LATEST NEWS

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान विपक्ष ने वक्फ बोर्ड, समेत कई मुद्दों पर सड़क तक करेंगे आंदोलन

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने वक्फ बोर्ड, मतदाता समेत कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को वापस लेने की मांग की। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर कहा, “सरकार को इसे वापस लेना चाहिए। सरकार को जिद्दी नहीं होना चाहिए। देश के एक तरफ पच्चीस करोड़ लोग खड़े हैं, सिर्फ एक कानून का विरोध कर रहे हैं तो इसे लागू क्यों किया जाए? फिर भी सरकार इसे जबरदस्ती लागू कर रही है। सरकार को बिल वापस लेना चाहिए, हम इसका विरोध करेंगे और संसद से सड़क तक आंदोलन करेंगे।” धर्मेंद्र यादव ने आगे कहा, “समाजवादी पार्टी और हमारे नेता अखिलेश यादव की ओर से मैं यह कहना चाहता हूं कि हमारी पूरी पार्टी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन का पूर्ण समर्थन करती है। प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाई गई चिंताएं पूरी तरह से जायज हैं। ऐसा लगता है कि देश में ऐसा पहला मामला है, जहां एक समुदाय के हित के लिए कानून बनाया जा रहा है, लेकिन उससे जुड़े लोग ही उससे असंतुष्ट हैं। मेरा मानना है कि कोई भी कानून प्रभावित समुदाय को विश्वास में लेकर और उनका भरोसा सुनिश्चित करने के बाद ही बनाया जाना चाहिए।” वहीं, कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने ‘रुपये’ के सिंबल को लेकर तमिलनाडु सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु ने अपनी मुद्रा नहीं छापी है। इसने केवल तमिल में एक दस्तावेज छापा है, जिसमें ‘रु’ रुपये का प्रतिनिधित्व करता है। ठीक उसी तरह जैसे अंग्रेजी में ‘रु’ का उपयोग किया जाता है। यहां तक कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी पहले अपने तमिल ट्वीट में इसी प्रतीक का इस्तेमाल किया है। इसे अलगाववादी या राष्ट्र-विरोधी कृत्य के रूप में चित्रित करना अतिशयोक्ति है। तमिलनाडु केवल हिंदी थोपने के खिलाफ बयान दे रहा है। हालांकि, तमिलनाडु भारतीय संघ का अभिन्न अंग बना हुआ है और इसकी अखंडता को चुनौती देने का कोई सवाल ही नहीं है।” वोटर लिस्ट के मुद्दे पर टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा, “विपक्ष लगातार डुप्लीकेट एपिक (ईपीआईसी) कार्ड का मुद्दा उठाता रहा है। हम लगातार सदन में इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। हालांकि, हम देख रहे हैं कि हमारे नोटिस खारिज किए जा रहे हैं और सदन में चर्चा नहीं होने दी जा रही है। आज विपक्ष के नेता भी खड़े हुए और चर्चा की मांग की, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई। नतीजतन, आज पूरे विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।”

प्रधानमंत्री मोदी और पीएम लक्सन भारत-न्यूजीलैंड संबंध को मजबूत बनाने पर सहमत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके न्यूजीलैंड समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन ने सोमवार को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, व्यापार का विस्तार करने, रक्षा सहयोग को गहरा करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अपनी सहमति व्यक्त की। हैदराबाद हाउस में वार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया। रविवार को भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर दिल्ली पहुंचे लक्सन नौ साल में न्यूजीलैंड के दौरे पर आने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के भारत के प्रति गहरे लगाव का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, “हम सभी ने देखा कि किस तरह उन्होंने कुछ दिन पहले ऑकलैंड में होली खेलकर उत्सव मनाया। न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के समुदाय के प्रति उनका स्नेह इस यात्रा पर उनके साथ आए बड़े प्रतिनिधिमंडल से स्पष्ट है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर प्रमुख सम्मेलन रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र में पीएम लक्सन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी चर्चा में व्यापार, सुरक्षा और निवेश सहित कई विषयों पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को संस्थागत बनाने पर सहमति जताई, जिसमें संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और रक्षा उद्योग में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ते समुद्री सुरक्षा सहयोग पर भी जोर दिया। दोनों नेताओं के बीच चर्चा का एक और केंद्र बिंदु व्यापार था। भारत-न्यूजीलैंड पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इससे डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में आपसी व्यापार और निवेश की संभावना बढ़ेगी।” नेताओं ने खेल कूटनीति पर भी जोर दिया और भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक खेल संबंधों को मान्यता दी। पीएम मोदी ने कहा, “हमने 2026 में अपने दोनों देशों के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाने का फैसला किया है।” उन्होंने कहा कि दोनों देश खेल विज्ञान, मनोविज्ञान और चिकित्सा में सहयोग करेंगे, साथ ही खिलाड़ियों के आदान-प्रदान और कोचिंग कार्यक्रमों की सुविधा भी प्रदान करेंगे।

NASA देगा 9 महीने की ओवरटाइम के लिए सुनीता विलियम्स को कितनी सैलरी, वापसी का रास्ता साफ

वाशिंगटन अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की 8 दिन के मिशन के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण 9 महीने से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर फंसी रहना एक लंबी और दिलचस्प कहानी बन चुकी है। अब नासा ने स्पेशल स्पेसक्राफ्ट भेजकर इन दोनों की पृथ्वी पर वापसी का रास्ता साफ किया है। लेकिन क्या इसके लिए उन्हें ओवरटाइम वेतन मिलेगा? आइए जानते हैं पूरी कहानी। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 2024 के जून महीने में नासा के मिशन के तहत 8 दिन के लिए अंतरिक्ष गए थे। यह मिशन अमेरिका के बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान द्वारा आयोजित किया गया था। मिशन की अवधि पूरी करने के बाद वे वापस आना चाहते थे, लेकिन अचानक तकनीकी समस्याओं के कारण उनका अंतरिक्ष यान ISS पर ही फंस गया। इस वजह से उन्हें तय समय से कहीं अधिक समय तक अंतरिक्ष में रहना पड़ा। फंसे नहीं, बल्कि काम कर रहे थे! मीडिया में यह खबर थी कि दोनों अंतरिक्ष यात्री ISS पर “फंसे” हुए थे। लेकिन नासा के मुताबिक, वे वहां फंसे नहीं थे। दरअसल, दोनों अंतरिक्ष यात्री वहां पूरी तरह से सक्रिय थे और नासा के लिए विभिन्न कार्य कर रहे थे। नासा के अनुसार, वे संघीय कर्मचारी हैं, जो अपनी नियमित सैलरी प्राप्त कर रहे हैं, जैसे पृथ्वी पर किसी कर्मचारी को उसकी नियमित नौकरी के दौरान मिलती है। ओवरटाइम वेतन का क्या हुआ? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन 9 महीनों के लिए सुनीता और बुच को अतिरिक्त ओवरटाइम वेतन मिलेगा? इस सवाल का जवाब दिया है नासा की रिटायर्ड अंतरिक्ष यात्री कैथरीन ग्रेस (कैडी) कोलमैन ने। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों को ओवरटाइम या अतिरिक्त वेतन नहीं मिलता। जब वे अंतरिक्ष में होते हैं, तो उनकी नौकरी वही होती है जो वे पृथ्वी पर करते हैं, और वे अपनी नियमित सैलरी प्राप्त करते रहते हैं। लेकिन, उन्हें एक छोटा सा डेली स्टाइपेंड (प्रतिदिन का भत्ता) जरूर मिलता है, जो आकस्मिक खर्चों के लिए होता है। यह भत्ता 4 डॉलर (लगभग 347 रुपये) प्रतिदिन होता है। इस हिसाब से, सुनीता और बुच को अतिरिक्त मुआवजे के तौर पर लगभग 1,148 डॉलर (लगभग 1 लाख रुपये) मिलेंगे। यह एक आकस्मिक खर्च का रूप है, जो सैलरी के अलावा होता है। नासा में काम करने वाले संघीय कर्मचारियों का वेतन सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर नासा के जीएस-15 वेतन ग्रेड में आते हैं, जो संघीय कर्मचारियों का सबसे उच्चतम स्तर होता है। इस ग्रेड में कर्मचारियों को सालाना लगभग 1.08 करोड़ रुपये से लेकर 1.41 करोड़ रुपये तक की सैलरी मिलती है। यह वेतन नासा के अंतरिक्ष यात्री के रूप में उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए निर्धारित किया जाता है। स्पेशल स्पेसक्राफ्ट के जरिए वापसी अब दोनों की वापसी की प्रक्रिया भी बहुत दिलचस्प है। इन दोनों को लेने के लिए नासा ने स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को भेजा है। यह स्पेसक्राफ्ट 19 मार्च तक इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस ला सकता है। इस ड्रैगन कैप्सूल के जरिए, वे नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव के साथ लौटेंगे। क्यों है यह मिशन महत्वपूर्ण? यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल ने न केवल नासा के नियमित क्रू रोटेशन मिशन को पूरा किया, बल्कि यह दो अंतरिक्ष यात्रियों की लंबे समय से प्रतीक्षित वापसी का रास्ता भी साफ कर दिया। इस मिशन से यह भी साबित होता है कि निजी कंपनियों की अंतरिक्ष उड़ान सेवाएं, जैसे स्पेसएक्स, अब नासा के साथ मिलकर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  

जाने क्या है डोनाल्ड ट्रंप की बनाई ऑरेंज लिस्ट, जिसमें पाकिस्तान के साथ रूस का भी आया नाम

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के कुल 43 देशों पर ट्रैवल बैन लगाने की तैयारी में है। इन देशों में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, रूस समेत कई बड़े मुल्क शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन देशों को तीन सूचियों में विभाजित किया गया है। ये लिस्ट हैं- रेड, ऑरेंज और येलो। इनमें से रेड लिस्ट वाले देशों का मतलब है कि उनके यहां के लोगों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को ऑरेंज लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके अलावा रूस भी इसी सूची में है। इस लिस्ट में कुल 10 देश शामिल हैं, जिनके नागरिकों को आंशिक पाबंदियां झेलनी होंगी। दरअसल प्रभावी लोगों और बिजनेस से जुड़े मामलों के लिए आने वालों को एंट्री मिलेगी। वहीं प्रवासियों और पर्यटकों की एंट्री पर पाबंदियां रहेंगी। क्या है ऑरेंज और रेड लिस्ट का मतलब इसके अलावा नागरिकों को एंट्री से पहले व्यक्तिगत साक्षात्कार से गुजरना होगा। पाकिस्तान और रूस के अलावा म्यांमार, बेलारूस, हैती, लाओस, एरिट्री, सिएरा लियोन, दक्षिण सूडान और तुर्कमेनिस्तान भी इस नारंगी लिस्ट का हिस्सा हैं। वहीं 10 देशों को रेड लिस्ट में रखा गया है। इसमें शामिल देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इन देशों में अफगानिस्तान और भूटान भी शामिल हैं, जो भारत के पड़ोसी मुल्क हैं। रेड लिस्ट में शामिल अन्य देशों में क्यूबा, ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। वहीं 22 देशों को शामिल करते हुए एक येलो लिस्ट का भी ड्राफ्ट तैयार हुआ है। इसमें शामिल देशों को बताया जाएगा कि वे किन खामियों को दूर कर लें तो पाबंदियों से बच सकते हैं। किन देशों को रखा गया येलो लिस्ट में, बचाव का तरीका भी बताया यदि 60 दिनों की टाइम लिमिट के बीच भी वे खामियों को दूर नहीं कर सके तो फिर पाबंदियां झेलनी होंगी। रिपोर्ट के अनुसार येलो लिस्ट में शामिल देशों से समय-समय पर पूछा जाएगा कि कौन से यात्री आ रहे हैं। पासपोर्ट जारी करने में कोई गड़बड़ी तो नहीं है। यदि इन खामियों को वे दूर कर लेंगे तो उनके नागरिकों को अमेरिका प्रवेश की अनुमति मिलेगी अन्यथा नहीं। इस सूची में अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा शामिल हैं। इसके अलावा कंबोडिया, कैमरूम, चाड, कॉन्गो, माली, लाइबेरिया, वानुआतू, जिम्बाब्वे आदि देश शामिल हैं। यह दूसरी बार है, जब डोनाल्ड ट्रंप ट्रैवल बैन लगाने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में मुस्लिम बहुल 7 देशों के लोगों की एंट्री पर बैन लगाया था। इन देशों में ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन शामिल थे।

