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विदेशों में निवेश की तलाश: सिंगापुर और लंदन में रोड शो, MP को सौर ऊर्जा हब बनाने की तैयारी

भोपाल मध्य प्रदेश ने 2030 तक अपनी ऊर्जा खपत के 50 प्रतिशत हिस्से की पूर्ति सौर ऊर्जा से करने की कार्य योजना बनाई है। इसके लिए प्रदेश में कई परियोजनाओं पर काम भी चल रहा है। इसे और गति देने के लिए निवेश बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में इस साल दिल्ली, मुंबई, सिंगापुर और लंदन में रोड शो आयोजित कर मुरैना-2 सौर सहित ऊर्जा भंडारण परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। मुरैना-2 परियोजना में छह माह बिजली उत्तर प्रदेश और छह माह मध्य प्रदेश को मिलेगी। वैश्विक स्तर पर निवेशकों को लुभाने की तैयारी रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौर ऊर्जा से जुड़े उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ बैठक कर प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराएंगे। बता दें कि 24 और 25 फरवरी 2025 को भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 5.72 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इससे 1.4 लाख रोजगार सृजन संभावित हैं। मध्य प्रदेश अपनी आवश्यकता की 50 फीसदी विद्युत आपूर्ति सौर ऊर्जा से करेगा। वर्ष 2030 तक लगभग 40 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी। इसमें से आधी यानी 20 हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार कार्ययोजना बनाकर काम कर रही है। प्रदेश में अभी 26 हजार मेगावाट बिजली की खपत है, जिसमें सात हजार मेगावाट बिजली की पूर्ति सौर ऊर्जा से हो रही है। मुरैना और अन्य जिलों में प्रस्तावित बड़ी परियोजनाएं आठ हजार मेगावाट की दो सौर ऊर्जा की परियोजनाएं मुरैना में स्थापित की जाएंगी। वहीं साढ़े सात हजार मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं छह जिलों (आगर, धार, अशोकनगर, भिंड, शिवपुरी और सागर) में प्रस्तावित की गई हैं। 15 हजार हेक्टेयर भूमि भी चिन्हित कर ली गई है। गांधीनगर में चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर समिट में अवाडा ग्रुप ने पांच हजार करोड़ और रिन्यू पावर ने छह हजार करोड़ रुपये निवेश करने की रुचि दिखाई। इसके अलावा जल संसाधन विभाग भी 100 मेगावाट की परियोजना पर काम कर रहा है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की विशेष उपलब्धियां सांची मप्र की पहली सोलर-सिटी है। देश के सौर ऊर्जा उत्पादन में मध्य प्रदेश 8.2 प्रतिशत के योगदान के साथ चौथे स्थान पर है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट है। रीवा स्थित दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट सोलर प्लांट (750 मेगावाट) दिल्ली मेट्रो को बिजली प्रदान करता है। नीमच जिले में भारत की सबसे बड़ी पंप स्टोरेज परियोजना 7,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को एकीकृत करती है। पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन नर्मदापुरम के मोहासा बाबई में 884 एकड़ में विकसित किया जा रहा है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा ने घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा जिले में घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि नियमित घरेलू गैस सिलेण्डर आपूर्ति की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कराई जाय। बुकिंग के आधार पर गैस लेने वाले उपभोक्ताओं को सुगमता से गैस सिलेण्डर मिले। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने केन्द्रीय व प्रदेश स्तर के अधिकारियों से फोन से रीवा जिले में नियमित गैस सिलेण्डर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि इस बात के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं कि जिले में नियमित गैस सिलेण्डर की आपूर्ति होती रहे और बुकिंग का बैकलाग समाप्त हो जाय और लोगों को बिना किसी परेशानी के गैस सिलेण्डर मिलता रहे। कलेक्टर मती प्रतिभा पाल ने बताया कि सर्वर के ठीक ढंग से कार्य करने से गैस की आनलाइन बुकिंग हो रही है। रीवा शहर में गैस की उपलब्धता के अनुसार वितरण किया जा रहा है। नियमित आपूर्ति के सभी प्रयास जारी हैं, जिससे बैकलाग को पूरा करते हुए लोगों को सुगमता से गैस सिलेण्डर का वितरण हो सके। बैठक में गैस एजेंसी संचालकों ने गैस वितरण में प्रशासन द्वारा दिये गये सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि गैस वितरण की सुगम व्यवस्था के लिए एजेंसियों द्वारा कार्य किया जा रहा है। बैठक में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, अपर कलेक्टर मती सपना त्रिपाठी, जिला आपूर्ति नियंत्रक  कमलेश ताण्डेकर सहित गैस एजेंसी के संचालक उपस्थित रहे।  

कुत्ते की तलाश में 8 दिन की छुट्टी! MP में भेल कर्मचारी के अनोखे कदम से अफसर भी हैरान

