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2017 से 2023 के बीच दुनियाभर में 813 प्लेन हुए क्रैश, 1,473 यात्रियों की मौत, फिर भी सबसे सेफ मानी जाती है हवाई यात्रा!

नई दिल्ली दक्षिण कोरिया और अजरबैजान के पैसेंजर प्लेन के क्रैश होने की घटना ने हिलाकर रख दिया था. कभी पक्षी के टकराने, कभी तकनीकी खराबी या कभी खराब मौसम होने की वजह से दुनियाभर में प्लेन हादसे होते रहे हैं. विमान हादसों पर नजर रखने वाली संस्था एविएशन सेफ्टी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में दुनियाभर में 109 विमान हादसे हुए थे, जिनमें 120 लोगों की मौत हुई थी. इस हिसाब से हर महीने औसतन 9 विमान हादसे हुए जिनमें 10 लोगों की मौत हुई. एविएशन सेफ्टी के मुताबिक, पिछले साल सबसे ज्यादा 34 विमान हादसे अमेरिका में हुए थे. विमान हादसों पर नजर रखने वाली संस्था एविएशन सेफ्टी के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से 2023 के बीच दुनियाभर में 813 प्लेन क्रैश हो चुके हैं. प्लेन क्रैश की 813 घटनाओं में 1,473 यात्रियों की मौत हो चुकी है. सबसे ज्यादा विमान हादसे लैंडिंग के दौरान होते हैं. इन सात साल में लैंडिंग के दौरान 261 हादसे हुए हैं. उसके बाद 212 हादसे उड़ान के दौरान ही हुए हैं. इसी दौरान भारत में 14 हादसे हुए हैं. एविएशन सेफ्टी की मानें तो सबसे ज्यादा विमान हादसे टेक ऑफ के दौरान और फिर लैंडिंग के दौरान होते हैं. पिछले साल 109 ऐसी दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें से 37 टेकऑफ और 30 लैंडिंग के दौरान हुई थीं.हर साल दुनियाभर में सैकड़ों विमान हादसे होने के बावजूद हवाई सफर को सबसे सेफ माना जाता है. आंकड़े देखें तो बीते 7 साल में हर साल औसतन 200 विमान हादसे हुए हैं. और सालभर में ही सैकड़ों से ज्यादा लोगों की जान गई है. लेकिन इसके बावजूद भी फ्लाइट के सफर को सबसे सुरक्षित माना जाता है. फिर भी सबसे सेफ मानी जाती है हवाई यात्रा! फ्लोरिडा की एम्ब्री-रिडल एयरोनॉटिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंथनी ब्रिकहाउस ने सीएनएन को बताया कि हवाई सफर ट्रांसपोर्टेशन का सबसे सुरक्षित साधन है. उन्होंने कहा, 38 हजार की फीट की ऊंचाई पर उड़ना, जमीन पर ड्राइव करने से ज्यादा सुरक्षित है. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की रिपोर्ट की मानें तो 2023 में दुनियाभर में 3.7 करोड़ से ज्यादा विमानों ने उड़ान भरी थी. इसके बावजूद कुछ ही हादसों में लोगों की जान गई. पिछले साल नेपाल में एक विमान क्रैश हुआ था, जिसमें 72 लोग मारे गए थे. बता दें कि आईएटीए हर साल फ्लाइट सेफ्टी पर रिपोर्ट जारी करता है. IATA की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 12.6 लाख विमान उड़ान भरते हैं, तब एक दुर्घटना होती है. IATA का दावा है कि जब कोई व्यक्ति 1,03,239 साल तक हर दिन विमान में सफर करेगा, तब जाकर कोई एक दिन ऐसा आएगा जब उसे घातक दुर्घटना का सामना करना पड़ेगा. कुछ साल पहले मैसाचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर अर्नॉल्ड बार्नेट ने भी फ्लाइट सेफ्टी पर एक रिपोर्ट की थी, जिसमें दावा किया गया था कि 2018 से 2022 के बीच अगर 1.34 करोड़ यात्रियों ने हवाई सफर किया है तो उनमें से सिर्फ 1 को ही मौत का खतरा है. कब हुआ था दुनिया का पहला विमान हादसा? एयर ट्रैफिक के इतिहास पर नजर डालें तो 15 जून 1785 को फ्रांस के विमरेक्स के पास रॉजियरे एयर बैलून का हादसा पहली बार जानलेवा साबित हुआ था. इस हादसे में रॉजियरे एयर बैलून के आविष्कारक जीन फ्रैकुआ पिलैत्रे डी रॉजियरे की मौत हो गई थी. जबकि पावर्ड एयरक्राफ्ट का पहला हादसा 17 सितंबर 1908 को हुआ था जब अमेरिका के वर्जिनिया में मॉडल-ए एयरक्राफ्ट क्रैश कर गया था. इसमें इस विमान के सह-आविष्कारक और पायलट घायल हो गए थे जबकि सहयात्री की मौत हो गई थी.  

पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर भारी और अत्याधुनिक हथियारों से हमला कर रहा तालिबान

