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उज्जैन में 21 जुलाई से होगा अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव, कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित

All India Shravan Mahotsav will be held in Ujjain from July 21, entries invited from artists इस उत्सव के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक कलाकार 6 जून की शाम 5 बजे तक मंदिर कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा 21 जुलाई से 19 वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। रुद्रसागर के समीप स्थित त्रिवेणी संग्रहालय के सभागार में आयोजित होने वाले इस आयोजन में देश के अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार प्रस्तुति देंगे। स्थानीय कलाकारों को भी मंच साझा करने का अवसर प्राप्त होगा। इस बार गीत,संगीत व नृत्य की रस वर्षा से सराबोर सात शाम आयोजित होगी। मंदिर प्रशासक मृणाल मीना ने बताया महाकालेश्वर मंदिर की परंपरा अनुसार श्रावण मास में प्रत्येक रविवार को श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्सव में गीत, संगीत व नृत्य की शास्त्रीय विद्या के कलाकार प्रस्तुति देंगे। नटराज बाबा महाकाल के आंगन में होने वाले इस उत्सव के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक कलाकार 6 जून की शाम 5 बजे तक मंदिर कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। कलाकारों को अपेक्षित मानदेय, साथी कलाकारों के साथ अपेक्षित यात्रा व्यय व मानदेय की जानकारी भी देना होगी। मंदिर समिति की वेबसाइट पर अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। मंदिर समिति प्राप्त प्रविष्टियों का अवलोकन कर चयनित कलाकारों को प्रस्तुति के लिए आवेदन आमंत्रित करेगी।

धार्मिक स्थलो पर शासन के निर्देश अनुसार साउंड सिस्टम बजाए , थाना आमला में बैठक का हुआ आयोजन

As per government instructions, sound system was played at religious places, meeting was organized at Amla police station. हरिप्रसाद गोहे आमला । थाना आमला में आज शासन के निर्देशों के पालानार्थ धार्मिक स्थलों पर साउंड सिस्टम बजाने को लेकर मंदिर, मजस्जिद प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया था । बैठक में प्रमुख रूप से नयाब तहसीलदार आमला, थाना प्रभारी आमला, मुख्य नगर पालिका अधिकारी आमला मौजूद रहे । इस दौरान थाना आमला क्षेत्र अंतर्गत महत्वपूर्ण मंदिर, मस्जिद, जैन मंदिर, गुरुद्वारा आदि के पुजारी, मौलवी, ग्रंथि आदि के साथ थाना आमला परिसर में भजन, अजान आदि साउंड सिस्टम बजाय जाने के संबंध में बैठक ली गई ।जिसमे मंदिर, मस्जिद प्रमुखों को सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही साउंड सिस्टम बजाय जाने एवं शासन द्वारा निर्धारित डेसीवल में बजाय जाने के संबंध में निर्देश दिए गए ।

भागवत कथा जीवन के उद्देश्य और दिशा को दर्शाती है:देवी सत्यार्चा जी

Bhagwat Katha shows the purpose and direction of life: Devi Satyarcha Ji हरिप्रसाद गोहे  आमला। हारोडे परिवार द्वारा सिटी मैरिज लान आमला में भागवत कथा का आयोजन 18 मई से 25 मई तक किया जा रहा है। आयोजन के मुख्य जजमान धर्मराज हारोडे तथा हारोडे परिवार के धनराज हारोड़े,धर्मराज हारोडे,युवराज हारोडे,बलराज हारोडे,प्रमोद हारोडे है।आयोजित भागवत कथा में राष्ट्रीय कथा वाचिका  देवी सत्यार्चा जी के मुखार बिंद से कथा की रसधार प्रवाह मान है। श्रीमद् भागवत कथा में राष्ट्रीय कथावाचिका देवी सत्यार्चा जी ने श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह को एकाग्रता से सुना। श्रीकृष्ण-रुक्मणि का वेश धारण किए बाल कलाकारों पर भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने विवाह के मंगल गीत गाए। देवी सत्यार्चा जी ने कहा कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थी। रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उसने मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया। रुक्मणी का बड़ा भाई रुक्मी श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह चेदिनरेश राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से कराना चाहता था। रुक्मणी को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने एक ब्राह्मण संदेशवाहक द्वारा श्रीकृष्ण के पास अपना परिणय संदेश भिजवाया। तब श्रीकृष्ण विदर्भ देश की नगरी कुंडीनपुर पहुंचे और वहां बारात लेकर आए शिशुपाल व उसके मित्र राजाओं शाल्व, जरासंध, दंतवक्त्र, विदु रथ और पौंडरक को युद्ध में परास्त करके रुक्मणी का उनकी इच्छा से हरण कर लाए। वे द्वारिकापुरी आ ही रहे थे कि उनका मार्ग रुक्मी ने रोक लिया और कृष्ण को युद्ध के लिए ललकारा। तब युद्ध में श्रीकृष्ण व बलराम ने रुक्मी को पराजित करके दंडित किया। तत्पश्चात श्रीकृष्ण ने द्वारिका में अपने संबंधियों के समक्ष रुक्मणी से विवाह किया आयोजन करता परिवार  जयेश, विनोद,हारोडे,स्वराज,कर्मराज , आदित्य, क्रिस,सक्षम,पिपराज सभी भक्तजनों कथा श्रवण करने आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत कर धन्य अनुभव कर रहे है।  

