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पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: दोषियों को बख्शा नही जाएगा- मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस मयंक गुर्जर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। फारेंसिक टीम साइंटिफिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना की जांच कर रही है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पत्रकारों की स्वतंत्रता और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है।

छत्तीसगढ़ बीजेपी का अगला अध्यक्ष कौन होगा इसे लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया

रायपुर छत्तीसगढ़ बीजेपी का अगला अध्यक्ष कौन होगा इसे लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है, वहीं जिला अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति अभी बाकी है। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की है। महाराष्ट्र बीजेपी के सीनियर नेता विनोद तावडे को छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश अध्यक्ष बनने की रेस में पार्टी के कई सीनियर नेता हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी इस बार ओबीसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश बीजेपी संगठन अगले तीन से चार दिनों में सभी जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा कर सकती है। जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। हालांकि छत्तीसगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव कब होंगे इसको लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। कौन-कौन हैं दावेदार प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर बीजेपी के दावेदारों के भी नाम सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ बीजेपी में चर्चा है कि पार्टी इस बार किसी ओबीसी वर्ग के नेता को प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। साय कैबिनेट में सभी वर्गों को साधा गया है। ऐसे में प्रदेश की ओबीसी राजनीति पर फोकस करते हुए बीजेपी बड़े चेहरे पर दांव लगा सकती है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के लिए सीनियर नेताओं के नाम की चर्चा है। जिन नामों की चर्चा है उसमें पार्टी के सीनियर विधायक धरमलाल कौशिक का नाम सबसे आगे है। कौशिक पहले भी यह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं उसके साथ ही रमन सिंह की कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं। बड़ी के बड़े नेता हैं। इसके अलावा मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के भी रिपीट होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि अगर किरण सिंहदेव को रिपीट नहीं किया जाता है तो उन्हें कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। विष्णुदेव साय कैबिनेट में अभी दो विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। ऐसे में किरण सिंहदेव के नाम की अटकलें लगाई जा रही हैं। सामान्य वर्ग से शिवरतन शर्मा का भी नाम प्रदेश अध्यक्ष की रेस में है। इसके अलावा विक्रम उसेंडी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल का भी नाम शामिल है। कैबिनेट विस्तार भी है संभावित छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार की भी अटकलें हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जिस सीनियर नेता को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा। उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने की संभावना है। हालांकि कैबिनेट विस्तार को लेकर अभी तर सीएम विष्णुदेव साय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामला: प्रशासन ने ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के अवैध कब्जे पर चलाया बुलडोजर

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में अब प्रशासन ने एक्शन लिया है. मुख्य आरोपी चंद्राकर के अवैध कब्जे और प्लांट पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई हैं. बुलडोजर की कार्रवाई कर आरोपी के अवैध संपत्ति को जमींदोज कर दिया गया. बड़ी संख्या में मौके पर पुलिस फोर्स मौजूद है. बता दें कि लापता पत्रकार मुकेश चन्द्राकर का शव 2 जनवरी को  मुख्य आरोपी सुरेश चन्द्राकर के बाड़े में सेप्टिक टैंक के अंदर मिला था. पूरे मामले में अब तक 3 लोगो की गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं मुख्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है. मामलें में अबतक का अपडेट     आज सुबह पत्रकार मुकेश चंद्राकर का हत्यारा दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया. छत्तीसगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी रितेश चंद्राकर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपी से पूछताछ की जा रही है.     पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. इनमें मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के अलावा रितेश चंद्राकर और दिनेश चंद्राकर शामिल हैं. तीनों आपस में भाई हैं.     पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की खबर से स्तब्ध प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है. इसके साथ प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से उचित कार्रवाई करने की मांग की करने को कहा है.     मुकेश चंद्राकर के अंतिम संस्कार से पहले पत्रकारों के अपनी मांग को लेकर अड़े रहे. पत्रकारों की मांगों व पत्रकार मुकेश चंद्राकर को शहीद का दर्जा देने के साथ ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की बीजापुर सहित बस्तर संभाग में जितनी भी संपत्तियां है, उसे जब्त कर सरकारी संपत्ति घोषित करने, हत्याकांड में संलिप्त सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर और अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज और फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं.     पत्रकार मुकेश चंद्राकर के अंतिम यात्रा में वन मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद-महेश कश्यप ,कांग्रेस विधायक विक्रम मण्डावी समेत प्रदेश भर के पत्रकार शामिल हुए.  

केंद्रीय साहू ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में दिया बड़ा बयान, बोले- कांग्रेसियों की है अपराधियों से सांठ-गांठ

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने बड़ा बयान जारी किया है. उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों के साथ सांठ-गांठ करना, उनको बचाना, कांग्रेस की संस्कृति रही है. यह उनकी प्रवित्ति है. सरकार उस पर जांच कर रही है. कांग्रेस ने समय रहते ही नक्सलियों को कुचल दिया होता, तो नक्सली नहीं पनप सकते थे बता दें, कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने साल 2023 के अंतिम दिनों में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के खिलाफ सड़क निर्माण में करोड़ों के भ्रष्टाचार की रिपोर्ट की थी. इसके बाद 1 जनवरी को पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने अपने भाई को बताया कि ठेकेदार का भाई रितेश उन्हें लेने आ रहा है. इसके बाद से उनका मोबाइल फोन बंद आने लगा और उनका 3 जनवरी के दोपहर तक कोई पता नहीं चल सका था. इधर परिजन और पत्रकार समूह उन्हें लेकर परेशान था. वहीं पत्रकार मुकेश के आखिरी लोकेशन को ट्रैक कर जब पुलिस पहुंची तो वहां एक सेप्टिक टैंक बना हुआ था. पुलिस ने उसे तोड़वाया तो उसमें पत्रकार मुकेश की लाश मिली. इस मामले में पुलिस ने आज 4 जनवरी की सुबह मुख्य आरोपी रितेश चंद्राकर को दिल्ली से गिरफ्तार किया. पुलिस ने इस मामले में बीती रात 3 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था. रितेश समेत सभी 4 गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि इस हत्याकांड के पीछे कोई भी हो, उसे बख्सा नहीं जाएगा. सरकार उस पर जांच कर रही है. कांग्रेस ने समय रहते ही नक्सलियों को कुचल दिया होता, तो नक्सली नहीं पनप सकते थे. उन्होंने आगे कहा कि इस हत्याकांड के पीछे कोई भी हो, उसे बख्सा नहीं जाएगा. बता दें, बस्तर संभाग नक्सल घटनाओं के लिए सबसे अधिक जाना जाता है. लेकिन झीरम हत्याकांड के बाद बस्तर से यह देश दूसरी बड़ी घटना है, जो नक्सलवाद से संबंधित ना होकर भी पूरे देश को हिला कर रख दिया है. निर्भय और निडर पत्रकारों को आय दिन धमकियां मिल रही हैं. इसकी शिकायत के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती. वहीं अब एक स्वतंत्र पत्रकार की हत्या ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को हिलाकर रख दिया है.

पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की खबर से स्तब्ध प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने घटना की कड़ी निंदा की

नई दिल्ली/रायपुर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की खबर से स्तब्ध प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है. इसके साथ प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से उचित कार्रवाई करने की मांग की करने को कहा है. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने विज्ञप्ति के जरिए दिवंगत मुकेश चंद्राकर के परिवार के सदस्यों और मित्रों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि चंद्राकर ने बस्तर जंक्शन नामक एक लोकप्रिय यूट्यूब चैनल चलाया, इसके अलावा उन्होंने भ्रष्टाचार, आदिवासी अधिकारों और संघर्ष प्रभावित बस्तर में उग्रवादी हिंसा के मुद्दों पर विभिन्न मीडिया घरानों के लिए लेखन और रिपोर्टिंग भी की. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर हमले और उनकी हत्या कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिस तरह से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, वह अस्वीकार्य है और इस पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके साथ ही राज्य सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की स्थानीय पत्रकारों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर तुरंत गौर करना चाहिए. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया अगले सप्ताह की शुरुआत में क्लब परिसर में शोकसभा सह विरोध सभा आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसमें तमाम पत्रकारों, खासकर उन पत्रकारों से जो इस क्षेत्र को कवर कर रहे हैं, उनसे खासतौर पर शामिल होने की अपील की है.

आईजी बोले – ठेकेदार के मुंशी और उसके भाई रितेश ने त्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या

बीजापुर सड़क निर्माण में 120 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार उजागर करने वाले छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या कर दी गई है। मामले में बस्तर संभाग के आईजी पी सुंदरराज ने बड़ा खुलासा किया है। आईजी ने बताया कि दो लोगों ने मिलकर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की थी। ठेकेदार के मुंशी रामटेके और उसके भाई रितेश चंद्राकर ने वारदात को अंजाम दिया था। मुकेश पर स्टील रॉड से हमला किया गया था। वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। मामले में सुरेश चंद्राकर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए 11 सदस्यीय एसआईटी टीम गठित कर दी गई है। दरअसल एक जनवरी की शाम सात बजे से मुकेश लापता थे। उनका शव सेप्टिक टैंक में मिला है। ठेकेदार और उनके रिश्तेदार सुरेश चंद्राकर के बाडे़ में बने सेप्टिक टैंक से उनकी लाश निकाली गई। ‘हत्या का सरगना कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर’ छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले पर कहा कि मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में पुलिस ने कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर के रिश्तेदार रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके को हिरासत में लिया है। तत्काल कार्रवाई करते हुए इस मामले की गहनता से जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस मयंक गुर्जर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। फरार कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर को पकड़ने के लिए चार अलग-अलग टीमें अलग-अलग दिशाओं में काम कर रही हैं। हम मामले की स्पीडी ट्रायल के लिए पूरी कोशिश करेंगे। हत्या का सरगना कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर है वह कांग्रेस प्रदेश का पदाधिकारी है। 

नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, दो अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

राजिम छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है. जिले की फिंगेश्वर फिंगेश्वर पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि 2 तस्कर बाइक से नशीली दवाओं की तस्करी कर रहे हैं. मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमार कार्रवाई करते हुए तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्ज से 90 नग नशीली दवाई समेत दो पहिया जब्त कर ली है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों तस्कर ओडिशा के निवासी है. मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस नेफिंगेश्वर-महासमुन्द प्रमुख मार्ग लचकेरा ग्राम के तिराहा पर पहुंची और संदेही दोपहिया वाहन (हीरो वाहन H F 04 C G GY 9375 ) के आते ही उसे रोककर पूछताछ की और तलाशी ली. इस कार्रवाई में पुलिस ने बाइक के टूल किट बॉक्स से 9 स्ट्रिप में 90 नग नशीली दवाइयां बरामद की. पुलिस द्वारा दवाइयों के संबंध में जरूरू दस्तावेज ना मिलने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया और नशीली दवाइयों समेत बाइक को जब्त कर लिया है. गिरफ्तार तस्करों की पहचान:     परमेश्वर साहू, उम्र 22 वर्ष, मुड़ागांव, खरियारोड़, उड़ीसा निवासी     विजय साहू उम्र 19 वर्ष लालपुर निवासी.  

शैल चित्रों के रूप में हजारों सालों में मानव सभ्यता के विकास की अमिट छाप है दर्ज

शैलचित्रों की दुर्लभ श्रृंखला का गढ़   रायगढ़   हर सभ्यता वक्त की रेत पर अपने निशान छोड़ जाती है, ऐसे ही शैलचित्रों की अनोखी दुर्लभ श्रृंखला रायगढ़ की पहाडिय़ों में बिखरी हुई है, जो सदियां बीतने पर भी धूमिल नहीं हुई है और प्रागैतिहासिक काल से मानव विकास क्रम की कहानियां कह रही हैं। रायगढ़ जिले में हजारों वर्ष पुराने पाषाणकालीन समृद्ध शैलचित्रों का खजाना है, जो न केवल देश एवं प्रदेश में बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। ऐसी दुर्लभ पुरासंपदा हमारी प्राचीन सभ्यता के जीवंत अमूल्य अवशेष है। जिले में आदिम मानवों द्वारा सिंघनपुर, करमागढ़, कबरापहाड़, ओंगना, नवागढ़ पहाड़ी, बसनाझर, भैंसगढ़ी, खैरपुर, बेनिपाट, पंचभैया पहाड़, राबकोब गुफा, सारंगढ़ के सिरौलीडोंगरी जैसे अनेक स्थानों में शैलाश्रय में शैलचित्र उकेरे गए है, जिनमें पशु-पक्षी, आखेट के दृश्य, परम्परा, जीवनशैली, पर्व एवं त्यौहार का चित्रांकन दीवारों पर किया गया है। ऐसे रॉक पेंटिंग विश्व के अन्य देशों फ्रांस, स्पेन, आस्ट्रेलिया एवं मेक्सिको में भी पाये गए हैं। प्रागैतिहासिक काल में आदिम मानव इन सघन एवं दुर्गम पहाडिय़ों में गुफाओं एवं कंदराओं में निवास करते थे और यहां सभ्यता का विकास होता गया। आदिम कुशल चित्रकारों द्वारा बनाये इन शैलचित्रों में उनकी जीवनशैली एवं परिवेश की अनुगूंज सुनाई देती है, जिसकी भावनात्मक अभिव्यक्ति इन रेखाचित्रों के रूप में उभरकर सामने आती है। आदिमानव रंगों के प्रयोग से अनभिज्ञ नहीं थे। यह शैलचित्र हमारे पुरखों द्वारा दिया गया बहुमूल्य उपहार है।              हमीरपुर रोड से कुछ दूरी पर सघन वनों के बीच प्राकृतिक छटा से घिरी रमणीय करमागढ़ की पहाडिय़ों के बीच ‘उषा कोटि’ शैलाश्रय में पाषाणकालीन आदिम मानवों ने गहरे गैरिक रंग से ग्रामीण जन-जीवन को प्रदर्शित करते हुए विभिन्न पशुओं एवं सुंदर श्रृंखलाओं में ज्यामितीय आकृतियां चट्टानों मेंं अंकित किए हैं। उषा कोटि में धान की बालियां, चांद, ढेकी, हिरन, खरगोश, बारहसिंघा, कछुआ, हाथी, छिपकली, मेंढक, बैल, पेड़-पौधे, मोती की सुंदर लडिय़ों जैसी आकृतियां स्पष्ट नजर आती है। विख्यात पुरातत्वविद स्व.पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय ने इसकी तुलना अमेरिका के गुफा चित्रों से की थी। उडिय़ा संस्कृति से प्रभावित इन शैलचित्रों में घर, आंगन एवं दीवारों में पर्व के अवसर पर सजाने के लिए अल्पना सदृश्य खूबसूरत चित्र बनाये गये है। वैसे ही कमल के फूल, गेहू एवं धान की बालियां एवं तरह-तरह के अनोखी कलात्मक आकृतियां बनी हुई है। शासन के पुरातत्व विभाग द्वारा इन शैलचित्रों को संरक्षित किया जा रहा है। ग्रामीण यहां त्यौहार के अवसर पर ग्राम देवता के रूप में पूर्वजों की पूजा करने आते है।              रायगढ़ जिला मुख्यालय से 20 किलो मीटर दूर भूपदेवपुर के समीप ग्राम सिंघनपुर के समीप मैकल पर्वत श्रेणी में लगभग 2 हजार फीट की ऊंचाई पर मनोरम पहाडिय़ों के बीच जैव विविधता से परिपूर्ण सिंघनपुर की अद्वितीय गुफा है, जहां गैरिक रंग में मानव शरीर का आकार सीढ़ीनुमा सदृश, मानव आकृतियां एवं पशु-पक्षी की आकृतियां बनी हुई है। सिंघनपुर की पहाडिय़ों में तीन गुफाएं हैं, जिनमें से दो दक्षिणमुखी है एवं तीसरा पूर्वमुखी है। पूर्वमुखी गुफा जिसके बाह्य भाग में शैल चित्र है, जहां जाना भी कठिन ही है। प्रागैतिहासिक शैलाश्रय की पुष्टि 19 वीं शताब्दी के मध्य पुरातत्व अधिकारी श्री ए.सी.करलेले ने की थी। आदिम युगीन के इन शैलचित्रों को स्व.एंडरसन ने 1912 ईसवीं में पहली बार देखा था। उन्होंने 1918 में इंडियन म्यूजियम ऑफ  कलकत्ता के निदेशक श्री पर्सी ब्राउन को इसकी जानकारी दी थी, जिन्होंने अपनी पुस्तक इंडियन पेंटिंग में शैलचित्रों का जिक्र किया था। स्व.श्री एंडरसन अपने साथी श्री राबर्टसन के साथ सिंघनपुर की गुफा गए थे और यहां का अन्वेषण किया। इसी दौरान गुफा में मधुमक्खियों के काटने से राबर्टसन की मृत्यु हो गयी। उनकी स्मृति में रेलवे स्टेशन का नाम रॉबर्टसन रखा गया है। पर्सी ब्राउन के बाद कई पुरातत्वविद सर हेनरी हडवे, श्री व्ही स्मिथ, अमरनाथ दत्ता और पंडित लोचन प्रसाद पांडेय ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। सिंघनपुर की गुफा, पुरातत्वविदों के लिए जिज्ञासा एवं कौतुहल से भरी हुई है।           रायगढ़ से 15 किलो मीटर दूर लोईंग से कुछ दूर पर कबरापहाड़ में पाषाण युग के विशिष्ट शैलचित्र है। जहां गैरिक रंग में छिपकली, हिरण, जंगली भैसा, बारहसिंघा, मेंढक, कछुआ, चक्र, जंगली भैसा मानव आकृतियां एवं विभिन्न प्रकार की ज्यामितियां आकृतियां है। यहां बने चक्र की खासियत यह है कि इसमें 36 लकीर बनी हुई है। पुरातत्वविदों के अनुसार कबरा पहाडिय़ों के शैलचित्र लगभग 5000 वर्ष पुराने हैं। ग्रामवासी इन शैलचित्रों की पूजा करते है।            रायगढ़ से लगभग 70 किलोमीटर दूर धरमजयगढ़ विकासखण्ड मुख्यालय से ग्राम ओंगना 4 किलोमीटर दूर है। वहां समीप के पहाडिय़ों में शैलाश्रय में मोहक शैलचित्र बने हुए है। ओंगना के शैलचित्र मानवीय सभ्यता के क्रम को प्रगट करते है। यहां तीन मानव की आकृतियां है। सामूहिक नृत्य का चित्रांकन, बैल की आकृति, साज-सज्जा वाली मानव आकृतियां है। ग्रामीण इसे देव स्थान के रूप में मानते है।               धरमजयगढ़ से 17 किलोमीटर दूर पंचभैया पहाड़ी पर प्राचीन महत्व के शैलचित्र हैं। ऐसी किवदंति है कि प्राचीन काल में पांचों पांडवों ने यहां रूककर विश्राम किया था। पहाड़ी के कटाव पर शैलचित्र हैं, जो गेरूए रंग से बने हुए हैं। इस पहाड़ पर हाथा नामक स्थान है, जहाँ चट्टानों पर 34 पंजों के निशान मिले हैं। वन्दनखोह गुफा के शैलचित्र, घोड़ी डोंगरी पहाड़ी के शैलचित्र, सिसरिंगा के चिनिडंड पहाड़ी के शैलचित्र एवं वोडरा कछार पहाड़ी के शैलचित्र अनूठे हैं। धरमजयगढ़ की राबकोब गुफा के शैलचित्र विशेष हैं। यह स्थल धरमजयगढ़ के ग्राम पोटिया के समीप पहाड़ी की तलहटी में अवस्थित है। कार्बन डेटिंग से गुफा में निर्मित शैलचित्र 20 से 30 हजार वर्ष पुराना निर्धारित किया गया है।               रायगढ़ से दक्षिण दिशा में 8 किलोमीटर दूर ब्रम्हनीन पहाड़ी पर बसनाझर पहाड़ी के गुफाओं एवं कंदराओं में अनगिनत शैलचित्र बिखरे हुए है। स्व.श्री एंडरसन द्वारा सिंघनपुर के शैलचित्रों के खोज के बाद बसनाझर के शैलचित्र पर भी अनुसंधान किया गया। पुरातत्वविदों के अनुसार ये शैलचित्रों 10 हजार ईसा पूर्व के है। ये शैलचित्र प्रस्तर युग तथा नवीन प्रस्तर युग के है। जिनमें आखेट युग को भी दर्शित किया गया है। आदिम शैलचित्रकारों ने आखेट दृश्य को प्रस्तुत किया है। यहां हिरण मानव आकृतियां एवं खेती तथा पशुपालन, सूर्यचक्र, देव आकृति प्रदर्शित किए गए है।              … Read more

