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MP निगम-मंडल की नियुक्तियों में देरी क्यों? लिस्ट जल्द होने वाली है जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में निगम-मंडल की नियुक्तियों की सूची लंबे समय से प्रतीक्षित है, लेकिन अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी न मिलने के कारण फैसला टला हुआ है। प्रदेश के कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता इस सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व ने संभावित नामों की सूची तैयार करके केंद्रीय स्तर पर भेज दी थी, लेकिन दिल्ली में अंतिम स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के जरिए अंतिम निर्णय होना था, लेकिन वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाओं के चलते यह बैठक स्थगित हो गई। इससे एमपी निगम-मंडल की सूची जारी करने में और देरी हुई। इस देरी से प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जल्द सूची जारी करने पर टिकी हैं।

वर्ल्ड कप के बाद विराट-रोहित की नई मांग, BCCI से वनडे मैच बढ़ाने की अपील

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली अपने शानदार करियर के अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं. माना जा रहा है कि दोनों दिग्गज 2027 में होने वाले वर्ल्ड कप  के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं. ऐसे में क्रिकेट जगत के पास लगभग डेढ़ साल का समय है, जब तक प्रशंसक इन महान खिलाड़ियों को मैदान पर खेलते हुए देख सकते हैं। यही वजह है कि कई क्रिकेट बोर्ड चाहते हैं कि भारत के साथ होने वाली आगामी सीरीज में ज्यादा से ज्यादा वनडे मैच खेले जाएं, क्योंकि फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली सिर्फ इसी फॉर्मेट में भारत के लिए खेल रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए न्यूजीलैंड, श्रीलंका और आयरलैंड के क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई से अनुरोध किया है कि आगामी दौरों के कार्यक्रम में बदलाव करते हुए वनडे मैचों की संख्या बढ़ाई जाए। आयरलैंड और श्रीलंका ने टी20 की जगह वनडे कराने की मांग की एक सूत्र के अनुसार Cricket Ireland और बीसीसीआई आयरलैंड दौरे के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं.  जुलाई में भारतीय टीम इंग्लैंड का दौरा करेगी, और इसी दौरान टीम इंडिया के आयरलैंड के खिलाफ भी खेलने की संभावना है. यह सीरीज साउथैम्प्टन या आयरलैंड में आयोजित हो सकती है.  क्रिकेट आयरलैंड चाहता है कि जुलाई की शुरुआत या अंत में भारत के साथ वनडे सीरीज खेली जाए.  हालांकि बीसीसीआई ने अभी तक इस मांग को मंजूरी नहीं दी है.  अगर वनडे सीरीज पर सहमति नहीं बनती, तो दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जा सकती है। वहीं Sri Lanka Cricket ने पहले बताया था कि अगस्त में भारत और श्रीलंका के बीच दो टी20 मैच खेले जाएंगे.  यह मुकाबले 2025 में आए चक्रवात ‘डिटवाह’ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए बीसीसीआई की ओर से सद्भावना के तौर पर आयोजित किए जाने थे लेकिन अब श्रीलंका क्रिकेट चाहता है कि इन मैचों को तीन वनडे मुकाबलों में बदला जाए, क्योंकि संभव है कि यह आखिरी बार हो जब रोहित शर्मा और विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में श्रीलंका दौरे पर आएं। न्यूजीलैंड भी चाहता है ज्यादा वनडे मैच उधर New Zealand Cricket ने भी भारत के साथ अपनी आगामी सीरीज के कार्यक्रम में बदलाव का प्रस्ताव रखा है.  पहले इस दौरे में दो टेस्ट, तीन वनडे और पांच टी20 मैच होने थे लेकिन यह जानते हुए कि भारतीय टीम शायद अगले पांच साल तक न्यूजीलैंड का दौरा नहीं करेगी, न्यूजीलैंड क्रिकेट ने सीमित ओवरों के मुकाबलों का संतुलन बदलने का फैसला किया है. इस फैसले के तहत वनडे मैचों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है ताकि भारतीय टीम को भी विश्व कप की तैयारी में मदद मिल सके.  बीसीसीआई ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है, क्योंकि टीम इंडिया को भी वनडे विश्व कप 2027 की तैयारी के लिए अधिक से अधिक 50 ओवर के मैच खेलने की जरूरत है।