भोपाल राजधानी के अवधपुरी क्षेत्र की एक कवर्ड कॉलोनी में इन दिनों एक ”आवारा कुत्ते” चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यह मामला किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जहां कालोनी से श्वानों को बाहर निकालने का फैसला ”भेल” के जिम्मेदार कर्मचारियों पर इतना भारी पड़ा कि उन्हें अपनी होली और रंगपंचमी सड़कों पर खाक छानते हुए बितानी पड़ी। मामले में मेनका गांधी की सक्रियता और प्रशासन के कड़े रुख ने कॉलोनी के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों की रातों की नींद उड़ा दी। पदाधिकारी जिन सरकारी और निजी संस्थानों में ऊंचे पदों पर कार्यरत थे, वहां भी शिकायतें पहुंचने लगीं। दबाव इतना बढ़ा कि इन जिम्मेदार पदाधिकारियों को अपने दफ्तरों से छुट्टी लेनी पड़ी। मेनका गांधी और पीएमओ तक पहुंची शिकायत दरअसल, भोपाल स्थित नवरत्न कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिक लिमिटेड (भेल) के कर्मचारी आठ दिनों तक एक कुत्ते को खोजते रहे। हुआ यह कि ये कर्मचारी अवधपुरी क्षेत्र की जिस सोसाइटी में रहते हैं, वहां एक कुत्ता प्रेमी महिला एक आवारा कुतिया को रोज खाना खिलाती थी। कालोनी में घूमने वाले आवारा कुत्तों को हटाने के क्रम में रहवासियों ने उसे भी भगा दिया। इससे दुखी होकर उस महिला ने भेल प्रबंधन, पुलिस आयुक्त, नगर आयुक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय और पेटा जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं तक रहवासी कालोनी की सोसायटी के पदाधिकारियों की शिकायत कर दी। साथ ही पूर्व केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी कुत्ते के गायब होने को लेकर पत्र लिख दिया। छुट्टियों में कुत्ते पकड़ने का अनूठा ‘ऑपरेशन’ वहीं, भेल के जो कर्मचारी हैं, वे सोसायटी के पदाधिकारी थे। मामला बढ़ता देख भेल प्रबंधन ने भी कर्मचारियों को कुत्ते को खोजकर देने को कहा। ऐसे में भेल के कर्मचारी सहित सोसायटी के सभी पदाधिकारी अपनी होली और रंगपंचमी सहित आठ दिन तक खेतों में कुत्ते को पकड़ने के लिए उसके पीछे-पीछे घूमते रहे। कुत्ते की तलाश का ”आपरेशन” कुछ यूं चला – पदाधिकारियों ने शहर की गली-गली में कुत्ते को ढूंढा। सातवें दिन वह एक सुदूर इलाके में खेतों में मिली, लेकिन हाथ नहीं आई। कुत्ते को पकड़ने के लिए पदाधिकारी अगले दो दिनों तक बिस्कुट, ब्रेड और मछली-मुर्गे का मांस लेकर उसके पीछे घूमते रहे, ताकि उसे लालच देकर काबू किया जा सके। ‘नॉन-वेज’ डिप्लोमेसी से मिली कामयाबी जहां पूरा शहर होली, भाईदूज और रंगपंचमी के जश्न में डूबा था, वहीं ये पदाधिकारी कुत्ते पकड़ने वालों की भूमिका निभा रहे थे। आखिरकार भारी मशक्कत और ”नान-वेज” डिप्लोमेसी के बाद आठवें दिन कुत्ते को सुरक्षित पकड़कर वापस कालोनी लाया गया। तब जाकर महिला डाक्टर का गुस्सा शांत हुआ और प्रशासन ने अपनी फाइलें बंद कीं। कालोनी के लोग अब दबी जुबान में कह रहे हैं कि श्वानों को कालोनी से बाहर निकालना तो आसान था, लेकिन कानून और रसूख के शिकंजे से बाहर निकलना नामुमकिन हो गया था।

बहाल होते ही आईएएस अभिषेक प्रकाश की बड़ी वापसी, यूपी सरकार ने इस पद पर किया तैनात

लखनऊ रिश्वत मामले में सस्पेंड किए गए आईएएस अभिषेक प्रकाश की प्रशासनिक सेवा में एक बार फिर वापसी हो गई है। एक साल पहले निलंबित किए गए आईएएस अभिषेक को यूपी सरकार ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। आईएएस अभिषेक को सचिव सामान्य प्रशासन में तैनाती मिली है। इसको लेकर शासन की ओर से आदेश भी जारी कर दिया है। आईएएस के निलंबन खत्म होने के बाद सेवा में उनकी वापसी एक अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि अभी उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है। इसको लेकर लोगों की निगाहें टिकी हैं। एक साल पहले मार्च में सस्पेंड किए गए आईएएस अभिषेक प्रकाश के 15 मार्च को यूपी सरकार ने बहाली के आदेश जारी कर दिए हैं। नियुक्ति अनुभाग-5 द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि आईएएस अभिषेक प्रकाश की निलंबन अवधि 14 मार्च तक मानी जाएगी। इसके बाद 15 मार्च से उन्हें सेवा में बहाल करने का निर्णय लिया गया है। शासन ने यह आदेश राज्यपाल की अनुमति से जारी किया था। साथ ही आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बहाली के बावजूद उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई यथावत जारी रहेगी। सस्पेंड होने से पहले सीईओ के पद पर तैनात थे आईएस अभिषेक अभिषेक प्रकाश इससे पहले इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर तैनात थे। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे। इस मामले में प्रदेश सरकार ने 20 मार्च 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था। हालांकि, बाद में मामले की सुनवाई के दौरान पिछली फरवरी में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने साक्ष्यों के अभाव में उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को रद्द कर दिया था। इसके बाद से उनके निलंबन की समीक्षा की जा रही थी। लागत का पांच प्रतिशत घूस मांगने लगा था आरोप इंवेस्ट यूपी के सीईओ रहने के दौरान सोलर एनर्जी प्रदेश में संयंत्र लगाने के एवज में कुल लागत का पांच प्रतिशत घूस मांगने का भी आरोप लगा था। सोलर कंपनी ने इन्वेस्ट यूपी के कार्यालय के साथ ऑनलाइन प्रार्थना पत्र भेजा था। कंपनी के प्रस्ताव को एम्पावर्ड कमेटी और कैबिनेट से तुरंत मंजूर कराने के एवज में घूस देने की मांग की गई थी। कंपनी के लोगों ने मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत की थी। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा जांच के बाद उन्हें निलंबित किया गया था। अभिषेक प्रकाश को डिफेंस कॉरिडोर भूमि घोटाले के आरोप में पहले ही चार्जशीट मिली थी। घूसखोरी के आरोप पर दी गई चार्जशीट पर लगे आरोपों के आधार पर बिंदुवार स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया था। बताया जा रहा है कि चार्जशीट पर सोलर एनर्जी कंपनी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का जिक्र किया गया था।  

