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हिंदू लड़की को मुस्लिम बहू दिखाने पर तनिष्क का ऐड विवादों में, लव जिहाद के समर्थन का आरोप

नई दिल्ली. टाटा ग्रुप का मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क अपने नए विज्ञापन के चलते विवादों में है। ब्रांड को सोशल मीडिया पर बुरी तरह से लोगों के गुस्सा का शिकार होना पड़ रहा है। दरअसल, फेस्टिव सीजन करीब है। ऐसे में तनिष्क ने अपने प्रमोशन के लिए नया विज्ञापन जारी किया है। इस विज्ञापन का प्लॉट इंटरकास्ट मैरिज पर आधारित है। विज्ञापन में एक हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी दिखाई गई है। इसके बाद से ट्विटर पर तनिष्क को ट्रोल करना जारी है। ट्विटर पर #BoycottTanishq के साथ ज्वेलरी ब्रांड का विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में भास्कर ने तनिष्क से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई बयान नहीं दिया गया। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद तनिष्क ने वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया है। क्या है इस विज्ञापन में ? तनिष्क के इस प्रमोशनल ऐड में एक हिंदू लड़की को मुस्लिम फैमिली की बहू के रूप में दिखाया गया है। हिंदू लड़की की मुस्लिम के घर में शादी हुई है और उसकी गोदभराई यानी बेबी शावर के फंक्शन को दिखाया गया है। इसमें हिंदू कल्चर को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम फैमिली सभी तरह के रस्मो-रिवाज हिंदू धर्म के हिसाब से करती है। विज्ञापन के अंत में वह प्रेग्नेंट महिला अपनी सास से पूछती है, “मां ये रस्म तो आपके घर में होती भी नहीं है न?” इस पर उसकी सास जवाब देती है, “पर बिटिया को खुश रखने की रस्म तो हर घर में होती है न?” वीडियो में हिंदू-मुस्लिम परिवार को एकजुट दिखाने की कोशिश की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लांच की स्वामित्व योजना, गांवों के लोगों को आधार कार्ड जैसा प्रॉपर्टी कार्ड मिलेगा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक प्रॉपर्टी कार्ड योजना लांच की। उन्होंने कहा कि यह कार्ड गांवों में प्रॉपर्टी के अधिकारों में स्पष्टता लाएगा। किसान इस कार्ड के जरिये अपनी प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर वित्तीय संस्थानों से कर्ज ले सकेंगे। गांवों की स्थिति बदलने के लिए ऐतहासिक पहल देश के दो-तिहाई लोग गांवों में रहते हैं, जहां कुछ ही लोगों के पास पूरा लैंड रिकॉर्ड रहता है और प्रॉपर्टी को लेकर विवाद होता रहता है। स्वामित्व योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड वितरण की शुरुआत करते हुए एक वेबकास्ट में उन्होंने कहा कि गांवों की स्थिति बदलने के लिए यह एक ऐतिहासिक पहल है। गांवों के भूखंडों की मैपिंग करने के लिए सरकार ड्रोण टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहती है। अगले चार साल में सरकार करीब 6,20,000 गांवों में यह काम करना चाहती है। अपना मकान होते हुए भी लोगों को लोन लेने में होती है कठिनाई पीएम ने कहा कि अपना मकान होते हुए भी लोगों को लोन लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अब ये लोग स्वामित्व योजना में दिए गए कार्ड को दिखाकर आसानी से लोन ले सकते हैं। इस महीने छह राज्यों के 750 से ज्यादा गांवों में एक लाख लोगों को डिजिटाइज्ड प्रॉपर्टी कार्ड मिलना शुरू हो जाएगा। आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम आधार कार्ड की तरह हर प्रॉपर्टी कार्ड में एक यूनीक नंबर होगा। मोदी ने सर्वे ऑफ विल्लेज एंड मैपिंग विद इंप्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन विल्लेज एरियाज (स्वामित्व) योजना के कई लाभार्थियों से बात भी की। उन्होंने कहा कि देश के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

रेलवे का नया प्लान- मेल और एक्सप्रेस ट्रेन से हटाए जाएंगे स्लीपर कोच, सिर्फ AC बोगी रहेंगी