काबुल पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस समय खूनी जंग लड़ रहे हैं. अफगानिस्तान के तालिबानी लड़ाके डूरंड लाइन क्रॉस कर पाकिस्तान पर कहर बरपा रहे हैं. भारी मशीनगन और आधुनिक हथियारों से लैस तालिबानी लड़ाकोंने पाकिस्तानी चौकियों पर धावा बोल दिया है.   अफगानिस्तान के पूर्वी पक्तिका प्रांत में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के कैंपों पर पाकिस्तानी बमबारी के बाद से दोनों ओर हमले जारी हैं. गुलाम खान क्रॉसिंग पर तालिबानी लड़ाके धड़ाधड़ा हमले कर रहे हैं. पाकिस्तानी सेना का कहना है कि तालिबान बॉर्डर के पास उनकी चौकियों पर भारी और अत्याधुनिक हथियारों से हमला कर रहा है. वही, तालिबान का कहना है कि वह पाकिस्तान से सटी सीमा पर अराजक तत्वों को निशाना बना रहा है. टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि डूरंड लाइन पर दोनों ओर से हिंसक झड़प हो रही है. तालिबान ने पाकिस्तानी सेना की दो चौकियों पर कब्जा कर लिया है. तालिबानी सैनिकों ने भारी हथियारों का इस्‍तेमाल कर डूरंड लाइन पर मौजूद पाकिस्‍तानी सेना की कई चौकियों को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान पाकिस्तानी सेना के 19 सैनिकों की मौत हो गई और बाकी भाग खडे़ हो गए. तालिबानी लड़ाके गोजगढ़ी, माटा सांगर, कोट राघा औऱ तरी मेंगल इलाकों में घुस गए हैं और जमकर गोलीबारी कर रहे हैं. इस बीच पाकिस्तानी सेना ने कहा कि उसने खुर्रम और उत्तरी वजीरिस्तान में घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर दिया है. क्या है तालिबान की रणनीति? अफगान तालिबान लंबे समय से यह दिखाता आया है कि वह किसी भी बड़े सैन्य शक्ति के सामने झुकने वाला नहीं है. अमेरिका और रूस जैसी महाशक्तियों को उसने वर्षों तक चुनौती दी और आखिरकार उन्हें अफगानिस्तान से लौटने पर मजबूर कर दिया. पाकिस्तान के पास न तो वैसी सैन्य ताकत है और न ही आर्थिक क्षमता, जिससे वह तालिबान का सामना कर सके. मीर अली बॉर्डर पर बढ़ती गतिविधियों के चलते पाकिस्तान ने भी अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है. सीमाई इलाकों में सैनिकों की तैनाती तेज कर दी गई है. स्थानीय लोगों में डर का माहौल है और स्थिति किसी बड़े संघर्ष का संकेत दे रही है. तनाव बढ़ने के साथ ही यह देखना होगा कि पाकिस्तान और तालिबान के बीच यह टकराव किस ओर बढ़ता है. तालिबान का उभार अफगानिस्तान से रूसी सैनिकों की वापसी के बाद 1990 के दशक की शुरुआत में उत्तरी पाकिस्तान में हुआ था. पश्तो भाषा में तालिबान का मतलब होता है छात्र खासकर ऐसे छात्र जो कट्टर इस्लामी धार्मिक शिक्षा से प्रेरित हों. कहा जाता है कि कट्टर सुन्नी इस्लामी विद्वानों ने धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से पाकिस्तान में इनकी बुनियाद खड़ी की थी. तालिबान पर देववंदी विचारधारा का पूरा प्रभाव है. तालिबान को खड़ा करने के पीछे सऊदी अरब से आ रही आर्थिक मदद को जिम्मेदार माना गया. शुरुआती तौर पर तालिबान ने ऐलान किया कि इस्लामी इलाकों से विदेशी शासन खत्म करना, वहां शरिया कानून और इस्लामी राज्य स्थापित करना उनका मकसद है. शुरू-शुरू में सामंतों के अत्याचार, अधिकारियों के करप्शन से आजीज जनता ने तालिबान में मसीहा देखा और कई इलाकों में कबाइली लोगों ने इनका स्वागत किया लेकिन बाद में कट्टरता ने तालिबान की ये लोकप्रियता भी खत्म कर दी लेकिन तब तक तालिबान इतना पावरफुल हो चुका था कि उससे निजात पाने की लोगों की उम्मीद खत्म हो गई.  

‘घरों में नहीं बनेगी खिड़की’, तालिबान में अब महिलाओं के बाहर झांकने पर भी बैन

काबुल अफगानिस्तान में महिलाओं के खिलाफ एक नया कानून बना दिया है। इसके मुताबिक नए बन रहे घरों में खिड़कियां नहीं होनी चाहिए। यह कानून इसलिए बनाया गया है ताकि महिलाएं बाहर की तरफ न देख पाएं। तालिबान सरकार के सर्वोच्च नेता ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि महिलाओं की झलक मिलने से अश्लील हरकतें हो सकती हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस बारे में एक्स पर एक बयान भी पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहाकि नई इमारतों में ऐसी खिड़कियां नहीं होनी चाहिए, जिससे आंगन, रसोईघर, पड़ोसी का कुआं या महिलाओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जगह दिखाई देती है। जबीहुल्ला मुजाहिद ने लिखा है कि महिलाओं को किचन में काम करते हुए, बारामदे में आते-जाते या कुएं से पानी लेते हुए देखने से अश्लील हरकतें हो सकती हैं। तालिबान सरकार के मुताबिक म्यूनिसिपल अधिकारी और अन्य संबंधित विभाग नए बन रहे घरों पर नजर भी रखेंगे। उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि इन घरों में पड़ासियों के घर की तरफ खिड़की या झरोखा न खुला हो। अगर किसी घर में पहले से पड़ोसी के घर की तरफ खिड़की खुली हुई है तो उसे इसके लिए इंतजाम करने होंगे। मकान मालिक को या तो खिड़की तरफ दीवार बनानी होगी या फिर कुछ ऐसा इंतजाम करना होगा, जिससे पड़ोसी उस जगह से घर में न देख पाए। तालिबान सरकार ऐसा इंतजाम करने में जुटी है कि न तो बाहर से उन्हें कोई देख पाए और न ही वो किसी बाहरी आदमी को देख पाएं। गौरतलब है कि अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद से ही तालिबान सरकार महिलाओं के अधिकारों पर प्रतिबंध लगा रही है। यहां तक कि उन्हें नौकरियां करने की भी अनुमति नहीं है। महिलाओं के लिए तालिबान की नीतियों पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी नाखुशी जताई है। तालिबान अधिकारियों ने लड़कियों और महिलाओं के लिए प्राथमिक शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया है। उनके पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों तक जाने पर भी रोक लगा दी गई है। हाल ही में यहां पर एक कानून बनाया गया है, जिसके मुताबिक महिलाओं पर सार्वजनिक रूप से गाना या कविता सुनाना भी प्रतिबंधित है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के उद्घोष के साथ देश भर में चलाया गया

