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हाईकोर्ट के सामने अजीब मामला: महिला ने कहा- पति नहीं चाहिए, लेकिन स्पर्म से बच्चा चाहती है

मुंबई  मुंबई की एक महिला का अनोखा कानूनी विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है. 46 साल की यह महिला अपने अलग रह रहे पति के साथ बनाए गए 16 फ्रीज्ड भ्रूण (एम्ब्रियो) का इस्तेमाल कर मां बनना चाहती है. हालांकि पति इसके लिए रजामंदी नहीं दे रहा है. इसी को लेकर अब महिला ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है और कहा है कि उसकी ‘मातृत्व की आखिरी उम्मीद’ कानूनी अड़चनों के कारण खत्म हो रही है। यह मामला दक्षिण मुंबई के एक दंपती से जुड़ा है, जिन्होंने 2021 में शादी की थी. इसके बाद 2022 में दोनों ने आईवीएफ प्रक्रिया के तहत पति के स्पर्म और पत्नी के अंडाणु से 16 भ्रूण तैयार कर उन्हें एक फर्टिलिटी क्लिनिक में फ्रीज करवा दिया था. हालांकि 2023 में दोनों के रिश्ते खराब हो गए और वे अलग रहने लगे. इसके बाद इन भ्रूणों के इस्तेमाल को लेकर विवाद शुरू हो गया। महिला ने पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन बाद में इसे वापस लेकर राष्ट्रीय असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) और सरोगेसी बोर्ड के पास पहुंची. बोर्ड ने फरवरी 2026 में उसकी मांग को खारिज कर दिया. इसके बाद महिला ने अब दिल्ली हाईकोर्ट में नई याचिका दायर कर दी है। पति की सहमति बनी कानूनी अड़चन रिपोर्ट के मुताबिक, महिला का कहना है कि वह अपनी फ्रीज्ड एम्ब्रियो को एक क्लिनिक से दूसरे क्लिनिक में ट्रांसफर कराकर गर्भधारण करना चाहती है. लेकिन असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के तहत भ्रूण के इस्तेमाल या ट्रांसफर के लिए पति-पत्नी दोनों की सहमति जरूरी होती है. महिला का आरोप है कि उसका पति जानबूझकर सहमति नहीं दे रहा और इस तरह वह उसके मातृत्व के अधिकार को रोक रहा है। ‘मातृत्व का आखिरी मौका छिन रहा’ अपनी याचिका में महिला ने कहा कि उसकी उम्र 46 साल हो चुकी है और अब उसके पास मां बनने का बहुत कम समय बचा है. उसने अदालत से कहा कि अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो वह अपने ही जेनेटिक मटेरियल से मां बनने का मौका हमेशा के लिए खो सकती है. महिला ने यह भी बताया कि गर्भधारण की उम्मीद में उसने फरवरी 2024 में एक बड़ी गर्भाशय सर्जरी भी करवाई थी, जिसका पूरा खर्च उसने खुद उठाया। पति पर गंभीर आरोप याचिका में महिला ने अपने पति पर दुर्व्यवहार और छोड़ देने का आरोप लगाया है. उसका कहना है कि पति ने ‘दुर्भावना से’ अपनी सहमति रोक रखी है, जबकि उसके खिलाफ वैवाहिक और आपराधिक मामले पहले से चल रहे हैं. महिला के मुताबिक उसका पति पहले से ही अपनी पिछली शादी से एक बच्चे का पिता है, लेकिन फिर भी वह उसे मां बनने से रोक रहा है। महिला का कहना है कि एआरटी एक्ट के सेक्शन 22 के अनुसार शादी के दौरान बने भ्रूण के इस्तेमाल के लिए पति-पत्नी दोनों की सहमति जरूरी है, लेकिन कानून में यह साफ नहीं है कि अगर शादी पूरी तरह टूट चुकी हो या पति पत्नी को छोड़ चुका हो तो क्या होगा. याचिका में कहा गया है कि यह ‘कानूनी खालीपन’ उन महिलाओं के लिए बड़ी समस्या बन जाता है, जिनकी शादी खत्म होने की कगार पर है लेकिन कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ है। मुस्लिम पर्सनल लॉ भी बना बाधा महिला ने अदालत को बताया कि उसके सामने दोहरी कानूनी समस्या है. एक तरफ पति की सहमति न होने के कारण वह एम्ब्रियो का इस्तेमाल नहीं कर सकती, दूसरी ओर मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आईवीएफ जैसी प्रक्रिया सिर्फ वैध शादी के दौरान ही स्वीकार्य मानी जाती है. ऐसे में अगर वह तलाक ले लेती है तो भी आईवीएफ कराकर बच्चा पैदा करना संभव नहीं रहेगा। अदालत से क्या मांग की? महिला ने दिल्ली हाईकोर्ट से मांग की है कि उसे पति की सहमति के बिना एम्ब्रियो को दूसरे क्लिनिक में ट्रांसफर करने और उन्हें अपने गर्भ में प्रत्यारोपित कराने की अनुमति दी जाए. इसके अलावा उसने अदालत से यह भी कहा है कि एआरटी एक्ट की कुछ धाराओं की व्याख्या बदली जाए या फिर राष्ट्रीय एआरटी बोर्ड को निर्देश दिया जाए कि वह ऐसे मामलों के लिए कानून में संशोधन की सिफारिश करे। महिला ने अदालत से इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग की है, क्योंकि उसकी उम्र और घटती प्रजनन क्षमता को देखते हुए समय बेहद महत्वपूर्ण है. बताया जा रहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट आने वाले कुछ हफ्तों में इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है।

8वें वेतन आयोग के तहत 35% सैलरी वृद्धि, जनवरी से मिलेगा एरियर! केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

नई दिल्ली भारत सरकार द्वारा नवंबर 2025 में आधिकारिक तौर पर गठित 8वां केंद्रीय वेतन आयोग जल्द ही 7वें वेतन आयोग का स्थान लेगा, जो 2016 से प्रभावी है।भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो एक बड़ा कदम है और लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्तों के वेतन, पेंशन और भत्तों में व्यापक बदलाव लाएगा। वित्त मंत्रालय वर्तमान में एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, कर्मचारी संघों और अन्य हितधारकों से 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट को तैयार करने में सहायता हेतु सुझाव आमंत्रित कर रहा है। यह सुझाव आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल, 2026 है। नवंबर 2025 में औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद से आयोग को अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। यह समीक्षा भारत में वेतन संशोधनों के लंबे इतिहास के बाद हो रही है—हाल ही में 2016 में 7वां वेतन आयोग आया था—और हालांकि न्यूनतम वेतन बढ़ाने के लिए उच्च फिटमेंट फैक्टर को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन अंतिम वित्तीय समायोजन तभी होंगे जब सरकार आयोग की अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी देगी। 7वें वेतन आयोग के तहत, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया था, जबकि अधिकतम मूल वेतन 2.5 लाख रुपये प्रति माह तय किया गया था। कर्मचारियों को बकाया कब मिलेगा? 8वें वेतन आयोग के तहत, सरकार द्वारा अंतिम सिफारिशों को मंजूरी देने में कितना भी समय लगे, 1 जनवरी, 2026 से पूर्वव्यापी बकाया मिलने की उम्मीद है। CA मनीष मिश्रा, GenZCFO के संस्थापक के अनुसार, “बकाया राशि की गणना संभवतः 1 जनवरी, 2026 से की जाएगी, जो 7वें वेतन आयोग की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, भले ही आयोग की सिफारिशों को मंजूरी मिलने के बाद भुगतान किया जाए।” कर्मचारियों को कितनी वेतन वृद्धि की उम्मीद हो सकती है? विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन में 20-35% की संभावित वृद्धि होगी, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 2.4 और 3.0 के बीच रहने की संभावना है। कितनी बढ़ेगी सैलरी अगर पिछली वेतन आयोगों की बात करें तो हर बार वेतन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दी गई थी, जबकि अधिकतम बेसिक सैलरी 2.5 लाख रुपये प्रति माह तय की गई थी। अब 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों में उम्मीद है कि इस बार भी सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा सबसे बड़ी चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। फिटमेंट फैक्टर वही गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में लगभग 20% से 35% तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल के प्रतीक वैद्य के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के अंतिम आंकड़े मुद्रास्फीति के रुझान, सरकार की वित्तीय स्थिति और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेंगे। इंडिया टुडे के अनुसार, उन्होंने कहा, “6वें वेतन आयोग ने लगभग 40% की औसत वृद्धि दी, जबकि 7वें वेतन आयोग का वेतन और भत्तों पर समग्र प्रभाव लगभग 23-25% के आसपास माना जाता है, जिसमें एक समान फिटमेंट फैक्टर 2.57 है।” “अंतिम आंकड़ा अगले 12-18 महीनों में मुद्रास्फीति, 16वें वित्त आयोग के बाद उपलब्ध राजकोषीय संसाधनों, करों में वृद्धि और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा। मेरा मानना ​​है कि सरकार भत्तों और महंगाई भत्ते में समायोजन की अधिक संतुलित संरचना के साथ एक स्पष्ट और प्रभावी वृद्धि देने का प्रयास करेगी।”

CBSE ने मिडिल-ईस्ट के 8 देशों में 12वीं की परीक्षा रद्द की, 10 अप्रैल तक की घोषणा

 नई दिल्ली ईरान-इजरायल-अमेरिका में चल रही जंग का असर अब पूरी दुनिया में दिख रहा है. इसके कारण हालात तेजी से बदल रहे हैं. जहां एक ओर हजारों लोग जंग में फंसे हुए हैं, तो वहीं दूसरी ओर बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. स्कूल-कॉलेज लंबे समय से बंद हैं. इस बीच एक बार फिर CBSE ने बड़ा फैसला लेते हुए एक सर्कुलर जारी किया है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने बढ़ते तनाव को देखे हुए मिडिल ईस्ट के कई देशों में कक्षा 12 की सभी बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है। बोर्ड ने बताया कि बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब में 16 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित होने वाली कक्षा 12वीं की सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं यानी कि अब इनका आयोजित नहीं किया जाएगा. CBSE ने इसके पीछे इन क्षेत्रों के बिगड़ते हालात को बताया है. जंग की वजह से इन जगहों पर एग्जाम कराना संभव नहीं है. इसकी वजह से एग्जाम कैंसिल करने का फैसला लिया गया है। पहले भी रद्द हुए हैं एग्जाम बता दें कि इससे पहले भी CBSE इन देशों में कक्षा 10 की सभी बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर चुका है. हालांकि, 16 मार्च तक होने वाली कक्षा 12 की परीक्षाओं के शेड्यूल में बदलाव किया गया था, लेकिन दिन पर दिन मिडिल ईस्ट की हालत तनावपूर्ण होती जा रही है जिसके बाद से अब परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया गया है। 15 दिनों से चल रही जंग  अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच लगातार 15 दिन से जंग चल रही है. इन हमलों में कई अधिकारियों समेत हजारों लोग मारे जा चुके हैं. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण दुनियाभर में  टूर एंड ट्रैवल सेक्टर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

भोजशाला के पत्थरों ने खोला ऐतिहासिक राज, 16 मार्च की सुनवाई पर सभी की निगाहें

धार ऐतिहासिक भोजशाला की धरती से आखिरकार वह साक्ष्य सामने आया है, जिसका वर्षों से इंतजार था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के उत्खनन में पत्थर का दुर्लभ शिल्पखंड मिला है, जिस पर देव आकृतियां उकेरी हुई हैं। यह संभवतः पहली बार है जब भोजशाला के मंदिर स्वरूप का इतना सुस्पष्ट प्रमाण तस्वीर के साथ सामने आया है।यह साक्ष्य ऐसे समय सार्वजनिक हो रहा है जब 16 मार्च (सोमवार) को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर सुनवाई होनी है। अलग-अलग संरचनात्मक परतें सामने आईं वर्ष 2024 में एएसआइ द्वारा किए गए उत्खनन में कई अन्य महत्वपूर्ण संकेत भी सामने आए हैं। खोदाई के दौरान एक स्थान पर मिट्टी की एक मीटर मोटी परत के नीचे प्राचीन संरचना दिखी, जबकि एक अन्य स्थान पर पांच मीटर गहराई तक अलग-अलग संरचनात्मक परतें सामने आईं। इससे स्पष्ट होता है कि इस परिसर में प्राचीन काल से निर्माण गतिविधियां होती रही हैं। पत्थरों से बनी दीवार जैसी संरचना भी मिली परिसर के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में पत्थरों से बनी दीवार जैसी संरचना भी मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन अवशेषों से भोजशाला के ऐतिहासिक स्वरूप को समझने में बड़ी मदद मिलेगी। नींव में पत्थर-ईंट की परतें, सिक्के व स्थापत्य अवशेष मिले हैं। खोदाई में पत्थर व ईंटों की दीवारें, मंच, फर्श की परतें और कई स्थापत्य अवशेष सामने आए हैं। इनसे परिसर में अलग-अलग कालखंडों में निर्माण व पुनर्निर्माण के प्रमाण मिलते हैं। कुछ अवशेष राजा भोज के काल के कुछ अवशेष राजा भोज के काल यानी 11वीं शताब्दी से जुड़े होने के संकेत देते हैं। साल 2024 में सर्वे के दौरान सात ट्रेंच और कुछ परीक्षण गड्ढों में खोदाई की गई थी। मलबा हटाने पर मूर्तियों के टुकड़े और घरेलू वस्तुएं मिलीं मलबा हटाने के दौरान मूर्तिकला के खंड, स्थापत्य अवयव, सिक्के और अंगूठियां मिलीं। साथ ही अनाज पीसने के पाट, ओखली-मूसल जैसी घरेलू वस्तुएं भी सामने आईं। परमार काल की धरोहर के बारे में भी जानकारी दी गई उत्तर दिशा में चूने से पलस्तर किया हुआ बड़ा फर्श और तीन सीढ़ियों वाली संरचना भी मिली है। इंदौर के एडवोकेट और विशेषज्ञ विनय जोशी ने बताया कि रिपोर्ट में एक स्थान पर परमार काल की धरोहर के बारे में भी जानकारी दी गई है। उत्खनन के लिए जो ट्रेंच खोदी गई थीं, उनसे प्राप्त धरोहर अपने आप में यह प्रमाण देती हैं कि यह धरोहर भोजकालीन है। मस्जिद पक्ष करेगा विरोध मस्जिद पक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह सर्वे रिपोर्ट की बातों का विरोध करेगा। ऐसे में यह सुनवाई निर्णायक साबित हो सकती है। कोर्ट के आदेश पर सभी पक्षों को एएसआइ की सर्वे रिपोर्ट सौंप दी गई है।

