LATEST NEWS

आर्थिक तंगी बनी बेबस, सरकारी योजना बनी संजीवनी – अंजलि की प्रेरक कहानी

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी चिरायु योजना (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) आज प्रदेश में उन मासूमों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रही है, जो आर्थिक अभाव और सूचना की कमी के कारण इलाज की राह देख रहे थे। बस्तर की जटिल भौगोलिक परिस्थितियों और सुदूर वनांचल ग्रामों में जहाँ शिक्षा और सुगम आवागमन आज भी एक चुनौती है, वहां यह योजना न केवल बीमारियों की पहचान कर रही है, बल्कि बच्चों को उनके स्वास्थ्य का अधिकार दिलाकर धरातल पर एक सुखद बदलाव ला रही है। विकासखंड बस्तर के ग्राम भोंड की 6 वर्षीय बालिका अंजलि कश्यप की कहानी इसी संकल्प की एक जीवंत मिसाल है, जो जन्मजात नाक के बाहरी ट्यूमर जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थी। अंजलि के परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा जब इलाज की प्रारंभिक प्रक्रिया के दौरान ही उसके पिता का निधन हो गया। इस वज्रपात के बाद शिक्षा की कमी और घर की बिगड़ती आर्थिक स्थिति ने माँ देवकी को इतना हताश कर दिया कि उन्होंने सर्जरी का विचार त्याग दिया और इलाज के लिए स्पष्ट मना कर दिया। ऐसी कठिन परिस्थिति में चिरायु टीम ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा। डॉ. गौरव चौरसिया और डॉ. रेखा जैन के नेतृत्व में समर्पित चिकित्सा दल ने बार-बार अंजलि के घर जाकर परिवार को भावनात्मक संबल दिया और बीमारी की गंभीरता समझाते हुए उन्हें उपचार के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय से न केवल निःशुल्क इलाज का भरोसा दिलाया गया, बल्कि दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद चिरायु वाहन के माध्यम से अंजलि को जिला अस्पताल महारानी जगदलपुर तक पहुँचाया गया। इस दौरान टीम ने बालिका का आयुष्मान कार्ड बनवाने में भी पूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। अंततः 12 मई 2024 को रायपुर के नवकार हॉस्पिटल में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. रमेश जैन द्वारा बालिका की सफल सर्जरी संपन्न की गई, जिससे अंजलि को एक नया चेहरा और नया जीवन प्राप्त हुआ। इस पूरी प्रक्रिया की सफलता में स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले का विशेष योगदान रहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सु रीना लक्ष्मी के सटीक समन्वय से योजना का लाभ समय पर सुनिश्चित हुआ। वहीं जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र प्रबंधक  शिवम पाराशर द्वारा केस की निरंतर मॉनिटरिंग और वाहन प्रबंधन किया गया, जबकि खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण सिंह नाग और बीपीएम  राजेन्द्र कुमार बघेल ने जमीनी स्तर की बाधाओं को दूर किया। आज अंजलि पूर्णतः स्वस्थ है और उसकी खिलखिलाती मुस्कान चिरायु योजना की सार्थकता का प्रमाण दे रही है। अंजलि की माँ और समस्त ग्रामीणों ने शासन की इस कल्याणकारी पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे बस्तर के वनांचल में उम्मीद की एक नई किरण बताया है।

घंटों का संघर्ष हुआ खत्म, हर घर नल से मुस्कुराईं फुलमत बाई

रायपुर जल जीवन मिशन से बदली फुलमत बाई की जिंदगी आदिवासी बहुल कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नवापारा की 60 वर्षीय फुलमत बाई कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझा करती थीं। घर में नल नहीं होने के कारण उन्हें प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर दूर स्थित ढोढ़ी तक जाना पड़ता था। नाले के पास बने उस अस्थायी स्रोत से बड़े बर्तन में पानी भरकर सिर पर लादकर घर लाना उनकी मजबूरी ही नहीं, बल्कि दिनचर्या बन गई थी। बरसात के दिनों में फिसलन भरे रास्तों पर जोखिम उठाकर ढोढ़ी तक पहुँचना कठिन होता था और गर्मी के मौसम में पानी का स्तर घट जाने पर समस्या और भी विकराल रूप ले लेती थी। बकरी पालन से जीवन यापन करने वाली वृद्धा इस कष्ट को वर्षों से सहती आ रही थीं। लेकिन जल जीवन मिशन के अंतर्गत उनके घर में नल कनेक्शन लगने के बाद उनका जीवन बदल गया। अब रोज सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे उनके नल से नियमित रूप से पानी उपलब्ध होता है। फुलमत बाई कहती हैं कि अब उन्हें ढोढ़ी तक नहीं जाना पड़ता, जिससे उनके समय, श्रम और स्वास्थ्य तीनों की बचत हो रही है। फुलमत बाई को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये भी प्राप्त होते हैं, जो उनके दैनिक खर्चों में बड़ी सहारा बनते हैं। सरकारी योजनाओं ने मिलकर उनके जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया है।

