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भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद ने कहा- 1971 में भी हिंदू मारे गए थे, इतिहास को दोहराने नहीं दे सकते, बांग्लादेश पर ऐक्शन की मांग

वाशिंगटन भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मंगलवार को अमेरिकी संसद (प्रतिनिधि सभा) में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के अगस्त 2024 में पद छोड़ने के बाद अल्पसंख्यकों पर हिंसा के मामले तेजी से बढ़े हैं। कृष्णमूर्ति ने अपने संबोधन में कहा, “मैं बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए खड़ा हूं। बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1971 में अनुमानित 3,00,000 से 30 लाख लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकांश हिंदू थे। आज भी बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है—उनके घर और व्यवसाय नष्ट किए जा रहे हैं और उनके मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।” हिंसा में तेजी का दावा उन्होंने यह भी बताया कि शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद से इन हमलों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, “पिछले अगस्त में हसीना के पद छोड़ने के बाद, इन हमलों में एक बार फिर तेजी आई है। केवल अगस्त महीने में 2,000 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। मैंने इस मामले में अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के साथ बातचीत की है और सीनेट की सुनवाई में कार्रवाई की मांग की है, लेकिन हमें और अधिक करना होगा। दुनिया देख रही है, और हम इतिहास को दोहराने नहीं दे सकते।” घटनाओं ने बढ़ाई चिंता बांग्लादेश में अशांति तब और बढ़ गई जब 25 अक्टूबर को चटगांव में चिन्मय कृष्ण दास पर बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा झंडा फहराने का आरोप लगाते हुए राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया। उनकी गिरफ्तारी 25 नवंबर को हुई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं। 27 नवंबर को चटग्राम कोर्ट बिल्डिंग के बाहर हुई झड़प में एक वकील की मौत हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब अधिकारियों ने अधिक गिरफ्तारियां शुरू कीं। इस्कॉन कोलकाता के अनुसार, 29 नवंबर को चिन्मय कृष्ण दास से मिलने गए दो भिक्षुओं, आदिपुरुष श्याम दास और रंगनाथ दास ब्रह्मचारी, को भी हिरासत में ले लिया गया। इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधा रमण ने बताया कि इन झड़पों के दौरान बांग्लादेश में इस्कॉन के एक केंद्र को भी उपद्रवियों ने नुकसान पहुंचाया। अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने अपने अमेरिकी सहयोगियों से बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। बांग्लादेश में धार्मिक हिंसा की ये घटनाएं वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी हैं। अब यह देखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और बांग्लादेश की सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

‘हमारी कोशिश आम सहमति बनाने की है’, एक देश एक चुनाव पर बोले जेपीसी अध्यक्ष पीपी चौधरी

नई दिल्ली। भाजपा सांसद और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने एक देश एक चुनाव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संसद के उन सदस्यों के बीच आम सहमति बनेगी जो जेपीसी का हिस्सा होंगे। भाजपा नेता ने कहा कि जेपीसी का प्रयास विधेयकों की “निष्पक्ष” तरीके से जांच करना होगा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि संसदीय पैनल इस मामले में प्रत्येक हितधारक की बात सुनेगा। भाजपा नेता पीपी चौधरी ने कहा, “हमारा प्रयास हर क्षेत्र के लोगों चाहे वह राजनीतिक दलों से हो या नागरिक समाज से हो या न्यायपालिका से सभी की बात सुनना होगा। हम सभी का इनपुट लेना चाहते हैं। हम सरकार की तरफ से पेश किए गए विधेयकों का निष्पक्ष तरीके से परीक्षण करेंगे। हमारा प्रयास आम सहमति तक पहुंचना होगा। मुझे विश्वास है कि हम देशहित के लिए काम करेंगे।” पीपी चौधरी ने बताया कि संबंधित मंत्रालय आज बैठक के पहले दिन सदस्यों को जानकारी देगा। उन्होंने कहा कि सबकी राय ली जाएगी कि आगे कैसे बढ़ा जाए। जेपीसी अध्यक्ष ने कहा, “आज पहले दिन सदस्यों को संबंधित मंत्रालय द्वारा जानकारी दी जाएगी। आगे कैसे बढ़ना है इस पर हम सबकी राय लेंगे।” बता दें कि जेपीसी को एक देश एक चुनाव की जांच करनी है, जिसमें लोकसभा के सदस्य कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और मनीष तिवारी, राकांपा-एसपी नेता सुप्रिया सुले, टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी और भाजपा के पीपी चौधरी बांसुरी स्वराज और अनुराग सिंह ठाकुर शामिल हैं। राज्यसभा के सदस्य भी इस पैनल का हिस्सा हैं। एक देश एक चुनाव को लागू करने के लिए दो विधेयक  संविधान 129वां संशोधन विधेयक 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2024 संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किए गए थे। इसका उद्देश्य देशभर में लोकसभा और विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराना है। विधेयक की जांच और इस पर चर्चा के लिए इसे जेपीसी के पास भेजा गया है। विपक्षी नेताओं ने इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।

इसरो के नए अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग का सचिव बने एलपीएससी निदेशक वी नारायणन