नई दिल्ली केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के उद्घोष के साथ देश भर में चलाया गया वृक्षारोपण अभियान मंत्रालय की ओर से देश को वर्ष 2024 की एक बड़ी सौगात रही। पर्यावरण संरक्षण और कार्बन अवशोषण में वृक्षों की महती उपयोगिता के मद्देनजर इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा प्रोत्साहन मिला। मंत्रालय के अनुसार इस अभियान के तहत देश में अभी तक 102 करोड पेड़ लगाने की उपलब्धि हासिल हुई है और मार्च 2025 तक इसका लक्ष्य 140 करोड़ रखा गया है। श्री मोदी ने गत 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर इस अभियान का उद्घाटन किया और लोगों को अपनी माँ के प्रति प्रेम, आदर और सम्मान के प्रतीक के रूप में एक पेड़ लगाने का आह्वान किया। इस अभियान के अंतर्गत पेड़ों और धरती माँ की रक्षा करने का संकल्प भी लिया जाता है। मंत्रालय ने समाप्त हो रहे इस वर्ष के दौरान 26 सितंबर को ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ (लाइफ) के अनुरूप, इको-मार्क नियमावली अधिसूचित की है। यह 1991 की इको-मार्क योजना के स्थान पर है। यह योजना ‘लाइफ’ के सिद्धांतों के अनुरूप पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों की मांग को प्रोत्साहित करेगी, ऊर्जा की कम खपत, संसाधन दक्षता और सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। इस योजना का उद्देश्य सटीक लेबलिंग सुनिश्चित करना और उत्पादों के बारे में भ्रामक जानकारी को रोकना है। देश की जलवायु के अनुकूल कार्रवाई उसके अद्यतन राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) और 2070 तक नेट जीरो तक पहुंचने की दीर्घकालिक रणनीति द्वारा निर्देशित है और यह अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। वैश्विक जीएचजी उत्सर्जन में मामूली योगदान के बावजूद भारत ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में सबसे आगे रहने की अपनी इच्छा दिखाई है। भारत में वैश्विक आबादी का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा रहता है लेकिन इसका ऐतिहासिक तौर पर कुल योगदान चार प्रतिशत से भी कम है। वर्ष 2005 से 2019 के बीच हमारे सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता में 33 प्रतिशत की कमी आई है। इसलिए उत्सर्जन तीव्रता में कमी का लक्ष्य तय समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है। इस वर्ष 31 अक्टूबर तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा संसाधनों से कुल विद्युत शक्ति स्थापित क्षमता कुल संचयी विद्युत शक्ति स्थापित क्षमता का 46.52 प्रतिशत है। देश ने 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 45 प्रतिशत की कमी और गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा संसाधनों से संचयी विद्युत शक्ति स्थापित क्षमता का 50 प्रतिशत तक अपने एनडीसी लक्ष्यों को अद्यतन किया है। कार्बन कैप्चर यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) की औद्योगिक और बिजली क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने में महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका रही है। मंत्रालय का भारत शीतलन कार्य योजना (आईसीएपी) में सामाजिक-आर्थिक लाभों को अधिकतम करने के लिए चल रहे सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के साथ तालमेल बिठाने पर बल है। केन्द्र सरकार ने आईसीएपी में दी गई सिफारिशों को लागू करने के लिए कई कदम उठाए हैं। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल कटौती कार्यक्रम के अनुसार 2020-24 के दौरान हाइड्रो क्लोरोफ्लोरोकार्बन (एचसीएफसी) के 35 प्रतिशत चरणबद्ध कटौती लक्ष्य के मुकाबले, भारत ने उपभोग क्षेत्र में हाइड्रो क्लोरोफ्लोरोकार्बन में 50 प्रतिशत की कमी हासिल की है। एसी और फ्रिज जैसे नए उपकरणों के निर्माण में एचसीएफसी का उपयोग इस साल के आखिरी दिन तक चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा। मैंग्रोव को एक अद्वितीय, प्राकृतिक इकोसिस्टम के रूप में बहाल करने और बढ़ावा देने तथा तटीय आवासों की स्थिरता को संरक्षित करने और बढ़ाने के लिए इस वर्ष 05 जून को ‘तटीय आवास और मूर्त आय मैंग्रोव पहल (मिष्टी)’ शुरू की गई है। इस योजना के लिए प्रारंभिक परियोजना परिव्यय के रूप में प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) के माध्यम से 100 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। देश के 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 22,561 हेक्टेयर खराब मैंग्रोव क्षेत्र को पुनर्स्थापन के तहत लाया गया है और छह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 3,836 हेक्टेयर पुनर्स्थापन के लिए कुल 17.96 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। देश ने इस वर्ष 17 अगस्त को तीसरे वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिसका मुख्य विषय ‘एक सतत भविष्य के लिए सशक्त वैश्विक दक्षिण’ है। भारत ने वैश्विक दक्षिण के देशों को एकजुट होने, एक स्वर में साथ खड़े होने और एक दूसरे की ताकत बनने पर जोर दिया। पर्यावरण मंत्रियों के सत्र में वैश्विक दक्षिण के 18 देशों और एक बैंक ने भाग लिया। भारत ने टिकाऊ उपभोग और उत्पादन पैटर्न को प्रोत्साहित करने, टिकाऊ जीवन शैली को बढ़ावा देने, अपशिष्ट को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया। विचार-विमर्श में जलवायु न्याय और विकासशील देशों की जलवायु वित्त, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण की मांग पर प्रकाश डाला गया। इस वर्ष असम में पहली बार गंगा नदी डॉल्फिन (प्लैटनिस्टा गैंगेटिका) को टैग किया गया। इस पहल को भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) ने असम वन विभाग और आरण्यक के सहयोग से राष्ट्रीय सीएएमपीए प्राधिकरण से वित्त पोषण के साथ लागू किया। यह न केवल भारत में, बल्कि इस प्रजाति के लिए भी पहली टैगिंग है, और यह मील का पत्थर प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रोजेक्ट डॉल्फिन की एक महत्वपूर्ण प्रगति है।  

आज से उत्तर पश्चिम भारत में शीतलहर चलने वाली है, इस दौरान नए साल में उत्तर भारत में पड़ेगी कड़ाके की ठंड

