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भीमताल में हुए दर्दनाक बस हादसा, रोडवेज बस गहरी खाई में गिरी, 3 की मौत कई घायल, कई घायल

नैनीताल उत्तराखड़ के अल्मोड़ा से हल्द्वानी जा रही रोडवेज बस भीमताल-रानीबाग मोटर मार्ग पर आमडाली के पास 1500 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस बस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई जबकि 24 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। भीमताल में हुए दर्दनाक बस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। दुर्घटना के बाद एनडीआरएफ (नेशनल डिसास्टर रिस्पांस फोर्स) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम भी मौके पर पहुंच गई हैं। इन टीमों ने घायलों को निकालने और उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्तपताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को निकाला जा रहा है। भीमताल में हुए बस हादसे के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए 15 एम्बुलेंस हल्द्वानी भेजे गए हैं, ताकि घायल यात्रियों को जल्दी से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सके। सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भीमताल के निकट बस के दुर्घटनाग्रस्त होने का समाचार अत्यंत दुःखद है। स्थानीय प्रशासन को त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए निर्देशित किया है। बाबा केदार से सभी यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूं।” उत्तराखंड में हाल के दिनों में सड़क हादसों में वृद्धि ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले महीने नवंबर में अल्मोड़ा में एक और बड़ा हादसा हुआ था, जब यात्रियों से भरी एक बस खाई में गिर गई। इस दर्दनाक घटना में 36 लोगों की मौत हो गई थी। इसी तरह, 12 नवंबर को देहरादून में भी एक भयावह कार दुर्घटना हुई, जिसमें छह छात्रों की मौत हो गई थी।

कजाकिस्तान से 110 यात्रियों के साथ विमान दुर्घटनाग्रस्त, 52 टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं

अक्ताऊ (कजाकिस्तान) कजाकिस्तान से 110 यात्रियों के साथ रूस जा रहा एक यात्री विमान देश के अक्ताऊ शहर में हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह जानकारी कजाकिस्तान इमरजेंसी मिनिस्ट्री ने दी। स्थानीय मीडिया आउटलेट काजप्रावदा केजेड ने बताया कि इस दुर्घटना की वजह से विमान में आग लग गई। मंत्रालय ने कहा, “कजाख इमरजेंसी मिनिस्ट्री के कुल 52 राहत एवं बचाव टीमें और 11 उपकरण टीमें घटनास्थल पर बचाव कार्य के लिए भेजी गई हैं। इन टीमों के घटनास्थल पर पहुंचने पर विमान को आग की लपटों में घिरा हुआ पाया गया। फायर ब्रिगेड कर्मी फिलहाल आग बुझाने में जुटे हैं। कुछ लोगों के जीवित बचे रहने की संभावना है।” शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि विमान में 105 यात्री और चालक दल के 5 सदस्य सवार थे। हालांकि, मृतकों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन 25 लोगों के जीवित बचे होने की खबर है, जिनमें से 22 अस्पताल में भर्ती हैं। बचाव कार्य जारी है और पीड़ितों के बारे में विवरण की पुष्टि की जा रही है। विमान, अजरबैजान एयरलाइंस एम्ब्रेयर ईआरजे-190, बाकू, अजरबैजान से रूस के चेचन्या में ग्रोजनी के लिए उड़ान भर रहा था। घने कोहरे के कारण इसे अक्ताऊ की ओर मोड़ दिया गया। यह विमान दुर्घटना स्थानीय समयानुसार सुबह 6:28 बजे हुई। विमान हवाई अड्डे से कुछ किलोमीटर दूर ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। फ्लाईट रडार 24 के अनुसार, विमान “मजबूत जीपीएस जैमिंग के संपर्क में था, जिसके कारण विमान खराब एडीए-बी डेटा भेज रहा था।” एजेंसियों ने इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट वीडियो में दुर्घटनाग्रस्त होते समय विमान का वीडियो दिखाया गया है। वीडियो में आग की लपटें उठ रही हैं और आसमान में घना काला धुआं उठ रहा है। कजाकिस्तान इमरजेंसी मिनिस्ट्री के कमांड सेंटर में एक परिचालन मुख्यालय स्थापित किया गया है, जिसमें पूछताछ के लिए एक हॉटलाइन उपलब्ध कराया गया है।

कटरा रोपवे परियोजना के विरोध में हड़ताल, भक्तों को इस दौरान घोड़ा और पालकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकेंगी

नई दिल्ली माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने कटरा रोपवे परियोजना के विरोध में तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। यह हड़ताल बुधवार सुबह से शुरू हो गई है और इसका असर यात्रा पर पड़ सकता है। भक्तों को इस दौरान घोड़ा और पालकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकेंगी। पहले भी 18 दिसंबर को रोपवे के विरोध में प्रदर्शन हुआ था, और एक दिन के लिए बाजार बंद कर दिया गया था, जिसके कारण श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। प्रशासन के साथ बैठक के बाद जब कोई सहमति नहीं बनी, तो संघर्ष समिति ने 72 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया। हड़ताल के कारण स्थानीय दुकानें और ढाबे बंद रहे। पहले, जब दुकानदारों और ढाबों को बंद किया गया था, तो जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया था कि 23 दिसंबर तक कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। लेकिन 25 दिसंबर को संघर्ष समिति के पक्ष में कोई निर्णय नहीं हुआ, जिसके बाद हड़ताल की शुरुआत हुई। श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कटरा से ताराकोट मार्ग और सांझी छत के बीच 12 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाने का निर्णय लिया है। इस परियोजना की लागत 250 करोड़ रुपये है। लेकिन स्थानीय लोग, दुकानदार और पालकी वाले इसे अपने रोजगार पर असर डालने वाला मानते हैं। उनका कहना है कि यह रोपवे बाजार को बाईपास करेगा, जिससे तीर्थयात्री बाजार से नहीं गुजर पाएंगे और उनकी रोजी-रोटी पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। 15 दिसंबर को भी स्थानीय लोगों ने मुख्य बाजार में जोरदार प्रदर्शन किया था, और मंदिर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की थी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से उन लोगों की रिहाई की मांग की थी, जो पिछले महीने के प्रदर्शन में पुलिस से भिड़ गए थे। लोग अब इस परियोजना को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

मेयर के चुनाव को लेकर जालंधर में हाई वोल्टेज ड्रामा, हिरासत में लिया बड़ा Congress नेता

जालंधर जालंधर में मेयर के चुनाव को लेकर आज हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचने के लिए जहां ‘आप’ अन्य दलों के जीते हुए पार्षदों को आम आदमी पार्टी में शामिल करने में जुटी है, वहीं आज कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजिंदर बेरी वार्ड नंबर 47 में कांग्रेस पार्षद के घर के बाहर समर्थकों के साथ पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्षद पर आरोप है कि पार्षद लोगों को धोखा देकर ‘आप’ में शामिल हुए हैं, वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने बेरी और उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया है। जालंधर कमिश्नरेट पुलिस हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं को भार्गो कैंप पुलिस स्टेशन ले गई है। थाने पहुंचकर भी कांग्रेस नेताओं ने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। हालांकि पुलिस ने कुछ देर बाद सभी को छोड़ दिया। बता दें कि वार्ड नंबर 47 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद बनीं मनमीत कौर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई हैं, जिसके खिलाफ आज जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से अवतार नगर में मनमीत कौर के घर के बाहर धरना दिया गया।

रूस जा रही फ्लाइट हुई क्रैश, हादसे में छह यात्रियों के जीवित बचने की पुष्टि की गई है, जबकि दर्जनों लोगों के मारे जाने की आशंका