गंभीर डेम में पानी की चिंता, टी-कनेक्शन अटका; पूरा होने पर रोज मिलेगा नर्मदा जल

उज्जैन  गर्मी की शुरुआत के साथ जलप्रदाय को लेकर शहरवासियों को हमेशा की तरह चिंता सताने लगी है। इसे दूर करने के लिए नगर निगम ने नर्मदा से पानी लेकर सप्लाय की योजना 2023 में बनाई। दो साल में लाइन तो लगभग पूरी डाल दी पर इसे जोड़ने के लिए टी कनेक्शन बाकी रह गया। यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। अफसरों का कहना है हरिफाटक से चिंतामण ब्रिज तक फोरलेन निर्माण के चलते पीएचई का फिल्टर प्लांट का हिस्सा भी हटाया जाना था। पर पूरे शहर पर असर होने के चलते बचा लिया गया। इन सबके चलते ही केवल टी कनेक्शन इतने समय तक अटका रहा। अब कनेक्शन हो जाएगा तो शहरवासियों को रोज ही जलप्रदाय किया जा सकेगा। पिछले साल 15 अप्रैल से निगम के पीएचई विभाग ने एक दिन छोड़कर जलप्रदाय शुरू कर दिया था। इससे जून तक बारिश नहीं होने तक लोग रोज ही पानी के लिए जूझते रहे। इस बार क्या होगा… भास्कर टीम ने जनता की समस्या को देखते हुए पड़ताल की। इस बार 10 दिन का पानी ज्यादा : शहर के प्रमुख जलस्रोत गंभीर डेम में पिछले साल 12 मार्च को 70 दिन का पानी शेष था। इस बार 12 मार्च को गंभीर डेम में 84 दिन का पानी है। यानी पिछले साल की तुलना में 10 दिन का पानी ज्यादा है। हालांकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस बार नर्मदा का पानी उपलब्ध हो जाएगा। इसलिए फिलहाल एक दिन छोड़कर जलप्रदाय लागू करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। हरिफाटक से चिंतामण ब्रिज तक फोरलेन निर्माण के चलते नहीं हो रहा था काम फिलहाल 931 एमसीएफटी पानी पर गर्मी में वाष्पीकरण और पानी चोरी से होती है दिक्कत वर्तमान में गंभीर में 1031 एमसीएफटी पानी है। इसमें से लगभग 100 एमसीएफटी डेड स्टोरेज को हटा दिया जाए तो जलप्रदाय के लिए करीब 931 एमसीएफटी पानी उपलब्ध रहेगा। शहर में प्रतिदिन करीब 11 एमसीएफटी पानी की जरूरत होती है, इस हिसाब से लगभग 84 दिन का पानी बचा है। हालांकि गर्मी में वाष्पीकरण और पानी की चोरी के कारण जल प्रदाय में दिक्कत होती है। प्रशासन द्वारा जल अधिनियम 1986 लागू करने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे पानी की चोरी पर नियंत्रण किया जा सके। गऊघाट प्लांट से फिल्टर होकर पानी सीधे घरों तक पहुंच सकेगा, लोगों को मिलेगी राहत पाइपलाइन जुड़ने के बाद गऊघाट स्थित फिल्टर प्लांट में नर्मदा का पानी सीधे पहुंचेगा। करीब 100 से 150 मीटर लंबी 1000 एमएम नर्मदा पाइपलाइन को 800 एमएम गंभीर पाइपलाइन से जोड़ा जा रहा है। यहां से पानी आने के बाद गऊघाट प्लांट से फिल्टर होने के बाद पानी सीधा पाइपलाइन द्वारा रहवासियों के घर में आ सकेगा। अगर गंभीर का पानी में कमी आती है, तो जलप्रदाय के लिए नर्मदा का पानी उपलब्ध हो सकेगा। शहरवासियों को पेयजल को लेकर राहत मिल सकेगी। लोगों को गर्मी में परेशान नहीं होना पड़ेगा। 3 साल से अधूरा प्रोजेक्ट अब जाकर पूरा कर रहे- शहर के लिए राहत की बात यह है कि नर्मदा पाइपलाइन को गंभीर की मुख्य लाइन से जोड़ने का काम लगभग पूरा हो चुका है। केवल टी कनेक्शन बाकी है, जिसे जोड़ने के लिए एक दिन जलप्रदाय बंद करना पड़ेगा। इसी कारण फिलहाल इसे मेंटेनेंस कार्य के साथ जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। वर्ष 2023 में शुरू हुए 1.88 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट को दो माह में पूरा होना था। अब जल्द पूरा करने का अफसरों का दावा है।

केंद्र का बड़ा फैसला: जल जीवन मिशन को 4000 करोड़ की मदद, कर्ज सीमा बढ़ाने पर सहमति

भोपाल  जल जीवन मिशन में खर्च हुई राशि को देने के केंद्र ने अपनी सहमति दे दी है। मप्र ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को बताया कि वर्ष 2024-25 का 4500 करोड़ और 2025-26 का 5000 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। मप्र ने खुद 9000 करोड़ लगाकर योजना को चालू रखा है। योजना को पूरा करने का वक्त 2028 तय है, लेकिन 2026 में अभी तक मप्र ने 99% काम पूरा कर लिया। पाटिल ने इसकी बधाई दी और राशि देने पर सहमति दे दी। मार्च 2026 से पहले मप्र को जल जीवन मिशन के 4000 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। सीआर पाटिल से मिलने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से मिले। इसमें सीएम ने कहा कि मप्र की औसत ग्रोथ 10% है। वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी बढ़कर 18 लाख 48 हजार करोड़ होगा। लिहाजा इसी आधार पर मप्र को बाजार से कर्ज लेने की सीमा तय की जाए। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी इस दौरान सीएम के साथ थे। वित्त का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने सहमति दे दी है। इससे मप्र को कई प्रकार से लाभ मिलेगा। सीएम गुरुवार को 5 मुद्दों को लेकर दिल्ली गए थे। इसमें सिंहस्थ के लिए राशि की मांग करना भी शामिल रहा। निकायों का पैसा मांगा     सीएम ने नगरीय तथा ग्रामीण निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित पूरी राशि को देने की बात रखी। अभी कम पैसा मिला है। निकायों से संबंधित मामले में वित्तीय वर्ष 2023-24 की 512 करोड़ एवं 2025-26 की 1,181 करोड़ की राशि मिलना है।     पंचायती राज मंत्रालय व जल शक्ति मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के लिए ही 1097 करोड़ जारी करने का अनुरोध है। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के लिए 4,600 करोड़ के विरूद्ध 3,690 करोड़ ही मिले हैं।  

अष्टमी पर कब करें कन्या पूजन? जानिए चैत्र नवरात्र का शुभ समय और महत्व

इंदौर नवरात्र में पूरे 9 दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. खासतौर से चैत्र नवरात्रि को बहुत अहम माना जाता है. चैत्र नवरात्र से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत  मानी जाती है. साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाई जाएंगी. इन नौ दिनों में देवी के नौ रूपों की आराधना की जाती है. नवरात्रि के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि बेहद खास होती है. जानते हैं कि चैत्र नवरात्र 2026 में महाअष्टमी की तारीख और इस दिन पूजा के शुभ मुहूर्त क्या रहेंगे।  अष्टमी का महत्व नवरात्रि के आठवें दिन को अष्टमी कहा जाता है और यह दिन देवी पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों जैसे देवी भागवत पुराण और मार्कंडेय पुराण में अष्टमी और नवमी तिथि को विशेष फलदायी बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. कई लोग इस दिन कन्या पूजन भी करते हैं, जिसमें छोटी बालिकाओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है।  कब शुरू होंगे चैत्र नवरात्रि 2026 ज्योतिषियों के अनुसार, चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर प्रारंभ होगी और 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर यह तिथि समाप्त हो रही है। ऐसे में 19 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का त्योहार प्रारंभ होगा। क्या है कलश स्थापना का शुभ समय  नवरात्रि के पहले दिन देवी की पूजा के साथ-साथ कलश स्थापित भी किया जाता है। यह बेहद शुभ और सुख-सौभाग्य लेकर आता है। इस दिन पहला शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 52 मिनट से सुबह 07 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। नौ दिनों की होगी नवरात्रि 19 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 1-  अमावस्या, प्रतिपदा मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना 20 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 2- मां ब्रह्मचारिणी पूजा 21 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 3- मां चंद्रघंटा पूजा 22 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 4- मां कुष्मांडा पूजा 23 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 5-  मां स्कंदमाता पूजा 24 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 6- मां कात्यायनी पूजा 25 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 7- मां कालरात्रि पूजा 26 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 8- मां महागौरी पूजा ( इस दिन अष्टमी होगी। आप कन्या पूजन कर सकते हैं। ) 27  मार्च 2026- नवरात्रि दिन 9- मां सिद्धिदात्री पूजा ( इस दिन नवमी मनाई जाएगी। कन्या पूजन किया जाएगा )  पूजा विधि     नवरात्रि के पहले दिन आप एक साफ चौकी पर माता रानी की मूर्ति स्थापित करें।     देवी को लाल रंग की नई चुनरी पहनाएं।     इस दौरान देवी को अन्य श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें और उन्हें इत्र लगाएं।     एक साफ थाली में रोली और अक्षत का टीका बनाकर माता रानी को लगाएं।     इसके बाद साफ लोटे में जल भरकर उसपर नारियर चुनरी में बांधकर रखें और कलश स्थापित करें।     इस दौरान कलश को भी टिका लगाएं।     देवी को फूलों की माला पहनाएं और सूखे मेवे पूजा में भोग के रूप में शामिल कर लें।     अब आप धूप उठाकर देवी के नामों का जाप करें और फिर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।     देवी की परिवार संग आरती कर लें और कुछ फल मिठाई भोग लगाकर प्रसाद के रूप में बांट दें।  

