LATEST NEWS

FASTag Annual Pass के दाम बढ़े, 1 अप्रैल से नया शुल्क लागू, अब देने होंगे इतने रुपये

नई दिल्ली FASTag Annual Pass New Price: देश के हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. नेशनल हाईवे पर टोल पेमेंट को आसान बनाने के लिए शुरू की गई फास्टैग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) स्कीम अब थोड़ी महंगी होने जा रही है. सरकार ने फाइनेंशियल ईयर  2026-27 के लिए इस पास की कीमत में हल्की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक 1 अप्रैल से निजी वाहनों के लिए FASTag एनुअल पास की कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है. इससे पहले इसकी कीमत 3,000 रुपये थी. यह पास प्राइवेट कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए लागू होता है। FASTag Annual Pass क्या है बता दें कि, फास्टैग एनुअल पास को पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुरू किया गया था. इसका मकसद हाईवे पर बार-बार टोल भुगतान की परेशानी को कम करना और डिजिटल टोल कलेक्शन को बढ़ावा देना था. इस योजना के तहत अगर किसी प्राइवेट व्हीकल में वैलिड FASTag लगा है तो वह इस पास को ले सकता है. ये एनुअल पास एक्टिव होने के बाद वाहन एक साल तक या फिर अधिकतम 200 ट्रिप्स (जो भी पहले पूरा हो) तक के लिए वैलिड होगा। तेजी से बढ़ रहे हैं यूजर्स सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों के मुताबिक यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है. फिलहाल देशभर में 50 लाख से ज्यादा वाहन मालिक फास्टैग एनुअल पास का इस्तेमाल कर रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि नेशनल हाईवे पर प्राइवेट कारों से होने वाले करीब 28 प्रतिशत टोल लेन-देन अब इसी एनुअल पास के जरिए किए जा रहे हैं. इससे साफ है कि नियमित रूप से हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के बीच यह योजना काफी पसंद की जा रही है। भारत में FASTag सिस्टम की शुरुआत 2016 में हुई थी और अब यह टोल पेमेंट का मुख्य तरीका बन चुका है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं. इनमें से लगभग 5.9 करोड़ FASTag अभी एक्टिव हैं और देशभर के टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं. मौजूदा समय में नेशनल हाईवे पर टोल से होने वाली 98 प्रतिशत से ज्यादा कमाई FASTag के जरिए ही हो रही है।

गूगल का ‘जीरो डे’ अलर्ट, 3.5 अरब लोग खतरे में, तुरंत करें यह कदम

नई दिल्ली टेक्नोलॉजी जगत की दिग्गज कंपनी Google का क्रोम ब्राउजर दुनियाभर में पॉपुलर है और भारत समेत दुनियाभर में इसके 3.5 अरब से ज्यादा यूजर हैं. अब अधिकतर यूजर्स पर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जो असल में दो कमजोरियों हैं, जिनको गूगल ने जीरो डे कैटेगरी की कमजोरियों में रखा है. हैकर्स इनका फायदा उठाकर क्रोम ब्राउजर यूजर्स को शिकार बना सकते हैं. ये जानकारी फॉर्ब्स ने अपनी रिपोर्ट में दी है। खतरे को भांपते हुए क्रोम की तरफ से इमरजेंसी सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है और यूजर्स को तुरंत ब्राउजर को अपडेट करने की जानकारी शेयर की है. ब्राउजर को अपडेट करने के बाद यूजर्स अपने डिवाइस और डेटा को सुरक्षित कर सकते हैं। वल्नरेबिलिटी को लेकर ज्यादा डिटेल्स नहीं दी वल्नरेबिलिटी को लेकर अभी बहुत ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. कंपनी का मानना है कि जब तक अधिकतर यूजर्स लेटेस्ट अपडेट के साथ ब्राउजर की कमजोरियों को फिक्स नहीं कर लेते हैं तब तक इनकी डिटेल्स को सीमित रखा जाएगा, जिससे हैकर्स इनका फायदा ना उठा सकें. इन कमजोरियों को CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910 के नाम से ट्रैक किया जा रहा है। क्यों ब्राउजर्स को निशाना बना रहे हैं हैंकर्स ?  इंटरनेट यूजर्स किसी भी इंफॉर्मेशन को सर्च करने के लिए ब्राउजर पर ही सर्चिंग करते हैं. हर एक स्मार्टफोन और पीसी यूजर्स के पास ब्राउजर होता है, जिसमें क्रोम सबसे ज्यादा मार्केट शेयर वाला ब्राउजर है. ऐसे में हैकर्स ब्राउजर को निशाना बनाते हैं ताकि वह यूजर्स कि डिटेल्स को आसानी से हैकर कर सकें। यहां एक पुरानी रिपोर्ट के बारे में बताते हैं, Omdia की 2025 की रिपोर्ट है, जो Palo Alto Networks के लिए तैयार की गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल में 95 परसेंट ऑर्गनाइजेसन को एक ऐसा साइबर सिक्योरिटी का सामना करना पड़ा, जिसकी शुरुआत कर्मचारियों के कंप्यूटर से हुई थी। ब्राउजर हैकिंग पर साइबर एक्सपर्ट का क्या कहना ब्राउजर हैकिंग को लेकर साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अब हैकर्स सीधा ब्राउजर को निशाना बनाते हैं. इसमें हैकर्स चोरी हुए टोकन के जरिए सेशन हाइजेकिंग और ऐसे एजवांस्ड एडवांस्ड फिशिंग अटैक शामिल हैं, जो लंबे समय से चले आ रहे मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन को भी बायपास कर सकते हैं।  