छत मिली तो बदली जिंदगी, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) बनी शिव शंकर के लिए वरदान

रायपुर  शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत में रहने वाले  शिव शंकर का वर्षों पुराना पक्का मकान का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दृढ़ संकल्प से पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। इसी क्रम में शिव शंकर को योजना अंतर्गत स्वीकृत आवास का लाभ प्राप्त हुआ, जिससे उनका परिवार अब सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहा है। कठिन परिस्थितियों से मिली राहत  शिव शंकर ने बताया कि पहले उनका परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहा करता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण बच्चों सहित पूरे परिवार को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते पक्का मकान बनवाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए आशा की किरण बनकर आई। हितग्राही शिव शंकर ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना के सहयोग से उन्हें पक्का घर मिला है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षा और स्थायित्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने बच्चों के साथ सुरक्षित वातावरण में सुख-चौन से रह रहे हैं और उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है। समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सीधे लाभ मिल रहा है।  

स्वावलंबन की राह पर बहनों का संगम, बस्तर के इनोवेशन ने जीता दिल

जगदलपुर बस्तर के नवाचार देख उत्साहित हुईं बिलासपुर की दीदियाँ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में आजीविका के नए आयाम गढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक से आए 50 सदस्यीय दल ने बस्तर जिले का दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आयोजित इस एक्सपोजर विजिट का मुख्य उद्देश्य बस्तर के जगदलपुर, लोहंडीगुड़ा और तोकापाल ब्लॉकों में संचालित सफल कृषि और पशुपालन मॉडल्स का गहन अध्ययन करना था। इस भ्रमण कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत जनपद पंचायत के सभागार में आयोजित एक विस्तृत तकनीकी सत्र से हुई, जहाँ पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के क्रियान्वयन, किसानों के चयन की वैज्ञानिक प्रक्रिया और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बिलासपुर से आए प्रतिभागियों, समूह सदस्यों और कार्यालय स्टाफ को उप-समिति के कार्यों के साथ-साथ आजीविका सेवा केंद्रों द्वारा महिला किसानों को दिए जा रहे तकनीकी सहयोग की जानकारी दी गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि कैसे एक व्यवस्थित कार्ययोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बना सकती है। सैद्धांतिक जानकारी प्राप्त करने के पश्चात दल ने क्षेत्र का भ्रमण कर जमीनी स्तर पर संचालित गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। सदस्यों ने विशेष रूप से ब्रुडिंग सेंटर और उन्नत मुर्गी पालन की बारीकियों को समझा, जिसमें मुर्गियों के आहार प्रबंधन से लेकर टीकाकरण की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके साथ ही दल ने क्लस्टर के भीतर मछली पालन और बकरी पालन जैसे आजीविका के पूरक माध्यमों का भी अध्ययन किया। भ्रमण के दौरान बस्तर की दीदियों द्वारा अपनाई गई उन्नत सब्जी उत्पादन तकनीक, नर्सरी प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण के तरीकों ने बिलासपुर के दल को खासा प्रभावित किया। केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि कटाई के बाद होने वाली ग्रेडिंग, पैकेजिंग और स्थानीय मंडियों के माध्यम से सीधे बाजार से जुड़कर बेहतर मूल्य प्राप्त करने की रणनीति भी साझा की गई। बस्तर की दीदियों के द्वारा बुक्स ऑफ रिकॉर्ड के सटीक संधारण और उनके आत्मविश्वास ने आगंतुक दल के भीतर एक नया उत्साह भर दिया। 24 से 25 फरवरी तक आयोजित यह दो दिवसीय दौरा न केवल ज्ञानवर्धन का माध्यम बना, बल्कि दो अलग-अलग जिलों के महिला समूहों के बीच तकनीकी कौशल और अनुभवों को साझा करने का एक सशक्त मंच भी साबित हुआ। इस पूरी यात्रा ने प्रतिभागियों को यह विश्वास दिलाया कि समेकित खेती और आधुनिक मार्केटिंग के तालमेल से ग्रामीण जीवन में आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोले जा सकते हैं।