कजाकिस्तान कजाकिस्तान के एक्टाऊ शहर के पास एक विमान दुर्घटना की खबर सामने आ रही है। इस हादसे में छह यात्रियों के जीवित बचने की पुष्टि की गई है, जबकि दर्जनों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। कजाकिस्तान की सरकार के अनुसार, यह दुर्घटना एक्टाऊ हवाई अड्डे के पास हुई। विमान अजरबैजान एयरलाइन्स का था। रूस के ग्रोजनी जा रहा था। ग्रोजनी में घने कोहरे के कारण इसे मार्ग बदलने के लिए कहा गया था। विमान पर 105 यात्री और 5 चालक दल के सदस्य सवार थे। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ डरावनी तस्वीरें सामने आईं। उनमें विमान को क्रैश होकर जमीन पर गिरते हुए और आग के गोले में तब्दील होते हुए देखा गया। आपातकालीन बचावकर्मी विमान के टूटे-फूटे हिस्सों के पास दिखे। वह जीवित बचने वालों को निकालने की कोशिश कर रहे थे। अजरबैजान एयरलाइन्स से अभी तक इस दुर्घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में पुष्टि की गई है कि छह यात्री दुर्घटना में बच गए हैं। दुर्घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इससे पहले ब्राजील में हुई एक और हवाई दुर्घटना में 10 लोगों की मौत हो गई थी। यह विमान ग्रामाडो शहर में एक मोबाइल फोन की दुकान में गिरा। इसमें 10 यात्री और चालक दल के सदस्य मारे गए। इस दुर्घटना में 12 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पनामा नहर का इस्तेमाल करने के लिए अमेरिका से अनुचित शुल्क वसूला जा रहा है: डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन दूसरी बार राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठने से पहले ही डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयानों ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया बयान में ग्रीनलैंड को खरीदने, पनामा नहर पर कब्जा वापस लेने और मजाकिया अंदाज में कनाडा को अमेरिका में शामिल करने की इच्छा जताई है। उनके इन बयानों ने न केवल वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि विश्व नेताओं को भी भ्रमित कर दिया है कि ट्रंप अपने बयानों में गंभीर हैं या यह उनकी सुर्खियां बटोरने की रणनीति है। ग्रीनलैंड और पनामा नहर पर ट्रंप के बयान ट्रंप ने हाल ही में एक रूढ़िवादी सम्मेलन में कहा कि पनामा नहर का इस्तेमाल करने के लिए अमेरिका से “अनुचित शुल्क” वसूला जा रहा है। उन्होंने धमकी दी कि अगर यह “लूट” बंद नहीं होती है, तो वे पनामा नहर को अमेरिका के नियंत्रण में वापस लेने की मांग करेंगे। हालांकि, उन्होंने इसे हासिल करने का तरीका स्पष्ट नहीं किया। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने ट्रंप के बयान पर कड़ा जवाब देते हुए कहा, “पनामा नहर और उसका आस-पास का क्षेत्र हमारे देश का हिस्सा है और ऐसा ही रहेगा।” इसके अलावा, ग्रीनलैंड पर भी ट्रंप ने कुछ ऐसा कह दिया है जिससे तनाव बढ़ सकता है। ट्रंप ने इसे “अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यावश्यक” बताते हुए एक बार फिर इस क्षेत्र को खरीदने की इच्छा व्यक्त की। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री मूटे एगडे ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है और कभी नहीं होगा।” राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापार रणनीति विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की ये टिप्पणियां उनके “अमेरिका फर्स्ट” दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जिसमें वे अमेरिकी व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को लेकर विदेश नीति में आक्रामक रवैया अपनाना चाहते हैं। पनामा नहर पर चीन के बढ़ते प्रभाव का हवाला देते हुए, ट्रंप ने कहा कि नहर की तटस्थता सुनिश्चित करना अमेरिकी हित में है। चीन इस नहर का दूसरा सबसे बड़ा इस्तेमाल करने वाला देश है। यही वजह है कि चीन ने हाल के वर्षों में पनामा में बड़े आर्थिक निवेश किए हैं। ग्रीनलैंड के संबंध में, अमेरिका वहां पिटुफिक स्पेस बेस का संचालन करता है। ग्रीनलैंड प्राकृतिक संसाधनों, विशेष रूप से दुर्लभ खनिजों और तेल के लिए समृद्ध है, और आर्कटिक सर्कल में व्यापार के लिए एक रणनीतिक स्थान पर स्थित है। राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगामी चुनौतियां डेनमार्क ने ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने की इच्छा व्यक्त की है और ग्रीनलैंड के लिए अपने रक्षा बजट में भारी वृद्धि की घोषणा की है। ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट ने भी विवादों को हवा दी है। उन्होंने “ट्रुथ सोशल” पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें अमेरिकी झंडा पनामा नहर के बीच में लहराता हुआ दिख रहा है। उनके बेटे एरिक ट्रंप ने एक्स (ट्विटर) पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें ग्रीनलैंड, पनामा नहर और कनाडा को एक ऑनलाइन शॉपिंग कार्ट में जोड़ा गया दिखाया गया है। ग्रीनलैंड और पनामा नहर क्या है? ग्रीनलैंड- ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है, जो आर्कटिक और अटलांटिक महासागरों के बीच स्थित है। यह डेनमार्क के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र है। इसकी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों के कारण यह रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भौगोलिक स्थिति: ग्रीनलैंड का अधिकांश भाग बर्फ से ढका हुआ है, और इसका आर्कटिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान है। प्राकृतिक संसाधन: यहां दुर्लभ खनिज, तेल और गैस के बड़े भंडार पाए जाते हैं। सैन्य महत्व: अमेरिका का पिटुफिक स्पेस बेस (Thule Air Base) ग्रीनलैंड में स्थित है, जो सैन्य और अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए अहम है। राजनीतिक स्थिति: ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है, लेकिन इसके लोग स्वायत्त शासन का आनंद लेते हैं। पनामा नहर- पनामा नहर एक कृत्रिम जलमार्ग है, जो मध्य अमेरिका में स्थित पनामा देश के जरिए अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ता है। इतिहास: यह नहर 1914 में अमेरिका द्वारा बनाई गई थी और 1999 तक अमेरिकी नियंत्रण में रही। 1977 के समझौते के तहत इसे पनामा को सौंप दिया गया। महत्व: यह वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है। जहाजों को दक्षिण अमेरिका के चारों ओर यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे समय और ईंधन की बचत होती है। चीन का प्रभाव: हाल के वर्षों में चीन ने पनामा में बड़े निवेश किए हैं, जिससे यह नहर भू-राजनीतिक विवादों का हिस्सा बन गई है। वर्तमान स्थिति: नहर का संचालन और स्वामित्व पनामा के पास है, और यह देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ है। ग्रीनलैंड और पनामा नहर, दोनों ही क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, भू-राजनीतिक स्थिति, और वैश्विक व्यापार के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। यही कारण है कि इन पर नियंत्रण के मुद्दे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बनते रहते हैं। ट्रंप का यह आक्रामक रवैया उनकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पहले कार्यकाल के दौरान, उन्होंने इसी तरह के बयानों और कदमों से अपने समर्थकों के बीच लोकप्रियता हासिल की थी। अब यह देखना बाकी है कि 20 जनवरी को पदभार संभालने के बाद उनके बयान हकीकत में बदलते हैं या सिर्फ चुनावी रणनीति तक सीमित रहते हैं।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बीच US के सुरक्षा सलाहकार ने लगाया मोहम्मद यूनुस को फोन, दी चेतावनी

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं पर जारी हमलों के बीच संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने वहां की अंतरिम सरकार को सख्त चेतावनी दी है। हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र ने ढाका से आग्रह किया है कि वह देश के सभी नागरिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन और बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के बीच फोन पर हुई बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सुलिवन के साथ फोन पर बातचीत के दौरान मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताई है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में कहा गया, “दोनों नेताओं ने धर्म की परवाह किए बिना सभी लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान करने और उनकी रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।” यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में बाइडन प्रशासन से सत्ता डोनाल्ड ट्रंप को सौंपने में केवल एक महीने से भी कम समय बचा है। ट्रंप अगले साल 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले और हिंसा की घटनाएं जारी हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय और उनके पूजा स्थलों पर लगातार हमले हो रहे हैं। यह घटनाएं खास तौर पर शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से तेजी से बढ़ी हैं। व्हाइट हाउस ने 13 दिसंबर को कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन बांग्लादेश की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और अमेरिका देश की अंतरिम सरकार को धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेह ठहराएगा। कांग्रेसमैन थानेदार ने की बांग्लादेश सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील भारतीय अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद श्री थानेदार ने हाल ही में व्हाइट हाउस से अपील की कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या और मंदिरों को नष्ट करने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाए। उन्होंने कहा, “अमेरिका को हमेशा से पीड़ितों की आवाज बनने का गौरव प्राप्त रहा है। हमें इस मामले में भी ऐसा ही करना चाहिए। प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस को अपने वादे को पूरा करना होगा और शांति व समानता के सिद्धांतों पर देश का पुनर्निर्माण करना होगा।” मानवाधिकार संगठनों की चेतावनी रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदूएक्शन जैसी मानवाधिकार संगठन ने कहा कि बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों में हिंसा की घटनाओं में तेजी आई है। संगठन के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रवर्ती ने कहा कि “पिछले साढ़े पांच महीनों में जो कुछ हुआ है, वह दर्शाता है कि मुहम्मद यूनुस अपने जमात-ए-इस्लामी के सहयोगियों को रोकने में असफल रहे हैं। ये लोग देशभर में मंदिर जला रहे हैं, लोगों की हत्या कर रहे हैं और हिंदू समुदाय की महिलाओं पर अत्याचार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “अमेरिका को बांग्लादेश पर प्रतिबंध लगाने और हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदाय के लिए सुरक्षित क्षेत्रों की स्थापना करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।” इस गंभीर स्थिति में बांग्लादेश की सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हिंदू समुदाय और अन्य अल्पसंख्यक समूहों ने शांति और सुरक्षा की गुहार लगाई है।

बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश, बदला मौसम का मिजाज: मौसम विभाग

