LATEST NEWS

बेंगलुरु में मारे ताबड़तोड़ छापे, जॉर्ज सोरोस से जुड़ी संस्थाओं पर ED का ऐक्शन

बेंगलुरु भारत में सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करने के लिए फंडिंग के आरोपों से घिरे कारोबारी जॉर्ज सोरोस से जुड़ी संस्था पर ईडी ने छापेमारी की है। मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने ओपन सोसायटी फाउंडेशन से जुड़े लोगों पर छापेमारी की। इसके अलावा OSF से जुड़ी कुछ अन्य कंपनियों पर भी रेड मारी गई है। आरोप है कि इन कंपनियों ने जॉर्ज सोरोस की संस्था के माध्यम से फॉरेन एक्सचेंज की गड़बड़ी की है। हंगरी मूल के अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस पर भाजपा आरोप लगाती रही है कि वह भारत विरोधी नैरेटिव के लिए फंडिंग करते रहे हैं। जॉर्ज सोरोस की एक संस्था के कार्यक्रम से सोनिया गांधी का लिंक बताते हुए कांग्रेस पर भी भाजपा ने तीखा हमला बोला था। जानकारी के अनुसार ओपन सोसायटी फाउंडेशन की ओर से ह्यूमन राउट्स, न्याय और जवाबदेह सरकार जैसे एजेंडों के नाम पर फंडिंग की जाती रही है। जॉर्ज सोरोस की संस्थाओं ने भारत में अकेले 2021 में ही 4 लाख डॉलर से ज्यादा की रकम खर्च की थी।

विश्व हिंदू परिषद ने औरंगजेब की कब्र को हटाकर इन मराठा योद्धाओं के स्मारक बनाने की उठाई मांग

नई दिल्ली महाराष्ट्र के नागपुर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन हो रहा था। इसी दौरान मुस्लिमों के पवित्र ग्रंथ को जलाने की अफवाह फैली तो दंगा भड़क गया। इस दंगे में 6 आम नागरिक जख्मी हुए हैं तो एक आईपीएस समेत कई पुलिस अधिकारी भी घायल हैं। इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने भी मांग कर दी है कि औरंगजेब की कब्र को हटा दिया जाए। उसके स्थान पर पूज्य धना जी, संता जी, छत्रपति राजाराम महाराज जी का स्मारक बनाया जाए। दरअसल धनाजी जाधव और संताजी घोरपडे मराठा सेना के नायक रहे थे। दोनों ने छत्रपति राजाराम के शासनकाल में सेना का नेतृत्व किया था और कई जंगों में मुगल सेनाओं को मात दी थी। यही नहीं मराठा शासन के गुजरात में विस्तार में धना जी जाधव की अहम भूमिका थी। संताजी घोरपडे को गुरिल्ला वारफेयर का अच्छा जानकार माना जाता है। वहीं राजाराम राजे भोसले महाराजा छत्रपति शिवाजी के छोटे बेटे थे। वह संभाजी राव के सौतेले भाई थे। औरंगजेब द्वारा बेरहमी से संभाजी राव का कत्ल किए जाने के बाद राजाराम राजे ने कमान संभाली थी और 11 वर्षों तक मराठा सेना को हौसला प्रदान किया। उनके दौर में कई बार मुगल सेना को मोर्चे से पीछे हटना पड़ा था। उनका कार्यकाल 11 साल का रहा, जिसमें अधिकांश समय वह मुग़लों से युद्ध में उलझे रहे। उनकी जीवन की पहली लड़ाई 10 जून 1689 को प्रतापगढ़ के पास मोगली सरदार काकरखान के साथ हुई। अब इन तीनों ही मराठा नायकों के स्मारक बनाने की मांग विश्व हिंदू परिषद ने की है। वीएचपी का कहना है कि इनके स्मारकों का निर्माण औरंगजेब की कब्र को हटाकर किया जाएगा। इसके अलावा विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने नागपुर की घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा है कि जो आगजनी और हमले की घटनाएं मुस्लिम समाज के एक वर्ग द्वारा जो की गईं वे पूर्णतः निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा विभाग बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले किए गए। उन्होंने हिंदू समाज के अनेक घरों को निशाना बनाया और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। विश्व हिंदू परिषद इस सब की घोर शब्दों में निंदा करता है। यह बेहद शर्मनाक है कि एक तो यह झूठ फैलाया गया कि हिंदू समाज ने आयतें जलाई हैं और दूसरी ओर हिंसा भड़काने का कुत्सित प्रयास हुआ। ऐसे सभी समाज कंटक जिहादी उत्पतियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। विहिप महामंत्री ने यह भी कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज नगर में जो औरंगजेब की कब्र है, उसका महिमा मंडन बंद करना चाहिए। उसकी जगह पर वहां औरंगजेब को जिन्होंने पराजित किया, ऐसे धनाजी जाधव और संताजी घोरपडे तथा साथ में ही छत्रपति राजारामजी महाराज का एक विजय स्मारक बनाना चाहिए। जहां मराठों के साम्राज्य में औरंगजेब को पराजित करने का एक विजय स्तंभ बने।