326 सफाईकर्मी ड्यूटी पर, बावजूद इसके भोपाल के कई बाजारों में साफ-सफाई नदारद

भोपाल स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों को लेकर नगर निगम भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। शहर के कई हिस्सों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। पुराने शहर के व्यापारिक केंद्रों में सफाई व्यवस्था के हाल बेहाल हैं। जहांगीराबाद चौराहा, जो शहर का एक प्रमुख व्यस्त केंद्र है, वहां देर रात तक सड़कों का कचरा नहीं उठने से सुबह सड़कों के किनारे कचरा पसरा रहता है। यही स्थिति अशोका गार्डन क्षेत्र के परिक्रमा मार्ग की है। रात में यहां सफाई टीम के न पहुंचने के कारण कचरे का अंबार लग जाता है, जिससे यहां से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कागजों पर तैनात फौज, धरातल पर कर्मचारी गायब इसकी वजह यह है कि निगम के रिकॉर्ड में शहर के 85 वार्डों की सड़कों और बाजारों को चमकाने के लिए 326 सफाईकर्मियों की फौज तैनात है, लेकिन धरातल पर इनमें से बमुश्किल 50 कर्मचारी ही काम करते नजर आते हैं। नतीजा यह है कि सुबह होते ही पुराने शहर के प्रमुख बाजारों और मुख्य सड़कों पर कचरे के ढेर स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ाते मिलते हैं। अशोका गार्डन के परिक्रमा मार्ग के आसपास रात 11:57 बजे फल, सब्जी सहित अन्य सामान के हाथ ठेले लग जाते हैं, जो सड़क किनारे ही कचरा फैलाते रहते हैं। ऐसे में सड़क किनारे कचरे का ढेर लग जाता है। वहीं, रात में सफाई के लिए तैनात अमले की अनुपस्थिति के कारण सड़क के दोनों ओर कचरा फैला रहता है। इससे रहवासी क्षेत्रों की सफाई भी प्रभावित हो रही है। जहांगीराबाद चौराहा: मुख्य मार्ग पर कचरे का अंबार पुराने शहर का हृदय कहे जाने वाले जहांगीराबाद चौराहा पर रात 12:38 बजे रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था का बुरा हाल मिला। चौराहे के पास ही मुख्य मार्ग किनारे कचरा फैला हुआ था। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि रात दुकानों का कचरा लेने के लिए गाड़ी तो आती है, लेकिन सड़कों की सफाई के लिए कर्मचारी नहीं आते। आलम यह है कि सुबह व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने से पहले ही मुख्य सड़क और चौराहे के किनारों पर कचरे का अंबार लग जाता है। स्वच्छ सर्वेक्षण के दावों के बीच यह व्यस्ततम इलाका नगर निगम की मॉनिटरिंग पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था में शहर की मुख्य सड़कों और बाजार क्षेत्रों की सफाई कराई जाती है। रोजाना करीब 25 से 30 टन कचरा रात में उठाया जाता है और कर्मचारियों की मॉनिटरिंग जीपीएस युक्त फोटो के जरिए की जा रही है। सुपरवाइजर द्वारा निगरानी की जाती है। बाजार क्षेत्र में रात में जहां सफाई नहीं हो पाती है, वहां सुबह जल्दी सफाई करा दी जाती है। – नितेश मिश्रा, एचओ, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था  

दिल्ली की राजनीति गरमाई: AAP का आरोप– 200 रुपये की पुड़िया बांटकर कराए जा रहे अपराध, CM रेखा गुप्ता पर निशाना