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे, रेल नेटवर्क को अपग्रेड करने पर विचार कर रही है. स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से स्लीपर कोच को पूरी तरह खत्म कर दिए जाएगा. यानी इन ट्रेनों में सिर्फ एसी बोगियां ही रहेंगी. इस तरह की ट्रेन की रफ्तार 130/160 किमी प्रति घंटा होंगी. दरअसल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें के 130 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से चलने पर नॉन-एसी कोच तकनीकी समस्याएं पैदा करती हैं. इसलिए इस तरह की सभी ट्रेनों से स्लीपर कोच को खत्म कर दिया जाएगा. लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में फिलहाल 83 एसी कोच लगाने का प्रस्ताव है. हालांकि इस साल के अंत तक कोच की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी जाएंगी. वहीं अगले साल कोच की संख्या 200 किए जाने का प्लान है. यानी कि आने वाले समय में यात्रा और ज्यादा आरामदायक और कम समय लेने वाला होगा. अच्छी बात यह है कि इसके बदले में किराया भी सामान्य एसी कोच के मुकाबले कम ही रखे जाने का प्लान है. हालांकि इसका यह मतलब कतई नहीं है कि अब नॉन एसी कोच होंगे ही नहीं. असल में नॉन एसी कोच वाली ट्रेन की रफ्तार एसी कोच वाली ट्रेनों के मुकाबले कम होगी. जानकारी की मुताबिक ऐसी ट्रेन 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जाएंगी. यह सारा काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, साथ ही नए अनुभवों से सबक लेते हुए ही आगे की योजना बनाई जाएगी. इससे पहले इंडियन रेलवे ने बुधवार को 39 नई पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है. ये सभी ट्रेनें स्पेशल ट्रेनों के रूप में चलाई जाएंगी. रेलवे की तरफ से सभी 39 ट्रेनों की लिस्ट जारी कर दी गई है, लेकिन अभी इन्हें कब से चलाया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है. रेलवे के मुताबिक जल्द ही ये 39 नई स्पेशल ट्रेनें पटरी पर दौड़ती नजर आएंगी. सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, 9 अक्टूबर से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और नागपुर, पुणे, गोंदिया और सोलापुर के बीच 10 स्पेशल पैसेंजर ट्रेनों को चलाया जाएगा. इन ट्रेनों में जनरल डिब्बे नहीं होंगे. बल्कि ये पूर्ण रूप से स्पेशल पैसेंजर ट्रेनें होंगी, जिसमें बिना कंफर्म टिकट के यात्रा की इजाजत नहीं होगी. साथ ही इन ट्रेनों में भी वर्तमान में चल रहीं अन्य ट्रेनों की तरह ही इन ट्रेनों में भी कोरोना वायरस से संबंधित सभी नियमों का पालन करना होगा. इसमें सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, चेहरे पर मास्क आदि शामिल है. 17 अक्टूबर से प्राइवेट तेजस ट्रेनें भी दौड़ने लगेंगी. IRCTC ने बुधवार को इस बात की घोषणा की है. तेजस ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग की शुरुआत 8 अक्टूबर से हो गई है. बता दें कि कोरोना काल में तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन 7 महीने से बंद है. लेकिन अब इसे शुरू किया जा रहा है. कंपनी के मुताबिक 17 अक्टूबर से लखनऊ-नई दिल्ली और अहमदाबाद-मुंबई रूट पर इन ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू होगा.

MP : सीएम हाउस के सामने पॉलिटेक्निक चौराहे पर बने मोबाइल टावर चढ़ी लड़की

भोपाल .  भोपाल में छेड़छाड़ से परेशान एक युवती सीएम हाउस के सामने पॉलिटेक्निक चौराहे पर बने एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई. युवती का आरोप है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस उस पर और उसके परिवार पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रही है. मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को टावर से सुरक्षित उतारा और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. युवती ने बताया कि मैंने अपने साथी जमाल खान के कहने पर आकाश नाम के युवक को 60 हजार उधार दे दिए थे. जब मैंने पैसे मांगे तो आकाश ने मेरे पैसे नहीं लौटाए. एक दिन आकाश ने मुझे पैसे लौटाने के बहाने वीआईपी रोड पर बुलाया और मेरे साथ अश्लील हरकत की. मेरी शिकायत पर पुलिस ने आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. घटना की सूचना मिलने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा और सदस्य संगीत शर्मा भी थाने पहुंचीं. रिपोर्ट वापस लेने का दबाव युवती ने बताया कि पुलिस कई दिन बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई. आरोपी खुद होमगार्ड में जवान है और उसकी मां पुलिस मुख्यालय में सब इंस्पेक्टर. इसलिए पुलिस हम पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रही है. जहांगीराबाद पुलिस और कोहेफिजा पुलिस बार-बार पूछताछ के बहाने हमें धमका रही है. इस मामले की जांच करने वाली अधिकारी सब इंस्पेक्टर भी फोन करके हमें रिपोर्ट वापस लेने के लिए धमका रही है. हमें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है. युवती ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर मैं मोबाइल टावर पर न्याय के लिए चढ़ गई. मां के इलाज के लिए रखे थे पैसे एडिशनल एसपी राम सनेही मिश्रा ने बताया कि इस मामले में सभी पक्षों की बात सुनी जा रही है. किसी के साथ अन्याय नहीं होगा. युवती ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसने मां की डायलिसिस के लिए 60 हजार रुपए रखे थे. इन्हीं पैसों को उसने आरोपी आकाश को दिया. पुलिस सभी तत्वों को जांच करेगी. मिश्रा ने यह भी कहा कि मामला कोहेफिजा थाने का है. इसलिए इस पूरे मामले की जांच में कोहेफिजा पुलिस की मदद ली जाएगी. किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा. महिला आयोग की अध्यक्ष भी पहुंचीं थाने महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा और सदस्य संगीता शर्मा ने बताया कि पुलिस महिला अपराधों को गंभीरता से नहीं ले रही है. सीएम हाउस के सामने एक युवती टावर पर चढ़कर खुदकुशी की कोशिश करती है. यह सरकार के लिए शर्मसार करने वाली घटना है. पुलिस को तत्काल इस मामले में एक्शन लेना चाहिए. शोभा ओझा ने बताया कि हमने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए.