16 मार्च 2026 राशिफल: भाग्य का साथ किसे मिलेगा, और किसे रहना होगा सावधान

मेष राशि मेष राशि वालों को रिअल एस्टेट में निवेश करने से लाभ मिल सकता है. निवेश से लाभ होने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. आप जीवनसाथी के साथ बातचीत कर सकते हैं. वृषभ राशि किसी अटके हुए काम और धन खर्च के कारण आपका मूड खराब हो सकता है. अपने साथी की छोटी-मोटी गलती को माफ करें. व्यर्थ में बहस न करें. वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा. मिथुन राशि आप जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं ऐसा संभव नहीं हो सकेगा. आपका किसी प्रिय के कारण मूड खराब हो सकता है. भागदौड़ के कारण जीवनसाथी को समय न देने से रिश्ते में तनाव हो सकता है. कर्क राशि कर्क राशि वाले लोग अपना समय शौक को पूरा करने में लगा सकते हैं. आप किसी करीबी रिश्तेदार की मदद ले सकते हैं. आपको आर्थिक लाभ हो सकता है. पार्टनर के साथ समय बिता सकते हैं. सिंह राशि आप मौज-मस्ती के लिए मनपसंद काम कर सकते हैं इससे आपका दिन अच्छा बीतेगा. निवेश करने से लाभ हो सकता है. रिश्तों को अहमियत दें. कन्या राशि कन्या राशि वालों को किसी से उपहार मिल सकता है. किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो किसी की सलाह अवश्य लें. जीवनसाथी के सुस्त होने के कारण काम असफल हो सकते हैं. तुला राशि आप लोन लेने का सोच रहे हैं तो आपको लोन मिल सकता है. पैसे मिलने से अटके काम पूरे होंगे. कोई नया काम करने का सोच रहे हैं तो अच्छे से विचार लें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे. आपके कामकाज के स्तर में सुधार होगा. आप अपना समय जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं. धनु राशि आप धन की बचत करने का सोच रहे हैं तो ऐसा कर सकते हैं. धन की बचत करना भविष्य में काम आएगा. किसी गलती की वजह से परिवार के साथ तनाव हो सकता है. स्थिति को बातचीत से संभालें. मकर राशि मकर राशि वालों को धनलाभ हो सकता है. धनलाभ होने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. दोस्तों या परिवार की परेशानियों के कारण तनाव हो सकता है. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोग परिवार के सदस्यों के साथ अच्छे पल बिता सकते हैं. आप पुरानों दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं. वैवाहिक जीवन में निजता का ध्यान रखें. मीन राशि मीन राशि वालों का बच्चों की पढ़ाई पर खर्च हो सकता है. इससे आपको नुकसान होगा. वैवाहिक लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा. (All Photo Credit- Social Media) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

ईरान से पलायन तेज: हजारों बेघर, 32 हजार लोग अफगानिस्तान पहुंचे – संयुक्त राष्ट्र का खुलासा

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने रविवार को बताया कि ईरान में बिगड़ते हालात की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़ कर दूसरे देश जा रहे हैं। कई शहरों में घर और जरूरी सेवाओं से जुड़ी इमारतें तबाह हो गई हैं, इसलिए लोग सुरक्षित जगहों की तलाश में निकल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोग देश के उत्तरी इलाकों की ओर जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वहां हालात कुछ सुरक्षित हैं। एजेंसी ने बताया कि लोग ईरान के 20 से ज्यादा प्रांतों में अलग-अलग जगहों पर शरण ले रहे हैं और राहत शिविरों पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा, कई लोग पड़ोसी देशों का रुख कर रहे हैं। करीब 32 हजार लोग अफगानिस्तान और लगभग 4 हजार लोग पाकिस्तान पहुंच चुके हैं, जबकि कई हवाई अड्डे और बॉर्डर अभी बंद हैं। वहीं, ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख ने रविवार को बताया कि पूरे ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों में 24,500 से ज्यादा सार्वजनिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें लगभग 20,000 आवासीय इकाइयां, 4,500 व्यावसायिक केंद्र और 69 स्कूल शामिल हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में कम से कम 202 बच्चे और 223 महिलाएं मारी गई हैं, जिनमें तीन गर्भवती भी शामिल हैं।फार्स न्यूज एजेंसी के बयान में कहा गया है कि मारे गए12 बच्चे पांच साल से कम उम्र के थे। दूसरी ओर, इजरायल में भी बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ लड़ाई की वजह से 108 घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया। इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 28 फरवरी से रविवार सुबह तक, 3,195 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 81 अभी अस्पताल में हैं।

