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आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान युवाओं को योगी सरकार दे रही प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे 77 अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (यूपीपीसीएस) 2024 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि योगी सरकार की युवा कल्याण से जुड़ी नीति को दर्शाती है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान युवाओं को निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर दिया जा रहा है। सफल अभ्यर्थियों को बधाई समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के विजन को धरातल पर उतार रही है। यह योजना सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा की सफलता आर्थिक सीमाओं के कारण बाधित न हो। विभिन्न केंद्रों से अभ्यर्थियों की सफलता समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन, लखनऊ स्थित कोचिंग केंद्र से 40, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र से 20 तथा हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र से 17 अभ्यर्थी यूपीपीसीएस-2024 की मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण तैयारी की सुविधा योगी सरकार की यह पहल प्रदेश के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच दिलाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन व ऑफलाइन कक्षाएं, विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन, मुख्य परीक्षा केंद्रित उत्तर लेखन अभ्यास, मॉडल टेस्ट और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।

कूड़े से कमाई भी: ग्राम पंचायतों में घर-घर कूड़ा संग्रहण कर शुरू किया गया खाद उत्पादन, तीन करोड़ रुपये से अधिक की आय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गांव अब स्वच्छता और नवाचार की नई पहचान गढ़ रहे हैं। प्लास्टिक कचरे से सड़क निर्माण, घर-घर कूड़ा संग्रहण कर उससे खाद निर्माण और आय सृजन के अभिनव प्रयोगों ने प्रदेश के ग्रामीण परिदृश्य को हाईटेक बना दिया है। राजधानी लखनऊ समेत रामपुर, अमेठी, ललितपुर और एटा में प्लास्टिक कचरे से अब तक 75 किलोमीटर लंबी सड़कें तैयार की जा चुकी हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास का नया मॉडल पेश कर रही हैं।  ’वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल पर काम पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में घर-घर से कूड़ा संग्रहण शुरू कर वर्मी खाद का उत्पादन किया जा रहा है। इस पहल से अब तक 3 करोड़ रुपये से अधिक की आय सृजित हो चुकी है। वहीं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों से 29 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई की गई है। इस योजना के तहत पंचायतीराज विभाग प्रदेश में ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल पर काम कर रहा है। प्रदेश के हर गांव में किया जाएगा अभिनव प्रयोग पंचायती राज विभाग द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ गांव महाभियान के तहत कूड़े को संसाधन में बदला जा रहा है। प्लास्टिक कचरे का सदुपयोग कर सड़क निर्माण, जैविक कचरे से खाद उत्पादन और पंचायतों की आय बढ़ाने के ये प्रयोग प्रदेश के हर गांव को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इस योजना के जरिए प्रदेश के हर गांव में अभिनव प्रयोग किए जाएंगे। प्लास्टिक वेस्ट का यूटिलाइजेशन पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार, विभाग ग्राम पंचायतों को नवाचार के माध्यम से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। गांव-गांव स्वच्छता अभियान के साथ प्लास्टिक वेस्ट के यूटिलाइजेशन से न केवल पर्यावरण सुरक्षित हो रहा है, बल्कि करोड़ों रुपये की आय भी सृजित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने बैंकों से की अन्नदाता किसानों के लिए ऋण शर्तों को सरल बनाने की अपील