नई दिल्ली दिल्ली एनसीआर में हुई बारिश के बाद देश की राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार देखा गया। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी ऐसी ही स्थिति है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में बुधवार को बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन गुरुवार शाम से हल्की बारिश हो सकती है। इसके कारण ठंड बढ़ने की संभावना है। दिल्ली में क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर को साफ मौसम रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में धुंध की संभावना है। 26 दिसंबर की रात से हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, 27 दिसंबर को हल्की बारिश में बदल सकती है। इस दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसी तरह 28 दिसंबर को भी हल्की बारिश हो सकती है और 29 दिसंबर से साफ मौसम वापस आ सकता है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ की बात कहते हुए दक्षिण पंजाब और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी एक चक्रीय परिसंचरण सक्रिय होने की बात कही है। 27 दिसंबर से एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके कारण, आने वाले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं, जम्मू और कश्मीर में भी बौछारें हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय तमिलनाडु, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, दक्षिण छत्तीसगढ़ और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और तटीय कर्नाटक में भी हल्की बारिश का अनुमान है।

उत्तर कोरिया के 3000 से अधिक सैनिकों की या तो मौत हो चुकी है या फिर वे घायल हैं,जेलेंस्की का बड़ा दावा

रूस रूस के साथ जारी संघर्ष के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा दावा किया है। 23 दिसंबर को जारी एक एक बयान में कहा कि रूस के कुर्स्क इलाके में रूसी सेना की तरफ से लड़े रहे उत्तर कोरिया के 3000 से अधिक सैनिकों की या तो मौत हो चुकी है या फिर वे घायल हैं। एक रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ने अगस्त माह के शुरुआत से ही उत्तर कोरिया के लगभग 12,000 सैनिकों को यूक्रेन भेजा है। जेलेंस्की ने रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती सैन्य सहयोग को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि इससे आधुनिक युद्ध तकनीक और सैन्य अनुभव का आदान-प्रदान हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच इस सहयोग से अतिरिक्त सैनिकों और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप यूक्रेन को सख्त प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता होगी। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस और उत्तर कोरिया की बढ़ती साझेदारी से न केवल क्यूरेनियन सीमा, बल्कि पूरे कोरियाई प्रायद्वीप और आस-पास के क्षेत्रों में अस्थिरता का खतरा उत्पन्न हो सकता है। मारे गए उत्तर कोरियाई सैनिकों की संख्या से जुड़ी जानकारी का उल्लेख करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि उनका यह आकलन यूक्रेनी खुफिया विभाग द्वारा एकत्रित आंकड़ों पर आधारित है। आपको बता दें कि दक्षिण कोरियाई सांसद ली सुंग-कों ने 19 दिसंबर को बयान जारी करते हुए कहा था कि 100 से अधिक उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए हैं और लगभग 1,000 घायल हुए हैं। रूस का यूक्रेन की इमारत पर हमला, एक की मौत इस बीच यूक्रेन के शहर क्रिवी रिह में मंगलवार को एक रूसी बैलिस्टिक मिसाइल ने एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गवर्नर सेरही लिसाक ने कहा कि हमले में कम से कम 11 अन्य लोग घायल हो गए और चार मंजिला इमारत के मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट वीडियो से पता चला कि इमारत का एक तरफ का हिस्सा लगभग पूरी तरह से ढह गया है। यह हमला तब हुआ जब यूक्रेन 25 दिसंबर को दूसरी बार आधिकारिक तौर पर क्रिसमस मनाने की तैयारी कर रहा है।

हाईकोर्ट में अहमदााबद पूर्व सैनिक ने लगाई गुहार, इस्कॉन मंदिर के कुछ पुजारियों पर लगाए गंभीर आरोप