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बड़ा आरोप लगा दिया है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता के संरक्षण में नशे का धंधा और फिर अपराध किए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि ये जानकारी खुद पुलिस की ओर से दी गई है। आप दिल्ली के मुखिया सौरभ भारद्वाज ने रविवार को इस मामले पर सीएम रेखा गुप्ता के इस्तीफे मांग की है। सौरभ भारद्वाज ने कहा, दिल्ली में अपराध और नशा बहुत तेजी से बढ़ रहा है। तमाम जगहों पर खुलेआम नशा बिक रहा है और पुलिस तस्करों को जानती भी है लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया जाता है। नाबालिग बच्चों को सूखा नशा कराया जाता है और उनसे आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिलाया जाता है। ऐसा ही कुछ वजीरपुर की JJ कॉलोनी में हुआ, वहां नशेड़ियों ने अपनी गैंग बुलाकर एक आदमी की हत्या कर दी और एक व्यक्ति अस्पताल में भर्ती है। सीएम रेखा गुप्ता पर अपराधियों को बचाने का आरोप आप नेता ने कहा, इस हत्याकांड के बाद इलाके की महिलायें पुलिस थाने पहुंची और उन्होंने SHO से कहा कि जब CCTV में सभी लोग नजर आ रहे हैं तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? इसके बाद SHO बताते हैं कि जब भी हम नशेड़ियों और तस्करों के खिलाफ एक्शन लेते हैं तब उन्हें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बचाती हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा, दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर साफ-साफ कह रहे हैं कि जब-जब हम इन बदमाशों को पकड़ते हैं, तब-तब रेखा गुप्ता जी के यहां से इन्हें छोड़ने का आदेश आ जाता है। पूरी दिल्ली में नाबालिग बच्चों को नशा कराकर अपराध कराया जा रहा है। 200 रुपए की पुड़िया दी जाती है और खुलेआम गोलीबारी और चाकूबाजी कराई जाती है। ये सभी चीजें सीएम रेखा गुप्ता के संरक्षण में खुल्लम खुल्ला चल रही हैं।

इमली बनी वनांचल के किसानों की ‘लाइफलाइन’, बढ़ी आमदनी और बदली किस्मत

रायपुर वनांचल की किस्मत बदलने वाली फसल साबित हुई इमली इमली प्रसंस्करण समिति चितापुर की महिला समूह की दीदियों ने अपनी मेहनत और लगन के बूते यह सिद्ध कर दिया है कि यदि ग्रामीण संसाधनों का सही तरीके से प्रसंस्करण किया जाए, तो आर्थिक स्वावलंबन की राह आसान हो जाती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत गठित उत्पादक समूह आजीविका इमली प्रसंस्करण समिति की दीदियों ने इमली के परंपरागत संग्रहण को एक आधुनिक और लाभप्रद व्यवसाय का रूप दे दिया है। समूह की इन महिलाओं द्वारा किए जा रहे इसी उत्कृष्ट और संगठित कार्य को पिछले दिनों राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित करते हुए उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया।       बस्तर जिले के दरभा विकासखंड अंतर्गत सुदूर ग्राम तुआरास-चितापुर की महिलाओं ने अपनी मेहनत और नवाचार से इमली को वनांचल की किस्मत बदल देने वाली फसल साबित कर दिखाया है। इस समूह की कार्यप्रणाली पूर्णतः पेशेवर और गुणवत्ता पर आधारित है, जहाँ महिलाएँ स्वयं इमली की खरीदी सुनिश्चित करती हैं। खरीदी के उपरांत समूह की सदस्य बड़ी ही कुशलता से इमली का रेशा और बीज निकालकर उसे पूरी तरह शुद्ध करती हैं। महिलाओं के इसी हुनर का परिणाम है कि आज वे साधारण इमली से उच्च गुणवत्ता वाला इमली फूल और विशेष रूप से इमली चपाती तैयार कर रही हैं, जिसकी बाजार में भारी मांग है।             आजीविका इमली प्रसंस्करण समिति चितापुर की सदस्य पदमिनी कश्यप बताती हैं कि अब ग्राहकों की सुविधा और बाजार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इन उत्पादों की 200 ग्राम, 500 ग्राम और 1000 ग्राम के आकर्षक पैकेटों में पैकेजिंग कर स्वयं इसका विक्रय भी संभाल रही हैं। बिहान योजना के माध्यम से एकजुट होकर इन महिलाओं ने न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि लखपति दीदी बनने की दिशा में एक सशक्त कदम बढ़ाया है। कार्यक्रम में इन महिलाओं के अटूट परिश्रम और उद्यमशीलता की मुक्त कंठ से सराहना की गई, जो आज पूरे बस्तर संभाग के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी हुई हैं। यह सम्मान दरभा की उन सैकड़ों महिलाओं के सामूहिक प्रयास की जीत है, जो अब आर्थिक रूप से सुदृढ़ होकर समाज की मुख्यधारा में अपना स्थान बना रही हैं।

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, बदरीनाथ-केदारनाथ और हेमकुंड साहिब बर्फ की चादर में ढके