‘कनैडियन’ कहने वालों को Akshay Kumar का जवाब, देशभक्ति फिल्मों पर बोले एक्टर

मुंबई साल 2023 से पहले बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार के पास कनाडा का पासपोर्ट था। इस वजह से ट्रोल्स अक्षय कुमार को ट्रोल करते थे और क्रिटिक्स उनकी आलोचना करते थे। अब अक्षय कुमार ने इस बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके पास कनाडा का पासपोर्ट क्यों था? इसी के साथ अक्षय ने इस बात का जवाब भी दिया कि क्या खुद को कनैडियन कहे जाने की वजह से उन्होंने देशभक्ति वाली फिल्में कीं? देशभक्ति वाली फिल्में क्यों करते थे अक्षय कुमार? इंडिया टुडे के एक इवेंट के दौरान अक्षय कुमार ने इस बारे में बात की। उनसे पूछा गया कि क्या वो जानबूझकर देशभक्ति वाली फिल्में (एयरलिफ्ट, केसरी, मिशन मंगल) करके अपनी नेशनलिस्ट हीरो वाली छवि बना रहे थे, खासकर तब जब क्रिटिक्स उन्हें कैनेडियन कह रहे थे? इस बात का जवाब देते हुए अक्षय कुमार ने कहा, “मैं जो भी काम करता हूं, अपनी छवि बनाने के लिए नहीं करता हूं। मैं बहुत काम करता हूं,लेकिन देशभक्त की इमेज बनाने के लिए काम नहीं करता हूं।मैं काम करता हूं क्योंकि मुझे जो लगता है, मैं कर लेता हूं।” अक्षय के पास क्यों था कनाडा का पासपोर्ट अपने कैनेडियन पासपोर्ट के बारे में बात करते हुए अक्षय कुमार ने कहा, अपने कैनेडियन पासपोर्ट के बारे में बात करते हुए अक्षय कुमार ने कहा, “वैसे तो मैं ये पहले कई बार कह चुका हूं कि हां कैनेडियन मेरा पासपोर्ट था…क्योंकि मेरी जिंदगी में एक ऐसा भी दौर आया था, जब मेरी लगातार 16-17 फिल्में फ्लॉप हुई थीं। मेरे पास काम था लेकिन मेरी 3-4 फिल्में बची हुई थी तो मैंने सोचा कुछ तो करूं। ऐसा नहीं है कि हमारे देश से बाहर जाकर लोग काम नहीं करते तो मुझे भी कनाड़ा में काम मिल रहा था, तो मैंने वहां छोटा सा बिजनेस करने का प्लान बनाया था।” अक्षय ने आगे कहा कि उसी दौरान उन्हें वहां का पासपोर्ट मिला। उन्होंने कहा, “तो उसी दौरान मुझे पासपोर्ट मिल गया। उसके बाद कमाल की बात ये थी कि जो फिल्में मेरी 3 रिलीज होने वाली थी कि वो तीनों ही हिट हो गईं। मुझे फिर से काम मिलने लग गया। मैंने अपने दोस्त से कह दिया कि मैं नहीं आ रहा हूं। मैं भारत में ही रहूंगा। उस बीच मैं भूल गया और मेरे लिए बस वो एक पासपोर्ट ही था। मैंने इतना नहीं सोचा।” अक्षय बोले- मैंने कनाडा में कभी टैक्स नहीं भरा अक्षय ने खुद को कैनेडियन कहे जाने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि बाद में लोग उन्हें कैनेडियन-कैनेडियन कहने लगे। तब अक्षय ने सोचा कि वो अपना पासपोर्ट भी बदल लेते हैं। पासपोर्ट बदलने के बाद सब बातें खत्म हो गईं। अक्षय ने कहा कि उन्हें नहीं समझ आता है कि लोग इतना क्यों बोलना चाहते हैं? वो वो सिर्फ एक पासपोर्ट है, मैं तो टैक्स भरता हूं। जब मैं कैनेडियन था, तभी मैंने सबसे ज्यादा टैक्स भरा। जबकि मैंने कनाडा में कभी टैक्स नहीं भरा, उसकी बात कोई नहीं करता है। बात वो ही है कि आदमी के अंदर 20 गुण अच्छे हो लेकिन एक गंदा गुण को पकड़ लेते हैं। उसी को घुमाते रहते है। अब वो बात भी खत्म हो गई।

