीतने वाले कोच ओवेन कॉयल एक बार फिर टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं, जो जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 9 अहम घरेलू मैच होस्ट करेगी। मेन ऑफ स्टील 15 फरवरी को जेआरडी स्टेडियम में मोहम्मडन एससी के खिलाफ अपने आईएसएल सीजन की शुरुआत करेगी। यह टीम काफी संतुलित नजर आ रही है, जिसमें 6 इंटरनेशनल खिलाड़ी टैलेंटेड भारतीय कोर में अनुभव और गुणवत्ता ला रहे हैं। यह अनुभवी दिग्गजों और होनहार युवा टैलेंट के संयोजन से और बेहतर होता है, जिससे विशेषज्ञता और युवा एनर्जी का मेल है। जमशेदपुर एफसी का मिडफील्ड खासतौर पर मजबूत है, जिसमें खास विदेशी खिलाड़ी निकोला स्टोजानोविक और मादिह तलाल के साथ-साथ प्रणय हलदर भी हैं। रेई ताचिकावा भारतीय मिडफील्डर्स को मजबूती दे रहे हैं। डिफेंसिव तौर पर प्रतीक चौधरी, स्टीफन एजे और लजार सिरकोविक जैसे पुराने खिलाड़ी टीम को मजबूती देते हैं, जबकि अटैकिंग लाइनअप में मेस्सी बाउली, सनन और ऋत्विक शामिल हैं। क्लब में वापसी के बाद से ओवेन कॉयल ने खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता की तारीफ करते हुए कहा, “हम इस बात से बहुत खुश हैं कि जब से हम आए हैं, स्क्वॉड कितनी मेहनत कर रहा है। हमें सुपर कप से पहले बनी टीम विरासत में मिली थी, लेकिन खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा रवैया, बहुत प्रतिबद्धता दिखाई है और ट्रेनिंग में बहुत मेहनत की है। अब हम ट्रेनिंग ग्राउंड से उस काम को मैदान पर लाना चाहते हैं, जिसकी शुरुआत रविवार को आईएसएल मैच से होगी।” जमशेदपुर एफसी की टीम: गोलकीपर- अल्बिनो जियोवानी गोम्स, रवि कुमार, अमृत गोप और आयुष जेना। डिफेंडर- स्टीफन एजे, लजार सिरकोविक, प्रतीक चौधरी, सार्थक गोलुई, मार्क जोथनपुइया, प्रफुल्ल कुमार, कार्तिक चौधरी और निखिल बारला। मिडफील्डर- प्रणय हलदर, जर्मनप्रीत सिंह, मोबाशिर रहमान, मदीह तलाल, निकोला स्टोजानोविक, रेई ताचिकावा, ऋत्विक दास, सौरव दास, लालहरियातपुइया चावंगथु, विंसी बैरेटो, श्रीकुट्टन वीएस और समीर मुर्मू। फॉरवर्ड- मेसी बाउली, सनन मोहम्मद के, मनवीर सिंह और रोसेनबर्ग गेब्रियल।  

शिक्षा क्षेत्र में नई पहल: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 4 वर्षीय BA-BEd कोर्स, प्रवेश परीक्षा फॉर्म उपलब्ध

इलाहाबाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (बीए-बीएड) शुरू करने की घोषणा की है। यह आइटीईपी (सेकेंडरी स्टेज) कोर्स है। आइटीईपी कार्यक्रम शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर समग्र शिक्षक तैयार करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत छात्र प्रमुख विषयों जैसे भूगोल, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिंदी और अर्थशास्त्र में से कोई एक विषय चुन सकते हैं, इसके साथ ही वे शिक्षा में भी मेजर कर सकते हैं। कार्यक्रम में प्रवेश राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा (एनसीईटी)-2026 से होंगे। यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) आयोजित करेगी। परीक्षा 17 अप्रैल 2026 को होगी। अहम तिथियां आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा करने की तिथि 12 फरवरी से 10 मार्च 2026 क्रेडिट/डेबिट कार्ड/नेट-बैंकिंग/यूपीआई के माध्यम से शुल्क कीअंतिम तिथि 11 मार्च 2026 फॉर्म में करेक्शन की तिथि – 12 मार्च से 14 मार्च 2026 परीक्षा शहर की घोषणा – बाद में तिथि घोषित होगी एडमिट कार्ड – बाद में तिथि घोषित होगी परीक्षा की तिथि – 17 अप्रैल 2026 आवेदन फीस जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए एप्लीकेशन फीस 1200 रुपये है। OBC-NCL और EWS कैंडिडेट्स के लिए फीस 1000 रुपये है। SC, ST, PwD और थर्ड जेंडर कैंडिडेट्स को 650 रुपये देने होंगे। एलएलबी के छात्रों ने मांगा पंचम सेमेस्टर का परिणाम इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि विभाग में एलएलबी (ऑनर्स) तृतीय वर्ष (षष्ठम सेमेस्टर) के छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। छात्रों ने कुलपति व इविवि प्रशासन को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपकर दिसंबर में आयोजित पंचम सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम घोषित करने की मांग की। कहा कि परिणाम घोषित न होने के कारण वे अखिल भारतीय बार परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण 11 फरवरी से शुरू है और अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। इस परीक्षा के पंजीकरण के लिए प्रथम से पंचम सेमेस्टर तक की अंकतालिकाएं अपलोड करना अनिवार्य है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल से पहले परिणाम घोषित नहीं किए गए तो पूरा बैच इस महत्वपूर्ण परीक्षा से वंचित रह जाएगा। इससे छात्रों का आठ महीने का समय बर्बाद होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रनेता गोलू पासवान, प्रियांशु यादव, शिवम सिंह, राहुल चौधरी, विश्वजीत प्रजापति, सक्षम आदि शामिल रहे।