अहमदाबाद  एक पूर्व सैनिक ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके अपनी बेटी की कस्टडी की मांग की है। सेवानिवृत्त सैनिक पिता ने कोर्ट में कहा है कि मेरी बेटी सरखेज-गांधीनगर हाईवे पर स्थित इस्कॉन मंदिर के पुजारियों के कब्जे में है। पुजारियों ने उसे कथित तौर पर ब्रेनवॉश किय है। उसे राेज ड्रग्स दिया जाता है। पूर्व सैनिक की अपील पर गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद पुलिस को नोटिस जारी करके लड़की को हाजिर करने को कहा है। पिता का आरोप है कि बेटी पिछले छह महीने लापता हो गई थी। याचिकाकर्ता पूर्व सैनिक ने कहा है कि बेटी को जान होने की आशंका भी व्यक्त की है। ब्रेनवॉश करने का आरोप याचिकाकर्ता पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण आवेदन की सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा कि मेरी बेटी नियमित रूप से दर्शन और पूजा-भक्ति के लिए एसजी हाईवे पर प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर जाती थी। उसी दौरान वह इस्कॉन मंदिर के उक्त पुजारियों के संपर्क में आई। इसी दौरान इस्कॉन मंदिर के पुजारियों ने पूरी तरह से ब्रेनवॉश किया और उसे प्रभावित किया। पिता ने आरोप लगाया है कि इसके बाद बेटी मंदिर के पुजारी के साथ 23 तोला सोना और 3.62 लाख रुपये नकद लेकर घर से भाग गई। पहले दिया शादी का आदेश पिता का आरोप है मंदिर के पुजारी सुंदर मामा ने याचिकाकर्ता की बेटी की शादी अपने एक शिष्य से करने का आदेश दिया था। हालांकि याचिकाकर्ता ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उन्हें अपनी बेटी की शादी अपने समाज में करनी है। उसके बाद उन्हें धमकियां मिलीं और अंततः उनकी बेटी को मथुरा से एक शिष्य के साथ भगा दिया गया। पिता का आरोप है कि पुजारी कहते थे कि वह कृष्ण रूप हैं। 600 लड़कियां गोपियां हैं। याचिकाकर्ता पिता ने यह भी आरोप लगाया कि इस्कॉन मंदिर में लड़कियों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है और धर्म के नाम पर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। परिवार से टूट जाता है मोह पूर्व सैनिक ने याचिका में कहा है कि सुंदर मामा सहित पुजारी मंदिर में आने वाले भक्तों का इस हद तक ब्रेनवॉश करते हैं कि गुरु माता-पिता से अधिक महत्वपूर्ण हैं और मंदिर में रहने वाली 600 लड़कियाँ गोपियाँ हैं और उन्हें यह मानने के लिए मजबूर किया जाता है कि वे कृष्ण रूप हैं। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी मंदिर के पुजारी अवैध हिरासत और कारावास में हैं। बेटी को नियमित रूप से ड्रग्स और मारिजुआना दिया जा रहा है। पिता का आराेप है कि बार-बार शिकायत करने और गुहार लगाने के बावजूद पुलिस द्वारा उनकी बेटी को ढूंढने के लिए कोई प्रभावी प्रयास नहीं किया। पुलिस को हाईकोर्ट की नोटिस पिता की याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट की जस्टिस संगीता और जस्टिस संजीव ठाकर की पीठ ने राज्य सरकार, शहर के पुलिस आयुक्त, मेघानीनगर पुलिस स्टेशन के पीआई को नोटिस जारी करके कहा है कि लड़की को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। हाईकोर्ट ने इसके अलावा इस्कॉन मंदिर के प्रबंधन से जुड़े लोगों को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस मामले में आगे की सुनवाई 9 जनवरी को तय की गई है। इस्कॉन की तरफ से इस मामले में कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है।

भारत के शहरी क्षेत्रों में FMCG का विकास धीमा होकर 4.5 परसेंट, आटे का दाम इस धीमे विकास की सबसे बड़ी वजह

नई दिल्ली भारत में जहां गेहूं का आटा रोजमर्रा के भोजन का जरुरी हिस्सा है, वहां आटे की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने घरों का बजट बिगाड़ दिया है. ये समस्या इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि आटे की कीमतें 15 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं. कान्टार रिपोर्ट के मुताबिक इस बढ़ोतरी के असर से सबसे ज्यादा प्रभावित ग्रामीण इलाके हो रहे हैं. यहां परिवारों के खर्चे बढ़ गए हैं और FMCG सेक्टर की ग्रोथ भी इससे धीमी पड़ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में FMCG सेक्टर की ग्रोथ 4 फीसदी रही है, जो पिछले साल के मुकाबले धीमी है. इसी तरह शहरी क्षेत्रों में भी FMCG का विकास धीमा होकर 4.5 परसेंट रह गया है. खास बात है कि गेहूं के आटे का दाम इस धीमे विकास की सबसे बड़ी वजह बन गई है. 15 साल में सबसे महंगा गेहूं का आटा! आटे की कीमतें दिसंबर में 40 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं, ये कीमत जनवरी 2009 के बाद सबसे ज्यादा है. आटे की कीमतों में इस बढ़ोतरी के असर से खाद्य महंगाई पर नियंत्रण पाने की सरकार की कोशिशों को तगड़ा झटका लगने की आशंका है. दरअसल, ग्रामीण भारत में आटे की बढ़ती कीमतों ने वहां के परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है. ग्रामीण इलाकों में आटा लोगों के मासिक खर्च का बड़ा हिस्सा है. लेकिन गेहूं के आटे की कीमतों में आगे भी तेजी आने की आशंका क्योंकि गेहूं की कम पैदावार की वजह से सरकार के पास इसका स्टॉक भी कम है, जो डिमांड में बढ़ोतरी होने पर इसकी कीमतों में तेजी की वजह बन सकता है. महंगाई से FMCG कंपनियां भी परेशान! कुछ FMCG कंपनियों ने संकेत दिया है कि उन्हें कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है जिसकी वजह से उनके ऊपर कई प्रॉडक्ट्स के दाम बढ़ाने का दबाव है. शहरी क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर 11.1 फीसदी की दर से बढ़ी है जो पिछले 15 महीनों में सबसे ज्यादा है. इस बढ़ोतरी का असर FMCG की कीमतों पर पड़ा है. इस बढ़ोतरी को देखते हुए, अगले कुछ महीनों में FMCG कंपनियां कीमतों में और बढ़ोतरी कर सकती हैं. महंगाई की वजह से शहरी क्षेत्रों में प्रति घर औसत खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है जो दो साल में 13 फीसदी बढ़ा है.  कुल मिलाकर, देश भर में खाद्य महंगाई का असर FMCG सेक्टर पर साफ देखा जा रहा है. हालांकि, सरकार और कंपनियां इसे नियंत्रित करने के प्रयासों में जुटी हुई हैं लेकिन इसके बावजूद महंगाई का दबाव लंबे समय तक बना रह सकता है.  

गणतंत्र दिवस नहीं इस बार ‘वीर बाल दिवस’ पर बहादुर बच्चों को मिलेगा पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी सम्मानित

नई दिल्ली पहली बार गणतंत्र दिवस के बजाय देश के बाल पुरस्कार आगामी 26 दिसंबर को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के अवसर पर दिए जाएंगे। इस बार पुरस्कृत होने वाले सभी 17 बच्चों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी सम्मानित यह सम्मान सिर्फ वीरता के लिए ही नहीं बल्कि कला-संस्कृति, अन्वेषण, विज्ञान व तकनीकी, समाज सेवा, खेल और पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भी दिए जाएंगे। हालांकि इस समारोह का मुख्य केंद्र ‘वीर बाल दिवस’ ही होगा। 17 बच्चों को मिलेगा पुरस्कार केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री ने मंगलवार को एक बयान जारी करके बताया कि भारत के बच्चों की उपलब्धियों और साम‌र्थ्य को सम्मानित करते हुए आगामी गुरुवार को वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रव्यापी गतिविधियों के लिए इस साल 14 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 17 बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार समारोह में सात श्रेणियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सात लड़कों और दस लड़कियों को सम्मानित किया जाएगा।

जेक सुलिवन ने बांग्लादेश में मानवाधिकारों की बिगड़ती स्थिति और लोकतंत्र पर चिंता की व्यक्त

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन का रुख लगातार सख्त होता जा रहा है। हाल ही में व्हाइट हाउस से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस को एक सख्त संदेश भेजा गया। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन की ओर से की गई इस कॉल में बांग्लादेश में मानवाधिकारों की बिगड़ती स्थिति और लोकतंत्र पर चिंता व्यक्त की गई। गौरतलब है कि व्हाइट हाउस की तरफ यह बातचीत ऐसे वक्त पर हुई है जब राष्ट्रपति जो बाइडन के व्हाइट हाउस में कुछ ही दिन शेष हैं। व्हाइट हाउस ने अपने बयान में साफ किया कि हर नागरिक के मानवाधिकारों की रक्षा करना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। धर्म, जाति और किसी भी प्रकार के भेदभाव से परे, अमेरिका ने बांग्लादेश को चेतावनी दी है कि वह अपनी जमीन पर हो रहे अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। इस बातचीत में यूनुस ने भी मानवाधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आश्वासन दिया, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह आश्वासन जमीनी हकीकत में बदलेगा? अंतरराष्ट्रीय मंच पर बांग्लादेश की किरकिरी पिछले कुछ महीनों से बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की खबरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बनी हुई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग पहले ही अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर बांग्लादेश सरकार की आलोचना कर चुका है। हाल ही में एक धार्मिक नेता चिन्मयकृष्ण दास की गिरफ्तारी और उनके वकीलों के साथ बदसलूकी ने अमेरिका का ध्यान विशेष रूप से खींचा है। इसके अलावा, अमेरिका में रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों ने भी अपने देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों के चलते बांग्लादेश पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा है। क्या बांग्लादेश सुधरेगा? बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अमेरिका को मानवाधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का वादा किया है लेकिन हाल के दिनों में यूनुस सरकार हिंदुओं पर हुए हमलों पर चुप्पी ही साधे रही है।

शेख हसीना की मुश्किलें नहीं हो रही कम, पांच अरब डॉलर के परमाणु ऊर्जा प्लांट के कथित घोटाले के आरोप में जांच शुरू

ढाका बांग्लादेश में पांच अरब डॉलर के परमाणु ऊर्जा प्लांट के कथित घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके स्वजनों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। यह घोटाला ढाका से कुछ दूर स्थित रूपपुर पावर प्लांट को रूस की सरकारी एजेंसी रोसातोम बनवा रही है जिससे कुछ भारतीय कंपनियां भी जुड़ी हुई हैं। जानिए क्या है मामला यह बांग्लादेश का पहला परमाणु ऊर्जा प्लांट है जिसे ढाका से 160 किमी पश्चिम स्थित रूपपुर में रूस ने डिजाइन किया है। रूपपुर एनपीपी प्रोजेक्ट को लेकर लगाए गए आरोपों से रोसातोम ने इन्कार किया है। रूस सरकार के कारपोरेशन का कहना है कि वह पारदर्शी नीतियों के प्रति प्रतिबद्ध है। वह अपने हितों और प्रतिष्ठा के लिए कोर्ट में जाएगी। शेख हसीना पर लगे हैं ये आरोप वहीं, 77 वर्षीय अपदस्थ पीएम शेख हसीना पर आरोप है कि पांच अरब डालर के रूपपुर परमाणु ऊर्जा प्लांट की पूरी रकम को उन्होंने अपने मलेशिया के बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया है। इस मामले में शेख हसीना के अलावा, उनके बेटे सजीब वाजेब ज्वाय (अमेरिका में रहते हैं), उनकी भांजी व ब्रिटिश ट्रेजरी मिनिस्टर ट्यूलिप सादिक भी आरोपित हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार यह घटनाक्रम तब सामने आया जब दो दिन पहले बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में पूछा कि भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एससीसी) ने अभी तक रूपपुर पावर न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के पांच अरब डालर कथित रूप से शेख हसीना के मलेशिया के एकाउंट में ट्रांसफर किए जाने पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई है। हसीना, ज्वाय और ट्यूलिप की इस हेराफेरी को क्या अवैध नहीं घोषित किया जाना चाहिए? एसीसी के दस्तावेजों के अनुसार रूपपुर पावर प्लांट में भ्रष्टाचार होने की बात नेशनल डेमोक्रेटिक मूवमेंट (एनडीएम) के अध्यक्ष बाबी हज्जाज ने उजागर की थी। शेख हसीना पर लगे हैं कई अन्य आरोप उल्लेखनीय है कि हसीना अपदस्थ किए जाने के बाद यानी पांच अगस्त से भारत में शरण लिए हुए हैं। 16 साल के शासन और लगातार तीसरी बार सत्ता में निर्वाचित होने के बाद शेख हसीना पर और उनके सहयोगियों पर हत्याओं और प्रदर्शनों के भी आरोप लगाए गए हैं। हसीना के प्रत्यारोपण की मांग बता दें कि हाल के दिनों में ही बांग्लादेश नें भारत से शेख हसीना के प्रत्यारोपण के लिए पत्र लिखा था। भारत ने इस नोट के मिलने की बात स्वीकार की है। इस नोट को लेकर पिछले दिनों भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि, “हमें बांग्लादेश उच्चाोग से एक नोट वर्बल प्राप्त हुआ है जो प्रत्यर्पण से संबंधित है। इस बारे में हमारे पास साझा करने के लिए और कोई सूचना नहीं है।”

अमेरिका में उड़ानें अचानक रद्द, हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल मच गया, हजारों यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट में फंसे

वाशिंगटन क्रिसमस से पहले अमेरिका में एक एयरलाइंस ने अपनी सभी उड़ानों को अचानक रद कर दिया। इससे वहां के हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल मच गया। हजारों यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट में फंसे हैं। अमेरिकन एयरलाइंस और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने जानकारी दी कि तकनीकी समस्या की वजह से एयरलाइंस ने अमेरिका में अपनी भी उड़ानों को रोक दिया है। इससे क्रिसमस की पूर्व संध्या पर उड़ान भरने वाले हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

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