फिटमेंट फैक्टर से OPS बहाली तक: 8वें वेतन आयोग की हर नई जानकारी

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें आसमान पर हैं। इसी बीच देश के प्रमुख ट्रेड यूनियन संगठन ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को एक विस्तृत पत्र लिखकर कर्मचारियों के हितों से जुड़ी 12 अहम मांगें रखी हैं। इन मांगों में फिटमेंट फैक्टर 3.0, ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली और सालाना इंक्रीमेंट दोगुना करने जैसे प्रमुख सुझाव शामिल हैं। आइए जानते हैं इन मांगों के बारे में विस्तार से। वेतन और भत्तों से जुड़ी प्रमुख मांगें 1. फिटमेंट फैक्टर 3.0: सैलरी बढ़ोतरी की मुख्य कुंजी AITUC ने सबसे अहम मांग के तौर पर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कम से कम 3.0 रखने की बात कही है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है, जिसके आधार पर कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी को नए स्ट्रक्चर में बदला जाता है। यूनियन का मानना है कि 3.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने से कर्मचारियों के सैलरी में पर्याप्त इजाफा होगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 2. सैलरी कैलकुलेशन के लिए फैमिली यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव एनडीटीवी की खबर के मुताबिक वेतन निर्धारण में इस्तेमाल होने वाली फैमिली यूनिट को बढ़ाने की भी मांग उठाई गई है। 7वें वेतन आयोग में परिवार की इकाई तीन सदस्यों (पति, पत्नी और दो बच्चे) पर आधारित थी। AITUC ने इसे बढ़ाकर पांच सदस्यीय इकाई करने का सुझाव दिया है, जिसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाए। इससे कर्मचारियों की बढ़ती जिम्मेदारियों को आर्थिक समर्थन मिल सकेगा। 3. सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत सभी 18 पे-लेवल के कर्मचारियों को हर साल उनके बेसिक सैलरी का 3% इंक्रीमेंट मिलता है। AITUC का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और जीवन स्तर को देखते हुए 8वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर कम से कम 6% सालाना किया जाना चाहिए। 4. न्यूनतम और अधिकतम वेतन का अनुपात 1:10 हो यूनियन ने सैलरी स्ट्रक्चर में समानता लाने पर जोर देते हुए कहा कि न्यूनतम और अधिकतम वेतन का अनुपात 1:10 होना चाहिए। मौजूदा 7वें वेतन आयोग में यह अनुपात लगभग 1:14 है, जहां न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये और अधिकतम वेतन 2,50,000 रुपये है। AITUC का मानना है कि अनुपात कम होने से वेतन में असमानता कम होगी। पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़ी मांगें 5. NPS और UPS खत्म कर OPS बहाल करने की मांग AITUC ने केंद्र सररी के कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को समाप्त करने की मांग की है। संगठन ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने पर जोर दिया है, क्योंकि वह पेंशन को कर्मचारी की “डिफर्ड सैलरी” (स्थगित वेतन) मानता है। साथ ही, हर पांच साल में पेंशन में 5% की वृद्धि का भी सुझाव दिया गया है। 6. पेंशन कम्यूटेशन बहाली की अवधि घटाने का प्रस्ताव फिलहाल पेंशन के कम्यूटेशन (अग्रिम भुगतान) के बाद उस राशि को 15 साल में बहाल किया जाता है। AITUC ने इस अवधि को घटाकर 11 से 12 साल करने की मांग की है, जिससे पेंशनभोगियों को जल्द पूरी पेंशन मिलना शुरू हो सके। 7. लीव एनकैशमेंट की सीमा 300 से बढ़ाकर 450 दिन करें रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लीव एनकैशमेंट की अधिकतम सीमा को 300 दिनों से बढ़ाकर 450 दिन करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक बड़ी राशि एकमुश्त मिल सकेगी। सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगें 8. करियर में कम से कम 5 प्रमोशन की गारंटी सरकारी नौकरी में 30 साल के करियर के दौरान कर्मचारियों को कम से कम पांच प्रमोशन मिलने चाहिए। यूनियन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारी लंबे समय तक एक ही पद पर अटके रहते हैं, जिससे उनके करियर ग्रोथ में रुकावट आती है। 9. जोखिम भत्ता, चिकित्सा सुविधा और अवकाश में बढ़ोतरी AITUC ने अतिरिक्त सुविधाओं के तौर पर रिस्क और हार्डशिप अलाउंस बढ़ाने, कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट, महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुअल लीव और पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) देने की मांग उठाई है। 10. रेलवे, CAPF और डिफेंस कर्मियों के लिए विशेष मुआवजा रेलवे, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और रक्षा क्षेत्र के सिविल कर्मचारियों के लिए अलग से बढ़ा हुआ मुआवजा देने की मांग की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, ड्यूटी के दौरान मौत पर 2 करोड़ रुपये, बड़े हादसे पर 1.5 करोड़ रुपये और छोटे हादसों पर 10 से 25 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाए। रोजगार नीति और बोनस से जुड़ी मांगें 11. कॉन्ट्रैक्ट जॉब और आउटसोर्सिंग खत्म करें, 15 लाख पद भरें AITUC ने केंद्र सरकार की नौकरियों में कॉन्ट्रैक्ट जॉब, आउटसोर्सिंग और लैटरल एंट्री का विरोध किया है। साथ ही सरकार में करीब 15 लाख खाली पदों को नियमित भर्ती के जरिए जल्द से जल्द भरने की मांग की है, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकें और कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिले। 12. बोनस की सीमा समाप्त करें, वास्तविक वेतन के बराबर करें प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को कर्मचारियों के वास्तविक बेसिक सैलरी के बराबर करने की मांग की गई है। फिलहाल यह बोनस अधिकतम 30 दिनों के लिए 7,000 रुपये तक सीमित है। AITUC ने इस सीमा को हटाने और इसे कम से कम 18,000 रुपये या 30 दिनों की मूल सैलरी के बराबर करने का सुझाव दिया है।

पेट्रोल-डीजल कारों की कीमत से मेल खाएंगी इलेक्ट्रिक कारें, अग्रणी कंपनी का बड़ा दावा

मुंबई   भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है और अब यह ऑटो उद्योग के लिए एक अहम बदलाव का दौर बनता जा रहा है। खासतौर पर चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट में कुछ कंपनियों ने मजबूत पकड़ बना ली है। इसी कड़ी में देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारों की कीमतें पेट्रोल और डीजल से चलने वाली पारंपरिक कारों के बराबर पहुंच सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार और तेज हो सकती है।  इलेक्ट्रिक कार बाजार में तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी भारत के इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर सेगमेंट में फिलहाल एक प्रमुख कंपनी का दबदबा बना हुआ है, जिसके पास लगभग 40 प्रतिशत तक बाजार हिस्सेदारी बताई जाती है। कंपनी की सफलता के पीछे उसके इलेक्ट्रिक मॉडल्स की लंबी श्रृंखला भी एक बड़ी वजह है। उसके पोर्टफोलियो में नेक्सन EV, पंच EV, टियागो EV, टिगोर EV, कर्व EV और हैरियर EV जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। इन मॉडलों के कारण अलग-अलग बजट और जरूरतों वाले ग्राहकों को विकल्प मिल रहे हैं। हालांकि सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार का खिताब अभी किसी अन्य कंपनी के पास है, जबकि इस कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार टियागो EV मानी जाती है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब आठ लाख रुपये के आसपास है। तकनीक में सुधार से घट सकती है लागत कंपनी के इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। उनका कहना है कि बैटरी तकनीक में लगातार सुधार हो रहा है और नई बैटरियां पहले के मुकाबले अधिक ऊर्जा संग्रह करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही चार्जिंग की गति भी तेज हुई है और सुरक्षा के लिहाज से भी नई तकनीक अधिक भरोसेमंद मानी जा रही है। इन बदलावों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। प्रोपल्शन सिस्टम के इंटीग्रेशन से बढ़ेगी दक्षता वाहनों के इलेक्ट्रिक सिस्टम में भी तेजी से बदलाव हो रहे हैं। मोटर, इन्वर्टर, ऑनबोर्ड चार्जर और अन्य पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को अब पहले की तरह अलग-अलग यूनिट के रूप में नहीं रखा जा रहा है। इन्हें एकीकृत सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गाड़ी का कुल वजन कम होता है और डिजाइन अधिक प्रभावी बनता है। पहले जहां इन हिस्सों को अलग-अलग लगाया जाता था, वहीं अब इन्हें एक कॉम्पैक्ट सिस्टम में बदला जा रहा है। इससे वाहन हल्का होने के साथ-साथ बैटरी की क्षमता बढ़ाने की गुंजाइश भी बनती है और बिना बड़े ढांचे में बदलाव किए गाड़ी की ड्राइविंग रेंज को बेहतर बनाया जा सकता है। बैटरी कीमतों में नरमी से मिल सकता है फायदा वैश्विक स्तर पर बैटरी की कीमतों में धीरे-धीरे कमी आने और तकनीक के बेहतर होने से कंपनियों को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक कारें बेहतर रेंज और प्रदर्शन के साथ बाजार में आएंगी। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ मॉडलों में कीमत का अंतर अब पारंपरिक इंजन वाली कारों से बहुत कम रह गया है। यदि यह अंतर और घटता है तो ग्राहक इलेक्ट्रिक कारों को ज्यादा तेजी से अपनाने लगेंगे। 10 लाख रुपये से कम का सेगमेंट बना फोकस भारतीय यात्री वाहन बाजार में दस लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों की मांग काफी अधिक है और यही वजह है कि कंपनियां इस सेगमेंट पर खास ध्यान दे रही हैं। हाल ही में एक लोकप्रिय इलेक्ट्रिक मॉडल को बैटरी-एज-ए-सर्विस विकल्प के साथ पेश किया गया, जिससे उसकी शुरुआती कीमत और कम कर दी गई। इस व्यवस्था में ग्राहक बैटरी को अलग से सेवा के रूप में ले सकते हैं, जिससे शुरुआती लागत कम हो जाती है। हालांकि बैटरी सेल अभी भी विदेशों से मंगाए जाते हैं, लेकिन बैटरी पैक का डिजाइन और असेंबली देश में ही की जा रही है और धीरे-धीरे स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने की कोशिश भी जारी है। सस्ती और व्यावहारिक EV से बढ़ेगा अपनाने का चलन ऑटो उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सबसे बड़ा अवसर कम कीमत वाले सेगमेंट में ही है। यदि दस लाख रुपये से कम कीमत में भरोसेमंद और पर्याप्त रेंज देने वाली इलेक्ट्रिक कारें उपलब्ध होती हैं, तो परिवार इन्हें अपनी मुख्य कार के रूप में भी इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं। जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहन सुलभ, किफायती और रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुविधाजनक बनेंगे, वैसे-वैसे इनके प्रति लोगों का भरोसा और बाजार में इनकी हिस्सेदारी दोनों बढ़ती जाएंगी।

2026 में शेयर बाजार का भयानक नुकसान, 48 लाख करोड़ रुपये निवेशकों के हाथ से गए.