मैं महाकुंभ को देखता हूं, हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के आयोजन की संसद में सराहना की और कहा कि इससे देश की एकता का संदेश मिला है। यही नहीं उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत के इतिहास में ऐसा ही क्षण था, जैसा 1857 की क्रांति, भगत सिंह का बलिदान और गांधी का डांडी मार्च था। इन घटनाओं ने देश को एक नया मोड़ दिया और ऐसा ही महाकुंभ के विशाल आयोजन से भी हुआ है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं यूपी और खासतौर पर प्रयाग की जनता का आभार व्यक्त करता हूं। गंगाजी को धरती पर लाने के लिए भगीरथ प्रयास हुआ था। ऐसा ही महाप्रयास महाकुंभ के भव्य आयोजन में भी हमने देखा है। मैंने लालकिले से सबका प्रयास पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।’ उन्होंने कहा कि महाकुंभ ने उन शंकाओं को भी जवाब दिया है, जो कुछ लोगों के मन में रहती है। अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर हमने देखा था कि कैसे देश अगले एक हजार साल के लिए तैयार हो रहा है। फिर इस बात को हमने महाकुंभ में देखा। किसी भी राष्ट्र के जीवन में अनेक ऐसे मोड़ आते हैं, जो सदियों के लिए उदाहरण बन जाते हैं। हमारे देश के इतिहास में भी ऐसे पल आए हैं, जिन्होंने नई दिशा दी या झकझोर कर सबको जागृत कर दिया। हमने देखा कि भक्ति आंदोलन के दौर में कोने-कोने में आध्यात्मिक चेतना हो गई। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में जो भाषण दिया, वह भारत की चेतना का जयघोष हो। ऐसा ही स्वतंत्रता संग्राम में भी हुआ। 1857 की क्रांति, सुभाष जी का दिल्ली चलो का नारा और गांधी जी का डांडी मार्च। इन सबने हमें प्रेरणा दी। ‘त्रिवेणी का जल लेकर मॉरीशस गया तो उत्सव जैसा माहौल था’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे ही मैं महाकुंभ को देखता हूं। हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया। करोड़ों लोग सुविधा और असुविधा के भाव से ऊपर उठते हुए श्रद्धा से जुटे। यह उमंग और उत्साह यहीं तक सीमित नहीं थी। बीते सप्ताह मैं मॉरीशस में था। मैं महाकुंभ के समय का जल त्रिवेणी से लेकर गया था। उस जल को जब मॉरीशस के गंगा तालाब में अर्पित किया गया तो वहां आस्था और उत्सव का माहौल देखते ही बन रहा था। भारत का युवा आज अपनी आस्था को गर्व के साथ अपना रहा है। जब एक समाज की भावनाओं में अपनी विरासत पर गर्व का भाव बढ़ता है तो हम ऐसी ही तस्वीरें देखते हैं, जो महाकुंभ के दौरान आईं। इससे भाईचारा बढ़ता है। हर भाषा के लोग संगम पर बोले- हर हर गंगे और लगाई डुबकी लोकसभा में पीएम ने कहा कि यह विश्वास होता है कि हम एक देश के रूप में बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। यहां पहुंचे लोग अहं त्याग कर वयं के भाव में आ गए। मैं नहीं हम के भाव में आए। अलग-अलग राज्यों से आए लोग त्रिवेणी का हिस्सा बने। जब करोड़ों लोग राष्ट्रीयता के भाव को मजबूती देते हैं तो देश की एकता बढ़ती है। जब हर भाषा के लोग संगम तट पर हर हर गंगे का उद्घोष करते हैं तो एकता की भावना बढ़ती है। हमने देखा कि वहां छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं था। यह भारत का बहुत बड़ा सामर्थ्य है। एकता की यही भावना भारतीयों का सौभाग्य है। आज पूरे विश्व में बिखराव की स्थिति है और ऐसे में हमारी एकजुटता बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमें कुंभ से प्रेरणा लेते हुए नदी उत्सव के कार्यक्रम को नया स्वरूप देना होगा। इससे नई पीढ़ी को जल और नदी का महत्व समझ आएगा। नदियों की साफ-सफाई के लिए लोगों को प्रेरणा मिलेगी।

कटरा पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया , उसके कब्जे से पिस्टल बरामद, पिस्टल लेकर मंदिर में दर्शन के लिए जा रही

 जम्मू शराब विवाद के बाद अब माता वैष्णो देवी मंदिर की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है. कटरा पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है. उसके कब्जे से एक पिस्टल बरामद की है. ये महिला पिस्टल लेकर मंदिर में दर्शन के लिए जा रही थी. कटरा पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया. महिला की पहचान ज्योति गुप्ता के रूप में हुई है. यह महिला दिल्ली पुलिस के लिए काम करती है. जानकारी के मुताबिक, महिला जिस पिस्टल को लेकर पहुंची थी, उसका लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था. कटरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली और महिला को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. एक दिन पहले विवादों में आए ओरी एक दिन पहले ही जम्मू में बॉलीवुड सोशलाइट और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ओरी यानी ओरहान अवात्रामणि विवादों में आए थे. ओरी और 7 अन्य लोगों के खिलाफ वैष्णो देवी के बेस कैंप कटरा में एक होटल में शराब पीने के आरोप में केस दर्ज किया गया है. कानून के अनुसार, कटरा में शराब बेचना, रखना और पीना सख्त मना है. सोमवार को पुलिस ने ये जानकारी दी थी. इस पूरे मामले पर अभी तक ओरी का कोई रिएक्शन नहीं आया है. 15 मार्च को ओरी का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें वो एक प्राइवेट होटल में अपने साथियों संग पार्टी करते दिखे थे. इस वीडियो में शराब की बोतल भी देखने को मिली थी. ओरी का ये वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया पर भी उन्हें ट्रोलिंग झेलनी पड़ रही है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने बयान में बताया कि इन सभी 8 लोगों के खिलाफ ‘देश के कानून का उल्लंघन करने’ के लिए FIR दर्ज की गई है. साथ ही एक टीम का गठन किया गया है जो ‘लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने’ के लिए उन्हें गिरफ्तार करेगी. कटरा पुलिस को 15 मार्च को एक शिकायत मिली थी कि एक होटल में ठहरे कुछ मेहमानों को परिसर में नियमों का उल्लंघन करते हुए शराब पीते हुए पाया गया है. इसके बाद इन 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई.  

आज 9 महीने बाद अंतरिक्ष से धरती पर वापसी करेंगीं एस्‍ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स

वाशिंगटन भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स आज मंगलवार की शाम धरती पर लौटने वाली हैं. एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद पृथ्वी पर लौट रहे हैं. नासा के अनुसार, सुनीता विलियम्स और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर आने वाला अंतरिक्ष यान कुछ ही घंटों में आईएसएस अलग होगा और मंगलवार शाम 5:57 बजे (अमेरिकी समयानुसार) फ्लोरिडा के समुद्र में उतरेगा. भारतीय समय के अनुसार, यह बुधवार तड़के करीब 3 बजे होगा. नासा करेगा सीधा प्रसारण ड्रैगन नामक इस अंतरिक्ष यान का दल रात 11:15 बजे (अमेरिकी समयानुसार) यानी भारत में मंगलवार सुबह 8:45 बजे आईएसएस से अलग होने और हैच बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेगा. नासा अपने स्पेसएक्स कार्यक्रम के तहत इस वापसी यात्रा का सीधा प्रसारण करेगा. यह नासा और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का संयुक्त मिशन है, जिसे “स्पेसएक्स क्रू 9” कहा जाता है. स्थितियों का किया आकलन नासा और स्पेसएक्स ने एजेंसी के क्रू-9 मिशन की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से वापसी के लिए फ्लोरिडा के तट पर मौसम और स्पलैशडाउन स्थितियों का आकलन करने के लिए रविवार को मुलाकात की। मिशन प्रबंधक 18 मार्च की शाम के लिए पूर्वानुमानित अनुकूल परिस्थितियों के आधार पर क्रू-9 की पहले वापसी के अवसर को लक्षित कर रहे हैं। मिशन प्रबंधक क्षेत्र में मौसम की स्थिति की निगरानी करना जारी रखेंगे, क्योंकि ड्रैगन की अनडॉकिंग कई कारकों पर निर्भर करती है। ट्रंप और मस्क का जताया आभार     इनमें अंतरिक्ष यान की तत्परता, रिकवरी टीम की तत्परता, मौसम, समुद्री स्थितियां और अन्य कारक शामिल हैं। नासा और स्पेसएक्स क्रू-9 की वापसी के करीब विशिष्ट स्पलैशडाउन स्थान की पुष्टि करेंगे।     इस बीच, सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर ने स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति आभार व्यक्त किया है। मस्क द्वारा एक्स पर पोस्ट वीडियो में विलियम्स ने कहा कि हम जल्द ही वापस आ रहे हैं, इसलिए मेरे बिना कोई योजना न बनाएं। हम जल्द ही वापस आएंगे। ये उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय मूल की दूसरी एस्‍ट्रोनॉट हाल ही में फॉक्स न्यूज पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक साक्षात्कार में मस्क ने कहा, “उन्हें राजनीतिक कारणों से वहां छोड़ दिया गया, जो अच्छा नहीं है.” सुनीता विलियम्स, जो इस साल सितंबर में 60 वर्ष की हुईं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध भारतीय मूल की दूसरी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं. उनसे पहले कल्पना चावला यह उपलब्धि हासिल कर चुकी थीं, लेकिन 2003 में कोलंबिया स्पेस शटल दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी. सुनीता विलियम्स का जन्म 1965 में हुआ था. उनके पिता दीपक पांड्या गुजरात से हैं, जबकि उनकी मां उर्सुलाइन बोनी पांड्या (जालोकर) स्लोवेनिया से हैं. सुनीता ने पहली बार 2006 में “डिस्कवरी” स्पेस शटल के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा की थी. 1. स्पेस स्टेशन से पृथ्वी पर लौटने में कितना समय लगेगा? इस सफर में करीब 17 घंटे लगेंगे। नासा की ओर से इस इवेंट का एक अनुमानित शेड्यूल जारी किया गया है। इसमें मौसम के कारण बदलाव भी हो सकता है। नासा के अनुसार 19 मार्च को सुबह 2:41 बजे डीऑर्बिट बर्न शुरू होगा। यानी, कक्षा से उल्टी दिशा में स्पेसक्राफ्ट का इंजन को फायर किया जाएगा। इसके बाद स्पेसक्राफ्ट की पृथ्वी के वातावरण में एंट्री होगी और सुबह फ्लोरिडा के तट पर पानी में लैडिंग होगी। 3. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को स्पेस स्टेशन पर क्यों भेजा गया था? सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बोइंग और NASA के 8 दिन के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ पर गए थे। इस मिशन का उद्देश्य बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन तक ले जाकर वापस लाने की क्षमता को टेस्ट करना था। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पर 8 दिन में रिसर्च और कई एक्सपेरिमेंट भी करने थे। मिशन के दौरान उन्हें स्पेसक्राफ्ट को मैन्युअली भी उड़ाना था। 4. बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट कब और कैसे लॉन्च किया गया था? 5 जून 2024 को रात 8:22 बजे एटलस V रॉकेट के जरिए बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट लॉन्च हुआ था। ये 6 जून को रात 11:03 बजे स्पेस स्टेशन पहुंचा था। इसे रात 9:45 बजे पहुंचना था, लेकिन रिएक्शन कंट्रोल थ्रस्टर में परेशानी आ गई थी। बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट एटलस V रॉकेट से 5 जून 2024 को भारतीय समयानुसार रात 8:22 बजे लॉन्च हुआ। बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट एटलस V रॉकेट से 5 जून 2024 को भारतीय समयानुसार रात 8:22 बजे लॉन्च हुआ। 5. सुनीता और विल्मोर इतने लंबे समय तक स्पेस में कैसे फंस गए?     स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट के 28 रिएक्शन कंट्रोल थ्रस्टरों में से 5 फेल हो गए थे। 25 दिनों में 5 हीलियम लीक भी हुए। हीलियम प्रोपलेंट को थ्रस्टरों तक पहुंचाने के लिए बहुत अहम है। ऐसे में स्पेसक्राफ्ट के सुरक्षित रूप से लौटने पर चिंताएं थी।     डेटा का विश्लेषण करने के बाद, नासा ने फैसला लिया कि स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट सुनीता और बुच विल्मोर को वापस लाने के लिए सुरक्षित नहीं है, इसलिए वो अंतरिक्ष यात्रियों के बिना ही स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट को 6 सिंतबर 2024 को पृथ्वी पर वापस ले आया।     अब स्पेसएक्स को एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाने की जिम्मेदारी दी गई। स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट हर कुछ महीनों में 4 एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन लेकर जाता है और वहां मौजूद पिछला क्रू स्पेस स्टेशन में पहले से पार्क अपने स्पेसक्राफ्ट से वापस आ जाता है।     स्पेसएक्स ने जब 28 सितंबर 2024 को क्रू-9 मिशन लॉन्च किया तो इसमें भी 4 एस्ट्रोनॉट जाने वाले थे, लेकिन सुनीता और बुच के लिए दो सीट खाली रखी गई। इनके पहुंचने के बाद क्रू-8 स्पेस स्टेशन में पार्क अपने स्पेसक्राफ्ट से पृथ्वी पर लौट आया।     15 मार्च 2025 को SpaceX ने 4 एस्ट्रोनॉट्स के साथ क्रू-10 मिशन लॉन्च किया। 16 मार्च को ये एस्ट्रोनॉट ISS पहुंच गए। अब क्रू-9 के चारों एस्ट्रोनॉट जिम्मेदारी क्रू-10 को हैंडओवर करने के बाद स्पेस स्टेशन पर सितंबर से पार्क अपने स्पेसक्राफ्ट से लौट रहे हैं। 6. क्रू-10 मिशन को इतनी देरी से क्यों भेजा गया, पहले भी भेज सकते थे? स्पेसएक्स के पास अभी 4 ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट है। एंडेवर, रेजीलिएंस, एंड्योरेंस और फ्रीडम। पांचवें स्पेसक्राफ्ट की मैन्युफैक्चरिंग हो रही है। क्रू-10 के लिए इसी … Read more

इजराइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 200 लोगों की हुई मौत, फिलिस्तीनी अधिकारियों ने दी जानकारी

 गाजा जराइल ने मंगलवार सुबह गाजा पट्टी क्षेत्र में हमास के ठिकानों को निशाना बनाते हुए सिलसिलेवार हवाई हमले किए। फिलिस्तीनी अधिकारियों ने हमले में कम से कम 200 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी दी है। कहा जा रहा है जनवरी में युद्धविराम के प्रभावी होने के बाद से यह गाजा में अब तक का सबसे भीषणतम हमला है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम को बढ़ाने के लिए वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं होने के कारण उन्होंने हमले का आदेश दिया। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा, ‘‘इजराइल अब सैन्य ताकत बढ़ाकर हमास के खिलाफ कार्रवाई करेगा।’’ फिर से संघर्ष जारी होने की आशंका रातभर हुए हमलों ने शांति का दौर खत्म कर दिया है और 17 माह से जारी संघर्ष के फिर से शुरू होने की आशंका को बढ़ा दिया है जिसमें 48,000 से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए थे और गाजा तबाह हो गया। हमास द्वारा बंधक बनाकर रखे गए लगभग 24 इजराइली नागरिकों के भविष्य के बारे में इजराइल के हमलों के कारण संशय की स्थिति पैदा हो गई है जिनके बारे में माना जाता है कि वे अब भी जीवित हैं। हमास ने एक बयान में इजराइल की ओर से किए गए हमलों की निंदा की और कहा कि इन हमलों ने बंधकों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। ‘बेगुनाह लोगों के खिलाफ…’ हमास के एक अधिकारी ताहिर नुनू ने इजरायली हमलों की आलोचना की है. उन्होंने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का मोरल टेस्ट हो रहा है, या तो वह कब्जे वाली सेना द्वारा किए गए अपराधों की वापसी की अनुमति दे या फिर गाजा में बेगुनाह लोगों के खिलाफ आक्रामकता और जंग को खथ्म करने की प्रतिबद्धता को लागू करे.” गाजा में तमाम जगहों पर विस्फोटों की आवाजें सुनी जा सकती थीं और मिडिल गाजा के अल-अक्सा हॉस्पिटल में एम्बुलेंस पहुंच रही थीं.” युद्ध विराम को लेकर क्या हुआ था? जंग को रोकने के लिए युद्ध विराम पर सहमति बनने के दो महीने बाद ताजे हमले  हुए हैं. छह हफ्ते में हमास ने करीब 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में करीब तीन दर्जन बंधकों को रिहा किया. लेकिन दो हफ्ते पहले युद्ध विराम का पहला चरण खत्म होने के बाद से, दोनों पक्ष करीब 60 बचे बंधकों को रिहा करने और युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने के मकसद से दूसरे चरण के साथ आगे बढ़ने के तरीके पर सहमत नहीं हो पाए हैं. नेतन्याहू ने बार-बार जंग को फिर से शुरू करने की धमकी दी है और इस महीने की शुरुआत में हमास पर दबाव बनाने के लिए घेरे हुए क्षेत्र में सभी खाद्य और सहायता डिलीवरी को रोक दिया.   हमास ने कही ये बात वहीं, एक इजराइली अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि इजराइल हमास के उग्रवादियों, इसके नेताओं और बुनियादी ढांचों पर हमला कर रहा है तथा हवाई हमलों से परे अभियान को और बढ़ाने की योजना बना रहा है। इस बीच हमास ने चेतावनी दी है कि मंगलवार की सुबह इजरायल के नए हवाई हमलों ने उनके बीच हुए सीजफायर को तोड़ दिया है। उसने साथ ही धमकी भरे अंदाज में यह भी कहा कि इजरायल की इस हरकत ने बंधकों के भाग्य को खतरे में डाल दिया है। वहीं, इजरायल ने कहा कि उसने सीजफायर को बढ़ाने के लिए चल रही बातचीत में कोई प्रगति न देखते हुए गाजा पट्टी में हवाई हमले किए हैं।

एक अफवाह और धधक उठा नागपुर,DCP समेत 30 पुलिसकर्मी घायल, 65 हुए गिरफ्तार

नागपुर महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार की रात भीषण हिंसा देखने को मिली है। नागपुर के महल इलाके में पथराव, कई गाड़ियों में तोड़फड़ और आसपास के इलाके में आगजनी की गई है। इस घटना के बाद से ही शहर में तनाव की स्थिति है। ऐसे में नागपुर शहर के कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है।नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंघल ने बताया है कि यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा में 35  पुलिसकर्मी घायल हैं। वहीं, 65 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।हिंसा और आगजनी के बाद नागपुर के कई स्कूलों में छुट्टी का ऐलान. पुलिस ने क्या बताया? नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ रविंदर सिंघल ने कहा, “स्थिति नियंत्रण में है। एक तस्वीर जलाई गई थी जिसके बाद लोग जमा हुए और उनके निवेदन पर हमने कार्रवाई की। लोगों का प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिलने मेरे ऑफिस भी आया था। हमने FIR दर्ज की है… घटना करीब 8:30 बजे की है। 2 वाहन जलाए गए हैं।” CM फडणवीस क्या बोले? नागपुर में हुई हिंसा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण हुई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। यह गलत है। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं। मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है, उठाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे नागपुर की शांति को भंग न होने दें। अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” हमने नागपुर में कभी ऐसी घटना नहीं देखी- बावनकुले महाराष्ट्र के मंत्री और राज्य भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “नागपुर में जो स्थिति निर्माण हुई है, जिन लोगों ने भी वो स्थिति निर्माण की है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन वहां मौजूद है…नागपुर की जनता बहुत संवेदनशील है…हमने नागपुर में कभी ऐसी घटना नहीं देखी। जिस प्रकार से घटना घटी है, किसी समाज कंटकों ने नागपुर को अशांत करने की कोशिश की है…हम सभी से अनुरोध करते हैं कि किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें…प्रशासन का सपोर्ट करें…महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हम सब घटना पर नजर रखे हुए हैं…अभी वहां स्थिति नियंत्रण में है।”

भारत अपनी पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान एएमसीए के विकास और उत्पादन को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना बना रहा

नई दिल्ली  भारत अपनी पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट को और तेजी से बनाने की तैयारी में है। यह जेट बेहद आधुनिक होगा और दुश्मन के रडार में नहीं आएगा। इसके लिए एक हाई लेवल कमिटी बनाई गई है। यह कमिटी AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) के निर्माण की रणनीति और बिजनेस मॉडल पर काम कर रही है। ऐसे में वो दिन दूर नहीं जब हमारा खुद का बनाया हुआ सुपर फाइटर जेट जल्द आसमान में उड़ान भर रहा होगा। फाइटर जेट को लेकर बड़ी तैयारी इस कमिटी के अध्यक्ष रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह हैं। इसमें वायु सेना उपप्रमुख एयर मार्शल एसपी धरकर, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और DRDO और ADA के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। कमिटी अगले महीने अपनी रिपोर्ट देगी। यह रिपोर्ट बहुत महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसमें AMCA के भविष्य की रूपरेखा होगी। यह सब इसलिए जरूरी हो गया है क्योंकि पाकिस्तान जल्द ही चीन से 40 J-35A स्टेल्थ फाइटर जेट खरीदने की फिराक में है। उधर चीन तो छठी पीढ़ी के फाइटर जेट के प्रोटोटाइप भी दिखा रहा है। 5th जेन फाइटर जेट जरूरी क्यों? चीन ने अपने पांचवीं पीढ़ी के चेंगदू J-20 जेट को भारत के सामने वाले हॉटन और शिगात्से जैसे एयरफील्ड में तैनात कर दिया है। इसके अलावा, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा चौथी पीढ़ी के तेजस जेट के उत्पादन में भी काफी देरी हो रही है। एक सूत्र ने हमारे सहयोगी अखबार टीओआई को बताया कि कमेटी का लक्ष्य, ‘AMCA को जल्द से जल्द डिजाइन से लेकर उड़ान भरने की स्थिति तक लाना। इसके लिए समय-सीमा कम करनी होगी और कार्यकुशलता बढ़ानी होगी। साथ ही, एक बेहतर उत्पादन और व्यावसायिक मॉडल बनाना होगा जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी ज्यादा हो।’ यानी, AMCA के निर्माण में प्राइवेट कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा। यह एक बड़ा बदलाव होगा। इस लड़ाकू विमानों में होंगी ये खूबियां कमिटी 110 किलो न्यूटन थ्रस्ट वाले इंजन के निर्माण पर भी प्लान कर रही है। इस इंजन से 25 टन वजनी AMCA को शक्ति मिलेगी। इसके लिए विदेशी तकनीक की मदद ली जाएगी। इस दौड़ में अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक, फ्रांस की सफरान और ब्रिटेन की रोल्स-रॉयस जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। यानी, AMCA का इंजन दुनिया के सबसे बेहतरीन इंजनों में से एक होगा। भारतीय वायुसेना की और बढ़ेगी पावर एक और रक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया था। इस रिपोर्ट को 3 मार्च को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपा गया था। इसका मतलब है कि सरकार वायुसेना को मजबूत बनाने के लिए गंभीर है। पिछले साल मार्च में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी ने AMCA के पांच प्रोटोटाइप के निर्माण को मंजूरी दी थी। इसकी शुरुआती लागत 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। स्टेल्थ एयरक्राफ्ट में होंगी ये खास फीचर AMCA में आंतरिक हथियार रखने की जगह और विशेष आकार के एयर इनटेक जैसे स्टेल्थ फीचर होंगे। लेकिन, मौजूदा समय-सीमा के अनुसार, AMCA का उत्पादन 2035 से पहले शुरू नहीं होगा। यह एक बड़ी चुनौती है। वायुसेना के पास अभी सिर्फ 30 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि 42.5 स्क्वाड्रन होने चाहिए। अगले 10 सालों में कम से कम आठ और स्क्वाड्रन रिटायर हो जाएंगे। यह चिंता का विषय है। 126 फाइटर जेट बनाएगा भारत वायुसेना 126 AMCA जेट शामिल करने की योजना बना रही है, जो सात स्क्वाड्रन बनाएंगे। AMCA में AI-पावर्ड इलेक्ट्रॉनिक पायलट सिस्टम, नेटसेंट्रिक वारफेयर सिस्टम और इंटीग्रेटेड व्हीकल हेल्थ मैनेजमेंट जैसे आधुनिक फीचर होंगे। पहले दो स्क्वाड्रन में 98 किलो न्यूटन थ्रस्ट वाले GE-F414 इंजन होंगे, जबकि बाकी पांच स्क्वाड्रन में 110 किलो न्यूटन थ्रस्ट वाले इंजन होंगे। इस बीच, घटती संख्या को पूरा करने के लिए 180 तेजस मार्क-1A (लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये में) और 108 तेजस मार्क-2 जेट शामिल किए जाएंगे। साथ ही, 114 4.5-पीढ़ी के मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) के निर्माण का लंबे समय से लंबित प्रोजेक्ट भी है, जिसमें विदेशी सहयोग लिया जाएगा।  

बलूचिस्तान में चरम पर आजादी की लड़ाई, चीन के CPEC प्रोजेक्ट में 60 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश

बीजिंग/इस्लामाबाद  बलूचों की आजादी की जंग ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान को समझ नहीं आ रहा है कि बलूचिस्तान को कैसे कंट्रोल में रखा जाए। अगर हालात बिगड़ते हैं तो ना सिर्फ पाकिस्तान टूट जाएगा, बल्कि चीन ने अरबों डॉलर का जो निवेश कर रखे हैं, वो भी डूब जाएंगे। दूसरी तरफ पिछले हफ्ते जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने के बाद बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में एक बार फिर से पाकिस्तान की सेना पर भीषण हमला किया है। BLA ने पाकिस्तान जवानों को ले जा रही एक बस को उड़ा दिया और दावा किया कि उसके हमले में कम से कम 90 जवान मारे गये हैं। यानि बलूचों ने पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ आजादी की जंग को काफी तेज कर दिया है, जिससे घबराए चीन ने पाकिस्तान को फौरन सैन्य सहायता देने की पेशकश की है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी अभियान में मदद करने के लिए सैन्य सहायता देने की पेशकश की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने जाफर एक्सप्रेस हाईजैक को लेकर पूछे गये सवाल पर कह है कि “हमने रिपोर्टों पर गौर किया है और इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है।” चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि “चीन पाकिस्तान के साथ आतंकवाद विरोधी और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और संयुक्त रूप से क्षेत्र को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर रखने के लिए तैयार है।” बलूचों के आंदोलन से क्यों घबराया चीन? आपको बता दें कि पिछले हफ्ते BLA के फ्रीडम फाइटर्स ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था, जिसमें 440 यात्री सवार थे। BLA ने 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवानों को मारने का दावा किया है। जबकि पाकिस्तान की सेना ने करीब 50 मौतों की बात कबूली है। जाफर एक्सप्रेस हाईजैक ने बीजिंग में तहलका मचा दिया है। वो अपने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की सुरक्षा को लेकर डर गया है। चीन को लग रहा है कि अरबों डॉलर के इस प्रोजेक्ट को बलूच फूंक देंगे। चीन ने 3,000 किलोमीटर लंबे CPEC में करोड़ों डॉलर का निवेश किया है। अनुमान है कि चीन ने बलूचिस्तान में अलग अलग प्रोजेक्ट्स के जरिए करीब 65 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो बीजिंग के लिए मध्य पूर्व के बाजारों तक सस्ते और तेज मार्ग और दक्षिण एशिया में प्रभाव बनाने का रास्ता बनाता है। लेकिन अब चीन का ये प्रोजेक्ट फंस गया है और भारत को घेरने का प्लान फेल होता नजर आ रहा है। बलूच विद्रोहियों की मांग ना सिर्फ पाकिस्तान से आजादी है, बल्कि वो चीनी प्रोजेक्ट का भी विरोध कर रहा हैं। बलूचों का कहना है की चीन उनकी संसाधनों को लूट रहा है। लिहाजा बलूच विद्रोही, बलूचिस्तान को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाली सीपीईसी परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी कर्मियों पर भी कई हमले किए हैं। बलूचिस्तान संसाधन संपन्न इलाका है, जहां प्राकृतिक गैस, कोयला, तांबा और अन्य मूल्यवान खनिजों का भंडार है। पाकिस्तान और चीन मिलकर इन खनिजों को लूट रहे हैं और बलूचों को कुछ भी नहीं मिल रहा है। लिहाजा बलूचों ने अब बंदूक उठा लिए हैं। बलूच नेशनल मूवमेंट के अध्यक्ष नसीम बलूच ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट की वजह से बलूचों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्वादर पोर्ट बनाने के लिए हजारों बलूचों को उनके घरों से विस्थापित कर दिया गया और उन्हें कहीं और बसाने के भी कोई इंतजाम नहीं किए गये। लिहाजा चीनी कर्मचारियों पर हमले हो रहे हैं। जिससे घबराए चीन ने पाकिस्तान पर अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों को तैनात करने के लिए पाकिस्तान पर भारी दबाव बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान, चीन के प्रस्ताव को स्वीकार करने में हिचकिचा रहा है, क्योंकि उसे अपनी धरती पर चीनी सुरक्षाकर्मियों को अनुमति देने पर घरेलू राजनीतिक प्रतिक्रिया का डर है। लेकिन अब जबकि बलूचों के हमले खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके हैं तो ऐसी आशंका है कि चीन अपने जवानों को बलूचिस्तान में तैनात कर सकता है।

टैरिफ धमकी पर तुलसी गबार्ड का बड़ा बयान, कहा- PM मोदी और ट्रंप अच्छे दोस्त, ‘सीधे टॉप लेवल पर चल रही बात’

नई दिल्ली नई दिल्ली पहुंचीं अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने कहा कि टैरिफ के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच टॉप लेवल पर सीधी बातचीत हो रही है। गबार्ड ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मैंने भारत सरकार के अधिकारियों से बात की है। मुझे यह देखकर खुशी हुई कि भारतीय अधिकारी इसे नकारात्मक दृष्टिकोण से देखने के बजाय सकारात्मक ले रहे हैं। अच्छे समाधान की तलाश गबार्ड ने आगे कहा कि जैसे पीएम मोदी अपने देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के लिए उपलब्ध अवसरों को सर्वोत्तम हित में देख रहे हैं। ठीक उसी प्रकार राष्ट्रपति ट्रंप भी अमेरिकी लोगों और आर्थिक हितों यही करने में जुटे हैं। पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप बेहतरीन समाधान की तलाश में हैं। टॉप लेवल पर चल रहा सीधा संवाद तुलसी गबार्ड ने कहा कि सबसे सकारात्मक बात यह है कि हमारे पास दो ऐसे नेता हैं, जिन्हें मुद्दों की सामान्य समझ है और अच्छे समाधान की तलाश में हैं। सीधा संवाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर चल रहा है। मगर विभिन्न सचिवों और कैबिनेट सदस्यों के बीच यह तय करने में अहम होगा कि आगे का रास्ता कैसा होगा? मैं व्यक्तिगत रूप से उत्साहित हूं क्योंकि भारत और अमेरिका में निजी क्षेत्र में गहरी दिलचस्पी है।   साझेदारी को मजबूत करने का बड़ा अवसर तुलसी गबार्ड ने कहा कि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच गहरी दोस्ती है। यही दोस्ती दोनों देशों के बीच आपसी साझेदारी को बढ़ाने की आधारशिला है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे नए प्रशासन के साथ संबंधों की दिशा पीएम मोदी की व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान तय हुई। जैसा कि आप जानते हैं कि वे पहले से ही अच्छे दोस्त हैं। यह भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने का एक बड़ा अवसर था।   इन क्षेत्रों पर मजबूत होगी साझेदारी गबार्ड ने कहा कि यहां विभिन्न भारतीय सरकारी और खुफिया अधिकारियों के साथ हुई हमारी बैठकों का आधार यह रहा है कि कैसे हम अपने संबंधों को मजबूत करना जारी रख सकते हैं? न केवल खुफिया बल्कि हम वाणिज्य, व्यापार, रक्षा और शिक्षा के क्षेत्र पर भी विचार कर रहे हैं। मैं अमेरिका-भारत साझेदारी में केवल अवसर ही देख रही हूं। बातचीत के दौरान तुलसी ने महाभारत समेत कई मुद्दों पर खुलकर बात की।

गंगा नदी में भीषण नाव दुर्घटना, 35 किसानों को मनिहारी ले जा रही नाव गंगा नदी में पलटी

अमदाबाद(कटिहार) अमदाबाद प्रखंड अंतर्गत सोमवार को गंगा नदी में भीषण नाव दुर्घटना स्थानीय मछुआरों की तत्परता से टल गई, नहीं तो 19 जनवरी को हुए नाव दुर्घटना की फिर से पुनरावृत्ति हो सकती थी। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह 10 बजे के करीब गदाई दियारा से लगभग 35 किसानों को लेकर मनिहारी जा रही एक नाव गंगा नदी में पलट गई। हालांकि, घटनास्थल के कुछ दूर ही नदी में मछली मार रहे चार युवक सहित कुछ अन्य नाविकों ने देवदूत बनकर लोगों को बचा लिया। घटना के संबंध में नाव पर सवार राजेश सिंह, चंदन सिंह, रजनीश कुमार, हरि बोल सिंह, बिहारी सिंह, वकील सिंह, सुधीर सिंह, बलिराज इत्यादि लोगों ने बताया कि करीब 35 किसान एक नाव पर सवार होकर अपने खेत का परवल मनिहारी के बाजार में बेचने जा रहे थे। 30 क्विंटल परवल नाव पर था लोड वहीं, करीब 30 क्विंटल परवल नाव पर लोड था। मनिहारी जाने के क्रम में सुबह करीब दस बजे गंगा नदी में तेज हवा के कारण नाव पलट गई। नाव सवार सभी लोग गंगा नदी में बहने लगे। हालांकि, परवल से लदे टोकरी को पकड़कर लोग बचने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, घटनास्थल से कुछ दूर मछली पकड़ने में लगे गोलाघाट के मछुआरा युवकों एवं कुछ अन्य नाविकों ने तत्काल घटना स्थल पर नाव लेकर पहुंच गए और लोगों को नदी से निकाला। मछुआरों ने बचाई जान लोगों को बचाने में शामिल गोलाघाट के मछुआरे कुंदन कुमार, लालू कुमार, दशरथ कुमार, गोविंद कुमार ने बताया कि वे लोग गदाई दियारा के सामने गंगा नदी में नाव पर से मछली पकड़ने हेतु जाल डाल रहे थे। इसी दौरान कुछ दूरी पर देखा कि लोगों से भरी एक नाव पलट गई है। उन्होंने अपना जाल छोड़कर तेजी से नाव लेकर घटना स्थल पर पहुंच डूबते हुए करीब पंद्रह लोगों को अपने नाव पर चढ़ा लिया, तब तक कुछ और नाविक भी नाव लेकर पहुंच गए एवं शेष लोगों को भी बचा लिया गया। 19 जनवरी को हुई थी नाव दुर्घटना बताते चलें कि इससे पूर्व भी 19 जनवरी को अमदाबाद के मेघु टोला गंगा नदी में सकरी जाने के क्रम में भीषण नाव दुर्घटना हो गई थी। जिसमें एक ही नाव पर 18 लोग सवार थे। जिसमें से आठ लोग किसी तरह स्थानीय लोगों की मदद से बचा लिए गए था, जबकि नौ लोगों की डूब कर मौत हो गई थी। वहीं, 11 वर्षीय स्वीटी कुमारी का कोई पता नहीं चल सका था। यदि आज भी समय से स्थानीय मछुआरे डूब रहे लोगों को बचाने नहीं पहुंचते तो 19 जनवरी की तरह ही इस बार भी बड़ी नौका दुर्घटना घटित हो जाती। क्या कहती हैं सीओ अंचलाधिकारी स्नेहा कुमारी ने बताया कि लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। उन्होंने कहा कि नाव परिचालन के समय लाइव जैकेट सहित अन्य मानको को पूरा करने के लिये जागरूक किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार का कोई दुर्घटना होने कि स्थिति में अधिक क्षति न हाे। उन्होंने कहा कि जल्द ही ओवरलोडिंग सहित अन्य मामलों कि खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

मनहेरू एवं भिवानी रेलवे स्टेशनों के बीच दोहरीकरण कार्य के चलते, कई ट्रेनें रहेंगी रद और कुछ के बदले रूट

रेवाड़ी बीकानेर मंडल पर रेवाडी-हिसार रेलखंड के मनहेरू एवं भिवानी रेलवे स्टेशनों के बीच दोहरीकरण कार्य के लिए ब्लाक लिया जा रहा है। इस कार्य के लिए रेल यातायात प्रभावित रहेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार, उपरोक्त कार्य के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे पर संचालित अनेक रेलगाड़ियों का संचालन प्रभावित होगा। इस दौरान कुछ रेलगाड़ियां रद तो कइयों के मार्ग परिवर्तित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गाड़ी संख्या 54787, भिवानी-रेवाड़ी रेलसेवा 22 अप्रैल से 11 मई तक रद रहेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 54788, रेवाड़ी- भिवानी रेलसेवा, गाड़ी संख्या 14715 हिसार जयपुमर रेलसेवा, 22 अप्रैल से सात मई तक रद रहेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 59632, हिसार-रेवाड़ी रेलसेवा 21 अप्रैल से 10 मई तक, गाड़ी संख्या 59631, रेवाडी- हिसार रेलसेवा 22 अप्रैल से 11 मई तक, गाड़ी संख्या 14705, भिवानी-ढेहर का बालाजी रेलसेवा 28 अप्रैल से आठ मई तक, गाड़ी संख्या 14706, ढेहर का बालाजी- भिवानी रेलसेवा 28 अप्रैल से आठ मई तक, गाड़ी संख्या 14117, प्रयागराज -भिवानी रेलसेवा एक से सात मई तक, गाड़ी संख्या 14118, भिवानी-प्रयागराज रेलसेवा 30 अप्रैल से छह मई तक रद रहेगी। इन गाड़ियों के मार्ग परिवर्तित किए गाड़ी संख्या 09733, जयपुर-भिवानी रेलसेवा 22 अप्रैल से सात मई तक जयपुर से रेवाडी तक ही संचालित होगी। अर्थात् यह रेलसेवा रेवाडी-भिवानी स्टेशनों के मध्य रद रहेगी। गाड़ी संख्या 09734, भिवानी-जयपुर रेलसेवा 22 अप्रैल से सात मई तक भिवानी के स्थान पर रेवाडी से संचालित होगी अर्थात् यह रेलसेवा भिवानी-रेवाडी स्टेशनों के मध्य आंशिक रद रहेगी। गाड़ी संख्या 14730, फाजिल्का-रेवाडी रेलसेवा 22 अप्रैल से सात मई तक फाजिल्का से चलकर भिवानी तक ही संचालित होगी अर्थात् यह रेलसेवा भिवानी-रेवाडी स्टेशनों के मध्य रद रहेगी। गाड़ी संख्या 54782, रेवाडी-बठिंडा रेलसेवा 22 अप्रैल से 11 मई तक रेवाडी के स्थान पर भिवानी से संचालित होगी अर्थात् यह रेलसेवा रेवाडी-भिवानी स्टेशनों के मध्य रद रहेगी। गाड़ी संख्या 14734, जयपुर-बठिंडा रेलसेवा 22 अप्रैल से सात मई तक जयपुर के स्थान पर हिसार से संचालित होगी अर्थात् यह रेलसेवा जयपुर-हिसार स्टेशनों के मध्य आंशिक रद रहेगी। इन स्टेशनों पर करेगी ठहराव गाड़ी संख्या 14029, श्रीगंगानगर-दिल्ली रेलसेवा 22 अप्रैल से सात मई तक श्रीगंगानगर से चलकर परिवर्तित मार्ग हिसार-भिवानी बाईपास-रोहतक-रेवाडी होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा भिवानी सिटी, रोहतक व झज्जर स्टेशनों पर ठहराव करेगी। गाड़ी संख्या 14030, मेरठ कैंट-श्रीगंगानगर रेलसेवा 22 अप्रैल से सात मई तक मेरठ कैंट से प्रस्थान करेगी वह रेलसेवा परिवर्तित मार्ग रेवाडी-रोहतक-भिवानी बाईपास-हिसार होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा झज्जर, रोहतक व भिवानी सिटी स्टेशनों पर ठहराव करेगी।   वहीं, गाड़ी संख्या 19415, अहमदाबाद-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा रेलसेवा 27 अप्रैल व चार मई को अहमदाबाद से प्रस्थान करेगी वह रेलसेवा परिवर्तित मार्ग रेवाडी-रोहतक-भिवानी बाईपास-हिसार होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा झज्जर, रोहतक व भिवानी सिटी स्टेशनों पर ठहराव करेगी। गाड़ी संख्या 12983, अजमेर – चंडीगढ़ रेलसेवा दो, चार, छह मई को अजमेर से प्रस्थान कर परिवर्तित मार्ग रेवाडी-झज्जर-रोहतक होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा झज्जर स्टेशन पर ठहराव करेगी। गाड़ी संख्या 12984, चंडीगढ़-अजमेर रेलसेवा तीन, पांच व सात मई को चंडीगढ़ से प्रस्थान चलकर परिवर्तित मार्ग रोहतक- झज्जर-रेवाडी होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा झज्जर स्टेशन पर ठहराव करेगी।

PM मोदी के इस बयान का मुरीद हुआ चीन, जमकर की तारीफ, चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा दोहराई

बीजिंग चीन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी के बयान की सराहना करते हुए चीन ने कहा कि ड्रैगन और हाथी के बीच बैले नृत्य एकमात्र विकल्प है। चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा दोहराई है। हाल ही में पीएम मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ बातचीत में कहा था कि दोनों देशों को मतभेद की जगह संवाद को प्राथमिकता देना चाहिए।पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में दोनों सेनाओं के बीच 2020 में हुई झड़प के बाद तनाव पैदा हुआ। इसे कम करने के लिए राष्ट्रपति शी के साथ बातचीत हुई। इसके बाद भारत-चीन सीमा पर स्थिति सामान्य हुई। पड़ोसियों के बीच मतभेद स्वाभाविक पीएम मोदी ने आगे कहा कि पड़ोसियों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं। मगर हमारे प्रयासों का उद्देश्य यह तय करना है कि मतभेद विवादों में न बदल जाएं और मतभेद के बजाय संवाद को प्राथमिकता दी जाए। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों ने एक समय वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 50 फीसद से अधिक का योगदान दिया था। हमारा सहयोग पारस्परिक रूप से न केवल लाभकारी है बल्कि वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए भी जरूरी है। चीन ने की पीएम मोदी की सराहना पीएम मोदी के इसी बयान पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चीन ने पीएम मोदी के हालिया बयान पर ध्यान दिया है। चीन इसकी सराहना  करता है। माओ ने आगे कहा कि पिछले साल अक्टूबर में रूस के कजान में पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच सफल द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक ने संबंधों के सुधार और विकास के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया। दोनों पक्षों ने आम समझ पर ईमानदारी से काम किया और सकारात्मक रिजल्ट हासिल किया। 2000 वर्ष पुराने आपसी संबंध चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मैं इस बात पर जोर देना चाहती हूं कि 2000 से अधिक वर्षों के आपसी संबंधों के इतिहास में दोनों देशों ने दोस्ताना आदान-प्रदान जारी रखा। दोनों देशों ने एक-दूसरे से सीखा। दो सबसे बड़े विकासशील देशों के तौर पर चीन और भारत ने अपने विकास और पुनरोद्धार के काम को साझा किया। एक-दूसरे की सफलताओं को समझा और उनका समर्थन किया। माओ ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग 2.8 अरब से अधिक लोगों के मौलिक हितों और क्षेत्रीय देशों की साझा आकांक्षाओं को पूरा करता है। उन्होने कहा कि यह वैश्विक दक्षिण के मजबूत करने और विश्व शांति के ऐतिहासिक प्रवृत्ति का अनुसरण करता है। एक-दूसरे की सफलता में योगदान दें दोनों देश चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों को ऐसे साझेदार बनना चाहिए जो एक-दूसरे की सफलता में योगदान दें। ड्रैगन और हाथी के बीच बैले नृत्य एकमात्र विकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि आम सहमति को लागू करने के लिए चीन भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ को एक अवसर के रूप में लेगा। द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और विकास के पथ पर आगे बढ़ाएगा।

सरकार छत्रपति संभाजी नगर में औरंगजेब की कब्र की रक्षा करेगी, लेकिन महिमामंडन की अनुमति देगी: : फडणवीस

नई दिल्ली औरंगजेब को लेकर देश में सियासी संग्राम चल रहा है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे हिंदू संस्थानों ने संभाजीनगर में मौजूद मुगल शासक औरंगजेब के मकबरे को तोड़ने की चेतावनी दी है। वहीं, भाजपा विधायक टी राजा ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को तोड़ना ही उनका संकल्प है। इसी बीच महाराष्ट्र में कांग्रेस चीफ हर्षवर्धन सपकाल ने सीएम देवेंद्र फडणवीस की तुलना औरंगजेब से कर दी। देवेंद्र फडणवीस भी औरंगजेब की तरह क्रूर: कांग्रेस नेता कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि औरंगजेब एक बेहद क्रूर मुगल शासक था। वह सत्ता के लिए धर्म का इस्तेमाल करता था। आज देवेंद्र फडणवीस भी उसी तरह क्रूर हैं और धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। महिमामंडन की अनुमति नहीं: सीएम फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार छत्रपति संभाजी नगर में औरंगजेब की कब्र की रक्षा करेगी, लेकिन मुगल राजा के महिमामंडन की अनुमति देगी, जबकि कट्टरपंथी संगठनों द्वारा कब्र को हटाने के लिए बार-बार आह्वान और विरोध किया जा रहा है। विधानसभा में सीएम फडणवीस ने कहा कि हम औरंगजेब की कब्र की रक्षा करेंगे, लेकिन उसकी या उस स्थान की महिमामंडन की अनुमति नहीं देंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज के मंदिर का महिमामंडन किया जाएगा, न कि औरंगजेब की कब्र का। औरंगजेब की तारीफ करने वालों की खैर नहीं: सीएम फडणवीस वहीं, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आज भिवंडी के शिवक्षेत्र मराडे पाडा में छत्रपति शिवाजी महाराज मंदिर (शक्तिपीठ) का लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि इस देश में अगर कोई औरंगजेब की कब्र को लेकर महिमा मंडन करने की कोशिश करेगा, तो उसे फाड़ कर रख देंगे। सीएम फडणवीस ने आगे कहा कि  छत्रपति शिवाजी महाराज के कारण ही हम इस देश में अपने इष्ट देवताओं के मंदिरों के दर्शन कर पाए. उन्होंने देश और धर्म के लिए लड़कर स्वराज्य की स्थापना की। मकबरे की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात हिंदू संगठनों ने चेतावनी के बाद मकबरे की सुरक्षा के मद्देनजर शहर में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।पुलिस को आशंका है कि अगर भीड़ औरंगजेब की मकबरे तक पहुंच गई तो हालात बिगड़ सकते हैं। बता दें कि पुलिस-प्रशासन ने मकबरे के लिए सीधी एंट्री पर रोक लगाई दी गई है। अगले आदेश तक मकबरे में सीधे प्रवेश पर रोक है। बता दें कि ये मकबरा संभाजीनगर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर खुलताबाद में स्थित है। अबू आजमी ने की थी औरंगजेब की तारीफ कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी नेता अबू आजमी के कुछ दिनों पहले औरंगजेब को एक कुशल शासक बताया था। उन्होंने कहा था कि औरंगजेब ने मंदिर के साथ-साथ मस्जिद भी तुड़वाए थे। सपा नेता के बयान पर सियासी हंगामा खड़ा हो गया था। मामले ने जब तूल पकड़ा तो अबू आजमी ने अपने बयान को वापस ले लिया।

चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भाषा से नफरत नहीं की जानी चाहिए, हिंदी राष्ट्रीय भाषा है, इसका अपना अलग महत्व

नई दिल्ली केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच इस समय परिसीमन और भाषा को लेकर विवाद देखने को मिला है। इस विवाद में अब आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू की भी एंट्री हो गई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भाषा से नफरत नहीं की जानी चाहिए। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब दक्षिण के कई राज्यों ने हिंदी के प्रति विरोध दिखाया है। तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने केंद्र पर भाषा थोपने का आरोप लगाया था। भाषा विवाद पर क्या बोले नायडू बता दें कि एक आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भाषा से नफरत नहीं की जानी चाहिए, हिंदी दिल्ली में संचार के लिए उपयोगी है। सीएम ने कहा कि हिंदी और अंग्रेजी दोनों का अपना महत्व है और इन्हें सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी राष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी अंतरराष्ट्रीय भाषा है। इसके साथ उन्होंने कहा कि भारतीय अब विभिन्न देशों में जा रहे हैं। इस बात पर उन्होंने जोर दिया कि आजीविका के लिए हम कोई भी भाषा सीख सकते हैं। हम मातृभाषा को नहीं भूलेंगे। भाषा केवल संचार के लिए होती है। हमें याद रखना चाहिए कि अधिक से अधिक भाषाएं सीखना सबसे अच्छा है। पवन कल्याण ने भी दी थी प्रतिक्रिया इससे पहले शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने तमिलनाडु के नेताओं की आलोचना की और कहा कि राज्य में कथित तौर पर हिंदी थोपने का आरोप लगाना पाखंड है। उन्होंने कहा कि ये नेता हिंदी का विरोध करते हैं, लेकिन वित्तीय लाभ कमाने के लिए तमिल फिल्मों को हिंदी में डब करवाते हैं। इस बयान के बाद उन्होंने इस बात को भी साफ कर दिया कि उन्होंने कभी हिंदी को विरोध नहीं किया है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet