LATEST NEWS

प्रधानमंत्री मोदी जाएंगे कुवैत यात्रा पर, 43 साल बाद किसी PM का होगा दौरा

 नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21-22 दिसंबर को कुवैत के ऐतिहासिक दौरे पर जाएंगे. 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी. पीएम मोदी की यह यात्रा कुवैत के अमीर शेख मेशल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह के निमंत्रण पर हो रही है. भारतीय समुदाय और कुवैत नेतृत्व से बातचीत करेंगे पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कुवैत दौरे में भारतीय समुदाय के लोगों से और वहां के टॉप नेतृत्व से बातचीत करेंगे. कुवैत में 10 लाख से अधिक प्रवासी भारतीय रहते हैं. देश की अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय का सबसे बड़ा योगदान है. वैसे में उनके अधिकार पर भी पीएम मोदी बात करेंगे. कुवैत के विदेश मंत्री आए थे भारत उसके बाद कुवैत के विदेश मंत्री अबदुल्लाह अली अल-याहया ने दिसंबर के पहले हफ्ते में ही नई दिल्ली की यात्रा की थी। इस दौरे से यह संदेश देने की कोशिश है कि भारत ऊर्जा संसाधनों का अकूत भंडार रखने वाले इस देश के साथ अपने संबंधों को लेकर कितना गंभीर है। प्रधानमंत्री कुवैत में भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और कुवैत के बीच पारंपरिक रूप से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जिनकी जड़ें इतिहास में हैं और जो आर्थिक और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हैं। भारत कुवैत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है। भारतीय समुदाय कुवैत में सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। यह यात्रा भारत और कुवैत के बीच बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। बता दें कि बीते दिनों कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय की ओर से कुवैत के विदेश मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया था। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह यात्रा भारत और कुवैत के बीच बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) का एकमात्र देश है, जहां पीएम मोदी ने अभी तक दौरा नहीं किया है। कुवैत वर्तमान में जीसीसी का अध्यक्ष है। जीसीसी में कुवैत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बहरीन, सऊदी अरब, ओमान और कतर भी शामिल हैं। ज्ञात हो कि सितंबर में पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 79वें सत्र के मौके पर कुवैत राज्य के क्राउन प्रिंस शेख सबा खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबा से मुलाकात की थी, जो दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात थी। पीएम मोदी का दौरा क्यों है खास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कुवैत दौरा बेहद खास माना जा रहा है. कुवैत खाड़ी सहयोग परिषद का प्रमुख सदस्य है और फिलहाल जीसीसी की अध्यक्षता भी कर रहा है. वैसे में भारत का संबंध जीसीसी सदस्य देशों से बेहतर हो जाएगा. साथ ही कुवैत भारत के लिए कच्चे तेल और LPG का सबसे प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश है. 43 साल पहले इंदिरा गांधी ने किया था कुवैत का दौरा 43 साल पहले 1981 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कुवैत का दौरा किया था. हालांकि 2009 में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी दौरा किया था.

डीओएम से देश में ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया

नईदिल्ली केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय मानसून मिशन, मिशन मौसम और डीप ओशन मिशन (डीओएम) शुरू किए हैं। इनमें से डीओएम से देश में ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी है। डीप ओशन मिशन को भारत सरकार के ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए अहम परियोजना के रूप में देखा जा सकता है। वर्ष 2021 से डीप ओशन मिशन शुरू किया गया था पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में 7 सितंबर 2021 से डीप ओशन मिशन शुरू किया गया था। दरसल ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) में मछली पकड़ना और अन्य गतिविधियाँ शामिल हैं, जो देश के लिए बेहद फायदेमंद है। वहीं, डीओएम एक बहु-मंत्रालयी, बहु-विषयक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य गहरे समुद्र में रहने वाले और निर्जीव संसाधनों की खोज करना है ताकि ब्लू इकोनॉमी का समर्थन किया जा सके और महासागर संसाधनों का सतत दोहन किया जा सके। डीओएम के उद्देश्य गहरे समुद्र के संसाधनों की बेहतर समझ के लिए हैं, जिससे नीली अर्थव्यवस्था का विस्तार करने के प्रयासों में सहायता मिलेगी। डीओएम की गतिविधियाँ डीओएम की गतिविधियाँ ब्लू इकोनॉमी के घटकों, जैसे मत्स्य पालन, पर्यटन और समुद्री परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, जलीय कृषि, समुद्र तल संसाधन अन्वेषण गतिविधियाँ और समुद्री जैव प्रौद्योगिकी में मदद करेंगी। डीओएम के तहत विकसित की गई प्रौद्योगिकियाँ महासागरों की खोज करने और संभवतः ऊर्जा, मीठे पानी और रणनीतिक खनिजों जैसे निर्जीव संसाधनों का दोहन करने में मदद करेंगी। मिशन के तहत विकसित की जाने वाली सलाह सामाजिक और आर्थिक लाभों के लिए उपयोगी समुद्र के स्तर, तीव्रता और तूफानों की आवृत्ति आदि के बारे में मिशन के तहत विकसित की जाने वाली सलाह भारतीय तटीय क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक लाभों के लिए उपयोगी होगी। गहरे समुद्र में रहने वाले और निर्जीव संसाधनों की बेहतर समझ और कोबाल्ट, निकल, तांबा और मैंगनीज जैसे रणनीतिक खनिजों की खोज से इन संसाधनों के भविष्य के वाणिज्यिक दोहन का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है। महासागर तापीय ऊर्जा रूपांतरण अध्ययन अपतटीय ऊर्जा और मीठे पानी के उत्पादन के लिए हैं। डीओएम के उद्देश्यों में गहरे समुद्र की प्रौद्योगिकियों का विकास है शामिल गहरे समुद्र मिशन ( डीओएम) के उद्देश्यों में गहरे समुद्र की प्रौद्योगिकियों का विकास शामिल है, जिसमें गहरे समुद्र में खनन के लिए प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ 6000 मीटर पानी की गहराई के लिए निर्धारित मानवयुक्त पनडुब्बी का विकास, महासागर जलवायु परिवर्तन सलाहकार सेवाओं का विकास, गहरे समुद्र में खनिज संसाधनों और समुद्री जैव विविधता की खोज, गहरे समुद्र में सर्वेक्षण और बहु-विषयक अनुसंधान पोत की खोज और अधिग्रहण, तथा समुद्री जीव विज्ञान और गहरे समुद्र प्रौद्योगिकी में क्षमता निर्माण के साथ-साथ महासागर जीव विज्ञान के लिए एक उन्नत समुद्री स्टेशन की स्थापना शामिल है। हो रहा है व्यापक सर्वेक्षण और अन्वेषण कार्य वहीं दूसरी ओर डीओएम के एक भाग के रूप में , निकेल, कोबाल्ट, तांबा, मैंगनीज इत्यादि से समृद्ध पॉलीमेटेलिक नोड्यूल्स (पीएमएन) के लिए मध्य हिंद महासागर बेसिन में और तांबा, जस्ता इत्यादि से समृद्ध पॉलीमेटेलिक सल्फाइड्स (पीएमएस) के लिए मध्य और दक्षिण पश्चिम भारतीय कटकों में व्यापक सर्वेक्षण और अन्वेषण कार्य किया जा रहा है। भारत ने 75,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए मध्य हिंद महासागर बेसिन में पीएमएन और 10,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए मध्य और दक्षिण पश्चिम भारतीय तटों में पीएमएस के अन्वेषण के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। गहरे महासागरीय संसाधनों की खोज और उनके सतत उपयोग के लिए प्रौद्योगिकियों का विकास करने से समुद्री संसाधनों का अति-शोषण नहीं होगा। ‘उच्च समुद्र’ संधि पर हस्ताक्षर को मंजूरी इसके अलावा, वर्ष 2021 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत को राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से अलग जैव विविधता (BBNJ) समझौते या ‘उच्च समुद्र’ संधि पर हस्ताक्षर करने की मंज़ूरी दी। बीबीएनजे संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के तहत एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से परे क्षेत्रों में समुद्री जैविक विविधता के संरक्षण और सतत उपयोग को सुनिश्चित करना है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय देश में बीबीएनजे समझौते के कार्यान्वयन का नेतृत्व करेगा।