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस बीच, मौसम विभाग ने नए साल को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने बताया है कि 30 दिसंबर से उत्तर पश्चिम भारत में शीतलहर चलने वाली है। यानी कि नए साल के मौके पर ठंड बढ़ने जा रही है। साथ ही, अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर पश्चिम भारत में घने से बहुत घना कोहरा देखने को मिलने जा रहा है। यूपी में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान आदि राज्यों में शीतलहर की चेतावनी दी गई है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत घना कोहरा देखने को मिला है। इसके अलावा, उत्तराखंड में तेज बरसात हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले साल छह जनवरी से उत्तर पश्चिम भारत का मौसम बदल जाएगा, क्योंकि एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस दस्तक देने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री से नीचे चल रहा है, जबकि उत्तर पश्चिम भारत के बाकी राज्यों में यह 6-12 डिग्री सेल्सियस के बीच में बना हुआ है। आज मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान राजस्थान के सीकर जिले में 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान में यह तीन से छह डिग्री सेल्सियस कम हो गया है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, पश्चिमी मध्य प्रदेश में मिनिमम टेम्प्रेचर औसत से ज्यादा चल रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि उत्तर प्रदेश में अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट आने वाली है। अगले पांच दिनों में यह चार से छह डिग्री सेल्सियस कम हो जाएगा, जबकि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान में अगले तीन दिनों तक तीन से चार डिग्री सेल्सियस तापमान में कमी आएगी, उसके बाद कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। मध्य भारत की बात करें तो अगले पांच दिनों में इसमें भी तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने वाली है। वहीं, पूर्वी भारत में भी न्यूनतम तापमान 3-4 डिग्री सेल्सियस गिर जाएगा। महाराष्ट्र में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस गिरने जा रहा है। शीतलहर की बात करें तो हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब में 31 दिसंबर से दो जनवरी तक शीतलहर चलने वाली है। वहीं, राजस्थान में भी 30 दिसंबर से दो जनवरी तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।

विमान दुर्घटना : मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बाड़े की दीवार से टकरा गया, मृतकों की संख्या बढ़कर 127 हुई

सियोल दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पश्चिमी काउंटी मुआन में रविवार को हुए घातक विमान हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने विमान के इंजन में आग की लपटें देखी और विस्फोटों की आवाजें सुनी। अधिकारियों ने हादसे की जांच शुरू कर दी है, संभावना जताई जा रही है कि पक्षी के टकराने से लैंडिंग गियर में खराबी हो सकती है। जेजू एयर की फ्लाइट में 181 लोग सवार थे, लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से उतर गया और मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बाड़े की दीवार से टकरा गया। यह दुर्घटना दक्षिण जिओला प्रांत के मुआन काउंटी में सियोल से लगभग 288 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में सुबह करीब 9:07 बजे हुई। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में 127 लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो लोग बचाए गए हैं। स्थानीय टीवी स्टेशनों द्वारा प्रसारित वीडियो में विमान को बिना लैंडिंग गियर लगाए उतरने का प्रयास करते हुए दिखाया गया है। अधिकारियों का मानना ​​है कि लैंडिंग गियर में खराबी, संभवतः पक्षी के टकराने के कारण हुई, जो दुर्घटना का कारण हो सकती है। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हवाई अड्डे के पास एक किराये के घर में रह रहे 41 वर्षीय यू जे-योंग ने कहा कि उन्होंने दुर्घटना से पहले विमान के दाहिने पंख पर एक चिंगारी देखी थी। उन्होंने कहा कि मैं अपने परिवार को बता रहा था कि विमान में कोई समस्या है, तभी मैंने एक जोरदार विस्फोट सुना। वहीं, एक दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के वक्त वह हवाई अड्डे से 4.5 किलोमीटर दूर टहल रहा था। इसी दौरान, विमान को उतरते हुए देखा और सोचा कि यह उतरने वाला है, तभी एक चमकती हुई रोशनी देखी। फिर एक जोरदार धमाका हुआ, उसके बाद हवा में धुआं छा गया और फिर कई विस्फोट सुने। 70 वर्षीय किम योंग-चेओल ने कहा कि विमान पहले प्रयास में उतरने में विफल रहा और दुर्घटना से पहले दूसरे प्रयास के लिए वापस लौटा। किम ने याद किया कि उसने दुर्घटना से लगभग पांच मिनट पहले दो बार धातु के छिटकने की आवाज सुनी थी। किम ने बताया कि उसने आसमान की ओर देखा और विमान को उतरने में विफल होने के बाद ऊपर चढ़ते देखा, इससे पहले कि उसने एक जोरदार विस्फोट सुना और काला धुआं आसमान में उठता हुआ देखा। पास में मछली पकड़ रहे एक 50 वर्षीय प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने पक्षियों के झुंड को विमान से टकराते देखा, जिससे दाहिने इंजन में आग लग गई। जब विमान रनवे पर उतर रहा था, तो वह विपरीत दिशा से आ रहे पक्षियों के झुंड से टकरा गया। मैंने दो या तीन धमाके सुने जैसे कि पक्षी इंजन में चले गए थे, इससे पहले कि मैंने दाहिने इंजन से आग की लपटें निकलती देखी। पुलिस और अग्निशमन अधिकारी सटीक कारण का पता लगाने के लिए मौके पर जांच कर रहे हैं।

मोदी का दावा- भारत अगले साल फरवरी में पहली बार ‘वैश्विक ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन’ की मेजबानी करेगा

नई दिल्ली भारत अगले साल फरवरी में पहली बार ‘वैश्विक ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन’ (वेव्स) की मेजबानी करेगा, जो देश की रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए एक वैश्विक मंच होगा, सहयोग को बढ़ावा देगा और विश्व स्तरीय मनोरंजन सामग्री निर्माण के केंद्र के रूप में देश की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ‘वेव्स’ के बारे में विस्तार से बात की। ‘वेव्स’ की तुलना दावोस में आयोजित होने वाले विश्व आर्थिक मंच जैसे वैश्विक आयोजनों से करते हुए मोदी ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन उद्योग के दिग्गजों के साथ-साथ दुनिया भर से रचनात्मक लोग 5 से 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में एकत्र होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह शिखर सम्मेलन भारत को वैश्विक मनोरंजन सामग्री निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” प्रधानमंत्री ने ‘वेव्स’ की तैयारियों में युवा रचनाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जो भारत के रचनात्मक समुदाय की गतिशील भावना को दर्शाता है। उन्होंने देश के युवाओं के उत्साह और रचना क्षेत्र से जुड़ी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में उनके योगदान पर गर्व व्यक्त किया। मोदी ने कहा, ‘‘चाहे आप एक युवा रचनाकार हों या एक स्थापित कलाकार, बॉलीवुड या क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े हों, टीवी उद्योग के पेशेवर हों, एनीमेशन, गेमिंग के विशेषज्ञ हों या मनोरंजन प्रौद्योगिकी के प्रर्वतक हों, मैं आपको वेव्स शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।” प्रधानमंत्री ने मनोरंजन और रचनात्मक उद्योगों के सभी हितधारकों से ‘वेव्स’ में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