जल सुविधा से संवर गया ठरकपुर, घर-घर नल कनेक्शन से बदला हालात

रायपुर जल जीवन मिशन से मुंगेली जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर ग्राम ठरकपुर में हर घर नल, हर घर जल का सपना साकार हुआ है। मिशन के अंतर्गत ठरकपुर में पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर को नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। इसके बाद से गांव में न केवल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि पानी की गुणवत्ता और नियमितता भी बेहतर हुई है। अब गांव के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इसने ठरकपुर की कहानी बदल गई है। कभी पेयजल संकट से जूझने वाले ठरकपुर की तस्वीर आज पूरी तरह बदल चुकी है। एक समय था जब पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी कतारें, मटकों और बाल्टियों के साथ ग्रामीणों की भीड़ तथा गर्मी के दिनों में गांव में जल संकट होता था। पहले पूरा गांव पेयजल के लिए 8 हैंडपंपों के भरोसे था। गर्मियों में जलस्तर गिरने से ये हैंडपंप अक्सर जवाब दे जाते थे, जिससे ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाने मजबूर होना पड़ता था। ठरकपुर की श्रीमती गंगा यादव बताती हैं कि पहले छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर दूर हैंडपंप से पानी लाना पड़ता था। गर्मी में बहुत परेशानी होती थी। अब घर में नल लग गया है, भरपूर पानी मिल रहा है और जीवन आसान हो गया है। नल जल योजना से महिलाओं की मेहनत और समय की बचत हो रही है, जिसे अब वे परिवार, बच्चों की देखभाल और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगा पा रही हैं, इससे वहां की महिलाओं के चेहरे में मुस्कान आई है। ठरकपुर में जल जीवन मिशन केवल पानी की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान का माध्यम बनकर आया है। स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

टेलरिंग के व्यवसाय में पूजा देवांगन को मिला मजबूत आधार

रायपुर कोरबा जिले की रहने वाली पूजा देवांगन आज आत्मनिर्भरता और नारी सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायी मिसाल बन चुकी हैं। सिलाई-कढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ने की उनकी इच्छा ने उन्हें लाईवलीहुड कॉलेज कोरबा तक पहुँचाया, जहाँ से उनके जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन की शुरुआत हुई। उन्होंने सबसे पहले टेलर दर्जी के बेसिक प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। यह उनके लिए वह पहला अवसर था, जिसने आगे उनकी प्रगति को गति दी। सात दिवस का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें चार हजार रुपये की स्टाइपेंड राशि और एक लाख रुपये तक का बिना गारंटर लोन प्राप्त हुआ, जिसके सहारे उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय के काम को आगे बढ़ाना शुरू किया। अपने कौशल को और निखारने के उद्देश्य से पूजा ने आगे एडवांस टेलर दर्जी प्रशिक्षण में प्रवेश लिया। पंद्रह दिवसीय इस प्रशिक्षण ने उन्हें आधुनिक तकनीकों, नए तरीकों से डिज़ाइन तैयार करने और उन्नत उपकरणों के उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान उन्हें प्रतिदिन पाँच सौ रुपये के मान से कुल साढ़े सात हजार रुपये स्टाइपेंड और एक हजार रुपये यात्रा भत्ता भी मिला। साथ ही उन्हें दो लाख रुपये तक का बिना गारंटर ऋण स्वीकृत होने का लाभ भी प्राप्त हुआ, जिससे उनके बढ़ते व्यवसाय को मजबूत आधार मिला। धीरे-धीरे पूजा ने अपने हुनर को कार्य में बदलना शुरू किया और घर पर ही सिलाई का काम शुरू कर दिया। उनके परिश्रम, प्रशिक्षण से मिले आत्मविश्वास और वित्तीय सहायता ने मिलकर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया। आज पूजा अपने परिवार की मजबूती का आधार हैं और अपने व्यवसाय को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनका यह सफर अनेक महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी है कि अवसर, दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो हर महिला आत्मनिर्भर बन सकती है और अपने सपनों को साकार कर सकती है।

