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चौरागढ़ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सौगात, नहीं चढ़नी पड़ेंगी 1360 सीढ़ियां, घंटों की यात्रा मिनटों में होगी पूरी

पचमढ़ी हिल स्टेशन पचमढ़ी के चौरागढ़ मंदिर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं का सफर जल्द आसान होने वाला है. चौरागढ़ के लिए घंटों की यात्रा मिनटों में पूरी करने के लिए 400 करोड़ की लागत से रोपवे बनाया जाएगा. रोपवे बनने से श्रद्धालुओं को 1360 सीढ़ियां पैदल चढ़नी नहीं पड़ेंगी. शिवरात्रि सहित आम दिनों में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए चौरागढ़ आते हैं. खासतौर पर महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं. लेकिन ऊंची पहाड़ी चढ़ने के कारण कई भक्तों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. नितिन गडकरी ने दी मंजूरी नर्मदापुरम-नरसिंहपुर क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया “केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नर्मदापुरम जिले में पचमढ़ी के चौरागढ़ महादेव मंदिर जाने के लिए 400 करोड़ की लागत से रोपवे एवं वाहन पार्किंग को मंजूरी दे दी है. पर्यटन का विकास हमारी प्राथमिकता है.” सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने रोपवे निर्माण के लिए स्वीकृति देने पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है. सांसद ने बताया कि इसके अलावा पिपरिया से सटे अनहोनी वन क्षेत्र को पिकनिक स्पॉट में बदलने की योजना पर भी काम किया जाएगा. इन विकास कार्यों से पचमढ़ी में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इससे मजबूती मिलेगी. शिवरात्रि पर आते हैं एक लाख से अधिक श्रद्धालु पचमढ़ी नगर से करीब 12 किमी दूर सतपुड़ा के घने जंगल के बीच चौरागढ़ पर्वत है. यहां शिवरात्रि पर 6 दिनों तक का विशाल मेला लगता है, जिसमें प्रतिदिन 50 से 80 हजार तक श्रद्धालु आते हैं. शिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं की संख्या 1 लाख पार कर जाती है. आम दिनों में भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं. त्रिशूल चढ़ाने का खास महत्व चौरागढ़ मंदिर में त्रिशूल चढ़ाने का खास महत्व है. मान्यता है कि चोरा बाबा की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ ने उन्हें दर्शन दिए थे. उस समय भगवान शिव अपना त्रिशूल इसी स्थान पर छोड़ कर चले गए थे. इसी मान्यता के तहत भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर त्रिशूल चढ़ाते हैं. एक किवदंती ये भी प्रचलित है कि भगवान महादेव ने भस्मासुर से बचने के लिए इसी पहाड़ी में शरण ली थी. लंबे समय से की जा रही थी मांग स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से पचमढ़ी-चौरागढ़ रोपवे निर्माण की मांग की जा रही थी. करीब 10 वर्ष पूर्व रोपवे लगाने का सर्वे भी हुआ था लेकिन सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में रोपवे निर्माण की अनुमति नहीं मिलने से मामला ठंडा पड़ गया था.

वंदे भारत ट्रेन के कोच भी ग्वालियर में बनी स्प्रिंग के सहारे पटरियों पर दौड़ने लगेंगे

 ग्वालियर  हाई स्पीड ट्रेन शताब्दी, राजधानी और गतिमान के बाद अब वंदे भारत एक्सप्रेस(Vande Bharat Express) की स्प्रिंग का निर्माण भी रेल स्प्रिंग कारखाना सिथौली(Sithauli) में किया जाएगा। इसके लिए इलाहाबाद मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। उम्मीद है कि इस साल वंदे भारत ट्रेन के कोच भी ग्वालियर में बनी स्प्रिंग के सहारे पटरियों पर दौड़ने लगेंगे। देशभर में चलने वाली ट्रेनों के लिए स्प्रिंग का निर्माण करने वाले केवल दो कारखाने हैं, इनमें एक ग्वालियर के सिथौली में है और दूसरा आईसीएफ चैन्नई में है। सिथौली(Sithauli) के रेल स्प्रिंग कारखाने में वर्षों से आईसीएफ (इंटीग्रल) और एलएचबी (लिंके- हॉफमैन ब्रुश) कोच की स्प्रिंग का निर्माण किया जा रहा है। इंडियन रेलवे लगातार स्प्रिंग की मांग बढ़ाता जा रहा है, इससे इस साल कारखाने का टारगेट भी पहली बार एक लाख स्प्रिंग से ऊपर चला गया है। हर साल बढ़ रही स्प्रिंग की डिमांड रेल स्प्रिंग कारखाना सिथौली(Sithauli) की शुरूआत 1989 में हुई थी। इसके बाद 1990 में स्प्रिंग बनना शुरू हो गई थी।यहां मांग के हिसाब से स्प्रिंगों का निर्माण किया जाता है और हर साल इसकी संया में इजाफा होता जा रहा है। इस साल पहली बार टारगेट एक लाख को पार कर गया है। फैक्ट्री में सबसे ज्यादा एलएचबी कोच की स्प्रिंग बनाई जाती हैं। स्प्रिंग की संख्या बढ़ते ही तीन शिट में काम 45 लोगों को और मिला रोजगार 35 साल में पहली बार स्प्रिंग की संख्या बढ़ते ही दो की जगह तीन शिट में काम शुरू किया गया है। फैक्ट्री में 275 लोगों का स्टाफ है। तीसरी शिट शुरू होने से लगभग 45 लोगों को और रोजगार मिला है। यहां एक दिन में 450 से 500 स्प्रिंग बनाई जा रही हैं। जल्द ही हर दिन 600 स्प्रिंग बनाने की प्लानिंग की जा रही है। तीन हजार स्प्रिंग से शुरू हुआ था कारखाना सिथौली स्प्रिंग कारखाने में 1990 में स्प्रिंग का निर्माण शुरू हुआ था। पहले साल तीन हजार स्प्रिंग बनाई गईं। उसके बाद पांच हजार स्प्रिंग तैयार हुईं। मांग बढ़ते ही हर साल लक्ष्य बढ़ता गया और अब यह आंकड़ा एक लाख पार हो गया है। 50 मशीनों पर बनतीं स्प्रिंग स्प्रिंग कारखाने में करीब 50 मशीनें लगी हुई हैं। इन मशीनों पर एक बार में दो से तीन कर्मचारी डिमांड के हिसाब से काम करते हैं। काम बढऩे पर कर्मचारी इसे आपस में बांट लेते हैं। भविष्य में और भी मशीनें आने की संभावना हैं, जिससे काम और बढ़ेगा। सिथौली स्प्रिंग कारखाना में इस साल टारगेट एक लाख पार हो गया है। संभवत: इस साल से वंदे भारत की स्प्रिंग भी यहां बनाई जाएगी।– मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल

ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरेगा, इन जिलों और गांवों के लोगों को भी लाभ होगा

ग्वालियर म्यूजिक सिटी ग्वालियर से ताज नगरी आगरा जाने वालों का सफर जल्द ही आसान होगा। यह होगा ग्वालियर- आगरा सिक्स लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे(Gwalior agra Green Field Expressway) बनने से। इसके लिए तैयारी आरंभ हो गई है। इसके बनने से सड़क मार्ग से ग्वालियर से आगरा 90 मिनट में पहुंच सकेंगे, जबकि अभी तीन घंटे का समय लगता है। इससे डेढ़ घंटे का समय बचेगा। यह एक्सप्रेस-वे उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें आगरा, धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर के 63 गांव की 550 हेक्टेयर भूमि आ रही है। इससे इन जिलों और गांवों के लोगों को भी लाभ होगा। 4612 करोड़ से बनेगा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे इस एक्सप्रेस-वे(Gwalior agra Green Field Expressway) पर एकसाथ 31435 वाहन गुजर सकेंगे। एनएचएआई द्वारा 88.400 किलोमीटर में बनाए जा रहे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 4612.65 करोड़ रुपए लागत आएगी। इसके लिए उदयपुर की जीआर इंफ्रा कंपनी को कार्य दिया गया है। कंपनी अक्टूबर- 2025 में इसका निर्माण आरंभ करेगी और उसे 30 महीने में इसे पूरा करना होगा। 2028 में यह बनकर तैयार हो जाएगा। आर्थिक लाभ आगरा से ग्वालियर एक्सप्रेस(Gwalior agra Green Field Expressway) बनने से यूपी, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच संपर्क बढ़ने से आगरा, धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर में आईटी इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक हब, ई-कॉमर्स, रियल एस्टेट और टूरिज्म जैसे सेक्टर को लाभ मिलेगा। चारों जिलों के बीच बस यातायात भी सुगम होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को भी रियल एस्टेट का लाभ मिलेगा। यह गांव आएंगे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में आने वाले मुख्य शहर…….. मध्यप्रदेश के ग्वालियर और मुरैना। : ग्वालियर के सिर्फ एक गांव सुसैरा की 5 हेक्टेयर भूमि इसमें आएगी। मुरैना के दिमनी, चंबल क्रॉस व मुरैना रोड सहित 25 गांव की 250 हेक्टेयर भूमि आएगी। उत्तरप्रदेश के आगरा : आगरा के देवरी आगरा बायपास, इरादत नगर, श्मशाबाद व सोसा सहित 18 गांव की 132 हेक्टेयर भूमि इसमें आएगी। राजस्थान- धौलपुर: धौलपुर के राधा खेड़ा, मछरिया सहित 23 गांव की 162 हेक्टेयर भूमि इसमें आएगी। 31 पुल, छह फ्लाई ओवर व एक रेलवे ओवर ब्रिज बनेगा ग्वालियर– आगरा सिक्स लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे की लंबाई 88.400 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट में आठ बड़े पुल, 23 छोटे पुल, छह फ्लाई ओवर, पांच एलिवेटेड वायडक्ट, एक रेल ओवर ब्रिज और 42 अंडर पास बनाए जाएंगे। यहां एक साथ 31435 वाहन गुजर सकेंगे। एक्सप्रेस-वे की विशेषताएं     100 किलोमीटर से अधिक की रफ्तार से चल सकेंगे वाहन।     जीपीएस आधारित सिस्टम से उतना ही टोल देना होगा जितना सफर किया होगा।     आईटीएमएस लागू होगा। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरा एक्सप्रेस-वे सीसीटीवी की निगरानी में होगा।     वाहन रुकने पर या हादसा होने पर कंट्रोल रूम से तुरंत एम्बुलेंस पहुंचेगी। फायर फाइटर और क्रेन तक सूचना पहुंचेगी।     पर्यावरण और वन संचरण के लिए सुरंग और वाया डक्ट बनेंगे।     सड़क पर कहीं भी घाट नहीं पड़ेंगे और सभी पहाड़ी इलाकों को री-अलाइन कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल भारतीय वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के 7वें अधिवेशन के शुभारंभ सत्र में सम्बोधित करते हुए कहा कि मजदूर भाई-बहनों की सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए भोपाल में विभागों से समन्वय कर काम किया जाएगा। वनवासी भाई-बहनों तथा सभी वर्ग की बेहतरी के लिए कार्य करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सरकार ने इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4800 मजदूर भाई-बहनों के 224 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान करवा दिया है। रतलाम की सज्जन मिल के मजदूरों का बकाया भुगतान भी शीघ्र करवा दिया जाएगा। सरकार की ओर से औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर तलाशने के लिए औद्योगिक निवेश के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर उद्योगपतियों के साथ अनुबंध किए गये हैं। भोपाल में 9वीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गयी। इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में प्रदेश में उद्योगों को बढावा देने और रोजगार के अवसर तलाशने के कार्य किए गए हैं। प्रदेश में रोजगारमूलक उद्यम स्थापित करने वाले उद्योगपतियों को जमीन आवंटन, विद्युत बिल में छूट देते हुए 70 प्रतिशत तक सरकार द्वारा सबसिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा है। सरकार की ओर से देशहित में काम करने वाले मजदूरों को उनका पूरा हक दिया जाएगा। वस्त्र उद्योग में कार्य करने वाले श्रमिकों को प्रति मजदूर 5 हजार रुपए प्रति माह अनुग्रह राशि देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर क्षेत्र के मजदूर भाई-बहन काम की तलाश में गुजरात राज्य की सूरत स्थित हीरा फैक्ट्री में कार्य पर जाते हैं, इसके लिए अब अलीराजपुर में ही हीरा फैक्ट्री के माध्यम से रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। गंभीर बीमारी के समय गरीबों/मजदूरों के उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अन्यत्र भेजने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। गरीबों के उपचार के लिये प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में निजी चिकित्सालयों में भी उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार और झाबुआ जिले में भी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे वनवासी जिलों में पढ़ाई एवं उपचार की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सके। सरकार द्वारा गरीब महिला, किसान, युवा सभी वर्गों के लिए प्राथमिकता से काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन योजना अन्तर्गत शिल्पकार, मिस्त्री, बढ़ई सभी वर्गों को रोजगार स्थापित करने में सरकार द्वारा प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मजदूर भाई-बहनों के कल्याण के लिए संबल योजना संचालित है। संबल योजना अन्तर्गत सभी मजदूर भाई-बहन अपना पंजीयन अनिवार्य रुप से करवाएं। योजना में स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास आदि योजनाओं में लाभान्वित किया जा रहा है। परिवार के सदस्य की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के संबल के लिए अनुग्रह राशि दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। संबल योजना में रतलाम जिले के 4 लाख 92 हजार मजदूरों का पंजीयन किया जा चुका है। योजना में पुनः सर्वे कराया जाकर वंचित रहे शेष पात्र हितग्राहियों को पक्के मकान प्रदान किए जाएंगे। बच्चों को स्कूल में सायकल, पाठ्य सामग्री, गणवेश तथा फीस की सुविधा सरकार द्वारा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की स्थिति बेहतर करने के लिए हर किसान के खेत पर पानी पहुंचाना, बिजली के संसाधन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को मोटा अनाज (श्री अन्न) उत्पादन के लिए प्रेरित करने के लिये रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत कोदो, कुटकी, मक्का तथा मोटे अनाज उत्पादन करने वाले कृषको को एक हजार रुपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। डॉ. अम्बेडकर जयन्ती के अवसर से सरकार द्वारा गोपालकों से सहकारिता समितियों के माध्यम से दूध खरीदने की व्यवस्था के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारम्भ की जा रही है। पशुपालन अन्तर्गत दुग्ध उत्पादन के लिए सहकारिता आधारित कार्य किया जा रहा है। योजना अन्तर्गत 25 से ज्यादा गाय-भैंस पालने वाले गौपालक को अनुदान दिया जाएगा। कार्यक्रम में रतलाम महापौर श्री प्रहलाद पटेल ने स्वागत् उद्बोधन दिया। अखिल भारतीय मजदूर महासंघ के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रसिंह ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के संस्थापक श्री अरविन्द मोघे का अंग वस्त्रम तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया। विधायक सभागृह रतलाम में आयोजित अधिवेशन में सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, विधायक श्री मथुरालाल डामर, विधायक श्री चिन्तामण मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चन्द्रवंशी, पूर्व मंत्री श्री हिम्मत कोठारी, श्री भूरालाल डामर, श्री पवन पंत, श्री राघवसिंह भाभर, श्री बेगाजी, श्री संजयसिंह, श्री कुलदीप गुर्जर, श्री कैलाश निनामा, श्री प्रमोद जैन, श्री भरत पाटीदार, श्री अर्जुन राम, श्री मानसिंह मईडा, श्री भेरुलाल खदेडा, श्री कृष्णकुमार मईडा, श्री बालमुकुन्द पाटीदार, श्री राजू खराडी, पूर्व विधायक श्री दिलीप मकवाना, श्री विप्लव जैन, पूर्व महापौर श्री शैलेन्द्र डागा, श्री बजरंग पुरोहित, श्री अशोक पोरवाल, श्री कन्हैयालाल मौर्य, उपस्थित थे।  

वनों के संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के लिये प्रदेश में निरंतर प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वनों के संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के लिये प्रदेश में निरंतर प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की मंशानुसार विभिन्न विभागों द्वारा इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किये जा रहे हैं। वन विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी तकनीकों के उपयोग से वनों की सुरक्षा एवं संरक्षण में गतिशीलता लाने के लिये जीआईएस तकनीक का प्रयोग वन क्षेत्रों के नक्शों के निर्माण एवं संधारण के लिये किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा वनों का वैज्ञानिक दृष्टि से इस तरह प्रबंधन करना, जिससे न सिर्फ ग्रामवासियों को वनों से जीविकोपार्जन का स्रोत निरंतर बना रहे, बल्कि प्रबंधन में भी उनकी भागीदारी सशक्त करने का सार्थक प्रयास है। साथ ही इससे यह भी सुनिश्चित करना है कि वन एक प्राकृतिक धरोहर के रूप में संवहनीय, संरक्षित एवं संवर्धित संसाधन के रूप में विकसित होता रहे। मध्यप्रदेश वन एवं वन्य-जीव संरक्षण एवं संवर्धन में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में अपना स्थान रखता है। वनखण्डों के मानचित्रों का डिजिटाइजेशन वन विभाग में वनखण्डों के मूल मानचित्रों एवं राजस्व विभाग के खसरेवार उपलब्ध जीआईएस डेटा का उपयोग कर नक्शे तैयार किये गये हैं। अभी तक 64 वन मण्डल में से 40 के परिष्कृत मानचित्र तैयार किये गये हैं एवं 23 वन मण्डलों के वन क्षेत्रों के मानचित्रों का सुधार कार्य प्रगति पर है, इसे शीघ्र पूर्ण किया जायेगा। मेप आईटी से अन्य शासकीय संस्थाओं को भी डेटा प्रदाय किया गया है। इससे वनों के संरक्षण में मदद मिल रही है। प्रदेश के सभी वन मण्डलों के फायर नक्शों का निर्माण सेटेलाइट डेटा के उपयोग से किया गया है, जिसे http://www.mpforest.gov.in/Publicdomain/atlas/FireAtlas.pdf पर उपलब्ध कराया गया है। सेटेलाइट डेटा कम्पाटमेंट में पिछले 5 वर्षों से कोई वन अग्नि की घटना नहीं होने को हरे रंग से दर्शाया गया है तथा वन अग्नि की घटनाओं वाले क्षेत्रों को लाल रंग से दर्शाया गया है। इससे जंगलों में अग्नि की घटनाओं में कमी आयी है। जल स्रोतों के मानचित्र का एटलस मध्यप्रदेश देश का टाइगर स्टेट है। हमारे वन विविध प्रकार के जीव-जंतुओं से परिपूर्ण हैं। ग्रीष्म ऋतु में वन्य-जीवों के लिये पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना वन्य-जीव प्रबंधन के लिये आवश्यक रहता है। इसके लिये सतही जल-स्रोतों की पहचान कर उनको सूचीबद्ध कर प्रबंधन योजना में सम्मिलित किया जाता है। सूचना प्रौद्योगिकी द्वारा मध्यप्रदेश के समस्त वन मण्डलों के सतही जल-स्रोतों का मानचित्रिकरण कर उन्हें http://www.mpforest.gov.in/publicdomain/atlas_MNDWI.pdf पर उपलब्ध कराया गया है। इन मानचित्रों को ग्रीष्म ऋतु के सेटेलाइट रिमोट सेंसिंग डेटा के उपयोग से बनाया गया है। इससे वनों में जल-स्रोतों में बढ़ोत्तरी हुई है। वनों के भीतर विभिन्न वानिकी गतिविधियों के लिये क्षेत्र चयन के लिये सूचना प्रौद्योगिकी शाखा द्वारा डिजिटल एलीवेशन मॉडल की आधुनिक तकनीक के उपयोग से विभिन्न संरक्षित क्षेत्रों तथा वन मण्डलों के थ्री-डी मानचित्रों /decision support system का निर्माण कर http://www.mpforest.gov.in/Public domain/atlas/index.html पर उपलब्ध कराया गया है।  

स्वास्थ्य और प्रशासन की संयुक्त टीम ने देवरी में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, मिला ऐलोपैथी दवाइयों का जखीरा

सागर कलेक्टर संदीप जीआर के निर्देश पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने देवरी में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। झुनकू पंचायत के संजय नगर में तीन अवैध क्लीनिकों पर छापा मारकर उन्हें सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे नगर में हड़कंप मच गया और कई झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। अधिकारियों ने अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों में एलोपैथी दवाइयां और अनधिकृत इलाज की शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाया। डॉ. समीर विश्वास के क्लीनिक पर छापा कार्रवाई की शुरुआत बस स्टैंड के पास स्थित डॉ. समीर विश्वास के क्लीनिक से हुई। नायब तहसीलदार चंद्रभान दीवान, मेडिकल ऑफिसर डॉ. पराग, डॉ. अवधेश लोधी और पुलिस बल की टीम जब क्लीनिक पहुंची, तो वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। उनका कंपाउंडर अधिकारियों को देखकर भाग गया। जांच के दौरान क्लीनिक में एलोपैथी दवाइयां, एंटीबायोटिक्स और सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले एनेस्थीसिया इंजेक्शन मिले। डॉ. अवधेश लोधी ने बताया कि ये दवाइयां केवल विशेषज्ञ डॉक्टर ही उपयोग कर सकते हैं, लेकिन क्लीनिक में कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं मिले। केवल इलेक्ट्रो होम्योपैथी का सर्टिफिकेट लगा था, फिर भी मरीजों का इलाज एलोपैथी से किया जा रहा था। अधिकारियों ने पंचनामा कार्रवाई कर दवाइयां जब्त कीं और क्लीनिक को सील कर दिया। महिला मरीज की आपबीती क्लीनिक में माने गांव की एक महिला मरीज आरती दांगी अपने पति के साथ इलाज के लिए आई थी। उसे पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी। आरती ने बताया कि सुबह 9 बजे से वह क्लीनिक में थी, लेकिन डॉक्टर नहीं आए। कंपाउंडर ने उसे तीन बोतल चढ़ाई और 1800 रुपये वसूल लिए, फिर भी कोई राहत नहीं मिली। रोते हुए उसने कहा कि उनके पति मजदूरी करते हैं। इलाज के लिए 25 किलो चना बेचकर पैसे जुटाए थे। पति ने आरोप लगाया कि क्लीनिक में इलाज के नाम पर लूट हुई। पत्नी की हालत में सुधार नहीं हुआ।   अन्य क्लीनिकों पर भी कार्रवाई टीम ने इसके बाद संजय नगर में डॉ. केसी पटेल और दामोदर पटेल के गुरुदत्त क्लीनिक पर छापा मारा। यहां भी एलोपैथी दवाइयां मिलीं, जिन्हें जब्त कर पंचनामा कार्रवाई की गई। दोनों क्लीनिकों को सील कर दिया गया। नायब तहसीलदार चंद्रभान दीवान ने कहा कि कलेक्टर के निर्देश पर अवैध क्लीनिकों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।   कार्रवाई में शामिल अधिकारी इस कार्रवाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गोविंद बरदिया, आरक्षक राजीव तोमर और मनोहर सिंह शामिल थे। प्रशासन की इस सख्ती ने झोलाछाप डॉक्टरों में खौफ पैदा कर दिया है और मरीजों की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

जनता में खुशहाली लाने के लिए बनाए जाएं आनंद ग्राम : निदेशक गंगराड़े

भोपाल राज्य आनंद संस्थान के निदेशक श्री प्रवीण कुमार गंगराड़े ने कहा कि लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए ग्राम स्तर पर अधिक से अधिक आनंद ग्राम स्थापित किए जाएं। उन्होंने यह बात खरगोन में आयोजित आनंद क्लब सदस्यों, आनंदम सहयोगियों एवं आनंदकों की समीक्षा बैठक में कही। निदेशक श्री गंगराड़े ने कहा कि खरगोन जिले में आनंद विभाग की गतिविधियां सराहनीय हैं, लेकिन अभी और संभावनाएं हैं। उन्होंने स्वयं आनंदित रहते हुए दूसरों को भी आनंद संस्थान से जोड़ने की अपील की। विशेष रूप से आनंद, अल्पविराम जैसी गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए हेप्पीनेस वालंटियर्स की भूमिका को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। “आनंद की ओर’’ कार्यक्रम उन्होंने बताया कि राज्य आनंद संस्थान द्वारा आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में ‘आनंद की ओर’ सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों पर आधारित था। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को एक आनंदमयी जीवन शैली अपनाने के लिये प्रेरित करना रहा। वन विद्यालय झाबुआ में भी आनंद की ओर कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त विद्यार्थियों ने उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानव मूल्यों पर आधारित जीवन जीने की कला से अवगत कराया गया। चर्चा में यह समझाया गया कि किस प्रकार हम अपने दैनिक जीवन में सजगता, संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर जीवन को तनावमुक्त, शांतिपूर्ण और आनंदमय बना सकते हैं। सत्र में छोटे-छोटे पर्यवेक्षणों के माध्यम से अपने भीतर झांकने और अपने व्यवहार में सुधार लाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से जीवन जीने की प्रक्रिया को गहराई से समझा। आनंद शिविर राज्य आनंद संस्थान द्वारा शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए पंचगनी, महाराष्ट्र में 22 से 25 अप्रैल तक चार दिवसीय आनंद शिविर का आयोजन किया जाएगा।  

अगले 5 साल में दुग्ध उत्पादन 2 करोड़ लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य लेकर बढ़ें आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 16 अप्रैल को मंडला जिले के ग्राम टिकरवारा से लाड़ली बहनों के खाते में राशि का अंतरित की जायेगी। उन्होंने कहा कि राशि अंतरण की तारीख में सदैव एकरूपता लाने के लिए अब राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास यह राशि लाड़ली बहनों के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल (बुधवार) को मंडला जिले से प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाडली बहनाओं के खाते में 1552.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में 13 अप्रैल को राज्य सरकार तथा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के मध्य सहकारिता अनुबंध हुआ। इससे प्रदेश के पशुपालकों को सीधा लाभ होगा। पशुपालकों द्वारा उत्पादित दूध एवं इससे जुड़े अन्य उत्पाद अब सीधे एनडीडीबी के माध्यम से खरीदे जायेंगे। इससे प्रदेश के पशुपालकों की माली हालत तेजी से सुधरेगी और वे आत्मनिर्भर हो सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के कुल दुग्ध उत्पादन की तुलना में दुग्ध संकलन बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाये। साथ ही प्रदेश के शेष्ज्ञ आधे ग्रामों से दूध का संकलन करने की कार्रवाई में भी गति लायें। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा 5 रुपए प्रति लीटर बोनस के रूप में प्रोत्साहन राशि देने सहित “डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना” का प्रचार-प्रसार एवं मप्र के दूध की प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मार्केटिंग एंव ब्रांडिंग भी की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एनडीबीबी द्वारा प्रदेश में दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति के लिए कॉम्प्रिहेंसिव प्लान म.प्र. सरकार के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल को केन्द्रीय मंत्री से मिले निर्देशों में नये लक्ष्य शामिल कर NDDD के साथ हुये अनुबंध में आवश्यक संशोधन करने के लिये भी कहा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में अगले 5 साल में 2 करोड़ लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन क्षमता का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। इस दिशा में एनडीडीबी से भी मार्गदर्शन लें। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश के दुग्ध संघों द्वारा मात्र 10 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध संकलन किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दूध उत्पादन और संकलन में तेजी से वृद्धि करने के निर्देश दिये। प्रदेश को मिली 10 राजमार्गों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा 10 अप्रैल को प्रदेश को 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के भूमि-पूजन एवं लोकार्पण कर सौगात दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सौगात के लिए केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी का आभार जताया। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा 2330 करोड रुपए के कार्यों का भूमि-पूजन तथा 3502 करोड रुपए के कार्यों का लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को मिली इस सौगात के लिए मंत्रि-परिषद के सदस्यों को भी बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा NHAI के माध्यम से मध्यप्रदेश में अगले 2 साल में राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछाने की घोषणा की गई है। केन्द्रीय मंत्री द्वारा सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं के सहज और सरल आवागमन के लिये सभी आवश्यक राजमार्गों के उन्नयन की स्वीकृति देने की सहमति भी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा धार के बदनावर से झाबुआ के थांदला से टिमकवाली तक 1900 करोड़ रुपए की लागत से 81 किलोमीटर लंबी फोरलेन रोड, उज्जैन से झालावाड़ तक 2500 करोड रुपए की लागत से 133 किलोमीटर लंबी फोर लेन रोड और 3500 करोड रुपए की लागत से 77 किलोमीटर लंबे इंदौर पूर्वी सिक्स लेन बायपास रोड की स्वीकृति देने की सहमति व्यक्त की गई है। अंबेडकर जयंती पर नई ट्रेन के लिए दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर 13 अप्रैल से डॉ. भीमराव अंबेडकर नगर (महू) से नई दिल्ली के मध्य सीधी रेल सेवा प्रारंभ होने की जानकारी देकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे महू अब दिल्ली से हमेशा के लिए सीधी रेल सेवा से जुड़ गया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर अभयारण्य बना सागर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर जिले में आरक्षित वन के 258.64 वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र को अभयारण्य घोषित किया गया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। यह प्रदेश का 25 वां अभयारण्य है।

बरगंवा पुलिस ने 180 लीटर डीजल के साथ कार सहित तस्कर को किया गिरफ्तार

सिंगरौली पुलिस अधीक्षक  सिंगरौली  मनीष खत्री (भा.पु.से.) द्वारा तस्करी करनें वालों के विरुध्द कठोर कार्यवारी करनें हेतु निर्देशित किया गया है जिसके परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिंगरौली अभिषेक रंजन  अनुविभागीय पुलिस अधिकारी  सिंगरौली के.के. पांडेय, थाना प्रभारी बरगंवा राकेश साहू के मार्गदर्शन , उपनिरीक्षक शेषनारायण दुबे के नेतृत्व में  गठित टीम द्वारा दिनांक 14/04/2025 को बरगंवा सिंगरौली रोड NH 39 कसर में लाल रंग की एक मारुति सुजुकी कार क्रमांक UP64AQ9690 में आरोपी नारेन्द्र कुमार बैश्य पिता शीतल प्रसाद बैश्य उम्र 32 वर्ष निवासी बरौहाटोला सुदा थाना चितरंगी जिला सिंगरौली द्वारा तीन कुप्पो में कुल 180 लीटर डीजल का अवैध रूप से परिवहन करते पाया गया । जिससे नारेन्द्र कुमार के कब्जे से डीजल एवं कार जप्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया एवं आरोपी के विरुध्द अपराध क्रमांक 250/2025 धारा 285 भारतीय न्याय संहिता 3/7 आवश्यक वस्तु अधि. का मामला पंजीबध्द किया गया । उल्लेखनीय है कि आरोपी के विरुध्द पूर्व में जिला सिंगरौली के विभिन्न थानों में डीजल तस्करी संबंधी मामले पंजीबध्द है । उपरोक्त कार्यवाई में थाना प्रभारी बरगंवा निरी. राकेश साहू के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक शेषनारायण दुबे, प्र. आर. 253 उमेश विश्वकर्मा की उल्लेखनीय भूमिका रही ।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों के साथ गोविंदपुरा क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों के साथ गोविंदपुरा क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाह अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए समय सीमा में कार्य करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आम लोगों को ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए आशिमा मॉल से बावड़िया कलां के बीच ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसका लाभ रोज आवागमन करने वाले लाखों लोगों को मिलेगा। ओवरब्रिज के निर्माण के लिए इसी सप्ताह टेंडर जारी हो जाएगा और जून महीने में इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बावड़िया ब्रिज पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने के निर्देश भी दिए हैं, इससे लंबे जाम से रहवासियों को राहत मिलेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भेल क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के लिए भेल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी इस कार्य को जल्द पूरा करें। उन्होंने लंबे समय से एमजीएम स्कूल अवधपुरी के करीब बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य में देरी पर कहा कि सड़क के निर्माण कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया। पिपलानी से खजूरी कलां तक 4 किलोमीटर लंबी नाली के निर्माण कार्य को भी बारिश से पहले पूरा करने के भी राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने आनंद नगर से ट्रांसपोर्ट नगर तक बन रही लगभग 5 किलोमीटर की सड़क के अधूरे निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिये कहा। बैठक में भोपाल कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों को ट्रैफिक सिग्नल के समय को रिव्यू करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे चौराहे चिन्हित किए जाएं, जहां सिग्नल की टाइमिंग सही नहीं है और उसमें सुधार किए जाएं। इसके लिए पुलिसकर्मियों की सहायता ली जा सकती है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।  

मंडल की बैठकों में श्रम कल्याण के विषय पर विस्तार से चर्चा की जाना चाहिये: श्रम मंत्री पटेल

भोपाल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि मंडल की बैठकों में श्रम कल्याण के विषय पर विस्तारसे चर्चा की जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में श्रम कल्याण योजनाएं एवं श्रम कानूनों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के बारे में बोर्ड में चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि संबल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की विसंगतियों को दूर करें। मंत्री श्री पटेल मंगलवार को पलाश रेसीडेंसी में मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मण्डल के संचालक मण्डल की 62वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। श्रम कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे, कल्‍याण आयुक्‍त श्री एस.एस.दीक्षित सहित मंडल के सदस्य, विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि श्रमिकों का कल्याण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, नैतिक उत्तरदायित्व भी है। हमारी सरकार हर श्रमिक के सम्मान, अधिकार और भविष्य की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले शत-प्रतिशत श्रमिकों को सर्वप्रथम इलेक्ट्रिक वाहन का वितरण किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नवीन श्रम कल्याण केंद्रों की डिजाइन भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार की जाए। बैठक में प्रमुख सचिव, श्रम श्री उमराव ने जानकारी दी कि शासन की ओर से मंडल को अंशदान राशि 2 करोड़ से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12 करोड़ की गई है। बैठक में मण्डल की 61वीं बैठक में लिये गये निर्णयों पर कार्यालय ‌द्वारा की गई कार्रवाई की पुष्टि की गई एवं मण्डल के वित्तीय बजट वर्ष 2025-26, मण्डल के वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2023-24 पर कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया। मण्डल कर्मचारियों की सेवाशर्तों विनियम में अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान किये जाने, म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 की धारा 2 (3) (ख) को संशोधित करने, मण्डल के नियमित कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के एरियर्स के व्यय भार की स्वीकृति प्रदान की गई, श्रम कल्याण केन्द्र, बुरहानपुर भवन, बुरहानपुर के मरम्मत के लिए व्यय राशि पर कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।  

तालाबों और कुओं को साफ रखें, वर्षा जल संचयन करें, जल आज सहेजेंगे तो हर खेत को मिलेगा कल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में “जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रदेश के जिलों में जल स्रोतों के संवर्धन और संरक्षण के लिये विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान में जनभागीदारी से जल संरक्षण का संकल्प साकार हो रहा है। प्राचीन जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और नवीन जल संरचनाओं का निर्माण कार्य किया जा रहा है। उमरिया में वाटर शेड महोत्सव उमरिया जिले के जनपद पंचायत करकेली में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत आयोजित वॉटरशेड महोत्सव-2025 जल संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल रही। कार्यक्रम में विधायक शिवनारायण सिंह, कलेक्टर श्री धरणेन्द्र जैन, जनप्रतिनिधि, किसान, पंचायत प्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूह, युवा, छात्र-छात्राएं, और स्थानीय जन मौजूद रहे। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 का उद्देश्य “हर खेत को पानी” देना है, ताकि किसानों को वर्ष भर सिंचाई की सुविधा मिल सके और खेती की उत्पादकता में वृद्धि हो। योजना के अंतर्गत वाटरशेड डेवलपमेंट एक महत्वपूर्ण घटक है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, भूजल स्तर को बढ़ाने और भूमि सुधार जैसे कार्यों पर केन्द्रित है। देवास में तालाब के गहरीकरण से पानी का होगा संचय, वॉटर लेवल भी बढ़ेगा देवास जिले में प्रशासन एवं ग्रामीणों के जनसहयोग से जनपद पंचायत देवास की ग्राम पंचायत टिगरिया गोगा एवं पर्वतपुरा के तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। इस तालाब के गहरीकरण होने से बारिश के दिनों में अधिक पानी का एकत्रितकरण होगा तथा वॉटर लेवल भी बढ़ेगा। इससे पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा। छतरपुर में प्रताप सागर तालाब की सफाई छतरपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। ग्राम निवरिया में ग्रामीण लोगों की बैठक कर लोगों को तालाबों, कुएं एवं बावड़ियों की सफाई करने के लिए प्रेरित किया गया और श्रमदान करने की शपथ दिलाई गई। प्रताप सागर तालाब की सफाई अभियान का कार्यक्रम कराया गया। राजनगर अंतर्गत बसारी के ग्राम भैरा में श्रमदान किया गया। धार के जलगंगा अभियान में युवाओं ने दिखाया सामाजिक उत्तरदायित्व धार एवं तिरला विकासखंड में श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए गए। धार के जीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में CMCLDP के छात्र-छात्राएं, नवांकुर समिति, सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद ग्राम जेतपुरा स्थित तालाब की सफाई के लिये श्रमदान किया गया। इसमें सभी छात्रों और अतिथियों ने भाग लेकर जल संरक्षण का संदेश दिया। शहडोल में दीवार लेखन कर महिलाएं बता रही जल का महत्व जल गंगा संवर्धन अभियान अब जन अभियान बनता जा रहा है। शहडोल जिले के ब्यौहारी की महिलाओं ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत जल का महत्व बताने के लिए दीवार पर नारे लिखें तथा जल के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  

उप स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेलीमेडिसिन सेवाओं का किया जाए प्रभावी उपयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा उनके निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ही उपलब्ध कराने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेलीमेडिसिन सेवाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए। जिससे दूरदराज़ क्षेत्रों में विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा सुलभ हो सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। पीएम-अभीम योजनांतर्गत कार्यों को समय-सीमा में करें पूर्ण उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं, इससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार शीघ्र संभव हो। मातृ शिशु संजीवन मिशन एवं अनमोल 2.0 की समीक्षा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन और एएनसी जांच सुनिश्चित की जाए। हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान समय पर हो जिससे सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु की बेहतर निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मातृ शिशु संजीवन मिशन एवं अनमोल 2.0 की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में “यू कोट वी पे ” मॉडल पर रेडियोलॉजिस्ट की सेवाएं के लिये प्रस्ताव तैयार करने और शव वाहन संचालन में किसी भी प्रकार की विलंब की स्थिति न बने, इसके लिए शीघ्र कार्यवाही की जाए। उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर्स की भर्ती के लिए नियम संशोधन कर कैबिनेट अनुमोदन के लिए प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के भी निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को सरलता से उच्च गुणवत्ता की चिकित्सकीय सेवाएं प्राप्त हों, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आयुष्मान एम्पेनलमेंट की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण करने के लिए कहा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि कई बार नागरिकों को यह ज्ञात नहीं होता कि आयुष्मान एम्पेनल्ड अस्पताल कौन-कौन सी चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी एम्पेनल्ड हॉस्पिटल्स द्वारा संबंधित सेवाओं की स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित की जाए, जिससे नागरिकों को कोई असुविधा न हो। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, स्वास्थ्य आयुक्त श्री तरुण राठी, एनएचएम की एमडी डॉ. सलोनी सिडाना, आयुष्मान योजना के सीईओ डॉ. योगेश भरसट सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- नर की सेवा से ही नारायण मिलते हैं, गरीबों की सेवा ही ईश्वर की आराधना है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा से ही नारायण मिलते हैं। गरीबों की सेवा ही ईश्वर की आराधना है। न्यूनतम शुल्क में अधिकतम उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की मंशा से हॉस्पिटल का निर्माण मानवता की सच्ची सेवा की ओर बढ़ाया गया एक सराहनीय कदम है। हॉस्पिटल संचालक बधाई और साधुवाद के पात्र हैं कि उन्होंने यह पुनीत कार्य प्रांरभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से एक निजी अस्पताल के शुभारंभ कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लांबाखेड़ा स्थित जीवन मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर का वर्चुअली लोकार्पण कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल संचालक डॉ. अनिल मीणा ने अपने पिताजी स्व. श्री जीवन सिंह मीणा की स्मृति में 100 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण कर ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य उपचार की निकटतम सुविधा प्रदान की है। यह अस्पताल लांबाखेड़ा और आसपास के 100 गावों के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र होगा, जहां एक ही छत के नीचे मरीजों को सभी प्रकार की इमरजेंसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण और गरीब जनता को न्यूनतम शुल्क में इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हॉस्पिटल संचालक और उनके पूरे परिवार को बधाई देते हुए कहा कि डॉ. मीणा ने अपने स्व. पिता के सपने को साकार कर दिया। इस हॉस्पिटल में सभी प्रकार के बड़े आपरेशन की सुविधा, पेट से संबंधित रोग, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, सभी प्रकार के कैंसर रोगों का इलाज, पथरी, हड्डी रोग का इलाज किया जाएगा। जले हुए मरीज के इलाज के लिए विशेष सुविधा भी यहां उपलब्ध है। गरीबी रेखा में आने वाले मरीजों को यहां इलाज में विशेष छूट दी जाएगी। इस अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी एम्बुलेंस की सुविधा सहित यहां मेडिकल एवं सर्जीकल आईसीयू भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हॉस्पिटल, मंदिर होते हैं। यहां गंभीर मरीजों को पुन: जीवन पाने की उम्मीद प्रबल हो जाती है। इलाज करने वाले डॉक्टर्स भगवान का स्वरूप होते हैं। उन्होंने हॉस्पिटल संचालकों से कहा कि वे समर्पित होकर गरीबों का इलाज कर उनकी सेवा करें और ईश्वर का ढेर सारा आशीष पाएं। मंत्रालय में हुए वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक श्री भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। लांबाखेड़ा में हुए लोकार्पण समारोह में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री विष्णु खत्री, पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत, श्री तीरथ सिंह मीणा, श्री ओम जैन, श्री वीरेंद्र मारण गोलू, श्री लीलेंद्र मारण, श्री लालसिंह मीणा, डॉ. अकील खान, डॉ. आनंद सक्सेना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

मांग को लेकर अन्न त्यागकर धरने पर बैठे संत प्रेमदास महाराज गोहद की अचानक से तबीयत बिगड़ी, बीपी बढ़ा

भिंड हाइवे को सिक्सलेन बनाने, गो अभ्यारण की मांग को लेकर शहर के खंडा रोड पर संतों का अखंड आंदोलन छठवें दिन भी जारी रहा। इस मांग को लेकर आठ संतों की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। वहीं अन्न त्यागकर धरने पर बैठे संत प्रेमदास महाराज गोहद की अचानक से तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों का कहना था कि संत का बीपी बढ़ा हुआ है। अखंड आंदोलन के छठवें दिन कांग्रेस के उपनेता प्रतिपक्ष एवं अटेर विधायक हेमंत कटारे मंगलवार को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने संतों के समक्ष हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया। उपनेता प्रतिपक्ष कटारे ने कहा कि मुझे कल ही पता चला कि कुछ संतों ने हाइवे की मांग को लेकर अन्न का त्याग दिया है। ये सुनते मुझसे रहा नहीं गया। मुझे यहां आने में देरी हुई, इसके लिए आप मुझे क्षमा करें। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे संतों से निवेदन करते हुए कहा कि गर्मी बहुत है आप लोग अगर कुछ खाएंगे नहीं तो बीमार पड़ जाएंगे। अगर आप लोगों को कुछ हो गया तो यह चंबल संभाग ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए शर्म की बात होगी। उन्होंने कहा कि आप तो आदेशित करें। मुझे नहीं लगता कि किसी भी जनप्रतिनिधि में आपके आदेश की अवहेलना करने का साहस होगा। इसका जवाब देते हुए संत समाज के जिलाध्यक्ष कालिदास महाराज ने कहा कि हम चाहते हैं कि जिस तरह से अटेर के विधायक यहां आए हैं। इसी तरह से जिले के सभी विधायक यहां आएं और हाइेव को सिक्सलेन बनाने और गो अभ्यारण की मांग को जोरशोर से उठाएं। रही बात आंदोलन समाप्त करने की तो जब तक हमें इस हाइवे का निर्माण कार्य कब तक शुरू होगा इसका पत्र नहीं मिल जाता ये आंदोलन समाप्त नहीं होगा। हाइवे क्रमांक 719 की देश में मौत के हाइवे के नाम से पहचान बन रही कटारे कांग्रेस उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि ग्वालियर से इटावा हाइवे क्रमांक 719 की देश में मौत के हाइवे के नाम से पहचान बन रही है। हम सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर इस कलंक को मिटाने के लिए प्रयास करने होंगे। मैं, किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधियों को संतों के बीच में खड़ा होना चहािए। मुझे नहीं लगता कि इस हाइवे के निर्माण को लेकर मिलने वाले आश्वासनों से कुछ होगा। अब समय आ गया है कि हाइवे निर्माण का काम शुरू कब से होगा इसका दिनांक तय होना चाहिए।

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