अमेरिका-रूस के बाद चीन दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी परमाणु शक्ति, एक साल में जुटाए 100 हथियार

वॉशिंगटन मिडिल ईस्ट और यूरोप के कई देश फिलहाल जंग की मार झेल रहे हैं। बीते साल इजरायल ईरान और रूस यूक्रेन की जंग में दुनिया के कई देश उलझे रहे। इस दौरान पूरी दुनिया का ध्यान गाजा और यूक्रेन पर ही रहा। हालांकि इस बीच भी चीन अपनी चालबाजियों में जुटा रहा। अमेरिका में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल चीन की परमाणु शक्ति कई गुणा बढ़ गई है। यह रिपोर्ट बुधवार को सामने आई है जिसमें कई खुलासे और दावे किए गए हैं। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक चीन अपने परमाणु शक्ति बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ने ताइवान के खिलाफ आक्रमकता बढ़ा दी है। वहीं पिछले एक साल में चीन ने रूस के साथ नजदीकियां भी बढ़ाई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मई तक चीन के पास लगभग 600 परमाणु हथियार थे। दावा किया गया है कि 2030 तक यह आंकड़ा 1,000 से भी ज्यादा होगा। चीन ने 2020 की तुलना में तीन गुना किया परमाणु भंडार अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन की इस रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने 2020 की तुलना में अपने परमाणु हथियारों का भंडार लगभग तीन गुना बढ़ाया है। यानी पिछले 4 साल में उसकी एटमी ताकत काफी बढ़ चुकी है। 18 दिसंबर को जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 में चीन के परमाणु बमों की संख्या 600 से ज्यादा हो चुकी है। 2030 तक चीन के पास होंगे 1000 परमाणु बम रिपोर्ट के मुताबिक, चीन जिस स्पीड से अपने परमाणु भंडार को बढ़ाने में लगा है, उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि 2030 तक उसके पास 1000 से ज्यादा परमाणु बम होंगे। इनमें से कई एटम बम को ड्रैगन पूरी तरह से तैनाती वाले मोड में रखेगा। अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारी के मुताबिक, चीन न सिर्फ एटमी हथियार बढ़ा रहा है, बल्कि इन्हें कई तरह से डेवलप कर रहा है। ड्रैगन इस वक्त कम क्षमता वाली सटीक स्ट्राइक मिसाइलों से लेकर ICBM तक की प्रणालियों पर काम कर रहा है। सालभर पहले चीन के पास थे 500 परमाणु बम पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल पहले यानी 2023 तक चीन के पास परमाणु बमों की संख्या 500 के आसपास थी। यानी बीते एक साल में उसने 100 न्यूक्लिकर हथियार बना लिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन प्लूटोनियम का उत्पादन करने के लिए अपने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर रिएक्टरों का इस्तेमाल कर सकता है। इतना ही नहीं, चीन की पीपुल्स रिपब्लिक आर्मी की बढ़ती ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसकी रेंज में अमेरिका के कई बड़े शहर हैं। चीन के लिए भ्रष्टाचार बना सबसे बड़ी चुनौती रिपोर्ट में कहा गया है कि तेजी से परमाणु बम बना रहे चीन के लिए भ्रष्टाचार सबसे बड़ी चुनौती है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 2050 तक पीपुल्स आर्मी को दुनिया की सबसे बड़ी सेना बनाना चाहते हैं, लेकिन चीनी सरकार के साथ ही सेना में बढ़ते भ्रष्टाचार ने उनके लक्ष्य को पीछे धकेलने का काम किया है। चीन का आया जवाब इस रिपोर्ट पर चीन ने भी जवाब दिया है। चीन ने कहा है कि वह सेल्फ डिफेंस के लिए परमाणु रणनीति को अपनाता है। चीन ने हमेशा पहले आक्रमण ना करने की नीति का पालन किया है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी न्यूनतम स्तर पर अपनी परमाणु क्षमताओं को बनाए रखा है। चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने बुधवार को कहा कि पेंटागन की ऐसी रिपोर्ट कोल्ड वार की मानसिकता से भरी हुई हैं, जिसका चीन दृढ़ता से विरोध करता है। क्या प्लानिंग कर रहा चीन एक अमेरिकी अधिकारी ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि बीजिंग तकनीकी रूप से लैस परमाणु शक्ति विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। परमाणु हथियारों की अपेक्षित संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। अधिकारी ने कहा कि चीन अलग-अलग तरह के लक्ष्यों पर हमला करने, अधिक नुकसान करने और जवाबी हमलों के लिए अधिक विकल्प रखने में सक्षम होने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका ने कई मौकों पर चीन से अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में अधिक पारदर्शी होने की अपील की है।

