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पूजा विधानी ने प्रमोद नायक को 66 हजार से अधिक वोटों से दी मात

बिलासपुर बिलासपुर नगर निगम में पांच साल बाद भाजपा की वापसी हो गई है. विपरित परिस्थितियों के बावजूद यहां पर भाजपा प्रत्याशी पूजा विधानी ने जीत दर्ज कर ली है. उन्होंने कांग्रेस के प्रमोद नायक को 66 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी है. MA पास पूजा विधानी नगर निगम नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी की पत्नी हैं. वे 1996 से भाजपा की सक्रिय सदस्य हैं. 1998 में पहली बार पार्षद बनीं थी. महिला मोर्चा में 2 बार प्रदेश महामंत्री रही हैं. बता दें कि बिलासपुर नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला मतदान से पूर्व तक बराबरी का था, लेकिन मतदान के बाद का रुझान भाजपा के पक्ष में आया गया. बिलासपुर में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भाजपा प्रत्याशी पूजा विधानी ने जीत दर्ज की. इसके पीछे अमर अग्रवाल की कारगर रणनीति अहम वजह है. वहीं कांग्रेस को भीतरघात ने कहीं ना कहीं नुकसान पहुंचाया है. शहर के 70 वार्डों में भाजपा को 45 और कांग्रेस को 22 सीटें मिलने का अनुमान था. बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान पूजा विधानी की जाति का मामला भी उछला था. उनके जाति प्रमाण पत्र पर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई थी. निर्वाचन आयोग ने आपत्ति को स्वीकार करते हुए पूजा विधानी को शाम पांच बजे तक संबंधित दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया था. भाजपा प्रत्याशी पूजा विधानी के नामांकन दाखिल करने के बाद कांग्रेस ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर पूजा विधानी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर सवाल उठाए थे. वहीं प्रशासन पर बीजेपी प्रत्याशी का प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए इस पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही थी. वहीं पूजा विधानी ने जाति पर उठाई गई आपत्ति को निराधार बताते हुए कहा था कि मैं उड़िया-तेलगु हूं. मेरा बिलासपुर में जन्म हुआ है, मेरी शिक्षा यहीं की है. मेरा जाति प्रमाण पत्र 1995 का बना हुआ है, उसमें एसडीएम का अनुमोदन भी है. पूजा विधानी ने इसके साथ कहा था कि कांग्रेस डरी हुई है, जिसकी वजह से इस तरह के हथकंडे अपना रही है. चुनाव समर में उतरे हैं तो मेहनत के साथ, जनता के मुद्दों के साथ मुकाबला करना चाहिए. कांग्रेस ने मुझे और अशोक विधानी को हीरो-हीरोइन बना दिया है.

महासमुंद में 25 साल बाद बेटे ने लिया पिता की हार का बदला

महासमुंद प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के परिणाम आज घोषित हो रहे हैं. नतीजे पूरी तरह से भगवामय नजर आ रहे हैं. इस बीच ऐसा भी नतीजा देखने को मिला, जिसने सबसे ज्यादा चौंकाया है. एक ओर जहां निकायों में भाजपा का कब्जा नजर आ रहा है. वहीं दूसरी तरफ महासमुंद नगर पालिका में बीजेपी के पूर्व विधायक विमल चोपड़ा को हार का सामना करना पड़ा है. कांग्रेस प्रत्याशी निखिल कांत साहू ने चुनावी मैदान में विमल चोपड़ा को पटखनी दी है. सन 2000 में डॉ विमल चोपड़ा ने निखिल कान्त साहू के पिता मनोज कान्त साहू को एक हजार वोटों से शिकस्त देकर पहली बार चुनाव जीता था. उसी कांग्रेस नेता के बेटे निखिल कांत साहू ने करीब 3500 वोटों से चुनाव जीतकर अपने पिता मनोज की हार का बदला ले लिया है. डॉ विमल चोपड़ा के सियासी सफर की बात करें तो उन्होंने सन 2000 में बीजेपी की टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था, जिसमें जीत मिली थी. फिर 2005 में बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत गए इसके बाद 2014 में निर्दलीय विधायक के रूप में महासमुंद विधानसभा चुनाव जीते. अब बीजेपी ने फिर से उन्हें 2025 में नगर पालिका अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया था, जिसके उनको हार का सामना पड़ा है. कांग्रेस प्रत्याशी निखिल कांत साहू ने 3554 वोट से हराया है. बता दें कि महासमुंद नगर पालिका परिषद क्षेत्र ने 47178 मतदाता है. जिनमें से 24915 महिला मतदाता है और 22254 पुरुष मतदाता के अलावा 9 तृतीय लिंग के मतदाता है. महासमुंद नगर पालिका परिषद में 30 वार्डों में भाजपा कांग्रेस आम आदमी पार्टी और निर्दलीय के रूप में 100 से अधिक उम्मीदवारों ने पार्षद पद के लिए अपना भाग्य आजमाया. वहीं नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिए 5 प्रत्याशी मैदान में थे.