हिनौती गौधाम में अव्यवस्थित निर्माण पर रोक, मास्टर प्लान के मुताबिक काम कराने के निर्देश: उपमुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के हिनौती गौधाम में आयोजित बैठक में कहा कि मास्टर प्लान के अनुसार ही सभी निर्माण कार्य कराये जांय। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि गौधाम में प्रस्तावित गौशेड, भूसा शेड सहित अन्य कार्य व्यवस्थित ढंग से लेआउट देकर प्रारंभ करायें। उन्होंने गौधाम के निर्माणाधीन गौशेड एवं गेस्ट हाउस का कार्य 30 मार्च तक पूर्ण कराकर लोकार्पण कराने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विधायक मनगवां द्वारा प्रदत्त की गयी 3 करोड़ 60 लाख रूपये की राशि से गोपाल, सुरभि एवं नंदिनी गौशेड निर्माण कार्य की प्रगति जानकारी ली। उन्होंने सभी कार्य 30 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। कामधेनु गौशेड के साथ भूसा शेड का कार्य भी नियत समय तक पूर्ण किये जाने का निर्देश दिया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने उनके स्वयं की विधायक निधि से स्वीकृत 3 करोड़ 60 लाख रूपये की राशि से मास्टर प्लान के अनुसार व्यवस्थित ढंग से निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गौधाम से लगी किसानों की निजी भूमि में गौवंश न जाएँ यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गौशाला संचालन समिति में क्रियाशील सदस्यों को शामिल करने के भी निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि गौधाम से लगे नाले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गयी घोषणा के अनुसार शीघ्र कार्य प्रारंभ करायें। उन्होंने गौधाम में जल निगम एवं पीएचई द्वारा निर्मित की गयी जन भागीदारी से टंकी व नेटवर्क पाइप लाइन कार्य के लिए विभागीय अधिकारियों की प्रशंसा की। इस अवसर पर बताया गया कि सभी गौशेड में पानी का कनेक्शन कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने गौधाम के लिए शासकीय भूमि का शेष सीमांकन कराने के निर्देश बैठक में अधिकारियों को दिये। उन्होंने गौधाम के लिए सड़क निर्माण व अन्य प्रयोजन के लिए निजी भूमि दाताओं का द्वारा प्रदत्त भूमिदान के लिये सम्मान किया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमार्ग से गौधाम तक प्रस्तावित सड़क निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ करायें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने गौपूजन कर गाय को गुड खिलाया। विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, पूर्व विधायक  श्यामलाल द्विवेदी सहित विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय जन उपस्थित रहे।    

सुरक्षाबलों का दबाव बढ़ा: मोहला-मानपुर में मुठभेड़ के बाद जंगल की ओर भागे नक्सली, हथियार बरामद

मोहला-मानपुर  जिले के सरहदी इलाके में रविवार को पुलिस और माओवादी के बीच मुठभेड़ हुई। औंधी थाना क्षेत्र के कोहकाटोला और आमपायली गांव के आसपास स्थित जंगल में सुरक्षा बलों ने माओवादी के ठिकाने को घेर लिया। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान माओवादी जान बचाकर जंगल की ओर भाग निकले। बस्तर-महाराष्ट्र सीमा पर घेराबंदी पुलिस के अनुसार यह मुठभेड़ बस्तर और महाराष्ट्र की सीमा से लगे घने जंगलों में हुई। घटनास्थल पखांजूर क्षेत्र से भी लगा हुआ है। सुरक्षा बलों की घेराबंदी के बाद माओवादी मौके से फरार हो गए। मुठभेड़ के बाद जवानों ने इलाके में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। इंसास रायफल और माओवादी सामग्री बरामद घटनास्थल से एक इंसास रायफल सहित माओवादी की उपयोगी सामग्री बरामद की गई है। राहत की बात यह है कि इस मुठभेड़ में कोई जवान हताहत नहीं हुआ और सभी सुरक्षित हैं। एसपी ने की सर्चिंग अभियान की पुष्टि मोहला-मानपुर पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में अभी भी सर्चिंग अभियान जारी है और आसपास के जंगलों में तलाशी ली जा रही है।  

होर्मुज में जहाजों की तैनाती पर अमेरिका की पहल, साउथ कोरिया ने दिया यह जवाब

सोल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहयोगी देशों पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए संयुक्त प्रयास का दबाव बना रहे हैं। जिन देशों का ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट में नाम लिया, उनमें से चीन और यूके साफतौर पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। इस बीच दक्षिण कोरिया की भी प्रतिक्रिया आई है जिसने समीक्षा की बात कह डाली है। रविवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, “हम इस मामले पर अमेरिका के साथ मिलकर काम करेंगे और पूरी तरह से समीक्षा करने के बाद ही कोई फैसला लेंगे।” होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के व्यापार के सबसे अहम जलमार्गों में से एक है, ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग बंद ही पड़ा है। ऊर्जा की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि शनिवार को ही खबर आई कि भारत के दो जहाज शिवालिक और नंदा देवी एलपीजी की बड़ी खेप लेकर स्ट्रेट को पार कर चुके हैं। शनिवार को ही ट्रंप ने सोशल पोस्ट में दुनिया की चिंताओं को ध्यान में रख दावा किया था कि जल्द ही ऊर्जा आपूर्ति को ध्यान में रख कदम उठाए जाएंगे। उम्मीद जताई कि देश (खास तौर पर चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का नाम लेते हुए) “इस इलाके में वॉरशिप भेजेंगे” ताकि यह पक्का हो सके कि जहाज फिर से होर्मुज से गुजर सकें। अमेरिका के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जो देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल हासिल करते हैं, उन्हें ही इस रास्ते की देखभाल करनी चाहिए, और हम उनकी बहुत ज्यादा मदद करेंगे!” लेकिन रविवार को ही इससे पहले, जापान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या टोक्यो होर्मुज में युद्धपोत भेजेगा। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नीति प्रमुख ताकायुकी कोबायाशी ने सार्वजनिक प्रसारक एनएचके पर कहा, “सुरक्षा के मिशन पर सावधानीपूर्वक फैसला लेना होगा।” कोबायाशी ने जापानी कानून का हवाला देते हुए इसे थोड़ा कठिन भी बताया है।

