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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- 75 साल के इतिहास में महिलाओं की उपलब्धियां सराहनीय

नई दिल्ली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संसद भवन परिसर में संविधान सभा की महिला सदस्यों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के 75 साल के इतिहास में महिलाओं ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह सराहनीय हैं। भारत एक ऐसा देश है जहां महिलाओं की पूजा होती है और उन्हें सम्मान दिया जाता है। यहां कन्या पूजन से लेकर विभिन्न रूपों में महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। ओम बिरला ने आगे कहा कि जब हम संविधान निर्माता महिलाओं को याद करते हैं, तो हमें यह भी याद रखना चाहिए कि एक समय था जब दूसरे देशों में महिलाओं को सम्मान नहीं दिया जाता था। लेकिन भारत में महिलाओं को सदैव सम्मानित किया गया है। अब वह समय आ गया है जब देश की आधी आबादी, यानी महिलाएं, देश की सुरक्षा से लेकर हर क्षेत्र में अपना अहम रोल निभा रही हैं।” लोकसभा अध्यक्ष ने महिला शिक्षा को लेकर तय किए लक्ष्य की बात की। आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल जाएंगी। महिला शिक्षा को 100% करना हमारा लक्ष्य है ताकि हर महिला शिक्षित हो सके। साथ ही, महिलाओं को चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी आगे आना चाहिए, ताकि समाज को और मजबूत किया जा सके। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश की प्रगति में महिलाओं का योगदान अहम रहा है। आज के दिन हमें उन महिलाओं को याद करना जरूरी है, जिन्होंने देश के लिए एक नया समाज बनाने में अहम भूमिका निभाई है। ये महिलाएं संविधान शिल्पी थी। इन महिलाओं की याद में आज संसद भवन में एक प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसका विमोचन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया।  

मणिपुर में महीनों से जारी अशांति थमने का नाम नहीं ले रही, हर बार हालात संभलने की उम्मीद होती है, फिर नया बवाल

इम्फाल मणिपुर में महीनों से जारी अशांति थमने का नाम नहीं ले रही है। हर बार हालात संभलने की उम्मीद जागती है, मगर फिर नया बवाल खड़ा हो जाता है। अब ताजा मामला तब गरमा गया जब सुरक्षा बलों की निगरानी में सिविलियन बसों ने जिलों के बीच सफर करना शुरू किया। इस कदम का कूकी समुदाय ने जोरदार विरोध किया और सड़कों पर जाम लगा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, आज मणिपुर में सुरक्षा बलों के संरक्षण में यात्री बसों का आवागमन फिर से शुरू हुआ, लेकिन कूकी समुदाय के विरोध के कारण हालात तनावपूर्ण हो गए। कांगपोकपी जिले में सुरक्षा बलों को सड़कों पर लगे बैरिकेड हटाने के लिए माइन-रेसिस्टेंट गाड़ियों का सहारा लेना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज में कई कूकी महिलाएं घायल हुईं। राष्ट्रपति शासन के बाद भी कई जगहों पर हिंसा मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि आज से किसी भी सड़क पर ब्लॉकेड नहीं रहने दिया जाएगा। इसके बावजूद कई कूकी-बहुल इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पत्थरबाजी करते, सड़कों को खोदते, टायर जलाते और बैरिकेड लगाते देखा गया। मणिपुर में मेइती और कूकी समुदायों के बीच संघर्ष मई 2023 से जारी है, जिसमें अब तक 250 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और करीब 50,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। कूकी नेताओं और उनके समर्थित संगठनों ने मांग की है कि जब तक उन्हें अलग प्रशासन नहीं मिलता, तब तक वे स्वतंत्र आवागमन की अनुमति नहीं देंगे। मेइती संगठनों की अलग मांग दूसरी तरफ, मेइती संगठनों ने सवाल उठाया है कि जब बातचीत जारी रह सकती है, तो राहत शिविरों में फंसे हजारों विस्थापितों को घर लौटने से क्यों रोका जा रहा है? कूकी नेताओं का कहना है कि मई 2023 में भड़की हिंसा के कारण उनकी मांगें पहले से अधिक सख्त हो गई हैं और अब वे एक स्वायत्त परिषद की जगह एक अलग प्रशासन या केंद्र शासित प्रदेश चाहते हैं। वहीं, मेइती नेताओं ने इस मांग को ‘कुकीलैंड’ बनाने की पुरानी योजना का हिस्सा बताया है। इस बीच, वर्ल्ड कूकी-जो इंटेलेक्चुअल काउंसिल ने मणिपुर के नए राज्यपाल को 15 जनवरी को एक ज्ञापन सौंपकर दावा किया कि कूकी समुदाय 1946-47 से ही अलग राज्य की मांग कर रहा है। गौरतलब है कि बीते वर्षों में कूकी समुदाय के कई विरोध प्रदर्शनों और चर्चाओं में इस मुद्दे को उठाया जाता रहा है।

आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने वानुआतु की नागरिकता ली

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष और आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में आवेदन किया है। विदेश मंत्रालय ने  इसकी पुष्टि की। मोदी ने वानुअतु की नागरिकता प्राप्त कर ली है। उनके कानूनी सलाहकार मेहबूब अबदी ने इस खबर की पुष्टि की। मेहबूब अबदी ने बताया कि ललित मोदी ने भारतीय पासपोर्ट को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सकारात्मक रूप से सरेंडर करने के सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने ओशियनियाई देश वानुआतु की नागरिकता ले ली है. भारत की अपनी नागरिकता छोड़ने के लिए लंदन स्थित भारतीय हाई कमिशन में उन्होंने एक एप्लिकेशन दिया है. आइए आपको बताते हैं उस देश वानुआतु की खासियत, जहां कि ललित मोदी ने नागरिकता ली है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि ललित मोदी ने हाई कमिशन में अपना पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए अप्लाई किया है. उन्होंने कहा, “ललित मोदी ने अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए एक एप्लिकेशन दिया है. इसकी नियमों के मुताबिक जांच होगी. हमें यह भी पता चला है कि उन्होंने वानुआतु की नागरिकता ले ली है. उनके खिलाफ चल रहे मामले कानून के मुताबिक जारी रहेंगे.” ललित मोदी ने क्यों ली वानुआतु की नागरिकता? वानुआतु की आबादी तीन लाख की है, और यहां गोल्डन पासपोर्ट स्कीम चलता है, जिससे अमीर लोग पैसे देकर आसानी से नागरिकता हासिल कर सकते हैं. इसकी कीमत 1.3 करोड़ रुपये है. दिलचस्प बात ये है कि इसमें ज्यादा डाक्यूमेंटेशन भी नहीं है, और इसे आनलाइन ही सबमिट किया जा सकता है. इस प्रोसेस में एक महीने से भी कम का समय लगता है, और देश में कदम रखने से पहले ही सबकुछ हो जाता है. वानुआतु की नागरिकता लेने में एक बड़ा फायदा ये होता है कि इस देश के पासपोर्ट के साथ 120 देशों में वीजा फ्री एंट्री मिलती है, जिसमें ब्रिटेन और यूरोपीय देश भी शामिल हैं. एक और दिलचस्प बात ये है कि वानुआतु एक टैक्स हेवेन है, जहां आपको ना तो इनकम, संपत्ति या किसी तरह का कार्पोरेट टैक्स ही लगता है. पिछले दो सालों में 30 अमीर भारतीयों ने यहां की नागरिकता हासिल की है, और यहां नागरिकता लेने वालों में चीनी सबसे आगे है. कहां है वानुआतु? वानुआतु गणराज्य, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीप राष्ट्र है. यह द्वीपसमूह ज्वालामुखीय मूल का है और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया से लगभग 1,750 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. इसके अतिरिक्त, वानुआतु न्यू कैलेडोनिया के 500 किलोमीटर पूर्वोत्तर में, फिजी के पश्चिम में और सोलोमन द्वीपों के निकट न्यू गिनी के दक्षिण-पूर्व में स्थित है. यह देश खासतौर से अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन्य जीवन और सांस्कृतिक धरोहर के लिए मशहूर है. ललित मोदी 2010 में भाग गए थे ब्रिटेन आईपीएल की शुरुआत करने वाले ललित मोदी 15 साल पहले भारत से ब्रिटेन भाग गए थे. भारत लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है, और कानूनी लड़ाई भी चल रही है लेकिन अब उन्होंने भारत की नागरिकता त्यागने का फैसला किया है, और जिस देश वानुआतु की नागरिकता उन्होंने ली है, वहां की आबादी पुडुचेरी से भी कम है, जिससे मामले में एक फ्रेश ट्विस्ट आया है. हालांकि, वह अपने ऊपर लगे तमाम मनी लान्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोपों को खारिज करते हैं. करोड़ों रुपये के गबन के आरोपी आईपीएल के शीर्ष अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपये के गबन के आरोप में ललित मोदी भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल है। विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया आई सामने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए आवेदन किया है। मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के तहत इसकी जांच की जाएगी। हमें यह भी बताया गया है कि उन्होंने वानुअतु की नागरिकता हासिल कर ली है। हम कानून के तहत उनके खिलाफ मामले को आगे बढ़ा रहे हैं।’ वहीं ललित मोदी के सलाहकार मेहबूब अबदी ने बताया कि मोदी के खिलाफ किसी भारतीय एजेंसी द्वारा किसी भी अदालत में कभी भी चार्जशीट या शिकायत नहीं दायर की गई है और न ही किसी भारतीय अदालत में उनके खिलाफ कोई आरोप तय किए गए हैं। ललित मोदी को वापस भारत लाने में बढ़ेंगी मुश्किलें ललित मोदी की नागरिकता का यह कदम कई साल बाद सामने आया है। आईपीएल के संस्थापक के रूप में ललित मोदी के ऊपर कई तरह के आरोप लग चुके हैं। वानुआतु एक दक्षिणी प्रशांत द्वीप राष्ट्र है और अब ललित मोदी यहां के नागरिक बन गए हैं। भारत सरकार को अब ललित मोदी को वापस लाने में मुश्किलें और बढ़ेंगी।

भारतीय वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने अमेरिका के F-35 विमानों पर दिया बड़ा बयान, अब तक औपचारिक प्रस्ताव नहीं

नई दिल्ली हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट बेचने की पेशकश की थी। अब इसको लेकर भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस विमान पर अब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया है। उन्होंने भारत को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपनाने और अपनी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम को तेज करने की जरूरत पर जोर दिया। मीडिया से बोलते हुए एयर मार्शल एपी सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना ने अभी तक एफ-35 विमान का विश्लेषण नहीं किया है और इसकी लागत भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा, “हमें इसे सावधानीपूर्वक विश्लेषण करना होगा कि हमारी आवश्यकताएं क्या हैं और इस विमान के साथ क्या मिलता है। लागत भी इसका एक हिस्सा है। यह कोई वॉशिंग मशीन या रेफ्रिजरेटर नहीं है कि जिसे सिर्फ दिखा औरअच्छा लगा तो खरीद लिया। हमने अभी इस पर कोई विचार नहीं किया है। अब तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है।” भारत को तैयार लड़ाकू विमान खरीदने पड़ सकते हैं 14 फरवरी को भारत और अमेरिका ने नई 10-वर्षीय रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए थे। इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका ‘एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू जेट’ विमान की संभावित आपूर्ति सहित भारत को सैन्य हार्डवेयर की बिक्री में वृद्धि करेगा। हालांकि, एयर मार्शल एपी सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि चीन द्वारा छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के बीच भारत को अपने तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किए गए लड़ाकू विमान खरीदने पड़ सकते हैं। भारत का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) अभी विकास के चरण में है और इसके पहले विमान के 2035 तक शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हमें तब तक तैयार लड़ाकू विमान खरीदने पड़ सकते हैं, जब तक कि एएमसीए विकसित नहीं हो जाता। या फिर हमें एएमसीए के विकास को तेज करना होगा।” भारतीय वायु सेना को लड़ाकू विमानों की जरूरत भारत के पास वर्तमान में 30 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत क्षमता 42 स्क्वाड्रन की है। एक स्क्वाड्रन में 18 लड़ाकू विमान होते हैं। चीन द्वारा छठी पीढ़ी के विमान विकसित करने और अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को उसके एफ-16 लड़ाकू विमानों के रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए, एयर मार्शल एपी सिंह ने नवीनतम तकनीक अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इससे उन्हें बढ़त मिलेगी। यह बिल्ली और चूहे का खेल है जो लगातार चलता रहेगा। फिलहाल, हम नई तकनीक के पीछे दौड़ रहे हैं। हमें एक ऐसी स्थिति में पहुंचना होगा, जहां दुनिया हमारी तकनीक को फॉलो करे और हम वैश्विक रक्षा क्षेत्र में नेतृत्व करें।” तेजस जेट की देरी पर ‘मित्रवत वार्तालाप’ वायु सेना प्रमुख ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अधिकारियों को तेजस लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में देरी पर फटकार लगाने के वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “फ्रेंडली बातचीत” करार देते हुए कहा, “किसी निजी बातचीत को लीक करना गलत है। मैं एचएएल के अपने सहयोगियों से बात कर रहा था। हम साथ प्रशिक्षित हुए हैं। यह टेस्टिंग टीम और इंजीनियरों के साथ एक फ्रेंडली चर्चा थी, जिनके साथ मैंने काम किया है।” बता दें कि पीएम मोदी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा था, ‘‘इस साल से हम भारत को सैन्य बिक्री में कई अरब डॉलर का इजाफा करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत को अंततः ‘एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू लड़ाकू विमान’ देने का रास्ता भी साफ कर रहे हैं।’’ एफ-35 लड़ाकू विमान को दुनिया के सबसे घातक, टिकाऊ और कनेक्टेड लड़ाकू विमानों के रूप में जाना जाता है। संवाददाता सम्मेलन में यह पूछे जाने पर कि क्या भारत, अमेरिका से एफ-35 लड़ाकू जेट विमान खरीदने की योजना बना रहा है, इस पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि यह अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। उन्होंने कहा, ‘‘यह अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस संबंध में औपचारिक प्रक्रिया अभी शुरू हुई है।’’

ED का बड़ा एक्शन: 850 करोड़ के फाल्कन घोटाला मामले में प्राइवेट जेट किया जब्त, विमान से दुबई भागा था आरोपी

हैदराबाद हैदराबाद (TG) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) पर एक हॉकर 800A जेट (टेल नंबर N935H) जब्त किया है, जो 850 करोड़ रुपये के फाल्कन घोटाले से जुड़ा है. विमान कथित तौर पर घोटाले के मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार का है, जिसने कथित तौर पर इसका इस्तेमाल 22 जनवरी को दुबई भागने के लिए किया था. माना जाता है कि प्रेस्टीज जेट्स इंक के माध्यम से 2024 में $1.6 मिलियन (लगभग ₹14 करोड़) में खरीदे गए इस जेट को कथित पोंजी स्कीम से फंड का उपयोग करके हासिल किया गया है, जिससे यह अपराध की सीधी आय बन जाती है. ED इनवॉइस डिस्काउंटिंग निवेश अवसरों की आड़ में 850 करोड़ रुपये की पोंजी स्कीम को बढ़ावा देने के लिए फाल्कन ग्रुप (कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड), इसके अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कुमार और अन्य प्रमुख अधिकारियों की जांच कर रहा है. कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की काव्या नल्लूरी अरेस्ट गौरतलब है कि विमान का उपयोग 22 जनवरी को दुबई भगाने के लिए किया गया. इसी की सूचना पर प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने तलाशी ली. इस मामले में चालक दल और अमरदीप कुमार के एक करीबी सहयोगी के बयान दर्ज कया और जेट को अपने कब्जे में ले लिया. वहीं 15 फरवरी को, साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने घोटाले के सिलसिले में सीपीएफपी के उपाध्यक्ष और फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग (एफआईडी) के बिजनेस हेड पवन कुमार ओडेला और सीपीएफपी और फाल्कन कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक काव्या नल्लूरी को गिरफ्तार किया. फाल्कन कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की काव्या नल्लूरी अरेस्ट विमान का उपयोग 22 जनवरी को दुबई भगाने के लिए किया गया. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए ईडी अधिकारियों ने तलाशी ली, चालक दल और अमरदीप कुमार के एक करीबी सहयोगी के बयान दर्ज कया और जेट को अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद 15 फरवरी को, साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने घोटाले के सिलसिले में सीपीएफपी के उपाध्यक्ष और फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग (एफआईडी) के बिजनेस हेड पवन कुमार ओडेला और सीपीएफपी और फाल्कन कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक काव्या नल्लूरी को गिरफ्तार किया. 1700 करोड़ रुपये एकत्र किए थे अमरदीप कुमार और दो अन्य संदिग्ध, आर्यन सिंह (सीओओ) और योगेंद्र सिंह (सीईओ) फरार हैं. अधिकारियों का आरोप है कि फाल्कन ग्रुप ने निवेशकों से लगभग 1,700 करोड़ रुपये एकत्र किए, उन्हें अल्पकालिक जमा पर उच्च रिटर्न का वादा किया, जबकि 850 करोड़ रुपये चुकाए गए, शेष राशि 6,979 जमाकर्ताओं को नहीं दी गई. जांच से पता चला कि FID प्लेटफ़ॉर्म को पीयर-टू-पीयर निवेश मॉडल के रूप में विपणन किया गया था, जिसमें जमाकर्ताओं को ब्रिटानिया, अमेज़ॅन और गोदरेज जैसे शीर्ष-स्तरीय कॉर्पोरेट ग्राहकों से जोड़ने का दावा किया गया था. हालांकि, विक्रेता प्रोफ़ाइल और लेन-देन पूरी तरह से गढ़े गए थे, जिससे वैधता का आभास होता था. इस जेट को 2024 में 1.6 मिलियन डॉलर (₹14 करोड़) में ‘प्रेस्टीज जेट्स इंक’ के जरिए खरीदा गया था. इस डील में घोटाले के पैसे का उपयोग किया गया था. ईडी का दावा है कि फाल्कन ग्रुप के पोंजी स्कीम से मिले पैसे को इस जेट की खरीद के लिए डायवर्ट किया गया था. चालक दल से की गई पूछताछ विमान के शमशाबाद पहुंचते ही ईडी ने इसे जब्त कर लिया. चालक दल से पूछताछ की गई और एक करीबी सहयोगी का बयान दर्ज किया गया. क्या है फाल्कन घोटाला फाल्कन ग्रुप ने निवेशकों से ₹1,700 करोड़ जुटाए, जिसमें हाई रिटर्न का लालच देकर फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग निवेश योजना चलाई गई. ₹850 करोड़ वापस किए गए, लेकिन 6,979 निवेशकों को भुगतान नहीं मिला. कंपनी के प्रमुख अधिकारियों में चेयरमैन और एमडी अमरदीप कुमार शामिल हैं, जो अभी भी फरार हैं. निवेशकों से एकत्र किए 1700 करोड़ रुपये वहीं इस घोटाले का मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार और दो अन्य संदिग्ध, आर्यन सिंह (सीओओ) और योगेंद्र सिंह (सीईओ) फरार हैं. फाल्कन ग्रुप ने आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों से लगभग 1,700 करोड़ रुपये एकत्र किए, उन्हें अल्पकालिक जमा पर उच्च रिटर्न का वादा किया, जबकि 850 करोड़ रुपये चुकाए गए, शेष राशि 6,979 जमाकर्ताओं को नहीं दी गई. जांच से पता चला कि FID प्लेटफ़ॉर्म को पीयर-टू-पीयर निवेश मॉडल के रूप में विपणन किया गया था, जिसमें जमाकर्ताओं को ब्रिटानिया, अमेज़ॅन और गोदरेज जैसे शीर्ष-स्तरीय कॉर्पोरेट ग्राहकों से जोड़ने का दावा किया गया था. हालांकि, विक्रेता प्रोफ़ाइल और लेन-देन पूरी तरह से गढ़े गए थे, जिससे वैधता का आभास होता था.

होली से पहले केन्द्र की मोदी सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत की दरों में वृद्धि कर सकती

नई दिल्ली  केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों का इंतजार खत्म होने वाला है। खबर है कि होली से पहले केन्द्र की मोदी सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत की दरों में वृद्धि कर सकती है।यह वृद्धि 7th Pay Commission के तहत की जाएगी।इससे 48 लाख केन्द्रीय कर्मचारी और 69 लाख से ज्यादा पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। संभावना है कि 12 मार्च बुधवार को पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में डीए वृद्धि का प्रस्ताव रखा जा सकता है। चुंकी पिछले साल भी मार्च में होली से पहले डीए बढ़ाया गया था।अगर मुहर लगती है तो इसके बाद वित्त मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे।हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।इससे पहले खबर आई थी कि 5 मार्च को होने वाली कैबिनेट में प्रस्ताव आएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जनवरी 2025 से बढ़ाया जाना है महंगाई भत्ता दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च और अक्टूबर के आसपास होता है। वर्तमान में केन्द्रीय कर्मचारियों पेंशनरों को 53% की दर से महंगाई भत्ते और राहत का लाभ मिल रहा है। अब अगली वृद्धि 1 जनवरी 2025 से होना है। कितना बढ़ेगा महंगाई भत्ता 2025 वर्तमान में केन्द्रीय कर्मचारियों पेंशनरों को 53% की दर से महंगाई भत्ते और राहत का लाभ मिल रहा है। 1 जनवरी 2025 से फिर डीए की दरों में संशोधन होना है, जो श्रम मंत्रालय द्वारा AICPI Index के जुलाई से दिसंबर 2024 के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।उम्मीद है कि 2 से 3% डीए फिर बढ़ाया जा सकता है, जिसके बाद डीए 55 या 56% पहुंच सकता है, क्योंकि AICPI Index अंक 143.7 और DA स्कोर 55% तक पहुंच चुका है।नई दरें जनवरी से बढ़ेंगी ऐसे में 2 महीने जनवरी फरवरी का एरियर भी मिलेगा। DA Hike पर कितनी बढ़ेगी सैलरी?     उदाहरण के तौर पर, जिन कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये है, उन्हें 2 से 3 फीसदी डीए बढ़ने पर सैलरी 540-720 रुपये प्रति माह तक बढ़ सकती है।2,50,000 रुपये की अधिकतम सैलरी पाने वालों को 7,500 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी।     किसी कर्मचारी को 15,000 प्रति महीना महंगाई भत्ता मिल रहा है, तो यह बढ़कर 15,450 रुपये हो जाएगा। यानी उन्हें 450 रुपये प्रति महीना के हिसाब से अधिक मिलेंगे। पेंशनभोगियों को भी इसका लाभ मिलेगा, जिनकी पेंशन में 270 से 3,750 रुपये तक का इजाफा हो सकता है।     यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50,000 रुपये है और DA दर 53 प्रतिशत है, तो उसका कुल वेतन (अन्य भत्तों को छोड़कर) 76,500 रुपये होगा। यदि DA दर बढ़ाकर 56 प्रतिशत कर दी जाती है, तो कुल वेतन बढ़कर 78,000 रुपये हो जाएगा।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा- जहां तक भारतीय सेना की बात है तो हमारा काम हमारे अग्रिम मोर्चों को सुरक्षित रखना

नई दिल्ली सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ती मिलीभगत को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “हमें इस उच्च स्तर की साजिश को स्वीकार करना होगा। वर्चुअल डोमेन में यह (मिलीभगत) लगभग 100 प्रतिशत है। भौतिक रूप से (पाकिस्तान के पास) अधिकतर सैन्य उपकरण चीनी मूल के हैं। दो मोर्चों पर युद्ध की आशंका एक वास्तविकता है।” मीडिया कॉन्क्लेव 2025 में बोलते हुए सेना प्रमुख ने भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश का भी जिक्र किया जो आजकल पाकिस्तान के साथ नजदीकियां बढ़ा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन का नया गठजोड़ भारत के लिए चिंता की बात है, तो उन्होंने इसे पूरी तरह से खारिज नहीं किया। हालांकि उन्होंने बांग्लादेश के संदर्भ में कहा कि उस देश की सेना के साथ हमारी सेना के अच्छे संबंध है और वहां चुनाव के बाद नई सरकार के बनने का इंतजार करना चाहिए। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, “जहां तक भारतीय सेना की बात है तो हमारा काम हमारे अग्रिम मोर्चों को सुरक्षित रखना। हम कई देशों के साथ अपने अग्रिम मोर्चे शेयर करते हैं। इसलिए हमारी क्षमता इतनी होनी चाहिए कि हम अपने पड़ोसियों की क्षमता को हैंडल कर सकें। सेना को हमेशा इसके लिए तैयार रहना चाहिए।” उन्होंने कहा, “जहां तक बांग्लादेश की बात है, तो उसको लेकर हमें जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। वहां चुनी हुई सरकार आने दीजिए। देखते हैं कि वह कैसे रिश्ते रखती है। फिर देखते हैं कि हम क्या करेंगे।” सेना प्रमुख ने आगे कहा कि मौजूदा समय में दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं। उन्होंने कहा, “हम समय-समय पर एक दूसरे नोट्स देते रहते हैं ताकि किसी भी संदेह की स्थिति से बचा जा सके।” उन्होंने बांग्लादेश और पाकिस्तान के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद का केंद्र केवल एक देश है। उन्होंने कहा, “अगर वह (पाकिस्तान) हमारे किसी भी पड़ोसी मुल्क के साथ संबंध रखता है तो मुझे चिंता होनी चाहिए। क्योंकि आतंकवाद का रास्ता उस देश से भी खुल सकता है। मौजूदा समय में मेरी यही सबसे बड़ी चिंता है।” सीमा पर आतंकवादी गतिविधियों में कोई कमी नहीं सेना प्रमुख ने एलओसी (LoC) पर पाकिस्तान की सैन्य तैनाती और गर्मियों में घुसपैठ की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि “क्या कोई संकेत है कि आतंकवाद रुक गया है? क्या कोई कमी आई है? जवाब है- नहीं। हमें आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी के लिए तैयार रहना होगा।” उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने 2018 से अब तक आतंकवादी घटनाओं में 83 प्रतिशत की कमी दर्ज की है। घाटी में आतंकी भर्ती भी बेहद कम हो गई है, और 2024 में केवल 45 युवाओं की आतंकवाद में भर्ती की सूचना है। वहीं, अमरनाथ यात्रा में इस बार 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे यह साफ होता है कि क्षेत्र अब “आतंकवाद से पर्यटन” की ओर बढ़ रहा है। “पाकिस्तान खुद अपने ही आतंकवाद के कारण गर्त में जा रहा है” जनरल द्विवेदी ने कहा कि “पाकिस्तान अपने ही उग्रवाद का शिकार बन रहा है और खुद को संकट में डाल रहा है। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान स्थिर रहे, न कि वह आतंकवाद का केंद्र बने।” उन्होंने यह भी बताया कि 2024 में मारे गए 60% से अधिक आतंकवादी पाकिस्तानी मूल के थे, जो सीमा पार से जारी खतरे को दर्शाता है। चीन के साथ स्थिति और भविष्य की रणनीति पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेपचोक में तनाव कम होने के बाद चीन के रुख पर चर्चा करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि “सीमा पर तैनात जवान अधिक सहयोगी और समझदार होते हैं, जिससे परस्पर तालमेल बेहतर हुआ है।” सैन्य संसाधनों पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “युद्ध के समय कितने भी संसाधन हों, वे कभी पर्याप्त नहीं होते। युद्ध के बाद भी किसी देश को 25-30% संसाधन सुरक्षित रखने पड़ते हैं, ताकि भविष्य के खतरों से निपटा जा सके।” भारत हर तरह के युद्ध के लिए तैयार: सेना प्रमुख भविष्य के युद्धों की प्रकृति पर उन्होंने कहा कि “भारत पहले से ही ‘न युद्ध, न शांति’ की स्थिति में है। हमें ढाई मोर्चों (पाकिस्तान, चीन और आंतरिक चुनौतियों) का खतरा बना रहेगा।” उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देते हुए कहा कि “आप अपने दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन अपने पड़ोसी नहीं”। अग्निवीर योजना सफल, लेकिन सुधार जारी अग्निवीर भर्ती योजना की सफलता पर सेना प्रमुख ने कहा कि “यह योजना बेहद सफल रही है। हमें बेहतरीन युवा मिल रहे हैं, जो सीखने के लिए बेहद उत्सुक हैं और प्रदर्शन भी शानदार कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अग्निवीरों की छुट्टियों और लाभों को नियमित सैनिकों के समान बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। तकनीकी दक्षता वाले अग्निवीरों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अधिकतम उम्र सीमा 21 से बढ़ाकर 23 वर्ष करने का सुझाव दिया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या अग्निवीरों की स्थायी भर्ती 25% से बढ़ाकर 50% की जाएगी, उन्होंने कहा कि “इस पर फैसला 2026 के अंत तक लिया जाएगा।”

सभी महिला कर्मचारियों को चुनौतियों से निपटने के लिए देंगे मिर्च स्प्रे, रेलवे सुरक्षा बल की कर्मियों के लिए रेलवे की नई कवायद

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने सुरक्षा में लगी रेलवे सुरक्षा बल की कर्मियों के लिए एक नया फैसला किया है। सरकारी प्रेस नोट के मुताबिक इन सभी महिला कर्मचारियों को मिर्च स्प्रे के डिब्बे उपलब्ध कराए जाएंगे। रेलवे के मुताबिक यह गैर घातक लेकिन प्रभावी हथियार महिला कर्मियों को अकेले या बच्चों के साथ यात्रा कर रही महिला यात्रियों की सुरक्षा करने में मदद करेगा। चुनौतीपूर्ण स्थितियों से निपटने में मदद करेगा। रेलवे द्वारा जारी प्रेस में कहा गया कि यह नया कदम भारतीय रेलवे की लैंगिक समावेशिता और महिला शक्तिकरण और अपने नेटवर्क में बढ़ी हुई सुरक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यहीं नहीं मिर्च स्प्रे उपलब्ध कराने से महिला आरपीएफ कर्मियों को सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत मिलेगी, जिससे वे खतरों को रोक सकेंगी और आपात स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभाव सकेंगी। आरपीएफ के डीजी मनोज यादव ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के महिलाओं को सशक्त बनाने और सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। भारतीय रेलवे ने महिला यात्रियों के लिए यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार कई उपाय किए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी महिला आरपीएफ कर्मी ताकत, देखभाल और लचीलेपन का प्रतीक हैं। उन्हें मिर्च स्प्रे के डिब्बे से लैस करके, हम उनका आत्मविश्वास और परिचालन क्षमता बढ़ा रहे हैं, साथ ही यह स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि यात्रियों की सुरक्षा – विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस फैसले को लेकर मंत्रालय ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल में अधिक महिलाओं को शामिल करना एक प्रभावशाली नीति रही है। इस नीति की वजह से आरपीएफ में करीब 9 फीसदी महिला कर्मी हैं। इनमें से कई महिला आरपीएफ कर्मी मेरी सहेली टीमों का हिस्सा हैं, जिनकी मुख्य जिम्मेदारी महिला यात्रियों की सुरक्षित यात्राओं को सुनिश्चित करना है।

सड़कों पर आ गई भ्रष्टाचार से परेशान जनता, अर्थव्यवस्था भी बदहाल, नेपाल में एक बार फिर राजतंत्र की मांग तेज

नेपाल नेपाल में एक बार फिर राजतंत्र की मांग तेज हो गई है। राजशाही का समर्थन करने वाली राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (RPP) ने काठमांडू में एक रैली निकाली। इस रैली में बड़ी संख्या में लोग नेपाल का राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए थे। पूर्व राजा ज्ञानेंद्र वीर विक्रम शाह ने हाल ही में दावा किया है कि वह एक बार फिर देश के लिए सक्रिय भूमिका में आना चाहते हैं। वहीं बात करें प्रधानमंत्री केपी ओली और नेपाली कांग्रेस चीफ शेर बहादुर देउबा की तो नेपाल का फिर से राजशाही की ओर लौटना संभव ही नहीं है। सीपीए-माओवादी सेंटर के चेयरमैन पुष्पकमल दहल प्रचंड ने भी कहा है कि ज्ञानेंद्र सिंह को जनता को मूर्ख बनाना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर पूर्व राजा को लगता है कि वह बहुत फेमस हैं तो वह अपनी एक पार्टी बना सकते हैं। जनता अगर मौका देगी तो वह फिर से देश की सेवा कर सकते हैं। आरपीपी के समर्थकों का कहना है कि नेपाल की सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। ऐसे में लोकतंत्र को हटाकर एक बार फिर राजशाही लागू कर देनी चाहिए। नेपाल में 2008 तक राजशाही की ही व्यवस्था थी। वहीं राजशाही खत्म होने केबाद काठमांडू के रॉयल पैलेस को म्यूजियम में तब्दील कर दिया गया था। गुरुवार को पोखरा मे ज्ञानेंद्र शाह ने पूर्व राजा वीरेंद्र शाह की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस मौके पर भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। वहां लोगों ने राजशाही का राष्ट्रगान भी गाया। रिपोर्ट्स की मानें तो राजशाही की मांग करने वालों में बड़ी संख्या युवाओं की है। मौजूदा व्यवस्था से दुखी हो गए लोग नेपाल में जब राजशाही का अंत हुआ था तो जनता को लगता था कि लोकतंत्र में देश और जनता दोनों का बहुत भला होने वाला है। हालांकि अब नेपाल की जनता इस व्यवस्ता से ऊब रही है। वहीं ज्ञानेंद्र शाह की पॉपुलरिटी एक बार फिर बढ़ रही है। नेपाल की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच भीलोगों का मोहभंग हो गया है। वहीं सरकार की विदेश नीति भी प्रभावी नहीं रही है। भारत के लिए कैसा है कम्युनिस्ट शासन नेपाल लंबे समय से भारत का सहयोगी रहा है। राजशाही के वक्त भारत और नेपाल के बीच मैत्रिसंबंध ज्यादा अच्छे थे। वहीं कम्युनिस्ट शासन में नेपाल की राजनीत में चीन का समर्थन और भारत विरोधी भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी है। नेपाल की सरकार में भारत की गोरखा रेजिमेंट में भर्तियां तक बंद करवा दीं। वहीं जनता को इससे नुकसान हो रहा है। ऐसे में वह पुराने दिनों को याद कर रही है। इसका फायदा राजशाही समर्थक उठाना चाहते हैं और वे जनता के आक्रोश को आंदोलन में बनदलने की फिराक में हैं। अर्थव्यवस्था का बुरा हाल राजशाही की मांग करने वाली आरपीपी की बात करें तो नेपाल की संसद में 275 में पार्टी की कुल संख्या 14 ही है। ऐसे में इस पार्टी का जनाधार मजबूत नहीं कहा जा सकता। नेपाल में 165 चुने हुए सांसद हैं और बाकी के 110 समानुपातिक प्रक्रिया से संसद भेजे गए हैं। नेपाल में अर्थव्यवस्था भी बदहाली से गुजर रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने भी नेपाल की आर्थिक मदद रोकने का ऐलान कर दिया है। सरकार कर्ज तले दबी है और यह बोझ बढ़ता ही जा रहा है। इस वित्त वर्ष में नेपाल पर बाहरी कर्ज करीब 2 लाख करोड़ बढ़ चुका है।

यूक्रेन शांति समझौता करने के लिए रखीं कई शर्तें, रूस को भी पसंद नहीं आई डोनाल्ड ट्रंप की बात

रूस रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है। यूक्रेन की मदद कर रहे अमेरिका के पीछे हटने के साथ ही युद्ध में शांति के आसार नजर आने लगे हैं। लेकिन ऐसे समय में रूस और अमेरिका के बीच भी थोड़ी तनातनी देखने को मिल रही है। क्रेमलिन की तरफ से कहा गया है कि राष्ट्रपति पुतिन शांति समझौते के लिए तैयार हैं लेकिन कुछ शर्तों के साथ। इससे पहले, ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए लगातार रूस की तरफ से शांति के प्रयासों पर सहमति की बात कही है। लेकिन कल ट्रंप की इन बातों के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए। राष्ट्रपति ट्रंप से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने रूस पर भरोसा जताते हुए कहा कि राष्ट्रपति पुतिन शांति समझौता चाहते हैं। लेकिन शुक्रवार की सुबह ही राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस को युद्ध न रोकने की स्थिति में तमाम तरह के टैरिफ लगाने की धमकी भी दे डाली। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर रूस को आड़े हाथों लेते हुए ट्रंप ने लिखा कि हम शांति की बात कर रहे हैं और रूस यूक्रेन को मिसाइलों और गोला-बारूद से भरता जा रहा है। इसका जवाब देने के लिए हम रूस पर कई तरह के प्रतिबंध और लगाने जा रहे हैं। यूक्रेन और रूस दोनों पक्षों के लिए हमारा एक ही संदेश है कि जल्दी से जल्दी आप बातचीत की टेबल पर आइए और शांति स्थापित कीजिए। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए रूस की तरीफ भी की थी। उन्होंने कहा कि हम रूस के साथ शांति वार्ता के लिए अच्छे तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हम जल्दी ही शांति तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि रूस से बातचीत करना यूक्रेन से बातचीत करने की तुलना में अधिक आसान है। दूसरी तरफ अमेरिका और रूस का बढ़ता याराना यूक्रेन के लिए डर पैदा कर रहा था, लेकिन ट्रंप के रूस को टैरिफ लगाने की धमकी देना शायद कुछ राहत दे। हालांकि कीव में इस मामले के जानकार लोगों के मुताबिक रूस शांति समझौते के लिए नए मापदंड तय करने की कोशिश कर रहा है। इसलिए उसने अपने हमले तेज कर दिए हैं। समझौते के दौरान रूस इस बात पर जोर देगा कि वह जीती हुई जमीन के किस हिस्से को अपने पास रखेगा। इससे पहले, जेलेंस्की से ट्रंप की बहस के बाद अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारी इस युद्ध के सिलसिले में मंगलवार को सऊदी अरब में मिलने की तैयारी कर रहे हैं। यूक्रेन के लिए इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संबंधों को बेहतर करके अमेरिका से हथियार और खुफिया जानकारी की सुविधा वापस हासिल करना और भविष्य के लिए दोनों देशों की साझेदारी को आकार देना है। वहीं अमेरिका शांति के लिए प्रयास करेगा, जैसा की राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि वह केवल शांति चाहते हैं। एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब में हुई पिछली मीटिंग के दौरान ही रूसी अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने अस्थाई शांति का प्रस्ताव रखा था, जिससे आगे स्थाई शांति का स्थापित किया जा सके। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक अमेरिका और रूस दोनों ही यहां पर यु्द्ध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार थे।

इजरायल की एक 27 वर्षीय पर्यटक और एक होमस्टे चलाने वाली महिला के साथ गैंगरेप, साथियों को नदी में फेंका, एक की मौत

हंपी कर्नाटक के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हम्पी के पास एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां इजरायल की एक 27 वर्षीय पर्यटक और एक होमस्टे चलाने वाली महिला के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया गया। यह घटना गुरुवार रात करीब 11:30 बजे तब हुई, जब दोनों महिलाएं सानापुर झील के किनारे बैठकर तारों को निहार रही थीं। इस घटना में एक पुरुष पर्यटक की मौत हो गई है। पहले 100 रुपये की मांगे, फिर किया गैंगरेप पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिलाएं तीन अन्य पुरुष पर्यटकों के साथ थीं, जिनमें एक अमेरिकी नागरिक और दो भारतीय (महाराष्ट्र और ओडिशा से) शामिल थे। ये सभी तुंगभद्रा नहर के पास संगीत सुनते हुए रात का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान तीन अज्ञात लोग मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे। शुरुआत में आरोपियों ने पेट्रोल के लिए पूछताछ की और फिर इजरायली पर्यटक से 100 रुपये की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो बहस शुरू हो गई। साथियों को नहर में धक्का दिया इसके बाद आरोपियों ने पुरुष पर्यटकों पर हमला किया और उन्हें नहर में धक्का दे दिया। फिर उन्होंने दोनों महिलाओं के साथ गैंगरेप किया और मौके से फरार हो गए। दो पुरुष अमेरिकी नागरिक डैनियल और महाराष्ट्र के पंकज नहर से बाहर निकल आए, लेकिन ओडिशा के बिबाश डूब गए। शनिवार सुबह उनका शव बरामद किया गया। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस होमस्टे चलाने वाली महिला की शिकायत के आधार पर, गंगावती ग्रामीण पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(6) (चोरी या उगाही), 64 (बलात्कार), 70(1) (सामूहिक बलात्कार), 311 (लूट या डकैती के साथ गंभीर चोट या मृत्यु का इरादा), और 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने छह विशेष टीमें गठित की हैं और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। दोनों पीड़ित महिलाएं वर्तमान में सरकारी अस्पताल में इलाज करवा रही हैं। कोप्पल के पुलिस अधीक्षक राम एल अरसिद्दी ने कहा, “हमने संदिग्धों की पहचान कर ली है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” इस घटना ने हम्पी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। यह वारदात कर्नाटक के पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, जो हम्पी जैसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के लिए जाना जाता है। मामले की जांच जारी है, और पुलिस लापता पर्यटक की तलाश में भी जुटी है।

होली से पहले महिलाओं को तोहफा, दिल्ली में महिला समृद्धि योजना लागू, BPL कार्ड धारक महिलाओं को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली दिल्ली में महिला समृद्धि योजना लागू हो गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यह योजना लागू किए जाने का ऐलान किया है. इस साल के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले दिल्ली सचिवालय में हुई कैबिनेट मीटिंग में महिला समृद्धि योजना को मंजूरी मिल चुकी है. जेपी नड्डा रजिस्ट्रेशन की तारीख का ऐलान कर सकते हैं. BPL कार्ड धारक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में जनता को संबोधित करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा, “मैं 1993 से संगठन से जुड़ी हुई हूं, नड्डा जी उन दिनों से हमारे अभिभावक हैं. मैं तीन बहनों और एक भाई के परिवार से हूं, लड़कियों के लिए यह मुश्किल है. जब मैंने डीयू का चुनाव लड़ा, तो मेरी मां ने कहा कि चुनाव लड़कियों के लिए नहीं हैं, लेकिन पिताजी ने मुझे प्रेरित किया. यह मेरी पार्टी है जिसने मेरा साथ दिया. मेरी पार्टी ने मुझे घर से ढूंढा और मुख्यधारा की राजनीति और समाज के लिए काम करने को कहा.” उन्होंने आगे कहा कि 33 फीसदी रिजर्वेशन देने वाली बातें बहुत लोग करते थे लेकिन वो बिल लाते थे और वहीं फाड़ दिए जाते थे. जिस नेता ने इस बात को समझा कि देश की तरक्की केवल एक वर्ग से नहीं होने वाली. मोदी जी जिस एजेंडा को महिलाओं के सम्मान में देश में चला रहे हैं, उसी तरह हम दिल्ली में चला रहे हैं.   ‘काम करने की प्लानिंग हो चुकी है…’ रेखा गुप्ता ने कहा, “केंद्र सरकार के साथ हर वो काम करने की प्लानिंग हो चुका है, जो दिल्ली को और अधिक सुरक्षित और समृद्ध बनाने वाली है. पिछले 15 दिन में हमारी सरकार ने उन अनेकों योजनाओं पर चर्चा की, जो दिल्ली की बहनों के लिए बहुत जरूरी थी. पिंक पुलिस स्टेशन की संख्या बढ़ाने के लिए दिल्ली में काम किया जाएगा.” BPL कार्ड के लिए क्यो होगी पात्रता?     आवेदक को आवेदन करने से पहले कम से कम पांच साल तक दिल्ली का निवासी होना चाहिए.     आवेदक के पास आधार नंबर होना चाहिए.     आवेदक के पास दिल्ली में एक एकल संचालित बैंक खाता होना चाहिए, जो उनके आधार नंबर से जुड़ा हो.     3 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की आय के लिए क्षेत्र के SDM या राजस्व विभाग के किसी अन्य अधिकृत अधिकारी से आय प्रमाण पत्र.     1 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम आय के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्ड. 1. आमदनी वाली शर्त यह तो पहले से तय था कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब परिवार की महिलाओं को मिलेगा। गरीबी की सीमा क्या होगी यह पहले से तय नहीं था। दिल्ली सरकार के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि सालाना आय की सीमा 2.50 लाख रुपए तय की गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में भी भाजपा ने यही सीमा तय की है। दिल्ली में भी उन्हीं परिवारों की महिलाओं को यह लाभ मिलेगा जिनकी सालाना आदमनी 2.50 रुपए से अधिक नहीं है। इस शर्त की वजह से दिल्ली के अधिकतर परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 4.61 लाख रुपए है। ऐसे में 2.50 लाख सालाना आमदनी वाले परिवारों की संख्या कम है। 2. परिवार की एक ही महिला को लाभ सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने यह भी तय किया है कि परिवार की एक ही महिला को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इस वजह से भी लाभार्थियों की संख्या काफी सीमित रह सकती है। दिल्ली सरकार पर इस योजना को लेकर भारी आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। खजाने की हालत पहले से ही बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में कोशिश की गई है कि योजना का लाभ जरूरतमंद महिलाओं को मिले और सरकार पर बहुत बोझ भी ना हो। और क्या हो सकती हैं शर्तें महिला समृद्धि योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं को महिलेगा। योजना का लाभ विवाहित महिलाओं को ही दिया जा सकता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं वृद्धा पेंशन की हकदार हो जाती हैं। किसी को विधवा पेंशन, बुजुर्ग पेशन, सरकारी पेंशन मिल रही है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।  

मोदी 11 और 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लेंगे भगा: रणधीर जायसवाल

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 मार्च को मॉरीशस का दौरा करेंगे और मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने यह घोषणा की। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, “प्रधानमंत्री मोदी 11 और 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने के लिए मॉरीशस में रहेंगे। यह समारोह 12 मार्च को मनाया जाएगा। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी।” जायसवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री ने आखिरी बार 2015 में मॉरीशस का दौरा किया था। आगामी यात्रा के दौरान, पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री से मिलेंगे। वह देश के महत्वपूर्ण गणमान्य व्यक्तियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ कई अन्य बैठकें करेंगे।” पिछले महीने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने देश की संसद को प्रधानमंत्री मोदी की आगामी यात्रा के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने संसद को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे सदन को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेरे निमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे राष्ट्रीय दिवस समारोह के लिए मुख्य अतिथि बनने पर सहमति व्यक्त की है।” मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “यह वास्तव में हमारे देश के लिए एक विशेष सम्मान की बात है कि हम ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की मेजबानी कर रहे हैं, जो अपने व्यस्त कार्यक्रम और हाल ही में पेरिस और अमेरिका की यात्रा के बावजूद हमें यह सम्मान दे रहे हैं। वह हमारे विशेष अतिथि के रूप में यहां आने के लिए सहमत हुए हैं। पीएम मोदी की यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों का प्रमाण है।” जुलाई 2024 में, विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा की थी। उन्होंने न केवल तत्कालीन पीएम प्रविंद कुमार जगन्नाथ के साथ बल्कि रामगुलाम के साथ भी द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की थी।’

कर्नाटक :हम्पी बेखौफ अपराधियों का आतंक, एक विदेशी पर्यटक समेत दो महिलाओं को बनाया सामूहिक दुष्कर्म का शिकार

 हम्पी कर्नाटक के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हम्पी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. कुछ अज्ञात लोगों ने एक विदेशी पर्यटक समेत दो महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया और उनके साथ मौजूद तीन पुरुषों के साथ मारपीट कर उन्हें पानी में फेंक दिया. इनमें से एक युवक का शव शनिवार सुबह बरामद हुआ. पुलिस के अनुसार, यह घटना गुरुवार रात 11:00 से 11:30 बजे के बीच सनापुर झील के पास हुई. आरोपियों ने 27 वर्षीय इजरायली महिला पर्यटक और 29 वर्षीय होमस्टे संचालिका के साथ दुष्कर्म किया. झील में मिला ओडिशा के एक पर्यटक का शव ओडिशा का एक पर्यटक, जो घटना के वक्त पीड़ित महिलाओं के साथ था, गायब हो गया था. हमलावरों ने उसे तुंगभद्रा नहर में फेंक दिया था. शनिवार सुबह उसका शव झील में मिला. वहीं, अमेरिका और महाराष्ट्र के दो अन्य पर्यटक मारपीट में घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस जघन्य अपराध की जांच के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई है. इस घटना के बाद गंगावती रूरल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. मृतक का शव मिलने के बाद, अब हत्या की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी. हमलावरों ने पेट्रोल पंप के बारे में पूछा एफआईआर के अनुसार, चार पर्यटक और एक होमस्टे संचालिका सनापुर झील के पास एन्जॉय कर रहे थे. तभी तीन लोग मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे और पेट्रोल पंप के बारे में पूछने लगे. जब होमस्टे संचालिका ने बताया कि पास में कोई पेट्रोल पंप नहीं है, तो वे पैसे मांगने लगे. जब पर्यटकों ने उन्हें पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी, जो कन्नड़ और तेलुगू भाषा बोल रहे थे, गाली-गलौच और मारपीट करने लगे. इसके बाद उन्होंने तीनों पुरुष पर्यटकों को जबरदस्ती नहर में धकेल दिया. आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस पीड़िता के अनुसार, जब उसके दोस्त नहर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तब तीन में से दो हमलावरों ने उसके और इजरायली महिला के साथ दुष्कर्म किया. घटना के बाद से पुलिस की विशेष टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है. शुक्रवार सुबह से डॉग स्क्वायड और दमकल विभाग के अधिकारी लापता पर्यटक की तलाश कर रहे थे, जिसका शव शनिवार सुबह बरामद हुआ. पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. बदमाशों ने दो महिलाओं के साथ गैंगरेप की वारदात को दिया अंजाम पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात 11 से साढ़े ग्यारह बजे के बीच ये घटना हुई, हम्पी के पास लोकप्रिय सानापुर झील के किनारे अज्ञात बदमाशों ने एक 27 वर्षीय महिला इजरायली पर्यटक और एक होमस्टे की 29 वर्षीय महिला संचालिका के साथ बलात्कार किया। ओडिशा का रहने वाला एक पुरुष पर्यटक, जो अपराध के समय उन दोनों के साथ था, लापता है। अपराधियों ने उसे तुंगभद्रा नहर में धक्का दे दिया, जबकि अमेरिका और महाराष्ट्र के दो अन्य पुरुष पर्यटक घायल हो गए। जीवित बचे लोगों का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की स्पेशल टीम इस घटना के आरोपियों की तलाश कर रही है, ये झील विदेशी पर्यटकों के बीच एक बड़ा आकर्षण है। गंगावती ग्रामीण पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309 (6) (चोरी या जबरन वसूली), 311 (मौत या गंभीर चोट पहुंचाने के इरादे से डकैती), 64 (बलात्कार), 70 (1) (सामूहिक बलात्कार), 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कब, कहां और कैसे बदमाशों ने इस वारदात को दिया अंजाम? एफआईआर के अनुसार, ये वारदात जब हुई, जब चार पर्यटक और जिस होमस्टे में वे ठहरे थे। उसकी महिला संचालक के साथ सानापुर झील के पास संगीत बजाकर लुत्फ ले रहे थे। उस समय तीन बाइक सवार लोग उनके पास आए और पूछा कि उन्हें पेट्रोल कहां से मिलेगा। जब होमस्टे संचालक ने उन्हें बताया कि आसपास कोई पेट्रोल पंप नहीं है तो तीनों ने उनसे कैश की मांग की। जब पांचों ने कोई पैसा देने से इनकार कर दिया, तो कन्नडा और तेलुगु बोलने वाले इन बदमाशों ने उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट शुरू कर दी, जिसके बाद उन्होंने तीन पुरुष पर्यटकों को नहर में धक्का दे दिया। शिकायत दर्ज कराने वाली एक महिला पीड़िता का कहना है कि जब पुरुष पर्यटक नहर से बाहर आने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब तीन में से दो आरोपियों ने उसके और इजरायली महिला पर्यटक के साथ बलात्कार किया। शुक्रवार सुबह से ही श्वान दस्ता और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मिसिंग पर्यटक की तलाश कर रहे हैं, साथ ही पुलिस की स्पेशल टीम आरोपियों की धर पकड़ में लगी हैं। पुलिस अधिकारी ने इस घटना के बारे में क्या कुछ बताया? राम एल अरसड्डी, SP कोप्पल ने बताया कि ‘हमें जो जानकारी मिली उसके मुताबिक 5 लोगों पर सानापुर के पास हमला हुआ है, इनमें तीन पुरुष और 2 महिलाएं हैं, जिनमें 2 विदेशी हैं एक अमेरिकी है और एक महिला इजराइल की रहने वाली है। महिला ने शिकायत में कहा कि उन सभी के साथ मारपीट करने के साथ साथ महिलाओं के साथ सेक्सुअल असाल्ट भी किया गया। आरोपियों की पहचान की जा रही है, स्पेशल टीम जांच कर रही है, घटना गुरुवार रात को करीब 11-साढ़े गयारह के बीच हुई है। महिला की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की गई है और उनका मेडिकल करवाया गया है। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद रेप की पुष्टि होगी, लेकिन महिला ऐसा दावा कर रही है, अभी सरकारी अस्पताल में इनको लाया गया है अगर वो लोग चाहते हैं तो उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाएगा। हम आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ लेंगे।’  

नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है

 नवसारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), महिला दिवस के मौके पर गुजरात के नवसारी पहुंचे हैं. उन्होंने यहां पर महिलाओं को संबोधित किया. नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है. इस दिन मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं दुनिया का सबसे धनवान व्यक्ति हूं क्योंकि मेरी जिंदगी के अकाउंट में करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद है, जो निरंतर बढ़ता जा रहा है.” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हमारे शास्त्रों में नारी को नारायणी कहा गया है. नारी का सम्मान समाज और देश के विकास की पहली सीढ़ी होती है, इसलिए विकसित भारत बनाने के लिए, भारत के तेज विकास के लिए आज भारत वीमेन लैंड डेवलप्मेंट की राह पर चल चुकी है. ‘करोड़ों महिलाओं का सम्मान बढ़ाया…’ नरेंद्र मोदी ने कहा, “2014 के बाद से अब तक करीब 3 करोड़ महिलाएं घर की मालकिन बन चुकी हैं. आज पूरी दुनिया में जल जीवन मिशन की भी बड़ी चर्चा है. जल जीवन मिशन के जरिए आज देश के गांव-गांव में पानी पहुंच रहा है.” उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के जीवन में सम्मान और सुविधा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. हमने करोड़ों महिलाओं के लिए शौचालय बनवाकर उनका सम्मान बढ़ाया. पीएम मोदी ने कहा, “हमने करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, उज्ज्वला सिलेंडर देकर धुएं जैसी तकलीफ से बचाया. तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून बनाकर हमारी सरकार ने लाखों मुस्लिम बहनों का जीवन तबाह होने से बचाया. जब कश्मीर में आर्टिकल 370 लागू था, तो वहां की बहनें-बेटियां कई अधिकारों से वंचित थीं. अगर वो राज्य के बाहर किसी से शादी कर लेती थी, तो पुश्तैनी संपत्ति पाने का उनका अधिकार छिन जाता था.” उन्होंने आगे कहा कि आर्टिकल 370 की दीवार गिरने के बाद जम्म-कश्मीर में भी महिलाओं को वे सारे अधिकार मिले हैं, जो भारत की बेटियों-बहनों को मिलते हैं. ‘2014 के बाद ही…’ नरेंद्र मोदी ने कहा, “राजनीति का मैदान हो या खेल का मैदान, न्यायपालिका हो या फिर पुलिस, देश हर सेक्टर में महिलाओं का परचम लहरा रहा है. 2014 के बाद से देश के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की भागीदारी बहुत तेजी से बढ़ी है. 2014 के बाद ही केंद्र सरकार में सबसे ज्यादा महिला मंत्री बनीं. संसद में भी महिलाओं की मौजूदगी में बड़ा इजाफा हुआ. 18वीं लोकसभा में 74 महिला सांसद लोकसभा का हिस्सा हैं. न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी उतनी ही बढ़ी है.” उन्होंने कहा कि कई राज्यों में सिविल जज के तौर पर नई भर्तियों में पच्चास फीसदी या उससे ज्यादा हमारी बेटियां चुनकर आई हैं. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम है. इनमें महिला निवेशकों की भूमिका है. पीएम मोदी ने कहा, “गांधी जी कहते थे कि देश की आत्मा ग्रामीण भारत में बसती है. आज मैं उसमें एक पंक्ति और जोड़ता हूं कि ग्रामीण भारत की आत्मा ग्रामीण नारी के सशक्तिकरण में बसती है. इसलिए हमारी सरकार ने महिलाओं के अधिकारों को, महिलाओं के लिए नए अवसरों को बड़ी प्राथमिकता दी है.”  

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