2024 का साल विमान हादसों के लिए बना काल, ब्राजील में एक निजी विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 10 की हुई थी मौत

नई दिल्ली दक्षिण कोरिया के मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार (29 दिसंबर 2024) को 181 लोगों को लेकर जा रहा जेजू एयर का विमान हादसे का शिकार हो गया. नये साल के आने से पहले एयरलाइंस के लिए दिसंबर 2024 का महीना किसी सदमे से कम नहीं रहा है. इस महीने में अभी तक (29 दिसंबर 2024) 6 बड़े प्लेन हादसे हुए, जिसमें कुल 234 लोगों की मौत हो गई. ऐसे में अब एविएशन सेक्टर में सुरक्षा प्रोटोकॉल और टेक्नीकल समस्याओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. दक्षिण कोरिया विमान हादसे में 179 लोगों की मौत दक्षिण कोरिया के मुआन इंटरनेशनल पर हुए विमान हादसे में 179 लोगों की मौत हो गई, वहीं सुरक्षाकर्मियों ने दो लोगों को मलबे से जिंदा बाहर निकाला गया. बैंकॉक से लौट रहे इस विमान का लैंडिंग के समय गियर नहीं खुला, जिससे यह रनवे से फिसल गया और कंक्रीट की बाड़ से जा टकराया. बाड़ से टकराने के बाद विमान से बड़ा आग का गोला निकला, जिससे प्लेन राख के ढेर में बदल गया. घटनास्थल पर 32 दमकल गाड़ियां और हेलीकॉप्टर बचाव अभियान के लिए लाया गया. लैंडिंग गियर क्यों नहीं खुला, इसी जांच चल रही है. जेजू एयर के इतिहास में पहली घातक दुर्घटना है. इससे पहले साल 2007 में जेजू एयर की ओर से संचालित बॉम्बार्डियर Q400 फ्लाइट को दक्षिणी बुसान-गिम्हे हवाई अड्डे पर तेज हवाओं के कारण रनवे से उतर गया. इस फ्लाइट में 74 लोग सवार थे और इस घटनना में एक यात्री घायल हो गए थे. अजरबैजान एयरलाइंस दुर्घटना इससे पहले 25 दिसंबर 2024 को कजाकिस्तान के अक्तौ एयरपोर्ट के पास अजरबैजान एयरलाइंस का एम्ब्रेयर ERJ-190AR दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 38 लोग मारे गए थे. यह विमान बाकू के ग्रोज्नी के लिए उड़ान भर रहा था. तकनीकी समस्याओं और खराब मौसम की वजह से उसे डायवर्ट करना पड़ा था. ग्रोज्नी एयरपोर्ट पर कई बार लैंडिंग की कोशिश करने के बाद विमान अक्तौ एयरपोर्ट के पास जामीन से टकरा गया. इसमें 67 यात्री सवार थे. एयरलाइंस की ओर से कहा गया था कि यह हादसा बाहरी हस्तक्षेप की वजह से हुआ था. ब्राजील विमान दुर्घटना में 10 की मौत 22 दिसंबर को दक्षिणी ब्राजील के ग्रामाडो शहर में एक निजी विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से एक परिवार के दस सदस्यों की मौत हो गई. इस विमान को उड़ा रहे ब्राजील के बिजनेसमेन लुईज क्लाउडियो गैलेजी की पत्नी, तीन बेटियां और अन्य रिश्तेदारों के साथ दुर्घटना में मृत्यु हो गई.  रिपोर्ट के मुताबिक लैंडिग के वक्त प्लेन इस बिल्डिंग की चिमनी, घर और दुकान से टकराया. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में उस जगह जमीन पर मौजूद 17 लोग घायल हो गए थे. पापुआ न्यू गिनी दुर्घटना प्लेन हादसा नॉर्थ कोस्ट एविएशन की ओर से संचालित ब्रिटन-नॉर्मन बीएन-2बी-26 आइलैंडर, 22 दिसंबर को पापुआ न्यू गिनी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई. यह विमान वासु एयरपोर्ट से लाए-नदजाब के लिए चार्टर उड़ान पर था. अगले दिन इस विमान का मलबा मिला, लेकिन कोई भी जीवित नहीं बचा था. इस घटना की जांच अभी भी चल रही है. अर्जेन्टीना में लैंडिंग के वक्त बाड़ से टकराया प्लेन अर्जेंटीना के सैन फर्नांडो एयरपोर्ट के पास बॉम्बार्डियर BD-100-1A10 चैलेंजर 300 दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दोनों पायलट मारे गए. विमान पुंटा डेल एस्टे एयरपोर्ट से सैन फर्नांडो के लिए उड़ान भर रहा था. लैंडिंग के बाद यह विमान रनवे से आगे निकल गया और बाड़ से टकरा गया, जिससे प्लेन में आग लग गई. विमान का बयां हिस्सा टूट कर अलग हो गया था और पायलट आग में जलकर मर गए थे. होनोलूलू एयरपोर्ट के पास इमारत से टकराया विमान कामाका एयर एलएलसी की ओर से संचालित कामाका एयर सेसना 208 कारवां फ्लाइट होनोलूलू में डैनियल के इनौये अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दोनों पायलट मारे गए. एटीसी संचार के अनुसार, विमान ने उड़ान भरने के तुरंत बाद नियंत्रण खो दिया और एक इमारत से टकरा गया. कहा जा रहा है कि यह घटना ट्रेनिंग के दौरान हुई थी.

कश्मीर में खराब मौसम के मद्देनजर, कल से होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी, नई तारीखों की घोषणा अलग से की जाएगी

जम्मू-कश्मीर कश्मीर विश्वविद्यालय ने खराब मौसम के कारण सोमवार (30 दिसंबर) को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। कश्मीर में शुक्रवार और शनिवार को भारी बर्फबारी हुई, जिसके कारण घाटी के कुछ इलाकों का संपर्क टूट गया। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि स्थगित किए गए पेपरों की नई तिथियां बाद में अलग से अधिसूचित की जाएंगी। 28 दिसंबर की भी परीक्षाएं हुई थी रद्द इससे पहले कश्मीर विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने 28 दिसंबर को होने वाली परीक्षाएं  रद्द करने की घोषणा की थी। प्रवक्ता ने कहा था कि कश्मीर में खराब मौसम के मद्देनजर, शनिवार (28 दिसंबर) को होने वाली कश्मीर विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। स्थगित परीक्षाओं की नई तारीखों की घोषणा अलग से की जाएगी।   2000 वाहन फंसे-उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर सड़क की स्थिति को “काफी खतरनाक” बताया। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है कि सुरंग और काजीगुंड के बीच करीब 2000 वाहन फंसे हुए हैं। मेरा कार्यालय दक्षिण कश्मीर में प्रशासन के संपर्क में है। बर्फ हटाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन सड़क पर बर्फ बहुत जमी हुई है। भारी वाहनों को जाने दिया जा रहा है और बाकी फंसे वाहनों को निकालने के प्रयास जारी हैं। बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटक इस बीच, बर्फबारी ने कश्मीर आने वाले सैकड़ों पर्यटकों को आसमान से गिरती बर्फ की सफेद चादरों को देखने के लिए उत्साहित कर दिया। श्रीनगर तथा अन्य पर्यटन स्थलों पहलगाम और गुलमर्ग में बड़ी संख्या में पर्यटक वीडियो बनाते देखे गए।  

पूर्व प्रधानमंत्री के ​परिजनों ने उनकी अस्थियां पूरे विधि-विधान के साथ यमुना में विसर्जित कीं, कांग्रेस से नहीं पंहुचा कोई: बीजेपी

नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अस्थियां रविवार को दिल्ली के मजनू का टीला स्थित गुरुद्वारे में लाई गईं. यहां शब्द कीर्तन, पाठ और अरदास के बाद पूर्व प्रधानमंत्री के ​परिजनों ने उनकी अस्थियां यमुना में विसर्जित कीं. कांग्रेस ने एक्स पर अस्थि विसर्जन का एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘आज भारत मां के सपूत और देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की अस्थियां पूरे विधि-विधान के साथ मजनू का टीला स्थित गुरुद्वारे के पास यमुना घाट पर विसर्जित की गईं. हम सभी मनमोहन सिंह जी की देश सेवा, समर्पण और उनकी सहजता को हमेशा याद रखेंगे. सादर नमन.’ हालांकि, बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि डॉ. मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन के वक्त कांग्रेस का कोई नेता उपस्थित नहीं रहा. उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा, ‘डॉ. मनमोहन सिंह जी की पवित्र अस्थियों के विसर्जन के समय गांधी परिवार और कांग्रेस नेताओं की अनुपस्थिति देखकर बहुत निराशा हुई. एक नेता जिसने सम्मान के साथ देश की सेवा की, वह अपनी पार्टी से कहीं बेहतर सम्मान का हकदार था. यह कांग्रेस और गांधी परिवार की प्राथमिकताओं के बारे में बहुत कुछ बताता है.’ उदारीकरण के नायक के प्रति उदार रहेगा इतिहास? पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर को उम्र संबंधी समस्याओं के कारण दिल्ली एम्स में निधन हो गया. वह 92 वर्ष के थे. उनका अंतिम संस्कार 28 दिसंबर को नई दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया गया. भारत और दुनिया भर के नेताओं ने मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया. केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की. इस बीच कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर मनमोहन सिंह का अपमान करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पत्र लिखकर अनुरोध करने के बावजूद, बीजेपी सरकार ने मनमोहन सिंह का स्मारक बनाने के लिए दिल्ली में जमीन आवंटित नहीं किया. कांग्रेस की मांग थी कि मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार उसी स्थान पर हो, जहां उनका स्मारक बन सके. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पार्टी पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन का ‘राजनीतिकरण’ करने और ‘ओछी राजनीति’ में शामिल होने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री पद पर थे तो कांग्रेस पार्टी ने उनके प्रति कभी सम्मान नहीं दिखाया. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने खड़गे और डॉ. सिंह के परिवार को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित किया है कि सरकार ​राष्ट्रीय राजधानी में पूर्व प्रधानमंत्री का स्मारक बनवाएगी. इसके लिए ट्रस्ट का गठन पड़ता है, जिसकी औपचारिकताओं में समय लगेगा. इसलिए कांग्रेस और डॉ. सिंह के परिवार से अनुरोध किया गया था कि वे अंतिम संस्कार की सभी प्रक्रियांए निर्धारित समय में पूरी कर लें. हालांकि, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि डॉ. सिंह के स्मारक के लिए जगह आवंटित कर दी गई. इसके बारे में उनके परिवार को भी जानकारी दे दी गई है. हालांकि नड्‌डा ने यह नहीं बताया कि जमीन कहां दी गई है. नड्‌डा ने कहा- राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेता मनमोहन सिंह के निधन पर भी राजनीति कर रहे हैं. कांग्रेस ने मनमोहन सिंह को जीवित रहते हुए कभी सम्मान नहीं दिया, और अब उनके सम्मान के नाम पर राजनीति कर रही है.

मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया, बारिश के बाद लुढ़का पारा, बढ़ी ठंड

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश के बाद ठंड बढ़ गई है। पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्र में साफ दिख रहा है। मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में इस समय कंपकंपी वाली ठंड का अहसास हो रहा है और मौसम विभाग ने आज भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट मुख्य रूप से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए है, जहां बारिश, ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं के कारण तापमान और भी गिर सकता है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश, कश्मीर और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी से हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दिल्ली में आज न्यूनतम मौसम 9 डिग्री सेल्सियस रहेगा। वहीं अगले सप्ताह तक मौसम ठंडा और शुष्क बना रहेगा। उत्तर भारत के कुछ स्थानों में रविवार (29 दिसंबर) से शीतलहर शुरू होने की आशंका है। पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़, राजस्थान के अलग-अलग स्थानों में 29-30 दिसंबर के दौरान देर रात और सुबह के दौरान घने से बहुत घना कोहरा रहने की आशंका जताई जा रही है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इस समय घना कोहरा देखा जा रहा है। खासकर सुबह और शाम के समय कोहरे के कारण ड्राइविंग करना मुश्किल हो सकता है। कोहरे की चादर ने इन राज्यों में ठंड को और बढ़ा दिया है, जिससे सर्दी का अहसास और भी तेज हो गया है। राजस्थान माउंट आबू के तापमान में 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। शनिवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बादल गरजने का भी अलर्ट जारी किया गया है। बनारस कोहरे की सफेद चादर में ढका है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मौसम और भी बिगड़ सकता है और ठंडी हवाएं और बारिश की संभावना बनी रहेगी। इस स्थिति में दिल्ली और एनसीआर सहित अन्य हिस्सों में ठंड बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को ज्यादा सर्दी का सामना करना पड़ेगा। दिल्ली का मौसम ठंडा रहेगा, जहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रविवार को दोपहर के समय भी बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे तापमान में और कमी आ सकती है।  

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर तेजी से चल रहा कार्य, कई रेलवे लाइनों को सात स्टील और प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट पुलों के माध्यम से पार किया जाएगा

नई दिल्ली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है, जिसके तहत 13 नदियों और कई राजमार्गों पर पुल बनाए जा रहे हैं। इसमें कई रेलवे लाइनों को सात स्टील और प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट पुलों के माध्यम से पार किया जाएगा। यह जानकारी भारतीय रेलवे द्वारा वार्षिक समीक्षा में दी गई। रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रोजेक्ट के अंतर्गत 243 किलोमीटर से अधिक पुल निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, साथ ही 352 किलोमीटर पियर कार्य और 362 किलोमीटर पियर नींव का कार्य भी पूरा हो चुका है। गुजरात में ट्रैक निर्माण का काम तेजी से चल रहा है, आनंद, वडोदरा, सूरत और नवसारी जिलों में आरसी ट्रैक बेड का निर्माण कार्य हो रहा है। लगभग 71 किलोमीटर आरसी ट्रैक बेड का निर्माण पूरा हो चुका है और वायडक्ट पर रेल की वेल्डिंग शुरू हो गई है। महाराष्ट्र में मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए पहला कंक्रीट बेस स्लैब 32 मीटर की गहराई पर सफलतापूर्वक डाला जा चुका है, जो 10 मंजिला इमारत के बराबर है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) और शिल्पाता के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग पर काम चल रहा है, जिसमें मुख्य सुरंग निर्माण की सुविधा के लिए 394 मीटर की इंटरमीडिएट सुरंग (एडीआईटी) पूरी हो चुकी है। पालघर जिले में न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) का उपयोग करके सात पर्वतीय सुरंगों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। गुजरात में एकमात्र पर्वतीय सुरंग पहले ही सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। समीक्षा में कहा गया है कि इस कॉरिडोर पर 12 स्टेशन हैं, जिन्हें थीम आधारित एलीमेंट्स और ऊर्जा-कुशल सुविधाओं के साथ डिजाइन किया गया है और इनका निर्माण चल रहा है। ये यूजर फ्रेंडली और ऊर्जा-सकारात्मक स्टेशन विश्व स्तरीय यात्री अनुभव प्रदान करने के लिए डिजाइन किए गए हैं, साथ ही इनमें सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता भी दी गई है। इसके अलावा रेलवे द्वारा 2030 तक नेट जीरो कार्बन का लक्ष्य रखा गया है। समीक्षा में कहा गया है कि नवंबर 2024 तक लगभग 487 मेगावाट सौर संयंत्र और लगभग 103 मेगावाट पवन ऊर्जा संयंत्र चालू हो चुके हैं।  

स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया, खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया। उन्होंने कई सरकारी योजनाओं और खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया। अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, “इस सर्दी के मौसम में पूरे देश में खेल और फिटनेस से जुड़ी कई गतिविधियां हो रही हैं। मुझे खुशी है कि लोग अपनी दिनचर्या में फिटनेस को शामिल कर रहे हैं।” उन्होंने देश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह की चर्चा करते हुए कश्मीर में स्कीइंग और गुजरात में पतंगबाजी जैसे उदाहरण दिए। साथ ही, ‘संडे ऑन साइकिल’ और ‘साइकिलिंग ट्यूजडे’ जैसे अभियानों की तारीफ की, जो साइकिलिंग को फिटनेस का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक नई क्रांति बताया। यह इलाका पहले माओवाद से प्रभावित था, लेकिन अब खेलों के माध्यम से एक नई ऊर्जा पा रहा है। उन्होंने कहा, “बस्तर ओलंपिक के जरिए बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि यह सपना साकार हुआ। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर ‘जंगली भैंसा’ और ‘पहाड़ी मैना’ बस्तर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। इस महाकुंभ का मंत्र है ‘करसे ता बस्तर, बरसे ता बस्तर,’ यानी बस्तर खेलेगा, बस्तर जीतेगा।” पीएम मोदी ने बताया कि इस आयोजन में सात जिलों से 1.65 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने इसे युवाओं के संकल्प और सफलता की प्रेरक कहानी बताया। बस्तर ओलंपिक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल थे, जिनमें युवाओं ने अपना हुनर दिखाया। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के प्रेरणादायक प्रतिभागियों की कहानियां भी साझा की। जैसे – तीरंदाजी में सिल्वर मेडल विजेता करी कश्यप, जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल विजेता पायल कवासी, और सुकमा के व्हीलचेयर रेसर पूनम सन्ना, जिन्होंने नक्सल प्रभाव से बाहर निकलकर मेडल जीते। इसके अलावा कोडागांव की तीरंदाज रंजू सोरी को ‘बस्तर यूथ आइकन’ के रूप में चुना गया। पीएम मोदी ने कहा, “बस्तर ओलंपिक सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है। यह विकास और खेलों का संगम है, जहां हमारे युवा अपना टैलेंट निखार रहे हैं और नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ का संदेश दें और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो प्रमुख उपलब्धियों पर जोर दिया, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही हैं। उन्होंने कहा, “ये दोनों उपलब्धियां स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली हैं। पहली है मलेरिया के खिलाफ हमारी लड़ाई, जो इंसानियत के लिए 4000 साल से एक बड़ी चुनौती रही है। आजादी के समय मलेरिया हमारे लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक था। यह उन बीमारियों में तीसरे स्थान पर था जो एक महीने से पांच साल तक के बच्चों की जान लेती थी। लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत ने इस चुनौती को सामूहिक रूप से और मजबूती से हराया है।” विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “2015 से 2023 के बीच भारत में मलेरिया के मामलों और मौतों में 80% की कमी आई है। यह बड़ी उपलब्धि सबके योगदान का नतीजा है। देश के हर कोने से लोगों ने इसमें भाग लिया।” उन्होंने बताया कि कैसे असम के जोरहाट में चाय बागान के मजदूरों ने तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मलेरिया से लड़ाई लड़ी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सड़क नाटक और रेडियो संदेशों के माध्यम से मच्छरों के पनपने से बचने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कैंसर के इलाज में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने मेडिकल जर्नल द लांसेट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “भारत में कैंसर का समय पर इलाज शुरू होने की संभावना काफी बढ़ गई है। आयुष्मान भारत योजना की मदद से 90% कैंसर मरीज समय पर इलाज शुरू कर पा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पहले गरीब मरीज आर्थिक कठिनाइयों के कारण कैंसर की जांच और इलाज कराने से बचते थे। लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना उनके लिए सहारा बन गई है, जिसने कैंसर के इलाज में वित्तीय बाधाओं को कम किया है और लोगों को समय पर इलाज के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कैंसर से लड़ने का केवल एक मंत्र है – जागरूकता, कार्रवाई, और विश्वास। जागरूकता का मतलब है कैंसर और उसके लक्षणों को समझना। कार्रवाई का मतलब है समय पर जांच और इलाज, और विश्वास का मतलब है यह भरोसा कि मरीजों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध है।”  