संस्कृति और परंपराओं का उल्लास आने वाली पीढ़ी को समझाएगा उनका महत्व : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को जितना उल्लास के साथ मनायेंगे आने वाली पीढ़ी उसके महत्व को समझेगी और वह भी इस परंपरा को आजीवन काल तक चिर स्थाई बनाकर रख सकेगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा में माँ कर्मा जयंती महोत्सव में शामिल हुए। राजकपूर आडिटोरियम में साहू युवा संगठन के संयोजकत्व में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने माँ कर्मा की विधि विधान से आरती की। उन्होंने कहा कि माँ कर्मा कृष्ण भक्त थीं और भगवान  कृष्ण उनकों साक्षात दर्शन देते थे और उनकी मनोकामनाओं की पूर्ति करते थे। माँ कर्मा भक्ति की प्रतीक थी। माँ कर्मा जयंती का आयोजन महान आत्माओं को याद दिलाने का आयोजन है। इस आयोजन के लिए आयोजनकर्ता बधाई के पात्र हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मैं कल भी माँ कर्मा शोभा यात्रा का साक्षी बना था और आज इस आयोजन में भी उपस्थिति हुआ हूं। मैं सौभाग्यशाली हूं कि इन आयोजनों में शामिल हुआ। माँ कर्मा जयंती महोत्सव में विधायक सिंगरौली  रामनिवास शाह, पूर्व मंत्री  रविकरण साहू, करण साहू, नगर परिषद अध्यक्ष रामपुर नैकिन  रामकुमार साहू सहित समाज के अन्य गणमान्य नागरिकों ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर रायपुर छत्तीसगढ़ की भजन गायिका हीना सिंह ने शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष  व्यंकटेश पाण्डेय,  वंशीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में साहू समाज के पदाधिकारी एवं आयोजक उपस्थित रहे।  

आर्थिक संकट गहराया: कमजोर टैक्स ढांचे के कारण IMF से 1 अरब डॉलर की किस्त पर पाकिस्तान की डील अटकी

नई दिल्ली  पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बीच एक अरब डॉलर की किस्त जारी करने को लेकर चल रही बातचीत एक बार फिर ठप पड़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी वजह मौजूदा बजट की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल और टैक्‍स कलेक्‍शन का कम होना है। कराची के अखबार ‘बिजनेस रिकॉर्डर’ के अनुसार, आईएमएफ ने एक बार फिर पाकिस्तान के टैक्स सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। आईएमएफ का कहना है क‍ि राजस्व लक्ष्य हासिल होना मुश्किल दिखाई देता है। लेख में कहा गया है, “यह चिंता जायज है। पाकिस्तान की कर व्यवस्था लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन करती रही है। देश का टैक्स-टू-जीडीपी अनुपात 9-10 प्रतिशत के आसपास ही अटका है, जो समान उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे कम है। कर दायरा सीमित है, अनौपचारिक अर्थव्यवस्था बहुत बड़ी है और कर अनुपालन भी कमजोर है।” दशकों से हर आईएमएफ कार्यक्रम में पाकिस्तान से कर प्रशासन सुधारने, कर आधार बढ़ाने और राजस्व लक्ष्य बढ़ाने की मांग की जाती रही है, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद नतीजे सीमित ही रहे हैं। औपचारिक क्षेत्र अभी भी कर का अधिकांश बोझ उठाता है, जबकि संपत्ति के बड़े हिस्से, खासतौर पर खुदरा कारोबार, कृषि और अन्य क्षेत्रों पर बहुत कम कर लगता है या वे पूरी तरह व्यवस्था से बाहर हैं। अनौपचारिक अर्थव्यवस्था, जिसे अक्सर जीडीपी का लगभग 40 प्रतिशत माना जाता है, काफी हद तक कर प्रणाली की पकड़ से बाहर है। लेख के मुताबिक, पाकिस्तान की वित्तीय समस्या केवल इतनी नहीं है कि सरकार बहुत कम राजस्व जुटाती है। उतनी ही बड़ी समस्या यह भी है कि सार्वजनिक क्षेत्र में भारी वित्तीय घाटा जारी है और इस पर निर्णायक सुधार नहीं हो पाए हैं। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण घाटे में चलने वाले सार्वजनिक उपक्रमों से होने वाला लगातार नुकसान है। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) और पाकिस्तान स्टील मिल्स जैसी संस्थाओं ने वर्षों में भारी घाटा जमा किया है। इनकी देनदारियों का बोझ राष्ट्रीय खजाने पर पड़ता है, जिसे सब्सिडी, गारंटी और कर्ज पुनर्गठन के माध्यम से वहन किया जाता है। ये संस्थान मुख्य रूप से इसलिए जीवित हैं क्योंकि सरकारें इनके पुनर्गठन या निजीकरण से जुड़े राजनीतिक जोखिमों का सामना करने से हिचकती हैं। फ‍िर भी इनके वित्तीय नुकसान हर साल सैकड़ों अरब रुपए तक पहुंच जाते हैं, जो चुपचाप सार्वजनिक संसाधनों को खत्म करते रहते हैं। लेख के अनुसार, अजीब बात यह है कि जहां आईएमएफ कार्यक्रम राजस्व लक्ष्यों पर बहुत जोर देते हैं, वहीं सार्वजनिक उपक्रमों में सुधार की तत्काल आवश्यकता उतनी मजबूत नहीं दिखाई देती। निजीकरण की योजनाएं धीमी गति से आगे बढ़ती हैं, पुनर्गठन की समय-सीमा बार-बार टलती है और घाटे में चल रही संस्थाओं को सरकारी वित्तीय सहायता मिलती रहती है। पाकिस्तान के ऊर्जा क्षेत्र में एक और बड़ा वित्तीय संकट मौजूद है। देश का सर्कुलर डेब्ट (बिजली व्यवस्था के भीतर बकाया भुगतान की जटिल श्रृंखला) कई लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। आईएमएफ अक्सर इस वित्तीय अंतर को कम करने के लिए बिजली दरें बढ़ाने पर जोर देता रहा है। लेकिन केवल दरें बढ़ाने से उस प्रणाली की समस्या हल नहीं होगी जो अक्षमता और कमजोर प्रशासन से ग्रस्त है। बिजली वितरण कंपनियों के गहरे पुनर्गठन और बेहतर प्रबंधन के बिना यह सर्कुलर डेब्ट फिर से बढ़ जाता है। लेख में यह भी कहा गया कि एक अन्य पहलू जिस पर लगातार पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता, वह है गैर-उत्पादक या अत्यधिक सार्वजनिक खर्च। केंद्र और प्रांतीय बजटों में अब भी भारी प्रशासनिक खर्च, गलत तरीके से दी जा रही सब्सिडी और राजनीतिक कारणों से शुरू की गई विकास योजनाएं शामिल हैं, जिनका आर्थिक लाभ सीमित होता है। लेख के अनुसार, वित्तीय अनुशासन केवल अधिक राजस्व जुटाने से हासिल नहीं हो सकता। इसके लिए यह भी जरूरी है कि सार्वजनिक धन कैसे खर्च किया जा रहा है, इसकी गंभीर समीक्षा की जाए।

