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EPFO :15 फरवरी तक पूरा कर लें ये काम वरना नहीं मिलेगा ये लाभ

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए जरूरी खबर है। ईएलआई योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए यूएएन एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है, अब कर्मचारी 15 फरवरी 2025 तक ये काम पूरा कर सकते है। ध्यान रहे एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का लाभ उठाने के लिए EPFO मेंबर्स को अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिवेट करना और बैंक अकाउंट में आधार लिंक करना जरूरी है।EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि EPFO के अंतर्गत आने वाले नियोक्ता ध्यान दें!ELI योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए UAN एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा 15 फरवरी 2025 तक बढ़ा दी गई है।कर्मचारियों को सुचारू लाभ के लिए समय पर अनुपालन सुनिश्चित करें! क्या है ईएलआई स्कीम     केन्द्र सरकार ने बजट-2024 में ELI स्कीम की घोषणा की थी, इस स्कीम में 3 तरह की योजनाएं शामिल हैं, A, B और C। तीनों ही योजनाओं का मकसद एंप्लायमेंट जेनरेशन को बढ़ावा देना और नए कर्मचारियों को आर्थिक मदद मुहैया कराना है।     EPFO के प्रत्येक सब्सक्राइबर के पास आधार से जुड़ा UAN होना आवश्यक है, जिसे सदस्य पोर्टल पर लॉगिन बनाकर सक्रिय करना होगा ताकि सिंगल विंडो से कई सुविधाएं प्राप्त की जा सकें।     वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में रोजगार से जुडी प्रोत्साहन योजना के लिए 3 योजना ए,बी और सी की घोषणा की गई थी।ELI  का मुख्य उद्देश्य नई नौकरियां बढ़ाना और कर्मचारियों व नियोक्ताओं को मदद देना है।     इसमें 2 लाख करोड़ रुपये के खर्च के साथ 5 साल में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और दूसरे मौके पैदा करने का टार्गेट रखा गया है।ईएलआई स्कीम का टार्गेट 2 साल में 2 करोड़ से ज्यादा जॉब्स पैदा करना है।     योजना के तहत जो पहली बार नौकरी कर रहे हैं, उन कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक की सैलरी तीन किश्तों में दी जाएगी। यह पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जाएगा।     इस योजना में नियोक्ता और नए कर्मचारियों को EPFO योगदान पर 4 साल तक इंसेंटिव मिलेगा।इसमें हर नए कर्मचारी पर सरकार नियोक्ता को 3,000 रुपए प्रति माह देगी।यह मदद दो साल तक मिलेगी। नियोक्ता ज्यादा लोगों को नौकरी पर रख सकेंगे। 1 लाख रुपए तक की सैलरी वाले कर्मचारी भी इसका लाभ ले सकते हैं। UAN नंबर कैसे एक्टिवेट करें     सबसे पहले ईपीएफओ की वेबसाइट epfindia.gov.in पर जाएं।      सर्विसेंज सेक्शन में For Employees पर क्लिक करें।     सर्विसेज कॉलम में दूसरे स्थान पर नजर आ रहे Member UAN Online Service OCS OTCP पर क्लिक करें।     इसके बाद Activate UAN पर क्लिक करें।     अब 12 डिजिट वाला UAN और आधार नंबर, नाम, डेट ऑफ बर्थ, आधार लिंक मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड आदि भरें।     नीचे दिए गए डिक्लेयरेशन के चेक बॉक्स पर क्लिक करें।     Get Authorization Pin बटन पर क्लिक करें।     अब ओटीपी को भरें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।     इस तरह से आपका UAN एक्टिवेट हो गया है।

ग्रीस के खूबसूरत सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप का आना लगातार जारी, आपात स्थिति घोषित

एथेंस  ग्रीस के खूबसूरत सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप का आना लगातार जारी है। पर्यटकों की पंसदीदा इस जगह पर पिछले दो हफ्तों में 7,700 से ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। इनमें कई दफा भूकंप की तीव्रता 5.0 के आसपास रही है। इस स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। यहां आए सभी पर्यटकों को निकाल लिया गया है, जबकि कई इलाकों से स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। भूकंपों का असर सेंटोरिनी के ज्वालामुखी पर भी पड़ा है। इस घटनाक्रम ने सेंटोरिनी के लोगों को 1956 के भयावह भूकंप की याद दिला दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेंटोरिनी में भूकंप का दौर 26 जनवरी से शुरू हुआ। इसके बाद से लगातार भूकंप आ रहे हैं। सबसे ज्यादा झटके इस हफ्ते मंगलवार को आए, जब एक ही दिन में 1300 बार धरती हिली। इनमें से कुछ की तीव्रता 4.9 से 5.0 तक थी। इससे लोगों में दहशत फैली हुई है। ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने सेंटोरिनी के हालात का जायजा लिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है, लोग शांति बनाए रखें। ज्वालमुखी का भी डर भूकंप का असर सेंटोरिनी के ज्वालामुखी पर भी देखा गया है। सैटेलाइट से मिले रडार डेटा के आधार पर थेसालोनिकी के एरिस्टोटल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर माइकलिस फॉउमेलिस ने बताया है कि हमें ज्वालामुखी में कुछ बदलाव दिख रहे हैं। पहले यह शांत था लेकिन अब इसमें हलचल हुई है। हालांकि यह बदलाव बहुत ज्यादा नहीं हैं। आने वाले दिनों में पूरी तस्वीर साफ होगी। भूकंपों के झटके और ज्वालामुखी की आशंका को देखते हुए सरकार तैयारी कर रही है। एहतियातन 15,000 लोगों को द्वीप से निकाला जा चुका है। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। पुरुष अपने घरों में ही रुके हुए हैं। एक महिला क्रिसा पप्पस ने कहा कि पुरुष फिलहाल घरों की देखभाल के लिए रुके हैं। हम सब बहुत डरे हुए हैं। हमारा द्वीप लगातार हिल रहा है और किसी को नहीं पता कि आगे क्या होगा। 1956 जैसे हालात होने का डर! ग्रीक भूकंपविज्ञानी अकिस त्सेलेपिस ने चेतावनी दी है कि 1956 के विनाशकारी भूकंप के लिए जिम्मेदार फॉल्ट लाइन फिर से सक्रिय हो गई है। 69 साल पहले आए इस भूकंप में 50 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि भूकंपीय गतिविधि कम नहीं हो रही है बल्कि यह गति पकड़ रही है। आशंका है कि हम फिर से उसी परिमाण का भूकंप देख सकते हैं।

दुष्यंत गौतम भी सीएम पद की रेस में साथ ही मनजिंदर सिंह सिरसा, विजेंद्र गुप्ता के नाम पर भी चर्चा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजे जारी हो रहे हैं। अब तक के नतीजों और रुझानों से ये साफ हो गया है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है। आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव हार गए हैं। इसी के साथ दिल्ली के नए मुख्यमंत्री की कवायद शुरू हो गई है। सीएम पद की रेस में बीजेपी के कई बड़े चेहरे शामिल हैं। लेकिन बीजेपी नेतृत्व किस पर भरोसा जताएगी, ये देखना दिलचस्प होगा। प्रवेश वर्मा का नाम चल रहा आगे नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा का नाम रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। प्रवेश वर्मा पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। वे नई दिल्ली सीट से सांसद भी रह चुके हैं। लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें लोकसभा में टिकट नहीं दिया। विधानसभा चुनाव में प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को हराकर पार्टी का भरोसा फिर से जीत लिया है। दुष्यंत गौतम के नाम की भी चर्चा दिल्ली के करोल बाग विधानसभा चुनाव से बीजेपी उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी सीएम रेस में चल रहा है। इस सीट पर उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के विशेष रवि और कांग्रेस के राहुल धानक से था। चुनावों के नतीजों के बीच गौतम ने कहा, ‘हम एक विधायक के तौर पर हम शपथ लेगें। मुख्यमंत्री या मंत्री बनने का फैसला पार्टी लेगी। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी उसको निभायेगें।” मनजिंदर सिंह सिरसा के नाम की चर्चा इसके अलावा बीजेपी के सीनियर नेता मनजिंदर सिंह सिरसा के नाम की भी चर्चा सीएम पद की रेस में है। उन्हें पार्टी ने राजौरी गार्डन से उम्मीदवार बनाया था। जहां उन्होंने 1800 वोटों से आम आदमी पार्टी की धनवती चन्दीला को हराया। राजौरी गार्डन पंजाबी बहुल सीट है। विजेंद्र गुप्ता भी हो सकते हैं दावेदार बीजेपी के विधायक विजेंद्र गुप्ता भी दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। गुप्ता दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने पिछले चुनाव में भी जीत हासिल की थी। विजेंद्र गुप्ता विधानसभा में मुखर होकर पार्टी की बात रखते हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- उम्मीद है कि आने वाले हफ्ते में नया इनकम टैक्स बिल पेश किया जाएगा

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले हफ्ते में नया इनकम टैक्स बिल पेश किया जाएगा, जो जांच के लिए संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के पास जाएगा। आम आदमी के हाथ में अधिक पैसा छोड़ने और नियमों के सरलीकरण के लिए लाया जा रहे नए इनकम टैक्स बिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल गई है। बजट के बाद की बैठक में रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल को संबोधित करने के बाद मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जब सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और संसद इसे पारित कर देगी, तब सरकार तय करेगी कि नया कानून कब लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इसे आने वाले हफ्ते में लोकसभा में पेश किया जाएगा। प्रक्रिया यह है कि समिति अपनी सिफारिश देती है, वह वापस आती है और फिर सरकार कैबिनेट के माध्यम से निर्णय लेती है कि क्या ये संशोधन किए जाने हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद ही यह फिर से संसद में जाता है। एक बार जब संसद पारित हो जाता है, तब वे निर्णय लेते हैं कि इसे कब लागू करना सबसे अच्छा रहेगा।” कैबिनेट द्वारा नए इनकम टैक्स बिल को मंजूरी दिए जाने से पहले इस मामले से जुड़े लोगों ने कहा था कि केंद्रीय बजट में इनकम टैक्स छूट की सीमा 12 लाख रुपये तक बढ़ाए जाने के बाद कर आधार में कमी को देखते हुए, नया कानून संभवतः कर दायरे को बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करेगा। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट 1961 में लागू हुआ था। नया इनकम टैक्स बिल 21वीं सदी के मुताबिक होगा और मौजूदा कानून को रिप्लेस करेगा। सूत्रों की मानें तो नए इनकम टैक्स बिल में सरकार ने भाषा को सरल बनाने पर काम किया है। दरअसल अभी जो इनकम टैक्स एक्ट है उसमें एक कोट में किसी चीज की व्याख्या अलग होती है, दूसरे में अलग। यानी यह कानून पूरी तरह से खिचड़ी की तरह बन गया है। इस बिल के सरलीकरण को ऐसे समझा जा सकता है कि पुराने आयकर कानून में लगभग 6 लाख के करीब शब्द हैं जो इस नए बिल में 3 लाख के करीब रह जाएंगे और यह करदाताओं को समझने के लिए भी आसान होगा।

अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ‘आप’ के 10 साल के शासन का भी यह लिटमस टेस्ट था, जिसमें वह पूरी तरह से फेल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) को दिल्ली चुनाव में करारा झटका लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को यहां प्रचंड जीत मिली है। 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में भाजपा के हिस्से में 48 सीटें आई हैं। इस जीत में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की अग्रणी भूमिका है। इस जीत के लिए चुनाव प्रचार की कमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने थाम रखी थी। पीएम मोदी की भी कई रैलियां दिल्ली में हुईं। इसके साथ ही भाजपा के स्टार प्रचारकों की भी सूची इस बार लंबी थी और सबने मिलकर इस जीत की कहानी लिखी। दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ‘आप’ के 10 साल के शासन का भी यह लिटमस टेस्ट था, जिसमें वह पूरी तरह से फेल हुए हैं। इससे पहले 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जिस तरह का झटका लगा था, वह पार्टी के लिए पचा पाना मुश्किल हो रहा था। एनडीए को भले पूर्ण बहुमत मिल गया, लेकिन भाजपा के हिस्से में इतनी सीटें नहीं आई कि वह अकेले बहुमत का आंकड़ा पार कर सके। इसके बाद पार्टी ने इसकी समीक्षा की। भाजपा लोकसभा चुनाव में 400 सीट पर जीत का दावा कर रही थी, लेकिन, इसमें वह कामयाब नहीं हो पाई। इसके बाद विपक्ष द्वारा यह कहा जाने लगा कि अब पीएम मोदी की कोई लहर नहीं है और भाजपा की गाड़ी अब पटरी से उतरने वाली है। लेकिन, भाजपा ने एक के बाद एक झारखंड और जम्मू-कश्मीर को छोड़ दें तो जिस तरह से विधानसभा चुनाव में बंपर वापसी की, उसने विपक्ष के मुंह पर ताला जड़ दिया है। हरियाणा में प्रचंड जीत के बाद महाराष्ट्र में मिली अविश्वसनीय सफलता ने यह साबित कर दिया कि पीएम मोदी का जलवा और लहर दोनों बरकरार है। हालांकि, महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह लोकसभा चुनाव में दिल्ली की जनता ने भाजपा को नहीं नकारा था। भाजपा को यहां 7 में से 7 लोकसभा सीटों पर जीत मिली थी। फिर भी महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली बंपर जीत के बाद सभी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान इन दोनों राज्यों में एनडीए उतना अच्छा नहीं कर पाई, इसके पीछे की वजह क्या रही? जबकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में दोनों ही राज्यों में एनडीए का जनाधार बेहतर रहा था। लोकसभा चुनाव 2024 में जहां एनडीए को महाराष्ट्र में 48 में से 17 सीटें मिली थी। वहीं, हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में भाजपा के हिस्से में मात्र 5 सीटें आई थी। लेकिन, हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में दोनों ही राज्यों में भाजपा ने बंपर जीत हासिल की। हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से भाजपा के हिस्से में 48 सीटें आई। जबकि, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 288 सीटों में से महायुति के हिस्से में 235 सीटें आई। इसको लेकर दोनों ही राज्य की जनता से जब सर्वे के दौरान सवाल किया गया तो जवाब बेहद चौंकाने वाले थे। दोनों ही राज्यों में पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में विधानसभा चुनाव के दौरान कोई कमी नहीं देखी गई, जबकि इसके पहले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा 240 सीटों पर ही सिमट गई थी। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा भाजपा पर संविधान बदलने को लेकर जो नैरेटिव सेट किया गया, वह तब तो काम कर गया, लेकिन, विधानसभा चुनाव में इसका असर कहीं देखने को नहीं मिला। दोनों ही राज्यों के विधानसभा चुनाव में विपक्ष के सबसे बड़े चेहरे के तौर पर नजर आए राहुल गांधी के प्रति वहां की जनता के मन में विश्वास की कमी दिखी। यही विश्वास की कमी राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल दोनों को लेकर दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी जनता के बीच देखने को मिली। इसकी वजह साफ रही कि पीएम मोदी के चेहरे के अलावा उनके दावे और वादे पर दिल्ली की जनता ने भरोसा किया। इसके पहले महाराष्ट्र और हरियाणा के सर्वे में जो बात निकलकर सामने आई, उसकी मानें तो हरियाणा और महाराष्ट्र की जनता ने लोकसभा चुनाव में हुई अपनी भूल को सुधारते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में वोट किया था। इस बार यही हाल दिल्ली में भी रहा। जनता ने 2020 से अलग इस बार भाजपा के पक्ष में जमकर मतदान किया और इसी का नतीजा रहा कि 70 में से 48 सीट जीतने में भाजपा कामयाब रही। लोगों ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित कर यह बता दिया कि पीएम मोदी की जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता ने दिल्ली में भाजपा के लिए इस ऐतिहासिक जीत का रास्ता तैयार किया है।