रुद्रप्रयाग रविवार को रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद में अचानक आए बदलाव के चलते केदारनाथ-बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, गौरसों सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। इससे दोनों धाम में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं दोनों जनपदों के घाटी वाले क्षेत्रों में बारिश से मौसम ठंडा हो गया। ठंड का प्रकोप बढ़ते ही लोगों को दोबारा गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। वहीं पिछले तीन-चार दिन से धधक रहे जंगलों को वर्षा से राहत मिली है। चारो ओर छाया आग का धुआं भी काफी हद तक छंट गया है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही आग बुझने से जुटे वनकर्मियों ने राहत की सांस ली है। रविवार सुबह से ही केदारनाथ धाम में बादल छाए रहे और मौसम बदला-बदला नजर आया। दोपहर बाद अचानक बर्फबारी शुरू हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई। हालांकि धाम में करीब एक से दो इंच तक ही बर्फ जमी, लेकिन तापमान में गिरावट के कारण कड़ाके की ठंड महसूस की गई। रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय समेत अन्य घाटी क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक लौट आई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों तुंगनाथ, मध्यमेश्वर में भी हल्की बर्फबारी हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सर्दी का असर बढ़ गया है। वहीं चमोली जिले में दोपहर बाद हेमकुंड, बदरीनाथ, गौरसों सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में वर्षा हुई। कई दिनों बाद हुई वर्षा के चलते काश्तकारों के चेहरे भी खिल उठे हैं। काश्तकारों का कहना है कि यह वर्षा फसलों के साथ ही जंगलों में लगी आग बुझने में मददगार होगी। जिले में छाई धुंध भी वर्षा से साफ हो गई है। जिले के मंडल घाटी, निजमुला घाटी, देवाल, कर्णप्रयाग सहित अन्य क्षेत्रों में लगी आग भी वर्षा के चलते बुझ गई है। इसके चलते वन विभाग ने भी राहत की सांस ली है।  

लगातार बर्फबारी से जम्मू-कश्मीर की मुख्य सड़क पर आवाजाही ठप

पुंछ  भारी बर्फबारी के चलते मुगल रोड पर यातायात फिलहाल बंद कर दिया गया है। खराब मौसम और सड़क पर जमी बर्फ के कारण प्रशासन ने एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी है। यात्रियों को फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा न करने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जानकारी के अनुसार पीर पंजाल की ऊंची पहाड़ियों में ताज़ा बर्फबारी के बाद रविवार को ऐतिहासिक मुगल रोड पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बर्फबारी, खासकर पीर की गली और आसपास के क्षेत्रों में, सड़क को बेहद फिसलन भरा और वाहनों के आवागमन के लिए असुरक्षित बना दिया है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए एहतियात के तौर पर प्रशासन ने यातायात को रोक दिया। संबंधित सड़क रखरखाव एजेंसियों और जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है तथा मौसम में सुधार होने के बाद बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा।   इस बीच यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक सड़क को आधिकारिक रूप से सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक मुगल रोड पर यात्रा करने से बचें। जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और यातायात बहाली को लेकर आगे की जानकारी जारी करेगी।

आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कर रही काम: मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने रविवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम सकरी में नवापारा–सकरी–सतभांवा मार्ग निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। पुल-पुलियों सहित इस मार्ग का निर्माण 7 करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा।      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और इस बार जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे गांवों का शहरों से संपर्क और मजबूत होगा।   मंत्री  वर्मा ने कहा कि किसानों के हित में सरकार लगातार कार्य कर रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत शेष राशि का एकमुश्त भुगतान भी होली से पहले किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी हो चुकी हैं। विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा    इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष डॉ. दौलतराम पाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मोहन वर्मा, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

सांसद विजय बघेल ने इस अवसर पर बस को हरी झंडी दिखाकर प्रस्थान के लिए रवाना किया।

दुर्ग इसी तारतम्य में आज दुर्ग से जगन्नाथ पुरी तीर्थ यात्रा के लिए छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई दुर्ग  के समस्त ब्लाक  पाटन, अमलेश्वर, अंडा उतई, अहिवारा , कुम्हारी,धमधा एवं दुर्ग शहर से 50 पत्रकारों ने जगन्नाथ पुरी , भुवनेश्वर कोणार्क भ्रमण करने हेतु तीन दिवसीय तीर्थ यात्रा पर निकला  इस मौके पर दुर्ग शहर विधायक एवं शिक्षा व कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने समस्त संगठन के पत्रकारों को तीर्थ यात्रा हेतु मंगल शुभकामनाएं प्रेषित किया  इस मौके पर छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के समस्त पत्रकार साथियों ने दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल को उनके जन्मोत्सव के मौके पर बधाई देने उनके निवास कार्यालय पहुंचे जिसके पश्चात सांसद  विजय बघेल ने बस को हरी झंडी दिखाकर दुर्ग से पुरी के लिए रवाना किया इस यात्रा में विशेष आभार एवं धन्यवाद के साथ दुर्ग विधानसभा के विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट व शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव एवं सांसद विजय बघेल के प्रति छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के समस्त पदाधिकारी ने कृतज्ञता व्यक्त किया है वहीं तीर्थ यात्रा में शामिल होने वाले पत्रकारों में छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला अध्यक्ष ललित साहू, जिला महासचिव ईश्वर साहू, जिला सचिव रोशन सिंह बंभोले, जिला उपाध्यक्ष अनिल साहू, संरक्षक वीरेंद्र पुरी गोस्वामी , जिला कार्यकारी सदस्य अखिलेश साहू, अश्वनी जांगड़े, जिला मीडिया प्रभारी रवि सेन, जिला सह सचिव करण ताम्रकार,शहर अध्यक्ष शैलेंद्र साहू, धमधा ब्लॉक निकेत ताम्रकार, अमलेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष करण साहू, रुपेश साहू,घनश्याम साहू,CP सिन्हा,कैलाश साहू,जीवन नाटक,हरीश वर्मा,रामजी निर्मलकर,अश्वनी जांगड़े,बागों कैमरा मैंन,दुर्गेश कुमार,संजय साहू,उदय साहू,रोशन बमभोले जी,राम साहू,मुकेश देवांगन,आकाश सोनी,तरुण हरिहारनो दिलीप,साकेत वास्तव ,रामकुमार यादव,धूलेस्वर साहू,सुधीर ताम्रकार,खिलेन्द्रा साहू,लक्ष्मण साहू अश्वनी साहू ,गोविंद सुरेश सोनकर,होरी साहू,परसराम साहू,श्रवण साहू महेश,राजू लाल,खिलेश गंजीर एवं सभी ब्लॉक के संगठन के पत्रकार साथी इस यात्रा में शामिल हुए

FIFA World Cup 2026 प्लेऑफ से पहले इराक का बड़ा फैसला, टीम प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको जाएगी

बगदाद इराक फुटबॉल संघ के अध्यक्ष अदनान दिरजल ने पुष्टि की है कि इराक की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम FIFA वर्ल्ड कप 2026 के इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में हिस्सा लेने के लिए मेक्सिको जाएगी। यह मुकाबला 31 मार्च को मेक्सिको के मोंटेरे शहर में खेला जाएगा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम ने इस अहम मैच के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बंद हवाई क्षेत्र के बीच यात्रा की चुनौती मध्य पूर्व क्षेत्र में 28 फरवरी से हवाई क्षेत्र बंद है। यह स्थिति अमेरिका और इजराइल के हमलों तथा इसके जवाब में ईरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद पैदा हुई। इन हालात के कारण यात्रा करना मुश्किल हो गया था, लेकिन इसके बावजूद इराक की टीम प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको रवाना होगी। मेक्सिको ने सभी खिलाड़ियों को पहले ही वीजा जारी कर दिए हैं, जिससे टीम की यात्रा संभव हो पाई है। FIFA भी कर रहा है मदद इराक फुटबॉल संघ के प्रमुख अदनान दिरजल ने बताया कि FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने भी इस मामले में मदद के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि FIFA महासचिव मथियास ग्राफस्ट्रॉम को टीम की यात्रा में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने के लिए कहा गया है। दिरजल ने बताया कि टीम इस सप्ताह के अंत तक प्राइवेट विमान से मेक्सिको के लिए रवाना होगी। खिलाड़ियों से सिर्फ एक लक्ष्य पर ध्यान देने की अपील दिरजल ने खिलाड़ियों और स्टाफ से अपील की कि वे सभी कठिन परिस्थितियों के बावजूद केवल एक लक्ष्य पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास सिर्फ 17 दिन बचे हैं और हमें पूरी तरह मैच की तैयारी पर ध्यान देना है। हमारा एक ही लक्ष्य है — वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करना।’ उन्होंने यह भी कहा कि इराक फुटबॉल संघ और कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों को बेहतर माहौल देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि वे इस महत्वपूर्ण मैच पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। प्लेऑफ में किससे होगा मुकाबला? प्लेऑफ मुकाबले में इराक का सामना बोलीविया या सूरीनाम में से किसी एक टीम से होगा। इस मैच की विजेता टीम को सीधे FIFA वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का मौका मिलेगा। 39 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी की उम्मीद इराक की टीम ने आखिरी बार 1986 में FIFA वर्ल्ड कप खेला था। अब टीम के पास 39 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी करने का बड़ा मौका है और खिलाड़ी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पूरी तरह तैयार हैं। क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन इराक ने क्वालिफायर में भी अच्छा प्रदर्शन किया। टीम ने पांचवें राउंड में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 3-2 से हराकर इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में जगह बनाई थी।  

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने सभी को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि एक सशक्त और जागरूक उपभोक्ता ही मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव होता है।  राजपूत ने कहा कि खाद्य पदार्थों के रूप में धीमा जहर देने वाले के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करें, तभी इस दिवस की सार्थकता सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक नागरिक किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है इसलिए उसके अधिकारों की रक्षा करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उपभोक्ताओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और उचित मूल्य पर वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध हो, यह हमारा दायित्व भी है और संकल्प भी है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि खरीददारी करते समय बिल लेना, उत्पाद की गुणवत्ता और समाप्ति की तिथि अवश्य देखना, किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराना, यह सभी जागरूक उपभोक्ता को मजबूत बनाते हैं। उपभोक्ताओं के हित में भारत सरकार ने वर्ष 2019 में नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम बनाया। यह कानून उपभोक्ताओं के रक्षा की गारंटी देता है। इसमें 06 प्रकार के अधिकार चुनने का अधिकार, सूचित होने का अधिकार, उपभोक्ताओं की सुरक्षा का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, उपभोक्ता की समस्याओं के निराकरण का अधिकार और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार (जागरूक बने रहने का अधिकार) बताये गये हैं।  राजपूत ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध हैं। भ्रामक खबरों से सावधान रहें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वर्तमान परिस्थितियों में बड़े आयोजनों से बचें। जिद्दी उपभोक्ता बनें मंत्री  राजपूत ने कहा कि अपने अधिकारों के लिये उपभोक्ताओं को जिद करना चाहिये। ठगी होने पर उपभोक्ताओं को उपभोक्ता न्यायालयों की मदद लेनी चाहिए और इस संबंध में दूसरों को भी जागरूक करना चाहिये। उन्होंने इस संबंध में एक घटना का उल्लेख करते हुए सागर के डॉक्टर हरिसिंह गौर को भी याद किया।  राजपूत ने कहा कि मेरा आग्रह है कि हम सभी उपभोक्ता हैं तथा हम सभी का यह कर्तव्य है कि अनुचित व्यापार को रोकने में अपनी जागरूकता का परिचय दें एवं ठगे जाने से बचें। उपभोक्ता कानून में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का प्रावधान है। सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भी की जाती है। जिला आयोग/फोरम के निर्णय से असंतुष्ट होने पर राज्य आयोग में अपील का भी प्रावधान है। नापतौल में कमी मिलने पर कोई भी उपभोक्ता नापतौल कार्यालय एवं आयोग में शिकायत कर सकता है। जिला उपभोक्ता आयोग में 14 हजार से अधिक मामले निराकृत मंत्री  राजपूत ने बताया कि राज्य उपभोक्ता आयोग में वर्ष 2025-26 तक लगभग 3 हजार मामलों का निराकरण किया गया। इसी प्रकार जिला उपभोक्ता आयोग में 14 हजार से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। राज्य उपभोक्ता आयोग में दिसंबर, 2020 से अभी तक 7 हजार 5 सौ से अधिक मामले ऑनलाईन दर्ज किये गये। जिला उपभोक्ता आयोगों में 26 हजार से अधिक मामले ऑनलाईन दर्ज हुये। सदस्य राज्य उपभोक्ता आयोग डॉ. मोनिका मलिक ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य “सुरक्षित उत्पाद-सशक्त उपभोक्ता” है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 2574 मामले निराकृत हुए जबकि 2285 नये मामले दर्ज किये गये। आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  कर्मवीर शर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों से अवगत कराने के लिये यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जानकारी दी। पुरस्कार कार्यक्रम में वर्ष 2025 में बेहतर कार्य करने वाले स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। संस्थाओं में 1 लाख 11 हजार रूपये का प्रथम पुरस्कार अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन कटनी को तथा 51 हजार रूपये का द्वितीय पुरस्कर प्राकृतिक चिकित्सालय महाविद्यालय समिति ग्वालियर को दिया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार उज्जैन की कु. अश्विता पोरवाल, द्वितीय इंदौर की कु. रानी चौधरी तथा तृतीय पुरस्कार छतरपुर की कु. खुसबू रैकवार को मिला। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार छतरपुर की कु. शुभि सेन, द्वितीय छतरपुर की ही कु. तपस्या कुशवाह और तृतीय पुरस्कार धार की कु. पलक सिसोदिया को दिया‍गया। सर्वश्रेष्ठ स्टॉल का पुरस्कार भारतीय खाद्य निगम, द्वितीय पुरस्कार म.प्र. वेयर हाउसिंग और तृतीय खाद्य एवं औषधि प्रशासन को मिला। कार्यक्रम में प्रदर्शनी के माध्यम से उपभोक्ताओं को मिलावट की पहचान, उपभोक्ताओं के अधिकार, औषधि क्रय एवं उपयोग में सावधानियां आदि विषय पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। आभार प्रदर्शन संयुक्त संचालक  हरेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान आयुक्त नागरिक आपूर्ति निगम  अनुराग वर्मा, नियंत्रक नापतौल  बृजेश सक्सेना, आयोग के सदस्य  नेमी जैन और सुखदेव मिश्रा सहित उपभोक्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

पर्यटकों को बर्फबारी देखना पड़ा महंगा, अटल टनल में सैकड़ों वाहन फंसे; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मनाली रविवार को हिमपात के दीदार करने पर्यटन स्थलों की ओर गए पर्यटकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा है। अटल टनल के दोनों छोर में आधा फीट तक हिमपात हुआ है। भारी हिमपात होने के कारण मुश्किलें भी बढ़ी हैं। हालांकि, पर्यटकों ने दिन भर बर्फ के फाहों का आनंद लिया, लेकिन भारी बर्फबारी उनके लिए परेशानी का कारण बन गई। अटल टनल से धुंधी तक उतराई में पर्यटन वाहन स्किड होने शुरू हुए जिस कारण हॉकी पुल से लेकर अटल टनल के दूसरे छोर तक लगभग आठ किमी लंबा जाम लग गया। हालांकि, लाहुल स्पीति पुलिस ने तीन बजे ही पर्यटकों को वापस भेजना शुरू कर दिया तथा मनाली पुलिस ने भी तीन बजे सोलंग नाला में चेक पोस्ट के आगे पर्यटक वाहनों को लाहुल की ओर जाने पर रोक लगा दी। लेकिन लगभग डेढ़ हजार पर्यटक वाहनों के ट्रैफिक जाम सभी के लिए दिक्कत का कारण बन गया। मनाली व लाहुल पुलिस टीमें अपनी अपनी ओर से पर्यटक वाहनों को निकालने में जुटी रही। भारी संख्या में पर्यटक लाहुल रवाना हुए थे सिस्सु थाना प्रभारी मुकेश राठौर ने बताया कि भारी हिमपात होता देख पर्यटकों को मनाली भेजना शुरू कर दिया था लेकिन पर्यटकों की संख्या अधिक होने व जाम लगने के कारण दिक्कत हुई। उन्होंने बताया कि देर शाम तक पुलिस ट्रैफिक सुचारु करने में जुटी हुई है। अटल टनल के दोनों छोर में भारी हिमपात होने से सैकड़ों पर्यटक वाहन फंसे, मनाली पुलिस रेस्क्यू में जुटी, अटल टनल के साउथ पोर्टल से तीन किमी दूर हाकी पुल तक उतराई में स्किड हो रहे वाहन  डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने कहा कि हिमपात का क्रम तेज होता देख तीन बजे पर्यटकों को अटल टनल की ओर जाने की लिए रोक दिया था लेकिन सुबह से भारी संख्या में पर्यटक लाहुल रवाना हुए थे। अटल टनल से हॉकी पुल तक वाहन स्किड हो रहे हैं इस कारण ट्रैफिक जाम लगा। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम भारी हिमपात के बीच वाहनों को निकालने में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि अधिकतर पर्यटकों को रेस्क्यू कर लिया है जबकि शेष पर्यटक वाहनों को निकालने का काम जारी है।  

महिला अरबपतियों में भारत का दबदबा, सावित्री जिंदल ने संपत्ति में दिग्गजों को छोड़ा पीछे

  नई दिल्ली फोर्ब्स 2026 की ताजा रैंकिंग के अनुसार दुनिया में महिला अरबपतियों की संख्या पिछले साल के 406 से बढ़कर अब 481 हो गई है। रिटेल जायंट वॉलमार्ट की एलिस वॉल्टन ने एक बार फिर अपना नंबर-1 का पायदान बरकरार रखा है वहीं भारत की सावित्री जिंदल 39.1 अरब डॉलर (करीब 3.2 लाख करोड़ रुपये) की नेटवर्थ के साथ दुनिया की 7वीं सबसे अमीर महिला बन गई हैं। कौन हैं दुनिया की 3 सबसे शक्तिशाली अमीर महिलाएं?     एलिस वॉल्टन (अमेरिका): वॉलमार्ट की विरासत को संभालने वाली एलिस की संपत्ति 11.1 लाख करोड़ रुपये है। शेयरों में उछाल ने उन्हें टॉप पर बनाए रखा है।     फ्रैंकोइस बेटेनकोर्ट मेयर्स (फ्रांस): मशहूर ब्यूटी ब्रांड लॉरियल (L’Oreal) की मालकिन फ्रैंकोइस 8.3 लाख करोड़ रुपये की मालकिन हैं। वे सौंदर्य प्रसाधन की दुनिया की बेताज रानी हैं।     जूलिया कोच (अमेरिका): कोच इंक (Koch Inc.) की प्रमुख जूलिया की नेटवर्थ 6.7 लाख करोड़ रुपये है। एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उनकी कंपनी का बड़ा प्रभाव है। दुनिया की टॉप-10 महिला अरबपति (नेटवर्थ लाख करोड़ में): रैंक नाम देश मुख्य कंपनी/क्षेत्र 1 एलिस वॉल्टन अमेरिका वॉलमार्ट (रिटेल) 2 फ्रैंकोइस बेटेनकोर्ट मेयर्स फ्रांस लॉरियल (कॉस्मेटिक्स) 3 जूलिया कोच अमेरिका कोच इंक (केमिकल्स) 4 आइरिस फॉन्टबोना चिली माइनिंग (कॉपर) 5 जैकलीन मार्स अमेरिका मार्स इंक (कैंडी/पेट फूड) 6 राफेला अपोंटे–डायमंट स्विट्जरलैंड शिपिंग (लॉजिस्टिक्स) 7 सावित्री जिंदल भारत जिंदल ग्रुप (स्टील/पावर) 8 मिरियम एडेलसन अमेरिका लास वेगास सैंड्स (कैसीनो) 9 एबिगेल जॉनसन अमेरिका फिडेलिटी (इन्वेस्टमेंट) 10 झेंग शुलियांग चीन हॉन्गकिआयो (एल्युमिनियम)   भारत की सावित्री जिंदल ने दी दिग्गजों को टक्कर जिंदल ग्रुप की सावित्री जिंदल इस सूची में 7वें स्थान पर हैं। स्टील, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे भारी उद्योगों में जिंदल परिवार की पकड़ ने सावित्री जिंदल की संपत्ति में बड़ा इजाफा किया है। वे न केवल भारत की सबसे अमीर महिला हैं, बल्कि एशिया की आर्थिक शक्ति का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। कैसे बढ़ी महिलाओं की दौलत? विशेषज्ञों का मानना है कि स्टॉक मार्केट में तेजी, तांबे और एल्युमिनियम जैसी वस्तुओं की वैश्विक मांग में वृद्धि और तकनीकी विस्तार ने इन महिला अरबपतियों की संपत्ति को नए आयाम दिए हैं। फिडेलिटी की एबिगेल जॉनसन जैसी महिलाओं ने क्रिप्टो और डिजिटल निवेश के जरिए भी अपनी पकड़ मजबूत की है।

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