फ्लाई 91 और स्टार एयर शुरू करेंगी इंदौर से जलगांव, हैदराबाद, गोवा, बेलगाम-कोल्हापुर के लिए फ्लाइट्स

इंदौर  इंदौर से जलगांव और हैदराबाद के लिए उड़ान सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही एयरलाइन फ्लाई 91 मई से इंदौर-गोवा के बीच भी सीधी फ्लाइट शुरू करने की योजना बना रही है। इसके लिए एयरलाइन ने डीजीसीए में आवेदन भी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर स्टार एयर इंदौर को बेलगाम और कोल्हापुर से जोड़ने की तैयारी पूरी कर चुकी है। इन उड़ानों का संचालन 30 मार्च से शुरू होगा। दोनों उड़ानें मुंबई के रास्ते संचालित होंगी और यात्री बिना विमान बदले अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि स्टार एयर पहले भी इंदौर से बेलगाम के लिए फ्लाइट संचालित कर चुकी है। हाल ही में इंदौर में फ्लाई 91 की मैनेजमेंट टीम और ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टाफी) मध्यप्रदेश चैप्टर के पदाधिकारियों के साथ एक कॉफी मीट आयोजित की गई। इसमें इंदौर से प्रस्तावित उड़ानों, संभावित रूट और भविष्य में नेटवर्क विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। टाफी के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि नई एयरलाइन के संचालन से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और शहर का अन्य प्रमुख शहरों से हवाई संपर्क भी मजबूत होगा। खासतौर पर गोवा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। बैठक में फ्लाई 91 की टीम ने कंपनी की विस्तार योजनाओं की जानकारी भी साझा की। एयरलाइन के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज चाको ने संदेश में बताया कि फ्लाई 91 फिलहाल गोवा, नांदेड़, सोलापुर, जलगांव, सिंधुदुर्ग, पुणे, अगत्ती, हैदराबाद और कोच्चि सहित नौ शहरों के लिए उड़ान सेवाएं संचालित कर रही है। इंदौर सहित छह नए शहरों को जोड़ने की तैयारी कटारिया ने बताया कि कंपनी मौजूदा तिमाही में चरणबद्ध विस्तार करते हुए इंदौर सहित छह नए शहरों को अपने नेटवर्क से जोड़ने की योजना बना रही है। इसके बाद एयरलाइन का नेटवर्क बढ़कर करीब 15 स्टेशनों तक पहुंच जाएगा, जिससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूती मिलेगी। सप्ताह में तीन दिन होंगी बेलगाम-कोल्हापुर उड़ानें स्टार एयर पहले इंदौर से गोंदिया और हैदराबाद के लिए उड़ानें संचालित करती थी। 15 जनवरी से कंपनी ने इसमें बदलाव करते हुए गोंदिया और मुंबई के लिए उड़ानों की शुरुआत की है। अब समर शेड्यूल में कंपनी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। एयरपोर्ट के जनसंपर्क अधिकारी रामस्वरूप यादव ने बताया कि 30 मार्च से इंदौर-मुंबई फ्लाइट को आगे बढ़ाते हुए जाते समय बेलगाम और लौटते समय कोल्हापुर को जोड़ा जाएगा। इन उड़ानों का संचालन सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, बुधवार और शनिवार को होगा। पहले भी बेलगाम के लिए उड़ान चला चुकी है स्टार एयर स्टार एयर ने 2019 में इंदौर से बेलगाम और राजस्थान के किशनगढ़ के लिए सीधी उड़ान शुरू की थी, लेकिन लॉकडाउन के दौरान उड़ानें बंद होने के बाद इन्हें दोबारा शुरू नहीं किया गया। करीब एक वर्ष पहले कंपनी ने इंदौर से गोंदिया और अहमदाबाद के लिए उड़ानें शुरू की थीं। बाद में अहमदाबाद की जगह पहले हैदराबाद और फिर मुंबई फ्लाइट संचालित की जाने लगी। अब मुंबई फ्लाइट के माध्यम से बेलगाम और कोल्हापुर का कनेक्शन मिलने से यात्रियों को सुविधा होगी। यह रहेगा उड़ानों का शेड्यूल     इंदौर-मुंबई-बेलगाम (एस5-462/112) : फ्लाइट शाम 5:50 बजे इंदौर से रवाना होकर 7:05 बजे मुंबई पहुंचेगी। मुंबई से 7:45 बजे उड़ान भरकर रात 8:50 बजे बेलगाम पहुंचेगी।     कोल्हापुर-मुंबई-इंदौर (एस5-163/461) : फ्लाइट सुबह 10:40 बजे कोल्हापुर से रवाना होकर 11:45 बजे मुंबई पहुंचेगी। मुंबई से दोपहर 12:25 बजे उड़ान भरकर 1:40 बजे इंदौर पहुंचेगी।