 नई दिल्‍ली  शेयर बाजार निवेशकों के लिए कोरोना महामारी के दौर से भी ज्यादा भयानक साल 2026 गुजरा है. इस साल अभी महज ढाई महीने ही बीते हैं, लेकिन जितना नुकसान इतने कम समय में उठाया है, उतना पिछले 15 साल में किसी भी समय नहीं उठाया. भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2026 की शुरुआत तो ठीक रही थी, लेकिन उसके बाद से लगातार दबाव और बिकवाली का ही समय रहा है. आलम यह रहा कि ढाई महीने से भी कम समय में निवेशकों ने 533 अरब डॉलर (48.50 लाख करोड़ रुपये) बाजार में गंवा दिए. आंकड़ों में झांकें तो पता चलता है कि साल 2011 के बाद से अब भारतीय निवेशकों को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ है. इस साल अभी तक बीएसई पर लिस्‍टेड कंपनयिों का मार्केट कैप 533 अरब डॉलर नीचे आ चुका है, जो 2011 में करीब 625 अरब डॉलर गिरा था. खास बात यह है कि भारतीय शेयर बाजार को हुआ नुकसान मैक्सिको, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, नॉर्वे, फिनलैंड, वियतनाम और पोलैंड के बाजारों को हुए कुल नुकसान से भी ज्‍यादा है. इतना ही नहीं, भारतीय शेयर बाजार के नुकसान का आंकड़ा चिली, ऑस्ट्रिया, फिलीपींस, कतर और कुवैत को हुए नुकसान से भी दोगुना रहा है. मार्केट कैप एक साल में सबसे कम भारतीय शेयर बाजार में लिस्‍टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप अभी करीब 4.77 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है, जो अप्रैल 2025 के बाद से सबसे निचला स्‍तर है. यह साल 2026 की शुरुआत में करीब 5.3 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया था. लिहाजा इसमें सीधे 10 फीसदी की गिरावट दिख रही है. यह गिरावट दिखाती है कि भारतीय शेयर बाजार में साल 2026 की शुरुआत से अब तक किस कदर बिकवाली हावी रही है. जनवरी से ही यहां लगातार उतार-चढ़ाव दिख रहा है. विदेशी निवेशकों की बेरुखी कायम भारतीय शेयर बाजार पर सबसे ज्‍यादा असर डालने वाले विदेशी निवेशकों की बेरुखी 2025 के बाद इस साल भी कायम है. साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने लगातार अपने पैसे निकाले हैं. इसके अलावा कंपनियों की कमाई और ट्रेड वॉर की वजह से भी बाजार पर खासा असर दिखा है. टैरिफ से लेकर मिसाइल तक के युद्ध ने पूरी दुनिया के बाजार को हिला दिया है, जिसका भारतीय बाजार पर कुछ ज्‍यादा ही असर दिखा. ईरान युद्ध ने आग में डाला घी. अभी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से दुनिया संभली भी नहीं थी कि ईरान के साथ-साथ खाड़ी देशों में शुरू हुए युद्ध ने ग्‍लोबल मार्केट को हिलाकर रख दिया. कच्‍चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है, जिससे भारत में महंगाई और चालू खाते के घाटे के बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है. आयात बिल में होने वाला इजाफा देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भी दबाव डाल रहा है. बार्कलेस का कहना है कि क्रूड में 10 डॉलर प्रति बैरल का भी इजाफा होता है तो भारत के चालू खाते का घाटा 9 अरब डॉलर बढ़ जाता है.  

नया भारत-US समझौता जल्द हो सकता है, ट्रंप के दूत ने दी उम्मीद की खबर

नई दिल्ली भारत और अमेरिका एक और समझौते पर मुहर लगाने के बेहद करीब हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को यह खुशखबरी देते हुए कहा है कि दोनों देश क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े अहम समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और आने वाले कुछ महीनों में इस पर बड़ी घोषणा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा है कि दोनों देश मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीकों के लिए जरूरी दुर्लभ खनिज की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए इस समझौते पर तेजी से काम कर रहे हैं। सर्जियो गोर ने इस पर खुशी जताते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम क्रिटिकल मिनरल्स समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब पहुंच गए हैं। यह समझौता एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी सिस्टम और उभरती तकनीकों के लिए जरूरी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में मदद करेगा। अगले कुछ महीनों में इस पर बड़ी घोषणा होने की उम्मीद है।” सर्जियो गोर ने कहा कि आने वाले महीनों में दोनों देश ठोस नतीजे दिखा सकते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों सरकारों में इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की मजबूत राजनीतिक इच्छा दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, “हम कुछ अलग देख रहे हैं। जहां पहले रुकावटें होती थीं, अब वहां प्रगति दिखाई दे रही है। अमेरिका और भारत की साझेदारी की ताकत और गति को बढ़ाने वाली कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आई हैं।” भारत-अमेरिका के रिश्तों पर क्या बोले? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत ने यह भी कहा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते ऐतिहासिक ऊंचाइयों तक पहुंचने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने हाल में हुए कई महत्वपूर्ण समझौतों और प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी में तीन बड़ी प्रगति हुई है। पहली व्यापार के क्षेत्र में, दूसरी भरोसे और तकनीक के क्षेत्र में और तीसरी रणनीतिक समन्वय के क्षेत्र में। उनके अनुसार यह तीनों पहलू दिखाते हैं कि अमेरिका और भारत की साझेदारी किस दिशा में आगे बढ़ रही है। अंतरिम समझौते पर सहमति इस दौरान अमेरिका-भारत अंतरिम व्यापार समझौते के बारे में बोलते हुए गोर ने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था का आकार, लोगों की प्रतिभा और समाज में मौजूद उद्यमशीलता की ऊर्जा यह साफ दिखाती है कि सहयोग की संभावनाएं बहुत बड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत सिर्फ गति और राजनीतिक इच्छाशक्ति की थी, ताकि इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदला जा सके। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने बीते 7 फरवरी को एक अंतरिम समझौते पर सहमति जताई थी।

6000 एकड़ औद्योगिक जमीन पर अतिक्रमण, गोविंदपुरा, मंडीदीप व पीथमपुर में 5 हजार करोड़ निवेश का रास्ता बंद

