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सीबीआई ने पुलिस के दो जवानों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज किया पहला केस

नई दिल्ली सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के दो जवानों के खिलाफ नए भारतीय न्याय संहिता के तहत अपनी पहली एफआईआर दर्ज की है। केंद्रीय एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि तिहाड़ जेल में बंद एक शख्स की रिहाई में मदद के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में यह केस दर्ज किया है। बता दें कि भारतीय न्याय संहिता ने ब्रिटिश काल की भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह ले ली है। सीबीआई ने बताया कि बुधवार शाम को दिल्ली के मौरिस नगर स्थित नारकोटिक्स सेल में तैनात हेड कांस्टेबल रवींद्र ढाका और परवीन सैनी के खिलाफ नए कानून 61(2) के तहत आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वतखोरी के प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपियों ने गलत तरीके से ड्रग्स बरामद करना दिखाया आरोप है कि आरोपी पुलिस जवान तिहाड़ जेल में बंद शिकायतकर्ता के भाई की रिहाई में मदद के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। दरअसल, जेल में बंद शख्स के पास से एनआरएक्स ड्रग्स बरामद हुई थी। पीड़ित शिकायतकर्ता ने सीबीआई को बताया कि ड्रग्स को गलत तरीके से उसके भाई कोशिंदर के पास दिखाया गया है। रवींद्र ढाका और परवीन सैनी ने फर्जी बिल तैयार किया वहीं, सीबीआई ने आरोप लगाया है कि रवींद्र ढाका और परवीन सैनी ने फर्जी बिल तैयार करने और उन्हें सक्षम कोर्ट के सामने पेश करने के लिए शिकायतकर्ता को एनआरएक्स ड्रग्स की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई ने शिकायतकर्ता को गुप्त रिकॉर्डर के साथ भेजा सीबीआई ने शिकायतकर्ता के दावों की पुष्टि करने के लिए उसे गुप्त रिकॉर्डर के साथ भेजा। आरोपी रवींद्र ढाका ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से कहा कि मामले का जांच अधिकारी 2.50 करोड़ रुपये में समझौता कर लेगा।

यूक्रेन ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस शहर से अपनी सेना को वापस बुलाने की घोषणा की, रूस के हाथ आया बड़ा शहर

कीव महीनों की लड़ाई के बाद रूसी सेना ने आखिरकार यूक्रेन के डोनेस्क प्रांत का चासिव यार शहर जीत लिया। यूक्रेन ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस शहर से अपनी सेना को वापस बुलाने की घोषणा की है। जबकि रूस ने कहा है कि उसने बुधवार रात को शहर को अपने नियंत्रण में ले लिया था। इस प्रकार से करीब 29 महीने से जारी लड़ाई में एक और शहर यूक्रेन के हाथ से निकल गया है। इस युद्ध में रूस अभी तक यूक्रेन के 20 प्रतिशत से ज्यादा भूभाग पर कब्जा कर चुका है। अब रूस को कब्जे की लड़ाई में आसानी होगी रूसी सेना के कब्जे में आया चासिव यार शहर रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इस शहर के हाथ आने से यूक्रेन के दो महत्वपूर्ण शहरों- क्रैमेटो‌र्स्क और स्लोवियांस्क पर कब्जे की लड़ाई में रूस को आसानी होगी। यूक्रेन ने कहा है कि सैनिकों की सुरक्षा के लिए उन्हें वापस बुलाना बेहतर समझा गया, इसलिए चासिव यार को छोड़ने का निर्णय लिया गया। हमारे पर सड़ने के लिए पर्याप्त हथियार नहीं- जेलेंस्की रूस समर्थक यूक्रेन के विद्रोहियों का डोनेस्क के एक हिस्से पर 2014 से कब्जा है। फरवरी 2022 से छिड़े युद्ध के बाद रूसी सेना ने इस प्रांत में अपना कब्जा बढ़ाया है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि उनकी सेना की 14 ब्रिगेड के पास लड़ने के लिए पर्याप्त हथियार नहीं है। इसका रूस को लाभ हो रहा है।   पश्चिम की मिसाइलों पर भारी पड़ रहा रूसी एस-350 रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनका एस-350 एयर डिफेंस सिस्टम पश्चिमी देशों की मिसाइलों का पता लगाने और उन्हें आकाश में ही नष्ट करने में सक्षम है। कहा कि यह सिस्टम पश्चिमी देशों की बैलेस्टिक और क्रूज मिसाइलों को नाकाम करने में सक्षम है। इसके साथ ही यह सिस्टम लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और 16 इंच तक के हथियार से होने वाले हमलों को भी विफल कर रहा है।

ममता सरकार ने सामूहिक पिटाई की घटनाओं पर चिंता जताते हुए इसकी रोकथाम को 11-सूत्री दिशानिर्देश जारी किए

कोलकाता बंगाल सरकार ने राज्य में सामूहिक पिटाई की एक के बाद एक सामने आ रहीं घटनाओं पर चिंता जताते हुए इसकी रोकथाम को 11-सूत्री दिशानिर्देश जारी किए हैं। मालूम हो कि हाल के दिनों में सिलसिलेवार तरीके से हुईं इन घटनाओं में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे लेकर पुलिस विभाग की भूमिका से बेहद नाराज हैं। जारी दिशानिर्देशों में लोगों को कानून अपने हाथों में नहीं लेने के प्रति जागरूक करने, सामूहिक पिटाई पर लगाम कसने के लिए ग्रामीण पुलिस व सिविल वालंटियरों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने व स्थानीय क्लबों की मदद लेने की बात कही गई है। पुलिस को अफवाहों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया पुलिस को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से फैलने वालीं अफवाहों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। महिलाओं पर होने वाले अपराधों से सख्ती से निपटने को कहा गया है। ऐसे मामलों में अविलंब कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। पिटाई में मारे गए लोगों के परिवार को दो लाख देने की घोषणा राज्य सरकार की ओर से सामूहिक पिटाई में मारे गए लोगों के परिवार को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को होम गार्ड की नौकरी देने की गत मंगलवार को घोषणा की गई थी। मालूम हो कि कोलकाता, पूर्व बर्धमान, जलपाईगुड़ी, नदिया, झाडग्राम और उत्तर 24 परगना जिलों में कहीं बच्चा व मोबाइल चोरी के संदेह में तो कहीं कर्ज नहीं चुकाने पर जमकर पिटाई की गई।

शोधकर्ताओं द्वारा सर्वेक्षण किये गए, कोलकाता शॉर्ट-टर्म एयर पॉल्यूशन से मौतों के मामले में तीसरे स्थान पर

कोलकाता एक शोध से यह बात सामने आई है कि कोलकाता में कुल मौतों में से 7.3 प्रतिशत शॉर्ट-टर्म एयर पॉल्यूशन की वजह से होती है। शोध के निष्कर्षों के अनुसार शोधकर्ताओं द्वारा सर्वेक्षण किये गए दस शहरों में से कोलकाता शॉर्ट-टर्म एयर पॉल्यूशन से संबंधित मौतों के मामले में तीसरे स्थान पर है। इस मामले में सबसे अधिक मृत्यु दर दिल्ली में 11.5 प्रतिशत है, जिसके बाद वाराणसी में 10.2 प्रतिशत मृत्यु दर है। भारत के शीर्ष संस्थानों के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्ष लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ में प्रकाशित हुए। दस प्रमुख भारतीय शहरों में किए गए शोध पर आधारित अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोलकाता में होने वाली कुल मौतों में से 7.3 प्रतिशत (जो कि प्रति वर्ष 4,700 होती है) शॉर्ट-टर्म पीएम 2.5 उत्सर्जन के कारण होती हैं। आईएएनएस के पास उपलब्ध रिपोर्ट की एक प्रति के अनुसार, कोलकाता में लोगों का अल्पकालिक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों से कहीं अधिक है। यह आंकड़ा शोध के तहत शामिल शहरों के 7.2 प्रतिशत औसत से थोड़ा अधिक है, जो सर्वे किए गए सभी दस शहरों में सालाना 33,000 मौतों के बराबर है। सर्वेक्षण के अंतर्गत शामिल दस शहरों में से शिमला में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे कम था। रिपोर्ट में कहा गया, ”हालांकि वायु प्रदूषण अभी भी यहां जोखिम भरा था, यहां सभी मौतों में से 3.7 प्रतिशत (59 प्रति वर्ष) मौतें पीएम 2.5 के शॉर्ट-टर्म के संपर्क में आने से हुई। यह डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देश मूल्य से अधिक है। शिमला के परिणाम वैश्विक साक्ष्य को पुष्ट करते हैं कि वायु प्रदूषण के संपर्क का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है।” अशोका विश्वविद्यालय के त्रिवेदी स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज में सेंटर फॉर हेल्थ एनालिटिक्स रिसर्च एंड ट्रेंड्स की निदेशक और चेयर-इंडिया कंसोर्टियम की भारत प्रमुख डॉ. पूर्णिमा प्रभाकरन के अनुसार, ”इस शोध में दस शहरों में वायु गुणवत्ता की विविधता को शामिल किया गया और पहली बार यह दर्शाया गया कि वायु प्रदूषण के निम्न स्तर पर भी मृत्यु दर का जोखिम बना रहता है।” उन्होंने कहा, ”यह जानकारी हमारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर देती है। जो वर्तमान में केवल नॉन एटेनमेंट (गैर-प्राप्ति) शहरों पर केंद्रित हैं। कम जोखिम सीमाओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में वायु गुणवत्ता मानकों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। साथ ही मानव स्वास्थ्य की प्रभावी रूप से रक्षा करने के लिए क्षेत्रीय स्रोतों से स्थानीय स्रोतों की ओर रुख करने की भी आवश्यकता है।”

भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए टीम का किया गया चयन: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत 2025 तक अंतरिक्ष और गहरे समुद्र में पहला मानव भेजेगा। मंत्री ने कहा, “भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों – तीन ग्रुप कैप्टन और एक विंग कमांडर का चयन किया गया है।” भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के गगनयान मिशन का लक्ष्य अंतरिक्ष में तीन दिवसीय मानव मिशन भेजना है। मिशन पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर परिक्रमा कर वापस लौटेगा। भारतीय वायुसेना के चार ग्रुप कैप्टन – प्रशांत बालकृष्णन नायर, अजीत कृष्णन और अंगद प्रताप तथा विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला को 2025 के लिए निर्धारित मिशन के लिए चुना गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि “भारत का डीप-सी मिशन 2025 में तीन भारतीयों को गहरे समुद्र में भेजेगा।” पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) की पहल ‘समुद्रयान’ के नाम से जानी जाने वाली यह पहल स्वदेशी रूप से विकसित मानवयुक्त पनडुब्बी वाहन मत्स्य 6000 पर सवार होकर मध्य हिंद महासागर में 6,000 मीटर की गहराई तक जाने वाला एक चालक दल अभियान होगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की हाल की उपलब्धियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि रॉकेट और उपग्रहों को लॉन्च करने के अलावा, अंतरिक्ष क्षेत्र कृषि, बुनियादी ढांचे, संचार, स्वास्थ्य सेवा आदि पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा,“2022 में हमारे पास केवल एक अंतरिक्ष स्टार्टअप था और 2024 में अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने के बाद हमारे पास लगभग 200 स्टार्टअप होंगे और उनमें से कई की वैश्विक क्षमता है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ही महीनों में अंतरिक्ष क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपये का निजी क्षेत्र का निवेश आया है।”

हिंदुओं के अपमान के विरोध में राहुल गांधी के खिलाफ जंतर-मंतर पर ‘हिंदू शक्ति संगम’ का होगा आयोजन

नई दिल्ली लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हिंदू समाज को लेकर दिए गए बयान पर देशभर में विरोध लगातार जारी है। संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा हिंदुओं के अपमान के विरोध में अब विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले कई हिंदू संगठनों और साधु-संत 9 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘हिंदू शक्ति संगम’ कार्यक्रम करेंगे। इससे पहले राहुल गांधी के बयान के विरोध में भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) और विभिन्न प्रदेशों के पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को देशभर में सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था और कांग्रेस नेता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की थी। राहुल गांधी के बयान को लेकर एक ओर भाजपा जहां राजनीतिक रूप से देशभर में अभियान चलाकर राहुल गांधी और कांग्रेस को घेरना चाहती है, वहीं, विश्व हिंदू परिषद एवं अन्य हिंदू संगठन हिंदुओं के अपमान के मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर सामाजिक स्तर पर कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं ताकि हिंदुओं के अपमान के मुद्दे पर हिंदू समाज के बीच एक संदेश दिया जा सके।

नहाते हुए बच्चे के शरीर में अमीबा उसकी नाक से प्रवेश किया, तड़प-तड़पकर मौत, 3 महीने में तीसरा केस

केरल केरल से एक दुखद घटना सामने आई है। तालाब में नहाते वक्त 14 साल के एक बच्चे के नाक में दिमाग खाने वाला अमीबा घुस गया। इस तरह अमीबा उसकी नाक से शरीर में प्रवेश कर गया। दिमाग में दुर्लभ संक्रमण हो जाने से उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। तीन महीने में इस तरह से मौत का यह तीसरा मामला है। सरकार इस मामले में अलर्ट हो गई है। इससे पहले यह बीमारी 2023 और 2017 में राज्य के अलप्पुझा जिले में देखी गई थी। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के मस्तिष्क में दु्र्लभ ‘अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस‘ संक्रमण प्रवेश कर गया था। इससे ग्रस्त 14 वर्षीय बालक ने एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। यह बीमारी दूषित जल में पाए जाने वाले जीवित अमीबा के कारण होती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमीबिक एन्सेफलाइटिस दुर्लभ और अत्यधिक घातक संक्रमण है जो झीलों और नदियों में पाए जाने वाले अमीबा के कारण होती है। तीन महीने में तीसरी मौत केरल के स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को बताया कि मृदुल नामक बालक की मृत्यु बुधवार रात करीब 11:20 बजे हुई। केरल में मई से लेकर अब तक इस घातक संक्रमण का यह तीसरा मामला है। पहली घटना 21 मई को मल्लपुरम में पांच वर्षीय बच्ची की मौत की थी और दूसरी घटना में 25 जून को कन्नूर में 13 वर्षीय बालिका की मृत्यु हो गई थी। सरकार अलर्ट स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक बच्चा यहां एक छोटे तलाब में नहाने गया था और अब एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि परजीवी अमीबा के बैक्टीरिया जब दूषित पानी से नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं तो यह संक्रमण होता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों को ‘अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस’ को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।  

नीट-यूजी में सफल हुए गुजरात के 50 से अधिक परीक्षार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- नीट-यूजी परीक्षा रद्द मत करना

नई दिल्ली नीट-यूजी में सफल हुए गुजरात के 50 से अधिक परीक्षार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र व एनटीए को पांच मई को हुई परीक्षा रद्द नहीं करने का निर्देश देने का अनुरोध किया। उन्होंने शीर्ष अदालत से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक और नकल जैसी अनुचित गतिविधियों में शामिल छात्रों तथा अन्य लोगों की जांच व पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश देने की भी मांग की है। गुजरात के 56 छात्रों ने यह याचिका ऐसे समय में दायर की है, जब कुछ ही दिन पहले मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ 26 याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है। इन याचिकाओं में दोबारा परीक्षा कराने और पहले हुई परीक्षा की जांच की मांग की है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए नीट-यूजी का आयोजन करती है। इस साल पांच मई को 4,750 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 24 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। प्रश्न पत्र लीक समेत अनियमितताओं के आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए तथा विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को उठाया। पिछली परीक्षा रद्द करने, दोबारा परीक्षा कराने और उच्चस्तरीय जांच की मांग संबंधी याचिकाओं पर आठ जुलाई को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होगी। सिद्धार्थ कोमल सिंगला और 55 अन्य छात्रों की नयी याचिका वकील देवेंद्र सिंह के माध्यम से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है, “माननीय अदालत को प्रतिवादियों (केंद्र और एनटीए) को नीट-यूजी दोबारा आयोजित नहीं करने का निर्देश देना चाहिए … क्योंकि यह न केवल ईमानदार और मेहनती छात्रों के लिए नुकसानदायक होगा, बल्कि शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन भी होगा और इसलिए संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन होगा।” याचिका में केंद्र और एनटीए को अनुचित तरीके अपनाने वाले परीक्षार्थियों की पहचान करके उन्हें दंडित करने और उन केंद्रों की पहचान करके उचित कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई है, जहां “नीट-यूजी 2024 परीक्षाओं के लिए स्थापित दिशानिर्देशों से कोई समझौता किया गया है।”  

मानसून में रिगं वॉर्म, एथलीट्स फुट जैसी परेशानियां काफी बढ़ जाती, फंगल इन्फेक्शन से अपनी रक्षा करना काफी जरूरी

नई दिल्ली गर्मी की तपती चिलचिलाती धूप के बाद बारिश की फुहार के बाद लोगों ने चैन की सांस ली है। मानसून का आगमन सिर्फ हमारे लिए ही खुशनुमा नहीं होता, बल्कि बैक्टीरिया और अन्य जीवाणुओं को भी यह मौसम बेहद पसंद होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस मौसम में हवा में नमी बढ़ने की वजह से ये जीवाणु आसानी से पनपते हैं और ज्यादा मात्रा में ग्रो भी करते हैं। इसलिए मानसून में फंगल इन्फेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए मानसून में रिगं वॉर्म, एथलीट्स फुट जैसी परेशानियां काफी बढ़ जाती हैं। ऐसे में फंगल इन्फेक्शन से अपनी रक्षा करना काफी जरूरी है। इसलिए हम कुछ ऐसे टिप्स लाए हैं, जिनसे फंगल इन्फेक्शन से बचने (Fungal Infection Prevention Tips) में काफी मदद मिलेगी। आइए जानें। कैसे करें फंगल इन्फेक्शन से बचाव? ढीले कपड़े पहनें मानसून सीजन में हवा में नमी बढ़ जाती है, जिसके कारण काफी पसीना आता है और फंगस ऐसी ही नम जगहों पर पनपते हैं। इसलिए सूती के ढीले कपड़े पहनें, ताकि पसीना कम आए और जल्दी सूख भी जाए। ऐसे में मोटे कपड़े, जैसे जीन्स या ऐसे कपड़े जो पसीना कम सोखते हों, उन्हें पहनने से बचना चाहिए। पसीना साफ करें अगर आपको ज्यादा पसीना आता है, तो बहुत समय तक पसीने में भीगे कपड़े पहनकर न रहें, बल्कि कपड़े बदलते रहें। ऐसे ही शरीर के कुछ हिस्से, जैसे- अंडरआर्म्स, घुटने के पीछे, कोहनी में ज्यादा पसीना आता है। इसलिए समय-समय पर इन जगहों को पोछते रहें, ताकि पसीने के कारण वहां फंगस न पनपने लगें। ऐसे ही वर्कआउट करने के बाद भी तुरंत नहाएं और कपड़े बदलें। हाथ धोएं कोई भी किटाणु सबसे अधिक हमारे हाथों के जरिए ही फैलते हैं, क्योंकि हमारे हाथों से हम शरीर का लगभग हर अंग छूते हैं। इसलिए बाहर से आने के बाद, किसी जानवर को छूने के बाद या सफाई आदि के बाद हाथ जरूर धोएं और अच्छे पोछें। इससे फंगल इन्फेक्शन का खतरा कम होगा। तौलिए और चादर बदलें नहाने के बाद या कहीं भी बाहर से आने के बाद हम तौलिए में ही हाथ पैर पोछते हैं। ऐसे ही सोते समय निकलने वाला पसीना हमारे तकिए और चादर पर लगते हैं। इसलिए इन दोनों पर हमारा पसीना लगा रहता है, जिसकी वजह से उनमें फंगस ग्रो कर सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपने तौलिए और चादर को नियमित रूप से बदलें। खुजली न करें अगर आपको फंगल इन्फेक्शन हो गया है, तो उस जगह पर खुजली न करें। इससे इन्फेक्शन बढ़ सकता है या और भी गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए खुजली बिल्कुल न करें। खुद से दवा न लें अगर फंगल इन्फेक्शन हो गया है, तो खुद से दवा बिल्कुल न लें। इससे बस अस्थायी रूप से आराम मिलता है और कुछ दिनों में संक्रमण फिर से लौट सकता है। इसलिए शरीर पर कोई रैश या निशान दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अंडरगार्मेंट्स साफ पहनें हमारे प्राइवेट अंगों में भी काफी पसीना आता है। साथ ही, महिलाओं में वेजाइनल डिसचार्ज की वजह से प्राइवेट पार्ट में नमी बढ़ जाती है। इसलिए रोज अंडरवेयर बदलें और उन्हें अच्छे से गर्म पानी में साफ करें।

शहीद अजय की बहन ने कहा- 98 लाख रुपये तो मिले लेकिन मेरे भाई ने चार साल की नौकरी के लिए अपनी जान गंवा दी

नई दिल्ली अग्निवीर के शहीदों को दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष आमने-सामने है। अब पंजाब के शहीद अग्निवीर अजय कुमार के परिवार ने साफ किया है कि उन्हें 98 लाख रुपये तो मिले हैं, लेकिन मुआवजे की रकम अजय कुमार की जगह नहीं ले सकती है। शहीद अजय के पिता ने अग्निवीर योजना को खत्म करने की भी मांग की और कहा कि हमें पेंशन व कैंटीन कार्ड भी मिलना चाहिए। मीडिया से बात करते हुए शहीद अजय की बहन ने यही मांग की। उन्होंने कहा कि मेरे भाई ने चार साल की नौकरी के लिए अपनी जान गंवा दी। सरकार एक करोड़ रुपये देने का वादा करती है, क्या कोई परिवार केवल उस राशि से जिंदा रह सकता है? उन्होंने भी अग्निवीर योजना का फिर से मूल्यांकन करने की मांग की। उन्होंने कहा, ”सरकार ने हमें पैसे दिए, लेकिन हम चाहते हैं कि योजना को बंद किया जाए।” बता दें कि अग्निवीर योजना को केंद्र सरकार ने 2022 में लागू किया था। इसके तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में काम करने का अवसर मिलता है। योजना की शुरुआत से ही कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष इसे वापस लेने की मांग करता रहा है। संसद में राहुल गांधी भी कई बार यह मुद्दा उठा चुके हैं। शहीद अजय के परिवार ने यह माना कि उनके परिवार को 98 लाख रुपये मिले थे, लेकिन सेना की ओर से सिर्फ 48 लाख रुपये ही प्राप्त हुए। बता दें कि सेना ने बयान जारी करके कहा था कि अजय के परिवार को उनकी ओर से 98.39 लाख रुपये मिल चुके हैं। बीती रात भारतीय सेना ने एक बयान जारी करके उन दावों का खंडन किया था कि शहीद के परिवार को मुआवजा नहीं मिला। सेना का यह बयान कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस एक्स पर किए गए पोस्ट के बाद आया था, जिसमें उन्होंने शहीद के परिवार के हवाले से बताया था कि उन्हें मुआवजा नहीं मिला। सेना ने अपने बयान में पुष्टि की है कि अजय कुमार के परिवार को कुल 98.39 लाख रुपये दिए हैं। सेना ने बयान में कहा, “इस बात पर जोर दिया जाता है कि भारतीय सेना अग्निवीर अजय कुमार द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को सलाम करती है। देय कुल राशि में से अग्निवीर अजय के परिवार को पहले ही 98.39 लाख का भुगतान किया जा चुका है। अग्निवीर योजना के प्रावधानों के अनुसार लागू लगभग 67 लाख की अनुग्रह राशि और अन्य लाभ पुलिस सत्यापन के तुरंत बाद अंतिम खाता निपटान पर भुगतान किए जाएंगे। कुल राशि लगभग 1.65 करोड़ होगी।”  

ISRO चीफ ने चेताया,अगर ऐसा हुआ तो…’ पृथ्वी से टकराने वाला है एस्टेरॉयड

नई दिल्ली 370 मीटर व्यास वाला एक खतरनाक  क्षुद्रग्रह पृथ्वी के निकट से गुजरने वाला है। इसके पृथ्वी से टकराने की भी प्रबल संभावना है। इससे पहले 30 जून 1908 को साइबेरिया के एक सुदूर स्थान तुंगुस्का में एक क्षुद्रग्रह के टकराने के कारण हुए विशाल हवाई विस्फोट ने लगभग 2200 वर्ग किलोमीटर घने जंगल को तहस-नहस कर दिया था। इसके कारण 8 करोड़ पेड़ नष्ट हो गए थे। अभी जो क्षुद्रग्रह धरती के नजदीक आ रहा है, उसके 13 अप्रैल 2029 को पास से गुजरने की संभावना है। ऐसा कहा जाता है जब-जब यह धरती से टकराती है तो कई प्रजातियां विलुप्त हो जाती हैं। इस बात की भी परिकल्पना है कि इसी के कारण धरती से डायनासोर विलुप्त हो गए थे। आपको बता दें कि दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां ​​पृथ्वी को क्षुद्रग्रहों से बचाने के लिए ग्रह रक्षा क्षमताओं का निर्माण करने की दिशा में काम कर रही हैं। इसरो ने भी अपने मजबूत कंधों पर इसकी जिम्मेदारी ली है। इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने इसकी ताजा जानकारी दी है। उन्होंने कहा, ”हमारा जीवनकाल 70-80 साल का होता है और हम अपने जीवनकाल में ऐसी कोई आपदा नहीं देखते हैं। इसलिए हम यह मानकर चलते हैं कि ऐसा होने की संभावना नहीं है। अगर आप दुनिया और ब्रह्मांड के इतिहास को देखें तो ग्रहों की ओर क्षुद्रग्रह के पहुंचने की घटना अक्सर होती रहती हैं। मैंने गुरुवार से टकराने वाले क्षुद्रग्रह को शूमेकर-लेवी से टकराते देखा है। अगर पृथ्वी पर ऐसी कोई घटना होती है तो हम सभी विलुप्त हो जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “ये वास्तविक संभावनाएं हैं। हमें खुद को तैयार करना चाहिए। हम नहीं चाहते कि यह धरती के साथ हो। हम चाहते हैं कि मानव और सभी जीव यहां रहें। लेकिन हम इसे रोक नहीं सकते। हमें इसके विकल्प खोजने होंगे। इसलिए हमारे पास एक तरीका है जिससे हम इसे विक्षेपित कर सकते हैं। हम पृथ्वी के निकट आने वाले क्षुद्रग्रह का पता लगा सकते हैं और उसे दूर ले जा सकते हैं। कभी-कभी यह असंभव भी हो सकता है। इसलिए प्रौद्योगिकी विकसित करने की आवश्यकता है। भविष्यवाणी करने की क्षमता बढ़ाने की आवश्यक्ता है। इसे विक्षेपित करने के लिए वहां भारी प्रॉप्स भेजने की क्षमता, अवलोकन में सुधार और एक प्रोटोकॉल के लिए अन्य देशों के साथ संयुक्त रूप से काम करने की आवश्यक्ता है।” इसरो प्रमुख ने कहा, “यह आने वाले दिनों में आकार लेगा। जब खतरा वास्तविक हो जाएगा, तो मानवता एक साथ मिलकर इस पर काम करेगी। एक अग्रणी अंतरिक्ष राष्ट्र के रूप में हमें जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। यह केवल भारत के लिए ही नहीं है, यह पूरी दुनिया के लिए है कि हमें तकनीकी क्षमता, प्रोग्रामिंग क्षमता और अन्य एजेंसियों के साथ काम करने की क्षमता तैयार करने और विकसित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।” आपको बता दें कि वह विश्व क्षुद्रग्रह दिवस (30 जून) पर इसरो द्वारा आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।  

मुकुल राय अस्पताल में भर्ती, बाथरूम में गिरकर हुए बेहोश, डिमेंशिया से भी पीड़ित

कोलकाता पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय को अपने घर के बाथरूम में गिरने और बेहोश होने के चलते शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले पर अस्पताल के एक अधिकारी ने आज बताया कि रॉय बीते बुधवार शाम को बाथरूम में गिर गए थे जिससे उनके सिर में चोट लग गई थी। अस्पताल प्रशासन ने उन पर चौबीस घंटे निगरानी रखने के लिए चिकित्सकों की एक टीम भी गठित की है। बताया गया कि मुकुल न्यूरोलॉजिकल संबंधी बीमारियों से भी पीड़ित हैं और चोट लगने पर बेहोश होने से पहले उन्हें उल्टी भी हुई थी। फिलहाल आवश्यक जांच की गई हैं और आगे के उपचार के लिए रिपोर्ट का इंतजार हो रहो है। मामले पर मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु ने अपने पिता के बीमार होने की पुष्टि की । उन्होंने कहा, ‘‘बाबा घर में बाथरूम जाते समय गिर गए। उनके सिर में चोट लगी है। उन्हें उल्टी हुई और वे बेहोश हो गए। हम उन्हें अस्पताल ले गए।” पूर्व रेल मंत्री रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। इसके पहले भी बीते अप्रैल को मुकुल राय की तबीयत बिगड गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इससे पहले बीते साल 2023 फरवरी में बीमार होने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। तब मुकुल के करीबियों ने कहा था कि उनके सिर पर पानी जमा हो गया है यह बीमारी पुरानी है। बता दें कि मुकुल रॉय डिमेंशिया से भी पीड़ित हैं। बीते फरवरी 2024 में मुकुल को ED ने एक नोटिस भेजा था। तब बंगाल के पुराने चिटफंड मामले में पूछताछ के लिए उन्हे दिल्ली बुलाया गया था, लेकिन उनके परिवार ने ED को पत्र लिखकर मुकुल की बीमारी के बारे में जानकारी दी। इसके बाद ED के अधिकारी विधायक के घर भी गए थे। गौरतलब है कि पूर्व रेल मंत्री मुकुल ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में कृष्णानगर उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से BJP के टिकट पर 2021 का विधानसभा चुनाव जीता था और उसी साल जून में वह वापस सत्तारूढ़ TMC में शामिल हो गए थे। मुकुल TMC के ‘सेकेंड इन कमांड’ रहे थे, उन्हें राज्य की राजनीति में ममता बनर्जी के विश्वसनीय नेताओं में से एक के रूप में भी कभी जाना जाता था।

बाबा राजिंदर कालिया के कारनामों की खुली पोल, महिलाओं के साथ दशकों तक किया रेप

लंदन उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए हादसे के बाद इसका आयोजक भोले बाबा देश से लेकर दुनिया भर में सुर्खियां बना हुआ है। इस बीच ब्रिटेन में एक भारतीय बाबा के काले कारनामों ने सनसनी मचा दी है। ब्रिटेन के कोवेंट्री में भारतीय मूल के एक धर्मगुरु पर महिला भक्तों ने दशकों तक हवस का शिकार बनाने का आरोप लगाया है। 68 साल के बाबा राजिंदर कालिया दावा करता था कि वह ‘जिंदा भगवान’ है, लेकिन उसकी शिकार हुई महिलाओं का कहना है कि वह वास्तव में ‘छिपा हुआ शैतान’ है। राजिंदर कालिया पर आरोप है कि एक तरफ वह मंदिर के सदस्यों को अपने प्रवचन और कथित चमत्कार दिखाकर ये विश्वास दिला रहा था कि वह भगवान का अवतार है, उसी दौरान वह छोटी लड़कियों से लेकर महिलाओं का शोषण कर रहा है। बाबा का ढोंग रचाने वाले राजिंदर कालिया के खिलाफ उसी की 4 पूर्व महिला शिष्य सामने आई हैं, जिन्होंने बाबा के ऊपर दशकों तक उनका यौन शोषण और बलात्कार करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही तीन अन्य महिलाओं ने आर्थिक रूप से उत्पीड़न का आरोप लगाया है।  धर्म को चोला पहनकर अपनी ही महिला भक्तों को हवस का शिकार बनाने वाले एक भारतीय मूल के ढोंगी बाबा पर ब्रिटेन के हाई कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है। कथित धर्मगुरु राजिंदर कालिया पर पर उसकी ही पूर्व शिष्याओं ने रेप और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए लाखों पाउंड की मांग की है। राजिंदर कालिया खुद को धरती पर भगवान बताता था, लेकिन उसके ऐसे कारनामे सामने आए हैं कि हैवान कहना भी कम होगा। 68 वर्षीय राजिंदर कालिया पर इंग्लैंड के कोवेंट्री के एक मंदिर में आने वाली महिलाओं और छोटी बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाने का आरोप है। कालिया अपने अपने प्रवचन के दौरान कथित रूप से चमत्कार दिखाकर महिला भक्तों को अपने प्रभाव में लाता था और फिर उन्हें अपना शिकार बनाता था। भारतीय मूल की हैं सभी पीड़ित कालिया पर आरोप लगाने वाले सभी दावेदार भारतीय मूल के हैं और उन्होंने दो साल पहले एक कानूनी लड़ाई जीती थी, जब एक जज ने मामले को सुनवाई के लिए आगे बढ़ने की अनुमति दी थी। जज डिप्टी मास्टर रिचर्ड ग्रिमशॉ ने जून 2022 में अपनै फैसले में कहा था कि इस मामले में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर विचार किया जाना है। इनमें से कई तथ्यात्मक मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं कि किस तरह प्रतिवादी (कालिया) ने उन पर दबाव बनाकर अपना नियंत्रण स्थापित किया। खुद को बताता है चमत्कारी पंजाब में पैदा हुआ राजेंद्र कालिया खुद को बाबा बालक नाथ की कृपा बताता है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि भारत में किशोरावस्था के दौरान कालिया का पैर टूट गया था। डॉक्टरों ने उसे बताया था कि वह कभी चल नहीं पाएगा। दावा किया गया कि इसके बाद हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में बाबा बालकनाथ की जन्मस्थली देओतसिद्ध जाने के बाद वह अचानक से बिना बैसाखी के चलने लगा। उसने बताया कि यह चमत्कार था और इस बात से उसकी आस्था बाबा बालकनाथ में और बढ़ गई। ब्रिटेन में पहुंचकर खड़ा किया भक्तों का साम्राज्य 1977 में राजिंदर कालिया ब्रिटेन पहुंचा और 1983 में उसने अपने घर से ही प्रवचन शुरू किया। धीरे-धीरे उसके भक्तों की संख्या बढ़ने लगी। उसने कोवेंट्री में कुछ जमीन खरीदी और साल 1986 में बाबा बालकनाथ के मंदिर की स्थापना की। अपना मंदिर बना लेने के बाद उसने अपने भक्तों को ये विश्वास दिलाना शुरू किया कि वह धरती पर भगवान का अवतार है। इसके लिए उसने कथित चमत्कारों का सहारा लेना शुरू किया, जिसे देखकर उसके भक्त यकीन करने लगे। 1320 बार बनाया हवस का शिकार ब्रिटिश न्यूज पोर्टल द सन की रिपोर्ट के अनुसार, राजिंदर कालिया पर केस करने वाली महिलाओं के वकील मार्क जोन्स ने कहा, ‘यह एक असामान्य मामला है। दावेदारों का आरोप हैं कि वे दशकों से कालिया के करिश्माई और शक्तिशाली व्यक्तित्व के पूरी तरह अधीन थे। उन्होंने कथित चमत्कारों के माध्यम से खुद को भगवान के रूप में दिखाया। जब वो हवस का शिकार बनाता था तो पीड़ित खुद उसका विरोध करने में असमर्थ पाती थीं।’ एक महिला ने रोते हुए अदालत को बताया कि आश्रम में काम करने के 22 साल के दौरान उसके साथ कम से कम 1320 बार बलात्कार किया गया। एक अन्य पीड़िता ने कहा कि बाबा कालिया ने 13 साल की उम्र से उसका शोषण शुरू कर दिया था और 21 साल की उम्र में एक होटल में ले जाकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। ये होटल बाबा कालिया ने खुद ही बुक किया था। महिला ने अदालत को बताया कि पुलिस के पास के जाने के बाद उसे तेजाब से मारने की धमकी दी गई। बाद में उसे बाल शोषण के लिए गलत तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य महिला ने दावा किया कि 13 साल की उम्र में उसके साथ रेप किया गया जबकि चौथी महिला ने आरोप लगाया कि चार साल की उम्र से बाबा उसे गलत तरीके से चूमता था। कालिया ने आरोपों पर क्या कहा? राजिंदर कालिया ने एक बयान में कहा, ‘मेरे खिलाफ किए जा रहे दावों से मैं डरा हुआ हूं। वे स्पष्ट रूप से झूठे और हैरान करने वाले हैं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि सभी को अपनी बात कहने का अधिकार दिया जाना चाहिए। इस अधिकार का उपयोग केवल निष्पक्ष और जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए।’ कालिया ने आगे कहा कि ‘मुझे अपने समुदाय के भीतर मुझे नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी साजिश का आभास हो रहा है। सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी। तब तक मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इस चुनौतीपूर्ण समय में मेरा और मेरे परिवार का साथ दिया है।’ कालिया के खिलाफ मामले की सुनवाई पिछले सप्ताह रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस में शुरू हुई थी, जिसके अगले सप्ताह खत्म होने की उम्मीद है। मामले में आने वाले महीनों में फैसला आ सकता है।

SCO शिखर सम्मेलन में चीनी विदेश मंत्री को एस जयशंकर की दो टूक, कहा-LAC का सम्मान जरूरी

नई दिल्ली वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी गतिरोध के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ही मंत्रियों ने सीमा क्षेत्रों में बाकी मुद्दों के शीघ्र समाधान के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष सीमा मुद्दों को हल करने के लिए कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से प्रयास बढ़ाने पर सहमत हुए। एस जयशंकर ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करना और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी सम्मान के तीन सिद्धांत भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे। एलएसी को लेकर हुई दोनों देशों के बीच बात विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि बॉर्डर में मौजूदा स्थिति का लंबा खिंचना दोनों पक्षों के हित में नहीं है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईस्टर्न लद्दाख के उन एरिया में भी पूरी तरह डिसइंगेजमेंट पर जोर दिया जहां अभी भी भारत और चीन के सैनिक आमने सामने हैं। बातचीत में कहा गया कि पूरी तरह डिसइंगेजमेटं और सीमा पर सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों में और तेजी लानी होगी ताकि द्विपक्षीय संबंध जल्द सामान्य हो सकें। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि दोनों सरकारों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों, प्रोटोकॉल और समझौतों का पूरी तरह पालन अहम है। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल का सम्मान किया जाना चाहिए और बॉर्डर एरिया में हमेशा शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए। सैन्य अधिकारियों की मीटिंग्स को जारी रखने पर सहमति दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने अपने कूटनीतिक और सैन्य अधिकारियों की मीटिंग्स को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की ताकि बचे हुए मुद्दों को जल्द से जल्द हल किया जा सके। इसके लिए WMCC यानी वर्किंग मेकेनिजम फॉर कंसल्टेशन एंड कॉर्डिनेशन की मीटिंग जल्द बुलाने पर भी सहमति जताई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत-चीन संबंध आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हितों का पालन करने से मजबूत हो सकते हैं। दोनों मंत्रियों ने वैश्विक स्थिति पर भी बातचीत की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अगले साल चीन की SCO की अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन भी व्यक्त किया। मई 2020 में हुआ था दोनों देशों के बीच तनाव मई 2020 में ईस्टर्न लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव शुरु हुआ था, जब चीनी सैनिक कई जगहों पर काफी आगे आ गए थे। तब से अब तक गतिरोध खत्म करने के लिए WMCC की दो दर्जन से ज्यादा मीटिंग हो चुकी हैं और कोर कमांडर स्तर की 21 राउंड मीटिंग हो चुकी हैं। हर मीटिंग के बाद दोनों तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि दोनों पक्ष गतिरोध को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और लगातार बातचीत जारी रहेगी साथ ही दोनों पक्ष जमीनी स्तर पर शांति बनाए रखने पर राजी हैं। चार जगहों पर आगे आ गई थी चीनी सेना ईस्टर्न लद्दाख में जब तनाव शुरू हुआ तो चीनी सैनिक चार जगहों पर आगे आ गए थे, जिसके बाद भारतीय सेना ने भी अपनी तैनाती बढ़ाई और चीनी और भारतीय सैनिक एकदम आमने सामने डटे हुए थे। दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत के बाद उन सभी चार जगहों से दोनों देशों के सैनिक पीछे हो गए। यानी वह अब वहां पर आमने सामने नहीं हैं। सबसे पहले पैंगोंग एरिया यानी फिंगर एरिया और गलवान में पीपी-14 में डिसइंगेजमेंट हुआ यानी दोनों देशों के सैनिक आमने सामने से हटकर पीछे गए। फिर गोगरा में पीपी-17 से सैनिक हटे और फिर गोगरा-हॉट स्प्रिंग एरिया में पीपी-15 से सैनिक हटे। जिन जगहों पर डिसइंगेजमेंट हुआ वहां पर नो-पेट्रोलिंग जोन बने हैं। यानी जब तक दोनों देश मिलकर कुछ रास्ता नहीं निकाल लेते तब तक इन चारों जगहों पर 1 किलोमीटर से लेकर 3 किलोमीटर तक का एरिया नो-पेट्रोलिंग जोन है यानी यहां कोई पेट्रोलिंग (गश्ती) नहीं करेगा। इन चारों जगहों पर जहां दोनों देशों के सैनिक आमने सामने थे वह कुछ किलोमीटर पीछे गए, इसे डिसइंगेजमेंट कहा जाता है यानी वे फिलहाल ऐसी स्थिति में नहीं है कि तुरंत झड़प की नौबत आ जाए। हालांकि दोनों देशों के सैनिक अपने अपने इलाके में पीछे की तरफ बढ़ी संख्या में तैनात हैं। डेपसांग और डेमचॉक दो ऐसे पॉइंट हैं जहां अब भी विवाद बना हुआ है। हर मीटिंग में इन दो पॉइंट को लेकर बातचीत हो रही है। हर मीटिंग में भारत की तरफ से यहां पर पहले की तरह स्थिति बहाल करने को कहा जाता रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज सुबह अस्ताना में सीपीसी पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। सीमा क्षेत्रों में शेष मुद्दों के शीघ्र समाधान पर चर्चा की। उस लक्ष्य के लिए कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से प्रयासों को दोगुना करने पर सहमति हुई। एलएसी का सम्मान करना और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित हमारे द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे।”  

हाथरस सत्संग मामले में पुलिस ने किया 20 सेवादारों को गिरफ्तार, मुख्य सेवादार की तलाश जारी

लखनऊ यूपी के हाथरस जिले में दर्दनाक हादसे में मारे गए 121 लोगों के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार सेवादारों से पूछताछ कर रही है। हाथरस पुलिस ने 7 टीमों को गठन किया। टीमें मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर की तलाश कर रही हैं।पूरे मामले में योगी सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर  गृह विभाग ने बुधवार को देर शाम इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव द्वितीय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच आयोग गठित कर दिया। आयोग का मुख्यालय लखनऊ में होगा। आयोग को दो माह में अपनी जांच पूरी करनी होगी। आयोग में अपर मुख्य सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएएस हेमंत राव और डीजी अभियोजन और मुख्य राज्य सूचना आयुक्त रहे सेवानिवृत्त आईपीएस भावेश कुमार को सदस्य बनाया गया है। आयोग को हाथरस में दो जुलाई को हुए हादसे की जांच  सौंपी गई है। आयोग यह जांच करेगा कि आयोजकों ने अनुमति के साथ लगाई गई शर्तों का पालन किया या नहीं। आयोग यह भी देखेगा कि यह कोई दुर्घटना है या कोई सुनियोजित साजिश है। आयोग को प्रशासन की ओर से किए गए प्रबंधों की भी पड़ताल करने की जिम्मेदारी दी गई है। आयोग भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के उपाय भी सुझाएगा।  

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