बांग्लादेश में बदलेगा सिस्टम? 70% लोगों ने भारत जैसी संसद के पक्ष में दिया समर्थन

ढाका   बांग्लादेश के इतिहास में 12 फरवरी, 2026 की तारीख एक नए युग की शुरुआत के रूप में दर्ज हो गई है। देश में संपन्न हुए आम चुनावों में तारिक रहमान के नेतृत्व वाले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) गठबंधन ने 297 में से 210 सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही, लगभग 35 वर्षों में तारिक रहमान बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। यह चुनाव केवल सत्ता हस्तांतरण के लिए नहीं था, बल्कि देश की शासन प्रणाली को पूरी तरह से बदलने के लिए एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी था। चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनमत संग्रह में 60.26 प्रतिशत मतदान हुआ। इनमें से 70 प्रतिशत लोगों ने भारत की तरह संसदीय व्यवस्था के पक्ष में मतदान किया है। मतदाताओं ने व्यापक सुधार पैकेज, जिसे “जुलाई चार्टर 2025” के रूप में जाना जाता है, के कार्यान्वयन के पक्ष में भारी जनादेश दिया है। हां के पक्ष में 4,80,74,429 मत मिले हैं। यह स्पष्ट बहुमत है। वहीं, ना के पक्ष में 2,25,65,627 पड़े हैं। आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने मीडिया को बताया कि जनता ने देश के पुनर्गठन के पक्ष में अपनी मुहर लगा दी है। क्या है जुलाई चार्टर? यह चार्टर अगस्त 2024 में प्रधान मंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने वाले छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद तैयार किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सत्ता के केंद्रीकरण को रोकना और राज्य की प्रमुख संस्थाओं को पुनर्गठित करना है ताकि भविष्य में तानाशाही और फासीवादी शासन की पुनरावृत्ति न हो। इस चार्टर में 84 सुधार बिंदु शामिल हैं, जिन्हें लागू करने के लिए एक संवैधानिक सुधार परिषद (Constitutional Reform Council) 270 कार्य दिवसों के भीतर काम करेगी। जुलाई चार्टर के प्रमुख प्रस्ताव 1. प्रधानमंत्री कार्यकाल की सीमा: सत्ता के दीर्घकालिक केंद्रीकरण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री के लिए सख्त कार्यकाल सीमा निर्धारित करना। 2. द्विसदनीय संसद: विधायी शक्ति को संतुलित करने के लिए 100 सीटों वाले एक नए उच्च सदन का निर्माण, जिसमें सीटें पार्टी के राष्ट्रीय वोट शेयर के आधार पर आवंटित की जाएंगी। आपको बता दें कि भारत में भी लोकसभा और राज्यसभा जैसी दो सदन वाली संसदीय व्यवस्था है। 3. कार्यकारी शक्तियों में कमी: प्रधानमंत्री कार्यालय की शक्तियों को कम करने के लिए राष्ट्रपति की भूमिका को मजबूत करना। 4. न्यायिक और संस्थागत स्वतंत्रता: न्यायपालिका और अन्य प्रमुख राज्य संस्थाओं को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखने के उपाय। 5. विपक्ष की भागीदारी: प्रमुख संसदीय समितियों का नेतृत्व करने और डिप्टी स्पीकर के रूप में सेवा करने के लिए विपक्षी नेताओं के प्रावधान शामिल करना। 6. जुलाई सेनानियों को सुरक्षा: विद्रोह में भाग लेने वाले प्रतिभागियों जिन्हें “जुलाई सेनानी” कहा जाता है, को सुरक्षा प्रदान करना। 7. महिलाओं का प्रतिनिधित्व: संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाना। यह तीसरी बार है जब बांग्लादेश में सुधारों का चार्टर पेश किया गया है। अब BNP की नई सरकार के सामने चुनौती यह है कि वह इन सुधारों को कैसे लागू करती है और पिछले शासन की अस्थिरता के बाद देश को स्थिरता की ओर कैसे ले जाती है।  

