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नगरीय निकाय चुनाव में अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज करेगी भाजपा: डिप्टी सीएम अरुण साव

रायपुर छत्तीसगढ़ में 11 फरवरी को हुए नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे कल घोषित किए जाएंगे. चुनाव के परिणाम को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया है कि भाजपा अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज करेगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव को गंभीरता से लिया है और जनता के सामने ‘अटल विश्वास पत्र’ पेश किया. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 13 महीनों में नगरीय निकायों के लिए प्रतिबद्धता से काम किया है. नामांकन रैली, कार्यकर्ता सम्मेलन और रोड शो में जनता का जबरदस्त उत्साह दिखा, चुनाव के परिणाम भाजपा के पक्ष में होंगे. इसके साथ ही अरुण साव ने बजट सत्र समेत अन्य मुद्दों पर बयान दिया. कांग्रेस मुद्दा विहीन – अरुण साव उपमुख्यमंत्री ने 24 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा बजट सत्र को लेकर कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुद्दा विहीन है. बड़े मामले हुए हैं उसमें किसका हाथ है. यह जनता जानती है. कांग्रेस की नियत सबको पता है. सत्ता में रहते हुए भी उन्होंने वही किया और अब विपक्ष में रहकर भी वही कर रहे हैं. उन्होंने रायपुर में हुई डकैती की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. ठोस कार्रवाई हो रही है. परिसीमन पर कांग्रेस के आरोपों पर दिया बयान परिसीमन को लेकर कांग्रेस के लगातार लगाए जा रहे आरोपों पर अरुण साव ने कहा कि इसे लेकर अनेक याचिका लगी थी, जिन्हें खारिज कर दिया गया. उन्होंने कहा कि परिसीमन नियमानुसार हुआ है, लेकिन कांग्रेस हार के बहाने बना रही है और ईवीएम पर ठीकरा फोड़ने की भूमिका बना रही है. उन्होंने कहा कि इस बार भी विधानसभा, लोकसभा और रायपुर दक्षिण उपचुनाव की तरह ही 173 निकाय चुनावों के परिणाम आएंगे. महिलाओं की बड़ी संख्या में वोटिंग को लेकर भी उन्होंने संतोष व्यक्त किया, लेकिन कुछ स्थानों में महिला मतदाताओं की संख्या कम हुई है, जिसपर विचार करने की बात कही है.

आवासीय गृह में शिक्षक की प्रताड़ना से परेशान होकर भागे बच्चे

 धमतरी एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह कुकरेल में शिक्षक की प्रताड़ना से तंग आकर छह आदिवासी व कमार बच्चों ने स्कूल परिसर का बाउंड्रीवाल कूदकर कर भाग निकले। सभी बच्चे देर शाम पास के गांव में मिले। सरपंच व ग्रामीणों ने सभी बच्चों को गांव में सुरक्षित रखा था। घटना की जानकारी होने पर मौके में जिला शिक्षा अधिकारी भी पहुंचे और समझाईश के बाद स्कूल प्रबंधन को बच्चों को सौंप दिया गया है। इधर डीईओ ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित किया है। आखिर आदिवासी व कमार बच्चों को शिक्षक किस तरह प्रताड़ित कर रहे हैं, इसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। यह है पूरा घटनाक्रम     एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह कुकरेल के छह बच्चे 13 फरवरी को खेलकूद के दौरान दीवार कूदकर स्कूल से भाग निकले।     इन स्कूली बच्चों को मथुराडीह के सरपंच परमेश्वर देवांगन और ग्रामीणों ने सकुशल स्कूल प्रबंधन को सौंपा।     एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह कुकरेल में अध्ययनरत छात्र खेलकूद के दौरान बुधवार को स्कूल के बाउंड्रीवाल कूदकर भाग गए थे।     स्कूल से पैदल चलते हुए बच्चे ग्राम मथुराडीह पहुंचे। यहां गांव के सरपंच परमेश्वर देवांगन ने इतने बच्चों को ग्रुप में देखकर जानकारी ली।     तब बच्चों ने अपनी समस्या ग्रामीणों के समक्ष रखी। इसे बाद सरपंच ने बच्चों को अपने साथ लेकर आदिवासी समाज भवन में लाए।     यहां उन्हें भोजन कराया। सरपंच ने इस घटना की जानकारी मीडिया और अधिकारियों को दी।  सरपंच देवांगन ने बताया कि छह बच्चे शाम छह बजे के आसपास मथुराडीह पहुंचे। डरे और सहमे बच्चों से बात किया तो पता चला बच्चे एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह में पढ़ाई करते हैं।     बच्चों का आरोप था कि स्कूल के किसी शिक्षक की प्रताड़ना से परेशान होकर स्कूल से भागे हैं। इन्हें सुरक्षित रख कर स्कूल प्रबंधन और जिला शिक्षा अधिकारी को जानकारी दिए।     इस पर विद्यालय के प्राचार्य नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि शाम को साढ़े चार से साढ़े पांच बजे खेलकूद के दौरान छह बच्चे स्कूल से गायब हुए थे।     इसमें कक्षा सातवीं के पांच और नौवीं के एक स्कूली बच्चे अटेंडेंस के समय नहीं थे। इसके बाद स्कूल के शिक्षकों को इन्हें ढूंढने भेजा गया।     ग्राम मथुराडीह में बच्चों की मिलने की सूचना मिलते ही यहां पहुंचकर सरपंच और ग्रामीणों से बच्चों को अपने कब्जे में लिए। ग्रामीणों ने सकुशल छह बच्चों को स्कूल प्रबंधन को सौंपा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बच्चों से की पूछताछ घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी टीआर जगदल्ले ने प्राचार्य और ग्रामीणों से चर्चा किया। उनका पक्ष जाना। इसके बाद बंद कमरे में छह बच्चों से उन्होंने बातचीत कर उनकी समस्या सुनी। बच्चों से बातचीत करने के बाद बताया कि स्कूल के किसी शिक्षक की प्रताड़ना से परेशान होकर बच्चे स्कूल से भागे हैं। उन्हें सुझाव दिया गया कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है। कोई भी शिक्षक नहीं डांटेगा। इस घटना की जांच के लिए एक समिति गठित कर स्कूल भेजने की बात कही है।  

पनीर और चिकन की सब्जी खाने से 20 लोग फूड प्वाइजनिंग का हुए शिकार

कोण्डागांव जिले के हंगवा गांव में एक छट्टी कार्यक्रम के दौरान कल फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आया था, जिसमें अब एक छात्रावासी बच्ची की मौत का मामला भी जुड़ गया है। दरअसल पनीर और चिकन की सब्जी खाने से 20 लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गये थे ।एक बच्ची की जिला अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद मौत हो गई, जबकि 14 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया गया और 5 पीड़ितों का हंगवा गांव में ही शिविर लगाकर इलाज किया गया। यह है पूरा मामला     जानकारी के अनुसार, हंगवा गांव निवासी तुला कोर्राम के घर सोमवार को छट्टी कार्यक्रम आयोजित किया गया था।     इस अवसर पर विशेष भोज का आयोजन किया गया, जिसमें कोण्डागांव से 20 किलो पनीर और 6 किलो चिकन पकाकर परोसा गया था।     स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चिकन खाने के बाद कई लोगों की तबीयत मंगलवार रात से बिगड़ने लगी, जिसके बाद 14 पीड़ितों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।     इधर, जिला अस्पताल में उपचार कर हायर सेंटर शिफ्टिंग के दौरान जयंती कोर्राम (09) पिता स्व. वारामासी निवासी राकसमेटा की मौत हो गई।     स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जयंती कोर्राम के चाचा तुला कोर्राम ने कन्या आश्रम शाला हंगवा से उसे व उसकी बहन पूजा कोर्राम और भूमिका कोर्राम को छुट्टी दिलाकर छट्टी कार्यक्रम के लिए घर ले गए थे। अगले दिन आश्रम में छोड़ने के बाद उसकी तबीयत खराब हुई थी, जहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया था। घटना की जानकारी लगते ही स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर आयोजित किया, जहां 5 बीमारों का इलाज किया गया।     इधर, कोण्डागांव जिला अस्पताल में फूड प्वाइजनिंग से पीड़ित अंतू कोर्राम (38), राजबती (11), सारिका कोर्राम (8), हर्षिला कोर्राम (2), सुमति कोर्राम (34), पूजा कोर्राम (11), असमन कोर्राम (43), सुनाई कोर्राम (40), आशिका कोर्राम (5), तुलेश्वरी मांडवी (16), दीपिका कोर्राम (12), पांचू कोर्राम (16), अनिल कोर्राम (25), सविता मांडवी (16) का उपचार जारी है।     जिला अस्पताल में अंतू कोर्राम की हालत ज्यादा खराब बताई जा रही है।इस घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।     विभाग खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और निगरानी के दावे करता है, लेकिन एक बच्ची की मौत और 19 लोगों के बीमार होने के बाद प्रशासन की लापरवाही उजागर होते जान पड़ रही है।  

मारे गए 31 उग्रवादियों में हुंगा कर्मा भी शामिल है, 8 लाख का था इनाम, 28 की हुई पहचान, पुलिस का दावा

बीजापुर छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि मारे गए 31 माओवादियों में से 17 पुरुष और 11 महिलाओं सहित 28 की पहचान कर ली गई है। इन सभी के सिर पर कुल 1.10 करोड़ रुपये का इनाम था। मारे गए माओवादियों में 6 जनवरी को हुए आईईडी विस्फोट का मास्टरमाइंड भी शामिल है। विस्फोट में आठ सुरक्षाकर्मियों और एक नागरिक की जान चली गई थी। इसके अलावा कई अन्य घातक हमले भी हुए थे। बस्तर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस सुंदरराज पी ने बताया कि मारे गए 31 उग्रवादियों में हुंगा कर्मा भी शामिल है, जो प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पश्चिम बस्तर डिविजन का सचिव था और उसके सिर पर 8 लाख रुपये का इनाम था। आईजी ने कहा, ‘वह 6 जनवरी को सुरक्षाकर्मियों पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था। कर्मा 2006 के मुरकीनार कैंप हमले के लिए भी जिम्मेदार था, जिसमें 11 पुलिसकर्मी मारे गए थे और 2007 के रानीबोदली कैंप हमले के लिए भी जिम्मेदार था, जिसमें 55 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।’ कर्मा, जिसे सोनकू नाम से भी जाना जाता है, माओवादियों की एक डिविजनल कमेटी का सदस्य था। सुंदरराज ने बताया कि वह 1996 में प्रतिबंधित संगठन में शामिल हुआ था और उसके खिलाफ बीजापुर जिले के विभिन्न पुलिस थानों में पुलिस टीमों और शिविरों पर हमले, अपहरण और हत्याओं सहित आठ नक्सली-संबंधित मामले दर्ज थे। मारे गए 31 उग्रवादियों में से 28 की पहचान कर ली गई है। इसमें 17 पुरुष और 11 महिलाएं हैं, जिनपर सामूहिक रूप से 1.10 करोड़ रुपए का इनाम था। आईजी ने कहा, ‘इन 28 लोगों के शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं, जबकि बाकी तीन की पहचान की कोशिश जारी हैं।’ इस साल अब तक राज्य में 81 माओवादियों को मार गिराया गया है, जिनमें से 65 बस्तर डिविजन में मारे गए हैं। इसमें बीजापुर और छह अन्य जिले भी शामिल हैं। आईजी ने बताया कि इस साल बस्तर क्षेत्र में विभिन्न एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने 77 फायरआर्म बरामद किए हैं, जिनमें दो एके-47 राइफलें, पांच सेल्फ-लोडिंग राइफलें (एसएलआर), दो इंसास राइफलें और तीन .303 राइफलें शामिल हैं।

बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील गांवों में करीब 40 साल बाद होंगे पंचायत चुनाव

जगदलपुर बस्तर संभाग के सात जिलों की तस्वीर बदल रही है। पहले इन जिलों में वोट डालने पर नक्सली अंगुली काटने की धमकी देते थे। अब वहां चुनाव प्रचार का शोर सुनाई दे रहा है। इन जिलों के अतिसंवेदनशील गांवों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों का प्रचार अभियान जोर पकड़ चुका है। नक्सलियों के प्रभाव वाले इन क्षेत्रों में दो साल के भीतर 40 से अधिक नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। क्षेत्र में शांति लौटी है। नक्सलवाद अंतिम सांसे गिन रहा है। लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। नक्सली धमकी और डर को लोग दरकिनार कर चुके हैं। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज बस्तर के जीवट लोग अब चुनाव का उत्सव मनाने को तैयार हैं। बस्तर संभाग की कुल 1,855 पंचायतों में तीन चरणों में 17, 20 और 23 फरवरी को चुनाव होने हैं। सड़क से जुड़ा पामेड़, अब चुनाव का उत्साह बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील गांव पामेड़ में प्रचार अभियान जोरों पर है। इसी माह पामेड़ को बीजापुर जिले से जोड़ कर यहां तक बस सेवा शुरू की गई है। इससे बीजापुर जिला मुख्यालय से पामेड़ की दूरी 100 किमी कम हुई है। पहले महाराष्ट्र से होकर गांव तक जाना पड़ता था। बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) यहां पक्की सड़क का निर्माण कर रहा है। पामेड़ के लोग इस बात को लेकर उत्साहित है और वे अब गांव का विकास चाह रहे हैं। बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि जिले में 50 से अधिक अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र हैं, जहां इस बार चुनाव होने हैं। अंदरूनी क्षेत्रों में नवीन सुरक्षा कैंपों की स्थापना के बाद गांव का विकास होने से लोगों में लोकतंत्र पर भरोसा बढ़ा है। हिड़मा के गांव के लोग पहली बार देंगे वोट सुकमा जिले में नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में इस बार मतदान होगा। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में यहां के लोगों ने विस्थापित मतदान केंद्र सिलगेर में मतदान किया था। गांव के माड़वी मंगू ने बताया कि गांव के लोग चुनाव को लेकर उत्साहित हैं। ग्रामीण अब अपने गांव में सड़क, बिजली, पानी की सुविधा चाहते हैं। आस-पास के गांव में नवीन सुरक्षा कैंप आने के बाद हुए बदलाव से लोग प्रभावित हैं और लोगों का लोकतंत्र पर भरोसा मजबूत हुआ है। सुकमा कलेक्टर देवेश ध्रुव ने बताया कि सुकमा जिले में 60 संवेदनशील और 25 अंति संवेदनशील पंचायतों में भी इस बार चुनाव होने हैं। नए सुरक्षा कैंपों के खुलने के बाद से नक्सली इन क्षेत्रों से पीछे हटे हैं, जिससे इन पंचायतों में करीब 40 साल बाद चुनाव होंगे। हत्याओं के बावजूद उत्साह बस्तर में पिछले दो वर्ष में सुरक्षा बल निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। लोकतंत्र की स्थापना होते देख नक्सलियों ने राजनेताओं की लक्षित हत्याएं की हैं। सबसे अधिक निशाने पर भाजपा नेता रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक एक दर्जन भाजपा नेताओं की हत्या की गई है। इसके बावजूद पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है।  

प्रदेश में हवाओं के आगमन की दिशा में हुआ परिवर्तन, फिर तापमान बढ़ने की संभावना

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिर से बदलने की संभावना जताई गई है. प्रदेश में हवाओं के आगमन की दिशा में परिवर्तन हुआ है. जिससे न्यूनतम तापमान में फिर से वृद्धि का दौर शुरू होने की संभावना है. 13 फरवरी को प्रदेश में सबसे ठंडा बलरामपुर रहा, यहां 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बताया कि 14 फरवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर से आ रही हवाओं की दिशा बदल गई है. जिसके चलते न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी का दौर फिर से शुरू होने की संभावना है. पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. शेष क्षेत्र में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई. छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ, लेकिन तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, तत्पश्चात 1-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है. राजधानी रायपुर में आज का मौसम राजधानी रायपुर में 14 फरवरी को आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और रात में 18 डिग्री तापमान रहने की संभावना है.

बिलासपुर में नशा छोड़ने के लिए बुआ ने किया मन तो भतीजे ने धारदार हथियार से कर दी हत्या

बिलासपुर  न्यायधानी बिलासपुर में नशे की लत को छुड़ाने के लिए फटकारने पर भतीजे ने अपनी बुआ की हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देकर आरोपी ने मृतिका के सोने की माला बेचकर दोस्तों के साथ शराब पार्टी की. पुलिस ने तीन नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूरा मामला बिल्हा थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक,  मुख्य आरोपी नाबालिग भतीजा नशे की लत के चलते अक्सर घर में फटकार का सामना करता था. बुआ की डांट-फटकार से नाराज होकर उसने हत्या की योजना बनाई. 9 फरवरी को आरोपी ने धारदार हथियार से मृतका के सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी. घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी. सोने की माला बेचकर की शराब पार्टी हत्या के बाद आरोपी ने मृतका के गले से सोने की तीन पत्ती वाली माला निकालकर उसे बेच दिया. माला बेचने से मिली रकम से उसने मोबाइल खरीदा और नाबालिग दोस्तों के साथ शराब पार्टी की. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार, सोने की तीन पत्ती माला और अपराध में उपयोग की गई बाइक को जप्त कर लिया है. तीन नाबालिग सहित चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच जारी है.

ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका के चलते अध्यक्ष और पार्षद प्रत्याशी स्ट्रांग रूम के बाहर कर रहे रतजगा

जशपुर छत्तीसगढ़ में ईवीएम मशीन को लेकर सियासी घमासान तेज है. कांग्रेस लगातार सत्ता पक्ष पर हमलावर है और ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका जता रही है. इसी कड़ी में जशपुर नगर पालिका चुनाव के बाद से कांग्रेस प्रत्याशी स्ट्रांग रूम के बाहर पहरा दे रहे हैं. जशपुर नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षद प्रत्याशी खुद स्ट्रांग रूम के बाहर बिस्तर लगाकर रातभर निगरानी कर रहे हैं. उनका आरोप है कि ईवीएम में गड़बड़ी की जा सकती है, इसलिए वे खुद पहरा देकर निष्पक्षता सुनिश्चित कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ के 10 प्रमुख नगर निगम अंबिकापुर, कोरबा, चिरमिरी, जगदलपुर, दुर्ग, धमतरी, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और रायपुर के अलावा 49 नगर पालिकाओं और 114 नगर पंचायतों में 11 फरवरी को वोटिंग हुई. चुनाव के नतीजे कल यानी 15 फरवरी को घोषित किये जाएंगे. 33 जिलों के नगरपालिकाओं में कुल 72.19% मतदान हुआ. प्रदेश भर में हुए मतदान में पुरुषों का प्रतिशत 73.07%, महिलाओं का 71.66% और तृतीय लिंग का 19.75% दर्ज किया गया. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार कुछ जिलों में मतदान का प्रतिशत अत्यधिक था, जबकि बिलासपुर, रायपुर जैसे कुछ जिलों में यह काफी कम था.

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में महाकुंभ आए मंत्रिगणों, सांसद, विधायकों के प्रति मुख्यमंत्री योगी ने जताया आभार

रायपुर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महाकुंभ आए मंत्रिगणों, सांसद, विधायकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महाकुम्भ पर्व, भारत की हजारों वर्षों से जागृत सांस्कृतिक एवं अध्यात्मिक ज्ञान की जीवंत ज्योति है।   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में आस्था का यह दिव्य महोत्सव महाकुम्भ-2025, प्रयागराज सकल विश्व को अपनी भव्यता और दिव्यता के दर्शन करा रहा है। तीर्थराज प्रयाग के अमृत समागम में पधारे श्रद्धालु माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती के पावन संगम में आस्था की डुबकी लगाकर स्वयं को धन्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर माँ गंगा की पूजा-अर्चना कर पुण्य स्नान किया। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों बाद महाकुम्भ का शुभ मुहूर्त आया है, जिसके अंतर्गत आज तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान का लाभ प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उन्होंने माँ गंगा, यमुना और सरस्वती से प्रदेशवासियों की खुशहाली और आरोग्य की मंगलकामना की है।

जशपुर में खड़िया समाज के 15वे महासम्मेलन में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय

रायपुर आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे खड़िया समाज के 15वें महासम्मेलन में शामिल होंगे। यह महासम्मेलन जशपुर जिले के कोनपारा गांव में आयोजित किया गया है, जिसमें खड़िया समाज के विभिन्न प्रतिनिधि, समाज के नेता और अन्य गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 11:30 बजे रायपुर से जशपुर के लिए रवाना होंगे और दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक महासम्मेलन में शामिल होंगे, जिसमें वे समाज के लोगों से संवाद करेंगे। खड़िया समाज छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यह समाज जशपुर जिले में काफी सक्रिय है। इस समाज का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है, साथ ही खड़िया समुदाय अपनी मेहनत और संघर्ष के लिए जाना जाता है। जशपुर जिले में खड़िया समाज की जनसंख्या काफी अधिक है और यह समाज क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभाता है। इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य खड़िया समाज की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए विचार-विमर्श करना है। समाज के विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी, और नई योजनाओं पर चर्चा होगी, ताकि खड़िया समाज के लोगों की जीवनस्तर में सुधार हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस अवसर पर खड़िया समाज की समस्याओं और उनके समाधान पर भी चर्चा करेंगे और सरकार द्वारा आदिवासी समाज के लिए की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री खड़िया समाज के प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और विकास योजनाओं के बारे में जागरूक करेंगे। यह महासम्मेलन खड़िया समाज के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि यह समाज के सामूहिक विकास की दिशा में नए कदम उठाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री द्वारा इस महासम्मेलन में भाग लेने से खड़िया समाज के लोग अपनी समस्याओं को सामने लाने और समाधान के लिए संवाद स्थापित करने में सक्षम होंगे। इस महासम्मेलन के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी समाज के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी जाहिर करेंगे, साथ ही खड़िया समाज के लिए जारी विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभों को लेकर मार्गदर्शन देंगे। इस प्रकार, यह महासम्मेलन जशपुर जिले के खड़िया समाज के लिए एक ऐतिहासिक और सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।

ओडिशा से गांजा लाकर यूपी और उत्तराखंड खपाने की थी तैयारी, पुलिस ने दो अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों को किया गिरफ्तार

जगदलपुर गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस का एक्शन जारी है. जिले में दो अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से लाखों का गांजा बरामद किया गया है. ओडिशा से गांजा लाकर यूपी और उत्तराखंड भेजा जा रहा था. मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है. जानकारी के अनुसार, दो आरोपी आज तीन बैग के साथ लालबाग़ आमागुड़ा चौक पर यात्री बस का इंतजार कर रहे थे. पुलिस ने मौके पर आरोपियों को घेराबंदी कर धर दबोचा. पूछताछ में आरोपियों ने उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश का निवासी होना बताया. आरोपियों के पास रखे बैग की तलाशी करने पर गांजा मिला. दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह गांजा ओडिशा से लेकर आए, जिसे उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड भेजने की तैयारी थी. पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपियों से 78 किलो गांजा बरामद किया है. जिसकी कीमत करीब 7.8 लाख रुपये आंकी गई है. तस्करी मामले में आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.

संतों की उपस्थिति में राजिम कुंभ कल्प का भव्य शुभारंभ

रायपुर छत्तीसगढ़ के पवित्र त्रिवेणी संगम, राजिम के तट पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प का गत दिवस भव्य शुभारंभ हुआ। राजिम में आयोजित इस 15 दिवसीय आयोजन के उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि थे। मेले के शुभारंभ पर राज्यपाल सहित साधु-संतों और अतिथियों ने भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि महानदी, पैरी और सोंढूर के संगम पर स्थित यह पावन भूमि सदीयों से संतों और भक्तों का केंद्र रही है। राजिम कुंभ कल्प हमारी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जो न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि समाज में एकता, समरसता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी देता है। राजिम का ऐतिहासिक महत्व बताते हुए राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि यह क्षेत्र भगवान राजीव लोचन मंदिर, कुलेश्वर महादेव, रामचंद्र पंचेश्वर महादेव, भूतेश्वर महादेव और सोमेश्वर महादेव जैसे प्राचीन मंदिरों का धाम है। पंचकोशी यात्रा में पटेश्वर, चंपेश्वर, ब्रह्मनेश्वर, फणीश्वर और कोपेश्वर महादेव शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का राजिम कुंभ कल्प इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह उसी समय आयोजित हो रहा है जब प्रयागराज में महाकुंभ का भव्य आयोजन हो रहा है। प्रयागराज में जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है, वहीं राजिम में महानदी, पैरी और सोंढूर का संगम होता है। इसीलिए इसे छत्तीसगढ़ का प्रयागराज कहा जाता है। श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि सदियों से धार्मिक पर्यटन और मेलों की समृद्ध परंपरा को संजोए हुए है। महामाया मंदिर, बम्लेश्वरी माता, दंतेश्वरी माई और मदकू द्वीप जैसे तीर्थस्थल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि मेले केवल धार्मिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज और समुदाय को जोड़ने का माध्यम भी होते हैं। ये परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। राज्यपाल श्री डेका ने साधु-संतों को नमन करते हुए कहा कि जहां संतों के चरण पड़ते हैं, वह भूमि स्वयं पवित्र हो जाती है। संतों का जीवन परोपकार और मानवता की सेवा के लिए समर्पित होता है। इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं जहां संतों की कृपा से जीवन का परिवर्तन संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प न केवल अध्यात्म का केंद्र है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता को भी गति प्रदान करता है। लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां आकर न केवल आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं, बल्कि इस आयोजन के माध्यम से समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी प्रसारित होता है। राज्यपाल ने कहा कि यह मेला प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों से आग्रह किया कि हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजें और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाएं, क्योंकि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही हमारी असली पहचान है। इस अवसर पर दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद जी महाराज, महंत साध्वी प्रज्ञा भारती जी महाराज, बालयोगेश्वर बालयोगी रामबालक दास जी महाराज, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त श्री महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी श्री विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर श्री दीपक कुमार अग्रवाल, साधु-संत, गणमान्य अतिथि एवं नागरिक उपस्थित थे।

50 दिनों का फ्री ट्रायल दे रहा Jio Airfiber

नई दिल्ली रिलायंस जियो की तरफ से फ्री ट्रायल का ऑफर दिया जा रहा है। जियो फाइबर और एयरफाइबर सर्विस की शुरुआत कर दी गई है। कंपनी ने इस ऑफर को ‘जीरो रिस्क ट्रायल’ का नाम दिया है। अभी कंपनी का जो प्लान चल रहा है उसमें यूजर्स को फ्री ट्रायल ऑफर भी दिया जा रहा है। खास बात है कि ये ऑफर नए और मौजूदा सब्सक्राइबर्स को भी मिल रहा है। यूजर्स को 50 दिनों का फ्री ट्रायल दिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर कंपनी ने जानकारी भी शेयर की है। एक मैसेज भेजने के बाद आप इस सर्विस को एक्टिवेट कर सकते हैं। जियो की तरफ से ये ऑफर 28 फरवरी 2025 तक दिया जा रहा है। अगर कोई यूजर इस ऑफर को सब्सक्राइब करता है तो उसे जियो फाइबर और जियो एयरफाइबर इंटरनेट सर्विस का 50 दिनों का फ्री ट्रायल दिया जाएगा। इसमें टीवी चैनल्स और ओटीटी ऐप्स को भी शामिल किया जाएगा। जियो की तरफ से यूजर्स को फ्री सेट-टॉप-बॉक्स, फ्री राउटर, फ्री इंस्टॉलेशन भी दी जा रही है। कैसे मिलेगा ऑफर ? नए कस्टमर्स को 1234 रुपए का रिफंडेबल अमाउंट देना होगा जो 50 दिनों के ट्रायल के साथ आता है। अगर कोई कस्टमर ट्रायल के बाद सर्विस को जारी रखना चाहता है तो उसे 1234 रुपए का क्रेडिट मिल जाएगा। इस क्रेडिट को वह 50 दिनों तक इस्तेमाल कर सकता है। उदाहरण के तौर पर मान लीजिये कि आपने 50 दिनों के बाद 599 रुपए का प्लान खरीदा तो आपके वॉलेट में बैलेंस 1234 रुपए का होगा। इसमें से पहला रिचार्ज हो जाएगा और बाकि बैलेंस का इस्तेमाल नेक्स्ट रिचार्ज में किया जा सकेगा। अगर कोई यूजर सर्विस को जारी नहीं रखना चाहता है तो फीस काटने के बाद उसे 979 रुपए का रिफंड मिल जाएगा। ऑफर एक्टिवेट करन के लिए मौजूदा यूजर्स को WhatsApp पर मैसेज भेजना होगा। इसमें उसे 60008 60008 पर ‘Trial’ लिखकर मैसेज करना होगा। एक बार रिचार्ज करने के बाद लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। ट्रायल की बात करें तो ये 800+ टीवी चैनल, 13 OTT ऐप्स समेत कई अन्य बेनिफिट्स के साथ आता है। Jio AirFiber 599 Recharge Jio AirFiber का सबसे सस्ता रिचार्ज 599 रुपए का है। इसमें 30 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। साथ ही 30Mbps की स्पीड दी जाती है। इस प्लान में कुल 1000GB डेटा मिल रहा है। 800+ टीवी चैनल्स के अलावा Disney+ Hotstar, Zee5, SonyLiv, Sun Nxt का सब्सक्रिप्शन भी दिया जाता है। Jio AirFiber Max 1499 Recharge Jio AirFiber की बात करें तो इसमें सबसे कम रिचार्ज 1499 का आता है। इसमें यूजर्स को 30 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। 300 Mbps स्पीड के साथ 1000GB डेटा दिया जाएगा। 800+ टीवी चैनल्स भी मिल रहे हैं। ओटीटी बेनिफिट्स भी यूजर्स को मिल रहे हैं। प्लान में Netflix, Prime Video, Youtube Premium, Disney+ Hotstar समेत कई ओटीटी प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन मिलने वाला है।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस विभाग के समन्वय से विभिन्न गांवों में इन बाल विवाहों को रोका गया

रायपुर जिला प्रशासन  की सक्रियता और महिला एवं बाल विकास विभाग की तत्परता से जांजगीर चांपा जिले में  पखवाड़े भर में कुल 14 बाल विवाह रोके गए, जिससे नाबालिग बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो गया। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रीमती अनिता अग्रवाल के मार्गदर्शन में  जांजगीर चांपा जिले में बाल विवाह की रोकथाम का अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है । जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस विभाग के समन्वय से विभिन्न गांवों में इन बाल विवाहों को रोका गया। इस अभियान के तहत 13 फरवरी 2025 को विकासखंड नवागढ़ के ग्राम अवरीद में एक ही दिन में 5 बाल विवाह रोके गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बालक-बालिकाओं की जन्मतिथि एवं अंकसूचियों की जांच की गई, जिसमें उनकी उम्र विवाह की न्यूनतम निर्धारित आयु से कम पाई गई। विभागीय अधिकारियों ने परिजनों और स्थानीय नागरिकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी और उन्हें समझाइश दी। समझाइश के उपरांत परिजनों की सहमति से विवाह रोक दिया गया और गवाहों के समक्ष घोषणा पत्र व राजीनामा पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए। गौरतलब है कि रोके गए पांच विवाहों में से तीन विवाह 18, 19 और 21 फरवरी 2025 को प्रस्तावित थे, जबकि दो विवाह दिसंबर 2025 में होने वाले थे। विवाह की तैयारियां शुरू होने से पहले ही प्रशासन की सतर्कता के चलते इन्हें रोक लिया गया, जिससे परिवारों को आर्थिक क्षति, सामाजिक अपमान और मानसिक तनाव से बचाया जा सका। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल का कहना है कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। छोटी उम्र में विवाह होने से शारीरिक और मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। लड़कियों में कुपोषण, रक्त की कमी और जटिल प्रसव संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने से वंचित रह जाते हैं। घरेलू हिंसा, शोषण और सामाजिक असमानता की संभावना बढ़ जाती है। श्रीमती अनिता अग्रवाल  ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिले, तो तत्काल विभाग को सूचित करें। समय रहते दी गई जानकारी से बच्चों के जीवन को संवारने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा है कि बाल विवाह को रोकना प्रशासन और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी आवश्यक है। सभी नागरिकों से आग्रह है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने में सहयोग करें और बच्चों को एक उज्जवल भविष्य देने में भागीदार बनें।

भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक :मुख्यमंत्री साय

रायपुर महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण एवं उनके परिवारजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाकुंभ को सनातन धर्म की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों बाद आयोजित यह विराट महाकुंभ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सनातन लोकतांत्रिक परंपराओं को जानने, समझने और आत्मसात करने का अनुपम अवसर भी है। मुख्यमंत्री साय रायपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुए, जहां पहुंचने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ 5 इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से संगम तट के लिए प्रस्थान किया। अरेल घाट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री साय एवं अन्य गणमान्यजन मोटर बोट से त्रिवेणी संगम पहुंचे और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार माँ गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, और इसी परंपरा के अनुरूप छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी यहां स्थापित करने का संकल्प लिया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय आस्था, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती का यह त्रिवेणी संगम केवल जल का मिलन नहीं, बल्कि अध्यात्म, परंपरा और संस्कृति का महासंगम है। प्रयागराज महाकुंभ न केवल भारत के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी आध्यात्मिक जड़ों को सुदृढ़ करने और सनातन संस्कृति के दिव्य स्वरूप को विश्वभर में प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने भी इस दिव्य आयोजन और उसकी व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की है। मुख्यमंत्री साय ने सनातन संस्कृति के संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे हमें भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़वासियों और समस्त देशवासियों को महाकुंभ की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारतीय सभ्यता के मूल सिद्धांत—धर्म, करुणा, और आध्यात्मिकता—का उत्सव है, जो समाज को नई दिशा देता है और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करता है।

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