ग्वालियर अस्पताल में लिफ्ट बंद होने से परेशानी, 20 दिनों से मरीजों को सीढ़ियों के सहारे पहुंचाया जा रहा वार्ड तक

ग्वालियर ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल में पिछले करीब 20 दिनों से कई लिफ्ट बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के कई ब्लॉकों में छह से अधिक लिफ्टें बंद हैं, जबकि सी ब्लॉक में मरीजों को केवल एक लिफ्ट के भरोसे रहना पड़ रहा है। ऐसे में दूसरी, तीसरी और छठी मंजिल पर भर्ती मरीजों को जांच के लिए नीचे लाने और फिर ऊपर ले जाने में काफी मुश्किल हो रही है। लिफ्ट बंद होने के कारण गंभीर और ऑपरेशन वाले मरीजों को सीढ़ियों के सहारे या स्ट्रेचर खींचकर ऊपर-नीचे ले जाना पड़ रहा है। इस दौरान मरीजों के परिजन भी काफी परेशान हो रहे हैं। कई बार मरीज दर्द से कराहते हुए सीढ़ियों पर ही रुकने को मजबूर हो जाते हैं। प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप अस्पताल की स्थिति को लेकर गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (जीआरएमसी) प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लिफ्टों की मरम्मत को लेकर डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ को पत्र लिखकर जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। करोड़ों का बजट, फिर भी परेशानी अस्पताल के रखरखाव और सुविधाओं के लिए हर साल करोड़ों रुपये का बजट आवंटित किया जाता है, इसके बावजूद बार-बार तकनीकी खराबी और लिफ्ट बंद होने की समस्या सामने आ रही है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों ने जताई नाराजगी अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि लिफ्ट बंद होने के कारण उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। पेट दर्द से पीड़ित सविता को परिजन सी ब्लॉक में लिफ्ट तक लेकर पहुंचे, लेकिन वहां लिफ्ट खराब मिली। गार्ड ने दूसरी लिफ्ट की जानकारी दी, जिसके लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा। वहीं मरीज जय नारायण को उनके बेटे सीढ़ियों के सहारे नीचे लेकर आए। उनका कहना है कि लिफ्ट बंद होने से अस्पताल में इलाज के साथ-साथ आवागमन भी मुश्किल हो गया है। मरीजों ने प्रशासन से जल्द लिफ्ट ठीक कराने की मांग की है।