मध्य प्रदेश के 40 लाख आवारा पशुओं को मिलेगा विशेष 12 अंकों का कोड, केसरिया टैग से पहचान होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश की सड़कों और खेतों में घूम रहे करीब 40 लाख आवारा पशुओं की पहचान अब दूर से ही हो सकेगी। केंद्र सरकार ने राज्य के उस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिसके तहत आवारा मवेशियों के कान पर 12 अंकों वाला केसरिया या लाल रंग का पहचान टैग लगाया जाएगा। अब तक सभी पशुओं को पीले रंग के टैग लगाए जाते थे, जिससे पालतू और लावारिस पशुओं के बीच फर्क करना मुश्किल होता था। पहचान का नया डिजिटल फॉर्मूला अपर मुख्य सचिव (पशुपालन) उमाकांत उमराव के मुताबिक, अधिकारियों को फील्ड में मवेशियों के प्रबंधन में काफी दिक्कतें आ रही थीं। नए रंगों के कोड से नगर निगम और मवेशी पकड़ने वाले दस्ते बिना स्कैन किए यह समझ पाएंगे कि कौन सा पशु आवारा है और कौन सा किसी डेयरी या घर का है। यह पूरी कवायद भारत पशुधन परियोजना का हिस्सा है, जिसमें हर मवेशी का अपना एक डिजिटल डेटाबेस होगा। हादसों और मुआवजे का गणित राज्य विधानसभा में पेश आंकड़े बताते हैं कि आवारा मवेशी अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। पिछले दो साल में पशुओं की वजह से हुए 237 सड़क हादसों में 94 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी हर तीसरे दिन सड़क पर एक व्यक्ति अपनी जान गंवा रहा है। किसानों की दोहरी मार एक तरफ सड़कों पर हादसे बढ़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ खरीफ सीजन में किसान पूरी रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल आवारा पशुओं द्वारा फसल बर्बादी पर मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने सदन में बताया कि विभाग के पास नुकसान का सटीक आंकड़ा फिलहाल मौजूद नहीं है। कानून क्या कहता है? मध्य प्रदेश में मवेशियों को लावारिस छोड़ना गौ-वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत अपराध है। इसके अलावा नगर निगम कानून के तहत मालिक पर पहली बार 200 रुपये और तीसरी बार पकड़े जाने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री गौ-सेवा योजना के तहत एनजीओ के माध्यम से लाखों पशुओं को आश्रय दिया जा रहा है, लेकिन सड़कों पर संख्या अब भी चुनौती बनी हुई है।

MPESB Recruitment 2026: 291 पदों पर भर्ती, 30 मार्च तक करें आवेदन, 40 साल तक के उम्मीदवार पात्र

भोपाल  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने समूह 5 के अंतर्गत स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है । ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 मार्च 2026 से शुरू होगी। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार एमपीईएसबी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 30 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पहले आवेदन की प्रारंभ तिथि 13 मार्च और अंतिम तिथि 27 मार्च 2026 थी, जिसमें मंडल ने परिवर्तन किया है। इस संबंध में एक नया डेट अपडेट नोटिस भी जारी किया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए मध्य प्रदेश के अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेंस, कौशल विकास संचालनालय, लक्ष्मीनारायण पाण्डेय शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय समेत कुल 9 विभागों और कार्यालयों में रिक्त पदों को भरा जाएगा। ​भर्ती निकाय: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयम मण्डल, भोपाल (MPESB) पद का नाम: स्टाफ नर्स, ​लैब टेक्नीशियन और लैब अटेंडेंट, ​फार्मासिस्ट ग्रेड-2 ​,आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी कंपाउंडर, ड्रेसर ग्रेड-2, ​रेडियोग्राफर, ओटी टेक्नीशियन और अन्य तकनीकी पद कुल पद: 291 शैक्षणिक योग्यता (Eligibility Criteria): भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान (PCB) विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। संबंधित पद के अनुसार डिप्लोमा, डिग्री या सर्टिफिकेट कोर्स और मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल में वैध पंजीकरण होना आवश्यक है। आयु सीमा (Age Limit): ​न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष रखी गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 से की जाएगी।  ​मध्य प्रदेश के आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC) और महिला उम्मीदवारों को सरकारी नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आरक्षित श्रेणियों (SC/ST/OBC) और महिला अभ्यर्थियों को नियमानुसार 5 वर्ष की छूट दी जाएगी, जिससे उनके लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष होगी। आवेदन शुल्क (Application Fee): सभी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस अलग-अलग निर्धारित की गई है। अनारक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 500 रुपये और आरक्षित वर्ग (मध्यप्रदेश के मूल निवासी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/ईडब्ल्यूएस/दिव्यांगजन) के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 250 रुपये निर्धारित है। कियोस्क के जरिए फॉर्म भरने वाले अभ्यर्थियों को 60 रुपये पोर्टल शुल्क के रूप में भी देने होंगे। रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर के जरिए लॉगइन कर फॉर्म भरने पर 20 रुपये पोर्टल शुल्क भरने होंगे। चयन प्रक्रिया : ​चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से लिखित परीक्षा पर आधारित होगी। यह परीक्षा दो पालियों (Shifts) में आयोजित की जाएगी। मेरिट लिस्ट में स्थान पाने वाले उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के लिए बुलाया जाएगा। कितनी मिलेगी सैलरी: चयनित उम्मीदवारों को 15,500 रुपये से लेकर 91,300 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। ​इसके अलावा सरकारी नियमों के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी। ​महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)     ​नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि: मार्च 2026     ​ऑनलाइन आवेदन शुरू: 16 मार्च 2026     ​आवेदन की अंतिम तिथि: 30 मार्च 2026     ​आवेदन में सुधार (Correction) की अंतिम तिथि: 4 अप्रैल 2026     ​परीक्षा शुरू होने की तिथि: 15 अप्रैल 2026  

16 मार्च को दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे CM यादव, मंत्रिमंडल विस्तार और प्रशासनिक बदलाव पर फैसला

