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भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को सजा पर एमपी हाईकोर्ट की युगलपीठ ने दी रोक

 जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने भोपाल नगर निगम की आयुक्त संस्कृति हैं को अवमानना की दोषी पाए जाने के आदेश पर रोक लगा दी। दरअसल, आज न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष सजा के प्रश्न पर सुनवाई होनी थी। निगमायुक्त को अपना पक्ष देखने हाजिर रहने कहा गया था। किन्तु इससे पूर्व ही युगलपीठ में आवेदन दायर कर निगमायुक्त जैन ने सजा पर रोक की मांग कर दी। गुरुवार को न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए नगर निगम, भोपाल की आयुक्त संस्कृति जैन को अवमानना का दोषी ठहराया था। कोर्ट ने साफ किया था कि नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियत प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थी। लिहाजा, आयुक्त को सजा के प्रश्न पर अपना पक्ष रखना होगा। इस सिलसिले में शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे से सुनवाई नियत की गई थी। मई 2025 में जारी किया गया था नोटिस दरअसल, यह मामला मर्लिन बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका से संबंधित है। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि नगर निगम ने 18 नवंबर, 2025 को उसकी संपत्ति के फ्रंट हिस्से को विहित प्रक्रिया अपनाए बिना तोड़ दिया। नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि निर्माण अवैध था। सात नवंबर, 2024 को दी गई अनुमति निरस्त की जा चुकी थी। 14 मई, 2025 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट की 2025 में जारी गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को नैसर्गिक न्याय सिद्यांत अनुरूप न तो व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, न ही सुनवाई की कोई कार्यवाही दर्ज की गई और न ही कोई अंतिम आदेश पारित किया गया। इसके स्थान पर सीधे तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी गई, जो अवैधानिक है। आदेशों की अवहेलना पर कड़ा रुख कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि बिना शर्त माफी के साथ तोड़े गए हिस्से को बहाल किया जाता, तो मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता था। लेकिन नगर निगम आयुक्त ने अदालत में स्पष्ट किया कि निर्माण को बहाल करना संभव नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना मानते हुए कड़ा रुख अपनाया। हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2(बी) के तहत दोषी ठहराया है। इस मामले में शुक्रवार, छह फरवरी को सुबह 10:30 बजे सजा के बिंदु पर सुनवाई निर्धारित की गई थी। किन्तु निगमायुक्त ने अपना बचाव सीजे की अध्यक्षता वाली बेंच पहुंचकर कर लिया।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत आगे बढ़ रहा है: राज्यमंत्री गौर

भोपाल. भारत सरकार द्वारा 1 फरवरी को संसद में प्रस्तुत बजट 2026-27 को लेकर भोपाल की एल.एन. सिटी यूनिवर्सिटी के आर्यभट्ट ऑडिटोरियम में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजिन किया गया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि यह बजट देश की दिशा और तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि बजट के प्रभाव को समझना आवश्यक है, क्योंकि इससे आने वाले समय में देश की आर्थिक और सामाजिक संरचना पर व्यापक असर पड़ेगा। कार्यक्रम की शुरुआत में सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री को बजट प्रस्तुत करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व मंच पर यह साबित कर दिया है कि वह तेज गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि अब भारत की विकास यात्रा को कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति को रेखांकित करते हुए कहा गया कि मातृशक्ति की भागीदारी देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उपस्थित महिलाओं ने भी बजट को लेकर सकारात्मक उम्मीदें जताईं और इसे समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज नारी शक्ति को केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण से लेकर नेतृत्व तक भागीदार बनाया गया है। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार है जब लगातार 9वीं बार किसी महिला वित्त मंत्री द्वारा देश का बजट प्रस्तुत किया गया है। विकसित भारत बजट 2026–27 को लेकर भोपाल स्थित LNCT कॉलेज के आर्यभट्ट ऑडिटोरियम में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने भी  नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर अपने विचार साझा किया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार में भोपाल महापौर  मालती राय, भाजपा मध्य प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष  अश्विनी परांजपे एवं भाजपा भोपाल जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति जी उपस्थित रहे।

राज्यपाल पटेल ने लोक भवन में 63 पुरस्कृत पुष्प किस्मों का किया अवलोकन, कहा- “मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल है पुरस्कार”

मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल, पुरस्कार : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने लोक भवन की पुरस्कृत 63 पुष्प किस्मों का किया अवलोकन भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में प्रदर्शित लोक भवन के पुष्पों की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया। उन्होंने लोक भवन को प्राप्त पुरस्कारों की जानकारी ली। लोकभवन उद्यानों के रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल  पटेल ने अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेहनत और निष्ठा से किए गए कार्य सदैव उत्कृष्ट होते हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त पुरस्कार कर्मचारियों की कार्य-निष्ठा और समर्पण का प्रतिफल हैं। फूलों की देखभाल में बहाया गया पसीना ही इन पुरस्कारों का प्रसाद है। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में 63 किस्मों को पुरस्कार मिलना हर्ष और गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि पुरस्कृत किस्मों में से 42 पुष्पों को प्रथम तथा 21 पुष्पों को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त होना एक विशिष्ट उपलब्धि है। राज्यपाल  पटेल लोक भवन की प्रदर्शनी में पुरस्कृत पुष्पों का अवलोकन करने के लिए लाल कोठी के सामने स्थित पुरानी तोप प्रांगण पहुँचे। उन्होंने प्रत्येक पुरस्कृत पुष्प किस्म का अवलोकन किया तथा पुरस्कारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि भोपाल में आयोजित कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी संस्थानों तथा कृषकों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों में लोक भवन के पुष्पों की बड़ी संख्या में पुरस्कार प्राप्त होने के दृष्टिगत नियंत्रक, हाउसहोल्ड लोकभवन को शील्ड प्रदान कर अलंकृत किया गया। उनको बताया गया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में साल्विया,  पिंक,  एस्टर,  डॉगफ्लावर, सिनेरिया, हाइब्रिड डहेलिया, देशी डहेलिया, मिनी-डहेलिया, डायनामोर, स्वीट-विलियम, स्वीट-एलायसम, वर्बीना,  कैलेंडुला,  बिजली, सिलोसिया आदि मौसमी फूलों के गमले एवं कट-फ्लावर तथा गुलाब की विभिन्न किस्में—एच.टी. रोज (लाल, गहरे गुलाबी, हल्के गुलाबी, पीले, सफेद, ऑरेंज, मौव-पर्पल,  बहुरंगी,  धारदार, सुगंधित),  फ्लोरीबंडा (गुच्छ पुष्प), फ्ल्यूटी, समर स्नो, पोलिएंथा, मिनिएचर आदि के गमले एवं कट-फ्लावर प्रदर्शित किए गए थे।     

केन्द्रीय बजट के आधार पर तय हो रही हैं वैश्विक नीतियां: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा केन्द्रीय बजट के आधार पर तय हो रही हैं वैश्विक नीतियां मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बना, अब खाद्यान्न उत्पादन में हैं दूसरे स्थान पर उड़द और मसूर का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को सहयोग देने के लिए तत्पर है राज्य सरकार दाल उत्पादक कृषकों, मिल संचालकों, व्यापारियों, निर्यातकों और विशेषज्ञों की भोपाल में होगी कार्यशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के सम्मेलन को किया संबोधित इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बन चुका है। मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दाल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। राज्य सरकार जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने तुअर से मंडी टैक्स हटाया है, इससे दाल मिल उद्योग को लाभ मिलेगा। उड़द और मसूर पर भी राहत देने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में दालों का विशेष महत्व है। मूंग और मसूर की दालों पर मुहावरे बन गए। दालों से हमें प्रोटीन मिलता है। यह गर्व का विषय है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। शाकाहारी संस्कृति में दालें प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्दौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोशिएशन के ग्रेन-एक्स इंडिया प्रदर्शनी अंतर्गत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में दूध और दलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में मसूर और उड़द उत्पादन को बढ़ाने के लिए शीघ्र ही बोनस देने की योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों सहित उद्यमियों को भी लाभ होगा, इंदौर में उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, यहां से रोड, रेल और हवाई हर तरह की बहुत अच्छी कनेक्टिविटी है। प्रदेश में एयरकार्गों के विकास की दिशा में प्रयास जारी हैं, जिससे व्यापार व्यावसाय विस्तार को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दाल मिल से संबंधित उद्यमियों, मशीन निर्माताओं, निर्यातकों, व्यापारियों, कृषकों, आदि के साथ राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की कार्यशाला शीघ्र ही भोपाल में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की एक विशिष्ट छवि बनी है। भारत के बजट के आधार पर दुनिया अपनी नीतियां तय करती है। अब समय बदल चुका है। भारत सरकार पर किसी टैरिफ का असर नहीं पड़ता है। प्रधानमंत्री  मोदी के लिए अन्नदाता किसान सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों के साथ सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 4 श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता (किसान), युवा और नारी में देश को आर्थिक रूप से सशक्त करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान कल्याण के लिए आगामी 5 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। सबको प्रोत्साहन देते हुए 5 साल में राज्य के बजट को 15 प्रतिशत की वृद्धि दर के हिसाब से दोगुना करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देश में खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं। कृषि क्षेत्र में राज्य की जीडीपी 39 प्रतिशत है और हमारी कृषि विकास दर 16 प्रतिशत के आस-पास है। गेहूं, चना, मसूर सहित तिलहन फसलों में मध्यप्रदेश अग्रणी स्थान पर है। मध्यप्रदेश आज डेयरी, पशुपालन, मत्स्य उत्पादन, पुष्प उत्पादन, सब्जी, फल सभी क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों से कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करें। हमारी सरकार जमीन, मशीन और टैक्स कम करने से लेकर सभी प्रकार से सहयोग प्रदान करेगी। प्रदेश की धरती पर सभी निवेशकों का स्वागत है। राज्य सरकार ने लघु-कुटीर उद्योग और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, दूसरे राज्यों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड शो आयोजित किए। औद्योगिक विकास के लिए नई नीतियां लागू कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए 5500 करोड़ से अधिक राशि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उद्यमियों को भी अंतरित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी और जमीन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार उद्यमियों को श्रमिकों के वेतन में सहयोग के लिए 10 साल तक प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों को सरल किया है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि उन्हें दिलवाई गई है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों सहित सबके साथ हर कदम पर साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाएगी। इसके लिये प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जिलों में फूड पार्क और नई अनाज मंडियां शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्योगपतियों को फूड पार्क विकसित करने के लिए भी राज्य सरकार सभी सुविधाएं देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और लोक कल्याण से देशभर में ख्याति अर्जित की। उन्होंने मुगलकाल में ध्वस्त … Read more

राज्यपाल पटेल ने बच्चों के साथ किया “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में भागीदारी

राज्यपाल  पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल लोक भवन आए विद्यार्थियों ने कहा- पीएम  मोदी का मार्गदर्शन सरल, रोचक और प्रेरक भोपाल       राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने लोकप्रिय कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा”  को छात्र-छात्राओं के साथ लोक भवन में देखा। इस अवसर पर लोक भवन के जवाहर खण्ड में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और लोक भवन परिसर में रहने वाले परिवारों के बच्चे उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का यह कार्यक्रम अभूतपूर्व है। देश के प्रधानमंत्री का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद सार्थक और नवाचारी है, जो विद्यार्थियों को जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देता है। चुनौतियों के समाधान के लिए नई प्रेरणा और आत्मबल प्रदान करता है। परीक्षा काल के दौरान आने वाली चुनौतियों और कठिनाईयों को दूर करने के तरीके और तकनीक बताता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा से जुड़े तनाव का प्रबंधन सिखाता है। यह जीवन में संतुलन, अनुशासन और आत्मबल विकसित करने का मार्गदर्शन भी देता है। तनाव मुक्त रहना, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना और सोच को सकारात्मक बनाने की प्रेरणा उज्जवल भविष्य निर्माण का रास्ता है। विद्यार्थियों ने कहा : प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, रोचक और प्रेरक संदेशों ने बढ़ाया आत्मविश्वास      राज्यपाल  पटेल द्वारा प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिये गए आमंत्रण से विद्यार्थी अभिभूत थे। सभी विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने जीवन का एक अद्भुत, प्रेरक और अविस्मरणीय अनुभव बताया। मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर, भोपाल की कक्षा 12वीं की छात्रा सु आराध्या शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक संदेशों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। वह अब परीक्षाओं को लेकर अधिक सहज और सकारात्मक महसूस कर रही हैं। केन्द्रीय विद्यालय-2 के कक्षा 8वीं के विद्यार्थी अरिहंत जैन ने कार्यक्रम को व्यवहारिक सीख, चुनौतियों के रणनीतिक समाधान और परीक्षा के तनाव को कम करने में अत्यंत उपयोगी सुझावों का खजाना बताया। केन्द्रीय विद्यालय-1 की कक्षा 9वीं की छात्रा सु महक विमल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम ने हम सब विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया है। उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को परीक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया है। सभी छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल  पटेल और प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।      कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव  मालसिंह भयड़िया, लोक भवन के अधिकारी और छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।  

महाकाल में कोटेश्वर भगवान के पूजन से शुरू शिवनवरात्रि पर्व, 10 दिनी महोत्सव के पहले दिन भगवान का श्रृंगार

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवनवरात्रि का पर्व शुक्रवार से सुबह से शुरू हुआ। कोटेश्वर महादेव के पूजन के साथ विशेष अनुष्ठान की शुरुआत हुई। गर्भगृह में पुजारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों ने भगवान महाकाल का पंचामृत पूजन और एकादश-एकादशनी रूद्राभिषेक होगा। इस बार दिन का महाशिवनवरात्रि पर्व महाकाल मंदिर में मनाया जाएगा, मान्यता है कि जिस तरह माता की आराधना के 9 दिनों तक नवरात्री पर्व मनाया जाता है ठीक उसी तरह देश भर में सिर्फ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ही महाशिवनवरात्रि पर्व मनाए जाने की परम्परा निभाई जाती है। सुबह कोटेश्वर भगवान का पूजन अर्चन होगा। शाम को भगवान को सर्वप्रथम चंदन का उबटन लगाकर स्नान कराया गया। जलधारी पर हल्दी अर्पित की गई। दोपहर एक बजे भोग आरती के बाद अपराह्न तीन बजे पंचामृत पूजन के पश्चात भगवान का भांग से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान को लाल, गुलाबी और पीले रंग के नए वस्त्र अर्पित कर शृंगारित। मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंड-माला और छत्र से सजाया जाएगा। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 दिन तक शिवनवरात्रि महा उत्सव मनाया जायेगा। यह विशेष श्रृंगार 6 फरवरी से 15 फरवरी तक शिवनवरात्रि के सभी नौ दिनों तक चलेगा। प्रतिदिन भक्तों को भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।भगवान महाकाल के मंदिर में उत्सव का प्रारंभ कोटेश्वर महादेव के पूजन से होगा। शिवनवरात्रि पर 9 दिन यह शृंगार     6 फरवरी : चंदन, भांग शृंगार।     7 फरवरी :नवीन वस्त्र।     8 फरवरी : शेषनाग शृंगार।     9 फरवरी : घटाटोप शृंगार।     10 फरवरी : छबीना शृंगार।     11 फरवरी: होलकर शृंगार।     12 फरवरी : मनमहेश शृंगार।     13 फरवरी : उमा महेश शृंगार।     14 फरवरी : शिव तांडव शृंगार।     15 फरवरी: सप्तधान का मुखौटा। महाशिवरात्रि पर्व के लिए दर्शन व्यवस्था तय,10 लाख भक्त आएंगे महाशिवरात्रि महापर्व 2026 (15 फरवरी) पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग डेढ़ किलोमीटर और 250 रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद या पासधारी श्रद्धालुओं को करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।

ग्राम अमदरी में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये

ग्राम अमदरी में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये उमरिया उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत अमदरी में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने विकास कार्यों का भूमि पूजन किये। एवं भूमि पूजन करते हुए कार्यक्रम को संबोधित भी किया। विकास निर्माण कार्यक्रम में लाड़ली बहनों के ऊपर पुष्प वर्षा भी बांधवगढ़ विधायक शिव नारायण सिंह ने किये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांधवगढ़ विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने कहे कि अब महात्मा गांधी रोजगार गारंटी जो चल रही थी।अब उसकी जगह में जी राम जी योजना के तहत  सभी लोगों को 100 दिन से बढ़ाकर के 125 दिन का काम आपके पंचायत में दिया जाएगा। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में सभी ग्रामीण जनों को जानकारी भी दिए। वहीं भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहे की भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी का सपना था। कि गांव-गांव सड़क हो जो आज छोटे से छोटे गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सभी गांव को शहर से जोड़ा जा रहा है। सभी महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर भी प्रदान किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सभी वर्ग के लिए कार्य कर रही है।कार्यक्रम में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ग्राम पंचायत अमदरी के सरपंच वीना नथ्थू सिंह ग्राम पंचायत हर्रवाह के सरपंच सोनू गुप्ता भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री सोहन कोल मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी,रामपाल सिंह,जनपद सदस्य लक्ष्मी राम प्रताप मिश्रा,सत्यनारायण गुप्ता, राजेश सिंह चौहान,राम सिंह,किश्शु महार,नीरज पटेल,बाबूलाल, शीतल महार, कनछेदी सिंह, लालजी सिंह एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे.  

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा   रात पौने दो बजे तीन बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम  पुलिस मिले महत्वपूर्ण सुराग, जल्द होगा मामले का खुलासा  भोपाल राजधानी के निशातपुरा इलाके में बाइक सवार एक युवक के साथ तीन बदमाशों ने जमकर मारपीट की और उसकी बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और सोने-चांदी की तीन अंगूठियां लूट ली। घटना रात करीब पौने दो बजे उस वक्त हुई, जब युवक अपने साथी हलवाई को छोड़कर घर लौट रहा था।पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूटपाट और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिससे कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।पुलिस का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हर्ष वर्मा (32) गुर्जरपुरा इतवारा में रहता है और शादी पाटिर्यों में लगने वाले कैटरिंग में खाना बनाने का काम करता है। बुधवार-गुरुवार की रात वह जेल रोड इलाके में एक कार्यक्रम में खाना बनाने के लिए पहुंचा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने साथ काम करने वाले हलवाई को अस्सी फीट रोड शिवनगर स्थित उसके घर छोडऩे गया था। रात करीब पौने दो बजे वह हलवाई को छोडऩे के बाद बाइक से अपने घर के लिए लौट रहा था। करोंद स्थित शिव मंदिर के पास अचानक तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया और जमकर मारपीट कर दी। उसके बाद बदमाशों ने हर्ष की बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और हाथ की उंगलियों में पहने एक सोने और दो चांदी की अंगूठियां उतरवा ली। उसके बाद तीनों बदमाश वहां से भाग निकले। पुलिस ने बीती देर रात तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मारपीट और लूटपाट का मामला दर्ज कर लिया।   तीनों बदमाशों का सुराग मिला खुलासा जल्द  मामले की गंभीरता को देखते हुए बदमाशों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बदमाशों के बारे में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिल गए हैं। कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार शाम तक तीनों बदमाशों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड बताया जा रहा है।

महाकाल दर्शन के बाद IPS राकेश गुप्ता ने संभाला पद, कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने का दिया वादा

उज्जैन  वर्ष 1999 बैच के आईपीएस राकेश गुप्ता ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आईजी का पदभार संभाल लिया है। राकेश गुप्ता पूर्व में भी उज्जैन के आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सिंहस्थ महाकुंभ से पहले एक बार फिर प्रदेश सरकार द्वारा उज्जैन रेंज आईजी आईपीएस राकेश गुप्ता को सौंपी है। वह उज्जैन पहुंचे, जहां ऑफिसर मैस पर अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों द्वारा उनकी अगवानी की गई और पुष्पगुच्छ भेंट किया। आईपीएस राकेश गुप्ता बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे और वहां से कार्यालय लौटकर पदभार ग्रहण किया। आईजी गुप्ता उज्जैन संभाग रेंज से भली भांति परिचित हैं। उज्जैन में एसपी, डीआईजी और आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एक बार फिर उन्हें आईजी की कमान सौंपी गई है। उन्हें वर्ष 2016 के सिंहस्थ महाकुंभ का अनुभव है, उसे वक्त डीआईजी के रूप में उज्जैन में पदस्थ थे। इस बार का सिंहस्थ महाकुंभ बड़े पैमाने पर होने जा रहा है, उनका अनुभव व्यवस्थाएं संभालने के लिए काफी अहम होगा। उज्जैन मे कार्य करने का लंबा अनुभव 1999 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अफसर राकेश गुप्ता को उज्जैन में पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। इसके पहले वे उज्जैन में आईजी, डीआईजी और एसपी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वे 2011 से 2013 तक उज्जैन एसपी और सिंहस्थ 2016 में डीआईजी के रूप में पदस्थ रह चुके हैं। उज्जैन में उनकी वापस पदस्थी का कारण सिंहस्थ भी है। निश्चित रूप से उनके पिछले अनुभव का लाभ उज्जैन को मिलेगा।   इंदौर में चर्चित रहा उनका कार्यकाल वरिष्ठ आईपीएस राकेश गुप्ता का इंदौर में लंबा कार्यकाल रहा और उनके कार्यकाल में पुलिस ने कईं सफल पुलिसिंग के कार्य किए। वे इंदौर रेंज के आईजी, इंदौर के एसएसपी और बाद में इंदौर के तीसरे पुलिस कमिश्रर रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन पुलिस कमिश्रर मकरंद देऊस्कर के प्रतिनियुक्ति पर जाने पर गुप्ता को इंदौर का पुलिस कमिश्रर नियुक्त किया गया था। इंदौर में डीआईजी रहते गुप्ता ने कुख्यात सियागंज खड़ी कराई गैंग, कोतवाली क्षेत्र में हुए बोहरा व्यापारी हत्याकांड सहित कई हाई प्रोफाइल मामलों के खुलासे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जेल पहुंचाया था।

हाईकोर्ट में आर्मी जवान का तलाक केस, पत्नी की प्रेगनेंसी पर सवाल, 4 दिन में कैसे हो गई गर्भवती?

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से एक ऐसा फैसला आया है, जिसने शादी, तलाक और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में नई बहस छेड़ दी है. मामला एक आर्मी जवान और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे तलाक विवाद का है, जिसमें पत्नी ने बच्चे के DNA टेस्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि यह मामला बच्चे की वैधता पर सवाल उठाने का नहीं, बल्कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों की जांच से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने क्या कहा, क्यों खारिज की पत्नी की याचिका? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ में जस्टिस विवेक जैन ने पत्नी की याचिका खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट के DNA टेस्ट के आदेश को सही ठहराया. कोर्ट ने साफ कहा कि यह जांच किसी भी तरह से बच्ची को अवैध या नाजायज ठहराने के लिए नहीं है और न ही उसकी कानूनी पहचान पर इसका कोई असर पड़ेगा. कोर्ट का मकसद सिर्फ यह देखना है कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है. DNA सैंपल से इनकार किया तो क्या होगा?  खबर के मुताबिक, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगर पत्नी DNA सैंपल देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट को पूरा अधिकार होगा कि वह भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या नए BSA 2023 के तहत उसके खिलाफ प्रतिकूल अनुमान लगाए. यानी सैंपल न देने का फायदा पत्नी को नहीं मिलेगा. पत्नी ने डीएनए नहीं दिया तो? कोर्ट ने कहा कि यदि पत्नी डीएनए नमूने देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या बीएसए 2023 के संबंधित प्रावधानों के तहत पत्नी के खिलाफ अनुमान लगा सकती है। यानी कि अगर पत्नी नमूने देने से इनकार करती है, तो कोर्ट यह मान लेगा कि पति जो कह रहा है, वही सच है। क्योंकि इस टेस्ट का मकसद पत्नी के ‘अफेयर’ की जांच करना है, बच्ची को ‘नाजायज’ साबित करना या उसे नीचा दिखाना नहीं। चार दिन बाद ही पत्नी हुई गर्भवती यह मामला व्यभिचार के आरोप पर दायर तलाक याचिका से संबंधित है। पति बच्चे की पितृत्व जानने या भरण-पोषण की देनदारी से इनकार करने के उद्देश्य से डीएनए टेस्ट नहीं चाहता है। पति का कहना है कि वह भारतीय सेना में है और पत्नी ने उसे अक्टूबर 2015 में बुलाया था। पति ने कोर्ट से कहा कि वह छुट्टी पर घर आए और सिर्फ 4 दिन में पत्नी ने कह दिया कि वह प्रेग्नेंट है।। पति के अनुसार, डॉक्टर 4 दिन में प्रेग्नेंसी की स्थिति नहीं बता सकते, यह नामुमकिन होता है। इसके लिए इंतजार करना होता है। दूसरी तरफ बच्चा भी तय समय से पहले और उस समय पैदा हुआ, जब वह घर पर नहीं थे। इसलिए पति ने बच्चे का डीएनए कराने की मांग की है।  पत्नी के वकील की दलील पत्नी के वकील अनुज पाठक ने तर्क दिया कि बच्चे का डीएनए टेस्ट उसकी निजता, स्वायत्तता और पहचान के अधिकार का उल्लंघन करेगा और उसकी वैधता पर अनुचित रूप से संदेह पैदा करेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 एक वैध विवाह के दौरान पैदा हुए बच्चे की वैधता का एक मजबूत अनुमान स्थापित करती है, और डीएनए टेस्ट नियमित रूप से नहीं दिए जाने चाहिए। वकील ने कहा कि अदालतों को बच्चे के सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी बच्चे को इस तरह से पारिवारिक विवादों में नहीं घसीटा जाना चाहिए जिससे उसके भविष्य पर कलंक लगे। पति के वकील ने भी दिए तर्क पति के वकील शीतल तिवारी ने प्रतिवाद किया कि यह चुनौती कार्यवाही को रोकने और महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि पति भारतीय सेना में तैनात है और कुछ महीनों में एक बार घर आ पाता है, जबकि पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है। पति के वकील ने दावा किया कि मेडिकल सलाह के अनुसार, गर्भधारण के चार दिनों के भीतर गर्भावस्था का पता नहीं लगाया जा सकता है। इस पर कोर्ट का भी मानना है कि जब पति पुख्ता सबूत दे रहा है कि वह उस वक्त पत्नी के साथ नहीं था, तो सच का पता लगाने के लिए DNA टेस्ट कराना गलत नहीं है। ‘4 दिन में प्रेग्नेंसी’ का दावा क्यों बना सबसे बड़ा सवाल मामले की सबसे चौंकाने वाली बात वही है, जिसने पूरे केस की दिशा बदल दी. पति ने कोर्ट को बताया कि वह भारतीय सेना में पदस्थ है और अक्टूबर 2015 में पत्नी के बुलाने पर घर आया था. लौटने के सिर्फ चार दिन बाद पत्नी ने उसे बताया कि वह गर्भवती है. कोर्ट ने माना कि मेडिकल साइंस के हिसाब से चार दिन में प्रेग्नेंसी का पता चलना बेहद संदिग्ध है. इसके अलावा बच्ची का जन्म भी अक्टूबर 2015 के करीब आठ महीने बाद हुआ, जिससे पति-पत्नी के साथ न होने की दलील और मजबूत हो जाती है. तीन तलाक याचिकाएं और 10 साल का विवाद यह कोई नया विवाद नहीं है. पहली तलाक याचिका 2019 में दायर हुई थी, जिसे आपसी सहमति से तलाक के आश्वासन पर वापस ले लिया गया. दूसरी याचिका भी 2019 में दाखिल हुई, लेकिन पत्नी दूसरी मोशन में पेश नहीं हुई और मामला 2 मार्च 2021 को बंद हो गया. इसके बाद 2021 में तीसरी तलाक याचिका दायर की गई, जो अब तक लंबित है और इसी में DNA टेस्ट की मांग की गई. कोर्ट का साफ संदेश हाईकोर्ट ने साफ कहा कि जब तलाक का आधार व्यभिचार हो, पति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बच्चे की वैधता या भरण-पोषण का मुद्दा न हो, तो DNA टेस्ट का आदेश देना कानूनन गलत नहीं है. यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक अहम नजीर माना जा रहा है.

ग्वालियर में स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के बाद हुआ भयंकर ब्लास्ट, 5 लोग गंभीर रूप से घायल

 ग्वालियर ग्वालियर में भारतीय रेलवे की स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण आग लग गई। इस हादसे में पांच कर्मचारी झुलस गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। बीती रात 10 बजे यह घटना मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुई। झांसी रोड थाना क्षेत्र की सिथौली रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान गैस लीक होने से अचानक आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद कौशल श्रीवास्तव, योगेश कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई, शब्बीर, बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस फैक्ट्री में ट्रेनों के लिए स्प्रिंग और अन्य पुर्जे बनाए जाते हैं। अस्पताल में घायलों का इलाज कर रहे डॉ. सोफी शकील ने बताया कि पांच लोग गंभीर जलन के साथ लाए गए थे। इनमें से तीन की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।झांसी रोड थाना के टीआई शक्ति यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है। विवेचक सभी सबूत जुटा रहे हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। घायलों का इलाज प्राथमिकता पर जारी है। आग से झुलसे योगेश जनगांम ने बताया कि मशीन के पास वायरिंग कर रहा था तभी अचानक आग की लपटे उठी और खुद को बचाने तक का समय नहीं मिला। वहीं 60 फीसदी झुलसे मोहम्मद साबिर की हालत गंभीर है। वही इस मामले को लेकर उत्तर मध्य रेलवे सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि बंद मशीन की मेंटेनेंस के दौरान एलपीजी के रिसाव से ये हादसा हुआ है। पास में चल रहे स्प्रिंग निर्माण की वजह से गैस में आग पकड़ ली। हादसे में एक रेलवे कर्मी और चार कांटेक्ट कर्मचारी झुलसे हैं। घटना की जांच के आदेश दिए हैं। ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एमपी के इस शहर में पहली बार रेल का आगमन, खिलचीपुर से राजगढ़ तक आई उम्मीदों की रेल

 रामगंज मंडी जिला मुख्यालय पर गुरुवार शाम को पहली बार जिला मुख्यालय तक रेल पहुंची है। रामगंज मंडी से चलकर पहली मालगाड़ी शाम को राजगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची। बहुप्रतीक्षित भोपाल-रामगंज मंडी रेल लाइन पर पहली बार ट्रेन के पहुंचते ही लोगों में उत्साह का माहौल बन गया। वर्षों से रेल सेवा का इंतजार कर रहे नगरवासी बड़ी संख्या में रेलवे पटरी के किनारे जमा हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस ऐतिहासिक पल को देखा और मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाकर खुशी जाहिर की। मालगाड़ी में लाया गया रेल निर्माण का सामान राजगढ़रेलवे स्टेशन पहुंची इस मालवाहक ट्रेन में रेलवे पटरी सहित रेल निर्माण से जुड़ी आवश्यक सामग्री लाई गई है। हालांकि फिलहाल ट्रैक अधूरा है और कई स्थानों पर काम जारी है, लेकिन पहली बार जिले में ट्रेन आने से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि यह राजगढ़ के विकास की दिशा में बड़ा कदम है। खिलचीपुर से राजगढ़ के बीच ट्रैक को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है। इसी खंड में पहले चरण में रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण प्रस्तावित है। मार्च तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी रेलवे के अधिकारियों के अनुसार मार्च माह तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी है। पहले चरण में राजगढ़-खिलचीपुर और आगे ब्यावरा तक यात्री ट्रेन चलाने की योजना है। रेल सेवा शुरू होने से राजगढ़ को भोपाल और राजस्थान से सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे व्यापार, खेती और आम लोगों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। 2026 के अंत तक पूरा होगा काम बता दें कि करीब 3050 करोड़ के रामगंज मंडी-भोपाल रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम दिसंबर-2026 तक पूरा करना है। कोटा और भोपाल रेल मंडल में आने वाले उक्त प्रोजेक्ट में कोटा मंडल ने करीब 90 फीसदी काम पूरा करा लिया है। भोपाल मंडल में भी अब तेजी से काम जारी है। पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा करने का दांवा किया जा रहा है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33वीं मौत, बुजुर्ग ने दम तोड़ा, इलाके में फैला हड़कंप

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में देर रात एक और मौत हो गई। मृतक का नाम अलगूराम यादव (70) है। उन्हें 9 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। उन्हें सांस संबंधी तकलीफ भी थी। इनके सहित अब तक इस हादसे में 33 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी।  अभी हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। दरअसल, भागीरथपुरा में एक और मौत का मामला सामने आया है। हलकूप्रसाद यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे वेंटिलेटर पर थे। इससे पहले उनकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है, जिससे शोक का माहौल है।   लोगों में डर का माहौल लगातार हो रही मौतों से क्षेत्र के लोगों में अब भी डर का माहौल है। उल्टी-दस्त से पीड़ित होने के बाद बीमारी बढ़ती है और फिर धीरे-धीरे शरीर के अंगों पर असर होना शुरू हो जाता है। पिछले दिनों हुई मौतों में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा सामने आ रही है। इसके पहले अलगूराम यादव की पत्नी की भी दूषित पानी से मौत हो चुकी है। उर्मिला यादव को भी उल्टी-दस्त की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उर्मिला यादव ने दम तोड़ा था। उनकी मौत को महीनेभर हो गए हैं। अगलूराम यादव के बेटे संजय यादव का कहना है कि पिता को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। उल्टी-दस्त के चलते अस्पताल में एडमिट किया था, जहां उनकी जान चली गई। अभी हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज एडमिट होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी। अनिता कुशवाह (65) एक माह से अधिक समय से अस्पताल में एडमिट थीं। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। बेटे नीलेश ने बताया था कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। चैंबर में ही जोड़ दी निजी ड्रेनेज लाइन वार्ड 80 के रहवासी कुछ दिनों से दूषित पानी से परेशान थे। शुरुआती 10-15 मिनट तक नर्मदा के बजाय दूषित बदबूदार पानी आता था। शिकायत की तो जांच शुरू हुई। निगम की टीम जांच करते हुए नर्मदा जल वितरण के वाल्व तक पहुंची। खोदाई की तो चौंक गए। कुछ रहवासियों ने नर्मदा के चैंबर में निजी ड्रेनेज लाइन जोड़ दी थी। पानी के लिए वाल्व खोलते ही ड्रेनेज पीने के पानी के साथ मिलकर रहवासियों के घरों तक पहुंच जाता था। निगम की टीम ने कार्रवाई कर ड्रेनेज की लाइन को अलग किया। लोगों ने की गंदगी की शिकायत निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत रंगवासा सिंदौड़ा स्थित ताप्ती परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने फेस-दो के ब्लाकों में बचे हुए काम और विद्युतीकरण के कार्य को शीघ्रता से पूरा करने का निर्देश एजेंसी को दिए। फेस-एक और तीन आवासीय इकाइयों का काम पूरा हो चुका है। यहां 1500 से ज्यादा परिवार रहते हैं। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने रहवासियों से चर्चा भी की। रहवासियों ने सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हाल) के निर्माण में देरी, साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर असंतोष जताया।  हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का दिया था आदेश 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हो रही मौतों के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शासन और नगर निगम की रिपोर्ट को ‘आई-वॉश’ करार दिया था। कोर्ट ने माना कि यह मामला गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पेयजल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का आदेश दिया था। हाईकोर्ट में ढाई घंटे सुनवाई भागीरथपुरा मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में ढाई घंटे से अधिक समय तक सुनवाई चली। सरकार की ओर से कोर्ट में 23 मौतों की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें 16 मौतें दूषित पानी से होनी बताई गई। वहीं 4 मौतों को लेकर असमंजस और 3 मौतें दूषित पानी से नहीं होना बताई गईं। मौतों के आंकड़ों पर भारी विरोधाभास हाईकोर्ट ने मौतों के आंकड़ों को लेकर गंभीर असहमति दर्ज की। जहां सरकारी रिपोर्ट में 16 मौतें जलजनित बीमारी से मानी गईं। वहीं याचिकाकर्ताओं ने करीब 30 मौतों का दावा किया। कोर्ट ने कहा था कि रिपोर्ट में मौतों के स्पष्ट कारण दर्ज नहीं हैं। पर्याप्त वैज्ञानिक और दस्तावेजी आधार का अभाव है।

रायसेन जिले में सोम डिस्टलरीज के लाइसेंस निलंबित, अवैध शराब परिवहन मामले में बड़ी कार्रवाई

रायसेन   रायसेन जिले के सेहतगंज स्थित सोम डिस्टलरीज को बुधवार रात आबकारी विभाग ने सील कर दिया। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई सोम डिस्टलरी के खिलाफ लगभग 2 साल पहले देपालपुर के मामले को लेकर की गई है। इसमें अदालत ने फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित करते हुए सील करने के आदेश दिए थे। बुधवार शाम आबकारी कमिश्नर के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी सहित भोपाल से आए कुछ अधिकारियों ने सेहतगंज स्थित फैक्ट्री पहुंचकर सील करने की कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि नकली शराब परिवहन परमिटों एवं अवैध शराब का परिवहन करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश देपालपुर ने प्रकरण 21/2021, फाइलिंग 975/2021 में 23/12/2023 को फैसला दिया था, जिसमे मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड सेहतगंज जिला रायसेन तथा मेसर्स सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड रोजराचक जिला रायसेन के प्रतिनिधि उमाशंकर शर्मा, जीडी अरोरा, दिनकर सिंह, मोहन सिंह तोमर एवं दीनानाथ सिंह डायरेक्टर, मेसर्स सोम डिस्टलरीज एण्ड ब्रेवरीज लिमिटेड, रोजराचक जिला रायसेन तथा अन्य को उक्त प्रकरण में पारित आदेश में उल्लेखित विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कारावास एवं अर्थदंड से दण्डित किया था। आरोपीगणों ने मिलकर परमिट क्रमांक 10363, ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचएफ 5185 की बिल्टी और अनेकोनेक परमिट बुक की कूट रचना की थी। इसमें मदनसिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, विरेन्द्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड़ द्वारा 279, संजय गोहे 282, कैलाश बंगाली 29, मोहन सिंह तोमर 676, उमाशंकर 75 और दिनकरसिंह द्वारा 65 फर्जी परमिट की कूटरचना कर स्वयं को अथवा मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड को लाभ पहुंचाने का काम किया गया था।

अनूपपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ से अपहृत नाबालिग को आरोपी के कब्जे से मुक्त किया, परिजनों को सौंपा

छत्तीसगढ से अपहृत कर लाई नाबालिग बालिका को कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से मुक्त कराकर परिजनों और छत्तीसगढ पुलिस को सौंपा  अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम जी एवं एसडीओपी श्री सुमित केरकेट्टा के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा छत्तीसगढ के जिला सूरजपुर से अपहृत कर लाई गई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से मुक्त कराया जाकर परिजनो को सूचना देकर छत्तीसगढ पुलिस और परिवारजन को सौंपा गया। उक्त नाबालिग बालिका की दिनांक 31.01.2026 को अपने घर से अचानक लापता हो जाने पर पुलिस चौकी लटोरी थाना जयनगर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ में धारा 137(2) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध है। दिनांक 04.02.2026 दिन बुधवार को टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन को सूचना प्राप्त हुई कि अनूपपुर नगर में एक नाबालिग बालिका के साथ संदिग्ध व्यक्ति किराये का कमरा लेने का प्रयास कर रहा है। जो उक्त सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल एक्शन लिया गया। टी. आई  कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में महिला उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, सहायक उपनिरीक्षक कमलेश तिवारी, आरक्षक अब्दुल कलीम, महिला आरक्षक अंकिता सोनी की टीम के द्वारा उक्त नाबालिग बालिका को आरोपी नवयुवक बबलू देवांगन पिता प्राचन देवांगन उम्र 19 साल निवासी सूरजपुर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ के कब्जे से पकड़ा जाकर सुरक्षित थाना लाया गया। कोतवाली पुलिस के द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस चौकी लटोरी थाना जयनगर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ से सहायक उपनिरीक्षक मानिकदास एवं नाबालिग बालिका के परिजन उपस्थित आये जिन्हें उनकी बच्ची सकुशल सौंपी जाकर पकडे गए आरोपी को भी छत्तीसगढ़ पुलिस के सुपुर्द किया गया।          पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान जी के निर्देशन में कोतवाली पुलिस की सजगता और ततपरतापूर्वक पूर्वक की गई कार्रवाई से उक्त नाबालिक बालिका अपने घर सुरक्षित पहुंच सकी।  जिसके परिवारजन द्वारा कोतवाली अनूपपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया गया है

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