मोदी ने ‘यमुना मैया की जय’ का नारा लगाया, कहा- 21वीं सदी के युवा दिल्ली में पहली बार भाजपा का सुशासन देखेगी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आना शुरू हो गया है। केजरीवाल-मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई बड़े चेहरे हार गए हैं। हालांकि, आतिशी ने कालकाजी सीट पर जीत दर्ज की है। दिल्ली की सभी 70 सीटों पर पांच फरवरी को मतदान हुआ था और इस बार 60.54 फीसदी मतदान हुआ है, जबकि दिल्ली में पिछली बार 62.60 प्रतिशत मतदान हुआ था।   पीएम मोदी ने कहा, “जहां एनडीए है, वहां सुशासन और विश्वास है। देश में एनडीए को जहां भी जनादेश मिला, उस राज्य को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाया है, इसलिए भाजपा को लगातार जीत मिल रही है। लोग दूसरी बार, तीसरी बार चुन रहे हैं। हरियाणा, यूपी, एमपी, गुजरात, उत्तराखंड, गोवा, सब जगह दोबारा मौका दिया। यूपी में कानून व्यवस्था की चुनौती, दिमागी बुखार पर संकल्पबद्ध होकर काम किया। महाराष्ट्र में सूखे का संकट होता था। हरियाणा में बिना पर्ची-खर्ची नौकरी नहीं मिलती थी। गुजरात कृषि पावर हाउस बनकर उभरा है। बिहार में भी बदलाव तब आई, जब एनडीए की सरकार आई।” पूर्वांचल से अपनेपन का है रिश्ता: PM मोदी पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली के कार्यकर्ताओं के मन में टीस और कसक दिल्ली की पूरी तरह सेवा न कर पाने की थी। दिल्ली ने वह भी आग्रह मान लिया। 21वीं सदी के युवा दिल्ली में पहली बार भाजपा का सुशासन देखेगी। हरियाणा में फिर महाराष्ट्र में नया रिकॉर्ड बनाया, दिल्ली में नया इतिहास रच गया है। यह हमारा दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं, दिल्ली मिनी हिंदुस्तान है। दिल्ली में दक्षिण, पूर्वी, उत्तर भारत के लोग रहते हैं। इसी विविधता वाली दिल्ली ने प्रचंड जनादेश का आशीर्वाद दिया। इस चुनाव में मैं जहां भी गया, मैं गर्व से कहता था कि मैं पूर्वांचल से सांसद हूं। पूर्वांचल से अपनेपन का रिश्ता है। पूर्वांचल के लोगों ने उस विश्वास को नई ताकत दे दी। पूर्वांचल के सांसद के नाते पूर्वांचल के लोगों का विशेष आभार। दिल्ली की असली मालिक सिर्फ जनता: PM मोदी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “दिल्ली की असली मालिक सिर्फ और सिर्फ जनता है। जिनको मालिक होने का घमंड था, उनका सच से सामना हो गया है। दिल्ली के जनादेश से यह भी स्पष्ट हो गया कि राजनीति में शॉर्टकट और झूठ फरेब की कोई जगह नहीं है। जनता ने शॉर्टकट का शॉर्ट-सर्किट कर दिया है। दिल्ली की जनता ने मुझे कभी निराश नहीं किया। 2014, 2019 और 2024 में भव्य विजय दिया।” दिल्ली आप-दा मुक्त हुई है: PM मोदी पीएम मोदी ने कहा कि मोदी की गारंटी पर भरोसा करने के लिए सिर झुकाकर नमन करता हूं। दिल्ली ने हमें दिल्ली खोलकर प्यार किया है। आपके प्यार को सवा गुना कर विकास के रूप में लौटाएंगे। दिल्ली के लोगों का यह प्यार, विश्वास, हम सभी पर एक कर्ज है। दिल्ली की डबल इंजन सरकार तेजी से विकास कर अपना कर्ज चुकाएगी। आज की यह ऐतिहासिक विजय है। यह सामान्य विजय नहीं, दिल्ली के लोगों ने आप-दा को बाहर कर दिया है। एक दशक की आपदा से दिल्ली मुक्त हुई है। दिल्ली के दिल में बसता है मोदी: जेपी नड्डा जेपी नड्डा ने कहा, “यह चुनाव और इसके पहले के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया। लोकसभा में सातों सीटों और आज 48 सीटों पर विजय, यह स्पष्ट संदेश है कि दिल्ली के दिल में मोदी बसता है। पीएम ने 10 सालों में भारत की राजनीति में जो परिवर्तन लाया। इस बात के लिए , देश में जो काम हुआ, उसपर यह चुनाव मोहर लगाता है। पहले की राजनीति लोकलुभावन वादे करो फिर भूल जाओ। मोदी जी ने जो कहा वह किया, जो नहीं किया वह भी किया।” मोदी जी की ओर से अभिनंदन: जेपी नड्डा जेपी नड्डा ने कहा, “आज के इस विशाल सभा में मंच पर उपस्थित हम सबके प्रिय यशस्वी प्रधानमंत्री, भारत के गृह मंत्री अमित शाह का हम स्वागत करते हैं। कार्यकर्ता आज इस ऐतिहासिक घड़ी में भाजपा मुख्यालय में हर्ष और उल्लास के साथ एकत्रित हुए हैं। करोड़ों कार्यकर्ता जो टीवी पर देख रहे हैं। उनकी ओर से मोदी जी की ओर से अभिनन्दन। आपके नेतृत्व में एक के बाद एक जीत, जनता ने बारंबार मोहर लगाया। आप ने भी सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। दिल्ली के जनता जनार्दन ने मोदी के नेतृत्व में आशीर्वाद दिया। तमाम कार्यकर्ताओं दिन रात मेहनत की। उन सबका धन्यवाद।”  

कोयला क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है और देश के औद्योगिक व आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है : मंत्री

नई दिल्ली भारत सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि कोयले के आयात को कम करना और घरेलू उत्पादन बढ़ाना उसकी प्राथमिकता है। कोयला क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है और देश के औद्योगिक व आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। भारत के पास दुनिया में पांचवां सबसे बड़ा कोयला भंडार है और यह कोयले का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। देश की कुल ऊर्जा जरूरतों का 55 प्रतिशत कोयले से पूरा होता है। देश में लगभग 74 प्रतिशत बिजली उत्पादन ताप विद्युत संयंत्रों (थर्मल पावर प्लांट) पर निर्भर है। इसलिए एक मजबूत और टिकाऊ कोयला क्षेत्र की जरूरत बनी रहती है, यह बात कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कही। उन्होंने यह भी बताया कि कोयला मंत्रालय इस क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार के प्रयासों से आयातित कोयले पर निर्भरता कम हुई है। अप्रैल से नवंबर 2024 के बीच कोयला आयात में 5.35 प्रतिशत की कमी आई, जिससे लगभग 3.91 अरब डॉलर (30,007.26 करोड़ रुपये) की बचत हुई। खासकर, घरेलू बिजली संयंत्रों में उपयोग होने वाले कोयले का आयात 23.56 प्रतिशत घटा है। मंत्रालय की ‘मिशन कोकिंग कोल’ योजना का लक्ष्य 2029-30 तक देश में कोकिंग कोल का उत्पादन बढ़ाकर 140 मिलियन टन (एमटी) करना है, जिससे इस्पात क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम हो सके। भारत का कोयला उत्पादन वित्त वर्ष 2023-24 में 997.82 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो 2014-15 में 609.18 मिलियन टन था। पिछले दस वर्षों में इस क्षेत्र की औसत वार्षिक वृद्धि दर 5.64 प्रतिशत रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में उत्पादन में पिछले साल की तुलना में 11.71 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जनवरी 2025 तक कोयला मंत्रालय ने 184 खदानों का आवंटन किया, जिनमें से 65 को खनन शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है। इन खदानों से कुल 136.59 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34.20 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2024-25 में उत्पादन 170 मिलियन टन से अधिक होने की उम्मीद है। आठ कोर उद्योगों में कोयला क्षेत्र ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है, दिसंबर 2024 में इसमें 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके अलावा, भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से होने वाली कुल आय का लगभग 50 प्रतिशत कोयला परिवहन से आता है। साथ ही, कोयला क्षेत्र में लगभग 4.78 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है।  

यमुना मैया की जय के साथ मोदी ने शुरू किया भाषण, आज दिल्ली में, दिल्ली के लोगों में एक उत्साह भी है और एक सुकून भी

नई दिल्ली दिल्‍ली चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी भाजपा मुख्‍यालय पर पहुंचे। यहां उन्‍होंने अपने भाषण की शुरुआत यमुना मैया की जय के साथ ही। उन्‍होंने कहा कि दिल्ली के हर परिवारजन को मोदी की गारंटी पर भरोसा करने के लिए सिर झुकाकर नमन करता हूं। मैं दिल्ली वासियों के आभार व्यक्त करता हूं। यहां पढ़ें उनके भाषण के मुख्‍य अंश। मैंने हर दिल्ली वासी के नाम एक पत्र भेजा था और आप सबने हर परिवार में मेरा ये पत्र पहुंचाया था। मैंने दिल्ली से प्रार्थना की थी कि 21वीं सदी में भाजपा को सेवा का अवसर दीजिए, दिल्ली को विकसित भारत की विकसित राजधानी बनाने के लिए भाजपा को मौका दीजिए। आज दिल्ली में, दिल्ली के लोगों में एक उत्साह भी है और एक सुकून भी है। उत्साह विजय का है और सुकून दिल्ली को AAP-दा से मुक्त कराने का है। आज दिल्ली की जनता ने साफ कर दिया है कि दिल्ली की असली मालिक सिर्फ और सिर्फ दिल्ली की जनता है। जिनको दिल्ली का मालिक होने का घमंड था, उनका सच से सामना हो गया। दिल्ली के इस जनादेश से ये भी स्पष्ट है कि राजनीति में शॉर्टकट के लिए, झूठ और फरेब के लिए कोई जगह नहीं है।     तीन-तीन बार लोकसभा में शत-प्रतिशत विजय दिलाने के बाद भी देश भर के और दिल्ली के भाजपा कार्यकर्ताओं के मन में एक टीस थी। ये टीस दिल्ली की पूरी तरह से सेवा न कर पाने की थी। दिल्ली चुनाव 2025 में भाजपा की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…मैं देख रहा था कि देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं के दिल में भी एक पीड़ा थी। यह दिल्ली की पूरी तरह से सेवा नहीं कर पाने की पीड़ा थी। लेकिन आज दिल्ली ने हमारी इस प्रार्थना को भी स्वीकार कर लिया है। 21वीं सदी में पैदा हुए युवा अब पहली बार दिल्ली में भाजपा का सुशासन देखेंगे। आज के नतीजे दिखाते हैं कि देश को भाजपा की डबल इंजन सरकार पर कितना भरोसा है।     लोकसभा चुनाव में उस जीत के बाद हमने पहले हरियाणा में अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया, फिर महाराष्ट्र में नया रिकॉर्ड बनाया। अब दिल्ली में एक नया इतिहास रचा गया है।” पूरा देश जानता है कि जहां NDA है वहां सुशासन है, विकास है, विश्वास है। NDA का हर कैंडिडेट, हर जन प्रतिनिधि लोगों के हित में काम करता है।     देश में NDA को जहां भी जनादेश मिला है, हमने उस राज्य को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। AAP-दा वालों ने मेट्रो का काम आगे बढ़ाने से रोका, इन AAP-दा वालों ने झुग्गी वालों को घर देने से रोका, इन AAP-दा वालों ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी दिल्ली के लोगों को नहीं मिलने दिया। दिल्ली में धरना-प्रदर्शन की राजनीति, टकराव और प्रशासनिक अनिश्चितता ने दिल्ली के लोगों का बहुत नुकसान किया है। आज दिल्ली के विकास के सामने से एक बड़ी रुकावट आप सब दिल्ली वासियों ने दूर कर दी है।  

राजधानी को आपदा से मुक्ति मिल चुकी है, अब देश में मोदी और दिल्ली में भी मोदी : अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने दिल्ली की जनता का आभार जताते हुए कहा कि राजधानी को आपदा से मुक्ति मिल चुकी है। अब देश में मोदी और दिल्ली में भी मोदी। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शुरुआती रुझानों में पूर्ण बहुमत हासिल किया है, वहीं आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हार मिली है। मनीष सिसोदिया भी जंगपुरा सीट से चुनाव हार चुके हैं। कुल मिलाकर यह रुझान भाजपा के लिए बहुत उत्साहित करने वाले हैं और पार्टी 27 साल बाद राजधानी में सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। इस पर महाकुंभ में मौजूद अनुराग ठाकुर ने कहा, “दिल्ली की जनता का आभार जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी को शानदार जीत दी है। आम आदमी पार्टी के पाप का घड़ा भर चुका था। दिल्ली विकास के लिए तरस और तड़प रही थी। केजरीवाल और उनकी टीम ने जो वादाखिलाफी की थी, वह एक तरह से लगता था कि अलीबाबा और चालीस चोर दिल्ली को लूटने के लिए कूद पड़े हैं। 11 सालों तक लगातार दिल्ली में केवल लूट और भ्रष्टाचार की खुली छूट थी। दिल्ली में लोग तंग आ चुके थे और हर जगह त्राहि-त्राहि थी। इसलिए जहां एक ओर मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और बड़े-बड़े आप नेताओं की इस चुनाव में जो दुर्दशा हुई है, वह दिखाता है कि आम आदमी पार्टी से लोग कितने तंग थे। ये ‘आप-दा’ नाम बिल्कुल सही था। जैसे दुनिया के सामने कोविड-19 एक आपदा था, ऐसे ही दिल्ली के लिए केजरीवाल आपदा थे।” कांग्रेस ने इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को मदद की थी। इस सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा, “ये दोनों मिलकर ही चुनाव लड़ रहे थे। चाहे लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का चुनाव, आप और कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। दोनों भ्रष्टाचारी हैं। राहुल गांधी और केजरीवाल में सांठगांठ थी और ये कोशिश कर रहे थे कि सत्ता विरोधी वोट कांग्रेस के पाले में चला जाए। लेकिन जनता समझदार थी और उसने सही निर्णय लेते हुए स्पष्ट बहुमत देते हुए भाजपा को आगे बढ़ाया है। दिल्ली की जनता का आभार।” अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का हमें जो नेतृत्व मिला है, उसको देखते हुए दिल्ली की जनता ने माना है कि अब बहाने बनाने वाले नहीं चाहिए। अब आरोप लगाने वाले नहीं चाहिए। अब देश में मोदी और दिल्ली में भी मोदी। अब दिल्ली को विकास की राह पर ले जाना है और बहाने लगाने वालों को बाहर का रास्ता दिखाना है। शीश महल का क्या करेंगे? इस सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार इस पर फैसला लेगी। क्या ‘आप’ के जीते हुए विधायक भाजपा से संपर्क कर रहे हैं? इस सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा, “मुझे इस विषय में जानकारी नहीं है। मैं आपके सामने महाकुंभ में आया हूं और खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि इस पवित्र स्थान पर होने का मुझे उस दिन अवसर मिला जिस दिन एक ऐसा नतीजा देश के सामने आया जब देश की राजधानी खुद को आपदा मुक्त करना चाहती थी। ऐसे नतीजे यहां कुंभ की धरती पर सुनने के लिए मिल रहे हैं। इससे बड़ा सौभाग्य का पल और क्या हो सकता है।”  

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली अब एक आदर्श राजधानी बनेगी, विकास, विश्वास का नया युग शुरू : शाह

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं देश के गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आज भाजपा की भारी बहुमत से जीत पर पार्टी एवं दिल्ली की जनता को बधाई दी और कहा यह दिल्ली में विकास एवं विश्वास के एक नए युग का आरंभ है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली अब एक आदर्श राजधानी बनेगी। अमित शाह ने एक्स पर ‘दिल्ली के दिल में मोदी’ के शीर्षक से अपनी पोस्ट में लिखा, “दिल्ली की जनता ने झूठ, धोखे और भ्रष्टाचार के ‘शीशमहल’ को नेस्तनाबूत कर दिल्ली को आप-दा मुक्त करने का काम किया है। दिल्ली ने वादाखिलाफी करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है, जो देशभर में जनता के साथ झूठे वादे करने वालों के लिए मिसाल बनेगा।” उन्होंने कहा, “यह दिल्ली में विकास और विश्वास के एक नए युग का आरंभ है। दिल्ली में झूठ के शासन का अंत हुआ है… यह अहंकार और अराजकता की हार है। यह ‘मोदी की गारंटी’ और मोदी जी के विकास के विजन पर दिल्ली वासियों के विश्वास की जीत है। इस प्रचंड जनादेश के लिए दिल्ली की जनता का दिल से आभार।” शाह ने कहा, “मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा अपने सभी वादे पूरे कर दिल्ली को विश्व की नंबर 1 राजधानी बनाने के लिए संकल्पित है। दिल्ली वासियों ने बता दिया कि जनता को बार-बार झूठे वादों से गुमराह नहीं किया जा सकता। जनता ने अपने वोट से गंदी यमुना, पीने का गंदा पानी, टूटी सड़कें, ओवरफ्लो होते सीवरों और हर गली में खुले शराब के ठेकों का जवाब दिया है।” गृह मंत्री ने कहा, “दिल्ली में मिली इस भव्य जीत के लिए अपना दिन-रात एक करने वाले दिल्ली भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जी और प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा जी को हार्दिक बधाई देता हूँ। चाहे महिलाओं का सम्मान हो, अनधिकृत कॉलोनीवासियों का स्वाभिमान हो या स्वरोजगार की अपार संभावनाएँ, मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली अब एक आदर्श राजधानी बनेगी।”  

सचदेवा ने दावा किया, दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में अब डबल इंजन की सरकार चलेगी

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रूझानों पर प्रसन्नता व्यक्त की है और दावा किया है कि दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में अब डबल इंजन की सरकार चलेगी। गौरतलब है कि मतगणना के शुरुआती रूझान में भाजपा को स्पष्ट बहुत मिलते हुए दिखाई दे रहा है और पार्टी ढाई दशक से ज्यादा समय बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करती हुई दिखाई दे रही है। वहीं, पिछले 12 साल से दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी ( आप) के खेमे में निराशा झलक रही है और कांग्रेस का इस बार भी खाता खुलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। श्री सचदेवा ने मतगणना के रूझानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “अगर आप जनता के साथ बेईमानी करोगे, तो जनता भी ऐसा ही परिणाम देगी। हम जनता के निर्णय का स्वागत करते हैं। यह अभी शुरुआती रूझान है। परिणाम इससे बेहतर आएंगे और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनेगी।” इससे पहले श्री सचदेवा कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर गये और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ दिल्ली भाजपा के मीडिया रिलेशन प्रमुख विक्रम मित्तल और अन्य नेता मौजूद थे। उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा के सांसद मनोज तिवारी ने रूझानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “रुझानों में भाजपा काफी आगे चल रही है, लेकिन हम नतीजों का इंतजार करेंगे। मुझे विश्वास है कि हमारी संख्या इससे भी बेहतर होगी। दिल्ली का हर वर्ग आप से दूर हो चुका है। यह रुझानों में देखा जा सकता है। आप की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार – यही कारण हैं कि उन्होंने लोगों का समर्थन खो दिया है।  

मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद सीट पर खिलाया कमल, कौन हैं भाजपा नेता मोहन सिंह बिष्ट?

नई दिल्ली भाजपा ने अपने वरिष्ठ और अनुभवी नेता मोहन सिंह बिष्ट को इस चुनाव में मुसलमान बहुल मुस्तफाबाद सीट से चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया था। वह पार्टी की उम्मीदों पर खड़े उतरे। इस चुनाव में बंपर जीत दर्ज की है। आपको बता दें कि वह करावल नगर से विधायक थे, जहां से इस चुनाव में कपिल मिश्रा को मैदान में उतारा गया। वह भी चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। मुस्तफाबाद सीट की बात करें तो यहां 39.5% मुस्लिम मतदाता हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) ने इस सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद और 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को अपना उम्मीदवार बनाया था। आम आदमी पार्टी ने अदील अहमद खान को उम्मीदवार बनाया था। मुस्तफाबाद उत्तर-पूर्व दिल्ली की सीट है, जहां 2020 में दंगे हुए थे। उस दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी। मोहन सिंह बिष्ट को दिल्ली की राजनीति का एक अनुभवी नेता माना जाता है। उन्होंने 1998 में करावल नगर से विधायक के रूप में पहला चुनाव जीता और 2008 तक उस सीट पर बने रहे। हालांकि 2015 में बिष्ट को कपिल मिश्रा से हार का सामना करना पड़ा था, जब वे आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में थे। इसके बाद 2020 में बिष्ट ने करावल नगर से फिर से चुनाव जीता और कपिल मिश्रा को हराया। भाजपा के आंतरिक सर्वे से यह संकेत मिला था कि करावल नगर के मतदाता कपिल मिश्रा की हिंदुत्व छवि को ज्यादा पसंद करते हैं, जिसके कारण बिष्ट को पार्टी द्वारा दूसरी सीट पर भेजा गया था। बिष्ट ने पार्टी के इस निर्णय को एक बड़ी गलती बताया था, लेकिन बाद में भाजपा ने उन्हें मुस्तफाबाद से चुनावी मैदान में उतारा था। भाजपा के वरिष्ठ नेता बिष्ट तक जनता की आसान पहुंच होती है। उनकी स्थानीय मुद्दों को उठाने और विकास कार्यों को लागू करने में अहम भूमिका की सराहना करते हैं। हालांकि, 2020 में बिष्ट विवादों में आए थे जब एक महिला ने उन पर दंगों के दौरान एक भीड़ की अगुवाई करने और उसकी दुकान को आग लगाने का आरोप लगाया था।

दिल्ली के नतीजे पर बोले वाड्रा- बीजेपी से मुकाबला करने विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन एकजुट रहना जरूरी है

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “आपको वोट प्रतिशत देखना होगा। कई स्थानों पर कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही है। ग्राउंड पर एक बड़ा बदलाव आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) हारी है क्योंकि वोटर कांग्रेस की तरफ मुड़े हैं। वोट प्रतिशत अब कांग्रेस के पक्ष में है।” वाड्रा ने यह भी कहा कि बीजेपी से मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन एकजुट रहना जरूरी है। उन्होंने कहा, “INDIA गठबंधन को अपनी मतभेदों को अलग रखकर एकजुट रहना चाहिए ताकि बीजेपी को चुनौती दी जा सके।” इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के घटक नेशनल कांफ्रेंस के नेता एवं जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों पर तीखा तंज किया था। अब्दुल्ला ने शनिवार को रुझानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “… और लड़ो आपस में।” उन्हाेंने अपनी पोस्ट के साथ एक छोटा वीडियो – जीआईएफ भी दिया है जिसमें एक ऋषि को दर्शाया गया है जो कह रहे हैं, “जी भर कर लड़ो। समाप्त कर दो एक दूसरे को।” हालांकि वीडियाे में ध्वनि नहीं है बल्कि लिप्यांतरण किया गया है। दिल्ली में सत्तारुढ़ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी इंडिया समूह का हिस्सा है लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांगेस और आम आदमी पार्टी ने एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा। इस चुनाव में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित कई दिग्गज चुनाव हार गए।

दिल्ली चुनाव के नतीजों पर क्या बोलीं नूपुर शर्मा, आप सभी लोगों को हर समय बेवकूफ नहीं बना सकते

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों का ऐलान होना जारी है। भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट बहुमत के साथ केंद्र शासित प्रदेश में सरकार बनाती नजर आ रही है। इसपर पार्टी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा की भी प्रतिक्रिया आई है। पैगम्बर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शर्मा को भाजपा ने पार्टी से बाहर कर दिया था। शर्मा ने वोट डालने के बाद स्याही लगी उंगली की तस्वीर शेयर की है। साथ ही एक्स पर शनिवार को की गई पोस्ट में लिखा है, ‘आप कुछ समय के लिए सभी लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं और कुछ लोगों को हर समय बना सकते हैं, लेकिन आप सभी लोगों को हर समय बेवकूफ नहीं बना सकते।’ ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने अब तक 14 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। साथ ही पार्टी 33 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी 11 सीटों पर जीत के साथ 12 पर आगे चल रही है। खास बात है कि चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका है। अब तक चुनाव आयोग 25 सीटों पर नतीजों का ऐलान कर चुका है। आप के कई बड़े नाम हारे दिल्ली चुनाव में आप को कई बड़े झटकों का सामना करना पड़ा है। एक ओर जहां पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है। वहीं, राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जंगपुरा, कैबिनेट मंत्री रहे सौरभ भारद्वाज को ग्रेटर कैलाश से और शकूर बस्ती से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को हार का सामना करना पड़ा है।

शायद लोग कांग्रेस को वोट देना चाहते थे लेकिन उन्हें भरोसा नहीं था: संदीप दीक्षित

नईदिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने स्वीकार किया कि पार्टी जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रही जिससे वे काफी निराश हैं। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझानों के मुताबिक बीजेपी 46 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस को उम्मीद थी कि उसे 12-13% वोट मिलेंगे लेकिन उसे जनता का समर्थन नहीं मिला। संदीप दीक्षित ने कहा, “हमने जनता का भरोसा जीतने की पूरी कोशिश की लेकिन हम सफल नहीं हो पाए। यह हमारे लिए बहुत निराशाजनक है।” उन्होंने आगे कहा कि शायद लोग कांग्रेस को वोट देना चाहते थे लेकिन उन्हें भरोसा नहीं था कि पार्टी जीत पाएगी और सरकार बना सकेगी इसलिए उन्होंने वोट नहीं दिया। नई दिल्ली विधानसभा सीट पर संदीप दीक्षित का मुकाबला AAP के अरविंद केजरीवाल और बीजेपी के प्रवेश वर्मा से था। इस सीट पर केजरीवाल और प्रवेश वर्मा के बीच कांटे की टक्कर जारी है। प्रवेश वर्मा , केजरीवाल से 1170 वोटों से आगे चल रहे हैं जबकि संदीप दीक्षित काफी पीछे चल रहे हैं। संदीप दीक्षित ने यह भी कहा कि बीजेपी 46 सीटों पर आगे है जिससे यह लगभग तय हो गया है कि वह सरकार बनाएगी। हालांकि, अंतिम नतीजे अभी आने बाकी हैं। इस चुनाव के नतीजे यह तय करेंगे कि अरविंद केजरीवाल चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगे या बीजेपी 30 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करेगी। दिल्ली चुनाव की वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से जारी है। कई एग्जिट पोल्स ने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि बीजेपी 45-55 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है जबकि AAP को भारी नुकसान हो सकता है। कांग्रेस के लिए स्थिति और खराब रही क्योंकि पिछले दो चुनावों की तरह इस बार भी उसे कोई खास सफलता नहीं मिलती दिख रही है।

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