चेन्नई केंद्र सरकार ने प्रतिष्ठित अंतरिक्ष वैज्ञानिक और एलपीएससी के निदेशक वी नारायणन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का अगला अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग का सचिव नियुक्त किया है। यहां प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इसकी घोषणा की। श्री नारायणन 14 जनवरी से निवर्तमान प्रमुख एस सोमनाथ का स्थान लेंगे। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि श्री नारायणन की नियुक्ति दो वर्षों के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, किया गया है। आम तौर पर वीएसएससी के निदेशक को इसरो का अध्यक्ष बनाया जाता है और शायद पहली बार होगा जब एलपीएससी निदेशक को इस पद पर पदोन्नत किया गया है। उल्लेखनीय है कि श्री सोमनाथ, जिन्होंने वीएसएससी, तिरुवनंतपुरम निदेशक के पद से पदोन्नत करके जनवरी 2022 से इसरो का नेतृत्व किया, उनके नाम कई सफलताएं हैं, जिनमें ऐतिहासिक तीसरा चंद्र मिशन चंद्रयान-3 जिसने चंद्रमा के अनछुए दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग की, जिससे भारत यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला विश्व का पहला देश बन गया, सूर्य के लिए आदित्य-एल1 पहला मिशन और नवीनतम दो स्पैडएक्स उपग्रहों को लॉन्च करके पहला स्पाई डॉकिंग प्रयोग प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और पीएसएलवी-सी60 को 30 दिसंबर, 2024 को पूरा करने का लक्ष्य, जिससे भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला विश्व का चौथा देश बन गया, शामिल है। इसरो ने एक्स पर कहा कि अंतरिक्ष डॉकिंग 09 जनवरी को सुबह आठ बजे के बाद शुरू होगी। इसने कहा कि “स्पाडेक्स डॉकिंग कार्यक्रम देखें। दिनांक: 9 जनवरी 2025। समय: सुबह 8:00 बजे से”।  

‘बीएसएफ की मुस्तैदी के कारण हम चैन की नीन्द सो पा रहे हैं’, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बोस पहुंचे सीमा चौकी पर मेडकल कैंप में

कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) न केवल देश की सीमाओं की रक्षा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, इसलिए हम चैन की नींद सो पा रहे हैं। इतना ही नहीं बीएसएफ सीमावर्ती समुदायों की सेवा में भी एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बीएसएफ की यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की जरूरतों को समझने और उन्हें सहयोग प्रदान करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने यह बात 118वीं वाहिनी की सीमा चौकी बांकरा में सीमावर्ती ग्रामीण समुदायों के लिए आयोजित एक मेडिकल कैंप, सिविक एक्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद कही। इस मौके पर बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के महानिरीक्षक (आईजी) आईपीएस मनिंदर पी.एस. पवार विशेष तौर पर मौजूद रहे। समारोह में में सैंडरबिल ग्राम पंचायत और आसपास के गांवों से लगभग 1000 ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को स्टेशनरी, युवाओं को खेल सामग्री और जरूरतमंदों को कंबल व अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित मुफ्त चिकित्सा शिविर में ग्रामीणों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक दवाइयां प्रदान की गईं। इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में क्षेत्रीय मुख्यालय कोलकाता के डीआईजी, बीएसएफ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और अन्य गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

अस्पतालों में मरीजों की स्क्रीनिंग, एचएमपीवी संक्रमण के चलते रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों पर जांच शुरू

नई दिल्ली/चंडीगढ़। देश में एचएमपीवी संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और अब तक देश में सात मरीज इससे संक्रमित पाए गए हैं। वहीं संक्रमण के मामले बढ़ते देख केंद्र सरकार ने भी निगरानी तेज कर दी है और रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। देश में एचएमपीवी संक्रमण के मामले बढ़ने पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य के सभी सिविल सर्जन के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। अभी तक हरियाणा में एचएमपीवी संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है। हालांकि सरकार ने स्वास्थ्य विभाग से सतर्क रहने को कहा है। निगरानी तंत्र को किया जा रहा मजबूत कई राज्यों में सरकारों ने एचएमपीवी संक्रमण के खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है और भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों आदि पर लोगों की जांच की जा रही है। साथ ही अस्पतालों में खांसी-जुकाम के मरीजों पर विशेष ध्यान देने और उनकी स्क्रीनिंग के निर्देश दिए गए हैं। कुछ राज्यों में संक्रमित मरीजों को रखने के लिए आइसोलेशन वार्ड भी बनाए गए हैं। क्या है एचएमपीवी संक्रमण? ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस या एचएमपीवी संक्रमण, सांस से जुड़ा संक्रमण है, जिससे इंसानों की श्वसन प्रणाली में परेशानी होती है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी नहीं होती, उनके लिए यह खतरनाक हो सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह संक्रमण खतरा है।

बहन ने दायर किया है शारीरिक शोषण का मुकदमा, चैटजीपीटी के सीईओ ऑल्टमैन ने आरोपों को बताया झूठा

वॉशिंगटन। चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन पर उनकी बहन ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। ऑल्टमैन पर आरोप है कि उन्होंने एक दशक तक अपनी बहन एन ऑल्टमैन का शोषण किया। एन ने इसे लेकर संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। एन के आरोपों पर सैम ऑल्टमैन, उनकी मां और उनके भाई ने जवाब दिया है। उन्होंने आरोपों का झूठा बताया है। अदालत में दायर मुकदमे में एन ऑल्टमैन ने आरोप लगाया कि बचपन में मिसौरी में उसका शारीरिक शोषण शुरू हुआ। यह 1990 से 2000 तक चला। उन्होंने दावा किया कि जब वह तीन साल की थी तब से उनका यौन शोषण किया गया और यह उनके नाबालिग रहने तक चलता रहा। तब तक सैम ऑल्टमैन बालिग हो चुके थे। इससे पहले एन ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया पर भी अपने भाई पर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के जवाब में सैम ऑल्टमैन ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि आरोपों से हम दुखी हैं और यह पूरी तरह से झूठे हैं। मेरी बहन ने मुकदमे में जो आरोप लगाए हैं। उसे लेकर मेरा, मेरी मां और मेरे भाई का यह जवाब है। सैम ने बयान में यह लिखा सैम ने एक्स पर एक बयान साझा किया। इसमें लिखा गया है कि हमारा परिवार एनी से प्यार करता है और उसकी भलाई के बारे में बहुत चिंतित है। मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने वाले परिवार के सदस्य की देखभाल करना अविश्वसनीय रूप से कठिन है। हम जानते हैं कि ऐसे संघर्षों का सामना करने वाले कई परिवार इसे अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने लिखा कि पिछले कई सालों में हमने एनी का समर्थन करने और उसे स्थिरता पाने में मदद करने के लिए कई तरीकों से कोशिश की है। हानिकारक व्यवहारों को बढ़ावा दिए बिना कैसे सहायक बनें, इस पर पेशेवरों की सलाह ली और उसका पालन भी किया। हमारी कोशिशों का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि हमने उसे मासिक वित्तीय सहायता दी। उसके बिलों का सीधे तौर पर भुगतान किया। उसका किराया चुकाया, उसे नौकरी और रोजगार के अवसर खोजने में मदद की। उसकी चिकित्सा सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया है। साथ ही एक ट्रस्ट के माध्यम से उसे एक घर खरीदने की पेशकश की है। ताकि उसके पास रहने के लिए एक सुरक्षित जगह हो, लेकिन वह इसे तुरंत बेचने में सक्षम न हो। हमारे दिवंगत पिता की संपत्ति के माध्यम से एनी को मासिक वित्तीय सहायता मिलती है, जिसे हम उसके शेष जीवन तक जारी रखने की उम्मीद करते हैं। इसके बावजूद एनी हमसे और पैसे की मांग करती रहती है। एनी ने हमारे परिवार और खासकर सैम के बारे में बेहद दुखद और पूरी तरह से झूठे दावे किए हैं। हमने उसकी और अपनी निजता का सम्मान करते हुए सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया न देने का निर्णय लिया। हालांकि उसने अब सैम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है तो हमें लगता है कि हमारे पास इस पर कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में उसने हमारे परिवार के सदस्यों पर हमारे पिता के 401k फंड को अनुचित तरीके से रोकने, उसके वाईफाई को हैक करने और चैटजीपीटी, ट्विटर और अन्य सहित विभिन्न वेबसाइटों से उसे शैडोबैन करने का आरोप लगाया है। उसने जो सबसे बुरा आरोप लगाया है वह यह है कि बचपन में सैम ने उसका यौन शोषण किया था। उसने दूसरों पर भी यौन शोषण के मामलों का दावा किया है। समय के साथ उसके दावे काफी बदल गए हैं। इस मुकदमे में अब उन घटनाओं के आरोप शामिल हैं जहां सैम 18 वर्ष से अधिक का था। “””ये सभी दावे पूरी तरह से झूठे हैं। यह हमारे पूरे परिवार के लिए पीड़ादायक हैं। यह विशेष रूप से तब और पीड़ादायक हो जाता है जब वह पारंपरिक रूप से उपचार से इन्कार कर देती है और परिवार के उन सदस्यों पर भड़क जाती है, जो उसकी मदद की कोशिश कर रहे होते हैं। हम सभी से समझदारी और करुणा की अपील करते हैं क्योंकि हम एनी को हर संभव तरीके से समर्थन देना जारी रखते हैं। हम ईमानदारी से उम्मीद करते हैं कि उसे वह स्थिरता और शांति मिले जिसकी उसे तलाश है।””” – कोनी, सैम, मैक्स और जैक   “””My sister has filed a lawsuit against me. Here is a statement from my mom, brothers, and me: pic.twitter.com/Nve0yokTSX””” — Sam Altman (@sama) January 7, 2025

केरल हाईकोर्ट का फैसला, ‘महिला की शारीरिक संरचना पर टिप्पणी को उत्पीड़न माना जाएगा’

नई दिल्ली। केरल हाईकोर्ट ने महिलाओं की शारीरिक संरचना पर टिप्प्णी को यौन उत्पीड़न करार दिया है। केरल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ए बदरुद्दीन ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणी को यौन उत्पीड़न का अपराध मानते हुए कार्रवाई की जानी चाहिए। केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) के एक पूर्व कर्मचारी पर उसी कार्यालय की एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाए थे। महिला ने कहा था कि आरोपी पूर्व कर्मचारी ने 2013 से उसके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद 2016-17 में आपत्तिजनक संदेश और वॉयस कॉल करना शुरू कर दिया। केएसईबी और पुलिस में शिकायत के बावजूद वह उसे आपत्तिजनक संदेश भेजता रहा। कई शिकायतों के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 ए (यौन उत्पीड़न) और 509 (महिला की शील का अपमान) और केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120 (ओ) (अवांछित कॉल, पत्र, लिखित, संदेश द्वारा संचार के किसी भी माध्यम से उपद्रव पैदा करना) के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी ने यौन उत्पीड़न के मामले को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। आरोपी ने याचिका में दावा किया कि किसी व्यक्ति के शरीर की अच्छी संरचना होने का मात्र उल्लेख करने पर उसे आईपीसी की धारा 354 ए और 509 तथा केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120 (ओ) के दायरे में यौन उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। वहीं अभियोजन पक्ष और महिला ने तर्क दिया कि आरोपी के कॉल और संदेशों में अभद्र टिप्पणियां थीं। वह उसे परेशान करता था। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 354ए और 509 तथा केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120 (ओ) के तहत अपराध के लिए उपयुक्त तत्व सामने आते हैं। अदालत ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने 6 जनवरी के आदेश में कहा कि मामले के तथ्यों पर गौर करने के बाद यह स्पष्ट है कि प्रथम दृष्टया अभियोजन पक्ष का मामला कथित अपराधों को आकर्षित करने के लिए बनाया गया है। इसके चलते आपराधिक विविध मामला खारिज हो जाता है।

42 लाख के गहनों की हुई थी लूट, मुंबई में खास चिप वाले बैग की वजह से पकड़े गए लुटेरे

मुंबई। मुंबई पुलिस ने लाखों के गहने की एक चोरी के मामले का खुलासा किया है और दो आरोपियों को पकड़ा है। खास बात ये है कि पुलिस ने खास बैग की मदद से लूट की इस घटना का खुलासा किया। दरअसल लुटेरों ने आभूषणों से भरे जिस बैग को लूटा था, उसमें जीपीएस ट्रैकिंग चिप लगी थी। इस जीपीएस ट्रैकिंग चिप और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस आरोपियों को तक पहुंचने में सफल रही। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना सोमवार रात की है, जब एक व्यक्ति अपने भतीजे के साथ बैग में करीब 42 लाख रुपये के आभूषण लेकर दोपहिया वाहन पर जा रहा था। जैसे ही दोनों सेंट जॉर्ज अस्पताल के पास डी-मेलो रोड पर पहुंचे तो चार अज्ञात लोगों ने उन्हें रोका और उनकी बुरी तरह पिटाई कर दी। इसके बाद चारों आरोपी उनका आभूषणों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। पीड़ितों ने शिकायत में बताया कि आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर दोनों पर गोलियां चलाईं और सोने के आभूषणों से भरा बैग छीनकर अपने साथियों के साथ भाग गया। बैग की वजह से पकड़े गए आरोपी लुटेरों ने फरार होते समय फायरिंग भी की, जिसमें पीड़ित व्यक्ति का भतीजा घायल हो गया। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित कीं। पुलिस ने बताया कि जिस बैग को लूटा गया, उसमें खास जीपीएस चिप लगी थी। इस चिप और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस इन लुटेरों तक पहुंची। पुलिस ने एक आरोपी को मंगलवार सुबह लोकमान्य तिलक मार्ग से और दूसरे को डोंगरी इलाके से पकड़ा। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 16.50 लाख रुपये के आभूषण भी बरामद किए हैं। पुलिस अभी दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

‘मैं बॉम्बे, नागपुर और औरंगाबाद बेंच में जज रहा हूं, लेकिन मैंने कभी भी सुप्रीम कोर्ट जैसी अनुशासनहीनता कहीं नहीं देखी: CJI

नई दिल्ली जस्टिस बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट के हालात पर एक बार फिर जमकर नाराजगी जाहिर की है। खबर है कि उन्होंने शीर्ष न्यायालय को सबसे अनुशासनहीन जगह बताया है और उच्च न्यायालयों से तुलना की है। बीते साल भी उन्होंने अनुशासन के ही मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाए थे। खास बात है कि जस्टिस गवई मई 2025 में CJI यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे हैं। जस्टिस गवई ने उच्च न्यायालयों की तारीफ की है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में शोर की बात कही है। उन्होंने कहा, ‘मैं बॉम्बे, नागपुर और औरंगाबाद बेंच में जज रहा हूं, लेकिन मैंने कभी भी सुप्रीम कोर्ट जैसी अनुशासनहीनता कहीं नहीं देखी। यहां हम देख सकते हैं कि 6 वकील एक तरफ बैठे हैं, 6 वकील दूसरी तरफ बैठे हैं और एक साथ चिल्ला रहे हैं। हाईकोर्ट में ऐसा कभी नहीं देखा।’ बीते साल सितंबर में भी जस्टिस गवई ने इसी तरह की टिप्पणी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तब उन्होंने बहस में लगातार अवरोध डाल रहे वकीलों पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था, ‘हम जैसे लोग, जो उच्च न्यायालयों से आते हैं, उनके लिए यह (सुप्रीम कोर्ट) सबसे अनुशासनहीन अदालत है। कोई भी कहीं से भी बोल सकता है। बहुत अनुशासनहीनता है।’ मौजूदा सीजेआई संजीव खन्ना 13 मई 2025 को रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने बीते साल नवंबर में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के रिटायर होने के बाद पद संभाला था। उनके बाद मई 2025 में जस्टिस गवई CJI बनने जा रहे हैं। खास बात है कि देश के दूसरे CJI हो सकते हैं, जो अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। सुप्रीम कोर्ट को पहला दलित CJI जस्टिस केजी बालकृष्ण के रूप में मिला था। वह 11 मई 2010 को रिटायर हो गए थे।

डोनाल्ड ट्रंप ने बताया- पनामा नहर और ग्रीनलैंड दोनों इलाके अमेरिका की सुरक्षा के लिए अहम हैं और इन पर हमारा कब्जा जरूरी

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को पद संभालेंगे। इस बीच उन्होंने पनामा नहर और ग्रीनलैंड को लेकर खतरनाक इरादे जाहिर किए हैं। उनका कहना है कि ये दोनों इलाके अमेरिका की सुरक्षा के लिए अहम हैं और इन पर हमारा कब्जा जरूरी है। यही नहीं उन्होंने कहा कि यदि इन्हें अमेरिका में मिलाने के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल करना पड़ा तो उससे भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इन इलाकों पर हमारा नियंत्रण जरूरी है। यही नहीं डोनाल्ड ट्रंप तो कनाडा को लेकर भी कई बार कब चुके हैं कि उसे अमेरिका का 51वां प्रांत बन जाना चाहिए। इसके अलावा मेक्सिको को वह अमेरिका की खाड़ी कहकर संबोधित कर चुके हैं। फिलहाल ग्रीनलैंड डेनमार्क के पास है और एक स्वायत्त क्षेत्र है। डोनाल्ड ट्रंप ने अब इसे अमेरिका में मिलाने की बात कही है। यही नहीं उनके बेटे भी एक विजिट पर ग्रीनलैंड पहुंचे तो डोनाल्ड ट्रंप के इरादों को लेकर कयास तेज हो गए हैं। उनके मीडिया वालों ने पूछा कि क्या ग्रीनलैंड और पनामा नहर पर नियंत्रण के लिए सैन्य बल का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस पर ट्रंप ने कहा कि मैं ऐसा कोई वादा नहीं करूंगा। ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सैन्य बल का भी इस्तेमाल किया जाएगा। हमारे लिए पनामा नहर बहुत अहम है और उसे हम हासिल करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेंगे। सैन्य बल के इस्तेमाल की यदि जरूरत हुई तो उससे भी इनकार नहीं है। ग्रीनलैंड भले ही डेनमार्क का हिस्सा है, लेकिन यहां बड़ी संख्या अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और उसके मिलिट्री बेस यहां पर हैं। डेनमार्क अमेरिका का पुराना सहयोगी है और नाटो का संस्थापक सदस्य है। इसके बाद भी ट्रंप का रुख डेनमार्क की चिंता बढ़ाने वाला है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड पर डेनमार्क का कोई दावा नहीं बनता। इसी तरह पनामा नहर को लेकर भी डोनाल्ड ट्रंप बेहद आक्रामक हैं। वह तो चीन को भी कह चुके हैं कि हम पनामा के लिए युद्ध तक करने के लिए तैयार हैं। बता दें कि ट्रंप ने कनाडा को लेकर भी कई बार टिप्पणी की है कि उसे अमेरिका का 51वां प्रांत बन जाना चाहिए। ऐसा करना कनाडा के लिए हितकर होगा तो वहीं अमेरिका के लिए भी सही रहेगा। अमेरिका के ग्रीनलैंड वाले दावे पर क्या बोलीं डेनमार्क की पीएम इस बीच डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडेरिक्सन का बयान भी आया है। उन्होंने कहा कि हम अमेरिका के बहुत पुराने और करीबी सहयोगी हैं। मेरा भरोसा है कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए अमेरिका किसी तरह की सैन्य या आर्थिक ताकत का इस्तेमाल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हम इस बात का स्वागत करते हैं कि आर्कटिक क्षेत्र को लेकर अमेरिका काफी दिलचस्पी दिखा रहा है। हमें उम्मीद है कि इस इलाके के लोगों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए ही वह कोई फैसला लेगा।

‘पीएम मोदी ने देश को ‘चलता है’ से ‘होगा कैसे नहीं’ की सोच में बदला’, प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में विदेश मंत्री जयशंकर शामिल

भुवनेश्वर/नई दिल्ली। 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन बुधवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में शुरू हो गया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन के दौरान देश और विदेश से पांच हजार से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की शुरुआत युवा प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम से हुई। सम्मेलन का उद्घाटन ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और युवा और खेल मामलों के मंत्री मनसुख मंडाविया ने किया। इस दौरान 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को ‘चलता है’ से ‘होगा कैसे नहीं’ वाली सोच में बदल दिया है। विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के विकास में युवा पीढ़ी की अहम भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा पीढ़ी पर प्रभाव को समझाते हुए विदेश मंत्री ने बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का उदाहरण दिया। विदेश मंत्री ने कहा कि ‘एक बार पीवी सिंधु ने बताया था कि पीएम मोदी युवाओं के लिए आदर्श क्यों हैं। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने देश को ‘चलता है’ वाले रवैये से ‘बदल सकता है’ और फिर ‘होगा कैसे नहीं’ वाली सोच में बदल दिया है।’ विदेश मंत्री ने कहा कि ‘एआई, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक, स्टार्टअप्स और खेलों से लेकर वैश्विक बदलाव में युवा पीढ़ी बड़े बदलाव ला रही है। खुद का विकास करना बेहद जटिल है, लेकिन जब हमें ये विश्वास है कि कुछ भी असंभव नहीं है तो इस सोच के चलते ये आसान हो गया है।’ विदेश मंत्री ने प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के दौरान भारतीय डायस्पोरा के सदस्यों से भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रवासी भारतीयों की युवा पीढ़ी से नियमित अंतराल पर भारत आने की अपील की, ताकि उनका भारत से जुड़ाव हो सके। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 8-10 जनवरी तक भुवनेश्वर में आयोजित किया जा रहा है। गुरुवार को पीएम मोदी करेंगे शिरकत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों हासिल करने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों को प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित भी करेंगी। त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की मुख्य अतिथि हैं। वह सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करेंगी। इस सम्मेलन की थीम ‘विकसित भारत में प्रवासी भारतीयों का योगदान’ है। ओडिशा पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने कहा कि ओडिशा सरकार 50 देशों के प्रवासी भारतीयों के सामने राज्य की समृद्ध संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा, ‘सम्मेलन का प्रत्येक प्रतिनिधि ओडिशा पर्यटन के राजदूत की भूमिका निभाएगा और हमें उम्मीद है कि राज्य की समृद्ध संस्कृति और विरासत विभिन्न देशों से पर्यटकों को आकर्षित करेगी।’

राजकीय सम्मान के साथ दफनाने की प्रक्रिया शुरू, जिमी कार्टर का पार्थिव शरीर यूएस कैपिटल पहुंचा

वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर का पार्थिव शरीर देश की राजधानी वॉशिंगटन पहुंच चुका है। जिमी कार्टर के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ यूएस कैपिटल में दफनाया जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति को दफनाने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो जाएगी। जिमी कार्टर का 100 वर्ष की आयु में बीती 29 दिसंबर को निधन हो गया था। उसके बाद उनका पार्थिव शरीर अटलांटा स्थित कार्टर प्रेसिडेंशियल सेंटर में रखा हुआ था। पूरे राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव देह को वॉशिंगटन लाया गया मंगलवार सुबह पूर्व राष्ट्रपति की पार्थिव देह को विशेष विमान से डोबिन्स एयर रिजर्व बेस से मैरीलैंड में ज्वाइंट बेस एंड्रयूज बेस लाया गया। इसके बाद विशेष काफिले से पार्थिव देह को राजधानी वॉशिंगटन लाया गया। अब यूएस कैपिटल में पूर्व राष्ट्रपति की पार्थिव देह को दफनाया जाएगा। यहां विभिन्न सांसद पूर्व राष्ट्रपति के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वॉशिंगटन पहुंचने पर पूर्व राष्ट्रपति के सम्मान में तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद सैन्य बैंड बजाया गया। जॉर्जिया की राजधानी अटलांटा से पार्थिव  देह को रवाना करते समय भी पूर्व राष्ट्रपति को ऐसे ही श्रद्धांजलि दी गई। ट्रंप ने पनामा नहर मुद्दे पर बात की, तो लोगों ने उठाए सवाल वॉशिंगटन से जब ताबूत को विशेष काफिले के साथ यूएस कैपिटल लाया गया, तो उसके साथ कुछ सांसद और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीश भी शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति को दफनाने की प्रक्रिया गुरुवार तक चलेगी। राष्ट्रपति जो बाइडन भी पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि देंगे। जब जिमी कार्टर के पार्थिव शरीर को जॉर्जिया से वॉशिंगटन लाया जा रहा था तो नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्लोरिडा में एक समाचार सम्मेलन के दौरान पनामा नहर का नियंत्रण अपने देश को सौंपने के लिए दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति कार्टर की आलोचना की। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस समय कार्टर की आलोचना करना उचित था, तो ट्रम्प ने जवाब दिया कि ‘मैं उन्हें एक इंसान के तौर पर पसंद करता था। लेकिन मैं उनकी नीतियों से असहमत था।’

‘आपने ट्विटर खरीदकर बहुत बड़ा जुआ खेला’, एलन मस्क को TED प्रमुख क्रिस एंडरसन ने लिखा पत्र

वाशिंगटन। सोशल मीडिया एक्स के मालिक और दिग्गज अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क को लेकर टेड के प्रमुख क्रिस एंडरसन ने एक पत्र लिखा है। ये पत्र उनकी तरफ से सोशल साइट एक्स पर भी एक पोस्ट में साझा किया गया। जिसमें लिखा, मैं एक ऐसे व्यक्ति की प्रशंसा कर रहा हूं, जो अभी मुझे चिंतित कर रहा है। क्रिस एंडरसन ने साथ ही ये भी बताया है कि उनका यह पत्र रचनात्मक भावना से पेश किया गया है। पत्र की शुरुआत में क्रिस एंडरसन ने लिखा, प्रिय एलन, आज सुबह मेरे मन में एक विचार आया। प्रौद्योगिकी और उद्यमिता में आपकी सभी उपलब्धियों के अलावा, आप इस सदी के सबसे प्रभावशाली लेखक बन गए हैं। आपके पास एक शक्तिशाली मंच पर 200 मिलियन से अधिक फॉलोवर हैं, जिसे आप स्वयं नियंत्रित करते हैं। आपके लिखे गए शब्द केवल उन फॉलोवर्स से आगे बढ़कर एक्स के लगभग हर यूजर तक पहुंचते हैं और यह व्यापक मीडिया कवरेज की सौजन्यता से कहीं आगे। इसने रूपर्ट मर्डोक को भी अप्रांसंगिक बना दिया है। ‘इतिहास में किसी के पास इतनी शक्ति नहीं थी’ क्रिस एंडरसन ने आगे लिखा- यह रोमांचक लग रहा होगा। आपने ट्विटर खरीदकर बहुत बड़ा जुआ खेला और ऐसा लगता है कि यह इतना सफल रहा कि आप इसका इस्तेमाल दुनिया को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने के लिए कर सकते हैं, जिसमें सरकारें बदलना भी शामिल है। आप मानते हैं कि एक्स मुख्य धारा के अधिकांश मीडिया की जगह ले सकता है। यह नागरिक पत्रकारिता के लिए नया मंच है और आप नागरिक नंबर 1 हैं। आपको संपादकों और तथ्य-जांचकर्ताओं की परेशानी की जरूरत नहीं है। आपकी तरफ से पोस्ट की गई हर एक चीज को लाखों लाइक और रीपोस्ट मिलते हैं। आप एक पल में वैश्विक बातचीत को बदल सकते हैं। इतिहास में किसी के पास इतनी शक्ति नहीं थी। पत्रकारिता की मुझे बहुत परवाह है- क्रिस एंडरसन इसलिए यहां बहुत कुछ दांव पर लगा है और जैसा कि होता है, पत्रकारिता एक ऐसी चीज है जिसकी मुझे बहुत परवाह है। मैंने एक पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया क्योंकि मेरा मानना था कि लोकतंत्र के स्वस्थ कामकाज के लिए अच्छी पत्रकारिता जरूरी है। आज मैं चिंतित हूं – वास्तव में बहुत चिंतित हूं – कि वैश्विक बातचीत पर आपके विजयी कब्जे में, पत्रकारिता के कुछ मूल सिद्धांत भुला दिए जा रहे हैं। उनके बिना, मुझे लगता है कि एक्स को नागरिक पत्रकारिता का सम्मानित घर बनाने के आपके प्रयास विफल हो जाएंगे। कई पत्रकारिता सिद्धांत हैं जो मायने रखते हैं – ग्रोक उन्हें बहुत अच्छी तरह से संक्षेप में बता सकते हैं। लेकिन एक बात मुझे खास तौर पर परेशान कर रही है। यह निष्पक्षता सिद्धांत है। यह सिद्धांत कहता है कि किसी व्यक्ति या संस्था के बारे में बेहद आलोचनात्मक दावे प्रकाशित करने से पहले, आपको उनसे कहानी का उनका पक्ष जानना चाहिए। आखिरकार, हो सकता है कि आप एक या दो महत्वपूर्ण तथ्य भूल गए हों, जो लोगों के आकलन के तरीके को बदल सकते हैं। हो सकता है कि आपके स्रोत उस व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेरित थे। हो सकता है कि जो हुआ उसके लिए कोई वैकल्पिक व्याख्या हो। ‘आप जो पोस्ट करते हैं, उसे सोच-समझकर लिखे’ तो, उदाहरण के लिए, जब आप करोड़ों लोगों से कहते हैं कि मानवता के खिलाफ जघन्य अपराधों के लिए किसी को फांसी या जेल में डाल दिया जाना चाहिए, तो हो सकता है कि आपको पहले यह पता लगाना चाहिए कि जो लोग उन लोगों को अच्छी तरह से जानते हैं, वे उनके बारे में क्या कहेंगे। आपकी कुछ हालिया पोस्ट सचमुच किसी की जान ले सकती हैं। क्या आप वाकई ऐसा जोखिम उठाना चाहते हैं? यह कैसे संभव है कि आप ठीक उसी समय ऐसा कर सकते हैं जब आप लोगों से एक्स को और अधिक सकारात्मक, और अधिक सुंदर बनाने का आह्वान कर रहे हैं? आप कहते हैं कि आप एक्स पर बिना किसी पछतावे के यूजर-सेकंड को अधिकतम करना चाहते हैं। ऐसा करने का सबसे सरल तरीका, एलन, बस यह है कि आप जो पोस्ट करते हैं, उसे सोच-समझकर संपादित करें। मुझे लगता है कि आपकी नजर में आप जिन मुद्दों की वकालत कर रहे हैं, वे अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण हैं और अत्यधिक प्रयासों के योग्य हैं। लेकिन जिस तरह से आप उन्हें प्रस्तुत कर रहे हैं, वह नागरिक पत्रकारिता नहीं है। यह भद्दा और क्रूर भी है, और इसलिए यह उतना प्रभावी नहीं है जितना हो सकता था। आप अपने सबसे वफादार फॉलोवर्स की जय-जयकार सुन रहे हैं, लेकिन इस तथ्य को भूल रहे हैं कि आप खुद को उन लोगों के बीच हंसी का पात्र बना रहे हैं जिन्हें आप वास्तव में अपने पक्ष में चाहते हैं। लंबे समय में यह एक्स, आपके अन्य व्यवसायों और वास्तव में मानवता के लिए आपके दीर्घकालिक सपनों को नुकसान पहुंचाने वाला है। ‘आपसे निष्पक्षता के सिद्धांत को अपनाने का आग्रह है’ मुझे पुराने एलन की याद आती है। आप मजेदार, दिलचस्प, व्यावहारिक और प्रेरक हो सकते हैं। आपने जो बनाया है, उसके लिए आपने अविश्वसनीय रूप से कड़ी लड़ाई लड़ी है। और आपको लग सकता है कि आप इसके साथ जो चाहें करने के हकदार हैं। लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि आप सत्ता की अंगूठी को बहुत कसकर पकड़ने के खतरे को समझते हैं, कैसे यह किसी के निर्णय को विकृत कर सकता है और उन्हें बदसूरत बना सकता है। मुझे उम्मीद है कि आप उस अंगूठी को थोड़ा ढीला कर सकते हैं। मानवता के प्रति आपके प्रेम के लिए, मैं वास्तव में आपसे निष्पक्षता के सिद्धांत को अपनाने और एक्स का बेहतर चेहरा दिखाने का आग्रह करता हूं। सुनने के लिए धन्यवाद। क्रिस “”With a certain amount of trepidation, I’m posting this open letter to @elonmusk, someone I have admired, but who, right now, is causing me concern. I know I’m not alone in thinking these thoughts. Please like or repost if you’re willing… And Elon, if you’re listening, please…””” — Chris Anderson (@TEDchris) January 7, 2025  

4 की मौत और 3 घायल, अजमेर दरगाह से लौट रहे इंदौर के परिवार की कार टैंकर से भिड़ी

अजमेर/उज्जैन। उज्जैन जिले के नागदा में आज सुबह 5:30 बजे एक भयानक हादसा हो गया। जहां अजमेर से जियारत कर लौट रहे इंदौर के परिवार का जावरा नागदा रोड पर स्थित गांव बेड़ावन्या के पास एक्सीडेंट हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि इनोवा के परखच्चे उड़ गए। ड्राइविंग सीट पर फंसे शव को निकालने के लिए कार काटनी पड़ी। हादसे में कार सवार 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 घायल हैं। सभी मृतक इंदौर के रहने वाले थे। कार में सवार ऐजाज को कोई चोट नहीं लगी है। ऐजाज ने बताया- हम आठ लोग इंदौर से 23 अक्टूबर को अजमेर के लिए निकले थे। शुक्रवार सुबह लौटते वक्त एक पेट्रोल टैंकर और एक ट्रक हमारी गाड़ी के पीछे थे। कुछ देर बाद टैंकर ने हमारी कार को ओवरटेक किया। इसी दौरान गाड़ी टैंकर से जा भिड़ी। हादसे में इनकी गई जान 1. इमरान पुत्र इज्जत नूर, 40 साल, निवासी कड़ाव घाट, इंदौर 2. आसिफ पुत्र अहमद मंसूरी, 35 साल, निवासी पिंजारा बाखल, इंदौर 3. अब्दुल मन्नान पुत्र अब्दुल गफ्फार, निवासी झलारिया, इंदौर 4. समीर पुत्र हाजी हफीज खान, निवासी झलारिया, इंदौर ये हुए घायल 1. जुबैर पुत्र जाकिर, 30 साल, इंदौर 2. समीर पुत्र रशीद, 25 साल, निवासी सांवेर, इंदौर 3. ओसामा पुत्र सिद्दीक, 25 साल, निवासी सांवेर, इंदौर

स्कूली बच्चों से 4 की मौत, झारखंड-रामगढ़ में ट्रक ने ऑटो रिक्शा को रौंदा

रांची। बुधवार को झारखंड के रामगढ़ में दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक स्कूली रिक्शा और ट्रक की टक्कर में 3 बच्चों समेत चार की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मामला बुधवार की सुबह का है। यहां के गोला पुलिस थाना क्षेत्र में ऑटोरिक्शा और ट्रक की टक्कर में तीन बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना को लेकर जानकारी देते हुए रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने बताया कि स्कूल के छात्र ऑटोरिक्शा से स्कूला जा रहे थे। इस दौरान एक ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि ऑटोरिक्शा में बैठे तीन स्कूली बच्चों समेत ड्राइवर की भी मौत हो गई। मामला रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र का है। यहां के गुडविल स्कूल के बच्चे रिक्शे से जा रहे थे। ऑटोरिक्शा तिरला मोड़ पर पहुंचने के बाद हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में तीन बच्चों समेत ड्राइवर की मौत हो गई। इसके साथ ही दर्जनभर बच्चे घायल भी हुए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

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