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दिग्विजय सिंह ने स्वीकार ही किया कि बाबरी मस्जिद कांड के बाद दंगा फसाद उन्हीं ने कराया:मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें दिग्विजय सिंह बाबरी मस्जिद के गिरने के बाद हुए दंगे के बारे में बात कर रहे थे। 1 मिनट 12 सेकेंड के वीडियो में पूर्व सीएम कह रहे हैं ऐसे अनेक मेरे पास उदाहरण हैं, जब बाबरी मस्जिद शहीद हुई थी उस समय मैं प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष था, भोपाल शहर में 1947 में भी दंगा नहीं हुआ लेकिन बाबरी मस्जिद गिरने पर दंगा हुआ। लगभग दो हफ्ते तक मैंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में रात बिताई। मैं घर नहीं जाता था। लेकिन हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की। पूर्व मुख्यमंत्री ने बाबरी मस्जिद के संदर्भ में आगे कहा कि भोपाल में एक काजी कैम्प है, जहां सलामत सिद्दीकी नामक पार्षद ने उन्हें बताया था कि पुलिस की वर्दी में लोग रात के समय उनके घर आए थे। गोलीबारी होती है, और गरीब के बच्चे मारे जाते हैं बुधवार को शाजापुर में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे दिग्विजय सिंह ने शाजापुर शहर के चोबदारवाड़ी में मुस्लिम समुदाय के सद्भावना सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, “कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस प्रकरण दर्ज नहीं करती है, वहीं दूसरी तरफ झूठी शिकायतें दर्ज की जाती हैं। जब लोगों पर अत्याचार बढ़ जाता है, तो गुस्से के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है।” दिग्विजय ने आगे कहा, “दंगे में गरीबों के बच्चे शामिल होते हैं, बड़े नेताओं के बच्चे नहीं। पुलिस के डंडे चलते हैं, गोलीबारी होती है, और गरीब के बच्चे मारे जाते हैं।” कांग्रेस ने इस देश में दंगा फसाद कराने का काम किया इस वीडियो को शेयर करते हुए खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, “दिग्विजय सिंह ने स्वीकार ही किया कि बाबरी मस्जिद कांड के बाद दंगा फसाद उन्हीं ने कराया। वह स्वयं कह रहे हैं कि बाबरी मस्जिद शहीद हुई और उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए दंगा फसाद कराया।” सारंग ने आगे कहा, “यह बयान साफ करता है कि कांग्रेस ने इस देश में दंगा फसाद कराने का काम किया है। दिग्विजय सिंह ने खुद कबूल किया है कि दंगे उन्होंने कराए थे।” दिग्विजय बोले- बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और बीजेपी इसे गलत तरीके से प्रचारित कर रही है। उन्होंने कहा, “मैंने कहा था कि जब प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव था, तब मैंने 15 दिन कांग्रेस के पीसीसी दफ्तर में रहकर हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच समन्वय की कोशिश की थी ताकि दंगा-फसाद न हो।” साथ ही दिग्विजय ने बाबरी मस्जिद के गिरने को लेकर कहा, “अगर आप जबरन किसी धार्मिक स्थल को गिराएंगे, तो लोग क्या कहेंगे? जो सच है, वही बोला।”

शराब माफिया ने रायसेन में किया आबकारी टीम पर हमला, महिला अफसर और ड्राइवर को आई चोटें

रायसेन  एक तरफ जहां सरकार मध्य प्रदेश में शराब की अवैध बिक्री पर नकेल कसने के तमाम दावे कर रही है। यहां तक की धार्मिक क्षेत्रों के आसपास लीगल शराब कारोबार तक को बंद करा रही है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे के शराब माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। आलम ये है कि, ये बेखौफ शराब माफिया अब आबकारी विभाग की टीम पर भी हमला करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसकी ताजा बानगी रायसेन जिले में देखने को मिली, जहां अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी टीम पर इन शराब माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने न सिर्फ सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की, बल्कि पथराव किया, जिसमें टीम के कुछ सदस्य गंबीर घायल हुए हैं।  बता दें कि जिला मुख्यालय के पास ग्राम पठारी में बुधवार को अवैध शराब बिक्री की सूचना मिलने पर छापामार कार्रवाई करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम पर शराब माफिया ने हमला कर दिया। आबकारी टीम ने शराब माफिया महिला की दुकान से बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त कर ली थी। महिला शराब माफिया को जब मेहसूस हुआ कि, वो बुरी तरह फंस चुकी है तो उसने कार्रवाई के बीच मौका पाकर योजना बद्ध तरीके से उसके साथियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर टीम पर हमला और पथराव कर दिया। सहायक आबकारी अधिकारी भोपाल रेफर शराब माफियाओं के हमले में आबकारी अधिकारी सरिता चंदेल और उनके ड्राइवर को गंभीर चौटें आई हैं। महिला अधिकारी की हालत देखते हुए उन्हें रायसेन जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया है। महिला समेत 5 गिरफ्तार,11 पर केस दर्ज वहीं, दूसरी तरफ मामले में कारर्वाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने एक महिला सामेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं, जबकि आबकारी टीम पर हमला करने वाले 11 आरोपियों के खिलाफ बलवा, पथराव आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस मामले को लेकर एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि, एसडीओ सरिता चंदेल आबकारी टीम के साथ छापा मारने पहुंची थीं। ग्राम पठारी में रहने वाली मुख्य आरोपी काशीबाई के ठिकाने से टीम ने 75 क्वार्टर अवैध शराब जब्त की थी। कार्रवाई के दौरान काशीबाई को जब ये स्पष्ट हो गया कि, अब वो नहीं बच सकेंगी तो उसने अपने साथियों, परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों के साथ मिलकर टीम पर पथराव शुरु कर दिया। आरोप है कि, इस दौरान आबकारी टीम के साथ मारपीट भी की गई। हमले में सरिता चंदेल और उनके ड्राइवर घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल रेफर किया गया है। फिलहाल, मामले के सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। अबतक दो आरोपियों के अपराधिक रिकॉर्ड मिले हैं, अन्य के भी खंगाले जा रहे हैं।

आगर मालवा में पराली जलाने वाले 770 किसानों पर 16.71 लाख रुपये का अर्थदंड

आगर मालवा खेतों में नरवाई जलाने वाले किसानों पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की सख्त नजर है। उन्होंने ऐसे किसानों पर अर्थ दंड लगाए जाने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर का रुख देखते हुए कृषि और राजस्व अमला भी सक्रिय हो गया है। ऐसे में कृषि और राजस्व अमले की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खेतों में जली नरवाई का सर्वे करते हुए किसानों को चिन्हित किया है। अब इन पर अर्थ दंड की कार्रवाई होगी। गेहूं अवशेष (नरवाई) जलाने से पशु-पक्षी, मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को होने वाली हानि को रोकने हेतु आगर-मालवा जिले में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध के बाद भी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नरवाई जलाने वाले कृषकों पर नियमानुसार अर्थदंड लगाने हेतु बुधवार को राजस्व एवं कृषि विभाग के अमले द्वारा गांवों में पहुंचकर मौका मुआयना कर पंचनामा तैयार किया गया है। जिन पर नियमानुसार अर्थदंड लगाकर वसूलने तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित करने की कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार तहसील आगर के ग्राम तनोडिया में कृषक भगवती पिता गंगाराम, बलवंत सिंह पिता निर्भय सिंह, कृष्णपाल सिंह पिता उमराव सिंह, गंगाराम पिता भागीरथ सहित 26 कृषकों द्वारा नरवाई जलाने पर पंचानामा बनाया गया। इसी तरह तहसील सुसनेर के ग्राम भवानीपुरा में कृषक इरफान खां पिता रहमान खां, मेहरबानसिंह पिता रामलाल सहित 05 कृषक, ग्राम मोडी, बाजना, कड़िया में कृषक श्री रामनारायण पिता देवीलाल, ललताबाई पति रामप्रसाद, अंजली पति गौर कुल 4 कृषक, तहसील नलखेडा के ग्राम हिरनखेडी में कृषक बद्रीलाल पिता बालुजी, प्रभुलाल पिता बालुजी, प्रभुलाल पिता रोडमल मालवीय द्वारा नरवाई जलाना पाया गया है। नरवाई नहीं जलाने की अपील कृषकों से अपील नरवाई नहीं जलाएं जिला प्रशासन की कृषकों से अपील है कि गेहूं अवशेष (नरवाई) नहीं जलाएं, नरवाई का प्रबंधन करें, जिससे की मिट्टी और अधिक उपजाऊ बनें। नरवाई जलाने की सैटेलाइट से निगरानी रखी जा रही है, नरवाई जलाने पर 2500 से 15 हजार रुपए तक जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। 770 किसानों पर 16.71 लाख रुपये का अर्थदंड इंदौर जिले में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने वालों के विरुद्ध कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को तीन किसानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। अभियान चलाकर की जा रही इस कार्रवाई में नरवाई जलाने पर अभी तक 770 किसानों के विरुद्ध 16 लाख 71 हजार 500 रुपये का अर्थदंड किया गया है। जनसम्पर्क अधिकारी महिपाल अजय ने बताया कि जिले में बुधवार को एक दिन में ही 102 किसानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करते हुए तीन लाख 9 हजार 500 रुपये का अर्थदंड किया गया है। यह कार्यवाही आगामी दिनों में भी निरन्तर जारी रहेगी। जिले में आज कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर हातोद क्षेत्र में एक, जूनी इंदौर क्षेत्र में एक तथा भिचोलीहप्सी क्षेत्र में एक एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिले में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर कृषि से संबंधित मैदानी अधिकारियों एवं राजस्व विभाग के पटवारियों द्वारा पंचायत सचिवों के साथ समन्वय कर कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं तथा किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसानों से किसानों को अवगत कराया जा रहा है। किसानों से अपील की जा रही है कि नरवाई न जलाएँ, नरवाई जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है। किसान यदि नरवाई जलाता है तो राज्य शासन के नोटिफिकेशन प्रावधान अनुसार पर्यावरण विभाग द्वारा उक्त अधिसूचना अंतर्गत नरवाई में आग लगाने के विरुद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि दण्ड का प्रावधान निर्धारित किया गया है। ऐसा कोई व्यक्ति/निकाय/कृषक जिसके पास 2 एकड़ तक की भूमि है तो उनको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 2500 रुपये प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा। जिसके पास 2 से 5 एकड़ तक की भूमि है तो उनको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 5 हजार रुपये प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा तथा जिसके पास 5 एकड़ से अधिक भूमि है तो उनको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 15 हजार प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा।

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए अभी से तैयारी शुरू, भीड़ प्रबंधन और स्वच्छ जल में स्नान कराना प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती

उज्जैन  भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी किनारे वर्ष 2028 में लगने वाले महाकुंभ सिंहस्थ की तारीख शासन ने घोषित कर दी है। सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि इस बार सिंहस्थ दो माह का होगा। 27 मार्च से 27 मई तक लगेगा। नौ अप्रैल से आठ मई तक तीन अमृत स्नान और सात स्नान पर्व होंगे। गत सिंहस्थ एक माह का था। उज्जैन में हर 12 वर्ष के अंतराल पर महाकुंभ सिंहस्थ लगता है, जिसमें दुनियाभर से साधु-संत और श्रद्धालु शिप्रा नदी में स्नान करने आते हैं और धर्म, संस्कृति का प्रचार-प्रसार करते हैं। इस बार के महाकुंभ में 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान सरकार ने लगाया है। सिंहस्थ में अब 35 महीने का समय शेष रह गया है और स्थिति यह है कि सड़क, पुल, बिजली सहित अधिकांश प्रोजेक्ट कागजों में ही सिमटे पड़े हैं। आगे चलकर हो सकती है बड़ी मुसीबत प्रमुख बात यह है कि सालभर में सिंहस्थ मद के केवल दो काम ही धरातल पर प्रारंभ हो पाए हैं। विभागीय मद के अधिकांश प्रोजेक्ट सक्षम स्वीकृति और ठेकेदार चयन प्रक्रिया में ही उलझा रखे हैं। यह विशुद्ध रूप से अफसरों की उदासीनता एवं लापरवाही का प्रमाण है, जो समय रहते काम प्रारंभ और समाप्त न होने से आगे चलकर बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है। श्रद्धालुओं के लिए होगी व्यवस्थाएं एक रिपोर्ट के अनुसार सिंहस्थ की महत्ता और विशालता को ध्यान में रख श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं करने को 11 विभाग 15751 करोड़ रुपये के 102 कार्य की योजना प्रस्तावित हैं, जिनमें 5133 करोड़ रुपये से 75 कार्य इस वर्ष सिंहस्थ मद से कराने की अनुशंसा संभागीय समिति ने की है। ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रदेश बजट में सिंहस्थ मद दो हजार करोड़ का ही रखा गया है। प्रश्न उठता है कि भविष्य में मद बढ़ाया जाएगा या कुछ कार्यों की छंटनी होगी। सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन और स्वच्छ जल में स्नान सिंहस्थ कराने में सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन और स्वच्छ जल में श्रद्धालुओं को स्नान कराने की है। भीड़ प्रबंधन तभी संभव है जब शहर की आंतरिक सड़कें चौड़ी, पुलों का दोहरीकरण और शिप्रा नदी पर घाट की लंबाई बढ़े। ये तीनों ही काम करने में यहां का प्रशासन पिछड़ा है। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए बनी रोप-वे, फ्रीगंज समानांतर रेलवे ओवर ब्रिज सरिकी अनेक विभागीय योजना सक्षम स्वीकृति के बाद भी धरातल पर शुरू न हो सकी है। सरकार को प्रारंभिक तौर पर अनुमान है कि सिंहस्थ में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आ सकते हैं। ऐसे में इनके लिए व्यवस्था करना भी आसान काम नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने अनुमान के आधार पर कुम्भ मेले के दौरान कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। जिनको कुंभ के दौरान लागू किया जाएगा। कुंभ में होंगी ये व्यवस्थाएं कुंभ मेले के दौरान मेला क्षेत्र में प्रतिदिन 16 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी स्वच्छता की व्यवस्था संभालेंगे। साथ ही श्रृद्धालुओं की सुविधा के लिए 50 हजार शौचालय का निर्माण भी किया जाएगा। आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 500 अस्थाई अस्पताल और कैम्प लगाने का भी निर्णय लिया गया है। सिंहस्थ में लगेंगे इतने सफाईकर्मी बताया जा रहा है कि उज्जैन में सड़क और अन्य क्षेत्रों को मिलाकर 11 हजार 220 सफाईकर्मियों की आवश्यकता होगी। कचरा संग्रहण के लिए लगभग 5 हजार सफाईकर्मियों की जरूरत पड़ेगी। कुल मिलाकर 16 हजार 220 सफाई कर्मियों की आवश्यकता सिंहस्थ में होगी। सिंहस्थ में आ सकते हैं 14 करोड़ श्रद्धालु सिंहस्थ में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ सकते हैं। ऐसे में हर दिन सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 740 टन कचरा उत्पन्न होने का अनुमान है। इसे नियंत्रित करने के लिए 50 हजार बायो-टॉयलेट बनाए जाएंगे। सिंहस्थ कुम्भ मेले में 500 अस्थाई अस्पताल और कैम्प लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सिंहस्थ मेला क्षेत्र के अनुसार 6 जोन में बांटा जाएगा। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं का डिजीटल रिकॉर्ड मेंटेन किया जाएगा। डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टॉफ की ट्रेनिंग होगी। इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त सुरक्षाबलों को तैनात किया जाएगा।

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- 18-19 अप्रैल को अवकाश के बावजूद सभी उपार्जन केन्द्रों पर होगी गेहूं की खरीदी

भोपाल प्रदेश के अन्नदाताओं की सुविधा और हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सभी उपार्जन केन्द्रों पर आगामी 18 और 19 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद गेहूं की खरीदी का कार्य निर्बाध रूप से जारी रहेगा। इसके लिए किसान स्लॉट बुक करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि यह निर्णय किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि उपार्जन प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। किसान इन तिथियों में स्लॉट बुक कर बिना किसी परेशानी के गेहूं विक्रय कर सकेंगे। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कलेक्टरों को दिए गए निर्देश खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने समस्त जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में उपार्जन केन्द्रों की निरंतर मॉनीटरिंग करें। उपार्जन कार्य से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों और एजेंसियों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि किसानों को कतारों में लंबा इंतजार न करना पड़े, तुलाई, रख-रखाव, भुगतान और परिवहन की सभी व्यवस्थाएँ समय पर और पारदर्शिता से हों। किसानों को न हो कोई असुविधा खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सरकार किसान हितैषी है। यह सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है कि किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसलिए अवकाश के दिन भी उपार्जन कार्य जारी रखा जाएगा। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधनों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी उपार्जन केन्द्र से लापरवाही या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. राधाकृष्णन की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद् और दार्शनिक ‘भारत रत्न’ स्व. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. राधाकृष्णन के कार्यों, जीवन आदर्शों एवं विचारों ने भारतीय समाज को एक नया दृष्टिकोण दिया। उनकी शिक्षाएं जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने और आत्म साक्षात्कार की दिशा में सदैव प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे और वे भारतीय संस्कृति के प्रकाश स्तंभ थे, जिन्होंने भारतीय दर्शन को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। वे सच्चे अर्थों में युगदृष्टा थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. राधाकृष्णन का 17 अप्रैल 1975 को निधन हो गया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर की जयंती पर उन्हें   नमन कर श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर की दृढ़ता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण ने भारतीय राजनीति को एक नई दिशा दी। कमजोर वर्ग के कल्याण के लिए किए गए आपके कार्य सदैव हमें कर्तव्य पथ पर चलने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. चंद्रशेखर के राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सिद्धांतों और जनहित को प्राथमिकता दी। उनका जीवन सादगी, संघर्ष और सेवा की मिसाल रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर का जन्म 17 अप्रैल 1927 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ था। वे सदैव सामाजिक न्याय और राष्ट्रहित की नीति पर अडिग रहे।  

सतना शहर में लगे Boycott Israel Product के पोस्टर, अब चिपकाने वालों को खोज रही पुलिस

 सतना मध्य प्रदेश के सतना में “बॉयकॉट इजराइल प्रोडक्ट्स” के पोस्टर लगाए जाने से शहर में हलचल मच गई है। वार्ड क्रमांक 36 के कई घरों और दुकानों के बाहर यह पोस्टर चस्पा मिले, जिससे स्थानीय रहवासी और जिला प्रशासन दोनों चौंक गए हैं। ये सब तब हो रहा है जब इजराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष थम चुके तीन महीने हो चुके हैं और फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी हलचल नहीं है। सुबह उठकर जब लोगों ने अपने घरों के बाहर इन पोस्टरों को देखा, तो वे अंचभे में पड़ गए। किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि इन्हें किसने और कब लगाया। खास बात यह है कि अब तक न तो किसी राजनीतिक संगठन ने और न ही किसी सामाजिक या धार्मिक संस्था ने इसकी जिम्मेदारी ली है। पोस्टर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन सक्रिय हो गया है। आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी टीम और सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए अधिकांश पोस्टरों को हटा दिया है। यह बहिष्कार अभियान ऐसे समय पर क्यों शुरू हुआ, जब फिलिस्तीन-इजराइल संघर्ष को लेकर कोई नई घटना सामने नहीं आई है? यह सवाल प्रशासन और जनता दोनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का मानना है कि यह किसी खास राजनीतिक उद्देश्य या सामाजिक संदेश को हवा देने की कोशिश हो सकती है। कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि यह भारत-इजराइल के कूटनीतिक रिश्तों को प्रभावित करने की साजिश भी हो सकती है। हालांकि प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच कर रहा है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि वे खुद इस घटनाक्रम से परेशान और भ्रमित हैं। किसी को यह नहीं समझ आ रहा कि आखिर उनके घरों और दुकानों को ही निशाना क्यों बनाया गया।

इंदौर की सड़कों पर चलता फिरता टेंट, बारातियों ने जमकर की मस्ती,सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा

इंदौर  भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए इंदौर से एक राहत भरी और बेहद दिलचस्प खबर सामने आई है। खजराना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में बारात को लेकर जो अनूठा इंतजाम किया गया, उसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। शादी में शामिल मेहमानों को गर्मी से बचाने के लिए पटेल परिवार ने एक ऐसा उपाय किया, जिससे देखकर आप भी तारीफ करेंगे। चलते-फिरते टैंट ने खींचा सबका ध्यान इस बारात की खास बात यह रही कि इसमें एक चलता-फिरता टेंट लगाया गया, जो बारात के साथ-साथ आगे बढ़ता रहा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज़ धूप में निकली बारात के ऊपर एक बड़ा तंबू लगाया गया है, जो बारातियों को चिलचिलाती धूप से राहत दे रहा है। इस टेंट के नीचे न केवल बाराती चल रहे हैं, बल्कि दूल्हा भी घोड़ी पर सवार होकर उसी के अंदर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर धड़ाधड़ शेयर हो रहा वीडियो यह दृश्य लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि वे सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर कर तारीफों के पुल बांध रहे हैं। कई लोग तो कह रहे हैं। अब शादी में जाना है तो ऐसी ही बारात में। 40 पार कर गया तापमान बता दें कि इस समय देश के अनेक हिस्सों में लू और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दिन में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ऐसे में विवाह समारोहों में मेहमानों की उपस्थिति भी कम हो रही है। लेकिन इंदौर के पटेल परिवार ने अपने मेहमानों को इस तपती गर्मी से बचाने के लिए नायाब इंतज़ाम किया। इससे पहले वायरल हुए थे चलित कूलर इससे पहले भी इंदौर में एक होटल व्यवसायी ने अपनी शादी में चलित कूलरों का इंतज़ाम कर गर्मी से निपटने का अनोखा तरीका अपनाया था। अब इस चलित टेंट वाली बारात ने फिर साबित कर दिया कि इंदौर न केवल सफाई में नंबर वन है, बल्कि नवाचार और स्मार्ट सोच में भी अव्वल है।

MP Police की तरह ही अब लोकायुक्त, EOW सहित 6 जांच एजेंसियां आरोपी को रख सकेंगे हिरासत में, अधिसूचना जारी

 भोपाल मध्य प्रदेश की जांच एजेंसियां लोकायुक्त, EOW, स्टेट CID या STF के पास अब अपना खुद का लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम होने वाला है. इसको लेकर राज्य के गृह विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं. लंबे समय से यह जांच एजेंसियां आरोपियों को हिरासत में रखने और पूछताछ के लिए खुद के लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम की मांग कर रही थीं, जिसे आखिरकार अब मान लिया गया है. गृह विभाग के सर्कुलर के तहत अब लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, सीआईडी, एसटीएफ, राज्य नारकोटिक्स को लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम बनाने की अनुमति है. इसके लिए इन एजेंसियों को अपने कार्यालय में एक कक्ष चिह्नित करना होगा, जहां आरोपी को 5-6 घंटे तक पूछताछ के लिए रखा जा सकेगा. कमरे में एक टेबल होगी, जिस पर एक तरफ आरोपी और दूसरी तरफ जांच अधिकारी होंगे. रूम में एचडी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसका लाइव आउटपुट वरिष्ठ अफसरों के केबिन में दिया जाएगा, जहां से वे पूछताछ को लाइव देख सकेंगे. आरोपी को हिरासत के दौरान यहीं पर खाना भी दिया जाएगा. इन जांच एजेंसियों के वर्तमान में जो संभागीय मुख्यालय हैं, वहां इसका निर्माण किया जाएगा. क्यों हुई जरूरत महसूस? दरअसल, वर्तमान में यह जांच एजेंसियां जब किसी को हिरासत में लेती हैं तो इनसे जांच अधिकारी अपने कक्ष में पूछताछ करते हैं या बेहद संवेदनशील मामलों में आला अधिकारीयों के कमरे में पूछताछ की जाती है. पूछताछ खत्म होने के बाद आरोपियों को नजदीकी पुलिस थाने के लॉकअप में रात बिताने के लिए लाया जाता है. इससे समय भी लगता है और एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करते समय आरोपियों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना पड़ता है. हाल ही में लोकायुक्त की हिरासत में रहे आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा को लोकायुक्त कार्यालय के पास स्थित कोहेफिजा थाने में रखा गया था.  

एमपी में कड़ी धूप, पारा चढ़ना शुरू, रतलाम में तापमान 42° के पार, जानें गर्मी वाला अपडेट

भोपाल बुधवार से अप्रैल माह के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में प्रदेश में बीते दिनों सक्रिय रहे सिस्टम के चलते बारिश का दौर देखा गया. वहीं अब एक बार फिर चिलचिलाती धूप अपना असर दिखाने लगी है. मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल माह के दूसरे पखवाड़े में बुधवार से ही गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है. प्रदेश में जहां कई जिलों में तेज गर्मी पड़ रही है, तो वहीं कुछ जिलों में हल्की बारिश का मौसम भी हो गया है. बुधवार को खरगोन और बालाघाट में गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी देखी गई. साथ ही दक्षिण मध्य प्रदेश के सिवनी, पंढुर्ना, मंडला, धार, बड़वानी, बुरहानपुर और बैतूल में शाम के समय बिजली गिरने के साथ हल्की बारिश हुई. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में इस समय लू जैसी तपिश के बीच दिन और रात के तापमान में लगभग 10 से 15 डिग्री तक का अंतर देखा जा रहा है. कई शहरों में दिन का तापमान 38 से 43 डिग्री के बीच देखा जा रहा है. बुधवार को प्रदेश के 9 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। इनमें रतलाम, नर्मदापुरम, खंडवा, शाजापुर, खरगोन, नरसिंहपुर, उज्जैन, धार और गुना शामिल हैं। सबसे गर्म रतलाम रहा। जहां तापमान 42.6 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में 41.6 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री, शाजापुर में 41.1 डिग्री और खंडवा-नरसिंहपुर में पारा 41 डिग्री रहा। उज्जैन में 40.7 डिग्री, धार में 40.4 डिग्री और गुना में पारा 40.3 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्से में गर्मी का असर रहने की संभावना जताई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी पारे में बढ़ोतरी हो सकती है। धार-पांढुर्णा में तेज बारिश का दौर प्रदेश में बुधवार को गर्मी के साथ बारिश का दौर भी रहा। धार के मनावर में शाम को आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। वहीं, पांढुर्णा में भी पानी गिरा। रात में खरगोन, बालाघाट, सिवनी, मंडला, बड़वानी, बुरहानपुर और बैतूल में भी मौसम बदला रहा। सिस्टम पड़ा कमजोर, अब पड़ेगी गर्मी वहीं रात का तापमान 20 से 23 डिग्री के आसपास बना हुआ है. राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां दिन का तापमान बीते दिन की तरह ही 40 डिग्री के करीब दर्ज किया गया. मंगलवार के मुकाबले इसमें 0.3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई. हालांकि रात के तापमान में 1.2 डिग्री की उछाल के साथ पारा 26 डिग्री दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जिन मौसमी सिस्टम के कारण बादल, तेज हवा और बूंदाबांदी जैसा मौसम बना था. इस तरह के सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है. अब भोपाल सहित अधिकांश जिलों में पारा बढ़ेगा. इन जिलों में बारिश हुई मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के उज्जैन संभाग के जिलों में पारा सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा. साथ ही इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई. हालांकि नर्मदापुरम जिले में रात का न्यूनतम तापमान सबसे ज्यादा 27.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. साथ ही पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 2 जिलों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली. पश्चिमी मध्य प्रदेश के धार जिले के उमरवन में 2 मिमी बारिश हुई. इसके अलावा धार जिले के धरमपुरी में 2 मिमी और बड़वानी के ठीकरी में 1 मिलीमीटर बारिश हुई. बारिश-वज्रपात का भी अलर्ट मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के 6 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसमें खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार, सिवनी और बालाघाट जिले में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. रतलाम में पारा सबसे ज्यादा पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम जिले में 42.6 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा नर्मदापुरम जिले में 41.6 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री, खरगोन/नरसिंहपुर में 41 डिग्री और उज्जैन में 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में पारा सबसे कम 18.4 डिग्री, अमरकंटक (अनूपपुर) में 18.9 डिग्री, नौगांव (छतरपुर) में 20.1 डिग्री, आंवरी (अशोकनगर) में 20.7 डिग्री और खजुराहो (छतरपुर) में 20.9 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. उज्जैन में रही गर्मी प्रदेश के पांच बड़े शहरों के अधिकतम तापमान की बात करें तो बुधवार को उज्जैन का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया. यहां पारा 40.7 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा इंदौर का अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री, भोपाल में 39.8 डिग्री, ग्वालियर में 39.2 डिग्री और जबलपुर में 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.     तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है।     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। पहले-दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों … Read more

संकल्प भोपाल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में देश के दो महान प्रतीकों का अभिनंदन — जी.एल. बत्रा एवं मेजर जनरल जी.डी. बक्शी

भोपाल एक ऐतिहासिक और प्रेरणास्पद क्षण का साक्षी बना भोपाल, जब संकल्प फाउंडेशन, मध्यप्रदेश के द्वारा आयोजित एक आत्मीय कार्यक्रम में परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा जी के पूज्य पिताजी श्री जी.एल. बत्रा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के विचारशील योद्धा मेजर जनरल (सेनि.) जी.डी. बक्शी का गरिमामयी स्वागत और सम्मान किया गया। जी.एल. बत्रा — वीरता और तपस्या के प्रतीक श्री गिरीधर लाल बत्रा, भारतीय सेना के परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा जी के पिताजी हैं। कैप्टन बत्रा ने 1999 के कारगिल युद्ध में पॉइंट 4875 (अब “बत्रा टॉप”) पर अद्भुत साहस दिखाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी बहादुरी का नारा “ये दिल मांगे मोर” आज भी देशभक्ति का उद्घोष बन गया है। श्री जी.एल. बत्रा ने अपने पुत्र को मात्र सैनिक नहीं, बल्कि कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की मूर्ति के रूप में पाला। आज वह वीर माता-पिता के आदर्श रूप में देशभर में सम्मानित होते हैं। उनका जीवन इस बात का प्रतीक है कि एक सैनिक का निर्माण सिर्फ़ फौज में नहीं, बल्कि घर की मिट्टी में होता है। मेजर जनरल जी.डी. बक्शी — राष्ट्र की चेतना के सजग प्रहरी मेजर जनरल गगनदीप बक्शी (सेवानिवृत्त) भारतीय सेना के एक विशिष्ट सैन्य अधिकारी रहे हैं। जम्मू-कश्मीर राइफल्स में सेवा देते हुए उन्होंने कारगिल युद्ध सहित अनेक अभियानों में भाग लिया। सेवा निवृत्ति के पश्चात उन्होंने राष्ट्र सुरक्षा, सैन्य इतिहास और सामरिक नीति पर सार्वजनिक विमर्श को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। वे आज भारत की सैन्य चेतना के प्रभावशाली वक्ता, लेखक और रक्षा रणनीतिकार हैं। उनकी लेखनी और भाषणों में राष्ट्रभक्ति, बलिदान और भारतीय गौरव की गूंज होती है। वे युवाओं को बार-बार यह याद दिलाते हैं कि “स्वतंत्रता कोई उपहार नहीं, यह बलिदान से अर्जित उत्तरदायित्व है।” स्मृति और सम्मान का संगम इस आयोजन में संकल्प फाउंडेशन मध्यप्रदेश के समन्वयक श्री हरिश्चंद्र अग्रवाल ने दोनों महान विभूतियों को स्वामी विवेकानंद का प्रेरणादायी चित्र एवं “संकल्प स्मृति चिह्न” भेंट कर भावभीना सम्मान अर्पित किया। श्रीमती बक्शी जी की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी गरिमा प्रदान की। उपस्थित प्रमुख अतिथि:    •   श्री ओ.पी. गुप्ता    •   श्री अभिषेक खरे मुख्य बातें:    •   शाल, श्रीफल और चित्र भेंट कर भारतीय परंपरा के अनुसार अभिनंदन किया गया।    •   जी.डी. बक्शी जी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए राष्ट्रभक्ति, आत्मनिर्भरता और सेवा का संदेश दिया।    •   श्री जी.एल. बत्रा जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “सच्चा सम्मान तभी है जब हम अपने देश के लिए कुछ छोड़ते हैं — वह बेटे हों, समय हो या सुख-सुविधाएँ।” संकल्प भोपाल परिवार इस प्रेरणास्पद आयोजन का साक्षी बनकर स्वयं को कृतज्ञ और सौभाग्यशाली अनुभव करता है।

शौर्य स्मारक भोपाल में ‘शौर्य गाथा एवं शौर्य अलंकरण 2025’ का भव्य आयोजन वीरता, बलिदान और देशभक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बना भोपाल

भोपाल राजधानी भोपाल स्थित शौर्य स्मारक परिसर में “शौर्य गाथा एवं शौर्य अलंकरण 2025” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को सम्मानित किया गया। यह आयोजन देश के प्रति समर्पण, वीरता और राष्ट्रीय चेतना का एक प्रेरणादायक संगम बन गया। कैप्टन विक्रम बत्रा की गाथा, पिता की जुबानी इस ऐतिहासिक अवसर पर परम वीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की शौर्यगाथा को उनके पूज्य पिता श्री जी.एल. बत्रा ने साझा किया। जब उन्होंने अपने वीर पुत्र के अद्वितीय साहस और बलिदान की दास्तान सुनाई, तो सभागार में उपस्थित जनमानस की आंखें नम हो गईं और तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही। यह अनुभव हर किसी के लिए गहरे प्रेरणास्पद रहा। मेजर जनरल बक्षी ने युद्धगाथाओं से किया परिचित मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. जी.डी. बक्षी ने 1962, 1965, 1971 एवं कारगिल युद्ध की महागाथाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उनके ओजस्वी भाषण ने उपस्थित जनसमूह को देश के इतिहास और सैनिकों के बलिदान से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। फिल्म ‘ग्राउंड ज़ीरो’ के नायक का सम्मान कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित डी.आई.जी. बीएसएफ/एनआईए श्री नरेंद्रनाथ धर दुबे, जिनकी वीरता पर आधारित फिल्म “ग्राउंड ज़ीरो” आगामी 25 अप्रैल को रिलीज़ होने जा रही है, ने भी अपने प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। जब उन्होंने अपने शौर्य से परिपूर्ण संस्मरण सुनाए, तो पूरा सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा। वीरता को किया गया नमन मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए शौर्य और सेवा के नए प्रतिमान रचने वाले पुलिस, अर्धसैनिक बल, एसडीआरएफ, होमगार्ड्स तथा अन्य सुरक्षा बलों के वीर जवानों और अधिकारियों को सम्मानित किया। महापौर श्रीमती मालती राय भी इस विशेष अवसर पर उपस्थित रहीं। आयोजन का उद्देश्य इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना तथा सुरक्षा बलों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को जनमानस तक पहुँचाना और देशभक्ति की भावना को सशक्त करना था। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में वीर नायकों को नमन किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। आयोजन समिति कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक श्री अभिषेक खरे और श्री अंशुमन खरे की प्रमुख भूमिका रही। उनके समन्वय और नेतृत्व में यह कार्यक्रम देर रात्रि तक चला और हर क्षण उपस्थित लोगों के हृदय को गर्व और प्रेरणा से भरता रहा।

दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को अब बेहतर तरीके से समझ रही है। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में एक वृंदावन गांव बनाया जाएगा और दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को देश में नंबर वन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर में सोमयज्ञ में सम्मिलित हुए और यज्ञ में आहुति देने के साथ संतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा-अर्चना की तथा सुख, शांति, समृद्धि कामना की। मुख्यमंत्री ने मंच से संत जनों का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। पवित्र नगरी मंदसौर को नशा मुक्त करने पर 160 समाजों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। इस दौरान सर्वाध्यक्ष पू.पा. डॉ. आचार्य गोस्वामी गोकुलोत्सवजी महाराज, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, वल्लभ मूल के आचार्यगण, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वचंदर सिंह सिसोदिया, ओम प्रकाश सखलेचा, माधव मारू, दिलीप सिंह परिहार और राजेश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सब सोमयज्ञ का हिस्सा बने है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इस यज्ञ का विशेष महत्व है। पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को समझ रही है। सनातन संस्कृति की अपनी अलग विशेषता रही है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में वर्तमान में 9% दूध उत्पादन होता है जिसको बढ़कर 20% किया जाएगा। दूध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान पर लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर ब्लॉक में वृंदावन गांव बनाए जाएंगे। दूध का उत्पादन बढ़ाने के विशेष प्रयास किये जाएंगे। गांव की गौशाला अच्छे से संचालित हो इसके लिए प्रयास होंगे। एक व्यक्ति 25 गाय की एक इकाई मानकर आठ इकाई रख सकेंगे। कामधेनु योजना को जमीन स्तर पर उतारेंगे। समाज में संस्कार दिखे इसके लिए धार्मिक नगरों में शराबबंदी की गई। कृष्ण की लीलाओं के पवित्र स्थान को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएंगे।  

योजना में प्रावधान के अनुसार पम्प हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट को 4 मोड के अंतर्गत विकसित किया जा सकता

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने ऊर्जा भवन भोपाल में प्रदेश में पम्प्ड हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन के लिये योजना के प्रावधान के अनुसार स्व-चिन्हित ऑफ-स्ट्रीम हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को मोड-IV के अंतर्गत आवेदन करने के लिये वेब लिंक का लोकार्पण किया। मंत्री शुक्ला ने कहा कि इससे राज्य में ऑफ-स्ट्रीम हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के क्षेत्र में अधिकाधिक निवेश संभव होगा। योजना में प्रावधान के अनुसार पम्प हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट को 4 मोड के अंतर्गत विकसित किया जा सकता है। मोड-I CPSUs, SPSUs और भारत सरकार या मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित प्राधिकरण को नामांकन के आधार पर पीएचएस साइट का आवंटन, मोड-II में तृतीय पक्ष या विद्युत विनिमय या कैप्टिव आवश्यकता को पूरा करने के लिये विकसित परियोजना, मोड-III में राज्य के भीतर और बाहर एमपीपीएमसीएल और अन्य सार्वजनिक संगठनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये विकसित परियोजना, जिसमें परियोजना डेवलपर को टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से चुना जाता है और मोड-IV में स्व-चिन्हित ऑफ-स्ट्रीम पम्प्ड हाइड्रो परियोजना का आवंटन शामिल है। स्व-चिन्हित ऑफ स्ट्रीम हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को मोड-IV के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आयुक्त कार्यालय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की वेबसाइट पर करना होगा। आवेदन के साथ परियोजना पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट एवं साइट की प्रारंभिक जानकारी, भूमि के आवंटन के लिये किये गये आवेदन की प्रति और गैर-खपत आधार पर पानी के आवंटन के लिये आवेदन की प्रति आवेदक को अपलोड करना आवश्यक होगा। आयुक्त कार्यालय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को स्व-चिन्हित ऑफ-स्ट्रीम पम्प्ड हाइड्रो प्रोजेक्ट के आवेदन प्राप्त होने के बाद आवंटन के लिये प्राप्त परियोजना स्थल की जानकारी की सूचना समाचार-पत्र/वेबसाइट के माध्यम से साझा करना होगी। यदि 60 दिनों के भीतर अन्य किसी आवेदक द्वारा दावा नहीं प्राप्त नहीं होने पर उक्त साइट का विभाग द्वारा मूल आवेदक को साइट आवंटित कर दी जायेगी। ऐसे आवेदक को साइट आवंटित की जायेगी, जो योजना में दिये गये प्रावधानों की पूर्ति करता है। विभाग द्वारा परियोजना प्रगति का समय-समय पर आंकलन भी किया जायेगा। उचित प्रगति न होने पर साइट आवंटन को रद्द किये जाने का प्रावधान भी योजना में किया गया है। साइट आवंटन के बाद परियोजना विकासक को 7 वर्ष के अंदर पम्प्ड हाइड्रो परियोजना का विकास करना होगा।  

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