LATEST NEWS

डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से यूपी बन रहा निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री

ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रूल ऑफ लॉ और सुशासन से बदली यूपी की तस्वीर, अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी: मुख्यमंत्री डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से यूपी बन रहा निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टाइमलाइन, मॉनिटरिंग और जवाबदेही जरूरी: मुख्यमंत्री  जापान का सिविक सेंस और तकनीकी अनुशासन अनुकरणीय, यूपी में निवेश को लेकर वैश्विक रुचि: मुख्यमंत्री राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के अधिकारियों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संवाद लखनऊ  राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय,रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित नेशनल सिक्योरिटी एंड स्ट्रेटजिक स्टडी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय सशस्त्र बलों, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार बने हैं। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है और आज देश में सर्वाधिक हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है, जहां देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे स्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन सरकार ने रूल ऑफ लॉ स्थापित करते हुए अवैध वसूली और अराजकता पर प्रभावी नियंत्रण किया। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का तेजी से विकास हो रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई स्थापित है, जो एक एंकर यूनिट के रूप में अनेक छोटे उद्यमों को अवसर प्रदान करेगी। कानपुर नोड में भी बड़े निवेश आए हैं, जबकि हरदोई में ‘बेब्ले स्कॉट’ उत्पादन इकाई है। उन्होंने अधिकारियों को डिफेंस कॉरिडोर का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर में देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माणाधीन है, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे लगभग पूर्ण होने की अवस्था में है। कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश के हर मंडल में साइबर फोरेंसिक लैब, प्रत्येक जिले में फोरेंसिक मोबाइल वैन तथा 75 साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। ई-पॉस मशीनों के माध्यम से प्रदेश की लगभग 80 हजार उचित दर की दुकानों पर पारदर्शी तरीके से राशन वितरण सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही एक करोड़ से अधिक निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को प्रतिवर्ष ₹12,000 की पेंशन सीधे उनके खातों में प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और हाल ही में 90 हजार नए लाभार्थियों को भी इस योजना से जोड़ा गया है।  संवाद के दौरान अधिकारियों ने यह प्रश्न किया कि भारत में अनेक अच्छी नीतियां बनती हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन अक्सर नहीं हो पाता। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और जवाबदेही तय करने से ही परिणाम प्राप्त होते हैं। अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री से उनकी सिंगापुर और जापान यात्राओं के अनुभव के बारे में भी प्रश्न किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान का सिविक सेंस, स्वच्छता और अनुशासन अत्यंत अनुकरणीय है। वहां ग्रीन एनर्जी, ट्रांसपोर्ट मोबिलिटी और अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि वहां के उद्योग जगत ने उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश की रुचि व्यक्त की है और जल्द ही इन निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप मिलता दिखाई देगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के कमांडेंट एयर मार्शल मनीष कुमार गुप्ता कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय सशस्त्र बलों, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इनमें ब्रिगेडियर समीर मेहरोत्रा, श्री परिमल सिन्हा, ब्रिगेडियर विपुल सिंह राजपूत, कमोडोर J.M.B.S.B. जयवीरा (श्रीलंका नौसेना), ब्रिगेडियर भारत भूषण, कर्नल जावख्लानबयार डोंडोगदोरज (मंगोलिया), कमोडोर शरद सिन्सुनवाल, कर्नल इब्राहिम नईम (मालदीव नौसेना), ब्रिगेडियर सूर्यवीर सिंह राजवी, ब्रिगेडियर सुमीत अबरोल, श्री संजय जोसेफ, ब्रिगेडियर मुरली मोहन विरुपसमुद्रम लक्ष्मिसा, कर्नल होवहानेस खानवेल्यान (आर्मेनियन एयर फोर्स), एयर कमोडोर मंटिना सुब्बा राजू, एयर कमोडोर फेलिक्स पैट्रिक पिंटो तथा कर्नल ई.बी. गुस्तावो मोरेइरो मैथियास (ब्राजील) शामिल थे।

‘पाकिस्तान से डिप्लोमेसी का समय अब समाप्त’, काबुल एयरस्ट्राइक के बाद अफगान सरकार ने बदले की कसम खाई

काबुल पाकिस्तान और अफगान-तालिबान के बीच पिछले 10 दिनों से भीषण युद्ध जारी है . कल रात 9 बजे पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत काबुल में अब तक की सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक की, जिसमें एक अस्पताल को भी निशाना बनाया गया. अफगान अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 400 बेकसूर नागरिकों की मौत हो गई है और करीब 250 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान सरकार ने इस हमले का फुटेज जारी करते हुए इसे सैन्य ठिकानों पर की गई कार्रवाई बताया है। इस हमले के बाद इस्लामिक एमिरेट्स ऑफ अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने टोलो न्यूज़ से कहा कि अब पाकिस्तान के साथ बातचीत या कूटनीति का समय खत्म हो गया है, अफगानिस्तान इसका बदला लेगा. डूरंड लाइन पर दोनों देशों की सेनाएं लगातार आमने-सामने हैं और तनाव चरम पर है। निशाने पर इस्लामाबाद जंग की शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और सैन्य कार्रवाई तेज थी. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर काबुल पर हमला हुआ, तो निशाना इस्लामाबाद होगा. जवाब में तालिबान ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद, क्वेटा और रावलपिंडी में पाक आर्मी के ठिकानों पर हमले का दावा किया था. तालिबान ने दावा किया था कि उन्होंने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण ‘नूर खान एयरबेस’ को निशाना बनाया है। पाकिस्तान का ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ पाकिस्तान ने काबुल और नंगरहार में किए गए इन हमलों को अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने हाल ही में बयान दिया था कि अफगान-तालिबान ने पाकिस्तान में नागरिकों को निशाना बनाकर ‘रेड लाइन’ क्रॉस की है. इसी बयान के बाद कल रात काबुल पर भारी बमबारी की गई. पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले उन सैन्य प्रतिष्ठानों पर थे, जो पाकिस्तान में हमलों को प्रायोजित कर रहे थे। डूरंड लाइन पर भीषण झड़पें दोनों देशों के बीच सीमा पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है. डूरंड लाइन पर दोनों तरफ की सेनाएं लगातार एक-दूसरे पर भारी गोलाबारी कर रही हैं. पाकिस्तान द्वारा काबुल के अस्पताल पर किए गए हमले और उसके फुटेज जारी करने के बाद अफगानिस्तान में भारी आक्रोश है. तालिबान ने कहा है कि वे इस सैन्य हमले का करारा जवाब देंगे, जिससे पूरे इलाके में बड़ी जंग का खतरा मंडराने लगा है। ।.