गिधवा टैंक बना प्रवासी पक्षियों का ठिकाना, मल्लार्ड पहुंचे तो बढ़ा इलाके का गौरव

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पक्षी विहार क्षेत्र गिधवा टैंक में इस वर्ष अक्टूबर 2025 में एक खास प्रवासी मेहमान ने दस्तक दी। यह मेहमान है सुंदर और आकर्षक जलपक्षी मल्लार्ड बत्तख, जिसने पहली बार यहां अपना आगमन दर्ज कराया।        लंबी प्रवासी यात्रा पूरी कर आई यह मल्लार्ड गिधवा टैंक के शांत और स्वच्छ वातावरण में सहज रूप से बस गई। यहां उपलब्ध सुरक्षित आवास, भरपूर जल और प्राकृतिक भोजन ने उसे रुकने के लिए अनुकूल माहौल दिया। धीरे-धीरे वह अन्य स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के साथ घुल-मिल गई और क्षेत्र का हिस्सा बन गई। गिधवा टैंक अपनी समृद्ध जैव-विविधता और पक्षी प्रेमियों के लिए विशेष पहचान रखता है। मल्लार्ड के आगमन से यह क्षेत्र और भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। पक्षी प्रेमी और प्रकृति पर्यवेक्षक इस दुर्लभ अतिथि को देखने और उसके व्यवहार का अध्ययन करने के लिए उत्साहित हैं।       यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य में जलाशयों के संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयास सफल हो रहे हैं। सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलने पर प्रवासी पक्षी यहां रुकना पसंद कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभागों द्वारा निरंतर संरक्षण कार्य, जनजागरूकता और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के कारण गिधवा टैंक आज प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय बन चुका है।        मल्लार्ड का यह आगमन न केवल क्षेत्र की प्राकृतिक समृद्धि को दर्शाता है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारिस्थितिक महत्वता को भी उजागर करता है। यह कहानी बताती है कि जब संरक्षण और संवर्धन के प्रयास लगातार किए जाते हैं, तो प्रकृति भी सकारात्मक परिणाम देती है।

छोटे कारोबार से बड़ी उड़ान, बहु-व्यवसाय मॉडल से बदली जिंदगी

रायपुर बहुआयामी व्यवसाय से संवरा जीवन, रेबेका बनीं ‘लखपति दीदी’राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित एक गरीबी उन्मूलन परियोजना है। यह योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने और ग्रामीण गरीबों को संगठित करने पर केंद्रित है। इस कार्यक्रम का मूल विचार गरीबों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में संगठित करना और उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।     बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत चिलमा की  रेबेका ने आत्मविश्वास, मेहनत और समूह की ताकत से अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी है। कभी मजदूरी पर निर्भर उनका परिवार सीमित आय के कारण आर्थिक तंगी से जूझता था, लेकिन आज वही रेबेका बहुआयामी व्यवसाय के जरिए सालाना लगभग 1 लाख 71 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और क्षेत्र में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जा रही हैं।          रेबेका ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत स्वयं शक्ति महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर नई शुरुआत की। समूह के माध्यम से उन्हें नियमित बचत, आंतरिक ऋण और स्वरोजगार संबंधी प्रशिक्षण की जानकारी मिली। उन्होंने समूह से ऋण लेकर बागवानी, बकरी पालन, मुर्गी पालन, किराना दुकान संचालन तथा कृषि कार्य जैसे विविध व्यवसाय शुरू किए।         बहुआयामी आजीविका मॉडल अपनाने से उनकी आय के कई स्रोत बने, जिससे आमदनी स्थिर और सतत हुई। आय में वृद्धि के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अब वे बच्चों की शिक्षा, बेहतर पोषण और घर की आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से कर पा रही हैं।       रेबेका बताती हैं कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि आत्मविश्वास और प्रबंधन कौशल भी विकसित हुआ। आज वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

धुएँ से मुक्ति की ओर कबीरधाम: उज्ज्वला योजना 3.0 से 1339 परिवार लाभान्वित

रायपुर स्वच्छ रसोई केवल सुविधा नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और सम्मानजनक जीवनशैली की पहचान है। पारंपरिक चूल्हों के धुएँ से जूझ रही महिलाओं को राहत देने के लिए संचालित उज्ज्वला योजना 3.0 आज गरीब और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को धुएँ से मुक्ति, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित रसोई का लाभ मिल रहा है। कबीरधाम जिला में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत 1339 नए गैस कनेक्शन पात्र हितग्राहियों को प्रदान किए गए हैं। इन कनेक्शनों से उन परिवारों को सबसे अधिक राहत मिली है, जो अब तक लकड़ी, उपले या कोयले से खाना बनाने को मजबूर थे। गैस कनेक्शन मिलने से महिलाओं को धुएँ से मुक्ति मिली है और रसोई का काम भी पहले से आसान व सुरक्षित हो गया है। यह योजना प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य की रक्षा हो रही है, बल्कि महिलाओं का समय भी बच रहा है, जिसे वे अब बच्चों की पढ़ाई, स्वरोजगार या अन्य उपयोगी कार्यों में लगा पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उज्ज्वला योजना ने सामाजिक बदलाव भी लाया है। पहले जहां महिलाओं को ईंधन के लिए जंगलों में घंटों भटकना पड़ता था, वहीं अब घर बैठे सुरक्षित और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध है। इससे महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ी है और जीवन स्तर में सुधार आया है। उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत दिए गए ये नए कनेक्शन केवल गैस सिलेंडर नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और सुविधाजनक जीवन की ओर बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यह योजना वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उज्ज्वला योजना पात्रता के नए मापदंड उज्जवला योजना 3.0 के संबंध में ऐसे सभी व्यक्ति पात्रता होंगे जो 10 हजार रूपये प्रति माह से कम आय अर्जित करते हो, व्यावसायिक कर का भुगतान ना करते हो, आयकर का भुगतान ना करते हो, परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा में ना हो, पंजीकृत गैर कृषि उद्यम वाला परिवार ना हो, 50,000 रूपये से अधिक की क्रेडिट सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड धारित ना हो, एक सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि का स्वामी ना हो, दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमिस्वामी धारक ना हो, कम से कम एक सिंचाई उपकरण के साथ कम से कम 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि का स्वमी ना हो, 30 वर्ग मीटर से अधिक कारपेट एरिया (चटाई क्षेत्रफल) वाले घर का स्वामी ना हो (किसी भी सरकारी योजना से प्राप्त घर को छोड़कर), मोटर चालित 3/4 पहिया वाहन, मछली पकड़ने वाली नाव का स्वामी ना हो, यंत्रीकृत 3/4 पहिया कृषि उपकरण का स्वामी ना हो, पूर्व से एल.पी.जी. कनेक्शनधारी ना हो।

शासन की योजनाओं से बदली आर्थिक तस्वीर, बनीं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत

रायपुर शासन की महत्वाकांक्षी ग्रामीण आजीविका मिशन योजना ने आज गांव-गांव की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। ऐसी ही प्रेरक मिसाल बेमेतरा जिला की  ग्राम धोबानी खुर्द की श्रीमती प्रीति पटेल हैं, जिन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बनाई। आज वे “लखपति दीदी” के रूप में जानी जाती हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद बदली जिंदगी             श्रीमती प्रीति पटेल बताती हैं कि पूर्व में उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी और परिवार का भरण- पोषण करना कठिन हो रहा था। 01 जून 2018 को वे लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जिसके बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हुई। समूह से जुड़ने के पश्चात उन्हें सामुदायिक निवेश निधि (CIF) के रूप में 60 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसके साथ ही बैंक से ऋण लेकर उन्होंने सब्जी उत्पादन एवं बड़ी (पापड़-बड़ी) निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। नियमित आय आरंभ होने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। स्वरोजगार से बढ़ी आय, अन्य महिलाओं को भी कर रहीं प्रेरित          प्रीति पटेल ने समूह की सहायता और शासन की योजनाओं के सहयोग से सब्जी उत्पादन के साथ-साथ बकरी पालन एवं गाय पालन का कार्य भी प्रारंभ की। आज वे एक सक्रिय सदस्य के रूप में गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने और स्व-सहायता समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आत्मविश्वास के साथ आर्थिक निर्णय लेने में सक्षम हुई हैं। शासन की योजनाओं से मिला संबल              राज्य शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा लखपति दीदी अभियान के अंतर्गत महिलाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण एवं विपणन सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना तथा उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक करना है। प्रीति पटेल ने इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन की दिशा बदल दी। आवास योजना से मिला पक्का घर             प्रीति पटेल को शासन की आवास योजना का भी लाभ प्राप्त हुआ। बैंक ऋण एवं शासकीय सहायता से उन्होंने अपना पक्का घर बनवाया। वे बताती हैं कि पहले वे कच्चे मकान में रहती थीं, किंतु आज उनके पास स्वयं का पक्का घर है। यह परिवर्तन उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में वृद्धि का प्रतीक है। महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल              प्रीति पटेल की सफलता यह दर्शाती है कि यदि महिलाएं संगठित होकर स्व-सहायता समूह से जुड़ें और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं, तो वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उनकी यह यात्रा ग्रामीण महिलाओं के लिए आशा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की प्रेरक स्रोत है।

उन्नत तकनीक से खेती कर किसान चिंतामणी ने बढ़ाई अपनी आमदनी

रायपुर  रायपुर : ग्राफ्टेड बैगन से 16 लाख रूपए की आमदनी किसान वैज्ञानिक पद्धति, उन्नत बीज और सही मार्गदर्शन के साथ खेती करें, तो कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम करही के किसान चिंतामणि बंजारे ने नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया है। उन्होंने परंपरागत सब्जी खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 10 एकड़ क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर लगभग 1100 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस उत्पादन से उन्हें करीब 16 लाख रुपये की आमदनी हुई है।   कृषक चिंतामणी ने बताया कि सामान्य फसल की तुलना में ग्राफ्टेड बैगन में लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि उत्पादन अधिक मिलता है, परिणामस्वरूप आय दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। ग्राफ्टेड बैंगन की विशेषता इसकी मजबूत जड़ प्रणाली, रोग प्रतिरोधक क्षमता और अधिक उत्पादन है। पहले वे सामान्य सब्जियों की खेती करते थे, जिसमें लाभ सीमित और जोखिम अधिक था। किंतु उद्यान विभाग के प्रोत्साहन, तकनीकी सलाह और उन्नत पौध सामग्री के उपयोग ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी। उचित सिंचाई प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और नियमित देखभाल से फसल की गुणवत्ता बेहतर रही, जिससे बाजार में उन्हें अच्छा मूल्य प्राप्त हुआ। आज वे आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी उन्नत तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती ने उनके परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव में आधुनिक कृषि की नई सोच को भी प्रोत्साहित किया है।

इतिहास, शिल्पकला और रहस्य का अद्भुत संगम

रायपुर जांजगीर का रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर छत्तीसगढ़ के जांजगीर नगर में स्थित विष्णु मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से ‘नकटा मंदिर’ भी कहा जाता है, प्रदेश की महत्वपूर्ण पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में गिना जाता है। महानदी अंचल की ऐतिहासिक भूमि पर निर्मित यह मंदिर अपनी अधूरी संरचना के कारण सदियों से जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कलचुरी काल की स्थापत्य विरासत इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी में कलचुरी शासकों के काल में प्रारंभ हुआ था। उस समय छत्तीसगढ़ क्षेत्र कला, स्थापत्य और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। मंदिर की संरचना नागर शैली में निर्मित है, जिसमें ऊँचा शिखर, अलंकृत गर्भगृह तथा सुसज्जित मंडप की परिकल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हालांकि निर्माण कार्य किसी अज्ञात कारण से अधूरा रह गया, किंतु जो संरचना आज विद्यमान है, वह उस युग की समृद्ध कला और स्थापत्य कौशल का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करती है। अद्वितीय शिल्पकला और सूक्ष्म नक्काशी मंदिर की दीवारों, स्तंभों और आधार भागों पर की गई बारीक नक्काशी अत्यंत आकर्षक है। इनमें विभिन्न पौराणिक प्रसंग, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ, गंधर्व, अप्सराएँ और अलंकारिक रूपांकन उकेरे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मूर्तियों के अनुपात, भाव-भंगिमा और अलंकरण शैली से तत्कालीन शिल्पियों की उच्च कोटि की दक्षता का परिचय मिलता है। प्रत्येक आकृति मानो किसी कथा का दृश्य रूपांतरण हो, जो भारतीय धर्म और संस्कृति की गहराई को अभिव्यक्त करता है। अधूरापन: रहस्य और किंवदंती मंदिर के अधूरे रह जाने को लेकर कई मत प्रचलित हैं। कुछ इतिहासकार इसे राजनीतिक अस्थिरता या सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हैं, जबकि स्थानीय लोककथाओं में इसे दैवीय संकेत या अलौकिक कारणों से संबंधित बताया जाता है। यद्यपि सटीक कारणों का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है, किंतु यही अधूरापन इस मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। यह अधूरी रचना भी पूर्ण सौंदर्य का अनुभव कराती है और दर्शकों को इतिहास के उस कालखंड में ले जाती है, जब कला और आस्था का अद्भुत संगम हुआ करता था। आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र आज यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थल होने के साथ-साथ पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में इस मंदिर का विशेष स्थान है। पुरातात्विक महत्व के कारण इसे संरक्षित स्मारक के रूप में देखा जाता है और प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर भी यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंदिर परिसर में खड़े होकर ऐसा प्रतीत होता है मानो समय ठहर गया हो और पत्थरों में इतिहास बोल रहा हो। विरासत जो अधूरी होकर भी पूर्ण है जांजगीर का विष्णु मंदिर यह संदेश देता है कि विरासत केवल पूर्ण संरचनाओं में ही नहीं, बल्कि अधूरी कहानियों में भी जीवित रहती है। इसकी भव्यता, शिल्प और रहस्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते रहेंगे। अधूरा होकर भी यह मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना में पूर्ण रूप से प्रतिष्ठित है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

राजनांदगांव में सौर ऊर्जा का बड़ा उछाल, छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति की दिशा

रायपुर : सौर ऊर्जा की ऐतिहासिक छलांग छत्तीसगढ के राजनांदगांव में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 1340 घर हुए रोशन, हजारों को मिल रही बिजली बिल में राहत रायपुर भारत जैसे देश में सूरज की रोशनी बहुत है इसलिए यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश के हर कोने तक सस्ती और साफ़ बिजली पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है । छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 8228 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3518 लाभार्थियों द्वारा वेंडर चयन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। 1340 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना सफलतापूर्वक की जा चुकी है तथा 875 उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि वितरित की जा चुकी है।                प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का उपयोग कर सकेंगें और केंद्र एवं राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप स्थापना अब आम नागरिकों के लिए अधिक किफायती और सुलभ बन गई है। अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर पैसा कमाने का मौका मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के ऑनलाइन पोर्टल से आसान आवेदन प्रक्रिया आसान है। इस सप्ताह भी रही तेज रफ्तार प्रगति           प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति बढ़ती जनभागीदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजनांदगांव जिले में केवल इस सप्ताह 181 नए आवेदन प्राप्त हुए तथा 96 इंस्टॉलेशन पूर्ण किए गए। यह आंकड़े जिले में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाते हैं। बिजली बिल में कमी, उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक         प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत के रूप में मिल रहा है। बड़ी संख्या में परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है। कई घरों में बिल शून्य या नकारात्मक तक आ रहे हैं।  अतिरिक्त उत्पादित सौर ऊर्जा को ग्रिड में आपूर्ति कर उपभोक्ता आय भी अर्जित कर रहे हैं          शासन की इस पहल से जहां परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, वहीं वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। प्रशासन की सक्रिय निगरानी          जिला प्रशासन द्वारा योजना का लाभ पात्र परिवारों तक शीघ्र एवं पारदर्शी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।  गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप इंस्टॉलेशन, समयबद्ध सब्सिडी वितरण तथा उपभोक्ताओं को सतत मार्गदर्शन और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर अपने घरों को स्वच्छ, सस्ती एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा से सशक्त बनाएं।

छत्तीसगढ़ की यात्रा: नक्सल छाया से अब चमकता पर्यटन केंद्र

रायपुर : छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा विष्णुदेव साय सरकार की नीतियों से खुल रहे विकास के नए द्वार रायपुर कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी, टैक्स छूट और प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। राज्य में इको-एथनिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर संभाग की पहचान उसकी जीवंत परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, हल्बा और बैगा जनजातियों की जीवनशैली, पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और लोकनृत्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। पंथी, राउत नाचा, सुवा और कर्मा जैसे लोकनृत्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं। प्रदेश में स्थित प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तेजी से पर्यटकों की पसंद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विविधताओं से देश-विदेश के सैलानियों को लुभा रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, जिसे एशिया का नियाग्रा कहा जाता है, एडवेंचर प्रेमियों का पसंदीदा स्पॉट है। जशपुर का मधेश्वर पर्वत आकर्षित करता है, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है। रहस्यमयी कुटुमसर गुफाएं एडवेंचर थ्रिल प्रदान करती हैं। रामगढ़ की प्राचीन नाट्यशाला राम वनवास स्थल के रूप में धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। ये सभी स्थल राज्य सरकार की विकास योजनाओं से और समृद्ध हो रहे हैं। यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित धुड़मारास गांव ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई है।  इन स्थलों के आसपास सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं से पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय रोजगार का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। होम-स्टे, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और गाइड सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की आय में वृद्धि हो रही है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इको-कल्चरल पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। छत्तीसगढ़ नक्सल छवि से बाहर निकलकर पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरता दिखाई दे रहा है।

होली शांतिपूर्ण बनाने की तैयारी: रायगढ़ में ड्रोन सर्विलांस, 400 जवान तैनात

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में होली शालीनता पूर्वक मनाने के लिए इस बार ड्रोन कैमरों से हुड़दंगियों पर नजर रखी जाएगी। रायगढ़ पुलिस अलर्ट मोड में है। शहर में चार सौ पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। वहीं शहर में 16 चेकिंग पॉइंट भी बनाए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। रायगढ़ जिले में पिछले 48 घंटे से पुलिस जवान तैनात हैं। बीती रात होलिका दहन शांतिपूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ। होली की चौक-चौबंद व्यवस्था को लेकर एसएसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने आज पुलिस कार्यालय से जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की वर्चुअल बैठक लेकर होली ड्यूटी की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान पुलिस का रिस्पांस टाइम सबसे महत्वपूर्ण रहेगा और किसी भी सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहर की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा को सौंपी गई है। सीएसपी मयंक मिश्रा ने बताया कि अगले 48 घंटे लगातार पेट्रोलिंग, चेकिंग पॉइंट्स पर सघन जांच और बाइकर्स गैंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल और कोतरारोड़ क्षेत्रों में बनाए गए 16 चेकिंग पॉइंट्स पर यातायात टीम द्वारा ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। एसएसपी के निर्देश पर इस बार थाना कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल, कोतरारोड़ और खरसिया क्षेत्र में 5 ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। पेट्रोलिंग यूनिट्स की लाइव लोकेशन के साथ एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय किया गया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर निकटतम पेट्रोलिंग टीम तत्काल सहायता प्रदान कर सके। ड्रोन, व्हाट्सएप ग्रुप और शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में विशेष मॉनिटरिंग रूम बनाया गया है, जहां एक्सपर्ट टीम रियल टाइम मॉनिटरिंग कर किसी भी घटना या दुर्घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देगी। सुरक्षा प्रबंधन के तहत शहर के चार थाना क्षेत्रों में 27 पेट्रोलिंग, 16 चेकिंग पॉइंट्स तथा कोतवाली क्षेत्र में 24, कोतरारोड़ में 12 और जूटमिल व चक्रधरनगर में 10-10 फिक्स पिकेट पॉइंट स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एडी स्क्वॉड की टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई की जाएगी। साइबर थाना और महिला थाना की टीम सादी वर्दी में असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखेगी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही अनुविभाग के थानों में एसडीओपी, थानों और पुलिस लाइन के अतिरिक्त बल मुस्तैद रहेंगे। होली के दौरान जिले में पुलिस बल के साथ छठवीं बटालियन और मैनपाट बटालियन से प्राप्त बल सहित लगभग 400 पुलिस अधिकारी और जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। ड्यूटी पर तैनात जवानों के लिए समय पर भोजन और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के वाटर एरिया पर विशेष निगरानी रखने, प्रशिक्षित होमगार्ड गोताखोरों की तैनाती करने तथा फायर ब्रिगेड को विभिन्न स्थानों पर तैयार रखने को कहा गया है। रायगढ़ पुलिस आज शाम सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालकर आमजन को संदेश देगी कि पुलिस हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। एसएसपी ने आगामी दो दिनों की ड्यूटी के लिए सभी अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, समन्वय और सतर्कता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होली के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, हुड़दंग, छेड़छाड़, शराब पीकर वाहन चलाना या शांति भंग करने की कोशिश बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहार की आड़ में कानून तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet