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देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार

Corona infection once again gained momentum in the country देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार, 24 घंटे में 636 नए मामले, जेएन.1 के मरीज 200 पार स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में केरल में दो और तमिलनाडु में एक मरीज की संक्रमण से मौत हो गई। पिछले साल पांच दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक तक पहुंच गई थी। देश में कोरोना संक्रमण के 636 नए मामले सामने आए हैं, जिससे उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,394 हो गई है। साथ ही नए उपस्वरूप जेएन.1 के 37 नए मामले मिलने के बाद इसके मरीजों की संख्या 200 पार कर गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में केरल में दो और तमिलनाडु में एक मरीज की संक्रमण से मौत हो गई। पिछले साल पांच दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक तक पहुंच गई थी, लेकिन ठंड और वायरस के नए उपस्वरूप के कारण मामलों में तेजी आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब तक संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक हो गई है। किस राज्य में कितने जेएन.1 वैरिएंट के मामलेजेएन.1 वैरिएंट से संक्रमित लोगों की संख्या बताने के लिए INSACOG ने राज्यवार आंकड़े भी जारी किए। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक केरल (83), गोवा (51), गुजरात (34), कर्नाटक (आठ), महाराष्ट्र (सात), राजस्थान (पांच), तमिलनाडु (चार), तेलंगाना (दो) ओडिशा (एक) और दिल्ली में एक मामला रिपोर्ट किया गया है। राज्यों को निगरानी बढ़ाने का निर्देशWHO के मुताबिक कोरोना वायरस के जेएन.1 सब-वैरिएंट को पहले बीए.2.86 का प्रकार माना गया। हालांकि, बीते कुछ हफ्तों में 40 से अधिक देशों में JN.1 मामले सामने आ चुके हैं। तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा है।

प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार संभाग और जिलों की सीमाओं का पुर्ननिर्धारण किया जाये, सीएम

The boundaries of divisions and districts should be redrawn as per the need in the state. इसके लिये कमेटी बनाकर अध्ययन कराया जाये। इस कार्य की शुरूआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इंदौर संभाग से की जाये।  भोपाल ! मुख्यमंत्री ने थानों की सीमाओं का पुर्ननिर्धारण भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।मुख्यमंत्री ने कहा उक्त प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी विचार विमर्श किया जाये। मुख्यमंत्री ने बैठक में संभाग में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ ही कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद अब जिला स्तर पर भी इस तरह की समीक्षा बैठकें आयोजित की जायेंगी। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा और डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।  बैठक में मंत्रीगण श्री तुलसीराम सिलावट, श्री विजय शाह, सुश्री निर्मला भूरिया तथा श्री नागर सिंह चौहान सहित संभाग के सांसदगण, विधायकगण, स्थानीय निकायों के महापौर और अध्यक्षों सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारीगण मौजूद थे।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस का अपना बैंड होना चाहिये। इसके लिये प्रदेश में कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस बैंड में पर्याप्त संख्या में सदस्य रहें, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। इसके लिये सहमति के आधार पर होमगार्ड के जवानों को भी पुलिस बैंड में शामिल किया जाये। पर्याप्त संख्या में सहमति नहीं मिलने पर होमगार्ड में बैंड वादकों को भर्ती किया जाये।  डॉ. यादव ने कहा कि अपराधों पर प्रभावी निगरानी एवं अपराधों की ट्रेसिंग के लिये अब गॉवों के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पंचायतों के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगवाये जायें। उन्होंने शहरों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह कार्य जनसहयोग से किया जाये। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर ओंकारेश्वर में नये घाट निर्माण और दर्शन की सुलभ व्यवस्था के लिये कार्ययोजना बनायी जाये।  उन्होंने दर्शनार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के भी निर्देश दिये। बैठक में प्रत्येक जिलों में साइबर थानों की स्थापना पर भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने डीजे तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग के प्रतिबंध को प्रभावी रूप से पालन कराने के लिये की गई कार्यवाहियों की समीक्षा भी की गई। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस संबंध में लिये गये निर्णयों की सराहना की। उन्होंने इस कार्य को आम जन की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिये बेहतर कदम बताया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे विकास कार्यों के लिये प्रस्ताव बनाकर अपने जिलों के कलेक्टरों के माध्यमों से शीघ्र भिजवाएं।

डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा के पदोन्नत अधिकारियों को लगाई रैंक

DGP ranks promoted officers of Indian Police Service –कहा, आपका कार्य व्यवहार बनेगा अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत  भोपाल । मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इसी अनुक्रम में साेमवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना ने पदोन्नत अधिकारियों को रैंक लगाई। इस दौरान डीजीपी श्री सक्सेना ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को शुभकामना देते हुए कहा कि यह पदोन्नति आपकी समर्पित और निष्ठापूर्ण सेवा का प्रतिफल है। प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था बरकरार रखने में आपने उत्कृष्ट कार्य किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी आप प्रदेश की प्रगति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देंगे। आप अपनी कार्यप्रणाली को ऐसा रखें कि वह अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने कहा कि समय पर पदोन्नति प्रदान की जाना सदैव सरकार की प्राथमिकता रही है, इसका परिपालन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है।   डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय में इन्हें लगाई रैंक :- डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना ने पुलिस मुख्यालय में एडीजी श्रीमती दीपिका सूरी, आईजी श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र, आईजी श्रीमती हिमानी खन्ना, आईजी श्री विनीत खन्ना, आईजी श्री अनुराग शर्मा, डीआईजी श्री तुषारकांत वि‌‌द्यार्थी, डीआईजी श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ला, डीआईजी श्री प्रशांत खरे, डीआईजी श्री अतुल सिंह, डीआईजी डॉ. विनीत कपूर और डीआईजी श्री हेमंत सिंह चौहान को रैंक लगाई।  इन अधिकारियों को किया गया पदोन्नत  :- उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा 29 दिसंबर 2023 को जारी आदेशानुसार 1 जनवरी 2024 से भारतीय पुलिस सेवा (मध्यप्रदेश कैडर) के 33 अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इनमें श्री राकेश गुप्ता और श्रीमती दीपिका सूरी को आईजी से एडीजी पद पर पदोन्नत किया गया है। श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र, श्री चंद्रशेखर सोलंकी, श्री चैत्रा एन., श्री अनिल सिंह कुशवाहा, श्री आर.आर. एस. परिहार, श्री आर. के. हिंगणकर, श्री अंशुमन सिंह, श्री मनीष कपूरिया, श्री अरविंद कुमार सक्सेना, श्री विनीत खन्ना, श्रीमती हिमानी खन्ना, श्री मिथिलेश शुक्ला और श्री अनुराग शर्मा को डीआईजी से आईजी के पद पर पदोन्नत किया गया है। इसी प्रकार श्री साकेत प्रसाद पाण्डे, श्री अमित सांघी, श्री तुषारकांत विद्यार्थी, श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ला, श्री बीरेंद्र कुमार सिंह, श्री प्रशांत खरे, श्री अतुल सिंह, श्री मनीष कुमार अग्रवाल, श्री आबिद खान, श्री आशुतोष प्रताप सिंह, श्री मोहम्मद यूसुफ कुरैशी, श्री निमिष अग्रवाल, श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, श्री पंकज श्रीवास्तव, श्री राजेश कुमार सिंह, डॉ. विनीत कपूर, श्री धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और श्री हेमंत चौहान डीआईजी के पद पर पदोन्नत किए गए हैं।

प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल ,10 IAS ,4 कलेक्टर बदलें 

10 IAS officers transferred, collectors of 4 districts changed भोपाल । मध्यप्रदेश में 10 IAS अफसरों के दबादले किए गए हैं। 4 जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। इनमें उज्जैन, बैतूल, नर्मदापुरम और गुना जिला शामिल है। गुना से हटाए गए कलेक्टर तरुण राठी की जगह बैतूल कलेक्टर अमनबीर सिंह को गुना कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री के सचिव और आयुक्त जनसंपर्क की जिम्मेदारी निभा रहे विवेक पोरवाल को हटाकर उन्हें प्रमुख राजस्व आयुक्त बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें आयुक्त भू अभिलेख की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख राजस्व आयुक्त संदीप यादव को आयुक्त जनसंपर्क की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नीरज कुमार सिंह उज्जैन कलेक्टर बनाए गए हैं, जबकि उज्जैन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को उपसचिव शासन बनाया गया है। बैतूल कलेक्टर की जिम्मेदारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को सौंपी गई है। सोनिया मीना को बैतूल कलेक्टर और उज्जैन नगर निगम आयुक्त रौशन कुमार सिंह को स्मार्ट सिटी सीईओ भोपाल बनाया गया है। जबलपुर नगर निगम आयुक्त स्वप्निल वानखेड़े को संस्थागत वित्त का ओएसडी बनाया गया है जबकि प्रीति यादव अब जबलपुर नगर निगम कमिश्नर होंगी।

जबलपुर धान खरीदी घोटाला जिम्मेदार कौन

Who is responsible for Jabalpur paddy purchase scam धान खरीदी में फर्जीवाड़े से नाराज किसानों ने घंटों लगाया जाम उदित नारायणभोपाल ! आज जबलपुर में सैकड़ो किसान धान खरीदी के भुगतान के लिए सड़क पर चक्का जाम कर रहे हैं. जिला प्रशासन की नाक के नीचे हुए धन उपार्जन घोटाले के लिए जबलपुर से लेकर भोपाल तक हड़कंप मचा हुआ है. इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन की लापरवाही सर्वाधिक है, परंतु जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ जयंती सिंह ने सारा ठीकरा जिला फूड कंट्रोलर कमलेश ताडेकर, जिला विष्णन अधिकारी रोहित सिंह बघेल, एमपी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन डी के हवलदार, सिहोरा ब्रांच मैनेजर बीके पाठक, पाटन ब्रांच मैनेजर आनंद पांडे, शाहपुर ब्रांच मैनेजर ऋतिक सिनाटिया, रिछाई ब्रांच मैनेजर एम.के उपाध्याय को निलंबित किया गया है. कल जिला प्रशासन द्वारा आनन फानन में 36 वेयरहाउस संचालकों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया. वही प्रदेश शासन ने वेयरहाउसिंग के सहकारिता प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव को ट्रांसफर कर दिया है. हजारों किसानों की फसल की बंदरवाट करने के लिए दोषियों को जिस प्रकार संरक्षण दिया जा रहा है उससे यह स्पष्ट है कि इस पूरे घोटाले को सत्ता पक्ष का संरक्षण प्राप्त है. जमीनी हकीकत यह है कि जिले में धान के उपार्जन के लिए कमेटी के अध्यक्ष जिला कलेक्टर होते हैं. जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केन्द्रो की सूची खरीद के निर्धारित व घोषित तिथि 3 दिसंबर के पूर्व जारी क्यों नहीं की, धान खरीदी के लिए प्रभारी अधिकारी जिला पंचायत सीईओ उपार्जन तिथि से शिकायत की तिथि तक क्या कर रही थी, 36 केन्द्रो व तीन तहसीलों के क्षेत्र में जब उपार्जन का व्योरा तक अपलोड नहीं किया, तो प्रदेश शासन के जिम्मेदार अधिकारी की नींद क्यों नहीं खुली जिला कलेक्टर के द्वारा धान खरीदी जैसे कृषक हित के कार्यों में घनघोर लापरवाही किसके दबाव में की इन सभी सवालों के बीच किसान अपनी फसल के भुगतान के लिए सड़कों पर है. जिला कलेक्टर सारे घोटाले पर पर्दा डालने में सक्रिय है. वेयरहाउसिंग संचालकों को ब्लैक लिस्ट करने के जगह उनके विरुद्ध एफ.आई.आर की कार्यवाही कब तक की जाएगी. हजारों किसानों का यही सवाल है लगभग जबलपुर जिले की 75% उपज पर डाका डालने की साजिश पर खुद को किसान हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार के लिए कठिन कार्य साबित होता जा रहा है. “अब देखना यह है कि जन हितैषी भाजपा सरकार दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करतीं हैं या फिर कर्मचारियों की ग़लती मानकर सारे मामले को रफा-दफा करतीं हैं ! साथ ही हितग्राही किसानों को भुगतान कैसे किया जाऐगा ?

अभय कुमार पाटिल वन विभाग के नए मुखिया

Abhay Kumar Patil new head of forest department एक महीने के लिए ही होगा कार्यकालउदित नारायणभोपाल. राज्य शासन ने वन विकास निगम के प्रबंध संचालक अभय कुमार पाटिल को वन बल प्रमुख के पद पर पदस्थ करने के आदेश जारी कर दिया है। उनका कार्यकाल एक महीने का ही होगा। फरवरी में वन विभाग के नए मुखिया असीम श्रीवास्तव होंगे।राज्य शासन ने इस आशय का आदेश शुक्रवार को जारी किया है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा वन बल प्रमुख आरके गुप्ता और लघु वनोपज संघ के एमडी पुष्कर सिंह 31 दिसम्बर को अवकाश रहने के कारण शुक्रवार को ही वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यालय के अफसरों ने दोनों वरिष्ठ अफसरों को भावभीनी विधाई दी। राज्य शासन ने अलग-अलग आदेश जारी कर सिंह परियोजना एवं चीता प्रोजेक्ट के सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा को एपीसीसीएफ के पद पर पदोन्नति करते हुए वहीं पदस्थ किया है। इसी प्रकार दो वन संरक्षक को मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदोन्नति किया है। इनमें जे देव प्रसाद वर्किंग प्लान पेंच नेशनल पार्क और राज्य शासन में पदस्थ विशेष कर्तव्य अधिकारी अशोक कुमार के नाम शामिल है।दागी डीएफओ भी पदोन्नतिराज्य शासन ने शहडोल उत्तर में कार्यरत डीएफओ गौरव चौधरी के खिलाफ लोकायुक्त प्रकरण लंबित होते हुए भी वन संरक्षक के पद पदोन्नत किया। सूत्रों ने बताया कि गौरव चौधरी के प्रकरण को लेकर विभागीय पदोन्नति समिति के समक्ष वन विभाग के सीनियर अधिकारियों ने लोकायुक्त में जांच लंबित रहने संबंधित स्थिति स्पष्ट नहीं की थी। जबकि 2009 बैच कि आईएफएस और उज्जैन डीएफओ किरन बिसेन के मामले कई वर्ष पुराने जांच लंबित रहने की वजह से प्रमोशन पर ब्रेक लग गया है। वन संरक्षक के पद पर प्रमोट होने वालों में पन्ना नेशनल पार्क के उपसंचालक रिपुदमन सिंह भदौरिया, राज्य वन अनुसन्धान संस्थान जबलपुर में पदस्थ रविन्द्रमणि त्रिपाठी, और सिवनी उत्तर डीएफओ में पदस्थ बासु कनोजिया का नाम शामिल है।चार डीएफओ को मिला प्रवर श्रेणी वेतनमानराज्य शासन ने 2011 बैच के आए थे अधिकारियों को प्रमाण श्रेणी वेतनमान देने का आदेश जारी किया है। इनमें मीना कुमारी मिश्रा, अनुराग कुमार और सुश्री संध्या शामिल किया है। जबकि डीएफओ बुरहानपुर विजय सिंह को सशर्त प्रवर श्रेणी वेतनमान देने का आदेश जारी किया है. दरअसल विजय सिंह को 10 जून 20 को जारी विभागीय आदेश में कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड में इस शर्त के साथ नियुक्त किया गया था कि वे मिड कैरियर फेज-।।। कार्यक्रम में अनिवार्यतः भाग लेंगे। किंतु उनके द्वारा आज दिनांक तक मिड कैरियर फेज-।।। कार्यक्रम में भाग नहीं लिया गया है। अतः प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही उनका वेतन निर्धारण करने की शर्त पर प्रवर श्रेणी वेतनमान स्वीकृत किया जाता है।

वन विहार उपचार हेतु लाये गये तेंदुआ शावक की मृत्यु.

Death of leopard cub brought for treatment in forest parkभोपाल। सामान्य वनमंडल अलीराजपुर की परिक्षेत्र जोबट के ग्राम छोटा उण्डवा से रेस्क्यू कर उपचार के लिए लाए गए तेंदुआ शावक की 28 एवं 29 दिसम्बर 2023 की दरम्यानी रात में उक्त तेंदुआ शावक की मृत्यु हो गई। प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण निमोनिया परिलक्षित हुआ है। मृत तेंदुआ शावक का सेम्पल एकत्रित कर परीक्षण हेतु स्कूल आफ वाईल्डलाईफ फॉरेंसिक हैल्थ जबलपुर भेजे गये है। पोस्टमार्टम उपरांत मृत नर तेंदुआ शावक का नियमानुसार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन विहार के अधिकारियों तथा उपस्थित कर्मचारियों के समक्ष दाह संस्कार किया गया।वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता वन विहार एवं वन्यप्राणी चिकित्सक, वाईल्ड लाईफ एस.ओ.एस. डॉ. रजत कुलकर्णी, द्वारा संयुक्त रूप से पोस्टमार्टम किया गया। उल्लेखनीय है कि तेंदुआ शावक मां से बिछड़ गया था। मां से अलग होने के बाद रेस्क्यू कर अलीराजपुर डिपो परिसर में रखा गया। शावक की अत्यंत कमजोर स्थिति को देखते हुये वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार इसे को दिनांक 23.08.2023 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में उपचार एवं रखरखाव हेतु लाया गया था। तत्समय उक्त तेंदुआ शावक को क्वेरेंटाईन बाड़े में रखा जाकर उसका उपचार एवं रखरखाव किया गया। क्वेंरेटाईन अवधि पूर्ण होने के पश्चात उक्त शावक को स्वस्थ्य हालत में तेंदुआ हाउसिंग में स्थानांतरित किया गया था।

मोहन सरकार की रडार पर 50 IAS-IPS अफसर, भोपाल से दिल्ली तक स्कैनिंग.

50 IAS-IPS officers on Mohan government’s radar, scanning from Bhopal to Delhi उदित नारायण भोपाल। मप्र में नयी सरकार आने के बाद से नौकरशाह खुद को नये सेटअप में ढालने की कोशिश में जुटे हैं। इन नौकरशाहों के सामने दुविधा यह है कि वे पुरानी सरकार के बहुत करीब होने का खतरा भी झेल रहे हैं ! और चुनाव के दौरान तटस्थ होने की कोशिशों के सामने आने से घबरा भी रहे हैं। माना जा रहा है कि कई नए-पुराने अफसरों का ट्रेक रिकार्ड चैक किया जा रहा है। करीब पैंतीस ऐसे आईएएस अफसर और पंद्रह आईपीएस अफसरों के बीते छह महीने के काम और रूझान को रडार पर लिया गया है। यह स्कैनिंग भोपाल से दिल्ली तक चल रही है। इसे नये प्रशासनिक सेटअप की तैयारी और नये प्रशासनिक मुखिया के आगमन से भी जोड़ा जा रहा है।बताया जाता है कि मप्र में कई वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने चुनाव के पहले हवाओं का रूख भांपने की कोशिश की थी और कांग्रेस के प्रति भी अचानक नरम रुख अख्तियार कर लिया था। अब इन अफसरों के बारे में अब यह बातें ‘ऊपर’ तक पहुंची हैं। इनमें अपर मुख्यसचिव से लेकर सचिव व कलेक्टर स्तर तक और एडीजी से लेकर एसपी स्तर तक के कुछ अफसरों के बारे में ब्योरा इकट्ठा किया गया है। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान कभी भाजपा की हवा को कमजोर तो कभी कांग्रेस को मजबूत माना जाने लगा था। कुछ अफसरों ने कांग्रेस नेताओं से भी संबंध सहज बनाने की कोशिश की थी और कामकाज के दौरान ‘तटस्थ’ नजर आने लगे थे। भाजपा नेताओं ने भी इसे लेकर अपने ‘अनुभव’ संगठन को बताए थे। मार्च से पहले करना है प्रशासनिक बंदोबस्तदरअसल मप्र की मोहन यादव सरकार को मार्च के पहले पखवाड़े तक तमाम प्रशासनिक बंदोबस्त पूरे करने हैं। क्योंकि दूसरे पखवाड़े तक लोकसभा चुनाव का ऐलान व इसकी आचार संहिता लग जाने के आसार हैं। इसलिये वरिष्ठ स्तर पर मंत्रालय व पीएचक्यू से लेकर मैदानों जिलों तक अफसरों को नये सिरे से तैनात किया जाना है। कई अफसरों की मैदानों से मुख्यालयों में वापसी और कुछ की मुख्यालयों से मैदानों में रवानगी का प्राथमिक ड्राफ्ट भी बन रहा है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री, उनका सचिवालय के अलावा पार्टी संगठन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण राय रखने वाले चेहरे इस काम में अलग अलग जुटे हैं। अभी मप्र की प्रशासनिक बुनावट विधानसभा चुनाव के मुताबिक पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के समय की गई थी, इसमें पूर्व मुख्यसचिव की ‘कसीदारकारी’ भी शामिल थी, अब बदले हुए माहौल में बदला हुआ सेटअप बन रहा है।

2006 बैच के 13 आईपीएस बने आईजी.

13 IPS of 2006 batch became IG, Home Department issued promotion orders. गृह विभाग ने जारी किए पदोन्नति आदेश गृह विभाग ने 2006 बैच के 13 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नत कर आईजी बनाए जाने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ अंशुमान सिंह, रुचिवर्धन मिश्रा समेत कई अधिकारी पदोन्नत हुए हैं। इन अधिकारियों को पदोन्नति के बाद अभी यथावत पदस्थ रखा गया है। इनकी नवीन पदस्थापना के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।

हितग्राहियों के कार्यों का संतुष्टीपूर्ण निराकरण करे, अपर मुख्य सचिव एस.एन मिश्रा.

The works of the beneficiaries should be resolved satisfactorily, Additional Chief Secretary SN Mishra चंद्रपाल सिंह दमोह ! हितग्राहियों के कार्यो को संतुष्टीपूर्ण निराकरण कर जिले में सुशासन स्थापित करें, अधिकारी जनप्रतिनिधियों से समन्वय के साथ कार्य कर शहरों के समेकित विकास की योजना तैयार कर विकास कार्य करायें एवं कमजोर वर्ग, एससी, एसटी वर्ग के लिए कलेक्टर कार्यालय में हेल्प डेस्क तैयार कर उनकी मदद करें। साथ में राजस्व बढानें के लिए सभी राजस्व अधिकारी योजनाबंध तरीके से कार्य करें। उक्त निर्देश मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव एवं सागर संभाग के प्रभारी एसएन मिश्रा ने संभागीय समीक्षा बैठक में दिए।इस अवसर पर दमोह जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटेल, कमिश्नर डा. वीरेन्द्र सिंह रावत, जिला पंचायत सीईओ अर्पित वर्मा सहित समस्त जिलों के कलेक्टर, समस्त जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहित समस्त संभागीय अधिकारी मौजूद थे।संभागीय समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं संभाग के प्रभारी एसएन मिश्रा ने कहा कि सभी कलेक्टर आकस्मिक दौरे कर जिलों की विकास कार्यो एवं कार्यालयों, विद्यालयों में अधिकारियों कर्मचारियों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग करें। प्रत्येक पंचायत स्तर पर सक्षम अधिकारी कर्मचारी को तैनात कर ग्रामवासियों के समस्याओं का निकराकरण करायें। उन्होंने कहा कि जनता के लाभ जनता तक पहुंचे इसके विशेष प्रयास किये जावें एवं शहरों की समेकित विकास योजना तैयार कर विकास कार्य करायें। जल जीवन मिशन के कार्यो को प्राथमिकता के साथ करें और समाज के आखिरी घर के आखिरी व्यक्ति तक शुध्द पेय जल पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्राथमिकता के कार्यो की सूची बनाकर निराकरण करायें एवं समय-सीमा बैठक में आये पत्रों की प्रतिदिन सायं काल समीक्षा कर निराकरण करें।अपर मुख्य सचिव श्री मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा में सभी अधिकारी शिविरों में उपस्थित होकर शासन की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकाय समेकित विकास की योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जन जागरूकता अभियान चलायें और शत-प्रतिशत प्रसव संस्थाओं में ही करायें। उन्होंने नामातंरण, बंटवारा सीमाकंन, प्रधान मंत्री किसान सम्माननिधि, आयुष्मान कार्ड के कार्य प्राथमिकता के साथ करें।श्री मिश्रा ने निर्देश दिये कि हितग्राहियों को योजनाओ का सौ फीसदी लाभ सुनिश्चित करने के साथ ही विकास कार्यों को समय – सीमा में पूर्ण करना ही अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। आमजन से जुड़े इन निर्माण और विकास कार्यों को समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। राज्य योजना मद, भवन विकास निगम,लोक निर्माण विभाग और मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के कार्यों की समीक्षा की गई। नल से हर घर जल और समूह जल प्रदाय योजनाओ की समीक्षा की गई तथा अब तक 70 फीसदी से अधिक कार्य होने पर संतोष व्यक्त करते हुए बाकी के कार्यों को गांव को इकाई मानकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सीएम राइज स्कूलों के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए है कि विद्यालयों का निर्माण शीघ्र गति से एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें जिससे कि बच्चों के लिए अच्छी एवं गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि भवन के खिड़की, दरवाजे की गुणवत्ता मानक के अनुसार है कि नहीं, इसी प्रकार भवन में बिजली फिटिंग के कार्य की गुणवत्ता की भी जाचं करें।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई। स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की समीक्षा में श्री मिश्रा ने ओडी आई प्लस के अलावा अन्य जल संरचनाओं आदि के निर्माण कार्य में विशेष रुचि लेने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी की भी इस दौरान समीक्षा की गई। उज्ज्वला और आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई। विद्युत मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे कृषि फीडर और घरेलू फीडर से तय समय अवधि में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करे।बैठक में स्वामित्व योजना के अलावा राजस्व, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, पीएचई, जल संसाधन आदि विभागो के कार्यों की भी समीक्षा हुई। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी जिलों में जहां पर भी नवीन निर्माण कार्यो का लोकार्पण, भूमिपूजन होना है उनकी सूची तैयार करें एवं उनका लोकार्पण एवं भूमिपूजन करायें।

पांच हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश

Recommendation for appointment of Chief Justices in five High Courts, Collegium suggested names of these judges. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नाम की सिफारिश की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट समेत पांच उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नामों की अनुशंसा की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में जस्टिस संजीव खन्ना और बीआर गवई सदस्य हैं। जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो गया था। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। एक प्रस्ताव में कहा गया है कि मनींद्र मोहन श्रीवास्तव के नाम पर विचार करते समय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (जो उनका मूल उच्च न्यायालय है) का देश के उच्च न्यायालयों में कोई मुख्य न्यायाधीश नहीं है। 27 दिसंबर को जारी प्रस्ताव में न्यायमूर्ति नागू के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि वह एक योग्य न्यायाधीश हैं और उनमें उच्च न्यायिक पद पर आसीन होने के लिए जरूरी उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा और आचरण है। न्यायमूर्ति नागू के नाम की अनुशंसा करते समय कॉलेजियम इस तथ्य पर विचार किया कि न्यायमूर्ति शील नागू पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए सभी मानकों पर फिट और उपयुक्त हैं। न्यायमूर्ति बिश्नोई की अनुशंसा के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि उन्होंने बार और बेंच में पेशेवर नैतिकता का उच्च स्तर बनाए रखा है और उनका आचरण और सत्यनिष्ठा पर कोई दाग नहीं है। कॉलेजियम ने कहा कि न्यायमूर्ति भंसाली ने राजस्थान हाईकोर्ट में न्याय देने का व्यापक अनुभव हासिल किया है।

सीएम दिल्ली दौरे पर, केंद्रीय नेताओं से करेंगे चर्चा, आज हो सकता है मंत्रियों को विभाग का बंटवारा.

CM on Delhi tour, will discuss with central leaders, departments may be distributed among ministers today भोपाल ! मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को आज विभाग का बंटवारा हो सकता है। सीएम आज दिल्ली दौरे पर हैं। वहां केंद्रीय नेताओं के साथ विभाग के बंटवारे को लेकर फाइनल चर्चा कर सकते हैं। मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को शुक्रवार को विभाग का बंटवारा हो सकता है। मुख्यमंत्री गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली दौरे पर सीएम केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात कर मंत्रियों के विभाग बंटवारे को लेकर अंतिम चर्चा कर सकते हैं। सीएम शुक्रवार दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे।दिल्ली दौरे पर जाने से पहले सीएम ने संगठन महामंत्री हितानंद से उनके निवास पर चर्चा की। इसके बाद सीएम दिल्ली रवाना हो गए। सीएम शुक्रवार को दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे। सीएम के दिल्ली दौरे को लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि वह दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर सकते है और विभाग के बंटवारें को लेकर चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद प्रदेश के मंत्रियों को विभाग का बंटवारा कर दिया जाएगा। बता दें डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का 12 दिन चले विचार मंथन के बाद 25 दिसंबर को विस्तार हो गया, लेकिन तीन दिन बाद भी मंत्री खाली हाथ हैं। उन्हें विभागों का आवंटन नहीं हो सका है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के नाम के साथ ही विभागों का आवंटन भी दिल्ली से होना है। इसको लेकर सीएम ने सूची बनाकर आलाकमान को भेज दी है। अब इस पर केंद्रीय नेताओं की तरफ से अंतिम मुहर लगना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के अलावा दो डिप्टी सीएम और 28 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। प्रदेश में 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम का चयन किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर को सीएम और दोनों डिप्टी सीएम ने शपथ ली। इसके 12 दिन बाद 25 दिसंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, लेकिन अब तक मंत्रियों को विभाग का बंटवारा नहीं हुआ है।

अग्रवाल और सुबुद्धि को नए साल में प्रमोट करने विभाग ने मांगे पी.पी.सी.एफ के चार नए पद.

The department to promote Agarwal and Subuddhi has sought four new positions for the PPCF in the New Year. उदित नारायणभोपाल। वन विभाग ने सेवानिवृत होने से पहले दो वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों को प्रमोशन देने के लिए राज्य शासन से पीसीसीएफ के चार पद मांगे है। इस आशय का प्रस्ताव मंत्रालय वल्लभ भवन में भेज दिया गया है। राज्य शासन 6 महीने के लिए अस्थाई तौर पर पीसीसीएफ के चार पद स्वीकृत कर सकता है। पीसीसीएफ के चार पद की मंजूरी मिलने के बाद 1991 बैच के दो अपर प्रधान मुख्यमंत्री वन संरक्षक (वन्य प्राणी) और एपीसीसीएफ (वित्त एवं बजट) पंकज अग्रवाल के अलावा 1992 बैच के एपीसीसीएफ (विकास) यूके सुबुद्धि तथा वन विकास निगम में पदस्थ एपीसीसीएफ सुदीप सिंह पीसीसीएफ के पद पर प्रमोट हो जाएंगे। विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दी है। 1991 बैच के एपीसीसीएफ पंकज अग्रवाल मार्च 24 में और 1992 बैच के यूके सुबुद्धि नवम्बर 24 में रिटायर हो जाएंगे। यहां यह भी उल्लेखनीय है केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अनुसार राज्य में पीसीसीएफ के निर्धारित मापदंड (2%) से अधिक पद पर कार्य कर रहें है। इसके पहले भी वन विभाग ने रिटायरमेंट के पहले के रमन को पीसीसीएफ पद पर प्रमोशन देने की मंशा से राज्य शासन ने पद मांगे थे, जिसे तत्कालीन मुख्य सचिव इक़बाल सिंह बैस ने ख़ारिज कर दिया था।आईएफएस के लिए डीपीसी टलीराज्य सरकार के गठन की प्रक्रिया के चलते 13 राज्य वन सेवा से आईएफएस अवार्ड के लिए 22 दिसंबर को प्रस्तावित पदोन्नति कमेटी की बैठक टल गई है। इस बैठक में 2009 बैच के राज्य वन सेवा के अधिकारी रामकुमार अवधिया को आईएफएस पद पर प्रमोट करने के लिए हरी झंडी मिलने की संभावना थी। कमेटी 2011 बैच के आशीष बांसोड़, विद्याभूषण सिंह, गौरव कुमार मिश्रा, तरुणा वर्मा, हेमंत यादव, सुरेश कोड़ापे, प्रीति अहिरवार, लोकेश निरापुरे, राजाराम परमार, करण सिंह रंधा और माधव सिंह मौर्य को आईएफएस अवार्ड के लिए हरी झंडी दे सकती है। गड़बड़ियों में उलझे रहने की वजह से 2011 बैच की डॉ कल्पना तिवारी और राजबेंद्र मिश्रा के नाम विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि 13 अधिकारियों को आईएफएस अवार्ड देने के लिए 2011 बैच से 2013 बैच के करीब राज्य वन सेवा के 39 अफसरों के नाम पर मंथन होना था।

कैलाश विजयवर्गीय ने BJP राष्‍ट्रीय महासचिव पद से दिया इस्‍तीफा

Kailash Vijayvargiya resigns from the post of BJP National General Secretary कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के सिद्धांत एक व्यक्ति एक पद के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। इस आशय का पोस्‍ट विजयवर्गीय ने एक्‍स हैंडल पर भी किया है। नई दिल्ली। मोहन यादव मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाए गए कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से त्‍यागपत्र दे दिया है। उन्होंने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा।उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रसाद नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए दी। पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है: कैलाश विजयवर्गीयउन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रसाद नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। मेरा सौभाग्य रहा कि मैंने 9 वर्ष तक पहले श्री अमित शाह जी फिर श्री जेपी नड्डा जी के मार्गदर्शन में देश के विभिन्न स्थानों पर संगठन को गढ़ने में प्राणप्रण से कार्य किया। अब मुझे पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है। मैं प्रधानमंत्री जी का संकल्प वर्ष 2047 में भारत, विश्व का शक्तिशाली देश बने। इस दिशा में मध्यप्रदेश को शक्तिशाली बनाने के लिए हम माननीय प्रधानमंत्री श्री जी के नेतृत्व में कार्य करेगें

योगी की राह पर मोहन

Mohan on the path of Yogiफैसलों मे दिख रहा है आत्मविश्वास. उदित नारायण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के फैसलों मे उत्तरप्रदेश के फायरब्रांड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि नजर आने लगी है ! गुना बस हादसे पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एक कड़े फैसले मे उन्होंने तत्काल प्रभाव से परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री और कलेक्टर तरुण राठी का तबादला करते हुए यह साफ सन्देश देने का प्रयास किया है कि प्रदेश मे अब कोई भी प्रशासनिक लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी ! एक तरफ जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्री बनते ही बुलडोज़र कार्यवाही को अंजाम दिलाया हो या धान खरीदी तथा तेंदुपत्ता खरीदी का मूल्य सुनिश्चित करना हो, या गुना हादसे पर ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्यवाही हो इन सभी फैसलों मे मुख्यमंत्री के आत्मविश्वास, और कड़े फैसले की झलक दिखाई देती है मुख्यमंत्री के ये कदम प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूर्ण करने का एक मजबूत कदम है..

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