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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज पहुंचेंगे मसूरी, करेंगे LBS अकादमी में संबोधित

देहरादून मसूरी स्थित प्रशासनिक अकादमी में 127वां इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम राज्य सिविल सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत अधिकारियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज मसूरी पहुंचेंगे। वह एलबीएस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों को संबोधित करेंगे। वह कल पौने दस बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद 11 बजकर 30 मिनट पर मसूरी पहुंचेंगे। लोकसभा अध्यक्ष उसी दिन दिल्ली वापस लौट जाएंगे। बता दें कि मसूरी स्थित प्रशासनिक अकादमी में 127वां इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम राज्य सिविल सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत अधिकारियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम में 19 राज्यों की सेवाओं से प्रोन्नत 97 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 73 पुरुष अधिकारी और 24 महिला अधिकारी हैं। यह कार्यक्रम ‘विकसित भारत @2047 की राष्ट्रीय दृष्टि और ‘मिशन कर्मयोगी’ के रूपांतरणीय लक्ष्यों से प्रेरित होकर अधिकारियों को राज्य-स्तरीय प्रशासनिक भूमिकाओं से राष्ट्रीय-स्तर की नेतृत्वकारी जिम्मेदारियों में सुगम रूपांतरण के एक सुव्यवस्थित मंच प्रदान करता है।  

किसानों के खाते में इस दिनआएंगे 2000 रुपये, पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं तो निपटा लें ये 4 जरूरी काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए अच्छी खबर है। ताजा अपडेट मिली है कि किसानों के खाते में 2000 रुपये जल्द ही आने वाले हैं। पीएम किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को साल में 6000 रुपये मिलते हैं। यह पैसा 2000-2000 की तीन किस्तों में आता है। पिछली किस्त फरवरी में आई थी। इसके बाद 20वीं किस्त के 2000 रुपये का इंतजार सभी को है। जानकारी मिली है कि 20 जून, 2025 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 2000 रुपये खाते में ट्रांसफर हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह तारीख बताई जा रही है। ऐसे में अगर आपने अभी भी पीएम किसान सम्मान योजना से जुड़े काम पूरे नहीं किए हैं तो उन अधूरे कामों केा तुरंत निपटा लें। सरकार इसके लिए सैचुरेशन ड्राइव चला रही है। सिर्फ इन किसानों के खाते में आएगा पैसा पीएम किसान सम्मान निधि योजना में आ रही गड़बड़ियों की शिकायतों के मद्देनजर सरकार ने यह तय कर लिया है कि सिर्फ उन्हीं किसानों के खाते में पैसा जाएगा, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। अगर अभी तक आपने फार्मर रजिस्ट्री कराकर फार्मर आईडी नहीं बनाई है तो फिर 20 जून को 20वीं किस्त खाते में नहीं आएगी। हालांकि अभी भी समय है और यह काम आप ऑनलाइन कर सकते हैं। ईकेवाईसी भी करा लें अगर किसी ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है तो उनके खाते में आने वाला पैसा अटक सकता है। आप ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर अभी भी यह काम कर सकते हैं। आपको बस Farmer Corner में जाकर ई-केवाईसी का विकल्प चुनना है। आधार नंबर और बायोमैट्रिक के जरिए आप यह काम कर सकते हैं। आप नजदीक के CSC जाकर भी यह काम करा सकते हैं। पिछली बार फरवरी में पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त केंद्र सरकार की ओर से 10,04,67,693 किसानों के खाते में भेजी गई थी।. ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य PM Kisan Yojana की किस्त पाने के लिए सबसे जरूरी शर्त ई-केवाईसी है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई होगी, उन्हें अगली किस्त नहीं दी जाएगी. ई-केवाईसी आप अपने नजदीकी CSC केंद्र या खुद पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर करा सकते हैं. इसके लिए आपके आधार नंबर और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी. भूमि सत्यापन (Land Verification) पीएम किसान योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को लैंड वेरीफिकेशन कराना जरूरी है. इसके जरिए ये जांचा जाता है कि किसान के नाम पर वास्तविक कृषि भूमि मौजूद है और वह योजना की पात्रता की सभी शर्तें पूरी करता है. यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान समेत देश के करीब 14 राज्यों में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत लैंड वेरीफिकेशन का काम जारी है. अपात्र लोगों को योजना से बाहर किया जा सके इसके लिए इन राज्यों द्वारा जमीन की जांच की जा रही है. बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर अब तक 14 राज्यों के 6.1 करोड़ (61 मिलियन) किसानों को डिजिटल आईडी (फार्मर आईडी या किसान आईडी) दी है. हाल ही सामने आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) तक 11 करोड़ (110 मिलियन) किसानों को “किसान पहचान पत्र” नाम की यह यूनिक ID दी जाए. इस पहचान पत्र में किसान की जमीन, फसलों और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी. मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस ID की मदद से किसानों को कर्ज (Loan) और फसल बीमा की सुविधा जल्दी और आसान तरीके से मिल सकेगी. साथ ही पीएम किसान योजना की रकम भी अब सीधे इस ID से लिंक की जा रही है. अब तक सबसे ज्यादा IDs इन राज्यों में बनी हैं: उत्तर प्रदेश – 1.3 करोड़ महाराष्ट्र – 99 लाख मध्य प्रदेश – 83 लाख राजस्थान – 75 लाख आंध्र प्रदेश – 45 लाख गुजरात – 44 लाख तमिलनाडु – 30 लाख असम, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, केरल, तेलंगाना और अन्य राज्यों में भी काम जारी है. यह पूरी प्रक्रिया AgriStack नाम की सरकारी डिजिटल योजना के तहत हो रही है, जिसका मकसद किसानों तक सरकारी योजनाओं के लाभ तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना है. यह डिजिटल ID बिल्कुल आधार कार्ड जैसी होगी. सरकार की योजना है कि FY26 में 3 करोड़ और FY27 में 2 करोड़ किसान और जोड़े जाएंगे. अगर आपने अभी तक अपनी भूमि से जुड़ी जानकारी को अपडेट नहीं किया है या वेरीफिकेशन नहीं कराया है, तो आपकी अगली किस्त अटक सकती है.  आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए पीएम किसान योजना की किस्त सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है. ऐसे में यह जरूरी है कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक हो. यदि आपका आधार आपके खाते से लिंक नहीं है या खाता NPCI मैपिंग में नहीं है, तो भुगतान फेल हो सकता है. बैंक शाखा में जाकर यह जानकारी चेक करें और जरूरत हो तो लिंकिंग प्रक्रिया पूरी कराएं. पीएम किसान पोर्टल पर स्टेटस चेक करें कई बार तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से किसानों की किस्तें अटक जाती हैं. ऐसे में आपको पीएम किसान योजना की वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary Status” और “Payment Status” चेक करते रहना चाहिए. इससे आपको यह पता चल जाएगा कि आपकी पिछली किस्तें मिलीं या नहीं, और अगली किस्त में कोई अड़चन है या नहीं. किसानों के खाते में किस दिन आएगी 20वीं किस्त? पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त जून के तीसरे या चौथे सप्ताह में किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. कुछ मीडिया रिपोर्ट की मानें तो लाभार्थी किसानों के खाते में योजना के तहत 2000 रुपये 20 जून को आ सकते हैं. हालांकि, आधिकारिक तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है. इसलिए किसान नियमित रूप से वेबसाइट और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाले SMS पर नजर बनाए रखें. अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं और समय पर 2000 रुपये की 20वीं किस्त पाना चाहते हैं, तो ऊपर बताए गए चार जरूरी काम जरूर पूरा कर लें. सरकार की ओर से यह योजना किसानों … Read more