रायपुर में 15 साल बाद ढहा कांग्रेस का किला, 10 के 10 नगर निगम में भाजपा का कब्जा

रायपुर छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने जीत का परचम लहराया है. 10 के 10 नगर निगमों में भाजपा ने कांग्रेस को मात देकर महापौर की कुर्सी पर कब्जा किया है. रायपुर में 15 साल बाद कांग्रेस का किला ढहा दिया गया है. यहां बीजेपी महापौर प्रत्याशी मीनल चौबे ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की है. उन्होंने करीब एक लाख 46 हजार वोट से कांग्रेस प्रत्याशी दीप्ति दुबे को मात दी है. बता दें कि 11 फरवरी को 10 नगर निगमों में वोटिंग हुई थी. इनमें अंबिकापुर, कोरबा, चिरमिरी, जगदलपुर, दुर्ग, धमतरी, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और रायपुर नगर निगम शामिल हैं. इस चुनाव में महापौर के 79 प्रत्याशी मैदान पर थे. जानिए कहां-कौन कितने वोट से जीते रायपुर नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – दीप्ति दुबे भाजपा महापौर प्रत्याशी – मीनल चौबे कौन कितने वोट से आगे – एक लाख 46 हजार वोट से भाजपा की जीत दुर्ग नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – प्रेमलता साहू भाजपा महापौर प्रत्याशी – अल्का बाघमार रिजल्ट – 67 हजार वोट से भाजपा की जीत कोरबा नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – उषा तिवारी भाजपा महापौर प्रत्याशी – संजू देवी रिजल्ट – 52,000 वोट से भाजपा की जीत अंबिकापुर नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – अजय तिर्की भाजपा महापौर प्रत्याशी – मंजूषा भगत रिजल्ट – 11,063 वोट से भाजपा की जीत बिलासपुर नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – प्रमोद नायक भाजपा महापौर प्रत्याशी – पूजा विधानी कौन कितने वोट से आगे – 66,179 वोट से भाजपा की जीत राजनांदगांव नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – निखिल द्विवेदी भाजपा महापौर प्रत्याशी – मधुसूदन यादव कौन कितने वोट से आगे – 41 हजार से अधिक मतों से भाजपा की जीत रायगढ़ नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – जानकी काटजू भाजपा महापौर प्रत्याशी – जीववर्धन चौहान रिजल्ट – 34365 वोट से भाजपा की जीत जगदलपुर नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – मककीत सिंह गैदू भाजपा महापौर प्रत्याशी – संजय पांडेय रिजल्ट – 8772 वोट से भाजपा की जीत चिरमिरी नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – विनय जायसवाल भाजपा महापौर प्रत्याशी – रामनरेश राय रिजल्ट – 4000 वोट से भाजपा की जीत धमतरी नगर निगम भाजपा महापौर प्रत्याशी – जगदीश रामू रोहरा रिजल्ट – 34085 वोट से भाजपा की जीत  

मंडला में EOW की बड़ी कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति के मामले में नगर परिषद कर्मचारी के घर छापा

मंडला मध्य प्रदेश के मंडला में जबलपुर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने शनिवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की। टीम ने नगर परिषद बिछिया के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शिव झरिया के घर पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई। EOW की टीम महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर रही है और घर में मौजूद कारों सहित अन्य संपत्तियों का भी मूल्यांकन कर रही है। जांच में सामने आया कि शिव झरिया शिवंशी इंडिया निधि लिमिटेड बैंक का भी संचालन करते हैं। शिवकुमार झरिया पूर्व में मंडला जिले के मोहगांव जनपद (मनरेगा) में कैशियर थे। वहां आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों के बीच उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। जांच में करीब 37 लाख रुपयों का गबन भी सामने आया। जिसकी बिछिया थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में शिवकुमार झरिया सह आरोपी हैं और वर्तमान में जमानत पर हैं।

भूपेश बघेल का गढ़ माना जाता है पाटन, बीजेपी ने कांग्रेस उम्मीदवार को चुनाव हारा दिया, अमलेश्वर में भी कांग्रेस की हार हुई

दुर्ग  छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनावों के रिजल्ट आज घोषित हो रहे हैं। दुर्ग नगर निगम में बीजेपी बड़ी जीत की तरफ आगे बढ़ रही है। वहीं, पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बड़ा झटका लगा है। भूपेश बघेल की नगर पंचायत पाटन में कांग्रेस उम्मीदवार की हार हुई है। भूपेश बघेल, दुर्ग जिले की पाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं। ऐसे यहां कांग्रेस की हार के बाद एक बार फिर से संगठन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पाटन नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी योगेश निक्की भाले ने 601 वोटों से जीत दर्ज की है। कांग्रेस की हार की वजह आपसी गुटबाजी और बागी उम्मीदवारों का चुनाव मैदान में उतरना बताया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ अमलेश्वर नगर पंचायत में भी बीजेपी को जीत मिली है। अमलेश्वर नगर पंचायत में पहली बार चुनाव हुए थे। इससे पहले यह ग्राम पंचायत थी। भूपेश बघेल के कार्यकाल में ही अमलेश्वर को नगर पंचायत घोषित किया गया था। भूपेश बघेल को झटका पाटन नगर पंचायत में कांग्रेस की हार पूर्व सीएम भूपेश बघेल के लिए बड़ा झटका है। यहां कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं ने चुनाव प्रचार किया था। पाटन नगर पंचायत में बीजेपी की जीत से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। यहां जीत का जश्न मनाया जा रहा है। अमलेश्वर में भी बीजेपी जीती अमलेश्वर नगर पंचायत में भी बीजेपी ने जीत दर्ज की है। अमलेश्वर नगर पंचायत भी पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यहां से बीजेपी उम्मीदवार दयानंद सोनकर 319 मतों से अपना चुनाव जीत गए हैं। वहीं, नगर निगम की बात करें तो बीजेपी सभी 10 नगर निगम में बड़ी बढ़त के साथ आगे चल रह है। महासचिव बने हैं भूपेश बघेल नगरीय निकाय चुनाव के रिजल्ट के एक दिन पहले ही कांग्रेस ने भूपेश बघेल को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। भूपेश बघेल को कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव घोषित किया गया है। भूपेश बघेल को पंजाब राज्य का प्रभार भी सौंपा गया है।

अंबिकापुर नगर निगम चुनाव में भाजपा की मंजूषा ने जीता महापौर का चुनाव

अंबिकापुर  उत्तर छत्तीसगढ़ के अहम नगरीय निकायों में से एक अंबिकापुर नगर निगम में डॉ. अजय तिर्की का तिलस्म टूट गया है. दो बार महापौर रह चुके कांग्रेस के डॉ. तिर्की पर भाजपा की मंजूषा भगत ने 10 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से महापौर पद का चुनाव जीता. अंबिकापुर नगर निगम चुनाव में महापौर पद के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर डॉ. अजय तिर्की पर भरोसा जताया था. लगातार दो बार से अंबिकापुर के महापौर रह चुके आर्थोपेडिक डॉक्टर अजय तिर्की में कांग्रेस के इतर खुद का अपना एक मुकाम है. इसके साथ पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की भी क्षेत्र में पकड़ है. यही वजह है कि छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के लिए महापौर की एक सीट कम से कम पक्की मानी जा रही थी, लेकिन पहले भी महापौर चुनाव में शिकस्त खा चुकी मंजूषा भगत ने इस बार पार्टी के साथ पूरा जोर लगाया और आखिरकार 10 हजार पांच सौ मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की. बात करें अंबिकापुर नगर निगम में पार्षद चुनाव की तो पूरे प्रदेश की तस्वीर यहां भी झलक रही है. भाजपा के 31 पार्षद प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, वहीं कांग्रेस के 15 प्रत्याशी जीत हासिल करने में कामयाब रहे. वहीं दो निर्दलीय पार्षद प्रत्याशियों ने भी जीत हासिल कर अपनी पहचान बनाई है.