सेंसेक्स की तेजी, गिरावट के बाद एक घंटे में 76,000 का आंकड़ा पार, शेयर बाजार बना रॉकेट

मुंबई शेयर बाजार की चाल दो कारोबारी दिनों से लगातार बदली-बदली नजर आ रही है. सोमवार को जहां सेंसेक्स-निफ्टी ने आखिरी कारोबारी घंटे में बाजी पलट दी थी और शुरुआती गिरावट के बाद अचानक तूफानी तेजी लेकर बंद हुए थे. वहीं मंगलवार को भी दोनों इंडेक्स की चाल शुरुआती कारोबार में ही बदलती रही।  जी हां, बढ़त के साथ खुलने के बाद कुछ ही मिनटों में दोनों इंडेक्स रेड जोन में ट्रेड करते दिखे, तो घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक सुस्ती से उबरते हुए पलटी मार दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 495 अंक की छलांग लगाकर 76,000 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 150 अंक से ज्यादा उछल गया था. इस बीच Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal, M&M, Tata Steel, से लेकर Maruti, IndiGo तक के शेयर तेज रफ्तार पकड़े नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. BSE Sensex अपने पिछले कारोबारी बंद 75,502.85 की तुलना में तेजी के साथ 75,826 पर ओपन हुआ और फिर कुछ मिनट में ही ये फिसलकर 75,234 के स्तर पर आ गया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद स्थिति फिर से बदली हुई दिखी और सेंसेक्स इंडेक्स 495 अंक की उछाल के साथ 76,000 के लेवल पर पहुंच गया।  NSE Nifty की बात करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के साथ-साथ बदलती रही. 50 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,408 की तुलना में बढ़त लेकर 23,493 पर कारोबार शुरू किया था और फिर ये 23,346 तक फिसला था. लेकिन अचानक इसमें भी तूफानी तेजी आ गई और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 155 अंक की तेजी लेकर 23,577 पर कारोबार करता नजर आया. हालांकि, इस स्तर पर पहुंचने के बाद फिर दोनों इंडेक्स की रफ्तार कम होती दिखी ये 10 शेयर बने बाजार के ‘हीरो’ Stock Market में अचानक आई इस तेजी के बीच कई दिग्गज शेयरों का सपोर्ट शामिल है, जो तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. इनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal Share (3.70%), M&M Share (2.94%), Tata Steel Share (2.86%), Maruti Share (2.10%), Indigo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप में शामिल Tornt Power Share (2.20%) और Ashok Leyland Share (1.85%) की बढ़त में था. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में APARINDS Share (4%), ASTERDM Share (3.20%) और MCX Share (3%) उछलकर कारोबार कर रहा था।   अचानक तेजी के ये बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में अचानक आई तेजी के पीछे के कारणों के बारे में, तो एशियाई बाजारों में तेजी से मिले ग्लोबल पॉजिटिव सिग्नल का असर देखने को मिला है. Japan Nikkei, Hongkong HangSeng से लेकर साफत कोरिया का KOSPI तक ग्रीन जोन में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लगातार दूसरे दिन मेटल, ऑटो जैसे शेयरों में वैल्यू बाइंग देखने को मिली है. बाजार के डर का पैमाना India VIX फिर 6 फीसदी टूटा।     

भारत लौटा’नंदा देवी जहाज, होर्मुज से 47 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया

वडीनार होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से शिवालिक के बाद, एक और LPG टैंकर ‘नंदा देवी’ भारत आ चुका है. ‘नंदा देवी’ होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करते हुए वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है. यह जहाज अपने साथ 47 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर आया है. यह जहाज गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पर पहुंच चुका है. मिडिल ईस्ट में गहराते संकट के बीच, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाला यह दूसरा जहाज़ है। एक दिन पहले, दूसरा LPG टैंकर ‘शिवालिक’ गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा LPG लेकर पहुंचा था. इसमें इतनी LPG थी जो भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के करीब 32.4 लाख स्टैंडर्ड घरेलू सिलेंडरों के बराबर थी। अधिकारियों का अनुमान था कि यह अकेला जहाज़ भारत की कुल LPG आयात की ज़रूरत का लगभग एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकता है। मंत्रालय ने क्या बताया था? शनिवार को जहाज़रानी मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि शिवालिक और नंदा देवी के क्रमशः 16 मार्च और 17 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है. सिन्हा ने कहा था, “फ़ारसी खाड़ी इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में उनके साथ किसी भी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. फ़ारसी खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज़ मौजूद थे. इनमें से दो जहाज़- शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित रूप से गुज़र गए और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं। नंदा देवी के गुजरात बंदरगाह पर पहुंचने के बाद 24 हजार मीट्रिक टन LPG तमिलनाडु भेजी जाएगी. LPG आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद दो जहाज़ों के आने से भारत की LPG आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद है, जिससे कमी के व्यापक डर को दूर किया जा सकेगा. फ़िलहाल, कई शहरों में लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जबकि छोटे कारोबारी (होटल, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे दुकानें चलाने वाले) इस बात से चिंतित हैं कि इस कमी की वजह से उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) सुजाता शर्मा ने कहा, “कच्चे तेल और रिफाइनरियों के संबंध में, हमारे पास कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति है और हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। खुदरा दुकानों पर स्टॉक की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। हम अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए घरेलू स्तर पर पर्याप्त पेट्रोल और डीजल का उत्पादन करते हैं; इसलिए, हमें आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे प्राकृतिक गैस के संबंध में, मैंने कल आपका ध्यान सरकार के उद्देश्य की ओर दिलाया था, जहां भी वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को एलपीजी आपूर्ति में कठिनाइयों या व्यवधानों का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें पीएनजी कनेक्शन में परिवर्तित किया जाना चाहिए।” इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए, GAIL (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) ने विभिन्न सीजीडी ऑपरेटरों के साथ एक बैठक आयोजित की और उन्हें सलाह दी कि वे जहां भी संभव हो, सभी पात्र वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में तेजी लाएं… कांडला बंदरगाह में 22 जहाजों को हैंडल करने का इंतजाम तनाव के माहौल में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरकर भारत आने वाला पहला जहाज लाइबेरिया का था, जो सीधे मुंबई पहुंचा था। लेकिन, उसके बाद कांडला बंदरगाह में 72 घंटों के अंदर 22 जहाजों को हैंडल करने का इंतजाम किया गया है। 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा ‘नंदा देवी’ उधर जानकारी के अनुसार ‘नंदा देवी’46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा है। भारत के कई इलाकों में इस समय जिस तरह से एलपीजी की किल्लत बताई जा रही है, ऐसे मौके पर देश के लिए ईरान से बात करके इस तरह से होर्मुज के रास्ते एलपीजी टैंकर ले आना बहुत बड़ी उपलब्धि है। ईरान से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते अबतक भारत पहुंचे जहाज     ईरान युद्ध के बाद भारत पहुंचने वाला सबसे पहला तेल टैंकर लाइबेरिया का शेनलॉन्ग।     यह मुंबई बंदरगाह पहुंचा, लेकिन इसने होर्मुज स्ट्रेट पार करने के लिए ‘डार्क ट्रांजिट’ का इस्तेमाल किया।     ईरान से जब भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हुई तो सबसे पहले जिस एलपीजी टैंकर को गुजरने की इजाजत मिली, वह ‘शिवालिक’ है।     सूत्रों के अनुसार ‘शिवालिक’ भी अभी अंतरराष्ट्रीय जल में है और इंडियन नेवी इसे एस्कॉर्ट करके भारत ला रही है। 