शिक्षा में उत्कृष्टता की ओर कदम — एमबी पावर स्कूल अब DAV प्रबंधन के साथ।

अनुपपुर. एमबी पावर (मध्य प्रदेश) लिमिटेड, प्रबंधन के द्वारा, परियोजना टाउनशिप स्थित 10+2 सीबीएसई संबद्ध विद्यालय का संचालन एवं प्रबंधन, DAV कॉलेज ट्रस्ट एवं मैनेजमेंट सोसायटी को सौंपने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय विद्यालय के शैक्षणिक मानकों, आधारभूत संरचना और समग्र प्रशासन को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विद्यालय की स्थापना, कर्मचारियों के बच्चों, परियोजना प्रभावित परिवारों तथा आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। बता दें कि यह संस्थान वर्षो से सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में जाना जाने बाला एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। देश की अग्रणी शैक्षणिक श्रृंखला DAV वर्तमान में भारतभर में 1000 से अधिक शिक्षण संस्थानों का संचालन कर रही है। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में 136 से अधिक विद्यालयों का सफल संचालन DAV द्वारा किया जा रहा है। उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम, अनुशासित वातावरण, संस्कारयुक्त शिक्षा एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए DAV विद्यालयों की व्यापक पहचान है। ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकास : “कंपनी परिसर में स्थित इस स्कूल को पेशेवर प्रबंधन द्वारा शिक्षा के एक ‘उत्कृष्टता केंद्र’ (Center of Excellence) के रूप में निखारा जाएगा।” उत्कृष्टता (Excellence) की दिशा में विशेष प्रयास इन बिंदुओं पर आधारित होंगे : * शैक्षणिक गुणवत्ता एवं परिणामों में निरंतर सुधार * शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का अनुपालन * सह-पाठयक्रम एवं खेल गतिविधियों का विस्तार * डिजिटल लर्निंग एवं स्मार्ट शिक्षण साधनों का समावेश * मूल्य-आधारित शिक्षा, अनुशासन एवं चरित्र निर्माण “नया प्रबंधन विद्यालय की आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सेवा के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करने के प्रति संकल्पित है, ताकि सेवा का मूल उद्देश्य निरंतर बना रहे।” “कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह परिवर्तन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए किया गया है। संस्थान इस परिवर्तन की अवधि (Transition Period) को पूर्णतः पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।” बेहतर शिक्षा की ओर एक मजबूत कदम — उज्ज्वल भविष्य की नई नींव।

आप किस ज्योतिर्लिंग से जुड़े हैं? – 12 राशियों और जन्म के गुप्त शिव सूत्र का खुलासा

शिवलिंग केवल पत्थर नहीं है. यह सृष्टि की मूल ऊर्जा का प्रतीक है. इसका गोलाकार ऊपरी भाग आकाश का प्रतीक माना जाता है और उसका आधार, जिसे योनिपीठ कहते हैं, पृथ्वी का प्रतीक है. यह शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है चेतना और ऊर्जा का एकत्व. महाशिवरात्रि की रात को भक्त शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाते हैं. यह केवल पूजा की विधि नहीं है, बल्कि उस अनंत चेतना के प्रति समर्पण है. बारह ज्योतिर्लिंग: शिव तत्व के बारह प्रकाश-स्थल भारत में स्थित 12 ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के सबसे पवित्र और स्वयंभू (खुद से प्रकट) धाम माने जाते हैं. इन्हें अनंत प्रकाश स्तंभ (स्तंभ रूप ज्योति) का प्रतीक माना जाता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ये 12 ज्योतिर्लिंग 12 राशियों (राशि चक्र) से जुड़े हुए हैं और हर किसी के लिए एक तरीके से व्यक्तिगत तीर्थ के रूप में काम करते हैं, जिससे ग्रहों के प्रभाव संतुलित होते हैं, बाधाएं दूर होती हैं और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है. 12 ज्योतिर्लिंग और राशियों का संबंध वैदिक ज्योतिष में व्यक्ति की राशि (चंद्र राशि या लग्न) के अनुसार संबंधित ज्योतिर्लिंग की उपासना खास फलदायी मानी जाती है. मेष  – रामेश्वरम (तमिलनाडु) यह अग्नि तत्व का प्रतीक है. इससे आवेग और अधीरता पर नियंत्रण मिलता है तथा स्पष्टता आती है. वृषभ  – सोमनाथ (गुजरात) यह चंद्रमा के रक्षक रूप में माना जाता है. इससे भावनात्मक स्थिरता और सहनशीलता बढ़ती है. मिथुन – नागेश्वर (गुजरात) यह विष और राहु/सर्प दोष से रक्षा का प्रतीक है. इससे बौद्धिक स्पष्टता और चंचलता पर नियंत्रण मिलता है. कर्क – ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश) यह जल तत्व और गुरु के ज्ञान का प्रतीक है. इससे मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है. सिंह – वैद्यनाथ (झारखंड) यह पंचम भाव (बुद्धि/मन) का प्रतीक माना जाता है. इससे अहंकार कम होता है, स्वास्थ्य लाभ और ऊर्जा की पुनर्स्थापना होती है. कन्या – मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश) यह पृथ्वी तत्व और बुध की उच्च अवस्था से जुड़ा है. इससे सेवा, कर्तव्य और आध्यात्मिक उन्नति में संतुलन आता है. तुला – महाकालेश्वर (मध्य प्रदेश) यह काल (समय/शनि) और न्याय का प्रतिनिधित्व करता है. इससे जीवन में सामंजस्य और संतुलन स्थापित होता है. वृश्चिक – घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र) यह परिवर्तन और तीव्रता (केतु/मंगल) से जुड़ा है. इससे आध्यात्मिक जागरण और आत्म-नवीनीकरण होता है. धनु – काशी विश्वनाथ (उत्तर प्रदेश) यह मोक्ष और ज्ञान के मार्ग का प्रतीक है. इससे वैराग्य और उच्च ज्ञान की प्राप्ति होती है. मकर – भीमाशंकर (महाराष्ट्र) यह कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है. इससे अनुशासन के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की शक्ति मिलती है. कुंभ  – केदारनाथ (उत्तराखंड) यह उच्च दर्शन और वैराग्य (राहु/शनि) से जुड़ा है. इससे गहन ध्यान और जीवन के उच्च उद्देश्य की अनुभूति होती है. मीन – त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र) यह शुक्र की उपचारात्मक शक्ति और पवित्र जल से जुड़ा है. इससे भावनाओं की शुद्धि और आध्यात्मिक विकास होता है. व्यक्तिगत आध्यात्मिक उन्नति: अपनी राशि से जुड़े ज्योतिर्लिंग की उपासना आत्मा (आत्म तत्व) से जुड़ने का माध्यम मानी जाती है. इससे पूर्व जन्म के पापों का क्षय होता है. ग्रह दोषों का शमन: यदि जन्म कुंडली में कोई ग्रह नीच, अशुभ या पीड़ित अवस्था में हो, तो संबंधित ज्योतिर्लिंग की पूजा से उसके नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं. आध्यात्मिक ऊर्जा और शुद्धि: ये 12 तीर्थ अत्यंत शक्तिशाली ऊर्जा केंद्र माने जाते हैं. श्रद्धा है कि इनकी उपासना व्यक्ति की चेतना को उच्च स्तर पर ले जाती है. ब्रह्मांडीय सामंजस्य: कहा जाता है कि 12 ज्योतिर्लिंगों के स्थान शंख या फिबोनाची पैटर्न जैसी सर्पिल संरचना बनाते हैं, जो दिव्य ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रवाह का प्रतीक है. जीवन की बाधाओं से मुक्ति: प्रत्येक ज्योतिर्लिंग की अपनी विशिष्ट ऊर्जा है, जैसे महाकालेश्वर काल और स्वास्थ्य से जुड़े कष्टों के निवारण के लिए, जबकि काशी विश्वनाथ मोक्ष और ज्ञान के लिए विशेष माने जाते हैं. इस प्रकार 12 ज्योतिर्लिंग केवल तीर्थ स्थल ही नहीं, बल्कि वैदिक ज्योतिष और आध्यात्मिक साधना के महत्वपूर्ण केंद्र भी माने जाते हैं.