किसानों को अब 5 मिनट में ई-केसीसी से ऋण: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन डिजिटल गवर्नेंस से किसानों को राहत, एफपीओ, सहकारिता व एमएसएमई से मजबूत हुई उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था: सीएम योगी लघु-सीमांत किसानों को कम ब्याज पर ऋण से मिला संबल, सहकारिता के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता व जवाबदेही मुख्यमंत्री ने बैंकों से की अन्नदाता किसानों के लिए ऋण शर्तों को सरल बनाने की अपील तकनीक, ट्रेनिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए उत्तर प्रदेश अपने अनलिमिटेड पोटेंशियल को कर रहा साकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ने उत्तर प्रदेश में ऋण स्वीकृति की तस्वीर ही बदल दी है। अन्नदाता किसान जब पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ऋण लेने जाता था, तो 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज वही किसान ई-केसीसी के माध्यम से मात्र पांच मिनट में ऋण सुविधा प्राप्त कर रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए जो हमारा कृषि ऋण 3 लाख करोड़ है, यह पहले की तुलना में 13 फीसदी बढ़ा है। यही सुशासन है और इसी दिशा में हमें और मजबूती से आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज सरकार और अन्नदाता किसान मिलकर सोच रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग खेती में कैसे किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में एआई एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) को मंच पर सम्मानित भी किया। दिव्यांग और महिला नेतृत्व वाले एफपीओ बने प्रदेश के लिए रोल मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि संगोष्ठी में जो मॉडल प्रस्तुत किए गए, वे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर एफपीओ, जिसमें 1,005 सदस्य हैं, इसका जीवंत उदाहरण है। पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में, जिन्हें पहले कमजोर माना जाता था, दिव्यांगजनों ने अपनी मेहनत और क्षमता से नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह आंखें खोलने वाला काम है और इसके लिए वे सभी अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने मथुरा की 750 महिलाओं वाली सरसों उत्पादन कंपनी का उल्लेख करते हुए कहा कि मैंने स्वयं उनकी प्रदर्शनी देखी है। किस तरह मस्टर्ड ऑयल को प्रोसेसिंग से जोड़कर महिलाओं ने बेहतर मुनाफा कमाया, यह पूरे प्रदेश के लिए सीख है। सरकार इस तरह के प्रयासों को हर स्तर पर सहयोग देगी। एमएसएमई को नई जान, ओडीओपी बना यूपी की पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज सहकारिता क्षेत्र भी बदल रहा है। “सहकार से समृद्धि की ओर” के विजन के तहत डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों से सहकारी संस्थाओं में सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो विश्व बैंक के साथ एग्री-टेक के क्षेत्र में काम कर रहा है। कृषि, एमएसएमई, महिला, एग्री-टेक और युवा उद्यमिता आज सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र में माफिया हावी था। रिजर्व बैंक ने 16 जिला सरकारी बैंकों को डिफाल्टर घोषित कर बंदी का आदेश कर दिया था। आज हमारी सरकार में इन्हीं 16 में से 15 बैंक प्रॉफिट में आ चुके हैं और 16वें को भी प्रॉफिट में लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में भी एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश से बड़े पैमाने पर पलायन हो चुका था। हस्तशिल्प और निर्यात लगभग ठप थे और एमएसएमई सेक्टर बंदी की कगार पर खड़ा था। हमारी सरकार ने इसे एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) के रूप में आगे बढ़ाया। आज उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो एमएसएमई सेक्टर को ₹5 लाख का सुरक्षा बीमा दे रहा है। आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं और लगभग 3 करोड़ परिवार इसी सेक्टर पर निर्भर हैं। टेक्नोलॉजी, मार्केट, पैकेजिंग और डिजाइनिंग से जोड़कर ओडीओपी को एक ब्रांड बनाया गया है। परिणाम यह है कि प्रदेश का निर्यात ₹84 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है। प्रधानमंत्री जब विदेश जाते हैं, तो राष्ट्राध्यक्षों को ओडीओपी प्रोडक्ट्स उपहार में देते हैं। एफपीओ की मजबूती से बदली यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश के एफपीओज की ताकत को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस ट्रेड शो में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन एफपीओ और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर का रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का क्रेडिट-डेबिट रेशियो (सीडी रेशियो) 9 वर्षों में 43 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत हो गया है। लक्ष्य है कि इसी साल 31 मार्च तक इसे 62 प्रतिशत और 2026-27 में 65 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लघु और सीमांत किसानों को सशक्त करने के लिए सहकारिता के माध्यम से ठोस कदम उठाए गए हैं। पहले किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था, जिससे किसानों पर बोझ पड़ता था और बैंक भी घाटे में थे, क्योंकि उनका पैसा डूब जाता था। हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लघु र सीमांत किसानों को 5 से 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, शेष सहयोग सरकार करेगी। जब किसानों को आसान ब्याज दर और सरल किस्तों पर ऋण मिलेगा तो वे खेती में निवेश करेंगे, तकनीक अपनाएंगे और उनकी आय में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी। अनलिमिटेड पोटेंशियल को साकार कर रहा यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी देश ही नहीं, दुनिया का पहला राज्य है, जहां 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है, नहरों से सिंचाई मुफ्त है और एक लाख किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं। एक समय उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला राज्य बन चुका है। 10 वर्ष पहले देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान मात्र 8 प्रतिशत था, जबकि आज यह बढ़कर … Read more

गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी

यूपी की पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में होगी ‘मॉम-2’ की शूटिंग सेट के लिए शुरू हुई लैंड मैपिंग, 20 दिन में तैयार होगा शूटिंग सेट फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में शुरू होगी फिल्म की शूटिंग सीएम योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है इंटरनेशनल फिल्म सिटी गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश को फिल्म, ओटीटी, वेब सीरीज समेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना है सीएम योगी का विजन लखनऊ/ग्रेटर नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘इंटरनेशनल फिल्म सिटी’ ने अब जमीनी रफ्तार पकड़ ली है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही उत्तर प्रदेश की इस पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में पहली फिल्म शूटिंग के रूप में ‘मॉम-2’ का फिल्मांकन होने जा रहा है। फिल्म सिटी परिसर में शूटिंग को लेकर प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। परियोजना का निर्माण कर रहे बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप के ज्वाइंट वेंचर ‘बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्राइवेट लिमिटेड’ ने जमीन की मैपिंग का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मैपिंग पूरी होने के बाद करीब 20 दिनों के भीतर शूटिंग सेट तैयार कर लिया जाएगा, जिसके बाद फिल्म की शूटिंग शुरू होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल फिल्म सिटी प्रोजेक्ट का कार्य बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर व भूटानी ग्रुप को संयुक्त रूप से मिला है। इस कंपनी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के साथ एग्रीमेंट साइन किया है। यीडा द्वारा लेआउट प्लान को मंजूरी दिए जाने के बाद परियोजना के पहले चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्रोजेक्ट के जीएम राजीव अरोड़ा ने बताया कि शूटिंग की तैयारियों के साथ-साथ फिल्म सिटी के निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जमीन की मैपिंग पूरी होने के बाद करीब 20 दिनों के भीतर शूटिंग सेट तैयार कर लिया जाएगा, जिससे फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। इसके साथ ही फिल्म सिटी के निर्माण का कार्य भी शुरू हो जाएगा और जल्द ही सीएम योगी व पीएम मोदी के कर कमलों से इसका विधिवत शुभारंभ होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बोनी कपूर की कंपनी ने ही 2017 में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ‘मॉम’ को प्रोड्यूस किया था और अब उन्होंने इसके दूसरे पार्ट की शूटिंग को यूपी में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  इंटरनेशनल फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 में विकसित की जा रही है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को फिल्म, ओटीटी, वेब सीरीज़ समेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट विकसित हो रही यह फिल्म सिटी आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के साथ प्रदेश को एक एंटरटेनमेंट और एवियेशन हब के रूप में स्थापित करेगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म सिटी की औपचारिक शुरुआत से पहले ‘मॉम-2’ जैसी फिल्म की शूटिंग इस बात का संकेत है कि यूपी की फिल्म पॉलिसी और इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर फिल्म इंडस्ट्री का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। यह परियोजना आने वाले समय में मुंबई समेत देश के अन्य फिल्म निर्माण केंद्रों का एक सशक्त विकल्प बन सकती है।

उपलब्धता कैसे हो रही है चाइनीज मांझे की ? सीएम ने दिया पुलिस को सघन छापेमारी का निर्देश

लखनऊ.  प्रदेश में चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की चाइनीज मांझे की वजह से होने वाली मृत्यु हत्या की तरह है। इस तरह के मामलों में संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके बावजूद इसकी उपलब्धता गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिस को प्रदेशव्यापी सघन छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान चाइनीज मांझे की बिक्री ही नहीं, बल्कि भंडारण व परिवहन पर भी कठोर नजर रखी जाएगी। जन-सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: योगी सीएम योगी ने प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाकर चाइनीज मांझे की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस अभियान की प्रगति और कार्रवाई की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। चाइनीज मांझा न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, बच्चों और पशु-पक्षियों के लिए जानलेवा खतरा भी है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को इस खतरनाक मांझे से पूरी तरह मुक्त किया जाए।

प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र की तर्ज पर स्थापित होंगे केन्द्र

लखनऊ. प्रदेश में पशुपालकों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशु औषधि केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। यह केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र की तर्ज पर स्थापित होंगे। जनपद के प्रत्येक विकास खण्ड में एक पशु औषधि केन्द्र खोला जाएगा, जिससे पशुओं के उपचार  के लिए सस्ती दरों पर दवाएं सुलभ हो सकें। यह प्रपत्र होगा अनिवार्य लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि पशु औषधि केन्द्र खोलने के लिए आवेदक को फार्मासिस्ट का नाम एवं उसका वैध पंजीकरण विवरण, दुकान के लिए न्यूनतम 120 वर्ग फुट स्थान का प्रमाण पत्र तथा ड्रग सेल लाइसेंस का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ऐसे करना होगा आवेदन  पशु औषधि केन्द्र स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को 5000 रुपये शुल्क अदा करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन होगी, इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थी http://pashuaushadhi. dahd.gov.in पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पशुपालकों को उपलब्ध होंगी सस्ती दवाएं डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केन्द्र एवं सहकारी समितियों से जुड़े योग्य लाभार्थियों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। यह योजना भारत सरकार की पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के अंतर्गत संचालित की जाएगी। पशु औषधि केन्द्रों की स्थापना से पशुपालकों को समय पर सस्ती दवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पशुपालन को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा।

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन लखनऊ  गन्ना किसानों की प्रदेश के अंदर क्या स्थिति थी..वर्ष 2000 से 2017 के बीच में गन्ना किसानों को कुल ₹2,14,000 करोड़ का भुगतान हुआ है, यानी 17 वर्षों में ₹2,14,000 करोड़ का. और 2017 से लेकर 2025 के बीच में, इन 8-9 वर्षों में हम लोगों ने ₹3,00,000 करोड़ अन्नदाता किसानों के खाते में गन्ना किसानों के खाते में सीधे पैसा दिया है,17 वर्ष में जितना नहीं हुआ, उसके आधे वर्षों में उससे भी हम लोगों ने ₹86,000 करोड़ अधिक किसान के खाते में भेजे हैं.. आज एक क्विंटल का हम ₹400 अन्नदाता किसान को दे रहे हैं, गन्ना किसान को दे रहे हैं,  ये सरकार के द्वारा उठाए गए कदम हैं और इसके माध्यम से लाभान्वित होने वाले किसानों का परिणाम है.. आज यूपी इथेनॉल उत्पादन में देश के अंदर नंबर एक पर है। गन्ना उत्पादन में देश का कुल गन्ना उत्पादन का 55 फीसदी केवल यूपी कर रहा है, चीनी उत्पादन में भी देश के अंदर यूपी नंबर एक पर है..

एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य

यूपी में एक लाख ग्रामीण महिलाओं के जीवन में मिठास घोलेगा शहद सीएम योगी का मिशन विलेज: अब ग्लोबल होगा यूपी का शहद, महिलाएं लॉन्च करेंगी अपना ब्रांड, देश-दुनिया में मिलेगी पहचान एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य ‘डबल’ मुनाफा : मधुमक्खियां बढ़ाएंगी फसल की पैदावार, बदलेगी खेती किसानी की तस्वीर लखनऊ  उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को नई ताकत देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता भी बढ़ाएंगी। योजना के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार की जाएंगी। इसके तहत प्रत्येक महिला उद्यमी की आय में प्रति वर्ष एक लाख रुपये तक की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। मधुमक्खियों द्वारा परागण से गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और बागवानी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन विलेज के तहत अब यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा। महिलाएं शहद का अपना ब्रांड विकसित करेंगी और शहद व अन्य उत्पादों के विपणन से प्रदेश के आर्थिक विकास में साझीदार बनेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं का आत्मनिर्भरता का सपना साकार होगा। इस योजना के जरिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि यूपी का शहद देश-दुनिया में गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बने।

योगी सरकार ने द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृत किए 261.91 करोड़ रुपये

सीएम योगी से मिले भाकियू प्रवक्ता, जताया आभार  योगी सरकार ने द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण/विस्तारीकरण के लिए स्वीकृत किए हैं 261.91 करोड़ रुपये  भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों व चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक  लखनऊ  भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। द गंगा सहकारी चीनी मिल मोरना (मुजफ्फरनगर) के आधुनिकीकरण/विस्तारीकरण के लिए 261.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। मलिक ने कहा कि यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार के लिए आपकी अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) एवं क्षेत्र के लाखों गन्ना किसानों की ओर से आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस मिल की पेराई क्षमता को प्रथम चरण में 2500 TCD से बढ़ाकर 3500 TCD तथा भविष्य में 5000 TCD तक ले जाने की योजना और इसके लिए लगभग 262 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति देना स्पष्ट करता है कि आपकी सरकार किसानों की आय, समयबद्ध गन्ना भुगतान और आधुनिक कृषि आधारित उद्योगों के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। यह निर्णय न केवल मोरना क्षेत्र, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। इससे पेराई में तेजी आएगी, किसानों को समय पर भुगतान होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम न केवल इस मिल की उत्पादन क्षमता, दक्षता और तकनीकी स्तर को आधुनिक बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों की आय, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगा।  मलिक ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपकी दूरदर्शी सोच के कारण किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा तथा मिल की कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे तथा पर्यावरण अनुकूल तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समयबद्ध गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी मिलों का आधुनिकीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना का विकास और किसान-कल्याणकारी योजनाएं किसानों के मन में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने आशा जताई कि सीएम के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का गन्ना क्षेत्र निरंतर प्रगति करेगा।

उत्तर प्रदेश बना देश में सर्वाधिक पंजीकरण वाला राज्य, कौशल विकास में रचा नया कीर्तिमान

राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 के 40 विजेताओं का सम्मान, युवाओं के सपनों को मिली नई उड़ान योगी सरकार की पहल से युवा होंगे ग्लोबल स्किल्स के लिए तैयार, अब इंडिया स्किल्स कॉम्पीटिशन में लेंगे हिस्सा कौशल, प्रतिस्पर्धा और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम, कौशल विकास मिशन के विशेष बूट कैंप से मिलेगी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में मदद उत्तर प्रदेश बना देश में सर्वाधिक पंजीकरण वाला राज्य, कौशल विकास में रचा नया कीर्तिमान नॉर्थ रीजनल, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यूपी के युवा बढ़ाएंगे प्रदेश का गौरव लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर, रोजगारोन्मुख और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) द्वारा इंडिया स्किल्स कॉम्पीटिशन 2025-26 के अंतर्गत राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं का भव्य सम्मान समारोह बुधवार को कौशल विकास मिशन मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित किया गया। इस अवसर पर 20 विभिन्न स्किल ट्रेड्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 40 विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रत्येक स्किल ट्रेड से दो विजेताओं का सम्मान प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस समारोह में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम एवं मिशन निदेशक पुलकित खरे ने विजेताओं को सम्मानित किया। प्रत्येक स्किल ट्रेड से दो विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कौशल, समर्पण और परिश्रम से प्रदेश का नाम रोशन किया। युवाओं का कौशल निखारने को प्रतिबद्ध योगी सरकार प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने विजेता प्रतिभागियों से संवाद कर उनके प्रशिक्षण अनुभव, प्रतियोगिता यात्रा और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली तथा उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक, रोजगारोन्मुख एवं वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित होती है और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। विशेष बूट कैंप में भाग लेंगे विजेता इस अवसर पर मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता युवाओं की प्रतिभा को पहचान दिलाने का सशक्त मंच है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि चयनित सभी विजेता प्रतिभागी लखनऊ में आयोजित विशेष बूट कैंप में भाग लेंगे, जहां उन्हें विशेषज्ञों द्वारा नॉर्थ रीजनल स्किल कॉम्पीटिशन की तैयारी कराई जाएगी। अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने कहा कि कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है और मिशन गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रति दो वर्ष में होती है प्रतियोगिता उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता प्रत्येक दो वर्षों में आयोजित होती है। वर्ष 2024 में जहां कुल 7,472 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया था, वहीं वर्ष 2026 के लिए यह संख्या बढ़कर 1,09,249 हो गई है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पंजीकरण वाला राज्य बन गया है। वर्ष 2024 में प्रदेश ने 10 स्किल्स में भागीदारी की थी, जबकि इस वर्ष 20 स्किल्स में सहभागिता कर प्रदेश ने कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इसके साथ ही, जहां पूर्व में प्रतियोगिता एक ही केंद्र पर आयोजित की जाती थी, वहीं इस वर्ष लखनऊ के 11 विभिन्न केंद्रों पर 1,270 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान मिशन की गतिविधियों को जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया सेल का शुभारंभ किया गया तथा गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण को और सुदृढ़ करने हेतु नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर आन्त्रोप्रेन्योरशिप एंड स्माल बिजनेस डेवलपमेंट (NIESBUD) के साथ एमओयू का हस्तांतरण भी किया गया। इस अवसर पर इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ITOT) के निदेशक डी.के. सिंह, NIESBUD नोएडा की डायरेक्टर शिवानी डे, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह एवं डॉ. पवित्रा टंडन, डीडीयू-जीकेवाई के सीओओ आशीष कुमार सहित मिशन के अधिकारी, कर्मचारी एवं विभिन्न जनपदों से आए अधिकारी उपस्थित रहे।

UP IPS Transfer: यूपी में 24 IPS अफसरों का तबादला, गोरखपुर समेत 11 जिलों में SSP-SP हुए बदल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. जिसके तहत प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. DG, ADG, IG, DIG समेत 11 जिलों के SP/SSP का ट्रांसफ़र किया गया है. संभल की अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा को गौतमबुद्ध नगर का अपर पुलिस उपायुक्त बनाया गया है.   यूपी के जौनपुर, सहारनपुर, गोरखपुर, मेरठ के एसएसपी बदले गए वहीं अमेठी, पीलीभीत, रायबरेली, मिर्जापुर, बस्ती, खीरी के एसपी बदले गए. साल 1994 बैच के आईपीएस सुजीत पांडेय डीजी फायर बनाये गए. तो वहीं 2001 बैच के आईपीएस प्रवीण कुमार एडीजी जोन लखनऊ बनाये गए हैं. सोमेन वर्मा को अयोध्या की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें डीआईजी रेंज बनाया गया है.  जानें- किसे कहां मिली तैनाती पुलिस महानिदेशक एवं अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ सुजीत पांडे को डीजी फायर सर्विसेज बनाया गया है. जबकि प्रवीण कुमार को एडीजी लखनऊ जोन बनाकर भेजा गया है. के एस इमानुएल को पुलिस महानिरीक्षक ईओडब्ल्यू से डीजीपी के जीएसओ की जिम्मेदारी दी गई है. आईपीएस विनोद कुमार सिंह को आईजी डॉ अंबेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबाद भेजा गया है.  आईपीएस अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट की जिम्मेदारी दी गई है, राजकरण नैय्यर अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद बनाया गया है. सोमेन बर्मा को पुलिस अधीक्षक मीरजापुर से डीआईजी अयोध्या रेंज भेजा गया है. संकल्प शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं.  आईपीएस विपिन टाडा संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं. अभिषेक यादव डीआईजी एटीएस लखनऊ बनाए गए हैं, आशीष तिवारी को वरिष्ठ पुलिस महानिरीक्षक सहारनपुर से डीआईजी टेक्निकल सर्विसेज लखनऊ में तबादला किया गया है. प्रताप गोपेंद्र यादव को डीआईजी यूपी पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है. कुंवर अनुपम सिंह को एसपी जौनपुर की जिम्मेदारी दी गई है.  डॉक्टर ख्याति गर्ग को सेनानायक, 9वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद से एसपी लखीमपुर खीरी भेजा गया है. यशवीर सिंह एसपी बस्ती बनाए गए हैं. चारू निगम एसपी सुल्तानपुर बन गई हैं. अभिनंदन को एसएसपी सहारनपुर बनाया गया है. डॉक्टर कौस्तुभ को एसएसपी गोरखपुर की जिम्मेदारी दी गई है.  अविनाश पांडे को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ बनाया गया है. अपर्णा रजत कौशिक एसपी मिर्जापुर बन गई हैं. रवि कुमार को एसपी रायबरेली की जिम्मेदारी दी गई है. सुकीर्ति माधव को क्षेत्रीय अभिसूचना आगरा से एसपी पीलीभीत भेजा गया है. आईपीएस सर्वानन टी को एसपी अमेठी की जिम्मेदारी दी गई है और अनुकृति शर्मा को अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा कमिश्नरेट बनाया गया है.

किया जुलूस, जानें आरोप पुलिस ने स्कूटी से छह किमी पीछा कर सपा नेता को पकड़ा, इलाके में जुलूस, क्या हैं आरोप?

 कानपुर कानपुर में घाटमपुर थाना क्षेत्र में कई आरोपों में घिसे सपा नेता आमिर जैदी को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आमिर फरार होने लगा, लेकिन इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने स्कूटी से करीब छह किलोमीटर तक पीछा कर उसे दबोच लिया। पकड़ने के बाद सपा नेता का जुलूस भी निकाला। पुलिस के अनुसार एक युवती ने आमिर पर दुष्कर्म और धर्मांतरण के दबाव के मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2013 में पिता के निधन के बाद आमिर जैदी ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। इसके बाद वह लगातार उसके साथ गलत कार्य करता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीते वर्ष सितंबर में जब परिजनों ने उसकी शादी तय की, तो आमिर ने अपने सहयोगियों शनि उर्फ सनी अब्बास, रिजवी और राजा उर्फ अख्तर अंसारी के साथ मिलकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। आरोपी उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव भी बनाने लगा। पीड़िता के अनुसार, मना करने पर आमिर ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी फोटो और वीडियो उसके होने वाले ससुराल पक्ष को भेजने शुरू कर दिए। अक्टूबर में युवती की सगाई होने के बाद आरोपी ने उसके मंगेतर, ननद सहित अन्य परिजनों को भी धमकियां दीं। इतना ही नहीं, आरोपी ने मंगेतर को कानपुर की गल्लामंडी बुलाकर जान से मारने की धमकी भी दी। युवती की शिकायत पर पुलिस ने आमिर जैदी समेत चार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आमिर रात में बाइक से भागने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने पीछा कर उसे जहांगीराबाद गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई की सराहना पुलिस के मुताबिक, आमिर जैदी पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2020 में घाटमपुर आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाने, मारपीट, जुआ सहित अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। दुष्कर्म और धर्मांतरण के आरोप में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। विधायक सरोज कुरील ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी अपराधमुक्त समाज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यूपी में स्वास्थ्य पहल: 9.8 करोड़ बच्चों को दी जाएगी कृमि मुक्ति दवा

लखनऊ  राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। जो बच्चे इस दिन दवा का सेवन नहीं कर पाएंगे, उन्हें 13 फरवरी को मॉप-अप राउंड के तहत दवा दी जाएगी। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के महाप्रबंधक डॉ. सतीश कुमार गौतम ने बताया कि प्रदेश में लगभग 9.8 करोड़ बच्चों को कृमि मुक्ति दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान वर्ष में दो बार फरवरी और अगस्त में संचालित किया जाता है, जिसे स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस और शिक्षा विभाग के संयुक्त सहयोग से लागू किया जाएगा।  अभियान चलाया जाएगा उन्होंने बताया कि प्रदेश के 21 जनपदों के 64 चयनित ब्लॉकों, शहरी क्षेत्रों और प्लानिंग यूनिट्स में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान चलाया जाएगा। इन क्षेत्रों में कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन नहीं होगा, क्योंकि आईडीए अभियान के तहत एल्बेंडाजोल दवा पहले से ही दी जा रही है। किसी भी बच्चे को खाली पेट दवा न दी जाए एल्बेंडाजोल दवा सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को दी जाएगी। स्कूल न जाने वाले बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए दवा खिलाई जाएगी। शिक्षक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता बच्चों को अपने सामने दवा का सेवन कराना सुनिश्चित करेंगे तथा यह विशेष ध्यान रखा जाएगा कि किसी भी बच्चे को खाली पेट दवा न दी जाए। रियल-टाइम रिपोर्टिंग की जाएगी कार्यक्रम की रियल-टाइम रिपोर्टिंग की जाएगी तथा कृमि मुक्ति दिवस से जुड़ी सभी गतिविधियों को विद्यालयों द्वारा ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। दवा सेवन के बाद कुछ बच्चों में मतली, चक्कर या उल्टी जैसे हल्के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। किसी भी गंभीर या असामान्य स्थिति में आशा या एएनएम से संपर्क करें अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। आवश्यकता पड़ने पर हेल्पलाइन नंबर 104 या एम्बुलेंस सेवा 108 पर कॉल की जा सकती है।   

कोई बच्चा मजबूर नहीं: सीएम योगी दिला रहे एडमिशन, इलाज और फौरन आर्थिक सहारा

लखनऊ नर्सरी में एडमिशन कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची मासूम बच्ची की जिद हो या चॉकलेट की मांग करने वाले बच्चों की हठ। जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे उन्हीं से मिलकर सहजता से अपनी जिद मनवा लेते हैं। कहते हैं, ‘बच्चे मन के सच्चे’, वे अपने दिल की भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं, यही भाव उस समय सामने आया, जब सीएम योगी आदित्यनाथ को देखते ही एक छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया। सीएम ने भी मुस्कुराते हुए बच्ची को खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए कहा। उनका यह बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री के बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद के कई दृश्य समय-समय पर सामने आते रहते हैं। विगत सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद इन दिनों चर्चा में है। अपने एडमिशन के लिए जिद, फिर एबीसीडी व कविता सुनाकर अनाबी ने सीएम का दिल जीत लिया। मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब सुनकर खिलखिलाकर हंसना भी उनके बालप्रेम को प्रकट करता है। बच्चों से अत्यंत आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं। बीते दिनों ‘जनता दर्शन’ में दो साल की अनन्या से संवाद भी लोगों के मन को छू गया। इसी तरह 31 दिसंबर को मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों पर एफआईआर व तत्काल गिरफ्तारी भी कराई। यह मामला सीएम की जन समस्याओं के प्रति गंभीरता को प्रकट करते हुए स्पष्ट संदेश देता है कि वे कानून व्यवस्था, बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों का समाधान कराने में तनिक भी विलंब नहीं करते। कानपुर की मूक-बधिर युवती खुशी गुप्ता की कहानी भी इन दिनों हर किसी की जुबां पर है। मुख्यमंत्री से मिलने की उसकी जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अपनत्व से भाव-विभोर खुशी की ‘अनकही भावनाओं’ ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के बीच मुख्यमंत्री की ‘प्रदेश ही परिवार’ धारणा की विश्वसनीय तस्वीर पेश की। ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा, गोरखपुर की पंखुड़ी और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है। कानपुर की नन्ही मायरा ने कहा था कि मैं बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। इस पर सीएम ने तत्काल उसका प्रवेश कराने का निर्देश दिया। वाची ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं, सीएम ने उसका भी प्रवेश कराया। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराया। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए। सभी ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई, उनसे बातचीत की। सीएम ने उन्हें दुलारा और एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर अपना वात्सल्य भाव प्रकट किया। बीते सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाल प्रेम, जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

सड़कों पर 232 दिन का सफर! यूपी के इस जज़्बाती नौजवान की जिद के पीछे बड़ी वजह?

बरेली नाथनगरी बरेली का एक युवक इन दिनों आस्था, संकल्प और साहस की मिसाल बन गया है। जहां आम लोग कुछ किलोमीटर पैदल चलने में थक जाते हैं, वहीं अमित नामक यह युवा पिछले 233 दिनों से लगातार पैदल चल रहा है। केदारनाथ और बद्रीनाथ की साइकिल यात्रा पूरी करने के बाद अब वह करीब 6000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकला है। 17 जून 2025 को बरेली से शुरू हुई यह यात्रा आज भी जारी है। अमित की यात्रा सिर्फ दूरी तय करने की नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और आत्मशांति की तलाश की यात्रा है। लोग उन्हें अब “अमित बरेली वाला” नाम से जानने लगे हैं। बरेली से निकलकर अमित ने सबसे पहले नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद काशी विश्वनाथ, अयोध्या, ओंकारेश्वर, घृष्णेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, सोमनाथ और नागेश्वर जैसे देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और तीर्थस्थलों तक पैदल पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इन दिनों अमित अहमदाबाद से मेवाड़ के प्रसिद्ध तीर्थ सांवरिया सेठ के दर्शन के लिए जा रहे हैं। आगे की यात्रा में वह महाकालेश्वर उज्जैन और वृंदावन जाएंगे। इसके बाद बरेली लौटेंगे। रास्ते में जहां भी रुकते हैं, लोग उनके संकल्प से प्रभावित होकर उन्हें भोजन, ठहराने के साथ सहयोग करते हैं। सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना अमित कहते हैं कि उन्होंने यह यात्रा प्रचार या प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति कृतज्ञता और आत्मिक शांति के लिए शुरू की है। कहते हैं कि पैदल चलने से मन, शरीर और आत्मा तीनों का जुड़ाव होता है। यही कारण है कि वे बिना थके निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी वह अपनी यात्रा के अनुभव लाइव वीडियो और तस्वीरों के जरिए साझा कर रहे हैं, जिसे लोग खूब सराह रहे हैं। बरेली कॉलेज के छात्र रह चुके हैं अमित अमित बरेली के तिलक इंटर कॉलेज और बरेली कॉलेज के छात्र रह चुके हैं। उनके शिक्षक और साथी उनकी इस अनोखी यात्रा पर गर्व महसूस कर रहे हैं। शहर के लोगों में भी उत्साह है। संभव है कि घर वापसी पर उनका स्वागत समारोह भी हो।  

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