MP : बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन के साथ कोलकाता में मारपीट

भोपाल। बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व संगठन मंत्री अरविंद मेनन के साथ कोलकाता में मारपीट हो गई है। अरविंद मेनन ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी पर मारपीट का आरोप लगाया है। बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को पश्चिम बंगाल में चुनाव की जिम्मेदारी मिली है। इसी सिलसिले में वे कार्यकर्ताओं के साथ कोलकाता में चुनावी रणनीति पर काम कर रहे हैं। वहीं सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं। जिसके बाद उनके साथ मारपीट हुई हैं। जानकारी के अनुसार अज्ञात हमलावरों ने उसके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। बीजेपी नेता ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने मारपीट की घटना से इनकार कर दिया है।

गहरी साजिश : न 11 लाख रुपए लुटे , न क्रॉकरी कारोबारी जिंदा जला, वह जिंदा है, गिरफ्तार

हिसार ( हरियाणा) . राममेहर ने कहा था, ‘जल्दी आ जाओ मेरी जान खतरे में है…दो बाइकों पर सवार लोग मुझे मार डालेंगे…’। ये डायलॉग ड्रामे के निकले। खबर आई है कि मृतक राममेहर जिंदा है…। अगर थोड़ा फ्लैशबैक में जाएं तो हकीकत कुछ और ही दिखाई गई थी। दरअसल, पिछले दो दिन से इस शख्स को 11 लाख रुपए लूटे जाने के बाद लुटेरों द्वारा कार में ही जिंदा जला दिए जाने की बातें सुर्खियों में है। इसी मामले को पुलिस ने 72 घंटे के अंदर सुलझा लिया। उसे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सवाल उठता है कि उसने यह सारा ड्रामा क्यों रचा, इसका खुलासा भी पुलिस जल्द ही करने वाली है। साथ ही, कार में जो जला हुआ कंकाल मिला था। वह किसका था? बताते चलें कि 6 अक्टूबर की रात को हांसी के बरवाला रोड पर पुलिस को एक कार में किसी व्यक्ति के जिंदा जल रहे होने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार जल रही थी और उसमें कंडक्टर सीट पर बैठा व्यक्ति पूरी तरह से राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। कार की नंबर प्लेट के आधार पर इसमें जिंदा जले व्यक्ति की शिनाख्त गांव डाटा निवासी राममेहर के रूप में हुई थी, जो बरवाला में डिस्पोजल कप-प्लेट की फैक्ट्री चलाता है। परिजनों के मुताबिक, राममेहर बुरी तरह से घबराया हुआ था। उसने रात को अपने भांजे को मदद के लिए फोन भी किया था, जिसकी ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। शुक्रवार को इस मामले में खुलासा हुआ है कि राममेहर जिंदा है और उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बारे में हांसी के पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि लूट के बाद जिंदा जलाने की थ्योरी पहले दिन से हजम नहीं हो रही थी। पुलिस मानकर चल रही थी कि किसी नजदीकी का इसमें सारा खेल है। पुलिस को उस समय इस केस में लीड मिली, जब व्यापारी के मरने के बाद भी उसका फोन एक्टिव रहा। व्यापारी ने अपने नंबर से एक महिला को दिन में कई बार कॉल किया और घंटों तक बात हुई। इसके बाद कड़ी से कड़ी जुड़ी। वहीं सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि पुलिस ने महिला का नंबर ट्रेस किया और उसकी लोकेशन पर जाकर उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने महिला से पूछताछ की। उसने बताया कि व्यापारी राममेहर जिंदा और वह बिलासपुर में रह रहा है। हांसी पुलिस ने तुरंत बिलासपुर पुलिस से संपर्क किया और व्यापारी के जिंदा होने वाली बात कन्फर्म करवाई। इसके बाद पुलिस ने व्यापारी को हिरासत में ले लिया।

MP : मध्य प्रदेश के वीर सपूत शहीद जवान धीरेंद्र का गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार

सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के पड़िया निवासी सीआरपीएफ जवान धीरेंद्र त्रिपाठी का बुधवार को उनके गृह ग्राम में राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान वीर सपूत धीरेंद्र के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ हो गई। इससे पहले शहीद का शव सुबह गांव पहुंचा। यहां लोगों ने शहीद अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए। अंतिम विदाई देने सीएम शिवराज सिंह चौहान भी पड़िया गांव पहुंचे। उन्हें देखते ही शहीद की मां उनसे लिपट कर रोने लगी। बोलीं- मेरा बेटा लौटा दो और लिपटकर फफक पड़ीं। जिन्होंने मेरे लाला को मारा है, उन्हें मरवाओ। सीएम शिवराज ने कहा कि उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ गांव में शहीद की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सीएम चौहान ने कहा कि CRPF के वीर जवान धीरेंद्र त्रिपाठी ने भारत माता की सुरक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे अमर शहीद के चरणों में मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से मैं श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। उनका परिवार अब हमारा और मध्य प्रदेश का परिवार है। अमर शहीद धीरेंद्र अपना परिवार छोड़कर गए हैं। हम इस परिवार के साथ खड़े हैं। हम धीरेंद्र को तो वापस नहीं ला सकते लेकिन सम्मानस्वरूप उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की श्रद्धा निधि भेंट करेंगे। गांव में उनकी प्रतिमा स्थापित करेंगे और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाएगी। सीएम ने कहा कि भारत माता के सच्चे सपूत पर हम सभी प्रदेशवासियों को गर्व है। अमर शहीद धीरेंद्र हम सभी की स्मृतियों में जीवित रहें, इसके लिए हम चर्चा करके उनके नाम पर एक संस्थान का नाम भी रखेंगे। शहीद धीरेंद्र की पत्नी, मेरी बहन अब सिर्फ पड़िया की बेटी नहीं, पूरे मध्य प्रदेश की बेटी है। धीरेंद्र के नाम पर पड़िया के शासकीय विद्यालय का नामकरण किया जाएगा और उनके परिवार व ग्रामवासियों से चर्चा कर एक सड़क का नामकरण भी उनके नाम पर किया जाएगा। एक बार फिर उनके चरणों में नमन करता हूं। सीएम शिवराज ने अंतिम विदाई देने के बाद पत्नी को सरकारी नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक मदद और गांव में शहीद की मूर्ति लगाने का ऐलान किया। सीएम शिवराज ने अंतिम विदाई देने के बाद पत्नी को सरकारी नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक मदद और गांव में शहीद की मूर्ति लगाने का ऐलान किया।

सुशांत केस : जेल से रिहा हुईं रिया, ड्रग्स केस में 30 दिन बाद जेल से बाह, शर्तों के साथ जमानत

मुंबई . ड्रग्स मामले में गिरफ्तार एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती को बॉम्बे हाईकोर्ट से बुधवार को जमानत मिल गई। इसके बाद रिया शाम करीब साढ़े पांच बजे भायखला जेल से बाहर आईं। इससे पहले, सेशन कोर्ट ने मंगलवार को रिया की ज्यूडिशियल कस्टडी 14 दिन और यानी 20 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी। एक महीने से जेल में बंद रिया ने लोअर कोर्ट से 2 बार अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि रिया ड्रग डीलर्स का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने अपने या किसी और के फायदे के लिए किसी भी तरह से ड्रग्स को आगे नहीं बढ़ाया है। फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जिसके आधार पर यह माना जाए कि जमानत मिलने के बाद वह कोई अपराध कर सकती हैं। हालांकि, रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती और एक अन्य आरोपी अब्दुल बासित को जमानत नहीं दी गई है। फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा। वहीं, सैम्युल मिरांडा और दीपेश सावंत को जमानत मिल गई है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के सिलसिले में सामने आए ड्रग्स कनेक्शन में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 8 सितंबर को रिया को गिरफ्तार किया था। NCB ने दावा किया कि ‘सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पूरे मामले को देखने में यह सामने आता है कि रिया यह बात जानती थी कि सुशांत ड्रग्स का सेवन करते थे और इस दौरान न केवल उन्हें ऐसा करने के लिए बढ़ावा दिया गया बल्कि उनसे पूरी बात भी छिपाई गई।’ NCB ने रिया को शातिर अपराधी मानते हुए उसकी जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि उनके खिलाफ ऐसे कई सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह ड्रग्स ट्रैफिकिंग में शामिल रही हैं। NCB ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक आपराधिक साजिश के तहत रिया ने ड्रग्स के लेन-देन के लिए अन्य आरोपियों का समर्थन किया, उन्हें ऐसा करने के लिए बढ़ावा दिया और पैसे से भी उनकी मदद कीं। रिया ने माना- मिरांडा और सावंत को ड्रग्स के पैसे दिए NCB के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में यह कहा है कि रिया ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने सैम्युल मिरांडा और दीपेश सावंत को ड्रग्स के पैसे चुकाए हैं, जो बाद में सुशांत को दी गई। यह साफ है कि जिन ड्रग्स के लिए पैसे चुकाए गए थे, वे निजी उपयोग के लिए नहीं थे बल्कि ऐसा किसी और को इनकी आपूर्ति कराए जाने के लिए गया और यह एनडीपीएस 1985 की धारा 27A के तहत आता है। रिया छूटी तो सबूत नष्ट होंगे: NCB NCB ने एक हलफनामे में यह भी कहा था कि जांच महत्वपूर्ण चरण में है और अगर इस वक्त रिया को जमानत मिल जाती है, तो इससे छानबीन बाधित होगी। NCB ने यह भी कहा कि रिया मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रही है, यह साबित करने के लिए कई सबूत हैं। वह ड्रग पहुंचाने के काम में न सिर्फ मदद देती थीं बल्कि क्रेडिट कार्ड, नकद और ऐसे ही कई माध्यमों से इनका भुगतान भी करती थीं। रिया के वकील की दलील- सुशांत पहले से ड्रग्स लेते थे वहीं, एक्ट्रेस के वकील सतीश मानशिंदे ने अदालत में कहा था कि रिया के सुशांत की लाइफ में आने से पहले से ही वे ड्रग्स लेते थे। सुशांत को ड्रग्स की लत थी। यह बात 3 एक्ट्रेस कह चुकी हैं। रिया की तरह ही श्रद्धा कपूर और सारा अली खान ने भी कहा है कि सुशांत 2019 से पहले से ड्रग्स लिया करते थे। बेंच ने इन शर्तों पर रिया को जमानत दी। – रिया को जेल से रिहा होने के बाद 10 दिन तक करीबी पुलिस स्टेशन में हर रोज सुबह 11 बजे हाजिरी देनी होगी। – एक लाख रुपए मुचलका देना होगा। – पासपोर्ट जमा करवाना होगा। – कोर्ट की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगी। – यदि वे ग्रेटर मुंबई से भी बाहर जाती हैं, तो उन्हें जांच अधिकारी को इस बारे में पहले सूचना देनी होगी। – महीने के पहले सोमवार को रिया को एनसीबी के दफ्तर में भी हाजिरी देनी होगी। यह छह महीने तक करना होगा। – इस केस से जुड़े किसी भी गवाह से मिलने की अनुमति नहीं होगी। – अदालत की हर सुनवाई पर रिया को हर हाल में मौजूद रहना होगा। – वे किसी भी तरह से जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगी।

सुशांत केस को नेताओं-मीडिया ने फायदे के लिए बनाया ‘मर्डर’ : स्‍टडी में खुलासा

मुंबई। बॉलिवुड ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत के मामले में ‘मर्डर थ्योरी’ को कुछ नेताओं, पत्रकारों और मीडिया हाउसेस ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया हो सकता है। इस बात का खुलासा ट्वीट्स, यूट्यूब वीडियोज और ट्रेंड्स पर बेस्‍ड एक अनूठी अमेरिका स्टडी में हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, मिशिगन यूनिवर्सिटी में एक असोसिएट प्रफेसर के नेतृत्व में रिसर्चर्स की एक टीम ने यह स्टडी की है। यह स्टडी दिखाती है कि जो कॉन्‍टेंट बिल्कुल निराधार मर्डर थ्योरीज को प्रमोट कर रहा था, उन्हें सूइसाइड थ्योरी से कहीं ज्यादा ट्रैक्शन मिला। तमाम यूट्यूब वीडियोज और ट्वीट्स का विश्‍लेषण प्री-प्रिंट स्टडी बताती है कि राजनेताओं के अकाउंट्स सुशांत केस में नरेटिव को आत्‍महत्‍या से हत्‍या में बदलने में अहम रहे। रिसर्च टीम ने करीब 7 हजार यूट्यूब वीडियोज और 10 हजार ट्वीट्स का विश्लेषण किया। ये सभी करीब 2 हजार पत्रकारों व मीडिया हाउसेस और 1,200 नेताओं से जुड़े थे। सूइसाइड की जगह मर्डर के तौर पर किया गया पेश स्टडी में इशारा किया गया है कि खासतौर पर राजनेता शुरुआती स्‍टेज में केस को ‘सूइसाइड’ की जगह ‘मर्डर’ के तौर पर पेश कर मामले को अलग मोड़ देने की वजह बने। इसको बाद में मीडिया ने फॉलो किया। स्टडी में भावनात्मक विश्लेषण बताता है कि पॉलिटिकल अकाउंट्स ने जुलाई के मध्य में सीबीआई जांच की मांग को लेकर समन्वित कोशिशें शुरू कीं जबकि पत्रकारों ने अगस्त की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार विरोधी नरेटिव को पूरी ताकत लगाकर आगे बढ़ाया। इन लोगों को बनाया गया निशाना स्टडी में यह भी पाया गया कि रिया चक्रवर्ती, दिशा सालियन और सलमान खान इस पूरे केस में दुष्प्रचार अभियान के सबसे ज्यादा निशाने पर रहे। असोसिएट प्रफेसर जॉयजीत पाल के मुताबिक, इस बात की बहुत कम संभावना थी कि ऑनलाइन एंगेजमेंट ऑर्गेनिक था। पाल ने कहा, ‘पूरे सोशल मीडिया स्पेस को इतने प्रभावी रूप से हथियारबंद किया कि आप किसी भी ऐसे मुद्दे को, जिसमें भावनात्मक पहलू हो, उसे किसी ऐसी बात में बदल सकते हैं जिससे पूरा देश चिपका रहे।’ डेटा को लेकर विसंगतियां पाल ने कहा कि सुशांत केस आज के भारत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कहानी है जो फिल्‍म इंडस्‍ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से पैर जमाने के लिए काफी मेहनत करता है। इस कहानी को बहुत सारा ऑर्गेनिक रिस्पॉन्स भी मिला। पाल कहते हैं, ‘डेटा को लेकर बहुत सी विसंगतियां हैं लेकिन उसके भीतर एक पैटर्न है। आंकड़ों की दृष्टि से खासा अंतर है कि कितना एक पार्टी मर्डर के बारे में बात करती है और कितना दूसरी पार्टी थ्योरी के बारे में। डेटा के इतने स्तर पर इसके आर्गेनिक होने की बहुत कम संभावना है।’ मीडिया चैनल्स को मिला आर्थिक लाभ पाल कहते हैं, ‘जब नेताओं या मीडिया हाउसों ने सुशांत के बारे में बात की तो इसे ज्‍यादा एंगेजमेंट मिला। उसकी तुलना में जब उन्होंने किसी और विषय पर बात की तो वैसा एंगेजमेंट देखने को नहीं मिला। मीडिया चैनल्स जिन्होंने सुशांत की स्टोरी का प्रसार किया, उन्हें आर्थिक लाभ भी मिला।’

कोरोना पर अध्ययन : 70 फीसदी रोगी नहीं फैलाते वायरस 

नई दिल्ली . कोरोना के 70 फीसदी रोगी वायरस नहीं फैलाते हैं। इस बात की जानकारी आंध्रप्रदेश-तमिलनाडु में किए गए एक अध्ययन से हुई है। अमेरिका स्थित सेंटर फॉर डिसीज, डायनेमिक्स एंड इकोनॉमिक पॉलिसी (सीडीडीईपी) द्वारा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में किए गए एक नवीनतम अध्ययन से पता चला है कि कोरोना से संक्रमित सभी व्यक्ति वायरस को प्रसारित नहीं करते हैं। हालांकि, हमउम्र बच्चों में संक्रमण का प्रसार ज्यादा बताया गया है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कोरोना महामारी विज्ञान और संचरण गतिकी शीर्षक से अध्ययन साइंस पत्रिका के 30 सितंबर के संस्करण में प्रकाशित हुआ था। इस बाबत आंध्र प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि बर्कले में सीडीडीईपी, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सरकारों और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के जांचकर्ताओं के एक दल ने 575,071 व्यक्तियों में बीमारी के संचरण पैटर्न का अध्ययन किया, जिसमें कोरोना के 84,965 मामलों की पुष्टि हुई। अधिकारी ने दावा किया कि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के राज्यों में हजारों संपर्क प्रशिक्षकों द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर महामारी विज्ञान का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक विश्लेषण है। अध्ययन के अनुसार, उजागर संपर्कों के संभावित अनुवर्ती परीक्षण से पता चला कि 70 प्रतिशत संक्रमित व्यक्तियों ने अपने किसी भी संपर्क को संक्रमित नहीं किया था, जबकि 8 प्रतिशत संक्रमित व्यक्ति 60 प्रतिशत नए संक्रमणों के लिए जिम्मेदार थे। अध्ययन में उन बच्चों में संक्रमण का उच्च प्रसार पाया गया, जो अपनी उम्र के आसपास के मामलों के संपर्क में थे। सूचकांक मामले से एक करीबी संपर्क में संचरण का जोखिम समुदाय में 2.6 प्रतिशत से लेकर घर में 9.0 प्रतिशत तक है। समान-आयु वाले संपर्क सबसे बड़े संक्रमण जोखिम से जुड़े हैं। हालांकि, इन दोनों राज्यों में 40-69 वर्ष की आयु में मृत्यु दर अधिक है। यह 5-17 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों में 0.05 प्रतिशत और 85 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में 16.6 प्रतिशत है। सीडीडीईपी के निदेशक डॉ. रामनयन लक्ष्मीनारायण के अनुसार, यह अध्ययन आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में महत्वपूर्ण संपर्क-ट्रेसिंग प्रयास से संभव हुआ, जिसमें हजारों स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल थे।

सुशांत केस : 5 साल में अभिनेता ने कमाए 70 करोड़ रुपए, फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला

मुंबई . बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत की मौत को एम्स की फॉरेंसिक टीम ‘आत्महत्या’ का मामला बता चुकी है। वहीं दूसरी ओर उनके बैंक खाते की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में भी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। सुशांत के सभी बैंक खातों में पिछले 5 साल के दौरान 70 करोड़ का लेन देने हुआ, जिसमें से सिर्फ 55 लाख रुपए ही रिया चक्रवर्ती से जुड़े पाए गए हैं। इनमें से अधिकांश, यात्रा, स्पा और गिफ्ट खरीदने पर खर्च किए गए थे। सीबीआई अब इन एंगल से मामले की करेगी जांच आत्महत्या का मामला स्पष्ट होने के बाद सीबीआई अब इसके कारणों की पड़ताल करेगी। इसमें रिया चक्रवर्ती और उनके भाई की भूमिका, बॉलीवुड में प्रोफेशनल राइवलरी और भाई-भतीजावाद; नशीली दवाओं के दुरुपयोग और राजपूत के मानसिक स्वास्थ्य का एंगल शामिल है। सुशांत के पिता ने दर्ज करवाया है 17 करोड़ की धोखाधड़ी का केस ड्रग्स केस में मुंबई की भायखला जेल में बंद रिया चक्रवर्ती के खिलाफ 15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का केस सुशांत के पिता केके सिंह की ओर से पटना में दर्ज करवाया गया था। इसे संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लाउंड्रिंग का केस दर्ज किया था और एक्ट्रेस से तीन बार पूछताछ की। हालांकि, ईडी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की है। इसी केस की जांच के दौरान राजपूत के बैंक खाते का फॉरेंसिक ऑडिट किया गया था। सुशांत की जानकारी में खर्च हुए ये पैसे सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट सीबीआई से भी साझा की गई है। इसमें यह कहीं भी साबित नहीं होता कि रिया ने सुशांत के पैसों की निकासी अपने या अपने परिवार के लिए की थी। ज्यादातर पैसे सुशांत की मर्जी से या उनकी जानकारी से ही खर्च किए गए थे। ये पैसे सुशांत की कुल इनकम के मुकाबले बहुत कम हैं। हालांकि, खाते से जुड़ी अन्य जानकारी अभी भी सार्वजनिक होना बाकी है। सीबीआई अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों से कर चुकी है पूछताछ सीबीआई ने इस मामले में दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की। इनमें चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्य, सुशांत राजपूत के परिवार के सदस्य, उनके स्टाफ और हाउस मैनेजर, बैंकों के कर्मचारी जहां वह खाते थे, उनके मनोचिकित्सक और कुछ दोस्त और परिचित शामिल हैं। एजेंसी ने पावना डैम रिसॉर्ट के कर्मचारियों से भी पूछताछ की है, जहां राजपूत छुट्टी मनाने गए थे।

वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बोले- हम चीन व पाकिस्तान को एक साथ सबक सीखा सकते हैं

नई दिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने सोमवार को साफ कहा कि उत्तरी इलाके में मौजूदा हालातों में चीन के पास ऐसा कोई रास्ता नहीं कि वो हमें हरा सके। लद्दाख में हमारी पोजिशन मजबूत है और दो मोर्चों पर जंग के लिए भी तैयार हैं। भदौरिया ने कहा कि मौजूदा समय में पड़ोसियों की तरफ से बढ़ रहे खतरे को देखते हुए हमें मजबूती के साथ जंग के हर मोर्चे पर पूरी क्षमता से लड़ने की जरूरत है। मैं भरोसा दिलाता हूं कि ऑपरेशनली हम बेस्ट हैं। लद्दाख में तैनाती के बारे में एक सवाल के जवाब में एयरफोर्स ची‌फ ने कहा- हमने सभी जरूरी ऑपरेशनल लोकेशन पर तैनाती की है। हमारी पोजिशन अच्छी है और तनाव बढ़ता है तो चीन को बेहतर जवाब मिलेगा। ‘वायुसेना किसी भी विवाद से निपटने को तैयार’ भदौरिया के मुताबिक, वायुसेना किसी भी विवाद से निपटने के लिए तैयार है। अगर दो मोर्चों पर जंग होती है तो उस स्थिति में भी हम लड़ने के लिए मुस्तैद हैं। हमने रिकॉर्ड समय में राफेल, अपाचे और चिनूक को ऑपरेशन में शामिल किया और इन्हें अपने कॉन्सेप्ट से जोड़ा। अगले तीन साल में राफेल और एलसीए मार्क-1 स्क्वॉड्रन अपनी पूरी क्षमता के साथ ऑपरेट करेगी और इसके साथ एडिशनल मिग-29 भी शामिल होंगे, जिनका ऑर्डर किया जा रहा है। हमने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट में भरोसा दिखाया है और अगले 5 साल में हम 83 एलएसी मार्क 1-ए को शामिल करने की शुरुआत करेंगे। एयरफोर्स डे पर ताकत दिखाएगा राफेल 8 अक्टूबर को पहली बार राफेल इंडियन एयरफोर्स डे परेड में शामिल होगा और आसमान में ताकत दिखाएगा। राफेल 4.5 जनरेशन का फाइटर जेट है।

रेप ही नहीं, बुजुर्गों पर अत्याचार के मामले में भी देश में नंबर-1 है मध्यप्रदेश

भोपाल. देश में मध्य प्रदेश बुजुर्गों पर अत्याचार के मामले में नंबर वन है. यह खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2019 के आंकड़ों में हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में 2019 में बुजुर्गों से मारपीट के देशभर में सर्वाधिक मामले दर्ज हुए हैं. अब तक बुजुर्गों से मारपीट के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे हुआ करता था. साल 2019 में देशभर में बुजुर्गों से मारपीट के 6002 मामले दर्ज हुए थे. इनमें से 2012 मामले मध्य प्रदेश में हुए हैं. जबकि बुजुर्गों की हत्या, लूट समेत सभी तरह के अपराध मिला लिए जाएं तो देशभर में 27,696 अपराध हुए हैं. इनमें से मध्य प्रदेश में 4184 अपराध हुए हैं. इस लिहाज से मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है. जबकि महाराष्ट्र 6163 अपराधों के साथ पहले स्थान पर है. पुलिस की जांच में अधिकांश मामलों में बुजुर्गों से मारपीट करने वाले कोई और नहीं बल्कि उनके ही रिश्तेदार निकले हैं. वैसे बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए एक्ट में प्रावधान है, जिसके तहत बुजुर्ग की अपील में सक्षम अधिकारी 90 दिनों में प्रकरण में फैसला करें. जाने-अनजाने में प्रताड़ित किए जाने और घर से बेदखल किए जाने की स्थित में दोषी पाए जाने पर कम से कम 6 माह की सजा का प्रावधान है. थानों में बुजुर्गों की शिकायत प्राथमिकता से लिखी जाए. ओल्ड एज होम में रह रहे बुजुर्गों का संबंधित थानों में वैरिफिकेशन हो. बुजुर्गों से मारपीट के मामले में शीर्ष पांच राज्य राज्य मामले मध्य प्रदेश 2012 महाराष्ट्र 973 आंध्रप्रदेश 571 छत्तीसगढ़ 554 तमिलनाडू 551 बुजुर्गों से सभी अपराध के मामले में शीर्ष पांच राज्य राज्य मामले महाराष्ट्र 6163 मध्यप्रदेश 4184 गुजरात 4088 तमिलनाडू 2509 आंध्रप्रदेश 2430 रेप के मामलों में भी आगे मध्य प्रदेश के लिए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के शर्मिंदा करने वाले आंकड़े सामने आए हैं. दलित बच्चियों से रेप , छेड़छाड़ के मामले में एमपी देश में पहले नंबर पर है. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार दलित बच्चियों के साथ रेप और छेड़छाड़ की घटना में प्रदेश देश में नंबर वन है. ये खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के 2019 आंकड़ों में हुआ है. 2019 में मध्य प्रदेश में दलित बच्चियों के साथ रेप की 214 घटनाएं हुई, दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र, तीसरे नम्बर पर हरियाणा है. महाराष्ट्र में दलित बच्चियों के साथ रेप की 181 घटनाएं और हरियाणा में 101 घटनाएं हुईं. देशभर में दलित बच्चियों के साथ रेप की कुल 1116 घटनाएं हुईं. दलित बच्चियों से छेड़छाड़ के मामले में भी देश में नंबर वन एमपी है.

MP: नहीं थम रहीं गैंगरेप की घटनाएं ,खरगोन, नरसिंहपुर, रीवा और अब होशंगाबाद में गैंगरेप

भोपाल . देश में रेप की घटनाएं लगातार सामने आ रही है. उत्तर प्रदेश के हाथरस के बाद मध्य प्रदेश के होशंगाबाद मे एक दलित महिला के साथ गैंगरेप की खबर सामने आई है. पीड़िता का आरोप है कि आदिवासी ग्राम पुनोर में गांव के दबंगों ने घर से उसे उठा लिया और उसके साथ रायसेन के सिलवानी में गैंगरेप किया. इस मामले में होशंगाबाद पुलिस ने राजेन्द्र किरार, धर्मेंद्र किरार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जबकि चार आरोपी भी फरार हैं. बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. पीड़िता का आरोप है कि दबंगों उसे घर से ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया. इस मामले की रिपोर्ट पीड़िता ने जब पुलिस में दर्ज कराई तो पुलिस तुरंत एक्शन में आई और तीन लोगों को गिरफ्तार की है, हालांकि 4 लोग अभी भी फरार हैं. पुलिस इन्हें गिरफ्तार करने के लिए कई जगहों पर छापा मार रही है. एमपी में रेप की घटनाओं पर राज्य कांग्रेस एमपी सरकार पर हमलावर है. एमपी कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि ,”बेटियों की चीख से दहला मध्यप्रदेश, भोपाल और रीवा में हुई घिनौनी वारदात; शिवराज की सत्ता हवस ने मध्यप्रदेश की बेटियों को फिर से असुरक्षित कर दिया है. शिवराज जी, जनता को यही दिन दिखाने के लिये ग़द्दारों के साथ मिलकर सरकार गिराई? बेटियों की ये चीख शवराज को कब सुनाई देगी.?”

कोरोना : जुलाई 2021 तक देश के 25 करोड़ लोगों तक पहुंचेगी वैक्सीन, 40 से 50 करोड़ डोज बनाने पर फोकस

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार देश के हर एक नागरिक तक वैक्‍सीन पहुंचाने की तैयारियां कर रही है। इस पर एक हाई लेवल कमेटी काम कर रही है। उन्होंने कहा, ”सरकार का लक्ष्य है कि जुलाई 2021 तक 20-25 करोड़ भारतीयों तक कोविड-19 वैक्सीन पहुंचाई जा सके। इसके लिए हमारा फोकस है कि हम तब तक वैक्सीन की 40 से 50 करोड़ डोज हासिल कर सकें। इसकी प्लानिंग पर काम चल रहा है। जरूरतमंदों को पहले मिलेगी वैक्सीन डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ”वैक्सीन तैयार होने के बाद, टीकाकरण का काम होगा। हेल्थ मिनिस्ट्री इसके लिए एक फॉर्म तैयार कर रही है। इसमें सभी स्टेट ऐसे लोगों की डिटेल्स देंगे, जिन्हें वैक्सीन की पहले जरूरत है। खासतौर पर कोविड-19 के मैनेजमेंट में लगे हेल्थ वर्कर्स, पुलिस स्टाफ आदि शामिल हैं। अक्टूबर तक इसकी प्लानिंग पर काम हो जाएगा। वैक्सीन के स्टोरेज के लिए स्टेट से कोल्ड चेन के अलावा वैक्सीन स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है। देश में अब तक 65 लाख 53 हजार केस आ चुके हैं। इनमें 55 लाख 9 हजार लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 9 लाख 37 हजार मरीजों का इलाज चल रहा है। ये आंकड़े covid19india.org के मुताबिक हैं।

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