इंदौर /भोपाल  मप्र में कागजों पर उद्योगों के लिए डेढ़ लाख एकड़ जमीन उपलब्ध है लेकिन हकीकत उलट है। प्रदेशभर के औद्योगिक क्षेत्रों की 5-6 हजार एकड़ जमीन अवैध कब्जों से घिरी है। इनमें अवैध कॉलोनियां, गोदाम और व्यावसायिक कब्जे शामिल हैं। नए उद्योगों के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही है। इसे मुक्त करा लिया जाए तो 90 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है, वहीं, 4 से 5 हजार करोड़ निवेश भी आ सकता है। लेकिन, राजनीतिक दखल के चलते ये प्रयास सफल नहीं हो पा रहे। भोपाल में 700 एकड़ में फैले गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 180 एकड़ से अधिक अतिक्रमण है। 141 एकड़ जमीन का विवाद एक बिल्डर समूह से हाई कोर्ट में सालों से लंबित है तो 10-15 एकड़ क्षेत्र में 3 झुग्गी बस्तियां बसी हुई हैं। ​पीथमपुर में ही 50 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई है। इधर, मप्र औद्योगिक विकास निगम के एमडी चंद्रमौलि शुक्ला कहते हैं, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के औद्योगिक क्षेत्रों में महिला हॉस्टल बन रहे हैं। अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों में रह रही महिला श्रमिकों को इनमें बसाया जाएगा। प्रति एकड़ निवेश टेक्सटाइल में एक करोड़ रुपए प्रति एकड़ से लेकर फार्मा में 6 करोड़ तक निवेश आता है। मल्टी स्टोरी क्लस्टर में 10-12 करोड़ तक है। वहीं, प्रति एकड़ निवेश पर अलग-अलग सेक्टर में 20 से 150 लोगों को नौकरियां मिलती हैं। 15 साल बाद प्रस्ताव पर पहल मंडीदीप इंडस्ट्री एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा, 15 साल पहले हमने पास में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव दिया था ताकि कब्जे न हों और श्रमिकों को आवास मिलें। अब ये पहल हुई है। श्रमिकों के आवास बनेंगे पीएम आवास योजना के तहत निजी बिल्डरों की मदद से औद्योगिक क्षेत्रों के पास श्रमिकों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट और रेंटल प्रोजेक्ट के तहत आवास बनेंगे। -संकेत भोंडवे, आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास किस तरह के अतिक्रमण…     40% गुमठियां, पार्किंग     35% झुग्गी बस्तियां     25% भूखंड धारकों के अवैध निर्माण  

14 मार्च का राशिफल: आज किस राशि की चमकेगी किस्मत और किसे मिलेगी चुनौती

मेष राशि- दिन थोड़ा भागदौड़ वाला रह सकता है। काम की जिम्मेदारियां बढ़ी हुई महसूस हो सकती हैं। अगर आप एक-एक काम पर ध्यान देंगे तो सब संभल जाएगा। किसी पुराने काम को निपटाने का मौका मिल सकता है। पैसों के मामले में थोड़ा संभलकर चलें। घर के लोगों के साथ बातचीत करने से मन हल्का रहेगा और तनाव कम महसूस होगा। वृषभ राशि- कामकाज सामान्य तरीके से चलता रहेगा। धीरे-धीरे मेहनत का असर दिख सकता है। किसी दोस्त या जानने वाले से काम की बात हो सकती है, जिससे आगे फायदा भी मिल सकता है। खर्च करते समय थोड़ा सोच लें। घर का माहौल ठीक रहेगा और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है। मिथुन राशि- मन थोड़ा उलझा हुआ महसूस कर सकता है। एक साथ कई चीजें दिमाग में चल सकती हैं। ऐसे में बेहतर रहेगा कि जरूरी काम पहले पूरे कर लें। किसी पुराने दोस्त से बातचीत हो सकती है। दिन के दूसरे हिस्से में थोड़ा आराम करने का मन कर सकता है। कर्क राशि- दिन सामान्य रहेगा। काम में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा। परिवार से जुड़ी कोई बात सामने आ सकती है, जिस पर ध्यान देना पड़ेगा। किसी करीबी की सलाह काम आ सकती है। जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। सिंह राशि- आत्मविश्वास बना रहेगा और काम करने का मन भी बना रहेगा। किसी नए काम या योजना के बारे में सोच सकते हैं। मेहनत करते रहेंगे तो धीरे-धीरे चीजें आपके पक्ष में आती नजर आएंगी। दोस्तों या परिवार के साथ अच्छी बातचीत हो सकती है। कन्या राशि- कुछ काम उम्मीद से थोड़ा देर से पूरे हो सकते हैं। ऐसे में धैर्य रखना जरूरी रहेगा। छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। पैसों के मामले में सावधानी रखें। घर के लोगों का साथ बना रहेगा। तुला राशि- दिन ठीक-ठाक रह सकता है। कुछ काम आसानी से पूरे होंगे तो कुछ में थोड़ा समय लग सकता है। किसी पुराने मामले को सुलझाने की कोशिश सफल हो सकती है। दोस्तों से बातचीत अच्छी रहेगी। शाम के समय थोड़ा आराम करने का मन कर सकता है। वृश्चिक राशि- किसी जरूरी काम में धीरे-धीरे प्रगति दिख सकती है। लंबे समय से अटका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। मन में चल रही चिंता थोड़ी कम महसूस हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा लगेगा। पैसों को लेकर संतुलन बनाए रखना जरूरी रहेगा। धनु राशि- कुछ नया करने का मन बना रह सकता है। किसी काम को नए तरीके से करने की सोच सकते हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। घर का माहौल सामान्य रहेगा। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। मकर राशि- काम की जिम्मेदारियां थोड़ी ज्यादा लग सकती हैं, लेकिन धीरे-धीरे सब संभल जाएगा। अगर आप धैर्य से काम करेंगे तो स्थिति बेहतर होती नजर आएगी। किसी करीबी की मदद मिल सकती है। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी रखना जरूरी रहेगा। कुंभ राशि- मन थोड़ा बदलाव चाहता हुआ महसूस हो सकता है। नई चीजें सीखने या करने का मन बन सकता है। दोस्तों से बातचीत अच्छी रहेगी। कामकाज में धीरे-धीरे स्थिति साफ होती नजर आएगी। दिन सामान्य तरीके से गुजर सकता है। मीन राशि- भावनाओं में बहकर कोई फैसला लेने से बचें। शांत दिमाग से सोचेंगे तो बेहतर रास्ता मिल सकता है। कामकाज में ज्यादा परेशानी नहीं आएगी। परिवार का साथ बना रहेगा। किसी करीबी से बात करने से मन हल्का महसूस हो सकता है।

खेल प्रमाण पत्र घोटाला: फर्जी ताईक्वाण्डो सर्टिफिकेट से शिक्षक बनने की कोशिश, SOG की बड़ी कार्रवाई