गंगोत्री में जाम में फंसे मप्र के तीन श्रद्धालुओं की मौत, सीएम ने जताया दुख, सहायता राशि का एलान

Death of three devotees of Madhya Pradesh stuck in traffic jam in Gangotri, CM expressed grief, announced assistance amount प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यात्रा में फंसे प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए हेल्प लाइन नंबर 011-26772005, 0755-2708055 एवं 0755-2708059 पर संपर्क कर सकते हैं। मध्य प्रदेश से चारधाम यात्रा पर गए तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख सहायता राशि की घोषणा की है। वहीं, उत्तराखंड में फंसे प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। उत्तराखंड में मृत तीनों श्रद्धालु अलग-अलग शहर इंदौर, सागर और नीमच के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन श्रद्धालुओं की मौत पर दु:ख जताया है। साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि चार धाम यात्रा पर गए मध्य प्रदेश के तीन श्रद्धालुओं के जाम में फंसने से हुए असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं की शांति एवं परिजनों को यह गहन दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। इन यात्रियों की हुई मौतसागर के रहने वाले 71 वर्षीय राम गोपाल, नीमच की 62 वर्षीय संपत्ति बाई और इंदौर के 39 वर्षीय रामप्रसाद की मौत हुई है। राम गोपाल और संपत्ति बाई की मौत 10 मई और रामप्रसाद की मौत 14 मई को हुई। अधिकारियों ने अनुसार तीनों की मौत यमुनौत्री धाम की यात्रा के दौरान हुई है। मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। इन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्कप्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यात्रा में फंसे प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए हेल्प लाइन नंबर 011-26772005, 0755-2708055 एवं 0755-2708059 जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सहायता के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। भीड़ बढ़ने से सरकारी इंतजाम फेलउत्तराखंड में यमुनोत्री धाम की यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू हो गई है। यमुनोत्री धाम की कठिन पैदल यात्रा के दौरान कई बार ऑक्सीजन की कमी और ठंड के कारण तीर्थ यात्रियों की तबीयत बिगड़ जाती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को पहाड़ी यात्रा को रुक रुक कर पूरा करने की सलाह दी जाती है। वहीं, इसके अलावा सैकड़ों यात्री गंगोत्री-यमुनोत्री धामों पर बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंचने के कारण फंस गए हैं। इसके चलते सरकार की व्यवस्था चरमरा गई है। लोग जाम में फंसने के कारण भी परेशान हो रहे हैं।

देश में डर का माहौल; हमारा सरकार से मोहभंग – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान

An atmosphere of fear in the country; Our disillusionment with the government – Swami Avimukteshwaranand Saraswati’s big statement अलवर ! ज्योतिष पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचाय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि अभी देश में डर का माहौल है, लोकतंत्र को चलने नहीं दिया जा रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी में गौसेवक प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है, प्रशासन की ओर से उनके प्रस्तावकों को डराया जा रहा है। वहां के मेयर रात के दो बजे प्रस्तावकों के दरवाजे खटखटा कर उन्हें प्रस्तावक से नाम वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं। जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को अलवर में पत्रकारों से बातचीत में केन्द्र की मोदी सरकार, भाजपा, कांग्रेस व आप सहित अन्य पार्टियों पर भी खूब बरसे। उन्होंने कहा कि इस बार वाराणसी में गौसेवक आंध्र प्रदेश के पोलीसती के शिवकुमार ने सबसे पहले नामांकन दाखिल किया है। वे गौमाता गठबंधन में शामिल हैं और उनके अधिकत प्रत्याशी हैं। अब वाराणसी के मेयर उनके प्रस्तावकों को डरा उनसे हटने के लिए दवाब डाल रहे हैं। भाजपा का प्रयास है कि प्रस्तावकों को हटाकर गौसेवक शिवकुमार का नामांकन खारिज कराने का है। उन्होंने कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए उनकी ओर से देश में कई जगह प्रत्याशी खड़े किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गौहत्या पर रोक लगाने के लिए पांच महीने पहले भाजपा, कांग्रेस, आप सहित अन्य बड़ी पार्टियों से शपथ देने को कहा था, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। देश में एक लोकसभा चुनाव ही नहीं, हर रोज होते हैं कोई न कोई चुनावजगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हम लोग गौमाता की रक्षा की बात उठा रहे हैं। यह प्रयास कोई लोकसभा चुनाव के लिए नहीं है, बल्कि हर रोज कोई न कोई चुनाव होते हैं। इस कारण हम देश में 35 करोड़ मतदाताओं को गौमाता की रक्षा के लिए संकल्पित कर रहे हैं। खूब धमकियां मिल रही, लेकिन पीछे नहीं हटेंगेशंकराचार्य ने कहा कि उन्हें खूब धमकियां मिल रही है, उन्हें बोलने से रोका जा रहा है, मारने की बात कही जा रही है, मठ उजाड़ने, नकली शंकराचार्य खड़े करने की बात हो रही है, लेकिन देश में गोमाता की रक्षा के कार्य से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी के खिलाफ नहीं है। भाजपा के हारने या जीतने से उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। वे केवल गौहत्या का कानून चाहते हैं, राजनीति से उनका कोई सरोकार नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके अनुयायियों के माथे पर लग रहा गौहत्या का पाप हटे। कारण है कि उनके वोट से सरकार बनती है और फिर वही सरकार गायों को कटवाने का कार्य करती है। देश में सच्चे हिंदुत्व की जरूरतशंकराचार्ज ने कहा कि देश में सच्चे हिंदुत्व की जरूरत है, न कि राजनीतिक हिंदुत्व की। दस साल सरकार में रहकर भी गायों को कटने से रोकने का कानून नहीं बना पाए, वे राजनीतिक हिन्दू हैं। उन्होंने कहा कि सच बोलने वालों का विरोध होता है, हमें भी लाखों लोगों ने गालियां दी हैं। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं, केवल इवेंट हुआजगदगुरू शंकराचाय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई है, बल्कि एक इवेंट हुआ है। शास्त्रों में उल्लेखित है कि जब तक मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक भगवान की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हो सकती। अयोध्या में अभी राम मंदिर का केवल 30 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, इस कारण वहां मंदिर निर्माण पूरा होने पर ही प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी, अभी तो केवल इवेंट हुआ है।