मुझे अस्पताल में देखने पीएम मोदी पहुंचे थे, सोनिया और ममता बनर्जी मेरा हाल पूछती रहीं: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल का गवर्नर रहने के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी के बीच कई बार गहरे मतभेद दिखते थे। ममता सरकार और गवर्नर हाउस के बीच यह मतभेद टकराव में भी बदलते दिखे थे, लेकिन जगदीप धनखड़ और सीएम ममता बनर्जी के निजी रिश्तों पर उसका कोई असर नहीं दिखता। इसकी बानगी तब देखने को मिली, जब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे। खुद उपराष्ट्रपति ने बताया कि ममता बनर्जी उनके अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान परिवार के संपर्क में रहीं। सोमवार से राज्यसभा की कार्यवाही फिर से संभालने वाले धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के संपर्क में रहीं। उनकी कुशलता की जानकारी लेती रहीं। उन्होंने कहा कि मुझे अस्पताल में देखने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचे थे। इसके अलावा टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन भी आए थे। सदन में उपराष्ट्रपति की दीर्घायु की कामना की गई तो वहीं नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आपको अभी और आराम करने की जरूरत है। दरअसल उपराष्ट्रपति धनखड़ को हृदय रोग से संबंधित समस्या थी और उन्हें चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सभी नेताओं ने मेरी चिंता की। इसके लिए मैं आभारी हूं। जगदीप धनखड़ को 9 मार्च को दिल्ली एम्स में एडमिट कराया गया था। उन्हें अस्पताल से 12 मार्च को छुट्टी मिल गई थी, लेकिन आराम करने के लिए कहा गया था। उपराष्ट्रपति और सदन के चेयरमैन धनखड़ सोमवार को सदन पहुंचे तो जेपी नड्डा ने प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि हम आपके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य लाभ के बाद पहली बार सदन में आए हैं। यह सदन उनका स्वागत करता है और उनके स्वस्थ, मंगलमय एवं दीर्घ जीवन की कामना करता है। विपक्ष के नेता मल्ल्किार्जुन खरगे ने सभापति को स्वस्थ जीवन की शुभकामनायें दी और कहा कि अभी उन्हें आराम करना चाहिए। खरगे ने कहा कि उनका उत्साह और कर्तव्यपरायणता सभी को प्रेरित करती है। धनखड़ ने सदन का आभार व्यक्त करते हुए कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार उनकी पत्नी डा सुदेश धनखड़ के संपर्क में रहीं और कुशलक्षेम की जानकारी लेती रहीं। कई और मुख्यमंत्री भी उनका लगातार हाल पूछते रहे।

रेलवे की अभूतपूर्व प्रगति: वैश्विक निर्यात और रोजगार के नए आयाम

नई दिल्ली रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने अपने हालिया संबोधन में भारतीय रेलवे की उल्लेखनीय प्रगति और भविष्य की योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। रेलवे के विकास एवं निर्यात के क्षेत्र में हाल के वर्षों में कई उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। प्रमुख उपलब्धियां एवं जानकारियां: 1. वैश्विक निर्यात में रेलवे की बड़ी भूमिका: भारतीय रेलवे अब विभिन्न देशों को आधुनिक रेल उपकरणों का निर्यात कर रहा है। प्रमुख निर्यात निम्नानुसार हैं: मेट्रो कोच: ऑस्ट्रेलियाबोगियां: यूके, सऊदी अरब, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया प्रोपल्शन सिस्टम: फ्रांस, मैक्सिको, रोमानिया, स्पेन, जर्मनी, इटलीयात्री कोच: मोज़ाम्बिक, बांग्लादेश, श्रीलंका इंजन (लोकोमोटिव): मोज़ाम्बिक, सेनेगल, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश 2. भविष्य की योजनाएं:बिहार के सारण जिले के मारहोड़ा में बने लोकोमोटिव (इंजन) का निर्यात जल्द ही शुरू होगा। आगामी दिनों में 100 से अधिक लोकोमोटिव का निर्यात किया जाएगा, जिससे ‘मेड इन बिहार’ लोकोमोटिव पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगे।तमिलनाडु में निर्मित पहिए (Forged Wheel) का भी जल्द ही वैश्विक निर्यात शुरू होगा। 3. तकनीकी उपलब्धि:चिनाब ब्रिज में इस्तेमाल किए गए 30,000 टन स्टील का वजन 4 एफिल टावर के बराबर है, जो भारत की इंजीनियरिंग क्षमताओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। 4. रोजगार में वृद्धि:पिछले 10 वर्षों में रेलवे ने 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया है, जो कि पहले की तुलना में काफी अधिक है।पिछली सरकार के समय यह आंकड़ा 4 लाख था, जबकि वर्तमान में 1 लाख लोगों की भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसमें लोको पायलट की भर्ती भी शामिल है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन उपलब्धियों को भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता और आधुनिकरण का परिणाम बताया। रेलवे का निरंतर विकास देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बना रहा है।

ट्रंप प्रशासन के फैसलों के खिलाफ फ्रांस में उठी मांग, ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ को वापस किया जाए

पेरिस अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसलों से वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल मचा रखी है। यूरोप के कई देश अमेरिका की इस बदली नीति की वजह से परेशानी से जूझ रहे हैं। ऐसे में फ्रांस ने भी अब अमेरिकी प्रशासन को धमकी दी है कि जिसने लोगों को यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि क्या वास्तव में यह संभव है? फ्रांस में सोशलिस्ट और डेमोक्रेटिक समूह के नेता राफेल ग्लुकसमैन ने टैरिफ लगाने की धमकी देने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा है कि मैं उन अमेरिकियों से कहना चाहूंगा, जो वैज्ञानिकों को काम से निकाल रहे हैं, अत्याचारियों का साथ दे रहे हैं, उन्हें अब फ्रांस द्वारा 1886 में तोहफे में दिया गया ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ को वापस कर देना चाहिए। पोलिटिको के अनुसार ग्लाइक्समैन ने कहा,”फ्रांस ने इसे आपको एक उपहार के रूप में दिया था लेकिन आप इसकी कद्र नहीं करते… निश्चित है कि आप इसे तुच्छ समझते हैं। इसलिए आप इसे वापस कर दीजिए यह अपने घर यानि फ्रांस में ठीक रहेगा। ग्लुकमैन ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन लगातार अच्छे लोगों को काम से निकालता जा रहा है। अगर अमेरिकी ऐसे ही अपनी नौकरी रखना जारी रखते हैं तो यह फ्रांस के लिए फायदेमंद ही होगा। यह लोग यहां यूरोप में आए और यूरोपीय अर्थव्यवस्ता को बढ़ाने में मदद करें। ग्लुकमैन ने कहा कि दूसरी बात में अमेरिकियों से कहना चाहता हूं कि यदि आप अपने उन सभी लोगों को निकालना चाहते हैं, जिन्होंने अपनी खोज और अपनी स्वतंत्रता की भावना के साथ और मेहनत की दम पर अमेरिका को दुनिया में सबसे अग्रणी देश बनाया है तो बेशक निकाल दे। हम यहां पर यूरोप में उनका स्वागत करते हैं। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का इतिहास स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का अनावरण 28 अक्तूबर 1886 को न्यूयॉर्क के बंदरगाह में किया गया था। इसे फ्रांस ने अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा के शताब्दी वर्ष को मनाने के लिए उपहार में दिया था। इसका डिजाइन फ्रांसीसी ऑगस्टे बार्थोल्डी ने बनाया था। फ्रांस की राजधानी पेरिस में सीन नदी के एक छोटे से द्वीप पर इस प्रतिमा की एक छोटी से प्रति लगी हुई है।

हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 (HSV-1) का संक्रमण बेडरूम में फैल सकता है, शोध में खुलासा

शिकागो इंसान की मानसिक सेहत से जुड़ी बीमारियों में डिमेंशिया एक गंभीर समस्या बन चुकी है। हाल ही में, इलिनोइस यूनिवर्सिटी शिकागो के वैज्ञानिकों ने एक शोध में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 (HSV-1) का संक्रमण बेडरूम में फैल सकता है और यह डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारियों का कारण बन सकता है। यह शोध वायरस और मानसिक स्वास्थ्य के बीच के संबंधों को समझने के लिए किया गया था। इस अध्ययन में यह पाया गया कि बेडरूम के अंदर किस, ओरल सेक्स और अन्य फिजिकल एक्टिविटी के दौरान हर्पीज वायरस का संक्रमण फैल सकता है। वायरस दिमाग में सूजन उत्पन्न कर सकता है, जिससे मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। शोध में क्या बताया गया है? शोध का नेतृत्व प्रोफेसर दीपक शुक्ला ने किया। शोध में यह बताया गया है कि बेडरूम में किसी भी तरह की शारीरिक क्रियाओं से वायरस फैलने का जोखिम अधिक होता है, खासकर जब किसी व्यक्ति का संपर्क वायरस से प्रभावित व्यक्ति से होता है। जब किसी व्यक्ति की नाक HSV-1 से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आती है, तो वायरस वहां से तंत्रिका तंत्र तक पहुंच सकता है, जिससे वायरस दिमाग में सूजन पैदा कर सकता है। इस सूजन के कारण व्यक्ति को मानसिक समस्याएं हो सकती हैं, जो डिमेंशिया जैसी बीमारियों को जन्म दे सकती हैं। शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि HSV-1 वायरस सिर्फ मुंह के आसपास ही नहीं, बल्कि अन्य शारीरिक हिस्सों में भी फैल सकता है, जैसे कि प्राइवेट पार्ट्स में। हालांकि, इसके फैलने की संभावना कम होती है, लेकिन इस वायरस के कारण प्राइवेट पार्ट्स में दाद हो सकता है। इसके अलावा, ओरल हर्पीज (जो मुंह और होठों के आसपास होने वाले छालों से होता है) से प्रभावित व्यक्ति के चूमने से भी यह वायरस फैल सकता है। जानिए क्या है हर्पीज वायरस और डिमेंशिया के बीच संबंध यह पहला शोध है जिसमें यह पाया गया कि हर्पीज वायरस डिमेंशिया के लक्षणों को उत्पन्न कर सकता है। शोधकर्ताओं ने यह समझाया कि हर्पीज वायरस शरीर में तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) तक पहुंचकर मानसिक स्थिति पर प्रभाव डालता है। इससे शरीर के नर्वस सिस्टम में सूजन उत्पन्न होती है, जो धीरे-धीरे मानसिक विकारों का कारण बन सकती है। इस वायरस के कारण दिमागी कार्यों में गड़बड़ी हो सकती है, जो लंबे समय में डिमेंशिया जैसी गंभीर मानसिक स्थितियों का कारण बन सकती है। HSV-1 वायरस क्या है? HSV-1 (हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1) एक सामान्य वायरस है जो आमतौर पर मुंह और होंठों के आसपास घावों (कोल्ड सोर) के रूप में दिखाई देता है। यह वायरस तब फैलता है जब किसी व्यक्ति का संपर्क संक्रमित व्यक्ति के मुंह, त्वचा या लार से होता है। यह वायरस इतना सामान्य है कि WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के अनुसार, दुनिया भर की लगभग 2-तिहाई आबादी इस वायरस से संक्रमित है। हालांकि यह वायरस सामान्यतः मुंह और चेहरे के आस-पास घावों के रूप में दिखाई देता है, लेकिन यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है, जैसे प्राइवेट पार्ट्स में। डिमेंशिया क्या है? डिमेंशिया एक सिंड्रोम है, यानी यह कोई एक बीमारी नहीं है, बल्कि यह कई मानसिक स्थितियों का समूह है, जो मस्तिष्क के कार्यों को प्रभावित करती हैं। डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति को अपनी याददाश्त, सोचने की क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता, और व्यवहार में गड़बड़ी हो सकती है। डिमेंशिया के कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल हैं: – नाम और चेहरों को पहचानने में मुश्किल – भूलने की आदतें – निर्णय लेने में समस्या – लगातार भ्रमित रहना – शारीरिक संतुलन में समस्या होना – चलते समय डगमगाना और गिर जाना – हाथों और पैरों की गतिशीलता में परेशानी डिमेंशिया का कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन इसकी पहचान जल्दी होने से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है और व्यक्ति की जीवनशैली में सुधार लाया जा सकता है। बेडरूम में वायरस फैलने का खतरा क्यों है अधिक? शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाला है कि बेडरूम में वायरस फैलने का खतरा अधिक होता है क्योंकि यहाँ लोग शारीरिक संपर्क करते हैं और एक-दूसरे के करीब होते हैं। जैसे कि किस करना, ओरल सेक्स करना, और अन्य शारीरिक गतिविधियों के दौरान वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। हर्पीज वायरस का संपर्क शरीर के विभिन्न हिस्सों से हो सकता है, खासकर जब किसी व्यक्ति का मुंह या नाक किसी संक्रमित व्यक्ति के निकट आता है। किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आएं जो… यदि आप या आपका कोई करीबी व्यक्ति हर्पीज वायरस से संक्रमित है, तो आपको एहतियात बरतनी चाहिए। खासकर जब आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आएं, जिसका शरीर संक्रमित है। इसके अलावा, यदि किसी को डिमेंशिया के लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इस तरह की मानसिक स्थिति से निपटने के लिए समय पर उपचार और देखभाल बहुत महत्वपूर्ण है। 

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में अगर सबसे ज्यादा परेशान हैं तो वे हैं सरकारी कर्मचारी

वाशिंगटन डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में अगर सबसे ज्यादा परेशान हैं तो वे हैं सरकारी कर्मचारी। एक तरफ छंटनी दूसरी तरफ कटौती करने के लिए एक से एक तरीके अपनाने ने सरकारी और अनुबंधित कर्मचारियों की परेशानी बहुत बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी एलन मस्क ने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) का काम संभालने के बाद तहलका ही मचा दिया है। अमेरिका की सरकार ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम छोड़कर ऑफिस आने का फरमान सुना दिया। 2020 में कोविड-19 के बाद से ही लाखों कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे। वहीं जब लोग ऑफिस पहुंचे तो पता चला कि वहां टॉइलट पेपर तक नहीं है। ऑफिस में कॉक्रोचों ने कब्जा कर लिया है और बैठने के लिए डेस्क तक मौजूद नहीं है। यह हाल आम कार्यालयों का नहीं बल्कि नासा जैसी स्पेस एजेंसी के ऑफिस का भी है। सरकारी कर्मचारियों को नए तरीके से काम में लगाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क ने कई बदलाव किए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो कम से कम 1 लाख सरकारी कर्मचारियों ने अपनी इच्छा से ही नौकरी छोड़ दी है। इसके बदल में उन्होंने मुआवजा ले लिया है। वहीं पड़े पैमाने पर छंटनी की तलवार अब भी लटक रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने वॉइस ऑफ अमेरिका में भी बड़े पैमाने पर छंटनी कर दी है और कई चैनल बंद कर दिए हैं। एलन मस्क का कहना है कि विदेश में अमेरिका के खर्च पर प्रसारण करके केवल लोगों के टैक्स की बर्बादी की जा रही है। इसलिए एडिटर्स को भी छुट्टी पर भेज दिया गया और कई चैनलों पर समाचारी की जगह सिर्फ संगीत ने ले ली है। NASA के ऑफिस में बुरा हाल पिछले साल अगस्त में बजट के मुताबिक लगभग 2 लाख से ज्यादा कर्मचारी घर से काम कर रहे थे। वहीं यह काम 11 लाख लोगों से लिया जा सकता है। पिछले महीने वॉशिंगटन स्थित नासा के हेडक्वार्टर में भी कर्मचारी अपने काम पर लौटे तो उनका सामना कॉक्रोच से हुआ। खटमल, कॉक्रोच और अन्य कीड़े ऑफिस पर कब्जा कर चुके थे। वहीं कर्मचारियों के लिए पर्याप्त कुर्सियां और डेस्क तक मौजूद नहीं थीं। टॉइलेट पेपर खत्म हो गए थे। नासा के करीब 8 हजार कर्मचारियों को ऑफिस बुलाया गया है। उनका कहना है कि बिना कंप्यूटर और डेस्क के काम करना संभव ही नहीं है। मैरीलैंड के नासा ऑफिस के कर्मचारी भी ट्रैफिक से परेशान हो गए। वहीं यूएस सिटिजनशिप ऐंड इमिग्रेशन सर्विस के ऑफिस के कर्मचारी भी अपनी डेस्क ही ढूंढते रह गए। कई कर्मचारियों को संदूकों पर बैठकर काम करना पड़ा। कई कर्मचारियों का कहना है कि ऑफिस लौटना चिड़ियाघर जाने जैसा हो गया है जहां टॉइलेट में टिशू तक मौजूद नहीं है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश का स्वर्णिम बजट प्रस्तुत किया, दूध के दाम 6 रुपये बढ़ाये

शिमला  मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आज वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। सीएम सुक्खू बजट पेश करने के लिए ऑल्टो कार खुद चलाकर विधानसभा पहुंचे। सीएम ने बजट में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने गाय के दूध की कीमत 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध की कीमत 55 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की। हिमाचल प्रदेश में गाय और भैंस का दूध अब महंगा हो गया है. दूध की कीमतों में छह-छह रुपये का इजाफा किया गया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट में इसका ऐलान किया. इस इजाफे के बाद हिमाचल में गाय के दूध की कीमत 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर हो गई है जबकि भैंस के दूध की कीमत 55 रुपये से बढ़कर 61 रुपये प्रति लीटर हो गई है.  इससे पहले सीएम सुक्खू ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, आज हिमाचल प्रदेश का स्वर्णिम बजट प्रस्तुत कर रहा हूं. यह आत्मनिर्भर प्रदेश की संकल्पना को साकार करने वाला होगा और प्रदेश की प्रगति को गति देगा. सवा साल में हमारी सरकार ने जनता के विश्वास को पुनः स्थापित किया है और विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं. जनता के सहयोग और आशीर्वाद से हम हिमाचल को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाएंगे. सीएम ने कहा, जनता के सहयोग और आशीर्वाद से हम हिमाचल को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाएंगे. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने बजट भाषण में कहा, ‘राजस्व घाटा अनुदान कम करने, जीएसटी मुआवजा रोकने के कारण वित्त वर्ष 2025-26 वित्तीय चुनौतियों से भरा है’। राज्य सरकार द्वारा लिए गए कर्ज का लगभग 70 प्रतिशत पिछली सरकार के कर्ज, ब्याज को चुकाने पर खर्च किया गया। -सीएम ने पशुपालकों से गाय के दूध के खरीद मूल्य को 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये और भैस के दूध के मूल्य को 55 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर करने का ऐलान किया। भैंस और गाय के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 6-6 रुपये की बढ़ोतरी की है। पशुपालकों को 2 रुपये की परिवहन सब्सिडी भी मिलेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस ने शताब्दी-राजधानी को छोड़ा पीछे, लेकिन स्पीड क्यों हो गई कम? रेल मंत्री ने खुद बताई यह वजह -सीएम सुक्खू ने बजट में बागवानी के लिए 4000 हेक्टेयर के लिए सर्वे कराए जाने की घोषणा की। HP शिवा प्रोजेक्ट के तहत 100 करोड़ रुपये होंगे खर्च। मछुआरों से सिर्फ 7.50 प्रतिशत रॉयल्टी ली जाएगी। 120 नई ट्राउट यूनिट की स्थापना होगी। -सीएम सुक्खू ने बजट पेश करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार को पिछली सरकार से 76,185 करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला। इस वजह से बड़ी रकम इसके ब्याज को चुकाने में चली गई। कृषि व संबंद्ध क्षेत्र में 3.38 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की संभावना है। प्रति व्यक्ति आय में 9.6 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। -बजट पेश करते हुए सीएम ने घोषणा की- सैनिक स्कूल सुजानपुर के लिए तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे। 2025-2026 में NABARD की मदद से 50 सड़कों व पुलों को बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। -महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून के तहत श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 300 रुपये से बढ़ाकर 320 रुपये प्रतिदिन की गई: सुक्खू ने बजट भाषण में कहा। -हिमाचल बजट पेश करते हुए सीएम ने ऐलान किया कि ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक 21 साल की आयु पूरी करने वाली हर बेटी को इस योजना का फायदा मिलेगा। जो महिलाएं दूसरों के घरों में काम कर, अपना परिवार पालती हैं, उन्हें 1 जून 2025 से इसका लाभ मिलेगी। इनकी पात्र बेटियां भी 1500 रुपये प्रति माह पाने के योग्य होंगी। पंचायतों की ओर से चुनी गईं महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से योजना का लाभ दिया जाएगा। BPL परिवारों में जन्म लेने वाली दो बेटियों के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना शुरू होगी। बेटी के जन्म पर 25,000 रुपये बीमा कराया जाएगा।

भारत और चीन अब 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मशहूर अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट रिलीज हो चुका है। पॉडकास्ट के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के साथ भारत के रिश्तों को लेकर भी बात की। डोनाल्ड ट्रंप की ‘विनम्रता’ की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके दिमाग में एक स्पष्ट रोडमैप है, जिनमें से प्रत्येक उन्हें उनके लक्ष्यों की ओर ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि ट्रंप ‘अमेरिका फ़र्स्ट’ के पक्षधर हैं जबकि ‘मैं इंडिया फ़र्स्ट’ के पक्ष में हूं। हाउडी मोदी कार्यक्रम में ट्रंप ने ऐसा क्या किया? राष्ट्रपति ट्रंप का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “सितंबर 2019 में ह्यूस्टन में हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम में ट्रंप और मैं दोनों वहां थे और पूरा स्टेडियम पूरी तरह से भरा हुआ था। हम दोनों ने भाषण दिया और वह नीचे बैठे, मेरी बातें सुनते रहे। अब यह उनकी विनम्रता है। जब मैं मंच से बोल रहा था, तब अमेरिका के राष्ट्रपति दर्शकों में बैठे थे, यह उनकी ओर से एक इशारा था। भाषण के बाद मैंने ट्रंप को स्टेडियम का चक्कर लगाने के लिए कहा और बिना किसी हिचकिचाहट के वह सहमत हो गए और मेरे साथ चलने लगे। उनकी पूरी सुरक्षा व्यवस्था चौंक गई, लेकिन मेरे लिए वह क्षण वास्तव में दिल को छू लेने वाला था। इसने मुझे दिखाया कि इस आदमी में साहस है। वह अपने फैसले खुद लेता है। यह आपसी विश्वास की भावना थी, हमारे बीच एक मजबूत बंधन था जिसे मैंने उस दिन वास्तव में देखा और जिस तरह से मैंने राष्ट्रपति ट्रंप को उस दिन सुरक्षाकर्मियों से पूछे बिना हजारों की भीड़ में चलते हुए देखा, वह वास्तव में आश्चर्यजनक था।” ‘जब ट्रंप पर हुआ हमला’ पिछले साल जुलाई में ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैंने उसी दृढ़ निश्चयी और दृढ़निश्चयी राष्ट्रपति ट्रंप को देखा, जो उस स्टेडियम में मेरे साथ हाथ में हाथ डालकर चल रहे थे। गोली लगने के बाद भी वे अमेरिका के प्रति अडिग रहे। उनका जीवन उनके राष्ट्र के लिए है। उनमे अमेरिका फर्स्ट भावना दिखाई दी, ठीक वैसे ही जैसे मैं नेशन फर्स्ट में विश्वास करता हूं। मैं इंडिया फर्स्ट के लिए खड़ा हूं और यही कारण है कि हम इतने अच्छे से जुड़ते हैं।” अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जिस क्षण मैंने व्हाइट हाउस में कदम रखा, उन्होंने तुरंत सभी औपचारिक प्रोटोकॉल तोड़ दिए। फिर, वे व्यक्तिगत रूप से मुझे व्हाइट हाउस के दौरे पर ले गए। जब ​​उन्होंने मुझे चारों ओर दिखाया, तो मैंने एक खास बात देखी, उनके हाथ में कोई नोट या क्यू कार्ड नहीं था, न ही उनकी सहायता के लिए कोई उनके साथ था। उन्होंने खुद ही चीजों को दिखाया। मुझे यह अविश्वसनीय रूप से प्रभावशाली लगा। इससे पता चलता है कि वे राष्ट्रपति पद का कितना सम्मान करते थे और अमेरिका के इतिहास से कितने सम्मानजनक और गहरे जुड़े हुए थे। बाइडेन शासन के दौरान जब भी हम दोनों को जानने वाला कोई व्यक्ति उनसे (ट्रंप) मिलता था और ऐसा दर्जनों बार हुआ होगा, तो वे कहते थे, मोदी मेरे मित्र हैं, मेरा अभिवादन कहना। इस तरह का इशारा दुर्लभ है। भले ही हम वर्षों तक शारीरिक रूप से नहीं मिले, लेकिन हमारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कम्युनिकेशन, हमारी निकटता और हमारे बीच का विश्वास अडिग रहा।” चीन के साथ रिश्तों को लेकर बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने चीन को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन अब 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, “यह सच है कि हमारे बीच सीमा विवाद चल रहे हैं। 2020 में सीमा पर हुई घटनाओं ने हमारे देशों के बीच काफी तनाव पैदा किया। हालांकि राष्ट्रपति शी के साथ मेरी हालिया बैठक के बाद, हमने सीमा पर सामान्य स्थिति की वापसी देखी है। अब हम 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं। धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से विश्वास, उत्साह और ऊर्जा वापस आ जाएगी। लेकिन निश्चित रूप से इसमें कुछ समय लगेगा, क्योंकि पांच साल का अंतराल रहा है। हमारा सहयोग न केवल फायदेमंद है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए भी आवश्यक है। चूंकि 21वीं सदी एशिया की सदी है, इसलिए हम चाहते हैं कि भारत और चीन स्वस्थ और स्वाभाविक तरीके से प्रतिस्पर्धा करें। प्रतिस्पर्धा कोई बुरी चीज नहीं है, लेकिन इसे कभी भी संघर्ष में नहीं बदलना चाहिए।” पीएम मोदी ने आगे कहा, “देखिए भारत और चीन के बीच संबंध कोई नई बात नहीं है। दोनों देशों की संस्कृति और सभ्यताएं प्राचीन हैं। आधुनिक दुनिया में भी, वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर आप ऐतिहासिक रिकॉर्ड देखें, तो सदियों से भारत और चीन एक-दूसरे से सीखते आए हैं। साथ मिलकर उन्होंने हमेशा किसी न किसी तरह से वैश्विक भलाई में योगदान दिया है। पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि एक समय में भारत और चीन अकेले दुनिया के GDP का 50% से अधिक हिस्सा थे। भारत का योगदान इतना बड़ा था।” पीएम मोदी ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि हमारे संबंध बहुत मजबूत रहे हैं, गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ। उन्होंने कहा, “अगर हम सदियों पीछे देखें, तो हमारे बीच संघर्ष का कोई वास्तविक इतिहास नहीं है। यह हमेशा एक-दूसरे से सीखने और एक-दूसरे को समझने के बारे में रहा है। एक समय में बौद्ध धर्म का चीन में गहरा प्रभाव था, और वह दर्शन मूल रूप से यहीं से आया था। हमारे रिश्ते भविष्य में भी उतने ही मजबूत रहने चाहिए। इसे आगे बढ़ना जारी रखना चाहिए। बेशक, मतभेद स्वाभाविक हैं। जब दो पड़ोसी देश होते हैं, तो कभी-कभी असहमति होना लाजिमी है। यहां तक ​​कि एक परिवार के भीतर भी सब कुछ हमेशा सही नहीं होता है। लेकिन हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि ये मतभेद विवाद में न बदल जाएं। हम इसी दिशा में सक्रिय रूप से काम करते हैं। मतभेद के बजाय हम संवाद पर जोर देते हैं, क्योंकि केवल संवाद के माध्यम से ही हम एक स्थिर संबंध … Read more

9 महीने के इंतजार के बाद सुनीता विलियम्स की वापसी तय, जानें पूरा शेड्यूल

वाशिंगटन भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर के लिए राहत की खबर है। 9 महीने से ISS (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन) में फंसे दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए भेजा गया Crew Dragon स्पेसक्राफ्ट सफलतापूर्वक ISS से जुड़ चुका है। 16 मार्च को डॉकिंग प्रक्रिया पूरी हुई, और अब वे 19 मार्च को धरती पर वापसी करेंगे। 14 मार्च को लॉन्च हुए Crew-10 मिशन ने ISS तक पहुंचकर चार नए अंतरिक्ष यात्रियों को वहां पहुंचाया और वापसी के लिए रास्ता साफ कर दिया। सुनीता और विलमोर को सिर्फ एक हफ्ते बाद लौटना था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की तकनीकी खराबी के चलते वे 9 महीने तक फंसे रह गए। अब NASA और SpaceX के इस मिशन के जरिए उनकी वापसी संभव हो रही है, और पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रही है। कैसे हुई Crew-10 की लॉन्चिंग? 14 मार्च को स्पेसएक्स ने Crew-10 मिशन लॉन्च किया था। इस मिशन के तहत फॉल्कन-9 रॉकेट से Crew Dragon कैप्सूल को अंतरिक्ष में भेजा गया। यह मिशन NASA के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के तहत भेजी गई 11वीं क्रू फ्लाइट थी। इस सफल लॉन्चिंग के बाद अब सुनीता विलियम्स की वतन वापसी की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। क्या होती है डॉकिंग प्रक्रिया? डॉकिंग वो प्रक्रिया होती है, जिसमें स्पेसक्राफ्ट अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से जुड़ता है। इसके पूरा होते ही अंतरिक्ष यात्री अपने स्पेससूट उतारते हैं और कार्गो को उतारने की तैयारी शुरू होती है। इसके बाद हैच खोलकर ISS में प्रवेश किया जाता है। NASA इस मौके पर Crew-10 के स्वागत समारोह का सीधा प्रसारण भी करेगा। सुनीता विलियम्स की वापसी पर डोनाल्ड ट्रंप की नजर सुनीता विलियम्स की वापसी पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने टेस्ला के मालिक एलन मस्क से अनुरोध किया था कि इस मिशन को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को सुरक्षित वापस लाया जा सके। स्पेसक्राफ्ट में कौन-कौन आया ISS? इस मिशन के तहत ISS में चार नए एस्ट्रोनॉट पहुंचे हैं— NASA की कमांडर: ऐनी मैक्कलेन पायलट: अयर्स जापान की JAXA एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री: ताकुया ओनिशी रूस के कोस्मोनॉट: किरिल पेसकोव ये स्पेसक्राफ्ट वापसी में अटलांटिक महासागर में लैंड कर सकता है। 9 महीने से ISS में फंसी थीं सुनीता विलियम्स सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर पिछले साल 5 जून को ISS गए थे। उन्हें एक हफ्ते बाद लौटना था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में तकनीकी खराबी आ जाने की वजह से वे 9 महीने से अंतरिक्ष में फंसे हुए थे। अब Crew-10 मिशन उनकी वापसी सुनिश्चित करेगा। कैसा है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जहां 9 महीने से फंसी हैं सुनीता विलियम्स इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन वो अंतरिक्ष में मौजूद वो प्लेटफॉर्म है जहां अंतरिक्ष जाने वाली सवारियां उतरती हैं, यहां पर रहती हैं और विज्ञान के बड़-बड़े एक्सपेरिमेंट करती हैं. लेकिन धरती से यहां की जिंदगी एकदम ही अलग है. आप ये जानकर अचंभित हो सकते हैं कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 24 घंटे में 16 बार सूर्योदय और 16 बार सूर्यास्त होता है. ऐसा क्यों होता है हम आपको आगे बताएंगे? भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स इसी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 9 महीने से फंसी है और धरती वापसी का इंतजार कर रही हैं. अगर आप समझते हैं कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन अथवा दिल्ली एयरपोर्ट जैसा कोई स्थायी बना हुआ ढांचा है तो आप गलत हैं. दरअसल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कोई स्थिर संरचना नहीं है, बल्कि सतत घुमते रहने वाला एक बड़ा अंतरिक्ष यान है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन लगातार पृथ्वी का चक्कर काटते रहता है. धरती से कितना दूर है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी से 403 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी के चक्कर लगाता रहता है. इस दौरान इसमें अंतरिक्ष यात्री मौजूद रहते हैं. यानी कि सुनीता विलियम्स पिछले 9 महीनों से लगातार पृथ्वी के चक्कर लगा रही है. इसका एक मतलब यह भी है कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन धरती से 403 किलोमीटर की दूरी पर है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की स्पीड लेकिन सबसे दंग करने वाला है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की स्पीड. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन 17500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा करता है. इसे किलोमीटर में कहें तो इसका मतलब ये होगा कि 28163 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी की परिक्रमा करता है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की साइज अमेरिकी स्पेस एंजेसी नासा के अनुसार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का आकार पांच बेडरूम वाले घर या दो बोइंग 747 जेटलाइनर जितना है. यहां 6 लोगों की टीम और कुछ मेहमान रह सकते हैं. इस वक्त स्पेस स्टेशन में 8 लोग हैं. पृथ्वी पर अंतरिक्ष स्टेशन का वजन लगभग दस लाख पाउंड यानी कि 453592.37 किलोग्राम होगा. अगर इसके सभी छोर को मिलाकर इसका आकार मापा जाए तो इसकी लंबाई फुटबॉल मैदान के बराबर होगी. इस स्पेस स्टेशन में इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, जापान और यूरोप के प्रयोगशाला मॉड्यूल शामिल हैं. 90 घंटे का दिन और 90 घंटे की रात का राज इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 24 घंटे में 16 सूर्योदय और 16 सूर्यास्त देखने का अनुभव होता है. इसे आप इस तरह से भी कह सकते हैं कि यहां 90 मिनट का दिन और 90 मिनट की रात होती है और ऐसा 24 घंटे में 16-16 बार होता है. ऐसा पृथ्वी के आकार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की बहुत तेज गति के कारण संभव होता है. लगभग 28 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी की परिक्रमा करता है. इसमें उसे 90 मिनट लगते हैं. यानी कि एक चक्कर लगाने में 90 मिनट. स्पेस स्टेशन में क्रू 10 के सदस्यों ने रविवार को सुनीता विलियम्स समेत दूसरे अंतरिक्ष यात्रियों से मुलाकात की. इसका मतलब है कि 24 घंटे में ISS पृथ्वी के चारों ओर लगभग 16 चक्कर (24 घंटे ÷ 90 मिनट = 16) लगाता है. चूंकि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन हर 90 मिनट में एक चक्कर पूरा करता है, इसका मतलब है कि हर चक्कर के दौरान ये स्पेस स्टेशन लगभग 45 मिनट दिन (सूर्य की रोशनी में) और लगभग 45 मिनट रात (पृथ्वी की छाया में) रहता है. इसलिए हर … Read more

मोदी सरकार ने ‘चंद्रयान-5’ मिशन को दी मंजूरी, जापान भी करेगा सहयोग; इसरो प्रमुखवी नारायणन

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान-5 मिशन’ को मंजूरी दे दी है. इस मिशन के तहत, चंद्रमा की सतह का अध्ययन करने के लिए 250 किलोग्राम का रोवर भेजा जाएगा. ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मिशन जापान के सहयोग से संचालित किया जाएगा. रविवार को एक सम्मान समारोह में बोलते हुए ISRO प्रमुख ने कहा कि ‘चंद्रयान-5’ को हाल ही में हरी झंडी मिली है. उन्होंने बताया कि इससे पहले ‘चंद्रयान-3’ मिशन के तहत 25 किलोग्राम का रोवर ‘प्रज्ञान’ चंद्रमा पर भेजा गया था, जो सफलतापूर्वक लैंड हुआ था. इस बार चंद्रयान-5 में अधिक क्षमता वाला रोवर भेजा जाएगा, जिससे चंद्रमा की सतह पर और गहराई से अध्ययन किया जा सकेगा ‘चंद्रयान-4’ मिशन पर काम जारी बता दें, ISRO ने चंद्रयान-3 मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जिसमें लैंडर ‘विक्रम’ ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की थी. यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. इससे पहले, ISRO ‘चंद्रयान-4’ मिशन पर भी काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा से मिट्टी और चट्टानों के नमूने लाना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे 2027 में लॉन्च किया जा सकता है.  ‘चंद्रयान-5 मिशन’ का मकसद? चंद्रयान मिशनों का मकसद चंद्रमा की सतह और वहां मौजूद खनिजों का अध्ययन करना है. इसरो के वैज्ञानिक लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं और भारत को स्पेस रिसर्च के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं. चंद्रयान-5 मिशन के ऐलान के बाद देशभर में वैज्ञानिक समुदाय में उत्साह है, और अब सभी की नजरें इस नए मिशन पर टिकी हैं. जापान के साथ मिलकर चंद्रयान-5 मिशन को अंजाम देगा इसरो नारायणन ने कहा, ‘अभी तीन दिन पहले ही हमें चंद्रयान-5 मिशन के लिए मंजूरी मिली है। हम इसे जापान के साथ मिलकर करेंगे।’ चंद्रयान-4 मिशन के 2027 में लॉन्च होने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा से एकत्र किए गए नमूने लाना है। इसरो की भविष्य की परियोजनाओं के बारे में नारायणन ने कहा कि गगनयान सहित विभिन्न मिशनों के अलावा, भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन- भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजनाएं चल रही हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में अपने अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग – स्पैडेक्स की सफल अनडॉकिंग करने में भी सफलता हासिल की। इससे चंद्रयान-4 और अन्य भविष्य के मिशनों के लिए मंच तैयार हो गया। 

सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी को मार गिराया

कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। इस दौरान सेना के जवानों के एक आतंकी को मार गिराया है। यह अभियान भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और विशेष अभियान समूह द्वारा संयुक्त रूप से चलाई रही है जहां सेना को बड़ी कामयाबी मिली है। जानकारी के मुताबिक यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी के बाद शुरू किया गया था। सेना के मुताबिक यहां 2-3 आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका है। अभियान के दौरान एक पुलिसकर्मी के जख्मी होने की खबर भी मिली है। जानकारी के मुताबिक सेना ने सूचना मिलने के बाद कुपवाड़ा जिले में स्थित हंदवाड़ा के क्रुम्हूरा-जचलदारा इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया था। जैसे ही सुरक्षाकर्मी करीब पहुंचे, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों ने इलाके को सील कर दिया है और यहां अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। वहीं आम लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की गई है। इससे पहले कश्मीर जोन पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस ऑपरेशन की जानकारी दी थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कश्मीर पुलिस ने बताया, “हंदवाड़ा के क्रुम्हूरा जचलदारा इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई है। पुलिस और सुरक्षा बल ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। तलाशी ली जा रही है।” इससे पहले सेना ने रविवार को कुपवाड़ा से बड़े पैमाने पर हथियार भी बरामद किए थे।

पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख भागवत इस महीने एक ही मंच पर नजर आ सकते है !

नागपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्मृति मंदिर जा सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, 30 मार्च को मराठी नव वर्ष गुड़ी पड़वा पर पीएम मोदी के नागपुर जाने की संभावना है. वहां पीएम मोदी एक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं और संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ मंच साझा कर सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी माधव नेत्रालय की आधारशिला के कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं. पीएम मोदी स्मृति मंदिर जा सकते हैं. राम मंदिर कार्यक्रम के बाद पहली बार पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख भागवत एक ही मंच पर नजर आएंगे. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को स्मृति मंदिर में श्रद्धासुमन अर्पित करने जा सकते हैं. पीएम मोदी के दीक्षाभूमि जाने की भी संभावना है. एक दिन पहले ही पीएम मोदी ने अपने पॉडकास्ट में आरएसएस की जमकर प्रशंसा की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि आरएसएस से उन्हें जीवन का उद्देश्य मिला. माधव नेत्रालय 5.83 एकड़ पर 517 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा. इसमें 250 बेड होंगे और एक चेरिटी वार्ड भी होगा, जहां नाम मात्र शुल्क पर लोगों को वर्ल्ड क्लास आई केयर की सुविधा दी जाएगी. इसका काम अगले तीन साल में पूरा करने की संभावना है.  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet