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मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना रखे जाने की स्वीकृति

मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025 स्वीकृत गौ-शालाओं में प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना रखे जाने की स्वीकृति प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय मंदसौर में 2932 करोड़ 30 लाख रूपये की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत “मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025” की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया हैं। गौ-शालाओं को प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने और मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुक्रम में गौ-शालाओं को 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिवस किये जाने का निर्णय लिया गया। “मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना” को “डॉ. अम्बेडकर विकास योजना” किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य में पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित गतिविधियों में रोजगार के नवीन अवसर बढ़ाने, उत्पादकता बढाने, किसानों की आय बढने से जीएसडीपी में वृद्धि और राष्ट्र की जीडीपी में योगदान बढाने के लिए मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना की निरन्तरता (वर्ष 2024-25 तथा 2025-26) रखते हुए योजना का नाम “डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना” रखे जाने का निर्णय लिया गया। स्वीकृति अनुसार सहकारिता के माध्यम से पशुपालन गतिविधियों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसान को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करायें जायेंगे। नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण कार्यक्रम और बांझ निवारण शिविरों का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, चारा उत्पादन कार्यक्रम, प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दूधारू गायों के लिए पुरस्कार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम तथा पशुपालकों को योजनाओं की जानकारी प्रदाय करने एवं उन्मुखीकरण के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रम की निरन्तरता पर स्वीकृती दी गयी। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत भारत सरकार से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किए जाने के लिए एमओयू किए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड (भारत सरकार की मिनी रत्न श्रेणी-1) सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एन्टरप्राइजेज (सीपीएसई) संस्था है। संस्था के द्वारा म.प्र. में समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत गुणवत्ता सुधार, एलईपी (कक्षा VI-XII) के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न गतिविधियों को संचालित किया जायेगा। इसमें सीखने में वृद्धि कार्यशालाएँ, सीखने के परिणाम आधारित मूल्यांकन, राज्य के बाहर वैज्ञानिक एक्सपोजर विजिट, शिक्षक विकास, सतत व्यावसायिक विकास और परिणाम शिक्षण रणनीतियों में सुधार शामिल हैं। मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना अंतर्गत मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 2932 करोड़ 30 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 60 हजार हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना से मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के 32 ग्राम एवं मंदसौर तहसील के 115 ग्राम लाभान्वित होंगे। विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण या नगद साख सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गयी। लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन वाली परियोजनाओं के परीक्षण और प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया हैं। इसे जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया हैं। चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप का कार्योत्तर अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप को कार्योत्तर अनुमोदन दिया। साथ ही निविदा प्रपत्र में आवश्यक परिवर्तन करने एवं अन्य निराकरण किये जाने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पी.पी.पी. परियोजनाओं के लिए गठित राज्य स्तरीय सशक्त समिति को अधिकृत किया गया है।  

PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सप्ताहभर में करेंगे प्रदेश दौरा, सियासी सरगर्मी तेज

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरे से मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रेल को मध्य प्रदेश के ग्वालियर और अशोक नगर पहुंचेंगे. वहीं गृह मंत्री अमित शाह 13 अप्रैल को आएंगे. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मध्य प्रदेश के दौरे को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है. मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीएम की विजिट को लेकर ग्वालियर के अधिकारियों को तैयारियों को लेकर निर्देश दिए हैं. 11 अप्रेल को अशोकनगर पहुंचेंगे पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे. यहां वे कुछ समय रुकने के बाद अशोकनगर के लिए रवाना होंगे. पीएम मोदी अशोकनगर के ईसागढ़ में स्थित आनंदपुर ट्रस्ट में होने जा रहे कार्यक्रम में शामिल होंगे. पीएम मोदी आनंदपुर धाम में परमहंस अद्वैत मत श्री आनंत शांति कुंज, श्री आनंद शांति भवन और श्री आनंद सरोवर के दर्शन करेंगे. बैसाखी पर आनंदपुर धाम में हर साल मेला भी लगता है. पीएम मोदी की यात्रा के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहदन यादव यहां का दौरा कर तैयारियों का जायजा ले चुके हैं. 13 अप्रैल को गृह मंत्री अमित शाह भोपाल में पीएम मोदी की यात्रा को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है. आनंदपुर धाम ईसागढ़ के दस किलोमीटर के दायरे को नो फ्लाइंग जोन बना दिया गया है. यहां बुधवार 9 अप्रैल से लेकर 11 अप्रैल की रात तक कोई ड्रोन भी नहीं उड़ा सकेगा. उधर, 13 अप्रैल को गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल पहुंचने वाले हैं. वे भोपाल के रवीन्द्र भवन में होने वाले राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. इस सम्मेलन में गृह मंत्री अमित शाह के सामने मध्यप्रदेश के सांची दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के बीच कोलेबोरेशन एग्रीमेंट होगा. दुग्ध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर बोनस इसके साथ ही मध्य प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों को दूध पर 5 रुपए प्रति लीटर का बोनस का लाभ देना शुरू होगा. हालांकि किसानों को इसका लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार द्वारा पंजीकृत दूध उत्पादक संघ से जुड़ना होगा. योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो संगठित दुग्ध सहकारी समितियों से जरिए बूध बेचते हैं.

फेक डॉक्टर की वजह से हुई 7 मौतें, उसने की थी पूर्व स्पीकर की सर्जरी, हो गई थी मौत, अब बेटे ने बताई कहानी

  दमोह दमोह जिले के एक मिशनरी अस्पताल में 7 मरीजों की मौत के मामले में आरोपी फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ ने कथित तौर पर 2006 में छत्तीसगढ़ के एक प्राइवेट अस्पताल में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की सर्जरी की थी, जिसके बाद राजनेता की मौत हो गई थी. मध्यप्रदेश पुलिस ने दमोह जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एम के जैन की शिकायत पर रविवार आधी रात को आरोपी कथित डॉक्टर नरेंद्र जॉन कैम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. बिलासपुर जिले के कोटा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की 20 अगस्त 2006 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई थी. उन्होंने 2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था. शुक्ल के सबसे छोटे बेटे प्रदीप शुक्ल (62) ने कहा कि फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव 2006 में अपोलो अस्पताल में सेवा दे रहा था, जब उनके पिता वहां भर्ती थे. उन्होंने कहा, यादव ने मेरे पिता के हृदय की सर्जरी का सुझाव दिया और उसे अंजाम दिया. इसके बाद उन्हें 20 अगस्त 2006 को मृत घोषित किए जाने से पहले करीब 18 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया. प्रदीप शुक्ल ने बताया, यादव ने एक-दो महीने पहले ही अपोलो अस्पताल में अपनी सेवा देना शुरू किया था. तब अपोलो अस्पताल ने उन्हें मध्य भारत के सर्वश्रेष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में पेश किया था, जो लेजर का उपयोग करके सर्जरी करते हैं. बाद में, हमें दूसरों से पता चला कि यादव के पास डॉक्टर की डिग्री नहीं थी और वह एक धोखेबाज था. यहां तक कि उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बिलासपुर इकाई ने उनकी जांच की थी. उन्होंने कहा, मेरे पिता की मृत्यु के बाद यादव द्वारा इलाज किए गए रोगियों की मृत्यु के कुछ और मामले सामने आए, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें अपोलो अस्पताल छोड़ने के लिए कहा. यादव द्वारा इलाज किए गए लगभग 80 प्रतिशत रोगियों की अस्पताल में मृत्यु हो गई थी. शुक्ल ने कहा, एक तरह से, हमारे पिता और अन्य रोगियों की हत्या कर दी गई. जब मेरे पिता की मृत्यु हुई, तब वह विधायक थे और उनके इलाज का खर्च राज्य सरकार ने वहन किया था. उन्होंने कहा कि यादव और अपोलो अस्पताल के खिलाफ जांच की जानी चाहिए, क्योंकि उन्होंने भी सरकार को धोखा दिया है. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के दूसरे बेटे और जस्टिस (सेवानिवृत्त) अनिल शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी यादव और जिस अस्पताल में वे कार्यरत थे, उनके खिलाफ FIR दर्ज कर जांच की जानी चाहिए. सर्जरी के बाद स्पीकर की हुई मौत पूर्व विधायक के सबसे छोटे बेटे प्रदीप शुक्ला (62) ने कहा कि कथित फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव 2006 में अपोलो अस्पताल में काम कर रहे थे, जब उनके पिता वहां भर्ती हुए थे. प्रदीप शुक्ला ने कहा, यादव ने मेरे पिता की हार्ट सर्जरी की थी. इसी के बाद वो 20 अगस्त को दम तोड़ने से पहले 18 दिन तक वेंटिलेटर पर थे. यादव ने अपोलो अस्पताल 1-2 महीने पहले ही ज्वाइन किया था. प्रदीप शुक्ला ने दावा किया कि उन्हें अपोलो अस्पताल ने बताया था कि यादव बेस्ट कार्डियोलॉजिस्ट हैं और वो लेजर का इस्तेमाल कर के सर्जरी करते हैं. प्रदीप शुक्ला ने आगे कहा कि हमें बाद में पता लगा कि यादव के पास कोई डॉक्टर की डिग्री नहीं है और वो एक फ्रॉड है. उनके खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बिलासपुर यूनिट ने इनकी जांच की थी. प्रदीप शुक्ला ने आगे कहा, मेरे पिता की मृत्यु के बाद, यादव ने जिन मरीजों का इलाज किया उनकी मौत के कुछ और मामले भी सामने आए हैं, जिसके बाद उन्हें अपोलो अस्पताल छोड़ने के लिए कहा गया. पिता की हत्या का लगाया आरोप प्रदीप शुक्ला ने यह आरोप लगाते हुए कि यादव ने जिन मरीजों का इलाज किया उन में से लगभग 80 प्रतिशत मरीजों की अस्पताल में मृत्यु हो गई, दावा किया कि उनके पिता और अन्य की “हत्या” की गई थी. दीप शुक्ला ने आगे कहा, जब मेरे पिता की मृत्यु हुई, तब वो विधायक थे और उनके इलाज का खर्च राज्य सरकार ने उठाया था. यादव और अपोलो अस्पताल के खिलाफ जांच की जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने भी सरकार को धोखा दिया है. पूर्व विधायक के एक और बेटे, जस्टिस (रिटायर) अनिल शुक्ला ने कहा कि यादव और उस अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए जहां वो उस समय काम कर रहे थे. इसी के साथ अपोलो अस्पताल के पब्लिक रिलेशन अधिकारी देवेश गोपाल ने इस बात की पुष्टि की कि यादव ने वहां सेवा की थी. डॉक्टर को लेकर डाटा किया जा रहा इकट्ठा पब्लिक रिलेशन अधिकारी गोपाल ने कहा, यादव लगभग 18-19 साल पहले अस्पताल से जुड़े थे. यह बहुत पुराना मामला है. वो कितने समय तक तैनात थे और उन्होंने कितने मरीजों को संभाला, जैसे सटीक आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं. दस्तावेज एकत्र होने के बाद सभी डाटा शेयर किया जाएगा. बिलासपुर के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर डॉ. प्रमोद तिवारी ने कहा कि मामला सामने आने के बाद उन्होंने अपोलो अस्पताल से यादव के संबंध में सारी जानकारी मांगी है. डॉ. तिवारी ने कहा, अस्पताल मेनेजमेंट को मंगलवार सुबह डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है. जो जानकारी मांगी गई है, उसमें यह शामिल है कि वो कब से वहां काम कर रहे थे, उनकी डिग्री क्या थी और उन्होंने कितने लोगों का ऑपरेशन किया था. उन्होंने कहा कि अगर मामले में कोई अनियमितता पाई जाती है तो एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाएगी और उसके अनुसार संबंधित व्यक्ति और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. अपोलो अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी देवेश गोपाल ने पुष्टि की कि यादव ने वहां काम किया था. उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में उनके कार्यकाल के दौरान उनसे संबंधित दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं, जिसके बाद उनके बारे में पूरी जानकारी साझा की जाएगी. गोपाल ने कहा, … 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किसानों को उपार्जित गेहूँ का अभी तक 4000 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 2 लाख 47 हजार 377 किसानों से 21 लाख 36 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 4000 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसान गेहूँ उपार्जन के लिये 9 अप्रैल तक पंजीयन करा सकते हैं। प्रदेश में अभी तक जिला उज्जैन में 3 लाख 22 हजार 237, सीहोर में 3 लाख 46 हजार 973, देवास में 1 लाख 50 हजार 514, शाजापुर में 1 लाख 63 हजार 112, इंदौर में 1 लाख 15 हजार 427, भोपाल में 1 लाख 59 हजार 745, राजगढ़ में 1 लाख 27 हजार 499, मंदसौर 75 हजार 992, आगर मालवा में 73 हजार 77, धार में 50 हजार 443, विदिशा में 1 लाख 42 हजार 240, हरदा में 50 हजार 110, खण्डवा में 26 हजार 392, रतलाम में 36 हजार 831, नीमच में 12 हजार 869, नर्मदापुरम में 35 हजार 561, झाबुआ में 9003, रायसेन में 88 हजार 802, बैतूल में 7032, दमोह में 17 हजार 75, खरगौन में 988, गुना में 5388, सागर में 31 हजार 711, नरसिंहपुर में 10 हजार 560, छिंदवाड़ा में 2553, अशोकनगर में 3129, सिवनी में 24 हजार 973, सतना में 6382, शिवपुरी में 1829, मण्डला में 1109, छतरपुर 998, दतिया में 1244, अलीराजपुर में 70, श्योपुर में 940, ग्वालियर में 556, पन्ना में 437, भिंड में 351 और रीवा में 153, मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।  

श्योपुर में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 3 की मौत, CM मोहन ने जताया शोक, आर्थिक मदद का किया ऐलान

श्योपुर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने श्योपुर जिले के आवादा थाना क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली के पलटने से तीन श्रद्धालुओं की असमय मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। डॉ यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि श्योपुर जिले के आवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुसवाडा में पनवाड़ा माता मंदिर दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने से हुई दुर्घटना में एक बालक और दो महिलाओं की आकस्मिक मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। दु:ख की इस घड़ी में हम सब शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। दुर्घटना में घायलों को उपचार के लिए समुचित व्यवस्था करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से दो-दो लाख एवं सभी घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। डॉ यादव ने कहा कि बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगतों की पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान, घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा शोकाकुल परिजनों को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। श्योपुर जिले के आवादा थाना क्षेत्र के सुसवाडा गांव के पनवाड़ा माता मंदिर में कल दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर टॉली पलट गयी, जिससे एक बालक और दो महिलाओं की मृत्यु हो गयी है।

तहसील का बाबू चार हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया, इसलिए मांगी थी घूस

सागर सागर में मंगलवार के दिन सागर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने जिले की जैसीनगर तहसील के सेमाढाना सर्किल के बाबू रमेश आठिया को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। लोकायुक्त ने आरोपी बाबू पर वैधानिक कार्रवाई की है। लोकायुक्त टीम के इंस्पेक्टर केपीएस बैन ने जानकारी देते हुए बताया कि चार अप्रैल को आवेदक हरिराम यादव पिता प्राण सिंह यादव 65 साल निवासी सिंगारमुंडी ने एक आवेदन लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के यहां दिया था। इसमें उसने बताया था कि उन्होंने अपनी जमीन का बंटवारा अपने बच्चों के नाम कर दिया है, जिसका नामांतरण होना है। नामांतरण का आवेदन तहसील कार्यालय में लगा चुका हूं, जिसमें तहसील कार्यालय का बाबू रमेश आठिया से मिलने पर उन्होंने बटवारानामा और आदेश बनाने की एवज में 5000 की डिमांड की, जिसमें एक हजार दे चुका है। किसान के आवेदन के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन कराया और किसान द्वारा आवेदन में दी गई जानकारी सही पाई गई तो आज मंगलवार दोपहर लगभग दो बजे आवेदक हरिराम को 4000 की रकम लेकर बाबू को देने भेजा। जहां बाबू अपने कार्यालय की टेबल पर ही 4000 रुपये लेते हुए रंग हाथों पकड़ा गया। लोकायुक्त टीम ने आरोपी बाबू पर वैधानिक धाराओं में कार्रवाई की है। लोकायुक्त टीम में निरीक्षक केपीएस बैन, अभिषेक वर्मा, प्रधान आरक्षक अजय क्षेत्री, आरक्षक अरविंद नायक संतोष गोस्वामी राघवेंद्र ठाकुर गोल्डी पासी शामिल रहे।

दमोह का फर्जी डॉक्‍टर नरेंद्र यादव 7 मरीजों की मौत का है आरोपी, 5 दिन की पुलिस हिरासत

 दमोह मध्य प्रदेश की दमोह जिला अदालत ने फर्जी हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ एन जॉन केम को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने सोमवार को नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन कैम को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) से गिरफ्तार किया था. यह मामला दमोह के एक मिशनरी अस्पताल में 7 मरीजों की मौत से जुड़ा है, जहां आरोपी ने फर्जी मेडिकल डिग्री के आधार पर इलाज किया था. दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया, “रविवार आधी रात को सीएमएचओ एमके जैन की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज की गई। हमारी टीम ने प्रयागराज में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया और दमोह लाकर अदालत में पेश किया।” एसपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में आरोपी का मेडिकल प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 315(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया. CMHO जैन ने शिकायत में आरोप लगाया कि नरेंद्र यादव ने मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के बिना अस्पताल में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाएं कीं. एनएचआरसी को मिली एक अन्य शिकायत में दावा किया गया कि उसने ब्रिटेन के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर जॉन कैम के नाम का दुरुपयोग कर मरीजों को गुमराह किया, जिसके गलत इलाज से 7 मरीजों की मौत हुई. जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि मरीजों की मौत की जांच के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग  की एक टीम भी दमोह में इस मामले की अलग से जांच कर रही है. टीम बुधवार तक जिले में रहेगी और पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात करेगी. NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा, “यह गंभीर मामला है. फर्जी डॉक्टर द्वारा इलाज से मरीजों की जान गई.” उधर, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, “हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश भर में ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने और कठोर कदम उठाने को कहा गया है. हम केंद्र सरकार के संपर्क में हैं.” क्या है दमोह में फर्जी डॉक्टर से जुड़ा पूरा मामला? फर्जी डॉक्टर और उसके फर्जी इलाज से जुड़ा यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के दमोह में स्थित मिशन हॉस्पिटल का है। यहां के कार्डियोलॉजी विभाग में कुछ महीने पहले ही एक डॉक्टर की नियुक्ति हुई। नाम था- डॉक्टर जॉन कैम, एक लंदन आधारित कार्डियोलॉजिस्ट जिसे दिल की बीमारियों के इलाज के लिए जाना जाता है। इस फर्जी डॉक्टर की अब जो पहचान सामने आई है, उसके मुताबिक, इसका नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव है, जिसने जॉन कैम की पहचान चोरी कर ली और खुद को लंदन में प्रशिक्षित डॉक्टर बताकर अस्पताल में नियुक्ति तक पा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फर्जी डॉक्टर ने दिसंबर 2024 को अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नियुक्ति पाई। इस दौरान अस्पताल ने उसे ठीक से जांच किए बिना आठ लाख रुपये प्रतिमाह वेतन देने का कॉन्ट्रैक्ट भी किया। इसके बाद अस्पताल में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ शुरू हुआ।  इन कमियों के बावजूद एक प्लेसमेंट एजेंसी ने अस्पताल के लिए ‘फर्जी डॉक्टर जॉन कैम’ की भर्ती कर ली। इ़स डॉक्टर ने दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक अस्पताल में काम किया और मरीजों की एंजियोग्राफी से लेकर उनकी एंजियोप्लास्टी तक की। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अस्पताल सरकार की आयुष्मान भारत स्कीम के तहत गरीबों का इलाज भी करता था। ऐसे में फर्जी डॉक्टर ने सार्वजनिक फंड्स का लंबे समय तक नुकसान किया और अस्पताल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। फर्जी डॉक्टर कैसे ले रहा था मरीजों की जिंदगी? नरेंद्र विक्रमादित्य यादव के मोडस ऑपरेंडाई को लेकर मृतकों के परिजनों ने खुलासा किया है। दमोह के पुराना बाजार-2 निवासी रहीसा बेगम (63) के बेटे नबी कुरैशी ने बताया कि 9 जनवरी को उनकी मां के सीने में दर्द उठा था। वह 10 जनवरी को उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मिशन अस्पताल भेज दिया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान से इलाज होना था, लेकिन मिशन अस्पताल में 50 हजार रुपए मांगे गए। जब बिना जांच के ही अस्पताल में रुपए मांगे गए तो नबी ने मां को निजी अस्पताल में डॉ. डीएम संगतानी के यहां ले गए। उन्होंने फिर मिशन अस्पताल में भर्ती करा दिया। ऐसे में नबी ने 5 हजार रुपए जमा किए।   रहीसा की जांच फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एन जॉन कैम ने कराई। रिपोर्ट में एक नस 92 तो दूसरी 85 प्रतिशत ब्लॉक मिली। डॉ. कैम ने कहा-सर्जरी होगी। 14 जनवरी को रहीसा को भर्ती कराया। 15 जनवरी दोपहर 12 बजे सर्जरी हुई और साढ़े 12 बजे रहीसा की मौत हो गई। फर्जी डॉक्टर ने कहा- सर्जरी के दौरान दूसरा हार्ट अटैक आया था। 15 दिन बाद जांच रिपोर्ट दी। पहले सभी ने इसे सामान्य मौत माना। हालांकि, अब गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। दूसरी तरफ दमोह के भरतला गांव निवासी मंगल सिंह की मौत हुई है। उनके बेटे जितेंद्र ने बताया कि वह चार फरवरी को अपने पिता को मिशन अस्पताल लेकर गया था। यहां एंजियोग्राफी की गई। रिपोर्ट में बताया कि हार्ट का ऑपरेशन करना होगा। लेकिन ऑपरेशन के कुछ घंटों में मौत हो गई। जितेंद्र ने बताया ऑपरेशन से पहले और बाद में डॉक्टर नहीं मिले। फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट ने ही उसके पिता का ऑपरेशन किया था।  कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा? इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब दमोह के बरी गांव के कृष्णा पटेल फरवरी में अपने दादाजी का इलाज कराने के लिए उन्हें मिशन अस्पताल ले गए। यहां उन्हें भर्ती कराया गया और एंजियोग्राफी के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए। एंजियोग्राफी रिपोर्ट के आधार पर ओपन हार्ट सर्जरी की बात कही गई। कृष्णा के मुताबिक, जब उन्होंने अस्पताल में कहा कि एंजियोग्राफी 10 हजार रुपये में हो जाती है और इसके नतीजों को लेकर सवाल किए तो डॉक्टर कैम के बहरूपिये ने उनसे खराब तरह से बात की और सर्जरी के लिए किसी और अस्पताल जाने की बात कही। इसके बाद कृष्णा अपने दादा को लेकर जबलपुर पहुंचा और वहां इलाज कराया। कृष्णा के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के … Read more

दतिया :चर्चा का विषय बनी राज्याभिषेक की घोषणा, राहुलदेव और परिणीति राजे को क्षत्रिय समाज से किया बहिष्कृत

दतिया  अब देश में लोकतंत्र का राज है, फिर भी पुरानी मान्यताओं के आधार राजशाही की परंपरा दतिया में है। यहां के राजपरिवार में विवाद गहरा गया है।परिवार के दामाद राहुल देव सिंह ने रामनवमी के दिन समारोह आयोजित कर राज्याभिषेक कर खुद को 14वां राजा घोषित कर दिया था। अपना नया नामकरण दतिया रियासतकाल के आखिरी राजा गोविंद सिंह जूदेव के नाम पर गोविंद सिंह जूदेव कर लिया है, वहीं दतिया राजपरिवार और क्षत्रिय समाज ने समारोह को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए विरोध किया। समाज ने क्यों किया राहुल देव सिंह का विरोध     दतिया राजपरिवार के महाराजा गोविंद सिंह जूदेव दतिया के अंतिम शासक थे, जिनका निधन 1951 में हुआ। उनके दो पुत्र बलभद्र सिंह और जसवंत सिंह हुए। बलभद्र सिंह के बाद महाराजा किशन सिंह बने।     उनके निधन के बाद महाराज की पदवी राजेंद्र सिंह को मिली। उनकी मृत्यु के बाद 30 अप्रैल 2020 को उनके ज्येष्ठ पुत्र अरुणादित्य देव को 14वां राजा घोषित किया गया था।     ऐसे में वर्तमान राजा के होते हुए परिवार के दामाद के राज्याभिषेक को क्षत्रिय समाज ने परंपरा के विपरीत बताया है, क्योंकि वह जसवंत सिंह के परिवार के दामाद है। राजतिलक समारोह में जुटे दो दर्जन से अधिक राजघराने कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए देशभर के लगभग दो दर्जन राजघरानों के राजा-महाराजा, सांसद, रेसलर और कंप्यूटर बाबा समेत कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। अयोध्या और वाराणसी से आए ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार और विधिविधान से रस्में अदा कीं। राहुल देव सिंह को पारंपरिक पोशाक पहनाकर पकड़ी पहनाई गई और उन्हें दतिया के 14वें राजा के रूप में स्वयंभू घोषित किया गया। ठाकुर समाज और राजपरिवार ने जताया विरोध दतिया राजघराने और ठाकुर समाज ने इस आयोजन को पूरी तरह अवैध बताते हुए राहुल देव सिंह और उनके परिवार को समाज से बेदखल कर दिया है। समाज की ओर से दतिया एसपी वीरेंद्र मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। घनश्याम सिंह ने यह भी कहा कि राहुल देव सिंह का शुरुआती जीवन बहुत संघर्षपूर्ण था। वे पहले डांसर बनना चाहते थे, फिर फिल्म इंडस्ट्री में किस्मत आजमाई, लेकिन जब इसमें सफलता नहीं मिली, तो वे राजनीति में आए और अपनी पत्नी को चुनाव में उतारा, जहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में धर्म की ओर रुझान हुआ और वे महामंडलेश्वर बन गए। अब उन्हें महाराजा बनने की लालसा हो गई है। दतिया रियासत का ऐतिहासिक क्रम महाराजा गोविंद सिंह दतिया के अंतिम शासक थे, जिनका निधन 1951 में हुआ। उनके दो पुत्र – बलभद्र सिंह और जसवंत सिंह थे। बलभद्र सिंह के बाद महाराजा किशन सिंह, फिर महाराजा राजेंद्र सिंह और अंतत 30 अप्रैल 2020 को अरुणादित्य देव को 14वां राजा घोषित किया गया। इस लिहाज से समाज का दावा है कि राहुल देव सिंह का राजतिलक पूर्णत अवैध और परंपरा के विपरीत है। दतिया किले में हुई समाज की बैठक रविवार को दतिया किले में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें ठाकुर समाज और राजघराने के वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। बैठक में राहुल देव सिंह और उनके परिवार को समाज से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। राहुल देव सिंह ने भी रखा अपना पक्ष विरोध को लेकर राहुल देव सिंह का कहना है कि जिसको उनका यह कदम बुरा लग रहा है, उसकी अपनी राय हो सकती है, लेकिन उन्होंने अपनी वंश परंपरा को निभाया है। कुछ लोग उनके समाज से बहिष्कृत करने की बात कह रहे हैं तो कहने दो। वसीयत को बताया था वजह राज्याभिषेक के आमंत्रण बांटे जाने के बाद से ही विवाद गहरा गया। इसके बाद राजपरिवार के संरक्षक पूर्व विधायक घनश्याम सिंह और वर्तमान महाराज अरुणादित्य देव ने आयोजन को गलत बताया था। उन्होंने राहुल देव सिंह की इस बात को भी गलत बताया कि उनकी दादी सास पद्माकुमारी की वसीयत में दामाद के राज्याभिषेक की बात है, जबकि पूर्व में भी राजघराने में जमीन को लेकर विवाद के दौरान ही उनकी वसीयत सामने आ चुकी है। उसमें ऐसा कोई उल्लेख नहीं था। घनश्याम सिंह ने वसीयत के ही कूटरचित होने का दावा किया था।

बुंदेलखंड : महान कलाकार पद्मश्री रामसहाय पांडे का निधन, राई नृत्य को दुनियाभर में दिलाई पहचान

सागर  बुंदेलखंड के प्रसिद्ध राई नर्तक रामसहाय पांडे का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने राई नृत्य को 24 देशों में पहचान दिलाई। उनका निधन सागर के एक निजी अस्पताल में हुआ। वे लंबे समय से बीमार थे। उनके निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताया है। रामसहाय पांडे ने 12 साल की उम्र से ही राई नृत्य करना शुरू कर दिया था। उन्होंने इस नृत्य को दुनिया भर में पहचान दिलाई। 98 साल की उम्र में ली अंतिम सांस राई लोकनृत्य की साधना को लेकर मशहूर पं.रामसहाय पांडे ने 98 साल की उम्र में मंगलवार तड़के सागर के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली. पहले उनका इलाज भोपाल में चल रहा था. रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सागर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था. उनके बीमार होने की खबर मिलते ही शहर और बुंदेलखंड के कई लोग हाल चाल जानने पहुंचे थे और उनकी लंबी आयु की कामना की. दुनियाभर में मशहूर किया राई नृत्य रामसहाय पांडे ने राई नृत्य को पूरी दुनिया में फेमस किया। उन्होंने 24 देशों में अपनी कला का प्रदर्शन किया। भारत सरकार ने उन्हें 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा कि यह मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति है। 12 साल की उम्र से किया राई नृत्य रामसहाय पांडे ने 12 साल की छोटी उम्र से ही राई नृत्य करना शुरू कर दिया था। बुंदेलखंड को पिछड़ा इलाका माना जाता था। इसलिए शुरुआत में इस नृत्य को ज्यादा पहचान नहीं मिली लेकिन रामसहाय पांडे ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी मेहनत से राई नृत्य को पूरी दुनिया में पहुंचाया। कौन हैं रामसहाय पांडे उनका जन्म 11 मार्च 1933 को सागर जिले के मड़धार पठा गांव में हुआ था। बाद में वे कनेरादेव गांव में बस गए। यहीं से उन्होंने राई नृत्य की शुरुआत की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, ‘बुंदेलखंड के गौरव, लोकनृत्य राई को वैश्विक पहचान दिलाने वाले लोक कलाकार पद्मश्री श्री रामसहाय पांडे जी का निधन मध्यप्रदेश और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। लोक कला एवं संस्कृति को समर्पित आपका सम्पूर्ण जीवन हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति दें।’ बचपन से ही लोकृनत्य राई की साधना में लीन रामसहाय पांडे का जन्म 11 मार्च 1933 को सागर के मडधार पठा में हुआ था. गरीब ब्राह्मण परिवार में जन्मे रामसहाय पांडे बचपन से ही राई नृत्य की सतत साधना में जुट गए. 11 साल की उम्र में राई नृत्य में मृदंग बजाने लगे थे. हालांकि उस समय बुंदेलखंड में राई नृत्य को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता था. ऐसे में उन्हें सामाजिक बहिष्कार भी झेलना पड़ा. इसके बाद वह अपना गांव छोड़कर सागर के कनेरादेव में बस गए और जीवनभर राई नृत्य की साधना में जुटे रहे. देश के साथ ही विदेश में बजाया राई का डंका सामाजिक बहिष्कार और अपमान के बाद भी पं. रामसहाय पांडे ने अपनी साधना जारी रखी और राई नृत्य की मंचीय प्रस्तुति में एक अलग पहचान बनायी. उन्होंने देश के तमाम प्रदेशों में राई नृत्य का प्रदर्शन किया. यहां तक कि वह दुबई, जापान,जर्मनी, हंगरी और स्विटजरलैंड जैसे देशों में राई की प्रस्तुति दे चुके थे. पद्मश्री मिलने के बाद उनकी प्रतिष्ठा काफी बढ़ गई थी. कमर में मृदंग बांधकर जब नाचते थे रामसहाय पांडे कद में छोटे थे, लेकिन राई नृत्य में उनका कोई मुकाबला नहीं था। जब वे कमर में मृदंग बांधकर नाचते थे, तो लोग हैरान रह जाते थे। उन्होंने जापान, हंगरी, फ्रांस, मॉरिसस जैसे कई बड़े देशों में राई नृत्य का प्रदर्शन किया। रामसहाय पांडे ब्राह्मण परिवार से थे। उनके परिवार में राई नृत्य को अच्छा नहीं माना जाता था। क्योंकि इसमें महिलाओं के साथ नाचना होता है। जब रामसहाय पांडे ने राई नृत्य किया, तो उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया था। लेकिन जब उन्होंने इस लोकनृत्य को गांव से निकालकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया, तो सभी ने उन्हें अपना लिया। सरकार ने भी उनकी कला को सराहा और उन्हें मध्य प्रदेश लोककला विभाग में जगह दी। 6 साल की उम्र में हुआ पिता का निधन रामसहाय पांडे जब 6 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी मां अपने बच्चों को लेकर कनेरादेव गांव आ गईं। 6 साल बाद उनकी मां भी चल बसीं। उनका बचपन बहुत मुश्किलों में बीता था। क्या होता है राई नृत्य राई नृत्य बुंदेलखंड का सबसे प्रसिद्ध नृत्य है। यह साल भर हर बड़े आयोजन में होता है। इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों नाचते हैं। राई नृत्य करने वाली महिलाओं को बेड़नियां और पुरुषों को मृदंगधारी कहते हैं। महिलाएं पैरों में घुंघरू बांधकर और सज-धज कर मृदंग की थाप पर नाचती हैं। इस दौरान पुरुष और महिलाएं देशी स्वांग भी गाते हैं। बुंदेलखंड में शादी और बच्चों के जन्म पर राई नृत्य सबसे ज्यादा होता है।

बिजुरी के भवनिया तालाब तथा देवी तालाब की श्रमदान से की गई साफ सफाई

अनूपपुर  राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सामूहिक जन सहभागिता से श्रमदान गतिविधि के माध्यम से विभिन्न तालाबों, नदियों तथा जल स्त्रोतों के पुनरुद्धार, साफ सफाई, गहरीकरण, मरम्मतीकरण तथा गाद निकालने का कार्य किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगरपालिका बिजुरी के वार्ड नं. 15 में भवनिया तालाब में तथा वार्ड नं. 10 में देवी तालाब में व उसके आसपास के परिसर की नागरिकों ने श्रमदान के माध्यम से साफ सफाई की।

बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले का मुख्य ठेकेदार गिरफ्तार, इंदौर जिले में बनाया था ठिकाना

हरदा  गुजरात के बनासकाठा इलाके में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में नया खुलासा हुआ है. पुलिस ने 22 मजदूरों की मौत के जिम्मेदार को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है. गुजरात पुलिस ने मजदूरों को गुजरात भेजने वाले ठेकेदार हरीश मेघवानी को इंदौर से पकड़ा है. आरोपी हरीश नियमित रूप से हरदा जिले से मजदूर भेजकर आर्थिक लाभ कमाता था. आरोपी हरीश गुजरात की पटाखा फैक्ट्री मालिक के संपर्क में लगातार था. पुलिस लगातार उसका लोकेशन ट्रेस कर रही थी. इसके बाद पुलिस आरोपी हरीश की कॉल डिटेल खंगालने लगा. इसके बाद गुजरात पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. घटना में हरदा और देवास के 21 मजदूरों की मौत हुई थी. ब्लास्ट में हरदा जिले के 11 और देवास जिले के 10 मजदूरों की जान चली गई थी. आरोपी को लेकर गुजरात रवाना हुई पुलिस गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में मुख्य ठेकेदार इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्य ठेकेदार हरीश रामचंद्र मेघवानी को गुजरात से आई एलसीबी टीम ने गिरफ्तार किया. बता दें कि एलसीबी की इस कार्रवाई को पूरी तरह से गुप्त रखा गया था. ट्रेजर टाउनशिप से मुख्य ठेकेदार हरीश रामचंद्र मेघवानी अब पुलिस की गिरफ्त में है. गुजरात पुलिस आरोपी ठेकेदार को  लेकर इंदौर से लेकर रवाना हो गई है. हरीश ने ही गोदाम के लिए स्थल को उपयुक्त बताया था। हरीश बिजलपुर क्षेत्र के ट्रेजर टाउन टाउनशिप में रहता था। हरीश पटाखा फैक्टरी के लिए मजदूर उपलब्ध कराता था और आर्थिक लाभ कमाता था। वह इंदौर में रहता था और देवास और हरदा जिले में जिन मजदूरों को पटाखे बनाने का अनुभव था, उन्हें वह गुजरात भेजता था। आपको बता दे कि गुजरात के बनासकांठा की पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के कारण 21 लोग जान गंवा चुके है और कुछ घायल भी है। इस मामले में पुलिस फैक्टरी मालिक खूबचंद मोहनानी और उसके बेटे दीपक को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके पास पटाखे बेचने का लाइसेंस था, लेकिन उन्होंने अवैध फैक्टरी खोलकर पटाखों का निर्माण शुरू कर दिया था।  

सवर्जनिक हैंडपंपों का अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध दर्ज कराए एफ.आई.आर :-कलेक्टर

सिंगरौली गर्मी के मौसम में सुगम पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के  दृष्टिकोण से कलेक्टर श्री चंद्र शेखर शुक्ला के अध्यक्षता में जल आपूर्ति के संबंध में कलेक्टर सभागार में बैठक आयोजित हुई। बैठम में  कलेक्टर ने जनपदवार वर्तमान में जल आपूर्ति एवं पेयजल उपलब्धता के संबंध में जानकारी लेने के पश्चात कहा  कि ऐसी जानकारी प्राप्त हो रही है कि कुछ लोगों के द्वारा सार्वजनिक हैंडपंपों को अतिक्रमण कर अपना निजी मोटर पंप चला रहे है जिस कारण मोहल्ले वासियों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है जो अत्यंत ही खेद जनक एवं गैरकानूनी की श्रेणी में आता है ।  उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारी एवं लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपने अपने क्षेत्रों के भ्रमण कर अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार कर इनके विरुद्ध एफ.आई.आर दर्ज करते हुए इनके द्वारा लगाए गए मोटर पंप को जप्त करने की कार्यवाही करें। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि  अपने अधीनस्थ हल्का पटवारियों और उनकी अधीनस्थ फील्ड में कार्यरथ कर्मचारियों से भी अतिक्रमणकार्यों को भी चिन्हित करवा कर कठोर कार्यवाही करें । इसे तरह से जनपद पंचायतों से मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी सचिव रोजगार सहायकों से भी अतिक्रमणकार्यों चिन्हित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए है कि अभियान चल कर बिगड़े हुए हैंडपंपों को तत्काल ठीक करवाएं अपने स्तर से भी पेयजल की समीक्षा करें। ऐसे स्थल जहां पेयजल की पूर्व से  समस्या रही हो उन्हें चिन्हित कर टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराएं । पेयजल से संबंधित लापरवाही किसी भी सुरत में बर्दास्त नही की जायेंगी।

मध्य प्रदेश में एक रुपए में 25 एकड़ जमीन निजी मेडिकल कालेज को मिलेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में 11 बजे अहम कैबिनेट सम्पन्न हुई। बैठक में गायों के आहार के लिए 20 रुपये की जगह 40 रुपये प्रति गाय अनुदान देने का प्रस्ताव समेत एक दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई। मोहन सरकार ने फैसला किया है कि आने वाले 5 वर्षों में गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल तक किया जाएगा। चना और मसूर की फसलों की सरकारी खरीदी भी शुरू हो गई है।कैबिनेट ने यह भी तय किया कि 12 से 14 अप्रैल तक दिल्ली के लाल किले पर विक्रम महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें मध्य प्रदेश के सभी मंत्री शामिल होंगे। सम्राट विक्रमादित्य की उपलब्धियों को नाटक और एक्सपो के माध्यम से पेश किया जाएगा। एक रुपए में 25 एकड़ जमीन निजी मेडिकल काॅलेज को देंगे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट बैठक में तय हुआ है कि एक रुपए में 25 एकड़ सरकारी जमीन निजी मेडिकल कालेज को उपलब्ध कराएंगे। अब तक निजी मेडिकल कालेज के लिए निवेशक को खुद जमीन अरेंज करनी पड़ती है। इसके लिए टेंडर डाक्यूमेंट नियम में संशोधन किया गया था। इससे पीपीपी मोड पर मेडिकल काॅलेज तेजी से खोले जाएंगे। निजी मेडिकल काॅलेज को डेवलपर से संबद्ध करेंगे डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट ने जिला अस्पतालों को प्राइवेट डेवलपर को ट्रांसफर करने का पुरानी सरकार का फैसला पलट दिया है। पहले इसमें डेवलपर को अस्पताल सौंपने का प्रावधान किया गया था। अब जिला अस्पताल यथावत रहेंगे। इस पर सरकार का नियंत्रण रहेगा। शुक्ल ने कहा कि अब निजी मेडिकल काॅलेज को डेवलपर से संबद्ध किया जाएगा, इसके लिए एक कमेटी बनेगी, जिसमें जिला अस्पताल का भी हस्तक्षेप होगा। ऐसे में अस्पताल पर सरकार का सीधा नियंत्रण रहेगा और जिला अस्पताल अपग्रेड होगा। जिला अस्पताल में 75 प्रतिशत नि:शुल्क सुविधा आयुष्मान कार्डधारकों को मिलेगी। आम आदमी के लिए जिला अस्पताल आसानी से उपलब्ध रहेगा। पशु आहार अनुदान बढ़ाया डिप्टी सीएम ने बताया कि आज की कैबिनेट गौमाता पर समर्पित रही है। पशुपालन विभाग के माध्यम से गौशालाओं के निर्माण के साथ आहार अनुदान 40 रुपए करने का फैसला किया गया है। पहले यह 20 रुपए था। गौवंश विहार के लिए पीपीपी मोड पर निवेशकर्ताओं को बुलाने के लिए पालिसी को मंजूरी दी है। पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि पांच हजार गौवंश रखने के लिए पीपीपी मॉडल तैयार कर रहे हैं, जिसके लिए बिडिंग होगी। इसमें निवेशक सीएनजी, सोलर और अन्य उत्पादन कर सकेगा। 25 गाय या भैंस रखने वालों को अनुदान देंगे मंत्री ने बताया कि निवेशक से पूछेंगे कि वह कितने दिन तक योजना का लाभ लेंगे। इससे निराश्रित गौवंश को पालने में मदद मिलेगी। इसी साल इस पर काम शुरू करेंगे। इसके लिए बिडिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कैबिनेट ने विभाग की आठ योजनाओं को चलाए रखने के साथ यह तय किया है कि 25 गाय या भैंस रखने वालों को अनुदान दिया जाएगा। एक व्यक्ति 200 गाय या भैंस का पालन कर दुग्ध उत्पादन कर सकेगा। ऐसी भी सुविधा देने का फैसला कैबिनेट ने लिया है। ग्वालियर-सागर बायपास के लिए राशि मिली मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार की ओर से प्रदेश को 4 हजार करोड़ से अधिक की सौगातें मिली हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के अंतर्गत चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत 1426 करोड़ की लागत से बनने वाला 28.5 किलोमीटर लंबा ग्वालियर पश्चिमी बाईपास और 688 करोड़ की लागत से बनने वाला सागर बाईपास शामिल है। एग्रोविजन के अंतर्गत मंदसौर, दमोह , मुरैना, नरसिंहपुर में इस वर्ष के प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं। 12,13,14 अप्रैल को दिल्ली स्थित लाल किले में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति होगी। 21 अप्रैल तक होगा चने का उपार्जन मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिले। इसलिए चना, मसूर, सरसों, तुअर का उपार्जन प्रारंभ किया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 5200 प्रति क्विंटल की दर पर 7.28 लाख मैट्रिक टन चने का उपार्जन 21 अप्रैल तक किया जाना है। चना उपार्जन का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब तक 2.6 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है और 7871 मैट्रिक टन चने का उपार्जन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं बोनस मिलाकर 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं उपार्जित किया जा रहा है। अब तक 31.36 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है, और 2 लाख 49000 किसानों को 4 हजार 12 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने मसूर, सरसों, तुअर उपार्जन के लिए जारी गतिविधियों की भी जानकारी दी। कैबिनेट में इन फैसलों को भी मिली मंजूरी     पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी परियोजना से 60 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इसके लिए 2932 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।     मंदसौर जिले के मल्हार गढ़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना को मंजूरी दी गई है।     लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम के अंतर्गत परियोजनाओं के परीक्षण को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।     शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर सरकार का फोकस है। एजुसेट इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू करने का फैसला हुआ है।     बिजली कंपनियों में कैश फ्लो बना रहे, इसके लिए सरकार गारंटी देती है। वर्ष 2024-25 से 2028-29 हर साल 12466 करोड़ रुपए की नकद साख सुविधा की स्वीकृति दिए जाने पर फैसला हुआ है। इस पर 0.5 प्रतिशत ब्याज पर गारंटी दी जाएगी। 13 अप्रैल को अशोकनगर आएंगे प्रधानमंत्री कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने सदस्यों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल को अशोकनगर जिले में स्थित श्री आनंदपुर ट्रस्ट आश्रम आ रहे हैं। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 13 अप्रैल को भोपाल में रहेंगे। शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राज्य शासन एवं दुग्ध संघों के बीच अनुबंध हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह कार्यक्रम रवीन्द्र भवन में होगा। पीएम मोदी-अमित शाह आएंगे मध्य प्रदेश     सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक से पहले अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को अशोक नगर जिले में स्थित आनंदपुर ट्रस्ट आश्रम आएंगे।     केंद्रीय गृह तथा सहकारिता मंत्री अमित शाह … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मराई लोक नृतक राम सहाय पांडे के निधन पर शोक व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिला निवासी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोकनृत्य कलाकार पद्मरामसहाय पांडे के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राम सहाय पांडे ने विपरीत परिस्थितियों में कला क्षेत्र को अपनाया और धारा के विपरीत बहते हुए इस क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां अर्जित कीं। भारत के साथ अन्य देशों में भी उन्होंने बुंदेलखंड के राई लोक नृत्य को पहचान दिलवाई। उनके योगदान को रेखांकित करते हुए भारत सरकार द्वारा पांडे को पद्मसे अलंकृत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड के गौरव, लोकनृत्य राई को वैश्विक पहचान दिलाने वाले लोक कलाकार पद्मपांडे का निधन मध्यप्रदेश और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। लोक कला एवं संस्कृति को समर्पित उनका सम्पूर्ण जीवन हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. पांडे को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने करने की सामर्थ्य देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ प्रेस फोटोग्राफर श्री रविन्द्र सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी के वरिष्ठ प्रेस फोटोग्राफर श्री रविन्द्र सिंह के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजन को असीम दुःख की इस घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि श्री रविंद्र सिंह ने राजधानी के विभिन्न समाचार पत्र समूहों में अपनी सेवाएं दीं, वर्तमान में वे दैनिक समाचार पत्र हरिभूमि में कार्यरत थे।  

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