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर पहुंची, उठे सवाल

हरिद्वार सनातन नगरी हरिद्वार के उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में बुर्का और हिजाब पहने हुए मुस्लिम छात्राओं के प्रवेश ने एक बार फिर से विवाद खड़ा कर दिया है। इसकी भी चर्चा हो रही है कि क्या उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में भी इस्लामीकरण की बयार बहने लगी है और वह भी सनातन तीर्थ स्थली में ? जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें मुस्लिम छात्राएं, हिजाब और बुर्का पहने हुए परिसर में दिखाई दे रही हैं। संस्कृत विश्वविद्यालय में कई मुस्लिम छात्राएं अध्ययनरत हैं। पहले ये सामान्य छात्राओं की तरह ही परिधान में विद्यालय आती थीं किंतु अचानक कुछ दिनों से ये सभी छात्राएं या तो बुर्के में या फिर हिजाब पहने हुए कॉलेज में आने लगी हैं और क्लासरूम में भी बुर्का और हिजाब पहनकर बैठती हैं। ऐसा क्यों हुआ? छिड़ी बहस “पाञ्चजन्य” ने इस बारे में विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए कुलपति से वार्ता की और उक्त वीडियो के बारे में जानकारी साझा की। इस पर कुलपति डा. दिनेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि ये विषय उनके संज्ञान में आया है। इस बारे में कुलसचिव और संबंधित एचओडी से बैठक कर एक महिला चेंजिंग रूम बनाने का निर्णय लिया गया है ताकि छात्राएं बुर्का आदि बदलकर अपने क्लास रूम में जाएं। बहरहाल ये छात्राएं यहां इतिहास और अन्य विषय तो पढ़ने आ रही हैं, लेकिन क्या वे साथ ही साथ वे इस्लामिक संस्कृति को भी इस संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रवेश कराने में सफल हो गई है ? ये बात हरिद्वार में चर्चा का विषय बन गई है। उल्लेखनीय ये भी है कि गंगा नगरी हरिद्वार के आसपास डेमोग्राफी चेंज की घटना भी सामने आई है, जिसको लेकर सोशल मीडिया और अन्य मीडिया में लगातार खबरें चल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा हिजाब और बुर्के पर प्रतिबंध के फैसले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश दिया कि क्लास में बुर्का अथवा हिजाब पहन कर बैठने की इजाजत नहीं दी जा सकती। विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

डिजिटल अरेस्ट का मामला मुंबई में भी हुआ, लेकिन युवक ने ऐसी चली चाल कि फर्जी पुलिस अधिकारी ने खुद काटा फोन

मुंबई आजकल डिजिटल अरेस्ट के मामले खूब आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मुंबई में भी आया। लेकिन यहां पर युवक की चालाकी देखकर ठग खुद ही परेशान हो उठा। नतीजा यह हुआ कि कुछ ही वक्त के बाद स्कैमर खुद ही फोन काटने पर मजबूर हो गया। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है। स्कैम करने वाले ने कहाकि वह मुंबई के अंधेरी ईस्ट पुलिस थाने से बोल रहा है। वीडियो की शुरुआत में पुलिस अधिकारी कहता है कि मैं अंधेरी ईस्ट पुलिस थाने से बोल रहा हूं। फोन उठाने वाला शख्स अपना चेहरा नहीं दिखाता है। बदले में वह अपने छोटे पपी को मोबाइल कैमरे के सामने रख दिया। इसके बाद वह तथाकथित पुलिसवाले से बोलता है, ‘यह लीजिए सर। आ गया मैं कैमरे के सामने।’ इसके बाद वह पपी को कैमरे के और करीब ले जाता है। इस तरह का जवाब मिलते ही पुलिस अधिकारी बताने वाला शख्स भी हैरान रह जाता है। वह मुस्कुराने लगता है और अपना चेहरा कैमरे से हटा लेता है। इस पर वह शख्स कुत्ते को कैमरे पर रखते हुए कहता है। अरे यह रहा है मैं। अरे, थानेदार। दिख रहा है? अरे नकली वर्दी। इसके बाद वह हंसने लगता है। यह सब देखकर स्कैमर भी फ्रस्ट्रेट होने लगता है। वह अपना चेहरा कैमरे से हटा लेता है और फोन काट देता है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में डिजिटल अरेस्ट के मामले काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। इन मामलों ने अधिकारियों को भी परेशान कर दिया है। कुछ दिन पहले ही बेंगलुरु में रहने वाले एक जापानी शख्स के साथ 35.5 लाख रुपए की ठगी की गई। स्कैमर्स ने उसे मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाया था। इसके बाद युवक से विभिन्न माध्यमों से पैसे उगाहे गए। वहीं, बेंगलुरु के ही एक टेकी को डिजिटल अरेस्ट करके 11.8 करोड़ उगाह लिए गए थे।

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