राज्यसभा चुनाव परिणाम: NDA-22, कांग्रेस-6, जानिए किसे मिला लाभ और किसे हुआ नुकसान

 नई दिल्ली बिहार, हरियाणा और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के आगे विपक्षी की सारी कोशिश बेकार साबित हुईं. बीजेपी ने ऐसी रणनीति बनाई कि बिहार में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव का असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ हाथ मिलान भी काम नहीं आ सका तो ओडिशा में कांग्रेस और बीजेडी की जोड़ी भी कोई कमाल नहीं कर सकी। तीन राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों में से एनडीए ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि विपक्ष को सिर्फ दो राज्यसभा सीटें ही मिल सकी है. बीजेपी ने 5 सीटें जीती हैं और उसके सहयोगियों को 4 सीट मिली है. कांग्रेस और बीजेडी एक-एक राज्यसभा सीटें जीत सकती है. राज्यसभा के ये नतीजे सोमवार को हुए चुनाव के है, लेकिन फाइनल आंकड़ा अलग है। देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिसमें सात राज्यों के 26 राज्यसभा सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित चुन लिए गए थे. तीन राज्यों की 11 सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए और उसके बाद नतीजे आए हैं. इस तरह से 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव का फाइनल नतीजे देखें तो बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए ने 22 सीटें जीती हैं तो विपक्ष के खाते में 15 सीटें आईं हैं। 37 राज्यसभा सीटों का फाइनल नतीजा अप्रैल-2026 में खाली होने वाली 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो गए हैं और अब फाइनल नतीजे भी आ गए. 37 राज्यसभा सीटों में 26 सीटें पर पहले ही निर्विरोध सदस्यों का चुन लिया गया था, जिसमें एनडीए और विपक्ष को 13-13 सीटें मिली थी. अब सोमवार को हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए, जिसमें एनडीए 9 और विपक्ष दो सीटें जीती है. इस तरह से चुनाव का फाइनल स्कोर देखें तो एनडीए को 22 सीटें मिली है जबकि विपक्ष के हिस्सा में 15 सीट ही आ सकी हैं। राज्यसभा चुनाव में एनडीए को मिली 22 सीटों में देखें तो 13 सीटें बीजेपी ने जीती हैं जबकि 9 सीटें उसके सहयोगी ने जीती हैं. जेडीयू ने 2, शिंद की शिवसेना एक, अजित पवार की एनसीपी एक, पीएमके एक, AIADMK एक, यूपीपीएल एक, आरएलएसएम एक और एक सीट पर बीजेपी के समर्पित निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती है। वहीं, विपक्ष को मिली 15 राज्यशभा सीटों के पार्टी के लिहाज से देखें तो कांग्रेस को 6 सीटें टीएमसी को 4 सीटें, डीएमके को 3 सीटें, शरद पवार की एनसीपी को एक सीटें और एक सीट बीजेडी को मिली है। राज्यसभा में किसे नफा और किसे नुकसान राज्यसभा चुनाव पहले और नतीजे आने के बाद देखते हैं तो एनडीए को 10 सीटों का फायदा हुआ और विपक्ष को 10 सीटों का नुकसान. चुनाव से पहले एनडीए के पास 12 राज्यसभा सीटें थी, लेकिन अब बढ़कर 22 हो गई हैं जबकि विपक्ष के पास 25 राज्यसभा सीटें थी, जो अब घटकर के 15 रह गई हैं। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के आंकड़े देखें तो बीजेपी के पास 9 सीटें थी, जो अब बढ़कर 13 हो गई हैं. जेडीयू ने अपनी दोनो सीटों को बरकरार रखा है.  इसके अलावा AIADMK, ने अपनी एक सीट, पीएमके ने भी अपनी एक सीट तो आरएलएसएम ने अपनी-अपनी एक-एक सीट को बचाए रखा है। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बात करें तो 18 राज्यसभा सीटें उसके कब्जे में थी, जिसमें से 4 सीटें कांग्रेस के पास थी, जो बढ़कर अब 6 हो गई हैं. इस तरह कांग्रेस को दो सीटों का फायदा मिला है. टीएमसी ने अपनी 4 सीटें बरकार रखी हैं. डीएमके 4 सीटों से घटकर 3 पर रह गई है। आरजेडी के पास 2 सीटें थी, जो अब घटकर जीरो हो गई है. एक सीट शिवसेना (यूबीटी) और एक सीट सीपीआईएम के पास थी, लेकिन उन्हें एक सीट भी नहीं मिली. इसके चार सीटें अन्य दलों के पास थी, जिसमें दो सीटें बीजेडी के पास थी, जिसमें से एक सीट ही उसे मिल सकी. बीआरएस ने अपनी एकलौती सीट भी गंवा दी। राज्यवार राज्यसभा चुनाव के नतीजे क्या रहे? महाराष्ट्र से 7 राज्यसभा सीटों में बीजेपी को चार, एनसीपी और शिवसेना को एक-एक सीट मिली है. इसके अलावा एक सीट पर विपक्ष से शरद पवार चुने गए हैं.  बीजेपी को दो सीट का फायदा तो कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी को एक सीट का घाटा हुआ. अजित पवार और शिंदे को एक-एक सीट का लाभ मिला। तमिलनाडु की  छह राज्यसभा सीटों पर चुनाव में डीएमके को एक सीट का नुकसान तो कांग्रेस को एक सीट का लाभ मिला है. AIADMK और पीएमके अपनी एक-एक सीट बचाने में कामयाब रहीं. पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों में टीएमसी अपनी चार सीटें बचाए रखा तो बीजेपी को एक सीट का लाभ और लेफ्ट को नुकसान हुआ। बिहार की पांच राज्यसभ सीटों में जेडीयू ने अपनी दोनों सीटें बचाए रखा तो आरजेडी को 2 सीट का नुकसान. बीजेपी को दो सीट का लाभ हुआ तो उपेंद्र कुशवाहा अपनी सीट बचा लिया है.  ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों में बीजेपी अपनी दोनों सीटें बचाए रख लिया तो बीजेडी को एक सीट का नुकसान हुआ है.  इसके अलावा एक सीट बीजेपी ने अपने समर्थन से निर्दलीय को जिता लिया. असम की तीन राज्यसभा सीटों में बीजेपी अपनी दोनों सीटें बचा ली है तो असम गढ़ परिषद के पास एक सीट का नुकसान हुआ। छत्तीसगढ़ में बीजेपी को एक सीट का फायदा तो कांग्रेस को एक सीट का नुकसान हुआ. तेलंगाना की दोनों सीटें कांग्रेस जीत ली है, उसे एक सीट का लाभ मिला है तो बीआरएस को एक सीट का नुकसान. हरियाणा की दो सीटों में बीजेपी और कांग्रेस एक-एक सीट जीती हैं, लेकि बीजेपी को एक सीट का नुकसान हुआ है.  हिमाचल में कांग्रेस को एक सीट का लाभ मिला तो बीजेपी को नुकसान। 

राम मंदिर के द्वितीय तल पर होगी राम यंत्र की स्थापना, सात हजार लोगों को किया गया है आमंत्रित

एक और ऐतिहासिक उत्सव की साक्षी बनेगी रामनगरी अयोध्या 19 मार्च को राम मंदिर में राष्ट्रपति करेंगी राम यंत्र की स्थापना राम मंदिर के द्वितीय तल पर होगी राम यंत्र की स्थापना, सात हजार लोगों को किया गया है आमंत्रित लगभग सात हजार लोगों को किया गया है आमंत्रित योगी आदित्यनाथ सरकार ने तैयार की भव्य कार्यक्रम की रूपरेखा दो वर्ष पहले अयोध्या पहुंचा था राम यंत्र अयोध्या  योगी सरकार के नेतृत्व में रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव की साक्षी बनने जा रही है। राम जन्मभूमि मंदिर में 19 मार्च को राम यंत्र की विधिवत स्थापना होने जा रही है, जिसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम चैत्र नवरात्र के पहले दिन यानी वर्ष प्रतिपदा के शुभ अवसर पर आयोजित हो रहा है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सरकार और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस आयोजन को अत्यंत भव्य बनाने की रूपरेखा तैयार की है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि राम यंत्र दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज द्वारा शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था। वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित यह यंत्र देवताओं का निवास माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करने की क्षमता रखता है। वर्तमान में इस यंत्र की राजा राम के समक्ष नियमित पूजा-अर्चना चल रही है। 19 मार्च तक यह यंत्र राम मंदिर के दूसरे तल पर पहुंच जाएगा। नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पहले से ही शुरू हो चुके हैं, जिनमें दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के विद्वान आचार्य शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 7000 लोग इस ऐतिहासिक समारोह में मौजूद रहेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऐसे संभ्रात लोग भी मौजूद रहेंगे, जिन्होंने निर्माण कार्यों में महती भूमिका निभाई है। सुबह 11 बजे के बाद पहुंचेगी राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। राष्ट्रपति राम मंदिर परिसर में प्रवेश कर राम यंत्र की पूजा-अर्चना करेंगी। अभिजित मुहूर्त में ठीक 11:55 बजे यंत्र की स्थापना का मुख्य अनुष्ठान संपन्न होगा। राष्ट्रपति मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस पवित्र कार्य में भाग लेंगी। पूजन के बाद राष्ट्रपति प्रसाद ग्रहण करेंगी और भोजन के पश्चात वापस रवाना होंगी।  माता अमृतानंदनमयी अपने एक हजार भक्तों के साथ ट्रेन से पहुंचेंगी अयोध्या कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लगभग 300 संत व विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। केरल की पूज्य माता अमृतानंदनमयी अपने एक हजार भक्तों के साथ ट्रेन से अयोध्या पहुंचेंगी। मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले संभ्रांत व्यक्तियों को भी विशेष निमंत्रण भेजा गया है। इनमें एलएंडटी, टाटा कंपनी के प्रतिनिधि, गुजरात के आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई का परिवार और परिसर के विकास में भूमिका निभाने वाले अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, पत्थर-लकड़ी-संगमरमर की नक्काशी करने वाले, स्तंभों पर मूर्तियां उकेरने वाले, भगवान की प्रतिमा बनाने वाले और वस्त्र तैयार करने वाली फर्मों के लगभग 1800 कार्यकर्ता भी आमंत्रित हैं।  सिर्फ आमंत्रित सिख ही ला सकेंगे कृपाण आयोजन को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी अतिथियों को विशेष पास जारी किए जाएंगे, जिन पर क्यूआर कोड अंकित होगा। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, हथियार या कोई सुरक्षाकर्मी साथ ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल सिख धर्म के अनुयायी ही कृपाण लेकर प्रवेश कर सकेंगे। चूंकि यह चैत्र नवरात्र का पहला दिन है, इसलिए अतिथियों के लिए फलाहारी भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन सामान्य रूप से जारी रहेंगे, हालांकि कुछ समय के लिए समय-सारिणी में बदलाव संभव है। मंदिर की सजावट व व्यवस्था पर दिया जा रहा विशेष ध्यान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार की है। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सजावट और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले हजारों कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने का भी अवसर प्रदान करेगा। अयोध्या में यह आयोजन पूरे देश के लिए आस्था और गौरव का क्षण साबित होगा।

उत्तर प्रदेश में आठ डाटा सेंटर पार्क से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मिलेगी नई दिशा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में आठ डाटा सेंटर पार्क उत्तर प्रदेश को बढ़ाएंगे आगे नोएडा से वाराणसी तक आठ शहरों में विकसित होंगे डेटा सेंटर पार्क लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव, कई बड़ी कंपनियां दिखा रहीं रुचि 900 मेगावाट बिजली आपूर्ति और नई नीति से डेटा सेंटर उद्योग को मिलेगा बल लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश को देश का प्रमुख डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी रणनीति के अंतर्गत प्रदेश में 8 डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाने की योजना तैयार की गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोद्योगिकी विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा सेंटर पार्कों के विकास से उत्तर प्रदेश देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही आने वाले समय में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। सरकार की योजना के अनुसार इन डेटा सेंटर पार्कों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में विकसित किया जाएगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में जमीन की पहचान और आवंटन की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। कुछ कंपनियों को जमीन आवंटित भी की जा चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर भूमि चिन्हांकन और मास्टर प्लान तैयार करने का काम जारी है। डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने रुचि दिखाई है। एचसीएल, अडानी ग्रुप, एनटीटी डेटा, योट्टा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टर्लाइट टेक्नोलॉजीज और सिफी टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां प्रदेश में निवेश की दिशा में आगे आईं हैं। इन कंपनियों की ओर से कुल मिलाकर करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें से कई परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं और कुछ परियोजनाएं निर्माण की दिशा में अग्रसर हो रहीं हैं। डेटा सेंटर के संचालन के लिए बड़े पैमाने पर बिजली की आवश्यकता होती है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने लगभग 900 मेगावाट बिजली की मांग को पूरा करने की योजना बनाई है। इसके लिए नए सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और डेटा सेंटर पार्कों को समर्पित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि डेटा सेंटर संचालन को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए डेटा सेंटर नीति के अंतर्गत कई प्रोत्साहन भी तय किए हैं। इसमें पूंजीगत सब्सिडी, बिजली शुल्क में रियायत, स्टांप ड्यूटी में छूट और बुनियादी ढांचे के विकास में सरकारी सहयोग शामिल है। इसके अलावा निवेशकों को तेज और पारदर्शी अनुमति प्रक्रिया देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू किया गया है। इन 8 डेटा सेंटर पार्कों के विकसित होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे। लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष रोजगार और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। अनुमान है कि परियोजनाओं के अधिकांश चरण अगले 3 से 5 वर्षों के भीतर पूरे हो जाएंगे।

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2023: विभिन्न विधाओं के कलाकारों को मिलेगा सम्मान

संगीत नाटक अकादमी के पुरस्कारों की घोषणा, विभिन्न विधाओं के कलाकार होंगे सम्मानित वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के अकादमी पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों की घोषणा अकादमी पुरस्कार के साथ सफदर हाशमी एवं बी.एम.शाह पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों का हुआ चयन  लखनऊ  राज्य में संगीत, नृत्य, नाटक एवं लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए समर्पित संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई। इस अवसर पर अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने बताया कि संगीत नाटक अकादमी उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने एवं उसके संवर्धन में योगदान देने वाले कलाकारों को अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित करती है। इसी क्रम में अकादमी की ओर से वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के चार वर्षों के अकादमी पुरस्कार के साथ नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कलाकारों को बी.एम. शाह पुरस्कार और सफदर हाशमी पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।    संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से वर्ष 2021 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में पं. दीनानाथ मिश्रा,  लोक गायन के लिए श्रीकांत वैश्य, नक्कारा वादन के लिए कानपुर के प्रभु दयाल और शहनाई वादन के लिए वाराणसी के जवाहर लाल के नामों की घोषणा की गई। इस क्रम में रंगमंच निर्देशन के लिए भूमिकेश्वर सिंह, रंगमंच तकनीकी-प्रकाशन के लिए जगमोहन रावत, नौटंकी निर्देशन के लिए राजकुमार श्रीवास्तव एवं नाट्य लेखन के लिए विजय पंडित को सम्मानित किया जाएगा।  कला उन्नयन के लिए मथुरा के मोहन स्वरूप भाटिया और वाराणसी की माला होम्बल के नामों का चयन किया गया है। जबकि नृत्य विधा में मथुरा,वृदांवन की भरतनाट्यम नृत्यांगना प्रतिभा शर्मा को पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2021 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए रीवा के मनोज कुमार मिश्रा एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए दिल्ली के सतीश आनन्द पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। इसी क्रम में वर्ष 2022 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन एवं लोक गायन के लिए मथुरा के आनन्द कुमार मलिक व माधुरी शर्मा, जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ के पं. अनुज मिश्रा, पखावज वादन के लिए शशिकांत पाठक और तबला वादन के लिए प्रयागराज के पंकज कुमार श्रीवास्तव के नामों की घोषणा की गई है। वहीं गिटार वादन के लिए सुनील पावगी, बांसुरी वादन के लिए मोहन लाल कुंवर, रंगमंच अभिनय के लिए मंजू कौशल तथा रंगमंच तकनीक-कठपुतली के लिए मेराज आलम को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।  नाट्य लेखन,संगीत, नृत्य एवं रंगमंच के लिए वाराणसी के विजय शंकर मिश्रा एवं कला समीक्षा के लिए सीतापुर के पद्मकांत शर्मा को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। जबकि वर्ष 2022 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए नई दिल्ली के राजेश सिंह एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के कमल जैन के नामों का चयन किया गया है।  संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2023 के लिए शास्त्रीय गायन की श्रेणी में डॉ. रामशंकर, सुगम गायन के लिए मनोज गुप्ता एवं लोक गायन के लिए राकेश श्रीवास्तव को सम्मानित करने की घोषणा की गई। जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ की डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव, तबला वादन के लिए अनूप बनर्जी और बांसुरी वादन के लिए चेतन कुमार जोशी के नामों का चयन किया गया है। वहीं नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए राजकुमार उपाध्याय, अभिनय के लिए संजय देगलुरकर, लेखन-संगीत एवं नृत्य के लिए उमा त्रिगुणायत, कला उन्नयन के लिए डॉ. ओमेन्द्र कुमार एवं कला समीक्षा के लिए अर्जुनदास केसरी को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए गाजियाबाद के अजय कुमार और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए गोरखपुर के रविशंकर खरे के नाम का चयन किया गया है।  इसी क्रम में वर्ष 2024 के अकादमी पुरस्कार में शास्त्रीय गायन के लिए रीतेश-रजनीश मिश्रा, सुगम गायन के लिए मुक्ता चटर्जी और लोकगायन (आल्हा) के लिए रामस्थ पाण्डेय को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। वहीं लोक नृत्य के लिए सुगम सिंह शेखावत, दुक्कड़ वादन के लिए मंगल प्रसाद, वायलिन वादन के लिए सुखदेव मिश्रा एवं सितार वादन के लिए वाराणसी के राजेश शाह को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। जबकि रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए सुषमा शर्मा, अभिनय क्षेत्र में रविकांत शुक्ला ‘शिब्बू’, कला उन्नयन के लिए राजेश पंडित एवं कला समीक्षा के लिए शशिप्रभा तिवारी को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2024 के लिए सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए लखनऊ के शुभदीप राहा और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के संजय मेहता के नामों का चयन किया गया है। अध्यक्ष प्रो. जयंत ने बताया कि अकादमी की ओर से जल्द ही विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर इन सभी कलाकारों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

ऑटो-बाइक हादसे में बाइक चालक घायल, पैर की दो उंगलियों के टूटने का खतरा

ऑटो और बाइक की भिंडत, बाइक चालक को आया गंभीर चोटें पैर की दो उंगली टूटने की आशंका  राजेंद्रग्राम छबिलाल थाना क्षेत्र राजेंद्रग्राम अंतर्गत आने वाली ग्राम बरगी सांधा जो राजेंद्रग्राम बसनिहा से बेनीबारी को जोड़ती है वही बरगी साधा में ऑटो और बाइक की जोरदार भिंडत होने से बाइक चालक प्रवीण कुमार मराबी 23 वर्ष पिता जान सिंह मरावी ग्राम दमगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है।जो अपने निजी काम से बेनीबारी की ओर गए हुए थे और घर लौटते समय राजेंद्रग्राम की ओर से स्कूली बच्चों को लेकर जा रही ऑटो आमने सामने भिड़ने से ऑटो में सवार एक विद्यार्थी बच्चे को भी चोट लगने की जानकारी बताई जा रही है।और घायल व्यक्ति प्रवीण कुमार मरावी को भी गंभीर चोट लगने की आसंका जताई जा रही है,और प्रवीण मरावी को उनके परिजनों के द्वारा अपने निजी वाहन से अस्पताल लाया गया,लेकिन देख भाल करने वाले डॉक्टरों का कोई अता पता नहीं है,जिससे घायल व्यक्ति को सही तरीके से इलाज किया जा सके।वही ड्रेसिंग करने वालों के द्वारा घायल व्यक्ति के पैर में टांका लगाकर,घाव को साफ कर, मलहम पट्टी लगाकर, जिला अस्पताल अनूपपुर ले जाने की सलाह दी गई,और परिजनों का कहना है की हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ डॉक्टरों के द्वारा ना किया जाए जिससे होने वाले बीमारी या एक्सीडेंट से डॉक्टरों के द्वारा छुटकारा दिलाया जा सकता है,अगर वो समय से अस्पताल को निगरानि मे रखकर काम करेंगे तो ,नही फिजूल में मरीज अपने मौत को गले लगाने से किसी को बचाया नहीं जा सकता है।

इंदौर में मेट्रो ट्रेन का अंतिम स्पीड ट्रायल, टीम ने मेट्रो में सवार होकर किया सर्वे

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट के 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो के संचालन की राह आसान होती नजर आ रही है। सोमवार को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS)की टीम ने मेट्रो ट्रेन में सवार होकर कोच की सुरक्षा, स्टेशनों की स्थिति देखी।  ट्रेन को अलग-अलग स्पीड पर चलाकर भी देखा गया। इस दौरान ट्रेक के जिस हिस्से में मोड़ है या ढलान है, वहां पर बारिकी से जांच की गई, ताकि 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन के संचालन के दौरान कोई परेशानी न हो। टीम ने रविवार से फाइनल निरीक्षण शुरू किया है और ट्रैक, स्टेशनों और मेट्रो सिस्टम की बारीकी से जांच की गई। रविवार को टीम ट्राली पर दौरा कर रही थी। सोमवार को मेट्रो ट्रेन में सवार होकर सर्वे किया। निरीक्षण के पहले दिन ट्रॉली रन किया गया। निरीक्षण 18 मार्च तक चलेगा। मंगलवार और बुधवार को मेट्रो ट्रेन को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा का परीक्षण किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि तेज रफ्तार में ट्रेन और ट्रैक का प्रदर्शन कैसा रहता है। इसके बाद ही मेट्रो ट्रेन के संचालन की अनुमति मिलेगी। टीम के सर्वे के कारण गांधी नगर से बागड़दा तक छह किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का संचालन बंद कर दिया गया है। 80 रुपये तक होगा किराया मेट्रो के संचालन की मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो रेल कार्पोरेशन किराए का निर्धारण करेगी। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक अधिकतम किराया 80 रुपये तक तक हो सकता है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक की दूरी 17 किलोमीटर है। अगले माह से मेट्रो का कमर्शियल संचालन हो सकता है। सरकार इसके लिए बड़ा लोकार्पण कार्यक्रम भी रख सकती है। फिलहाल मेट्रो साढ़े छह किलोमीटर हिस्से में संचालित हो रही है, लेकिन उस हिस्से में मेट्रो के लिए यात्री नहीं मिल रहे है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित खेल स्थलों का निर्माण जरूरी – यशवंत कुमार

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करें सभी खेल स्थलों को –  यशवंत कुमार खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव ने नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियों की समीक्षा की आयोजन की व्यवस्थाओं में लगे विभागों को दिए आवश्यक निर्देश, समय से पहले कर लें सभी इंतजाम  छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों से भी रू-ब-रू होंगे देशभर के खिलाड़ी व अधिकारी 30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी होंगे शामिल बिलासपुर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालनालय में आयोजित बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं में लगे विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त समय रहते सभी इंतजाम पुख्ता रूप से सुनिश्चित करने को कहा।   खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार ने बैठक में कहा कि खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स राष्ट्रीय महत्व और छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा से जुड़ा आयोजन है। इससे संबंधित सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त, पुख्ता एवं चौक-चौबंद होने चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को कार्यों में तेजी लाते हुए पर्याप्त समय रहते सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन के लिए चिन्हांकित सभी खेल स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने को कहा।  विभागीय सचिव  कुमार ने खेल मैदानों, खिलाड़ियों के ठहरने की जगहों, विमानतल और रेल्वे स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में स्टॉफ तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन में भाग लेने पहुंचने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को ट्राइबल गेम्स में हिस्सेदारी के लिए विभिन्न राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले प्रतिभागियों को यहां की संस्कृति, पुरातत्व एवं कला की जानकारी देने के साथ ही पर्यटन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा।   कुमार ने आयोजन में विभिन्न भाषाओं वाले राज्यों की भागीदारी को देखते हुए उन भाषाओं के जानकार अधिकारियों-कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक मती तनूजा सलाम और उप संचालक मती रश्मि ठाकुर सहित रायपुर जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग, परिवहन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, जनसंपर्क, स्वास्थ्य विभाग, आकाशवाणी और दूरदर्शन के अधिकारी बैठक में मौजूद थे। अंबिकापुर और जगदलपुर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से बैठक में शामिल हुए। रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक होंगे नेशनल ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ की मेजबानी में रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक नेशनल ट्राइबल गेम्स की 7 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें दो अन्य खेलों, कबड्डी और मलखंब को डेमो के रूप में शामिल किया गया है। हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और तीरंदाजी की स्पर्धाएं रायपुर में होंगी। वहीं जगदलपुर में एथलेटिक्स और अंबिकापुर में कुश्ती की प्रतियोगिताएं होंगी। डेमो खेलों में कबड्डी का रायपुर में और मलखंब का प्रदर्शन अंबिकापुर में किया जाएगा। देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में 30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी शामिल होंगे।

चिरायु टीम की मदद से एक बच्चे को मिला नया जीवन, जन्मजात विकृति से जूझते परिवार की उम्मीद जगी

जब चिरायु टीम बनी एक परिवार की उम्मीद, जन्मजात विकृति से जूझ रहे बच्चे को मिला नया जीवन बिलासपुर छह महीने पहले जन्मे एक नन्हे बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना उसके माता-पिता के लिए किसी सपने से कम नहीं था। जन्म से ही कटा-फटा होंठ और तालू (क्लैफ्ट लिप एवं पैलेट) की समस्या के कारण वह अपनी माँ का दूध भी ठीक से नहीं पी पा रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह चिंता और बेबसी का समय था। ऐसे में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की चिरायु टीम उनके लिए उम्मीद बनकर सामने आई और आज उसी बच्चे के चेहरे पर सामान्य मुस्कान लौट आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैय्या कराई जा रही है।     लगभग छह माह पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीपत में जन्मे इस बच्चे को जन्मजात विकृति के कारण स्तनपान करने में कठिनाई हो रही थी। आरबीएसके टीम ने बच्चे और उसके माता-पिता से लगातार संपर्क बनाए रखा और उन्हें इस बीमारी के उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। करीब छह महीनों तक टीम द्वारा बच्चे का नियमित फॉलो-अप लिया गया। इस दौरान उसके वजन, ऊँचाई और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाती रही तथा आवश्यक दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई गईं। टीम ने परिवार को भरोसा दिलाया कि ऑपरेशन के माध्यम से बच्चे का उपचार संभव है। बाद में आरबीएसके टीम के सहयोग से स्माइल ट्रेन संस्था के माध्यम से बिलासपुर के लाडिगर अस्पताल में बच्चे का ऑपरेशन कराया गया, जो सफल रहा। ऑपरेशन के बाद बच्चा स्वस्थ है और परिवार अपने बच्चे को सामान्य रूप से देखकर बेहद खुश है।     राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा स्कूलों, आंगनबाड़ियों, मदरसों और छात्रावासों में जाकर 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। प्रत्येक बच्चे का हेल्थ कार्ड बनाया जाता है, जिसमें उसकी पूरी स्वास्थ्य जानकारी दर्ज रहती है। कार्यक्रम के अंतर्गत सामान्य बीमारियों के लिए दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि जटिल बीमारियों वाले बच्चों को उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर कर उपचार कराया जाता है। इसके लिए चिरायु वाहन की सुविधा भी उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2014 से संचालित यह कार्यक्रम “चिरायु” नाम से भी जाना जाता है। यह योजना बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अपने बच्चे को स्वस्थ देखकर परिवार ने राहत की सांस ली है। माता-पिता का कहना है कि यदि समय पर चिरायु टीम का सहयोग नहीं मिलता तो उनके लिए इलाज कराना संभव नहीं था। आज उनके बच्चे के चेहरे पर लौटी मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।  

केदार कश्यप के विभागों के लिए 3,622 करोड़ रुपए की अनुदान मांगें मंजूर

मंत्री  केदार कश्यप के विभागों के लिए 3 हजार 622 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित पर्यावरण संरक्षण, जैव संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने सरकार प्रतिबद्ध: मंत्री  कश्यप वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना हेतु मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार  वन आवरण के मामले में राज्य देश में तीसरे स्थान पर वन्यप्राणी संरक्षण एवं संवर्धन तथा उनके रहवास विकास हेतु 320 करोड़ रूपए का प्रावधान  ग्रामीण बस योजना, ई-मॉनिटरिंग और किसानों को ब्याज मुक्त ऋण  80 मार्गों पर लगभग 560 गांवों को पहली बार सुगम आवागमन की सुविधा  रायपुर  वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन तथा संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप के विभागों से संबंधित 3 हजार 622 करोड़ 86 लाख 35 हजार रूपए की अनुदान मांगे विधानसभा में पारित की गई। इसमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग लिए 2 हजार 867 करोड़ 30 लाख रूपए, सहकारिता विभाग के लिए 389 करोड़ 40 लाख 85 हजार रूपए, परिवहन विभाग के लिए 243 करोड़ 50 लाख 50 हजार रूपए और राज्य विधानमंडल के लिए 122 करोड़ 65 लाख रूपए शामिल हैं।  मंत्री  कश्यप ने अनुदान मांगों की चर्चा के जवाब में कहा कि हमारी सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए आगामी वर्षा ऋतु में लगभग 3.50 करोड़ पौधे रोपने और वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही बिगड़े बांस वनों के पुनरोद्धार के लिए 80 करोड़ रुपये और बिगड़े वनों के सुधार के लिए 310 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 की परिकल्पना की है, जिसका उद्देश्य प्रदेश को पूर्ण विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाना है।  इसी तरह नदी तटों पर भू-क्षरण रोकने के लिए 7 करोड़ रुपये तथा भू-जल संरक्षण योजना के लिए 120 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य मार्गों के किनारे वृक्षारोपण के लिए भी 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदन में कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए 320.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि बाघ संरक्षण के लिए ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ योजना के तहत 23.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंत्री  कश्यप ने बताया कि दूरस्थ अंचलों में निवासरत वनवासियों को बारहमासी आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वन मार्गों में रपटा पुल-पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। इस योजनांतर्गत इस वर्ष 5 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही सड़कें तथा मकान निर्माण के लिए 11 करोड़ रूपए का बजट प्रास्तावित है। इसी तरह काष्ठ एवं बांस कूपों के विदोहन के उपरांत प्राकृतिक पुनरोत्पादन को बढ़ावा देने इस योजना के लिए 300 करोड़ रूपए का बजट रखा गया है। वहीं ए.एन.आर. योजनांतर्गत भी 300 करोड़ रूपए का प्रावधान है। इसी तरह वनवासियों को उनके मालिकाना हक की भूमि में ईमारती  लकड़ी के विदोहन के लिए 183 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री  कश्यप ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना हेतु मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसी तरह कांगेर वैली नेशनल पार्क को यूनेस्को से विश्व विरासत स्थल के रूप में चिन्हांकन हेतु चयनित किया गया है। वहीं वन विभाग में मानव संसाधन में वृद्धि करने के लिए वनरक्षकों 1484 एवं सहायक ग्रेड-3 के 50 पदों पर भर्ती की जा रही है।   मंत्री  कश्यप ने बताया कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरणपादुका वितरण योजना को फिर से शुरू किया गया है। इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 44.25 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है और भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वन आवरण के मामले में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।  मंत्री  कश्यप ने बताया कि राज्य में जैव विविधता संरक्षण और वेटलैंड विकास को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल की जा रही हैं। बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य का पहला एवं भारत वर्ष का 96वाँ रामसर स्थल अधिसूचित किया गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से राज्य की जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और जल जीवन के प्रति हमारे सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत हुई है। इसी प्रकार छत्तीसगढ अंजोर विजन-2047 के ज्ञमल डपसमेजवदमे ठल 2030 के अनुरूप वर्ष 2030 तक 20 वेटलैण्ड्स को रामसर स्थल के रूप में नामित करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा। इसी परिप्रेक्ष्य में बेमेतरा जिले के गिधवा-परसदा वेटलैण्ड कॉम्पलेक्स को रामसर स्थल अधिसूचित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। परिवहन-सहकारिता-संसदीय कार्य   मंत्री  कश्यप ने सदन में परिवहन, सहाकारिता और संसदीय कार्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा में कहा कि ग्रामीण परिवहन व्यवस्था, सहकारिता क्षेत्र और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिसके तहत परिवहन विभाग के लिए 243.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार ने दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना” को विस्तार देने की घोषणा की है। योजना के तहत बस संचालकों को तीन वर्षों तक मासिक कर में पूर्ण छूट और अधिकतम 26 रुपये प्रति किलोमीटर की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वर्तमान में वनांचल के 80 मार्गों पर 81 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे लगभग 560 गांवों को पहली बार सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। परिवहन मंत्री  कश्यप ने बताया कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत एएनपीआर और रडार कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए आठ नए जिलों में ई-ट्रैक केंद्र स्थापित करने हेतु 15 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने … Read more

भारत का व्यापारिक घाटा फरवरी में घटकर 27.1 अरब डॉलर, दर्ज की गई गिरावट

नई दिल्ली  भारत का वस्तु व्यापारिक घाटा फरवरी में कम होकर 27.1 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पिछले महीने 34.68 अरब डॉलर था। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से  दी गई। बीते महीने देश का वस्तु निर्यात बढ़कर 36.61 अरब डॉलर हो गया है, जो कि जनवरी में 36.56 अरब डॉलर था। वहीं, आयात कम होकर 63.71 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पहले 71.24 अरब डॉलर था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश का वस्तु निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-फरवरी अवधि में 402.93 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 395.66 अरब डॉलर था। यह समीक्षा अवधि में सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। यह आंकड़े ऐसे समय पर सामने आए हैं, जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है, जो 28 फरवरी को शुरू हुआ था और जिसके चलते मध्य पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित हो गया है। इसी जलडमरूमध्य से होकर दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस का निर्यात होता है।  जलडमरूमध्य के बंद होने से मध्य पूर्व के देशों को चावल जैसी वस्तुओं के भारत के निर्यात पर भी असर पड़ा है। पहले, भारत के ऊर्जा आयात का लगभग 50 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता था, लेकिन अब इसमें विविधता आ गई है और इसका एक बड़ा हिस्सा रूस से आ रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत के रणनीतिक तेल भंडार और 40 आपूर्तिकर्ता देशों से ऊर्जा आयात में विविधता लाने से वैश्विक ऊर्जा संकटों का सामना करने की देश की क्षमता में काफी सुधार हुआ है। इस लचीलेपन के कारण ईरान युद्ध से उत्पन्न व्यवधान के बावजूद भारत में कोई ऊर्जा संकट नहीं आया है, क्योंकि सरकार आपूर्ति-पक्ष प्रबंधन के माध्यम से स्थिति को संभाल रही है। जहाज और बंदरगाह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, भारत ईरान के साथ भी सीधे संपर्क में है ताकि उसके व्यापारिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति मिल सके। भारतीय ध्वज वाला जहाज जग लाडकी रविवार को संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह से लगभग 80,800 मीट्रिक टन मुरबान कच्चे तेल के साथ सुरक्षित रूप भारत के लिए रवाना हुआ। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। बयान में आगे कहा गया कि इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों से जुड़ी कोई भी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है। भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाज, शिवालिक और नंदा देवी, जिनमें लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है, शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और वर्तमान में भारत की ओर रवाना हैं। इनके सोमवार को मुंद्रा बंदरगाह और मंगलवार को कांडला बंदरगाह पहुंचने वाले हैं।

बस्तर की बेटियों को सुरक्षा देने के लिए जगदलपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान का हुआ भव्य आगाज

जगदलपुर : बस्तर की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच : जगदलपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान का भव्य आगाज़ ​जगदलपुर बस्तर जिले की बेटियों को भविष्य की गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक और आधुनिक अध्याय जुड़ गया। जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। शहर के प्रथम नागरिक और महापौर  संजय पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अभियान की शुरुआत की, जहाँ कलेक्टर  आकाश छिकारा के कुशल मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने इस मिशन को धरातल पर क्रियान्वयन शुरू किया। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि तकनीकी रूप से भी बेहद उन्नत है, क्योंकि इसमें यू-विन पोर्टल का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ​इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह और किशोरियों को संबोधित करते हुए महापौर  संजय पांडेय ने कहा कि यह दिन बस्तर की बेटियों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव का यह टीका बाजार में महंगा है, इसके बावजूद बेटियों के अनमोल स्वास्थ्य की रक्षा हेतु शासन द्वारा इसे पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह टीका हमारी बेटियों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच है क्योंकि सरकार और प्रशासन का लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से रोकना है। महापौर ने सभी अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों का टीकाकरण अवश्य कराएं, क्योंकि यह न केवल एक स्वास्थ्य अभियान है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक डिजिटल क्रांति भी है, जहाँ टीकाकरण के तुरंत बाद उन्हें ई-सर्टिफिकेट प्राप्त हो रहा है। उन्होंने शासन के इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी घर-घर तक उपलब्ध कराने पर जोर दिया।          ​शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान किशोरियों का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया, जिसमें पूरी प्रक्रिया का डिजिटल प्रबंधन यू-विन पोर्टल के माध्यम से किया गया। पंजीकरण से लेकर टीकाकरण के पश्चात डिजिटल ई-सर्टिफिकेट प्रदान करने तक की पारदर्शी व्यवस्था ने इस अभियान को और भी प्रभावी बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस मिशन की गंभीरता को और पुख्ता किया। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन, महापौर परिषद के सदस्य  निर्मल पाणीग्राही, पार्षद स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सु रीना लक्ष्मी, शहरी स्वास्थ्य मिशन के पीडी बस्तिया मौजूद रहे। साथ ही अन्य समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की देखरेख में टीकाकरण प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। प्रशासन का अब यह साझा संकल्प है कि जिले की हर पात्र किशोरी तक इस जीवन रक्षक और बहुमूल्य टीके को पहुँचाकर बस्तर की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाया जाए।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet