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वन विभाग की क्षेत्रीय कार्यशाला जबलपुर में हुई

भोपाल वन विभाग द्वारा जबलपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और बालाघाट वन वृत्त की समीक्षा के लिये क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को जबलपुर में किया गया। कार्यशाला में वन एवं वन्य-जीव संरक्षण विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल ने विभागीय योजनाओं और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन और आगामी रूपरेखा तैयार करने के लिये कहा। श्री वर्णवाल ने कहा कि प्रदेश के सभी वन वृत्त में क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। इससे वन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। कार्यशाला में अपर मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री असीम श्रीवास्तव, पीसीसीएस कैम्पा श्री एच.यू. खान, एमडी एमएफपीएएफईडी श्री विभाष ठाकुर, पीसीसीएफ एडमिन श्री विवेक जैन, सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू श्री शुभरंजन सेन, पीसीसीएफ एचआरडी श्रीमती समिता राजौरा और वन वृत्त के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

धार्मिक स्थानों की गरिमा बनाए रखने का प्रयास है, शराब बंदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन भावनाओं का ध्यान रखते हुए धार्मिक स्थानों की पवित्र गरिमा को बनाए रखने के लिये शराब बंदी का प्रयास किया है, इसके लिये शासन ने भले ही राजस्व की हानि स्वीकार की है। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के धार्मिक शहरों में शराबबंदी का निर्णय इसी दिशा में एक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 17 से अधिक शहरों में शराब बंदी की घोषणा कर उसे क्रियान्वित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल से दतिया रवाना होने से पहले मीडिया को जारी संदेश में यह विचार रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन की ओर अग्रसर हो रही हमारी सरकार पर जनता की सेवा और कल्याण के लिए पीताम्बरा माई अपना आशीर्वाद बनाए रखें-यही प्रार्थना है।

72 वर्षीय ताराचंद खत्री ने 65 वर्षीय पत्नी सीमा की कैंची घोंपकर हत्या कर दी, खुद चौथी मंजिल से कूदा, हुई मौत

इंदौर 72 वर्षीय ताराचंद खत्री ने 65 वर्षीय पत्नी सीमा की कैंची घोंपकर हत्या कर दी।इसके बाद गुस्से में ताराचंद ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।दोनों की अस्पताल में मौत हो गई।ताराचंद अक्सर टीवी पर धारावाहिक क्राइम पेट्रोल देखता था और हत्या कर आत्महत्या की धमकी दे चुका था। अन्नपूर्णा पुलिस जांच कर रही है। टीआई अजय नायर के मुताबिक घटना शुक्रवार करीब 12 बजे सिल्वर पैलेस कालोनी की है।65 वर्षीय सीमा खत्री पलंग पर बैठी हुई थी।पति ताराचंद से उसकी कहासुनी चल रही थी।गुस्से में ताराचंद कमरें में गया और कैंची उठा कर ले आया।सीमा ने बचने की कोशिश की लेकिन ताराचंद ने एक कैंची सीने में घोंप दी। उस वक्त बहु रिद्दी कचरा फैंकने नीचे गई थी।आवाज सुनते ही दौड़ते हुए घर में घुसी और ताराचंद के हाथ से कैंची छीनी।रिद्दी ने इसी इमारत में उपर रहने वाली ननद कविता राजानी को काॅल लगाया।स्वजन सीमा को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले गए लेकिन उसकी मौत हो गई।कुछ देर बाद ताराचंद ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो ताराचंद को उठा कर अस्पताल ले गए।डाॅक्टर ने कुछ देर बाद उसको भी मृत घोषित कर दिया।ताराचंद का बेटे हरीश की राजवाड़ा पर दुकान है।वह प्रापर्टी खरीदने बेचने का व्यवसाय करता है। बेटे के घर से निकलते ही झगड़ा करने लगा बुजुर्ग स्वजन ने पुलिस को बताया ताराचंद 15 साल से घर में रहता था। वह कोई काम काज भी नहीं करता था। इस वजह से उसकी मनोस्थिति ठीक नहीं थी। शुक्रवार दोपहर पौने 12 बजे हरीश काम के लिए घर से निकला था। ताराचंद ने झगड़ा करना शुरु कर दिया। बहु रिद्दी कचरा लेकर बाहर निकली और ताराचंद ने कैंची उठा ली। सीमा पलंग से उठ नहीं पाई कैंची मार दी। रिद्दी ने कैंची छीनने की कोशिश तो उससे भी विवाद किया। कुछ देर तीनों बैठ कर बात भी करते रहे। सीमा के सीने में कैंची लग चुकी थी। कविता और हरीश को बुलाया और रहवासियों की मदद से सीमा को अस्पताल ले गए। इसके बाद ताराचंद भी कूद गया।

हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग द्वारा स्थानीय विद्यालयों में स्कूली बच्चों को किया गया निःशुल्क स्कूल बैग वितरण

अनुपपुर,  हिंदुस्तान पावर के अधीनस्थ सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) विभाग द्वारा शिक्षा को प्रोत्साहित करने और छात्रों को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थानीय विद्यालयों में निःशुल्क स्कूल बैग वितरण का सत्र चलाया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को अध्ययन में सहूलियत प्रदान करना और उनकी शिक्षा को सुगम बनाना है। बैग वितरण कार्यक्रम का आयोजन विभिन्न स्थानीय विद्यालयों में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षकगण एवं अभिभावक उपस्थित रहे। बता दें अभी तक कंपनी द्वारा लगभग 10 स्थानीय स्कूलों में 1000 से अधिक विद्यार्थियों को निशुल्क बैग वितरण किया है और इसी सत्र में लगभग 30 से अधिक स्थानीय विद्यालयों में 3000 अन्य विद्यार्थियों को इसी सत्र में वितरण का लाभ दिलाया जाना है। वितरण कार्यक्रम के अवसर पर हिंदुस्तान पावर के अधिकारीगण  जिनमें मानव संसाधन विभाग के प्रमुख आर. के. खटाना, सीएसआर विभाग प्रमुख सत्यम सलील, जनसंपर्क अधिकारी गौरव पाठक, विभागीय अधिकारी रश्मि लखेरा, विकास राय आदि उपस्थित रहें। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, अध्यापक, एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी वितरण आयोजन में अपनी शिरकत की। इस अवसर पर मानव संसाधन विभाग प्रमुख आर. के. खटाना ने कहा, “शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला होती है। हिंदुस्तान पावर हमेशा शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है, हमें उम्मीद है कि ऐसे प्रयासों से निश्चित ही बच्चों को शिक्षा में सहायता मिलेगी और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।” सीएसआर प्रमुख सत्यम सलील ने  कहा कि, “हमारा उद्देश्य केवल स्कूल बैग वितरित करना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक बेहतर शैक्षणिक अनुभव देना है, जिससे वे अपनी पढ़ाई में अधिक रुचि लें और आत्मनिर्भर बन सकें। मॉडल स्कूल, मुर्रा लहरपुर के प्रधानाध्यापक कमलेश सिंह राठौर ने हिंदुस्तान पावर की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, “विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह उपयोगी सहायता है, इससे उन्हें अपने पाठ्यक्रम की पुस्तकों और अध्ययन सामग्रियों को व्यवस्थित तरीके से रखने और लाने जाने में मदद मिलेगी, निश्चित ही ऐसे प्रयासों से उनकी पढ़ाई अधिक प्रभावी हो सकेगी।” वितरण सत्र में उपस्थित सभी अभिभावकों ने हिंदुस्तान पावर के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह की पहल से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे शिक्षा को गंभीरता से लेंगे। बता दें कि हिंदुस्तान पावर का सीएसआर विभाग समाजहित में निरंतर कई योजनाओं का संचालन कर रहा है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रमुख रूप से शामिल हैं। कंपनी प्रबंधन द्वारा उपस्थित  अतिथियों, स्थानीय नागरिकों को आश्वासन दिया कि कंपनी भविष्य में भी इस तरह की पहलों को जारी रखेगी ताकि क्षेत्र के बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सके, और स्थानीय समुदाय को अधिकतम लाभ मिल सके।

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए बजट आवंटन में देरी, पात्र बालिकाओं को अभी नहीं मिली योजना की किश्त

ग्वालियर मध्य प्रदेश सरकार ने कई जिलों की पात्र बालिकाओं के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना की पिछली वित्तीय वर्ष की राशि अभी तक आवंटित नहीं की है। इसके पीछे सरकार के पास बजट की कमी बताई जा रही है। असल में, लाड़ली लक्ष्मी योजना के बजट का मद अलग है, शासन स्तर पर इसका एक पूल बना हुआ है, जिसमें जिलों को राशि का आवंटन हर वर्ष शासन से किया जाता है। आमतौर पर प्रत्येक वर्ष 20 से 31 मार्च के बीच इसका बजट शासन से पूल में जारी कर दिया जाता रहा है लेकिन अप्रैल माह का प्रथम सप्ताह आ जाने के बावजूद ग्वालियर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, झाबुआ सहित कई जिले बजट आवंटित होने से वंचित रह गए हैं। 36 हजार से ज्यादा बालिकाओं को नहीं मिली किश्त ग्वालियर में 36 हजार से ज्यादा पात्र बालिकाओं को बीते वित्तीय वर्ष की किश्त नहीं मिल पाई है। यहां योजना के मद में 22 करोड़ से ज्यादा का भुगतान होना है। ग्वालियर के जिला कार्यक्रम अधिकारी डीएस जादौन का कहना है कि शासन स्तर से बताया गया है कि जल्द ही धनराशि जारी कर दी जाएगी। बता दें कि वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत की थी। बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर व स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार तथा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले अभिभावक को बच्ची के जन्म के समय पंजीकरण कराना होता है। पात्र बच्चियों के खाते में प्रतिवर्ष छह हजार रुपये लगातार पांच वर्ष तक जमा किए जाते हैं। 21 वर्ष की आयु होने पर ब्याज की राशि मिलाकर प्रत्येक बालिका को कुल एक लाख 43 हजार रुपए मिलते हैं। संबल में भी ली गई थी लाड़ली योजना की राशि पूर्व में जब प्रदेश में संबल योजना शुरू की गई थी तो इसके लिए लाडली लक्ष्मी योजना के मद से राशि ली गई थी, यह राशि इसके बाद वापस नहीं की गई। अधिकारियों का कहना है कि लाडली लक्ष्मी योजना के मद से इसलिए भी राशि लिया जाना संभव हो जाता है, क्योंकि इसमें बड़ी राशि पूल में होती है।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने दतिया में पीतांबरा माई के दर्शन कर पूजा-अर्चना की