असम रैली में पीएम मोदी का बयान, कांग्रेस पर बोला तीखा प्रहार

गुवाहाटी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस की तुलना ‘जहर’ से करते हुए कहा कि सत्ता से 10 साल दूर रहने के कारण यह पार्टी और भी ज्यादा खतरनाक हो गई है. उन्होंने जनता को आगाह किया कि कांग्रेस असम की शांति और संस्कृति के लिए सबसे बड़ा खतरा है. वह शनिवार को गुवाहाटी में कई परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद एक जनसभा में बोल रहे थे. पीएम मोदी ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी असम को फिर से पुराने दौर में ले जाना चाहती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस असम को फिर से अशांति और अराजकता में झोंकना चाहती है. पीएम मोदी ने सीधा आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टिकरण के लिए असम को ‘घुसपैठियों के हवाले’ करना चाहती है. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस का एजेंडा असम की असली पहचान और संस्कृति को मिटाना है. पीएम मोदी ने कांग्रेस की मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा, “10 वर्ष सत्ता से बाहर रहने की वजह से कांग्रेस और ज्यादा जहरीली हो गई है.” उनका इशारा था कि सत्ता पाने के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है, चाहे इसके लिए राज्य की सुरक्षा से समझौता ही क्यों न करना पड़े. ‘कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती’ कांग्रेस पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जो कांग्रेस भारत को राष्ट्र मानने से भी इनकार करती हो… जो सवाल करते हैं कि मां भारती क्या होती है, जो मां भारती के नाम तक से परहेज करती हो, जो मां भारती के प्रति जरा सा सम्मान तक नहीं दिखाते, वो कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती. आज की कांग्रेस हर उस विचार… हर उस आतंकी को कंधे पर बिठाती है… जो देश का बुरा सोचता है. जो लोग देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं… जो लोग, नॉर्थईस्ट को भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं… वो कांग्रेस के लिए पूजनीय बन चुके हैं.” बजट में रखा गया नॉर्थ-ईस्ट का ध्यान पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस के समय असम को टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपये मिलते थे. अब भाजपा सरकार में असम को कांग्रेस सरकार के मुकाबले 5 गुना ज्यादा रुपये मिल रहे हैं. अगर पिछले 11 वर्ष की बात करें तो असम को तमाम विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से 5.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं. बजट में बहुत अधिक फोकस नॉर्थ-ईस्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है. इस बार असम को टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये मिलने वाले हैं. कांग्रेस के समय असम को कैसे पाई-पाई के लिए तरसा कर रखा जाता था. वो आपको भलीभांति याद होगा.” अगले 5 साल गेम-चेंजर: पीएम मोदी विपक्ष पर हमले के बाद पीएम मोदी ने असम के विकास का रोडमैप भी रखा. उन्होंने कहा कि आने वाले 5 साल असम के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. इस दौरान कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे होने वाले हैं, जो असम की ग्रोथ को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. पीएम ने जनता से अपील की कि विकास की इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए यहां ‘डबल इंजन’ (केंद्र और राज्य में भाजपा) की सरकार फिर एक बार बहुत जरूरी है. ‘नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्ठलक्ष्मी की तरह’ पीएम मोदी ने आगे कहा, “अभी कुछ दिन पहले ही देश का बजट आया है. बजट के बाद असम का और नार्थईस्ट का मेरा ये पहला दौरा है. जिस नार्थईस्ट को कांग्रेस ने हमेशा नजरअंदाज किया, हम उस नार्थईस्ट की भक्तिभाव से सेवा कर रहे हैं. नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्ठलक्ष्मी है. इस वर्ष का बजट… अष्टलक्ष्मी के लिए BJP-NDA के vision को और मजबूती देने वाला है.” भाजपा कार्यकर्ताओं की तारीफ भाजपा के कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भाजपा जहां पहुंची है, उसका श्रेय अगर किसी को मिलता है, तो वो सिर्फ और सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं को जाता है. हमारा विश्वास संगठन में है. हम राष्ट्रजीवन में परिवर्तन का आधार संगठन की शक्ति मानते हैं. इसलिए, इतनी बड़ी तादाद में जमीन की जड़ों से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं के दर्शन करना बहुत बड़ा सौभाग्य है. हम लोग एक ही मंत्र को लेकर जिए हैं, हम लोग एक ही मंत्र को साकार करने के लिए अपने आप को खपा रहे हैं.”

सिहोर महोत्सव: स्पेशल ट्रेनें और ट्रैफिक डायवर्ट, प्रशासन और रेलवे ने संभाली व्यवस्था

सिहोर सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के मद्देनजर देवास, सीहोर प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके अलावा रेलवे ने भी शुक्रवार से स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है। बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों ने भी सड़क मार्ग के बजाए रेलमार्ग को ज्यादा सुविधाजनक समझा है। इस कारण इंदौर से भोपाल जाने वाली ट्रेनों में भी आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ नजर आ रही है।   पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने 14 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए 21 जोड़ी ट्रेनों का सिहोर में अस्थायी ठहराव शुरू किया है। इसके अलावा उज्जैन से सीहोर व भोपाल के बीच तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यदि भीड़ बढ़ती है तो अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है। इसके अलावा भोपाल की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें इंदौर के प्लेटफार्म नंबर दो से संचालित होंगी। उज्जैन की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें प्लेटफार्म संख्या एक से संचालित होंगी। भीड़ नियंत्रण के लिए ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ और नए प्रवेश नियम लागू सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सीहोर रेलवे स्टेशन पर पैदल ऊपरी पुल (FOB) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यात्रियों को ट्रेन आने तक स्टेशन परिसर में बनाए गए विशेष ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ में रोका जाएगा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म व्यवस्था में बदलाव करते हुए भोपाल की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 2 और उज्जैन की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 निर्धारित किया गया है, ताकि यात्रियों का आवागमन सुव्यवस्थित रहे। 21 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव और स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने 13 से 22 फरवरी तक सीहोर स्टेशन पर 21 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया है। साथ ही उज्जैन और सीहोर/भोपाल के बीच 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अश्वनी कुमार ने स्वयं स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लिया है। यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गए हैं और वाणिज्य विभाग का विशेष दस्ता तैनात किया गया है, ताकि टिकट खिड़कियों पर लंबी कतारों से बचा जा सके। सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर रेलवे का विशेष ध्यान अभेद सुरक्षा घेरा: RPF, GRP और सीसीटीवी से पैनी नजर महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए RPF और GRP के अतिरिक्त जवानों के साथ-साथ सिविल डिफेंस टीम को भी तैनात किया गया है। पूरे स्टेशन परिसर की सीसीटीवी कैमरों के जरिए मंडल कार्यालय से सीधी मॉनिटरिंग की जा रही है। चिकित्सा आपात स्थिति के लिए डॉक्टरों की टीम और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और पर्याप्त शौचालयों का प्रबंध किया गया है। मेला क्षेत्र से लेकर स्टेशन तक दिशा-सूचक बैनर लगाए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते खोजने में कोई असुविधा न हो। स्टेशन परिसर में विशेष ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ बनाया गया है, जहां यात्रियों को ट्रेन आगमन से पूर्व रोका जाएगा तथा ट्रेन आने पर ही प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया जाएगा, जिससे प्लेटफार्म पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित न हो। प्लेटफार्म एवं स्टेशन परिसर में व्यापक बैरिकेडिंग की गई है। आने और जाने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। स्टेशन के गेटों पर सुरक्षा कर्मी नियुक्त किए गए हैं। स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही है। आपको बता दें कि तीन साल पहले सीहोर में शिवरात्रि के दौरान हुए महोत्सव में लाखों की संख्या में लोग जुटे थे। इस कारण इंदौर-भोपाल रोड पर लंबा जाम लगा था। हालांकि इस बार रुद्राक्ष नहीं बांटे जा रहे हैं।  भारी वाहनों के लिए रूट     भोपाल से आने वाले भारी वाहन: थाना परवलिया के मुबारकपुर जोड़ एवं थाना खजूरी के तुमड़ा जोड़ से होते हुए श्यामपुर-कुरावर-ब्यावरा-शाजापुर-मक्सी मार्ग से देवास और इंदौर जा सकेंगे.     देवास-इंदौर से भोपाल जाने वाले भारी वाहन: देवास से मक्सी-शाजापुर-ब्यावरा-कुरावर-श्यामपुर मार्ग से होकर भोपाल पहुंचेंगे. छोटे और सवारी वाहनों के लिए रूट     भोपाल से आष्टा-देवास-उज्जैन-इंदौर जाने वाले छोटे वाहन: सीहोर न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़-अमलाहा होते हुए आष्टा, देवास, उज्जैन और इंदौर जा सकेंगे.     इंदौर-उज्जैन-देवास से भोपाल जाने वाले छोटे वाहन: आष्टा-अमलाहा-भाऊखेड़ी जोड़-न्यू क्रिसेंट चौराहा मार्ग से भोपाल पहुंचेंगे. कुबेरेश्वर धाम आने वाले वाहनों को नहीं रहेगा डायवर्जन भोपाल, इंदौर, देवास और उज्जैन से सीधे कुबेरेश्वर धाम कथा स्थल पर आने वाले वाहनों को किसी डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ेगा. वे नियमित हाईवे मार्ग से सीधे धाम तक पहुंच सकेंगे. धाम परिसर में बनाई गई विभिन्न पार्किंग में वाहन व्यवस्थित रूप से पार्क किए जाएंगे. आईजी और डीआईजी ने की समन्वय बैठक रूद्राक्ष महोत्सव के सुरक्षित और सफल आयोजन को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम सीहोर में अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में आईजी देहात जोन भोपाल संजय तिवारी, डीआईजी देहात रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल और एसपी सीहोर दीपक कुमार शुक्ला सहित सीहोर, भोपाल देहात, भोपाल शहर, रेलवे और देवास जिले के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश     सभी डायवर्जन पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग, टेंट, टेबल-कुर्सी, पीए सिस्टम, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.     डायवर्जन मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग की जाए.     आपात स्थिति के लिए बड़ी क्रेन, गैस कटर/वेल्डिंग कटर और मैकेनिक उपलब्ध रहें.     सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.     सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाए.     रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.     ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय पर विशेष निगरानी रखी जाए.     श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जाएं, जहां पानी, प्रकाश और शौचालय की व्यवस्था हो.     रेलवे बल और आरपीएफ आपसी समन्वय से पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार कार्य करें.

‘शक्तिमान’ योजना 1.6 लाख करोड़ की, चार राज्यों में रेलवे नेटवर्क का विस्तार, मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम

नई दिल्ली  देश में तेज विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. कैबिनेट बैठक में रेलवे, स्टार्टअप और डेवलपमेट से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं. इन योजनाओं पर करीब 1.6 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से देश के परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी. यह फैसला देश के विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसले लिए गए. आज शनिवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी है. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार का फोकस रेलवे नेटवर्क के विस्तार, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने पर है. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी. सरकार का मानना है कि इन फैसलों से देश की लॉजिस्टिक लागत कम होगी और औद्योगिक विकास को नया बल मिलेगा. कैबिनेट के 1.6 लाख करोड़ के फैसलों में क्या-क्या शामिल है? सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे विस्तार, अर्बन चैलेंज फंड और स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड 2.0 जैसी बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है. इन योजनाओं का उद्देश्य देश के विकास को गति देना है. रेलवे विस्तार से माल और यात्री परिवहन आसान होगा, जबकि स्टार्टअप फंड से युवाओं को नए व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी. रेलवे प्रोजेक्ट्स में कौन-कौन से प्रमुख काम होंगे? कैबिनेट ने तीन बड़े रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. इसमें अंबाला से दिल्ली, कसारा से मनमाड और होसपेट से बल्लारी रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बनाई जाएगी. खास तौर पर 131 किलोमीटर लंबे कसारा-मनमाड सेक्शन पर करीब 10,154 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. यह कॉरिडोर मुंबई को उत्तर और पूर्व भारत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 का क्या उद्देश्य है? सरकार का लक्ष्य स्टार्टअप सेक्टर को मजबूत करना और नवाचार को बढ़ावा देना है. इस फंड के जरिए नए व्यवसायों को वित्तीय सहायता मिलेगी. इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और देश में टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. इन फैसलों से आम लोगों को क्या फायदा होगा? रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से यात्रा आसान होगी और माल परिवहन तेज होगा. इससे व्यापार और उद्योग को फायदा मिलेगा. साथ ही स्टार्टअप योजनाओं से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी. विकास को नई दिशा देने वाला मास्टरप्लान     सरकार का कहना है कि इन फैसलों से देश के परिवहन और लॉजिस्टिक सेक्टर में बड़ा बदलाव आएगा. रेलवे लाइन विस्तार से ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी और ट्रैफिक जाम कम होगा. इससे उद्योग और व्यापार को भी सीधा फायदा मिलेगा. सरकार का लक्ष्य देश को तेज रफ्तार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाना है.     इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. खासकर औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा. इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर सरकार का फोकस     अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. रेलवे विस्तार और शहरी विकास परियोजनाएं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी.     केंद्रीय कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह सिर्फ स्थान परिवर्तन नहीं है, बल्कि इतिहास से जुड़ा एक अहम बदलाव है. उन्होंने कहा कि साउथ ब्लॉक के कमरों ने देश के कई महत्वपूर्ण फैसले देखे हैं, जहां जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक के कार्यकाल के निशान मौजूद हैं. उन्होंने आगे बताया कि इन कमरों ने टाइपराइटर से डिजिटल युग तक का सफर देखा और यहीं कई अहम फैसले, जैसे सर्जिकल स्ट्राइक, लिए गए. करीब 95 साल बाद इन भवनों को खाली किया जा रहा है और यहां ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ बनाया जाएगा.     कैबिनेट ने तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है, जो 12 जिलों और दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र व कर्नाटक सहित चार राज्यों को कवर करेंगी. इन परियोजनाओं से भारतीय रेल के नेटवर्क में करीब 389 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी, जिससे रेल क्षमता बढ़ेगी, भीड़ कम होगी और माल एवं यात्री परिवहन तेज और सुगम होगा. इसके अलावा असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 33.7 किलोमीटर लंबी अंडरवॉटर टनल परियोजना को मंजूरी दी गई है. इसे ट्विन-ट्यूब टनल बोरिंग मशीन डिजाइन से बनाया जाएगा. इसमें दोनों ट्यूब में दो-दो लेन सड़क होगी और एक ट्यूब में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की भी व्यवस्था की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा मिलेगा.  

पोषण से प्री-स्कूल तक बदलाव, आंगनबाड़ी केंद्रों से सशक्त भारत की नई नींव

रायपुर. भारत का भविष्य जिन नन्हे कदमों पर आगे बढ़ता है, वे आज देशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और मुस्कान के साथ नई दिशा पा रहे हैं। कभी केवल पोषण और देखभाल तक सीमित माने जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्र आज प्रारंभिक बाल शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक चेतना और ग्रामीण रोजगार के बहुआयामी केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के महासमुंद, धमतरी, मुंगेली और नारायणपुर जैसे जिलों में दिखाई दे रहा यह परिवर्तन अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा है। नन्हे कदम, सशक्त भारत आंगनबाड़ी केंद्रों का राष्ट्रीय रूपांतरण: शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और रोजगार का समन्वित मॉडल भवन ही शिक्षक: ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड’ की जीवंत अवधारणा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिशरण से निर्मित नवीन आंगनबाड़ी भवनों ने Building as Learning Aid (BALA) की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार कर दिया है।11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्रत्येक भवन में दीवारों, फर्श, सीढ़ियों, दरवाजों और खुली जगहों को शिक्षण माध्यम के रूप में विकसित किया गया है। हिंदी-अंग्रेजी वर्णमाला, अंक, आकृतियाँ, दिशाएँ, जीव-जंतु, स्थानीय परिवेश और सामान्य ज्ञान से जुड़ी चित्रकारी बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर प्रदान कर रही है।अब आंगनबाड़ी भवन स्वयं एक शिक्षक बन चुके हैं जहाँ हर दीवार एक पाठशाला है। नन्हे कदम, सशक्त भारत आंगनबाड़ी केंद्रों का राष्ट्रीय रूपांतरण: शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और रोजगार का समन्वित मॉडल धमतरी का बाला मॉडल  प्रारंभिक बाल शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने की दिशा में धमतरी जिले का बाला मॉडल एक उल्लेखनीय उदाहरण बनकर उभरा है। मनरेगा, महिला एवं बाल विकास विभाग (ICDS) और 15वें वित्त आयोग के सहयोग से जिले में 81 बाला आधारित आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण प्रारंभ किया गया है, जिनमें से 51 केंद्र पूर्ण हो चुके हैं।विकासखंड धमतरी के ग्राम उड़ेंना में निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र इसका सशक्त उदाहरण है, जहाँ दृश्य-आधारित शिक्षण से विशेष पिछड़ी जनजाति कमार वर्ग के बच्चे सहज रूप से ज्ञान अर्जित कर रहे हैं। दीवारों पर स्थानीय संस्कृति, गणितीय अवधारणाएँ, भाषा चार्ट, फर्श पर रंग-आकार और सीढ़ियों पर गिनतीकृहर संरचना बच्चों में जिज्ञासा, स्मरण शक्ति और सीखने की रुचि बढ़ा रही है। नन्हे कदम, सशक्त भारत आंगनबाड़ी केंद्रों का राष्ट्रीय रूपांतरण: शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और रोजगार का समन्वित मॉडल शिक्षा के साथ रोजगार का सृजन इन आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण मनरेगा के अंतर्गत होने से एक ओर गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना का विकास हुआ है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण श्रमिकों को स्थायी रोजगार मिला है। मजदूरी से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हुई है और पलायन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। इस प्रकार आंगनबाड़ी निर्माण केवल बाल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण का भी सशक्त मॉडल बन गया है। खेल-खेल में शिक्षा से खिलखिलाता बचपन महासमुंद के शहरी सक्षम केंद्रों से लेकर नारायणपुर के सुदूर वनांचल के ग्राम कुंदला तक, आंगनबाड़ी केंद्रों में आया यह बदलाव स्पष्ट दिखाई देता है। रंग-बिरंगी दीवारें, शैक्षणिक चार्ट, कविताएँ, खेल सामग्री और बच्चों की खिलखिलाती हँसी ने आंगनबाड़ी को आधुनिक प्ले-स्कूल जैसा वातावरण प्रदान किया है। बच्चे भाषा, गणित और व्यवहारिक ज्ञान को आनंदपूर्वक सीख रहे हैं और स्वयं उत्साह के साथ केंद्र आ रहे हैं। पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक चेतना का केंद्र आंगनबाड़ी केंद्र आज बच्चों तक सीमित न रहकर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरी बालिकाओं के लिए भी पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श का प्रमुख केंद्र बन गए हैं।दीवारों पर अंकित संदेश “जितनी अच्छी वजन की रेखा, उतना स्वस्थ बच्चा” और“लड़का-लड़की एक समान”आंगनबाड़ी को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी मंच भी बना रहे हैं। कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रभावी रूप से हो रहा है। इससे माताओं और बालिकाओं के अधिकारों को संस्थागत मजबूती मिल रही है। स्वच्छता, सुरक्षा और सामुदायिक सहभागिता आरओ जल व्यवस्था, स्वच्छ रसोई, खेलघर, पर्याप्त खेल सामग्री और नियमित साफ-सफाई ने आंगनबाड़ी केंद्रों को सुरक्षित और बाल-अनुकूल बनाया है। महतारी समितियों की सक्रिय सहभागिता से बच्चों की उपस्थिति और सीखने की निरंतरता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर सशक्त कदम आंगनबाड़ी केंद्रों का यह रूपांतरण राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पोषण अभियान के लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर साकार कर रहा है।11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्रत्येक आंगनबाड़ी भवन आज बच्चों के सर्वांगीण विकास, महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार सृजन का समन्वित मॉडल बन चुका है।आज आंगनबाड़ी केंद्र वास्तव में “बच्चों की पहली पाठशाला” बन गए हैं जहाँ शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और रोजगार एक साथ मिलकर सशक्त, समावेशी और विकसित भारत की मजबूत नींव रख रहे हैं।

एमपी के श्रद्धालु खाटूश्यामजी दर्शन के बाद हुए हादसे के शिकार, चाकसू में कार-ट्रेलर टकराव में 5 की मौत

जयपुर  जिले के चाकसू इलाके में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला. राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर टिगरिया मोड़ के पास शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में महिला समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. तेज रफ्तार कार आगे चल रहे डंपर से जा भिड़ी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए. टक्कर इतनी भीषण थी कि चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. पुलिस के अनुसार कार सवार सभी लोग जबलपुर (मध्यप्रदेश) के निवासी थे और दर्शन कर जयपुर की ओर आ रहे थे. हादसे की प्रारंभिक वजह चालक को झपकी आना बताई जा रही है. सुबह साढ़े पांच बजे हुआ हादसा : चाकसू थाना प्रभारी मनोहर लाल मेघवाल ने बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे टिगरिया मोड़ के पास दुर्घटना हुई. कार कोटा-जयपुर मार्ग पर जा रही थी, तभी चालक को झपकी आने से वाहन आगे चल रहे डंफर में जा घुसा. टक्कर के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और शव गाड़ी में बुरी तरह फंस गए. क्रेन की सहायता से वाहन को हटाकर यातायात सुचारू कराया गया. हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया. मृतकों की पहचान : हादसे में मृतकों की पहचान हो गई है. जिनमें रेशमा श्रीवास्तव (55), पत्नी अखिलेश श्रीवास्तव, पीयूष पुत्र राजेश राय, रजक राहुल पुत्र बबलू रजक, चालक अनुराग और शानू सभी मृतक जबलपुर के निवासी बताए जा रहे हैं. रजक राहुल खेरमाई मंदिर के पास जबलपुर सिटी क्षेत्र का रहने वाला था. महाकाल के दर्शन के बाद जा रहे थे खाटूश्यामजी : पुलिस के अनुसार मृतका रेशमा श्रीवास्तव की बेटी पलक श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी मां दो दिन पहले उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए निकली थी. 13 फरवरी को दर्शन करने के बाद वे खाटू श्याम जी मंदिर (रींगस, सीकर) के दर्शन के लिए जा रहे थे. गाड़ी में सवार शानू पहले रेशमा का ड्राइवर रह चुका था. रजक राहुल, अनुराग का दोस्त था और पीयूष उनका परिचित था. परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है. बताया जा रहा है कि पलक को अभी तक उनकी मां के निधन की जानकारी नहीं दी गई है, उन्हें केवल घायल होने की सूचना दी गई है. पुलिस जांच में जुटी : दुर्घटना थाना सेकेंड के जांच अधिकारी जयसिंह ने बताया कि शवों को चाकसू की मॉर्चरी में रखवाया गया है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे. पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की गहन पड़ताल कर रही है. तेज रफ्तार और नींद की झपकी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर है. ​चीख-पुकार और रेस्क्यू ऑपरेशन : ​टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग और वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालक तुरंत मदद के लिए दौड़े. कार के अंदर का नजारा बेहद हृदयविदारक था. ​पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला. मौके पर ही चार लोगों ने दम तोड़ दिया था. एक महिला गंभीर रूप से घायल थी, जिसे तुरंत एंबुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया लेकिन, इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया. ​दूदू में भी 2 ने तोड़ा दम : दूदू क्षेत्र में नेशनल हाईवे-48 पर दातरी के पास अचानक टायर फटने से प्लाईवुड से भरी एक पिकअप गाड़ी पलट गई, जिससे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. दुर्घटना में प्लाईवुड के नीचे दबने से दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो से तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं. सूचना मिलते ही ड्यूटी ऑफिसर रामअवतार चौधरी मौके पर पहुंचे और क्रेन की मदद से दबे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. घायलों को तुरंत दूदू के उप जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाए गए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है.

ग्राम पंचायत बिलासपुर में सीएससी अटल ई सेवा केन्द्र का शुभारंभ

बिलासपुर टेली लॉ के विशेष कैंप लगाकर ग्रामीणों को किया जागरूक कार्यक्रम की शुरुआत श्री ध्यानचंद सोनी सरपंच ग्राम पंचायत बिलासपुर में फीता काट कर  अटल ई-सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। सीएससी जिला प्रबंधक श्री राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि सीएससी संचालक (विएलई) राजेश कुमार सोनी माध्यम से अब ग्राम पंचायत में बैठकर लोगों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की सरकारी सेवाएं सीएससी द्वारा प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर सीएससी बैंकिंग टीम से अशीष सिंह, एवं पंचायत रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत के पंचगण उपस्थित रहे अतिथियों द्वारा ग्रामीणों को टेली लॉ सेवा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को घर बैठे नि:शुल्क कानूनी सलाह सीएससी से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सीएससी अटल ई-सेवा केंद्र के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी अब सेवाएं सीधे ग्राम वासियों तक पहुंचाई जाएंगी जैसे आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री मानधन योजना, फार्मर रजिस्ट्री श्रम कार्ड, उज्ज्वला योजना, गैस बुकिंग, रेलवे टिकट, पेंशन योजना, विजली बिल भुगतान, पैन कार्ड,आय, निवास प्रमाण पत्र आदि शासकीय योजनाओं का लाभ भी सीएससी केंद्र के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीणों को समय पर गांव में सुविधा और मार्गदर्शन मिल सकेगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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