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बिरसा मुंडा की जयंती पर अरुण साव ने किया विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण

लोरमी मुंगेली जिले के लोरमी स्थित खुड़िया में बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अरुण साव शामिल हुए. इस अवसर पर 80 से अधिक जनजातीय समाज प्रमुखों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. वहीं खुड़िया क्षेत्र में 18 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ. डिप्टी सीएम ने खुड़िया में 538 आवास स्वीकृत होने की बात भी कही. कार्यक्रम में कलेक्टर राहुल देव के नेतृत्व में तमाम विभागों के स्टाल लगाए गए थे, जिसका निरीक्षण डिप्टी सीएम साव ने किया. इस दौरान दर्जनभर से अधिक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को चेक सहित किट का वितरण भी किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया. उन्होंने जनजाति गौरव दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे. उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल जंगल जमीन के बारे में जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी. देश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती हर साल 15 नवंबर को जनजाति गौरव देश के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने समाज के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया. इतिहास में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद लोरमी क्षेत्र के विकास के लिए लगातार दौरा कर रहा हूं. छात्रावास खुलवाने पर डिप्टी सीएम को समाज ने दिया धन्यवाद जनजातीय समाज प्रमुख हरीश मंडावी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने गुलामी से आजादी दिलाने संघर्ष किया. ऐसे वीर सपूत को सादर नमन है. उन्होंने लोरमी में बालक बालिका छात्रावास खुलवाने के लिए उपमुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया. कार्यक्रम में वनमण्डलाधिकारी संजय यादव, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय, शैलेश पाठक, कोमल गिरी गोस्वामी, विक्रम सिंह, गुरमीत सलूजा, रवि शर्मा, वर्षा सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे.

मुख्यमंत्री साय ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के खालसा स्कूल प्रांगण में गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित प्रकाश पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और सभी छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने प्रकाश पर्व पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज इस पवित्र दिन सिख समुदाय के अपने भाइयों-बहनों के बीच आकर मैं बहुत खुशी का अनुभव कर रहा हूँ। गुरु नानक देव जी का जीवन न केवल सिख समुदाय के लिए प्रेरक है अपितु सभी भारतीयों के लिए उनका जीवन प्रेरणादायी है। गुरु नानक जी के वचनों में सामाजिक एकता पर जोर दिया गया है। उन्होंने एक समतामूलक समाज के निर्माण पर जोर दिया। देश की आज़ादी में सिख समाज का बहुत बड़ा योगदान है। सिख समाज का इतिहास बहुत ही गौरवशाली और समृद्ध है। धर्म के प्रति समर्पण और सेवा की भावना सिख समाज की अभिन्न पहचान है।   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जब हम गुरु गोविंदसिंह जी का जीवन देखते हैं तो हमें पता चलता है कि उनके पुत्र साहेबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी पर धर्म बदलने का दबाव आया। उन्होंने शहादत कबूल की लेकिन धर्म नहीं बदला। ऐसा इतिहास सिख समाज का रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने साहेबजादों के शहादत दिवस 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया और हर साल हम गर्व के साथ यह दिन मनाते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री भूपेंद्र सवन्नी, श्री मनमोहन चावला व गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित थे।

झीरम घाटी हत्याकांड में शामिल नक्सली महिला ने किया आत्मसमर्पण

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड में शामिल 20 लाख की इनामी नक्सली मंजुला उर्फ निर्मला ने आज तेलंगाना के वारंगल में पुलिस के पास आत्म समर्पण कर दिया है. मंजुला ने वारंगल में पुलिस कमिश्नर के पास जाकर सरेंडर कर दिया है. मंजुला कुख्यात नक्सली लीडर कोडी कुमार स्वामी उर्फ आनंद एवं कोडी वेंकन्ना उर्फ गोपन्ना की बहन है और साथ ही दंडकरण स्पेशल जोनल कमिटी, साउथ सब डिविजन ब्यूरो की मेंबर है. वह 1994 में माओवादी संगठन में शामिल हुई थी और आज 15 नवंबर 2024 को उसने पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया है. बता दें, यह घटना 25 मई 2013 की है, जब छत्तीसगढ़ में एक खौ़फनाक और भयावह हत्याकांड हुआ था, जिसे राज्य का सबसे बड़ा राजनीतिक हत्याकांड माना जाता है. इस हमले में दिग्गज कांग्रेस नेता नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित 30 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी. इस हमले के बाद, भाजपा और कांग्रेस दोनों सरकारों के कार्यकाल में जांच का सिलसिला चलता रहा, लेकिन इस हत्याकांड के अपराधियों का पर्दाफाश और इसके पीछे के रहस्यों को अब तक नहीं सुलझाया जा सका है. इस जघन्य हत्याकांड की जांच के लिए अलग-अलग विभागों ने अपनी-अपनी जांच की, जिसमें सुरक्षा में चूक और आपराधिक कृत्य की जांच शामिल थी. हालांकि, इन सब के बावजूद, झीरम घाटी में हुई इस दर्दनाक घटना के बारे में अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है. 30 कांग्रेस नेताओं की इस हत्या की जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने 27 मई 2013 को दो दिन बाद एनआईए को सौंप दी थी, लेकिन इसके बाद भी यह मामला अनसुलझा ही बना रहा.

छत्तीसगढ़ की बेटी निशा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराएगी तिरंगा

आज सुबह मुख्यमंत्री के कॉल ने निशा के लिये खोली किलिमंजारो फतह की राह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निशा से कहा हम तुम्हारा सपना पूरा करेंगे छत्तीसगढ़ की बेटी निशा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराएगी तिरंगा  आर्थिक तंगी अब सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनेगी रायपुर अलसुबह आज बिलासपुर में रहने वाली निशा यादव के पास एक फोन आया और फोन पर एक सौम्य सी आवाज में किसी ने उससे कहा आपको किलिमंजारो चढ़ना है, आप खर्च की चिंता न करें। निशा चकित हुई और आश्चर्य से पूछा आप कौन हैं, सामने से आवाज आई बेटा मैं विष्णु देव साय बोल रहा हूं। निशा ने आश्चर्यचकित भाव से कहा आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं। उसे यकीन नहीं हो रहा था, लेकिन जब मुख्यमंत्री ने पूरी बात बताई और कहा कि आप अपने लक्ष्य पर फोकस करें। छत्तीसगढ़ के हर एक बेटी का सपना पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण  आश्वासन को सुनकर निशा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। निशा को इस बात पर भी यकीन करना पड़ा मुश्किल हो रहा था कि बिना किसी आवेदन या आग्रह के मुख्यमंत्री ने उनका सपना पूरा करने की पहल की है।          मुख्यमंत्री साय ने निशा के साथ पर्वतारोहण के बारे विस्तार से बात की। निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस की चढ़ाई के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया। उसने बताया कि पर्वत की यात्राएं रोमांच से भर देती हैं। पर्वतों की चोटी पर तिरंगा फहराना गर्व से भर देता है। निशा ने आगे बताया कि अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना चाहती हैं और उनका अंतिम लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का है।         निशा ने नम आवाज में मुख्यमंत्री को आगे बताया कि मैं पिछले कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे पिता ऑटो चालक हैं और मेरे सपने को पूरा कर पाना उनके लिए कठिन था।  मन में बड़ी दुविधा थी कि यह कैसे संभव हो पाएगा, मेरा सपना कैसे पूरा होगा । आज आप ने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया है।  मुख्यमंत्री जी मैं आपको बहुत धन्यवाद देती हूं।       निशा की आत्मविश्वास भरी इन बातों को सुनकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। हम चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि आर्थिक हालात से हौसले पस्त नहीं होते। उन्होंने निशा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका आत्मविश्वास और जुनून जरूर आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाएगी।

जिले के स्कूलों में निशुल्क बनाए जा रहे अपार आईडी कार्ड

बिलासपुर जिले के स्कूलों मे अपार आईडी कार्ड बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। स्कूलों मे बड़ी संख्या मे छात्रों के अपार आईडी कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू ने बताया कि अपार आईडी कार्ड बनवाने के लिए अभिभावकों की सहमति जरूरी है। वहीं शिक्षक और स्कूल प्रबंधन को भी अभिभावकों को अपार कार्ड से जुड़े तथ्यों की जानकारी देने को कहा गया है, जिससे अभिभावकों के मन में किसी भी तरह का संशय न रहे। अभी निशुल्क अपार आईडी कार्ड बनाए जाएंगे जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अभी निशुल्क अपार आईडी कार्ड बनाए जाएंगे। भविष्य में छात्रों को इसे बनवाने का खर्च खुद ही वहन करना पड़ सकता है। इसलिए अभिभावकों को अपार आईडी कार्ड से जुडी सभी जानकारियां देकर उनकी सहमति ली जा रही है। इस कार्ड को बनवाने के लिए छात्रों से मामूली दस्तावेज ही मंगाए जा रहे हैं, जैसे आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र आदि। कार्ड बनवाने वालों में समस्या आ रही सामने इस तरह की समस्या आ रही सामने कार्ड बनवाने वालों में एक बड़ा वर्ग ऐसे छात्रों की भी है जिन्हे कार्ड बनवाने मे तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। जिन छात्रों के बर्थ सर्टिफिकेट और आधार कार्ड के नाम में अंतर है या आधार कार्ड और स्कूल में दर्ज जन्म तिथि में अंतर है उनका कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। बीते दिन इसी तरह की समस्या महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल में देखी गई थी। अभिभावकों को चिल्हाटी स्थित एआरटीओ सेंटर जाकर सुधरवाने को कहा गया था। क्या है अपार आईडी कार्ड अपार आईडी कार्ड आधार कार्ड की तरह ही सभी स्कूली विद्यार्थियों के लिए तैयार की जाएगी। इसमें विद्यार्थियों के लिए 12 अंकों का यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर होगा। इसमें बच्चों के नाम से लेकर उनके अभिभावकों तक की जानकारी होगी। इस आइडी को डिजिटल लाकर से जोड़ा जाएगा। इसमें बच्चे का नाम, पता, कक्षा, रोल नंबर, उनके नंबर, डीएमसी, परीक्षा परिणाम, क्रेडिट स्कोर, अभिभावकों का नाम, कारोबार, घर का पता आदि की जानकारी दर्ज होगी। कार्ड में होगी यह जानकारी एक तरह से इसमें विद्यार्थी की हर प्रकार की निजी जानकारी होगी। ये आईडी प्री नर्सरी से लेकर अंतिम पढ़ाई तक एक ही रहेगी। इस आइडी के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में विद्यार्थी अपने शैक्षणिक रिकार्ड को डिजिटल रूप देख सकेंगे और उसका उपयोग कर सकेंगे। अपार आईडी कार्ड के लाभ     अपार आईडी कार्ड विद्यार्थी की आजीवन पहचान संख्या के रूप में कार्य करता है, जिससे उन्हें अपनी शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों पर सुचारू रूप से नज़र रखने में मदद मिलती है।     अपार नंबर स्कूल, डिग्री कॉलेज, जूनियर कॉलेज और स्नातकोत्तर सहित सभी स्तरों पर छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड पर नज़र रखेगा।     अपार आईडी कार्ड छात्रों के डेटा को डिजिटल रूप से एक स्थान पर रखेगा, जिसमें सीखने के परिणाम, परीक्षा परिणाम, रिपोर्ट कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड और सह-पाठ्यचर्या उपलब्धियां जैसे ओलंपियाड रैंकिंग, विशेषज्ञ कौशल प्रशिक्षण आदि शामिल होंगे।     स्कूल छोड़ देने वाले छात्रों पर नजर रखना उपयोगी है, ताकि सरकार उन्हें समाज में पुनः शामिल करने तथा शिक्षा के अवसरों से पुनः जोड़ने का प्रयास कर सके।     यह छात्रों को उनकी सभी शैक्षणिक जानकारी को एक संस्थान से दूसरे संस्थान में स्थानांतरित करने में मदद करेगा। नतीजतन, देश में कहीं भी नए कॉलेज में प्रवेश पाना आसान हो जाएगा।     अपार आईडी को सीधे ABC बैंक से जोड़ा जाएगा। इस प्रकार, जब कोई छात्र सेमेस्टर या कोर्स पूरा करता है, तो क्रेडिट सीधे ABC में दर्ज हो जाते हैं, जिससे वे सभी भारतीय कॉलेजों में मान्य हो जाते हैं।     यह छात्रवृत्ति, डिग्री, पुरस्कार और अन्य छात्र प्रमाण-पत्र जैसे शैक्षणिक डेटा को डिजिटल रूप से केंद्रीकृत करेगा।अपार कार्ड छात्र के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करता है। इसमें छात्र का नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग, फोटो, खेल गतिविधियाँ, शिक्षा ऋण , छात्रवृत्ति, पुरस्कार आदि की जानकारी शामिल है।  

बदायूं में बेटे के सामने चाकू से काटा पत्नी का गला, सुबह शव के साथ बेटे को कमरे में बंद कर भागा

बदायूं उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से सनसनीखेज खबर सामने आई है। शिवपुरम गली नंबर चार में किराये के मकान में रहने वाले शटरिंग कारीगर ने बुधवार देर रात पांच साल के बेटे के सामने ही गला रेतकर पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद करीब पांच घंटे तक बेटे को लेकर शव के पास बैठा रहा। सुबह करीब छह बजे बेटे और पत्नी के शव को कमरे में बंद कर फरार हो गया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर मकान मालिक ने बाहर से बंद दरवाजे को खोला तो वारदात का पता चला। पुलिस को आशंका है कि पति-पत्नी में हुए आपसी विवाद के बाद हत्या की गई है। मूसाझाग थाना इलाके के गांव मझारा निवासी शटरिंग कारीगर अमित कुमार (24) पत्नी श्वेता उर्फ शिखा और पांच साल के बेटे अविरल के साथ शिशुपाल सिंह के मकान में किराये पर रहता था। बुधवार रात तीनों कमरे में थे। बताते हैं कि रात करीब एक बजे श्वेता व अमित के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। शोरशराबा सुनकर बेटा भी जाग गया। इसी बीच अमित ने बेटे के सामने ही चाकू से पत्नी का गला रेत दिया। ‘पापा ने मम्मी को चाकू से मारा है’ पुलिस के मुताबिक, बच्चे का रोना सुनकर शिशुपाल नीचे आए तो श्वेता का खून से लथपथ शव पड़ा था। उनकी सूचना पर एसएसपी और कोतवाली पुलिस भी पहुंची। पुलिस के मुताबिक, मासूम अविरल ज्यादा जानकारी तो नहीं दे सका, लेकिन उसने इतना जरूर कहा है कि पापा ने मम्मी को चाकू से मारा है। श्वेता के माता-पिता गुरुग्राम में रहते हैं। वे भी बदायूं पहुंच गए हैं। घर पहुंचकर बोला… श्वेता ने आत्महत्या कर ली है वारदात के बाद अमित पैतृक गांव कौर मझारा पहुंचा। परिवार के लोगों को बताया कि श्वेता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। पिता सुरेश ने मृतका के नाना, भाई और माता-पिता को फोन कर आत्महत्या की सूचना दे दी। इस बीच अमित गांव से फरार हो गया। बाद में पता चला कि वह श्वेता की हत्या करके आया है। मासूम बोला… पापा ने मम्मी को चाकू से मारा बदायूं के शिवपुरम में पत्नी की गला रेतकर हत्या करने के मामले में पांच साल के बेटे ने पुलिस को अहम जानकारी दी है। उसने बताया कि पापा ने मम्मी को चाकू से मारा है। इसके बाद मम्मी गिर गईं। पुलिस के मुताबिक, बच्चा ज्यादा जानकारी नहीं दे सका है। हत्या की असल वजह आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगी। उसकी तलाश की जा रही है। थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव कौर मझारा के रहने वाले सुरेश सिंह ने अपने बेटे अमित कुमार की शादी करीब सात साल पहले वजीरगंज की श्वेता से की थी। शादी के बाद से परिवार में झगड़े होने लगे तो अमित पत्नी व पांच साल के बेटे को लेकर 12 अक्तूबर से शिवपुरम में किराये पर रहने लगा। यहां भी अमित और श्वेता में आए दिन किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी व मारपीट होती रहती थी। बुधवार रात को भी झगड़ा हुआ। पुलिस के मुताबिक इसी के बाद अमित ने पत्नी की हत्या कर दी। अमित अहमदाबाद में शटरिंग का काम करता है। वह चार दिन पहले ही बदायूं आया था, उसके बाद वह पत्नी और बेटे को साथ लेकर दिल्ली किसी शादी समारोह में शामिल होने चला गया। बुधवार को वह पत्नी व बेटे के साथ बदायूं कमरे पर आ गया। पत्नी की हत्या कर अमित फरार हो गया है। बेटा हत्या की वजह तो नहीं बता पाया, लेकिन इतना बताया है कि पापा ने मम्मी को मारा है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की असल वजह पता चल सकेगी। – ब्रजेश कुमार सिंह, एसएसपी

लरामपुर में बंद पड़े फ्लाई ईट भट्टे के पास मिले तीन नर कंकाल, जांच में जुटी पुलिस

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दहेजवार पंचायत के बंद पड़े फ्लाई ईट भट्टे के पास तीन नर कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है. घटनास्थल के आसपास करीब 500 मीटर के दायरे में हड्डियों के टुकड़े बिखरे हुए मिले हैं. फिलहाल पुलिस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल को चारों ओर से घेराबंदी कर मामले की जांच में जुट गई है. शुरुआत में पुलिस यह आशंका जताई जा रही है कि जानवरों द्वारा हड्डियों को इधर-उधर फैलाया गया हो, लेकिन कंकाल की स्थिति को देखकर यह मामला और गंभीर प्रतीत हो रहा है. इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद ली है. मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडे (ऑपरेशन )ने बताया कि नर कंकाल मिलने की पुष्टि हुई है.घटनास्थल पर पुलिस बल पहुंच गई है.डॉक्टर व फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है और नर कंकाल कितने दिन पुराने हैं और किसके हैं यह कहना अभी मुश्किल है.जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा की किसके नर कंकाल है. पुलिस की कार्रवाई जारी है और इस संदिग्ध मामले को लेकर क्षेत्रीय लोगों में खलबली मची हुई है.

एंटी करप्शन ब्यूरो ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते साजा के एसडीएम को किया गिरफ्तार

बेमेतरा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर की टीम ने बेमेतरा जिले के साजा एसडीएम व डिप्टी कलेक्टर को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। रिश्वतखोर एसडीएम के साथ एक होम गार्ड का सिपाही भी गिरफ्तार हुआ है, जो पीड़ित और एसडीएम के बीच का मीडियेटर था। बीती देर रात तक एसीबी की टीम दस्तावेज कार्रवाई को पूरी कर ली। आज शुक्रवार को दोनों आरोपियों को बेमेतरा जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं आरोपी एसडीएम टेकराम माहेश्वरी को जब एसीबी की टीम ने गिरफ्तार किया तो यहां लोगों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। लोगों का कहना है कि एसडीएम द्वारा काम के एवज में रुपये लेने की आम बात हो गई थी। ये काफी विवादों में भी रहे है। बीते माह अक्टूबर में साजा शासकीय कॉलेज के स्टूडेंट व्यवस्थाओं की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। इस दौरान एसडीएम टेकराम माहेश्वरी उनको समझाने के लिए पहुंचे थे, कॉलेज स्टूडेंटस से बातचीत के दौरान वे आगबबूला हो गए और धरने पर बैठी छात्राओं के सामने ही अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे थे। तब उनका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके अलावा इसी माह काम में लापरवाही के चलते कलेक्टर ने इन्हें शो कॉज नोटिस भी थमाया था। बताया जा रहा है कि आरोपी एसडीएम टेकराम माहेश्वरी राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी है। ये प्रमोट होकर डिप्टी कलेक्टर बने है। तीन माह पहले की बेमेतरा कलेक्टर रणबीर शर्मा ने इन्हें साजा एसडीएम की जिम्मेदारी दी है।

साय की कैबिनेट में उपचुनाव के परिणाम के बाद बनाए जाएंगे दो नए मंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कैबिनेट का विस्तार उप चुनाव के परिणाम के बाद लगभग तय हो गया है। साय कैबिनेट में अभी दो मंत्री बनाए जाएंगे। विधायकों में से एक नए और एक पुराने चेहरे को मंत्री बनाने की रणनीति बनी है। 11 महीने में साय कैबिनेट के विस्तार नहीं होने की मुख्य वजह शीर्ष नेताओं में आपसी सहमति नहीं बन पाना माना जा रहा है। साय की कैबिनेट में नए मंत्री के दावेदार विधायकों में राजेश मूणत, अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर, भावना बोहरा और गजेंद्र यादव हैं। रायपुर-दक्षिण के विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के रायपुर सांसद बनने के बाद से साय कैबिनेट में दो मंत्री के पद खाली हैं। बृजमोहन के इस्तीफे के बाद से स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री संभाल रहे हैं। ऐसे में अब मंत्रिमंडल के विस्तार के संकेत हैं। विभिन्न विभागाें की मानिटरिंग के लिए अलग से मंत्री होना जरूरी है। बतादें कि 23 नवंबर को रायपुर-दक्षिण विधानसभा उप चुनाव के परिणाम आएंगे। दो नए मंत्री बनने से वर्तमान मंत्रियों के विभागों में भी होगा फेरबदल सूत्रों के अनुसार साय कैबिनेट में दो मंत्री शामिल होने के बाद मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल के आसार हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पास अभी सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्यिक कर (आबकारी), परिवहन एवं अन्य विभाग (जो किसी मंत्री को आबंटित नहीं हुआ हो)। बृजमोहन के इस्तीफे के बाद उन्हें आवंटित विभाग के भारसाधक मंत्री भी मुख्यमंत्री ही हैं। इन मंत्रियों के पास ये हैं विभाग     उप मुख्यमंत्री अरुण साव के पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विधि और विधायी कार्य, नगरीय प्रशासन विभाग।     उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के पास गृह एवं जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग।     मंत्री राम विचार नेताम के पास आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग।     मंत्री दयाल दास बघेल के पास खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग।     मंत्री केदार कश्यप के पास वन और जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, संसदीय कार्य, कौशल विकास और सहकारिता विभाग।     मंत्री लखनलाल देवांगन के पास वाणिज्य और उद्योग, श्रम विभाग।     मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग।     मंत्री ओ.पी. चौधरी के पास वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास और पर्यावरण, योजना आर्थिक और सांख्यिकी विभाग।     मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पास महिला और बाल विकास, समाज कल्याण विभाग।     मंत्री टंक राम वर्मा के पास खेलकूद और युवा कल्याण, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग।  

नए साल में मंत्रियों का बदल जाएगा पता, सेक्टर-24 में जाएंगे डिप्‍टी सीएम सहित अन्य मंत्री

रायपुर छत्‍तीसगढ़ सरकार के मंत्रियों के नए साल में पता बदल जाएगा। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में उपमुख्यमंत्री अरुण साव की महिला व बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पड़ोसी होंगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के पड़ोसी वनमंत्री केदार कश्यम होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के शिफ्टिंग के बाद स्थितियां पूरी तरह से बदल चुकी हैं। नवा रायपुर के भव्य भवन में शिफ्ट करने से परहेज करने वाले मंत्री अब बंगला आवंटन के लिए संपदा विभाग को आवेदन कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अरूण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के लिए भवन अलाट हो गए हैं। उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने आवेदन किया है, जिनके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक-दो दिनों में गृहमंत्री शर्मा को भवन अलाट होने की उम्मीद है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने भी भवन आवंटित करा लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और राजस्व व खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने अभी तक भवन के लिए आवेदन नहीं किया है। मंत्री रामविचार नेताम हुए नवा रायपुर में शिफ्ट नवा रायपुर में मंत्रियों के लिए 500 करोड़ की लागत में भवन तैयार किए गए हैं, लेकिन अब तक सिर्फ रामविचार नेताम ही नवा रायपुर के भवन में शिफ्ट हुए हैं। रायपुर में ही मंत्री पुराने भवन में जमे हुए हैं, जबकि नवा रायपुर में भवनों के मेटेंनेंस पर लाखों रूप खर्च किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि नए साल में विष्णु देव साय सरकार के मंत्री नवा रायपुर के भवनों में गृह प्रवेश कर लेंगे। नवा रायपुर में सभी सरकारी कार्यालय नवा रायपुर में सभी सरकारी कार्यालय स्थापित हो गए हैं। राज्य मंत्रालय महानदी भवन, संचालनालय इंद्रावती भवन, मंडी बोर्ड, संवाद, साइबर सेल, रेस्ट हाउस, पुलिस मुख्यालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों में काम शुरू हो गए हैं। नई विधानसभा और राजभवन भी बनाया जा रहा है। तीन एकड़ में स्पीकर हाउस बनाया जा रहा है। 14 एकड़ में राजभवन तैयार किया जा रहा है, जो अंतिम चरण में है। बसाहट के लिए करना होगा प्रयास नवा रायपुर में शासकीय कार्यालयों के स्थापित होने के बाद भी बसाहट नहीं बढ़ रही है, हालांकि इसके लिए प्रयास सतत जारी है। राज्य सरकार का नवा रायपुर बसाने का उद्देश्य है कि आबादी बढ़ेगी, निवेश आएगा और रोजगार के साधन बढ़ेंगे। रायपुर में आबादी और ट्रैफिक का दवाब कम होगा। सरकारी वाहनों की आवाजाही से होने वाली ट्रैफिक जाम की शिकायत से भी निजात मिलेगी। मंत्रियों को सेक्टर-24 में आवंटित भवन     अरुण साव: एम-6     ओपी चौधरी: एम-11     केदार कश्यप: एम-10     दयालदास बघेल: एम-8     लक्ष्मी राजवाड़े: एम-7  

छत्तीसगढ़ में हुई प्रशासनिक सर्जरी, सात IAS अधिकारियों का प्रभार बदला, किसे कहां मिली जिम्‍मेदारी

 रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने सात आईएएस अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया है, जिसकी घोषणा गुरुवार को की गई। 2009 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला को आयुक्त-सह-संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं के पद पर नियुक्त किया गया है, साथ ही उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रियंका शुक्ला के पदभार ग्रहण करते ही, आईएएस अधिकारी चंदन कुमार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव के पद से मुक्त किया जाएगा। वहीं, 2012 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या उमेश मिश्रा को संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय के साथ-साथ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के प्रबंध संचालक और राज्य साक्षरता मिशन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बलरामपुर-रामानुजगंज के कलेक्टर को हटाया गया, नया कलेक्टर नियुक्त बलरामपुर-रामानुजगंज के कलेक्टर रिमीजियूस एक्का को हटाकर 2013 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार कटारा को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। यह निर्णय तीन सप्ताह पहले बलरामपुर में पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्यकर्मी गुरुचरण मंडल की मौत के बाद हुई हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया। इस घटना के बाद थाने में लोगों ने हमला किया और तोड़फोड़ की थी, जिसके चलते एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कलेक्टर की हटाने की वजह इस घटनाक्रम से भी जुड़ी बताई जा रही है। अन्य अधिकारियों की नियुक्तियां और जिम्मेदारियां:     डॉ. प्रियंका शुक्ला: आयुक्त-सह-संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग।     संजीव कुमार झा: पाठ्यपुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार।     रिमीजियूस एक्का: संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, विशेष सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग।     दिव्या उमेश मिश्रा: संचालक, SCERT, मिशन संचालक, राज्य साक्षरता मिशन।     जगदीश सोनकर: मिशन संचालक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान।     राजेंद्र कुमार कटारा: कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज।     ऋतुराज रघुवंशी: संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण।  

रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानियां, रेलवे ने रद्द किया 49 ट्रेनें, यात्रा करने से पहले देख ले लिस्ट

रायपुर छत्तीसगढ़ से ट्रेन में सफर करना चाहते हैं, तो ये खबर आपके लिए। रेलवे ने एक साथ 49 ट्रेनों के रद्द कर दिया है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप भी ट्रेन से सफर करने का सोच रहे हैं तो ये खबर जरूर पढ़ लें।  मध्यप्रदेश और यूपी के लिए चलने वाली 24 ट्रेनें 21 नवंबर से 2 दिसंबर तक अलग-अलग दिनों में कैंसिल की गई हैं। इससे पहले भी 16 से 20 नवंबर तक 25 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। दरअसल, बिलासपुर से कटनी के बीच तीसरी लाइन का काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 24 से 30 नवंबर तक बिलासपुर-कटनी सेक्शन के नौरोजाबाद रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड रिमोडलिंग का काम किया जाएगा, जिसके फलस्वरूप रेलवे ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 49 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। वहीं 2 ट्रेनों का रूट बदल दिया है। नई लाइन का काम किया जा रहा रेल प्रशासन ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। बिलासपुर-कटनी रेल लाइन इस रेलवे की एक महत्वपूर्ण और व्यस्त रेल मार्ग है, जो उत्तर भारत से जोड़ती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रेल परिचालन को बेहतर बनाने और नई गाड़ियां शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए नई लाइन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। तीसरी लाइन से जोड़ने यार्ड रिमॉडलिंग का काम बिलासपुर से कटनी के बीच तीसरी लाइन का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत बिलासपुर-कटनी सेक्शन के नौरोजाबाद रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड रिमॉडलिंग का काम होगा। यह काम 24 से 30 नवंबर तक किया जाएगा। रद्द होने वाली ट्रेनें    22 से 30 नवंबर तक बिलासपुर से चलने वाली 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 23 नवंबर से 1 दिसंबर तक इंदौर से चलने वाली 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 21 से 30 नवंबर तक बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18236 बिलासपुर –भोपाल एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 23 नवंबर से 02 दिसंबर तक भोपाल से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18235 भोपाल- बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 23 से 30 नवंबर तक जबलपुर से चलने वाली 11265 जबलपुर-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 24 नवंबर से 01 दिसंबर तक अम्बिकापुर से चलने वाली 11266 अम्बिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 22 से 30 नवंबर तक बिलासपुर से चलने वाली 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 23 नवंबर से 01 दिसंबर तक रीवा से चलने वाली 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 25, 27 एवं 29 नवंबर को रीवा से चलने वाली 11751 रीवा-चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 26, 28 एवं 30 नवंबर को चिरमिरी से चलने वाली 11752 चिरमिरी-रीवा पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 25 एवं 28 नवंबर को लखनऊ से चलने वाली 12535 लखनऊ-रायपुर गरीब रथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 26 एवं 29 नवंबर को रायपुर से चलने वाली 12536 रायपुर-लखनऊ गरीब रथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 26 एवं 29 नवंबर को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22867 दुर्ग-निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 27 एवं 30 नवंबर को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22868 निज़ामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 24 एवं 26 नवंबर को दुर्ग से चलने वाली 18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 25 एवं 27 नवंबर को कानपुर से चलने वाली 18204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 24 नवंबर को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 25 नवंबर को अजमेर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 24 से 30 नवंबर तक चिरमिरी से चलने वाली 08269 चिरमिरी-चंदिया रोड पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 24 से 30 नवंबर तक चंदिया रोड से चलने वाली 08270 चंदिया रोड-चिरमिरी- पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 26, 28 एवं 30 नवंबर को चिरमिरी से चलने वाली 05755 चिरमिरी-अनुपपुर पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 26, 28 एवं 30 नवंबर को अनुनपुर से चलने वाली 05756 अनुपपुर- चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 23 से 30 नवंबर तक कटनी से चलने वाली 06617 कटनी-चिरमिरी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी । 24 नवंबर से 01 दिसंबर तक चिरमिरी से चलने वाली 06618 चिरमिरी-कटनी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी । परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें   23 से 29 नवंबर’ 2024 तक बरौनी से चलने वाली 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बरौनी-कटनी-जबलपुर- नैनपुर- बालघाट-गोंदिया होकर चलेगी। 23 से 29 नवंबर’ 2024 तक गोंदिया से चलने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोंदिया-बालघाट- नैनपुर-जबलपुर-कटनी-बरौनी होकर चलेगी। परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां-     23 से 29 नवंबर तक बरौनी से चलने वाली 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बरौनी-कटनी-जबलपुर- नैनपुर- बालघाट-गोंदिया होकर चलेगी।     23 से 29 नवंबर तक गोंदिया से चलने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोंदिया-बालघाट- नैनपुर-जबलपुर-कटनी-बरौनी होकर चलेगी। इससे पहले 25 ट्रेनें कैंसिल की गईं थीं 16 से 20 नवंबर तक नहीं चलेंगी गाड़ियां इससे पहले रेलवे ने 25 ट्रेनों को कैंसिल किया था। बिलासपुर रेल मंडल के करकेली स्टेशन में तीसरी लाइन को जोड़ने का काम किया जाएगा, जिसके चलते कटनी रूट की गाड़ियां 16 से 20 नवंबर तक नहीं चलेंगी।

मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया, आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी है। उन्होंने देश के अमर नायकों और बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हर साल 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल, जमीन के बारे में जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा जी ने तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया और आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया। उनके क्रांतिकारी विचार और देश प्रेम की भावना आज भी हम सभी को प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए  अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेकर हमारा प्रदेश आगे बढ़े और विकास के पथ पर सतत अग्रसर रहे, इस के प्रयास हम सभी को मिलजुलकर करने हैं।

नई औद्योगिक नीति में निर्धारित है विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवा रायपुर के मेफेयर रिसार्ट में छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को लांच किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई उद्योग एक हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देता है तो हम उसे बी-स्पोक पॉलिसी के तहत और अधिक रियायतें देंगे। युवाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर हमने इस नीति में प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपये प्रतिमाह तक का अनुदान देने का प्रावधान भी किया है।   हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हमारा राज्य देश के मध्य में स्थित है, आने वाले वर्षों में हम अपनी भौगोलिक स्थिति, आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को देश का ‘‘हेल्थ हब’’ बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारंभ करने जा रहे हैं। पूर्व के ‘‘न्यूनतम 20 एकड़ भूमि’’ के स्थान पर अब हमने ‘‘15 एकड़ भूमि’’ पर निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना की अनुमति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो।  उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमने ऐसी उद्योग नीति तैयार की है जो प्रदेश के उद्योग जगत के सभी जरूरतों को पूरा करेगा। हमारा प्रयास था कि ऐसी नीति बने जिससे  प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे और निवेश को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि नई नीति से प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे प्रदेश को आगे ले जाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। मंत्री देवांगन ने उद्योग नीति के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और उसके क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और मुख्य सचिव अमिताभ जैन, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अमर परवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और उद्योगपति मौजूद रहे। नई औद्योगिक नीति के लांचिंग अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने नवीन औद्योगिक विकास नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान छत्तीसगढ़ की औद्यौगिक विकास नीति 2024-30 को राज्य में 01 नवबंर 2024 से लागू किया गया है। यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सूजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।  राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है। इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है। नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विनिर्माण के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक का समग्र प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नीति के माध्यम से एक ओर जहां राज्य के युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उद्यम कांति योजना का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी ओर देश में बन रहे बड़े इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर के अनुरुप ही राज्य में भी NICDC के माध्यम से इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर औद्योगिक नगरी कोरबा-बिलासपुर-रायपुर की परिकल्पना की गई है। जो कि राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्तवपूर्ण कदम है। इस नीति में प्रथम बार … Read more

मुख्यमंत्री साय ने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देर रात कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी रायपुर के पवित्र खारून नदी के तट महादेव घाट पहुंचकर श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली के दर्शन किए। उन्होंने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पवित्र महादेव घाट में कार्तिक स्नान के लिए जुटे श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विधायक मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर महादेव घाट में आयोजित होने वाला पुन्नी मेला बहुत लोकप्रिय है। दूर-दूर से लोग इसमें बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लेने आते हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक परंपराएं न केवल हमारी आस्था को मजबूत करती हैं अपितु हमारे जीवन में उल्लास भी भरती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमने प्रदेशवासियों को अपने आराध्य भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या भेजने की निःशुल्क की व्यवस्था की है। श्री साय ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के शीघ्र शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इससे 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक तीर्थ यात्रा पर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज से हमने प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की शुरूआत कर दी है। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देश भर से आए जनजाति कलाकारों ने राजधानी में मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने आज नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने की जानकारी भी लोगों के साथ साझा की।

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