 दतिया मुख्यमंत्री मोहन यादव आज दतिया पहुंचे, जहां उन्होंने पीतांबरा पीठ में मां पीतांबरा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की 19 धार्मिक नगरियों में शराबबंदी का जो संकल्प लिया था वह अब साकार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निर्णय एक अप्रैल से प्रभावी हो चुका है और वह इसे मां पीतांबरा का आशीर्वाद मानते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है और भविष्य में भी भाजपा सरकार इसी तरह जनहित में फैसले लेती रहेगी। उन्होंने बताया कि धार्मिक नगरी दतिया सहित अन्य स्थानों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि आस्था के साथ-साथ रोजगार और विकास को भी बढ़ावा मिल सके। ये माई का आशीर्वाद ही है कि 19 धार्मिक नगरियों में शराबबंदी संभव हो सकी प्रदेश की बेहतरी के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं और ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इस दौरान उनके साथ पूर्व गृह मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा साथ रहे। इसके बाद वह पीतांबरा पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से मुलाकात करने पहुंचे। यहां से वह स्टेडियम ग्राउंड के लिए रवाना हुए। सीएम यहां वह माता के दर्शन और पूजन के बाद स्टेडियम ग्राउंड में शराबबंदी पर आयोजित धन्यवाद सभा को संबोधित कर रहे हैं। कार्यक्रम के बाद वे सड़क मार्ग से एयरपोर्ट जाएंगे और भोपाल के लिए रवाना हुए।

रामनवमी के अवसर पर प्रधानमंत्री तमिलनाडु का दौरा करेंगे और रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले नए पंबन रेल पुल का उद्घाटन करेंगे

रामनवमी के अवसर पर प्रधानमंत्री तमिलनाडु का दौरा करेंगे और रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले नए पंबन रेल पुल का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री तमिलनाडु में 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे प्रधानमंत्री रामेश्वरम-तांबरम (चेन्नई) नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 6 अप्रैल को तमिलनाडु का दौरा करेंगे। रामनवमी के अवसर पर, दोपहर करीब 12 बजे, वे भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट समुद्री पुल – नए पंबन रेल पुल का उद्घाटन करेंगे। श्री मोदी सड़क पुल से एक ट्रेन और एक जहाज को हरी झंडी दिखाएंगे और पुल के संचालन को देखेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 12:45 बजे, वे रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। रामेश्वरम में दोपहर करीब 1:30 बजे वह तमिलनाडु में 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नए पंबन रेल पुल का उद्घाटन करेंगे और रामेश्वरम-तांबरम (चेन्नई) नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। इस पुल का सांस्कृतिक महत्व बहुत गहरा है। रामायण के अनुसार, राम सेतु का निर्माण रामेश्वरम के पास धनुषकोडी से शुरू हुआ था। रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला यह पुल वैश्विक मंच पर भारतीय इंजीनियरिंग की उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में खड़ा है। इसे 550 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। इसकी लंबाई 2.08 किमी है, इसमें 99 स्पैन और 72.5 मीटर का वर्टिकल लिफ्ट स्पैन है जो 17 मीटर की ऊंचाई तक उठता है। इससे निर्बाध ट्रेन संचालन सुनिश्चित करते हुए जहाजों की सुचारू आवाजाही की सुविधा मिलती है। स्टेनलेस स्टील सुदृढीकरण, उच्च श्रेणी के सुरक्षात्मक पेंट और पूरी तरह से वेल्डेड जोड़ों के साथ निर्मित, पुल में अधिक स्थायित्व और कम रखरखाव की आवश्यकता है। इसे भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए दोहरी रेल पटरियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। विशेष पॉलीसिलोक्सेन कोटिंग इसे जंग से बचाती है, जिससे कठोर समुद्री वातावरण में दीर्घायु सुनिश्चित होती है। प्रधानमंत्री तमिलनाडु में 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं में एनएच-40 के 28 किलोमीटर लंबे वालाजापेट-रानीपेट खंड को चार लेन का बनाने के कार्य का शिलान्यास और एनएच-332 के 29 किलोमीटर लंबे विलुप्पुरम-पुदुचेरी खंड को चार लेन का बनाने का काम, एनएच-32 का 57 किलोमीटर लंबा पूंडियनकुप्पम-सत्तनाथपुरम खंड और एनएच-36 का 48 किलोमीटर लंबा चोलापुरम-तंजावुर खंड शामिल हैं। ये राजमार्ग कई तीर्थस्थलों और पर्यटन स्थलों को जोड़ेंगे, शहरों के बीच की दूरी कम करेंगे और मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बंदरगाहों तक तेज पहुंच सक्षम करेंगे। इसके अलावा ये स्थानीय किसानों को कृषि उत्पादों को नजदीकी बाजारों तक पहुंचाने और स्थानीय चमड़ा और लघु उद्योगों की आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने में सशक्त बनाएंगे।

कैबिनेट ने भारतीय रेलवे में चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी

भोपाल लाइन क्षमता बढ़ाने के लिए, भारतीय रेलवे ने चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को शुरू करने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य यात्रियों और माल दोनों का निर्बाध और तेज़ परिवहन सुनिश्चित करना है। इन पहलों से यात्रा सुविधा में सुधार होगा, लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, तेल आयात में कमी आएगी और CO2( कार्बन डाइऑक्साइड) उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे टिकाऊ और कुशल रेल संचालन को बढ़ावा मिलेगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों के लिए प्रमुख मार्गों पर लाइन क्षमता बढ़ाकर लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है।  इन सुधारों से आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुव्यवस्थित किया जाएगा, जिससे त्वरित आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा। परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 18,658 करोड़ रुपये है और इन्हें 2030-31 तक पूरा किया जाएगा। परियोजनाओं के निर्माण के दौरान लगभग 379 लाख मानव-दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होगा।

इंदौर में हुई 36 मौतों में कोई दोषी नहीं, मामले में ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारी बरी

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 2 साल पहले हुए चर्चित बेलेश्वर बावड़ी हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। 100 से अधिक लोगों में 36 लोगों की जान जान जाने का दर्दनाक हादसा हुआ था। हादसे में महादेव झूलेलाल मंदिर न्यास के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी को 22 मार्च 2024 को पुलिस ने अरेस्ट किया था। इस हादसे की दूसरी बरसी के कुछ दिनों बाद ही इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत दर्ज शिकायत में अरेस्ट हुए अध्यक्ष और सचिव को कोर्ट से बरी कर दिया है। एक साल तक चले ट्रायल के बाद गुरुवार को जिला कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही पुलिस पर सही से जांच नहीं करने की बात कही। 33 लोगों की हुई गवाही बावड़ी हादसे में गलानी और सचवि सबनानी के लिए वकील राघवेंद्र सिंह बैस ने केस लड़ा। इस मामले में सुनवाई के दौरान 33 गवाह पेश किए गए। सुनवाई में यह सामने आया कि आसपास रहने वालों के साथ ही अन्य लोगों को भी यह नहीं पता था कि नीचे बावड़ी है। इन हालातों में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की कोई गलती नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में अध्यक्ष और सचिव को बिना वजह आरोपी बनाया गया। इस बारे में जानकारी देते हुए बचाव पक्ष के एक वकील राघवेंद्र सिंह बैस ने मीडिया कर्मियों को बताया कि इस केस का फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सुनाया, जिन्होंने बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी को भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), धारा 323 (जान-बूझकर चोट पहुंचाना) और धारा 325 (जान-बूझकर गंभीर चोट पहुंचाना) के आरोपों से मुक्त कर दिया। उन्होंने कहा,‘अदालत ने मेरे दोनों मुवक्किलों को सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी किया।’ बैस के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने उनके दोनों मुवक्किलों पर आरोप साबित करने के लिए अदालत में कुल 33 गवाह पेश किए थे जिनमें कुछ सरकारी अधिकारी भी थे। बचाव पक्ष के वकील बैस ने बताया कि गवाहों में शामिल इंदौर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने अदालत में बयान दिया कि हादसे से जुड़ी बावड़ी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान इंदौर नगर निगम के कर्मचारियों ने भी इस बावड़ी को लेकर अनभिज्ञता जताई, जबकि निगम का एक कार्यालय घटनास्थल के एकदम पास स्थित है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर का फर्श 30 मार्च 2023 को रामनवमी के मौके पर हो रहे हवन-पूजन के दौरान ढह गया था। इस दौरान फर्श के नीचे बनी बावड़ी में गिरकर 21 महिलाओं और दो बच्चों समेत 36 लोगों की जान चली गई थी। प्रशासन ने हादसे के चार दिन बाद 3 अप्रैल 2023 को बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर के देवी-देवताओं की मूर्तियां अन्य देवस्थान में पहुंचाई थीं। इसके बाद आम लोगों की सुरक्षा का हवाला देते हुए बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर को ढहा दिया था। और भीषण हादसे की गवाह रही बावड़ी को मलबा डालकर हमेशा के लिए बंद कर दिया था।  

मऊगंज में सनसनीखेज मामला, पिता और दो बच्चे फंदे पर लटके थे; बदबू आने पर हुआ खुलासा

मऊगंज  मध्य प्रदेश के मऊगंज के गडरा गांव में एक घर के अंदर पिता और दो बच्चों की लाशें मिली हैं। घर के आस-पास रहने वालों को बदबू आ रही थी, उन्होंने पुलिस बुलवाकर दरवाजा तोड़ा तो अंदर कई दिनों पुरानी तीन लाशें मिलीं। इस घटना के बाद वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ये लाशें अवसेरी साकेत उम्र 60 वर्ष सहित उसकी 12 वर्षीय बेटी मूलर साकेत और 8 वर्षीय बेटे लाली साकेत की बताई जा रही हैं। तीनों की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई या स्पष्ट नहीं हो सका है। फिलहाल घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है और मौका मुआयना कर शवों को कब्जे में लेकर पीएम के लिए अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही है। दो बच्चों के साथ रहते थे अवसेरी की पत्नी का पहले निधन हो चुका है औरे वे अपने दोनों बच्चों के साथ रहते थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर संजय कुमार जैन के साथ पुलिस एसपी दिलीप कुमार भी गडरा गांव पहुंच गए हैं। रीवा से फॉरेंसिक की टीम को घटनास्थल की जांच करने के लिए बुलाया गया है। पुलिस आस-पास के लोगों से पूछताछ कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घर कब से बंद था और उन्होंने औसेरी और उसके बच्चों को आखिरी बार कब देखा था। गांव में मचा हड़कंप गडरा गांव में एक साथ पिता बेटी और बेटे की लाश से मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही कलेक्टर एसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। बता दें की यह वही गांव है जहां बीते कुछ दिन पूर्व एक शख्स की हत्या के बाद ग्रामीणों का आक्रोश इस कदर फूटा था कि उन्होंने पुलिस बल के ऊपर हमला कर दिया। हमले में एक एएसआई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से यह गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा। इनकी मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई है यह साफ नहीं हो सका है। सभी शव डीकंपोज हो चुके हैं और दुर्गंध आने लगी है। फिलहाल स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और घटना के कारणों का पता लगाने सहित मामले की जांच के निर्देश दिए है। इधर विवादित गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और मामले को गांव में हुई पूर्व की घटना से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

थाना रामनगर पलिस तथा औषधि निरीक्षक अनूपपुर की संयुक्त टीम द्वारा मेडिकल दुकानों का किया गया निरीक्षण

अनूपपुर श्रीमान जिला दंडाधिकारी महोदय जिला अनूपपुर (म.प्र.) एवं श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर के निर्देशन में थाना रामनगर अन्तर्गत मेडिकल दुकानों में प्रतिबंधित मादक पदार्थ युक्त दवाईयों की निरीक्षण थाना रामनगर पुलिस एवं औषधि निरीक्षक अनूपपुर की संयुक्त टीम द्वारा आज दिनांक 04.04.25 को किया गया है ।श्रीराम मेडिकल स्टोर एवं कुमार मेडिकल स्टोर में की गई निरीक्षण के दौरान श्रीराम मेडिकल स्टोर में नार्कोटिक्स सम्बन्धित दवाईयां पायी गई जिसे खरीदी विक्री बिल के साथ ड्रग लायसेंसी व्यक्ति द्वारा बेंचा जा सकता हे उक्त दवाईयों के खरीदी विक्री बिल, स्टॉक रजिस्टर चेक किये गये है ।     ▪️  क्या है नियम?            औषधि प्रशाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत प्रत्येक नार्कोटिक दवाओं की बिक्री के लिए लाइसेंस धारी को इनकी ख़रीदी बिक्री का विवरण रखना अनिवार्य होता है ।               इस प्रकार के निरीक्षण नार्कोंटिक्स सम्बन्ध में निरंतर किया जावेगा तथा कमी पाये जाने पर विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी ।        उक्त चेंकिंग कार्यवाही में औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) प्रमोद कुमार कुलेश एवं थाना प्रभारी सुमित कौशिक, प्रआर० 84 सनत द्विवेदी, आर० ५47 अनुरांग भार्गव के शामिल रहे हैं ।

स्वसहायता समूहों के सीएलएफ की बैठकों का हुआ आयोजन

अनूपपुर  मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व सहायता समूहों के संकुल स्तरीय संगठनों (सीएलएफ) की बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमे निर्धारित एजेन्डे पर चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही का निर्णय लिया गया। बैठकों में जिला कार्यालय तथा विकासखंड कार्यालय के मिशन टीम के सभी सदस्य आवंटित/संबंधित ब्लॉक के सीएलएफ की बैठक में उपस्थित हुए एवं राज्य कार्यालय द्वारा जारी एजेन्डा अनुसार चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिये गये।    जिले में समस्त सीएलएफ की बैठक एक नियत एजेंडे पर आयोजित की गई, जिसमे सामाजिक समावेशन, वित्तीय समावेशन, ऋण वापसी, लखपति दीदी इनिशिएटिव, कृषि एवं गैर कृषि आजीविका गतिविधि चयन, साक्षरता, जेंडर आदि बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। आयोजित बैठकों में सीएलएफ की दीदियों को साक्षर बनाने का संकल्प भी लिया गया।

एमपी में अगले 5 दिन तक पड़ेगी तेज गर्मी, 5 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

भोपाल  मध्‍य प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां तेज गर्मी पड़ रही है, तो दूसरी ओर कई जिलों में बारिश और तेज आंधी चली। कई जिलों में ओले भी गिरे। हालांकि आज शुक्रवार से यह सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा। प्रदेश में अगले 5 दिन तक तेज गर्मी पड़ेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में तापमान 2 से 5 डिग्री तक बढ़ेगा। जबलपुर, चंबल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, सागर संभाग में भी गर्मी बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में पिछले चार दिन से मौसम बदला रहा। कई जिलों में ओले गिरे। आकाशीय बिजली भी गिरी, जबकि बारिश और तेज आंधी चली। लेकिन अब यह सिस्टम अब कमजोर पड़ जाएगा। जिससे शुक्रवार को बारिश का अलर्ट नहीं है। कुछ जिलों में बादल जरूर छा सकते हैं। दूसरी ओर, भोपाल समेत कई शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 8 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है, जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। यानी, एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। आज शुक्रवार को मौसम साफ हो जाएगा, जिससे बारिश होने की संभावना नहीं है। 5 अप्रैल को तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल में गर्मी का असर अधिक रहेगा। इससे पहले गुरुवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। भोपाल, सीहोर, रायसेन, ग्वालियर, सागर, बालाघाट और गुना में बारिश हुई। कुछ शहरों में दिन के तापमान में गिरावट भी हुई। मलाजखंड में तापमान 28.8 डिग्री, मंडला में 30.2 डिग्री, उमरिया में 30.7 डिग्री और सिवनी में 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 37.6 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में 32.3 डिग्री तापमान सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 4 अप्रैल: इस दिन मौसम साफ हो जाएगा, जिससे बारिश होने की संभावना नहीं है। 5 अप्रैल : दिन के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल में गर्मी का असर अधिक रहेगा। कई जिलों में बारिश का दौर, पारा लुढ़का इससे पहले गुरुवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। भोपाल, सीहोर, रायसेन, ग्वालियर, सागर, बालाघाट और गुना में बारिश हुई। बालाघाट में सुबह बूंदाबांदी के बाद दोपहर में तेज बारिश हुई। वहीं सीहोर में शाम को रिमझिम हुई। भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। भोपाल में तो कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हुई। दूसरी ओर, कुछ शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई। मलाजखंड में पारा 28.8 डिग्री, मंडला में 30.2 डिग्री, उमरिया में 30.7 डिग्री और सिवनी में 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 37.6 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अप्रैल में प्रदेश में 7 से 10 दिन चल सकती है लू मध्यप्रदेश में अप्रैल महीने में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। पहले और दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, दूसरे सप्ताह से लू भी चलेगी। सबसे गर्म आखिरी सप्ताह रहेगा। दिन का तापमान 45 डिग्री पार हो सकता है। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, इंदौर, उज्जैन और भोपाल में लू भी चल सकती है। मौसम केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, इस बार तापमान के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, प्रदेश में अप्रैल महीने में 7 से 10 दिन तक हीट वेव यानी, लू का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे रहेंगे 4 सप्ताह पहला सप्ताह: रात के तापमान सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक (21-24 डिग्री) रहेंगे। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से अधिक (39-42 डिग्री) तक रह सकते हैं। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर सहित शेष संभागों में यह सामान्य 38 से 41 डिग्री के बीच रहेंगे। लगभग सभी हिस्से में हल्की बारिश होने की संभावना है। पहले सप्ताह में लू नहीं चलेगी। दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और चंबल संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक यानी, 23 से 26 डिग्री के बीच रहेंगे। वहीं, पूर्वी नम हवाओं के कारण थोड़ी राहत के साथ भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य (22-24 डिग्री) रहेगा। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से थोड़े अधिक (41-43 डिग्री) रहेंगे। वहीं, 2 से 3 दिन लू भी चल सकती है। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और जबलपुर संभाग में सामान्य (39-42 डिग्री) रहेंगे। इस दौरान बारिश होने की संभावना तो नहीं है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छा सकते हैं। तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक (25-27 डिग्री) रहेंगे। शेष सभी संभाग में सामान्य से थोड़े अधिक (23-25 डिग्री) रहेंगे। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ते हुए समान्य से 2-4 डिग्री अधिक (42-44 डिग्री) रहेंगे। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है। चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक (27-30 डिग्री) तक रहेंगे। यानी, दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान और अधिक बढ़ते हुए ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में 43-45 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित शेष प्रदेश में सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक (41-44 डिग्री) रहेंगे। हालांकि, बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मार्च महीने के … Read more

आबकारी सब इंस्पेक्टर बने युवक के सिलेक्शन पर सवाल,एक फोटो से मचा बवाल

सागर.  सागर जिले के एक युवक का 18 जनवरी 2025 को आबकारी सब इंस्पेक्टर के रूप में सिलेक्शन हुआ, लेकिन इसके ठीक 67 दिन बाद 26 मार्च को एक शिकायत की गई, और इसमें युवक का सिलेक्शन निरस्त कर दिव्यांग को लाभ दिए जाने की मांग की गई है. इसमें बड़ा झोल बताया गया है. हालांकि अभी न तो ट्रेनिंग शुरू हुई है और ना ही पोस्टिंग हो सकी है. दरअसल, एमपीपीएससी 2022 का रिजल्ट 18 जनवरी 2025 को जारी हुआ था. इसमें सागर के गंभीरिया में रहने वाले सत्यम रजक का दिव्यांग कोटे से आबकारी सब इंस्पेक्टर के रूप में चयन हुआ है, लेकिन उज्जैन के प्रिंस यादव ने नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं और इसमें सत्यम रजक के ही सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड फोटो को आधार बनाया है. इन फोटो में सत्यम कहीं बाइक पर, तो कहीं जीप चलाता हुआ नजर आ रहा. ऐसे में प्रिंस का सवाल है कि जो व्यक्ति फराटे से मोटरसाइकिल या जीप चला लेता .है वह दृष्टिबाधित नहीं हो सकता, क्योंकि जो शख्स पूरी तरह से देखा नहीं सकता उसका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन सकता है. ऐसे में या तो ड्राइविंग लाइसेंस गलत है या फिर दृष्टिबाधित सर्टिफिकेट, और यह है सर्टिफिकेट एमपीपीएससी 2022 का एग्जाम फॉर्म भरने से ठीक 4 दिन पहले जारी हुआ है. प्रिंस का सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति साल 2017 है और 18 में पुलिस कांस्टेबल और जेल पहरी की फिटनेस की परीक्षा देता है. वह 2023 आते-आते दृष्टिबाधित कैसे हो गया. क्या है पूरा मामला? सत्यम रजक के सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद उज्जैन के रहने वाले एक युवक ने सिलेक्शन पर सवाल खड़े किए. उज्जैन जिले के महिदपुर रोड इलाके में रहने वाले प्रिंस यादव ने सत्यम रजक के सिलेक्शन को गलत बताते हुए मामले की जांच की मांग की है और सवाल उठाये है कि अगर सत्यम दृष्टिबाधित है तो उसका ड्राइविंग लइसेंस कैसे बना? और अगर उसकी आंख सही है और वो बाइक चला सकता है तो फिर उसका दृषिबधित का सर्टिफिकेट कैसे बना? अपनी शिकायत के साथ प्रिंस यादव ने सोशल मीडिया पर सत्यम रजक के बाइक चलाते हुए फोटो भी अटैच किये हैं. SI सत्यम के खिलाफ सिविल सजर्न को पत्र सागर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को भेजे पत्र में प्रिंस यादव ने लिखा है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इन्दौर द्वारा दिनांक 18 जनवरी 2025 को राज्य सेवा परीक्षा 2022 का अंतिम रिजल्ट (चयन) सूची जारी किया गया है. उक्त चयन सूची में पद कोड क्र. 17 के सरल क्र.44 पर आवकारी उपनिरीक्षक के पद पर चयनित हुए अभ्यर्थी अनावेदक सत्यम रजक पिता मिहीलाल रजक जिला सागर (म.प्र.) के निवासी हैं. जिनका रोल नं. 112789 है. उक्त अभ्यर्थी दृष्टिबाधित विकलांग कोटे से चयनित हुए है. जबकि आवकारी उपनिरीक्षक पद पर चयनित हुए अभ्यर्थी अनावेदक सत्यम रजक को दृष्टि संबंधी कोई समस्या नहीं है. सत्यन रजक दो पहिया तथा चार पहिया वाहन दिन तथा रात में बड़ी ही आसानी से चलाते हैं. वाहन चलाने के प्रमाण के रूप में सत्यम रजक द्वारा अपने सोशल मीडिया फेसबुक एकाउंट पर शेयर की गई नवीनतम विभिन्न तस्वीर संलग्न है. जिनमें सत्यम रजक को दो पहिया तथा चार पहिया वाहन चलाते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है. सत्यम रजक द्वारा अपना ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाया गया है. सत्यम रजक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद ‘आजतक’ से सागर में बात करते हुए सत्यम रजक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस 2017 में बना था उस समय वह स्वास्थ्य था और पुलिस कांस्टेबल, जेल पहरी की परीक्षा भी दी थी. लेकिन कोरोना आने के बाद आंखों की बीमारी हो गई, 2021 के बाद लगातार यह बढ़ती गई और 2023 में विकलांगता के लेबल पर पहुंच गई. इसलिए उन्होंने यह सर्टिफिकेट बनवाया था. वाहन चलाने को लेकर जो आरोप लगाए हैं उस पर सत्यम का कहना है कि आंखों की बीमारी 2021 में हुई है उसके पहले 2017 में ड्राइविंग लाइसेंस बना था उस समय दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाता था. वाहन अभी भी चला सकता हूं लेकिन दूसरों की सुरक्षा के हिसाब से ड्राइविंग करना बंद कर दिया है. जो फोटो वायरल किया जा रहे हैं वह 2021 से पहले के हैं और जो जीप वाला फोटो है वह ग्राउंड में खड़ी जीप में बैठकर खिंचवाया है. सत्यम का कहना है कि किसी के द्वारा निजी स्वार्थ में इस तरह की शिकायत की गई है और कुछ नहीं है. सब इंस्पेक्टर के रूप में चयनित सत्यम रजत लोकल 18 से बात करते हुए अपने ऊपर लगे आरोपो पर सफाई दी है…सबसे पहले उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस पर बात करते हुए कहा कि यह साल 2017 में मैंने बनवाया था. उसे समय मुझे कोई परेशानी नहीं थी. मैं अच्छे से दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाता था, लेकिन मुझे आंखों की बीमारी कोरोना आने के बाद 2021 से हुई है और 2023 आते-आते दिव्यांगता में बदल गई, मैंने काफी पहले फोर व्हीलर चलाना छोड़ दिया है. दृष्टिबाधित सर्टिफिकेट को लेकर सत्यम बताते हैं कि उनकी आंखों में coats eils रिसीज नाम की बीमारी है जो रेटिना में क्लोटिंग करती हैं, कोरोना आने के बाद यह धीरे-धीरे बीमारी बढ़ती गई 2023 में बहुत ज्यादा हो गई. तब मैंने यह सर्टिफिकेट बनवाया था जब तक ठीक था तो उस समय साल 2017 में पुलिस की और 2018 में जेल पहरी की परीक्षा भी दी थी. सोशल मीडिया पर अपलोड फोटो को 2021 के पहले का बताया है, कहा मुझे इस तरह की फोटो खिंचवाने का शौक है और जो जीप की फोटो है. वह ग्राउंड में खड़ी हुई गाड़ी है. उसमें मैंने फोटो खिंचवाया है, जो टू व्हीलर की फोटो है. वह 2018 की पुरानी फोटो है. सत्यम ने बताया कि उनके पिता रिटायर्ड आर्मी मैन है, दो बहन है दोनों की शादी हो गई, जिसमें से एक बहन पीडब्ल्यूडी विभाग की एसडीओ हैं, बड़े भाई हैं जो ठेकेदार है, अगर कोई मेरी आंखें ठीक करवा दे, तो में यह नौकरी छोड़ने के लिए तैयार हूं. सत्यम ने बताया कि वह डॉक्टर हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय में फॉरेस्ट साइंस से एमएससी … Read more

सीएम राइज स्कूल के छात्रों को मिलेगी बड़ी सौगात, मिलेगी स्कूल बस सेवा, महंगे वेन और ऑटो से मुक्ति

जबलपुर जिले के सीएम राइज स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। इन स्कूलों में बस सेवा शुरू की जाएगी। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। बसों के संचालन के लिए जिले से बाहर की एजेंसी आई हैं। 12 एजेंसियों ने दिखाई रुचि निविदा की प्रक्रिया संभागीय संयुक्त संचालक जबलपुर संभाग के माध्यम से की गई। 12 एजेंसियों ने बस के संचालन के लिए इच्छा जताई है। विभाग एजेंसी के मापदंडों की जांच कर रहा है। इस पखवाडे़ में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बसों के संचालन की जवाबदारी संबंधित स्कूल के प्राचार्य की होगी। रूटों का निर्धारण अभी नहीं किया गया है। विदित हो कि एक साल पहले भी यही कवायद की गई थी लेकिन केवल दो एजेंसियों ने ही इसमें रुचि दिखाई थी। 50 बसों का होगा संचालन जिले के दस सीएम राइज स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इन स्कूलों में सीएम राइज स्कूल कन्या करौंदीग्राम, सीएम राइज स्कूल मेडिकल, सीएमराइज स्कूल अधारताल के अलावा सीएम राइज स्कूल कुंडम , सिहोरा, सिंगौद, शहपुरा, पाटन व सीएमराइज स्कूल मझौली शामिल है। इसके लिए करीब 50 बसों को चलाया जाएगा। CM Rise school : सीएम राइज स्कूलों में बसों के संचालन के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया कर ली गई है। इस माह तक सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया जाएगा।     प्राचीश जैन, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा

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