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अहिल्या देवी की नगरी महेश्वर में 24 को कैबिनेट की बैठक, बस सेवा शुरू करने का हो सकता है ऐलान

Cabinet meeting on 24th in Ahilya Devi’s city Maheshwar, announcement may be made to start bus service. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24 जनवरी को लोकमाता अहिल्या देवी की नगरी महेश्वर में कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रदेश में बस सेवा शुरू करने को मंजूरी मिलने की संभावना है। सरकार इस वर्ष के अंत तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में यात्री बस सेवा प्रारंभ करना चाहती है। शुरू में कुछ चयनित रूटों पर बसे चलाई जाएंगी। बैठक के बाद परिवहन विभाग इस प्रस्ताव को लेकर आगे की कार्रवाई तेज करेगा। इसके तहत बस सेवा संचालित करने के लिए एक कंपनी स्थापित की जाएगी, जो प्रदेश में यात्री बसों का संचालन करेगी। इस बैठक को लेकर सभी संबंधित विभाग तैयारियों में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2025 मालवा की महारानी पुण्यश्लोका अहिल्या देवी का 300 वां जयंती वर्ष है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देवी अहिल्या माता की 300वीं जयंती मनाने का निर्णय लिया है। इस उपलक्ष्य में हम पूरे वर्ष अलग-अलग कार्यक्रम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की अगली बैठक मालवा की महारानी लोकमाता अहिल्या देवी को समर्पित की जाएगी। कैबिनेट की बैठक 24 जनवरी को लोकमाता की राजधानी रही धार्मिक नगरी महेश्वर में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को जारी अपने संदेश में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्या देवी का जीवन धार्मिकता, त्याग और करुणा का प्रतीक था। वे न केवल एक कुशल शासिका थीं, बल्कि एक आदर्श नारी और माता भी थीं। लोकमाता अहिल्या देवी के शासनकाल, उनकी कर्तव्यपरायणता, धर्म परायणता, सुशासन, दानशीलता, धार्मिकता आदि गुणों से हमें सद्मार्ग और सुशासन के जरिए लोक-कल्याण की असीम ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उनके व्यक्तित्व की आभा से पूरा समाज आज भी उन्हें अत्यंत श्रद्धा से देखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की पावन धरा वह स्थान है, जहां रानी दुर्गावती, लोकमाता अहिल्या देवी, सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज जैसे प्रतापी एवं सुशासन लाने वाले शासक हुए हैं। इनके नाम और काम पर मध्यप्रदेश सदैव गौरवान्वित होता आया है। इस संदर्भ में महिला शासिका लोकमाता अहिल्या देवी का नाम भी अजर-अमर है। उनके नाम पर समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक में हम जनकल्याण से जुड़ी कई नवीन योजनाओं को मंजूरी देने जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि हम सब मालवा की लोकमाता अहिल्या देवी के पुण्य स्मरण में शामिल हों। वे स्वयं और सभी मंत्रीगण मिलकर अहिल्या माता को समर्पित मंत्रिपरिषद की बैठक के लिए महेश्वर जाएंगे और यही लोकमाता को उनके सद्कार्यों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले- ‘कैंसर की तरह है गुटबाजी, इसे…’

politics jitu patwari urges congress to leave factionalism and move forward ann Jitu Patwari इन दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को लेकर पूरे राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को महू आने का निमंत्रण दे रही है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद कई विधानसभाओं में जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आमंत्रित कर रहे हैं. इस दौरान वे गुटबाजी छोड़ने का भी आह्वान कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ जोशीला बयान पटवारी ने मनावर में भी दिया. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मनावर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, “अब गुटबाजी छोड़कर कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए आगे बढ़ना होगा”. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर तक कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना पड़ेगा. इसमें ग्राम पंचायत स्तर तक कांग्रेस कमेटी का गठन होना चाहिए. जीतू पटवारी ने कहा कि आने वाले 4 साल तक अगर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता बिना छुट्टी लिए संगठन का काम करते हैं तो एमपी में आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता है. पटवारी ने मनावर के साथ-साथ कुक्षी और बड़वानी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर उन्हें महू आने का आमंत्रण दिया. ‘कांग्रेस में ‘कैंसर’ की तरह है गुटबाजी’- जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने गुटबाजी को कांग्रेस का ‘कैंसर’ बताया है. इस पर बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने पलटवार किया है और कहा कि हम लगातार कांग्रेस में गुटबाजी होने का दावा कर रहे हैं, जिसे कांग्रेस झुठलाती आ रही है. अब जीतू पटवारी खुद कांग्रेस में गुटबाजी को कैंसर बता रहे हैं. जीतू पटवारी ने बीजेपी कार्यकर्ता का दिया उदाहरण प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी का छोटा सा छोटा कार्यकर्ता गांव की चौपाल पर चार लोगों को बीजेपी के समर्थन में आगे बढ़ाने के लिए सफलतापूर्वक समझाइश दे देता है. जब विकास की बात होती है तो गांव और विधानसभा से लेकर प्रदेश और देश तक बात नहीं बनती है, तो बीजेपी कार्यकर्ता पाकिस्तान से अफगानिस्तान तक चर्चा करता है. इसी तरह कांग्रेस को भी अपना संगठन मजबूत करते हुए अपनी विचारधारा को लोगों तक पहुंचाना है. हर गांव हर बूथ से एक गाड़ी जरूरी- पटवारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने मनावर में यह भी कहा कि एक गांव से दो गाड़ी की आवश्यकता नहीं है बल्कि हर एक पोलिंग बूथ और एक गांव से एक ही गाड़ी महू पहुंचनी चाहिए. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि गांव-गांव तक रैली का संदेश पहुंचाना चाहिए, इसलिए हर गांव से एक गाड़ी लानी जरूरी है. बीजेपी संगठन की बराबरी करने में कई जन्म लगेंगे- बीजेपी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं को यह बात समझ लेनी चाहिए कि बीजेपी संगठन के बराबरी करने में कांग्रेस नेताओं को कई जन्म लेने पड़ेंगे. सिसोदिया ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी यह बात समझ में आ गई है कि बीजेपी का संगठन काफी मजबूत और बड़ा है. यही वजह है कि वे अपने हर सभा में भाजपा के संगठन की मजबूती को लेकर बयान दे रहे हैं.

अतिक्रमणकारियों का मुकाबला फ्रंट में नहीं बल्कि समुदाय विरुद्ध समुदाय के जरिए करें

Confront the encroachers not from the front but through community against community भोपाल। आईएफएस अफसरों की दो दिन चली मंथन का समापन शनिवार को हो गया। मंथन में अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने फील्ड के अवसरों को दो मूल मंत्र बताएं। पहला यह कि अतिक्रमणकारियों का मुकाबला फ्रंट में रहकर नहीं करे, बल्कि उसे समुदाय वर्सेस समुदाय को आगे कर करें। जंगल बचाने वाले समुदाय का सपोर्ट करें और उन्हें ताकतवर बनाएं। दूसरा मंत्र टीम भावना से काम करने का दिया।  अपैक्स भवन में दो दिन चली मैराथन मंथन में फील्ड के अफसरों ने जितने भी प्रेजेंटेशन दिए, वे सभी प्रस्तुति एसीएस वर्णवाल के मानक पर खरे नहीं उतरे। शनिवार को सतना डीएफओ मयंक चांडीवाल ने वन अधिकार अधिनियम को लेकर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। चांडीवाल ने बताया कि अधिनियम में दो गवाह के आधार मानकर पट्टा देने की अनुशंसा कर दिया जाता है। जबकि दो साक्ष्य के आधार पर हो, जिसमें एक सैटलाइट इमेजरी होना चाहिए। इस पर एसीएस वर्णवाल बोले कि आप अपने ढंग से अधिनियम के प्रावधानों का प्रजेंटेशन करेंगे। अधिनियम का इंटरप्रिटेशन अपने हिसाब से ना करें। वर्णवाल ने यह भी कहा कि यदि आप सहमत नहीं है तो अपनी आपत्ति लिखित में कलेक्टर के समक्ष दर्ज कराएं। आपकी आपत्ति को कलेक्टर इग्नोर नहीं कर सकता। इसी मसले पर एपीसीसीएफ भी कुछ कहना चाहते थे किन्तु एसीएस ने उन्हें बोलने नहीं दिया। पन्ना नेशनल पार्क की फील्ड डायरेक्टर अंजना तिर्की ने एसीएस के समक्ष जानवर मुआवजा का अधिकार फॉरेस्ट अफसर को देने की बात रखी। इस पर वर्णवाल ने कहा कि राजस्व अधिकारी को अधिकार इसलिए दिया गया है क्योंकि उनके पास मुआवजा आकलन करने का अनुभव है। उन्होंने यह भी कहा कि शाजापुर जैसे वन मंडलों में स्टाफ की कमी होती है तो मुआवजा का काम कैसे कर पाएंगे।  टीम भावना से करें काम एसीएस वर्णवाल ने दो दशक पहले देवास जिले के मेहंदीखेड़ा में हुई गोलीचालन को लेकर एक रिपोर्ट केस स्टडी के रूप में फॉरेस्ट अफसर के बीच वितरित की। तब वर्णवाल देवास के कलेक्टर थे। फॉरेस्ट के अफसर से सवाल किया कि इसमें आप बताएं क्या किया जा सकता था? इसके बाद उन्होंने अफसर के समक्ष कहा कि इस गोलीचालन में चार लोगों की मौत हुई थी। इसकी मजिस्टिकल जांच हुई थी। तब देवास में डीएफओ महेंद्र धाकड़ थे। उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच में कलेक्टर एसपी और डीएफओ के बयान एक जैसे ही थे। हम लोगों ने टीम भावना के साथ घटना और मजिस्ट्रियल जांच का सामना किया। इसलिए डीएफओ कलेक्टर और एसपी के साथ मिलकर काम करें।  नए अफसरों को परोसा झूठ एसीएस वर्णवाल ने देवास के मेहंदीखेड़ा गोलीकांड के मामले में कुछ झूठ भी परोसा है। बड़वाल ने एनजीओ तक का नाम नहीं बताया जबकि आदिवासी मुक्ति संगठन के नाम से जनता को वर्ग लाया जा रहा था और इसके संचालक राहुल बनर्जी और माधुरी बेन थे, जो आज भी सक्रिय है। वर्णवाल ने फील्ड से आए अफसर से यह बताया कि इस घटना को लेकर विधानसभा क्वेश्चन तक नहीं हुई। जबकि गोली कांड को लेकर सदन में खूब हंगामा हुआ स्थगन लाये गए थे और विधानसभा की कार्रवाई बाधित भी हुई। इसके चलते सरकार को कलेक्टर, एसपी और डीएफओ को हटाना भी पड़ा था। इस पूरी घटना को लेकर तत्कालीन पीसीसीएफ आरडी शर्मा के कहने पर मैंने ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की थी। मैंने दैनिक नई दुनिया में तीन दिन तक रिपोर्टिंग का एपिसोड चलाया। अपनी रिपोर्टिंग में मैंने यह  स्पष्ट कर दिया था कि तत्कालीन प्रमुख सचिव वन बनर्जी और एनजीओ संचालक कर्ता राहुल बनर्जी के बीच दोस्ताना संबंध रहे और उनमें टेलिफोनिक बातचीत भी होती रही। राहुल पुलिस की नजरों में फरार था पर वल्लभ भवन में अधिकारियों से मिलता जुलता रहा। मेरे द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद वन विभाग प्रमुख सचिव से बनर्जी को हटा दिया गया था। तत्कालीन पीसीएफ आरडी शर्मा आज भी जीवित है।

धरने को असफल करने के लिए सांसद का कुत्सित असफल प्रयास है बयान: पंकज उपाध्याय     

  The statement is a disgusting failed attempt by the MP to make the protest unsuccessful: Pankaj Upadhyay  हमने कई अखबारों में पढ़ा और सुना कि माननीय सांसद शिवमंगल सिंह तोमर अपने बयान में  कह रहे हैं कि शक्कर कारखाने को चालू करने के लिए योजना बन गई है कार्यवाही प्रारंभ हो गई है मेरा सांसद महोदय से अनुरोध है कि अगर कल रात में ऐसी कोई योजना बनी हो तो मुझे उपलब्ध करा दे क्योंकि मैंने मुख्यमंत्री सहकारिता मंत्री कृषि मंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को कलेक्टर को पत्र लिखकर यह मांग करी की शक्कर कारखाने की भूमि नीलामी रोककर कारखाने को पुनः प्रारंभ करने हेतु कार्रवाई करें परंतु अभी तक माननीय मुख्यमंत्री जी सहकारी मंत्री जी विधानसभा अध्यक्ष एवं कलेक्टर महोदय का जवाब मुझे नहीं मिला है आपके द्वारा यह बयान निश्चित रूप से किसानों एवं कर्मचारियों को बरगलाने के लिए जो किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है उसे असफल करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है आपसे अनुरोध है आपको मुरैना की जनता ने किसानों के हितों के लिए चुना था ना कि किसानों को बरगलाने के लिए अतः आगे आकर  धरने में अपना साथ दे और अगर सांसद जी आगे आकर हमारे बंद शक्कर कारखाने को प्रारंभ करते हैं तो हम सब शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के लोग उनका नागरिक अभिनंदन करेंगे

शहडोल में 7वां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, सीएम यादव पहुंचे, 30 हजार करोड़ के प्रस्तावों पर चर्चा होगी

Seventh Regional Industry Conclave of Madhya Pradesh मध्य प्रदेश का सातवां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज गुरुवार को शहडोल जिले में आयोजित हो रहा है। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए सीएम मोहन यादव भी पहुंच गए हैं। इस कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए पांच हजार निवेशकों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र से लगभग 40 से ज्यादा बड़े उद्योगपति शहडोल पहुंच चुके हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय निवेशक भी पहुंचे हैं। शहडोल के इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित हो रहे इस कॉन्क्लेव में विशेष रूप से खनिज उद्योग, सौर ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही एसीसी सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल इसमें शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में 30 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। कॉन्क्लेव में शामिल होने से पहले सीएम यादव ने की गौ सेवारीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का लेकर सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने एक्स कर लिखा- भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य से पूर्व गौ माता के पूजन का विशिष्ट महत्व होता है। आज शहडोल में आयोजित “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव” में सहभागिता से पूर्व निवास स्थित गौशाला में जगतजननी गौ माता की सेवा कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। मैया के आशीर्वाद से अनंत संभावनाओं वाले मध्यप्रदेश में निवेश की वर्षा हो और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प सिद्धि का पथ प्रदर्शित हो, यही प्रार्थना है। यह प्रस्ताव मिलेरीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में ग्राम पटासी में ऐथेनॉल प्लांट के लिए 140 करोड़ रुपए, ग्राम मुदरिया में खाद्य प्रसंस्करण के लिए 3.5 करोड़ रुपए तथा ग्राम छतवई में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में 5 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिले है। औद्योगिक विकास के लिए शहडोल जिले के दियापीपर में 51.135 हेक्टेयर, तथा ग्राम चन्नौड़ी में 2.023 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। उमरिया जिले में आद्योगिक क्षेत्र बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 5 करोड़ रुपए , बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2 करोड़ रूपये, ग्राम रोहनिया में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2.5 करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं।

मप्र में 7 साल बाद भी कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं, केंद्र को दिखाया ठेंगा

Even after 7 years, CAMPA authority has not been formed in Madhya Pradesh, showing contempt to the Centre. भोपाल। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय ने अगस्त 2018 को सभी राज्यों में प्रतिपूरक वनीकरण कोष एवं योजना प्राधिकरण कैपा गठन के निर्देश दिए थे। 7 साल बीत जाने के बाद भी मप्र में कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं हो पाया। जबकि केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के आधार पर प्राधिकरण के गठन के आदेश दिए थे। यानी मप्र में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की भी हो रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय के निर्देश पर देश के अन्य राज्यों में कैंपा प्राधिकरण का गठन हो गया है। जबकि मप्र में अभी तक पीसीसीएफ का एक पद बचाने के लिए गठन नहीं किया गया। मौजूदा काल में राज्य कैडर में पीसीसीएफ के पद भी कम हो गए हैं। बावजूद इसके प्राधिकरण का गठन करने को लेकर शीर्ष अफसरों द्वारा न केवल आना-कानी की जा रही है, बल्कि मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री तक गलत तथ्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं। विभाग में स्थितियां है कि पीसीसीएफ कैंपा का पद हथियाने के लिए वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। अब तक जितने भी पीसीसीएफ कैंपा के पद पर पदस्थ रहे आईएफएस अफसरों की मुख्यमंत्री हाउस तक सीधी पहुंच रही है। फिलहाल मौजूदा स्थिति में पीसीसीएफ कैम्पा पद पर पीके सिंह है, जो 31 जनवरी को सेवामुक्त हो रहें हैं। अब तो बना दिया जाना चाहिए कैंपा प्राधिकरण लंबे समय तक केंद्र में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाने वाले अनुराग जैन के मुख्य सचिव बनने के बाद कैंपा प्राधिकरण के गठन की संभावनाएं बढ़ गई है। कैंपा प्राधिकरण के गठन होने पर पीसीसीएफ कैंपा का पद समाप्त हो जाएगा, क्योंकि इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पद का प्रावधान है। इस पद पर एवीसीसीएफ स्तर के अधिकारी को ही सीईओ पदस्थ जा सकता है। नाथ सरकार ने नहीं दिया प्राधिकरण पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के कार्यकाल bमें तत्कालीन अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने केंद्र के निर्देश पर राज्य में कैथा प्राधिकरण के गठन की पहल शुरू की। प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया शुरू होते ही तत्कालीन पीसीसीएफ पद पर विराजे एबी गुप्ता छिंदवाड़ा की दौड़ लगा दीथी। तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने गुप्ता की मुलाकात कमलनाथ से कराई। इस मुलाकात में कैंपा पीसीसीएफ गुप्ता के बाद नाथ के निर्देश पर कैंपा प्राधिकरण के गठन पर विराम लग गया। कमलनाथ के बाद शिवराज सरकार ने भी प्राधिकरण के गठन पर पहल नहीं की। इसकी वजह भी स्पष्ट थी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने करीबी रिश्तेदार महेंद्र सिंह धाकड़ को पीसीसीएफ कैंपा के पद पर उपकृत करना था। केंद्र से नहीं मिली कैंपा पीसीसीएफ की मंजूरी केंद्र सरकार ने कैपा पीसीसीएफ का पद अस्थाई तौर पर 3 साल के लिए स्वीकृत किया था, जिसकी मियाद जनवरी 2019 को समाप्त हो गई। यानी 2019 के बाद से अब तक पीसीसीएफ कैंपा का पद कैडर में स्वीकृत न होने के बाद भी पोस्टिंग होती चली आ रही है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल कैंपा प्राधिकरण संबंधित प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष मूव करना चाहिए। मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव के अधीन वन विभाग भी है। यानी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और केंद्र सरकार केंद्र सरकार के निर्देश के 7 साल बाद तो मप्र प्राधिकरण का गठन कर दिया जाना चाहिए। फैक्ट फाइल

थीम : ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ ,डॉ अंबेडकर की जन्मस्थली महू में होगी कांग्रेस की बड़ी रैली

mp congress big rally held in dr ambedkar birthplace mhow theme is jai bapu jai bhim jai constitution भोपाल:मध्य प्रदेश कांग्रेस 26 जनवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली, महू में एक विशाल ‘संविधान’ रैली का आयोजन कर रही है। इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। यह रैली नवंबर 2023 और 2024 के चुनावी नुकसान के बाद कांग्रेस का पहला बड़ा आयोजन है। साथ ही जीतू पटवारी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद एमपी में यह पहला बड़ा आयोजन है। इस रैली की तैयारी को लेकर पीसीसी मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई है। बैठक में कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दिखे। हालांकि कमलनाथ नहीं दिखाई दिए हैं। रैली को लेकर राजनीति इस रैली को लेकर राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर डॉ. अंबेडकर की विरासत का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। हाल ही में जीतू पटवारी द्वारा डॉ. अंबेडकर की तस्वीर अपने घुटने पर रखने के मामले ने भी विवाद को हवा दी है। 26 को महू में होगी रैली कांग्रेस अपनी ‘संविधान’ रैली की तैयारी जोर-शोर से कर रही है। यह रैली 26 जनवरी को महू में होगी, जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। कांग्रेस ने इस रैली को सफल बनाने के लिए लगभग एक दर्जन कमेटियां बनाई हैं। इस रैली का थीम ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ रखा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी होंगे शामिल इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस रैली में मौजूद रहेंगे। महू में एक मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया सहित कई दिग्गज नेता 11 सदस्यीय समन्वय समिति का हिस्सा हैं जो रैली की व्यवस्था देख रही है। तैयारियों का दौर जारी PCC प्रमुख जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह भोपाल में पार्टी मुख्यालय पर विभिन्न समितियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भोपाल पहुंचे। नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा आयोजित किया जा रहा यह पहला बड़ा कार्यक्रम है। मोहन यादव ने साधा निशाना रैली को लेकर सीएम मोहन यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी भी डॉ. अंबेडकर का सच्चा सम्मान नहीं किया। उन्होंने राहुल गांधी से संविधान निर्माता का कथित तौर पर अपमान करने के लिए माफी मांगने की भी मांग की।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में छात्रों को ले जा रही बस से ट्रक टकराया, एक की मौत; कई घायल

A truck collides with a bus carrying students in Bhopal, the capital of Madhya Pradesh, one dead; many injured मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को एक भीषण हादसा हो गया जिसमें छात्र-छात्राएं घायल हो गए हैं. हादसे में 6 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं एक की मौत हो गई है. कई और बच्चों को चोटें आई हैं. बच्चों और बस ड्राइवर समेत अन्य घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. बच्चों का इलाज किया जा रहा है. यह सड़क हादसा शहर के भोरी बायपास के पास हुआ है. पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने में मदद की. जानकारी के मुताबिक यह हादसा भौरी बाईपास पर हुआ है, जहां छात्रों से भरी हुई बस जा रही थी और सामने से तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी. बस का सामने का हिस्सा कचूमर बन चुका है. हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ा और छात्रों को बस से निकालना शुरू किया. इसी बीच पुलिस को भी जानकारी दी गई. पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया. घायलों का चल रहा इलाजघायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है. सभी छात्र-छात्राएं पीपुल्स स्कूल ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के इजीनियरिंग के छात्र हैं. सभी छात्र आईसर कंपनी के प्लांट पर विजिट के लिए गए थे. हादसे में 6 बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है. फिलहाल डॉक्टर्स की टीम बच्चों का इलाज करने में जुटी हुई है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिस वक्त छात्र-छात्राएं विजिट से वापस लौट रहे थे उसी वक्त बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है. एक छात्र की मौतबिरसिंहपुर पाली के रहने वाले छात्र विनीत साहू की हादसे के बाद मौत हो गई है. उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया था. वहीं छात्र विमल यादव और छात्र शिवम लोधी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. उनका क्रिटिकल केयर में इलाज किया जा रहा है. बस के अंदर बैठे बाकी छात्र-छात्राओं को यानी करीब 29 छात्रों को मामूली चोटें आई हैं. सभी छात्रों को हादसे के बाद पीपुल्स हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है.

नहीं आएगी जिला अध्यक्षों की सूची, भाजपा में घमासान के चलते बदला नियुक्ति का फार्मुला

bjp sangathan election bjp sangathan election list of district president will not be released due to tussle in mp bjp BJP Sangathan Election: भाजपा में जिला अध्यक्षों की सूची की राह देख रहे पार्टी कार्यकर्ताओं का इंतजार अब खत्म हो गया है। क्योंकि दिल्ली में दो दिन तक चली मंत्रणा के बाद अब नया फॉर्मूले पर सहमति बनी है। दरअसल, भाजपा नेताओं के बीच आपसी विवाद इतना गहराया कि संगठन ने घोषणा का तरीका ही बदल दिया। सूत्रों के मुताबिक संगठन सूची जारी कर विवाद से बचना चाह रहा है। इसलिए चुनाव अधिकारियों को जिला अध्यक्षों के घोषणा की जिम्मेदारी दे गई है। अब जिला निर्वाचन अधिकारी ऊपर से बताए गए नाम पर सभी की सहमति बनाकर जिला अध्यक्षों की घोषणा करेंगे और वहां उपजे विवाद को भी संभालेंगे।विवाद के बीच संगठन की नसीहतसूची के इंतजार के बीच गुरुवार सुबह प्रदेश संगठन के नेताओं की वर्चुअल बैठक बुलाई गई। जिसमें प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने दो टूक नसीहत देते हुए कहा है कि जिला अध्यक्ष बनने के बाद उनके चहेते नेता के घर के बजाय पार्टी कार्यालय में स्वागत सत्कार का कार्यक्रम होना चाहिए।वहीं बैठक में जुड़े प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने सभी नेताओं को नए जिला अध्यक्ष मिलने से पहले बधाई दी। कहा कि सभी को साथ मिलकर संगठन के कार्यों को धरातल पर उतारना है। बता दें बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ सभी जिला निर्वाचन अधिकारी भी मौजूद रहे।पर्यवेक्षक बताएंगे जिलाध्यक्षों के नामसंगठन ने इतने विवाद के बाद भी लोकतांत्रित व्यवस्था का फॉर्मूला बरकरार रखा है। राष्ट्रीय संगठन की ओर से तय की गई अंतिम सूची के नामों को प्रदेश संगठन द्वारा पर्यवेक्षकों को बताया जाएगा। फिर पर्यवेक्षक जिला निर्वाचन अधिकारी को उन नामों के बारे में बताएंगे। जहां से घोषणा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक तय होने वाले नाम को सीधे मैसेज कर पार्टी कार्यालय बुलाया जाएगा। इस दौरान वर्तमान जिला अध्यक्ष और निवर्तमान जिला अध्यक्ष को भी पूरी जानकारी दी जाएगी।

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

digvijay singh mind game behind new pairing of jeetu patwari and jai vardhan singh in mp congress भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा तैयार कर रहे मैदान दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। सीनियर नेता ने खड़े किए सवाल कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं।

6 जनवरी एफआईआर दर्ज, 7 को एपीसीसीएफ मीना एक और शाखा का प्रभार

FIR registered on 6th January, charge of another branch of APCCF Meena on 7th भोपाल। जंगल महकमे के इतिहास में यह पहला प्रकरण है कि महिला प्रताड़ना को लेकर जिस एपीसीसीएफ मोहन मीणा के विरुद्ध उसी अफसर को अगले दिन 7 जनवरी को अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। मौजूदा तौर पर मीणा नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा में पदस्थ है। पीसीसीएफ प्रशासन एक विवेक जैन के आदेश पर महकमे के अधिकारी हतप्रभ हैं।विभाग में एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों के कमी के चलते प्रभार दिया जा रहा है। ऐसे में एपीसीसीएफ मीणा को भी नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा के अलावा अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश पीसीसीएफ विवेक जैन ने जारी कर दिया है। पीसीसीएफ जैन के आदेश जारी करने की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। आखिरकार फिर दर्ज होने के पहले तक मीणा को प्रभार क्यों नहीं दिया गया? तब भी कैंपा सहित अन्य शाखाओं के प्रभार अन्य एपीसीसीएफ को प्रभार दिए गए थे। पीसीसीएफ जैन के आदेश पर विभाग के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान नाम न छापने की शर्त पर अपने – अपने कमैंट्स दिए। किसी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने पर उनके हौसले को बरकरार रखने के लिए अतिरिक्त प्रभार दिया गया। अन्यथा लंबे समय से विभाग में मीणा की उपेक्षा की जा रही थी। उन्हें पहले भी दिया जा सकता था। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि समझ से परे है। एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन को चुनौती है और महिलाओं के प्रति उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती है। इस कहावत के पीछे उनकी धारणा है कि पीसीसीएफ पी धीमान और एपीसीसीएफ मोहन मीणा के बीच 36 का आंकड़ा है। काम करने में उनमें टकराहट की खबरें सुनाई देने लगेंगे। एक अफसर ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि योग्यता के आधार पर प्रभार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को बैतूल के गंज पुलिस स्टेशन में कार्यस्थल पर महिला प्रताड़ना को लेकर एपीसीसीएफ मीणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर दर्ज करने से पहले जिला न्यायालय के प्रथम व्यवहार न्यायधीश के समक्ष पीड़ता ने 164 में बयान दर्ज कराए। यह मामला 2021 का है। तब एपीसीसीएफ मोहन मीणा बैतूल वन वृत में पदेन सीसीएफ के रूप में पदस्थ थे।

भोपाल के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश: मंत्री करण सिंह वर्मा

Instructions to Tehsildars and Naib Tehsildars of Bhopal for timely action: Minister Karan Singh Verma भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्व प्रकरणों के शीघ्र और समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी देते हुए राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अपने कार्यों में तत्परता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। समयबद्धता पर जोर मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने की प्रक्रिया अपनाएं।उन्होंने कहा, “राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध समाधान जनता के प्रति हमारी जवाबदेही को दर्शाता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।” अनावश्यक विलंब नहीं होगा स्वीकार वर्मा ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। कठोर कार्यवाही की चेतावनी कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मंत्री ने कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी जो अपने कर्तव्यों में चूक करेंगे या जानबूझकर प्रकरणों को लंबित रखेंगे, उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जनता का विश्वास बढ़ाने की पहल इस निर्देश का उद्देश्य राजस्व विभाग में जनता का विश्वास बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनता को उनके प्रकरणों का शीघ्र समाधान मिले और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समर्पित अधिकारी बने मिसाल मंत्री ने अच्छे प्रदर्शन वाले अधिकारियों की सराहना की और सभी अधिकारियों को उनके उदाहरण का अनुसरण करने की सलाह दी। यह पहल प्रदेश में राजस्व मामलों में पारदर्शिता और दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इन निर्देशों से भोपाल के राजस्व विभाग में सुधार और जनता के लिए सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित होंगी।

कांग्रेस से आए नेताओं ने भी बिगाड़ा भाजपा जिलाध्यक्षों के चयन का समीकरण, अब फैसला दिल्ली से

District presidents of BJP in Madhya Pradesh भोपाल (District presidents of BJP in Madhya Pradesh)। मध्य प्रदेश में जिलाध्यक्षों के चयन का राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने के पीछे भाजपा के दिग्गज नेता तो हैं हीं, कांग्रेस से आए नेताओं के कारण भी यह चुनाव प्रभावित हुआ है। ग्वालियर-चंबल में जिलाध्यक्ष के चयन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का हस्तक्षेप रहा है, तो सागर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पारुल साहू की वजह से राजनीतिक समीकरण बिगड़े हैं। इंदौर में मंत्री तुलसी सिलावट और संजय शुक्ला का दबाव रहा, तो गुना, नीमच, मंदसौर भी यही हाल है। यहां यह सभी नेता कांग्रेस से भाजपा में आए हैं, जिन्हें मूल भाजपाई आज भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में मूल भाजपाई और आयातित नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। संघ से प्रस्तावित नाम भी दरकिनार संघ ने जो नाम प्रस्तावित किए थे, उनको भी दरकिनार किया गया और दिग्गज नेताओं के दबाव में सूची तैयार कर ली गई। इन सब के बीच अब केंद्रीय नेतृत्व ने कमान अपने हाथ में ले ली है।दिल्ली में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दिल्ली में जिलाध्यक्षों के नामों पर विचार विमर्श किया।बताया जा रहा है कि नामों पर सहमति बन गई है। जल्द ही जिलाध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है। हालांकि नामों सूची में बड़े शहरी जिले अभी रोके जाएंगे। जहां विवाद स्थिति नहीं है, उन जिलों के अध्यक्षों की ही घोषणा की जाएगी।इधर, यह भी बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश का नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे न बढ़े, इस हिसाब से जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। पहली सूची 35 से 40 नामों की आ सकती है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुन पाई भाजपादो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की। लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी।

जीतू पटवारी का शिवराज पर तंज: ‘कृषि मंत्री न जाने किन किसानों से मिल रहे, 17 मंगलवार से इंतजार

jitu patwari accuses shivraj singh chouhan of ignoring meeting requests for 17 tuesdays कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं सिर्फ दफ्तर में अधिकारियों से नहीं मिलता, बल्कि हर मंगलवार को अलग अलग राज्यों के किसानों से भी मुलाकात करता हूं। इसपर पटवारी ने कहा है कि वे पिछले सत्रह मंगलवार से शिवराज जी से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक बुलावा नहीं आया है। Jitu Patwari Accuses Shivraj Singh Chouhan : जीतू पटवारी ने बुधवार को शिवराज सिंह चौहान पर उनके साथ मंगलवार को न मिलने का आरोप लगाया है। दरअसल वे पिछले सत्रह मंगलवार से केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आज उन्होंने शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो X पर साझा करते हुए कहा है कि ‘न जाने आप कौन से किसानों से मिल रहे हैं’। बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पिछले सत्रह मंगलवारों से शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक समय नहीं दिया गया है। नए साल में भी मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कोई राहत नहीं मिली और शिवराज सिंह चौहान की चुप्पी उनके संघर्ष और दर्द का अपमान है। जीतू पटवारी ने शेयर किया शिवराज सिंह चौहान का वीडियोजीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैं ऐसा मंत्री नहीं हूं कि सिर्फ दफ्तर में बैठकर अधिकारियों से बात करूं। मंगलवार का दिन मैंने किसानों से मिलने के लिए रखा है और हर मंगलवार मैं अलग-अलग प्रांत के किसानों से मिलता हूं।’ कहा ‘सत्रह मंगलवार हो गए, नहीं मिल रहा मुलाकात का समय’इस वीडियो को साझा करते हुए जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौरान पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘कृषि मंत्री जी, न जाने कौन से किसानों से मिल रहे हैं। मैं भी किसान हूँ और पिछले 17 मंगलवार से अपने किसान भाइयों के साथ आपके समय की फसल का इंतज़ार कर रहा हूँ।’ बता दें कि मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष हर मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांगते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें बुलावा नहीं आया है। इससे पहले, 1 जनवरी को जीतू पटवारी ने कहा था कि वे 100 मंगलवार तक शिवराज सिंह चौहान द्वारा समय दिए जाने की प्रतीक्षा करेंगे। इसके बाद वे खुद उनसे मिलने जाएंगे।

मोहन सरकार की देर रात आपात बैठक, यूनियन कार्बाइड के कचरे पर बड़ा फैसला

Late night emergency meeting of Mohan government, big decision on Union Carbide waste भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार देर रात यूनियन कार्बाइड के कचरे और पीथमपुर की घटना को लेकर आपात बैठक बुलाई. दरअसल, पीथमपुर में विषैला कचरा जलाए जाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया. इस दौरान दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की जिससे माहौल बिगड़ गया. देर रात आपात बैठक के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा, ” जनता का किसी भी प्रकार अहित हो, यह बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम ये मामला कोर्ट के सामने लाएंगे और कोर्ट के आदेश के बाद ही अब आगे बढ़ेंगे. राज्य सरकार जनता के साथ खड़ी है और उनकी भावनाओं की कद्र करती है. ” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके साथ ही पीथमपुर के नागरिकों से अपील की है कि वे यूनियन कार्बाइड से जुड़ी झूठी अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही ऐसी अफवाहों को आगे बढ़ने दें. सरकार कोई भी ऐसा कदम नहीं उठा सकती, जिससे लोगों का जीवन खतरे में पड़े. ख्यमंत्री निवास पर बुलाई गई आपात बैठकयूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन और पीथमपुर की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर रात अपने निवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. इस दौरान बैठक में मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से चर्चा की. इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव विधि सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे. कोर्ट ने दी थी 4 जनवरी की डेडलाइन : सीएममुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ” मध्यप्रदेश सरकार जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली सरकार है. हम हमेशा जनता के हित को लेकर आगे बढ़े हैं. यूनियन कार्बाइड के वेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और हाईकोर्ट के आदेश का हमने परिपालन किया था. कोर्ट ने इसके लिए 4 जनवरी तक कचरा निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और 6 जनवरी को रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था.” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जनता तक यह विषय पहुंचना चाहिए. पीथमपुर में नहीं जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा?मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा आगे नहीं जलेगा. उन्होंने कहा, ” यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर सुरक्षा के मापदंडों पर किसी प्रकार से कोई खतरा या कोई डर का भाव जनता के बीच आया है तो राज्य सरकार जनता की भावना को ध्यान में रखकर कार्य करेगी. मध्यप्रदेश सरकार प्रयास करेगी कि माननीय न्यायालय के सामने यह विषय लाया जाए, इसके बाद ही हम आगे बढ़ेंगे. माननीय कोर्ट जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे. हम तब तक आगे नहीं बढ़ेंगे, जब तक न्यायालय कोई निर्देश जारी नहीं करता.”

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