असम में किसकी बनेगी सरकार? चुनाव ऐलान के साथ ओपिनियन पोल ने खोले पत्ते

गुवाहाटी पांच राज्यों में चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही पहला ओपिनियन पोल भी आ चुका है। असम के लिए जो ओपिनियन पोल जारी हुआ है, उसमें भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है। मार्टिज-आईएनएस के ओपिनियन पोल में भाजपा को 96 से 98 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस को दिखाया गया है। अनुमान के मुताबिक कांग्रेस को 26 से 28 सीटें मिल सकती हैं। किस पार्टी को कितनी सीटों का अनुमान चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आए मार्टिज-आईएएनएस के ओपिनियन पोल में भाजपा को 96 से 98, कांग्रेस को 26 से 28, एआईयूडडीएफ को 1 से 5 और अन्य को 1 से 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में नौ अप्रैल को वोट डाले जायेंगे और मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिया जायेगा। चुनाव आयोग ने यहां रविवार को संवाददाता सम्मेलन में राज्य के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 16 मार्च 2026 को जारी होगी और इसी के साथ नामांकन दाखिल करने का कार्य शुरू हो जाएगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नाम वापसी के लिए 26 मार्च तक का समय दिया गया है। आदर्श आचार संहिता लागू इसके साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। कुल 126 सीटों में से 09 सीटें अनुसूचित जाति के लिए और 19 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राज्य की वर्तमान विधानसभा का पांच वर्षीय कार्यकाल 21 मई 2021 को प्रारंभ हुआ था, जो आगामी 20 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। राज्य में कुल 2,35,01,164 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें सामान्य मतदाताओं की संख्या 2,34,40,296 दर्ज की गई है, जबकि सर्विस वोटर्स की संख्या 60,868 है। चुनाव आयोग द्वारा 11 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, मतदान प्रक्रिया में 476 थर्ड जेंडर मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कितने युवा मतदाता असम में इस बार 3,82,341 युवा मतदाता (18-19 वर्ष) पहली बार लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल होकर अपना पहला वोट डालेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य में 1,59,335 दिव्यांग मतदाता और 85 वर्ष से अधिक आयु के 1,20,538 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत हैं। इन सभी वरिष्ठ मतदाताओं के लिए आयोग ने घर से मतदान करने हेतु वैकल्पिक डाक मतपत्र की विशेष सुविधा सुनिश्चित की है। मतदान की सुगमता के लिए बुनियादी ढांचे में विस्तार करते हुए आयोग ने असम में कुल 28,205 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। आयोग ने प्रत्येक केंद्र पर मतदाताओं की औसत संख्या लगभग 831 रखी है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुविधाजनक तरीके से संपन्न हो सके।  

डॉक्टर सेवाभाव से मरीज का करें इलाज : उप मुख्यमंत्री शुक्ल जी मीडिया समूह के कार्यक्रम में रीवा शहर के डॉक्टर्स का किया सम्मान

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि डॉक्टर को संवेदनशीलता के साथ मरीज का इलाज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धरती में डॉक्टर भगवान के सामान हैं डॉक्टर भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सेवाभाव से करें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने पत्रिका समूह द्वारा आयोजित चिकित्सकों के सम्मान समारोह में शहर के डॉक्टर्स का सम्मान किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि किसी मीडिया समूह द्वारा चिकित्सकों का रीवा में पहली बार इस तरह का सम्मान किया गया है। यह आयोजन सिद्ध करता है कि रीवा में डॉक्टर्स बेहतर कार्य कर रहे हैं। रीवा को मेडिकल हब बनाने का सपना सही दिशा में जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब जीवन संकट में आता है तो केवल डॉक्टर के पास ही लोग जाते हैं। मेहनत से किये गये कार्य की जब बड़े सामाजिक स्तर पर सराहना मिलती है तो उत्साह भी बढ़ता है। सांसद  जनार्दन मिश्र ने कहा कि विचारहीन समाज स्थाई नहीं होता किसी भी क्षेत्र में विचार के ऊपर व्यावसायिकता नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रिका समूह द्वारा डॉक्टर्स का किया गया सम्मान प्रशंसनीय है। उन्होंने आयोजन से कहा कि सकारात्मक कार्यो के लिए केवल प्रेरित ही नहीं किया जा रहा बल्कि सामने आकर कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने सम्मानित होने वाले डॉक्टर्स को शुभकामनाएं दी तथा उनके द्वारा कोरोनाकाल सहित अन्य समय में किये गये सेवाभाव की प्रशंसा भी की। नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय सहित चिकित्सक व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

अब जमीन के नीचे चलेगी भोपाल मेट्रो, 15 मीटर गहराई में TBM; पुराने शहर में सुरंग का काम शुरू

भोपाल राजधानी में मेट्रो रेल परियोजना अब अपने सबसे चुनौतीपूर्ण और रोमांचक चरण में प्रवेश कर रही है। भोपाल मेट्रो की आरेंज लाइन के तहत भोपाल रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड तक 3.39 किलोमीटर लंबे भूमिगत कॉरिडोर के निर्माण की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस ट्विन टनल को बनाने के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का पहला पार्ट क्रेन के जरिए करीब 15 मीटर जमीन की गहराई में उतारा जा चुका है। तकनीकी इंस्टालेशन और जांच के बाद मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह से जमीन के अंदर सुरंग बनाने के लिए जमीन की खोदाई का काम शुरू हो सकता है। पुल पातरा और सिंधी कालोनी में एक अंडरग्राउंड रैंप बनाया जाएगा, जिसके जरिए मेट्रो ट्रेन भूमिगत स्टेशन तक पहुंचेगी। दिसंबर में बेंगलुरु से आई थी टीबीएम मशीन यह टीबीएम मशीन दिसंबर 2025 में बेंगलुरु से भोपाल पहुंची थी। टीबीएम के कुल तीन से चार बड़े हिस्से हैं, जिन्हें एक-एक कर जमीन के नीचे उतारा जाएगा। पूरी तरह असेंबल होने के बाद यह मशीन 19 से 20 मीटर की गहराई पर जाकर सुरंग के लिए जमीन की खोदाई करेगी। यह टनल भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे शहर के सबसे घने और व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। हालांकि मेट्रो प्रबंधन का दावा है कि टीबीएम से खोदाई के दौरान किसी भी प्रकार का कंपन नहीं होगा और ऊपर रहने वाले लोगों को इसका आभास भी नहीं होगा। पुरानी इमारतों की सुरक्षा और विरासत की चुनौती सुरक्षा के लिहाज से प्रबंधन उन पुरानी इमारतों और होटलों को लेकर सतर्क है जो पुल पातरा से सिंधी कालोनी के बीच स्थित हैं। इनमें से कई इमारतें काफी जर्जर और पुरानी हैं। इस भूमिगत तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि शहर के व्यस्ततम रास्तों के नीचे काम चलने के बावजूद ऊपर का ट्रैफिक और ऐतिहासिक विरासतें पूरी तरह अप्रभावित रहेंगी। यह पूरा प्रोजेक्ट पैकेज बीएच-04 के तहत संचालित किया जा रहा है। एक नजर में भूमिगत कॉरिडोर (ऑरेंज लाइन)     क्षेत्र: भोपाल रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड तक     टनल की लंबाई: लगभग 3.39 किलोमीटर     संरचना: 02 समानांतर सुरंगें     गहराई: 20 मीटर की गहराई में सुरंग बनाएगी मशीन मशीन की तकनीकी क्षमता     नाम: टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम)     आगमन: दिसंबर 2025 (बेंगलुरु से भोपाल लाई गई)     व्यास: 5.8 मीटर     क्षमता: एक मशीन की प्रतिदिन 15 मीटर खोदाई की क्षमता     स्थिति: 15 मीटर गहराई पर उतारा गया मशीन का पहला पार्ट  

सरफराज अहमद का इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा, बाबर आजम का नाम लेकर कही बड़ी बात

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ने रविवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटारयरमेंट का ऐलान कर दिया। 38 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज सरफराज ने पाकिस्तान की ओर से 200 से ज्यादा इंटरनेशनल मुकाबले खेले। उन्होंने 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी20 इंटरनेसनल मैच खेले और तीनों फॉर्मेट में 6164 रन बनाए। उन्होंने छह शतक और 35 अर्धशतक लगाए। उन्होंने विकेट के पीछे 315 कैच पकड़े जबकि 56 स्टंप आउट किए। कराजी में जन्मे सरफराज ने 2010 में डेब्यू किया था और 2023 में पाकिस्तान के लिए आखिरी मैच खेला। ऐसा करने वाले इकलौते पाकिस्तानी सरफराज ने सभी फॉर्मेट (50 वनडे, 37 T20, 13 टेस्ट) में 100 मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी की और टीम को टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नंबर-1 रैंकिंग तक पहुंचाया। उनकी कप्तानी के दौरान पाकिस्तान ने लगातार 11 टी20 सीरीज जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। सरफराज के व्यक्तिगत रिकॉर्ड की बात करें तो वह एक टेस्ट मैच में 10 कैच लेने वाले इकलौते पाकिस्तानी हैं। उन्होंने जोहान्सबर्ग 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऐसा किया। वह लॉर्ड्स में वनडे शतक बनाने वाले पाकिस्तान के एकमात्र विकेटकीपर हैं। उन्होंने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ यह कारनामा किया था। भारतीय टीम को दिया था एक बड़ा दर्द सरफराज की कप्तानी में पाकिस्तान ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में खिताबी सूखा समाप्त किया था। सरफराज की अगुवाई वाली पाकिस्तान टीम ने साल 2017 में भारत को एक बड़ा दर्द दिया था। पाकिस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारतीय टीम के खिलाफ 180 रनों से विशाल जीत दर्ज की थी। उस वक्त विराट कोहली भारत के कप्तान थे। पाकिस्तान ने द ओवल में खेले गए फाइनल में 4 विकेट के नुकसान पर 338 रन बनाए थे। जवाब में भारत की पारी सिर्फ 158 रनों पर सिमट गई थी। ‘कप्तानी में ऐसा करना गर्व की बात’ सरफराज ने संन्यास के बाद कहा, ”पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। 2006 में अंडर-19 टीम को वर्ल्ड टाइटल जिताने से लेकर 2017 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने तक हर पल खास रहा। मैं अपने टीममेट्स, कोच, परिवार और फैंस का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने करियर में हमेशा मुझे सपोर्ट किया। सभी फॉर्मेट में पाकिस्तान की कप्तानी करना एक सपने के सच होने जैसा था। मैंने हमेशा बिना डरे क्रिकेट खेलने और एकजुट टीम बनाने की कोशिश की। अपनी कप्तानी के दौरान बाबर आजम, शाहीन अफरीदी, हसन अली और अन्य खिलाड़ियों को मैच-विनर बनते देखना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इतने सालों तक मुझपर भरोसा करने के लिए शुक्रिया कहना चाहता हूं। पाकिस्तान क्रिकेट हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहा और मैं हर मुमकिन तरीके से इस खेल को सपोर्ट करता रहूंगा।”

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet