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मध्यप्रदेश में एक बड़ा राशन घोटाला, कैग की रिपोर्ट पर केस दर्ज

भोपाल . प्रदेश में स्कूल नहीं जाने वाली किशोरवय बच्चियों को दिए जाने वाले टेकहोम राशन में बड़ा घोटाला सामने आया है। जिन 2 लाख 8 हजार 531 बच्चियों का कोई अस्तित्व ही नहीं हैं, उनमें से करीब 1.71 लाख से अधिक को कागजों में ही हर साल करीब 60 करोड़ रुपए का टेकहोम राशन बांटे जाने का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसी) ने कैग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मप्र आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) को इस मामले में केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने 1 फरवरी को ईओडब्ल्यू को जांच के आदेश के साथ बैतूल, ग्वालियर, डिंडोरी और सिंगरौली जिलों की कैग द्वारा की गई जांच रिपोर्ट भी भेजी है। कैग ने इन चार जिलों में पकड़ा है 4.27 करोड़ का घोटाला एनसीपीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने डेढ़ साल पहले विदिशा जिले के स्कूल और आंगनवाड़ियों का दौरा किया था। यहां बच्चियों के रजिस्ट्रेशन और उपस्थित में अंतर मिला था। इसके बाद आयोग ने मप्र के महिला बाल विकास विभाग से प्रदेशभर 11 से 14 साल की बच्चियों की ऐसी बच्चियों की जानकारी मांगी, जो स्कूल नहीं जाती हैं। महिला बाल विकास ने आयोग को बताया कि ऐसी 2 लाख 17 हजार 211 बच्चियां हैं, जो स्कूल नहीं जाती, उनमें से 1 लाख 71 हजार 365 को आंगनवाड़ियों के जरिए टेकहोम राशन दिया जाता है। आयोग ने इस जानकारी के बाद मप्र स्कूल शिक्षा विभाग को इन बच्चियों को स्कूली शिक्षा में दायरे में लाने के निर्देश देकर आउट ऑफ स्कूल (ड्रापआउट) बच्चों की जानकारी मांगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने आयोग को भेजी अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रदेश में सिर्फ 23 हजार 491 बच्चे ही ऐसे हैं जो स्कूल के दायरे से बाहर हैं, इनमें 11 से 14 साल की बच्चियों की संख्या सिर्फ 8680 है। दोनों विभागों द्वारा उपलब्ध कराए दस्तावेजों में बच्चियों के आंकड़ों में भारी अंतर को देखते हुए आयोग ने इन्हें कैग यानी अकाउंटेंट जनरल को परीक्षण के लिए भेज दिया। कैग ने सच्चाई पता लगाने के लिए रैंडमली प्रदेश के चार जिलों में प्रारंभिक जांच की। जांच के बाद यह सही पाया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े एकदम सही हैं, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उपलब्ध कराए आंकड़े गलत हैं। यानी जिन बच्चियों को कागजों में टेकहोम राशन दिया जा रहा है, उनका अस्तित्व ही नहीं हैं। इसके बाद कैग ने सभी 52 जिलों में इसकी जांच शुरू कर दी है।

पत्नी से बोला – मुंबई चलो, वहां एक ग्रुप से जुड़ा हूं जहां पत्नियां बदलकर एंजॉय करते हैं

ग्वालियर . एक महिला ने अपने पति पर वाइफ स्वैपिंग करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। आरोपी रेलवे कर्मचारी है। पीड़िता ने पति पर दुष्कर्म और अपने 25 लाख हड़पने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता पेशे से नर्स है। उसने शिकायत में कहा- पति कहता है, मुम्बई चलते हैं, मैं वहां एक ग्रुप में जुड़ा हूं, जहां पत्नी की अदला-बदली करके एंजॉय करते हैं। महिला की यह दूसरी शादी है। पहले पति से उसका तलाक हो चुका है। पुलिस ने आरोपी रेलवे कर्मचारी पर मामला दर्ज कर लिया है। गिरवाई निवासी शिकायतकर्ता नर्स का साल 2019 में पति से तलाक हो गया था। तलाक के बाद महिला को स्थायी भरण पोषण के लिए 25 लाख रुपए व 5 लाख रुपए के जेवरात मिले थे। इसके बाद उसकी जिंदगी में दूसरा पति विनोद बघेल आया। विनोद मूल रूप से दतिया का रहने वाला है। वह रेलवे में कर्मचारी है और अभी मुम्बई में पदस्थ है। जनवरी 2020 में उसने महिला को सोशल मीडिया के एक प्लेटफार्म पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। जिसे महिला ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद वह उसे रास्ते में मिला। विनोद ने कहा कि वह उसके बारे में सारी स्थिति जानता है और शादी करना चाहता है। उसने अपने परिजन को महिला के घर भेजा। महिला का परिवार भी उसकी शादी करना चाहते थे। इस पर दोनों परिवार में सहमति के बाद 26 जनवरी 2020 को दोनों की शादी हो गई। शादी से पहले ही किया दुष्कर्म महिला ने शिकायत में बताया है कि शादी पक्की होने के बाद ही विनोद ने उसके साथ गलत तरीके से शारीरिक संबंध बनाए। उसके विरोध करने पर भी नहीं माना। इसके बाद जब शादी हो गई तो 20 दिन साथ में रहा। तब भी वह गलत तरीके से शारीरिक शोषण करता रहा। इसके बाद यहां गिरवाई में एक मकान खरीदने के लिए महिला के पहले पति से भरण पोषण का मिला पैसा लेकर मकान खरीद लिया। इसका बाद में पता लगा कि मकान लोन पर लिया है और अब बैंक वाले परेशान कर रहे हैं। मुम्बई जाने से मना किया तो पीटा, छोड़ दिया हद तो तब हो गई जब शादी के बाद लॉकडाउन लग गया और पति लौटकर घर नहीं आया। इसके बाद महिला ससुराल से मायके आ गई। अभी कुछ दिन पहले पति आया तो बोला कि मेरे साथ मुम्बई चलना है। महिला ने कहा कि पहले तो आप कहते थे ग्वालियर ट्रांसफर ले रहे हो। इस पर रेलवे कर्मचारी पति ने कहा कि मुम्बई में उसने एक ग्रुप ज्वाइन कर रखा है। यह ग्रुप वीकेंड पर पार्टी करता है। इस ग्रुप में लाइफ पार्टनर को बदलकर सभी एन्जॉय करते हैं, इसीलिए तुमको वहां ले जा रहा हूं। जब महिला नहीं मानी तो आरोपी विनोद ने उसे पीटा और छोड़ दिया। इसके बाद बाद उसने थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

चंद मिनटों में 40 लाख रुपए का कर्ज लेना चाहते थे, ऑनलाइन ठगों ने ठगे 5.91 लाख रुपए

ग्वालियर। चंद मिनटों में बिना कागज के झंझट के आसानी से ऑनलाइन 40 लाख रुपए का लोन लेने के चक्कर में बिजली कंपनी के एसडीओ को 5.91 लाख रुपए की चपत लग गई। घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के विंडसर हिल्स की है। ठगी के शिकार एसडीओ अभी भिंड बिजली कंपनी में पदस्थ हैं। मामले की शिकायत विश्वविद्यालय थाना में की गई है। पुलिस को अभी हाल ही में पता लगा है कि यूपी के नोएडा में एक इसी तरह से ठगी करने वाला गैंग पकड़ा है। इस मामले में पूछताछ करने एक टीम यूपी के लिए रवाना होगी। शहर के विंडसर हिल्स निवासी नासिर पुत्र यूएफ अली बिजली कंपनी में एसडीओ (सब डिविजन ऑफिसर) हैं और अभी भिंड में पदस्थ हैं। कुछ समय पूर्व उन्होंने सोशल मीडिया पर बजाज एलाइंस के नाम से एक लोन का विज्ञापन देखा था। जिसमें तत्काल ऑनलाइन बिना कागजी झंझट के लोन देने का दावा था। उन्हें मकान बनवाने के लिए 40 लाख रुपए का लोन चाहिए था। इस पर विज्ञापन में दिए नंबरों पर उन्होंने कॉल कर बातचीत की। कॉल करने पर रमन गौतम नामक युवक ने उनसे बात की और उन्हें जल्द लोन दिलाने का दावा किया। साथ ही कंपनी के अन्य अफसर राजीव सक्सैना, अजय कुमार व निशा मैडम से बात कराई। इन सभी ने एसडीओ को इस तरह से झांसे में लिया कि उन्होंने उनके द्वारा दिए गए फॉर्म को ऑनलाइन भरकर सबमिट कर दिया। फाॅर्म जमा होने के बाद से ही निशा ने उसे कॉल कर पहले फाइल चार्ज, उसके बाद सिक्योरिटी डिपोजिट और कभी बीमा की बात कह कर उनसे अलग-अलग किश्तों में 5 लाख 91 हजार रुपए अपने खातों में जमा करा लिए। विश्वास दिलाने लोन एप्रूव कर भेजे फर्जी दस्तावेज ठगों ने एसडीओ को विश्वास दिलाने के लिए कंपनी की ओर से लोन एप्रूव के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें वॉटसऐप पर भेज दिए। इसी दस्तावेज के चक्कर में वह उनके झांसे में आए और उनके खाते में रुपए जमा कराते चले गए। जब ठगी का अहसास हुआ तो एसडीओ ने पहले एसपी ग्वालियर को शिकायत की। इसके बाद सोमवार को विश्वविद्यालय थाना में मामला दर्ज कराया है।

MP : 10वीं की छात्रा से होटल में PNB के चीफ मैनेजर ने किया दुष्कर्म

इंदौर। तुकोगंज पुलिस ने 16 वर्षीय दसवीं की छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोप में 53 वर्षीय पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक परविंदर सिंह जमवाल को पकड़ा है। वह मोहाली में पीएनबी में मुख्य प्रबंधक है। पुलिस ने आरोपी को छात्रा की मदद से इंदौर बुलवाया। रविवार को वह फ्लाइट से इंदौर पहुंचा। इधर, छात्रा भी टैक्सी से उसे लेने एयरपोर्ट पहुंच गई। यहां छात्रा को देखकर आरोपी उसकी टैक्सी में बैठ गया। उसमें पहले से सिपाही ड्राइवर बनकर बैठा था। जैसे ही टैक्सी टाइमिंग नाके पर चिट्ठी देने के लिए रुकी, तभी ड्राइवर ने लॉक खोल दिया और उसमें दो सिपाही और चढ़ गए। तुकोगंज थाना प्रभारी कमलेश शर्मा के मुताबिक, आरोपी का नाम परविंदर सिंह जमवाल है। वह मोहाली में पीएनबी में मुख्य प्रबंधक है। इसके खिलाफ दसवीं की छात्रा ने 20 दिसंबर को दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। पीड़िता ने बताया था कि वह दो साल पहले इंदौर में पदस्थ था। आरोपी के घर सहेली की मां काम करती थी। वह एक-दो बार सहेली के साथ उसकी मां से मिलने गई थी। इस बीच आरोपी ने पढ़ाई के लिए लोन दिलाने का झांसा दिया। फिर दोस्ती कर गोवा घुमाने ले गया। अगस्त 2020 में इंदौर की संतूर होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया। यहां आरोपी ने वीडियो भी बना लिया। इसके बाद उसने दो बार और संबंध बनाए। घटना से दुखी रहने लगी थी छात्रा, पूछने पर टीचर को बताया टीआई के मुताबिक, आरोपी ने लोन दिलाने का झांसा देकर छात्रा से पिछले साल अगस्त में दुष्कर्म किया। घटना के बाद से छात्रा दुखी रहने लगी थी। टीचर ने उससे पूछा तो वह रोने लगी और आत्महत्या की बातें करने लगी। टीचर ने परिवार से संपर्क किया। इसके बाद परिजन ने केस दर्ज कराया। ट्रांसफर होने के बाद भी था छात्रा के संपर्क में इंदौर से ट्रांसफर होने के बाद भी आरोपी उसे ब्लैकमेल कर संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था। यह बात जब छात्रा ने पुलिस को बताई तो पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए प्लान बनाया। इसके बाद छात्रा ने उससे संपर्क किया। आरोपी बोला- उसने छात्रा को 20 हजार रु. भी दिए आरोपी का कहना है कि उसने छात्रा को मदद के लिए 20 हजार भी दिए। आरोपी को पकड़ने में टीआई कमलेश शर्मा की टीम की एसआई मीना, आरक्षक किशोर सांवलिया, लोकेश गाथे, शैलेंद्र चौहान और रीना मालवीय की अहम भूमिका थी।

पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मारा था, साढ़े चार माह बाद खुला राज

कानपूर। उत्तर प्रदेश में कानपुर पुलिस ने रविवार को साढ़े चार माह पूर्व हुए एक हत्याकांड का खुलासा किया। इस प्रकरण में मृतक की पत्नी व हत्या करने में मदद करने वाले आरोपी को पकड़ा है। जबकि महिला का प्रेमी पहले से जेल बंद है। पुलिस के अनुसार, मृतक पति को पत्नी के नाजायज रिश्तों की जानकारी हो गई थी। इसलिए उसने पति की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी खुद लिखाई थी। आरोपित महिला का प्रेमी पहले से जेल में है। बीते साल 5 अक्टूबर की वारदात थाना घाटमपुर के बसंत बिहार मोहल्ले में रहने वाले रवि मोहन 5 अक्टूबर 2020 को अचानक लापता हो गए थे। उसकी पत्नी रेनू ने थाने में पति के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दूसरे दिन यानी 6 अक्टूबर को रवि मोहन का शव बांदा के बदेहदू गांव में नहर के पास पड़ा मिला था। जानकारी मिलने के बाद चाचा ने शव की शिनाख्त की थी। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए रवि के मकान में रहने वाले महेंद्र कुमार उर्फ मोनू पर शक जताया था। पुलिस ने जांच के बाद महेंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। क्राइम ब्रांच को मिली जांच तो सही दिशा में बढ़े कदम लेकिन रवि मोहन के परिजनों ने पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए DIG कानपुर से शिकायत की। जिसके बाद पूरा मामला क्राइम ब्रांच को दे दिया गया था। रविवार को क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया कि रवि मोहन की पत्नी रेनू ने अपने प्रेमी महेंद्र के साथ मिलकर पहले अपने पति को मौत के घाट उतारा और फिर अपने गुनाह को छिपाने के लिए घाटमपुर में फर्जी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पति पत्नी में होता था झगड़ा एसपी क्राइम डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रेनू ने अपने पति रवि मोहन की 5 अक्टूबर को ही अपने प्रेमी महेंद्र कुमार के साथ मिलकर घर में हत्या कर दी थी। उसके बाद महेंद्र अपने रिश्तेदार भोले के साथ रवि के शव को घाटमपुर से ले जाकर बांदा में फेंक आया था। इसी दौरान रेनू ने पुलिस को गुमराह करने के लिए उसके लापता होने की सूचना दी थी। जांच पड़ताल जैसे-जैसे आगे बढ़ी रेनू और मोनू के संबंधों के बारे में जानकारी हुई। जिसके बाद जब रेनूू से पूछताछ की गई तो वह पहले पुलिस को गुमराह करती रही। लेकिन फिर रेनू ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसके महेंद्र से अवैध संबंध थे। जिसकी जानकारी रवि मोहन को हो गई थी और आए दिन झगड़ा करता था। जिससे तंग आकर रवि मोहन को रास्ते से हटाने की योजना महेंद्र व चंद प्रकाश के साथ मिलकर बनाई थी और फिर समय मिलते ही रवि मोहन की हत्या कर दी थी।

MP : पुलिस ने घर नहीं जाने दिया यौन शोषण पीड़ित का शव, एसआईटी जांच

भोपाल : उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप पीड़ित की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन ने परिवार को बिना बताए उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी वही कहानी दोहराई गई है। यहां प्यारे मियां यौन शोषण मामले में पीड़ित लड़की की मौत के बाद पुलिस गुरुवार को गुपचुप तरीके से उसका अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में थी। पुलिस पीड़ित का शव लेकर श्मशान पहुंच भी गई थी। लेकिन, ऐन वक्त पर परिवार के लोगों का तीखा विरोध देखकर पुलिस परिवार को श्मशान लेकर गई। इधर भोपाल के DIG इरशाद वली ने दावा किया है कि अंतिम संस्कार परिवार की सहमति से ही हुआ है। इस पूरी घटना से सीएम शिवराज बहुत नाराज हुए और अफसरों को जमकर फटकार लगाकर एसआईटी से जांच करवाने का ऐलान किया। प्यारे मियां यौन शोषण केस की पीड़ित पिछले छह महीने से बालिका गृह में रह रही थी। नींद की गोलियों के ओवरडोज से उसकी मौत हुई। पीड़ित की मां का कहना है, ‘मेरी बेटी तो चली गई। अब जांच से क्या होगा? अब किसके लिए इंसाफ चाहिए? हमने केवल एक घंटे के लिए शव घर लाने की इजाजत मांगी थी। लेकिन, पुलिस और प्रशासन ने आखिरी बार बेटी को जी भर के देखने का मौका भी नहीं दिया।’ पीड़ित की मां बोलीं- हमसे जबर्दस्ती साइन कराए पीड़ित की मां ने आरोप लगाया, ‘पुलिस ने हमसे कहा कि शव को घर ले जाना है, तो पोस्टमॉर्टम के फाॅर्म पर साइन कीजिए। हमने उन पर भरोसा करके साइन कर दिए। बाद में पता चला कि बेटी का अंतिम संस्कार करने ले जा रहे हैं। मैं आखिरी बार बेटी के घर आने की राह देखती रही। लेकिन, पुलिस ने जिंदगी भर का दर्द दे दिया।’ पुलिस ने कहा था- बॉडी घर जाने पर दंगा हो सकता है पीड़ित की मां ने कहा, ‘मेरी बेटी बिना कसूर के छह महीने से दूर थी। उसे बालिका गृह में रखा गया था। परिवार की किसी महिला तक को उससे मिलने नहीं दिया गया। जब वह नहीं रही, तब भी धोखा हुआ। पहले हमें भरोसा दिलाया कि बॉडी घर आएगी। पोस्टमॉर्टम के बाद अफसर बोले कि बॉडी सीधे श्मशान जाएगी। घर पर शव ले जाने पर दंगा हो सकता है।’ महिलाओं को बस में भरकर श्मशान ले गई पुलिस हमीदिया अस्पताल में मौजूद पीड़ित के परिवार ने जब पुलिस के इस रवैये का विरोध किया, तो महिला पुलिस पीड़ित के घर पहुंची। घर पर मौजूद महिलाओं को पुलिस बस में बैठाया गया। उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाने की बात कहकर भदभदा श्मशान घाट ले जाया गया। महिलाओं ने इस पर आपत्ति जताई, तो पुलिस ने उन्हें डपट दिया। डरी-सहमी महिलाएं पुलिस का विरोध नहीं कर सकीं और आखिरी बार बेटी को घर लाने की मां की इच्छा सिसकियों के बीच दबी रह गई।

MP : 10वीं की छात्रा और 11वीं के छात्र ने मंदिर में प्रसाद चढ़ाया, फिर रेलवे ट्रैक पर दे दी जान

सागर। एक नाबालिग प्रेमी जोड़े ने बीती रात ट्रेन से कटकर जान दे दी। दोनों शुक्रवार को घर से स्कूल के लिए निकले थे। इसके बाद वापस घर नहीं लौटे, दोनों के बैग स्कूल में ही रखे मिले। बीती रात करीब साढ़े तीन बजे दोनों ने सानौधा थाने के पास रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर जान दे दी। पुलिस को ट्रैक पर सुसाइड नोट व मंदिर में चढ़ाया हुआ प्रसाद भी रखा मिला है। सुसाइड नोट में दोनों ने एक-दूसरे से प्रेम करने की बात कही है। इसी वजह से जान दी। दोनों आपस में दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। घटना के बाद सानौधा पुलिस, एफएसएल की टीम व रेलवे पुलिस मौके पर जांच कर रही है। सानौधा टीआई रवि भूषण पाठक ने बताया कि गिदवानी गांव में रहने वाले नाबालिग प्रेमी युगल 11वीं का छात्र आकाश (परिवर्तित नाम) और 10वीं की छात्रा ज्योति (परिवर्तित नाम) दोनों शुक्रवार सुबह घर से स्कूल के लिए निकले थे। वे करीब एक किलोमीटर दूर स्थित मुहली गांव की शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में पढ़ते थे। शुक्रवार को स्कूल से छुट्टी होने के बाद दोनों घर नहीं लौटे और अपना बैग स्कूल में ही छोड़कर वहां से गलगल टोरिया स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे। वहां मेले में शाम का समय व्यतीत करने के बाद मंदिर में प्रसाद चढ़ाया। शाम के समय मंदिर के पुजारी ने भी दोनों को वहां बैठे हुए देखा। दोनों करीब 4 घंटे तक मंदिर के आसपास रहे और फिर वहां से निकल आए। इसके बाद रात करीब साढ़े तीन बजे दोनों ने मंदिर से आधे किलोमीटर दूर स्थित रेलवे ट्रैक पर जाकर जान दे दी। फोटो के पीछे लिखा सुसाइड नोट पुलिस को रेलवे ट्रैक से मंदिर में चढ़ाया हुआ प्रसाद व पत्थरों से दबा हुआ सुसाइड नोट मिला है। दोनों ने कोरा कागज न होने से फोटो के पीछे सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें लड़की ने लिखा है कि मैं आकाश से प्यार करती हूं। मेरे घर वालों की कोई गलती नहीं है। हम दोनों शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुहली से भागकर आए हैं। गलगल टोरिया के मेले में 22-1-2021 को हम दोनों अपने मर्जी से मर रहे हैं। हम दोनों के घर वालों की कोई गलती नहीं है। तो वहीं लड़के ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं। मेरे घर वालों की कोई गलती नहीं है। सुसाइड नोट के अलावा अन्य कागज भी पुलिस को ट्रैक पर पत्थर से दबे हुए मिले हैं। शुरू की जांच घटना की सूचना सबसे पहले रेलवे को मिली। ट्रेन चालकों ने सुबह ट्रैक पर शव पड़े होने की जानकारी रेलवे पुलिस को दी। इसके बाद सुबह से सानौधा थाना टीआई, एफएसएल की टीम व रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। टीआई रविभूषण पाठक ने बताया कि घटना के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। मौके से सुसाइड नोट व मंदिर में चढ़ाया हुआ प्रसाद मिला है। जांच के दौरान एसआई जीपी वर्मा, आरपीएफ का स्टाफ, एफएसएल टीम भी मौजूद रही। प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं समेत प्रदेश के कई हिस्सों से आए कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कमलनाथ ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को मजबूर बनाना चाहती है और नए कृषि बिलों के जरिए उन्हें बिजनेसमैनों के हवाले करना चाहती है। इंदौर शहर अध्यक्ष बोले- मेरी तो कलाई टूट गई इंदौर के कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने बताया कि हम लोग जवाहर चौक पर जुटे थे। यहां से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए राजभवन की ओर बढ़े। हमें रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी। जवानों ने रोशनपुरा से आगे जाने से रोक दिया। हम कुछ समझ पाते इससे पहले ही पानी की बौछार पड़ने लगी। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इसी दौरान पुलिस ने डंडा बरसाना शुरू कर दिया। बचने के लिए मैं पीछे हटा, तो तीन लाठी पीठ पर और एक लाठी कलाई में लगी। यहां से बचकर निकला तो एक व्यक्ति ने मुझे अपनी दुकान में बैठाया।

MP में किसानों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन:कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठियां भांजीं

BHOPAL : किसान आंदोलन के समर्थन में शनिवार को भोपाल में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अगुआई में कार्यकर्ता भोपाल के जवाहर चौक पर जुटे। उन्हें राजभवन तक मार्च निकालना था।रोशनपुरा के पास ही कांग्रेसियों को रोक लिया गया। पुलिस ने लाठियां भांजी और वॉटर कैनन भी चलाई। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उनके बेटे जयवर्धन समेत 20 नेताओं को गिरफ्तार किया गया। कमलनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों किसान भाइयों और कांग्रेसजनों पर शिवराज सरकार के इशारे पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया। आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन भी चलाई।’  प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं समेत प्रदेश के कई हिस्सों से आए कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कमलनाथ ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को मजबूर बनाना चाहती है और नए कृषि बिलों के जरिए उन्हें बिजनेसमैनों के हवाले करना चाहती है। इंदौर के कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने बताया कि हम लोग जवाहर चौक पर जुटे थे। यहां से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए राजभवन की ओर बढ़े। हमें रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी। जवानों ने रोशनपुरा से आगे जाने से रोक दिया। हम कुछ समझ पाते इससे पहले ही पानी की बौछार पड़ने लगी। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इसी दौरान पुलिस ने डंडा बरसाना शुरू कर दिया। बचने के लिए मैं पीछे हटा, तो तीन लाठी पीठ पर और एक लाठी कलाई में लगी। यहां से बचकर निकला तो एक व्यक्ति ने मुझे अपनी दुकान में बैठाया।

MP : एक तरफ बेटियों से दरिंदगी की वारदातें, दूसरी तरफ मार दूंगा, टांग दूंगा जैसे बयान

भोपाल। मार दूंगा, टांग दूंगा, माफिया व अपराधी एमपी छोड़कर चलें जाएँ, मामा अब पूरे फॉर्म में है। इस प्रकार की फर्जी बातें करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बयानों का प्रदेश के लोग उपहास उड़ा रहे हैं। क्योंकि शिवराज के राज में बेटियों से दरिन्दगीं की वारदात लगातार बढ़ रही हैं। किसान आत्महत्या किये जा रहे हैं। जहरीली शराब से लोग मर रहे हैं। लेकिन सीएम शिवराज इस बारे में कुछ नहीं बोल रहे। सरकार सूबे में लगातार एंटी माफिया मुहिम चलाने का ढिंढोरा पीट रही है। लेकिन दूसरी और मध्यप्रदेश में बहन और बेटियों की अस्मत तार-तार हो रही है। पिछले एक हफ्ते के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिले में 5 से ज्यादा बलात्कार और हत्या की वारदात हुई हैं। ज्यादातर मामलों में नाबालिग बच्चियों को शिकार बनाया गया है। हर नई घटना पुरानी से ज्यादा डरावनी होती है।ऐसे में सवाल है। अब क्या करें बेटियां।? 11 जनवरी, खंडवा 13 साल की बच्ची के साथ रेप बच्ची की हत्या कर शव को छत पर रखा 17 जनवरी, उमरिया 14 साल की नाबालिग के साथ गैंगरेप 24 घंटे के अंदर पीड़िता के साथ 9 बार गैंगरेप 18 जनवरी, बैतूल 14 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म रेप के बाद बच्ची को पत्थर के नीचे दफनाया 20 जनवरी, मुरैना 22 वर्षीय युवती के साथ दरिंदगी परिचित के युवक और उसके दोस्तों ने किया दुष्कर्म 22 जनवरी, इंदौर इंदौर में गैंगरेप : 15 साल की छात्रा को ड्रग्स और शराब की लत लगाई, नशा देकर 2 महीने तक करते रहे रेप ये केवल चंद घटनाएं नहीं बल्कि उन तमाम घटनाओँ की कड़ी हैं, जो मध्यप्रदेश में बीते कुछ दिनों में घटी है। ये घटनाएं बताती हैं कि मध्यप्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं है। लगातार बढ़ती हुई बलात्कार की घटना बताती है, कि हैवानों के हौसले कितने बुलंद हो चुके है। उनके आगे कानून व्यवस्था भी बौनी साबित हो रही है। महज एक हफ्ते के दौरान उमरिया जैसे छोटे शहर से लेकर इंदौर जैसे मेट्रो शहर में मासूम बच्चियों पर शैतानी इरादों का कहर टूटा। कुछ साल पहले हुए निर्भया कांड के बाद रेप से जुड़े कानून को और सख्त किया गया है, पर इसके बाद भी बलात्कार के मामले कम नहीं, बल्कि बढ़े ही हैं। महज एक हफ्ते के दौरान सूबे में लगातार हुए बलात्कार और हत्या की घटनाओं ने कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। वहीं, पुलिस अधिकारियों के पास एक ही जवाब है, कि जांच की जा रही है। प्रदेश में हत्या और बलात्कार की घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट के जरिए शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोला है। कमलनाथ ने आरोप लगाया है, कि प्रदेश में बहन-बेटियों को लगातार गुमराह किया जा रहा है। अलग-अलग जिले में हुए विभत्स घटनाओं ने प्रदेश को शर्मसार किया है.. तो उसे लेकर सियासी बयानबाजी भी हो रही है। बहरहाल बच्चियों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार बढ़-चढ़कर दावे तो जरूर करती है। पर रेप की हर नई घटना उसके दावे की पोल खोल देती है और सवाल खड़ी करती है। क्या यही है मध्यप्रदेश के चुस्त कानून-व्यवस्था की मिसाल।

MP : कोरोना में आया फ्री राशन 51 हजार परिवारों को बांटा ही नहीं, 80 लाख रु. का घाेटाला

इंदौर। महू के बाद अब इंदौर में बड़ा राशन घोटाला उजागर हुआ है। राशन दुकान संचालकों ने अफसरों से मिलीभगत कर 51 हजार गरीब परिवारों के हक का करीब ढाई लाख किलो से ज्यादा अनाज बांटा ही नहीं। यह राशन कोरोनाकाल में आया था। कलेक्टर ने बताया कि तकरीबन 80 लाख रुपए का घोटाला हुआ है। इस घोटाले में सरकारी राशन दुकानदार भरत दवे, श्याम दवे और प्रमोद दहीगुडे के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, निलंबित खाद्य अधिकारी आरसी मीणा सहित 31 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। यह है पूरा मामला कलेक्टर मनीष सिंह ने मंगलवार को बताया कि भरत दवे और प्रमोद दहीगुडे के साथ इनके परिचितों के बारे में शिकायतें मिली थीं। इनके द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों में या तो सामग्री दी ही नहीं जा रही या फिर कम वितरित हो रही है। इस पर 12 दुकानों को चिन्हित किया गया। 12 जनवरी को इन पर टीम ने दबिश देकर रिकार्ड एवं पीओएस मशीन जब्त कीं। उसी दिन टीम ने इन दुकानों में संग्रहित राशन सामग्री का भौतिक सत्यापन किया। जांच में अप्रैल 2020 से ही खाद्यान्न, शक्कर, नमक, दाल और केरोसिन की मात्रा कम या ज्यादा मिली। कई अनियमितताएं और भी पाई गईं। इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड भरत दवे पर्दे के पीछे रहकर अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम से राशन दुकानें संचालित कर सरकारी अनाज की हेराफेरी कर रहा था। 51 हजार परिवारों के राशन पर डाका टीम ने जब दुकानों का रिकार्ड देखा तो इसमें गेहूं 185625 किलो, चावल 69855 किलो, नमक 3169 किलो, शक्कर 423 किलो, चना दाल 2201 किलो, साबुत चना 1025 किलो, तुअर दाल 472 किलो, केरोसीन 4050.5 लीटर में गड़बड़ी मिली। माफियाओं ने 185625 किलो गेहूं और 69855 किलो चावल कुल मिलाकर 255480 किलो खाद्यान्न जिसकी कीमत 79,04,479 रुपए है, का गबन किया। प्रति व्यक्ति 5 किलो के मान से माफियाओं ने 51096 हितग्राहियों को राशन से वंचित किया। इसके अतिरिक्त मिट्टी का तेल (केरोसिन), नमक, शक्कर, चना दाल, साबुत चना, तुवर दाल में भी गबन किया। इन्होंने गरीबों को उचित जानकारी नहीं होने पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का राशन वितरित ही नहीं किया। ये सिर्फ मात्र हर महीने मिलने वाला राशन ही देकर उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक सत्यापन पीओएस मशीन में कर दे रहे थे। गरीबों का राशन बचा कर बाजार में बेच रहे थे।

MP : पांच दोस्तों ने मिलकर छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया, बोरे में भरकर पटरी किनारे फेंका, जलाने की कोशिश

इंदौर। बाणगंगा थाना क्षेत्र में गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक युवती ने पांच युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि आरोपियों ने उसे चाकू मारने की कोशिश की और बोरे में भरकर पटरी किनारे फेंककर चले गए। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। आईजी हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया कि घटना भागरीथपुरा इलाके में स्थित रेलवे ट्रैक के पास की है। युवती ने बताया कि वह पाटनीपुरा क्षेत्र में कोचिंग पढ़ने जाती है। मंगलवार शाम यहां से लौटते समय उसे अक्षय नामक दोस्त मिला। उसके साथ एक युवक और था। युवती का आरोप है कि दोनों ने बातों-बातों में उसे कुछ सुंघाया और बाइक पर बैठाकर भागीरथपुरा रेलवे ट्रैक के पास ले गए। बोरे में बंद कर जलाने की कोशिश भी की रेलवे ट्रैक पर पहले से तीन लोग मौजूद थे, जो उनका इंतजार कर रहे थे। सभी ने मिलकर युवती के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर युवकों ने पीड़िता पर हमला कर दिया और बारी-बारी से रेप किया। युवती का आरोप है कि दुष्कर्म करने के बाद उन्होंने चाकू से हमला किया और बोरे में बंद कर उसे आग के हवाले करने की भी कोशिश की। इसके बाद सभी मौके से भाग गए। दुष्कर्म के बाद अस्पताल लेकर पहुंचा मंगेतर युवती ने बताया कि आरोपियों के मौका ए वारदात से भागने के बाद वह जैसे-तैसे बोरे से बाहर आई और अपने दोस्त को कॉल किया। मौके पर पहुंचा दोस्त ने उसे अस्पताल पहुंचाया। युवती को अस्पताल लेकर पहुंचे युवक ने बताया कि वह उसका मंगेतर है। जल्दी दोनों शादी होने वाले हैं। एक आरोपी की पहचान उजागर पीड़िता के दोस्त (मंगेतर) ने बताया कि उसे रात को युवती का फोन आया। जिसके बाद वह अपने दोस्त के साथ मौके पर पहुंचा और युवती को लेकर अस्पताल आया। उसकी हालत गंभीर थी और वह बेसुध अवस्था में मिली। पुलिस का कहना है कि युवती के बयान और युवक के बताए अनुसार पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। एक युवक का नाम अक्षय बताया जा रहा है, जो घटनास्थल वाले थाना क्षेत्र का है।

MP : दुष्कर्म कर पत्थरों में दबाया; जबड़ा-दांत टूटे, दिमाग में खून का थक्का जमा

बैतूल। सारनी के पास जांगड़ा गांव में चाचा ही 13 साल की बच्ची के साथ हैवानियत पर उतर आया। अपने खेत की मोटर बंद करने आई बच्ची को दरिंदे ने पाइप लगाने के बहाने बुलाया। फिर दो खेतों के बीच गुजर रहे नाले में उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने दरिंदे सुशील को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची भोपाल के एक निजी स्कूल की नौवीं की छात्रा है। कोरोनाकाल में जांगड़ा से दो किमी दूर के गांव छूरी स्थित स्कूल में पढ़ाई कर रही है। जनवरी में मध्य प्रदेश में दरिंदगी की यह चौथी घटना है। उमरिया, रीवा और सीधी में बच्चियों के साथ दरिंदगी की घटनाएं हुई हैं।  आरोपी को चाचा कहती थी बच्ची आरोपी सुशील वर्मा (45) को बच्ची चाचा कहती थी और उसका खेत बगल में ही है। आरोपी ने दुष्कर्म की वारदात के बाद बच्ची के चेहरे और पेट पर पत्थर से वार किए। बच्ची को मरा समझकर बड़े पत्थरों से दबाकर अपने घर चला गया। उधर, जब बच्ची घर नहीं लौटी तो उसकी दो बहनें और पिता खेत पर पहुंचे। बच्ची को आवाज लगाने पर उसके कराहने की आवाज आई। रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में देखा तो वह पत्थरों में दबी थी। परिजन उसे निकालकर घोड़ाडोंगरी अस्पताल पहुंचे। बच्ची की हालत देखते हुए उसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। बच्ची का जबड़ा और दांत टूट गए हैं। मस्तिष्क में खून का थक्का जमा है। पेट में खून है, जिसे इंजेक्शन से निकाला जा रहा है। गले में नाखून के निशान हैं। गाल और कान में टांकें लगाए गए हैं। खून की उल्टियां हो रही हैं। पिता बोले- रोजाना की तरह स्कूल से लाैट कर मोटर बंद करने गई थी बच्ची के पिता ने बताया, ‘ मेरी बेटी रोजाना स्कूल से लौट कर खेत पर मोटर बंद करने जाती है। सोमवार शाम को घर से एक किलोमीटर दूर खेत पर गई थी। पौन घंटे तक लौट कर नहीं आई तो मैं बाइक से खेत पर देखने गया। वहां कोई नहीं दिखा तो सोचा कि वह खेत के रास्ते घर चली गई होगी। मैं बाइक से रोड के रास्ते आ गया। वापस घर गया, लेकिन बच्ची घर पर नहीं थी। फिर उसकी दो बड़ी बहनों को लेकर बाइक से खेत पर पहुंचा। तब तक अंधेरा हो गया था। हम मोबाइल की रोशनी में आवाज लगाने लगे। तब एक तरफ से किसी के कराहने की हल्की सी आवाज आई। उस तरफ गए तो बच्ची की हालत देख कलेजा फट गया। लहूलुहान बच्ची पत्थरों में दबी हुई थी। कपड़े अस्त-व्यस्त पड़े थे। उसे निकाल कर मैं और एक बेटी घोड़ाडोंगरी हॉस्पिटल गए। डेढ़ घंटे में उसको हाेश आया तो बाेली सुशील चाचा ने मेेरे साथ जबरदस्ती की है। पाइप लगाने के लिए बुलाया और नाले में ले जाकर गंदा काम करने लगे। मना किया तो मारा। उसके बाद क्या हुआ, होश नहीं। सुबह हम बच्ची को लेकर नागपुर भागे। खून की उल्टियां कर रही है। टांके लगे हैं, शरीर पर नाखून के निशान हैं। उसकी ऐसी हालत करने वाले को फांसी होना चाहिए।’ एसपी से बोली महिला- उसे तो गोली मार दो मंगलवार शाम को एसपी सिमाला प्रसाद घटनास्थल पहुंची। ग्रामीणों से जानकारी ली। एक महिला से एसपी कहने लगीं कि हम आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएंगे। महिला ने गुस्से में कहा-उसे तो आप गोली मार दो।

MP में महिला से निर्भया जैसी दरिंदगी, गैंगरेप के बाद प्राइवेट पार्ट में डाली रॉड

मध्य प्रदेश में निर्भया गैंगरेप जैसी वारदात हुई है जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. कथित तौर पर चार लोगों ने एक अधेड़ महिला से बलात्कार किया और फिर उसके बाद दरिंदों ने पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डाल दी. घटना शनिवार की देर रात जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर अमलिया थाना क्षेत्र में हुई है. पुलिस के अनुसार पीड़ित महिला के पति की लगभग चार साल पहले ही मौत हो चुकी है. वो अपने दो नाबालिग बच्चों और अपनी बहन के साथ एक झोपड़ी में रहती थी. महिला वहीं एक छोटी सी दुकान चलाती थी. मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि शनिवार देर रात आरोपी उसके घर आए और पानी मांगा. जब महिला ने पानी देने से मना कर दिया तो वे झोपड़ी में घुस गए और बारी-बारी से बलात्कार किया. दरिंदे इस पर भी नहीं माने और फरार होने के पहले उन्होंने पीड़िता के निजी अंगों में लोहे की रॉड डाल दी. पीड़िता को एक ऑटोरिक्शा में अमलिया पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरुआती इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद पीड़िता को बेहोशी की हालत में बेहतर इलाज के लिए तुरंत रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. अस्पताल के गायनो विभाग की एचओडी डॉ कल्पना यादव ने बताया, ”महिला को गंभीर हालत में सीधी से यहां लाया गया था, उसकी हालत ख़राब थी. गुप्तांगो में रॉड की वजह से अंदरूनी चोट थी जिसकी सर्जरी की गयी है, अभी वह खतरे से बाहर है और इलाज जारी है.’ रीवा रेंज के आईजी उमेश जोगा ने बताया कि पीड़िता के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पीड़ित महिला के ही गांव के रहने वाले हैं. पुलिस ने धारा 376, 324, 542, 34 के तहत मामला दर्ज किया है. इस घटना को जिन आरोपियों ने अंजाम दिया है उनकी पहचान लल्लू कोल, भाईलाल पटेल और 2 अन्य लोगों के रूप में हुई है. मामले की जांच सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जा रही है.

वाराणसी: छेड़खानी के आरोप में पिटे बीजेपी के पूर्व MLA, कान पकड़कर माफी मांगी

वाराणसी। यूपी के वाराणसी में छेड़खानी के आरोप में बीजेपी के एक पूर्व विधायक को लोगों ने पीटा और कान पकड़कर माफी मंगवाई. इससे जुड़ा वीडियो वायरल हो रहा है. ये मामला वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के भगतुआ गांव का है. जहां एक इंटर कॉलेज के चेयरमैन और पूर्व बीजेपी विधायक माया शंकर पाठक पर एक छात्रा ने अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया. पीड़ित छात्रा के आरोपों की जानकारी मिलते ही उसके परिजन गुस्से में आ गए. परिजनों ने कॉलेज में पूर्व बीजेपी विधायक माया शंकर पाठक की पिटाई कर दी और इसका वीडियो भी बनाया. वाराणसी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. माया शंकर पाठक वाराणसी में कभी बीजेपी के विधायक हुआ करते थे और अभी एमपी इंस्टीट्यूट एंड कंप्यूटर कॉलेज के नाम से इंटर कॉलेज भगतुआ गांव में चला रहे हैं. बताया जा रहा है कि वीडियो 2 दिनों पहले का है. आरोप है कि पूर्व भाजपा विधायक और स्कूल के चेयरमैन माया शंकर पाठक ने अपने ऑफिस में बुलाकर एक छात्रा के साथ अश्लील हरकत की थी. इसके बाद छात्रा ने घर पहुंचकर आपबीती अपने परिजनों को बताई, गुस्से में आग बबूला परिजन स्कूल पहुंचे और पहले तो माया शंकर पाठक की पिटाई उनके ऑफिस में ही की और फिर बाहर मैदान में कुर्सी पर बिठाकर भी उन्हें पीटा. पिटाई के दौरान पूर्व बीजेपी विधायक बार-बार अपनी गलती के लिए कान पकड़कर माफी भी मांगते दिख रहे हैं. हालांकि दोनों ही पक्षों में से किसी ने इसकी शिकायत पुलिस से नहीं की, लेकिन वीडियो बहुत तेजी से वायरल होने और हाई प्रोफाइल मामला होने के चलते पुलिस ने खुद मामला संज्ञान में लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है. इस बारे में क्षेत्राधिकारी पिंडरा अभिषेक कुमार पांडे ने बताया कि अभी दोनों ही पक्षों में से किसी ने भी शिकायत नही की है, लेकिन वीडियो की जांच करके सत्यता का पता लगाया जा रहा है और हर संभव कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. माया शंकर पाठक 1991 में वाराणसी के चिरईगांव विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे.

दिल्ली से बेंगलुरु तक चोरी, गरीबों में पैसे बांटकर बनता है रॉबिनहुड

नई दिल्ली। पहले चोरी करना फिर उस पैसे को दान देना और हेल्थ कैंप लगवाने जैसे काम करना. ऐसा सब हमने अधिकतर फिल्मों में देखा है. लेकिन दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मोहम्मद इरफान नाम के एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो अपने गैंग के साथ, दिल्ली, पंजाब और देश के दूसरों हिस्सों में चोरी करता था, फिर उसी चोरी के पैसों से महंगे कपड़े और गाड़ियां खरीदता था. वह अपने गृह जनपद बिहार के सीतामढ़ी से मार्च में जिला परिषद का चुनाव भी लड़ने वाला था. गरीबों का मसीहा बनने के लिए और इलाके में रसूख कायम करने के लिए इरफान चोरी के पैसों से सीतामढ़ी में स्वास्थ्य कैंप लगवाता था और पैसे भी दान करता था. क्राइम ब्रांच की डीसीपी मोनिका भारद्वाज के मुताबिक एक इनपुट के बाद इरफान उर्फ रॉबिनहुड को 7 जनवरी को नारायणा फ्लाईओवर के पास से पकड़ा गया. उसके पास से जगुआर और निसान की 2 महंगी कारें बरामद हुईं. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वो अपने गैंग के साथ केवल पॉश इलाकों में चोरी करता है. खासकर उन घरों में चोरी करता है जो बंद होते हैं या फिर जिस घर के लोग शहर से बाहर होते हैं. चोरी के लिए घर को टारगेट करने से पहले रेकी की जाती थी. यहां तक कि पॉश सोसायटी में कई बार रेकी करने के लिए ये अपना हुलिया भी बदल लेते थे. चोरी भी केवल कैश और गहनों की होती है. निशानदेही पर पंजाब के जालंधर से भी इरफान के गैंग के 3 लोग पकड़े गए, जिसमें एक महिला शामिल है. इनके पास से फ्रांस मेड पिस्टल और गहने मिले. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि बीते साल उसके गैंग ने जालंधर में एक घर से 26 लाख रुपये, हीरे और बाकी गहनों की चोरी की थी. पुलिस के मुताबिक, इरफ़ान बिहार में लोकप्रिय युवा नेता बनना चाहता था. हालांकि कोविड के दौरान उसका चोरी का ये धंधा मंदा चल रहा था क्योंकि अधिकतर लोग अपने घरों में हैं. आरोपी ने यूपी, पंजाब, बेंगलुरु, दिल्ली में चोरी की घटनाओं को भी अंजाम देने का दावा किया है. अन्य मामलों में उसकी भागीदारी का पता लगाने के लिए पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है.

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