भोपाल मध्य प्रदेश की राजनीति में आगामी 16 मार्च का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है, क्योंकि माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद प्रदेश सरकार में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार: नए चेहरों को मिल सकती है जगह, इस दौरे का सबसे बड़ा एजेंडा मंत्रिमंडल विस्तार है। वर्तमान में कैबिनेट में चार पद रिक्त हैं। चर्चा है कि 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए सरकार 4 से 5 नए मंत्रियों को शपथ दिला सकती है। अमित शाह के साथ हुई पिछली ‘सीक्रेट मीटिंग’ के बाद अब पीएम मोदी के साथ इस पर अंतिम सहमति बनने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि चैत्र नवरात्रि तक प्रदेश को नए मंत्री मिल सकते हैं। बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी: मुलाकात के दौरान केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सर्जरी पर भी चर्चा होगी। प्रदेश में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की एक बड़ी सूची तैयार है। खबर है कि आईएएस रवि सिहाग मध्य प्रदेश छोड़कर केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। इसके साथ ही प्रदेश के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के भी केंद्र में इम्पैनलमेंट की चर्चा है। विकास योजनाओं के लिए केंद्र से बूस्टर डोज: मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रधानमंत्री को प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराएंगे, केन-बेतवा लिंक परियोजना और लाड़ली बहना योजना के सकारात्मक फीडबैक पर चर्चा होगी। प्रदेश में पिछले डेढ़ साल में हुए 30 लाख करोड़ रुपये के MOU और औद्योगिक गलियारों के लिए केंद्र से अतिरिक्त फंड की मांग की जा सकती है। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) के लिए विशेष बजट की मंजूरी मिलने की भी प्रबल संभावना है। 2028 का ‘रोडमैप’ और बड़े नेताओं की विदाई: बिहार चुनाव में भाजपा की जीत के बाद केंद्रीय नेतृत्व का मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भरोसा बढ़ा है। चर्चा है कि इस बार विस्तार में मुख्यमंत्री को ‘फ्री हैंड’ मिल सकता है। ऐसे में कुछ कद्दावर मंत्रियों की छुट्टी कर उन्हें संगठन में भेजा जा सकता है, ताकि 2028 के चुनाव के लिए एक नई और ऊर्जावान टीम तैयार की जा सके। मुख्य बिंदु: तारीख: 16 मार्च (सोमवार) स्थान: दिल्ली। एजेंडा: मंत्रिमंडल विस्तार, प्रशासनिक तबादले और विकास परियोजनाएं। संकेत: चैत्र नवरात्रि तक हो सकता है बड़ा राजनीतिक बदलाव।  

कांग्रेस को डर, क्या राज्यसभा की तीसरी सीट होगी हाथ से निकाली? हॉर्स ट्रेडिंग का खतरा

भोपाल   विजयपुर विधानसभा मामले के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस को अब डर सता रहा है कि भाजपा उनसे राज्यसभा सीट छीन सकती है। दरअसल, मध्य प्रदेश में 19 जून को राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने वाली हैं। प्रदेश में विधायकों की संख्या के हिसाब से सत्ताधारी बीजेपी को 2 सीटें और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना है। लेकिन इस तीसरी सीट पर पेंच सकता है। आरोप है कि भाजपा अभी से जोड़तोड़ की नीति से तीसरी सीट हत्थियाने की चाल रही है। कांग्रेस को अपना डर अब सच होता दिख रहा है। क्योंकि विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक मुकेश मल्होत्रा पर विधायकी रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद अब कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। लेकिन इसी बीच राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि एमपी के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी पर राज्यसभा सीट के लिए जोड़तोड़ का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राज्यसभा सीट लेने के लिए बीजेपी सबकुछ कर रही है। बीजेपी हर मामले में जोड़तोड़ का प्रयास करती है। लेकिन, उन्हें वो प्रयास करने दीजिए। इसलिए एक-एक वोट की जरुरत है.इतना ही कांग्रेस के महासचिव Rakesh Singh Yadav ने दावा किया है कि इस घटनाक्रम का असर पार्टी की राज्यसभा सीट पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर Rahul Gandhi को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की सलाह दी है। कांग्रेस नेता Rakesh Singh Yadav ने दावा किया है कि इस घटनाक्रम का असर पार्टी की राज्यसभा सीट पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर Rahul Gandhi को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की सलाह दी है। राकेश सिंह यादव ने कहा कि पार्टी को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और संगठन स्तर पर मजबूत रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस को राज्यसभा सीट के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ी और तीसरी वजह राजनीतिक गणित है। कांग्रेसियों के आरोपों के मुताबिक, बीजेपी की ओर से विधायकों को अगले इलेक्शन की टिकट और अन्य कुछ ऑफर दिए जा रहे हैं। यदि 6 विधायक इधर से उधर हुए तो ये सीट कांग्रेस के हाथ से जा सकती है। फिलहाल इस मामले को लेकर कांग्रेस के भीतर और बाहर दोनों ही जगह राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।

देशभर में IAS-IPS-IFS के 2834 पद खाली, यूपी-एमपी-ओडिशा में संकट, SC-ST-OBC के अधिकारियों की संख्या जानें

नई दिल्ली देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सर्विस को लेकर हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं. इसके अनुसार पूरे देश में आईएएस-आईपीएस और आईएफएस अफसरों की भारी कमी है. तीनों प्रमुख सेवाओं में कुल 2834 पद खाली पड़े हैं. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र में बड़े अफसरों का बड़ा संकट है. इसके अलावा अन्य राज्यों में भी काफी पद खाली पड़े हैं. दरअसल, हाल ही में कार्मिक मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल का लिखित जवाब दिया. इसमें उन्होंने अखिल भारतीय सेवाओं (IAS-IPS-IFS) में अफसरों की कमी के बारे में जानकारी दी. बताया कि देश में आईएएस के सबसे ज्यादा 1300 पद खाली पड़े हैं. इसी तरह आईपीएस में 505 जबकि आईएफएस में 1029 पद रिक्त हैं. इसके बाद फिर से यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) चर्चा में है. इसे लेकर फिर से बहस शुरू हो गई है. ये हैरान करने वाले आंकड़े उस दौरान सामने आए जब हाल ही में UPSC ने सिविल सर्विसेस परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत की है. इसकी अंतिम तिथि 24 फरवरी है. साल 2025 की एक जनवरी तक इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन पुलिस सर्विस (IPS), इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) के कुल स्वीकृत पद कितने हैं?, कितने पदों पर अफसर तैनात हैं?, कितने पद खाली पड़े हैं?, ईटीवी भारत की इस रिपोर्ट में इसके बारे में राज्यवार विस्तार से जानेंगे. यह भी जानेंगे कि इस कैडर पर देश में SC-ST-OBC वर्ग से कितने अफसर हैं?. एजीएमयूटी कैडर के राज्यों की स्थिति : इसके तहत अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम, दिल्ली, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर सहित सभी केंद्र शासित प्रदेश आते हैं. यहां आईएएस के कुल स्वीकृत पद 542 हैं. जबकि मौजूदा समय 406 अफसर तैनात हैं. कुल 136 पद खाली हैं. इसी तरह आईपीएस के 457 पद स्वीकृत हैं. इनमें से 427 पर तैनाती है. जबकि कुल 30 पद रिक्त हैं. वहीं आईएफएस के कुल 302 पद स्वीकृत हैं. 201 पर तैनाती है, जबकि 101 पद खाली हैं. आंध्र प्रदेश : आंध्र प्रदेश में IAS के 239 पद स्वीकृत हैं. इनमें से 195 पर तैनाती है. जबकि 44 पद खाली हैं. इसी तरह IPS के 174 पद स्वीकृत हैं. 140 पर तैनाती है. जबकि 34 पद रिक्त हैं. आईएफएस के 82 पद स्वीकृत हैं. 67 पर तैनाती है. 15 पद खाली हैं. असम-मेघालय : इन दोनों राज्यों में IAS के 263 पद स्वीकृत हैं. 214 पर तैनाती है. जबकि 49 पद खाली हैं. IPS के 195 पद स्वीकृत हैं. 157 पर तैनाती है. 38 पद खाली हैं. आईएफएस के 142 पद स्वीकृत हैं. 90 पर तैनाती है. 52 पद रिक्त हैं. राज्यसभा में उठा खाली पदों का मुद्दा. बिहार : बिहार में IAS के 359 पद स्वीकृत हैं. 303 पर तैनाती है. जबकि 56 पद खाली हैं. इसी तरह आईपीएस के 242 पद स्वीकृत हैं. 241 पर तैनाती है. जबकि एक पद खाली है. IFS के कुल 74 पद स्वीकृत हैं. 50 पर तैनाती है. 24 पद खाली हैं. छत्तीसगढ़ : IAS के 202 पद स्वीकृत हैं. 164 पर तैनाती है. जबकि 38 पद खाली हैं. इसी तरह आईपीएस के 142 पद स्वीकृत हैं. 135 पर तैनाती है. जबकि 7 पद खाली हैं. IFS के कुल 153 पद स्वीकृत हैं. 116 पर तैनाती है. 37 पद खाली हैं. गुजरात : IAS के कुल 313 पद हैं. 255 पर अफसरों की तैनाती है. 58 पद खाली हैं. आईपीएस के 208 पद हैं. 203 पर तैनाती है. 5 पद खाली हैं. आईएफएस के 125 पद हैं. 77 पर अफसरों की तैनाती है. 48 पद रिक्त हैं. हरियाणा : यहां आईएएस के 215 पद हैं. इसकी तुलना में 172 पदों पर तैनाती है. 43 पद खाली है. आईपीएस के 144 पद हैं. इनमें से 127 पर तैनाती है. 17 पद खाली हैं. वहीं आईएफएस के 58 पद हैं. इनमें से 44 पर तैनाती है. जबकि 14 पद खाली हैं. हिमाचल प्रदेश : हिमाचल में 153 पद आईएएस के स्वीकृत हैं. इनमें से 117 पर तैनाती है. जबकि 36 पद खाली हैं. आईपीएस के 96 पद स्वीकृत हैं. 84 पर तैनाती है. जबकि 12 पद रिक्त हैं. इसी तरह आईएफएस के 114 पद स्वीकृत हैं. 90 पर अफसरों की तैनाती है. जबकि 24 पद खाली हैं. झारखंड : यहां आईएएस के 224 पद स्वीकृत हैं. इनमें से 177 पर तैनाती है. जबकि 47 पद खाली हैं. आईपीएस के 158 पद हैं. इनमें से 143 पर तैनाती है. जबकि 15 पद खाली हैं. आईएफएस के 142 पद स्वीकृत हैं. 84 पर तैनाती है. जबकि 58 पद खाली हैं. कर्नाटक : यहां आईएएस के 314 पद स्वीकृत हैं. इनमें से 273 पर तैनाती है. जबकि 41 पद खाली है. आईपीएस के 224 पद हैं. इनमें से 203 पर तैनाती है. जबकि 21 पद खाली हैं. आईएफएस के 164 पद हैं. इनमें से 113 पर तैनाती है. जबकि 51 पद खाली हैं. केरल : यहां आईएएस के 231 पद हैं. इनमें से 157 पर तैनाती है. जबकि 74 पद खाली हैं. आईपीएस के 172 पद हैं. इनमें से 150 पर तैनाती है. जबकि 22 पद रिक्त हैं. आईएफएस के 107 पद हैं. 78 पर तैनाती है. जबकि 29 पद खाली हैं. मध्य प्रदेश : एमपी में आईएएस के 459 पद हैं. इनमें से 391 पर तैनाती है. जबकि 68 पद खाली हैं. आईपीएस के 319 पद हैं. 271 पर तैनाती है. 48 पद खाली हैं. इसी कड़ी में आईएफएस के 296 पद हैं. इनमें से 209 पर तैनाती है. जबकि 87 पद खाली हैं. महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में IAS के 435 पद स्वीकृत हैं. इनमें 359 पर अफसरों की तैनाती है. जबकि 76 पद खाली हैं. इसी तरह आईपीएस के 329 पद हैं. इनमें से 306 पदों पर तैनाती है. जबकि 23 पद खाली हैं. इसी कड़ी में आईएफएस के 206 पद हैं. इनमें 139 पर तैनाती है. जबकि 67 पद रिक्त हैं. मणिपुर : यहां आईएएस के 115 पद खाली हैं. इनमें से 80 पर तैनाती है. जबकि 35 खाली है. आईपीएस के 91 पद हैं. 85 पर तैनाती है. जबकि 6 पद रिक्त हैं. इसी तरह आईएफएस के 58 पद स्वीकृत हैं. 25 पर तैनाती … Read more

FASTag Annual Pass के दाम बढ़े, 1 अप्रैल से नया शुल्क लागू, अब देने होंगे इतने रुपये

नई दिल्ली FASTag Annual Pass New Price: देश के हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. नेशनल हाईवे पर टोल पेमेंट को आसान बनाने के लिए शुरू की गई फास्टैग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) स्कीम अब थोड़ी महंगी होने जा रही है. सरकार ने फाइनेंशियल ईयर  2026-27 के लिए इस पास की कीमत में हल्की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक 1 अप्रैल से निजी वाहनों के लिए FASTag एनुअल पास की कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है. इससे पहले इसकी कीमत 3,000 रुपये थी. यह पास प्राइवेट कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए लागू होता है। FASTag Annual Pass क्या है बता दें कि, फास्टैग एनुअल पास को पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुरू किया गया था. इसका मकसद हाईवे पर बार-बार टोल भुगतान की परेशानी को कम करना और डिजिटल टोल कलेक्शन को बढ़ावा देना था. इस योजना के तहत अगर किसी प्राइवेट व्हीकल में वैलिड FASTag लगा है तो वह इस पास को ले सकता है. ये एनुअल पास एक्टिव होने के बाद वाहन एक साल तक या फिर अधिकतम 200 ट्रिप्स (जो भी पहले पूरा हो) तक के लिए वैलिड होगा। तेजी से बढ़ रहे हैं यूजर्स सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों के मुताबिक यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है. फिलहाल देशभर में 50 लाख से ज्यादा वाहन मालिक फास्टैग एनुअल पास का इस्तेमाल कर रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि नेशनल हाईवे पर प्राइवेट कारों से होने वाले करीब 28 प्रतिशत टोल लेन-देन अब इसी एनुअल पास के जरिए किए जा रहे हैं. इससे साफ है कि नियमित रूप से हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के बीच यह योजना काफी पसंद की जा रही है। भारत में FASTag सिस्टम की शुरुआत 2016 में हुई थी और अब यह टोल पेमेंट का मुख्य तरीका बन चुका है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं. इनमें से लगभग 5.9 करोड़ FASTag अभी एक्टिव हैं और देशभर के टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं. मौजूदा समय में नेशनल हाईवे पर टोल से होने वाली 98 प्रतिशत से ज्यादा कमाई FASTag के जरिए ही हो रही है।

गूगल का ‘जीरो डे’ अलर्ट, 3.5 अरब लोग खतरे में, तुरंत करें यह कदम

नई दिल्ली टेक्नोलॉजी जगत की दिग्गज कंपनी Google का क्रोम ब्राउजर दुनियाभर में पॉपुलर है और भारत समेत दुनियाभर में इसके 3.5 अरब से ज्यादा यूजर हैं. अब अधिकतर यूजर्स पर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जो असल में दो कमजोरियों हैं, जिनको गूगल ने जीरो डे कैटेगरी की कमजोरियों में रखा है. हैकर्स इनका फायदा उठाकर क्रोम ब्राउजर यूजर्स को शिकार बना सकते हैं. ये जानकारी फॉर्ब्स ने अपनी रिपोर्ट में दी है। खतरे को भांपते हुए क्रोम की तरफ से इमरजेंसी सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है और यूजर्स को तुरंत ब्राउजर को अपडेट करने की जानकारी शेयर की है. ब्राउजर को अपडेट करने के बाद यूजर्स अपने डिवाइस और डेटा को सुरक्षित कर सकते हैं। वल्नरेबिलिटी को लेकर ज्यादा डिटेल्स नहीं दी वल्नरेबिलिटी को लेकर अभी बहुत ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. कंपनी का मानना है कि जब तक अधिकतर यूजर्स लेटेस्ट अपडेट के साथ ब्राउजर की कमजोरियों को फिक्स नहीं कर लेते हैं तब तक इनकी डिटेल्स को सीमित रखा जाएगा, जिससे हैकर्स इनका फायदा ना उठा सकें. इन कमजोरियों को CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910 के नाम से ट्रैक किया जा रहा है। क्यों ब्राउजर्स को निशाना बना रहे हैं हैंकर्स ?  इंटरनेट यूजर्स किसी भी इंफॉर्मेशन को सर्च करने के लिए ब्राउजर पर ही सर्चिंग करते हैं. हर एक स्मार्टफोन और पीसी यूजर्स के पास ब्राउजर होता है, जिसमें क्रोम सबसे ज्यादा मार्केट शेयर वाला ब्राउजर है. ऐसे में हैकर्स ब्राउजर को निशाना बनाते हैं ताकि वह यूजर्स कि डिटेल्स को आसानी से हैकर कर सकें। यहां एक पुरानी रिपोर्ट के बारे में बताते हैं, Omdia की 2025 की रिपोर्ट है, जो Palo Alto Networks के लिए तैयार की गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल में 95 परसेंट ऑर्गनाइजेसन को एक ऐसा साइबर सिक्योरिटी का सामना करना पड़ा, जिसकी शुरुआत कर्मचारियों के कंप्यूटर से हुई थी। ब्राउजर हैकिंग पर साइबर एक्सपर्ट का क्या कहना ब्राउजर हैकिंग को लेकर साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अब हैकर्स सीधा ब्राउजर को निशाना बनाते हैं. इसमें हैकर्स चोरी हुए टोकन के जरिए सेशन हाइजेकिंग और ऐसे एजवांस्ड एडवांस्ड फिशिंग अटैक शामिल हैं, जो लंबे समय से चले आ रहे मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन को भी बायपास कर सकते हैं।  

16 मार्च 2026 राशिफल: भाग्य का साथ किसे मिलेगा, और किसे रहना होगा सावधान

मेष राशि मेष राशि वालों को रिअल एस्टेट में निवेश करने से लाभ मिल सकता है. निवेश से लाभ होने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. आप जीवनसाथी के साथ बातचीत कर सकते हैं. वृषभ राशि किसी अटके हुए काम और धन खर्च के कारण आपका मूड खराब हो सकता है. अपने साथी की छोटी-मोटी गलती को माफ करें. व्यर्थ में बहस न करें. वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा. मिथुन राशि आप जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं ऐसा संभव नहीं हो सकेगा. आपका किसी प्रिय के कारण मूड खराब हो सकता है. भागदौड़ के कारण जीवनसाथी को समय न देने से रिश्ते में तनाव हो सकता है. कर्क राशि कर्क राशि वाले लोग अपना समय शौक को पूरा करने में लगा सकते हैं. आप किसी करीबी रिश्तेदार की मदद ले सकते हैं. आपको आर्थिक लाभ हो सकता है. पार्टनर के साथ समय बिता सकते हैं. सिंह राशि आप मौज-मस्ती के लिए मनपसंद काम कर सकते हैं इससे आपका दिन अच्छा बीतेगा. निवेश करने से लाभ हो सकता है. रिश्तों को अहमियत दें. कन्या राशि कन्या राशि वालों को किसी से उपहार मिल सकता है. किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो किसी की सलाह अवश्य लें. जीवनसाथी के सुस्त होने के कारण काम असफल हो सकते हैं. तुला राशि आप लोन लेने का सोच रहे हैं तो आपको लोन मिल सकता है. पैसे मिलने से अटके काम पूरे होंगे. कोई नया काम करने का सोच रहे हैं तो अच्छे से विचार लें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे. आपके कामकाज के स्तर में सुधार होगा. आप अपना समय जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं. धनु राशि आप धन की बचत करने का सोच रहे हैं तो ऐसा कर सकते हैं. धन की बचत करना भविष्य में काम आएगा. किसी गलती की वजह से परिवार के साथ तनाव हो सकता है. स्थिति को बातचीत से संभालें. मकर राशि मकर राशि वालों को धनलाभ हो सकता है. धनलाभ होने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. दोस्तों या परिवार की परेशानियों के कारण तनाव हो सकता है. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोग परिवार के सदस्यों के साथ अच्छे पल बिता सकते हैं. आप पुरानों दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं. वैवाहिक जीवन में निजता का ध्यान रखें. मीन राशि मीन राशि वालों का बच्चों की पढ़ाई पर खर्च हो सकता है. इससे आपको नुकसान होगा. वैवाहिक लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा. (All Photo Credit- Social Media) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

ईरान से पलायन तेज: हजारों बेघर, 32 हजार लोग अफगानिस्तान पहुंचे – संयुक्त राष्ट्र का खुलासा

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने रविवार को बताया कि ईरान में बिगड़ते हालात की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़ कर दूसरे देश जा रहे हैं। कई शहरों में घर और जरूरी सेवाओं से जुड़ी इमारतें तबाह हो गई हैं, इसलिए लोग सुरक्षित जगहों की तलाश में निकल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोग देश के उत्तरी इलाकों की ओर जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वहां हालात कुछ सुरक्षित हैं। एजेंसी ने बताया कि लोग ईरान के 20 से ज्यादा प्रांतों में अलग-अलग जगहों पर शरण ले रहे हैं और राहत शिविरों पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा, कई लोग पड़ोसी देशों का रुख कर रहे हैं। करीब 32 हजार लोग अफगानिस्तान और लगभग 4 हजार लोग पाकिस्तान पहुंच चुके हैं, जबकि कई हवाई अड्डे और बॉर्डर अभी बंद हैं। वहीं, ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख ने रविवार को बताया कि पूरे ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों में 24,500 से ज्यादा सार्वजनिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें लगभग 20,000 आवासीय इकाइयां, 4,500 व्यावसायिक केंद्र और 69 स्कूल शामिल हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में कम से कम 202 बच्चे और 223 महिलाएं मारी गई हैं, जिनमें तीन गर्भवती भी शामिल हैं।फार्स न्यूज एजेंसी के बयान में कहा गया है कि मारे गए12 बच्चे पांच साल से कम उम्र के थे। दूसरी ओर, इजरायल में भी बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ लड़ाई की वजह से 108 घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया। इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 28 फरवरी से रविवार सुबह तक, 3,195 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 81 अभी अस्पताल में हैं।

‘कनैडियन’ कहने वालों को Akshay Kumar का जवाब, देशभक्ति फिल्मों पर बोले एक्टर

मुंबई साल 2023 से पहले बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार के पास कनाडा का पासपोर्ट था। इस वजह से ट्रोल्स अक्षय कुमार को ट्रोल करते थे और क्रिटिक्स उनकी आलोचना करते थे। अब अक्षय कुमार ने इस बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके पास कनाडा का पासपोर्ट क्यों था? इसी के साथ अक्षय ने इस बात का जवाब भी दिया कि क्या खुद को कनैडियन कहे जाने की वजह से उन्होंने देशभक्ति वाली फिल्में कीं? देशभक्ति वाली फिल्में क्यों करते थे अक्षय कुमार? इंडिया टुडे के एक इवेंट के दौरान अक्षय कुमार ने इस बारे में बात की। उनसे पूछा गया कि क्या वो जानबूझकर देशभक्ति वाली फिल्में (एयरलिफ्ट, केसरी, मिशन मंगल) करके अपनी नेशनलिस्ट हीरो वाली छवि बना रहे थे, खासकर तब जब क्रिटिक्स उन्हें कैनेडियन कह रहे थे? इस बात का जवाब देते हुए अक्षय कुमार ने कहा, “मैं जो भी काम करता हूं, अपनी छवि बनाने के लिए नहीं करता हूं। मैं बहुत काम करता हूं,लेकिन देशभक्त की इमेज बनाने के लिए काम नहीं करता हूं।मैं काम करता हूं क्योंकि मुझे जो लगता है, मैं कर लेता हूं।” अक्षय के पास क्यों था कनाडा का पासपोर्ट अपने कैनेडियन पासपोर्ट के बारे में बात करते हुए अक्षय कुमार ने कहा, अपने कैनेडियन पासपोर्ट के बारे में बात करते हुए अक्षय कुमार ने कहा, “वैसे तो मैं ये पहले कई बार कह चुका हूं कि हां कैनेडियन मेरा पासपोर्ट था…क्योंकि मेरी जिंदगी में एक ऐसा भी दौर आया था, जब मेरी लगातार 16-17 फिल्में फ्लॉप हुई थीं। मेरे पास काम था लेकिन मेरी 3-4 फिल्में बची हुई थी तो मैंने सोचा कुछ तो करूं। ऐसा नहीं है कि हमारे देश से बाहर जाकर लोग काम नहीं करते तो मुझे भी कनाड़ा में काम मिल रहा था, तो मैंने वहां छोटा सा बिजनेस करने का प्लान बनाया था।” अक्षय ने आगे कहा कि उसी दौरान उन्हें वहां का पासपोर्ट मिला। उन्होंने कहा, “तो उसी दौरान मुझे पासपोर्ट मिल गया। उसके बाद कमाल की बात ये थी कि जो फिल्में मेरी 3 रिलीज होने वाली थी कि वो तीनों ही हिट हो गईं। मुझे फिर से काम मिलने लग गया। मैंने अपने दोस्त से कह दिया कि मैं नहीं आ रहा हूं। मैं भारत में ही रहूंगा। उस बीच मैं भूल गया और मेरे लिए बस वो एक पासपोर्ट ही था। मैंने इतना नहीं सोचा।” अक्षय बोले- मैंने कनाडा में कभी टैक्स नहीं भरा अक्षय ने खुद को कैनेडियन कहे जाने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि बाद में लोग उन्हें कैनेडियन-कैनेडियन कहने लगे। तब अक्षय ने सोचा कि वो अपना पासपोर्ट भी बदल लेते हैं। पासपोर्ट बदलने के बाद सब बातें खत्म हो गईं। अक्षय ने कहा कि उन्हें नहीं समझ आता है कि लोग इतना क्यों बोलना चाहते हैं? वो वो सिर्फ एक पासपोर्ट है, मैं तो टैक्स भरता हूं। जब मैं कैनेडियन था, तभी मैंने सबसे ज्यादा टैक्स भरा। जबकि मैंने कनाडा में कभी टैक्स नहीं भरा, उसकी बात कोई नहीं करता है। बात वो ही है कि आदमी के अंदर 20 गुण अच्छे हो लेकिन एक गंदा गुण को पकड़ लेते हैं। उसी को घुमाते रहते है। अब वो बात भी खत्म हो गई।

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