खाटू श्याम, वैष्णोदेवी सहित इन धार्मिक स्थलों का दर्शन, IRCTC लाया किफायती टूर पैकेज

Visit these religious places including Khatu Shyam, Vaishnodevi, IRCTC brings affordable tour package, know the cost भोपाल ! मध्यप्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है. इस ट्रेन की मदद से एमपी के पर्यटक उत्तर दर्शन यात्रा के साथ खाटूश्याम जी के दर्शन भी आसानी से कर सकेंगे. ये ट्रेन 05 जून 2024 से शुरू होने वाली है, जो की भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से शुरू होगी. यह ट्रेन मध्यप्रदेश के रानी कमलापति, सीहोर, शुजालपुर, देवास, इंदौर, रतलाम, नागदा, श्यामगढ़, कोटा स्टेशनों से होते हुए जाएगी. इन स्टेशन से यात्री ट्रेन में यात्रा कर सकेंगे. ट्रेन की यात्रा कुल 10 रातों और 11 दिन की होगी. जिसमें ट्रेन जयपुर, खाटूश्याम जी, मथुरा, हरिद्वार, अमृतसर एवं वैष्णोदेवी के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराएगी. मात्र इतने रुपए में कर सकते हैं यात्राइस ट्रेन में यात्रा करने के लिए यात्रियों को स्लीपर श्रेणी की टिकट 18,110 रुपए प्रति व्यक्ति मिलेगी. 3AC स्टैण्डर्ड श्रेणी की टिकट 28,650 रुपए प्रति व्यक्ति एवं 2AC कम्फर्ट श्रेणी की टिकट 37,500 रुपए प्रति व्यक्ति की होगी. जिसमें यात्रियों को पूरे 11 दिन और 10 रातों में प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाए जायेंगे. मिलेंगी ये सारी सुविधाएंआईआरसीटीसी द्वारा शुरू की गई इस गौरव ट्रेन में यात्रियों को कई सेवाएं दी जाएंगी. जिसमें खाना, विशेष एलएचबी रैक, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और गुणवत्तायुक्‍त बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा प्रदान की जाएंगी. इस प्रकार करें टिकट की बुकिंगअगर आप इस ट्रेन में अपनी बुकिंग करना चाहते हैं तो आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन या फिर अधिकृत एजेंट से भी करवा सकते हैं.

जानिए बजरंगबली ने क्यों अपना हृदय चीरा और कैसे पड़ा हनुमान नाम ?

Know why Bajrangbali tore his heart and how he got the name Hanuman? देशभर में आज बड़े ही धूम-धाम के साथ भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में भारी भीड़ है। उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के बाद महाकाल का हनुमान जी के स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भगवान शंकर से हनुमानजी को मिला वरदानहनुमान से शंकरजी के अवतार हैं और भोलेनाथ से हनुमान जी को वरदान मिला है कि हनुमान जी को किसी भी अस्त्र से नहीं मारा जा सकता। हनुमान जी क्यों रखते हैं अपने पास गदाहनुमान जी दुष्टों को संहार और भक्तों की समस्याओं का निदान गदा से करते हैं। हनुमान जी हाथ में हमेशा गदा होती है। क्या आपको ये मालूम है हनुमान जी को गदा कैसे प्राप्त हुई है। दरअसल बजरंगबली को गदा कुबेर देव मिली थी और साथ में ये भी आशीर्वाद दिया कि हनुमान को कभी भी किसी युद्ध में परास्त नहीं किया जा सकता है। भगवान हनुमान को यमराज से मिला वरदानभूत पिशाच निकट नहि आवै, महावीर जब नाम सुनावै…भगवान हनुमान का नाम लेते ही सभी तरह की नकारात्मक शक्तियां फौरन ही भाग जाती हैं। धर्मराज यमराज से भी हनुमान जी को वरदान मिला हुआ है, उन्हें कभी भी यमराज का शिकार नहीं होने का वरदान प्राप्त है। सूर्यदेव से मिला हनुमान जी को तेजधार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान को अमरता का वरदान मिला है। हनुमानजी कलयुग में साक्षात और जाग्रत देवता हैं। यह भक्तों की पूजा से जल्दी प्रसन्न होकर हर तरह की मनोकामनाओं का पूरा करते हैं। हनुमान जी भगवान शिव के ग्याहरवें अवतार हैं और उन्हें कई तरह की शक्तियां मिली है। मान्यता है कि सूर्यदेव से हनुमान जी को तेज प्राप्त है। सूर्य देव ने उन्हें अपने तेज का सौवां अंश दिया है इसी कारण हनुमान जी के सामने कोई नहीं टिक पाता। जब हनुमानजी ने अपना सीना चीर दिया…हनुमानजी आज भी इस धरती पर विचरण करते हैं। हनुमान जी कलयुग के देवता हैं। कलयुग में हनुमान जी की आराधना अत्यंत लाभकारी होती है। नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी शक्तियां हनुमानजी की आराधना करने से भाग जाती हैं। हनुमानजी ने भगवान राम के दिल में ऐसी जगह बनाई कि दुनिया उन्हें प्रभु राम का सबसे बड़ा भक्त मानती है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान राम के राज्याभिषेक के बाद दरबार में उपस्थित सभी लोगों को उपहार दिए जा रहे थे। इसी दौरान माता सीता ने रत्न जड़ित एक बेश कीमती माला अपने प्रिय हनुमान को दी। प्रसन्न चित्त से उस माला को लेकर हनुमान जी थोड़ी दूरी पर गए और उसे अपने दांतों से तोड़ते हुए बड़ी गौर से माला के मोती को देखने लगे। उसके बाद उदास होकर एक-एक कर उन्होंने सारे मोती तोड़-तोड़ कर फेंक दिए। यह सब दरबार में उपस्थित लोगों ने देखा तो सब के सब आश्चर्य में पड़ गए। जब हनुमान जी मोती तो तोड़ कर फेंक रहे थे तब लक्ष्मणजी को उनके इस कार्य पर बहुत क्रोध आया,इस बात को उन्होंने श्री राम का अपमान समझा। उन्होंने प्रभु राम से कहा कि ‘हे भगवन, हनुमान को माता सीता ने बेशकीमती रत्नों और मनकों की माला दी और इन्होंने उस माला को तोड़कर फेंक दिया। जिसके बाद भगवान राम बोले, ‘हे अनुज तुम मुझे मेरे जीवन से भी अधिक प्रिय हो, जिस कारण से हनुमान ने उन रत्नों को तोड़ा है यह उन्हें ही मालूम है। इसलिए इस जिज्ञासा का उत्तर हनुमान से ही मिलेगा। तब राम भक्त हनुमान ने कहा ‘मेरे लिए हर वो वस्तु व्यर्थ है जिसमें मेरे प्रभु राम का नाम ना हो। मैंने यह हार अमूल्य समझ कर लिया था, लेकिन जब मैंने इसे देखा तो पाया कि इसमें कहीं भी राम-नाम नहीं है। उन्होंने कहा मेरी समझ से कोई भी वस्तु श्री राम के नाम के बिना अमूल्य हो ही नहीं सकती। अतः मेरे हिसाब से उसे त्याग देना चाहिए। यह बात सुनकर भ्राता लक्ष्मण बोले कि आपके शरीर पर भी तो राम का नाम नहीं है तो इस शरीर को क्यों रखा है? हनुमान तुम इस शरीर को भी त्याग दो। लक्ष्मण की बात सुनकर हनुमान ने अपना वक्षस्थल नाखूनों से चीर दिया और उसे लक्ष्मणजी सहित सभी को दिखाया, जिसमें श्रीराम और माता सीता की सुंदर छवि दिखाई दे रही थी। यह घटना देख कर लक्ष्मण जी से आश्चर्यचकित रह गए,और अपनी गलती के लिए उन्होंने हनुमानजी से क्षमा मांगी । आज यानी 23 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस दिन हनुमान जन्मोत्सव पर भगवान हनुमान की विशेष रूप से पूजा आराधना की जाती है। ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी के बचपन का नाम मारुति था। उन्हें उनके पिता पवन देव और माता अंजनी के पुत्र के रूप में जाना जाता है। एक दिन पवन पुत्र अपनी निद्रा से जागे तो उन्हें तीव्र भूख लगी। उन्होंने पास के एक वृक्ष पर लाल पका फल देखा, जिसे खाने के लिए वे निकल पड़े। दरअसल मारुती जिसे लाल पका फल समझ रहे थे वे सूर्यदेव थे। उस दिन अमावस्या का दिन था और राहु सूर्य पर ग्रहण लगाने वाला था, लेकिन जब तक सूर्य को ग्रहण लग पाता, उससे पहले ही हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया। सारे संसार में अन्धकार व्याप्त हो गया। मनुष्य से लेकर सभी देवता तक बड़े व्याकुल हो गए और हनुमानजी को मनाने के लिए आ गए लेकिन, मारुति हठ करके बैठ गए। सभी देवताओं ने देवराज इंद्र से सहायता मांगी। इंद्रदेव के बार-बार आग्रह करने पर जब हनुमान जी ने सूर्यदेव को मुक्त नहीं किया तो, इंद्र ने विवश होकर अपने वज्र से मारुति के हनु यानी ठोड़ी पर प्रहार किया, जिससे सूर्यदेव मुक्त हुए। वहीं वज्र के प्रहार से पवन पुत्र मूर्छित होकर पृथ्वी पर आ गिरे और उनकी ठुड्डी टेढ़ी हो गई। जब पवन देवता को इस बात की जानकारी हुई तो वे बहुत क्रोधित हुए। उन्होंने अपनी शक्ति से पूरे संसार में वायु के प्रवाह को रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर जीवों में त्राहि-त्राहि मच उठी। इस विनाश को रोकने के लिए सारे देवगण पवनदेव से आग्रह करने पहुंचे कि वे अपने क्रोध को त्याग पृथ्वी पर प्राणवायु का प्रवाह करें। सभी देवताओं … Read more

मनोकामना नाथ नागेश्वर शिव मंदिर में रामनवमी पर हुआ सीताराम कीर्तन का समापन

Sitaram Kirtan concludes on Ramnavmi in Manokamna Nath Nageshwar Shiv Temple हरिप्रसाद गोहे आमला ! रामनवमी के पावन अवसर पर हवाई पट्टी स्थित मनोकामना नाथ नागेश्वर शिव मंदिर में नौ दिवसीय सीताराम कीर्तन का समापन हुआ।श्री श्री 1008 महंत रघुवरदास जी महाराज चतुर्भुजी भगवान का मंदिर विद्याकुण्ड अयोध्या निवासी के मार्गदर्शन में आयोजित सीताराम कीर्तन को 40 वर्ष पूर्ण हुए । पूर्णाहुति महंत श्री विशंभरदास जी महाराज निवासी अयोध्या के मुखरबिंद से संपन्न हुई ।साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन भी हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद गृहण किया। लक्ष्मण चौकीकर ने बताया कि 9.4.2024 से प्रारंभ होकर 17.4. 24 रामनवमी पर सीताराम कीर्तन संपन्न हुआ । प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र पर शिव मंदिर में नौ दिनों तक सीताराम कीर्तन का आयोजन होता है, उमराव चौकीकर भगत जी के रामायण मंडल द्वारा पिछले 40 वर्षो से रामनवमी के अवसर पर कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने अपनी धर्मपत्नी मंजू पंडाग्रे के साथ शिव मंदिर पहुंचकर प्रसाद गृहण किया और आशीर्वाद लिया । इस अवसर पर बोड़खी,आमला, सारणी, बैतूल, देवगांव, छावल, खापा, बोरी, रतेड़ा, जमदेही, नांदीखेड़ा, धौसरा, खिड़की,भारत भारती, जामठी, आवरियां, अंधारिया, अंबाडा, पंखा, बेलमंडई सहित विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भंडारे में प्रसाद गृहण किया ।

मां वैष्णवी धाम तिरनघाट में देवी भागवत महापुराण का हो रहा आयोजन 

Devi Bhagwat Mahapuran is being organized at Maa Vaishno Dham Kiran Ghat. हरिप्रसाद गोहे  आमला । चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर शहर सहित अंचल के विभिन्न देवीधामो में नवरात्रि की धूम है । अयोजन को लेकर सभी देवीधामों में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन आयोजित किए जा रहे है। इधर ब्लाक मुख्यालय से सटे ग्राम बरंगवाडी स्थित मां वैष्णवी देवीधाम तिरनघाट में दिनांक  09 अप्रैल 2024 से संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन बाबा बारंगदेव की तपोधरा में लगातार दूसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा हे । जहां देवी भागवत कथा श्रवण करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जन पहुंच रहे हे। प्राप्त जानकारी अनुसार संगीतमय देवी भागवत महा पुराण का वाचन स्थानीय कथा वाचक व्यास महेश महाराज के मुखारबिंद से श्रवण कराया जा रहा हैं । क्था का आयोजन तिरंनघाट परिवार एवं समस्त क्षेत्रवासी के सौजन्य से किया जा रहा है। क्षेत्र के गणमान्य नागरिक महेश साहू, किशोरी राठौर, दादा शिवपाल सिंह ठाकुर, दिलीप सागरे, अभिमन्यु सोनपुरे ने क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से बुधवार दिनांक 17/4/2024 को भागवत कथा समापन अवसर, पर आयोजित विशाल भंडारे एवं डंडार प्रतियोगिता में पहुंच कार्यक्रम को सफल बनाने अपील की है। मंगलवार कथा समाप्ति उपरांत आरती में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे थे ।

चैत्र नवरात्र के अवसर पर सीताराम कीर्तन का शुभारंभ हुआ ,कीर्तन का ये 40 वाँ वर्ष है

Sitaram Kirtan was started on the occasion of Chaitra Navratri This is the 40th year of Kirtan हरिप्रसाद गोहे आमला । चैत्र नवरात्र के अवसर पर हवाई पट्टी स्थित मनोकामना नाथ नागेश्वर शिव मंदिर में आज सीताराम सीताराम कीर्तन का शुभारंभ हुआ । शिव मंदिर में प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र के अवसर पर नौ दिवसीय सीताराम कीर्तन आयोजित किया जाता है । कीर्तन 9 अप्रैल से आरंभ होकर 17 अप्रैल रामनवमी को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा । सीताराम कीर्तन में आमला बोड़खी के रामायण मंडल एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के भजन मंडल और महिला मंडल सम्मिलित होते है ।  मंदिर समिति के लक्ष्मण चौकीकर ने बताया कि कीर्तन का ये 40 वांँ वर्ष है । विगत 39 वर्षो से प्रतिवर्ष उमराव चौकीकर भगत जी के रामायण मंडल द्वारा चैत्र नवरात्र रामनवमी के अवसर पर अखंड सीताराम कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है । मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओ से कीर्तन में सम्मिलित होने का आगृह किया  है।

उज्जैन : महाकाल परिसर में प्रसाद न खरीदने पर श्रद्धालुओं को पीटा

Ujjain: Devotees beaten for not buying Prasad in Mahakal complex मुंबई से आए परिवार के साथ कालभैरव पार्किंग में कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। प्रसाद नहीं लेने की बात पर आरोपियों ने इतना पीटा कि एक का सिर फट गया तो एक के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों के साथ भी बदसलूकी की। उज्जैन ! धार्मिक महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन यहां आते हैं। जहां विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दर्शन करने के साथ ही अन्य मंदिरों पर भी पहुंचते हैं। लेकिन, मंदिरों के बाहर पार्किंग, प्रसाद और तिलक लगाने वाले श्रद्धालुओं के साथ छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने के साथ ही मारपीट तक कर देते हैं। जिससे उज्जैन नगरी का नाम शर्मशार हो रहा है। ऐसा ही कुछ नजारा रविवार सुबह काल भैरव क्षेत्र में देखने को मिला, जहां मुंबई से आए एक परिवार के साथ कालभैरव पार्किंग में कुछ लोगों ने इस कदर मारपीट कि एक का सिर फट गया तो एक श्रद्धालु के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने उनके कपड़े फाड़ दिए। हद तो तब हो गई जब महिलाओं ने चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मी से बचाने की मिन्नतें की। लेकिन, उसने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया।जानकारी के अनुसार रिषीकेश भट्टाचार्य अपने भाई अमरदीप पिता रमेश (43) निवासी मुंबई, पत्नी अनुपमा, भाभी सेजल, बच्चे जीन, युवराज, नेत्र और इशिता बैनर्जी के साथ उज्जैन दर्शन के लिए आए थे। वे रविवार सुबह होटल से कालभैरव मंदिर दर्शन के लिए मैजिक वाहन लिया और मंदिर पहुंचे। ड्राइवर ने वाहन पार्किंग में लगाया और वे लोग लोग दर्शनों के दिए चले गए। वापस आकर पार्किंग में खड़े मैजिक वाहन में बैठे तो कुछ लोगों ने कहा कि पार्किंग में वाहन खड़ा किया है तो प्रसाद खरीदना पड़ेगा। उनसे दूसरी जगह से प्रसाद लेने की बात कही तो उन्होंने मैजिक ड्राइवर के साथ गाली गलौज शुरू कर दी। 100 डायल से भी नहीं मिली मददबताया गया कि उन्होंने प्रसाद लेने से इनकार कर दिया तो प्रसाद गाड़ी में फेंक दिया और रुपये की मांग की। साथ ही चालक को भी धमकाया। परिवार का कहना है कि करीब 50 से 70 लोगों ने उनके वाहन को घेर लिया और हमला कर दिया। वहीं महिलाओं और बच्चियों से भी छेड़छाड़ की। डायल 100 पर भी कॉल करने पर कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उन्हें वहां से निकाला और अस्पताल पहुंचे, साथ ही भैरवगढ़ थाने में भी मामले की शिकायत की गई है।इन लोगों ने की गई मारपीटअमरदीप भट्टाचार्य, ऋषिकेश, इशिता, अमरदीप, युवराज, अनुपमा, जीत, नेत्रा, शेजल पीड़ित परिवार ने विवाद कर रहे लड़कों को रोका तो करीब दो दर्जन से अधिक लड़के इकट्ठे हो गए और उन्होंने लोहे की रॉड, डंडे और पाइप से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में अमरदीप का सिर फट गया और उसके भाई के पैरों में चोट है। इस दौरान बदमाशों ने बच्चों और महिलाओं के कपड़े फाड़कर बुरी नीयत से छुआ और ड्रायवर को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने बताया कि वे लोग भीड़ में मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई बचाने नहीं आया। मंदिर के पास चौकी पर एक एएसआई ड्यूटी कर रहा था। सेजल उसके पास गई, हाथ जोड़े और पैर पड़े तब वह चौकी से उठकर पार्किंग तक आया और ड्रायवर से गाड़ी बाहर निकालने की बात कही। इसके बाद ये लोग उसी मैजिक वाहन से भैरवगढ़ थाने पहुंचे, जिसके बाद एक होमगार्ड सैनिक घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचा और इलाज शुरू कराया। जानकारी के अनुसार रिषीकेश वकील हैं और उनके भाई अमरदीप मुंबई कोर्ट में सरकारी वकील हैं। रिषीकेश की पत्नी अनुपमा और भाभी सेजल भी वकील हैं। बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। रिषीकेश ने बताया कि बदमाशों ने बेटे के कपड़े फाड़ दिये इस कारण उसे बिना कपड़ों के घायल हालत में अस्पताल लेकर आना पड़ा है। कालभैरव पार्किंग में मारपीट की घटना की जानकारी देते हुए जब एसपी प्रदीप शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अमरकंटक पहुंचे, नर्मदा उद्गम स्थल पर मां नर्मदा की पूजाअर्चना की

अनूपपुर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ मोहन भागवत पवित्र नगरी अमरकंटक में रविवार को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। सुबह करीब आठ बजे नर्मदा मंदिर में पहुंचकर मोहन भागवत ने मुख्य नर्मदा उद्गम स्थल पर मां नर्मदा की पूजाअर्चना की।उन्‍होंने मंदिर परिसर का अवलोकन भी किया। इसके उपरांत वे अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम पहुंचे और यहां चल रहे शिव अभिषेक पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। अमरकंटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ मोहन भागवत के साथ भैयाजी जोशी भी हैं। पूजन के दौरान मृत्युंजय आश्रम के स्वामी हरिहरानंद महाराज सहित अन्य प्रचारकगण मौजूद रहे।यहां पर मोहन भागवत ने अमरकंटक के समस्त आश्रमों के संतों के साथ मुलाकात की। संघ प्रमुख डाॅ मोहन भागवत अमरकंटक में आरएसएस प्रचारकों की बैठक के बाद शाम को बिलासपुर रवाना हो जाएंगे। मोहन भागवत शनिवार की रात अमरकंटक पहुंच गए थे।

कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण , देश-विदेश से उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

Ascension to the post of Acharya in Kundalpur, flood of devotees will come from India and abroad दमोह जिले के कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण के लिए 11 एकड़ में पंडाल बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। दमोह ! कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित होने जा रहे आचार्य पद पदारोहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश और विदेश से पहुंचने वाले यात्रियों और देश भर से आमंत्रित अतिथियों के रुकने, भोजन जैसी व्यवस्थाएं बड़े स्तर पर हो रही हैं। सबसे खास यहां बन रहा मुख्य पंडाल, जो 11 एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है। जो अब तक का सबसे बड़ा पंडाल बताया जा रहा है। कुंडलपुर में यात्रियों की भीड़ और गर्मी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में भी इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही इसमें एक साथ 80 हजार से एक लाख लोगों तक के बैठने की व्यवस्था की गई है। 16 अप्रैल को करीब तीन लाख लोगों के आने की भीड़ को ध्यान में रखते हुए भी कुछ अतिरिक्त व्यवस्थाएं यहां की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में मंचीय व्यवस्था भी अलग-अलग रहेगी। आचार्य संघ के करीब 400 मुनि, आर्यिकाओंके लिए एक बड़ा मंच बनाया जा रहा है। जो अपने आप में अलग नजर आएगा। इसके अलावा बतौर अतिथि पहुंचने वाले हिंदू संतों के लिए भी एक मंच बनाया जा रहा है। जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होने देश के ख्याति प्राप्त लोगों के लिए अलग मंच रहेगा। इसके अलावा दो और मंच इस पंडाल में होंगे। जहां से सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रावक श्रेष्ठियों के लिए मंच व्यवस्था रहेगी। दस हजार लोग एक साथ कर सकेंगे भोजनतीन बड़ी भोजन शालाएं यहां बनाई जा रही हैं, जिसमें वीआईपी से लेकर आम तक भोजन करेंगे। यह भोजनशालाएं भी आधुनिक होगी, जिसमें भोजन तैयार करने के सिस्टम से लेकर मेन्यू तक अलग होंगे। एक बार में 10 हजार लोग तक भोजन कर सकेंगे। वीआईपी आवास व्यवस्था पंडाल के सामने तालाब की ओर की गई है। एलईडी, साउंड के साथ कूलिंग की व्यवस्थामहोत्सव प्रभारी वीरेश सेठ ने बताया कि मुख्य पंडाल की छटा अपने आप में अलग होगी। इसमें 80 हजार से एक लाख लोग बैठकर महोत्सव देख सकेंगे। पंडाल में 50 से अधिक बड़ी एलईडी और साउंड भी लगाए जा रही है, जिससे दूर के लोगों को भी कार्यक्रम स्पष्ट रूप से दिखाई और सुनाई दे। इसके अलावा गर्मी को ध्यान रखते हुए भी पंडाल में व्यवस्थाएं रहेंगी। इसके अलावा पानी, सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं मुख्य पंडाल में होंगी। कमिश्नर ने बैठक कर ली जानकारीकुंडलपुर महोत्सव की व्यवस्था देखने के लिए सागर कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र रावत, डीआईजी सुनील कुमार जैन, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक शुश्रकीर्ति सोमवंशी पहुंचे थे। कमिश्नर ने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर महोत्सव की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। पदारोहण महोत्सव में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी आयेंगे। एक प्रतिनिधि मंडल ने नागपुर में जाकर उनसे मुलाकात की और कार्यक्रम में आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार्य करते हुए आने की सहमति दी। इसके साथ ही लगातार मुनि संघ कुंडलपुर की ओर विहार कर रहे हैं।

उत्सव की तरह मनाया गया रामकृष्ण परमहंस का जन्म महोत्सव

Ramakrishna Paramhansa’s birth anniversary was celebrated like a festival. हरिप्रसाद गोहेआमला। हर्ष वर्ष की तरह इस वर्ष भी मां महाकाली मंदिर समिति सासाबड़ द्वारा महाकाली के परम् भक्त श्री, श्री रामकृष्ण परमहंस का जन्म उत्सव सोमवार को महोत्सव की तरह मनाया गया । जन्म उत्सव को मानने महाकाली मंदिर में व्यापक स्तर पर त्ययारी कर मंदिर में बेहतर रंग रोगन, आकर्षक विद्युत साज सज्जा झंडे तोरण लगा भव्य रूप दिया गया था । महाकाली दरबार की भव्यता देखते ही बन रही थी । इस मौके पर मंदिर समिति द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन आयोजित कर मंदिर परिसर में महा भंडारे का आयोजन आयोजित किया गया था । जहां बढ़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तो ने पहुंच धूमधाम से जन्म उत्सव मना महाकाली के दर्शन कर भंडारे की भोजन प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया मिली जानकारी अनुसार महाकाली मंदिर समिति द्वारा बीते कई वर्षो से महाकाली के भक्त श्री राम कृष्ण परम् हंस का जन्म उत्सव मनाया जा रहा है उक्त परंपरा का निर्वहन आज भी सतत जारी है। महाकाली के परम् भक्त कमल मालवीय ने चर्चा के दौरान बताया प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी महाकाली मंदिर परिसर में श्री रामकृष्ण परमहंस जी के जन्म उत्सव के मौके पर सोमवार अल सुबह से भगवान राम, महाकाली, की पूजा अर्चना एवं अनुष्ठान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । बाद श्री परम् हंस जी का जन्म दिन मनाया गया । इस मौके पर भजन कीर्तन के साथ महा भंडारे का आयोजन किया गया जहा बड़ी संख्या में भक्तो ने पहोंच प्रसाद ग्रहण किया ।

गौ-शालाओं को मिलने वाली राशि में होगा इजाफा ,सीएम मोहन यादव

The amount received by cow shelters will increase, CM Mohan Yadav announces सीएम मोहन यादव ने कहा कि गायों के लिए गौ-शालाओं को प्रति गाय की राशि 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रदान की जायेगी। इसके अलावा अधूरी गौ-शालाओं का निर्माण पूर्ण किया जायेगा। भारतीय नव वर्ष अर्थात इस चैत्र माह से अगले वर्ष तक वह गौ- वंश रक्षा वर्ष मनाया जाएगा। चरनोई की भूमि से अतिक्रमण हटाए जाएंगे। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-माता और गौ-वंश के संरक्षण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। गौ-शालाओं के बेहतर संचालन के लिए उन्हें दी जा रही राशि में वृद्धि की जाएगी। साथ ही प्रदेश में चरनोई की भूमि पर अतिक्रमण हटाने, प्रति 50 किलोमीटर पर सड़कों पर दुर्घटना का शिकार हुई गायों को इलाज के लिए भिजवाने और सड़कों पर बैठने वाले पशुधन को बैठने से रोकने या अन्य स्थानांतरित करने के लिये आधुनिक उपकरणों की सहायता ली जायेगी। उपकरणों पर मिलेगा अनुदानसीएम ने आगे कहा कि गायों के लिए चारा काटने के उपकरणों पर अनुदान की व्यवस्था की जायेगी। पंचायतों को आवश्यक सहयोग और प्रेरणा मिले, इसके लिए गौ-संवर्धन बोर्ड प्रयास करेगा। गायों के लिए गौ-शालाओं को प्रति गाय की राशि 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रदान की जायेगी। अधूरी गौ-शालाओं का निर्माण पूर्ण किया जायेगा। नई गौ-शालाएं भी बनेंगी। बता दें कि मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में “गौ-रक्षा संवाद” के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख घोषणाएं मेरे परिवार में भी गाय पालने की परंपराउन्होंने ये भी कहा कि गौ-पालक ही गाय का महत्व समझता है। हमारे देश में गाय पालना, गौ-शाला चलाना पवित्र कार्य है। गौ-शाला संचालन से ज्यादा बेहतर काम यह है कि घर में ही गौ-पालन किया जाये। यदि पर्याप्त जगह है, तो गाय अवश्य पालें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके परिवार में भी गाय पालने की पुरानी परंपरा है। आज भी वयोवृद्ध पिता, बूढ़ी गायों की सेवा करते हैं। गाय को मां स्वरूप मानते हैं। गौ-पालक परिवार यदि गाय के दूध का उपयोग करता है, तो सेवा में भी पीछे नहीं रहना चाहिये। इस अवसर पर अखिलेश्वरानंद गिरि, गोपालानंद सरस्वती जी महाराज, पूर्व सांसद मेघराज जैन, प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, संचालक पशुपालन एवं प्रबंध संचालक म.प्र.गौ संवर्धन बोर्ड एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉको गुजरात से आए पूर्व सांसद एवं चेयरमैन राष्ट्रीय कामधेनु आयोग श्री वल्लभ भाई कठेरिया ने अपनी पुस्तक “कल्याण गौ-सेवा अंक” भेंट की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि वे स्वयं गौ-पालक हैं। इसलिये इस कार्यशाला से उनका विशेष जुड़ाव है। आज यहां इस क्षेत्र के अनेक जानकारों और विशेषज्ञों के विचार एवं सुझाव जानने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने गौ-पालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर कैबिनेट के संकल्प को पूरा किया है। कार्यशाला में प्राप्त अनुशंसाएं उपयोगी हैं। इनसे संबंधित आवश्यक निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिये हैं। निश्चित ही मध्यप्रदेश की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।

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