तत्काल टिकटों की होगी बुकिंग से पहले आधार से आएगा वेरिफिकेशन ओटीपी, जानिए पूरी बात

नई दिल्ली अगर आप तत्काल रेल टिकट बुकिंग करने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, जुलाई महीने से तत्काल टिकट बुकिंग के नियम बदल जाएंगे। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 15 जुलाई से आधार से प्रमाणीकरण के पश्चात ही तत्काल टिकट की बुकिंग होगी। रेलवे के एजेंट आधे घंटे बाद टिकट बुक कर सकेंगे। बता दें कि अब तक तत्काल टिकट की बुकिंग पर एजेंट्स का कब्जा होता था। तत्काल विंडो ओपन होने के साथ ही एजेंट लगभगर सभी टिकट बुक कर लेते थे लेकिन नए नियम से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे का सर्कुलर रेलवे मंत्रालय ने 10 जून 2025 को एक सर्कुलर जारी किया। इस सर्कुलर में कहा गया है-1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट/इसके ऐप के माध्यम से केवल वह यूजर्स ही बुक कर सकेंगे, जिन्होंने आधार के जरिये सत्यापन कराया हो। इसके बाद, 15 जुलाई 2025 से तत्काल बुकिंग के लिए आधार-आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण भी अनिवार्य कर दिया जाएगा। सर्कुलर में कहा गया है- तत्काल टिकट भारतीय रेलवे के कम्प्यूटरीकृत पीआरएस (यात्री आरक्षण प्रणाली) काउंटरों/अधिकृत एजेंटों के माध्यम से बुकिंग के लिए तभी उपलब्ध होंगे, जब सिस्टम द्वारा जनरेट ओटीपी का सत्यापन होगा। यह ओटीपी बुकिंग के समय यूजर्स द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। तत्काल विंडो कब से ओपन होता है? तत्काल रेलवे टिकट बुकिंग के लिए विंडो सुबह 10 बजे से ओपन होता है। हालांकि, इस दौरान सिर्फ एसी कोच के टिकटों की बुकिंग होती है। वहीं, तत्काल विंडो पर सुबह 11 बजे से स्लीपर कोच के लिए टिकट की बुकिंग होती है। इस दौरान आम जनता को बेहद मुश्किल से तत्काल टिकट मिल पाता है। रेल मंत्री ने दिए थे बदलाव के संकेत बता दें बीते 4 जून को रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि भारतीय रेलवे (Indian Railway) जल्द ही तत्काल टिकट बुक करने के लिए ई-आधार प्रमाणीकरण का उपयोग करना शुरू कर देगा. उन्होंने अपनी पोस्ट में इसके फायदे बताते हुए लिखा था कि इस प्रणाली के जरिए रेलवे के वास्तविक उपयोगकर्ताओं को जरूरत के समय कन्फर्म टिकट (Confirmed Tickets) पाने में मदद मिलेगी. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस महीने के अंत तक ये सिस्टम शुरू किया जा सकता है. अब रेलवे मंत्रालय ने इसका ऐलान कर दिया है और 1 जुलाई से ये प्रोसेस लागू कर दिया जाएगा.  सिर्फ 10% यूजर्स आधार सत्यापित! IRCTC के मुताबिक, देश में इसके यूजर्स की तादाद 13 करोड़ से ज्यादा है, लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि इनमें से महज 10 फीसदी यूजर ही आधार वेरिफाइड हैं. ऐसे में तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने नियमों को सख्त बनाते हुए सिर्फ आधार सत्यापित आईआरसीटीसी अकाउंट को ही Online Tatkal Ticket Booking करने की अनुमति दी है. फर्जी आईडी पर सरकार सख्त  बीते दिनों आई एक रिपोर्ट्स में बताया गया था कि Tatkal Ticket बुकिंग में लगातार गड़बड़ियां सामने आने के बाद सरकार ने फर्जी आईडी वाले यूजर्स पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था. इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि IRCTC ने पिछले एक साल में 3.5 करोड़ फर्जी यूजर आईडी ब्लॉक की हैं, जिससे इसके प्लेटफॉर्म पर सिस्टम की भीड़भाड़ काफी कम हद तक हो गई है. अब रेल मंत्रालय की ओर से इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Aadhaar प्रमाणीकरण का नियम लागू किया जा रहा है.  एजेंट का होता है कब्जा तत्काल बुकिंग के लिए आम लोगों को बिहार और उत्तर प्रदेश के रूट पर सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। वहीं, एजेंट आसानी से तत्काल टिकट बुकिंग कर पाते हैं। इसके बाद ग्राहकों से एजेंट टिकट के बदले मनमाने चार्ज वसूलते हैं। अब रेलवे के नए सर्कुलर के मुताबिक एजेंट्स को सुबह 10 बजे से 10.30 बजे तक एसी कैटेगरी के लिए और सुबह 11 बजे से 11.30 बजे तक स्लीपर कैटेगरी के लिए ‘तत्काल’ टिकट बुक करने से प्रतिबंधित किया जाएगा। इससे आम लोगों को आसानी से तत्काल टिकट बुक कराने का मौका मिलेगा।

रिपोर्ट : मुस्लिम जनसंख्या एक दशक में सबसे तेजी से बढ़ी, मुसलमान कुल आबादी का 25 % हुए

 नई दिल्ली  मुस्लिमों की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। यह खुलासा प्यू रिसर्च सेंटर की स्टडी में हुआ है। इसके अनुसार 2010-2020 के बीच दुनिया में मुस्लिम आबादी 34.7 करोड़ की वृद्धि के साथ बढ़कर 194.6 करोड़ हो गई है। इसकी के साथ मुस्लिम समुदाय की वैश्विक हिस्सेदारी 25.6 प्रतिशत हो चुकी है। हिंदुओं की आबादी में कितना इजाफा? हिंदुओं की बात करें तो पिछले 10 साल में हिंदू आबादी में इजाफा देखने को मिला है। हालांकि हिंदुओं की वैश्विक हिस्सेदारी 15 प्रतिशत की दर पर ही स्थिर बनी हुई है, यह न तो बढ़ी है और न ही घटी है। शोध में पाया गया है कि इस दर के हिसाब से 2010-2020 के बीच हिंदुओं की आबादी 12.6 करोड़ की वृद्धि के साथ बढ़कर 115.8 करोड़ हो गई है।  दुनिया में धार्मिक आबादी को लेकर जारी एक नई रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। प्यू रिसर्च सेंटर की इस रिपोर्ट में साल 2010 से 2020 के धार्मिक आबादी के डेटा का विश्लेषण किया गया है, जिससे पता चलता है कि इस दौरान वैश्विक धार्मिक परिदृश्य तेजी से बदला है। एक दशक के दौरान मुस्लिम आबादी किसी भी धर्म के मुकाबले सबसे तेजी से बढ़ी है। अब इस्लाम को मानने वाले दुनिया की कुल आबादी का एक चौथाई हिस्सा हैं। इस रिपोर्ट में हिंदू,ईसाई और बौद्ध आबादी के बारे में भी जानकारी दी गई है। मुस्लिम आबादी सबसे तेजी से बढ़ी प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2010 से 2020 के बीच मुस्लिम आबादी अपेक्षाकृत सबसे तेजी से बढ़ने वाली आबादी थी, जो दुनिया की आबादी का 25.6 प्रतिशत हिस्सा बन गई है। 2010 में यह 23.9 प्रतिशत थी। मुस्लिम आबादी 34.6 करोड़ बढ़ी है। हालांकि, ईसाई अभी भी सबसे बड़ी आबादी है, लेकिन दुनिया की कुल आबादी में इसका हिस्सा घटा है। अब यह दुनिया की कुल जनसंख्या का 25.6 प्रतिशत है, जो कि 1.5 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है। 2010-20 के दौरान ईसाई (सभी मतों) आबादी 12.16 करोड़ बढ़ी है। हिंदुओं की आबादी स्थिर एक अलग प्यू रिपोर्ट बताती है कि इस एक दशक के दौरान ईसाई धर्म को छोड़ने वालों की संख्या शामिल होने के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदू धर्म को मानने वालों की जनसंख्या कमोबेश 14.9 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि बौद्ध धर्म में 0.8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जो ईसाई धर्म के बाद सबसे ज्यादा है। बौद्ध इकलौता धर्म है, जिसके मानने वालों की संख्या 2010 के मुकाबले 2020 में कम हुई है। इसमें 1.8 करोड़ की गिरावट देखी गई है। नास्तिकों की संख्या में जबर्दस्त उछाल रिपोर्ट में सबसे दिलचस्प पहलू उन लोगों की तेजी से बढ़ती संख्या हैं, जो खुद को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ते हैं। किसी भी धर्म को न मानने वालों की संख्या 27 करोड़ बढ़ी है। यह अब दुनिया की आबादी का 24.2 प्रतिशत है। इस दौरान यहूदी आबादी की जनसंख्या भी स्थिर रही, जो कुल आबादी का 0.2 प्रतिशत है। यहूदी आबादी में 10 लाख की वृद्धि देखी गई, जो अब 1.48 करोड़ तक पहुंच गई है। धर्म  देश वैश्विक हिस्सेदारी ईसाई-मुस्लिम 53 53.6% बौद्ध 7 4.2% हिंदू 2 15% यहूदी 1 0.2% अन्य धर्म 1 2.2% कोई बहुसंख्यक नहीं 7 – नास्तिकों की आबादी भी बढ़ी रिसर्च रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 2010 में दुनिया में कुल 113 लोग नास्तिक थे, जो किसी भी धर्म को नहीं मानते। 2020 तक इनकी आबादी बढ़कर 140 करोड़ हो गई है, जोकि 27 करोड़ का इजाफा है। वहीं, वैश्विक हिस्सेदारी की बात करें तो नास्तिक 18.2 प्रतिशत हैं।   अन्य धर्मों की हिस्सेदारी   प्यू की रिसर्च में अन्य धर्मों का भी विवरण मौजूद है। मसलन बौद्ध धर्म के लोगों की संख्या 1.9 करोड़ घटकर 32.4 करोड़ ही रह गई है और इनकी वैश्विक हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से कम होकर 4.2 प्रतिशत ही बची है। इसके अलावा यदूही समुदाय दुनिया की सबसे छोटी धार्मिक आबादी है, जिनकी आबादी 1.4 से बढ़कर 1.5 करोड़ हो गई है। यहूदी समुदाय की वैश्विक हिस्सेदारी महज 0.2 प्रतिशत है। वहीं, अन्य धर्मों जैसे सिख, जैन और बहाई समुदाय की आबादी 1.8 करोड़ से बढ़कर 17.2 करोड़ हो गई है। इनकी वैश्विक हिस्सेदारी 2.2 प्रतिशत है।  

ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन तेज, लॉस एंजिल्स में प्रदर्शनकारियों ने यातायात को रोक दिया

न्यूयॉर्क  ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इस समय लॉस एंजिल्स अराजकता से गुजर रहा है। यह प्रदर्शन इस शहर के अलावा भी कई जगहों पर फैल चुके हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार यहां 20 से ज्यादा शहरों में हजारों लोग उतर आए हैं। लॉस एंजिल्स में प्रदर्शनकारियों ने यातायात को रोक दिया है। शिकागो में भीड़ ने डाउनटाउन लूप में मार्च किया, जिसके चलते कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के ऊपर पुलिस के हेलीकॉप्टर मंडराते रहे। शिकागो ट्रिब्यून ने तत्काल किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी है। न्यूयॉर्क में भी कुछ ऐसे ही हालात देखने को मिले हैं। यहां फेडरल इमिग्रेशन बिल्डिंग के पास लोअर मैनहट्टन से प्रदर्शनकारियों का ग्रुप मार्च कर रहा था। वहीं, अटलांटा में करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों की भीड़ बुफोर्ड हाईवे पर जमा हो गई। कई सौ प्रदर्शनकारियों ने डोराविले में मार्च किया, जिससे उनकी स्थानीय पुलिस के साथ तुरंत टकराव की स्थिति बन गई। इसके अलावा सैन फ्रांसिस्को, सिएटल, ह्यूस्टन, डलास, सैन एंटोनियो और वाशिंगटन, डीसी में विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी देखने को मिली। खबर के अनुसार, न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को में दर्जनों गिरफ्तारियां हुई हैं, जबकि ह्यूस्टन और सैन एंटोनियो में रैलियां काफी हद तक शांतिपूर्ण रहीं। ऑस्टिन में स्थानीय पुलिस डिपार्टमेंट ने ड्राइवरों को चेतावनी जारी की है कि वह लॉस एंजिल्स के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में रैली कर रहे पैदल यात्रियों के बड़े समूहों पर नजर रखें। ये प्रदर्शन इमिग्रेशन एनफोर्समेंट में सैन्य बलों के उपयोग को लेकर कैलिफोर्निया में गहराते राजनीतिक और कानूनी टकराव के बीच हुए हैं। मंगलवार को फोर्ट ब्रैग में अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भाषण दिया, जिसमें लॉस एंजिल्स के प्रदर्शनकारियों को ‘जानवर’ और ‘विदेशी दुश्मन’ बता दिया। इसके साथ ही ट्रंप ने शहर में लगभग 4,000 नेशनल गार्ड सैनिकों और 700 मरीन की तैनाती का बचाव किया है। ट्रंप ने लॉस एंजिल्स को आजाद करने और इसे “स्वतंत्र, स्वच्छ और सुरक्षित” बनाने की कसम खाई। इसके साथ ही उन्होंने ‘विद्रोह अधिनियम’ लागू करने तक का सुझाव दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि वाशिंगटन, डीसी में मिलिट्री परेड के दौरान किसी भी रुकावट का ‘बहुत बड़ी ताकत’ से सामना किया जाएगा। बढ़ते गतिरोध ने डोमेस्टिक लॉ इन्फोर्समेंट के सैन्यीकरण पर एक व्यापक राष्ट्रीय बहस को जन्म दिया है। इस विवाद ने राज्य और फेडरल अथॉरिटी के बीच गहरे तनाव को रेखांकित किया है। इससे अमेरिकी शहरों में सत्ता के संतुलन और इमिग्रेशन एनफोर्समेंट के राजनीतिक दांव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। देश भर में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के साथ, कैलिफोर्निया में एक फेडरल जज ने संघीय सरकार के सैन्य कर्मियों के उपयोग को प्रतिबंधित करने के अनुरोध पर गुरुवार दोपहर को सुनवाई निर्धारित की है।

बिहार विधानसभा चुनाव में आप पार्टी ने अकेले सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का बनाया मन

नई दिल्ली इस साल के अंत तक बिहार का मुखिया कौन होगा,उसपर फैसला हो जाएगा। विधानसभा चुनाव के मैदान में इस बार एनडीए बनाम महागठबंधन के अलावा प्रशांत किशोर की पार्टी भी है। खास बात यह है कि अब तक इंडिया गठबंधन की साथी रही आम आदमी पार्टी भी मैदान में उतरेगी। पार्टी ने अकेले सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। इसकी पुष्टि दिल्ली में आप संयोजक सौरभ भारद्वाज ने की है। मीडिया से बात करते हुए पूर्व दिल्ली मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने फैसला किया है कि वह बिहार में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गुजरात उपचुनाव के दौरान यह तय हुआ था कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी निर्धारित सीटों पर चुनाव लड़ेंगी,लेकिन आखिरी सीट पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ एक उम्मीदवार घोषित कर दिया। सौरभ ने आगे कहा कि हम बिहार चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ रहे हैं। मतलब आप इस बार बिरा विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी। बता दें कि अब बिहार विधानसभा चुनाव को 4-5 महीने ही शेष हैं,हालांकि चुनाव आयोग ने तारीख नहीं बताई है पर ऐसा अनुमान है कि विधानसभा चुनाव नवंबर-दिसंबर के आसपास हो सकते हैं। इस बार एनडीए की तरफ से बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड,राम विलास पासवान की एलजेपी होगी तो वहीं महागठबंधन की ओर से कांग्रेस,राजद और बाकी पार्टियां हिस्सा लेंगी। इसके अलावा प्रशांत किशोर की जन स्वराज और आम आदमी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेंगी।  

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा- आरक्षण को लेकर जम्मू कश्मीर में विभिन्न वर्गों में विभिन्न प्रकार की आशंकाएं हैं

श्रीनगर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को यकीन दिलाया कि प्रदेश कैबिनेट जल्द ही आरक्षण के मुद्दे पर कैबिनेट उप-समिति की रिपोर्ट पर अपना निर्णय लेगी। समिति की सिफारिशों का आकलन किया जाएगा और उसके आधार पर यथोचित कार्रवाई की जाएगी। वह आज अलीगढ़ में अपने एक मित्र के देहांत के बाद उसके परिजनों के साथ सांत्वना व्यक्त करने गए थे। वहां स्थानीय पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कश्मीर में पाकिस्तान को षडयंत्र का जवाब देने और उसे विफल बनाने के लिए कश्मीर में अधिक से अधिक विकास पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासनकाल के 11 वर्ष पूरा होने पर कहा नरेन्द्र मेादी का दो बार चुना जाना,अपने आप में बहुत कुछ कहता है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अलीगढ़ विश्वविद्यालय भी गए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आरक्षण को लेकर जम्मू कश्मीर में विभिन्न वर्गों में विभिन्न प्रकार की आशंकाएं हैं। इन सभी को दूर करने के लिए और आरक्षण को युक्तिसंगत बनाने के लिए ही हमने केबिनेट उपसमिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। इसे प्रदेश कैबिनेट की अगली बैठक में पेश किया जाएगा और इस पर चर्चा होगी, जो भी उचित होगा निर्णय लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जम्मू कश्मीर विधानसभा का कोई सत्र नहीं चल रहा है। इसलिए इस संदर्भ में कोई विधेयक नहीं लाया जा सकता। कैबिनेट की बैठक अगले चंद दिनों में होगी, उसमें रिपोर्ट पर चर्चा होगी। कश्मीर के हालात और पहलगाम में आतंकी हमले से संबधित सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इससे बहुत नुकसान हुआ है और स्थिति सामान्य बनाने, लोगों में कश्मीर में यात्रा के लिए सुरक्षा एवं विश्वास की भावना पैदा करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कश्मीर में पाकिस्तान के एजेंडे को विफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास करने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए जम्मू-कश्मीर में निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रयास और सफलता दोनों जरुरी हैं। उन्होने कहा कि घाटी में जितना विकास हो, वो कम है। हमें अधिक से अधिक विकास कार्य कराने होंगे। पाकिस्तान जिस तरह की हरकत करता है, उसके जवाब के लिए विकास कार्य बहुत जरूरी हैं। उन्होंने चिनाब रेल पुल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है।यह कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है और इसे हमारी इंजीनियरिंग ताकत का प्रतीक बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर तक रेल संपर्क से जम्मू कश्मीर में विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 11 साल पूरे होने पर अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों ने उन्हें वोट दिया। वह दो बार फिर से चुने गए हैं, और यह अपने आप में बहुत कुछ कहता है। उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने पर फिर जोर दिया और उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी अंततः इस मांग को पूरा करेंगे।

अमेरिका अब चीन से रेयर अर्थ मिनरल्स और मैग्नेट्स खरीदेगा, ट्रंप और जिनपिंग में बड़ी डील

वाशिंगटन अमेरिका और चीन के बीच एक नया व्यापार समझौता सामने आया है, जिसके तहत अमेरिका अब चीन से रेयर अर्थ मिनरल्स और मैग्नेट्स खरीदेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि बदले में अमेरिका चीनी छात्रों को अपने विश्वविद्यालयों में दाख़िला देने की इजाज़त देगा, जैसा कि पहले तय हुआ था। इसके साथ ही चीन से आने वाले सामानों पर टैरिफ भी बढ़ाकर 55% कर दिए जाएंगे। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब चीन के शिनजियांग प्रांत से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन मज़दूरी को लेकर कई वैश्विक ब्रांड्स की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ‘ग्लोबल राइट्स कंप्लायंस’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन के शिनजियांग क्षेत्र में खनिजों की खुदाई और प्रोसेसिंग में उइगर मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यकों से जबरन मज़दूरी कराई जा रही है। चीन में उइगर मुसलमानों से जबरन मजदूरी रिपोर्ट में एवन, वॉलमार्ट, नेस्कैफे, कोका-कोला और शेरविन-विलियम्स जैसी कंपनियों पर चीन की टाइटेनियम और अन्य खनिज सप्लाई चेन से जुड़े होने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि शिनजियांग में 77 कंपनियां टाइटेनियम, लिथियम, बेरिलियम और मैग्नीशियम इंडस्ट्रीज़ में सक्रिय हैं, जिन पर “लेबर ट्रांसफर प्रोग्राम” के ज़रिये जबरन मज़दूरों से काम करवाने का जोखिम है। हालांकि, चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि “शिनजियांग में जबरन मज़दूरी” के आरोप पश्चिमी देशों की साजिश हैं और उनका देश आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को “झूठ” करार दिया। बता दें कि अमेरिका पहले ही ‘उइगर फोर्स्ड लेबर प्रिवेंशन ऐक्ट’ के तहत शिनजियांग से आयातित वस्तुओं पर कड़ी पाबंदियां लगा चुका है, और अब एल्यूमिनियम और सीफूड जैसी नई कैटेगरीज को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। अमेरिका और चीन में ट्रेड वॉर खत्म! ट्रंप सरकार का यह नया व्यापार समझौता ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव लगातार बढ़ रहा है और मिनरल व टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर दोनों देशों में बातचीत की कई कोशिशें हाल ही में हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भले ही अमेरिका को रणनीतिक रूप से आवश्यक खनिज उपलब्ध कराए, लेकिन इससे जुड़े मानवाधिकार मसलों की अनदेखी नहीं की जा सकती।  

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक, खनन, पर्यावरण सहित छह प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून  कैबिनेट बैठक में छह प्रस्तावों पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक जैव प्रौद्योगिकी परिषद से जुड़े मामले में बड़ी स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कुल छह अहम मामलों पर मुहर लगी। इन प्रस्तावों में कृषि, खनन, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा, महिला एवं बाल विकास से जुड़े अहम निर्णय लिए गए। बैठक में जैव प्रौद्योगिकी परिषद से जुड़े मामले में कैबिनेट ने बड़ी स्वीकृति दी। परिषद के दो केंद्रों में पहले से सृजित 46 पदों के संचालन के लिए नियमावली को मंजूरी दे दी गई। वहीं, हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत खनन विभाग में 18 नए पदों को सृजित करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। पर्यावरण से जुड़े अहम फैसले में कैबिनेट ने आसन बैराज की दोनों ओर के क्षेत्र को ‘वेटलैंड जोन’ के रूप में घोषित करने को मंजूरी दे दी। आसन नदी के इस हिस्से की कुल लंबाई 53 किमी है। पहले इस पर आपत्तियां मांगी गई थीं, जिन्हें दूर करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसके अलावा देहरादून की रिस्पना और बिंदाल नदियों के फ्लड जोन क्षेत्र में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट), मोबाइल टावर, रोपवे टावर और एलीवेटेड रोड निर्माण जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण को स्वीकृति दी गई है।

जाजपुर में विगत दो दिनों से हैजा का प्रकोप के चलते तीन लोगों की मौत, 200 से ज्यादा बीमार

बालेश्वर ओडिशा के जाजपुर जिले में विगत दो दिनों से हैजा का प्रकोप के चलते तीन लोगों की मौत हो गई है। यही नहीं, 200 से ज्यादा लोग बीमार हैं। इन मरीजों को जिले के विभिन्न चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती किया गया है। प्राप्त खबर के अनुसार, जाजपुर के दानगढ़ी, कोरई, विकास नगर और धर्मशाला नामक इलाके में अचानक लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी थी। उल्टी और दस्त न थमने के कारण मरीजों को निकटवर्ती चिकित्सालय में एंबुलेंस के जरिए पहुंचाया गया। इन लोंगों की हुई मौत, जिला अस्पताल में 100 भर्ती इस दौरान दानगढ़ी ब्लॉक में एक व्यक्ति की मौत हुई है। ब्लॉक के रहने वाले सुदर्शन पात्र नामक व्यक्ति की मौत हुई है। इसी तरह विकास नगर पालिका इलाके में शर्मा कॉलोनी के रहने वाले तुलाराम शर्मा की भी मौत हुई है। आज सुबह एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है, लेकिन इसका परिचय अभी तक नहीं मिल पाया है। इसी तरह 200 से ज्यादा लोग दूषित पानी और दूषित खाना खाने से हैजा का शिकार हुए हैं। आज सुबह 5 पीड़ितों को कटक के मुख्य चिकित्सालय में इलाज के लिए स्थानांतरण किया गया है। जाजपुर जिला मुख्य चिकित्सालय में 100 से ज्यादा मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। इसी तरह कोराई के स्वास्थ्य केंद्र में 30 मरीज, दानगढ़ी नामक स्वास्थ्य केंद्र में 30 मरीज तथा विकास नगर के स्वास्थ्य केंद्र में करीब 50 से ज्यादा मरीजों को इलाज के लिए लाया गया है। अचानक मरीजों की इतनी भारी संख्या होने के चलते अधिकांश मरीजों को बिस्तर न मिलने के कारण उनका फर्श पर ही इलाज चलाया जा रहा है। दवाइयों का स्टॉक मंगाया घटना की सूचना पाते ही जिला मुख्य चिकित्सालय में जाजपुर की जिलाधीश पी अन्वेषा रेड्डी समेत अतिरिक्त जिलाधीश, उप जिलाधीश, जिला स्वास्थ्य अधिकारी समेत जिले के प्राय: सभी अधिकारी मौके पर पहुंचकर मरीज की स्वास्थ के बारे में हाल-चाल पूछ रहे हैं, तथा अचानक इतनी बड़ी तादाद में हैजा फैलने के कारण का भी पता लगाया जा रहा है। प्राथमिक जांच में दूषित पानी और दूषित खाद्य के कारण इतनी बड़ी तादाद में लोगों को हैजा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जाजपुर की जिलाधीश अन्वेषा रेड्डी ने बताया कि जिले में मरीजों की भारी संख्या देखते हुए ज्यादा संख्या में डॉक्टर और दवाइयों का स्टॉक मंगा लिया गया है। क्या है हैजा     यह एक संक्रामक रोग है, जो कि दूषित पानी और दूषित भोजन की वजह से होता है।     इसमें उल्टी आना, दस्त लगना, धड़कन तेज होना, प्यास लगना, स्किन का सूखना जैसी परेशानियां होती हैं।     वाइब्रियो कॉलेरे नाम के जीवाणु की वजह से ये फैलता है। हैजा हो जाए तो क्या करें?     पानी, नारियल पानी और ओआरएस घोल पिएं।     डिहाइड्रेशन नहीं होने दें।     समय रहते डॉक्टर को दिखाएं और दवा लें।  

नई टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर एक बस के पलटने की सूचना से मचा हड़कंप, दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल

नई टिहरी  नई टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर टिपरी से करीब 1.5 किमी आगे एक बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। नई टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर एक बस के पलटने की सूचना से हड़कंप मच गया।  दुर्घटना टिपरी के समीप हुई, जहां अचानक बस सड़क पर पलट गई। बस में सवार यात्रियों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। नई टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर टिपरी से करीब 1.5 किमी आगे डबा खाले नामे तोके स्थान पर एक बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और तत्काल एक टीम को घटनास्थल पहुंची। बस में लगभग 35 यात्री सवार थे। दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल हैं। इन्हें 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदगांव भेजा गया है। इसके अलावा करीब 15 यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। बस उत्तरकाशी से केदारनाथ जा रही थी। सभी यात्री गुजरात के निवासी बताए जा रहे हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची।

अमरनाथ यात्रा में ड्यूटी के लिए जा रहे बीएसएफ के जवानों को मिली थी जर्जर ट्रेन, रेलवे के चार अधिकारी निलंबित

नई दिल्ली  अमरनाथ यात्रा में ड्यूटी के लिए जा रहे बीएसएफ के 1200 से जवानों को रेलवे की ओर से खस्ताहाल ट्रेन दी गई थी। ट्रेन का हाल देखकर जवानों ने उसमें चढ़ने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद रेल मंत्री ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए चार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा ड्यूटी पर जा रहे बीएसएफ के 1200 जवानों को जर्जर ट्रेन देने के मामले में गाज गिर गई है। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि खराब रैक देने के मामले में रेलवे के चार अधिकारी सस्पेंड कर दिए गए हैं। यह स्पेशल ट्रेन छह जून को बीएसएफ जवानों को लेकर त्रिपुरा के उदयपुर रेलवे स्टेशन से जम्मू तवी स्टेशन के लिए रवाना होनी थी। अमर उजाला डॉट कॉम ने मंगलवार को इस खबर को प्रमुखता से ‘अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर जा रहे बीएसएफ के 1200 जवानों को मिली जर्जर ट्रेन, जवानों ने गाड़ी में चढ़ने से किया इनकार’ शीर्षक से प्रकाशित किया था।  रैक बदलने के साथ ही इस गलती के लिए जिम्मेदार अलीपुरद्वार मंडल के चार अधिकारी निलंबित कर दिये गये हैं। जर्जर हालत देखकर जवान दंग रह गए बता दें कि बीएसएफ के जवानों को भारतीय रेलवे ने एक ऐसी ट्रेन मुहैया करा दी कि उसकी जर्जर हालत देखकर जवान दंग रह गए। ट्रेन की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उसे लंबे समय से इस्तेमाल ही न किया गया हो। खिड़की, दरवाजे, बिजली उपकरण व टॉयलेट, सब जर्जर हालत में थे। बीएसएफ जवानों ने अपने आला अधिकारियों को उक्त घटना से अवगत कराया। चार दिन बाद मंगलवार को एनएफआर जोन ने दूसरी ट्रेन उपलब्ध कराई। बीएसएफ जवानों को अमरनाथ यात्री की ड्यूटी के लिए कश्मीर पहुंचना था।  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सीमा सुरक्षा बल ‘बीएसएफ’ के जवानों की वीरता को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी माना है। बीएसएफ जवानों ने सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था। अमित शाह ने जम्मू में बीएसएफ जवानों की पीठ थपथपाते हुए कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जब पाकिस्तान ने हमारे नागरिक रियाहशी इलाकों पर हमला किया, तब अकेले बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर ने 118 से ज्यादा पाकिस्तान की पोस्ट तबाह कर दी। उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया गया। दुश्मन की संपूर्ण निगरानी प्रणाली को चुन-चुन कर ध्वस्त किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, उसे खड़ा करने में दुश्मन को शायद चार-पांच साल का समय लगे।  एनएफ रेलवे मालेगांव गुवाहाटी ने उपलब्ध करायी थी ट्रेन बीएसएफ आईजी गुवाहाटी फ्रंटियर की ऑपरेशन ब्रांच द्वारा एनएफ रेलवे मालेगांव गुवाहाटी (असम) से एक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया था। इस गाड़ी में बीएसएफ के लगभग 12 सौ जवान सवार होने थे। इनमें त्रिपुरा फ्रंटियर बीएसएफ की सात कंपनी, गुवाहाटी फ्रंटियर से तीन कंपनियां और एम एंड सी फ्रंटियर की भी तीन कंपनियां शामिल हैं। इन सभी कंपनियों के 12 सौ जवानों को एडहॉक 12 व 13 बटालियन के हिस्से के तौर पर अमरनाथ यात्रा 2025 की ड्यूटी के लिए रवाना होना था। यह स्पेशल ट्रेन उदयपुर रेलवे स्टेशन (त्रिपुरा) से छह जून को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन के लिए चलनी थी। बीएसएफ की तरफ से जवानों की सुगमता के मद्देनजर, रेलवे से एसी 2 वाले दो कोच, एसी 3 के दो कोच, स्लीपर के 16 कोच और 4 जीएस/एसएलआर मुहैया कराने की मांग की गई। उदयपुर (त्रिपुरा), अमबासा (त्रिपुरा) बदरपुर (असम), गोलपारा और कूचविहार (पश्चिम बंगाल) रेलवे स्टेशन से बीएसएफ जवानों को ‘स्पेशल ट्रेन’ नंबर 00709 में सवार होना था।  बीएसएफ के कंपनी कमांडर ने उदयपुर से चलने वाली स्पेशल ट्रेन का निरीक्षण किया कि वह जवानों की सुरक्षा एवं दूसरी आवश्यकताओं के हिसाब से ठीक है या नहीं। निरीक्षण के दौरान ट्रेन के हालात देखकर बीएसएफ के अधिकारी और जवान हैरान रह गए। सूत्रों के मुताबिक, ट्रेन के वैगनों की स्थिति अमानवीय और दयनीय थी। इसका उपयोग जवानों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए नहीं किया जा सकता। जांच के बाद पता चला कि महीनों से वैगन का इस्तेमाल नहीं किया गया था। प्रत्येक वैगन में हर जगह टूटी हुई वस्तुएं पड़ी थीं। ट्रेन की खिड़कियों और दरवाजों में छेद बने हुए थे। टॉयलेट सीटें, टूटी पड़ी थी। ट्रेन के फर्श पर सैकड़ों कॉकरोच दौड़ रहे थे। अधिकांश सीटों पर गंदगी फैली हुई थी। ट्रेन के कई वैगनों में बल्ब या बिजली का कनेक्शन ही नहीं था।   नई ट्रेन मंगलवार को रवाना हुई ट्रेन में एक कंपनी के ⁠शस्त्र/आवास, भंडार और जवानों के बिस्तर के लिए उपलब्ध कराई गई जगह पर्याप्त नहीं थी। इस मामले को बीएसएफ के आला अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया गया। कंपनी कमांडर की ओर से बताया गया कि ट्रेन के वैगन, यात्रा के उपयोग के लिए नहीं थे। आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी के लिए रवाना हो रहे बीएसएफ जवानों के लिए इस तरह की ट्रेन में सफर करना जोखिम भरा है। मंगलवार को इस मामले में जब भारतीय रेलवे के एनएफआर जोन के एक वरिष्ठ अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा था कि छह जून को रवाना होने वाली ट्रेन रद्द हो गई थी। वजह, बीएसएफ की तरफ से ट्रेन की खामियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई थी।  

भारत 2025 तक अनुमानित 1.46 अरब लोगों के साथ दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश बना रहेगा: UNFPA

संयुक्त राष्ट्र  संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत 2025 तक अनुमानित 1.46 अरब लोगों के साथ दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश बना रहेगा. हालांकि इस दौरान एक महत्वपूर्ण बदलाव भी सामने आया है: देश की कुल फर्टिलिटी रेट (TFR) 2.1 से घटकर 1.9 रह गई है. जनसंख्या का आकार नहीं, बल्कि लोगों की स्वतंत्रता है असली मुद्दा 2025 विश्व जनसंख्या आंकड़ा (SOWP) रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि असली संकट जनसंख्या के आकार में नहीं है बल्कि लोगों के स्वतंत्र और ज़िम्मेदारी से यह तय करने में आने वाली व्यापक चुनौतियों में है कि वे बच्चे चाहते हैं या नहीं, कब चाहते हैं और कितने बच्चे चाहते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की वर्तमान जनसंख्या 1,463.9 मिलियन (लगभग 1.46 अरब) है. रिपोर्ट के अनुसार भारत अब दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश है जिसकी आबादी लगभग 1.5 बिलियन है. यह संख्या गिरने से पहले लगभग 1.7 बिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है. फर्टिलिटी रेट में दर्ज की गई गिरावट: क्या हैं इसके मायने? संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि भारत में कुल फर्टिलिटी रेट (TFR) वर्तमान में प्रति महिला 2.0 बच्चे हैं. सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह दर 2020 से स्थिर बनी हुई थी. हालांकि नई UNFPA रिपोर्ट में दिखाया गया है कि फर्टिलिटी रेट घटकर 1.9 बच्चे प्रति महिला हो गई है. इसका सीधा सा मतलब है कि औसतन भारतीय महिलाएं इतने कम बच्चे पैदा कर रही हैं कि यह बिना माइग्रेशन (प्रवास) के अगली पीढ़ी में जनसंख्या के आकार को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं है.   युवा आबादी का महत्व और जीवन प्रत्याशा धीमी जन्म दर के बावजूद भारत की युवा आबादी महत्वपूर्ण बनी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार:     0-14 आयु वर्ग में 24%     10-19 आयु वर्ग में 17%     10-24 आयु वर्ग में 26%     68% आबादी 15-64 आयु वर्ग की है.     बुज़ुर्ग आबादी (65 और उससे ज़्यादा) 7% है. 2025 के हिसाब से जन्म के समय जीवन प्रत्याशा पुरुषों के लिए 71 साल और महिलाओं के लिए 74 साल होने का अनुमान है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भारत को मध्यम आय वाले देशों के समूह में रखा गया है जो तेज़ी से डेमोग्राफिक बदलाव से गुज़र रहा है. यहाँ जनसंख्या दोगुनी होने का अनुमान अब 79 साल है. शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से मिली मदद यूएनएफपीए भारत प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोजनार ने कहा, भारत ने फर्टिलिटी रेट को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है जो 1970 में प्रति महिला लगभग पांच बच्चों से आज लगभग दो बच्चों तक हो गई है. उन्होंने इस प्रगति का श्रेय बेहतर शिक्षा और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को दिया. वोजनार ने यह भी बताया कि इससे मातृ मृत्यु दर में भी बड़ी कमी आई है.  

टिकटॉक स्टार खाबी लेम को अमेरिका ने हिरासत में लिया, बेइज्जत करके देश से निकाला !

वाशिंगटन  अमेरिका ने मशहूर ‘टिकटॉक’ स्टार खाबी लेम को बेइज्जत करके देश से निकाल दिया। खाबी लेम को वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद अमेरिका में रहने के आरोप में आव्रजन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद अमेरिका छोड़ना पड़ा। सेनेगल मूल के इतालवी इन्फ्लुएंसर लेम का वास्तविक नाम सेरिंगे खबाने लेम है। उनके सोशल मीडिया पर लाखों ‘फॉलोअर’ हैं। अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) ने एक बयान में लेम के अमेरिका से जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि लेम को शुक्रवार को हैरी रीड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया था लेकिन उन्हें निर्वासन आदेश के बिना देश छोड़ने की अनुमति दी गई।  ICE प्रवक्ता ने कहा कि लेम 30 अप्रैल को अमेरिका पहुंचे और ‘‘अपने वीजा की अवधि से ज्यादा समय तक रुके रहे।” ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) ने मंगलवार को लेम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर सूचीबद्ध ईमेल पते पर टिप्पणी के लिए एक संदेश भेजा था। उन्होंने अपनी हिरासत पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। उनकी हिरासत और स्वेच्छा से अमेरिका छोड़कर जाना ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन पर कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें लॉस एंजिलिस में छापेमारी की कार्रवाई भी शामिल हैं। पिछले महीने लेम न्यूयॉर्क सिटी में ‘मेट गाला’ में शामिल हुए थे।  

एलन मस्क राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ गई अपनी कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर खेद व्यक्त किया

वाशिंगटन   दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ पिछले सप्ताह की गई अपनी कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर खेद व्यक्त किया और कहा कि उनकी पोस्ट ” बात बहुत आगे बढ़ गई”।एलन मस्क ने लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में लिखी गई अपनी कुछ पोस्टों पर खेद है। बात बहुत आगे निकल गईं।” क्या थी विवाद की वजह?  एलॉन मस्क और ट्रंप के बीच विवाद तब गहरा गया जब मस्क ने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के चीफ के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद मस्क ने ट्रंप के खर्च और टैक्स कटौती वाले विधेयक जिसे ट्रंप ‘One Big Beautiful Bill’ कह रहे हैं, उसकी कड़ी आलोचना की. इस पर ट्रंप ने मस्क को जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने एलॉन को इस बिल के बारे में बताया था, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सब्सिडी में कटौती की बात, लेकिन एलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार करते हुए कहा कि यह बिल उन्हें कभी दिखाया ही नहीं गया. इतना ही नहीं, मस्क ने X पर ट्रंप के इंपीचमेंट (महाभियोग) का समर्थन करते हुए एक पोस्ट किया था, हालांकि उसे बाद में डिलीट कर दिया. बात इतनी बढ़ गई थी कि एलॉन ने ट्रंप के जेफरी एपस्टीन से पुराने संबंधों का भी ज़िक्र किया, जिसे ट्रंप ने पुराना और झूठा मुद्दा बताया. सरकारी ठेकों और सब्सिडी खत्म करने की धमकी  Elon Musk से विवाद बढ़ा तो ट्रंप ने खुली धमकी दी कि वे मस्क की कंपनियों विशेष रूप से SpaceX के साथ सरकारी ठेकों और सब्सिडी खत्म करने पर विचार कर सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है एलॉन बहुत दुखी और निराश महसूस कर रहे हैं. NBC न्यूज को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में तो ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि मुझे लगता है अब हमारा रिश्ता खत्म हो गया है.  ‘डेमोक्रेट्स को फंड न दें मस्क’  ट्रंप ने मस्क को ये भी धमकी दी कि अगर एलॉन मस्क डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को फंडिंग करते हैं, खासकर उन उम्मीदवारों को जो रिपब्लिकन पार्टी के टैक्स बिल का विरोध कर रहे हैं, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे. हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे परिणाम क्या होंगे. मस्क को ट्रंप से दिक्कत क्या है?  डोनाल्ड ट्रंप सरकार के खर्च और टैक्स कटौती वाले बिल में इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद पर मिलने वाली टैक्स छूट को खत्म करने का प्रस्ताव है. अमेरिका की पिछली बाइडेन सरकार नई EV खरीदने पर 7500 डॉलर की टैक्स छूट देती थी. ट्रंप इसे खत्म करने जा रहे हैं. इस बिल में प्रावधान है कि जो कंपनियां 2009 से 2025 के बीच दो लाख EV बेच चुकी हैं, उन्हें छूट नहीं मिलेगी. यह सीधेतौर पर एलॉन मस्क की टेस्ला के लिए झटका है.  एक दूसरी वजह ये भी है कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA में एलॉन मस्क अपने भरोसेमंद जेरेड इसाकमैन को एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में नियुक्त करवाना चाहते थे, लेकिन ट्रंप ने उनकी सिफारिश को नजरअंदाज कर दिया. मस्क का मानना था कि अगर इसाकमैन NASA में एडमिनिस्ट्रेटर बनते हैं, तो इससे उनकी कंपनी SpaceX को भी फायदा होगा.

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