एशिया का प्रथम स्वचलित सायफन स्पिल-वे मुरूमसिल्ली बांध पर्यटन का केन्द्र

सफलता की कहानी धमतरी मुरूमसिल्ली जलाशय महानदी संकुल (काम्पलेक्स) का यह सबसे पुराना महत्वपूर्ण जलाशय हैं। मुरूमसिल्ली जलाशय महानदी की सहायक नदी सिलियारी नदी पर धमतरी जिला मुख्यालय से 28 किमी. दक्षिण में मुरूमसिल्ली गांव के पास बनाया गया हैं। इस जलाशय में अतिरिक्त जल निकास हेतु अपने आप चलने वाला विशेष एवं अद्वितीय स्पिलवे  साइफन सिस्टम का निर्माण किया गया, जो कि उस समय की गहन अध्ययन एवं रूपांकन की सूझ-बूझ दर्शाता हैं। इस तरह का स्वचालित सायफन स्पिल-वे का निर्माण एशिया का प्रथम निर्माण था। अतः आटोमेटिक स्पिल-वे सायफन का निर्माण एक विशिष्टता लिये हुये है। जिसको सिविल इंजीनियरिंग की पुस्तक ’’ऑटोमेटिक स्पिलवे सायफन ऑफ मुरूमसिल्ली डैम डिजाईन इन टेक्सट बुक इन सिविल इंजीनियरिंग (इरीगेशन इंजीनियरिंग सायफन वियर्स एंड लॉक्स राईटर बाय सर्ज लेलीयाव्स्की) में अध्ययन हेतु उल्लेखित किया गया है।   इस तरह का यह स्पिल-वे भारत वर्ष में अद्वितीय है। सायफन स्पिल-वे का रूपांकन भी उस समय की गहन अध्ययन व सूझ-बूझ दर्शाता है। बांध के बन जाने के साथ विभिन्न सायफन चलाने की व्यवस्था की गयी है। सायफन स्वतः ही चलने लगते है। मुख्य सायफन के साथ-साथ बेवी सायफन लगे हुये है, जैसे-जैसे जल स्तर बांध में बढ़ता है, वृहदस्तर बेवी सायफन चलना प्रारंभ होते है। जल स्तर बढ़ने पर बेवी सायफन प्राइमिंग कर देते है व मुख्य सायफन चलने लगते है। सन् 1978-79 में महानदी परियोजना अंतर्गत रविशंकर जलाशय के निर्माण के बाद मुरूमसिल्ली जलाशय का पूरक जलाशय के रूप में प्रयोग किया जाने लगा।

पत्रकार की हत्या का मामला : उपमुख्यमंत्री शर्मा बोले- IPS गुर्जर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय SIT का गठन

रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्या मामले में कहा कि “मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में पुलिस ने कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर के रिश्तेदार रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके हिरासत में लिया है। इस मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक IPS मयंक गुर्जर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। फरार कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर को पकड़ने के लिए 4 अलग-अलग टीमें अलग-अलग दिशाओं में काम कर रही हैं। हम मामले की स्पीड ट्रायल के लिए पूरी कोशिश करेंगे। हत्या का सरगना कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर कांग्रेस का प्रदेश का पदाधिकारी है” उपमुख्यमंत्री ने रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरोपी सुरेश चंद्राकर के बैंक खातों को सीज किया गया है और तीन बैंक खातों को होल्ड किया गया है। उनके अवैध कंस्ट्रक्शन को पर भी बुलडोजर से कार्रवाई हो रही है। उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा, चाहे वो जहां भी छिपा हो। पूरे केस में तीन से चार सप्ताह में कार्यवाही कर कोर्ट में चालान पेश कर दिया जायेगा। जांच प्रक्रिया पूरी करेंगे और आरोपी को सजा मिले ये सुनिश्चित किया जायेगा। शर्मा ने कहा कि आरोपी सुरेश चंद्राकर कांग्रेस का नेता हैं। इसे झुठलाया नहीं जा सकता। कांग्रेस के नेता पूरे मामले में संलिप्ते हैं। कांग्रेस कुछ भी कर लें। वो ये बताना चाह रहे हैं कि बीजेपी सरकार में क्राइम ज्यादा बढ़ गया है। बलौदाबाजार मामले में भी यही किया गया। कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगिड़ भी इस तरह की बातें करते दिखाई दी। सूरजपुर घटना में भी कांग्रेस नेता की मामले में संलिप्तिता रही। नवंबर में दामाखेड़ा में घटनाभी कांग्रेस नेता का नाम आया। रायपुर सेंट्रल जेल फायरिंग में भी कांग्रेस नेता का नाम आया। गायों के ऊपर फायरिंग का मामला भी इससे जुड़ा रहा। राजधानी में हवाई हवाई फायरिंग में नमाज खान जो कांग्रेस से जुड़े रहे उनका भी नाम सामने आया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के अपराध की लिस्ट गिनाते हुए कहा कि एनएसयूआई के संयुक्त महासचिव ने युवती से दुष्कर्म किया था। हर अपराध में कांग्रेस नेता का नाम आ रहा है। इससे कांग्रेस की स्थिति साफ दिख रही है। मुकेश ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला उठाया था। 24 दिसंबर को मुद्दा उठाया और उसे पर जांच कमेटी का गठन हुआ था। पीडब्ल्यूडी मंत्री इसमें जांच कर रहे हैं, जो भी केस हो विष्णुदेव सरकार आरोपियों को सजा जरूर देगी। भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जायेगा। कड़ी कार्रवाई होगी। सड़क निर्माण में 120 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार उजागर करने वाले छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या कर दी गई है। मामले में बस्तर संभाग के आईजी पी सुंदरराज ने बड़ा खुलासा किया है। आईजी ने बताया कि दो लोगों ने मिलकर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की थी। ठेकेदार के मुंशी रामटेके, उसके भाई रितेश चंद्राकर और दिनेश चंद्राकर ने वारदात को अंजाम दिया था। मुकेश पर स्टील रॉड से हमला किया गया था। वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। मामले में सुरेश चंद्राकर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए 11 सदस्यीय एसआईटी टीम गठित कर दी गई है। दरअसल, एक जनवरी की शाम सात बजे से मुकेश लापता थे। उनका शव सेप्टिक टैंक में मिला है। ठेकेदार और उनके रिश्तेदार सुरेश चंद्राकर के बाडे़ में बने सेप्टिक टैंक से उनकी लाश निकाली गई।

गंगरेल बांध मोह लेती है पर्यटकों का मन

सफलता की कहानी धमतरी छत्तीसगढ़ राज्य के बड़े बांधों में से धमतरी जिले के गंगरेल में महानदी पर बने रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध की खूबसूरती सभी को लुभाती है। इसी वजह से लाखों लोग यहां आते हैं। महानदी अत्यंत विशाल नदी है, जिसका उद्गम धमतरी जिले के सिहावा पर्वत से होता है और यह नदी अपने उद्गम के बाद उत्तर-पूर्व दिशा में प्रवाहित होती है। इस नदी पर बड़े-बड़े बांधों का निर्माण किया गया है, जिनमें से प्रमुख हैं रुद्री बांध, गंगरेल या रविशंकर बांध और उड़ीसा में निर्मित हीराकुंड बांध छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा बांध गंगरेल या रविशंकर बांध इसी नदी पर निर्मित है। यहां दर्शनीय स्थल मां अंगारमोती मंदिर के अलावा बोटिंग, मिनी गोवा, रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित गार्डन पर्यटकों का मन अपनी ओर मोह लेती है। गंगरेल डैम पर खूबसूरत हट बने हुए हैं, जाहं से बांध के पास रहने और 24 घंटे उसे निहारने का आनंद भी उठाया जा सकता है। ग्राम छाती की डिगेश्वरी साहू बताती हैं कि वे अपने परिवार के साथ गंगरेल घूमने आती रहतीं हैं। यहां का शांत वातावरण, अंगारमोती का दर्शन कर उन्हें काफी अच्छा लगता है। इसके साथ ही बोटिंग, आकर्षक गार्डन और नदी को देख मन प्रफुल्लित होने लगता है। वहीं महासमुंद जिले से गंगरेल पहुंची कुमारी मोना साहू और उनके साथियों ने गंगरेल के मनोरम वातावरण, बोटिंग, विशाल नदी और अंगारमोती मां के मंदिर की काफी प्रशंसा की।

खाद्य विभाग संचालक शुक्ला ने बिलासपुर में धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण

  बिलासपुर खाद्य विभाग संचालक जितेंद्र शुक्ला ने आज बिलासपुर जिले का दौरा कर कई धान खरीदी केंद्रों और PDS दुकानों– गोदामों में गरीबों को दिए जाने वाले चावल की उपलब्धता और गुणवत्ता का निरीक्षण किया. इस दौरान बिरकोना धान उपार्जन केन्द्र में निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि विगत वर्ष कलेक्टर द्वारा हटाए गए प्रबंधक देवारी लाल यादव, पिता कार्तिक राम यादव मौके पर उपस्थित हैं और उनके पास से 9 किसानों के टोकन मिले. इसके अलावा पूर्व में जो लिपिक पद पर कार्यरत था उसे ही वहां प्रबंधक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है. बता दें, खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 2388 क्विंटल धान (5.7 प्रतिशत) का शॉर्टेज के चलते प्रबंधक समेत वहां के सभी स्टाफ को हटाने के निर्देश दिए थे. वहीं आज निरीक्षण के दौरान प्रबंधक से इन 9 कृषकों का टोकन प्राप्त किया गया– नंद किशोर, रामधन, कृष्ण कुमार द्विवेदी, अमित द्विवेदी, ईश्वर प्रसाद बरेठ, सुशीला रूद्रकर, आनंद यादव, बहोरन पिता विजय तथा मिलिंद पिता नंदकिशोर. पूछताछ में हटाए गए प्रबंधक देवारी लाल यादव ने बताया कि वे उपरोक्त 9 किसानों के रकबे में अधिया/रेगहा का कार्य करते हैं. इसके बाद संचालक ने विभागीय कर्मचारियों को बिरकोना धान उपार्जन केन्द्र के तत्काल भौतिक सत्यापन पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं. बिरकोना धान उपार्जन केंद्र में आज उपार्जित धान की मात्रा 28,532 क्विंटल, जारी डी.ओ. की मात्रा 17,500 क्विं. एवं उपार्जन केन्द्र में उठाव का प्रतिशत 61.33 होना पाया गया है. बिरकोना से पहले खाद्य विभाग संचालक ने लिंगियाडीह और सेंदरी में भी निरीक्षण किया था. लिंगियाडीह स्थित छ०ग० स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के गोदाम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोदाम में चावल की गुणवत्ता के साथ–साथ गोदाम में संलग्न दुकान के लिए 2 महीने के लिए चावल की उपलब्धता का निरीक्षण किया. जांच में गोदाम में निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में चावल भंडारित होना पाया गया. इसके बाद उन्होंने सेन्दरी गांव में पहुंचकर धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया. जहां धान की मात्रा 39,585 क्विंटल, जारी डी०ओ० की मात्रा 22160 क्विंटल एवं उपार्जन केन्द्र में उठाव 56 प्रतिशत होना पाया गया. इस दौरान उन्होंने केन्द्र में धान विक्रय करने हेतु आये किसानों से भी बातचीत की. रैण्डम रूप से बोरो का तौल कर वजन की जांच की. इसके अलावा आर्द्रतामापी यंत्र द्वारा नमी की मात्रा की भी जांच की गई, जो कि निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया. उन्होंने केन्द्र प्रबंधक और प्रभारी को  शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप धान उपार्जन करने के निर्देश दिये.

अंबिकापुर नगर निगम चुनाव को लेकर टीएस सिंह देव ने महापौर का चेहरा बदले जाने की संभावना जताई है

अंबिकापुर अंबिकापुर के पूर्व विधायक और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने अंबिकापुर नगर निगम चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने महापौर का चेहरा बदले जाने की संभावना जताई है। एक वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि महापौर और वार्डों के लिए भी बेहतर और योग्य उम्मीदवार की तलाश की जा रही है। डॉक्टर साहब संभावित उम्मीदवार हैं। अंबिकापुर नगर निगम में पिछले 10 साल से डॉ. अजय तिर्की महापौर हैं। कांग्रेस से महापौर उम्मीदवार के लिए नया चेहरा तलाश करने, जिला से लेकर ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस नेता ने बताया कि 10 नगर निगम में चुनाव हो रहे हैं। उसके साथ नगर पालिका और नगर पंचायतों में चुनाव होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस चुनाव में ज्यादा से ज्यादा कांग्रेस के उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग के साथ-साथ राजनीतिक दल भी अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस ने अंबिकापुर नगर निगम में जीत का परचम फहरा था। इसके बाद अजय तिर्की को महापौर चुना गया था। उन्होंने भाजपा के प्रबोध मिंज को नौ वोटों से हराया था। डॉ. अजय तिर्की को 28 और प्रबोध मिंज को 19 वोट मिले थे। जबकि एक वोट रिजेक्ट हो गया था।  

रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री विजय शर्मा को सौंपा ज्ञापन, पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर की चर्चा

रायपुर बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या को लेकर रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री विजय शर्मा को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. वहीं पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की. रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव डॉक्टर वैभव शिव पांडेय ने उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में युवा पत्रकार मुकेश चन्द्राकर की बेहरमी से हत्या हुई है. हत्या की वजह मुकेश की निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता रही है. उन्होंने बीजापुर क्षेत्र में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया. इसकी कीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ी. मुकेश की मौत से देश की पत्रकारिता जगत में आक्रोश और शोक व्याप्त है. रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री को बताया कि हमारे रायपुर प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष संदीप शुक्ला को भी गरियाबंद में भ्रष्टाचार का मामला उजागर करने पर वन विभाग के अधिकारी ने जान से मारने की धमकी दी है. ऐसी ही धमकियां समय-समय पर पत्रकारों को मिलती रहती है. पूर्व और वर्तमान की घटनाओं से यह प्रतीत होता है कि पत्रकारों को धमकियां देना, मारना आसान हो गया है. इन परिस्थितियों में आपसे यह आग्रह है कि राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा को आप सुनिश्चित कराने की दिशा पर ठोस पहल करें.

जस्टिस सप्रे की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की गई समीक्षा बैठक

रायपुर,  माननीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता तथा मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की उपस्थिति में न्यू सर्किट हाउस रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य के सडक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा द्वारा समग्र सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सडक दुर्घटनाओं के कारण, नियंत्रण के उपाय-लक्ष्य, सडक सुरक्षा अंकेक्षण तथा प्रवर्तन, अंभियांत्रिकीय, शिक्षा, आकस्मिक उपचार आदि की भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी श्री सप्रे ने बैठक में ब्लैक स्पॉट्स के चिन्हाकन के पश्चात् यथा शीघ्र सुधारात्मक उपायों, घायलों की त्वरित उपचार देने, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा की समुचित जानकारी एवं नियम तोड़ने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जनसामान्य को सुरक्षा के लिए वाहन चालन के दौरान सीटबेल्ट, हेलमेट की अनिवार्यता को बढ़ावा देने को कहा। श्री सप्रे ने नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन उपचार एवं ट्रामा केयर के लिये विशेष पहल करके सड़क दुर्घटना में मृत्युदर में कमी की जा सकती है। इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय से रणनीति एवं योजना बनाकर बेहतर कार्य किया जा सकता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता सहित सचिवगण सर्वश्री एस प्रकाश, डॉ. बसव राजू, डॉ. कमलप्रीत सिंह, श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्री भीम सिंह सहित आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री के.के. पिपरे, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई श्री एम. टी अटारे, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री कुंदन कुमार उपस्थित थे।

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