जयपुर राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने वर्ष 2022 की तृतीय श्रेणी अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का एक बड़ा खुलासा किया है । ताईक्वाण्डो खेल के फर्जी प्रमाण पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से सरकारी नौकरी पाने का प्रयास कर रहे 19 अभ्यर्थियों सहित कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है । 14 जिलों और हरियाणा में छापेमारी एडीजी (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि 12 मार्च 2026 को राजस्थान के 14 जिलों और हरियाणा के रोहतक में एक साथ सामूहिक रेड की गई 。 इस कार्रवाई के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जालसाजी में शामिल अभ्यर्थियों को डिटेन कर जयपुर स्थित SOG कार्यालय लाया गया और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। स्पेलिंग की एक गलती से खुला ‘दुबई’ का राज इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा एक मामूली स्पेलिंग मिस्टेक से हुआ 。 जांच के दौरान एक आरोपी के मोबाइल से ताईक्वाण्डो फेडरेशन के नाम पर भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट मिला 。 इस ईमेल में “Secretary” की स्पेलिंग गलत (secreatary) लिखी हुई थी, जिससे टीम को संदेह हुआ।SOG की जांच में सामने आया कि यह फर्जी ईमेल आईडी दुबई से बनाई गई थी ।इसका उपयोग विमलेंदु कुमार झा नाम का व्यक्ति कर रहा था, जो फेडरेशन का सदस्य तक नहीं था ।आरोपियों ने शिक्षा विभाग को झांसा देने के लिए फेडरेशन की वास्तविक ईमेल आईडी से मिलती-जुलती आईडी तैयार की थीदलालों का नेटवर्क और करोड़ों का खेलशुरुआती जांच में सामने आया है कि दलालों ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें फर्जी ताईक्वाण्डो प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए थे । SOG ने इस मामले में विमलेंदु झा और उसके सहयोगी रवि शर्मा के अलावा, ओमप्रकाश महला (सीकर), योगेन्द्र कुमार (PTI) और सतीश डुल (हरियाणा) जैसे दलालों की भूमिका की भी पहचान की है । दर्ज मामले और गिरफ्तार आरोपीइस मामले में SOG थाना में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने और आईटी एक्ट की धाराओं (420, 467, 468, 471, 120-बी IPC व 66-डी IT Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है । गिरफ्तार अभियुक्तों में बबीता जाखड़, ज्योतिरादित्य, सीमा, कविता भींचर और गजानंद प्रजापत जैसे नाम शामिल हैं । जांच अभी जारी है कि फेडरेशन का कौन सा कर्मचारी इस जानकारी को लीक करने में शामिल था ।

Redmi Note 15 Pro: पावरफुल बैटरी और बढ़िया डिस्प्ले के साथ लॉन्च, खरीदने से पहले जानें इसकी खूबियां और कमियां

नई दिल्ली कुछ समय पहले भारतीय बाजार में एक नया मिड रेंज स्मार्टफोन Redmi Note 15 Pro 5G लॉन्च हुआ है। इसके कई कलर वेरिएंट आए हैं। फोन देखने में काफी डीसेंट लगता है। इसके बैक साइड में बड़ा कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। मैं इसका 8GB RAM वाला वेरिएंट यूज कर रही हूं। फोन की कीमत 30 हजार रुपये से कम है। अगर आप मिड रेंज में एक नया स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं तो यह र‍िव्‍यू पढ़कर रेडमी नोट 15 प्रो के बारे में अपनी राय बना सकते हैं। Redmi Note 15 Pro 5G डि‍जाइन इस स्मार्टफोन के तीन कलर वेरिएंट आते हैं। मैं Silver Ash कलर इस्तेमाल कर रही हूं। फोन देखने में काफी डीसेंट है। इसे मॉडर्न, ड्यूरेबल और स्लीक डिजाइन के साथ लाया गया है। इसमें फ्लैट-एज्ड फ्रेम और बड़ा 6.83 इंच का फ्लैट डिस्प्ले दिया गया है। फोन को मैट फिनिश और ग्‍लॉसी बैक पैनल डिजाइन के साथ लाया गया है। इससे फोन पर फिंगरप्रिंट नहीं आते। डिवाइस प्रीमियम लुक के साथ आती है। फोन में हाई-लेवल वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंस के लिए IP66 + IP68 + IP69 + IP69K रेटिंग है। हैंडसेट Corning Gorilla Glass Victus 2 प्रोटेक्शन के साथ आता है। फोन के बैक साइड में बीचों-बीच बड़ा कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। इसमें तीन कैमरा सेंसर और फ्लैश लगा है। कैसे है फोन का डिस्प्ले? फोन में 6.83 इंच का AMOLED डिस्प्ले है। इसका रेजॉलूशन 2772 x 1280 और रिफ्रेश रेट 120Hz तक है। फोन 3200 nits पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। इसमें HDR10+ और Dolby Vision सपोर्ट द‍िया गया है। डिस्प्ले साइज के आधार पर कोई भी इसे आसानी से पकड़ सकता है। ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के लिए फोन का डिस्प्ले साइज काफी अच्छा है। हाई ब्राइटनैस के चलते फोन की स्क्रीन धूप की रोशनी में भी साफ-साफ दिखाई देती है। इसका वजन 210 ग्राम है। फोन 7.96mm मोटा है। इसका मतलब है कि फोन ना बहुत हैवी और ना ही लाइटवेट है। इसका इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर तेज काम करता है। टच करने से ही फोन अनलॉक हो जाता है। इसमें स्टीरियो स्पीकर दिए गए हैं, जो अच्छी साउंड क्वालिटी देते हैं। हालांकि बेस की थोड़ी कमी लग सकती है। परफॉर्मेंस में एवरेज है फोन Redmi Note 15 Pro में MediaTek Dimensity 7400-Ultra प्रोसेसर दिया गया है। यह Xiaomi HyperOS 2 पर रन करता है। फोन में 8GB RAM और 256GB तक स्टोरेज है। इस रेंज में आजकल कंपनियां यही प्रोसेसर दे रही हैं, जिसकी परफॉर्मेंस एवरेज से ऊपर है। हालांकि इसमें स्टोरेज UFS 2.2 है। अगर यह 3.1 होता तो अच्‍छा रहता। फोन को इस्तेमाल करने में कोई दिक्कत नहीं आती है। ऐप पर स्विच करना, एक साथ कई ऐप्स ओपन करना, टच रिस्पांस काफी स्मूद और फोन अच्छे से काम करता है। फोन में कोई लैग नहीं है। अगर आप BGMI खेलने के बाद होम स्क्रीन पर वापस आते हैं तो आपको हल्का लैग म‍िल सकता है। फोन Android 15 पर रन करता है। यह एंड्रॉयड 16 होता तो सॉफ्टवेयर एक्‍सपीर‍ियंस और बेहतर रहता। फोन में ओवर हीटिंग जैसी कोई समस्या नहीं आती। हालांकि हाई सेटिंग्स में गेमिंग करने पर लैग म‍िलते हैं। कैमरों में हो सकता था सुधार Redmi Note 15 Pro 5G के बैक में OIS सपोर्ट के साथ 200MP का मेन कैमरा, 8MP का अल्ट्रा वाइड एंगल सेंसर और 20MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसका रियर कैमरा 30fps पर 4K, 30/60fps पर 1080p और 30fps पर 720p वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। हार्डवेयर के मामले में कैमरा अच्छा है, लेकिन सॉफ्टवेयर को थोड़ा और बेहतर बनाया जा सकता था। फोटोज के कलर बाइब्रेंट नहीं हैं। इस रेंज के अन्य फोन्स, बेहतर कैमरा सेटअप के साथ आते हैं। फोटोज की डिटेल भी क्लियर नहीं आई। कलर भी नैचुरल नहीं लगते। पोर्ट्रेट में 2X का ऑप्शन मिल रहा है। उसकी क्वालिटी डीसेंट है। लो लाइट में कैमरा उतना अच्छा परफॉर्म नहीं करता। फ्रंट कैमरा द‍िन की रोशनी में ज्यादा अच्छा काम करता है। कम लाइट में स्किन टोन अच्छी नहीं लगती। हैंडसेट में कई AI फीचर्स जैसे- Al Erase Pro, Al Remove Reflection, Al Image Expansion, Al Sky, Al Bokeh, Al Cutouts, Al Image Enhancement, Al Beautify, Al Film, Circle to Search मिल रहे हैं।

खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस पर हमला: धमाके में 7 जवानों की जान गई

इस्लामाबाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले के बेट्टानी कबीले में एक पुलिस गाड़ी के पास हुए ब्लास्ट में एसएचओ समेत कम से कम सात पुलिसकर्मी मारे गए। स्थानीय मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को हुए इस धमाके में एक शख्स के घायल होने की खबर है। स्थानीय पुलिस के एक प्रवक्ता के मुताबिक, धमाका एक पुलिस मोबाइल के पास हुआ, जिसमें सात पुलिसवालों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पाकिस्तान के मीडिया आउटलेट जियो न्यूज के अनुसार, पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि घटनास्थल को सुरक्षित करने और आगे के एक्शन में मदद के लिए अन्य पुलिसवालों को तैनात किया गया था। जब से तालिबान ने काबुल में सत्ता पर कब्जा किया है, पाकिस्तान में सीमा पार से आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में, जिनकी सीमा अफगानिस्तान से जुड़ी है, वहां ऐसी घटनाएं ज्यादातर देखने को मिलती हैं। पाकिस्तान ने आतंकवादी घटनाओं के जवाब में ऑपरेशन ‘गजब लिल-हक’ शुरू किया है और दावा किया है कि सीमा पर और अफगानिस्तान में किए गए हमलों में कम से कम 641 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। इस ऑपरेशन से पहले, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में हवाई हमले किए थे। तालिबान ने पाकिस्तान पर नंगरहार और पक्तिका प्रांतों के रिहायशी इलाकों में जानलेवा हवाई हमले करने का आरोप लगाया है, जिससे कई आम लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले 8 मार्च को पाकिस्तान के क्वेटा के किल्ली इस्माइल इलाके में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर अनजान हमलावरों ने गोलियां चलाईं, जिसमें उनकी मौत हो गई। पाकिस्तान मीडिया डॉन के अनुसार, पुलिस ने कहा कि इंस्पेक्टर मेथा खान, जो हाल ही में सीटीडी में शामिल हुए थे, को 8 मार्च को किल्ली इस्माइल इलाके से गुजरते समय हथियारबंद लोगों ने गोली मार दी। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने सीटीडी अधिकारी पर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारी ने कहा कि घटना के बाद बंदूकधारी मौके से भाग गए। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस बीच, इस्लामाबाद के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट से पता चला है कि फरवरी में पाकिस्तान में लड़ाई से जुड़ी मौतों में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसका कारण देशभर में आत्मघाती हमलों में वृद्धि है।

कोयला उत्पादन ने बनाया नया कीर्तिमान, 200 मिलियन टन का आंकड़ा पार

मुंबई कोयला मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 11 मार्च तक कैप्टिव, वाणिज्यिक और अन्य कोयला खदानों ने 200 मिलियन टन (एमटी) कोयला उत्पादन का मील पत्थर पार कर लिया। कुल उत्पादन में से, कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों का योगदान 194.17 एमटी रहा, जबकि अन्य खदानों का योगदान 6.06 एमटी रहा, जिससे कुल उत्पादन ऐतिहासिक 200 एमटी के आंकड़े को पार कर गया। विशेष रूप से, वित्त वर्ष 2025-26 में कोयले का उत्पादन वित्त वर्ष 2024-25 (197.32 एमटी) के कुल उत्पादन को 7 मार्च, 2026 को ही पार कर गया, और यह उपलब्धि पिछले वर्ष की तुलना में 24 दिन पहले ही हासिल कर ली गई। इस क्षेत्र ने अपनी मजबूत गति को बरकरार रखते हुए इसी अवधि में वार्षिक आधार पर 10.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। मंत्रालय ने कहा, “यह उपलब्धि विभिन्न केंद्रीय और राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू/एसपीएसयू) के साथ-साथ निजी क्षेत्र के प्रतिभागियों के सामूहिक प्रयासों और अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिनके अथक परिश्रम और दृढ़ता ने देश के कोयला उत्पादन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।” कोयले की आपूर्ति में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जो वार्षिक आधार पर 7.71 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 182.98 एमटी से बढ़कर 197.09 एमटी हो गया है। सरकार के अनुसार, कोयले के वितरण में यह निरंतर वृद्धि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और प्रमुख उपभोक्ता क्षेत्रों को विश्वसनीय कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इस क्षेत्र की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। मंत्रालय ने कहा कि वह भारत के ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख चालक के रूप में कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।दूरदर्शी नीतियों, तकनीकी नवाचार और खनन कार्यबल के समर्पण के बल पर, यह क्षेत्र राष्ट्रीय विकास में अपना योगदान लगातार बढ़ा रहा है। मंत्रालय ने आगे कहा कि ये उपलब्धियां विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने, औद्योगिक प्रगति को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को सुदृढ़ करने में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि करती हैं, क्योंकि भारत 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में अग्रसर है। इस वर्ष घरेलू कोयला उत्पादन और आपूर्ति खपत से अधिक रही है, जिसके परिणामस्वरूप खानों और ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है।

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