बीजेपी की प्रचंड पर कार्यकर्ताओं के साथ जमकर थिरके डिप्टी सीएम अरुण साव

मुंगेली प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतगणना जारी है. जिसमें कई निकायों भाजपा ने जीत दर्ज कर ली है. वहीं कई जगहों पर बीजेपी लीड बनाए हुए है. इसके अलावा सभी 10 नगर निगमों में भी कमल खिल गया है. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड विजय पर लोरमी भाजपा इकाई जश्न में डूब गई है. साथ ही इस जश्न में प्रदेश के डिप्टी सीएम और लोरमी से विधायक अरुण साव भी कार्यकर्ताओं संग जमकर थिरक रहे हैं. मुंगेली जिले के लोरमी नगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष प्रत्याशी सुजीत वर्मा ने परचम लहराया है. प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव इस चुनाव में लगातार प्रचार प्रसार करते नजर आए थे. जहां भाजपा के अध्यक्ष प्रत्याशी सुजीत वर्मा 2456 मतों से जीत दर्ज कर ली है. तो वहीं कांग्रेस के अनिल दास को हार का सामना करना पड़ा है. मुंगेली जिले के लोरमी नगर पंचायत को अरुण साव के डिप्टी सीएम बनने के बाद नगर पालिका का दर्जा मिला है. जहां पहले 15 वार्ड में नगर पंचायत में चुनाव होता था. लेकिन इस बार नगर पालिका क्षेत्र में कुल 18 वार्डों में चुनाव हुआ है. यहां पर 11 पार्षद भाजपा के, एक निर्दलीय सहित 6 कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है. जिनमें 2 भाजपा के पार्षद प्रत्याशी मतदान के पहले ही निर्विरोध चुने गए हैं. वहीं सुजीत वर्मा की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है. लोरमी में भाजपा जीत का जश्न मना रही है. 49 नगर पालिका परिषदों में अध्यक्ष और पार्षदों के लिए हुआ चुनाव 49 नगर पालिका परिषदों में अध्यक्ष और पार्षदों का निर्वाचन किया गया, जिनमें बीजापुर, किरंदुल, बड़ी-बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोण्डागांव, कांकेर, नारायणपुर, कवर्धा, पंडरिया, कुम्हारी, अहिवारा, अमलेश्वर, दल्लीराजहरा, बालोद, बेमेतरा, डोंगरगढ़, महासमुंद, बागबाहरा, सरायपाली, तिल्दा-नेवरा, गोबरणवापारा, आरंग, अभनपुर, मंदिर हसौद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, सिमगा, तखतपुर, रतनपुर, बोदरी, गौरेला, पेण्ड्रा, मुंगेली, लोरमी, खरसिया, जांजगीर-नैला, चांपा, अकलतरा, सक्ती, दीपिका, कटघोरा, बांकी-मोंगरा, बलरामपुर, रामानुजगंज, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़ और जशपुरनगर शामिल हैं.

नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा का बेहतर प्रदर्शन, दर्ज की बड़ी जीत

रायपुर विष्णु के सुशासन पर जनता की मुहर लगी है. नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने अब तक सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की है. दस नगर निगमों में हुए चुनाव में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया है. वहीं नगर पालिका और नगर पंचायतों में भाजपा का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी रहा है. भाजपा की इस बड़ी जीत का श्रेय सूबे के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व को दिया जा रहा है. विष्णुदेव साय ने ज्यादातर निकायों में रोड शो कर भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में जनता का समर्थन मांगा था. इससे पहले लोकसभा चुनाव में भी विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए राज्य की 11 में से 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी. रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर हुए उप चुनाव में ऐतिहासिक बढ़त के साथ भाजपा के प्रत्याशी को जीत मिली थी. संगठन से जुड़े आला नेता कहते हैं कि विष्णुदेव साय का सौम्य चेहरा, मोदी की गारंटी पर जनता का भरोसा और राज्य में सुशासन की बयान की वजह से जनता का समर्थन भाजपा को लगातार मिल रहा है.  नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की जीत के बड़े कारण विष्णु के नेतृत्व में जनता का भरोसा     2023 के विधानसभा चुनाव के बाद विष्णुदेव साय सूबे की सरकार के मुखिया बने थे.     दीर्घ राजनीतिक अनुभव, सौम्य और सरल चेहरा और कुशल प्रशासनिक नेतृत्व के बूते जनता की उम्मीदों पर खरा उतरे. विष्णु के सुशासन और ठोस निर्णयों ने जीता जनता का भरोसा     सरकार की बागडोर संभालने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने स्वभाव के विपरीत जाकर कई कड़े फैसले लिए.     पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच, सीजीएमएससी घोटाले की ईओडब्ल्यू-एसीबी में एफआईआर, कोयला-शराब-महादेव एप जैसे घोटाले पर बरती गई सख्ती ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का काम किया.     महतारी वंदन, दो साल का बकाया बोनस, धान का समर्थन मूल्य, नई उद्योग नीति, पीएम आवास, छात्रों को ब्याज मुक्त कर्ज, रामलला दर्शन योजना जैसी योजनाओं के बूते सुशासन की नींव मजबूत की. मुख्यमंत्री ने अपनी कार्यकुशलता से सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल स्थापित करने में सफलता प्राप्त की.       मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने कुशल नेतृत्व के बूते सरकार और संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत की.     सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाकर नेतृत्व को एक नई दिशा दी. बीजेपी ने स्थानीय निकायों में दिए बेहतर प्रत्याशी     भाजपा ने नगरीय निकाय चुनाव में जिताऊ चेहरे ही मैदान में उतारे. रायगढ़ जैसी सीट पर एक चाय वाले को टिकट देकर यह संकेत दे दिया कि यह नई भाजपा है. जहां बड़े नेताओं के पसंदीदा चेहरे ही टिकट नहीं पा सकते. आम आदमी भाजपा का चेहरो हो सकता है. प्रत्यक्ष चुनाव के बावजूद सभी बड़े निकायों में बीजेपी की बड़ी जीत     पूर्ववर्ती सरकार ने महापौर और अध्यक्षों के निर्वाचन की प्रत्यक्ष प्रणाली को बदल दिया था. साय सरकार ने प्रत्यक्ष निर्वाचन की पुरानी नीति पर अमल किया.     प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से पार्षदों की खरीद-फरोख्त की आशंका को खत्म किया.     महापौर-अध्यक्ष के प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली का फायदा भाजपा को मिला. निकायों में भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत का परचम लहराया.  

रायपुर में पूर्व मेयर एजाज ढेबर भी 1500 वोट से हारे, जीत के बाद बीजेपी में जश्न का माहौल

रायपुर छत्तीसगढ़ के 5 नगर निगम में भाजपा ने कब्जा कर लिया है। रायगढ़ में जीववर्धन चौहान ने जानकी काटजू को 36,365 वोट से हरा दिया है। राजनांदगांव में बीजेपी के मधुसूदन यादव ने निखिल द्विवेदी को हराया है। जगदलपुर में भाजपा के संजय पांडेय ने मलकीत सिंह गैदू को किया पराजित। रायपुर में पूर्व मेयर एजाज ढेबर भी 1500 वोट से पार्षद चुनाव हार गए हैं। भाजपा प्रत्याशियों की जीत के बाद बीजेपी में जश्न का माहौल है। लोरमी में भाजपा की जीत के बाद डिप्टी सीएम साव कार्यकर्ताओं संग जमकर थिरके, रायपुर में राजेश मूणत कार्यकर्ताओं संग झूमे। बता दें कि 5 निगम में बीजेपी लीड कर रही है। मंत्री श्यामबिहार जायसवाल की बहू चुनाव हार गईं हैं। कांग्रेस की रीमा ने चंपा जायसवाल को 44 वोट से हराया है। रायपुर में मीनल चौबे 1,01,439 वोट से बढ़त बनाई हुई हैं। 10 निगम, 49 पालिका और 113 नगर पंचायत में मेयर पार्षद और अध्यक्ष पदों के लिए वोटों की गिनती जारी है।   नगर निगम बीजेपी कांग्रेस कौन आगे/ जीते रायपुर मीनल चौबे दीप्ति दुबे मीनल चौबे (बीजेपी) 1,01,439 वोट से आगे दुर्ग अलका बाघमार प्रेमलता पोषण साहू अलका बाघमार (बीजेपी) 15,000 वोट से आगे राजनांदगांव मधुसूदन यादव निखिल द्विवेदी मधुसूदन यादव (बीजेपी) 43,500 वोट से जीते बिलासपुर पूजा विधानी प्रमोद नायक पूजा विधानी (बीजेपी) 20,000 वोट से आगे अंबिकापुर मंजूषा भगत अजय तिर्की मंजूषा भगत (बीजेपी) 11,063 वोट से जीतीं चिरमिरी रामनरेश राय विनय जायसवाल रामनरेश राय (बीजेपी) 4000 वोट से जीते जगदलपुर संजय पांडेय मलकीत सिंह गैदू संजय पांडेय (बीजेपी) जीते रायगढ़ जीववर्धन चौहान जानकी काटजू जीववर्धन चौहान (बीजेपी) 34,365 वोट से जीते कोरबा संजू देवी राजपूत उषा तिवारी संजू देवी राजपूत (बीजेपी) आगे धमतरी जगदीश रामू मेहरा — (कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो चुका है) बीजेपी

छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में राजनांदगांव नगर निगम से भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव चुनाव जीते

 रायपुर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं का भाजपा कार्यालय में पहुंचना शुरू हो गया है। भाजपा कार्यालय में जीत का जश्न मनाया जा रहा है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी को धन्यवाद दिया।  भाजपा के रामविचार नेताम ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत से ऐतिहासिक जीत मिली है। सभी नगर निगमों में भाजपा को जीत मिली है। साय सरकार के 13 महीने के कार्यकाल पर जनता ने मुहर लगाई है।  15 साल बाद रायपुर मेयर पद पर होगा भाजपा का कब्जा रायपुर नगर निगम के मेयर पर पर 15 साल बाद रायपुर में मेयर पद पर भाजपा का कब्जा होने जा रहा है। मतगणना में भाजपा की मीनल चौबे 1 लाख से अधिक वोटों से बड़ी जीत की ओर आगे बढ़ रही हैं। मीनल चौबे पिछले कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।  मीनल चौबे ने कहा कि घोषणा पत्र के सभी वादों को पूरा करेंगे। कांग्रेस के भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त हो चुकी थी, इसलिए जनता ने सबक सिखा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और विष्णुदेव साय के सुशासन पर जनता ने भरोसा जताया है। छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में राजनांदगांव नगर निगम से भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव चुनाव जीते छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में राजनांदगांव नगर निगम से भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव चुनाव जीत गए हैं। पूर्व में वह राजनांदगांव से सांसद और नगर निगम में महापौर रह चुके हैं। रायगढ़ नगर निगम में चाय बेचने वाले जीववर्धन चौहान बने महापौर छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम में महापौर पद के लिए चुनाव लड़ रहे जीववर्धन चौहान चुनाव जीत गए हैं। जीववर्धन चौहान चाय की दुकान चलाते हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा- रायगढ़ में भाजपा की जीत, जीववर्धन की जीत ऐतिहासिक है।  रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर पार्षद चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं। भगवती चरण वार्ड से 500 वोट से पीछे चल रहे हैं। अभी चुनाव से पहले 5 साल तक कांग्रेस से महापौर रहे हैं।  भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर जनता का धन्यवाद किया है। भाजपा को अधिकांश जगहों पर जीत मिले ही। साय सरकार के सुशासन को जनता ने स्वीकार किया है। हमने पूरी मेहनत की थी, पर जनता का समर्थन नहीं मिला : टीएस सिंहदेव अंबिकापुर नगर निगम में भाजपा की जीत पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि हमने पूरी मेहनत की थी, लेकिन जनता का समर्थन नहीं मिला। जनादेश हमे स्वीकार है। पिछले 10 साल से अंबिकापुर में कांग्रेस का कब्जा था। इस बार अंबिकापुर नगर निगम में भाजपा की महापौर प्रत्याशी मंजूषा भगत चुनाव जीते हैं। टीएस सिंहदेव ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र का विकास हो यही चाहते हैं। छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में CM साय के ‘घर’ में कांटे की टक्कर में कांग्रेस की जीत छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय के गृह जिले के कुनकुरी नगर पंचायत से कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई है। कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुई कांटे की टक्कर में कांग्रेस प्रत्याशी विनयशील की जीत हुई है। भाजपा प्रत्याशी की मांग पर दोबारा मतों की गणना की गई थी, लेकिन इसमें भी कांग्रेस प्रत्याशी की जीत रही। राजनांदगांव नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव 40 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं।

छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों के मामले में अपार संभावनाओं वाला राज्य : सचिव पी. दयानंद

छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क ब्लॉकों की नीलामी हेतु ‘प्री-बिड कॉन्फ्रेंस’ का सफल आयोजन रायपुर  संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा बस्तर के बैलाडीला क्षेत्र के लौह अयस्क ब्लॉकों की नीलामी को लेकर आज नवा रायपुर के न्यू सर्किट हाउस स्थित कन्वेंशन हॉल में ‘प्री-बिड कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया गया। इस बैठक में देशभर से आए खनन निवेशकों और बोलीदाताओं ने भाग लिया, जहां नीलामी प्रक्रिया, निवेश अवसरों, और खनिज संसाधनों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित तीन विश्व स्तरीय लौह अयस्क ब्लॉक एवं उत्तर बस्तर कांकेर के एक ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया पर चर्चा की गई। खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए और ई-नीलामी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। खनिज विभाग के सचिव  पी. दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों के मामले में अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जो उद्योग, व्यापार, और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक विकास का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम होगी, क्योंकि यहां उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क के विशाल भंडार उपलब्ध हैं। उन्होंने बोलीदाताओं को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए आश्वस्त किया कि सरकार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि बैलाडीला क्षेत्र भारत के इस्पात उद्योग की रीढ़ है और इस क्षेत्र के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार में व्यापक वृद्धि होगी। जीएसआई (GSI) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमित धारवड़कर ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे समृद्ध खनिज संपन्न राज्य है। उन्होंने कहा कि बैलाडीला से दल्लीराजहरा तक फैला लौह अयस्क क्षेत्र विश्व के महत्वपूर्ण लौह अयस्क भंडारों में गिना जाता है, जो भारत के इस्पात उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म के संचालक सुनील कुमार जैन ने नीलामी प्रक्रिया और लौह अयस्क ब्लॉकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2030 तक देश में स्टील उत्पादन बढ़ाने के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। संयुक्त संचालक एवं नोडल अधिकारी (ऑक्शन) अनुराग दीवान ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश के लिए सबसे उपयुक्त राज्यों में से एक है और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। नीलामी प्रक्रिया के तहत 27 फरवरी 2025 तक दोपहर 3 बजे तक ऑनलाइन टेंडर डॉक्युमेंट खरीदे जा सकते हैं। 28 फरवरी 2025 तक दोपहर 3 बजे तक टेंडर सबमिट करने की अंतिम तिथि है। इच्छुक बोलीदाता नवा रायपुर स्थित संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, इंद्रावती भवन, ब्लॉक-4, द्वितीय तल पर जाकर  विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्री-बिड कॉन्फ्रेंस में देशभर के खनन कंपनियों, औद्योगिक समूहों और निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छत्तीसगढ़ के बैलाडीला क्षेत्र में स्थित लौह अयस्क भंडारों की उच्च गुणवत्ता और निवेश के अनुकूल वातावरण को देखते हुए नीलामी प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक रुझान देखने को मिला। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को खनन और इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय बोले- शिक्षा और एकता से ही होता है समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खड़िया अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्धजनों और युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अगली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की वास्तविक प्रगति तब होगी जब शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक एकता को समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और एकता से ही समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने खड़िया समाज के ऐतिहासिक सफर की चर्चा करते हुए 2011 में समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने के ऐतिहासिक निर्णय को याद किया और इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत में माता सरस्वती और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद तेलंगा खड़िया के छायाचित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विधायक एवं सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक श्री भरत साय, और समाज के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। 13 महीनों में सरकार ने दिए विकास को नए आयाम मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मात्र 13 महीनों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को जमीन पर उतार दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख परिवारों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की दर ₹3,100 प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है, जिससे पिछले दो खरीफ सीजन में किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान बेचने का लाभ मिला है। इस वर्ष प्रदेश में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। वनवासी समाज के उत्थान के लिए सरकार के ठोस प्रयास मुख्यमंत्री श्री साय ने वनवासी समाज के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा कर दिया गया है, जिससे लाखों संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रत्येक वर्ष ₹10,000 की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है।       मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज की शिक्षा और समग्र विकास के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी कर रहे जनजातीय युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है। इसके अलावा, बच्चों की उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने के लिए  राज्य में 341 विद्यालयों को पीएमश्री योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जा रहा है, ताकि वे निजी स्कूलों के समान सुविधाओं का लाभ उठा सकें। जनजातीय समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा: विधायक गोमती साय विधायक  गोमती साय ने कहा कि जो समाज शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक एकता पर बल देता है, वही उन्नति करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया, जिससे हर वर्ग का समग्र विकास संभव हो सके। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने जनजातीय समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खड़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष मदन नायक, जिला संरक्षक बोध साय मांझी, जिला महामंत्री कृपाल मांझी, जिला उपाध्यक्ष  रामसागर सोरेंग और बाल कुमार प्रधान सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

कुनकुरी नगर पंचायत में कांटे के संघर्ष में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने किया कब्जा

जशपुर नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा में वर्चस्व के बीच कुनकुरी नगर पंचायत से कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई है. अध्यक्ष पद के लिए हुई कांटे की टक्कर में कांग्रेस प्रत्याशी विनयशील ने जीत हासिल की है. भाजपा प्रत्याशी की मांग पर दोबारा मतों की गणना की गई थी, लेकिन इसमें भी कांग्रेस प्रत्याशी आगे ही रहे. कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के विनयशील का मुकाबला भाजपा के सुदबल राम यादव से था. सुबह 9 बजे से शुरू हुई मतों की गणना में दोनों के बीच चले कांटे की टक्कर में आखिरकार कांग्रेस के विनयशील ने महज 81 मतों से सुदबल राम यादव को पराजित किया. इस परिणाम पर आपत्ति जताते हुए भाजपा प्रत्याशी ने रिकाउंटिंग की मांग की, जिस पर फिर से हुई मतों की गणना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत हासिल की. बात करें वार्डों की तो यहां भी भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जहां पर 15 में से आठ वार्डों में भाजपा ने तो सात वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत हासिल की.

डिप्टी CM साव के गढ़ में खिला कमल, 18 में से 11 वार्डों में भाजपा का कब्जा

मुंगेली  मुंगेली जिले के लोरमी नगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष प्रत्याशी सुजीत वर्मा ने परचम लहराया है. प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव इस चुनाव में लगातार प्रचार प्रसार करते नजर आए थे. जहां भाजपा के अध्यक्ष प्रत्याशी सुजीत वर्मा 2456 मतों से जीत दर्ज कर ली है. तो वहीं कांग्रेस के अनिल दास को हार का सामना करना पड़ा है. मुंगेली जिले के लोरमी नगर पंचायत को अरुण साव के डिप्टी सीएम बनने के बाद नगर पालिका का दर्जा मिला है. जहां पहले 15 वार्ड में नगर पंचायत में चुनाव होता था. लेकिन इस बार नगर पालिका क्षेत्र में कुल 18 वार्डों में चुनाव हुआ है. यहां पर 11 पार्षद भाजपा के, एक निर्दलीय सहित 6 कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है. जिनमें 2 भाजपा के पार्षद प्रत्याशी मतदान के पहले ही निर्विरोध चुने गए हैं. वहीं सुजीत वर्मा की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है. लोरमी में भाजपा जीत का जश्न मना रही है. 49 नगर पालिका परिषदों में अध्यक्ष और पार्षदों के लिए हुआ चुनाव 49 नगर पालिका परिषदों में अध्यक्ष और पार्षदों का निर्वाचन किया गया, जिनमें बीजापुर, किरंदुल, बड़ी-बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोण्डागांव, कांकेर, नारायणपुर, कवर्धा, पंडरिया, कुम्हारी, अहिवारा, अमलेश्वर, दल्लीराजहरा, बालोद, बेमेतरा, डोंगरगढ़, महासमुंद, बागबाहरा, सरायपाली, तिल्दा-नेवरा, गोबरणवापारा, आरंग, अभनपुर, मंदिर हसौद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, सिमगा, तखतपुर, रतनपुर, बोदरी, गौरेला, पेण्ड्रा, मुंगेली, लोरमी, खरसिया, जांजगीर-नैला, चांपा, अकलतरा, सक्ती, दीपिका, कटघोरा, बांकी-मोंगरा, बलरामपुर, रामानुजगंज, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़ और जशपुरनगर शामिल हैं.

खड़िया समाज के वार्षिक सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खड़िया अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्धजनों और युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अगली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की वास्तविक प्रगति तब होगी जब शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक एकता को समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और एकता से ही समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने खड़िया समाज के ऐतिहासिक सफर की चर्चा करते हुए 2011 में समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने के ऐतिहासिक निर्णय को याद किया और इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत में माता सरस्वती और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद तेलंगा खड़िया के छायाचित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विधायक एवं सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक भरत साय, और समाज के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। 13 महीनों में सरकार ने दिए विकास को नए आयाम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मात्र 13 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को जमीन पर उतार दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख परिवारों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की दर ₹3,100 प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है, जिससे पिछले दो खरीफ सीजन में किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान बेचने का लाभ मिला है। इस वर्ष प्रदेश में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। वनवासी समाज के उत्थान के लिए सरकार के ठोस प्रयास मुख्यमंत्री साय ने वनवासी समाज के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा कर दिया गया है, जिससे लाखों संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रत्येक वर्ष ₹10,000 की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज की शिक्षा और समग्र विकास के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी कर रहे जनजातीय युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है। इसके अलावा, बच्चों की उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने के लिए  राज्य में 341 विद्यालयों को पीएमयोजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जा रहा है, ताकि वे निजी स्कूलों के समान सुविधाओं का लाभ उठा सकें। जनजातीय समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा: विधायक श्रीमती गोमती साय विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जो समाज शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक एकता पर बल देता है, वही उन्नति करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया, जिससे हर वर्ग का समग्र विकास संभव हो सके। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने जनजातीय समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खड़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष मदन नायक, जिला संरक्षक बोध साय मांझी, जिला महामंत्री कृपाल मांझी, जिला उपाध्यक्ष रामसागर सोरेंग और बाल कुमार प्रधान सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

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