समुद्री इलाके में लिथियम का भंडार पाया गया, सऊदी अरब को एक और जैकपॉट हाथ लगा

नई दिल्ली तेल भंडारों और प्राकृतिक गैस से मालामाल सऊदी अरब को एक और जैकपॉट हाथ लग गई है। सऊदी के समुद्री इलाके में लिथियम का भंडार पाया गया है। सऊदी अरब की सरकारी स्वामित्व वाली पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस कंपनी अरामको ने एक तेल क्षेत्र के पायलट प्रोजेक्ट के तहत लिथियम निकालना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक्सॉन मोबिल और ऑक्सिडेंटल पेट्रोलियम (OXY.N) सहित अन्य तेल कंपनियां भी लिथियम पर काम करने में इच्छुक है। दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही कई दशकों से सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था तेल पर निर्भर रही है। आज  के समय दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही है। भारत समेत कई देशों की सरकारें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ऑटो कंपनियों को सब्सिडी भी प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में लिथियम भंडार मिलना सऊदी अरब के लिए बड़ी ‘गुड न्यूज’ है। लिथियम की खनन को बढ़ावा देने में जुटी सऊदी सरकार सऊदी अरब के खनन मामलों के डिप्टी मिनिस्टर खालिद बिन सालेह अल-मुदैफर ने घोषणा की है कि राज्य जल्द ही लिथियम की खनन को बढ़ावा देने के लिए कमर्शियल पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में लिथियम की कीमतें बढ़ती है तो सऊदी को जबरदस्त फायदा मिलेगा। दरअसल, जीवाश्म ईंधन का स्रोत तेजी से घट रहे हैं, ऐसे में वैज्ञानिक तेजी से वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों की तलाश कर रहे हैं। लिथियम को सफेद सोना या आधुनिक तेल भी कहा जाता है। लिथियम का उपयोग मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक कारों की बैटरी बनाने में होता है। भारत में भी मिला लिथियम का भंडार बता दें कि भारत में भी लिथियम का भंडार मिल चुका है। लिथियम की कीमत अरबों रुपये हैं। जम्मू कश्मीर में लिथियम का भंडार पाया गया है। भारतीय जियोलॉजिकल सर्वे द्वारा पाए गए लिथियम भंडार का मात्रा 59 लाख टन बताई जा रही है। रिन्यूएबल एनर्जी और लिथियम की मदद से बनने वाली आयन बैटरी में रिन्यूएबल एनर्जी को स्टोर किया जा सकता है। ये रिचार्जेबल बैटरी होती है और इसकी लाइफ भी अधिक होती है।

पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर अमेरिका सख्त, चार संस्थाओं पर लगाए प्रतिबंध

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने अमेरिका पर दोहरे मापदंड अपनाने और भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाया। इस्लामाबाद ने गुरुवार को कहा कि बाइडेन प्रशासन की तरफ से देश के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम से जुड़ी चार संस्थाओं पर लगाए गए नवीनतम प्रतिबंध ‘पक्षपातपूर्ण’ और ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ हैं। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने जोर देकर कहा कि सामरिक क्षमताएं उसकी संप्रभुता की रक्षा के लिए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “पाकिस्तान, नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स (एनडीसी) और तीन वाणिज्यिक संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने के अमेरिकी फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और पक्षपातपूर्ण मानता है। पाकिस्तान की रणनीतिक क्षमताएं उसकी संप्रभुता की रक्षा करने और दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हैं।” बयान में कहा गया, “नवीनतम प्रतिबंध सैन्य विषमताओं को बढ़ाते हैं और शांति-सुरक्षा के उद्देश्य को चुनौती देते हैं। पाकिस्तान का रणनीतिक कार्यक्रम 240 मिलियन लोगों की तरफ उसके नेतृत्व पर जताए गए विश्वास का प्रतीक है। इस विश्वास की पवित्रता से समझौता नहीं किया जा सकता है।” इससे पहले दिन में, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के लंबी दूरी के मिसाइल कार्यक्रम से होने वाले खतरे के मद्देनजर अमेरिका ने चार संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा रहा है। इन संस्थाओं में पाकिस्तान का नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स शामिल है – जो पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए जिम्मेदार है और जिसने पाकिस्तान के लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों को हासिल करने का काम किया है। इसके अलावा एफिलिएट्स इंटरनेशनल, अख्तर एंड संस प्राइवेट लिमिटेड, और रॉकसाइड एंटरप्राइज पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका इस मामले पर अपनी चिंताओं के बारे में लगातार कहता रहा है। विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा। “हम अपनी चिंताओं के बारे में स्पष्ट और सुसंगत रहे हैं, और हम इन मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ना जारी रखेंगे।”

दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी और हरियाणा में भी पटाखों की बिक्री पर लगाया बैन

नई दिल्ली दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एनसीआर में आने वाले यूपी और हरियाणा में भी पटाखों की बिक्री पर बैन लगाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अगले आदेश तक दोनों राज्यों में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। दरअसल गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के साथ-साथ अन्य शहरों में भी बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राजधानी में पूरे साल पटाखों के स्टॉक और बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि इसका असर तभी होगा, जब NCR के दूसरे शहरों में भी ऐसी ही रोक हो। इसलिए यूपी और हरियाणा भी ऐसा करें। राजस्थान ने भी लगाया है प्रतिबंध: कोर्ट लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने कहा, ‘हमारा मानना ​​है कि यह प्रतिबंध तभी प्रभावी होगा, जब एनसीआर क्षेत्र का हिस्सा बनने वाले अन्य राज्य भी इसी तरह के उपाय लागू करेंगे। यहां तक ​​कि राजस्थान राज्य ने भी राजस्थान के उस हिस्से में इसी तरह का प्रतिबंध लगाया है, जो एनसीआर क्षेत्रों में आता है। फिलहाल हम उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों को उसी तरह का प्रतिबंध लगाने का निर्देश देते हैं, जैसा कि दिल्ली राज्य ने 19 दिसंबर 2024 के आदेश के तहत लगाया है।’ जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने दिल्ली वायु प्रदूषण मामले की सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण से निपटने के उपायों की समीक्षा की। सुनवाई के दौराम पटाखों पर साल भर के प्रतिबंध, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया गया। राज्यों को टीमें गठित करने का निर्देश इसके अलावा प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए देश के सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अंतर्गत आने वाले राज्यों को आदेश दिया कि वे सभी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-4) के तहत प्रदूषण से बचने वाले उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि इसके क्रियान्वयन के लिए विभिन्न अधिकारियों की टीमें गठित की जानी चाहिए। इन राज्यों में एनसीआर क्षेत्र में आने वाले यूपी और हरियाणा शामिल हैं। पीठ ने निर्देश देते हुए कहा कि हम एनसीआर राज्यों को GARP- IV उपायों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए पुलिस, राजस्व अधिकारियों की टीमों का गठन करने का निर्देश देते हैं। हम यह कहते हैं कि इस टीम में बनाए गए सदस्य इस न्यायालय के अधिकारी के रूप में काम करेंगे।

कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इस मामले को लेकर संसद में अपनी बात रखी, कहा-कांग्रेस पार्टी को माफी मांगनी चाहिए

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत गुरुवार को संसद भवन की सीढ़ियों से गिर कर चोटिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया। दोनों को आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इस मामले को लेकर संसद में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी माफी मांगनी चाहिए। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “इस तरह से कोई हाथ नहीं उठा सकता। माननीय अध्यक्ष जी, जिस तरह से राहुल गांधी ने दो सांसदों पर हमला किया, उससे हमारे सदस्यों में बहुत आक्रोश है। यदि हम भी वैसा ही व्यवहार करें और अपने हाथ भी वैसे ही उठाएं, तो स्थिति क्या होगी? हमारे पास संख्याबल है और हम डरपोक नहीं है। अगर हमारे लोग भी राहुल गांधी जैसे हाथ उठाने लगेंगे तो लोकतंत्र कैसे चलेगा। कांग्रेस पार्टी को सिर्फ संसद से नहीं पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।” धक्का कांड को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह संसदीय इतिहास का काला दिन है। मर्यादा तार-तार हो गई है। लोकतंत्र कलंकित हुआ है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की गुंडागर्दी जैसा कोई दूसरा उदाहरण इससे बड़ा नहीं हो सकता। भारत के संसदीय इतिहास में ऐसा आचरण कभी नहीं देखा गया।अगर वे हरियाणा और महाराष्ट्र हार गए तो वे अपनी हताशा संसद में क्यों व्यक्त कर रहे हैं? लोकतंत्र में आचरण को समझने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस के लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए एक कार्यशाला बुलाई जानी चाहिए। मैं इस घटना से दुखी हूं। शिवराज सिंह ने आगे कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के भाषण से कांग्रेस बेनकाब हो गई है। वे इससे इतने निराश हैं कि अब गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। हम इस गुंडागर्दी की निंदा करते हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रल्हाद जोशी ने आरएमएल अस्पताल में भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी और मुकेश राजपूत से मुलाकात की। दोनों सांसदों को यहां भर्ती कराया गया है।

मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने 11 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 4.01 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई

मुंबई मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स सेल ने 12 से 18 दिसंबर तक शहर भर में कई बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया, जिसके दौरान 11 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 4.01 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस द्वारा ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए की जा रही लगातार मुहिम का हिस्सा है। एंटी नारकोटिक्स सेल की घाटकोपर यूनिट ने गोवंडी में गश्त के दौरान एक ड्रग्स सप्लायर को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 4 किलो से ज्यादा चरस बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस चरस की कीमत लगभग 1 करोड़ 40 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद, आजाद मैदान यूनिट ने धारावी में कार्रवाई की, जहां अवैध रूप से बेचे जा रहे कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप के एक व्यापारी को गिरफ्तार किया। व्यापारी के पास से पुलिस ने कुल 2,395 बोतलें जब्त कीं, जिसकी अनुमानित कीमत 11.97 लाख रुपये है। यह सिरप देश में प्रतिबंधित है और इसके अवैध व्यापार को गंभीर अपराध माना जाता है। इसके अलावा, कांदिवली यूनिट ने मलाड (मालवणी) और अंधेरी इलाकों में भी बड़ी कार्रवाई की। मलाड मालवणी में गश्त के दौरान कांदिवली यूनिट ने हेरोइन तस्करी में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके पास से 305 ग्राम हेरोइन बरामद की, जिसकी कीमत ₹1.22 करोड़ बताई जा रही है। वहीं, अंधेरी के मरोल इलाके में कांदिवली यूनिट ने एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 136 ग्राम कोकीन बरामद हुआ। इस कोकीन की कीमत 68.15 लाख रुपये है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने नाइजीरियाई ड्रग तस्करी नेटवर्क के संबंध में भी जांच शुरू कर दी है। मुंबई पुलिस के एंटी नारकोटिक्स सेल द्वारा शहरभर में किए गए इन ऑपरेशनों के दौरान कुल 4.01 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त की गई हैं। पुलिस की इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट करना है। फिलहाल, इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस टीम आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है।  

कश्मीर कड़ाके की ठंड की चपेट में, न्यूनतम तापमान शून्य से 6.0 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर इन दिनों जबरदस्त ठंड की चपेट में है और यहां गुरुवार को न्यूनतम तापमान शून्य से 6.0 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। श्रीनगर में मौसम विभाग के अनुसार श्रीनगर में यह तापमान इस समय के औसत से 4.0 डिग्री सेल्सियस कम है। इससे पहले इस मौसम में श्रीनगर में सबसे कम तापमान 10 दिसंबर को शून्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया था। यहां बर्फबारी होने के कारण डल झील के अंदरूनी हिस्से जम गए हैं, जिसकी वजह से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। कश्मीर घाटी के अलग-अलग स्थानों पर शीतलहर जारी रहने और 26 दिसंबर तक मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होने तथा कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आने का अनुमान है । इतना ही नहीं 27 दिसंबर की रात से 28 दिसंबर की सुबह तक कुछ ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी होने के आसार हैं। पहलगाम का पर्यटक स्थल सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां गुरुवार को तापमान शून्य से 6.8 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया जबकि पिछली रात को तापमान शून्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया था, जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। कश्मीर के प्रवेशद्वार शहर काजीगुंड में न्यूनतम तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई और बुधवार के शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस कम के मुकाबले यह शून्य से 7.0 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस कम है। दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया जबकि पिछली रात यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस कम था, जो सामान्य से 3.27 डिग्री सेल्सियस कम रहा। गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट में तापमान गुरुवार को लगातार दूसरे दिन शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। कुपवाड़ा में तापमान शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज गया जबकि पिछली रात शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस कम है।  

अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस कम से कम 14 दिन पहले लाया जाना चाहिए था, जो नहीं हुआ, धनखड़ के खिलाफ नोटिस खारिज

नई दिल्ली उप राष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष का लाया गया अविश्वास प्रस्ताव नोटिस खारिज हो गया है। इसके पीछे की वजह यह है कि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस कम से कम 14 दिन पहले लाया जाना चाहिए था, जो नहीं हुआ। इसलिए, राज्यसभा के उसभापति ने तकनीकी आधार पर विपक्ष के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही विपक्षी दलों का दांव फेल हो गया है। सूत्रों के अनुसार, उपसभापति हरिवंश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह प्रस्ताव दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ एक नैरेटिव बनाने के लिए लाया गया था। उपसभापति हरिवंश ने अस्वीकृति के कारणों को बताते हुए कहा कि 14 दिन का नोटिस, जो इस तरह के प्रस्ताव को पेश करने के लिए अनिवार्य है, नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सभापति महोदय जगदीप धनखड़ का नाम भी सही ढंग से नहीं लिखा गया था। पिछले हफ्ते उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव के मुद्दे पर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का जोरदार दौर चला, जिसके कारण हुए भारी हंगामे के बाद उच्च सदन की कार्यवाही शुक्रवार को दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी। कार्यवाही स्थगित होने से पहले धनखड़ ने विपक्ष पर उनके खिलाफ दिन-रात अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह एक किसान के बेटे हैं और कभी ‘कमजोर’ नहीं पड़ेंगे। उन्होंने कहा था, ‘‘दिन भर सभापति के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है…..यह अभियान मेरे खिलाफ नहीं है, यह उस वर्ग के खिलाफ अभियान है जिससे मैं जुड़ा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं व्यक्तिगत रूप से इस कारण से दुखी हूं कि मुख्य विपक्षी दल ने इसे सभापति के खिलाफ अभियान के रूप में पेश किया है। उन्हें मेरे खिलाफ प्रस्ताव लाने का अधिकार है। यह उनका संवैधानिक अधिकार है लेकिन वे संवैधानिक प्रावधानों से भटक रहे हैं।’’

नेवी में मार्कोस कमांडो महेंद्र सिंह दर्दनाक नाव हादसे में हुए शहीद, होने वाले थे दो महीने में रिटायर

मुंबई मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और एलिफेंटा के बीच हुए एक दर्दनाक नाव हादसे में राजस्थान के रेनवाल तहसील के जूनसिया गांव के निवासी महेंद्र सिंह राजपूत शहीद हो गए। महेंद्र सिंह भारतीय नेवी में मार्कोस कमांडो के पद पर कार्यरत थे और दो महीने बाद ही सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनकी उम्र 34 वर्ष थी। इस हादसे की खबर से उनके गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। 13 लोगों की मौत, 101 लोगों को बचाया गया हादसा बुधवार को हुआ, जब नीलकमल नाम की एक बोट गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा जा रही थी। बोट नेवी के एक जहाज से टकराकर समुद्र में पलट गई। इस हादसे में महेंद्र सिंह समेत 13 लोगों की जान चली गई, जिनमें तीन नेवी के जवान भी शामिल थे। जबकि 101 लोगों को बचा लिया गया, कुछ लोग अभी भी लापता हैं। महेंद्र सिंह धोनी को दे चुके थे ट्रेनिंग महेंद्र सिंह न केवल भारतीय नेवी के एक कुशल कमांडो थे, बल्कि उनकी बहुमुखी प्रतिभा भी थी। परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, महेंद्र सिंह ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को गन चलाने की ट्रेनिंग भी दी थी। उनका यह योगदान उनकी बहादुरी और देशसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है। गांव में शोक की लहर महेंद्र सिंह के शहीद होने की खबर सुनकर उनके परिवार और गांववालों का रो-रोकर बुरा हाल है। रेनवाल की तहसीलदार कोमल यादव ने बताया कि महेंद्र सिंह का शव गुरुवार दोपहर तक उनके गांव पहुंचेगा और यहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। क्षेत्र के लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से मदद महेंद्र सिंह के परिवार को सांत्वना देने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोग सक्रिय हैं। इस हादसे ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है और लोग उनकी वीरता और देशसेवा को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

पुलिस प्रशासन ने जूना अखाड़े पंहुचकर तंबू आदि उखड़वा दिए और अखाड़ा परिसर में इस संबंध में नोटिस चस्पा किया

हरिद्वार बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचारों के विरूद्ध श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े में गुरुवार से प्रस्तावित विश्व धर्म संसद के आयोजन को पुलिस ने रूकवा दिया है। तीन दिवसीय आयोजन की जूना अखाड़ा परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। हालांकि, जिला प्रशासन ने विश्व धर्म संसद के आयोजन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने अखाड़ा परिसर में चस्पा कर दिया नोटिस पुलिस प्रशासन ने सुबह जूना अखाड़े पंहुचकर वहां लगे तंबू आदि उखड़वा दिए और अखाड़ा परिसर में इस संबंध में नोटिस चस्पा कर दिया। प्रशासन की कार्रवाई के बाद दबाव में आते हुए आयोजकों ने धर्म संसद को स्थगित कर दिया। इक्कीस दिसंबर तक होने वाली धर्म संसद का आयोजन जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरी द्वारा किया जा रहा था। यति नरसिंहानंद करीब दो वर्ष पहले भी हरिद्वार मे आयोजित धर्म संसद में घृणा भाषण मामले में जेल जा चुके ह । बाद में यति नरसिंहानन्द ने कहा, ‘‘बांग्लादेश में जिस तरह से हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है, पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं और कश्मीर से हिंदुओं को हटा दिया गया, उसकी भविष्य में पुनरावृत्ति न हो और भारत इस्लामी जिहाद का शिकार न बन जाए, इस पर चर्चा के लिए धर्म संसद का आयोजन किया गया था।” उन्होंने कहा कि वह जिला प्रशासन द्वारा अनुमति न देने के कारण यह धर्म संसद स्थगित कर रहे हैं। हरिद्वार से उच्चतम न्यायालय तक करेंगे पैदल यात्रा- नरसिंहानंद यति नरसिंहानंद ने घोषणा की कि इसके विरोध में अब वह हरिद्वार से उच्चतम न्यायालय तक पैदल यात्रा करेंगे और वहां अपनी गुहार लगाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस्लाम के बारे में जो बात कही है, अगर वह गलत है तो उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई कोई भी सजा मैं भुगतने को तैयार हूं। दो वर्ष पूर्व भी यति नरसिंहानंद द्वारा हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में कथित घृणा भाषण को लेकर देश भर में उनकी आलोचना हुई थी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। एक दिन पूर्व बुधवार को भी धर्म संसद के आयोजन की अनुमति न मिलने पर यति नरसिंहानंद गिरी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने खून से पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि हिंदू राष्ट्र की बात करते-करते हिन्दू इस देश में दोयम दर्जे का नागरिक बन गया है। पत्र में उन्होंने लिखा था कि वह और उनके कुछ साथी बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं के नृशंस नरसंहार से व्यथित होकर उनकी पीड़ा को दुनिया भर तक पहुंचाने के लिए माया देवी मंदिर श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े में विश्व धर्म संसद का आयोजन कर रहे हैं और उनका यह आयोजन किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं बल्कि जूना अखाड़े के मुख्यालय पर हो रहा है। उन्होंने लिखा, ‘‘यह भीड़ एकत्रित करके शक्ति प्रदर्शन करने का कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि सीमित संख्या में संतों और प्रबुद्ध नागरिकों का एक छोटा सा सम्मेलन है। मंदिर के अंदर होने वाले ऐसे किसी कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति की आवश्यकता नहीं है। परन्तु हरिद्वार के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी शायद हम हिंदुओ को दोयम दर्जे का नागरिक मानते हैं और हम पर इसके लिए अनुमति मांगने का दबाव बना रहे हैं।” पत्र में उन्होंने कहा, ‘‘क्या अब हिंदुओ को अपने धर्म बंधुओं की नृशंस हत्याओं पर रोने के लिए भी सरकार की अनुमति की जरूरत पड़ेगी।”  

डंकी रूट पर ताले की तैयारी, भारतीयों की मुश्किलें बढ़ी, अमेरिका में प्रवेश के लिए मेक्सिको सीमा का उपयोग अब होगा बंद

वाशिंगटन अमेरिकी सपने को साकार करने की चाह में हजारों भारतीय हर साल खतरनाक और गैरकानूनी ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका पहुंचने की कोशिश करते हैं। यह रास्ता उन्हें कनाडा के दुर्गम जंगलों और जोखिमभरी सीमा से होते हुए अमेरिका तक ले जाता है। लेकिन अब यह मुश्किल यात्रा जल्द ही असंभव हो सकती है। अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में पद संभालने से पहले कनाडा को चेतावनी दी है कि यदि उसने गैरकानूनी प्रवास और नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्त कदम नहीं उठाए तो 25% आयात शुल्क लगाया जाएगा। इस चेतावनी के बाद कनाडा ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए $900 मिलियन की योजना का ऐलान किया है। गिर रहा है डंकी रूट का भरोसा गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश के लिए दक्षिणी सीमा यानी अमेरिका-मेक्सिको सीमा का उपयोग लंबे समय से होता आ रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में उत्तर की ओर कनाडा की सीमा पर बढ़ते दबाव के कारण वहां भी गैरकानूनी गतिविधियां बढ़ने लगी थीं। कनाडा और अमेरिका के बीच आसान रास्ता मानकर हजारों प्रवासी, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की है, इस ‘डंकी रूट’ का उपयोग कर रहे थे। 2023 में करीब 30,000 भारतीयों ने इस रास्ते से अमेरिका में प्रवेश की कोशिश की, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 43,000 तक पहुंच गया। कनाडा की सख्ती, भारतीयों की मुश्किलें डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने का ऐलान किया है। अब ड्रोन, हेलीकॉप्टर, और स्निफर डॉग्स की मदद से सीमा पर हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कनाडा की नई नीति न केवल ‘डंकी रूट’ को बंद कर देगी बल्कि प्रवासियों की जोखिमभरी यात्रा के विकल्प भी खत्म कर देगी। यह कदम उन भारतीय परिवारों के लिए बड़ा झटका है जो अपनी पूरी जमा पूंजी बेचकर अमेरिका में बेहतर जीवन की तलाश में निकलते हैं। खतरों से भरी डंकी रूट की यात्रा यह यात्रा न केवल महंगी बल्कि बेहद खतरनाक भी है। मानव तस्कर एक व्यक्ति से 40-80 लाख रुपये तक लेते हैं। प्रवासी अक्सर जंगली इलाकों, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और कड़ी जलवायु का सामना करते हैं। 2022 में पटेल परिवार की ठंड से मौत हो जाने जैसी घटनाएं इन खतरों को उजागर करती हैं। कनाडा की नई सख्त नीतियां और अमेरिका की कड़ी निगरानी के बीच, यह स्पष्ट है कि डंकी रूट अब ‘अमेरिकी सपने’ को पूरा करने का आसान विकल्प नहीं रहेगा।

जान बचाने के लिए 14 करोड़ की जरूरत, इलाज का खर्च उठाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में 11 महीने की बच्ची की गुहार

नई दिल्ली भावुक याचिका दायर की गई है, जिसमें 11 महीने की एक बच्ची के इलाज के लिए 14 करोड़ रुपये की आवश्यकता की बात की गई है। बच्ची स्पाइनल मस्क्युलर अट्रोफी (SMA) नामक एक दुर्लभ और खतरनाक बीमारी से जूझ रही है, जो अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो 24 महीने की उम्र तक जानलेवा हो सकती है। इस बीमारी में बच्चों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है और शरीर के अन्य अंगों का कार्य प्रभावित होता है। इस गंभीर स्थिति में बच्ची को बचाने के लिए उसकी मां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। स्पाइनल मस्क्युलर अट्रोफी (SMA) क्या है? स्पाइनल मस्क्युलर अट्रोफी (SMA) एक जीन से संबंधित बीमारी है, जिसमें मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली तंत्रिका कोशिकाओं में कमी आ जाती है। इससे मांसपेशियों की ताकत घटने लगती है और धीरे-धीरे मांसपेशियां कार्य करना बंद कर देती हैं। SMA के विभिन्न प्रकार होते हैं, जिनमें से सबसे गंभीर प्रकार में बच्चे की मौत 2 साल की उम्र से पहले हो सकती है। इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में **ज़ोलजेंस्मा** नामक एक इंजेक्शन को इस बीमारी के इलाज के लिए मंजूरी दी गई है, जो बेहद महंगा है और इसका असर बच्चे की स्थिति को स्थिर करने और मांसपेशियों को फिर से सक्रिय करने में मदद करता है। क्या है याचिका में मांग? याचिका में बच्ची की मां ने सुप्रीम कोर्ट से यह अपील की है कि उनकी बच्ची को इलाज के लिए ज़ोलजेंस्मा इंजेक्शन की तत्काल आवश्यकता है, जिसकी कीमत 14 करोड़ 20 लाख रुपये है। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने इस इंजेक्शन के लिए यही राशि निर्धारित की है, जो एक सामान्य परिवार के लिए जुटाना नामुमकिन है। याचिका में बताया गया है कि इस इंजेक्शन के बिना बच्ची की जान को गंभीर खतरा है, और समय की कमी के कारण किसी प्रकार की देरी से उसकी जान जा सकती है। क्या कहती है बच्ची के परिवार की स्थिति? याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि बच्ची के पिता भारतीय वायुसेना में एक नॉन-कमीशंड अधिकारी हैं। वायुसेना में सैनिकों और उनके आश्रितों के इलाज के लिए एक प्रावधान है, लेकिन दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता में इस बीमारी का इलाज शामिल नहीं है। इस कारण से बच्ची के परिवार को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सैनिकों के बीच क्राउड फंडिंग (आपसी चंदे से राशि जुटाने) के लिए उच्च अधिकारियों ने अनुमति देने से मना कर दिया। याचिकाकर्ता ने उदाहरण देते हुए बताया कि बीकानेर में एक अन्य बच्चे के इलाज के लिए, जो इसी बीमारी से पीड़ित था, उसके शिक्षक पिता ने विभाग से कर्मचारियों के वेतन से कुछ राशि काटने की अनुमति ली थी, ताकि इलाज के लिए आवश्यक राशि जुटाई जा सके। लेकिन वायुसेना के अधिकारियों ने इस तरह की पहल को अस्वीकार कर दिया और सैनिकों को किसी प्रकार का संदेश भेजने की अनुमति भी नहीं दी। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से क्या राहत मांगी? याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह केंद्र सरकार को आदेश दे कि वह बच्ची के इलाज का खर्च उठाए। साथ ही, उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि कोर्ट रक्षा मंत्रालय और वायुसेना प्रमुख को निर्देश दे कि वे सैनिकों को क्राउड फंडिंग के लिए संदेश भेजने की अनुमति दें, ताकि बच्ची का इलाज संभव हो सके। याचिकाकर्ता ने यह भी अपील की है कि केंद्र सरकार ज़ोलजेंस्मा इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए, ताकि इलाज में कोई देरी न हो। याचिका में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून की नज़र में समानता) और अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का हवाला भी दिया गया है, जिसमें यह कहा गया है कि अगर समय रहते इलाज नहीं किया गया, तो बच्ची की जान को खतरा हो सकता है, और उसे इस दुर्लभ बीमारी से बचाने के लिए त्वरित कदम उठाए जाने चाहिए। याचिकाकर्ता ने अदालत से यह आग्रह किया है कि वह इस मामले में तुरंत दखल दे और बच्ची को जीवन बचाने का अधिकार दिलवाए। सुप्रीम कोर्ट का संभावित कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर त्वरित सुनवाई की आवश्यकता जताई और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है कि वह इस गंभीर स्थिति में बच्ची के इलाज के लिए कैसे मदद करेगा। इस मामले में अदालत का निर्णय बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह न केवल एक बच्चे की जिंदगी से जुड़ा है, बल्कि यह देश के स्वास्थ्य और अधिकारों के बुनियादी सिद्धांतों को भी चुनौती देता है। भारत में दुर्लभ बीमारियों का इलाज और उसकी लागत इस मामले से एक बार फिर यह तथ्य सामने आया है कि भारत में दुर्लभ बीमारियों का इलाज अत्यधिक महंगा है, और सरकारी योजनाओं के तहत ऐसी बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं किया गया है। ज़ोलजेंस्मा इंजेक्शन की कीमत इतनी अधिक है कि इसे एक सामान्य परिवार के लिए वहन करना संभव नहीं है। यह मुद्दा यह भी उजागर करता है कि सरकारी संस्थाओं और स्वास्थ्य मंत्रालयों को इस तरह की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कुछ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। साथ ही, यह भी साबित करता है कि ऐसे मामलों में क्राउड फंडिंग जैसी मदद से इलाज के खर्च को पूरा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सरकारी समर्थन का अभाव महसूस किया जा रहा है। 

भारत मोबाइल बनाने के मामले में आत्मनिर्भर , चौंका देगा ये आंकड़ा; मंत्री जितिन प्रसाद ने दिया जवाब

नई दिल्ली मोबाइल फोन का इस्तेमाल वर्तमान समय में हर कोई रहा है। भारत जैसी बड़ी जनसंख्या वाले देश में ये आंकड़ा काफी अधिक है। मगर दिलचस्प बात ये है कि भारतमोबाइल यूज करने के साथ-साथ इसका उत्पादन करने में भी आगे है। जी हां, भारत ने मोबाइल हैंडसेट निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, देश में इस्तेमाल होने वाले लगभग 99% डिवाइस घरेलू स्तर पर बनाए जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद के साथ यह जानकारी साझा की, कि पिछले एक दशक में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में काफी वृद्धि देखी गई है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन मूल्य वित्त वर्ष 2014-15 में 1,90,366 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 9,52,000 करोड़ रुपये हो गया। यह 17% से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्शाता है। देश मोबाइल फोन के प्रमुख आयातक से निर्यातक बन गया है। मोबाइल विनिर्माण और निर्यात वृद्धि वित्त वर्ष 2014-15 में, भारत में बेचे गए लगभग 74% मोबाइल फोन आयात किए गए थे। अब, भारत अपने 99.2% मोबाइल हैंडसेट घरेलू स्तर पर बनाता है। यह बदलाव इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत की बढ़ती क्षमताओं और मोबाइल निर्यातक देश के रूप में इसके उभरने को दर्शाता है। प्रसाद ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 25 लाख नौकरियां पैदा की हैं। इस वृद्धि का श्रेय उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी पहलों को जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में पैदा हुईं 25 लाख नौकरियां वित्त वर्ष 2014-15 में भारत में बिकने वाले लगभग 74% मोबाइल फोन आयात किए गए थे। वहीं, अब भारत अपने 99.2% मोबाइल हैंडसेट घरेलू स्तर पर बनाता है। यह बदलाव इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग में भारत की बढ़ती क्षमताओं के साथ ही मोबाइल एक्सपोर्टर देश के रूप में इसके उभरने को दिखाता है। जितिन प्रसाद ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 25 लाख नौकरियां पैदा की हैं। इस वृद्धि का श्रेय उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई विभिन्न सरकारी पहलों को जाता है। मोबाइल फोन के इम्पोर्टर से एक्सपोर्टर बना भारत भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन मूल्य वित्त वर्ष 2014-15 में 1,90,366 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 9,52,000 करोड़ रुपये हो गया। यह 17% से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दिखाता है। देश मोबाइल फोन के प्रमुख आयातक से निर्यातक बन गया है। 76 हजार करोड़ की लागत से शुरू हुआ ‘सेमीकॉन इंडिया’ सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य देश के भीतर सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्यूफैक्चरिंग इकोसिस्टम डेवलप करना है। इसके अलावा बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर मैन्यूफैक्चरिंग को समर्थन देने के लिए अन्य योजनाएं भी हैं। प्रोडक्शन लिंक्ड इनीशिएटिव स्कीम (PLI) और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स व सेमीकंडक्टर्स की मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की योजना (SPECS) इन्हीं कोशिशों में से एक है। इस तरह की तमाम पहलों का उद्देश्य ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में भारत की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। हालांकि, ग्लोबल प्लेयर्स के साथ क्वालिटी और प्राइसिंग कॉम्पिटीशन कई चुनौतियां भी पेश करता है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली सरकारी पहल सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य देश के भीतर सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। इसके अतिरिक्त, बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर विनिर्माण का समर्थन करने के लिए अन्य योजनाएं भी हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत की प्रगति पर चर्चा करते हुए प्रसाद ने इन मुद्दों पर प्रकाश डाला। इन चुनौतियों का समाधान विकास को बनाए रखने और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet