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गूगल करेगा म.प्र. में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश

Google to invest in IT, ITES and data centres in Madhya Pradesh गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट संजय गुप्ता के साथ दावोस में मंगलवार को मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने बैठक कर राज्य में आईटी, आईटीईएस सेक्टर और मौजूदा प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। गुप्ता ने मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश की रूचि दिखाई। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित अधिकारी उपस्थित रहे। गूगल की ओर से राज्य में जेमिनी एआई (Gemini AI) के माध्यम से कृषि एवं शिक्षा क्षेत्रों में नवाचार और डिजिटल समाधान लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए। बैठक में राज्य शासन द्वारा आईटी एवं डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त एवं सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु हरित ऊर्जा आधारित नीति तैयार करने की योजना से अवगत कराया गया। साथ ही, गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने की मध्यप्रदेश की क्षमता, अनुकूल नीतिगत ढांचा और सहयोगी दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया गया। गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट श्री संजय गुप्ता ने आईटी अवसंरचना, डिजिटल नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से मध्यप्रदेश को एक उभरते तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सहयोग दिए जाने पर सहमति व्यक्त की।

भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

A significant dementia awareness initiative by Akymanas Mitra in Bhopal भोपाल ! एक्यमानस मित्र द्वारा आयोजित डिमेंशिया अवेयरनेस गेट-टुगेदर में 30–35 लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जहाँ डिमेंशिया जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और समाज में इसकी जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ अब भी जानकारी और संरचित सहायता की कमी महसूस की जाती है।सत्र के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डिमेंशिया केवल याददाश्त से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से संबंधित एक जटिल स्थिति है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। उम्र बढ़ने के साथ सही समझ, लाइफस्टाइल में बदलाव और भावनात्मक सहयोग की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट इशिता सचान ने डिमेंशिया के मानसिक और संज्ञानात्मक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे प्रतिभागियों को इसके प्रभाव और संकेतों को पहचानने में स्पष्टता मिली। एक्यमानस मित्र के संस्थापक दीपक भंडारी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह अपनी माता के डिमेंशिया से जूझने के अनुभव ने उन्हें इस पहल की शुरुआत के लिए प्रेरित किया। उनकी कहानी ने कार्यक्रम को एक मानवीय और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान किया।कार्यक्रम में आयोजित एक इंटरएक्टिव मेमोरी चैलेंज के माध्यम से प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि स्मृति कैसे कार्य करती है और डिमेंशिया में उसमें किस प्रकार के बदलाव आते हैं।यह आयोजन सफल रहा क्योंकि इसमें डिमेंशिया पर खुली चर्चा हुई—एक ऐसा विषय जिस पर अक्सर बात नहीं की जाती। इस तरह की पहलें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एक्यमानस मित्र, जो एक समर्पित मेमोरी केयर और डे-केयर सेंटर है, आगे भी डिमेंशिया जागरूकता अभियानों और संज्ञानात्मक आकलन (assessment) कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिससे लोग अपनी मानसिक स्थिति को समझ सकें और समय रहते सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

फिर चर्चा में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री, CM मोहन यादव ने किया दौरा

Union Carbide factory in the news again, CM Mohan Yadav visited सीएम मोहन यादव शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंच गए। ठीक उसी स्थान पर जहां दुनिया की भीषण त्रासदी लोगों को झेलना पड़ी थी। सीएम ने उस फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस मौके पर गैस राहत विभाग से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे, सीएम ने उनसे काफी देर तक चर्चा की। यह फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर बनी है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भोपाल जिला प्रशासन, गैस राहत विभाग के अधिकारी इस फैक्ट्री और जमीन से जुड़ी फाइलों को देख रहे थे। पिछले साल पीथमपुर पहुंचा था 337 टन कचरायूनियन कार्बाइड में 40 सालों से पड़ा कचरा पिछले साल जनवरी में पीथमपुर भेजा गया था, जहां उस जहरीले कचरे के नष्ट कर दिया गया। 12 कंटेनरों में भरकर इस कचरे को पीथमपुर ले जाया गया था। इस कचरे को पीथमपुर में नष्ट करने का जमकर विरोध भी देखने को मिला था, अंततः कचरा नष्ट कर दिया गया और उसकी राख तक को दफन कर दिया गया। गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी में से एक थी। 41 साल पहले 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात को यह भीषण घटना हुई थी। जेपी नगर क्षेत्र में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के टैंक नंबर 610 में से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक हुई थी। आज भी उस रात की तस्वीरें रूह कंपा देती है। इस घटना के चश्मदीद और उस दौर के पत्रकार बताते हैं कि हर तरफ लाशें ही लाशें बिछ गई थी। उन्हें ढोने के लिए गाड़ियां कम पड़ गई थी, लाशों को जलाने के लिए लकड़ियां कम पड़ गई थी। हाईलाइट्स CM डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और गैस राहत विभाग के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर फैली हुई है, जिसकी फाइलों की समीक्षा एक दिन पहले ही जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग ने की थी।40 सालों से फैक्ट्री में पड़ा 337 टन जहरीला कचरा जनवरी 2025 में पीथमपुर भेजकर नष्ट किया गया, जिसे 12 कंटेनरों में भरकर ले जाया गया था।पीथमपुर में जहरीले कचरे के निपटान का कड़ा विरोध हुआ, लेकिन अंततः कचरा और उसकी राख को सुरक्षित तरीके से दफन कर दिया गया। भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक है, जिसमें 2-3 दिसंबर 1984 की रात मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक होने से हजारों लोगों की मौत हुई थी।

भोपाल की अरेरा कॉलोनी में फर्जी पुलिस बनकर किडनैपिंग और लूट की वारदात

Kidnapping and robbery by posing as police in Bhopal’s Arera Colony भोपाल। भोपाल के पाश इलाके अरेरा कॉलोनी में पुलिस बनकर आए बदमाशों ने लूट व अपहरण की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। हबीबगंज थाना क्षेत्र के ई-7 सेक्टर स्थित मेघना अपार्टमेंट में 11 जनवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे 5-6 बदमाश फ्लैट में घुसे व खुद को पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने फ्लैट में मौजूद राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार को एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी और मारपीट की। डर के मारे युवकों ने विरोध नहीं किया। बदमाशों ने उनसे 79,800 रुपये नकद और तीन कीमती घड़ियां लूट लीं। फिर बदमाशों ने चारों को उनकी ही कार में जबरन बैठाया और मिसरोद बाइपास टोल रोड की ओर ले गए। वहां और रुपये मांगे। राहुल ने परिचित आनंद रघुवंशी को फोन कर मदद मांगी। आनंद होशंगाबाद से एक लाख रुपये लेकर भोपाल पहुंचे। बदमाशों ने उन्हें पांच नंबर पेट्रोल पंप के पास बुलाया। वहां आनंद ने बदमाशों से फोन छीन लिया और शोर मचाया कि वह असली पुलिस के साथ है। पकड़े जाने के डर से बदमाश पीड़ितों के हाथ से मोबाइल छीनकर भाग निकले। घबराए युवक हबीबगंज थाने पहुंचे, लेकिन किरकिरी से बचने पुलिस ने मामला चार दिन तक दबाए रखा। बाद में पहचान होने पर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।

राज्य सरकार एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में कर रही है स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

The State Government is establishing AI as the cornerstone of citizen-centric, transparent and efficient governance: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन, तकनीक-प्रौद्योगिकी और अकादमिक क्षेत्र में एआई आधारित नवाचार विकसित भारत@ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी रूप से सहायक होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य की साधना का केंद्र भी है। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एआई का उपयोग कर रही है। एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति है। हमारा राज्य जल्द ही एआई नीति भी लाएगा और एआई के लिए मिशन मोड पर व्यापक रूप से कार्य किया जाएगा। प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जिसमें आगे बढ़ने की पर्याप्त क्षमता है। विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति में हमारी सरकार हर कदम पर प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को भोपाल के ताज लेक फ्रंट में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लांच की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के संचालन के लिए आयोजित उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन और मध्यप्रदेश इनोटेक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे ने “एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया। एआई को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने के उद्देश्य से एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत आरंभ युवा एआई फॉर ऑॅल पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। एम.पी. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक आशीष वशिष्ठ ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एमपीएसईडीसी प्रदेश में एआई इंफ्रॉस्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए नोडल एजेंसी है। स्पेस टेक नीति – अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की स्पेस टेक नीति लांच की। उन्होंने कहा कि नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी और भविष्य-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। नीति के तहत स्पेस टेक स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय, अवसंरचनात्मक और अनुसंधान सहयोग प्रदान कर कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन एवं शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह नीति निवेश, नवाचार और राष्ट्रीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नवाचार और कौशल विकास के लिए हुए 7 एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 6 समझौता ज्ञापन-यंगोवेटर (आंसर फाउंडेशन), सीईईडब्ल्यू (कॉउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर), गूगल, नैसकॉम, एआईएसईसीटी और भाषिणी के साथ किए गए। ये समझौते शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआई आधारित शोध एवं निर्णय सहयोग विकसित करने, शासकीय विभागों में एआई और क्लाउड तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने, राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एवं कौशल विकास को गति देने, राष्ट्रीय एआई मिशन से जुड़कर कंप्यूटर एवं डेटा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और एआई जागरूकता बढ़ाने और एआई आधारित शासन को सक्षम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इसके अलावा इंडिया एआई और तकनीकी शिक्षा,कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मध्य एक समझौता ज्ञापन हुआ। उच्च गुणवत्ता वाली एआई शिक्षा तक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए इंडिया एआई मिशन देश के टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 570 डेटा एवं एआई लैब्स की स्थापना कर रहा है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स स्थापित की जाएंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीक नहीं, नीति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक सशक्त माध्यम बना : मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि एआई के उपयोग से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक व नागरिक-केंद्रित होगी। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि यह कांफ्रेंस आगामी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट-2026 से पूर्व देश में एआई इको सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित सतत आर्थिक विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में गवर्नेंस में एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योग और अकादमिक संस्थानों के सहयोग, स्किलिंग व री-स्किलिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य रिसर्च, इनोवेशन और नॉलेज आधारित होगा। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूपीआई को भारत की वैश्विक पहचान बताया। मध्यप्रदेश में समग्र आईडी जैसी पहलों के माध्यम से डेटा-आधारित और परिवार-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि ऐसे मंच नवाचार और सहयोग को नई दिशा देते हैं। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये राज्य ने बनाये 4 प्रमुख स्तंभ : एसीएस दुबे अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि प्रदेश सरकार ने “AI for People, Planet, and Progress” के सिद्धांत पर आधारित एक स्पष्ट और दीर्घकालिक एआई रोडमैप तैयार किया है। राज्य का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब प्रयोगात्मक तकनीक नहीं, बल्कि शासन की एक मुख्य क्षमता बन चुकी है। एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य 4 प्रमुख सक्षम स्तंभों—अवसंरचना, डेटा, प्रतिभा और रणनीति को सुदृढ़ कर रहा है। … Read more

मध्य प्रदेश में फिर तेज हुई दलित-आदिवासी राजनीति, कांग्रेस साधने के लिए मुद्दों को दे रही हवा

Dalit-tribal politics has once again intensified in Madhya Pradesh, with the Congress raising issues to gain traction. भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर दलित-आदिवासी राजनीति केंद्र में आ गई है। भले ही विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से इन वर्गों को साधने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। खासकर कांग्रेस दलित और आदिवासी समाज को फिर से अपने पाले में लाने के लिए आक्रामक रुख अपनाती दिख रही है। ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर हुए विवाद से लेकर आदिवासी संगठनों के मुद्दों तक, कांग्रेस लगातार संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह इन वर्गों के साथ खड़ी है। हाल ही में ग्वालियर हाई कोर्ट खंडपीठ परिसर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुए विवाद ने दलित राजनीति को नया मुद्दा दे दिया। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया समेत कई नेता खुलकर दलित संगठनों के समर्थन में सामने आए। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रशासन और सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए दलित अस्मिता से जोड़कर इसे बड़ा राजनीतिक प्रश्न बना दिया। ग्वालियर-चंबल अंचल में अनुसूचित जाति वर्ग की निर्णायक भूमिका को देखते हुए कांग्रेस का यह रुख महज संयोग नहीं माना जा रहा। विधानसभा गणित और दलित-आदिवासी महत्वप्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में अनुसूचित जाति के लिए 35 और अनुसूचित जनजाति के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं। इसके अलावा करीब 40 सामान्य सीटों पर भी इन वर्गों का प्रभाव निर्णायक माना जाता है। यही कारण है कि कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दल इन मतदाताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दों और असंतोष के चलते दलित-आदिवासी मतदाताओं का झुकाव कांग्रेस की ओर रहा, जिससे 15 वर्षों बाद कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में लौटी। हालांकि 2023 में समीकरण बदले और भाजपा ने एससी-एसटी सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए पूर्ण बहुमत की सरकार बना ली। आदिवासी मुद्दों पर कांग्रेस की रणनीतिकांग्रेस का मौजूदा फोकस सिर्फ दलित नहीं, बल्कि आदिवासी समाज पर भी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का अधिकांश राजनीतिक जोर आदिवासी क्षेत्रों पर दिखाई देता है। हाल के दिनों में आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को लेकर कांग्रेस की चुप्पी को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्मा आदिवासी समाज से आते हैं और अजाक्स के अध्यक्ष हैं, जिसे कांग्रेस का पारंपरिक समर्थन रहा है। वर्मा को दिए गए कारण बताओ नोटिस के विरोध में जय युवा आदिवासी संगठन (जयस) समेत कई आदिवासी संगठन एकजुट हैं, जबकि ब्राह्मण समाज सरकार की निष्क्रियता से नाराज है। दिग्विजय सिंह और दलित एजेंडाप्रदेश में दलित राजनीति को धार देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अगुआई में नया दलित एजेंडा तैयार किया जा रहा है। अगले एक वर्ष तक प्रदेश सहित अन्य राज्यों में इस एजेंडे को लेकर गतिविधियां चलाई जाएंगी और 13 जनवरी 2027 को इसे औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2002 में भी दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते दलित एजेंडा लागू हुआ था, हालांकि उसके बाद हुए चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा का पलटवारभाजपा कांग्रेस की इस सक्रियता को महज “एजेंडा की राजनीति” बता रही है। प्रदेश के मंत्री रजनीश अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस का इतिहास एससी-एसटी वर्ग के विकास का नहीं रहा है। उनके अनुसार कांग्रेस ने जाति को जाति से लड़ाने का काम किया, जबकि भाजपा सामाजिक समरसता और विकास की राजनीति करती है। 2028 से पहले सियासी तापमानकुल मिलाकर, 2028 के चुनाव से काफी पहले ही मध्य प्रदेश में दलित-आदिवासी राजनीति का तापमान बढ़ने लगा है। कांग्रेस जहां इन वर्गों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा अपने विकास और समरसता के एजेंडे पर भरोसा जता रही है। आने वाले महीनों में यह राजनीति और तेज होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।

संरक्षण बनाम विकास: टाइगर कॉरिडोर के पास खनन व इंफ्रास्ट्रक्चर पर सख्त शर्तों के साथ मंजूरी

Conservation vs. development: Mining and infrastructure near tiger corridors approved with strict conditions भोपाल। मध्यप्रदेश के बाघ आवास क्षेत्रों में विकास और संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप में तीन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सतना जिले के आरक्षित वन क्षेत्र में एक चूना पत्थर खदान को सैद्धांतिक स्वीकृति देने की सिफारिश भी की गई है। समिति के अनुसार, पन्ना टाइगर रिज़र्व की टाइगर संरक्षण योजना के अंतर्गत स्वीकृत वन्यजीव कॉरिडोर के भीतर और आसपास की 266.302 हेक्टेयर राजस्व भूमि पट्टे पर दी जाएगी। यह कॉरिडोर पन्ना–बांधवगढ़–संजय टाइगर रिज़र्व के प्रमुख आवास क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है और बाघों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा संजय डबरी और रातापानी टाइगर रिज़र्व में भूमिगत जल पाइपलाइन और बरना बांध से जुड़े ढांचागत कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सीमा से सटे मंडला जिले के ईको-सेंसिटिव ज़ोन में दो बॉक्साइट खनन परियोजनाओं को सिफारिशी मंजूरी प्रदान की गई है। समिति ने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं भले ही कोर या बफर ज़ोन में नहीं आतीं, लेकिन संवेदनशील टाइगर कॉरिडोर के निकट होने के कारण यहां कड़े पारिस्थितिक सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य होगा। कॉरिडोर के पास सख्ती जरूरीसमिति ने साफ किया कि प्रस्तावित खनन पट्टे संरक्षित क्षेत्रों के भीतर नहीं हैं, लेकिन पन्ना–बांधवगढ़ और कान्हा–अचानकमार जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर के बेहद करीब स्थित हैं। ऐसे में वन्यजीवों, विशेषकर बाघों की प्राकृतिक आवाजाही पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े, इसके लिए विशेष प्रबंधन और सतत निगरानी आवश्यक होगी। अक्टूबर माह में 266.3 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले AAA रिसोर्स लिमिटेड के चूना पत्थर खदान पट्टे का निरीक्षण केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, संबंधित प्राधिकरण और मध्यप्रदेश वन विभाग की संयुक्त समिति ने किया था। निरीक्षण में पाया गया कि पट्टे का दक्षिणी हिस्सा घने वनों से जुड़ा हुआ है और बाघों की आवाजाही के लिए उपयुक्त है, जबकि उत्तरी हिस्सा अपेक्षाकृत खंडित है। खनन सीमित, संरक्षण पर जोरसमिति ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए शर्त रखी है कि दक्षिणी कॉरिडोर को हर हाल में सुरक्षित और मजबूत रखा जाए, खनन गतिविधियां सीमित दायरे में हों और आवास सुधार से जुड़े उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए जाएं। उद्देश्य साफ है—विकास परियोजनाओं के साथ-साथ बाघ संरक्षण और जैव-विविधता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

मध्य प्रदेश में ठेके पर चलेगा मंत्रालय!, जीतू पटवारी का बड़ा दावा

Ministry will be run on contract in Madhya Pradesh! Jitu Patwari makes a big claim भोपाल ! मध्य प्रदेश में धार और बैतूल में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप) मॉडल पर दो नए मेडिकल कॉलेज और खुलने जा रहे हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इसकी आधारशिला रख रहे हैं. प्रदेश के जिला अस्पतालों से संबद्ध कर मेडिकल कॉलेज खोलने का कांग्रेस ने विरोध जताया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा जिलों में खोले गए सरकारी अस्पतालों को सरकार ठेके पर दे रही है. सरकार ऐसी संस्थाओं को यह जिला अस्पताल ठेके पर दे रही है, जिसके पास कोई अनुभव ही नहीं है. बिना अनुभव वाली संस्थान पर मेहरबानी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि “जिला अस्पतालों से निजी मेडिकल कॉलेज को संबद्ध किए जाने के लिए सरकार ने टेंडर में शर्त रखी थी कि कम से कम 5 साल का मेडिकल कॉलेज को अनुभव होने चाहिए, लेकिन सरकार ने एक ही संस्था को 4 जिला अस्पताल सौंप दिया. इनका कोई अनुभव ही नहीं है. जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ भाषण और ताली बजाने से कुछ नहीं होगा. उन्हें पूछना चाहिए कि आखिर इससे प्रदेश का क्या भला होगा. कांग्रेस करेगी निजी मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेज खोलने के दौरान शर्त रखी गई थी कि मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड मुफ्त चलने चाहिए. एक भी ऐसा मेडिकल कॉलेज सरकार बता दे, जहां गरीबों से एक भी पैसा नहीं लिया जाता हो और उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा हो. कांग्रेस अब अभियान शुरू करने जा रही है. 8 दिन चलने वाले अभियान के दौरान कांग्रेस एक-एक मेडिकल कॉलेज पहुंचेगी और देखेगी कि किस निजी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड पर निजी मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया. सरकार ने इस पर कभी ध्यान ही नहीं दिया. इसके उलट अब सरकारी अस्पताल ठेके पर देकर सरकार उत्सव मना रही है.” मंत्रालय भी ठेके पर दे देगी क्या सरकार ? जीतू पटवारी ने कहा कि “प्रदेश में करीबन 3 हजार पंचायतें ठेके पर चल रही हैं. संस्थाएं सरपंच को साल भर का पैसा देकर पूरी पंचायत ठेके पर लेकर चला रही हैं. पंचायत के बाद अब इसी तरह जिला अस्पताल ठेके पर जा रही है. ऐसा न हो कि कहीं सरकार मंत्रालय भी ठेके पर चलने लगे. मंत्री नागर सिंह के भाई द्वारा सेल्समेन से मारपीट को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि इस घटना से यह प्रमाण मिलता है कि प्रदेश में खाद की कमी है, इसीलिए मंत्री के भाई ने मारपीट की. प्रदेश में पर्याप्त खाद के सरकार के दावे को इस घटना ने सामने ला दिया है. सरकार को कार्रवाई तो करनी ही चाहिए, लेकिन मंत्री के भाई का धन्यवाद कि उन्होंने सरकार को आइना दिखा दिया है.”

‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड मौतें: एक हफ्ते में 6 बाघों की मौत, 2025 में आंकड़ा 54 पार

Record deaths in ‘Tiger State’ Madhya Pradesh: 6 tigers died in a week, toll crosses 54 in 2025 भारत के ‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में पिछले एक हफ्ते के भीतर 6 बाघों की मौत दर्ज की गई है. इसके साथ ही वर्ष 2025 में अब तक बाघों की कुल मौतों का आंकड़ा 54 हो गया है. यह संख्या 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत के बाद किसी एक साल में अब तक की सबसे अधिक बताई जा रही है. आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में- ज्यादातर मौतों का कारण प्राकृतिकवन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मौतें प्राकृतिक कारणों से हुई हैं, जो बाघों की बढ़ती संख्या को भी दर्शाती हैं. उन्होंने कहा, “संख्या जितनी ज्यादा होगी, प्राकृतिक मौतें भी उतनी बढ़ेंगी. यह स्वाभाविक है.” अधिकारियों के अनुसार, यह रुझान बताता है कि अगली बाघ गणना में भी मध्य प्रदेश देश का शीर्ष ‘टाइगर स्टेट’ बना रह सकता है. हाल ही में बांधवगढ़ में मिला बाघ का शवबाघ की मौत का ताजा मामला बांधवगढ़ का है, जहां उमरिया जिले के चंदिया वन परिक्षेत्र के आरएफ-10 में कथली नदी के पास एक बाघ का शव मिला. शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जिसके बाद इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी गई है. फील्ड स्टाफ नियमित गश्त और जनगणना कार्य में जुटा था, तभी यह मामला सामने आया. करंट लगने से बाघ की मौत की आशंकावन विभाग की टीमें साक्ष्य सुरक्षित करने में जुटी हैं. डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की तलाश की जा रही है और आसपास के वन क्षेत्रों व नदी किनारे की पट्टी की सघन तलाशी ली जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि शव बिजली लाइन कॉरिडोर के पास मिला है, इसलिए करंट लगने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है. नजदीकी बिजली ढांचे की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं खुले या अवैध तारों की वजह से घटना तो नहीं हुई. 54 में से 36 रहस्यमयी मौतें, ज्यादातर शिकार सेटाइगर की 54 मौतों में से 36 मौतें रहस्यमयी हैं. ज्यादातर मामलों में टाइगर का शिकार किया गया है. कई बार टाइगर के पंजे काटकट शिकारी ले गए. तस्करी में एक टाइगर की कीमत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करीब एक से 3 करोड़ रुपये होती है. कई बार शिकारी जंगल मे टाइगर्स की निगरानी में लगे कैमरों में कैद हो चुके हैं. बाघों की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरे भी चोरी होने के कई मामले आए हैं. टाईगर्स की बढ़ती मौतों और सुरक्षा में लापरवाही पर NTCA ने चिंता जताई है. कांग्रेस ने एमपी सरकार पर लगाए आरोपटाइगर्स की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने सरकार को में असफल बताया है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बबारोलिया ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वन राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहरवार का कहना है कि विभाग मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है.

नेशनल हेराल्ड मामले में सियासी उबाल: भोपाल में भाजपा दफ्तर का घेराव करेगी कांग्रेस, जीतू पटवारी के नेतृत्व में 3 बजे कूच करेंगे कार्यकर्ता

Political uproar in the National Herald case: Congress to surround BJP office in Bhopal, workers led by Jitu Patwari to march at 3 pm भोपाल। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की कार्रवाई तथा हालिया न्यायालय से मिली राहत के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर गांधी परिवार को फंसाने का आरोप लगाते हुए भोपाल में भाजपा कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 3 बजे कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय की ओर कूच करेंगे और वहां घेराव करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से गांधी परिवार को नेशनल हेराल्ड मामले में फंसाने की कोशिश की। पार्टी नेताओं ने ED की कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। हालांकि, हालिया अदालती फैसले में दिल्ली कोर्ट ने ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, जिसे कांग्रेस ने सत्य की जीत बताया है।

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने आज अपने स्थापना के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर आज 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। यह दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ठीक 69 साल पहले, 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर विरोध किया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि राम जी के नाम पर कोई नई योजना लानी चाहिए थी, राम जी के नाम पर कोई नई योजना आती तो हम उसकी तारीफ करते। महात्मा गांधी से बीजेपी को तकलीफ है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोले विधायक रामेश्वर शर्माकांग्रेस के विधानसभा में प्रदर्शन पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को राम से एलर्जी है इसलिए विरोध कर रही है। राम से एलर्जी रखोगे तो रावण से राम तक सबका अंत होगा।कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल किया। हम महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों का अनुसरण कर रहे हैं। कांग्रेस गांधी का नाम लेकर कई बार सत्ता में आई लेकिन गरीब का घर नहीं बनाया। यह दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी के रामराज्य को जमीन पर उतारने का काम किसी ने किया है तो वो पीएम मोदी ने किया है। शर्मा ने कहा कि हमने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया, ग़रीब के पक्के मकान बनाने का काम किया, गरीब के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए, किसानों का सम्मान किया क्योंकि यही गांधी जी चाहते थे। सबका साथ सबका विकास – यही काम भाजपा सरकार कर रही है। मनरेगा में मनमोहन सिंह की सरकार के समय भ्रष्टाचार हुआ, अब मनरेगा के बलबूते पर ग्रामीण लोगों का विकास होगा।

शासकीय योजना में दो लाख की प्रोत्साहन राशि, 90 हजार रुपये मांगी रिश्वत, जनजातीय विभाग के बाबू को लोकायुक्त ने रंगेहाथ पकड़ा

Lokayukta catches Tribal Department clerk red-handed after demanding Rs 90,000 bribe for Rs 2 lakh incentive under government scheme भोपाल। राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोकायुक्त पुलिस भोपाल की टीम ने मंगलवार शाम नर्मदापुरम में कलेक्ट्रेट स्थित जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-दो मनोज सोनी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी बाबू ने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली दो लाख रुपये की राशि दिलाने के बदले एक हितग्राही से 50 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। हितग्राही से पहले 20 हजार रुपये और काम पूरा होने के बाद 70 हजार रुपये लेने की डील तय हुई थी। बाद में पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये पर सहमति बनी। सिवनीमालवा के सिपुर निवासी 36 वर्षीय हितग्राही प्रवीण सोलंकी ने रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त भोपाल एसपी कार्यालय में की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद आरोपी बाबू को पकड़ने के लिए लोकायुक्त टीम गठित कर जाल बिछाया गया। तय योजना के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता ने मंगलवार शाम आरोपी क्लर्क के कार्यालय में पहुंचकर उसे रिश्वत की रकम थमाई, लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। इस कार्रवाई में लोकायुक्त टीम में डीएसपी बीएम द्विवेदी, डीएसपी अजय मिश्रा, निरीक्षक रजनी तिवारी, प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक मुकेश परमार, आरक्षक चैतन्य प्रताप सिंह व गौरव साहू शामिल रहे। घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं में फैले भ्रष्टाचार को उजागर किया है।

Cabinet Meeting: कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव,7 कैटेगरी खत्म, अब सिर्फ तीन वर्ग,1782 करोड़ का सिंचाई पैकेज

Cabinet Meeting: Major changes in employee management, 7 categories abolished, now only three, irrigation package worth Rs 1782 crore मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा सुधार करते हुए सात प्रकार की नियुक्ति श्रेणियों को समाप्त कर दिया है। अब प्रदेश में केवल तीन ही कैटेगरी रहेंगी। नियमित, संविदा और आउटसोर्स। मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों का अलग वर्ग अब नहीं रहेगा, क्योंकि दोनों की सेवा शर्तें, वेतन और पेंशन समान हैं। कैबिनेट निर्णय के अनुसार, वर्तमान में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन, स्थायीकर्मी सहित अन्य श्रेणियों के कर्मचारी अपने सेवाकाल तक कार्य करते रहेंगे। इनके सेवानिवृत्त होते ही पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे। यदि किसी विभाग को आवश्यकता होगी, तो नियमित पद सृजित कर नई भर्ती की जाएगी। कार्यभारित कर्मचारियों के लिए अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधानसरकार ने यह भी निर्णय लिया कि सेवाकाल में कार्यभारित कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। अब तक इस संवर्ग में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। न्यायालयीन मामलों में मिलेगी राहतनई व्यवस्था लागू होने के बाद अदालतों में कर्मचारियों की अलग-अलग कैटेगरी बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न्यायालयीन भ्रम कम होगा और सरकार को बार-बार सुनवाई से राहत मिलेगी। साथ ही अस्थायी पदों के लिए हर साल कैबिनेट से अनुमति लेने की बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी। नियमित और संविदा पर रहेगा जोरसरकार ने दो टूक कहा है कि भविष्य में नियुक्तियों का फोकस नियमित और संविदा कर्मचारियों पर रहेगा। आउटसोर्स कर्मी सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाएंगे, क्योंकि उनकी सेवाएं एजेंसियों के माध्यम से ली जाती हैं। मुख्यमंत्री ने ब्लाइंड विमेन T20 वर्ल्ड कप 2025 विजेता टीम की तीन मध्यप्रदेश की खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं बैतूल जिले के भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग मिलने पर शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भोपाल-इंदौर मेट्रो के लिए 90.67 करोड़ स्वीकृतभोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन एवं रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने 90.67 करोड़ रुपए के प्रावधान को मंजूरी दी है। यह राशि मेट्रो संचालन से जुड़े व्यय को पूरा करने के लिए होगी। तीन आदिवासी जिलों को 1782 करोड़ का सिंचाई पैकेजनर्मदा घाटी विकास विभाग के तहत अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए 1782 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज को स्वीकृति दी गई है। इससे अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की 5512 करोड़ रुपए की योजनाएं पूरी होंगी। इन परियोजनाओं से 71,967 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और 125 मेगावाट बिजली उत्पादन संभव होगा। कैबिनेट में अन्य महत्वपूर्ण फैसले मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के सूचकांक में वृद्धि, 3810 कार्य 693.76 करोड़ की लागत से होंगे।एमएसएमई विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को पांच साल तक जारी रखने का निर्णय, 905.25 करोड़ मंजूर।छह जिलों में वन विज्ञान केंद्र स्थापित होंगे, 48 करोड़ की स्वीकृति।इंदौर के एमवाय अस्पताल का 773 करोड़ से नवनिर्माण, 1450 बिस्तरों की सुविधा।

विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक आज, 17 दिसंबर के एजेंडे पर बनेगी रणनीति

Congress Legislature Party to hold crucial meeting ahead of special session; strategy to be chalked out on December 17 agenda भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार, 16 दिसंबर को शाम 7:30 बजे भोपाल स्थित बी-12 (ए), 74 बंगला में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार करेंगे। इस बैठक में 17 दिसंबर को प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस की रणनीति, कार्ययोजना और मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बताया गया है कि विशेष सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर चर्चा प्रस्तावित है। इसे देखते हुए कांग्रेस विधायक दल सरकार की नीतियों की समीक्षा कर यह तय करेगा कि सत्र में किन जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाए। आर्थिक हालात से लेकर सामाजिक मुद्दों पर मंथनविधायक दल की बैठक में प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, किसानों की समस्याएं, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों से जुड़े सवालों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही सरकार के दावों और नीतिगत फैसलों की पड़ताल करते हुए विपक्ष की भूमिका तय की जाएगी। उमंग सिंघार का सरकार पर हमलानेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश को सच मायनों में विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए खोखले नारों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए ठोस नीतियां और ईमानदार राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय विशेष सत्र केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि इसमें किसानों की आय, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल विशेष सत्र में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और प्रदेश के भविष्य की ठोस रूपरेखा को मजबूती के साथ विधानसभा में रखेगा। 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्रविधानसभा सचिवालय के अनुसार, मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्र बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। भले ही यह सत्र एक दिन का हो, लेकिन इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के विकास, अर्थव्यवस्था, रोजगार, किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विभिन्न दलों के विधायकों को सरकार की योजनाओं और भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।

CM Mohan Yadav held a review meeting , बोले- जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दावा किया कि वे और उनकी सरकार जनता के कामों के लिए संकल्पित हैं. सीएम ने कहा कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि विकास, रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रगति का आधार हैं. विभाग का उद्देश्य प्रत्येक निर्माण कार्य को सिर्फ एक तकनीकी परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि जनता के जीवन स्तर को सुधारने वाले साधन के रूप में देखना है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार के साथ प्रत्येक परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, यही प्रयास “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की भावना को साकार करते हैं. यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिये. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभाग द्वारा “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की भावना को धरातल पर उतारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की आधारभूत संरचना का विकास ही जनकल्याण का आधार है और विभाग ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि हर सड़क, हर पुल, हर परियोजना जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना का महत्वपूर्ण हिस्सा है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मेट्रोपॉलिटन एरिया और समीपवर्ती क्षेत्रों में राजमार्गों का घनत्व बढ़ायें. पूरे प्रदेश को समावेशित कर समग्र विकास पर कार्य करें. उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपोलिटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा. शहरी, ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों सभी को अधोसंरचना विकास का लाभ प्राप्त हो इस आधार पर प्रस्ताव की परिकल्पना की जाये. उन्होंने कहा कि राजमार्गों का घनत्व राष्ट्रीय स्तर के समीप ले जाने के लिए विज़न डॉक्यूमेंट के आधार पर प्रस्ताव तैयार करें. प्रस्ताव में स्थानीय मांगों और सुझावों को यथोचित स्थान दिया जाये. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपर मुख्य सचिव क्षेत्रों के समग्र विकास अनुसार कार्ययोजना का निर्धारण करें. सीएम मोहन यादव ने निर्देश दिए कि शहरी विकास की इंटीग्रेटेड पॉलिसी के निर्माण में लोक निर्माण विभाग को भी शामिल किया जाये. उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास में पर्यावरण समन्वय का विशेष ध्यान रखा जाये. सतत संवहनीय विकास के लिए सूरत के डायमंड पार्क की तर्ज में भवनों का निर्माण ग्रीन बिल्डिंग संकल्पना पर किया जाये. बिजली और पानी की बचत सुनिश्चित की जाये. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भवन निर्माण में वास्तु-विज्ञान का ध्यान रखा जाये. ताकि सूर्य की रोशनी, हवा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो और ऊर्जा की बचत की जा सके. उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे आधुनिक समय की मांग है. इन अधोसंरचनाओं के विकास में ग्रामीण क्षेत्र की सुविधाओं का ध्यान रखा जाये. आवश्यकतानुसार फ्लाई-ओवर, अंडर-पास, सर्विस लेन को प्रस्ताव में शामिल करें. बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं. प्रस्तावित कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है. दिसम्बर माह के अंत तक कार्य प्रारंभ हो जायेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि कार्यों को जून-2027 तक पूर्ण किया जाये. बैठक में बताया गया कि लोकपथ ऐप में प्राप्त 12 हज़ार 212 शिकायतों में से 12 हज़ार 166 का निराकरण किया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकपथ ऐप के उत्कृष्ट उपयोग की सराहना की. उन्होंने कहा कि लोकपथ ऐप में रियल टाइम सड़क की स्थिति को भी अपडेट किया जाये. साथ ही इसका प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाये ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि लोकपथ ऐप में आगे स्थलों के बीच की दूरी, समस्त वैकल्पिक मार्ग, पर्यटन स्थल, चिकित्सा सेवाएं, ब्लैक स्पॉट, टोल का शुल्क अन्य सुविधाओं को भी मैप किया जाएगा. यह स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आगंतुकों के लिए भी उपयोगी होगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य के राजमार्गों में सतत संधारण सुनिश्चित किए जाये. प्रकाश, ग्रीनरी और सावधानी मार्कर्स मानक अनुसार रहें यह भी सुनिश्चित किया जाये. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (बीडीसी) के संचालक मंडल की बैठक हुई. एमडी एमपीआरडीसी भरत यादव ने एमपीआरडीसी के चल रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की. इसी प्रकार एमडी बीडीसी सिवी चक्रवर्ती ने भवन विकास निगम के कार्यों और आगामी कार्ययोजना का विवरण दिया. बैठक में ये लोग रहे मौजूदबैठक में प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी सुखवीर सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों, पीएम गतिशक्ति पोर्टल के उपयोग से रोड प्लानिंग, BISAG-N के माध्यम से समय सीमा का निर्धारण और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के कार्य किए जा रहे हैं. इसके साथ पर्यावरण से समन्वय, वृक्षारोपण, ट्री-शिफ्टिंग, लोक सरोवर, सौर ऊर्जा के कार्य भी विकास कार्यों में शामिल किए गए हैं. उन्होंने बताया कि पीएम गतिशक्ति के उत्कृष्ट उपयोग पर विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, एसीएस नीरज मंडलोई, एसीएस मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोकनिर्माण सुखवीर सिंह, एमडी एमपीआरडीसी भरत यादव, एमडी बीडीसी एमसीबी चक्रवर्ती सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे. दो वर्ष की उपलब्धियांसीएम मोहन यादव ने बताया कि दो वर्षों में मध्य प्रदेश ने 12 हजार किमी सड़क निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण कर अभूतपूर्व रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिससे राज्य का 77 हजार 268 किमी का सड़क नेटवर्क देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है. वित्तीय वर्ष 2024–25 में विभाग ने 99% तक वित्तीय लक्ष्य हासिल कर समयबद्ध क्रियान्वयन और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया. “लोक पथ” मोबाइल ऐप के माध्यम से 12,212 शिकायतों में से 12,166 शिकायतों का निवारण कर 99.6% समाधान दर प्राप्त की, जिससे विभाग की पारदर्शिता और जनसहभागिता मजबूत हुई.

MP खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंत्री बोले- वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो राशन पानी होगा बंद, कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या आप?

MP Food and Supplies Minister said- If your name is not in the voter list, ration and water will be stopped, Congress said- Have you become an officer of the Election Commission? भोपाल ! मध्य प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मंत्री ने कहा कि ‘जिसने मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़वाया, उसे राशन और सरकारी सुविधाएं मिलना बंद हो जाएंगी।’ उनके इस बयान ने जनता में हड़कंप और राजनीतिक हलचल दोनों बढ़ा दी हैं। बताया जाता है कि मंत्री सागर जिले की सुरखी विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपील करते हुए कहा कि गांवों में मतदाता सूची अपडेट होने का काम चल रहा है, इसलिए हर व्यक्ति अपना नाम जोड़वाए। उन्होंने कहा अगर नाम नहीं जोड़वाओगे तो राशन, आधार कार्ड और अन्य सुविधाएं बंद हो जाएंगी। 5–6 दिन का समय है, जाकर अपना फॉर्म जमा कर दो।’ हालांकि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाना है। इस प्रक्रिया का किसी भी तरह से राशन कार्ड या अन्य सरकारी योजनाओं से कोई संबंध नहीं है। न ही इसका प्रभाव राशन मिलने पर पड़ता है। विपक्ष का हमला- ‘नेतागिरी छोड़ चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या?’उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री किस अधिकार से ऐसे बयान दे रहे हैं? क्या वे चुनाव आयोग के अधिकारी हैं? कटारे ने आरोप लगाया कि भाजपा SIR प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है और चुनाव आयोग से मंत्री पर कार्रवाई की मांग की।

विधानसभा में बंदर बनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, जिसने देखा रह गया हक्का-बक्का, जाने माजरा

MP Vidhan Sabha Winter Session :मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन की कार्यवाही के बीच उस समय विधानसभा में मौजूद हर कोई हक्का-बक्का रह गया, जब सदन में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बंदर बनकर परिसर में दाखिल हुए। कोई उन्हें देखकर हंस रहा था तो कोई उनके संदेश की गंभीरता को भांप रहा था। सदन में इस अनोखे अंदाज में पहुंचने वाले कोई और नहीं, बल्कि छिंदवाड़ा की जुन्नारदेव सीट से विधायक सुनील उईके हैं। चेहरे पर मास्क लगाए, हाथ में पोस्टर लिए सदन परिसर में पहुंच गए, जो सरकारी की जनविरोधी नीतियों का हवाला देकर विरोध कर रहे थे। सदन की कार्यवाही से पहले विपक्ष में बैठे कांग्रेस विधायकों द्वारा ये प्रदर्शन किया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेत्रत्व में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष ने सरकार को घेरा। खाद की कमी, किसानों की बदहाली और जनता की अनदेखी के खिलाफ इस अनोखे प्रदर्शन को देख हर कोई हैरान था। बंदर का मास्क लगाए विधायक सुनील उईके हाथ में नकली उस्तरा भी लिए थे। वहीं, प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायक ‘बंदर के हाथ में उस्तरा’ जैसी कहावत के नारे लगा रहे थे। विधानसभा में आज 13,476.94 करोड़ रुपए के दूसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा होनी है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को इसपर बजट पेश किया था। सबसे बड़ी राशि ग्रामीण विकास को मिली है। पीएम आवास के लिए 4,000 करोड़ और लाड़ली बहना योजना के लिए 1,794 करोड़ रुपए। किसानों के लिए समर्थन मूल्य भुगतान हेतु 2,001 करोड़, आपदा राहत के लिए 77.20 करोड़ और भावांतर योजना के लिए 500 करोड़ रखे गए हैं। विपक्ष बोला- जनता की पुकार, सत्ता पक्ष ने बताया सदन का अपमानजुन्नारदेव विधायक सुनील उईके ने बंदर का वेश धारण कर इशारा किया कि सरकार जनता को ‘बंदर’ बना रही है। उन्होंने कहा कि, ‘खाद नहीं मिल रही, बिजली नहीं मिल रही, किसान मर रहा है। सरकार हर वर्ग के हक पर उस्तरा चला रही है।’ कांग्रेस ने इसे जनता की पुकार बताया। तो वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष ने इसे सदन की गरिमा का अपमान ठहराया है।

कुपोषण फ्री के लिए फुल प्रूफ प्लान बनाएं, लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकें…. रिव्यू मीटिंग में सीएम के सख्त निर्देश

Develop a foolproof plan to eliminate malnutrition, prevent dropouts of Ladli Laxmi girls… CM issues strict instructions in review meeting भोपाल : एमपी सरकार के दो साल पूरे होने वाले हैं। इससे पहले सीएम मोहन यादव विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने कई निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रकिया लागू करने में देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही सीएम ने लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। ड्रॉप आउट रोकने के निर्देशसीएम ने अधिकारियों को लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि इस पर सख्त निगरानी रखें। दरअसल, यह खबरें आ रही थीं कि लाडली लक्ष्मी बेटियां पढ़ाई छोड़ रही हैं। इसी के बाद सीएम ने चर्चा की है। ये रहीं विभाग की उपलब्धियांइसके साथ ही टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। साथ ही स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ देकर एमपी ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है। PM JANMAN भवनों की डिजाइन और मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना की गई। भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया। आंगनवाड़ी में गर्म भोजन की व्यवस्थावहीं, सीएम ने तीन वर्ष की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। 2026 से मध्य प्रदेश के शहरी आंगनवाड़ी केंद्रों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन उपलब्ध करवाने की तैयारी है। साथ ही अगले तीन वर्ष में 9000 नए आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे। महिलाओं को मिली मददसाथ ही PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता मिली है। लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण किया गया है। 1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता मिली है। इसके साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दी गई। वहीं, सामग्री टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी होगी तो वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होगें। सीएम ने तीन साल में कुपोषण को समाप्त करने के लिए फुल प्रूफ कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ब्रेस्ट फीडिंग के लिए जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

Companies linked to BJP MLA Sanjay Pathak have been served notices of ₹443 crore, with the collector issuing a 15-day ultimatum. भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के सबसे बड़े मामलों में से एक पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से संबद्ध तीन खनन कंपनियों को सरकार ने 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की भारी-भरकम वसूली नोटिस थमाया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि विधानसभा में दी गई है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के तारांकित प्रश्न के जवाब में खनिज साधन विभाग ने बताया कि जांच में स्वीकृत सीमा से अधिक रेत निकालने का बड़ा घोटाला पकड़ा गया है। जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, वे इस प्रकार हैं— आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – ग्राम टिकरिया निर्मिला मिनरल्स – ग्राम दुबियारा पैसिफिक एक्सपोर्ट – ग्राम झिठी जबलपुर कलेक्टर ने 10 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर सभी कंपनियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में खनिज रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य देयकों का भुगतान अनिवार्य बताया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि राशि जमा न करने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन और राज्य को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठा रही है, और अब 443 करोड़ की यह वसूली कार्रवाई राजनीतिक हलचल तेज कर रही है।

राजधानी भोपाल के राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद जिलाध्यक्ष बने तिवारी

Tiwari became the district president of the National Journalist Security Council of the capital Bhopal. राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा और संरक्षक, सुप्रीम कोर्ट के महाधिवक्ता एडवोकेट ए.पी. सिंह की स्वीकृति के साथ, मप्र प्रदेश अध्यक्ष अमित द्विवेदी उपाध्यक्ष रोहित जैन एवं महासचिव भारत भूषण की अनुशंसा पर भारत भूषण तिवारी को भोपाल जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत भूषण तिवारी अपने अनुभव और कार्यकुशलता के बल पर जिले के पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संगठन की एकता को और मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय कार्य करेंगे। नई नियुक्ति से संगठन में नई ऊर्जा का संचार माना जा रहा है। पत्रकारों ने भी उम्मीद जताई है कि तिवारी पारदर्शी, निष्पक्ष और दृढ़ नेतृत्व के साथ पत्रकार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगे और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे दो साल की समीक्षा, मंत्री बताएंगे लेखा-जोखा और कार्य योजना

Chief Minister Dr. Mohan Yadav will review the two years, ministers will present the accounts and action plan. भोपाल: मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा।साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।दो दिन समीक्षा भोपाल और दो दिन खजुराहो में होगीसमीक्षा का कार्यक्रम चार दिनों का होगा, जिसमें दो दिन बैठकें भोपाल में और दो दिन खजुराहो में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के पश्चात सरकार आगामी तीन वर्षों की व्यापक कार्ययोजना जारी करेगी। पिछले दो वर्षों में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से अपने फोकस क्षेत्रों को परिभाषित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया था, वहीं 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगेसरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।यह भी पढ़ें- जिस घर में CM मोहन यादव ने अपनी बेटी ब्याही उसी घर की लड़की को बना रहे अपने घर की बहू, जानें कौन हैं इशिता? क्या है समीक्षा का उद्देश्य?बैठक में विभागीय मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस व्यापक समीक्षा का उद्देश्य न केवल पिछले दो वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन करना है, बल्कि आगामी तीन वर्षों के लिए एक सुदृढ़, लक्ष्य-उन्मुख और परिणाम आधारित शासन ढांचा तैयार करना भी है। 2 दिसंबर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा।3 दिसंबर- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं निश्शक्तजन कल्याण, कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण।8 दिसंबर- खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी, नगरीय विकास एवं आवास, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम।9 दिसंबर- लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी।

मध्यप्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन: किसानों की लड़ाई में कांग्रेस आक्रामक, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने उठाई बुलंद आवाज

Second day of Madhya Pradesh Assembly winter session: Congress aggressive in farmers’ fight, Leader of Opposition Umang Singar raised his voice भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन किसानों की बदहाली और अधिकारों को लेकर सदन का माहौल गर्म रहा। कांग्रेस विधायक दल ने भाजपा सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ विधानसभा परिसर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के अन्नदाता को आज भी खाद, फसल खरीदी के उचित मूल्य और मुआवज़े के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सड़कों पर उतरने को मजबूर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने खोला मोर्चा प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने किसानों की पीड़ा को जोरदार तरीके से उठाया और सरकार पर सीधा हमला बोला।सिंगार ने कहा— प्रदेश का अन्नदाता बेबस है, और भाजपा सरकार केवल घोषणाओं का ढोल पीट रही है। भावांतर की झुनझुनी बजती रही लेकिन किसानों के खेत भाजपा सरकार रूपी चिड़िया चुग गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेगी। कांग्रेस का आरोप: विकास के नाम पर सिर्फ खोखले दावे विपक्ष ने दावा किया कि भाजपा शासन में न तो खाद वितरण सुचारू है, न समर्थन मूल्य व्यवस्था। फसल खराब होने पर मुआवज़ा और बीमा भुगतान में हो रही देरी ने किसान को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार लगातार आंकड़ों का खेल खेलकर किसानों की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटका रही है। सदन के बाहर माहौल गर्म, अंदर विपक्ष का जोरदार दबाव विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने पोस्टर और तख्तियाँ लेकर विरोध जताया।संदेश साफ था — अन्नदाता की अनदेखी नहीं चलेगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं पर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।

एमपी विधानसभा में शीतकालीन सत्र शुरू, छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड पर बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे विपक्षी विधायक

MP Assembly begins winter session, opposition MLAs arrive with effigies of children and ‘Putana’ to address the Chhindwara cough syrup scandal. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज प्रारंभ हो गया है। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक अपने हाथों में बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे। विपक्ष ने सरकार को ही पूतना बताया और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस ने हंगामा किया। सत्र की कम अवधि को लेकर उठाए सवाल। कहा जब विधायक जनहित के मुद्दे उठा ही नहीं सकते हैं तो फिर सत्र बुलाने का क्या मतलब। आसंदी के सामने आकर की नारेबाजी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज बैठक है, उसमें इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। अध्यक्ष की व्यवस्था देने के बाद कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर लौटे। शीतकालीन सत्र में कुल चार बैठकें होंगी। इसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। वहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाताओं से कराने संबंधी विधेयक, दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के वेतन-भत्ते संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। पांच दिसंबर तक चलने वाले सत्र में तीन दिसंबर को अवकाश रहेगा। दो दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक बजट (MP Winter Session) प्रस्तुत होगा, जो 10 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें ऐसी किसी नई योजना के लिए प्रविधान नहीं रहेंगे, जिसका भार राज्य के कोष पर आए। केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्यांश के साथ, जल जीवन मिशन, भावांतर योजना और अधोसंरचना विकास की योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाववहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव तीन साल के बाद फिर सीधे मतदाताओं से कराने के लिए संशोधन विधेयक(MP News) रखा जाएगा। 2022 में पार्षदों के माध्यम से अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। नई व्यवस्था में रिकाल व्यवस्था लागू हो जाएंगी यानी अध्यक्ष के प्रति अविश्वास होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाव कराएगा। दुकानदार और कामगारों के लिए सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश, दुकान खोलने के लिए गुमास्ता लाइसेंस की फीस पांच हजार रुपये करने जैसे प्रविधान दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक में प्रस्तावित किए जाएंगे। चार दिन के सत्र में 1497 सवालसत्र के लिए सदस्यों ने 1,497 प्रश्न भेजे हैं। छह स्थगन, 194 ध्यानाकर्षण, 52 शून्यकाल और 14 अशासकीय संकल्प की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। उधर, कांग्रेस सत्र में कानून-व्यवस्था, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), जल जीवन मिशन की गड़बड़ी, कृषि उपजों का मूल्य के साथ खाद समय पर नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगी।

CM के फैसले से मंत्रीमंडल में हड़कंप: अब अफसर नहीं, मंत्रियों को खुद देना होगा काम का प्रेजेंटेशन

CM’s decision stirs cabinet: Now ministers, not officers, will have to give their own presentations. Madhya Pradesh Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 दिसंबर से मंत्रियों से पिछले दो साल का व्यक्तिगत प्रेजेंटेशन देने को कहा है. यह कदम सिर्फ काम देखने के लिए नहीं, बल्कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार का आधार भी है. शीतकालीन सत्र के दौरान रिपोर्टिंग होगी, और अमित शाह के दौरे से पहले सरकार को पूरी तरह तैयार दिखाने की कवायद चल रही है. भोपाल ! मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इन दिनों ज़ोरदार चर्चाएँ चल रही हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है. 1 दिसंबर से सभी मंत्री खुद सीएम के सामने अपने पिछले दो साल के काम का प्रेजेंटेशन देंगे. यह प्रेजेंटेशन मंत्री खुद देंगे, उनके विभाग के अफसर नहीं. दरअसल, 13 दिसंबर को मोहन यादव सरकार को दो साल पूरे हो जाएँगे. इस मौके पर सीएम जानना चाहते हैं कि किस मंत्री ने कितना और कैसा काम किया. यह प्रेजेंटेशन एक हफ्ते तक चलेगा. विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी 1 से 5 दिसंबर तक है, इसलिए मंत्रियों का शेड्यूल सीएम की उपलब्धता के हिसाब से तय होगा. सूत्रों के मुताबिक यह कवायद सिर्फ काम देखने के लिए नहीं है, बल्कि मंत्रिमंडल में बदलाव का आधार भी बनेगी. सीएम सचिवालय और भाजपा संगठन दोनों स्तरों पर हर मंत्री का परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार किया जा चुका है. 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर ही सीएम मोहन यादव ने संकेत दे दिया था कि मंत्रिमंडल में बदलाव होंगे. अभी तक मोहन सरकार में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है. सिर्फ एक अपवाद रहा – कांग्रेस के छह बार के विधायक रामनिवास रावत अप्रैल 2024 में भाजपा में आए और जुलाई में मंत्री बने. लेकिन नवंबर में विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. वर्तमान में मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 31 मंत्री हैं. मध्य प्रदेश में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं, यानी अभी चार और मंत्रियों की जगह खाली है. न सबके बीच एक और बड़ी बात है – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 18 दिसंबर के आसपास मध्य प्रदेश बुलाया गया है. 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं का सामूहिक शिलान्यास कार्यक्रम होना है. सीएम चाहते हैं कि उससे पहले सरकार का कामकाज पूरी तरह दुरुस्त दिखे और कमजोर कड़ी को बाहर कर नई टीम तैयार हो.राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन मंत्रियों का काम संतोषजनक नहीं रहा, उन्हें हटाया जा सकता है. साथ ही कुछ नए चेहरों को मौका मिलेगा. कुछ पुराने दिग्गजों की वापसी की भी बात चल रही है. कुल मिलाकर दिसंबर का महीना मोहन सरकार के लिए बहुत अहम होने वाला है. पहले मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड, फिर अमित शाह का दौरा और उसके बाद संभावित मंत्रिमंडल विस्तार – मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज़ हो गई है.

काम का दबाव या बीमारी? 10 दिनों में छह बीएलओ की मौत, परिजन बोले- एसआईआर ने ली जान

madhya pradesh blo deaths special intensive revision work pressure health issues election digitization crisis प्रदेश में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) की लगातार मौतों और बीमार होने की घटनाओं ने प्रशासन से लेकर कर्मचारी संगठनों तक सभी को चिंता में डाल दिया है। पिछले 10 दिनों में प्रदेश में 6 बीएलओ की मौत दर्ज की गई है, जबकि कई कर्मचारी अस्पताल में भर्ती हैं। परिजनों का आरोप है कि भारी काम के दबाव और तनाव के कारण मौतें हुई हैं, वहीं निर्वाचन विभाग का कहना है कि मौतों का कारण बीमारियों की अनदेखी और हादसे हैं। दूसरी ओर कर्मचारी संगठन इसे “काम के बोझ का नतीजा” बता रहे हैं। 5.74 करोड़ मतदाताओं का डेटा, 65 हजार बीएलओ पर जिम्मेदारी प्रदेश में 4 नवंबर से मतदाता सूची के डिजिटलाइजेशन का बड़ा अभियान चल रहा है। इसमें लगभग 5.74 करोड़ मतदाताओं की जानकारी अपडेट करने का काम 65 हजार बीएलओ द्वारा किया जा रहा है। निर्धारित डेडलाइन नजदीक आने से कर्मचारियों पर लगातार प्रेशर बढ़ रहा है। घटनाओं की चिंताजनक श्रृंखला सूत्रों के अनुसार, शहडोल के सोहागपुर में बीएलओ मनीराम नापित लोगों से फॉर्म ले रहे थे तभी एक अधिकारी का फोन आया। कॉल के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पिपरिया (नर्मदापुरम) में शिक्षक और बीएलओ सुजान सिंह रघुवंशी एसआईआर सर्वे से लौटते समय ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में अस्पताल में उनका निधन हो गया। मंडीदीप में ऑनलाइन मीटिंग खत्म होने के कुछ ही मिनट बाद बीएलओ रमाकांत पांडे अचानक बेहोश हुए और अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। झाबुआ में बीएलओ भुवन सिंह को कुछ दिन पहले लापरवाही बताकर निलंबित किया गया था। परिजनों का कहना है कि निलंबन से वह गहरे मानसिक तनाव में थे और इसी सदमे में उन्हें हार्ट अटैक आया। इसी तरह दमोह और बालाघाट में भी दो बीएलओ की तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। एक परिजन ने आरोप लगाया कि “लगातार काम का दबाव और भागदौड़ ने उनकी स्थिति खराब कर दी।” बीएलओ अस्पताल में भर्ती भोपाल, रीवा और भिंड में कई बीएलओ को हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामले सामने आए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि बीमारी के बावजूद अधिकारियों ने उनसे काम पूरा करने का दबाव बनाया। कर्मचारी संघ ने उठाई मुआवजे की मांग मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर मांग की है कि मृत बीएलओ के परिवारों को 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और बीमार कर्मचारियों का इलाज चुनाव ड्यूटी की तरह शासन खर्च पर कराया जाए। एसआईआर प्रगति रिपोर्ट: एमपी चौथे स्थान पर मतदाता सूची के डिजिटाइजेशन को लेकर नवीनतम रिपोर्ट में बताया गया है कि 25 नवंबर दोपहर 12 बजे तक मध्य प्रदेश ने 72.29% काम पूरा कर लिया है। इससे राज्य देशभर में चौथे स्थान पर पहुंचा है। हालांकि बीएलओ को सर्वर की समस्या, लगातार फील्ड विजिट और हजारों रिकॉर्ड के पुनः सत्यापन जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजस्थान देश में पहले स्थान पर है, जहां 3,000 से अधिक बूथों पर 100% डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। 4 दिसंबर तक चलेगा सर्वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 4 दिसंबर तक बीएलओ मतदाताओं के घरों तक फॉर्म पहुंचाने और भरे हुए फॉर्म वापस लेने का काम पूरा करेंगे। इसके बाद 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट में नहीं होंगे, वे जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकेंगे। यदि वहां अपील खारिज होती है, तो राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष भी अपील दायर की जा सकेगी। मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा में चार नवंबर से एसआईआर का काम चल रहा हैं। प्रदेश के कुल 5 करोड़ 74 लाख 5 हजार वोटर्स के फार्म डिजिटलाइज होने हैं। इस काम में 65 हजार 14 बूथ लेवल ऑफियर ड्यूटी पर लगे है।

प्रदेश की जनता सीधे चुनेगी नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष, राइट टू रिकॉल भी होगा लागू

The people of the state will directly elect the Municipal Council and Municipal Council President, Right to Recall will also be implemented भोपाल ! एक दिसंबर से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Madhya Pradesh Legislative Assembly Winter Session) में सरकार नगर पालिका अधिनियम में संशोधन का विधेयक लाएगी। जिसमें जनता द्वारा सीधे नगर पालिका व नगर परिषद का अध्यक्ष चुने जाने का प्रविधान होगा। मझौली नगर परिषद के उपचुनाव से प्रविधान लागू हो जाएगामझौली नगर परिषद के उपचुनाव से ही यह प्रविधान लागू हो जाएगा। निर्वाचित अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास होने पर राइट टू रिकॉल के तहत वापस भी बुलाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही दस हजार करोड़ रुपये से अधिक के द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। संशोधन विधेयक लाया जाएगातत्कालीन कमल नाथ सरकार ने नगर पालिका अधिनियम में संशोधन करके पार्षदों के बीच में से अध्यक्ष चुनने की व्यवस्था लागू की थी। शिवराज सरकार में इसी प्रविधान से चुनाव हुए। अब 2027 में चुनाव प्रस्तावित हैं। पार्षदों द्वारा अध्यक्ष पर दबाव बनाने सहित अन्य शिकायतों को देखते हुए मोहन यादव सरकार ने नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने का प्रविधान अध्यादेश के माध्यम से किया। अब इसके स्थान पर संशोधन विधेयक लाया जाएगा। नए वाहनों के लिए विभागों को राशि नहीं दी जाएगीवहीं, विधानसभा में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले द्वितीय अनुपूरक बजट के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई। सूत्रों का कहना है कि यह दस हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें कोई भी नई योजना प्रारंभ नहीं होगी। नए वाहनों के लिए विभागों को राशि नहीं दी जाएगी। बलिदानी आशीष के भाई को मिलेगी अनुकंपा नियुक्तिमाओवादी विरोधी अभियान के दौरान पुलिस-नक्सल मुठभेड़ मे 19 नवंबर 2025 को बलिदान हुए विशेष सशस्त्र बल के निरीक्षक आशीष शर्मा के छोटे भाई अंकित शर्मा को जिला पुलिस बल में उप निरीक्षण नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही स्वजन को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की स्वीकृति भी प्रदान की गई।

मध्य प्रदेश में छात्रों के आत्महत्या करने के मामले में इंदौर पहले और भोपाल दूसरे नंबर पर

Indore is at first place and Bhopal is at second place in the number of student suicides in Madhya Pradesh. भोपाल ! देशभर में स्वच्छता में पहले स्थान पर आने वाला इंदौर लोगों में बढ़ते तनाव को कम करने में काफी पीछे है। खासकर विद्यार्थियों में तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण वह आत्महत्या कर रहे हैं। इंदौर के कोचिंग संस्थानों (Coaching institutes) में पढ़ने वाले 20 से अधिक विद्यार्थी हर वर्ष तनाव में आत्महत्या कर रहे हैं। सबसे अधिक तनाव नीट(NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में है। आत्महत्या की दर ने सरकार की चिंता बढ़ाईविद्यार्थियों में बढ़ रही आत्महत्या की दर ने सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2023 की रिपोर्ट बताती है कि 2023 में देशभर में 15 हजार से अधिक बच्चों ने आत्महत्या की है। 1668 मामलों के साथ मध्य प्रदेश देश में दूसरे नंबर (महाराष्ट्र के बाद) पर है। वहीं प्रदेश में भी इंदौर पहले और भोपाल जिला दूसरे स्थान पर है। एक्शन में सरकार, एसटीएफ का गठनमानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए एसटीएफ का गठन सरकार ने बच्चों को आत्मघात से बचाने की जिम्मेदारी शिक्षकों-अफसरों को सौंपी है। उच्चशिक्षा विभाग ने अभिनव प्रयोग करते हुए स्टेट टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया है। यह बल सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपायों की निगरानी और सुधार की रूपरेखा तय करेगा। शैक्षणिक संस्थानों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। कॉलेजों में काउंसलिंग कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। एसटीएफ में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बाल सुरक्षा, सामाजिक न्याय तथा नगरीय प्रशासन विभागों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इंदौर में पांच हजार से अधिक कोचिंगइंदौर प्रदेश का कोचिंग हब है। यहां पांच हजार से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं। इसमें से 200 से अधिक नीट, जेईई और आईआईटी (IIT) की तैयारी की कोचिंग है। भंवरकुआं, गीताभवन, पलासिया, विजय नगर आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान हैं। यहीं सबसे अधिक विद्यार्थी रहते भी हैं। इंदौर में आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं। पढ़ाई का दबाव बना जानलेवाकेस 1ः फरवरी 2025 में भंवरकुआं थाना क्षेत्र में नीट की परीक्षा में चयन न होने से परेशान छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। छात्रा का नाम गारगी सुमन (23) निवासी श्रीराम नगर पालदा था। गारगी कई वर्षों से नीट की तैयारी कर रही थी। दो बार कम अंक आने के कारण वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उसने बैंक की परीक्षा की तैयारी की, लेकिन इसमें भी वह सफल नहीं हो सकी। केस 2ः वर्ष 2024 में भंवरकुआं क्षेत्र में एक छात्र ने नोट लिखा कि मैं जीवन में सफल नहीं हो पाया और आत्महत्या कर ली। छात्र नीट की तैयारी कर रहा था। मूलरूप से शिवनी जिले का रहने वाला था। केस 3ः फरवरी 2024 में 20 वर्षीय आर्यन तिवारी ने फांसी लगा ली थी। वह मूलरूप से हुजूर (रीवा) का रहने वाला था। इंदौर रहकर वह नीट की तैयारी कर रहा था। केस 4ः मई 2025 में नर्सिंग की छात्रा आशा कानूनगो (25) ने आत्महत्या कर ली। वह मूलरूप से सिवनी की रहने वाली थी। उसकी दीवार पर कई नोट चिपके हुए थे। उनमें लिखा था कि वह सरकारी नर्स नहीं बन सकती और डिप्रेशन में है।केस 5ः मई 2025 में संयोगितागंज थाना क्षेत्र में नर्स यास्मित्रा ने आत्महत्या की। वह निजी मेडिकल कॉलेज में आगे की पढ़ाई कर रही थी। आशंका जताई गई थी कि पढ़ाई के दबाव के चलते यह कदम उठाया है। विशेषज्ञ ने बताया क्या करें माता-पितामनोचिकित्सक डॉ. राहुल माथुर ने बताया कि अब बच्चों में तनाव सहने की क्षमता कम हो गई है। पढ़ाई का तनाव इतना अधिक ले लेते हैं कि आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं। माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि वह बच्चों से उम्मीद रखने के बजाय उनके सहायक की भूमिका निभाएं। उनसे खुलकर बात करें। यदि बच्चा कई दिनों से चुपचाप है, अकेला रहने लगा है, रात में जल्दी नहीं सो रहा है, तो हमें इन लक्षणों को पहचानकर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। बच्चों को यह लगता है कि परीक्षा में फेल हो गया तो क्या होगा। उन्हें यह समझना होगा कि जो व्यक्ति परीक्षा में सफल नहीं हो पाते हैं, वह भी आगे बढ़ते हैं। विद्यार्थियों में इन लक्षणों को पहचानें

एमपी गज़ब: विकास या बर्बादी? जिम्मेदार कौन इंजीनियरिंग या सरकार

MP Ghazab: Development or ruin? Who is responsible: engineering or government? Whether it’s the municipal corporation, the Bhopal Metro, or the Public Works Department… they’re all tainted by corruption. भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर सरकारी इंजीनियरिंग की गंभीर खामियों को लेकर सुर्खियों में है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में मानो इंजीनियरों के बीच यह होड़ चल रही है कि कौन जनता के पैसों की सबसे ज्यादा बर्बादी कर सकता है। इसी सवाल के साथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को कठघरे में खड़ा किया है। भोपाल विकास की 3 तस्वीरें राज्य के सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहीं हैं पहली तस्वीर: सेकंड स्टॉप के पास बन रहा नगर निगम का प्रदेश का अनोखा 40 करोड़ का “नया ऑफिस”। इसकी बेसिक प्लानिंग में भारी चूक सामने आ रहीं है। भोपाल नगर निगम का नया आठ मंजिला कार्यालय 40 करोड़ रुपये में तैयार किया गया। विपक्ष का आरोप है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में मीटिंग हॉल की बुनियादी प्लानिंग तक सही नहीं की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला नहीं हो पा रहा कि यह इमारत ऑफिस है या इंजीनियरों का “प्रैक्टिकल लैब”, जहां जनता के पैसों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। दूसरी तस्वीर: भोपाल मेट्रो… मानक से कम ऊंचाई पर बना स्टेशन प्रगति पेट्रोल पंम्प और केंद्रीय रिजर्व बैंक के पास भोपाल मेट्रो स्टेशन की ऊंचाई मानकों से कम पाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन दोनों जगह सड़क और स्टेशन के बीच इतनी कम जगह छोड़ी गई कि बड़ी गाड़ियाँ स्टेशन से टकराने लगीं। तीसरी मुसीबत की तस्वीर: एशबाग के 90 डिग्री रेलवे ओवर ब्रिज की राजधानी के बरखेड़ी स्थित यह सवाल रेलवे ओवरब्रिज बनाने में पीडब्ल्यूडी की इंजीनियरिंग बड़ी फेलुअर साबित हुई है। यहां 90 डिग्री मोड़ वाला ओवर ब्रिज बना दिया, जो बनने से पहले ही जानलेवा बन गया है। करोड़ों रुपये से तैयार ओवर ब्रिज जनता के उपयोग लायक नहीं है। अब इसको उपयोगी बनाने के लिए फिर से करोड़ों रुपये खर्च करने की प्लानिंग बन रहीं है, जिसमें 3 महीने का समय लगना है। विपक्ष का कहना है कि…“यह सिर्फ इंजीनियरिंग गलत नहीं, बल्कि जनता के हजारों करोड़ की योजनाओं के साथ खिलवाड़ है।” विपक्ष का तीखा तंज… मध्यप्रदेश के इंजीनियर बिल्डिंग ब्लॉक गेम खेल रहे हैं”। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश के इंजीनियर्स पहले बिल्डिंग बनाते हैं, फिर तोड़ते हैं, फिर बनाते हैं और फिर से तोड़ देते हैं। मानो यह सरकारी निर्माण नहीं, बच्चों का बिल्डिंग-ब्लॉक गेम हो।” भारी गलतियों के लिए अधिकारी जिम्मेदार कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा और कांग्रेस एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार समेत अन्य नेताओं ने सवाल उठाया कि जब एक आम आदमी अपने घर की छोटी से छोटी प्लानिंग में सावधानी रखता है तो फिर सरकारी परियोजनाओं में बार-बार ऐसी भारी गलतियाँ क्यों हो रही हैं? और अगर गलती इंजीनियर की है तो “भरपाई जनता क्यों करे? कार्रवाई इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्यों नहीं होती?” पीएम मोदी और राज्य सरकार पर विपक्ष का सीधा हमला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निर्माण कार्यों की बार-बार की खामियाँ साबित करती हैं कि “मध्यप्रदेश में सिस्टम नहीं, बर्बादी का मौन राज चल रहा है।” विपक्ष की मांग है कि दोषी इंजीनियरों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो। निर्माण के हर चरण की थर्ड-पार्टी जांच अनिवार्य की जाए और जनता के पैसों की भरपाई उन अधिकारियों से कराई जाए, जिन्होंने योजनाओं को गलत तरीके से पास किया। प्रदेश में लगातार सामने आ रही इंजीनियरिंग की ये गलतियाँ अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी हैं और जनता पूछ रही है। “विकास के नाम पर आखिर किसके हाथों खेल रही है जनता की गाढ़ी कमाई?”

प्रगति एग्रो इंडस्ट्रीज ने बढ़ाया भारत का गौरव : गिनी गणराज्य के राजदूत और राष्ट्रपति सलाहकार से हुई उच्च स्तरीय बैठक

Pragati Agro Industries has enhanced India’s pride: High-level meeting with the Ambassador of the Republic of Guinea and the Presidential Advisor भोपाल। मध्य प्रदेश की अग्रणी संस्था प्रगति एग्रो इंडस्ट्रीज ने भारत की कृषि तकनीक को वैश्विक मंच पर एक नया मुकाम दिलाया है। हाल ही में गिनी गणराज्य (नई दिल्ली) के राजदूत महामहिम कोंटे अलासेन और गिनी के राष्ट्रपति के सलाहकार केलेटी डौम्बौया भोपाल के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रगति एग्रो इंडस्ट्रीज के अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सतत कृषि विकास, पॉलीहाउस तकनीक, संरक्षित खेती, सिंचाई प्रणाली और टर्नकी कृषि अवसंरचना परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। प्रगति एग्रो इंडस्ट्रीज ने भारत की तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार क्षमता को प्रस्तुत करते हुए बताया कि किस तरह भारतीय कंपनियां अफ्रीकी देशों के कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। राजदूत कोंटे अलासेन ने भारत की कृषि तकनीक और प्रगति एग्रो इंडस्ट्रीज के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “गिनी भारत से सीख लेकर अपने देश में आधुनिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना चाहता है।” वहीं, कंपनी ने गिनी में संरक्षित खेती और उन्नत कृषि ढांचे के लिए संभावित सहयोग योजनाएं साझा कीं। प्रगति एग्रो इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह बैठक भारत-अफ्रीका कृषि सहयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो न केवल तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी, बल्कि रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगी। इस मुलाकात ने भारत और गिनी के बीच कृषि साझेदारी का नया अध्याय खोल दिया है, जिससे दोनों देशों के किसानों और कृषि विशेषज्ञों को लाभ होगा। यह मुलाकात भारत की कृषि शक्ति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

Death on the roads: One fatal accident every hour in Madhya Pradesh, 150+ accidents daily, and over 38 deaths. भोपाल। मध्य प्रदेश 2023 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के सबसे खतरनाक राज्यों में से एक रहा है। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 14,098 लोगों की मौत हुई, जो भारत की कुल आकस्मिक मौतों का 9.8 प्रतिशत है। 2022 की तुलना में दुर्घटनाओं में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में मध्य प्रदेश में 54,763 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 54,699 लोग घायल भी हुए। राज्य में आकस्मिक मृत्यु दर 49.8 रही, जो देश में छठी सबसे अधिक दर है। मध्य प्रदेश के हाईवे खतरनाकयात्रियों के लिए राजमार्ग सबसे खतरनाक साबित हुए। भारत की कुल सड़क दुर्घटना मौतों का 7 प्रतिशत केवल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय विशेष रूप से जोखिम भरा रहा, इस दौरान 10,613 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा, देश में हुई घातक बस दुर्घटनाओं में से 10.2 प्रतिशत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मिलाकर हुईं। छोटे वाहनों से ज्यादा हुए एक्सीडेंटखराब बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय कारक भी इन मौतों में योगदान करते हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, भारी और यात्री वाहनों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हुईं। राज्य की सड़कों पर स्ङ्क/जीप और कारों से होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ट्रक/लॉरी/मिनी-ट्रक से होने वाली मौतों से अधिक थी। राजधानी भोपाल में भी बढ़ोतरीराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि 2022 की तुलना में हुई है। कुल 2,906 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 196 लोगों की जान गई और 2,196 लोग घायल हुए। रात 9 बजे से आधी रात तक का समय सबसे खतरनाक रहा। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री सबसे ज़्यादा असुरक्षित पाए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी भोपाल को ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में चौथे स्थान पर रखा था।

75 करोड़ सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय

Shivraj Singh Chouhan’s favourite Sehore MLA Sudesh Rai owns property worth crores भोपाल। Sehore MLA Sudesh Rai साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 230 विधायकों में 205 करोड़पति हैं। विधायकों की संपत्ति साल दर साल बड़ी है। मध्य प्रदेश के सबसे अमीर विधायकों की सीरीज में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिला सीहोर के विधायकों की सम्पत्ति कई गुना बड़ी है। Sehore MLA Sudesh Rai 74.71 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, जो सीहोर सीट से 3 बार चुनाव जीत चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में सुदेश राय ने अपनी संपत्ति 74 करोड़ 71 लाख 38 हजार 89 रुपये बताई थी, जबकि उनकी देनदारी 2 करोड़ 75 लाख 7 हजार 785 रुपये थी। राय की संपत्ति 5 साल में 7.20 करोड़ रुपये बढ़ गई है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति 67 करोड़ 51 लाख 29 हजार 525 रुपये बताई थी। चुनावी हलफनामे के अनुसार, सुदेश राय के नाम पर 24.17 करोड़ रुपये की 59.125 एकड़ खेतीहर जमीन है, जबकि उनकी पत्नी के नाम भी 4.04 करोड़ रुपये की कृषि भूमि है। इसके अलावा उनके पास 21.33 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी के नाम पर 96.42 लाख की नॉन-एग्रीकल्चर जमीन है। सुदेश राय के नाम पर सीहोर में 1.09 करोड़ रुपये का एक घर है, जो 3472 स्क्वायर फीट में बना है। उनके पास सीहोर में इंदौर-भोपाल रोड पर एक कमर्शियल बिल्डिंग भी है, जिसकी कीमत उन्होंने एफिडेविट में 10.51 करोड़ रुपये बताई थी। सुदेश राय को महंगी कार का भी शौक है। चुनावी हलफनामे में उन्होंने 2 कारों का जिक्र किया था। इसमें 21.74 लाख रुपये की कीमत की फोर्ड एंडेवर और 1.29 करोड़ रुपये की मर्सडीज शामिल है। सुदेश राय के पास 200 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 2023 में उन्होंने 11 लाख रुपये बताई थी। उनकी पत्नी के पास 500 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 27.5 लाख रुपये बताई थी। उनकी पत्नी के पास 2 किलो 70 ग्राम चांदी भी है, जिसकी कीमत साल 2023 में 1.5 लाख रुपये थी। Sehore MLA Sudesh Rai ने 2013 में पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद 2018 और 2023 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं।

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

Bad news for visitors to Bhopal’s Van Vihar: From today, it’s a ‘no-vehicle zone’: no cars, bikes, or buses will be allowed inside; tourists can explore using 40 golf carts. भोपाल । वन विहार नेशनल पार्क आज (1 अक्टूबर) से ‘नो व्हीकल’ जोन हो जाएगा। न कार अंदर जा सकेंगी और न बाइक या बसें । टूरिस्ट 40 गोल्फ कार्ट के जरिए वन विहार घूम सकेंगे। वन विहार में घूमने आने वाले टूरिस्ट कई बार अपनी गाड़ियों के हॉर्न तेज आवाज में बजाते हैं। इससे अन्य पर्यटकों के साथ जानवर भी परेशान होते हैं। इसलिए वन विहार प्रबंधन यह कदम उठाने जा रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वन विहार में ही राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह की शुरुआत भी करेंगे। हर 10 मिनट में मिलेंगे गोल्फ कार्ट वन विहार की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. रूही हक ने बताया कि वन विहार में भ्रमण के लिए 40 गोल्फ कार्ट का संचालन किया जाएगा। इन गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट हॉप ऑन हॉप ऑफ पद्धति संचालन के लिए रहेंगे। वहीं, 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिए बुकिंग पर पर्यटकों को उपलब्ध रहेंगे। गोल्फ कार्ट का संचालन दोनों गेट से 10 मिनट पर लगातार होगा। सभी व्यू पाइंट पर 30 सेकेंड से 1 मिनट के लिए रुकेंगे। इससे पर्यटकों को अपनी स्वेच्छानुसार व्यू पाइंट पर वन्यप्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। साइकिल से भी घूम सकेंगे गोल्फ कार्ट के अलावा पैदल भ्रमण, साइकिल, शाकाहारी सफारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस बदलाव से वन विहार में पर्यटकों को सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध कराएगा। जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। अलग-अलग रंग के बैंड भी मिलेंगे विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने हेतु पर्यटकों को विभिन्न रंग के बाइओडिग्रेडबल बैंड भी दिए जाएंगे। जिससे किसी भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। पार्किंग के लिए रुपए चुकाने होंगे वन विहार को जहां नो व्हीकल जोन बनाया जा रहा है तो पार्किंग के रूप में पर्यटकों को रुपए भी चुकाने होंगे। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए केवल प्रवेश द्वार नंबर-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है। टूव्हीलर्स के लिए गेट नंबर-1 और 2 दोनों पर ही व्यवस्था रहेगी।

ब्रेकिंग न्यूज : MP में 24 आईएएस अफसरों के तबादले, 11 कलेक्टर बदले: संस्कृति बनीं भोपाल नगर निगम की कमिश्नर; नीरज वशिष्ठ पांढुर्णा के नए कलेक्टर

Breaking News: 24 IAS officers transferred in MP, 11 collectors changed भोपाल। राज्य शासन ने मंगलवार को 24 आईएएस अफसरों के तबादले करते हुए 11 कलेक्टर बदल दिए हैं। जिन जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं उनमें पन्ना, पांढुर्णा, सिवनी, मुरैना, डिंडोरी, अलीराजपुर, निवाड़ी, भिंड, सिंगरौली, छिंदवाड़ा और रतलाम जिलों के कलेक्टर शामिल हैं। पन्ना कलेक्टर रहे सुरेश कुमार को मुरैना का संभागायुक्त बनाया गया है। संस्कृति जैन को भोपाल नगर निगम का कमिश्नर बनाया गया है। नीरज कुमार वशिष्ठ पांढुर्णा के नए कलेक्टर होंगे। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में कलेक्टर पन्ना सुरेश कुमार को ओएसडी सह आयुक्त चंबल संभाग मुरैना, छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को अपर सचिव नगरीय विकास और आवास विभाग, नेहा मारव्या कलेक्टर डिंडौरी को संचालक विमुक्त घुमंतू और अर्ध घुमंतु जनजाति विभाग, संजीव श्रीवास्तव कलेक्टर भिंड को अपर सचिव लोक निर्माण विभाग, उषा परमार अपर आयुक्त राजस्व भोपाल संभाग को कलेक्टर पन्ना पदस्थ किया गया है। देखें लिस्ट

MPWLC में 10 करोड़ का टेंडर घोटाला : नियम ताक पर, चहेती फर्मों को फायदा, कार्रवाई गायब

MPWLC tender scam: Rules flouted, favoured firms benefit by crores; learn how officials are committing fraud भोपाल। MPWLC Scam in 10 crores मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन (MPWLC) में सड़क और साइनज के करीब 10 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। शिकायतें बताती हैं कि अधिकारियों ने तय नियमों की अनदेखी कर चहेती फर्मों को फायदा पहुँचाया और पात्रता की मूल शर्तें पूरी न करने के बावजूद उन्हें क्वालिफाई कर दिया। टेंडर की पहली शर्त ही टूटी MPWLC Scam in 10 crores जुलाई 2025 में जारी इस टेंडर में साफ लिखा था कि भाग लेने वाली फर्म मध्य प्रदेश पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत होनी चाहिए। लेकिन कॉर्पोरेशन ने एवेन्यू ग्राफिक्स, सत्यम ग्राफिक्स और अबुल फैज जैसी फर्मों को भी क्वालिफाई कर लिया, जिनका रजिस्ट्रेशन उस वक्त नहीं था। हद तो यह कि एक फर्म ने तो टेंडर जारी होने के बाद आवेदन किया, जो कि नियमों के हिसाब से अमान्य है। OEM सर्टिफिकेट के बिना भी क्वालिफाई MPWLC Scam in 10 crores पड़ताल में यह भी सामने आया कि इन फर्मों के पास ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) का इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेट तक नहीं था। बावजूद इसके उन्हें प्रजेंटेशन के लिए बुलाया गया और बाद में दस्तावेज़ लेकर खानापूर्ति कर दी गई। प्रतिस्पर्धा खत्म, थ्री एम वेंडर बाहर इस टेंडर में छह वेंडर शामिल हुए थे, जिनमें तीन थ्री एम इंडिया से और तीन ओराफिल से थे। लेकिन अधिकारियों ने एक पेपर के आधार पर थ्री एम इंडिया के सभी वेंडरों को बाहर कर दिया। जबकि उनके पास पीडब्ल्यूडी रजिस्ट्रेशन और सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। इससे प्रतिस्पर्धा घट गई और अनुमान लगाया जा रहा है कि टेंडर सामान्य से 20–25% कम दर पर मंजूर होने की बजाय केवल ढाई प्रतिशत कम दर पर खोला गया। नियमों की अनदेखी, पारदर्शिता पर सवाल जानकारों का कहना है कि टेक्निकल बिड खुलने के सिर्फ एक घंटे बाद ही फाइनेंशियल बिड भी खोल दी गई, जबकि नियमानुसार इसमें कम से कम 24 घंटे का अंतर होना चाहिए। इस प्रक्रिया से किसी भी वेंडर को आपत्ति दर्ज कराने का मौका ही नहीं मिला। जवाबदेही से बचते अधिकारी जब चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “हमने पीडब्ल्यूडी एनआईटी के अनुसार फर्मों को क्वालिफाई किया है, बाकी जानकारी अधीक्षण यंत्री से लीजिए।”अधीक्षण यंत्री एसके जैन का कहना था कि “स्टैंडर्ड मानकों के हिसाब से कार्रवाई हुई है और रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वाली फर्म को भी पात्र माना जाता है। शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।”वहीं, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की एसीएस रश्मि अरुण शमी ने कहा, “मुझे जानकारी नहीं है, पता करती हूं।” एमडी अनुराग वर्मा से संप

मुख्यमंत्री आवास पर ओबीसी आरक्षण को लेकर अहम बैठक

Important meeting regarding OBC reservation at Chief Minister’s residence भोपाल ! ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आज शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक के प्रमुख बिंदु: इस बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि मध्यप्रदेश सरकार और ओबीसी समाज एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष प्रस्तुत करेंगे और ओबीसी समाज को उसका संवैधानिक हक दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ओबीसी आरक्षण प्रकरण के संदर्भ में आयोजित बैठक में ओबीसी महासभा से अपनी ओर से दो अधिवक्ताओं के नाम सुझाने का अनुरोध किया गया था। इस पर महासभा ने देश के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारत के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री पी. विल्सन का नाम प्रस्तावित किया है। शीघ्र ही एक और वरिष्ठ अधिवक्ता का नाम भी ओबीसी महासभा द्वारा प्रदान किया जाएगा।13% होल्ड हटाने एवं 27% आरक्षण लागू करने की दिशा में ओबीसी महासभा द्वारा एक अभिमत (Representation) एडवोकेट जनरल को सौंपा जाएगा। तत्पश्चात एडवोकेट जनरल उस अभिमत का गहन अध्ययन कर अपना अभिमत सरकार को प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर 13% होल्ड हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार पदों पर वर्षों से जमे शिक्षक

Teachers stuck on lucrative posts for years by taking deputation भोपाल। मध्यप्रदेश समग्र शिक्षक संघ ने राज्य में प्रतिनियुक्ति की अवधि को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ ने लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को मूल पदस्थापना पर भेजने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद्र दुबे एवं प्रदेश संरक्षक मुरारी लाल सोनी ने इस संबंध में मध्यप्रदेश शासन को पत्र प्रेषित किया है। संघ पदाधिकारियों ने पत्र में उल्लेख किया है कि शासन के नियमों के अनुसार प्रतिनियुक्ति की अवधि सामान्यत: 4 वर्ष तय है। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि दोनों विभागों की सहमति से केवल 3 वर्ष और बढ़ाई जा सकती है, लेकिन वर्तमान में नीति के विपरीत अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं शिक्षक ऐसे हैं, जो व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर जमे हुए हैं। जो स्पष्ट रूप से प्रतिनियुक्ति नियमों के विपरीत है। संघ ने तर्क दिया है कि प्रतिनियुक्ति की लंबी अवधि से मूल विभाग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रतिनियुक्ति का उद्देश्य केवल विशेष प्रशासनिक आवश्यकता की पूर्ति होती है, न कि व्यक्तिगत सुविधा से इसे स्थायी पदस्थापना का रूप देना है। प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार विभागों में जमेसंघ के अध्यक्ष सुरेशचंद दुबे का कहना है कि विभिन्न संगठनों से जुड़े कई शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और उनके परिजन मलाईदार विभागों में नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर 10 से 15 वर्षों से जमे हुए हैं। ऐसे सभी कर्मचारी, अधिकारियों और शिक्षकों को मूल विभाग में तत्काल प्रभाव से वापस भेजा जाए। प्रतिनियुक्ति पर जमे लोकसेवकों की संपत्ति की जांच होसंघ के प्रदेश संरक्षक मुरारीलाल सोनी का का आरोप है कि अनेक लोकसेवक कई वर्षों से नियमविरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर जमे हैं। वे शासन को आर्थिक रूप से खोखला कर रहे हैं। ऐसे लोकसेवकों की प्रति नियुक्ति समाप्त कर उनके कार्यकाल और संपत्ति की जांच कराई जाए।

संघर्ष से शिखर तक : हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक सफर

From struggle to peak: Hemant Khandelwal’s political journey भोपाल ! BJP President Hemant Khandelwal मध्य प्रदेश की राजनीति में कभी-कभी ऐसे चेहरे सामने आते हैं, जिनकी चमक न तो पोस्टरों से आती है और न ही बड़ी-बड़ी रैलियों की भीड़ से। हेमंत खंडेलवाल ऐसा ही एक नाम हैं—जो बिना ढोल-नगाड़े, बिना सत्ता का शोर मचाए आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुँच गए। सवाल यह है कि क्या यह सफर केवल सादगी और संघर्ष का है, या फिर संगठन की राजनीतिक गणित का भी खेल? हेमंत खंडेलवाल सिर्फ भाजपा के अध्यक्ष नहीं, बल्कि संघर्ष, सादगी और संगठन के उस दर्शन का चेहरा हैं जो राजनीति को जनसेवा का सच्चा माध्यम बनाता है। BJP President Hemant Khandelwal 3 सितंबर 1964 को मथुरा में जन्मे हेमंत खंडेलवाल ने बैतूल में पढ़ाई की और धीरे-धीरे राजनीति में कदम रखा। पिता विजय कुमार खंडेलवाल चार बार सांसद रहे, इसलिए राजनीतिक माहौल घर में मौजूद था। लेकिन यहाँ भी दिलचस्प मोड़ यह है कि हेमंत ने विरासत की मलाई खाने के बजाय खुद को संघर्ष के रास्ते में झोंक दिया। वरना आजकल तो नेता जी का बेटा सीधे ‘उत्तराधिकारी’ घोषित हो जाता है। 2008 में पिता के निधन के बाद बैतूल उपचुनाव से सांसद बने। यही वह पल था जब उन्हें राष्ट्रीय राजनीति की रोशनी मिली। लेकिन उनके साथ विडंबना यह रही कि वे लंबे समय तक सत्ता की गाड़ी के इंजन से दूर रहे—कभी विधायक, कभी जिला अध्यक्ष, कभी कोषाध्यक्ष, और कभी प्रवासी प्रभारी। कहते हैं, उन्होंने राजनीति को ‘करियर’ नहीं, बल्कि ‘धैर्य की परीक्षा’ मान लिया था। BJP President Hemant Khandelwal की सबसे बड़ी पूंजी उनकी सादगी है। सुना है, कार्यकर्ताओं को शर्ट तक दे दी और कभी स्कूटर तक। अब सोचिए, जिस दौर में नेता जी चुनाव में नोटों की बारिश कर रहे हों, उसमें कोई नेता अपनी शर्ट उतारकर कार्यकर्ता को दे दे—ये दृश्य राजनीति की किताब में दुर्लभ ही है। लेकिन राजनीति केवल सादगी से नहीं चलती। 2020 की सत्ता पलट की पटकथा में उनकी भूमिका किसी पर्दे के पीछे के निर्देशक जैसी रही। कमलनाथ सरकार जब गिर रही थी, तब खंडेलवाल ने सिंधिया खेमे और भाजपा के बीच पुल का काम किया। और कहते हैं, यही पुल उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तक ले आया। राजनीति में ऐसे मौके हर किसी को नहीं मिलते—यह किस्मत और कौशल का संगम है। अब वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हैं। सवाल यह है कि क्या वे भाजपा को बूथ स्तर तक और मजबूत बना पाएंगे, या फिर संगठनात्मक जोड़-तोड़ में ही उलझ जाएंगे? याद रखिए, प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी केवल शोभा की वस्तु नहीं है; यह वह कुर्सी है जिस पर बैठकर पार्टी का भविष्य तय होता है। एक और दिलचस्प पहलू यह है कि 31 साल बाद वैश्य समाज से किसी नेता को यह जिम्मेदारी मिली है। तो क्या यह केवल जातीय संतुलन साधने की कोशिश है, या फिर सचमुच संगठन के ‘सच्चे सेवक’ को उसकी मेहनत का इनाम? जनता तो यही देख रही है कि सियासी समीकरणों में जनता का हिस्सा कितना है। BJP President Hemant Khandelwal के पास अब मौका है कि वे यह साबित करें कि राजनीति सिर्फ ‘सत्ता का गणित’ नहीं, बल्कि सेवा और संघर्ष का भी नाम है। क्योंकि अगर वे भी बाकी नेताओं की तरह महंगे काफिलों और बेतहाशा पोस्टरों में उलझ गए, तो जनता उन्हें भी उसी भीड़ में गुम कर देगी, जहाँ नेता बदलते रहते हैं, लेकिन जनता की उम्मीदें वही की वही रहती हैं। हेमंत खंडेलवाल का नया अध्याय केवल भाजपा के संगठन का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति का भी इम्तिहान है। देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी सादगी और संघर्ष को कायम रखते हैं या फिर सत्ता के गलियारों की चकाचौंध उन्हें भी उसी रंग में रंग देती है, जिसमें बाकी नेता डूब चुके हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- जीएसटी में कटौती से किसानों को ट्रैक्टर खरीदने में होगी 65 हजार रुपये की बचत

Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जीएसटी में हुई कटौती से किसानों सहित आम लोगों को होने वाले फायदे बताए। भोपाल में आज मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि कृषि उपकरणों में जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत की गई है जो किसानों के लिए वरदान साबित होगी। किसान अगर ट्रैक्टर खरीदेगा तो 65 हजार रुपये को बचत होगी। हम इंट्रीगेटेड फार्मिंग की कोशिश कर रहे है। जीएसटी घटने से दुग्ध उत्पादन में बड़ी संख्या में काम कर रहे महिलाओं के ग्रुप और लखपति दीदी को बड़ी ताकत मिलेगी। दुग्ध उत्पादकों को लाभ होगा दूध, घी मक्खन पर भी जीएसटी घटाया गया है। डेयरी क्षेत्र आगे बढ़ेगा तो कहीं न कहीं किसान ही लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि हमारे यहां लैंड होल्फिंग कम है, इसलिए किसान महंगे उपकरण नहीं खरीद सकता। जीएसटी घटने से छोटे उपकरण खरीद सकेगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मछली उत्पादक किसान को भी इससे लाभ होगा। समुद्र ही नहीं अब तो खेतों में तालाब बनाकर मछली पालन हो रहा है, उन्हें भी लाभ होगा। ऊर्जा आधारित उपकरणों पर 12 से घटाकर 5% जीएसटी से भी बड़ा लाभ होगा। सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा। सीमेंट लोहे पर जीएसटी कम होने से पीएम आवास बनाना आसान होगा। देश कई चुनौतियों का सामना कर रहा है हमे अपनी अर्थ व्यवस्था को मजबूत करना है। दाम घटेंगे तो उत्पादन बढ़ेगा, हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कई टैक्टर कंपनियों ने अभी से रेट कम कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां फसल का नुकसान हुआ है, कलेक्टरों को कहा गया है की निरीक्षण कराकर नुकसान का मुआवजा दें। फार्टिलाइजर की कमी नही है, कमी है तो केवल वितरण व्यवस्था की। उन्होंने कहा- कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करेंगे। बिहार चुनाव के लिए जीएसटी घटाने के सवाल पर कहा कांग्रेस ने तो बच्चो की टाफी और खिलौनों पर भी टैक्स लगाया था। ट्रंप की मेहरबानी से जीएसटी घटाने के सवाल पर कहा कि विपक्ष तो हर कार्य में ट्रंप दिख रहा है। मध्य प्रदेश में किसानों की संख्या घटने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेती के अलावा बाकी कामों की तरफ भी बढ़ना पड़ेगा। किसानों की संख्या में ज्यादा असर नहीं पड़ा है।

जनगणना से पहले कांग्रेस ने फिर आदिवासियों को बनाया मुद्दा, गैर हिंदू बताने का प्रयास

Before the census, Congress again made tribals an issue, tried to declare them non-Hindus भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में आदिवासी समुदाय की अपनी अलग भूमिका और महत्व होने से कांग्रेस और भाजपा के बीच उन्हें लुभाने की जंग नई नहीं है। यह समुदाय जिसके साथ चलता है, सत्ता उसी को मिलती है। पिछले दो दशक से आदिवासी समुदाय भाजपा के साथ है, अलबत्ता 2018 में कांग्रेस की ओर आदिवासी समाज का झुकाव होने से कमल नाथ को सरकार में आने का मौका जरूर मिल गया था। यही वजह है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हो रही जनगणना को लेकर कांग्रेस सक्रिय हो गई है। कांग्रेस ने आदिवासी समुदाय से अपील की है कि जनगणना में धर्म के कालम में वह स्वयं को हिंदू न बताएं। इधर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे हिंदुओं का अपमान बताया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान ‘गर्व से कहो हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं’ के बाद प्रदेश का सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा के आदिवासी नेताओं ने सिंघार के बयान को आदिवासी विरोधी बताया है। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों को आधार बनाकर कहा कि कांग्रेस की संस्कृति ही सनातन धर्म के विरोध की रही है। अब जनगणना के बहाने कांग्रेस हिंदू ही नहीं, बल्कि समाज का बंटवारा करना चाहती है। यह बयान हिंदू समाज के साथ ही आदिवासी समुदाय को भी कमजोर बनाने की साजिश है। 2028 चुनाव को ध्यान में रखकर छेड़ी बहसबता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को किसी एसटी आरक्षित सीट पर जीत नहीं मिली। कांग्रेस ने आदिवासी बनाम हिंदू बहस ही वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर छेड़ी है, ताकि उसे राजनीतिक लाभ मिल सके। उमंग सिंघार का बयान ऐसे समय पर आया है, जब सुप्रीम कोर्ट में लंबित ओबीसी आरक्षण के मामले में कांग्रेस ने सरकार का साथ देकर एक तरह से अपने हथियार डाल दिए हैं। उसने ओबीसी आरक्षण के मामले में सफलता और असफलता का अनुमान लगाए बिना यह कदम उठाकर बड़ा जोखिम ले लिया है। कांग्रेस की कोशिश बन सकती है राजनीतिक जोखिमजनगणना में आदिवासी समुदाय को अलग से पहचान दिलाने की कांग्रेस की यह कोशिश भी राजनीतिक जोखिम बन सकती है। कांग्रेस के पास आदिवासी समुदाय के बीच जाकर बताने के लिए फिलहाल कुछ खास नहीं है, वहीं द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति पद तक पहुंचाने का श्रेय भाजपा अपने खाते में रखती है। साथ ही पेसा एक्ट जैसी कवायद भी भाजपा सरकार कर चुकी है। देश के विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के अनुषांगिक संगठन आदिवासी समुदायों के बीच मतांतरण रोकने के साथ उनके कल्याण के लिए कार्यक्रमों को लगातार जारी रखे हुए हैं। संघ की कोशिश आदिवासियों को मुख्य धारा में लाने कीसंघ की कोशिश है कि रामायण और महाभारत काल के तमाम उदाहरण के माध्यम से आदिवासियों को उनके हिंदू होने का बोध कराते हुए मुख्य धारा में लाया जाए। इधर कांग्रेस के बयान इन कोशिशों के लिए चुनौती खड़ी करते हैं। मामला संघ के प्रयासों से जुड़ा है और सीधे सत्ता के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही है।

80 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को मिलेगा असाधारण सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र

80 police officers and personnel will receive commendation letters for exceptional service भोपाल। मध्य प्रदेश के 80 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को डीजीसीआर (महानिदेशक प्रशस्ति पत्र) से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी समर्पित सेवा के लिए दिया जाता है। पुलिस महानिदेशक विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 80 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र और डिस्क प्रदान करेंगे। इसमें एआईजी विशेष शाखा विनीता मालवीय, एआईजी विशेष शाखा आभा तिर्की, एएसपी मऊगंज सारिका शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक उज्जैन दिलीप सिंह परिहार, आरआई भोपाल जय सिंह तोमर, उप निरिक्षक जिला विशेष शाखा भोपाल संतोष कुमार द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी व कर्मी शामिल हैं।

वन एवं वन्य जीव सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : अम्बाड़े

Negligence in forest and wildlife protection will not be tolerated: Ambade भोपाल। वन बल प्रमुख वीएन अम्बाड़े ने कहा है कि प्रदेश में वन एवं वन्य जीव संरक्षण की दिशा में नियमित रूप से पेट्रोलिंग की जा रही है किन्तु वनों की अवैध कटाई और कम समय में बाघों एवं तेंदुओं की मृत्यु की खबरें आ रहीं हैं। अम्बाड़े ने कहा है कि वन एवं वन्य जीव सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।वन बल प्रमुख वीएन अम्बाड़े ने समस्त फील्ड डायरेक्टर टाइगर रिजर्व और सीसीएफ एवं सीएफ को एक सख्त पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि विगत 20-25 दिनों में टाईगर रिजर्व एवं क्षेत्रीय वनों में 5-6 बाघों एवं तेंदुओं की मृत्यु हुई है। इतनी सुदृढ़ व्यवस्था होने के पश्चात् भी कम समय में बाघ एवं तेंदुओं की इतनी अधिक मृत्यु होना वन एवं वन्य जीव संरक्षण व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। पेंच एवं सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में बाघों की मृत्यु के संबंध में यह बताया गया कि बाघों की मृत्यु आपसी संघर्ष में हुई है। जब बाघों में संघर्ष होता है तो उनकी दहाड़ दूर तक सुनाई देती है, ऐसी स्थिति में एक बाघ की मृत्यु होने के पश्चात् स्थानीय अमले को जानकारी न होना सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ नहीं होने का संकेत देता है। एम-स्ट्रिप (Monitoring System for Tigers – Intensive Protection and Ecological Status), मानसून पेट्रोलिंग आदि के द्वारा निगरानी रखी जाती है फिर भी बाघों की मृत्यु के पश्चात् जानकारी न होना उचित नहीं है। बालाघाट की घटना अत्यंत खेदजनकबालाघाट में जिस प्रकार से बाघ की मृत्यु के पश्चात् वन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई। यह अत्यंत ही अशोभनीय एवं खेद का विषय है। अम्बाड़े ने समस्त फील्ड डायरेक्टर टाइगर रिजर्व और सीसीएफ एवं सीएफ को निर्देशित किया जाता है कि वन एवं वन्य जीव सुरक्षा वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहनीय नहीं है। अतः भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो इस पर विशेष ध्यान दिया जावे।

लालबर्रा में बाघिन की संदिग्ध मौत: एसडीओ होंगे निलंबित- डीएफओ हटेंगे

Suspicious death of tigress in Lalbarra: SDO will be suspended – DFO will be removed भोपाल। बालाघाट के लालबर्रा रेंज में बाघिन की मौत का रहस्य बरकरार है। स्टेट टाइगर फोर्स बाघिन की मौत पर जांच कर रहीं है पर अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार जहां एसडीओ बी सिरसम को निलंबित किया जा रहा है वहीं डीएफओ अधर गुप्ता को दक्षिण बालाघाट सामान्य वन मंडल से हटाए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। स्पीच सोमवार को कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल से मुलाकात कर डीएफओ के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की पुनः मांग की है। स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा की जा रही जांच का सप्ताह भर बीत गया पर बाघिन की मौत की गुत्थी नहीं सुलझी। यह जरूर है कि वन विभाग का पूरा अमला बंदर की तरह उछल कूद कर रहा है। एक माह का समय बीत गया पर अभी तक न शिकारी पकड़ में आए और न ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। हां, वन्य प्राणी शाखा द्वारा भेजा गया एसडीओ बीआर सिरसाम के निलंबन का प्रस्ताव मंत्रालय के गलियारों में मूव कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि एसडीओ के साथ-साथ डीएफओ अधर गुप्ता पर भी कड़ी कार्रवाई के संकेत मिले हैं। बालाघाट की सक्रिय महिला विधायक अनुभा मुंजारे ने बाघिन की संदिग्ध मौत और उसकी जलाने की प्रक्रिया को लेकर विधानसभा से लेकर मंत्रालय के गलियारों तक न केवल सवाल उठाए बल्कि डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए अब तक सक्रिय हैं। कांग्रेस विधायकों की एक ही मांग है कि डीएफओ गुप्ता के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाए। जंगल महकमे मे यह चर्चा है कि बांधवगढ़ में हाथियों की मौत पर तुरंत एक्शन लेने वाले एसीएस अशोक वर्णवाल दक्षिण बालाघाट डीएफओ अधर गुप्ता पर मेहरबान क्यों है ?विधायकों की मांग अधर गुप्ता हटाएमंगलवार को महिला विधायक अनुभा मुंजारे नेतृत्व में विधायक संजय उइके, विक्की पटेल और मधु भगत के अलावा शत्रुघ्न असाटी ने अधर गुप्ता को दक्षिण वन मंडल से तत्काल हटाने की मांग की है। बातचीत के दौरान महिला विधायक अनुभा मुंजारे ने उन्हें अधर गुप्ता की शहडोल में हुई पोस्टिंग के दौरान तत्कालीन संभाग आयुक्त राजीव शर्मा की उस रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें उन्हें मद्यपान का आदि होने के साथ-साथ फील्ड में मदद न करने का उल्लेख किया था।

बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में कबीर दर्शन यात्रा पर NGT की सख्ती

 NGT’s strictness on Kabir Darshan Yatra in Bandhavgarh Tiger Reserve भोपाल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण, केंद्रीय क्षेत्र पीठ  ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार समिति की सिफारिशों और आवश्यक अतिरिक्त उपायों के साथ तीन माह की समय-सीमा में निर्णय ले तथा उसे प्रकाशित करे। साथ ही एनटीसीए ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को बाद में उपयुक्त मंच पर आवेदन करने का अधिकार होगा। इन निर्देशों के साथ मूल आवेदन का निस्तारण कर दिया गया। भोपाल में मूल आवेदन संख्या 268/2024 (सीज़ेड) अजय शंकर दुबे बनाम  शुभरंजन सेन एवं अन्य में सुनवाई दिनांक 12 अगस्त 25 को हुई। पीठ के समक्ष आवेदक की ओर से अधिवक्ता श्री हरषवर्धन तिवारी उपस्थित हुए, जबकि प्रतिवादियों की ओर से अधिवक्ता श्री प्रशांत एम. हर्ने उपस्थित रहे। इस प्रकरण में आवेदक ने एक गंभीर पर्यावरणीय प्रश्न उठाया, जो बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के क्षेत्र अधिकारी द्वारा श्री सद्गुरु कबीर धर्मदास साहब वंशावली को “दर्शन यात्रा” आयोजित करने की दी गई अनुमति से संबंधित था। यह यात्रा बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के कोर क्षेत्र में प्रस्तावित थी, जो प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बाघ आवास है। आवेदक का कहना था कि यह यात्रा उद्यान के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर खतरा पहुँचाती है, इसकी समृद्ध जैवविविधता को नुकसान पहुँचाती है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972; वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 का उल्लंघन करती है। आवेदक के अनुसार, पिछले वर्षों में इस यात्रा में 14,000 से अधिक लोग शामिल हुए, जिन्होंने संवेदनशील कोर क्षेत्र में प्रवेश किया, चरनगंगा नदी में धार्मिक अनुष्ठान किए, रात्रि विश्राम बिना किसी स्वच्छता सुविधा के किया, बांस काटकर लाठियाँ बनाई, और प्रदूषण, शोर व अन्य गतिविधियों से पारिस्थितिकीय क्षति पहुँचाई। इससे बाघ एवं उनके शिकार प्रजातियों के व्यवहार और प्रजनन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। आवेदक ने यह भी कहा कि दी गई अनुमति में प्रतिभागियों की संख्या सीमित करने, प्रवेश-निकास समय तय करने, स्वच्छता सुविधाएँ उपलब्ध कराने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना लागू करने जैसी आवश्यक शर्तें शामिल नहीं थीं। विनाश का कारण बनते हैं आयोजन कोर क्षेत्र में आवासीय केंद्रीय एनटीसीए पीठ ने यह माना कि ऐसे धार्मिक आयोजन कोर क्षेत्र में आवासीय विनाश का कारण बनते हैं और संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीव एवं वनों की रक्षा के लिए बनाए गए क़ानूनों के विपरीत हैं। सुनवाई में 27 नवम्बर 2024 के प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पत्र का उल्लेख हुआ, जिसमें कुछ शर्तों के साथ यात्रा की अनुमति दी गई थी, तथा वर्ष 2022 में उसी अधिकारी द्वारा राज्य वन विभाग को इस प्रकार की गतिविधियों के नियमन की सिफारिश की गई थी। आवेदक ने सरिस्का टाइगर रिज़र्व के प्रबंधन से संबंधित उच्चतम न्यायालय में लंबित स्वतः संज्ञान याचिका का भी हवाला दिया। एनटीसीए में सरकार का जवाब  प्रदेश राज्य सरकार ने अपने जवाब में कहा कि 6 जनवरी 2025 को कबीर मेला के संदर्भ में हुई बैठक के बाद वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यू.आई.आई.) ने 9 जनवरी 2025 से 18 जनवरी 25 तक कबीर मंदिर तक जाने वाले मार्ग की तीर्थयात्रियों की वहन क्षमता तथा वन्यजीव एवं जैवविविधता पर प्रभाव का अध्ययन किया। डॉ. पराग निगम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में क्षमता 7,000–8,000 यात्रियों की आंकी गई, लेकिन कठिन चढ़ाई, क्षतिग्रस्त मार्ग, और जंगली हाथी व बाघों की उपस्थिति के कारण इसे घटाकर केवल 4,000–5,000 यात्रियों तक सीमित करने की सिफारिश की गई। ऑनलाइन पंजीकरण करें  समिति ने यह भी अनुशंसा की कि सभी यात्री मेले में आने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण करें, जिसकी जानकारी आयोजकों और गुरुओं के माध्यम से एक माह पूर्व दी जाए, और सभी यात्रियों को केवल वाहनों द्वारा कबीर गुफा तक पहुँचने की व्यवस्था की जाए ताकि कोर क्षेत्र में वन्यजीवों को न्यूनतम व्यवधान हो। इन सिफारिशों को राज्य सरकार की स्वीकृति हेतु प्रधान मुख्य वन संरक्षक को भेजा गया और इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) एवं दिशा-निर्देश अंतिम रूप देने की कार्यवाही लंबित थी। राज्य के अधिवक्ता ने कहा कि विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन कर उपाय सुझाए गए हैं, और नीति-निर्माण का अधिकार राज्य सरकार के पास है।

Independence day: प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मना आजादी का जश्न,PCC चीफ बोले- प्रेम,अहिंसा, न्याय हमारी पहचान

Independence day: Independence day celebrated in state Congress office, PCC chief said- love, non-violence, justice are our identity मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में 15 अगस्त के अवसर पर जश्न मनाया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को 79वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होने कहा कि आजादी सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि विचार और मूल्यों की यात्रा है। कांग्रेस की विचारधारा, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और संविधान व मानवता के सिद्धांतों पर आधारित है, देश को एकता, भाईचारा और शांति की दिशा देती रही है। उन्होंने महान नेताओं के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि प्रेम, अहिंसा और न्याय की परंपरा गांधीजी से लेकर राहुल गांधी तक कांग्रेस की पहचान रही है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले, वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल, राजीव सिंह, जेपी धनोपिया, रामेश्वर नीखरा महेंद्र जोशी, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, भोपाल शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, सहित कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विश्व शांति हमारी विचारधाराएमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ध्वजारोहण के बाद पार्टी का सन्देश दिया। उन्होंने कहा, ’78 साल की आजादी की यात्रा में कांग्रेस की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। कांग्रेस राजनैतिक दल के साथ विचारधारा है। वसुधैव कुटुम्बकम, विश्व शांति हमारी विचारधारा है। संविधान और मानवता हमारी विचारधारा है। भारत विश्वगुरु जब हम प्रथम आएंगे तब कांग्रेस की विचारधारा नेतृत्व करेगी।’ देश की आजादी में कांग्रेस ने योगदान दियाउन्होंने आगे कहा, ‘देश की आजादी में तो कांग्रेस ने योगदान दिया ही है, साथ ही एकता और अखंडता में भी योगदान दिया। संविधान, वोट के अधिकार को बचाने की कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी। संविधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता बचाने का हमारा संकल्प है। देश में गरीब और गरीब होता जा रहा है। बेरोजगारी, नशा, महिला सुरक्षा, बढ़ती महंगाई देश के लिए चुनोती है। जातिगत जनगणना, गरीबों की पहचान करना हमारा उद्देश्य। बीजेपी की सरकार 27% ओबीसी आरक्षण को रोकने कोर्ट में वकील भेज रही है। पाकिस्तान के खिलाफ देश एकजुट हुआ था, लेकिन निराशा हाथ लगी।

वन विभाग में खरीदनी थी फोर व्हील ड्राइव खरीद ली टू व्हील ड्राइव….!

I had to buy a four wheel drive from the forest department but bought a two wheel drive…! भोपाल। जंगल महकमे में 26 करोड़ के 214 वाहनों की खरीदी को लेकर उठे सवाल थम ही नहीं रहे हैं। अब इसकी अनुगूंज विधानसभा के मानसून सत्र में सुनाई देगी। कांग्रेस विधायक ध्यानाकर्षण के जरिए यह मुद्दा उठाने जा रहे हैं। सूचना अधिकार के तहत मिले दस्तावेज के अनुसार डॉ दिलीप कुमार की अध्यक्षता वाली क्रय समिति ने फोर व्हील ड्राइव वाहन खरीदने की अनुशंसा की थी किंतु कतिपय शीर्ष अधिकारियों के निजी हितार्थ के चलते टू व्हील ड्राइव वाहनों की खरीदी की गई। चिंता जनक पहलू यह है कि टू व्हील ड्राइव वाली वाहन महंगी कीमत पर खरीदे गए।सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेज वाहन क्रय करने के लिए तीन कमेटियां इसलिए बनाई गई, ताकि वाहन खरीदी में गड़बड़ करने की मंशा से अधिकारी अपनी मनमर्जी कर सके। यही वजह रही की तीन बार क्रय समिति का गठन करना पड़ा। जबकि पहले क्रय समिति के अध्यक्ष रहे डॉ दिलीप कुमार कमेटी ने फोर व्हील (4wD) वाहन खरीदने की अनुशंसा की थी। इस सवाल का जवाब वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के पास नहीं है कि जब फोर व्हील ड्राइव स्कार्पियो-एन 15.84 लाख कीमत पर मिल रही थी तो फिर टू व्हील ड्राइव स्कार्पियो 18.24 कुल लागत में क्यों खरीदी ? वन विभाग के लिए 4wD वाहन की रिक्वारमेंट थी, क्योंकि जब शहर और गांवों की रोड समाप्त होते है तब वन विभाग की सीमा आरंभ होती है। कच्चे, रेतीले, गिट्टो, और पहाड़ों पर वन विभाग का वाहन चलता है। ऐसी जगह पर 4wD वाहन की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार वाहन खरीदते समय अधिक ग्राउंड क्लीयरेंस का ध्यान भी नहीं रखा गया। डॉ दिलीप कुमार के रिटायर्ड होने के बाद यूके सुबुद्धि और उसके बाद सुदीप सिंह अध्यक्षता वाली कमेटियां बनाई गई। समिति में विशेषज्ञ को जगह नहीं दी गई थी। इन कमेटियों को भौगोलिक परिस्थितियों का अध्ययन कर वाहन स्पेसिफिकेशन और दरों का तुलनात्मक पत्रक नहीं बनाया। यानि कम से कम दो अलग-अलग कंपनियों के वाहन मॉडल तय करना था पर एक ही कंपनी को परचेज ऑर्डर जारी कर दिए गए। यानी पूर्व से ही या तय कर लिया गया था कि महिंद्रा एन्ड महिंद्रा कंपनी के विशेष वाहन खरीदने हैं।वित्त विभाग के परिपत्र की अनदेखीवाहन क्रय समिति वित्त विभाग के सर्कुलर की अनदेखी की। यानि एसीएस और वन बल प्रमुख को भी गुमराह किया। वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार अफसर के लिए वाहन पे-स्केल के आधार पर खरीदने का प्रावधान है। यदि पात्रता से अधिक कीमत ( स्कॉर्पियो और इनोवा जैसी अधिक कीमत वाली वाहन) की वाहन खरीदना था तब संबंधित प्रस्ताव पर कैबिनेट के मंजूरी लेना चाहिए थी।राइट ऑफ वाहन की सूची में गड़बड़ी15 वर्ष पुराने वाहनों को राइट ऑफ किए जाने के एवज में नए वाहन खरीदने की बात कही जा रही है। राइट ऑफ वाहनों की सूची में भी गड़बड़ी प्रकाश में आई है। दस्तावेज के आधार पर आरटीआई एक्टिविस्ट पुनीत टंडन ने दावा किया है कि सूची में दिए गए वाहनों के नंबरों का मिलन परिवहन विभाग की बेवसाइट पर मिलान किया तब 5 वाहन के नंबर एम्बुलेंस के बताए जा रहें हैं। एक वाहन का नंबर तो इंदौर आरटीओ का है जो फाइनेंस पर ली गई है।

जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में नकली कृषि उत्पादों से किसानों को हो रहे भारी नुकसान पर चिंता व्यक्त की, सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की

Jeetu Patwari expressed concern over the huge losses being suffered by farmers in Madhya Pradesh due to fake agricultural products, demanded immediate action from the government भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में नकली खाद, नकली बीज और नकली कीटनाशकों की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिससे किसानों को अभूतपूर्व वित्तीय संकट और फसल हानि का सामना करना पड़ रहा है। पटवारी ने आज मोहन सरकार पर किसानों के प्रति उदासीनता और इस गंभीर मुद्दे को रोकने में विफलता का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा,मध्य प्रदेश का किसान पहले से ही मौसम की मार और बढ़ती लागत से जूझ रहा है। ऐसे में नकली खाद, बीज और कीटनाशक उसकी कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं। बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे है अमानक उत्पाद किसानों की मेहनत और पूंजी को बर्बाद कर रहे हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है और वे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं।” प्रमुख बिंदु जो पटवारी ने उठाए:व्यापकता और प्रमाण:पिछले कुछ महीनों में, राज्य के विभिन्न जिलों से नकली उत्पादों की बिक्री और उपयोग के कारण किसानों को हुए नुकसान की अनगिनत शिकायतें मिली हैं। मंडला, सिवनी, रायसेन, सीहोर, विदिशा, और हरदा जैसे जिलों में किसानों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि नकली बीज बोने के बाद अंकुरण नहीं हुआ, नकली खाद से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हुई, और नकली कीटनाशकों ने कीटों पर कोई असर नहीं दिखाया, जिससे उनकी फसलें तबाह हो गईं। आर्थिक नुकसान का अनुमान:प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, नकली उत्पादों के कारण राज्य के किसानों को अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए विनाशकारी है। सरकार की निष्क्रियता: जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से इस समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। “निरीक्षण, जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। स्वयं केंद्र के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सरकार को आईना दिखाते हुए नकली खाद ,नकली बीज ,नकली कीटनाशक ,के विषय को उठाया इसके बाबजूद सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों का शोषण:नकली उत्पादों की बिक्री न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि किसानों के मनोबल को भी तोड़ रही है। कई किसान अपनी जमीन बेचने या सूदखोरों से कर्ज लेने पर मजबूर हो रहे हैं, जिससे आत्महत्या के मामले बढ़ने का भी खतरा है।पटवारी ने चेतावनी दी,“यदि सरकार ने जल्द ही इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। हम किसानों को उनके हक से वंचित नहीं होने देंगे।

मॉनसून सत्र की बारिश से पहले राजनीतिक गरमाहट: सरकार-जवाबदेही और विपक्ष-रणनीति आमने-सामने

Political heat before the monsoon session rains: Government-accountability and opposition-strategy face to face भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, और 8 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 10 बैठकें प्रस्तावित हैं। यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार जहां अनुपूरक बजट लेकर आने वाली है, वहीं कांग्रेस विपक्ष जनहित और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। नई भूमिका में हेमंत खंडेलवालबैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल, जिन्हें हाल ही में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया है, अब विधानसभा में पहली पंक्ति में स्थान पाएंगे। यह न सिर्फ उनकी बढ़ी हुई भूमिका का संकेत है, बल्कि पार्टी के भीतर नई राजनीतिक रणनीति का भी प्रतीक है। 3,377 प्रश्न, 191 ध्यानाकर्षण और एक स्थगन प्रस्तावविधानसभा सचिवालय को इस सत्र के लिए 3,377 सवाल मिल चुके हैं, जिनमें से अनेक सवाल शासन की जवाबदेही को कठघरे में खड़ा करेंगे। 191 ध्यानाकर्षण सूचनाएं और एक स्थगन प्रस्ताव यह दर्शाते हैं कि सत्र में विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने जा रहा है। बजट की प्राथमिकता – सिर्फ जनहितमोहन सरकार अनुपूरक बजट लाने की तैयारी में है, लेकिन इस बार सरकार का रुख फिजूलखर्ची के खिलाफ सख्त और जनहित योजनाओं के पक्ष में दिख रहा है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वाहन जैसी गैर-ज़रूरी मांगें न भेजें। यह रुख सरकार की वित्तीय अनुशासन और छवि सुधार की मंशा को दर्शाता है। रणनीति की थाली: कांग्रेस विधायकों की डिनर बैठकसत्र की पूर्व संध्या पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होटल में होगी। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, मांडू में हुए नव संकल्प शिविर में तय किए गए मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। चर्चा है कि जल जीवन मिशन घोटाले जैसे संवेदनशील मुद्दों को आक्रामक ढंग से उठाया जाएगा। सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे रोस्टर मंत्रीमुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि हर दिन सदन में कम से कम तीन मंत्री रोस्टर अनुसार अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। ये मंत्री न केवल सवालों के जवाब सुनिश्चित करेंगे, बल्कि विधायकों की उपस्थिति भी ट्रैक करेंगे। यह पहल सरकार की तैयारियों को संगठित रूप में दर्शाती है। मानसून सत्र – बहस, बजट और भरोसे की परीक्षायह मानसून सत्र सिर्फ सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि सरकार की नीयत और विपक्ष की धार का टेस्ट बन गया है। एक ओर जहां सरकार बजट से भरोसा पैदा करना चाहती है, वहीं विपक्ष जवाबदेही से सरकार को झकझोरने की रणनीति बना रहा है। अगले दस दिन नीतियों से ज्यादा नीयत की परीक्षा साबित होंगे।

राज्यपाल पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं के साथ किया सह-भोज

Governor Patel had lunch with differently abled girls भोपाल ! राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुश्री गुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया। राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुश्री दिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुश्री किरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुश्री गुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।

मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू, ओबीसी कल्याण आयोग में कुसमारिया को अध्यक्ष और मौसम बिसेन को बनाया सदस्य

Political appointments started in Madhya Pradesh, Kusmaria appointed as Chairman and Mausam Bisen as member in OBC Welfare Commission भोपाल। हेमंत खंडेलवाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के 21 दिन के भीतर ही मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर बड़ा निर्णय हुआ है। बुधवार को डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया को ओबीसी कल्याण आयोग का अध्यक्ष और मौसम बिसेन को सदस्य बनाने का आदेश जारी हुआ है। इसके साथ ही पार्टी ने राजनीतिक नियुक्तियों की शुरुआत के संकेत दे दिए हैं। मौसम बिसेन पूर्व मंत्री गौरी शंकर बिसेन की बेटी हैं, जो वर्ष 2021 में आयोग के गठन के साथ अगस्त 2023 तक इसके अध्यक्ष रहे। अब उनकी जगह ओबीसी आयोग के अध्यक्ष कुसमारिया को कल्याण बोर्ड का भी अध्यक्ष नियुक्त करने के साथ ही संतुलन की दृष्टि से मौसम को सदस्य बनाया गया है। बालाघाट से टिकट दिया थाबता दें कि पार्टी ने मौसम बिसेन को विधानसभा चुनाव में भी बालाघाट से टिकट दिया था। बाद में इसे बदलकर गौरी शंकर बिसेन को लड़ाया था, जिसमें वह हार गए थे। मौसम की नियुक्ति के साथ उन नेताओं में भी निगम, मंडल और आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य बनने की आस जगी है, जो लंबे समय से प्रतीक्षा में हैं। इसमें विधानसभा चुनाव हार चुके तो कुछ कांग्रेस से आए नेता भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव के पहले 13 फरवरी 2024 को 46 निगम, मंडल और आयोगों में नियुक्तियां रद कर दी थीं। सभी नियुक्तियां शिवराज सरकार में हुई थीं। 25 पदों पर 2021 में नियुक्तियां हुई थीं। शैलेन्द्र बरुआ, जितेन्द्र लिटोरिया और आशुतोष तिवारी जैसे भाजपा के संगठन मंत्रियों को भी निगम मंडलों में जगह मिली थी। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 14 सामाजिक कल्याण बोर्ड भी बनाए थे। हालांकि, इनकी नियुक्तियां रद नहीं की गई थीं। नए प्रदेश अध्यक्ष की प्रतीक्षा में टलती रहीं नियुक्तियांमाना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ ही राजनीतिक नियुक्तियां प्रारंभ होंगी, पर अध्यक्ष का निर्वाचन दो जुलाई 2025 को पूरा हो पाया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य नहीं होने से कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। नीतिगत निर्णय नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है अब चरणबद्ध तरीके सभी निगम मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियां शीघ्र होंगी। सबसे पहले उन्हें लिया जा सकता है, जिनके लिए दावेदार कम हैं और नियुक्ति में अंदरूनी विरोध होने की संभावना नहीं है। सत्ता-संगठन के सामंजस्य से सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण को देखते हुए नियुक्तियां की जाएंगी। प्रदेश में वर्ष 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इस कारण पार्टी का पूरा जोर संतुलन पर रहेगा, जिससे कोई नाराज नहीं होने पाए। अगले चरण में कैबिनेट विस्तार की संभावनाराजनीतिक नियुक्तियों के बाद अगली कड़ी में सरकार मंत्रिमंडल में रिक्त तीन पदों को भरने के लिए कैबिनेट का विस्तार भी कर सकती है। कई महीने से विस्तार की अटकलें चल रही हैं।

बड़ी खबर, अब ‘राम बाग’ कहलाएगा अशोका गार्डन, हमीदिया और हबीबगंज का नाम भी बदलेगा

ashoka garden now called ram bagh hamidia and habibganj also renamed Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर के प्रमुख जगहों के नाम बदलकर शहर सरकार ‘शुद्धिकरण अभियान’ चला रही है। दावा किया जा रहा है कि, अब गुलामी और विदेशी आंक्राताओं के नाम से नहीं, बल्कि भोपाल की पहचान भारतीय संस्कृति के नामों से होगी। इसी के चलते नगर निगम द्वारा हमीदिया कॉलेज, हमीदिया अस्पताल, हबीबगंज के साथ-साथ शहर के कई प्रमुख इलाकों के नाम बदलने के लिए शासन से मांग की है। इसी के तहत मेयर इन काउंसिल (MIC) ने शहर के बड़े और प्रमुख इलाके में शामिल अशोका गार्डन का नाम बदल भी दिया है। इस इलाको को अब ‘राम बाग’ नाम से जाना जाएगा। मीडिया से बातचीत के दौरान नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि, गुलामी और विदेशी आक्रांताओं के नामों को बदलना जरूरी है। भारतीय संस्कृति के नामों से भोपाल को राजा भोजपाल की पहचान मिले। कई सड़कों और संस्थानों के नाम बदलने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शहर सरकार की शक्तियों का उपयोग कर अशोका गार्डन का नाम बदलकर राम बाग का प्रस्ताव पारित हुआ है। निगम अद्यक्ष ने कहा कि, भोपाल का नवाब रहा हमीदुल्लाह खान के नाम की सड़कों के नाम बदले। भोपाल का हमीदुल्लाह खान पाकिस्तान में विलय चाहता था। इसलिए ये शुद्धिकरण का अभियान है। विपक्ष के मति में भ्रम और अशुद्धि है।

भोपाल प्रशासन का बड़ा फैसला, स्कूलों में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगेगा, बच्चों की सेफ्टी के सही नहीं

Bhopal administration’s big decision, e-rickshaws will be banned in schools, not good for children’s safety भोपाल: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ई-रिक्शा पर रोकई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकारसांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।

धार वन मंडल में टेंडर प्रक्रिया को लेकर हुई गड़बड़झाला

There was a mess in the tender process in Dhar forest division भोपाल। इंदौर सर्किल के अंतर्गत वन विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। धार वन मंडल में टेंडर प्रक्रिया को लेकर हुई गड़बड़ियों की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल और वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारियों को की गई है। आरोप है कि अफसरों और सप्लायर्स के गठजोड़ (नेक्सस) के चलते निविदाएं नियमों को ताक पर रखकर जारी की गईं, जिससे खास सप्लायर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके।धार वन मंडल की संदिग्ध निविदाएंशिकायतकर्ता हितेंद्र भावसार ने बताया कि धार वन मंडल अधिकारी द्वारा 3 जुलाई को पांच निविदाएं जेम पोर्टल पर प्रकाशित की गईं। इनके क्रमांक इस प्रकार हैं —GEM/2025/B/6413130GEM/2025/B/6411838GEM/2025/B/6412580GEM/2025/B/6412737GEM/2025/B/6413223ये निविदाएं महज एक दिन के भीतर यानी 4 और 5 जुलाई को पूर्ण भी कर दी गईं। आरोप है कि इस प्रक्रिया में क्रय भंडार नियमों और वन बल प्रमुख द्वारा निर्धारित मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई है। यह भी कहा गया है कि जिन वस्तुओं के लिए निविदाएं निकाली गईं, उन्हें पहले भी तीन बार प्रकाशित किया गया था, लेकिन हर बार उन्हें बिना कारण बताए निरस्त कर दिया गया। वन मुख्यालय से नहीं ली गई अनुमतिमध्यप्रदेश के वन नियमों के अनुसार, किसी भी निविदा को निर्धारित समय से पूर्व निरस्त करने के लिए वन मुख्यालय से पूर्वानुमति लेना आवश्यक होता है। मगर धार वन मंडल अधिकारी ने यह जरूरी प्रक्रिया नहीं अपनाई। इस मामले में संदेह जताया जा रहा है कि इंदौर सर्किल के प्रभावशाली अधिकारियों और एक खास सप्लायर के बीच सांठगांठ है और उसी को लाभ पहुंचाने के लिए पूरी निविदा प्रक्रिया को मनमर्जी से चलाया गया। हॉफ के दिशा-निर्देशों की अवहेलनायह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब यह देखा जाए कि वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने सप्लायर्स और अधिकारियों के इस गठजोड़ को तोड़ने के लिए ‘उत्तम शर्मा कमेटी’ बनाई थी। इस कमेटी ने प्रदेश के लिए統一ित (एकजाई) निविदा नियम तय किए थे। इसके तहत निर्देश दिए गए थे कि सभी निविदाएं केवल जेम पोर्टल पर ही नहीं बल्कि विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएं ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।हालांकि धार वन मंडल में न तो विभागीय पोर्टल पर जानकारी दी गई और न ही पारदर्शिता के नियमों का पालन किया गया। यह सीधे तौर पर विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना है। आईटी शाखा की रिपोर्ट भी हुई नजरअंदाजपूर्व में वन विभाग की आईटी शाखा द्वारा विभाग के हॉफ (हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स) को एक रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसमें ऐसे मामलों में लगातार नियमों की अनदेखी और नेक्सस की गतिविधियों को उजागर किया गया था। लेकिन उस रिपोर्ट पर भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय प्रमुख स्तर पर भी ऐसी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायतअब जबकि यह शिकायत सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच चुकी है, विभागीय हलकों में हलचल बढ़ गई है। हितेंद्र भावसार ने अपने पत्र में मांग की है कि धार वन मंडल में हुई निविदा प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। पृष्ठभूमि: क्यों जरूरी है पारदर्शितामध्यप्रदेश वन विभाग में बीते कुछ वर्षों में कई टेंडर प्रक्रियाओं पर सवाल उठे हैं। सप्लायर्स और अधिकारियों के बीच बने अपारदर्शी गठजोड़ के कारण विभाग की छवि लगातार धूमिल हो रही है। यह मामला इस बात की एक और बानगी है कि कैसे विभागीय आदेशों को दरकिनार कर कुछ चहेते सप्लायर्स को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

प्रशासनिक एक्सरसाइज किए बिना वन विभाग में हुए तबादले, कुछ वनमंडल हुए ACF विहीन

Transfers took place in the forest department without any administrative exercise, some forest divisions were left without ACF भोपाल। तबादलों के मौसम में मैनेजमेंट कोटे के आधार पर ACF और रेंजरों के ताबड़तोड़ ट्रांसफर किए गए। पहली बार ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रशासनिक एक्सरसाइज किए बिना ही स्थानांतरण कर दिए गए। अब पीसीसीएफ प्रशासन विवेक जैन को आईएफएस अफसरों के व्हाट्सप्प ग्रुप पर पोस्ट कर पूछना पड़ रहा है कि समस्त उपवनमंडल रिक्त हो जाते हैं तो तत्काल मेरे फोन पर विवरण भेजे।गत दिनों वन विभाग में एसडीओ और रेंजर्स के तबादले किए गए। पहली बार अधिकारियों ने अपनी मनमानी कर तबादला सूची जारी की। यही वजह रही कि जारी किए गए स्थानांतरण आदेश आने के बाद प्रशासन-एक के पीसीसीएफ विवेक जैन की प्रशासनिक अक्षमता भी उजागर हो गई। अर्थात प्रशासनिक एक्सरसाइज किए बिना स्थानांतरण सूची को अंतिम रूप दे दिया गया। इसके परिणाम स्वरूप कुछ वन मंडल ACF विहीन हो गए। अब प्रशासन एक के पीसीसीएफ को अपने व्हाट्सप्प ग्रुप को यह पोस्ट करना पड़ा कि ‘वर्तमान में हुए ACF स्थानांतरण के पश्चात यदि किसी वनमण्डल के समस्त उपवनमंडल रिक्त हो जाते हैं तो तत्काल मेरे फोन पर विवरण भेजे।’ यही नहीं, मुख्यालय पदस्थ और अपने निज सहायक कि ड्यूटी लगाई है किवह सभी वन मंडलों में लगाकर जानकारी ले और स्थानांतरित एसीएफ को भारमुक्त कराने डीएफओ दबाव बनाएं। उनके पोस्ट जब प्रशासन-एक शाखा से सेवानिवृत पीसीसीएफ से बातचीत की। पहले तो हंसे और फिर बोले कि पूरी प्रशासनिक एक्सरसाइज इस बात के लिए की जाति है कि कहीं वनमण्डल में स्वीकृत एसीएफ के सभी पद रिक्त तो नहीं हो जाएंगे। ऐसी स्थिति बनने के पूर्व ही कितनी ही उच्च दबाव बने पर हम तबादला नहीं करते थे। ऐसी स्थिति में मंत्री और अन्य राजनेताओं के नाराजगी भी झेलनी पड़ती है। एक करने पीसीसीएफ स्तर के अधिकारी की टिप्पणी है कि यह तो प्रशासनिक दिवालियापन है। कुछ डीएफओ ने भार मुक्त करने से किया इंकारपीसीसीएफ विवेक जैन की पोस्ट के बाद मालवांचल क्षेत्र के डीएफओ ने पीसीसीएफ मुख्यालय को पत्र लिखकर उनके वन मंडल में एकमात्र एसीएफ को भारमुक्त करने से मना कर दिया है। इंदौर वन मंडल में दो एसीएफ पदस्थ हैं और दोनों को ही स्थानांतरित कर दिया गया और अब रालामंडल के अधीक्षक को मैनेजमेंट के आधार पर इंदौर का अतिरिक्त प्रभार देने के निर्देश भोपाल से दिए गए हैं। हास्यास्पद पहलू यह कि इंदौर में पदस्थ एसीएफ का स्थानांतरण इसलिए कर दिया गया क्योंकि पिछले दिनों संपन्न कार्यशाला में कई अफसरों और उनकी पत्नियों की इच्छा अनुसार व्यवस्था नहीं कर पाया था। ट्रांसफर नीति का खुला उल्लंघनशीर्ष अधिकारियों ने एसीएफ और रेंजर्स के तबादले करते समय राज्य सरकार के स्थानांतरण नीति का भी उल्लंघन किया। नीति में साफ तौर पर पति-पत्नि का एक साथ रहने का अधिकार दिया है। इसका पालन वन विभाग ने नहीं किया गया। रीवा सर्किल ऑफिस के संलग्नाधिकारी विद्या भूषण मिश्रा का ट्रांसफर खरगोन वनमंडल कर दिया। जबकि उनकी पत्नि रीवा आईटीआई कॉलेज में प्रशिक्षण अधिकारी हैं। वैसे भी रीवा में सामाजिक वानिकी में एसडीओ के दो पद खाली है। मिश्रा को तत्काल प्रभाव से बाहर मुक्त कर दिया है और उनका प्रभार सीनियर रेंजर को सौंपा है, जोकि प्रभारी एसडीओ है। अब रेंजर के पास मऊगंज और रीवा का प्रभार आ गया है। यानी यहां भी मुख्यालय के अफसर ने प्रभार का खेल खेला है। मंत्रालय में बरसों से जमे हैं एसडीओ और बाबूरेंजर संगठन के व्हाट्सएप ग्रुप में एक यक्ष प्रश्न उठाया है कि क्या वन विभाग अंतर्गत ट्रान्सफर नीति और ट्रान्सफर केवल वन विभाग के वर्दी वाले लोगों के लिए लागू होते हैं ? क्या ट्रांसफर नीति वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मुख्यालय के एसीएफ और उनके बाबुओं के लिए नहीं? मुख्यालय के साथ-साथ प्रदेश के अनेक वन वृत्तों और वनमण्डलों में सैकड़ों की संख्या में ऐसे बाबू हैं जिनकी नियुक्ति उसी ऑफिस में पार्टिकुलर उसी शाखा में हुई और उसी में प्रमोशन और रिटायरमेंट हुआ। लेकिन उनका ट्रांसफर उस शाखा और उस ऑफिस से नहीं हुआ। संरक्षण शाखा, कैम्पा, वित्त एवं बजट, प्रशासन, एचआरडी आदि शाखाओं 4-5 सालों से एसीएफ और 8-9 सालों से कंप्यूटर ऑपरेटर जमे हैं पर उनका ट्रांसफर करने की हिमाकत कोई नहीं कर पा रहा है। ये कंप्यूटर ऑपरेटर शाखा चला रहे हैं और उनके अफसर रबर स्टाम्प बने हुए है। सूत्रों की खबर यह भी है कि कतिपय कंप्यूटर ऑपरेटर अपने अपने मुखियाओं के नाम से डीएफओ-एसडीओ और रेंजर्स से चौथ वसूली भी करते हैं। पिछले दिनों नई वाहनों के रजिस्ट्रेशन के नाम पर धन संग्रह किए गए हैं।

तबादला और पोस्टिंग में एसीएस-पीएस की मनमानी, मंत्रियों में नाराजगी

ACS-PS’s arbitrariness in transfer and posting, ministers unhappy उदित नारायणभोपाल। प्रदेश में एक महीना 17 दिन ट्रांसफर और पोस्टिंग का सीजन चला। सरकार ने मंत्रियों को छूट दी थी, लेकिन ट्रांसफर-पोस्टिंग में विभाग के एसीएस-पीएस ने अपनी मनमार्जी चलाई और उन्होंने ही अपनी रणनीति के तहत अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए। चिंताजनक पहलू यह है कि गंभीर बीमारी से जुड़े प्रकरणों में कर्मचारियों को ट्रांसफर का लाभ नहीं मिला। जबकि नीति में गंभीर बीमारी, परिवार में बीमार और पति-पत्नी को एक ही जिले में पदस्थ करने का प्रावधान किया गया था। वन विभाग ने तो ‘ए-प्लसÓ की नोटशीट तक की सिफारिशों को दरकिनार कर दिया है। आखिरी दिन तक वन मंत्रालय में तबादला सूची में मैनेजमेंट कोटे के आधार देर रात तक नाम कटते और जुड़ते रहे। तबादला सीजन में मंत्रियों और प्रमुख सचिवों के बीच तालमेल की कमी भी खुलकर सामने आई है। तबादले के लिए तमाम मनुहार कर बैन हटवाने वाले मंत्रियों को अपने मिलने-जुलने वालों के तबादले और पोस्टिंग करने का मौका नहीं मिल सका है। वरिष्ठ अफसरों ने इसके लिए सरकार के नियमों को भी दरकिनार किया है। एसीएस और मंत्रियों के बीच खींचतान की वजह से कई विभागों में 8 फीसदी तक तबादले नहीं हो पाए हैं। वहीं कई विभागों द्वारा अब बैकडेट में तबादला आदेश जारी किए जा रहे हैं। राजस्व विभाग ने 509 पटवारियों का तबादला किए। इसके बाद 89 पटवारियों के आधी रात को आदेश जारी कर दिए गए हैं। अभी कुछ सूची जारी करने की तैयारी विभाग कर रहा है। वह भी बैकडेट में होने की तैयारी चल रही है। वन विभाग में फारेस्ट गार्ड, प्रभारी रेंजर से लेकर एसडीओ तक के ट्रांसफर 17 और 18 जून तक जारी किए गए हैं। सीएम के विभागों को लेकर खासी माथा-पच्चीमुख्यमंत्री के पास गृह, जेल, उद्योग, नर्मदा घाटी, विमानन, वन जैसे करीबन 10 से ज्यादा विभाग हैं। इन विभागों में जितने भी ट्रांसफर किए गए हैं, उसमें सीएम मॉनिट के नाम पर एसीएस-पीएस ने अपनी मनमानी की है। वन विभाग में दीगर मंत्रियों को डस्टबिन में डाल दिया गया। इससे मंत्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। साथ ही स्थानांतरित हुए अधिकारियों-कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। कई अधिकारियों का मैनेजमेंट कोटे से मनपसंद पोस्टिंग कराने की सिफारिश मंत्रियों और शीर्षस्थ अधिकारियों से की थी। उनके नाम सूची में आए, लेकिन चाही गई जगह नहीं मिली। यहां भी देर रात तक नाम कटते और जुड़ते रहे हैं। यही वजह रही कि एक रेंजर स्वस्ति श्री जैन की पोस्टिंग 2 जगह कर दी गई। कुछ मामलों में जहां जगह ही नहीं, वहां भी तबादले किए गए हैं। वन विभाग में चर्चा है कि मंत्रालय के अधिकारियों ने जमकर मनमानी की, क्योंकि वन विभाग सीएम के पास है और उनके पास गृह जेल उद्योग और आईएएस की पोस्टिंग संबंधित महत्वपूर्ण कार्य हैं। इसके कारण उनका वन विभाग पर फोकस कम रहा और इसका फायदा नौकरशाह और शीर्ष अफसरों ने जमकर उठाया। यही स्थिति जेल विभाग में भी रही। उद्योग विभाग की सूची का तो कर्मचारियों को पता ही नहीं चला। एमएसएमई विभाग में मंत्री चेतन्य काश्यप के प्रस्तावों को तवज्जो ही नहीं दी गई। उधर, पीएचई में किए गए तबादलों में विभागीय मंत्री द्वारा की गई अनुशंसाओं को दरकिनार कर ट्रांसफर किए गए। यह सब मुख्यमंत्री के नाम पर विभागों के अफसरों ने खेल खेला है। इस मामले में तो कर्मचारियों ने विभागाध्यक्षों पर लेनदेन के भी आरोप लगाए हैं। मंत्री प्रहलाद पटेल की तबादलों में नहीं चलीकैबिनेट में प्रहलाद पटेल कद्दावर मंत्रियों में गिने जाते हैं, लेकिन तबादलों में अफसरों ने उनकी नहीं सुनी। तबादला आदेश जारी करने के दौरान अफसरों ने यह कहकर मंत्री के नाम रिजेक्ट किए कि यह तीन फार्मूले में फिट नहीं बैठते हैं। ये फार्मूला है-पारस्परिक तबादला, गंभीर बीमारी जैसे कैंसर या ब्रेन ट्यूमर तथा तीसरा महिला का अपने परिवार से दूर पदस्थ होना बताया गया। यही वजह है कि मंत्री के यहां से गए प्रस्तावों पर तबादले नहीं किए गए। उधर, आजीविका मिशन, आरईएस, पंचायत राज सहित अन्य विभागाध्यक्ष कार्यालयों में ट्रांसफर खुलकर किए गए हैं। राजस्व विभाग के पीएस विवेक पोरवाल ने मंत्री करण सिंह वर्मा की भी नहीं सुनी, ऐसी चर्चा है। मंत्री ने जो सूची भेजी, उसमें भारी काट-छांट करते हुए प्रमुख सचिव और सीएलआर ने नामात्र के तबादले किए हैं।

एमपी के पूर्व मुख्य सचिव भ्रष्टाचार के केस में फंस गए लगते हैं। उनके खिलाफ लोकायुक्त ने जांच शुरु कर दी है।

The former Chief Secretary of MP seems to be trapped in a corruption case. The Lokayukta has started an investigation against him. एमपी के पूर्व मुख्य सचिव भ्रष्टाचार के केस में फंस गए लगते हैं। उनके खिलाफ लोकायुक्त ने जांच शुरु कर दी है। प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और आजीविका मिशन के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी ललित मोहन बेलवाल के खिलाफ ये जांच शुरू की गई है। प्रदेश के पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायत पर भोपाल लोकायुक्त ने ये कार्रवाई की है। सकलेचा ने पूर्व मुख्य सचिव बैंस और बेलवाल पर सन 2018-19 से सन 2021-22 के दौरान पोषण आहार तथा अन्य योजनाओं में 500 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। ऑडिटर जनरल ने मार्च 2025 में विधानसभा में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इकबाल सिंह बैंस ने सन 2017 में अपने चहेते बेलवाल को वन विभाग से प्रतिनियुक्ति पर लाकर आजीविका मिशन का सीईओ बना दिया था। ललित मोहन बेलवाल सन 2018 में सेवानिवृत्त हो गए थे। तब भी इकबाल सिंह बैंस ने जून 2020 में उन्हें संविदा आधार पर पुनः आजीविका मिशन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बना दिया। एक वर्ष के लिए की गई इस नियुक्ति के फौरन बाद बेलवाल ने पोषण आहार बनाने का काम एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन से लेकर आजीविका मिशन को दे दिया।शिकायतकर्ता कांग्रेस विधायक पारस सकलेचा का आरोप है कि इकबाल सिंह बैंस और उनके चहेते बेलवाल ने षड्यंत्रपूर्वक पोषण आहार बनाने वाली सातों फैक्ट्री का कार्य आजीविका मिशन को दिया। दिसंबर 2018 में कमलनाथ की कांग्रेस सरकार बनने पर घोटाले को देखते हुए यह काम पुनः एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन को दे दिया गया था। हालांकि 23 मार्च 2020 को पुनः बीजेपी की सरकार बन गई। तब शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने दूसरे ही दिन इकबाल सिंह बैंस को मुख्य सचिव बना दिया था। ऑडिट रिपोर्ट में हुआ भ्रष्टाचार का खुलासासन 2018 से सन 2021 तक पोषण आहार में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया। वितरण, परिवहन और गुणवत्ता में बड़ीगड़बड़ी की गई। ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट से भी इसकी पुष्टि हुई। ऑडिटर जनरल ने सन 2018-19 से लेकर सन 2021-22 तक 481.79 करोड़ का घोटाला पाया। 4 साल की अवधि में महज 8 जिलों की जांच में यह गड़बड़ी पाई गई थी। मार्च 2025 में विधानसभा के पटल पर यह प्रतिवेदन रखा गया।

पशुपालन विभाग का नया नाम गौपालन विभाग, एमपी की मोहन सरकार ने की बड़ी घोषणा

New name of Animal Husbandry Department is Cow Husbandry Department भोपाल! एमपी सरकार के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव शुक्रवार को भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने डॉक्टर भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए। साथ ही गौशालाओं के लिए 90 करोड़ रुपये की राशि जारी की। इसके साथ ही उन्होंने पशुपालन विभाग का नया नामकरण भी किया है। सीएम मोहन यादव ने पशुपालन विभाग का नाम बदलकर गौपालन विभाग करने की भी घोषणा की है। सीएम यादव ने आचार्य विधासागर जीव दया पुरस्कार भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को दूध की राजधानी बनना चाहिए। उन्होंने राज्य स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन में मध्य प्रदेश को दूध उत्पादन में नंबर वन बनाने का लक्ष्य रखा। दूध का महत्व बढ़ाने को लेकर कामसीएम मोहन ने कहा कि एमपी को दूध उत्पादन में सबसे आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश नदियों का मायका है। दूध का महत्व आर्थिक रूप से बढ़े, इस दिशा में सरकार काम कर रही है। भाजपा सरकार ने पशुपालन विभाग का बजट बढ़ाया है। पहले यह 300 करोड़ था, जिसे अब 2600 करोड़ कर दिया गया है। पशुपालन विभाग का बदला नामसीएम यादव ने कहा कि गौशालाओं में दूध उत्पादन तो होना ही चाहिए, साथ ही सीएनजी भी बनाई जा सकती है। उन्होंने पशुपालन विभाग के नाम में बदलाव करते हुए कहा कि अब इसे गौपालन विभाग के नाम से भी जाना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क पर घूमने वाली गायों को गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार एक साल में पूरे प्रदेश में बदलाव लाने के लिए संकल्पित है। सरकार ने गोवर्धन पूजा मनाने का भी फैसला किया है।

कर्नल सोफिया केस में नया मोड़: मंत्री विजय शाह को एसआईटी भेजेगी नोटिस, जल्द होगी पूछताछ

New twist in Colonel Sofia case: SIT will send notice to Minister Vijay Shah, interrogation will take place soon भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए कथित विवादास्पद बयान मामले में अब मंत्री विजय शाह से पूछताछ की तैयारी तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) जल्द ही विजय शाह को नोटिस भेजकर उनका बयान दर्ज करेगी। सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच रिपोर्ट में विजय शाह के कथनों को शामिल नहीं किया गया था। लेकिन जांच के अगले चरण में SIT महू का दौरा दोबारा करेगी और बयान से संबंधित वीडियो की भी गहन जांच होगी। यह वीडियो फिलहाल भोपाल स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (CFSL) में परीक्षणाधीन है, ताकि उसकी प्रमाणिकता की पुष्टि हो सके। इससे पहले यह वीडियो रीजनल फॉरेंसिक लैब में भेजा गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से वहाँ इसकी जांच संभव नहीं हो पाई थी। इधर, पुलिस मुख्यालय (PHQ) से मिली जानकारी के मुताबिक, SIT प्रमुख प्रमोद वर्मा का हाल ही में तबादला सागर से जबलपुर कर दिया गया है। हालांकि, SIT के नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं किया गया है और प्रमोद वर्मा ही टीम की कमान संभालते रहेंगे। टैग्स: #कर्नलसोफिया #विजयशाह #SITजांच #मध्यप्रदेशसमाचार #BreakingNews

पचमढ़ी अभ्यारण्य का नया नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर, मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय

New name of Pachmarhi Sanctuary after Raja Bhabhut Singh, many important decisions in Mohan government’s cabinet meeting मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को पचमढ़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। अब पचमढ़ी वन्य जीव अभ्यारण्य का नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर होगा। यह फैसला राजा भभूत सिंह की वीरता और जनजातीय समाज के प्रति उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया। बैठक की शुरुआत पचमढ़ी के राजभवन में वंदे मातरम् के गायन के साथ हुई। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी दी कि राजा भभूत सिंह की जन्म और कर्मभूमि पर यह विशेष बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि राजा भभूत सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया और उन्हें नर्मदा अंचल का शिवाजी माना जाता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्व विभाग के बिल को स्वीकृति दी है। इसमें प्रमुख राजस्व आयुक्त और अभिलेख आयुक्त के पदों को मिलाकर नया पद “कमिश्नर लैंड रिसोर्स एंड मैनेजमेंट” बनाया गया है। अब लोगों को सीधे और पारदर्शी सुविधा मिले, इसके लिए आईटी का प्रवेश राजस्व विभाग में जल्द हो। अब तहसीलदार को दो श्रेणी में बांटा जाएगा। राजस्व का न्यायालय देखने वाले न्यायालय देखेंगे और जो लॉ एंड ऑर्डर देखेंगे वो लॉ एंड ऑर्डर का काम ही देखेंगे। उन्होंने कहा कि आईटी के चलते अब विभाग के 500 पदों को समाप्त कर 1200 नए पद सृजित किए जाएंगे। इन नए पदों में सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित पदों को प्राथमिकता दी जाएगी। विजयवर्गीय ने कहा कि यह तेज गति से राजस्व को चलाने वाला देश का पहला राज्य मध्य प्रदेश होगा। इसके अलावा बैठक में श्रम विभाग के संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें ठेका श्रम विनियम उत्पादन अधिनियम 1970 में 20 ठेका श्रमिक को 50 तक बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। साथ ही कारखाना अधिनियम 1948 में 10 श्रमिक के स्थान पर 20 श्रमिक बिना हाथ से काम करने वाले यानी मशीन पर काम करने और हाथ से काम करने वालों की संख्या 20 से 40 की गई है। इन परिवर्तन से औद्योगिकरण में श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण करते हुए लेवर एक्ट में संशोधन किया है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में रात में काम करने की अनुमति देने हेतु श्रम कानूनों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। साथ ही, ठेका श्रमिकों से जुड़े नियमों को भी संशोधित किया जाएगा ताकि शोषण से बचाव हो सके। कैबिनेट ने इंदौर स्थित आईआईटी में “एग्रो आईआईटी हब” स्थापित किया जाएगा। यह हब कृषि क्षेत्र में नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। इसके लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें अच्छे बीज हो, अच्छी खेती और उत्पादन बढ़े इसको लेकर काम होगा। ताकि खेती लाभ का धंधा बनें। विजय शाह तीसरी बार कैबिनेट से नदारदजनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए। यह लगातार तीसरी बार है जब वे बैठक से अनुपस्थित रहे। कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए बयान को लेकर चल रही जांच के बीच उनकी गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है।

खरीफ 2025: सोयाबीन की उम्मीदों के साथ किसानों की तैयारी तेज, पर बीज संकट बना चुनौती

Kharif 2025: Farmers’ preparations intensify with expectations of soybean, but seed crisis remains a challenge भोपाल ! खरीफ 2025 की तैयारियों ने ज़ोर पकड़ लिया है और इस बार किसानों के लिए ये सीजन निर्णायक साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने मानसून समय पर आने और सामान्य वर्षा की भविष्यवाणी की है, जिससे फसल उत्पादन को लेकर उम्मीदें बंधी हैं। खासकर सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है। सोयाबीन की खेती को मिल सकती है रफ्तार, पर बीज बना बाधा मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक सोयाबीन उत्पादन करने वाला राज्य है, लेकिन इस बार किसानों को उपचारित व प्रमाणित बीज नहीं मिल रहा। किसान मंडियों से बीज खरीदकर या अपने ही पुराने बीज का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। किसानों की बात: सीहोर जिले के किसानों अमित सिंह, राजेंद्र सिंह और विक्रम सिंह मालवीय का कहना है कि मंडियों से बीज मिल रहे हैं, लेकिन प्रमाणित बीज की उपलब्धता सीमित है। उड़द, मक्का और धान बन रहे विकल्प कई किसान इस बार सोयाबीन के बदले उड़द और मक्का जैसी फसलें बोने की योजना बना रहे हैं। वहीं जहां पानी की अधिकता है वहां धान की खेती को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे फसल विविधता तो बढ़ेगी लेकिन सोयाबीन उत्पादन में गिरावट की आशंका भी जताई जा रही है। प्रति एकड़ 10 क्विंटल तक उत्पादन संभव कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान उन्नत किस्में और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें तो प्रति एकड़ 10 क्विंटल तक उत्पादन संभव है। खरीफ 2025 के लिए प्रमुख सोयाबीन किस्में: विशेषज्ञ सलाह: 2021, 2022 और 2023 में जारी की गई नई किस्मों को अपनाने से उत्पादन में 20% तक की बढ़ोतरी संभव है। बीज प्रमाणीकरण के आंकड़े राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि: किसानों के लिए सुझाव: सही किस्म, सही समय उपसंचालक कृषि के.के. पांडे ने बताया कि बीज तीन वर्गों में आते हैं — जल्दी पकने वाली, मध्यम अवधि वाली और देर से पकने वाली किस्में। किसानों को अपने क्षेत्र और बुवाई के समय के अनुसार सही किस्म चुननी चाहिए। बीज की खरीद प्रमाणित स्रोतों से ही करें, और बुवाई से पहले उसका परीक्षण अवश्य करें। खरीफ 2025 में मानसून की अनुकूलता के साथ उत्पादन में सुधार की पूरी संभावना है, लेकिन प्रमाणित बीजों की कमी एक बड़ा सवाल बनकर खड़ा है। अगर किसानों को समय पर सही बीज मिल जाएं और वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, तो यह सीजन कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक मोड़ साबित हो सकता है।

गुटबाजी खत्म करो, बदलाव चाहिए तो बताओ – मैं करूंगा’: भोपाल में राहुल गांधी का कांग्रेस नेताओं को सख्त संदेश

Rahul Gandhi’s strong message to Congress leaders in Bhopal भोपाल | लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भोपाल में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत करते हुए पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया: गुटबाजी अब और नहीं चलेगी, सभी को मिलकर संगठन को मजबूत करना होगा। पार्टी संगठन को मिशन 2028 के तहत नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश के तहत राहुल गांधी ने एक ही दिन में पांच अहम बैठकें कीं। उन्होंने सभी नेताओं से साफ कहा, कोई भी फैसला ऊपर से नहीं थोपा जाएगा। आप मिलकर निर्णय लें, और अगर कोई बदलाव चाहिए, तो बताइए – मैं करूंगा। लेकिन पहले एकजुट हो जाइए। संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश राहुल गांधी ने नेताओं को याद दिलाया कि पिछले बीस सालों में कांग्रेस का संगठन मध्य प्रदेश में कमजोर हुआ है और अब समय है इसे फिर से खड़ा करने का। उन्होंने संगठन को मजबूत, पारदर्शी और जनसरोकार से जुड़ा बनाने पर जोर दिया। कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ का लक्ष्य 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय और जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित करना है। राहुल गांधी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की आवाज़ सुनी जाएगी और निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाएंगे, न कि ऊपर से थोपे जाएंगे।

स्वावलंबी महिला, सशक्त राष्ट्र – अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली का भव्य आयोजन

Self-reliant women, strong nation – Ahilya Vahini women bike rally organized grandly भोपाल । लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के पावन अवसर पर ‘स्वावलंबी महिला, सशक्त राष्ट्र’ की संकल्पना को साकार करते हुए भोपाल स्थित शौर्य स्मारक से अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली का भव्य शुभारंभ हुआ। इस जनकल्याणी पर्व के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण एवं उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से आयोजित इस रैली को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आयोजन पुलिस विभाग एवं खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस ऑर्केस्ट्रा ने देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा। इस अवसर पर सांसद बीडी शर्मा, खेल एवं युवा कल्यारण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, महा‍पौर श्रीमती मालती राय, डीजीपी कैलाश मकवाणा, अपर मुख्यि सचिव गृह जे.एन कंसोटिया, विशेष पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्ताव, संचालक खेल एवं युवा कल्याण राकेश गुप्ता, विधायक भगवान दास सबनानी सहित प्रदेश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, महिला पुलिसकर्मी, स्कूली छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। इच्छाशक्ति और सेवा भाव से रचा जा सकता है सशक्तह राष्ट्र – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में लोकमाता अहिल्याबाई की प्रशासनिक दक्षता, सामाजिक समर्पण और उनके द्वारा स्थापित सुशासन की प्रेरणादायी परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई एक आदर्श बहू, आदर्श मां, आदर्श पत्नी और महान शासिका थीं। उन्होंने अपने व्यक्तिगत दुखों को शक्ति में बदलते हुए नारी सशक्तिकरण, महिला शिक्षा, धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और जनकल्याण के अनेक कार्य किए। उन्होंसने कहा कि इच्छाशक्ति और सेवा भाव से ही सशक्तज राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाइक रैली के माध्यम से हमारी बहनें आज भोपाल की सड़कों पर चल रही हैं, यह हमारी संस्कृति, परंपरा और नारी सम्मान का प्रतीक है। देवी अहिल्या बाई की जीवनगाथा नारीशक्ति के लिए प्रेरणा स्त्रोत – डीजीपी कैलाश मकवाणापुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि देवी अहिल्या बाई की जीवनगाथा नारीशक्ति के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि “स्वयं के आत्मबल और दृढ़ इच्छा शक्ति से जीवन में कोई भी कठिनाई पार की जा सकती है। देवी अहिल्या का जीवन इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सामाजिक न्याय और महिला उत्थान की नींव रखी।उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में इस सप्ताह विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण को लेकर पुलिस विभाग निरंतर प्रयासरत है, जिसमें सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण सहित अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने उपस्थित छात्राओं से भी सोशल मीडिया के भ्रम से बचकर आत्मरक्षा व आत्मनिर्भरता की दिशा में सजग रहने की अपील की।विशेष पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचार श्रीवास्तमव ने कहा कि हमारे युवा वर्ग, हमारी बेटियों और महिलाओं में जो उत्साह और ऊर्जा दिखाई दे रही है, वह प्रेरणादायक है। यह भले ही एक प्रतीकात्मक प्रयास हो, लेकिन यह स्पष्ट संदेश देता है कि महिलाएं और बच्चियां भी मोटर बाइक चला सकती हैं। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त पहल है, जो दर्शाती है कि मध्यप्रदेश किसी भी शासन से इस दिशा में पीछे नहीं है।इस कार्यक्रम में सृजन कार्यक्रम के 500 बालक/बालिका भी शामिल हुए। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में बाल संरक्षण, आत्मरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में संचालित सृजन कार्यक्रम ने एक नई मिसाल कायम की है। सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र के झुग्गी झोपड़ियां एवं बस्तियों में निवासरत किशोर बालक-बालिकाओं हेतु सृजन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें गुड टच-बैड टच, महिलाओं पर होने वाले घरेलू एवं यौन हिंसा की रोकथाम, बाल अधिकारों, आत्मरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है। सृजन कार्यक्रम न केवल बच्चों को आत्मरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक बना रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य को नई दिशा भी दे रहा है। कार्यक्रम में भोपाल की संस्थाएं जैसे आरंभ सामाजिक संस्था मुस्कान, आरंभ, उदय संस्था मीत आदि संस्था शामिल हुई। जो लगातार पुलिस के साथ मिलकर थाना स्तर पर बच्चों को एकत्रित करके इस कार्यक्रम को सफल बना रहे हैं।

3 जून को एमपी आएंगे Rahul Gandhi, 7 घंटे होगा स्टे, कांग्रेस पदाधिकारियों और विधायकों से करेंगे बात

Rahul Gandhi MP Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दो दिन बाद राहुल गांधी कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की शुरुआत करेंगे। वे पदाधिकारियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठन को धार देंगे। Rahul Gandhi MP Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के दौरे के दो दिन बाद 3 जून को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भोपाल आएगे। वे संगठन सृजन अभियान की शुरुआत करेंगे। करीब सात घंटे के दौरे में पार्टी के पदाधिकारियों, विधायकों के अलावा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे। उमंग सिंघार ने दी जानकारीविधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस संगठन प्रभारी संजय कामले, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक भी मौजूद थे।सिंघार ने कहा, राहुल गांधी के मार्गदर्शन में शुरू होने वाला यह अभियान कांग्रेस को जमीनी स्तर पर और सशक्त करेगा। यह पहल युवाओं, किसानों, श्रमिकों और समाज के वंचित वर्गों को कांग्रेस के साथ वापस जोड़ने का माध्यम बनेगी। अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों, प्रदेश कार्यकारिणी, राजनीतिक मामलों की समिति और सभी जिला अध्यक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और स्पष्ट रणनीति तैयार करना है। ये है दौरे का पूरा शेड्यूलसुबह 11 से 12 : प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पॉलीटिकल अफेयर कमेटी की बैठक।दोपहर 12 से 12.30 विधायकों के साथ बैठक।दोपहर 12.30 से 1.30: पर्यवेक्षकों, प्रभारियों के साथ बात करेंगे।दोपहर 1.30 से 2.30: आरक्षित समय।दोपहर 2.30 से 4 : रवींद्र भवन में एआइसीसी डेलीगेट्स, पीसीसी डेलीगेट्स, जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्षों का अधिवेशन।

आईएफएस एपीएआर: सेन्ट्रल इम्पॉवर्ड कमेटी के सदस्य ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

IFS APAR: Member of Central Empowered Committee wrote a letter to the Chief Secretary भोपाल। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के अगले ही दिन सेन्ट्रल इम्पॉवर्ड कमेटी के सचिव चंद्र प्रकाश गोयल ने गुरुवार मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आईएफएस अफसरों की एपीएआर (एनवल अप्रेजल एसेसमेंट रिपोर्ट) राज्य शासन द्वारा जून 24 को जारी आदेश को रद्द कर 22 सितम्बर 2000 को जारी आदेश का कड़ाई से पालन करते हुए नए आदेश जारी कराएं।सेन्ट्रल इम्पॉवर्ड कमेटी के सदस्य गोयल ने मुख्य सचिव को सम्बोधित अपने पत्र में लिखा कि आपका ध्यान माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 21 मई 25 के आईएफएस एपीएआर लिखने विषय पर दिए गए निर्णय की ओर आकृष्ट किया जाता है, जिसमें माननीय न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि 29 जून 2004 के विवादित सरकारी आदेश को इस न्यायालय द्वारा दिनांक 22 सितम्बर 2000 (संतोष भारती केस) की वर्तमान कार्यवाही में पारित आदेश का उल्लंघन माना जाता है, जिसे दोहराया जाता है और परिणामस्वरूप रद्द किया जाता है और अलग रखा जाता है। यह कार्य इस निर्णय की तिथि से एक माह की अवधि के भीतर किया जाएगा। इस आलोक में, सभी राज्य सरकारों/संघ शासित प्रदेशों से अनुरोध है कि वे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई करें। माननीय न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि लगभग सभी राज्य माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 22 सितम्बर 2000 को पारित आदेशों का अनुपालन कर रहे हैं। यदि इन आदेशों से कुछ विचलन होता है, तो राज्यों को संशोधित आदेश जारी करने की आवश्यकता है ताकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन किया जा सके। इस संबंध में, आपसे अनुरोध है कि कृपया माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इन निर्देशों का अनुपालन करते हुए राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए प्रासंगिक आदेश माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित समय के भीतर भेजें।

सुप्रीम कोर्ट ने किया आईएफएस को कमजोर करने वाले मप्र सरकार के आदेश को किया खारिज

Supreme Court rejects MP government’s order weakening IFS भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को मप्र सरकार द्वारा 29 जून, 2024 को जारी किए गए एक विवादास्पद आदेश को खारिज कर दिया। इस आदेश में कहा गया था कि गैर-वन अधिकारी – विशेष रूप से कलेक्टर और संभागीय आयुक्त – प्रधान मुख्य वन संरक्षक सहित वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की कार्य-निष्पादन मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के एपीएआर संशोधन प्रक्रिया के आदेश को अनुचित ठहराते हुए वर्ष 2002 में पूर्ववर्ती आदेश को यथावत रखा। यानि अब डीएफओ और एपीसीसीएफ के एपीएआर में कलेक्टर कमिश्नर और प्रमुख सचिव टिप्पणी नहीं लिखेंगे। उच्चतम न्यायालय के आदेश से आईएफएस अफसर की जहां जीत हुई है वही प्रदेश के नौकरशाही खासकर एसीएस अशोक वर्णवाल की किरकिरी हुई है।पर्यावरण अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल और अन्य द्वारा दायर याचिका के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने माननीय न्यायमूर्ति मसीह के साथ मिलकर यह फैसला सुनाया। बुधवार को सुप्रीम न्यायालय ने प्रशासनिक औचित्य और पारिस्थितिकी संवेदनशीलता के सिद्धांतों को बरकरार रखते हुए आदेश को निर्णायक रूप से रद्द कर दिया। पीठ ने अपने फैसले में यह भी कहा कि हमें यह मानने में कोई संकोच नहीं है कि विवादित सरकारी आदेश प्रकृति में अवमाननापूर्ण है, क्योंकि यह सरकारी आदेश इस न्यायालय के दिनांक 22 सितम्बर 2000 और 19 अप्रैल 2024 के पूर्वोक्त आदेशों का उल्लंघन करता है और इसे इस न्यायालय से स्पष्टीकरण/संशोधन मांगे बिना ही जारी किया गया है। हम ऐसे सरकारी आदेश जारी करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू कर सकते थे। हालांकि, हम ऐसा करने से खुद को रोकते हैं। उक्त सरकारी आदेश इस न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन करने के कारण रद्द किए जाने योग्य है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। अधिवक्ता बंसल ने आदेश की संवैधानिकता और प्रशासनिक सुदृढ़ता को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि इसने भारतीय वन सेवा की संस्थागत अखंडता का उल्लंघन किया है और वन संरक्षण प्रयासों को कमजोर किया है। उन्होंने प्रस्तुत किया कि महत्वपूर्ण वन और वन्यजीव संरक्षण कार्य का आकलन करने में गैर-वन अधिकारियों को शामिल करना न केवल अनुचित होगा, बल्कि टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुलपाद बनाम भारत संघ (2000) और संतोष भारती बनाम मध्य प्रदेश राज्य जैसे ऐतिहासिक पर्यावरण मामलों में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित कानूनी मिसालों के भी विपरीत होगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य का आदेश भारतीय वन सेवा की स्वायत्तता और तकनीकी अध्यादेश का उल्लंघन करता है और भारत के वन प्रशासन के लिए इसके दूरगामी परिणाम हैं। क्या थी एपीएआर लिखने की नई व्यवस्था? 29 जून 24 को जारी आदेश के तहत राज्य शासन ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए एपीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की है। राज्य शासन के आदेश खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका कर्ता एडवोकेट गौरव कुमार बंसल ने अपने याचिका में कहा है कि 29 जून 24 के अपने आदेश के तहत मध्य प्रदेश राज्य ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए पीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की है। आईएफएस का संरक्षण जरूरी जहां भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का समग्र काम राजस्व और प्रशासनिक मामलों पर केंद्रित है और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों का काम कानून और व्यवस्था पर केंद्रित है, वहीं भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों का काम प्रकृति में अधिक तकनीकी है। वह पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए समर्पित हैं। इस अद्वितीय भूमिका के कारण, कई बार भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों को अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जब उनके संरक्षण प्रयास राज्य अधिकारियों द्वारा अपनाए गए विकासात्मक उद्देश्यों से टकराते हैं। ऐसे आईएफएस अफसरों का संरक्षण अधिक जरूरी है। अतः एपीआर लिखने की प्रक्रिया में संशोधन गैर वाजिब है।

श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाएं, सरकार खरीदेगी किसानों से श्रीअन्न : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Increase the production of Shrianna, the government will buy Shrianna from farmers: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रागी, कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा, मक्का जैसे श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाया जाए और किसानों को श्रीअन्न उत्पादन के लिए प्रोत्साहि त किया जाए। किसानों द्वारा उत्पादित श्रीअन्न अब सरकार खरीदेगी। उन्होंने कहा कि तुअर उत्पादक किसानों को अच्छे किस्म के खाद, बीज और उत्पादन वृद्धि के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाए। इसके लिए किसानों को फसल अनुदान देने और उनकी फसल का बीमा कराने जैसे नवाचार भी किये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल, सचिव कृषि एम. सेल्वेन्द्रम सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। कृषि उपज मंडी के अलावा फल व सब्जी मंडी, मसाला मंडी स्थापना के लिए भी करें प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी मंडियों में प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मंडियों का विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों से आकस्मिक निरीक्षण करायें। मंडियों की व्यवस्थाओं को और भी बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई जरूरतों के मुताबिक अब अलग-अलग मंडियों की स्थापना पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडियों का फसलवार मॉडल तैयार करें। कृषि उपज मंडी के अलावा अब फल व सब्जी मंडी, मसाला मंडी या अन्य विशेष पैदावार की मंडी स्थापना के लिए भी प्रयास किए जाएं। इसके लिए रोडमैप तैयार किया जाए और यदि आवश्यकता है तो इसमें प्रायवेट सेक्टर को भी सम्मिलित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडियों में जारी वर्तमान व्यवस्थाओं का समुचित तरीके से किसानों के हित में प्रबंधन किया जाए। मंडी शुल्क की प्राप्त राशि से किसानों की कल्याण गतिविधियों पर फोकस किया जाए। आदर्श बनें प्रदेश की कृषि उपज मंडियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की कृषि उपज मंडियों को आदर्श बनाया जाए। मंडियों में कृषि आधारित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। मंडियों में किसानों को फसल बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंडी में अपनी फसल बेचने आने वाले हर किसान को उसकी उपज का सही दाम मिले किसी का भी नुकसान न होने पाए। मंडियों को और अधिक आधुनिक बनाया जाए यहां किसानों को उनके उपज में गुणवत्ता संवर्धन के बारे में भी बताया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी मंडियां अपने विकास कार्यों के लिए आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय निकायों से नई मंडियों की स्थापना/ फसल भण्डारण क्षमता बढ़ाने के लिए समन्वय करें, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अधिक सुविधाएं मिल सकें। किसानों को मिले प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रदेश के किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों, अच्छा भाव, अनुदान आदि का प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न रागी, कोदो-कुटकी, मक्का, ज्वार, बाजरा की फसलों को प्रोत्साहन दिया जाए। इन फसलों के उत्पादक क्षेत्र को अच्छी पैदावार करने के लिए प्रोत्साहन मिले। आवश्यकता अनुसार अनुदान की राशि भी बढ़ाई जाए। ग्रीष्मकालीन मूंग में खरपतवारनाशकों के उपयोग को करें हतोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग में खरपतवारनाशकों के उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए खरपतवारनाशकों को हतोत्साहित करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा मिले। स्वाभाविक फसलों की पैदावार पर विशेष जोर दिया जाए। कृषि उद्योग समागम के अनुभवों से आगे बढ़ें, किसानों को मिले बेहतर परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के हर संभाग में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन मेलों में कृषि आधारित उद्योगों में निवेश पर जोर दिया जा रहा है। हाल ही में मंदसौर जिले के सीतापुर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को कृषि के आधुनिक यंत्रों और तकनीक से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीतामऊ में हुए कृषि उद्योग समागम के अनुभवों को सामने रखें और इन अनुभवों के आधार पर आगे होने वाले कृषि उद्योग समागमों की तैयारी करें, जिससे किसानों को इन समागमों से अधिक और बेहतर परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों में नरवाई जलाने से रोकने के प्रयास किए जाएं। किसानों को हैप्पी सीडर कृषि यंत्र का उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कृषि यंत्रों को प्रोत्साहन और हर ग्राम पंचायत में हैप्पी सीडर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। तीन फसलों को जल्द ही मिलेगा जीआई टैग बैठक में बताया गया कि राज्य शासन की प्रगतिशीलता से प्रदेश में उत्पादित होने वाली 3 फसलों को बहुत जल्द जीआई-टैग मिल जाएगा। सचिव कृषि ने बताया कि डिंडोरी जिले की नागदमन मकुटकी, सिताही कुटकी और बैंगनी अरहर की फसल को जीआई टैग परीक्षण के लिए भेजा गया है, उम्मीद है कि जल्द ही इन फसलों को जीआई टैग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू करने के बाद प्रदेश में बीते एक अप्रैल 2025 से प्रदेश की सभी 259 मंडियों में ई-मंडी योजना भी लागू कर दी गई है। सभी मंडियों में अब डिजीटल तरीके से रिकार्ड कीपिंग की जा रही है। 26,27 एवं 28 मई को नरसिंहपुर में होगा कृषि आधारित उद्योगों का सम्मेलन बैठक में सचिव कृषि ने जानकारी दी कि आगामी 26, 27 एवं 28 मई को जिला मुख्यालय नरसिंहपुर में कृषि आधारित उद्योगों का सम्मेलन सह विशाल कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। आयोजन में कृषि आधारित उद्योगों के बारे में जानकारी के अलावा दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, शाक-सब्जी उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, उद्यानिकी, बागवानी, उन्नति किस्म के बीज, खाद, उर्वरक की जानकारी सहित उन्नत कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन दिन अलग-अलग गतिविधियां होंगी। इस दौरान उन्नत कृषि उपकरणों के साथ किसानों से आधुनिक कृषि उपकरणों की बुकिंग भी कराई जाएगी। कृषि के क्षेत्र में नए र्स्टाट-अप्स के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने बताया … Read more

खेलों में नई क्रांति: सरकार ने दोगुना किया खेल बजट, विधानसभा स्तर पर बनेंगे अत्याधुनिक मैदान – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

New revolution in sports: Government has doubled the sports budget, ultra-modern grounds will be built at Vidhan Sabha level – Chief Minister Dr. Mohan Yadav भोपाल ! मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षीरसागर स्टेडियम, उज्जैन में आयोजित अखिल भारतीय फिरोजिया ट्रॉफी 2025 के समापन समारोह में खेलों के क्षेत्र में सरकार की दूरदर्शी नीति की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल बजट को दोगुना कर दिया है। साथ ही, ओलंपिक पदक विजेताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक खेल मैदानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जहाँ खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेल अब केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शिक्षा नीति का एक अभिन्न हिस्सा होंगे। खेल प्रशिक्षकों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासन में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी। खेलों से राष्ट्रीय गौरव का निर्माण मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, “खेल केवल शरीर को नहीं, बल्कि चरित्र को भी गढ़ते हैं। प्राचीन भारत में खेलों को पुरुषार्थ का प्रतीक माना गया, और आज हम उसी भावना को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर पुनर्जीवित कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड जल्द ही बनकर तैयार होगा, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को वैश्विक मंच तक पहुँचने का अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं समापन समारोह में इंदौर और ओडिशा की टीमों के बीच हुए फाइनल मैच के अवसर पर मुख्यमंत्री ने दोनों टीमों को खेल भावना से खेलने की प्रेरणा दी और आशा जताई कि उज्जैन सहित पूरे प्रदेश से ऐसे खिलाड़ी उभरें जो रणजी ट्रॉफी खेलें, राष्ट्रीय टीम में चयनित हों और विश्व कप में भारत का नाम रोशन करें। फिरोजिया ट्रॉफी: खेल और परंपरा का संगम इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन 5 से 11 मई तक क्षीरसागर मैदान में रात्रिकालीन क्रिकेट मैचों के रूप में किया गया। यह ट्रॉफी सांसद अनिल फिरोजिया द्वारा अपने पिता, स्वर्गीय भूरेलाल जी फिरोजिया की स्मृति में पिछले 20 वर्षों से कराई जा रही है। समापन समारोह में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, जनप्रतिनिधि संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ट्रॉफी का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने उज्जैन में हो रहे औद्योगिक निवेश और विकास के कार्यों का भी उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और देश की सुरक्षा में भारतीय सेना के अद्वितीय योगदान का स्मरण किया।

मध्यप्रदेश में मंजूरी के 4 दिन बाद तबादला नीति जारी: आधी रात के बाद आदेश; जिनकी परफॉर्मेंस खराब, उनको पहले बदलेंगे

Transfer policy issued in Madhya Pradesh 4 days after approval: Order after midnight; Those with poor performance will be replaced first 29 अप्रैल को मध्यप्रदेश कैबिनेट ने तबादला नीति को मंजूरी दे दी थी, लेकिन आदेश जारी नहीं किए गए थे। भोपाल। मध्यप्रदेश में कैबिनेट की मंजूरी के चार दिन बाद आधी रात को सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है। एक अप्रैल 2024 से 30 अप्रैल 2025 के बीच जिन अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला किया है, उनका ट्रांसफर मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। मंगलवार 29 अप्रैल को मोहन कैबिनेट ने तबादला नीति को मंजूरी दे दी थी, लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके आदेश जारी नहीं किए थे। शनिवार और रविवार की रात 12.05 बजे राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है। इसमें राज्य एवं जिला स्तर पर तबादले के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नीति जारी की गई है. जिसका पालन सभी विभागों को करना होगा। प्रदेश में 6 लाख 6 हजार नियमित कर्मचारी हैं। नई तबादला नीति में 10% का तबादला होना तय माना जा रहा है। ऐसे में 30 मई तक 60 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हो सकते हैं। तबादला नीति की 3 बड़ी बातें… विभाग अपने लिए अलग से तबादला नीति बना सकेंगे, लेकिन जीएडी के प्रावधानों का पालन करना जरूरी होगा। जीएडी की नीति से हटकर किए जाने वाले तबादलों में मुख्यमंत्री के समन्वय में आदेश प्राप्त करने होंगे। जिला संवर्ग के कर्मचारी का और राज्य संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के भीतर तबादला कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद किया जाएगा। पुलिस तबादला बोर्ड के फैसले पर जिलों में पोस्टिंग तबादला नीति में कहा गया है कि गृह विभाग के अंतर्गत उप पुलिस अधीक्षक से नीचे के पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के तबादले गृह विभाग द्वारा गठित पुलिस स्थापना बोर्ड ‌के आधार पर होंगे। तबादला बोर्ड द्वारा जिले में पदस्थापना का निर्णय लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ‌द्वारा प्रभारी मंत्री के परामर्श के बाद पदस्थापना की जाएगी। उप पुलिस अधीक्षक और उससे वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण पुलिस स्थापना बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभागीय मंत्री के अनुमोदन बाद सीएम समन्वय में मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर किए जाएंगे। कमजोर परफार्मेंस वालों को पहले हटाएंगे तबादला नीति में प्रावधान किया है कि प्रशासनिक आधार पर किए जाने वाले तबादलों में उन शासकीय सेवकों को पहले बदला जा सकेगा, जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया है। यानी उनका परफार्मेंस कमजोर रहा हो। यह अनिवार्य नहीं है कि 3 साल पूर्ण होने पर ही तबादला किया जाए। खुद के खर्च पर ऐसे होंगे ट्रांसफर जो कर्मचारी-अधिकारी खुद के खर्च पर ट्रांसफर करवाना चाहते हैं या परस्पर ट्रांसफर चाहते हैं, उनके आवेदन ऑनलाइन या कार्यालय प्रमुख ‌द्वारा सत्यापित आवेदन के रूप में पेश किए जाएंगे। स्वयं के व्यय पर रिक्त परस्पर किए गए स्थानांतरण तथा प्रशासनिक कारणों से किए गए स्थानांतरण संबंधी आदेश अलग-अलग जारी किए जाएंगे। स्वेच्छा से स्थानांतरण संबंधी आवेदन में उन शासकीय सेवकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण किया गया हो। तबादला नीति में ये प्रावधान भी खास हैं… जो अधिकारी या कर्मचारी एक साल या उससे कम समय में रिटायर हो रहे हैं, उनका ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। पति-पत्नी एक साथ ट्रांसफर का आवेदन देते हैं तो उनका ट्रांसफर किया जा सकेगा। लेकिन नियुक्ति की जगह प्रशासनिक जरूरत के आधार पर तय होगी। ऐसे कर्मचारी जिन्हें गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, किडनी खराब होने के कारण डायलिसिस या हार्ट सर्जरी की वजह से रेगुलर जांच कराना जरूरी है, उनका जहां ट्रांसफर होता है वहां ये सुविधा नहीं है तो मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर उनकी चाही गई जगह पर ट्रांसफर हो सकेगा। जो कर्मचारी 40% या इससे अधिक दिव्यांग कैटेगरी में हैं, उनके ट्रांसफर नहीं होंगे। वे चाहें तो खुद से ट्रांसफर ले सकेंगे। सभी तरह के अटैचमेंट खत्म होंगे ट्रांसफर पॉलिसी में कहा है कि सभी प्रकार के अटैचमेंट खत्म किए जाना है। साथ ही तबादले से रिक्त होने वाले पद की भरपाई उसी पद या समकक्ष अधिकारी की पदस्थापना से की जाएगी। नियमित अधिकारी या कर्मचारी का तबादला कर उस पद का चार्ज जूनियर अधिकारी कर्मचारी को नहीं दिया जाएगा। जितने भी तबादले होंगे उसकी जानकारी विभाग प्रमुखों को जीएडी को देना अनिवार्य होगी। जिसका तबादला हो जाएगा, उस शासकीय सेवक का अवकाश नई पदस्थापना वाले कार्यालय में जॉइन करने के बाद ही स्वीकृत किया जाएगा। सभी तबादला आदेश ऑनलाइन अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष के ई-ऑफिस माड्यूल से ही किए जाएंगे। 30 मई के बाद की गई एंट्री को शून्य माना जाएगा। ऐसे आदेशों का पालन नहीं होगा। कर्मचारी संगठन पदाधिकारियों को इस आधार पर मिलेगी छूट शासन से पत्राचार करने की मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों की प्रदेश, संभाग, जिला, तहसील, विकासखंड शाखा के पदाधिकारियों जैसे अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष को पद पर नियुक्ति के बाद स्थानांतरण से दो पदावधि के लिए यानी 4 साल तक के लिए छूट रहेगी। यह सुविधा उसके पूरे सेवाकाल में दो पदावधि के लिए मिलेगी। चार साल से अधिक समय होने पर प्रशासकीय आवश्यकता के आधार पर ऐसे पदाधिकारियों को भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। संगठन के पदों में नियुक्ति की पूर्व सूचना के संबंध में सक्षम अधिकारी से संतुष्टि का आधार लिया जाएगा। काॅलेज से अतिशेष शिक्षकों को हटाएंगे तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास, उच्च शिक्षा विभाग के जिन संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों में विषयवार तय संख्या से अधिक शिक्षक काम कर रहे हैं, वहां से अतिशेष शिक्षकों को दूसरी जगह पदस्थ किया जाएगा। ऐसा करने से जूनियर टीचर को अतिशेष कर्मचारी होने की स्थिति में सबसे पहले स्थानांतरित किया जाएगा। मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग शिक्षकों और जिनका रिटायरमेंट एक साल के कम है, उन्हें स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। स्कूल शिक्षा में 6 से 16 मई तक लेंगे आवेदन उधर, स्कूल शिक्षा विभाग की तबादलों के लिए जारी गाइडलाइन में कहा है कि स्वैच्छिक तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन 6 मई से 16 मई तक किए जा सकेंगे। इस पर आदेश जनरेट करने का काम 20 मई तक होगा। ऐसे अतिशेष शिक्षक जिन्होंने स्वैच्छिक स्थानांतरण का … Read more

उपभोक्ता की जीत: सॉफ्ट ड्रिंक पर अतिरिक्त 1 रुपये जीएसटी वसूलने पर रेस्तरां को ₹6,000 भुगतान का आदेश

Consumers win: Restaurant ordered to pay ₹6,000 for charging extra Rs 1 GST on soft drinks भोपाल, संवाददाता। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अधिवक्ता अर्चित दीक्षित द्वारा अनिरुद्ध वाधवानी Vs हॉन्ग कॉन्ग चाइनीज केस में जीत हासिल की है। जिला उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा में एक अहम निर्णय में रेस्तरां को आदेश दिया है कि वह सॉफ्ट ड्रिंक पर अतिरिक्त ₹1 जीएसटी वसूलने के चलते उपभोक्ता को ₹6,000 का भुगतान करे। मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने भोपाल में एम. पी. नगर जोन-2 स्थित हॉन्ग कॉन्ग चाइनीज रेस्तरां में भोजन करते समय एक सॉफ्ट ड्रिंक का ऑर्डर दिया था। बिल में उत्पाद के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के ऊपर अतिरिक्त ₹1 जीएसटी के रूप में वसूला गया। आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद, रेस्तरां प्रबंधन ने संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया, जिसके पश्चात द्वारा उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दायर की। सुनवाई के दौरान फोरम ने स्पष्ट किया कि किसी भी उत्पाद के MRP में कर सम्मिलित होते हैं और उपभोक्ता से MRP से अधिक राशि वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। आयोग ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए रेस्तरां को आदेशित किया कि वह शिकायतकर्ता को मानसिक कष्ट और उत्पीड़न के मद में ₹5,000 तथा ₹1,000 मुकदमेबाजी व्यय के रूप में अदा करे।

एमएफपी पार्क में आदिवासी समितियों को दरकिनार कर व्यापारिक सिंडिकेट से हो रही खरीदी

Purchases are being made from commercial syndicates in MFP Park bypassing the tribal committees पूर्व विधायक उरेती ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग भोपाल। मध्यप्रदेश में लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र (एमएफपी पार्क) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। आदिवासी हितों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच भाजपा के पूर्व आदिवासी विधायक दुलीचंद उरेती ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय गैर विभागीय जांच की मांग की है। उरेती का आरोप है कि सहकारी संस्थान के नाम पर एमएफपी पार्क व्यापारिक सिंडिकेट को फायदा पहुंचा रहा है, जबकि आदिवासी समितियों और वनधन केंद्रों को खरीदी प्रक्रिया से बाहर रखा जा रहा है।पूर्व विधायक उरेती ने आरोप लगाया कि एमएफपी पार्क द्वारा रॉ मटेरियल की खरीदी में सहकारी समितियों के बजाय पसंदीदा निजी फर्मों से टेंडर के माध्यम से सामग्री खरीदी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार से भरी हुई है। कई बार टेंडर की शर्तें ऐसी रखी जाती हैं कि केवल बड़ी व्यापारिक कंपनियां ही हिस्सा ले सकें। इस कारण से असली हितग्राही—आदिवासी संग्राहक और समितियां—प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। गूग्गल खरीदी में घोटाले का आरोप उरेती ने हाल ही में गूग्गल खरीदी में हुई अनियमितताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसमें नियमों को ताक पर रखकर एमओयू के माध्यम से एक निजी व्यापारी से ऊंचे दामों पर खरीदी की गई, जिससे संस्था को लाखों का नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में एक एसडीओ को बचा लिया गया जबकि एसीएफ की रिपोर्ट में कई वरिष्ठ अधिकारी दोषी पाए गए। आठ वर्षों में 100 करोड़ से अधिक की खरीदी शिकायती पत्र में बताया गया कि बीते आठ वर्षों में एमएफपी पार्क ने करीब 100 करोड़ रुपये की लघु वनोपज खरीदी की है। यह खरीदी बिना संचालक मंडल की स्वीकृति या वनोपज संघ से अनुमति लिए बिना की गई। परफॉर्मेंस गारंटी जैसी शर्तों का उल्लंघन कर फर्मों को लाभ पहुंचाया गया।टेंडर प्रक्रिया आदिवासियों के खिलाफ उरेती ने कहा कि निविदा शर्तों में ऐसा प्रावधान कर दिया गया है कि जिन फर्मों का टर्नओवर एक करोड़ रुपये हो और जिनके पास मान्यता प्राप्त लैब रिपोर्ट हो, वही हिस्सा ले सकती हैं। इससे आदिवासी समितियां और छोटे व्यापारी पूरी तरह से बाहर हो जाते हैं। यहां तक कि प्रदेश में उपलब्ध वनोपज जैसे आंवला, हर्र, बहेड़ा, शहद, महुआ आदि को भी निजी फर्मों से ऊंचे दामों पर खरीदा जा रहा है। गैर विभागीय जांच समिति की मांग पूर्व विधायक उरेती ने मांग की है कि वनोपज खरीदी के लिए जारी मौजूदा टेंडर को तत्काल निरस्त किया जाए और एक निष्पक्ष, गैर विभागीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। साथ ही विगत दस वर्षों के एमओयू, खरीदी गई सामग्री, संबंधित फर्मों और भुगतान की गहन जांच की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आदिवासी संग्राहकों, वन समितियों और वनधन केंद्रों के माध्यम से खरीदी सुनिश्चित की जाए।एमएफपी पार्क में हो रही अनियमितताएं एक बार फिर इस सवाल को जन्म देती हैं कि आदिवासी कल्याण के नाम पर चलाई जा रही योजनाओं का असली लाभ किसे मिल रहा है। यदि आरोप सही हैं, तो यह आदिवासियों के अधिकारों और संसाधनों की खुली लूट है, जिसकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।

BHEL में भीषण आग, एक के बाद एक हो रहे धमाके, कई किलोमीटर दूर दिख से रहा धुआं

Huge fire in BHEL, explosions happening one after another, smoke visible several kilometers away Huge Fire in BHEL : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है। शहर के पिपलानी थाना क्षेत्र में स्थित हिंदुस्तान के 9 रत्नों में से एक भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड ( BHEL ) में गुरुवार की दोपहर भीषण आग लग गई। बताया गया कि आग भेल के 9 नंबर गेट के पास कॉमर्शियल ग्रीन बेल्ट एरिया में लगी थी, जिसपर अब और अपडेट सामने आया है।जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में स्थापित ऑयल की टंकियों में ब्लास्ट हुआ है। आग इतनी भयावह है कि कई किलोमीटर दूर से उसका काला धुआं देखा जा सकता है। आग बुझाने के लिए दमकल की 8 फायर गाडियां और 4 टैंकर मौके पर भेजे जा चुके हैं। अबतक की गई कार्रवाई के अनुसार, तेज गर्मी के चलते आग तेजी से फैली है। आग लगने से बीएचईएल के साथ-साथ आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई है। घटना के बाद एक तरफ तो बीएचईएल का अपना अग्निशमन यंत्र सक्रीय कर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण दमकल विभाग को सूचना दी गई। जानकारी लगते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गई हैं। फिलहाल, खबर लिखे जाने के दौरान आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है। इधर, भेल परिसर में स्थित जिस कारखाने के नजदीक आग लगी है, विशेष रूप से उसके अधिकारी-कर्मचारियों को परिसर से बाहर सुरक्षित स्थान पर कर दिया गया है, ताकि किसी अप्रीय घटना से बचा जा सके।चुनौती साबित हो रहा आग पर काबू पाना प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आग लगने के कुछ देर में ही धुए का बड़ा गुबार आसमान पर छा गया, जिसने विशेष रूप से स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई। बेल परिसर के बाहर सड़क पर स्थित कुछ लोग तो एहतियाद के तौर पर अपनी दुकानें भी बंद कर चुके हैं, ताकि समय रहते किसी अनहोनी से बच सकें। फिलहाल, आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। दमकल दल की मानें तो गर्म हवाओं के कारण आग पर काबू पाना काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। प्रशासन ने दिए जांच के आदेशफिलहाल, आग लगने के कारणों का अबतक कोई पता नहीं चल सका है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से आगजनी की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, साथ लोगों से घटनास्थल के आसपास तक न जाने की अपील की है।

29 करोड़ के वाहन खरीदी में गड़बड़झाला होने की चर्चा, बिना वाहन प्राप्त किए ही कर दिया पूरा भुगतान

There is talk of irregularities in the purchase of vehicles worth Rs 29 crores, full payment was made without receiving the vehicles भोपाल । 29 करोड़ के वाहनों की खरीदी में नियम-प्रक्रिया और पारदर्शिता का पालन नहीं होने पर गड़बड़झाला की आशंका को बल मिल रहा है। वह भी तब जब वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव गिनती बिरादरी में ईमानदार अफसर की है। अब वाहनों की खरीदी पर शिकवे-शिकायतों का दौर शुरू हो गया है और मांग की जा रही है कि एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराई जाए। भंडार क्रय नियम की अनदेखी कर वाहन प्राप्त किए बिना ही पूरा भुगतान कर दिया।वन विभाग ने 29 करोड़ में गाडियों की खरीदी की गई। जिसमें लगभग 108 बुलोरों नियों, 27 बुलेरों, 65 स्कार्पियों, 4 सियाज, 10 ट्रक की खरीदी की गई। खरीदी की नियत पर शंका इसलिए पैदा हो रही है, क्योंकि खरीदी Gem से हुई है, परन्तु बिना निविदा बुलाए। यदि नियत ठीक थी तो निविदा क्यों नहीं आमंत्रित किया गया। बिना संचालक के आए बैठक संपन्न कर ली गई। इसके पहले लघु वनोपज संघ में एमडी रहे सेवानिवृत वन बल प्रमुख जव्वाद हसन और पुष्कर सिंह के कार्यकाल में क्रमशः 145 करोड़ और 200 करोड़ की कीमत के जूते-चप्पल, छाते और पानी बोतल की खरीदी हुई पर भंडार क्रय नियमों और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा गया। यही वजह रही कि खरीदी पर कभी सवाल नहीं उठे। जबकि पूर्व विभाग प्रमुख स्वर्गीय आरडी शर्मा के कार्यकाल में वायरलेस की खरीदी हुई जिस पर खूब बवाल मचा। विधानसभा में प्रश्नों की झड़ी लग गई। वैसे तो स्वर्गीय शर्मा की ईमानदारी पर शक नहीं किया जा रहा था किंतु उनके स्टेनों की कलाकारी से विवाद शुरू हुआ। यहां भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। न तो एक्सपर्ट कमेटी की राय ली गई और न ही शाखा प्रमुखों से उनकी रिटायरमेंट पूछी गई। शाखा प्रमुखों के लिए खरीदी गए वहां में जो एसेसरी चाहिए थी वह भी नहीं उपलब्ध कराए गए। मोटर साइकिल, कार जिप्सी के बदले में luxury वाहन खरीदेवन विभाग के विजिलेंस शाखा में आईटीआई कार्यकर्ता पुनीत टंडन ने शिकायत दर्ज कराई है कि वाहनों की खरीदी में गड़बड़ी की गई है। अपनी शिकायत में ठंडन ने कहा है कि अपलिखित वाहनों के बदले क्रय की स्वीकृति मिली हैं। इसमें 50 वाहनों 15 वर्ष पुराने हैं तथा 60 अपलिखित होकर नीलाम हुऐ हैं, तो स्वीकृति 110 वाहन की मिलनी थी। यह भी ज्ञात हुआ है कि चालू गाडियों को नीलाम बताकर अधिक गाडियों की खरीदी की है। शिकायत के प्रमुख बिन्दू

एमपी में 1 मई से होंगे कर्मचारियों के तबादले: अगले हफ्ते आएगी ट्रांसफर नीति

Employees will be transferred in MP from May 1: Transfer policy will come next week भोपाल । मध्यप्रदेश में करीब ढाई साल बाद 1 से 31 मई तक कर्मचारियों के तबादले होंगे। मंगलवार को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी। बैठक शुरू होने से पहले एक न्यूज एजेंसी से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी तबादलों से रोक हटाने के संकेत दिए थे। सीएम ने कहा, हमारी कोशिश रहेगी कि तबादला नीति अगली कैबिनेट बैठक तक आ जाए। से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी तबादलों से रोक हटाने के संकेत दिए थे। सीएम ने कहा, हमारी कोशिश रहेगी कि तबादला नीति अगली कैबिनेट बैठक तक आ जाए। बता दें, मध्यप्रदेश के कर्मचारी लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल के अंत में कुछ विशेष मामलों में तबादलों की छूट दी गई थी, लेकिन इससे कई कर्मचारी वंचित रह गए थे। सीएम चाहते थे शैक्षणिक सत्र के बाद हों तबादलेएक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि पिछले साल मुख्यमंत्री की यह मंशा थी कि शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादले न हों। इसकी दो वजह भी बताईं… सत्र के बीच किसी शिक्षक का तबादला होता है, तो उस स्कूल के छात्रों का कोर्स प्रभावित होता है। शिक्षक को भी नई संस्था में जाने के बाद रुटीन में आने में समय लगता है। दूसरे विभागों के कर्मचारियों के बीच में तबादले होते हैं, तो उनके बच्चों को स्कूल शिफ्ट करने में परेशानी होती है। कर्मचारी और परिवार सत्र खत्म होने तक दूर-दूर रहते हैं। आखिरी बार अक्टूबर 2022 में हुए थे तबादलेबता दें, एमपी में 2022 के बाद अब तबादले हाेंगे। तब जून 2021 की तबादला नीति के आधार पर तबादले हुए थे। प्रदेश में 7.50 लाख कर्मचारी हैं। इनमें से डेढ़ से दो लाख कर्मचारी तबादलों से प्रभावित होते हैं। जनवरी 2025 में सरकार ने गंभीर बीमारी या कारण वाले मामलों में तबादले में छूट दी थी। ये तबादले प्रभारी मंत्री की सहमति से किए गए थे।

बोर्ड ऑफिस चौराहा पर खड़ी मोटरसाइकिल में अचानक लगी आग, जलकर हुई खाक – पुलिस और दमकल नहीं पहुंचे समय पर

A motorcycle parked at Board Office crossing suddenly caught fire and was burnt to ashes – police and fire brigade did not reach on time भोपाल। शहर के व्यस्ततम बोर्ड ऑफिस चौराहा पर सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक आग की लपटों में घिर गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मोटरसाइकिल में अचानक धुआं निकलने लगा और फिर आग भड़क गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन अफसोसजनक बात यह रही कि दोनों ही समय पर मौके पर नहीं पहुंच सके। जब तक दमकल या पुलिस पहुंचती, तब तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने काफी प्रयास किए लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई कुछ नहीं कर सका। सौभाग्य से इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्थानीय लोगों में प्रशासन की लापरवाही को लेकर नाराजगी देखी गई। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि घटना तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण हुई हो सकती है।

मध्य प्रदेश का पारा 44 डिग्री पहुंचा, आज 5 जिलों में चलेगी लू, 3 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

mp weather today मध्य प्रदेश में गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 40 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। प्रदेश के 5 जिले रविवार को हीट वेव यानी, लू की चपेट में रहेंगे। मौसम विभाग ने रतलाम, गुना, सागर, दमोह और सीधी में लू का अलर्ट जारी किया है। वहीं, ग्वालियर, शिवपुरी और मंडला की रात गर्म रह सकती है।प्रदेश में शनिवार को भी गर्मी के तीखे तेवर देखने को मिले। रतलाम, गुना, सागर, दमोह, सीधी में लू का असर रहा। वहीं शिवपुरी सबसे गर्म रहा यहां का तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। तीन दिन ऐसा हा रहेगा प्रदेश का मौसममौसम विभाग के सीनिकय वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि गर्म हवाओं की वजह से पारे में बढ़ोतरी हुई है। सुबह से ही सूरज की तेज धूप चुभने लगती है। दोपहर 12 बजे के बाद गर्मी बढ़ जाती है। इस कारण दिन के साथ रात का तापमान भी बढ़ा है तीन दिन ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि तीन दिन के बाद पारे में हल्की गिरावट हो सकती है, लेकिन इससे पहले भीषण गर्मी रहेगी। प्रदेश के पांच सबसे गर्म शहरशहर अधिकत तापमाशिवपुरी 44.0 डिग्रीसागर-में 42.8 डिग्री,नर्मदापुरम 42.8 डिग्रीमंडला 42.6 डिग्रीखजुराहो 42.6 डिग्री सबसे गर्म रहा शिवपुरीएमपी में शनिवार को दिन का पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। शिवपुरी सबसे गर्म रहा। वहीं, कुल 26 शहरों में तापमान 40 डिग्री से अधिक रहा। सागर-नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, मंडला-खजुराहो में 42.6 डिग्री, नौगांव में 42.5 डिग्री, दमोह में 42.4 डिग्री, उमरिया में 42.3 डिग्री, टीकमगढ़ में 42 डिग्री, रायसेन में 41.8 डिग्री, खरगोन में 41.6 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री, रतलाम में 41.4 डिग्री, शाजापुर में 41.3 डिग्री, धार, मलाजखंड में 41.1 डिग्री, सिवनी में 40.6 डिग्री, बैतूल में 40.5 डिग्री, सतना में 40.3 डिग्री, छिंदवाड़ा में 40.2 डिग्री और नरसिंहपुर में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 41.4 डिग्री, इंदौर में 40.2 डिग्री, ग्वालियर में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसा रहेगा अप्रैल माह में मौसमतीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि चौथा सप्ताह मे उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है।

ग्लोबल स्किल पार्क की सभी सीटें भरी जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Global Skill Park should

All seats of Global Skill Park should be filled: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क की ब्रांड वैल्यू को स्थापित करते हुए यहाँ की सभी सीटें भरना सुनिश्चित किया जाएं। स्किल पार्क में संचालित सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों, उनकी उपयोगिता और रोजगारपरक क्षमता पर केंद्रित प्रचार-प्रसार अभियान का संचालन व्यापक स्तर पर किया जाए। प्रदेश में विद्यमान उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के हर विकासखंड में आईटीआई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर विद्यमान औद्योगिक इकाइयों के समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। इससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा में यह निर्देश दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभाग में संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति के प्रति असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और उनके लिए रोजगारपरक कार्यक्रमों के लक्ष्य और समय-सीमा निर्धारित कर परिणाममूलक गतिविधियां संचालित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मन और जापानी भाषाओं में दक्ष व्यक्तियों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन भी भाषाओं में रोजगार के अवसरों की अधिक संभावना है, उनके प्रशिक्षण की प्रदेश में उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने तकनीकी रूप से दक्ष विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के औद्योगिक इकाइयों को जोड़ते हुए युवाओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे प्रदेश के उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा। बैठक में कौशल विकास नीति, रोजगार कार्यालयों और कौशल विकास के विलय, स्थानीय एवं परम्परागत पद्धतियों की पहचान के लिए आरंभ श्रुति कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई।

Bhopal School Time: भोपाल में लू के बीच बदला स्कूलों का समय, 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी कक्षाएं

School timings changed amid heat wave in Bhopal,

Bhopal School Time: School timings changed amid heat wave in Bhopal, classes will not be held after 12 pm भोपाल: मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। प्रदेश के कई जिले लू की चपेट में हैं। भोपाल में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने स्कूलों के समय में बदलाव के निर्देश दिए हैं। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि 12 बजे के बाद कक्षाएं नहीं चलेंगी। 12 बजे बंद हो जाएंगे स्कूल भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार अब सभी स्कूलों में आठवीं तक के क्लास 12 बजे के बाद नहीं चलेंगे। कलेक्टर ने कहा है कि अत्याधिक गर्मी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कक्षा आठवीं तक के क्लास अब 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय और गैरशासकीय स्कूल पर लागू होंगे। दरअसल, भोपाल में अप्रैल की शुरुआत में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी। प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी की वजह से परेशानियां बढ़ गई हैं। साथ ही मौसमी बीमारियों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में बच्चों को दोपहर में काफी परेशानी हो रही थी। पैरेंट्स की मांग पर जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। गौरतलब है कि प्रदेश के प्रमुख जिलों की अधिकतम तापमान को देखें तो प्रदेश में सर्वाधिक तापमान नर्मदापुरम में 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, यहां तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रतलाम में 44 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 42, खंडवा में 40.01, गुना में 43, धार में 42.4, भोपाल में 41.6, बैतूल में 40 ,उमरिया में 40.4, सागर में 42.6, इंदौर में 40.6, ग्वालियर में 41.7, जबलपुर में 40.7, मंडला में 42 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग की मानें तो अभी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिलने वाली है। अगले एक दो दिनों तक प्रदेश में ऐसे ही लू चलने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी 11 अप्रैल को अशोक नगर जिले के आनंदपुर धाम आयेंगे

PM Modi will visit Anandpur Dham in Ashok Nagar district on April 11 केंद्रीय मंत्री अमित शाह इस माह दो बार आएंगे मध्यप्रदेशकेंद्रीय मंत्री गडकरी 10 अप्रैल को प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का बदनावर (धार) से करेंगे लोकार्पण और भूमि-पूजननई दिल्ली में 12-13-14 अप्रैल को होगी सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुतिकेन्द्र सरकार ने ग्वालियर पश्चिमी बायपास और सागर बायपास सहित प्रदेश की 4 सड़क परियोजनाओं को दी स्वीकृतिकेंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय ने दी 4 हजार 303 करोड़ रुपए की सौगातप्रदेश में समर्थन मूल्य पर फसलों का उपार्जन जारीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील स्थित श्री आनंदपुर धाम पधार रहे हैं। केंद्रीय गृह तथा सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का भोपाल में 13 अप्रैल को और 17 अप्रैल को नीमच में आगमन हो रहा है। उनकी उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और दुग्ध संघ के बीच रवीन्द्र भवन में अनुबंध पर हस्ताक्षर होंगे, साथ ही प्रदेश में जारी सहकारिता गतिविधियों की समीक्षा भी की जाएगी। इसी प्रकार 17 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नीमच दौरा भी प्रस्तावित है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी धार जिले के बदनावर से 10 अप्रैल को प्रदेश की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 12-13-14 अप्रैल को दिल्ली के लाल किला प्रांगण में आयोजित विक्रमोत्सव के अंतर्गत सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रि-परिषद के साथी इस कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन की गरिमा बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय द्वारा प्रदेश को 4 हजार 303 करोड़ से अधिक की सौगातें मिली हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के अंतर्गत 4 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें 1227 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 28.5 किलोमीटर लंबा ग्वालियर पश्चिमी बायपास, 1426 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला संदलपुर- नसरूल्लागंज बायपास, 330 करोड़ रुपए लागत का राहतगढ़ बरखेड़ी बायपास और 688 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला सागर बायपास शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मंदसौर, दमोह, मुरैना और नरसिंहपुर में इस वर्ष एग्रोविजन का आयोजन किया जाएगा। इसमें कृषि, कृषि अभियांत्रिकी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण, कृषि विश्वविद्यालय, दुग्ध महासंघ, सहकारिता, पशुपालन और पंचयत एवं ग्रामीण विभाग सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनके उपार्जन का सही दाम दिलवाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। चना, मसूर, सरसों, तुअर और गेहूं का उपार्जन आरंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य व बोनस मिलाकर 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं उपार्जित किया जा रहा है। अब तक 21.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है और 2 लाख 49 हजार किसानों को 4 हजार 12 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। गेहूं का उपार्जन 5 मई तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मसूर, सरसों, तुअर उपार्जन के लिए जारी गतिविधियों की भी जानकारी दी।

सहकारी समितियों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

It is necessary to ensure transparency in the working of cooperative societies: Chief Minister Dr. Yadav जून 2025 तक सभी समितियों का ऑडिट सुनिश्चित किया जाएमुख्यमंत्री ने दिसम्बर 2025 तक सभी समितियों का कम्प्यूटराईजेशन करने के दिए निर्देशसमितियों के पारम्परिक गतिविधियों के साथ-साथ एग्रीड्रोन, जन औषधी केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंसहकारिता क्षेत्र में पीपीपी मोड से व्यवसाय के नए अवसर खोजेंड्रिप-एरीगेशन, ग्रेडिंग-सार्टिंग और पैकेजिंग, जंगल सफारी व गेस्ट हाउस, खाद्य प्र-संस्करण जैसी गतिविधियां को करें प्रोत्साहितवर्ष 2024-25 में 35 लाख 3 हजार कृषकों को 21 हजार 232 करोड़ रुपए का फसल ऋण किया वितरित भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकारी समितियों की साख और जन सामान्य में उनके प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए समितियों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। अत: सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कार्यों का शत प्रतिशत कम्प्यूटराईजेशन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जून 2025 तक समितियों का ऑडिट पूर्ण कर कृषकों को लेन-देन की सूचना एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराने और इस वर्ष के अंत अर्थात दिसम्बर 2025 तक सभी समितियों के कायों का कम्प्यूटराईजेशन सु‍निश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देशित कर रहे थे। बैठक में सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक वर्णवाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अल्पसेवित पंचायतों की पहचान कर नवीन सहकारी समितियों के गठन के लिए प्राथमिकता पर कार्यवाही की जाए। वर्तमान परिदृश्य और आवश्यकताओं को देखते हुए अधिक से अधिक समितियों में पारंपरिक गतिविधियों के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, जन औषधि केंद्र, जल कर वसूली केंद्र और एग्री ड्रोन संचालन जैसी गतिविधियां चलाई जाएं। इसके साथ ही को-ऑपरेटिव- पब्लिक- प्राइवेट- पार्टनरशिप (सीपीपीपी) के माध्यम से सहकारी-सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से सहकारी समितियों को व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता में नवाचार करते हुए ड्रिप एरीगेशन, ग्रेडिंग-सार्टिंग और पैकेजिंग, जंगल सफारी, गेस्ट हाउस और खाद्य प्र-संस्करण जैसी गतिविधियां को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में जनकारी दी गई कि वर्ष 2024-25 में 35 लाख 3 हजार कृषकों कों 21 हजार 232 करोड़ रुपए का फसल ऋण वितरित किया गया, जो गत वर्ष की तुलना में 1286 करोड़ रुपए अधिक है। प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों क्रमश: खण्डवा, बड़वानी, गुना, राजगढ़, विदिशा, दमोह, छतरपुर और सिंगरौली में आगामी पांच वर्ष 6710 करोड़ रुपए का ऋण वितरण का लक्ष्य है। प्रदेश के 13 आकांक्षी विकास खण्डों में विभिन्न गतिविधियों पर आधारित 26 सहकारी समितियां गठित की गई हैं। जिला बैंकों और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में आईबीपीएस मुम्बई के माध्यम से अधिकारियों और समिति प्रबंधकों की नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत 36 अधिकारियों और 1358 समिति प्रबंधकों की नियुक्ति की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। जिला सहकारी बैंकों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।

मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025″ स्वीकृत

“Policy for establishment of self-reliant cow shelters-2025” approved in Madhya Pradesh state गौ-शालाओं में प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णयमुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम “डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना” रखे जाने की स्वीकृतिप्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णयमंदसौर में 2932 करोड़ 30 लाख रूपये की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृतिमुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल : मंगलवार, अप्रैल 8, 2025, 15:40 IST मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत “मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025” की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया हैं। गौ-शालाओं को प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने और मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुक्रम में गौ-शालाओं को 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिवस किये जाने का निर्णय लिया गया। “मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना” को “डॉ. अम्बेडकर विकास योजना” किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य में पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित गतिविधियों में रोजगार के नवीन अवसर बढ़ाने, उत्पादकता बढाने, किसानों की आय बढने से जीएसडीपी में वृद्धि और राष्ट्र की जीडीपी में योगदान बढाने के लिए मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना की निरन्तरता (वर्ष 2024-25 तथा 2025-26) रखते हुए योजना का नाम “डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना” रखे जाने का निर्णय लिया गया। स्वीकृति अनुसार सहकारिता के माध्यम से पशुपालन गतिविधियों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसान को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करायें जायेंगे। नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण कार्यक्रम और बांझ निवारण शिविरों का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, चारा उत्पादन कार्यक्रम, प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दूधारू गायों के लिए पुरस्कार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम तथा पशुपालकों को योजनाओं की जानकारी प्रदाय करने एवं उन्मुखीकरण के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रम की निरन्तरता पर स्वीकृती दी गयी। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत भारत सरकार से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किए जाने के लिए एमओयू किए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड (भारत सरकार की मिनी रत्न श्रेणी-1) सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एन्टरप्राइजेज (सीपीएसई) संस्था है। संस्था के द्वारा म.प्र. में समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत गुणवत्ता सुधार, एलईपी (कक्षा VI-XII) के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न गतिविधियों को संचालित किया जायेगा। इसमें सीखने में वृद्धि कार्यशालाएँ, सीखने के परिणाम आधारित मूल्यांकन, राज्य के बाहर वैज्ञानिक एक्सपोजर विजिट, शिक्षक विकास, सतत व्यावसायिक विकास और परिणाम शिक्षण रणनीतियों में सुधार शामिल हैं। मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना अंतर्गत मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 2932 करोड़ 30 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 60 हजार हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना से मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के 32 ग्राम एवं मंदसौर तहसील के 115 ग्राम लाभान्वित होंगे। विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण या नगद साख सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गयी। लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन वाली परियोजनाओं के परीक्षण और प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया हैं। इसे जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया हैं। चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप का कार्योत्तर अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप को कार्योत्तर अनुमोदन दिया। साथ ही निविदा प्रपत्र में आवश्यक परिवर्तन करने एवं अन्य निराकरण किये जाने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पी.पी.पी. परियोजनाओं के लिए गठित राज्य स्तरीय सशक्त समिति को अधिकृत किया गया है।

MP: हाईकोर्ट ने भोज विश्वविद्यालय की नियुक्तियां कीं निरस्त, नए सिरे से भर्ती के कोर्ट ने दिए आदेश; जानें

the appointments made in bhoj university are arbitrary and corrupt मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में की गई नियुक्तियों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ ने मनमानी और दूषित करार देते हुए निरस्त कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में जारी एकलपीठ के आदेश को रद्द करते हुए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश शासन और भोज मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा दायर अपील में कहा गया था कि वर्ष 2015 में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर समेत अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। अपील में यह भी बताया गया कि चयन समिति में संबंधित विषयों के विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया था, बल्कि अन्य विषयों के विशेषज्ञों से चयन कराया गया, जो नियमों के खिलाफ था। इसके अलावा, चयन समिति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया। अपील में यह भी उल्लेख किया गया कि अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों की न तो ठीक से जांच की गई और न ही उनका निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया। अंकों के कई कॉलम बिना किसी स्पष्टीकरण के खाली छोड़ दिए गए थे। साक्षात्कार में कुछ अभ्यर्थियों को अत्यधिक अंक देकर अन्य अधिक योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की गई, जिससे चयन प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है। इसके साथ ही, विज्ञापनों में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षण का उल्लेख नहीं किया गया था और न ही आरक्षण रोस्टर उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार तैयार किया गया था। इन अनियमितताओं के कारण चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था। इसके विरुद्ध चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर एकलपीठ ने उनके पक्ष में राहतकारी आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए यह अपील दायर की गई थी।

एमपी में 900 करोड़ का एंबुलेंस घोटाला! कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह का सनसनीखेज खुलासा, जानें क्या कहा?

Ambulance scam of Rs 900 crore in MP! Sensational disclosure by Congress leader Jaivardhan Singh, know what he said? भोपाल ! कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह पिछले ढाई साल में दो हजार एंबुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है, जो एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई साल में एंबुलेंस के लिए किराये के तौर पर छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी को जो पैसा दिया है, वह एंबुलेंस की कीमत से तीन गुना ज्यादा है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि हर सरकार का दायित्व होता है कि राज्य में चिकित्सा सुविधाओं पर नियंत्रण हो और उसकी गुणवत्ता अच्छी हो। मैंने विधानसभा में एक सवाल पूछा था कि एंबुलेंस के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक कितना भुगतान किया है। मुझे जानकारी मिली कि पिछले ढाई साल में छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज को 900 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस कंपनी के पास करीब दो हजार एंबुलेंस हैं और इसका औसत किराया प्रति एंबुलेंस 45 लाख रुपये दिया गया है। एनएचएम के तहत मिलने वाले पैसों का गलत इस्तेमाल उन्होंने कहा कि अगर आप इसकी तुलना करें तो एक पूरी तरह से सुसज्जित एंबुलेंस, जिसमें हर आधुनिक उपकरण जैसे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, उसकी अधिकतम कीमत 20 लाख रुपये होती है। लेकिन, यहां सरकार 45 लाख रुपये किराये के रूप में भुगतान कर चुकी है। यह सीधा-साधा भ्रष्टाचार और सरकारी धन का दुरुपयोग है। यह सब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिलने वाले केंद्र सरकार के पैसों का गलत इस्तेमाल है। कम से कम 600 से 700 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें भाजपा के दलाल, कुछ सरकारी अधिकारी और यह छत्तीसगढ़ी निजी कंपनी शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी पैसों का गबन किया है। इस पैसे को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए था, जिससे लाखों बच्चों और गर्भवती महिलाओं की मदद हो सकती थी। कंपनी को जारी किए गए थे 40 नोटिस उन्होंने इस घोटाले के कई उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने कहा कि गुना से एक बच्चा भोपाल इलाज के लिए जा रहा था, लेकिन रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गया और बच्चे की मौत हो गई। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जयवर्धन सिंह ने यह भी बताया कि जय अम्बे कंपनी के खिलाफ 40 से अधिक नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सरकार ने इसके बावजूद इस कंपनी को पूरा भुगतान किया। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो कांग्रेस विधायक ने बताया कि वह इस मामले में लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में शिकायत करने का निर्णय ले चुके हैं। उन्होंने कहा, “मैंने तय किया है कि मैं इस मामले में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में शिकायत करूंगा ताकि इस पूरे घोटाले की जांच हो सके। जिन लोगों ने सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए और इस घोटाले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह घोटाला एक बड़े खेल का हिस्सा है, जिसे पूरी तरह से उजागर किया जाना चाहिए ताकि सरकारी पैसों का सही उपयोग हो सके और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो।

Bhopal Nagar Nigam Budget: परिषद में वफ्फ संशोधन बिल का विरोध, विपक्ष ने किया हंगामा, बजट पर नहीं हुई चर्चा

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bhopal municipal corporation budget Bhopal Nagar Nigam Budget: भोपाल नगर निगम परिषद की शुरुआत हंगामे से हुई। बजट बैठक में प्रश्नकाल समाप्त हो चुका है। इसमें कुल 15 सवाल पूछे गए, जिसमें से 11 सवालों के ही जवाब दिए गए। हालांकि फिर भी हंगामा नहीं थमा। 32 मिनट देरी से शुरु हुई परिषद की 12वीं बैठकआईएसबीटी के परिषद हॉल में गुरुवार, 3 अप्रैल को 32 मिनट देरी से परिषद की बैठक शुरू हुई। वंदे मातरम गान के साथ शुरू की गई। परिषद की बैठक में अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने GIS का जिक्र किया। GIS की सफलता पर सभी अधिकारी, पार्षद, एमआईसी और महापौर को धन्यवाद दिया। फिर एमआईसी सदस्य रविंद्र यति ने वफ्फ संशोधन बिल के लिए पीएम मोदी को बधाई का प्रस्ताव रखा। जिसका नेता प्रतिपक्ष शब्सिता जाकी ने विरोध किया। इसके बाद वफ्फ संशोधन बिल पर विपक्ष का हंगामा शुरु हुआ। यह मौजूदा परिषद की यह 12वीं बैठक है। इसमें 3300 करोड़ रुपए का बजट पेश हो सकता है। मेट्रो के कारण सड़कों की हालात खराब, जा रही लोगों की जानविपक्ष ने भोपाल मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष ने कहा कि मेट्रो के कारण सड़कों की हालात खराब हो रही है। इससे कई लोगों की जान जा रही। मेट्रो की वजह से लोगों को असुविधा हो रही है। माइक प्रॉपर वर्क न करने पर कार्रवाई के निर्देशआयुक्त महोदय को जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है। माइक प्रॉपर वर्क न करने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। हर पार्षद के पास माइक ले जाना पड़ता है। पार्षद बोले टेबल पर लगे माइक काम नहीं कर रहे है। वन नेशन—वन इलेक्शन पर चर्चा जरुरी— अध्यक्षपरिषद में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर प्रस्ताव रखा गया। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि देश के विधानसभा लोकसभा में अच्छे प्रस्ताव पारित होने है, ऐसे में इस पर परिषद में चर्चा जरूरी है। विपक्ष ने आसंदी के पास किया हंगामाबीजेपी पार्षदों वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव का समर्थन किया तो विपक्ष ने आसंदी के पास जाकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष शकिता जकि ने कहा एजेंडे पर चर्चा की जाए। यह लोकसभा का मामला है, नगर निगम में इसे क्यों उठाया जा रहा है। पूर्व एमएल ने गलत लगाई थी याचिका— यतिनिगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्ताव पर बुराई क्यां हैं। एमआईसी सदस्य रविंद्र यति ने कहा कि पूर्व एमएलए ने जो याचिका लगाई थी, वो गलत लगाई थी। देश में एक चुनाव होना चाहिए। बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाए— विपक्षकांग्रेस पार्षद ने कहा बैलेट पेपर से चुनाव किया जाए। बीजेपी पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के जनप्रतिनिधि की चुनाव लड़ते हैं। कांग्रेस को डर है कि स्टार प्रचारक कहा से लाएंगे। बीजेपी में कई सारे स्टार प्रचारक हैं। स्मार्ट सिटी मल्टी को अटल बिहारी वाजपेयी नाम दियापरिषद में भोपाल के न्यू मार्किट स्थित स्मार्ट सिटी मल्टी का नामकरण किया गया। परिषद की ओर से स्मार्ट सिटी मल्टी को अटल बिहारी वाजपेयी के नाम का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव को परिषद में पारित कर लिया गया।

खास दुकान से यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब खरीदने को किया मजबूर, तो एमपी में स्कूल पर होगा एक्शन

uniforms and copy books from a particular shop action will be taken against the schoo भोपाल ! निजी स्कूलों ने शुल्क ढांचे (फीस स्ट्रक्चर) में मनमानी की या यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब को किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव बनाया तो उन पर कार्रवाई हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। स्कूलों को 31 मार्च तक अपना फीस स्ट्रक्चर और कोर्स की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है, ताकि पेरेंट्स को इसकी जानकारी हो जाए। भोपाल के अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा किताबों की सूची और फीस की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके साथ ही स्कूलों द्वारा निश्चित दुकानों से कॉपी-किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जाने लगा है। संयुक्त संचालक अरविंद चौरगड़े की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले निजी स्कूल लेखक एवं प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय में प्रदर्शित करें।ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थी या अभिभावक इनको खुले बाजार से भी खरीद सकें। प्रत्येक स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य स्कूल में हर कक्षा की पाठ्यपुस्तकों और प्रकाशकों की जानकारी को डीईओ की वेबसाइट पर अनिवार्य अपलोड करें।किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर स्कूल का नाम अंकित नहीं होना चाहिए। स्कूल के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि अभिभावक किसी दुकान विशेष से खरीदने के लिए बाध्य नहीं हैं। डीईओ पर निगरानी की जिम्मेदारीआदेश में जिला शिक्षा अधिकारी को निगरानी और आदेश लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कहा गया है कि डीईओ सुनिश्चित करें कि जिले के सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड समेत सभी प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक स्कूल में संचालित की जाने वाली किताबों, कॉपियों व यूनिफॉर्म की सूची 31 मार्च तक विद्यालय के सूचना पटल पर लग जाएं। एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्यआदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य कर दिया है। कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

HAPPY birthday cm : ‘जल पुरुष’ डॉ. मोहन यादव का संकल्प हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना, सिंचाई के क्षेत्र में हासिल की अभूतपूर्व उपलब्धियां

Happy birthday mohan yadav: ‘Water Man’ Dr. Mohan Yadav’s resolve to deliver water to every farmer’s field, achieved unprecedented achievements in the field of irrigation भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अक्सर कहते हैं कि प्राचीन काल में भारत में पारस पत्थर हुआ करता था, जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता था। इस पारस पत्थर का काम पानी करता है जब वह सूखे खेतों पर पहुंचता है। जल के स्पर्श से खेतों में सुनहरी फसलें लहलहाती हैं। Happy birthday mohan yadav पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने दो दशक पहले देश की नदियों को जोड़कर हर खेत तक पानी पहुंचाने का सपना देखा था, जो राज्यों के बीच जल विवाद के चलते दो दशकों से अधिक समय से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी महत्वाकांक्षी अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच सहमति न बन पाने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। दो बड़ी परियोजनाओं में मिली सफलतामुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार और राज्यों से निरंतर चर्चा कर इन परियोजनाओं के गतिरोध को समाप्त किया और प्रदेश ने दो बड़ी परियोजनाओं के रूप में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश आकर देश की पहली नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास किया। Happy birthday mohan yadav मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि अब महाराष्ट्र सरकार के साथ वार्ता के बाद विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड वाटर रिचार्ज अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना “ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना” का अवरोध दूर हो गया है। मध्यप्रदेश शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ इस संबंध में करार करने की ओर बढ़ रहा है। जल्द ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि “ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे।” जानिए केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के बारे मेंकेन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें केन नदी पर दौधन बांध एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।रुपये 44 हजार 605 करोड़ लागत की इस परियोजना के पूर्ण होने पर मध्य प्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 08 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल सुविधा प्राप्त होगी।साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा, जिसका पूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश करेगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिले-छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 02 हजार ग्रामों के लगभग 07 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभांवित होंगे।सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर की स्थिति सुधरेगी। औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मनिर्भरता आयेगी तथा लोगों का पलायन रुकेगा। परियोजना के साकार रूप लेने पर मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजनासंशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों एवं केंद्र के मध्य 28.01.2024 को त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ और दोनों राज्यों एवं केंद्र के मध्य 05.12.2024 को जयपुर में अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ रुपये की है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ एवं राजस्थान 37 करोड़ की हिस्सेदारी होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 11 जिले क्रमशः गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों में कुल 6.14 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचाई एवं चंबल नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिंड मुरैना एवं श्योपुर के 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना से लगभग 03 हजार 150 ग्रामों की 40 लाख आबादी लाभान्वित होगी एवं इस समेकित परियोजना में मध्य प्रदेश की 19 सिंचाई परियोजनाओं को शामिल किया गया है। क्षिप्रा स्वच्छ और निरंतर प्रवाहमान होगीमुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि क्षिप्रा स्वच्छ और निरंतर प्रवाहमान बने और सिंहस्थ 2028 में क्षिप्रा के जल में ही श्रद्धालुओं को स्नान कराया जाए। क्षिप्रा नदी के जल को शुद्ध रखने के लिए 900 करोड़ रुपये की लागत की “कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना” के द्वारा कान्ह नदी के दूषित जल को क्षिप्रा नदी में मिलने से रोका जायेगा। वर्ष-2028 से पहले यह योजना पूर्ण कर ली जायेगी। Happy birthday mohan yadav क्षिप्रा को वर्ष भर अविरल, प्रवहमान बनाने के लिए उज्जैन जिले की सेवरखेडी एवं सिलारखेडी (लागत लगभग 615 करोड़) योजना का कार्य भी आरंभ हो गया है। इससे आमजन एवं श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष भर विशेष पर्वों पर उनकी धार्मिक भावनाओं के अनुरूप क्षिप्रा नदी में स्नान करने का अवसर मिलेगा। क्षिप्रा नदी पर सिंहस्थ में स्नान सुविधा के लिये क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में घाटों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी राशि रू. 778.91 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। Read more: Kuno National Park sheopur: चीतों ने गाय को पकड़ा तो ग्रामीणों ने मारे पत्थर, वन विभाग के मना करने पर भी नहीं माने बुन्देलखण्ड में दूर होगा जलसंकटमध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर को बढ़ाने, पेयजल संकट को दूर करने एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “अटल भू-जल योजना” प्रारंभ की गई है। यह योजना प्रदेश के 06 जिलों के 09 विकासखण्डों में क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना से चयनित क्षेत्रों में भू-जल स्तर में सुधार होने से स्थानीय किसानों को लाभ प्राप्त होगा तथा किसानों की आय बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल प्रदाय के लिये टिकाऊ जल स्रोत भी उपलब्ध हो सकेंगे। बांधों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। बांधों की सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पूरी सजगता के साथ काम कर रही है। इसके लिये प्रदेश में “डैम सेफ्टी रिव्यू पेनल” गठित है, जो प्रतिवर्ष संवेदनशील बांधों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। आने वाले 05 वर्षों में प्रदेश के 27 बांधों की सुरक्षा एवं मरम्मत … Read more

परिवहन घोटाले को लेकर विपक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट, नेता प्रतिपक्ष बोले- जद में हैं कई अधिकारी और नेता

opposition will go to supreme court regarding transport scam भोपाल ! मध्य प्रदेश में परिवहन घोटाले को लेकर विपक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार इस मामले में लीपापोती कर रही है। कई बड़े अधिकारी और नेता इसकी जद में आ रहे थे, इसी कारण लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद का तबादला किया गया। उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार इस घोटाले को दबाने का प्रयास कर रही है। जब बड़े अधिकारी और नेता जांच के दायरे में आने लगे तो लोकायुक्त डीजी को हटा दिया गया। हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे और दोषियों को बेनकाब करेंगे। सत्र संचालन पर भी उठाए सवाल विधानसभा सत्र को लेकर भी उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे पर सही जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा उठाए गए मामलों का भी जवाब नहीं दिया गया। हमने मांग की थी कि सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण होना चाहिए, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया। विश्वास सारंग बोले- बिना जांच पूरी हुए निष्कर्ष न निकालें विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं और विपक्ष को जांच के निष्कर्ष तक रुकना चाहिए। सारंग ने कहा कि हर स्तर पर जांच हो रही है और जांच के आधार पर कार्रवाई भी की जा रही है। विपक्ष को बिना जांच पूरी हुए निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।

डॉक्टर पर कार्रवाई को लेकर विधायक कमलेश्वर ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

MLA Kamleshwar warned of hunger strike for action against the doctor भोपाल ! मध्य प्रदेश विधानसभा में भारत आदिवासी पार्टी के एकमात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार ने रतलाम जिला अस्पताल के डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने उन्हें जातिसूचक गालियां देकर न केवल उनका बल्कि संपूर्ण आदिवासी समाज का अपमान किया है। विधायक ने चार महीने से डॉक्टर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने पर आक्रोश व्यक्त किया है। अन्याय के खिलाफ आमरण अनशन का एलान विधायक कमलेश्वर डोडियार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर बताया कि अगर 24 मार्च 2025 को सदन में उनकी सुनवाई नहीं होती है, तो वे विधानसभा परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डॉक्टर को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे न भोजन करेंगे और न ही पानी ग्रहण करेंगे। चार महीने से न्याय की लड़ाई विधायक डोडियार ने बताया कि यह घटना 5 दिसंबर 2024 की है, जब वे खुद की तबीयत खराब होने के कारण रतलाम जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां इमरजेंसी वार्ड में एक व्यक्ति से डॉक्टर की उपलब्धता के बारे में पूछने पर उसने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं। बाद में पता चला कि वह व्यक्ति डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर थे। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आदिवासी समाज में आक्रोश विधायक ने कहा कि इस मामले को उन्होंने विधानसभा के पिछले सत्र में भी उठाया था, लेकिन सरकार ने अब तक डॉक्टर को निलंबित करने या अभियोजन की स्वीकृति देने का निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक मामले की जांच पूरी नहीं की और न ही न्यायालय में चालान पेश किया। इससे न सिर्फ उनका बल्कि संपूर्ण आदिवासी समाज का अपमान हुआ है। सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग डोडियार ने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि संपूर्ण भीलप्रदेश (मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र) के आदिवासियों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से तत्काल डॉक्टर के निलंबन की मांग की और कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे अपना आमरण अनशन जारी रखेंगे।

लोकायुक्त से मिलने पहुंचे कांग्रेसी, सौरभ शर्मा और गोविंद सिंह राजपूत से जुड़े सौंपे दस्तावेज

Congressmen reached to meet Lokayukta, submitted documents related to Saurabh Sharma and Govind Singh Rajput भोपाल ! राजधानी भोपाल में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रतिनिधिमंडल के साथ मध्य प्रदेश के लोकायुक्त से मिलने पहुंचे. उमंग सिंघार अपने साथ सौरभ शर्मा और उसके साथियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ मंत्री गोविंद सिंह राजपूत जो की पूर्व में परिवहन विभाग के मंत्री थे, उनकी कई संपत्तियों की जानकारी व उनकी रजिस्ट्री लेकर लोकायुक्त के पास पहुंचे. जहां उन्होंने लोकायुक्त से निवेदन किया है कि इस पूरे मामले की जांच करवाकर इस पर कार्रवाई की जाए. लोकायुक्त को सौंपे दस्तावेजभोपाल में लोकायुक्त से मिलने के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “हमने परिवहन विभाग के पूरे घोटाले के संपूर्ण दस्तावेज और उन घोटाले के पैसों से खरीदी गई संपत्तियों की जानकारी लोकायुक्त को दे दी है. सौरभ शर्मा जो अभी जेल में बंद है. तीनों जांच एजेंसियां उससे उसकी कार में मिले 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश के बारे में कुछ भी नहीं उगलवा सकी. सौरभ शर्मा के मामले में अभी मध्य प्रदेश विधानसभा में भी चर्चा होना बाकी है. उमंग सिंघार को गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आरोपलोकायुक्त से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “किस तरह जनता के पैसों से यह लोग सोना-चांदी खरीद रहे थे. इस पूरे प्रकरण में तीन-तीन जांच एजेंसियों ने जांच करी, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं. इसको लेकर भी हमने लोकायुक्त से बात की है कि इस पूरे मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही पूर्व में परिवहन मंत्री रहे गोविंद सिंह राजपूत और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी हमने लोकायुक्त को विस्तृत दस्तावेज दिए हैं. जिसमें हमने सभी प्रकार के दस्तावेज जैसे कि किस समय कौन सी जमीन गोविंद सिंह राजपूत या उनके परिजनों के नाम पर कहां-कहां खरीदी गई है. इसका विस्तृत उल्लेख किया है लोकायुक्त ने मामले में जांच करवाने के साथ-साथ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया है.

एमपी सदन में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिमों की अवैध घुसपैठ पर मऊगंज विधायक ने उठाया मुद्दा

Mauganj MLA raised the issue of illegal infiltration of Bangladeshi and Rohingya Muslims in MP House भोपाल। मध्यप्रदेश के मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से विधानसभा में बांग्लादेशी रोहिंग्या मुस्लिमों की अवैध घुसपैठ का मामला उठाया है। विधायक ने कहा कि मध्यप्रदेश के मऊगंज जिला समेत सीमावर्ती जिले जो यूपी की सीमाओं से जुड़े हैं अवैध मुस्लिम आब्रजकारियों विशेषकर बांग्लादेशी रोहिंग्या मुस्लिमों को अवैध तरीकों से मूल निवास प्रमाणपत्र और आधारकार्ड जनप्रतिनिधियों जैसे पार्षद और सरपंचों के वेरिफिकेशन पर जारी किये जा रहे हैं। भाजपा विधायक ने चिंता जताते हुए कहा कि एमपी के 10 बड़े जिलों के सीमावर्ती इलाकों में इनकी तादाद बहुत तेजी से बढ़ी है जो भविष्य में प्रदेश के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकते हैं ,घुसपैठ को प्रभावी तरीके से रोकने के लिए सिटीजन शिप अमेंडमेंट एक्ट सीएए और एनआरसी के तहत कार्यवाही शुरु न होने से अवैध मुस्लिमों का बढ़ना सुरक्षा में चूक है। प्रदीप पटेल ने इस गंभीर मामले में सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि सरकार हस्तक्षेप कर अवैध घुसपैठ पर रोक लगाए। मऊगंज के विधायक प्रदीप पटेल द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के कई महत्वपूर्ण आयाम हैं, जिनका विश्लेषण राजनीतिक, सुरक्षा, कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोण से किया जा सकता है।   1. राजनीतिक पहलू यह मुद्दा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक द्वारा उठाया गया है, जो पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू करने के पक्ष में रही है। अवैध घुसपैठ का मुद्दा भाजपा की मुख्य चुनावी रणनीति का हिस्सा भी रहा है, विशेष रूप से पूर्वोत्तर और बंगाल में।   2. सुरक्षा संबंधी चिंताएँ 3. कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियाँ 4. सामाजिक प्रभाव विधायक द्वारा उठाया गया मुद्दा गंभीर है, लेकिन इसे निष्पक्ष जांच और ठोस प्रमाणों के आधार पर ही आगे बढ़ाना चाहिए। घुसपैठ को रोकना आवश्यक है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि किसी भी कानूनी रूप से रह रहे व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन न हो।  

भोपाल एम्‍स कैंसर मरीजों की देखभाल करेगा AI, पूछेगा- क्‍या आपको दर्द हो रहा है, खाने में समस्‍या तो नहीं!

AI will take care of cancer patients in Bhopal AIIMS, will ask- are you in pain, are you having problem in eating! भोपाल। एम्स भोपाल को कैंसर मरीजों की जीवन गुणवत्ता सुधारने के लिए एक बड़ी उपलब्धि मिली है। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने डिजिटल आन्कोलाजी (कैंसर देखभाल) के लिए एम्स भोपाल को 20 लाख रुपये का अनुसंधान अनुदान प्रदान किया है। यह शोध आईआईटी इंदौर के नवाचार केंद्र के सहयोग से किया जाएगा। ऐसे होगा मरीजों की जिंदगी पर असर इस परियोजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से कैंसर मरीजों के इलाज के बाद उनकी जीवन गुणवत्ता (क्वालिटी आफ लाइफ) पर शोध किया जाएगा। एआई पूछेगा यह सवाल इसके लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म विकसित किया जाएगा, जो मरीजों से उनके स्वास्थ्य और समस्याओं के बारे में सवाल पूछेगा, जैसे – क्या आपको दर्द हो रहा है? खाने-पीने में दिक्कत तो नहीं? आपको सबसे ज्यादा तकलीफ किस चीज से हो रही है? मरीजों से मिले इन जवाबों का विश्लेषण करके डॉक्टर उनके लिए बेहतर उपचार योजना बना सकेंगे। डिजिटल हेल्थ में बड़ी पहल इस परियोजना से कैंसर मरीजों की शारीरिक और मानसिक सेहत, सामाजिक जुड़ाव और इलाज के प्रभावों का मूल्यांकन किया जाएगा। भारत में अभी तक ऐसा कोई डिजिटल टूल नहीं था जो कैंसर मरीजों की जीवन गुणवत्ता को माप सके। यह शोध इस कमी को पूरा करेगा और कैंसर मरीजों को बेहतर देखभाल और व्यक्तिगत उपचार समाधान देगा।

1 साल में नहीं हुआ कोई भी विकास का कार्य ,पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं करा पाई सरकार : पंकज उपाध्याय 

No development work was done in 1 year, government could not even provide drinking water: Pankaj Upadhyay जौरा | विधानसभा में जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने राज्यपाल की अभिभाषण में कहा कि , कल राज्यपाल जी का भाषण सुना आज बड़े ही दुखी मन से यहां अपनी बात रख रहा हूं . मैं पहली बार का विधायक हूं और बड़ी उम्मीद लेकर आया था . आपको देखा , प्रहलाद जी को देखा , कैलाश जी को देखा और बरिष्ठ लोगों को देखा तो लगा कि बिजली , पानी , सड़क सभी काम बड़ी आसानी से हो जाएंगे , मैं जो यहाँ पर बोलूंगा वह होगा , लेकिन मैं जहां एक साल पहले खड़ा था आज भी वहीं पर खड़ा हूं . पानी की समस्या की बात करें तो हमने लगातार नलजल योजना की यहां बात की है कैलाश विजयवर्गीय जी ने पिछली बार आश्वासन दिया कि जिले की एक समिति बनाएंगे जिन विधायकों को रखेंगे और वह गांव – गांव जाकर देखेंगे कि क्या स्थिति है . एक साल में कोई भी ऐसी कार्यवाही नहीं हुई ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम करे जा रहे हैं . पूरे विभाग का हर कर्मचारी अपनी मर्जी से काम किये जा रहा है . एक भी नल की टोंटी में से पानी नहीं निकल रहा है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है . एक साल से हम प्रत्येक विधान सभा में इस प्रश्न को लगाते हैं और उत्तर मिल जाता है कार्यवाही जारी है , हो रहा है , होगा लेकिन काम कब होगा यह आज तक पता नहीं चल पाया है . ऐसे ही विकलांग हैं जिनके दोनों पैर खराब होते हैं उनको साठ प्रतिशत का प्रमाणपत्र पकड़ा दिया है और जो विकलांग नही थे , बहरे , अंधे नहीं थे उन लोगो को आपने फर्जी प्रमाण पत्र देकर नौकरियां दे दी हैं . आपने 100-100 प्रतिशत के प्रमाण पत्र दे दिये हैं लेकिन जिनके दोनों पैर नहीं हैं आज तक हम उन लोगों को सायकिल नहीं दे पाए . बहुत ही शर्म आती है जब वह लोग हमारे पास में आते हैं कि आप विधायक हो हमको सायिकल तो दिला दो . इस पर मेरा सदन से अनुरोध है कि यह बड़ी ही संवेदनशील बात है कि जिन लोगों के दोनों पैर नहीं हैं और हमें आंखों से दिख रहा है लेकिन हम उन्हें सायकिल नहीं दिला पा रहे हैं . इस पर आप कुछ कार्यवाही करें . खाद मांगने जाते हैं तो डंडे पड़ रहे हैं . किसान अपनी फसल बेचने जाता है तो वह लाईन में लगा रहता है . मेरा आपसे अनुरोध है कि जो खरीदी केन्द्र हैं उनकी संख्या बढ़ाई जाए .अध्यक्ष महोदय , राज्यपाल जी ने जो भाषण दिया पेज नम्बर 9 पर हमने अस्पतालों की बातें सुनीं हमारे जौरा में अस्पताल बने हैं लेकिन उनमें डॉक्टर नहीं हैं . स्टॉफ नहीं है , दवाईयां नहीं है . अभी आपने नये अस्पताल का उद्घाटन किया लेकिन 50 प्रतिशत डॉक्टर भी वहां पर उपलब्ध नहीं हैं . वहां पर तीन माह से महिलाओं की डॉक्टर नहीं हैं . जब डिलेवरी होने आती है तो वह पहले वहां पर आती हैं और फिर मुरैना पहुंचाई जाती हैं . आप समझ सकते हैं कि यह कितनी गंभीर बात है . अगर तीन माह से वहां पर डॉक्टर नहीं हैं तो कैसे क्या व्यवस्था हो रही होगी यह बहुत ही गंभीर विषय है , लेकिन सरकार लगातार अपनी पीठ थपथपा रही थी और मैं सोच रहा था कि मेरे क्षेत्र का तो कुछ काम ही नहीं हुआ भवन बन गए हैं लेकिन डॉक्टर नहीं हैं . यहां पर अटल एक्सप्रेस वे की घोषणा हुई माननीय अध्यक्ष जी पहले आपने घोषणा की थी कि आप बीहड़ में से इस सड़क को निकालेंगे हमने बहुत स्वागत किया कई उत्साह मने कि बहुत ही बढ़िया काम हो रहा है लेकिन आप उपजाऊ भूमि में से अगर सड़क को निकालेंगे तो यह किसान कहां जाएंगे , जो सीमान्त किसान हैं वह कहां जाएंगे . मेरा आपने अनुरोध है कि हमें इस पर गंभीरता से विचार करना होगा यदि हमने इन लोगों को आज बेरोजगार कर दिया तो आने वाले समय में हमें कोई माफ नहीं करेगा . वह जो हजारों एकड़ का बिहड़ पड़ा है आप उस बिहड़ पर सड़क निकालिए आपका स्वागत है . ऐसे ही आपने सोलर प्लांट की योजना ला दी सबने तारीफ की कि बहुत बड़ा सोलर प्लांट बन रहा है . प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट बन रहा है . जो पशुवन यहां वहां घूम रहा है वह कहां जाएगा , आपने यदि हमारी पच्चीस हजार बीघा जमीन ले ली और जहां जमीन पर सोलर प्लांट लग जाएगा तो जमीन में से पानी कम जो जाएगा . वहां के किसान कहां जाएंगे इस बारे में किसी ने कोई चर्चा नहीं की है . मैं फिर कहना चाहता हूं कि जो हमारा बिहड़ का इलाका है । चंबल के पास का वहां लाखों एकड़ भूमि खाली पड़ी हुई है वह आप इन उद्योगपतियों को दीजिए , अडानी , अम्बानी को हमारी उपजाऊ जमीन देने की पंकज उपाध्याय ने कहा कि लोगों को बिजली नहीं मिल रही हैं , लोग घंटों – दिनों तक खड़े रहते हैं . डीपी जल जाती है तो दो – दो माह तक बिजली नहीं आती है , जब तक रिश्वत नहीं दी जाती है , तब तक डीपी नहीं बदली जाती है , मेरा अनुरोध है कि ये बहुत ही गंभीर विषय है इस पर आपको चिंतन करना होगा .  यहां से सबसे ज्यादा लोग सेना में जाते हैं . इतने लोग शहीद हो जाते हैं . उसके बाद भी हम मुरैना जिले एक ट्रेनिंग सेंटर आज तक नहीं बना पाये कि जहां हमारे नए युवा ट्रेनिंग कर सकें , मैं , विगत एक वर्ष में 5 बार इस सदन में , इसकी मांग कर चुका हूं लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगती है . शहीदों की केवल एक बार तारीफ कर दो , फिर उन्हें भूल जाओ . वहां स्कूल नहीं हैं । हमारे युवाओं के साथ भेदभाव हो रहा है , वे सेना में भर्ती होने के … Read more

शहरों में बदलता परिदृश्य: कॉर्पोरेट में सक्रिय महिलाएँ, संघर्षरत पुरुष, क्या खड़ी होने वाली बड़ी समस्या?

Changing scenario in cities: Women active in corporate, men struggling, is a big problem arising? शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती रोजगार भागीदारी और पुरुषों में बेरोजगारी की बढ़ती दर, दोनों ही समाज के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत हैं. जहां एक तरफ महिलाओं ने पारंपरिक सामाजिक बाधाओं को पार करते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कदम मजबूत किए हैं, वहीं दूसरी तरफ पुरुषों के लिए रोजगार के अवसरों की कमी बढ़ती जा रही है. यह असंतुलन न सिर्फ परिवारों के भीतर आर्थिक संरचना को प्रभावित कर रहा है, बल्कि समाज में नए सामाजिक और मानसिक दबावों को भी जन्म दे रहा है. ऐसे में इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि आखिर शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के रोजगार में बढ़ रही भागेदारी का क्या कारण है और इस असंतुलन का भविष्य में हमारे समाज और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा? क्या यह स्थिति समाज में नई समस्याओं को जन्म दे सकती है? क्या कहता है आंकड़ा हाल ही में ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GLIM) के शोधकर्ताओं ने एक रिपोर्ट जारी की है. जिसके अनुसार साल 2023-24 में 20 से लेकर 24 साल की उम्र के बीच पुरुषों में बेरोजगारी की दर 10% देखी गई, जबकि महिलाओं में यही दर पुरुषों से कम यानी 7.5% देखा गया है. इसी तरह, 25-29 साल की उम्र में भी पुरुषों की बेरोजगारी दर 7.2% है, जो महिलाओं से ज्यादा है. बेरोजगारी का ये आंकड़ा दर्शाता है कि शहरी इलाकों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, लेकिन पुरुषों के लिए यह अवसर घटते जा रहे हैं. ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GLIM) के शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि पिछले कुछ सालों में शहरी भारत में महिलाओं का रोजगार 10% बढ़ा है. जबकि साल 2017-18 से लेकर 2023-24 तक, शहरी महिलाओं में रोजगार की दर 28% तक पहुंच गई है. दिलचस्प बात ये है कि इसी साल 40 साल और उससे ऊपर की उम्र वाली शहरी महिलाओं में रोजगार दर सबसे ज्यादा 38.3% दर्ज की गई. जिससे यह संकेत मिलता है कि महिलाएं अब बच्चों के बड़े होने के बाद अपने करियर पर ज्यादा ध्यान दे पा रही हैं. महिलाओं को नहीं है नौकरी की तलाश इसी रिपोर्ट के अनुसार भले ही देश में महिलाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके भारत की 89 मिलियन से ज्यादा शहरी महिलाएं अभी भी नौकरी की तलाश में नहीं हैं. यह संख्या जर्मनी, फ्रांस या यूनाइटेड किंगडम की पूरी जनसंख्या से भी ज्यादा है. इसका मतलब है कि अभी भी लाखों महिलाएं कामकाजी जीवन में शामिल नहीं हो पाई हैं. इस स्थिति में सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर पुरुषों को पर्याप्त नौकरी के मौके नहीं मिलेंगे और महिलाएं बेहतर रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएंगी, तो आने वाले समय में समाज में असंतुलन बढ़ सकता है. एक ओर जहां महिलाओं के लिए रोजगार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुरुषों की बेरोजगारी बढ़ने से समाज में तनाव और असंतोष का माहौल बन सकता है. महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम तैयार इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई कंपनियां महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है, जैसे स्कूल और ऑफिस के घंटों को मिलाना और बच्चों के लिए चाइल्डकेयर की सुविधा देना. इसके अलावा ज्यादातर कंपनियां महिलाओं को घर से काम करने का विकल्प दे रही है, जिससे वे अधिक आराम से काम कर पा रही हैं, लेकिन घर से काम करने के दौरान नेटवर्किंग की समस्या भी खड़ी हो रही है, जिससे उनकी करियर ग्रोथ में रुकावट आ सकती है. इस शोध में यह भी बताया गया है कि अगर हम सिर्फ महिलाओं के रोजगार पर ध्यान देंगे और पुरुषों के रोजगार की चिंता नहीं करेंगे, तो भविष्य में इसे लेकर समाज में समस्याएं आ सकती हैं. इसलिए, महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए समान रूप से रोजगार के मौके बढ़ाने की जरूरत है, ताकि कोई भी समुदाय इससे प्रभावित न हो. पुरुषों में क्यों बढ़ रही है बेरोजगारी आजकल शहरी इलाकों में महिलाओं का रोजगार बढ़ रहा है, लेकिन पुरुषों के लिए बेरोजगारी एक बड़ी चिंता बन चुकी है. खासकर, जो पारंपरिक काम जैसे निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और कम कौशल वाला काम करते है. इसका मतलब है कि पहले जो काम पुरुषों के लिए आम थे, अब उनमें नौकरी के मौके कम हो गए हैं. इसके अलावा, नई तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने पुरुषों के लिए और भी मुश्किलें पैदा की हैं. पहले जो लोग मैन्युअल (हाथ से काम करने वाले) या कम कौशल वाले काम करते थे, उनके लिए अब इन कामों की जगह मशीनों और रोबोट्स ने ले ली है. अब ये लोग अपनी नौकरी छूट जाने के खतरे से जूझ रहे हैं. शहरी इलाकों में यह समस्या और भी गंभीर हो रही है क्योंकि यहां रोजगार के मौके कम हो गए हैं और युवा पुरुषों को नौकरी ढूंढने में कठिनाई हो रही है. इसे एक बड़ी समस्या के रूप में देखा जा सकता है, जिसका समाधान समय रहते करना जरूरी है. असंतुलन का क्या होगा समाज पर असर? अगर यह असंतुलन जारी रहता है तो इसका समाज और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. पहले तो, यह पारिवारिक संरचनाओं को प्रभावित करेगा. पारंपरिक समाज में पुरुषों को कमाने वाले के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन अब महिलाएं भी कमाने वाली बन रही हैं. इससे परिवारों के भीतर भूमिकाओं में बदलाव आएगा और कई पुरुष इस बदलाव को स्वीकार करने में मुश्किल महसूस कर सकते हैं. इसके अलावा, बेरोजगारी की बढ़ती दर से पुरुषों के बीच निराशा और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण अपराधों में वृद्धि हो सकती है और समाज में अस्थिरता पैदा हो सकती है. महिलाओं के बढ़ते रोजगार का प्रभाव पुरुषों पर महिलाओं के बढ़ते रोजगार का प्रभाव पुरुषों पर सीधा और अप्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है. कुछ पुरुषों को यह बदलाव चुनौतीपूर्ण लग रहा है, क्योंकि पहले वे ही परिवार के मुख्य कमाने वाले होते थे. अब जब महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, तो पारंपरिक भूमिका … Read more

लाडली बहनों से लेकर किसानों को एमपी के बजट में क्या मिला? पढ़ें बड़ी बातें

From Laadli sisters to farmers, what did they get in MP’s budget? Read the important points MP Budget 2025 News: मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में मोहन यादव सरकार का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने 2025-26 के लिए राज्य का 4,21,032 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. बजट में महिलाओं, किसानों और युवाओं को लेकर घोषणाएं की गई हैं. अहम बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार ने किसी नए टैक्स की घोषणा नहीं की है. यह सीएम मोहन यादव सरकार का दूसरा बजट है. बजट के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा की दर्शक दीर्घा में बैठकर बजट भाषण सुनते देखे. मध्य प्रदेश बजट 2025 हाइलाइट्स लाड़ली बहनों को अटल पेंशन योजना से जोड़ेंगे.लाड़ली बहना योजना के लिए 18679 करोड़श्री कृष्ण पाथेय के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधानराम वन पथ गमन के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधानप्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना का लाभआगामी 5 वर्षों में उद्योगों को 30,000 करोड़ रुपये इंसेंटिवखाद्यान्न योजना के लिए 7,132 करोड़ रुपये का प्रावधानश्रम विभाग के लिए 1,808 करोड़ रुपये का प्रावधानआकांक्षा योजना के लिए 20.52 करोड़ रुपये का प्रावधानजनजातीय वर्ग के लिए प्रमुख योजनाएं 23,000 प्राथमिक स्कूल, 6,800 माध्यमिक स्कूल, 1,100 हाई स्कूल.900 उच्चतर माध्यमिक स्कूल, 1,078 आश्रम, 1032 सीनियर छात्रावास.कुपोषण मुक्ति आहार अनुदान – 2.20 लाख महिलाओं को 1,500 रुपयेअनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के लिए 25 करोड़ रुपयेपिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 1,086 करोड़ रुपयेगरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के लिए विशेष बीमा योजनारोजगार व औद्योगिक विकास प्रदेश में 39 नए औद्योगिक क्षेत्र – 3 लाख से अधिक नौकरियांप्रसूति, विवाह और अंत्येष्टि सहायता के लिए 3,917 करोड़ रुपयेविशेष पिछड़ी जातियों के लिए 53,000 से अधिक आवास, 22 नए छात्रावास.विकास के दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2047 तक सकल घरेलू उत्पाद 250 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्यवार्षिक आय 22.33 लाख रुपये तक बढ़ाने की योजना2024 की तुलना में बजट में 15% वृद्धिसकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर देश में सबसे अधिक – 22 वर्षों में 17 गुना वृद्धिकिसान और कृषि नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल एंड रुपया 183 करोड़ रुपये का प्रावधान.कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत बिल में दी जा रही राहत जारी रहेगी. इसके लिए 19000 करोड़ रुपये का प्रावधानप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 2 करोड़ 42 लाख प्रकरणों में रुपए 2955 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है.इसमें 2025-26 में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान.किसान प्रोत्साहन योजना के लिए 5230 करोड़ रुपयेप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 2 हजार करोड़ रुपयेधान उपार्जन बोनस के लिए 850 करोड़ रुपये

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का सरकार पर हमला, शिक्षकों की कमी समेत ये मुद्दे उठाए

Congress MLA Jaivardhan Singh attacked the government, raised these issues including shortage of teachers विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में 70000 शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विधायक अभिभाषण से हटकर वक्तव्य दे रहे हैं। सत्ता पक्ष के दूसरे सदस्य भी सारंग का समर्थन करने लगे। इससे शोर शराबे की स्थिति बन गई। जवाब में कांग्रेस विधायक भी शोर-शराबा करने लगे। बाद में विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि जो आंकड़े उन्होंने पेश किए हैं, वह स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े हैं। वे गलत जानकारी नहीं दे रहे हैं। उनके वक्तव्य के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने भी टोका। इसके बाद कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ नया देखने को मिलेगा। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जो योजनाएं चल रही थीं, उनको भी आगे बढ़ाने में सरकार पीछे रही है। जयवर्धन सिंह ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वादा किया था कि अगर, उनकी सरकार फिर बनेगी तो हर परिवार को 450 रुपए में एलपीजी सिलेंडर देंगे। लेकिन, सरकार बनने के बाद ऐसा नहीं हुआ है। सीखो कमाओ योजना को लेकरजयवर्धन सिंह कांग्रेस विधायक ने कहा कि योजना का बजट 300 करोड़ है, लेकिन इसमें से केवल 30 करोड़ खर्च किए गए हैं। Gi सम्मिट को लेकर उन्होंने कहा कि मोहन सरकार में 1 साल में ये सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। मध्य प्रदेश में जो बड़े-बड़े उद्योग हैं, वह कांग्रेस की देन हैं। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। एक भी किसान का गेहूं 2700 रुपए क्विंटल और धान 3100 रुपये क्विंटल में धान नहीं खरीदा गया। सहकारिता विभाग में हर 5 वर्ष में चुनाव होते थे। भाजपा राज्य में चुनाव क्यों नहीं हो रहे। मंडियों के चुनाव होते थे, लेकिन अब क्यों नहीं हो रहे।

राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष का हमला, कहा- पीएम की तारीफ के अलावा कुछ समझ नहीं आया

MP Vidhan Sabha Budget Session 2025-26 Live Updates News in Hindi: मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। आज आर्थिक सर्वेक्षण और द्वितीय अनुपूरक बजट पटल पर रखा जाएगा। आज विपक्ष घोटालों और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। अभिभाषण पर लगाए गए कांग्रेस के आरोप पर मंत्री सारंग का बयानअभिभाषण आने से पहले ही उस पर टिप्पणी करना कांग्रेस की आदत है। कांग्रेस के नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए कुछ तो बोलेंगे ही। इसीलिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस का एक विधायक बता दे कि उन्होंने अभिभाषण को पूरा सुना या पढ़ा है। हमारी सरकार विकास और कल्याण मूलक सरकार है। डबल इंजन की सरकार की जो परिभाषा है उसको प्रतिपादित करते हुए हमारी सरकार प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के माध्यम से हर वर्ग का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। राज्यपाल के अभिभाषण से सरकार की विकास और कल्याण की जो पॉलिसी है वो परिलक्षित हुई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे विधानसभाउमंग सिंघार ने कहा कि जनता से किए गए बीजेपी के वादों को विपक्ष सदन में उठाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं था। सब पुराना है गिनाया जा रहा है। किसी के लिए भी कुछ भी नया नहीं है। बस सरकार के पुराने आंकड़े पढ़वाए गए हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को विधायक डॉ अभिलाष पांडेय ने सौंपा प्रयागराज से लाया गंगा जल का कलश

MLA Dr. Abhilash Pandey handed over the urn of Ganga water brought from Prayagraj to Chief Minister Mohan Yadav and Assembly Speaker Narendra Singh Tomar भोपाल। आज मध्यप्रदेश विधानसभा के पहले दिन जबलपुर उत्तरमध्य के विधायक डॉ.अभिलाष पाण्डेय प्रयागराज महाकुंभ के संगम तट से लाए गए माँ गंगा के पावन जल का कलश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी एवं कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी को प्रदान किया। इस पुण्य कार्य ने मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रथम दिवस को आध्यात्मिक बना दिया।इसके साथ ही डॉ अभिलाष पांडे ने विधानसभा में अन्य सभी मंत्री ,विधायक एवं विधानसभा के अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी मां गंगा का पवित्र गंगाजल प्रदान किया। गौरतलब है कि जबलपुर उत्तर मध्य विधायक डॉ अभिलाष पांडेय पिछले सात दिनों से अपनी विधानसभा मैं प्रयागराज महाकुंभ से लाया गंगा जल वितरण कर रहे है विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र उत्तर मध्य विधानसभा जबलपुर मैं कुष्ठ रोगी आश्रम, वृद्ध आश्रम,अनाथ आश्रम ,केंद्रीय जेल ,हॉस्पिटल सहित लगभग पचास हज़ार घर तक गंगा जल स्वयं ने वितरण किया।विधानसभा के पहले दिन गंगाजल का वितरण एक शुभ और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक साबित होगा। सांस्कृतिक महत्व का यह अनुकरणीय कार्य मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को दर्शाता है साथ ही युवा विधायक की सनातन परम्परा , संस्कृति,संस्कार एवं गंगा मैया के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। डॉ अभिलाष पांडे ने कहा कि आज से शुरू होने वाला विधानसभा का सत्र प्रदेश के सुख, शांति ,समृद्धि और विकास के लिए नए आयाम स्थापित करे ऐसी मां गंगा से प्रार्थना करता हूं और सभी सुखी और निरोगी रहें इसलिए मां गंगा के आशीर्वाद स्वरूप गंगाजल को लेकर आया हूं कुंभ के समय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के मार्गदर्शन में पूरे मध्यप्रदेश में सेवा,सत्कार और आतिथ्य के भाव के साथ सभी कुंभ जाने वालों का स्वागत किया है उसके लिए भी मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन और आभार करता हूं।

एमपी विधानसभा का बजट सत्र, कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

MP Budget 2025 live updates :मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की आज से शुरुआत हो गई है। सबसे पहले सदन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण हुआ। 12 मार्च का मध्य प्रदेश सरकार राज्य का बजट पेश करेगी। 24 मार्च तक चलने वाले विधानसभा के सत्र में कुल 9 बैठकें होंगी। वहीं, इस बार कांग्रेस सदन में जमकर हंगामा करने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत आज विधानसभा के पहले दिन किसान कांग्रेस ने विधानसभा घेराव करके कर दी है। देखें सत्र के पहले दिन के पल-पल का अपडेट..। MP Budget 2025 live updates : कांग्रेस के विधानसभा घेराव के मुद्दें MP Budget 2025 live updates : राज्यपाल का अभिभाषण मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण दिया। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए संकल्पित है। किसानों को सस्ती दरों पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए उन्हें मात्र 5 रुपए में स्थाई बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके अलावा, युवाओं के समग्र सामाजिक विकास और महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक उन्नति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। MP Budget 2025 live updates : सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग हरदा से कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने सिर पर काली टोपी लगाकर विधानसभा पहुंचे। उनके हाथ में एक तख्ती भी थी, जिसपर लिखा है ‘विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए’। पत्रिका से खास बातचीत के दौरान कांग्रेस विधायक ने कहा कि, सरकार जनता के मुद्दों पर जवाब देने से बचना चाहती है। इसलिए सदन की कार्यवाही इतनी कम अवधि की रखी गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष से लिखित मांग कर चुके हैं। इसपर उन्हें आश्वासन तो दिया गया, पर अबतक सदन की कार्यवाही की अवधि नहीं बढ़ाई गई। यही कारण है कि हमें कार्यवाही में शामिल होने के बजाए, बाहर विरोध करना पड़ रहा है।

महिला दिवस पर मंत्री का बड़ा ऐलान,डी-मार्ट की तर्ज पर प्रदेश में खुलेंगे ट्राइबल मार्ट, महिलाएं करेंगी संचालन

Minister’s big announcement on Women’s Day, Tribal Marts will open in the state on the lines of D-Mart, women will operate them MP News: मध्य प्रदेश में महिला दिवस के अवसर पर एक बड़ा ऐलान किया गया है. डी-मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट खोले जाएंगे, जिनका संचालन आदिवासी महिलाएं करेंगी. यह परियोजना आदिवासी महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की गई है. MP Tribal Mart: मध्य प्रदेश के खंडवा में महिला दिवस पर मंत्री विजय शाह ने बड़ी घोषणा  की है. उन्होंने कहा कि डी मार्ट की तरह आदिवासी ब्लॉकों में ट्राईबल मार्ट खोले जाएंगे. फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खंडवा के आदिवासी ब्लॉक खालवा, मंडला और शहडोल में इसकी शुरुआत की जाएगी. करोड़ों की कीमत के खुलने वाले इस ट्राइबल मार्ट काआदिवासी महिलाएं ही  संचालन करेंगी.  खंडवा में महिला दिवस के मौके पर आज कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा कि शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खंडवा के आदिवासी ब्लॉक खालवा,मंडला और शहडोल में इसकी शुरुआत की जाएगी, जिसके के लिए एक एकड़ जमीन पर करीब एक करोड़ रुपए की लगत से ये ट्राईबल मार्ट बनाया जाएगा. इसमें दो करोड़ रुपए का लोन महिलाएं को दिया जाएगा जिससे वह अपना रोजगार चला सके. मंत्री विजय शाह ने कहा कि महिला दिवस के मौके पर इतनी बड़ी सौगात बहनों को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दी जा रही है. मैं समझता हूं कि महिला दिवस के मौके पर इससे बड़ी सौगात हमारी बहनों के लिए हो ही नहीं सकती आदिवासी समाज की होगी तरक्की  अगर यह प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है तो, पूरे प्रदेश में इस तरह के ट्राइबल मार्ट खोले जाएंगे. इससे न सिर्फ महिला सशक्तिकरण बल्कि आदिवासी समाज को भी मुख्य धारा से जोड़कर तरक्की की राह पर अग्रसर किया जा सकेगा. बता दें कि प्रदेश की मोहन सरकार सहित केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी आदिवासी समाज के लिए नित नए कदम उठा रही है. डी मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट की घोषणा भी उन्हीं कदमों में से इसे एक कदम माना जा रहा है.अब देखना यह है कि मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री की इस घोषणा पर कितनी जल्दी और कितना अमल होता है

31 मार्च तक बनवाएं किसान आईडी, नहीं तो अटक जाएंगे फसल बीमा और सम्मान निधि के पैसे!

Get your farmer ID made by March 31, otherwise your crop insurance and Samman Nidhi money will get stuck! भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए जरूरी खबर! अगर आपने 31 मार्च 2025 तक किसान आईडी (Farmer ID) नहीं बनवाई, तो आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की डिजिटल पहचान के लिए 11 अंकों की यूनिक आईडी अनिवार्य की गई है। क्यों जरूरी है किसान आईडी? राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों के माध्यम से किसानों का पंजीकरण करा रही है। यह यूनिक आईडी किसानों की डिजिटल पहचान होगी, जिसके बिना न तो फसल बीमा का क्लेम मिलेगा, न ही किसान सम्मान निधि की राशि, और न ही बिना दस्तावेज़ों के कृषि ऋण उपलब्ध होगा। मध्यप्रदेश के कृषि विभाग के अनुसार, 31 मार्च के बाद यह पंजीकरण फ्री नहीं रहेगा, यानी इसके लिए किसानों को शुल्क देना होगा। जिन पंचायतों में पहले ही शिविर लग चुके हैं, वहां के किसान अपने पटवारी से संपर्क कर पंजीकरण करवा सकते हैं। बिना किसान आईडी नहीं मिलेगा इन योजनाओं का लाभ अगर आपने अभी तक अपनी किसान आईडी नहीं बनवाई, तो आप कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से वंचित हो सकते हैं— ✔ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि – सालाना ₹6,000 की सहायता राशि नहीं मिलेगी। ✔ फसल बीमा योजना – केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा, जिनकी पहचान सरकारी रिकॉर्ड में होगी। ✔ कृषि ऋण व किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) – किसान बिना ज्यादा दस्तावेज़ों के लोन नहीं ले पाएंगे। ✔ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) – अपनी फसल सरकारी मंडियों में बेचने के लिए भी यह आईडी अनिवार्य होगी। ✔ फसल सर्वे व स्वामित्व हस्तांतरण – सरकारी रिकॉर्ड में जमीन संबंधी कार्यों के लिए यह आईडी आवश्यक होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज़ किसान आईडी बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ अनिवार्य हैं— जल्दी करें, वरना देना होगा अतिरिक्त शुल्क! जो किसान 31 मार्च तक अपना पंजीकरण नहीं करवाते, उन्हें इसके बाद शुल्क देकर किसान आईडी बनवानी होगी। इसलिए समय रहते नजदीकी पंचायत या शिविर में जाकर पंजीकरण कराएं और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं।

930 रुपए किलो का गुग्गल 1700 रूपये में खरीदने के मामले की नहीं हो पा रही है जांच

The case of buying guggal worth 930 rupees per kg for 1700 rupees is not being investigated भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभास ठाकुर के निर्देश एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में बेअसर साबित हो रहें है। इसका सबसे बड़ा उदाहरणएमएफपी पार्क में हुई रॉ मटेरियल खरीदी में गड़बड़झाला की जांच एक साल से एमडी ठाकुर जांच नहीं करवा पा रहें हैं। इस बीच खबर है कि पार्क की सीईओ गीतांजलि गुग्गल खरीदी में विवादों की सुर्खियों में रहीं प्रभारी सुनीता अहिरवार को पुनः प्रबंधक बनने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने 31 जनवरी 25 को एमएफपी पार्क की सीईओ गीतांजलि को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि गुग्गल की खरीदी 930 रूपये की जगह 1700 रुपए की दर से खरीदने की जांच सात दिन में बिंदुवार प्रतिवेदन दें। 1 महीने से अधिक का समय बीत गया है पर पार्क की सीईओ ने एमडी के पत्र पर जांच शुरू नहीं की। दिलचस्प पहलु यह है कि गुग्गल खरीदी की जांच को लेकर फेडरेशन के एमडी ठाकुर ने पूर्व के सीईओ को भी दो से अधिक पत्र लिख चुके हैं पर एमएफपी पार्क में उनके पत्रों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि एमडी ने पिछले दिनों पर के दोनों डॉक्टरों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था। इनमें से किसी ने भी अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इसके पहले लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने भंडारण की जांच के लिए एसीएफ मणि शंकर मिश्र को 7 दिन में जांच का रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे किंतु अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। चिंताजनक पहलू यह है कि एसीएफ मिश्रा जांच के भंडारण से संबंधित दस्तावेज मांगने के लिए एमडी ठाकुर से लगातार चिट्ठीयां लिखना शुरू किया तो उन्हें ही वहां से हटा दिया गया। क्या है मामलाएमएसपी पार्क की तत्कालीन प्रबंधक अहिरवार ने गूग्गल सहित प्रष्टपर्णी, काली मिर्च, हींग, पुनर्नवा आदि रॉ मैटेरियल की खरीदी के लिए टेंडर किया था। टेंडर में गुग्गल के लिए हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार का रेट 930 रूपये प्रति किलोग्राम था। एसपी पार्क के कर्ताधर्ता ने हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार से खरीदी न करके आर्यन फार्मेसी से ₹1700 की कीमत पर 4000 किलो खरीदी की। हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार फर्म से न तो वर्क आर्डर दिया गया और न किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। आर्यन से खरीदी से संघ को 30 लाख 80000 रुपए का अधिक भुगतान करना पड़ा है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ⁠सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रॉ -मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है, जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे। इसके अलावा 30-35 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश

एमपी गजब : बीईओ-क्लर्क ने मिल कर शिक्षा विभाग को लगाया 5 करोड़ का चुना: शिक्षकों का वेतन रिश्तेदारों के खातों में डाला, प्राचार्यों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा

MP Amazing: BEO-Clerk together defrauded the Education Department of Rs 5 crore: Teachers’ salaries were transferred to the accounts of relatives, fraud was committed in connivance with the principals भोपाल (कमलेश)। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के कर्मचारी भ्रष्टाचार करने के लिए पत्नियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ही जांच में हुआ है। पिछले महीने रायसेन के सिलवानी बीईओ दफ्तर में 1 करोड़ के गबन के मामले में 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें शिक्षा विभाग के कर्मचारी, प्राचार्य और रिटायर्ड प्राचार्य शामिल हैं। इनके अलावा जिन 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वो इन कर्मचारियों की पत्नियां और रिश्तेदार हैं। ये एकलौता मामला नहीं है। 5 अन्य जिलों में भी गबन के ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जिनमें पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में भ्रष्टाचार की करीब 5 करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई। 10 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में भी ये मामला उठ सकता है। आखिर किस तरह पत्नी और रिश्तेदारों के खातों से किया गया भ्रष्टाचार और इन मामलों में क्या एक्शन लिया गया, पढ़िए रिपोर्ट… अब जानिए, कैसे किया एक करोड़ का गबन रायसेन के जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक के मुताबिक, ये पूरा हेरफेर साल 2018 से 2022 के बीच किया गया। सिलवानी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ क्लर्क चंदन अहिरवार इस गबन का मास्टरमाइंड है। चंदन के पास विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हर स्कूल के शिक्षक की बैंक अकाउंट डिटेल होती थी। रजक बताते हैं कि 2022 तक शिक्षक और अतिथि शिक्षकों की सैलरी का भुगतान वेंडर के जरिए होता था। तब ऑफलाइन ट्रांजेक्शन भी हो जाता था। इसी का फायदा आरोपियों ने उठाया है। चंदन शिक्षक और अतिथि शिक्षकों के नाम के आगे अपने रिश्तेदार या पत्नी का बैंक अकाउंट दर्ज कर वेतन और मानदेय की राशि ट्रांसफर करता था। उसने पत्नी सुमन अहिरवार के बैंक अकाउंट में 37 लाख रुपए जमा कराए। इसी तरह इस गबन में शामिल बाकी लोगों ने भी करीब 58 लाख रुपए की रकम पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में जमा कराई। प्राचार्यों की भी मिलीभगत, 3 रिटायर हो चुकेजिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक बताते हैं कि सरकार ने पहले स्कूल के प्राचार्यों को ही डीडीओ (आहरण एवं संवितरण) के अधिकार दिए थे। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि शिक्षकों को सैलरी के लिए संकुल कार्यालय पहुंचना पड़ता था। मगर, शिक्षा विभाग के कर्मचारी और प्राचार्यों ने मिलीभगत कर इस व्यवस्था को पलीता लगाया। रजक के मुताबिक, इस दौरान पांच स्कूलों के प्राचार्यों को डीडीओ की जिम्मेदारी दी गई थी। इनके साइन से ही रिश्तेदारों के खातों में ये राशि पहुंचाई गई। इसमें इनकी बराबर की भागीदारी है। गड़बड़ी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई तो इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब जानिए, कैसे किया पूरा गबन पासवर्ड बांट दिया: नियमों के मुताबिक, डीडीओ अपना पासवर्ड किसी को साझा नहीं कर सकता। जांच में पाया गया कि डीडीओ ने अपना पासवर्ड कर्मचारियों को दे दिया। इसका इस्तेमाल कर कोषालय से पैसा निकाला गया। महीने की समीक्षा नहीं हुई: नियमानुसार हर महीने भुगतान की समीक्षा करना जरूरी है, ताकि गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके। सिलवानी बीईओ दफ्तर में ये प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इससे ये पता नहीं चला कि सही व्यक्ति के खाते में पैसा पहुंचा या नहीं। ई-भुगतान का सत्यापन नहीं: हर महीने ये जांच होना चाहिए कि जो भी ऑनलाइन भुगतान किए हैं, वो सही बैंक अकाउंट में पहुंचे या नहीं। यहां इस प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। असली दावेदारों का नाम गायब किया: जब किसी व्यक्ति को भुगतान किया जाता है, तो उसका नाम और बैंक खाता सरकारी डेटाबेस में दर्ज करना जरूरी होता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया को भी नहीं अपनाया गया। बिल तैयार करने में लापरवाही: कोषालय संहिता 2020 के नियमों के अनुसार, बिल (देयक) बनाने की जिम्मेदारी क्रिएटर की होती है। उसे सॉफ्टवेयर में अपने पासवर्ड से लॉगिन कर भुगतान लेने वाले व्यक्ति का नाम, बैंक खाता नंबर दर्ज करना होता है। अप्रूवर इस बिल की जांच कर कोषालय में जमा करता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। स्वीकृति आदेश में अनियमितता: जब किसी भुगतान को स्वीकृत किया जाता है, तो उसके साथ स्वीकृति आदेश (Approval Order) संलग्न किया जाता है। लेकिन जांच में पाया गया कि कई मामलों में अलग-अलग भुगतान के लिए एक ही स्वीकृति आदेश का उपयोग किया गया। इसके अलावा, कई अधूरे स्वीकृति आदेश भी जारी किए गए और कुछ मामलों में आदेश अटैच ही नहीं किए गए। ऐसे पांच और मामलों की जांच की जा रही है रायसेन का ये अकेला मामला नहीं है। पिछले दो साल में गबन के ऐसे 5 और मामले हैं, जिनकी विभागीय जांच की जा रही है। इनमें भी विभागीय अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई है। छिंदवाड़ा: रिश्तेदार-पत्नी और बहन के खातों में 1 करोड़ 32 लाख ट्रांसफर छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 1.32 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा जुलाई 2024 में हुआ था। जबलपुर वित्त विभाग की टीम ने सात दिन की जांच के बाद यह फर्जीवाड़ा पकड़ा। इस मामले में पूर्व बीईओ एमआई खान और चौरई संकुल के बाबू तौसिफ खान की मिलीभगत पाई गई। आरोपियों ने कोरोना में मृत कर्मचारियों की सहायता राशि भी हड़प ली और सरकारी धन को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया गया। वित्त विभाग की टीम को जुन्नारदेव में तकरीबन 1 करोड़ 44 लाख के घोटाले की आशंका थी। इसमें से 1 करोड़ 32 लाख की पुष्टि हो चुकी है। क्या हुआ: जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने बताया कि आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सभी को निलंबित कर दिया है। उनसे राशि वसूल करने की प्रक्रिया जारी है। ग्वालियर: अलग-अलग खातों में 47 लाख ट्रांसफर ग्वालियर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय डबरा में 2024 में 47 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया था। इस गड़बड़ी को भोपाल की ऑडिट टीम ने पकड़ा था। यह राशि सात अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई, जिनमें तत्कालीन … Read more

बजट सत्र से पहले कांग्रेस बना रही रणनीति, बेरोजगारी महंगाई जैसे मुद्दों पर घेरेंगे, 9 मार्च को बैठक

congress is making strategy before the budget session will surround on issues like unemployment मध्यप्रदेश में 10 मार्च से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोबाइल नंबर जारी कर लोगों से अपील की है कि यदि अपराधों और भ्रष्टाचार के मामले में उनके पास कोई सबूत है तो वह भेजें, ताकि इसे विधानसभा के पटल पर उठाए जा सके। जानकारी के लिए बतादें कि यह सत्र 14 दिनों का होगा, जिसमे कुल 9 बैठकें होगी। तो वहीं कांग्रेस ने बजट सत्र से पहले 9 मार्च को बैठक बुलाई है। जिसमे पार्टी के सभी दिग्गज नेता शामिल होगें। यह बैठक भोपाल के अशोका होटल में होगी, जहां पर कांग्रेस के दिग्गज विधानसभा का घेराव करने की रणनीति तैयार करेंगे। साथी अलग-अलग रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इन मुद्दों पर घेरने की तैयारीहोने वाली बैठक में एमपी कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी भी शमिल होंगे और विधानसभा में रखे जाने वाले मुद्दों को लेकर चर्चा करेंगे। बजट से पहले होने वाली यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 9 दिन तक होनी वाली इस बैठक में कांग्रेस किसानों , रोजगार, महंगाई, कर्ज, करप्शन, लाड़ली बहना सहित अन्य मुद्दों को उठाएगी। इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि मध्य प्रदेश का बजट 11 से 13 मार्च के बीच पेश किया जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने लोगों से की अपीलबजट सत्र को लेकर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास भ्रष्टाचार के संबंध में कोई सबूत है तो वे मोबाइल नंबर 8269889419 पर संपर्क कर भेज सकते हैं। उमंग सिंघार ने कहा है कि मध्य प्रदेश में घोटाले, अपराध, दलितों पर अत्याचार, माफिया राज से जुड़े कोई भी सबूत लोगों के पास हो तो वे कांग्रेस को उपलब्ध कराए ताकि विधानसभा में इन मुद्दों को उठाए जा सके। कांग्रेस ने कहा है कि विधानसभा सत्र में सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने के लिए लोग फोटो, वीडियो, कॉल रिकॉर्डिंग, दस्तावेज या अन्य कोई भी प्रमाण सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें उपलब्ध करा सकते हैं ताकि अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाए जा सके।

उमंग सिंघार को मंत्री गोविंद राजपूत ने भेजा 20 करोड़ का मानहानि का नोटिस, नेता प्रतिपक्ष बोले-डरेंगे नहीं

minister govind rajput sent defamation notice of rs 20 crore to umang singhar case related to saurab मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने नेता प्रतिपक्ष को मानहानि का नोटिस भेजा है। बता दें नेता प्रतिपक्ष ने गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन मंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार करने और करीब 1500 करोड़ रुपए की जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने उमंग सिंघार केपर उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगा कर जवाब देने 15 दिन का समय दिया है। वहीं, नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रतिक्रिया दी है। न डरें है न डरेंगे, नोटिस का जवाब देंगे वहीं, नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि नोटिस का जवाब भी देंगे और कोर्ट भी जाएंगे। न डरे हैं, न डरेंगे। बता दें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फरवरी माह में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन विभाग के घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने कहा कि इस घोटाले से हर माह राजपूत को 150 करोड़ रुपए पहुंचे। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए गोविंद राजपूत पर अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम से भ्रष्टाचार के पैसों से जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि परिवहन विभाग के घोटाले में एक पूरा रैकेट काम कर रहा था। उन्होंने 1500 करोड़ रुपए का लेखा जोखा होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंत्री ने परिवहन मंत्री रहते मध्य प्रदेश समेत के कई शहरों समेत दिल्ली के पॉश इलाके में बिल्डिंग में थर्ड फ्लोर और टैरिस अपने परिचितों के नाम से खरीदने का आरोप लगाया था। आरटीओ आरक्षक सौरभ से जुड़ा है पूरा मामला मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों से करोड़ों रुपए की नगदी, सोना-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज मिले है। शर्मा के करीबी के नाम पर रजिस्टर्ड एक कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे। इस दौरान आरोप है कि सौरभ परिवहन विभाग की चौकियां से वसूली करता था, जिसको मंत्री गोविंद सिंह के इशारे पर किया जा रहा था। इस मामले में लोकायुक्त, ईडी से लेकर आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही है। फिलहाल उनको कोई खास जानकारी नहीं मिलने की बात कहीं जा रही है। सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जयसवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

ऊर्जा मंत्री नहीं पहनेंगे प्रेस किए कपड़े, क्यों लिया प्रण? कांग्रेस बोली- ये नौटंकी वेब सीरीज का भाग

Energy Minister will not wear ironed clothes, why did he take the vow? Congress said- this drama is part of a web series मध्य प्रदेश में अपने अनोखे बयानों और अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने ऐसा अनोखा प्रण लिया है, जिसकी चर्चा हर कोई कर रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रण लिया है कि वे 1 साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। उनके इस बयान को लेकर अब सियासत गरमा गई है। कांग्रेस इसे मंत्री की नौटंकी वेब सीरीज का अगला भाग बताया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि वे एक साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे, जिससे रोज आधा यूनिट बिजली बचेगी। उन्होंने कहा कि अब वे बेटी की शादी के दिन ही प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को पीठ पर सिलेंडर न लादना पड़े, इसलिए यह निर्णय लिया। कांग्रेस ने बताया नौटंकीऊर्जा मंत्री के इस बयान पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे मंत्री की नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्री हमेशा सुर्खियों में रहने के लिए नौटंकी करते हैं और यह उनकी वेब सीरीज का अगला पार्ट है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर मंत्री जी को बिजली बचाने की इतनी चिंता है, तो वे अपनी 10-10 गाड़ियों को छोड़कर साइकिल से चलना शुरू करें, जिससे वायु प्रदूषण भी कम होगा। क्या वास्तव में बिजली बचेगी?ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के इस फैसले से मध्य प्रदेश में कितनी बिजली बचेगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल यह बयान उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता की कैबिनेट बैठक आज, कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा

Cabinet meeting chaired by CM Dr. Mohan Yadav today, many important proposals will be discussed मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। इस बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर चर्चा होगी। बैठक में नई लोक परिवहन नीति के प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है। किसानों को दूध खरीदी पर प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, जनजातीय देवलोक के जीर्णोद्धार को लेकर प्रस्ताव और नगर एवं ग्राम निवेश की धारा 66 में बदलाव का प्रस्ताव भी आ सकता है। विशेष क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को लेकर कुछ मैदानी अड़चनों को दूर करने के लिए प्रमुख नियमों में बदलाव की चर्चा की जाएगी, ताकि इन क्षेत्रों का तेजी से विकास हो सके। इसके अलावा बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) से प्राप्त निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और मौजूदा उद्योगों को सहयोग प्रदान करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही बैठक में आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों और राज्य के बजट पर विस्तृत चर्चा की संभावना है। प्रदेश का द्वितीय अनुपूरक बजट लगभग चार से पांच हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों द्वारा विधानसभा में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर भी मंथन किया जाएगा।

नौकरशाही में सुलेमान पर चर्चा : क्या वीआरएस या ‘वी फोर्स्ड रिटायरमेंट’?

Debate on Suleman in bureaucracy: Is it VRS or ‘We are Forced Retirement’? भोपाल। मध्यप्रदेश की नौकरशाही में इन दिनों सुगबुगाहट तेज है। आईएएस मोहम्मद सुलेमान ने अपने सेवा जीवन के आखिरी मोड़ पर ऐसा मोड़ लिया कि सरकारी गलियारों में कानाफूसी शुरू हो गई। सुलेमान, जिन्हें नौकरशाही के ‘चाणक्य’ का दर्जा प्राप्त था, ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज पांच माह पहले ही वीआरएस ले लिया। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि एक ‘पावरफुल’ अधिकारी को समय से पहले ही ‘विश्राम’ लेना पड़ा?कहने को तो इसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कहा जा रहा है, लेकिन सरकार के गलियारों में इसे ‘स्वैच्छिक से अधिक विवश सेवानिवृत्ति’ कहा जा रहा है। शिवराज सरकार में सुलेमान का दबदबा ऐसा था कि विभागों के सचिव भी उनके आगे ब्रीफकेस उठाने को तैयार रहते थे। 15 साल तक सत्ता के गलियारों में उनकी गूंज थी, लेकिन जैसे ही सत्ता बदली, उनकी गूंज कम और उनके ट्रांसफर ज्यादा होने लगे। पहले उन्हें अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य से हटाकर कृषि विभाग भेजा गया, फिर कर्मचारी चयन मंडल की कुर्सी थमा दी गई। यह संकेत काफी था कि ‘अब आपको अपना भविष्य खुद देखना होगा’। मुख्य सचिव की कुर्सी से दूरी बनी ‘दूरी’ का कारण? मोहम्मद सुलेमान की नजर प्रदेश के मुख्य सचिव की कुर्सी पर थी, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। उनके बैचमेट अनुराग जैन को मुख्य सचिव बना दिया गया और सुलेमान को किनारे कर दिया गया। बस, यहीं से शुरू हुआ सुलेमान का ‘प्लान बी’। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव की रेस में पिछड़ने के बाद उन्होंने ही सोचा कि अब सरकारी सेवा में समय बर्बाद करने से अच्छा है कि कुछ नया किया जाए। अब नौकरशाही से ‘फ्री’, लेकिन जिंदगी में ‘बिजी’! सुलेमान ने वीआरएस के बाद की योजना भी बना रखी है। वे दिल्ली स्थित ‘द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट’ से पीएचडी करने जा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि इतने वर्षों तक सरकारी फाइलों में मग्न रहने के बाद अचानक ‘अकादमिक’ दुनिया में जाने का ख्याल क्यों आया? दरअसल, यह भी ‘ट्रांजिशन प्लान’ का हिस्सा हो सकता है। जैसे ही सरकारी कूलिंग-ऑफ पीरियड खत्म होगा, सुलेमान किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में मोटे पैकेज पर नज़र आ सकते हैं। ‘पावर’ में थे, पर ‘पावर’ चला गया! शिवराज सरकार में सुलेमान की पावर का आलम यह था कि बड़े-बड़े मंत्री भी उनकी ‘कृपा’ के लिए लाइन लगाए खड़े रहते थे। लेकिन सत्ता परिवर्तन होते ही उनकी यह ‘कृपा’ कम होने लगी। मोहन यादव सरकार के आते ही उनका मंत्रालय से बाहर होना यह साफ संकेत था कि अब वे ‘विशेषाधिकारी’ नहीं, बल्कि ‘सामान्य अधिकारी’ रह गए हैं। शायद यही बात उन्हें सबसे ज्यादा चुभ गई और उन्होंने फाइलों के ढेर से निकलकर ‘स्वतंत्रता’ का रास्ता चुना। वीआरएस: एक ट्रेंड या मजबूरी? मध्यप्रदेश की नौकरशाही में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी वरिष्ठ अधिकारी ने समय से पहले वीआरएस लिया हो। पहले भी कई बड़े अधिकारी जब ‘दरबार’ से दूर कर दिए गए, तो उन्होंने समय से पहले ही ‘दरवाजे’ से बाहर निकलना बेहतर समझा। मोहम्मद सुलेमान का मामला भी कुछ ऐसा ही है।अब देखना यह होगा कि सुलेमान की यह ‘नई पारी’ कितनी लंबी चलती है और वे किस बहुराष्ट्रीय कंपनी में अपनी सेवाएं देते हैं। फिलहाल, नौकरशाही में यह चर्चा जोरों पर है कि ‘जो कल तक सरकार के ‘रणनीतिकार’ थे, आज वे नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं!’

भोपाल कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का नहीं किया पालन: हाईकोर्ट ने कहा- याचिका पर 10 दिन में जवाब दें, नहीं तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों

Bhopal Collector did not follow the order of the High Court: High Court said- respond to the petition in 10 days, otherwise appear in person जबलपुर ! भोपाल कलेक्टर ने रेरा से जुड़े मामले में समय पर आरआरसी का निष्पादन नहीं किया, जिसके चलते मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगर 10 दिनों में यह कार्य पूरा नहीं होता है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह दूसरी बार है जब भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।जस्टिस ए.के. सिंह की अदालत में भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। दो अलग-अलग मामलों में अवमानना याचिकाएं दरअसल, एक बिल्डर के खिलाफ दो लोगों ने भोपाल कलेक्टर को शिकायत दी थी, जो रेरा से संबंधित थी। इस मामले में रेरा ने 2020 में भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया था कि वह आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) के तहत इस केस का जल्द से जल्द निष्पादन करें, लेकिन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस देरी के चलते शिकायतकर्ता अरविंद वर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी निष्पादित करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह, भोपाल निवासी भानु प्रताप ने भी बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, परंतु यहां भी कोई कदम नहीं उठाया गया। कलेक्टर ने की कोर्ट की अवमानना याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कपिल दुग्गल ने बताया कि बिल्डर हिमांशु इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। अरविंद वर्मा और भानु प्रताप ने शिकायत में बताया कि बिल्डर के पास उनका लगभग 50 लाख रुपये फंसा हुआ है। रेरा ने इस शिकायत पर भोपाल कलेक्टर को आरआरसी के माध्यम से निष्पादन करने का आदेश दिया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को समय पर मामला निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय जब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बिल्डर के खिलाफ समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। पहली याचिका भानु प्रताप सिंह की थी, जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें पाया गया कि भोपाल कलेक्टर ने कोर्ट के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की थी, जिससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।दूसरी याचिका अरविंद वर्मा की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 10 दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा।

वन विहार के वाइल्ड कैफ़े के विवादित टेंडर पर डायरेक्टर अवधेश मीना पर गाज गिरने की संभावना

Director Awadhesh Meena is likely to face action over the controversial tender of Wild Cafe of Van Vihar भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के डायरेक्टर अवधेश मीना अपनी पहली ही पोस्टिंग में विवादों से घिर गए हैं। यही नहीं, अब उन पर कार्यवाही की गाज भी गिरने की संभावना है। पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ शुभरंजन सेन ने वन विहार राष्ट्रीय उद्यान डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए फाइल पीसीसीएफ प्रशासन-एक के विवेक जैन को भेज दी है। जैन के यहां फाइल लंबित है। वैसे वाइल्डलाइफ कैफे के संचालन से संबंधित विवाद हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। हाई कोर्ट ने पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ कार्यालय से 7 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।  वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वाइल्ड कैफे चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था। शीर्ष अधिकारियों के दबाव में वन विहार डायरेक्टर मीना ने  विज्ञापन में एक शर्त ऐसी जोड़ी थी कि जिसमें उल्लेख था कि मौजूदा वाइल्ड कैफे संचालक यदि एल-1 फर्म के बराबर बोली की रकम अदा करता है, तो उसे पुनः संचालन का अधिकार दिया जा सकता है। कैफे के लिए जारी विज्ञापन में वर्तमान वाइल्ड कैफे के संचालक अश्वनी कुमार रिछारिया  समेत चार फर्म मैसर्स प्रज्ञा एसोसिएट्स छतरपुर, दौलत राम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ओबेदुल्लागंज और श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल ने हिस्सा लिया। निविदा समिति ने दो फर्म मैसर्स प्रज्ञा एसोसिएट्स छतरपुर और दौलत राम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ओबेदुल्लागंज को दस्तावेज में कमी बताते हुए दौड़ से बाहर कर दिया। श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल ने वाइल्ड कैफे के संचालन के लिए सबसे अधिक बोली 21 लाख एक रूपये की लगाई। यानि एल-1 श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल को कैफे के संचालन के वर्क ऑर्डर भी वन विहार डायरेक्टर अवधेश मीना ने जारी कर दिए। श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल को कैफे के संचालन कि सच के अनुसार 21 लाख ₹1 का बैंक ड्राफ्ट भी जमा कर दिया। इस दौरान शीर्ष अधिकारियों के दबाव में डायरेक्टर मीना ने एल -1 का टेंडर निरस्त करते हुए वर्तमान में संचालित कर रहे फर्म को ही कैफे संचालक के आदेश जारी कर दिए। बस यहीं से विवाद शुरू हो गया।  दोनों ही पार्टी पहुंची हाई कोर्ट  संचालन को लेकर दो पार्टियों में जंग शुरू हो गई। पहले एल-1 फर्म शक्ति दाल मिल हाई कोर्ट में वन विहार डायरेक्टर पर अनुबंध तोड़ने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की। याचिकाकर्ता श्रुति जैन की ओर से अधिवक्ता ने तर्क रखा कि भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वाइल्ड कैफे चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था। याचिकाकर्ता ने भाग लिया और सफल घोषित किया गया। सभी अधिकार और अधिकार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक में निहित हैं, लेकिन मनमाने ढंग से प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कार्यालय ने मनमाने ढंग से और अवैध तरीके से निविदा को रद्द दिया। याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ कार्यालय 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल कर सकता है। शीर्ष अफसर कर रहें है प्रताड़ित  श्रुति जैन, शिव शक्ति दाल मिल ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल और कुछ सरकारी अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न और अधिकार के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मुख्य सचिव को लिखिए पत्र में उल्लेख है कि 28 जनवरी 25 को हमने वन विहार के साथ पांच वर्षों के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए और उस पर वन विहार के निदेशक द्वारा मुहर और हस्ताक्षर किए गए। 31 जनवरी को हमें पता चला कि वन विहार के निदेशक पर इस टेंडर को रद्द करने का दबाव डाला है। इस मामले में एसीएस वर्णवाल सहित फारेस्ट के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं, जो इस टेंडर को रद्द करने पर जोर दे रहे हैं ताकि किसी अन्य पार्टी को फायदा पहुंचाया जा सके। सत्ता का दुरुपयोग न केवल पीड़ितों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि प्रशासन और कानून के शासन में जनता का विश्वास भी कम करता है। इनका कहना  वाइल्डलाइफ कैफे के संचालन को लेकर विवाद हाईकोर्ट में लंबित है। मैं मानता हूं कि डायरेक्टर ने गलत शर्त जोड़ी है। इस वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और मैंने प्रस्ताव पीसीसीएफ प्रशासन-एक विवेक जैन को भेज दिया है।   शुभ रंजन सेन, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ

41 साल की सेवा के बाद एसडीओ पुरिया सेवानिवृत्त

SDO Puria retired after 41 years of service भोपाल। पर्यावरण वानिकी वन मंडल में सहायक वन संरक्षक के पद पर कार्यरत दिलीप सिंह पुरिय 41 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर वन मंडल कार्यालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुरिया के कार्यकाल के दौरान वन संरक्षण और पर्यावरण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की गई। साथी कर्मचारियों ने उनके साथ के अनुभवों को साझा किया और उनके सेवानिवृत्त जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। पुरिया ने भी अपने कार्यकाल के यादगार पलों को साझा किया और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

एक्सप्रेस ई कनेक्ट और MANIT भोपाल ने नवाचार और अनुसंधान में सहयोग के लिए समझौता किया

Express E Connect and MANIT Bhopal sign MoU for collaboration in innovation and research भोपाल ! नवाचार और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक्सप्रेस ई कनेक्ट और मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) भोपाल ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी स्वास्थ्य, कृषि, जैव-ऊर्जा, नैनो टेक्नोलॉजी और सूक्ष्मजीवों जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उदित नारायण द्वारा स्थापित एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) भोपाल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।उदित नारायण और मैनिट भोपाल में संस्थागत विकास और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के डीन डॉ. एस.पी.एस. राजपूत ने स्वास्थ्य, कृषि, जैव ऊर्जा, नैनो प्रौद्योगिकी और सूक्ष्मजीवों में प्रमुख चुनौतियों को हल करने के लिए संयुक्त रूप से काम करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।इस रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत बीएसबीई विभाग की छात्रा शिवालिका दुबे ने मैनिट में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृषाली पांडे के नेतृत्व में एक्सप्रेस ई कनेक्ट के संस्थापक उदित नारायण के औद्योगिक दौरे के दौरान की।जिसमें एलसीबी फर्टिलाइजर्स के सीईओ अक्षय श्रीवास्तव और एलसीबी फर्टिलाइजर्स के सीएमओ मुकेश सिंह भी शामिल थे। एक्सप्रेस ई कनेक्ट का पहले से ही एलसीबी फर्टिलाइजर्स के साथ एक स्थापित सहयोग है, जो आईआईटी कानपुर से जुड़ा एक संगठन है, जो स्थिरता और उन्नत प्रौद्योगिकी समाधानों पर ध्यान केंद्रित करता है। इस नए समझौता ज्ञापन के साथ, एक्सप्रेस ई कनेक्ट और मैनिट भोपाल का लक्ष्य प्रभावशाली अनुसंधान और तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाना है। मध्य प्रदेश में एक अच्छी तरह से जुड़े और प्रभावशाली व्यक्ति उदित नारायण नवाचार और स्थायी समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रतिष्ठित केंद्रीय सरकारी संस्थान मैनिट भोपाल के पास अनुसंधान और विकास में उत्कृष्टता की एक मजबूत विरासत है। इस सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में सफल समाधानों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे उद्योगों और समाज को बड़े पैमाने पर लाभ होगा।है, जिससे न केवल उद्योगों को बल्कि समाज को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंचीं बागेश्वर धाम, 251 बेटियों के विवाह समारोह में हुईं शामिल

President Draupadi Murmu reached Bageshwar Dham, attended the marriage ceremony of 251 daughters छतरपुर। बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंचीं। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों से अपने कर्म और वाणी से जनमानस को राह दिखाई है। उन्होंने समाज में फैले अंधविश्वासों के बारे में लोगों को जागरूक किया है, छुआ-छूत और ऊंच-नीच के भेद-भाव को दूर करने की सीख दी है। आज जब हमारा देश वूमन डेवलपमेंट से वूमन लीड डेवलपमेंट की ओर अग्रसर है तब समाज के सभी लोगों का कर्तव्य बनता है कि वे बेटियों और बहनों को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान दें। बेटियों के विवाह की खुशियां फैलीचारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। फाइट कराकर ग्रेट खली ने दिया नशा न करने का संदेशअमेरिका की सुख सुविधा त्याग कर ग्रेट खली अपने देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। ग्रेट खली का कहना है कि यदि युवा नशा त्यागेंगे और खेलों की ओर आकर्षित होंगे तो न केवल देश का मान बढ़ेगा बल्कि देश खेलों में सशक्त होगा। ग्रेट खली ने बीती रात अपने शागिर्दों से जो खलबली मचाई वह देखने लायक थी। बागेश्वर धाम के लिए यह एक अनोखा प्रदर्शन रहा। महिला पहलवानों में रुचिका,दया कौर, तानिया सहित सभी 6 महिलाए जालंधर पंजाब एकेडमी की स्टूडेंट हैं। वहीं पुरुष वर्ग में जेटी बाबा, माजा,सहित 14 पहलवानों ने अपने दांवपेच दिखाए। राष्ट्र चेतना के उत्थान में आगे बढ़ें : ऋतंभरा22 फरवरी से 25 फरवरी तक बागेश्वर धाम में साध्वी ऋतंभरा दीदी मां के मंगल प्रवचन सुनने का लोगों को अवसर मिला। यहां आए लाखों लोगों को दीदी मां ने संदेश दिया कि राष्ट्र चेतना के उत्थान में हम सब अपना योगदान दें। दीदी मां ने कहा कि जब राष्ट्र का उत्थान होगा तभी हिन्दू राष्ट्र बनेगा। बीते दो दिनों से बागेश्वर धाम में देश के प्रख्यात संतों का आगमन जारी है। विगत रोज जगतगुरू स्वामी रामानंदाचार्य महाराज के अलावा अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक चिन्मयानंद बापू जी, राज राजेश्वरानंद महाराज लंदन, डॉ. हनुमान ददरूआ सरकार, इंद्रेश उपाध्याय, राजूदास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, गीता मनीषी जी शामिल हैं। धाम के कार्यक्रमों को देखकर अभिभूत हूं : विष्णुदेव सायछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने बालाजी के दर्शन करने के बाद बागेश्वर महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत पावन और पुनीत अवसर है कि हमें भी यहां आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने बताया कि उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अन्य साथी रामप्रताप सिंह व उनके पुत्र दर्शन करने आए हैं।

GIS 2025: ‘मप्र के टूरिज्म सेक्टर में निवेश कभी निराश नहीं करेगा’…सेशन में बोले पर्यटन मंत्री शेखावत; जानें

GIS 2025: ‘Investment in Madhya Pradesh’s tourism sector will never disappoint’… Tourism Minister Shekhawat said in the session; know टूरिज्म सेक्टर के सेशन में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रदेश के पर्यटन मंत्री धमेंद्र सिंह लोधी की मौजूदगी में कई बड़े ग्रुपों ने निवेश के प्रस्तावों के करार किए। बता दें कि कुल 4468 करोड़ के निवेश प्रस्ताव टूरिज्म विभाग को प्राप्त हुए। एएमडी बिदिशा मुखर्जी ने बताया कि प्रस्ताव होटल, रिजॉर्ट, क्रूज सहित अन्य पर्यटन गतिविधियों के लिए प्राप्त हुए। वहीं ऑरेंज काउंटी ग्रुप ने मांडव में रिजॉर्ट लाने की घोषणा की। यह ग्रुप 100 करोड़ का निवेश करेगा। केवीडब्लू ग्रुप ने नर्मदा नदी में क्रूज संचालन का करार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भौगोलिक रूप से मध्य प्रदेश बड़ा है। हमने टूरिज्म को बढ़ाने के लिए आंतरिक विमान सेवा शुरू की है। एयर एम्बुलेंस भी शुरू की है। हमने अभ्यारण की संख्या बढ़ाई है। टाइगर, तेंदुआ और घड़ियाल सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश में है। उज्जैन में 3300 हेक्टेयर में धार्मिक सिटी बनाई जा रही है। हम पर्यटन को तीर्थाटन से जोड़ चुके है। हम पर्यटन में लगातार नए कीर्तिमान बना रहे है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। हम भारत के हितों से समझौता न करने की नीति पर चल रहे है। हर सेक्टर में हम आगे बढ़ रहे है। टूरिज्म सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था का ड्राइवर बन रहा है। भारत की ताकत बढ़ गई है। यह विश्व महसूस कर रहा है। दुनिया का सबसे ज्यादा टूरिस्ट फ्रांस में जाता है। दूसरे नंबर पर स्पेन है। भारत में डोमेस्टिक टूरिज्म की अपार संभावना है। मध्य प्रदेश के टूरिज्म सेक्टर में निवेश कभी निराश नहीं करेगा। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा कि मैं पैदा बिहार में हूँ, कर्मस्थली मुंबई है, लेकिन मध्य प्रदेश में जुड़ाव है। एमपी सच पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश में 14 यूनेस्को हेरिटेज साइट है। अब प्रदेश सरकार वाटर और इको टूरिज्म पर जोर दे रही है। संस्कृति और संगीत के क्षेत्र में भी पर्यटन विभाग पांच विश्व कीर्तिमान बना चुका है।

देश के ‘दिल’ में आज निवेश की दरियादिली, पीएम करेंगे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ

Global Investors Summit : देश के ‘दिल’ में बसे प्रदेश में सोमवार को निवेशक दरियादिली दिखाएंगे। पहली बार भोपाल में हो रही 8वीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) की थीम ‘अनंत संभावनाएं’ रखी गई हैं। राजधानी के मानव संग्रहालय में करीब सुबह 10.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीआइएस का शुभारंभ करेंगे। वे एक घंटा जीआइएस में रहेंगे। इस दौरान वे उद्योगपतियों को संबोधित भी करेंगे। इससे पहले मप्र की औद्योगिक व निवेश क्षमता को प्रदर्शित करने वाली 5 मिनट की वीडियो फिल्म दिखाई जाएगी। शुभारंभ कार्यक्रम के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। नवीकरणीय ऊर्जा और आइटी समिट में शामिल होंगे। शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ डिनर होगा। दो दिन की समिट में 34 देशों के राजनयिक और वाणिज्य दूतों के साथ अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी, बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला, आइटीसी के सीएमडी संजीव पुरी समेत देश-विदेश के उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। समिट में 30 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें उद्योग जगत के 3,903 विशेष आमंत्रित व 8,046 डेलीगेट्स हैं। 300 से अधिक गेस्ट ऑफ ऑनर, 133 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी, 3398 स्टार्टअप्स प्रतिनिधि, 562 एनआरआइ व मप्र के प्रवासी, समेत 10,491 प्रतिभागी आएंगे। समापन मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शाम 4.30 से 6 बजे तक होगा।निवेश प्रदेश बनेगा एमपी बच्चों की परीक्षा, इसलिए 15 मिनट देर से जाएंगे कार्यक्रम मेंप्रधानमंत्री मोदी ने भोपालवासियों का दिल जीत लिया। उन्होंने स्कूली बच्चों की परीक्षा देख जीआइएस के शुभारंभ कार्यक्रम का समय 15 मिनट बढ़ा दिया। अब वे सोमवार सुबह 9.45 बजे राजभवन से निकलेंगे। 10.15 बजे मानव संग्रहालय पहुंचेंगे। 10.30 बजे जीआइएस का शुभारंभ करेंगे। पहले उन्हें सुबह 10.15 बजे शुभारंभ करना था। उन्हें पता चला कि सीबीएसई 12वीं की परीक्षा सुबह 9.30 बजे से है। ट्रैफिक में हुए बदलाव से बच्चों को परेशानी होगी। यह देखकर उन्होंने समय में तब्दीली कराई।बड़े उद्योगपतियों से बड़े निवेश की आसयूनिकॉर्न के एमडी-सीईओ भी: 15 से अधिक यूनिकॉर्न बने स्टार्टअप के एमडी-सीईओ भी आ रहे हैं। बोट के को-फाउंडर अमन गुप्ता, अपना के बिजनेस हेड कौशिक बनर्जी, फॉर आई के सीईओ गौतम कुमार, ईज माय ट्रिप के को-फाउंडर निशांत पिट्टी, जेरोधा के दिनेश पाई समेत अन्य भी शामिल होंगे।7 विभागीय समिट और 10 थीमेटिक सेशन: समिट में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 7 विभागीय सम्मेलन और 10 विशिष्ट थीमेटिक सत्र होंगे। प्रमुख सत्रों में फार्मा, मेडिकल डिवाइस, परिवहन-लॉजिस्टिक, कपड़ा उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, अक्षय ऊर्जा, पर्यटन, खनन, एमएसएमई, शहरी विकास और प्रवासी मध्यप्रदेश शामिल हैं।अंतरराष्ट्रीय राजनयिक और वाणिज्य दूत करेंगे भागीदारीजीआइएस में 34 देशों के राजनयिक प्रतिनिधि, उच्चायुक्त, काउंसल जनरल और अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अफसर भी रहेंगे। प्रमुख भागीदार देशों में जापान, जर्मनी, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर है। समिट में टॉप कंपनियों के 300 से अधिक अध्यक्ष, एमडी, सीईओ शामिल होंगे। इनमें सीएमडी जेके टायर, बालकृष्ण गोयनका अध्यक्ष, वेल्सपेन वर्ल्ड, एमके अग्रवाल, एमडी ग्रासिम, कैलाश झंवर, एमडी अल्ट्राटेक, सुचिता ओसवाल जैन, उपाध्यक्ष वर्धमान, रंजिदर गुप्ता ट्राइडेंट, सीएमडी ब्लू स्टार, पार्थ प्रतिम सेन गुप्ता, एमडी बंधन बैंक आदि शामिल हैं।

पेपर पर आ रहे इन्वेस्टमेंट… कांग्रेस ने निवेश के दावों पर उठाए सवाल, एमपी जीआईएस को लेकर गरमाई सियासत

Investments coming on paper… Congress raises questions on investment claims भोपाल ! कांग्रेस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा आयोजित छह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इन आयोजनों में बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो हुईं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कांग्रेस ने दावा किया कि इन समिट में राज्य का पैसा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन निवेश नाममात्र का ही आया। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार में ही मध्य प्रदेश ने बीमारू राज्य का ठप्पा छोड़ा है और अब सभी क्षेत्रों में तरक्की कर रहा है। यह बहस मोहन यादव सरकार के पहले जीआईएस के ठीक पहले छिड़ी है, जिसका उद्घाटन 24 और 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कांग्रेस ने जारी किए आंकड़ेकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘मध्य प्रदेश निवेश सम्मेलन: वादे, दावे और हकीकत’ नामक एक दस्तावेज भी जारी किया। इस दस्तावेज में कांग्रेस ने आंकड़ों के साथ अपने दावों को पुख्ता करने की कोशिश की है। क्या बोले जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने कहा कि मोहन यादव की सरकार में खूब खर्चा हो रहा है। पिछले छह सम्मेलनों की तरह इस बार भी करोड़ों रुपये खर्च करके उद्योगपतियों और निवेशकों की मेहमाननवाजी की जा रही है। सरकारी खजाना ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर खाली किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने भी साधा निशानाउमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार हर महीने 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लेती है। जीआईएस पर बेतहाशा पैसा खर्च कर रही है। सिंघार ने कहा कि लेकिन अगर हम 2003 से अब तक के 6 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का रिकॉर्ड देखें, तो जमीनी स्तर पर सफलता दर शून्य प्रतीत होती है। उन्होंने आगे कहा कि 2003 से 2016 तक पहले पांच निवेशक सम्मेलनों में 17.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का दावा किया गया था। इसके बाद 2023 में इंदौर में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने लगभग 15.40 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया। यानी लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का निवेश मध्य प्रदेश की धरती पर आने का दावा किया गया। जबकि हकीकत यह है कि 2003 से 2023 तक केवल 3.47 लाख करोड़ रुपये ही आए, जो सरकार द्वारा प्राप्त कुल निवेश प्रस्तावों का केवल 10% है।

छिंदवाड़ा वन मंडल में चहेतों के लिए टेंडर में गड़बड़झाला

Tender irregularities for favourites in Chhindwara forest division भोपाल। ऑनलाइन टेंडर के नाम पर वन विभाग में बड़ा खेल खेला गया है। चहेते ठेकेदार को करोड़ो की सप्लाई देने के लिए दस्तावेजों का गोलमाल किया गया है। टेंडर प्रक्रिया का यह मामला अब तक भले ही कम्पयुटरों में कैद था लेकिन बाहर आने के बाद दस्तावेज मुहैया कराने में अफसरों की सांसे फूल रही है। खास बात यह कि इस मामले में शिकवा शिकायतों का दौर शुरू होने के बाद भी अफसरों ने टेंडर निरस्त करने के स्थान पर बिना सप्लाई के ही सप्लायर को एक बड़ी राशि का भुगतान भी कर दिया है। दरअसल यह पूरा मामला पूर्व वनमंडल और दक्षिण वनमंडल से जुड़ा है जिसमें चार निविदाकारों में उस फर्म को ठेका दिया गया है जिसने निविदा के नियम और शर्तों का पालन तक नहीं किया है। सूत्रों की माने तो मंडला जिले की इस फर्म को केवल इस बिना पर टेंडर दिया गया है कि वह एक विभागीय अधिकारी से करीबी रखता है जिसके कारण टेंडर प्रक्रिया में उपयोगी दस्तावेजों की कमी को भी नजर अंदाज किया गया और उसे संबंधित फर्म को टेंडर दे दिया गया।  लैब टेस्ट कराने फीस ली कैश निविदा शर्तों के तहत टेंडर भरने वाले निविदाकार को सप्लाई की जाने वाली सामग्री का पहले सेम्पल देना होता है। सेम्पल की गुणवत्ता को परखने केलिए इंदौर की लैब में भेजा जाता है। इसके लिए निविदाकार से ऑन लाइन ही राशि जमा कराई जाती है। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में गोलमाल का चक्रव्यूह रचने वालों ने राशि कैश में जमा करा ली। जबकि यह बात अन्य किसी भी निविदा कार को पता नहीं हैकि किस लैब में जांच की गई और उसकी रिपोर्ट वया है। 6 टेंडरों में एक ही शपथ पत्र अलग-अलग तिथि और माह में एक ही फर्म को दिए गए टेंडरों में ऑनलाइन अपलोड होने वाले शपथ फत्र में एक ही शपथ पत्र को सभी टेंडरों में अपलोड किया गया है। इसे भी दबाए रखने का काफी प्रयास किया गया लेकिन जब आरटीआई के माध्यम से दस्तावेजों की मांग की गई तो विभागीय अधिकारियों द्वारा टेंडर से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी आरटीआईकर्ता को समय सीमा के बाद भी जानकारी नहीं दी प्रदान की गई जिसके बाद जानकारी के लिए प्रथम अपील लगाई गई है।

वन विभाग के दागी अफसरों पर मेहरबान है शीर्ष अफसर

The top officers are kind to the tainted officers of the forest department उदिता नारायण  भोपाल। जंगल महकमे के शीर्ष अधिकारी कुछ चहेते अत- फसरों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते आ रहें है। शीर्ष अधिकारी गंभीर वित्तीय मामले में घिरे आईएफएस अधिकारियों को बचाने के लिए आरोप पत्र  जारी करने के बजाय शो कॉज थमा कर उन्हें बचाया जा रहा हैं। विभाग के रसूखदार आईएफएस अजय पाण्डेय, गौरव चौधरी, अनुराग कुमार, प्रशांत कुमार, अमित निकम समेत एक दर्जन के खिलाफ आरोप पत्र जारी भी कर दिए गए हैं, किन्तु उनके विरुद्ध आगे की कार्यवाही पेंडिंग कर दी गई है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों की ढुलमुल रवैया के कारण आरोपित अधिकारी प्राइम पोस्टिंग पार्टी जा रहे हैं और इनमें से कुछ अधिकारी धीरे-धीरे रिटायर भी होते जा रहें है। इसी कड़ी में पीसीसीएफ संरक्षण डॉक्टर दिलीप कुमार के खिलाफ 22 लाख रुपए की रिकवरी है और वह रिटायर हो गए हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों पर सद्भावना दिखाते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर रहा है। मसलन, एम काली दुर्रई, देवेंद्र कुमार पालीवाल, प्रभात कुमार वर्मा जांच कार्यवाही के लंबित रहते हुए सेवानिवृत्त हो गए और अब उनके समस्त देयकों के भुगतान करने पर उदारता बरती गई । दागी अफसरों को बचाने के लिए शीर्ष अधिकारियों ने क्यों उदारता बरती, शोध का विषय है। इन अफसरों को अभयदान देने के प्रयास एपीएस सेंगर: बालाघाट सर्किल में पदस्थ सीएफ एपीएस सेंगर के खिलाफ 24 अगस्त 2022 को आरोप पत्र जारी हुआ। मामला तब का है, जब वे टीकमगढ़ के डीएफओ हुआ करते थे। इन पर आरोप है कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया। खरीदी में गड़बड़ी हुई। इनके खिलाफ आरोपपत्र भी बन गया परंतु  प्रशासन-1 शाखा ने उदारता दिखाते हुए शो कॉज नोटिस जारी कर उन्हें न केवल बालाघाट सर्किल में प्राइम पोस्टिंग दे दी, बल्कि क्लीनचिट भी दे दी। दुर्भाग्यजनक पहलू यह है कि विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराया है। बृजेंद्र श्रीवास्तव: छिंदवाड़ा पूर्व में पदस्थ डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 21 जुलाई 2022 को नियम दस के तहत आरोप पत्र जारी किया गया था। इन पर आरोप है कि स्थानांतरण नीति के विरुद्ध जाकर कर्मचारियों के तबादले किए। आरोप पत्र का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है।  भारत सिंह बघेल: भोपाल मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल को आरोप पत्र 22 मई 2006 को जारी किया गया था। बघेल ने अपने प्रभाव अवधि के दौरान पूर्व लांजी क्षेत्र में प्रभार अवधि में राहत कार्य अंतर्गत कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की थी। इनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा कर मामला संघ लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। शासन को संघ लोक सेवा आयोग के उत्तर की अपेक्षा है। नवीन गर्ग: बहुउद्देशीय परियोजना के डूब क्षेत्र में आई वन भूमि के बदले में गैर वनभूमि और बिगड़े वन में पौधारोपण कराने में करोड़ों के वनीकरण क्षतिपूर्ति घोटाले में शामिल आईएफएस नवीन गर्ग को डीएफओ दक्षिण सागर (सामान्य) वनमंडल से मप्र ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। यही नहीं, ट्रांसफर के बाद भी उन्हें दक्षिण सागर वन मंडल से कई महीनों तक हटाया नहीं गया था। दिलचस्प पहलू यह है कि वन मंत्री विजय शाह ने बीते विधानसभा सत्र में दक्षिण सागर डीएफओ रहे नवीन गर्ग को निलंबित करके ईओडब्ल्यू से जांच कराने की घोषणा की थी। सदन में की गई घोषणा हवा हो गई. उनकी पोस्टिंग इको पर्यटन बोर्ड में है किंतु वह वन्य प्राणी शाखा में काम कर रहे हैं। प्रशांत कुमार: खंडवा में डीएफओ के पद पर पदस्थ प्रशांत कुमार को आरोप पत्र 4 सितंबर 2020 को जारी किया गया था। प्रशांत कुमार डीएफओ पश्चिम बैतूल वन मंडल में अनियमितता के मामले में जांच हुई थी जिसमें उन्हें दोषी पाया गया। विभाग ने एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का दंड आरोपित कर अंतिम निर्णय के लिए संघ लोक सेवा आयोग भेजा है। आयोग से अभी तक अभिमत नहीं आ पाया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इस गड़बड़ी में तत्कालीन उप वन मंडल अधिकारी आईएस गडरिया संलिप्त रहे हैं। आरपी राय: खंडवा सर्किल में पदस्थ सीसीएफ आर पी राय के खिलाफ 10 जून 2019 को आरोप पत्र जारी हुआ था। आरोप था कि वन मंडल इंदौर के अंतर्गत वन परीक्षेत्र चोरल में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। जांच के दौरान राय अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे। इसके कारण 6 लाख 93 हजार 361 रुपए की राजस्व हानि हुई थी। अभी इनसे वसूली नहीं हुई है। मामला विभाग में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राय अगले मई महीने सेवानिवृत्त हो गए। यही नहीं, विभागीय मंत्री की विशेष कृपा होने के कारण इनसे छह लाख 93 हजार की वसूली नहीं हो पाई। एम काली दुर्रई:  1996 बैच के आईएफएस अधिकारी एम काली दुर्रई प्रतिनियुक्ति पर हॉर्टिकल्चर में पदस्थ रहे। यहां पदस्थ रहते हुए दुर्रई ने किसानों की सब्सिडी देने के मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। इसके चलते उन्हें कमिश्नर हॉर्टिकल्चर पद से हटाया गया। मूल विभाग वन विभाग में लौटते ही उनके खिलाफ  विभागीय जांच शुरू की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के जांच अफसर सीके पाटिल को जांच के लिए 2 साल का पर्याप्त समय मिलने के बाद भी विभागीय जांच कंप्लीट नहीं कर पाए और वे रिटायर हो गए। राजनीतिक दबाव के चलते विभाग के अफसर उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाए। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान भी उदारता से किया जा रहा है।  डीके पालीवाल: सीसीएफ शिवपुरी के पद से रिटायर हुए हैं। इनके पेंशन के भुगतान पर आपत्ति की गई है, क्योंकि धार और फिर गुना डीएफओ पद रहते हुए आर्थिक गड़बड़ी कर शासन को नुकसान पहुंचाया है। धार में पदस्थ रहते हुए पालीवाल ने एक रेंजर का समयमान वेतनमान का फिक्सेशन अधिक कर दिया। जब मामला संज्ञान में आया, तब तक पालीवाल वहां से स्थानांतरित हो गए थे। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान के गए राशि वसूलने के नोटिस सेवानिवृत्त रेंजर को भेजा तो कोर्ट ने उस के पक्ष में फैसला देते हुए फिक्सेशन करने वाले अफसर पालीवाल से ₹300000 की वसूली करने … Read more

केन्द्र सरकार ने दी मंजूरी, एमपी के 10 शहरों में ‘कचरे’ से बनेगी ‘बिजली’

electricity will be produced from waste in 10 urban bodies of mp नगरीय विकास विभाग ने घरेलू कचरे के निस्तारण के मामले में बड़े जुर्माने से बचने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत कहीं कचरे से सीएनजी बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं तो कहीं कंपोस्टिंग के प्लांट लग रहे हैं। इसी सिलसिले में अब मध्यप्रदेश के 10 शहरों में कचरे से बिजली बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन्हें केन्द्र से अनुमति मिल गई है। यह वर्ष 2026 तक शुरू होने की संभावना है। सरकार ने प्रदेश में नगरीय निकायों को वर्ष 2027 तक कचरा प्रबंधन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। यहां पहले से बनाई जा रहीरीवा, जबलपुर में कचरे से बिजली बनाने की यूनिट संचालित हैं। प्रतिदिन 950 टन कचरे का प्र-संस्करण कर 18 मेगावॉट बिजली पैदा की जा रही है। लीगेसी वेस्ट खत्म करने में मिलेगी मदद एनजीटी ने 2022 में सॉलिड वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही के लिए 3 हजार करोड़ का जुर्माना लगाया था। तत्कालीन सीएस ने छह माह में प्रबंधन करने का शपथ-पत्र दिया था। इसके बाद जुर्माना स्थगित किया गया, लेकिन अब भी निकायों की डंपिंग साइट पर 25 लाख टन से ज्यादा लीगेसी वेस्ट जमा है। बिजली प्लांट बनने से वेस्ट भी खत्म करने में मदद मिलेगी। जुर्माने से बचा जा सकेगा। हाल ही में गीले कचरे की कंपोस्टिंग के लिए कटनी, सागर में स्वचालित यूनिट लगाई गई हैं। इन 10 नई इकाइयों को अनुमति 10 नगरीय निकायों के लिए क्लस्टर आधार पर 1018.85 टन प्रतिदिन क्षमता की इकाइयों के लिए मंजूरी मिली है। इन निकायों में सांची, हरदा, नया हरसूद, शाहगंज, आलीराजपुर, देपालपुर, उन्हेल, बाबई, धारकोटि और इंदौर शामिल हैं। इनमें आसपास के स्थानों को भी जोड़ा गया है। जहां कचरा कम निकलता है वहां समीपस्थ अन्य शहरों को जोड़ा गया है। इंदौर-उज्जैन को मिलाकर 607 टन कचरे से बिजली बनाने की यूनिट्स का काम प्रस्तावित है। इसके शुरू होने से 12.15 मेगावाट बिजली बन सकेगी।

विकसित भारत के संकल्पों को साकार करता ऐतिहासिक बजट – वैभव पंवार

Historic budget realizing the resolutions of developed India – Shri Vaibhav Panwar भोपाल। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 भारत के समग्र विकास को गति देने वाला है। यह बजट गरीब, युवा, किसान, महिलाएं और मध्यमवर्गीय परिवारों सहित सभी वर्गों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बात भारतीय जनता युवा मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पंवार ने बजट 2025-26 के संदर्भ में कही। उन्होंने कहा कि यह बजट राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्टार्टअप्स, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों को भी प्रोत्साहित करेगा। इसमें कृषि, उद्योग, निवेश, निर्यात, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए ठोस योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बजट में युवाओं को ध्यान में रखते हुए स्टार्टअप्स के लिए ऋण सीमा को 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही 27 फोकस क्षेत्रों में ऋण गारंटी को घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया है। सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण सीमा को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। सरकार ने फंड ऑफ फंड्स की स्थापना की है, जिसके तहत सरकार स्टार्टअप्स के लिए 10 हजार करोड़ की मदद देगी। पंवार ने कहा कि यह बजट अंत्योदय की भावना के अनुरूप समावेशी, कल्याणकारी और सर्वस्पर्शी है, जो सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करेगा। इस दूरदर्शी बजट हेतु माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का आत्मीय अभिनंदन एवं सादर आभार। अंकित गर्गप्रदेश मीडिया प्रभारीभाजयुमो मप्र

नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया बजट,वहां कई विशेष पैकेज दिए

Leader of Opposition Singhar said – The budget was made keeping in mind the Bihar elections, many special packages were given there. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये केंद्रीय बजट बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, वहां कई विशेष पैकेज दिए गए। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के भरोसे भाजपा की सरकार चल रही है इसलिए उनपर ही मेहरबानी की गई है। एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी शायद भूल गए हैं कि देश का बजट पूरे देश के लिए होता है। उन्होंने कहा इस बजट में किसानों की एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहीं की गई। प्रधानमंत्री आवाज योजना 13670 करोड़ कर दी गयी। जल जीवन मिशन 70 हजार करोड़ था अब 22694 करोड़ कर दिया। एससी एसटी ओबीसी की योजनाओं में भी कटौती की गई है। एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये बजट भाजपा सरकार ने एक राज्य में चुनाव जीतने के हिसाब से बनाया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के एमएसपी, आवास योजना, एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया गया है, उनकी योजनाओं को लेकर कटौती की गई है। उमंग सिंघार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी आप इन्हीं लोगों के कारण प्रधानमंत्री बने हैं और उन्हीं को आज भूल गए। ये देश का बजट है देश के हिसाब से होना

कंसोटिया बने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव: तीन आईएएस की जिम्मेदारी बदली; मुखर्जी को बनाया राजस्व मंडल का अध्यक्ष

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जापान दौर से लौटने से पहले तीन सीनियर आईएएस अफसरों की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है। जेएन कंसोटिया को गृह विभाग को अपर मुख्य सचिव बनाया है। वहीं दो दिन पहले एसीएस बनाए गए अनिरुद्ध मुखर्जी को राजस्व मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। राजस्व मंडल में प्रशासकीय सदस्य और प्रमुख सचिव सचिन सिन्हा को ग्वालियर से भोपाल लाया है। सिन्हा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक बनाया है। बता दें कि एसीएस एसएन मिश्रा शुक्रवार को रिटायर हो गए। जिसके बाद कंसोटिया की उनके पद पर नियुक्ति की गई। वे मोहन सरकार में करीब 1 साल बाद बड़े विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। कंसोटिया अभी प्रशासन अकादमी के डीजी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शमी को आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अति. प्रभार अनिरुद्ध मुखर्जी को दो दिन पहले एसीएस बनाकर आवासीय आयुक्त नई दिल्ली की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें लोक परिसंपत्ति विभाग का जिम्मा भी सौंपा था। अब उनके पास लोक परिसंपत्ति विभाग की जिम्मेदारी यथावत रखी है। वहीं आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी को सौंपा गया है। परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी किसी को नहीं परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी अभी किसी को नहीं दी गई है। रिटायर एसीएस एसएन मिश्रा के पास गृह विभाग के एसीएस के साथ परिवहन और जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार था।

सिर्फ कागजों में देश कि सबसे स्वच्छ राजधानी भोपाल: ज़मीनी हकीकत कुछ और, बस स्टैंड बदहाल, कीचड़-गंदगी से भरे पड़े ,,,

Bhopal is the cleanest capital of the country only on paper: Ground reality is different, bus stand is in bad condition, filled with mud and dirt,,, भोपाल । राजधानी भोपाल के नादरा बस स्टैंड और आईएसबीटी की हालत बदहाल है। दोनों बस स्टैंड पर गंदगी पसरी है। पीने के साफ पानी और स्वच्छ शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। नादरा बस स्टैंड रात के समय नशे का अड्डा बन जाता है। यहां चोरी और लड़ाई की घटनाएं भी आम हैं। बता दें कि नादरा बस स्टैंड से रोजाना करीब 5 हजार से अधिक यात्री सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, आदि शहरों के लिए जाते हैं। वहीं आईएसबीटी से रोजाना करीब 6 हजार यात्री होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल आदि जैसे शहरों के लिए निकलते हैं, इसके अलावा अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि के लिए भी बसें यहां से रवाना होती हैं। खुले में शौच से स्थानीय दुकानदार और यात्री परेशाननादरा बस स्टैंड पर एजेंट का काम करने वाले दयाल सिंह गुर्जर ने बताया कि पानी निकासी की सही व्यवस्था न होने के चलते बस स्टैंड कीचड़ से भरा है। लोग यहां खुले में शौच करते है। इससे पूरे इलाके में बदबू बनी रहती है. जिसकी वजह से स्थानीय दुकानदार और यात्री परेशान रहते हैं। नगर निगम भी हमारे आवाज उठाने पर ही सफाई करवाता है। मुफ्त शौचालय का बोर्ड लगा, फिर भी मांगे जाते हैं पैसेदुकानदार मोहम्मद सईद ने बताया कि वह पिछले 40 सालों से बस स्टैंड पर दुकान चलाते हैं। यहां शौचालय का कोई बोर्ड या निशान नहीं लगा है। इसके चलते विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां बाहर बने शौचालय में महिलाओं के लिए मुफ्त लिखे होने पर भी उनसे पैसे मांगे जाते हैं। जब महिलाएं इस बात को लेकर आवाज उठाती हैं, तो उन्हें शौचालय में काम चलने की दलील दी जाती है। बस स्टैंड पर गुंडे लोगों की वजह से मनमाने तरीके से काम हो रहा है। कम से कम रात के समय प्रशासन को एक आदमी की ड्यूटी लगानी चाहिए जो निगरानी कर सके। रात होते ही नशे का अड्डा बन जाता है नादरा बस स्टैंडऑटो ड्राइवर शेराज ने बताया कि यहां देर रात अक्सर लोगों के साथ चोरी की घटनाएं होती रहती है। लोगों के बैठने और पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। हालांकि बस स्टैंड पर 2-3 पानी की टंकी लगी हैं, लेकिन सब सालों पुरानी है। जिनकी सफाई होते हुए हमने नहीं देखा। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि रात होते ही बस स्टैंड नशे का अड्डा बन जाता है। जिससे आए दिन यहां लड़ाई-झगड़ा भी होता रहता है। अतिक्रमण की वजह से बस निकालने में दिक्कत बस ड्राइवर जुम्मा खान ने बताया कि नादरा बस स्टैंड शिफ्ट होने की बात कही जा रही है, लेकिन कब तक होगा इसका अनुमान नहीं है। बस स्टैंड की जगह सही से नहीं बनी हुई है, साथ ही अतिक्रमण भी फैला रहता है। इसके चलते यहां से बस निकालने में बहुत परेशानी होती है। आईएसबीटी की हालत भी बदहाल शहर के आईएसबीटी की हालत भी बदहाल है। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि बस स्टैंड में सीवर लाइन चोक होने की वजह से परिसर में गंदा पानी भरा रहता है। इसके अलावा ड्राइवर बूथ पर लगाकर ही बसे धोते हैं, जिससे कीचड़ फैलता है। बस स्टैंड पर पीने के साफ पानी व्यवस्था नहीं है और शौचालय भी साफ नहीं है। ज्यादातर बस ड्राइवर बस स्टैंड के बाहर मुख्य सड़क पर ही बसे खड़ी करते हैं। इससे सवारियों दिक्कत होती है। इस संबंध में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर निगम अच्छे प्रयास कर रहा है। दिन-रात सफाई हो रही है। जहां खामी होगी, वहां सुधार करेंगे। बस स्टैंड पर भी विशेष सफाई करवाई जाएगी। शहर के दोनों बस स्टैंडों से कहां जाती हैं बसें आईएसबीटी : होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल, मुलताई की ओर बसें जाती हैं। नादरा बस स्टैंड : सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर की बसें जाती हैं।

सीएम मोहन यादव कि फिर चली तबादला एक्सप्रेस,एमपी में 42 आईएएस अफसरों के तबादले: 12 जिलों के कलेक्टर बदले; मुख्यमंत्री कार्यालय से हटे भरत यादव और अविनाश लवानिया

भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर आईएएस अफसरों के थोकबंद तबादले हुए हैं। सोमवार रात को सामान्य प्रशासन विभाग से जारी आदेश में 42 आईएएस अफसरों के ट्रांसफर कर दिए गए। आदेश में मुख्यमंत्री के दो सचिव को भी इधर से उधर किया गया है। 12 जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान यात्रा पर जाने से पहले तबादले को हरी झंडी दी है। राज्य प्रशासनिक सेवा के 12 अधिकारियों का भी तबादला किया गया है। मुख्यमंत्री के दो सचिव का ट्रांसफर मुख्यमंत्री के सचिव भरत यादव को हटाकर एमपी सड़क विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। इसी तरह अपर सचिव से प्रमोट होकर पिछले माह सीएम सचिवालय में सचिव बनाए गए अविनाश लवानिया को भी वहां से हटाते हुए एमडी पावर मैनेजमेंट कम्पनी बनाया गया है। सिबि चक्रवर्ती एम को मुख्यमंत्री का सचिव तथा आयुक्त नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन 12 जिलों के कलेक्टर बदले सोमवार रात को जारी आदेश में गुना, खरगोन, डिंडौरी, सीहोर, सतना, बड़वानी, टीकमगढ़, रायसेन, खंडवा, श्योपुर, देवास और बुरहानपुर जिले के कलेक्टर बदले गए हैं। गुना कलेक्टर सतेंद्र सिंह को एमडी स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन बनाया गया है। उनकी जगह श्योपुर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को गुना कलेक्टर बनाया गया है। खरगोन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को आयुक्त सह संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति बनाया गया है। उनकी जगह बुरहानपुर की कलेक्टर भव्या मित्तल को खरगोन का नया कलेक्टर बनाया गया है। नेहा मारव्या सिंह को डिंडौरी जिला का कलेक्टर बनाया गया है। सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह को संचालक लोक स्वास्थ्य बनाया गया गया है। उनकी जगह बाला गुरु के को सीहोर का नया कलेक्टर बनाया है। सतना कलेक्टर अनुराग वर्मा को एमडी, राज्य भंडार निगम बनाया गया है। उनकी जगह सतीश कुमार एस को सतना का नया कलेक्टर बनाया है। बड़वानी कलेक्टर डॉ. फटिंग राहुल हरिदास को आयुक्त, मप्र गृह निर्माण बनाया गया है। उनकी जगह गुंचा सनोबर को बड़वानी कलेक्टर बनाया गया है। टीकमगढ़ कलेक्टर अवधेश शर्मा को ओएसडी, सह-आयुक्त तकनीकी शिक्षा बनाया गया है। उनकी जगह विवेक श्रोत्रिय को टीकमगढ़ जिला का कलेक्टर बनाया गया है। रायसेन कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे को अपर सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। उनकी जगह अरुण कुमार विश्वकर्मा को रायसेन कलेक्टर बनाया गया है। खंडवा के कलेक्टर अनूप कुमार सिंह को एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बनाया गया है। उनकी जगह देवास के कलेक्टर ऋषभ गुप्ता को खंडवा जिले की कमान दी गई है। डिंडौरी के कलेक्टर हर्ष सिंह को बुरहानपुर का नया कलेक्टर बनाया गया है। ऋतु राज, सीईओ, भोपाल जिला पंचायत को देवास का कलेक्टर बनाया गया है। दमोह के जिला पंचायत सीईओ अर्पित वर्मा को श्योपुर का कलेक्टर बनाया गया है। इन्हें लंबे इंतजार के बाद मिली कलेक्टरी देवास कलेक्टर बनाए गए ऋतुराज सिंह लंबे समय से कलेक्टरी मिलने का इंतजार कर रहे थे। उनके बैच के अधिकांश आईएएस कलेक्टर बन चुके हैं। दूसरी ओर उन्हें भोपाल जिला पंचायत सीईओ बने करीब ढाई साल हो गया था। आखिरकार उन्हें कलेक्टरी मिल ही गई। सोशल मीडिया पर दर्द छलका तो नेहा को मिली कलेक्टरी लंबे समय से कलेक्टरी का इंतजार कर रही 2011 बैच की आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या सिंह को आखिरकार कलेक्टरी मिल गई है। वर्तमान में सरकार 2015 बैच के आईएएस अफसरों को कलेक्टरी दे चुकी है। लेकिन, नेहा मारव्या को इसका मौका नहीं मिल पा रहा था। पिछले माह आईएएस सर्विस मीट के पहले दिन आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन के ग्रुप में नेहा ने अपना दर्द जाहिर किया था और यह बात मीडिया में भी आई थी। अब नेहा मारव्या को डिंडौरी कलेक्टर पदस्थ किया गया है।

सीएम ने इंदौर में फहराया तिरंगा: जीतू ने पीसीसी कार्यालय में ध्वज फहराया,भोपाल में राज्यपाल ने किया झंडावंदन

Jitu hoisted the flag at the PCC office, CM hoisted the tricolor in Indore: Governor saluted the flag in Bhopal इंदौर में तिरंगा फहराने के बाद सीएम ने परेड की सलामी ली। भोपाल । मध्यप्रदेश में आज 76वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है।  पीसीसी कार्यालय में मना गणतंत्र दिवस गणतंत्र दिवस पर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीसीसी कार्यालय में ध्वज फहराया। इसके बाद वे लोगों से मिले। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के नेहरू स्टेडियम में सुबह 9 बजे तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान के बाद खुली जीम में परेड की सलामी ली। सीएम इसके बाद बाल विनय विद्या मंदिर उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित भोज कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने तिरंगा फहराकर संयुक्त परेड की सलामी ली। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा देवास और राजेंद्र शुक्ल रीवा में हैं।

मध्य प्रदेश का राज भवन घूमने का सुनहरा अवसर , जाने नियम

Golden opportunity to visit Raj Bhavan of Madhya Pradesh, know the rules MP News: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर तीन दिनों के लिए राजभवन के दरवाजे आम लोगों के लिए खुले रहेंगे. राजभवन में कई ऐसे दर्शनीय स्थान है जो इतिहास से जुड़े हुए हैं. इनका भ्रमण और अवलोकन आम लोगों द्वारा किया जा सकता है. राजभवन के अपर मुख्य सचिव के सी गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर राजभवन को आम लोगों के अवलोकन के लिए तीन दिनों तक खोला जाएगा. उन्होंने बताया कि आम नागरिक 25 से 27 जनवरी 2025 तक की निर्धारित समय अवधि में राजभवन देख सकते हैं. इसके लिए समय भी तय किया गया है. आम लोगों के लिए दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक राजभवन खुला रहेगा. इसी प्रकार 26 जनवरी को प्रातः 11 से दोपहर 2:00 बजे तक राजभवन का भ्रमण किया जा सकेगा. संभावना जुटाए जा रही है कि तीन दिन की अवधि में हजारों की संख्या में लोग राजभवन को देखने के लिए जा सकते हैं. उन्हें गेट नंबर 2 से आवागमन की अनुमति मिलेगी. इतिहास को संजोए हुए है राजभवनराजभवन राज्यपाल का निवास होने के साथ-साथ इतिहास को अपने आप में संजोए हुए हैं. यहां पर तोप, आकर्षक प्राचीन‌ वस्तुओं के साथ-साथ एक विशाल वेंकट हाल भी है, जो कि काफी पुराना है. राजभवन की कई प्राचीन वस्तुएं आम लोगों को अपनी और आकर्षित करती है. इसके अलावा प्राचीन समय के लगे हुए झूमर भी राजभवन की खूबसूरती के साथ-साथ लोगों के आकर्षण का केंद्र माने जाते हैं. जिस क्षेत्र में राजभवन स्थित है वह 1880 तक एक सैन्य छावनी क्षेत्र था. इस क्षेत्र में किसी भी निजी निर्माण की अनुमति नहीं थी. 1880 में वर्तमान राजभवन का निर्माण भोपाल की नवाब शाहजहां बेगम ने ब्रिटिश अधिकारियों के ठहरने के लिए किया था. इसे शुरू में लाल कोठी नाम दिया गया था. 1880 के बाद से लाल कोठी भोपाल में तैनात ब्रिटिश राजनीतिक एजेंटों का आधिकारिक निवास बन गया.

कैबिनेट बैठक के लिए महेश्वर तैयार, मंत्रियों को मिलेगा मालवा निमाड़ के व्यंजन

Maheshwar ready for cabinet meeting, ministers will get dishes from Malwa Nimar शुक्रवार को पर्यटन नगरी महेश्वर में होने वाली मंत्रीमंडल बैठक के लिए तैयारियां जोरों पर है। नर्मदा रिट्रीट कैम्पस में एक बड़ा डोम तैयार किया गया है। बैठक में शामिल मंत्रियों को मालवी और निमाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। दाल बाफले, चूरमा लड्डू, दाल पानिए, बेसन गट्टे की सब्जी सहित अन्य व्यंजन परोसे जाएंगे। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में धार्मिक नगरी में शराब बिक्री पर प्रतिबंध के फैसले को मंजूरी दी जाएगी। लोकमाता अहिल्या बाई होलकर का 300 वां जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इस मौके पर महेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक करने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री सुबह साढ़े दस बजे महेश्वर पहुंच जाएंगे। पहले अहिल्या प्रतिमा का पूजन होगा, फिर यहां मंत्रियों का सामूहिक फोटो सेशन होगा। दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होगी। जिसमे प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। मालवी-निमाड़ी अंदाज में सजा परिसर जिस परिसर में बैठक होगी। उसे मालवी निमाड़ी अंदाज में सजाया गया है। दीवारों पर मांडने व संजा सजाए गए है। इसके अलावा रंग-बिरंगी वंदनदार भी सजाई गई है। परिसर के मुख्य गेट पर महेश्वर किले की प्रतिकृति बनाई गई है। महेश्वर में मुख्यमंत्री व मंत्री चार घंटे तक रुकेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से भोपाल रवाना हो जाएंगे। परिसर के समीप एक हेलीपेड भी बनाय गया है। पहली बार निमाड़ में आने वाले महेश्वर में यह बैठक हो रही है। इससे पहले हनुमंतिया में भी कैबिनेट बैठक हो चुकी है।

सेज यूनिवर्सिटी और एक्सप्रेस ई कनेक्ट का समझौता: कृषि क्षेत्र में नवाचार

Sage University and Express E Connect tie up: Innovation in agriculture sector भोपाल ! दिनांक 22 जनवरी 2025 को एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट के प्रबंध निदेशक उदित नारायण और भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता जैव उर्वरकों और अन्य संबंधित उत्पादों के प्रदर्शन, प्रमाणन, निर्माण और व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इस साझेदारी के तहत शोध और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में क्रांति आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इस समझौते से पहले भी एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने मध्य प्रदेश में महत्वपूर्ण पहल की है। 25 दिसंबर 2024 को, अटल जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर, पंचायती राज मंत्री माननीय प्रहलाद पटेल जी ने दमोह जिले में एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट के साथ मिलकर आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना का शुभारंभ किया था। इस पहल का उद्देश्य गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि उत्पादकता में सुधार करना था। इस आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना के तहत जैव उर्वरकों का निर्माण गोबर और अन्य जैविक कचरे से किया जाता है। इसका उपयोग खेतों में किया जाने वाला रासायनिक उर्वरकों का स्थान लेने के लिए किया जा रहा है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित बनाता है, बल्कि किसानों को किफायती और प्रभावी विकल्प भी प्रदान करता है। इस पहल से किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। Read More: अटल जन्म शताब्दी पर जैविक खेती को बढ़ावा: दमोह में जैविक खाद इकाई का शुभारंभ नए एमओयू के तहत सेज यूनिवर्सिटी शोध और तकनीकी सहयोग में अपनी भूमिका निभाएगी। यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ किसानों और उद्योग के लिए प्रमाणन प्रक्रियाएं विकसित करेंगे। इसके साथ ही, जैव उर्वरकों और संबंधित उत्पादों के प्रदर्शन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह साझेदारी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए भी नए अवसर खोलेगी। एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने इस समझौते के माध्यम से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने का संकल्प लिया है। आत्मनिर्भर गौशालाओं को और अधिक व्यापक रूप में स्थापित करने और जैव उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की योजना है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इस समझौते के माध्यम से मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। माननीय प्रहलाद पटेल जी द्वारा शुरू की गई आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना और नई साझेदारी के बीच का यह तालमेल राज्य और देश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

अहिल्या देवी की नगरी महेश्वर में 24 को कैबिनेट की बैठक, बस सेवा शुरू करने का हो सकता है ऐलान

Cabinet meeting on 24th in Ahilya Devi’s city Maheshwar, announcement may be made to start bus service. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24 जनवरी को लोकमाता अहिल्या देवी की नगरी महेश्वर में कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रदेश में बस सेवा शुरू करने को मंजूरी मिलने की संभावना है। सरकार इस वर्ष के अंत तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में यात्री बस सेवा प्रारंभ करना चाहती है। शुरू में कुछ चयनित रूटों पर बसे चलाई जाएंगी। बैठक के बाद परिवहन विभाग इस प्रस्ताव को लेकर आगे की कार्रवाई तेज करेगा। इसके तहत बस सेवा संचालित करने के लिए एक कंपनी स्थापित की जाएगी, जो प्रदेश में यात्री बसों का संचालन करेगी। इस बैठक को लेकर सभी संबंधित विभाग तैयारियों में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2025 मालवा की महारानी पुण्यश्लोका अहिल्या देवी का 300 वां जयंती वर्ष है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देवी अहिल्या माता की 300वीं जयंती मनाने का निर्णय लिया है। इस उपलक्ष्य में हम पूरे वर्ष अलग-अलग कार्यक्रम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की अगली बैठक मालवा की महारानी लोकमाता अहिल्या देवी को समर्पित की जाएगी। कैबिनेट की बैठक 24 जनवरी को लोकमाता की राजधानी रही धार्मिक नगरी महेश्वर में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को जारी अपने संदेश में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्या देवी का जीवन धार्मिकता, त्याग और करुणा का प्रतीक था। वे न केवल एक कुशल शासिका थीं, बल्कि एक आदर्श नारी और माता भी थीं। लोकमाता अहिल्या देवी के शासनकाल, उनकी कर्तव्यपरायणता, धर्म परायणता, सुशासन, दानशीलता, धार्मिकता आदि गुणों से हमें सद्मार्ग और सुशासन के जरिए लोक-कल्याण की असीम ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उनके व्यक्तित्व की आभा से पूरा समाज आज भी उन्हें अत्यंत श्रद्धा से देखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की पावन धरा वह स्थान है, जहां रानी दुर्गावती, लोकमाता अहिल्या देवी, सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज जैसे प्रतापी एवं सुशासन लाने वाले शासक हुए हैं। इनके नाम और काम पर मध्यप्रदेश सदैव गौरवान्वित होता आया है। इस संदर्भ में महिला शासिका लोकमाता अहिल्या देवी का नाम भी अजर-अमर है। उनके नाम पर समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक में हम जनकल्याण से जुड़ी कई नवीन योजनाओं को मंजूरी देने जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि हम सब मालवा की लोकमाता अहिल्या देवी के पुण्य स्मरण में शामिल हों। वे स्वयं और सभी मंत्रीगण मिलकर अहिल्या माता को समर्पित मंत्रिपरिषद की बैठक के लिए महेश्वर जाएंगे और यही लोकमाता को उनके सद्कार्यों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले- ‘कैंसर की तरह है गुटबाजी, इसे…’

politics jitu patwari urges congress to leave factionalism and move forward ann Jitu Patwari इन दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को लेकर पूरे राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को महू आने का निमंत्रण दे रही है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद कई विधानसभाओं में जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आमंत्रित कर रहे हैं. इस दौरान वे गुटबाजी छोड़ने का भी आह्वान कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ जोशीला बयान पटवारी ने मनावर में भी दिया. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मनावर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, “अब गुटबाजी छोड़कर कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए आगे बढ़ना होगा”. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर तक कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना पड़ेगा. इसमें ग्राम पंचायत स्तर तक कांग्रेस कमेटी का गठन होना चाहिए. जीतू पटवारी ने कहा कि आने वाले 4 साल तक अगर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता बिना छुट्टी लिए संगठन का काम करते हैं तो एमपी में आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता है. पटवारी ने मनावर के साथ-साथ कुक्षी और बड़वानी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर उन्हें महू आने का आमंत्रण दिया. ‘कांग्रेस में ‘कैंसर’ की तरह है गुटबाजी’- जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने गुटबाजी को कांग्रेस का ‘कैंसर’ बताया है. इस पर बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने पलटवार किया है और कहा कि हम लगातार कांग्रेस में गुटबाजी होने का दावा कर रहे हैं, जिसे कांग्रेस झुठलाती आ रही है. अब जीतू पटवारी खुद कांग्रेस में गुटबाजी को कैंसर बता रहे हैं. जीतू पटवारी ने बीजेपी कार्यकर्ता का दिया उदाहरण प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी का छोटा सा छोटा कार्यकर्ता गांव की चौपाल पर चार लोगों को बीजेपी के समर्थन में आगे बढ़ाने के लिए सफलतापूर्वक समझाइश दे देता है. जब विकास की बात होती है तो गांव और विधानसभा से लेकर प्रदेश और देश तक बात नहीं बनती है, तो बीजेपी कार्यकर्ता पाकिस्तान से अफगानिस्तान तक चर्चा करता है. इसी तरह कांग्रेस को भी अपना संगठन मजबूत करते हुए अपनी विचारधारा को लोगों तक पहुंचाना है. हर गांव हर बूथ से एक गाड़ी जरूरी- पटवारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने मनावर में यह भी कहा कि एक गांव से दो गाड़ी की आवश्यकता नहीं है बल्कि हर एक पोलिंग बूथ और एक गांव से एक ही गाड़ी महू पहुंचनी चाहिए. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि गांव-गांव तक रैली का संदेश पहुंचाना चाहिए, इसलिए हर गांव से एक गाड़ी लानी जरूरी है. बीजेपी संगठन की बराबरी करने में कई जन्म लगेंगे- बीजेपी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं को यह बात समझ लेनी चाहिए कि बीजेपी संगठन के बराबरी करने में कांग्रेस नेताओं को कई जन्म लेने पड़ेंगे. सिसोदिया ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी यह बात समझ में आ गई है कि बीजेपी का संगठन काफी मजबूत और बड़ा है. यही वजह है कि वे अपने हर सभा में भाजपा के संगठन की मजबूती को लेकर बयान दे रहे हैं.

अतिक्रमणकारियों का मुकाबला फ्रंट में नहीं बल्कि समुदाय विरुद्ध समुदाय के जरिए करें

Confront the encroachers not from the front but through community against community भोपाल। आईएफएस अफसरों की दो दिन चली मंथन का समापन शनिवार को हो गया। मंथन में अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने फील्ड के अवसरों को दो मूल मंत्र बताएं। पहला यह कि अतिक्रमणकारियों का मुकाबला फ्रंट में रहकर नहीं करे, बल्कि उसे समुदाय वर्सेस समुदाय को आगे कर करें। जंगल बचाने वाले समुदाय का सपोर्ट करें और उन्हें ताकतवर बनाएं। दूसरा मंत्र टीम भावना से काम करने का दिया।  अपैक्स भवन में दो दिन चली मैराथन मंथन में फील्ड के अफसरों ने जितने भी प्रेजेंटेशन दिए, वे सभी प्रस्तुति एसीएस वर्णवाल के मानक पर खरे नहीं उतरे। शनिवार को सतना डीएफओ मयंक चांडीवाल ने वन अधिकार अधिनियम को लेकर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। चांडीवाल ने बताया कि अधिनियम में दो गवाह के आधार मानकर पट्टा देने की अनुशंसा कर दिया जाता है। जबकि दो साक्ष्य के आधार पर हो, जिसमें एक सैटलाइट इमेजरी होना चाहिए। इस पर एसीएस वर्णवाल बोले कि आप अपने ढंग से अधिनियम के प्रावधानों का प्रजेंटेशन करेंगे। अधिनियम का इंटरप्रिटेशन अपने हिसाब से ना करें। वर्णवाल ने यह भी कहा कि यदि आप सहमत नहीं है तो अपनी आपत्ति लिखित में कलेक्टर के समक्ष दर्ज कराएं। आपकी आपत्ति को कलेक्टर इग्नोर नहीं कर सकता। इसी मसले पर एपीसीसीएफ भी कुछ कहना चाहते थे किन्तु एसीएस ने उन्हें बोलने नहीं दिया। पन्ना नेशनल पार्क की फील्ड डायरेक्टर अंजना तिर्की ने एसीएस के समक्ष जानवर मुआवजा का अधिकार फॉरेस्ट अफसर को देने की बात रखी। इस पर वर्णवाल ने कहा कि राजस्व अधिकारी को अधिकार इसलिए दिया गया है क्योंकि उनके पास मुआवजा आकलन करने का अनुभव है। उन्होंने यह भी कहा कि शाजापुर जैसे वन मंडलों में स्टाफ की कमी होती है तो मुआवजा का काम कैसे कर पाएंगे।  टीम भावना से करें काम एसीएस वर्णवाल ने दो दशक पहले देवास जिले के मेहंदीखेड़ा में हुई गोलीचालन को लेकर एक रिपोर्ट केस स्टडी के रूप में फॉरेस्ट अफसर के बीच वितरित की। तब वर्णवाल देवास के कलेक्टर थे। फॉरेस्ट के अफसर से सवाल किया कि इसमें आप बताएं क्या किया जा सकता था? इसके बाद उन्होंने अफसर के समक्ष कहा कि इस गोलीचालन में चार लोगों की मौत हुई थी। इसकी मजिस्टिकल जांच हुई थी। तब देवास में डीएफओ महेंद्र धाकड़ थे। उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच में कलेक्टर एसपी और डीएफओ के बयान एक जैसे ही थे। हम लोगों ने टीम भावना के साथ घटना और मजिस्ट्रियल जांच का सामना किया। इसलिए डीएफओ कलेक्टर और एसपी के साथ मिलकर काम करें।  नए अफसरों को परोसा झूठ एसीएस वर्णवाल ने देवास के मेहंदीखेड़ा गोलीकांड के मामले में कुछ झूठ भी परोसा है। बड़वाल ने एनजीओ तक का नाम नहीं बताया जबकि आदिवासी मुक्ति संगठन के नाम से जनता को वर्ग लाया जा रहा था और इसके संचालक राहुल बनर्जी और माधुरी बेन थे, जो आज भी सक्रिय है। वर्णवाल ने फील्ड से आए अफसर से यह बताया कि इस घटना को लेकर विधानसभा क्वेश्चन तक नहीं हुई। जबकि गोली कांड को लेकर सदन में खूब हंगामा हुआ स्थगन लाये गए थे और विधानसभा की कार्रवाई बाधित भी हुई। इसके चलते सरकार को कलेक्टर, एसपी और डीएफओ को हटाना भी पड़ा था। इस पूरी घटना को लेकर तत्कालीन पीसीसीएफ आरडी शर्मा के कहने पर मैंने ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की थी। मैंने दैनिक नई दुनिया में तीन दिन तक रिपोर्टिंग का एपिसोड चलाया। अपनी रिपोर्टिंग में मैंने यह  स्पष्ट कर दिया था कि तत्कालीन प्रमुख सचिव वन बनर्जी और एनजीओ संचालक कर्ता राहुल बनर्जी के बीच दोस्ताना संबंध रहे और उनमें टेलिफोनिक बातचीत भी होती रही। राहुल पुलिस की नजरों में फरार था पर वल्लभ भवन में अधिकारियों से मिलता जुलता रहा। मेरे द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद वन विभाग प्रमुख सचिव से बनर्जी को हटा दिया गया था। तत्कालीन पीसीएफ आरडी शर्मा आज भी जीवित है।

धरने को असफल करने के लिए सांसद का कुत्सित असफल प्रयास है बयान: पंकज उपाध्याय     

  The statement is a disgusting failed attempt by the MP to make the protest unsuccessful: Pankaj Upadhyay  हमने कई अखबारों में पढ़ा और सुना कि माननीय सांसद शिवमंगल सिंह तोमर अपने बयान में  कह रहे हैं कि शक्कर कारखाने को चालू करने के लिए योजना बन गई है कार्यवाही प्रारंभ हो गई है मेरा सांसद महोदय से अनुरोध है कि अगर कल रात में ऐसी कोई योजना बनी हो तो मुझे उपलब्ध करा दे क्योंकि मैंने मुख्यमंत्री सहकारिता मंत्री कृषि मंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को कलेक्टर को पत्र लिखकर यह मांग करी की शक्कर कारखाने की भूमि नीलामी रोककर कारखाने को पुनः प्रारंभ करने हेतु कार्रवाई करें परंतु अभी तक माननीय मुख्यमंत्री जी सहकारी मंत्री जी विधानसभा अध्यक्ष एवं कलेक्टर महोदय का जवाब मुझे नहीं मिला है आपके द्वारा यह बयान निश्चित रूप से किसानों एवं कर्मचारियों को बरगलाने के लिए जो किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है उसे असफल करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है आपसे अनुरोध है आपको मुरैना की जनता ने किसानों के हितों के लिए चुना था ना कि किसानों को बरगलाने के लिए अतः आगे आकर  धरने में अपना साथ दे और अगर सांसद जी आगे आकर हमारे बंद शक्कर कारखाने को प्रारंभ करते हैं तो हम सब शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के लोग उनका नागरिक अभिनंदन करेंगे

शहडोल में 7वां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, सीएम यादव पहुंचे, 30 हजार करोड़ के प्रस्तावों पर चर्चा होगी

Seventh Regional Industry Conclave of Madhya Pradesh मध्य प्रदेश का सातवां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज गुरुवार को शहडोल जिले में आयोजित हो रहा है। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए सीएम मोहन यादव भी पहुंच गए हैं। इस कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए पांच हजार निवेशकों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र से लगभग 40 से ज्यादा बड़े उद्योगपति शहडोल पहुंच चुके हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय निवेशक भी पहुंचे हैं। शहडोल के इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित हो रहे इस कॉन्क्लेव में विशेष रूप से खनिज उद्योग, सौर ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही एसीसी सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल इसमें शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में 30 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। कॉन्क्लेव में शामिल होने से पहले सीएम यादव ने की गौ सेवारीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का लेकर सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने एक्स कर लिखा- भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य से पूर्व गौ माता के पूजन का विशिष्ट महत्व होता है। आज शहडोल में आयोजित “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव” में सहभागिता से पूर्व निवास स्थित गौशाला में जगतजननी गौ माता की सेवा कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। मैया के आशीर्वाद से अनंत संभावनाओं वाले मध्यप्रदेश में निवेश की वर्षा हो और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प सिद्धि का पथ प्रदर्शित हो, यही प्रार्थना है। यह प्रस्ताव मिलेरीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में ग्राम पटासी में ऐथेनॉल प्लांट के लिए 140 करोड़ रुपए, ग्राम मुदरिया में खाद्य प्रसंस्करण के लिए 3.5 करोड़ रुपए तथा ग्राम छतवई में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में 5 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिले है। औद्योगिक विकास के लिए शहडोल जिले के दियापीपर में 51.135 हेक्टेयर, तथा ग्राम चन्नौड़ी में 2.023 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। उमरिया जिले में आद्योगिक क्षेत्र बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 5 करोड़ रुपए , बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2 करोड़ रूपये, ग्राम रोहनिया में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2.5 करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं।

मप्र में 7 साल बाद भी कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं, केंद्र को दिखाया ठेंगा

Even after 7 years, CAMPA authority has not been formed in Madhya Pradesh, showing contempt to the Centre. भोपाल। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय ने अगस्त 2018 को सभी राज्यों में प्रतिपूरक वनीकरण कोष एवं योजना प्राधिकरण कैपा गठन के निर्देश दिए थे। 7 साल बीत जाने के बाद भी मप्र में कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं हो पाया। जबकि केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के आधार पर प्राधिकरण के गठन के आदेश दिए थे। यानी मप्र में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की भी हो रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय के निर्देश पर देश के अन्य राज्यों में कैंपा प्राधिकरण का गठन हो गया है। जबकि मप्र में अभी तक पीसीसीएफ का एक पद बचाने के लिए गठन नहीं किया गया। मौजूदा काल में राज्य कैडर में पीसीसीएफ के पद भी कम हो गए हैं। बावजूद इसके प्राधिकरण का गठन करने को लेकर शीर्ष अफसरों द्वारा न केवल आना-कानी की जा रही है, बल्कि मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री तक गलत तथ्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं। विभाग में स्थितियां है कि पीसीसीएफ कैंपा का पद हथियाने के लिए वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। अब तक जितने भी पीसीसीएफ कैंपा के पद पर पदस्थ रहे आईएफएस अफसरों की मुख्यमंत्री हाउस तक सीधी पहुंच रही है। फिलहाल मौजूदा स्थिति में पीसीसीएफ कैम्पा पद पर पीके सिंह है, जो 31 जनवरी को सेवामुक्त हो रहें हैं। अब तो बना दिया जाना चाहिए कैंपा प्राधिकरण लंबे समय तक केंद्र में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाने वाले अनुराग जैन के मुख्य सचिव बनने के बाद कैंपा प्राधिकरण के गठन की संभावनाएं बढ़ गई है। कैंपा प्राधिकरण के गठन होने पर पीसीसीएफ कैंपा का पद समाप्त हो जाएगा, क्योंकि इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पद का प्रावधान है। इस पद पर एवीसीसीएफ स्तर के अधिकारी को ही सीईओ पदस्थ जा सकता है। नाथ सरकार ने नहीं दिया प्राधिकरण पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के कार्यकाल bमें तत्कालीन अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने केंद्र के निर्देश पर राज्य में कैथा प्राधिकरण के गठन की पहल शुरू की। प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया शुरू होते ही तत्कालीन पीसीसीएफ पद पर विराजे एबी गुप्ता छिंदवाड़ा की दौड़ लगा दीथी। तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने गुप्ता की मुलाकात कमलनाथ से कराई। इस मुलाकात में कैंपा पीसीसीएफ गुप्ता के बाद नाथ के निर्देश पर कैंपा प्राधिकरण के गठन पर विराम लग गया। कमलनाथ के बाद शिवराज सरकार ने भी प्राधिकरण के गठन पर पहल नहीं की। इसकी वजह भी स्पष्ट थी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने करीबी रिश्तेदार महेंद्र सिंह धाकड़ को पीसीसीएफ कैंपा के पद पर उपकृत करना था। केंद्र से नहीं मिली कैंपा पीसीसीएफ की मंजूरी केंद्र सरकार ने कैपा पीसीसीएफ का पद अस्थाई तौर पर 3 साल के लिए स्वीकृत किया था, जिसकी मियाद जनवरी 2019 को समाप्त हो गई। यानी 2019 के बाद से अब तक पीसीसीएफ कैंपा का पद कैडर में स्वीकृत न होने के बाद भी पोस्टिंग होती चली आ रही है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल कैंपा प्राधिकरण संबंधित प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष मूव करना चाहिए। मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव के अधीन वन विभाग भी है। यानी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और केंद्र सरकार केंद्र सरकार के निर्देश के 7 साल बाद तो मप्र प्राधिकरण का गठन कर दिया जाना चाहिए। फैक्ट फाइल

थीम : ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ ,डॉ अंबेडकर की जन्मस्थली महू में होगी कांग्रेस की बड़ी रैली

mp congress big rally held in dr ambedkar birthplace mhow theme is jai bapu jai bhim jai constitution भोपाल:मध्य प्रदेश कांग्रेस 26 जनवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली, महू में एक विशाल ‘संविधान’ रैली का आयोजन कर रही है। इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। यह रैली नवंबर 2023 और 2024 के चुनावी नुकसान के बाद कांग्रेस का पहला बड़ा आयोजन है। साथ ही जीतू पटवारी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद एमपी में यह पहला बड़ा आयोजन है। इस रैली की तैयारी को लेकर पीसीसी मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई है। बैठक में कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दिखे। हालांकि कमलनाथ नहीं दिखाई दिए हैं। रैली को लेकर राजनीति इस रैली को लेकर राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर डॉ. अंबेडकर की विरासत का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। हाल ही में जीतू पटवारी द्वारा डॉ. अंबेडकर की तस्वीर अपने घुटने पर रखने के मामले ने भी विवाद को हवा दी है। 26 को महू में होगी रैली कांग्रेस अपनी ‘संविधान’ रैली की तैयारी जोर-शोर से कर रही है। यह रैली 26 जनवरी को महू में होगी, जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। कांग्रेस ने इस रैली को सफल बनाने के लिए लगभग एक दर्जन कमेटियां बनाई हैं। इस रैली का थीम ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ रखा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी होंगे शामिल इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस रैली में मौजूद रहेंगे। महू में एक मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया सहित कई दिग्गज नेता 11 सदस्यीय समन्वय समिति का हिस्सा हैं जो रैली की व्यवस्था देख रही है। तैयारियों का दौर जारी PCC प्रमुख जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह भोपाल में पार्टी मुख्यालय पर विभिन्न समितियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भोपाल पहुंचे। नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा आयोजित किया जा रहा यह पहला बड़ा कार्यक्रम है। मोहन यादव ने साधा निशाना रैली को लेकर सीएम मोहन यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी भी डॉ. अंबेडकर का सच्चा सम्मान नहीं किया। उन्होंने राहुल गांधी से संविधान निर्माता का कथित तौर पर अपमान करने के लिए माफी मांगने की भी मांग की।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में छात्रों को ले जा रही बस से ट्रक टकराया, एक की मौत; कई घायल

A truck collides with a bus carrying students in Bhopal, the capital of Madhya Pradesh, one dead; many injured मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को एक भीषण हादसा हो गया जिसमें छात्र-छात्राएं घायल हो गए हैं. हादसे में 6 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं एक की मौत हो गई है. कई और बच्चों को चोटें आई हैं. बच्चों और बस ड्राइवर समेत अन्य घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. बच्चों का इलाज किया जा रहा है. यह सड़क हादसा शहर के भोरी बायपास के पास हुआ है. पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने में मदद की. जानकारी के मुताबिक यह हादसा भौरी बाईपास पर हुआ है, जहां छात्रों से भरी हुई बस जा रही थी और सामने से तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी. बस का सामने का हिस्सा कचूमर बन चुका है. हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ा और छात्रों को बस से निकालना शुरू किया. इसी बीच पुलिस को भी जानकारी दी गई. पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया. घायलों का चल रहा इलाजघायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है. सभी छात्र-छात्राएं पीपुल्स स्कूल ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के इजीनियरिंग के छात्र हैं. सभी छात्र आईसर कंपनी के प्लांट पर विजिट के लिए गए थे. हादसे में 6 बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है. फिलहाल डॉक्टर्स की टीम बच्चों का इलाज करने में जुटी हुई है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिस वक्त छात्र-छात्राएं विजिट से वापस लौट रहे थे उसी वक्त बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है. एक छात्र की मौतबिरसिंहपुर पाली के रहने वाले छात्र विनीत साहू की हादसे के बाद मौत हो गई है. उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया था. वहीं छात्र विमल यादव और छात्र शिवम लोधी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. उनका क्रिटिकल केयर में इलाज किया जा रहा है. बस के अंदर बैठे बाकी छात्र-छात्राओं को यानी करीब 29 छात्रों को मामूली चोटें आई हैं. सभी छात्रों को हादसे के बाद पीपुल्स हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है.

नहीं आएगी जिला अध्यक्षों की सूची, भाजपा में घमासान के चलते बदला नियुक्ति का फार्मुला

bjp sangathan election bjp sangathan election list of district president will not be released due to tussle in mp bjp BJP Sangathan Election: भाजपा में जिला अध्यक्षों की सूची की राह देख रहे पार्टी कार्यकर्ताओं का इंतजार अब खत्म हो गया है। क्योंकि दिल्ली में दो दिन तक चली मंत्रणा के बाद अब नया फॉर्मूले पर सहमति बनी है। दरअसल, भाजपा नेताओं के बीच आपसी विवाद इतना गहराया कि संगठन ने घोषणा का तरीका ही बदल दिया। सूत्रों के मुताबिक संगठन सूची जारी कर विवाद से बचना चाह रहा है। इसलिए चुनाव अधिकारियों को जिला अध्यक्षों के घोषणा की जिम्मेदारी दे गई है। अब जिला निर्वाचन अधिकारी ऊपर से बताए गए नाम पर सभी की सहमति बनाकर जिला अध्यक्षों की घोषणा करेंगे और वहां उपजे विवाद को भी संभालेंगे।विवाद के बीच संगठन की नसीहतसूची के इंतजार के बीच गुरुवार सुबह प्रदेश संगठन के नेताओं की वर्चुअल बैठक बुलाई गई। जिसमें प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने दो टूक नसीहत देते हुए कहा है कि जिला अध्यक्ष बनने के बाद उनके चहेते नेता के घर के बजाय पार्टी कार्यालय में स्वागत सत्कार का कार्यक्रम होना चाहिए।वहीं बैठक में जुड़े प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने सभी नेताओं को नए जिला अध्यक्ष मिलने से पहले बधाई दी। कहा कि सभी को साथ मिलकर संगठन के कार्यों को धरातल पर उतारना है। बता दें बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ सभी जिला निर्वाचन अधिकारी भी मौजूद रहे।पर्यवेक्षक बताएंगे जिलाध्यक्षों के नामसंगठन ने इतने विवाद के बाद भी लोकतांत्रित व्यवस्था का फॉर्मूला बरकरार रखा है। राष्ट्रीय संगठन की ओर से तय की गई अंतिम सूची के नामों को प्रदेश संगठन द्वारा पर्यवेक्षकों को बताया जाएगा। फिर पर्यवेक्षक जिला निर्वाचन अधिकारी को उन नामों के बारे में बताएंगे। जहां से घोषणा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक तय होने वाले नाम को सीधे मैसेज कर पार्टी कार्यालय बुलाया जाएगा। इस दौरान वर्तमान जिला अध्यक्ष और निवर्तमान जिला अध्यक्ष को भी पूरी जानकारी दी जाएगी।

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

digvijay singh mind game behind new pairing of jeetu patwari and jai vardhan singh in mp congress भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा तैयार कर रहे मैदान दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। सीनियर नेता ने खड़े किए सवाल कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं।

6 जनवरी एफआईआर दर्ज, 7 को एपीसीसीएफ मीना एक और शाखा का प्रभार

FIR registered on 6th January, charge of another branch of APCCF Meena on 7th भोपाल। जंगल महकमे के इतिहास में यह पहला प्रकरण है कि महिला प्रताड़ना को लेकर जिस एपीसीसीएफ मोहन मीणा के विरुद्ध उसी अफसर को अगले दिन 7 जनवरी को अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। मौजूदा तौर पर मीणा नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा में पदस्थ है। पीसीसीएफ प्रशासन एक विवेक जैन के आदेश पर महकमे के अधिकारी हतप्रभ हैं।विभाग में एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों के कमी के चलते प्रभार दिया जा रहा है। ऐसे में एपीसीसीएफ मीणा को भी नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा के अलावा अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश पीसीसीएफ विवेक जैन ने जारी कर दिया है। पीसीसीएफ जैन के आदेश जारी करने की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। आखिरकार फिर दर्ज होने के पहले तक मीणा को प्रभार क्यों नहीं दिया गया? तब भी कैंपा सहित अन्य शाखाओं के प्रभार अन्य एपीसीसीएफ को प्रभार दिए गए थे। पीसीसीएफ जैन के आदेश पर विभाग के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान नाम न छापने की शर्त पर अपने – अपने कमैंट्स दिए। किसी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने पर उनके हौसले को बरकरार रखने के लिए अतिरिक्त प्रभार दिया गया। अन्यथा लंबे समय से विभाग में मीणा की उपेक्षा की जा रही थी। उन्हें पहले भी दिया जा सकता था। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि समझ से परे है। एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन को चुनौती है और महिलाओं के प्रति उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती है। इस कहावत के पीछे उनकी धारणा है कि पीसीसीएफ पी धीमान और एपीसीसीएफ मोहन मीणा के बीच 36 का आंकड़ा है। काम करने में उनमें टकराहट की खबरें सुनाई देने लगेंगे। एक अफसर ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि योग्यता के आधार पर प्रभार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को बैतूल के गंज पुलिस स्टेशन में कार्यस्थल पर महिला प्रताड़ना को लेकर एपीसीसीएफ मीणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर दर्ज करने से पहले जिला न्यायालय के प्रथम व्यवहार न्यायधीश के समक्ष पीड़ता ने 164 में बयान दर्ज कराए। यह मामला 2021 का है। तब एपीसीसीएफ मोहन मीणा बैतूल वन वृत में पदेन सीसीएफ के रूप में पदस्थ थे।

भोपाल के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश: मंत्री करण सिंह वर्मा

Instructions to Tehsildars and Naib Tehsildars of Bhopal for timely action: Minister Karan Singh Verma भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्व प्रकरणों के शीघ्र और समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी देते हुए राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अपने कार्यों में तत्परता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। समयबद्धता पर जोर मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने की प्रक्रिया अपनाएं।उन्होंने कहा, “राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध समाधान जनता के प्रति हमारी जवाबदेही को दर्शाता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।” अनावश्यक विलंब नहीं होगा स्वीकार वर्मा ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। कठोर कार्यवाही की चेतावनी कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मंत्री ने कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी जो अपने कर्तव्यों में चूक करेंगे या जानबूझकर प्रकरणों को लंबित रखेंगे, उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जनता का विश्वास बढ़ाने की पहल इस निर्देश का उद्देश्य राजस्व विभाग में जनता का विश्वास बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनता को उनके प्रकरणों का शीघ्र समाधान मिले और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समर्पित अधिकारी बने मिसाल मंत्री ने अच्छे प्रदर्शन वाले अधिकारियों की सराहना की और सभी अधिकारियों को उनके उदाहरण का अनुसरण करने की सलाह दी। यह पहल प्रदेश में राजस्व मामलों में पारदर्शिता और दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इन निर्देशों से भोपाल के राजस्व विभाग में सुधार और जनता के लिए सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित होंगी।

कांग्रेस से आए नेताओं ने भी बिगाड़ा भाजपा जिलाध्यक्षों के चयन का समीकरण, अब फैसला दिल्ली से

District presidents of BJP in Madhya Pradesh भोपाल (District presidents of BJP in Madhya Pradesh)। मध्य प्रदेश में जिलाध्यक्षों के चयन का राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने के पीछे भाजपा के दिग्गज नेता तो हैं हीं, कांग्रेस से आए नेताओं के कारण भी यह चुनाव प्रभावित हुआ है। ग्वालियर-चंबल में जिलाध्यक्ष के चयन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का हस्तक्षेप रहा है, तो सागर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पारुल साहू की वजह से राजनीतिक समीकरण बिगड़े हैं। इंदौर में मंत्री तुलसी सिलावट और संजय शुक्ला का दबाव रहा, तो गुना, नीमच, मंदसौर भी यही हाल है। यहां यह सभी नेता कांग्रेस से भाजपा में आए हैं, जिन्हें मूल भाजपाई आज भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में मूल भाजपाई और आयातित नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। संघ से प्रस्तावित नाम भी दरकिनार संघ ने जो नाम प्रस्तावित किए थे, उनको भी दरकिनार किया गया और दिग्गज नेताओं के दबाव में सूची तैयार कर ली गई। इन सब के बीच अब केंद्रीय नेतृत्व ने कमान अपने हाथ में ले ली है।दिल्ली में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दिल्ली में जिलाध्यक्षों के नामों पर विचार विमर्श किया।बताया जा रहा है कि नामों पर सहमति बन गई है। जल्द ही जिलाध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है। हालांकि नामों सूची में बड़े शहरी जिले अभी रोके जाएंगे। जहां विवाद स्थिति नहीं है, उन जिलों के अध्यक्षों की ही घोषणा की जाएगी।इधर, यह भी बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश का नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे न बढ़े, इस हिसाब से जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। पहली सूची 35 से 40 नामों की आ सकती है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुन पाई भाजपादो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की। लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी।

जीतू पटवारी का शिवराज पर तंज: ‘कृषि मंत्री न जाने किन किसानों से मिल रहे, 17 मंगलवार से इंतजार

jitu patwari accuses shivraj singh chouhan of ignoring meeting requests for 17 tuesdays कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं सिर्फ दफ्तर में अधिकारियों से नहीं मिलता, बल्कि हर मंगलवार को अलग अलग राज्यों के किसानों से भी मुलाकात करता हूं। इसपर पटवारी ने कहा है कि वे पिछले सत्रह मंगलवार से शिवराज जी से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक बुलावा नहीं आया है। Jitu Patwari Accuses Shivraj Singh Chouhan : जीतू पटवारी ने बुधवार को शिवराज सिंह चौहान पर उनके साथ मंगलवार को न मिलने का आरोप लगाया है। दरअसल वे पिछले सत्रह मंगलवार से केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आज उन्होंने शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो X पर साझा करते हुए कहा है कि ‘न जाने आप कौन से किसानों से मिल रहे हैं’। बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पिछले सत्रह मंगलवारों से शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक समय नहीं दिया गया है। नए साल में भी मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कोई राहत नहीं मिली और शिवराज सिंह चौहान की चुप्पी उनके संघर्ष और दर्द का अपमान है। जीतू पटवारी ने शेयर किया शिवराज सिंह चौहान का वीडियोजीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैं ऐसा मंत्री नहीं हूं कि सिर्फ दफ्तर में बैठकर अधिकारियों से बात करूं। मंगलवार का दिन मैंने किसानों से मिलने के लिए रखा है और हर मंगलवार मैं अलग-अलग प्रांत के किसानों से मिलता हूं।’ कहा ‘सत्रह मंगलवार हो गए, नहीं मिल रहा मुलाकात का समय’इस वीडियो को साझा करते हुए जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौरान पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘कृषि मंत्री जी, न जाने कौन से किसानों से मिल रहे हैं। मैं भी किसान हूँ और पिछले 17 मंगलवार से अपने किसान भाइयों के साथ आपके समय की फसल का इंतज़ार कर रहा हूँ।’ बता दें कि मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष हर मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांगते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें बुलावा नहीं आया है। इससे पहले, 1 जनवरी को जीतू पटवारी ने कहा था कि वे 100 मंगलवार तक शिवराज सिंह चौहान द्वारा समय दिए जाने की प्रतीक्षा करेंगे। इसके बाद वे खुद उनसे मिलने जाएंगे।

मोहन सरकार की देर रात आपात बैठक, यूनियन कार्बाइड के कचरे पर बड़ा फैसला

Late night emergency meeting of Mohan government, big decision on Union Carbide waste भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार देर रात यूनियन कार्बाइड के कचरे और पीथमपुर की घटना को लेकर आपात बैठक बुलाई. दरअसल, पीथमपुर में विषैला कचरा जलाए जाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया. इस दौरान दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की जिससे माहौल बिगड़ गया. देर रात आपात बैठक के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा, ” जनता का किसी भी प्रकार अहित हो, यह बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम ये मामला कोर्ट के सामने लाएंगे और कोर्ट के आदेश के बाद ही अब आगे बढ़ेंगे. राज्य सरकार जनता के साथ खड़ी है और उनकी भावनाओं की कद्र करती है. ” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके साथ ही पीथमपुर के नागरिकों से अपील की है कि वे यूनियन कार्बाइड से जुड़ी झूठी अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही ऐसी अफवाहों को आगे बढ़ने दें. सरकार कोई भी ऐसा कदम नहीं उठा सकती, जिससे लोगों का जीवन खतरे में पड़े. ख्यमंत्री निवास पर बुलाई गई आपात बैठकयूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन और पीथमपुर की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर रात अपने निवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. इस दौरान बैठक में मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से चर्चा की. इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव विधि सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे. कोर्ट ने दी थी 4 जनवरी की डेडलाइन : सीएममुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ” मध्यप्रदेश सरकार जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली सरकार है. हम हमेशा जनता के हित को लेकर आगे बढ़े हैं. यूनियन कार्बाइड के वेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और हाईकोर्ट के आदेश का हमने परिपालन किया था. कोर्ट ने इसके लिए 4 जनवरी तक कचरा निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और 6 जनवरी को रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था.” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जनता तक यह विषय पहुंचना चाहिए. पीथमपुर में नहीं जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा?मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा आगे नहीं जलेगा. उन्होंने कहा, ” यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर सुरक्षा के मापदंडों पर किसी प्रकार से कोई खतरा या कोई डर का भाव जनता के बीच आया है तो राज्य सरकार जनता की भावना को ध्यान में रखकर कार्य करेगी. मध्यप्रदेश सरकार प्रयास करेगी कि माननीय न्यायालय के सामने यह विषय लाया जाए, इसके बाद ही हम आगे बढ़ेंगे. माननीय कोर्ट जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे. हम तब तक आगे नहीं बढ़ेंगे, जब तक न्यायालय कोई निर्देश जारी नहीं करता.”

मध्यप्रदेश वासियों को 2 दिन बाद कड़ाके की ठंड से मिलेगी राहत, कईं जिलों में कोहरा छाया रहेगा 

Madhya Pradesh residents will get relief from severe cold after 2 days, fog will prevail in many districts  एमपी के ग्वालियर-चंबल में घना कोहरा, 23 जिलों में असर: विजिबिजिटी 100 मीटर से भी कम;  खजुराहो-रीवा में सुबह कोहरे में डूबी रही। भोपाल। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के 12 जिलों में आज घना कोहरा है। वहीं, 11 जिलों में मध्यम कोहरा छाया हुआ है। कुछ जगहों पर विजिबिजिटी 100 मीटर से भी कम है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 दिन प्रदेश में कोहरे और तेज ठंड का असर रहेगा। इसके बाद थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया- 6 और 7 जनवरी को कोहरा छंट जाएगा। दिन-रात के टेम्परेचर में बढ़ोतरी होगी। कुछ दिन उतार-चढ़ाव के बाद कड़ाके की ठंड का असर फिर से बढ़ेगा। बर्फ पिघलने पर गिरेगा पारा जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी होने से सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। अभी 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चल रही है। इस कारण ठंड का असर है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 4 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा है। कई जगहों पर विजिबिलिटी 50 मीटर तक है। वहीं, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, जबलपुर, मैहर में मध्यम से घना कोहरा है। 5 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। 6 जनवरी: कुछ जिलों में कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। रातें भी ठंडी ही रहेंगी।

भाजपा: प्रदेश एवं जिला अध्यक्षों का नाम तय, दिनभर चली बैठक ,अध्यक्ष का ऐलान

BJP: Names of state and district presidents decided, announcement of district president on January 5 and state president on January 15 भोपाल। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश के चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वे मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेंगे। 15 जनवरी तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चयन कर लिया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय की भूमिका भी नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन में महत्वपूर्ण होगी।पांच जनवरी तक जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश से राज्य सभा सदस्य रहे हैं। अब वे ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। मध्य प्रदेश से राज्य सभा रहने के कारण उनका प्रदेश से जुड़ाव रहा है । जिला अध्यक्ष के लिए पांच-पांच नामों का पैनल तैयार भाजपा संगठन चुनाव के तहत नए जिला अध्यक्षों के नामों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। गुरुवार को दिनभर चली बैठकों में प्रदेश के चुनाव अधिकारियों के साथ अलग-अलग जिलों के जिला चुनाव अधिकारी और पर्यवेक्षकों से साथ वन-टू-वन चर्चा की गई। नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा प्रत्येक जिले के लिए प्रस्तावित पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। इनमें दो नामों के अलावा एससी, एसटी और महिला का एक-एक नाम शामिल हैं। कुल पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। शुक्रवार को इन नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा। दिल्ली से नामों पर अंतिम निर्णय के बाद पांच जनवरी को जिला अध्यक्षों की घोषणा की जा सकती है। दिनभर चली बैठक गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में दिनभर चली बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर ने जिला अध्यक्ष के नामों पर विचार विमर्श कर फाइनल पैनल तैयार किया। बताया जा रहा है कि 15 मौजूदा युवा जिला अध्यक्षों को रिपीट किया जा सकता है। हालांकि पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि इन जिला अध्यक्षों का कार्यकाल निर्विवाद रहा हो। चार साल से अधिक समय से जिला अध्यक्ष रहने वाले रिपीट नहीं किए जाएंगे। पार्टी ने इस बार जिला अध्यक्ष के महिलाओं को भी प्राथमिकता में रखा है। पैनल में महिला नेत्रियों का नाम शामिल है।

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध: युवक बुरी तरह झुलसे ,कमलनाथ ने चिंता व्यक्त की

Protest against burning of Union Carbide garbage: Youth badly burnt, Kamal Nath expressed concern भोपाल। यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के विरोध में आज दो युवकों ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना ने प्रदेश में एक बार फिर इस विवादित मुद्दे को गर्मा दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों युवकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि इस मामले में सभी पक्षों को विश्वास में लेकर ही कोई निर्णय लिया जाए। कमलनाथ ने कहा, “यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मेरा आग्रह है कि जनभावनाओं और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही कोई कदम उठाया जाए।” इस मुद्दे पर इंदौर और पीथमपुर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता कचरा जलाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड का यह कचरा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों का मानना है कि इसे जलाने से पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। जनभावनाओं को देखते हुए यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद का समाधान कैसे करती है।

मध्यप्रदेश वासियों को अगले 3 दिन शीतलहर से राहत , भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 40 जिलों में कोहरा छाया रहेगा 

Madhya Pradesh residents will get relief from cold wave for next 3 days, fog will prevail in 40 districts including Bhopal, Indore-Ujjain मध्यप्रदेश के करीब 40 जिलों में शुक्रवार सुबह भी कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत मध्यप्रदेश के करीब 40 जिलों में शुक्रवार सुबह भी कोहरा छाया रहा। ग्वालियर में यह इतना घना था कि विजिबिलिटी 100 मीटर के आसपास रही। भोपाल में ओस के चलते शहरभर की सड़कें भीगी नजर आईं। जबलपुर में बीते कुछ दिन से पारा 8 डिग्री सेल्सियस पर ठहरा है। यहां सुबह और रात को कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 4 डिग्री सेल्सियस के नीचे है। वहीं, सभी शहरों में पारा 13 डिग्री से कम बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक मध्यम से घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, इस दौरान शीतलहर का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अभी कोहरे का असर बना रहेगा। तीन दिन के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। इसलिए बढ़ रही ठंड फिलहाल, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। जिससे सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जेट स्ट्रीम हवा 12.6 किमी की ऊंचाई पर 222 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है। इस कारण ठंड का असर है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। बारिश थमते ही ठंड का असर बढ़ा बता दें कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी के चलते दिसंबर के आखिरी दिनों में बारिश और ओले का दौर रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई। वहीं, 20 जिले ऐसे रहे, जहां ओले भी गिरे। बारिश का दौर खत्म होते ही ठंड का असर बढ़ गया। साल 2024 की आखिरी रात भी ठंडी रही। वहीं, नए साल 2025 के पहले और दूसरे दिन सर्दी का असर बना रहा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 3 जनवरी: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, मैहर, सतना, पन्ना, कटनी, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, देवास, आगर-मालवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। 4 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली और रीवा में घना कोहरा रहेगा। 5 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली और रीवा में घना कोहरा छाया रहेगा।

मध्यप्रदेश बीजेपी जिलाध्यक्षों को लेकर खींचतान, इंदौर,सहित डेढ़ दर्जन जिलों में नहीं बनी सहमति

Madhya Pradesh BJP tussle over district heads, no consensus reached in one and a half dozen districts including Indore भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। फीडबैक और रायशुमारी के बाद अब जिलाध्यक्षों के चयन के लिए भोपाल में बीजेपी दफ्तर में मंथन चल रहा है। बीजेपी निर्वाचन पदाधिकारी नए जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। खबरें हैं कि इंदौर ग्रामीण और सागर सहित करीब डेढ़ दर्जन जिलों में जिलाध्यक्षों को लेकर जमकर खींचतान मची हुई है और कोई सहमति नहीं बन पाई है। मध्यप्रदेश में भाजपा जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर प्रदेश कार्यालय में से वन टू बन चर्चा शुरू हो गई। कई जिलों में सहमति नहीं बन पाने की खबरों के बीच प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह पार्टी दफ्तर में इन जिलों का मसला सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। सबसे ज्यादा विवाद इंदौर ग्रामीण, सागर में हैं। इंदौर ग्रामीण जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा हैं, कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि वे एक बार फिर अध्यक्ष बनें, जबकि कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि उनकी जगह दूसरे नेता को इंदौर ग्रामीण की कमान दी जाए। चिंटू वर्मा का कार्यकाल सिर्फ एक साल का ही हुआ है। इंदौर ग्रामीण के लिए भाजपा के एक विधायक दिल्‍ली तक सक्रिय हो गए हैं, वे अपनी पसंद का जिला अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। सागर जिले के अध्यक्ष को लेकर भी गहमा गहमी बनी हुईं है। यहां पर मंत्री गोंविद राजपूत अपनी पसंद से अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, जबकि पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह अपनी पसंद का अध्यक्ष चाहते हैं। इसके चलते यहां पर जमकर पेंच फंस गया है। इसके अलावा सतना में भी पेंच फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। इन जिलों के अलावा करीब डेढ़ दर्जन और ऐसे जिले हैं, जहां पर रायशुमारी में नाम निकल कर सामने नहीं आए। यदि इन जिलों पर सहमति नहीं बनी तो यहां पर जिला अध्यक्ष के चयन को होल्ड किया जा सकता है और बाकी बचे जिलों के जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान 5 जनवरी को किया जा सकता है।

बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी: एक क्लिक में नया बिजली कनेक्शन

Good news for electricity consumers: New electricity connection in one click भोपाल। नए साल में मध्य प्रदेश के लोगों को बिजली विभाग की ओर से बड़ी सौगात मिली है। अब उपभोक्ता एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों के उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा शुरू की है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एमपी ऑनलाइन के साथ अनुबंध किया है, जिससे उपभोक्ताओं को जनवरी के अंतिम सप्ताह से यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस सेवा के तहत उपभोक्ता न केवल नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे, बल्कि गैर-कृषि उपभोक्ताओं का ईकेवाईसी, पीएम-सीएम किसान सम्मान निधि लाभार्थियों का सत्यापन, भार वृद्धि, और नाम परिवर्तन जैसे कार्य भी ऑनलाइन ही करवा सकेंगे। यह अनुबंध कंपनी मुख्यालय में प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल, निदेशक (वाणिज्य) सुधीर कुमार श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्य) स्वाति सिंह, और एमपी ऑनलाइन के बिजनेस हेड संदीप राजपाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस नई सुविधा के साथ बिजली उपभोक्ताओं के काम और भी सरल हो जाएंगे। ऊर्जा मंत्री ने इसे डिजिटल युग में उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए एक बड़ा कदम बताया है।

प्रदेश में अपराधियों की शामत: अगले तीन महीने होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई

There will be swift action against criminals in the state in the next three months भोपाल। मध्यप्रदेश में अब अगले 3 महीने तक अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी। इसके लिए गृह विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए हैं। जनवरी से लेकर मार्च के बीच प्रदेश में ला एंड आर्डर बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई तेज होगी। वहीं आदतन अपराधियों के खिलाफ कलेक्टर रासुका लगाएंगे। सभी जिलों के एसपी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर कलेक्टर को रिपोर्ट देंगे। मध्य प्रदेश में आपराधिक गतिविधियों में रोक लगाने के लिए प्रशासन एक्शन मोड पर है। ऐसे में अगले तीन महीने गुंडों-बदमाशों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाएगी।

सर्द हवाओं से ठिठुरा मध्यप्रदेश, कईं जिलों में अलर्ट: भोपाल, सहित  जिले शीतलहर की चपेट में 

Madhya Pradesh shivers due to cold winds, alert in many districts: Bhopal and other districts in the grip of cold wave भोपाल । सर्द हवाओं से मध्यप्रदेश ठिठुर रहा है। आलम यह है कि दिन में भी कंपकंपी छूट रही है। वहीं कई शहरों में रात का टेम्परेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। नए साल के पहले दिन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड रही। मौसम विभाग की माने तो अगले 3 दिन ऐसी ही ठंड पड़ेगी। गुरुवार को भोपाल, जबलपुर-ग्वालियर समेत 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। इससे पहले प्रदेश के 37 जिलों में सुबह मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, उज्जैन और शाजापुर में इतना घना कोहरा था कि विजिबिलिटी 50 मीटर ही रह गई थी। आज, गुरुवार को जिन जिलों में शीतलहर का अलर्ट है, उनमें भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर के अलावा मुरैना, भिंड, दतिया, राजगढ़, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, उमरिया और कटनी भी शामिल हैं। बर्फबारी हो रही, इसलिए बढ़ रही ठंड वर्तमान में जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। जिससे प्रदेश में सर्द हवाएं आ रही हैं। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। बारिश थमते ही ठंड का असर बढ़ा बता दें कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी के चलते दिसंबर के आखिरी दिनों में बारिश और ओले का दौर रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई। वहीं, 20 जिले ऐसे रहे, जहां ओले भी गिरे। बारिश का दौर खत्म होते ही ठंड का असर बढ़ गया। साल 2024 की आखिरी रात भी ठंडी रही। वहीं, नए साल 2025 के पहले दिन सर्दी का असर बना रहा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 2 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, सागर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, देवास, शाजापुर, सीहोर, हरदा, बैतूल, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, राजगढ़, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, उमरिया, कटनी में शीतलहर भी चलेगी। 3 जनवरी: जबलपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में शीतलहर चलने का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, उमरिया, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा छाया रहेगा। 4 जनवरी: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा रहेगा।

प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्रियों ने जो किया वही करने जा रहे हैं, सीएम मोहन

CM Mohan is going to do what the two former Chief Ministers of the state did. भोपाल ! मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव नए साल में नया प्रयोग करने जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उमा भारती की तरह सीएम आवास पर जनता दरबार लगाएंगे। सीएम मोहन यादव लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। सीएम आवास पर पहले जनता दरबार का आयोजन 6 जनवरी को होगा। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मोहन यादव से पहले राज्य के दो पूर्व सीएम उमा भारती और दिग्विजय सिंह जनता दरबार लगा चुके हैं। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में कभी पहल नहीं की। सूत्रों के अनुसार, पहला जनता दरबार 6 जनवरी को सुबह 10 से 12 बजे तक होगा। सीएम हाउस पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। लोगों की समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग विभाग के अधिकारी भी मौजूद करेंगे जो लोगों की समस्या का तुरंत समाधान करेंगे। बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं होगी। यहां केवल केवल बीमारी और जरूरतमंदों के आवेदनों पर ही सुनवाई होगी। ग्रामीण इलाके के लोगों को प्राथमिकता बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ग्रामीण इलाके से आए लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। सीएम खुद उन लोगों की समस्या को सुनेंगे। पहले जनता दरबार में 500 से भी ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए विभाग स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ये सीएम भी लगा चुके हैं जनता दरबार मोहन यादव से पहले पूर्व सीएम उमा भारती भी जनता दरबार लगा चुकी हैं। पूर्व सीएम उमा भारती 2003 में राज्य की मुख्यमंत्री बनीं थी। वह लोगों की समस्या सुनकर उसका समाधान करती थीं। कहा जाता है कि जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचते थे जिस कारण से इसे बंद करना पड़ा था। मध्य प्रदेश में सबसे पहले दिग्विजय सिंह ने जनता दरबार लगाने की शुरुआत की थी। दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक लोगों की समस्या सीएम आवास पर खुद सुनते थे।

मध्य प्रदेश को मिलने वाला है नया प्रदेशाध्यक्ष जल्द , इस दिन आएगी सूची

Madhya Pradesh is going to get a new state president soon, the list will come on this day भाजपा जिला अध्यक्ष चुने जाने की मप्र भाजपा की अड़चनें शीर्ष नेतृत्व ने दूर कर दी है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही भाजपा को प्रदेश अध्यक्ष भी मिल जाएगा। इन बिंदुओं पर दिल्ली में शुरू हुई केंद्रीय भाजपा की बैठक में मंथन हुआ। इसमें मप्र भाजपा संगठन पदाधिकारियों का एक दल शामिल रहा। चुनाव को लेकर अलग-अलग स्तर पर बातचीत हुई। प्रदेश भाजपा ने किया था मंथन प्रदेश भाजपा खुद के स्तर पर मंथन कर रही थी, लेकिन जिला अध्यक्ष चुने जाने को लेकर एक राय नहीं बनी। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व की लाइन पर पार्टी बढ़ेगी। प्रत्येक जिले से तीन-तीन नामों का पैनल मंगवाया जाएगा। इसी में से एक नाम संगठन के संज्ञान में लाकर फाइनल किया जाएगा। बता दें कि अध्यक्षों की सूची पांच जनवरी तक आ जाएगी। उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। बूथ व मंडल अध्यक्ष चुनने में अव्वल राष्ट्रीय बैठक में मप्र भाजपा द्वारा बूथ और मंडल अध्यक्ष चुने जाने को लेकर बरती गई पारदर्शिता व सक्रियता चर्चा का विषय रही। सूत्रों के मुताबिक अन्य राज्यों के संगठन को मप्र भाजपा के कामों से सीख लेने की सलाह दी गई। सक्रिय सदस्यता में भी अच्छा काम प्रदेश भाजपा ने सक्रिय सदस्य बनाने में भी अच्छा काम किया। मप्र भाजपा इसमें पहले स्थान पर रहा तो गुजरात को दूसरी व यूपी को तीसरी रैंक मिली। इस पर भी प्रदेश भाजपा संगठन को सरहाना मिली है। पूर्व संगठन मंत्री भी ठोक रहे ताल पार्टी के पूर्व संगठन मंत्री से लेकर पूर्व विधायक तक जिला अध्यक्ष के लिए ताल ठोक रहे हैं। क्षेत्रीय क्षत्रपों से समीकरण बैठाने में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक कई नेता पूर्व संगठन मंत्रियों के नाम की पुरजोर पैरवी भी कर रहे हैं। ऐसा होता है पार्टी में ही नई लकीर खींची जाएगी। भाजपा संगठन ने सितंबर 2021 में छह संभागीय संगठन मंत्रियों की छुट्टी कर दी थी। शैलेंद्र बरूआ, जितेंद्र लिटोरिया, आशुतोष तिवारी, श्याम महाजन, जयपाल सिंह चावड़ा और केशव सिंह भदौरिया को पद से मुक्त करते हुए पूरी जिम्मेदारी संगठन महामंत्री सुहास भगत और सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को दी गई थी। तीन फैक्टर हावी लंबे समय बाद जिला अध्यक्षों के चुनाव हो रहे हैं। 75 फीसदी जिलों में मौजूदा अध्यक्ष भारी पड़ रहे हैं, क्योंकि इन्हीं के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2023, लोकसभा चुनाव 2024 और सक्रिय सदस्यता बनाने में देशभर में बाजी मारी।जमीनी पदाधिकारी दावा ठोक रहे हैं कि वे लंबे समय से बिना पद के काम किए जा रहे हैं। उन्हें निगम मंडलों में जगह नहीं दी गई। कम से कम अब संगठन चुनाव में ही मौका मिल जाए।कई सांसद व भाजपा विधायक भी जोड़-तोड़ में लगे हैं कि उनके गुट का अध्यक्ष हो तो चुनाव लड़ने को लेकर थोड़ी मदद मिलेगी। इसके अलावा भी अध्यक्षों को लेकर कई फैक्टर प्रभावी हैं।

मनोज श्रीवास्तव बने नए एमपी राज्य निर्वाचन आयुक्त: सीएम सचिवालय में सबसे पावरफुल अफसर रहे; बीपी सिंह का कार्यकाल पूरा

Manoj Srivastava becomes new MP State Election Commissioner: He was the most powerful officer in CM Secretariat; BP Singh’s tenure ends भोपाल । रिटायर्ड अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश के नए राज्य निर्वाचन आयुक्त बन गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार शाम को आदेश जारी कर दिया है। इससे पहले आयोग के आयुक्त रहे बसंत प्रताप सिंह का 6 माह का अतिरिक्त कार्यकाल 31 दिसंबर पूरा हुआ है। इसके चलते राज्य शासन ने आज ही राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नई नियुक्ति के आदेश जारी किए। श्रीवास्तव के पहले इस पद पर पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा और रिटायर्ड एसीएस मलय श्रीवास्तव की भी दावेदारी थी। वीरा राणा का आदेश ऐन मौके पर रुका थाइसके पहले 30 सितम्बर को पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा के रिटायरमेंट के दिन उन्हें नया राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाए जाने के आदेश जारी होने वाले थे। राज्य निर्वाचन आयोग में इसकी तैयारी भी कर ली गई थी और बीपी सिंह ने स्टाफ को हाई-टी देकर खुद को कार्यमुक्त भी बता दिया था। हालांकि अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाने का आदेश जारी होने के बाद समीकरण बदल गए। इसके बाद वीरा राणा काे राज्य निर्वाचन आयुक्त बनने का फैसला टल गया। 30 जून को खत्म हो गया था सिंह का कार्यकालइससे पहले राज्य निर्वाचन आयुक्त रहे बीपी सिंह का कार्यकाल 30 जून 2024 को खत्म हो गया था। तब सरकार ने किसी नए आयुक्त को नियुक्ति नहीं देते हुए बीपी सिंह को ही पद पर बने रहने के आदेश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद 6 माह तक पद पर बने रह सकते हैं।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम मोहन पर कसा तंज: ‘कर्ज़ में डूबा प्रदेश, बढ़ रही मुख्यमंत्री की संपत्ति

Leader of Opposition Umang Singhar took a dig at CM Mohan: ‘State is in debt, Chief Minister’s wealth is increasing’ मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश कर्ज़ के बोझ तले दबता जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री की संपत्ति दिन-ब-दिन बढ़ रही है। प्रदेश पर भारी कर्ज़ का बोझ नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मध्यप्रदेश पर प्रति व्यक्ति क़र्ज़ ₹52,000 है, और कुल मिलाकर प्रदेश पर लगभग ₹4 लाख करोड़ का कर्ज़ है। उन्होंने इसे प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति का परिचायक बताया। ADR रिपोर्ट का खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश के पांचवें सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान, उनकी कुल चल संपत्ति ₹5.66 करोड़ थी, जबकि उनकी पत्नी सीमा यादव के पास ₹3.23 करोड़ की संपत्ति थी। इसके अतिरिक्त, उनकी अचल संपत्ति का मूल्य ₹13.36 करोड़ और उनकी पत्नी की ₹18.75 करोड़ था। देश के अन्य मुख्यमंत्रियों की तुलना रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ₹931 करोड़ की संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास सबसे कम ₹15 लाख की संपत्ति है। देश के 31 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति ₹1630 करोड़ है। नेता प्रतिपक्ष के तंज उमंग सिंघार ने कहा, “प्रदेश गर्त में जा रहा है और विकास हो रहा है तो केवल मुख्यमंत्री की तिजोरी का।” उन्होंने इसे प्रदेश की जनता के साथ अन्याय और आर्थिक प्रबंधन में विफलता बताया। क्या कहते हैं आंकड़े? भारत की 2023-24 की प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय ₹85,854 थी, जबकि मुख्यमंत्रियों की औसत आय ₹13,64,310 है, जो औसत आय का लगभग 7.3 गुना है। सवालों के घेरे में सरकार विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में कर्ज़ बढ़ाने की नीतियां जनता के हित में नहीं हैं और इसका लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों को मिल रहा है। उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री से उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि का स्पष्टीकरण मांगा है। नेता प्रतिपक्ष के इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री या सरकार इन सवालों का क्या जवाब देती है और क्या जनता इन मुद्दों को आगामी चुनावों में गंभीरता से लेगी।

LPG सिलेंडर का दाम 1 जनवरी से बदल रहा! जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा भारी

LPG GAS CYLINDER PRICE 2025 नए साल के मौके पर आपकी रसोई के बजट को या तो झटका लग सकता है या फिर बड़ी राहत भी मिल सकती है. दरअसल, हर महीने की एक तारीख को गैस कंपनियां एलपीजी के दामों का रिव्यू कर उन्हें घटाने बढ़ाने का फैसला लेती हैं. लंबे समय से कंपनियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में परिवर्तन नहीं किया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2025 को LPG गैस के दामों में बदलाव हो सकता है. 2025 में कितने बढ़ सकते हैं घरेलू LPG सिलेंडर के दाम? नए साल की पहली तारीख को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे, ये फैसला तो 1 जनवरी 2025 को ही होगा, लेकिन अगर कीमतें बढ़ती हैं तो इसमें आमतौर पर 50 से 100 रु का अंतर किया जाता है. बात करें पिछले जनवरी 2023 औरक जनवरी 2024 की तो नव वर्ष की पहली तारीखों को घरेलू गैस सिलेंडर समेत सभी गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि इस वर्ष घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाई जा सकती हैं. 2024 में कितनी बढ़ी-घटीं एलपीजी की कीमतें? मार्च 2024 में घरेलू गैस सिलेंडर में और जुलाई 2024 में कर्मशियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी. इसके बाद अगस्त, सितंबर और नवंबर 2024 में कर्मशियल एलपीजी की कीमतों को बढ़ाया गया. वहीं घरेलू गैस सिलेंडर के दाम मार्च 2024 से ही स्थिर बने हुए हैं. मध्यप्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में 31 दिसंबर 2024 को 14.2kg वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 808 रु 50 पैसे हैं. मध्यप्रदेश में सिलेंडर का ये रेट मार्च 2024 से ही स्थिर हैं. यानी लगभग 9 महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर के दामों ये बदलाव नहीं हुआ है. इससे पहले इसमें बदलाव मार्च 2024 में हुआ था, जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रु की कटौती की गई थी. मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर के दाम शहर कीमतें (घरेलू सिलेंडर) कीमतें (कमर्शियल सिलेंडर) भोपाल 808 रु 50 पैसे 1824 रु जबलपुर 809 रु.50 पैसे 2036 रु 50 पैसे इंदौर 831 रु 1926 रु ग्वालियर 886 रु 2047 रु 50 पैसे

34 दागी आईएफएस 11 राज्य वन सेवा के अफसर की कुंडली मारकर बैठे हैं प्रमुख सचिव वन की बैठक में टारगेटेड अफसर का प्रकरण पर चलता मंथन

34 tainted IFS are sitting on the horoscope of 11 State Forest Service officers. Brainstorming on the issue of targeted officer in the meeting of the Chief Secretary Forest. उदित नारायणभोपाल। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल जंगल महकमे के सेवानिवृत्ति सहित 34 दागी आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के कुंडली मारकर बैठे हैं। यानी दागी अफसरों की जांच प्रतिवेदन अंतिम निर्णय के लिए अपर मुख्य सचिव वन के पास लंबित है। वे उस पर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। इसके कारण उन पर लगे आरोप के मामले में अफसर दोषी है अथवा नहीं, इस पर ऊहापोह की स्थिति बनी है। एसीएस को केवल एक लाइन का फैसला लेना है। इसके कारण सेवारत अधिकारी मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रहे हैं तो वहीं रिटायर्ड होने के बाद अफसर कार्यालय की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें से कुछ अवसर प्रमोशन की दहलीज पर खड़े हैं प्रशासन में बैठे अफसर की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। टीएल की बैठक में टारगेटेड अफसर का प्रकरण पर चलता मंथन और निर्णय किया जाता है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिला प्रताड़ना के आरोप में दोषी करार दिए गए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मोहन मीणा का मामला जुलाई 23 से शासन के पास निर्णय के लिए बेचाराधीन है। पिछले दिनों बैतूल दौरे पर गए वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में बताया कि मोहन मीणा के मामले में शासन को कार्रवाई करनी है। सूत्र बताते हैं कि एसपी बैतूल के मांगने पर वन विभाग से विपासा कमेटी कमेटी की रिपोर्ट उन्हें भेज दी है। इसी प्रकार बालाघाट सर्किल में पदस्थ एपीएस सेंगर पर वर्ष 2022 में आरोप है कि उन्होंने भंडारा क्रय नियम का उल्लंघन कर निम्न गुणवत्ता की सामग्री की खरीदी थी। आरोप का निराकरण किया बिना ही मैनेजमेंट कोटा से इन्हें बालाघाट सर्किल का मुखिया बना दिया गया। सेंगर ने स्वयं को बचाने के लिए टीकमगढ़ वन मंडल के बाबू और उनके ट्रांसफर के बाद प्रभार लेने वाले डीएफओ अनुराग कुमार को कसूरवार बता दिया है। उत्तर बैतूल वन मंडल में पदस्थ आईएफएस देवांशु शेखर की जांच प्रतिवेदन भी शासन के पास जून 24 से लंबित है। सूत्रों की माने तो जांच प्रतिवेदन में उन्हें क्लीन चिट दे दिया गया है और शासन को सिर्फ निर्णय करना है। खंडवा डीएफओ प्रशांत कुमार सिंह के खिलाफ भी जांच प्रतिवेदन निर्णय के लिए शासन के पास विचाराधीन है। वन मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल पर मैं 2006 में आरोप लगे थे। वन विभाग में 26 जून को निर्णय के लिए शासन के पास प्रस्ताव भेजे हैं पर निर्णय नहीं हो पाया। प्रदेश में सबसे सीनियर डीएफओ एवं 1994 बैच विश्वनाथ एस होतगी का प्रकरण भी अक्टूबर 23 से शासन के पास अनिर्णय की स्थिति में है। इसके अलावा बृजेंद्र श्रीवास्तव और नवीन गर्ग के मामले में राज्य शासन ऊहापोह में है।ये आईएफएस रिटायर्ड हो गएशासन द्वारा आरोपित अफसरों के मामले में टाइम लिमिट में निर्णय नहीं होने की स्थिति में अजीत श्रीवास्तव, आरपी राय, एम कालीदुरई, सुशील कुमार प्रजापति, इंदु सिंह गडरिया, ओपी उचाड़िया, आर एस सिकरवार, डीएस कनेश, निज़ाम कुरैशी, वीएस प्यासी और जीपी वर्मा सेवानिवृत हो गए।रावसे के 11 अफसरों के मामले भी विचाराधीनआईएफएस अफसर की तरह ही राज्य वन सेवा के करीब 11 अधिकारियों के मामले में शासन निर्णय नहीं कर पा रहा है। जबकि वन विभाग ने जांच करवा कर उसका प्रतिवेदन भी शासन को भेज दिया है। इनमें राज्य वन सेवा के कुछ अधिकारियों के मामले है, जो आईएफएस बनने की दहलीज पर खडे है। उनके प्रकरण में शासन द्वारा निराकरण नहीं किए जाने से उनका प्रशासनिक भाग्य के सूरज का उदय नहीं हो पा रहा है। दागी अफसर की सूची में शामिल राहुल मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बगैर सामग्री प्राप्त किए सीधे प्रमाणक पर हस्ताक्षर कर दिए। वन विभाग ने 30 अप्रैल 24 को निर्णय के लिए शासन के पास भेजा तब से अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसी प्रकार कैलाश वर्मा, आरएन द्विवेदी, श्रीमती मनीषा पुरवार, आरएस रावत, सुधीर कुमार पाठक, योगेंद्र पारधे, मनोज कटारिया, मणि शंकर मिश्रा, अजय कुमार अवस्थी और प्रियंका चौधरी के मामले भी शासन के पास निर्णय के लिए लंबित है। प्रियंका चौधरी पर आरोप है कि वरिष्ठ अफसर को मोबाइल पर अशब्द भरे मैसेज करना और टेलीफोन पर गाली-गलौज करना है।

MP में कई IAS को मिला नए साल का तोहफा : कोठारी, पी.नरहरि बने PS, 2009 और 2011 बैच के इन अफसरों को भी मिला प्रमोशन

Many IAS in MP got New Year gift: Kothari, P.Narhari became PS, these officers of 2009 and 2011 batch also got promotion. मध्यप्रदेश में 2025 से पहले कई आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अफसरों को वेतनमान (पे-मैट्रिक्स) के हिसाब से पदोन्नत किया गया है। इनमें सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और पी. नरहरि को प्रमुख सचिव बनाया गया है। इस तरह का प्रमोशन पाने वाले अन्य अधिकारियों में 2009 से 2011 बैच के अफसरों के साथ ही 2016 बैच के 26 अफसर भी शामिल हैं। डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और पी. नरहरि प्रमुख सचिव वेतनमान में पदोन्नत

सौरभ शर्मा की हो सकती है हत्या; सरकार मुहैया कराए सुरक्षा, जीतू पटवारी ने उठाई मांग

Saurabh Sharma may be murdered; Government should provide security, Jitu Patwari raised demand Saurabh Sharma Case: मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों आरक्षक सौरभ शर्मा का नाम खूब चर्चा में हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। क्योंकि उसके पकड़े जाने से कई बड़े चेहरों के नाम का खुलासा हो जाएगा। सरकार को उसे गिरफ्तारी देकर सुरक्षा देनी चाहिए साथ इस मामले का सच उजागर करना चाहिए। महाकाल मंदिर में घोटाला पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि महाकाल मंदिर में जिन लोगों को प्रशासक बना रखा है। उन्होंने 1-1.50 करोड़ के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए हैं। ये भ्रष्टाचार भोलेनाथ को भी नहीं छोड़ रहा है। पहले महाकाल लोक में करप्शन किया था। उसमें मुख्यमंत्री समेत कई लोगों पर उंगली उठी थी। इन्हें भगवान के दर्शन में भी पैसे चाहिए। ये भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। भोलेनाथ के ऑनलाइन दर्शन कराने के लिए अलग से पैसे दो और अपनी जेब में डालकर परिवार का पालन-पोषण करेंगे। बंगले बनाएंगे और प्लॉट खरीदेंगे। ये हैं बीजेपी और आरएसस से जु़ड़े हुए लोगों के नैतिक दायित्व। रिश्वत नहीं पहुंची तो हत्या हुई आगे पटवारी ने कहा कि देवास के सतवास थाने में 35 साल का बेटा। जिसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। बूढ़ी मां घर में अकेली है। एक 6 हजार की रिश्वत देने में देरी हुई तो इसमें हत्या कर दी। मैंने खुद ने जब इस पाठ का निरीक्षण किया तो कंधे बराबर जाली से लटके फांसी लेने का पुलिस का बयान आया या उन्होंने प्रचारित किया। जो सरासर गलत है। सीएम को मैंने कहा था कि पूरा थाना सस्पेंड करो मैसेज जाएगा कि अगर रक्षक भक्षक बनते हैं तो सरकार अलर्ट रहेगी। मुख्यमंत्री जी से मेरा आग्रह है कि 1 करोड़ रुपए परिवार को दो।पीसीसी चीफ ने आरोप लगाते हुए कहा कि NCRB की रिपोर्ट के अनुसार दलितों परल अत्याचार के मामलों में मध्यप्रदेश भारत में सबसे ऊपर है। यह स्थिति तब है। जब भाजपा प्रदेश में पिछले 20 सालों से सत्ता में हैं।

देवास में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत, कांग्रेस जीतू पटवारी का तीखा हमला, पैसे की मांग का आरोप

Death of Dalit youth in police custody in Dewas, sharp attack by Congress’s Jitu Patwari, allegation of demanding money. देवास जिले के सतवास में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने युवक से पैसे की मांग की थी, और जब रकम नहीं दी गई तो पुलिस की बर्बरता का शिकार बना युवक मौत की वजह बना। इस घटना के बाद पूरे देवास में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे पुलिस की बर्बरता करार दिया है। हिरासत में मौत का मामला मालागांव के रहने वाले 35 वर्षीय मुकेश लोंगरे को शनिवार दोपहर पुलिस ने एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए मामले के तहत हिरासत में लिया था। लेकिन शाम होते-होते मुकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर दावा किया कि युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन उसके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उसे बिना किसी कारण हिरासत में लिया और उसके साथ बर्बरता की। पैसे की मांग का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले में धाराएं कम करने के एवज में 6,000 रुपये की मांग की थी। मुकेश के साथ थाने में मौजूद एक साथी को यह राशि देने के लिए घर भेजा गया था। जब वह पैसे लेकर लौटा, तब तक मुकेश की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना उनकी जानकारी के मुकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शव के कमरे में बाहर से ताला लगा दिया, जिससे परिवार के लोग अंदर नहीं जा सके। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देवास में पुलिस ने एक और दलित युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अब गुंडों से ज्यादा दलित समाज पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए पूरे थाने के पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। सड़क पर उतरे लोग घटना के बाद स्थानीय लोग और मुकेश के परिजन सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी को जन्म दिया है और लोग न्याय की उम्मीद में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। न्याय की मांग मुकेश के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता के कारण उनका परिवार टूट गया है। वे अब पुलिस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं और न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और लोगों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और इस तरह के अत्याचार को रोका जाए। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्से को और बढ़ा दिया है, और अब लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाने को तैयार हैं।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार ने की 13 दिवसीय ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’

BJYM State President Vaibhav Panwar did 13-day ‘Maa Bainganga River Darshan and Study Tour’ सिवनी/बालाघाट। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार ने 15 दिसंबर 2024 को माँ बैनगंगा नदी के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’ का शुभारंभ किया। यह यात्रा सिवनी जिले के मुंडारा (परतापुर) में माँ बैनगंगा के उद्गम स्थल से आरंभ हुई। पंवार ने विविधत पूजन और आरती के बाद इस यात्रा को आगे बढ़ाया। यात्रा के दौरान लगभग 160 किलोमीटर की पदयात्रा की गई, जबकि शेष यात्रा सहयात्रियों के साथ बस से पूरी की गई। यह यात्रा मध्यप्रदेश के सिवनी-बालाघाट के अधिकांशतः गांवों से होते हुए महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ जिलों की सीमाओं से होकर गुजरी। इस दौरान पंवार ने स्थानीय लोगों से चर्चा कर माँ बैनगंगा नदी के संरक्षण, घाटों के निर्माण और उससे जुड़ी सांस्कृतिक मान्यताओं पर संवाद किया। यात्रा का समापन तेलंगाना के गोदावरी किनारे स्थित संगम घाट पर पूजन के साथ हुआ। पंवार ने माँ बैनगंगा की पवित्रता और उसके महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह यात्रा नदी संरक्षण के प्रति जनजागृति फैलाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि“माँ बैनगंगा नदी केवल एक जलधारा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, आस्था और पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला है। प्रकृति संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी उन्होंने कहा कि ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’ के माध्यम से हमने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि नदियाँ केवल हमारे भौतिक जीवन का ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन का भी हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में हमें यह महसूस हुआ कि नदी संरक्षण केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। माँ बैनगंगा के संरक्षण और घाटों के निर्माण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है। आने वाली पीढ़ियों के लिए इस पवित्र धरोहर को संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है।” 30 दिसंबर को होगा प्रसादी वितरण 30 दिसंबर 2024 को सोमवती अमावस्या के दिन मुंडारा (परतापुर) सिवनी में माँ बैनगंगा के उद्गम स्थल पर पूजन और प्रसादी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का आलेख

Article by former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath कमलनाथमध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार का एक साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो गया। अब बीजेपी इस एक साल को स्वर्णिम कार्यकाल बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन मोहन सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, दलितों और सभी वर्गों के लोगों के लिए क्‍या किया है यह विचारणीय है। महिला सुरक्षा, दलित और आदिवासी सुरक्षा के मामले में मध्यप्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हो गया है। स्वास्थ्य शिक्षा का हाल यह है कि मध्यप्रदेश की पहचान व्यापमं और नर्सिंग जैसे घोटालों से होने लगी है। समाज की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, हर पहलू पर इतनी नाकामी क्यों हासिल हो रही है? इससे बढ़कर चिंता की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इन सारे विषयों पर एकदम चुप है। क्या जनता के विकास के ये सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो गए हैं? ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश की सरकार ने जमीनी सच्चाई से पूरी तरह पीठ फेर ली है और प्रदेश को उसके हाल पर छोड़ कर, खुद सिर्फ झूठी ब्रांडिंग से अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हो गई है। हकीकत से मुंह फेर कर मोहन सरकार झूठे प्रचार-प्रसार में मस्‍त है। जबकि चुनावों के पहले बीजेपी ने बड़े-बड़े वादे कर जनता को गुमराह करने का काम किया। आज प्रदेश की जनता खुद सरकार से सवाल करना चाहती है कि वादों का क्‍या हुआ? सरकार कर्ज पर कर्ज लेकर अपनी गाड़ी को चला रही है। और सपने ऐसे दिखाए जा रहे हैं कि प्रदेश ने विकास के कई सोपान गढ़ लिए हैं। दलितों पर अत्‍याचार पिछले एक साल में प्रदेश में दलितों पर काफी अत्‍याचार हुए हैं। वह चाहे शिवपुरी की घटना हो या सागर की घटना हो। सारे प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्‍याचारों से यही लगता है कि यह साल दलित अत्‍याचार पर केन्द्रित रहा है। शिवपुरी के इंदरगढ़ में एक दलित युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मध्यप्रदेश के सागर जिले के ग्राम बरोदिया नोनागिर में दलित युवती द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत से गुस्साए गुंडों ने युवती के भाई की पिछले वर्ष अगस्त माह में हत्या कर दी थी। हत्या में बीजेपी नेताओं पर आरोप लगे। पीड़ित परिवार समझौते के लिये तैयार नहीं हुआ तो दो दिन पूर्व पीड़िता के चाचा की भी हत्या कर दी गई। मंदसौर जिले के एक गांव में एक महिला का पीछा करने के आरोप में दलित व्यक्ति को चेहरा काला करके, गले में जूतों की माला डालकर घुमाया गया। यह दोनों घटनाएं तो सिर्फ ऐसी थी जो सुर्खियों में ज्‍यादा रहीं लेकिन‍ ऐसी न जाने हजारों घटनाएं हैं जो रोज दलितों से साथ घटती रहीं। दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस तरह के विषयों पर कुछ भी कहने से बचते रहे और दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने में पूरी तरह नाकाम रहे। कर्ज के भरोसे सरकार मध्य प्रदेश में कर्ज दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा कोई महीना नहीं बीतता है जब सरकार कर्ज न ले रही हो। सरकार पिछले 11 महीनों में 40 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। राज्य यादव सरकार के एक साल पूरे होने के साथ कर्ज का आंकड़ा 52.5 हजार करोड़ तक पहुंचने वाला है। दिसंबर 2023 से अब तक सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा। पिछले 6 माह में हर महीने 05-05 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। 31 मार्च 2025 तक मप्र सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ पहुंचेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार अपनी जरूरतों के लिए लगभग 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। पिछले साढ़े चार साल में मप्र सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया है। वादे पूरे करने में नाकाम मोहन सरकार सरकार अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने का जश्न मना रही है। लेकिन‍ अपने वादों को भूल गई है। चुनावों के समय जो वादे किये थे उन पर ध्‍यान ही नहीं है। लाडली बहनों को 3,000 रुपये की राशि देने का वादा, किसानों को उपज का दाम मिलना, युवाओं को रोजगार देने का वादा, महिलाओं को सुरक्षा देने का वादा, भ्रष्‍टाचार मुक्‍त प्रदेश बनाने का वादा ऐसे तमाम वादे थे जो एक साल में शुरू ही नहीं हुए हैं। किसान परेशान, जश्‍न में सरकार मध्य प्रदेश में खाद की कमी के कारण किसानों की आय पर भी काफी असर पड़ा है। किसानों ने खाद की कमी के कारण अपनी फसल ही नहीं बोई। किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले साल के कार्यकाल में ऐसे मामले हैं जहां मोहन यादव की सरकार बैकफुट पर नजर आई। राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल 13 दिसंबर 2023 को मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। मोहन यादव के पहले कार्यकाल में मध्य प्रदेश में क्राइम के कई ऐसे मामले आए जिसके राज्य सरकार की किरकिरी हुई। वैसे तो प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है लेकिन प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ रहे अपराधों ने मध्‍यप्रदेश को बदनाम किया है। अपराधों के आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। क्‍या महिलाएं क्‍या बच्चियां, कोई सुरक्षित नहीं है। साइबर क्राइम भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। नौकरियों की घोषणा पर भर्ती नहीं राज्य के युवाओं को साधने के लिए मोहन यादव की सरकार ने एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। दिसंबर महीने से भर्ती शुरू होनी थी लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जो यह रिपोर्ट तक नहीं दे पाए हैं कि उनके विभाग में कितने पद खाली हैं। बीते एक साल से भर्ती नहीं होने पर युवाओं में ओवरएज होने का डर है। नर्सिंग घोटाला से धूमिल हुई छवि राज्य में नर्सिंग घोटाले के बाद प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हुई है। राज्य में कॉलेजों की संख्या कम की गई है। नर्सिंग घोटाले … Read more

मध्यप्रदेश शासन कि फिर चली ट्रांसफर बुलेट ट्रेन: 18 आईएफएस बदले: इंदौर, देवास डीएफओ बदले, जे देवा पेंच के फील्ड डायरेक्टर

Madhya Pradesh government’s transfer bullet train started again: 18 IFS transferred: Indore, Dewas DFOs transferred, J Deva Pench’s field director भोपाल । राज्य शासन ने शुक्रवार देर रात को 18 आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इंदौर, देवास, और बालाघाट के डीएफओ बदल दिए गए हैं। 2006 बैच के आईएफएस जे. देवा प्रसाद को छिंदवाड़ा सीसीएफ के पद से मुक्त करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी का स्थाई फील्ड डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, अभी तक उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार था। जबलपुर में वर्किंग प्लान सीएफ रमेश चंद्र विश्वकर्मा और सिवनी के वर्किंग प्लान सीएफ हरिशंकर मिश्रा दोनों को वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया गया है। इंदौर वर्किंग प्लान सीएफ आदर्श श्रीवास्तव को शिवपुरी सर्किल का सीएफ बनाया गया है। नर्मदापुरम वर्किंग प्लान के सीएफ पीएन मिश्रा को इंदौर सर्किल में सीएफ बनाकर भेजा गया है। सामाजिक वानिकी सर्किल ग्वालियर के सीएफ नरेश यादव को सीएफ छतरपुर सर्किल बनाया है। वहीं राज्य वन सेवा के 11 अफसरों को पदोन्नत होने से पहले ही बदल दिया गया है।

मध्यप्रदेश के कईं जिलों में अलर्ट; भोपाल-इंदौर, उज्जैन में आधी रात तेज बारिश: 1 जनवरी से पड़ेगी कड़ाके की ठंड

Alert in many districts of Madhya Pradesh; Heavy rain in Bhopal-Indore, Ujjain at midnight: Severe cold will start from January 1 इंदौर और उज्जैन में देर रात तेज बारिश शुरू हो गई। भोपाल । मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में देर रात को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। शुक्रवार को रतलाम, मंदसौर, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा समेत 12 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। जबकि 40 से 50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 25 जिलों में हल्की बारिश, बादल छाए रहेंगे। उज्जैन में तेज बारिश के बीच महाकाल लोक की बिजली चली गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। वहीं, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से हवा नमी लेकर आ रही है। जिसकी वजह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 घंटे भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। 1 जनवरी से तेज सर्दी का दौर शुरू हो जाएगा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 28 दिसंबर: उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में ओले-बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 30 से 40 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश, बादल और तेज हवा चलने का अलर्ट है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा छाया रहेगा। 31 दिसंबर से बढ़ेगी ठंड सिस्टम के गुजरने के बाद प्रदेश में कोहरे और ठंड का असर बढ़ जाएगा। यानी, नए साल पर लोगों को कड़ाके की ठंड के दौर से गुजरना पड़ सकता है। इसके बाद पूरे एक महीने तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है।

पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा पर कसा शिकंजा, भोपाल-ग्वालियर-जबलपुर के ठिकानों पर ईडी ने मारा छापा

Crackdown on former constable Saurabh Sharma, ED raids Bhopal-Gwalior-Jabalpur locations जितेंद्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में शिकंजा कसते हुए शुक्रवार को भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की टीम ने भोपाल के जयपुरिया स्कूल क्षेत्र में स्थित उनके ऑफिस और अन्य स्थानों पर सर्च अभियान चलाया हुआ है। मौके पर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात है। बता दें कि गुरुवार को ही सौरभ शर्मा शर्मा की ओर से उनके वकील ने कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। विशेष अदालत ने उसे कोई राहत नहीं दी। कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दिया है। ऐसे में सौरभ की मुश्किलें अब और बढ़ेंगी। ईडी ने सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और नकदी बरामद होने का दावा किया गया है। शर्मा और उनके सहयोगी चेतन गौर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस पहले से ही दर्ज है। लोकायुक्त की ओर से मामले में पांच अन्य व्यक्तियों को समन भी जारी किए गए हैं। मामले की शुरुआत कैसे हुई?यह मामला 19 दिसंबर की रात भोपाल के मेंडोरा जंगल में एक कार से शुरू हुआ था। इस कार से 52 किलोग्राम सोना और 10 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए सौरभ शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद आयकर विभाग ने सौरभ शर्मा के घर, ऑफिस और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें नकदी और सोने-चांदी की ईंटें बरामद हुई थीं। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांचसौरभ शर्मा और चेतन गौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति को छिपाने का आरोप है। ईडी ने इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है। शर्मा के खिलाफ की गई इस कार्रवाई ने भोपाल सहित अन्य शहरों में हड़कंप मचा दिया है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। बरामद दस्तावेजों और नकदी से जुड़ी जांच में अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। यहां से शुरू हुआ मामलाबता दें कि ये कार्रवाई 19 दिसंबर की रात भोपाल के मेंडोरा जंगल में मिली इनोवा क्रिस्टा कार से शुरू हुई। जांच के दौरान कार से 52 किलोग्राम सोना और 10 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद सौरभ शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद आयकर विभाग की ओर से सौरभ शर्मा के घर और ऑफिस सहित अन्य ठिकानों पर छापे मारे गए। इस दौरान नकद और सोने-चांदी की कई ईंट बरामद हुईं थी।

मध्यप्रदेश में आज और कल ओले-बारिश: भोपाल, इंदौर-ग्वालियर में भी पानी गिरेगा 

Hailstorm and rain in Madhya Pradesh today and tomorrow: Bhopal, Indore and Gwalior will also receive rainfall भोपाल से करीब 35 किलोमीटर दूर सीहोर जिले में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 2 दिन यानी, 27-28 दिसंबर को ओले, बारिश और आंधी का दौर रहेगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। इस दौरान भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, सागर और जबलपुर संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40-50Km तक रहेगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। वहीं, हवा का असर भी है। अगले 2 दिन सिस्टम का असर रहेगा। 29 दिसंबर को सिस्टम का असर कम हो जाएगा। फिर टेम्प्रेचर में गिरावट होगी। वहीं, कोहरा भी छाएगा। आज स्ट्रॉन्ग सिस्टम, पूरे प्रदेश में असर रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को आंधी, बारिश और ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहेगा। पूरे प्रदेश में ही मौसम बदला रहेगा। रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा चलेगी। यहां ऑरेंज अलर्ट है। अन्य जिलों में कहीं बारिश तो कहीं गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 27 दिसंबर: रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा भी चलने का अनुमान है। मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा में 30 से 40Km प्रति घंटा से हवा चलेगी और बारिश भी होगी। इसी तरह भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। 28 दिसंबर: नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में ओले-बारिश का अलर्ट है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में हल्की बारिश और आंधी चल सकती है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा।

अटल जन्म शताब्दी पर जैविक खेती को बढ़ावा: दमोह में जैविक खाद इकाई का शुभारंभ

Promotion of organic farming on Atal’s birth centenary: Inauguration of organic fertilizer unit in Damoh विशेष रिपोर्ट – उदित नारायण (संपादक)भोपाल ! organic farming Atal’s birth जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर 25 दिसंबर 2024 को दमोह के बटियागढ़ में एलसीबी फर्टिलाइजर्स द्वारा जैविक खाद उत्पादन इकाई का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को पर्यावरण के अनुकूल और सस्ती जैविक खाद उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार हो सके और मिट्टी की उर्वरता बनी रहे। जैविक खाद के उपयोग से किसानों को बेहतर उपज मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ग्राम विकास एवं पंचायती राज मंत्री माननीय प्रहलाद पटेल जी ने कहा कि यह पहल न केवल किसानों की समस्याओं का समाधान करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी। इस परियोजना में Express e-Connect Private Limited जैसी प्रतिष्ठित फर्मों ने भी अपना सक्रिय सहयोग दिया है। ये फर्म तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने के साथ-साथ उत्पादन और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। Express e-Connect Private Limited ने किसानों तक जैविक खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्नत लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चैन सिस्टम लागू किया है। इसके साथ ही, ये फर्म किसानों को जैविक खेती के महत्व और इसके दीर्घकालिक लाभों के बारे में शिक्षित करने के लिए विशेष अभियान चला रही हैं। इस प्रकार, यह परियोजना केवल एक उत्पादन इकाई तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के तरीकों से जोड़ने का एक माध्यम भी है। स्थानीय किसानों में इस पहल को लेकर काफी उत्साह है। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और इस नई इकाई के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। किसानों का मानना है कि जैविक खाद के उपयोग से उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा और बाजार में उनकी उपज को बेहतर मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही, यह पहल ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। जैविक खेती के इस बढ़ते चलन से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यह रसायनों के अत्यधिक उपयोग को कम करता है। भविष्य में एलसीबी फर्टिलाइजर्स और Express e-Connect Private Limited जैसी कंपनियों ने अन्य स्थानों पर भी ऐसी इकाइयां स्थापित करने और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का संकल्प लिया है। इस पहल को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर किसानों की समस्याओं का समाधान करने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। Read More : https://saharasamachaar.com/termination-or-removal-from-service-is-right-if-corruption-charges-are-proved-high-court/

भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने पर सेवा समाप्त करना या सेवा से हटाना सही : हाईकोर्ट

Termination or removal from service is right if corruption charges are proved: High Court जबलपुर ! जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने भ्रष्टाचार के भौतिक व अभिलेख साक्ष्य उपलब्ध होने पर सेवा से पृथक किए जाने के निर्णय को सही ठहराया है. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार से प्राकृतिक न्याय सिद्धांत का उल्लंघन नहीं किया गया है. सेवा समाप्ति को दी गई थी चुनौती दरअसल, याचिकाकर्ता ओम प्रकाश धाकड़ की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उसे पंचायत सचिव के पद से भ्रष्टाचार के आरोप में पृथक कर दिया गया है. भ्रष्टाचार के आरोप में जारी किए गए नोटिस पर उसके द्वारा पेश किए गए जवाब पर अनुशासनिक प्राधिकारी व अपीलीय प्राधिकारी ने कोई विचार नहीं किया, जो प्राकृतिक न्याय सिद्धांत का उल्लंघन है. याचिकाकर्ता की ओर से आगे तर्क दिया गया कि वह रायसेन के ग्राम पंचायत सेवासनी में ग्राम सचिव के पद पर पदस्थ था. ग्राम पंचायत में समग्र स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए राशि आवंटित की गई थी. इस दौरान उसका स्थानांतरण ग्राम बड़ौदा में कर दिया गया था. इसके अलावा तत्कालीन सरपंच व सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. कोर्ट ने कही ये बात एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि 110 शौचालय निर्माण का ठेके एक एजेंसी को दिया गया था. एजेंसी को भुगतान किए जाने के बावजूद भी 110 दिनों तक कोई निर्माण नहीं किया गया था. इसके अलावा तत्कालीन सरपंच ने 26,200 रु की राशि चेक के माध्यम से लौटाई थी, जिसे पंचायत के खाते में जमा नहीं किया गया. इसके अलावा भ्रष्टाचार के भौतिक व अभिलेख साक्ष्य उपलब्ध थे. इन सभी साक्ष्यों के मद्दनेजर कोर्ट ने याचिका को निरस्त करते हुए पंचायत सचिव को सेवा से पृथक किए जाने के निर्णय को सही बताया.

एमपी के धान किसानों को 2 हजार बोनस, उज्जैन में बनेगा 29 किमी लंबा घाट, मोहन कैबिनेट का फैसला

2 thousand bonus to paddy farmers of MP, 29 km long ghat will be built in Ujjain, decision of Mohan cabinet भोपाल ! मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रति हेक्टेयर 2 हजार रुपए का अनुदान देने का ऐलान किया है. राज्य सरकार ने यह राहत प्रदेश के धान के किसानों को दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसका निर्णय लिया गया. सरकार के इस फैसले से धान के छोटे किसानों को लाभ मिलेगा. इसमें धान के किसानों को प्रति हेक्टेयर 2 हजार रुपए का अनुदान मिलेगा. उधर किसानों को अतिरिक्त बिजली को लेकर भी सरकार ने कैबिनेट में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. किसानों को दिन में भी मिलेगी बिजलीमोहन सरकार में वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट में हुए निर्णयों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि, ”प्रदेश में किसानों को अभी 8 घंटे बिजली ही मिल रही है. कई बार किसानों को रात में बिजली नहीं मिल पाती है. ग्रामीण इलाकों में बिजली की मांग ज्यादा होती है. इसको देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि प्रदेश में 11 केवी के फीडर को सोलर प्लॉट से जोड़ा जाएगा. इसमें प्राइवेट सेक्टर भी निवेश कर सकेगा. इसमें प्रति मेगावॉट 4 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. हालंकि केन्द्र सरकार की तरफ से प्रति फीडर 1 करोड़ की सहायता दी जाएगी. सरकार के इस फैसले से किसानों को दिन में भी बिजली मिल सकेगी.” सिंचाई का रकबा बढ़ाने बनाई जाएंगी योजनाएंमध्यप्रदेश में सिंचित भूमि के रकबे को 100 फीसदी करने के लिए योजना बनाई जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में शत-प्रतिशत सिंचाई के रकबे को करने के लिए अगले 10 सालों की योजनाएं बनाने का निर्णय लिया गया.

मध्यप्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरा, कोहरा भी छाया: 27 दिसंबर को ओले-बारिश गिरने कि सम्भावना ; भोपाल, सहित कई जिलें भीगेंगे

The first drizzle of the season fell in Madhya Pradesh, fog also prevailed: Strong system of hail and rain on 27 December; Bhopal, along with many other districts will get wet मंगलवार सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग में कोहरा छाया रहा। भोपाल । मध्यप्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिर रहा है। पिछले 24 घंटे में 10 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में कोहरा छाया रहा। ऐसा ही मौसम अगले 4 दिन यानी, 28 दिसंबर तक बना रहेगा। 27 दिसंबर को ओले-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनेगा। जिसका भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात में भिंड-सीहोर में बारिश हुई। वहीं, मंगलवार को पन्ना, दतिया, टीकमगढ़, बड़वानी, खजुराहो, निवाड़ी, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, श्योपुर में हल्की बारिश दर्ज की गई। भोपाल में पूरे दिन बादल छाए रहे। वहीं, सर्द हवाएं चलीं। जिससे लोग ठिठुर गए। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी ऐसा ही मौसम रहा। हालांकि, दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… 25 दिसंबर: गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। 26 दिसंबर: खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर और नीमच में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 27 दिसंबर: इंदौर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सागर और पांढुर्णा में ओले गिरने के साथ बारिश और 40 से 50Km प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसी तरह भोपाल, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर में कहीं-कहीं बारिश और तेज हवा चलने का अनुमान है। 28 दिसंबर: अनूपपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, नर्मदापुरम, बैतूल, बालाघाट, पांढुर्णा में ओले गिरने के साथ तेज हवा चल सकती है। इसी तरह रायसेन, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, सागर, मैहर में गरज-चमक और बारिश होने का अनुमान है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा।

भोपाल में दो समुदायों के बीच झड़प-पथराव, लहराई गईं तलवारें… भारी पुलिस बल तैनात

Clash between two communities in Bhopal, stone pelting, swords waved… heavy police force deployed भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। मामला जहांगीराबाद की पुरानी गल्ला मंडी का है। जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले दो लोगों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें अब दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से पत्थर बरसाए गए। एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें लोग लाठियों और तलवारों के साथ नजर आ रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस के अधिकारी पहुंचे और हालात काबू में किए। अभी स्थिति सामान्य है और भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर विवाद की जड़ में क्या है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। थाना प्रभारी आशीष उपाध्याय ने बताया कि दो दिन पहले दोनों पक्षों के युवकों के बीच मारपीट हुई थी। उसका बदला लेने के लिए मंगलवार सुबह एक पक्ष ने एकजुट होकर दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस निकालेगी ‘मैं भी हूं आंबेडकर’ पदयात्रा… शेड्यूल जारी कर बताई पूरी प्लानिंग

Congress will take out ‘Main Bhi Hoon Ambedkar’ padyatra in Madhya Pradesh… Complete planning has been released by releasing the schedule भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर टिप्पणी किए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ‘मैं भी हूं आंबेडकर’ पदयात्रा निकालेगी। यह 25 से 29 दिसंबर तक चलेगी। पांच चरणों में होने वाली इस यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे सहित सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। प्रत्येक जिले में यात्रा के समापन पर जनसभा भी होगी। मैं भी हूं आंबेडकर’ पदयात्रा… क्या है पूरा प्लान कब कहां होगी पदयात्रा

रसोईघर में सब्जियों के साथ जहर न आ जाए, हरी-भरी सब्जियां भी नहीं हैं सुरक्षित, कृषि वैज्ञानिको ने चेताया

Poison should not come with vegetables in the kitchen, even green vegetables are not safe, agricultural scientists warned. भोपाल ! ठंड बढ़ते ही हरी साग-सब्जियां बाजार में नजर आने लगती हैं. दावा किया जाता है कि इन हरी सब्जियों को खाना काफी लाभदायक होता है क्योंकि इनमें अनेक विटामिन और पोषक तत्वों की भरमार होती है, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो हरी सब्जियों पर आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक हो सकता है. दरअसल, इन सब्जियों को कीड़ों से बचाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर रासायनिक कीटनाशक व दवाइयां का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके ज्यादा उपयोग से ये सब्जियां जहरीली हो जाती हैं. सब्जियों से हो सकता है कैंसर वर्तमान समय में अधिक उत्पादन और जल्द कीटनाशकों से उपचार के लिए अधिकांश किसान रासायनिक सिस्टमिक कीटनाशक दवाइयां का उपयोग करते हैं. लेकिन यह दवाइयां इतनी खतरनाक होती हैं कि इनका प्रभाव सब्जियों से कभी समाप्त नहीं होता. ये अगर इंसानों के शरीर में प्रवेश कर जाएं तो खतरनाक बीमारियां का कारण बन जाती हैं. शुरुआती स्तर पर इनसे शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां होती है लेकिन खतरनाक केमिकल्स के प्रभाव से कैंसर तक हो सकता है. नहीं खत्म होता केमिकल्स का असर कृषि वैज्ञानिक विजय कुमार पराड़कर ने बताया, ” आज के वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है पर अभी भी अधिकांश किसान रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग कर खेती करते हैं. परंतु जब वे खेतों में कीटनाशक का उपयोग करते हैं तो उन कीटनाशक दवाइयां पर लिखे निर्देशों को कई बार अनदेखा कर देते हैं. उनमें साफ लिखा हुआ होता है कि जब सब्जियों का पौधा फूल या प्राथमिक स्थिति में होता है, तब उसका उपयोग नियमित मात्रा में करना चाहिए और सब्जी तोड़ने या बाजार में भेजने के लगभग 10 या 7 दिन पूर्व इनका छिड़काव पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए, लेकिन कुछ ऐसे सिस्टमिक रासायनिक कीटनाशक होते हैं जिनका असर खत्म ही नहीं होता.” प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा रासायनिक कीटनाशकों व उत्पाद दवाओं के इस्तेमाल से की जाने वाली खेती की जगह अब प्राकृतिक खेती को जोर दिया जाने लगा है. ऐसी खेती से पैदा हुई सब्जियां, फसलें और फल काफी सुरक्षित माने जाते हैं. प्राकृतिक खेती के लिए लोगों में जागरूकता भी आ रही है, जिसमें पुराने जमाने में इस्तेमाल किए जाने वाले प्राकृति संसाधन व कीटनाशक जैसे गोमूत्र, कड़वी नीम,राख आदि का उपयोग किया जाता है. इससे फसलों को बीमरियों से बचाने के साथ इंसानों को भी भयानक बीमारियों से बचाया जा सकता है.

एमपी वालों सावधान: कड़ाके की सर्दी के बीच ओले-बारिश का कहर अगले 4 दिन , भोपाल समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

MP people beware: Hailstorm and rain will wreak havoc in the next 4 days amid severe cold, Orange alert in many districts including Bhopal भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक ओले, बारिश और कोहरा रहेगा। वहीं, रात में ठंडी हवाओं से ठिठुरन रहेगी। मौसम विभाग ने 27 दिसंबर को सिस्टम सबसे ज्यादा स्ट्रॉन्ग रहने का अनुमान जताया है। इस दिन भोपाल, ग्वालियर समेत 21 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इससे पहले सोमवार को भी मौसम बदला रहा। भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। इससे दिन के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से मौसम का मिजाज बदला रहेगा। राजस्थान के ऊपर भी एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) की एक्टिविटी रहेगी। जिससे बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, खरगोन, विदिशा, गुना और अशोकनगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इनमें से अशोकनगर, निवाड़ी और छतरपुर में गरज-चमक की स्थिति भी रहेगी। 25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, अशोकनगर और गुना में कोहरा रहेगा। 26 दिसंबर: इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर और गुना में हल्की बारिश का दौर रहेगा। इनमें से ज्यादातर जिलों में गरज-चमक की स्थिति भी बनी रहेगी। 27 दिसंबर: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में आंधी, बारिश और गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, आगर-मालवा, नीमच, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, जबलपुर, कटनी और उमरिया में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इस बार सीजन का पहला मावठा पड़ेगा मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के महीने में प्रदेश में बारिश का ट्रेंड रहता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही मौसम है। इस बार भी मौसम बदल गया है। शनिवार को छिंदवाड़ा में बारिश भी हुई थी। वहीं, सोमवार को बादल छा गए हैं।

मध्यप्रदेश में सीजन का पहल मावठ, ओले भी गिरेंगे: 23 से 28 दिसंबर के बीच बदला रहेगा मौसम; भोपाल सहित कई जिलें भी भीगेंगे ।

Madhya Pradesh will witness the first drizzle of the season, hail will also fall: Weather will remain changed between 23 and 28 December; Many districts including Bhopal will also get wet. बदले मौसम का असर भोपाल में भी होगा। भोपाल । मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम बदलेगा। मौसम विभाग ने 23 से 28 दिसंबर के बीच प्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरने का अनुमान जताया है। बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओले भी गिरेंगे। बदले मौसम का असर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में दिखाई देगा। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर हो सकता है। इस कारण उत्तर-पश्चिमी हवाएं आएंगी, जो अरब सागर से नमी लाएंगी। बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाएं भी आएंगी। इस कारण प्रदेश में बादल छाने के साथ हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर ओले गिरने की संभावना भी है। दिसंबर में बारिश का रहता है ट्रेंड प्रदेश में दिसंबर में बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। इस वजह से दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और हो जाएगी, लेकिन सिस्टम के गुजरने के बाद सर्दी फिर से तेज हो जाएगी। अगले 5 दिन ऐसा रहेगा मौसम 23 दिसंबर: मुरैना, भिंड, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और बुरहानपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, ग्वालियर, मुरैना और भिंड में कोहरा रहेगा। 24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में कोहरा रहेगा। 26 दिसंबर: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, सागर, दमोह, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

मध्यप्रदेश में ठंड के बीच बारिश का अलर्ट: भोपाल, इंदौर-जबलपुर संभाग भीगेंगे; उज्जैन-ग्वालियर में भी पानी गिरेगा

Rain alert amid cold in Madhya Pradesh: Bhopal, Indore-Jabalpur divisions will get wet; Ujjain-Gwalior will also receive rain भोपाल में दिन-रात के तापमान में इजाफा हुआ है। वहीं, बालाघाट के लांजी में शनिवार शाम को बारिश हुई। भोपाल । कड़ाके की ठंड का दौर खत्म होने के बाद अब मध्यप्रदेश में बारिश का सिस्टम एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग की माने तो 23 दिसंबर से प्रदेश में हल्की बारिश हो सकती है। इससे भोपाल, इंदौर-जबलपुर के साथ उज्जैन और ग्वालियर संभाग भी भींगेंगे। ऐसा वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से होगा। प्रदेश में दिसंबर में बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, 23 दिसंबर से बारिश का दौर रहेगा। पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश होगी। इस वजह से दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और हो जाएगी, लेकिन सिस्टम के गुजरने के बाद सर्दी फिर से तेज हो जाएगी। आज यहां कोहरा रविवार सुबह ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सागर, दमोह, सीधी और सिंगरौली में कोहरा रहा। भोपाल में धुंध देखने को मिल रही है। 23 से 25 दिसंबर तक इन जिलों में बारिश 23 दिसंबर : भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, अलीराजपुर, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। 24 दिसंबर : ग्वालियर, जबलपुर, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सागर, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, पन्ना, कटनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भी हल्की बारिश होने का अनुमान। 25 दिसंबर : इंदौर, उज्जैन, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर जिले में बूंदाबांदी हो सकती है।

वीडी शर्मा ने फिर दिया विवादास्पद बयान कहा, “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों का जींस”

VD Sharma again gave a controversial statement saying, “The genes of the British are in the blood of Congress” बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा “इस पार्टी ने हमेशा डॉ.भीमराव अंबेडकर का अपमान किया.” पन्ना ! मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा “बाबासाहब डॉ.भीमराव अंबेडकर ने देश की आजादी, सामाजिक न्याय और भारतीय जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए जो काम किया, उसे पूरा देश जानता है. कांग्रेस पार्टी लगातार बाबासाहब को अपमानित करती रही है. जब बाबासाहब ने संसद से इस्तीफा दिया तो पं. नेहरू का कहना था कि देने दो इस्तीफा, क्या फर्क पड़ेगा. बाबासाहब का इससे बड़ा अपमान क्या होगा?” बाबासाहब की हमेशा विरोधी रही है कांग्रेस वीडी शर्मा ने कहा “जब बाबासाहब चुनाव लड़ रहे थे तो हराने के लिए पं. नेहरू ने लगातार प्रयास किए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए भाषण को गलत तरीके से कांग्रेस जनता के सामने प्रस्तुत किया. अमित शाह के मन, कर्म व स्वभाव में बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के मूल्य समाहित हैं. अमित शाह डॉ. अंबेडकर के कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी डॉ. अंबेडकर जी समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं.” ‘फूट डालो राज करो’ की राह पर कांग्रेस वीडी शर्मा ने कहा “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों के जींस हैं. कांग्रेस ‘फूट डालो राज करो’ की राह पर चल रही है. डॉ. अंबेडकर को लेकर कांग्रेस पार्टी बखेड़ा खड़ा कर रही है. कांग्रेस के नेता अब गुंडागर्दी पर उतारू हो गए हैं. हम सभी ने देखा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किस तरह हमारे सांसदों को धक्का दिया. हमारे बुजुर्ग सांसद सारंगी को सिर में चोट लगी और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा. वहीं, एक अन्य सांसद राजपूत को भी चोटें आई हैं.”

MP में 6.9° तक बढ़ा टेम्प्रेचर: भोपाल सहित कई जिलों में 8 के पार पहुंचा; अगले कुछ दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

Temperature increased by 6.9° in MP: crossed 8 in many districts including Bhopal; weather will remain the same for the next few days भोपाल में अभी ठंड का असर और भी कम होगा। भोपाल । बर्फीली हवा का असर कम होते ही मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर भी खत्म हो गया है। इस वजह से प्रदेश में रात का पारा 6.9 डिग्री तक बढ़ गया है। ये बढ़ोतरी बालाघाट के मलाजखंड में गुरुवार-शुक्रवार की रात में हुई है। कुछ दिन पहले यहां तेज सर्दी पड़ रही थी, लेकिन अब पारा 14.5 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विभाग की माने तो अभी ठंड का असर और भी कम होगा। 25 दिसंबर से तेज सर्दी का दूसरा दौर आएगा। सर्दी से पहले प्रदेश के उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर बना रहेगा। शनिवार सुबह भी ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में कोहरा रहा। प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन तक दिन-रात के तापमान में और भी बढ़ोतरी होगी। ग्वालियर, चंबल, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग में 3 से 4 डिग्री, इंदौर, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री बढ़ सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के गुजरने के बाद सर्दी का असर मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। वहीं, एक और सिस्टम 27 दिसंबर से एक्टिव हो रहा है। इनके गुजरने के बाद ठंड का असर बढ़ेगा, क्योंकि पहाड़ों में बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवा फिर से चलने लगेंगी। एमपी में 5 डिग्री के ऊपर पहुंचा पारा, खजुराहो में सबसे कम गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश में पारा 5 डिग्री के ऊपर रहा। छतरपुर के खजुराहो में सबसे कम 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 6.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 6.5 डिग्री, नौगांव में 6.6 डिग्री रहा। बाकी शहरों में पारा 7 डिग्री से अधिक ही दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 8.2 डिग्री रहा। वहीं, जबलपुर में 10 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और इंदौर में तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

MP Assembly के चौथे दिन 7 महत्वपूर्ण विधेयक पारित, खाद संकट को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

7 important bills passed on fourth day of MP Assembly, Congress cornered government over fertilizer crisis भोपाल ! मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन 7 महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित कर दिया गया. इनमें मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम संशोधन विधेयक 2024, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर तृतीय संशोधन विधेयक 2024, मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस व संबंधित विषयों का विनियमन संशोधन विधेयक 2024 समेत अन्य विधेयक शामिल हैं. इधर सदन में कांग्रेस विधायकों ने किसानों के खाद संकट को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. वहीं संसद में बाबा साहब अंबेडकर को लेकर केंद्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई टिप्पणी के मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिघार ने माफी मांगने की मांग की. साथ ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा राहुल गांधी को दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस विधायक सदन से वाक आउट कर गए. हालांकि, कुछ देर बाद फिर वापस सदन में लौट आए. खाद संकट और नकली खाद पर चर्चा शाम 6 बजे के बाद सदन में किसानों के खाद संकट पर चर्चा शुरु हुई. इसमें कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा, ” मालवा निमाड़ क्षेत्र में किसानों को पानी तो मिल रहा है. लेकिन उनको खेती करने के लिए पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है, जिससे किसानों की लंबी लाइनें लग रही हैं.” वहीं कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने कहा, ” लंबे समय से हमारे देश का किसान हरियाणा और दिल्ली बॉर्डर पर जमा हैं. उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. आप कहते हैं कि खेती को लाभ का धंध बनाएंगे. लेकिन प्रदेश में एक बोरी खाद के लिए किसान को अधिकारी के सामने गिड़गिड़ाना पड़ रहा है. किसानों को प्रदेश में नकली खाद मिल रही है. ऐसे लोगों को सत्तापक्ष का संरक्षण मिल रहा है.” 3 साल से पहले नहीं हटेंगे नगर पालिका अध्यक्ष मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम द्वितीय संशोधन विधेयक 2024 को सदन में मंजूरी मिल गई है. अब नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्ष को 3 साल से पहले नहीं हटाया जा सकेगा. यानी इनके खिलाफ 3 साल से पहले अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जाएगा. अब तक यह सीमा 2 साल थी. वहीं अब अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए तीन चौथाई सदस्यों की जरुरत होगी. अब तक अविश्वास प्रस्ताव के लिए दो तिहाई बहुमत की जरुरत होती थी. इसके साथ ही नगर पालिका निगम और परिषद के अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा. निजी स्कूलों के खिलाफ सुनवाई के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन संशोधन विधेयक 2024 को पारित करने से पहले इस पर सदन में पर्याप्त चर्चा हुई. पक्ष और विपक्ष के आठ से अधिक विधायकों ने इस चर्चा में हिस्सा लिया. कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि इस बिल में 25 हजार रु से कम फीस वाले निजी स्कूलों को शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में स्कूल वाला यदि 50 हजार रु फीस लेता है, तो वह ट्यूशन फीस 25 हजार रु दिखाएगा, जबकि बाकी खर्च किसी अन्य मद में दिखा देगा. इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि इस बिल में संशोधन के बाद निजी स्कूल द्वारा बच्चों से ली जाने वाले ट्रांसपोर्टेशन शुल्क को भी फीस में जोड़ा गया है. हम स्कूलों के खिलाफ सुनवाई के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था बना रहे हैं. एससी-एसटी और ओबीसी छात्रों को समय पर मिले स्कालरशिप चर्चा के दौरान फूल सिंह बरैया ने कहा कि जब एससी, एसटी या ओबीसी का कोई छात्र कालेज में एडमिशन लेता है, तो संचालक उससे कहता है कि तुम फीस मत देना स्कालरशिप दे देना. लेकिन जब इन बच्चों को समय पर स्कालरशिप नहीं मिलती तो कालेज संचालक ऐसे बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठने देता है. बरैया ने कहा कि सरकार को एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के विद्यार्थियों को समय पर स्कालरशिप दिया जाना चाहिए, जिससे उनकी पढ़ाई में रुकावट न आए. नगर पालिक के विधेयक से नेता प्रतिपक्ष असहमत नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, ” नगर पालिका के विधेयक में संशोधन से पहले हर धारा और उपधारा पर चर्चा होनी चाहिए. इसके अंदर काफी पेचीदिगियां हैं. आप घर बनवाने के लिए ऑनलाइन परमिशन की बात करते हैं लेकिन इसके लिए लोगों को अधिकारियों के कितने चक्कर लगाने पड़ते हैं. एक पेड़ काटने के लिए ही लोगों को नगर निगम के आयुक्त से बात करनी पड़ती है. ऐसे में इस बिल में संशोधन से पहले इसे प्रवर समिति में भेजा जाना चाहिए, फिर इस पर विचार होना चाहिए.” विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष खुद भरेंगे आयकर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष वेतन और भत्ता संशोधन विधेयक 2024 और मध्यप्रदेश विधानसभा नेता प्रतिपक्ष वेतन और भत्ता संशोधन विधेयक 2024 को भी पारित कर दिया गया है. इसके तहत अब विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का इंनकम टैक्स सरकार नहीं भरेगी. उनको खुद अपना इनकम टैक्स भरना पड़ेगा. इसके पहले तक विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का टैक्स सरकार देती थी. विधानसभा में ये विधेयक हुए पारित

मध्य प्रदेश में कोदो का कहर : दो दिन में दो जिलों में 13 लोग बीमार, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप, सैंपल जांच के लिए भेजे

Kodo havoc in Madhya Pradesh: 13 people fell ill in two districts in two days, panic in health department, samples sent for testing मध्य प्रदेश में इन दिनों कोदो का कहर जारी है। दो दिनों में दो जिलों में 13 लोग इसे खाने से बीमार हो गए हैं। लगभग दो महीने पहले इसे खाने से 10 हाथियों की मौत भी हो चुकी है। कोदो की रोटी खाने से शहडोल में एक दिन पहले चार, कटनी में एक परिवार के तीन सदस्य और आज यानी गुरुवार को छह लोग बीमार हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोदो की पुरानी रोटी फूड पॉइजनिंग का कारण हो सकती है। या चने की भाजी में अत्यधिक उपयोग हो रहा खाद इसकी वजह हो सकता है। जांच के बाद सब स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के मुताबिक कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से दूसरे दिन भी जिला अस्पताल में एक ही परिवार के छह सदस्य भर्ती हुए हैं। इसमें दो बच्चे भी शामिल हैंं। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत खतरे के बाहर है। ज्ञात हो कि मंगलवार को दादरा टोला के चार सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अब बुधवार रात मुख्यालय से सटे ग्राम चाका में एक ही परिवार के छह सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हो गए हैं। डॉक्टरों की टीम जिनका इलाज कर रही है। लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार लोगों से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिसिन डॉक्टर के साथ एक बैठक कर कोदो की सैंपलिंग करने की बात कही है। खाना खाने के आधे घंटे बाद बिगड़ी तबीयत रामचरण कोरी ने बताया कि बीती रात्रि 8:30 बजे परिवार के सभी लोग इकट्ठा हुए और कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी। आधे घंटे बाद परिवार के 6 सदस्य ने खाना खाया था, उन सबकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और सबको चक्कर के साथ उल्टियां आनी शुरू हो गई। इसके बाद पड़ोस के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने निजी वाहन से सभी को जिला अस्पताल लाकर भर्ती करवाया है। इसमें रामचरण कोरी (58), सावित्री ( 55), रामकुमार (35), राजकुमारी कोरी (25), दो बच्चों में जिया 7 वर्ष एवं सूर्या 6 वर्ष शामिल है। परिवार के 6 सदस्यों में दो बच्चे बच्चा वॉर्ड के आईसीयू वार्ड में भर्ती किए गए हैं, जिनका इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील हथगेल के द्वारा किया जा रहा है। सीएमएचओ एवं प्रभारी सिविल सर्जन ने बुलाई बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से भर्ती हुए मरीजों से मुलाकात कर डॉक्टरो से चर्चा की है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि जिन डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया है, उनके साथ एक बैठक कर चीजों को बारीकी से पता लगाने की कोशिश की जा रही है। किन वजह से दो दिनों के भीतर 10 लोग बीमार हुए हैं। सीएमएचओ ने बताया कि जिस कोदो को खाने से लोग बीमार हुए हैं। उसका सैंपल लेने के निर्देश फूड विभाग को जारी किए गए हैं। कोदो और चने की भाजी का फूड विभाग सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद चीज स्पष्ट हो सकेगी कि किस वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। एक दिन पहले चार लोग हुए थे बीमार शहडोल मुख्यालय से लगे गांव खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला में मंगलवार रात एक परिवार के सदस्यों ने कोदो की रोटी के साथ चने की भाजी खाई थी, इसके कुछ देर बाद उन्हें उल्टी दस्त शुरू हो गई और तबीयत बिगड़ने लगी। एक युवक ने खाना नहीं खाया था, उसकी तबीयत नहीं बिगड़ी और उसने पड़ोसियों से मदद लेकर सभी को जिला अस्पताल उपचार के लिए लाकर भर्ती करवाया। बताया गया कि खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला गांव निवासी राजेंद्र सिंह की अमलाई निवासी उनकी बुआ शाम घर आई थीं। रात में भोजन में कोदो की रोटी और चने की भाजी बनी थी। सभी भोजन करने के बाद सो गए। रात करीब दो बजे राजेंद्र सिंह मरावी, लक्ष्मी सिंह, रामवती सिंह और चंदा बाई की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त होने लगे। सभी को जिला अस्पताल लाया गया, जिन्हें जांच के बाद भर्ती कर लिया गया। कटनी में दादा-पोते सहित तीन बीमार कटनी जिले में कोदो की रोटी खाकर दादा पोते सहित तीन लोग बीमार हुए हैं। मामला कटनी जनपद पंचायत के ग्राम जरवाही का बताया गया, जहां सुबह के वक्त आलू की सब्जी के साथ कोदो की रोटी खाने से दादा और उनके दो पोते को अचानक चक्कर के साथ उल्टी होने लगी। तीनों की एक साथ बिगड़ी तबीयत देख परिजन उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल लाए थे। ड्यूटी में मौजूद डॉक्टर नर्स ने प्राथमिक इलाज के साथ तीनों को भर्ती किया है। उर्मिला बाई ने बताया कि हमेशा की कोदो की रोटी और सब्जी खिलाया था, लेकिन सबकी तबीयत बिगड़ गई। बेटा घर में था नहीं इसलिए पड़ोसियों की मदद से सभी को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले आए, यहां इलाज हो रहा है। पीड़ित सोने लाल चौधरी ने बताया कि सुबह कोदो की रोटी अपने पोतों के साथ खाई थी, जिसके बाद मैं घर के बाहर घूमने निकला तो चक्कर आने लगे। तभी घर में खेल रहे पोते भी बेहोश हो गए थे। हम लोगों को समझ नहीं आया कब गाड़ी में बैठे और अस्पताल आ गए। हम लोग सिर्फ कोदो की रोटी और सब्जी खाए बस, अभी तबीयत ठीक है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ अमर उजाला की टीम ने विशेषज्ञों से इसके बारे में जब चर्चा की तो शहडोल में मेडिसिन विभाग के डॉक्टर गंगेश डांडिया ने बताया कि कोदो अगर अधिक पुराना है तो फूड पॉइजनिंग की आशंकाएं हो सकती हैं। लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। सभी भर्ती मरीजों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। डॉ. … Read more

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का सितम जारी, 25 दिसंबर से तेज सर्दी का दूसरा दौर 

Severe cold continues in Madhya Pradesh, second round of severe cold from December 25  भोपाल । मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर 23 से 25 दिसंबर के बीच आएगा। यह जनवरी 2025 तक रहेगा। इससे पहले अगले 4-5 दिन तक प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में रात का पारा 8-10 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोहरा छाने का अनुमान जताया है। बाकी जगहों पर मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप हो सकती है। ठंड से थोड़ी राहत, 2 डिग्री तक बढ़ा पारा मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। रात के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, कई शहर ऐसे हैं, जहां पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम ही रहा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4 डिग्री, टीकमगढ़ में 5.3 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री और राजगढ़ में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 5.2 डिग्री, ग्वालियर में 5.4 डिग्री, भोपाल में 6.2 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और इंदौर में 11.6 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर दर्ज किया गया। हालांकि, बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों में पारा 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। इसलिए बदला मौसम  मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने कहा- शीतलहर और कोल्ड डे यानी ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम होगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। उत्तरी हवाएं फिर चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर दोबारा आएगा। दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। बुधवार से शीतलहर का दौर थमा। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई जबकि वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगा दिए गए। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं।

विधायक को विधानसभा में बोलने से रोका तो मौन धरने पर बैठे, गले में शराब की बोतल पहनकर पहुंचे विधायक

When the MLA was stopped from speaking in the Assembly, he sat on a silent dharna, the MLA arrived wearing a liquor bottle around his neck. विधानसभा में शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन है। बाप पार्टी से विधायक कमलेश्वर डोडियार मौन धारण की मुद्रा में दिखाई दिए। कमलेश्वर डोडियार पीला कपड़ पलेटकर और मुंह को कागज से बंद करके मौन धारण करकरे बैठे गए। डोडियार का कहना है कि उन्हें विधानसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसलिए वे विधानसभा के बाहर मौन धारण करके बैठे है। वहीं उज्जैन से कांग्रेस विधायक महेश परमार अनोखा प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। कांग्रेस विधायक महेश परमार गले में शराब की बोतलों की माला पहनकर विधानसभा पहुंचे। डॉक्टर पर गाली देने का आरोप विधायक कमलेश्वर डोडियार को रतलाम के बंजली में आंदोलन करने से पहले गिरफ्तार कर लिया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें और उनके समर्थकों को चौथे दिन जमानत मिल गई थी। पुलिस ने डोडियार समेत 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था। कमलेश्वर डोडियार ने जेल से रिहा होने के बाद जिला अस्पताल के एक डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा थ कि 5 दिसंबर को अस्पताल के डॉक्टर ने मुझे गालियां दी थी, मुझे अपमानित किया था, इसी को लेकर पूरा आदिवासी समाज रतलाम में आंदोलन करने जा रहा था। हमने आंदोलन से पहले डॉक्टर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन डॉक्टर को सस्पेंड नहीं किया गया। हम 11 दिसंबर को आंदोलन करने वाले थे। हम शांतिपूर्वक आंदोलन करने वाले थे, लेकिन सरकार ने तानाशाही तरीके से मुझे 11 तारीख को गिरफ्तार कर लिया गया। मुझे और मेरे समर्थकों को ेस4 दिनों तक जेल में रखा गया। जिससे आदिवासी समाज में रोष है। डोडियार ने आगे कहा था कि में विधानसभा में मामले में अपनी बात रखूंगा। कांग्रेस विधायक का शराब घोटाले को लेकर प्रदर्शन उज्जैन से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने विधानसभा में शराब की बोतलों की माला पहनकर प्रदर्शन करते हुए कहा है कि प्रदेश में शराब के घोटाले चल रहे है। प्रदेश में दिल्ली से भी बड़े धोटाले हो रहे है, लेकिन सरकार सो रही है। हर जिले में करोड़ों के शराब घोटाले हो रहे है। कांग्रेस के इस अनोखे प्रदर्शन को लेकर बीजेपी ने कहा है कि सदन में इस तरह से शराब की बोतले ले जाना उचित नहीं है। सदन में जहां गांधी जी की प्रतिमा लगी है वहां शराब की बोतलों की माला पहनकर कांग्रेस जा रहे है। कांग्रेस विधायकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

मध्य प्रदेश में टीबी का कहर, राजधानी में सबसे ज्यादा मरीज, देखें आंकड़े

TB havoc in Madhya Pradesh, highest number of patients in the capital, see figures स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में अभियान चलाकर सालभर में 1.66 लाख मरीजों की पहचान की है। सबसे ज्यादा 11768 मरीज भोपाल में मिले हैं। इसके बाद इंदौर और फिर छतरपुर का नंबर है। सबसे कम 608 मरीज निवाड़ी जिले में मिले हैं। सतना जिला 4680 मरीजों के साथ प्रदेश में 10वें पायदान पर है। हालांकि विभाग प्रदेश में लक्ष्य के मुकाबले 88 फीसदी मरीजों की ही पहचान कर सका है। अभियान के तहत जिलों में आबादी के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2024 तक मरीजों(TB cases in MP) को तलाशने का लक्ष्य दिया गया था। दो जिलों में शत-प्रतिशत प्रदेश में 1.90 लाख टीबी मरीजों(TB cases in MP) को तलाशने का लक्ष्य था, जिसमें से विभाग 1.66 लाख मरीजों की पहचान कर सका है। प्रदेश में लक्ष्य के मुकाबले अभी 12 फीसदी मरीजों तक महकमा नहीं पहुंच सका है। प्रदेश के सिर्फ दो जिले शिवपुरी में 110 प्रतिशत, बुरहानपुर में 109 प्रतिशत टीबी मरीज की पहचान की जा चुकी है।

एमपी विधानसभा में चाय की केतली लेकर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस विधायक ने शराब की बोतलों की माला पहनी

Opposition leader arrived in MP Assembly with a tea kettle, Congress MLA wore a garland of liquor bottles MP Congress Protest: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के 1 साल पूरा होने के साथ ही विपक्ष ने आंदोलन के सिलसिले को बढ़ा दिया है. विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बेरोजगारी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार चाय की केतली लेकर पहुंचे. इसके अलावा कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने शराब घोटाले का आरोप लगाते हुए शराब की खाली बोतलों की माला पहनकर ध्यान अपनी और आकर्षित कराया. डॉ मोहन यादव सरकार को 1 साल पूरा होने के साथ ही सरकार जन कल्याण अभियान चलाते हुए प्रदेश भर में कई सौगात दे रही है. दूसरी तरफ कांग्रेस अपने विधायकों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने बुधवार (18 दिसंबर) को कहा कि सरकार को युवाओं को नौकरी देना चाहिए. सदन का ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाथ में चाय की केतली लेकर प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, ”जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा तो उनके पास चाय बेचने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा.” कांग्रेस ने लगाया शराब घोटाले का आरोप कांग्रेस विधायक महेश परमार शराब की खाली बोतल की माला पहन कर पहुंचे और उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शराब घोटाले को लेकर कड़ी कार्रवाई का संदेश देने की बात कही थी. मध्य प्रदेश में हजारों करोड़ों का शराब घोटाला हो चुका है. केंद्र सरकार को इस बारे में संज्ञान लेना चाहिए. कांग्रेस मुद्दा विहीन – बीजेपी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक जितेंद्र पंडिया ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए कांग्रेस केवल सुर्खियां बटोरने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है. कांग्रेस के नेता मीडिया में चेहरा चमकाने के लिए नाटक कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ”मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है. सरकार मध्य प्रदेश के विकास की गति को तेजी प्रदान कर रही है. मध्य प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं. कांग्रेस के पास आंदोलन करने के लिए कोई मुद्दा तक नहीं बचा है.”

कांग्रेस पार्टी ने स्वर्गीय मनोज परमार के बच्चों को भेंट की 5 लख रुपए की गुल्लक

Congress party presented a piggy bank of 5 lakh rupees to the children of late Manoj Parmar भोपाल । भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी को जिन बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उनके पिता मनोज परमार और मां ने आत्महत्या की। सर्वप्रथम उनकी आवाज प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी  और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाई थी। उन्होंने राहुल गांधी से बच्चों की बात कराई थी।  प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आवाह्न पर भोपाल में जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया था। 16 तारीख को मंच से पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि प्रेम की गुल्लक का कर्ज प्रेम से निभाएंगे और जो राहुल को प्यार और सम्मान, उनकी भावनाएं समझी, बच्चों उसका मैत्री सम्मान कांग्रेस पार्टी सदैव निभाएगी और उनका ध्यान रखेगी ।  पूर्व मंत्री पूर्व सज्जन वर्मा, कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, विक्रम मस्ताल हनुमान, प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत ने बच्चों से मुलाकात की परिवार जनों से भेंट करके सांत्वना दी। ₹500000 की राशि की गुल्लक उन बच्चों भेंट की और आगामी पढ़ाई तक उनका खर्च पढ़ाई का उठाने का वादा किया ।  बच्चों से सज्जन वर्मा ने कहा  मेरे पास इनकम टैक्स के 100 से ज्यादा नोटिस आए हैं ।  मुकेश परमार के परिवार को जिस मुश्किल की घड़ी में भारतीय जनता पार्टी  जो सत्ता में है, उसकी मदद करनी चाहिए। वो परेशान कर रही है। इनकम टैक्स, ई डी पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल करके डरा रही है पर बच्चों भयभीत मत होना, मैं तुम्हारे साथ खड़ा हूं ।

कटोरा लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक: भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप

Congress MLA reaches assembly with bowl: Serious allegations of financial mismanagement on BJP government नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जी के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने आज मध्यप्रदेश विधानसभा के दूसरे दिन कटोरा लेकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनप्रतिनिधि “कर्ज लेकर घी पी रहे हैं” और जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। सिंगार ने कहा, “जब नेतृत्व कमजोर हो, तो कर्ज बोझ बन जाता है और उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।”भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने इसे “वित्तीय अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न सिर्फ मध्यप्रदेश को कर्ज के तले दबाया है, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता के खून-पसीने की मेहनत से भरे खजाने को नुकसान पहुंचाया है। “भाजपा सरकार ने राज्य को आर्थिक संकट में डाल दिया है और अब ‘कटोरा’ लेकर भीख मांगने की नौबत आ गई है,” विपक्ष ने सदन में सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा।कांग्रेस विधायकों ने कर्ज की बढ़ती दरों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बिगड़ते हालातों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उनका कहना था कि कर्ज का भार प्रदेश के विकास में बाधक बन रहा है और इसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार इसी तरह जनविरोधी आर्थिक नीतियों पर चलती रही, तो प्रदेश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

मध्यप्रदेश वासियों के लिए खुशखबरी, फाइलों के ढेर और बाबुओं के चक्कर से मिली मुक्ति , अब प्रदेश में लगेंगे ई ऑफिस

Good news for the people of Madhya Pradesh, freedom from piles of files and the affairs of babus, now e-offices will be set up. भोपाल ! मध्यप्रदेश में सरकारी कामकाज में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य में अब सभी काम ऑनलाइन होंगे। ऑफिसों में फाइलों के ढेर और बाबुओं के चक्कर से मुक्ति मिल गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में ई ऑफिस लगाने की कवायद की है जिसका काम शुरु भी हो गया है। नए साल से मंत्रालय वल्लभ भवन में सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलें निपटाई जाएंगी। इससे फाइलों की मॉनिटरिंग में भी आसानी होगी। ई-ऑफिस के लिए कर्मचारियों, अधिकारियों को बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया है। कामकाज में तेजी और फाइलों की स्थिति की ट्रैकिंग के लिए ई-ऑफिस के संचालन की कवायद की जा रही है। राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन के सभी विभागों में 1 जनवरी 2025 से ई-ऑफिस संचालित किए जाएंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागीय प्रमुखों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय में करीब डेढ़ दर्जन विभागों में ई-ऑफिस शुरु भी हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था से टेबल पर से फाइलों का ढेर हट जाएगा। मंत्रालय में 39 विभागों में ई-ऑफिस चालू होगा जिनमें से 17 में ई- फाइल सिस्टम प्रारंभ भी हो चुका है। बाकी 22 विभागों में भी 1 जनवरी से ई-ऑफिस लगने लगेंगे।राजधानी के सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों यानि संचालनालयों को भी ई-ऑफिस से जोड़ दिया गया है। राज्य के सभी संभागों और जिलों में भी जल्द ही ई-ऑफिस चालू कराए जाएंगे। कैबिनेट प्रस्ताव भी ऑनलाइन राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन के विभागों में अब ई- फाइलें ही बनेंगी। यहां तक कि कैबिनेट प्रस्ताव भी ऑनलाइन तैयार किया जाएगा। कैसा होगा ई-ऑफिस ई-ऑफिस में सभी काम ऑनलाइन होंगे। अधिकारी कर्मचारी कंप्यूटर पर फाइलें निपटाएंगे। सरकारी कामकाज ई- फाइलों से ही होंगे। मैन्युअल फाइलिंग बंद हो जाएगी। पुरानी नस्तियों को भी ई- फाइलों में रखा जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के लिए मैन्युअल फाइलें ही चलेंगी।

सीहोर के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों से मिलेंगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, भेंट करेंगे ‘गुल्लक’

Former minister Sajjan Singh Verma will meet the children of Sehore businessman Manoj Parmar, will present ‘gullak’ MP News: सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि मनोज परमार के दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सीहोर जिले के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों को आज मंगलवार (17 दिसंबर) को बड़ी गुल्लक भेंट करने वाले हैं. इसके अलावा पूर्व मंत्री बच्चों को कई और सुविधा देंगे, जिसके जरिए वह अच्छी तालीम ग्रहण कर सकेंगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मनोज परमार के बच्चों ने उन्हें गुल्लक भेंट की थी. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जब बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उस समय वे वहीं मौजूद थे. बच्चों ने कहा था, “राहुल गांधी जी, आप अच्छा काम कर रहे हैं और भारत जोड़ने के लिए निकले हैं, हमने अपनी गुल्लक में जो राशि एकत्रित की है वह आपको भेंट कर रहे हैं, आपको जहां भी कोई अच्छा कार्य लगे उस पर यह राशि खर्च कर दीजिएगा.” उन्होंने बताया कि अब वह उन बच्चों को उनकी गुल्लक लौटने जा रहे हैं. मंगलवार को पूर्व मंत्री परमार दंपती के घर जाकर बड़ी गुल्लक बच्चों को सौंपेगे. उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. परमार दंपती का परिवार कांग्रेस का परिवार है. बड़ी गुल्लक में पांच लाख रुपये पूर्व मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार के जीवन की मुश्किलें आसान करने के लिए उनकी ओर से छोटा सा प्रयास किया जा रहा है. वे बड़ी गुल्लक के रूप में पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार के बच्चों को भेंट करने जा रहे हैं. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय के छापे के बाद परमार दंपती ने आत्महत्या कर ली थी. कांग्रेस से जुड़े मनोज परमार उनकी पत्नी नेहा परमार खुदकुशी करते हुए सुसाइड नोट भी लिखा था. वहीं बच्चों का आरोप है कि उन्हें बीजेपी ज्वाइन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है कि मनोज परमार पर आपराधिक मामले दर्ज थे. बीजेपी में उनके लिए कोई जगह नहीं थी. इन सबके बीच अब कांग्रेस पूरे मामले को प्रदेश स्तर पर ले जाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.

शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन, उपमुख्यमंत्री देवड़ा करेंगे बजट पेश; फिर हंगामे के आसार

Today is the second day of the winter session, Deputy Chief Minister Deora will present the budget; chances of uproar again मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज यानी 17 दिसंबर को दूसरा दिन है। आज विधानसभा सत्र के दौरान सरकार प्रदेश के लिए सत्र 2024-2025 का अनुपूरक बजट पेश करेगी। बजट उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। ऐसे में विपक्ष की ओर से फिर हंगामे के आसार है।लाइव अपडेट कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने पूछा सवाल मप्र विधानसभा में आज स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में शुरुआत में सिर्फ महिला विधायकों से प्रश्न पूछने की व्यवस्था दी।जिसके बाद बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अनियमितताएं होने, पोषण में गड़बड़ी का मामले से संबंधित सवाल पूछा। जिसपर महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने मामले में सफाई दी। पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का बड़ा आरोप पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सदन में परंपराएं टूट रही है। पहले ध्यानाकर्षण के सवाल को लेकर विधायकों की मंत्रियों से बात हो जाती थी, जिससे संवादहीनता की स्थिति नहीं होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने जो कल अपने क्षेत्र में एक स्कूल को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया था, वहां पर प्राइवेट स्कूल के द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। हाल ही में वहां पर यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। मैंने सदन में भी यही बात कही थी, लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि वहाँ जन आक्रोश हो यह सही नहीं है। तो क्या यौन शोषण की घटनाओं पर मैं खुश हूं? हाल ही में प्रदेश मे यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। उन्हें रोकने के लिए सही नीति बनाने की आवश्यकता है। आगे उन्होंने कहा कि परिवहन चेकपोस्ट शासन आदेश के तहत 1 जुलाई 2024 से बंद कर दिये गये थे। परंतु परिवहन विभाग द्वारा शासन के निर्णय विरूद्ध जाकर मेरे विधानसभा क्षेत्र खुरई अंतर्गत म.प्र. उ.प्र. की सीमा पर स्थित मालथौन (अटा) चेकपोस्ट की पुरानी व्यवस्था को स्थाई रूप से चैकिंग पॉइंट बनाकर अनावश्यक रूप से चालकों एवं मालकों को अवैध बसूली कर परेशान किया जा रहा है। दिनांक 8 दिसम्बर 2024 को अवैध बसूली से डरकर भाग रहा एक ट्रक पलट गया ,जिस कारण बड़ी दुर्घटना होने बची। उक्त ट्रक अपनी गति से जा रहा था कि अचानक चेक पॉइंट पर बिना ड्रेस में उपस्थित स्थफ द्वारा बैरीकेट लगा दिये गये और वह ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें भरा सामान सड़क पर फैल गया। घटना से प्रताड़ित होकर ट्रक ड्राइवर द्वारा विखरे सामान पर तेल डालकर अपना गुस्सा प्रकट करने का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद सभी ट्रक ड्राइवरों, मार्ग से जा रहे दो पहिया और चार पहिया निजी वाहन यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने आऐ दिन इस पॉइंट पर हो रहे घटनाक्रमों के विरोध में चक्काजाम कर दिया जो तीन थानों के पुलिस बल द्वारा कन्ट्रोल किया गया और चक्काजाम दिनभर जारी रहा। इस पॉइंट पर विगत तीन-बार माहों से दिन-प्रतिदिन हो रहे जाम, विवाद से जनमानस परेशान है। पॉइंट पर पदस्थ अमले की बसूली और दुर्व्यवहार के कारण क्षेत्र में हमेशा तनाव की स्थिति बनी रहती है। मेरे क्षेत्र के इस स्थान पर आए दिन हो रहे चक्काजाम के कारण शासन विरूद्ध मानसिकता पनप रही है और असंतोष का वातावरण बन रहा है। परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट प्रभारियों को जारी आदेश क्र. 47/टीसी/24 दिनांक 12/07/2024 में दिये गये दिशा-निर्देशों का खुलेआम उलंघन इस चेक पॉइंट पर किया जा रहा है। ट्रैफिक जाम न हो, मोटर यान अधिनियम के तहत ही शमन शुल्क बसूली हो, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हो, बर्दी में ही स्टाफ उपस्थित हो, चेक पॉइंट की मुहर (सील) का ही उपयोग हो, अनुशासित व्यवहार हो, कैशबुक और रोजनामचा संचारित हो, रोजनामचा में घटनाक्रमों का संवारण हो, बॉडी बोर्न कैमरे का उपयोग हो, ई-चालान पीओएस मशीन से हो। यहां की गतिविषियों के अनेक वीडियो फुटेज भी उपलब्ध है परंतु पुलिस द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।परिवहन अमला और असामाजिक तत्वों की डबल बसूली से अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के अंदर गुटबाजी चल रही है। इनके ही मंत्री एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी को इसपर आत्मचिंतन करना चाहिए। बीजेपी के विधायक ही सवाल उठा रहे हैं। सरकार के कोई काम नहीं हो रहे हैं। अगर सरकार ने कोई काम किया है, तो विकास पर श्वेत पत्र लाए। इन योजनाओं के लिए जारी हो सकती है अतिरिक्त राशि विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रदेश के तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए, लोक निर्माण और जल संसाधन विभाग के साथ अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है। किसी भी नई योजना को लाने की फिलहाल तैयारी में सरकार नहीं है। फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए उद्योग सहित अन्य विभागों के लिए राशि का प्रावधान किये जाने की संभावना है। सदन के दूसरे दिन चार विधेयकों को पेश किया जाएगा।

WEATHER UPDATE:  एमपी में ठंड का सितम जारी , भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड 

WEATHER UPDATE: Cold wave continues in MP, 58 year old record broken in Bhopal  8 दिन से चल रही शीतलहर; भोपाल समेत 20 जिलों में आज भी ऐसा ही मौसम भोपाल । मध्यप्रदेश में इस बार जनवरी से भी ठंडा दिसंबर है। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 8 दिन से शीतलहर चल रही है, जो 9वें दिन मंगलवार को भी चलेगी। मौसम विभाग ने भोपाल, जबलपुर समेत 20 जिलों में कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मंगलवार के बाद शीतलहर का दौर खत्म होने का अनुमान है और कुछ दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मंगलवार को 20 जिलों में शीतलहर चलने का अनुमान है। इनमें से 6 जिले- शाजापुर, आगर-मालवा, सीहोर, रायसेन, मंडला और छतरपुर में पेड़-पौधों की पत्तियों पर बर्फ भी जम सकती है। पचमढ़ी में 1.9 डिग्री, शहडोल का कल्याणपुर भी रहा ठंडा  प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। रविवार-सोमवार की रात में इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात की तुलना में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी जरूर हुई है। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 2.3 डिग्री रहा। राजधानी भोपाल में पारे में गिरावट हुई और यह 3.3 डिग्री पर आ पहुंचा। मंडला में 3 डिग्री और उमरिया, शाजापुर के गिरवर में 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़, खजुराहो में पारा 5 डिग्री के नीचे ही रहा। भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड, पारा 3.3 डिग्री रहा भोपाल में दिसंबर की सर्दी का 58 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। 15-16 दिसंबर की रात में टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री रहा। अब पारा 0.3 डिग्री लुढ़का तो ओवरऑल रिकॉर्ड टूट जाएगा। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों के लिए हीटर लगाए गए हैं। वहीं, हाउस की खिड़कियों को बंद किया गया है। ताकि जानवरों को ठंड न लगे।

सरकार को जवाब पेश करने की आखिरी मोहलत दी , हाईकोर्ट ने पूछा-थानों में मंदिर कब-किसके आदेश से बना,बताएं

The government was given 7 days time to submit its reply, the High Court asked – when and by whose orders the temples were built in the police stations, please tell. जबलपुर । मध्यप्रदेश के थानों में बने या बन रहे मंदिरों पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए 7 दिन की आखिरी मोहलत दी है। 19 नवंबर और इसके पहले 4 नवंबर को भी हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। सोमवार (16 दिसंबर) को जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, ‘जल्द से जल्द राज्य सरकार पूरे प्रदेश के थानों के अंदर बने मंदिर और अन्य धार्मिकस्थलों की पूरी सूची पेश करे।’ हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि प्रदेश के किस थाने में कब मंदिर बनाए गए और मंदिर बनाने के लिए आखिर किसने आदेश दिए थे?’ याचिका जबलपुर के ओपी यादव ने दायर की है। एक महीने पहले भी इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने थानों में बन रहे मंदिरों पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि आखिरकार कैसे सरकारी जमीन पर मंदिर बन रहे हैं?’ मामले पर सरकार ने अपनी शुरुआती आपत्तियां भी बताई थीं। इसे मानने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। सीएस और डीजीपी को नोटिस देकर जवाब मांगा थाएक महीने पहले याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ की डिवीजन बेंच ने प्रदेश के मुख्य सचिव (सीएस) अनुराग जैन और डीजीपी को नोटिस देकर जवाब मांगा था। नोटिस गृह विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग को भी दिए गए। याचिकाकर्ता ओपी यादव ने जबलपुर शहर के सिविल लाइन, लार्डगंज, मदनमहल और विजय नगर थाने में बने मंदिरों की फोटो भी याचिका में लगाई। उन्होंने बताया था कि पुलिस अफसर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। कई थानों में अंग्रेजों के समय बने हनुमान मंदिरप्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे थाने भी हैं, जहां अंग्रेजों के समय से मंदिर बने हैं। जबलपुर में ही कोतवाली थाना परिसर में बना हनुमान मंदिर 150 वर्ष पुराना है। इस मंदिर का निर्माण अंग्रेजी शासन काल में सैनिक पद पर रहने वाले पंडित नाथूराम व्यास द्वारा कराया गया था। इसी तरह मंडला, कटनी, रीवा, सागर, बालाघाट, बैतूल में भी कई थाने हैं, जो अंग्रेजों के समय के हैं। उप पुलिस अधीक्षक मदन मोहन समर कहते हैं कि ब्रिटिश सरकार की सैन्य और पुलिस छावनी में मंदिर और दूसरे धार्मिक स्थल बनाए जाने की परिपाटी शुरू हुई थी। थानों में जो मंदिर बने हैं, वह ज्यादातर आवासीय परिसर में बने हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रदर्शन: रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग, आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोका

Demonstration of Madhya Pradesh Congress: Police barricading at Roshanpura intersection, stopped the coming Congress leaders. राजधानी भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी पहुंची MP Congress Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस का विधानसभा का घेराव का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को एमपी कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेशभर के हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। अभी भोपाल के जवाहर चौक इलाके में सभा चल रही है। इसके बाद कांग्रेस के नेता हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा की ओर कूच करेंगे। उनको रोकने के लिए पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रखी है। यहां वाटर कैनन भी मौजूद है। वहीं दूसरे जिलों से आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने भोपाल से लगी सड़कों पर भी बैरिकेड्स लगा रखे हैं। राजगढ़ जिले से आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो जिला पंचायत अध्यक्ष चन्दर सिंह राजगढ़ की अधिकारियों से बहस हो गई। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। मनोज परमार के बच्चों की करेंगे मदद: सज्जन कांग्रेस की सभा में सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- मणिपुर जल रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं लेकिन वहां हिंदू मारे जा रहे हैं। वर्मा ने कहा कि मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा ने बीजेपी और ईडी के दबाव में आत्महत्या कर ली। आज बीजेपी के लोग उन बच्चों को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। मैं कल अपने पार्टी के तमाम साथियों से मदद लेकर एक बड़ी गुल्लक उन बच्चों को देने जाऊंगा। ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए और भविष्य में तकलीफ न हो। रावत को लेकर जयवर्धन का तंज पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने लाड़ली बहन योजना की राशि 1250 रुपए में एक रुपया भी नहीं बढ़ाया। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने लाड़ला नेता योजना शुरू की। उस लाड़ला योजना के सबसे पहले लाभार्थी बने रामनिवास रावत। रामनिवास बीजेपी में गए लेकिन विजयपुर की जनता ने, माताओं-बहनों ने गरीब आदिवासी मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा पहुंचा दिया। बीजेपी के लाड़ले नेता रामनिवास जी को घर बैठा दिया। बीजेपी सरकार चीन का लहसुन खिला रही कांग्रेस की सभा में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा- आज बांग्लादेश के जरिये चीन का लहसुन हमारे यहां आ रहा है। बीजेपी सरकार के राज में हमें चीन का लहसुन खिलाया जा रहा है। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा। मैं जब ऊर्जा मंत्री था, कांग्रेस की सरकार 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देती थी। आज 1500 रुपए में 100 यूनिट बिजली मिल रही है। किसानों पर फर्जी केस लगाए जा रहे हैं। आज एकजुट होकर इस भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ना है। अलका लांबा बोलीं- सरकार को घुटने पर लाएंगे महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी प्रदर्शन स्थल पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बने हुए एक साल के ऊपर हो गया है। आधी आबादी यानी महिलाओं से सुरक्षा का वायदा था। एक साल में कितनी बहनें सुरक्षित हुईं? रीवा में इनको जिंदा गाड़ने की हिम्मत दबंगों ने दिखाई है। उज्जैन में नाबालिग बेटी को लहूलुहान हमने देखा है। बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कौन सी बहन को साढ़े 400 रुपए में गैस सिलेंडर मिल रहा है, जिसकी गारंटी मोदी जी ने दी थी। महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा इन मुद्दों पर हम सरकार को घुटनों पर लाएंगे। अपना समय भी आएगा : कमलनाथ कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ है। नौजवानों, समझ लो। आज आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि इस राजनीतिक परिवर्तन को आप पहचानिए। जब तक आप घर-घर नहीं जाएंगे, हम बीजेपी से कभी मुकाबला नहीं कर पाएंगे। हमारा कर्तव्य है कि इस राजनीतिक परिवर्तन को पहचानें और उस हिसाब से काम करें। मुझे विश्वास है कि आप निराश नहीं होंगे। कमर ठाने रखिएगा। अपना समय भी आएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- प्रदेश की तस्वीर आप सभी के सामने है। आज बड़े दुख के साथ मुझे कहना पड़ता है कि मध्य प्रदेश की पहचान घोटाला प्रदेश की है। हर क्षेत्र में घोटाला। नौजवानों के रोजगार में घोटाला। किसानों के बीज-खाद में घोटाला। जहां देखो घोटाला-घोटाला। आज हमारे कृषि क्षेत्र में कितनी समस्या है। एक बात याद रखिएगा कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था 70 प्रतिशत कृषि क्षेत्र पर आधारित है। अगर कृषि क्षेत्र डूबता है तो पूरा प्रदेश डूबता है। रात में हटाए गए होर्डिंग शहर में कांग्रेस के प्रदर्शन के जगह जगह होर्डिंग भी लगाए गए हैं। 15 दिसंबर, रविवार रात को नगर निगम के अमले ने कुछ जगहों से होर्डिंग भी हटाए हैं। इसे लेकर विवाद की छुटपुट घटनाएं भी हुई। कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस की हैं ये मांगें?

मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र 2024 रहेगा हंगामेदार , सरकार को घेरने कांग्रेस ने की तगड़ी तैयारी

Madhya Pradesh Assembly session will be noisy, Congress made strong preparations to corner the government भोपाल ! मध्यप्रदेश विधानसभा का सोमवार से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं. 5 दिन चलने वाले इस शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सरकार सदन में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. यह अनुपूरक बजट करीबन 20 हजार करोड़ का हो सकता है. उधर सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. सदन के अंदर सरकार को घेरने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधायक दल की बैठक बुलाई है. कांग्रेस ने बनाई सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति कांग्रेस ने सत्ता पक्ष को घेरने के लिए भरपूर तैयारियां की हैं. कांग्रेस विधायकों ने किसान, बिगड़ती कानून व्यवस्था, जल जीवन मिशन में गड़बड़ी, अधिकारियों के तबादलों जैसे कई मुद्दों को लेकर कई सवाल उठाए हैं. कांग्रेस आष्टा आत्महत्या मामले और विधायक निर्मला सप्रे के इस्तीफे को लेकर भी सरकार को घेरेगी. शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने कुल 1766 सवाल लगाए हैं. इसमें 1070 सवाल ऑनलाइन और 696 ऑफलाइन सवाल पूछे गए हैं. इनमें तारांकित प्रश्न 888 और अतारांकित सवाल 878 हैं. सत्र में करीबन एक दर्जन विधेयक पेश होंगे विधानसभा सत्र के दौरान सरकार करीबन एक दर्जन विधेयक पेश करेगी. विधानसभा सत्र के लिए जारी कार्ययोजना के अनुसार 16 दिसंबर के पहले दिन सत्र शुरू होने पर प्रश्नोत्तर काल होगा और इसके बाद अलग-अलग विभागों के आधा दर्जन विधेयक पेश किए जाएंगे. 17 दिसंबर को प्रश्नकाल के बाद प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा. इस पर चर्चा 18 दिसंबर को होगी और इसी दिन विनियोग विधेयक 2024 पेश किया जाएगा. कांग्रेस ने रणनीति बनाने बुलाई बैठक उधर, कांग्रेस ने विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है. इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति के अलावा विधानसभा घेराव को लेकर भी चर्चा होगी. बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित सभी कांग्रेस विधायक मौजूद होंगे. निर्मला सप्रे के शामिल होने पर संशय विधानसभा में बीना विधायक निर्मला सप्रे के शामिल होने पर संशय है. कांग्रेस ने विधायक सप्रे को कांग्रेस खेमे में बैठाने से इंकार किया है. कांग्रेस ने मान लिया है कि निर्मला सप्रे अब पार्टी में नहीं हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की विधानसभा की सदस्यता निरस्त को लेकर जुलाई में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को आवेदन दिया था, लेकिन उनकी सदस्यता समाप्त करने को लेकर स्पीकर ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. कांग्रेस ने इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है.

मध्य प्रदेश की सड़कों पर फिर दिखेंगी जल्द सरकारी बसें फर्राटे भरते

Government buses will soon be seen again on the roads of Madhya Pradesh. मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एकदम से चरमरा गई है। दो दशक पहले जहां सड़कों पर राज्य परिवहन निगम की बसें फर्राटे भरती दिखाई देती थी वहीं अब निजी बसों का बोलबाला है। तनाकुलित तथा स्लीपर कोच बसें तक प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही है। राज्य परिवहन की बसें प्रदेश के विभिन्न शहरों को जोड़ने के अलावा दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक यात्रियों को लाती ले जाती थी। भोपाल। राज्य परिवहन निगम की इन बसों में जहां किराया वाजिब था तो वहीं विशिष्ट जनों व पत्रकारों के लिए पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती थी। राज्य परिवहन निगम के संचालक मंडल में पहले नेताओं को रखा जाता था और अध्यक्ष का पद नौकरशाहों के जिम्में में होता था। एक बार का दिलचस्प वाकया है तब राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष एक नौकरशाह थे किसी पत्रकार ने अनौपचारिक चर्चा में उनसे पूछ लिया कि आपने बसों में यात्रा कब से नहीं की तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया था की आखिरी बस यात्रा 15 साल पहले की थी, इस चर्चा के बाद अध्यक्ष महोदय ने समस्त डिपो प्रबंधकों को यह निर्देश दिया कि वह महीने में दो बार बसों में यात्रा करें और यात्रियों से फीडबैक ले कर व्यवस्था सुचारू करें। इसके साथ ही अध्यक्ष ने स्वयं भी हर महीने बस में सफर करना शुरू कर दिया बाद में राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष पद पर नेताओं को पदस्थ किया जाने लगा और यही से पूरे सिस्टम में दीमक लगना शुरू हो गया। जिन डिपो प्रबंधकों को राज्य परिवहन निगम अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष से अच्छी सेटिंग होती थी वहां मनमानियां करने लगे। दूसरे राज्यों में जाने वाली बसों में उन्ही ड्राइवर व कंडक्टरों को भेजा जाने लगा जो वापसी पर अच्छी खासी रकम उनको भेंट कर सके क्योंकि राज्य की सीमा पार करने के बाद टिकट चेकिंग का कोई डर नहीं, लोकल सवारियों लो और अपनी जेब गर्म करो वाला सिद्धांत चलता था। दूसरे राज्यों में स्थित राज्य परिवहन निगम के डिपो प्रबंधकों के रोस्टर पर अपने नाते रिश्तेदारों को रख लिया जो केवल वेतन लेते थे काम नहीं करते थे। राज्य परिवहन निगम के एक उपाध्यक्ष ने जब विधानसभा का चुनाव लड़ा तो डिपो प्रबंधकों ने उनके चुनावी खर्च में हिस्सेदारी की, किसी डिपो प्रबंधक ने पोस्टर का खर्च उठाया तो किसी ने विज्ञापनों के लिये भुगतान किया। इस तरह की व्यवस्था ने तथा भ्रष्टाचार ने राज्य परिवहन निगम को खोखला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और आखिरकार 2005 में राज्य परिवहन निगम को बंद करना पड़ा हालांकि इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। राज्य परिवहन निगम बंद होने का फायदा निजी बस मालिकों ने उठाना शुरू किया यह वह समय था जब दिग्विजय सिंह की सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा था। दिग्गी सरकार घाटा बताती रही और भाजपा सरकार ने राज्य परिवहन निगम पर ही ताला लगा दिया और कुछ कर्मचारियों को वीआरएस देकर घर बैठा दिया तो कुछ कर्मचारियों को दूसरे विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया। खैर यह तो राज्य परिवहन निगम का हाल हुआ उधर निजी बस ऑपरेटर की मनमानी बढ़ने लगी। बस में क्षमता से अधिक यात्री भरना निर्धारित किराए से ज्यादा वसूलना, सवाल करने पर यात्रियों से बदसलूकी करना, यहां तक की मारपीट की नौबत आना इत्यादि। शहरी इलाकों में तो फिर भी ठीक-ठाक मगर ग्रामीण क्षेत्रों में हालत ज्यादा खराब हो गए और लोग परेशान हो गए। राज्य परिवहन निगम बंद हो जाने के बाद भी जिन राज्यों से अंतर राज्य समझौता था उनकी बसे एमपी में आती रही। निजी ऑपरेटर इनका भी विरोध करने लगे। बहरहाल अब मोहन यादव की सरकार ने लोगों की परेशानियों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को 19 साल बाद फिर से शुरू करने का संकेत दिया है तदनुसार लोक परिवहन सेवा का प्रारूप तैयार कर कैबिनेट में पेश किया जाएगा फिर उस पर अमल होना शुरू होगा वैसे अभी यह तय नहीं है कि लोक परिवहन का संचालन किस तरह होगा महाराष्ट्र का मॉडल अपनाया जाए या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर अमल किया जाए यह फैसला भी हो जाएगा।

फार्मर आईडी बनाने जिलों में लगाए जाएंगे शिविर, दस रुपए देगी सरकार

Camps will be organized in the districts for making Farmer ID, the government will give ten rupees भोपाल। राज्यों में कैंप लगाकर किसान आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसके अलावा हर आईडी बनाने पर केंद्र की ओर से राज्य सरकार को 10 रुपये दिए जाएंगे। दरअसल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्यों से किसान पहचान पत्र को तेजी से बनवाने के लिए कैंप लगाने को कहा है। किसान पहचान पत्र या किसान आईडी एक आधार से जुड़ी अनूठी डिजिटल पहचान है, जो राज्य के लैंड रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। इसके अलावा इसमें डेमोग्राफी, बोई गई फसल और जमीन के मालिकाना हक जैसी जानकारी भी होती है। किसान आईडी के माध्यम से बनाए गए डेटाबेस को किसान रजिस्ट्री के रूप में जाना जाएगा। यही वजह है कि केंद्र ने अब राज्यों से किसान आईडी देने के लिए कैंप-मोड अपनाने को कहा है।केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 27 नवंबर को इस संबंध में मध्यप्रदेश सराकर को एक पत्र भेजा था। केंद्र के पत्र के बाद आयुक्त भू-अभिलेख ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि राजधानी सहित प्रदेश भर में करीब 87 लाख 90 हजार किसानों की आईडी जनरेट होनी हैं, जबकि अकेले भोपाल में करीब 65 हजार किसानों की फार्मर आईडी बननी है। आयुक्त भू-अभिलेख अनुभा श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फार्मर आईडी क्रियेशन के लिए राज्यों को इंसेंटिवाइज करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस स्कीम घोषित की गई है।फार्मर आईडी क्रियेशन कार्य यथाशीघ्र पूर्ण करने की दृष्टि से इसे राजस्व महाअभियान 3.0 में भी शामिल किया गया है। फार्मर आईडी जनरेट करने की कार्रवाई अभियान के रूप में पूर्ण करने के लिए कैम्प आयोजित कर शीघ्र कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दिए हैं। भारत सरकार द्वारा प्रति कैप राशि 15000 रुपए तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी। इसकी प्रक्रिया भी केंद्र सरकार के निर्देश में विहित की गई है। इन कागजों की होगी जरूरत जरूरत इसके लिए आपको आधार कार्ड की कॉपी, जमीन की जानकारी के लिए नकल की कॉपी, फसल के नाम, किस्में, बोनी का समय, बैंक पासबुक की डिटेल देनी होगी। हमेशा ध्यान रखें कि आधार नंबर और मोबाइल नंबर देते समय उसे चेक कर लें। आधार नंबर 12 अंकों का और मोबाइल नंबर 10 अंकों का होना चाहिए। इस तरह से मुहैया कराई जाएगी राशि प्रदेश में फार्मर आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसमें गांवों में क्लस्टर से पीएम किसान डाटाबेस अनुसार कम-से-कम 50 फीसदी किसानों को रजिस्टर करना होगा। पहली किश्त 5000 रुपए प्रथम 15 फीसदी किसान आईडी जनरेट करने पर, दूसरी किश्त 5000 रुपए आगामी 15 प्रतिशत आईडी जनरेट करने पर और तीसरी किश्त 5000 आगामी 20 फीसदी फार्मर आईडी जनरेट करने पर प्राप्त होगी। प्रति फार्मर आईडी जनरेशन पर राशि 10 रुपए राज्य को प्राप्त होगी। यह राशि राजस्व महाअभियान 3.0 में फार्मर आईडी व खसरा आधार लिकिंग के लिए नियत कर्मचारी को दी जाएगी। ऐसे बनेंगे किसान आईडी इसके लिए किसानों को खुद का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन में गांव के पटवारी या सर्वेयर से किसान संपर्क कर सकते हैं। राजस्व का मैदानी अमला किसानों की किसान पहचान पत्र के लिए रजिस्ट्रेशन में मदद करेंगे। आप चाहें तो यह काम खुद भी कर सकते हैं। यह काम मोबाइल से कम्प्यूटर से भी किया जा सकता है। इसमें दी गई लिंक पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करें और कैप्चा कोड भरना होगा। इसके बाद आपको नया यूजर अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनने के बाद आपका किसान आईडी के लिए रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।

रातापानी टाइगर रिजर्व के संरक्षण के लिए निकाली बाइक रैली, CM ने की शुरुआत, रणदीप हुड्डा भी रहे शामिल

Bike rally taken out for the conservation of Ratapani Tiger Reserve, CM started it, Randeep Hooda also participated रातापानी जंगल के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष बाइक रैली का आयोजन किया गया। “विरासत से विकास” अभियान के अंतर्गत यह रैली कोलार रोड स्थित गोल जोड़ चौराहे से शुरू हुई। रैली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अभिनेता रणदीप हुड्डा ने भी भाग लिया और अभियान की सराहना की। अभियान के दौरान अभिनेता रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि मैं कुरुक्षेत्र की धरती से आता हूं, जहां भगवान श्री कृष्ण ने अन्याय के खिलाफ संदेश दिया। आज मैं उस प्रदेश में हूं, जहां भगवान ने शिक्षा पाई और जहां जल, जंगल और गायों की सुरक्षा का संदेश दिया गया। रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री कृष्ण के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने जो कार्य किए हैं, वह सराहनीय हैं। विशेषकर जंगलों और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता प्रशंसा योग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर वीर सावरकर की तारीफ करते हुए कहा कि वीर सावरकर को दो बार कालापानी की सजा हुई, लेकिन वे कभी नहीं झुके। उनका आदर्श आज भी हमें प्रेरणा देता है। रातापानी टाइगर रिजर्व से एक नई इबारत लिखी जाएगी, जहां टाइगर का संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “जंगल का राजा टाइगर ही होता है, क्योंकि टाइगर अपने पराक्रम से शिकार करता है। टाइगर रिजर्व की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह न केवल प्रदेश के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस टाइगर रिजर्व के उद्घाटन के लिए बाइक रैली का आयोजन रोजगार और प्रदेश को गौरव देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भोपाल और आसपास के क्षेत्र में भूगर्भीय परिवर्तन के कारण प्राचीन चित्रकला और अन्य ऐतिहासिक धरोहरें भी पाई जाती हैं। सीएम ने कहा कि भोपाल एक ऐसी राजधानी जिसके आंगन ने अपना टाइगर रिजर्व बना है।

भोपाल, छतरपुर समेत 28 जिलों में शीतलहर: एमपी में अगले 4 दिन कड़ाके की सर्दी

Cold wave in 28 districts including Bhopal, Chhatarpur: Severe cold in MP for next 4 days भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक कड़ाके की सर्दी पड़ने का अलर्ट है। शुक्रवार को भोपाल, जबलपुर समेत 28 जिलों में कोल्ड वेव (शीतलहर) चलेगी। रात के साथ दिन भी ठंडे रहेंगे। पहाड़ों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से सर्द हवा चलना इसकी वजह है। इंदौर और उज्जैन में थोड़ी राहत रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, ‘शुक्रवार को जबलपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, सिवनी, नर्मदापुरम में सर्द हवा चलेगी। भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, नीमच, विदिशा, सीहोर, रायसेन, कटनी, सीधी में कोल्ड-डे और सर्द हवाएं दोनों का असर रहेगा। मंडला, मंदसौर, रतलाम, बैतूल, नरसिंहपुर में कोल्ड डे यानी ठंडा दिन रहेगा।’ उधर, कड़ाके की ठंड पड़ने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल गई है। स्कूल 1 घंटे बाद 9 बजे से लग रहे हैं। भोपाल के वन विहार, इंदौर, ग्वालियर के जू में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के जतन हो रहे हैं। इस बार पहले पखवाड़े में ही कड़ाके की ठंड इस साल दिसंबर की सर्दी ने ट्रेंड बदल दिया है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड और ट्रेंड देखें, तो दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में कड़ाके की ठंड पड़ती रही है, लेकिन इस बार पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का असर है। भोपाल और इंदौर की रात तो पिछले 2 साल में सबसे ठंडी रही है, यानी दिसंबर की ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है। नवंबर में भी सर्दी तोड़ चुकी रिकॉर्ड नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। अब दिसंबर में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

चुनावी प्रक्रिया पर शिवराज सिंह ने उठाए सवाल, बोले- चुनावों से देश हो रहा बर्बाद

Shivraj Singh raised questions on the electoral process, said – the country is being ruined by elections. विदिशा ! केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को विदिशा पहुंचे. जहां उन्होंने विदिशा को कृषि और बागवानी का मॉडल बनाने की बात कही. वहीं देश में बार-बार होने वाले चुनावों को लेकर शिवराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश में लगातार चुनाव होने के कारण समय, ऊर्जा और धन की बर्बादी होती है. देश में एक चुनाव खत्म होता है, तो दूसरा शुरू हो जाता है. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री सभी चुनाव प्रचार में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित होता है. विदिशा की जनता ने दिया समर्थन शिवराज सिंह ने “एक देश एक चुनाव” अभियान की शुरुआत करते हुए विदिशा की जनता से इस विचार का समर्थन करने की अपील. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके साथ हाथ उठाकर इस अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. चौहान ने संविधान में संशोधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एक बार में चुनाव हो ताकि बाकी समय देश के विकास पर ध्यान दिया जा सके. प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में प्राकृतिक खेती को अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, “केमिकल फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड्स के अत्यधिक उपयोग ने जमीन की उपजाऊ क्षमता को खत्म कर दिया है. इससे न केवल इंसान बल्कि पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं. कई उपयोगी कीट-पतंगे जैसे केंचुए, जो धरती के डॉक्टर कहे जाते थे आज विलुप्त होने की कगार पर हैं.” शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे विदिशा जिले से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक खेती नहीं अपनाई गई, तो आने वाली पीढ़ियां धरती पर रहने लायक परिस्थितियां नहीं पाएंगी.”

हर जिले में साइबर थाना, हर थाने में हेल्प डेस्क… फ्रॉड करने वालों की खैर नहीं

CM Mohan Yadav’s action plan: Cyber ​​police station in every district, help desk in every police station… fraudsters are in trouble मध्य प्रदेश के हर जिले में अब साइबर पुलिस स्टेशन खुलेंगे और हर थाने में हेल्प डेस्क बनेगी। अब तक यह सुविधा सिर्फ भोपाल में थी। अन्य जिलों में पुलिस थानों में साइबर ठगी की शिकायतें लिखी जाती थीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के आदेश के बाद यह फैसला लिया गया है। भोपाल ! मध्य प्रदेश में साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब हर जिले में एक साइबर थाना और हर थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क होगी।यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इस साल जनवरी से अब तक 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है। अभी तक सिर्फ भोपाल में ही एक साइबर थाना था, बाकी जिलों में साइबर क्राइम के मामले क्राइम ब्रांच में दर्ज होते थे। एक साल पहले आ गया था प्रपोजल साइबर हेल्प डेस्क बनाने का प्रस्ताव तो एक साल पहले ही आ गया था, लेकिन बजट नहीं होने की वजह से इस पर काम नहीं हो पाया था। अब राज्य साइबर मुख्यालय ने इसके लिए शासन से बजट की मांग की है और उम्मीद है कि जल्द ही यह सुविधा सभी जिलों में शुरू हो जाएगी। पुलिसकर्मियों को मिलेगी ट्रेनिंग पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि साइबर हेल्प डेस्क में एक पुलिसकर्मी को साइबर क्राइम की जांच के लिए ट्रेनिंग देकर तैनात किया जाएगा। यह पुलिसकर्मी लोगों की शिकायतें सुनेगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें साइबर थाने भेजेगा। इस साल में 250 करोड़ की ठगी साइबर क्राइम के मामलों में पिछले कुछ सालों में काफी तेजी आई है। पिछले पांच सालों में साइबर क्राइम की शिकायतें पांच हजार से बढ़कर तीन लाख से ज़्यादा हो गई हैं। साइबर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है। दूसरे देशों से ठगी कर लेते हैं लोग साइबर पुलिस के मुताबिक, दूसरे देशों में बैठे लोग भी इस तरह के अपराध में शामिल हैं। साइबर थाने बनने से साइबर कानून के जानकार पुलिसकर्मी तैनात किए जा सकेंगे। इससे अपराध की घटनाओं पर कार्यवाई में तेजी आएगी। जांच से लेकर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने तक का काम समय पर और अच्छी तरह से हो सकेगा। मध्य प्रदेश में बढ़े हैं ऐसे मामले मध्य प्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है, इसलिए हर जिले में एक अलग साइबर थाने की सख्त ज़रूरत है। उम्मीद है कि इससे साइबर अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और लोग साइबर ठगी से बच सकेंगे।

भोपाल बस स्टैंड से 16 क्विंटल मावा जब्त, ग्वालियर से भोपाल लाया जा रहा था मावा

16 quintal mawa seized from Bhopal bus stand, mawa was being brought from Gwalior to Bhopal. राजधानी भोपाल के आईएसबीटी बस स्टैंड से खाद्य विभाग की टीम ने 16 क्विंटल मावा जब्त किया है. बताया जा रहा है यह मावा ग्वालियर से लाया गया था. बता दें कि दीपावली पर्व के चलते बड़ी संख्या में राजधानी भोपाल में ग्वालियर-चंबल के रास्ते मिलावटी मावा लाया जा रहा है. दो दिन पहले भी भोपाल रेलवे स्टेशन से 9 क्विंटल मावा जब्त किया गया था. दीपावली पर्व के दौरान बड़ी संख्या में मिठाईयों की खपत होती है. इसके लिए भोपाल में आगरा-ग्वालियर सहित अन्य शहरों से नकली मावा मंगाया जाता है. भोपाल में मिलावटी नकली मावा को लेकर पुलिस व खाद्य विभाग की टीम भी अलर्ट है. रेलवे स्टेशन व बस स्टेशनों पर विशेष नजर रखी जा रही है. महज चार दिन में ही पुलिस व खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए 25 क्वीटंल मावा जब्त किया है. दुकानों से जांच के लिए सैंपल रविवार (27 अक्टूबर) को राजधानी भोपाल में खाद्य विभाग की टीम ने 9 दुकानों से सैंपल लिए. वरिष्ठ अधिकारी देवेन्द्र वर्मा के अनुसार टीम द्वारा हमीदिया रोड, न्यू मार्केट और बैरागढ़ सहित नेहरू नगर स्थित मंगलम स्वीट्स से पिस्ता बर्फी तथा मिल्क केक, मंगलम रेस्टोरेंट से काजू कतली, आशा फूड जोन से मलाई टिकिया तथा मलाई बर्फी के सैंपल लिए गए. 14 दिन में आएगी जांच की रिपोर्ट न्यू मार्केट स्थित बृजवासी स्वीट्स से मिल्क केक तथा मलाई बर्फी और भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक-1 के सामने स्थित मां शारदा स्वाद संसार से मिल्क रोल तथा मलाई बर्फी के सैंपल लिए गए हैं. पंजाब डेयरी उद्योग से मावा तथा घी के सैंपल लिए गए हैं. खाद्य अधिकारियों के अनुसार लिए गए सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए, जिनकी रिपोर्ट 14 दिन में आएगी, अनियमितताएं मिलने पर प्रकरण दर्ज किए जाएंगे. दो दिन पहले भी जब्त हुआ था मावा दीपावली पर्व को लेकर राजधानी भोपाल में अन्य शहरों से बड़ी संख्या में दूषित मावा आ रहा है. दो दिन पहले भी भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर लोडिंग ऑटो में 9.20 क्विंटल मावा जब्त किया गया था. बताया जा रहा है कि यह मावा आगरा स्टेशन से लाया गया था. वहीं 6 दिन पहले नर्मदापुरम से भी 300 क्विंटल मावा जब्त किया गया था. खाद्य अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि “हमें सूचना मिली थी ग्वालियर से मिलावटी मावा बस से भोपाल लाया जा रहा है हमारी टीम ने सुबह बस स्टैंड पहुंचकर बस में रखा मावा को जव्त कर लिया है बस ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है साथ ही मावे के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा.”

ओवरब्रिज निर्माण में तेजी, बैरागढ़ की दुकानें सर्विस रोड बनने के साथ हटने की तैयारी में

Acceleration in overbridge construction, Bairagarh shops preparing to move out with construction of service road आरओबी की डिजाइन में बदलाव के बाद लोगों के लिए संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन पहुंचने में भी सुविधा होगी। इसका एक हिस्सा स्टेशन पहुंचकर समाप्त होगा। इससे स्टेशन के दूसरे छोर से बैरागढ़ तरफ आने वालों को आसानी होगी। भोपाल। संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) के रेलवे फाटक क्रमांक 115 को फाटक मुक्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग यहां ओवरब्रिज का निर्माण करा रहा है। फाटक के पास के कुछ हिस्से का काम रेल प्रशासन कर रहा है। रेलवे ने अपने हिस्से का काम तेज कर दिया है। मार्च 2025 तक यहां से आवाजाही शुरू हो सकती है। यहां पर यह बता दें कि आरओबी की डिजाइन में बदलाव के बाद लोगों के लिए संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन पहुंचने में भी सुविधा होगी। इसका एक हिस्सा स्टेशन पहुंचकर समाप्त होगा। इससे स्टेशन के दूसरे छोर से बैरागढ़ तरफ आने वालों को आसानी होगी। थर्ड लेग के लिए अतिरिक्त आठ करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा की पहल पर हो रहे इस काम को रेल प्रशासन ने भी स्वीकृति दे दी है। अब नई डिजाइन के अनुसार ही काम किया जा रहा है।स्टेशन से जोड़ने की इसलिए पड़ी जरूरतभविष्य में संत हिरदाराम नगर स्टेशन का विस्तार होगा। ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ेंगे। ऐसे में आरओबी को स्टेशन से जोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही थी। रेल प्रशासन ने फरवरी 2025 तक अपने हिस्से का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। फरवरी माह में ही थर्ड लेग का काम पूरा होगा।सर्विस रोड बना तो होगी तोड़फोड़ओवरब्रिज का कुछ हिस्सा दुकानों तक पहुंच रहा है। ब्रिज के नीचे दोनों तरफ सर्विस रोड बनाने का प्रस्ताव है। रोड बना तो कई दुकानों का बड़ा हिस्सा टूट सकता है। पिछले दो साल से काम चल रहा है। इस कारण यहां का बाजार सुनसान हो चुका है। कारोबार पूरी तरह ठप है। व्यापारी कारोबार को लेकर चिंतित हैं। व्यवसायी राजकुमार आसूदानी, गुरमीतसिंह आदि ने लोक निर्माण विभाग से व्यापारियों को दूसरे स्थान पर जगह आवंटित करने की गुहार की है।

भोपाल : बड़े तालाब पर रोपैक्स सेवा शुरू करने का नितिन गडकरी का प्रस्ताव

Nitin Gadkari proposes to start Ro-Pax service on Bada Talab in Bhopal भोपाल । केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने भोपाल दौरे के दौरान बड़े तालाब में रोपैक्स (रो-रो फेरी) सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा। यह योजना मुंबई, गुजरात और ओडिशा जैसे शहरों की तर्ज पर तैयार की गई है, जहां पहले से ही रोपैक्स सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इस नई सेवा का उद्देश्य भोपाल के यातायात को सुगम बनाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और शहर के पर्यटन को एक नई दिशा देना है। रोपैक्स सेवा: एक क्रांतिकारी कदम भोपाल के बड़े तालाब में प्रस्तावित रोपैक्स सेवा से भदभदा से बैरागढ़ तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में यह दूरी सड़क मार्ग से तय करने में 30 मिनट से अधिक समय लेती है, जबकि रोपैक्स सेवा के माध्यम से यह यात्रा महज 5 से 10 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इस परियोजना पर 15 से 20 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव है। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या में कमी आएगी, जो यातायात के दबाव को कम करने में मदद करेगा। परियोजना के प्रमुख लाभ: 1. यातायात का सुधार और समय की बचत: मौजूदा समय में भदभदा से बैरागढ़ तक सड़क मार्ग से यात्रा करने में लगभग 17 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। रोपैक्स सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी तालाब के जरिए सीधा तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों का कीमती समय बचेगा। 2. पर्यावरण अनुकूल समाधान: इस सेवा से सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, जिससे वाहनों द्वारा उत्पन्न ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही, डीजल और पेट्रोल के उपयोग में भी कमी आएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 3. पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन: बड़ा तालाब भोपाल का एक प्रमुख आकर्षण है, और रोपैक्स सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक न केवल स्थानीय सुंदरता का आनंद ले सकेंगे, बल्कि तालाब के माध्यम से यात्रा का एक नया अनुभव भी प्राप्त करेंगे। 4. आर्थिक और सामाजिक विकास: इस परियोजना से न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। इसके अलावा, स्थानीय व्यापार और होटल उद्योग में भी वृद्धि होने की संभावना है। अन्य शहरों के अनुभव: एक सीख गडकरी ने बताया कि मुंबई, ओडिशा और गुजरात में पहले से ही रोपैक्स सेवा सफलतापूर्वक चलाई जा रही है। इन शहरों में इस सेवा ने न केवल यातायात का दबाव कम किया है, बल्कि लोगों को जल परिवहन के प्रति जागरूक भी किया है। इन स्थानों पर रोपैक्स सेवा के माध्यम से न केवल स्थानीय यातायात का संचालन आसान हुआ है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। भोपाल में इस सेवा को शुरू करने से ऐसे ही लाभ की अपेक्षा की जा रही है। परियोजना की प्रमुख चुनौतियाँ हालांकि रोपैक्स सेवा के कई फायदे हैं, लेकिन इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं: तालाब के जल स्तर का प्रबंधन: रोपैक्स सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बड़े तालाब का जल स्तर पर्याप्त होना आवश्यक है। सूखे के मौसम में तालाब का जल स्तर कम होने पर सेवा में रुकावट आ सकती है। पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन: जलमार्ग में चलने वाली फेरी सेवाओं से मछलियों और अन्य जलजीवों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका गहन अध्ययन आवश्यक है ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था: यात्रियों और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फेरी सेवाओं के संचालन में उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। अधिकारियों पर तंज और काम की गति अपने भाषण में नितिन गडकरी ने परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में लगने वाले समय पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार करने वाले अधिकारियों को पद्मश्री और पद्म विभूषण जैसे सम्मान दिए जाने चाहिए क्योंकि उनकी धीमी गति काम में देरी का कारण बनती है। उनका इशारा इस ओर था कि अगर योजनाओं को समय पर लागू किया जाए, तो लोगों को जल्द ही इसका लाभ मिल सकता है। रोपैक्स सेवा क्या है? रोपैक्स (रो-ऑन/रो-ऑफ) एक प्रकार की फेरी सेवा है जिसमें यात्रियों के साथ-साथ वाहन भी यात्रा कर सकते हैं। यह सेवा उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी होती है जहां जलमार्ग के जरिए यातायात का संचालन संभव है। वाहन सवार यात्री अपनी गाड़ी के साथ फेरी पर सवार हो सकते हैं और दूसरे किनारे पर उतर सकते हैं, जिससे सड़क यात्रा की तुलना में समय और ईंधन की बचत होती है। भोपाल में रोपैक्स की संभावनाएँ भोपाल के बड़े तालाब में रोपैक्स सेवा शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। यह सेवा न केवल सड़क यातायात को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, यह भोपाल को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।

राष्ट्रीय सरपंच संघ : 02 अक्टूबर 2024 को मध्यप्रदेश के प्रत्येक सरपंच महामहिम राष्ट्रपति को लिखेंगे पत्र : राजवीर सिंह तोमर

National Sarpanch Sangh: On 02 October 2024

National Sarpanch Sangh: On 02 October 2024, every Sarpanch of Madhya Pradesh will write a letter to His Excellency the President  भोपाल। मध्यप्रदेश के समस्त सरपंच त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के निर्वाचित प्रतिनिधि अपने अधिकारों को लेकर भोपाल में आयोजित पूर्व आन्दोलन 23 जुलाई 2024 को आन्दोलन किया गया था। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 15 दिवस का आश्वासन दिया था। आज दिनांक तक मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सरपंचों की जनहित मांगों पर कोई आदेश निराकरण नहीं किया गया। 02 अक्टूबर 2024 को मध्यप्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार के नाम देना है। जिसमें रजिस्ट्रर्ड पोस्ट के माध्यम से ग्राम पंचायत सचिव द्वारा डाक के माध्यम से भेजा जाएगा। जिसकी रसीद सचिव से प्राप्त करें। उसकी कॉपी वाटस अप पर क्षेत्रीय जिला अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी राष्ट्रीय सरपंच संघ पदाधिकारियों को भेजें। ज्ञापन की कॉपी पर ग्राम पंचायत सचिव की सील एवं हस्ताक्षर सहित प्राप्ति लें। महामहिम राष्ट्रपति महोदय का ज्ञापन का प्रारूप आपको भेजा जा रहा है इसके साथ ही माननीय प्रधानमंत्री, नेताप्रतिपक्ष लोकसभा, नेतासदन राज्यसभा, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं नेताप्रतिपक्ष मध्यप्रदेश को प्रतिलिपि अवश्य भेजें। समस्त मांगों का त्वरित निराकरण नहीं होता है जो दिनांक 18.10.2024 को गांव के मुख्य मार्गों पर ग्रामवासियों के साथ दोपहर 12:00 से 2:00 तक शांतिपूर्ण धरना एवं चक्काजाम करना है एवं पूर्ववत् में दिया गया ज्ञापन का पुनः स्मरणपत्र दिया जाए। इसके बाद भी यदि समस्या का निराकरण नहीं होता है तो राष्ट्रीय सरपंच संघ आगे की रणनिति तय करेगा।

आरोपों में फंसी मेसर्स मेंटना इन्फ्रासेल को दिया 5 हजार करोड़ से ज्यादा का ठेका

M/s Mentana Infracell, which is embroiled in allegations, was given a contract worth more than Rs 5000 crore

M/s Mentana Infracell, which is embroiled in allegations, was given a contract worth more than Rs 5000 crore  उदित नारायण  भोपाल। छिंदवाड़ा कॉम्लेक्स निर्माण में ठेका लेने वाली मेसर्स मेंटना इन्फ्रासेल हैदराबाद की कंपनी को करीब 1500 करोड़ का एडवांस में भुगतान करने सहित रीवा आदि कार्याें में 3 हजार करोड़ से अधिक का पेमेंट लेने के बाद भी काम शुरू नहीं करने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया। बाद में अफसरों की मिलीभगत के चलते कंपनी को क्लीनचिट दे दी गई और अब उसे चितावन तथा सीतापुर हनुमना प्रोजेक्ट 5 हजार करोड़ से अधिक में कराने का ठेका दे दिया गया है।   सूत्र बताते है कि हैदराबाद की मेंटना इन्फ्रासेल प्रायवेट लिमिटेड ने मप्र में तीन कंपनियां रजिस्टर्ड  करवा रखी हैं। यदि एक कंपनी किसी मामले में फंसती है तो दूसरी कंपनी के नाम पर ठेका ले लिया जाता है और ऐसा ही उसने पार्टनरशिप में काम लेकर किया है। जल संसाधन विभाग ने 11 सितंबर को जारी आदेश में टर्न-की पद्धति पर शिप्रा नदी पर चितावन परियोजना के तहत बांध निर्माण एवं प्रेशराइज्ड प्रणाली का ठेका मेसर्स एचईएस इंफ्रा हैदराबाद, इसमें कंपनी की 55 प्रतिशत भागीदारी तथा मेंटना इन्फ्रासेल की 45 प्रतिशत भागीदारी का काम 1335 करोड़ 82 लाख रुपए में आवंटित किया है। इन्हीं दोनों कंपनियों को सीतापुर हनुमना सिंचाई परियोजना अंतर्गत बीरबल बैराज एवं दाबयुक्त सिंचाई प्रणाली विकसित करने का ठेका 3 हजार 979 करोड़ में दिया गया है। यानि मप्र में घोटालों में शामिल कंपनी को बडे-बडे प्रोजेक्ट धड़ल्ले से दिए जा रहे हैं। पहले ब्लैकलिस्ट किया फिर दे दिया क्लीनचिट  तत्कालीन कमलनाथ सरकार के समय छिंदवाड़ा कॉम्लेक्स प्रोजेक्ट मंजूर किया गया था। यह कार्य करीब 6 हजार करोड़ में पूरा कराया जाना है। इसका ठेका जल संसाधन विभाग ने तत्कालीन समय में मेंटना इन्फ्रासेल को दिया था। अफसरों की मिलीभगत के चलते काम शुरू किए बिना ही कंपनी को 500 करोड़ रुपए एडवांस भुगतान कर दिया गया। इस गडबड़झाले को उठाने वाले छिदवाड़ा के भाजपा जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान सांसद बंटी साहू के आरोपों के बाद सरकार ने मेंटना कंपनी को क्लैकलिस्ट कर दिया। बाद में इसे क्लीनिचट देकर एक हजार करोड़ का फिर एडवांस भुगतान कर दिया गया। वहीं, इस मामले को विधायक दिनेश राय मुनमुन ने विधानसभा में 15 मार्च 2021 को उठाया था। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि हैदराबाद की मेंटना कंस्ट्रक्शन कंपनी को ज्वाइंट वैंचर में जल संसाधन विभाग द्वारा भुगतान में अनियमितता की शिकायतों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।    ईओडब्ल्यू में दर्ज है मामला   जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता रहे राजीव कुमार सुकलीकर के कार्यकाल में 7 सिंचाई परियोजनों के लिए मेंटना सहित अन्य ठेकेदारों को 3333 करोड़ रुपए का कार्य पूर्व भुगतान कर दिया था। बाद में सरकार बदलने पर इस मामले में ईओडब्यू में शिकायत दर्ज की गई। ईओडब्ल्यू ने शिकायत की जांच के आधार पर ठेकेदारों को 3333 करोड़ रुपए का कार्य पूर्व भुगतान करने के मामले में तत्कालीन प्रमुख अभियंता राजीव सुकलीकर, मुख्य अभियंता शरद श्रीवास्तव और तत्कालीन अधीक्षण यंत्री एवं प्रभारी मुख्य अभियंता शिरीष मिश्रा के खिलाफ जालसाजी एवं धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। ईओडब्ल्यू ने शुरूआती जांच में तीनों को आरोपी बनाया और ठेकेदारों को समयपूर्व भुगतान करने के मामले में संलिप्तता पाई। जांच एजेंसी ने प्रकरण से अचानक शिरीष मिश्रा का नाम हटा दिया। मोहन सरकार ने करीब छह महीने पहले सेवानिवृत्त हो चुके अधीक्षण यंत्री शिरीष मिश्रा को संविदा नियुक्ति देकर प्रमुख अभियंता बना दिया है। इधर, सरकार ने राजीव सुकलीकर के खिलाफ अभियोजन की अनुमति भी दे दी है।

नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किये मध्यप्रदेश ने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhya Pradesh has presented unique examples of cleanliness in urban and rural areas: Chief Minister Dr. Yadav

Madhya Pradesh has presented unique examples of cleanliness in urban and rural areas: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन को देश भर में व्यापक आंदोलन शुरू कर स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकार करने के जो लक्ष्य निर्धारित किये उन्हें प्राप्त करने में मध्यप्रदेश ने देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। स्वच्छता को सर्वोपरि मानते हुए इंदौर ने सफाई की जो अलख जगाई है, वह पूरे देश में उदाहरण बन चुकी है। इंदौर के नाम लगातार 7 बार देश को स्वच्छतम शहर बने रहने का रिकार्ड है। इंदौर ही देश का पहला वाटर प्लस शहर भी बना है और भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव का प्रदेशवासियों से आहवान मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान किया है कि सभी नागरिक संकल्प लें की न तो वे गंदगी फैलाएंगे और न किसी को फैलाने देंगे। अपने आसपास सफाई रखेंगे और लोगों को भी सफाई के लिए प्रेरित करेंगे, तभी सच्चे अर्थों में स्वच्छता ही सेवा अभियान सफल होगा। उन्होंने कहा कि हम सबको सफाई मित्र बनकर अभियान को सफल बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिन 17 सितम्बर से प्रांरभ हुए स्वच्छता ही सेवा अभियान में एक बार फिर मध्यप्रदेश पूरे जुनून के साथ जूट गया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति मंत्रीगण, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी और सामाजिक संगठनों के साथ नागरिक भी सजग होकर महती भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेशवासियों और हमारे सफाई मित्रों के मनोबल बढ़ाने के लिये राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भी अपने उज्जैन प्रवास के दौरान सफाई मित्रों से संवाद कर उन्हें सम्मानित किया और श्री महाकाल लोक परिसर में झाडू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। यह मध्यप्रदेश के लिये गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि स्वच्छता के सभी आयामों पर मध्यप्रदेश खरा उतर रहा है। राज्य सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक एवं खुले में मांस-मछली के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है। प्रदेश में जीरो वेस्ट को प्रोत्साहन देने के लिये नगरीय निकायों में जीरो वेस्ट इवेंट भी जारी किये जा रहे हैं। प्रदेश में 401 नगरीय निकायों में सूखे एवं गीले कचरे के प्र-संस्करण के लिये सेंट्रल कम्पोस्टिंग और मटेरियल रिकवरी के लिये इकाइयों की स्थापना की गयी है, जिनसे कम्पोस्ट खाद बनायी जा रही है। प्रदेश में 324 शहरों को सफाई मित्र सुरक्षित शहर घोषित किया गया है। साथ ही सफाई मित्रों की कार्यक्षमता संवर्धन के लिये समय-समय प्रशिक्षण भी आयोजित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि हाल ही में रीवा नगरपालिका निगम में 158 करोड़ 67 लाख रूपये की लागत से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट से प्रतिदिन 340 टन कचरे का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। साथ एक दिन में 6 मेगावाट बिजली भी उत्पन्न की जा रही है। सात हजार से अधिक कचरा संग्रहण वाहन प्रतिदिन घर-घर जाकर कचरा संग्रहित कर रहे हैं। प्रदेश के सभी गांव ओडीएफ हैं और अब तक 78 लाख 31 हजार व्यक्तिगत शौचालय और 16 हजार 900 से अधिक सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया जा चुका है। प्रदेश के 44 हजार से अधिक गांवों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, 48 हजार से अधिक ग्रामों को लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट और 41 हजार से अधिक ग्रामों को आडीएफ प्लस मॉडल बनाया गया है। स्वच्छता अभियान में हो रहे हैं अभिनव नवाचार प्रदेश में 17 सितम्बर से प्रारंभ हुए स्वच्छता ही सेवा अभियान में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की अलख जगाई जा रही है। हर स्तर पर नागरिकों को स्वच्छता संबंधी शपथ दिलाने के साथ प्रेरित भी किया जा रहा है। स्वच्छता-मित्रों को सम्मानित कर उनके हौंसले को बढ़ाना और उनके साथ सफाई कार्य करने के लिये मंत्रीगण और जन-प्रतिनिधि भी अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई कार्य में जुटे हुए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा नगर निगम क्षेत्र में सैनिक कैंटीन से नीम चौराहा तक बोडाबाग रोड पर श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया और सफाई-मित्रों को सम्मानित किया। रीवा के शासकीय एवं निजी शालाओं में स्वच्छता व्यवहार पर केन्द्रित कार्यक्रमों का आयोजन कर नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता लाई गई। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ग्वालियर नगर के लक्ष्मण तलैया क्षेत्र और मोनी बाबा आश्रम में झाडू लगाकर साफ-सफाई की और सफाई मित्रों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में बीएसएनएल कार्यालय परिसर में अधिकारी-कर्मचारी और नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलवाई। ग्वालियर सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने जन-प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ जिला चिकित्सालय परिसर में साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने अधिकारी कर्मचारियों के साथ कलेक्ट्रेट एवं अन्य कार्यालयों में झाडू लगाकर साफ-सफाई की। सागर में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने स्वच्छता पखवाड़े अंतर्गत सभी को स्वच्छता के लिये प्रेरित किया और जीरो वेस्ट थीम पर अभियान में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को वर्ष में 100 घंटे स्वच्छता के कार्य करने की शपथ भी दिलवाई। जबलपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सरपंचों के साथ स्वच्छता संवाद कर ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने में सक्रिय रूप से कार्य करने की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों का सम्मान कर उन्हें सेफ्टी किट प्रदान की। जबलपुर शहर में मोहल्ला सभाओं का आयोजन कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। इसी प्रकार प्रदेश के सभी जिलों में जन-भागीदारी के साथ स्वच्छता पखवाड़ा निरंतर जारी है। स्थानीय नागरिकों को अभियान से जोड़ने के लिये जन-प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर पर अनेक नवाचार भी कर रहे हैं, जिसके सफल परिणाम मानव जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। साथ ही स्वच्छता के प्रति जागी अलख से प्रदेश के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण-24 में बेहतर उपलब्धियां हासिल करेंगे।

मध्यप्रदेश, सौर ऊर्जा प्रदेश बनने की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhya Pradesh is moving towards becoming a solar energy state: Chief Minister Dr. Yadav

रीवा सौर परियोजना को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने केस स्टडी के रूप में किया शामिल Madhya Pradesh is moving towards becoming a solar energy state: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में जहाँ एक ओर विश्व की सबसे बड़ी रीवा सौर परियोजना स्थापित होकर शुरू हो चुकी है। इस परियोजना को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने केस स्टडी के रूप में शामिल किया है। वहीं दूसरी ओर ओंकारेश्वर में प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी पर दुनिया की सबसे बड़ी 600 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सोलर परियोजना भी विकसित की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न अंचलों में भी सौर ऊर्जा की कई छोटी-बड़ी परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में गुजरात के गांधी नगर में नवकरणीय ऊर्जा को लेकर हुई राष्ट्रीय समिट में अनेक उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में सोलर प्लांट लगाने की इच्छा जाहिर की है। राजधानी भोपाल में सरकारी भवनों और नागरिकों को अपने घर की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिये अभियान चलाया जायेगा। इन सभी प्रयासों से मध्यप्रदेश, सौर ऊर्जा प्रदेश बनने की अग्रसर हो गया है। आदर्श उदाहरण के रूप में पढ़ाया जा रहा है हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में दुनिया की सबसे प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में मध्यप्रदेश स्थित विश्व के सबसे बड़े रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर पार्क और प्लांट के उत्कृष्ट प्रबंधन, संचालन और सौर ऊर्जा उत्पादन को आदर्श उदाहरण के रूप में पढ़ाया जा रहा है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर प्लांट न सिर्फ़ विश्व का सबसे बड़ा प्लांट है, बल्कि विश्व में सबसे सस्ती दर पर व्यावसायिक उर्जा उत्पादन करने वाला प्लांट भी है। यहां से 3 रूपये 30 पैसे प्रति यूनिट बिजली अगले 25 सालों के लिए उपलब्ध हो सकेगी। मध्यप्रदेश में भरपूर सौर ऊर्जा है। यहां 300 से ज्यादा दिनों तक सूर्य का प्रकाश रहता है। विश्व बैंक के क्लीन टेक्नालॉजी फंड के माध्यम से वित्त पोषित देश की पहली सौर परियोजना है। आज विश्व के 10 सर्वाधिक बड़ी सोलर परियोजनाओं में से आधी भारत में है। रीवा सोलर पॉवर प्लांट इनमें से एक है। कैसे हुई शुरूआत भारत सरकार ने वर्ष 2014 में सोलर पार्क योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य सोलर पॉवर को बढ़ावा देना था। इस योजना में 500 मेगावाट क्षमता से ज्यादा की सोलर परियोजनाओं को सोलर पार्क में शामिल किया गया और उन्हें अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क कहा गया। केस स्टडी में बताया गया कि भारत में 4 लाख 67 हजार वर्ग मीटर बंजर भूमि आंकी गई है। इसका उपयोग सोलर प्लांट लगाने में किया जा सकता है। मध्यप्रदेश में 1579 हेक्टेयर जमीन का आंकलन किया गया, जिसमें 1255 हेक्टेयर बंजर जमीन सरकारी और 384 हेक्टेयर प्राइवेट जमीन शामिल है। इस प्रकार रीवा सोलर अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट बनने की शुरुआत हुई। रीवा सोलर पॉवर प्लांट की यात्रा दिलचस्प है। इसकी शुरुआत जून 2014 में बड़वार गांव में 275 हेक्टेयर जमीन आवंटन के साथ शुरू हुई। राज्य सरकार ने अप्रैल 2015 में रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट की स्थापना का अनुमोदन किया। दो महीने बाद रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड की स्थापना हुई, जिसमें म.प्र. ऊर्जा विकास निगम और एसईसीआई के साथ 50 -50 प्रतिशत का जॉइंट वेंचर स्थापित हुआ। इसके बाद बड़वार, बरसेटा देश, बरसेटा पहाड़, इतर पहाड़, रामनगर पहाड़ गांवों में 981 हेक्टेयर जमीन का आवंटन हुआ। वर्ष 2018-19 तक और भी गांव में उपलब्ध बंजर जमीन को परियोजना के लिए आवंटित किया गया। अप्रैल 2019 में दिल्ली मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन को पॉवर सप्लाई देना शुरू हुआ। जनवरी 2020 से पूरी तरह से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया।

भोपाल सांसद ने 110 पटवारी और राजस्व निरीक्षकों को हटाने की मांग, कलेक्टर को सौंपी सूची

Bhopal MP demands removal of 110 Patwari and Revenue Inspectors, submits list to Collector

Bhopal MP demands removal of 110 Patwari and Revenue Inspectors, submits list to Collector भोपाल ! भाजपा सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल जिले में 110 पटवारी और राजस्व निरीक्षकों को उनके पद से हटाने की सिफारिश की है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि इन अधिकारियों की लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती के कारण कार्यालय की बदनामी हो रही है। इस मामले में उन्होंने भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को एक विस्तृत सूची सौंपी है। सांसद ने की सख्त कार्रवाई की मांग सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि कार्यालय की छवि सुधर सके और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें। इस मांग को लेकर प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है और अब देखना होगा कि कलेक्टर इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या है मामला? सांसद आलोक शर्मा ने आरोप लगाया है कि कई पटवारी और राजस्व निरीक्षक (RI) 8 से 15 साल से एक ही हल्के में तैनात हैं, जबकि नियमानुसार तीन साल में उनका हल्का बदल दिया जाना चाहिए। सांसद ने कहा कि इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन इन्हें वल्लभ भवन के वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ है, जिससे इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। दी गई है हटाने की मांग की गई पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों की सूची

भोपाल कलेक्टर ने संबल योजना के नाम पर मांगी रिश्वत , जानें मामला

Exemption in the name of Sambal Yojana in Bhopal, know the matter

Collector in the name of Sambal Yojana in Bhopal, know the matter भोपाल ! वाट्सएप पर एक कॉल आता है। स्क्रीन पर लिखा है- कौशलेंद्र विक्रम सिंह। कॉल उठाते ही सामने से आवाज आई, हैलो, मैं कलेक्टर बोल रहा हूं, संबल योजना का फायदा चाहिए तो मेरे इस नंबर पर रुपए भेज दो। यह सुनकर कुछ लोग पैसे भेज भी देते हैं। एमपी की राजधानी भोपाल में साइबर ठगों ने कलेक्टर के नाम से लोगों से ठगी की। दरअसल, लोगों को भरोसा भी इसलिए हो गया क्योंकि यह कॉल उन ग्रामीणों को आए जो योजना के लाभार्थी हैं। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के नाम पर कुछ इसी तरह से साइबर ठग जालसाजी कर रहे हैं। कुछ ठगों ने कलेक्टर की फोटो की फर्जी आईडी बनाई है, ताकि लोगों को लगे कि वह सही में कलेक्टर ही हैं। कलेक्टर की फोटो आईडी लगा कर रहे ठगीसाइबर ठग संबल योजना की राशि डालने के नाम पर 3 हजार से 10 हजार रुपए तक मांग रहे हैं। भोपाल के फंदा जनपद क्षेत्र में ही 2-3 लोगों ने 10 हजार रुपए अकाउंट में ट्रांसफर भी कर दिए हैं। पैसे भेजने के बाद उन्हें अपनी गलती का पता चला। यह जानकारी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास भी पहुंची, जिसके बाद क्राइम ब्रांच के अफसरों को सूचित किया गया है। क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांचक्राइम ब्रांच इस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि पिछले हफ्ते से कलेक्टर की फर्जी आईडी से लोगों को कॉल के साथ मैसेज भेजे जा रहे हैं। हितग्राहियों को कॉल के अलावा मैसेज भी किए जा रहे हैं। बैरसिया जनपद क्षेत्र में भी फर्जी कॉल पहुंचे हैं। ऐसे हुआ खुलासाठगी के इस मामले का खुलासा जब हुआ तो जनपद स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को मैसेज किए गए हैं। जिसमें लिखा है- ‘सभी सचिव और जीआरएस मेरे भेजे गए इन नंबरों को देख लें। यह फर्जी आईडी से संबल योजना की राशि डालने के लिए फोन करता है। कृपया कोई भी इस पर ध्यान न दें। तत्काल रिपोर्ट करने को कहें या पास के थाने में रिपोर्ट करें। किसी भी परिस्थिति में कोई राशि न डालें। यह कलेक्टर के नाम से फर्जी फोन करता है।

भोपाल: हाईकोर्ट ने पटवारी पवन कुशवाहा की बर्खास्तगी पर लगाई रोक, ग्रामीणों में थी गहरी नाराजगी

Bhopal: High Court stayed the dismissal of Patwari Pawan Kushwaha, there was deep resentment among the villagers

Bhopal: High Court stayed the dismissal of Patwari Pawan Kushwaha, there was deep resentment among the villagers भोपाल । मध्यप्रदेश (20 सितंबर 2024) — मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में प्राकृतिक आपदा राहत राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं के चलते बर्खास्त किए गए पटवारी पवन कुशवाहा को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी सेवा समाप्ति के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद कुशवाहा के समर्थकों और उनके गांव के किसानों में खुशी की लहर है। क्या है मामला? पटवारी पवन कुशवाहा पर आरोप था कि उन्होंने वर्ष 2019, 2020 और 2021 में प्राकृतिक आपदा राहत राशि के वितरण में अनियमितताएं की थीं। कलेक्टर आगर ने इस मामले में जांच के बाद पवन कुशवाहा सहित तीन पटवारियों को दोषी ठहराते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया था।हालांकि, कुशवाहा ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्होंने सभी काम नियमानुसार और RBC 6.4 के तहत किए थे। कुशवाहा के वकील ने कोर्ट में यह तर्क दिया कि राहत राशि का वितरण किसानों की सहमति से किया गया था और इसमें कोई अनियमितता नहीं थी। ग्रामीणों का विरोध और धरना प्रदर्शन पवन कुशवाहा की बर्खास्तगी के बाद उनके गांव के किसानों में गहरी नाराजगी देखी गई थी। जब उन्हें पहले निलंबित किया गया था, तो किसानों ने नालखेड़ा तहसील कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया था। किसानों ने तहसीलदार को पवन कुशवाहा के समर्थन में ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उनके कार्यों की सराहना की गई थी। किसानों का कहना था कि पवन कुशवाहा ने हमेशा नियमों का पालन किया और उनके हित में काम किया। हाईकोर्ट का हस्तक्षेप पवन कुशवाहा की बर्खास्तगी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और आगामी सुनवाई तक सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले से पवन कुशवाहा को राहत मिली है, साथ ही उनके समर्थक और गांव के किसान भी इसे न्याय की दिशा में एक सही कदम मान रहे हैं।आगे की सुनवाई का इंतजार अब इस मामले की अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें यह तय होगा कि पवन कुशवाहा को पूरी तरह से बहाल किया जाएगा या नहीं। उनके साथ बर्खास्त किए गए बाकी दो पटवारियों के मामले भी हाईकोर्ट में लंबित हैं, जिनकी सुनवाई जल्द होने की उम्मीद है।इस मामले ने आगर-मालवा जिले में सरकारी तंत्र और स्थानीय प्रशासन के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं, खासकर तब, जब पवन कुशवाहा के काम से गांव के किसान पूरी तरह से संतुष्ट हैं।

जाति प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था का हो सरलीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

The system of making caste certificate should be simplified: Chief Minister Dr. Yadav

पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक बालिका छात्रावासों में आंरभ होगा मैस का संचालन और बनेंगी बाउण्ड्रीवॉलछात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की शाला में नियमित उपस्थिति का हो परीक्षणमुख्यमंत्री ने की पिछड़ा वर्ग-अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की समीक्षा The system of making caste certificate should be simplified: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था का सरलीकरण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था को भी जन-सुलभ बनाया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों में परस्पर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक बालिका छात्रावासों में मैस का संचालन आरंभ करने तथा बालिका छात्रावासों की सुरक्षा के लिए बाउण्ड्रीवॉल बनाने के निर्देश दिए। इन छात्रावासों में सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे। उन्होंने वर्ष 2024-25 में पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति भुगतान के लिए वर्तमान बजट प्रावधान के अतिरिक्त 560 करोड़ रूपए बजट के साथ ही छात्रवृत्ति के लिए पृथक पोर्टल को भी स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में पिछड़ा वर्ग-अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग की समीक्षा में यह निर्देश दिए। बैठक में विभाग की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप उद्यमिता और व्यवसायों का दिया जाए प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है, उनकी शाला में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के अंतर्गत लाभान्वित हुए विद्यार्थियों के प्रदेश को योगदान का भी आंकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजना के अंतर्गत संबंधित देश की भाषा में दक्षता के लिए प्रदेश के चयनित संभागों में आवश्यक व्यवस्था कर सघन प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही सरदार पटेल रोजगार प्रशिक्षण योजना और पिछड़ा वर्ग के परम्परागत व्यवसायों पर आधारित उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना में बाजार की मांग के अनुरूप व्यवसायों और उत्पादों पर फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्प-संख्यक उद्यम एवं स्व-रोजगार योजना के अंतर्गत गतिविधियों को विस्तार देने की आवश्यकता बताई। कंजर, सांसी, पारधी समुदायों के संबंध में पुलिस अधिकारियों की काउंसलिंग की जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि कंजर, सांसी, पारधी तथा अन्य समुदायों के युवाओं और अगली पीढ़ी को शिक्षा, उद्यमिता और विकास से जोड़ने के लिए शासकीय प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं को भी पहल करने के लिए प्रेरित किया जाए। पुलिस, होमगार्ड तथा सुरक्षा संबंधी सेवाओं में चयन के लिए इन समुदायों के युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंजर, सांसी, पारधी समुदायों के लिए औपनिवेशिक प्रभाव के परिणामस्वरूप उपयोग में लाए जाने वाले संबोधनों को त्यागने के लिए पुलिस अधिकारियों व मीडिया की काउंसलिंग की जाएं। विमुक्त, घुमन्तु अर्द्ध घुमन्तु जातियों को सांस्कृतिक और समुदाय की गतिविधियों के लिए सामुदायिक भवनों के निर्माण की स्वीकृति भी दी गई। बैठक में बताया गया कि विमुक्त घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु जातियों के सर्वे का कार्य भी शुरू किया गया है।

भोपाल में भारत बंद का मिला-जुला असर, कुछ दुकानें खुलीं, पुलिस भी हाई अलर्ट पर

Mixed effect of Bharat Bandh in Bhopal, some shops opened, police also on high alert

Mixed effect of Bharat Bandh in Bhopal, some shops opened, police also on high alert भोपाल ! सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी के आरक्षण में वर्गीकरण का आदेश दिया गया है. उसके विरोध में आज 21 अगस्त को भारत के सभी अनुसूचित जाति एवं जनजाति संगठनों द्वारा भारत बंद का अव्हान किया गया था. हालांकि एमपी के ज्यादातर शहरों में भारत बंद का मिला जुला असर ही देखा जा रहा है. ज्यादातर दुकानें खुली हैं तो कुछ दुकानें ही बंद हैं. इधर भारत बंद के आव्हान के बाद पुलिस भी अलर्ट है. पुलिस सोशल मीडिया पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं तो वहीं आमजनों से अफवाहों से बचने की अपील भी की गई. कांग्रेस विधायक बंद के समर्थन मेंग्वालियर में कलेक्टर ने मंगलवार की रात से ही धारा 144 लागू कर दी थी. वहीं ग्वालियर में कई स्कूलों ने आज छुट्टी घोषित कर दी थी. बता दें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के संगठनों का जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन भी समर्थन कर रहा है. कांग्रेस विधायक और जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा और भांडेर से कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया इस बंद के समर्थन में हैं. हालांकि कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट नहीं दिख रही है. पुलिस की आमजनों से अपील

आदिवासी युवक की पिटाई के मामले पर कांग्रेस ने मोहन सरकार सरकार को घेरा

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth भोपाल ! ट्रेनी अग्निवीर लूट का मास्टरमाइंड निकला और 50 लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया. वहीं, इंदौर में आदिवासी युवक के साथ हुई मारपीट की घटना सामने आई. इसको लेकर अब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर निशाना साधा है. एमपी कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. दूसरी तरफ, बीजेपी दोनों ही मामलों में कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीटइंदौर के भंवर कुवा थाना क्षेत्र में आदिवासी युवक के साथ बाइक को कट करने की बात को लेकर मारपीट की घटना हुई. आरोपी रितेश राजपूत के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. वह इलाके का लिस्टेड गुंडा है. उसके एक साथी के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं नहीं रोक पा रही है. उन्होंने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीट करने और जूते के फीते बँधवाने के मामले पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू के होने के बाद आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं उन्होंने ज़िले के प्रभारी मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी सवाल उठाए हैं। उमंग सिंघार ने लगाए आरोपये पूरी घटना सीसीटीवी में क़ैद हो गई सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस ने आदिवासी उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा है कि ‘इंदौर के भंवरकुआं इलाके में सड़क पर ठीक से न चलने की बात पर एक आदिवासी युवक के साथ अकारण मारपीट की गई। बदमाश ने आदिवासी युवक की पिटाई करने के साथ उससे अपने जूते के लेस भी बंधवाए। आश्चर्य है कि इस बदमाश पर दर्जनभर मुकदमें दर्ज हैं, फिर भी वो खुला घूम रहा था। इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद शहर में आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एमपी के गृहमंत्री का प्रभार सीएम के पास है और अब तो वे इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं। इसके बाद भी शहर में कानून व्यवस्था की हालत कैसी है, इसे समझा जा सकता है!

एमएफपी पार्क की दुर्दशा पर एएमडी अग्रवाल भड़के, बोले, पार्क वालों को…. संघ से बाहर कर दो

AMD Agrawal got angry on the plight of MFP park

AMD Agrawal got angry on the plight of MFP park, said, expel the park people from the union उदित नारायण भोपाल। लघुवनोपज संघ के प्रसंस्करण केंद्र (एमएफपी पार्क) की दुर्दशा, घटती उत्पादन और व्याप्त गड़बड़झाला के चलते अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मनोज अग्रवाल अत्यंत दुखी और व्यथित हैं। यही वजह रही कि शुक्रवार को एक बैठक में एमएफपी पार्क के सीईओ, उत्पादन प्रभारी प्रबंधक और अन्य अधिकारी- कर्मचारी  को देखकर भड़क गए। उन्होंने गुस्से में बोल गए कि एमएसपी पार्क वालों को…. संघ से बाहर कर दो। गनीमत यह रही कि दूसरी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अग्रवाल के व्यवहार को लेकर सोमवार को पार्क के अधिकारी-कर्मचारी ज्ञापन रोकने की तैयारी कर रहे हैं।  अंतर्राष्ट्रीय वन मेले की तैयारी को लेकर लघु वनोपज सहकारी संघ के एएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई। इस बैठक में पीजी फूलझेले, कार्यकारी संचालक, अर्चना पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी,  केके द्विवेदी सचिव, संजय मौर्य प्रबंधक वित्त, व्ही.एस. पिल्लई प्रबंधक,  सुनीता अहिवार उप प्रबंधक, प्रियंका बाथम उप प्रबंधक समेत 17 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित है। बैठक में अग्रवाल ने वन मेले की तैयारी संबंधित एजेंडा को दरकिनार करते हुए एसपी पार्क की दुर्दशा पर चर्चा करते हुए कहा कि अधिकारियों ने 20 साल की कड़ी मेहनत करके एमएफपी पार्क को यहां लाकर खड़ा किया कि उसकी पूरे देश में साख है। आप सभी ने उसे बर्बाद कर दिया कोई काम- धाम नहीं करते हो। बस इधर-उधर घूमते दिखाई देते हो। आज एक करोड़ का वर्क आर्डर मिला है लेकिन अभी तक उत्पादन शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद एएमडी अग्रवाल ने एमएफपी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए जो कहा उसको अक्षरश: लिखा नहीं जा सकता। यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि मनोज अग्रवाल की गुस्से में भाषा शैली जरूर अनुचित थी किन्तु बात शत-प्रतिशत सही है। कभी एमएसपी पार्क देश के 17 राज्यों में अपने आयुर्वेदिक उत्पाद विक्रय करता था। लेकिन गत 2 वर्षों में अनुभवहीन अफसर के हाथों में एमएफपी का संचालन, प्रशासनिक उदासीनता, उत्पादन मैनेजर की स्वेच्छाचारिता और गड़बड़ियों के चलते केंद्र को बहुत नुक़सान हुआ वर्ष 2023-24 में केवल 18 करोड़ का ही ऑर्डर मिला और अभी 2024-25 के वित्तीय वर्ष में केवल 1.8 करोड़ का आर्डर मिला है।  अग्रवाल को घेरने की तैयारी में पार्क के अधिकारी आईएफएस अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा बरखेड़ा पठानी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति अर्चना पटेल और श्रीमति अर्चना पटेल, रेंजर सुनीता अहिरवार, रेंजर प्रियंका बाथम, डॉ अनिल कुमार को भरी मीटिंग में सबके सामने दुर्व्यहार किए जाने के विरोध में सोमवार को ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं। इस ज्ञापन के मजमून को जातिसूचक रंग देने की कवायत चल रही है। इसके पहले भी वो ऐसा कारनामा कर चुके हैं, अर्चना पटेल को इतना प्रताड़ित किया गया था की वो अस्वस्थ हो गई थी और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा। ओबीसी संगठन मनोज अग्रवाल के कृत्य की घोर निन्दा करता है और मांग करता है कि इन्हें तत्काल यहां से हटाया जाए । अग्रवाल लघु वनोपज संघ में प्रतिनियुक्ति पर है। अनुभवहीनों के भरोसे विंध्या हर्बल्स की कमान लघुवनोपज संघ की इकाई लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र एमएसपी पार्क बरखेड़ा पठानी विगत 20 वर्षों से विंध्या हर्बल नाम से आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करता आ रहा है। विगत वर्षों में एमएसपी पार्क निरंतर प्रगतिशील रहा। एक समय था, जब एमएसपी पार्क देश के 17 राज्यों में अपने आयुर्वेदिक उत्पाद विक्रय करता था। लेकिन गत 2 वर्षों में अनुभवहीन अफसर के हाथों में एमएसपी का संचालन, प्रशासनिक उदासीनता, उत्पादन मैनेजर की स्वेच्छाचारिता और गड़बड़ियों के चलते केंद्र को बहुत नुक़सान हुआ वर्ष 2023-24 में केवल 18 करोड़ का ही ऑर्डर मिला और अभी 2024-25 के वित्तीय वर्ष में केवल 1.8 करोड़ का आर्डर मिला है जिसकी सप्लाई करना संस्थान को असंभव लग रहा है। अभी तक उत्पादन ही नहीं शुरू हो पाया है। इसकी वजह उत्पादन प्रभारी एसडीओ सुनीता अहीरवार का अधिकारियों के साथ समन्वय का न होना है। बताया जाता है कि सुनीता अहीरवार पार्क की सीईओ अर्चना पटेल को रिपोर्ट नहीं करती। वे सीधे एमडी बिभाष ठाकुर को रिपोर्टिंग करती है।  पिछले सीईओ प्रफुल्ल फ़ुलझेले से सुनीता की भ्रष्ट नीतिओं की जांच शुरू करने के वाद-विवाद के बाद हटा दिया गया था और अहिरवार के खिलाफ शुरू होने वाली जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

भोपाल एम्स में रोबोट करेंगे मरीजों का ऑपरेशन? एम्स प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

Will robots operate on patients in Bhopal AIIMS

Will robots operate on patients in Bhopal AIIMS? AIIMS administration released helpline number राजधानी भोपाल में मौजूद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स अब और भी हाईटेक होने जा रहा है. एम्स प्रबंधन 60 करोड़ की लागत से दो रोबोट खरीदने जा रहा है. ये रोबोट अकेले आने वाले मरीजों, ऑर्थोपेडिक और यूरोलोजी विभाग से जुड़े मरीजों के जटिल ऑपरेशन में मदद करेंगे. भोपाल ! संस्थान के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि यूरोलॉजी और ऑर्थोपेडिक मरीजों के जटिल ऑपरेशनों के लिए 60 करोड़ रुपये के दो नए रोबोट लाए जा रहे हैं, इससे इन दोनों विभागों की चिकित्सा की गुणवत्ता और बढ़ जाएगी. उन्होंने बताया कि एम्स, भोपाल में मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिले, इसके लिए अस्पताल को लगातार उन्नत किया जा रहा है, वहीं नई तकनीक की मदद से सतना और विदिशा मेडिकल कॉलेज के मरीजों का इलाज भी एम्स भोपाल से ही किया जा रहा है. रोबोट की मदद से ऑर्थोपेडिक और यूरोलोजी के जटिल ऑपरेशन किए जाएंगे. एक साल में साढ़े 10 लाख ओपीडी एम्स निदेशक डॉ. अजय सिंह के अनुसार एम्स में बढ़ी सुविधाओं का ही नतीजा है कि एक साल में 10 लाख 50 हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आए हैं. वहीं एम्स भोपाल, ई.कंसलटेंसी की मदद से प्रदेश के 50 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से जुड़ गया है. इसके तहत मरीज के इलाज के लिए एम्स और संबंधित सेंटर के डॉक्टर एक दूसरे से बात कर सकते हैं. यही नहीं, टेली आईसीयू के जरिए सतना और विदिशा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों का एम्स के डॉक्टर इलाज मुहैया करा रहे हैं. 200 वर्चुअल बेड का हो रहा संचालन अभी एम्स भोपाल 200 वर्चुअल बेड का संचालन कर रहा है. अब इससे जुडने के लिए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अस्पताल भी तैयार हैं. एम्स भोपाल की ओर से मरीजों की सुविधा के लिए मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं. किसी भी मरीज को इलाज में परेशानी होने पर वह 7773010099 और 9582559721 पर कॉल या व्हाट्सएप कर शिकायत कर सकते हैं.

पहली बार घायल शावकों को लाने के लिये एक डिब्बे की विशेष ट्रेन चली

For the first time, a special train of one compartment ran to bring the injured cubs.

For the first time, a special train of one compartment ran to bring the injured cubs. भोपाल। पहली बार सीहोर जिले के बुदनी मिडघाट पर ट्रैन एक्सीडेंट में घायल बाघिन के घायल शावकों को लाने के लिये एक डिब्बे की विशेष ट्रेन चलाई गई। विशेष ट्रेन से घायल शावकों को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पहले आरपीएफ थाने के सामने उन्हें उतार कर उपचार के लिए वन विहार में शिफ्ट किया गया। घायल शावकों के साथ ट्रैन में डीआरएम भोपाल, सीसीएफ भोपाल राजेश खरे, सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह और डीएफओ एमएस डाबर भी थे। मंगलवार को घायल शावकों को रेस्क्यू करने का नेतृत्व सीसीएफ राजेश खरे ने किया। सीसीएफ खरे ने रेलवे अधिकारियों से भी सहयोग मांगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए भोपाल डीआरएम अपने अधिकारियों के साथ एक डिब्बे की विशेष ट्रेन लेकर मिडघाट पहुंचे। दोनों घायल शावकों को ट्रेन से भोपाल लाकर वन विहार के वन्य प्राणी चिकित्सालय में भर्ती किया गया। दोनों घायल शावाकों का इलाज अभी चल रहा है। इस पूरी कार्रवाई में सीनियर डीओएम निरीश कुमार राजपूत, वन मंडल अधिकारी एमएस डाबर, एसडीएम राधेश्याम बघेल सहित राजस्व एवं वन विभाग की टीम उपस्थित रही। उल्लेखनीय है कि गत सोमवार 15 जुलाई को सुबह करीब 6 बजे सीहोर जिले के बुदनी के मिडघाट रेलवे ट्रैक पर बाघिन के तीन शावक ट्रेन की चपेट में आ गए थे। इस दुर्घटना में एक शावक की मृत्यु हो गई। दो शावक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही वन्य प्राणी चिकित्सकों की टीम घटना स्थल पर पहुंची। दोनों घायल शावकों की स्थिति को देखते हुए वहां इलाज संभव नहीं था। दोनों को इलाज के लिए वन्य प्राणी चिकित्सालय भोपाल में तत्काल भर्ती कराना जरूरी था।

महात्मा गांधी पर, कैलाश विजयवर्गीय ने कसा तंज

Kailash Vijayvargiya took a dig at Mahatma Gandhi इंदौर में आयोजित पत्रकारवार्ता में विजयवर्गीय ने कहा कि आज कांग्रेस एसटी, एससी और ओबीसी का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को दे रही है। कर्नाटक में यह ऐसा कर चुकी है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों, वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है, जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह बात कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को इंदौर में कही।

दलबदलू देवाशीष ने बिगाड़ा फूल सिंह का गणित, कड़े मुकाबले में फंसी संध्या

Defector Devashish spoils Phool Singh’s mathematics, Sandhya trapped in tough competition मुरैना। चंबल-ग्वालियर अंचल की मुरैना सीट की तरह भिंड में भी कांग्रेस के बागी ने चुनावी समीकरण प्रभावित कर दिए हैं। मुरैना में कांग्रेस के रमेश गर्ग बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं तो भिंड से कांग्रेस के टिकट पर पिछला लोकसभा चुनाव लड़ चुके देवाशीष जरारिया ने बागी होकर बसपा के हाथी की सवारी की है। दलबदलू देवाशीष के बसपा का प्रत्याशी घोषित हाेने से पहले तक भिंड का चुनाव कांग्रेस के पक्ष में जाता दिख रहा था। पहली वजह भाजपा सांसद संध्या राय की निष्क्रियता से लोग नाराज थे और दूसरा वे पड़ोस के जिले मुरैना से हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया भिंड जिले से हैं। 4 माह पहले भांडेर से विधानसभा चुनाव बड़े अंतर से जीते हैं और उनकी छवि बड़े दलित नेता की है। अचानक देवाशीष की बगावत और बसपा के टिकट पर मैदान में उतरने से कांग्रेस का गणित गड़बड़ाया है। माना जा रहा है कि देवाशीष कांग्रेस का ज्यादा नुकसान करेंगे। बसपा ने प्रचार तेज भी किया है हालांकि तब भी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है। भाजपा की संख्या कड़े मुकाबले में फंसी दिख रही हैं। हार के बाद भी सक्रिय रहे थे बागी देवाशीषकांग्रेस छोड़कर बसपा से चुनाव लड़ रहे देवाशीष लोकसभा का पिछला चुनाव बड़े अंतर लगभग दो लाख वोटों से हारे थे। लेकिर हार कर वे घर नहीं बैठे थे। क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे। वे पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के नजदीक हैं। लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काट दिया तो उन्होंने बगावत कर दी। गोविंद सिंह ने भी अपनी पहली प्रतिक्रिया में टिकट वितरण पर नाराजगी व्यक्त की थी। कांग्रेस में लगातार काम करने के कारण वे चुनाव में इस पार्टी को ही नुकसान पहुंचाएंगे। लोगों से बातचीत में भी वे वोट काटने वाले बताए जा रहे हैं। वे मुकाबले में नहीं रहेंगे लेकिन नुकसान कांग्रेस का करेंगे। इसलिए भी क्योंकि वे भी भिंड जिले से हैं, जहां से कांग्रेस प्रत्याशी बरैया हैं। विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग स्थितिदो जिलों भिंड और दतिया की विधानसभा सीटों को मिला कर बने इस लोकसभा क्षेत्र में कहीं भाजपा मजबूत दिखती है तो कहीं कांग्रेस। दतिया जिले की तीन सीटों में भांडेर से फूल सिंह खुद विधायक हैं इसलिए यहां कांग्रेस बढ़त में दिखती है। दतिया में कांग्रेस ने नरोत्तम मिश्रा जैसे दिग्गज को हराया था, इसलिए यहां भी पार्टी कमजोर नहीं है। सेवढ़ा में मुकाबला बराबरी का बताया जाता है। भिंड जिले की पांच विधानसभा सीटों में से तीन भाजपा और दो कांग्रेस के पास हैं। लेकिन कांग्रेस के फूल सिंह और बसपा के देवाशीष यहां के रहने वाले हैं। भाजपा के अपने तीन विधायक हैं ही। ऐसी स्थिति में तीनों दलों को इस जिले में अच्छे वोट मिल सकते हैं पर मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच ही होना तय है। क्षत्रिय भाजपा से नाराज, ब्राह्मण-वैश्य का समर्थनभिंड क्षेत्र के जातीय समीकरणों पर नजर डालने से पता चलता है कि यहां दलित, पिछड़े, क्षत्रिय, ब्राह्मण और वैश्य वर्ग के मतदाताओं का बोलबाला है। दलित मतदाताओं का ज्यादा हिस्सा कांग्रेस और बसपा के साथ दिखाई पड़ता है। क्षत्रिय भाजपा से नाराज हैं। भिंड जिले में इनकी तादाद ज्यादा है। इनका झुकाव कांग्रेस की ओर है। ब्राह्मण और वैश्य के साथ पिछड़े वर्ग की ज्यादा जातियां भाजपा के साथ दिखाई पड़ती हैं। कांग्रेस के फूल सिंह बरैया पहले बसपा के प्रदेश प्रमुख हुआ करते थे। उन्होंने अपना अलग दल बनाकर भी दलितों के बीच ज्यादा काम किया है। हालांकि उनके कई बयान विवादास्पद रहे हैं। इसकी वजह से ब्राह्मण समाज बरैया को पसंद नहीं करता। चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और हेमंत कटारे समाज का कितना वोट बरैया को दिला पाते हैं। यह देखने लायक होगा। कई नेता सक्रिय, कई का रुख साफ नहीभिंड लोकसभा सीट में कड़ी टक्कर के बीच कांग्रेस- भाजपा नेताओं की सक्रियता को लेकर भी चर्चा चलने लगी है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह पहले प्रत्याशी चयन को लेकर नाराज थे लेकिन अब सक्रिय नजर आ रहे हैं। फूल सिंह बरैया की नैया पार लगाने की जवाबदारी उनके कंधों पर ही है। उन्होंने ऐलान कर दिया है कि विधानसभा में हार का बदला इस चुनाव में लेंगे। चौधरी राकेश सिंह भी प्रचार में जुटे दिखते हैं। अटेर में अच्छे अंतर से जीते हेमंत कटारे भिंड की बजाय बाहर ज्यादा दिखाई पड़ते हैं। दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव मे भाजपा से बसपा मे गए डॉ रामलखन सिंह वापस भाजपा मे आ गए हैं। भाजपा से बागी होकर बसपा से विधानसभा चुनाव लड़े रसाल सिंह ने भी बसपा छोड़ दी है। हालाकि रसाल सिंह और एक अन्य बागी मुन्ना सिंह भदौरिया का रुख अब तक साफ नही है। ये किसी का प्रचार करते नजर नहीं आ रहे हैं।

रानी दुर्गावती टाईगर रिजर्व में कल से शुरू होगी गिद्ध गणना

Vulture census will start from tomorrow in Rani Durgavati Tiger Reserve, many species were found in the month of February. वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सेकेंड फेज के तहत सोमवार से गिद्ध गणना शुरू हो रही है। बता दें कि इसी साल फरवरी माह में गिद्ध गणना हुई थी। यह गणना विश्व व्यापी रूप में हुई थी। जिसमें गिद्धों की प्रजाति के साथ सामन्य वन और अभयारण्य में भी गणना हुई थी। दमोह : प्रदेश के सबसे बड़े वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सेकेंड फेज के तहत सोमवार से गिद्ध गणना शुरू हो रही है। जबकि फरवरी माह में एक गणना हो चुकी है, जिसमें पिछली गणना की अपेक्षा पांच गुना ज्यादा गिद्ध मिले थे और कल से शुरू हो रही गणना में इनकी संख्या काफी अधिक बड़ने के आसार हैं। इसी साल फरवरी माह में गिद्ध गणना हुई थी। यह गणना विश्व व्यापी रूप में हुई थी। जिसमें गिद्धों की प्रजाति के साथ सामन्य वन और अभयारण्य में भी गणना हुई थी। दोनों मंडलों में तीन दिन गणना के बाद परिणाम अच्छे निकलकर आये थे। यह गणना दो वर्ष बाद हुई थी, इससे पूर्व 2021 में हुई थी। उस समय नौरादेही में गिद्धों की संख्या 300 थी जबकि फरवरी माह में हुई गणना में यह सख्या 1500 से अधिक पहुंच गई थी जो दो साल में पांच गुनी बड़ी थी। यही आलम दमोह के सामन्य वनों में देखने मिला था। सामान्य वन में भी गिद्धों की संख्या में बढ़ोतरी हुई थी। जिस पर वन विभाग के अधिकारियों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा था कि भारत से विलुप्त प्रजाति गिद्ध यहां अपना आशियाना बना रही है। बलचर रेस्टोरेंट की होनी थी शुरूआतगिद्ध प्रजाति के बचाव के लिए वन विभाग अनेक तरह के उपाय खोज रहा है। लगभग दो से तीन माह पूर्व नौरादेही के डीएफओ ने एक प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा था, जिसका उद्देश्य विलुप्त प्रजाति गिद्धों की संख्या को नौरादेही में बढ़ाने के लिए बलचर रेस्टोरेंट चालू करने का हवाला दिया गया था और यह वल्चर रेस्टोरेंट नौरादेही की दो रेंज में खोले जाने थे, जिसकी शुरूआत अप्रैल माह से होनी थी। इस वल्चर रेस्टोरेंट का उद्देश्य था कि वल्चर रेस्टोरेंट में गिद्धों को एकत्र किया जाएगा, उनके लिए भोजन दिया जाएगा। जिससे प्रजाति में वृद्धि हो सके और रहवासी गिद्ध दूसरे क्षेत्रों में ना जा सकें। यह बलचर रेस्टोरेंट डोगरगांव और मुहली रेंज में चालू होने की जानकारी मिली थी, लेकिन यह कार्य अभी चालू नहीं हो पाया है। इसलिए हो रही गणनामुहली रेंजर नीरज बिसेन ने बताया कि ग्रीष्मकालीन गणना पहली बार हो रही है। इस गणना का उदेश्य है जो रहवासी गिद्ध हैं वह गर्मियों में यही रह जाते हैं, लेकिन प्रवासी गिद्ध इन दिनों यहां से प्रवास कर जाते हैं। विभाग की यह मंशा है कि जो गिद्ध स्थाई रूप से रहने वाले हैं उनकी प्रजाति और संख्या की गणना की जाये। गिद्ध गणना लगातार तीन दिन तक जारी रहेगी और उसमें रहवासी गिद्ध और प्रवासी गिद्धों की जानकारी एकत्रित की जायेगी। उन्होंने बताया कि बल्चर रेस्टोरेंट शुरू होने थे उनके प्रस्ताव भेजे गये थे, लेकिन अभी मंजूरी नहीं आई है। जिसके कारण बल्चर रेस्टोरेंट का कार्य अभी आरंभ नहीं हुआ है। आदेश आने के बाद शुरूआत होगी।

जंगल महकमे में प्रभार का खेल: मंत्री ने नोटशीट लिख पूछा क्या है नियम…?

Game of charge in the forest department: The minister wrote a notesheet and asked what are the rules…? भोपाल। जल संसाधन, लोक निर्माण और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग की तरह जंगल महकमे में भी प्रभार का खेल शुरू हो गया है। वन विभाग के आला अफसरों द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के आधार पर अपने चहेतों को दो-दो प्राइम पदों का प्रभार दिए जाने का खेल खूब चल रहा है। दिलचस्प पहलू यह है कि प्रभार के खेल में मंत्री को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। यही वजह रही कि विभागीय मंत्री नागर सिंह चौहान ने एक नोटशीट लिखकर विभाग से जानना चाहा कि प्रभार के नियम क्या है और दूसरे राज्यों में क्या व्यवस्था है..? हालांकि उनकी यह नोटशीट महीने भर से अधिक समय से प्रशासन-एक शाखा में धूल खा रही है। वन विभाग में सर्किल प्रमुख, वन संरक्षक सामाजिक वानिकी, डीएफओ और एसडीओ के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इन पदों को नियमित रूप से भरने के लिए अपर मुख्य सचिव से लेकर वन बल प्रमुख प्रमुखता से पहल नहीं कर रहें है। इसके बदले वे अपने चहेते अफसरों को एक से अधिक पदों का प्राइम प्रभार देकर उन्हें उपकृत कर रहें हैं। यही नहीं, उन्हें बाकायदा विकास और कैम्पा मद से अधिक फंडिंग भी दे रहें है। वन मंत्री नागर सिंह चौहान को प्रभार के खेल का फंडा उनके विश्वसनीय अधिकारी ने समझाया। यही नहीं, इसके लिए वन मंत्री चौहान के थिंक टैंक अफसर ने नोट शीट लिखकर विभाग के मुखिया से प्रभार देने के नियम और दूसरे राज्यों में व्यवस्था की जानकारी मांगी है। हालांकि उनकी नोटशीट को लेकर विभाग के अफसर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि एक महीने से उनकी नोटशीट धूल खा रही है। मुख्यालय में एपीसीसीएफ ग्रीन इंडिया मिशन से लेकर एपीसीसीएफ सामाजिक वानिकी जैसी महत्वपूर्ण शाखाएं प्रभार पर संचालित की जा रही है। इसके अलावा टीकमगढ़, दक्षिण सिवनी, अनूपपुर और दतिया बरमंडल प्रभाव में संचालित हो रहे हैं। एफडी बांधव टाइगर रिजर्व, बैतूल सर्किल, सामाजिक वानिकी रीवा और सामाजिक वानिकी सागर सर्किल, बालाघाट और खंडवा उत्पादन वन मंडल भी प्रभार में संचालित हो रहे हैं। मैहर के रेंजर को रीवा में दो-दो एसडीओ का प्रभारप्रभार के खेल का ताजा उदाहरण रीवा सर्किल का है। मुख्य वन संरक्षक रीवा राजेश राय ने 70 किलोमीटर दूर मैहर में पदस्थ प्रभारी एसडीओ और रेंजर यशपाल मेहरा को रीवा एसडीओ का प्रभार सौंपा है। राय यही नहीं रुके बल्कि मेहरा पर और उदारता बढ़ाते हुए उन्हें एसडीओ मऊगंज का भी प्रभार दे दिया है। जबकि रीवा में दो-दो वरिष्ठ एसडीओ कार्यरत है। रीवा में पदस्थ दोनों एसडीओ पर राय ने विश्वास नहीं जताया। सवाल यह उठता है कि 70 किलोमीटर दूर मैहर में पदस्थ प्रभारी एसडीओ मेहरा रीवा और मऊगंज का प्रभार की जिम्मेदारी कैसे संभालेंगे..? सवाल यह भी उठ रहा है कि प्रभारी एसडीओ राजसात की कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है तो फिर यह करवाई कौन करेगा..? रेंजर मेहरा मैहर एसडीओ प्रभार के रूप में काम कर रहे हैं और उन्हें दो और प्रभारी एसडीओ का दायित्व सौंपने के पहले वन बल प्रमुख को विश्वास में नहीं लिया गया। यही वजह है कि प्रभार के आदेश की प्रतिलिपि वन बल प्रमुख को नहीं सौंपी। इसी प्रकार अनूपपुर वन मंडल में तो एक डिप्टी रेंजर को तीन-तीन रेंज के प्रभार दिए गए हैं। चर्चा है कि जंगल महकमे में ऊंचे पदों के प्रभार लेने के लिए पॉवर के साथ-साथ पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं। इसी के दम पर वन विभाग में कई बड़े पद प्रभार में चल रहे है। मंडला, सहित आधा दर्जन से अधिक वन मण्डलों में प्रभार के खेल खूब फूल-फल रहा है।

श्रीराम मंदिर निर्माण कर मोदी जी ने हमारा 500 वर्षों का सपना पूरा किया – रामेश्वर शर्मा 

By building the Shri Ram temple, Modi ji has fulfilled our 500-year-old dream – Rameshwar Sharma शनिवार को विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ भोपाल लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी आलोक शर्मा ने हुजूर विधानसभा में जनसंपर्क किया। जनसंपर्क के दौरान रातीबड़ एवं फंदा के दो दर्जन से अधिक गाँव पहुँचे साथ ही संत हिरदाराम नगर एवं गांधीनगर मण्डल के विभिन्न क्षेत्रों में भी जनसंपर्क करने पहुँचे। इस दौरान लोकसभा प्रत्याशी आलोक शर्मा एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने लोकसभा चुनाव के लिए नागरिक बंधुओं का आशीर्वाद लिया । विधायक रामेश्वर शर्मा ने जनसंपर्क के दौरान नागरिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ग़रीब का पक्का मकान भी बनाया ओर दूसरी तरफ़ करोड़ों हिंदुओं के आस्था का केंद्र जिसकी प्रतीक्षा हमे 500 से थी श्रीराम मंदिर का निर्माण भी कराया। श्री शर्मा ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों का कार्यकाल विकास और कल्याण को समर्पित रहा। श्री शर्मा ने बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिक बंधुओं से आने वाली 7 मई को आलोक शर्मा को कमल के फूल के सामने वाला बटन दबाकर विजय बनाने का आग्रह किया।  रविवार को मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव का रोड शो  कोलार में विधायक रामेश्वर शर्मा में बताया लोकसभा प्रत्याशी श्री आलोक शर्मा के समर्थन में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव रविवार को शाम 7 बजे कोलार के सर्वधर्म शादी हॉल से सर्वधर्म पुल तक रोड शो कर जनता का आशीर्वाद लेंगे। मुख्यमंत्री के रोड शो के लिए कोलार में विशेष तैयारीयां भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही है।

10 लाख रुपए तक की खरीदी एमएफपी पार्क के सीईओ कर सकेंगे

CEO of MFP Park will be able to purchase up to Rs 10 lakh भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने वनोपज प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र (एमएफपी पार्क) गड़बड़झाला पर नकेल कसने की कवायत तेज कर दी है। अब बिना टेंडर कोई भी निर्माण कार्य अथवा खरीदी नहीं की जाएंगी। इसके लिए ठाकुर ने वित्तीय अधिकारों में संशोधन करते हुए पार्क के सीईओ को ₹5लाख से बढ़कर अब 10 लाख रुपए कर दिए गए हैं।संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने बताया कि अब एमएफपी पार्क के सीईओ को टुकड़ों-टुकड़ों में कार्य नहीं कराने की सख्त हिदायत दी गई है। अब अगर किसी एक ही कार्य को टुकड़े-टुकड़े में कराए जाएंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि 10 लाख रुपए से अधिक और 20 लाख रुपए तक खरीदी अथवा निर्माण कार्य कराने की अनुमति संघ के प्रबंध संचालक दे सकेंगे. इसी प्रकार 20 लाख रुपए से अधिक तक वित्तीय अनुमतियां संघ के प्रशासक एवं अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया के पास है। समितियों से खरीदी करने पर जोर संघ के एमडी ठाकुर ने एमएफपी पार्क के सीईओ अर्चना पटेल को निर्देशित किया है कि अब कोई भी रॉ मटेरियल प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों की एनओसी के बगैर निजी फर्म से नहीं खरीदे जाएंगे। यानि खरीदी में सबसे पहली प्राथमिकता वन उपज सहकारी समितियां को देना होगी। समितियां के इनकार के बाद ही टेंडर के जरिए निजी फर्म से खरीदी हो सकेगी। करीब 1000 वनौपज समितियां रजिस्टर्ड है। संघ ने एक पुस्तक तैयार की है जिसमें उल्लेख है कि कौन-कौन सी वनोपज कितनी मात्रा में एकत्रित की जाती है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में खासतौर से महुआ और बहेड़ा की खरीदी वनोपज सहकारी समितियों से ही की जाएगी। खरीदी के पहले ही उत्पादन प्रबंधन की अध्यक्षता वाली कमेटी एक सूची तैयार करेगी कि किन-किन औषधीय के लिए कौन-कौन से रॉ मैटेरियल कितनी मात्रा में खरीदी जाना है। इनमें से कौन-कौन से रॉ मैटेरियल किन-किन वनोपज समितियों में उपलब्ध है।

5वीं और 8वीं के नतीजे जारी, दोनों परिणामों में लड़कियों ने मारी बाजी

Results of class 5th and 8th released, girls won in both the results Result 2024: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। कक्षा आठ का परीक्षा परिणाम 87.71% और कक्षा पांच का परीक्षा परिणाम 90.97% रहा है।प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (एमपीबीएसई) ने कक्षा 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। कक्षा आठवीं का परीक्षा परिणाम 87.71% रहा है, वहीं कक्षा पांच का परीक्षा परिणाम 90.97% रहा। कक्षा पांच में 89.62% बालक और 92.41% बालिकाएं उत्तीर्ण हुई हैं। वहीं, कक्षा आठ में बालकों का पास प्रतिशत 85.94% और बालिकाओं का 89.56% रहा। www. rskmp.in मदरसों का परिणाम सरकारी और प्राइवेट स्कूल से पीछेकक्षा पांच की बात करें तो सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 91.53% रहा, जबकि प्राइवेट स्कूलों में 90.18% बच्चे ही पास हुए। मदरसे में 73.26% बच्चे ही पास हो सके। कक्षा आठ की बात करें तो सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 86.22% रहा, जबकि प्राइवेट स्कूलों में 90.60% बच्चे पास हुए। मदरसों का पास प्रतिशत 67.40% ही रहा। ग्रामीण स्कूलों का रिजल्ट बेहतरग्रामीण और शहरी स्कूलों की तुलना करें तो पांचवीं और आठवीं में ग्रामीण स्कूलों का प्रदर्शन शहरी स्कूलों से बेहतर रहा है। कक्षा पांचवीं में ग्रामीण स्कूलों में पास प्रतिशत 92.60% रहा, जबकि शहरी स्कूलों में 86.19% बच्चे ही पास हुए है। इसी तरह आठवीं कक्षा में ग्रामीण स्कूलों के 88.35 प्रतिशत बच्चे पास हो गए। वहीं, कक्षा आठवीं में शहरी स्कूलों में 86.04 प्रतिशत बच्चे ही पास हुए।

प्रदेश के दौरे पर भाजपा अध्यक्ष नड्डा, टीकमगढ़, रीवा और सतना में करेंगे सभाएं

During state tour, BJP President will hold meetings in Nadda, Tikamgarh, Rewa and Satna. दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होना है, इससे पहले आज जेपी नड्डा प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वे यहां तीन लोकसभा क्षेत्रों में सभा करेंगे। प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होना है। इससे पहले राजनीतिक पार्टियां जोर शोर से चुनाव प्रचार में जुटी हैं। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वे यहां तीन लोकसभा क्षेत्रों टीकमगढ़, रीवा और सतना में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में सभा करेंगे। इससे पहले जेपी नड्डा 12 अप्रैल को छिंदवाड़ा और सीधी में प्रचार करने के लिए आए थे। जहां नड्डा की सभा वहां कौन आमने-सामने?टीकमगढ़ सीट पर भाजपा के वीरेंद्र कुमार खटीक और कांग्रेस के पंकज अहिरवार के बीच मुकाबला है। रीवा लोकसभा सीट पर भाजपा के जनार्दन मिश्र की कांग्रेस की महिला प्रत्याशी नीलम मिश्रा से टक्कर हो रही है। वहीं, सतना सीट पर भाजपा के गणेश सिंह और कांग्रेस के सिद्धार्थ कुशवाहा आमने सामने हैं। जेपी नड्डा इन तीनों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में सभा करेंगे।

प्रदेश में दूसरे चरण में 6 सीटों पर होगी वोटिंग, कहां किससे मुकाबला?

Voting will be held on 6 seats in the second phase in the state, where will there be competition with whom? प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 6 सीटों पर 80 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है. इसके लिए मतदान 26 अप्रैल 2024 (शुक्रवार) को होगा. इस बार चुनाव मैदान में 75 पुरुष उम्मीदवार, 4 महिला उम्मीदवार और एक थर्ड जेंडर प्रत्याशी हैं. साल 2019 की तुलना में होशंगाबाद (नर्मदापुरम) छोड़ कर सभी सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है. टीकमगढ़ में सबसे कम सात प्रत्याशी मैदान में हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की सीट खजुराहो पर भी सेकंड फेज में ही वोटिंग होनी है. विधानसभा चुनाव में हारे सांसद इस बार मैदान मेंहोशंगाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है. नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव हार चुके सांसद गणेश सिंह को सतना सीट से पार्टी ने एक बार फिर से मैदान में उतारा है. उनकी किस्मत का फैसला भी 26 अप्रैल को ईवीएम (EVM) में कैद होगा. बता दें, लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मध्य प्रदेश की जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सीधी और शहडोल संसदीय सीट पर मतदान 19 अप्रैल को हो चुका है. दूसरे चरण की 6 सीटों दमोह, टीकमगढ़, खजुराहो, सतना, रीवा और होशंगाबाद में 26 अप्रैल को मतदान होना है. इन सीटों पर कुल 80 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. दूसरे चरण की 6 लोकसभा सीटों पर ये नेतादूसरे चरण की 6 सीटों में चुनाव लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी शामिल हैं. खजुराहो सीट पर उनका मुकाबला फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के राजा भैया प्रजापति से है. शर्मा पहली बार साल 2019 में खजुराहो सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे. इसी तरह केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक टीकमगढ़ (एससी आरक्षित) सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2008 में परिसीमन के बाद अलग हुए इस निर्वाचन क्षेत्र में हुए सभी तीन चुनावों में खटीक ने जीत हासिल की है. कांग्रेस ने इस सीट से पंकज अहिरवार को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने सतना से गणेश सिंह और रीवा से जनार्दन मिश्रा को फिर से टिकट दिया है. होशंगाबाद लोकसभा सीट से दर्शन सिंह और दमोह से राहुल लोधी जैसे नए चेहरों को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने सतना से मौजूदा विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, रीवा से पूर्व विधायक नीलम मिश्रा, होशंगाबाद से पूर्व विधायक संजय शर्मा और दमोह से पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी को मैदान में उतारा है. सतना में सबसे ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारनिर्वाचन आयोग के आंकड़े बताते हैं कि साल 2019 की तुलना में इनमें होशंगाबाद छोड़ सभी सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है. टीकमगढ़ में सबसे कम सात प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि पिछले चुनाव में यहां से 14 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे थे. रीवा, सतना, खजुराहो और होशंगाबाद सीट पर एक-एक महिला प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं. इसी तरह दमोह से एक ट्रांसजेंडर दुर्गा मौसी भी चुनौती दे रही हैं. सबसे अधिक नौ निर्दलीय उम्मीदवार सतना में हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 101 उम्मीदवार इन छह सीटों पर मैदान में उतरे थे.इस बार इनकी संख्या 80 है,जबकि पहले चरण की छह सीटों जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सीधी और शहडोल पर 88 उम्मीदवार मैदान में थे.साल 2019 में इनमें भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी छोड़ बाकी सभी की जमानत जब्त हो गई थी. 80 में से 26 उम्मीदवार करोड़पतिनिर्वाचन आयोग में कैंडिडेट द्वारा दिए गए हलफनामे से पता चला है कि दूसरे चरण की 6 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाले 26 प्रत्याशी करोड़पति हैं. जबकि,17 प्रत्याशी 10वीं पास भी नहीं हैं. होशंगाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा के पास सबसे ज्यादा 232 करोड़ की संपत्ति है. दूसरे नंबर पर रीवा से कांग्रेस प्रत्याशी नीलम मिश्रा हैं, जिनकी संपत्ति 34 करोड़ रुपये है. सतना से सांसद और बीजेपी प्रत्याशी गणेश सिंह के पास 9 करोड़ रुपये की संपत्ति है. दूसरे चरण में दो डॉक्टर भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कुल 80 में से 9 प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, पांच पर गंभीर आपराधिक केस हैं. इसके अलावा, तीन प्रत्याशी सिर्फ पांचवीं पास हैं. 9 उम्मीदवार ऐसे हैं जो 12वीं पास हैं. 8 कैंडिडेट 10वीं पास हैं.13 प्रत्याशी स्नातक, 21 प्रत्याशी स्नातकोत्तर हैं. सात ग्रेजुएट प्रोफेशनल हैं.

प्रदेश में आज छाए रहेंगे बादल, तापमान गिरेगा पर उमस बढ़ाएगी परेशानी

There will be clouds in the state today, the temperature will drop but humidity will increase the problem. प्रदेश के तापमान में उछाल तो कम हुआ, लेकिन उमस ने बेचैनी बढ़ा दी. सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दोपहर बाद बादल छाएंगे और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. साथ ही कहीं-कहीं पर बारिश के भी आसार हैं. इस वर्ष अप्रैल माह में मौसम का उतार-चढ़ाव लगभग हर दिन देखने को मिल रहा है. भोपाल ! मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मौसम प्रणालियों में बदलाव के कारण इस तरह का मौसम हो रहा है. आमतौर पर इस माह में भीषण गर्मी रहती है, लेकिन इस बार अप्रैल में कुछ ही दिन कुछ जिलों में 42 डिग्री तक पारे ने उछाल मारी. बीते 24 घंटों के दौरान देखा जाए तो पारा 40 से अधिक प्रदेश के किसी भी जिले में नहीं रहा. यहां ऐसा रहेगा मौसमखंडवा-खरगोन में सोमवार को हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे. बैतूल, रायसेन, हरदा, सागर, छतरपुर, रीवा जिले में भी मौसम इसी तरह का रहने वाला है. मंगलवार से पश्चिम विक्षोभ बेअसर होने लगेगा. इसके बाद न केवल आसमान साफ रहेगा, बल्कि दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी. भोपाल में इतना रहा तापमानरविवार को इंदौर में अधिकांश समय बादल छाए रहे. धूप बार-बार बाधित होती रही. दिन का तापमान सामान्य (37.1 डिग्री) रहा, लेकिन उमस इतनी थी कि तेज गर्मी महसूस होती रही. वहीं, रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई. पारा 25 डिग्री से घटकर 24.5 डिग्री पर था. उधर, भोपाल में भी पारा 37.7 डिग्री पर पहुंच गया. हालांकि, शाम को बौछारों से 5 घंटे में ही पारा 7 डिग्री तक लुढ़क गया था. इससे गर्मी से कुछ राहत मिली. मौसम वैज्ञानिकों का कहनाबंगाल की खाड़ी में एक प्रति चक्रवात अभी बना हुआ है, जिससे आ रही नमी से बादल छा रहे हैं. मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ी हैं. सोमवार को प्रदेश के कुछ जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कई जगहों पर वर्षा भी होगी.

सांची दुग्ध संघ-हबीबगंज नाके से नर्मदापुरम रोड से ट्रैफिक डायवर्जन से हर दिन पांच लाख वाहन चालक हो रहे परेशान

Five lakh drivers are getting troubled every day due to traffic diversion from Sanchi Milk Union-Habibganj Block to Narmadapuram Road. भोपाल। राजधानी में चल रहे मेट्रो लाइन निर्माण काम ने लोगों का रास्ता रोक दिया है। दरअसल इस काम के चलते यातायात पुलिस की ओर से सांची दुग्ध संघ-हबीबगंज नाके से नर्मदापुरम रोड की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है। इस वजह से करीब पांच लाख से अधिक वाहन चालक प्रभावित हो रहे है। इन वाहन चालकों को एक तरफ जहां तीन से चार किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। तो वहीं घंटो जाम से दो चार होना पड़ रहा है। इस काम के चलते लगभग आधा शहर में लोग परेशान हो रहे है। डेट माह से हो रहे परेशान,अभी ओर बढ़ेगी डेट भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के तहत रेल लाइन निर्माण का काम चल रहा है। इसके लिए नर्मदापुरम रोड पर हबीबगंज नाके से सांची दुग्ध संघ के बीच का रास्ता डेट माह से बंद कर दिया है। तो वहीं अभी इसकी डेट एक माह के करीब ओर बढ़ सकती है। इस प्रमुख व मेन रोड के बंद होने से पांच लाख वाहन चालक परेशान हो रहे है। तो सबसे अधिक परेशानी बसों से सफर करने वाले लोगों को जोकि बसों से ही आॅफिस, स्कूल-कॉलेज और रेलवे स्टेशन जाने में परेशानी हो रही है। वहीं बसों,ट्रैक,व अन्य वाहन चालकों को अब सांची दुग्ध संघ से कस्तूरबा अस्पताल से होते हुए, सकेत नगर, पहाड़ी वाला मंदिर से सवारकर सेतु की ओर आना पड़ रहा है। तो वहीं एमपीनगर,न्यू मार्केट या रानीकमलापति स्टेशन ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी हबीबगंज अडर ब्रिज से होते हुए,अरेरा कॉलोनी होते हुए जाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छह बजे तक 63.38 फीसदी मतदान, बालाघाट-छिंदवाड़ा में 70% से ज्यादा वोटिंग

63.38 percent voting till 6 o’clock, more than 70% voting in Balaghat-Chhindwara पांच बजे तक मतदान का आंकड़ाशाम पांच बजे तक प्रदेश में 63.25 प्रतिशत मतदान हुआ। छिंदवाड़ा सीट पर सबसे ज्यादा 73.85 फीसदी तो सीधी में सबसे कम 51.24 प्रतिशत वोट पड़े। इस सीट पर इतना मतदानबालाघाट: 71.08 फीसदीछिंदवाड़ा: 73.85 फीसदीजबलपुर: 56.74 फीसदीमंडला: 68.31 फीसदीशहडोल: 59.91 फीसदीसीधी: 51.24 फीसदी

छह महीने में आलोक की दो करोड़ बढ़ी प्रॉपर्टी, जमा रकम हुई तीन गुना

Alok’s property increased by Rs 2 crore in six months, deposit amount tripled भोपाल। छह महीने पहले उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले आलोक शर्मा ने गुरुवार को लोकसभा सीट के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार आलोक की प्रॉपर्टी 6 महीने में 2 करोड़ बढ़ी है। उन्होंने 6 करोड़ 17 लाख रुपए की प्रॉपर्टी बताई है। इसके पहले, विधानसभा चुनाव में उन्होंने 4 करोड़ 44 लाख रुपए की प्रॉपर्टी होने की जानकारी दी थी। हालांकि, कांग्रेस उम्मीदवार अरुण श्रीवास्तव 12 करोड़ की प्रॉपर्टी के आसामी हैं। नामांकन में आलोक ने खुद और पत्नी की प्रॉपर्टी की जानकारी दी गई है। उनकी चल संपत्ति 2 करोड़ 30 लाख है। वहीं, अचल संपत्ति में रसूलिया पठार, परवलिया सड़क, धामनिया, खजूरी सड़क में 7.76 एकड़ जमीन, लाउखेड़ी में 2 प्लाट, गुफा मंदिर के पास मकान शामिल हैं। इसकी कुल कीमत 6 करोड़ 17 लाख रुपए बताई गई है। बैंक में जमा नगदी हुई तीन गुना, पत्नी की घटीआयोग को दी गई जानकारी में एक करोड़ 90 लाख की चल और 4 करोड़ 54 लाख रुपए की अचल संपत्ति बताई थी। तब बैंक में 38 लाख 53 हजार और पत्नी के अकाउंट में 22 लाख 72 हजार रुपए जमा थे। वर्तमान में उनके खाते में 91 लाख 69 हजार रुपए और पत्नी के अकाउंट में 16 लाख 86 हजार रुपए जमा हैं। – आलोक पर चार केसकोतवाली, तलैया, गौतम नगर, बहादुरपुर अशोक नगर थाने में केस दर्ज हैं, जबकि तीन भोपाल और एक अशोकनगर कोर्ट में प्रकरण लंबित चल रहा है। इधर आचार संहिता उल्लंघन के भी तीन केस आलोक पर दर्ज किए गए हैं। यह भी दी जानकारीखुद की आय – 527250, पत्नी 335254कुल संपत्ति- खुद 5 करोड़ 2 लाख और पत्नी- एक करोड़ 15 लाख कुल 6 करोड़ 17 लाख कैश इन हैंड- 50 हजार और पत्नी 90 हजारकैश इन बैंक- खुद- 91 लाख 69 हजार 195 और पत्नी 16 लाख 86 हजार 400 रुपएवाहन- मारुति स्विफ्ट, बलेनो, जेसीबी, एलएंडटी वाहनशस्त्र – एक रिवाल्वर, एक रायफलकर्ज देनदारी – 6887350 रुपएगहने- खुद 150 ग्राम सोना, पत्नी 550 ग्राम सोना, साढ़े पांच किलो चांदी के बर्तन आदि। शैक्षणिक योग्यता – बीकॉमकृषिरसूलिया पठार में चार एकड़ जमीनआय के स्त्रोत – कृषि और किराये से आय

प्रदेश में आज थम जाएगा पहले चरण का प्रचार, 19 अप्रैल को होगी वोटिंग

Campaigning for the first phase will end in the state today, voting will take place on April 19. मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर पहले चरण में होने वाले मतदान का प्रचार आज थम जाएगा। भोपाल। मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए चुनाव प्रचार आज शाम 6 बजे थम जाएगा, लिहाजा इन क्षेत्रों में रोड शो और रैलियां नहीं की जाएगी। जबकि बालाघाट लोकसभा क्षेत्र के बैहर, लांजी और परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रतिबंध चार बजे से लागू होगा। ऐसे में उन सभी लोगों को निर्वाचन क्षेत्र छोड़ना होगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। इसके लिए होटल, लाज और धर्मशालाओं की जांच होगी। जहां राजनीतिक दलों का प्रचार थमने जा रहा है वहीं पहले चरण के मतदान के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम दौर में हैं। सुरक्षा एवं जांच समग्र रूप से की जा रही है। चुनाव आयोग के निर्देश हैं कि मतदान पूरी तरह से निष्‍पक्ष एवं पारदर्शी होना चाहिये, इसी को ध्‍यान में रखते हुए मैदानी अमला पूरी तरह से जुटा हुआ है। गौरतलब है कि 19 अप्रैल को सीधी, शहडोल, मंडला, जबलपुर, बालाघाट और छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। जिसके चलते बुधवार को शाम पांज बजे के बाद रोड शो, रैली और सभाओं पर प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया है कि प्रचार-प्रसार समाप्त होने की समय-सीमा के बाद बाहरी क्षेत्र के व्यक्तियों को जो उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नहीं हैं, उन्हें वह क्षेत्र छोड़ना होता है। इसके लिए सघन अभियान चलाया जाएगा। पुलिस प्रशासन द्वारा होटल, लाज, धर्मशालाओं की जांच कर ऐसे लोगों को चिन्हित कर बाहर भेजा जाएगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल तैनात किया गया है तो अन्य केंद्रों पर जिला पुलिस बल रहेगा। गुरुवार को रवाना होंगे मतदान दल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण का मतदान संपन्न कराने के लिए मतदान दल गुरुवार को रवाना होंगे। रात में ही मतदान को लेकर सभी व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी। अभ्यर्थियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन मतदान केंद्रों में पहुंचाई जाएंगी। यहां मतदान से एक घंटे पहले अभ्यर्थी या उसके अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति में माकपोल होगा। 50-50 वोट डलवाए जाएंगे। बालाघाट के तीन विधानसभा क्षेत्रों में चार बजे तक ही होगा मतदानबालाघाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत तीन विधानसभा क्षेत्र ऐसे आते हैं, जो नक्सल प्रभावित हैं। इनमें बैहर, लांजी और परसवाड़ा शामिल हैं। तीनों में सुबह सात से चार बजे तक मतदान होगा। बाकी निर्वाचन क्षेत्रों में शाम छह बजे तक मतदान कराया जाएगा।

मोबाइल एप्प में रजिस्ट्रेशन के बाद ही करा सकेंगे नलकूप खनन

Tube well mining will be done only after registration in mobile app. भोपाल। खुले ट्यूबवेल बोर में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम ने ट्यूबवेल बोरिंग के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत एक मोबाइल एप डेवलप किया गया है। इसकी मदद से ही नया बोर किया जा सकेगा। इसके साथ प्राइवेट और सरकारी बोरिंग एजेंसियों को इस एप में रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा। बोरिंग कराने वाले व्यक्ति को भी बोर के संबंध में पूरी जानकारी अपलोड करना पड़ेगी। जिसके आधार पर सरकारी एजेंसियों को बोर से संबंधित जानकारी मिल जाएगी।मोबाइल एप में नए बोर के बारे में जानकारी अपलोड करना पड़ेगी, जिसमें बोर के सफल और असफल होने के संबंध में फोटो सहित जानकारी अपलोड होगी। अगर बोर असफल हो गया है, तो उसे सुरक्षित रूप से बंद करना पड़ेगा। विभाग ने बुधवार से नए मोबाइल एप का ट्रॉयल भी शुरू कर दिया है। खुले और बंद बोर की मिलेगी जानकारी विभाग ने इस पोर्टल पर बोरिंग से जुड़ी सभी तरह की जानकारी का आप्शन रखा है। जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सभी निजी और सरकारी खुले और बंद नलकूपों की जानकारी अपलोड की जाएगी। जिससे पता चल सकेगा, कि कहां-कहां बोर हैं, जिन्हें सुरक्षित करने की जरूरत है।- बनाना पड़ेगा सीमेंटेड चबूतराबोरिंग के दौरान अगर यहां पानी नहीं निकलता है, तो उसे मिट्टी, गिट्टी सहित अन्य मटेरियल से भरना पड़ेगा। इसके साथ सीमेंट का ब्लॉक बनाकर उसे सुरक्षित करना पड़ेगा। जिसकी जानकारी फोटो के साथ मोबाइल एप पर डाली जाएगी। जल्द सामने आएगा बोरिंग का डेटा प्रमुख अभियंता केके सोनगरिया का कहना है कि विभाग ने पोर्टल के साथ मोबाइल एप भी लांच किया है। जिसमें नए बोर के साथ बोरिंग एजेंसियों को भी अपना रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। खुले बोर की जानकारी भी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी, जिससे हादसों को रोका जा सकेगा।

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा के लिए कब्जा बरकरार रखना कठिन, भूरिया दे रहे कड़ी टक्कर

Ground report: It is difficult for BJP to retain control, Bhuria is giving tough competition लोकसभा सीट- रतलाम: प्रत्याशी- अनीता नागर सिंह चौहान भाजपा, कांतिलाल भूरिया कांग्रेस रतलाम में भाजपा मजबूत, झाबुआ में कांग्रेस को बढ़त- अलीराजपुर में अनीता- भूरिया में बराबरी का मुकाबला भोपाल। रतलाम संभवत: पहला ऐसा लोकसभा क्षेत्र है, जहां से भाजपा ने प्रदेश सरकार के मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता चौहान को टिकट दिया है। नरेंद्र मोदी-अमित शाह के युग में इस तरह परिवार में दो लोगों को टिकट देने की पंरपरा नहीं है। पार्टी के कई बड़े नेताओं के बेटे और परिजन टिकट का इंतजार ही कर रहे हैं। नियम तोड़ने की वजह है रतलाम सीट, जो कांग्रेस से ज्यादा कांतिलाल भूरिया का गढ़ है। भाजपा नेतृत्व किसी भी हालत में इस सीट पर कब्जा बरकरार रखना चाहता है। पहले सीट का नाम झाबुआ था लेकिन 2008 में हुए परिसीमन के बाद नाम बदलकर रतलाम कर दिया गया। इसके बाद हुए चार चुनावों में से दो बार कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया जीते और दो बार भाजपा। इनमें से एक बार कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए स्व दिलीप सिंह भूिरया जीते और दूसरी बार 2019 के चुनाव में जीएस डामोर ने जीत दर्ज की। भाजपा ने कांतिलाल भूिरया को हराने वाले डामोर का टिकट ठीक उसी तरह काट दिया जैसे गुना-शिवपुरी में ज्योतिरािदत्य सिंधिया को हराने वाले सांसद केपी सिंह यादव का काटा गया।भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही अनीता नागर सिंह चौहान भिलाला आदिवासी हैं जबकि कांतिलाल भूिरया भील आदिवासी। क्षेत्र में भील समाज की तादाद िभलाला से काफी ज्यादा है। इसके अलावा झाबुआ में ईसाई मिशनियों का काम भी काफी है। दो से ढाई लाख आदिवासी धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। इसका सीधा लाभ कांग्रेस के भूिरया को मिलता है। दूसरी तरफ क्षेत्र में संघ का काम भी अच्छा है। रतलाम में विधायक चेतन कश्यप के कारण भाजपा को ताकत मिलती है। लोगों से बातचीत करने पर पता चलता है कि झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला और पेटलावद में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है लेकिन पेटलावद कांग्रेस के हाथ से निकल सकता है। रतलाम जिले की तीन सीटों में से सैलाना और रतलाम ग्रामीण में कांग्रेस- भाजपा के बीच अच्छी टक्कर है जबकि रतलाम शहर में भाजपा बढ़त में बताई जाती है। अलीराजपुर िजले के जोबट में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है जबकि अलीराजपुर में भाजपा मजबूत दिखती है। कुल मिलाकर रतलाम में भाजपा- कांग्रेस के बीच कडा मुकाबला देखने को मिल रहा है। भाजपा-कांग्रेस लड़ रहे विकास के मुद्दे पर चुनाव रतलाम चूंकि आदिवासी बाहुल्य सीट है, इसलिए यहां राम मंदिर और हिंदू-मुस्िलम से जुड़े मुद्दों का ज्यादा असर नहीं है। यहां चुनाव का पहला मुद्दा आदिवासी विकास है। भाजपा और कांग्रेस दोनों बता रहे हैं कि उन्होंने इस वर्ग के लिए क्या-क्या किया है। भाजपा की अनीता केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिना रही हैं तो कांतिलाल अपने कार्यकाल में किए कामों का प्रचार कर रहे हैं। शहरी इलाकों में जरूर राम मंदिर, धारा 370, भोजशाला जैसे मुद्दों का असर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि रतलाम शहर और ग्रामीण क्षेत्र में भाजपा को ज्यादा फायदा होता दिख रहा है। यहां कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की आय दोगुनी न होने जैसे मुद्दे उठा रही है। कांग्रेस घोषणा पत्र में किए वादों का भी प्रचार कर रही है। भाजपा के पास न मुद्दों की कमी है और नेताओं की। इसलिए उसका प्रचार ज्यादा व्यवस्थित और तेज दिखाई पड़ रहा है। विधानसभा में कांग्रेस पर भाजपा को मामूली बढ़त रतलाम लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली 8 विधानसभा सीटों के लिए 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा को कांग्रेस पर मामूली बढ़त हािसल है। क्षेत्र की तीन विधानसभा सीटें कांग्रेस जीती जबकि भाजपा के खाते में 4 सीटें गई हैं। एक सीट सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी ने जीत कर सबको चौंका दिया था। इस तरह विधानसभा में ताकत के लिहाज से भाजपा-कांग्रेस में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। भाजपा ने चार विधानसभा सीटें 1 लाख 4 हजार 402 वोटों के अंतर से जीती हैं जबकि कांग्रेस की तीन सीटों में जीत का अंतर 55 हजार 808 वोट रहा है। सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी 4 हजार 618 वोटों के अंतर से जीतने में सफल रही है। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से यह अंतर इतना ज्यादा नहीं है कि इसे कवर न किया जा सके। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने क्षेत्र की 8 में से 5 सीटें जीती थीं और भाजपा सिर्फ 3 में सिमट गई थी। बावजूद इसके 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस नहीं जीत सकी थी। रतलाम में तीन जिलों की विधानसभा सीटें रतलाम लोकसभा सीट का भौगोलिक एरिया तीन जिलों तक फैला है। ये जिले झाबुआ, रतलाम और अलीराजपुर हैं। लोकसभा क्षेत्र में झाबुआ जिले की तीन विधानसभा सीटें झाबुआ, थांदला, जोबट और रतलाम जिले की भी तीन रतलाम ग्रामीण, रतलाम शहर और सैलाना आती हैं। अलीराजपुर की दो विधानसभा सीटें जोबट और अलीराजपुर भी इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं। इनमें से झाबुआ जिले की 2 और अलीराजपुर की एक सीट कांग्रेस के पास हैं जबकि रतलाम जिले की 2 और झाबुआ-अलीराजपुर की एक-एक सीट पर भाजपा का कब्जा है। जहां तक सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो यहां कांग्रेस ज्यादा जीती है। जब सीट का नाम झाबुआ था तब कांग्रेस के दिलीप सिंह भूरिया यहां जीतते थे लेकिन परिसीमन के बाद जब सीट का नाम रतलाम हो गया तब वे भाजपा में चले गए। इसके बाद 2009 के पहले चुनाव में कांतिलाल ने दिलीप सिंह को हरा दिया जबकि 2014 में दिलीप ने कांतिलाल को हरा कर जीत दर्ज की। दिलीप सिंह के निधन के बाद 2015 के उप चुनाव में भाजपा ने उनकी बेटी निर्मला भूरिया को टिकट दिया लेकिन वे कांतिलाल से हार गईं। सामाजिक, जातीय आधार पर होता रहा मतदान रतलाम लोकसभा सीट के कई हिस्सों में जातीय और सामाजिक आधार पर मतदान होता रहा है। इस बार भी ऐसा हो सकता है। जैसे अनीता नागर सिंह चौहान को आदिवासियों में भिलाला समाज का पूरा वोट मिलेगा और कांतिलाल भूरिया को भील समाज का। इन दोनों समाजों के वोट यहां ज्यादा हैं। झाबुआ जिले में ईसाई मिशनरियों का बड़ा नेटवर्क है। इनके प्रयास … Read more

वित्त विभाग से गैर हाजिर होकर वन मंत्री के लिए ओएसडी के रूप में काम करने वाले चौहान को निलंबित करने मुख्य सचिव को लिखा पूर्व विधायक ने पत्र

The former MLA wrote a letter to the Chief Secretary to suspend Chauhan who was working as OSD for the Forest Minister while being absent from the Finance Department भोपाल। पूर्व विधायक एवं संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर समरीते ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर वित्तीय सेवा के अधिकारी रणजीत सिंह चौहान को निलंबित कर जांच करने की मांग की। पूर्व विधायक समरीते ने पत्र लिखा है कि चौहान वित्त विभाग से गैरहाजिर होकर वन मंत्री नागर सिंह चौहान के लिए अनाधिकृत तौर पर ओएसडी के रूप में काम कर रहे हैं। चौहान स्वयं को ओएसडी बता कर  विभाग के सीनियर आईएफएस अधिकारियों से लेकर डीएफओ तक पर दबाव डालकर अपनी मनमर्जी से काम करवा रहे हैं।  पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को लेकर पत्र में कहा है कि  रणजीत सिंह चौहान वित्तीय सेवा अधिकारी जिसकी सेवाएं प्रमुख सचिव वित्त विभाग द्वारा  अभी तक विधिवत तौर पर प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को स्थानांतरित नहीं की है। दिलचस्प पहलू यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी इनके द्वारा वन मंत्री के जरिए भिजवाई गई ओएसडी बनाने संबंधित नोटशीट को भी वापस कर दी गई है। इन सबके विपरीत रणजीत सिंह चौहान वित्त अधिकारी, अनाधिकृत तौर पर विशेष कर्तव्य अधिकारी, वन मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। यह मामला पद एवं अधिकारों के दुरूपयोग एवं कदाचरण  का है तथा गंभीर जांच का विषय है।  पूर्व में भी इनके खिलाफ की गई थी शिकायतें  पूर्व में  इनके विरूद्ध श्रीनिवास मूर्ति सदस्य सचिव जैव विविधता बोर्ड की शिकायत पर भी शासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। अपर मुख्य सचिव केके सिंह के वित्तीय सलाहकार रहते हुये इनके द्वारा अपने लिये लग्जरी कार की मांग एवं अतिरिक्त वित्तीय लाभ लेने के कारण हटाये गये थे। बीजनेस रूल का हवाला देते हुये गलत तरीके से शासन में बैठे अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन करवाने के पीछे भी चौहान ही मुख्य सूत्रधार थे। इस मुद्दे पर तत्कालीन वन मंत्री उमंग सिंघार और अतिरिक्त मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव के बीच विवाद ब्यूरोक्रेसी में खूब उछला था और मामला अभी भी जांच के लिये लंबित है।   पूर्व विधायक ने लगाए कथित रूप से पैसे लेने का आरोप  अपने पत्र में पूर्व विधायक ने सिवनी सीसीएफ  एवं भारतीय वन सेवा के अधिकारी एसएस उद्दे की प्रमाणित शिकायत पर जांच को प्रभावित करने तथा निलंबन नहीं करने में 20 लाख रूपये लिये गये। इसी तरह बालाघाट के प्रभारी मुख्य वन संरक्षक सेंगर को टीकमगढ़ में वन मण्डलाधिकारी रहते हुये चैन लिंक (बारवेड) एवं अन्य खरीदी में निलंबन से बचाने 50 लाख रूपये लिये तथा उसे बालाघाट में प्रभारी मुख्य वन संरक्षक बना दिया गया। बालाघाट डीएफओ  अभिनव पल्लव वन मण्डलाधिकारी उत्तर वन मण्डल सामान्य के विरूद्ध शिकायत में सप्लाई तथा खरीदी में लाखों के फर्जी भुगतान में निलंबन से बचाने के लिए  रिश्वत के रूप लाखों रुपए लिये गये। यह अत्यंत गंभीर मामला है। अंत में समरीते ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि आप इस मामले की जांच करवाकर विशेष कर्तव्य अधिकारी रणजीत सिंह चौहान को तत्काल निलंबित कर इसकी सेवायें वित्त विभाग को वापिस करने तथा इसकी सम्पत्ति की जांच करवाएं।

पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी दोषमुक्त होगे

Chief Secretary Iqbal Singh Bains will also be acquitted भोपाल। उज्जैन हवाई पट्टी के किराये को वसूल न करने के मामले लोकायुक्त प्रकरण में अब पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी दोषमुक्त होंगे। इस मामले में आईएएस अधिकारी अनिरुध्द मुखर्जी सहित तीन आईएएस पहले ही दोषमुक्त हो चुके हैं।  दरअसल उज्जैन हवाई पट्टी को एक निजी एजेंसी यश एयरवेज को वर्ष 2006 में प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु ठेके पर दिया गया था तथा अनुबंध की शर्तों में हवाई पट्टी का का उसे उपयोग करने की अनुमति थी। परन्तु एक शिकायत पर लोकायुक्त ने इसमें अपराध पंजीबध्द कर आठ से अधिक तत्कालीन कलेक्टरों को आरोपी बना दिया था। इस मामले में विमानन विभाग के तत्कालीन मुखिया अनिरुध्द मुखर्जी एवं इकबाल सिंह बैंस के खिलाफ लोकायुक्त ने सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिख दिया था कि दोनों ने उक्त आठ तत्कालीन कलेक्टरों को बचाने का प्रयास किया। इस पर सामान्य प्रशासन विभाग ने अनिरुध्द मुखर्जी को कारण बताओं नोटिस जारी किया था, जिस पर मुखर्जी ने जो जवाब पेश किया उससे संतुष्ट होकर सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। अब इकबाल सिंह बैंस को भी इसी आधार पर दोषमुक्त किया जायेगा। इधर आठ कलेक्टरों के खिलाफ लोकायुक्त ने अभियोजन की स्वीकृति राज्य शासन से मांगी है। लेकिन इसमें स्वीकृति मिलना इसलिये कठिन है क्योंकि इकबाल सिंह बैंस ने केबिनेट से 10 मई 2021 को अप्रूवल ले लिया था कि उज्जैन हवाई पट्टी का उपयोग करने की चयनित एजेन्सी को उपयोग करने की अनुमति थी। इसलिये किराया न वसूलने की बात बेमानी है क्योंकि जिसे हवाई पट्टी ठेके पर देते हैं उससे किराया नहीं लिया जाता है। क्या था मामला बहुचर्चित उज्जैन हवाई पट्टी घोटाले में नई सरकार के आने के बाद नए सिरे से पड़ताल शुरू हुई है। इस बार जांच के दायरे में पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का भी नाम आया है। उज्जैन के देवास रोड पर दताना-मताना हवाई प‌ट्टी है। लोकायुक्त संगठन ने इस हवाई पट्टी की लीज और पार्किंग शुल्क में आर्थिक गड़बड़ी का मामला दर्ज किया हुआ है। कुछ आइएएस अफसर इस केस में पहले से ही आरोपी हैं। इकबाल सिंह बैंस के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद केस की फाइल पर पड़ी धूल हटाई गई तो घोटाले के रन वे पर नया नाम उभर आया। सरकार ने यह हवाई पट्टी 2006 में यश एयरवेज और सेंटॉर एविएशन एकेडमी इंदौर को लीज पर दी थी। राज्य सरकार और कंपनी के बीच 7 साल के लिए अनुबंध हुआ था। दो वर्ष बाद ही इसकी लीज अवधि को 10 वर्ष कर दिया गया। लोकायुक्त संगठन ने इस समय वृद्धि को अनुचित माना है। अवधि बढ़ाने का आदेश तत्कालीन विमानन सचिव इकबाल सिंह बैस ने किया। एयरवेज को नाइट पार्किंग के लिए 5 हजार 700 किलो वजनी विमानों के लिए 100 रुपए चुकाने थे। इससे ज्यादा वजनी विमानों के लिए यह चार्ज 200 रुपए था, लेकिन कंपनी ने यह रकम सरकार को नहीं दी। वर्ष 2016 में अनुबंध समाप्त हो गया और कंपनी से पार्किंग शुल्क की वसूली तय हुई। तब 10 मई 2021 को केबिनेट में प्रस्ताव लाकर पार्किंग शुल्क माफ किया गया। यह प्रस्ताव बतौर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस न रखा। केबिनेट से यह प्रस्ताव छलपूर्वक मंजूर करवाया गया। शिवराज के विश्वसनीय रहे हैं इकबाल 1985 बैच के आइएएस इकबाल सिंह बैंस को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विश्वसनीय अफसर माना जाता है। बैस कृषि, उद्यानिकी, ऊर्जा, विमानन, आबकारी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य जैसे विभागों में काम कर चुके हैं। सीहोर, खंडवा, गुना और भोपाल के कलेक्टर भी रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव, प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं। जब जुलाई 2013 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर संयुक्त सचिव बनकर चले गए थे, उन्हें भाजपा सरकार बनने के बाद अगस्त 2014 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र से विशेष आग्रह करके वापस बुलाया था।

आरोप: भाजपा कांग्रेस नेताओं पर ED / CBI का दबाव डाल कर आपने पालें में कर रहें है:पूर्व सीएम कमलनाथ

Allegation: BJP is trying to keep Congress leaders in its fold by putting pressure of ED/CBI: Former CM Kamal Nath पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस के नेताओं पर दबाव डाल रही है और जो दबाव में नहीं आता, उसके ऊपर छापेमारी की जा रही है। मैं इस तरह की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूं। छिंदवाड़ा । प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार कांग्रेस के नेताओं पर दबाव डाल रही है और जो दबाव में नहीं आता, उसके ऊपर छापेमारी और दूसरी कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस के आदिवासी विधायक नीलेश उइके पर इस तरह का दबाव डाला गया, लेकिन वे इसके आगे नहीं झुके तो उनके ऊपर छापे डाले गए। उनके आवास, निर्माणाधीन भवन, खेत खलिहान और अन्य स्थानों पर जिस तरह से छापेमारी की कार्रवाई की गई और घंटों तक तलाशी के बाद कुछ नहीं मिला, उससे स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। मैं इस तरह की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूँ और पार्टी के सभी कार्यकर्ता नीलेश उइके साथ हैं।उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के कार्यकर्ताओं का आह्वान करता हूं कि इस तरह के दमन और उत्पीड़न से भयभीत न हों और पूरी तरह एकजुट होकर जनता के सामने जाएं। छिंदवाड़ा की जनता इस तरह के अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुझे आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि जीत सत्य की ही होगी।

हमीदिया अस्पताल: नई बिल्डिंग में शिफ्ट होगी ओपीडी, 100 मीटर के दायरे में होंगी सभी सुविधाएं

Hamidia Hospital: OPD will be shifted to the new building, all facilities will be within 100 meters radius सोमवार से ऑर्थोपेडिक्स विभाग की ओपीडी एच 1 बिल्डिंग में होगी संचालित  भोपाल। हमीदिया अस्पताल में आने वाले मरीजों को अब जांच, इलाज के साथ भर्ती जैसी सुविधाओं के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी। अब मरीजों को अस्पताल की सारी सुविधाएं 100 मीटर के दायरे में ही मिल जाएगी। इसके लिए अस्पताल के पुराने भवन और ट्रॉमा इमरजेंसी बिल्डिंग में संचालित ओपीडी को नई बिल्डिंग यानि एच 1 और एच 2 ब्लॉक में शिफ्ट किया जाएगा। इसकी शुरूआत सोमवार से की जाएगी। सोमवार को ऑर्थोपेडिक्स विभाग की ओपीडी एच 1 बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित होगी। इसके बाद अन्य विभागों की ओपीडी को चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट कर दिया जाएगा। मालूम हो कि हमीदिया अस्पताल में करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से 11 मंजिला नए ओपीडी ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। यह ब्लॉक अस्पताल के पुराने भवनो की जगह तैयार किया जाना है। ऐसे में पुराने अस्पताल के भवन के एक हिस्से को पूरी तरह से तोड़ा जा चुका है, अब दूसरे हिस्से को तोड़ा जाएगा। इसी हिस्से में ओपीडी संचालित होती है, यही कारण है कि ओपीडी को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। मरीजों को यह होगी सुविधा अस्पताल प्रबंधन के इस कदम से मरीजों को खासा फायदा होगा। दरअसल अभी अस्पताल में ओपीडी, रजिस्ट्रेशन, ब्लड बैंक, दवा लेने और वार्ड तक जाले में मरीजों को करीब एक किलोमीटर का फासला तय करना होता है। यही नहीं 11 मंजिल पर स्थित वार्ड में भर्ती मरीजों को बिलिंग के लिए गेट के पास बने रजिस्ट्रेशन सेंटर आना पड़ता है। अब यह सारी व्यवस्थाएं मरीजों को एक ही जगह पर ही मिल जाएंगी। एमआरआई और कैथलैब का प्लान नहीं ओपीडी शिफ्टिंग का प्लान को तैयार कर लिया गया है, लेकिन पुराने भवन में स्थित एमआरआई, सीटी स्कैन के सथ कैथ लैब की शिफ्टिंग का कोई प्लान नहीं है। इन सभी सुविधाओं की शिफ्टिंग में तीन से चार महीने का वक्त लगता है। यही नहीं इसमें भारी भरकम खर्च भी होता है। ऐसे में अगर बिल्डिंग टूटती है तो इन सुविधाओं को बंद करना पड़ेगा, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना होगा। गिरी फॉलसीलिंग हमीदिया अस्पताल के एच1 ब्लॉक के सेकेंड फ्लोर पर ओटी कॉम्प्लेक्स कॉरीडोर की फाल्स सीलिंग गिर गई। घटना गुरुवार को चली तेज हवाओं और आंधी के चलते हुई है। इन घटनाओं से 750 करोड़ रुपए में बने नए भवनों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे है। हमीदिया अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए ओपीडी शिफ्ट की जा रही है। मरीजों को सभी सुविधाएं आस पास ही मिले ऐसी व्यवस्थाएं की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को मध्य प्रदेश के पिपरिया और 17 अप्रैल को दमोह में करेंगे सभा

Prime Minister Narendra Modi will hold meetings in Pipariya, Madhya Pradesh on Sunday and Damoh on April 17. एक सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मध्य प्रदेश में तीसरा दौरा। भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए सप्ताह में तीसरी बार रविवार को प्रदेश में आएंगे। वे होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र में आने नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से भाजपा के किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी प्रत्याशी हैं, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां 26 अप्रैल को मतदान होना है। वहीं, दूसरे चरण के ही चुनाव में शामिल दमोह लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को दमेाह के इमलाई में सभा करेंगे। यह सभा पहले रहली विधानसभा के गढ़ाकोटा में प्रस्तावित थी, लेकिन शुक्रवार को स्थल परिवर्तन कर दमोह किया गया। यहां से राहुल लोधी को प्रत्याशी बनाया गया है। वह भी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके पहले सात अप्रैल को जबलपुर में रोड-शो किया था। इसके बाद बालाघाट में उनकी सभा हुई थी। पिपरिया में उनकी सभा से होशंबाद सीट के अतिरिक्त इससे लगी जबलपुर लोकसभा सीट को भी साधने की कोशिश है। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रतलाम आ सकते हैं। प्रचार थमने के एक दिन पहले छिंदवाड़ा में रोड-शो करेंगे अमित शाह प्रचार थमने के एक दिन पहले 16 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छिंदवाड़ा में रोड-शो करेंगे। इसके पहले यहां 12 अप्रैल को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सभा हो चुकी है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव पांच बार चुनाव प्रचार के लिए छिंदवाड़ा पहुंच चुके हैं। पिछली बार एकमात्र इस सीट पर कांग्रेस के नकुल नाथ जीते थे जो फिर मैदान में हैँ। कांग्रेस अपने इस गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत से जुटी है।

परिषद के 66वें स्थापना दिवस की अनंत बधाइयाँ प्रिय आत्मीय जन

Heartfelt congratulations on the 66th Foundation Day of the Council, dear dear people. अखिल भारतीय पंचायत पंचायत परिषद { All India Panchayat Parishad} का 66वाँ स्थापना दिवस है।12अप्रैल 1958 में परिषद की स्थापना देव घर जसीडीह में तत्कालीन बिहार सम्प्रति झारखंड में हुई थी।आज परिषद के 66 बसंत पूर्ण हुए। महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के स्वप्नों को साकार करने के लिए अखिल भारतीय पंचायत परिषद ने 7.5लाख गाँवों के गण राज्य की स्थापना के लिए अनवरत संघर्ष किया और सफलताएँ प्राप्त की हैं। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक अधिकार तो मिले लेकिन अभी वह अधिकार आधे -अधूरे हैं।अभी संघर्ष शेष है।अमर शहीद बलवंत राय मेहता ,लोकनायक जय प्रकाश नारायण के द्वारा स्थापित परंपराओं एवं मापदंडों ,पदचिन्हों पर चलने के लिए हम लोग संकल्प बद्ध हैं। देश के 22 प्रदेशों में परिषद से सम्बद्ध प्रदेश / राज्य पंचायत परिषदें , त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाएँ देश में तीसरी सरकार पंचायती राज की स्थापना करने के लिए प्रयत्न शील हैं।इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं एवं पंचायती राज प्रेमियों तथा परिषद कार्य समिति , महा समिति के मा० सदस्यों , मा०पदाधिकारियों एवं कर्तव्य निष्ठ कर्मचारियों को परिषद एवं बलवंत राय मेहता पंचायती राज फ़ाउंडेशन की ओर से अनंत हार्दिक बधाई देता हूँ।वर्तमान में अखिल भारतीयपंचायत परिषद की स्थिति पर मात्र इतना ही कहूँगा-बहुत कुछ किया है और बहुत कुछ करना बाक़ी है।पंचायती राज क़ायम हो , यही अरमान बाक़ी है।चलो इस बे वफ़ा दुनिया में फिर से वफ़ा ढूँढें।ज़माना ढूँढ न पाया जिसे हम वो ख़ुदा ढूँढें॥मंज़िल मिले न मिले इसका ग़म नहीं।मंज़िल की जुस्तजू में मेरा कारवाँ तो है। जयपंचायती राजशीतला शंकर विजय मिश्रमुख्य महामंत्रीअखिल भारतीय पंचायत परिषदएवंन्यासी सचिवबलवंत राय मेहता पंचायती राज फ़ाउंडेशन

930 रुपए किलो का गुग्गल 1700 रूपये किलो में खरीदा, 30 लाख से अधिक का गड़बड़झाला

Guggal worth Rs 930 per kg bought for Rs 1700 per kg, fraud worth more than Rs 30 lakh भोपाल। अपर मुख्य सचिव वन जेएन कंसोटिया का संरक्षण होने की बदौलत ही लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभास ठाकुर भी एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में रॉ मटेरियल खरीदी में गड़बड़झाला को नहीं रोक पा रहे हैं। ताजा मामला गुग्गल खरीदी का प्रकाश में आया है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ने टेंडर की दर से न खरीदकर आर्यन फार्मेसी से ₹1700 किलो की दर से खरीदी की है। सूत्रों ने बताया कि एमएसपी पार्क के प्रबंधक ने गूग्गल सहित प्रष्टपर्णी, काली मिर्च, हींग, पुनर्नवा आदि रॉ मैटेरियल की खरीदी के लिए टेंडर किया था। टेंडर में गुग्गल के लिए हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार का रेट 930 रूपये प्रति किलोग्राम था। एसपी पार्क के कर्ताधर्ता ने हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार से खरीदी ना करके आर्यन फार्मेसी से ₹1700 की कीमत पर 4000 किलो खरीदी की। हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार फर्म से न तो वर्क आर्डर दिया गया और न किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। आर्यन से खरीदी से संघ को 30 लाख 80000 रुपए का अधिक भुगतान करना पड़ा है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ⁠सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रॉ -मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है, जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे। इसके अलावा 30-35 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी के सीईओ प्रसन्ना फुलझले हटने के बाद से प्रभारी एसडीओ सुनीता अहीरवार मनमानी बढ़ गई है। यहां तक कि फुलझले की जगह प्रमोट आईएफएस अर्चना पटेल को डमी के रूप में सीईओ बनाया गया है। पार्क के अधिकारी और कर्मचारी इसकी मुख्य वजह भी एसीएस से मिल रहे हैं संरक्षण को बताया जा रहा है। एमडी के आदेश का ही नहीं हो रहा पालन लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने भंडारण की जांच के लिए एसीएफ मणि शंकर मिश्र को 7 दिन में जांच का रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे किंतु 15 दिन से अधिक का समय बीत गया, अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। मिश्रा को भंडारण से संबंधित दस्तावेज उत्पादन प्रबंधन द्वारा नहीं दिए जा रहे हैं। दस्तावेज मांगने के लिए अभी तक मिश्रा ने करीब चार रिमाइंडर सुनीता अहिरवार को भेज चुके हैं। इसकी जानकारी भी एमडी को भेजी गई है किंतु वहां से भी किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है। यही नहीं विद्या निनारे को भंडार में रा मटेरियल जाँच करने के मौखिक निर्देश प्रबंध संचालक और सीईओ ने मीटिंग में सबके सामने दिये थे। उस मीटिंग में सुनीता अहीरवार भी मौजूद थी फिर भी अपने भ्रष्टाचार को छुपाने और एसीएस वन से जानपहचान की धुन में नियमों को भी धता बता रही है। नरेंद्र नागर पर क्यों मेहरबान है केंद्र के अफसर एमएसपी पार्क बरखेड़ा पठानी के सीईओ से लेकर प्रबंधक तक उन पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान है। पिछले एक दशक से एमएसपी पार्क बरखेड़ा पठानी में कंस्ट्रक्शन, फेब्रिकेशन, पुताई कार्य से लेकर दवाइयां के रॉ मैटेरियल प्रदाय करने का ठेका तक के वर्क आर्डर नरेंद्र नागर को दिया जाता है। जबकि उनका मूल काम कंस्ट्रक्शन का है। नियमों की अनदेखी कर नरेंद्र नागर के कंस्ट्रक्शन फर्म को बिना टेंडर कोटेशनों के आधार पर लाखों रुपए के कार्य दिए जा रहे हैं। वर्तमान में उनके द्वारा मेंटेनेंस का कार्य किया गया है, जो कि लगभग 30 से 35 लाख रुपए की बिलिंग हो चुकी है। चर्चा है कि अधिक कमीशन पर उन्हें काम दिए जा रहे हैं। हद तो तब है जब विंध्या हर्बल में कंस्ट्रक्शन वर्क हो या पुताई का कार्य या फिर फेब्रिकेशन के कार्य कोई भी अन्य एजेंसी ही क्यों न करें लेकिन बिल नागर के फर्मो के नाम पर ही बनता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कैलाश रघुवंशी की होती है। आर्यन फार्मेसी का एकाधिकार पिछले एक दशक में एमएसपी पार्क में आर्यन फार्मेसी अथवा सिस्टर कंसर्न का एकाधिकार रहा है। दवाइयां को बनाने के लिए जो भी संबंधित रॉ मटेरियल खरीदे जाते हैं, उसमें 70 से 80% रॉ मैटेरियल आर्यन फार्मेसी के ही होते हैं। हालांकि फेडरेशन के एमडी ठाकुर दावा कर रहे हैं कि वह व्यवस्था को बदलने में जुटे हैं। यानी उनके अनुसार अब भविष्य में गड़बड़ियों की गुंजाइश बहुत कम रहेगी। बावजूद इसके, जांच के नाम पर फेडरेशन के एमडी को सिर्फ खाली गुमराह किया जा रहा है।

सांसद विवेक तन्खा ने कहा, देश में मानवीय अधिकारों का हनन हो रहा है, यह तानाशाही है, मैं ऐसे प्रजातंत्र में नहीं रहना चाहता

MP Vivek Tankha said, human rights are being violated in the country, this is a dictatorship, I do not want to live in such a democracy. भोपाल। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि देश में मानवीय अधिकारों का हनन हो रहा है। यह तानाशाही है। मैं ऐसे प्रजातंत्र में नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि संवैधानिक न्याय को लेकर मैं खुद पीड़ित हूं। संसद में जिस प्रकार से कानून बना रहे हैं, वह प्रजातांत्रिक नहीं है। छोटी-छोटी बातों को लेकर (संभवत: राज्यसभा के सभापति) खफा हो जाते हैं। संसद नियम से नहीं चलता है। यह बात वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर भी कहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जगह नहीं दिया जाता है, न हीं बोलने का मौका दिया जाता है, न ही विरोध करने का मौका दिया जाता है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज मंगलवार को राज्यसभा सांसद समेत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत अन्य नेताओं ने एक साथ प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान सांसद तन्खा ने भी यह बातें कही। उन्होंने कहा कि 100 दिन सदन चलाने का नियम है, लेकिन विपक्ष को मौका रखने का नहीं ही मिलता। विपक्ष के बोलने पर सांसदों को निलंबित किया जाता है। वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया को पत्र लिखा था। उसके सुझाव कांग्रेस पार्टी ने अपने न्याय पत्र में रखे हैं। हफ्ते में एक दिन विपक्ष को बोलने का मौका लोकसभा या सदन में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की बात कि जाए तो 3 करोड़ केस पेंडिंग हैं। गरीबों को न्याय नहीं मिल पाता जजों की कमी है। भाजपा इसलिए खुश है कि न्यायपालिका में न्याय की जगह बेल ना मिले। स्थिति यह है कि सुप्रीम कोर्ट में बेल के केस जाने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह को बेल दी थी अब अरविंद केजरीवाल भी सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। सांसद तन्खा ने कहा कि देश में ऐसे लोगों को जज बनना चाहिए, जो निष्पक्ष होना चाहिए। ईमानदार और निष्पक्ष जज का नाम भेज दो तो उसका नाम रोक दिया जाता है। इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआई के लाॅ में संशोधन करने की जरूरत है। कांग्रेस के साथ भी यही हुआ। कांग्रेस पार्टी को अपील के लिए जाने पर पूरा पैसा जमा करने के लिए कहा जाता है, जबकि 20 से 30 % जमा कर खाते को फ्रिज से हटाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद इनकम टैक्स 3,560 करोड़ के टैक्स के मामले को रिलैक्सेशन देती है। उन्होनंे कहा कि टैक्स भरने के लिए एनजीओ और अन्य लोगों को समय दिया, लेकिन कांग्रेस को समय नहीं दिया गया। जबकि 31 मार्च तक रिटर्न भरने का समय था। तन्खा ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को डरा धमका की कॉलर पकड़ के बाहर निकाला जा रहा हैं। लोकतात्रिक संस्थान को बचाने के लिए संस्थाओं को भी क्योर करना पड़ेगा।

मंडला में बोले अमित शाह- रामनवमी को 500 वर्ष बाद रामलला अपने घर में मनाएंगे जन्मदिन

Amit Shah said in Mandla – After 500 years of Ram Navami, Ram Lalla will celebrate his birthday in his home. मध्य प्रदेश के मंडला में परिवारवाद, आदिवासी कल्याण, गरीबी उन्मूलन, केंद्र की योजनाओं से बदलती भारत की तस्वीर जैसे विषयों पर केंद्रित रहा भाषण। मंडला। मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल मंडला में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस रामनवमी को पांच सौ वर्षों बाद श्रीरामलला अपने घर में जन्मदिन मनाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य को 55 वर्षों तक लटकाती रही, लेकिन हमारे मोदी जी रामलला को उनके घर ले आए। शाह ने आदिवासी विकास, सरकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ, विपक्षी गठबंधन की परिवारवाद की राजनीति तथा पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना आदि विषयों पर अपना भाषण केंद्रित रखा। शाह ने कहा कि हमारी सरकार ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड के एक लाख करोड़ रुपये उन जिलों में खर्च किए जहां खदानें हैं। आदिवासी अंचलों में इस राशि से केंद्र सरकार ने विकास कार्य किए जबकि विपक्ष की सरकारों ने देश के पैसे को डायनेस्टी मैनेजमेंट फंड बना दिया था। सभा के दौरान शाह ने मंडला से भाजपा के प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के द्वारा कराए गए विकास कार्यों को गिनाने के बाद कहा कि फग्गन सिंह को इन सब कामों के लिए वोट नहीं देना है। मोदी जी महान भारत की रचना करने वाले हैं, उसके लिए फग्गन सिंह को वोट देना है। इस वाक्य को मंडला के प्रत्याशी ओमकार सिंह मरकाम सहित कई कांग्रेस नेताओं ने इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर शेयर करते हुए कमेंट किया कि शाह भी फग्गन सिंह को वोट देने से मना कर रहे हैं। 10 वर्ष में 25 करोड़ गरीबों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का काम मोदी जी ने किया।

छिंदवाड़ा जैसा जिला विश्व में कहीं नहीं है, जो प्यार आपने मुझे दिया है, वही नकुलनाथ को दीजिए

There is no district like Chhindwara anywhere in the world, give the same love you have given me to Nakulnath. भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि देश व प्रदेश की जनता ने जब स्किल इंडिया का नाम भी नहीं सुना था, तब से छिन्दवाड़ा में स्किल सेन्टर संचालित हो रहे हैं। इन सेन्टरों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा निरंतर रोजगार से जुड़ रहे हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में सर्वाधिक स्किल सेन्टरों वाला जिला हमारा है। जब यह सुनता हूं तो मेरी छाती गर्व से चौड़ी होती है। कभी लोग पूछते थे कौन सा छिन्दवाड़ा आज उसी छिन्दवाड़ा का नाम देश ही नहीं विदेशों में जाना जाता है और इसका सबसे बड़ा श्रेय मैं अपने जिले की जनता को देता हूं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने चौरई विधानसभा क्षेत्र में आयोजित दो जनसभाओं में कही। चौरई एवं चांद में आयोजित जनसभाओं में उमड़े जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि मैंने तो कभी घोषणाएं नहीं की, किन्तु जो सपना हमने देखा था उसे साकार करने के लिये मैं निरंतर कार्यरत हूं, ताकि जो शेष है वह भी पूरा हो सके और मेरे जिले की आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे आज तक भाजपा पूरे नहीं कर पाई है, यह बात मत भूलिएगा। क्या कहा था 450 रुपए में सिलेण्डर देंगे, सस्ती दरों पर बिजली देंगे, माताओं बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के िलए कम ब्याज दरों पर लोन देंगे, ये सब झूठ साबित हुए हैं।

ऑब्जर्वर ने क्रिटिकल मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण,मोरखा चेक पोस्ट में हो रही वाहन चेकिंग

Observer inspected critical polling stations, vehicle checking is being done at Morkha check post आमला । बैतूल हरदा हरसूद संसदीय क्षेत्र 29 के लोकसभा चुनाव को संपन्न करने के लिए निर्वाचन आयोग से नियुक्त ऑब्जर्वर (आईएएस) प्रदीप कुमार ठाकुर ने आमला विधानसभा 130 के क्रिटिकल मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया वहीं मतदान केंद्रों में की जाने वाली सुविधाओं का भी जायजा लिया आमला विधानसभा के  सहायक रिटर्निंग अधिकारी सैलेंद्र बडोनिया ने बताया कि बैतूल, हरदा, हरसूद के संसदीय क्षेत्र के चुनाव के लिए अधिकतर तैयारी की जा चुकी है। ऑब्जर्वर प्रदीप कुमार ठाकुर, द्वारा आमला विधान सभा के मतदान केंद्र रोझड़ा, बेलोंड, जामखोदर, मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया गया। सहायक रिटर्निंग अधिकारी सैलेंद्र बडोनिया, नायाब तहसीलदार सारणी संतोष पथरिया, सीएमओ सारणी सीके मेश्राम, टीआई सारणी अरविंद कुमार उपस्थित थे। सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेंद्र बडोनिया ने बताया कि आमला विधानसभा में 5 क्रिटिकल मतदान केंद्रों में तकनीकी से लेकर मूलभूत सभी सुविधाएं की गई है। किसी भी प्रकार से मतदान दल को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी तत्काल ही उनके लिए व्यवस्था बनाए जाने के लिए रनर (संदेश वहाक) को भी वहां के लिए रखा गया है। मोरखा चेक पोस्ट में हो रही वाहनों कि चेकिंग मोरखा के बाद छिंदवाड़ा जिले की बॉर्डर लगती है। जहां अधिकतर छिंदवाड़ा से वाहन आमला पहुंचते है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोरखा में चेक पोस्ट बनाया गया है। जहां वहानो की जांच लगातार जारी है। चेक पोस्ट की जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार श्यामबिहारे समेले ने मोरखा चेक पोस्ट का निरीक्षण कर वाहनों की जांच के लिए दिशा निर्देश दिए गए है।

कलेक्टर भिंड विधायक के इशारे पर कर रहे हैं काम, निर्वाचन आयोग से शिकायत

Collector is working on the instructions of Bhind MLA, complaint to Election Commission भोपाल।  पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने कहा है कि निर्वाचन आयोग से कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव की भाजपा के पक्ष में कार्य करने की अनेक शिकायतें करने के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बुलंद है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में श्रीवास्तव द्वारा चुनाव प्रभावित कर रहें है। नेता – प्रतिपक्ष डॉ सिंह का आरोप है कि भिण्ड जिले में सिन्ध नदी से रेत (बालू) का अवैध उत्खनन भाजपा के नेताओं से मिलकर लहार थाने के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक उप्र में ले जाकर बेची जा रही है। रेत माफियाओं के लठेतों द्वारा इन्ट्री के नाम से प्रति ट्रक 10 हजार व प्रति ट्रेक्टर ट्राली 2 हजार रूपये वसूल की जा रही है। जिसका उदाहरण भिण्ड नगर में रेत माफियाओं के लठैतो को इन्ट्री फीस न देने पर 3 अप्रैल 24 को 26 वर्षीय नवयुवक शिवमसिंह तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा है कि लहार क्षेत्र के स्थानीय विधायक के सजातीय थाना प्रभारियों की पदस्थापना कर दी गई है। इन थाना प्रभारियों की रिश्तेदारियां भाजपा के नेताओं से है। जिससे पुलिस के माध्यम से मतदाताओं में भय बनाया जा रहा है। चुनाव को प्रभावित करने हेतु क्षेत्र के काग्रेस कार्यकर्ताओं पर असत्य अपराध पंजीबद्ध कराना प्रारंभ कर दिया है। काग्रेस कार्यकर्ताओं पर काग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने का दबाव डाला जा रहा है।  दांगी सहकारी संस्थाओं को बनाया खरीदी केंद्र वरिष्ठ नेता सिंह का कहना है कि कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने स्थानीय विधायक के आदेश से जिन सहकारी संस्थाओं को मप्र में उत्कृष्ठ होने से सम्मानित किया गया उन्हें गेहूँ, सरसों आदि अनाजों का खरीदी केन्द्र नहीं बनाया। इसकी वजह यह है कि इन संस्थाओं पर कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित अध्यक्ष है। यह भिण्ड जिले की सर्वोत्तम संस्थाएं है। बीजेपी विधायक के इशारे पर अनेकों ऐसी संस्थाओं को खरीदी केन्द्र बनाया, जिनके कर्मचारियों पर गबन तथा संस्था की राशि वसूली होने के साथ-2 लाखों रूपये के घाटे में चल रही है।

148 मतदान केन्द्रों पर भारत निर्वाचन आयोग की रहेगी नजर

Election Commission of India will keep an eye on 148 polling centers  हरिप्रसाद गोहे  आमला । लोकसभा चुनाव वर्ष 2024 निर्भीक और निष्पक्ष चुनाव संपन्न करने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम करना शुरू कर दिया है । लोकसभा क्षेत्र 29 के जिला रिटर्निंग अधिकारी(कलेक्टर) नरेन्द्र सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में चुनाव की तैयारी जोरों पर चल रही है । मतदान दल से किसी प्रकार की कोई चूक ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है । हर पहलू पर पैनी नजर रखी जा रही है । स्ट्रांग रूम को कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा गया है । चेक पोस्ट से भी बिना चेकिंग के वहानो को आने-जाने नही दिया जा रहा है । लोकसभा चुनाव के लिए आमला विधानसभा 130 के लिए नियुक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेंद्र बड़ोनिया ने पीठासीन अधिकारी,नोडल अधिकारी,रूटगाईड,रनर को चिन्हित मतदान सामाग्री मतदान केन्द्रों तक सुरक्षित पहुचने के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण दिया है। सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेंद्र बड़ोनिया ने प्रशिक्षण देते हुए कहा कि विधानसभा आमला में 64 रूट बनाए गए है 64 रुटगाइड को प्रशिक्षण दिया गया है रूटगाईड द्वारा निर्वाचन आयोग के निर्धारित समय पर अपने-अपने वाहनों पर पहुचकर बसों को हैंडवर्क में लेना है। उसके बाद मतदान दल को 25 अप्रैल को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय से बसों से सुरक्षित मतदान केन्द्र तक समय पर पहुचना है। वही मतदान  सम्पन्न होने के बाद शाम 6 बजे सभी रुटगाईड को लौटाते क्रम में मतदान दल को 26 अप्रैल को जीएच महाविद्यालय सुरक्षित पहुचना है । वही रनरो को समय पर नेटवर्क विहीन स्थान पर पहुचकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करना है। रनर ऐसे स्थान पर रहेंगे जिस स्थान पर नेटवर्क नही रहता है। उसके लिए 5 स्थान चिन्हित किए गए है। आमला विधानसभा के ग्राम लादी, बाबरबोह , वही सारणी के ग्राम रोजड़ा,बाकुड़,जामखोदर,मतदान केन्द्रों पर रनरो को तैनात रहना है। उनको मतदान केन्द्र की सुरक्षा व्यवस्था,सुविधाएं,एव मतदान का प्रतिशत की जानकारी कन्ट्रोल रूम को समयानुसार देना है। जिसके की मतदान दल की तत्काल सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। 5 स्थानों को किया गया नेटवर्क विहीन एरिया लगाए जाएंगे वायरलेस सेट आमला विधानसभा के लिए नियुक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेंद्र बड़ोनिया ने बताया कि आमला विधानसभा 130 में 5 स्थानों में नेटवर्क नही मिलता है। अधिकारीयो ओर मतदान दल की सुविधाओं को देखते हुए आमला के ग्राम लादी,बाबरहोह,सारणी के ग्राम जामखोदर,रोजड़ा,बेलुण्ड में नेटवर्क विहीन(सेडो एरिया)चिन्हित किया गया है  जहां मतदान दल एव सुरक्षाकर्मियों की सुविधाओं के लिए वायरलेस लगाए जाएंगे, जांमखोदर,बेलुण्ड सारणी थाने से कनेक्ट रहेगा,वही लादी,बाबरहोह,बोरदेही थाने से कनेक्ट होगा ऐसे में नेटवर्क की समस्या इन ग्रामों में नही होगी। 148 मतदान केन्द्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे रहेगी जरे-जरे पर नजर निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव सम्पन्न कराने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए है। इस क्रम में आमला विधानसभा 130 के 148 मतदान केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। जिसका लाइफ कास्टिंग सीधे निर्वाचन आयोग दिल्ली,सीईओ आफिस भोपाल,जिला रिटर्निंग अधिकारी (कलेक्टर) को होगा। चिन्हित मतदान केन्द्रों को लाइफ कास्टिंग के माध्यम से अधिकारी नजर रखगे, वही सुरक्षा व्यवस्था के भी कड़े इंतजाम किए गए है।

मैदानी खबर: बालाघाट में भारती और सम्राट का खेल बिगाड़ने कंकर उतरे

Field news: In Balaghat, stones came to spoil the game of Bharti and Samrat बालाघाट में हमेशा की तरह मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही संभावित है लेकिन इनका खेल बिगाड़ने बसपा ने भी मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। सांसद ढाल सिंह बिसेन का टिकट काट कर भाजपा ने पार्षद भारती पारधी को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरसवार पर भरोसा किया है। क्षेत्र के तेजतर्रार समाजवादी नेता कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। देश, प्रदेश की तरह बालाघाट में माहौल भाजपा के पक्ष दिख रहा है लेकिन कई मसलों पर पार्टी का विरोध भी है।  भोपाल। महाकौशल अंचल की बालाघाट लोकसभा सीट का 2019 का चुनाव ढाल सिंह बिसेन ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीता था। बालाघाट में भाजपा की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी लेकिन पार्टी ने अपने इस सांसद का टिकट काट कर नगर पालिका की पार्षद भारती पारधी को दे दिया। प्रत्याशी घोषित होते ही लगाए गए पहले बैनर से ही ढाल सिंह बिसेन का फोटो गायब था। बिसेन की टिप्पणी थी, लीजिए अभी से मेरी फोटो हट गई। ऐसे में ढाल सिंह से ईमानदारी से काम की उम्मीद कैसे की जा सकती है। प्रचार अभियान से वे दूरी बनाए दिख भी रहे हैं। बालाघाट भाजपा के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन काम तो कर रहे हैं लेकिन पूरी ताकत से नहीं क्योंकि वे अपनी बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। बावजूद इसके माहौल भाजपा के पक्ष में ज्यादा दिख रहा है।  कांग्रेस के सम्राट सरसवार भी कमजोर प्रत्याशी नहीं हैं। वे जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और उनके पिता विधायक रहे हैं। इस नाते उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है। बालाघाट की विधायक अनुभा मुंजारे उस स्थिति में भी कांग्रेस का पूरी ताकत से प्रचार कर रही हैं जब उनके पति कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर मैदान में हैं। इस चुनाव में पति-पत्नी में ऐसे मतभेद हुए कि कंकर मुंजारे अपना घर छोड़कर एक झोपड़ी में रहने पहुंच गए हैं। पहले उन्होंने पत्नी अनुभा से कहा था कि वे घर छोड़कर चली जाएं क्योंकि मेरे घर में रहकर वे मेरे खिलाफ प्रचार नहीं कर सकतीं। विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष हिना कांवरे भी कांग्रेस के लिए मेहनत कर रही हैं। लिहाजा हार- जीत भाजपा-कांग्रेस के बीच ही तय है लेकिन कंकर मुंजारे के कारण मुकाबला तीन कोणीय दिखाई पड़ रहा है।  प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल 1999 में बालाघाट से सांसद रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। उनके प्रयास से जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा लिल्हारे और एक अन्य नेता नगपुरे ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। क्षेत्र में लोधी मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है, वे इस समाज को साधने की कोिशश कर रहे हैं। कंकर मुंजारे और सामाजिक कारणों से यह वर्ग भाजपा से कटा दिखाई पड़ रहा है। वैसे भी आमतौर पर इस सीट में जातीय आधार पर भी वोट पड़ते हैं। इसे ध्यान में रखकर पार्टियां टिकट देती हैं और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश भी होती है। चर्चा यह भी है कि जातीय समीकरणों के तहत भाजपा ने रणनीति के तहत कंकर मुंजारे को चुनाव लड़ाने में भूमिका निभाई है ताकि लोधी मतदाता कांग्रेस के पक्ष में एकमुश्त न जा सके। किसानों में धान का समर्थन मूल्य भी मुद्दा बालाघाट संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दों के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी चुनाव लड़ा जा रहा है। कांग्रेस ने यहां किसान कर्जमाफी और धान के समर्थन मूल्य को मुद्दा बना दिया है। भाजपा प्रत्याशी और अन्य नेता प्रचार के लिए पहुंचते हैं तो किसान पूछते हैं कि धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए करने की घोषणा का क्या हुआ। इसे लेकर एक किसान ने भाजपा की भारती पारधी की गाड़ी ही रोक ली थी। कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करने का वादा करती है और महिलाओं के बीच बताती है कि लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपए मासिक देने का वादा किया गया था, वह भी पूरा नहीं हुआ। भाजपा राम लहर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को गिना रही है। कांग्रेस की ओर से घोषणा पत्र में किए गए वादे बताए जा रहे हैं। 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार किया जा रहा है। विधानसभा में भाजपा-कांग्रेस की ताकत बराबर विधानसभा में सदस्यता के लिहाज से भाजपा और कांग्रेस की ताकत लगभग बराबर है। क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में दोनों दलों के पास 4-4 हैं। 4 माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी भाजपा ने जीती थीं जबकि बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट और बारासिवनी में कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस ने चार सीटें 56 हजार 697 वोटों के अंतर से जीती है जबकि भाजपा की जीत का अंतर 60 हजार 203 वोटों का रहा है। इस दृष्टि से भाजपा की बढ़त महज 3 हजार 506 वोटों की ही है। लोकसभा चुनाव में इस अंतर को कवर करना कठिन नहीं है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी नतीजे लगभग इसी तरह के थे लेकिन भाजपा ने ढाई लाख वोटों के अंतर से लोकसभा चुनाव जीत लिया था। इसकी वजह राष्ट्रीय स्तर भाजपा के पक्ष में बना माहौल रहा है। यह माहौल इस चुनाव में भी देखने को मिल रहा है। दो जिलों तक फैला है बालाघाट लोकसभा क्षेत्र महाकौशल की बालाघाट लोकसभा सीट का भौगोलिक क्षेत्र दो जिलों तक फैला है। इसके तहत बालाघाट जिले की 6 एवं सिवनी जिलेकी 2 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें बालाघाट जिले की बैहर, लांजी, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी और सिवनी जिले की दो विधानसभा सीटें बरघाट, सिवनी शामिल हैं। जहां तक बालाघाट सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो 1991 और 1996 में यहां से कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत जीते थे। इसके बाद से लगातार भाजपा का कब्जा है। दो बार गौरीशंकर बिसेन और एक बार प्रहलाद पटेल बालाघाट से सांसद रहे हैं। केडी देशमुख, बोध सिंह भगत और ढाल सिंह बिसेने भी एक-एक बार चुनाव जीते हैं। आमतौर पर बालाघाट में हार-जीत का अंतर एक लाख से कम रहा है लेकिन 2019 में पहली बार भाजपा ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह रिकार्ड टूटता … Read more

कांग्रेस को एक और झटका, मुरैना से पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में होंगे शामिल

Another blow to Congress, former MLA from Morena Ajab Singh Kushwaha will join BJP. मुरैना ! मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.मुरैना से कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह आज अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाएंगे. सीएम मोहन यादव बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में आम सभा को संबोधित करने के लिए मुरैना पहुंच रहे हैं. पहाड़गढ़ जनपद के मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की इस सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. कुशवाह कांग्रेस के टिकट पर सुमावली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. बीजेपी के टिकट पर भी सुमावली से चुनावी जंग लड़ चुके थे.

1479 करोड़ के बजट के बंटवारे का अधिकार हाथ से छीनने के भय से ठेके पर देने में वन विभाग कर रहा है ना-नुकुर

The Forest Department is reluctant to give the right to distribute the budget of Rs 1479 crore on contract due to the fear of snatching it away. भोपाल। राज्य शासन को अपने एक आदेश का पालन कराने के लिए अब तक एक के बाद एक, चार आदेश जारी करना पड़े। इसके बाद भी उस पर क्रियान्वयन होने में 6 महीने का समय और लग सकता है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि वन विभाग के कैंपा शाखा और विकास शाखा में पदस्थ पीसीसीएफ नहीं चाहते हैं कि रिटायरमेंट के पहले ही बजट बांटने का अधिकार उनके हाथ से निकल जाए। यही वजह है कि मैन्युअल और शर्तों के निर्धारण की आड़ में पीसीसीएफ द्वय टेंडर प्रक्रिया से वानिकी कार्य कराने संबंधित आदेश का क्रियान्वयन अक्टूबर-नवंबर तक टालने की उधेड़बुन में लगे हैं। अक्टूबर में पीसीसीएफ महेंद्र सिंह धाकड़ (कैम्पा) और नवंबर में पीसीसीएफ (विकास) उत्तम कुमार सुबुद्धि सेवानिवृत होने जा रहे हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि अंधा बांटे रेवड़ी….की तर्ज पर कैंपा शाखा 959 करोड़ और विकास शाखा 520 करोड रुपए का बंदरबांट किया जाता है। प्रदेश में वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ जंगलों की सुरक्षा और बढ़ते अपराध पर रोकने की दिशा में पूरा अमला मुस्तैद रहे। इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन ने वन विभाग में अधोसंरचना निर्माण कार्य, पशु अवरोधक दीवार से लेकर वारवेड वायर एवं चैनलिंक फेंसिंग और पॉलीहाउस आदि के कार्य निविदा बुलाकर कराने का पहला आदेश 29 मई 23 को प्रसारित किया था। जबकि इसकी स्क्रिप्ट 29 अप्रैल 22 को लिखी गई थी। तत्कालीन वन मंत्री डॉ विजय शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभाग के सभी अधिकारियों को निविदा बुलाकर वानिकी कार्य करने के निर्देश दिए थे। यहीं नहीं, शाह ने विकास शाखा के तत्कालीन प्रमुख चितरंजन त्यागी को इसके लिए नियम और शर्तें बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। चूंकि त्यागी अक्टूबर 22 में रिटायर होने वाले थे, इसलिए नियम बनाने में टालमटोल करते रहे। उनके सेवानिवृत्ति के बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। जब एसीएस जेएन कंसोटिया ने वन विभाग का दायित्व संभाला तब फिर से निविदा बुलाकर कार्य करने संबंधित फाइल मंत्रालय में मूव होने लगी। 29 मई 23 को शासन ने पहला आदेश जारी किया कि 2 लाख के कार्य विभागीय रूप से किया जाएगा। विभागीय अधोसंरचना निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग के निर्माण कार्यों की दरों के आधार पर वन विभाग अपने मैन्युअल के आधार पर कराए। 31 दिसंबर तक निविदा प्रक्रिया के स्थान पर विभाग में पुरानी व्यवस्था अनुसार निर्माण कार्यों की अनुमति दी जाती है। 1 जनवरी 24 से जो भी कार्य प्रारंभ हो, उन्हें निविदा प्रक्रिया के उपरांत कराए जाएं। विभागीय अफसरों ने नहीं दिखाई रुचि वन बल प्रमुख से लेकर कैंपा शाखा और विकास शाखा के प्रमुख तक शासन के आदेश के क्रियान्वयन में कोई रुचि नहीं दिखाई। 31 दिसंबर 23 तक पूर्व वन बल प्रमुख आरके गुप्ता चाहते थे कि उनके सेवानिवृत होने के बाद इस पर क्रियान्वयन हो। यही वजह रही कि शासन के 29 में 23, 17 अगस्त 23 और 19 अक्टूबर 23 को जारी आदेश का क्रियान्वयन नहीं हो पाया। इस बीच सभी पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों ने एक प्रेजेंटेशन बनाकर अपर मुख्य सचिव कंसोटिया को सौपा। इसमें निविदा से कार्य करने की तमाम सारी विसंगतियां बताई गई थी। बताते हैं कि कंसोटिया भी विभाग के शीर्ष अधिकारियों के तर्क पर सहमत हो गए थे। निविदा से कार्य करने का मामला ठंडा पड़ चुका था। अचानक 7 मार्च 24 को कंसोटिया ने फिर से आदेश जारी करने का हुक्म अपने मातहत को दिया। आदेश जारी होते वन भवन से फील्ड तक में हड़कंप मच गया। वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव और उनके सिपहसालार पीसीसीएफ सक्रिय हुए। वन बल प्रमुख ने आनन-फानन में पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इसके लिए वन विभाग एक मैन्युअल और शर्ते बनाए। ऐसा करने में 6 महीने का समय निकल जाएगा और तब तक 1479 करोड़ रुपए का 30% बजट पहले त्रेमासिक के लिए पुरानी व्यवस्था के आधार पर चहेते डीएफओ को अपने मन माफिक बजट आवंटित कर दिया जाएगा। बैठक में ही उपस्थित एक सीनियर आईएफएस अधिकारी का कहना है कि मैन्युअल और शर्ते बनाने में अधिक से अधिक 1 महीने का समय लग सकता है। प्रदेश में आचार संहिता लागू है। ऐसे में अफसर चाहे तो 15-20 दिन में ही मैन्युअल और निविदा की शर्ते से बना सकते है। चर्चा है कि कैंपा और विकास शाखा में पदस्थ से पीसीसीएफ नहीं चाहते हैं कि उनके रिटायरमेंट के पहले शासन के आदेश पर क्रियान्वयन हो।

भाजयुमो ने प्रदेश के सभी मंडलों पर मनाया भाजपा स्थापना दिवस

BJYM celebrated BJP Foundation Day in all the divisions of the state भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार ने भोपाल में वार्ड क्रमांक 50 के बूथ क्रमांक 202 पर महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई व कार्यकर्ताओं के यहां घर-घर पार्टी का झंडा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ संगठन के माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता कर नमो ऐप के माध्यम से डोनेशन किया।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवा ही संगठन के भाव को समर्पित संगठन है। राष्ट्र सेवा और जन सेवा ही हमारे मूल सिद्धांत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 5 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक यथा संभव माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागी बनकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रदेशभर में स्थापना दिवस मनाया है और माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह स्थापना दिवस हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा को निरंतर मिल रहे अपार जनसमर्थन के साथ हम सभी को मिलकर मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए अपनी भूमिका निभाना है। प्रदेश अध्यक्ष ने इंदौर संभाग में की बैठक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार शनिवार को इंदौर पहुंचे और उन्होंने इंदौर संभाग के युवा मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक में कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने बीते चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसका उल्लेख हमारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी पूरे मन से किया था। हमें इस बार भी लोकसभा चुनाव में दोगुनी ताकत के साथ संगठन कार्यों को सिद्धि तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि हम सभी कार्यकर्ताओं को इस बात का गर्व होना चाहिए कि हमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में एक सशक्त नेतृत्व मिला है। आज विदेशों में भी भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि जिस अंत्योदय की बात हमारे महापुरुषों ने सोची थी आज उसे मोदी जी के नेतृत्व में हम पूरा होते देख रहे हैं। इसलिए हम सभी मोर्चा कार्यकर्ताओं का भी ये दायित्व बनता है कि हम लाभार्थियों से संपर्क करें उन तक मोदी जी की राम राम भी पहुंचाएं और बदलते भारत की चर्चा युवाओं के साथ करें। उन्होंने कहा कि नवमतदाताओं को इस बात से जरूर अवगत कराएं कि कांग्रेस शासन में देभ की स्थिति क्या थी और मोदी जी के नेतृत्व में आज स्थिति कितनी बदल गयी है।

प्रदेश की बची 3 सीटों पर कांग्रेस ने उतारे प्रत्याशी, ग्वालियर, मुरैना और खंडवा से किसे मिला टिकट

Congress fielded candidates on the remaining 3 seats of the state, who got the ticket from Gwalior, Morena and Khandwa? लोकसभा चुनाव 2024: मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद शनिवार को कांग्रेस ने बची हुई 3 सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. ग्वालियर, मुरैना और खंडवा सीट पर उम्मीदवार उतारे गए हैं. अब मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की बची हुई 3 लोकसभा सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. मुरैना से पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार नीटू को टिकट दिया गया है. ग्वालियर से पूर्व विधायक प्रवीण पाठक को मैदान में उतारा गया है, जबकि खंडवा से नरेंद्र पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है. खण्डवा से पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को टिकट नहीं दिया गया है.कांग्रेस ने अब मध्य प्रदेश की सभी 28 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं, बाकी एक सीट पर इंडिया गठबंधन के खजुराहो लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने मीरा यादव को प्रत्याशी बनाया, लेकिन एक दिन पहले उनका नामांकन फॉर्म रिजेक्ट हो गया. फिलहाल मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. इधर, भाजपा पहले ही राज्य की 29 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतार चुकी है. ग्वालियर लोकसभा सीटग्वालियर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रवीण पाठक को टिकट दिया है. पाठक पहली बार 2018 ग्वालियर दक्षिण सीट से चुनाव में पहलीबार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को हराया था. हालांकि, 2023 में हुए विधानसभा चुनाव प्रवीण पाठक को हार का सामना करना पड़ा. उन्हें पूर्व प्रतिद्वंदी नारायण सिंह कुशवाह ने हराया था.

आज भोपाल में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक, प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए बनेगा प्लान

First meeting of India alliance in Bhopal today, plan will be made for the victory of Congress in the state. लोकसभा चुनाव से पहले रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन की एमपी इकाई भोपाल में पहली बैठक करने जा रही. ये बैठक भोपाल कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर होगी.भोपाल ! आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए इंडिया महागठबंधन की बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज यानी 6 अप्रैल हो होगी. इंडिया गठबंधन की प्रदेश में ये पहली बैठक है, जो प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह 10 बजे होगी. इस बैठक में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे. बैठक के बाद सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी.बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश में होने वाले 4 चरणों में चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि गठबंधन के सभी दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम करें. इंडिया गठबंधन को झटका, कांग्रेस अकेलीवहीं कांग्रेस ने गठबंधन के सहयोगी समाजवादी पार्टी के लिए खजुराहो सीट भी छोड़ी थी, लेकिन यहां पर शुक्रवार को सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त हो गया है. जो इंडिया गठबंधन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. यानी अब गठबंधन के लिए 29 में से 28 सीटें बची हैं. इन सभी से कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं. कांग्रेस इस कोशिश में है कि अब सभी दल कांग्रेस के लिए अभियान चलाएं. इन्हीं सब मुद्दों पर बैठक में विचार किया जाएगा। ये दिग्गज बैठक में रहेंगे मौजूदइंडिया गठबंधन से संबद्ध मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी,आम आदमी पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी अग्रवाल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, शैलेन्द्र शैली, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुशवाहा और इंडिया डेमोक्रिटिक पार्टी के अध्यक्ष अजय सिंह,एनसीपी (शरद पंवार) के अध्यक्ष राजू भटनागर, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मोनू यादव शनिवार बैठक में रहेंगें मौजूद. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश में बहुत तगड़ा प्रदर्शन किया है. जिसे भाजपा लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है. वहीं कांग्रेस विधानसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़कर लोकसभा चुनाव में जुटी है. लेकिन कांग्रेस की 3 सीटें अभी भी फंसी हैं, जहां पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है.

पिछले साल से टैक्स वसूली में लक्ष्य से पिछड़ा नगर निगम, आखिरी दिन वसूले 14 करोड़

Municipal Corporation lagged behind the target in tax collection since last year, recovered Rs 14 crore on the last day जोनल अधिकारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, दो वार्ड प्रभारी और दो प्रभारी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को आयुक्त ने किया नोटिस जारी भोपाल। नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष के आखिरी दिन 14 करोड़ से अधिक की राजस्व वसूली की। इस तरह निगम ने इस साल करीब 350 करोड़ से ज्यादा की वसूली की, जो तय आंकड़े से करीब 75 करोड़ कम है। दरअसल नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष 2023.24 के लिए 425 करोड़ की वसूली का लक्ष्य रखा थाए लेकिन पूरे साल सरकारी योजनाओं पर काम करने के चलते राजस्व अमला तय लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया। रविवार को वसूली का आखिरी दिन था, लिहाजा निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने राजस्व वसूली कार्य का औचक निरीक्षण किया और जोनल अधिकारियों एवं वार्ड प्रभारियों से विभिन्न मदों में की गई राजस्व वसूली व बकायादारों से किए गए संपर्क आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की और अधिक से अधिक राजस्व वसूली करने तथा करों की अदायगी करने आने वाले करदाताओं को राजस्व भुगतान सुविधापूर्ण ढंग से कराने के निर्देश दिए। इसके चलते निगम कार्यालय करीब रात नौ बजे तक खुले रहे। जोनल अधिकारी और वार्ड प्रभारी को जारी किया नोटिसनिगम आयुक्त ने वार्ड क्र. 35 बरखेड़ी में वार्ड कार्यालय के आसपास कचरे के ढ़ेर पाए जाने और नालियां कचरे से भरी हुई पाए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जोन 07 योगेश दुबे, वार्ड प्रभारी वार्ड क्रं. 35 अहसान अली एवं प्रभारी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक वार्ड क्रं. 35 दीपक जैनवार को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। निगम आयुक्त नारायन ने वार्ड क्रं 23 में राजस्व एवं सम्पत्तिकर वसूली संतोषजनक न पाए जाने, वार्ड में उपस्थित कर्मचारियों द्वारा वसूली संबंधी जानकारी उपलब्ध न करा पाने तथा वार्ड कार्यालय में समुचित साफ-सफाई व्यवस्था नहीं होने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए जोनल अधिकारी जोन क्रं 05 राजभान त्रिपाठी एवं वार्ड प्रभारी वार्ड क्रं. 23 एहसान रजा जैदी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। निगम आयुक्त नारायन ने जोन क्रं. 05 के अंतर्गत वार्ड 19 में निरीक्षण के दौरान बालविहार रोड स्थित बालविहार शॉपिंग काम्प्लेक्स के समीप एवं नाले के पास एवं अंदर कचरे के ढेर पाए जाने पर प्रभारी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक वार्ड 19 अनिल कुमार श्रवण को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है, उसे ठीक करना है

A lot of junk has happened in Vidisha parliamentary constituency in last 3 decades, it has to be rectified. विदिशा-रायसेन लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा से ‘पुष्पेन्द्र अहिरवार’ का ‘चुनावी साक्षात्कार’ ये भी बोले शर्मा? पुष्पेन्द्र अहिरवार.भोपाल/विदिशा। विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी ने दो बार सांसद रहे प्रतापभानु शर्मा को फिर से प्रत्याशी बनाकर उतारा है। यह सीट आजादी के बाद से ही कांग्रेस के लिए मुश्किल भरी रही है। यहां कुल 15 लोकसभा चुनाव में से कांग्रेस दो बार जीतने में कामयाब रही। यह सीट पर अटल विहारी वाजपेयी और रामनाथ गोयनका, जैसी शंखसियत को संसद भेज चुकी है। इस सीट से शिवराज सिंह चौहान भी जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। हालही में तथाकथित राजनैतिक वनवास खत्म कर शिवराज सिंह चौहान फिर से मैदान में हैं। उनके मुकाबले के लिए कांग्रेस से पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा हैं। शर्मा इस सीट पर 33 साल बाद चुनावी मैदान में उतरे हैं। वे 1980 और 1984 में सांसद चुने गए थे। अब वादाखिलाफी बहुत हो चुकी है। इसके चलते बदलाव बेहद जरूरी है। विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है। उसको ठीक करने के लिए प्रताप भानू को फिर हथियार उठाने पड़ंेगे। वे हरिभूमि और आईएनएच चैनल के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी से ‘चुनावी संवाद’ कार्यक्रम में अपनी बात रख रहे थे। उनसे सीधी बात सवाल: आप लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, आपकी क्या है चुनावी रणनीति?जवाब: मैं कांग्रेस पार्टी का अिधकृत प्रत्याशी हूं। पूरी दमखम से चुनाव लड़ रहा हूं और जीतूंगा भी। भाजपा ने जिस प्रत्याशी को मेरे सामने उतारा है, उन्होंने अपने संसदीय और मुख्यमंत्रित्व काल में ऐसा कुछ भी नहीं किया, जिसका उल्लेख किया जाए। उनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है, यह जनता समझ चुकी है। लोकल मुद्दे इतने हो गए हैं कि उसका कोई सही प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा है। बेतवा नदी की शुद्धि के लिए शिवराज ने 20 साल पहले कहा था, जो आज तक नहीं हुआ। उद्योग आएंगे, वे भी नहीं आए। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यहां की सांसद सुषमा स्वराज को रेल कारखाना दिया था, जिसका अिस्तत्व नहीं दिख रहा। रोजगार का मुद्दा वहीं का वहीं है। किसानों को फसल के दाम नहीं मिल रहे। महंगाई का मुद्दा तो बना ही हुआ है। ये सब स्थानीय मुद्दे हैं जिनसे लोग परेशान हैं। सवाल: जब शिवराज के प्यादे चुनाव जीत जाते हैं तो अब वजीर खुद मैदान में हैं, कैसे आप जीतेंगे?जवाब: क्षेत्र की जनता जनार्दन को समझने की जरूरत है। 30 साल के सांसद या मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज ने हमारे क्षेत्र को क्या दिया। नौजवाब को रोजगार के लिए कितने उद्योग लगाए। नेता तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन जनता तो वहीं की वहीं खड़ी है। जनता के आशीर्वाद से हम जीतेंगे। नेता तो स्वार्थ की सौदेबाजी करते रहते हैं। भाजपा ने तो ‘दलबदल सेल’ खोल दिया है, यह कितना शर्मनाक है। भ्रष्टाचार के आवरण में भाजपा ढकी हुई है। लोगों को लालच देकर खरीद रही है। हो सकता है कि शशांक भार्गव हारने के बाद टेंशन आए हों तो वे भाजपा में फोटो खिंचाने चले गए। 50 साल के अनुभव से कह सकता हूं कि जिस तरह की गंदी राजनीति चल रही है, ऐसी कभी नहीं हुई। जब जनता ने ही तय कर लिया कि हमें बदलाव लाना है तो नेताओं के आने-जाने से कुछ नहीं होगा। सवाल: विधानसभा चुनाव के दौरान भी उतना ही आत्मविश्वास था, जितना आज है, इतना आत्मविश्वास कहां से लाते हैं?जवाब: हम वक्त की कसौटी पर खरे उतरे हैं। क्षेत्र की कसौटी पर खरे उतरे हैं। मप्र में हमारी सरकार रही है। अभी हमारा प्रयास सरकार बनाने का था, लेकिन किसी कारणवश नहीं बना पाए। इसके कई कारण रहे हैं। प्रत्याशियों ने कई शिकायतें की। सबसे ज्यादा ईवीएम की शिकायतें की, जिनपर चुनाव आयोग मौन रहा है। परिणामों में हेराफेरी की शिकायतें भी आई हैं। यह सब आपने भी देखा है। ईवीएम पर नजर रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि पूरा खेल और हेराफेरी इसी से संभव है। ईवीएम का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठ रहा है, यह हमें कहने की जरूरत नहीं है। सवाल: उसी ईवीएम से ही चुनाव हो रहे हैं तो आपके लिए गुंजाइश कहां बची है?जवाब: ईवीएम पर कड़ी निगाह रखेंगे। अब ईवीएम में हेराफेरी बिल्कुल नहीं होने देंगे। यदि हुआ तो उसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। अब हाथ पर हाथ धरे कांग्रेस नहीं बैठे रहेगी। क्योंकि अब नेता और जनता इस बात को अच्छी से समझ चुकी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दे उठाए हैं। आगे भी लड़ाई लड़ंेगे। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि ईवीएम से परिणाम दे रहे हैं, उसके साथ वीवीपेट की पर्ची की भी काउंटिंग की जाए, भले ही दो दिन लग जाएं, तभी परिणाम आएं। इससे डिजीटल टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग को लेकर लोगों में जो शंका है, वह दूर हो जाएगी। अगर मैं कांग्रेस को वोट दे रहा हूं, वो हमें नहीं मिल रहा है तो यह हमारे मताधिकार का हनन है। सवाल: आपके नेता तो पार्टी छोड़ रहे हैं, फिर कैसे जीत रहे हैं आप?जवाब: देखिए, भाजपा सारे साम-दाम-दंड अपनाकर हमारे नेताओं को तोड़ रही है। ईडी, सीबीआई का डर दिखाया जा रहा है। यह भाजपा का छलकपट जनता देख रही है, वही इसका इस बार जवाब देगी। मेरा मानना है कि इस चुनाव के बाद दलबदलुओं की कोई औकात नहीं रहेगी। कोई 17 हजार कार्यकर्ता या नेता भाजपा में नहीं गए। मेरा दावा है कि भाजपा इन 17 हजार लोगों की लिस्ट प्रकाशित करे, तभी सच्चाई सामने आएगी। कुछ लोग पद या कमाने के लालच से सौदेबाजी करके गए हैं। यदि इस बार दिल्ली में सरकार बदली तो यही जाने वाले नेता उल्टी नाक से पांव रगड़ेंगे, ये मेरा दावा है। सवाल: शिवराज 10 लाख वोटों से जीतने का दावा कर रहे हैं तो आपका क्या होगा?जवाब: उनकी हवाहवाई बात करने की, घोषणावीर होने की पुरानी आदत है। मेरा दावा है कि वे 1 लाख से ज्यादा वोटों से हारेंगे। मप्र का इतिहास देख लीजिए कोई 10 लाख मतों से नहीं जीता। इसी से अंदाजा लगा लीजिए यह कितनी फर्जी … Read more

प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह को फिर एक वर्ष की सेवावृद्धि

Principal Secretary of State Assembly AP Singh gets one year extension in service 31 मार्च को समाप्त हो गई थी पहली सेवावृद्धि की अवधि, एक अप्रैल से फिर दी गई। भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह अभी यह दायित्व संभालते रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने उन्हें फिर एक वर्ष के लिए सेवावृद्धि दी गई है। वहीं, लोकसभा सचिवालय के संचालक अरविंद शर्मा की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर लेकर उन्हें विधानसभा का सचिव बनाया गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि हमारे यहां अधिकारियों की कमी है। सचिव पर पर शिशिर चौबे की संविदा नियुक्ति दी गई थी पर उनकी अवधि समाप्त होने के बाद से सचिव का पद रिक्त था।विधानसभा अध्यक्ष ने प्रयास कर लोकसभा सचिवालय के संचालक अरविंद सिंह की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर ली हैं। उन्हें सचिव पद पदस्थ किया है। वहीं, अपर सचिव के चार पद हैं। एक पद पर वीडी सिंह पदस्थ हैं, जो सचिवालय के अधिकारी हैं।राज्य वित्त सेवा के अधिकारी वीरेंद्र कुमार की सेवाएं विधानसभा सचिवालय में अपर सचिव पद पर समाहित कर ली गई हैं तो एक पद पर प्रतिनियुक्त पर आए राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी उमेश शर्मा पदस्थ हैं।एक पद का प्रभार पुनीत श्रीवास्तव के पास है। उप सचिव स्तर के तीन पद रिक्त हैं। इन स्थितियों को देखते हुए विधानसभा सचिवालय ने शासन की नीति के अनुसार पात्रता रखने वाले कुछ अधिकारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया है।

“एक वोट, एक नोट” अभियान ,जीतू पटवारी ने किया शुभारंभ

“One Vote, One Note” campaign launched by Jitu Patwari न्यू मार्केट इलाके में जीतू पटवारी की अगुआई में कांग्रेसियों ने व्यापारियों, ठेला व्यवसायियों के पास पहुंचकर चंदा जुटाया। भोपाल सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव के लिए मांगा समर्थन।कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के लिए जनता से मांगा चंदा, वोट के साथ नोट देने की भी अपील भोपाल ! आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस को दिया गया करोड़ों रुपये की वसूली का नोटिस और पार्टी के फ्रीज किए गए खातों के विरोध में रविवार को कांग्रेस ने अनूठे ढंग से प्रदर्शन किया। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी कांग्रेसियों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी शहर के न्यू मार्केट, रोशनपुरा चौराहा पहुंचे और लोगों से चुनाव के लिए ‘एक वोट, एक नोट’ देने की अपील की। पटवारी सहित भोपाल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव ने भी ठेले संचालकों व दुकान मालिकों से चंदा मांगा। पटवारी ने पहली बार नींबू पानी पिलाने वाले से 10 रुपये का चंदा लिया। इसके बाद न्यू मार्केट में जगह-जगह लगे खाद्य पदार्थों से चंदा मांग रहे हैं। उन्हें कोई 10 तो कोई 20, 50 रुपये चंदा दे रहे हैं। कांग्रेसियों के साथ न्यू मार्केट के कुछ कांग्रेस समर्थक व्यापारी भी इस मुहिम में शामिल हुए और चंदा एकत्र किया। भाजपा को सबक सिखाएगी जनता – जीतूइस मौके पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर कांग्रेसियों व अन्य पार्टियों के नेताओं के घर ईडी, सीबीआइ भेज दी जाती हैं। कभी भाजपा के नेताओं घर ये एजेंसियों क्यों नहीं जाती हैं? कांग्रेस को आम जनता पर भरोसा है। लोकसभा चुनाव में जनता ही भाजपा को सबक सिखाएगी। कांग्रेस का इस तरह का विरोध प्रदर्शन हर लोकसभा चुनाव क्षेत्र में चलेगा। कांग्रेस के खाते फ्रीज किए जा रहे हैं। हमारे पास चुनाव लड़ने के लिए फंड नहीं है। प्रदेश व देश में सत्ताधारी भाजपा के पास करोड़ों रुपये हैं। वह लोकतंत्र की हत्या कर रही है। धन व बाहुबल का उपयोग चुनाव जीतने के लिए भाजपा करती आई है।

लघु प्रसंस्करण और अनुसंधान केंद्र के लेखों में गड़बड़झाला, प्रबंधक को फटकार, अकाउंटेंट की वेतन वृद्धि रोकी

Irregularities in accounts of Small Processing and Research Center, manager reprimanded, increment of accountant stopped भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी के लेखा-जोखा में गड़बड़झाला और भंडार क्रय नियमों के घोर उल्लंघन किए जाने पर जहां उत्पादन प्रबंधको को फटकार लगाई वहीं लेखा प्रभारी नंदलाल कुशवाहा की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये।संघ के पूर्णकालिक प्रबंध संचालक बनने के बाद से ही विभाष ठाकुर एक्शन मूड में नजर आने लगे हैं। सूत्रों ने बताया कि एमडी ठाकुर ने शुक्रवार को प्रशासन केंद्र पहुंचे और निरीक्षण के दौरान केंद्र में टुकड़ों -टुकड़ों में ख़रीदी के बिल वाउचर की जांच करते हुए गड़बड़ी पकड़ी। यह बात अलग है कि एमडी प्रशासन मनोज अग्रवाल के पत्र में उठाए गए गड़बड़ियों की जांच की शुरुआत नहीं हो पाई है। केंद्र में जांच के नाम पर समिति दर समितियां का गठन किया जा रहा है। इन समितियां में भी ऐसे लोगों को शामिल किया जा रहा जो खुद ही संदेह के दायरे में है। जैसे रॉ मैटेरियल समिति में जिस डॉ संजय शर्मा को शामिल किया गया है, वह स्वयं रॉ मटेरियल के मुख्य सप्लायर आर्यन फ़ार्मेसी डायरेक्टर का सहयोगी है। जबकि जांच भी आर्यन फ़ार्मेसी प्रदाय किए गए रॉ मटेरियल की होनी है। ऐसे में समितियां का गठन और जांच केवल रस्म अदाएगी तक सीमित रह जाएगी। उल्लेखनीय बात ये है कि विगत कई वर्षों का उत्पादन रिकॉर्ड और गुणवत्ता जांच रिकॉर्ड की ज़िम्मेदारी डॉ संजय शर्मा और डॉ विजय सिंह और उत्पादन प्रबंधक की थी वो रिकॉर्ड ग़ायब है या बनाये ही नहीं गये। इस पर 28 मार्च को मीटिंग में एसीएस जेएन कंसोटिया ने भी गंभीर आपत्ति ली और जांच कर संबंधित पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये थे। लेकिन इसके उलट, जो जांच के दायरे में है, उन्हें ही समितियों में शामिल किया जा रहा है।उत्पादन प्रबंधन को लगाई फटकारसंघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी की कार्यप्रणाली को लेकर शुक्रवार को बैठक ली। बैठक उन्होंने केंद्र के आय-व्यय और ख़रीदी प्रक्रिया के अलावा उत्पादन प्रक्रिया को लेकर गंभीर प्रश्न उठाये तथा उत्पादन प्रबंधक सुनीता अहीरवार को फटकार लगाई। उत्पादन प्रक्रिया में सुधार लाने के लिये सख़्त निर्देश दिये है। ठाकुर ने उत्पादन प्रक्रिया में सुधार लाने के लिये स्टोर वेरिफिकेशन समिति और कार्य आवंटन को लेकर सख़्त निर्देश केंद्र के सीईओ पीएल फूलजले को दिये है।जांच अधिकारी मिश्रा को नहीं दिए जा रहे हैं दस्तावेजकेंद्र में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रहे दागी एसीएफ मणि शंकर मिश्रा को प्रभारी उत्पादन प्रबंधक सुनीता अहिरवार जान से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कर रहीं है। दस्तावेज मिलने की प्रत्याशा में जांच प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो पाई है। प्रभारी उत्पादन प्रबंधक अहिरवार को पत्र लिखकर से मिश्रा ने बिंदुवार जानकारियां मांगी है। कय किये गये दूध, लहसुन, अदरक, निबू आदि कय किये गये सामग्री की राशि व सभी वाउचरों की छायाप्रति प्रस्तुत करें।

हर्षोल्लास के साथ मनाई गई रंग पंचमी, दिग्विजय सिंह ने जमकर उढ़ाया रंग-गुलाल

Rang Panchami celebrated with great enthusiasm, Digvijay Singh spread colors with gusto होली के पांचवे दिन रंग पंचमी मनाया जाता है. इस दिन लोग जमकर रंग गुलाल खेलते हैं और एक-दूसरे से मिलकर पुराने गिले शिकवे दूर करते हैं. वहीं राजधानी भोपाल में भी हर्षोल्लास के साथ रंग पंचमी मनाई गई. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी प्रोग्राम में शामिल हुए और जमकर रंग-गुलाल खेला. भोपाल। मध्य प्रदेश में होली के त्योहार के बाद सबसे ज्यादा हर्ष और उल्लास से मनाया जाने वाला पर्व रंग पंचमी है. जो होली से पांच दिन बाद मनाया जाता है. रंग पंचमी पर राजधानी भोपाल के साथ-साथ मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में सबसे ज्यादा धूमधाम से रंग पंचमी मनाई जाती है. शनिवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इंदौर में रंग पंचमी के मौके पर निकलने वाली गैर में शामिल हुए हैं. ऐसा करने वाले वह पहले मुख्यमंत्री हैं, जो उज्जैन के गेर में शामिल हुए हैं. राजधानी भोपाल में भी रंग पंचमी जमकर मनाई गई. भोपाल में निकलने वाले जुलूस में पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शामिल हुए. भोपाल में धूमधाम से मनाई गई रंगपंचमीइंदौर के बाद सबसे ज्यादा रंग पंचमी का त्योहार अगर कहीं मनाया जाता है, तो वह राजधानी भोपाल और इंदौर में मनाया जाता है. यहां आज के दिन स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है. भोपाल में आज चौक बाजार में सुबह 10:00 बजे से ही रंग पंचमी मनाने की शुरुआत हो गई थी. इस रंग पंचमी के मौके पर लोग भूत पिशाच और अन्य तरह के कपड़े पहन कर शामिल हुए. चौक बाजार में निकलने वाले इस रंग पंचमी के जुलूस में पुराने शहर के अलावा नए शहर के लोगों ने भी पहुंचकर जुलूस का हिस्सा बने. भोपाल के पुराने शहर में 6 टैंकरों से रंग बरसाया गया. जिसका भोपाल के लोगों ने जमकर लुफ्त उठाया. भोपाल में रंग पंचमी का जुलूस लोहा बाजार, छोटे भैया कॉर्नर, जनकपुरी सिंधी मार्केट, भवानी चौक, लखेरा पूरा, पीपल चौक, चिंतामणि चौक और इतवारा चौराहे से जैन मंदिर मंगलवार गणपति चौक घोड़ा नक्कास होते हुए हनुमान जी की मड़िया पर समाप्त हुआ. पंचमी के प्रोग्राम में शामिल हुए दिग्विजय सिंहकाफी संख्या में राजधानी में अलग-अलग हिस्सों से लोग रंग पंचमी के जुलूस में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं. इसके साथ ही यहां की जाने वाली विशेष व्यवस्था में टैंकरों से लोगों के ऊपर रंग बरसाने का काम हिंदू उत्सव समिति के सहयोग से किया जाता है. जिला प्रशासन भी इसके लिए विशेष सहयोग करता है. लोगों में भाईचारा बढ़ाने के लिए, लोग होली के बाद एक बार फिर से एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रंग गुलाल का आनंद उठा सके, इसलिए यहां पंचमी के जुलूस को निकाला जाता है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सभी को रंग पंचमी की शुभकामनाएं दी.

आबकारी विभाग को जिले के 6 समूहों की 16 शराब दुकानें बेचने में आ रहा पसीना

Excise department is struggling to sell 16 liquor shops of 6 groups of the district. भोपाल। आबकारी विभाग को जिले के 6 समूहों की 16 शराब दुकानें बेचने में पसीना आ रहा है। इन्हें बेचने के लिए विभाग ने रिजर्व प्राइस (आरपी) 13 फीसदी कम कर दी है। इधर, शुक्रवार को पांचवें चरण के लिए बुलाए गए ई-टेंडर खोले गए। इसमें से दो समूह की सिर्फ 5 दुकानें आरपी से 11.50 फीसदी कम पर बिकी है। इनमें न्यू मार्केट समूह की 3 दुकानें आरपी से 9.40 प्रतिशत और झिरनिया समूह की 2 दुकानें 12.70 प्रतिशत कम पर गई है। बचे हुए 4 समूहों की 11 दुकानों के लिए शनिवार को टेंडर जारी किए जाएंगे। विभागीय जानकारी के अनुसार, न्यू मार्केट समूह की 3 दुकानों के लिए 5 टेंडर आए थे। इनमें एच-वन आॅफर रिजर्व प्राइस से 9.40 प्रतिशत कम का रहा, जबकि इसी आरपी 31.26 करोड़ निर्धारित की गई थी। इस समूह का ठेका मनीष शिवहरे को मिला है। पहले इस समूह के पास नेहरू नगर की दुकानों का ठेका था। इसी प्रकार झिरनिया समूह की दो दुकानों के सिर्फ टेंडर प्राप्त हुआ जो एच-1 से 12.7 प्रतिशत कम है। इसकी आरपी 7.79 करोड़ रुपए थी। यह ठेका रामस्वरूप (लल्ला) को मिला है। इधर आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है पिछले साल के मुकाबले ज्यादा दरों पर गई है। मालूम हो कि इस बार आबकारी ने पिछले साल की तुलना में ठेके 15 फीसदी ज्यादा दरों पर निर्धारित किए थे। मालूम हो कि जिले में 35 समूहों की 87 शराब दुकानें है। इनमें से अब 4 समूह को 11 दुकानें बिकने से रह गई है। 31 मार्च तक ये दुकानें नहीं बिकती है, तो आबकारी अमला इन दुकानों से शराब बेचेगा।

कांग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका, सीएम मोहन से मिलने पहुंचे विधायक कमलेश शाह

Congress may face a big blow, MLA Kamlesh Shah arrives to meet CM Mohan लोकसभा चुनाव 2024 : छिंदवाड़ा में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है. अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह शुक्रवार को सीएम मोहन यादव से मिलने के लिए भोपाल पहुंचे हैं.कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है. मुख्यमंत्री निवास में सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने अमरवाडा विधानसभा के विधायक कमलेश शाह भोपाल पहुंचे हैं. वे आज बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

ट्रेनों में चोरी की घटना रोकने के लिए रेलवे कोच के गेट पर लगाए हाईटेक कैमरे

Hi-tech cameras installed at railway coach gates to prevent theft in trains निशातपुरा कोच फैक्टरी में भोपाल मंडल सहित पमरे जोन की ट्रेनों के कोचों में लगाए जा सकते है कैमरे भोपाल। रेलवे लगातार यात्रियों को आधुनिक सुविधा प्रदान कर रहा है। इसके लिए रोजाना नई-नई योजना पर काम कर रहा है। इसी के तहत अब रेलवे ट्रेनों में चोरी की घटनाएं पर लगाम लगाने के लिए कोचों गेट पर हाईटेक कैमरे लगाने जा रहा है। यह चेहरा पहचानने वाले आधुनिक सीसीटीवी कैमरे होंगे। जोकि मास्क लगा फेस भी पहचान सकेंगे। पमरे जोन व भोपाल रेल मंडल की ट्रेनों में निशातपुरा कोच फैक्ट्री में इन कैमरो लगाने पर योजना पर काम चल रहा है। दरअसल विगत दिनों पमरे जोन की जीएम शोभना बंदोपाध्याय के वार्षिक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों द्वारा अन्य काम दिलाने की मांग की थी। जिसके बाद जोन मुख्यालय द्वारा इस काम को कोच फैक्टरी में कराने पर विचार किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड का यह है प्लानरेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस योजना के तहत करीब 38 हजार से अधिक कोच में 8 कैमरे लगाए जाएंगे। तो वहीं 2700 कोच में 5 कैमरे लगाए जाएंगे। तो कुछ कोचों में 4 व 6 कैमरे लगाने की योजना है। इससे ट्रेनों में चोरी की घटनाएं में कमी आ सकेगी। दरअसल पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए है। जब ट्रेनों में चोरी या अन्य गैरकानूनी गतिविधियां सामने आई है। लेकिन तकनीकी की कमी के चलते कई बार चोर व इन गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ा नहीं जा सका। मास्क भी नहीं बचा सकेगा चोरों को रेलवे बोर्ड इस योजना के तहत टेंडर प्रक्रिया शुरू करेंगा। लेकिन पमरे जोन की योजना है कि जोन की ट्रेनों में निशातपुरा कोच फैक्टरी में ही इस कैमरों को लगाए जा सके। इसके लिए जल्द ही बोर्ड को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इन कैमरों में एक खास तरह की इमेज क्रॉपिंग टूल होगा। जोकि सनग्लास, स्कार्फ व चेहरा आधा ढंका होने पर भी पहचान हो सकेगी। इससे चोरी या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने वाले लोग मास्क का साहारे भी नहीं बच सकेंगे।

हमीदिया अस्पताल: लिफ्ट बंद हैं, 200 सीढ़ियां चढ़कर 11 मंजिल पर पहुंच रहे दिल के मरीज

Hamidia Hospital: Lifts are closed, heart patients climbing 200 stairs to reach 11th floor अस्पताल के एच 1 ब्लॉक में 11 वी मंजिल पर है कार्डियोलॉजी ब्लॉक, हड्डी रोग, सर्जरी के साथ ओटी कॉम्प्लेक्स भी यही भोपाल। हमीदिया अस्पताल में दिल के ऑपरेशन हो या हड्डी का, डॉक्टर इन्हें कम से कम शारीरिक श्रम की सलाह देता है। लेकिन इन मरीजों को ऑपरेशन के बाद वार्ड तक पहुंचने के लिए 150 से 200 सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही है। हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक वन में कुल 13 लिफ्ट बंद पड़ी हैं। ऐसे में मरीजों को वार्ड या आईसीयू तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां या लिफ्ट कर सहारा लेना पड़ रहा है। हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक वन में कुल 13 लिफ्ट हैंं, इसमें से चार मरीजों के लिए हैं। इमरजेंसी, डॉक्टर्स, लॉजिस्टिक के लिए भी अलग लिफ्ट आरक्षित हैं। इनमें से सिर्फ एक ही लिफ्ट काम कर रही है, यही वजह है कि कई मरीज सीढ़यों व रैंप के जरिए आना जाना करने को मजबूर हैं। नए बने ब्लॉक वन में चरमरा रहीं व्यवस्थाएं नए बने ब्लॉक वन में कार्डियोलॉजी, इमरजेंसी मेडिसिन, आॅथोर्पेडिक, एनेस्थीसिया, ओटी कॉमप्लेक्स, सर्जरी, मेडिसिन, साइकाइट्री, ईएनटी, रेडियो डायग्नोसिस समेत अन्य अहम विभाग हैं। इसी ब्लॉक से कुछ समय पहले रात में बत्ती गुल होने का मामला सामने आया था। जिसके बाद अब लिफ्ट खराब होने की बात सामने आई है। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग मरीजों को हो रही है।मरीज को व्हील चेयर ले गए 11 वी मंजिलजहांगीराबाद निवासी मोहन यादव ने बताया कि उनके चाचा कार्डियोलॉजी विभाग में एडमिट थे। कुछ जांचे कराने के लिए उन्हें पुरानी बिल्डिंग में ले जाना पड़ा। लिफ्ट खराब थी तो रैम्प से ही नीचे आए लेकिन मरीज को वापस रैम्प से 11 वी मंजिल ले जाने में हद से ज्यादा परेशानी हुई। हम चार लोग व्हील चेयर खींच रहे थे, इसके बावजूद हम सभी की सांसे फूलने लगी। ऐसे में अगर हाथ छूट जाता तो मरीज के साथ हादसा हो सकता था। कर्मचारी को हो गई परेशानी सिर्फ मरीज ही नहीं लिफ्ट बंद होने से अस्पताल के कर्मचारियों को भी परेशानी हो रही है। कार्डियोलॉजी विभाग के एक कर्मचारी का कुछ दिन पहले ही हार्ट का ऑपरेशन हुआ है। डॉक्टर ने उन्हें ज्यादा चलने से मना किया है। गुरुवार को जब वह वार्ड से रैम्प से नीचे उतरे तो 11 मंजिल पैदल चलने से हार्ट बीट बढ़ गई। नीचे उतरने के के बाद वे करीब 15 मिनट मे वेटिंग ऐरिया में आराम करते रहे, इसके बाद ही सामान्य हो सके। इस संबंध में हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन का कहना है कि लिफ्ट खराब थी, पीडब्ल्यूडी की टीम लगातार काम कर रही है। अब 4 लिफ्ट ठीक हो गई हैं, सात लिफ्ट जल्द चालू हो जाएंगी।

प्रदेश में आदिवासियों और वन समिति से छीना वानिकी कार्य, अब ठेके पर देने की तैयारी

Forestry work taken away from tribals and forest committee in the state, now preparations to give it on contract ठेके से काम करने पर वन क्षेत्र से सटे गांवों में आदिवासियों और वन विकास समिति से रोजगार छिन जाएगा। भोपाल। मध्य प्रदेश में वन विभाग के समस्त वानिकी, क्षेत्रीय और तकनीकी कार्य ठेका पद्धति अर्थात निविदा के माध्यम से कराए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वन विभाग ने सभी डीएफओ को निर्देश भी जारी कर दिए है। ठेके से काम करने पर वन क्षेत्र से सटे गांवों में आदिवासियों और वन विकास समिति से रोजगार छिन जाएगा। वानिकी कार्य में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था थी, जिससे वे रोजगार के लिए अन्य शहर या राज्य में पलायन न करें, लेकिन ठेका व्यवस्था होने से आदिवासियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होगा। मध्य प्रदेश रेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल अहिरवार का कहना है कि मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा अभी तक जो भी उपलब्धि चाहे वो वन क्षेत्र के घनत्व में उन्नति की हो, मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट, तेंदुआ स्टेट, घड़ियाल स्टेट, चीता स्टेट और राजस्व दिलाने में नंबर एक स्टेट बनाने की हो। ये सभी उपलब्धियां केवल वर्दीधारी वन अमले और उनके साथ 24 घंटे रात दिन हर मौसम में साथ देने वाले स्थानीय वन समिति के सदस्य और वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासियों के कारण ही संभव हो सका है, लेकिन वानिकी, क्षेत्रीय और तकनीकी कार्य ठेका पद्धति पर कराने से वन क्षेत्र के आस पास रहने वाले आदिवासियों के लिए रोजगार का संकट होगा। अहिरवार का कहना है कि वन क्षेत्र में जो भी काम होते हैं वो एक निश्चित समय में स्थानीय मजदूरों से कराए जाते हैँ। वन के समीप निवास करने के कारण यह जंगल को भलिभांति जानते और समझते हैं। लेकिन निविदा प्रक्रिया वन विभाग में लागू होती है तो निश्चित ही वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासियों के अधिकारों का हनन होगा। इस तानाशाही पूर्ण निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस लेेने के साथ ही रेंजर एसोसिएशन इसकी घोर निंदा करता है और इस व्यवस्था का विरोध करेंगे।

शिवराज मामा को निपटाने में लगे हैं CM मोहन यादव ,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

CM Mohan Yadav is busy in settling Shivraj uncle, Leader of Opposition Umang Singhar दोनों के बीच कबड्डी चल रही…MP में नेता प्रतिपक्ष का बयान मंडला ! नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, शिवराज मामा अभी बड़े परेशान हैं. अभी मोहन यादव शिवराज मामा की कबड्डी चल रही है. CM मोहन यादव, शिवराज मामा को निपटाने में लगे हैं. एक-दूसरे की फाइल ढूंढने-छानने में लगे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव मंडला में कांग्रेस प्रत्याशी ओंकार सिंह मरकाम के पक्ष में जनसभा करने पहुंचे. इस दौरान नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी और BJP पर जमकर हमला किया. वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने मंच से कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के बीच कबड्डी चल रही है. दोनों एक दूसरे को निपटाने में लगे हुए हैं.  नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा, कोई घोटाले छिपाने के लिए वल्लभ भवन में आग लगवा रहा है तो कोई नए घोटाले तैयार कर रहा है. इसके साथ ही उन्होंने पिछले दिनों महाकाल में भस्म आरती के दौरान लगी आग को लेकर भी तंज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उज्जैन से ही आते हैं लेकिन महाकाल के गर्भगृह में ही आग लग गई. यह प्रकोप महाकाल बाबा उज्जैन से देना ही चालू कर रहे हैं. जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के पहले जो भी वादे किए थे, उनमें से एक भी नहीं किया . साथ ही मंडला लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते पर भी आरोपों की झड़ी लगा दी.

MP कांग्रेस को एक और झटका, दो पूर्व विधायकों ने थामा भाजपा का दामन, पूर्व सांसद रामलखन सिंह ने भी ली बीजेपी की सदस्यता

Another blow to MP Congress, two former MLAs joined BJP, former MP Ramlakhan Singh also took membership of BJP. मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने इन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर भाजपा के न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक नरोत्तम मिश्रा भी रहे मौजूद। भोपाल। लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच कांग्रेस में भगदड़ का दौर जारी है। इसी बीच गुरुवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक और झटका लगा। पूर्व सांसद डा राम लखन सिंह के साथ पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी, अजय यादव के साथ अन्य कांग्रेस नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक डा. नरोत्तम मिश्रा की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वी डी शर्मा ने रामलखन सिंह, नीलेश अवस्थी व अजय यादव को भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर जबलपुर संभाग के कई कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी भाजपा की सदस्यता ली।

कर्ज में डूबी एमपी सरकार लेकिन मंत्रियों को चाहिए नई कार

MP government is in debt but ministers want new car मध्य प्रदेश की सरकार कर्ज में डूबी है। वहीं, नई सरकार में मंत्रियों ने नई कारों की डिमांड की है। मंत्रियों की डिमांड पर स्टेट गैरेज ने वित्त विभाग को 31 इनोवा क्रिस्टा कार के लिए प्रस्ताव भेजा है। प्रस्वात पर अनुमोदन के बाद नई कारों की खरीद शुरू हो हो जाएगी। भोपाल ! मध्य प्रदेश की सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 42,500 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। वहीं, मोहन यादव की नई सरकार ने केवल तीन महीनों में 17,500 करोड़ रुपए लिए हैं। फिर भी नई सरकार में कुछ मंत्री नई कार चाहते हैं। कर्ज में डूबी सरकार के मंत्रियों ने अपनी डिमांड रख दी है। मंत्रियों ने नई कारों की मांग कीवहीं, एमपी स्टेट गैराज के अधीक्षक आदित्य कुमार रिछारिया ने कहा कि मंत्रियों ने नई कारों की मांग की है। खरीद की प्रक्रिया शुरू करने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया शुरू होगी। अभी एमपी सरकार के मंत्री इनोवा क्रिस्टा का इस्तेमाल करते हैं। 31 नई गाड़ियों का प्रस्तावमंत्रियों की डिमांड को देखते हुए राज्य गैरेज ने कम से कम 31 नई इनोवा क्रिस्टा कारों के लिए प्रस्ताव भेजा है। इनमें 28 मंत्रियों के लिए एक-एक और दो उपमुख्यमंत्रियों के लिए एक-एक शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि अभी मंत्रियों के पास जो मौजूदा कारें हैं, उनमें भी अधिकांश नई हैं, जिसे 2022-23 में खरीदा गया था। ये कारें मुश्किल से 10,000-20000 किमी चली हैं। नई कारों की खरीद पर 11 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं। यह प्रस्ताव मार्च की शुरुआत में भेजा गया था। साढ़े तीन लाख करोड़ का कर्ज विरासत में मिलापिछले साल नवंबर में जब विधानसभा चुनाव हुए थे तो साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज विरासत में मिला था। हर महीने 3500 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज सरकार ने लिया है। सरकार ने 20 मार्च को 5000 करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज के लिए अधिसूचना जारी की थी, जिसकी प्रक्रिया 26 मार्च को पूरी होनी थी। इसकी अगर मंजूरी मिल जाती है तो इसका मतलब होगा कि तीन महीनों में वर्तमान सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के 47 फीसदी कर्ज लिए हैं। वहीं, नकदी की कमी से जूझ रही एमपी सरकार को नई कार के लिए 11 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। हालांकि इसकी अंतिम कीमत वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद ही पता चलेगा। जेम पोर्टल के माध्यम से कारों की खरीद के लिए निविदा आमंत्रित किए जाते हैं।

जहांनुमा होटल के मालिक ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, नवाब खानदान से है ताल्लुक

Jahannuma hotel owner commits suicide by shooting himself, belongs to Nawab family भोपाल का प्रतिष्ठित होटल के मालिक नादिर खान ने बुधवार सुबह निवास पर खुद को गोली मार ली। बताया जा रहा है कि वे डिप्रेशन में थे। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच की जा रही है। भोपाल ! राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित होटलों में शामिल जहांनुमा होटल के मालिक नादिर खान ने बुधवार सुबह खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन उनके कई महीनों से डिप्रेशन में होना बताया जा रहा है। नादिर ने श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र में बाल भवन के पास स्थित अपने निवास पर बुधवार सुबह 10 बजे अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारी है। नादिर का बीते 6 माह से डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। उनके दो बेटे हैं, जिनका नाम अली और जफर है। उनकी पत्नी का नाम सोनिया बिब्बो है। नवाब खानदान से ताल्लुक होने के कारण महिलाओं को बिब्बो कहा जाता है। बताया जाता है कि नादिर राशिद भोपाल की शासिका रहीं सुरैय्या के बेटे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। मामला राजधानी के एक प्रतिष्ठित कारोबारी के गोली मारकर आत्महत्या करने का होने के कारण पुलिस बहुत गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नादिर राशिद की उम्र करीब 65 वर्ष से अधिक है। उन्होंने अपने कमरे में गोली मारी है। सुसाइड नोट अभी तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना स्थल का पुलिस अधिकारियों के साथ एफएसएल की टीम जांच कर रही है। नादिर खान के गोली मारकर आत्महत्या करने की सूचना जैसे ही लोगों मिली, उनके चाहने वालों और परिचितों का घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते उनके निवास के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हो गए।

बैतुल लोकसभा में फिर आमने-सामने उतरे दुर्गादास और रामू टेकाम

Durgadas and Ramu Tekam face each other again in Betul Lok Sabha. चुनाव में प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशी- भाजपा- दुर्गादास उईके, कांग्रेस- रामू टेकाम, बसपा- अशोक भलावी मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच संभावित, बाकी पार्टियों ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए  लोकसभा क्षेत्र -2024 – बैतूल (अनुसूचित जनजाति) भोपाल। बैतूल लोकसभा सीट में तीन जिले व बैतूल, हरदा व खंडवा जिले आते हैं। यहां की आठ विधानसभा क्षेत्रों में 5 बैतूल की है। इसमें बैतूल, मुलताई, आमला, घोड़़ाडोंगरी व भैंसदेही तथा हरदा जिले की दो विधानसभा सीट हरदा व टिमरनी आते हैं। जबकि एक विधानसभा क्षेत्र खंडवा जिले की हरसूद आती है। यह सीट लंबे समय से भाजपा की पारंपरिक सीट बनती जा रही है। इस सीट से भाजपा व कांग्रेस के अलावा बसपा ने भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है। हालांकि बसपा का वोट प्रतिशत इस क्षेत्र में लगातार कम होता गया। पिछले 2019 के चुनाव में करीब पौने तीन फीसदी वोट बसपा को मिले थे। जबकि गोगपा व अन्य कोई खास वोट हािसल नहीं कर पाए थे। इस सीट से 2014 लोकसभा चुनाव में ज्याेति धुर्वे चुनाव जीती थी। बाद में उनका जाति प्रमाणपत्र का मुद्दा सुर्खियों में बना। उनके बारे में कहा गया था कि वे ओबीसी जाति की है। हालांकि बाद में अदालतों ने उनके पक्ष में फैसला दे दिया था। किंतु भाजपा ने दोबारा उन्हें टिकट नहीं दिया। हालांकि 2019 के चुनाव में भाजपा फिर से चुनाव जीत गई। यहां से भाजपा ने पेशे से शिक्षक दुर्गादास उईके को मैदान में उतारा। शिक्षक होने के साथ ही उईके की पैठ आरएसएस में थी। वे मुलताई क्षेत्र के निवासी थे, किंतु उनका शैक्षकीय जीवन करीब 26 सालों तक कोयलांचल क्षेत्र में बीता। इसी दौरान वे आरएसएस के नजदीक आए और आरएसएस की शाखाओं में जाने लगे। उनकी लगन व मेहनत को देखते हुए भाजपा ने बैतूल क्षेत्र से टिकट दे दिया। साफ-स्वच्छ छवि व मिलनसार व्यक्तित्व होने की वजह से वे 2019 का चुनाव जीत गए। इस बार पार्टी ने फिर से उन्हीं पर भरोसा जताते हुए मैदान में उतारा है। कांग्रेस में आपस में ही टिकट को लेकर नाराजगीकांग्रेस ने बैतूल लोकसभा सीट से रामू टेकाम को ही मैदान में उतारा है। पिछली बार भी कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया था। उन्हें दूसरी बार टिकट मिल जाने से कांग्रेस के ही दूसरे गुट में बड़े पैमाने पर नाराजगी है। यह गुट नहीं चाहता था कि रामू टेकाम को फिर से टिकट मिले। टिकट की घोषणा के बाद घोड़ाडोंगरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके राहुल चौहान, ब्रह्मा भलावी, धर्मू सिंह सिरसाम, निलय डागा समेत अन्य नेताओं ने टिकट बदलने की मांग रखी है। बताते हैं कि एक गुट दिल्ल्ाी तक जाकर टिकट बदलने को कहा,लेकिन उन्हें समझा-बुझा कर वापस कर दिया गया। अब हालांकि सभ्ाी कांग्रेस प्रत्याशी टेकाम को जिताने के लिए काम तो शुरू कर दिए हैं, िकंतु अंदरखाने में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। टेकाम को लेकर विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगा तो आने वाले दिनों में पार्टी को नुकसान हो सकता है। उधर, इस क्षेत्र में दूसरे चरण में चुनाव होना है। इसलिए अभी सब कुछ साफ नहीं हो पाया है। होली बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाएगी। पिछले चुनाव में बैतूल की 5 में से चार सीटे कांग्रेस के पास थीयह भी रोचक है कि पिछले लोकसभा चुनाव 2019 से पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को काफी अच्छी बढ़त मिली हुई थी। मुलताई क्षेत्र से सुखदेव पांस कैबिनेट मंत्री थे। बैतूल जिले की पांच में से चार विधानसभा सीटों मुलताई, बैतूल, भैंसदेही व घोड़ाडोंगरी में कांग्रेस के विधायक थे। महज आमला क्षेत्र में ही भाजपा जीत पाई थी। पांच में से चार क्षेत्रांंे में कांग्रेस का विधायक होने के बाद भी लोकसभा चुनाव में भाजपा बंपर वोट से चुनाव जीती थी। उस वक्त कांग्रेस के विधायक अपने क्षेत्र में ही पार्टी को वोट नहीं दिलवा पाए थे। पार्टी में भ्ाी इसे लेकर आवाज उठी, किंतु बाद में सरकार िगर जाने के बाद रही सही कसर खत्म हो गई। बाद में 2023 के चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह से साफ हो गई। बैतूल लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा संख्या जनजातियों कीअभी तक का रिकार्ड है कि बैतूल लोकसभा क्षेत्र में जाति का कोई खास फैक्टर नहीं चला। इस पर तो वैसे भी मोदी फैक्टर ज्यादा प्रभावी है। इसके बावजूद बैतूल लोकसभा क्षेत्र के सभी आठों विधानसभा में से बैतूल, मुलताई, आमला व हरदा को छोड़कर बाकी चार विधानसभा क्षेत्राें में जनजातियों की संख्या सर्वाधिक है। इसीलिए 8 में से 3 विधानसभा बैतूल, मुलताई व हरदा क्षेत्र सामान्य श्रेणी के हैं, जबकि आमला क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। बाकी सभी 4 विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित है। लोकसभा क्षेत्र भी अनुसूचित जन जाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। इसी वजह से यहां कोई अन्य जातिगत समीकरण काम नहीं करता। जिसकी पैठ जनजातीय समाज में होती है, वही यहां से चुनाव जीतता है। इस बार भी यही समीकरण बनने की पूरी संभावना है। बैतूल लोकसभा सीट में हरदा में जाट, गुर्जर व राजपूतों की संख्या सर्वाधिक है तो बैतूल में कुंबी, कुर्मी, पंवार व गोड़ की संख्या है। टिमरनी में गोंड़ व कोरकू की आबादी अधिक है। घोड़ाडोंगरी में गोंड सर्वाधिक हैं। मुलताई में कुंबी, पंवार बराबर की संख्या में हैं। वर्ष 2019 के चुनाव में प्रत्याशी, जीत हार का अंतर, प्राप्त वोट का प्रतिशतभाजपा से दुर्गादास उईके (चुनाव जीते) प्राप्त वोट- 8,11,248 (59.74) कांग्रेस से रामू टेकाम (हार मिली) प्राप्त वोट- 4,51,007 (33.21)जीत-हार का अंतर- 3,60,241 कुल मतदाता–17,37,437 कुल वोट पड़े– 13,57,857प्रतिशत– 78.15 वर्ष 2014 में प्रतिशत– 65.17

आचार संहिता के उल्लंघन पर पांच मिनट में होगी कार्रवाई, ऐसे करें शिकायत

Action will be taken on violation of code of conduct within five minutes, complain like this आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की शिकायत सी-विजिल सिटीजन एप पर की जा सकती है। इसके लिए जीपीएस को ऑन रखना होगा। सी-विजिल एप पर कर सकते हैं आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतशिकायत करते वक्त जीपीएस ऑन रखना जरूरीपांच मिनट में पहुंचेगी फ्लाइंग स्क्वायड की टीम भोपाल ! लोक सभा चुनाव की आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की आनलाइन शिकायत आप भी कर सकते हैं। ऐसे किसी भी उल्लंघन के मामले का वीडियो और फोटो लेने के पांच मिनट के अंदर इसे सी-विजिल सिटीजन एप पर भेजना होगा। इसके लिए उसे मोबाइल पर जीपीएस आन रखना होगा। सी-विजिल एप को गूगल प्ले स्टोर से मोबाइल में डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप का इस्तेमाल करने के लिए शिकायतकर्ता के मोबाइल पर जीपीएस और इंटरनेट चालू होना आवश्यक है। वीडियो दो मिनट से अधिक का नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही जिस मोबाइल से फोटो या वीडियो कैप्चर किए गए हैं शिकायत केवल उसी से की जा सकेगी। किसी दूसरे मोबाइल या कैमरे की फोटो या वीडियो अथवा पहले से स्टोर फोटो या वीडियो इस एप पर अपलोड नहीं होगी। इस तरह काम करेगी सी-विजिल एप

छिंदवाड़ा में सांसद नकुल नाथ ने दाखिल किया नामांकन

MP Nakul Nath filed nomination in Chhindwara लोकसभा चुनाव 2024 : नामांकन रैली व मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित जनसभा में कमल नाथ के अलावा मां पूर्व सांसद अलका नाथ, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार मौजूद रहेंगे। दीपक सक्‍सेना ने कहा कि वे नकुल नाथ की नामांकन रैली में मौजूद रहेंगे। छिंदवाड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और सांसद नकुल नाथ आज नामांकन केे पहले पूजा अर्चना की। इस दौरान कमल नाथ की पत्नी और पूर्व सांसद अलका नाथ भी मौजूद रहीं। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी , विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना शामिल होंगे। दीपक सक्सेना ने हाल ही में कांग्रेस से सभी पदों से इस्तीफा दिया है और उनके बेटे अजय सक्सेना ने भाजपा की सदस्यता ली है। लेकिन कमल नाथ ने सोमवार को दीपक सक्सेना से मुलाकात की जिसके बाद अब वो रैली में शामिल होंगे। मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित जनसभा में उपस्थित होने के उपरांत सांसद नकुलनाथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर नामांकन पत्र जमा करेंगे। सांसद कार्यालय द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार 26 मार्च को सांसद नकुल नाथ व पूर्व सीएम कमल नाथ नामांकन रैली व मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित जनसभा में उपस्थित होंगे। तदोपरांत सांसद नकुलनाथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। तत्पश्चात पूर्व सीएम कमल नाथ जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे।

भोजशाला में सर्वे करने चौथे दिन पहुंची ASI की टीम, पुलिस ने इन चीजों पर लगाया प्रतिबंध

ASI team reached Bhojshala on the fourth day to survey, police banned these things भोजशाल को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों की तरफ से अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं. बीते दिनों एमपी हाईकोर्ट ने एएसआई को भोजशाला का साइंटिफिक सर्वे करने का आदेश दिया है. धार ! प्रदेश के धार जिला स्थित भोजशाला में एएसआई की टीम चौथे दिन यानी सोमवार (25 मार्च) को भी सर्वे करने पहुंची. एएसआई ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर भोजशाला कांप्लेक्स का बीते शुक्रवार (22 मार्च) से पुलिस और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सर्वे का कार्य शुरू किया था. प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने एएसआई को भोजशाला का सर्वे करने का आदेश दिया था. भोजशाला को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि ये वाग्देवी मंदिर (सरस्वती मंदिर) है, जबकि मुस्लिम का पक्ष का कहना है कि यह कमाल मौला मस्जिद है. इसके बाद साल 2023 में एक नियम बनाया गया है. हिंदू समुदाय के लोगों को भोजशाल में प्रत्येक मंगलवार को सुबह से शाम तक पूजा करने की और शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है. भोजशाल में इन कामों पर रहेगी पाबंदी धार एसपी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सर्वे की गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं. सर्वे के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल के साथ, फोटो या वीडियो लेने पर पाबंदी लगाई गई है. उन्होंने बताया कि इस तरह की फोटो या वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. रविवार को एएसाई के अधिकारियों ने करीब नौ घंटे तक भोजशाला कांप्लेक्स का सर्वे किया था. सर्वे का काम अगले कुछ दिनों तक तेजी से चलेगा. 29 अप्रैल को पेश की जाएगी सर्वे रिपोर्ट बीते दिन यानी रविवार (24 मार्च) को दिल्ली और भोपाल के एएसआई अधिकारियों की मौजूदगी में सर्वे का काम किया गया. जहां अधिकारियों ने मजदूरों की मदद से एक ब्लॉक को करीब 6 फीट और अन्य ब्लॉक की दो से तीन फीट खुदाई की. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एएसआई को भोजशाल के 50 मीटर के दायरे में सर्वे करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इसके लिए 6 हफ्ते का वक्त दिया है, सर्वे रिपोर्ट को आगामी 29 अप्रैल को कोर्ट की सामने पेश किया जाएगा. भोजशाला में साइंटिफिक सर्वे के दौरान सर्वे फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की जा रही है.

केजरीवाल की गिरफ्तारी पर पटवारी बोले- ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की, इसमें 115 विपक्ष के

Patwari said on Kejriwal’s arrest – ED took action against 121 leaders, out of which 115 were from opposition. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने रविवार को ईडी की कार्रवाई को लेकर आंकड़े जारी किए। जीतू पटवारी ने कहा कि देश में ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की और नोटिस दिए हैं। भोपाल ! दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ईडी की कार्रवाई को लेकर आंकड़े जारी कर भाजपा सरकार पर कई सवाल उठाए हैं। पटवारी ने कहा कि ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की। इसमें 115 विपक्ष के नेता हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष एकजुट होकर भाजपा पर लगातार हमलावर है। इसी बीच, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने रविवार को ईडी की कार्रवाई को लेकर आंकड़े जारी किए। जीतू पटवारी ने कहा कि देश में ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की और नोटिस दिए हैं। इसमें से 115 विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि प्रधानमंत्री को विपक्ष के नेता पसंद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसमें से 70 प्रतिशत ने भाजपा की सदस्यता ले ली। वहीं, पटवारी ने कहा कि येदियुरप्पा के खिलाफ ईडी की कार्रवाई हुई थी। इस मामले में वे गिरफ्तार नहीं हुए। व्यापमं को लेकर जांच हुई। कई लोग मारे गए। इसमें भी पता नहीं क्या हुआ? उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भष्टाचार को दो तरह से देखते हैं। वे कहते हैं कि विपक्ष भष्टाचार ना करे, लेकिन हम पेट भर खाएंगे।

चैनलिंक, बारवेड वायर और पोल्स की खरीदारी में करोड़ों की कमीशनबाजी का खेल

Crores of rupees of commission game in the purchase of Chainlink, Barbed Wire and Poles भोपाल। चालू वित्त वर्ष में जंगल महकमे में करीब 50 से 60 करोड़ रूपए की चैनलिंक, बारवेड वायर और टिम्बर पोल्स की खरीदी में बड़े पैमाने पर कमीशन बाजी का खेल खेला जा रहा है। सबसे अधिक खरीदी कैंपा फंड से की जा रही है। इसके अलावा विकास और सामाजिक वानिकी (अनुसंधान एवं विस्तार ) शाखा से भी खरीदी होती है। विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों की माने तो कुल रिलीज बजट के 18 से 20% धनराशि कमीशन कमीशन के रूप में टॉप -टू – बॉटम बंटती है। कई सालों से एक सिंडिकेट कम कर रहा है, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ सका है। इस सिंडिकेट की जड़े काफी मजबूत है।  मुख्यालय से सबसे अधिक फंड कैंपा शाखा से रिलीज किया जाता है। इसके बाद सामाजिक वानिकी और विकास शाखा से करोड़ों की धनराशि वन मंडलों को दिया जाता है। तीनों शाखों को मिलाकर हर वन मंडल को 5 से 7 करोड़ रूपए की राशि हर साल खरीदी के लिए रिलीज किया जा रहा है। चैनलिंक जाली, बारवेड वायर, टिम्बर पोल्स, रूट ट्रेनर्स, मिट्टी और गोबर एवं रासायनिक खाद वगैरह की खरीदी की जाती है. इस खरीदी में 15 से 18 फीसदी राशि कमीशन बाजी में बंटती है। इस खेल को रोकने के लिए  वन मंत्री विजय शाह ने ग्लोबल टेंडर बुलाने की पहल की थी किंतु मैदानी अफसरों के विरोध के चलते वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए थे। गौरतलब यह भी है कि मुख्यालय से विभिन्न शाखों द्वारा फंड रिलीज करने का कोई निर्धारित मापदंड नहीं है। चेहरा देखकर फंड वितरित किया जा रहा है। इसके कारण गड़बड़ी की आशंका बढ़ती जा रही है।  सरकार के निर्देशों की अवहेलना  राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि वायरवेट, चैनलिंक और पोल की खरीदी में लघु उद्योग निगम को प्राथमिकता दें किंतु 95% खरीदी जेम्स और ई टेंडर से हो रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लघु उद्योग निगम की दर और जेम (GEM) की दरों में डेढ़ गुना अंतर है। यानी लघु उद्योग निगम में वायरवेट किधर 83 रुपए से लेकर 85 रुपए तक निर्धारित की गई है। जबकि जेम (GEM) में ₹150 तक है। सरकार की मंशा यह भी है कि लघु और मध्यम उद्यमियों को इस कारोबार से जोड़ा जाए। मुख्यालय से लेकर फील्ड के अफसर टेंडर की शर्तों में ऐसी शर्ते जुडवा देते हैं जिसके चलते लघु और मध्यम उद्यमी प्रतिस्पर्धा के रहस्य बाहर हो जाते हैं।   चहेती फर्म को उपकृत करने जोड़ देते हैं नई शर्तें  फंड बंटवारे को लेकर दो अफसर भिड़ चुके  विभाग में फंड बंटवारे को लेकर दो सीनियर अधिकारी भिड़ चुके हैं। पीसीसीएफ कैंपा महेंद्र सिंह धाकड़ की पदस्थापना के पहले तक फॉरेस्ट प्रोटक्शन को लेकर कैंपा से फंड संरक्षण शाखा को रिलीज किया जाता था और फिर संरक्षण शाखा डीएफओ की मांग के आधार पर वितरित करता था। धाकड़ ने इस परंपरा को बदल दिया। अब वह प्रोटेक्शन की राशि भी स्वयं जारी करते हैं। पूर्व में पीसीसीएफ प्रोटेक्शन रहे अजीत श्रीवास्तव ने इसका पुरजोर विरोध किया था और तीखा पत्र भी लिखा था, लेकिन बात नहीं बनी। मुद्दे को लेकर एक बैठक में तो दोनों के बीच अच्छी बहस भी हुई पर तत्कालीन वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने पीसीसीएफ कैंपा धाकड़ का साथ दिया। हालांकि अजीत श्रीवास्तव जल्द ही रिटायर हो गए। मौजूदा पीसीएफ प्रोटेक्शन डॉ दिलीप कुमार किम कर्तव्यविमुढ़ की स्थिति में है और वह सेवानिवृत्ति के दिन गिन रहे हैं। ब्लैक लिस्ट फर्म कर रही हैं अभी भी धंधा  वन विभाग में अलग-अलग वन मंडलों में कई फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है. इसके बाद भी ब्लैक लिस्ट फर्म अपने राजनीतिक रसूख के दम पर सामग्री की सप्लाई कर रही हैं. इसकी वजह भी साफ है कि वन विभाग में ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं है, जहां ब्लैक लिस्ट की गई फर्म को अन्य वन मंडलों में मैसेज कर धंधा करने से रोका जाए. वैसे पीडब्ल्यूडी जल संसाधन और अन्य विभागों में ऐसी व्यवस्था है कि ब्लैक लिस्ट फर्म की सूची बनाकर मैदानी अफसरों को भेजा जाता है और उन्हें निर्देशित किया जाता है कि इनसे कोई भी वर्क आर्डर न दिया जाए. कमीशन बाजी के खेल में प्रमुख संस्थाएं तिरुपति इंजीनियरिंग वर्क बालाघाट, जबलपुर वायरस जबलपुर, श्री विनायक स्टील इंदौर, राजपूत फेसिंग पोल भोपाल, अरिहंत मेटल (नाहटा), लकी इंडस्ट्रीज इंदौर, आकांक्षा इंडस्ट्रीज विदिशा, नवकार ग्रेनाइट मंदसौर, बीएम मार्केटिंग वर्कर्स इंदौर, शारदा बारबेड  वायर एंड स्टील प्रोडक्ट मंडला, कृष्णा इंटरप्राइजेज छिंदवाड़ा, शारदा सीमेंट पाइप मंडला, ताप्ती एक्वा इंडस्ट्रीज बैतूल, शिल्पा कूलर छिंदवाड़ा, अपहरि प्लास्टिक बिलासपुर और गुरु माया इंडस्ट्रीज इटारसी.  इनका कहना  अगले वित्तीय वर्ष से टेंडर की शर्तें मुख्यालय से निर्धारित की जाएगी, ताकि उसकी एकरूपता बनी रहे। डीएफओ अपनी मनमानी शर्ते नहीं जोड़ पाएंगे. यूके सुबुद्धि पीसीसीएफ विकास

कांग्रेस की चौथी लिस्ट जारी, 45 नामः दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से उतरा मैदान में

Congress’s fourth list released, 45 names: Digvijay Singh fielded from Rajgarh अब तक 184 उम्मीदवारों का ऐलानलोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार देर रात चौथी लिस्ट जारी की। इसमें 12 राज्यों के 45 नाम हैं। मध्यप्रदेश से 12, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र 4, तमिलनाडु से 7, मणिपुर 2, मिजोरम से एक, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से 2-2, छत्तीसगढ़, अंडमान निकोबार और असम से एक-एक उम्मीदवार का ऐलान किया। अब तक पार्टी 183 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से टिकट दी गई है। वहीं वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ अजय राय को उतारा गया है।

शैडो वन मंत्री की कार्यशैली से विधायकों एवं कार्यकर्ताओं में नाराजगी

Dissatisfaction among MLAs and workers due to the working style of Shadow Forest Minister भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नागर सिंह चौहान को वन मंत्री बनाया। चौहान भानमती तो बन गए किंतु उनका मंत्रालय अपर संचालक स्तर के वित्तीय सेवा के अधिकारी रंजीत सिंह चौहान संचालित कर रहे हैं। जंगल महक में उन्हें शैडो वन मंत्री के रूप में देखा जा रहा है। विभाग में सप्लायर का वर्क आर्डर जारी करना हो या फिर ट्रांसफर पोस्टिंग, ये सभी कार्य अधिकारियों से मिलकर वह स्वयं कर रहे हैं। यही कारण है कि विधायकों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की सिफारिशी तबादला आदेश चुनाव आचार संहिता लगने के पूर्व जारी नहीं हो सके। वन विभाग में अधिकांश अधिकारी वन मंत्री चौहान के अनादिकृत ओएसडी रणजीत सिंह चौहान को शैडो मंत्री के रूप में देखते हैं। फील्ड में पदस्थ डीएफओ यह मानते हैं कि रणजीत सिंह चौहान उनके नजदीकी है। उनकी मान्यताओं पर तब और बल मिलता है जब अधिकारी अपने मंत्री से मिलने जाते हैं और वे उन्हें चौहान की से मिलने का संकेत दे देते हैं। इसके कारण ही विभाग के अवसर उन्हें शैडो वन मंत्री के रूप में देखते हैं। अब नेताओं को भी ऐसा एहसास होने लगा है वह इसलिए कि धार, झाबुआ और अलीराजपुर के विधायकों एवं नेताओं ने वन विभाग के डीएफओ, एसडीओ से लेकर रेंजरों को हटाने और उनकी प्राइम पोस्टिंग करने के सिफारिश की थी। वन मंत्री चौहान ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मंथन कर सूची तैयार कर मंत्रालय को भेजी। इस बीच पार्टी हाई कमान ने उनकी पत्नी अनीता सिंह चौहान को झाबुआ-रतलाम लोकसभा का प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस घोषणा के बाद वन मंत्री नागर सिंह चौहान राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हो गए और इसका लाभ उठाते हुए विधायकों के सिफारिश वाले अधिकारियों के तबादले की सूची में नाम हटाकर चौहान ने अपने पसंदीदा डीएफओ, एसडीओ और रेंजरों के तबादला आदेश आचार संहिता लगने के चंद्र घंटे पहले जारी करवा दिए। वन मंत्री के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि विधायकों और नेताओं की अनुशंसा वाले दबा दें आदेश जारी नहीं होने के कारण वन मंत्री के प्रति नाराजगी है और वे चुनाव बाद मुख्यमंत्री मोहन सिंह यादव से शिकायत करने का मन बनाया है। सप्लायर के कारोबार में भी है दखलअंदाजीवन विभाग में लंबे समय से सप्लायर का एक नेक्सस सक्रिय है। इस सिंडिकेट से वन मंत्री चौहान के अनाधिकृत ओएसडी चौहान भी जुड़ गए है। दबाव के चलते ही महकमे में एक दर्जन से अधिक डीएफओ ने चैन लिंक और वायरबेड खरीदी की निविदा में ऐसी शर्त जोड़ दी, जिसे केवल चौहान के नजदीकी फर्म को ही वर्क आर्डर मिल सके। बताया जाता है कि डीएफओ को फोन करके अपने चहेते फर्म को ठेका दिलवाने के लिए नई-नई शर्ते जुड़वा रहे हैं। दक्षिण सागर,बैतूल और बालाघाट समेत एक दर्जन डीएफओ ने चैनलिंक और वायरबेड खरीदी के लिए निविदा आमंत्रित बुलाई गई। इस निविदा में 3 करोड़ के टर्न-ओवर के साथ यह शर्त भी जोड़ दी कि भारत मानक ब्यूरो से मान्यता प्राप्त फर्म ही निविदा में हिस्सा ले सकेंगी। यह शर्त पहली बार जोड़ी गई। इस शर्त के कारण तीन दर्जन से अधिक संस्थाएं प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गई। मप्र में भारतीय मानक ब्यूरो से लाइसेंस प्राप्त दो फर्म ही रजिस्टर्ड हैं। यह दोनों फर्म ही कांग्रेस नेता के रिश्तेदार की है। यानी कांग्रेस नेता के रिश्तेदार को उपकृत करने के लिए प्रदेश के एक दर्जन डीएफओ ने पहली बार यह शर्त निविदा में जोड़ दी है। यह बात अलग है कि प्रतिस्पर्धा से बाहर हुई संस्थाओं ने शिकवे-शिकायतें शुरू कर दी हैं। जानकारों का कहना है कि मंत्री के यहां अनाधिकृत रूप से सक्रिय अपर संचालक स्तर के एक अधिकारी के कहने पर फील्ड के अफसरों ने निविदा में भारतीय मानक ब्यूरो की शर्त जोड़ी है। बताया जाता है कि अफसर पर दबाव बनाने वाले अनाधिकृत काम देख रहे अधिकारी का कांग्रेस नेताओं से पुराने संबंध रहे हैं। क्या है रंजीत सिंह चौहान का बैकग्राउंडरणजीत सिंह चौहान वित्तीय सेवा के अधिकारी

महा रण 2024 … सोशल मीडिया ने बिगाड़ा प्रचार का स्तर

Maha Ran 2024… Social media spoiled the level of publicity भोपाल। वर्तमान लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी भूमिका सोशल मीडिया की दिखाई दे रही है। जबकि इस समय सोशल मीडिया की सत्यता की न तो किसी प्रकार से जांच की जा रही है और न ही उस पर किसी प्रकार का एक्शन। जबकि इस समय जो सूचना प्रोद्योगिकी चल रही है, उससे लाभ ज्यादा हैए लेकिन चुनाव प्रचार में उसका उपयोग कई राजनीतिक दल गलत जानकारी देकर या असत्यता पर आधारित खबर देकर भ्रम की स्थिति पैदा कर देते हैं। इससे मतदाता किसी के बारे में सही और गलत का आंकलन नहीं कर पाता है। चुनाव से सबंधित जो लोग व्यवस्था देख रहे हैं, उन्हें इस पर नजर रखना चाहिए। वर्ना चुनाव का ढांचा बिगड़ता चला जाएगा और सोशल मीडिया का उपयोग करना लोग छोड़ देंगे। सोशल मीडिया का लाभ भी इतना है कि किसी भी जानकारी के लिए दूसरे दिन का इंतजार नहीं करना पड़ता। पूरे देश में एक पल में खबर इधर से उार हो जाती है। 25.30 साल पहले की बात ही अलग थीसोशल मीडिया का जब दौर नहीं था, तब आपसी चर्चा और अखबार और पर्चों को पढ़कर ही चुनाव प्रचार का अंदाजा लगाया जाता था। उम्मीदवार भी शलीनता से मिलने और अखबार वालों को अपनी बात समझाने आते थे। उस दौरान झूठ और सही के बीच भेद मालुम पड़ जाता था और लोग भी ध्यान रखते थे। इस समय सोशल मीडिया पर झूठ इस प्रकार परोसा जा रहा है कि लोगों को समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।

भोपाल सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की एक बड़ी इच्छा नहीं हुई पूरी, प्रदेश सरकार ने नहीं दिया महत्व

A big wish of Bhopal MP Pragya Singh Thakur was not fulfilled, the state government did not give it importance. भोपाल। भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की इच्छा थी कि राजधानी में एक सरकारी कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च फाउंडेशन अलग से बने, जिससे पूरे प्रदेश के लोगों को लाभ मिल सके। क्योंकि अभी तक इसके लिए कोई सरकारी अस्पताल स्वतंत्र रूप से नहीं बनाए जैसे दूसरे निजी या संस्था के अस्पताल हैं। इसके लिए उन्होंने प्रयास भी किए। बकायदा उन्होंने राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भी भेजा था, लेकिन सरकार ने उस पर गंभीरता से विचार नहीं किया, जिस कारण उनकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी। इस सपने पर उनकी ही पार्टी की राज्य सरकार ने विराम लगाने की बात सामने आ रही है। एम्स या हमीदिया में इलाज तो मिलता है, लेकिन अलग से सरकारी अस्पताल नहीं हैए जिससे लोगों को मुंबई के टाटा या भोपाल के एक संस्थागत अस्पताल जाना पड़ता है। यहां खर्चा इतना ज्यादा है कि आदमी पूरी तरह से अपना सब कुछ बेचने को मजबूर हो जाता है। भोपाल के डॉ यशवंत राव धवले के अनुसार सुल्तानिया जनाना अस्पताल को हमीदिया में शिफ्ट किया गया है, अगर सुल्तानिया को कैंसर अस्पताल के लिए चयनित किया जाता है तो यह अस्पताल मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु पूरे भारत वर्ष के ग्रामीण क्षेत्रए शहरी क्षेत्रों एवम अन्य लोगों की भी सेवा की जा सकती है। ज्ञान और आर्थिक ताकत की कमी के कारण कैंसर के निदान और उपचार के लिए प्रौद्योगिकियों और उन्नत सुविधाओं से वंचित हैं। कैंसर अनुसंधान में उन्नत और अद्यतन तौर, तरीके बढ़ाए जा सकते थे। इस संबंध में सांसद ने प्रदेश व सरकार को भी प्रस्ताव भेज दिया था। प्रदेश सरकार इसमें निर्णय लेती तो आगे का काम केंद्र के माध्यम से सांसद द्वारा करवाया जा सकता था।

कर्ज तले दबता प्रदेश, पांच हजार करोड़ का कर्ज लेगी मध्‍य प्रदेश सरकार

State is burdened with debt, Madhya Pradesh government will take a loan of five thousand crores भोपाल । लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में मध्य प्रदेश सरकार पांच हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लेगी। राज्य सरकार रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से 26 मार्च को तीन हिस्सों में कुल पांच हजार करोड़ रुपयों का कर्ज बाजार से लेगी। पहला कर्ज 20 साल के लिए दो हजार करोड़ रुपये का होगा। इसी तरह दो हजार करोड़ का दूसरा कर्ज 21 साल के लिए और एक हजार करोड़ रुपये का तीसरा कर्ज लिया जाएगा जो 22 साल में चुकाया जाएगा। तीनों ही कर्ज पर साल में दो बार ब्याज का भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार तीन माह (जनवरी-फरवरी) में साढ़े 15 हजार 500 हजार करोड़ रुपये कर्ज ले चुकी है। वर्तमान वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश सरकार अब तक कुल 37 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। अब पांच हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज मिलाकर कुल कर्ज 42 हजार 500 करोड़ रुपये हो जाएगा। वहीं वर्ष 2024 में 23 जनवरी को ढाई हजार करोड़ रुपये, छह फरवरी को तीन हजार करोड़ रुपये और बीस फरवरी को पांच हजार करोड़ रुपये और 27 फरवरी को पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा चुका है। प्रदेश के ऊपर मार्च 2023 की स्थिति में तीन लाख 31 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण है।वहीं अब तक के कुल कर्ज को मिलाकर मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज का कुल भार तीन लाख 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने लगातार कर्ज लिया था।

कांग्रेस को एक और झटका, BJP में शामिल होने कई बड़े नेता पहुंचे भोपाल

Another blow to Congress, many big leaders reached Bhopal to join BJP लोकसभा चुनाव के पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी समेत अन्य उम्मीदवार 27 तक नामांकन कर सकेंगे। जानिए, इससे पहले मप्र में क्या हो रहा है? लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को मप्र में आज एक बार फिर बड़ा झटका लगने वाला है। कांग्रेस के कई बड़े नेता भाजपा में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंच गए हैं। इनमें पूर्व सांसद देवराज सिंह पटले और पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह समेत कई नेता शामिल हैं। सतना के ये नेता भाजपा में होंगे शामिल

कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता का इस्तीफा, बोले- अध्यक्ष के पास जाने पर देना पड़ता था परिचय

Congress Vice President Lalchand Gupta resigns, says he had to give introduction when he went to the President विंध्य में कांग्रेस को फिर लगा झटका, लालचंद गुप्ता बोले- 5 साल उपाध्यक्ष रहा, आज तक एक भी बैठक नहीं हुई।भोपाल। प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने कांग्रेस पार्टी और उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने आरोप लगाया कि 5 साल उपाध्यक्ष रहने के बाद आज तक नहीं हुई एक भी बैठक। प्रदेश अध्यक्ष के पास जाने पर अपना परिचय बताना पड़ता था। वे प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष के पद पर 5 साल तक रहे है। इसके पहले वे भाजपा जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी साझा की। गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है। कमल नाथ के गढ़ सहित प्रदेश के कई इलाकों से कांग्रेस के बड़े नेता, पूर्व विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। बड़े नेताओं को पार्टी छोड़कर जाने से लगातार झटके लग रहे हैं।

हमीदिया अधीक्षक के निर्देश: अब नहीं चलेगी घसीटा राइटिंग, डॉक्टर कैपिटल लेटर में लिखेंगे दवाओं के नाम

Hamidia Superintendent’s instructions: Now cursive writing will not work, doctors will write names of medicines in capital letters. भोपाल। अब डॉक्टरों की घसीटा राइटिंग से किसी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों को ओपीडी पर्चे पर दवाओं के नाम कैपिटल लेटर्स में ही लिखेंगे। यही नहीं जिन पर जो में घसीटा राइटिंग होगी उन्हें मान्य नहीं किया जाएगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ सुमित टंडन ने इस संबंध में अस्पताल के सभी एचओडी को आदेश जारी कर इसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि दवाओं के नाम स्पष्ट व बड़े अक्षरों में लिखें, जिससे मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट व दूसरे कर्मचारियों को आसानी से दवा का नाम समझ सकें। बतादें कि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने पहले भी दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में लिखने का फरमान जारी किया था। हालांकि यह फरमान पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। ओपीडी पर्ची की होगी मॉनिटरिंग डॉक्टरों की राइटिंग के कारण कई बार मेडिकल स्टोर में दवाओं के नाम पर कंफ्यूजन होता है। कई बार मरीजों को गलत दवा मिल जाती है। मरीजों को परेशानी से बचने के लिए कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा है। यही नहीं चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी। सभी विभागों की ओपीडी पर्ची की जांच की जाएगी, ताकि कैपिटल लेटर में लिखने को बढ़ावा दिया जा सके। डॉक्टरों को लिखनी होगी जेनेरिक दवाएंचिकित्सकों को मरीजों के लिए केवल जेनेरिक दवा लिखने का फरमान जारी किया गया है। मानिटरिंग में यह बात सामने आई कि डाक्टर मरीजों की परची में केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिख रहे हैं। बाकी ब्रांडेड दवाओं के नाम सामने आ रहे है। अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभाग के चिकित्सकों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं। पहले भी जारी हो चुके ऐसे आदेश9 दिसंबर 2014 को चिकित्सकों को घसीटामार लिखावट नहीं करने के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने निर्देश जारी किए थे। इसमें भी डाक्टरों से कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा गया था। इसके बाद अप्रैल 2015 में एक बार फिर यही आदेश जारी किए गए। – 2 जनवरी 2021 – हमीदिया अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के पर्चे पर चिकित्सकों का नाम, मोबाइल नंबर और उनकी मुहर भी लगाने के आदेश जारी हुए थे। इनका कहनाहमीदिया के सभी विभागों में एचओडी को जेनेरिक दवाएं और बड़े अक्षरों में लिखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद हम इसे लेकर मॉनिटरिंग भी करेंगे। एमसीआई ने पूर्व में इसे लेकर निर्देश दे चुकी है। लेकिन पालन नहीं किया जाता था।डॉ सुमित टंडन, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल

इलेक्टरल बॉन्ड घोटाला स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला :जीतू पटवारी

Electoral bond scam is the biggest scam of independent India: Jitu Patwari मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति 300 करोड़ में, मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार का केंद्र बना : जीतू पटवारी 2014 से 2023 तक भाजपा ने एक भी गारंटी पूरी नहीं की,भाजपा की वादाखिलाफी के खिलाफ जनता आशा भरी निगाहों से कांग्रेस पार्टी की ओर देख रही है: जीतू पटवारी भोपल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश समेट पूरे देश के लिए लोकसभा चुनाव घोषित हो चुके हैं परंतु बीजेपी की डबल इंजन सरकार की डबल वादा खिलाफी के खिलाफ जनता हताश और निराशा है, आलम यह है कि 2014 से 2023 तक कोई भी गारंटी पूरी नहीं हुई है एवं इसी कारण जनता आशाभरी निगाहों से कांग्रेस पार्टी की ओर देख रही है। पटवारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे दिया करते थे उसके विपरीत इलेक्ट्रोरल बॉन्ड्स के जरिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कई खुलासे हुए हैं एवम उससे ऐसा प्रतीत होता है कि यह भाजपा के लीगल करप्शन के उदाहरण हैं। वैक्सीन निर्माता, पाकिस्तान एवं लॉटरी किंग के द्वारा भाजपा को जो चंदा दिया गया इन सब पर चर्चा होनी चाहिए, चुनावी बांड घोटाला स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। भाजपा ने भ्रष्टाचार का तांडव मचा रखा है एवं संस्थाओं को डराने एवं वसूली का माध्यम बनाकर रखा है, यह पहले कभी नहीं हुआ। पटवारी ने कहा कि जहां कांग्रेस पार्टी ने लोगों को आरटीआई जैसे अधिकार दिए खाद्यान्न, भूमि अधिग्रहण, वन अधिकार कानून आदि कानून दिए वहीं भाजपा ने इन कानूनों को पंगु बनाया। कांग्रेस पार्टी फिर एक बार जनता को अधिकार देगी, हम किसानों को एमएसपी का अधिकार देंगे, ग्रेजुएट युवाओं को ₹100000 सालाना की स्टाइपेंड का अधिकार देंगे, बहनों को 8000 से 8500 के करीब प्रति माह की आर्थिक सुरक्षा का अधिकार देंगेऔर विस्तार में सभी अधिकार एवं न्याय के माध्यम इंडिया एलायंस की रैली में हमारे नेता राहुल जी एवं एलायंस के नेता करेंगे। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी मध्य प्रदेश की सरकार ने लगातार आचार संहिता लगने के पहले तक तबादले किए परंतु उसके बाद भी कई अधिकारी कई विभाग में नहीं हैं, 500 से ज्यादा पदों पर पदाधिकारी नहीं है तथा प्रभार के आधार पर व्यवस्थाएं चल रही हैं। यहां कर्ज, क्राइम एवं करप्शन पर्ची वाले मुख्यमंत्री के शासन में लगातार फल फूल रहा है, मध्य प्रदेश लगातार क्राइम इंडेक्स में एवं करप्शन इंडेक्स में ऊंचाई हासिल कर रहा है, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का तो यहां तक भी कहना है कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की 300 करोड रुपए में नियुक्ति हुई है, यही बीजेपी का असली चरित्र है। श्री पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दृढ़ता से चुनाव में उतर रही है एवं जो संकेत हैं उनके आधार पर मैं कह सकता हूं कि परिणाम आप सभी को चौंकाएंगे एवं कांग्रेस पार्टी चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।

वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति स्टेशन पर मूलभूत सुविधाएं भी तोड़ रही दम

Even the basic facilities at world class Rani Kamlapati station are breaking down. भोपाल। विश्व स्तरीय रानी कमलापति स्टेशन वर्ल्ड क्लास सुविधा की वजह मूलभूत सुविधाएं सही से नहीं मिल पा रहा है। दरअसल यहां पर आए दिन लिफ्ट व एस्कलेटर बंद रहता है। जिससे यात्रियों को पैदल ही एयर कानकोर पर व वहां स प्लेटफार्म तक पैदल ही चल कर पहुंचना पड़ता है। जिससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में यात्रियों द्वारा रेलवे अधिकारी को शिकायत की है। जिसके बाद रेलवे ने बंसल पाथ-वे हबीबगंज प्राइवेट लिमिटेड को व्यवस्था ठीक करने को लेकर निर्देश दिए है। सेंकड एंट्री की ओर सबसे अधिक समस्यास्टेशन के सेंकड एंट्री की ओर से आने वाले यात्रियों को प्लेटफार्म पर जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर गेट के पास दोनों लिफ्ट बंद हैं, वहीं एस्कलेटर भी काम नहीं कर रहा है। ऐसे में बच्चों से लेकर बुजुर्ग यात्री सीढ़ियों से चढ़ने को मजबूर होते हैं। इस संबंध में यात्री हेमंत कुमार ने बताया कि पांच नंबर की दोनों लिफ्ट बंद है। इसके चलते खासी परेशानी होती है। इस संबंध में रेलवे अधिकारियों को शिकायत की है। लिफ्ट के इंतजार में खड़े रहते हैं यात्रीप्लेटफार्म-दो-तीन पर एक-एक लिफ्ट है। दो ट्रेनें प्लेटफार्म पर एक साथ आने से यहां लोगों की भीड़ लग जाती है। प्लेटफार्म दो और तीन पर लगी लिफ्ट के लिए यात्री को 10 से 15 मिनट का इंतजार में करना पड़ा रहा है। ऐसे में समय ज्यादा लगने के कारण कई बुजुर्ग यात्रियों को सीढ़ियों से आना पड़ रहा है।

मध्य प्रदेश में 5 आईएएस अधिकारियों के तबादले, यहां देखिए लिस्ट

5 IAS officers transferred in Madhya Pradesh, see the list here धनंजय सिंह भदौरिया को सचिव, मध्य प्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास को अनुसूचित जाति विकास का आयुक्त बनाया गया है। भोपाल। लोकसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। शनिवार शाम को 5 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

लोक सभा चुनाव से पहले 9 और आईएएस अधिकारियों के तबादले

9 more IAS officers transferred before Lok Sabha elections लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान से पहले मध्य प्रदेश में एक बार फिर 9 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। इससे पहले 14-15 की मध्य रात 37 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। जिसमें कई जिलों के नए कलेक्टर भी बनाए गए थे।भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर 9 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान से पहले ये तबादले किए हैं। इससे पहले 14-15 मार्च की देर रात 37 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए थे। नई सूची के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और उज्जैन कमिश्नर संजय गोयल को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में सचिव बनाया गया जबकी इंदौर श्रम आयुक्त संजय गुप्ता को उज्जैन कमिश्नर बनाया गया है।रीवा में अपर आयुक्त पद पर पदस्थ छोटे सिंह को राजस्व विभाग ग्वालियर संभाग में अपर आयुक्त बनाया गया है। स्वप्निल जी वानखेड़े को सतना कलेक्टर बनाया गया है। सपना जैन को सतना जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। इनके अलावा आईएएस सपना निगम, आईएएस राजीव रंजन मीना, ऋषि गर्ग का भी तबादला किया गया है। रेखा राठौर को खरगोन का अपर कलेक्टर बनाया गया है।

प्रदेश में 47 IPS अधिकारियों के तबादले, यहां देखें सूची

47 IPS officers transferred in the state, see the list here भोपाल। देश में जल्द होने जा रहे आम चुनाव की घोषणा से पूर्व प्रदेश में देर रात अनेक IAS अधिकारियों के तबादलों के बाद शुक्रवार दोपहर को 47 IPS अधिकारियों को भी इधर से उधर कर दिया गया। गृह विभाग द्वारा इसके आदेश जारी कर दिए गए। 11 जिलों के एसपी बदल दिए गए हैं। अशोकनगर, खंडवा, डिंडोरी, सिंगरौली, शिवपुरी, खरगोन, छतरपुर, दमोह, राजगढ़, श्योपुर और निवाड़ी के एसपी का तबादला कर दिया गया है।

दैवेभो कर्मचारियों को अब हर महीने बढ़कर मिलेंगे दो हजार 225 रुपए

Daivebho employees will now get an increase of Rs 2,225 every month. भोपाल। प्रदेश सरकार ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन में 1 अप्रैल दो हजार 225 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि की है। गुरूवार को वेतन वृद्धि के आदेश श्रम आयुक्त ने जारी किए हैं। पहली बार सरकार ने दैवेभो कर्मचारी, अकुशल श्रमिक, अर्ध कुशल, श्रमिक कुशल श्रमिक और उच्च कुशल श्रमिक के वेतन में प्रतिमान दो हजार 225 रुपए की वृद्धि की है। सरकार द्वारा की गई वेतन वृद्धि पर कर्मचारी मंच ने मुख्यमंत्री का आभार माना है। मंच के प्रदेशाध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से दैवेभो कर्मचारियों के वेतन में मात्र सैकड़ो में वृद्धि की जाती थी जिससे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का कोई वास्तविक लाभ महंगाई के अनुरूप नहीं होता था। कर्मचारी निरंतर सरकार से मांग कर रहा था कि दैवेभो कर्मचारियों के वेतन में वर्तमान महंगाई के अनुरूप वृद्धि करी जाए। मुख्यमंत्री ने मांग को मंजूर करके श्रम आयुक्त से आदेश जारी कर दिए है। एक अप्रैल से मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन1 अप्रैल से अकुशल श्रमिक को 11 हजार 800, 12 हजार 796, कुशल श्रमिक को 14 हजार 519, उच्च कुशल श्रमिक को 16 हजार 144 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा। वही शासकीय विभागों में कार्यरत कृषि नियोजन श्रमिकों को अब 9 हजार 496 रुपए वेतन मिलेगा।

मोहन सरकार ने प्रदेश में ट्रांसफरो कि लगाईं झंडी, 37 IAS के ट्रांसफर

37 IAS के ट्रांसफर; बाबू सिंह शहडोल कमिश्नर, सतेंद्र सिंह गुना और सुरेश कुमार पन्ना कलेक्टर बने Transfer of 37 IAS; Babu Singh Shahdol became Commissioner, Satendra Singh Guna and Suresh Kumar Panna became Collector. भोपाल। राज्य सरकार ने 37 आईएएस की अस्थाई रूप से नई पदस्थापना आदेश गुरुवार को जारी कर दिए हैं। इसमें बाबू सिंह को शहडोल कमिश्नर, सतेंद्र सिंह को गुना कलेक्टर और सुरेश कुमार को पन्ना कलेक्टर बनाया गया है। इनके अलावा शहडोल, सिंगरौली कलेक्टर की नई पदस्थापना की गई है। देखिए पूरी लिस्ट…

आमजन के लिए जल्द ही खोला जाएगा, द्रोणाचल स्थित वार मेमोरियल

War Memorial located in Dronachal will soon be opened for the general public. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से सेना के जनरल आफिसर कमांडिंग प्रीतपाल सिंह व ब्रिगेडियर एसएस छिल्लर ने की सौजन्य भेंट। भोपाल ! राजधानी में द्रोणाचल स्थित सेना का युद्ध स्मारक आमजन के लिए जल्द ही खोला जाएगा। भोपाल स्थित सेना के स्ट्राइक कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग प्रीतपाल सिंह ने इस बात की जानकारी दी। वह आज सुबह मुख्यमंत्री आवास में सीएम डा. मोहन यादव से सौजन्य भेंट करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ ब्रिगेडियर एस.एस. छिल्लर भी उनके साथ थे। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को हेडक्वार्टर 21 कार्प की ओर से स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। सीएम ने इस मौके पर हरदा सहित अन्य आपदाओं के दौरान सेना द्वारा दिए गए त्वरित सहयोग की सराहना की। कर्नल विशाल आहूजा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। देशभक्ति की मिलेगी प्रेरणाभोपाल में इंडियन आर्मी की 03 ईएमई कार्प्स ने द्रोणाचल के निकट स्थित योद्धा स्थल के पास ही वार मेमोरियल की स्थापना की है। यहां पर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के नाम अंकित हैं। उनकी स्मृति में ही वार मेमोरियल बनाया गया है। यहां आकर लोगों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। यहां गैलेंट्री एरिया भी विकसित किया गया है। नागरिकों को इसी से जोड़ने एवं देशभक्ति की प्रेरणा देने के लिए वार मेमोरियल सभी के लिए खोलने का प्रस्ताव है।

धार्मिक पर्यटन होली सेवा का सीएम ने किया शुभारंभ कैलाश विजयवर्गीय ने उठाया सेवा का लुफ्त

CM inaugurated the religious tourism Holi service. Kailash Vijayvargiya enjoyed the service. शुरुआत में आठ सीटर वाले दो ट्विन इंजन एयरक्राफ्ट चलाए जाएंगे। प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डों के अलावा हवाई पट्टियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। भोपाल । मुख्यमंत्री डां मोहन यादव ने गुरुवार को स्टेट हैंगर में अयोजित कार्यक्रम में पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा एवं पीएम श्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत विभिन्न शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू की जाएगी। शुरुआत में आठ सीटर वाले दो ट्विन इंजन एयरक्राफ्ट चलाए जाएंगे। प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डों के अलावा हवाई पट्टियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। प्रारंभिक चरण में भोपाल, जबलपुर, रीवा, खजुराहो, उज्जैन और पमचढ़ी को धार्मिक पर्यटन हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा। इसका दायरा बढ़ा कर आने वाले समय में पर्यटकों की मांग के अनुसार अन्य शहरों को जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में ये रहे उपस्थितस्टेट हैंगर पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास व आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कुंवर विजय शाह, मंत्री धर्मेंद्र लोधी, मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, राकेश सिंह, निर्मला भूरिया, नारायण सिंह कुशवाहा, एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रारंभ में पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र लोधी ने स्वागत भाषण दिया।

प्राइवेट स्कूल संचालक नहीं बेच सकते बस्ता और बैग, नियम तोड़ा तो…

Private school operators cannot sell backpacks and bags, if rules are broken… मध्य प्रदेश में निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने एक निर्देश जारी किया है. कलेक्टर के इस निर्देश को अभिभावक खूब सराह रहे हैं और काफी खुश हैं भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशों से भोपाल के अभिभावकों में खुशी का माहौल है. भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निजी संचालकों के लिए आदेश जारी किए हैं कि कोई भी स्कूल संचालक बस्ता और ड्रेस नहीं बेच सकेगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले में संचालित होने वाले सभी निजी स्कूलों के संचालकों के लिए एक आदेश जारी किया है. इस आदेश में स्पष्ट किया है कि विद्यालय की स्टेशनरी, यूनिफार्म पर स्कूल का नाम प्रिंट कराकर दुकानों से क्रय कराने या एक विशिष्ट दुकान से यूनिफार्म और पाठ्य पुस्तकें बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा. निर्देश का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, विद्यालय के प्राचार्य और प्रबंध के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही संबंधित एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी को इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है. कलेक्टर ने निजी विद्यालयों को स्पष्ट किया है कि आगामी शिक्षण सत्र प्रारंभ होने से पहले ही लेखक और प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करें. कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थी और उनके अभिभावकगण इन पुस्तकों को अपनी सुविधानुसार खुले बाजार से खरीद सकें. अभिभावकों में खुशी की लहर भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल संचालकों को सूचना पटल पर यह भी अंकित करना होगा कि किसी दुकान विशेष से सामग्री क्रय करने की बाध्यता नहीं है. कहीं से भी पुस्तकें, यूनिफार्म और अन्य आवश्यक सामग्री क्रय की जा सकती है. पुस्तकों के अतिरिक्त स्कूल प्रबंधकों की ओर से यूनिफार्म, टाई, जूते, कापियां आदि भी स्कूल से उपलब्ध या बेचने की कोशिश नहीं की जाएगी. भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की तरफ से जारी किए गए इस तरह के आदेश से भोपाल के अभिभावकों ने खुशी जाहिर कर जिला प्रशासन की सराहना की है. उनका कहना है कि इस आदेश के बाद निजी स्कूल संचालकों की मनमानी पर विराम लग सकेगा, साथ ही कमीशन खोरी नहीं होने की वजह से स्कूलों का कोर्स भी अधिक कीमत का नहीं रहेगा. यह अच्छा फैसला है. इसे पूरे प्रदेश में सख्ती के साथ लागू किया जाना चाहिए.

पदवृद्धि की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों का प्रदर्शन, भाजपा कार्यालय के बाहर बैठ सुंदरकांड का पाठ किया

Demonstration of selected teachers demanding promotion, sat outside BJP office and recited Sunderkand. भोपाल ! भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर पदवृद्धि की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। चयनित शिक्षक भाजपा कार्यालय के बाहर बैठे गए। उन्होंने श्री राम दरबार की तस्वीर रख सुंदरकांड का पाठ किया। उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) में पदवृद्धि की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों ने मंगलवार को भाजपा कार्यालय के के बाहर प्रदर्शन किया। बच्चों के साथ महिला चयनित शिक्षक प्रदर्शन करने पहुंची थी। तेज धूम में सड़कों पर बैठने से दो महिला चयनित शिक्षकों की तबीयत भी खराब हो गई। मंगलवार को चयनित शिक्षक रेलवे स्टेशन के पास एकजुट हुए। वह जयश्री राम के नारे लगा भगवान श्रीराम दरबार की तस्वीर लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पर भगवान श्री राम की तस्वीर को रखकर सुंदरकांड का पाठ भी किया। चयनित शिक्षकों ने भाजपा कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने सभी को बस में बैठा कर कटारा हिल्स थाने भेजा। प्रदर्शन करने वाले चयनित शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने वर्ग-1 में करीब 8 हजार 700 पदों पर भर्ती निकाली। इनमें से तीन हजार पद बैकलॉग के है। पांच हजार पद आरक्षित वर्ग ओबीसी, एससी-एसटी के साथ ही ईओडब्ल्यू के लिए है। इसके बाद भी जो कुछ थोड़े बहुत पद है उनको भी एक दर्जन से ज्यादा विषयों में बांटा गया है। ऐसे में कोई उम्मीदवार टॉप टेन में भी आ जाए तो उसे जॉब मिलना मुश्किल है। यही वजह है कि हम पदवृद्धि की मांग कर रहे है। महिला चयनित शिक्षक कृति के बच्चे को लेकर प्रदर्शन में आने पर कहा कि उसके भविष्य के लिए हम संघर्ष कर रहे है। सरकार की तरफ से पदवृद्धि का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई कुछ भी नहीं की जा रही है।

प्रदेश को मिली चौथी वंदे भारत ट्रेन, सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया

State got fourth Vande Bharat train, CM Mohan Yadav expressed gratitude to PM Modi भोपाल ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 85 हजार करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं के वर्चुअल शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में हजरत निजामुद्दीन से खजराहो के बीच चौथी वंदे भारत ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री ने देश में 10 नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि रेलवे आधुनिक समय में देश का भाग्य बदलने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद रेलवे की कई पुरानी परंपराओं को बदलकर रेलवे के विकास को गति प्रदान की है। केंद्रीय बजट और रेलवे बजट को एक कर भारत सरकार के संसाधनों के रेलवे के विकास में उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया है। उनकी पहल से देशवासियों ने स्वच्छ रेलवे स्टेशन और विश्व स्तरीय रेलवे सुविधाओं का अनुभव प्राप्त किया है। मध्य प्रदेश को मिलने वाला रेलवे बजट 2014 से पहले लगभग 275 करोड़ हुआ करता था जो अब 15000 करोड़ हो गया है, यह डबल इंजन की सरकार का प्रभाव है। प्रदेश केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणीउप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनेगा, इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों और समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रदेश सभी केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी है। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने भोपाल, संतहिरदाराम नगर, रानी कमलापति रेलवे स्टशनों के विकास तथा विस्तारीकरण के लिए रेलवे का आभार माना। कार्यक्रम में रेलवे की महाप्रबंधक शोभना वनोपाध्या और मंडल रेलव प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित थे।

गेहूं की खरीदी पर प्रति क्विंटल 125 रुपये का बोनस देगी प्रदेश सरकार

State government will give a bonus of Rs 125 per quintal on the purchase of wheat. लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले मोहन यादव कैबिनेट की अंतिम बैठक आयोजित हुई। जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। भोपाल। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले मध्‍य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट की अंतिम बैठक आज आयोजित की गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। पूरे प्रदेश में साइबर तहसील लागू करने के निर्णय का अनुसमर्थन किया गयामध्य प्रदेश में 13 नर्सिंग महाविद्यालय खोले जाएंगेउज्जैन में मेडिकल कॉलेज और 100 बिस्तर के लिए अस्पताल लगभग 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।पीएम श्री एंबुलेंस सेवा का अनुमोदन कैबिनेट ने किया। जिसमें एक हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज रहेगा। जिसके पास आयुष्मान का कार्ड होगा। उसे निश्शुल्क ले जाने की सुविधा होगी। मरीज कौन होगा, इसका निर्णय कलेक्टर सीएमओ करेंगे। यदि कोई व्यक्ति निजी अस्पताल में इलाज कराने जाएगा तो उसके लिए एक शुल्क रखा जाएगा।गेहूं के उपार्जन के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की प्रतिभूति होती की गारंटी सरकार ने दी है।प्रदेश सरकार गेहूं के उपार्जन पर प्रति क्विंटल 125 रुपए का बोनस देगी। अभी 2 हजार 275 रुपये समर्थन मूल्य है उसके ऊपर यह राशि मिलेगी उज्जैन में आईआईटी इंदौर का कैंपस कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी गई।प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत बैगा, भारिया सहरिया के आवास पर विद्युतीकरण कराया जाएगा।

घोटाला छुपाने के लिए प्रदेश सरकार ने वल्लभ भवन में लगवाई आग , जीतू पटवारी

To hide the scam, the state government set fire to Vallabh Bhawan, Jitu Patwari जीतू पटवारी ने कहा कि… मंत्रालय में पांच बार आग लग चुकी है और यहां घोटाले को दबाने के लिए आग लगाई गई है.. यह सरकार का पाप है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बड़ा आरोप वल्लभ भवन के सामने धरने पर बैठे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

विधायक रामेश्वर शर्मा ने नमो शिवाय मार्ग का निरीक्षण कर निर्देश दिए

MLA Rameshwar Sharma inspected Namo Shivay Marg and gave instructions. विधायक रामेश्वर शर्मा ने नीलबड़-बड़झिरी मार्ग के निर्माण कार्य का संबंधित अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। नमो शिवाय मार्ग भोपाल-इंदौर कनेक्टिविटी का मुख्य पाथ साबित होगा। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। शिवरात्रि पर आधी रात तक कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के बाद अगले ही दिन विधायक रामेश्वर शर्मा पुनः अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। शनिवार को श्री शर्मा ने नीलबड़ में बन रहे नीलबड़ से बड़झिरी जाने वाले “नमो-शिवाय मार्ग” के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ संबंधित अधिकारियों ने भी कार्य का अवलोकन किया। यह मार्ग नये भोपाल को सीहोर एवं इंदौर मुख्य मार्ग से जोड़ेगा। विधायक शर्मा ने निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ ही अन्य निर्देश दिए। मार्ग अवलोकन के लिए पहुंचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – हुजूर का कोई भी क्षेत्र विकास के मामले में अधूरा नहीं रहेगा। चाहे कोलार हो या संत नगर, गांधीनगर हो या नीलबड़ हर ओर बराबरी से विकास की धारा वह रही है। नीलबड़ जो पहले गांव समझा जाता था, आज उभरता और समृद्ध होता उपनगर बनता जा रहा है। आज नीलबड़ में सड़क, बिजली, पानी, स्वच्छता आदि की सुव्यवस्थित सुविधा है। अब यह नमो-शिवाय मार्ग पूरा होने के बाद नया भोपाल सीधे सीहोर और इंदौर मुख्य मार्ग की डायरेक्ट कनेक्टिविटी में आ जाएगा। कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्र में रोजगार व्यापार के अवसर बढ़ेंगे और अवसरों की वृद्धि क्षेत्र की समृद्धि के द्वार खोलेगी।

वल्लभ भवन में लगी आग, दस्तावेज जलकर हुए खाक, सीएम ने दिए जांच के आदेश

Fire breaks out in Vallabh Bhawan, documents burnt to ashes, CM orders investigation प्रदेश के वल्लभ भवन में आग लग गई। आग पुरानी बिल्डिंग में तीसरे फ्लोर पर लगी, जो हवा की वजह से तेजी से फैली। फायर अमला ने मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। मुख्यमंत्री ने आग लगने की घटना के जांच के आदेश दिए है। भोपाल ! प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित मंत्रालय भवन (वल्लभ भवन) में शनिवार सुबह आग लग गई। आग वल्लभ भवन के गेट नंबर 5 और 6 गेट के सामने पुरानी बिल्डिंग में लगी है। तीसरे फ्लोर पर लगी आग हवा की वजह से तेजी फैली। जिससे सरकारी दस्तावेज पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग लगने की सूचना पर भोपाल फायर अमला मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है। सफाई कर्मियों ने दी सूचनापांच और छह नंबर गेट के सामने सफाई कर रहे कर्मचारियों ने बिल्डिंग में धुंआ उठता देखा। जिसके बाद मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस समेत दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। चार दमकल की गाड़ियों से आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। मंत्रालय में शनिवार को छुट्टी होने की वजह से कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। बता दें कुछ समय पहले वल्लभ भवन के पास ही स्थित सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल पर आग लग गई थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के स्थापना समेत कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जल गए थे। सीएम ने दिए आग की घटना के जांच के निर्देशमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मंत्रालय में एक बिल्डिंग में आग की जानकारी मिली। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्य सचिव को मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज न जले। आग पर काबू पाने के साथ ही घटना के कारण की जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसका एहतियात रखा जाए।

भोपाल में दिन भर लें खूबसूरत जगहों का आनंद, आज महिलाओं के लिए फ्री है सिटी बस का सफर

Enjoy beautiful places throughout the day in Bhopal, today city bus travel is free for women. Women’s Day 2024: अतंराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज भोपाल नगर निगम ने महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है. भोपाल की सिटी बसों में आज महिलाएं निशुल्क यात्रा कर सकेंगी. Day 2024: आज अतंराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) है. इस अवसर पर भोपाल नगर निगम (Bhopal Municipal Corporation) की ओर से महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है. दरअसल, शुक्रवार को दिनभर रेड यानी सिटी बसों में महिलाएं निशुल्क यात्रा कर सकेंगी. बसों में महिलाओं का किराया नहीं लगेगा. सिटी बस में औसत ड़ेढ़ लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं. उनमें से 40 फीसदी यानी लगभग 60 हजार की संख्या महिलाओं और युवतियों की होती है. महापौर मालती राय ने दिया था सुझावशुक्रवार यानी आज महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) भी है. शुक्रवार को सुबह 6 बजे से लेकर रात के नौं बजे तक महिलाएं सिटी बस मंदिर जा सकती हैं. महापौर मालती राय, प्रभारी निगम कमिश्नर शिवम वर्मा की उपस्थिति में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डारेक्टर्स की गुरुवार को एक बैठक हुई थी. उसी में ये फैसला लिया गया. महापौर मालती राय की ओर से सुझाव दिया गया था कि, अतंराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को फ्री यात्रा की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए. भोपाल के 25 रूट पर कुल 338 बसें होती हैं संचालितइस पर संचालक मंडल की ओर से सर्वसम्मति से फैसला लिया गया. बता दें भोपाल के 25 रूट पर कुल 338 सिटी बसें संचालित होती हैं. पिछले दो साल की तुलना में यहां 95 बसें बढ़ी हैं. ये सारी सीएनजी बसे हैं. ये सिटी बसें शहर के सभी एरिया को कवर करती हैं. रोजाना इन बसों में एवरेज ड़ेढ़ लाख यात्रियों में सफर करने वालों में 60 हजार महिला यात्रियों के अलावा छात्र भी इन बसों से आते जाते हैं. इन बसों में किराए के रूप में उन्हें न्यूनतम सात और अधिकतम 42 रुपये देने होते हैं. सभी सिटी बसों में जीपीएस ट्रैंकिग सिस्टम और कैमरे लगे हैं.

किसानों के लिए अच्छी खबर, अब इस तारीख तक करा सकते हैं गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन

Good news for farmers, now they can register for wheat procurement till this date 10 मार्च तक शासन की उम्मीद के मुताबिक यदि किसानों के पंजीयन हो जाते हैं तो उम्मीद की जा सकती है कि 15 मार्च से राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर देगी। ध्यान रहे इस बार रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सरकार 2275/- रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से करेगी। इसके बाद सरकार किसानों को बोनस प्रदान करेगी। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मोहन यादव सरकार की तरफ से एक बार फिर राहत भरी खबर आई है। डॉ मोहन यादव सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन की तिथि को एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब किसान 10 मार्च तक समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन केंद्रों पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। सरकार ने दूसरी बार बढ़ाई पंजीयन की तिथिगेहूं की पैदावार करने वाले किसानों की फसल की चिंता करते हुए मप्र सरकार ने एक बार फिर उन्हें राहत दी है, दूसरी बार गेहूं उपार्जन की तारीख बढ़ाई गई है जिससे किसान अपनी गेहूं की फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन केंद्र या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना पंजीयन कर सकते हैं। आपको बता दें कि गेहूं उपार्जन की तिथि सबसे पहले 1 मार्च निर्धारित की गई थी जिसे बढाकर हाल ही में 6 मार्च किया गया था अब इसे फिर बढ़ाकर 10 मार्च किया गया है जिससे किसान अपनी फसल आसानी से समर्थन मूल्य पर बेच सकें 10 मार्च तक करवा सकते है पंजीयन दरअसल, रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी सरकार कर रही है इसके लिए किसानों से पंजीयन केंद्रों या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना पंजीयन कराने के लिए कहा गया है, सरकार ने पैदावार को देखते ही पंजीयन के लिए एक मार्च तक तिथि निर्धारित की थी लेकिन पंजीयन की धीमी गति को देखते हुए सरकार ने 1 मार्च को तिथि एक सप्ताह बढ़ाकर 6 मार्च कर दी, लेकिन जब कल 6 मार्च को पैदावार की तुलना में पंजीयन की गाठी धीमी देखते हुए फिर एक बार तारीख बदली और इसे बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया है । किसानों के लिए ये सुविधा भी उपलब्धकिसानों की जानकारी के लिए बता दें कि वे सुबह 7 से रात 9 बजे तक अपने मोबाइल फोन से शासन द्वारा बनाये गए पंजीयन केंद्रों या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना निशुल्‍क रजिस्‍ट्रेशन/पंजीयन कर सकते हैं। इतना ही नहीं किसान ग्राम पंचायत कार्यालयों में स्थापित किसान सुविधा केंद्र, सहकारी समिति, महिला स्व-सहायता समूह आदि केंद्रों पर जाकर निःशुल्क पंजीयन करवा सकते हैं। 15 मार्च से खरीदी शुरू होने की उम्मीद10 मार्च तक शासन की उम्मीद के मुताबिक यदि किसानों के पंजीयन हो जाते हैं तो उम्मीद की जा सकती है कि 15 मार्च से राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर देगी। ध्यान रहे इस बार रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सरकार 2275/- रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से करेगी। इसके बाद सरकार किसानों को बोनस प्रदान करेगी।

डायबिटीज के मरीजों के लिए हैं वरदान , पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं मोरिंगा के पत्ते

Moringa leaves are a boon for diabetic patients, they are rich in nutrients. मोरिंगा की फली का इस्तेमाल कई तरह के भोजन बनाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि न सिर्फ इसकी फली बल्कि पत्ते भी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। डायबिटीज कंट्रोल से लेकर पाचन बेहतर करने तक इसके कई फायदे हैं।मोरिंगा की फली का इस्तेमाल कई तरह के भोजन बनाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि न सिर्फ इसकी फली बल्कि पत्ते भी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। डायबिटीज कंट्रोल से लेकर पाचन बेहतर करने तक इसके कई फायदे हैं। खुद को हेल्दी रखने के लिए हम कई चीजें को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। फलों हो या हरी सब्जियां ये सब हमारे हेल्दी डाइट का ही एक हिस्सा होती हैं। इन्हीं में से एक है सहजन की फली जिसका इस्तेमाल लोग सब्जी के रूप में करते हैं। खासकर सांभर बनाने के लिए इसका बहुत इस्तेमाल होता है। लेकिन क्या आपके पता हैं कि सहजन की सिर्फ फली ही नहीं इसके पत्ते भी हमारे सेहत के लिए फायदेमंद हैं। सेहजन की पत्तियों में कई पोषक तत्व होते हैं जो सेहत को दुरूस्त रखने में मदद करते हैं। ऐसे में इन पत्तों को अपनी डाइट में शामिल करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। डायबिटीज में असरदारअगर आप भी डायबिटीज से परेशान है तो ये आपके बहुत काम आ सकती हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए सहजन के पत्ते किसी वरदान से कम नहीं हैं। ये हमारे बॉडी में ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर करने में योगदान देती हैं। जिसका सकारात्मक प्रभाव डायबिटीज मरीजों पर पड़ता है। इतना ही नहीं ये हमारे शरीर की इम्यूनिटी को भी मजबूत रखने में मदद करता है। बेहतर बनाए पाचनआप भी अगर पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं तो ये आपके काम आ सकती है। जी हां सहजन की पत्तियां आपके पाचन संबंधी समस्या के बेहतर बनाने के काम आ सकती है। इसकी पत्तियों में एंटीबायोटिक और एंटी-बैक्टीरियल जैसे गुण मौजूद होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाने का काम करते हैं। विटामिन से भरपूरमोरिंगा की पत्तियां विटामिन ए, विटामि सी, विटामि बी1, फोलेट, आयरन, कैल्शियम जैसे कई विटामिन की मात्रा पाई जाती है। इसके सेवन से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, कैंसर जैसी कई बीमारियों के लिए फायदेमंद है। इन पत्तियों को अपने डाइट में शामिल करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। Disclaimer – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। सहारा समाचार इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।

संघ के एमडी एक्शन मूड में, सीईओ और उत्पादन प्रभारी की ली क्लास, तीन साल का ब्यौरा मांगा

Sangh’s MD in action mood, asks for details of CEO and production in-charge, details of three years भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने अब एक्शन मूड में नजर आ रहें हैं। मंगलवार को प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र (एमएफपी पार्क) बरखेड़ा पठानी के सीईओ और  प्रभारी प्रबंधक उत्पादन की जमकर क्लास ली। ठाकुर ने गत 3 साल में केंद्र में खरीदी गई जड़ी- बूटी समेत अन्य सामग्रियों का पूरा ब्यौरा मांगा है। प्रबंध संचालक द्वारा प्रसंस्करण केंद्र में उत्पादन से संबंधित समीक्षा बैठकों में कई बिंदुओं पर उत्पादन प्रभारी प्रबंधक सुनीता अहिरवार को सुधार करने की कड़ी चेतावनी दी है।  संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने प्रशंसकरण एवं अनुसंधान केंद्र में लंबे समय से हो रही गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया है। मंगलवार को बातचीत में ठाकुर ने अनौपचारिक चर्चा में बताया कि मैंने सीईओ पीजी फुलजले और उत्पादन प्रभारी प्रबंधक सुनीता अहिरवार से 3 साल में क्रय की गई सामग्रियों को बिंदुवार जानकारी मांगी है। मसलन, कितनी सामग्री, किस संस्था से और किस दर पर खरीदी की गई है ? खरीदी गई सामग्री टेंडर से परचेस किए गए हैं या फिर बिना निविदा बुलाए खरीद ली गई हैं। सभी डिटेल तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल से नई पॉलिसी लागू करने जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इससे गड़बड़ झाले और दलाली पर ब्रेक लगेगा। नई नीति के तहत सभी खरीदी जिला वनोपज यूनियन के अंतर्गत काम करने वाले संग्रहण कर्ताओं से की जाएगी।   4 सालों का उत्पादन रिकॉर्ड भी गायब जानकारी में आया है कि पिछले 4 सालों गंभीर अनियमितताएं की गई। सूत्रों का कहना है कि विगत 4 सालों में लगभग 90 करोड़ रुपये कि दवाईओं का उत्पादन किया गया है। लेकिन उत्पादन का रिकॉर्ड संधारित ही नहीं किया गया है। विगत वर्षों की ख़रीदी का मिलान उत्पादन रिकॉर्ड से ही किया जा सकता है, परंतु उत्पादन रिकॉर्ड के नाम पर बिल वाउचर ही मिल रहे है। जिनका सही प्रमाणीकरण सही तरीक़े से जांच द्वारा ही किया जा सकता है। इस संबंध में न तो पूर्व एसडीओ पर कार्यवाही की गई न ही प्रभारी एसडीओ सुनीता अहिरवार पर कार्यवाही की जा रही है। सीईओ फ़ुलझेले द्वारा केवल एक आदेश निकाल कर इतिश्री कर ली गई है। सुनीता अहिरवार द्वारा भी बिल्डिंग मेंटेन्स, नर्सरी रखरखाव, और फर्जी लेवर दिखा कर करोड़ों रुपए का गड़बड़ झाला किया जा चुका है। दिलचस्प पहलू है कि  अपर प्रबंध संचालक मनोज अग्रवाल के पत्र में दर्शित बिंदुओं पर जांच करने के लिये कोई कमेटी अभी तक नहीं बनी है। तीन आईएफएस आएंगे जांच की जद में  पूर्व एसडीओ पिल्लई के कार्यकाल में हुई अनियमितताएँ उस अवधि में मुख्यकार्यपालन अधिकारी रहे अफ़सरों की मिली भगत से ही संभव हुआ है। यदि एसडीओ पिल्लई पर कार्यवाही हुई तो बड़े अफ़सर भी जद में आयेंगे। इसमें पूर्व सीईओ एवं सेवानिवृत आईएफएस एलएस रावत, एपीसीसीएफ विवेक जैन वर्तमान में वन विकास निगम में प्रभारी एमडी और  प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ दिलीप कुमार पर भी चार्जशीट बन सकती है। इन तीन आईएफएस अफसर को बचाने के लिए जांच कमेटी का गठन नहीं किया जा रहा है।

हमीदिया अस्पताल को रोबोटिक सर्जरी के लिए किया जा रहा तैयार

Hamidia Hospital is being prepared for robotic surgery भोपाल ! इस साल के अंत तक हमीदिया अस्पताल में रोबोटिक्स तकनीक से घुटने और कूल्हे के आपरेशन शुरू करने की तैयारी। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में जल्द ही घुटने और कूल्हे (नी एंड हिप रिप्लेसमेंट) की रोबोटिक सर्जरी को शुरु करने की तैयारियों में जुट गया है। अब तक सिर्फ प्रदेश के निजी अस्पतालों में नी और हिप की सर्जरी होती है। प्रदेश के एम्स को छोड़ किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा पहली बार शुरू होने जा रही है। रिप्लेसमेंट के लिए इसकी शुरुआत दिसंबर 2024 तक की जाएगी, जिसकी कार्ययोजना काम किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो साल के अंत तक इसकी सुविधा सर्जरी वाले मरीजों को मिलना भी शुरू हो जाएगी। गांधी मेडिकल कालेज से मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए बेंगलुरु की एक निजी कंपनी से अस्पताल के विशेषज्ञ संपर्क में भी हैं। क्या है रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट रोबोटिक सर्जरी कंप्यूटराइज्ड डिवाइस से की जाएगी, जो चिकित्सक के सहयोगी के रूप में काम करेगी। इसमें सर्जरी के दौरान चिकित्सक रोबोटिक सेटअप का रिमोट हाथ में पहनते हैं। इसमें लगे कैमरे और सेंसर रोबोट घुटने के सारे मूवमेंट और स्थिति को नोट कर उसकी थ्रीडी इमेज तैयार करते हैं। थ्रीडी इमेज के हिसाब से रोबोट सर्जरी का सटीक प्लान तैयार करता है। वह चिकित्सक को बताता है कि हड्डी कितनी खराब है, कितनी और किस जगह से काटने पर क्या परिणाम आ सकते हैं। आपरेशन एक विशेष कंसोल में बैठा सर्जन आपरेशन का काम संभालता है। सर्जन को आपरेशन करने वाली जगह का एक बड़ा 360 डिग्री दृश्य दिखता है। इसके अलावा साथ खड़ा चिकित्सक इस बात की जानकारी देता है कि उपकरण सही जगह पर जाकर अपना काम कर रहा है। रिप्लेसमेंट के तीन दिन बाद अस्पताल से मिलेगी छुट्टी अब तक यह सारे आकलन चिकित्सक अपने विवेक और अनुभव के आधार पर करते थे। अब चिकित्सक के पास सटीक आकलन और प्लान होगा। इससे सर्जरी काफी आसान हो जाएगी। यही नहीं, रोबोटिक सर्जरी में इंप्लांट की उम्र 10 साल तक बढ़ जाती है और सर्जरी फेल होने का खतरा न के बराबर होता है। यह सर्जरी इतनी सटीक होती है कि रिप्लेसमेंट के तीन दिन बाद ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाता है। इनका कहना हैरोबोटिक सर्जरी को लेकर काम काफी समय से चल रहा है। इसके पूर्व में भी इस सर्जरी के लिए डेमों विशेषज्ञों के सामने हो चुका है। वर्ष 2024 के अंत तक में इसकी शुरुआत करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। इतना ही नहीं तकनीकी को बढ़ाने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं, बाहर के विशेषज्ञों से इसे लेकर लगातार संपर्क में हैं, जिससे इसकी सफलता की जानकारी दी जा सके।

भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज की प्रक्रिया शुरू

Process for second phase of Bhopal Metro’s Orange Line begins मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के बाद भोपाल मेट्रो कंपनी शुरू करेगी प्रक्रिया सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 किलोमीटर लंबा ट्रैक बिछेगा, जिसमें अंडर ग्राउंड ट्रैक और दो स्टेशन भी रहेंगे भोपाल। भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 किलोमीटर लाइन बिछाने के काम की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो रही है। इस पर कुल 1540 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस फेज की में भी पहले फेज की तरह 8 स्टेशन बनेंगे। 3.39 किलोमीटर रूट अंडर ग्राउंड होगा और इसी में 2 मेट्रो स्टेशन भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसफेस का वर्चुअली भूमिपूजन मंगलवार को किया। मेट्रो की ऑरेंज लाइन एम्स से करोंद तक बिद रही है। यह रूट कुल 14.99 किलोमीटर लंबा है। इसमें सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर है। 8 में से 5 स्टेशनों के बीच अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन होने के बाद अब कमर्शियल रन की तैयारी है। जबकि मई जून में कमर्शियल रन का लक्ष्य लेकर मेट्रो कंपनी लेकर चल रही है। इसलिए 3 स्टेशन डीआरएम ऑफिस के साथ एम्स और अलकापुरी तक काम तेजी से चल रहा है। वहीं डीआरएम ऑफिस तिराहे पर स्टील ब्रिज बनाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही अब सुभाष नगर से करोंद तक के रूट को लेकर भी काम शुरू हो रहा है। कुल 8.77 किलोमीटर के लिए टेंडर प्रोसेस होने के बाद भूमिपूजन किया गया। दो फेज में काम होगा। साढ़े 3 साल में काम पूरा करने का टारगेट रहेगा। इसी अवधि में स्टेशन और ट्रैक बिछाया जाएगा। इन 6 जगहों पर बनेंगे मेट्रो स्टेशनपुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी करोंद। वहीं 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह काम अलग कंपनी करेगी। अंडरग्राउंड रूट के लिए टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड पहले ही खुल चुकी है। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इसकी प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। काम शुरू होने के बाद साढ़े 3 साल में पूरा करने का टारगेट रहेगा। मेट्रो की दोनों लाइन का यह अकेला अंडरग्राउंड हिस्सा रहेगा।यहां से अंडरग्राउंड गुजरेगी मेट्रोसुरंगें सिंधी कॉलोनी व ऐशबाग क्रॉसिंग से होती हुई भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड को स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगी।

विधायक रामेश्वर शर्मा का घर हुआ “मोदी का परिवार”MLA Rameshwar

Sharma’s house became “Modi’s family” कार्यालय और आवास की दीवारों “मैं हूँ मोदी का परिवार” के पोस्टर लगवाए अपने खानदान को देश मानने वाले परिवारवादियों को मोदी से पीढ़ा होना स्वाभाविक है। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। अपने नवाचार, रचनात्मकता और कलपज्ञ बुद्धि के लिए प्रसिद्ध भोपाल की हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। एक ओर जहां लालू प्रसाद यादव के मोदी के परिवार पर टिप्पणी के बाद मोदी समर्थकों ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम के साथ मोदी का परिवार लिखा तो वहीं दूसरी ओर विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम परिवर्तन के साथ ही रचनात्मक बुद्धि का परिचय देते हुए एक और नवाचार किया है। श्री शर्मा ने मालवीय नगर स्थित अपने कार्यालय ‘युवा सदन’ एवं अपने पत्रकार कॉलोनी स्थित निवास के बाहर “मैं हूँ मोदी का परिवार” का पोस्टर लगवाया है। जो कि तिराहे से आवागमन करने वाले के आकर्षण का केन्द्र बन रहा है। विधायक रामेश्वर शर्मा का यह नवाचार लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। राहगीर यहां रुककर पोस्टर के साथ अपनी सेल्फी ले रहे हैं।पोस्टर कैंपेन से सुर्खियों में आए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जिन्होंने अपने परिवार को ही देश मानकर परिवार पोषण के लिए देश को ताक पर रख दिया था, आज उन्हें संपूर्ण देश को अपना परिवार मानने वाले मोदी जी से दिक्कत होना तय है। मोदी जी के कारण उनकी परिवारवादी राजनीति का खात्मा हो रहा है, भ्रष्टाचार में डूबे परिवारों की दुकान बंद हो गई है, इसलिए वह बौखला गए हैं। और मोदी जी के परिवार पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन कल से आज तक पूरा देश देख रहा है कि मोदी का परिवार कितना बड़ा है। देश का हर जवान, किसान, महिलाओं और बुजुर्गों ने सामूहिकता के साथ दिखा दिया कि मोदी जी अकेले नहीं है। यह देश उनका परिवार है। जिस तरह मोदी जी अपने परिवार की सेवा के लिए दिनरात परिश्रम पर उन्हें सुविधा दिलाते हैं, उसी तरह देशवासी भी मोदी जी के हाथ मजबूत करने के लिए तन-मन-प्राण से खड़े हैं। इसी का परिणाम है कि आज मोदी का परिवार बढ़ता जा रहा है और परिवारवादियों का सफाया होता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि – मोदी जी के परिवार ने ठान लिया है कि इस बार मोदी जी को 400 पार का आशीर्वाद देना है।

अब पुलिस वेरीफिकेशन के बाद ही बनेगा कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस

Now commercial driving license will be issued only after police verification भोपाल। अब प्रदेश में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान नहीं होगा। लाइसेंस देने से पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय संबंधित व्यक्ति का पुलिस वेरीफिकेशन कराएगा। उसके बाद ही लाइसेंस इश्यू होगा। परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह गाइड लाइन बनाई है। पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से बन जाता था। चालक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं देखा जाता था। परिवहन मुख्यालय ने कमर्शियल लाइसेंस के नए नियम बना दिए हैं। मुख्यालय से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को पत्र मिलने के बाद इस नियम को लागू कर दिया, जो भी व्यक्ति कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस लेने का आवेदन कर रहा है, उसका सबसे पहले पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाएगा।

50 बार निरीक्षण, फिर भी ठीक नहीं हुआ भोपाल स्टेशन का ड्रेनेज सिस्टम

Inspection done 50 times, still drainage system of Bhopal station not fixed भोपाल। मेंटेनेंस के लिए करोड़ों रुपए का बजट और दो साल में 50 से ज्यादा निरीक्षण के बाद भी अधिकारी भोपाल रेलवे स्टेशन का चोक अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं करा सके। यह सिस्टम बीते छह महीने से चोक है। नालियों से गंदे पानी की निकासी नहीं होती, मच्छर पनपते हैं। गंदगी के कारण चूहे, कॉकरोच पनप रहे हैं। आम यात्रियों को इनका शिकार होना पड़ रहा है। जबकि पूर्व में तत्कालीन जीएम सुधीर गुप्ता, तत्कालीन डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय व अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण कर समस्या का समाधान करने के दिशा-निर्देश दे चुके है। लेकिन समस्यां जस के तस बनी हुई है। बता दें कि भोपाल रेलवे स्टेशन का अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम चोक है। इसके कारण प्लेटफार्म-2 व 6 के बीना छोर और प्लेटफार्म-1 के इटारसी छोर के चैंबर पिछले माह से बंद पड़े हैं। ब्रांच प्रमुखों में समन्वय की कमी भोपाल स्टेशन के कायाकल्प के लिए कुछ ब्रांच प्रमुख गंभीर नहीं हैं। इसका नालियों का स्लोप ठीक नहीं होना। तो वहीं वेटिंग रूम के शौचालयों के पाइप टूटे है। जिससे कई बार यूज करने पर यात्रियों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।

एंबुलेंस व कार की आमने-सामने टक्कर, चार घायल

Ambulance and car collide head-on, four injured भोपाल ! राजधानी के बिलखारिया थाना क्षेत्र में एक एंबुलेंस और कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। टक्कर की वजह से एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक सीट पर ही फंसकर रह गया। कार को भी क्षति पहुंची। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़कर आए और क्षतिग्रस्त वाहनों से लोगों को बाहर निकाला। एंबुलेस चालक को दरवाजा तोड़कर बाहर निकालना पड़ा। इस हादसे में चार लोगों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है

बीयू में 4000 रुपए स्पेशल लेट फीस देकर पहले पेपर दो बाद में भरो परीक्षा फार्म

Pay special late fee of Rs 4000 in BU, give paper first and fill exam form later. भोपाल। बरकलउल्ला विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने विवि के विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। इस फैसले का लाभ अब परीक्षार्थियों को मिलेगा। कार्यपरिषद की हुई बैठक में पिछले दिनों यह निर्णय लिया गया है कि विवि के किसी भी पात्र छात्र के भविष्य को देखते हुए विवि उसे परीक्षा से वंचित नहीं करेगा। यदि कोई छात्र जो उस परीक्षा में बैठने की पात्रता रखता है और वह परीक्षा शुरू होने के दिन भी सीधे किसी भी परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होता है, तो उससे 4000 रुपए विशेष विलंब शुल्क परीक्षा केंद्र पर जमा कराते हुए उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही छात्र पहले पेपर में शामिल होने के बाद संबंधित कॉलेज में पहुंच कर परीक्षा आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। बीयू के रजिस्ट्रार ने अब इस आशय का आदेश भी जारी कर दिया है।

भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज, लोकसभा प्रत्याशियों की पहली सूची हो सकती है जारी

BJP Central Election Committee meeting today, first list of Lok Sabha candidates may be released भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक गुरुवार शाम को दिल्ली में होगी। इसमें लोकसभा प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लग सकती है। जिसके बाद भाजपा लोकसभा प्रत्याशियों की सूची जल्द ही जारी कर सकती है। भोपाल ! मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर सीईसी की बैठक में फैसला हो सकता है। जिसमें से 10 से 12 प्रत्याशियों के नाम की भाजपा जल्द घोषणा कर सकती है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा शामिल होंगे। बैठक में भाजपा जातिगत समीकरण के साथ चेहरे तय करने वाली सीटों पर नाम तय कर घोषित कर सकती है। इसमें छिंदवाड़ा, मंडला, धार, खंडवा समेत अन्य सीटे हैं। वहीं, सुरक्षित सीटों पर पार्टी बाद में प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है। नए चेहरों को मौकाभाजपा इस बार नए चेहरों को मौका दे सकती है। वहीं, तीन से ज्यादा बार के सांसदों से दूरी बनाएगी। इस बार भाजपा चुनाव को अपने पक्ष में मान कर चल रही है। ऐसे में नए और युवा चेहरों को मौका देकर पीढ़ी परिवर्तन का संदेश देना चाहती है। वहीं, वरिष्ठ सांसदों को कोई दूसरी जिम्मेदारी दे सकती है। भाजपा ने सात सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाया था। इसमें से दो सीट पर सांसद विधानसभा का चुनाव हार गए थे। वहीं, पांच सीट मुरैना, दमोह, होशंगाबाद, सीधी, जबलपुर सीट से सांसदों के विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद खाली हो गई थी। इन सातों सीटों पर पार्टी नए प्रत्याशी को मौका दे सकती है। इसके अलावा पार्टी आधे से ज्यादा सीटों पर मौजदों सांसदों के टिकट काटेंगी। इनके नाम की चर्चाभोपाल- पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा, रामेश्वर शर्मा, आलोक शर्मा।इंदौर- शंकर लालवानी, रमेश मेंदोला, गौरव रणदिवे, पुष्यमित्र भार्गव, जीतू जिराती।जबलपुर- विनोद गोटिया, आशीष दुबे, प्रशांत सिंह।ग्वालियर-ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरोत्तम मिश्रा, जयभान पवैया।गुना- ज्योतिरादित्य सिंधिया, केपी यादव।मुरैना- नरोत्तम मिश्रा, भारत सिंह कुशवाह, रणवीर सिंह रावत।भिंड- लाल सिंह आर्य, रणवीर जाटव, इमरती देवी।दमोह- प्रहलाद पटेल, गोपाल भार्गव, प्रीतम लोधी, ऋषि लोधी।सतना- डॉ. नदिता पाठक, सपना वर्मा, नरेंद्र त्रिपाठी, गणेश सिंह।सीधी- शरदेंदु तिवारी, कांतदेव सिंह, केके तिवारी।छिंदवाड़ा- नत्थन शाह कवरेती, उत्तर ठाकुर, बंटी साहू।होशंगाबाद- दर्शन सिंह, भारत सिंह।विदिशा- शिवराज सिंह चौहान, रामपाल सिंह, श्याम सुंदर।

कांग्रेस का आरोप: स्कूल शिक्षा विभाग में टैक्सी घोटाला, इनोवा के नाम पर दिया स्कॉर्पियो का किराया

Congress alleges: Taxi scam in School Education Department, Scorpio fare given in the name of Innova भोपाल। कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा विभाग में वाहन बिल घोटाले का आरोप लगाया है। लाइट नहीं होने पर कैंडल लाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि तत्कालीन विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार के स्टाफ के लिए इस्तेमाल छह वाहनों के बिल में फर्जीवाड़ा किया गया। एक वाहन के लिए 13 महीने में 8 लाख 62 हजार 236 रुपए का भुगतान किया गया। राज्य शिक्षा केंद्र में इस गाड़ी का नाम मारुति सियाज और रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी04-सीडब्ल्यू-9950 दर्ज है। परिवहन विभाग से पता करने पर यह रजिस्ट्रेशन नंबर हुंडई क्रेटा को अलॉट मिला। यही नहीं मंत्री के नाम पर आवंटित एक अन्य वाहन को 11 महीने में कुल 17,92,133 रुपए का भुगतान किया गया। इस मामले में लोकायुक्त को संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा, मप्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया और मप्र कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने बताया कि राज्य शिक्षा केंद्र से सूचना के अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार केंद्र में लगे प्राइवेट वाहनों के नाम पर 13 महीनो में करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए का भुगतान श्री ट्रैवल एजेंसी को किया गया। स्कार्पियों को एक माह का 1.80 लाख रुपए का भुगतानस्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित वाहन क्रमांक एमपी 04 बीसी 7480 बिल में गाड़ी इनोवा किस्टा दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में संबंधित नंबर की गाड़ी स्कार्पियों दर्ज है। उक्त वाहन का एक माह का बिल भुगतान 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक का 1,80,628 रू. का भुगतान किया गया। जबकि वाहन स्कार्पियों है। अनुबंध के अनुसार इनोवा किस्टा को प्रतिमाह लगभग 75,000 रू. प्रतिमाह किराया एवं अतिरिक्त चलने पर 18.50 रू. प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया गया, जो बिल में उल्लेखित है। सरकार के निर्देशों का खुला उल्लंघनकांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार विभाग और कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर ले सकते है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षा केंद्र ने वाहन कार्यालय/ स्कूल शिक्षा मंत्री और मंत्री के स्टाफ के लिए ट्रेवल एजेंसी से टैक्सी कोटे की जगह प्राइवेट वाहन लिए गए।

मान्यता नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर होगी कार्यवाही

Action will be taken against schools that do not follow recognition rules भोपाल। मान्यता नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग सख्त रवैया अपनाया है। अब मान्यता नवीनीकरण और मापदंड पूरे नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्यवाही की तैयारी है। इसको लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेशभर के संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर कहा गया है कि ऐसे शैक्षणिक संस्थाओं के विरूद्ध कार्यवाही की जाए, जिन्होंने वर्ष 2024-25 में मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है। आयुक्त ने संभागीय और जिला अधिकारियों से अपने संबंधित क्षेत्र में इस संबंध में प्रमाणीकरण रिपोर्ट भी मांगी है। रिपोर्ट में यह बताने के लिये कहा गया है कि उनके क्षेत्र में वर्ष 2024-25 में कोई भी ऐसी संस्था नहीं जिसने मान्यता नवीनीकरण के लिये आवेदन नहीं दिया है। ऐसी शैक्षणिक संस्थाओं की सूची भेजी जाने के निर्देश दिये गए हैं। ऐसी अशासकीय संस्थाओं के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए तत्काल बंद करने के लिए कहा है। जिला शिक्षा अधिकारियों से अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं का सतत् निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी आज वीसी से करेंगे आंवलिया एवं पारसडोह सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण

Prime Minister Modi will inaugurate Anwalia and Parsdoh irrigation projects today with VC. भोपाल ! प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 29 फरवरी को “विकसित भारत, विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग की 809.67 करोड़ रूपए की 2 मद्यम-सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं आंवलिया एवं पारसडोह का लोकार्पण करेंगे। मुख्य कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में अपरान्ह 4 बजे से आयोजित होगा।

भोपाल जिला पंचायत की मीटिंग में हंगामा: DEO के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव; पीएचई से जुड़े मुद्दों पर सदस्यों की नाराजगी

Uproar in Bhopal District Panchayat meeting: No-confidence motion against DEO; Displeasure of members on issues related to PHE भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा की मीटिंग में हंगामा हो गया। अध्यक्ष रामकुंवर बाई गुर्जर, उपाध्यक्ष मोहन जाट समेत सदस्यों ने डीईओ एके त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पास किया। सभी का कहना है कि डीईओ उनकी कॉल रिसीव नहीं करते। पीएचई से जुड़े मुद्दों पर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई। मीटिंग बुधवार दोपहर 1 बजे से शुरू हुई। करीब 15 महीने के बाद हो रही मीटिंग में स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला एवं बाल विकास विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष जाट ने कई विषयों पर नाराजगी जताई। सदस्य विनय मेहर ने कहा कि पीएचई में ठेकेदारी प्रथा है। कई गांवों में नल-जल योजना शुरू नहीं हुई है। लोग पानी को तरस नहीं है। गांवों में ट्यूबवेल खनन के लिए कहते हैं, लेकिन अफसर काम नहीं करते। मेहर ने बताया कि मीटिंग में डीईओ त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव भी पारित किया है। स्कूल से जुड़े मुद्दे पर किससे बात करें? इसलिए उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की मीटिंग भी हुई। जिसमें प्रतिनिधियों की एंट्री नहीं की गई। बता दें कि बता दें कि 29 जुलाई 2022 को जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए चुनाव हुए थे। इसके बाद पहली मीटिंग हुई थी। फिर मीटिंग नहीं हुई। बीच में बैठक की तारीख भी प्रस्तावित भी की गई, लेकिन मीटिंग टल गई थी। अब यह मीटिंग बुधवार को हुई। इसलिए जरूरी है मीटिंग जानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं। पिछली बैठक में तो उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी। इसके बाद कामों में थोड़ी तेजी आई, लेकिन मीटिंग नहीं होने से गांव के विकास से जुड़े काम अटक गए। सदस्यों का कहना है कि मीटिंग नहीं होने से वे गांव से जुड़े पानी, सड़क, नाला-नाली निर्माण, बिजली कनेक्शन समेत जनता से जुड़े अन्य विषय नहीं उठा पा रहे थे। दो महीने में होनी चाहिए मीटिंग पिछली मीटिंग को एक साल से भी अधिक समय हो गया है। नियमानुसार मीटिंग हर दो महीने में होनी चाहिए।

पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारी युवाओं को हिरासत में लिया

Demonstration in Bhopal demanding cancellation of Patwari recruitment, police detained protesting youth. प्रर्दशनकारी युवाओं की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल ( एसआइटी) का गठन किया जाए। नियुक्ति प्रक्रिया रद हो। भोपाल। एक तरफ जहां पटवारी भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभागियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है, वहीं इसका विरोध एक बार फिर शुरू हो गया है। पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी में प्रदेशभर से अभ्यर्थी पहुंचे। बड़ी संख्या में युवा एमपी नगर में ज्योति टाकीज के पास स्थित शेड में एकत्र हुए और यहां से रैली की शक्ल में वल्लभ भवन (मंत्रालय) का घेराव करने निकले। इन प्रर्दशनकारी युवाओं में अनेक महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, हिरासत में लियायुवाओं के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी। ये प्रदर्शनकारी युवा बोर्ड आफिस चौराहे से होते हुए जैसे ही व्यापमं चौराहे तक पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। ये युवा मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड के दफ्तर से वल्लभ भवन की ओर कूच रहे थे। पुलिस उन्हें गाड़ियों में भरकर थाने ले गई। नेशनल एजुकेडेट यूथ यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग है कि बगैर निष्पक्ष जांच के की जा रही पटवारियों क नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए क्योंकि सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। उनका कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार ने शंका को सही ठहराते हुए जांच के आदेश दिए थे। अभ्यर्थियों ने छात्रों ने जांच आयोग को सबूत ले जाकर दिए थे। किंतु बिना जांच रिपोर्ट जारी किए नियुक्ति की जा रही है। पटवारी भर्ती में जमकर धांधलीउनका आरोप है कि बिना जांच रिपोर्ट जारी किए सरकार पिछले दरवाजे से 10 से 15 लाख में पेपर खरीदने वालों को नियुक्ति दे रही है। इस पूरी परीक्षा में 45 से 50% घोटाला हुआ है। यदि निष्पक्ष जांच होती तो यह तमाम लोग जेल में होते। सरकार डाक्युमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर चंद फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की बात कर रही है, लेकिन प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का जो गोरख धंधा जो अलग- अलग जिलों में जारी है, उन एक भी अधिकारियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने और ओबीसी आरक्षण मुद्दे का समाधान जैसी कुछ अन्य मांगें भी कर रहे हैं। कमल नाथ ने बोला सरकार पर हमलाराजधानी में बेरोजगार युवाओं के इस प्रदर्शन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की भर्तियों में हो रहे भ्रष्टाचार और बहुत से सरकारी पदों पर भर्ती न होने के खिलाफ प्रदेश के नौजवान आज भोपाल में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इन युवकों की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा को दी गई क्लीन चिट सही नहीं है और गलत तरीके से पास हुए लोगों पर कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान लगातार नौजवान यह मुद्दे उठाते रहे और डा. मोहन यादव सरकार में भी युवाओं को सरकारी नौकरियों में होने वाले इस भ्रष्टाचार और सरकार के उदासीन रवैये से जूझना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश का नौजवान बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता की तिहरी मार से परेशान है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार ने युवाओं को नौकरी न देने का मन बना लिया है और प्रदेश को भ्रष्टाचार के रास्ते पर धकेल दिया है। बता दें कि बीते दिनों ऐसी ही मांग को लेकर इंदौर पटवारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय तक रैली भी निकाली थी।

भोपाल में बारिश का 5 साल का रिकॉर्ड टूटा: तेज आंधी के साथ ओले भी गिरे

5 year record of rain broken in Bhopal: hailstorm also fell along with strong storm भोपाल में मंगलवार दोपहर 3.30 बजे के बाद अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश हुई। लालघाटी, कोलार इलाके में छोटे आकार के ओले भी गिरे हैं। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, टीन शेड उखड़ गए। बीजेपी ऑफिस के बाहर लगे फ्लैक्स-बैनर भी उड़ गए। कई इलाकों में पेड़ भी गिरे हैं। इस कारण पीएचक्यू ऑफिस के पास और अयोध्या बायपास समेत कई जगहों पर गाड़ियां रेंगती हुई गुजरी। इससे पहले साल 2018 में फरवरी महीने में आखिरी बार बारिश हुई थी। मंगलवार को बारिश होते ही 5 साल का रिकॉर्ड भी टूट गया है। 74 KM प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं भोपाल में 3 से 4 बजे के बीच 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा की यह रफ्तार राजा भोज एयरपोर्ट के एटीसी टॉवर में रिकार्ड की गई। एयरपोर्ट स्थित एटीसी कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार हवाएं उत्तर से दक्षिण की ओर चली। इसलिए बदला मौसम IMD, भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, बिहार के आसपास और छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक भी ट्रफ लाइन गुजर रही है। प्रति चक्रवात की वजह से आंधप्रदेश और ओडिशा तट के आसपास हवाएं भी चल रही हैं। जिससे मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में नमी आ रही है। इस कारण बारिश, ओले और आंधी का दौर चल रहा है। गर्मी, बारिश और ठंड का रहता है ट्रेंड राजधानी में फरवरी के महीने में रात में ठंड, दिन में गर्मी और बारिश होने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो 20 फरवरी के बाद दिन का टेम्प्रेचर 43 31 डिग्री के पार पहुंच जाता है। वहीं, रातें भी ठंडी रहती हैं। इस बार भी अब तक ऐसा ही मौसम रहा। कई दिन तक पारा 30 डिग्री के पार ही रहा। हालांकि, पिछले पांच साल से बारिश नहीं हुई है, लेकिन इस बार मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, 74 साल पहले 11 फरवरी 1950 की रात में टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 1.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, पिछले 10 साल में पारा सामान्य से 2 से 6 डिग्री तक कम रहता है।

एसडीएम एवं तहसीलदार राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों का शीघ्र करें निराकरण

SDM and Tehsildar should immediately resolve the pending cases of Revenue Department. समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न भोपाल ! कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ श्री ऋतुराज सिंह ने सोमवार को टीएल बैठक में राजस्व अभियान की समीक्षा की। समीक्षा में उन्होंने एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों में लंबित अधिक से अधिक राजस्व प्रकरणों का अगले तीन दिन में संतुष्टिपूर्वक शीघ्र निराकरण करने एवं प्रदेश में भोपाल जिले को उत्कृष्ट स्थान दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 29 फरवरी तक आयोजित किए जा रहे राजस्व अभियान में आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित अविवादित नामांतरण, सीमांकन एवं नक्शे में तरमीम आदि प्रकरणों का अगले एक सप्ताह में अधिक से अधिक निराकरण करें। सीईओ श्री सिंह ने बताया कि आगामी 29 फरवरी को विकसित भारत की तर्ज पर विकसित मध्यप्रदेश के विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन लाल परेड़ ग्रांउड भोपाल में किया जाना प्रस्तावित है जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी वर्चुअल शामिल होंगे एवं लोक कल्याण से जुड़े अनेक निर्माण कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास भी होंगे। कार्यक्रम व्यापक जन भागीदारी के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में सभी एसडीएम से वन टू वन चर्चा कर उनके दायित्वों को उत्कृष्ट तरीके से निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण कार्यक्रम अनुशासन, गरिमा और शालीनता का प्रतीक होना चाहिए, इसके लिए सभी एसडीएम एवं प्रशासनिक अमलें को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। सीईओ श्री सिंह ने सीएम हेल्पलाइन एवं कलेक्टर लॉगिन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की एवं समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम सुश्री अंकिता धाकरे, श्री भूपेन्द्र गोयल, संयुक्त कलेक्टर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

भदभदा बस्ती खाली होने के बाद भूमि को किया जा रहा है समतल

The land is being leveled after the Bhadbhada settlement was vacated. Along with leveling the land, the Municipal Corporation staff is also removing the broken debris from encroachments. पौध रोपण के लिए की जाएगी फेंसिंग अतिक्रमण हटने के बाद रविवार को कई परिवार वहां आकर बैठ गए भोपाल। भदभदा क्षेत्र में होटल ताज के सामने 386 अतिक्रमण हटाने के बाद नगर निगम अमले ने भूमि समतल करने का काम शुरू कर दिया है। यहां तोड़े अतिक्रमण के मलबे को भी ट्राली में भरकर दूसरी जगह भेजा जा रहा है। क्योंकि खाली हुई भूमि पर अब फेंसिंग के बाद पौधरोपण किया जाना है।इस भूमि को खाली कराने के लिए एनजीटी ने जुलाई 2023 के बाद दोबारा आदेश जारी किया था। इसका पालन करना जरूरी हो गया था। इसका सबसे बड़ा एक कारण यह भी है कि यह क्षेत्र रामसर साइड भोजवेटलेंड में चिन्हित किया गया था। नगर निगम द्वारा इस संबंध में मुनादी करा दी गई थी और उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। पहले तीन दिन का समय दिया गया थाए अतिक्रमण हटाने के लिए बिजली कंपनी ने बस्ती की बिजली व नगर निगम ने पानी की सप्लाई भी बंद कर दी थी। एनजीटी से जुड़े मामलों की समीक्षा पिछले दिनों नगरीय प्रशासन विभाग ने की थी। इसके बाद ही अतिक्रमण अधिकारियों ने बस्ती में मुनादी पिटवाई थी। समीक्षा बैठक में भदभदा की झुग्गी बस्ती को जल्द से जल्द हटाने का निर्णय लिया गया था।12 मार्च को सुनवाई में पेश होगी रिपोर्टनगर निगम व जिला प्रशासन के द्वारा भदभदा बस्ती खाली करने की जानकारी एनजीटी में 12 मार्च को होने वाली सुनवाई में दी जाएगी। इसके फोटो और पूरी रिपोर्ट सुनवाई में प्रस्तुत होगी। अभी पौघ रोपणनगर निगम अधिकारियों के अनुसार भूमि समतल करने के बाद अब पौध रोपण की तैयारी की जा रही है। इसके बाद ही इस सबंध कोई प्लानिंग बन पाएगीए लेकिन एनजीटी के आदेश पर भूमि खाली हुई हैए तो यहां कोई निमार्ण नहीं हो सकता है। जिला प्रशासन का काम भूमि खाली कराना थाएडीएम हरेंद्र नारायण के अनुसार अनुसार जिला प्रशासन को भूमि खाली कराना था। यह काम पूरा हो गयाए अब आगे की जानकारी नगर निगम के पास होगी।

प्रवक्ता साथी पूरे मनोबल के साथ मीडिया में अपना पक्ष रखें : जीतू पटवारी

Spokesperson should present his/her position in media with full morale: Jitu Patwari भाजपा के जनविरोधी मुद्दों को पूरी मुखरता से उठाये : जीतू पटवारी भारत जोड़ों यात्रा को सफल और प्रभावी बनाने के लिए मीडिया में ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करे : जीतू पटवारी भोपाल । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के पदाधिकारियों, प्रवक्तागणों और संभागीय प्रवक्ताओं के साथ लोकसभा चुनाव, भारत जोड़ो न्याय यात्रा, संगठनात्मक गतिविधियों के साथ साथ मीडिया में पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखने संबंधी विभिन्न मुद्दों बैठक कर चर्चा की। जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार से विभिन्न हथकंडों को अपनाकर सरकार बना ली, उससे जहां एक ओर पार्टी के लाखों-करोड़ों कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हैं, वहीं दूसरी और प्रदेश की जनता भी इस बात को जरा भी समझ नहीं पा रही है कि विधानसभा चुनाव के जो परिणाम आये हैं वह भाजपा के इतने पक्ष में आयेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता का मनोबल मजबूत करने की जबावदारी हम सभी की है। खासकर मीडिया के माध्यम से बाते जनता तक जाती है वह एक ठोस आधार स्तंभ होता है। हमें विपक्ष की भूमिका अनुशासनात्मक तरीके से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और ताकत के साथ निभाना है। जीतू पटवारी ने मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के साथियों से कहा कि हमें अपना मनोबल बनाये रखना है, मीडिया में अपनी बात पूरी मुखरता के साथ करना है, भाजपा हमें समाप्त करना चाहती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी वह पार्टी है जो न तो कभी डरी है न डरेगी। भाजपा कितने ही प्रपोगंडा रच ले, जनता के सामने उसकी हकीकत एक दिन सामने आ ही जायेगी। हमारे प्रवक्ता साथी पूरी दृढ़ता के साथ के साथ भाजपा के जनविरोधी मुद्दों को उठाये। भाजपा ने जो घोषणा पत्र जनता और प्रदेश के विकास को लेकर जारी किया है, हर मुद्दों को मीडिया के माध्यम से पूरी मुस्तैदी से उठायें। जीतू पटवारी ने कहा कि 2 मार्च को माननीय राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा मप्र में प्रवेश कर रही है, हम सभी को यात्रा को सफल और प्रभावी बनाने के लिए अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। लोकसभा चुनाव के लिए मीडिया के समक्ष अपनी बात रखने के लिए मुद्दों पर चर्चा साथ ही संगठन की गतिविधियों पर भी मुखरता से अपना पक्ष रखें।  प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने पूरी टीम पर विश्वास जताते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस की मीडिया टीम पूरे जोश के साथ काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।  इस अवसर पर बैठक में प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह, मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले सहित मीडिया विभाग के पदाधिकारीगण, प्रवक्ता और संभागीय प्रवक्तागण उपस्थित थे।

मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड को मिला बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड का पुरस्कार

Madhya Pradesh Tourism Board received the Best State Tourism Board award मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार नवाचार करने पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।प्रदर्शनी में बोर्ड ने प्रमुखता से सहभागिता कर देश एवं विदेशों से आए ट्रेवल एजेंट्स टूर आपरेर्ट्सहोटेलियर्स एवं विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं उत्पादों को प्रचारित किया। भोपाल। मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार, नवाचार करने, पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रमुख ट्रेवल प्रदर्शनी एसएटीटीई (साउथ एशियन ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सचेंज) में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को ‘बेस्ट टूरिज्म स्टेट बोर्ड के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। युवराज पडोले ने ग्रहण किया पुरस्कारवहीं, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने पर प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने इस खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग सदैव ही प्रदेश में भ्रमण के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों की सुलभता, सुगमता एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड की ओर से यह सम्मान उपसंचालक युवराज पडोले ने ग्रहण किया। इस आधार पर मिला परस्कार एमपीटीबी स्टाल पर आगंतुकों को सांची, अमरकंटक, नर्मदा के घाटों और अन्य गंतव्यों के वर्चुअल टूर का अनुभव करने का भी मौका मिला। बोर्ड को यह सम्मान पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास, स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास, राज्य की संस्कृति और विरासत के संरक्षण इत्यादि क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है।

भोपाल व रानी कमलापति स्टेशन पर बदबूदार गंदे पानी की सप्लाई

Supply of smelly dirty water at Bhopal and Rani Kamlapati stations यात्रियों को मजबूरी में खरीदना पड़ रही बोतल भोपाल। रेलवे स्टेशन पर 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट सालों से बंद गंदा पानी पीने से यात्रियों के बीमार होने का खतरा रानी कमलापति स्टेशन पर पानी की लाइन टूटी हरिभूमि न्यूज,भोपाल। भोपाल व रानी कमलापति स्टेशन पर यात्री गंदा पानी पीने को मजबूर है। पिछले कुछ दिनों से वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति व भोपाल स्टेशन पर इसी तरह के गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। दो दिन से यह परेशानी अधिक बढ़ गई है। गंदा पानी पीने से यात्री संक्रमित बीमारी का शिकार हो सकते हैं, लेकिन रेलवे अधिकारियों का इस ओर ध्यान ही नहीं है। इस संबंध में कुछ यात्रियों ने गंदे पानी को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायत की है। इस संबंध में भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि जल्द ही मामले को दिखवा लेता हूं। जो भी समस्या होगी, उसको ठीक करा लिया जाएगा। 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट सालों से बंद भोपाल स्टेशन पर कई सालों से 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट बंद पड़ा है। इसके चलते रेलवे यात्रियों को शुद्ध पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है। सालों से आरओ प्लांट ठीक नहीं कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि आरओ प्लांट वर्ष 2015 में लगाया गया था। अप्रैल 2017 से यह बंद है। इसके पहले भी ये कई बार बंद हुआ। इस तरह यह प्लांट सिर्फ 200 दिन ही चल पाया। जानकारों का कहना है कि आरओ प्लांट को ठीक नहीं कराया जाना लापरवाही का मामला है। अब गर्मी का सीजन दस्तक दे रहा है तो पिछले कुछ दिनों से लगातार गंदे पानी की प्लेटफार्म पर लगे नलों में सप्लाई की जा रही है। ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में रेल नीर का बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है। पानी माफिया सक्रिय गर्मी के सीजन में भोपाल रेलवे स्टेशन पर बोतलबंद पानी की बिक्री के लिए पानी माफिया सक्रिय रहता है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, गर्मियों में प्रतिदिन 30 से 40 हजार बोतलबंद पानी बिक जाता है। ऐसे में यदि यात्रियों को रेलवे से आरओ वाटर भरपूर मिलने लगेगा तो पानी माफिया की बिक्री सीमित हो जाएगी। रानी कमलापति पर नलों में आ रहा गंदा पानी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से गंदा पानी आ रहा था। इससे यात्रियों को शुद्ध पानी को लेकर परेशान होना पड़ रहा है। नगर निगम की पानी की लाइन टूटी हुई थी। जिनको मरम्मत के लिए बोला है। मोहित सोमय्या, प्रोजेक्ट मैनेजर, बंसल पाथ-वे हबीबगंज प्राइवेट लिमिटेड

कमलनाथ के मुद्दे पर एक्शन के मूड में कांग्रेस, बयान देने वालों पर क्या गिरेगी गाज?

Congress in mood for action on Kamal Nath issue, what punishment will fall on those who make statements? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने की खबरों के बीच कमलनाथ समर्थक नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की. अब पार्टी ऐसे नेताओं को सबक सिखाने के मूड में है.मध्य प्रदेश कांग्रेस में अब भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. तीन-चार दिन मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने को लेकर जमकर चर्चा चली. आग लगी थी, तभी धुआं भी निकला. कमलनाथ के समर्थकों ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी. किसी ने कहा कि कमलनाथ ने पार्टी को जीवन दे दिया, मगर पार्टी ने उनको अपमानित किया. किसी ने कहा कि अगर कमलनाथ बीजेपी जाते हैं तो हम भी बीजेपी उनके साथ जॉइन करेंगे.इस बयानबाजी में सबसे आगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व विधायक दीपक सक्सेना और कमलनाथ के मीडिया कॉर्डिनेटर सैयद जफर सबसे आगे थे. मामला भले ही शांत हो गया हो, मगर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बयानबाजी को अनुशासनहीनता में लिया है. जीतू  पटवारी गुस्से में हैं. लिहाजा कठोर शब्दों में चेतावनी दी है. बता दें कि कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ द्वारा ट्विटर हैंडर में चेंज करने और उनके समर्थकों के बयानबाजी के बाद यह अटकलें लगी थी कि कमलनाथ राज्यसभा की सीट नहीं दिए जाने से नाराज हैं और वह बीजेपी में शामिल होंगे. हालांकि बाद में उनकी राहुल गांधी से बातचीत हुई. उसके बाद मामला फिलहाल शांत है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दी चेतावनीजीतू  पटवारी ने कहा कि इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी गंभीर है.अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि बीजेपी जीतू  पटवारी की इस बात का मजाक ही उड़ा रही है. जीतू  पटवारी के ही सामने चुनाव लड़ने वाले बीजेपी नेता जीतू  जिराती का कहना है कि अगर वाकई ऐसा जीतू  पटवारी कह रहे हैं तो ये बड़ी बात है. कमलनाथ थोड़ा सा इधर-उधर हुए और कांग्रेस की हालत खराब हो गई. जीतू पटवारी उनका बाल भी नहीं बांका कर सकते. उनके समर्थकों पर कार्रवाई तो छोड़ दीजिए. कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से विवादहालांकि अब भी कमलनाथ समर्थकों के सुर नहीं बदले है. राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की बैठक में शामिल होने पहुंचे सज्जन वर्मा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा छिंदवाड़ा के विधायकों की दुनिया ही अलग है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू  पटवारी भले ही कह चुके हैं कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी, मगर ये देखना भी दिलचस्प होगा कि कमलनाथ समर्थकों पर कार्रवाई होती है या नहीं.

बसंत के मौसम में घूमने जाएं भारत की ये 6 जगहें, लगती हैं अधिक खूबसूरत

Visit these 6 places of India in spring season, they look more beautiful. सर्दियां खत्म होने वाली हैं तो क्यों न बसंत मौसम की छुट्टियों में कहीं घूमने जाया जाए? अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो भारत की कुछ जगह घूमने के लिए बेस्ट हैं. भारत के अधिकांश जगहों पर सर्दी धीरे-धीरे खत्म होने लगी है और बसंत का मौसम लगभग आने ही वाला है. भारत में सर्दी और गर्मी के बीच के मौसम को बसंत ऋतु कहा जाता है. ऐसे में अक्सर लोग गर्मी का मौसम आने से पहले ही घूमने का प्लान बना लेते हैं क्योंकि बसंत का मौसम अधिक समय तक नहीं रहता.अगर आप भी बसंत के मौसम में घूमने जाना चाहते हैं तो हम आपको कुछ ऐसी जगहें बता रहे हैं जो आपके लिए बेस्ट रहेंगी. इन जगहों में से आप अपने मुताबिक स्थान चुनें कि आप मौसम का लुत्फ उठाने जाना चाहते हैं या फिर खिलते हुए फूलों को देखने जाना चाहते हैं. कश्मीर धरती के स्वर्ग के रूप में फेमस कश्मीर का मौसम बसंत (मार्च से मई की शुरुआत तक) के मौसम में काफी अच्छा रहता है. इस दौरान आप कश्मीर के साथ-साथ श्रीनगर के इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में खिलते हुए ट्यूलिप आपका दिल जीत लेंगे. मुन्नार (केरल) अपने चाय बागानों और हरी-भरी हरियाली के लिए फेमस, मुन्नार बसंत मौसम के दौरान स्वर्ग में बदल जाता है. इस मौसम में यहां का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. आप यहां पहाड़ों के साथ-साथ हरियाली का मजा ले सकते हैं. शिलांग (मेघालय)  ईस्ट स्कॉटलैंड के रूप में जाना जाने वाला शिलांग बसंत ऋतु में काफी अच्छा रहकता है. जब यहां पर रोडोडेंड्रोन और ऑर्किड फूल खिलते हैं पूरा शहर काफी सुंदर दिखने लगता है. कूर्ग (कर्नाटक)  भारत का स्कॉटलैंड कहा जाने वाला कूर्ग अपने कॉफी बागानों और धुंध भरी पहाड़ियों के लिए फेमस है. बसंत के दौरान यहां की पहाड़ियां कॉफी के फूलों की सुगंध और कॉफी की झाड़ियों को ढंकने वाले सफेद फूलों से काफी अच्छी लगती है. गुलमर्ग (कश्मीर) गुलमर्ग में अप्रैल से जून के आसपास आना चाहिए. यह वो मौसम होता है जब यात्रियों को हरे-भरे घास के मैदान और बर्फ से ढकी हुई पहाड़ियां देखने मिलती हैं. बसंत ऋतु में बर्फ पिघलना शुरू हो जाती है जिससे रंग-बिरंगे फूलों का कालीन बिछा हुआ नजर आता है. ऊटी (तमिलनाडु)  नीलगिरि पहाड़ियों में बसा, ऊटी एक फेमस हिल स्टेशन है जो अपने अच्छे मौसम और राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. बसंत ऋतु में यहां के वनस्पति उद्यानों में रंग भरती है जिसमें रोडोडेंड्रोन, ऑर्किड और गुलाब जैसे फूल पूरी तरह खिल जाते हैं

जो पार्टी का कार्य पूर्ण लगन से करता, वही है असली कार्यकर्ता : जीतू पटवारी

The one who works for the party with full dedication is the real worker: Jitu Patwari भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रतलाम दौरे में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संदर्भ में सभी कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए सभी से आग्रह किया कि दोगुनी ऊर्जा से राहुल जी की इस यात्रा को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए हम सबको जुट जाना है। कार्यकर्ताओं को याद रखना है कि जो पार्टी का कार्य पूरी लगन से करता, वही है असली कार्यकर्ता। पटवारी ने कहा कि पिछले मुख्यमंत्री बेरोजगारी और झूठ के मामा थे तो वर्तमान मुख्यमंत्री कर्ज और क्राइम के काका बन गए हैं। दो माह में प्रदेश में इतना क्राइम हुआ है जो पिछले 30 सालों में नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में जो वादा करती है वह पूरा नहीं करके लोगों को धार्मिक और भावनात्मक रूप से चुनाव में धकेल देती है। लाड़ली बहना, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी सहित तमाम वादे भाजपा ने किए थे लेकिन पूरे नहीं किए हैं।पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में पद-प्रतिष्ठा, मान-सम्मान पाने वाले कुछ लोग आज संघर्ष के दौर में पीछे हटते जा रहे है, ऐसे लोगों से भाजपा संपर्क करती है और उन्हें ले लेती है लेकिन हमारे लिए सम्मानित वो लोग है जो अपने छोटे से व्यवसाय या नौकरी के साथ साथ निडर होकर कांग्रेस की विचारधारा के लिए डटे हुए हैं, ऐसे कार्यकर्ताओं पर हमे गर्व है। पटवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि 6 मार्च को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी रतलाम आएंगे एवम रतलाम ग्रामीण, शहर और सैलाना विधानसभा सीटों से गुजरेंगे और रोड शो करेंगे। पटवारी ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में कार्यकर्ताओं की बैठक ली।

दिग्विजय सिंह ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, ‘बस्ती के लोगों को बेघर करने की कार्रवाई रोकने की मांग

Digvijay Singh wrote a letter to the Chief Secretary, demanding to stop the action of making slum people homeless. इस पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है कि ‘भदभदा ब्रिज के पास स्थित इस बस्ती में 350 से अधिक मकान बने हुए है। एन.जी.टी. न्यायालय में शासन द्वारा नगर निगम भोपाल को पार्टी बना कर पेश किया गया था इसको लेकर नगर निगम भोपाल द्वारा इन 5 वर्षो में कोई भी ठोस जवाब न्यायालय में पेश नही किया गया है। जिसके कारण माननीय एन.जी.टी. न्यायालय द्वारा इस बस्ती को अवैध निर्माण घोषित कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होने भोपाल में ताज होटल के सामने भदभदा बस्ती में निवासरत लोगों को बेघर करने के लिये की जा रही कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है और कहा है कि इसके लिएसंबंधित को उचित निर्देश प्रदान किया जाए। दिग्वियज सिंह द्वारा लिखा पत्र मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन को लिखे पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि ‘भोपाल शहर के होटल ताज के पास स्थित तालाब किनारे की 100 वर्षो पूर्व से बसी बसाहट को शासन द्वारा बलपूर्वक बिना विस्थापन के हटाये जाने की कार्यवाही की ओर आपका ध्यान आकर्षित कर रहा हूँ। भदभदा ब्रिज के पास स्थित इस बस्ती में 350 से अधिक मकान बने हुए है जिनका खसरा क्र. 291 है। जो वक्फ के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस भूमि का प्रकरण वक्फ ट्रिब्यूनल कोर्ट में वर्ष 2018 से प्रचलित है। एन.जी.टी. न्यायालय में शासन द्वारा नगर निगम भोपाल को पार्टी बना कर पेश किया गया था इसको लेकर नगर निगम भोपाल द्वारा इन 5 वर्षो में कोई भी ठोस जवाब न्यायालय में पेश नही किया गया है। जिसके कारण माननीय एन.जी.टी. न्यायालय द्वारा इस बस्ती को अवैध निर्माण घोषित कर दिया गया है। माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल न्यायालय के आदेश के पश्चात नगर निगम भोपाल द्वारा बिना विस्थापन की व्यवस्था किये इनके मकानों को बलपूर्वक तोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। शासन द्वारा पूर्व में इन्हें स्थाई नल कनेक्शन और विद्युत कनेक्शन दिये गये है, जिसका इन लोगों द्वारा समय-समय पर भुगतान किया जाता रहा है। यह लोग कई वर्षो से सम्पति कर भी जमा करते आ रहे है। इसके पश्चात भी प्रशासन द्वारा विगत कुछ दिनों से नियम विरूद्ध तरीके से इनके नल और विद्युत कनेक्शन काट दिये गये है। वर्तमान में 10वीं एवं 12वीं कक्षा की परीक्षाऐं भी चल रही है। मेरा मानना है कि जब इस भूमि का प्रकरण पहले से ही वक्फ कोर्ट में प्रचलित है तो 100 साल पुरानी इस बस्ती को हटाने के लिये की जा रही कार्यवाही को निरस्त किया जाना चाहिये। इसके पश्चात फैसले के आधार पर अगर हटाया भी जाता है तो इन लोगों के पुनर्वास एवं उचित मुआवजे की व्यवस्था सरकार को करना चाहिये। मेरा आपसे अनुरोध है कि भदभदा बस्ती के लोगों को बेघर करने के लिये की जा रही इस कार्यवाही को निरस्त करने के संबंधित को उचित निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें।

बनखण्डी स्वसहायता समूह द्वारा दो माह से नहीं दिया जा रहा राशन

Ration is not being given by Bankhandi Self Help Group for two months मुरैना ! अम्बाह तहसील के रिठौरापुरा पंचायत के ग्रामीणों ने मुरैना कलेक्टर को मुख्यमंत्री म०प्र० शासन भोपाल शिकायती आवेदन दिया जिसमे उन्होंने कहा कि बनखण्डेश्वर स्वसहायता समूह द्वारा हम प्रार्थीगणो को ग्राम पंचायत रिठौरा का पुरा, बाघ का पुरा एवं भोलाराम का पुरा के स्थायी निवासी होकर हितग्राही है।हमें विगत दो माह (नवम्बर एवं दिसम्बर 2023) का राशन हम प्रार्थी के घर-घर जाकर अंगूठा लगवा लिया है लेकिन राशन आज दिनांक तक नहीं दिया गया है जब हम प्रार्थीगण राशन लेने जाते हैं तो वह आँखें तरेर का बात करता है और कहता कि अगले मोह मिलेगा जिस संबंध में खाद्यान्न निरीक्षक अम्बाह को भी आवेदन दिया चुका है एवं और भी अन्य जगह शिकायत की गई हैं लेकिन उनके द्वारा भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जिससे हम प्रार्थीगणों को काफी परेशानी हो रही है हमारे बाल बच्चों का पालन पोषण सहीं ढंग से नहीं हो पा रहा है और हम प्रार्थीगण शासन की योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं यानी शासन की योजनाओं से बंचित हो रहे हैं। ये सब ग्रामीणों ने शिकयती आवेदन में कहा उन्होंने हम प्रार्थीगणों की की समस्या को सहानुभूतिपूर्वक संज्ञान में लेते हुए हमें विगत दो माह का राशन प्रदाय करने एवं संबंधित राशन वितरण करने वाले के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जाये

राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा प्रदेश में जिन जिलों से गुजरने वाली है वहां का जीतू पटवारी लेंगे जायजा

Jitu Patwari will take stock of the districts through which Rahul Gandhi’s Bharat Jodo nyaay Yatra is going to pass in Madhya Pradesh. प्रदेश कांग्रेस जीतू पटवारी अभा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधीकी आयोजित भारत जोड़ों न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में 22 से24 फरवरी तक रतलाम, धार, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़,गुना और शिवपुरी जिलों का सघन दौरा करेंगे भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी अभा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी की आयोजित भारत जोड़ों न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में 22 से 24 फरवरी तक रतलाम, धार, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, गुना और शिवपुरी जिलों का सघन दौरा करेंगे।उक्त आशय की जानकारी देते हुये प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि श्री पटवारी 22 फरवरी को सुबह 10 बजे रतलाम में दोपहर 12 बजे सैनाला में, दोपहर 2.30 बजे बदनावर और अपरान्ह 4.30 बजे बड़नगर में श्री राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में इन जिलों के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।श्री पटवारी 23 फरवरी को सुबह 10 बजे शाजापुर में, दोपहर 12.30 बजे सारंगपुर में और अपरान्ह 3.30 बजे ब्यावरा में शाजापुर और राजगढ़ जिले के स्थानीय नेताओं के साथ राहुल गांधी जी की यात्रा की तैयारियों के संबंध में पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।श्री राजीव सिंह ने बताया कि श्री पटवारी 24 फरवरी को गुना जिले के चाचौड़ा में सुबह 10 बजे, गुना में दोपहर 12.30 बजे बम्होरी में अपरान्ह 3 बजे और शिवपुरी जिले के कोलारस में शाम 5.30 बजे और शिवपुरी में शाम 7.30 बजे जिले के स्थानीय नेताओं के साथ राहुल गांधी जी की यात्रा की तैयारियों के संबंध में पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।

आईपीएस अजय शर्मा हर महीने किराए से कमा रहे 2.50 लाख रुपए  

IPS Ajay Sharma is earning Rs 2.50 lakh every month from rent. भोपाल। मध्य प्रदेश के आईपीएस अफसर ने संपत्ति का बुरा पेश किया है। मध्य प्रदेश कैडर के स्पेशल डीजी शैलेश सिंह के पास सबसे ज्यादा पुश्तैनी जमीन है। वहीं ईओडब्ल्यू में पदस्थ डीजी अजय शर्मा को हर महीने ढाई लाख रुपए की आय किराए से होती है। खास बात है कि मध्य प्रदेश के 246 अफसर ने ही संपत्ति की जानकारी दी है, जबकि 23 आईपीएस में कोई भी रिकॉर्ड संपत्ति के बारे में नहीं जमा किया है। स्पेशल डीजे गोविंद प्रताप सिंह के पास भी उत्तर प्रदेश में पुश्तैनी जमीन है। उन्होंने अपने आईपीआर में बताया है कि उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश में कई संपत्तियां हैं। इसके अलावा कुछ जमीनों को बेचकर उन्होंने प्रापर्टी भी खरीदी है। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा ने बताया है कि दिल्ली के फ्लैट से 2 लाख से अधिक किराया मिलता है। भोपाल के एक मकान से 66 हजार से अधिक किराया मिलता है। दीपक हाउसिंग सोसाइटी में बने प्लॉट से 1 लाख 10 हजार की आय होती है। वही चंदनपुर परिवार की जमीन से डेढ़ लाख रुपए का रेंट उन्हें हर महीने मिलता है। डेढ़ लाख की जमीन की कीमत 29 साल में 51 लाख पहुंची आईपीएस और स्पेशल डीजी सुषमा सिंह ने हुजूर इलाके में आधा एकड़ जमीन 1995 में खरीदी थी। उसे वक्त डेढ़ लाख रुपए देकर अपने नाम जमीन कराई थी। जिसकी मौजूदा कीमत 51 लाख के पार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जमीन पर मकान बनाया गया है। इसके लिए पति और जीपीएफ की सेविंग से कंस्ट्रक्शन किया गया है। झील किनारे आईपीएस का एक करोड़ का बंगला आईपीएस राजेश चावला ने संपत्ति का ब्यौरा देते हुए कहा कि उनके नाम पर कोई संपत्ति नहीं है। पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदी गई है। उन्होंने बताया कि शाहपुरा स्थित इस सेक्टर में साल 2021 में एक करोड़ से अधिक में संपत्ति खरीदी गई। चावला जमीन पर बंगला बनवा रहे हैं। इसके अलावा उनके पास 55 ला ख रुपए का बागसेवनिया इलाके में फ्लैट भी है। जिसे उन्होंने साल 2017 में खरीदा था।  श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किया निवेश साल 1992 बैच के आईपीएस पंकज कुमार श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश में अपनी कोई संपत्ति नहीं खरीदी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फ्लैट और मकान खरीदा है। श्रीवास्तव ने अपनी संपत्ति की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 40 लाख रुपए का फ्लैट 2012 में खरीदा था। जिसकी मौजूदा कीमत 1 करोड़ 25 लाख है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में साल 2009 में 5 लाख की जमीन खरीदी गई थी। जिसकी मौजूदा कीमत 15 लाख है। वही 25 लाख रुपए का मकान भी खरीदा था। जिसकी मौजूदा कीमत 50 लाख रुपए है।  इन आईपीएस की संपत्ति का रिकॉर्ड  -साल 1990 बैच के आईपीएस अशोक अवस्थी के पास पिता का मकान है। जिसे उन्होंने रिकंस्ट्रक्शन कर बनाया है। उन्होंने160 लाख रुपए मकान की कीमत बताई है।- साल 1995 बैच की एडीजी योगेश देशमुख के पास पांच संपत्ति है। उन्होंने संपत्ति का ब्यौरा देते हुए यह नहीं बताया है कि मौजूदा संपत्ति की कीमत कितनी है। देशमुख के पास बैतूल, दिल्ली और भोपाल सहित महाराष्ट्र में संपत्ति है।

पार्टी पलायन: 5 साल में कांग्रेस से भाजपा पहुंचे 62 नेता, 7 का भविष्य हुआ उज्जवल, बांकी मुंह ताक रहे

Party exodus: 62 leaders moved from Congress to BJP in 5 years, 7 have a bright future, the rest are staring at them भोपाल। पिछले पांच साल में कांग्रेस से भाजपा में 62 नेता पलायन कर गए। इसमें दावा किया है कि भाजपा में शामिल सिर्फ 7 नेताओं की ही किस्मत चमकी है। शेष पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष राजनीति में हाशिये पर हैं। भाजपा ने भले ही टिकट दिया लेकिन चुनाव नहीं जीत सके हैं। अब भाजपा में भी उनकी पूछ परख नहीं हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। दोनों नेता दिल्ली में हैं। रविवार को दिनभर अटकलें लगती रहीं कि कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन देररात तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस में खलबली मच गई है। अब पिछले 5 साल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के करियर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले पांच साल में जिन 62 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इनमें सिर्फ 7 नेता ही चांदी काट रहे है, बाकी पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष अब तक बैकबेंचर्स ही बने हुए हैं।  इनकी चमकी किस्मत   मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 माह की सरकार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा में भेजा और उनके साथ आए समर्थक विधायकों को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। सिंधिया केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री है। उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ रहा है। उनके समर्थक विधायक तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्घुमन सिंह तोमर समेत अन्य नेता भाजपा सरकार में मजबूत हुए।  55 नेताओं का भविष्य भाजपा में खत्म   कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 62 में से 55 नेताओं का भविष्य खत्म हो गया या राजनीति के हाशिये पर चले गए। अब वह भाजपा में बैकबैंचर्स की भूमिका में हैं। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि भाजपा उनका उपयोग करने के बाद उनकी राजनीति ही खत्म कर देगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब अपने विधायक और बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। इन नेताओं का संकट में राजनैतिक भविष्य – पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज डंडोतिया, कमलेश जाटव, राकेश मावई, उम्मेद सिंह बना, ओपीएस भदौरिया, रणवीर सिंह जाटव, मुन्नालाल गोयल, इमरती देवी, रामवरण सिंह गुर्जर, प्रदीप जायसवाल, अजय चौरे, सविता दीवान, लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी, विजय सिंह सोलंकी सहित कई और भी नेता हैं। जिनके राजनैतिक भविष्य पर संकट आ गया है।

जेपी अस्पताल: आउटसोर्स कर्मचारी के आगे प्रबंधक नतमस्तक, सोनोग्राफी की फीस कर्मचारी ने अपने खाते में कराई जमा

J.p Hospital: Manager bowed before the outsourced employee, the employee deposited the sonography fees in his account. भोपाल। राजधानी के मॉडल अस्पताल जेपी में एक आउटसोर्स कर्मचारी सुर्खियों में हैं। उनके खिलाफ अस्पताल के नियमित कर्मचारी लामबंद होकर उनकी अनियमित्ताओं की शिकायत भी कर चुके हैं। यह शिकायत मुख्यमंत्री, सीएमएचओ कार्यालय से लेकर सिविल सर्जन को हो चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल के जिम्मेदार अफसर कोई निर्णय नहीं ले पा रहे। कर्मचारी पर आरोप है कि वे सरकारी मद में जमा होने वाली सोनोग्राफी की फीस अपने निजी बैंक अकाउंट में जमा कराते हैं। इन्हीं सभी विषयों पर सबूत के साथ बकायदा शिकायत की गई है। यह शिकायत जयप्रकाश अस्पताल के नियमित कर्मचारियों ने दिसंबर 2023 में की थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने आरोपों की जांच करने के लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया था। कमेटी ने कर्मचारियों को 6 और 7 फरवरी को बयान दर्ज करने के नोटिस दिए। उस वक्त कर्मचारियों की भारी संख्या देखकर सिविल सर्जन कार्यालय ने कार्य की अधिकता बताकर दो लोगों के बयान दर्ज कर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। कार्रवाई नहीं तो उप मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत आउटसोर्स कर्मचारी का नाम धर्मेश कौरव हैं जो रोगी कल्याण समिति की तरफ से देय वेतन में 2016 से पदस्थ हैं। उनके पास सोनोग्राफी की फीस लेने का भी काम हैं। आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारी यह फीस अपने निजी खाते में जमा कराई। जिसके तीन सबूत प्रबंधन को सौंपे गए हैं। अगर एक सप्ताह में जांच कर आउटसोर्स कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की तो उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से शिकायत की जाएगी। महेंद्र शर्मा, प्रांताध्यक्ष, लघु वेतन कर्मचारी संघ शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव ड्यूटी के दौरान सहयोगियों के साथ अभद्रता और मारपीट करते हैं। वह सोनोग्राफी कराने आने वाले मरीजों से फीस की रसीद काटने की बजाए अपने खाते में रुपए जमा कराता है। जिसको लेकर कई बार शिकायत सीएमएचओ और सिविल सर्जन से की जा चुकी है। इसके बाद भी अब तक धर्मेश कौरव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।  बयान के बाद होगी कार्रवाई जेपी अस्पताल अधीक्षक डॉ राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव के खिलाफ कमेटी गठित कर जांच की जा रही है। शिकायती कर्मचारियों के बयान दर्ज कर जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जांच कमेटी सोमवार को कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी।

विधायक पर एफआईआर कराने सीएम हाउस पहुंचा संयुक्त संघर्ष मोर्चा  

United Sangharsh Morcha reached CM House to file FIR against MLA भोपाल। आठ साल पहले इकबाल मैदान में मध्य क्षेत्र के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के एक बयान को लेकर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी शनिवार को सीएम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने सीएम मोहन यादव के ओएसडी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विधायक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। मोर्चा अध्यक्ष शमसुल हसन बल्ली ने बताया कि आठ साल पहले (2016) में आरिफ मसूद ने मिली काउंसिल के सदस्यों के साथ इकबाल मैदान में धर्म सभा का आयोजन किया था, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया गया। जिसमें मसूद और मिली काउंसिल के मौलानाओं ने हिंदू-मुस्लिम धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान भी दिए थे। जिसके बाद इनके खिलाफ तलैया थाने में मामला लंबित है। मोर्चा पदाधिकारियों की शिकायत पर आठ साल में भी कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में सीएम से विधायक पर कार्रवाई की मांग की गई है।

वन विभाग के दागी अफसरों पर मेहरबान है शीर्ष  अफसर

Top officers are kind to the tainted officers of the Forest Department विशेष संवाददाता  जंगल महकमे के शीर्ष अधिकारी कुछ चहेते अफसरों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते आ रहें है। शीर्ष अधिकारी गंभीर वित्तीय मामले में घिरे आईएफएस अधिकारियों बचाने के लिए आरोप पत्र को जारी करने के बजाय शो कॉज नोटिस जारी कर रहे हैं। जिनके खिलाफ आरोप पत्र जारी भी कर दिए गए हैं, उनके विरुद्ध आगे की कार्यवाही पेंडिंग कर दी जा रही है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों की ढुलमुल रवैया के कारण आरोपित अधिकारी धीरे-धीरे रिटायर भी होते जा रहें है। विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों पर सद्भावना दिखाते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर रहा है. मसलन, एम काली दुर्रई, देवेंद्र कुमार पालीवाल, प्रभात कुमार वर्मा जांच कार्यवाही के लंबित रहते हुए सेवानिवृत्त हो गए और अब उनके समस्त देयकों के भुगतान करने पर उदारता बरती जा रही है। दागी अफसरों को बचाने के लिए शीर्ष अधिकारी क्यों उदारता बरत रहे हैं, शोध का विषय है। इन अफसरों को अभयदान देने के प्रयास  आरपी राय: खंडवा सर्किल में पदस्थ सीसीएफ आर पी राय के खिलाफ 10 जून 2019 को आरोप पत्र जारी हुआ था। आरोप था कि वन मंडल इंदौर के अंतर्गत वन परीक्षेत्र चोरल में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। जांच के दौरान राय अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे। इसके कारण 6 लाख 93 हजार 361 रुपए की राजस्व हानि हुई थी। अभी इनसे वसूली नहीं हुई है। मामला विभाग में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राय अगले मई महीने सेवानिवृत्त हो गए। यही नहीं, विभागीय मंत्री की विशेष कृपा होने के कारण इनसे छह लाख 93 हजार की वसूली नहीं हो पाई। एपीएस सेंगर: बालाघाट सर्किल में पदस्थ सीसीएफ एपीएस सेंगर के खिलाफ 24 अगस्त 2022 को आरोप पत्र जारी हुआ। मामला तब का है, जब वे टीकमगढ़ के डीएफओ हुआ करते थे। इन पर आरोप है कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया। खरीदी में गड़बड़ी हुई। इनके खिलाफ आरोपपत्र भी बन गया परंतु  प्रशासन-1 शाखा ने उदारता दिखाते हुए शो कॉज नोटिस जारी कर उन्हें बालाघाट सर्किल में प्राइम पोस्टिंग दे दी गई है। दुर्भाग्य जनक पहलू यह है कि विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराया है। यही नहीं, बल्कि सेंगर को बालाघाट सर्किल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई।   एम काली दुर्रई:  1996 बैच के आईएफएस अधिकारी एम काली दुर्रई प्रतिनियुक्ति पर हॉर्टिकल्चर में पदस्थ रहे। यहां पदस्थ रहते हुए दुर्रई ने किसानों की सब्सिडी देने के मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। इसके चलते उन्हें कमिश्नर हॉर्टिकल्चर पद से हटाया गया। मूल विभाग वन विभाग में लौटते ही उनके खिलाफ  विभागीय जांच शुरू की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के जांच अफसर सीके पाटिल को जांच के लिए 2 साल का पर्याप्त समय मिलने के बाद भी विभागीय जांच कंप्लीट नहीं कर पाए और वे रिटायर हो गए। राजनीतिक दबाव के चलते विभाग के अफसर उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाए। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान भी उदारता से किया जा रहा है।    डीके पालीवाल: सीसीएफ शिवपुरी के पद से रिटायर हुए हैं। इनके पेंशन के भुगतान पर आपत्ति की गई है, क्योंकि धार और फिर गुना डीएफओ पद रहते हुए आर्थिक गड़बड़ी कर शासन को नुकसान पहुंचाया है। धार में पदस्थ रहते हुए पालीवाल ने एक रेंजर का समयमान वेतनमान का फिक्सेशन अधिक कर दिया। जब मामला संज्ञान में आया, तब तक पालीवाल वहां से स्थानांतरित हो गए थे। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान के गए राशि वसूलने के नोटिस सेवानिवृत्त रेंजर को भेजा तो कोर्ट ने उस के पक्ष में फैसला देते हुए फिक्सेशन करने वाले अफसर पालीवाल से ₹300000 की वसूली करने के आदेश दिए। इसी प्रकार गुना में कैंपा फंड की राशि से गड़बड़झाला करने का भी आरोप है। इनके खिलाफ पूर्व एसीएस वन अशोक वर्णवाल ने आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। वर्णवाल के निर्देश पर विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया किंतु बड़े अफसरों के चहेते होने की वजह से आरोप-पत्र को शो-कॉज नोटिस परिवर्तित कर दिया गया है। बजट शाखा ने उनके पेंशन जारी करने पर आपत्ति लगाई है किंतु शीर्ष अफसरों ने शो-कॉज नोटिस जारी कर उनके पेंशन और समस्त देयकों के  भुगतान के रास्ते प्रशस्त कर दिए।  प्रभात कुमार वर्मा : 2001 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रभात कुमार वर्मा जनवरी में सेवानिवृत्त हुए हैं। वे जब 2020 में वन विकास निगम में पदस्थ थे तब आर्थिक गड़बड़ियों के चलते उन्हें आरोप पत्र जारी किया गया। यही नहीं, विभाग ने 4 जनवरी 2022 को वन विकास निगम के एमडी को पत्र लिखकर गड़बड़ियों से संबंधित प्रचलित नस्ती उपलब्ध कराने के निर्देश दिए किंतु नस्ती उपलब्ध नहीं कराने के कारण उनके मामले में निर्णय नहीं हो सका। वे सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। जांच लंबित रहते हुए उनके देयकों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू है। वर्मा पर आरोप यह भी है कि वे अपने मातहत अधिकारियों के खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई करते हैं। इनके शिकार खंडवा डीएफओ देवांशु शेखर, सुश्री नेहा श्रीवास्तव, अधर गुप्ता और एसडीओ विद्या भूषण मिश्रा हो चुके हैं. इनके द्वारा दुर्भावना से कार्रवाई करने की वजह से मिश्रा आईएफएस की दौड़ में पीछे रह गए हैं। दुर्भावना से की गई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज भी बड़े अधिकारियों को सौंपे हैं। उन पर  लघु वनोपज संघ के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के मद में भी गड़बड़ी करने के आरोप हैं।  बृजेंद्र श्रीवास्तव: छिंदवाड़ा पूर्व में पदस्थ डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 21 जुलाई 2022 को नियम दस के तहत आरोप पत्र जारी किया गया था। इन पर आरोप है कि स्थानांतरण नीति के विरुद्ध जाकर कर्मचारियों के तबादले किए। आरोप पत्र का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है। इनका तबादला वन मंत्री शाह की सिफारिश पर ग्वालियर से पूर्व छिंदवाड़ा वन मंडल जैसे महत्वपूर्ण वन मंडल में कर दिया गया है। भारत सिंह बघेल: भोपाल मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल को आरोप पत्र 22 मई 2006 को जारी किया गया था। बघेल ने अपने प्रभाव अवधि के दौरान पूर्व लांजी क्षेत्र में प्रभार अवधि में राहत कार्य अंतर्गत कार्यों … Read more

बीजेपी में जाने के सवाल पर कमलनाथ ने नहीं किया इनकार; बोले- आप उत्साहित क्यों?.. बता दूंगा

Kamal Nath did not deny the question of joining BJP;  Said- Why are you excited?..I will tell you भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने को लेकर अटकलें तेज हैं। इस बीच कमलनाथ, नकुलनाथ के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर कमलनाथ ने बीजेपी में जाने के मीडिया के सवाल पर इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि आप सभी उत्साहित क्यों हो रहे हैं? ऐसा कुछ होता है तो मैं आप सभी को सूचित करूंगा’ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ दोनों का भाजपा में जाना लगभग तय ही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- ‘ये खबरें निराधार हैं। क्या आप सपने में भी सोच सकते हैं कि इंदिरा जी का तीसरा बेटा कांग्रेस छोड़ सकता है। वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ के भाजपा में जाने की उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए।  हाइलाइट्स

संबल योजना में निगम ने दर्ज कराई एफआईआर, तीन जोनल अधिकारी निलम्बित, 5 वार्ड प्रभारियों पर भी कार्रवाई 

Corporation lodged FIR in Sambal Yojana, three zonal officers suspended, action taken against 5 ward in-charges also भोपाल। नगर निगम भोपाल द्वारा संबल घोटाले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।अपर आयुक्त रणबीर सिंह ने गोविंदपुरा थाने में मामला दर्ज कराया है। इस मामले में निगम द्वारा 3 जोनल अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक इस मामले में योजना का काम देखने वाले कर्मचारी अनिल साहू पर मामला दर्ज कराया गया है। हैरानी की बात इसलिए है क्योकि आयुक्त फ्रेंक नोबल ए के द्वारा शुक्रवार को ही अपर आयुक्त निधि सिंह के नेतृत्व में जांच समिति बनाई थी, जिसे 15 दिन में रिपोर्ट देनी है। ज्ञात हो कि संबल घोटाले को लेकर 118 फ़ाइल संदिग्ध पाई गई थी जिसकी जांच होना थी, लेकिन इसके पहले ही कार्रवाई कर दी गई।  यह मामला लगातार मीडिया में छाया रहा इसके बाद यह कार्रवाई की गई। जिस कर्मचारी अनिल साहू पर मामला दर्ज कराया गया है, उस पर फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर शासन की संबल योजना का अपात्रों को लाभ दिलाये जाने का गम्भीर आरोप है। इस मामले में निगम ने जिन 3 जोनल अधिकारियों को निलंबित किया है, उनमें ज़ोन 3 के अनिल शर्मा, ज़ोन 12 के अभिषेक श्रीवास्तव और ज़ोन 18 के सुभाष जोशी को निलंबित किया गया है। वहीं 5 वार्ड प्रभारी जिनमें कपिल सोनी, नितेश अरुणेश्वर, अभिमन्यु श्रीवास्तव और शिवकुमार गोफनीया को पहले ही निलम्बित कर दिया गया है।

वर्षों से विभिन्न विभागों में अटैच प्रोफेसरों को वापस बुलाने की तैयारी

Preparation to recall professors attached to various departments for years भोपाल। वर्षों से विभिन्न विभागों में अटैच प्रोफेसरों को वापस बुलाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार को ज्ञापन सौंपा है। जिसके बाद इन प्रोफेसरों को मूल पदस्थापना पर भेजने के तैयारी चल रही है। हालांकि कुछ इसे रोकने के लिए मंत्रियों और विभाग के आला अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। दरअसल, प्रदेश के कॉलेजों में वर्षों से प्रोफेसरों और कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। प्रोफेसरों की पदस्थापना कॉलेजों में होने के कारण उन पदों पर अतिथि विद्वान भी नहीं रखे जा रहे हैं।  ऐसे में प्रदेश के अधिकांश सरकारी कॉलेजों में नए असिस्टेंट प्रोफेसरों और अतिथि विद्वानों के भरोसे पढ़ाई चल रही है। जबकि विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर उच्च शिक्षा विभाग के कार्यालयों में बाबूगिरी कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो करीब सौ से अधिक प्रोफेसर विभाग, मंत्रियों और विधायकों के पास अटैच हैं। अकेले राजधानी में डेढ़ दर्जन प्रोफेसर मुख्यालय और अन्य विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। जबकि इनका वेतन उनकी मूल पदस्थापना वाले कॉलेजों से निकल रहा है।

पॉलिटेक्निक चौराहे के टावर पर चढ़ी फीजियोथैरेपिस्ट, नगर निगम की टीम ने सकुशल उतारा

Physiotherapist climbed the tower of Polytechnic intersection, Municipal Corporation team brought her down safely भोपाल। श्यामला हिल्स स्थित पॉलिटेक्निक चौराहा पर शुक्रवार शाम एक फीजियोथैरेपिस्ट मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वह टावर से कूदने की धमकी दे रही थी। सूचना पर पहुंची नगर निगम की टीम और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महिला को टावर से नीचे उतार लिया। महिला को अयोध्या नगर थाने भेजा गया है। दरअसल, महिला ने अयोध्या नगर थाने में दो एफआईआर कराई थी और कोर्ट में मामला विचाराधीन है। विचाराधीन मामले में आरोपी पक्ष महिला पर दबाव बना रहा था। इसी से दुखी होकर वह टावर पर चढ़ गई थी। जानकारी के अनुसार 37 साल की महिला मूलत: सागर की रहने वाली है। उन्होंने मिनाल रेसीडेंसी में मकान खरीदा था। कुछ रुपए वह दे चुकी थी, जबकि कुछ रकम देनी बाकि थी। रुपए बाकि होने के कारण द्वारिका प्रसाद और ठेकेदार सुधीर शर्मा रुपए के लिए दबाव बना रहे थे। महिला ने अयोध्या नगर में दोनों के खिलाफ 2021 में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद आरोपियों ने उसके साथ घर में घुसकर मारपीट की थी। उसकी भी एफआईआर कराई थी। महिला का कहना है कि आरोपी उसे घर से बेदखल कर चुके है। अब वह पुराने केस में समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं। वह आरोपियों की शिकायत लेकर थाने पहुंची तो पुलिस ने उसकी मदद नहीं की। इसी से दुखी होकर वह श्यामला हिल्स के पॉलिटेक्निक चौराहा पहुुंची और टावर पर चढ़ गई।

भाजपा ने सब मोर्चों को साधा, अब युवा मोर्चा की बारी

BJP addressed all fronts, now it is Yuva Morcha’s turn भोपाल। लोकसभा चुनाव का पारा धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मध्यप्रदेश में भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम जारी कर रही है। 14 फरवरी को जारी हुए नामों में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन देखने को मिला। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और नर्मदापुरम संभाग से आने वाली महिला नेत्री माया नारोलिया को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर भाजपा महिला वोट साधेगी तो वहीं उज्जैन संभाग के मंदसौर से आने वाले किसान नेता और वर्तमान में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंसीलाल गुर्जर को राज्यसभा भेजकर भाजपा किसानों के वोट साधेगी। इससे पहले ग्वालियर संभाग से आने वाले ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह को भाजपा सरकार में मंत्री बनाया गया। वहीं एसटी मोर्चा से कलसिंह भाबर को विधानसभा टिकट देकर एसटी मोर्चा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया। गौर करने वाली बात है कि विधानसभा, राज्यसभा में मोर्चा अध्यक्षों को आगे लाकर भाजपा ने निश्चित ही कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का काम किया। अब लोकसभा चुनाव की बारी है ऐसे में सूत्रों की मानें तो युवा कार्यकर्ताओं और युवाओं के वोट साधने के लिए युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार को भाजपा लोकसभा चुनाव लड़ा सकती है क्योंकि वैभव पवार सामान्य परिवार से छात्र राजनीति में आए और फिर विद्यार्थी परिषद में लंबे समय तक कार्य किया वहीं मोर्चा अध्यक्ष रहते हुए नव मतदाताओं को भाजपा से जोड़ने के लिए विभिन्न अभियान चलाए। मोर्चा में लगातार गतिविधियों को सक्रिय रखने वाले वैभव पवार बालाघाट लोकसभा से आते हैं। इस बार वैभव पवार को युवा चेहरे के तौर पर लोकसभा चुनाव के मैदान में लाकर भाजपा युवाओं को साध सकती है और ये संदेश दे सकती है कि भाजपा में युवाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी मिलता है और युवाओं को आगे भी बढ़ाया जाता है। कहा जा रहा है कि जिस तरह भाजपा की रणनीति सभी वर्गों को साथ लेकर चलने है कि उससे वैभव पवार युवा वर्ग में बड़े चेहरे के तौर पर देखे जा रहे हैं। वैभव पवार कैसे बन सकते हैं संगठन की पंसद सिवनी के सामान्य परिवार से निकलकर विद्यार्थी परिषद में रहते हुए छात्र राजनीति की। लंबे समय बाद युवा मोर्चा में प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली। बतौर प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए कार्यकर्ताओं को गतिविधियों में सक्रिय रखा। युवा चौपालों के माध्यम से नव मतदाताओं के बीच में पहुंचे। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय नव मतदाताओं का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। भाजपा संगठन ने कई बड़े अभियान और कार्यक्रम युवा मोर्चा को सौंपे, जिनमें सबसे बड़ा अभियान रहा ‘हर-भरा मध्यप्रदेश’ जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्योपुर में वृक्षारोपण किया था। वहीं युवा मोर्चा द्वारा आयोजित किए युवा सम्मेलनों में से एक जबलपुर का युवा सम्मेलन जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी सम्मिलित हुए। वैभव पवार ने इन अभियानों में पाई सफलता वन बूथ-20 यूथ, संगठन ही सेवा, युवा सम्मेलन, हरा-भरा मप्र, पंचायत समिति गठन, समय-समय पर रक्तदान कैंप, खेलेगा मप्र, खिलते कमल, युवा चौपाल, बाइक रैली, तिरंगा यात्रा, बूथ सशक्तिकरण अभियान जैसे अभियानों और कार्यक्रमों में युवा मोर्चा ने प्रदेश अध्यक्ष वैभव के नेतृत्व में बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। इसी आधार पर कहा जा सकता है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में बालाघाट सीट से वैभव पवार को मैदान में उतार सकती है।

12 आईपीएस अफसरों के तबादले; बैतूल, नीमच एसपी को हटाया; उज्जैन एसपी का भी ट्रांसफर

Transfer of 12 IPS officers; Betul, Neemuch SPs removed; Ujjain SP also transferred मध्यप्रदेश शासन ने 12 आईपीएस अफसरों के तबादले किए हैं। आदिवासी पिटाई कांड के बाद बैतूल एसपी सिद्धार्थ चौधरी को हटाया गया है। उन्हें सेनानी, 8वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल छिंदवाड़ा में पदस्थ किया गया है।उज्जैन एसपी सचिन शर्मा को मप्र भवन दिल्ली में अतिरिक्त आवासीय आयुक्त बनाया गया है। इनकी जगह दतिया एसपी प्रदीप शर्मा को उज्जैन का एसपी बनाया गया है। वहीं नीमच एसपी अमित तोलानी को सेनानी, 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल जावरा, रतलाम में पदस्थ किया गया है। अनिल सिंह कुशवाह को IG जबलपुर रेंज बनाया गया है।

भोपाल में सीएम हेल्पलाइन में 5 हजार शिकायतें पेडिंग

5 thousand complaints padding in CM Helpline in Bhopal भोपाल। राजस्व प्रकरण और शिकायतों को निपटाने में अधिकारी सफलता हासिल नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि अब भी सीएम हेल्पलान पर लगभग पांच हजार शिकायतें लंबित हैं और लगभग पांच सौ राजस्व प्रकरण लंबित हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुई टीएल बैठक के दौरान एडीएम और सीईओं ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए चेतावनी दी है।बैठक में एडीएम हरेद्र नारायण, जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह, सभी एसडीएम, डीप्टी कलेक्टर, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे। जानकारी के अनुसार राजस्व महाअभियान के तहत भोपाल जिले को पहले स्थान पर लाने के लिए सभी तरह की शिकायतों, राजस्व प्रकरणों सहित अन्य विभाग के प्रकरणों का निराकरण करने के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए थे। इसके बाद राजस्व अधिकारियों ने नामांतरण, बंटान, सीमांकन सहित अन्य काम को निपटाने का काम तो शुरू किया था लेकिन इसकी रफ्तार में फिर से कमी आ गई है।हालात यह है कि बैरसिया, कोलार, हुजूर, गोविंदपुरा, संत हिरदाराम नगर, शहर, एमपीनगर, टीटीनगर में लगभग 500 राजस्व प्रकरण लंबित हैं। जबकि सीएम हेल्पलाइन पर कुल 13 हजार शिकायतें विभिन्न विभागों की दर्ज हुई हैं। इनमें से पांच हजार शिकायतें अब भी लंबित हैं।टीएल बैठक में जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने विभागानुसार शिकायतों और प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिम्मेदार एसडीएम, तहसीलदारों को फटकार लगा दी। साथ ही चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द लंबित प्रकरण और मामलों का निराकरण करें।

जेपी अस्पताल: हद है… किसी दूसरे मरीज का एक्स-रे देख डॉक्टर ने शुरू कर दी थी इलाज की तैयार

Jaypee Hospital: This is too much… the doctor started preparing for treatment after seeing the X-ray of another patient भोपाल। राजधानी मॉडल अस्पताल जेपी में एक बार फिर इलाज के प्रति स्टाफ की लापरवाही उजागर हुई है। यदि मरीज चिकित्सक की बात मानकर इलाज शुरू करा देता तो उसको जो नुकसान होता उसकी भरपाई नामुमकिन थी। लेकिन मरीज ने समझदारी दिखाई और सेकेंड ओपिनियन के लिए वह एक निजी अस्पताल पहुंच गया, जहां पता चला कि उसे वो बीमारी ही नहीं है, जिसका इलाज जेपी अस्पताल के चिकित्सक बता रहे थे। दरअसल समीर सूफी नाम का एक मरीज 6 फरवरी को जेपी अस्पताल पहुंचा। उसकी दाढ़ में से अक्सर खून आता रहता है, यही समस्या लेकर वह जेपी अस्पताल गया और यहां डॉ. यश से चैकअप कराया। डॉ. यश ने मरीज का एक्स-रे कराने को कहा। एक्स-रे जेपी अस्पताल में ही हुआ था। एक्स-रे की रिपोर्ट देख डॉ. यश ने मरीज समीर से कहा कि आपका दाढ़ सढ़ गई है, इसे निकालना होगा। मरीज ने इस बात पर आपत्ति भी ली और कहा कि मुझे भोजन चबाने में कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन चिकित्सक ने मरीज की बात को नकार दिया और दाढ़ निकलवाने की राय देता रहा।मरीज ने कराया फिर से एक्स-रेजेपी अस्पताल से निराश होकर लौटे समीर सूफी ने आठ फरवरी को करोंद स्थित पीपुल्स डेंटल अस्पताल में एक संपर्क किया। यहां चिकित्सक ने मरीज का फिर से एक्स-रे किया। इस एक्स-रे में मरीज की दाढ़ को एक दम स्वस्थ्य बताया और खून आने का कारण नस में परेशानी को बताया। इतना ही नहीं इस समस्या का इलाज बिना किसी चीर फाड़ या दाढ़ निकलवाने के बजाए सिर्फ दवाओं से बताया। इस मामले में अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि मामले को दिखवाना पड़ेगा, किस स्तर पर गलती हुई है। यदि कहीं कोई चूक हुई है तो कार्रवाई भी की जाएगी।

हरदा में आमने-सामने प्रशासन और दिग्विजय : सोशल मीडिया पर लिखा भारत रत्न, राम मंदिर और ईवीएम भाजपा के राजनीतिक हथियार

Administration and Digvijay face to face in Harda: Bharat Ratna, Ram Temple and EVM are political weapons of BJP, written on social media  फिर पीएम मोदी : बहन जी को खुश करने के लिए काशीराम को और उद्धव को खुश करने के लिए बाला साहेब ठाकरे को क्यों नहीं: राज्य सभा सांसद भोपाल। हरदा में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में घटनास्थल पर जा रहे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया। इस दौरान बहस जैसी स्थिति भी बनी, दोनों ही आमने-सामने हो गए। बाद में कलेक्टर आदित्य सिंह से मोबाइल फोन पर चर्चा के बाद उन्हें जाने दिया गया। दिग्विजय सिंह के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने भी मौजूद रहे। उन्होंने कुछ पीड़ित परिवारों के सदस्यों के साथ क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया।वहीं दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत रत्न, राम मंदिर और ईवीएम भाजपा के राजनीतिक हथियार है।  इस पर भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने पलटवार किया। उन्होंने दिग्विजय सिंह से पूछा कि क्या कमलनाथ ने छिंदवाड़ा फजीर्वाड़े से जीता। उन्होंने दिग्विजय को रीवा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। पीएम मोदी को लेकर लिखा कि क्या यह आपके राजनीतिक खेल का एक और हथियार है। इसमें कोई संदेह नहीं कि सभी का राष्ट्रीय राजनीति और भारत की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान था, तो फिर बहन जी को खुश करने के लिए काशीराम को और उद्धव को खुश करने के लिए बाला साहेब ठाकरे जी को क्यों नहीं।  राजनीतिक शस्त्रागार में राम और ईवीएम दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा कि यह 2024 के संसद चुनावों के लिए आपके एजेंडे में फिट होगा। आप इतने हताश क्यों हो। आपके राजनीतिक शस्त्रागार में पहले से ही प्रभु राम और ईवीएम हैं। आप ऐसे शक्तिशाली मुद्दों के साथ, 2024 का संसद चुनाव मतपत्र के माध्यम से कराने का साहस रखें। विदेशों में संदिग्ध संगठनों के कुछ प्रमाणित सर्वेक्षणों के अनुसार आपकी दुनिया में सबसे अधिक लोकप्रिय रेटिंग है। पुतिन, बाइडेन, शी जिनपिंग से भी ऊपर। फिर आपको किस बात का डर है। आगे बढ़ें और मतपत्र के माध्यम से 2024 के संसद चुनावों की घोषणा करें। अब तो पाकिस्तान ने भी ऐसा कर दिया है।

केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग कार्यवाही के नाम पर कांग्रेस नेताओं पर दबाव डाल रहा है : जीतू पटवारी

At the behest of the Central Government, the Income Tax Department is putting pressure on Congress leaders in the name of action: Jitu Patwari भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा हाल ही में कांग्रेस पार्टी के देश एवं प्रदेश के सैकड़ों नेताओं व कार्यकर्ताओं को समन जारी किये जाने की खबरें सामने आ रही हैं। आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की जा रही यह कार्यवाही केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा केवल दबाव डालने और राजनैतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर की जा रही है। जब-जब चुनाव आते हैं सत्ता में बैठी भाजपा का यह घिनौना कृत्य करने का तरीका सामने आने लगता है।   पटवारी ने कहा कि इससे पूर्व भी 2019 में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले ऐसी ही कार्यवाही राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार के दबाव में आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की गई थी, अवैधानिक तरीके से छापे मारी की गई थी, इस कार्यवाही को लेकर न्यायालय में भी चुनौती दी गई थी जो आज भी लंबित है। आयकर विभाग इस न्यायालयीन प्रक्रिया में न्यायालय के समक्ष दस्तावेज तक पेश नहीं कर सकी। इसी तरह अब 2024 में भी निकट भविष्य में लोकसभा चुनाव होना है तो फिर आयकर विभाग ने केंद्र सरकार के इशारे पर उसी तरह की कार्यवाही को दोहराना शुरू कर दिया है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं को कभी समन तो कभी नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। आयकर विभाग से जारी नोटिस एवं समन में किसी भी करदाता से कोई दस्तावेज नहीं मांगा गया, केवल उनकी उपस्थिति के आदेश जारी किये गये हैं। इनता ही नहीं समन जारी होने पर उनके विधिक जबाव भी पेश किये गये, जिसमें समन जारी करने के विधिक कारण भी चाहे गये हैं। आयकर विभाग द्वारा केवल एक पंक्ति का आदेश दिया गया है जिसमें कोई दस्तावेज नहीं, बल्कि कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों को दिल्ली स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। वहीं पटवारी ने यह भी कहा कि जो हमारे पूर्व साथी आज भाजपा में चले गये हैं, जो मौजूदा सरकार में मंत्री, विधायक हैं उनमें से किसी भी व्यक्ति को आयकर विभाग द्वारा एक भी समन अथवा नोटिस जारी नहीं किया गया है। इस तरह की पक्षपातपूर्ण राजनीति से स्पष्ट है कि आयकर विभाग स्वयं एक राजनैतिक पार्टी की तरह हर चुनाव के पूर्व मात्र सनसनी पैदा करने व राजनैतिक प्रतिद्धंदियों की मानहानि के उद्देश्य से काम करता है। पटवारी ने पत्रकारों से पूछे गए सवाल में कहा कि मैं राज्यसभा सदस्य की दौड़ में शामिल नहीं हूं। एक व्यक्ति एक पद की गरिमा पर कायम हूं और रहूंगा। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों, महिलाओं के साथ किये जा रहे धोखे पर कहा कि किसानों को 2700 और 3100 रू. धान एवं गेहूं पर समर्थन मूल्य दे सरकार। वहीं महिलाओं को 3000 रूपयें और 450 रू. में सिलेण्डर देने की जो राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बात कही भी, उस पर भी सरकार अमल करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जितनी कोशिश आंदोलन को असफल बनाने में कर रही है, यदि उससे आधे प्रयास भी किसानों की मांगों व समस्याओं को सुनने में लगा दे तो बहुत हद तक असलियत समझ आ जाएगी। पटवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा कांग्रेस के लोगों पर ईडी और आयकर का दबाव बनाकर उन्हें भाजपा में शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं कुछ स्वार्थी प्रकार के नेता ईडी आयकर के डर से अपने धंधा बचाने स्वयं भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

कमलनाथ की जिद के आगे बौने पड़े प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह और जीतू

State in-charge Jitendra Singh and Jitu were dwarfed by Kamal Nath’s stubbornness. भोपाल। ‘वक्त है बदलाव का’ यह स्लोगन कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दरमियान जारी किया था। स्लोगन का असर न तो मतदाताओं पर पड़ा और न ही कांग्रेस जनों पर दिखाई दे रहा है । अलबत्ता बदलाव के नाम पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई अप्रत्याशित हार के बाद पार्टी हाई कमान ने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हटाकर जीतू पटवारी को नया अध्यक्ष मनोनीत कर दिया। नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि अब कांग्रेस में बदलाव होगा पर ऐसा नहीं हो रहा है। कमलनाथ के जमाने के वही पदाधिकारी आज भी महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी महामंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एआईसीसी सदस्य को बहाल नहीं करवा पा रहे हैं। दरअसल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद एआईसीसी सदस्य सिवनी के राजा बघेल को निष्कासित कर दिया था। यह बात अलग है कि एआईसीसी के सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को नहीं है पर कमलनाथ का का कद कांग्रेस में इतना ऊंचा है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी तक बौने नजर आते हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश के मुख्य प्रभारी जितेंद्र सिंह तक ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लिखित और मौखिक आदेश देने के बाद भी आज तक राजा बघेल की बहाली नहीं हो पाई है। हद तो तब हो गई, जब प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कुछ पदाधिकारी की उपस्थिति में स्पीकर ओपन कर टेलीफोन पर संगठन प्रभारी राजीव सिंह को बहाली के निर्देश दिए। बघेल को बहाल करने के निर्देश देते समय पटवारी ने एआईसीसी पदाधिकारी और प्रभारी जितेंद्र सिंह के लिखित और मौखिक फरमानों का संदर्भ दिया। पटवारी को उनके निर्देश पर दो-टूक जवाब मिला कि कमलनाथ ने निष्कासित किया है, इसलिए बहाल का आदेश जारी नहीं करेंगे। यह जवाब सुनकर पटवारी के पास बैठे कतिपय सीनियर पदाधिकारी स्तब्ध रह गए। स्वाभाविक तौर पर उनके मन में एक यक्ष प्रश्न उठने लगा है कि क्या कमलनाथ के आगे प्रदेश अध्यक्ष की कोई भी साथ नहीं है? राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी यूं ही नहीं गूंज रहा है। दरअसल प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अभी तक अपनी कोई नई टीम नहीं बना पाए हैं। यहां तक कि पटवारी के सबसे नजदीकी पूर्व विधायक कुणाल चौधरी को ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दे पा रहे हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष पटवारी को पूर्व प्रदेश अध्यक्षों कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी के समर्थक पदाधिकारियों के सहारे संगठन का संचालन करना पड़ रहा है। दिलचस्प पहलू यह है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मुख्य सिपहसालार रहे सज्जन वर्मा आज जीतू पटवारी के राइट हैंड माने जाते हैं। वैसे राजनीति में नेताओं की आस्था और निष्ठा बदलती रहती है।

महिला अपराधों को लेकर विधानसभा में गरजें , जौरा पंकज उपाध्याय

Roar in the assembly regarding crimes against women, Jaura Pankaj Upadhyay भोपाल । प्रदेश में महिलाओं पर घटित अपराधों पर विधायक जौरा पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में उठाया मुद्दा सरकार ने दिया आधी अधूरी जानकारी प्रदेष में तेज से बढ रहे है अपराध  श्री पंकज उपाध्यायः- धन्यवाद, माननीय अध्यक्ष जी पहली बार ही सदन में आया हूं और पहली बार ही बोलने का मौका मिला है. आप जब अध्यक्ष बने थे, जब भी मैंने सोचा था कि बोला जाये, परंतु पता नहीं था कि सदन में किस तरह से बोला जाता है. आप जब अध्यक्ष बने थे तो हमें बडी प्रसन्नता हुई थी कि आप हमारे क्षेत्र के हैं और बडा गौरव है कि आप इस स्थान पर विराजित         अशोधित ध् प्रकाशन के लिए नहीं हैं बडा गरिमामय सदन है और उच्चकोटि के ज्ञानी यहां पर बैठे हुए हैं. श्री प्रहलाद सिंह पटेल जी हैं, हमारे संसदीय कार्य मंत्री आदरणीय कैलाश जी यहां पर हैं, पहली बार सदन में आया हूं, समझता हूं कुछ सीखने के लिये मिलेगा, कुछ गलती करूं तो आप मुझे क्षमा करियेगा. मैंने प्रश्न उठाया था उसका कोई यथोचित उत्तर नहीं दिया गया है, मेरा प्रश्न था कि प्रत्येक थाने में क्षेत्र में कितनी आबादी होनी चाहिये ? जब थाना बनता है और कितनी आबादी पर कितना पुलिस बल होना चाहिये. इसको कोई उचित जानकारी नहीं दी गयी है. मैंने खण्ड (ग) में पूछा था कि एससीएसटी महिला अपराधों की संख्या कितनी हुई है और अपराधों में किन-किन लोगों को सजा दी गयी है. उसकी भी अधूरी जानकारी दी गयी है. मैं जानकारी चाहता हूं. श्री पंकज उपाध्याय  माननीय अध्यक्ष जी, मैंने जानकारी चाही थी कि 7 थानों में वर्ष 2015 से 2023 तक कितनी एससीएसटी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज हुए और कितने लोग बरी हुए, यह तो साधारण सी जानकारी है, जिसको आप दे सकते थे. दूसरा कि मेरे विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत 7 थाने हैं. एक थाना 90 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में आता है और दूसरा 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आता है. बागचीनी में 2 एसआई, 4 थाना प्रभारी और 14 आरक्षक हैं. जबकि निरार थाने में जो 500 स्क्वेयर मीटर में मात्र 1 एसआई, 3 प्रधान आरक्षक और 11 आरक्षक हैं और कोई अपराधों की जानकारी भी नहीं दी गयी है. महिला स्टॉफ की भी जानकारी नहीं दी गयी है. सम्पूर्ण विधान सभा क्षेत्र में स्टॉफ की मात्रा बहुत कम है. जैसा कि इन्होंने जो जानकारी दी है, उसमें देवगड में 14 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 4 हैं. चिन्नौनी में 22 आरक्षण होना चाहिये, परंतु वहां 11 आरक्षण हैं. हमारे जौरा में 22 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 20 हैं. लगभग आधा स्टॉफ है हम अपेक्षा करते हैं कि आप सुशासन लेकर आयेंगे. तो इस आधे स्टॉफ से तो हम सुशासन नहीं ला सकते हैं. क्योंकि हमारा क्षेत्र बडा अपराधों का क्षेत्र है, वहां पर बडे अपराध होते हैं. ऐसी ही महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, बलात्कार हो रहे हैं, वर्ष 2021 में इसमें 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वर्ष 2023 में तो इन्होंने जानकारी देना भी उचित नहीं समझा तो जो लूट हो रही हैं. मैंने एक चीज और पूछी थी कि चेन श्रेचिंग की घटनाएं लगातार बढती जा रही हैं. हमारे विधान सभा क्षेत्र में पिछले 3 दिन में 2-3 घटनाएं हो गईं. एक एफआईआर हुई है. श्रीमती पुष्पा गोयल नाम की हमारी चाची लगती हैं, श्री केशव गोयल जी की पत्नी हैं, उनकी सरेआम दिन दहाडे चेन लूट ली गई, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई. ऐसी कई सारी घटनाएं हैं जो चर्चा में भी नहीं आ पाती हैं. एफआईआर भी थानों में लिखाने में लोग हिचकिचाते हैं. (’क्र. 750) श्री पंकज उपाध्याय क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिला में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार सूची वर्ष 2015 से दिसम्बर 2023 तक की वर्षवार, विधान सभावार देवें तथा बतायें कि 2019 की तुलना में 2023 में किस- किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कितने प्रतिशत कमी हुई? (ख) जौरा विधानसभा क्षेत्र में कितने थाने हैं? प्रत्येक थाने का क्षेत्र एरिया कितना है तथा कितनी आबादी शामिल है? उक्त थानों में स्वीकृत पद किस-किस प्रकार के कितने हैं तथा नियुक्ति कितनी है तथा खाली पद कितने हैं? दिसम्बर 2023 अनुसार बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के थानों के अनुसार महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार वर्ष 2015 से 2023 तक की जानकारी देवें तथा बतावें कि वर्ष 2019 से 2023 तक प्रतिवर्ष किस-किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कमी हुई? (घ) जौरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015 से 2023 तक में महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों में शीर्षवार, वर्षवार, थाने अनुसार बतायें कि सजायाबी की दर कितने प्रतिशत है? (ड.) जौरा विधानसभा क्षेत्र में 2018 से दिसम्बर 2023 तक नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाओं के गुम होने के कितने प्रकरण हुए तथा कितने नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाएं दस्तयाब की गईं?

मप्र से राज्यसभा को मिलेगी एक सीट, दावेदारों ने बढ़ाई कांग्रेस की मुसीबत

Rajya Sabha will get one seat from MP, claimants increase Congress’s troubles सोनिया गांधी से मिले कमलनाथ, राज्यसभा जाने जोर अजमाइश शुरू कमलनाथ ने 13 फरवरी को भोपाल में निवास पर विधायकों को डिनर पर बुलाया मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के आला नेता कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मुुलाकात की। सूत्रों की माने तो मुलाकात के दौरान मप्र की राज्यसभा सीट को लेकर उनकी चर्चा हुई है। हालांकि अभी ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ है।  भोपाल। कांग्रेस के आला नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की है। कमलनाथ ने सोनिया गांधी से खुद के लिए राज्यसभा टिकट की मांग की है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट मिलनी है। मध्यप्रदेश से स्थानीय उम्मीदवार देने की सूरत में आलाकमान ओबीसी उम्मीदवार पर दांव लगाने के मूड में है, जिसमें पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव और वर्तमान अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम की चर्चा है। इस बीच, 13 फरवरी को कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों को डिनर पर बुलाया है। ये डिनर पहले से प्रस्तावित है। बता दें कि अपने बेटे नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से लड़ाने का ऐलान कर चुके कमलनाथ खुद के लिए राज्यसभा चाहते हैं। कमलनाथ के करीबी सूत्रों के मुताबिक, अगर पिछड़ों को आरक्षण का कार्ड खेल रहे राहुल गांधी के चलते आलाकमान ओबीसी या एससी एसटी को राज्यसभा देने पर अड़ता है तो कमलनाथ आखिरी मौके में अपने करीबी पूर्व सांसद सज्जन (एससी) पर दांव लगा सकते हैं, लेकिन फिलहाल तो वो खुद के लिए राज्यसभा की जुगत में हैं। ऐलान: नकुलनाथ फिर लड़ेंगे छिंदवाड़ा से चुनाव बता दें कि इसके पहले कमलनाथ ने कहा था कि उनके बेटे नकुल एआईसीसी द्वारा सीट के लिए नामांकित किए जाने के बाद आगामी चुनाव में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। कमलनाथ का बयान नकुल के बयान के एक दिन बाद आया था, जो वर्तमान में छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने घोषणा की थी कि वह आगामी चुनावों में इस सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे। एआईसीसी द्वारा औपचारिक घोषणा से पहले कमलनाथ के बेटे द्वारा छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा ने कांग्रेस सर्कल में कई लोगों की भौंहें चढ़ा दी थी, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। कमलनाथ की सफाई: एआईसीसी करेगी नामांकित, तो बेटा लड़ेगा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था, कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है और नकुल नाथ एआईसीसी द्वारा नामांकित किए जाने के बाद छिंदवाड़ा से फिर से चुनाव लड़ेंगे। बेटे नकुलनाथ की घोषणा के बाद कमलनाथ की सोनिया गांधी से मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। इस बीच, कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि राज्यसभा सदस्य के रूप में उनके पास अभी भी दो साल बाकी हैं।

विधानसभा: लाइसेंस पटाखे का, बन रहे थे बम: बरैया

Assembly: License of firecrackers, bombs were being made: Baraiya भोपाल। हरदा विस्फोट मामले को लेकर गुरूवार को कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरते हुए जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक राम किशोर दोगने ने दोषियों को फांसी देने की बात कही, तो दूसरी ओर से विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि लाइसेंस जरूर पटाखे का था, लेकिन वह इसमें बम बनाने लगे थे, क्योंकि पटाखों से इतना बड़ा विस्फोट नहीं हो सकता। बरैया ने कहा कि यदि सरकार से इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करनी है तो कलेक्टर और एसपी पर एफआईआर करके जेल भेजा जाना चाहिए। क्योंकि यदि वह लोग समय-समय पर जांच करते रहते तो यह घटना नहीं होती। बरैया ने कहा कि मृतकों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही थी बम फैक्ट्री  कटारेकांग्रेस के विधायक और उपनेता हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही हरदा में वह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, जो कई लोगों की मौत का कारण बनी। कटारे ने कहा कि कई लोग अपने परिचितों को तलाश रहे हैं। ट्रांसफर करना यह हटाना कोई कार्रवाई नहीं है। विधायक रामेश्वर ने किया पलटवारकांग्रेस विधायकों के आरोपों को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बम, पटाखा, आतंकवाद इनकी जड़ कांग्रेस ही है। विपक्ष के विधायकों को चाहिए कि इस तरह का आचरण न करें और सदन की कार्यवाही में सहयोग करें।

16 से भोपाल स्टेशन से रवाना होगी आस्था स्पेशल ट्रेन, ढोल-नगाड़े के साथ होगा जश्न

Aastha special train will leave from Bhopal station from 16, will be celebrated with drums and drums दो आस्था स्पेशल ट्रेनों से मध्य भारत प्रांत के 2500 श्रद्धालु 16 को जाएंगे अयोध्या रामलला के दर्शन करने भोपाल। मध्यप्रदेश सहित देश के अलग अलग राज्यों से श्रीरामलला के दर्शन करने अयोध्या जाने का सिलसिला जारी है। इसके लिए देश के अलग-अलग रेल मंडलों से आस्था स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही है। भोपाल रेल मंडल के बीना व कोटा से एक-एक आस्था स्पेशल ट्रेन अयोध्या जा चुकी है। अब भोपाल से 16 फरवरी को दो आस्था स्पेशल ट्रेनो के माध्यम से 2500 श्रद्धालू अयोध्या जाएंगे। 16 को भोपाल स्टेशन में ढोल नगाड़ो के साथ जश्न का आयोजन किया गया है। श्रद्धालुओ के विदाई के अलावा अयोध्या से लौटने पर उनका अभिनदंन भी किया जाएगा। 32 जिलों के श्रद्धालु जाएंगे भोपाल से बजरंग दल के प्रांताध्यक्ष सुशील सुडेले ने बताया कि मध्य भारत प्रांत के 2500 श्रद्धालू 16 फरवरी को भोपाल स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। 17 फरवरी को अयोध्या पहुचेगे। जहां भगवान श्री रामलला के दर्शन करेंगे। एवं 18 फरवरी को अयोध्या से रवाना होकर 19 को भोपाल वापस पहुच जाएगे। श्रीरामलला के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को भोपाल स्टेशन पर भव्य स्वागत अभिनंदन किया जाएगा। सुशील सुडेले ने बताया कि आस्था ट्रेन में बुकिंग करा ली गई है। जिसके माध्यम से अयोध्या जाने की तैयारी है। वही अयोध्या जाने वालो में विश्व हिंदु परिषद, बजरंग दल, संघ के सदस्यो के अलावा आम श्रद्धालू भी शामिल रहेंगे।भोपाल से बीना तक सभी स्टेशनो में स्वागतभोपाल से अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को भोपाल स्टेशन में स्वागत किया जाएगा।

विधायक आम जन की समस्याएं सुलझाने के लिए सक्रिय रहें : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

MLAs should be active to solve the problems of common people: Chief Minister Dr. Mohan Yadav मुख्यमंत्री निवास पर हुई विधायक दल की बैठक  भोपाल। विधायक जनसमस्या शिविरों और आम जन के साथ निरंतर सम्पर्क के माध्यम से उनकी समस्याएं सुलझाने के लिए सक्रिय रहें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का भाग्य उदय हो रहा है। आज विभिन्न विकास कार्यों के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से उनका प्रचार भी आवश्यक है। विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर विभिन्न निर्माण कार्यों को पूरा करवाने के साथ ही उनकी जानकारी नागरिकों तक पहुंचाई जाए। प्रत्येक बूथ और अपनी अपनी विधानसभा को मजबूत करने का कार्य किया जाए। यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए कही। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव की दृष्टि से पार्टी द्वारा चलाए जा रहे गांव चलो अभियान को नीचे तक ले जाने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कांग्रेस ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का न्यौता ठुकराकर बड़ी गलती की है, जिसकी निंदा देश की जनता ने भी की है। उनके इस व्यवहार के कारण कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं।  कांग्रेस के नेता भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे क्षेत्र जहां कोई गेप दिखाई देता हो वहां विभिन्न योजनाओं को लागू करवाकर उपयोगी कार्यक्रमों की रचना की जा सकती है। इस प्रबंधन से विधानसभा क्षेत्र के स्तर तक अच्छे परिणाम मिलेंगे। बैठक को लोकसभा चुनाव प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह एवं पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने संबोधित किया। मप्र के जीत की धमक पूरे देश में हुइ: डॉ. महेंद्र सिंहलोकसभा प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह ने कहा कि मप्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत की धमक पूरे देश में सुनाई दी। यह भारतीय जनता पार्टी के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। हम विकसित भारत के संकल्प को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सपनों का भारत बना रहे हैं। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटें जीत कर हमें प्रधानमंत्री मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाना है। इस संकल्प के साथ मैदान में जुट जाएं। कमजोर बूथों को मजबूत बनाने में जुटें: हितानंद भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने पार्टी के आगामी कार्यक्रम और अभियानों के बारे में विधायकों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा गांव चलो अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान सफल हो इसके लिए विकसित भारत के संकल्प को लेकर प्रत्येक बूथ तक जाना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत एम्बेसेडर बनाना है। इसके लिए विधायकगण भी अभियान में जुटें। उन्होंने अभियान के करणीय कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि जिन बूथों पर हम कमजोर हैं उन्हें मजबूत बनाना है।

विधानसभा में आज पेश होगा द्वितीय अनुपूरक बजट, हरदा की दुर्घटना को लेकर हंगामे के आसार

Second supplementary budget will be presented in the assembly today, chances of uproar over Harda accident वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे अनुपूरक बजट। हरदा हादसे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने दी काम रोककर चर्चा कराने की सूचना। राज्यपाल के अभिभाषण पर होगी चर्चा। भोपाल। मप्र विधानसभा का बजट शत्र बुधवार से शुरू हो गया है। गुरुवार को यानी आज सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2023-24 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। इसमें अधोसरंचना विकास के लिए निर्माण विभागों को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, कांग्रेस के सदस्यों द्वारा हरदा की दुर्घटना को लेकर काम रोको सूचना पर चर्चा कराने की मांग को लेकर सदन में हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। कांग्रेस विधायक दल की ओर से रामनिवास रावत, हेमंत कटारे सहित अन्य विधायकों ने हरदा में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट को लेकर सदन का काम रोककर चर्चा कराने की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी है। सदन में विपक्ष द्वारा गुरुवार को इस विषय को उठाने की तैयारी की गई है। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भी इस विषय को उठाया गया। उधर, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत ध्यानाकर्षण के बाद होगी। इस दौरान तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल मध्य प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2024 पटल पर रखेंगे।

मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन से आदिवासी वर्ग को साधेंगे, प्रचार का करेंगे शंखनाद

Modi will appeal to the tribal community at the Tribal Conference in Jhabua on 11th February, and will blow the trumpet for publicity. भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री पहली बार एमपी आ रहे हैं। सम्मेलन से प्रधानमंत्री लोकसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने आदिवासी वर्ग को साधने के लिए दो साल पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। पेसा एक्ट से लेकर कई पहल आदिवासी वर्ग को साधने के लिए की गई थी। इसके बावजूद विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 47 सीट में से 24 सीट ही भाजपा जीत पाई। 22 सीट कांग्रेस और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी ने कब्जा जमाया। अब लोकसभा चुनाव में फिर भाजपा ने आदिवासी वर्ग को साधने की रणनीति बनाई है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यहां से पीएम मध्य प्रदेश और गुजरात दोनों राज्यों के आदिवासी वर्ग को साधेंगे। रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता घर-घर संपर्क करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर सोमवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने तैयारियों का जायजा लिया। प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटें है। इसमें से 6 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। अभी छिंदवाड़ा सीट छोड़कर बाकी सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा है। रैली को सफल बनाने में जुट जाएं कार्यकर्ता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने निरीक्षण के बाद कार्यकर्ताओं का कहा कि रैली में हर मन में भी भगवा नजर आना चाहिए। प्रधानमंत्री की रैली में जनजातीय समाज के अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें। 15 विधानसभाओं में लोगों से संपर्क करना है। हमें जनजातीय समाज के प्रमुख लोगों, संत-महात्माओं को भी इन कार्यक्रमों से जोड़ना है और जनजातीय भाई-बहनों के बीच विशेष रूप से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करना है। हर घर में जाना है, हर कुंडी खटकाना है लोकसभा चुनावों के लिए प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि भगवान श्रीराम को अयोध्या लाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 तारीख को झाबुआ पधार रहे हैं। हम सभी कार्यकर्ताओं को पूरे प्राण प्रण से तैयारी में जुटना है और कार्यक्रम को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो, इसके लिए हमें घर-घर जाना है और हर घर कुंडी खटखटाना है। जनजातीय संस्कृति के अनुरूप हो प्रधानमंत्री का स्वागतप्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत गौरवशाली जनजातीय परंपराओं और संस्कृति के अनुरूप करना है। उनके स्वागत के लिए जनजातीय संस्कृति के प्रतीकों तीर-कमान, ढोल, फालिया आदि का प्रयोग होना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा- हरदा में ब्लैक लिस्टेड कंपनी को किसके दबाव में खोला गया

Leader of Opposition Umang Singar said – under whose pressure the blacklisted company was opened in Harda इंदौर। हरदा में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट पर राजनीति भी गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि सरकार ने पेटलावद कांड के बाद भी सबक नहीं लिया। हरदा में जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ। वह ब्लैक लिस्टेड थी। सरकार को बताना चाहिए कि उसे किस मंत्री के दबाव में खोला गया। रहवासी क्षेत्र में फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी। पुलिस और प्रशासन को क्या इसकी जानकारी नहीं थी।अवैध पटाखा फैक्ट्री में कई लोग काम करते थे। आसपास के 50 से ज्यादा घरों में आग लग गई। सिंगार ने कहा कि सरकार हादसे की ईमानदारी से जांच करें तो सारे चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि हरदा के बीच शहर में बनी पटाखा फैक्ट्री के भीषण विस्फोट ने पेटलावद कांड को फिर से जिंदा कर दिया है। जिसमें आरोपित भाजपा नेता के कारण 50 से ज्यादा निर्दोष नागरिक मारे गये थे। गुप्ता ने मांग की है कि पेटलावद विस्फोट कांड के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए और हरदा में उन नियमों का कितना पालन हुआ। भाजपा सरकार के काल में अकाल मौतों का सिलसिला जारी है। शिवराज सरकार में धारा जी, पेटलावद ,बस अग्निकांड जैसी मानव निर्मित दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जनहानि हुई है उसी तर्ज पर मोहन सरकार में भी भाजपा ने अपनी इस कलंक गाथा को आगे बढ़ा दिया है।हरदा में हुए भीषण विस्फोट में फैक्ट्री के अंदर मजदूरों की संख्या और उनकी मौत की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। सरकार को यह बताना चाहिए कि जो फैक्ट्री ऐसी कई दुर्घटनाओं के बाद और निर्दोष मौतों के बाद सील की गई थी उस फैक्ट्री को विधानसभा चुनाव के दौरान किस मंत्री के दबाव में वापस संचालन करने की अनुमति मिली।

प्रदेश में फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: 15 IAS अफसरों के तबादले

Big administrative surgery again in the state: 15 IAS officers transferred भोपाल । मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। 15 IAS अफसरों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग से जारी आदेश में भरत यादव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सचिव बनाया गया है। मनीष रस्तोगी को प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। ओमप्रकाश श्रीवास्तव को सचिव, गृह विभाग बनाया गया है। देखें परी लिस्ट…

पूर्व CM उमा भारती ने फिर उठाया डॉग बाइट का मुद्दा, मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र

Former CM Uma Bharti again raised the issue of dog bite, wrote a letter to Chief Minister Mohan Yadav भोपाल । उमा भारती मृतक बच्चे के परिजनों से भी मिल चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और जिस जगह यह घटना हुई थी, उसके लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया था. इसके साथ ही उमा भारती ने घटनास्थल का भी दौरा किया था. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने डॉग बाइट के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) को पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से उन्होंने आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने (Action Against Dog Bites) की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने राजधानी भोपाल (Bhopal) में हाल ही में कुत्तों के काटने से बच्चे की हुई मौत का जिक्र करते हुए पत्र में लिखा कि गरीबों के जिंदा बच्चों को कुत्ते खा जाएं, ये हमारे समाज के लिए कलंक है. उमा भारती ने कहा कि ये क्रिमिनल नेग्लिजेंस है. बनाए हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए. जो लोग सरकार के बनाए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, ये अपराध है. उन पर कार्रवाई होनी चाहिए.

अब कुत्ते के काटने पर मालिक को हो सकती है जेल, पढ़िए क्या कहता है कानून

Now the owner can be jailed for dog bite, read what the law says Dog Bite श्वान के काटने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तो कई बार व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। सब ये जानते हैं कि श्वान जैसे पालतू जानवरों की रक्षा के लिए कई कानून कायदें है लेकिन अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो उसके खिलाफ भी शिकायत करने का प्रावधान है।देश के हर हिस्से से आए दिन श्वान के काटने की खबरें सामने आती रहती हैं। श्वान के काटने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तो कई बार व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। सब ये जानते हैं कि श्वान जैसे पालतू जानवरों की रक्षा के लिए कई कानून कायदें है, लेकिन अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो उसके खिलाफ भी शिकायत करने का प्रावधान है।इस कानूनी अधिकार को समझाते हुए अधिवक्ताओं का कहना हैं कि श्वान के काटने पर उसके मालिक के खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है और अगर चोट गंभीर है तो मालिक को जेल भी जाना पड़ सकता है। आम तौर पर लोग ऐसे मामलों में कानून न जानने की स्थिति में शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं और कई बार आपसी विवाद भी हो जाते हैं । अधिवक्ताओं का कहना हैं कि अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो वह श्वान के मालिक के खिलाफ पुलिस थाने जाकर एफआईआर दर्ज करा सकता है।कानून के मुताबिक, किसी भी पालतू जानवर से किसी को नुकसान पहुंचने पर उसके मालिक की ही जवाबदेही होती है। जैसे पालतू श्वान के काटने पर उसके मालिक के खिलाफ दर्ज एफआइआर हो सकती है। इसमें उसके खिलाफ आइपीसी की धारा 289 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। क्या है आईपीसी की धारा 289? आईपीसी की धारा 289 कहती है कि जो कोई व्यक्ति अपने पालतू जानवर से दूसरे व्यक्ति के जीवन को संकट में डालेगा या किसी भी तरह की क्षति पहुंचाएगा, तो ऐसे व्यक्ति के लापरवाह रवैये के लिए उसे 6 महीने की जेल हो सकती है, साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान है।

भोपाल में सुबह 9.30 बजे से पहले नहीं लगेंगे स्कूल

Schools will not start in Bhopal before 9.30 am भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बदले मौसम को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग पूर्व के आदेश के अनुसार जारी रखने के आदेश दिए हैं। बुधवार को जारी आदेश में कक्षा 1 से 5वीं तक सुबह 9.30 बजे से पहले नहीं लगाने को कहा गया है। कक्षा छठीं से 12वीं तक पूर्व निर्धारित परीक्षाओं का संचालन निर्धारित समय सारणी अनुसार ही होगा। यह आदेश 10 फरवरी तक प्रभावी रहेगा।

स्टार्टअप ने कोदो-कुटकी से बनाया आइसक्रीम,

Startup made ice cream from Kodo-Kutki भोपाल के स्टार्टअप ने कोदो कुटकी से बनाया आइसक्रीम, IIM काशीपुर ने दिया 25 लाख का ग्रांट कृषका नेचुरल्स ने 500 स्टार्टअप्स में से उन सात स्टार्टअप्स की सूची में जगह बनाई, जिन्हें आईआईएम काशीपुर के इनक्यूबेशन सेंटर में दो महीने के प्रशिक्षण के साथ अनुदान प्राप्त हुआ. बाजरा और बाजरा-आधारित उत्पादों पर काम करने वाले एक शहर-आधारित स्टार्टअप को भारतीय प्रबंधन संस्थान काशीपुर से 25 लाख रुपये का अनुदान मिला. स्टार्टअप कृषका नेचुरल्स उन सात कृषि आधारित स्टार्टअप्स में से एक है, जिन्हें 27-28 जनवरी के बीच भारतीय प्रबंधन संस्थान आईआईएम, काशीपुर में आयोजित उत्तिष्ठ 2024 के 7वें संस्करण के दौरान अनुदान प्राप्त हुआ है. कृषका नेचुरल्स ने 500 स्टार्टअप्स में से उन सात स्टार्टअप्स की सूची में जगह बनाई, जिन्हें आईआईएम काशीपुर के इनक्यूबेशन सेंटर में दो महीने के प्रशिक्षण के साथ अनुदान प्राप्त हुआ. यह परियोजना केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा समर्थित आईआईएम काशीपुर के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट द्वारा शुरू किया गया था. बाजरा आधारित आइसक्रीमकृषका नेचुरल्स ने अन्य बाजरा आधारित उत्पादों के बीच बाजरा आधारित आइसक्रीम विकसित किया है. भोपाल की रहने वाली प्रतिभा तिवारी ने कहा इस अनुदान से हम बड़े पैमाने पर बाजरा आधारित आइसक्रीम का उत्पादन करने के लिए एक आइसक्रीम फैक्ट्री स्थापित करने में सक्षम होंगे. तिवारी ने खुदरा और ई-कॉमर्स उद्योग में अपने उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड के काशीपुर शहर में उत्तिष्ठ 2024 मेले के 7वें संस्करण में एक स्टॉल लगाया है. उत्तिष्ठ कृषि आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित एक स्टार्टअप कार्यक्रम है. प्रतिभा तिवारी के मुताबिक, वह मध्य प्रदेश में 350 से अधिक आदिवासी किसानों के साथ काम कर रहे हैं जो हमें कच्चा बाजरा की आपूर्ति करते हैं. इसे संसाधित करने के बाद हम आइसक्रीम सहित कई उत्पाद तैयार करते हैं. उन्होंने कहा आईआईएम काशीपुर में प्राप्त दो महीने के प्रशिक्षण ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की. उसका व्यवसाय, रणनीति बनाना, खर्चों को कम करना और वितरण करना है. IIM काशीपुर ने किया 189 स्टार्टअप का समर्थनआईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रोफेसर कुलभूषण बलूनी ने मीडिया से कहा कि पिछले 6 सालों में हमने पहाड़ों पर खेती करने वाले किसानों के साथ काम करने वाले क्षेत्रीय स्टार्टअप का समर्थन करने पर ध्यान केंद्रित किया है. आईआईएम काशीपुर के अनुसार, 2018 में इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना के बाद से आईआईएम काशीपुर ने विभिन्न कार्यक्रमों के तहत 189 स्टार्टअप का समर्थन किया है. इसमें कृषि के क्षेत्र में नवीन विचारों के साथ काम करने वाले 68 स्टार्टअप शामिल हैं. एफआईईडी के प्रबंध निदेशक और आईआईएम काशीपुर में ई-सेल के अध्यक्ष प्रोफेसर सफल बत्रा ने बताया कि आईआईएम काशीपुर द्वारा समर्थित स्टार्टअप ने 3000 रोजगार पैदा किए हैं और सात लाख किसानों के जीवन में बदलाव लाए हैं.

BJP ने महेंद्र सिंह को बनाया मध्य प्रदेश का लोकसभा चुनाव प्रभारी

BJP made Mahendra Singh in-charge of Lok Sabha elections of Madhya Pradesh सतीश उपाध्याय सह प्रभारी नियुक्त भोपाल। भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों शुरू कर दी है। शनिवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। जिसमें महेंद्र सिंह को मध्य प्रदेश का लोकसभा चुनाव प्रभारी और सतीश उपाध्याय को सह प्रभारी नियुक्त किया है। भाजपा ने आगामी 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनाव प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की।

शिवराज के नियम पर CM मोहन ने लगाई रोक

CM Mohan banned Shivraj’s rule भोपाल ! प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बनाए गए नियम को तोड़ दिया है. शिवराज सिंह कार्यकाल के दौरान सरकारी कार्यक्रमों के शुरुआत में मध्य प्रदेश गान होने की प्रथा थी, इस दौरान सभी लोग खड़े होकर गीत सुनते थे. इसी परंपरा को सीएम मोहन ने तोड़ दिया है. उन्होंने एक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर लोगों से कहा कि सिर्फ राष्ट्रगान के समय खड़े होना चाहिए. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लंबे समय से चली आ रही प्रथा तो तोड़ दिया. दरअसल, शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत मध्य प्रदेश गान से करने की प्रथा थी, जिसके दौरान सभी लोग खड़े होकर गीत गाते थे. हालांकि, मौजूदा सीएम मोहन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में राष्ट्रगान बजते समय बैठे रहकर इस परंपरा को तोड़ दिया. कार्यक्रम में सीएम मोहन के मंच पर पहुंचने पर अनाउंस किया गया कि मध्य प्रदेश गान होगा. इसके बाद सभा में मौजूद सभी लोग अपनी जगह पर खड़े हो गए. इसी दौरान अपनी कुर्सी पर बैठे सीएम मोहन में अनाउंसर को इशारे से कहा कि खड़े होने की जरूरत नहीं है बैठे रहे. उनके इशारे के बाद सभी लोगों ने मध्य प्रदेश गान बैठकर सुना. सीएम मोहन मध्य प्रदेश राज्य सिविल सेवा में चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपने के एक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए पहुंचे थे, जहां उन्होंने इस प्रथा तो तोड़ दिया. क्या कहा सीएम मोहन ने? उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के समय खड़े होना चाहिए, ये हमारे लिए आदर है. अगर कोई विश्वविद्यालय गान बनाता है या कोई कॉलेज गान बनाता है, फिर वह अपने नियम बनाने लगेंगे कि हमारे गान को भी राष्ट्रगान की तरह खड़े होकर सुना जाए, तो यह क्या बात हुई? सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि मध्य प्रदेश गान को राष्ट्रगान के साथ समान नहीं किया जाना चाहिए. कौन से साल से शुरू हुआ था नियम? सीएम के इस फैसले से विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि 2011 में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर सभी सरकारी समारोहों, स्कूलों और कॉलेजों में मध्य प्रदेश गान गाना अनिवार्य कर दिया था. इस कदम का राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था. तब सरकार ने यह कहकर फैसले का बचाव किया कि मध्य प्रदेश गान राज्य की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है और इसे बिना किसी आपत्ति के गाया जाना चाहिए. बता दें कि मध्य प्रदेश गान को वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने लिखा था. तब तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गान लिखने के लिए उन्हें चुना था. संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के अनुरोध के बाद श्रीवास्तव ने केवल दो घंटे में राष्ट्रगान तैयार कर दिया था.

राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष माधव सिंह डाबर पर गिरी गाज

राज्य सरकार ने निगम से हटाने की जारी किया आदेश डाबर ने साल 2023 के विधानसभा चुनाव में जोबट से भरा था बागी होकर नामांकन फॉर्म अनुशासन समिति की बैठक की सिफारिश के बाद लिया सरकार ने फैसला भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष माधव सिंह डाबर को हटा दिया है। इसके पीछे की वजह है कि माधव सिंह डाबर ने विधानसभा चुनाव के दौरान जोबट से पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया था। डाबर ने बाकायदा पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय नामांकन फॉर्म भरा था। माना जा रहा था कि डाबर के खिलाफ भाजपा एक्शन लेगी। अनुशासन समिति की बैठक में माधव सिंह डाबर पर एक्शन लेने पर सहमति बनी। इसके बाद सूचना राज्य सरकार को दी गई। सरकार की ओर से अध्यक्ष पद से हटाए जाने की कार्रवाई वन विभाग की ओर से की गई है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा से उन्हें जल्द ही निष्कासित भी कर दिया जाएगा। इसके अलावा चर्चा यह भी है कि डाबर का मध्य प्रदेश के वन मंत्री के साथ भी तालमेल नहीं बैठ रहा था। इस बात की चर्चा मंत्रालय में जरूर है। पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएंगे। इससे पहले अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।

BJP प्रदेश कार्यालय में गणतंत्र समारोह

Republic ceremony at BJP state office भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने 75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में झंडावंदन किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने प्रदेश की जनता और कार्यकर्ताओं को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि लोकतंत्र और देश के संविधान की गरिमा में वृद्धि के लिए सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लें। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी, वरिष्ठ नेता श्री माखनसिंह चौहान, श्री रघुनंदन शर्मा, प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रणवीर सिंह रावत, सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेंद्र शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल, निगम के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र शर्मा, जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ हितेश वाजपेयी, सुश्री नेहा बगा, श्री सनवर पटेल, श्री नरेंद्र सलूजा, श्री सुनील पाण्डे, श्री अनिल अग्रवाल, श्री सुरजीत सिंह चौहान, श्री किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी कार्यकर्ता एवं कार्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

गणतंत्र दिवस 2024, जोश और राष्ट्रप्रेम की भावना जगा देंगे देशभक्ति के ये नारे

Republic Day 2024: These patriotic slogans will awaken the feeling of enthusiasm and patriotism बच्चों को गणतंत्र दिवस पर सिखाए आजादी के बाद भारत को एक लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए देश का संविधान आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। तब से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाते हैं। इस दिन पूरे देश में जश्न का माहौल होता है। स्कूल-कॉलेज, सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में झंडा रोहण किया जाता है। देशभक्ति के नारे लगाए जाते हैं और भारत की गौरवपूर्ण गाथा को गाकर गर्व महसूस किया जाता है। 26 जनवरी के मौके पर स्कूलों में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें बच्चे प्रतिभाग करते हैंं। वैसे तो गणतंत्र दिवस के लिए स्कूलों में तैयारी पहले से ही शुरू हो जाती है लेकिन अगर आपका बच्चा भी गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहा है तो उसे देशभक्ति जगाने वाले जोशीले नारे सिखाएं। सुभाष चंद्र बोस रवीन्द्रनाथ टैगोर बाल गंगाधर तिलक श्यामलाल गुप्त लाल बहादुर शास्त्री बंकिम चंद्र चटर्जी इकबाल बिस्मिल अजीमाबादी आजादी की जंग में शामिल क्रांतिकारियों ने इन्हीं नारों के जरिए भारत को स्वतंत्र कराने के लिए देशवासियों को एकजुट किया था। गणतंत्र दिवस पर बच्चों को जोश से भर देने वाले देशभक्ति के नारे सिखाएं।

पटवारी ने नामांतरण के बाद एक महीने लगवाए चक्कर, कलेक्टर ने किया सस्पेंड

Patwari made rounds for a month after name transfer, collector suspended नामांतरण के 15 आवेदकों को लटकाया, जांच के बाद कार्रवाई भोपाल। राजस्व पखवाड़े के बावजूद पटवारियों के काम का तरीका नहीं बदल रहा है। हालात यह है कि नामांतरण, बंटवारा और नामांतरण के बाद ऑनलाइन अपडेशन के काम महीनों तक पेंडिंग रहता है। जिसके लिए आम लोगों को महीनों तक चक्कर काटना पड़ते हैं। हाल ही में टीटी नगर सर्कल में पदस्थ पटवारी अनुराधा पटेल ने एक आवेदक को नामांतरण के बाद ऑनलाइन अपडेशन के लिए एक महीने तक चक्कर लगवा दिए। पीड़ित ने जब इसकी शिकायत एडीएम हरेंद्र नारायण से की तो, उन्होंने तहसीलदार से जांच कराई। जांच में पता चला कि पटवारी ने 15 अन्य मामलों में समय पर रिपोर्ट नहीं लगाई है। जिसके आधार पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। पटवारी अनुराधा पटेल ने संज्ञान नहीं लेते हुए लापरवाही की गई जिसके तहत आवेदक वीरेन्द्र मेवाड़ा ने इसकी शिकायत अपर कलेक्टर को दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ग्राम बरखेड़ी कलां की पटवारी ने नामांतरण होने के बाद राजस्व रिकार्ड में अमल नहीं किया है। जिसके आधार पर बुधवार को कलेक्टर ने बरखेड़ी क्षेत्र की पटवारी को सस्पेंड कर दिया है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बंगले की मांग की,

Leader of Opposition Umang Singhar demanded the bungalow of former CM Shivraj Singh Chauhan, उमंग ने मांगा मामा का घर: सीएम मोहन यादव से की शिवराज सिंह के बंगले की मांग, कहा- बुआ से जुड़ी हैं यादें भोपाल ! मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के घर की मांग की है. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित B – 9 बंगले की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस बंगले से उनकी बुआ जमुना देवी की यादें जुड़ी हैं. इसलिए यह बंगला उन्हें दिया जाए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र में लिखा कि शासकीय आवास क्रमांक बी-9, 74 बंगला म.प्र. के आदिवासी वर्ग की महान नेता एवं प्रदेश की पहली महिला उपमुख्यमंत्री स्व.जमुना देवी को नेता प्रतिपक्ष होने के नाते वर्षों आवंटित रह. वे आदिवासी समुदाय की नेता होने के साथ-साथ मेरी बुआ भी थी और बचपन से ही इस बी-9 शासकीय आवास में मैंने उनको दिन-रात प्रदेश के सर्वहारा वर्ग की सेवा में प्राणप्रण से जुटे देखा है. भावनात्मक रूप से मेरा इस शासकीय आवास से लगाव भी है. अतः आपसे अनुरोध है कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मुझे उक्त शासकीय आवास आवंटित कर अनुग्रहित करने का कष्ट करें. बता दें कि वर्तमान में यह बंगला मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित है. हाल ही में उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि अब से उन्हें घर ‘मामा का घर’ के नाम से जाना जाएगा.

एसडीएम साहेब के रुतबे को सीएम ने किया ध्वस्त,

CM destroyed the status of SDM Saheb सीएम ने SDM को किया निलंबित, कार ओवर टेक करने पर एसडीएम ने युवकों को पीटा था उमरिया ! मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के बांधवगढ़ में एसडीएम की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एसडीएम इस बात से गुस्सा हो गए थे कि दो युवकों ने उनके वाहन को ओवर टेक कर दिया था। उमरिया जिले का यह ताजा मामला है, जहां दो युवकों को एस एसडीएम के वाहन को ओवर टेक करना महंगा पड़ गया। बताया जा रहा है कि दोनों युवकों की जमकर पिटाई कर दी। युवकों के वाहन में भी जमकर तोड़फोड़ कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने एसडीएम सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है। इधर, पत्रिका की खबर के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बांधवगढ़ एसडीएम को सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए।मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के बांधवगढ़ में एसडीएम की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एसडीएम इस बात से गुस्सा हो गए थे कि दो युवकों ने उनके वाहन को ओवर टेक कर दिया था। एसडीएम ने दोनों युवकों को खुद भी पीटा और अपने ड्राइवर और अन्य लोगों से भी पिटवाया। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। पुलिस के मुताबिक दोनों युवकों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। वे दोनों भी भर्ती हैं। घायल युवक ने बताया कि मेरी गलती सिर्फ इतनी थी कि वे अपने काम से जा रहे थे और देरी हो रही थी। इसलिए तेज वाहन चला रहा था। इसी वजह से एसडीएम की गाड़ी को मैंने ओवरटेक कर दिया। इसके बाद एसडीएम ने खुद मेरी पिटाई की और अपने ड्राइवर और अन्य लोगों से भी मुझे पिटवा दिया। सीएम ने दिए एसडीएम को हटाने के निर्देश एफआईआर होते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एसडीएम को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। इधर, एसपी निवेदिता नायडू ने बताया कि एफआईआर एसडीएम अमित सिंह के अलावा तहसीलदार विनोद कुमार, एसडीएम के वाह नचालक नरेंद्र दास पनिका और तहसीलदार के सहयोगी संदीप सिंह के खिलाफ हुई है। ” एसडीएम की सफाई “ यह पूरा मामला एसडीएम बांधवगढ़ अमित सिंह से जुड़ा है। इस मामले में एसडीएम अमित सिंह की सफाई आई है। उन्होंने कहा है कि मैंने युवकों को नहीं पटा, बल्कि जब उनकी पिटाई हो रही थी तो मैंने बीच-बचाव किया था। एसडीएम का कहना है कि दोनों युवक नशे में थे। वो तेज रफ्तार से वाहन चला रहे थे। उन्होंने मेरी गाड़ी को ओवरटेक किया और जब हमने उनकी गाड़ी रुकवाई तो वे लोग हमारे साथ झग़ने लगे। दोनों युवकों ने जब मुझ पर हाथ उठाया तो मेरे साथ के लोगों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। फिर भी मैं उनका बचाव ही कर रहा था। मैं बस उन्हें यही समझा रहा था कि युवकों को पुलिस के हवाले कर देते हैं। इस मामले में पुलिस ने एसडीएम सहित चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गलती किसकी है। युवकों को पीटने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।

खनिज ब्लॉक की नीलामी में MP अव्वल, राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन

MP tops in auction of mineral blocks, conference of state mining ministers खनिज ब्लॉक की नीलामी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार, राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन भोपाल में आयोजित किया गया। यह राज्य खनन मंत्रियों का दूसरा सम्मेलन है। भोपाल। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राज्य खनन मंत्रियों के सम्मेलन मंगलवार सुबह शुरू हुआ।केंद्रीय कोयला, खान एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव भी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हैं। इस सम्मेलन में 20 राज्यों के खनिज मंत्री हिस्सा ले रहे हैं।खनिज ब्लॉक की नीलामी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार प्रदान करने के लिए, खान मंत्रालय एवं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। इस मौके पर “माइनिंग एंड बियॉन्ड’’ विषय पर प्रदर्शनी भी कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया, जिला खनिज प्रतिष्ठान सहित देश की प्रमुख खनन कंपनियो, निजी एजेंसियों और स्टार्ट-अप्स द्वारा अपनी उपलब्धियां को प्रदर्शित किया गया है।इस सम्मेलन के दौरान खनन क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि यह राज्य खनन मंत्रियों का दूसरा सम्मेलन है। पहली बार यह सम्मेलन सितंबर 2022 में हैदराबाद में आयोजित किया गया था। सीएम मोहन यादव से की मुलाकातइस सम्मेलन में शिरकत करने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार सुबह भोपाल पहुंचे। यहां पर उन्होंने सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम डा. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डा. यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान दोनों के बीच राज्य में कोयला एवं खनन क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई

बदला इतिहास: कोलार रोड के 100 साल पुराने अकबरपुर गांव को मिली नई पहचान ‘श्रीराम नगर’

100 year old Akbarpur village of Kolar Road gets new identity ‘Shriram Nagar’ विधायक रामेश्वर शर्मा ने नाम परिवर्तन पट्टिका का किया अनावरण कोलार।कोलार रोड स्थित वार्ड 81 में आने वाले अकबरपुर गांव को अब नई पहचान मिल गई है। 100 साल पुराने इस गांव को अब ‘श्रीराम नगर’ के नाम से जाना जाएगा। रविवार को विनीतकुंज चौराहे पर अकबरपुर गांव के नाम परिवर्तन को लेकर स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा के नेतृत्व में एक बड़ा कार्यक्रम किया गया। इस दौरान विधायक शर्मा ने कहा कि कोलार रोड के अभी कई और नाम बदले जाएंगे। यह नाम परिवर्तन समारोह सोमवार को अयोध्या में स्थित श्रीरामलला मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के ठीक एक दिन पहले किया गया।

राममय हुआ संतनगर 11 हजार रामभक्तों के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया हनुमान चालीसा पाठ, राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा

Santnagar became Ram-filled; Chief Minister Mohan Yadav recited Hanuman Chalisa with 11 thousand Ram devotees. भोपाल। अयोध्यानाथ भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर में विराजमान होने के उपलक्ष्य में पूरा मध्यप्रदेश राममय हो रहा है। अपने नवाचारों और हिन्दुत्व वादी छवि के लिए लगातार चर्चित रहने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा भी राजा राम के आगमन पर लगातार विभिन्न आयोजन करा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने संत हिरदाराम नगर स्थित हेमू कालानी स्टेडियम में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन कराया। इस आयोजन में 11 हजार रामभक्तों ने एक साथ उपस्थित होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। विधायक रामेश्वर शर्मा के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी सम्मलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व रामभक्तों के साथ भक्तिभाव के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन से पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री व विधायक शर्मा ने शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके बाद कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ हुआ। बच्चों के साथ राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा हेमू कालानी स्टेडियम में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में इतनी भीड़ जुटी कि पूरा स्टेडियम रामभक्तों से खचाखच भरा था। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों के उत्साह में पूरा स्टेडियम झूम उठा। 11 हजार रामभक्तों का स्वर जब हनुमान चालीसा के रूप में गूँजा तो कण-कण राममय हो गया। विधायक रामेश्वर शर्मा भी राम भजनों पर बच्चों के साथ जमकर नाचते दिखे। विधायक शर्मा ने इस दौरान भजन भी गाए और राम-गाड़ी पर बैठकर आनंद लिया।  रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं – राजेन्द्र शुक्ल, उप-मुख्यमंत्री मप्र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि – वर्षों के संघर्ष के बाद यह शुभ घड़ी आई है जब हम अपने रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान होते देख रहे हैं। इस घड़ी में ऐसा भव्य आयोजन कराकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रामभक्तों की आस्था को और प्रबल किया है। जिस तरह उत्तर प्रदेश में योगी जी और असम में हेमंत विस्वा सरमा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं, उसी तरह मध्यप्रदेश में भाई रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज है। उनका हर आयोजन भव्य और अनोखा होता है। इस सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई।  11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय – मुख्यमंत्री मोहन यादव। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए कई जन्मों के बाद प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। हम सभी सौभाग्यशाली हैं, ये शुभ घड़ी सामने आई है। इसके लिए गत पांच सौ वर्ष से कई पीढ़ियां खप गईं। आने वाली 22 जनवरी को सुशासन और रामराज का नया इतिहास बनेगा। नये दौर का नया भारत बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि हनुमान चालीसा से भक्ति और शक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी को आधार बनाकर 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय है। हम सभी के लिए भगवान श्रीराम आराध्य हैं। अयोध्या में मंदिर का बनना अखंड भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारतवासी आज समृद्धशाली अतीत को याद कर रहे हैं। सात जन्मों के पुण्योदय से राम काज कर पाए रहा हूँ। – रामेश्वर शर्मा कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – धन्य हैं वो लोग जिन्होंने रामलला के लिए तन, मन, धन और प्राण समर्पित कर दिए। जिनके बलिदानों की कीमत पर आज हमने रामलला का भव्य मंदिर पाया है। मैं स्वयं कारसेवा के लिए गया। उस समय पर भी मेरा यही विचार था कि “यदि रामलला के काम न आए तो बेकार जिंदगानी है” मेरा आज भी यही विचार है। मैं तन-मन-प्राण लगाकर भी राम काज करने को आतुर रहता हूँ। उन्होंने आगे कहा कि अब कुछ घंटों के अंतराल के बाद हमारी आस्था के केन्द्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपनी जन्मभूमि पर वापस लौट रहे हैं। उनके आगमन के हर्ष में पूरा देश सराबोर है। इसी हर्ष के वशीभूत होकर हमने 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है।  कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जब 11 हजार रामभक्तों का स्वर श्री हनुमान चालीसा के रूप में गुंजायमान हुआ तो ऐसा लगा जैसे अयोध्यानाथ स्वयं प्रकट होकर पवनसुत स्तुतियों को आशीष प्रदान कर रहे हों। रामभक्ति में सब ऐसे रमे कि लग रहा था मानो स्टेडियम का कण-कण जीवंत होकर राम धुन गा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि राम जी के अभिनंदन में यह काज करके मेरा जीवन धन्य हो गया। मेरे सात जन्मों के पुण्यों के उदय से  राम जी, हनुमान जी की कृपा से और रामभक्तों की आस्था से यह आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। संत नगर वालों ने संपत्ति छोड़ दी लेकिन धर्म नहीं छोड़ा – रामेश्वर शर्मा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संत नगर वो भूमि है जिसने धर्म के लिए सर्वस्व त्याग का पाठ सिखाया है। जब 1947 में देश विभाजन हुआ और सिंधी भाईयों से धर्मपरिवर्तन की शर्त रखी तो उन्होंने संपत्ति, घर, द्वार सब छोड़ दिया लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा। उनकी धर्मनिष्ठा हम सबके लिए प्रेरणा है। इसलिए आज इस आयोजन के लिए संत हिरदाराम नगर की पुण्यभूमि को चुना। धर्मभूमि पर राम काज कर के स्वयं को धन्य पाता हूँ।

रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन दिवाली की तरह मनाएं , उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

Celebrate the day of Ramlala Pran Pratistha like Diwali, Deputy Chief Minister Rajendra Shukla भोपाल ! आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है, 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा ! उप मुख्यमत्री राजेंद्र शुक्ला ने आह्वान किया है कि 22 जनवरी को हर व्यक्ति अपने घर 11 दीपक जलाए। उन्होंने कहा कि उस पावन दिन एक भी ऐसा घर न हो, जहां ग्यारह दीपक न जले। रामनवमी को जिस उत्साह से मनाया जाता है, उसी उत्साह से उन्होने राम मंदिर उद्घाटन के दिन भी उत्सव मनाने का आग्रह किया है। उप मुख्यमंत्री ने किया दीपक जलाने का आह्वानराजेंद्र शुक्ला ने कहा कि दो दिन बाद भव्य मंदिर का उद्घाटन हो रहा है और सारा देश मोदी जी की इस कुशलता का लोहा मान रहा है। उन्होने कहा कि ‘सारे देश में उमंग और उत्साह है। हर घर में भगवान राम की पूजा आराधना हो रही है। सुंंदरकांड के पाठ हो रहे हैं। हनुमान चालीसा के पाठ हो रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत धर्म और अध्यात्म ही है। दुनिया में बहुत से देश हो सकता है हमसे आगे हों लेकिन धर्म और अध्यात्म के मामले में वो हमारे सामने बौने हैं अभी भी। हमारे सामने सारी दुनिया परंपरा और अध्यात्म की ताकत के आगे नतमस्तक होती है। इसीलिए इसका संरक्षण और संवर्धन भी जरुरी है और उस दिशा में रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण बहुत बड़ा कदम है जो आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। इस क्षण को हम सबको आगे बढ़ कर उत्साह के साथ मनाने की जरूरत है। 22 जनवरी को कोई भी घर ऐसा न हो जहां पर हम 11 दीपक जलाकर उत्साह न मनाएं।”अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ दो दिन बाकी है और इसे लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। इसे लेकर अयोध्या में तो तैयारियां जारी ही हैं लेकिन देश भर के अलग अलग स्थानों पर भी ज़ोर शोर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिरों में सफाई अभियान चल रहा है और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। अब उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी आह्वान किया है कि इस दिन को दीपावली की तरह मनाएं और श्रीराम के नाम पर सभी लोग अपने घरों में ग्यारह दीपक जलाएं।

आज रात 10 बजे से तोड़ा जाएगा लालघाटी से बैरागढ़ तक बीआरटीएस कारिडोर

BRTS corridor from Lalghati to Bairagarh will be demolished from 10 pm tonight नगर निगम और प्रशासन ने मिलकर तैयार की है तोड़ने की योजना। सुरक्षा के लिए बंद किया जाएगा डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र। लगेंगी सोलर लाइट।भोपाल ! बीआरटीएस कारिडोर (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को आज यानी शनिवार रात 10 बजे से तोड़ना शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर पूरी योजना तैयार कर ली है। प्रथम चरण में लालघाटी से बैरागढ़ तक के कारिडोर को तोड़ा जाएगा। यह काम पीडब्ल्यूडी और निगम प्रशासन के अमले द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। यहां सुरक्षा के लिए एक से डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र बंद किया जाएगा और सोलर लाइट लगाई जाएंगी। पीडब्ल्यूडी के ब्रिज ईई जावेद शकील ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बीआरटीएस कारिडोर को तोड़ने का काम रात में 10 बजे से शुरू किया जाएगा। इस दौरान ट्रैफिक कम रहता है। हलालपुर से इसकी शुरुआत की जाएगी।मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने विगत बुधवार को प्रजेंटेशन देखने के बाद बीआरटीएस को हटाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इसके बाद बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) से शुरुआत करने की बात कही गई थी। 24 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस के दोनों ओर दिन में ट्रैफिक का ज्यादा रहता है, इसलिए जब रात में ट्रैफिक कम होगा तब हटाने के निर्देश है। यही कारण है कि आज शनिवार रात से बीआरटीएस को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। मिसरोद से एम्प्री तक, रोशनपुरा से कमला पार्क और कलेक्टोरेट से लालघाटी के बीच बीआरटीएस को तोड़ने में कुल 18.51 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कारिडोर की वजह से ये परेशानियां इस तरह तैयार की गई है बीआरटीएस तोड़ने की योजना1 – होशंगाबाद पर बने बीआरटीएस कारिडोर की लंबाई 6.7 किलोमीटर है। जिस पर पर्याप्त राइट आफ वे एवं जमीन उपलब्ध होने के बाद भी वाहनों के लिए सिर्फ दो लेन ही है। बीआरटीएस हटाकर 3-3 लेन का सिक्सलेन मार्ग का निर्माण हो सकता है। इसमें 11.67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ साइकिल ट्रैक का उपयोग भी उचित रूप से नहीं होने से यह टू व्हीलर के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।2 – इसकी लंबाई 1.42 किलोमीटर है, जो शहर के व्यस्त क्षेत्र में स्थित होकर ट्रैफिक के लिए बाधित बन रहा है। इस लंबाई में डेडिकेटेड कारिडोर हटाया जाकर मिक्स्ड वाहनों के लिए तीन लेन सड़क मय सेंट्रल वर्ज के बनाए जाने में करीब 3.21 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।3 – कलेक्टोरेट से लालघाटी तक यह 1.73 किलोमीटर लंबा है। इसे हटाकर दोनों ओर तीन -तीन लेन की सड़क हो जाएगी। इसमें कुल 3.63 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।4 – हलालपुर से सीहोर नाके तक कुल 3.81 लंबाई के इस कारिडोर को भी हटाया जाएगा। इससे बैरागढ़ में ट्रैफिक काफी हद तक सुधर सकता है। बैरागढ़ में 306 करोड़ रुपए की लागत से एलीवेटेड कारिडोर प्रस्तावित है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। इसी प्रोजेक्ट में बीआरटीएस को हटाया जाना भी शामिल हैं। इसके चलते जिला प्रशासन या नगर निगम को अतिरिक्त कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।यह बात मीटिंग में मुख्य सचिव के सामने रखी गई। कारिडोर को पीडब्ल्यूडी ही हटवाएगा। जिस जगह कारिडोर है, वही पर एलीवेटेड कारिडोर के पिलर खड़े होंगे। इनका कहना हैभोपाल में बीआरटीएस कारिडोर तोड़ने की शुरुआत आज शनिवार रात 10 बजे संत हिरदाराम नगर से की जाएगी। यहां पर नगर निगम, प्रशासन और पीडब्ल्यूडी का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा।

आबकारी सब इंपेक्टर्स ने प्रमोशन के लिए भगवान राम को सौंपी पाती

Excise sub-inspectors handed over cards to Lord Ram for promotion. भोपाल। आबकारी विभाग के उपनिरीक्षकों ने भगवान श्रीराम के नाम एक पाती लिखकर 18 साल से प्रमोशन और पदनाम न मिलने को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। इस संबंध में इन्होंने शुक्रवार को डिप्टी सीएम व आबकारी मंत्री जगदीश देवडा, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तौगी और आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव को ज्ञापन भी सौंपा। इन अधिकारियों का कहना है कि उनकी मांग से सरकारी खजाने पर वित्तीय भार भी नहीं आएगा।आबकारी उपनिरीक्षकों का कहना है कि उनकी मांग जिला सहायक अधिकारी का पदनाम की है। पिछले 18 साल से वे एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं। उनके साथ अन्य विभागों में भर्ती अधिकारी डिप्टी कलेक्टर तक बन चुके हैं, लेकिन अब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे उपनिरीक्षकों की संख्या 134 है। इनके पदनाम बदलने के साथ ही करीब 300 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों को फायदा होगा। पाती में क्या लिखाहे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, आज हम सभी आपके द्वार एक आशा लेकर आए हैं। ऐसा सुनिश्चित है कि तेरे स्मरण मात्र से समस्त प्राणियों के सभी दुखों का नाश हो जाता है। प्रभु, वर्तमान युग में हर्ष का विषय, दैहिक प्रसन्नता और आनंद से परिपूर्ण उत्सवीय माहौल में जब कि आप टेंट से दिव्य राम मंदिर में प्रतिष्ठित हो रहे हैं। आपके मानवीय चरित्र में आपका वनवास 14 वर्षों का रहा किंतु हम अभागे इस दैहिक अवस्था में विगत 18 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। हमारे कई साथी 20 तो कोई 25, 28 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत है और कई सेवानिवृत्त होकर, कई आपके चरणों में विलीन हो गए। प्रभु श्री राम हम सभी आबकारी विभाग के कर्मचारी, आरक्षक, मुख्य आरक्षक, आबकारी उप निरीक्षक एवं अन्य साथी आपके करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि इस दैहिक अवस्था के शासकीय कर्तव्यों में शीघ्र पदोन्नति मिलें, ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें।

कोलार सिक्सलेन से बढ़ा प्रदूषण एक्यूआई 300 के पार

Pollution increases due to Kolar Sixlane, AQI crosses 300 भोपाल। कोलार सिक्सलेन के निर्माण की वजह से आसपास क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सड़क के आसपास का एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। उड़ती धूल ने स्थानीय रहवासियों की सेहत खराब कर दी है। जिसको लेकर एनजीटी ने भी सख्ती दिखाई है। एनजीटी ने पीडब्ल्यूडी को निर्माणाधीन सड़क पर निरंतर पानी का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं। नितिन सक्सेना ने तीन नवंबर 2023 को कोलार में सिक्सलेन के कारण बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी में याचिका लगाई थी। जिसके बाद एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक समिति बनाकर सड़क का निरीक्षण करने और छह सप्ताह में इसकी रिपोर्ट एनजीटी को पेश करने के निर्देश दिए थे। पीसीबी ने प्रदूषण का स्तर बताया खतरनाककोलार गेस्ट हाउस से कजलीखेड़ा के कालापानी तक पीसीबी के अधिकारियों ने 10 व 11 जनवरी 2024 को इसका निरीक्षण किया। जिसमें पाया कि गेंहूखेड़ा से कालापानी तक आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। जबकि डीमार्ट से सर्वधर्म व चूनाभट्टी से कोलार गेस्ट हाउस तक करीब सात किलोमीटर का निर्माण अधूरा है। इसी क्षेत्र में सबसे अधिक प्रदूषण हो रहा है। हालांकि पीडब्ल्यूडी का तर्क है कि सुबह और शाम दो बार सड़क पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लेकिन एनजीटी ने कहा है कि पानी का छिड़काव इतनी मात्रा में होना चाहिए कि धूल सूखने न पाए।

भोपाल स्टेशन पर हेल्प काउंटर खाली, सुबह से शाम तक कुर्सी के हवाले जिम्मेदारी

Help counter empty at Bhopal station, responsibility handed over to chair from morning till evening भोपाल। उत्तर भारत सहित देश के अलग अलग राज्यो में इन दिनो कोहरा जम कर पड़ रहा है जिसके कारण ट्रेनो की रफ्तार में ब्रेक सा लग गया है और भोपाल पहुचने वाली कई ट्रेने एक से 20 घंटे की देरी से आ रही है । यात्रियों की सुविधा के लिए भोपाल रेल मंडल ने भोपाल स्टेशन पर एक सहायता केंद्र बनाया था जिसमें कोहरे से प्रभावित ट्रेनो के बारे में यात्रियों को जानकारी देनी थी लेकिन आलम यह है कि जिम्मेवारो द्वारा सुबह भोपाल स्टेशन पर हेल्प कांउटर के पास एक खाली कुर्सी रख दी जाती है और उस कुर्सी के हवाले ही यात्रियों को जानकारी देने का जिम्मा होता है। यात्री निराश होकर लौटते है हेल्प काउंटरकोहरे के कारण जिन यात्रियों की ट्रेन लेट होती है वह अक्सर जानकारी लेने के लिए हेल्प काउंटर पर जाते है। लेकिन कई घंटो के इंतजार के बाद भी वहां कोई नहीं आता । और बिना जानकारी के ही वापस लौटना पड़ता है।139 और इंटरनेट के भरोसे यात्रीहेल्प काउंटर से जानकारी न मिलने के बाद जिन यात्रियों के पास एन्ड्रायड मोबाइल होते है वह इंटरनेट पर जानकारी लेते है वहीं रेलवे के इंक्वारी डायल139 पर भी जानकारी मिल जाती है। भोपाल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि कोहरे से प्रभावित ट्रेनो के यात्रियों को जानकारी देने के लिए भोपाल स्टेशन पर हेल्प काउंटर चल रहा है हो सकता है है कर्मचारी किसी काम से इधर उधर चला गया है। मैं एक बार इसे देखवा लेता हूं। और रेलवे यात्रियों को पूरी सुविधा देने के लिए कटिबद्ध है।

पटवारी भर्ती पर जीतू ने उठाए सवाल, ट्वीट भी किया

Jitu raised questions on Patwari recruitment, also tweeted भोपाल। मध्य प्रदेश एम्प्लाई सिलेक्शन बोर्ड की पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाले की जांच रिपोर्ट इसी माह सबमिट होने जा रही है। कमेटी को सभी जरूर दस्तावेज बोर्ड से मिल चुके हैं और कमेटी इसका अंतिम तौर पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। इस रिपोर्ट पर दस लाख उम्मीदवारों की नजरें टिकी हुई है। इस पर अब जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने 22 नवंबर 2022, ईएसबी की ओर से ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी की संयुक्त भर्ती परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन का जिक्र भी ट्वीट में किया है।पटवारी ने कहा कि छात्रों ने 5 जनवरी 2023 से 19 जनवरी 2023 तक फॉर्म भरा। लगभग 13 लाख अभ्यर्थियों ने इसमें भाग लिया। 15 मार्च से 25 अप्रैल 2023 तक प्रदेश के 78 केंद्रों पर अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा हुई। 9,78, 266 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। 30 जून को रिजल्ट जारी हुआ। 8,600 अभ्यर्थियों का चयन भी हुआ।

अस्पतालों, शिक्षा संस्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा डॉग फ्री जोन

Hospitals, educational institutions, bus stands, railway stations will be made dog free zones. भोपाल। रेबीज मुक्त शहर कार्यक्रम के संबंध में नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में सिटी टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन शुक्रवार को आईएसबीटी सभागार में किया गया। इसमें राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत साल 2030 तक डॉग मीडियेटेड राष्ट्रीय कार्य योजना के लक्ष्य की प्राप्ति पर चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य संस्थाओं पर एंटी रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता, कुत्तों के टीकाकरण, विभागों के समन्वित सहयोग, रिपोर्टिंग पर चर्चा की गई। बैठक में पालतू जानवरों के पंजीयन, टीकाकरण एवं नसबंदी किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थाओं, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन को डॉग फ्री जोन बनने पर सहमति दी गई है। पशुओं से सीधे संपर्क में आने वाले नगर निगम कर्मियों के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। नगर निगम के कचरा वाहनों से जिंगल के माध्यम से जागरूकता संदेश दिए जायेंगे। रेबीज से होने वाली समस्या के निवारण के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस संबंध में आयुक्त नगर निगम की अध्यक्षता में सिटी टास्क फोर्स का गठन किया गया है। सिटी टास्क फोर्स में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर आयुक्त नगर निगम स्वास्थ्य, निदेशक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, अधिष्ठाता गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मुख्य वन संरक्षक, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, अध्यक्ष नर्सिंग होम एसोसिएशन को शामिल किया गया है। एक साल में 18 हजार प्रकरण सामने आएभोपाल में साल 2023 में कुत्तों के काटने के लगभग 18 हजार प्रकरण सामने आए हैं । दिसंबर एवं जनवरी माह में कुत्तों के काटने के प्रकरण ज्यादा रहते हैं। बैठक में रेबीज नियंत्रण के लिए आवारा कुत्तों एवं पालतू कुत्तों का टीकाकरण किए जाने एवं रेबीज केसेस की रिपोर्टिंग के संबंध में चर्चा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दी जानकारीमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। जानवर के काटने या खरोंचने के बाद सही समय पर टीके न लगवाना घातक होता है। राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के 2030 तक रेबीज उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पशुपालन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के बारे में जानकारी दी गई। इस एडवाइजरी में बच्चों को आवारा कुत्तों से दूरी रखने, कुत्तों से छेड़छाड़ ना करने, तेज़ आवाज वाले पटाखों के इस्तेमाल न करने, जानवरों को परेशान न करने, पालतू कुत्तों के टीकाकरण एवं नसबंदी करवाने के संबंध में जानकारी दी गई है। डॉग बाइट की सूचना नगर निगम के कॉल सेंटर 155304 पर दी जा सकती है।

वाहन चालकों की जेब पर भारी पड़ेगी पार्किंग, डेढ़ वर्ष बाद फिर निगम वसूलेगा शुल्क

Parking will be heavy on the pockets of drivers, after one and a half years the corporation will again charge the fee. भोपाल ! 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। राजधानी में एक बार फिर वाहन चालकों की जेब पर पार्किंग शुल्क भारी पड़ने वाला है। इसके लिए नगर निगम जल्द ही टेंडर जारी करने जा रहा है। नए नियमों के तहत जहां प्रीमियम पार्किंग की संख्या बढ़ाने पर जोर होगा, वहीं शुल्क में भी 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ाेत्तरी होगी। बता दें कि बीते 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। इसके बदले नए वाहनों से एकमुश्त शुल्क की वसूली की जा रही थी। लेकिन आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के द्वारा याचिका लगाने के बाद कोर्ट ने एक मुश्त वसूली पर रोक लगा दी थी। तब न तो नगर निगम पार्किंग की वसूली कर पा रहा था और न ही आरटीओ द्वारा एक मुश्त शुल्क की वसूली हो रही थी। ऐसे में नगर निगम को हर वर्ष करोड़ो रुपये का नुकसान हो रहा था। अब शहर के सभी पार्किंग स्थलों पर शुल्क की वसूली का प्रस्ताव महापौर परिषद में पारित हो गया है। जल्द ही इसके टेंडर जारी होंगे। न्यूमार्केट के बाद अन्य स्थानों पर भी बनेगी प्रीमियम पार्किंग निगम अलग-अलग पैकेज में पेड पार्किंग टेंडर जारी करेगा। 35 से अधिक आन और आफ स्ट्रीट पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर शुल्क देना पड़ेगा। नए पार्किंग टेंडर्स में शहर में प्रीमियम पार्किंग की संख्या में छह से सात गुना इजाफा भी किया गया है। यानी न्यू मार्केट के बाद अब प्रीमियम पार्किंग दस नंबर, एमपी नगर सहित अन्य कई क्षेत्रों में भी नजर आएंगी। जहां सामान्य पार्किंग के मुकाबले तीन गुना ज्यादा पार्किंग शुल्क चुकाना होगा। 13 पैकेज में 35 पार्किंग स्थलों का होगा ठेका निगम ने नए सिरे से पार्किंग ठेके देने की कवायद शुरू की है। इसके तहत 13 पैकेज बनाकर 35 स्थानों पर पेड पार्किंग शुरू की जाएंगी। एक पैकेज में एक से छह पार्किंग शामिल की गई हैं। साथ ही पैकेज में एक ही जगह को प्रीमियम और सामान्य पेड पार्किंग में बांटा गया है। न्यू मार्केट प्रीमियम पार्किंग को आधार बना शहर में शुरू की जाने वाली अन्य प्रीमियम पार्किंग की फीस तय की गई है। वर्तमान में प्रीमियम पार्किंग में 30 रुपए घंटा पार्किंग शुल्क होता है, जो एक घंटा से ज्यादा होने पर 50 रुपए हो जाता है। पार्किंग स्थलों पर बढ़ गई चोरी और अव्यवस्था नगर निगम द्वारा आफ स्ट्रीट और आन स्ट्रीट पार्किंग मुफ्त करने के बाद से पार्किंग स्थल अव्यवस्था के शिकार होते जा रहे हैं। अव्यवस्थित पार्किंग की वजह से यहां वाहन पार्क करने के लिए लोगों को जगह नहीं मिल रही है। आइएसबीटी, एमपी नगर, न्यू मार्केट समेत एक दर्जन पार्किंग स्थलों से 100 से ज्यादा दो पहिया वाहनों के चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन अब तक नगर निगम न तो यहां सीसीटीवी लगा पाया और न ही यहां वाहनों की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती की गई। “ इनका कहना है नगर निगम जल्द ही पेड पार्किंग टेंडर जारी करने जा रहा है। जिससे पार्किंग स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाई जा सके और वाहनों की सुरक्षा भी हो। – मालती राय, महापौर

सबसे सीनियर आईएएस की वल्लभ भवन से बाहर पोस्टिंग: केंद्र से रिलीव हुए संजय बंदोपाध्याय बने अध्यक्ष कर्मचारी चयन मंडल

Most senior IAS posted outside Vallabh Bhawan भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी संजय बंदोपाध्याय को मंत्रालय से बाहर पोस्टिंग दी गई है। हाल ही में संजय बंदोपाध्याय केंद्रीय प्रति नियुक्ति से वापस मध्य प्रदेश कैडर लौटे हैं। उन्हें अध्यक्ष कर्मचारी चयन मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत और ग्रामीण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव के पास फिलहाल इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार था। उन्हें मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष के पद से रिलीव कर दिया गया है। मुख्य सचिव वीरा राणा के पास अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। जानकारों का कहना है कि कैडर के मुताबिक संजय बंदोपाध्याय और वीर राणा दोनों ही 1988 बैच के अधिकारी हैं लेकिन सीनियरिटी और डीओपीटी के नियम के मुताबिक उन्हें मंत्रालय के बाहर पोस्टिंग दी गई है। मुख्य सचिव के फैसले के समय संजय बंदोपाध्याय केंद्रीय प्रति नियुक्ति पर थे। इसलिए उन्हें मध्य प्रदेश में मुख्य सचिव के पद से दूर रहना पड़ा था। हाल ही में केंद्र सरकार ने संजय बंदोपाध्याय को मध्य प्रदेश कैडर में वापस भेज दिया है। इसलिए मुख्य सचिव वीरा राणा के रहते संजय बंधोपाध्याय की पदस्थापना मंत्रालय में नहीं हो सकती है।

पत्नी की पिटाई और सरकार के खिलाफ कोर्ट बाजी से 20 महीने से भुगत रहे स्पेशल डीजी सजा

Special DG is facing punishment for 20 months due to beating of wife and court case against the government भोपाल। मध्य प्रदेश के सबसे सीनियर आईपीएस अफसर की पुलिस मुख्यालय में दुर्गति हो रही है। करीब 20 महीने से अधिक का समय हो बीत चुका है। स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम को बिना काम के ही पुलिस मुख्यालय में बैठाया गया है। इस बात से खफा होकर आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा सरकार से वीआरएसमांग चुके हैं लेकिन शर्मा की इस मांग को सरकार खारिज कर चुकी है। पत्नी की पिटाई करने के वीडियो वायरल होने की सजा शर्मा रिटायरमेंट से पहले भुगत रहे हैं। खास बात है कि मध्य प्रदेश के डीजीपी सुधीर सक्सेना से कैडर के मुताबिक शर्मा सीनियर है। मध्य प्रदेश कैडर की 1986 बैच की अधिकांश अफसर रिटायर हो चुके हैं। शर्मा इकलौते हैं जो इस बैच में सीनियर मोस्ट है। जबकि सुधीर सक्सेना मध्य प्रदेश के डीजीपी साल 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। साल 2020 में शर्मा की पत्नी ने मारपीट की शिकायत की थी। पिटाई का वीडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई कि आखिर यह वीडियो कब का है लेकिन सरकार ने इस वीडियो के सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया था। सरकार के एक्शन पर शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कैट में आवेदन दिया था। कैट ने भी शर्मा के आवेदन को सही माना और सरकार को निर्देश दिए कि निलंबन को बहाल किया जाए। सरकार ने कैट के आदेश को भी अनसुना कर दिया। जिसके बाद शर्मा ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें साल 2022 में पुलिस मुख्यालय में स्पेशल डीजी की कुर्सी मिल गई लेकिन इसके बाद भी सरकार ने शर्मा को कोई काम नहीं दिया। गृह विभाग का तर्क: कई मामलों की चल रही जांचस्पेशल डीजी शर्मा को पीएचक्यू में काम नहीं दिए जाने पर गृह विभाग का अलग तर्क है। अधिकारी ने बताया कि शर्मा के खिलाफ दो जांच चल रही है। अभियोजन में रहते हुए नियमों को अनदेखा करते हुए अटैचमेंट किए थे। जबकि सरकार से उन्हें अनुमति लेनी चाहिए थी। वहीं सरकारी पद पर रखते हुए निजी कार्यों के लिए दिल्ली के आफिस का इस्तेमाल किया था। इसलिए उन्हें पत्नी की पिटाई के मामले से पहले ही तत्कालीन डीजीपी वीके सिंह ने काम छीन लिया था। अप्रैल में होंगे रिटायर सक्सेना नवंबर में रिलीवसाल 1986 बैच के स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा अप्रैल में रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद 1987 बैच की सुधीर कुमार सक्सेना मध्य प्रदेश के डीजीपी रिटायर होंगे। यह माना जा रहा है कि उन्हें एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा। हालांकि लोकसभा का चुनाव सक्सेना के रहते ही होगा। चुनाव के परिणाम के बाद भी सक्सेना मध्य प्रदेश में डीजेपी का पद रहेगा। उनका रिटायरमेंट नवंबर में होगा। 2025 में चार स्पेशल डीजी होंगे रिटायर, डीजीपी की रेस से रहेंगे बाहर1 साल बाद 2025 में स्पेशल डीजी रैंक के चार अधिकारी रिटायर होंगे। खास बात है कि चारों आईपीएस के पास 2 साल का समय नहीं है 1987 बैच के सीनियर आईपीएस शैलेश सिंह 2025 फरवरी में रिटायर हो जाएंगे। होमगार्ड में पदस्थ डीजी अरविंद कुमार में रिटायर होंगे। हालांकि अरविंद कुमार सेंट्रल में डीजी के पद के लिए इंपैनेल्ड हो चुके हैं। सेंट्रल एजेंसी में उन्हे डीजी का पद मिल सकता है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें अब तक रिलीव नहीं किया है। इसके बाद सुधीर कुमार शाही भी जनवरी महीने में ही रिटायर हो जाएंगे। 1988 बैच के कैलाश मकवाना अभी मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में पदस्थ है। 2025 में दिसंबर में रिटायर होंगे। चारों अफसर के पास 2 साल का समय नहीं है। जिसके कारण डीओपीटी के नियम के कारण उनका डीजीपी बनना मुश्किल है।

मोहन सरकार के मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट किए

13 मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट किए भोपाल। राज्य सरकार ने गुरूवार को 13 मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट कर दिए। उन्हें हालांकि यह बंगले खाली होने की प्रत्याशा में अलाट किया गया है। मंत्रियों को बंगले आवंटित करने का यह पहला आदेश है। बाकी मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को जिनके पास बंगले आवंटित नहीं हैं, उनके लिए भी जल्दी ही आदेश जारी किया जाएगा।सामान्य प्रशासन विभाग जीएडी से जारी आदेश के अनुसार मंत्री प्रह्लाद पटेल को बी-7 सिविल लाइन में बंगला अलाट किया गया है। यह बंगला अभी ओमप्रकाश सखलेचा के पास था। इसीतरह मंत्री सम्पतिया उईके को बी-17 ए पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के पास था। इसी तरह बी-2 काशियाना बंगला चैतन्य काश्यप को अलाट किया गया है। यह बंगला पहले राजवर्धन सिंह दत्तीगांव काे अलाट किया गया है। अन्य मंत्रियों को भी बंगला अलाट किया गया है। बताते हैं कि ज्यादातर बंगले चुनाव हार चुके मंत्रियों के हैं। मंत्रियों को नए आवास आवंटितप्रहलाद सिंह पटेल बी-7 सिविल लाइन, करण सिंह वर्मा बी-22 चार इमली, उदय प्रताप सिंह बी-17, 74 बंगला, सम्पतिया उइके बी-12ए 74 बंगला, निर्मला भूरिया बी-10, 74 बंगला, नारायण सिंह कुशवाह बी-11 चार इमली, नागर सिंह चौहान बी-12बी 74 बंगला, राकेश शुक्ला बी-19 74 बंगला, चैतन्य कश्यप बी-2 काशियाना बंगला, धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी बी-11, 74 बंगला, दिलीप जायसवाल बी-2 चार इमली, गौतम टेटवाल सी-1, 74 बंगला और लखन पटेल सी-14 शिवाजी नगर।

भाजपा एक ऐसी पार्टी, जिसमें कोई कार्यकर्ता कब पीएम-सीएम बन जाए कोई नहीं जानता

BJP is such a party in which no one knows when a worker will become PM-CM. अशोक काल से है मप्र और बिहार का गहरा रिश्ता भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को मंच पर पहुचंते ही अपने उद्बोधन की शुरुआत मप्र और बिहार के हजारों वर्षों के पुराने रिश्ते से की। इस मौके पर पटना में श्री कृष्ण चेतना विचार मंच की ओर से आयोजित समारोह में भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार में किस बात की कमी है। कोई ऐसा राज्य ऐसा नहीं जहां बिहार के आईएएस-आईपीएस नहीं हैं। एकमात्र राज्य बिहार है, जिसे यह सौभाग्य मिला है। बिहार हर क्षेत्र के अंदर अपनी पहचान बनाई हुई है। सभी क्षेत्रों में बिहार के लोगों की अपनी पहचान है। आपातकाल के समय बिहार ही आगे आया और लोकतंत्र को बचाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार और आगे जा सकता था। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि एक समय था जब देश में पांच बीमारू राज्य थे, लेकिन चार राज्य विकास की दृष्टि से बहुत आगे निकल गए, लेकिन बिहार वहीं ठहरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले समय में बिहार काफी आगे बढ़ेगा। बिहार में संभावनाओं की कमी नहीं है। आपातकाल के दौरान बिहार ने दिया संघर्ष के शंखनाद का उदाहरणमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। यहां के कार्यकर्ताओं को ऐसा प्रशिक्षण, शिक्षण मिलता है जहां राष्ट्रभक्त के रूप में लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया जाता है। यादव ने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जहां छोटे छोटे कार्यकर्ता भी कब पीएम और सीएम बन जाए कोई नहीं जानता। उन्होंने बिहार की तारीफ करते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि 2000-3000 साल पहले यह प्रदेश ही लोकतंत्र का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। यही नहीं आपातकाल के दौरान भी बिहार ने संघर्ष का शंखनाद कर देश में उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके पिता मिल मजदूर रहे हैंमुख्यमंत्री ने पटना प्रवास के दौरान इस्कॉन मंदिर जाकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण और राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं के समक्ष नमन किया। इस मौके पर डॉ. यादव ने विभिन्न कार्यक्रमों में अपने पिता और परिवार के सदस्यों के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता मिल मजदूर रहे हैं। उन्होंने अनेक कठिनाइयों के बीच जीवन जीया। आर्थिक दिक्कतों के बावजूद परिवार से मिले संस्कार महत्व रखते हैं। कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हों, व्यक्ति को घबराना नहीं चाहिए। अपने आराध्य का स्मरण अवश्य करना चाहिए। निरंतर कर्म से व्यक्ति को पहचान और प्रतिष्ठा मिलती है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिनाइयों के बीच जीवन बिताया।

कड़ाके की सर्दी के लिए हो जाएं तैयार: दो दिन बाद महसूस होगा कश्मीर की बर्फबारी का असर

Get ready for harsh winter: Effect of snowfall in Kashmir will be felt after two days भोपाल। राजधानी में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन रात के तापमान में गिरावट रही। इससे बुधवार-गुरुवार की रात जनवरी की सबसे सर्द रात दर्ज हुई। रात का पारा 10.6 डिग्री रहा, जो इस साल जनवरी में सबसे कम न्यूनतम पारा है। शहर में तीन दिन से न्यूनतम पारे में लगातार गिरावट हो रही है। अब भोपाल सहित पूरे प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का असर बढ़ेगा। कश्मीर में हो रही बर्फवारी का असर दो से तीन दिन में मप्र के ज्यादातर हिस्सों में महसूस किया जाएगा। मंगलवार को पारा 11.4 डिग्री था, जो बुधवार को 11 और गुरुवार को 10.6 डिग्री रहा। साथ ही पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में तेजी से गिरावट रही। भोपाल में दिन का पारा 1.6 डिग्री गिरकर 24.3 डिग्री रहा। प्रदेश के उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा, खजुराहो में 4 डिग्री तक अधिकतम तापमान में गिरावट रही। खजुराहो, नौगांव, ग्वालियर और टीकमगढ़ में सीवियर कोल्ड डे रहा, जबकि सीधी और सतना में कोल्ड डे रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार अगले एक दो दिन में रात के तापमान में दो डिग्री तक और गिरावट होगी। प्रदेश में सबसे सर्द दिन खजुराहो में पारा 13.5 डिग्री और रात का दतिया तथा नौगांव में 5.6 डिग्री पर रहा है।कश्मीर में बर्फवारी का होगा असर:मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के अनुसार अब कश्मीर में बर्फवारी शुरू हो रही है। उत्तरी हवाओं के साथ इसका असर मप्र तक महसूस होगा। इसके लिए अभी कुछ समय लगेगा। उम्मीद है कि दो से तीन में प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कड़ाके की सर्दी पड़ेगी। दो दिन में भोपाल सहित कई जिलों में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट होगी। भोपाल में रात का पारा 7 से 8 डिग्री के करीब पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट के कारण कड़ाके की सर्दी शुरू होगी।दिन के पारे में कहां कितनी गिरावट:श्री शुक्ला के अनुसार गुरुवार को हवाएं कुछ हिस्से में उत्तरी और उत्तर पूर्वी रहीं हैं। इससे दिन के तापमान में गिरावट रही है। विशेषकर पूर्वी मप्र के छिंदवाड़ा, उमरिया, सिवनी, खजुराहो, नौगांव, ससतना, सागर, टीकमगढ़, रीवा, जबलपुर, सतना, मंडला, मलाजखंड आदि जिलों में दिन का पारा 2 से 4 डिग्री तक गिरा है। इन जिलों में अभी और गिरावट होगी। भोपाल में भी सर्द हवाओं का असर बढऩे से दिन और रात के तापमान में दो से 3 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। इससे शहर में तेज सर्दी की उम्मीद है।

आमजन के जीवन में बदलाव लाने और नई पीढ़ी को संस्कारित करना मप्र सरकार की प्राथमिकता

It is the priority of Madhya Pradesh government to bring change in the lives of common people and to educate the new generation. भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को बिहार की राजधानी पटना पहुंचें थे। वहां उनका जोरदार स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चूंकि भगवान श्रीकृष्ण के प्रबल अनुयायी हैं और बिहार में यादव समाज की संख्या अच्छी खासी है। पटना में मुख्यमंत्री श्री कृष्ण चेतना विचार मंच के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के प्रसंगों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की पहल के साथ ही नई शिक्षा नीति में सनातन संस्कृति का समावेश हमारा संकल्प है। मप्र में मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया है। इस पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना के गांधी मैदान स्थित श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हजारों साल से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता हैमुख्यमंत्री ने कहा कि माता सीता की जन्मस्थली बिहार आकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं। ऐसी पवित्र धरती को मैं प्रणाम करता हूं। यह भगवान महावीर स्वामी की धरती है, जिससे बिहार की पहचान है। साथ ही सम्राट अशोक की भी धरती है। सम्राट अशोक का मप्र उज्जैन से खासतौर पर अलग तरह का रिश्ता रहा है। हजारों साल से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता है। आज के इस दौर में लोकतंत्र को जिंदा रखने में हमारे समाज की भूमिका बहुत बड़ी है। हमें प्रदेश और देश की सेवा के साथ-साथ भारत का मान दुनिया में बढ़े उस दिशा में हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यही तो हम हजारों से साल से करते आए हैं और यही हमारा कर्तव्य भी है। परमात्मा ने हमें जहां जिस जगह जन्म दिया है एक अनूठा संयोग हमारे साथ जुड़ता है।

20 जनवरी से हटेगा भोपाल का BRTS कॉरिडोर, सीएम मोहन यादव ने दिए निर्देश

Bhopal’s BRTS corridor will be removed from January 20, CM Mohan Yadav gave instructions सीएम मोहन यादव ने दिए निर्देश भोपाल ! सीएम यादव ने कहा कि यातायात में सुगमता और जन सुविधा के लिए इसे हटाने का निर्णय लिया गया है. जहां ट्रैफिक का दबाव सर्वाधिक हो, वहीं से कॉरिडोर हटाने का कार्य आरंभ किया जाएगा. राजधानी भोपाल की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए नासूर बन चुके बीआरटीएस (BRTS) को हटाने का काम 20 जनवरी से शुरू हो जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज बुधवार को भोपाल को बीआरटीएस से मुक्त करने के फाइनल प्लान पर चर्चा की.उन्होंने कहा कि जहां ट्रैफिक का दबाव सर्वाधिक हो, वहीं से बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का कार्य आरंभ किया जाए. यहां बताते चलें कि भोपाल के बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधि लंबे समय से कर रहे थे. नई सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का आदेश दे दिया था. आज बुधवार (17 जनवरी) को भोपाल में मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजधानी के बीआरटीएस कॉरिडोर (BRTS) को हटाने के संबंध में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी जी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में तय किया गया कि भोपाल के बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का कार्य बैरागढ़ से आरंभ किया जाएगा. तय समय सीमा में होना चाहिए हटाने का काम’सीएम यादव ने कहा कि यातायात में सुगमता और जन सुविधा के लिए इसे हटाने का निर्णय लिया गया है. जहां ट्रैफिक का दबाव सर्वाधिक हो, वहीं से कॉरिडोर हटाने का कार्य आरंभ किया जाएगा. जन सुविधा को देखते हुए कॉरिडोर हटाने का कार्य रात में हो. पुलिस से समन्वय करते हुए इस संपूर्ण अवधि में शहर में सुगम तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बीआरटीएस हटाने का काम तय समय सीमा में होना चाहिए. 15 साल पहले 360 करोड़ रुपए किए थेयहां बताते चले कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तब के सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने साल 2009 में बीआरटीएस (Bus Rapid Transit System) कॉरिडोर के लिए निविदाएं जारी की थीं. साल 2011 में एक संशोधित डीपीआर (DPR) के बाद इसे मंजूरी दे दी गई. इसके बाद 27 सितंबर 2013 को बीआरटीएस का काम पूरा हुआ. इसमें मिसरोद से लेकर संत हिरदाराम नगर (पूर्व में बैरागढ़) तक 24 किलोमीटर के कॉरिडोर का निर्माण पूरा किया गया. शिवराज सरकार ने इस प्रोजेक्ट में करीब 15 साल पहले 360 करोड़ रुपए खर्च किए थे.

मोहन कैबिनेट बैठक सम्पन्न, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

Mohan Cabinet meeting concluded, these proposals approved भोपाल ! सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रीराम वन पथ गमन के विकास की कार्य योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। प्रथम चरण में पथ के अयोध्या से चित्रकूट तक के विकास के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में गतिविधियां संचालित की जायेंगी।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई , बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। बैठक में आज इसमें पीएम जनमन योजना को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। वही तय किया गया कि सभी मंत्री अपने गृह जिले में 26 जनवरी को झंडा वंदन करेंगे। कैबिनेट में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

बांधवगढ़ में लगातार बाघों की मौत फिर भी सरकार मौन क्यों?

Continuous death of tigers in Bandhavgarh, yet why is the government silent? उमरिया । विश्व प्रसिद्ध और बाघ दर्शन के लिए मशहूर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बार फिर वन्य प्राणी प्रेमियों के लिए बुरी खबर सामने आई है। जिसमें एक नर बाघ शावक की मौत हो जाने की जानकारी मिली है। प्रबंधन के द्वारा मृत बाघ शावक का पीएम आदि कराकर टाइगर रिजर्व की वरिष्ठ अधिकारियों और डॉक्टरों की मौजूदगी में एनटीसीए की गाइडलाइन के तहत उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। दरअसल बांधवगढ़ में लगातार बाघों की मौत से जहां प्रबंधन कटघरे में है।वहीं बीते दिसंबर माह में दर्जन भर बाघों की असमय मौत हो जाना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। इस बार भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर परिक्षेत्र अंतर्गत बरबसपुर बीट के कक्ष क्रमांक 125 में एक नर बाघ शावक मृत अवस्था में गश्ती दल को मिला है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के प्रबंधन की ओर से जानकारी दी गई है कि अमृत न भाग सावन के आसपास एक दूसरे बैग की पगमार्क मिले हैं इसके अलावा मृत शावक को घसीटने के भी निशान दिखाई दे रहे हैं। मृत शावक के शरीर के सभी अंग मौजूद हैं। इसके बाद मृत शावक का डॉक्टर नितिन गुप्ता और बी बी एस मार्को के द्वारा पोस्टमार्टम कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजने सैंपल एकत्रित किए गए हैं। मृत शावक का पीएम उपरांत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की वरिष्ठ अधिकारियों एनटीसीए के मेम्बर की मौजूदगी और एनटीसीए गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया है। बताया गया कि नर बाघ शावक की मौत प्रथम दृष्ट्या किसी दूसरे बाघ से आपसी संघर्ष के कारण होना प्रतीत होता है।

कूनो में चीते की मौत नामीबिया से लाए एक और चीते ने तोड़ा दम

भोपाल। मॉनीटरिंग टीम को चीता शौर्य अचेत अवस्था में मिला था। कूनो में अब तक दस चीतों की मौत हो चुकी है, इनमें सात चीते और तीन शावक शामिल हैं। लॉयन प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ने बताया कि आज करीब सवा तीन बजे चीता शौर्य की मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का खुलासा होगा। अब तक 7 चीते और 3 शावक की मौत कूनो में अब तक चीते और शावक को मिलाकर यह 10वीं मौत है। इनमें 7 चीते और 3 शावक हैं। प्रोजेक्ट चीता में सितंबर 2022 में आठ चीतों को नामीबिया से लाया गया था। इसके बाद फरवरी 2023 में 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था। नामीबिया से लाया गया चीता शौर्य अपने सगे भाई गौरव के साथ आया था। दोनों हमेशा एकसाथ रहते थे, साथ शिकार करते थे। कुछ समय पहने दोनों की अग्नि और वायु चीते से भिड़ंत हुई थी। वे दोनों भी सगे भाई थे। इसमें अग्नि चीता गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बार चीतों को बाड़े में बंद कर दिया था। + कब-कैसे हुई चीतों की मौत… 26 मार्च 2023: साशा की किडनी इंफेक्शन से मौत  नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन से मौत हो गई। वन विभाग ने बताया कि 15 अगस्त 2022 को नामीबिया में साशा का ब्लड टेस्ट किया गया था, जिसमें क्रियेटिनिन का स्तर 400 से ज्यादा था। इससे ये पुष्टि होती है कि साशा को किडनी की बीमारी भारत में लाने से पहले ही थी। साशा की मौत के बाद चीतों की संख्या घटकर 19 रह गई। 27 मार्च : ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया साशा की मौत के अगले ही दिन मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया। ज्वाला को नामीबिया से यहां लाया गया था। कूनो नेशनल पार्क में इन शावकों को मिलाकर चीतों की कुल संख्या 23 हो  गई। 23 अप्रैल : उदय की दिल के दौरे से मौत साउथ अफ्रीका से लाए गए चीते उदय की मौत हो गई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बताया गया कि उदय की मौत कार्डियक आर्टरी फेल होने से हुई। मध्यप्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस चौहान ने बताया कि हृदय धमनी में रक्त संचार रुकने के कारण चीते क्की मौत हुई। यह भी एक प्रकार का हार्ट अटैक है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 22 रह गई।  9 मई : दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत दक्षा को दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। जेएस चौहान ने बताया कि मेल चीते को दक्षा के बाड़े में मेटिंग के लिए भेजा गया था। मेटिंग के दौरान ही दोनों में हिंसक इंटरेक्शन हो गया। मेल चीते ने पंजा मारकर दक्षा को घायल कर दिया था। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 21 रह गई। 23 मई : ज्वाला के एक शावक की मौत मादा चीते ज्वाला के एक शावक की मौत हो गई। जिएस चौहान ने बताया कि ये शावक जंगली 31 परिस्थितियों में रह रहे थे। 23 मई को श्योपुर में भीषण गर्मी थी। तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस था। दिनभर गर्म हवा और लू चलती रही। ऐसे में ज्यादा गर्मी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी इनकी मौत की वजह हो सकती है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 20 रह गई। 25 मई : ज्वाला के दो और शावकों की मौत पहले शावक की मौत के बाद तीन अन्य को चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया था। इनमें से दो और शावकों की मौत हो गई। अधिक तापमान होने और लू के चलते इनकी तबीयत खराब होने की बात आमने सामने आई थी। इसके बाद कूनो में एक शावक सहित 18 चीते बचे। 11 : मेल चीता तेजस की मौत चीते तेजस की गर्दन पर घाव था, जिसे देखकर अनुमान लगाया गया कि चीतों के आपसी संघर्ष में उसकी जान गई है। इस मौत के बाद कूनो में 17 चीते बचे थे। 14 जुलाई : मेल चीता सूरज की मौत चीते सूरज की गर्दन पर भी घाव मिला। कूनो प्रबंधन का अनुमान है कि चीतों के आपसी संघर्ष में ही सूरज की जान गई है। इससे नेशनल पार्क में चीतों की संख्या घटकर 16 रह गई थी। 2 अगस्त : मादा चीता धात्री की मौत कूनो परिसर में ही मादा चीता धात्री का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम में इंफेक्शन से मौत की वजह सामने आई थी। धात्री की मौत होने के बाद चीतों की संख्या 15 रह गई थी। 03 जनवरी : आशा ने तीन शावक जन्मे इसी साल 03 जनवरी को श्योपुर जिले के कूनो बेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी आई। मादा चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया। कूनो में अब 4 शावक समेत कुल 18 चीते हो गए थे। नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाई गई मादा चीता आशा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह नाम दिया था।  16 जनवरी 2024: नर चीते शौर्य की मौत नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क लाए गए नर चीते शौर्य ने दम तोड़ा। अब यहां 4 शावक समेत 17 चीते बचे हैं।

45 एनकाउंटर करने वाले पुलिस अधिकारी जिनके नाम से थर्राते थे चंबल के डकैत, लेकिन अब खुद थाने में लगा रहे गुहार

Chambal’s dacoits used to tremble with the name of 45 encounter police officers, but now they themselves are appealing to the police station. भिण्ड ! मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में केडी सोनकिया उर्फ केशवदास सोनकिया ऐसा नाम है जिसे सुनते ही एक वक्त खूंखार डकैत कांप जाया करते थे, जिसकी धमक से ही डकैत अपना रास्ता बदल लिया करते थे ! और जिसके आगे बड़े-बड़े बदमाश टिक नहीं पाते थे,मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में एक समय सुपर कॉप रहे केडी सोनकिया अब खुद ही ठगी का शिकार हो गए. बात थोड़ी हैरान कर देने वाली है,जिसने भी यह बात सुनी वह भी दंग रह गया कि आखिर यह कैसे संभव है. जिंदगी भर जिस सुपर कॉप का बदमाशों से पाला पड़ा, वह कैसे खुद ही बदमाशों के चंगुल में फंस गया,दरअसल, इस ठगी की पूरी कहानी साल 2017 में सितंबर के महीने से शुरू हुई थी. पुलिस विभाग से रिटायर्ड केडी सोनकिया इन दिनों ग्वालियर में थाटीपुर थाना इलाके के गुलाबचंद की बगीची में रहते हैं. सितंबर 2017 में केडी सोनकिया की मुलाकात भिंड जिले के अमायन इलाके में रहने वाले राजकुमार शर्मा से हुई थी. राजकुमार शर्मा भिंड का निवासी है, लेकिन वह वर्तमान में अहमदाबाद में निवास करता है.राजकुमार शर्मा ने केडी सोनकिया को बताया कि उनका एक सहयोगी जिसका नाम धर्मेंद्र भाई कांति भाई पटेल है, वह अहमदाबाद में 200 फ्लैट बनाने के एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, अगर मुनाफा कमाना है तो इस प्रोजेक्ट में पैसा इन्वेस्ट कर दें जिससे मोटा मुनाफा होगा.राजकुमार ने केडी सोनकिया से 50 लाख रुपए इन्वेस्ट करने के लिए कहा, लेकिन सोनकिया ने राजकुमार को बताया कि इतनी बड़ी रकम फिलहाल उनके पास उपलब्ध नहीं है. जब राजकुमार ने केडी सोनकिया को बार-बार इन्वेस्ट करने के लिए कहा तो केडी सोनकिया ने ₹500000 राजकुमार को दे दिए. यह रकम चेक के माध्यम से दी गई थी, लिहाजा धर्मेंद्र भाई कांति भाई पटेल की तरफ से एक एग्रीमेंट भी केडी सोनकिया को दिया गया. समय बीतता गया और केडी सोनकिया प्रॉफिट का इंतजार करते रहे, लेकिन जब कुछ समय पहले केडी सोनकिया ने अपने 5 लाख रुपए और उस पर मिले प्रॉफिट को वापस मांगा तो राजकुमार समेत उसका सहयोगी पैसे देने में आनाकानी करने लगा.

बाल भवन में जिला स्तरीय आर्म रेसलिंग 21 जनवरी को,

District level arm wrestling at Bal Bhawan on 21st January. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वधान में जिला स्तरीय आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप होने जा रही है, उक्त प्रतियोगिता बाल भवन सिटी सेंटर ग्वालियर में दिनांक 21 जनवरी 2024 को होगी प्रतियोगिता सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी। यह जानकारी ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ केशव पांडे ने एक मीटिंग में दी ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव एवं ग्रीनवुड स्कूल के डायरेक्टर डॉ आदित्य भदौरिया ने बताया कि इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी भार वर्ग एवं आयु वर्ग में विभाजित होकर मुकाबला करेंगे कुछ मुख्य वर्ग इस प्रकार हैं, सब जूनियर, जूनियर, सीनियर, महिला वर्ग, दिव्यांग वर्ग आदि। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी को पदक एवं प्रमाण पत्र दिया जाएगा और विजेता खिलाड़ियों को 28 जनवरी को भोपाल में संपन्न होने जा रही राज्य स्तरीय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा। संस्था के सचिव डॉक्टर आदित्य भदौरिया ने आगे बताया कि ग्वालियर आर्म रेसलिंग का हब बन चुका है ! तथा ग्वालियर में नेशनल एवं इंटरनेशनल खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। मीटिंग में वर्ल्ड चैंपियनशिप एवं ग्वालियर आर्म रेसलिंग कोच मनीष कुमार एवं भूपेंद्रकांत भी उपस्थित थे, वर्ल्ड चैंपियन मनीष कुमार जी ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रो पंजा लीग सीजन 1 के बाद पहली जिला आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का ध्यान इसी बात पर होगा कि किसी भी तरह इस प्रतियोगिता में भाग लेकर राज्य स्तरीय आर्म रैसलिंग प्रतियोगिता में भाग ले और वहां से जीत कर नेशनल प्रतियोगिता में लेंगे। भूपेंद्रकांत जी ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन 15 एवं 16 जनवरी 2024 को ग्वालियर आर्म रेसलिंग अकादमी जेसी मिल बिरला नगर में होंगे।

21 करोड़ से जगमगाएगा कोलार, बनेगा नया डिवीज़न कार्यालय

Kolar will shine with Rs 21 crore, new division office will be built भोपाल। कोलार के वार्ड 80 से 85 तक के क्षेत्र में 21 करोड़ की लागत राशि से विद्युतीकरण कार्य किए जाएंगे। जिसके अंतर्गत 33/11 केवी सब स्टेशन का निर्माण, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, पावर क्षमता वृद्धि सहित पुराने तारों एवं पोलो को बदला जाएगा। रविवार को सात करोड़ की लागत से होने वाले कार्य शुभारंभ विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पहले कोलार में हमने नया डिवीज़न क्षेत्र घोषित कराया। पहले इसका चांदबड डिवीज़न में था। जिसके लिए ओल्ड सिटी जाना पड़ता था। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कोलार में निर्वाद विद्युत सप्लाई के क्षेत्र में बहुत काम किया गया। पहले भी 25 करोड़ की राशि से आईपीडीएस योजना के अंतर्गत खर्च किए गए। थुआखेड़ा में अशोक सिंहल पॉवर हाउस का निर्माण कराया गया। बनेगा मिनी सचिवालयविधायक शर्मा ने कहा की एसडीएम कोलार कार्यालय परिसर में गेहूंखेड़ा में ही सभी कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। जिसे मिनी सचिवालय भी कहा जा सकता है। एक ही जगह सभी कार्यालय होने से नागरिकों को अलग अलग जगह आना-जाना न पड़े। शर्मा ने कहा कि यहां एसडीएम तहसील, नगर निगम जोन कार्यालय तो पहले से ही लग रहा है यहीं विद्युत डिवीज़न कार्यालय बनाया जाएगा साथ ही यहीं एडिशनल डीसीपी का कार्यालय भी बनाया जाएगा।

150 साल का हुआ आईएमडी, भोपाल मौसम केंद्र सालभर करेगा समारोह

IMD turns 150, Bhopal weather center will celebrate throughout the year भोपाल। सोमवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), मौसम विज्ञान में 150 वर्ष पूरे कर रहा है। 15 जनवरी 1875 में स्थापना के साथ भारत मौसम विज्ञान विभाग लगातार देश को सटीक मौसम पूर्वानुमान, चेतावनियां और जलवायु की जानकारी दे रहा है। इस दिशा में देश के सभी मौसम केंद्रों के साथ ही भोपाल मौसम केंद्र भी लगातार अपडेट हो रहा है। इस 150वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए मौसम केंद्र भोपाल इस साल भर में समारोह का आयोजन करेगा। इसके तहत सम्मेलन, कार्यशाला और जनहितैषी, कार्यक्रम शामिल होंगे, जो मौसम विज्ञान, जलवायु परिवर्तन और तैयारी के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए होंगे। इसी आयोजन के तहत 15 जनवरी 2024 को मौसम केंद्र भोपाल द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसका उदघाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा मौसम मुख्यालय नई दिल्ली में एवं प्रादेशिक स्तर पर डॉ. देवेंद्र प्रधान, पूर्व वैज्ञावनक जी, आईएमडी एवं विशेष अतिथि डॉ. डी. पी. दुबे, पूर्व प्रमुख, मौसम केंद्र भोपाल द्वारा किया जाएगा। मौसम केंद्र भोपाल में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी। प्रदर्शनी, अलोकन के लिए स्कूल कॉलेज के विद्यार्थीआम जन लिए दोपहर 2 से 6 बजे तक खुली रहेगी। हम 150 वर्षों की सेवा का समारोह मना रहे हैंभारत मौसम विज्ञान विभाग के अंतर्गत मौसम केंद्र भोपाल के प्रमुख आर. बालसुब्रमवर्यन ने वर्षों से मिल रहे समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उनका कहना है कि संगठन लगातार सुधार में जुटा है। हम 150 वर्षों की सेवा का समारोह मना रहे हैं, और हम देश को सटीक और समय पर मौसम जानकारी प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। हम भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीक के सहयोग से आगे बढऩे की उम्मीद कर रहे हैं।

नगर निगम भोपाल के नीमच में बन रहे दो संयंत्र इस वर्ष काम करने लगेंगे, महापौर व अधिकारी पहुंचे

Two plants being built in Neemuch of Municipal Corporation Bhopal will start functioning this year. भोपाल। नगर निगम भोपाल के नीमच में बन रहे दो संयंत्र इस वर्ष काम करने लगेंगे, जिसकी प्रगति देखने भोपाल से नगर निगम महापौर मालती राय व विद्ययुत शाखा के अधिकारी रविवार को नीमच पहुंचे। नीमच पहुंचने के बाद महापौर ने बताया कि रास्ते में कई पवन ऊर्जा संयत्र का भी निरीक्षण कर सभी प्रकार की जानकारी लीं। जिससे यह जानकारी मिल सके कि भोपाल नगर निगम सही दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह दोनों संयत्र इस साल काम करने लगेंगेए जिससे इन परियोजनाओं से 55 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यह बिजली निगम को 25 वर्षों तक रियायती दर पर उपलब्ध होगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नीमच में 180 करोड़ रुपये से 20-20 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा और 90 करोड़ रुपये से 15 मेगावाट का एक पवन ऊर्जा संयत्र लग रहा है। नगर निगम बिजली के बढ़ते खर्च से बचने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ा रहा है। इसके लिए नीमच में 180 करोड़ रुपये से 20ण्20 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा संयंत्र और 90 करोड़ रुपये से 15 मेगावाट का एक पवन ऊर्जा संयत्र लगाने जा रहा है। तीनों परियोजनाओं से 55 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यह बिजली निगम को 25 वर्षों तक रियायती दर पर मिलेगी। महापौर मालती राय के अनुसार प्रथम चरण में 20 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम शुरु हो गया है। इसमें 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 28 करोड़ रुपये नगर निगम को देना होगाए जबकि बाकी रकम ठेकेदार लगाएगा। इसके बदले निगम को ठेकेदार आगामी 25 वर्षों तक 3.14 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देगा। वहीं दूसरे चरण में 15 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र प्लांट के लिए नीमच में भूमि आवंटित होने के बाद काम चालू हो गया है। इसकी लागत भी 90 करोड़ रुपये होगी। इसमें 30 करोड़ रुपये नगर निगमए जबकि बची हुई राशि ठेकेदार मिलाएगा। इसमें भी निगम को 25 वर्षों तक 4.24 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। तीसरे चरण में नीमच में 20 मेगावाट का एक अन्य सोलर संयंत्र लगना शुरू हो गया है। इसकी लागत भी 90 करोड़ रुपये होगी। इसमें भी निगम को केवल 28 करोड़ रुपये देने होंगे।

84 इंस्पेक्टर बनेंगे डीएसपी, सीएम के निर्देश के बाद पीएचक्यू ने तैयार किया प्रस्ताव, गृह विभाग को भेजा

84 inspectors will become DSP, after instructions from CM, PHQ prepared proposal, sent it to Home Department भोपाल। प्रदेश के 84 इंस्पेक्टर जल्द ही कार्यवाहक डीएसपी बनाए जाने वाले हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रस्ताव गृह विभाग को भेज भी दिया है। इसके लिए इंस्पेक्टरों की सीनियर्टी की स्क्रूटनी भी की गई है। प्रदेश में पुलिस अफसरों की पदोन्नति किए को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए थे।इस निर्देश के पालन में पिछले महीने पुलिस मुख्यालय ने करीब 13 सौ पुलिस कर्मियों और जवानों को पदोन्नति दी। अब इसमें उपनिरीक्षक से कार्यवाहक निरीक्षक और निरीक्षक से कार्यवाहक ऊरढ की पदोन्नति की जाना है। इस क्रम में डीएसपी की पदोन्नति का काम तेजी से चल रहा है। पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा के अफसर इस काम में तेजी से लगे हुए हैं। इसमें वे 250 सीनियर निरीक्षकों के रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। जिसमें इनकी डीई सहित अन्य जांचों को देखा जा रहा है। उनके रिकॉर्ड को खंगालने के बाद जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेजा जाएगा। वन टर्म प्रमोशन होगा पुलिस अफसरों को वन टर्म प्रमोशन देने की प्रक्रिया पिछले कुछ सालों से चल रही है। दरअसल प्रदेश में पदोन्नति पर कोर्ट की रोक होने के चलते पुलिस अफसरों को कार्यवाहक पद देकर पदोन्नति दी जा रही है। इसी क्रम में सभी के प्रमोशन किए जा रहे हैं। जिसमें उन्हें उच्च पद का प्रभार दिया जाता है। प्रदेश में निरीक्षकों से डीएसपी बनने लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले साल भी बड़ी संख्या में निरीक्षकों को कार्यवाहक डीएसपी बनाकर उन्हें डीएसपी का प्रभार दिया था। इससे बाद भी यह पदोन्नति पाने वालों की संख्या में कमी नहीं आई। इस साल होने वाली 84 पदोन्नति के बाद प्रमोशन की स्थिति कुछ हद तक बेहतर हो सकती है।

आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए केन्द्रवार 10-10 सीएचओ की तैनाती की जाएगी।

Center wise 10-10 CHOs will be deployed for making Ayushman cards. विशेष पिछड़ी जाति के सभी पात्र किसानों के केसीसी बनाने में मिली सफलता स्‍वीकृत वनाधिकार पट्टों के किसानों के भी केसीसी बनाये जायेंगे बालाघाट । विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिये भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्‍याय महाअभियान (पीएम जन-मन) चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले की बैगा जनजाति के समग्र विकास के लिये जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास करते हुये कुल 260 बसाहटों में जन कल्‍याणकारी योजनाओं के साथ-साथ आधारभूत व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जा रही है। गुरुवार को कलेक्‍टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने पीएम जन-मन योजनांतर्गत किये जा रहे कार्यो की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान आयुष्‍मान कार्ड बनाने मे आ रही समस्‍या को देखते हुये निर्देश दिये कि जनपद सीईओ अब केंद्रवार 10-10 सीएचओ की ड्यूटी आयुष्‍मान कार्ड बनाने लगायेंगे। सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ श्री आरसी पटले ने बैठक में बताया कि बैगा जनजाति के 97 पात्र किसानों के केसीसी बनाने का लक्ष्‍य था वो पूर्ण कर लिया गया है। इस संबंध में कलेक्‍टर डॉ. मिश्रा ने सीईओ श्री पटले सहित सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि पीएम जन-मन योजना में जितने भी बैगा जनजाति के पात्र नागरिकों को वनाधिकार पट्टे प्रदान किये जायेंगे उन्‍हें विशेष रूप से केसीसी भी प्रदाय किया जाना है। एसडीएम इस संबंध में उपखंड स्‍तरीय समिति में वनाधिकार पट्टों का निर्धारण कर जिला स्‍तरीय समिति के पास शीघ्रता से भेजे। बैठक में जिपं सीईओ श्री डीएस रणदा, एडीएम श्री ओपी सनोडिया, एसी ट्राइबल श्री पीएन चतुर्वेदी, डीएसओ ज्‍योति बघेल सहित अन्‍य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। पलायन कर गये नागरिकों के मोबाईल नम्‍बरों पर सम्‍पर्क करे राशन कार्ड सहित आधार कार्ड बनाने की समीक्षा के दौरान विभिन्‍न विभागों व जनपद सीईओ द्वारा जानकारी दी गई कि कई नागरिक पलायन कर जाने से उनके आधार जाति और संबंधित व्‍यक्ति का राशन कार्ड या पात्रता पर्ची बनाने में समस्‍या आ रही है। कलेक्‍टर डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिये कि ऐसे व्‍यक्तियों के मोबाईल न. तलाश करे और उनसे सम्‍पर्क कर आधार, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्‍मान कार्ड तथा राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूर्ण कराये। जिले में बैगा जनजाति की 260 बसाहटों में 31033 नागरिकों में से 1747 के आधार कार्ड बनने है जिसमें से अब तक 959 आधार कार्ड बनाये जा चुके है। इसी तरह 1478 के जाति प्रमाण पत्र में से पीएम जन-मन अभियान के दौरान 878 के जातिप्रमाण पत्र बनाये गये है। आयुष्‍मान कार्ड की बात की जाये तो कुल 3683 के आयुष्‍मान कार्ड बनाये जाने थे जिसमें गुरुवार तक अभियान के दौरान 1348 के कार्ड बनाये गये है। इसके अलावा 381 नागरिकों के राशन कार्ड बनाने के मामले में गुरुवार तक 179 के कार्ड बनाये जा चुके है।

अतिथि शिक्षक सुसाइड मामला: गिरफ्तारी के 24 दिन बाद प्राचार्य को किया निलंबित

Guest teacher suicide case: Principal suspended 24 days after arrest 8 दिसंबर को भेजा था पत्र भोपाल। भोपाल जिले के ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकंडरी स्कूल के अतिथि शिक्षक सुसाइड मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने करीब 24 दिन बाद अब प्राचार्य श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि डीईओ अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को निलंबित करने के लिए 8 दिसंबर को पत्र भेजा था। जिस पर 24 दिन बाद कार्रवाई की गई है। आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में विजवर्गीय का मुख्यालय कार्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक भोपाल संभाग, भोपाल मप्र रहेगा एवं निलंबन काल में उन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। गलतियों भरे आदेश पर हस्ताक्षर भी हो गएमामले में 24 दिन की देरी के बाद जारी किए गए आदेश में कुछ गलतियां भी की गई हैं। जारी आदेश में बताया गया है कि प्रकरण में अभियुक्त श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को पुलिस ने 19 दिसंबर को अरेस्ट कर न्यायालय में पेश किया था और जेल भेज दिया था। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 8 दिसंबर 2024 को इसकी सूची दे दी गई थी। इस आदेश पर बकायदा लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा हस्ताक्षर भी किए गए हैं, लेकिन इस गलती पर ध्यान नहीं दिया गया। यह है पूरा मामला: जानकारी के मुताबिक मूलतःअशोक नगर निवासी आकाश यादव पिता गोपाल यादव (23) यहां ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकेंडरी स्कूल में बतौर अतिथि शिक्षक नौकरी कर रहे थे। पिछले साल 13-14 अक्टूबर को आकाश ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। आकाश के पास मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि प्रिंसिपल श्रीप्रकाश विजयवर्गीय उसके स्थान पर अपने साले को रखना चाहते हैं। अतिथि शिक्षक छगनलाल शाह और नरेंद्र दुबे, प्रिंसिपल के साथ मिलकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि आज मैं जो कदम उठाने को मजबूर हूं। मामले में गुनना थाना पुलिस ने प्राचार्य समेत तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब:घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब हो गए थे। उसके गायब होने के बाद भी विभाग की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था, लेकिन लोक शिक्षण के अफसर मामले में अनजान बने हुए थे। वहीं, प्राचार्य विजयवर्गीय की हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गुनगा थाने में सरेंडर कर दिया।

निजी अस्पताल में निवेश के नाम पर 130 लोगों से 5 करोड़ की ठगी

130 people cheated of Rs 5 crore in the name of investment in private hospital जालसाज दुकान, मकान में ताले लगाकर फरार भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में निवेश के नाम पर जालसाज ने 130 लोगों से रुपए ऐंठ लिए। सभी से अलग अलग धनराशि लेने वाले जालसाज ने करीब पांच करोड़ का चूना लगाया है। ठगी का पता उस समय लगा जब निवेश की समयावधि खत्म हो गई और लाभ लेने पहुंचे। इस दौरान पता चला कि जालसाज अपनी दुकान और मकान में ताला लगाकर फरार हो चुका है। पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की है। पुलिस ने शिकायती आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है। आरोपी का नाम श्यामदास बताया जा रहा है। श्यामदास औरंगाबाद का है। पूर्व में वह भोपाल में रह रहा था। उसने लोगों को बताया था कि यदि अस्पताल में निवेश करते हैं तो अस्पताल के लाभ के साथ उनकी राशि बढ़ाकर दी जाएगी। शुरुआत में आरोपी ने कम पैसा निवेश कराया था और बदले में लाभ भी दिया। बाद में जब लोगों को उस पर विश्वास हो गया तो उसने बड़ी रकम निवेश कराई और फरार हो गया।

डिलेवरी में देरी से एक लाख उपभोक्ता गोदाम से ले रहे सिलेंडर, नहीं मिल रही 29.26 रुपए की रिबेट

डिलेवरी में देरी से एक लाख उपभोक्ता गोदाम से ले रहे सिलेंडर, नहीं मिल रही 29.26 रुपए की रिबेट गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी नहीं हो रही दूर भोपाल। घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी में देरी करने की वजह से प्रत्येक माह एक लाख से अधिक उपभोक्ता गैस एजेंसियों के गोदामों से सिलेंडर ले रहे हैं। जबकि गैस एजेंसी संचालक उन्हें 29.26 पैसे की रिबेट नहीं दे रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को गोदाम से सिलेंडर लेना महंगा पड़ रहा है। बताया जाता है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करने के तीन दिन तक सिलेंडर की डिलेवरी नहीं की जाती है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को गोदाम पर जाकर सिलेंडर लेना पड़ता है। राजधानी में करीब आठ लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं। गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी पर एक सिलेंडर पर 29.26 रुपए और पांच किलो सीएनजी पर 14.63 रुपए रीबेट मिलती है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार राजधानी में रोजाना 10 हजार घरेलू और एक हजार कामर्शियल सिलेंडर की सप्लाई होती है। रोजाना साठ से सत्तर फीसदी सिलेंडर की ही होम डिलेवरी हो पाती है। बाकी सिलेंडर खुले में गाड़ी से दिए जाते हैं या डायरेक्ट गोदाम से सिलेंडर लिए जा रहे है। जिला आपूर्ति नियंत्रक मीना मालाकार का कहना है कि गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी नहीं हो रही और उपभोक्ता को गैस गोदाम से सिलेंडर लेने जाना पड़ रहा है तो वह रीबेट के 29.26 रुपए देना उनका अधिकार है।

ई- रिक्शा,आपे बेलगाम राजधानी के विभिन्न इलाकों में रोजाना लग रहा जाम

E-Rickshaw Aape Belgaum is causing daily traffic jam in various areas of the capital. बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद होने से आटो व ई-रिक्शा चालक यात्रियों से कर रहे मनमानी भोपाल। राजधानी की सड़कों पर चलने वाले ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब भी मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं कर रहे हैं। नियमों का ठेंगा दिखाकर बेलगाम सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों से लोगों की जान संकट में बनी रहती है। इन वाहनों पर कार्यवाई करने के लिए चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस को जांच करने की फुर्सत तक नहीं हैं। वहीं आरटीओ उड़नदस्ता भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।मंगलवार को हरिभूमि ने राजधानी के रंगमहल न्यू मार्केट, कोलार, भेल पिपलानी सहित अन्य मार्गों पर ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब की पड़ताल की। जो सूरत-ए-हाल दिखे वे बेहद चिंताजनक हैं। ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग वाहन बेधड़क नियम रौंदकर भागते दिखे, इतना नहीं यात्रियों से मनमाना किराया लेना, अभद्रता की शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं दिखा। आलम ये है कि रात नौ बजे के बाद तो किराया दोगुना से अधिक हो जाता है। यात्रियों को गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंचाने की रोजना शिकायतें सामने आ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी भोपाल व रानीकमलापति स्टेशन के बाहर से आने वाले यात्रियों को सामना करना पड़ रहा है। यात्री परेशान हो रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी बेफिक्र है। तेजी से बढ़ रहे हैं ई-रिक्शा राजधानी में तेजी से ई-रिक्शा बढ़ रहे हैं। कोलार, करोद, भेल, अवधपुरी, अयोध्या बायपास, मिसरोद, बुधवारा, सोमवारा, मंगलवारा, गांधी नगर सहित शहर का एक भी ऐस क्षेत्र नहीं है, जहां पर मनमर्जी से ई-रिक्शा चलते हुए नहीं मिले। क्षमता से अधिक यात्री बैठाना, ओवर टैकिंग करना, अचानाक बीच सड़क पर कहीं भी चालक ई-रिक्शा को मोड़ देते हैं। अभी तक तय नहीं किए मार्गइससे आए दिन वाहनों के भिड़ने की घटनाएं हो रही हैं। अब तक आरटीओ की ओर से भीतरी कालोनियों में आने-जाने के लिए मार्ग तय नहीं किए हैं। मुख्यमार्गों पर ही ई-रिक्शा नियमों का ठेंगा दिखाकर दौड़ रहे हैं।बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद, मनमानी जारी जिला प्रशासन स्तर पर शहर में आटो के संचालन पर नजर रखने के लिए बस स्टैंडों व रेलवे स्टेशनों पर प्रीपेड बूथ शुरू किए गए थे। इसमें जाकर लोग तय गंतव्य के पहले से निर्धारित किराए की सूची देते थे। उसकी प्रीपेड में बैठे कर्मचारी रसीद देता था। वह रसीद संबंधित यात्री गंतव्य पर पहुंचने के बाद आटो चालक को देता था। फिर आटो चालक वापस प्रीपेड बूथ पर आकर रसीद देकर पैसे लेते थे। इससे आटो चालक यात्रियों से अधिक किराया नहीं ले पाते थे। अब प्रीपेड बूध बंद हैं और आटो चालकों को मनमानी जारी है। कैब पालिसी का असर नहींमोबाइल एप के जरिए संचालित कैय व रैपिडो की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग की कैब पालिसी है। इसके तहत इन वाहनों को सिटी का परमिट लेना होता है, कैब में पैनिक बटन लगना जरूरी है, यात्रियों पर अधिक किराया न लेना संहित अन्य नियम बने है। इसके बाद भी जमीन पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। आलम ये है कि जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर में वाहन 13000 आटो 5000 आपे आटो, 4000 कैब, 6000 ई-रिक्शा हैं। 50 हजार से अधिक यात्री हर दिन करते हैं सफरअपर परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं करने वाले सभी वाहने को जब्त किया जाता है। समन शुल्क भी लिया जाता है। बसों का चेकिंग अभियान भोपाल सहित प्रदेश भर में निरंतर चल रहा है। जल्द ही कैब, आटो पर की भी जांच कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी , “नल जल योजना” पर भ्रष्टाचारियों ने लगाया ग्रहण , अफसरो,विधायको से लेकर मंत्री तक बंटता है कमीशन

Prime Minister’s ambitious “Tap Water Scheme” has been eclipsed by the corrupt, commission is distributed from officers, MLAs to ministers. विशेष संवादाता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ,” नल जल योजना ” जिसके माध्यम से प्रत्येक गरीब परिवार के घर में नल से जल पहुंचने का कार्य किया जा रहा है । मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री की इस , नल जल योजना को , पब्लिक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सब इंजीनियर एसडीओ से लेकर विभाग के प्रमुख सचिव इसमे कमिशन के रूप मे भारी कमाई कर रहे हैं । सरकार के नेता तक इस योजना में भ्रष्टाचार कर के पलीता लगाने में लगे हुए हैं। मध्य प्रदेश के 52 अब 55 जिलों में इस योजना को पूरा किया जाना है । प्रत्येक जिले में 200 करोड़ से 350 करोड रुपए तक का बजट है ।इस बजट को बंदर बांट की तरह बांटने में अधिकारी और कर्मचारी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं ।वर्तमान समय में विभाग के‌ प्रमुख सचिव संजय शुक्ला है, जो पिछले लगभग डेढ़ 2 सालों से पदस्थ हैं । इससे पहले भी संजय शुक्ला इस पद पर रह चुके हैं । जिसके कारण उन्हें इस विभाग के एसडीओ से लेकर चीफ इंजीनियर व ईएनसी की समस्त जानकारी है । “नल जल योजना ” में बड़ी मात्रा में सामान की सप्लाई का काम किया जाता है । बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां सप्लाई का काम विभाग में करती हैं, सूत्रों की माने तो पी एस ऐसे बड़े ठेकेदारों को डायरेक्ट बुलाकर उनसे बात करते हैं । जाति विशेष अधिकारी पर प्रमुख सचिव संजय शुक्ला का संरक्षण,12 वर्षो से जमे है राजधानी में शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में संजय शुक्ला ने अपने सजातीय अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रखा था। मध्य प्रदेश के इस विभाग के एक अधिकारी, जो भोपाल राजधानी में पिछले 12 सालों से एक ही विभाग में पदस्थ हैं उन्हें हटाने के लिए विभागीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखे लेकिन संजय शुक्ला ने अपने सजातिय अधिकारी को वहां से नहीं हटाया और मुख्यमंत्री और मंत्री की नोट सीटों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया ।मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है ,शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं ।जाहिर संजय शुक्ला डॉक्टर मोहन यादव को भी अपने जाल में फंसने का पूरा प्रयास करेंगे और इस मलाईदार पद पर बने रहने की कोशिश करेंगे अपने हथकंडे अपना कर‌ पी एस शुक्ला विभागीय मंत्री को भी दरकिनार कर देते हैं और मन माने तरीके से खुद तो काम करते ही हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भी करवाते हैं मध्य प्रदेश में , “जल जीवन योजना “को पूरी तरह से पलीता लगाने का काम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निरंतर जारी है। यदि इसी तरह इस विभाग में “नल जल योजना ” को ठिकाने लगाने में यह अधिकारी और कर्मचारी लग रहे हैं ,तो निश्चित ही इस नल जल योजना का लाभ मध्यप्रदेश के गरीब जनता को नहीं मिल पाएगा और इसका ठीकरा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सिर पर फोड़ दिया जाएगा । मलाई अधिकारी~कर्मचारी खा जाएंगे ।यदि अधिकारियों और कर्मचारी द्वारा इस तरह से योजना के पैसे का बंदरबाट किया जाएगा तो, इस योजना का कार्य गुणवत्ता के आधार पर नहीं किया जा सकता जहां तक इस योजना का सवाल है ,देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहेंगे कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक आम गरीब जनता तक पहुंचे । जिस उद्देश्य से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को लागू किया है उसे योजना का क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे यदि यह लाभ आम नागरिक तक नहीं पहुंचता है तो इसके लिए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को निष्पक्ष जांच कर कर उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाने चाहिए । विधायक व सांसदो तक जाता था कमिशन एक तरफ अधिकारी कर्मचारी इस काम में सप्लाई से लेकर काम करने वाले हर मामले में मोटी रकम कमीशन के रूप में ले रहे हैं,तो वहीं दूसरी तरफ सूत्रों पर भरोसा करें तो बड़े-बड़े ठेकेदार जो इस योजना में कार्य कर रहे हैं , उनसे स्थानीय विधायक से लेकर संसद तक चंदे के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं । विभाग का कमीशन सांसदों और विधायकों को दिए जाने वाला पैसा अगर इसी तरह बटता रहेगा तो इस योजना में संबंधित ठेकेदार योजना को पूरा गुणवत्ता के साथ कैसे कर पाएगा यह सोचने वाली बात है। मामले की जाचं हो मध्य प्रदेश सरकार के नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस पूरे मामले को संज्ञान में लेना चाहिए और नल जल योजना की निष्पक्ष अधिकारियों से जांच करानी चाहिए। इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए और जो लोग भी इसमें दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए । अन्यथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नल जल योजना को यह अधिकारी और कर्मचारी पलीता लगाए बिना नहीं रहेंगे और ठीक रहा मध्य प्रदेश के योग्य शिक्षित योग्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सर पर फोड़ दिया जाएगा। मंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों को नहीं मानते प्रमुख सचिव शुक्ला विभाग में पदस्थ पी.एस . संजय शुक्ला की अपने विभाग में कितनी पकड़ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि वह अपने विभाग में सजातिय अधीनस्थ अधिकारियों की कितनी मदद करते हैं उनकी मदद करने के लिए यह अधिकारी अपने विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री तक की नोटशीट को रद्दी की टोकरी में डालकर उनके आदेशों की सरेआम अवेलना करते हैं । मुख्यमंत्री व मंत्री से जनता की आस अब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बदल गए हैं शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री बन गए हैं और मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव की जगह अब सम्पतिया उईके बन गई हैं ।अब देखना यह होगा कि यह अधिकारी मुख्यमंत्री और अपने विभागीय मंत्री को ,अपनी गिरफ्त में लेने में सफल हो जाते हैं या मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे मनमाने तरीके से और जातिवाद के आधार पर भ्रष्टाचार के आधार पर कार्य करने वाले अधिकारी की विभाग से विदाई करते हैं ।

बीआरटीएस कॉरीडोर हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू, इस माह के अंत में टूटेगा

Tender process started for removal of BRTS corridor, demolition will take place at the end of this month सीएम के सामने सीएस ने पूरी प्लानिंग रखी, इसके बाद निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ की बैठक भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के विकास को लेकर समीक्षा बैठक में भाग लेते हुए बीआरटीएस को हटाने के प्लान को भी समझा। साथ ही इस कार्य को जल्दी शुरू करने को कहा। इसके बाद भोपाल नगर निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर तुरंत ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को कहा। सीएम ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिये बीआरटीएस कॉरीडोर हटाने के संबंध में जो निर्देश दिए थेए उसके अनुसार ही अब प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत बीआरटीएस तोड़ने के लिए नगर निगम टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रहा है। टेंडर खुलने के बाद इस माह के अंत में फरवरी के पहले सप्ताह में बीआरटीएस का काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम कमिश्नर फ्रेंक नोबल ए ने बताया कि बीआरटीएस को हटाने के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके लिए सबसे पहले टेंडर जारी किए जा रहे हैं। टेंडर आने के बाद कंपनी के बारे में जानकारी मिलेगी कि वो अभी तक क्या काम कर रही थी। इसके बाद उसे ठेका दिया जाएगा। इस काम में इस माह के अंत तक का समय लग जाएगा। इसलिए बीआरटीएस तोड़ने का काम इस माह के अंत तक या फरवरी के पहले हफ्ते में बीआरटीएस तोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारी संजय मस्के अनुसार बीआरटीएस हटाने का काम नगर निगम है। इसलिए पीडब्ल्यूडी जो भी काम करेगाए वो बीआरटीएस हटने के बाद ही काम शुरू होगा।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश- 22 जनवरी को बल्व बुझे नहीं

Energy Minister Pradyuman Singh Tomar’s instructions – do not switch off bulbs on January 22 भोपाल। अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन होने जा रहा है। इसको लेकर देश वासियों को बेसब्री से इंतजार है। 22 जनवरी को पूरा देश दिवाली मनाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश जारी किया कि 22 जनवरी को प्रदेश में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि अयोध्या में रामलला के मंदिर में भगवान श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन एवं अन्य चैनलों के माध्यम से किया जायेगा। कार्यक्रम का स्वरूप अत्यंत व्यापक होगा और जन-सामान्य उक्त कार्यक्रम के साक्षी होना चाहेंगे। अत: इस दिन विद्युत व्यवधान नहीं होना चाहिए। उस दिन बिजली का मेंटनेंस का कार्य ना किया जाए। उन्होंने कहा है कि विद्युत व्यवधान होने से जन-सामान्य को कार्यक्रम देखने में असुविधा हो सकती है।

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर मौजूदा विधायक पूर्व मंत्री और हारे हुए प्रत्याशियों को मिली जगह प्रदेश चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट देंगे लोकसभा कोऑर्डिनेटर भोपाल। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति कर दी है इसमें पूर्व मंत्री, विधायक और हारे हुए प्रत्याशियों को जिम्मेदारी दी गई है। लोकसभा चुनाव में सभी कोऑर्डिनेटर को प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार से लेकर मैनेजमेंट करने की जिम्मेदारी रहेगी। कोऑर्डिनेटर चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट भी देंगे। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को मुरैना, भिंड में नितेंद्र राठौर, ग्वालियर विपिन वानखेड़े, गुना लाखन सिंह, सागर रामचंद्र डांगी, टीकमगढ़ फूल सिंह बरैया, दमोह लखन घनघोरिया, खजुराहो संजय यादव, सतना तरुण भनोट, रीवा रजनीश सिंह, सीधी विनय सक्सेना शहडोल डॉक्टर अशोक मस्कोले, बालाघाट संजय शर्मा, छिंदवाड़ा सुनील जायसवाल, होशंगाबाद दीपक जोशी, विदिशा हर्ष यादव, भोपाल प्रियव्रत सिंह, राजगढ़ सत्यनारायण पटेल, देवास विशाल पटेल, उज्जैन बाबूलाल यादव, मंदसौर दिलीप गुर्जर, रतलाम सचिन यादव, धार रवि जोशी, इंदौर बाला बच्चन, खरगोन रामलाल मालवीय, खंडवा आर के दोगने, बैतूल आरिफ मसूद को लोकसभा वर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कड़ाके की ठंड के चलते ठिठुरते शहर में जल रहे 415 स्थानों पर अलाव

Bonfires are burning at 415 places in the city which is shivering due to severe cold रैन बसेरा के अलावा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, आटो स्टेंड सहित सभी मार्केट और सार्वजनिक स्थानों पर भी जले अलाव भोपाल। राजधानी में कड़ाके की ठंड और ठिठुरते भोपाल को राहत देने के लिए नगर निगम ने पूरे शहर में 415 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। कोहरा और ठंडी हवाएं चलने के कारण यह अलाव दिनभर 24 घंटे ही जल रहे हैं। यह अलाव रैन बसेरा के अलावा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, आटो स्टेंड सहित सभी मार्केट और सार्वजनिक स्थानों पर भी अलाव जल रहे हैं। निगम अधिकारियों के शहर के बाहर से आने वाले आश्रय विहीन नागरिकों के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था व सार्वजनिक स्थलों पर रात व्यतीत करने वाले नागरिकों को कड़ाके की ठंड से राहत पहुंचाने के लिए अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।निगम का अमला समस्त 21 ज़ोनों के अंतर्गत आने वाले आश्रय स्थलों के अलावा बस स्टैंड्स, रेल्वे स्टेशन, अस्पतालों सहित ऐसे स्थानों जहां रात्रि के समय नागरिकों का अधिक आना जाना होता है अथवा नागरिक किसी कारणवश घर के बाहर रात्रि व्यतीत करते हैं, ऐसे नागरिकों को कड़ाके की ठंड से राहत पहुंचाने के लिए शहर के 415 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था कर रहा है। निगम के ज़ोन स्तर पर पदस्थ सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा चिन्हित स्थानों पर निगम के उद्यान विभाग से रोजाना लकड़ी उपलब्ध कराई जा रही है और नियमित रूप से इस व्यवस्था की मॉनीटरिंग भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है। लगातार अधिकारी व जनप्रतिनिधि ले रहे हैं जानकारीनिगम की इस व्यवस्था का समय.समय पर मुख्यमंत्री, मंत्री, महापौर व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी आश्रय स्थलों व अलाव स्थलों पर जाकर अवलोकन भी किया जा रहा है। जोन के अनुसार अलाव की व्यवस्थाठंड से राहत पहुंचाने के लिए जोन 1 में 16 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही हैए जबकि जोन 2 में 7 स्थानए जोन 3 में 12 स्थानए जोन क्र 4 में 19 स्थान जोन 5 में 17 स्थानए जोन 6 में 22 स्थानए जोन 7 में 30 स्थानए जोन में 122 स्थान जोन 9 में 1 स्थानए जोन 10 में 15 स्थानए जोनण् 12 में 4 स्थानए जोन 13 में 12 स्थानए जोन 14 में 4 स्थानए जोन 15 में 10 स्थानए जोन 16 में 15 स्थानए जोन 17 में 7 स्थानए जोन 18 में 16 स्थानए जोन 19 में 21 स्थानए जोन 20 में 10 स्थान तथा जोन 21 में 55 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही है।

बीयू ने परीक्षा आवेदन की बढ़ाई तारीख, अब 12 तक जमा होंगे पीजी के परीक्षा फार्म

BU extended the date of exam application, now PG exam forms will be submitted till 12th भोपाल। राजधानी स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने संवद्ध कॉलेजों के लिए परीक्षा आवेदन की तारीख बढ़ा दी है। विवि द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर नियमित, स्वाध्यायी अथवा एटीकेटी के लिए अब परीक्षा आवेदन 5 जनवरी 2024 के स्थान पर 12 जनवरी तक किए जा सकेंगे। स्नात्कोत्तर के तहत एमए., एम काम., एम.एस.सी., एम.एस.सी. होमसांइस, मास्टर ऑफ सोशल वर्क, एम.ए. यौगिक सांइस, पी.जी. डिप्लोमा इन यौगिक सांइस नियमित, स्वाध्यायी, एटीकेटी परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आवेदन पत्र (सत्र 2023-2024.) एम.पी.ऑन लाईन के माध्यम से भरे जा सकेंगे। सामान्य शुल्क के साथ आवेदन करने की तारीख 12 जनवरी 2024 की गई है। लेट फीस 300 के साथ 13 से 17 जनवरी के साथ ही विशेष विलंब शुल्क 1000 रुपए के साथ 18 जनवरी 2024 से परीक्षा शुरू होने के 3 दिन पहले तक आवेदन किए जा सकेंगे।

रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से पटाखों का ही उपयोग कर ट्रेनों का कर रहा संचालन

Railway administration has been operating trains using firecrackers since the British era. फाग सेफ्टी डिवाइस भी नहीं रोक पा रहीं ट्रेनों की लेटलतीफी, कोहरे में पटरियों पर ट्रैकमैन डेटोनेटर लगाकर पायलट को दिखा रहे राह भोपाल। रेलवे का दावा है कि सर्दी के मौसम में कोहरे को मात देने के लिए ट्रेनों के इंजनों में फाग सेफ्टी डिवाइस लगाई गई हैं, लेकिन ये डिवाइस भी ट्रेनों का संचालन पटरी पर लाने के लिए कारगार साबित नहीं हो रही है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेनों के देरी से आने का सिलसिला जारी है। तो वहीं अभी भी कोहरे की अधिकता के दौरान ट्रेनों के सफल संचालन के लिए संरक्षा सुरक्षा के लिए रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से काम में आने वाले पटाखों का ही उपयोग कर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार रेलवे ने कोहरे से निपटने के लिए पायलट को फॉग डिवाइज उपलब्ध कराए थे,पमरे जोन के तीन रेल मंडल में 1048 डिवाइस लगाई गई थी। लेकिन कोहरा छाते ही तमाम प्रयास फेल साबित हुए हैं। आलम ये है कि एक दर्जन से अधिक ट्रेने 1-26 घंटे की देरी से भोपाल पहुंच रही है। कोहरे के कारण केवल दिल्ली ही नहीं मुंबई,यूपी व छतीसगढ़ के रूट भी प्रभावित हुआ है, साथ ही इससे वंदेभारत,राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। कोहरे के कारण ट्रेनें लेट होने से यात्रियों को तो परेशानी हो रही हैं। तो वहीं पायलट पटाखों के सहारे ट्रेनों का संचालन कर रहे है। पटरी पर 270 मीटर की दूरी पर डेटोनेटर लगाए जाते है कोहरे की अधिकता के दौरान ट्रेनों के सफल संचालन के लिए संरक्षा सुरक्षा के लिए आज भी रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से काम में आने वाले पटाखों का ही उपयोग ही कारगार साबित हो रहा है। रेलवे की नई तकनीक फाग डिवाइस का अधिक असर दिखाई नहीं दिया है। अभी भी रेलकर्मी अधिक कोहरा होने पर पटरियों पर पटाखें लगाकर ट्रेन के चालक को सतर्क कर रहे है। कोहरे में ट्रेनों को सिग्नल सुरक्षित गति से संचालित करने के लिए पमरे जोन में अंग्रेजों के जमाने से चले रहे जुगाड़ का ही प्रयोग किया जा रहा है। अधिक कोहरा होने पर रेलकर्मी गैंगमैन, ट्रैकमैन पटरियों पर पटाखे लगाकर आगे रेल फाटक, सिग्नल, स्टेशन आदि की जानकारी देते है। सिग्नल से पहले पटरी पर 270 मीटर की दूरी पर डेटोनेटर (पटाखे) बांधे जाते है। ट्रेन गुजरने के साथ ही तेज आवाज होती है। इस पर चालक को आगे फाटक, सिग्नल आदि होने की जानकारी मिल जाती है और वह ट्रेन की गति को धीमी कर देता है।

सीजन में पहली बार दिनभर कोहरा, हवाओं से बढ़ी सर्दी, दिन-रात में 4 डिग्री का अंतर

सीजन में पहली बार दिनभर कोहरा, हवाओं से बढ़ी सर्दी, दिन-रात में 4 डिग्री का अंतर भोपाल। राजधानी में शनिवार को भी दिनभर धूप के दर्शन नहीं हुए, शाम 5 बजे के करीब कुछ हिस्सों में ढलते सूरज की लुकाछिपी रही। यह सीजन में पहला मौका है जब लगातार तीसरे दिन धूप नहीं खिली और दिनभर कोहरे के बादलों के बीच हवाओं का असर बढऩे से सर्दी का अहसास बढ़ गया। दिन का पारा एक डिग्री गिरकर 18.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 5.2 कम रहा है। रात का पारा मामूली बढ़कर 14.2 डिग्री रहा, जिससे शहर के दिन और रात के तापमान में केवल 4.6 डिग्री की ही अंतर रह गया। मौसम केंद्र के अनुसार रविवार को भी मौसम लगभग ऐसा ही रहेगा। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के अनुसार सर्द हवाओं की रफ्तार बढऩे के साथ दिनभर कोहरे का असर रहने से रात में भी सर्दी बढ़ सकती है। शाम को अचानक बढ़ी सर्दीशहर में दिनभर कोहरे का असर रहा, जिससे आसमान पर घने बादलों की जमावट का अहसास होता रहा। सुबह के समय अति घना कोहरा रहने से वाहनों को हेड लाइट जलाकर दूरी तय करना पड़ी। इससे वाहन रेंगते नजर आए। इधर, कोहरे और सर्दी के कारण शहर में गर्म कपड़ों का रुझान बढ़ गया। दिनभर जले अलाव, गर्म कपड़ों में लिपटे रहे लोगदिन में सर्द हवाओं और धुआं धुआं रहे मौसम के बीच सर्दी से राहत के लिए सड़क के किनारे दुकान लगाने वालों से लेकर हाथ ठेले पर सब्जी आदि बेचने वाले दिन भी अलाव तापते दिखे। दिनभर लोग गर्म कपड़ों और कंबल में लिपटे दिखे, तो कई घर में ही रजाई में लिपटे रहे।

भाजपा अपने हर कार्यकर्ता का रखती है हर समय ख्याल

BJP takes care of every worker all the time प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेश कार्यालय मंत्री ने कार्यकर्ता को सौंपा चेक भोपाल। भारतीय जनता पार्टी अपने हर कार्यकर्ता का पूरा ख्याल रखती है। पार्टी एवं प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा एक-एक कार्यकर्ता के सुख-दुख में हर समय उसके साथ खड़े रहते हैं। इसका ताजा उदाहरण भोपाल में विधानसभा चुनाव के बाद भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के समर्थक बदमाशों के चुनावी रंजिश के चलते भाजपा कार्यकर्ता पर किए गए हमले के मामले में देखने को मिला है, जब प्रदेश अध्यक्ष शर्मा के निर्देश एवं सरकार के सहयोग से एकत्रित की गई 4 लाख रुपए का चेक पार्टी के प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने घायल कार्यकर्ता देवेंद्र सिंह ठाकुर व उसके परिजनों को सौंपा है। पार्टी पूरे समय कार्यकर्ता के साथ खड़ी रही। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शर्मा एवं वरिष्ठ पदाधिकारी उक्त कार्यकर्ता को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे थे और परिजनों को हर तरह की मदद का आश्वासन दिया था। प्रदेश अध्यक्ष ने परिजनों को आश्वासन दिया था कि पार्टी पीडि़त परिजनों के साथ खड़ी है और उन्हें किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। भारतीय जनता पार्टी के अरेरा मंडल के कार्यकर्ता और झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिला कार्यालय मंत्री देवेंद्र सिंह ठाकुर पर 5 दिसंबर को चुनावी रंजिश के चलते कांग्रेस समर्थित बदमाश फारुख राइन उर्फ मिन्नी ने अपने चार साथियों शाहरुख, समीर उर्फ बिल्लू, असलम और बिलाल के साथ मिलकर साईं बाबा नगर में धारदार हथियार से हमला कर दिया था। बदमाशों के हमले में भाजपा कार्यकर्ता देवेंद्र सिंह ठाकुर के बाएं हाथ का पंजा कट गया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी फारूख राईन सहित पांचों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था। फारूख राईन के खिलाफ रासुका भी लगाई गई है और अवैध मकान भी ढहा दिया गया था।

मेल नर्स से मोबाइल छीनकर भागे बाइक सवार

Bike rider ran away after snatching mobile from male nurse भोपाल। बागसेवनिया थाने से चंद कदमों की दूरी पर शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे के आसपास बाइक सवार बदमाशों ने मेल नर्स से मोबाइल छीन लिया। छीने गए मोबाइल की कीमत दस हजार रुपए है। पुलिस ने उक्त मामले में चोरी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार 26 वर्षीय संदीप मेवाड़ा, दीपशिखा अस्पताल में मेल नर्स है। वे अस्पताल में ही एक कमरे में रहते हैं। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र पैलेश के पास अन्नपूर्णा होटल में वह खाना खाते हैं। शुक्रवार रात भी वह खाना खाकर दीपशिखा अस्पताल लौट रहे थे। इस दौरान मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे। वे विद्या नगर पेट्रोल पंप के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे बाइक सवार बदमाशों ने उनका मोबाइल छीन लिया। उन्होंने घटना की शिकायत बागसेवनिया थाने पहुंचकर की थी। बागसेवनिया पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि लूट नहीं हुई है। बाइक सवार बदमाशों ने चलती बाइक से उनके हाथ पर धक्का दिया था। इससे मोबाइल नीचे गिर गया। वह कुछ समझ पाते इससे पहले बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने मोबाइल उठाया और अपने साथी के साथ बाइक से भाग निकला।

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष,

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष, पॉलिटिकल अफेयर्स देखेंगे प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किया चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के लिए प्रदेश चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया है। प्रदेश चुनाव समिति में जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही 34 सदस्य शामिल किए गए हैं। जबकि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह को बनाया गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इस समिति के कन्वीनर होंगे। खास बात यह है कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में पूर्व सीएम कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, पूर्व दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह शामिल है। ये है कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समितिजीतू पटवारी (अध्यक्ष), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तनखा, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल, राजेंद्र कुमार सिंह, फूल सिंह बरैया, हेमंत कटारे, डॉ. गोविंद सिंह, एनपी प्रजापति, आरिफ मसूद, दिनेश गुर्जर, संजय उइके, यादवेंद्र सिंह बुंदेला, फुन्दे लाल मार्को, महेश परमार, पीसी शर्मा, दिलीप सिंह गुर्जर, प्रवीण पाठक, संजय शर्मा, रवि जोशी, तरबर सिंह लोधी, अजय मिश्रा बाबा, जगत बहादुर सिंह अनु, अशोक सिंह और राजीव सिंह।ये है पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटीजितेंद्र सिंह (अध्यक्ष), जीतू पटवारी (कन्वीनर), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंगार, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, नकुलनाथ, कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. गोविंद सिंह, मीनाक्षी नटराजन, बाला बच्चन, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, लखन घनघोरिया, विजयलक्ष्मी साधौ, जयवर्धन सिंह, हिना कांवरे, आरिफ मसूद, फूल सिंह बरैया, सिद्धार्थ कुशवाह, सुखदेव पांसे, तरुण भनोट, झूमा सोलंकी, प्रियव्रत सिंह ,शेख अलीम, शोभा ओझा और मुकेश नायक ।

डाऊ के वकील ने कहा-भोपाल न्यायालय को सुनवाई का अधिकार नहीं

Dow’s lawyer said – Bhopal court has no right to hear भोपाल। गैस त्रासदी की जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड कंपनी को खरीदने वाली अमरीकी कंपनी डाऊ केमिकल कंपनी की ओर से जिला न्यायालय में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील रवींद्र श्रीवास्तव ,पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केन्द्र सरकार सिदर्दाथ लूथरा और भोपाल के एडवोकेट संदीप गुप्ता ने बहस पेश करते हुए कहा कि यह कंपनी अमेरिका में है, इसलिए भोपाल के न्यायालय के क्षेत्राधिकार में नहीं आती है। कंपनी के खिलाफ केस चलाने का इस न्यायालय को कोई अधिकार नहीं है। वर्ष 2012 में हाईकोर्ट का जो फैसला आया उसमें डाऊ केमिकल कंपनी पक्षकार नहीं थी। बल्कि डाऊ केमिकल इंटरनेशनल प्रायवेट लिमिटेड कंपनी पक्षकार थी। इसलिए वो फैसला हम पर लागू नहीं होता। याचिकाकर्ता भोपाल गुरुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन के वकील अवि सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए डाऊ केमिकल कंपनी की आपत्ति का विरोध करते हुए कहा कि मप्र हाईकोर्ट ने 19 अक्टूबर 2012 को क्षेत्राधिकार के संबंध में निर्णय कर दिया था, इसलिए इस संबंध में अब तर्क की आवश्यक्ता नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि डाऊ केमिकल इंटरनेशनल प्रायवेट लिमिटेड कंपनी और डाऊ केमिकल कंपनी एक ही ग्रुप की कंपनियां हैं। इसलिए यह फैसला इस कंपनी पर भी लागू होगा। वहीं डाऊ केमिकल कंपनी के वकील ने कहा कि उक्त आदेश के द्वारा न्यायालय का क्षेत्राधिकार होने अथवा न होने का बिंदू निर्णित नहीं किया गया है। न्यायालय ने बहस सुनने के पश्चात 20 जनवरी के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है। उल्लेखनीय है कि गैस पीडि़त संगठनों ने गैस त्रासदी के आपराधिक मामले में डाऊ केमिकल कंपनी को पक्षकार बनाए जाने की मांग को लेकर जिला अदालत में याचिका दायर की थी । जिला अदालत द्वारा वर्ष 2014 से डाऊ केमिकल कंपनी को इसका जवाब देने के लिए अदालत में हाजिर होने के लिए समंस जारी किए जा रहे थे। वर्ष 2001 में यूनियन कार्बाइड कंपनी इण्डिया लिमिटेड को डाऊ केमिकल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड यूएस ने खरीद लिया था। याचिकाकर्ता भोपाल गुरुप फ ॉर इंफ ॉमेज़्शन एंड एक्शन की ओर से वर्ष 2004 में भोपाल की जिला अदालत में याचिका दायर कर डाऊ केमिकल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड यूएस को प्रकरण में पक्षकार बनाए जाने की मांग की गई थी। 3 अक्टूबर को डाऊ केमिकल कंपनी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील रवींद्र श्रीवास्तव और भोपाल के एडवोकेट संदीप गुप्ता जिला अदालत में पहली बार पेश हुए थे।

सड़क किनारे सो रहे लोगों को सीएम मोहन यादव ने वितरित किए कंबल

CM Mohan Yadav distributed blankets to people sleeping on the roadside प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड, प्रशासन के साथ सड़क पर निकले मोहन यादव, की ये पहल उज्‍जैन। मध्य प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे आम जनजीवन बेहाल है। इसी बीच उज्‍जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव अधिकारियों के साथ रात में सड़कों पर निकले और सड़क किनारे सो रहे लोगों को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा, कि ‘ठंड में कोशिश कर रहे हैं कि सभी को रैन बसेरों तक पहुंचाएं। प्रशासन के साथ आज रात कंबल बांटने निकला था। सभी अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि ठंड में प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए लोगों की मदद करें।’

बड़े नेताओं पर फूटा कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों का गुस्सा, बोले- पाल रखे हैं आस्तीन के सांप

The anger of the defeated Congress candidates erupted on the big leaders and said that they have kept snakes in their sleeves. – तो लोकसभा चुनाव में भी होगा विधानसभा जैसा हश्र – बैठक में उठी भितरघाती नेताओं पर कार्रवाई की मांग भोपाल। विधानसभा चुनाव लड़े कांग्रेस प्रत्याशी अपनी हार को भुला नहीं पा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस पराजय से उबर कर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इसी संदर्भ में शनिवार को विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई थी। यहां पार्टी के बड़े नेताओं पर इनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि इन बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। यदि इनके खिलाफ कार्रवाई न हुई तो लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का हश्र विधानसभा चुनाव जैसा ही होगा। कई प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, एनपी प्रजापति तथा विजयलक्ष्मी साधौ आदि मौजूद थे। खुले घूम रहे हैं आस्तीन के सांप गुना से विधानसभा का चुनाव लड़े पंकज कनेरिया ने कहा कि कांगेेस के बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। इन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने का काम किया है। ये खुले आम घूम रहे हैं। इनकी शिकायत हम करें तो कहां? मुंगावली से चुनाव लड़े राव यादवेंद्र सिंह ने कहा कि भितरघात करने वाले ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए वर्ना लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनावों जैसा हश्र होगा। कई अन्य प्रत्याशियों ने भी बताया कि किस तरह हम कांग्रेसियों के कारण विधानसभा का चुनाव हार गए। आश्वासन के साथ आगे बढ़ने की नसीहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी की शिकायतें गंभीरता से सुनी और जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है। फरवरी अंत तक चुनावाें की घोषणा हो सकती है। इसलिए विधानसभा चुनाव की हार भूलकर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने की कोशिश करना है। यह काम इसलिए कठिन नहीं है क्योंकि कांग्रेस लगभग 100 विधानसभा सीटें एक से दो फीसदी के अंतर से ही हारी है। बजी पलटते देर नहीं लगेगी। बैठक में इन बातों पर भी रहा फोकस बैठक में जीतू ने कांग्रेस की फंडिंग के लिए ब्लाक से लेकर जिला और प्रदेश के पदाधिकारियों के लिए रािश फिक्स कर दी है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए भी रािश तय की गई है। उन्होंने कहा कि फंडिंग पर खासतौर पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश का दौरा करूंगा और कार्यकर्ताओं के घरों में ही रुकूंगा। उन्होंने कहा कि हमें कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करना है।

ग्वालियर की मुरार थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली

Gwalior’s Murar police station got great success ग्वालियर ! मुरार थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और पुलिस ने दो शातिर वाहन चोरों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की 10 मोटरसाइकिल बरामद की है अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि लगातार वाहन चोरी की घटना को देखते हुए पुलिस द्वारा चोरों को पकड़ने के प्रयास किया जा रहे थे इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि एम एच चौराहे पर दो शातिर चोर चोरी की मोटरसाइकिल बेचने की फिराक में पहुंचे हैं उक्त सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस ने घेराबंटी कर आरोपियों को दबोच लिया पकड़े गए आरोपी उतीला और होरावली इलाके के रहने वाले हैं पुलिस ने जब इन से कड़ाई से पूछताछ की तो उनके कब्जे से 10 मोटरसाइकिल उनको मिली हैं सभी मोटरसाइकिल इन्होने 1 महीने के अंदर ही चोरी की गई थी.पकड़े गए आरोपियों में से एक के खिलाफ मुरार में चोरी के तीन तथा जुआ का एक प्रकरण पर दर्ज है तथा दूसरा आरोपी बहोड़ापुर क्षेत्र में रिटायर्ड उपनिरीक्षक की हत्या में भी शामिल रहा है आरोपियों से अन्य वारदातों का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है. बाईट ऋषिकेश मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर

मानव दुर्व्यापार को रोकने मध्यप्रदेश पुलिस ने किया मंथन

Madhya Pradesh Police brainstormed to stop human trafficking पुलिस मुख्यालय में सायबर इनेबल्ड ह्यूमन ट्रैफिकिंग विषय पर हुआ सेमिनार एडीजी सायबर योगेश देशमुख ने कहा कि सायबर अपराधियों से निपटने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी संतोष सिंह तोमर भोपाल। पुलिस मुख्यालय, भोपाल में महिला सुरक्षा शाखा द्वारा ”सायबर इनेबल्ड ह्युमन ट्रेफिकिंग” विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। प्रज्जवला संस्था के सहयोग से आयोजित इस सेमिनार में तकनीक का प्रयोग कर मानव दुर्व्यापार के तरीकों और उन पर नियंत्रण पाने के लिए मंथन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि एडीजी सायबर सेल श्री योगेश देशमुख ने बताया कि तकनीक का इस्तेमाल लोगों के जीवन को सुविधाजनक बना रहा है, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह उनके लिए खतरा भी है। मानव दुर्व्यापार में लिप्त लोग तकनीक के प्रयोग को अधिक सुरक्षित मानते हैं। वह तकनीक का उपयोग करने में शातिर हैं और आसानी से नागरिकों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों का डेटा बेस के आधार पर रणनीति तैयार कर मानव दुर्व्यापार रोक रही है। हमारे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दक्ष बनाया जा रहा है, ताकि वे समन्वय स्थापित कर सायबर अपराधियों को पकड़कर पीड़ितों को न्याय दिला सके। हालांकि मानव दुर्व्यापार रोकने के लिए नागरिकों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। महिला सुरक्षा शाखा की एडीजी श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित इस सेमिनार में महिला सुरक्षा शाखा की आईजी श्रीमती हिमानी खन्ना, एआईजी श्रीमती किरणलता केरकट्‌टा, एआईजी श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी, एआईजी सुश्री पिंकी जीवनानी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, उप पुलिस अधीक्षक, महिला थाना प्रभारी, जीआरपी थाना प्रभारी एवं सायबर पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। संचालन महिला सुरक्षा शाखा के एआईजी वीरेंद्र मिश्रा ने किया। महिलाएं और बच्चे ही नहीं, पुरुष वर्ग भी हो रहे मानव दुर्व्यापार के शिकार :- प्रज्जवला की प्रोजेक्ट एडवाइजर डॉ. सुनीथा कृष्णन ने कहा कि तकनीक का उपयोग कर मानव दुर्व्यापार में लिप्त आरोपी, पीड़ित को गुमराह कर अपने झांसे में फंसाते हैं या लालच देकर उन्हें शोषण की ओर धकेला जाता है। यह केवल महिलाओं और बच्चों के साथ नहीं बल्कि पुरुष वर्ग के साथ भी हो रहा है। पहले यह माना जाता था कि केवल गरीब, अशिक्षित, विशेष समुदाय या जाति के लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं होती हैं, जबकि हर आयु, लिंग, वर्ग और समुदाय के लोगों के साथ मानव दुर्व्यापार संबंधी अपराध बढ़ रहे हैं। सबसे बढ़ी चिंता का विषय यह है कि हमारे बच्चे भी इसका शिकार बन रहे हैं। उन्हें ऑनलाइन गेमिंग एप और वेबसाइट्स के माध्यम से सेक्सटॉर्शन की ओर धकेला जा रहा है। कोरोना के बाद से अचानक बढ़े मामले प्रज्जवला टीम की प्रोजेक्ट क्वार्डिनेट स्वस्ति राणा ने कहा कि मानव दुर्व्यापार के लिए तकनीक का उपयोग अधिक बढ़ा है। दरअसल ऑनलाइन क्लासेस के लिए बच्चों के हाथ में मोबाइल पहुंच गया, जिसका फायदा उठाकर मानव दुर्व्यापार करने वालों ने बच्चों को शिकार बनाना शुरू किया। हमारी संस्था 11 राज्यों में शोध कर रही है, जिसके बाद सरकार के साथ मिलकर मानव दुर्व्यापार रोकने में नेशनल एक्शन प्लान बनाने में मदद मिलेगी। अकेलापन महसूस करने वाली महिलाएं रहती हैं टारगेट प्रज्जवला की रिसर्च ऑफिसर ताबिश अहसान ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को गुमराह कर मानव दुर्व्यापार की ओर धकेला जाता है। इनमें विशेषकर अकेलापन महसूस करने वाली महिलाएं और युवतियां मानव तस्करों के टारगेट पर होती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी महिलाओं की भावनाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से समझते हुए पहले तो उनसे दोस्ती की जाती है और जीवनभर उनका साथ निभाने का झांसा देकर उन्हें मानव दुर्व्यापार का शिकार बनाया जाता है। अलग-अलग सोशल प्लेटफार्म्स का करते हैं उपयोग प्रज्जवला के सायबर एक्सपर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल विजय किशोर झा ने बताया कि सोशल मीडिया साइट्स, जॉब प्रोवाइडिंग वेबसाइट्स, ऑनलाइन गेम्स और डेटिंग साइड्स आदि के माध्यम से लोगों को मानव तस्कर अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करते हुए मानव दुर्व्यापार पर नियंत्रण किस तरह किया जा सकता है इसकी जानकारी दी। जल्द अमीर बनाने का सपना दिखाकर फंसाते हैं जाल में प्रज्जवला के लीगल एक्सपर्ट आदिरा श्रीनिवासन ने मानव दुर्व्यापार के तीन अंतर्राष्ट्रीय मामलों का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि अधिकतर ऐसे मामलों में जल्दी अमीर बनाने का झांसा देकर लोगों को फंसाया जाता है। कई बार पूरा परिवार झांसे में आ जाता है। उन्होंने शोषण के लिए ऑस्ट्रिया, अमेरिका में शोषण के मामलों और इंडोनेशिया में ऑर्गन की तस्करी के लिए लोगों को शिकार बनाने के बारे में जानकारी दी। हर पहलू की बारिकी से हो पड़ताल प्रज्जवला के सायबर इन्वेस्टिगेटर मोहम्मद रियाजउद्दीन ने बताया कि मानव दुर्व्यापार एक संगठित अपराध है। ऐसे मामलों में इन्वेस्टिगेशन के समय हर पहलू पर ध्यान देने की जरूरत है। खास तौर पर किस तरह का अपराध है, क्यों किया जा रहा है, किस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, लेनदेन किस माध्यम से किया जा रहा है, पीड़ित कौन है, किस क्षेत्र का है और किन कारणों से उसे मानव दुर्व्यापार का शिकार बनाया जा रहा है, इन सभी पहलुओं पर गहनता से जांच जरूरी है। न केवल पुलिस बल्कि स्वयं सेवी संस्थाओं को भी सहयोग देना आवश्यक है। सायबर इनेबल्ड ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों पर हुई समूह चर्चा :- सेमिनार में सायबर इनेबल्ड ह्युमन ट्रैफिकिंग को रोकने में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सुलझाए गए मामलों के बारे में समूह चर्चा की गई। इसके बाद प्रश्नावली के माध्यम से डेटा कलेक्शन किया गया। इसमें सायबर और महिला सुरक्षा के लिए तत्पर मध्यप्रदेश पुलिस के निरीक्षक और प्रज्जवला संस्था के प्रतिनिधि शामिल रहे।

दिशा अध्ययन केंद्र में सेमिनार आयोजन कर अध्ययन कर रहे बच्चों को दिया मार्गदर्शन

Gave guidance to children studying by organizing seminars at Disha Study Centre. भोपाल ! पुलिस परिवार के बच्चों हेतु पुलिस पब्लिक स्कूल दिशा अध्ययन केंद्र में केरियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया l केरियर काउंसलिंग सेमिनार में डीआईजी श्री विनीत कपूर द्वारा प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे बच्चो को नव वर्ष की शुभ कामनाएं दी गई एवम मिठाई खिलाई गईl बच्चो के उज्जवल भविष्य की कामना की एवं सभी बच्चो से परिचय लिया गया तथा परिवार में पारिवारिक जानकारी प्राप्त की गई एवं बच्चे किस प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे है की जानकारी ली और दिशा अध्यन केंद्र में एमपीपीएससी, एम पी SI ,एसएससी,UPSC, बैंक से संबंधित, शिक्षक वर्ग , नर्सिंग की परीक्षा आदि की तैयारी कर रहे पुलिस परिवार के बच्चो को परीक्षा की तैयारी कैसे करे उस का स्लेबस ऑपसन एलिमेनेसन पर चर्चा कर बच्चो को मार्गदर्शन दिया गया तथा बच्चों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब एवं उनकी समस्याओं का निराकरण भी श्री कपूर द्वारा किया गया l इस के बाद एसबीआई बैंक से आए सीनियर मैनेजर अनिल चौबे एवम विकास मिश्रा ने बैंक जॉब के बारे में बच्चो को जानकारी दी ! इस अवसर पर डी आर पी लाइन से ACP श्रीमती अंकिता खातरकर मैडम एवम, आर आई श्री जय सिंग तोमर जी, सूबेदार श्री शिव मंगल लोधी, सूबेदार अंजली अलावा, सूबेदार मनोरमा, टी आई महेंद्र सिंह, एसबीआई बैंक से विकास मिश्रा, अनिल चौबे ,प्र आर 3087 पार्वती यादव, आर 3930 प्रफुल, आर संदीप तथा दिशा केंद्र के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे!

बिना पंजीयन और मान्यता के चल रहा था बालगृह, बाल आयोग ने दर्ज कराई एफआईआर

The children s home was running without registration and recognition the Children s Commission lodged an FIR भोपाल। राजधानी के परवलिया सड़क थाना क्षेत्र स्थित आंचल बालगृह में गुरूवार देर रात राष्‍ट्रीय बाल आयोग और मप्र बाल आयोग की टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान टीम को यहां कई खामियां मिली है। मामले में आयोग द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही राष्‍ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मुख्य सचिव मप्र शासन को पत्र लिखकर कार्रवाई की बात कही है। इसके साथ ही कानूनगो ने 7 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। बालगृह न तो पंजीकृत है और न ही मान्यता प्राप्तआयोग द्वारा मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा गया है कि आँचल बालगृह के निरीक्षण के दौरान बालगृह के अधिकारियों तथा बालगृह में मौजूद बच्चों से बातचीत की गई। बालगृह न तो पंजीकृत है और न ही मान्यता प्राप्त है। बालगृह में मिली सूची में 68 निवासरत बच्चियां दर्ज थी, लेकिन निरीक्षण के दौरान सिर्फ 41 बालिकाएं मौजूद थी तथा सभी बालिकाएं बाल कल्याण समिति के आदेश के बिना रह रही हैं। बालगृह के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि बालगृह में रहने वाले बच्चों को चाइल्ड इन स्ट्रीट मिच्पेशन से रेस्क्यू कर बिना बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किये बालगृह में रखा जा रहा है। यह बालगृह पूर्व में रेलवे चाइल्डलाइन चलाने वाली संस्था चला रही है। आयोग के हस्तक्षेप के उपरांत संबंधित पुलिस ने इस प्रकरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने में काफी विलंब किया। आयोग के लगातार हस्तक्षेप करने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। यह मांगी रिपोर्टराष्‍ट्रीय बाल आयोग अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव से रिपोर्ट में विभिन्न जानकारी मांगी है। जिसमें बालगृह में रह रहे सभी नाबालिग बच्चों की आयु एवं मूल पते की जानकारी। बालगृह में रह रहे सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आयोग को रिपोर्ट। मप्र राज्य में स्थित ऐसे सभी बालगृह जो चाइल्डलाइन चलाने वाली संस्थाओ द्वारा चलाए जा रहे है, उनकी जांच की जाए एवं आयोग को उनकी जानकारी मांगी है।

मोहन सरकार रिश्वतखोरों पर सख्ती करने के मूड में, बीडीए, नगर निगम समेत अन्य विभागाें पर नजर

Mohan government in mood to take strict action against bribe takers keeping an eye on other departments including BDA Municipal Corporation भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रिश्वतखोरों पर सख्ती करने के मूड में हैं। अब ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कर्मचारी जो संविदा आधार पर पदस्थ हैं और उनके खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायतें हुई है। सबसे पहले उन कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। इसकी जानकारी एकत्रित कर ली गई है। शुरूआत राजधानी भोपाल से करने की तैयारी है। चूंकि भोपाल के नगर निगम, बीडीए से लेकर अन्य विभागों में पदस्थ कर्मचारी नाक के नीचे ही रिश्वत मांगते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। अब ऐसे कर्मियों पर शिकंजा कसा जाएगा।  सूत्रों ने बताया कि ऐसे मामलों में जो शासकीय सेवक रिश्वत लेते पकड़े गए हैं, और आज तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है, या फिर रिश्चत की मांग करते हैं, पर बगैर ठोस प्रूफ के उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती। इसकी सूची तैयार की गई है। इन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताते हैं कि अभी जिस तरह से हर काम के लिए पैसे लेने का चलन बढ़ गया है, ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्ती होगी। इसकी शुरूआत भी सबसे पहले राजधानी भोपाल से करने की जानकारी है।

गड़बड़ी करने वाले के साथ सख्ती से निपटा जाएगा, अच्छा कार्य करने वाले होगें सम्मानित

Those who commit irregularities will be dealt with strictly, those who do good work will be honoured. कार्यभार ग्रहण करने के बाद राजस्व मंत्री वर्मा ने बताई प्राथमिकताएं भोपाल। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सरकार सख्ती से निपटेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी हमारी टीम है। राजस्व विभाग आम नागरिकों की राजस्व प्रशासन संबंधी सेवाओं को सुदृढ़ बनाया जाएगा। मंत्री वर्मा आज शुक्रवार को मंत्रालय में विभागीय कार्य शुरू करने बाद अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री वर्मा ने कार्यभार ग्रहण करने के पहले कक्ष में पूजा-अर्चन की। मंत्री वर्मा ने भ्रष्टाचार के एक प्रकरण में अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की। मंत्री वर्मा ने पूरी ईमानदारी से निष्ठापूर्वक कर्त्तव्यों का निर्वहन करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि पहली फाइल में भ्रष्टाचारी को दंडित करने की कार्यवाही करने की स्वीकृति दी है, यह स्पष्ट संदेश है। मंत्री वर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम विकास पथ पर आगे बड़ रहे हैं। मंत्रालय में कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर प्रमुख सचिव राजस्व निकुंज श्रीवास्तव उपस्थित थे। राजस्व अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक में उप सचिव राजस्व सुश्री नेहा मारव्या, उप राहत आयुक्त सुश्री सुमन लता माहोर, संयुक्त राजस्व आयुक्त राजीव नंदन श्रीवास्तव उप राजस्व आयुक्त श्रीमती अलका सिंह बामनकर, श्रीमती नीतू सिंह गुप्ता, श्रीमती ऋषि मौर्य, लेखा श्रोती, ओएसडी राजस्व सुश्री सुनीता लाल, उप संचालक एमपीएलआरएम श्रीमती नमिता खरें उपस्थित थी।

राज्य शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 17 अफसरों के तबादले किए

The state government transferred 17 officers of the State Administrative Service. भोपाल। राज्य शासन ने शुक्रवार को राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) के 17 अधिकारियों के तबादले कर दिए। इन सभी अधिकारियों को प्रशासकीय आधार पर स्थानांतरित किया गया है। राज्य शासन से जारी आदेश के अनुसार जीएडी कार्मिक भोपाल में उप सचिव जितेंद्र सिंह चौहान को इंदौर संभाग में क्षेत्रीय उपयुक्त भू अभिलेख बनाया गया है। इसीतरह विवेक रघुवंशी को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) कार्मिक में उप सचिव के पद पदस्थ किया गया है। भोपाल में पदस्थ अपर कलेक्टर प्रकाश सिंह चौहान को जीएडी कार्मिक में उप सचिव बनाया गया है। रीवा में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ शैलेंद्र सिंह को अपर कलेक्टर सागर भेजा गया है। सपना त्रिपाठी को सागर से रीवा संयुक्त कलेक्टर बनाया शासन ने श्रीमती सपना त्रिपाठी को सागर से रीवा में संयुक्त कलेक्टर के पद पर पदस्थ किया है। इसी पद पर दतिया में पदस्थ इकबाल मोहम्मद को संयुक्त कलेक्टर पन्न्ाा बनाया गया है। जबकि राजीव रंजन पांडे को संयुक्त कलेक्टर बालाघाट, अनुराग सिंह को संयुक्त कलेक्टर सीधी, शैलेंद्र सिंह को संयुक्त कलेक्टर टीकमगढ़, नीरज शर्मा को संयुक्त कलेक्टर दतिया, सत्यनारायण दर्रो को पन्न्ाा से संयुक्त कलेक्टर झाबुआ, सुश्री फरहीन खान को नर्मदापुरम से संयुक्त कलेक्टर सागर, श्रीमती भारती देवी मिश्रा को संयुक्त कलेक्टर टीकमगढ़ और सुश्री अंकिता प्रजापति को संयुक्त संयुक्त कलेक्टर धार पदस्थ किया गया है। इसीतरह अक्षय सिंह मरकाम को डिप्टी कलेक्टर इंदौर से डिप्टी कलेक्टर झाबुआ, राहुल चौहान को धार से डिप्टी कलेक्टर छतरपुर और श्रीमती जूही गर्ग को राजगढ़ से डिप्टी कलेक्टर सागर पदस्थ किया गया है।

प्रदेश में तबादले का दौर जारी इसी कड़ी में इंदौर और भोपाल कलेक्टर का तबादला

Round of transfers continues in the state, in this series Indore and Bhopal Collector transferred आशीष सिंह इंदौर और कौशलेंद्र विक्रम सिंह भोपाल कलेक्‍टर बनाए गए भोपाल ! मप्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं।भोपाल। मप्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं। आशीष सिंह को इंदौर कलेक्‍टर बनाया गया है। इंदौर कलेक्‍टर इलैया राजा टी को अब मध्‍य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बना दिया गया है। आशीष सिंह इससे पहले भोपाल कलेक्‍टर थे। भोपाल कलेक्‍टर का दायित्‍व अब कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंपा गया है। वे इससे पहले मध्‍य प्रदेश पर्यटन विकास निगम भोपाल के प्रबंध संचालक थे।

कांग्रेस सोशल मीडिया टीम की बैठक रविवार को

Congress social media team meeting on Sunday पीसीसी चीफ करेंगे सभी लोकसभा, विधानसभा और जिला प्रभारियों से संवाद भोपाल ! लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस अब सोशल मीडिया पर फोकस करेगी। सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस बीजेपी के संकल्प पत्र को जनता तक पहुंचाने का काम करेगी और उसे पूरे नहीं करने पर सरकार को घेरेगी। इसके साथ ही कांग्रेस अपनी रणनीति के जरिए सोशल मीडिया से संगठन को मजबूत करने की भी तैयारी कर रही है। इसको लेकर कांग्रेस ने प्रदेश भर के सोशल मीडिया प्रभारियों की बैठक रविवार को बुलाई है। कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिनव बारोलिया ने कहा है कि कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की प्रदेश स्तरीय बैठक 7 जनवरी 2024, रविवार को सुबह 10:30 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में बुलाई गई है। बैठक में सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश, लोकसभा, ज़िला एवं विधानसभा स्तर के सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए कहा गया है। इस प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी विशेष तौर पर शामिल होंगे व सोशल मीडिया विभाग की आगामी कार्ययोजना पर आप सभी से चर्चा करेंगे। उधर सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में करारी हार से उबरने के लिए सभी को साथ लेने की कोशिश कर रही है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सभी वरिष्ठ नेताओं से मेल मुलाकात करने का काम कर रहे हैं। साथ ही संभागीय दौरे कर बैठकें भी शुरू कर दी हैं। इन बैठकों में पार्टी जनता के जनादेश के स्वीकार करने के साथ आगामी चुनाव में पूरी ताकत से बीजेपी को घेरने का काम करने के लिए कहा जा रहा है ताकि जनता के बीच खोए हुए विश्वास को हासिल किया जा सके। खासतौर पर जनहित के मामलों के त्वरित और गंभीरता से उठाने के लिए पार्टी संगठन तत्पर है और सोशल मीडिया की भूमिका इसमें सबसे अधिक है क्योंकि सोशल मीडिया के माध्यम से ही सरकार की कमजोरियों की जानकारी मिलेंगी और उसे जनता के पास तक पहुंचाया जा सकेगा।

शाहजहांपुर के BJP विधायक मानवेंद्र सिंह का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली आखिरी सांस

Shahjahanpur BJP MLA Manvendra Singh passes away, breathed his last in Delhi hospital शाहजहांपुर ! शाहजहांपुर के भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह का निधन हो गया है। मानवेंद्र सिंह लंबे समय से लीवर की बीमारी से ग्रसित थे। दिल्ली के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह ददरौल विधानसभा से दूसरी बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे। शाहजहांपुर के भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह का निधन हो गया है। मानवेंद्र सिंह लंबे समय से लीवर की बीमारी से ग्रसित थे। दिल्ली के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह ददरौल विधानसभा से दूसरी बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे। इससे पहले वह लंबे समय तक कांग्रेस में रहे थे। वर्ष 2017 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार दूसरी बार चुनाव जीता। आज शाम तक विधायक का पार्थिव शरीर शाहजहांपुर में उनके आवास पर लाया जाएगा।

जम्बो नहीं, छोटी होगी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी, 15 जनवरी के बाद घोषणा

Not jumbo, Congress state executive will be small, announcement after January 15 भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपनी टीम को लेकर गुरुवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर चर्चा की। पार्टी आलाकमान चाहता है कि प्रदेश कांग्रेस की जड़ता खत्म हो और हार से उबर कर वह मैदान में दिखाई पड़े। इसके लिए ही युवा जीतू पटवारी के हाथों प्रदेश संगठन की कमान सौंपी गई है। उनकी मदद के लिए नेता प्रतिपक्ष भी युवा आदिवासी चेहरे उमंग सिंघार को बनाया गया है। अब प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कसरत हो रही है। तय किया है कि यह जम्बों नहीं छोटी होगी और इसमें जमीन से जुड़े सक्रिय नेताओं को ही जगह दी जाएगी। पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी नेताओं से बात कर कार्यकारिणी को अंतिम रूप दे रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की हरी झंडी के बाद यह माहे के दूसरे पखवाड़े अर्थात 15 जनवरी के बाद कभी भी घोषित की जा सकती है। जितेंद्र सिंह ने भोपाल के अपने पहले दौरे के दौरान ही कांग्रेस की भारी भरकम प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी थी। युवा होंगे ज्यादा, वरिष्ठों को भी मिलेगी जगहजानकारी के अनुसार नेतृत्व के पीढ़ीगत बदलाव के दौर में कांग्रेस की कार्यकािरणी में भी युवा नेताओं को ज्यादा जगह मिलने की संभावना है। इसका मतलब यह कतई नहीं कि इसमें वरिष्ठ नहीं होंगे, कार्यकारिणी में कुछ अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को भी महत्वपूर्ण जवाबदारी दी जाएगी। दरअसल, कार्यकारिणी के गठन में वरिष्ठों और युवाओं के बीच उसी तरह संतुलन बनाने की कोशिश हो रही है जिस तरह भाजपा ने मंत्रिमंडल के गठन में किया है। जितेंद्र सिंह के पास पहुंचने लगे नामकांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह के पास कार्यकारिणी मे शामिल होने वाले दावेदारेां के नाम पहुंचने लगे हैं। खबर है कि प्रदश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा संभावित पदािधकारियों की सूची जितेंद्र के पास ही भेजी जा रही है। इसके अलावा जितेंद्र द्वारा कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी कैम्प सहित अजय सिंह, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, डॉ गोविंद आदि नेताओं से भी कहा है कि वे ऐसे नेताओं के नाम भेजें जो सक्रिय होकर संगठन की मजबूती के लिए काम करने की क्षमता रखते हों। इन नेताओं द्वारा सुझाए नामों में से कुछ को जगह दी जाएगी। तीन पदों में होंगे जीतू के भरोसे के नेताकार्यकारिणी में सभी नेताओं के समर्थकों को जगह दी जाएगी ताकि असंतोष पैदा न हो लेकिन तीन महत्वपूर्ण पदों पर जीतू पटवारी अपने भरोसे के नेताओं को ही रखेंगे। यह पद संगठन प्रभारी महामंत्री, कोषाध्यक्ष और प्रभारी प्रशासन के हैं। कुणाल चौधरी सहित इन पदों पर रखे जाने वाले नेता लगभग तय बताए जा रहे हैं। अनुशासन समिति का प्रमुख भी जीतू की ही पसंद का हाे सकता है। बहरहाल, कार्यकारिणी के लिए नेताओं के नाम छांटने का काम जारी है। यह जनवरी के दूसरे पखवाड़े तक घोषित कर दी जाएगी।

53 विभाग की वेबसाइट और पोर्टल का ऑडिट

Audit of 53 department’s website and portal भोपाल। सुशासन और डिजिटलाइजेशन के दावे की हकीकत है कि मध्य प्रदेश के 53 विभागों की वेबसाइट और पोर्टल अपडेट नहीं है। सरकारी बेवसाइट और पोर्टल के आडिट में यह अहम जानकारी सामने आई है। हैरत की बात है कि कुछ दिनों पहले गृह विभाग के तीन एडीजी अफसरों के साथ बैठक की थी। यह बैठक मुख्य रूप से सायबर सिक्योरिटी और आडिट के लिए बुलाई गई थी। सरकारी पोर्टल और बेवसाइड का सिक्योरिटी आडिट करना फैसला किया गया है। पड़ताल में जानकारी सामने आई है कि खुद गृह विभाग की बेवसाइट में कोई भी नई जनहित की जानकारी या सूचना अपलोड नहीं की गई है। गृह विभाग ने साल 2018 के बाद से कोई भी जानकारी साझा नहीं की है। इसके अलावा सीएम मोहन यादव की तस्वीर नहीं है। सिर्फ एसीएस, पीएस और सचिव की तस्वीरें ही हैं। समान्य प्रशासन विभाग की बेवसाइट अटैकर्स के चलते बंद पड़ी हुई है। जबकि आम जन से ज्यादा अधिकारियों के जानकारी देने के लिए सरकार ने जीएडी की साइट को बनाया था। इधर, खनिज साधन विभाग की बेवसाइट खुली ही नहीं। जबकि इसी विभाग के कई पोर्टल चालू हैं लेकिन आधिकारिक बेवसाइट बंद है। वहीं सहकारिता विभाग की बेवसाइट पर सीएम और मंत्री की तस्वीर जरूर लगी है। साल जनवरी 2023 के बाद कोई भी सूचना नहीं अपलोड की गई है। नगरीय विकास और आवास विभाग की बेवसाइट काम फिलहाल जारी है। इसलिए कुछ दिनों के लिए बंद किया गया है। हेल्थ में अभी भी सीएम शिवराज और मंत्री प्रभुराम मत्स्य विभाग में तुलसी बरकरार टेक्निकल टीम पर लाखों खर्च, मेंटेनेंस पर सालाना करोड़ों

काँलोनी मे लूट करने वाले शातिर लुटेरो को पुलिया ने किया गिरफ्तार 

The vicious robbers who looted the colony were arrested by Puliya. भोपाल । पुलिस थाना हबीबगंज द्वारा E-4 अरेरा काँलोनी मे लूट करने वाले शातिर लुटेरो को त्वरित कार्यवाही कर किया गिरफ्तार। आरोपी द्वारा घटना मे उपयोग किया गया मोबाईल फोन, फरियादिया के मकान से लूटी गई राशि रूपये 33.60 लाख, सोने के सिक्के, मोबाईल फोन कुल कीमती लगभग 35.00 लाख रूपये व घटना मे प्रयुक्त चाकु व मोटरसायकल को किया बरामद । दिनांक 03/01/2024 को शाम लगभग 7.30 बजे फरियादिया कीर्ति धनवानी पति सुशील धनवानी नि0 E-04/237, अरेरा काँलोनी, भोपाल के मकान मे अज्ञात 03 व्यक्तियो द्वारा घुसकर फऱियादिया को चाकु अड़ाकर नगदी, सोने के जेवरात व मोबाईल फोन लूट ले जाने की घटना कारित की गई। घटना के दौरान फरियादिया द्वारा चिल्लाने से फरियादिया के घर के सामने वाले मकान के सुरक्षा गार्ड द्वारा एक संदेही देवानंद को पकड़ लिया गया व शेष दो आरोपी मौके से भाग गये। घटना की रिपोर्ट पर संदेही देवानंद व दो अज्ञात आरोपियो के विरूद्ध अप.क्रं. 04/2024 धारा 394 भा.द.वि. पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।  घटना की गंभीरता देखते हुये पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी, पुलिस उपायुक्त जोन-1 श्री रामजी श्रीवास्तव द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-1 श्री शशांक के नेतृत्व मे सहायक पुलिस आयुक्त हबीबगंज श्री वीरेन्द्र मिश्रा के अधीन थाना प्रभारी हबीबगंज, थाना प्रभारी शाहपुरा, थाना प्रभारी रातीबड़, थाना प्रभारी अशोका गार्डन एवं अन्य थानो की अलग-अलग पुलिस टीम का गठन कर पकड़े गये संदेही से पुछताछ करने व फरार आरोपियो को गिरफ्तार कर लूटा गया मसरूका बरामद करने हेतू निर्देशित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा गठित अलग-अलग टीम द्वारा पकड़े गये संदेही देवानंद से पुछताछ की गई, जिसके द्वारा पुछताछ मे पुलिस टीम को गुमराह किया गया जिस पर पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे देखने पर लुटेरो के संबध मे महत्वपुर्ण सुराग हाथ लगने पर उक्त संदेही से पुछताछ की जाने पर संदेही द्वारा अपराध धारा सदर मे अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुये बताया गया कि फरियादी के मकान से थोड़ी दुरी पर ही उसकी साढे दस नंबर पर पान की गुमटी है जिस कारण उसका फरियादी के घर के सामने से आना-जाना होने से उसे पता था कि फरियादी की ज्वेलर्स की दुकान है जिस कारण संदेही को फरियादी के मकान मे बड़ी मात्रा मे नगदी व सोने के जेवरात रखे होने का शक होने पर संदेही द्वारा अपने जीजा बाबू सिंह व अपने मौसेरे भाई धीरज को फरियादी के मकान मे लुटने की योजना मे शामिल कर 5-7 दिन तक फरियादी के घर की रेकी की जाकर कल दिनांक 03/04/2023 को फरियादिया के घर मे अकेले होने से लूट की घटना घटित की गई।  संदेही देवानंद की घटना मे संलिप्तता पाये जाने से अपराध धारा सदर मे गिरफ्तार किया गया व उक्त आरोपी से प्राप्त जानकारी के आधार पर फरार आरोपी बाबूसिंह व धीरज को गिरफ्तार कर उक्त दोनो आरोपियो की निशानदेही पर फरियादिया के घर से लूटी गई राशि रूपये 33.60 लाख रूपये, 05 सोने के सिक्के, एक वीवो कंपनी का मोबाईल फोन कीमती लगभग 35.00 लाख रूपये व आरोपियो द्वारा घटना मे प्रयुक्त पल्सर मोटरसायकल, एक मोबाईल फोन व चाकु को बरामद किया गया है। आरोपियो को गिरफ्तार कर मसरूका बरामद करने मे पुलिस टीम द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है। आरोपी, देवानंद जाधव उर्फ देवा पिता भीखा जाधव उम्र 34 वर्ष ,नि0 झुग्गी नं. 101, गौतम नगर, E-6 अरेरा काँलोनी भोपाल , बाबूलाल मेवाड़ा उर्फ बाबू सिंह उम्र 44 वर्ष नि0 ग्राम नंदिनी, थाना कालापीपल, जिला शाजापुर ,धीरज गवई पिता प्रकाश गवई उम्र 30 वर्ष नि0 दरियापुर, अमरावती(महाराष्ट्र)

अवधपुरी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा कार्यवाही

Action by Food Safety Administration in Avadhpuri area भोपाल । अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एम.पी. नगर श्री एल.के. खरे के नेतृत्व में बुधवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन भोपाल द्वारा अवधपुरी क्षेत्र स्थित श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार, कानुपर स्वीट्स, श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार तथा विजयश्री सुपर बाजार का निरीक्षण कर नमूने एकत्र किये गये।   इस दौरान श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार से बादाम बर्फी, समोसे का मसाला, आलू की सब्जी, कचौड़ी का मसाला कानुपर स्वीट्स् से समोसा मसाला, पिस्ता बर्फी, बेसन लड्डू, सोयाबीन तेल तथा मैदा, श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार से नमकीन, पेड़ा, मलाई बर्फी, चिक्की, तिल के लड्डू एवं अचार तथा विजयश्री सुपर बाजार से मूंगफली, पोहा, दलिया एवं बाजरा आटा के नमूने लिये गये । कानुपर स्वीट्स् के किचिन में अव्यवस्था पाये जाने पर एस.डी.एम. श्री एल. के. खरे द्वारा पांच दिवस के भीतर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिये गये। श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार में विक्रय के लिए संग्रहित खाद्य पदार्थों के लेबल संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन होना पाये जाने पर लगभग 40 किलोग्राम नमकीन, 15 किलोग्राम ड्राई फ्रूट, 15 किलोग्राम चिक्की तथा 20 किलोग्राम मठरी जप्त किया गया। कार्यवाही के दौरान तहसीलदार श्री सुनील वर्मा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश के सभी जिलों में जल्द बदलेगी पुलिस थानों की सीमा।

मध्य प्रदेश के सभी जिलों में जल्द बदलेगी पुलिस थानों की सीमा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फैसले के बाद जारी हुआ आदेश। संतोष सिंह तोमर  भोपाल। मध्यप्रदेश में सभी जिलों की थानों की सीमाएं बदलने जा रही है।  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा इसके लिए किये गए फैसले के पालन में राज्य सरकार ने इस मामले के आदेश जारी कर दिए। इसके लिए कलेक्टर और एसपी सहित कुछ अधिकारीयों की एक कमेटी बनाई गई है जो सीमा निर्धारण को लेकर 31  जनवरी तक अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगी।  बदल जयगा प्रदेश के थानों का नक्शा। राज्य सरकार ने प्रदेश भर के थानों और पुलिस चौकियों का नए सिरे से निर्धारण करने की मंशा जाहिर की थी जिसके चलते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसको लेकर विगत दिनों अधिकारियों को निर्देश दिए थे इसके चलते आज गृह विभाग ने इसको लेकर सभी जिला कलेक्टर और एसपी को आदेश जारी कर दिए।  इस आदेश के अनुसार सभी जिला कलेक्टरों को इस बात के लिए अधिकृत किया गया है कि वे अपने जिले के थानों और चौकियों की सीमाओं का निर्धारण करें। इसमें वे  एसपी और जिला अभियोजन अधिकारी के साथ भी सलाह करेंगे और सुझाव लेंगे। उन्हें इसकी रिपोर्ट 31 जनवरी 2024 तक भोपाल गृहमंत्रालय तक भेजने को कहा गया है।  फरवरी अंत में बदलेगी सीमा  बताया गया है कि कलेक्टरों की रिपोर्ट मिलते ही  इस पर विचार विमर्श के   बाद फरवरी 2024  में गृह विभाग राज्य पत्र में अधिसूचना जारी करेगा,अधिसूचना के साथ ही नई सीमाएं प्रभावी हो जाएंगी। गृह विभाग ने यह भी कहा है कि सीमा का पुनर्निधारण करते समय थानों की पारस्परिक अपराध संख्या और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाए।  पुलिस थानों और चौकी क्षेत्रों की सीमा का ठीक तरह से निर्धारण ना होने से कई बार स्थानीय स्तर पर अपराध की संख्या जुटाने और अपराध पंजीबद्ध करने में परेशानी आती है।

मोदी जी के नेतृत्व में श्रीराम का मंदिर निर्माण हुआ और ग़रीब का घर भी – रामेश्वर शर्मा 

Under the leadership of Modi ji, Shri Ram’s temple was built and also the house of the poor – Rameshwar Sharma विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए विधायक रामेश्वर शर्मा  भोपाल। 500 वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्षों एवं बलिदान के बाद अयोध्या जी में प्रभु श्रीराम का भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संभव हुआ प्रधानमंत्री जी ने श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ साथ काशी और बाबा महाकाल की नगरी को तो संवारा ही साथ ही उन्होंने भारत के करोड़ों ग़रीब परिवारों के पीएम आवास बनाकर उनका भी कल्याण किया। यह बात विधायक रामेश्वर शर्मा ने कही ज्ञात हो विधायक रामेश्वर शर्मा बुधवार को बंगरसिया, झागरिया एवं कोलार के वार्ड 80 व 81 में पहुँची विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार नागरिक के द्वार द्वार जाकर शासन की योजनाओं का लाभ दे रही है। नहीं तो पहले की सरकारों के द्वार पर नागरिकों को जाना पड़ता था। श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा नागरिकों के जीवन में ख़ुशहाली लाने की नागरिकों के जीवन को बदलने की यात्रा है। इस यात्रा से जुडकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार को योजनाओं का लाभ लें।श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास के पथ पर अग्रसर है। विकास और सुशासन के साथ मोहन सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है।   विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर भारी उत्साह मोदी जी के साथ सेल्फ़ी ड्रोन बना आकर्षण का केंद्र  विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर हुजूर विधानसभा में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है । यात्रा में लोग विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवेदन देकर योजना का लाभ ले रहें है तो दूसरी ओर युवा और बच्चे मोदी जी के साथ सेल्फ़ी बूथ पर उनके साथ सेल्फ़ी ले रहे है। विकसित भारत संकल्प यात्रा में ड्रोन के माध्यम से दबाई छिड़काव के लिए ड्रोन का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण भी दिया जाता है जिसके प्रति विशेषकर युवाओं में उत्साह, उमंग एवं उत्सुकता को साफ़ देखा जा रहा है।

पूर्व सीएम शिवराज ने अपने आवास का नाम,मामा का घर, रखा

Former CM Shivraj named his residence as maternal uncle’s house. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि पता बदल गया है, लेकिन मामा का घर तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूंगा। भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक हफ्ता पूर्व श्यामला हिल्स पर बने मुख्यमंत्री आवास को छोड़कर शहर में लिंक रोड क्रमांक एक पर स्थित B-8, 74 बंगला में परिवार के साथ शिफ्ट हो चुके हैं। अब यही उनका नया पता है।यहां आने के बाद भी शिवराज की सक्रियता लगातार बरकरार है। उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेशवासियों के मन में अपनी ‘मामा’ की जो छवि बनाई है, उसे वह बरकरार रखना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने नए आवास को नाम दिया है- ‘मामा का घर’। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखते हुए खुद इस बात की सूचना दी। मेरे प्यारे बहनों-भाइयों और भांजे-भांजियों, आप सबसे मेरा रिश्ता प्रेम, विश्वास और अपनत्व का है।पता बदल गया है, लेकिन “मामा का घर” तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूँगा। मेरे घर के दरवाजे सदैव आपके लिए खुले रहेंगे। मेरी जिंदगी बेटा-बेटियों, बहनों के लिएगौरतलब है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद शिवराज जनता और खासकर लाड़ली बहनों व भांजी-भांजियों के बीच जाकर कह रहे हैं कि पद तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन आप लोगों ने जो मुझे ‘भैया’ और ‘मामा’ का पद दिया है, उसे कोई नहीं छीन सकता। मैं हमेशा आपके बीच रहूंगा। मेरी जिंदगी आपके लिए है, जनता-जनार्दन के लिए है, बेटा-बेटियों के लिए है, मेरी बहनों के लिए है।

कल से चलेंगी स्कूल एवं सिटी बसें

School and city buses will run from tomorrow Decision in the meeting with school bus operators and city bus operators सीटी , स्कूल बस के चलने में यदि किसी ने व्यवधान उत्पन्न किया तो की जाएगी रासुका की कार्यवाही निर्देश का पालन न करने पर संबंधित ऑपरेटर के विरुद्ध कार्यवाही के साथ ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा भोपाल। आयुक्त भोपाल संभाग डॉ. पवन शर्मा की अध्यक्षता में सिटी बस संचालकों एवं स्कूल बस संचालकों की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्री आशीष सिंह एवं पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायण चारी मिश्रा उपस्थित रहे। बैठक में सिटी बस संचालकों एवं स्कूल बस संचालकों के साथ चर्चा कर संभाग आयुक्त डॉ. शर्मा ने निर्देश दिये कि कल से स्कूल एवं सिटी बसें चलाई जाये। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने बैठक में ऑपरेटर्स से कहा कि आप निश्चिंत होकर बसें चलायें।प्रशासन एवं पुलिस का आपको संपूर्ण सहयोह रहेगा। उन्होंने कहा कि सीटी, स्कूल बस के चलने में यदि किसी ने व्यवधान उत्पन्न किया तो उस पर रासुका की कार्यवाही की जायेगी। साथ ही उन्होंने यह बात भी कही कि निर्देश का पालन न करने पर संबंधित ऑपरेटर के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी एवं ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार

Corona infection once again gained momentum in the country देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार, 24 घंटे में 636 नए मामले, जेएन.1 के मरीज 200 पार स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में केरल में दो और तमिलनाडु में एक मरीज की संक्रमण से मौत हो गई। पिछले साल पांच दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक तक पहुंच गई थी। देश में कोरोना संक्रमण के 636 नए मामले सामने आए हैं, जिससे उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,394 हो गई है। साथ ही नए उपस्वरूप जेएन.1 के 37 नए मामले मिलने के बाद इसके मरीजों की संख्या 200 पार कर गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में केरल में दो और तमिलनाडु में एक मरीज की संक्रमण से मौत हो गई। पिछले साल पांच दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक तक पहुंच गई थी, लेकिन ठंड और वायरस के नए उपस्वरूप के कारण मामलों में तेजी आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब तक संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक हो गई है। किस राज्य में कितने जेएन.1 वैरिएंट के मामलेजेएन.1 वैरिएंट से संक्रमित लोगों की संख्या बताने के लिए INSACOG ने राज्यवार आंकड़े भी जारी किए। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक केरल (83), गोवा (51), गुजरात (34), कर्नाटक (आठ), महाराष्ट्र (सात), राजस्थान (पांच), तमिलनाडु (चार), तेलंगाना (दो) ओडिशा (एक) और दिल्ली में एक मामला रिपोर्ट किया गया है। राज्यों को निगरानी बढ़ाने का निर्देशWHO के मुताबिक कोरोना वायरस के जेएन.1 सब-वैरिएंट को पहले बीए.2.86 का प्रकार माना गया। हालांकि, बीते कुछ हफ्तों में 40 से अधिक देशों में JN.1 मामले सामने आ चुके हैं। तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा है।

प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार संभाग और जिलों की सीमाओं का पुर्ननिर्धारण किया जाये, सीएम

The boundaries of divisions and districts should be redrawn as per the need in the state. इसके लिये कमेटी बनाकर अध्ययन कराया जाये। इस कार्य की शुरूआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इंदौर संभाग से की जाये।  भोपाल ! मुख्यमंत्री ने थानों की सीमाओं का पुर्ननिर्धारण भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।मुख्यमंत्री ने कहा उक्त प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी विचार विमर्श किया जाये। मुख्यमंत्री ने बैठक में संभाग में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ ही कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद अब जिला स्तर पर भी इस तरह की समीक्षा बैठकें आयोजित की जायेंगी। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा और डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।  बैठक में मंत्रीगण श्री तुलसीराम सिलावट, श्री विजय शाह, सुश्री निर्मला भूरिया तथा श्री नागर सिंह चौहान सहित संभाग के सांसदगण, विधायकगण, स्थानीय निकायों के महापौर और अध्यक्षों सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारीगण मौजूद थे।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस का अपना बैंड होना चाहिये। इसके लिये प्रदेश में कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस बैंड में पर्याप्त संख्या में सदस्य रहें, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। इसके लिये सहमति के आधार पर होमगार्ड के जवानों को भी पुलिस बैंड में शामिल किया जाये। पर्याप्त संख्या में सहमति नहीं मिलने पर होमगार्ड में बैंड वादकों को भर्ती किया जाये।  डॉ. यादव ने कहा कि अपराधों पर प्रभावी निगरानी एवं अपराधों की ट्रेसिंग के लिये अब गॉवों के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पंचायतों के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगवाये जायें। उन्होंने शहरों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह कार्य जनसहयोग से किया जाये। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर ओंकारेश्वर में नये घाट निर्माण और दर्शन की सुलभ व्यवस्था के लिये कार्ययोजना बनायी जाये।  उन्होंने दर्शनार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के भी निर्देश दिये। बैठक में प्रत्येक जिलों में साइबर थानों की स्थापना पर भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने डीजे तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग के प्रतिबंध को प्रभावी रूप से पालन कराने के लिये की गई कार्यवाहियों की समीक्षा भी की गई। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस संबंध में लिये गये निर्णयों की सराहना की। उन्होंने इस कार्य को आम जन की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिये बेहतर कदम बताया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे विकास कार्यों के लिये प्रस्ताव बनाकर अपने जिलों के कलेक्टरों के माध्यमों से शीघ्र भिजवाएं।

डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा के पदोन्नत अधिकारियों को लगाई रैंक

DGP ranks promoted officers of Indian Police Service –कहा, आपका कार्य व्यवहार बनेगा अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत  भोपाल । मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इसी अनुक्रम में साेमवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना ने पदोन्नत अधिकारियों को रैंक लगाई। इस दौरान डीजीपी श्री सक्सेना ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को शुभकामना देते हुए कहा कि यह पदोन्नति आपकी समर्पित और निष्ठापूर्ण सेवा का प्रतिफल है। प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था बरकरार रखने में आपने उत्कृष्ट कार्य किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी आप प्रदेश की प्रगति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देंगे। आप अपनी कार्यप्रणाली को ऐसा रखें कि वह अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने कहा कि समय पर पदोन्नति प्रदान की जाना सदैव सरकार की प्राथमिकता रही है, इसका परिपालन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है।   डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय में इन्हें लगाई रैंक :- डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना ने पुलिस मुख्यालय में एडीजी श्रीमती दीपिका सूरी, आईजी श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र, आईजी श्रीमती हिमानी खन्ना, आईजी श्री विनीत खन्ना, आईजी श्री अनुराग शर्मा, डीआईजी श्री तुषारकांत वि‌‌द्यार्थी, डीआईजी श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ला, डीआईजी श्री प्रशांत खरे, डीआईजी श्री अतुल सिंह, डीआईजी डॉ. विनीत कपूर और डीआईजी श्री हेमंत सिंह चौहान को रैंक लगाई।  इन अधिकारियों को किया गया पदोन्नत  :- उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा 29 दिसंबर 2023 को जारी आदेशानुसार 1 जनवरी 2024 से भारतीय पुलिस सेवा (मध्यप्रदेश कैडर) के 33 अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इनमें श्री राकेश गुप्ता और श्रीमती दीपिका सूरी को आईजी से एडीजी पद पर पदोन्नत किया गया है। श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र, श्री चंद्रशेखर सोलंकी, श्री चैत्रा एन., श्री अनिल सिंह कुशवाहा, श्री आर.आर. एस. परिहार, श्री आर. के. हिंगणकर, श्री अंशुमन सिंह, श्री मनीष कपूरिया, श्री अरविंद कुमार सक्सेना, श्री विनीत खन्ना, श्रीमती हिमानी खन्ना, श्री मिथिलेश शुक्ला और श्री अनुराग शर्मा को डीआईजी से आईजी के पद पर पदोन्नत किया गया है। इसी प्रकार श्री साकेत प्रसाद पाण्डे, श्री अमित सांघी, श्री तुषारकांत विद्यार्थी, श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ला, श्री बीरेंद्र कुमार सिंह, श्री प्रशांत खरे, श्री अतुल सिंह, श्री मनीष कुमार अग्रवाल, श्री आबिद खान, श्री आशुतोष प्रताप सिंह, श्री मोहम्मद यूसुफ कुरैशी, श्री निमिष अग्रवाल, श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, श्री पंकज श्रीवास्तव, श्री राजेश कुमार सिंह, डॉ. विनीत कपूर, श्री धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और श्री हेमंत चौहान डीआईजी के पद पर पदोन्नत किए गए हैं।

प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल ,10 IAS ,4 कलेक्टर बदलें 

10 IAS officers transferred, collectors of 4 districts changed भोपाल । मध्यप्रदेश में 10 IAS अफसरों के दबादले किए गए हैं। 4 जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। इनमें उज्जैन, बैतूल, नर्मदापुरम और गुना जिला शामिल है। गुना से हटाए गए कलेक्टर तरुण राठी की जगह बैतूल कलेक्टर अमनबीर सिंह को गुना कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री के सचिव और आयुक्त जनसंपर्क की जिम्मेदारी निभा रहे विवेक पोरवाल को हटाकर उन्हें प्रमुख राजस्व आयुक्त बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें आयुक्त भू अभिलेख की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख राजस्व आयुक्त संदीप यादव को आयुक्त जनसंपर्क की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नीरज कुमार सिंह उज्जैन कलेक्टर बनाए गए हैं, जबकि उज्जैन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को उपसचिव शासन बनाया गया है। बैतूल कलेक्टर की जिम्मेदारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को सौंपी गई है। सोनिया मीना को बैतूल कलेक्टर और उज्जैन नगर निगम आयुक्त रौशन कुमार सिंह को स्मार्ट सिटी सीईओ भोपाल बनाया गया है। जबलपुर नगर निगम आयुक्त स्वप्निल वानखेड़े को संस्थागत वित्त का ओएसडी बनाया गया है जबकि प्रीति यादव अब जबलपुर नगर निगम कमिश्नर होंगी।

जबलपुर धान खरीदी घोटाला जिम्मेदार कौन

Who is responsible for Jabalpur paddy purchase scam धान खरीदी में फर्जीवाड़े से नाराज किसानों ने घंटों लगाया जाम उदित नारायणभोपाल ! आज जबलपुर में सैकड़ो किसान धान खरीदी के भुगतान के लिए सड़क पर चक्का जाम कर रहे हैं. जिला प्रशासन की नाक के नीचे हुए धन उपार्जन घोटाले के लिए जबलपुर से लेकर भोपाल तक हड़कंप मचा हुआ है. इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन की लापरवाही सर्वाधिक है, परंतु जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ जयंती सिंह ने सारा ठीकरा जिला फूड कंट्रोलर कमलेश ताडेकर, जिला विष्णन अधिकारी रोहित सिंह बघेल, एमपी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन डी के हवलदार, सिहोरा ब्रांच मैनेजर बीके पाठक, पाटन ब्रांच मैनेजर आनंद पांडे, शाहपुर ब्रांच मैनेजर ऋतिक सिनाटिया, रिछाई ब्रांच मैनेजर एम.के उपाध्याय को निलंबित किया गया है. कल जिला प्रशासन द्वारा आनन फानन में 36 वेयरहाउस संचालकों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया. वही प्रदेश शासन ने वेयरहाउसिंग के सहकारिता प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव को ट्रांसफर कर दिया है. हजारों किसानों की फसल की बंदरवाट करने के लिए दोषियों को जिस प्रकार संरक्षण दिया जा रहा है उससे यह स्पष्ट है कि इस पूरे घोटाले को सत्ता पक्ष का संरक्षण प्राप्त है. जमीनी हकीकत यह है कि जिले में धान के उपार्जन के लिए कमेटी के अध्यक्ष जिला कलेक्टर होते हैं. जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केन्द्रो की सूची खरीद के निर्धारित व घोषित तिथि 3 दिसंबर के पूर्व जारी क्यों नहीं की, धान खरीदी के लिए प्रभारी अधिकारी जिला पंचायत सीईओ उपार्जन तिथि से शिकायत की तिथि तक क्या कर रही थी, 36 केन्द्रो व तीन तहसीलों के क्षेत्र में जब उपार्जन का व्योरा तक अपलोड नहीं किया, तो प्रदेश शासन के जिम्मेदार अधिकारी की नींद क्यों नहीं खुली जिला कलेक्टर के द्वारा धान खरीदी जैसे कृषक हित के कार्यों में घनघोर लापरवाही किसके दबाव में की इन सभी सवालों के बीच किसान अपनी फसल के भुगतान के लिए सड़कों पर है. जिला कलेक्टर सारे घोटाले पर पर्दा डालने में सक्रिय है. वेयरहाउसिंग संचालकों को ब्लैक लिस्ट करने के जगह उनके विरुद्ध एफ.आई.आर की कार्यवाही कब तक की जाएगी. हजारों किसानों का यही सवाल है लगभग जबलपुर जिले की 75% उपज पर डाका डालने की साजिश पर खुद को किसान हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार के लिए कठिन कार्य साबित होता जा रहा है. “अब देखना यह है कि जन हितैषी भाजपा सरकार दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करतीं हैं या फिर कर्मचारियों की ग़लती मानकर सारे मामले को रफा-दफा करतीं हैं ! साथ ही हितग्राही किसानों को भुगतान कैसे किया जाऐगा ?

अभय कुमार पाटिल वन विभाग के नए मुखिया

Abhay Kumar Patil new head of forest department एक महीने के लिए ही होगा कार्यकालउदित नारायणभोपाल. राज्य शासन ने वन विकास निगम के प्रबंध संचालक अभय कुमार पाटिल को वन बल प्रमुख के पद पर पदस्थ करने के आदेश जारी कर दिया है। उनका कार्यकाल एक महीने का ही होगा। फरवरी में वन विभाग के नए मुखिया असीम श्रीवास्तव होंगे।राज्य शासन ने इस आशय का आदेश शुक्रवार को जारी किया है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा वन बल प्रमुख आरके गुप्ता और लघु वनोपज संघ के एमडी पुष्कर सिंह 31 दिसम्बर को अवकाश रहने के कारण शुक्रवार को ही वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यालय के अफसरों ने दोनों वरिष्ठ अफसरों को भावभीनी विधाई दी। राज्य शासन ने अलग-अलग आदेश जारी कर सिंह परियोजना एवं चीता प्रोजेक्ट के सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा को एपीसीसीएफ के पद पर पदोन्नति करते हुए वहीं पदस्थ किया है। इसी प्रकार दो वन संरक्षक को मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदोन्नति किया है। इनमें जे देव प्रसाद वर्किंग प्लान पेंच नेशनल पार्क और राज्य शासन में पदस्थ विशेष कर्तव्य अधिकारी अशोक कुमार के नाम शामिल है।दागी डीएफओ भी पदोन्नतिराज्य शासन ने शहडोल उत्तर में कार्यरत डीएफओ गौरव चौधरी के खिलाफ लोकायुक्त प्रकरण लंबित होते हुए भी वन संरक्षक के पद पदोन्नत किया। सूत्रों ने बताया कि गौरव चौधरी के प्रकरण को लेकर विभागीय पदोन्नति समिति के समक्ष वन विभाग के सीनियर अधिकारियों ने लोकायुक्त में जांच लंबित रहने संबंधित स्थिति स्पष्ट नहीं की थी। जबकि 2009 बैच कि आईएफएस और उज्जैन डीएफओ किरन बिसेन के मामले कई वर्ष पुराने जांच लंबित रहने की वजह से प्रमोशन पर ब्रेक लग गया है। वन संरक्षक के पद पर प्रमोट होने वालों में पन्ना नेशनल पार्क के उपसंचालक रिपुदमन सिंह भदौरिया, राज्य वन अनुसन्धान संस्थान जबलपुर में पदस्थ रविन्द्रमणि त्रिपाठी, और सिवनी उत्तर डीएफओ में पदस्थ बासु कनोजिया का नाम शामिल है।चार डीएफओ को मिला प्रवर श्रेणी वेतनमानराज्य शासन ने 2011 बैच के आए थे अधिकारियों को प्रमाण श्रेणी वेतनमान देने का आदेश जारी किया है। इनमें मीना कुमारी मिश्रा, अनुराग कुमार और सुश्री संध्या शामिल किया है। जबकि डीएफओ बुरहानपुर विजय सिंह को सशर्त प्रवर श्रेणी वेतनमान देने का आदेश जारी किया है. दरअसल विजय सिंह को 10 जून 20 को जारी विभागीय आदेश में कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड में इस शर्त के साथ नियुक्त किया गया था कि वे मिड कैरियर फेज-।।। कार्यक्रम में अनिवार्यतः भाग लेंगे। किंतु उनके द्वारा आज दिनांक तक मिड कैरियर फेज-।।। कार्यक्रम में भाग नहीं लिया गया है। अतः प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही उनका वेतन निर्धारण करने की शर्त पर प्रवर श्रेणी वेतनमान स्वीकृत किया जाता है।

वन विहार उपचार हेतु लाये गये तेंदुआ शावक की मृत्यु.

Death of leopard cub brought for treatment in forest parkभोपाल। सामान्य वनमंडल अलीराजपुर की परिक्षेत्र जोबट के ग्राम छोटा उण्डवा से रेस्क्यू कर उपचार के लिए लाए गए तेंदुआ शावक की 28 एवं 29 दिसम्बर 2023 की दरम्यानी रात में उक्त तेंदुआ शावक की मृत्यु हो गई। प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण निमोनिया परिलक्षित हुआ है। मृत तेंदुआ शावक का सेम्पल एकत्रित कर परीक्षण हेतु स्कूल आफ वाईल्डलाईफ फॉरेंसिक हैल्थ जबलपुर भेजे गये है। पोस्टमार्टम उपरांत मृत नर तेंदुआ शावक का नियमानुसार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन विहार के अधिकारियों तथा उपस्थित कर्मचारियों के समक्ष दाह संस्कार किया गया।वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता वन विहार एवं वन्यप्राणी चिकित्सक, वाईल्ड लाईफ एस.ओ.एस. डॉ. रजत कुलकर्णी, द्वारा संयुक्त रूप से पोस्टमार्टम किया गया। उल्लेखनीय है कि तेंदुआ शावक मां से बिछड़ गया था। मां से अलग होने के बाद रेस्क्यू कर अलीराजपुर डिपो परिसर में रखा गया। शावक की अत्यंत कमजोर स्थिति को देखते हुये वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार इसे को दिनांक 23.08.2023 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में उपचार एवं रखरखाव हेतु लाया गया था। तत्समय उक्त तेंदुआ शावक को क्वेरेंटाईन बाड़े में रखा जाकर उसका उपचार एवं रखरखाव किया गया। क्वेंरेटाईन अवधि पूर्ण होने के पश्चात उक्त शावक को स्वस्थ्य हालत में तेंदुआ हाउसिंग में स्थानांतरित किया गया था।

मोहन सरकार की रडार पर 50 IAS-IPS अफसर, भोपाल से दिल्ली तक स्कैनिंग.

50 IAS-IPS officers on Mohan government’s radar, scanning from Bhopal to Delhi उदित नारायण भोपाल। मप्र में नयी सरकार आने के बाद से नौकरशाह खुद को नये सेटअप में ढालने की कोशिश में जुटे हैं। इन नौकरशाहों के सामने दुविधा यह है कि वे पुरानी सरकार के बहुत करीब होने का खतरा भी झेल रहे हैं ! और चुनाव के दौरान तटस्थ होने की कोशिशों के सामने आने से घबरा भी रहे हैं। माना जा रहा है कि कई नए-पुराने अफसरों का ट्रेक रिकार्ड चैक किया जा रहा है। करीब पैंतीस ऐसे आईएएस अफसर और पंद्रह आईपीएस अफसरों के बीते छह महीने के काम और रूझान को रडार पर लिया गया है। यह स्कैनिंग भोपाल से दिल्ली तक चल रही है। इसे नये प्रशासनिक सेटअप की तैयारी और नये प्रशासनिक मुखिया के आगमन से भी जोड़ा जा रहा है।बताया जाता है कि मप्र में कई वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने चुनाव के पहले हवाओं का रूख भांपने की कोशिश की थी और कांग्रेस के प्रति भी अचानक नरम रुख अख्तियार कर लिया था। अब इन अफसरों के बारे में अब यह बातें ‘ऊपर’ तक पहुंची हैं। इनमें अपर मुख्यसचिव से लेकर सचिव व कलेक्टर स्तर तक और एडीजी से लेकर एसपी स्तर तक के कुछ अफसरों के बारे में ब्योरा इकट्ठा किया गया है। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान कभी भाजपा की हवा को कमजोर तो कभी कांग्रेस को मजबूत माना जाने लगा था। कुछ अफसरों ने कांग्रेस नेताओं से भी संबंध सहज बनाने की कोशिश की थी और कामकाज के दौरान ‘तटस्थ’ नजर आने लगे थे। भाजपा नेताओं ने भी इसे लेकर अपने ‘अनुभव’ संगठन को बताए थे। मार्च से पहले करना है प्रशासनिक बंदोबस्तदरअसल मप्र की मोहन यादव सरकार को मार्च के पहले पखवाड़े तक तमाम प्रशासनिक बंदोबस्त पूरे करने हैं। क्योंकि दूसरे पखवाड़े तक लोकसभा चुनाव का ऐलान व इसकी आचार संहिता लग जाने के आसार हैं। इसलिये वरिष्ठ स्तर पर मंत्रालय व पीएचक्यू से लेकर मैदानों जिलों तक अफसरों को नये सिरे से तैनात किया जाना है। कई अफसरों की मैदानों से मुख्यालयों में वापसी और कुछ की मुख्यालयों से मैदानों में रवानगी का प्राथमिक ड्राफ्ट भी बन रहा है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री, उनका सचिवालय के अलावा पार्टी संगठन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण राय रखने वाले चेहरे इस काम में अलग अलग जुटे हैं। अभी मप्र की प्रशासनिक बुनावट विधानसभा चुनाव के मुताबिक पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के समय की गई थी, इसमें पूर्व मुख्यसचिव की ‘कसीदारकारी’ भी शामिल थी, अब बदले हुए माहौल में बदला हुआ सेटअप बन रहा है।

2006 बैच के 13 आईपीएस बने आईजी.

13 IPS of 2006 batch became IG, Home Department issued promotion orders. गृह विभाग ने जारी किए पदोन्नति आदेश गृह विभाग ने 2006 बैच के 13 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नत कर आईजी बनाए जाने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ अंशुमान सिंह, रुचिवर्धन मिश्रा समेत कई अधिकारी पदोन्नत हुए हैं। इन अधिकारियों को पदोन्नति के बाद अभी यथावत पदस्थ रखा गया है। इनकी नवीन पदस्थापना के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।

हितग्राहियों के कार्यों का संतुष्टीपूर्ण निराकरण करे, अपर मुख्य सचिव एस.एन मिश्रा.

The works of the beneficiaries should be resolved satisfactorily, Additional Chief Secretary SN Mishra चंद्रपाल सिंह दमोह ! हितग्राहियों के कार्यो को संतुष्टीपूर्ण निराकरण कर जिले में सुशासन स्थापित करें, अधिकारी जनप्रतिनिधियों से समन्वय के साथ कार्य कर शहरों के समेकित विकास की योजना तैयार कर विकास कार्य करायें एवं कमजोर वर्ग, एससी, एसटी वर्ग के लिए कलेक्टर कार्यालय में हेल्प डेस्क तैयार कर उनकी मदद करें। साथ में राजस्व बढानें के लिए सभी राजस्व अधिकारी योजनाबंध तरीके से कार्य करें। उक्त निर्देश मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव एवं सागर संभाग के प्रभारी एसएन मिश्रा ने संभागीय समीक्षा बैठक में दिए।इस अवसर पर दमोह जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटेल, कमिश्नर डा. वीरेन्द्र सिंह रावत, जिला पंचायत सीईओ अर्पित वर्मा सहित समस्त जिलों के कलेक्टर, समस्त जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहित समस्त संभागीय अधिकारी मौजूद थे।संभागीय समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं संभाग के प्रभारी एसएन मिश्रा ने कहा कि सभी कलेक्टर आकस्मिक दौरे कर जिलों की विकास कार्यो एवं कार्यालयों, विद्यालयों में अधिकारियों कर्मचारियों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग करें। प्रत्येक पंचायत स्तर पर सक्षम अधिकारी कर्मचारी को तैनात कर ग्रामवासियों के समस्याओं का निकराकरण करायें। उन्होंने कहा कि जनता के लाभ जनता तक पहुंचे इसके विशेष प्रयास किये जावें एवं शहरों की समेकित विकास योजना तैयार कर विकास कार्य करायें। जल जीवन मिशन के कार्यो को प्राथमिकता के साथ करें और समाज के आखिरी घर के आखिरी व्यक्ति तक शुध्द पेय जल पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्राथमिकता के कार्यो की सूची बनाकर निराकरण करायें एवं समय-सीमा बैठक में आये पत्रों की प्रतिदिन सायं काल समीक्षा कर निराकरण करें।अपर मुख्य सचिव श्री मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा में सभी अधिकारी शिविरों में उपस्थित होकर शासन की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकाय समेकित विकास की योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जन जागरूकता अभियान चलायें और शत-प्रतिशत प्रसव संस्थाओं में ही करायें। उन्होंने नामातंरण, बंटवारा सीमाकंन, प्रधान मंत्री किसान सम्माननिधि, आयुष्मान कार्ड के कार्य प्राथमिकता के साथ करें।श्री मिश्रा ने निर्देश दिये कि हितग्राहियों को योजनाओ का सौ फीसदी लाभ सुनिश्चित करने के साथ ही विकास कार्यों को समय – सीमा में पूर्ण करना ही अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। आमजन से जुड़े इन निर्माण और विकास कार्यों को समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। राज्य योजना मद, भवन विकास निगम,लोक निर्माण विभाग और मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के कार्यों की समीक्षा की गई। नल से हर घर जल और समूह जल प्रदाय योजनाओ की समीक्षा की गई तथा अब तक 70 फीसदी से अधिक कार्य होने पर संतोष व्यक्त करते हुए बाकी के कार्यों को गांव को इकाई मानकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सीएम राइज स्कूलों के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए है कि विद्यालयों का निर्माण शीघ्र गति से एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें जिससे कि बच्चों के लिए अच्छी एवं गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि भवन के खिड़की, दरवाजे की गुणवत्ता मानक के अनुसार है कि नहीं, इसी प्रकार भवन में बिजली फिटिंग के कार्य की गुणवत्ता की भी जाचं करें।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई। स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की समीक्षा में श्री मिश्रा ने ओडी आई प्लस के अलावा अन्य जल संरचनाओं आदि के निर्माण कार्य में विशेष रुचि लेने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी की भी इस दौरान समीक्षा की गई। उज्ज्वला और आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई। विद्युत मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे कृषि फीडर और घरेलू फीडर से तय समय अवधि में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करे।बैठक में स्वामित्व योजना के अलावा राजस्व, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, पीएचई, जल संसाधन आदि विभागो के कार्यों की भी समीक्षा हुई। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी जिलों में जहां पर भी नवीन निर्माण कार्यो का लोकार्पण, भूमिपूजन होना है उनकी सूची तैयार करें एवं उनका लोकार्पण एवं भूमिपूजन करायें।

पांच हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश

Recommendation for appointment of Chief Justices in five High Courts, Collegium suggested names of these judges. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नाम की सिफारिश की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट समेत पांच उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नामों की अनुशंसा की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में जस्टिस संजीव खन्ना और बीआर गवई सदस्य हैं। जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो गया था। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। एक प्रस्ताव में कहा गया है कि मनींद्र मोहन श्रीवास्तव के नाम पर विचार करते समय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (जो उनका मूल उच्च न्यायालय है) का देश के उच्च न्यायालयों में कोई मुख्य न्यायाधीश नहीं है। 27 दिसंबर को जारी प्रस्ताव में न्यायमूर्ति नागू के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि वह एक योग्य न्यायाधीश हैं और उनमें उच्च न्यायिक पद पर आसीन होने के लिए जरूरी उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा और आचरण है। न्यायमूर्ति नागू के नाम की अनुशंसा करते समय कॉलेजियम इस तथ्य पर विचार किया कि न्यायमूर्ति शील नागू पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए सभी मानकों पर फिट और उपयुक्त हैं। न्यायमूर्ति बिश्नोई की अनुशंसा के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि उन्होंने बार और बेंच में पेशेवर नैतिकता का उच्च स्तर बनाए रखा है और उनका आचरण और सत्यनिष्ठा पर कोई दाग नहीं है। कॉलेजियम ने कहा कि न्यायमूर्ति भंसाली ने राजस्थान हाईकोर्ट में न्याय देने का व्यापक अनुभव हासिल किया है।

सीएम दिल्ली दौरे पर, केंद्रीय नेताओं से करेंगे चर्चा, आज हो सकता है मंत्रियों को विभाग का बंटवारा.

CM on Delhi tour, will discuss with central leaders, departments may be distributed among ministers today भोपाल ! मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को आज विभाग का बंटवारा हो सकता है। सीएम आज दिल्ली दौरे पर हैं। वहां केंद्रीय नेताओं के साथ विभाग के बंटवारे को लेकर फाइनल चर्चा कर सकते हैं। मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को शुक्रवार को विभाग का बंटवारा हो सकता है। मुख्यमंत्री गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली दौरे पर सीएम केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात कर मंत्रियों के विभाग बंटवारे को लेकर अंतिम चर्चा कर सकते हैं। सीएम शुक्रवार दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे।दिल्ली दौरे पर जाने से पहले सीएम ने संगठन महामंत्री हितानंद से उनके निवास पर चर्चा की। इसके बाद सीएम दिल्ली रवाना हो गए। सीएम शुक्रवार को दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे। सीएम के दिल्ली दौरे को लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि वह दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर सकते है और विभाग के बंटवारें को लेकर चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद प्रदेश के मंत्रियों को विभाग का बंटवारा कर दिया जाएगा। बता दें डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का 12 दिन चले विचार मंथन के बाद 25 दिसंबर को विस्तार हो गया, लेकिन तीन दिन बाद भी मंत्री खाली हाथ हैं। उन्हें विभागों का आवंटन नहीं हो सका है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के नाम के साथ ही विभागों का आवंटन भी दिल्ली से होना है। इसको लेकर सीएम ने सूची बनाकर आलाकमान को भेज दी है। अब इस पर केंद्रीय नेताओं की तरफ से अंतिम मुहर लगना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के अलावा दो डिप्टी सीएम और 28 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। प्रदेश में 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम का चयन किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर को सीएम और दोनों डिप्टी सीएम ने शपथ ली। इसके 12 दिन बाद 25 दिसंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, लेकिन अब तक मंत्रियों को विभाग का बंटवारा नहीं हुआ है।

अग्रवाल और सुबुद्धि को नए साल में प्रमोट करने विभाग ने मांगे पी.पी.सी.एफ के चार नए पद.

The department to promote Agarwal and Subuddhi has sought four new positions for the PPCF in the New Year. उदित नारायणभोपाल। वन विभाग ने सेवानिवृत होने से पहले दो वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों को प्रमोशन देने के लिए राज्य शासन से पीसीसीएफ के चार पद मांगे है। इस आशय का प्रस्ताव मंत्रालय वल्लभ भवन में भेज दिया गया है। राज्य शासन 6 महीने के लिए अस्थाई तौर पर पीसीसीएफ के चार पद स्वीकृत कर सकता है। पीसीसीएफ के चार पद की मंजूरी मिलने के बाद 1991 बैच के दो अपर प्रधान मुख्यमंत्री वन संरक्षक (वन्य प्राणी) और एपीसीसीएफ (वित्त एवं बजट) पंकज अग्रवाल के अलावा 1992 बैच के एपीसीसीएफ (विकास) यूके सुबुद्धि तथा वन विकास निगम में पदस्थ एपीसीसीएफ सुदीप सिंह पीसीसीएफ के पद पर प्रमोट हो जाएंगे। विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दी है। 1991 बैच के एपीसीसीएफ पंकज अग्रवाल मार्च 24 में और 1992 बैच के यूके सुबुद्धि नवम्बर 24 में रिटायर हो जाएंगे। यहां यह भी उल्लेखनीय है केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अनुसार राज्य में पीसीसीएफ के निर्धारित मापदंड (2%) से अधिक पद पर कार्य कर रहें है। इसके पहले भी वन विभाग ने रिटायरमेंट के पहले के रमन को पीसीसीएफ पद पर प्रमोशन देने की मंशा से राज्य शासन ने पद मांगे थे, जिसे तत्कालीन मुख्य सचिव इक़बाल सिंह बैस ने ख़ारिज कर दिया था।आईएफएस के लिए डीपीसी टलीराज्य सरकार के गठन की प्रक्रिया के चलते 13 राज्य वन सेवा से आईएफएस अवार्ड के लिए 22 दिसंबर को प्रस्तावित पदोन्नति कमेटी की बैठक टल गई है। इस बैठक में 2009 बैच के राज्य वन सेवा के अधिकारी रामकुमार अवधिया को आईएफएस पद पर प्रमोट करने के लिए हरी झंडी मिलने की संभावना थी। कमेटी 2011 बैच के आशीष बांसोड़, विद्याभूषण सिंह, गौरव कुमार मिश्रा, तरुणा वर्मा, हेमंत यादव, सुरेश कोड़ापे, प्रीति अहिरवार, लोकेश निरापुरे, राजाराम परमार, करण सिंह रंधा और माधव सिंह मौर्य को आईएफएस अवार्ड के लिए हरी झंडी दे सकती है। गड़बड़ियों में उलझे रहने की वजह से 2011 बैच की डॉ कल्पना तिवारी और राजबेंद्र मिश्रा के नाम विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि 13 अधिकारियों को आईएफएस अवार्ड देने के लिए 2011 बैच से 2013 बैच के करीब राज्य वन सेवा के 39 अफसरों के नाम पर मंथन होना था।

कैलाश विजयवर्गीय ने BJP राष्‍ट्रीय महासचिव पद से दिया इस्‍तीफा

Kailash Vijayvargiya resigns from the post of BJP National General Secretary कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के सिद्धांत एक व्यक्ति एक पद के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। इस आशय का पोस्‍ट विजयवर्गीय ने एक्‍स हैंडल पर भी किया है। नई दिल्ली। मोहन यादव मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाए गए कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से त्‍यागपत्र दे दिया है। उन्होंने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा।उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रसाद नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए दी। पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है: कैलाश विजयवर्गीयउन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रसाद नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। मेरा सौभाग्य रहा कि मैंने 9 वर्ष तक पहले श्री अमित शाह जी फिर श्री जेपी नड्डा जी के मार्गदर्शन में देश के विभिन्न स्थानों पर संगठन को गढ़ने में प्राणप्रण से कार्य किया। अब मुझे पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है। मैं प्रधानमंत्री जी का संकल्प वर्ष 2047 में भारत, विश्व का शक्तिशाली देश बने। इस दिशा में मध्यप्रदेश को शक्तिशाली बनाने के लिए हम माननीय प्रधानमंत्री श्री जी के नेतृत्व में कार्य करेगें

योगी की राह पर मोहन

Mohan on the path of Yogiफैसलों मे दिख रहा है आत्मविश्वास. उदित नारायण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के फैसलों मे उत्तरप्रदेश के फायरब्रांड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि नजर आने लगी है ! गुना बस हादसे पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एक कड़े फैसले मे उन्होंने तत्काल प्रभाव से परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री और कलेक्टर तरुण राठी का तबादला करते हुए यह साफ सन्देश देने का प्रयास किया है कि प्रदेश मे अब कोई भी प्रशासनिक लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी ! एक तरफ जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्री बनते ही बुलडोज़र कार्यवाही को अंजाम दिलाया हो या धान खरीदी तथा तेंदुपत्ता खरीदी का मूल्य सुनिश्चित करना हो, या गुना हादसे पर ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्यवाही हो इन सभी फैसलों मे मुख्यमंत्री के आत्मविश्वास, और कड़े फैसले की झलक दिखाई देती है मुख्यमंत्री के ये कदम प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूर्ण करने का एक मजबूत कदम है..

प्रतिबन्ध होने पर भी सरकारी शिक्षक चला रहे निजी कोचिंग सेंटर

Despite restrictions, government teachers are running private coaching centers मुरैना ! अम्बाह पोरसा नगर में सरकारी स्कूलों में पदस्थ लगभग 2 दर्जन से अधिक शिक्षक ऐसे हैं जो प्रतिबंध के बाद भी अपने घरो व हाथी गड्डा नामक जगह पर लंबे समय से निजी कोचिंग सेंटर संचालित कर रहे हैं। इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को होने के बाद भी उनके द्वारा ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गौरतलब है कि जिला शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के पर निजी कोचिंग सेंटर पर छात्रों को पढ़ाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। उसके बाद भी अम्बाह वा पोरसा नगर में लगभग 2 दर्जन से अधिक ऐसे सरकारी शिक्षक हैं जो कोचिंग सेंटर संचालित कर बच्चों से हजारों रुपये ऐंठ रहे हैं। सरकारी आदेश की कर रहे हैं अवहेलना :- ट्यूशन पर कड़ा प्रतिबंध होने के बावजूद नगर में सरकारी शिक्षक बेखौफ ट्यूशन पड़ा कर सरकारी आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। सुबह से इन कोचिंग सेंटरों पर बच्चों की भीड़ एकत्रित हो जाती है, जो दोपहर तक चलती है। इसके बाद शाम से ट्यूशन दोपहर तक चलती है। इसके बाद शाम से ट्यूशन पढ़ाने का सिलसिला फिर शुरू हो जाता है, जो देर रात तक चलता है। शिक्षक सरकारी आदेश को ठेंगा दिखाकर मोटी कमाई कर रहे हैं। इसके अलावा इन कोचिंग सेंटर के पास वाहन पार्किंग ‘की सुविधा भी नहीं है। जिला अधिकारी कार्यवाही नही करते है फोन नही उठाते है

ग्वालियर, जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की तैयारी

Preparation to implement police commissioner system in Gwalior, Jabalpur, decision may be taken in January भोपाल ! प्रदेश में भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने के बाद राज्य सरकार जल्द ही जबलपुर और ग्वालियर में भी पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करेगी। गृह विभाग ने इसके संकेत दिए हैं कि इस मामले में जनवरी में ही सरकार निर्णय ले सकती है। उधर दोनों ही जिलों के पुलिस अधीक्षक को भी मैसेज किया गया है कि सरकार इसको लेकर जल्द फैसला करेगी। साथ ही आवश्यक जानकारी लेने का काम भी जिलों से शुरू किया गया है। बीजेपी के संकल्प पत्र 2023 में ग्वालियर और जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की बात कही गई है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ हुई पहली बैठक में साफ कहा है कि संकल्प पत्र का हर वादा पूरा करना है और इसके लिए सभी विभागों से सात दिन में आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर सीएम सचिवालय में देने के लिए कहा गया था। सूत्रों का कहना है कि वैसे तो संकल्प पत्र में पुलिस कमिश्नर प्रणाली सरकार बनने के बाद दो साल में लागू करने के लिए कहा गया है लेकिन इसके लिए किसी तरह के अतिरिक्त बजट की जरूरत नहीं है। इसलिए संकल्प पत्र को लेकर सीएम यादव द्वारा दिए गए निर्देश के बाद माना जा रहा था कि इस पर शीघ्र फैसला होगा। अब गृह विभाग ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट भी किया है। इसमें कहा गया है कि मोदी की गारंटी यानी गारंटी पूरी होने की गारंटी, हर नागरिक की सुरक्षा का संकल्प है। जल्द ही ग्वालियर और जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होगी। इस ट्वीट के बाद यह माना जा रहा है कि मोहन यादव सरकार लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले इन दोनों ही जिलों में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू कर सकती है।

सीएम मोहन यादव गुना में घायलों से मिले, पीएम नरेन्द्र मोदी ने जताया दुख.

CM Mohan Yadav met with the injured in Guna; PM Narendra Modi expressed Grief. गुना में बुधवार रात को बस और डंपर की भ‍िंड़त के बाद बस में आग गई थीगुना। गुना में बुधवार रात को बस और डंपर की भ‍िड़ंत के बाद बस में आग गई थी, 13 यात्री जिंदा जल गए और 16 बुरी तरह झुलस गए थे। मुख्‍यमंत्री डा. मोहन यादव ने मामले की जांच के आदेश दे द‍िए हैं और सम‍ित‍ि का गठन कर द‍िया है। मृतकों व घायलों के ल‍िए आर्थिक सहायता की घोषणा कर दी गई है। मुख्‍यमंत्री ने गुना में अस्‍पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात भी की। मुख्‍यमंत्री ने पर‍िजनों से भी मुलाकात की है, इस मौके पर भारी संख्‍या में भीड जमा हो गई थी। पीएम मोदी ने लिखा- हादसा हृदयविदारक हैप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा मध्य प्रदेश के गुना में हुआ सड़क हादसा हृदयविदारक है। इसमें जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। इसके साथ ही इस दुर्घटना में घायल सभी लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।भाजपा नेता धर्मेंद्र सिकरवार की बस है और जिस डंपर से टकराई वो कांग्रेस नेता अनिल नायक का है ! इससे पहले गुना रवाना होने से पहले गुना हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गुना की घटना बहुत दुखःद है। मैंने रात में DM और SP से बात भी की थी। अभी मैं खुद जा रहा हूं। हम कोशिश करेंगे कि दोबारा ऐसी कोई घटना नहीं हो। मैंने जांच के आदेश दिए हैं। जो भी कोई जिम्मेदार होगा किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। सभी मृतकों के परिवार और घायलों के साथ मेरी संवेदना है। सीएम ने कहा कि कल रात गुना जिले में हुई घटना अत्‍यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। इस विषय पर मैंने जिले के कलेक्टर, एसपी व अन्‍य अधिकारियों से बात कर घटना की विस्‍तार से जानकारी ली है।उन्‍होंने कहा कि ऐसी घटना दोबारा ना हो, इस बात की हम पूरी कोशिश करेंगे; इसके लिए सड़कों पर इस तरह के जो भी डेंजर जोन हैं, उनको चिन्हित कर आवश्यक प्रबंध किया जाएगा।

देश की सबसे बड़ी शराब तस्करी में डिस्टलरी मालिक को सजा.

Punishment for the owner of the country’s largest liquor distillery in the biggest liquor smuggling case. शराब तस्करी करवाने के लिए आबकारी अधिकारियो ने छपवा लिए फर्जी परमिट, शासन को राजस्व का मोटा चुना भोपाल/इंदौर । डिस्टलरीज से शराब तस्करी करने पर, बेटमा थाने में दर्ज अपराध क्रमांक/565/11 धारा 34(2), 420, 467, 468, 471, 120बी में अपर सत्र न्यायाधीश निलेश यादव ने दिनांक 23/12/2023 को डिस्टलरीज मालिक और तत्कालीन आबकारी अधिकारियो को सश्रम कारावास और अर्थ दंड से दंडित किया, जज ने अधिकारियों की अधिक उम्र को देखते हुए सजा कम दी है। सोम डिस्टलरीज से शराब तस्करी का मुरैना के बाद यह दूसरा अपराध है, जिसमे सोम डिस्टलरीज/मालिक को सजा हुई है। यह प्रकरण देश की सबसे बड़ी शराब तस्करी है क्योंकि इसमें आबकारी विभाग के अफसरों ने ही शासन के द्वारा जारी किए जाने वाले परमिट फर्जी बना कर दिए जाना प्रमाणित हुआ है, इसके लिए फर्जी परमिट प्रोफार्मा छपवाए गए है, जो शराब तस्करी के लिए प्रदेश में धडल्ले से जारी किए जा रहे है….

कोरोना के JN.1 वेरिएंट ने भारत में मचाया कोहराम, 24 घंटे में 5 लोगों की मौत, 529 नए मामले

The JN.1 variant of the coronavirus has caused havoc in India, with 5 deaths and 529 new cases reported in the last 24 hours. नई दिल्ली ! भारत में कोरोना के नए वेरिएंट JN.I ने कोहराम मचा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 24 घंटे के भीतर 529 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 5 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में भी JN.1 का पहला मामला सामने आया है। भारत में कोरोना के नए वेरिएंट JN.I ने कोहराम मचा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 24 घंटे के भीतर कोविड के 529 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 5 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में भी JN.1 का पहला मामला सामने आया है। दरअसल, JN.] वेरिएंट दिल्ली से लेकर भारत के 9 राज्यों में फैला हुआ है। वहीं महाराष्ट्र में तीन महीने में पहली बार कोविड-19 से मौत की खबर सामने आई है। वहीं 4,093 मरीज इलाज करा रहे है। रिपोर्ट के अनुसार JN.1 वेरिएंट गुजरात, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और दिल्ली जैसे राज्यों में पाया गया है। एक्सपर्ट के अनुसार, JN.1 के लक्षण हल्के हैं। इसलिए मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, JN.1 वेरिएंट में म्यूटेशन होता है। 24 घंटे में सामने आए 529 नए मामले स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में 24 घंटों में कोविड-19 के 529 मामले और 5 मौतें दर्ज की गईं हैं। वहीं कोविड का JN.] वेरिएंट का पहला केस 8 दिसंबर को केरल में पाया गया था। इसके बाद यह 9 राज्यों में फैल गया। इसके साथ ही नई दिल्ली में JN.1 वेरिएंट का पहला मामला मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत में बुधवार सुबह 8 बजे तक 24 घंटे में 529 नए मामले दर्ज किए गए। अब तक कोविड के कारण 5 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं बुधवार को 87 मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, देश में अब तक JN.1 के कुल 110 मामलों की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में JN.1 के सबसे अधिक 36 मामले हैं। इसके बाद कर्नाटक में 34, गोवा में 14, महाराष्ट्र में 9, केरल में 6, राजस्थान में 4, तमिलनाडु में 4, तेलंगाना में 2 और दिल्ली में एक मामले सामने आए है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि मामले बढ़ रहे हैं लेकिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ रही है क्योंकि अधिकतर मामलों में हल्के लक्षण है।

भोपाल, व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार में और गति लायें – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Bhopal should bring more momentum in the expansion of vocational education – Chief Minister Dr. Yadav मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर दिए निर्देश भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर देश में लागू की गई “नई शिक्षा नीति-2020″में व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल स्टडीज) पर विशेष जोर दिया गया है। इसी के अनुरूप मध्यप्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार के लिये किए जा रहे प्रयासों में और गति लाई जाए। विद्यार्थी द्वारा स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद उच्च शिक्षा के लिये प्रवेश लेने के दौरान ही उन्हें वोकेशनल स्टडीज से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के लिये प्रेरित किया जाए। इससे संपूर्ण शिक्षा प्रणाली को और सार्थक बनाया जा सकता है। नये सीएम राइज विद्यालयों के लिए चयन में व्यावहारिक आधार पर निर्णय लिया जाये और विद्यालयों के निर्माण में डिजाइन और अन्य सभी व्यवस्थाओं को भी बेहतर तरीके से पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादवआज मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की कार्य गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा की वर्तमान व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं, नियमित पाठ्यक्रमों के संचालन, सीएम राइज स्कूलों के प्रबंधन और शिक्षा विभाग द्वारा अन्य विभागों के समन्वय से विद्यार्थियों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने विभाग द्वारा राज्य शासन की प्राथमिकताओं और संकल्प पत्र के बिन्दुओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने विभाग के कार्यों और योजनाओं के संबंध मेंप्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश

धान उपार्जन में लापरवाही एक और अफसर पर पड़ी भारी: जबलपुर के प्रभारी फूड कंट्रोलर के बाद अब प्रबंधक व जिला विपणन अधिकारी भी सस्पेंड

Negligence in paddy procurement fell heavily on another officer: After the food controller in-charge of Jabalpur, now the manager and district marketing officer are also suspended. सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। उदित नारायण भोपाल ! राज्य शासन ने जिला विपणन अधिकारी और मंडल प्रबंधक जबलपुर रोहित सिंह बघेल को भी सस्पेंड कर दिया है। यह कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह ने की है। प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जारी नीति के अनुसार धान उपार्जन का कार्य नहीं कराया गया है। अधिकारी की लापरवाही के चलते शासन के समक्ष संघ की छवि धूमिल हुई है। इसलिए बघेल को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि में बघेल का मुख्यालय विपणन संघ भोपाल तय किया गया है। मंगलवार को प्रभारी फूड कंट्रोलर हुए थे सस्पेंड इससे पहले मंगलवार को खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया था। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है। आदेश में कहा था कि जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। राज्य शासन ने जबलपुर के फूड कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया है। मोहन यादव कैबिनेट के गठन के बाद शासकीय काम में लापरवाही के मामले में की गई यह पहली कार्रवाई है। खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है।विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए जारी की गई नीति के मुताबिक ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से एक दिसंबर 2023 तक उपार्जन कार्य कराया जाना था। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ एनआरएलएम में रजिस्टर्ड महिला स्व सहायता समूहों को भी उपार्जन केंद्र के संचालन का काम देने के निर्देश 29 नवंबर को जारी किए गए थे। इसमें जिला उपार्जन समिति के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को उपार्जन केंद्र की अनुमति का प्रस्ताव खाद्य संचालनालय को भेजा जाना था। जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। इस संबंध में न तो प्रभारी फूड कंट्रोलर द्वारा संचालनालय को जानकारी दी गई और न ही स्थानीय स्तर पर जनहित का काम किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। आजीविका समिति की जाँच कराने की माँग कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शित्रकुमार चौबे ने जिले में कुछ आजीविका समितियों का फर्जी तरह से कार्य करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि पंजीयन के 6 माह के अंदर समितियों के निर्वाचन के प्रस्ताव चले जाने चाहिए मगर पिछले 2 साल से किसी भी एक समिति का चुनाव प्रस्ताव कार्यालय उपायुक्त सहकारिता से नहीं गया है। नियम तो यह भी है कि यदि निर्वाचन नहीं होता है तो तत्काल विभाग को किसी शासकीय कर्मचारी को प्रशासक बना देना चाहिए, मगर कार्यालय के स्तर पर इस तरह की भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इन्हें क्यों छोड़ा गया धान खरीदी की जाँच का जिम्मा तमाम एसडीएम को दिया गया था, खाद्य विभाग के अधिकारी भी इसमें शामिल थे, वहीं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और मार्कफेड के अधिकारियों का कहीं जिक्र तक नहीं किया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर, अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत भी खरीदी केन्द्र की जाँच के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन 1 दिसम्बर से अभी तक केवल लोकायुक्त ने ईमानदारी से कार्य किया और रिश्वत लेते कम्प्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा, बाकी किसी ने भी किसी केन्द्र में कोई जाँच नहीं की। सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। रातों-रात गायब हुई धान जानकारों का कहना है कि जैसे ही वेयरहाउस संचालकों को यह पता चला कि जाँच दल आ रहा है तत्काल ही बिना अनुमति खरीदी करने वाले वेयरहाउसों से धान को गायब करवाया गया। यहाँ तक की कई वेयरहाउसों में जाँच दल पहुँच भी गया था लेकिन एप्रोच लगाकर जाँच दल को रोका गया और उनकी मौजूदगी में ही धान गायब करवाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकारी बारदानों यानी बोरों में बिना अनुमति खरीदी हुई, यह कैसे हुआ कोई बताने तैयार नहीं। रातभर बाहर किया धान, फिर भी अंदर रखा मिला 30 हजार क्विंटल प्रमुख सचिव … Read more

प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में मंगलवार को जनसुनवाई करने के आदेश जारी किया

The state government issued orders to hold public hearing in all the districts on Tuesday. उपरोक्त विषयांतर्गत संदर्भित परिपत्र का अवलोकन करें, जिसके ‌द्वारा मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव वर्ष 2023 की “आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने के कारण, आदर्श आचार संहिता अवधि के दौरान “जनसुनवाई कार्यक्रम स्थगित करने के निर्देश दिए गए थे। आदर्श आचार संहिता दिनांक 04.12.2023 से समाप्त हो चुकी है। अत “जन सुनवाई कार्यक्रम पूर्व की भांति पुनः प्रारम्भ किया जावे।

मध्य प्रदेश पुलिस ने किया डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन

Madhya Pradesh Police performed excellently in the digital field. एनसीआरबी, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया सम्मान, पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर डीजीपी श्री सक्सेना ने पुलिस टीम को दी बधाई भोपाल ! पुलिसिंग में तकनीकी पहल करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की एससीआरबी टीम ने नई दिल्ली में पुरस्कार प्राप्त करने के बाद आज मप्र पुलिस के मुखिया डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना से सौजन्य भेंट की। यह उपलब्धि प्राप्त करने पर डीजीपी श्री सक्सेना ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसके लिए पूरी टीम को बधाई दी व उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर मध्य प्रदेश पुलिस को नवीन ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। जिन्हें प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है, वे इसे कायम रखें और जो दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं, वे आगामी वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त करने का प्रयास करें।इस अवसर पर भोपाल के पुलिस मुख्यालय, एससीआरबी में पदस्थ एडीजी श्री चंचल शेखर, एआईजी प्रांजलि शुक्ला, निरीक्षक डॉली गोस्वामी, प्रधान आरक्षक (कम्प्यूटर) अंकुश सोनी और अर्शदीप सिंह सहित पूरी टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस को मिला प्रथम पुरस्कार :-उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली में 21-22 दिसंबर 2023 को आयोजित “Conference on Good Practices in CCTNS/ICJS, 2023 ” में राष्‍ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्‍यूरो (एनसीआरबी), गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश पुलिस को डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं आईसीजेएस का उपयोग करते हुए अपराधों की रोकथाम करने के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। आईसीजेएस (इन्टर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य के लिए संपूर्ण देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मध्य प्रदेश पुलिस को यह ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके साथ ही प्रदेश की फॉरेंसिक शाखा को देशभर में द्वितीय स्थान और मध्य प्रदेश पुलिस को e-Rakshak Mobile App की नई पहल के लिए भी तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। शीघ्र एवं पारदर्शी विवेचना के लिए महत्वपूर्ण तकनीक है आईसीजेएस :-एडीजी एससीआरबी श्री चंचल शेखर ने बताया कि मध्यप्रदेश में आईसीजेएस के क्रियान्वयन में राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है। एससीआरबी सभी पिलर्स के नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करता है ताकि आईसीजेएस का सुचारू रूप से संचालन, अपराधों की शीघ्रता से विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। एससीआरबी द्वारा सभी पिलर्स की मासिक बैठक लेकर समस्याओं का समाधान करने के साथ ही इनकी रिपोर्ट माननीय उच्च न्यायालय की ई-कमेटी को प्रेषित की जाती है।इन्टर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) माननीय सर्वाेच्च न्यायालय की ई-कमेटी की एक पहल है। यह आपराधिक एवं न्यायिक प्रणाली को त्वरित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईसीजेएस मुख्यत: एक एकीकृत पोर्टल है, जो पुलिस, जेल, फॉरेंसिक, प्रॉसिक्यूशन और न्यायिक विभागों को संयुक्त स्थानीय न्यायिक प्रणाली से जोड़ता है और अपराधों की विवेचना व कार्रवाई में सुधार करने में सहायता करता है। इस प्रणाली का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार लाना है ताकि विभिन्न संगठनों और विभागों के बीच समन्वय बढ़े और कार्यप्रणाली में सुधार हो सके। पैन इंडिया क्रिमिनल रिकॉर्ड सर्च, आइडेंटिफिकेशन ऑफ क्रिमिनल नेटवर्क, 360 डिग्री प्रोफाइलिंग ऑफ सस्पेक्ट आदि इसकी विशेषताएं हैं। अपराधों पर नियंत्रण का मापदंड होता है चयन का आधार :-एडीजी एससीआरबी श्री चंचल शेखर ने बताया कि आईसीजेएस पोर्टल में उत्कृष्ट प्रदर्शन मुख्यत: चार बिंदुओं पर आधारित है, जिन पर मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सफलता पूर्वक कार्य किया गया है।प्रदेश में घटित होने वाली घटनाओं में संलिप्त लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच, जो कि जनवरी 2023 तक 3 लाख 50 हजार थीं, जो नवंबर में बढ़कर 56 लाख हो गई हैं।आपराधिक न्याय प्रणाली के सभी स्तंभों में जानकारी का अधिक से अधिक आदान-प्रदान होना – एफएसएल की जांचों की जानकारियों का आदान-प्रदान देश में पहली बार मध्य प्रदेश में व्यवस्थित रूप से किया गया।आईसीजेएस के उपयोग से अपराधियों तक पहुंचनामध्य प्रदेश में पहली बार जिले एवं तहसील स्तर के न्यायाधीशों का आईसीजेएस में प्रशिक्षण एवं उपयोग किया गया।

सामाजिक जनजागरण है, राहुल गांधी की “भारत न्‍याय यात्रा “- जीतू पटवारी

Rahul Gandhi’s “Bharat Nyay Yatra” is social awareness – Jitu Patwari मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया में बातचीत में कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है। अब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ‘भारत न्याय यात्रा’ निकालने वाली है।मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है।राहुल गांधी ने इससे पहले देश में भारत जोड़ो यात्रा की थी। भोपाल। भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद अब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ‘भारत न्याय यात्रा’ निकालने वाली है।मणिपुर से मुंबई तक क़रीब 6200 किलोमीटर की यह लंबी यात्रा 14 जनवरी से लेकर 20 मार्च तक निकाली जाएगी। यह यात्रा 14 राज्यों से होकर निकलेगी। इनमें मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ भी शा‍म‍िल है। भारत न्याय यात्रा का मुद्दा आर्थिक न्याय, सामाजिक न्याय और राजनीतिक न्याय रखा गया है।मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया में बातचीत में कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है। उन्‍होंने कहा कि राहुल जी ने इससे पहले देश में भारत जोड़ो यात्रा की थी। आधुनिक भारत के पहले शख्‍स थे जिन्‍होंने देश में भाईचारे के लिए, प्रेम के लिए, प्‍यार के लिए भगवान राम-कृष्‍ण और भारत वर्ष के जो मूल विचार हैं, इंसानियत की रक्षा के लिए, प्राणियों में सद्भावना हो इस विश्‍वास के लिए यात्रा निकाली थी। पूरे देश ने उसे आत्‍मसात किया था। अब न्‍याय यात्रा निकाली जा रही है।पटवारी बोले-वोट की ताकत को कम किया जा रहा पटवारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक रूप से जो तानाशाही देश में चल रही है, लोकतंत्र की हत्‍या करने का जो दुष्‍चक्र चल रहा है। विधायकों और सांसदों को अपने अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। वोट की ताकत को कम किया जा रहा है। व्‍यापक रूप से दलबदल किया गया। इसके खिलाफ और सामाजिक जनजागरण के लिए न्‍याय यात्रा है।

चेतन्य कश्यप, सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय उस राशि को अभावग्रस्त लड़कियाँ की शिक्षा पर खर्च करें : उमा

Instead of returning the salary to the Government, the amount should be spent on the education of underprivileged girls, according to Uma Bharti. भोपाल। उमा भारती ने लिखा है कि हाल ही में मंत्री बने रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन्य काश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की हैं। अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ़ लिखी गई थी कि वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जोकि साल भर का क़रीब 12 लाख होता हैं । 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं । उन्होंने लिखा है कि चेतन्य काश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करें ।उमा ने आगे लिखा है कि हमें यह याद रखना पड़ेगा कि सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और न वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं।एक बार सांसद वरुण गांधी ने कहा था कि सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए। वरुण गांधी ऐसा कर सकते है क्यूँकि वो हज़ारों-करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक है । अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए ।अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन्य काश्यप जैसे पूंजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनखा एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलना चाहिए

वन विभाग ने वनों की सुरक्षा के लिए मांगी एस.ए.एफ की तीन अतिरिक्त कंपनियां

The Forest Department requested three additional companies of the Special Armed Forces (S.A.F.) for the protection of forests. उदित नारायण भोपाल। राज्य के वन विभाग ने मंत्रालय में दिये एक उच्च स्तरीय प्रेजेन्टेशन में एसएएफ की तीन अतिरित कंपनियां मांगी हैं। वर्तमान में एसएएफ की तीन कंपनियां क्रमशः आठवीं वाहिनी छिन्दवाड़ा, 15 वीं वाहिनी इंदौर एवं 26 वीं वाहिनी गुना के 221 सशस्त्र अधिकारी एवं कर्मचारी वन क्षेत्र में पदस्थ हैं जिन्हें 14 संवेदनशील वनमंडलों में संलग्न किया गया है। चूंकि वनकर्मियों को बंदूक चलाने का अधिकार नहीं दिया गया है, इसलिये वन विभाग ने एसएएफ की तीन अतिरिक्त कंपनियों को देने की और मांग की है। इसी प्रकार, प्रेजेन्टेशन में वन अधिकारियों को पुलिस की तरह वाहनों में बीकन लाईन लाइट लगाने, वन्य प्राणी के हमले में जनहानि होने पर 12 लाख रुपये हर्जाना देने, वन कर्मचारियों को पुलिस की तरह 13 माह का वेतन देने, पौष्टिक आहार भत्ता देने एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थी पर पुलिस की तरह नक्सल भत्ता देने की भी मांग की है जिससे वन कर्मियों का मनोबल बढ़ सके।

श‍िवराज सिंह चौहान ने सीएम आवास खाली किया, खाली करने से पहले पूजा अर्चना की

Shivraj Singh Chouhan vacated the Chief Minister’s residence, performing a puja and ritual before the evacuation. सीएम आवास खाली करने से पहले श‍िवराज ने किए गौ माता के दर्शन, सुरक्षाकर्मियों ने दी विदाई श‍िवराज सिंह चौहान ने परिवार सहित सीएम हाउस स्थित मंदिर में की पूजा .भोपाल। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान सीएम आवास खाली कर रहे हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान कुछ देर में सीएम हाउस छोड़कर B8 74 बंगले में शिफ्ट हो गए।इससे पहले श‍िवराज सिंह चौहान ने परिवार सहित सीएम हाउस स्थित मंदिर में पूजा अर्चना की और गौशाला में गौ माता के दर्शन किए । इस अवसर पर सीएम हाउस में पदस्थ सुरक्षा कर्मियों ने उन्हे विदाई भी दी। धर्मपत्‍नी साधना सिंह ने भी श‍िवराज को तिलक कर और आरती उतारकर स्‍वागत किया।इस दौरान श‍िवराज ने मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए। उन्‍होंने नए दायित्‍व के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि पार्टी उन्‍हें जो भी जिम्‍मेदारी देगी वे उसे निभाएंगे।उल्‍लेखनीय है कि दिल्‍ली में श‍िवराज भाजपा के वरिष्‍ठ नेताओं से मुलाकात के बाद यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि पार्टी उन्‍हें लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कोई महत्‍वपूर्ण दायित्‍व सौंपेगी। श‍िवराज ने भी यह कहा है कि वे फ‍िलहाल दक्षिण के राज्‍यों का दौरा करेंगे।

फर्जी उपार्जन केंद्रों पर बड़ी कार्यवाही, फूड कंट्रोलर सस्पेंड, सीएम मोहन यादव ने लिया संज्ञान.

Major crackdown on fake purchasing centers, Food Controller suspended; CM Mohan Yadav takes cognizance. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpur. जबलपुर । नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा मंगलवार की शाम जबलपुर के फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें उपार्जन केंद्रों की स्थापना में हुई देरी और अनियमियता का दोषी पाया गया है। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा जो 20 सदस्य जांच दल जबलपुर आया हुआ था उसने भी अपनी रिपोर्ट मेल के माध्यम से मुख्यालय में भेज दी है जिसके बाद मंगलवार देर रात या बुधवार को और भी बड़ी कार्यवाहियां हो सकती हैं। जिसमें कुछ गोदाम को ब्लैकलिस्टेड करने की बात सामने आ रही है। इस पूरे मामले की गंभीरता को इस बात से भी समझा जा सकता है कि वल्लभ भवन से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा इस पूरे मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों से मांगी गई है जबकि जबलपुर आई टीम के द्वारा अपनी रिपोर्ट दे दी गई है। ऐसे में सीएम को वास्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा।

मंत्री बनने के बाद अब मोहन सरकार को विभाग बंटवारे में आ रहा पसीना.

After becoming a minister, Mohan Sarkar is now breaking a sweat over the departmental allocations. भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हुई। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सभी वरिष्ठ और अनुभवी हैं। हमें मिलकर काम करना है। संकल्प पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी है। अधिकारियों को संकल्प पत्र की प्रक्रिया की जा चुकी है और सबसे कार्य योजना बनाने के लिए दे दिया है। सोमवार को 28 मंत्रियों की शपथ के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ मंगलवार को मंत्रालय में बैठक की। हालांकि यह बैठक बिना एजेंडे की भी, इसमें सभी ने एक दूसरे को बधाई दी। इस बैठक के साथ ही यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि मंत्रियों के विभागों को बंटवारा मंगलवार शाम तक हो सकता है। सीनियर मंत्रियों को नहत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा जोरों पर हैं।जानकारी के मुताबिक बैठक में प्रदेश के विकास और विकसित भारत संकल्प यात्रा पर चर्चा हुई। विकसित भारत संकल्प यात्रा प्रदेशभर में शुरू हो चुकी है। अब मंत्रयों की जिम्मेदारी तय होगी कि वे जिलों में विकसित भारत संकल्प यात्रा को सफल बनाने के लिए काम करें। इसके लिए लोगों से संवाद और उनको केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा जाएगा, ताकि चुनाव के पहले सभी लोकसभा क्षेत्रों में शतप्रतिशत हितग्राहियों को लाभ मिल सके।

बदलाव की राह पर भाजपा ने लगाई मुहर

On the path of change, the BJP has stamped its approval. उदित नारायण भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में जिस तरह लगभग दो तिहाई नए चेहरों को पहली बार शामिल किया, वह भाजपा द्वारा बदलाव की राह लाने जैसा है। विजय शाह, विश्वास सारंग प्रदुम्न तोमर तुलसी सिलावट ,करण सिंह वर्मा को छोड़कर किसी ऐसे मंत्री को मौका नहीं दिया गया है, जो लंबे समय तक मंत्रिमंडल में रहा हो। भाजपा का यह बदलाव नए नेतृत्व को उभारने का प्रयोग है। जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों में देखने को मिलेगा। इस बदलाव से कुछ अनुभवी और वरिष्ठ मंत्री मौका पाने से चूक गए, तो डेढ़ दर्जन नए चेहरों को मौका मिला। परंपरागत राजनीति करने और देखने वालों को इससे हैरत हुई होगी, लेकिन यथास्थिति में बदलाव किसी भी राजनीतिक दल के जीवंत रहने के लिए आवश्यक होता है। भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में जिस तरह नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में जो बदलाव किया, वह नए तरह की राजनीति है। बदलाव तो हार के बाद किया जाता रहा है और बंपर जीत के बाद यथास्थितिऔर मजबूत होती आई है। भाजपा ने जीत के बाद बदलाव कर भविष्य में हार की आशंका को खारिज करने का प्रयास किया है। मध्यप्रदेश में भाजपा थोड़े अंतराल से दो दशक लगातार सत्ता में है और अगले पांच साल का सफर जारी है। मंत्रिमंडल में लगातार लंबे समय तक मंत्री रहने वालों को बदलकर नए चेहरों को मौका देने से एकतरफ जहां एकरसता टूटती है, वहीं पार्टी कैडर में यह विश्वास जागता है कि उन्हे भी आने वाले समय में मौका मिल सकेगा।

मंत्रिमंडल में जगह न मिलने पर गोपाल भार्गव की प्रतिक्रिया

Gopal Bhargav’s reaction to not getting a place in the cabinet. भोपाल। गोपाल भार्गव को मोहन यादव मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। जिसके बाद उन्होंने पोस्‍ट कर प्रतिक्रिया दी। हालांकि बाद में यह पोस्ट उन्होंने डिलीट कर दी। सोमवार को हुए मंत्रिमंडल गठन में 18 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। हालांकि इसमें नौवीं बार विधायक बनने वाले गोपाल भार्गव को जगह नहीं मिली है। वे रहली सीट से विधायक हैं। इससे पहले गोपाल भार्गव शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वहीं गोपाल भार्गव को मंत्री न बनाए जाने को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही है। इसी बीच गोपाल भार्गव ने सोशल मीडिया पर पोस्‍ट कर अपना पक्ष रखा है। हालांकि गोपाल भार्गव ने यह पोस्‍ट बाद में डिलीट कर दी। अब इस पोस्‍ट का स्‍क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्‍या लिखा था पोस्‍ट मेंवायरल हो रही पोस्‍ट में गोपाल भार्गव ने लिखा कि, ‘आज मप्र राज्य के मंत्री परिषद् का पूर्ण रूपेण गठन हो गया है, मैं नवनियुक्त मंत्रीगणों को अपनी ओर से शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। प्रदेश भर से मेरे समर्थक मुझसे पूछ रहे हैं कि ऐसा क्या हुआ है कि आपको मंत्री मंडल में नहीं लिया गया? मैंने उनसे कहा 40 वर्षों के लंबे राजनीतिक जीवन में अब तक पार्टी ने जो भी जिम्मेदारियां दी है उनको समर्पित भाव से पूर्ण किया है और आगे भी करते रहने के लिए संकल्पित हूं इसलिए आज मंत्रिपरिषद के गठन में पार्टी द्वारा लिए गए निर्णय का मैं स्वागत करता हूं। पद आते-जाते रहते हैं, पद अस्थायी हैं, पर जन विश्वास स्थाई है, इतने वर्षों तक मैंने अपने क्षेत्र और प्रदेश की जो सेवा की है वह मेरी पूंजी और धरोहर है। मेरे क्षेत्र ने मुझे प्रदेश का सबसे वरिष्ठ 9वीं बार विधायक बनाया जो देश में दुर्लभ एवं अपवाद है, मुझे 70% वोट देकर 73000 वोटों से जिताया यह ऋण मेरे ऊपर है। मैं जब तक इस क्षेत्र का विधायक रहूँगा कोई कमी या अभाव नहीं रहने दूंगा। राजनीतिक दलों के अपने-अपने फार्मूले हैं। सामाजिक, क्षेत्रीय कारण हैं जिनके आधार पर पद दिए जाते हैं, उसके भीतर जाने या जानने में मेरी कोई रुचि नहीं है इसलिए मैं मौन हूं। खाली समय में अब में प्रदेश में समाज को संगठित कर समाज उत्थान के लिए कार्य करूंगा।’

शिक्षा में विभाग में शासकीय राशि का भारी मात्रा में गबन, 15 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज, जांच जारी.

Embezzlement of amount of government funds in the Education Department, cases filed against 15 individuals, investigation underway. बालाघाट, में शिक्षा विभाग में लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बालाघाट। जिला शिक्षा में विभाग में शासकीय राशि का भारी मात्रा में गबन करने का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कोतवाली थाना पहुंचकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उक्त मामले में पुलिस ने करीब 15 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किया है।2018 से 2019 तक हुआ गोलमालकोतवाली थाना से मिली जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कोतवाली थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि, 29 सितंबर 2018 से 19 दिसंबर 2023 के बीच उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट कार्यालय के प्राचार्य सहायक ग्रेड 3 दुर्गेश कुमार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से शासकीय दस्तावेजों में कूटरचित कर धोखाधड़ी पूर्वक राशि निकाली गई और इस राशि को करीब 15 शासकीय और अशासकीय व्यक्तियों के खातों में बालाघाट के कोषालय के माध्यम से भुगतान कराया गया है। इनके विरुद्ध किया अपराध दर्जशिकायत मिलने के बाद लिखित शिकायत के आधार पर बालाघाट उत्कृष्ट विद्यालय के बीओ कार्यालय के प्राचार्य दुर्गेश कुमार, अंबेश, लक्ष्मी, देवी चरण पटले, परेश कुंभारे, मुकेश डिब्बे, शैलेंद्र खरखटे, अभिषेक शुक्ला, अबीर खटोले, सुरेश, तीरेश कुमार अग्रवाल, भक्ति दोहरे, कल्याणी, नरेश फुंदे, और रूपाली वामनकर के विरुद्ध कोतवाली थाने में भारतीय दंड विधान की धारा 420,467,468,471 और 120 बी के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। इनका कहना कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि का दुरुपयोग करने से संबंधित कार्रवाई के लिए कलेक्टर महोदय से आदेश प्राप्त होने पर उक्त मामले में कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई है। जिसकी विवेचना की जा रही है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -अश्विनी कुमार उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर 15 लोगों के विरुद्ध शासकीय राशि 86 लाख 44 हजार 323 रुपये गबन किए जाने के संबंध में धोखाधड़ी की संबंधित धारा के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है, मामले की विवेचना की जा रही है। -प्रकाश वास्कले, निरीक्षक, कोतवाली.

मंत्रिमंडल विस्तार में सभी को साधने की कोशिश

Efforts to accommodate everyone in cabinet expansion मंत्रिमंडल विस्तार में सभी को साधने की कोशिश, 50 फीसदी नए विधायकों को मिला मौका— प्रथम पेज मंत्रिमंडल विस्तार में सात सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायक बने मंत्री भोपाल। माेहन कैबिनेट में आज से 28 मंत्री और जुड़ गए। मंत्रिमंडल विस्तार में 18 कैबिनेट, 6 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री व 4 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। इन मंत्रियों में 11 ऐसे हैं, जो मंत्री रह चुके हैं। इसमें से 6 मंत्री ऐसे हैं, जो पिछली भाजपा सरकार में भी मंत्री थे। मंत्रियों की कुल संख्या के हिसाब से 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री बनाया गया है। करीब 20 फीसदी यानी कुल 5 महिलाएं कैबिनेट व राज्य मंत्री बनी है। तीन ऐसे मंत्री भी हैं, जो लोकसभा सांसद या केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर व दमोह से दो-दो मंत्री व बाकी जिलों से एक-एक मंत्री बने हैं।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय, जातीय व जिलेवार संतुलन को साधने की पुरजोर कोशिश की है। मंत्रिमंडल विस्तार में 7 सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इसके लिए हालांकि स्थानीय संगठन व संघ पदाधिकारियों से लेकर नई दिल्ल्ाी में राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा की गई। इस विस्तार में मप्र से मुख्यमंत्री यादव के अलावा किसी की नहीं चली। पुराने मंत्रियों को दरकिनार करने की मुख्य वजह क्षेत्रीय संतुलन व उनके पुराने परफारमेंस व अंदरूनी रिपोर्ट को देखा गया। इसमें भी क्षेत्रीय संतुलन भारी रहा। सूची फायनल करने में तीन बार दिल्ली के चक्कर लगाने पड़े-मंत्रियों के नाम फायनल करने में मुख्यमंत्री को पिछले 12 दिनों में तीन बार दिल्ल्ाी के चक्कर लगाने पड़े। कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्यमंत्रियों के चयन में दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ ही संघ नेताओं व प्रदेश अध्यक्ष को तवज्ज्ाों दी गई। सूत्रों के मुताबिक पिछले 48 घंटे में ही कई तरह के बदलाव करने पड़े। कुछ मामलों में तो वरिष्ठ नेताओं के दबाव को भी दरकिनार कर दिया गया। संगठन का स्पष्ट कहना था कि चूंकि सभी को मंत्री नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में नए विधायकों पर ज्यादा भरोसा जताया गया।  कई मामलों में चौकानें वाले निर्णय लिए गए-भोपाल जिले से चार दावेदार थे। किंतु दो को ही मंत्री बनाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने वही निर्णय लिया। रायसेन जिले से पिछली बार डॉ. प्रभुराम चौधरी मंत्री थे, इस बार उन्हें मौका नहीं दिया गया। जबकि पुराने भाजपाई, पहली बार के विधायक नरेंद्र शिवाजी पटेल को मंत्री बनाया गया। नरेंद्र के पिता शिवा जी पटेल करीब 20 वर्ष पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। वे अब हालांकि नहीं हैं, किंतु उन्ाके बेटे को मौका दिया गया। सागर जिले में दो कद्दावर मंत्रियों गोपाल भार्गव व भूपेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जबकि इनमें से भूपेंद्र सिंह को मंत्री बनाने की पूरी संभावना थी। हो सकता है लोकसभा चुनाव में इस पर ध्यान दिया जाए। इसीतरह बैतूल जिला पूरी तरह से अछूता रहा। यहां से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया। नए विधायकों पर बड़ी जवाबदारी -मंत्रिमंडल में 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री पद दिया गया है। इस हिसाब से मुख्यमंत्री यादव ने पुरानाें के साथ ही नए विधायकों पर भरोसा जताया है। हालांकि इनमें से कई ऐसे हैं, जो दो-दो बार के विधायक हैं। कैबिनेट मंत्रियों में चार विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार मप्र विधानसभा का टिकट लेकर चुनाव लड़े और विधायक बने। हालांकि यह सभी केंद्र में जरूर सांसद और मंत्री थे। अब उन्हें प्रदेश में भी बड़ी जिम्म्ोदारी दी गई है। अभी भी हालांकि विधानसभा की कुल संख्या के हिसाब से 15 फीसदी यानी कुल 34 मंत्री बनाए जा रहे हैं। इस तरह से तीन मंत्री और बनाए जा सकते हैं। मंत्रिमंडल में यह बने कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्य मंत्री बने-राजभवन में आज सोमवार को गरिमामय माहौल में दोपहर बाद 3.30 बजे राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने मंत्रियों को शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व वरिष्ठ भाजपा व संघ के नेता मौजूद थे। शपथ विधि का संचालन मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा ने किया। शपथ ग्रहण समारोह को काफी सीमित रखा गया था। इसीलिए काफी लोगों को आमंत्रण नहीं दिया गया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा वीडी शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।कैबिनेट मंत्री -1-प्रदुम्न सिंह तोमर, ग्वालियर2-तुलसी सिलावट, इंदौर3- एंदल सिंह कसाना, मुरैना4-नारायण सिंह कुशवाह, ग्वालियर5-विजय शाह, खंडवा6-राकेश सिंह, जबलपुर7-प्रह्लाद पटेल, नरसिंहपुर8-कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर-19-करण सिंह वर्मा, इछावर, सीहोर10-संपतिया उईके, मंडला11-राव उदय प्रताप सिंह, गाडरवारा, नर्मदापुरम12-निर्मला भूरिया, पेटलावद झाबुआ13-विश्वास सारंग, नरेला भोपाल14-गोविंद सिंह राजपूत, सुरखी सागर15-इंदर सिंह परमार, शाजापुर16-नागर सिंह चौहान, अलीराजपुर17-चैतन्य कश्यप, रतलाम18-राकेश शुक्ला, मेहगांव भिंड। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर, गोविंदपुरा भोपाल20-धर्मेंद्र लोधी, जबेरा दमोह21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लखन पटेल, दमोह24- नारायण पवार, राजगढ़। राज्यमंत्री -25–राधा सिंह, चितरंगी सीधी26-प्रतिमा बागरी, रैगांव सतना27-दिलीप अहिरवार, चंदला छतरपुर28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल, उदयपुरा, रायसेन।

पटवारी ने एनएसयूआई को दिया टारगेट

Patwari gave target to NSUI भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सेवादल और एनएसयूआई की बैठक ली। पटवारी ने सबसे पहले मप्र भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्षों से संवाद किया। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह चर्चा 2 बजे तक चली। इसमें पीसीसी चीफ ने एनएसयूआई की आगामी गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर रणनीति बनाई। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि कालेज और विश्वविद्यालय में कांग्रेस की विचारधारा के साफ फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ा जाए। वहीं एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन में शामिल होंगे। भले ही सड़क लाठियां खानी पड़े, इसके लिए भी वो तैयार हैं। पटवारी ने सेवादल के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला मुख्य संगठकों के साथ बैठक की। इसमें सेवादल की गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर बातचीत हुई। पटवारी ने कांग्रेस के दोनों विभागों से उनके पिछले कामों का भी हिसाब लिया। बता दें, पटवारी संगठन में कसावट के लिए लगातार चार दिनों तक बैठक करेंगे। 24 दिसंबर से शुरू ये बैठकें 27 तक चलेंगी। पटवारी मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ही प्रदेश कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। इस दौरान वे सभी से विधानसभा चुनाव में हुई गड़बड़ियां और काम काज का हिसाब लिया। इसके साथ आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी बातचीत की। सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष बनने के बाद पटवारी की यह दूसरी बैठक है। इस लिहाज से इस बैठक को अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा की 24वीं पुण्यतिथि

अधिकारियों की लापरवाही के चलते चौपट व्यवस्था: परीक्षा को बचा सिर्फ एक माह.

Due to officials’ negligence, a chaotic system: only one month saved the examination. नहीं खुल सका दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों का हॉस्टल भोपाल। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 6 माह बाद भी राजधानी के शाहजहांनाबाद के परी बाजार के सामने स्थित शा. दृष्टि एवं श्रवण बाधित उमा विद्यालय का हॉस्टल शुरू नहीं करा सका है। विभाग के अधिकारियों लापरवाही का खामियाजा यहां के करीब 60 दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थी कई माह से भुगत रहे हैं। जो पढ़ाई इन विद्यार्थियों की सभी सुविधाओं के साथ इस हॉस्टल में रहकर हो सकती थी, वह नहीं हो सकी। इन विद्यार्थियों कक्षा दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थी भी शामिल हैं। जो फरवरी में होने वाली माशिमं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होंगे। हालांकि अब विभागीय अधिकारी जनवरी के पहले सप्ताह तक इस छात्रावास को शुरू करने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा शाहजहांनाबाद के परी बाजार के सामने तैयार स्पर्श भवन में दो स्कूल एवं इनके छात्रावास संचालित किए जाते हैं। इनमें भोपाल संभाग के जिलों के विद्यार्थियों को प्रवेश दिए जाते हैं।

मंत्रिमंडल की पहली बैठक जारी, जल्द हो सकता है विभागों का बंटवारा

The first cabinet meeting is underway; the distribution of departments among ministers may happen soon. 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हो रही है। इसमें मंत्रियों का अधिकारियों से परिचय कराया जा रहा है। 18 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं। बैठक से पहले सुबह सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्‍यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रियों को विभागों का बंटवारा भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों के साथ बैठक में संकल्प पत्र को प्राथमिकता में रखकर लक्ष्य की पूर्ति के संबंध में चर्चा करेंगे। वह पहले ही सभी विभाग प्रमुखों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दे चुके हैं। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों को समन्वय के साथ लक्ष्य बनाकर काम करना है।अगले साल 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भाजपा के संकल्प पत्र की घोषणाओं को पूरा किया जाएगा।

कम हुआ शोर, कहीं खुद ने तो कहीं पुलिस की मदद से हटे लाउड स्पीकर, जारी किया हेल्पलाइन नंबर 0755-2730395.

The noise reduced… Some removed loudspeakers on their own, while in other cases, with the assistance of the police. The helpline number 0755-2730395 has been issued for help. जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है , 0755-2730395, 462 धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों से चर्चा के बाद 619 स्थलों से हटे. भोपाल। ध्वनि के मानक तय करने के बाद कलेक्टर की तरफ से जारी किए गए धारा-144 के आदेश का असर जिले में दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों में ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने 462 धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। कुछ लोगों ने खुद तो कहीं पुलिस की मदद से लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं। करीब 619 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर अब तक हट चुके हैं। वहीं 356 धार्मिक स्थल ऐसे थे जहां तय मानक से ज्यादा आवाज में लाउडस्पीकर और डीजे बजाया जाता था, वहां की आवाज कम कराई गई है। 126 धार्मिक स्थल ऐसे हैं जहां पूरी तरह से लाउडस्पीकर उतरवाए गए हैं। ये कार्रवाई शहर के 34 थाना क्षेत्रों में की गई है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि डीजे और लाउडस्पीकर को लेकर प्रशासन सख्ती बरत रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें धारा-144 के आदेश पर अमल करा रही हैं। तेज आवाज डीजे, लाउडस्पीकर बजे तो हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत, 0755-2730395 शादियों सहित अन्य कार्यक्रमों में तेज आवाज में बजने वाले डीजे, लाउड स्पीकर और धार्मिक स्थलों पर बज रहे लाउडस्पीकर को लेकर जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जिस पर कॉल कर कार्रवाई करा सकेंगे। नंबर- 0755-2730395 जारी किया है।आम लोग साउंड संबंधी सभी तरह की शिकायत इस नंबर पर कर सकेंगे। यहां आने वाली शिकायत को संबंधित एसडीएम और थाने में ट्रांसफर की जाएगी। जिसके आधार पर धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

साल के अंत में लूटपाट की घटनाएं बढ़ी, नौ दिन में पांच लूट, सिर्फ पुराने शहर में एक लूट का खुलासा.

Incidents of robbery escalated at the end of the year, with five robberies in nine days; only one robbery disclosed in the old city. चेन स्नेचिंग की जगह, मोबाइल लूटकर ले जा रहे बाइक सवार लुटेरे, नए शहर में तीन लूटपाट तो पुराने में एक वारदात दर्ज. भोपाल। राजधानी में बाइक सवार लुटेरों का आतंक बढ़ते जा रहा है। 9 दिन के अंदर नए और पुराने शहर में मोबाइल लूट की पांच वारदात हुई है। केवल पुराने शहर में हुई एक लूट का खुलासा गौतम नगर पुलिस कर सकी है, बाकि नए शहर में चार वारदातों का खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि कमला नगर पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में राजधानी में हुई अन्य लूटपाट का खुलासा होने की उम्मीद है। कमला नगर पुलिस ने बताया कि अभिमन्यु पांडे पिता अश्विनी पांडे (18) प्रेमपुरा में रहता है और कॉलेज में पढ़ता है।उसने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि रविवार रात वह अपने मोहल्ले में रहने वाले दोस्त के साथ नया मोबाइल खरीदकर घर लौट रहा था। रात करीब साढ़े 9 बजे के आसपास दोनों सयाजी होटल तिराहा के पास पहुंचे ही थे कि बाइक सवार तीन लुटेरों ने उन्हें रोक लिया। तीनों चाकू अड़ाकर मारपीट की और अभिमन्यु के हाथ से नया मोबाइल और उसके दोस्त से पुराना मोबाइल छीन लिया। लूट की वारदात के बाद आरोपी धमकाते हुए फरार हो गए। अभिमन्यु अपने साथी के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने बाइक का नंबर देख लिया था। पुलिस ने बाइक के नंबर के आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। हालांकि उनसे लूटे गए मोबाइल बरामद नहीं किए गए है। लूटे गए नए मोबाइल की कीमत पंद्रह हजार रुपए है, जबकि पुराने मोबाइल की कीमत पुलिस ने दर्ज नहीं की है। मोबाइल पर बात कर रहे युवक से लूटा मोबाइल लूट की एक अन्य वारदात शाहपुरा थाना क्षेत्र स्थित पल्लवी नगर में रहते हैं और प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि रविवार रात वह खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रहे थे। मोबाइल पर कॉल आया और बातचीत करने लगे। इस दौरान घर से कुछ दूरी पर ही बाइक सवार दो लुटेरों में पीछे बैठे लुटेरे ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। लूटे गए मोबाइल की कीमत बीस हजार रुपए बताई जा रही है। दो दिन पहले चूनाभट्टी में की थी लूटउल्लेखनीय है कि चूनाभट्टी स्थित पत्रकार कॉलोनी में एनएचएम आफिस के सामने दो दिन पहले ही शुक्रवार रात बाइक सवार लुटेरों ने महिला से मोबाइल लजूट लिया था। जानकारी के अनुसार रेखा बाग पति कपिल बाग (32) पंचशील नगर में रहती हैं और प्राइवेट काम करती है, जबकि उनके पति कपिल एंबुलेंस चलाते हैं। गत शुक्रवार रात वह आटो से घर जाने के लिए निकली थी। आटो पत्रकार कॉलोनी के पास रुका और वह पैदल पंचशील नगर की तरफ जाने लगे। इसी दौरान उनके पति का कॉल आया। वह पूछने लगे कि घर पहुंची की नहीं, तभी पीछे से आ रही बाइक पर सवार दो लुटेरो में पीछे बैठे लुटेरे ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। लूटा गया मोबाइल 12 हजार रुपए का था। एक सप्ताह पहले पत्रकार से लूटा था मोबाइल बाइक सवार लुटेरों ने चुनाभट्टी थाना क्षेत्र स्थित चाणक्यपुरी में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार लेम्युअल लाल के साथ एक सप्ताह पहले ही शुक्रवार रात पंद्रह दिसंबर को लूटपाट की वारदात की थी। वे खाना खाने के बाद पान खाने के लिए मनोरिया अस्पताल के पास पहुंचे थे। पान खाने के बाद में मोबाइल चलाते हुए घर की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से एक बाइक पर सवार दो लुटेरे उनके हाथ से मोबाइल छीन लिया। उन्होंने लुटेरों का पीछा किया लेकिन बाइक पर होने के कारण लुटेरे तेजी से भाग निकले थे। केवल एक लूट का खुलासा राजधानी में हुई पांच लूट में केवल एक लूट का खुलासा गौतम नगर पुलिस ने किया। पुलिस ने ग्वालियर के बदमाश राजा कुचबदिया से लूट का खुलासा किया था। उसने गुनगा निवासी मनीषा चौहान के साथ 20 दिसंबर को मोबाइल लूट की घटना की थी।

न्यू मार्केट में प्रीमियम सहित अन्य सार्वजनिक स्थान पर अवैध बन गईं पार्किंग हटेंगी.

Illegal parking, including in New Market and other public places, will be removed with fines. दो पहिया वाहनों को भी न्यू मार्केट के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा, पूरी मार्केट में अंदर एंबूलेंस को हर रास्ते पर ले जाकर की जाएगी जांच भोपाल। नगर निगम द्वारा न्यू मार्केट में अवैध पार्किंग और मार्केट के अंदर रास्ते जाम होने को लेकर अब सख्ती की जाएगी। मार्केट के अंदर के रास्तों पर काफी समय से दो पहिया वाहनों की लगातार बड़ रही अवैध पार्किंग और रास्ते जाम होने की शिकायत आ रही हैंए जिससे गत दिवस एक महिला के बेहोश होने के बाद एंबूलेंस प्रवेश नहीं कर पाई। इस महिला को बाद में आटो में बैठाकर बाहर एंबूलेंस तक लाया गया। आटो को बाहर तक लाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। नगर निगम कमिश्नर फ्रेंक नोब ए के अनुसार न्यू मार्केट के अंदर न तो किसी प्रकार के वाहन पार्क हो सकेंगे और न किसी वाहन को प्रवेश दिया जाएगा। इस संबंध में नए सिरे से प्लानिंग तैयार की जा रही है। जो अधिकारी इस संबंध में लापरवाही दिखा रहे थे, उन्हें भी हटा दिया गया। मार्केट के अंदर सभी रास्ते पूरी तरह से इस तरह से साफ किए जाएंगे कि अंदर किसी भी स्थान पर इमरजेंसी वाहन आ जा सकें। इस संबंध में नए अमले को तैनात किया जा रहा है। बाहर प्रीमियम पार्किग को भी अनुमति नहींनगर निगम परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के अनुसार न्यू मार्केट के बाहर प्रीमियम पार्किंग को लेकर भी काफी शिकायत आ रही हैं। यह पार्किंग काफी पहले ही फ्री कर दी गई हैं। यहां अभी कुछ लोग अभी भी अवैध वसूली कर रहे हैं। जबकि न्यू मार्केट की पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए निगम का पूरा अमला तैनात है। इस अमले को भी बदला जा रहा है। दुकानों के बाहर पार्क नहीं हो सकेंगे वाहननगर निगम अधिकारियों के अनुसार न्यू मार्केट के अंदर दुकानदारों के वाहन पार्क नहीं हो सकेंगे। इसको लेकर सभी दुकानदारों को चेतावनी दी जा चुकी है और इसके लिए मल्टीपार्किंग में व्यवस्था भी है। इसके बाद भी मार्केट में बाहर से आ रहे व्यापारी और स्टाफ मार्केट के अंदर वाहनों को पार्क कर रहे हैं। सोमवार को मार्केट का साप्ताहित बंद थाए इसके बाद भी नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अमले ने कार्रवाई की।

पोस्टिंग के लिए, अफसरों ने तेज की मंत्रियों की ‘बंगला परिक्रमा’ यात्रा. 

For postings, officers conducted a ‘bungalow inspection’ tour of ministers with speed. गुलदस्ते के साथ पहुंचे, भरोसा जीतने के लिए कई ने पुराने के कामों का ब्यौरा, वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की धड़कने तेज, पोर्टफोलियों के बाद नेता पोस्टिंग के लिए करेंगे सिफारिश . उदित नारायण भोपाल। प्रदेश नई सरकार के गठन के साथ ही ब्यूरोक्रेट्स की धड़कनें तेज हो गई है। जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से लेकर मंत्रालय में पदस्थ वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की भी धड़कने तेज हो गई कि उन्हें मलाईदार पोस्टिंग मिलेगी या नहीं मिलेगी। हालांकि कुछ अफसरों ने बंगला परिक्रमा शुरू कर दी है। अफसर गुलदस्ते के साथ मंत्रियों के बंगलों पर पहुंचने लगे हैं। कई अफसरों ने अपनी उपब्धियों की भी ब्यौरा भी पेश किया है। मंत्रियों ने भी अफसरों का मान रखा है और भरोसा दिलाया है। मध्य प्रदेश में ऐसे कई ब्यूरोक्रेट्स हैं, जो पिछल कई समय से सत्ता के बहुत करीबी थे, इसके चलते उन्होंने लगातार अच्छी पोस्टिंग मिल रही थी। अब जब मुख्यमंत्री बदल गए हैं तो ऐसे सभी अफसरों की बैचेनी बढ़ गई है। ऐसे अफसर अब नए मुख्यमंत्री की टीम में अपनी अच्छी पोस्टिंग को लेकर सक्रिय होने के रास्ते खोज रहे हैं। इसमें इन्हें कितनी सफलता मिलेगी यह तो उनकी प्राशसनिक सर्जरी में स्पष्ट हो जाएगा। हालांकि पिछले दिनों आधा दर्जन अफसरों के तबादले से जाहिर है कि बड़े स्तर पर फेरबदल किया जाएगा। जानकारी है कि अब पोर्टफोलियो मंत्रियों के बाद भी पोस्टिंग के लिए सिफारिश शुरू हो जाएगा।  लूप लाइन के अफसरों को दिन फिरने की उम्मीद – लंबे अरसे से लूप लाइन में पदस्थ आईपीएस-आईएएस को अब अपने दिन फिरने की उम्मीद जागी है। प्रदेश में ऐसे कई अफसर हैं, जो पिछली सरकार में अपनी पैठ नहीं बना सके थे, नतीजे में वे अच्छी पोस्टिंग से दूर थे। अब वे भी अच्छी पोस्टिंग पाने के प्रयास में लग गए हैं। पिछले साल में पूर्व सीएस की गुड लिस्ट शामिल नहीं थे। इसलिए बड़े जिलों से हटाकर निगम और मंडलों में बैठा दिया था। एसीएस, पीएस से लेकर कलेक्टर्स में पोस्टिंग को लेकर बैचेनी- एक दर्जन कलेक्टर ऐसे हैं जो पिछली सरकार के करीबी थे, अब इस सरकार में उनकी ट्यूनिंग कैसी होगी, इसे लेकर ब्यूरोक्रेसी में जमकर चर्चा है। इन्हें जिलों से हटाया जाएगा या इन्हें फिलहाल पदस्थ रखा जाएगा इसे लेकर अफसरों की धड़कने तेज हो चली है। ये सभी आईएएस अधिकारी नई सरकार में अपने कनेक्शन को तलाश रहे हैं। साथ ही अफसर नए हुकुमरानो को यह भी समझा रहे हैं कि वे पार्टी की विचारधारा से कितने प्रभावित है और किस हद तक जुड़े हुए हैं।

हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर, पर्चे में दवाओं के नाम कैपिटल लेटर्स में लिखना होगा.

Doctors at Hamidia Hospital will need to write the names of medicines in capital letters on prescriptions. हमीदिया अस्पताल में फरमान, पर्ची की जांच भी होगी भोपाल। अब डॉक्टरों की घसीटा राइटिंग से किसी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर परिचय में दावों के नाम कैपिटल लेटर्स में ही लिखेंगे। यही नहीं, जिन परचों में जो में घसीटा राइटिंग होगी उन्हें मान्य नहीं किया जाएगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक ने इस संबंध में अस्पताल के सभी एचओडी को आदेश जारी कर इसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि दवाओं के नाम स्पष्ट व बड़े अक्षरों में लिखें, जिससे मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट व दूसरे कर्मचारियों को आसानी से दवा का नाम समझ सकें। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने पहले भी दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में लिखने का फरमान जारी किया था। हालांकि यह फरमान पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। हमीदिया अस्पताल भोपाल के अधीक्षक डा. आशीष गोहिया ने बताया कि हम मॉनिटरिंग भी करेंगे हमीदिया के सभी विभागों में एचओडी को जेनेरिक दवाएं और बड़े अक्षरों में लिखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद हम इसे लेकर मानिटरिंग भी करेंगे। एमसीआई ने पूर्व में इसे लेकर निर्देश दे चुकी है। लेकिन पालन नहीं किया जाता था। घसीटा राइटिंग से होता है कन्फ्यूजनडॉक्टरों की रेटिंग के कारण कई बार मेडिकल स्टोर में दवाओं के नाम पर कंफ्यूजन होता है। कई बार मरीजों को गलत दवा मिल जाती है। मरीजों को परेशानी से बचने के लिए कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा है। यही नहीं चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं या नहीं, इसकी मानीटरिंग भी की जाएगी। सभी विभागों की ओपीडी पर्ची की जांच की जाएगी, ताकि कैपिटल लेटर में लिखने को बढ़ावा दिया जा सके। केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिखते हैं चिकित्सक :चिकित्सकों को मरीजों के लिए केवल जेनेरिक दवा लिखने का फरमान जारी किया गया है। मानीटरिंग में यह बात सामने आई कि डाक्टर मरीजों की परची में केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिख रहे हैं। बाकी ब्रांडेड दवाओं के नाम सामने आ रहे है । अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभाग के चिकित्सकों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं।ऐसे जारी होते रहे आदेश

मध्य प्रदेश में 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ.

In Madhya Pradesh, 18 Cabinet Ministers, 6 Ministers of State with independent charge, and 4 State Ministers took the oath. राज्यपाल ने सबसे पहले विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, पहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा और राव उदय प्रताप सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई। प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह बने कैबिनेट मंत्री। तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत कैबिनेट मंत्री। पहली बार की विधायक कृष्णा गौर भी बनीं मंत्री। भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजभवन में मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवा रहे हैं। राज्यपाल ने सबसे पहले विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, पहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा और राव उदय प्रताप सिंह को कैबीनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनके बाद संपतिया उइके, तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत और विश्वास सारंग, नागर सिंह चौहान, नारायण सिंह कुशवाह, प्रद्युमन सिंह तोमर, राकेश शुक्ला, चेतन काश्यप और इंदर सिंह परमार को कैबीनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। इन्हें मिला स्वतंत्र प्रभारकृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन पटेल और नारायण सिंह पवार ने राज्य मंत्री स्वत्रंत प्रभार की शपथ ली।ये बने राज्य मंत्रीनरेश शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागड़ी, राधा सिंह और दिलीप अहिरवार को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। करण सिंह वर्मा और विजय शाह आठवीं बार चुनाव जीते हैं जबकि कैलाश विजयवर्गीय सात बार चुनाव जीते हैं, प्रहलाद सिंह पटेल पहली बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। तुलसीराम सिलावट छठवीं, एंदल सिंह कंसाना और निर्मला भूरिया पांचवीं बार विधायक बने हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा, महामहिम हमारे नए मंत्रीमंडल को शपथ दिलाएंगे। पीएम नरेंन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में और सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में नया मंत्रिमंडल गठन के साथ प्रदेश के बेहतरी के लिए काम करेगा।

मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह

मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह Swearing in ceremony of the cabinet of newly elected government of Madhya Pradesh

मप्र में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई भाजपा सरकार बनने के 12 दिन बाद आज मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है.

After 12 days of the formation of the new BJP government under the leadership of Dr. Mohan Yadav in MP, today, the expansion of the cabinet is set to take place. विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से मंथन व अटकलों का दौर चल रहा था। नए मंत्रियों को सोमवार दोपहर तीन बजे बाद शपथ दिलाई जाएगी। मोहन सरकार के मंत्रिमंडल की शपथ साढ़े तीन बजे होने वाली है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार राज्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। यहां देखें लिस्ट कैबिनेट मंत्री –1-प्रदुम्न सिंह तोमर2-तुलसी सिलावट3-एदल सिंह कसाना4-नारायण सिंह कुशवाहा5-विजय शाह6-राकेश सिंह7-प्रह्लाद पटेल8-कैलाश विजयवर्गीय9-करण सिंह वर्मा10-संपतिया उईके11-उदय प्रताप सिंह12-निर्मला भूरिया13-विश्वास सारंग14-गोविंद सिंह राजपूत15-इंदर सिंह परमार16-नागर सिंह चौहान17–चैतन्य कश्यप18-राकेश शुक्लाराज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर20-धर्मेंद्र लोधी21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लेखन पटेल24- नारायण पवारराज्यमंत्री –25–राधा सिंह26-प्रतिमा बागरी27-दिलीप अहिरवार28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल

राजभवन से मंत्री पद की शपथ लेने के लिए विधायकों को पहुंचने लगे फोन

माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। भोपाल। मध्य प्रदेश में आज दोपहर 3.30 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। सुबह सीएम डा मोहन यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने पहुंची और उन्हें शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची सौंप दी। इसके बाद से राजभवन से विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया है। दिसंबर को सीएम मोहन यादव के साथ दो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी।माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर सरकार द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। आज दोपहर में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी हैं उनमें ये नाम शामिल हैं। 1 एंदल सिंह कंसाना 2 इंदर सिंह परमार 3 नारायण सिंह कुशवाहा 4 विश्वास सारंग 5 प्रद्युम्न सिंह तोमर 6 कृष्णा गौर 7 तुलसी सिलावट 8 नागर सिंह चौहान 9 कैलाश विजयवर्गीय 10 प्रतिमा बागरी 11 प्रहलाद पटेल 12 राकेश शुक्ला 13 राकेश सिंह 14 नरेंद्र शिवाजी पटेल 15 संपतिया उईके 16 राधा सिंह चितरंगी 17 हेमंत खंडेलवाल 18 अजय विश्नोई 19 चेतन कश्यप 20 लखन पटेल 21 गोविंद सिंह राजपूत

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार होने जा रहा है।

The expansion of the Madhya Pradesh Mohan Yadav government’s cabinet is set to take place today. भोपाल में दोपहर साढ़े तीन बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। माना जा रहा है कि आज 15 से 18 विधायक मंत्रीपद की शपथ ले सकते हैं। 13 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव को कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल करने के लिए तीन बार दिल्ली का दौरा करना पड़ा। सीएम यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं से मुलाकात की और जब सभी मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए तो कल वो भोपाल लौट गए।15 से 18 मंत्री ले सकते हैं शपथबीजेपी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने मंत्रियों के सभी पदों पर नामों को हरी झंडी दे दी है। संभावना है कि पहले विस्तार में इनमें से 15 से 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में कौन-कौन विधायक शामिल होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सीएम मोहन यादव ने आज सुबह 9 बजे राज्यपाल से मिलने का समय लिया है। जहां वो उन्हें वे नाम सौंपेंगे जो मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। शपथ ग्रहण राजभवन में होगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों की शपथ से पहले इंदौर जाएंगे। जहां वे कनकेश्वरी धाम परिसर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाया भुगतान कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। इस दौरान वे श्रमिकों को संबोधित भी करेंगे। मध्य प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में ये हो सकते हैं संभावित मंत्री-कैलाश विजयवर्गीयप्रहलाद पटेलराकेश सिंहराव उदय प्रतापविश्वास सारंगतुलसी सिलावटरीति पाठकसंजय पाठकरामेश्वर शर्मागोविंद सिंह राजपूतप्रद्युम्न सिंह तोमरबृजेन्द्र सिंह यादवकृष्णा गौररमेश मेंदोलाअर्चना चिटनीसऊषा ठाकुरसीतासरन शर्माचेतन्य कश्यपघनश्याम चंद्रवंशीबता दें कि मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के सदस्यों की अधिकतम संख्या मुख्यमंत्री समेत 35 हो सकती है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 66 सीटें जीती थीं।

कमीशन के लिए दुकान के नौकर आपस में लड़े, सीने में नुकीला हथियार से हत्या.

Shop employees fought over commission, one killed with a sharp weapon to the chest. कमीशन के लिए दुकान के नौकर आपस में लड़े, सीने में नुकीला हथियार से हत्यानोट खबर की फोटो मेल पर है।  -बैरागढ़ स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर हुए विवाद में युवक की निर्मम हत्या  भोपाल। बैरागढ़ थाना क्षेत्र स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर अलग-अलग दुकान में काम करने वाले युवकों के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी बढ़ने पर दोनों में मारपीट हुई और एक युवक ने दूसरे युवक के सीने पर किसी नुकेले हथियार से हमला कर दिया। सीने में हमला होने से युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी कमलजीत रंधावा ने बताया कि अंकित सिंह राजपूत मनोज सिंह राजपूत (22) बूढ़ाखेड़ा बैरागढ़ में रहता था। वह संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स स्थित श्रीमाया कलेक्शन में काम करता था। उसकी दुकान के बगल वाली दुकान में भरत सिंह काम करता है।  दोनों दुकान के बाहर खड़े होकर ग्राहकों को बुलाते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। रविवार को भी दोनों अपनी अपनी दुकान मालिकों की दुकान के सामने खड़े थे और ग्राहकों को बुला रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद लात घूंसो में तब्दील हो गया और देखते ही देखते दोनों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। दुकान के बाहर रखा सामान जो भी हाथ में आता गया वह एक दूसरे पर फेंकते रहे और लातू घूंसे चलते रहे। इसी बीच भरत सिंह के हाथ में कोई नुकीली चीज लग गई और उसने अंकित पर नुकीली चीज से हमला कर दिया। उसके सीने में नुकीली चीज लगने से वह बेसुध होकर गिर गया था। अस्पताल में हुई मौत दोपहर करीब ढाई बजे के आसपास हुए इस विवाद के बाद अंकित को अस्पताल ले जाया गया, वहां सीने में गंभीर चोट होने के कारण उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी रंधावा ने बताया कि घटना के बाद से भरत सिंह फरार है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है।

कुछ तो था उनकी बातों में…

अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर विशेष   डॉ.केशव पाण्डेय  भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है… हिमालय मस्तक है तो कश्मीर किरीट है। यह चन्दन की भूमि है…अभिनन्दन की भूमि है…यह तर्पण की भूमि है…यह अर्पण की भूमि है।….सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगडेंगी मगर ये देश रहना चाहिए। चूंकि देश सर्वोपरि है और एक राजनेता को अव्वल अपने देश के के लिए पूरी निष्ठा से काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब संसद के सत्र में यह बात कही तो वह उस दौर में राजनीतिक  प्रतिबद्धता की गारंटी बन गई। राष्ट्र के प्रति कुछ ऐसी ही सोच रखते थे अटल जी….। 25 दिसंबर को जन्मदिवस पर जानते पत्रकार से प्रधानमंत्री  बनने तक के राजनीतिक सफर की कभी न मिटने वाली अमिट कहानी… भारतीय राजनीति का जीवंत स्मारक बन चुके पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज पूरा देश याद कर रहा है। जन-जन के प्रिय अटलजी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद वह पहले ऐसे व्यक्ति थे जो लगातार दो बार प्रधानमंत्री बने। अटलजी लगातार 11 वार सदन में पहुंचे। नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहकर उन्होंने एक कीर्तिमान रचा। इस तरह उन्होंनें करीब पांच दशक तक सक्रिय राजनीति में अपना जीवन व्यतीत किया।  अटलजी छात्र जीवन के दौरान पहली बार राष्ट्रवादी राजनीति में तब आये जब 1942 में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के अंत के लिए शुरू किए गए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने पत्रकार के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत की। 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद पत्रकारिता छोड़ दी। आजादी के बाद वे एक ऐसे नेता के रूप में उभरे, जिन्होंने विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व दिया। सभ्यता, संस्कृति और वैभवशाली इतिहास से परिपूर्ण इस देश में वे जहां महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के समर्थन की बात करते थे तो वहीं भारत को दुनिया में एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखने की चाह रखते थे। उद्धरणानुसारः”अपने नाम के ही समान, अटलजी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, निःस्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे”।  शिक्षा के दौरान अनेक साहित्यिक, कलात्मक और वैज्ञानिक उपलब्धियां उनके नाम रहीं। उन्होंने मासिक पत्रिका-राष्ट्रधर्म, हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र- पाञ्चजन्य के अलावा स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे दैनिक समाचार-पत्रों का संपादन किया। उन्होंने,  संसदीय यात्रा, मेरी इक्यावन कविताएं, संकल्प काल, शक्ति से शांति, फोर डीकेड्स इन पार्लियामेंट 1957-95, मृत्यु या हत्या, अमर बलिदान, कैदी कविराज की कुंडलियां और न्यू डाइमेंसंस ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी जैसी पुस्तकें लिखीं। –प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल इतना गौरवशाली रहा कि दो दशक के बाद भी उस कार्यकाल को न सिर्फ याद किया जाता है, बल्कि उस पर अमल भी किया जाता है। पोखरण परमाणु परीक्षण, आर्थिक नीतियों में दूरदर्शि्ृता। आधारभूत संरचना के विकास की बड़ी योजनाएं- राष्ट्रीय राजमार्ग और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना अनुपम उदाहरण हैं। ऐसे प्रधानमंत्री कम ही हुए जिन्होंने समाज पर इतना सकारात्मक प्रभाव छोड़ा। उनकी प्रशासनिक क्षमता सुशासन का प्रतीक बनी। अटलजी के 1998-99 के प्रधानमंत्री के कार्यकाल को ’’दृढ़निश्चकय के एक साल’’ के रूप में जाना जाता है। क्योंकि मई 1998 में भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया था जिन्होंने परमाणु परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। फरवरी 1999 में पाकिस्तान बस यात्रा ने उपमहाद्वीप की परेशानियों को सुलझाने के लिए एक नए दौर का सूत्रपात किया। दुनिया भर में इसे प्रशंसा मिली। आपसी समझौते के इस मामले में भारत की ईमानदार कोशिश ने वैश्विक समुदाय में अपनी छाप छोड़ी। लेकिन मित्रता को धोखे के रूप में कारगिल का युद्ध मिला। तब अटलजी ने विषम परिस्थितियों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और सेना ने अपने पराक्रम से विजय हासिल की। कारिगल की जंग को प्रति वर्ष विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।  देश के प्रति उनके निःस्वार्थ समर्पण और 50 वर्ष से अधिक तक देश और समाज की सेवा करने के लिए वर्ष 1992 में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया। 1993 में कानपुर विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्ट्रेट की उपाधि से नवाजा। 1994 में उन्हें भारत का ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ चुना गया। मार्च 2015 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान ’भारत रत्न’ की उपाधि से अलंकृत किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी एक नेता तो थे ही साथ ही कविताएं भी लिखा करते थे। उन्होंने देश के लिए भी कविताएं लिखीं। पत्रकार से प्रधानमंत्री बने अटलजी ने चार राज्यों से चुनाव जीतकर भारतीय राजनीति में अपनी छाप छोड़ी थी।  अविवाहित प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी ईमानदार और निर्लिप्त छवि को कायम रखा। कभी अपना हित नहीं देखा। लोकतंत्रवादी मूल्यों में इतनी गहरी आस्था थी कि हिन्दुत्ववादी होते हुए भी उनकी छवि धर्मनिरपेक्षता वाली रही। अटलजी की विलण प्रतिभा और वाकपुटता को देख, जय प्रकाश नारायण ने कहा था कि “इनके कंठ में सरस्वती का वास है“। जवाहर लाल नेहरू ने वाजपेयी जी को अद्भुत वक्ता की विश्वविख्यात छवि से नवाज था। ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि कुछ तो था उनकी बातों में…जो आज भी लोगों के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है। उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन्।।

दागी रेंजर को बचाने सीसीएफ और डीएफओ आमने- सामने.

CCF and DFO face off to save the Ranger. उदित नारायणभोपाल । एक दागी रेंजर को लेकर ग्वालियर सर्कल के सीसीएफ तोमर सिंह सूलिया और श्योपुर डीएफओ चंदू सिंह चौहान आमने-सामने आ गए है। डीएफओ दागी रेंजर के खिलाफ उनके नियम विरुद्ध कृत्य पर कार्यवाई चाहते है। जबकि सीसीएफ सूलिया की इच्छा है कि वह दाग़ रहित रिटायर हो जाए। रेंजर की सेवानिवृत इस माह है।वन विभाग में किसी भी अधिकारी हो या फिर कर्मचारी उनके विरुद्ध जांच कछुआ चाल से की जाती है। इसके कारण कई बार बिना किसी कार्यवाई से वह रिटायर भी जाते है। वर्तमान में सबलगढ़ के गेम रेंज में पदस्थ केएम त्रिपाठी से जुड़ा मामला है। त्रिपाठी की जब 2017-18 में विजयपुर में पोस्टिंग थी तब केम्पा फंड से विभिन्न कार्य कराए गए थे। इन कार्यों के सम्पादन में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए बीएल ओझा और बनवारी शर्मा ने विभाग के विजिलेंस को शिकायत की थी। 2019 में की गई शिकायत का आज तक निराकरण नहीं हुआ। हालांकि विजिलेंस के निर्देश पर एसडीओ जोगेन्दर पारदे की अध्यक्षता के कमेटी ने जांच में कई बिन्दुओ पर रेंजर त्रिपाठी को क्लीनचिट दे दी किन्तु पूर्व में जॉच दिलीप आदिवासी एवं पवन आदिवासी द्वारा की गर्य शिकायत पर आनन्द सिंह चौहान उप वनमण्डलाधिकारी विजयपुर द्वारा की गई जांच में पत्र रेंजर केएम त्रिपाठी तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी विजयपुर पश्चिम एवं रामवरन शर्मा उप वनक्षेत्रपाल को अग्नि सुरक्षा के 47,950 रुपये की राशि के फर्जी प्रमाणक तैयार करने के मामले में दोषी ठहराने को कमेटी ने भी दोषी माना है।इनका कहना“मैंने डीएफओ से आरोप पत्र पर अभिमत मांगा है। उनके अभिमत के बाद निर्णय लिया जाएगा।”टीएस सूलिया, सीसीएफ ग्वालियर“मैंने आरोप पत्र के साथ अपना अभिमत भेज दिया है। अगर दोबारा अभिमत मांगा है तो मैं दिखवाता हूं।”सीएस चौहान, डीएफओ श्योपुर

हुकुमचंद मिल मजदूरों को 25 दिसंबर को मिलेगी राहत राशि, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव

Hukumchand Mill workers will receive relief funds on December 25, says Chief Minister Dr. Mohan Yadav. इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित होगा कार्यक्रम। लंबित देनदारियों के भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 25 दिसंबर को इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 464 करोड़ रुपये की राशि वितरण करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस पर इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित हितलाभ वितरण के इस कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और इस कार्यक्रम के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मजदूरों को संबोधित करेंगे पीएम मोदीयहां पर यह बता दें कि हुकुमचंद मिल के मजदूरों की 30 साल से देनदारियां बकाया हैं। देनदारियों के इस भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी मजदूरों को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यह राशि सीधे मजदूरों को ही मिले। इस संदर्भ में उन्होंने मजदूर संघों से बात करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों से प्रदेश की अन्य बंद मिलों और उनके मजदूरों को होने वाले भुगतान की लंबित जानकारी भी तलब की।

प्रदेश में कोरोना वायरस ने फैलायें पांव, इन्दौर में मिलें दो मरीज़ मिलें

Corona virus spread in the state, two patients found in Indore इंदौर ! मध्य प्रदेश फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दो कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से हड़कंप मंच गया है। इंदौर में एक महिला और पुरुष कोरोना संक्रमित मिले है। दोनों पलासिया क्षेत्र में रहने वाले महिला पुरुष एक ही परिवार से है। दोनों हाल ही में मालदीव से लौटे थे। सप्ताहभर पहले एक मरीज मिला था। वह ठीक हो गया। मध्य प्रदेश में दो कोरोना संक्रमित मिलने से चिंता बढ़ा दी है। दोनों मरीजों को आईसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड प्रोटोकॉल को लेकर दिशा निर्देश जारी किए है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनको कोई गंभीर लक्षण नहीं है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी किया है। इसमें आरटी पीसीआर और रैपिड जांच के निर्देश सरकार ने दिए हैं। अस्पतालों में इलाज के इंतजाम करने के लिए भी कहा गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बयान दिया था कि केंद्र की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी किए गए है। कोविड समेत दूसरी बीमारियों से निपटने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। केंद्र ने बुलाई बैठककेरल समेत दूसरे राज्यों में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमित की संख्या को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के साथ ही इलाज के अस्पतालों में तैयारी को लेकर जानकारी साझा की जा सकती है। क्या है नया सब वेरिएंटकेंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि जेएन.1, एसएआरएस-सीओवी-2 का एक उप्रकार है, जो कोविड-19 का कारण बनता है। इसका एक मामला केरल में सामने आया है। इस सबवेरिएंट को ओमिक्रॉन सबवेरिएंट का ही एक रूप बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया वेरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। इसमें सर्दी, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण हैं। इससे संक्रमित जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।

कांग्रेस में हलचल तेज़, लोकसभा चुनाव के लिए बनी, कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी.

There is a buzz in the Congress, as a manifesto committee has been formed for the Lok Sabha elections. नई दिल्ली ! MP से ओमकार सिंह मरकाम को मिली बड़ी जिम्मेदारी ! लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने तेज की तैयारियां !एआईसीसी ने लोकसभा इलेक्शन के लिए घोषणा पत्र कमेटी का किया गठन !मध्य प्रदेश से विधायक ओमकार सिंह मरकाम को मिली जगह !वहीं पी चिदंबरम को कमेटी का चेयरमैन और छत्तीसगढ़ से टीएस सिंहदेव को बनाया संयोजक !देखिए सूची…पी. चिदंबरम – अध्यक्ष, टी.एस. सिंहदेव – संयोजक , सिद्धारमैया , प्रियंका गांधी वाड्रा , आनंद शर्मा , जयराम रमेश , डॉ. शशि थरूर , गायखंगम , गौरव गोगोई , प्रवीण चक्रवर्ती , इमरान प्रतापगढ़ी ,के. राजू , ओमकार सिंह , मरकाम , रंजीत रंजन , जिग्नेश मेवाणी , गुरदीप सप्पल

मोहन कैबिनेट जल्द लेंगा शपथ , दिल्ली दरबार बैठक सम्पन्न

The Mohan Cabinet will soon take the oath, and the Delhi meeting has concluded. नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के डॉ मोहन यादव मंत्रिमंडल की सारी अड़चनें दूर कर ली गई। मंत्रियों की लिस्ट को शुक्रवार रात अंतिम रूप दे दिया गया। फार्मूले के तहत तीन बार मंत्री रहे चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा रहा। इस बार ऐसे विधायकों को कैबिनेट में जगह दी जा रही है, जो तीन या पांच बार विधायक बने पर कभी मंत्री नहीं बन पाए। जानकारी के मुताबिक 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल शपथ लेगा। मंत्रियों की संख्या भी शायद 20 से ज्यादा नहीं होगी। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री की तरह मंत्रिमंडल में भी नए चेहरों को शामिल करना चाहता है। यही कारण है कि तीन से पांच बार विधायक बनने के बाद भी मंत्री नहीं बन सके चेहरों को इस बार मौका देना तय किया गया। अपनी दो दिन की दिल्ली यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से मुलाकात की। बताते हैं कि सिंधिया से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। हाईकमान के साथ हुई बैठक में डॉ मोहन यादव ने मंत्रिमंडल की लिस्ट को अंतिम रूप दिया। संभावना है कि 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल विस्तार होप्नाएगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल शपथ में अधिक विलंब नहीं किया जाएगा। क्योंकि, फिर सभी सांसदों और विधायकों को नरेंद्र मोदी की संकल्प यात्रा के साथ जनता के बीच जाना है। ऐसे में केबिनेट गठन में देरी नहीं की जा सकती। भाजपा हाईकमान ने तय किया है कि मंत्रिमंडल का विस्तार 23 या 24 दिसंबर को कर ही दिया जाए। अभी करीब 20 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इनमें ज्यादातर कैबिनेट और कुछ को राज्य मंत्री बनने का मौका मिलेगा। इनके मंत्री बनने की संभावना डॉ मोहन यादव ने जिन संभावित मंत्रियों के नामों पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा की उनमें सभी गुटा, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई। इसके अलावा सबसे ज्यादा ध्यान लोकसभा चुनावों को देखते हुए भी किया गया है। इसके तहत हर लोकसभा क्षेत्र से कम से कम एक विधायक को मंत्री बनने की कोशिश की गई। जिन नामों पर मंत्री बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई उनमें विश्वास सारंग, रमेश मेंदोला (या मालिनी गौड़), इंदरसिंह परमार, निर्मला भूरिया, मंजू दादू, एदल सिंह कंसाना, कुंवर टेकाम, संपतिया उइके, ओमप्रकाश धुर्वे, रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, कृष्णा गौर, गोविंद राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, अंबरीश शर्मा गुड्डू, बृजेंद्र यादव, नीना वर्मा, भगवानदास सबनानी, राकेश सिंह, राजेश सोनकर, रीति पाठक, राजकुमार मेव, दिव्यराज सिंह, ललिता यादव, प्रदीप लारिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, देवेंद्र कुमार जैन, प्रियंका मीणा के नाम शामिल हैं। इनमें से भी कुछ नाम बाहर हो सकते हैं। बड़े नामों पर ये हुआ फैसला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय को मंत्रिमंडल में शामिल न करके उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया है। यह काम भी मंत्रिमंडल गठन के साथ ही होगा। वीडी शर्मा को केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा। राकेश सिंह और रीति पाठक को मंत्री बनाया जा रहा है, जबकि, प्रहलाद पटेल को फिर लोकसभा चुनाव लड़ाया जाएगा। नरेंद्र तोमर को पहले ही विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा चुका है।

माल गाड़ी चेक करते समय राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आए लोको पायलेट की मौत

Loco pilot dies after being hit by Rajdhani Express while checking goods train -सूखीसेवनिया स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर हुआ हादसा, जीआरपी कर रही जांच भोपाल। सूखीसेवनिया रेलवे स्टेशन शुक्रवार दोपहर स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी चेक करते समय लोको पायलेट लूप लाइन से निकल रही थू्र राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। राजधानी थू्र होने के कारण जब तक वह कुछ समझ पाते राजधानी उन्हें चपेट में ले चुकी थी। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जीआरपी ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी जहीर खान ने बताया कि बावड़िया कला शाहपुरा निवासी 46 साल के गणेश गुलबासे भोपाल रेल मंडल में लोको पायलट थे। शुक्रवार दोपहर उन्हे मालगाड़ी लेकर जाना था।शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे के आसपास वह सूखीसेवनिया रेलवे स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी चेक कर रहे थे। वह इंजन से उतरकर एक तरफ से गाड़ी चेक कर रहे थे, जबकि दूसरी तरफ गार्ड ब्रेक से उतरकर गाड़ी चेक कर रहे थे। इसी बीच लूप लाइन लाइन क्लिीयर हुआ और भोपाल की तरफ से बिलासपुर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस गुजरी। थ्रू होने के कारण राजधानी करीब 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गुजरी थी। गणेश जब तक गाड़ी का हार्न सुनकर संभल पाते राजधानी उन्हें चपेट में लेकर गुजर गई। उन्हें इंजन की टक्कर लगी थी और वह उछलकर दूर गिरे थे। इस हादसे में गंभीर चोट होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए 8 जनवरी तक होंगे ऑनलाइन आवेदन

Online applications for admission in Eklavya Model Residential Schools will be open till January 8 इन विद्यार्थियों के लिए आरक्षणइन विद्यालयों में प्रवेश के लिए विशिष्ट पिछड़ी जनजाति (बैगा, भारिया और सहरिया), विमुक्त जनजातियां और घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ समुदाय के विद्यार्थियों के लिए सीटें आरक्षित की गईं हैं। साथ ही वे बच्चे, जिन्होंने अपने माता-पिता को वामपंथी उग्रवाद/ उग्रवाद या कोविड आदि के कारण खो दिया है, उनके लिए भी सीटें आरक्षित रखी गई हैं। विधवा महिला की संतान, दिव्यांग माता-पिता की संतान, अनाथ या भूमिदाता वर्गं (जिन्होंने विद्यालय भवन के निर्मांण के लिए भूमि दान की हो) के विद्यार्थिंयों के लिए भी सीटें आरक्षित की गईं हैं।

चार महीने के सरकारी खर्च और योजनाओं की गति के लिए मोहन सरकार लेकर आएगी लेखानुदान.

Mohan government will bring in an audit for the government expenditures and the pace of schemes for the last four months. भोपाल। भाजपा सरकार की 8 महीने में चलाई गई शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं में कटौती की जाएगी। इसके पीछे का कारण है कि अक्टूबर तक का बजट सरकार पहले ही खर्च कर चुकी है। अब नई सरकार के सामने चुनौती है की योजनाओं को गति दी जाए और विकास कार्य के प्रोजेक्ट भी पूरे किया जाए। इसके लिए सरकार लेखा अनुदान लेकर आएगी। नए साल में आने वाले 4 महीने के लिए मोहन सरकार पुनरीक्षित बजट तैयार करने की शुरूआत कर दी है। वित्त विभाग में संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें जल्द से जल्द वित्तीय बजट साल 2023 24 में की गई घोषणाओं के मुताबिक खर्च की जानकारी देनी होगी। किन योजनाओं में कितना पैसा खर्च हो चुका है। इसके अलावा सरकार की तरफ से चलाई जा रही लाडली बहना गेहूं और धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी सहित तमाम योजनाओं के लिए राशि की व्यवस्था बचे हुए फंड से की जाएगी।वही संकल्प पत्र के वचन के मुताबिक योजनाओं को गति देने के लिए भी राशि की सरकार के पास जरूरत है। इस बात का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि आखिर सरकार विकास कार्यों के लिए कितना चार महीने के लिए बजट जारी कर सकती है। जानकारों का कहना है कि सरकार अगर 100 करोड रुपए किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान करती है। अगर वित्तीय स्थिति प्रोजेक्ट के मुताबिक बेहतर नहीं है तो योजना को गति देने के लिए 20 से 30 फीसदी फंड जारी कर विकास कार्य को जारी रखा जा सकता है। ऐसे ही कोई नई स्कीम की शुरूआत लेखानुदान में नहीं होगी। क्योंकि नई योजना के लिए सलाना वित्तीय बजट जरूरी होता है। जरूरत खर्च और योजना रहेगी प्रथमिकता लोकसभा चुनाव के चलते पड़ा असर, केंद्र के फंड से राज्य सरकार तय करती है बजट

आरजीपीवी: वर्चस्व को लेकर दो गुटों में झगड़ा, एंटी रैगिंग सेल में दर्ज हुई शिकायत.

RGPV: Clash between two factions over dominance, complaint registered in the Anti-Ragging Cell. भोपाल। शुक्रवार को राजीव गांधी प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय में वर्चस्व को लेकर फिर से दो गुटों में झगड़ा हुआ। आरजीपीवी के यूआईटी में प्रथम वर्ष के छात्रों की रैङ्क्षगग को लेकर अंतिम वर्ष के छात्रों के दो गुटों में आपसी बहस के बाद झगड़े की बात सामने आई है। इस मामले में सूत्रों का कहना है कि पहले से सक्रिय भेल ग्रुप का नाम एक बार फिर से सामने आया है। यूआईटी केंपस के बाहर हुए झगड़े में दोनों गुटों के बीच तीखी बहस के बाद धक्कामुक्की हुई। बताया गया है कि दो दिन पहले प्रथम वर्ष के कुछ छात्रों की रैगिंग अंतिम वर्ष के छात्रों ने की थी, जिसको लेकर भेल ग्रुप के छात्रों ने अंतिम वर्ष के छात्रों के साथ मारपीट कर दी। दोनों गुटों के बीच हुई मारपीट में एक छात्र शिवांक बह्मे के सिर में गहरी चोट बताई गई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस पूरे मामले को एंटी रैगिंग सेल ने भी ऑनलाइन दर्ज कर लिया है। दो दिन से चल रहा झगड़ा अंतिम वर्ष के छात्र जैद खान का कहना है कि प्रथम वर्ष के कुछ छात्रों की रैगिंग दो दिन से ली जा रही थी। कुछ सीनियर्स को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने हम लोगों से पूछताछ की। जैद का कहना है कि जूनियर पुलिस स्टेशन भी गए थे, लेकिन उस समय उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। शुक्रवार को पेपर के पहले हम लोग केंपस में कार से जा रहे थे, तभी कुछ सीनियरों ने आकर मारपीट शुरू कर दी। इसमें एक छात्र शिवांग को सिर में चोट आई है।

दस करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर कारोबारी से सवा चार लाख रुपए की ठगी.

Defrauding a businessman of one and a half million rupees by luring him with the promise of a ten crore loan. भोपाल। एमपी नगर पुलिस ने तेलंगाना के कारोबारी की शिकायत पर एक जालसाज पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जालसाज ने दस करोड़ रुपए का लोन दिलाने का झांसा देकर कारोबारी से 4 लाख 35 हजार रुपए ले लिए। लेनदेन का एग्रीमेंट भी किया था। तय सीमा पर लोन नहीं दिला पाने पर कारोबारी ने अपने रुपए वापस मांगे थे। रुपए नहीं लौटाने पर कारोबारी ने शिकायत की और एमपी नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस के अनुसार डॉक्टर देवेंदूकरी पिता सुरेश राव (63) तेलंगाना के है। वे कारोबारी व इन्वेस्टर हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन अल्फा कंपनी के नाम से था। कंपनी ने अपने विज्ञापन के माध्यम से बताया था कि वह आसान किस्तों पर अधिक से अधिक लोन दिला सकती है। बदले में लोन राशि का एक प्रतिशत भुगतान देना पड़ेगा। दिए गए नंबर पर डॉक्टर देवेंदूकरी की बात लोन दिलाने वाली अल्फा कंपनी के संचालक किरण कुमार रथ से हुई। किरण कुमार रथ ने देवेंदूकरी को अपने दफ्तर एमपी नगर जोन क्रमांक टू स्थित आफिस बुलाया लिया। दफ्तर में बातचीत के दौरान देवेंदूकरी ने बताया कि उन्हे सीएनजी प्लांट में निवेश करना है और 10 करोड़ रुपए के लोन की आवश्यकता है। किरण कुमार ने कहा कि वे 10 करोड़ रुपए के लोन दिला देंगे बदले में कंपनी को 1 प्रतिशत के हिसाब से 10 लाख रुपए देने होंगे। देवेंदूकरी ने 4 लाख 35 हजार रुपए किरण कुमार की कंपनी में जमा करा दिए। 9 अक्टूबर को दोनों पक्षों के बीच अनुबंध भी हो गया।तीस दिन में कराना था लोनदेवेंदूकरी ने पुलिस को बताया कि अनुबंध में तीस दिन के भीतर लोन दिलाने की बात हुई थी, लेकिन एक महीने के भीतर लोन नहीं मिला। देवेंदूकरी ने अपने रुपए वापस मांगे तो आरोपी ने रुपए देने से मना कर दिया। इसके बाद एमपी नगर पुलिस समेत आलाधिकारियों को शिकायती आवेदन दिया गया था। आवेदन जांच के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी किरण कुमार रथ को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे रिमांड पर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि लोन दिलाने के नाम पर मनीष तिवारी नाम के एक युवक से भी 1 लाख रुपए ले चुका है। पुलिस को आरोपी किरन कुमार के साथी रवि शंकर उर्फ अविनाश दुबे की भी तलाश है।

सीएम डॉ. यादव ने एसीएस लेवल के अधिकारियों को सौंपी संभागीय बैठक की जिम्मेदारी.

CM Dr. Yadav assigned the responsibility of the regional meeting to the officers of the ACS level. पीएम मोदी की गारंटी और भाजपा के संकल्प को पूरा करने के लिए रहेगा लक्ष्य, रिव्यू के साथ करेंगे मानिटरिंग भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने संभागीय बैठक के लिए एसीएस लेवल के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सीएम ने अधिकारियों को संभाग बैठक के लिए प्रभारी नियुक्त किया है। प्रदेश के दस संभाग के लिए दस अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये सभी अधिकारी संभागीय बैठक की न सिर्फ तैयारी करेंगे बल्कि बैठक के बाद बैठक में दिए गए सीएम के निदेर्शों की मॉनिटरिंग भी करेंगे। एसीएस स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी देने के पीछे की वजह है कि मध्य प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता देनी है। यानी कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि गारंटियों को पूरा किया जाए। इसके साथ ही भाजपा के संकल्प को भी पूरा करने की चुनौती होगी। लोक स्वास्थ्य, वन विभाग, गृह, नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण, जनजातिय कार्य विभाग, वित्त विभाग, किसान कल्याण, पिछड़ा वर्ग, उच्च शिक्षा से जुड़े विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। दरअसल, सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश की कमान संभालते ही संभागों की बैठक लेना शुरू किया है। उन्होंने इसकी शुरूआत अपने गृह संभाग उज्जैन से की थी। इसके बाद जिले वार समीक्षा के लिए अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। अधिकारियों को भी फील्ड की जानकारी भी सीएम को देना होगा। खास बात है कि राजेश राजौरा को उज्जैन का प्रभार दिया गया है। सीएम बनने के बाद राजौरा ही पहले अधिकारी थे। जिन्होंने लाउड स्पीकर पर नियंत्रण का आदेश जारी कराया। उज्जैन में रहते हुए एसीएस राजौरा सीएम मोहन यादव के काफी भरोसेमंद अफसरों में शुभार रहे हैं। इन्हें बनाया प्रभारी एसीएस मोहम्मद सुलेमान को भोपाल संभाग, एसीएस विनोद कुमार को जबलपुर संभाग, एसीएस जेएन कंसोटिया को रीवा संभाग, एसीएस राजेश राजौरा को उज्जैन संभाग, एसीएस एसएन मिश्रा को सागर संभाग, एसीएस मलय श्रीवास्तव को इंदौर संभाग, एसीएस अजीत केसरी को नर्मदापुरम संभाग, एसीएस अशोक वर्णवाल को शहडोल संभाग, एसीएस मनु श्रीवास्तव को चंबल संभाग और एसीएस केसी गुप्ता को ग्वालियर संभाग की जिम्मेदारी दी गई।

चुनावी आचार संहिता : विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में भी हटेंगे अफसर.

Election Code of Conduct: Officers will also be transferred in the Lok Sabha elections after the Assembly elections. आयोग के फरमान: राज्य सरकार को 30 जून तक एक ही जिले में पदस्थ अफसरों का करना होगा तबादला- जनवरी के पहले ही सप्ताह से अफसरों के प्रमोशन और ट्रांसफर की शुरू हो जाएगी प्रक्रिया भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिए जाने के बीच अफसरों की पदस्थापना को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव 30 जून 2024 को एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना पूरी करने वाले अफसरों को हटाते हुए रिपोर्ट देंगे। हालांकि इसकी प्रक्रिया सरकार जनवरी 2024 के पहले ही सप्ताह से शुरू कर दे दी। इसके पीछे का कारण है कि जनवरी में कई अफसरों के प्रमोशन का समय भी है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफर से साथ पोस्टिंग भी होगी। कई अफसरों को फील्ड से हटाकर मंत्रालय में अटैच किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव से सीधा संबंध रखने वाला कोई भी अधिकारी उस जिले में पदस्थ नहीं रहेगा जो उसका गृह जिला होगा। अगर संबंधित अफसर ने पिछले चार साल के अंतराल में पदस्थापना वाले जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं या फिर 30 जून 2024 को उसके तीन साल पूरे होने वाले हैं। इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 जून के पहले पूरी कर ली जाएगी। इसलिए आयोग ने निर्णय लिया है कि केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों में गृह जिलों में पदस्थ अधिकारियों को हटाने की कार्यवाही की समय पर की जाए। अक्टूबर में विधानसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने कई जिलों के अफसरों को हटा दिया था। हालांकि स्पष्ट है कि विधानसभा में ड्यूटी करने वाले अधिकांश अफसर चुनाव ड्यूटी में शामिल रहेंगे।

आधुनिक देशों ने ईवीएम को त्याग दिया, लेकिन भारतीय चुनाव आयोग का इससे बड़ा मोह : जीतू पटवारी.

Modern countries have abandoned EVMs, but the Indian Election Commission is more attached to it: Jitu Patwari. भाजपा सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र में मुझे भी गलत तरीके से किया था निलंबित प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पटवारी के नेतृत्व में पहला धरना भोपाल। संसद से निलंबित किए गए सांसदों की लड़ाई अब सड़क पर पहुंच गई है। कांग्रेस ने सांसदों के निलंबन पर शुक्रवार को प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर भी धरना प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस के नव-नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे संबोधित किया। उनके अध्यक्ष बनने के बाद ये पहला प्रदर्शन है। इस मौके पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और उप नेता हेमंत कटारे सहित कई नेता मौजूद रहे। पटवारी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत के लोकतंत्र की दुनिया में मिसाल दी जाती है। इसका अनुशरण कई देशों में किया जाता है। सत्ता और विपक्ष देश की उन्नति के लिए दो पटरियां हैं। आज भारत की चुनाव प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आधुनिक देशों ने ईवीएम को त्याग दिया है। आज देश में जिस तरह के चुनाव परिणाम आते हैं, उस पर लोगों को भरोसा नहीं होता है। आज लोकतंत्र खतरे में है। पटवारी ने कहा कि मोदी के आने के बाद जनप्रतिनिधियों का दल-बदल बढ़ गया है। पिछले सत्र में विधानसभा में मुझे गलत तरीके से निलंबित किया था। ये लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा में अंदर भी लोकतंत्र नहीं बची है। वहां भी मोदी की तानाशाही चल रही है। भाजपा का पिछला घोषणा पत्र ही पूरा नहीं हुआ। 18 हजार से अधिक घोषणा अधूरा है, हम लोकतंत्र के लिए लड़ते रहेंगे।

रोजगार सृजन के लिए DICCI करेगा मध्यप्रदेश के 313 ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स का प्रशिक्षण.

DICCI will provide training to 313 block coordinators in Madhya Pradesh for the creation of employment. DICCI के भोपाल ऑफिस में होगा यह बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम, DICCI मध्यप्रदेश के ब्लॉक कॉर्डिनेटर साझा करेंगे अपनी सफलता की कहानियां   उदित नारायण भोपाल। दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) मध्यप्रदेश चैप्टर की ओर से बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण की शुरुआत की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश के सभी विकासखंडों में मौजूद डिक्की के 313 ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए 45-45 को-ऑर्डिनेटर्स के 7 बैच बनाए गए हैं। डिक्की मध्यप्रदेश चैप्टर के प्रेसिडेंट डॉ.अनिल सिरवैयां ने बताया कि प्रदेश में उद्यमिता विकास और स्व-रोजगार की गतिविधियों को विकासखंड स्तर पर क्रियान्वित कर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए ब्लॉक लेबल बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। 23 दिसम्बर को पहले बैच, 24 दिसम्बर को दूसरे बैच और 25 दिसम्बर को तीसरे बैच का प्रशिक्षण होगा। इस दौरान एससी-एसटी उद्यमियों और युवाओं को अपने ब्लॉक में ही व्यापार-व्यवसाय और उद्यमिता के अवसर, सफल बिजनेस फ्रेचाइजी मॉडल, लघु और मध्यम उद्योगों के क्लस्टर निर्माण, एमएसएमई इकाईयों की स्थापना, महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ लेने की प्रक्रिया, आसान और सब्सिडाइस बैंक ऋण से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के टिप्स दिए जाएंगे।  लक्ष्य : प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना डॉ. सिरवैयां ने बताया कि डिक्की का लक्ष्य प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना है। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में एक एमएसएमई कलस्टर का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि औद्योगिकीकरण से वंचित और पिछड़े जिलों सहित प्रत्येक जिले में विनिर्माण, सर्विस सेक्टर के स्टार्टअप और नए उद्यम तथा ट्रेडिंग कारोबार के लिए डिक्की ने विशेष प्लान तैयार किया है। अगले दो साल में इसे शत-प्रतिशत क्रियान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी उद्देश्य से डिक्की द्वारा प्रत्येक विकासखंड में प्रशिक्षित एससी-एसटी व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं की टीम तैयार की जा रही है जो स्थानीय स्तर पर गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों का क्रियान्वयन करेंगे। कार्यशाला में विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण वर्तमान समय में व्यापार और रोजगार को बढ़ाने के लिए ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स को एक्सपर्ट्स द्वारा डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे वे व्यापार विस्तार के लिए ऑनलाइन माध्यमों का भरपूर उपयोग कर पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें अपनी सफलता की कहानियों से दूसरों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने संबंधी टिप्स भी दिए जाएंगे। कार्यशाला में डिक्की के अनुभवी उद्यमी,बैंकों के अधिकारी और इंडस्ट्री और उद्यमिता के क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण देंगें।

नए पदों की मिली मंजूरी, 4 अफसर डीजीपी, 2 एडीजी,13 आईजी और 18 डीआईजी रैंक में होंगे पदोन्नत.

Approval granted for new positions, including 4 DIGs, 2 ADGs, 13 IGs, and 18 DIGs. 7 आईपीएस अधिकारियों को मिलेगा सिलेक्शन ग्रेड, जानिए सभी रैंक के आईपीएस अधिकारियों के नाम भोपाल। मध्यप्रदेश में आईपीएस अफसरों की पदोन्नति की राह अब आसान हो गई है। पदोन्नति के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के चार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के दो, महानिरीक्षक (आईजी) के तेरह, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के 18, और सलेक्शन ग्रेड में पदोन्नति के लिए सात पदों की मंजूरी मिल गई है।पदोन्नति की बांट जोह रहे आईपीएस अफसरों के लिए अच्छी खबर है। नये साल से इन अफसरों को पदोन्नतियां मिलने लगेंगी।सूत्रों के मुताबिक डीजीपी के जो चार पद मंजूर हुए है उनपर वर्ष 2024 में जैसे-जैसे पद रिक्त होते जाएंगे उस हिसाब से अफसरों को पदोन्नत किया जाएगा। जो अफसर डीजीपी के पद पर पदोन्नत होंगे उनमें एक मार्च को विजय कटारिया,एक मई को अनुराधा शंकर सिंह,एक जून को वरुण कपूर, 1 जुलाई को उपेन्द्र जैन डीजी बन जाएंगे। एक जनवरी से जिन अफसरों को पदोन्नति मिलना है उसमें जो अफसर एडीजी बनेंगे उनमें 1999 बैच के राकेश गुप्ता, दीपिका सूरी शामिल है। जो तेरह अफसर आईजी बनेंगे। इनमें 2006 बैच के चंद्रशेखर सोलंकी, रुचि वर्धन, एस चित्रा, अनिल कुशवाहा, आर आरएस परिहार, राजेश हिंगणकर, अंशुमान सिंह, मनीष कपूरिया, अरविंद सक्सेना, विनीत खन्ना, हिमानी खन्ना, मिथिलेश शुक्ला, अनुराग शर्मा शामिल है।जो 18 अफसर डीआईजी बनेंगे उनमे 2009 बैच के साकेत प्रकाश पांडे, अमित सांघी, टीके विद्यार्थी, सत्येन्द्र शुक्ला, वीरेन्द्र कुमार सिंह, प्रशांत खरे, अतुल सिंह, मनीष कुमार अग्रवाल और 2010 बैच के आबिद खान, आशुतोष प्रसाद सिह, मोहम्मद युसूफ कुरेैशी, निमिष अग्रवाल, सिद्धार्थ बहुगुणा,पंकज श्रीवास्तव, राजेश कुमार सिंह, विनीत कपूर, धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, हेमंत चौहान शामिल है।इसके अलावा 2011 बैच के सात अफसरों को सलेक्शन ग्रेड मिलेगा। इनमें रियाज इकबाल, आदित्य प्रताप सिंह, राहुल लोढ़ा, सिमाला प्रसाद, डॉ असित यादव, सुशील रंजन सिंह, संजय कुमार सिंह शामिल है।

नए साल में पाटिल होंगे वन विभाग के नए मुखिया

Patil will be the new head of forest department in the new year डीपीसी कमेटी ने लगाई उनके नाम पर मुहर उदित नारायणभोपाल ! वन विकास निगम के प्रबंध संचालक अभय कुमार पाटिल जंगल महकमे के नए मुखिया होंगे। उनका कार्यकाल एक महीने का ही होगा। फरवरी में वन विभाग के नए मुखिया असीम श्रीवास्तव हो बनेंगे।मुख्य सचिव वीणा राणा की अध्यक्षता में शुक्रवार को डीपीसी की बैठक हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश के वन बल प्रमुख सुधीर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। इसी बैठक में पहली बार वन बल प्रमुख के लिए डीपीसी कमेटी ने 1986 बैच के अभय कुमार पाटिल और 1988 बैच के असीम श्रीवास्तव के नाम पर अपनी मुहर लगाई। ऐसा इसलिए किया, क्योंकि अगले वन बल प्रमुख पाटिल का कार्यकाल एक महीने का ही है। यानि फरवरी में हॉफ पद के लिए दोबारा डीपीसी न करनी पड़े। फरवरी में बनने वाले वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव का कार्यकल जुलाई 2025 तक रहेगा। कमेटी ने बैठक में 1990 बैच के बिभाष ठाकुर और विवेक जैन को एपीपीसीएफ से पीसीसीएफ पद पर प्रमोट करने पर मुहर लगाई है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा वन बल प्रमुख आरके गुप्ता और लघु वनोपज संघ के एमडी पुष्कर सिंह दिसम्बर में सेवानिवृत होने जा रहें है। नए साल में होंगे बदलाववन विभाग में कई नए बदलाव होने जा रहें है। ये सभी बदलाव नई सरकार के गठन के बाद होने की संभावना है। लघु वन वनोपज संघ एमडी पुष्कर सिंह के रिटायरमेंट के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ अतुल कुमार श्रीवास्तव नए एमडी होंगे। वर्तमान में डॉक्टर श्रीवास्तव वर्किंग प्लान शाखा के प्रमुख हैं। गौरतलब यह है कि अभी तक विभाग में हुई पदस्थापना के दौरान डॉक्टर श्रीवास्तव की वरिष्ठता की अनदेखी की गई। इसी कारण यह संभावना जताई जा रही है कि नई सरकार में उनकी पदस्थापना वरिष्ठता के आधार पर होगी। निगम के मौजूदा एमडी पाटिल के वन बल प्रमुख बनने पर पीसीसीएफ प्रशासन -एक के आरके यादव को निगम में एमडी के पद पर पदस्थ किए जाने की संभावना है। कैडर में पीसीसीएफ का पद प्रशासन-एक का नहीं है। कैडर में यह पद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारी के लिए निर्धारित है। डॉ श्रीवास्तव के संघ में चले जाने पर वर्किंग प्लान शाखा का प्रभार पीसीसीएफ जेएफएम पीके सिंह को दिया जा सकता है। फरवरी में अम्बाडे होंगे पीसीसीएफ वन्य प्राणीपाटिल के जनवरी में रिटायर होने पर पीसीसीएफ वन्य प्राणी असीम श्रीवास्तव वन बल प्रमुख बनेंगे और उनकी जगह पर 88 बैच के आईएफएस विजय एन अम्बाडे पीसीसीएफ वन्य प्राणी होंगे. विभाग में अम्बाडे की छवि वन्य प्राणी विशेष के रूप में बनी हुई है।

कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका पर आज लग सकती है मुहर.

Today, the seal could be placed on Kailash Vijayvargiya’s role. मंत्रिमंडल में शामिल होंगे या फिर संगठन की कमान संभालेंगे भोपाल । आज या कल में प्रदेश के मंत्रियों का फैसला हो जाएगा। इस बीच यह भी खबरें आइंर् कि प्रदेश के कद्दावर नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इनमें इंदौर से विधायक और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हैं। हमेशा से पार्टी कहती आई है कि विजयवर्गीय को बड़ी जवाबदारी मिलेगी और विजयवर्गीय भी इसकी ओर इशारा करते आए हैं। अब उन्हें संगठन में कोई बड़ी जवाबदारी सौंपी जा सकती है या फिर मंत्रिमंडल में लिया जा सकता है, इस पर संभवत: आज फैसला हो सकता है। कैलाश विजयवर्गीय जैसे कद्दावर नेता का नाम पहले मुख्यमंत्री के लिए चला था और इसी फेहरिस्त में प्रहलाद पटेल, नरेन्द्रसिंह तोमर जैसे नाम भी शामिल थे। तोमर को तो विधानसभा अध्यक्ष बना दिया गया है, वहीं अब प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय को बड़ी जवाबदारी देने की बात कही जा रही है। ये जवाबदारी क्या हो सकती है, इस बारे में आज और कल होने वाली संगठन की बैठक में फैसला हो सकता है। फिलहाल तो भोपाल से यही खबर उड़ रही है कि विजयवर्गीय और पटेल को मंत्रिमंडल में कोई बड़ा विभाग दिया जा सकता है। यह फैसला भी आज-कल में हो जाएगा, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रिमंडल पर चर्चा के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली से होने वाले फैसले के बाद विजयवर्गीय जैसे नेता की भूमिका पर चल रही गाहे-बगाहे भी समाप्त हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि उन्हें संगठन में कोई बड़ी जवाबदारी दी जा सकती है। संभवत: उन्हें प्रदेश संगठन में लिया जा सकता है। हालांकि यह भी बड़े नेताओं के कयास है, लेकिन यह तो तय है कि अब विजयवर्गीय कद बढ़ना तय है।

यह मोदी सरकार है जो जनता के द्वार-… रामेश्वर शर्मा

This is Modi government which is at the door of the public-… Rameshwar Sharma विधायक रामेश्वर शर्मा ने उड़ाया ड्रोन, खेत में किया दबाई का छिड़काव विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँच रही है गाँव-शहर भोपाल। शुक्रवार को हुजूर विधानसभा के नरेला एवं खारपा में विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँची नरेला में विधायक रामेश्वर शर्मा विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। यहाँ विधायक रामेश्वर शर्मा किसानों के साथ ड्रोन से खेतों में दवाई का छिड़काव करते हुए दिखे । विधायक रामेश्वर शर्मा का ड्रोन से दवाई छिड़काव का वीडियो सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो रहा है। नरेला पहुँचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने उपस्थित नागरिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा हुज़ूर विधानसभा के गाँव गाँव पहुँच रही है, इस यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होकर भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहें है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पहले जनता सरकार के पास जाती थी परंतु यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार है जो जनता के द्वार द्वार जा रही है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, घर घर शौचालय का निर्माण कराकर देश के गाँव, ग़रीब, किसान, युवाओं का जीवन बदलने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में भारत का स्वाभिमान बढ़ाया है । अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो, कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने का काम हो सब कुछ मोदी जी ने करके दिखाया । श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का अधिक से अधिक प्रचार करें इस यात्रा से जुड़े और नागरिकों को जोड़ें। यात्रा के दौरान लगने वाले लोक कल्याण शिविर में आवेदन देकर शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। साथ ही भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ कर आप अपना और अपने परिवार का जीवन कैसे बदल सकतें यह भी जाने। विधायक रामेश्वर शर्मा आत्मनिर्भर और विकसित भारत की शपथ दिलायी विकसित भारत संकल्प यात्रा में उपस्थित नागरिक बंधुओं को विधायक रामेश्वर शर्मा ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित भारत के सपने को साकार करने की शपथ दिलाई। 25 जनवरी तक चलेगी यात्रा 15 नवंबर से बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड के उलिहातु गांव से विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था ।25 जनवरी तक विकसित भारत संकल्प यात्रा देशभर के सभी जिलों से गुजरेगी।

30 एकड़ सरकारी जमीन पर बनाई अवैध कालोनी, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर.

An illegal colony was constructed on 30 acres of government land; the administration used a bulldozer to demolish it. आदमपुर के ग्राम छावनी पठार में चार करोड़ रुपये कीमत की जमीन कराई अतिक्रमण मुक्त। राजीव गांधी प्रौद्योगिक मिशन के नाम पर आवंटित है जमीन। भोपाल । जिला प्रशासन ने आदमपुर छावनी में गुरुवार को अवैध कालोनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 30 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इस जमीन की वर्तमान में अनुमानित कीमत चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। जमीन राजीव गांधी प्रौद्योगिक मिशन के नाम से आवंटित की गई है। कार्रवाई के दौरान लोग विरोध में उतर आए थे, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कार्रवाई लगातार चलती रही। बताया जा रहा है कि यहां बने चालीस से अधिक निर्माणाधीन मकानों को तोड़ा गया है। इसके साथ ही जिन मकानों में लोग निवास कर रहे हैं ,उनको ये जगह छोड़ने के लिए कुछ समय की मोहलत दी गई है। कालोनाइजरों का पता लगा रहे अधिकारीसरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान बनाए जा रहे हैं। कार्रवाई के विरोध में यहां मकान में रहने वाली महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ सामने आ गईं थीं। राजस्व अधिकारियों द्वारा पता लगाया जा रहा है कि आखिर सरकारी जमीन पर किन लोगों के द्वारा अवैध रूप से कालोनी विकसित की जा रही है। यहां पक्के निर्माण के साथ ही बाउंड्रीवाल तक बना ली थी। इनका कहना हैछावनी पठार आदमपुर में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान बनाए गए हैं, जिन्हें बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया है। कुछ लोगों को समय दिया गया है जल्द ही आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

साइबर ठग एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर बैंक खाता कर रहे खाली.

With the Help of Anydesk application, cyber fraudsters are emptying bank accounts. साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं। पेंशन खाता अपडेट करने व बिजली कनेक्शन कटने से रोकने के नाम पर लिंक भेज कर रहे ठगीमोबाइल पर आने वाले किसी भी तरह के लिंक को न खोलें, वरना हो सकते हैं ठगी के शिकारवर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास छह मामले पहुंचे हैं। भोपाल। राजधानी में एक बार फिर साइबर ठगों ने पुराने बहानों से लोगों को फंसाना शुरू कर दिया है। ये शातिर बदमाश पेंशन खाता अपडेट करने, बिजली का बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने का डर दिखाकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं और उनके ट्रांजेक्शन करने पर पूरी जानकारी मिलने पर खाते से रकम निकल लेते हैं। बाद में संदेह होने पर पीड़ित को जानकारी मिलती है और मामला थाने तक पहुंचता है।साइबर क्राइम पुलिस के पास पहुंचे मामले वर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास ऐसे छह मामले पहुंचे हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब पुराने तरीकों से झांसा देकर फर्जी एप डाउनलोड कराकर वारदात कर रहे हैं, ऐसे में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। कैसे काम करता है एनीडेस्क एपएनीडेस्क एप एक डिवाइस शेयरिंग एप्लीकेशन है, जिसकी मदद से आप अपने एक मोबाइल फ़ोन का पूरा एक्सेस दूसरे मोबाइल फोन को दे सकते हैं। मतलब अगर आप अपने एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल को एक्सेस करना चाहते हैं तो इस एप की मदद से कर सकते हैं। इस एप्लीकेशन की मदद से दूसरे मोबाइल का डाटा देखने के साथ-साथ उस मोबाइल फोन को अपने फोन से एक्सेस कर सकते हैं। शातिर ठग इस एप को डाउनलोड कराकर लोगों के खाते में सेंधमारी कर रहे हैं।

560 सरकारी स्कूलों में नहीं है बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार.

The Supreme Court has rebuked the absence of separate toilets for girls in 560 government schools. – प्रदेश के 25 फीसदी सरकारी स्कूलों का मामला पहुंचा था सुप्रीम कोर्ट – सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 2022 स्कूलों में नहीं अलग शौचालय भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाओं के सुधार के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते इन प्रयासों पर अमल नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि प्रदेश के 560 प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय तक नहीं है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद कोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। जिस पर राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक धनराजू एस ने विभाग के उपसचिव को पत्र लिखकर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका में सुनवाई के बाद दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 2022 सरकारी स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है, यह याचिका 25 फीसदी स्कूलों को लेकर लगाई गई थी। यह है पूरा मामलादरअसल, प्रदेश के 52 जिलों में 24,741 विद्यालयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में डॉ. जया ठाकुर द्वारा याचिका लगाई थी। इस याचिका में बताया गया कि 560 स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इस पर कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को फटकार लगाई है । जानकारों की माने तो प्रदेश के स्कूलों में लड़कियों के शौचालय का प्रतिशत 95 है। जबकि उनमें से आधे से अधिक शौचालय उपयोग लायक नहीं हैं। शहरी क्षेत्रों में एक बारगी शौचालय मिल भी जाएंगे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में यह स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

गांधी परिवार के करीबी दो पूर्व सीएम का भविष्य लिखना बांकी.

Writing the future of two former Chief Ministers close to the Gandhi family remains pending. – अब क्या करेंगे कमलनाथ और दिग्विजय, दोनों ने राजनैतिक विरासत की कुर्सी पर बेटों को किया शिफ्ट जेवी विधायक और नकुल सांसद- जय-वीरू की जोड़ी को हाईकमान ने दिया रेस्ट, दिग्विजय फिर भी सक्रिय और कमलनाथ 5 जनवरी के बाद लौटेंगे भोपाल। मध्य प्रदेश में पीढ़ी परिवर्तन का दौर भाजपा से लेकर कांग्रेस तक में चल रहा है। पुराने दिग्गजों को किनारे कर सेंकड और थर्ड लीडरशिप को फ्रंट पर खड़ा कर दिया है। पिछले कुछ सालों में देखें तो भाजपा ने यह प्रयोग पहले ही किया है। तीन राज्यों में करारी हार के बाद अब कांग्रेस ने भी प्लानिंग की है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी ने एक झटके में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज नेताओं को साइडलाइन कर दिया है। हैरत की बात है कि दोनों ही नेता गांधी परिवार के करीबियों में शुमार रहे हैं। इंदिरा गांधी ने तो कमलनाथ को तीसरा बेटा माना था। वहीं दिग्विजय सिंह के संबंध भी उनके पिता के चलते कांग्रेस में शुरुआत से ही बेहतर रहे हैं। विधानसभा के चुनाव में दोनों से जय-वीरू की भूमिका निभाई। परिणाम के बाद हाईकमान ने घर ही बैठा दिया। अब राहुल गांधी की यूथ ब्रिगेड के हाथों में प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंप दी है। इसके बाद सवाल यह है कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ का क्या होगा। यह लोकसभा के चुनाव में स्पष्ट हो जाएगा। इससे पहले दिग्विजय सिंह ने अपने बेटे जयवर्धन सिंह को राघौगढ़ से विधायक बनवाया। हालांकि जेवी कमलनाथ सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वहीं साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कमलनाथ ने अपनी सीट से राजनैतिक विरासत की जमीन पर बेटे नकुलनाथ को सांसद की कुर्सी पर बैठा दिया। खास बात है कि कांग्रेस प्रदेश की सभी सीटों पर हार गई। सिर्फ छिंदवाड़ा से ही कांग्रेस को सफलता मिली। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 10 से 15 साल में पार्टी ने क्षत्रपों की दूसरी पीढ़ी तैयार ही नहीं की। इसका विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बिना राय और सलाह कर दी जीतू की नियुक्तिपार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी अब कमलनाथ को कोई पद देने के मूड में नहीं है। इसके संकेत इससे भी मिल रहे हैं कि बगैर उनकी राय लिए सीधे नियुक्तियां कर दी गईं। ऐसे में आगे उनको कोई जिम्मेदारी मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। वहीं, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी राज्यसभा में तो बने रहेंगे, पर उनको भी कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। हालांकि, वे नए युवाओं को मार्गदर्शन देते रहेंगे। वहीं कमलनाथ अभी विदेश के दौरे पर हैं। जानकारी है कि वो 5 जनवरी को भारत लौट सकते हैं।पिछली जीत से नहीं लिया सबक – 2018 में कांग्रेस में पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह के साथ युवा के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया थे। राजस्थान में अशोक गहलोत के साथ सचिन पायलट थे। इस वरिष्ठ और युवा नेता के समन्वय से कांग्रेस को बड़ी जीत मिली थी। इस बार मध्य प्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जय और वीरू की जोड़ी मुख्य रोल में थी। इन दोनों के ही बीच द्वंद्व जैसे कई बार स्थितियां देखी गई। युवा को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, जीतू पटवारी जैसे नेताओं को साइड लाइन करके रखा गया। इस बार का चुनाव व्यक्ति विशेष केंद्रित हो गया था, जिसका कांग्रेस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। मार्गदर्शक के रूप में अनुभव का लाभ ले सकते हैं – विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पुरानी पीढ़ी के नेता हैं। भाजपा से लड़ने के लिए कांग्रेस को पीढ़ी परिवर्तन की जरूरत थी। यह राहुल गांधी ने पहल की तो यह देर से उठाया सही कदम है। वरिष्ठों के अनुभव का लाभ पार्टी मार्गदर्शक के रूप में ले सकती है। वरिष्ठ पदों पर बैठाने से नई पीढ़ी का युवा पार्टी से जुड़ नहीं पाता। इसका ही प्रदेश में कांग्रेस को नुकसान हुआ है। कमलनाथ के पास विकल्प है कि वह बेटे को लोकसभा चुनाव लड़ाएं या खुद लड़ें। हालांकि, शीर्ष नेतृत्व के ऊपर निर्भर करेगा कि वे इस पर सहमत होते हैं या नहीं? वहीं पीसीसी एमपी अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है िक कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 51 प्रतिशत वोट शेयर को प्राप्त करेगी।

13 हजार अतिथि विद्वानों के लिए वित्त ने जारी किया फंड, उच्च शिक्षा विभाग ने शुरु कराया वेरिफिकेशन.

A fund has been released for 13,000 guest scholars, and the Department of Higher Education has initiated the verification process. – 571 सरकारी कालेजों के प्राचार्यों ने मांगी रिपोर्ट, छात्रों की संख्या के आधार पर विद्वानों की दर्ज होगी जानकारी भोपाल – सरकारी कॉलेज में अतिथि विद्वानों की सैलरी के लिए वित्त विभाग ने फंड जारी कर दिया है। वित्त विभाग के आदेश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने भी वेरिफिकेशन करने का फैसला किया है। प्रदेश के 571 सरकारी कॉलेज से अतिथि विद्वानों की रिपोर्ट मांगी गई है। उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य को निर्देश दिए हैं कि छात्रों की संख्या के आधार पर ही अतिथि विद्वानों की संख्या तय होगी। करीब 13 हजार से अधिक अतिथि विद्वानों के लिए बजट जारी किया गया है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि आनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विद्यार्थियों की संख्या की मैपिंग के बाद ही खाली पदों की पुष्टि होगी। प्राचार्य को गुरुवार को उच्च शिक्षा विभाग को आनलाइन मैपिंग की रिपोर्ट सौंपनी है। अधिकारियों ने बताया कि नवंबर की रिपोर्ट में जानकारी सामने आई है कि मध्य प्रदेश में 13700 से अधिक पद अतिथि विद्वानों के तय किए गए हैं। प्राचार्य ने रिपोर्ट भेजी है कि 6500 से अधिक कॉलेज में नियुक्त किए गए हैं। 7111 पद खाली है। कॉलेज में पढ़ने वाले विद्वानों की संख्या 4513 है। करीब 2000 से अधिक अतिथि विद्वानों को भुगतान बिना पढ़ाए ही किया गया है। इसके बाद विभाग की चिंता है कि गड़बड़ी न हो। इसलिए प्राचार्य से जानकारी बुलाई गई है। बता दें कि शिवराज सरकार ने अतिथि विद्वानों का मानदेय बढ़ाते हुए 25 हजार से 50 हजार कर दिया था।

क्राउड फंडिंग होगी जीतू की पहली परीक्षा.

Crowd funding will be done for Jitu’s first exam. कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा भोपाल – मध्यप्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी की पहली परीक्षा क्राउड फंडिंग में होगी। दरअसल, संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रति व्यक्ति 138 रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश के संगठन को भी ये जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में पटवारी ने प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, कांग्रेस विधायकगण, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अभा कांग्रेस एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा है। राजीव सिंह ने बताया कि यह अभियान कांग्रेस पार्टी की 138 साल की यात्रा की याद दिलाता है। इस अभियान के तहत हम सभी समर्थकों को 138 रुपये से लेकर 1380 रुपये या इससे अधिक की राशि दान करने के लिए कहेंगे। 28 दिसम्बर को कांग्रेस स्थापना दिवस तक यह कार्यक्रम आॅनलाइन होगा। उसके बाद जमीनी अभियान शुरू कर घर-घर जाकर प्रत्येक बूथ में कम से कम दस घरों से न्यूनतम निर्धारित राशि का योगदान लिया जाएगा। वहीं प्रदेश पदाधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, अभा और प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधियों को 1380 रुपये का योगदान अभियान के तहत अनिवार्य है। 18 दिसंबर को लांच हुआ अभियान- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आॅनलाइन क्राउड फंडिंग कार्यक्रम 18 दिसम्बर को लांच किया। इस संबंध में अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक पत्र प्रदेश अध्यक्षों को जारी किया है। इसमें उन्होंने क्राउड फंडिंग के कार्यक्रम को अधिक से अधिक प्रचारित-प्रसारित कराने और अभियान को सशक्त बनाने के लिए कहा है।

2 हजार करोड़ का सरकार ने लिया कर्ज, अब प्रदेश में पौने चार लाख करोड़ वित्तीय भार.

The government has taken a loan of 2 trillion rupees, resulting in a financial burden of around 4 lakh crore rupees on the state now. उदित नारायण भोपाल – मध्य प्रदेश की नई सरकार के सामने वित्तीय स्थिति से जूझना बड़ी चुनौती है। नई सरकार के गठन के बाद राज्य शासन 2 हजार करोड़ का लोन लेने जा रही है। यह नई सरकार का पहला ऋण होगा। वित्त विभाग ने इसके लिए रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया को विलिंगनेस लेटर लिखा है। राज्य सरकार पिछले 7 माह में 25 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज है। मध्यप्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार साढ़े तीन लाख करोड़ के कर्ज का भार छोड़कर गई है। स्थिति यह है कि राज्य सरकार को सरकारी कामकाज चलाने के लिए लगातार कर्ज लेना पड़ रहा है। राज्य शासन पिछले 7 माह के दौरान 25 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बाजार से उठा चुकी है। राज्य सरकार ने चुनाव के पहले सितंबर माह में ही 12 हजार करोड़ का कर्ज लिया था। यही नहीं आचार संहिता के दौरान भी अक्टूबर और नंवबर माह में कर्ज लिया गया। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद एक बार फिर सरकार दो हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज था, जो बढ़कर अनुमानत: पौने चार लाख करोड़ से ज्यादा का हो जाएगा।

अवैध मांस दुकानों को कराया बंद, 10 दुकानों का कब्जा हटाया

Illegal meat shops shut down, possession removed from 10 shops. नगर निगम अमले ने खजूरी मार्ग और गांधीनगर क्षेत्र में की कार्रवाई। जोन क्रमांक 14, 15 और 16 में नियमों का उल्लंघन कर मांस दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई। भोपाल। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अमले ने अवैध मांस- मछली की दुकानों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। अमले ने बुधवार को खजूरी मार्ग और गांधी नगर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाए हैं। बता दें कि सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि धार्मिक स्थल के आसपास मांस-मछली की दुकानें संचालित नहीं की जाएंगी। साथ ही मांस विक्रेताओं को अपारदर्शी कांच लगाने सहित साफ-सफाई के नियमों का पालन करना होगा। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार जोन क्रमांक 14, 15 और 16 में स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा संयुक्त रूप से मंदिरों के समीप बिना लाइसेंस और गंदगी में मांस बेचने वाली दुकानों के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें जोन क्रमांक 14 और 15 के क्षेत्रों मे खजूरी मार्ग इलहाबाद बैंक से एसओएस बालग्राम, पूर्वांचल, खजूरी होते हुए पिरिया गांव हाइवे तक मांस दुकान को बंद करने की कार्रवाई की गई। खजूरी कलां स्थित ख्वाजा गरीब नवाज मांस दुकान मंदिर के पास थी, उसे बंद कराया गया।इसके साथ ही वार्ड 61 के तहत सभी दुकानों को बंद कराकर जुर्माना की कार्रवाई की गई और 15 किलो 500 ग्राम अनुपयोगी मांस को खत्म कराया गया। निगम के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान गुमठी संचालक, मांस-मछली के कारोबारी दुकान बंद कर भाग गए थे।

लाड़ली लक्ष्‍मी सहित कोई योजना बंद नहीं होगी – मोहन यादव

No scheme including Ladli Lakshmi will be closed – CM Dr Mohan Yadav. भोपाल। प्रदेश में नवगठित 16 विधानसभा के पहले सत्र का आज चौथा और अंतिम दिन है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू की। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर सत्तापक्ष और विपक्ष के मध्य चर्चा के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने संबोधित किया। यादव ने अपने संबोधन में सरकार का विजन बताया। उन्‍होंने यह भी कहा कि सरकार की सभी योजनाएं जारी रहेंगी। मप्र में लाड़ली लक्ष्‍मी सहित कोई भी योजना बंद नहीं की जाएगी।मोहन यादव ने राज्‍यपाल के अभिभाषण का स्‍वागत करते हुए कहा कि केंद्रीय नेतृत्‍व का मैं धन्‍यवाद करता हूं। नेतृत्‍व ने एक मजदूर के बेटे को सीएम बनाया। उन्‍होंने कहा कि भाजपा में चाय बेचने वाले भी पीएम बनते हैं। मैं बहुत सौभाग्‍यशाली हूं। वरिष्‍ठ नेता मेरे साथ हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन करते हुए सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में सरकार की प्राथमिकता भी गिनाई। उन्‍होंने नई शिक्षा नीति के साथ सम्राट विक्रमादित्‍य का भी एकाधिक बार उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि हमारा प्रयास शिक्षा से विकास को जोड़ना है। शिक्षा विकास का मार्ग प्रशस्‍त करेगी।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण में लाड़ली बहना योजना का उल्लेख नहीं ,विपक्ष ने की टोकाटाकी.

Governor Mangubhai Patel’s address, there was no mention of the Ladli Behna Yojana, prompting criticism from the opposition. मप्र के राज्‍यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विगत साढ़े नौ वर्षों में भारत में सेवक सरकार के युग का प्रारंभ हुआ है। संकल्प पत्र 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी भी है और विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण का विजन डाक्यूमेंट भी है। सरकार ने संकल्प पत्र के बिंदुओं को धरातल पर उतरने का काम प्रारंभ भी कर दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर तीन हजार प्रति मानक बोरा से बढ़कर चार हजार कर दी गई है। मध्य प्रदेश के मन में बसे मोदी की हर गारंटी को पूरा करने के उद्देश्य से संकल्प पत्र के प्रत्येक बिंदु को समय सीमा में क्रियान्वित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह बात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्‍य प्रदेश विधानसभा में अपने अभिभाषण के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सुशासन केवल एक शब्द नहीं बल्कि उसके हर अक्षर को सच्चे अर्थों में चरितार्थ करने का मंत्र है। एक जनवरी 2024 से साइबर तहसील की व्यवस्था को प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू करने का क्रांतिकारी निर्णय लिया गया है। संपदा 2 साफ्टवेयर भी प्रदेश में शीघ्र लागू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से डिजिटल रजिस्ट्री की प्रक्रिया सरल और सुगम बनेगी। इस दौरान विपक्ष ने लाड़ली बहन योजना का उल्लेख न किए जाने पर टोकाटाकी की।

नरेंद्र सिंह तोमर निर्विरोध चुने गए मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष.

Narendra Singh Tomar has been unanimously elected as the Speaker of the Madhya Pradesh Legislative Assembly. नरेंद्र सिंह तोमर के रूप में पहली बार मध्य प्रदेश में विधानसभा का अध्यक्ष ग्वालियर-चंबल अंचल से बना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और नव निर्वाचित विधायक नरेंद्र सिंह तोमर आज मप्र निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए। विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव ने नए अध्यक्ष को शपथ दिलाई। सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव में अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की। अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए साथ सूचनाओं प्राप्त हुई है। पहला प्रस्ताव मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रखा की नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा का अध्यक्ष चुना जाए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा प्रहलाद सिंह पटेल ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। कैलाश विजयवर्गी में नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया। कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे ने किया। इसी तरह भूपेंद्र सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन तुलसीराम सिलावट ने किया कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे में किया।

जिला चिकित्सालय बजट के अभाव से गुजर रहा है जिसके कारण मरीजों को हो रही है समस्या.

The district hospital is facing challenges due to a shortage of budget, causing difficulties for patients. छतरपुर। जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए लगाई गई 5 लिफ्ट में से 4 खराब पड़ी हुई है। लिफ्ट खराब होने के कारण गंभीर मरीजों तथा उनके परिजनों को काफी समस्या हो रही है। मीडिया द्वारा पिछले दिनों इस समस्या को अस्पताल प्रबंधन सहित जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया था, लेकिन अभी भी लिफ्ट का सुधार कार्य नहीं हो सका है। इस संबंध में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. जीएल अहिरवार ने बताया कि बजट न होने के कारण लिफ्ट का सुधार कार्य नहीं हो पा रहा है। डॉ. अहिरवार के मुताबिक वे कई बार राज्य शासन को इस आशय का पत्र भेज चुके हैं। हालांकि पिछले दिनों कलेक्टर संदीप जी आर ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही किसी अन्य शासकीय मद से राशि उपलब्ध कराकर लिफ्ट का सुधार कार्य कराया जाएगा। सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि अस्पताल में बजट की समस्या लंबे समय से है। दीपावली के त्यौहार पर अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल सका था।

कमलनाथ पर भारी जीतू पटवारी, उमंग को स्वभाव, व्यवहार बदलने की चुनौती.

Jitu Patwari scores a significant win over Kamal Nath, challenging Umang to change his nature and behavior. वक्त बदला लेकिन कांग्रेस नहीं बदली. कभी युवा पीढ़ी को दरकिनार कर बुजुर्ग नेतृत्व को कमांड देने वाले कांग्रेस हाईकमान ने अब पीढ़ी परिवर्तन के नाम पर एकतरफा बिना सोचविचार के वरिष्ठ नेताओं को किनारे करते हुए युवा नेतृत्व के हाथ में पार्टी दे दी. कभी युवा नेताओं पर कमलनाथ भारी पड़ रहे थे और अब कमलनाथ पर जीतू पटवारी भारी साबित हो गए हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को अपना स्वभाव, संगत और व्यवहार बदलना होगा. नेता-प्रतिपक्ष के स्टॉफ में ऐसे तत्व शामिल हो जाते है, जो सरकार से अप्रत्यक्ष रूप से उपकृत होते है. यही विपक्ष की रणनीति को लीक करते आ रहे है. ऐसे घुसपैठियों को रोक पाना, उमंग के लिए बड़ी चुनौती है. मध्यप्रदेश में कांग्रेस हारी तो कमलनाथ का कांग्रेस में भविष्य डूब गया. लेकिन जीतू पटवारी अपना विधानसभा चुनाव हार कर भी कांग्रेस अध्यक्ष पद जीत गए. कांग्रेस हाकमान पहले भी वही था, आज भी वही है. पहले का निर्णय भी इसका था और आज का निर्णय भी उसी का है. दोनों निर्णय का लक्ष्य तो बदलाव का था लेकिन अप्रोच अहंकारी थी. जब निर्णय का अप्रोच अहंकार से भरा होगा तो फिर इंप्लीमेंटेशन में तो यही एटीट्यूड ही दिखाई पड़ेगा. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की पराजय अहंकार, तानाशाही और कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने के कारण हुई है. कांग्रेस पार्टी नेतृत्व में कितना भी बदलाव कर ले लेकिन जब तक संगठन की कार्यपद्धति में सामूहिकता का ईमानदारी से पालन नहीं होगा तब तक पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े होते रहेंगे. जीतू पटवारी और उमंग सिंगार को संगठन और विधायक दल की कमान सौंपी गई है. इन दोनों नेताओं को संगठन और वरिष्ठ नेताओं की कार्य प्रणाली से समस्या थी. मध्यप्रदेश में कमलनाथ के जाने के बाद कांग्रेस उनकी कार्यप्रणाली की समस्या से तो निजात पा सकती है लेकिन कांग्रेस के संगठन का डीएनए बदलाव के इस निर्णय में भी दिखाई पड़ रहा है. कई वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की गई है जिन चेहरों पर भरोसा जताया गया है, उन पर कई तरह के सवाल उछलते रहे हैं. मसलन, जीतू पटवारी के बड़बोलापन से कई बार कांग्रेस की किरी- किरी हो चुकी है. अब उन्हें अपनी जुबा पर लगाम लगानी होगी. वहीं कांग्रेस में कुंडली मारकर बैठे पदाधिकारियों को हटाने की बड़ी चुनौती होगी. वैसे बदलाव हमेशा अच्छा होता है. नया नेतृत्व हमेशा स्वागतयोग्य होता है. जब भी कोई निर्णय होता है तब उसका विश्लेषण इस आधार पर होता है कि निर्णय के पीछे हाईकमान ने किस सोच और चिंतन के आधार पर निष्कर्ष निकाले हैं. यह दोनों नेता ऊर्जावान हैं, सक्रिय हैं. कांग्रेस के सामने युवा ऊर्जावान और सक्रिय नेताओं के असफल होने का सबसे बड़ा उदाहरण राहुल गांधी स्वयं हैं. उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. कांग्रेस लगातार राजनीतिक चुनौतियों में असफल होती ही दिखाई पड़ी. अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष संभवत सबसे बुजुर्ग नेता हैं. *बदलाव के पीछे गांधी परिवार* मध्यप्रदेश में नेतृत्व बदलाव का जो फैसला हुआ है उसमें गांधी परिवार का रोल साफ देखा जा रहा है. मध्यप्रदेश में राजनीतिक क्षेत्र में यह स्पष्ट धारणा लंबे समय से बनी हुई है कि यह दोनों युवा नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के करीबी रहे हैं. चुनाव में पराजय के कारण भले ही कमलनाथ को अपमानजनक परिस्थितियों में विदा किया गया हो लेकिन राज्य के राजनीतिक हालातों को कमलनाथविहीन करने में दोनों नेताओं को लंबा वक्त लगेगा. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर भी ऐसी ही राजनीतिक चर्चाएं हैं कि उन्हें भी मुख्य भूमिका से विश्राम दिया गया है. सियासत में हमेशा वही चेहरे सफल होते हैं जिन पर कोई विवाद नहीं होते हैं. हाईकमान द्वारा नामित नेतृत्व का पार्टी और विधायक दल में बहुमत का समर्थन शायद तौला नहीं गया है. हाईकमान द्वारा निर्णय को थोपा गया है. कमलनाथ के अध्यक्ष के कार्यकाल में पार्टी का परफॉर्मेंस जिस स्तर पर पहुंच गया है, उसके पीछे भी निर्णय को एकतरफा लेने और थोपने की प्रवृत्ति काम कर रही थी. ऐसी प्रवृत्ति संगठन के लिए लाभप्रद नहीं होती है. *जमीन पर साबित करने की बड़ी चुनौती*  नए नेतृत्व को राहुल गांधी और कांग्रेस हाईकमान का भले ही संपूर्ण समर्थन हो लेकिन दोनों नेताओं को जमीन पर अपना नेतृत्व साबित करना होगा. जिस तरह तेज और डिजिटल पॉलिटिक्स बढ़ती जा रही है उसमें केडर मैनेजमेंट के साथ ही पार्टी के लिए फंड मैनेजमेंट भी महत्वपूर्ण पक्ष होता है. कमलनाथ के साथ यह भी माना जा रहा था कि उनका बीजेपी सरकार और नेतृत्व के साथ मिला-जुला राजनीतिक गणित चल रहा था. विपक्षी दल के सामने सबसे बड़ी समस्या यही रहती है कि जनहित के मुद्दों पर जमीन पर संघर्ष किया जाए. अक्सर ऐसा देखा गया है कि विपक्षी राजनीति सरकार के साथ एडजस्टमेंट करके आगे बढ़ने लगती है. ऐसी परिस्थितियां दूरगामी रूप से पार्टी के लिए हानिकारक साबित होती हैं. *क्या कमलनाथ-दिग्विजय के बिना कांग्रेस का उड़ान सम्भव* मध्यप्रदेश में कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को भले ही अलग-थलग करने के संदेश और संकेत स्पष्ट कर दिए हों लेकिन वास्तविक रूप से जमीन पर ऐसा करना फिलहाल संभव नहीं दिखाई पड़ रहा है. इन दोनों नेताओं की जड़ें मध्यप्रदेश की राजनीति में दूर-दूर तक फैली हुई हैं. उनको अलग-थलग करके पार्टी बहुत लंबी दूरी तय नहीं कर पाएगी. इन दोनों नेताओं की जड़ों का इस्तेमाल कर कांग्रेस अपनी नई शाखाओं को मज़बूत कर सकती है. कांग्रेस के नए नेतृत्व को बीजेपी के मजबूत संगठन और नेतृत्व का मुकाबला करना है. बिना वरिष्ठ नेताओं के समन्वय और सहयोग के हो-हल्ला और मीडिया अटेंशन भले पाया जा सके लेकिन पार्टी की जड़ों को मजबूत करना संभव नहीं होगा. राज्य के नए नेतृत्व को पांच साल तक संघर्ष की स्थिति में रहना होगा. इसके लिए जनता के मुद्दों को चिन्हित करना, उसके लिए सतत संघर्ष करना होगा. अब सियासत सुविधा से आगे निकलकर संघर्ष की चौखट पर पहुंच गई है. जो पार्टी और नेता केवल सुविधा को राजनीति का लक्ष्य बनाएंगे उनको तो भविष्य में निराश होना निश्चित है.

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दुर्घटनाओं को रोकने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए.

The Chief Minister, Dr. Mohan Yadav, issued orders regarding the prevention of accidents. मनीष त्रिवेदी, सहारा समाचार,भोपाल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अनुपयोगी एवं खुले नलकूप, बोरवेल, ट्यूबवेल में दुघर्टनाओं को रोकेने के सम्बंध में आदेश जारी किया है। पहले भी इस तरह के कई आदेश जारी हुए है, इन आदेशों का पालन नहीं हो पाया इनको पालन करने वाले सुस्त है. लेकिन मुख्यमंत्री एक्टिव मोड में है और उनके के आदेशों पर काम भी हो रहा है.

आज MP कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे ,जीतू पटवारी.

Jitu Patwari will assume the position of the Congress President in Madhya Pradesh. उज्जैन में महाकाल दर्शन के बाद आएंगे भोपाल; रोड शो कर पहुंचेंगे। कांग्रेस दफ्तर भोपाल! मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी मंगलवार को कार्यभार संभालने जा रहे हैं। वे रोड शो के साथ भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे। इसके पहले वे सुबह उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। कमलनाथ ने पटवारी को नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जीतू पटवारी के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। जीतू पटवारी मंगलवार शाम करीब 4 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचकर पदभार ग्रहण करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी समेत तमाम सीनियर लीडर्स को आमंत्रित किया गया है। ऐसा रहेगा जीतू पटवारी के इंदौर से भोपाल आने का प्रोग्राम बैरागढ़ से शुरू होगा रोड शो जीतू पटवारी बैरागढ़ से रैली के रूप में इमामी गेट, बुधवारा, लिली टॉकीज चौराहा, रोशनपुरा और लिंक रोड होते हुए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचेंगे, जहां वरिष्ठ नेताओं एवं कांग्रेसजनों की उपस्थिति में पदभार ग्रहण करेंगे। स्वागत रैली में मप्र विधानसभा में नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी मौजूद रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दी बधाई जीतू पटवारी के पदभार ग्रहण के पहले पूर्व सीएम कमलनाथ ने X पर लिखा- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी कल (मंगलवार) अपराह्न 3:00 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण करेंगे। मैं जीतू पटवारी को नई पारी के लिए पुनः शुभकामनाएं देता हूं। कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से अपील करता हूं कि भोपाल पहुंचकर पदभार ग्रहण कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों। कांग्रेस को मजबूती प्रदान करें।

स्कूल शिक्षा: 653 बच्चे अर्द्धवार्षिक परीक्षा से चूके, अब वार्षिक परीक्षा के साथ करनी होगी तैयारी.

School Education: 653 children missed the semi-annual exam, now they will have to prepare for it along with the annual exam. भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज के चलते इस बार 653 विद्यार्थी अर्द्धवार्षिक परीक्षा नहीं दे पाए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय (सीपीआई) द्वारा इन विद्यार्थियों के लिए अब द्वारा परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। हालांकि इस निर्णय के बाद भी विद्यार्थियों पर परीक्षा का भार बढ़ गया है। इन विद्यार्थियों को अब अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी वार्षिक परीक्षा के साथ करनी होगी, क्योंकि वार्षिक परीक्षा के लिए भी सिर्फ दो माह बचे हैं। दअरसल, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 14-15 दिसंबर को अनुगूंज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे बच्चों में यह 653 विद्यार्थी भी शामिल थे। जो कार्यक्रम के चलते परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इधर अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन विद्यार्थियों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिसका कार्यक्रम भी जल्द जारी होगा।

स्कूलों को डिजीटल करने का दावा: पोर्टल तक अपडेट नहीं कर पा रहा स्कूल शिक्षा विभाग.

Claim of digitizing schools: School education department unable to update portal. भोपाल। प्रदेश में शैैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और सरकारी स्कूलों को में बेहतर तकनीकी व्यवस्थाओं का दावा करने वाला स्कूल शिक्षा विभाग अपने एजुकेशन पोर्टल को भी अपडेट नहीं कर पा रहा है। स्थिति यह है कि विभाग द्वारा जारी आदेश भी आधे-अधूरे पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य डाटा भी यहां उपलब्ध नहीं हो पाता है। विभागीय जानकारों की माने तो एजुकेशन पोर्टल तैयार करने का उददेश्य विभाग की सूपर्ण जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के साथ ही रोजाना जारी होने वाले आदेशों तक सभी की पहुंच रखना था, लेकिन यह उददेश्य पूरा नहीं हो रहा है। इस व्यवस्था पर न तो विभागीय अधिकारी ध्यान दे रहे हैं । और न ही इसे समय पर अपडेट किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षक, विद्यार्थी और शिक्षा विभाग से जुडे़ लोग परेशान होते रहते हैें और जानकारी अपडेट होने का इंतजार करते हैं।

सूट बूट में दिखे बाइक वाले विधायक डोडियार, परिवार संग पहुंचे लेने शपथ.

MLA Dodiyar, seen in a suit-boot, with his family to take the oath. इस बार वे बाइक की जगह कार से विधानसभा पहुंचे, कहा – विधायक की सैलरी से चुकाउंगा कर्ज भोपाल। बाइक से रतलाम जिले के सैलाना से भोपाल की 350 किलोमीटर दूरी तय करके चचार्ओं में आए विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी चर्चा उनके पहनावे को लेकर है। बाप पार्टी से विधायक बने कमलेश्वर सोमवार को विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए भोपाल पहुंचे थे।वे विधानसभा में सूट बूट में नजर आए है। उनके पहनावे को देखकर सभी चकित थे। इससे पहले जब वे कागजी कार्यवाही के लिए विधानसभा पहुंचे थे तो वे साधारण शर्ट पैंट और चप्पल में थे, लेकिन इस बार वे बंद गले के कोर्ट में दिखाई दिए। इतना ही नहीं इस बार वे बाइक की जगह कार से विधानसभा पहुंचे। उनका परिवार भी उनके साथ मौजूद रहा। बता दें, कमलेश्वर डोडियार निर्वाचित होने के बाद विधानसभा की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अपने मित्र के साथ बाइक से भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने करीब 9 घंटे में यह सफर पूरा किया था। हवाई जहाज में सफर करते उनके फोटो वायरल होने पर भी कमलेश्वर चर्चा का विषय बन गए थे। विधायक बन गए है। सैलरी से सारा कर्ज चुका देंगे। ये है बैक ग्राउंड- कमलेश्वर ने शुरू में अपनी पढ़ाई उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय से की। इसके बाद उन्होंने वकालत दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है। वे एक गरीब परिवार से आते हैं। उनकी पूरी फैमली सैलाना के गांव राधाकुंवा में एक छोटी सी झोपडी में रहती है। तंग हाल कमलेश्वर के पास चुनाव लड़ने तक के पैसे नहीं थे उन्होंने 12 लाख का कर्ज लेकर ये चुनाव लड़ा है। 33 साल के कमलेश्वर के माता पिता मजदूरी करते हैं। उन्होंने खुद लोगों के घर झूठे बर्तन साफ किए हैं। मंत्री बनने की जताई थी इच्छा- कमलेश्वर ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करके वन मंत्री बनने की इच्छा भी जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें वन मंत्रालय दिया जाए। इसके पीछे उनका तर्क था कि वे वनवासी हैं और वे वनवासियों की समस्याओं को बहुत अच्छे समझते हैं।

केदारखेड़ा, परसोडा मार्ग पर दौड़ रहे लोडेड मुरूम डंपर से प्रधानमंत्री सड़क हो रही खराब.

PM Sadak Yojna road is getting damaged due to loaded murram dumpers running on the Kedarkhera, Parsoda road. ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी आमला ।। जनपद पंचायत आमला अंतर्गत आने केदारखेड़ा ग्राम से परसोड़ा पहुंच प्रधानमंत्री सड़क मार्ग पर इन दिनों सुबह से देर शाम तक मुरूम से भरे वजनी डंपर दौड़ रहे जिस कारण प्रधानमंत्री सड़क मार्ग खराब हो गया है । अत्यधिक वजनी डंपरो से सड़क मार्ग की गिट्टिया उखड़ गई है । उखड़ी हुई गिट्टी एवं खराब सड़क मार्ग से लोगों को आवागमन में परेशानियां हो रही हैं । वहीं सड़को पर बिखरी गिट्टीयो से वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे है । केदारखेड़ा ग्राम के रहवासी संजय कायस्थ,उदयभान गंगारे,ख्यालीराम,राजकुमार ,श्याम उईके आदि ने बताया सरकार द्वारा ग्रामीणों के आवागमन करने ग्राम केदारखेड़ा से परसोडा पहुंच मार्ग तक प्रधान मंत्री सड़क का निर्माण किया गया है। जिसमें लाइन निर्माण कार्य में मुरूम भरने ठेकेदार द्वारा वजनी डंपरो से मुरूम का परिवहन किया जा रहा हैं । जिस कारण प्रधानमंत्री सड़क खराब हो रही है । प्रतिदिन पचास से ज्यादा डंपर चलने से सड़क की गिट्टिया उखड़ गई है। जिस कारण लोग सहित वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे है। ग्रामीणों ने वजनी डंपरो पर रोख लगाने एवं सड़क दुरुस्त किए जाने मांग की हैं। इन्होंने क्या कहा संबंधित विभाग प्रमुख को निर्देशित कर मामले को दिखवाता हु शेलेंद्र बडोनिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, डंपरो से यदि सड़क सड़क खराब हो रही है तो दिखवाते है । सविता राय एस. डी. ओ प्रधानमंत्री सड़क

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेहरू की तस्वीर हटाकर आंबेडकर की तस्वीर लगाई.

The picture of Nehru was removed from the Madhya Pradesh Legislative Assembly and replaced with a picture of Ambedkar. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में आज विधायकों का शपथ ग्रहण जारी है। इस बीच आसंदी के पास लगी तस्वीरों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला यहां जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर की जगह डा. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लगाई गई। मध्‍य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का पहला सत्र प्रारंभ हो गया है। चार दिवसीय इस सत्र में पहले दो दिन निर्वाचित सदस्यों को सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव द्वारा शपथ दिलाई जा रही है। बुधवार को अध्यक्ष का चुनाव होगा। भाजपा ने नरेंद्र सिंह तोमर के नाम इस पद के लिए तय किया है। विधानसभा में दलीय स्थिति को देखते हुए निर्विरोध निर्वाचन होगा। सरकार वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर सकती है।

अतिरिक्त 160 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर.

Additional power transformer with a capacity of 160 MVA. भोपाल। एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 220 केवी सब-स्टेशन टीकमगढ़ में अनुमानित लागत 5 करोड़ 77 लाख रुपए से 160 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया। एमपी ट्रांसको टीकमगढ़ के कार्यपालन अभियंता आरपी कान्यकुब्ज ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से जतारा, दिगोदा, बुढैरा, टीकमगढ़, बड़ा मलहरा एवं पृथ्वीपुर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचेगा। अब उन्हें उचित गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। ट्रांसफार्मर के प्रारंभ हो जाने से टीकमगढ़ सब-स्टेशन की क्षमता बढ़कर 540 एमवीए की हो गई है। जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी बढ़कर 793 एमवीए की हो गई है। जिले में एमपी ट्रांसको अपने 5 अति उच्चदाब सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत ट्रांसमिशन करती है। एमपी ट्रांसको प्रदेश में 416 अति उच्चदाब सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत ट्रांसमिशन करती है, जिसमें 400 केवी के 14, 220 केवी के 88 एवं 132 केवी के 214 सब-स्टेशन क्रियाशील हैं। एमपी ट्रांसको की कुल स्थापित ट्रांसफारमेशन केपेसिटी बढ़कर अब 78947 एमवीए की हो गई है।

कंगाली से गुजर रही नई सरकार, योजनाओं के फंड में रोक, विकास कार्य ठप ही रहेंगे.

The new government, struggling with poverty, has imposed a halt on funds for projects, and development activities will remain stalled. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की नई सरकार के साथ ही वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने महाकाल परिसर विकास और तीर्थ दर्शन जैसी योजनाओं में व्यय करने पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं वित्तीय संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार ने 38 विभागों की योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। सरकार ने इसके आदेश भी विभागों को भेज दिए हैं। बता दें, वर्तमान स्थिति में मध्यप्रदेश सरकार पर 331000 करोड रुपये से अधिक का कर्ज है। हालांकि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति के अनुसार वे अभी भी 15000 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकती है। इधर, बताया जा रहा है कि जरूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार जल्द ही अनुपूरक बजट भी ला सकती है। वित्तीय संकट से उबारने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सभी विभागों को खर्च पर कटौती करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विभागों राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। सरकार के निर्देश के अनुसार विभागों को हर हाल में राजस्व संग्रहण का निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करना है। इसके साथ ही विभागों को राजस्व एकत्रित करने के लिए अन्य नए सोर्स भी विकसित करने के लिए कहा गया है। इन कामों पर नहीं किया जाएगा बिना अनुमति खर्च अनुग्रह राशि देने की योजना भी समाप्त

कांग्रेस के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ी.

Congress media advisor Piyush Babel’s nameplate was broken. भोपाल। कांग्रेस में कमलनाथ के कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने और नए अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी की नियुक्ति के बाद कमलनाथ के समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में कांग्रेस की मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ दी गई है।पीयूष बबेले कमलनाथ के करीबी हैं। उन्होंने चुनाव में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ का मीडिया कैंपेन संभाला था। पीयूष बघेले पत्रकार हैं और उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी ने पुरस्कृत भी किया था। अभी तक यह ज्ञात नहीं हो पाया है कि पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ने का मकसद क्या है और नेम प्लेट तोड़ने वाले कौन से तत्व हैंं।

तय सीमा से अधिक आवाज में गाना बजाने पर पहली कार्रवाई.

The first action will be taken for playing music at a volume exceeding the specified limit. ऐशबाग पुलिस ने कोलाहल अधिनियम की धाराओं में दर्ज की एफआईआर भोपाल। ऐशबाग पुलिस ने तेज आवाज में फिल्मी गाने बजाने वाले युवक पर मामला दर्ज किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद यह पहली कार्रवाई है। आदेश में धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों पर निर्धारित डेसिबल से अधिक आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने पर प्रतिबंध किया है। बावजूद इसके युवक तेज आवाज में रात में गाने बजा रहा था। पुलिस ने युवक पर कोलाहल अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। थाना प्रभारी आशीष सप्रे ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे मराठी मोहल्ले में रहने वाले लोगों ने कॉल कर शिकायत दर्ज कराई कि सार्वजनिक स्थल पर खुले में तेज आवाज में फिल्मी गाने बजाकर बर्थडे मनाया जा रहा है। आवाज बहुत तेज है और इससे लोगों को परेशानी हो रही है। सूचना पर पुलिस राम मनोहर लोहिया स्कूल के पास मराठी मोहल्ला पहुंची तो वहां दीपक मरोठिया नामक युवक परिवार के साथ जन्मदिन की पार्टी मना रहा था। उसने अपने मोबाइल फोन से मिक्सर मशीन कनेक्ट कर तीन बड़े स्पीकर लगा रखे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दीपक मरोठिया को समझाइश दी कि वह तेज आवाज में गाने नहीं बजाए। पुलिस के रहते दीपक ने एम्प्लीफायर मशीन की आवाज बहुत कम कर ली थी। पुलिस के जाने के पंद्रह मिनट बाद दीपक मरोठिया ने फिर मोबाइल से एम्प्लीफायर मशीन कनेक्ट की और तेज अवाज में गाने बजाने लगा। लोगों ने दौबारा शिकायत की तो पुलिस पहुंची थी, लेकिन दीपक स्पीकर छिपाकर फरार हो गया था।

अपर सचिव वन के खिलाफ लोकायुक्त में मामला दर्ज.

A case has been filed against the Deputy Secretary of Forests in the Lokayukta. लोकायुक्त संगठन तत्कालीन छतरपुर डीएफओ एवं वर्तमान अवर सचिव वन अनुराग कुमार के खिलाफ वायरबेड और चैनलिंक खरीदी में अनियमित किए जाने पर प्रकरण पंजी बात कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी एसपी सागर लोकायुक्त को दी गई है। लोकायुक्त संगठन ने वन विभाग को पत्र लिखकर खरीदी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के बार-बार निर्देश दिए जा रहे है किन्तु विभाग दस्तावेज उपलब्ध कराने में टालमटोल कर रहा है। उज्जैन एसपी लोकायुक्त ने 3 साल पहले एपीसीसी सत्यानंद के खिलाफ प्रकरण पंजीबद किया था। इसके बाद से सत्यानंद से संबंधित जांच आगे नहीं बढ़ पाई। इसके अलावा खरगोन डीएफओ प्रशांत कुमार, इको टूरिज्म बोर्ड में पदस्थ साहिल गर्ग सहित आधा दर्जन आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ जांच लंबित है किंतु फैसला अभी तक नहीं लिया जा सका है। मैं इस मामले को दिखवाता हूं। कमल अरोरा सीसीएफ जबलपुर

वन विभाग में कमीशन का खेल: चहेते सप्लायर को उपकृत करने मार्केट से हो रही है खरीदी.

The Game of Commission in Forest Department. उदित नारायण भोपाल। वन विभाग में कमीशनबाजी का खेल बदस्तूर जारी है। निर्वतमान वन मंत्री विजय शाह ने अपने कार्यकाल में कमीशनबाजी के खेल पर रोक लगाने की मंशा से प्रदेश स्तर पर एकजाई टेंडर करने के आदेश जारी किए थे। अफसरों ने उनके आदेश को धुंआ में उड़ाते वनमंडल स्तर पर खरीदी का क्रम जारी रखा है। ताज़ा मामला मंडला पूर्व और मंडला पश्चिम का है। दोनों ही वनमंडल की कमान एक ही अफसर के हाथ में है. यही वजह है कि डीएफओ ने अपने चहेते सप्लायर्स जैन बंदुओं को बिल्डिंग मैटेरियल्स और नीमखली गोबर खाद और उपजाऊ मिट्टी प्राय करने का वर्क आर्डर जारी कर दिया। सूत्रों के अनुसार डीएफओ को खरीदारी की इतनी जल्दबाजी थी कि वर्क आर्डर पहले जारी कर दिया और टेंडर बाद में बुलाई। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यालय से आदेश जारी है कि वर्मी खाद और नीमखली अनुसंधान एवं विस्तार शाखा से ही खरीदा जाए किंतु विभाग की शाखा से खरीदने पर कमीशन बाजी का खेल नहीं हो पता, इसलिए निविदा कर मार्केट से खरीदी की जा रही है, वह भी डीएफओ के पसंदीदा गगन जैन के फर्म से खरीदने का फरमान है। डीएफओ ने निविदा 15 दिसंबर को बुलवाई और वर्क आर्डर 14 दिसंबर को ही कर दिया। बिल्डिंग मैटेरियल सप्लाई का ऑर्डर भी अचल जैन की फर्म को दिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पौधारोपण के कार्य अनुसंधान एवं विस्तार शाखा के द्वारा किया जाता है। मंडल वन मंडल में यह कार्य टेरिटोरियल डीएफओ कर रहे हैं. डीएफओ नित्यानंद ने पश्चिमी वन मंडल के लिए नीम खली गोबर खाद और उपजाऊ मिट्टी सप्लायर का ठेका गगन जैन की फर्म को दिया है। इन सामग्रियों की खरीदी मार्केट दर से कई गुना अधिक है। पश्चिमी वन मंडल में खरीदी का लेखा-जोखा नीम खली 7350 कुंटल गोबर खाद 881 कुंटल उपजाऊ मिट्टी 1742 कुंटल

जहां दूसरों की उम्मीदें खत्म होती हैं, वहीं से शुरू हो मोदी की गारंटी.

Where others’ hopes end, that’s where Modi’s guarantee begins. प्रधानमंत्री ने विकसित भारत संकल्प यात्रा का वर्चुअली शुभारंभ किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल Udit Narayan, Sahara Samachaar.भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां दूसरे की उम्म्ाीदें खत्म हो जाती है, वहीं से मोदी की गारंटी शुरू हो जाती है। यह कहिए कि मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, सरकार की हर योजना का लाभ देगी। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल हर व्यक्ति को भोजन, स्वास्थ्य, आवास आदि की गारंटी दे रही है, अपितु सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। गांवों के विकास के साथ ही शहरों का भी तेज गति से विकास किया जा रहा है। पहले केवल बड़े शहरों का विकास होता था, अब भारत के टू-टियर और थ्री-टियर शहरों का भी विकास हो रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने आज शनिवार को मप्र सहित देश के 5 राज्यों में विकसित भारत संकल्प यात्रा का हरी झण्डी दिखाकर वर्चुअली शुभारंभ किया। जबकि उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित देश होगा। विकसित भारत संकल्प यात्रा का भी यही उद्देश्य है। हम सभी अच्छा करें और देश को अच्छा बनाएं। उन्होंने कहा कि संकल्प यात्रा के माध्यम से हर झुग्गी-झोपड़ी तक शासन की सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे, सब मिलकर ऐसे प्रयास करें। संकल्प यात्रा में जाने वाली मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, जनता को हर योजना का लाभ देगी। शहरों के छोटे व्यवसायियों को सरकार की गारंटी पर व्यवसायप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 6 करोड़ छोटे शहर हैं। अमृत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से इनका भी समग्र विकास किया जा रहा है। शहरों में जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवेज, सीसीटीवी, स्वच्छता के साथ ही ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, ईज ऑफ ट्रेवल पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना में शहरों के छोटे व्यवसायियों को सरकार की गारंटी पर व्यवसाय के लिए ऋण दिया जा रहा है। इनमें 45 प्रतिशत महिला हितग्राही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना संकट में सरकार ने 20 करोड़ महिलाओं के खाते में सहायता राशि दी। सभी को मुफ्त में वेक्सीन लगाया गया। नि:शुल्क राशन योजना प्रारंभ की गई। 17 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैंप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की पेंशन और सुरक्षा योजनाओं से जुड़ें। अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना का लाभ लें। इन योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में 17 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना में अभी तक हितग्राहियों को एक लाख करोड़ रुपए का नि: शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से 80 प्रतिशत कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गांव से शहरों में काम के लिए आए व्यक्तियों का पूरा ध्यान रखती है। वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना के माध्यम से कहीं भी राशन प्राप्त किया जा सकता है। इन योजनाओं का लाभ लें। मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करेगी यात्रामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई क्षेत्रों में विश्व में उत्कृष्ट छवि निर्मित की है। जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में देश व प्रदेश में और बेहतर कार्य हो तथा प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रम का लाभ मिल सके, इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना के अनुरूप विकसित भारत संकल्प यात्रा आरंभ की जा रही है। य़ात्रा के माध्यम से जनकल्याण की योजनाओं और कार्यक्रमों का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, साथ ही यह प्रयास होगा कि इन योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभ से कोई भी वर्ग वंचित न रहे। भारत में संकल्प यात्रा को शुरू हुए एक महीना पूरा हो चुकाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में संकल्प यात्रा को शुरू हुए एक महीना पूरा हो चुका है। अभी तक यह यात्रा हजारों गांव एवं लगभग डेढ़ हजार शहरों में पहुंच चुकी है। आचार संहिता के कारण 5 राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, राजस्थान और मिजोरम में यह यात्रा आज से शुरू हो रही है। इस यात्रा का अपने राज्य में तेजी से विस्तार करें। देश का जन-मन यात्रा को लेकर उत्साहित है। लोग ‘नमो एप’ डाउनलोड कर विकसित भारत के एम्बेसडर बन रहे हैं। प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी व दूसरों की जानकारी बढ़ा रहे हैं। संकल्प यात्रा की गाड़ियां जनता को हर योजना की जानकारी और लाभ दे रही है। यात्रा का रहेगा यह स्वरूपप्रदेश में विकसित भारत संकल्प यात्रा 16 दिसंबर से 26 जनवरी 2024 तक आयोजित की जा रही है। भारत सरकार से इस यात्रा के लिए सभी जिलों को 366 आईईसी वेन उपलब्ध कराई गई है। आईईसी वैनों को सभी नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायत में ले जाया जाएगा और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वैन के साथ ही एग्री ड्रोन को भी प्रदर्शित किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए उक्त ड्रोन का निर्माण किया गया है। किसानों के समय की बचत और उनके स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए एग्री ड्रोन का निर्माण किया गया है। ड्रोन के इस्तेमाल से खेतों में खाद या दवा का छिड़काव कम समय में किया जा सकेगा। साथ ही एक एकड़ फसल में खाद या अन्य कीटनाशकों का छिड़काव लगभग 15 मिनट में किया जा सकेगा। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के प्रयोग से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसका अनुमानित मूल्य लगभग पांच लाख रुपए से 10 लाख रुपए के मध्य है।

दिल्ली में होगा मप्र के मंत्रियों का नाम तय, तभी बनेंगे मंत्री.

The names of the ministers from Madhya Pradesh will be decided in Delhi, only then the ministry will be formed. सूची लेकर मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आज जाएंगे दिल्ली, मंत्रिमंडल के गठन पर हो सकता विचार-विमर्श- विधानसभा सत्र के बाद ही शपथ की संभावना.Taking the list, the Chief Minister and the state BJP president will go to Delhi today; there could be discussions on the formation of the cabinet—possibility of oath-taking after the legislative assembly session भोपाल। मंित्रमंडल गठन की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा रविवार को दिल्ली जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की शपक्ष लेने के बाद डॉ यादव का यह पहला दिल्ली दौरा है। इसलिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित सभी प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगे और उन्हें मुख्यमंत्री पद का दाियत्व देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करेंगे। दौरे के दौरान उनकी मंत्रिमंडल के गठन पर भी चर्चा हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि डॉ यादव और वीडी शर्मा ने अपनी ओर से संभावित मंत्रियों की सूची तैयार कर ली है। यह सूची वे पार्टी नेतृत्व को सौपेंगे। अवसर मिला तो इस सूची पर चर्चा होगी और शामिल किए जाने वाले मंत्रियों के नाम फाइनल किए जाएंगे। समय न मिला तो सूची सौंप कर दोनों वापस आ जाएंगे।मंत्रिमंडल के गठन पर और विलंब संभवभाजपा सूत्रों पर भरोसा करें तो 18 दिंसबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले मंत्रिमंडल का गठन नहीं होगा बल्िक इसके लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। नेतृत्व इस मामले में जल्दबाजी में नहीं दिखता। जल्दी होती तो मुख्यमंत्री, उप मुख्य मंत्रियों के साथ कुछ मंत्रियों को भी शपथ दिला दी जाती। मुख्यमंत्री पद पर नया चेहरा लाने के बाद वरिष्ठों की क्या प्रतिक्रिया रहती है, भाजपा नेतृत्व इसका बारीकी से आकलन कर रहा है। नाराजगी असंतोष ठंडा होने के बाद वह अगला धमाका करने के मूड में है। यदि वरिष्ठाें को दरकिनार कर नए मंत्रियों को ज्यादा तवज्जो मिली तो यह भी एक धमाका जैसा ही होगा।

MP में जल्द तय हो सकते हैं कैबिनेट के चेहरे: कल दिल्ली जाएंगे CM.

MP में जल्द तय हो सकते हैं कैबिनेट के चेहरे: कल दिल्ली जाएंगे CM. The faces of the cabinet in Madhya Pradesh could be decided soon; the CM will go to Delhi tomorrow. डॉ. मोहन यादव; शाह और नड्डा के साथ होगी बैठकभोपाल! मध्यप्रदेश में नई सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दिल्ली जा रहे हैं। उनके साथ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी जाएंगे। इन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुलाया है। ऐसा माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे में कैबिनेट के सदस्यों के नाम फाइनल हो जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में ये भी तय हो जाएगा कि पहले विस्तार में कौन और कितने विधायक मंत्री बनेंगे। रविवार शाम को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में बैठक होगी। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी शामिल हो सकते हैं। वे कल बनारस होकर दिल्ली पहुंचेंगे। मंत्रिमंडल पर केंद्रीय नेतृत्व करेगा फैसला: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कहा था कि इसका फैसला यशस्वी केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। इसके बाद शनिवार को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को दिल्ली बुलाया है। इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल समेत जीते हुए सांसदों को मंत्री बनाने पर भी फैसला होना है। इसलिए बैठक पर सभी की निगाहें हैं। संगठन सूत्रों का इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल समेत जीते हुए सांसदों को मंत्री बनाने पर भी फैसला होना है। इसलिए बैठक पर सभी की निगाहें हैं। संगठन सूत्रों का कहना है कि रविवार को होने वाली बैठक के बाद 20 दिसंबर के पहले किसी भी दिन डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का गठन कर लिया जाएगा।

जीतू पटवारी बने MP कांग्रेस अध्यक्ष.

Jeetu Patwai is appointed as the President of Madhya Pradesh Congress Committee. उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष, हेमंत कटारे को उप नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हेमंत कटारे उप नेता प्रतिपक्ष बनाए गए हैं। उमंग सिंघार धार जिले के गंधवानी से विधायक हैं। उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रधानमंत्री जी की स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा पर कार्य हो – मुख्यमंत्री डॉ. यादव.

Work should be done on the concept of Prime Minister’s Smart Policing – Chief Minister Dr. Yadav. पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में निर्देश. Directions given in the meeting of senior police officers at the police headquarters. भोपाल, 15 दिसंबर 2023/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज पुलिस मुख्यालय सभा कक्ष में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश में अपराधों के नियंत्रण और प्रधानमंत्री जी की स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा को मूर्तरूप देने के लिए ऐसा कार्य हो जो उदारण बन सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि पुलिस कर्मी अपना कार्य अधिक अच्छे ढंग से कर सकें, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। पुलिस कर्मियों के लिए आवास व्यवस्था का कार्य प्रत्येक स्तर पर सहयोगी रूख से आसान बनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुछ ऐसे समुदाय हैं जिनके कुछ लोग अपराधिक प्रवृति से जुड़े हैं, उन्हें भी मुख्य धारा में लाने का प्रयास हो। जिन जिलों में अपराध दर अधिक है वहां विस्तृत कार्य योजना बनाई जाए। अवैध हथियारों की तस्करी और शराब माफिया पर प्रभावी कार्यवाही हो। खनिज माफिया के विरूध भी सख्त कार्यवाही खनिज विभाग के समन्वय से की जाए। आगामी 20-25 वर्ष की आवश्यकताओं को देखते हुए आवश्यक कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन प्रारंभ किया जाए।मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि उच्च पद के प्रभार और राज्य पुलिस सेवा से अखिल भारतीय सेवा में अधिकारियों की पदोन्नति की कार्यवाही को भी गति दी जाए। निरीक्षकों के पदों पर पदोन्नति सहित अन्य पदों पर भी पदोन्नति के कार्य में विलम्ब न हो। अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों में भी कार्यवाही की जाए। नगर और ग्राम सुरक्षा समितियों को सक्रिय किया जाए।अपर मुख्य सचिव गृह डॉ राजेश राजौरा ने वाहनों की आवश्यकता और उसकी पूर्ति के प्रस्ताव सहित पुलिस कर्मियों के कल्याण सहित अन्य प्रस्तावों से अवगत करवाया। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना ने पुलिस विभाग की व्यवस्था और कार्य प्रणाली से संबंधित प्रस्तुतिकरण दिया प्रस्तुतीकरण में प्रमुख रूप से कार्य प्रणाली के आधार स्तंभ, राज्य पुलिस की संरचना, कानून व्यवस्था एवं नक्सल विरोधी अभियान, अपराध नियंत्रण, तकनीकी के उपयोग , बजट, अधोसंरचना विकास और मानव संसाधन विकास के साथ-साथ विभाग की सफलता और उपलब्धियों की जानकारी दी गई।प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर परिसर में पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्यमंत्री डॉ यादव को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के पश्चात पुलिस महानिदेशक श्री एस के सक्सेना ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। पुलिस अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश• पुलिस की दक्षता बढ़ाने वाले विभागीय कार्यों को महत्व दिया जाए।• प्रत्येक तरीके के अपराधों पर सख्ती से नियंत्रण हो।• मध्य प्रदेश को अपराध नियंत्रण में वर्तमान स्तर को दुरुस्त करना है।• स्वतंत्रता दिवस गणतंत्र दिवस जैसे समारोह की गरिमा को ध्यान में रखते हुए हर जिले में पुलिस बैंड तैयार करें। बटालियन में बैंड सीखने में रुचि रखने वाले जवानों को ट्रेनिंग दी जाए। बटालियन के साथ-साथ होमगार्ड में से भी इच्छुक जवानों को पुलिस बैंड में शामिल करें। जिला स्तर पर भी पुलिस बैंड हो। इस बैंड से कार्यक्रमों की गरिमा बनती है।• पुलिस थानों के क्षेत्र की सीमाओं के संबध में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए इसकी योजना बनाएं। थाने के क्षेत्र की जनसंख्या, अपराध केंद्रित क्षेत्र, धार्मिक संवेदनशीलता और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर योजना बनाएं। जिन धार्मिक स्थानों में वर्ष में कई बार सवारी निकालने, चल समारोह और उत्सव की परम्परा है वहां आवागमन को सहज बनाने, आवश्यक पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।• जोनल मास्टर प्लान बनाते वक्त अथवा सरकारी भूमि के लैंड यूज में बदलाव की योजना में पुलिस भी अपराध और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखकर अपना अभिमत दे जिससे जनहित में जरूरी प्रबंध हो सकें।• पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए मौजूदा संसाधनों में बेहतर कार्य के प्रयास करें।• ओरछा, उज्जैन और अन्य नगरों में धार्मिक मेलों पर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।• पुलिस बल के पदों पर प्रत्येक स्तर के प्रमोशन समय पर किए जाएं।• वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन मिलता रहे ताकि वे अपने कार्य और दायित्व को अच्छे से करते रहें।• पुलिस कर्मियों की आवास की समस्या का निराकरण हो। पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन स्तर और पुलिस कर्मियों द्वारा निजी स्तर पर आवास की व्यवस्था के लिए सहयोग दिया जाए।• पुलिस थानों की सीमाओं के संबंध में कुछ स्थानों पर विसंगतियों की जानकारी मिली है, इन्हें दूर किया जाए।• देह व्यापार पर अंकुश लगाने की दिशा में कार्य करें। सामाजिक स्तर और सद्भाव के साथ इस प्रकार के अपराधों में विशेष संवेदनशीलता रखें।

बाघ एवं कछुओं की अंतर्राज्यीय तस्करी करने वाला गिरफ्तार.

Caught the international poacher involved in tiger and turtle smuggling. भोपाल। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स भोपाल ने अलग अलग स्थानों पर कार्यवाही करते हुये! डिण्डोरी एवं राज्य के बाहर अयोध्या उप्र से बाघ के अंगों एवं दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।कछुआ तस्करी में विगत 3 माह से फरार एक आरोपी को अयोध्या उप्र से गिरफ्तार कर न्यायालय नर्मदापुरम के समक्ष पेश किया गया। वहीं वन्यप्राणी बाघ के शिकार एवं उसके अवयवों की अंतराज्जीय तस्करी के प्रकरण में संगठित बावरिया गिरोह के 1 अन्य आरोपी को केन्द्रीय जेल चन्द्रपुर महाराष्ट्र से प्रोडक्शन वारंट पर न्यायालय नर्मदापुरम के समक्ष पेश किये जाने उपरांत रिमांड पर लिया जाकर बाघ के शिकार एवं उससे अवयवों में लिप्त गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध मे विस्तृत पूछताछ की गई एवं आरोपी को तमिलनाडू राज्य में बाघ के शिकार वाले स्थान पर ले जाकर आवश्यक कार्यवाही की गई। उक्त प्रकरण में पूर्व में कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय तस्कर कल्ला बावरिया को गिरफ्तार किया था। जिसके विरूद्ध भारत एवं नेपाल राष्ट्र में बाघ के शिकार एवं उसके अवयवों की तस्करी के कई प्रकरण दर्ज हैं।

कूनो नेशनल पार्क से आई खुशखबरी,जल्द शुरू होगी चीता सफारी.

Good news from Kuno National Park, cheetah safari will start soon. उदित नारायणभोपाल। पर्यटकों के लिए मध्य प्रदेश में एक नया जंगल सफारी जल्द ही शुरू होने वाली है जिसका इंतजार लंबे समय से पर्यटकों को था अभी तक ज्यादर जंगल सफारी सागर संभाग,जबलपुर ,सेहडोल या रीवा संभाग में थी अब चंबल संभाग में पहली जंगल सफारी जल्द ही से होने वाली है।प्रदेश के पालपुर कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी के लिये सेसईपुरा में नया गेट बनाया जायेगा। इसके लिये करीब 56 एकड़ भूमि श्योपुर कलेक्टर से मांगी गई है। साथ ही चीता सफारी के लिये केंद्र की जू- अथॉरिटी से स्वीकृति भी आने वाली है। यह जानकारी गुरुवार को मंत्रालय में वन विभाग के एसीएस जेएन कंसोटिया के समक्ष वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा के प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने प्रस्तुत की।बैठक में बताया गया कि चीतों की नई खेप भी विदेश से जल्द आने वाली है जिसके लिये गांधी सागर अभयारण्य में तैयारी जारी है। वहां एक गांव के विस्थापन के कारण फेंसिंग आदि की कार्यवाही रुकी हुई थी। गांव वालों को मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है। गांधी सागर अभयारण्य में चीतों को बसाने के लिये सभी तैयारियां पूर्ण करने हेतु 31 जनवरी 2024 तक का समय प्रदान किया गया है। बाघ शावकों को शिकार करना सिखाया जायेगाबैठक में बताया गया कि प्रदेश के टाईगर रिजर्व में अनेक बाघ शावक ऐसे हैं जो अकेले हैं। इन्हें बाड़ों में रखकर इनका लालन-पालन किया जायेगा और इन्हें शिकार करना सिखाया जायेगा। इसके लिये बजट की व्यवस्था गेट मनी जोकि विकास निधि में जमा होती है, से की जायेगी।

सड़क हादसे में घायल हुए युवक की पूर्व सीएम शिवराज ने मदद की और उसे अस्‍पताल पहुंचाया।

Former Chief Minister Shivraj extended help to the youth injured in the road accident and ensured that he was taken to the hospital. भोपाल। शहर के रवींद्र भवन क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल हुए युवक को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अस्पताल भिजवाया। जानकारी के अनुसार एक बाइक सवार युवक शनिवार रात को 11 बजे रवींद्र भवन के सामने से गुजर रहा था। इस दौरान उसकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और वह हादसे में घायल हो गया। इसी बीच वहां से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला गुजर रहा था। युवक को अस्पताल पहुंचाया पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने घायल युवक को देखकर अपना काफिला रुकवाया। इसके बाद घायल युवक को लोगों की मदद से काफिले के वाहन द्वारा एक निजी अस्पताल पहुंचाया। साथ ही युवक को आश्वासन दिया कि उसका अच्छा उपचार होगा, चिंता करने की बात नहीं है, मामा उसके साथ है।

मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रमुख सचिव बनाए गए, राघवेन्द्र कुमार सिंह.

Raghvendra Kumar Singh has been appointed as the Chief Secretary of Madhya Pradesh under Chief Minister Mohan Yadav. भोपाल। डा. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रशासनिक स्तर पर परिवर्तन की शुरुआत शुक्रवार देर रात से हो गई। सबसे पहले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पद पर पदस्थापना की गई। 1997 बैच के अधिकारी राघवेन्द्र कुमार सिंह अब मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव होंगे उनके पास लोक सेवा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। अभी तक पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख सचिव रहे मनीष रस्तोगी को फिलहाल किसी विभाग का दायित्व नहीं दिया गया है।उल्लेखनीय है कि रस्तोगी सहित मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं पहल करते हुए मुख्यमंत्री से नई पदस्थापना की बात कही थी। सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह कुछ अन्य अधिकारों के दायित्व में परिवर्तन भी किया जा सकता है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को बदला जाना प्रस्तावित है।

कलेक्टर श्री सिंह ने मांस एवं मछली विक्रेताओं की ली बैठक.

Collector Mr. Singh held a meeting with meat and fish vendors. खुले में मांस एवं मछली के विक्रय पर रोक, अपारदर्शी कांच एवं साफ-सफाई की सम्पूर्ण व्यवस्था होना अनिवार्यA ban on the open sale of meat and fish, transparent glass, and a comprehensive system of cleanliness are mandatory. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Bhopal.भोपाल, कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने राज्य सरकार के लिए गए निर्णय के परिपालन में मांस तथा मछली विक्रेताओं की बैठक लेकर उन्हें खुले में मांस तथा मछली का विक्रय प्रतिबंधित संबंधी जारी निर्देश से अवगत करा उसके पालन के लिए निर्देशित किया। उन्होंने आयुक्त नगरनिगम श्री फ़्रेंक नोबल को इसके संबंध में नगरीय क्षेत्र में विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिये। बैठक में निर्देश के पालन के लिये मांस एवं मछली विक्रेताओं ने एक सप्ताह का समय माँगा जिस पर सहमति दी गई। कलेक्टर ने कहा एक सप्ताह बाद उल्लंघन पर कार्यवाही की जायेगी

मंत्रियों के नामों पर मंथन, ऐसी हो सकती है मोहन कैबिनेट.

A Brainstorming on the names of ministers, this could be the Mohan Cabinet. मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का फेस तय करने के बाद भाजपा अब मंत्रियों के नामों पर मंथन कर रही है। भोपाल। मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद डा. मोहन यादव ने कैबिनेट विस्तार के लिए मंत्रियों के नाम तय करने की कवायद आरंभ कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव तक कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या सीमित रहेगी। नियमानुसार 35 सदस्यों की कैबिनेट हो सकती है लेकिन पहले विस्तार में इसमें 18-20 मंत्रियों को ही शामिल किया जाएगा। दरअसल, इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त पद विधायकों के प्रदर्शन के आधार पर भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री चयन की तरह समानांतर रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिग्गज नेता अपनी कवायद कर रहे हैं। वे अपनी सूची भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को सौंपेंगे। मुख्यमंत्री और संगठन की पसंद की भी सूची तैयार होगी। इसके बाद हाईकमान इसकी हरी झंडी देगी। चर्चाओं का दौर जारीपार्टी हाईकमान दो विकल्पों पर विचार कर रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार मलमास के पहले किया जाए या फिर उसके बाद। संगठन के स्तर पर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा आदि के बीच इस मुद्दे पर चर्चाओं का दौर चला है। दावेदार भी इनसे मिल रहे हैं। हालांकि, माना यही जा रहा है कि मंत्रियों के नाम दिल्ली से ही तय होंगे। कुछ लोग यह भी अनुमान लगा रहे हैं कि मलमास की वजह से अभी नए मंत्रियों की शपथ नहीं होगी। क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष?भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी फिलहाल नए मंत्रियों की शपथ के कार्यक्रम से अनभिज्ञ हैं। वे कहते हैं कि पार्टी सामूहिक निर्णय पर भरोसा करती है और इस बारे में भी आगे बातचीत होगी।

संसद मामला : पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने किया हमलावरों का समर्थन, भाजपा ने किया विरोध.

Parliament Case: Former Minister Sajjan Singh Verma expressed support for the attackers; BJP opposed the statement. कहा-देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की भोपाल। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने संसद में हुए हमले को लेकर हमलावरों का समर्थन किया है। सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि जो हमलावर सदन के अंदर दाखिल हुए थे उन्होंने अपने विरोध की आवाज उठाई थी। बेरोजगारी सहित कई मुद्दों को लेकर अब उनके पास कोई चारा नहीं था। इसलिए सदन के अंदर दाखिल होकर ऐसा कदम उठाया है। आज देश की यही स्थिति बन रही है। उन्होंने देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा के बयानों पर किया पलटवारभाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक सज्जन सिंह वर्मा के संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस नेता को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी व राहुल गांधी भी करते हैं, इसे स्पष्ट करना चाहिए। अग्रवाल ने अपने ट़्वीटर एक्स हैंडल पर किए गए ट्वीट में कहा कि इनके दुर्जन विचारों को सुनिए…। उन्होंने लिखा कि वर्मा संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन कर रहे हैं। आखिर क्यों कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करती है। क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी करते हैं उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।

मप्र के विपक्ष का नेता दिल्ली में तय करेगा पार्टी सुप्रीमो, रिपोर्ट भेजी.

The opposition leader of Madhya Pradesh will decide the party supremo in Delhi, as per the sent report. उदित नारायण भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक दल की पहली बैठक भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को हुई। चुरहट विधायक अजय सिंह ने कहा कि बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष का फैसला दिल्ली हाईकमान करेगा। करीब 40 मिनट की बैठक में दिग्विजय सिंह ने लोकसभा चुनाव के बारे में विधायकों को सक्रिय होने के लिए कहा। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने विधायकों से वन टू वन चर्चा की। सुरजेवाला ने कहा कि आर्ब्जवर भंवर जीतेंद्र सिंह ने बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ शामिल नहीं हुए।कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि कमलनाथ का कार्यक्रम छिंदवाड़ा जिले में पहले से तय है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जितेंद्र सिंह, पूर्व उट दिग्विजय सिंह बैठक में पहुंचे। दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सवालों पर बस इतना कहा कि कैबिनेट का गठन हो गया क्या। भाजपा के ओबीजी मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग से एक-एक डिप्टी सीएम बनाए हैं। ऐसे में कांग्रेस में आदिवासी विधायक को नेता प्रतिपक्ष पद देने पर विचार हो रहा है। हालांकि, कांग्रेस में ओबीसी चेहरे के तौर पर विजयपुर विधायक रामनिवास रावत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाह के नाम भी चर्चा में हैं। वहीं, संसदीय मामलों में अनुभवी नेताओं के तौर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और अमरपाटन से विधायक राजेंद्र कुमार सिंह को लेकर भी अंदरखाने विचार हो रहा है। भाजपा को विधायक याद दिलाएंगे संकल्पबैठक के बाद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हाईकमान का संदेश विधायकों को दिया गया है। उन्हें लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए कहा गया है। साथ ही विपक्ष में बैठने वाले विधायक जनता के प्रहरी के तौर पर काम करेंगे। सदन के भीतर जनता के मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। जनता के लिए सरकार का समर्थन भी करेंगे। इसके अलावा भाजपा को विधायक संकल्प पत्र को पूरा करने के लिए भी आगाह करते रखेंगे। आदिवासी नेताओं में इनके नाम शामिल

गुंडे-अपराधी समझ लें, उनके लिए अब सुरक्षित नहीं है मध्यप्रदेश : विष्णुदत्त शर्मा.

Consider goons and criminals warned, Madhya Pradesh is not safe for them anymore: Vishnudatt Sharma. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा: मोदी की गारंटी को पूरा करने प्रदेश सरकार ने बढ़ाया पहला कदम उदित नारायणभोपाल। गुंडे और अपराधी अब यह सोच लें कि मध्यप्रदेश उनके लिए सुरक्षित नहीं है और ऐसे लोगों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। सरकार के निर्णय से आदतन अपराधियों पर शिकंजा और कसेगा तथा वे कोई नया अपराध करने की स्थिति में नहीं होंगे। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कही। जनहितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार के प्रति आभार जताते हुए गुरूवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि 2003 में भाजपा सरकार को ऐसा मप्र मिला था, जो असुरक्षित था और जहां गुंडों-अपराधियों का बोलबाला था। भाजपा की सरकार ने गुंडों, अपराधियों और डकैतों की नकेल कसकर प्रदेश को सुरक्षित बनाया। इससे आगे बढ़कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे आदतन अपराधियों के द्वारा पूर्व में किए गए अपराधों में प्राप्त जमानत को दंड प्रक्रिया संहिता सीआरपीसी की धारा 437 438 439 के तहत संबंधित न्यायालयों में आवेदन प्रस्तुत करके जमानत निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। देश के अंदर अगर कोई गारंटी है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटीप्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि देश के अंदर अगर कोई गारंटी है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की जनता को यह विश्वास दिलाया था कि ’मोदी की गारंटी, हर गारंटी के पूरा होने की गारंटी’ है। प्रधानमंत्री के इस वादे को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ही तेंदूपत्ता की दर 4000 रुपये प्रति मानक बोरा करने का निर्णय ले लिया है, जिसके लिए भाजपा के संकल्प पत्र में वादा किया गया था। राज्य सरकार का यह निर्णय मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में उठाया गया पहला कदम है। सरकार के इस निर्णय से उन आदिवासी भाईयों का सशक्तीकरण होगा, जो वनोपज एकत्र करके अपनी आजीविका चलाते हैं। जनता की तकलीफें दूर होंगी, मिलेंगी सुविधाएं प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्णयों से व्यवस्था पारदर्शी होगी और किसान भाईयों, ग्रामीणों, आम लोगों की परेशानियां कम होंगी। शर्मा ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में जो निर्णय लिए हैं, उनके लिए मैं मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मोदी की गारंटी को घर-घर पहुंचाएगी विकसित भारत संकल्प यात्राप्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर आगे बढ़ रही है। उनकी सरकार की योजनाओं के केंद्र में आम नागरिक, नौजवान, महिलाएं, किसान और गरीब होते हैं। इन योजनाओं के बारे में जनजागरूकता तथा इनका लाभ लोगों को दिलाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में 16 दिसम्बर से विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही हैं। ये यात्राएं सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में भ्रमण करेंगी तथा यात्राओं में शामिल ’गारंटी रथ’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी घर-घर पहुंचेगी।

मंत्रिमंडल विस्तार में नहीं चलेगा पट्ठावाद, चौंकाने वाले हो सकते मंत्रियों के नाम.

The expansion of the cabinet, here are the names of the ministers who could be surprising. हर अंचल से बनाए जाएंगे 4 से 6 तक मंत्री- खाली रखे जा सकते हैं आधा दर्जन मंत्री पद, मंत्रिमंडल में जातीय संतुलन साधने की तैयारी उदित नारायण भोपाल। जिस प्रकार मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के चयन में रसूखदार नेताओं की नहीं चली, ठीक इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंत्रिमंडल का गठन होगा। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से इसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन तो साधा जाएगा लेकिन पट्ठावाद बिल्कुल नहीं चलेगा। अर्थात रसूखदार नेताओं का समर्थक होने के कारण किसी को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में 26-27 मंत्रियों को शामिल कर शपथ दिलाई जाएगी और आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री पद खाली रखे जाएंगे। हमेशा की तरह नेतृत्व मंत्रिमंडल के गठन में भी सभी को चौंका सकता है। मोहन-वीडी लेकर जाएंगे संभावित मंत्रियों की सूचीमंत्रिमंडल के गठन पर भी केंद्रीय नेतृत्व की मुहर लगेगी। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा संभावित मंत्रियों की सूची लेकर दिल्ली जाएंगे। वहां नेतृत्व के साथ सूची पर डिस्कशन होगा। नाम जोड़े और घटाएं जाएंगे। इसके बाद फायनल सूची के अनुसार मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी।वरिष्ठ और नए के बीच होगा संतुलनमंत्रिमंडल के गठन में भी मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों का फार्मूला अपनाया जा सकता है। इसके तहत वरिष्ठ और नए विधायकों के बीच संतुलन साधा जा सकता है। कुछ वरिष्ठों के साथ नए मंत्री ज्यादा बनाए जा सकते हैं। जैसे 8-9 वरिष्ठ मंत्रियों के साथ 16-18 नए विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। चंबल-ग्वालियर अंचल से ये बन सकते मंत्रीभाजपा सूत्रों के अुनसार अंचलों में मिली सीटों के संख्या के आधार पर मंत्रियों की संख्या तय हो सकती है। इस आधार पर चंबल- ग्वालियर, बुंदेलखंड, विंध्य और मध्य अंचल से 4-4 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें जातीय संतुलन भी साधा जाएगा। जैसे, चंबल-ग्वालियर से नेता प्रतिपक्ष को हराने वाले अंबरीश शर्मा, जनता के बीच सक्रिय प्रद्युम्न सिंह तोमर, केपी सिंह को हराने वाले देवेंद्र कुमार जैन और घनश्याम सिंह को हराने वाले प्रदीप अग्रवाल को मंत्री बनाया जा सकता है। नरेंद्र सिंह तोमर पहले ही विधानसभा अध्यक्ष घोषित किए जा चुके हैं। बुंदेलखंड, विंध्य में ये हो सकते चेहरेबुंदेलखंड और विंध्य से मंत्रिमंडल में वरिष्ठ और कनिष्ठ के बीच संतुलन के तहत चेहरे तय किए जाएंगे। बुंदेलखंड से नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, छतरपुर की ललिता यादव और जबेरा के धर्मेंद्र लोधी को मौका मिल सकता है। इनके अलावा वरिष्ठों में गोपाल भार्गव, भूपेेंद्र सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, जयंत मलैया और बृजेंद्र प्रताप सिंह में से 1 अथवा 2 को मौका मिल सकता है। विंध्य अंचल से सीधी की रीति पाठक, जयसिंह नगर की मनीषा सिंह, मऊगंज से प्रदीप पटेल और रामपुर बघेलान से जीते विक्रम सिंह को मौका मिल सकता है। इस अंचल के राजेंद्र शुक्ला पहले ही उप मुख्यमंत्री बन चुके हैं। महाकौशल से बनाए जा सकते हैं 5 मंत्रीमहाकौशल अंचल में भाजपा को इस बार 38 में से 21 सीटें मिली हैं। यह कमलनाथ का भी इलाका है। इसलिए यहां से 5 मंत्री बनाए जा सकते हें। इनमें बहोरीबंद के प्रणव पांडे, नरसिंहपुर के प्रहलाद पटेल और बैतूल के हेमंत खंडेलवाल को मौका मिल सकता है। इनके अलावा जबलपुर के राकेश सिंह और गाडरवारा के उदयप्रताप सिंह में से किसी एक को मौका मिल सकता है। ये दोनों पूर्व सांसद हैं। इसी प्रकार शहपुरा के ओम प्रकाश धुर्वे और मंडला की संपतिया उइके में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। मालवा-निमाड़ से बन सकते सर्वाधिक मंत्रीमालवा- निमाड़ अंचल में सर्वाधिक 66 सीटें हैं। भाजपा ने इनमें से 48 सीटें जीती हैं। इसलिए यहां से सर्वाधिक मंत्री बनाए जा सकते हैं। इंदौर से तुलसीराम सिलावट के अलावा कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मैंदोला में से किसी एक काे मंत्री बनाया जा सकता है। इनके अलावा सज्जन सिंह वर्मा को हराने वाले राजेश सोनकर, दीपक जोशी को हराने वाले आशीष शर्मा, हरसूद के विजय शाह, नेपानगर की मंजू राजेंद्र दादू मंत्री बन सकते हैं। भोपाल के आसपास भी कम दावेदार नहींप्रदेश के मध्य अंचल अर्थात भोपाल के आसपास मंत्री पद के दावेदारों की संख्या कम नहीं है। इस बार रामेश्वर शर्मा, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, विष्णु खत्री में से दो मंत्री बन सकते हैं। रायसेन जिले में प्रभुराम चौधरी और सुरेंद्र पटवा में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। इनके अलावा सीहोर के सुदेश राय और खिलचीपुर में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को हराने वाले हजारीलाल दांगी मंत्री बनाए जा सकते हैं। संभावित मंत्रियों की यह सूची सूत्रों पर आधारित है क्योंकि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी क्या करेगी, कोई नहीं जानता।

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन डॉ. कुसमरिया ने संभाला कामकाज, अक्टूबर में हुई थी नियुक्ति.

Dr. Kusmariya assumed office as the Chairman of the State Backward Classes Commission, appointed in October. डॉ. कुसमरिया को राज्य शासन ने मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था. कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. कुसमरिया ने आयोग की गतिविधि के बारे में जानकारी प्राप्त की. आयोग मुख्य रूप से प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के लिये हितप्रहरी के रूप में कार्य करता है! मध्य प्रदेश में डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने आज भोपाल के श्यामलाहिल्स हिल्स मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग पहुंचकर अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया. इस मौके पर पिछड़ा वर्ग से जुड़े जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया (जन्म 30 जुलाई 1942) उनका जन्म सकोर में एक किसान परिवार में हुआ था। वह 8 फरवरी 2019 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए, फिर भारतीय जनता पार्टी10वीं, 11वीं के सदस्य थे। , 12वीं, 13वीं और 14वीं लोकसभा भारत की। 10वीं, 11वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा में उन्होंने दमोह निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 14वीं लोकसभा में उन्होंने खजुराहो निर्वाचन क्षेत्र मध्य प्रदेश राज्य का। 2008 में, वह मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए पथरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। के अध्यक्ष भी हैं।। बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण में किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्री बने। वर्तमान में उन्हें वर्ष 2023 में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है!

शपथ के दौरान स्टेडियम के बाहर Shivraj के चाहने वालों ने काफिला रोका, मामा मामा के नारे लगाए.

During the swearing-in ceremony, supporters of Shivraj outside the stadium stopped the procession, chanting slogans in favor of Mama (referring to Shivraj Singh Chouhan).

वन एवं पर्यावरण स्वीकृति हुई आसान, केंद्र ने किया वन एवं पर्यावरण नियमों में संशोधन.

Approval for forest and environment became easier as the central government made amendments to the forest and environmental regulations. उदित नारायण,    भोपाल। केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को सरल कर दिया है ताकि बड़े प्रोजेक्ट के क्लीयरेंस जल्द से जल्द मिल सके। नए संशोधन के तहत अब कंसलटेंट वन और पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए सीधे तकनीकी कमेटी को फॉरेस्ट और पर्यावरण  के लिए अपना प्रस्ताव भेज सकेंगे। यानी अब सिया कमेटी की भूमिका को निष्प्रभावी बना दिया गया है।  केंद्र सरकार ने वैज्ञानिक डेटा संचालित तरीके से हितधारकों और तकनीकी मूल्यांकन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए, मंत्रालय ने जीआईएस, एडवांस डेटा एनालिटिक्स आदि जैसी उभरती तकनीकी परिवेश के दायरे का विस्तार किया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के नियमों में संशोधन करते हुए कठिन और जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाने की कोशिश की है। अब से, सभी नए प्रस्ताव चाहे किसी भी प्रकार के हों, प्रारंभिक जांच के लिए सदस्य सचिव (एमएस), एसईएसी ( स्टेट  एक्सपर्ट अप्रैज़ल कमेटी ) को प्रस्तुत किए जाएंगे। परिवेश पोर्टल पर ही संबंधित एसईआईएए को स्पष्ट सिफारिशें करने के लिए विशेषज्ञ समिति (एसईएसी) द्वारा जांच और आगे विचार किया जाएगा। नए संस्करण ने अब एमएस, एसईएसी को उपरोक्त ओएम में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार मानक टीओआर जारी करने में सक्षम बना दिया है। क्या थी पुरानी व्यवस्था संशोधन के पहले तक व्यवस्था यह थी कि प्रोजेक्ट के कंसलटेंट को अपने प्रस्ताव को पहले सिया कमेटी के किंतु-परंतु बिंदुओं के सवालों जवाबों से गुजरना पड़ता था। इसके कारण प्रस्ताव को वन और पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ता था। कई बार ऐसा भी हुआ कि सरकारी प्रोजेक्ट भी सिया कमेटी के समक्ष ही महीना और वर्षों तक लंबित रहे। इन समस्याओं को लेकर कई बार भारत सरकार केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को शिकायत भी कई गई और इस शिकायत के आधार पर नया संशोधन आदेश जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश के बड़े दलित नेता को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जगदीश देवड़ा को बनाया गया उप मुख्यमंत्री।

Big Dalit Politician Jagdish Devda got Big opportunity as Deputy Chief Minister of Madhya Pradesh. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में 11 दिसंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का एलान होने के साथ ही राज्य में दो उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ है। मल्हारगढ़ से विधायक जगदीश देवड़ा और उज्जैन दक्षिण से विधायक राजेंद्र शुक्ला मध्य प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। यूं तो जगदीश देवड़ा मध्य प्रदेश की राजनीति में किसी परिचायक मौहताज नहीं हैं। फिर भी आपको बता दें कि जगदीश देवड़ा वर्तमान शिवराज सरकार में वित्त मंत्री का जिम्मा संभाल रहे थे ।वह मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से विधायक हैं। देवड़ा लगातार सातवीं बार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे देवड़ा मध्यप्रदेश में थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश का उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। 1993 में पहली बार विधायक बनने के बाद से अपने लगभग 33 वर्ष के लंबे राजनीतिक कार्यकाल में जगदीश देवड़ा 7वीं बार विधायक बने हैं। थावरचंद गहलोत के राज्यपाल बनने के बाद से जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश बीजेपी में बड़े दलित चेहरे के रूप में देखा जा रहा था। उसके चलते अब उन्हें उप मुख्यमंत्री के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। देवड़ा को उप मुख्यमंत्री बनाने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। मल्हारगढ़ क्षेत्र में भी जश्न का माहौल है। विवादों से दूर, संघठन में मजबूत पकड़ रखते हैं देवड़ा मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से जगदीश देवड़ा विधायक हैं। वह शिवराज सरकार में वित्त मंत्री हैं। जगदीश देवड़ा 66 साल की उम्र में भी फिट हैं। शांत स्वभाव को जगदीश देवड़ा पार्टी के कद्दावर नेता हैं। साथ ही वह विवादों से दूर रहते हैं। उनकी सजगता की वजह से ही वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान उनके हाथों में है। संगठन और सरकार में उनकी अच्छी पकड़ है। दरअसल, जगदीश देवड़ा का जन्म एक जुलाई 1957 को हुआ है। वह मूल रूप से नीमच जिले के रामपुरा के रहने वाले हैं। एमए के बाद उन्होंने एलएलबी किया है। जगदीश देवड़ा की शादी रेणु देवड़ा से हुई है। राजनीति के साथ-साथ जगदीश देवड़ा वकालत भी करते हैं। उनके दो पुत्र हैं। साथ ही सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहते हैं। वहीं, खेलकूद में भी उनकी विशेष रुचि है। इसके साथ ही वे एथलेटिक्स चैंपियन भी रहे हैं। छात्र जीवन से ही राजनीतिक पारी की शुरुआत जगदीश देवड़ा वर्तमान में मंदसौर के मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। मध्य प्रदेश के नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का ताल्लुक प्रदेश की अनुसूचित जाति से है। पेशे से जगदीश देवड़ा समाजसेवी और वकील हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में उनकी दिलचस्पी थी। वर्ष 1979 में वह शासकीय महाविद्यालय रामपुरा से छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं। साथ ही विक्रम विश्वविद्यालय में सीनेट के सदस्य रहे हैं। इसके बाद उन्होंने भाजयुमो से जुड़कर सियासी करियर को रफ्तार दी है। वर्ष 1993 में बीजेपी ने उन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया। पहली बार में ही वह चुनाव जीत गए और विधायक बन गए। तब से लेकर अब तक वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।इसके बाद विधानसभा में कई समितियों के सदस्य रहे। इसके साथ ही कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक निभाई। जगदीश देवड़ा भाजपा संगठन और सरकार के भरोसेमंद चेहरे हैं। तीन बार मंत्री और एक बार बने प्रोटेम स्पीकर मध्य प्रदेश की दसवीं विधानसभा में जगदीश देवड़ा वर्ष 1993 विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2003 विधानसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज करने पर उन्हें प्रदेश में राज्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद साल 2008 में शिवराज सरकार में जदीश देवड़ा को परिवहन, जेल, योजना सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार सौंप कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वर्ष 2020 में बनी शिवराज सरकार में उन्हें वित्तमंत्री बनाया गया। इसके साथ ही 15वीं विधानसभा में उन्हें प्रोटेम स्पीकर भी चुना गया था लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने प्रोटेम स्पीकर का पद छोड़ दिया था। 7वीं बार जीते जगदीश देवड़ा जगदीश देवड़ा ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में तीन बर मंत्री रहते हुए कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाई। 66 साल के नवनियुक्त उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का नाम मध्य प्रदेश तेज तर्रार और कद्दावर नेताओं में शुमार होता है। मध्य प्रदेश के मालवी रीजन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। इस क्षेत्र में भाजपा ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 1993 से लेकर आज तक वे लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंच रहे हैं। वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव में उन्होंने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्यामलाल जोकचंद को 59,024 वोटों के अंतर से हरा कर मध्य प्रदेश के विधानसभा में 7वीं बार अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।

अब नहीं सोना पड़ेगा बेंच पर, जेपी अस्पताल में बनेगा रैन बसेरा.

A Renbaseara will be built in J P Hospital. प्रस्ताव तैयार, परिसर में मंदिर के पास की जगह तय भोपाल। जेपी अस्पताल शहर का तीसरा सरकारी अस्पताल है, जहां रैन बसरे की सुविधा होगी। अब तक हमीदिया अस्पताल व एम्स में दूर दराज से आने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था थी। प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार रोजाना जेपी में 60 से 80 मरीज भर्ती होते हैं। अस्पताल में वार्ड में एक मरीज के साथ एक परिजन के ही रुकने की अनुमति होती है। जिसके कारण रात में कई परिजन फर्श व बेंच पर सोते नजर आते हैं। ठंड के मौसम इसके चलते वे भी बीमार हो सकते हैं। इसी को देखते हुए रैन बसेरा बनाने का फैसला लिया गया है। परिसर में मौजूद हनुमान मंदिर के रैन बसेरा बनाना तय किया गया है। जिसका प्रस्ताव भी विभाग को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही इसका निर्माण शुरू किया जाएगा। नई व्यवस्था का परिजनों को ठंड से बचाने के लिए अलाव जलाया जाएगा। यह व्यवस्था तब तक रहेगी, जब तक शीतलहर का प्रकोप रहेगा। जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में रूकने वाले परिजनों की सुविधा के लिए रैन बसेरा बनाया जाएगा। जमीन का चयन कर प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही रैन बसेरा तैयार किया जाएगा।

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला हैं अजेय, हर बार चुनाव जीते और मंत्री भी बने।

The Deputy Chief Minister of Madhya Pradesh is Rajendra Shukla; he is invincible in every election and has also become a minister each time. मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री जबकि राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा के साथ उप मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। In Madhya Pradesh, Dr. Mohan Yadav is the Chief Minister, while Rajendra Shukla and Jagdish Devda will assume the positions of Deputy Chief Ministers. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का नाम आखिरकार फाइनल हो गया है। बीजेपी ने डॉ. मोहन यादव का नाम मुख्यमंत्री के लिए चुनकर एक बार फिर सबको चौंका दिया है। उज्जैन दक्षिण से विधायक मोहन यादव मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे। वहीं राजेन्द्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर उप मुख्यमंत्री पद पर बैठाया गया है। राजेंद्र शुक्ला मध्यप्रदेश के रीवा से विधायक हैं और विंध्य के कद्दावर नेता के तौर पर उन्हें जाना जाता है। राजेंद्र शुक्ला लगातार चुनाव जीतकर चार बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। विंध्य के बड़े नेता हैं अजेय विधायक राजेंद्र शुक्ला रीवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेंद्र शुक्ला को विंध्य क्षेत्र से ब्राह्मण समाज के बड़े चैहरे और कद्दावर नेता के तौर पर जाना जाता है। अपने चुनावी कैरियर में वह 2003 से लेकर अब तक अजेय रहे हैं। खास बात है कि वह ऐसे विधायक हैं जिन्हें हर बार चुनाव जीतने पर मंत्री पंद मिला है। वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर उमा भारती की सरकार में मंत्री बने। इसके बाद बाबूलाल गौर सरकार में भी उन्हें मंत्री पद मिला। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में भी वह राज्य में कैबिनेट मंत्री रहे। बता दें कि वह अब तक लगातार चार बार मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2003 से लेकर अब तक राजेंद्र शुक्ला लगातार रीवा से चुनाव जीतते आए हैं। छात्र नेता के रूप में शुरू हुआ राजनैतिक जीवन मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने वाले राजेंद्र शुक्ला ब्राह्मण समाज से आते हैं। उनकी ब्राह्मण वोटर्स पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। पेशे से इंजीनियर राजेंद्र शुक्ला का जन्म वर्ष 1964 को रीवा में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1986 से छात्र नेता के तौर पर राजनैतिक जीवन की शुरुआत कर दी थी। वर्ष 1986 में राजेंद्र शुक्ला सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे थे। राजेंद्र शुक्ला ने वर्ष 1998 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन वह कांग्रेस के पुष्पराज सिंह से 1394 वोटों से हार गए। वर्ष 2003 में रीवा सीट से एक बार फिर बीजेपी ने राजेंद्र शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है, इस बार उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पराज हराकर पहली मध्य प्रदेश विधानसभा में अपनी जगह बनाई। इससे पहले रीवा सीट से पुष्पराज सिंह ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी। राजेंद्र शुक्ला ने साल 2003 में रीवा से जीत दर्ज कर उनके विजय रथ पर ब्रेक लगा दिया। इसके बाद उन्होंने यहां से साल 2003 के अलावा साल 2008, 2013, 2018 और 2023 विधानसभा चुनाव में जीत दर्जी की है कैबिनेट मंत्री से लेकर उप मुख्यमंत्री तक का सफर वर्ष 2003 में पहली बार रिकॉर्ड वोटों से विधानसभा चुनाव जीतने वाले राजेंद्र शुक्ला को आवास और पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद दिया गया। वर्ष 2008 में वह रीवा विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार जीते। और इस बार उन्हें ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री बनाकर मंत्रीपरिषद में शामिल किया गया। वर्ष 2013 की बात करें तो मध्य प्रदेश की 14वीं विधानसभा में चुनाव जीतकर आने वाले राजेंद्र शुक्ला को उद्योग नीति और निवेश संवर्धन मंत्री बनाया गया। इसके साथ ही उन्होंने जनसंपर्क विभाग भी संभाला।बता दें कि वर्ष 2018 में भी राजेंद्र शुक्ला रीवा से विधायक चुने गए थे लेकिन मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी जो की अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी और वर्ष 2020 में यह सरकार गिर गई। जिसके बाद एक बार फिर भाजपा सत्ता में आई। इस बार भी राजेंद्र शुक्ला लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री के दायित्व के साथ एक बार फिर यानी कुल चौथी बार शिवराज मंत्रिमंडल में जगह मिली। इसके साथ ही वर्तमान में पांचवी बार चुनाव जीतकर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं विधायक सरकार राजेंद्र शुक्ला राजेंद्र शुक्ला की X (ट्विटर) प्रोफाइल देखें तो पता चलता है कि वह  सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं हैं। उन्हें 65000 से ज्यादा लोग X पर फॉलो करते हैं। इसके साथ ही विधायक राजेंद्र शुक्ला फेसबुक पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। यहां भी उनके फॉलोवर बहुत बड़ी तादाद में हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने डॉ. मोहन यादव, राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा बने उप मुख्यमंत्री।

संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में आठ दिन से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। सभी अनुमानों को धता बताते हुए डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के नए सीएम चुने गए हैं। राजधानी भोपाल के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में तीनों पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में हुई भाजपा के विधायक दल की पहली बैठक में डॉ. मोहन यादव के नाम का ऐलान किया गया। श्री यादव उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्रियों के नाम का भी ऐलान किया गया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा को 163 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत मिला है। कांग्रेस को 66 सीटें और 1 सीट भारतीय आदिवासी पार्टी को मिली है। विधायक दल की बैठक में मोहन यादव के नाम का ऐलान मध्य प्रदेश में आज विधायक दल की बैठक में दल का नेता चुना गया। इस बैठक के बाद मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की गई। मध्य प्रदेश का नया मुख्यमंत्री उज्जैन दक्षिण से निर्वाचित विधायक डॉ. मोहन यादव को बनाया गया है। यहां गौरतलब है कि बीजेपी ने इस बार का विधानसभा चुनाव अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बिना ही लड़ा था। जिसके कारण मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को लेकर तमामबात अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। मुख्यमंत्री पद की रेस में थे कई नाम, 9 दिन तक चला मंथन एमपी सीएम पद की रेस में कई दिग्गज नाम शामिल थे। जिसमें प्रह्लाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय जैसे कई नाम शामिल थे। जिसमें केंद्रिय मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए मोहन यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। उज्जैन के दक्षिण सीट से मोहन यादव ने जीत हासिल की है। बता दें कि मोहन यादव शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। ये लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर उज्जैन दक्षिण सीट पर कब्जा किया है। बता दें कि बीजेपी ने 9 दिन मंथन करने के बाद सबको चौंका दिया है। बीजेपी के भोपाल दफ्तर में नवनिर्वाचित विधायकों ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर मोहर लगा दी। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्य प्रदेश को भी मिले दो उप मुख्यमंत्री राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने के साथ ही मध्य प्रदेश सरकार का काम काज संभालने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर दो उप मुख्यमंत्रियों के नाम की भी घोषणा की गई है। घोषणा के अनुसार विधायक राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। जगदीश देवड़ा मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ सीट से विधायक हैं। वह एससी वर्ग से आते हैं वहीं ब्राह्मण वर्ग से आने वाले राजेन्द्र शुक्ला रीवा सीट से विधायक हैं और विंध्य क्षेत्र का बड़ा ब्राह्मण चेहरा होकर कद्दावर नेता माने जाते हैं। 2013 में पहली बार बने विधायक, शिवराज सरकार में रहे उच्च शिक्षा मंत्री 58 साल के डॉक्टर मोहन यादव पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। साल 2013 में वह पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद साल 2018 में वह एक भार फिर दक्षिण उज्जैन की सीट से विधायक चुने गए थे। साल 2023 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मोहन यादव ने उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस के चेतन प्रेमनारायण यादव को 12941 वोटों से हराकरलगातार तीसरी बार विजयश्री प्राप्त की है। विधायक दल की बैठक में हरियाणा के सीएम और मध्य प्रदेश के पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव के नाम का ऐलान किया जबकि श्री यादव के नाम का प्रस्ताव वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रखा था।

साल 2024 में इन चमत्कारिक पेड़-पौधों को लाएं घर, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

In the year 2024, bringing these miraculous plants to your home will strengthen your financial situation. वास्तु शास्त्र की मानें तो घर में लगाई हर चीज में कुछ ना कुछ प्रभाव पड़ता है। यह नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही हो सकता है। अपने घर और दफ्तर में भूलकर भी कुछ ऐसा न लेकर आएं, जिससे नकारात्मक प्रभाव पड़े। वास्तु शास्त्र की मानें तो घर में लगाई हर चीज में कुछ ना कुछ प्रभाव पड़ता है। यह नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही हो सकता है। अपने घर और दफ्तर में भूलकर भी कुछ ऐसा न लेकर आएं, जिससे नकारात्मक प्रभाव पड़े। यह आपके आर्थिक, मानसिक और शारीरिक विकास के गलत हो सकता है। वास्तु शास्त्र में कुछ पेड़-पौधे ऐसे बताए गए हैं, जिनको लगाने से आर्थिक विकास में सहायता मिलती है। साल 2024 आने वाला है। आप नए साल के मौके पर इन पेड़-पौधों को अपने घर पर लगाने के लिए ला सकते हैं। रातरानी का पौधा,आप घर में पौधा लगाने के बारे में सोच रहे हैं तो रातरानी का पौधा अच्छा रहेगा। रातरानी के फूल खुशबू देते हैं, जिससे मानसिक तनाव दूर होता है। यह आपको शांति देता है। ज्योतिष की माने तो परिवार में प्रेम को बढ़ावा मिलता है। चंपा का पौधा,चंपा के पौधे में हल्के-पीले रंग के फूल निकलते हैं। यह घर में बेहद अच्छे लगते हैं। इसके होने से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं होती है। घर के सदस्यों की सेहत पर सकारात्मक असर रहता है। चमेली का पौधा ,चमेली के पौधे में खूबसूरत फूल निकलते हैं, जिसमें अच्छी महक आती है। वास्तु शास्त्र की माने तो चमेली का पौधा घर में लगाना शुभ होता है। परिवार के सदस्यों में आत्मविश्वास पैदा होता है। उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज, क्‍या आज घोषित होगा मप्र का मुख्‍यमंत्री या आलाकमान करेगा तय.

Excitement is high before the BJP legislative party meeting; will Madhya Pradesh’s Chief Minister be announced today, or will a consensus be reached. आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। Today, a meeting of the BJP legislative party has been called in the capital. There is a flurry of activity ahead of the Madhya Pradesh BJP legislative party meeting. भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की शानदार जीत के बाद अब मुख्‍यमंत्री चुनने की बारी है। इसके लिए आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। दिल्ली: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के चयन पर राज्य के लिए भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्मण ने कहा, “आज शाम विधायक दल की बैठक होगी। मनोहर लाल खट्टर की 3 सदस्यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। राजनीतिक हलकों में यह सवाल तैर रहा है कि क्‍या आज घोषित होगा मध्‍य प्रदेश का मुख्‍यमंत्री या बैठक के बाद आलाकमान इस बारे में कोई निर्णय लेगा।केंद्रीय पर्यवेक्षक ये बोले हालांकि भोपाल पहुंंचने से पहले भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्‍मण ने एएनआइ से कहा है कि 3 सदस्‍यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक पार्टी के कार्यालय में दोपहर बाद होनी है। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डा के लक्ष्‍मण और भाजपा की राष्‍ट्रीय सचिव आशा लकड़ा भोपाल पहुंच चुकी हैं। मप्र भाजपा अध्‍यक्ष वीडी शर्मा ने विमानतल पर पर्यवेक्षकों का स्‍वागत किया। वीडी शर्मा ने कही ये बात भोपाल आगमन के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। वहीं मीडिया से बातचीत में वीडी शर्मा ने कहा कि हम राज्‍य के लिए मुख्‍यमंत्री चुनेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए विधायकों के पहुंचने का सिलसिला आरंभ हो गया है। बैठक से पहले विधायकों को किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से रोका गया है। 3 दिसंबर से ही चल रही अटकलें उल्‍लेखनीय है कि 3 दिसंबर को मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के साथ ही मध्‍य प्रदेश में मुख्‍यमंत्री पद के लिए चर्चाओं का दौर आरंभ हो गया था।चल रही ये अटकलें , मप्र के मुख्‍यमंत्री के नाम को लेकर अनेक अटकलों का दौर जारी है। इनमें श‍िवराज सिंह चौहान के साथ ही नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, विष्‍णुदत्‍त शर्मा और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया का नाम प्रमुख है। इसके साथ ही भूपेंद्र सिंह, राकेश सिंह और सुमेर सिंह सोलंकी का नाम भी सामने आया है।

विधान सभा में प्रचंड बहुमत के बाद भी भाजपा को लोक सभा में खतरा.

Despite a sweeping majority in the legislative assembly, BJP faces a threat in the Lok Sabha. प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा को अविश्वसनीय प्रचंड जीत मिली है, लेकिन इसके बाद भी खतरे की घंटी भी बजी है। दरअसल इस जीत के बाद भी दस लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस को भाजपा की अपेक्षा अधिक मत मिले हैं, जिसकी वजह से भाजपा के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि इन दस में से नौ पर अभी भाजपा के सांसद हैं। ऐसे में इन सीटों पर भाजपा को अगले साल के शुरुआती महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को अतिरिक्त मेहनत करने की चुनौती मिल गई है। दरअसल मई माह में लोकसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा के लिए छिंदवाड़ा सीट तो पहले से ही चुनौती बनी हुई थी , ऐसे में उसके सामने नौ नई सीटों की भी चुनौती दिखना शुरु हो गई है। हालांकि इसी तरह के कुछ आसार बीते विधानसभा चुनाव में भी बने थे , लेकिन लोकसभा परिणाम भाजपा के पक्ष में ही आए थे। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार भी कुछ इसी तरह के परिणाम आ सकते हैं। दरअसल इस बार अगर विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नज़र डालें तो , प्रदेश की 10 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस जीती है। इनमें छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी सातों विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर पिछले चुनाव में भी कांग्रेस को ही जीत मिली थी। इसी तरह मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। अहम बात यह है कि इसके बाद भी प्रदेश की पांच लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जिनके परिणाम बताते हैं कि वे भाजपा के लिए बेहद सुरक्षित हैं। इसकी वजह है, इन सीटों की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को ही जीत मिली है और वह भी बड़े अंतर से। इनमें खजुराहो, होशंगाबाद, देवास, इंदौर और खंडवा लोकसभा की सीटें शामिल हैं। इनके अलावा सागर, दमोह, रीवा, सीधी, जबलपुर, विदिशा और मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में केवल एक-एक विधानसभा सीट पर ही भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इस हिसाब से देखें तो यह सीटें भी भाजपा के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। दरअसल गुना में बामोरी और अशोकनगर सीट पर कांग्रेस को जीत मिली है , जबकि शेष सीटों पर भाजपा की जीत हुई है। इसी तरह सागर में एक बीना पर कांग्रेस, दमोह में एक मलहरा पर कांग्रेस, सतना में दो सीट सतना और अमरपाटन पर कांग्रेस, रीवा में एक सेमरिया सीट पर कांग्रेस, सीधी में एक चुरहट पर कांग्रेस, शहडोल में एक पुष्पराजगढ़ पर कांग्रेस, जबलपुर में एक जबलपुर पूर्व पर कांग्रेस, विदिशा में एक सिलवानी पर कांग्रेस, भोपाल में दो भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य पर कांग्रेस, राजगढ़ में दो राघोगढ़, सुसनेर पर कांग्रेस, उज्जैन में दो महिदपुर, तराना पर कांग्रेस, मंदसौर में एक मंदसौर पर कांग्रेस, बैतूल में दो सीटें टिमरनी और हरदा पर कांग्रेस विजयी हुई है। वहीं शेष सीटों पर भाजपा जीती है।यह हैं चुनौती वाली सीटों का गणितजिन सीटों पर चुनौती दिख रही है उनमें लोकसभा सीट मुरैना भी शामिल है। इस सीट के तहत आने वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों में से पांच पर कांग्रेस को जीत मिल है। इन सीटों में श्योपुर, विजयपुर, जौरा, मुरैना और अम्बाह है, जबकि भाजपा को सबलगढ़, सुमावली और दिमनी में जीत मिली है। इस सीट पर मिले मतों को देखें तो कांग्रेस को 5,00666 और भाजपा को 4,11601 मत मिले। इसी तरह से लोकसभा सीट भिंड की बत की जाए तो इस सीट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से चार पर कांग्रेस व चार पर भाजपा को जीत मिली है। इनमें अटेर, गोहद, भांडेर और दतिया में कांग्रेस, तो सेवड़ा, भिंड, लहार और मेहगांव में भाजपा को जीत मिली है। इस सीट पर भी मतों के मामले में कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस को 532146 और भाजपा को 525252 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट पर भी भिंड की ही तरह कांग्रेस ने ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर पूर्व, डबरा, पोहरी पर जो भाजपा ने ग्वालियर, करैरा, ग्वालियर दक्षिण और भितरवार पर जीत दर्ज की है। इसी तरह से कांग्रेस को 700861 और भाजपा को 677611 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट टीकमगढ़ में तीन सीटों पर कांग्रेस जीती है। इनमें टीकमगढ़, पृथ्वीपुर और खरगापुर शामिल है, जबकि भाजपा को जतारा, निवाड़ी,महाराजपुर, छतरपुर और बिजावरमें जीत मिली है। मतों की बात की जाए तो कांग्रेस को 531464 और भाजपा को 606817 मत मिले हैं। इसी तरह से मंडला लोक सभा सीट पर कांग्रेस को डिंडोरी, बिछिया, निवास, कैवलारी, लखनादौन सीटों पर , जबकि भाजपा को शहपुरा, मंडला, गोटेगांव में जीत मिली है। इसी तरह से कांग्रेस को 740509 और भाजपा को 628529 मत मिले हैं। लोकसभा सीट बालाघाट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से कांग्रेस को चार बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी में जबकि भाजपा को लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी सीट पर जीत मिली है। इस सीट के तहत आने वाली विस सीटों पर कांग्रेस को 735122 और भाजपा को 649037 मत मिले हैं।

केपी सिंह की हार की खुशी में बुजुर्ग ने कराया मुंडन.

In the joy of K.P. Singh’s victory, the elderly person got a head shave. –शिवपुरी के एक व्यक्ति का अनोखा प्रण कांग्रेस नेता केपी सिंह की हार के बाद बुजुर्ग ने मुंडवाया सिर संवाददाता शिवपुरी शिवपुरी! शिवपुरी जिले के पिछोर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति को कांग्रेस नेता केपी सिंह की हार का इंतजार था। 15 साल से वह इस हार का इंतजार कर रहे थे और जब कांग्रेस नेता केपी सिंह हारे तो उन्होंने अपना यह प्रण अपना सिर मुंडवाकर पूरा किया। शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा के एक बुजुर्ग ने पिछोर विधायक केपी सिंह कक्काजू के हारने पर अपना सिर मुंडवा लेने का प्रढ 15 साल पहले लिया था। 15 साल पहले लिए गए इस प्रण के बाद जब केपी सिंह शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से मैदान में कूदे और इस विधानसभा क्षेत्र से उन्हें 40 हजार से अधिक मतों से हार मिली तो इसके बाद पिछोर के रहने वाले इस व्यक्ति ने अपना सिर मुंडवा लिया। आरोप- केपी सिंह ने मार दिया था चांटा और फाड़ दिया था आवेदन- शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र के जराय गांव के रहने वाले बुजुर्ग गोविन्द सिंह लोधी ने बताया कि साल 2008 की बात है जब मेरे भाई कि एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी और मृतक भाई की सम्पत्ति को एक औरत ने अपने नाम करवा लिया था जिसकी फरियाद लेकर मैं पिछोर विधायक केपीसिंह के पास अपनी दरख़ास लेकर डाक बंगला पर पहुंचा जहाँ विधायक ने पूछा कि कहाँ से आया है जब मैंने बताया कि गोविन्द हूँ ज़राय से तो विधायक ने मेरा आवेदन फाड़ते हुए मुझे चाँटा जड़ दिया और भगा दिया था जिसके बाद मैंने उसी दिन प्रण किया था कि विधायक केपीसिंह जिस दिन हारेगा उस दिन ही यह अति का अन्त होगा। अब 2008 से अभी तक मुझे 15 वर्ष तक इंतजार करना पड़ा जिसके बाद मेरा सपना पूरा हुआ तो मैंने अपने दाढ़ी, मूंछ सहित सिर का मुंडन करवाया है अब मेरे दिल को शांति है। छह बार से जीतते आ रहे थे केपी को इस बार मिली हार- केपी सिंह कक्काजू पिछोर विधानसभा से लगातार 6 बार से विधायक रहे हैं और इस बार वह शिवपुरी विधानसभा से चुनाव लड़े थे लेकिन सातवीं बार लड़े चुनाव में उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इधर एक बुजुर्ग उनकी हार का इंतज़ार कर रहा था जिसके प्रण को पूरा होने में 15 साल लग गए। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह को भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र जैन 40 हजार से अधिक मतों से हराया है।

भोपाल स्टेशन पर बनी 6 करोड़ की बिल्डिंग में यात्रियों को नहीं मिल रही सुविधाएं.

The building worth 60 million at Bhopal station lacks facilities for passengers  तीन साल पहले बनी थी बिल्डिंग, न फूड कोर्ट, न ही पैसेंजर लाउंज भोपाल। भोपाल स्टेशन पर करीब साढ़े तीन साल पहले करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से सेंकड एंट्री पर प्लेटफॉर्म नंबर 6 की ओर नई बिल्डिंग बनाई थी। उस समय बिल्डिंग में यात्रियों को पैसेंजर लाउंज, फूड कोर्ट और बजट होटल जैसी शुरू होनी थी, ताकि सफर के दौरान यात्रियों को राहत मिल सके। लेकिन अभी तक यात्रियों को यह सुविधा नहीं मिल सकी। तो वहीं रानीकमलापति स्टेशन पर आए दिन यात्रियों को कई नई सुविधा दी जा रही है।  उल्लेखनीय है कि स्टेशन बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर वीआईपी लाउंज, फर्स्ट फ्लोर पर फूड कोर्ट और सेकंड फ्लोर पर बजट होटल के लिए रेलवे और आईआरसीटीसी के बीच करीब 8 साल पहले अनुबंध हुआ था। लेकिन अब आईआरसीटीसी पीछे हट गया। इसके बाद पिछले साल फिर से आईआरसीटीसी के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। जिसके बाद सहमति बन गई थी। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हो सका। इस वजह से यह सब सुविधा यात्रियों को नहीं मिल पा रही है। तो वहीं भोपाल रेल मंडल के अधिकारी इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रहे है।  आईआरसीटीसी ने पीछे खींचे हाथ  रेल सूत्रों के अनुसार आईआरसीटीसी द्वारा इस बिल्डिंग का उपयोग इसलिए नहीं किया जा रहा है कि यहां यात्रियों की संख्या कम है। यहां पर सिर्फ 8 से 10 ट्रेनें रुकती हैं। प्लेटफॉर्म नंबर 1 की ओर ज्यादा ट्रेनें रुकने से वहां यात्रियों की आवाजाही अधिक होती है, इसलिए उन्हें ज्यादा फायदा नहीं होगा। इस बिल्डिंग को आईआरसीटीसी नहीं ले रहा है। तो वहीं आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जितनी जगह की जरूरत थी रेलवे उससे ज्यादा जगह देना चाहता है। इसलिए मामला अटका हुआ है। उधर, रेल अधिकारियों का कहना है कि छह नंबर की नई बिल्डिंग पर यात्रियों को सुविधा को बढ़ाया गया है। आने वाले दिनों में ओर सुविधा बढ़ाई जाएगी। इस दिशा में नए तरीके से योजना पर काम चल रहा है। 132 ट्रेनें भोपाल स्टेशन पर रोजाना रुकती हैं। सबसे ज्यादा 46 ट्रेनें प्लेटफॉर्म-1 की ओर रुकती हैंसबसे कम 08 से10 ट्रेनें प्लेटफॉर्म नंबर 6 की ओर रुकती हैं।

नये वन भवन के बेचे गये तीन फ्लोर की रजिस्ट्री फिर रोकी.

Registration of the three floors sold in the new government building has been halted again. उदित नारायणभोपाल। राजधानी के तुलसी नगर में बने नये वन भवन के तीन फ्लोर को बेचे जाने के बाद इसकी रजिस्ट्री एक बार फिर रुक गई है। दरअसल इस भवन के तीन फ्लोर कर्मकार कल्याण मंडल, इलेक्ट्रानिक विकास निगम एवं स्टेट माईनिंग कारपोरेशन को करीब 60 करोड़ रुपये में बेचे गये थे ताकि वन भवन को बनाने में लगी भारी भरकम लागत 182 करोड़ रुपये की कुछ भरपाई हो सके। लेकिन 8 अगस्त 2023 को जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उक्त नये भवन का लोकार्पण किया था तब उन्होंने घोषणा कर दी थी कि अगर नवीन वन भवन में जगह की कमी पड़ती है तो पूरा परिसर वन भवन को दे दिया जायेगा। दरअसल सीएम को बताया गया था कि जगह की कमी होने से वन विभाग का जैव विविधता बोर्ड, राज्य बांस मिशन एवं इको पर्यटन बोर्ड नये वन भवन में स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। इसी कारण से सीएम ने उक्त घोषणा कर दी थी। लेकिन सीएम की यह घोषणा तत्कालीन मुख्य सचिव इकबाल सिंह ने सीएम घोषणा पोर्टल पर दर्ज नहीं होने दी। इस पर लोक परिसम्पत्ति विभाग जिसने उक्त तीनों फ्लोर की नीलामी कराई थी, ने वन विभाग को पत्र लिख कर कहा है कि वह वन भवन के बेचे गये तीन फ्लोर की रजिस्ट्री करा दे। वन विभाग ने भी वन बल प्रमुख को रजिस्ट्री कराने के लिये पत्र भेज दिया। लेकिन वन बल प्रमुख रमेश गुप्ता ने इनकी रजिस्ट्री यह कहकर रुकवा दी है कि वे उच्च स्तर पर बातचीत कर इन बेचे गये तीन फ्लोर को वापस वन मुख्यालय को दिलवायेंगे। नई सरकार के गठन होने पर यह उच्च स्तरीय बातचीत हो सकेगी।

युवाओं में अब इस बीमारी का खतरा, लगातार हो रहे शिकार.

The danger of this illness is now looming over the youth, becoming a continuous threat. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एकाकीपन को गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य खतरा घोषित किया है। जिसकी मृत्यु दर प्रतिदिन 15 सिगरेट पीने के बराबर है। आंकड़ों के अनुसार विश्व में 5 से 15 प्रतिशत किशोर अकेले हैं। बुजुर्गों में होने वाली एकाकीपन की समस्या ने अब युवाओं को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। कोविड के बाद इन आंकड़ों में वृद्धि हुई है। बुजुर्गों में होने वाली एकाकीपन की समस्या ने अब युवाओं को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। कोविड के बाद इन आंकड़ों में वृद्धि हुई है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार मनोचिकित्सक केंद्र में रोजाना टेलीमानस पर 20 से 40 युवाओं के कॉल आ रहे हैं, जो एकाकीपन का शिकार है। इसमें ज्यादातर आईआईटी, नीट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले व घर से दूर रहने वाले युवा शामिल है। वहीं बुजुर्गों की ओपीडी में हर सप्ताह 30 मरीज आ रहे हैं। जिनमें 8 से 10 केस एकाकीपन से जुड़े हैं। एंग्जाइटी, डिप्रेशन और तनावमनोचिकित्सक डॉ. ललित बत्रा बताते हैं कि इंसान भावनाओं को शब्दों के जरिए अभिव्यक्त करता है। परिवार में उसकी यह जरूरतें पूरी हो जाती है। अकेलेपन से एंग्जाइटी, डिप्रेशन, तनाव जैसी समस्याएं पनपने लगती है। स्कूल-कॉलेज में बच्चों के बीच एक समूह बने, जिसमें वे अपने मन की बात साझा कर सकें। ये हैं दूर करने के उपायदिनचर्या को ठीक रखने का प्रयास करें।सोने और उठने का समय निर्धारित करें।मेडिटेशन और योगा करें।स्वयं को सामाजिक संवाद में शामिल करें।दोस्तों और परिजनों के साथ समय बिताए और मन की बात साझा करें।

बागियों का कमाल: भाजपा- कांग्रेस को गंवाना पड़ गईं कई विधानसभा सीटें.

Several assembly seats were lost by both the BJP and Congress. – पार्टी में बगावत के बावजूद कई सीटें जीती भाजपा – कांग्रेस को दोनों दलों के बागियों से हुआ नुकसान -अरविंद, गोविंद, लक्ष्मण, एनपी, चौधरी जैसे दिग्गज हारे   *उदित नारायण*  भोपाल। हर बार की तरह विधानसभा के इस चुनाव में भी भाजपा-कांग्रेस को बागियों के कारण कई सीटें गंवाना पड़ गईं। खास बात यह कि भाजपा के पक्ष में ऐसी आंधी चली कि वह वे सीटें भी जीत गई, जहां उसके मजबूत बागी मैदान में थे। इसके विपरीत कांग्रेस को अपनी पार्टी के साथ भाजपा के बागियों से भी नुकसान हुआ। चार सीटें ही ऐसी थीं जहां भाजपा को पार्टी के से बगावत कर मैदान में उतरे प्रत्याशियों के कारण पराजय का सामना करना पड़ा। बगावत की वजह से अरविंद भदौरिया, डॉ गोविंद सिंह, लक्ष्मण िसंह, एनपी प्रजापति और चौधरी राकेश सिंह जैसे दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा।अटेर सहित चार जगह हुआ भाजपा को नुकसानभाजपा को जहां पार्टी के बागियों के कारण पराजय का सामना करना पड़ा, उनमें अटेर, टीकमगढ़, मुरैना और महिदपुर शामिल हैं। अटेर में पार्टी के बागी मुन्ना सिंह भदौरिया के मैदान में होने के कारण प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया हार गए। टीकमगढ़ में केके श्रीवास्तव ने निर्दलीय लड़कर भाजपा के राकेश गिरि को हरवा दिया। अटेर में कांग्रेस के हेमंत कटारे और टीकमगढ़ में यादवेंद्र सिंह चुनाव जीत गए। इसी प्रकार मुरैना में पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने अपने बेटे राकेश को चुनाव लड़ा दिया। उन्होंने 37 हजार से ज्यादा वोट लेकर भाजपा को हरा दिया और कांग्रेस के दिनेश गुर्जर चुनाव जीत गए।  महिदपुर में भाजपा के प्रताप सिंह बगावत कर चुनाव लड़ रहे थे। वे 20 हजार से ज्यादा वोट ले गए और भाजपा के बहादुर सिंह 290 वोट के अंतर से चुनाव हार गए।बगावत के बावजूद यहां जीत गई भाजपाप्रदेश की आधा दर्जन से ज्यादा सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा में बगावत हुई। मजबूत नेता मैदान में उतर गए, फिर भी भाजपा ने सीट में कब्जा किया। इनमें सुमावली, भिंड, लहार, चाचौड़ा और होशंगाबाद जैसी सीटें शामिल हैं। सुमावली में भाजपा के बागी कुलदीप सिंह सिकरवार के मैदान में होने के बावजूद भाजपा जीत गई और कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई। भिंड में संजीव सिंह की बगावत के बावजूद भाजपा जीती और कांग्रेस के चौधरी राकेश सिंह चुनाव हार गए। लहार में भाजपा के बागी रसाल सिंह ने बगावत की फिर भी भाजपा जीती और नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह को हार का सामना करना पड़ा।  चाचौड़ा में भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीणा आप से चुनाव लड़ गईं फिर भी भाजपा जीती और कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह हार गए। होशंगाबाद में भगवती चौरे भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ गए लेकिन यहां भाजपा ही जीती और कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई।कांग्रेस के बागियों के कारण पार्टी की हुई हार कांग्रेस में भी बागियों ने कई जगह कमाल दिखाए। भाजपा से फर्क यह है कि बागियों के होने के कारण कांग्रेस सिर्फ हारी, उसे एक भी सीट में जीत नसीब नहीं हुई। गोटेगांव में कांग्रेस ने शेखर चौधरी काे टिकट देकर काट दिया था। वे नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ गए। उन्हें 47 हजार से ज्यादा वोट मिले और कांग्रेस के एनपी प्रजापति बुरी तरह हारे।  देपालपुर में कांग्रेस के बागी राजेंद्र चौधरी लगभग 38 हजार वोट ले गए और कांग्रेस विधायक विशाल पटेल 13 हजार से ज्यादा वोटों से हार गए। बड़नगर में भी कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को टिकट देकर काट दिया था। वे निर्दलीय चुनाव लड़कर 31 हजार से ज्यादा वोट ले गए और कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल को बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा। आलोट में प्रेमचंद गुड्डू बगावत कर मैदान में थे। उन्हें 37 हजार से ज्यादा वोट मिले और विधायक मनोज चावला को पराजय का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार महू में अंतर सिंह दरबार बगावत कर निर्दलीय लड़े तो कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे नंबर पर पहुंच गए और भाजपा की ऊषा ठाकुर बड़े अंतर से चुनाव जीत गईं।

दिल्ली मे सरकार बनाने की गहमागहमी के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी डी शर्मा के साथ रात भोपाल पहुंचे प्रहलाद पटेल.

Amidst intense efforts to form a government in Delhi, Pralhad Patel arrived in Bhopal with BJP State President B.D. Sharma late at night. *उदित नारायण* नई दिल्ली।तीन राज्यों मे मिली बम्पर जीत के बाद से ही भाजपा मे नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों एवं मंथनों का दौर जारी हैँ मध्यप्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ मे मुख्यमंत्री पद के कई नाम चर्चा मे हैँ, एक तरफ जहाँ शिवराज भोपाल मे बैठकर सियासी गुणागणित लगा रहे हैँ वही देर रात प्रहलाद पटेल राज्य इकाई के प्रमुख बी डी शर्मा के साथ भोपाल पहुचे, दरअसल, मध्‍य प्रदेश की नरसिंहपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक प्रहलाद सिंह पटेल चुनाव परिणाम आने के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे। पटेल के साथ बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष वी‍डी शर्मा भी थे, दोनों एक साथ दिल्‍ली से भोपाल आए। इसके बाद से अटकलें तेज हो गई हैं कि क्‍या प्रहलाद सिंह पटेल ही प्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री होंगे। प्रहलाद पटेल का नाम मुख्‍यमंत्री चहरे में सबसे आगे चल रहा है। पटले ने दिल्‍ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है। वहीं, भोपाल आने के पहले प्रहलाद पटेल वरिष्‍ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का आशीर्वाद लेने भी पहुंचे थे। वही इंदौर-1 विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को प्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री को लेकर कहा कि सीएम के नाम की घोषणा रविवार तक हो जाएगी, साथ ही प्रदेश में बीजेपी की बड़ी जीत के लिए श्रेय शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं को देने से इंकार कर दिया ,*ग्‍वालियर में तोमर के समर्थन के ग्‍वालियर में तोमर के पोस्‍टर लगे *वहीं, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री को लेकर कई तरह की अटकलें चल रही हैं। ग्‍वालियर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े-बड़े पोस्टर लग गए हैं, जिन पर उन्हें ‘बॉस‘ लिखा गया है।पोस्‍टर लगे* वहीं, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री को लेकर कई तरह की अटकलें चल रही हैं। ग्‍वालियर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े-बड़े पोस्टर लग गए हैं, जिन पर उन्हें ‘बॉस‘ लिखा गया है।

मध्यप्रदेश: चुनावी हार-जीत से जुड़े अजब-गजब कारनामे

भोपाल ! किसी ने चेहरा काला किया तो कोई दंडवत कर पहुंचा मंदिर; कोई सिर मुंडवाकर बोला-संकल्प पूरा हुआ ,किसी ने सिर मुंडवा लिया तो किसी ने चेहरे पर कालिख पोत ली , किसी ने शर्त के एक लाख रुपए जीतकर गोशाला में दान कर दिए, कोई 300 किलोमीटर बाइक से ही भोपाल के लिए निकल पड़ा, कुछ महिलाएं तो बिना चप्पल-जूते के 70 किलोमीटर दूर शनि मंदिर दर्शन करने गईं। दृश्य – 1 ग्वालियरः नेता का मुंह काला न हो, इसलिए अपना ही कर लिया दतिया के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने चुनाव से पहले दावा किया था, ‘प्रदेश में भाजपा को 60 सीटें भी नहीं मिलेंगी। ऐसा हुआ तो मैं अपना मुंह काला करा लूंगा।’ भाजपा ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया। नतीजों के बाद इसका वीडियो फिर चर्चा में आ गया। इसके बाद बरैया को घेरने की कोशिशें भी शुरू हो गईं। ऐसे में ग्वालियर ग्रामीण किसान कांग्रेस के महामंत्री योगेश दंडोतिया बरैया के समर्थन में उतर आए। दंडोतिया ने बुधवार को ग्वालियर में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। मीडिया के सामने ही उन्होंने जेब से स्याही निकाली और अपने चेहरे पर पोत ली। उन्होंने कहा, ‘फूल सिंह बरैया को मुंह काला नहीं करने दूंगा। इसके लिए मैंने अपना मुंह काला किया है।’ यह भी बता दें कि बरैया भी गुरुवार को भोपाल पहुंचकर अपना वचन पूरा करने के लिए मुंह काला करेंगे। दृश्य – 2 रतलामः यह विधायक तो बाइक से भोपाल के लिए निकल पड़े बात रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा सीट की है। यहां से चुनाव जीतकर भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार विधायक बने हैं। चुनाव जीतने के तीन दिन बाद बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम शिवराज सिंह चौहान और पुलिस को टैग किया। लिखा, ‘मैं कमलेश डोडियार, विधायक बनने के बाद बाइक से शपथ ग्रहण के पूर्व होने वाली कागजी कार्रवाई पूरी करने भोपाल के लिए निकल चुका हूं। मेरी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं ताकि कोई अनहोनी न हो।’ उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए मदद भी मांगी। कहा- ‘मैं चुनाव में जुगाड़ के सहारे चला हूं। मैं मजदूर वर्ग से आता हूं और काफी गरीब हूं। भोपाल जाने के लिए मैंने दोस्तों को फोन किया था, लेकिन सहायता न मिल पाने पर बाइक से ही भोपाल निकल गया हूं। यदि कोई शुभचिंतक मेरी मदद कर सकते हों तो फोर व्हीलर उपलब्ध करा दें, जिससे मैं समय पर विधानसभा पहुंचकर कागजी कार्रवाई पूरी कर सकूं। मैं किसी से डरता नहीं हूं, जो भी मेरी हत्या करने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, वो बर्बाद हो जाएगा।’ सैलाना से भोपाल करीब 330 किलोमीटर है। डोडियार बाइक से भोपाल पहुंच भी गए हैं। उन्होंने 12 हजार रुपए उधार लेकर चुनाव लड़ा था। इसे चुकाने के लिए नोतरा (आदिवासी समाज में आर्थिक मदद की प्रथा) का सहारा लिया। दृश्य – 3 भिंड: नेता प्रतिपक्ष की हार पर 10 साल बाद कराया मुंडन भिंड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं मुन्ना विश्वकर्मा। 62 साल के मुन्ना पिछले 10 साल से साधु वेश में ही थे। दाढ़ी बढ़ी हुई, सिर के बाल भी बढ़ा लिए। वे अलग-अलग मंदिरों में समय बिताते रहे। बुधवार को उन्होंने अचानक नाई की दुकान पर पहुंचकर बाल कटवाए। शेविंग भी बनवा ली। लोगों ने पूछा तो असलियत सामने आई। पता चला – कांग्रेस लीडर व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के चुनाव हारने की खुशी में उन्होंने ऐसा किया है। दरअसल, 10 साल पहले लहार बस स्टैंड के पास बने मुन्नालाल के मकान को नगर पालिका ने अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया था। मुन्नालाल ने तत्कालीन विधायक डॉ. गोविंद सिंह पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने संकल्प लिया था- ‘जब तक डॉ. गोविंद सिंह विधायक रहेंगे, तब तक बाल नहीं कटवाऊंगा। दाढ़ी भी नहीं बनवाऊंगा।’ दृश्य – 4 श्योपुर: कीचड़ वाली सड़क पर दंडवत कर पहुंचे मंदिर श्योपुर में मातासूला गांव के रहने वाले किसान रामराज मीणा बुधवार को एक किलोमीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर तक दंडवत करते पहुंचे। लोगों ने जब कारण पूछा तो सुनकर हैरान रह गए। मीणा ने बताया कि श्योपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल की जीत के लिए क्षेत्रपाल बाबा के मंदिर में मन्नत मांगी थी। अब इसे पूरा कर रहे हैं। बड़ी बात ये कि सड़क पर कीचड़ के बाद भी वे कहीं रुके नहीं। रामराज मीणा अब गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर मानपुर इलाके के क्षेत्रपाल बाबा के मंदिर तक दंडवत परिक्रमा लगाएंगे। इस मौके पर मंदिर में कार्यक्रम भी किया जाएगा। दृश्य -5 सीधी: अपने नेता की जीत की खुशी में 5 साल बाद मुंडन बात 2018 विधानसभा चुनाव की है। सीधी जिले की चुरहट विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल चुनाव हार गए थे। इसके बाद उनके समर्थक संजय सिंह ने संकल्प लिया- ‘जब तक अजय सिंह राहुल चुनाव जीतकर विधानसभा नहीं पहुंच जाते, बाल नहीं कटवाऊंगा। दाढ़ी भी नहीं बनवाऊंगा।’ आखिरकार 2023 में संजय सिंह के संकल्प की जीत हुई। अजय सिंह राहुल चुनाव जीत गए। इसके बाद बुधवार को वे अपने नेता अजय सिंह राहुल के घर पहुंचे। संजय ने उनके सामने ही मुंडन करवाया और दाढ़ी भी बनवाई। दृश्य – 6 छिंदवाड़ा: शर्त जीतने पर मिले एक लाख रुपए गोशाला में दान किए 21 नवंबर की बात है। छिंदवाड़ा में व्यापारी राम मोहन साहू और कमलनाथ समर्थक प्रकाश साहू के बीच शर्त लगी कि अगर भाजपा प्रत्याशी बंटी विवेक साहू चुनाव जीतते हैं तो राम मोहन 10 लाख रुपए देंगे। अगर कमलनाथ जीतते हैं तो प्रकाश साहू एक लाख रुपए देंगे। शर्त की वजह से दोनों प्रदेशभर में चर्चा में भी रहे। दोनों ने ही अपने-अपने कैंडिडेट की जीत का दावा किया। नतीजे आए तो कमलनाथ ने जीत दर्ज की। आखिरकार, शर्त के मुताबिक मंगलवार को प्रकाश साहू ने राममोहन को एक लाख रुपए दिए। हालांकि, राम मोहन ने यह राशि गोशाला के लिए नगर निगम को दान कर दी।

मध्य प्रदेश सियासत में अकेले खड़े होने का साहस, बिसात कहीं और है… पांसे कहीं शतरंज यहां से खेल रहे हैं सीएम शिवराज ?

*उदित नारायण* भोपाल।मध्य प्रदेश में 18 सालों की राजनीति में परिपक्वता, स्थिरता, सोच और समझ के शिखर पर जा पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान इस बार बेहद ही अनोखे अंदाज में अपनी कुर्सी पर आई चुनौती का जवाब न केवल प्रतिद्वंद्वियों को दे रहे हैं, बल्कि नेतृत्व तक भी अपनी सहजता और सामर्थ्य को पहुंचा रहे है । मध्य प्रदेश के नेतृत्व को बदलने का मन बना चुके नेतृत्व की मंशा को भांपते शिवराज ने जनमानस को अपनी मुट्ठी में कैद करने के लिए भावुकता के ऐसे-ऐसे तीर छोड़े थे कि प्रदेशभर की जनता को लगा कि उनका खैरख्वाह उन्हें छोडक़र जा रहा है । इसी भावुकता को लूटते शिवराज ने प्रदेश की जनता के भरपूर वोट बटोरकर पार्टी को ऐतिहासिक विजय दिलाते हुए नेतृत्व को भी वही संदेश और सवाल पहुंचा दिया, जो उन्होंने जनता से कहा था कि मैं नहीं रहूंगा तो क्या होगा ? मैं चला जाऊंगा तो बहुत याद आऊंगा, यह संदेश पहले जनता के लिए थे । अब नेतृत्व के लिए नजर आ रहे हैं। अपनी शतरंज का दूसरा पांसा फेंकते शिवराज ने कल फिर एक साथ दो तीर छोड़े। पहला यह कि मैं न मुख्यमंत्री पद का दावेदार था और न हूं, पार्टी का कार्यकर्त्ता हूँ और प्रधानमंत्री की 2024 की जीत की माला मे 29 कमल पुष्प लगाने हेतु कार्य करने मैं छिंदवाड़ा जाऊंगा, पिछली बार हारी लोकसभा सीट भी दिलवाऊंगा । शिवराज का यह बयान जहां मोदी के प्रति निष्ठा का संदेश है, वहीं इस बात का भी संदेश है कि मुझे नजरअंदाज करना आसान नहीं , वो भोपाल बैठकर दिल्ली मे चल रहे सियासी रंगमंच का आनंद लेते हुए उन्होंने बेफिक्री जताते हुए दो दिन पहले परिवार के साथ रेस्टोरेंट में भोजन किया और ऐलान भी किया कि मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा और हकीकत यह है कि शिवराज दिल्ली इसलिए नहीं जा रहे हैं, क्योंकि उनकी बिसात कहीं और जमी है… गोटियां कहीं और फिट हैं और शतरंज वो यहां से खेल रहे हैं। सब कुछ एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, सहजता का संदेश… सत्ता की अनदेखी…मोदी के प्रति आस्था की भावना का प्रदर्शन और दावेदारों से दूरी एक साथ चले गए वो मोहरे हैं, जिसमें शतरंज की बिसात में उनकी शह और विरोधियों की मात होगी ।

बहुचर्चित सरपंच मर्डर कांड का आरोपी PF कमिश्नर गिरफ्तार.

The accused in the high-profile Sarpanch murder case, Commissioner of PF, has been arrested. ग्वालियर। इंदौर के PF कमिश्नर मुकेश रावत गिरफ्तारमुंबई एयरपोर्ट से हुई गिरफ़्तारी मुंबई पुलिस के ACP डा. मनोज शर्मा की मदद से पकड़ा सरपंच विक्रम रावत के मर्डर का आरोपी है PF कमिश्नरग्वालियर पुलिस ने आरोपी पर 10 हज़ार का घोषित किया था इनाम 9 अक्टूबर को ग्वालियर में हुआ था विक्रम रावत हत्या कांड शार्प शूटरों ने फायरिंग कर की थी विक्रम की हत्या

राज्य शासन ने दो IPS अधिकारियों को सौंपे अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी.

The state government has assigned additional responsibilities to two IPS officers, orders issued. भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों को देखते हुए लगाई गई आचार संहिता के समाप्त होते ही शासन के रुके हुए कार्य प्रारंभ हो गए, आज मंगलवार को जहाँ पूरे प्रदेश में जनसुनवाई हुई वहीं प्रशासनिक द्रष्टि से आदेश भी जारी होना शुरू हो गए। इन्हें सौंपा SP नारकोटिक्स मंदसौर का अतिरिक्त प्रभार गृह विभाग ने आज मंगलवार 5 दिसंबर को दो अलग अलग आदेश जारी करते हुए भारतीय पुलिस सेवा के दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे हैं। शासन ने 2013 बैच के IPS अधिकारी कमांडेंट प्रथम वाहिनी SAF इंदौर सूरज वर्मा को उनके इस दायित्व के साथ साथ एसपी नारकोटिक्स मंदसौर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। DIG ग्वालियर के पास DIG SAF का अतिरिक्त प्रभार भी इसी तरह शासन ने 2007 बीच की IPS अधिकारी DIG ग्वालियर रेंज कृष्णावेणी देसवातु को उनके इस दायित्व के साथ साथ DIG SAF ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है, इन आदेशों का पालन तत्काल प्रभाव से होगा ।

आयुक्त निःशक्तजन संदीप रजक को मिला राष्ट्रीय अवार्ड.

Commissioner Sandeep Rajak, a person with disabilities, received the National Award. *सर्वश्रेष्ठ राज्य दिव्यांगजन आयुक्त राष्ट्रीय अवार्ड सक्षम मध्यप्रदेश के लिए गौरव* भोपाल: 4 दिसम्बर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय अवार्ड सर्वश्रेष्ठ राज्य दिव्यांगता आयुक्त अवार्ड से मध्य प्रदेश के आयुक्त निःशक्तजन संदीप रजक को विज्ञान भवन में सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतिमा भौमिक, रामदास आठवले, के नारायण स्वामी सचिव राजेश अग्रवाल, संयुक्त सचिव किशोर सुरवाड़े मंच पर मौजूद रहे। प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, दिव्यांगजनो हेतु शिक्षण, पुनर्वास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल, बाधा रहित वातावरण के साथ ही यूडीआईडी कार्ड बनाने में देश में सबसे बेहतर कार्य किया गया है। श्री रजक द्वारा निरंतर जिला स्तर पर चलित न्यायालय, एडवोकेसी बैठकों के माध्यम से दिव्यांगजनों की समस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया गया है। प्रदेश में कार्यरत शासकीय एवं अशासकीय संगठनों को साथ में लेकर प्रत्येक जिले में दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ दिलाने शिविरों, जनजागरुकता कार्यक्रम किए गए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर श्री रजक को राष्ट्रपति द्वारा दिल्ली में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही मप्र राज्य को सुगम्य भारत अभियान के कार्यान्वयन के लिए भी सम्मानित किया गया।-0-

लोकसभा चुनाव से पहले चलाएगी अभियान ‘हर बूथ पर मोदी’

The campaign ‘Modi at Every Booth’ will be launched before the Lok Sabha elections. 29 की 29 लोकसभा सीटें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झोली में डालने का प्रयास करेंगे उदित नारायण भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए हर बूथ पर मोदी अभियान चलाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। अब हमारा संकल्प है कि लोकसभा चुनावों में टास्क को पूरा करने के लिए बेहतर काम किया जाएगा। लोकसभा चुनाव में हम सब मेहनत परिश्रम से सभी बूथों को जीतेंगे। प्रदेश के 64 हजार 523 बूथ पर मोदी अभियान चलेगा और इसकी शुरुआत कर दी गई है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने सोमवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमित शाह की कुशल रणनीति का आशीर्वाद के साथ संपूर्ण भारतीय जनता पार्टी का मप्र का हमारा नेतृत्व हम सब मिलकर के टीम स्पीड के साथ 29 की 29 लोकसभा सीटें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झोली में डालने का प्रयास करेंगे। हारने वाले बूथों की होगी समीक्षा: प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि हम समीक्षा करने के बाद जिन बूथों पर भारतीय जनता पार्टी चुनाव हारी है, उन बूथों पर हम कैसे चुनाव जीतेंगे और जिन बूथों पर हम कम मतों से जीते हैं उनमें 10 प्रतिशत वोट शेयर कैसे बढ़ेगा, इस पर काम किया जाएगा। जनता ने हमें आशीर्वाद दिया प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने जो विकास और गरीब कल्याण का काम किया। उस विकास और गरीब कल्याण की गति को सुचारू बनाए रखने और विकसित मध्य प्रदेश को स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाने के हमारे संकल्प को पूरा करने के लिए जनता ने हमें आशीर्वाद दिया है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार विकास और गरीब कल्याण का काम करती आई है और आगे भी करती रहेगी। कार्यकर्ताओं ने आदर्श कार्यकर्ता के तौर पर काम कियाविष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने आदर्श कार्यकर्ता के तौर पर अपनी भूमिका निभाकर शानदार काम किया है। पन्ना प्रमुख से लेकर के पन्ना समिति, बूथ समिति लेकर करके मंडल के कार्यकर्ता और जिले से लेकर प्रांत की टीम मिलकर एक साथ जुड़कर काम किया है। जो चुनाव किसी कारणवश बहुत कम अंतर से हार गए हैं पार्टी उनके साथ खड़ी है। शर्मा ने कहा कि असफलता यह साबित करती है की सफलता के प्रयास हमें और करने की जरूरत है।

लाड़ली बहनों ने कर दी शिवराज भइया की राह आसान।

भाजपा का 150 प्लस का दावा सच साबित होता हुआ नजर आ रहा है।कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ के वादों पर जनता ने नहीं किया भरोसा। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना जैसे जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे ही प्रदेश के चुनाव परिणामों की तस्वीर साफ होती जा रही है। हालांकि अभी पूरी तरह किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी लेकिन अभी तक की मतगढना के दौरान मिल रहे रुझानों ने भाजपा नेताओं के 150 से अधिक सीटों पर चुनाव जीतने के दावे को सच कर दिया है और मध्य प्रदेश की जनता ने स्पष्ट कर दिया है की मध्य प्रदेश की आम जनता भाजपा के साथ है। इसके साथ ही सीएम शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहनों ने भी अपने भाई की जीत के लिए मतदान में हिस्सा लिया और चुनाव परिणाम को भाजपा के पक्ष में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मतदान के समय से लेकर बीती रात तक सभी राजनेतिक पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के अपनी अपनी पार्टी की जीत और सरकार बनाने को लेकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे थे। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान नेता अपने समर्थकों का मन समझने में ही मात खा रहे थे, तो जनता का मन पढ़ना तो वैसे भी आसान नहीं था और इसी का परिणाम है कि सभी के दावे रखे रह गए। जनता ने यह साफ कर दिया है कि किसी के भी कहने से कुछ नहीं होता जो कुछ होता है वह आम जनता की इच्छा से होता है और जनता ने भाजपा को अपना मत रूपी आशीर्वाद और समर्थन देकर इस बात को स्पष्ट कर दिया है। अभी तक की मतगणना में यह तो साफ हो गया है कि मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार बनाने के लिए तैयार है बस अब देखना यह है की कुल कितनी सीटें स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा के खाते में आती हैं, वहीं दूसरी बात यह भी ध्यान देने योग्य है की मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता जो चुनाव मैदान में उतरे थे उनमें से किसे जनता का आशीर्वाद मिलेगा और कौन क्लीन बोल्ड होगा। हम आपको याद दिला दें की सहारा समाचार ने मतदान के पूर्व ही स्पष्ट रूप से दावा किया था कि इस बार के चुनाव में दोनों ही दलों के द्वारा मैदान में उतारे गए दिग्गज नेताओं को लेने के देने पड़ेंगे। साथ ही कई परंपरागत सीटों पर चौंकाने वाले ऐसे परिणाम सामने आएंगे जिनका किसी ने भी अनुमान नहीं लगाया होगा। दूसरे दावे के अनुसार मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने के चांस 65% और कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के चांस 35% हैं। सहारा समाचार के यह दोनों ही दावे सत्य होते नजर आ रहे हैं। चुनाव परिणाम की तस्वीर साफ हो चुकी है परिणाम भी सामने आने लगे हैं। कुछ सीटों पर हार जीत भी डीक्लियर हो चुकी है। कुछ देर की बात है बहुत जल्द पूर्ण चुनाव परिणाम सामने आ जायेंगे।

2-3 दिसंबर 1984 की वो ठंडी काली रात… जब दहल गया था भोपाल

आज भी भयंकर सपने की तरह याद आती है गैस त्रासदी  गैस कांड की 3 दिसंबर को 39 वीं बरसी  उदित नारायण भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में दो दिसंबर 1984 की सर्द रात को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से जहरीली गैस के रिसाव ने न केवल यहां हजारों लोगों की जान ले ली थी, बल्कि त्रासदी के 39 साल बाद भी यह जीवित बचे लोगों को एक भयंकर सपने की तरह याद है। इस हादसे के बाद यह कारखाना बंद किया जा चुका है। दो और तीन दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि को कीटनाशक कारखाने से जहरीली गैस के रिसाव के बाद कम से कम 3,787 लोग मारे गए और पांच लाख से अधिक लोग शारीरिक रूप से प्रभावित हुए। रेलवे कॉलोनी में लोगों की चीख-पुकार ने हमें जगाया  गैस पीड़ित और रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षण अधीक्षक महेंद्रजीत सिंह 79 ने बताया कि हादसे वाली दो दिसंबर की रात को मैं डर से कांप उठा। मैंने उस ठंडी रात में लोगों को मरते हुए देखा था। उस भयावह रात को याद करते हुए सिंह ने कहा कि उस रात लगभग दो बजे मेरा परिवार सो रहा था, जब यूनियन कार्बाइड कारखाने से कुछ ही दूरी पर स्थित रेलवे कॉलोनी में लोगों की चीख-पुकार ने हमें जगाया। हम घर से बाहर भागे और कारखाने से निकलने वाली गैस से बचने के लिए स्कूटर से और पैदल भागे। चार किमी दूर एक होटल में बिताई थी रात  ऑल इंडिया रिटायर रेलवेमेन फेडरेशन वेस्टर्न ज़ोन के अध्यक्ष सिंह ने कहा कि उनके परिवार ने उनके घर से चार किमी दूर एक होटल में रात बिताई। कुछ साल बाद उन्होंने ने अपनी मां और छोटे भाई को खो दिया जो जहरीली गैस के संपर्क में आए थे। उन्होंने कहा कि गैस रिसाव के तीन दिन बाद, मैंने देखा कि हमारे घर के पास एक पीपल के पेड़ की पत्तियां गिर गई थीं और वह मृत और बेजान दिखाई दे रहा था। होशंगाबाद में ली शरण महेंद्र जीत सिंह ने बताया कि कि शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड़-पौधों पर जहरीली गैस का असर देखा गया। उन्होंने बताया कि त्रासदी के बाद, ऐसी अफवाहें थीं कि फैक्ट्री से बची हुई जहरीली गैस निकलेगी। ऐसी अपुष्ट खबरों को देखते हुए हमने पड़ोसी होशंगाबाद जिले में शरण ली। महेंद्र जीत सिंह ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी में अपने कई सहयोगियों को खो दिया है और जो बच गए, वे बीमारियों, विशेषकर सांस लेने की समस्याओं के साथ जी रहे हैं। भाग्यशाली थे कि आपदा से बच गए थे वहीं, सेवानिवृत्त सहायक स्टेशन मास्टर रामबली प्रसाद वर्मा बताया कि वह भाग्यशाली थे कि आपदा से बच गये। उन्होंने बताया कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की चारदीवारी के पास स्थित रेलवे केबिन में मेरी ड्यूटी 2 दिसंबर की रात 10 बजे खत्म हो गई। आधी रात के आसपास, जब फैक्ट्री से गैस लीक हुई, तब वर्मा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी में अपने घर पर थे। उन्होंने कहा कि जहरीली गैस से बचने के लिए हम इधर-उधर भागे और कुछ दूर स्थित सेना के वाहन में शरण मिली। रामबली वर्मा और उनका परिवार दिन निकलने पर घर लौट आए, लेकिन कुछ घंटों बाद फिर से अपना घर छोड़ना पड़ा क्योंकि ऐसी अफवाहें थीं कि बची हुई जहरीली गैस तीन दिसंबर को सुबह 11 बजे के आसपास फिर निकाली जाएगी। इसके बाद वर्मा का परिवार इंदौर चला गया और चीजें ठीक होने पर वापस लौटा था। उन्होंने कहा कि जब मैं उस ठंडी रात के बारे में सोचता हूं, तो मैं कांपने लगता हूं। गैस के संपर्क में आने के कारण मुझे सांस लेने में दिक्कत आती है और दमा हो गया है।

राजधानी में वाहन चोर गिरोह सक्रिय, एक रात में 8 बाइक चोरी

घर के सामने खड़ी बाइक को बनाया निशाना, रातभर में हुई वारदात, एक पुरानी बाइक बगली में छोड़कर गया गिरोह  भोपाल। कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित बगली गांव से छह बाइक और बर्रई गांव से दो बाइक चोरी हो गई। एक ही रात में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने इलाके में सर्चिंग शुरू कर दी है। पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी कैमरे का फुटेज लगा है। फुटेज में चार आरोपी बाइक चुराकर धकेलते हुए ले जाते नजर आ रहे हैं। इससे अनुमान है कि वारदात को गिरोह ने अंजाम दिया है। गिरोह ने एक बाइक बगली गांव में लावारिस छोड़ी है। उक्त बाइक झागरिया गांव से चोरी की गई थी। बाइक पुराने होने के कारण आरोपियों ने उसे सड़क पर ही छोड़ दिया। अब पुलिस सेज यूनिवर्सिटी और मिसरोद से बगली में अंदर पहुंच मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाल रही है।  पुलिस के अनुसार शाहिद खान (40) ग्राम कटारा में रहते हैं किसान हैं। शुक्रवार रात शाहिद खान और उनके भतीजे सरवर खान ने अपनी 2 बाइक घर के बाहर खड़ी की थी। शनिवार सुबह करीब सात बजे घर के बाहर निकले तो दोनों बाइक नियत स्थान पर नहीं खड़ी थी। आसपास तलाश करने के बाद भी जब बाइक का पता नहीं चला तो शाहिद खान सरवर के साथ कटारा हिल्स थाने पहुंचे और चोरी की शिकायत दर्ज कराई। इसी बीच शाहिद खान को थाने में अन्य लोग नजर आए। उनसे बातचीत करने पर पता चला उनकी बाइक भी घर के सामने से चोरी हुई है। पुलिस ने ग्राम बगली निवासी मोहित परिहार (35) की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया है। चोरी हुई सभी बाइक अलग अलग लोगों की है, लेकिन एक ही इलाके की होने के कारण पुलिस ने एक व्यक्ति को फरियादी बनाया है। झागरिया से चोरी हुई थी पहली बाइक  अनुमान है कि पहली बाइक झागरिया गांव से चोरी की थी। इसके बाद बाइक लेकर बदमाश बर्रई गांव पहुंचे यहां से दो बाइक चोरी की फिर बदमाश बगली गांव की तरफ बढ़े और वहां से एक साथ छह बाइक चोरी कर ली। कटारा हिल्स की तरफ ही आए हैं बदमाश पुलिस ने ग्राम बगली स्थित एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किया तो रात के समय चार बदमाश बाइक लेकर जाते हुए दिखाई दिए। अनुमान है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की संख्या आधा दर्जन से अधिक होगी। फुटेज में आरोपी बाइक धकेलकर ले जाते हुए नजर आए हैं। उन्होंने बाइक स्टार्ट इसलिए नहीं की ताकि किसी को चोरी की भनक न लग सकें।

पांच सौ करोड़ से बने हमीदिया अस्पताल में हुई पानी की किल्लत

पांच सौ करोड़ से बने हमीदिया अस्पताल में हुई पानी की किल्लत  तीन मोटर में से एक खराब, लिफ्ट भी लंबे समय से पड़ी बंद  *उदित नारायण*  भोपाल। हमीदिया अस्पताल में लगभग पांच सौ करोड़ से तैयार हुए दोनों नए भवन में एक के बाद एक नई अव्यवस्था सामने आ रही हैं। एक सप्ताह पहले ब्लॉक वन में आधी रात को बिजली गुल होने से हड़कंप मच गया था। इसके बाद इस 13 मंजिला भवन की लिफ्ट खराब हो गइ। अब अस्पताल में पानी की किल्लत होने लगी है। अस्पताल में ब्लॉक 2 में पानी की कमी से मरीज परेशान हो रहे हैं। इसकी वजह खराब पड़ी मोटर बताई जा रही है।  मालूम हो कि पानी की जरूरत के हिसाब से तीनों मोटर का उपयोग किया जाता है। तीनो मोटर से 8-8 घंटे की शिफट से 24 घंटे सप्लाई होती है। इनमें से एक मोटर खराब होने से आठ घंटे पानी की किल्लत रहती है। जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।प्रबंधन का तर्क आचार संहिता है कारणमामले में अस्पताल प्रबंधन का तर्क भी अजग गजब है। प्रबंधन का कहना है कि इस परेशानी की असल वजह आचार संहिता है। दरअसल आचार संहिता के चलते मोटर को ठीक करने वाली कंपनी का चयन नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अब आचार संहिता के हटने तक मोटर ठीक होने का इंतजार करना होगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ आशीष गोहिया का कहना है कि मरीजों को परेशानी ना हो इसके लिए स्टाफ लिफ्ट उनके लिए खोल दी गई है। पानी की किल्लत जैसी कोई बात नहीं है। मोटर के मेंटेनेंस की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेसियों की बेईमानी से सतर्क रहकर मतगणना की प्रक्रिया में सूक्षमता से नजर रखें.

Stay vigilant against the dishonesty of party workers and ensure efficiency in the electoral process. भोपाल की सभी 6 विधानसभा के पोलिंग एजेंट का प्रशिक्षण वर्ग प्रदेश कार्यालय में संपन्न भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की जिले की इकाई ने भोपाल जिले के मतगणना पोलिंग एजेंटों को मतगणना के दौरान बरती जाने वाली सतर्कता आदि को लेकर मतगणना एजेंटों को प्रशिक्षित किया। यह प्रशिक्षण शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुआ। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष व उत्तर विधानसभा के प्रत्याशी आलोक शर्मा, पार्टी प्रदेश महामंत्री व दक्षिण पश्चिम के प्रत्याशी भगवानदास सबनानी, कैबिनेट मंत्री नरेला विधानसभा के प्रत्याशी विश्वास सारंग, प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल, पार्टी के जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, एसएस उप्पल एवं महापौर श्रीमती मालती राय ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिला अध्यक्ष पचौरी ने प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए कहा हमें मतगणना की टेबल पर विशेष तौर पर ध्यान रखना है। खासतौर पर बैलेट पेपर सरकारी कर्मचारियों की ओर से दिया गया वोट उसको अच्छी तरह देखना है। उन्होंने कहा कि आप सभी ने चुनाव में जो निरंतर परिश्रम किया है। उसका प्रतिफल प्राप्त करने का समय आ गया है। आप सभी मतगणना अभिकर्ता तय समय और मानकों के साथ मतगणना स्थल पर अपनी निर्धारित टेबल पर उपस्थित रहें। हम सभी को मतगणना की प्रक्रिया में सूक्षमता से नजर रखेंगे तथा मतगणना समाप्त होने की प्रक्रिया के बाद ही अपनी नियत जगह से उठेंगे। विधानसभा चुनाव में भारी विजय के रास्ते पर चल पड़ेनेताओं ने कहा कि आप सभी के अथक परिश्रम, हमारी सरकारों के काम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वसनीयता के कारण विधानसभा चुनाव में भारी विजय के रास्ते पर चल पड़े हैं। मतगणना के दौरान की आवश्यक कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने पूरे चुनाव अभियान में काफी परिश्रम किया है। हमारी सरकारों के काम को भी व्यापक समर्थन मिला है। इसी कारण से कांग्रेस के लोग बौखलाए हुए हैं। वे मतगणना के दौरान बेईमानी करने के भी प्रयास करेंगे, लेकिन हमारा कार्यकर्ता सक्षम, निर्भय और सतर्क है। हम कांग्रेसियों की हर चाल का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। कांग्रेस के कुत्सित प्रयासों के बावजूद हम मतगणना की पारदर्शिता को प्रभावित नहीं होने देंगे। हमारे कार्यकर्ता कुछ भी गड़बड़ होने पर चुप नहीं बैठेंगे, बल्कि हर बात को चुनाव आयोग के संज्ञान में लाएंगे।

मध्य प्रदेश के एग्जिट पोल पर बरसे कमलनाथ…झूठ फैला रहे एग्जिट पोल.

Kamal Nath lashes out at the exit polls in Madhya Pradesh, claiming that false information is being spread. एग्जिट पोल एजेंसियां चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाना चाहती TV भाजपा मध्य प्रदेश में चुनाव हारेगी *उदित नारायण* भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने शुक्रवार को भाजपा की जीत की भविष्यवाणी करने वाली एजेंसियों के एग्जिट पोल के नतीजों पर सवाल उठाया। कमलनाथ ने कहा कि एग्जिट पोल एजेंसियां झूठा माहौल बना रही हैं। भाजपा मध्य प्रदेश में चुनाव हारेगी। उन्होंने कहा कि कुछ एग्जिट पोल एजेंसियां चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाना चाहती हैं। अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो में उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 3 दिसंबर को निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करनी चाहिए। तीन दिसंबर को भाजपा की सािजश सफल नहीं होगीकमलनाथ ने कहा कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी चुनाव हार गई है। कुछ एग्जिट पोल जानबूझकर बनाए गए हैं, ताकि कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हो जाएं और गलत माहौल बनाकर अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह साजिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस पदाधिकारियों को मतगणना के दिन के लिए तैयार रहना चाहिए। हम सभी जीतने के लिए तैयार हैं और सभी एकजुट हैं। यदि आपको (पार्टी कार्यकर्ताओं को) कोई समस्या महसूस होती है तो कृपया सीधे मुझसे बात करें या तीन दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) कार्यालय को सूचित करें। कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने वाली है। क्या कहते हैं एग्जिट पोल?बता दें, कई एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत की भविष्यवाणी की गई है। दैनिक भास्कर ने बीजेपी को 95-115 सीटें और कांग्रेस को 105-120 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया ने बीजेपी को 140-162 सीटें और कांग्रेस को 70-89 सीटें दीं। टुडेज़ चाणक्य ने कहा कि बीजेपी को 151 सीटें मिलेंगी और कांग्रेस को 74 सीटें मिलेंगी, जन की बात एग्जिट पोल ने भविष्यवाणी की थी कि बीजेपी को 100-123 सीटें मिलेंगी और कांग्रेस को 102-125 सीटें मिलेंगी, रिपब्लिक टीवी-मैट्रिज ने बीजेपी को 118-130 सीटें दी हैं और कांग्रेस 97-107 सीटें दी हैं। अन्य एग्जिट पोल ने भी इसी तरह के नतीजों की भविष्यवाणी की है। इस बीच, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी राज्य में सत्ता बरकरार रखेगी। नतीजे ती दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।

एग्जिट पोल में बीजेपी को भारी बहुमत, केंद्रीय मंत्री पटेल ने कहा- 2003 जैसी रिकॉर्ड जीत दोहराई जा सकती है.

Exit polls, BJP is projected to win by a significant margin; Union Minister Patel said – a record victory like 2003 can be repeated. इस बार चुनाव आयोग की गाइडलाइंस की वजह से एग्जिट पोल पांचों राज्यों की चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए गए । 30 नवंबर को वोटिंग की प्रक्रिया संपन्नहोने के बाद जो एग्जिट पोल्स जारी हुए, जिसमें भाजपा को बंपर बहुमत मिलते दिख रहा है। देश की प्रमुख 8 न्यूज एजेंसियों ने सर्वे कर एग्जिट पोल जारी किए और पतालगाया कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना व मिजोरम में किसकी सरकार बन सकती है। वहीं सर्वे पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में 2003 जैसे परिणाम दोहराते हुए दिखते हैं। एग्जिट पोल में बीजेपी को बंपर सीटें ज्यादातर न्यूज एजेंसियों के एग्जिट पोल में बीजेपी के पक्ष में परिणाम आते नजर आ रहे हैं। अगर ये सच साबित हुए तो मध्यप्रदेश व राजस्थान में बीजेपी औरछत्तीसगढ़ व तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। इसके साथ ही मिजोरम में हंग असेंबली के आसार हैं। बात करें मध्यप्रदेश की तो एक दो एग्जिटपोल छोड़कर ज्यादातर बीजेपी को काफी बढ़त के साथ बहुमत में आता दिखा रहे है मप्र में भाजपा की फिर वापसी? Exit Polls 2023 में लगभग सभी न्यूज एजेंसियों ने मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार बनने के आसार जताए हैं।बात करें इंडिया टुडे एक्सिस सर्वे की तो मध्यप्रदेश में भाजपा को 140 से 162, कांग्रेस को 68-90 और अन्य को 3 सीट मिलते दिख रही हैं।यानी कांग्रेस को यहां भारी नुकसान होने की संभावना है। टुडेज चाणक्य न्यूज 24 के सर्वे में भाजपा को 151, कांग्रेस को 74 व अन्य को 0 सीटेंमिलने के आसार बताए जा रहे हैं। वहीं जन की बात सर्वे में भाजपा को 100 से 123, कांग्रेस को 102 से 125 व अन्य को 5 सीटें मिलती दिख रही हैं।वहीं टाइम्स नाउ ईटीजी के सर्वे में भाजपा को 106 से 116, कांग्रेस को 110 से 124 और अन्य को 10 सीटें मिलती दिख रहे हैं। इसी प्रकार रपब्लिकटीवी के सर्वे में भाजपा को 118 से 130, कांग्रेस को 97 से 107 और अन्य को 0 से 2 सीटें मिलने की संभावना बताई जा रही है। मप्र में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए? मध्यप्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं, ऐसे में यहां सरकार बनाने के लिए कम से कम 116 सीटें किसी भी पार्टी को चाहिए। बात करें एग्जिटपोल्स की तो ज्यादातर एग्जिट पोल्स बीजेपी को बहुमत के आंकड़े के करीब या उससे ज्यादा दिखा रहे हैं। कुछ अन्य सर्वे कांग्रेस को भी इस आंकड़ेके करीब दिखा रहे हैं। बात करें पिछले चुनाव की तो बीजेपी को 2018 में 109 सीटें मिली थीं और कांग्रेस को 114, इसके बाद कांग्रेस की सरकार गिर गई थी और बीजेपी सत्ता में आई। मप्र में 2003 जैसा प्रदर्शन करेगी बीजेपी? एग्जिट पोल्स पर पार्टियों की मिली जुली प्रतिक्रिया आ रही हैं, एक ओर बीजेपी के पक्ष में पोल्स आते देख वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंहनाखुश नजर आए। उन्होंने पोल्स पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टेलीविजन से नहीं प्रदेश-विजन से देश चलता है। उन्होंने दावा किया किमप्र में कांग्रेस 130 सीटों के साथ सरकार बनाएगी। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोई कांटे की टक्कर नहीं है,भाजपा भारी बहुमत से जीत रही है। इसी बीच बीजेपी के कद्दावर नेता केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि बीजेपी 2003 के चुनाव जैसाप्रदर्शन करती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि मैंने 2003 के चुनाव को बेहद करीब से देखा है और मैं साफ देखता हूं कि 2003 के परिणाम 2023 में आते दिखते हैं।बता दें कि 2003 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी 173 सीटों के बंपर बहुमत के साथ सत्ता में आई थी, वहीं कांग्रेस को केवल 38 सीटें ही मिली थीं। बता दें कि 3 दिसंबरको मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम आने हैं।

मध्य प्रदेश मतगणना हेतु मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस वार्ता

Press conference of the Chief Election Commissioner for the Madhya Pradesh election counting. प्रेस नोट मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 में 230 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना 52 जिला मुख्यालयों पर दिनाक 03.12.2023 को प्रारंभ होगी। मतगणना के लिए सभी इंतेजाम किए जा चुके है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा मापदण्डो को कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए है। मतगणना के दिन शुष्क दिवस घोषित किया गया है। मतगणना स्थल पर 3 Tier सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, केवल अधिकृत पासधारी व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति मतगणना सेंटर पर प्रवेश नहीं करेगा। मतगणना सेंटर पर प्रत्येक विधानसभा के लिए पृथक-पृथक मतगणना हॉल बनाए गये है, जहां आयोग के निर्देशानुसार टेबलों की व्यवस्था ईव्हीएम एवं पोस्टल बैलेट की मतगणना के लिए की गई है। मतगणना कर्मियों का रेण्डमाईजेशन 3 स्तर पर होगा। प्रथम स्तर का रेण्डमाईजेशन हो चुका है, द्वितीय स्तर का रेण्डमाईजेशन मतगणना के प्रारंभ से 24 घंटे पूर्व होगा तथा तृतीय रेण्डमाईजेशन मतगणना दिनांक को सुबह 5 बजे होगा। आयोग द्वारा सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए प्रेक्षक नियुक्त किए गए है, जो जिलों में पहुंच चुके हैं। द्वितीय एवं तृतीय रेण्डमाईजेशन प्रेक्षक की उपस्थिति में किया जाएगा। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पोस्टल बैलेट के लिए बनाए गए स्थानीय स्ट्रांग रूम से मतगणना सेंटर में बने पोस्टल बैलेट के स्ट्रॉग रूम में दिनांक 02.12.2023 को अपरान्ह 3 बजे के पश्चात् स्थानांतरित करने की कार्यवाही करेगें, जिसकी सूचना मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों तथा अभ्यर्थी / उनके अभिकर्ता को अनिवार्यतः दी जायेगी। पोस्ट से प्राप्त होने वाले सेवा निर्वाचकों के पोस्टल बैलेट मतगणना केन्द्र पर प्रातः 08 बजे के पूर्व तक प्राप्त हो सकते है। इसके लिए रात्रि में पोस्टल डिपार्टमेन्ट को प्राप्त होने वाले पोस्टल बैलेट की डिलेवरी प्रातः 08 बजे के पूर्व मतगणना केन्द्र पर हो जाएं, इस हेतु पोस्टल डिपार्टमेन्ट के नोडल अधिकारी / पोस्टमेन को पास जारी किए गए है। अधिकृत मीडियाकर्मी के लिए मतगणना केन्द्र पर एक पृथक कक्ष में मीडिया सेन्टर बनाया गया है जहां पर टेलिफोन कम्प्यूटर, प्रिन्टर एवं इंटरनेट आदि की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मीडिया कर्मियों के लिए आयोग द्वारा प्राधिकार पत्र जारी किए गए है। ईव्हीएम की मतगणना टेबल पर एक काउटिंग सुपवाईजर एक काउटिंग असिस्टेंट तथा एक काउटिंग स्टॉफ तथा एक माइक्रो आर्जवर रहेगा। इसी प्रकार पोस्टल बैलेट की गणना टेबल पर एक सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, एक काउटिंग सुपरवाईजर, दो काउटिंग असिस्टेंट तथा एक माइक्रो आर्जवर रहेगा। ईव्हीएम / पोस्टल बैलेट की टेबल पर अभ्यर्थी के काउटिंग ऐजेन्ट रहेगें, जिनके बैठने का क्रम (1) मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दल, (2) ऐसे मान्यता प्राप्त अन्य राज्यों के राज्यीय दल जिन्हें उस विधानसभा क्षेत्र के लिए चुनाव चिन्ह नियत किया गया है. (3) अमान्यता प्राप्त रजिस्ट्रीकृत दल. (4) निर्दलीय रहेगा। स्ट्रॉग रूम से मतगणना हॉल तक मशीनें पहुंचने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार पृथक-पृथक मार्ग / रास्ता / व्यवस्था निर्धारित की गई है, जिसका सीसीटीवी कवरेज होगा। आर्जवर के अतिरिक्त किसी को भी मतगणना हॉल में मोबाईल ले जाने की अनुमति नहीं है, केवल RO/ARO /Counting Supervisor जो ईटीपीबी से जुड़े है वह केवल ईटीपीबीएमएस सिस्टम ओपन करने के लिए ओटीपी हेतु मोबाईल ले जा सकेंगे तथा उसके पश्चात मोबाईल बंद कर प्रेक्षक/RO/ARO के पास जमा कराएंगे। मतगणना जिला मुख्यालय पर प्रातः 8 बजे विधानसभा क्षेत्रवार प्रारंभ होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की मतगणना शुरू होगी। पोस्टल बैलेट की मतगणना के आधे घण्टें पश्चात् 08:30 बजे ईव्हीएम से मतगणना प्रारंभ होगी। विधानसभा के पोस्टल बैलेट की मतणना समाप्त होते ही अभ्यर्थीवार डाकमतों के परिणाम की घोषणा की जावेगी। प्रत्येक राउंड पूरा होने पर नियमानुसार उस राउंड के परिणाम की घोषणा की जावेगी तथा दूसरे राउंड की गिनती प्रारंभ होगी। मीडिया को भी इसकी जानकारी मीडिया सेन्टर में दी जावेगी, इस हेतु जिला जनसंपर्क अधिकारी समन्यय बनाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 में 80 वर्ष से अधिक उम्र के 51259 वरिष्ठ मतदाताओं एवं 12093 दिव्यांग मतदाताओं ने घर से मतदान किया। Essential Services के 1113 कर्मियों द्वारा मतदान किया गया। 304623 मतदान कर्मियों द्वारा पोस्टल बैलेट से मतदान किया गया। मतदान केन्द्र पर ही मतदान हेतु 21197 मतदान कर्मियों को ईडीसी जारी किए गए। मध्यप्रदेश में ईव्हीएम की गणना हेतु 4369 टेबल तथा पोस्टल की मतगणना हेतु 692 टेबल लगाएं गए है। ईव्हीएम मतगणना हेतु सबसे अधिक 26 राउंड 193-झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में तथा सबसे कम 12 राउंड 20-सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र जिला दतिया में होगें। मतगणना के परिणाम के लिए जिलों में स्क्रीन आदि पर व्यवस्था की गई है। मतगणना के परिणाम भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://results.eci.gov.in तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाईट ceomadhyapradesh.nic.in पर भी प्रदर्शित होगें। इसके साथ साथ आमजनों की सुविधा के लिए वोटर हेल्पलाईन एप्प पर भी मतगणना के परिणाम उपलब्ध रहेगें, इस हेतु इस एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। मतगणना उपरांत निकाले जाने वाले जुलूस, रैली आदि पर नियमानुसार अनुमति प्राप्त कर ही

पीएम मोदी के स्वागत में ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा दुबई एयरपोर्ट.

Bharat Mata Ki Jai’ slogans echoed at Dubai Airport during the welcome of Prime Minister Modi. पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. दुबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP28) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार रात दुबई पहुंचे. वह 1 दिसंबर को होने वाले COP28के वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगेजैसे ही पीएम मोदी दुबई हवाई अड्डे पर उतरे, एक होटल के बाहर इंतजार कर रहे भारतीय प्रवासियों ने ‘सारे जहां से अच्छा’ गाया और ‘भारत माता की जय’ के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. दुबई पहुंचने के बाद, पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि वो शिखर सम्मेलन की कार्यवाही की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.उन्होंने कहा, “सीओपी-28 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई में उतरा हूं. शिखर सम्मेलन की कार्यवाही का इंतजार कर रहा हूं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.” पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक्स पर एक वीडियो मैसेज शेयर किया, जिसमें कल के उनके एक्शन-पैक कार्यक्रम का ओवरव्यू दिया गया. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट COP28 का उच्च-स्तरीय खंड है, यह कहते हुए कि यह सुबह इस उच्च-स्तरीय जलवायु कार्यक्रम के उद्घाटन कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री अपना संबोधन देंगे. लेकिन जलवायु वित्त में परिवर्तन पर संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेने के बाद, प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात केसाथ एक कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे, जो हरित क्रेडिट पर ध्यान देगा, ये एक वो पहल है, जिसमें प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत रुचि है. बागची ने आगे कहा कि इस दौरान दिन में बड़ी संख्या में द्विपक्षीय कार्यक्रम होंगे. दुबई में COP28 जलवायु वार्ता से पहले अपने डिपार्चर नोट में, पीएम मोदी ने ये भी कहा कि G20 नई दिल्लीनेताओं की घोषणा में जलवायु कार्रवाई और सतत विकास पर ठोस कदम भी शामिल थे.

अधिकतर चैनल्स जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं.

Most channels are far away from ground reality. आइए आपको उन सीटों की जानकारी देते है जहाँ मुकाबला त्रिकोणीय है या चतुष्कोणीय है,यह सीटें कोई नहीं बता सकता कि कौन जीतेगा,जहाँ प्रत्याशी की हार जीत तीसरे चौथे प्रत्याशी को मिले वोट पर निर्भर होगी,कई जगह यह गैर भाजपा गैर कांग्रेस उम्मीदवार जीतने की ताकत भी रखते हैं । *उदित नारायण* भोपाल।पहले हम बसपा की Top performing सीट्स से शुरुआत करते हैं 1-दिमनी2-मुरैना3-रेगांव4-नागौद5-सतना6-गुढ़7-सिमरिया8-राजनगर9-पथरिया10-गोहद11-लहार12-भिंड13-बारासिवनी-अजाबशास्त्री(लोधी)14-सेंवढ़ा-दामोदर यादव-भीम आर्मी आदिवासी बहुल सीटे जो GGP के असर की हैं15-परसवाड़ा-कंकर मुंजारे16-बिछिया-कमलेश टेकाम17-जबेरा-विनोद राय18-शाहपुरा-अमानसिंह पोर्ते19-मानपुर-राधेश्याम काकोड़िया20-अमरवाड़ा-देव रावेन भलावी21-लखनादौन-सन्तर भलावी22-सिवनी-रंजीत वासनिकऐसी सीटें जहाँ जयस से जुड़े युवकों ने अच्छी चुनोती देकर मुकाबला त्रिकोणीय बनाया है23-सैलाना-कमलेश्वर डोडियार24-महू-प्रदीप मावी25-रतलाम ग्रामीण-डॉ अभय ओहरी26-पेटलावद- इंजीवालूसिंह गामड़27-नेपानगर-बिल्लोरसिंह जमरा28-भगवानपुरा-मोहन किराड़े29-मनावर-लालसिंह बर्मन(आप/जयस)30-सरदारपुर-राजेन्द्र गामड़आप पार्टी जिन सीटो पर प्रभावी है31-सिंगरौली-रानी अग्रवाल32-बंडा सुधीर यादव33-चाचौड़ा-ममता मीणाइसके अलावा कुछ निर्दलीय है जिन्होंने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया है34-कटंगी-केसर बिसेन/प्रशांत मेश्राम35-भीकनगांव-मोहन पटेल36-पानसेमल-रमेश चौहान37-जोबट-माधोसिंह डाबर/रिंकुबाला डाबर(जयस)38-बुरहानपुर से हर्ष चौहान/AIMIM उम्मीदबार नफीस मंशा खान39-होशंगाबाद-चौरे40-सिवनी मालवा-ओम रघुवंशी/सुनील गौरहीरा अलावा के नेशनल जयस ने भी 4 प्रत्याशी उतारे है41-भैंसदेही-संदीप धुर्वे42-घोड़ाडोंगरी-स्मिता राजा धुर्वे43-टिमरनी-रमेश मर्सकोले44-बड़वाणी-संदीप नरगावे45-राजपुर सुनील सोलंकीइसके अलावा लगभग 2/3सीटों पर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी निर्णायक वोट लाएंगे46-निवाड़ी-मीरा दीपक यादव47-टीकमगढ़ से सपा प्रत्याशी48-बहोरीबंद से शंकर महतो

भोपाल शिक्षा अधिकारी तोमर के खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी.

Arrest warrant issued against Bhopal Education Officer Tomar. मानव अधिकार आयोग की अवहेलना करने का आरोप भोपाल। एक जिला शिक्षा अधिकारी को मानव अधिकार आयोग की अवहेलना करना भारी पड़ गया है। आयोग ने अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने वर्ष 2022 के एक मामले में अब तक जवाब न देने के कारण भोपाल जिले के जिला शिक्षा अधिकारी केपीएस तोमर को 21 दिसंबर को अनिवार्यतः आयोग में व्यक्तिगत रूप से आकर अपना स्पष्टीकरण व प्रतिवेदन देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने तोमर को कारण बताओ नोटिस एवं पांच हजार रुपये का नामजद जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। नोटिस एवं वारंट की तामीली अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, (नगरीय) भोपाल, जिला भोपाल को करवाने के निर्देश दिए हैं। ये है पूरा मामलाकई पदीय एवं नामजद स्मरण पत्र देने के बावजूद भी प्रतिवेदन न देने के कारण डीईओ केपीएस तोमर को 21 दिसंबर 2023 को आयोग में स्वयं उपस्थित होने के लिए कहा गया है। आयोग के एक प्रकरण के अनुसार नानक कॉम्प्लेक्स, गोविन्दपुरा, भोपाल निवासी आवेदक अरविन्द कुमार नामदेव, सेवानिवृत्त प्रधान अध्यापक ने स्कूल शिक्षा विभाग ने उनकी सेवानिवृत्ति के सात वर्ष पश्चात् भी तृतीय समयमान वेतनमान/क्रमोन्निति वेतनमान समय पर नहीं देने के कारण उनको देय पेंशन में हो रहे आर्थिक नुकसान का भुगतान दिलाने की गुजारिश आयोग से की थी। शिकायत मिलते ही आयोग ने मामला दर्जकर जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल से जवाब मांगा था। भेजे गए थे कई पत्रडीईओ को कई पत्र एवं स्मरण पत्र भी भेजे गए थे, फिर भी उनकी ओर से कोई भी जवाब नहीं मिला। इस पर आयोग ने उन्हें आठ नवंबर 2023 को आयोग कार्यालय में व्यक्तिशः आकर जवाब देने को कहा था। आयोग का यह आदेश पत्र उनके कार्यालय में डिलेवर भी हो गया, तब भी तोमर आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए। इस नियम के तहत एक्शनमध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने अब व्यवहार प्रक्रिया संहिता की धारा 32 ग के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल केपीएस तोमर को आयोग में उपस्थित न होने के कारण शो-कॉज नोटिस एवं 21 दिसंबर 2023 को तोमर की आयोग में व्यक्तिशः उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उनके विरुद्ध पांच हजार रुपये का नामजद जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है। वारंट की तामीली अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नगरीय) भोपाल, जिला भोपाल के जरिये कराई जाएगी।

दिग्विजय सिंह ने वित्त विभाग के दो आईएएस पर लगाया 250 करोड़ के घोटाले का आरोप.

Digvijaya Singh has accused two IAS officers in the Finance Department of a scam amounting to 250 crore. ईओडब्ल्यू से की शिकायत, दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के तीन दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों पर 250 करोड़ के भ्रष्टाचार बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने वित्त विभाग के अधिकारी आईएएस अजीत केसरी और ज्ञानेश्वर पाटिल की ईओडब्ल्यू से शिकायत की है। इसके साथ उन्होंने दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई है। दिग्विजय सिंह बोले-प्राथमिकी दर्ज करेंपूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ईओडब्ल्यू के डीजी को दी शिकायत में लिखा कि उनको दो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की शिकायत मिली है। एमपी में वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों ने 250 करोड़ का घोटाला किया है। उन्होंने शिकायत के साथ दिए दस्तावेज और ऑडियो सीडी के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। यह है मामलाशिकायत के अनुसार राज्य मंत्रालय में लागू आईएफएमएस सिस्टम का काम एक चहेती फर्म को देने के लिए वित्त विभाग के अधिकारियों ने वित्त मंत्री को विश्वास में लेकर ढाई सौ करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। इसके लिए टेंडर में मनमानी शर्तें डालते हुए टीसीएस जैसी टाटा समूह की कंपनी को बाहर किया गया। इसके बाद टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव को ठेका देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई। शिकायत के अनुसार इस घोटाले में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव अजीत केसरी की भूमिका को भी संदिग्ध बताया गया है। इसके अलावा एक अन्य आईएएस ज्ञानेश्वर पाटिल पर कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलीभगत कर घोटाले में शामिल होने का आरोप है। पहले यह टेंडर 200 करोड़ रुपये का था, जिसे एजेंसी तय होने के दौरान बढ़ाकर 247 करोड़ रुपये कर दिया गया। 50 करोड़ रुपये का लेन देनपूरे टेंडर घोटाले में करीब 50 करोड़ रुपये का लेन-देन का आरोप है। शिकायत में रिश्वत की रकम विभिन्न माध्यमों से संबंधित अधिकारियों और मंत्री को देने की बात कही गई है। एसीएस वित्त अजीत केसरी, ज्ञानेश्वर पाटिल, आयुक्त कोष एवं लेखा और टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव से काम लेने वाले आंध्र प्रदेश की कंपनी पिक्सल वाइड सॉल्यूशन के डायरेक्टर प्रित्युश रेड्डी के लिए काम करने वाले ग्वालियर निवासी देवेश अग्रवाल के बीच विभिन्न अवसरों पर वाट्सएप पर हुई चेटिंग पत्र शिकायत के साथ दिए गए हैं। यह है ऑडियो में…पत्र के साथ सीडी में संलग्न ऑडियो में वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी हैदराबाद स्थित कंपनी के डायरेक्टर से डील पूरी करने की चर्चा कर रहे हैं। इस बातचीत में डील पूरी न होने पर टाटा कंपनी की टीसीएस को आगे काम देने की बात भी कही जा रही है। चर्चा के दौरान किसी पवन नामक व्यक्ति का नाम लेनदेन में बार-बार आ रहा था। आरोप है कि करीब पचास करोड़ रुपये का लेन देन करने के बाद वित्त विभाग के अधिकारियों ने आचार संहिता लगने के कुछ दिन पूर्व गुडगांव की कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया गया, जो बाद में हैदराबाद की कंपनी को सौंपा गया। शर्तें कंपनी के अनुकूल बनाई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्त विभाग के अधिकारियों ने इस टेंडर प्रक्रिया की शर्तों को इस कंपनी के अनुकूल बनाया था, ताकि अन्य कंपनी टेंडर में भाग ही न ले सके। चुनावी साल में और चुनाव घोषित होने के कुछ दिन पूर्व घटित इस हाई प्रोफाइल घोटाले में आर्थिक अनियमितता, भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर समस्त संबंधित दस्तावेज जब्त किए जाना चाहिए और आरोपी अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों और दलालों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड मोबाइल कंपनियों से लेकर कार्रवाई की जाना चाहिए।

भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी.

The Congress will undertake a blockade to save legislators from the Bharatiya Janata Party (BJP). बिकाऊ के डर से कर्नाटक शिफ्ट करने की रहेगी कोशिश, भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी, जीत का सर्टिफिकेट मिलने के बाद आर्ब्जवर करेंगे स्ट्रांग रूम के बाहर संपर्क, भोपाल में तैयार रहेंगे चार्टर भोपाल। साल 2020 में आपरेशन लोटस की मार से घायल कांग्रेस दोबारा भुगतान नहीं करना चाहती है। इसलिए कांग्रेस ने भाजपा के घेराबंदी से बचाने के लिए जीतने के बाद विधायकों की बाड़ाबंदी करेगी। यानी कि उन्हें आइसोलेट कर कनार्टक शिफ्ट किया जा सकता है। इसके पीछे की वजह है कि भाजपा के प्लान की बी कांग्रेस को लग चुकी है। यही कारण है कि भोपाल में कर्नाटक भेजने के लिए चार्टर प्लेन तैयार रहेंगे। हालांकि कांग्रेस ने जिला स्तर पर आर्ब्जवर और जिला अध्यक्ष को पहले ही सर्तक कर दिया है। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान कांग्रेस के प्रति निष्ठा रखने के लिए कहा गया था। खुद कमलनाथ ने वीसी के दौरान यह बात कही थी कि भाजपा डोरे डाल सकती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों को जिताने के लिए मेरा पूरा प्रयास रहा। नाथ ने कहा था कि कोई कहेगा सट़्टा बाजार ये कह रहा है। मैं किसी पर विश्वास नहीं करता। मैं मप्र के मतदाताओं पर ही विश्वास करता हूं। बीजेपी के लोग सोचते हैं हम हथकंडे अपना लेंगे। हम लोगों को खरीद लेंगे। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। आप लोग इस ट्रेनिंग में भाग लें। जो प्रजेंटेशन दिए गए हैं। वो सब मैंने देखे हैं। हमारी टेक्निकल टीम ने तैयार किए हैं। सूत्रों ने बताया कि भाजपा के सामने चुनाव में जीत के लिए चुनौती ज्यादा है। इसलिए कांग्रेस पूरी तरह से अलर्ट मोड कर हैं। प्रत्याशियों को एजेंसियों का डर दिखाकर अपने पाले में ला सकती है। जिसकी आशंका दिग्विजय सिंह ने भी जताई थी। कारण यही है कि जिसके चलते कांग्रेस के कई संगठनों के नेताओं को भी कमलनाथ ने जिम्मेदारी सौंप रखी है। खुद सुबह से नाथ पीसीसी से रखेंगे नजर मतगणना के दिन पीसीसी अध्यक्ष खुद सुबह 9 बजे से मुख्यालय से प्रदेश भर में नजर रखेंगे। एआईसीसी के लीगल एक्सपर्ट और वार रूम के सदस्यों के साथ चुनाव परिणाम पर राउंड वार जानकारी लेंगे। इसके लिए वार रूम भी तैयार किया जा रहा है। पोलिंग के दिन भी कांग्रेस दफ्तर में मौजूद रहे थे। काउंटिंग के दिन नाथ के कई दिग्गज नेता भी वार रूम में परिणामों पर नजर रखेंगे।

एमपी में निर्दलीय, सपा-बसपा की जो मानेगा शर्तें, वही बनेगा ‘सिकंदर’ आधा दर्जन सीटों पर निर्दलीय भारी, सपा-बसपा ने भी मतदाताओं पर खूब डाले डोरे.

Madhya Pradesh, an independent candidate, along with the terms accepted by the SP-BSP alliance, will become a significant player. Heavy competition is expected on half a dozen seats with independent candidates, and the SP-BSP alliance is also actively engaging with voters. पूर्व सांसद गुड्डू, अंतर, चौहान, त्रिपाठी, केदारनाथ शुक्ला सहित आधा नेताओं ने खड़ी कर दी मुश्किल, तीसरा चहेरे ने कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के लिए खड़ा कर दिया जीत का पहाड़, बागियों की बागवत चुनाव परिणाम में पड़ेगी भारी. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान जहां कई बागियों ने बागवत की है, वहीं सपा और बसपा ने भी मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसका नतीजा है कि भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के सामने बड़ी चुनौती है। तीसरे चेहरे पर भी जनता भरोसा कर सकती है। ऐसी स्थिति कई अहम सीटों पर बनी है। जो कांग्रेस और भाजपा के पास लंबे तक रिजर्व के तौर पर रही हैं। मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के जब नतीजे आए थे तो भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटें मिली थी। एमपी में किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में किंगमेकर की भूमिका में निर्दलीय, सपा और बसपा के विधायक थे। रिजल्ट से पहले एक बार फिर 2018 वाली स्थिति को लेकर पूवार्नुमान लग रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस समेत प्रदेश के लोगों की नजर उन निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों पर टिक गई है, जिनकी जीत तय मानी जा रही है। वहीं, कुछ सीटों पर उनके जीतने की संभावना है। पूरे प्रदेश में ऐसे चेहरों की संख्या सात से आठ हो सकती है। दरअसल, 3 दिसंबर को एमपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। भाजपा और कांग्रेस 150-150 सीटें लाने का दावा कर रही है। वहीं, वोटिंग से पहले आए ओपिनियन पोल में दोनों में से कोई दल बहुमत के आंकड़े के करीब नहीं पहुंच रहा था। एमपी में सट्टा बाजार भी इसी ओर इशारा कर रहा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस इन्हें साधने की जुगत में जुट गई है। इनमें से अधिकांश चेहरे इन्हीं दलों से बागी होकर मैदान में हैं। मैहर में नारायण और फिर नारायण बीजेपी ने इस बार मैहर से नारायण त्रिपाठी को टिकट नहीं दिया था। पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उनका टिकट कटा था। इसके बाद नारायण त्रिपाठी ने विंध्य विकास पार्टी बना ली थी। अपनी ही पार्टी से नारायण त्रिपाठी मैहर से चुनाव लड़ रहे हैं। वोटिंग के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि नारायण त्रिपाठी चुनाव जीत सकते हैं। इनकी नजदीकियां भाजपा और कांग्रेस दोनों से हैं। पूर्व अध्यक्ष के बेटे शेरा और चटनिस के लिए चुनौती वहीं, बुरहानपुर विधानसभा सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस की नजर है। इस सीट से अभी निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा विधायक हैं। हालांकि वह शुरू से कांग्रेस के साथ रहे हैं। सुरेंद्र सिंह शेरा इस बार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और उन्हें पार्टी ने टिकट दिया है। वहीं, बीजेपी ने अर्चना चिटनिस को यहां से उम्मीदवार बनाया है। अर्चना चिटनिस को टिकट मिलने के बाद बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान नाराज हो गए। हर्ष सिंह चौहान बीजेपी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। स्थानीय जानकारों के अनुसार हर्ष सिंह चौहान दोनों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। अगर चुनाव जीतते हैं तो बीजेपी इन्हें मनाने की कोशिश करेगी। कांग्रेस के साथ जाएंगे गुड्डू या फिर घर बैठेंगे कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू भी आलोट विधानसभा चुनाव से टिकट चाहते थे। पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया तो वह निर्दलीय अलोट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर कई आरोप लगाए थे। इन पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर है। प्रेमचंद्र गुड्डू भाजपा में भी रह चुके हैं।महू में दरबार के लगने की ज्यादा उम्मीद- महू विधानसभा सीट पर अभी भाजपा का कब्जा है। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा अंतर सिंह दरबार की हो रही है। अंतर सिंह दरबार कांग्रेस में रह चुके हैं। कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। कहा जा रहा है कि महू में अंतर सिंह दरबार का पलड़ा भारी दिख रहा है। कांग्रेस ने फिर से उन पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। सीधी में भाजपा के लिए सीधी नहीं जीत, शुक्ला हावी वहीं, पेशाबकांड की वजह से भाजपा ने इस बार अपने सीटिंग विधायक केदारनाथ शुक्ला का टिकट काट दिया था। उनकी जगह सांसद रीति पाठक को टिकट दिया है। सीधी में केदारनाथ शुक्ला ने रीति पाठक की मुश्किलें बढ़ा दी है। हालांकि चर्चा यह भी है कि केदारनाथ शुक्ला अगर टक्कर दिए होंगे तो कांग्रेस को फायदा हो सकता है।चौधरी, राजू और रघुवंशी भी कांग्रेस के लिए कम नहीं- गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन विधानसभा की ऐसी सीटें हैं, जहां छोटे दल और निर्दलीय बड़े दलों का खेल खराब कर सकते हैं। इनमें गोटेगांव से कांग्रेस के बागी शेखर चौधरी निर्दलीय लड़ रहे हैं। सिरमौर में बीएसपी ने बीजेपी उम्मीदवार की चुनौती बढ़ा दी है। धार में बीजेपी के बागी राजू यादव निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। सिवनी मालवा में ओम रघुवंशी निर्दलीय मैदान में हैं। इससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

बुंदेलखंड में आईएएस व आईपीएस विलेज रैपुरा (चित्रकूट) उत्तर प्रदेश: कभी डकैतों के लिए मशहूर था, अब आईएएस आईपीएस की है फैक्ट्री, हर घर में अफसर.!

Bundelkhand, the village of Raipura (Chitrakoot), Uttar Pradesh, was once infamous for dacoits but now boasts of IAS and IPS officers. It has transformed into a hub of factories, with every household having officers. Udit Narayanभोपाल। देश के हर गांव की अपनी एक विशेषता होती है और उसी वजह से वह अपनी पहचान बना लेता है, उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड अंचल के चित्रकूट का पाठा क्षेत्र कभी डकैतों का गढ़ माना जाता था । दरअसल इस इलाके में एक डकैत के खात्मे के बाद दूसरा डकैत बन जाता था, लेकिन अब इस पाठा क्षेत्र में डकैत नहीं बल्कि आईएएस और पीसीएस का जलवा है। इस छोटे से गांव के हर घर में एक सरकारी नौकर है। हम चित्रकूट जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर रैपुरा गांव कर रहे हैं।यह गांव कभी डकैतों के लिए मशहूर था, लेकिन अब इसकी पहचान आईएएस और आईपीएस हैं। दरअसल गांव के लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक लोग इस समय आईएएस, आईपीएस, पीसीएस जैसी विभिन्न सेवाओं में उच्चाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं । खास आज यह है कि रैपुरा गांव में हर घर में कोई न कोई सरकारी कर्मचारी-अधिकारी है।हर घर में एक सरकारी कर्मचारी रैपुरा गांव के इंटर कॉलेज रिटायर प्रधानाचार्य महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस गांव में लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग आईएएस, पीसीएस हैं। इन सभी की स्‍कूली पढ़ाई गांव में ही हुई है । हालांकि बाहर से उच्‍च शिक्षा हासिल कर अधिकारी बने हैं। साथ ही कहा कि इस गांव में हर एक घर में कोई न कोई सरकारी नौकरी में है। सिंह ने बताया कि वह जब स्कूल के प्रिंसिपल थे, तब स्कूल में बच्चों को दूसरों के बारे में बात कर प्रोत्साहित करते थे। इसका असर बच्‍चों पर सकारात्‍मक हुआ और गांव के युवाओं में सरकारी नौकरी हासिल करने की होड़ सी लग गई। कभी डकैतों के लिए मशहूर यह गांव सरकारी अफसरों के लिए पहचान रखता है। आईएएस और पीसीएस की भरमार महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि गांव के अभिजीत सिंह, रोहित सिंह, कुलदीप कुमार और सीपी सिंह (आईएएस), यदुवेंद्र शुक्ल (आईपीएस), तेज स्वरुप, सुरेन्द्र, राजेन्द्र ,प्रकाश कुमार, सुरेश चन्द्र पाण्डेय, प्रह्लाद सिंह और सुरेश गर्ग बतौर पीसीएस कार्यरत हैं। इसके अलावा भी कई युवा अधिकारी बनकर रैपुरा गांव का नाम रौशन कर रहे हैं। साथ ही बताया कि आज भी तमाम युवा सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिए बाहर रहकर पढ़ाई में जुटे हैं । हर साल कोई न कोई छात्र आईएएस या पीसीएस की परीक्षा में सफल जरूर रहता है. पिछली बार भी यह रिकॉर्ड कायम रहा है ।

चार महीने से आजाद होने का इंतजार कर रहे बाड़े में बंद 14 चीते.

Fourteen leopards trapped in a well in Badi have been awaiting freedom for the past four months. स्टीयरिंग कमेटी अब तक चीतों को जंगल छोड़ने नहीं ले पाई निर्णय उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिला के कूनो नेशनल पार्क में पिछले चार महीने से बंद चीते आजाद होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इसको लेकर वन अमला गंभीरता नहीं दिखा रहा है। संभावना बन रही है कि इनको अगले महीने 4 दिसंबर को जंगल में छोड़ा जा सकता है। अगले सप्ताह चीता प्रोजेक्ट की स्टीयरिंग कमेटी की बैठक होना प्रस्तावित है। इसमें चीतों को जंगल में छोड़ने को फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि लगातार हो रही चीतों की मौत के बाद सभी चीतों को फिर से बाड़े में रखा गया था। दरअसल चार माह से बाड़ों में बंद चीतों को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। लंबे समय तक चीतों को बाड़े में रखने से उनकी खुले जंगल में शिकार करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। वहीं, बाड़े में बंद रहने से स्ट्रेस भी बढ़ेगा। चीता प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बारिश के बाद अक्टूबर में चीतों को जंगल में छोड़ने की बात कही थी। नवंबर का पूरा माह गुजर गया है, लेकिन चीतों को जंगल में छोड़ने को लेकर फैसला नहीं हो पाया है। अब चीता प्रोजेक्ट की स्टीयरिंग कमेटी के अध्यक्ष राजेश गोपाल का कहना है कि अगले सप्ताह स्टीयरिंग कमेटी में चीतों को जंगल में छोड़ने को लेकर फैसला कर लिया जाएगा। 6 वयस्क चीते और 3 शावक की हो चुकी है मौतकूनो में पिछले साल साउथ अफ्रीका और नामीबिया से 20 चीते लाए गए थे। इनमें से 14 वयस्क चीते ही जीवित बचे हैं। इनमें से 6 चीतों की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसमें से 3 चीतों की मौत जंगल में रहने के दौरान हो गई थी। इसके बाद बाकी चीतों को जंगल से पकड़कर बाड़ों में रखा गया। इसमें मौत का कारण चीतों को पहनाए रेडियो कॉलर से संक्रमण को भी बताया गया। वहीं, एक मादा चीता ने तीन शावकों को जन्म दिया था। जिसमें से तीन शावकों की मौत हो चुकी है। शिकार क्षमता हो सकती है प्रभावितवाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों का कहना है कि चीतों को लंबे समय तक बाड़ों में नहीं रखा जा सकता। उन्होंने लंबे समय तक चीतों को बाड़ों में रखने पर उनकी शिकार क्षमता प्रभावित होने की आशंका जताई है। अधिकारी बोले- चीते अब स्वस्थवाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव ने बताया कि सभी चीते बड़े बाड़े में बिल्कुल स्वस्थ हैं। 50 से 150 हेक्टेयर के बाड़े में खुद ही शिकार करके खाते हैं। ऐसे में उनकी शिकार क्षमता प्रभावित होने का कोई सवाल नहीं है। जहां तक चीतों को खुले जंगल में छोड़ने का सवाल है तो यह निर्णय स्टीयरिंग कमेटी को लेना है। उसकी बैठक की तारीख अभी हमें नहीं मिली है।

भितरघातियों पर फूटेगा हार का ठीकरा,3 के बाद गिरेगी गाज.

The counterattack against the infiltrators will result in the defeat; after three, the intensity will increase. भितरघातियों की भाजपा-कांग्रेस तैयार की कुंडली, प्रत्याशियों की शिकायत को आधार मानकर होगी कार्रवाई, दोनों पार्टियों के िलए दाे दर्जन सीटों में खतरनाक साबित होंगे भितरघाती. Udit Narayanभोपाल। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा- कांग्रेस उन बागियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है जो पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं। अब बारी भितरघातियों की है जिनकी वजह से दोनों दलों के दो दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी खतरें में हैं। दोनों दलों में प्रत्याशियों से मिली शिकायतों के आधार पर इन भितरघातियों की कुंडली तैयार हो रही हैं। तीन दिसंबर को मतगणना के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मतदान के बाद आई शिकायतों की बाढ़भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान के दौरान जानते हुए भी उन पार्टी नेताओं की शिकायत नहीं की, जो उनके खिलाफ काम कर रहे थे। ऐसा करने की बजाय उन्हें मनाने की कोशिश हो रही थी, क्योंकि खतरा ज्यादा नुकसान का था लेकिन मतदान समाप्त होने के बाद दोनों दलों के पास ऐसी शिकायतों की बाढ़ आ गई है। शिकायतें प्रत्याशियों द्वारा ही भेजी जा रही हैं। इन शिकायतों की सही संख्या नहीं बताई जा रही है लेकिन दो दर्जन से ज्यादा सीटों की शिकायतें गंभीर हैं। कार्रवाई से पहले पक्ष रखने का मौकाबागी होकर चुनाव लड़ने वाले नेताओं के खिलाफ जैसी कार्रवाई हुई है, भितरघातियों के खिलाफ वैसा नहीं होगा। जिनके खिलाफ शिकायतें आई हैं, उन्हें पार्टी की अनुशासन समिति के पास भेजा जाएगा। इसके बाद नोटिस देकर उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन भितरघातियों के खिलाफ कार्रवाई तय है जिनकी वजह से प्रत्याशियों को पराजय का सामना करना पड़ेगा। तीन अंचलों से आ रहीं ज्यादा शिकायतेंप्रदेश के तीन अंचलों चंबल-ग्वालियर, बुंदेलखंड और विंध्य से भितरघात करने वालों की सबसे ज्यादा शिकायतें भाजपा और कांग्रेस के पास आ रही हैं। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी का कहना है कि जो शिकायतें आ रही हैं, उन्हें सूचीबद्ध कर रखा जा रहा है। अभी मतगणना की तैयारी चल रही है। प्रत्याशियों, एजेंटों को प्रिशिक्षित किया जा रहा है। मतगणना के बाद इन शिकायतों पर विचार किया जाएगा। भाजपा प्रदेश कार्यालय प्रभारी महामंत्री भगवानदास सबनानी ने बताया कि पार्टी के पास काम न करने वालों की शिकायतें ज्यादा नहीं है। लेकिन जो भी शिकायतें आई हैं। संबंधित से जवाब लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में.

Former minister P.C. Sharma, who served in the Congress government, is once again in discussion due to his statement. बोले- प्रचार के दौरान कमल पटेल के क्षेत्र की जनता कहती थी भाजपा से सब कुछ मिला, लेकिन वोट कांग्रेस को देंगेदावा – कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही, भाजपा वाले बहुमत से सरकार बनाने की बात नहीं कर रहे. Udit Narayanभोपाल। कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने कहा कि वो मंत्री कमल पटेल के क्षेत्र में गए थे, वहां उन्होंने जब जनता से पूछा बीजेपी में कुछ मिला था क्या, तो जनता बोली मिला सब कुछ, लेकिन वोट कांग्रेस को ही करेंगे। बता दें, शर्मा अपने बयानों से हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। इसके पहले भी उन्होंने हाल ही बयान दिया था कि भारतीय टीम ईडी के छापे के डर से क्रिकेट वर्ल्ड कप में हार गई थी। शर्मा ने ये दावा किया कि कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही है। कांग्रेस की लहर चल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी बहुमत से सरकार बनाने की बात कहती थी पर अब नहीं कह रही है। शर्मा ने कहा कि बीजेपी के सर्वे भी बता रहे हैं कि कांग्रेस की सरकार बन रही है। बीजेपी जान गई है कि अब कांग्रेस की सरकार बन रही है। कांग्रेस के प्रशिक्षण में कमलनाथ के वर्चुअली संबोधन पर पीसी शर्मा ने कहा कि ये वक्त बदलाव का है। ईवीएम में गड़बड़ी के सवाल पर पीसी शर्मा ने कहा कि जब तक बीजेपी की सरकार है। ये गड़बड़ी करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। भाजपा के कई मंत्री हारेंगे – पीसी- विधानसभा चुनाव के परिणाम पर पीसी शर्मा ने कहा कि भाजपा कई मंत्री इस बार हारेंगे। वहीं बुधनी विधानसभा को लेकर उन्होंने कहा कि हनुमान जी की लीला है और हनुमान जी कुछ भी कर सकते हैं। शर्मा खुद भोपाल की दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने उनके सामने भगवानदास सबनानी को उतारा है। पिछले चुनाव में शर्मा ने इसी सीट से भाजपा के पूर्व मंत्री उमा शंकर गुप्ता को पटकनी दी थी।

अपने दिग्गजों की राजनैतिक विरासत संभालने निकले ‘वंशज’ डेंजर जोन में फंसे.

The ‘descendants’ set out to uphold the political legacy of their stalwarts find themselves trapped in the danger zone. मैदान में अर्जुन, दिग्विजय, कैलाश, पटवा और सकलेचा के बेटे, बड़ा कारण – कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय लड़ा चुनाव, राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद, 3 को खुलेगा तो ही चमकेगी विधायकी की तरदीर उदित नारायणभोपाल। इस बार मप्र के चुनाव में सबसे ज्यादा दिग्गज नेताओं के वारिस चुनावी मैदान में उतरे हैं। इनमें से ज्यादातर का राजनैतिक भविष्य दाव पर लगा है, हालांकि कुछ के लिए राह आसान भी दिखाई दे रही है। जब 3 दिसंबर को ईवीएम परिणाम उगलेगी तो जीत और हार के दावे की हकीकत सबके सामने आ जाएगी। विधानसभा चुनाव में कई राजनेताओं के वंशज व परिवार के सदस्य मैदान में उतरे हैं जिनका राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद है। इनमें कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों अर्जुनसिंह व दिग्विजय सिंह, गैर कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, सुंदरलाल पटवा, वीरेंद्र सकलेचा, बाबूलाल गौर, उमा भारती और गोविंदनारायण सिंह के वंशज प्रमुख हैं। इनके अलावा प्रदेश सरकारों के पूर्व मंत्री, सक्रिय राजनेताओं के वंशज भी चुनाव मैदान में उतरे हैं जिन्होंने कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय चुनाव लड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्रियों में अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह चुरहट और साले राजेंद्र सिंह अमरपाटन से हैं जिनकी स्थिति पिछले चुनाव से बहुत अच्छी बताई जा रही है। दिग्विजय सिंह के पुत्र मंत्री जयवर्द्धन सिंह और भाई विधायक लक्ष्मण सिंह की स्थिति पिछली बार से कमजोर है लेकिन दोनों के किसी तरह संकट से बाहर निकल जाने की परिस्थितियां दिखाई दे रही हैं। कैलाश जोशी के पुत्र दीपक के चुनाव के ठीक पहले भाजपा से मोहभंग होने तथा कांग्रेस में पहुंचने से कुछ नुकसान है तो फायदा भी मिलेगा। सुंदरलाल पटवा के भतीजे विधायक सुरेंद्र, वीरेंद्र सकलेचा के पुत्र मंत्री ओमप्रकाश और बाबूलाल गौर की बहू विधायक कृष्णा गौर की स्थिति बेहतर है लेकिन भारती के भतीजे मंत्री राहूल लोधी की सीट पर चुनौतीपूर्ण मुकाबला है। अन्य वंशजों में कुछ बेहतर तो कुछ मुकाबले में फंसेराजनेताओं के अन्य वंशजों में मुकाबले में फंसे प्रत्याशियों में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के भांजे कांग्रेस प्रत्याशी राहुल भदौरिया, सिंधिया परिवार की निकटतम रिश्तेदार भाजपा प्रत्याशी माया सिंह, विधानसभा अध्?क्ष गिरीश गौतम के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पद्मेश, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थ, इंदौर की सांवेर सीट पर पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू की बेटी कांग्रेस की रीना बौरासी के भविष्य का रास्ता 3 दिसंबर को खुलेगा। पूर्व मंत्री चिटनिस, डिप्टी सीएम रहे यादव के सामने चुनौती देपालपुर में निर्भयसिंह पटेल के पुत्र भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल, रतलाम की जावरा सीट पर पूर्व सांसद लक्ष्मीनाराण पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र पांडेय, बुरहानपुर की नेपानगर सीट पर पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की बेटी भाजपा प्रत्याशी मंजू दादू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृजमोहन मिश्र की पुत्री पूर्व मंत्री व भाजपा प्रत्याशी अर्चना चिटनीस, पूर्व विधायक चिड़ाभाई डाबर के बेटे विधायक कांग्रेस प्रत्याशी केदार डाबर, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुभाष यादव के पुत्र पूर्व मंत्री सचिन यादव, पूर्व विधायक सीताराम साधौ की पुत्री व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ हैं। केंद्रीय मंत्री भूरिया बेटे के लिए परेशानपूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के पुत्र डॉ. विक्रांत भूरिया, पूर्व विधायक प्रेम सिंह दत्तीगांव के पुत्र मंत्री भाजपा प्रत्याशी राजवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी नितेंद्र सिंह, पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुवेर्दी के भाई कांग्रेस प्रत्याशी विधायक आलोक चतुवेर्दी, पूर्व विधायक चौधरी दिलीप सिंह के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी राकेश सिंह चतुवेर्दी, पूर्व मंत्री सत्येंद्र पाठक के पुत्र भाजपा प्रत्याशी संजय पाठक, पूर्व विधायक प्रभात पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी प्रणय पूर्व सांसद कंकर मुंजारे की पत्नी कांग्रेस प्रत्याशी अनुभा मुंजारे, पूर्व मंत्री लिखीराम कांवरे की पुत्री पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष कांग्रेस प्रत्याशी हिना कांवरे भी शामिल है। अकील की बेटे के लिए ज्यादा चिंंतापूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी की पुत्री भाजपा प्रत्याशी मोनिका, पूर्व मंत्री आरिफ अकील के बेटे कांग्रेस प्रत्याशी आतिफ अकील, पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश नारायण सारंग के पुत्र मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई विधायक भाजपा प्रत्याशी उमाकांत, पूर्व विधायक केदार सिंह चौहान के पुत्र भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व विधायक गोविंद शर्मा के पुत्र विधायक भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा, पूर्व मंत्री हजारीलाल रघुवंशी के पुत्र ओमप्रकाश रघुवंशी के नाम प्रमुख हैं। इन नेताओं की सीट में अच्छे संकेतवहीं जिन नेताओं के वंशजों के लिए चुनाव में मुकाबला आसान दिखाई दे रहा है उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी के भतीजे व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी उमंग सिंगार, पूर्व मंत्री सुलोचना रावत के पुत्र भाजपा प्रत्याशी विशाल रावत, पूर्व मंत्री तुकोजीराव पवार की पत्नी विधायक गायत्रीराजे, पूर्व सांसद सुखराम कुशवाह के पुत्र विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की समधन पूर्व विधायक चंदा गौर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के पुत्र अशोक, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह शामिल हैं।

सियासत किस करवट लेगी, इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म.

Political discussions are heating up over which direction politics will take. गगनचुंबी दावों के बीच किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज, तीन दिसंबर को स्थिति होगी साफ, लगभग 150 घंटे का इंतजार बांकी. उदित नारायण उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश चुनाव 2023 के परिणाम को भले ही लगभग 150 घंटे शेष हों, लेकिन सियासत में कांग्रेस और भाजपा के परिणाम इस बार किस करवट बैठेंगे, इसको लेकर भारी चर्चा हो रही है। मध्यप्रदेश में बिना किसी लहर के नजर आए मतदाताओं के उत्साह और भारी मतदान के बाद राजनीतिक दल और राजनेता आंकड़ों के खेल में उलझ कर इस बात का अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर सता का ताज किसके सिर सजेगा। भाजपा को भरोसा है कि सत्ता का ताज उसके सर पर ही सजा रहेगा। वहीं कांग्रेस को भरोसा है कि कांग्रेस की ही सरकार बन रही है और कमल नाथ मुख्यमंत्री बनेंगे। लाडली बहना बनाम एंटी इनकमबेंसी को लेकर ही अनुमान लगाए जा रहे हैं। शिवराज सरकार की लाडली बहना योजना को भाजपा अपने पक्ष में मानकर चल रही है तो कांग्रेस एंटी इनकमबेंसी और महंगाई के कारण महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में मानकर अपनी जीतका गगनचुंबी दावा कर रही हैं। भाजपा नेता मध्यप्रदेश में 230 सीटों में से 150 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस नेता 125 से लेकर 150 सीट तक जीतने का दावा कर रहे हैं। अपने अंदरूनी सर्वे में दोनों ही दल यह मानकर चल रहे हैं कि लगभग 100 -100 सीटें तो जीत ही रहे हैं और बची हुई 30 सीटों में से जो भी आधे से अधिक जीत लेगा उसे ही मध्य प्रदेश में सत्ता साकेत में नौकायन का मौका मिल जाएगा। लाख टके के सवाल का जवाब 3 दिसंबर को मतगणना से ही मिलेगा 116 का जादुई आंकड़ा कौन पर करता है। वास्तव में भारी मतदान किसके पक्ष में हुआ है इसको लेकर राजनीतिक विश्लेषक भी अपने-अपने ढंग से इसका अर्थ निकाल रहे हैं लेकिन कोई भी निश्चित तौर पर यह नहीं कह रहा है कि चुनाव कौन जीत रहा है। मध्यप्रदेश के चुनाव नतीजे इस बात पर निर्भर करेंगे कि शिवराज की लाडली बहना ने कोई गुल खिलाया है या फिर एंटी इनकंबेंसी मतदाताओं के मानस पटल पर पूरी तरह छाई रही। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बात का पक्का भरोसा है कि लाडली बहनों ने अपने भाई का साथ दिया है और भाजपा की ही सरकार बनने वाली है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का दावा है कि मतदाता मध्यप्रदेश का निर्माण करेगा और उनका एक-एक वोट प्रदेश में फैले कुशासन को समाप्त कर जनहित की सरकार की स्थापना करेगा। सूत्रों के अनुसार भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण में उसे 124 सीटें जीतने का पक्का भरोसा है जबकि उसका अनुमान है कि कांग्रेस को लगभग 100 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस 130 से अधिक सीटों के साथ अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है तो वहीं पर दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी 124 सीटों पर अपनी जीत पक्की मान वह लगभग 4 सीटों पर कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। भाजपा के आंतरिक सर्वे में जहां तक विंध्याचल का सवाल है वहां पर पार्टी है यह मान रही है कि उसे यहां की 30 में 19 सीटें मिल ही जाएंगी तो वहीं दूसरी ओर 11 सीटें कांग्रेस को भी मिल सकती है। यहां की 25 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही सीधा मुकाबला बताया जा रहा है जबकि 5 सीटों में मुकाबला त्रिकोणात्मक माना जा रहा है। महाकौशल आंचल की कुल 38 सीटों में से भाजपा को 19 सीटों पर जीत का भरोसा है और इतनी सीटें वह कांग्रेस के लिए पक्की मानकर चल रही है। इस प्रकार भाजपा के आंतरिक सर्वे में भी इस अंचल में दोनों के बीच बराबरी का मुकाबला माना जा रहा है जबकि कांग्रेस इस अंचल में अपनी स्थिति काफी मजबूत मानकर चल रही है। यह तो मतगणना से ही पता चलेगा कि आखिर यहां के मतदाताओं ने किस पर अधिक और किस पर कम भरोसा जताया। भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण के अनुसार भोपाल- नर्मदापुरम संभाग की 36 सीटों में से भाजपा 20 पर अपनी जीत पक्की मानकर चल रही है और कांग्रेस को वह 15 सीटें दे रही है। राजधानी भोपाल की एक सीट भोपाल मध्य में वह कांग्रेस के साथ क कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। इस संभाग में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुख्य चुनावी मुकाबला हो रहा है। ग्वालियर चंबल संभाग में 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को धीरे से जोर का झटका लगा था लेकिन यहां वह दल बदल के बाद भाजपा को अपनी स्थिति तुलनात्मक रूप से मजबूत नजर आ रही है क्योंकि इस बार उसे भरोसा है कि उसकी झोली में 15 सीटें तोआ ही रहीं हैं जबकि एक मुरैना सीट पर कड़े मुकाबले में बसपा को जीतते हुए देख रही है। इस सर्वे में माना जा रहा है कि इस अंचल में सबसे अधिक 17 सीटें कांग्रेस जीत सकती है। दतिया सीट पर भाजपा कांग्रेस के साथ कड़े मुकाबले की स्थिति देख रही है ।यहां पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर हो रही है। बुंदेलखंड अंचल की 26 सीटों में से भाजपा यह मानकर चल रही है कि कांग्रेस को 13 सीटों पर बढ़त है तो वहीं 12 सीटों को अपने लिए पक्की मान रही है जबकि एक सीट निवाड़ी में समाजवादी पार्टी को जीते हुए देख रही है। निमाड़ और मालवांचल की 66 सीटों में से वह अपने लिए 39 सीटें पक्की मान रही है जबकि क्षेत्र 25 सीटें कांग्रेस पार्टी को दे रही है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है उसे 130 से 140 सीटें जीतने का भरोसा है। कांग्रेस पार्टी का आंतरिक सर्वे भाजपा को मात्र 80 से 85 ही सीटें दे रहा है। वही आम आदमी पार्टी बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी आदि को लगभग दस तक सीटें मिल जाएगी ऐसा मानकर कांग्रेस चल रही है।कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपनी जीत का दावा पूरी शिद्दत के साथ कर रहे हैं।दोनों के अपने अपने तर्क हैं और अपने अपने विश्वास । सभी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने-अपने … Read more

हेरिटेज मदिरा बनाने में अब पर्यावरण एनओसी नहीं लगेगी.

Heritage liquor production will no longer require Environmental NOC. एयरपोर्ट, पर्यटन निगम की होटलों और वाइन शॉप में उपलब्ध उदित नारायणभोपाल। राज्य सरकार ने महुआ से निर्मित हेरिटेज मदिरा के उत्पादन के लिये बने नियमों में बदलाव कर दिया है। अब इसके निर्माण के लिये प्रदूषण नियंत्रण मंडल की एनओसी जमा नहीं कराना होगी। हालांकि आबकारी विभाग ने अपने नियमों में इसका प्रावधान हटा दिया है परन्तु यदि प्रदूषण नियंत्रण मंडल अपने विनियमों में इसका प्रावधान करेगा तो फिर यह एनओसी लेना जरुरी होगा। फिलहाल प्रदेश में अलीराजपुर जिले के ब्लाक कट्ठीवाड़ा के ग्राम कोछा में आदिवासी वर्ग के हनुमान आजीविका स्वसहायता समूह द्वारा महुआ से हेरिटेज मदिरा का निर्माण किया जा रहा है तथा इससे हेरीटेज को प्रदेश के चुनिंदा एयरपोर्ट, पर्यटन निगम की कतिपय होटलों एवं एमबी वाईन के आउटलेट पर विक्रय के लिये उपलब्ध कराई गई है। डिण्डौरी जिले के ब्लाक अमरपुर के ग्राम भाखानाल में स्थित मां नर्मदा आजीविका स्वसहायता समूह द्वारा अभी हेरीटेज मदिरा का निर्माण शुरु नहीं किया गया है। नये बदलावों के अंतर्गत, अब हेरीटेज मदिरा के विनिर्माता मूल्य, अधिकतम फुटकर मूल्य एवं न्यूनतम विक्रय मूल्य का निर्धारण आबकारी आयुक्त के अनुमोदन से होगा। स्वसहायता समूह में कम से कम 25 सदस्य दसवीं कक्षा अथवा उसके समकक्ष अर्हता रखने वाला प्रावधान अब खत्म कर दिया गया है। हेरीटेज मदिरा निर्माण इकाई में योग्यता प्राप्त विशेषज्ञ केवल अनुसूचित जनजाति समुदाय का ही हो सकेगा तथा इकाई में केवल अजजा समूदाय के व्यक्यिों से ही समस्त प्रकार की गतिविधियों का संचालन करवाया जायेगा। इसी प्रकार, अब हेरीटेज मदिरा के परिवहन हेतु एक ही अनुज्ञा-पत्र होगा जो भले की विनिर्माण इकाई से गोदाम तक एवं गोदाम से रिटेल दुकान तक किया जाये। पहले अलग-अलग परिवहन अनुज्ञा-पत्रों का प्रावधान था। हेरीटेज मदिरा के परिवहन में 0.25 प्रतिशत की छीजन यानि वेस्टेज (टूट-फूट) दी जायेगी। हेरीटेज मदिरा की फुटकर दुकान चलाने का एचएल-2 लायसेंस 5 हजार रुपये प्रति वर्ष के स्थान पर एक हजार रुपये प्रति वर्ष लगेगा।

सरकार किसी की भी बने, इस बार डिप्टी सीएम का फार्मूला भी.

Regardless of which government is formed, this time the formula for the Deputy Chief Minister is also there. Manish Trivediभोपाल, मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में मतगणना के बाद सरकार किसी भी दल की बने चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस, लेकिन इतना तय है कि अब मध्यप्रदेश में डिप्टी सीएम के फार्मूले भी चलेंगे। इस बार दोनों ही दलों में सीएम बनने की चाहत वाले नेताओं को संतुष्ट करने के लिये यूपी , महाराष्ट्र व छत्तीसगढ की तर्ज पर डिप्टी सीएम बनाया जायेगा। ताकि सत्तारूढ पार्टी के बडे नेताओं में समन्वय रहे। यदि भाजपा की सरकार बनती है तो सीएम के अलावा दो डिप्टी सीएम बनेंगे, इसमें एक दलित वर्ग से भी पार्टी के एक बडे नेता को संतुष्ट किया जायेगा। वहीं कांग्रेस की सरकार बनती है तो ग्वालियर-चंबल या विंध्य, अंचल के एक बडे नेता को अब डिप्टी सीएम बनाना तय है। यह नेता कमलनाथ की पिछली सरकार में भी पावरफुल मंत्री रहे थे।कुल मिलाकर दोनों ही पार्टियां अब अंदर ही अंदर नाराजगी रोकने के लिये डिप्टी सीएम के फार्मूले पर काम कर रही है।

वोटिंग के बाद भाजपा के बडे नेता व मंत्री पूजा पाठ में तल्लीन.

After voting, senior leaders and ministers of the BJP were immersed in prayer. उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की वोटिंग के बाद प्रदेश के एक दर्जन मंत्री और भाजपा के बडे नेता पूजा पाठ में लगे हैं । इन्हें विश्वास है कि उनकी पूजा पाठ से नैया पार लग जायेगी। यह मंत्री और बडे नेता धार्मिक स्थानों पर निकल गये हैं, तो कुछ अज्ञात वास पर हैं। जहां नियमित तौर पर अपने धार्मिक सलाहकारों की सलाह से पूजा पाठ में लगे हैं।कुल मिलाकर भाजपा की सरकार के मंत्री व बडे नेता मध्यप्रदेश में हुई बम्पर वोटिंग से मन ही मन घबरा रहे हैं, और अपने सलाहकारों की सलाह पर परिणाम अपने पक्ष में आने की संभावना पर धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर रहे हैं। स्वयं मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पांचवी बार सरकार के रिपीट की संभावना पर पूजा पाठ कर रहे हैं। उन्होंने भी कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन किये हैं। कुल मिलाकर अब राज्य की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री , मंत्री व भाजपा के बडे नेता चुनावी घमासान में वोटर रूपी भगवान की मान मनोब्बल करने के बाद अब देव मंदिरों व देव आराधना की शरण में हैं। विशेष बात यह है कि इन सभी ने अपनी दिनचर्या भी पंडितों व ज्योत्षियों के बताई सलाह पर कर ली है। राज्य के एक बडे मंत्री तो एक वास्तु विशेषज्ञ की सलाह भी ले रहे है। वैसे यह सभी कवायद चुनाव जीतने के लिये ही है। वहीं एक भाजपा कार्यकर्ता का तो यह कहना है कि यदि कार्यकर्ताओं की पूछ परख की होती तो इतनी चकल्लस ही क्यों करनी पडती।कांग्रेसी भी पूजा पाठ के सहारे राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा को कडी टक्कर देने वाली कांग्रेस के नेता व प्रत्याशी भी अपनी जीत के लिये विभिन्न मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं। किसी ने अपने घर अखंड रामायण तो किसी ने सुंदरकांड तक के आयोजन कराये हैं। स्वयं कमलनाथ भी अपने एक ज्योतिष व धार्मिक सलाहकार की सलाह से चल रहे हैं।

राज्यसभा में MP की 5 सीटों का नंबर गेमः कौन किस पर भारी

The number of seats for Members of Parliament (MP) in the Rajya Sabha is 5. मौजूदा 4 सीटों को बचाने भाजपा को चाहिए 152 विधायक; अप्रैल में खत्म होगा कार्यकाल मध्यप्रदेश में 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। इन नतीजों से दो सवालों का जवाब मिलेगा। मध्यप्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनेगी?अप्रैल 2024 में खाली हो रही राज्यसभा की 5 सीटों में से कितनी-किस पार्टी के खाते में जाएंगी। एमपी के 11 में से 5 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इनमें से 4 सीटें भाजपा जबकि 1 कांग्रेस के पास है। भाजपा को यदि यह आंकड़ा बरकरार रखना है तो विधानसभा में उसे 152 सीटें जीतना होंगी क्योंकि एक प्रत्याशी को जीतने के लिए न्यूनतम 38 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। राज्यसभा सांसद का चुनाव तय फॉर्मूले के तहत होता है। इसके मुताबिक, जिस पार्टी के पास विधायकों की संख्या अधिक होती है, उस पार्टी के उम्मीदवार की जीत तय होती है। पहले जानिए, कैसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया अन्य चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। व्हिप के उल्लंघन से खत्म हो सकती है सदस्यता राज्यसभा चुनाव में लोकसभा और विधानसभा की तरह गुप्त मतदान नहीं होता है। राज्यसभा सांसद के नाम के आगे एक से चार तक का नंबर लिखा होता है। विधायकों को वरीयता के आधार पर वोट देना होता है। राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए राजनीतिक दल रिक्त सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के साथ अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी करते हैं। यदि किसी विधायक ने व्हिप का उल्लंघन कर पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। नियमानुसार पार्टी विधानसभा सचिवालय को ऐसे विधायक की लिखित शिकायत करती है तो जांच के बाद उसकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो सकती है। किस फॉर्मूले से तय होती है जीत? राज्यसभा चुनाव के लिए एक फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है। इसमें कुल विधायकों की संख्या को 100 से गुणा किया जाता है। इसके बाद राज्य में जितनी राज्यसभा की सीटें हैं, उसमें एक जोड़ कर भाग दिया जाता है। इसके बाद कुल संख्या में एक जोड़ा जाता है। फिर अंत में जो संख्या निकलती है, वह जीत का आंकड़ा होता है। 2020 में भाजपा ने ऐसे पलट दिया था नंबर गेम 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था जबकि दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया ने कांग्रेस की तरफ से नामांकन भरा था। इस चुनाव से तीन महीने पहले सिंधिया समर्थक 22 विधायकों ने 10 मार्च 2020 को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में मौजूदा विधायकों की कुल संख्या 206 रह गई थी क्योंकि 2 विधानसभा सीटें मुरैना जिले की जौरा और आगर-मालवा की आगर सीट विधायकों के निधन के बाद खाली थी।इस हिसाब से राज्यसभा के एक प्रत्याशी को कम से कम 52 वोट चाहिए थे। विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा के दो उम्मीदवार- ज्योतिरादित्य सिंधिया (56 वोट) और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी (55 वोट) जीतने में कामयाब हुए थे। कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह (57 वोट) ही जीत दर्ज कर सके थे। दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को केवल 38 वोट मिले थे। 5 विधायकों ने भी बदल लिया था पाला 2018 विधानसभा चुनाव के बाद बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कमलनाथ सरकार ने बहुमत का आंकड़ा पार किया था। इस चुनाव में कांग्रेस को 114 और भाजपा को 109 सीटें मिली थीं लेकिन 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों पर हुए चुनाव से ठीक पहले बसपा के दो, सपा का एक और 2 निर्दलीय विधायकों ने पाला बदल लिया था। जिसका फायदा भाजपा को हुआ था। दिग्विजय को तीन वोट ज्यादा मिले थे 3 सीटों के चुनाव में भाजपा को दो वोटों का नुकसान हुआ था। गुना से भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह क्रॉस वोटिंग की थी। सुमेर सिंह सोलंकी के पक्ष में दिया गया भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी का वोट निरस्त हो गया था। 3 सीटों पर चुनाव से ठीक एक दिन पहले 18 जून 2020 को कमलनाथ के निवास पर एक बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि दिग्विजय सिंह को 54 विधायक वोट देंगे लेकिन उन्हें 57 वोट मिले। यानी जिन तीन विधायकों को दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को वोट देना था, उन्होंने दिग्विजय सिंह को वोट दे दिया था। से ओबीसी, दलित और महिला वर्ग को साधा था। दरअसल, राज्यसभा चुनाव से पहले एमपी की राजनीति में ओबीसी एक बड़ा मुद्दा बन गया था। ओबीसी आरक्षण की वजह से पंचायत और निकाय चुनाव टल गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। कोर्ट के दखल के बाद निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ हुआ था। प्रदेश में ओबीसी वोटरों की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। बीजेपी ने कविता पाटीदार के नाम की घोषणा कर एक बड़ा ओबीसी कार्ड खेला था। इसी तरह सुमित्रा वाल्मीकि को राज्यसभा में भेजकर दलित वर्ग को साधने की कोशिश की थी। जानकार कहते हैं कि यदि भाजपा फिर दलित, ओबीसी और महिला कार्ड खेलती है तो उसे मिशन 2024 में भी बड़ा फायदा होगा।

नए साल में पाटिल होंगे वन विभाग के नए मुखिया, दिसंबर में हो रही है गुप्ता की विदाई.

In the new year, Patil will be the new chief of the Forest Department, and Gupta’s farewell is scheduled for December. डॉ श्रीवास्तव लघु वनोपज संघ और यादव होंगे वन विकास निगम नए एमडी उदित नारायणभोपाल. नए साल में वन विभाग में कई नए बदलाव होने जा रहें है। ये सभी बदलाव नई सरकार के गठन के बाद होने की संभावना है। मौजूदा वन बल प्रमुख आरके गुप्ता और लघु वनोपज संघ के एमडी पुष्कर सिंह दिसम्बर में सेवानिवृत होने जा रहें है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान वन विभाग के हॉफ गुप्ता के सेवानिवृत्ति के बाद वन विकास निगम के एमडी एके पाटिल वन बल प्रमुख होंगे। हालांकि उनका कार्यकाल एक महीने का ही होगा। इसी प्रकार लघु वन वनोपज संघ एमडी पुष्कर सिंह के रिटायरमेंट के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ अतुल कुमार श्रीवास्तव नए एमडी होंगे। वर्तमान में डॉक्टर श्रीवास्तव वर्किंग प्लान शाखा के प्रमुख हैं। गौरतलब यह है कि अभी तक विभाग में हुई पदस्थापना के दौरान डॉक्टर श्रीवास्तव की वरिष्ठता अनदेखी की गई। इसी कारण संभावना जताई जा रही है की नई सरकार में उनकी पदस्थापना वरिष्ठता के आधार पर होगी। निगम के मौजूदा एमडी पाटिल के वन बल प्रमुख बनने पर पीसीसीएफ प्रशासन -एक के आरके यादव को निगम में एमडी के पद पर पदस्थ किए जाने की संभावना है। कैडर में पीसीसीएफ का पद प्रशासन-एक का नहीं है। कैडर में यह पद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारी के लिए निर्धारित है। डॉ श्रीवास्तव के संघ में चले जाने पर वर्किंग प्लान शाखा का प्रभार पीसीसीएफ जेएफएम पीके सिंह को दिया जा सकता है। फरवरी में अम्बाडे होंगे पीसीसीएफ वन्य प्राणीपाटिल के जनवरी में रिटायर होने पर पीसीसीएफ वन्य प्राणी असीम श्रीवास्तव वन बल प्रमुख बनेंगे और उनकी जगह पर 88 बैच के आईएफएस विजय एन अम्बाडे पीसीसीएफ वन्य प्राणी होंगे. विभाग में अम्बाडे की छवि वन्य प्राणी विशेष के रूप में बनी हुई है। अनूपपुर डीएफओ पर गिर सकती है गाजअनूपपुर डीएफओ सुशील प्रजापत पर गाज गिरने की संभावना प्रबल हो गई है। महिला कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और खरीदी में गड़बड़ी संबंधित जांच रिपोर्ट प्रशासन-एक को मिल गई है। पीसीसीएफ प्रशासन एक शाखा ने आरोप पत्र तैयार कर लिए है। शीघ्र ही उन्हें जारी किया जा रहा है। डीएफओ प्रजापत के खिलाफ जांच वन संरक्षक शैलेंद्र गुप्ता ने की थी। सूत्रों ने बताया कि जांच प्रतिवेदन में उन्हें दोषी करार दिया गया है। इस बीच डीएफओ द्वारा वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बदसलूकी का सिलसिला जारी है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने सीहोर के मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम का किया निरीक्षण

मतगणना की तैयारियों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया जायजा

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी, शिवपुरी की घटना पर मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने सीहोर के मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम का किया निरीक्षण

Chief Election Officer Rajan inspected the polling station and the strong room in Sehore. मतगणना की तैयारियों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया जायजा साकिब कबीरभोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश अनुपम राजन ने सीहोर जिले के शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुँचकर विधानसभा निर्वाचन-2023 के अंतर्गत आगामी 3 दिसंबर को जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए होने वाली मतगणना के लिए की जा रही तैयारियों का अवलोकन किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सिंह ने मतगणना के लिए की जा रही व्यवस्थाओं और तैयारियों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने विधानसभावार बनाए गए मतगणना कक्षों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही डाक मतपत्रों की गणना के लिए की जा रही तैयारियों, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने मतगणना टेबिले, मतगणना कार्य में संलग्न अमले की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, डाक मतपत्रों की संख्या आदि के बारे में जानकारी ली। साथ ही मतगणना स्थल परिसर में रूके हुए निर्वाचन अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की तथा सीसीटीवी के माध्यम से कक्ष से ही स्ट्रांग रूम की मॉनीटरिंग संबंधी व्यवस्था को देखा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन मतगणना व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने निर्देश दिए कि विधानसभा निर्वाचन-2023 की मतगणना 3 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ शुरू होगी। सुबह 8:30 बजे से ईव्हीएम में दर्ज मतों की गणना प्रारंभ होगी। उन्होंने मतगणना के दिन विद्युत की सतत् आपूर्ति हो और किसी भी वजह से मतगणना कार्य प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतगणना स्थल पर सभी व्यवस्थाएँ सुचारू तरीके से उपलब्ध रहें। श्री राजन ने मतगणना स्थल के निरीक्षण के पश्चात कलेक्ट्रेट में कोषालय के स्ट्रांग रूम का अवलोकन कर डाक मतपत्र की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। श्री राजन ने ईवीएम के लिए बनाए गए वेयर हाउस का भी निरीक्षण किया तथा निर्वाचन के पश्चात ईवीएम के रखने के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एसपी मयंक अवस्थी, जिला पंचायत सीईओ आषीश तिवारी, सहायक कलेक्टर अर्पित गुप्ता, अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह तथा एएसपी गीतेश गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पार्टियों ने काटा टिकट, तो विधानसभा सचिवालय ने कहा, बंगला खाली करो

Parties have issued tickets, so the Legislative Assembly Secretariat has said, Vacate the bungalow. छिनेगा यशोधरा राजे से बंगला, चुनाव नहीं लड़ने वाले विधायकों को नोटिस, विधानसभा सचिवालय ने 30 बेटिकट विधायकों को भेजा पत्र भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों बड़ी पािर्टयों भाजपा और कांग्रेस ने इनकमवेंशी के कारण लगभग ढाई दर्जन के क्या टिकट काट दिए कि अब उनका बंगला भी छिनने वाला है। यानि इधर पार्टियों ने टिकट काटा, तो उधर, जैसे लोकसभा में राहुल गांधी का बंगला िछनने की जल्दबाजी की गई, उसी तरह विधानसभा सचिवालय ने भी बेटिकट वाले माननीयों को बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया है। इससे इन माननीयों की भोपाल में रहने को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है। अब तीन दिसंबर को मतगणना होनी है। जिसमें 16वीं विधानसभा के सदस्यों के नाम सामने आ जाएंगे। नई विधानसभा सदस्यों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए सचिवालय ने उन विधानसभा सदस्यों को नोटिस जारी कर दिया है, जो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे भाजपा और कांग्रेस के 30 वर्तमान विधायकों को नोटिस देकर आवास खाली करने को कहा गया है। हालांकि वर्तमान विधायक नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते हैं। नए विधायकों को लेकर टेंशन में विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के जीतने के बाद उन्हें भोपाल में सरकार द्वारा आवास मुहैया कराया जाता है। इसको लेकर विधानसभा सचिवालय ने राज्य सरकार को भी पत्र लिखा है। इसमें नए विधायकों के चुन कर आने पर उनके लिए गेस्ट हाउस और रेस्ट खाली रखने को कहा गया है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से भी विभिन्न विभागों को लिखा गया है।

कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश, जो सत्ता में आएगा, करोड़ों का कर्ज मिलेगा विरासत में।

Madhya Pradesh will inherit debts in the millions when it comes to power. मनीष त्रिवेदीभोपाल, मध्यप्रदेश में इस बार तीन दिसंबर को जिसकी भी सरकार बनती है, उसे करोड़ों का कर्ज विरासत में मिलेगा। क्योंकि प्रदेश सरकार पर करोड़ों के कर्ज हैं। ऐसे में यह सवाल लाजमी है कि जिसकी भी सरकार बनती है उसने जो जनता से वादे किए हैं वह कैसे पुरे होंगे? फिलहाल सरकार के ऊपर 3.85 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है. प्रदेश के हर नागरिक पर 47 हजार रुपए का कर्ज है. सरकारी खजाने से साल का 20 हजार करोड़ रुपये तो सिर्फ ब्याज चुकाने में जा रहा है. मध्यप्रदेश शासन का वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट 3.14 लाख करोड़ रुपए का है. इसका तकरीबन 26.2% हिस्सा वेतन, भत्ते और ब्याज की अदायगी में ही चला जाता है. अकेले वेतन-भत्ते को देखें तो वित्तीय वर्ष खत्म होने तक 56 हजार 314 हजार करोड़ रुपये से अधिक इस पर खर्च होंगे. यह बजट का 18.64% होता है. वहीं, पेंशन पर बजट का 18 हजार 636 करोड़ रुपए यानी 6.17% और ब्याज पर 22 हजार 850 करोड़ रुपये यानी 7.56% खर्च होगा. मौजूदा फाइनेंसियल बजट के मुताबिक सरकार की आमदनी 2.25 लाख करोड़ है और खर्च इससे 54 हजार करोड़ है. अब नई सरकार को वर्तमान बजट से अधिक राशि की आवश्यकता होगी. मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव के परिणाम 3 दिसंबर को आने हैं. मतदान के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस की ओर से सरकार बनाने का दावा किया जा रहा हैं. हालांकि,वोटर का फैसला 3 दिसम्बर को आएगा लेकिन सूबे में सरकार किसी भी पार्टी की बने, उसे विरासत में खाली खजाना मिलेगा. फिलहाल सरकार के ऊपर 3.85 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है. साफ है कि नई सरकार के लिए खस्ताहाल खजाने से अपनी लोक-लुभावन चुनावी घोषणाओं को पूरा करने के लिए बड़ी चुनौती सामने आने वाली है. जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार सालाना 20 हजार करोड़ रुपए ब्याज देती है. जीएसटी लागू होने के बाद से राज्य के पास नए टैक्स लगाने की गुंजाइश बेहद सीमित रह गई है. ऐसे में सरकार किसी भी बने, उसके लिए अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने के साथ वित्तीय प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी. अभी मध्यप्रदेश सरकार पर जितना कर्ज है, उस लिहाज से देखा जाए तो हर नागरिक पर 47 हजार रुपए का कर्ज है. वित्तीय जानकार बताते है कि पिछले 23 सालों में प्रति व्यक्ति कर्ज 42000 बढ़ गया है. साल 2001-02 में प्रदेश पर 23 हजार करोड़ रुपए का कुल कर्ज था. जनसंख्या के हिसाब से प्रतिव्यक्ति बमुश्किल 3,500 हजार रुपए का कर्ज था. दरअसल, 31 मार्च 2023 को खत्म वित्तीय वर्ष में सरकार पर 3.31 लाख करोड़ का कर्ज था, जो 2023-24 के अंत तक 3.85 लाख करोड़ रुपए हो गया.

नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

The opposition leader filed a complaint with the Election Commission. भिंड कलेक्टर के खिलाफ लगाए आरोप, मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा. Udit Narayan – Sahara Samachaar भोपाल। मप्र के नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को हटाए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा वे मेरी जीत का कारण पूछते हैं। वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से पूछते हैं कि मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं। सिंह ने भिंड कलेक्टर पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा था। यहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन से मुलाकात भिंड कलेक्टर को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। गोविंद ने इस संबंध में चुनाव आयोग में ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना है कि संजीव श्रीवास्तव के रहते लहार विधानसभा में निष्पक्ष काउंटिंग नहीं हो पाएगी। वे भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। इसीलिए कलेक्टर श्रीवास्तव को हटाया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि भिंड कलेक्टर ने साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने डाक मत पत्रों को कोषालय में जमा भी नहीं कराया गया। इतना ही मतदान दिवस पर कलेक्टर के आदेश पर मतदाताओं को प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग वोट नहीं कर पाए। कांग्रेस एजेंट्स को कलेक्टर ने मतदान केंद्र के बाहर बैठाए रखा और फर्जी मतदान करवाया गया। उन्होंने कहा कि भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को सीनियर आईएएस का संरक्षण प्राप्त है और यह सब कुछ उनके ही इशारे पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले ही उन्होंने सीएस को हटाने के लिए मांग उठाई थी।

बागियों ने अपनों की बढ़ाई मुश्किलें, त्रिकोणीय से भाजपा-कांग्रेस में टेंशन.

Tensions arise between BJP and Congress in triangular. दो दर्जन सीटों पर फसा पेंच, कहीं बागी भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर 17 नवंबर को मतदान होने के बाद 3 दिसंबर के परिणाम पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। वैसे तो प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला बताया जा रहा है, लेकिन इस बार बसपा, सपा के साथ ही बागी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यह बागी कहीं भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का। ऐसी करीब दो दर्जन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी की धड़कनें बढ़ी हुई हैं तो वहीं, दोनों ही राजनीतिक दलों की टेंशन भी बढ़ गई है। बीएसपी ने 181 और निर्दलीय 1166 प्रत्याशी मैदान मेंबहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने इस चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन किया है। बीएसपी ने 181 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 37 प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा प्रदेश में समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, जन अधिकार पार्टी, जनता दल यूनाइटेड पार्टी चुनाव मैदान में है। 2018 के चुनाव में बीएसपी को 6.42 प्रतिशत वोट मिले थे और दो सीटों पर जीत हासिल की थी। पिछली बार भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटों पर विजय मिली थी। बागियों के कारण इन सीटों पर फसा पेंच राजनगर :छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा में भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे डॉ. घासीराम पटेल बागी होकर बसपा से चुनावी मैदान हैं। उनके मैदान में आने से इस विधानसभा का चुनाव पूरी तरह से त्रिकोणीय हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों की मुश्िकल में फंसे हुए हैं। यहां अभी कांग्रेस के नाती राजा विधायक हैं। टीकमगढ़ :टीकमगढ़ विधानसभा शहरी क्षेत्र में है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का हर चुनाव में यहां खासा असर दिखाई देता है। इस बार भाजपा के विधायक राकेश गिरी गोस्वामी को उन्हीं की पार्टी के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव बागी होकर कड़ी टक्कर दे रहे हैं। नर्मदापुरम :यहां पर भाजपा से बागी भगवती चौरे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी सीताशरण शर्मा को इससे नुकसान हो सकता है। इस सीट पर कांग्रेस से सीताशरण शर्मा के भाई गिरजाशंकर शर्मा प्रत्याशी हैं। भगवती चौरे के निर्दलीय चुनाव लड़ने से इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है। सतना :भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष और भाजयुमो के दो बार सतना जिला अध्यक्ष रहे चुके रत्नाकर चतुर्वेदी शिवा बसपा से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बसपा की सदस्यता ले ली थी। यहां पर भाजपा ने चार बार के सांसद गणेश सिंह और कांग्रेस ने विधायक सिद्धार्थ कुशवाह मैदान में हैं। बुरहानपुर :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा प्रत्याशी हैं। सीधी :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर सीधी सीट पर विधायक केदारनाथ शुक्ला निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे भाजपा प्रत्याशी रीति पाठक को नुकसान हो सकता है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से ज्ञान सिंह प्रत्याशी हैं। मुरैना :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से रघुराज कंसाना और कांग्रेस से दिनेश गुर्जर प्रत्याशी हैं। टीकमगढ़ :भाजपा से पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव टीकमगढ़ में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने वर्तमान विधायक राकेश सिंह और कांग्रेस ने यादवेंद्र सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। भिंड :बसपा से चुनाव जीत कर भाजपा में शामिल होने पर संजीव कुशवाह ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर कुशवाह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से नरेंद्र सिंह कुशवाह और कांग्रेस से चौधरी राकेश चतुर्वेदी मैदान में हैं। सुमावली :कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप सिंह सिकरवार बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से एंदल सिंह कंसाना और कांग्रेस से अजब सिंह कुशवाह को टिकट दिया है। चाचौड़ा :भाजपा से पूर्व विधायक ममता मीणा आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं। यहां पर कांग्रेस से विधायक लक्ष्मण सिंह प्रत्याशी हैं। वहीं, भाजपा ने प्रियंका मीणा को प्रत्याशी बनाया है। धार :पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव यादव पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने विधायक नीना विक्रम वर्मा और कांग्रेस ने प्रभा गौतम को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. अंबेडकर महू :कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व विधायक अंतरसिंह दरबार महू से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने राम किशोर शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा की तरफ से वर्तमान विधायक उषा ठाकुर हैं। परसवाड़ा :बालाघाट की परसवाड़ा सीट पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी पूर्व विधायक कंकर मुंजारे के चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा की तरफ से रामकिशोर कांवरे और कांग्रेस ने मधु भगत प्रत्याशी हैं। सिरमौर :सिरमौर विधानसभा सीट पर पूर्व डीएसपी वीडी पांडे ने मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। यहां पर भाजपा से दिव्यराज सिंह और कांग्रेस से रामगरीब कोल प्रत्याशी हैं। रैगांव :बसपा प्रत्याशी देवराज अहिरवार ने रैगांव में मुकाबला रोचक कर दिया है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से विधायक कल्पना वर्मा और भाजपा की तरफ से प्रतिमा बागरी प्रत्याशी है। नागौद :कांग्रेस से टिकट कटने पर यहां पर पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह बीएसपी से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने डॉ. रश्मि सिंह पटेल और भाजपा ने नागेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है। देवतालाब :यहां पर समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रही सीमा जयवीर सेंगर से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और कांग्रेस ने पद्ममेश गौतम को टिकट दिया है। सीमा जयवीर सेंगर 2018 में बसपा से चुनाव लड़ कर दूसरे नंबर पर थी।

वन विभाग में चल रहा जंगलराज – हरियाली बढ़ाने के बजाय 10 हजार पौधों को फेंका.

Jungle Raj is prevailing in the Forest Department – instead of promoting greenery, 10 thousand saplings were thrown away. जेसीबी से मिट्टी और खाद नालों में डाली, एसडीओ ने रिपोर्ट में दस्तावेज और फोटो दिए, फिर भी डीएफओ ने कोई एक्शन नहीं लियाThe Soil and Fertilizers were added, and the SDO provided documentation and photos in the report. District Forest Officer (DFO) did not take any action. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश में वन विभाग के अंदर जंगलराज पूरी तरह से फैल चुका है। हरियाली को बढ़ाने के लिए लाए गए करीब दस हजार पौधों जंगल में फेंकने का कारनामा उजागर हुआ है। जूनियर अधिकारी की रिपोर्ट के बाद भी वृक्षारोपण में बरती गई। इस लापरवाही पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। ताजा मामला खरगोन जिले के भीकनगांव का है। खरगोन के इस मामले में भी बार-बार एसडीओ की रिपोर्ट पर डीएफओ ने अब तक कार्रवाई नहीं की है। एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में दस्तावेज और फोटो संलग्न किए हैं, बावजूद इसके डीएफओ ने कोई एक्शन नहीं लिया है। वृक्षारोपण में गड़बड़ी का मामला खरगोन वन मंडल के भीकनगांव रेंज का है। एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि 10 हजार से अधिक पौधे जंगल में फेंक दिए गए जिनका प्लांटेशन नहीं किया गया। यही नहीं प्लांटेशन के लिए खोदे गए गड्ढे के पास खाद और मिट्टी का ढेर लगा हुआ है। इसकी तस्वीर भी एसडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में डीएफओ को भेजी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फर्जी और घटिया काम के प्रमाणकों को पास करने के लिए दबाव बनाया जाता है। वृक्षारोपण के लिए गड्ढों में मिट्टी परिवर्तन और खाद भी नहीं डाला गया है। जेसीबी से मिट्टी और खाद नालों में फेंके गए हैं। इस मुद्दे को लेकर वन विभाग के अफसरों ने चुप्पी साध ली। सूत्रों का कहना है कि खरगोन डीएफओ प्रशांत कुमार जब सागर दक्षिण में पदस्थित है तब वनीकरण क्षतिपूर्ति के तहत किए गए वृक्षारोपण में भी इसी तरीके की धांधली पाई गई थी। ऐसी गड़बड़ी के चलते उनके खिलाफ विभाग की जांच अभी भी चल रही है। इसके बाद भी खरगोन में वृक्षारोपण की गड़बड़ी पर उनकी लापरवाही बनी हुई है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने रायसेन में मतगणना स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा.

Chief Election Officer Rajan inspected the polling booth in Raisen and assessed the preparations for the upcoming election. साकिब कबीरभोपाल । मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश अनुपम राजन ने बुधवार को भोपाल संभाग के रायसेन में शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज पहुंचकर विधानसभा निर्वाचन-2023 अंतर्गत आगामी 3 दिसंबर को जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के लिए होने वाली मतगणना हेतु की जा रही तैयारियों का अवलोकन किया । मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद दुबे ने मतगणना के लिए की जा रही व्यवस्थाओं और तैयारियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने विधानसभावार बनाए गए मतगणना कक्षों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही डाक मतपत्रों की गणना के लिए की जा रही तैयारियों, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने मतगणना टेबिले, मतगणना कार्य में संलग्न अमले की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, डाक मतपत्रों की संख्या आदि के बारे में जानकारी ली। बाद में उन्होंने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। साथ ही मतगणना स्थल परिसर में रूके हुए निर्वाचन अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के कक्ष में जाकर उनसे चर्चा की तथा सीसीटीवी के माध्यम से कक्ष से ही स्ट्रांग रूम की मॉनीटरिंग संबंधी व्यवस्था को देखा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन मतगणना व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। श्री राजन कम्पोजिट भवन में जिला कोषालय पहुंचे तथा यहां बने डबल लॉक कक्ष में रखे गए सांची विधानसभा के डाक मतपत्रों की जानकारी ली। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था का भी अवलोकन किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने निर्देश दिए कि विधानसभा निर्वाचन-2023 की मतगणना 3 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ शुरू होगी। सुबह 8:30 बजे से ईव्हीएम में दर्ज मतों की गणना प्रारंभ होगी। मतगणना के दिन विद्युत की सतत् आपूर्ति हो और किसी भी वजह से मतगणना प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करें। मतगणना स्थल पर सभी व्यवस्थाएँ सुचारू तरीके से उपलब्ध रहें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विकास शहवाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।

कलेक्टर ने पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण कर पीयूसी जाँच की व्यवस्था का किया अवलोकन.

Collector conducted an inspection of petrol pumps and reviewed the arrangements for checking the quality of petrol and diesel. होशंगाबाद रोड पर चल रही वाहनों के प्रदूषण जाँच का किया औचक निरीक्षण, पीयूसी न पाये जाने पर होगी चालानी कार्यवाही. भोपाल के बिगड़ते AQI स्तर को देखते हुए वाहनों के प्रदूषण स्तर की जाँच के दिये निर्देश साकिब कबीर – Sahara Samachaarभोपाल। कलेक्टर आशीष सिंह ने बुधवार को 5 नंबर स्थित दुर्गा पेट्रोल पंप एवं पॉलीटेक्निक स्थित पेट्रोल पंप पर पीयूसी जाँच की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को उनके पंप पर पीयूसी की जाँच व्यवस्था रखने के निर्देश दिए है। भोपाल शहर के बढ़ते प्रदूषण स्तर के मद्देनज़र कलेक्टर ने वाहनों के प्रदूषण स्तर की जाँच करने एवं पीयूसी न होने की स्थिति में चालानी कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। इस दौरान एडीएम श्री हरेन्द्र नारायण, आरटीओ, पॉल्युशन कंट्रोल के अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री सिंह के निर्देश के बाद से वाहनों के प्रदूषण स्तर की जाँच की जा रही है। कमर्शियल वाहनों में पीयूसी न होने पर चालानी कार्यवाही की जाएगी, जिसके अंतर्गत 5000 तक के चालन का प्रावधान है। इसी के साथ प्रायवेट वाहनों को पीयूसी कराने 15 दिनों का समय दिया जा रहा है, इसके बाद इन पर भी चालानी कार्यवाही की जायेगी। भोपाल शहर के बिगड़ते AQI स्तर को देखते हुए की जा रही कार्यवाही। इसी के साथ कलेक्टर आशीष सिंह ने मिसरोद, होशंगाबाद रोड पर चल रही वाहनों के प्रदूषण स्तर की जाँच का औचक निरीक्षण भी किया और जाँच की टेक्निकलिटी समझी। उन्होंने निर्देश दिए कि वाहनों के पीयूसी की जाँच निरंतर जारी रखी जाए एवं पीयूसी न पाये जाने पर उचित कार्यवाही की जाए।

बीटीआर में टिकट की कालाबाजारी से अधिकारियों की दिवाली

The corruption in the purchase of tickets in the BTR is a celebration for the officials more than Diwali. उदित नारायण बांधवगढ़:- टाइगर रिजर्व में स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाले पड़े हैं, और यहां अधिकारियों की जमकर कमाई का आरोप लगा है। स्थानीय जनों में पर्यटकों के टिकट के कालाबाजारी का चर्चा जोरों पर है। विभाग के कर्मचारियों के ऊपर चहेतों और पूंजीपतियों के दबाव में टिकट का बड़ा खेल किया जा रहा है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। लिहाजा स्थानीय जनों की माने तो उनके अनुसार टिकट के कालाबाजारी के इस खेल में नीचे से ऊपर तक कि कड़ी के संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जिसका खामियाजा दूर से आने वाले सैलानियों को उठाना पड़ता है और बांधवगढ़ की सफारी का सपना बुनकर आने वाले पर्यटक बगैर सैर के ही वापस लौट जाते हैं। वीआईपी टिकट के नाम पर किये जाने वाले इस कारनामे ने बीटीआर की समूची व्यवस्था ही चौपट कर दी है। कारनामे का कौन है जिम्मेदार – बांधवगढ़ में कई पूंजीपतियों के रिसोर्ट हैं, साथ ही कई बड़े  पहुंच का दम भरने वाले वे लोग भी जो टिकट बुकिंग का काम करते हैं। दिवाली की इस भीड़ में जहां लोगों को सफारी के लिए मसक्कत करनी पड़ रही थी, तो वहीं उक्त लोग टिकट का जुगाड़ बीटीआर के कर्मचारियों के सह पर बना रहे थे। बांधवगढ़ में इससे पूर्व भी टिकट के कालाबाजारी के कारनामे से पर्दा उठ चुका है, लेकिन टिकट का खेल ज्यों का त्यों अभी भी जारी है। सूत्रों के मुताबिक़ वीआईपी के नाम पर टिकट की बुकिंग कर गाढ़ी कमाई की जा रही है, इसमें बीटीआर के कई अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। यही नहीं हर विभाग के जिम्मेदार मिलकर राजस्व को चुना लगाने में जुटे हैं, वहीं सैलानियों को भी सफारी के लिए कई कठिनाईयों से गुजरना पड़ता है। अफसर ही लूट के कटघरे में – पूंजीपति रिसोर्ट सञ्चालक अपने रसूख के बल पर टिकट तो बुक कर लेते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर सक्रीय कुछ दलाल बड़े अधिकारी और वीआईपी के नाम पर टिकट लेकर महंगे दामों में पर्यटकों को सफारी करा रहे हैं। यही नहीं कई वर्षों से एक ही स्थान पर जमें स्थानीय शासकीय विभागों के कर्मीयों पर भी टिकट कालाबाजारी के आरोप लग रहे हैं, इन कर्मियों द्वारा शासकीय प्रोटोकॉल वाहनों को भी पर्यटक सफरी के लिए उपयोग कर कमाई का जरिया बना लिया गया है। जिस तरह से व्यापक पैमाने पर अधिकारियों और अन्य वीआईपी के कोटे की टिकटों के नाम पर खेला किया जा रहा है उससे समूची व्यवस्था चौपट हो रही है साथ ही पर्यटन से मिलने वाले राजस्व की हानि भी हो रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि वीआईपी के नाम पर जितनी भी टिकट बुकिंग हुई है उनकी जांच कर दी जाए तो मामले में शामिल अधिकारियों और व्यक्तियों के नामों का खुलासा हो जाएगा।

कलेक्टर ने किया नेहरू नगर, रंगमहल, बागसेवनिया, दानिश एवं बिट्टन मार्केट चौराहों का निरीक्षण.

Collector inspected Nehru Nagar, Rangmahal, Bagsevaniya, Danish, and Bittan markets yesterday. ट्रैफिक जाम एवं अव्यवस्था से निजात पाने इन चौराहों का होगा चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण, चौराहों के अवैध अतिक्रमण हटाये जायेंगे। फ्री लेफ्ट टर्न का चलाया जायेगा अभियान, नगर निगम एवं पीडब्ल्यूडी को प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के दिये निर्देश. साकिब कबीरभोपाल: कलेक्टर आशीष सिंह ने मंगलवार की सुबह नेहरू नगर चौराहा, रंगमहल चौराहा, बागसेवनिया चौराहा, दानिश चौराहा एवं बिट्टन मार्केट चौराहा का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त फ़्रेंक नोबल ए, एडीएम श्री हरेन्द्र नारायण सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री सिंह ने निरीक्षण के बाद कहा कि इन चौराहों पर आये दिन ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है जिससे उत्पन्न अव्यवस्था के चलते कई बार हादसे भी देखे गये है। इन समस्याओं से निजात पाने के लिये चौराहों का चौड़ीकरण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने एवं जाम की समस्या से निजात पाने के लिये यह आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन चौराहों का सौंदर्यीकरण भी होगा। उन्होंने चौराहों के चौड़ीकरण में डिवाइडर एवं फ्री लेफ्ट टर्न को सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिये जिससे ट्रैफिक का मूवमेंट व्यवस्थित रहे और जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। इसके साथ ही चौराहों पर स्थित अवैध अतिक्रमण को भी हटाया जायेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित विभागों नगर निगम एवं पीडब्ल्यूडी को चौराहों के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिये की जाने वाली प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये

सिर्फ वेबसाइट तक ही सिमटा कामकाज, शिवराज सरकार का आनंद विभाग.

Work of the Anand Department of the Shivraj government is confined only to the website. Manish Trivedi भोपाल: वर्ष 2016 में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने आनंद विभाग (Ministry of Happiness) के गठन को मंजूरी दी थी. मोटे तौर पर इसका मूल मकसद राज्य की जनता में खुशहाली का स्तर मापकर उनका जीवन खुशहाल बनाने का प्रयास करना था. इसकी प्रेरणा मुख्यमंत्री चौहान को भूटान के राष्ट्रीय खुशहाली सूचकांक से मिली थी. इसलिए मध्य प्रदेश का एक ‘हैप्पीनेस इंडेक्स’ जारी करने की भी बात कही गई थी, जो राज्य की जनता में खुशहाली का स्तर बताता. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले उनके इस विभाग के कामकाज की गंभीरता का पता इससे भी चलता है कि संस्थान के कार्यों के निष्पादन हेतु 28 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 13 रिक्त हैं. वहीं, वेबसाइट पर जिन 17 पदाधिकारियों का उल्लेख है, उनमें सामान्य सभा के अध्यक्ष के तौर पर मुख्यमंत्री, कार्यपालन समिति के अध्यक्ष के तौर पर राज्य के प्रमुख सचिव और सीईओ के अलावा बाकी 14 पदों में से 7 रिक्त हैं. द वायर में आनंद विभाग के ऊपर एक रिपोर्ट के अनुसार आनंद विभाग पर एक रिपोर्ट के अनुसार  संस्थान की ओर से आनंद के विषय पर शोध/अनुसंधान के लिए ‘आनंद रिसर्च फेलोशिप’ भी जारी की जाती है, लेकिन आज तक कोई शोध प्रकाशित नहीं हुआ है. लोगों के जीवन में आनंद घोलने का बजट 10 पैसा प्रति व्यक्ति है आनंद विभाग का गठन एक स्वतंत्र विभाग के रूप में हुआ था. वर्ष 2018 में सरकार बदलने पर इसका विलय अध्यात्म विभाग में कर दिया गया. वापस भाजपा की सरकार आने पर इसे फिर से स्वतंत्र कर दिया गया. वर्ष 2022-23 में इसको 5 करोड़ का बजट आवंटित हुआ था, जिसमें 2 करोड़ वेतन भुगतान, कार्यालय किराया, बिजली-पानी व्यय, प्रकाशन एवं प्रचार-प्रसार के लिए थे. 3 करोड़ का पोषण अनुदान था, जिससे विभाग को आनंद के प्रसार के कार्यक्रमों का संचालन करना था. विभाग केवल 4.22 करोड़ की राशि खर्च कर सका. वित्तीय वर्ष 2021-22 के उपलब्ध दस्तावेज बताते हैं मुख्यमंत्री के इस महत्वाकांक्षी विभाग द्वारा आनंद के प्रसार के लिए चलाए जाने वाले सभी कार्यक्रमों पर केवल 79 लाख रुपये खर्च किए गए, जो राज्य की लगभग 8 करोड़ आबादी के लिहाज से लगभग 0.10 पैसा प्रति व्यक्ति होता है. हालांकि, इस बजट को पर्याप्त मानते हैं. उनका कहना है, ‘हम वालंटियर (स्वयंसेवी) के जरिये काम करते हैं. यह एक नई अवधारणा लाने की शुरुआत है, समय तो निश्चित तौर पर लगेगा. बजट हमारे लिए पर्याप्त है, कोई समस्या नहीं है.’ ‘आनंद विभाग’ या ‘सरकारी अधिकारी/कर्मचारी आनंद विभाग?’ स्वयंसेवी आनंदकों (84 हजार से अधिक) में बड़ी संख्या में शासकीय सेवक शामिल हैं (दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक 40 फीसदी से अधिक), उनमें भी शिक्षा विभाग के कर्मियों की संख्या इनमें अधिक है. अशासकीय व्यक्तियों में समाजसेवी, पत्रकार जैसे ज़मीनी सक्रियता वाले पेशों के लोग शामिल हैं. वहीं, वेबसाइट पर उपलब्ध 268 आनंदम सहयोगियों की सूची में 60 फीसदी से अधिक शासकीय कर्मचारी हैं. भले ही पूरी योजना को वॉलंटियर रूप से सफल बनाने का ख्वाब देखते हों लेकिन द वायर से बातचीत में ‘अशासकीय आनंदम सहयोगी’ कहते हैं कि हम काम-धाम छोड़कर अपने मन की संतुष्टि के लिए लोगों में खुशियों बांटने के प्रयास करते हैं, तो कम से कम विभाग को हमारे पानी-पेट्रोल का खर्च तो देना ही चाहिए. विभाग के गठन के समय राज्य का हैप्पीनेस इंडेक्स जारी करने को इसका सबसे महत्वपूर्ण कार्य बताया गया था. आईआईटी खड़गपुर के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने के अलावा तत्कालीन अधिकारियों ने सरकारी खर्च पर भूटान के दौरे भी किए थे. लेकिन, तब से अब तक नतीजा सिफर ही रहा है. कभी कोरोना, तो कभी किसी अन्य कारण से बार-बार राज्य आनंद संस्थान की ओर से इंडेक्स जल्द ही जारी करने का आश्वासन दिया जाता है. वेबसाइट पर उपलब्ध विभागीय कामकाज की उपरोक्त जानकारी किसी को भी बेहद आकर्षक लग सकती है लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और है. ‘द वायर’ ने इस दौरान कई ‘आनंदम सहयोगी’ से बात की. इनमें एक डॉ. सत्य प्रकाश शर्मा भी थे. उनका नाम वेबसाइट पर ग्वालियर के ‘आनंदम सहयोगी’ के रूप में दर्ज है. द वायर से बातचीत में उन्होंने बताया, ‘जो भी दिख रहा है वो केवल कागजों में है, धरातल पर शून्य है. आपको केवल संस्थान के ईमेल मिलेंगे, वेबसाइट पर सब कुछ मिलेगा, ज़मीन पर कुछ भी नहीं है. विभाग की सक्रियता केवल फोटो खिंचवाकर अपलोड करने तक है. थोड़ी-बहुत गतिविधियां कर देते हैं, जिससे फोटो बन जाते हैं और वेबसाइट पर अपलोड हो जाते हैं. कुल मिलाकर यह केवल एक वेबसाइट के अलावा और कुछ नहीं है. डॉ. शर्मा के दावों की ज़मीनी पड़ताल की और राज्य के विभिन्न तबकों से जुड़े लोगों से बात करके जाना कि वह ‘आनंद विभाग ’ या ‘राज्य आनंद संस्थान’ के कामकाज को किस तरह देखते हैं या उसके कामकाज के बारे में कितना जानते हैं. शिवपुरी और श्योपुर ज़िलों में आदिवासी समुदाय के बीच पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार आदि समस्यों पर सक्रियता से काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अजय यादव को तो पता ही नहीं है कि ऐसा कोई विभाग भी है जो लोगों का जीवन खुशहाल बनाने के लिए कार्य करता है. ‘मैं करीब दशकभर से वंचित तबकों के बीच काम कर रहा हूं, लेकिन मैंने आज तक आनंद विभाग या राज्य आनंद संस्थान का नाम ही नहीं सुना और न ही कभी इसके द्वारा किया गया कोई आयोजन देखा.’ सिवनी ज़िले के केवलारी खेड़ा गांव के किसान सतीश राय, जो किसान संबंधी समस्याओं पर भी मुखर रहते हैं, को भी नहीं पता कि लोगों के जीवन में आनंद का प्रसार करने के लिए भी कोई विभाग काम कर रहा है. वे आगे कहते हैं, मेरे जैसे सक्रिय किसान को भी ऐसे किसी विभाग या उसके कार्यक्रमों और आयोजनों की जानकारी नहीं है. कोई भी ग्रामीण इस विभाग की गतिविधियों के बारे में नहीं बता पाएगा कि इसके कार्यक्रम कब और कहां होते हैं.’ पूरे राज्य में पोषण, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल अधिकार और नागरिक अधिकारों पर काम करने वाली भोपाल की एनजीओ विकास संवाद के राकेश मालवीय को विभाग के गठन … Read more

मप्र के हारे थके भाजपा नेत और मंत्री चले तेलंगाना, करेंगे प्रचार.

Tired after the elections in Madhya Pradesh, BJP leaders and ministers have gone to Telangana to campaign. मप्र को निपटाकर अब तेलंगाना को निपटाएंगे नेता, मंत्री, तेलंगाना के चुनाव में शिवराज कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्रियों की लगी ड्यूटी, चुनाव प्रचार में होंगे शामिल, राजस्थान में सीएम की होंगी सभाएं. अपने आपको मप्र और देश का बड़ा नेता कहने वाले कैलाश विजयवर्गीय से पार्टी ने किया किनारा. मप्र विधानसभा चुनाव के बाद कैलाश विजयवर्गीय का पार्टी ने घटाया कद घटा, बने छोटे नेता. Udit Narayanभोपाल। मध्यप्रदेश में चुनाव के बाद अब बीजेपी हाईकमान ने तेलंगाना में हो रहे चुनाव के लिए कमर कस ली है। मध्यप्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता भी अब तेलंगाना चुनाव में मोर्चा संभालेंगे। इसके लिए एमपी भाजपा से एक दर्जन से अधिक नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। दिलचस्प बात यह है कि अपने आपको मप्र और देश का बड़ा नेता कहने वाले कैलाश विजयवर्गीय से फिलहाल उनसे किनारा कर लिया। पार्टी ने जिन 22 नेता और मंत्रियों की सूची बनाई, उसमें उनका नाम नहीं है। पार्टी ने उन्हें प्रचार प्रसार करने लायक नेता नहीं समझा है। एक तरह से उनके कद का छोटा आंक लिया है। अब वे छोटे कद के नेता बन गए हैं। वहीं शिवराज कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्रियों की चुनावी प्रचार में ड्यूटी लगा दी गई है। सभी इसी वीक से तेलंगाना की अलग-अलग विधानसभाओ में डेरा डालेंगे। इनमें कई मंत्री और संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजस्थान में चुनाव प्रचार करेंगे। उन्हें स्टार प्रचारक बनाया गया है। बता दें, राजस्थान में 25 और तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होगा। फिलहाल, यहां भाजपा का प्रचार जारी है। 22 नेता जाएंगे तेलंगाना

काउंटिंग से पहले कांग्रेस के सभी पोलिंग एजेंट और 230 प्रत्याशियों की होगी ट्रेनिंग.

Before the counting, all polling agents of the Congress and 230 candidates will undergo training 26 नवंबर को सभी उम्मीदवारों को बुलाया, ईवीएम की मानीटिरिंग और गणना का होगा प्रशिक्षण Udit Narayanभोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला एश्ट में कैद है। आगामी 3 दिसंबर को मतों की गणना की जाएगी। वहीं मतगणना की तैयारी में सभी राजनीतिक पार्टियां जुट गई है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने विधानसभा प्रत्याशी को राजधानी भोपाल बुलाया है। जानकारी के अनुसार, एमपी कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के सभी 230 विधायक प्रत्याशियों को ट्रेनिंग के लिए राजधानी भोपाल बुलाया गया है। विधायक प्रत्याशी और मतगणना एजेंट को ट्रेनिंग दी जाएगी। आपको बता दें कि, 26 नवंबर को एमपी कांग्रेस द्वारा ट्रेनिंग कैंप लगाया जा रहा है। ट्रेनिंग में प्रत्याशियों को मतगणना से संबंधित जानकारी दी जाएगी। प्रत्याशियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद के साथ पोलिंग एजेंट को भी साथ में लेकर आएंगे। बता दें कि, ट्रेनिंग में मतगणना के दौरान किन-किन बातों का ध्यान रखना है। इस बात की विशेष जानकारी (टिप्स) दी जाएगी। ट्रेनिंग में ईवीएम और वीवीपैट की भी जानकारी दी जाएगी। बता दें कि, साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भी कांग्रेस ने मतगणना के पहले प्रत्याशियों को इसी तरह ट्रेनिंग के लिए बुलाई थी। उसी कड़ी में इसबार भी ऐसा किया जा रहा है। इसके साथ कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि स्ट्रांग रूम में रखी मशीनों की लाइव जानकारी हर एक प्रत्याशी को मिले। स्ट्रांग रूम में लगे कैमरे का लिंक प्रत्याशी को दिया जाए, ताकि वह अपनी सुविधा के मुताबिक स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम मशीनों की गणना तक उन पर नजर रख सके।

95 वर्ष की श्रीमति विद्यावती दूबे ने परिवार के साथ किया मतदान

Mrs. Vidyavati Dubey, 95 years old, cast her vote with her family. साकिब कबीरभोपाल में मतदान के प्रति मतदाताओं में उत्साह देखा गया जिसमे युवाओं के साथ वृद्धजन भी पीछे नहीं रहे। दक्षिण-पश्चिम के मतदान केंद्र क्रमांक 210 पर 95 वर्ष की श्रीमती विद्यावती दूबे अपने परिवार के साथ मतदान करने आईं। उनका लोकतंत्र के उत्सव के प्रति ऐसा जज्बा सभी को प्रेरित करता है ।

मतदान को लेकर युवाओं में उत्साह.

Enthusiasm among the youth regarding voting. कु. ईशा, कु. अदिति और कु. सुष्मिता ने किया पहली बार मतदान साकिब कबीरभोपाल: लोकतंत्र के महोत्सव यानि विधानसभा निर्वाचन के तहत शुक्रवार को पहली बार वोट करने गए युवाओं में बहुत उत्साह था।इन युवाओं में से 3 युवाओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी जो काबिले तारीफ है। विधानसभा क्षेत्र 152 भोपाल दक्षिण-पश्चिम के मतदान केन्द्र क्रमांक 210 में कु. ईशा, कु. अदिति और 211 में कु. सुष्मिता ने उत्साह पूर्वक पहली बार मतदान किया। कुमारी ईशा ने कहा कि मैंने लाईन में खडे़ होकर अपनी बारी का इंतजार किया और यह संदेश दिया कि नियम के साथ काम करते हुये हमें यह पता चलता है कि हमारी व्यवस्थायें सुदृढ हैं। उन्होंने अपने मत का प्रयोग करके खुशी व्यक्त की। सभी मतदाताओं से भी कहा है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। कुमारी अदिति ने कहा कि आज मतदाताओं के लिये महत्वपूर्ण दिवस है। हर मतदाता को लोकतंत्र के इस पर्व पर अपने मत का प्रयोग करके एक ईमानदार जनप्रतिनिधि को चुनने का मौका मिलता है। सभी लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिये। कुमारी सुष्मिता ने कहा कि लोकतंत्र के इस उत्सव में आज पहली बार हिस्सा लेकर उन्हें बहुत खुशी मिल रही है। उन्होंने सभी से अपील कर कहा कि मतदान अवश्य करें और एक जागरूक नागरिक होने का फर्ज निभायें।

गर्भवती ने पहले किया मतदान, फिर गई प्रसव करवाने.

Pregnant woman first cast her vote and then went to arrange for childbirth. साकिब कबीरभोपाल । शुक्रवार को मतदान दिवस पर गर्भवती महिला मतदान के अपने कर्तव्य को नहीं भूली। महिला ने अस्पताल जाने के पहले अपने पोलिंग बूथ पर पहुंच कर वोट किया, उसके बाद अस्पताल पहुंचकर प्रसव करवाया । भोपाल की वार्ड क्रमांक 78 निवासी 23 वर्षीय श्रीमती सानिया शेख पत्नी श्री सोहेल शेख की संभावित प्रसव दिनांक 17 नवंबर थी। 17 तारीख की सुबह स्थानीय आशा कार्यकर्ता श्रीमती सना गर्भवती को अस्पताल ले जाने के लिए घर पहुंची। अस्पताल में भर्ती होने के लिए सभी जरूरी सामान और ए एन सी जांच के दस्तावेजों को रखने के दौरान आशा कार्यकर्ता द्वारा मतदान करने के लिए प्रेरित किया गया। गर्भवती महिला और परिजन भी मतदान के लिए खुशी खुशी तैयार हुए। महिला ने डिलीवरी के लिए भर्ती होने के पूर्व आशा कार्यकर्ता के साथ बूथ क्रमांक 44 जाकर अपना वोट दिया। महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया है। मतदान के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए आशा कार्यकर्ता श्रीमती सना द्वारा जागरूकता गतिविधियां भी की गई थी।

करोड़पति आबकारी अधिकारी अलोक खरे पर लोकायुक्त 4 साल से नहीं कर पा रहा कार्रवाई.

Alok Khare; Excise Inspector; Sahara Samachaar; Lokayukt

The Lokayukta has been unable to take action against the millionaire excise officer Alok Khare for the past four years. Udit Narayan सरकार से अभियोजन की लोकायुक्त ने मांगी अनुमति 4 साल पहले अधिकारी के आधा दर्जन के अधिक ठिकानों पर हुई थी छापेमारी, बंगले, फार्महाउस सहित मिली 100 करोड़ से अधिक संपत्तिFour years ago, the Lokayukta sought permission from the government for prosecution. Raids were conducted at more than half a dozen locations associated with the officer, resulting in the discovery of properties worth over 100 crores, including bungalows, farmhouses, and more. भोपाल। मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग के अधिकारी आलोक खरे पर गाज गिर सकती है। 4 साल पहले लोकायुक्त के छापे के दौरान आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई थी। राज्य सरकार से लोकायुक्त ने अभियोजन की स्वीकृति मांगी की है। लोकायुक्त के पत्र के बाद वाणिज्य कर विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने आलोक खरे की अभियोजन स्वीकृति देने के लिए आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव को पत्र लिखा है। लोकायुक्त पुलिस ने 4 साल पहले सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के साथ ठिकानों पर छापेमारी की थी। भोपाल में दो इंदौर में दो और रायसेन में दो छतरपुर में एक साथ छापेमारी की गई। लोकायुक्त ने कार्रवाई के दौरान पाया कि खरे ने आय से अधिक संपत्ति बनाई है। इसके बाद विभाग ने खरे को रीवा जिला आबकारी आयुक्त बनाकर भेज दिया। छापे के बाद जानकारी निकाली कि 100 करोड रुपए से अधिक की संपत्ति पाई गई है। इंदौर के पास इलाके में पेंट हाउस और बंगले का पता चला है। तीन किलो सोना मिलने की भी जानकारी थी। इंदौर में जिस फ्लैट में आलोक खरे रहते थे, उसे पर ताला था। लोकायुक्त टीम ने ताले को भी सील कर दिया था। भोपाल की चूना भट्टी और बाग मुगलिया में दो बड़े बंगले और कोलार में फार्म हाउस की जमीन से जुड़े हुए दस्तावेज मिले थे। इसके अलावा रायसेन में दो फार्म हाउस का भी खुलासा हुआ। खरे ने अपनी पत्नी के इनकम टैक्स रिटर्न में रायसेन में फलों की खेती से आय होना बताया था। फल दिल्ली में बेचे जाते थे, जिसकी वजह से करोड़ों रुपए की आय हुई। सूत्र बताते हैं कि दस्तावेज की जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि ट्रकों से फल दिल्ली भेजने की बात कही गई लेकिन उन नंबरों की जांच करने के बाद आॅटो के नंबर निकाले। फाइल बंद, फिर खुलीसूत्र बताते हैं कि लोकायुक्त ने डीजी ने आलोक खरे के खिलाफ चल रही फाइल को बंद कर दिया था। इस मामले में लोकायुक्त के चेयरमैन के दखल के बाद हटाए डीजी के खिलाफ सरकार को रिपोर्ट दे दी थी। फिर नए डीजी ने अलोक के मामले की फाइल खोल दी। इस मामले में पूर्व डीजी की कथित इमानदारी पर भी सवाल उठे थे। ईडी भी कर रही जांच- लोकायुक्त पुलिस के अलावा अलोक खरे के खिलाफ ईडी भी जांच कर रही है। इसके लिए बकायदा लोकायुक्त पुलिस के डीजी को पत्र लिखकर जांच की रिपोर्ट देने के लिए कहा था। माना जा रहा है कि ईडी मनी लाड्रिंग के मामले में कार्रवाई कर सकती है। हालांकि लोकायुक्त को अभियोजन की स्वीकृति का इंतजार है। हैरत की बात है कि खरे को सरकार ने छापेमारी के बाद निलंबित नहीं किया। इसके अलावा उन्हें सिर्फदूसरे जिले में पोस्टिंग दे दी।

वोटर कार्ड नहीं है तब भी कर सकेंगे मतदान।

You can vote even if you don’t have a voter card. 12 डॉक्यूमेंट होंगे मतदान के लिए मान्य। चुनाव आयोग ने जारी किए दिशा निर्देश। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर के दिन वोटिंग होना है। चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक वोटर अपना वोट डाल कर करेंगे। वोट करने के लिए मतदाता का नाम वोटिंग लिस्ट में होना जरूरी है। इसके अलावा कहा जाता है कि मतदाता के पास वोटर कार्ड होना भी जरूरी है लेकिन ऐसा नहीं है। मतदाता वोटर कार्ड के बिना भी इन दस्तावेजों की सहायता से वोट कर सकता है। दरअसल, चुनाव आयोग ने एमपी विधानसभा चुनाव के लिए वोटर कार्ड के बिना भी करीब 12 आईडी की परमिशन दी है। वोटर पहचान जाहिर करने वाले इन डॉक्यूमेंट्स को दिखाकर अपने मताधिकार का उपयोग कर सकते है और विधानसभा चुनाव के लिए वोट कर सकते है। वो 12 डॉक्यूमेंट जिनके द्वारा कर सकते हैं मतदान यदि किसी वजह से आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो भी वह अपने मताधिकार का उपयोग कर सकता है। वोटर 12 ऑप्शनल फोटो वाले डॉक्यूमेंट की मदद से वोटिंग कर सकता है। इनमें है आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, इंडियन पासपोर्ट, फोटो पेस्टेड पेंशन कार्ड, गर्वनमेंट सर्विस कार्ड, फोटोयुक्त पासबुक, स्मार्ट कार्ड, हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड, ऑफिशियल आईडेंटिटी कार्ड और यूनिक डिसेबिलिटी कार्ड दिखाकर वोटर 17 नवंबर के दिन वोट कर सकता है। वोटर लिस्ट में मतदाता का नाम होना जरूरी चुनाव आयोग ने वोटर के मताधिकार का उपयोग करने के लिए वोटर कार्ड के अलावा इन 12 फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाकर वोटिंग कर सकते है। लेकिन इन दस्तावेज के साथ ही मतदाता को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उसका नाम वोटर लिस्ट में होना जरूरी है। चुनाव आयोग ने कहा है कि वैलिड डाक्यूमेंट के अलावा मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में होना जरूरी है। यदि उसका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो वह वोटिंग नहीं कर पाएगा।

मध्य प्रदेश में चुनाव आचार संहिता के दौरान प्रशासन व पुलिस ने अरबों रुपए की नकदी व शराब पकड़ी।

During the election code of conduct in Madhya Pradesh, the administration and police seized cash and liquor worth billions of rupees. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव आचार संहिता में जब्ती के आंकड़े हुए उजागर। 335 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक की नकदी, शराब व सोना चांदी हुआ जब्त। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान प्रक्रिया को सम्पन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करते हुए आचार संहिता लागू होने से लेकर अब तक मध्य प्रदेश शासन और पुलिस व अन्य विभागों द्वारा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार चलाए गए अभियानों में अरबों रुपए का मसरूका जब्त होने का खुलासा हुआ है। इस जब्त मसरुका में नकदी, सोना चांदी, अवैध शराब व अन्य मादक पदार्थ शामिल हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक इन सभी जब्त सामग्रियों एवं नकदी का इस्तेमाल निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने और मतदाताओं की खरीद फरोख्त के लिए किया जा सकता था। यहां गौरतलब बात यह भी है कि इस बार जब्त नकदी और मादक पदार्थ आदि की मात्रा एवं कीमत पिछले चुनाव की अपेक्षा बहुत अधिक है। पिछले विधानसभा चुनाव में तकरीबन 75 से 100 करोड़ के बीच नकदी और शराब आदि जब्त हुई थी। अरबों रुपए की नकदी और शराब पकड़ी इस बार के विधानसभा चुनाव में न केवल शराब की खेप दर खेप खपाने की चहुंओर कोशिशें चल रही हैं, बल्कि पैसे से वोट खरीदने का मिजाज भी मस्ती पर है। अब तक हुई कार्रवाइयों के आंकड़े बताते हैं कि पिछले चुनाव की तुलना में यह चार गुनी ज्यादा रफ्तार पर है। उधर, आलम यह भी है कि इन तमाम कार्रवाइयों में किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 39 करोड़ 15 लाख 88 हजार 874 रुपये नकद, 63 करोड़ 84 लाख 6 हजार से अधिक राशि की अवैध शराब ही जब्त की जा चुकी है। जबकि 92 करोड़ 76 लाख 36 हजार रूपए से अधिक का सोना चांदी और 17 करोड़ 8 लाख 36 हजार रुपए से ज्यादा के अन्य मादक पदार्थों की जब्ती की गई है। इसके साथ ही 1 अरब 22 करोड़ 91 लाख 94 हजार रूपए से अधिक के वाहन एवं अवैध हथियार भी जब्त किए गए हैं।इन आंकड़ों के हिसाब से कुल 3 अरब 35 करोड़ 76 लाख 36 हजार रुपए से अधिक की नकदी, अवैध शराब, सोना चांदी, अवैध हथियार, मादक पदार्थ एवं इन सबके परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन जब्त किए गए हैं। जबकि पिछले चुनाव में आचार संहिता के दौरान 75 से 100 करोड़ रुपये के बीच शराब, नकदी सहित अन्य सामग्रियों की जब्ती हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा पिछली बार की तुलना में चार गुना से अधिक पहुंच गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन का कहना कि नौ अक्टूबर से अब तक 335 करोड़ 76 लाख 36 हजार 94 रुपये की जब्ती की कार्रवाई की गई है। इसमें 33 लाख लीटर से अधिक अवैध शराब सहित अन्य सामग्रियां शामिल हैं। सी विजल एप पर लगभग 10 हजार से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। इन पर त्वरित कार्रवाई भी हो रही है। बहुत कुछ कह रही है जब्त नकदी और शराब प्रदेश में पुलिस और आबकारी विभाग सक्रिय है। आचार संहिता लगने के बाद टीमें लगातार ढाबों, होटलों रेस्टोरेंट पर छापे मार रही हैं। हालांकि, सख्ती से शराब तस्करों में हड़कंप जरूर मचा हुआ है, मगर नशे की धार पर अंकुश लग गया हो, यह कतई नहीं कहा जा सकता। मध्य प्रदेश कई राज्यों की सीमाओं से जुड़ा हुआ है तो सीमा पर बनाई चौकियों पर नकदी, शराब, सोना-चांदी को पकड़ने की कार्रवाइयां भी अधिक हो रही हैं। देखने में आ रहा है कि एफएसटी और एसएसटी की टीमों ने अब तक राजनेता या उनके समर्थकों के खिलाफ एक भी कार्रवाई नहीं की है। व्यापारी, कारोबारी और उनके नुमाइंदे ही पकड़े जा रहे हैं। यदि जब्त सामग्रियों एवं नकदी को कारोबारियों से पकड़ा गया है तो निश्चित रूप से उनके पास इस सबका हिसाब किताब भी होना चाहिए और नहीं है तो यह भी पता चलना चाहिए कि यह नकदी, शराब आदि किन राजनेतिक पार्टियों के नेताओं के कहने पर और किसके द्वारा पहुंचाई जा रही थी।

शराब दुकान बंद होने के पहले उमड़ी भीड़, 48 घंटे के लिए सील.

Crowds surged before the closure of liquor shops, sealed for 48 hours. मतदान के दिन छह बजे खुलेंगी दुकान, आबकारी की टीम तीन शिफ्टों में रखेगी अवैध शराब की बिक्री पर नजर Manish Trivedi भोपाल। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आबकारी अमले ने जिले की सभी 87 शराब दुकानों को बुधवार शाम 5 बजे सील कर दी गई। गुुरुवार को ये दुकानें पूरी तरह बंद रहेगी और शुक्रवार शाम पांच बजे या मतदान समाप्ति के बाद ही खुलेंगी। बुधवार को इन दुकानों पर भीड़ उमड़ी। इधर, आबकारी अमले ने इन शराब दुकानों के अलावा जिलेभर में अवैध रूप से बिकने वाली शराब की निगरानी भी बढ़ा दी है। यह टीम अगले तीन दिनों तक पूरे 24 घंटे तीन शिफ्टों में तैनात रहेगी। इन तीन दिनों में शराब का 9 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित होगा। इनमें सरकार का रेवेन्यू (लाइसेंसी फीस) 6.54 लाख रुपए शामिल है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बुधवार शाम 6 बजे से 17 नवंबर को मतदान समाप्ति तक (48 घंटे के लिए)जिले में ड्राई डे घोषित किया है। इसी तरह 3 दिसंबर को मतगणना वाले पूरे दिन यह प्रतिबंध लागू रहेगा। जिले में शराब की 87 शराब दुकानें है। इन दुकानों का साल भर का शराब ठेका 798 करोड़ रुपए में गया है। इस हिसाब से सरकार को रोजाना की लाइसेंसी फीस (रेवेन्यू) 2.18 करोड़ रुपए मिलती है। दुकानदारों को इसकी लागत डेढ़ गुना पड़ती है। इस तरह हर दिन तीन करोड़ रुपए की शराब का कारोबार होता है। तीन दिन के हिसाब से यह राशि करीब 9 करोड़ रुपए होती है। अलग-अलग टीम तीन शिफ्टों में तैनात :सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचुरा ने बताया कि अवैध शराब की बिक्री की निगरानी जिले की सभी शराब दुकानें बुधवार शाम सील कर दी गई। अब यह शुक्रवार को मतदान समाप्ति के बाद खुलेंगी। इन दुकानों के अलावा जिले में अवैध शराब की बिक्री पर नजर रखने के लिए आबकारी की अलग-अलग टीम तीन शिफ्टों में तैनात रहेगी।

वोटर कार्ड के साथ ही 12 अन्य तरह के परिचय पत्र को भी किया है मान्य चुनाव आयोग ने मतदान के लिए इन कागजातों को दी मान्यता.

Election Commission has approved not only the voter card but also 12 other types of identification documents for voting. Manish Trivedi भोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सीईओ अनुपम राजन ने कहा कि आमतौर पर वोटरों में यह भ्रांति होती है कि उनके पास वोटर कार्ड नहीं है, इसलिए वे वोट नहीं डाल सकते, किंतु ऐसा नहीं है। चुनाव आयोग ने किसी कारण से वोटर कार्ड नहीं प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए 12 अन्य तरह के पहचान पत्रों को मतदान के लिए अधीकृत किया है। कोई भी मतदाता इन 12 तरह के परिचय पत्रों में से किसी एक परिचय पत्र को दिखाकर अपना मत डाल सकेगा। मप्र में इस बार एक ही चरण में मतदान कराने की तैयारी चुनाव आयोग ने की है। इसी तैयारियों आदि को लेकर हरिभूमि ने सीईओ राजन से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने चुनाव की तैयारियों आदि को लेकर कई तरह की जानकारी दी। राजन ने कहा कि किसी भी मतदाता को मतदान के संबंध में भ्रांति नहीं रहे, इसके लिए हर स्तर पर प्रचार-प्रसार करवाया गया है। बूथ स्तर पर तैनात बीएलओ को कई तरह के निर्देश दिए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी तरह के बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर मतदाताओं को मतदाता पर्ची उपलब्ध करा दी गई है या फिर कराई जा रही है,किंतु किसी कारण वश यदि मतदान समय तक में मतदान पर्ची नहीं मिल पाई है तो इस स्थिति में मतदाता को निराश होने या भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। मतदाता को बस यह करना है कि सरल ऐप पर अपना नाम अािद देखकर मतदान केंद्र में परिचय पत्र दिखाकर मतदान कर सकता है। मतदान केंद्र के बाहर मौजूद बीएलओ भी इसमें आपकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद कई तरह की शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को संबंधित विभागों के पास भेजकर उसकी रिपोर्ट मांगी जाती है। इसके बाद कार्रवाई के लिए आयोग के पास भेजा जाता है। यदि श्िाकायत गंभीर है तो संबंधित जैसे पुलिस आदि के पास भेजकर कार्रवाई करने को कहा जाता है। इसके अलावा सी विजिल में भी शिकायतें आती है। इसके लिए आयोग की तरफ से नियम बन चुका है कि 100 मिनट में उसका निराकरण होगा। सी- विजिल में आने वालीे शिकायतों को उसी समयावधि में तत्काल निबटारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुल मतदान केंद्रों में से 25 फीसदी मतदान केंद्र संवेदनशील चिन्हित किए गए हैं। ऐसे मतदातन केंद्रों पर संेंट्रल फोर्स के साथ पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे, माइक्रो आब्जर्वर, पेट्रोलिंग आदि कराई जाती है। भिंड व मुरैना जिलों में ज्यादा पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। पुलिस को सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मप्र में कुल करीब 65 हजार मतदान केंद्र हैं। मतदान केंद्रों की सुरक्षा तथा शांतिपूर्ण मतदान के लिए कुल चार लाख कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

कांग्रेस ने आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और शोषण किया: ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Congress considered the tribal community as a vote bank and exploited them: Jyotiraditya Scindia केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया भितरवार, डबरा व ग्वालियर पूर्व में रोड शो. Udit Narayan भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन के सरकार ने मध्यप्रदेश को बीमारू से विकसित राज्य बनाया है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने विकास के ऐतिहासिक विकास कार्य किए हैं। कांग्रेस पार्टी ने आजादी के बाद आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और उनका शोषण किया। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर जिले के भितरवार, डबरा और ग्वालियर पूर्व में रोड शो और जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने गरीब को गरीब रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का काम किया है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और 18 माह तक कमलनाथ मुख्यमंत्री रहे, लेकिन डबरा का भला नहीं किया। कभी डबरा का हाल जानने भी नहीं आए। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मैं कई बार डबरा आए और डबरा के विकास के लिए सौगात लेकर आए हैं।

भोपाल में कांग्रेस दफ्तर में पार्टी नेता अनस पठान पर हमला.

Attack on Congress office in Bhopal targeting party leader Anas Pathan. दक्षिण पश्चिम प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर बदमाशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीसीसी के अंदर घुसकर हमला कर दिया। Udit Narayanभोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस नेता अनस पठान पर जानलेवा हमला हो गया है। हथियारों से लैस होकर बदमाशों ने पठान पर हमला बोल दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया अध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बदमाशों ने कांग्रेस नेता पर अटैक किया। वहीं इस हमले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाए हैं। राजधानी भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में दक्षिण पश्चिम विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया जिससे कांग्रेस कार्यालय में अफरा तफरी का माहौल हो गया। बुधवार शाम करीब 4:00 बजे अज्ञात बदमाशों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया। यहां बदमाशों ने किसी से कुछ नहीं कहा और लाठी-डंडों से कांग्रेस नेता और भोपाल दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के कट्टर समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में अनस के सिर पर चोट आई है। वहीं इस हमले के बाद घायल अनस को गंभीर हालत में कार्यालय के पास ही स्थित रेड क्रॉस अस्पताल ले जाया गया। हालत ज्यादा बिगड़ने पर घायल को बसंल अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अचानक घुसे बदमाशों को देख अफरा-तफरी मच गई। इस हमले को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाते हुए बयान दिया और कहा कि यह सुनियोजित हमला था, जिसे भाजपा द्वारा करवाया गया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेता पवन खेड़ा ने इसे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा हमला किया जाना बताया है। फिलहाल तो पता नहीं चल रहा है कि बदमाश कौन थे। सूत्रों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि पांच लोग थे जो हथियारों से लैस थे। हमलावर जिन्होंने अनस पठान पर हमला किया। कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान को इस हमले की जानकारी पहले से थी। यह हमलावर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्िकार्जुन खड़गे की सभा में ही हमला करने वाले थे, लेकिन वहां फरियादी पठान नहीं पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, यह हमलावर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोनू सक्सेना के समर्थक बताए जा रहे हैं। फरियादी पठान मोनू सक्सेना के वार्ड में पीसी शर्मा का प्रचार प्रयार कर रहा था। इसी बात से मोनू समर्थक नाराज थे।

कांग्रेस और भाजपा के खाका पर जनता तय करेगी पांच साल का भविष्य.

Sahara Samachaar; BJP; Congress; MP;

Fate of Congress and BJP will be determined by the public for the next five years. भाषणों का दौर खत्म, दो दिन का चुनावी गणित करेगा जीत-हार का फैसला, जनता किस पर करे जबभरोसा, दोनों ने खूब किए वादे. उदित नारायण चुनावी विश्लेषणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर चुनावी भाषणों का दौर चरम पर पहुंचने के बाद आज बुधवार शाम को इस पर ब्रेक लग जाएगा। तूफानी भाषणों से उब चुकी जनता तक अपनी बात रखने के लिए नेता उनके घर पर पहुंच रहे हैं और प्रलोभन देकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हैं। मतदाताओं की मान-मनोब्बल तय करेगी कि जनता किसको सत्ता की बागडोर सौंपेगी। दोनों पार्टियों ने पांच साल के भविष्य का खाका भाजपा का संकल्प पत्र और कांग्रेस का वचन पत्र में पहले ही लिख दिया है। अपने-अपने चुनावी एंजेडे के आधार पर दोनों पार्टियां जीत के दावे कर रहीं है। जानकार बताते हैं कि इनकी जीत-हार का दारोमदार बसपा, निर्दलीय और सपा की चाल पर आकर टिक गया है। वैसे इनका प्रभाव ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड महाकौशल,और विंध्य क्षेत्र में देखा जा रहा है। इन्हीं अंचलों की जीत-हार ही दोनों पार्टियों को सत्ता के शिखर पर पहुंचाती है। सिंधिया का भविष्य उज्जवल: संत रामलला सरकाररामलला सरकार के एक साक्षात्कार के अनुसार यदि उनकी भविष्यवाणी को सही माना जाए तो मप्र में भाजपा फिर से वापसी करती दिख रही है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का भविष्य उज्जवल है। साथ ही यह भी कहा कि मप्र में 7 सांसदों में से 3 सांसद चुनाव हार सकते हैं! 2 जीतेंगे एंव 2 का भविष्य अधर में है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर दिमनी मुरैना और सांसद राकेश सिंह का जबलपुर से चुनाव जीतना कठिन है। मप्र का अगला मुख्यमंत्री कौन!शिवराज सिंह की लोकप्रियता, सहजता एवं लाडली बहनों का स्नेह उन्हें अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाए तो अतिसंयोक्ति नहीं होगी! राजनैतिक विष्लेषक बताते हैं कि भाजपा एवं कांग्रेस के बीच में कांटे की टक्कर जरूर है, लेकिन भाजपा का पलडा भारी दिख रहा है। परिणामों का विष्लेषण करें तो महज 2 से 5 सीटों का अंतर ही दिख रहा है। जिसको साधने में भाजपा अभी से अपने समीकरण जुटाने में लग गई है। भाजपाः गरीब छात्रों को मुफ्त में शिक्षा ,रोजगार,गरीबोको को सबकुछ मुफ्तदेर से ही सही, लेकिन भाजपा ने भी अपना चुनावी संकल्प पत्र जारी किया है। जिसमें जनता के लिए काफी लोकलुभावने वादे किए हैं। इसमें प्रमुख रूप से- 5 साल तक गरीबों को मुफ्त राशन। किसानों से 2700 प्रति क्विंटल पर गेहंू और 3100 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी। उज्जवला और लाडली बहनों को 450 में गैस सिलेंडर। लाडली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ पक्का मकान। प्रत्येक परिवार में कम से कम एक सदस्य को रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर। गरीब परिवार के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा। जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लिए 3 लाख करोड का प्रावधान। कांग्रेसः फिर से कर्जमाफी, बिजली बिल माफ का वादाकांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी वचन पत्र को जनहितैशी बताते हुए जनता से कई वादे किए हैं। 2018 की भांति फिर से किसानों का कर्जमाफी करेंगे। बिजली बिल 100 यूनिट पर 100 रूपए, 200 यूनिट बिजली का बिल हाफ, नारी सम्मान 1500 रूपए प्रति माह, सरकारी स्कूलों में 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त मिलेगी। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी बडा वादा किया है कुल मिलाकर प्रति परिवार 15000 हजार मासिक देने का वादा। कर्ज में डूबा प्रदेश कैसे देगा सबकुछ फ्रीमौजूदा हालात में प्रदेश वित्तीय संकट में फंसा है। ऐसे में जो भी सरकार सत्ता में आएगी तो उसके सामने सबसे बडा संकट बजट का होगा। नेताओं की चुनावी परिकल्पना जैसे वोट की खातिर सबकुछ फ्री देने का वादा कैसे पूरा होगा। यह आने वाली सरकार के सामने सबसे बडी चुनौती होगी। अब देखना होगा कि मप्र में रोजगार देकर प्रदेश को आगे बढाना है या वोट की राजनीति कर सरकार बनाना।

चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा और अरविंद केजरीवालको भेजा नोटिस।

Election Commission sent notice to Priyanka Gandhi Vadra and Arvind Kejriwal. प्रियंका गांधी को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, पीएम मोदी के खिलाफ बयान देने का है मामला। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते सांबेर की चुनावी रैली में दिया था विवादित बयान। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते चल रहे आरोप प्रत्यारोप के दौरान बिना सबूत पीएम मोदी पर झूंठे और अप्रमाणित बयान देने के चलते कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही हैं। चुनाव आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी वाड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी की शिकायत पर उन्हें यह नोटिस भेजा गया है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने की वजह से उन्हें यह नोटिस जारी किया गया है। चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी को भेजे नोटिस में कहा है, आयोग को दिनांक 10.11.2023 (प्रतिलिपि संलग्न) के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी से एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि मध्यप्रदेश के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में असत्यापित और गलत बयानबाजी की है। जो जनता को गुमराह करने और प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की क्षमता रखता है। वहीं आम आदमी पार्टी को भी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। क्या कहा था प्रियंका गांधी ने? चुनाव आयोग के नोटिस के मुताबिक, भाषण के वीडियो और मध्यप्रदेश के सीबीओ के माध्यम से प्राप्त ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार, प्रियंका गांधी ने कहा था, मोदी जी जो यह बीएचईएल था, जिससे हमें रोजगार मिलते थे, जिससे देश आगे बढ़ रहा था। इसका आपने क्या किया, किसको दे दिया, बताएं मोदी जी किसको दे दिया, अपने बड़े-बड़े उद्योगपति मित्रों को क्यों दे दिया। नोटिस में क्या कहा और कब तक मांगा जवाब? नोटिस में चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा से कहा है कि, आमतौर पर जनता मानती है कि वरिष्ठ नेता, वह भी एक राष्ट्रीय पार्टी के स्टार प्रचारक की ओर से दिए गए बयान सच हैं। ऐसे में अपेक्षा की जाती है कि नेता उसकी ओर से दिए गए बयानों की जानकारी हो और उसके पास तथ्यात्मक आधार हो। ताकि मतदाताओं को गुमराह करने की कोई संभावना न रहे। नोटिस में आगे कहा गया, इसलिए आपसे किसी अन्य राष्ट्रीय पार्टी के स्टार प्रचारक के खिलाफ दिए गए अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने और 16 नवंबर, 2023 को 20:00 बजे तक कारण बताने के लिए कहा जाता है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए आपके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। आम आदमी पार्टी को भी भेजा नोटिस  सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट साझा करने के मामले में चुनाव आयोग ने बुधवार को आम आदमी पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को इस नोटिस का जवाब देने के लिए 16 नवंबर को रात आठ बजे तक सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए बयानों पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

अकील परिवार की सर फुटव्वल की वीडियो वायरल.

The video of the Akil family’s soccer match has gone viral. साकिब कबीरभोपाल। राजधानी की उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ अकील परिवार की आपसी लड़ाई का एक कथित वीडियो आज वायरल हुआ वीडियो में कांग्रेस प्रत्याशी और आरिफ अकील के पुत्र आतिफ अकील और उनके भाई मजीद अकील के बीच हाथापाई होती नजर आ रही है। जबकि आरिफ अकील के भाई आसिफ अकील भी हाथ मे चप्पल लिए मार पीट करते नज़र आ रहें है। वीडियो सँभवता घर मे लगे सीसीटीवी में रिकार्ड हुआ है जिसमे परिवार की महिलाओं समेत अन्य लोग भी नजर आ रहे है। हालांकि “सहारा समाचार” वायरल वीडियो की पुष्टि नही करता है लेकिन वीडियो को राजधानी में चटखारे लेकर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि विधायक आरिफ अकील ने स्वास्थ्य कारणों के चलते खुद की जगह अपने बेटे आतिफ अकील को टिकिट दिए जाने की सिफारिश की थी जिससे उनके भाई अमीर अकील ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय ताल ठोंक दी यही नही कहीं न कहीं आरिफ अकील के दूसरे बेटे मजीद अकील भी टिकिट की उम्मीद पाले हुए थे लेकिन आरिफ अकील की सिफारिश के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान ने आतिफ अकील को प्रत्याशी बनाया है। जिसके बाद से पूरे परिवार में सर फुटव्वल को दौर जारी है ।

अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे – कमलनाथ.

We will formulate a simple and beneficial policy for the future of guest teachers and scholars.” – Kamal Nath Manish Trivedi भोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने X हैंडल पर मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों को रहत भरी खबर पोस्ट की है. कमलनाथ ने अपने ट्वीट लिखा की, में स्कूलों और कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था को सतत् और सुचारू रखने वाले अतिथि शिक्षकों और अतिथि विद्वानों की सेवाओं का सम्मान करते हुए उनका भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस वचनबद्ध है।अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे ताकि उन्हें नियमित सेवा में स्थान मिल सके और उनकी वर्षों की सेवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित हो।

भोपाल में हंगामे की भेंट चढ़ा विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह।

Diwali gathering of people of Vindhya region marred by uproar in Bhopal. कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों द्वारा लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप।समारोह में आमने सामने आए भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर चले लात-घूंसे। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव और साथ में दीपावली का त्योहार दोनो एक साथ होने से चुनाव की सरगर्मी और दीपावली के पटाखों की धमक के बीच राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का जोश दौहरा नजर आ रहा है। यही दौहरा जोश आज भोपाल में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हंगामे का कारण बन गया। हुआ यह की चुनावी माहौल की गर्माहट के बीच आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मार पीट हो गयी और पूरा कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस मामले में खास बात यह रही कि हंगामे की भेंट चढ़े इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में आयोजन स्थल पर मौजूद रहे और उनकी मौजूदगी में ही यह बबाल हुआ।इस घटना को लेकर कार्यक्रम में बिन बुलाए हाजिर हुए  कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और उनके समर्थकों पर हंगामा मचाकर उपद्रव व अभद्रता करने के आरोप भाजपा नेता और कार्यक्रम आयोजक द्वारा लगाए गए हैं। हंगामा होने के बाद में आयोजकों द्वारा बीच बचाव और पीसी शर्मा के समर्थकों सहित कार्यक्रम स्थल से वापिस लौटने के बाद मामला शांत हुआ। विंध्य क्षेत्र के लोगों का था दीपावली मिलन समारोह भोपाल के दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह रखा गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन भोपाल विकास प्राधिकरण के वॉइस चेयरमैन सुनील पाण्डेय द्वारा किया गया था। मध्य प्रदेश सिंधु भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री और भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और इसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी भी अपने तमाम समर्थकों के साथ मौजूद थे। कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा अपशब्द बोलने पर हुआ हंगामा भोपाल में विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए आयोजित दीपावली मिलन समारोह में विवाद इस कार्यक्रम में अचानक पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा को लेकर हुआ। पीसी शर्मा कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं और अब भोपाल दक्षिण पश्चिम से कांग्रेस के प्रत्याशी होने के साथ ही क्षेत्र के वर्तमान विधायक भी हैं। वह पिछले काफी समय से सक्रिय हैं और दिग्विजय सिंह खेमे के कद्दावर नेता हैं। आज समारोह के दौरान पहुंचे पीसी शर्मा पर भाजपा समर्थित कुछ लोगों ने विंध्य के लोगों को अपशब्द कहने का आरोप लगा दिया, बस इसी बात पर बात बढ़ी और दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया। जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने सामने आ गए और हंगामा शुरू हो गया। जमकर चले लात घूंसे और गालियों की हुई बौछार इस विवाद में कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा और भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी के समर्थक आमने सामने हो गए। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मुहवाद शुरू हो गया जो देखते ही देखते गाली गलौज और मारपीट में तब्दील हो गया और दोनो पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर लात घूंसे बरसा दिए। मारपीट बढ़ने के बाद कार्यक्रम आयोजक और भाजपा, कांग्रेस प्रत्याशियों ने बीच बचाव कर झगड़ा सुलझाने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख जब कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल से वापिस रवाना हो गए। तब कहीं जाकर हंगामा शांत हुआ और समारोह का आयोजन सुचारू रूप से किया जा सका। इस कार्यक्रम में तमाम नेता और उनके समर्थकों के साथ साथ विंध्य क्षेत्र के करीब एक हजार लोग मौजूद थे। विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलना कांग्रेस को पड़ेगा महंगा:- अभिनव पाण्डेय दीपावली मिलन समारोह में हुए हंगामे और मारपीट को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अभिनव पाण्डेय ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा पर समारोह में बिना बुलाए समर्थकों सहित पहुंचने और विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीसी शर्मा और उनके समर्थक विंध्य क्षेत्र के लोगों को बुरा भला कहने से पहले यह भूल गए की इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग 52000 से अधिक मतदाता विंध्य क्षेत्र से हैं और उनका वोट ही निर्णायक भूमिका निभाता है। इस अभद्रता का खामियाजा इस चुनाव में केवल पीसी शर्मा को ही नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेसियों ने अमर्यादित शब्दों का उपयोग कर जिस तरह से विंध्य क्षेत्र के लोगों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है उसका जवाब लोग मतदान के दिन देंगे। यह अपमान कांग्रेस पार्टी को बहुत महंगा पड़ेगा।

कमलनाथ ने किया संकल्प पत्र पर प्रहार, पूछे शिवराज से 5 सवाल.

Kamal Nath has launched an attack on the manifesto, posing 5 questions to Shivraj. कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ये पांच सवाल भी पूछे हैं. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने BJP के संकल्प पत्र को लेकर कहा “पूरे प्रदेश में बेटियों को 3000 रुपये देने की घोषणा करने के बाद भाजपा ने पलटी मारी है, उनके संकल्प पत्र से यह घोषणा गायब है” उन्होंने आगे कहा “नौजवानों को नौकरी नहीं, बहनों को सम्मान नहीं, किसानों की कर्जमाफी नहीं, कर्मचारियों को पेंशन नहीं, ओबीसी को आरक्षण नहीं, यही है भाजपा का संकल्प है. कांग्रेस के वचन पत्र में जनहितैषी वादे हैं, जबकि भाजपा के संकल्प पत्र में जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश.” कमलनाथ ने कहा कि 18 साल से झूठ की बुनियाद पर खड़े शिवराज जी इन सवालों का जबाव नहीं देंगे. लेकिन मप्र की जनता आगामी 17 नवम्बर को वोट की मशीन पर उंगली दबाकर झूठ की मशीन को नष्ट कर देगी. शिवराज सिंह चौहान ने 4 महीने पहले घोषणा की थी कि प्रदेश में एक लाख सरकारी नौकरियों पर भर्ती की जायेगी. लेकिन आज तक भाजपा ने नहीं बताया कि कितनी नौकरी दी गयी. जनता को यह सच्चाई पता होना चाहिये कि पिछले चार घोषणा पत्र से भाजपा, सरकारी नौकरी देने का वादा करती आयी है लेकिन कभी पूरा नहीं किया. पिछले चार घोषणा पत्र की तरह इस बार भी नौकरी और रोजगार का वादा तो भाजपा करेगी, लेकिन देगी किसी को भी नहीं. कमलनाथ ने कहा “भारतीय जनता पार्टी झूठ बोलो और भाग जाओ और फिर नया झूठ लेके आओ की रणनीति पर चलती है. बीजेपी ने मध्यप्रदेश को महिला अत्याचार में नंबर 1 बना दिया है. मध्यप्रदेश की बहन-बेटियां और माताएं अब बीजेपी के दुःशासन को समाप्त करेंगी.” कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किसानों को वादे नहीं, झांसे दिये हैं. आपको पता होगा कि भाजपा ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को मध्यप्रदेष का प्रभारी बनाया है जो किसानों के खिलाफ काले कानून बनाने और 700 किसानों की शहादत के लिये जिम्मेदार हैं. पूर्व सीएम ने कहा अगर समग्रता में देखें तो 100 यूनिट तक बिजली माफ 200 यूनिट तक बिजली हाफ, स्कूली छात्रों को 500 से 1500 रुपये तक छात्रवृत्ति, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, जातिगत जनगणना, गेंहू और धान पर बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य, तेंदूपत्ता बोरी की कीमत 4000 रुपये जैसे वादे कांग्रेस पार्टी के वचन की तुलना में सिर्फ झुनझुना हैं. अब जनता भाजपा का बाजा बजा देगी.

मध्य प्रदेश में किसानो के सामने खाद का संकट खड़ा हुआ. किसानों को नहीं मिल रहा खाद.

Farmers in Madhya Pradesh are facing a crisis as they are unable to obtain fertilizers. मध्यप्रदेश में अफसरों की लापरवाही प्रदेश के कई जिलों में किसानों पर भारी पड़ रही है. उनके सामने खाद का संकट खड़ा हो गया है. किसान परेशान रहे हैं उन्हें खाद नहीं मिल रही है.NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश में 9 अक्तूबर को आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हुई थी. जिसके बाद किसी भी सरकारी सामान पर किसी भी राजनीतिक दल या नेता की तस्वीरें या प्रतीकों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. किसानों को मिलने वाला खाद भी आ गया. शिकायत मिलने पर चुनाव आयोग ने रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) को बोरों से पीएम नरेन्द्र मोदी की तस्वीर हटाने का आदेश दिया है. किसानों की मुश्किल, रबी के मौसम में बुआई का समय निकल रहा है. बुआई में देरी के डर से चिंतित किसान बढ़ी हुई कीमतों पर उर्वरक की बोरियां खरीद रहे हैं.भोपाल के पास ईंटखेड़ी गांव के किसान हरि सिंह सैनी अपनी 12 एकड़ जमीन के लिए फॉस्फेट आधारित उर्वरक डीएपी के केवल 15 बोरियां खरीदने में कामयाब रहे हैं. कुछ ऐसा ही हाल भोपाल के निपानिया जाट गांव का है. यहां एक किसान को एक बोरी डीएपी और दो बोरी यूरिया दी जा रही है.नये पैकेजिंग के साथ उर्वरक उपलब्ध होने के बावजूद,किसान बढ़ती कीमतों की शिकायत करते हैं. यहीं के किसान लोकेंद्र जाट का कहना है कि यूरिया का एक बैग जो पहले 50 किलोग्राम का होता था, अब उसे 45 किलोग्राम के बैग में पैक किया जाता है, जबकि कीमत वही रहती है. उन्होंने कहा, “डीएपी की एक बोरी की कीमत पहले 1,200 रुपये थी, लेकिन अब इसकी कीमत 1,365 रुपये है। दानेदार उर्वरक की कीमत भी 310 रुपये से बढ़कर 468 रुपये हो गई है. इससे पैदावार पर असर पड़ेगा. लेकिन कुछ जगहों पर नए पैकेजिंग में यूरिया के बैग आए हैं, लेकिन वहां भी इसकी भारी कमी है. रीवा और देवास जैसे जिलों में नई बोरियां आ गई हैं लेकिन वहां किसान पांच-छह घंटे से अधिक समय तक कतारों में इंतजार करने की शिकायत कर रहे हैं. यहां किसानों को कुछ बैग उर्वरक प्राप्त करने के लिए दो से तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं. तहसीलदार रमेश मसारे ने एनडीटीवी को बताया कि लंबी कतारें अन्य जिलों के किसानों द्वारा उर्वरक खरीदने के लिए वहां आने के कारण होती हैं, लेकिन कमी की किसी भी खबर से इनकार किया। हालांकि ये भी कह गये कि कतारों की वजह आचार संहिता और पुरानी पैकेजिंग है. इस बीच बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने राज्य में अपना चुनाव अभियान तेज कर दिया है, यह मुद्दा पार्टी नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के भाषणों में भी उठ रहा है. खुद केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा कर रही हैं कि राज्य में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और वितरण केंद्रों के बाहर आसानी से खाद मिल रही है. दूसरी ओर, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने एमपी में एक रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी पर ‘किसानों को धोखा देने और उनके लिए कुछ नहीं करने’ का आरोप लगाया.दूसरे कांग्रेस दिग्गज मसलन- कमलनाथ और दिग्विजय भी हर चुनावी मंच से खाद की कमी का मुद्दा उठा रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार राज्य में लगभग 6.42 लाख मीट्रिक टन यूरिया आया, 2.86 लाख मीट्रिक टन बेचा गया है और 3.56 लाख मीट्रिक टन बचा हुआ है। कुल 4.31 लाख मीट्रिक टन डीएपी में से 2.03 लाख मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है.

मध्य प्रदेश बीजेपी ने खोला अपना संकल्प पत्र का पिटारा, प्रत्येक परिवार को रोजगार, 2700 गेहू खरीदेंगे, जानिए बड़े ऐलान.

JP Nadda; Shivraj Singh; VD Sharma; Sahara Samachaar; BJP;

BJP in Madhya Pradesh has unveiled its manifesto, pledging employment for every family, the purchase of 2700 quintals of wheat, and other major announcements. Manish Trivediभोपाल: मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव हैं. विधानसभा चुनाव के बीच बीजेपी ने आज अपना घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) जारी किया. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत अन्य नेताओं ने चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है. नड्डा ने कहा, गेहूं का एमएसपी 2700 रुपये और चावल का एमएसपी 3100 रुपये की जाएगी. 6 एक्सप्रेसवे बनाएंगे. रीवा, सिंगरोली और शहडोल में एयरपोर्ट बनाएंगे. संकल्प में कहा गया है कि लाडली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ पक्का मकान दिया जाएगा. प्रत्येक परिवार में कम से कम एक रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर दिया जाएगा. इसके अलावा, 15 लाख ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के जरिए लखपति बनाएंगे. इससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, कांग्रेस बोलती है कि नरक चतुर्दशी को मैनिफेस्टो क्यों ला रहे हो? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर राक्षण का वध किया था. ‘संकल्प पत्र में के अहम् बिंदु’ हर ST ब्लॉक में एकलव्य विद्यालय बनाया जाएगा. हर ST ब्लॉक में मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा. गेहूं की खरीद 2,700 रुपये प्रति क्विंटल और धान की खरीद 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से होगी. जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लिए 3 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. तेंदूपत्ता के लिए 4,000 हजार रुपये प्रति मानक बोरा दिया जाएगा. 1 करोड़ 30 लाख बहनों को आर्थिक सहायता के साथ साथ घर की सुविधा भी दी जाएगी. गांव की बहनों को लखपति बनाने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट का काम शुरू किया जाएगा. लाडली लक्ष्मियों को जन्म से 21 वर्ष तक कुल 2 लाख रुपए दिए जाएंगे. गरीब परिवार की छात्राओं को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी. उज्ज्वला और लाडली बहनों को 450 रुपए में गैस सिलेंडर मिलेगा. सरकारी स्कूलों में मिड्डे मील के साथ पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा. IIT- AIIMS की तर्ज पर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी और मध्य प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस खोले जाएंगे. 13 सांस्कृतिक लोको को भव्य निर्माण होगा. 6 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे. विंध्य एक्सप्रेसवे, नर्मदा, अटल प्रगति, मालवा निमाड़, बुंदेलखंड और मध्य भारत विकास पथ का निर्माण होगा. 80 रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के साथ वंदे मेट्रो, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और रीवा, सिंगरौली और शहडोल में हवाई अड्डे बनाए जाएंगे. नड्डा ने आगे कहा, राजनीतिक दल पहले लोगों को आकर्षित करते हैं और फिर भूल जाते हैं. वादे करते हैं, भूल जाते हैं और जनता को गुमराह करते हैं. भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने घोषणापत्र को अक्षरश: लागू किया है. उन्होंने कहा, पिछले 20 में मध्य प्रदेश की तस्वीर बदल गई है. बीजेपी के लिए संकल्प पत्र महत्वपूर्ण है. हम अपने संकल्पों को पूरा करते हैं. हमने वादों को जमीन पर उतारा है. हम जो वादा करते हैं, उसे पूरा करके दिखाते हैं. पहले मुझे भोपाल से जबलपुर पहुंचने में घंटों लग जाते थे लेकिन अब सड़क की स्थिति अच्छी है. हमने मध्य प्रदेश में सिंचाई बढ़ाई है. मध्य प्रदेश हिंदी में चिकित्सा शिक्षा शुरू करने वाले पहला प्रदेश बन गया है. नड्डा का कहना था कि 2003 में मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास की दर 0.61% थी, जो आज भाजपा सरकार के 20 साल के कार्यकाल में बढ़कर 24% हो चुकी है. 2003 में यहां 4,231 हेक्टेयर जमीन की ही सिंचाई हो पाती थी, जो आज बढ़कर 16,284 हेक्टेयर हो चुकी है. प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, पिछले 20 साल से जनता ने जिस भरोसे से हमारा साथ दिया है, उसको आगे भी साकार करने की जिम्मेदारी इस संकल्प पत्र में निहित है. भाजपा संकल्प पत्र पूरे प्रदेश की सहभागिता, पर्याप्त शोध, सर्वकल्याणकारी सोच के साथ तैयार किया गया है. हमने प्रदेश में 21 दिन तक पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकालीं थीं. एक हजार से ज्यादा स्थानों पर लोगों ने बीजेपी को आशीर्वाद दिया है. मध्य प्रदेश के मन में मोदी हैं. 1500 से ज्यादा स्थानों पर जनआकांक्षा पेटी रखी गई थीं. वहां आमजन मानस से प्रदेश के भविष्य की रणनीति पर सुझाव मांगे थे. सभी सुझाव एकत्रित किए जाने के बाद संकल्प पत्र को तैयार किया गया है. सात लाख से ज्यादा सुझाव आए थे. प्रबुद्ध सम्मेलन में 50 हजार से ज्यादा प्रबुद्ध जनों के परामर्श के साथ संकल्प पत्र को मूर्तरूप दिया गया. एमपी के मन में मोदी अभियान के तहत लोगों की जन आकांक्षाओं का संकलन किया गया.

भोपाल के मतदाताओं को जागरूक करने भोपाल कलेक्टर की अनूठी पहल।

CEOMP; ECI; Sahara Samachaar; Elections;

Unique initiative of the Bhopal Collector to raise awareness among the voters of Bhopal. कौन बनेगा करोड़पति की तर्ज पर आज भोपाल कलेक्टर खिलाएंगे कौन बनेगा वोटर नंबर वन।कार्यक्रम का आयोजन आज शाम 5:30 बजे डीबी मॉल भोपाल में, जुड़ेंगे शहर भर के मतदाता। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों के चलते चुनाव आयोग की पहल पर प्रशासन द्वारा लगातार मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत प्रदेश के मतदाताओं को मतदान करने के लिए जागरूक करने के साथ साथ मतदान का महत्व समझाने के लिए लगातार कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भोपाल कलेक्टर ने आज कौन बनेगा करोड़पति की तर्ज पर कौन बनेगा वोटर नंबर वन कार्यक्रम आयोजित किया है। आज शुक्रवार को शाम 5:30 बजे भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में स्तिथ डीबी मॉल में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में भोपाल की आम जनता हॉट सीट पर बैठ सकेगी। कलेक्टर भोपाल आशीष सिंह हॉट सीट पर बैठे लोगों से मतदाता जागरूकता से जुड़े प्रश्न करेंगे और सही जवाब देने वालों को दिवाली गिफ्ट हैंपर, डिस्काउंट कूपन और भाई दूज के दिन का मूवी टिकट ईनाम में दिया जाएगा। आज शाम 5:30 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम कौन बनेगा वोटर नंबर वन में शहर की आम जनता को बुलाने के लिए बाकायदा प्रचार प्रसार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक मतदाता इस कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकें और मतदान के बारे में अपनी जागरूकता का परिचय दें, और दूसरों को भी जागरूक करने में सहयोगी बने।तो इस मौके को चूकें नहीं, 10 नवंबर, यानी के आज शुक्रवार शाम 5:30 बजे एमपी नगर भोपाल स्थित डीबी मॉल पहुंचे और कलेक्टर भोपाल के सवालों का सामना करें और एक जागरूक मतदाता होने का सबूत देते हुए सवालों के सही जवाब दे और पाएं ढेरों इनाम।

भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं – रामेश्वर शर्मा.

Rameshwar Sharma; Bhopal; BJP; Sahara Samachaar;

BJP not only has a double engine government, Congress doesn’t even have an engine” – Rameshwar Sharma जारी है रामेश्वर शर्मा का जनसंपर्क. उदित नारायणभोपाल। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होगा। उस दिन वोट देने से पहले आप 2003 की तस्वीर जरूर याद रखना जब मिस्टर बंटाढार ने पूरे प्रदेश का हाल बेहाल कर रखा था। सड़क,बिजली पानी की समस्याओं से प्रदेश के लोगों को जूझना पड़ता था। आज डबल इंजन की सरकार में विकास ही विकास हो रहा है। 2003 के बाद मध्यप्रदेश की सूरत बदल गई। प्रदेश से बीमारू राज्य का तमगा हट गया और अब हम तेजी से विकसित होते प्रदेश की पहचान बना चुके हैं। यह क्रम नहीं रुकना चाहिए, इसलिए आवश्यक है कि प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बने। भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार है और कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं है। यह बात हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने अपने जनसम्पर्क के दौरान स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कही। रविवार को श्री शर्मा ने हुजूर विधानसभा के कोलार क्षेत्र व अन्य इलाकों में जनसंपर्क किया। इसके साथ ही वह अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सर्जीकल स्ट्राइक में हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सीमाओं को सुरक्षित करने का काम किया है। कांग्रेस ने कश्मीर में हमेशा धारा 370 को बच्चे की तरह पालने का काम किया और कश्मीर की जनता को गुमराह करती रही। भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि कांग्रेस कहती थी, अगर कश्मीर से धारा-370 हटी तो खून की नदियां बह जाएंगी, हमने दमदारी के साथ धारा 370 हटाई, लेकिन एक भी कंकर तक नहीं हिला। मनमोहन सिंह सरकार में पाकिस्तान से आतंकवादी घुसकर यहां अशांति फैलाते थे, लेकिन अब किसी की हिम्मत नहीं है कि यहां आकर आतंक फैला सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुछ साल पहले राम मंदिर की तारीख पूछती थी। मैं बताना चाहता हूं कि राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा। इन स्थानों पर हुआ जनसम्पर्क बुधवार को हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा नें विधानसभा क्षेत्र के पीरवल्ली गाँव, बैरागढ़ चीचली, कॉस्मो सिटी एवं चिनार रेज़िडेन्सी, राय पिंक सिटी, विंडसर पॉम, साईं श्रद्धा होम्स, पाल मोहल्ला ग्राम मेंडोरी, मेन मार्केट रातीबड़, कालीमाता मंदिर, अब्बास नगर, कोलार, आंगनवाड़ी पुलिया, ओमनगर, कस्टम कॉलोनी में जनसम्पर्क कर स्थानीय नागरिकों से संवाद किया।

केंद्रीय मंत्री की कार भीषण हादसे का शिकार। दुर्घटना में एक की मौत, तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल।

Union Minister’s car becomes victim of a horrific accident. One killed, three children seriously injured in the accident. सामने से रोंग साईड आई बाइक कार में टकराने से हुआ हादसा। तीनों घायलों को बेहतर उपचार के लिए नागपुर रैफर किया गया। पिता पुत्र हैं मृतक और घायल बच्चे, मंत्री ने हादसे पर दुख जताया। संतोष सिंह तोमर भोपाल / छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक बड़ी खबर सामने आई है। छिंदवाड़ा से रोड शो कर वापिस लौट रहे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की कार हादसे का शिकार हो गई। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी।हादसे में एक व्यक्ति समेत तीन स्कूली बच्चे घायल हो गए जिसमें से बाइक चालक की मौत हो गई।  प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार के दिन केंद्रीय मंत्री छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में रोड शो और जनसभा कार्यक्रम निपटा कर नरसिंहपुर लौट रहे थे। इसी बीच अमरवाड़ा से सींगोडी बाईपास पर खाकरा चौरई के समीप यह घटना हो गई है। तत्काल केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने अन्य स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दाैरान बाइक चला रहे भुला मोहगांव के रहने वाले शिक्षक निरंजन चंद्रवंशी (35) की मौत हो गई। घटना में घायल 3 बच्चों को जिला अस्पताल से नागपुर रेफर किया गया है। घायलों में सात वर्षीय निखिल और आठ वर्षीय संस्कार मृतक के बच्चे बताए जा रहे हैं जबकि उनके साथ बैठा एक अन्य छात्र 17 वर्षीय जतिन भी घायल है। सात वर्षीय निखिल और आठ वर्षीय संस्कार को सिर पर गंभीर चोट आई है। बाल बाल बचे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल केंद्रीय मंत्री का काफिला प्रोग्राम करके वापस लौट रहा था। इसी दौरान बाईपास पर एक बाइक रॉन्ग साइड से उनके वाहन के सामने आ गई जिसे बचाने के चक्कर में ड्राइवर ने अचानक से ब्रेक लगाया। जिसके चलते वाहन अनियंत्रित हो गया और बाइक को टक्कर लगने के साथ ही कार दूसरे अन्य वाहनों से टकरा गई। जिसके चलते मंत्री प्रहलाद पटेल की कार क्षतिग्रस्त हो गई। कार में लगे एयर बैग गाड़ी टकराते ही खुल गए जिससे की उनकी जान बच गई हालांकि उनको मामूली चोटे आई है। मंत्री के पैर में चोट आई है वहीं, उनके साथ सवार मीडिया सलाहकार नितिन त्रिपाठी भी घायल हो गए है। जिस बाइक से मंत्री की गाड़ी टकराई है। कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओ आमने सामने हादसे के कुछ देर बाद प्रहलाद पटेल दूसरे वाहन से नरसिंहपुर निकल गए। इस दौरान काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे। हादसे की खबर लगते ही कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता खाकरा चोरी बाईपास पर पहुंच गए जहां उन्होंने भाजपा और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ता भी यहां पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ नारे लगाते नजर आए। हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। काफी देर तक यहां पर तनाव की स्थिति देखी गई। खकरा चौरई बाईपास पर अक्सर होते हैं हादसे बताया जा रहा है कि जिस जगह केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की कार से बाइक सवार का एक्सीडेंट हुआ, वहां पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं। इसे ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है, बावजूद इसके नेशनल हाईवे के अधिकारियों के द्वारा यहां पर कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की जा रही है कि सड़क हादसों पर लगाम लगाई जा सके।

केंद्रीय मंत्री कृषि नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव हराने संयुक्त किसान मोर्चा उतरा मैदान में।

United Kisan Morcha entered the fray to defeat Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar in the elections. संयुक्त किसान मोर्चा की दिमनी में किसान पंचायत व प्रेसवार्ता आज।राकेश टिकेत, योगेंद्र यादव, सुनीलम मिश्र सहित कई बड़े नेता होंगे शामिल। संतोष सिंह तोमर भोपाल/मुरैना। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को घेरने के लिए कांग्रेस , बीएसपी के अलावा संयुक्त किसान मोर्चा भी मैदान में कूद गया है, संयुक्त किसान मोर्चा आज मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा में किसान पंचायत करने जा रहा है, इसी विधानसभा से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर चुनाव मैदान में है।संयुक्त किसान मोर्चा की किसान पंचायत को राकेश टिकेत, योगेन्द्र यादव, पी कृष्णप्रसाद, तेजेंदर सिंह विर्क, डॉ सुनीलम मिश्र (पूर्व विधायक), एसकेएम नेता आविद शाहा, भारत जोड़ो अभियान के सचिव पंकज पुष्कर (पूर्व विधायक) संबोधित करेंगे, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव बादल सरोज ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेन्द्र यादव, पी कृष्णप्रसाद, तेजेंदर सिंह विर्क, डॉ सुनीलम आज सुबह 11 बजे मुरैना में प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे। कॉर्पोरेट भगाओ, भाजपा को सजा दो, देश बचाओ उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने पांच चुनावी राज्यों में “कॉर्पोरेट भगाओ, भाजपा को सजा दो, देश बचाओ” अभियान चलाने का निर्णय किया है। केंद्र सरकार द्वारा देश के किसानों पर तीन किसान विरोधी कानून थोपे जाने पर देश भर में किसान संगठनों ने 380 दिन तक आंदोलन चलाया, जिसमें 725 किसान शहीद हुए। संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र सरकार को विशेष तौर पर प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री को इन शहादतों के लिए जिम्मेदार मानता है । मोर्चा ने किसान आन्दोलन की बात को फिर दोहराया  किसान आंदोलन शुरू होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किसान नेताओं के साथ तीन बार बातचीत की गई। जिसमें कृषि मंत्री की भूमिका नकारात्मक रही, जिसके चलते वार्ता विफल रही। 380 दिन बाद सरकार ने मजबूरी में तीनों कृषि कानून वापस लेने का निर्णय लिया तथा कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल द्वारा किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया, जो किसानों के साथ धोखा साबित हुआ। केंद्र सरकार ने किसानों से की वादाखिलाफी बादल सरोज ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसान संगठनों की सहमति से न तो एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए कमेटी बनाई, न दूसरे आश्वासन पूरे किए गए। संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी ओर से संवाद कायम रखने के लिए फिर एक बार कृषि मंत्री के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने तमाम आश्वासन दिए लेकिन उनमें से एक भी आश्वासन को केंद्र सरकार द्वारा पूरा नहीं किया गया।मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में खुद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र में बाजरा सहित अन्य फसलें एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही है। किसानों पर कर्ज बढ़ता चला जा रहा है। कृषि मंत्री किसानों को उनका जायज हक देने के लिए कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को हराने की अपील संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आज मुरैना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तथा दिमनी विधानसभा क्षेत्र में किसान पंचायत कर किसान विरोधी, कार्पोरेट मुखी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को हराने की अपील करेगा ताकि किसानों की जमीन और कृषि व्यापार कॉरपोरेट को सौंपी न जा सकें।उन्होंने बताया कि किसान पंचायत का आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश, भारत जोड़ो अभियान एवं ओबीसी महासभा द्वारा किया जाएगा। किसान पंचायत में अ.भा.कि.सभा के प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एड धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह एवं किसंस के संयोजक एड विश्वजीत रतौनिया ,लतीफ खान शामिल होंगे

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे के करोड़ों रुपए के लेनदेन वाले वायरल वीडियो पर बबाल।

Ruckus over viral video of Union Minister Narendra Singh Tomar’s son’s transaction worth crores of rupees. कमलनाथ ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और उनके बेटे के खिलाफ खोला मोर्चा।केंद्र सरकार की मंशा पर भी उठाए सवाल, चुनाव आयोग से कार्यवाही की मांग। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर (रामू) के करोड़ों रुपए के लेनदेन की बातचीत वाले वायरल वीडियो पर अभी तक कोई जांच शुरू न होने पर सवाल उठाया है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग से मांग की है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी हकीकत जनता के सामने रखें। जबकि इस मामले में केंद्रीय मंत्री और दिमनी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर (रामू) ने मुरैना में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है। यहां बताते चले कि नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र तोमर के वायरल वीडियो पर मध्य प्रदेश की राजनीति जमकर गरमाई हुई है। कांग्रेस इसे लेकर बीजेपी पर जमकर हमलावर हो गई है। पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जयराम रमेश और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया के बाद अब पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाएं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है,”पूरा देश कल से केंद्रीय मंत्री और विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी नरेंद्र तोमर के बेटे का एक वायरल वीडियो देख रहा है, जिसमें वह वीडियो कॉल पर सैकड़ो करोड़ के आर्थिक लेनदेन की बातचीत कर रहे हैं। इस संबंध में कल रात ही निर्वाचन आयोग से शिकायत भी दर्ज कर दी गई थी, लेकिन अब तक किसी भी जांच एजेंसी द्वारा ना तो जांच शुरू हुई है और ना ही जिस सरकार में तोमर मंत्री हैं, उसके शीर्ष नेतृत्व ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह वीडियो उस राज्य में सामने आया है जहां की सरकार पर 50% कमीशन राज चलाने का आरोप है।” कमलनाथ ने आगे लिखा,”चुनाव के बीच आए इस तरह के संदिग्ध वीडियो की जांच ना होना स्वस्थ और निष्पक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा है। मैं निर्वाचन आयोग से मांग करता हूं कि इस विषय में त्वरित कार्रवाई करें और दूध का दूध और पानी का पानी जनता के सामने रखें।” वायरल वीडियो में करोड़ों के लेनदेन की बात विधानसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर रविवार को एक वायरल वीडियो ने मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में हंगामा खड़ा कर दिया। वीडियो केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर (रामू ) का बताया जा रहा है। इस वीडियो में देवेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ के एक बिचौलिये के जरिए माइनिंग कारोबारियों से करोड़ों रुपए लेने के लिए मल्टीपल बैंक अकाउंट के इंतजाम की बात करते दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। बिचौलिया उनसे हर ट्रांजेक्शन के लिए अलग-अलग 4 से 5 बैंक खातों की डिटेल मांग रहा है और वक्त भी पूछ रहा है। मुरैना में दर्ज कराई एफआईआर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र सिंह तोमर ने एमपी के मुरैना को एक लिखित आवेदन देकर वायरल वीडियो फर्जी होने और राजनेतिक द्वेष भावना के चलते छबि खराब करने का षडयंत्र बताया। उन्होंने वीडियो को तत्काल सोशल प्लेटफॉर्म से हटवाने और वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। इस पर जिले के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। केंद्रीय मंत्री तोमर को बदनाम करने की कोशिश केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने भोपाल में कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर चार दशक से साफ-सुथरी राजनीति के लिए देश भर में सम्मान के साथ जाने जाते हैं। उनके बेटे को ढाल बनाकर कांग्रेस अब ओछी राजनीति करना चाहती है, लेकिन उससे कोई फायदा नहीं होगा। जिस वीडियो को कांग्रेस दिखा रही उसमें नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे का सिर्फ वीडियो दिख रहा, दूसरा कौन व्यक्ति है, वह नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर ने खुद शिकायत कर जांच की मांग की है और प्रशासन से आग्रह किया है कि जब तक सत्यता सामने नहीं आ जाती तब तक इस वीडियो को डीलिट किया जाए। मैं और हमारी भारतीय जनता पार्टी  कांग्रेस की इस ओछी हरकत की घोर निंदा करती है।

कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के भाई ने साथियों सहित थामा भाजपा का झंडा।

Leader of Opposition of Congress and brother of Lahar MLA Dr. Govind Singh held the BJP flag along with his colleagues. चुनाव के समय हर बार चर्चाओं में रहे हैं विधायक के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह।पहले भी चुनावों में कर चुके हैं डॉ. गोविंद सिंह का विरोध और दल बदल। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह ने अपने कई साथियों सहित कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने भोपाल में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस खबर ने भिंड जिला सहित पूरे प्रदेश के राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस बारे में कांग्रेस नेताओं का कहना है की शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं। जबकि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बेटे डॉ. अमित सिंह का कहना है की शैलेंद्र सिंह शुरू से ही कभी भी उनके साथ नहीं रहे और इसके पहले भी उन्होंने कांग्रेस पार्टी का नहीं बल्कि भाजपा का ही साथ दिया है। उनके भाजपा में जुड़ने से क्षेत्र में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।एक ओर मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा के लिए मतदान होना है वहीं बीजेपी कांग्रेस में दल बदल का खेल अब भी जारी है। ताजा मामला मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के क़द्दावर नेता डॉ गोविंद सिंह से जुड़ा हुआ है, क्योंकि उनके चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह टप्पे अचानक भाजपा में शामिल हो गए हैं। शैलेंद्र सिंह ने चुनाव प्रचार के बीच भोपाल पहुंचकर केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। अचानक इस तरह कांग्रेस छोड़कर उनके भाजपा में शामिल होने से क्षेत्र की राजनीति में हलचल मच गई है। साथियों सहित ली भाजपा की सदस्यता भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते समय लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेन्द्र सिंह कुशवाह उर्फ टप्पे के साथ साथ मनोज कुशवाह पचोखरा तथा अरविंद कुशवाह बगुलरी, अरुण कुशवाह पचेरा तथा रमेश रावत रावत मुहल्ला लहार ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इसके साथ साथ 2022 में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 11 से रमेश कुशवाह जिन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था जिनका लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बीच लेनदेन का अभी हाल ही में ऑडियो वीडियो वायरल हुआ था, उन्हें भी हृदेश शर्मा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिलाकर भाजपा की प्राथमिकता सदस्यता दिलवाई। शैलेंद्र सिंह ने हमेशा डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया जब इस मामले में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया तो चुनावी व्यस्तता के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं जब उनके बेटे डॉ. अमित सिंह से इस विषय को लेकर फोन पर बात की तो उन्होनें इस बात का जवाब देते हुए कहा की शैलेंद्र सिंह उर्फ टप्पे मेरे पिता डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई हैं और उनका सहयोग कभी भी हमारे साथ नहीं रहा। एक ही परिवार से जुड़े होने के कारण उनका नाम कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक के भाई के रूप में जरूर जाना जाता है, लेकिन उन्होंने हमेशा हर चुनाव में कांग्रेस पार्टी और डॉक्टर साहब का विरोध ही किया है। उनके कारनामों को क्षेत्र की जनता अच्छे से जानती है और उनके भाजपा या अन्य किसी भी दल में आने-जाने से कहीं कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसके पहले 2020 में भी उन्होंने भाजपा ज्वॉइन की थी और उनकी ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रद्युमन सिंह तोमर के साथ कई तस्वीरें भी सामने आईं थीं। उनका आप उनका पिछला रिकॉर्ड देख सकते हैं। शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं शैलेंद्र सिंह के भाजपा ज्वॉइन करने को लेकर क्षेत्र में माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष मान सिंह कुशवाह से इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह कांग्रेस में थे ही कब, उनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि यह नेता प्रतिपक्ष का पारिवारिक मामला है इसलिए फिलहाल किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।  शैलेंद्र सिंह को है दलबदल की आदत बता दें कि लहार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शैलेंद्र सिंह (टप्पे) चुनाव आते ही दलबदल करते रहे हैं इसलिए ये कोई नई बात नहीं है। उनका दल बदल चलता रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तो उन्हें विभीषण भी कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि हरबार विधानसभा चुनाव में उनके द्वारा कांग्रेस पार्टी और अपने बड़े भाई, लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया गया है, लेकिन इससे वे डॉ. गोविंद सिंह का कभी भी कोई बड़ा नुकसान नहीं कर पाए और इस बार भी उनके इस काम से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

1612 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट से किया मतदान, 1554 सर्विस वोटर करेंगे इलेक्ट्रानिक वोटिंग.

Vote; ECI; Bhopal; Sahara Samachaar;

1612 employees voted through postal ballots, while 1554 service voters will cast their votes electronically. मंगलवार और बुधवार को भी एमएलबी-एमबीएम में करेंगे मतदान, 9 और 10 को लाल परेड ग्राउंड पर पुलिसकर्मी करेंगे वोटिंग साकिब कबीरभोपाल। सत्रह नवंबर को सुबह 7 से शाम छह बजे तक होने वाले मतदान को लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय ने चुनाव कराने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के मतदान का काम शुरु कर दिया है। जिसके तहत सोमवार को 1612 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट से मतदान किया। इन कर्मचारियों में राजधानी सहित आसपास के जिलों के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल है। इसके साथ जिले के 1554 सर्विस वोटर्स को भी इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट जारी कर दिए गए हैं। यह लोग देश में जहां भी तैनात होंगे, वहां से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग कर सकेंगे।राजधानी में 9018 कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी लगाई गई है, जिसकी वजह से यह कर्मचारी अपने मतदान केंद्र पर जाकर मतदान नहीं कर सकेंगे। जिसको लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय ने इन कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट छपवाकर रखे हैं। इन लोगों के लिए एमबीएम और एमएलबी कॉलेज में चुनावी ट्रेनिंग के साथ पोस्टल बैलेट से मतदान करने की व्यवस्था की गई है। मंगलवार और बुधवार को भी कर्मचारी मतदान कर सकेंगे। पुलिसकर्मी 9 और 10 को करेंगे मतदानजिले में 17 हजार 809 कर्मचारियों से पोस्टल बैलेट से वोटिंग कराई जानी है। जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों के लिए लाल परेड ग्राउंड पर गुरुवार और शुक्रवार को वोटिंग कराई जाएगी। इसमें सिर्फ वही पुलिसकर्मी शामिल होंगे, जिन्होंने चुनावी ड्यूटी होने पर प्रारूप-12 का आवेदन पेश किया था।

दो बार की ट्रेनिंग के बाद भी मतदान का समय नहीं बता पाए कर्मचारी, 98 हो गए फेल.

ECI; Sahara Samachaar; Bhopal; MP Electios;

Even after two rounds of training, the employee failed to specify the voting time, resulting in 98 failures. पहले दिन चुनाव कराने 3276 कर्मचारियों ने दी परीक्षा, दोबारा लेना पड़ेगी ट्रेनिंग. भोपाल के 9018 कर्मचारियों की तीन दिन चलेगी ट्रेनिंग, ट्रेनिंग में फिर गायब रहे सौ अधिकारी-कर्मचारी साकिब कबीरभोपाल। जिले की बैरसिया, नरेला, उत्तर, मध्य, दक्षिण पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा में विधायक का चुनाव कराने के लिए अधिकारी और कर्मचारियों की दूसरे दौर की ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसके तहत सातों विधानसभा के 9 हजार 18 कर्मचारियों को ट्रेनिंग सोमवार से शुरु कर दी गई है। पहले दिन की ट्रेनिंग में 3 हजार 276 कर्मचारी पहुंचे, जिनकी ट्रेनिंग होने के बाद परीक्षा ली गई। इस परीक्षा में 98 कर्मचारी फेल हो गए। जो पेपर में दिए गए 25 में से आठ सवालों के जवाब तक नहीं दे पाए। दो बार ट्रेनिंग लेने वाले अधिकारी-कर्मचारी परीक्षा में मतदान का समय और ईवीएम मशीन को क्लियर करने का तरीका तक नहीं बता पाए। अब मंगलवार को इन कर्मचारियों को दोबारा से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा देना पड़ेगी।सोमवार को दूसरे दौर की ट्रेनिंग का सुबह 8 बजे से पहला सत्र शुरू हुआ, जो दोपहर 2 बजे तक चला। इस दौरान उन्हें ईवीएम, मॉक पोल, वोटिंग, मतदान सामग्री लेने से लेकर जमा कराने तक की बारिकियां सिखाई गई। इसके बाद कर्मचारियों ने परीक्षा दी। इसके जरिए यह पता लगाया गया कि कर्मचारियों ने ट्रेनिंग को कितनी गंभीरता से लिया है। दोपहर 2 बजे के बाद दूसरा सत्र शुरू हो गया, जो शाम 7 बजे तक चला। मोतीलाल विज्ञान कॉलेज और महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में प्रत्येक सत्र में 900-900 कर्मचारियों को चुनाव से जुड़ी हर जानकारी दी जा रही है। 105 मास्टर ट्रेनर्स कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। मंगलवार और बुधवार को भी कर्मचारियों को दो सत्र में ट्रेनिंग देकर परीक्षा ली जाएगी। पी-2 और पी-3 के लिए यह फाइनल ट्रेनिंगपी-2 और पी-3 यानी मतदान कराने वाले कर्मचारियों के लिए यह फाइनल ट्रेनिंग है। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिलेगा। इसलिए उन्हें चुनाव आयोग की बुकलेट भी दी जाएगी। पीओ यानी पीठासीन अधिकारी और पी-1 यानी मतदान अधिकारी को एक बार फिर 13 और 14 नवंबर को फाइनल ट्रेनिंग दी जाएगी। कर्मचारियों को नहीं पता मॉकपोल का समयवोटिंग से पहले यदि कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट या वीवीपेट मशीन खराब हो जाए तो आप क्या करेंगे? मतदान से जुड़े इस तरह के 25 प्रश्न कर्मचारियों से ट्रेनिंग के बाद पूछे गए। कई कर्मचारी रियल मतदान शुरु होने के पहले मॉकपोल का समय भी नहीं बता पाए। इस बार सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने बताया कि जो कर्मचारी इस परीक्षा में फेल होंगे, उन्हें दोबारा से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा देना पड़ेगी।

तीन दिन में 113 टीम 2510 बुजुर्ग और दिव्यांगों के घर जाकर डलवाएंगी वोट.

Postal Ballot; Elections; ECI; Sahara Samachaar;

In three days, 113 teams will visit the homes of 2510 senior citizens and disabled individuals to get their votes cast. दस दिन पहले कराई कर्मचारियों, बुजुर्ग और दिव्यांगों की वोटिंग. आज से सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जाएंगी टीमपोस्टल बैलेट से मतदान करेंगे बुजुर्ग और दिव्यांग. साकिब कबीरभोपाल। पहली बार निर्वाचन आयोग ने अस्सी से अधिक उम्र वाले बुजुर्ग और दिव्यांगों को पोस्टल बैलेट से घर से ही मतदान करने की सुविधा मुहैया कराई है। जिसके तहत सात, आठ और 9 नवंबर को सुबह 9 से शाम पांच बजे तक मतदान दल इन लोगों के घर पहुंचकर वोट डलवाएंगे। जिसके लिए विधानसभा में उम्मीदवारों के हिसाब से पोस्टल बैलेट जारी कर दिए गए हैं। मंगलवार से जिले की सातों विधानसभा में 113 मतदान दल घर-घर जाकर मतदान कराएंगे। पोस्टल बैलेट में उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह पर सील लगाकर पेटी में डाला जाएगा। इन पेटियों को ट्रेजरी में जमा किया जाएगा। जो मतगणना के दिन खोली जाएंगी। जिले में 80 से 100 साल के बीच भोपाल में 23 हजार 506 मतदाता है, जबकि 147 मतदाता शतायु हैं। इसके साथ ही जिले में 7 हजार 579 दिव्यांग मतदाता हैं। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को इस बार घर पर ही पोस्टल बैलेट से मतदान करने की सुविधा दी गई थी। जिसके तहत 2311 बुजुर्गों ने घर से मतदान करने का आवेदन किया, जबकि 199 दिव्यांगों ने घर से मतदान करने की सहमति दी। मंगलवार से गुरुवार तक इन लोगों से वोटिंग कराई जाएगी। इस केटेगरी के 28 हजार 575 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से मतदान करने का आवेदन ही नहीं किया है। अब इन लोगों को 17 नवंबर को सुबह 7 से शाम छह बजे तक ही मतदान करना पड़ेगा। मतदान की गोपनीयता रहेगी बरकरारजिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि पहली बार बुजुर्ग और दिव्यांगों को पोस्टल बैलेट से मतदान कराया जा रहा है। घर जाकर वोटिंग कराने वाला दल इस बात का ध्यान रखेगा कि मतदान करने वाला बुजुर्ग या दिव्यांग पूरी गोपनीयता के साथ वोट डालें। पोस्टल बैलेट पर सील लगाने के बाद उसे मत पेटी में डालकर सुरक्षित रखा जाएगा।

विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव तक स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क पहुंची है। – रामेश्वर शर्मा

Rameshwar Sharma; Bhopal; Huzur; BJP; Sahara Samachaar;

In the Assembly, health, education, and roads have reached from village to village. – Rameshwar Sharma उदित नारायणभोपाल। गांव गरीब और किसान कल्याण के लिए विगत 18 वर्षों में जो काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है उतना काम पहले किसी सरकार ने नहीं किया इस कारण से सम्पूर्ण प्रदेश सहित हुजूर विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव तक स्वास्थ्य शिक्षा और सड़क पहुंची है। इसलिए हम आपका वोट अधिकार के साथ एक बार फिर मांगने आए हैं। अतः 17 नवंबर के दिन कमल का बटन दबाकर हुजूर और मध्य प्रदेश में भाजपा को पुनः विजयी बनाना है। यह बात जनसंपर्क के दौरान भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने कही। भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि मेरा प्रयास रहता है कि विकासपरक सोच के साथ जन भावनाओं का सम्मान करते हुए आगे बढ़ा जाए। यही वजह है कि आज जनता का आशीर्वाद निरंतर मुझ पर बना हुआ है। क्षेत्र का विकास मेरी पहली प्राथमिकता है। मैंने एक सेवक के रूप में हुजूर परिवार का मन जीता है। इसलिए अब परिवारजन मुझे विजयी बनाएगें। इन स्थानों पर रहा जनसंपर्कहुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क के दौरान विभिन्न स्थानों पर नागरिकों से भेंट कर अन्य चुनावी गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को उनके द्वारा फंदा मंडल कार्यालय का शुभारंभ, वार्ड क्रं. 83 व 84 बूथ की बैठक के साथ साथ अन्य बैठकों में सम्मिलित हुए। सोमवार को इन स्थानों पर हुआ जनसम्पर्क हुजूर प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने रविवार को क्षेत्र के नवीन बस्ती, बैरागढ़ कलां, फंदा, तूमड़ा, वैभव मैरिज गार्डन, महाबली नगर, कोलार, श्रद्धा मैरिज गार्डन, सीटीओ, प्रताप वार्ड, वार्ड क्र. 01, अर्जुन वार्ड, गोंडबस्ती, नई बस्ती सेक्टर -3 (बंजारा बस्ती), शहीद भगत सिंह, ऋषि विलास कालोनी, पतंजली कालोनी, द ब्लेयर कालोनी, कटारा हिल्स, भगवती नगर, स्वामी विवेकानंद परिसर, गौरीशंकर परिसर, सिल्वर स्टेट, पार्क सिटी, रजत गोल्डन नेस्ट, गोल्ड विला, स्प्रिंगवैली ड्यू, स्प्रिंगवैली जुनिपर, स्प्रिंगवैली, प्राईड सिटी, आमरीन होम्स, सागर गोल्डन पॉम, एटलांटिस सिटी, हेवंस लाईफ, कस्तूरी रॉयल पार्क, सिग्नेचर 360, पवित्र परिसर, सिग्नेचर सिटी, श्री कृष्णा हाईटस, रामायण साउथ एवेन्यू, त्रिभुवन विहार, रामायण साउथ एवेन्यू फेस-1 स्थानों पर जनसंपर्क कर नागरिकजनों से भाजपा को जिताने की अपील की।

प्रदेश की 62 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में कांटे की टक्कर.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

Congress and BJP are in a tough competition on 62 seats in the state उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। Un प्रदेश में इस बार चुनावी बिसात पर किसकी होगी जीत और कौन रहेगा खाली हाथ.?, यह सवाल प्रदेश ही नहीं देश भर के जेहन में हैं। प्रदेश की 230 सीटों पर हो रहे चुनाव में भाजपा अभी कांग्रेस की तुलना में ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। दोनों की मजबूत सीटों की बात की जाए तो भाजपा में यह संख्या 98 है। वहीं, कांग्रेस 70 सीटों पर बढ़त बनाए दिख रही है। दोनों में अभी 28 सीटों का अंतर है। बड़ी बात यह है कि फिलहाल 62 सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही कांटे के मुकाबले में है। निश्चित रूप ये इन्ही सीटों पर जीत और हार से ही सत्ता का निर्धारण होगा।कुल सीट- 230भाजपा- 98कांग्रेस- 70कांटे की टक्कर वाली सीट- 62 कांटे की लड़ाई वाली इन सीटों पर दोनों ही दलों के बागी प्रत्याशियों के साथ बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी भी निर्णायक भूमिका में हैं। बसपा और सपा तो इनमें से कुछ सीटों पर सिर्फ खेल बिगाडने की नहीं बल्कि जीतने की भी स्थिति में आ सकती हैं। हालांकि, दोनों दलों के बागी जीतने की स्थिति में न होकर सिर्फ पार्टी को नुकसान पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं। हमारी टीम के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा की इन सीटों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में हैइंदौर 1, इंदौर 2, इंदौर 4, महू, सांवेर, उज्जैन दक्षिण, पंधाना, बागली, रतलाम शहर, जावरा, आलोट, मंदसौर, मल्हारगढ, सुवासरा, गरोठ, मनासा, सुसनेर, खंडवा, हरसूद, मन्धाता, नेपानगर, खरगोन, पानसैमल, राजपुर, जोबट, पेटलावद, धरमपुरी, देवास, मनावर, सतना, नागौद, रामपुर बाघेलान, रीवा, सिरमौर, मनगंवा, पुष्पराजगढ, धौहनी, जैतपुर, देवसर, मानपुर, अनूपपुर, सागर, खुरई, नरियावली, रहली, जतारा, एक ओर भाजपा जहां सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। वहीं, कांग्रेस भी मैदानी मोर्चें पर सब कुछ दांव पर लगाए है। कुल मिलाकर सियासी दल ही नहीं सियासी पंडित भी यह मानकर चल रहे हैं कि इस बार प्रदेश में लड़ाई कांटे की है। बीजेपी की बढ़त वाली सीटेमलहरा, महाराजपुर, दमोह, पथरिया, हटा, पन्ना, गुनौर, पवई, ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर, बमौरी, पिछोर, करैरा, दतिया, भांडेर, सेवढा, भिंड, मेहगांव, सुमावली, दिमनी, अंबाह, विजयराघवगढ बहोरीबंद शाहपुर देवास बालाघाट लांजी परसवाडा वारासिवनी कटंगी बरघाट गोटेगांव जबलपुर कैंट बरगी, पाटन नरसिंहपुर नरेला हुजूर, गोविंदपुरा बैरसिया सिलवानी सांची कुरवाई सिरोंज शमसाबाद सारंगपुर बुधनी सोहागपुर पिपरिया सिवनी मालवा बैतूल भैंसदेही आमला।वहीं, इन सीटों पर जनता जर्नादन कांग्रेस का हाथ मजबूत करती नजर आ रही है- कांग्रेस की जीत की संभावना वाली सीटराउ, देपालपुर, तराना, नागदा खाचरौद, सैलाना, नीमच शाजापुर, कालापीपल, भगवानपुरा, कसरावद, भीकनगांव, बडवानी, सेंधवा, झाबुआ, थांदला, कुक्षी, गंधवानी, सोनकच्छ, रैगांव, अमरपाटन, मउगंज, चुरहट, सिंगरौली, चितरंगी, ब्यौहारी, बांधवगढ, कोतमा, बंडा, टीकमगढ़, पृथ्वीपुर, खरगापुर, चंदली, राजनगर, जबेरा, ग्वालियर पूर्व, भितरवार, चाचौड़ा, राघौगढ़, मुंगावली, चंदेरी, पोहरी, विजयपुर, अटेर, लहार, जौरा, डबरा, बड़वारा, डिंडोरी, बिछिया, मंडला, बैहर, सिवनी, केवलारी, तेंदुखेडा, गाडरवाडा, छिंदवाडा, पांर्ढुना, परासिया, सौंसर, जबलपुर पूर्व, जबलपुर पश्चिम, पनागर,लखनादौन, उदयपुरा, राजगढ, खिलचीपुर, ब्यावरा, आष्टा, मुलताई, घोडाडोंगरी। इन सीटों पर फाइटइंदौर- 3, इंदौर -5, उज्जैन उत्तर, बडनगर, घट्टिया, महिदपुर, रतलाम ग्रामीण, जावद, शुजालपुर, आगर, खातेगांव, बुरहानपुर, महेश्वर, बड़वाह, राजपुर, अलीराजपुर, धार, बदनावर, हाटपिपल्या, चित्रकूट, मैहरसेमरिया, त्योंथर, देवतालाब, गुढ़, सीधी, सिंहावल, देवरी, बीना, सुरखी, निवाडी, छतरपुर, बिजावर, ग्वालियर दक्षिण, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, कोलारस, गोहद, मुरैना, सबलगढ, श्योपुर, बड़वारा, चौरई, जबलपुर उत्तर, सिहोरा, अमरवाडा, भोपाल उत्तर, भोपाल दक्षिण पश्चिम, भोपाल मध्य, भोजपुर, विदिशा, गंजबासौदा, नरसिंहगढ, सीहोर, इछावर, होशंगाबाद, हरदा, टिमरनी।

DFO श्योपुर के विरुद्ध RTI में जानकारी को विधि विरुद्ध तरीके से रोकने के लिए RTI Act के तहत ₹25000 जुर्माने/अनुशासनिक कार्रवाई.

RTI; Sahara Samachaar; Sheopur; State Information;

A penalty of ₹25,000 under the RTI Act for unlawfully obstructing information in response to an RTI against the DFO of Sheopur. भोपाल, श्योपुर DFO श्री सी एस चौहान के विरुद्ध RTI में जानकारी को विधि विरुद्ध तरीके से रोकने के लिए RTI Act u/s 20 के तहत ₹25000 जुर्माने/अनुशासनिक कार्रवाई का Show Cause Notice, SCN जारी किया गया। वन विभाग, श्योपुर में एक कर्मचारी के सेवानिवृत्ति/नियुक्ति आदेश शैक्षणिक योग्यता की जानकारी मांगी थी। वन विभाग ने पहले जानकारी को रोका फिर कहा कि नियुक्ति के आदेश कार्यालय में नहीं है। RTI जानकारी आवेदक को उपलब्ध कराई गई। शासकीय दस्तावेजों का कार्यालय से गायब हो जाना गंभीर विषय है आयोग द्वारा सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के तहत जांच शुरू की गई है।स्टेट इनफार्मेशन कमिश्नर श्री राहुल सिंह ने यह जानकारी अपने X हैंडल से ट्वीट कर दी.

BJP को लगा बड़ा झटका, पूर्व विधायक ने थामा कांग्रेस का हाथ.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

BJP suffered a major setback as a former legislator joined the Congress party. मनीष त्रिवेदी – सहरा समाचारमुरैना। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी दलों में नेताओं का पार्टी छोड़ने का क्रम लगातार चला आ रहा है। चुनावो में अब ज्यादा दिन नहीं रह गए है. चम्बल क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी को एक और झटका लगा, मुरैना जिले की अंबाह विधानसभा से पूर्व विधायक व भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कमलेश सुमन ने शनिवार को अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसी बीच श्री सुमन ने भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के सामने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। इस्तीफे के बाद अंबाह विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी कमलेश जाटव की मुश्किलें बढ़ती है या घटती है, या आगे क्या समीकरण बनते है. यह तो वक़्त ही बताएगा.

प्रत्याशी के समर्थन में बैठक करने पर एफआईआर दर्ज.

FIR; Bhopal; Sahara Samachaar;

Filing an FIR for holding a meeting in support of a candidate. साकिब कबीरभोपाल। रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम हुजुर आशुतोष शर्मा द्वारा बैरागढ़ क्षेत्र के कई मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ हुजूर विधानसभा के सामान्य प्रेक्षक तलत परवेज भी साथ रहे। निरीक्षण के दौरान नवयुवक सभा स्कूल बैरागढ़ में बूथ क्र. 60, 61, 62, 63 एवं 64 का निरीक्षण किया गया एवं आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु रिटर्निंग अधिकारी हुजूर को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान नवयुवक सभा स्कूल के कैम्पस के अंदर हॉल में अनाधिकृत रूप से 25 से 30 लोग उपस्थित थे । ये एक प्रत्याशी के समर्थन में बैठक कर रहे थे। उनके पास वहां उपस्थित होने की कोई वैधानिक अनुमति न होना एवं ऐसी गतिविधि आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन है। अतः उक्त प्रकरण पर निर्वाचन नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने आरओ हुजूर द्वारा थाना प्रभारी, थाना, बैरागढ़ को नवयुवक सभा स्कूल में बिना अनुमति के एकत्रित/मीटिंग आयोजित करने के संबंध में कार्यवाही करने के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया। उक्त पत्र के पालन में थाना प्रभारी द्वारा नवयुवक सभा स्कूल के सह सचिव दिनेश वाधवानी, कैलाश साधवानी, सूरज यादव (अध्यक्ष ऑटो यूनियन संघ), भूपेन्द्र गुर्जर (विहिप) एवं 20 अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के कारण प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) दर्ज की। प्रेक्षक द्वारा आरओ हुजूर को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र का सघन निरीक्षण अपनी टीम के द्वारा कराया जाना सुनिश्चित करें एवं पुनः उक्त प्रकार की परिस्थिति निर्मित होने पर तत्काल नियमानुसार आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की कार्यवाही करें। एसडीएम हुजुर आशुतोष शर्मा ने ने सभी राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों से अपील की है कि आचार संहिता का पालन करें अन्यथा कार्यवाही की जाएगी

96 प्रत्याशी चुनावी मैदान में, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा में चाचा भतीजा का मुकाबला, निर्दलीय भी, आप भी काटेगी कांग्रेस का वोट.

MP Elections; Elections; MP; Congress; BJP; App; Sahara Samachaar;

With 96 candidates in the electoral arena, a face-off between uncle and nephew in the Uttar Legislative Assembly, a stronghold of the Congress for 25 years. Independents are also in the fray. AAP also cut the Congress vote. नाम वापसी के लास्ट दिन तक 21 ने नाम वापस लिए, 7 उत्तर से, अब आज से चुनव प्रचार पकड़ेगा और जोर, जोर आजमाइश का दौर शाकिब कबीरभोपाल, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा सीट में विधायक आरिफ अकील के चुनाव न लड़ने से यहां घर में ही फूट पड़ गई। आरिफ के भाई आमिर अकील जो अब तक अपने भाई का चुनाव मैनेजमेंट संभालते थे, वे खुद अपने भतीजे आतिफ अकील के खिलाफ खड़े हो गए हैं। वहीं एक और निर्दलीय नासिर इस्लाम और आप पार्टी के मौ. सउद भी यहां चुनाव लड़ रहे हैं। आरिफ अकील के हटने और इन लोगों के खड़े होने से इस सीट के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। हुजूर का संकट खत्म: जितेंद्र डागा के नाम वापस लेने से हुजूर विधानसभा का संकट खत्म हो गया है। डागा कहीं न कहीं कांग्रेस का ही वो काटते। इनके बैठने के बाद यहां कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी ने राहत की सांस ली है। नाम वापसी के बाद नरेश की आंखों में आंसू आ गए। मैदान में 96 प्रत्याशी, 41 निर्दलीय, 21 ने नाम वापस, 12 रिजेक्टसात विधानसभा सीट पर 17 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए 96 प्रत्याशी मैदान मेें हैं। नाम वापसी के आखिरी दिन 19 लोगों ने नाम वापस लिए हैं। सबसे ज्यादा 7 नाम उत्तर से वापस हुए हैं। इसके बाद 4 नाम दक्षिण पश्चिम से। दो दिनों में 21 ने नाम वापस लिए हैं और 12 के फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं। इसमें भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, आप और अन्य दलों व 41 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। अब ये फाइनल तस्वीर- बैरसिया- 9 प्रत्याशी, 1 निर्दलीयउत्तर- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयनरेला- 23 प्रत्याशी, 14 निर्दलीयदक्षिण पश्चिम- 11 प्रत्याशी, 5 निर्दलीयभोपाल मध्य- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयगोविंदपुरा-17 प्रत्याशी , 4 निर्दलीयहुजूर- 6 उम्मीदवार, 1 निर्दलीय इन्होंने लिए नाम वापस- इस विधानसभा में निरस्त हुएहुजूर-3गोविंदपुरा-2उत्तर-1दक्षिण-2मध्य-3नरेला-1ल

मध्य प्रदेश के 10 जिलों में बनाए गए 103 सहायक मतदान केन्द्र।

103 auxiliary polling stations created in 10 districts of Madhya Pradesh. 1550 से अधिक मतदाता संख्या वाले मतदान केंद्रों पर भारत निर्वाचन आयोग के अनुमोदन पर बने सहायक मतदान केंद्र। संतोष सिंह तोमर भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए 10 जिलों के 1550 से अधिक मतदाता संख्या वाले मतदान केंद्रों पर 103 सहायक मतदान केन्द्र बनाने के अनुमोदन प्रदान करने के बाद मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग ने इसे अमली जामा पहना दिया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि मध्य प्रदेश के 10 जिलों में 1550 से अधिक मतदाता संख्या वाले मतदान केंद्रों पर 103 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें भोपाल, छतरपुर, देवास, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, कटनी, मुरैना, नरसिंहपुर और उज्जैन जिला शामिल है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिये 1550 से अधिक मतदाताओं वाले 103 मतदान केन्द्रों के लिए सहायक मतदान केन्द्र बनाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। इन विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए हैं सहायक मतदान केंद्र। भोपाल जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 151-नरेला के 2, 152-भोपाल दक्षिण-पश्चिम के 2, 153-भोपाल मध्य के 2, 154-गोविंदपुरा के 4, 155-हुजूर के 5 मतदान केंद्र। छतरपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 51-छतरपुर के 1 सहायक मतदान केंद्र। देवास जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक- 171-देवास के 1 सहायक मतदान केंद्र। ग्वालियर जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-14-ग्वालियर ग्रामीण के 1, 15-ग्वालियर के 1, 19- डबरा (अ.जा.) के 1। इंदौर जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 203-देपालपुर के 1, 204-इंदौर-1 के 2, 205-इंदौर-2 के 5, 207-इंदौर-4 के 1, 208-इंदौर-5 के 23, 209-डॉ. अम्बेडकर नगर – महू के 9, 210 राऊ के 27 और 211-सांवेर (अ.जा.) के 7 मतदान केद्र। जबलपुर जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 97-जबलपुर पूर्व के 1, 99-जबलपुर केन्ट के 1 मतदान केंद्र। कटनी जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 93-मुड़वारा के 1 मतदान केंद्र। मुरैना जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 04-जौरा के 1 मतदान केंद्र। नरसिंहपुर जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक- 121-गाडरवारा के 1 के मतदान केंद्र। उज्जैन जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-212-नागदा खाचरौद के 1, 216-उज्जैन उत्तर एवं 217- उज्जैन दक्षिण के 1-1 मतदान केन्द्र को सहायक मतदान केन्द्र बनाया गया है

कुर्सी देखकर चमकने लगती हैं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की आंखें : ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Jyotraditya Scindia; Minister; BJP; Sahara Samachaar;

Jyotiraditya Scindia says, “The chairs seem to shine in Kamal Nath and Digvijaya Singh’s eyes.” केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को किया संबोधित उदित नारायणभोपाल। मप्र में सवा साल तक रही कांगेस की कमलनाथ सरकार ने सेवा भाव की जगह सत्ता का भाव पाल लिया था। जब कांग्रेस की सरकार आई तो बड़े भाई और छोटे भाई ने मिलकर वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया । प्रदेश में उद्योग नहीं लाए, ट्रांसफर-पोस्टिंग का उद्योग शुरू करके भ्रष्टाचार का खेल खेला। कमलनाथ के पास अपने मंत्रियों से मिलने का समय नहीं होता था, वह बोलते थे ‘चलो, चलो, समय नहीं है’, तो वह जनता की क्या सोचते। कांग्रेस झूठ और लूट की पार्टी है, इस पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। जब भी दिग्विजय जी और कमलनाथ को कुर्सी दिखती है उनकी आँखें चमकने लगती है। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनसभा में कहा कि आजादी के बाद 55 वर्ष हमने कांग्रेस की सरकार देखी। उस कांग्रेस ने 2003 तक आपके और मेरे मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य बना कर छोड़ दिया था। कांग्रेस के बीमारू मध्यप्रदेश को भाजपा सरकार ने बदला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक पूर्व मुख्यमंत्री दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री को कहते हैं कि गाली खाने के लिए तुम्हें पावर ऑफ अटॉर्नी दे दी है। टिकट वितरण के मामले में कहते हैं कि जाओ पूर्व मुख्यमंत्री के कपड़े फाड़ो। कांग्रेस के एक महासचिव ने कहा कि ये जोड़ी जय-वीरू की जोड़ी है। मैं नहीं कह रहा, कांग्रेस महासचिव खुद कहते हैं कि ये चोर हैं। क्या ऐसे लोगों को आप सत्ता देंगे? ये किसी भी तरह सत्ता पाना चाहते हैं।

नाम वापसी के बाद मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच, दोनों पाटियों के लिए बागी बने सिरदर्द।

Congress; BJP; Sahara Samachaar;

After the withdrawal of nominations, the main contest will be between BJP and Congress, rebels will become a headache for both the parties. उदित नारायणभाेपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नामांकन वापसी के बाद कुल 3367 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। इसमें भाजपा व कांग्रेस ने सभी 230 विधानसभा सीटाें पर प्रत्याशी खड़े किए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रीय दलों के प्रत्याशी व निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इन्हीं प्रत्याशियों के बीच अब कांटे की टक्कर होगी। हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच ही है। इन्हीं दोनों पार्टियों के बागी जरूर मैदान में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। प्रदेश में 21 अक्टूबर से नामांकन की प्रकि्रया शुरू हुई थी। यह 30 अक्टूबर तक चली। इस दौरान 3832 प्रत्याशियों ने कुल 4359 नामांकन फार्म भरे थे। इसमें स्क्रूटनी में 528 प्रत्याशियों के नामांकन आधी-अधूरी जानकारी व अन्य कारणों से निरस्त हो गए थे। बाकी बचे प्रत्याशियों में से करीब 992 ने 2 नवंबर को नामांकन वापसी के अंतिम दिन अपने नाम वापस ले लिए। बाकी बचे प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। 17 नवंबर काे इन सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीनों में कैद हो जाएगा। मतगणना 3 दिसंबर को होगी। नाम वापसी के पहले तक की जानकारी के अनुसार सबसे अधिक अनूपपुर में 46 प्रत्याशी थे। भिंड के अटेर से 43 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन दोपहर 3 बजे तक वापस किए गए, किंतु चुनाव आयोग की आधी अधूरी तैयारी की वजह से देर रात 8 बजे तक इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। रात 8 बजे तक में 383 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। चार बागी विधायकों को मनाने में कांग्रेस नेता नाकाम नाम वापसी के अंतिम दिन पिछले 24 घंटे में 15 बागियों को कांग्रेस ने बैठा दिया। जबकि कांग्रेस के चार पूर्व विधायक नहीं माने। कांग्रेस के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार, सिवनी-मालवा के पूर्व विधायक ओम प्रकाश रघुवंशी को नहीं मना पाई। टिकट नहीं मिलने से नाराज आलोट से पूर्व विधायक प्रेमचंद गुड्डू, गोटेगांव से पूर्व विधायक शेखर चौधरी अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इसीतरह महू के पूर्व विधायक नेता रहे अंतर सिंह दरबार निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ेंगे। आज उन्होंने प्राथमिक तौर पर इस्तीफा कांग्रेस पार्टी को दे दिया है। आखिरी समय तक किया बागियों को मनाने की कोशिश-कांग्रेस के बागियों ने चुनाव का पूरा समीकरण बिगाड़ दिया है। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने एक साथ बैठक करके बागी नेताओं को समझाया था। सूत्रों ने बताया कि दिग्विजय सिंह ने कई बागियों से व्यक्तिगत संपर्क किया और कई प्रत्याशियों को भाेपाल भी बुलाया था। उन्होंने फोन पर भी समझाया, इसके बाद भी कई बागी नहीं माने। बागी नेता बिगाड़ सकते हैं भाजपा का खेल भाजपा में भी करीब-करीब वही स्थिति है। नामांकन वापसी के बाद बागी नेता कई जगहों पर खेल बिगाड़ने पर आमादा हो गए हैं। भाजपा में सबसे बड़ी बगावत निमाड़ में हुई-भाजपा के दिग्गज नेता नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बुरहानपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। भाजपा के कई नेताओं ने उन्हें मनाने की भी कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। हर्ष ने बुरहानपुर से टिकट मांगी थी, किंतु पार्टी ने सर्वे आदि के आधार पर पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया। बताते हैं कि हर्ष चौहान के पिता भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार चौहान व श्रीमती चिटनीस के बीच काफी समय तक अंदरूनी आपसी लड़ाई रही। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद मामला सुलझा था। पिछली बार श्रीमती चिटनीस ने सीधे तौर पर आरोप लगाया था कि उन्हें हराने के लिए नंद कुमार चौहान जिम्मेदार हैं। अब चूंकि नंद कुमार चौहान नहीं हैं। किंतु दोनों के बीच की यह अंदरूनी लड़ाई नई पीढ़ी तक आ चुकी है। जबकि विंध्य क्षेत्र में विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा से बगावत करने के बाद नई पार्टी का गठन कर लिया और करीब 30 से अधिक सीटों पर चुनाव प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी समर में भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक नारायण त्रिपाठी की वजह से भाजपा का बड़ा नुकसान होता नजर आ रहा है। भोपाल उत्तर सीट पर कांग्रेस में बड़ी बगावत भोपाल उत्तर सीट पर पहली बार आरिफ अकील की नहीं चल पा रही है। उन्होंने भोपाल उत्तर से कांग्रेस पार्टी से अपने बेटे आतिफ अकील को टिकट दिलवा दिया। इससे उनके सगे भाई आमीर अकील बागी होकर मैदान में कूद गए। आमीर को मनाने की भी कोशिश हुई, किंतु वे नहीं माने। चुनाव आयोग ने आज नामांकन वापसी के बाद आमिर अकील काे हॉकी- बॉल चुनाच चिन्ह आवंटित किया है। मनावर से पूर्व मंत्री रंजना बघेल ने नाम वापस लिया-भाजपा पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नामांकन पत्र वापस कराने में कामयाब हो गई। मनावर से श्रीमती रंजना ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। उनके मैदान में कूद जाने की वजह से मनावर का समीकरण बदलने लगा था। इससे भाजपा को खासा नुकसान हो सकता था। किंतु अब चुनाव मैदान से उनके हटने के बाद भाजपा व कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।  मतदान से ठीक 15 दिन पहले भाजपा को लगा झटका पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती की बड़ी बहन के पोते इंजी. दुष्यंत लोधी ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई। बताते हैं कि लोधी टीकमगढ़ में भाजपा के बड़े नेता हैं। वे लोधी क्षत्रिय समाज की युवा इकाई के प्रदेश महामंत्री भी हैं। दुष्यंत और उनके पिता का टीकमगढ़ और लोधी समाज में खासा प्रभाव माना जाता है। वे टीकमगढ़ विधानसभा से भाजपा से टिकट मांग रहे थे। किंतु स्थानीय समीकरण के हिसाब से उन्हें टिकट नहीं दिया। इस वजह से उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। भाजपा छोड़ने के बाद दुष्यंत ने भाजपा पर लोधी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।

भोपाल में 120 चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम ठंडे बस्ते में।

Smart City Bhopal; Bhopal; Smartcity; Sahara Samachaar;

The work of making 120 charging stations in Bhopal is on hold. शहर में लगना थे 120 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, बना एक भी नहीं।स्मार्ट सिटी विभाग को लगाना थे चार्जिंग स्टेशन, प्रस्ताव पड़ा ठंडे बस्ते में।दस हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन दौड़ रहे हैं भोपाल शहर की सड़कों पर। उदित नारायणभोपाल। राजधानी में 10 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके बाद भी चार्जिंग स्टेशन नहीं बन पा रहे हैं। सरकार द्वारा चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम भोपाल की स्मार्ट सिटी कंपनी को सौंपा गया था, लेकिन अभी उसके अपने ऑफिस के अलावा दूसरी जगह चार्जिंग स्टेशन नहीं बन पाए। स्मार्ट सिटी कंपनी ने 120 स्टेशन बनाने की तैयारी भी कर ली थी।इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। क्योंकि चार पहिया के बाद अब दो पहिया वाहन भी मार्केट में आ गए हैं। सरकार द्वारा भी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसलिए सरकार ने स्मार्ट सिटी कंपनी को चार्जिंग स्टेशन बनाने को कहा था। स्मार्ट सिटी कंपनी अधिकारियों के अनुसार चार्जिंग स्टेशन बनाना हैए लेकिन आर्थिक रूप से अभी ठीक नहीं है। यही कारण है कि चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम रुका हुआ है। वाहन चालकों कई बार परेशान हो चुके वाहन चालक रजनीश उपाध्याय के अनुसार एक साल हुए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे, लेकिन चार्जिंग स्टेशन कम होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। राजधानी में भी तीन पेट्रोल पंप पर सुविधा है जिन पर भीड़ रहती है। पुष्पेंद्र सिंह के अनुसार उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन इसलिए खरीदा थाए क्योंकि स्मार्ट सिटी ने चार्जिंग स्टेशन जल्दी बनाने को कहा था। अभी तक स्मार्ट सिटी का भेल दशहरा मैदान के सामने के अलावा एक भी स्टेशन नहीं है। जबकि अटल पथ, न्यू मार्केट, वन विहार रोड, सहित अन्य स्थानों पर यह स्टेशन बनना थे।

पुलिस की वाहन चेकिंग बनी जनता के लिए परेशानी।

MP Police; Bhopal; Sahara Samachaar;

Vehicle checking by police has become a problem for the public. चुनावी माहौल में पुलिस की कड़ी वाहन चेकिंग,इसमें पिस रहे आम आदमी। चेकिंग के नाम पर वाहन चालकों को 15 से 30 मिनट तक रोका जा रहा है। उदित नारायणभोपाल। चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही ट्रैफिक पुलिस सड़कों पर कहीं भी खड़े होकर वाहन चेकिंग के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। इस मामले को लेकर यातायात पुलिस के अला-अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग की गाइड लाइन पर चेकिंग की जा रही है। जिससे कोई भी असामाजिक तत्व विधानसभा चुनाव को प्रभावित न कर सके। दरअसल कई बार ऐसा देखने को मिला है कि कई उम्मीदवार चुनाव में मतदाताओं को पैसे व शराब का प्रोलभन देकर अपने पक्ष में वोटिंग कराने के लिए करते है। इन सबको रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा सड़कों पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। पुलिस को कई बार वाहनों से पैसे व शराब लेते जाते हुए। लोग पकड़ में भी आ चुके है। अब ऐसे लोगों पर नजर उनकी धरपकड़ के नाम पर सड़कों पर चेकिंग की जा रही है। लेकिन इसमें आम आदमी पिस रहे है। उन्हें चेकिंग के नाम पर 15 से 30 मिनट तक रोका जा रहा है। इससे वह अपने आफिस,ट्रेन पकड़ने व अन्य कामों में लेट हो रहे है। ट्रैफिक व्यवस्था चेकिंग में लगे अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा वाहनों को रोककर उनके पेपर देखे जाते हैं। गाड़ी में रखे सामान की बारीकी से चेकिंग इसके लिए चार पहिया वाहनों चालकों को पीछे डिग्गी भी खोलकर दिखानी पड़ रही है। जिसके चलते कई बार लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। तो वहीं इस सबके चलते कई बार जाम की स्थिति भी बन रही है। जिससे आमजन को परेशान हो रहे है। तो वहीं दुर्घटनाओं की आशंका बनी रही है। पुलिस दे रही केस बनाने की धमकी चेकिंग के दौरान वाहन चालकों व पुलिस अधिकारियों के बीच कई बार तीखी बहस बाजी भी हो रही है। इस दौरान कई बार पुलिस द्वारा चुनाव आचार संहिता लागू होने पर सहयोग नहीं करने पर केस बनाने की धमकी तक दे रहे है। पुलिस की वाहन चेकिंग में फंसे वाहन चालक मुबीन खान ने बताया कि मैं दोपहर करीब 12:30 बजे रानीकमलापति स्टेशन के सामने वाली सड़क से निकल रहा था। यहां पर यातायात पुलिस चेकिंग कर रही थी। जिन्होंने जांच के लिए रोक लिया। गाड़ी के कागज आदि दिखाने के बाद भी करीब 20 मिनट तक रोककर रखा गया। इसके चलते मैं आफिस के लिए लेट हो गया। जिससे खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक एडिशनल डीसीपी विक्रम रघुवंशी ने कहा कि निश्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की गाइड लाइन पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। जिसमें गाड़ियों में कोई पैसे, शराब आदि तो नहीं ले जा रही है। इस सबको को चेक किया जा रहा है। इसके लिए वाहनों की डिग्गी खोलकर चेक करना पड़ता है। जिससे कई बार थोड़ा टाइम तो लगता है। इसकी डेली रिपोर्ट चुनाव आयोग को जाती है। जिसमें कितने वाहनों की चेकिंग की गई और क्या कार्रवाई की गई।

विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को जारी हुआ चुनाव चिन्ह – अब मतदाताओं के पास जूते, चप्पल, मोजे, बिस्किट, फूलगोभी लेकर जाएंगे उम्मीदवार.

MP Elections; Candidates; Sahara Samachaar;

In the assembly elections, election symbol for independent candidates has been issued – now candidates will go to voters with symbols like shoes, slippers, shoes, biscuits, and cauliflower. किसी चिंह्न पर एक से ज्यादा दावे की स्थिति में अंतिम फैसला लेंगे रिटर्निंग आॅफिसर Udit Narayanभोपाल – विधानसभा चुनाव के लिए निर्दलीय प्रत्याशी भी आज नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद घर-घर जाएंगे और जूते, चप्पल, मोजे, बिस्किट, फूलगोभी जैसे चुनाव चिन्ह्न से मतदाताओं को रिझाएंगे। निर्वाचन आयोग ने निर्दलियों के लिए 204 चुनाव चिंह्न तय किए हैं। बता दें, देश के सात राजनीतिक और 24 राज्यों में राज्य स्तरीय पार्टियों को 59 चुनाव चिंह्न आरक्षित किए हैं, लेकिन गैर मान्यता प्राप्त 2044 दलों और निर्दलीयों के लिए चुनाव आयोग मुक्त चुनाव चिंह्न जारी करेगा।जूते, चप्पल, जुराबे, मोजे, बिस्कुट, फूलगोभी, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, पेट्रोल पंप, गले की टाई समेत कुल 204 चिंह्न चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों को बांटने के लिए छांट लिए हैं। आयोग की ओर से जारी 198 प्रतीक गैर मान्यता प्राप्त छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिंह्न के तौर पर बांटे जाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और पंजीकृत पार्टियों के प्रत्याशी अपने दल के चिंह्न पर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिंह्न आवंटित करेगा। प्रत्याशी भी चुनाव चिंह्न को लेकर बेहद संजीदा नजर आ रहे हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग का स्पष्ट नियम है कि प्रत्याशी चुनाव चिंह्न के लिए कोई तीन विकल्प दे सकेगा, लेकिन किसी चिंह्न पर एक से ज्यादा दावे की स्थिति में अंतिम फैसला रिटर्निंग आॅफिसर का होगा। अब तक 42 पार्टियों को मिले चुनाव चिह्न- निर्वाचन आयोग ने अब तक 42 पार्टियों को सभी 230 विधानसभा में एक जैसे चुनाव चिंह्न आवंटित कर दिए हैं। राष्ट्रीय सर्वजन विकास पार्टी को पेट्रोल पंप, जन कल्याण पार्टी को अंगूर, राष्ट्रीय जन क्रांति पार्टी को लिफाफा, भारतीय बहुजन क्रांति दल को टेलीविजन, जन अधिकार पार्टी को डोली, भारतीय अवाम ताकत को ब्रश, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को आरी, भारत रक्षक पार्टी को बल्लेबाज, नागरिक अधिकार शक्ति सेवा पार्टी को मेज, भारतीय जनसंपर्क पार्टी को फूलगोभी, जनतावादी कांग्रेस पार्टी को फोन चार्जर, अखिल भारतीय हिंद क्रांति पार्टी को बोतल और संपूर्ण समाज पार्टी को अंगूठा चुनाव चिन्ह्न आवंटित किए गए हैं।

मौसम के चलते पुलिस की वर्दी में हुआ परिवर्तन, अब अंगोला और जर्सी में नजर आएंगे जवान.

MP Police; Uniform; Bhopal; Madhya Pradesh; Sahara Samachaar;

Due to the weather conditions, there has been a change in the police uniform, they are in Angola and Jersey. Udit Narayanभोपाल – मध्य प्रदेश में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने पुलिसकर्मियों की वर्दी में बदलाव किया है अब पुलिसकर्मी अंगोला और जर्सी में नजर आएंगे पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि शीतकालीन वर्दी का प्रयोग किया जाए सभी पुलिस अधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं की गाइडलाइन का पालन कराया जाए। बता दे की मध्य प्रदेश में रात के वक्त पर लगातार नीचे गिर रहा है। इससे मौसम में बदलाव हुआ है। पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य को ध्यान पर रखते हुए पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी किया है।

आटे को लीटर में तोलने वाले कांग्रेसी, जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं : शिवराज सिंह चौहान

Shivraj Singh; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Those who measure flour by the liter are not familiar with ground realities,” said Shivraj Singh Chouhan, criticizing the Congress. बोले मुख्यमंत्री : गुटों में बटी कांग्रेस- दिग्गी गुट, कमलनाथ गुट, भगवान जाने कितने गुटChief Minister said: Congress is divided into groups – Diggi Group, Kamal Nath Group, God knows how many other groups Udit Narayanभोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपने गृह ग्राम जैत में हनुमान मंदिर, कुल देवी-देवता,नर्मदा मैया और सलकनपुर में माता विजयासन की पूजा-अर्चना कर बुधनी विधानसभा से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि, आप ही देखिए उनमें और हम में अंतर क्या है। वो लोग आटे को लीटर में तोलते हैं। धान का खेत काटने पहुँच जाते हैं लेकिन यह पता ही नहीं है कि धान जमीन के नीचे होती है या जमीन के उपर। जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं हैं। हमनें तो बक्खर हांके हैं और ढुली टांग कर उराई भी की है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के मित्र बहुत परेशान रहते हैं। कहते हैं कहां से आ गया ढे़ड मुट्ठी का। एक बार तो मेरा श्राध्द ही कर दिया। तो मैंने कहा राख के ढेर से भी उठकर खड़ा हो जाऊंगा। अभी तो बहुत काम करना है। यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैं अपनी जन्मभूमि, कर्मभूमि, मातृभूमि, पुण्यभूमि और वो माटी जिसके आशीर्वाद से प्रदेश की जनता की सेवा कर इतना काम कर पाया हूं, वहां प्रणाम करने आया हूँ। अपने ग्रामवासियों की शुभकामनाएं और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर आज मैंने नामांकन फ़ॉर्म भरा है। इसके बाद यहां का चुनाव यहां की जनता लड़ेगी, यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा। लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि, एक दिल के टुकड़े हजार हुए कोई इधर गिरा कोई उधर गिरा। सपा, आप, कांग्रेस और कांग्रेस में भी दिग्गी गुट, सेठ कमलनाथ गुट, अरुण यादव और अजय सिंह गुट और न जाने कितने गुट हैं ये तो भगवान ही जाने। उन्होंने कहा कि, मल्लिकार्जुन खड़गे तो नाममात्र के अध्यक्ष हैं। असल में तो भैया-बहन फसल काटते हैं। मध्यप्रदेश में भी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने पूरी पार्टी पर कब्जा जमा कर रखा है और आगे की संभावनाएं भी कांग्रेसियों की समाप्त कर दी हैं। उनके आगे की पीढ़ी भी तैयार है और वो टिकट भी बाँट देती है। इन लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया है।कांग्रेस में कुछ नेता जेल में और कुछ नेता बेल पर हैं : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, कांग्रेस जनता का भल नहीं कर सकती। अब नेताओं की पहचान भी छुपा रहें हैं। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के एक नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को जय-वीरू कहकर बुला रहें हैं, लेकिन जय और वीरू तो जेल से छूट कर आए थे। उन्होंने कहा कि, कुछ नेता जेल में हैं और कुछ कांग्रेस के नेता बेल पर हैं। कांग्रेस के जमाने में नेताओं को कभी जेल नहीं होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कह दिया कि, ना खाउंगा ना खाने दूंगा। इसके बाद सभी कांग्रेसी घबराए हुए हैं। अब जमाना बदल गया है। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं गड़बड़ की तो नेता भी जेल जाएगा।

सीएम शिवराज की पांच साल में चल संपत्ति एवं नगदी बढ़े, लेकिन अचल संपत्ति हुई कम.

Shivraj Singh; BJP; Sahara Samachaar; sahara; samachaar;

In five years Chief Minister Shivraj’s, his assets and cash increased, but his non-liquid assets decreased. सीएम की पत्नी साधना सिंह की चल-अचल संपत्ति के साथ नकदी, गहने भी बढ़े. Udit Narayanभोपाल/सीहोर। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पिछले पांच सालों में चल संपत्ति सहित नगदी तो बढ़े हैं, लेकिन उनकी अचल संपत्ति में गिरावट आई है। इसी तरह उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह की चल-अचल संपत्ति, नकदी सहित सोने के जेबरात भी बढ़े हैं। इसका ब्यौरा उन्होंने खुद चुनाव के लिए भरे नामांकन के साथ दिए गए एफिड-डेविड में दिया है। मुख्यमंत्री ने 2018 के चुनाव में अपनी कुल चल संपत्ति 43,20,274 रूपए की बताई थी, जो कि वर्ष 2023 में बढ़कर 1,11,20,282 हो गई है। इसी तरह उनके पास 2018 में कैश राशि कुल 45 हजार रूपए थी, जो कि 2023 में बढ़कर 1,15000 हो गई है। 2018 में उनके बैंक खातोें में 20,26,874 रूपए जमा थे, जो कि 2023 में बढ़कर 92,79,104 रूपए हो गए हैं। सोने के गहने 2018 में 96 ग्राम थेे, जो कि 2023 में भी इतने ही हैैं। मुख्यमंत्री की 2018 में अचल संपत्ति जमीन, बिल्डिंग सहित अन्य 2.83 करोड़ की थी, जो कि वर्ष 2023 में घटकर 2.10 करोड़ की रह गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कुल संपत्ति की बात करें तो वर्ष 2018 के चुनाव के समय उनके पास कुल संपत्ति 3.26 करोड़ थी, जो कि वर्ष 2023 में घटकर 3.21 करोड़ की हो गई है।मुख्यमंत्री नेे एमए फिलासफी तक की पढ़ाई की है। उन पर कोई अपराध कायम नहीं हैं। हालांकि उनके पास रिवाल्वर है। मुख्यमंत्री की वर्ष 2018 में देनदारी कुल 63.18 लाख रूपए की थी, जो कि वर्ष 2023 में घटकर 2,14000 की रह गई है। मुख्यमंत्री के पास अपने पिताजी की पैतृक जमीन कुल 4.67 एकड़ का छटवा हिस्सा है। हालांकि उनकेे नाम विदिशा में भी कृषि भूमि 7 एकड़ 70 डिस्मिल के करीब है।सीएम की धर्मपत्नी साधना सिंह की बढ़ गई संपत्ति-मुख्यमंत्री ने नामांकन पत्र के साथ दिए एफिड-डेविड में बताया है कि उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह की चल संपत्ति वर्ष 2023 में 1,09,14,644 है। जबकि 2018 में उनके पास 88,11,866 रूपए की चल संपत्ति थी। इसी प्रकार वर्ष 2018 में साधना सिंह के पास कैश 40 हजार रूपए थे, जबकि 2023 में 1,10,000 रूपए है। वर्ष 2018 में गहने 492 ग्राम थे, जोे कि 2023 में बढ़कर 535 ग्राम हो गए हैं। साधना सिंह के पास बैंकों में जमा राशि वर्ष 2018 में 11,20,766 रूपए थी, जोे कि वर्ष 2023 में 71,87,544 हो गई है। वर्ष 2018 में उनके नाम 18 हजार रूपए का बीमा था, लेकिन वर्ष 2023 में नहीं है। साधना सिंह के पास कुल अचल संपत्ति जमीन-बिल्डिंग सहित अन्य वर्ष 2018 में 3.32 करोड़ की थी, जो कि वर्ष 2023 में बढ़कर 4.32 करोड़ की हो गई है। साधना सिंह के पास कुल संपत्ति वर्ष 2018 में 4.52 करोड़ की थी, जो कि वर्ष 2023 में बढ़कर 5.41 करोड़ की हो गई है। हालांकि उनके उपर देनदारी भी है। वर्ष 2023 में साधना सिंह कोे 66,58,251 रूपए चुकाने हैं, जो कि वर्ष 2018 में 47.55 लाख की थी।सीएम एवं उनकी पत्नी के नाम बैंक खातोें में जमा राशि– मुख्यमंत्री के पास हाथ में नगदी 1,10000 रूपए है।- एसबीआई विदिशा मेें 54,63,757 रूपए जमा हैं।- एसबीआई वल्लभ भवन भोपाल में 33,35,674 रूपए जमा है।- जिला सहकारी बैंक विदिशा मेें 4,79,673 रूपए जमा है।साधना सिंह के नाम बैंकोें में जमा राशि– हाथ में नगदी 1,15000 रूपए है।- एसबीआई विदिशा में 15,84,525 रूपए जमा है।- पीएनबी जुमेराती भोपाल में 4,48,016 रूपए जमा है।- सावधि जमा आईसीआईसीआई बैंक एमपी नगर भोपाल में 50 लाख रूपए है।- आईसीआईसीआई एमपी नगर भोपाल में 1,55,003 रूपए जमा है।यह जानकारी नामांकन फार्म के साथ दिए गए एफिड-डेविड के आधार पर है।.

हुजूर में लगा कांग्रेस को एक और झटका

Rameshwar Sharma; Huzur; Kolar; Bhopal; BJP;

Huzur delivers another blow to the Congress. भाजपा में शामिल हुए विनोद राजौरिया, तीन पीढ़ी से कांग्रेस के हाथ के साथ रहा विनोद का परिवार Udit Narayan भोपाल। इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। सोमवार शाम को रातीबड़ निवासी विनोद राजोरिया ने अपने सेकड़ौं समर्थकों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। राजोरिया परिवार करीब तीन पीढियों से कांग्रेस की सक्रिय सदस्य रहे हैं। इसके पहले उनकी नाराजगी के कारण कांग्रेस को भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी खोना पड़ा था। चुनाव के दौरान उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोटिंग की थी। सोमवार को उन्होंने भी कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है, जिससे भाजपा पार्टी क्षेत्र में और मजबूत हो गई है। कांग्रेस के पूर्व ज़िला उपाध्यक्ष एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रहे विनोद राजौरिया ने कहा कि कांग्रेस में नेता, नीति और नेतृत्व पूरी तरह समाप्त हो चुका है। श्री राजौरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की जन कल्याणकारी योजनाओं एवं विधायक श्री रामेश्वर शर्मा द्वारा हुजूर विधानसभा में कराये गये विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। वह भाजपा परिवार के एक एक सदस्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनकल्याण के कार्य में पूरी तन्मयता के साथ जुटेंगे । विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिलायी सदस्यता रातीबड़ भाजपा मंडल की बैठक में विधायक रामेश्वर शर्मा ने विनोद राजौरिया को भाजपा का अंग वस्त्र उढ़ाकर भाजपा में स्वागत किया। श्री शर्मा ने कहा की भाजपा परिवार में आपका स्वागत है । श्री शर्मा ने कहा की समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान एवं जन कल्याण के क्षेत्र में ऊर्जा के साथ काम करेंगे। ये भी हुए शामिल महेंद्र मारण सेवा दल का पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, पंडित श्री रंगीलाल जी शर्मा, दिनेश राजोरिया, रघुवीर राजौरिया, नीतेश राजौरिया, अशोक पाटीदार, नारायण सिंह सेमरी, दिनेश नागर, अमित राजौरिया, मनीष द्विवेदी, प्रेम नारायण, संजीव राजौरिया, राजेश नागर, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक भाजपा में शामिल हुए।

भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला.

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Bhopal, among the 175 candidates for the seven assembly seats, “Daga,” an independent candidate, is the richest, followed by Shukla. भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला- रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में हुआ खुलासा Udit Narayan भोपाल। राजधानी की सातों विस में भरे गए 175 उम्मीदवारों में से हुजूर विधानसभा से कांग्रेस के बागी निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा सबसे ज्यादा अमीर उम्मीदवार है। रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में उनकी कुल प्रॉपर्टी 108 करोड़ 44 हजार 585 रुपए बताई गई है। जबकि दूसरे नंबर पर नरेला से कांग्रेस उम्मीदवार मनोज शुक्ला 44 करोड़ की प्रॉपर्टी के साथ दूसरे नंबर पर आ गए है। सोमवार को उत्तर से आलोक शर्मा, दक्षिण पश्चिम से भगवानदास सबनानी और बैरसिया से भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री ने भी खुद की प्रॉपर्टी का शपथ पत्र पेश किया है।निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा खुद की आय -7984794 , पत्नी 1250009संपत्ति चल – खुद- 50477466, पत्नी 69378281 संपत्ति-अचल – 881511338 , पत्नी 78677500 कुल संपत्ति खुद और पत्नी- 108 करोड़ 44 हजार 585 क्रिमिनल रिकॉर्ड- गाजियाबाद के सीबीआई कोर्ट में केसकैश इन हैंड- एक लाख, पत्नी एक लाख 80 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद-1077923, पत्नी 184689 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद-एक करोड़ 55 लाख, पत्नी 5 करोड़ 65 लाख साझा फर्म- खुद 25449543, पत्नी 7918722 वाहन- मारुति जिप्सी गहने- खुद 1152 ग्राम सोना, पत्नी 722 ग्राम सोना शैक्षणिक योग्यता – एमकॉम प्रिवियस आय के स्त्रोत – कृषि एवं कार डीलरशिप में भागीदारी भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री खुद की आय- 346540, पत्नी 455580 क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं है कैश इन हैंड- 70 हजार, पत्नी 90 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद- 1850359 पत्नी 376703 संपत्ति-चल-अचल – 6 करोड़ 17 लाख 2 हजार 200, पत्नी 1 करोड़ 90 लाख शस्त्र – रिवाल्वर, 12 बोर गन वाहन- स्कार्पियो, एक्टिवा, पत्नी सुजुकी एक्सिस गहने- खुद 80 ग्राम सोना, पत्नी आधा किलो सोना, सात सौ ग्राम चांदी शैक्षणिक योग्यता – एलएलबी आय के स्त्रोत – सलाहकार और खेती से आय बीमा- खुद 261250 पत्नी 156750 भाजपा उम्मीदवार ओलाक शर्मा खुद की आय – 527250, पत्नी 335254 संपत्ति चल – खुद- 6571117 , पत्नी 12386196 रुपए संपत्ति-अचल -खुद 5939538 , पत्नी 2185500 कुल संपत्ति खुद 12510655 और पत्नी- 14571696 रुपए कुल 27082351 क्रिमिनल रिकॉर्ड- आधा दर्जन थानों में केस राजनीति सहित अन्य मामले कैश इन हैंड- 45000 , पत्नी 48000कैश इन बैंक- खुद- 3853083, पत्नी रुपए 2272528 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद- , पत्नी वाहन- मारुति स्विफ्ट शस्त्र – एक रिवाल्वर, एक रायफल कर्ज देनदारी – 6887350 रुपए गहने- खुद 150 ग्राम सोना, पत्नी 550 ग्राम सोना, साढ़े पांच किलो चांदी के बर्तन शैक्षणिक योग्यता – बीकॉम आय के स्त्रोत – कृषि और किराये से आय भाजपा उम्मीदवार भगवानदास सबनानीखुद की आय – 425000 , पत्नी 210000 संपत्ति चल – खुद 3634000 लाख, पत्नी 6388000 रुपए संपत्ति-अचल संयुक्त 1 करोड़ 25 लाख रुपए कुल संपत्ति संयुक्त- 2 करोड़ 25 लाख 22 हजार रुपए क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं कैश इन हैंड- खुद 44000 , पत्नी 33000 कैश इन बैंक- खुद 5765000- पत्नी 185000 रुपए वाहन- स्कार्पियों और पत्नी के पास मारूति बलिनो कर्ज देनदारी – 34 लाख 38 हजार रुपए गहने- खुद 10.50 लाख का सोना, पत्नी के पास 33 लाख रुपए का सोना

मैं अच्छा हिंदू, राम मंदिर निर्माण के लिए दिए ₹1.11 लाख दान दिया : दिग्विजय सिंह

I am a devout Hindu, donated ₹1.11 lakh for the construction of the Ram Temple,” said Digvijaya Singh पीएम मोदी को चेक भेजा, लेकिन उन्होंने वापस भेज दिया, फिर मैंने…स्वयं जमा किए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। Udit Narayan भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। चुनावी राज्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करता हूं। मैं एक अच्छा हिंदू हूं। दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख तय हो गई है। बता दें कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होगी जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। ऐसे में जब चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है और कानूनी लिहाज से चुनाव में धर्म का इस्तेमाल प्रतिबंधित है, सूबे में राम मंदिर का मुद्दा भी गर्म है। राम हमारे इष्टदेव हैं… चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधितमध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति हूं और एक अच्छा हिंदू हूं। राम हमारे इष्टदेव हैं, हम सनातन धर्म का पालन करते हैं लेकिन चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधित है… राम मंदिर के निर्माण के लिए शिवराज सिंह चौहान ने 1 लाख रुपए का दान दिया और मैंने 1 लाख 11 हजार रुपए का दान दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने अपने योगदान का चेक प्रधानमंत्री मोदी को भेजा कि जाकर जमा करवा दीजिए… मैंने वह चेक ट्रस्ट को सौंपने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भेजा। उन्होंने इसे वापस भेज दिया और मुझसे इसे स्वयं जमा करने के लिए कहा। मैंने इसे जमा कर दिया। हाल ही में मध्य प्रदेश में राममंदिर के निर्माण का श्रेय लेने वाले होर्डिंग नजर आए थे। इस पर कांग्रेस की ओर से आपत्ति जताई गई थी। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस राममंदिर निर्माण को लेकर दुखी है। वहीं कांग्रेस ने उस पर भगवान राम की भक्ति से भटकने का आरोप लगाया था। कांग्रेस की इंदौर इकाई ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी कि भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान अयोध्या में राममंदिर और उज्जैन में महाकाल लोक का प्रदर्शन करके धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की शिकायत को एक्स पर साझा करते हुए उस पर राम विरोधी होने का आरोप लगाया। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शनिवार को कहा था कि कांग्रेस का मूल चरित्र भगवान श्रीराम, हिंदुत्व और सनातन धर्म के खिलाफ रहा है। कांग्रेस राम मंदिर के होर्डिंग के खिलाफ निर्वाचन आयोग से शिकायत कर रही है, जो दुनिया की आस्था का केंद्र है। कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि ऐसे होर्डिंग हटाए जाने चाहिए। कांग्रेस को दुख है कि राम मंदिर के होर्डिंग्स क्यों लगाए गए हैं… कांग्रेस को राम मंदिर बनने से दुख है।

19 दिनों में ₹150.58 करोड़ की अवैध शराब, नगदी, मादक पदार्थ, जेवरात की जप्ती हुई.

Model Code Of Conduct; Achaar Sahita;

150.58 crores worth of illegal liquor, cash, narcotics, and jewelry seized in 19 days. Manish Trivedi भोपाल, मध्य प्रदेश में आचार संहिता लगे हुए लगभग 19 हुए है. इन १९ दिनों के अंदर ₹150.58 करोड़ की अवैध शराब, नगदी, मादक पदार्थ, जेवरात आदि पुरे प्रदेश में जब्त किए है। यदि इसकी तुलना हम 2018 के विधानसभा चुनाव से करे तो यह आंकड़े काफी बड़े दिखाई दे रहे हैं, साल 2018 में आचार संहिता 6 अक्टूबर से 28 नवंबर तक लगी थी, सम्पूर्ण आचार संहिता के दौरान ₹72.93 करोड़ के सामान की जप्ती की गयी थी. अभी 18 दिन और बाक़ी है। देखते है अभी कितनी और जप्ती की जाती है.

कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं।- शिवराज सिंह चौहान.

Shivraj Singh Chouhaan; Digvijay Singh; Kamalnath; Sahara Samachaar;

In Congress, there are many factions and they are grinding each other.” – Shivraj Singh Chouhan. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव का चुनावी समर अब तेज हो गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता अब एक-दूसरे पर जबरदस्त हमला बोल रहे हैं। दोनों पार्टियों के नेता जमकर जुबानी हमले बोल रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस में इस समय चक्कियां चल रही हैं। कमलनाथ कहते हैं कि मेरी चक्की बहुत बारीक पीसती है लेकिन इस बार दिग्विजय की चक्की ने कमलनाथ को ही पीस दिया। कमलनाथ, दिग्विजय और जयवर्धन के कुर्ते फाड़ने की बात करते थे लेकिन सभी कमलनाथ समर्थकों के टिकट कटवाकर अब दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ का कुर्ता फाड़ दिया।” उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की चक्की ने अब कमलनाथ को पीस दिया है। बता दें कि बीते 17 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में चुनावी घोषणा पत्र जारी हो रहा था। इस दौरान हंसी ठिठोली करते हुए कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से कहा कि आपको गाली खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मेरे पास कुछ लोग आये और उन्होंने कहा कि उनका टिकट कट गया है। उनसे मैंने कहा कि आप लोग दिग्विजय और जयवर्धन सिंह के कपडे फाड़ो। इस पर दिग्विजय सिंह ने हल्के-फुल्के अंदाज में कमलनाथ से कहा कि ए फॉर्म और बी फॉर्म में दस्तखत किसके होते हैं, पीसीसी अध्यक्ष के तो कपड़े किसके फटने चाहिए, बताओ? दोनों नेताओं की इस बातचीत का वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो को कई बीजेपी नेताओं ने इन दो नेताओं की आपसी कलह बताकर पोस्ट किया था। अब शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से इसी वीडियो के आधार पर कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा है।

हनुमानजी को साष्टांग प्रणाम कर रामेश्वर शर्मा ने दाखिल किया नामांकन.

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Rameshwar Sharma paid his respects to Lord Hanuman and filled his nomination. उदित नारायणभोपाल । #हुजूर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी विधायक रामेश्वर शर्मा ने गुरुवार की दोपहर अपना नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दाखिल किया। इसके पूर्व वे सुबह घर से निकलकर सीधे #चारइमली हनुमान मंदिर पहुंचे और वहां हनुमानजी को साष्टांग प्रणाम कर पूजा अर्चना की। तत्पश्चात बंगले से रवाना होने के पूर्व श्री शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती संगीता शर्मा ने उन्हें विजय तिलक किया और दही खिलाकर शुभकामनाएं व्यक्त की। इसके बाद वह क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं के साथ नामांकन दाखिल करने हुजूर तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने शुभ मुहूर्त में हुजूर विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर #आशुतोषशर्मा के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने आज नामांकन पत्र के दो अलग अलग सेट दाखिल किए। इस दौरान तहसील कार्यालय में उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील वासवानी, रमेश वर्मा, भागीरथ पाटीदार, बालाराम मीणा, रमेश जनयानी, ओमप्रकाश मेवाड़ा, हरिनारायण पटेल, प्रकाश अहिरवार, रघुनाथ सिसोदिया, श्रीमती चंद्रेश सुरेश राजपूत, धन्नालाल बघेल, सुमारैया जामोद, सरदार बारमेया मौजूद रहे। जनसेवा का सनातन संकल्प सदैव निभाऊंगा : रामेश्वर शर्मा नामांकन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने कहा किजब से राजनीति में आया मैंने जन सेवा का सनातन संकल्प लिया है। सनातन संकल्प कभी खाली नहीं जाता। इसे सदैव निभाऊंगा। पिछले 10 वर्षों में भी विधायक रहते हुए मैंने क्षेत्र की सेवा और जनकल्याण में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। इस बार पुनः विधायक बनकर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के घर-घर में खुशहाली आए, सबको रोजगार मिले और हुजूर विधानसभा सिर्फ भोपाल में ही नहीं अपितु पूरे मध्य प्रदेश में नंबर वन बनकर उभरे इस हेतु कार्य करूंगा।

सीएम शिवराज की बिलमाफी पर कांग्रेस का बड़ा खुलासा।

Shivraj Singh Chouhan; Surjewala; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Congress’s big revelation on the Chief Minister Shivraj’s Bill forgiveness. सुरजेवाला ने सीएम शिवराज सिंह का किया नया नामकरण “रेडियो गप्पिस्तान” कनेक्शन लोड बिना उपभोक्ता की सहमति और आकलन के किया दोगुना। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को धोखा देने का लगाया बड़ा आरोप। सुरजेवाला के आरोपों पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल का पलटवार उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रेडियो गप्पिस्तान है। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को उन्होंने धोखा दिया है। उन्होंने साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं का डेटा पेश करते हुए यह आरोप लगाए। रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरा। रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नौगांव में एक किलोवॉट तक के बिजली कनेक्शन का बिल माफ करने का वादा किया था। बिल माफी तो दूर शिवराज ने उल्टा उनके कनेक्शन का लोड बिना उनकी सहमति और बिना किसी आकलन के ही दो किलोवॉट कर दिया। उपभोक्ता की सहमति के बिना लोड किया दोगुनासुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एक किलोवॉट तक के जिन कनेक्शन उपभोक्ताओं के बिल माफ होने थे, उनके बिल माफी से पहले ही उनके कनेक्शन का भार बढ़ाकर दो किलोवॉट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे में वह ग्राहक इस बिल माफी के दायरे से बाहर हो गए। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह गरीब जनता के साथ धोखा है। सुरजेवाला ने कहा कि यह आरोप नहीं है। हम इसके तथ्य भी दे रहे हैं। इसके लिए 21 जिलों के 38 डिविजन के उपभोक्ताओं के डाटा का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार का यह कार्य गरीबों के साथ धोखा होने के साथ ही गैरकानूनी भी है। सूरजेवाला ने शिवराज से पूछे पांच सवाल- क्या एक किलोवॉट तक के 20 लाख गरीब उपभोक्ताओं में से एक भी उपभोक्ता की फूटी कौड़ी माफ हुई है। सरकार की घोषणाएं धोखे व झूठ की बुनियाद परक्या एक किलोवॉट तक के उपभोक्ताओं के बिजली बिल स्थगित करने के आदेश जारी करने से पहले षड्यंत्रपूर्वक तरीके से उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन का भार दो किलोवॉट नहीं कर दिया गया। क्या प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को उनके कनेक्शन के भार को बढ़ाने से पहले सूचित किया गया था या उनकी सहमति ली गई थी या उनके लोड का आकलन किया गया था। क्या ये लाखों गरीब परिवार दो किलोवॉट के कनेक्शन के साथ गरीबी रेखा की परिधि से षडयंत्रपूर्वक तरीके से बाहर कर दिए गए हैं। क्या शिवराज सरकार की सारी घोषणाएं ऐसे ही धोखे और झूठ की बुनियाद पर रखी गई हैं। सुरजेवाला के बयान पर आशीष अग्रवाल का पलटवारकांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बयान पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा की “कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी, अब फर्जी आंकड़े कर रही है” जारी भोपाल। विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच मप्र की राजनीति में हलचल जारी है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला द्वारा गुरूवार को प्रदेश में बिजली को लेकर भाजपा के खिलाफ बयान जारी किया गया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया है। आशीष अग्रवाल ने सुरजेवाला को सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस के भ्रामक आकंड़ों से सावधान रहें। क्योंकि रणदीप सुरजेवाला, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से परेशान हो गए हैं। कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी अब फर्जी आंकड़े जारी कर रही है। कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद कपड़ा फाड़ और पुतला कोई विपक्ष दल नहीं फूंक रहा, बल्कि कांग्रेस के नेता ही फूंक रहे हैं। कांग्रेस में गुट या गिरोह चल रहा है

कांग्रेस के गले की फांस बना प्रत्याशियों का बदलाव।

The Congress witnessed a change in candidates like a noose around its neck. चुनाव प्रत्याशी बदलने के बाद भी नहीं थम रहा कांग्रेस पार्टी में घमासान। सुबह बदला टिकट, शाम को बसपा ने बनाया कुलदीप को चुनाव प्रत्याशी। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव टिकट वितरण में हुई उठा – पटक के बाद फैले विद्रोह को शांत करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए चार सीटों पर पहले उतारे गए उम्मीदवारों को बदल कर विद्रोह करने वालें दिग्गज नेताओं को अपना प्रत्याशी बना दिया है, लेकिन अब यह बदलाव भी कांग्रेस पार्टी के गले की फांस बनता दिखाई दे रहा है।  कांग्रेस ने जिन चार सीटों पर उम्मीदवारों को बदला है, उनमें मुरैना जिले की सुमावली, नर्मदापुरम जिले की पिपरिया उज्जैन जिले की बड़नगर और रतलाम जिले की जावरा विधानसभा सीटें शामिल हैं। इस बदलाव में दो विधायकों को फिर से टिकट दिया गया है, जबकि कांग्रेस ने पहले इन विधायकों का टिकट काट दिया था। टिकट बदलने से नाराज सुमावली प्रत्याशी कुलदीप सिंह के समर्थकों द्वारा कांग्रेस नेताओं का पुतला और झंडों की होली जलाकर आक्रोश प्रदर्शित किया और शाम को कुलदीप सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया। कांग्रेस ने बागी विधायकों के सामने घुटने टेकेआखिरकार कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी मनमर्जी के आधार पर टिकट बांट तो दिए थे लेकिन जब नाराज नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए तो पार्टी ने बागी विधायकों व नेताओं के सामने घुटने टेक दिए। जिन सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं उनमें दो विधायकों को फिर से टिकट दिया है। पार्टी ने सुमावली विधानसभा सीट पर विधायक अजब सिंह कुशवाहा को फिर से प्रत्याशी बनाया है, पहले अजब सिंह का टिकट काट दिया गया था। जिसके बाद अजब सिंह ने विरोध करते हुए अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया था और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दे दिया है। इसी तरह से उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने विधायक मुरली मोरवाल को फिर से प्रत्याशी बनाया है। जबकि चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी सूची में कांग्रेस पार्टी ने यहां से राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा था। जिसके बाद से विधायक मुरली मोरवाल और उनके समर्थकों ने पार्टी से बगावत कर दी थी। इतना ही नहीं मुरली मोरवाल ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की स्पष्ट घोषणा कर दी थी। ऐसे में पार्टी ने टिकट देकर एक तरह से बगावत को रोकने की कोशिश की है।          इसके साथ ही पिपरिया विधानसभा सीट पर भी बदलाव करते हुए कांग्रेस पार्टी ने वीरेंद्र रघुवंशी को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर दिया है। जबकि पहले यहां से गुरु चरण खरे को प्रत्याशी घोषित किया गया था और उन्होंने अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। इधर यही हाल जावरा विधानसभा सीट का भी हुआ है। यहां से कांग्रेस नेतृत्व ने पहले हिम्मत श्रीमाल को टिकट देकर चुनावी समर का बिगुल बजा दिया लेकिन यहां भी वही विरोध के स्वर उठने लगे जिनका सामना पार्टी नेतृत्व को अन्य सीटों पर भी करना पड़ रहा था। विरोध के चलते बड़ा नुकसान होने की आशंका को समझते हुए कांग्रेस पार्टी ने यहां भी चुनाव प्रत्याशी बदलने की अधिकृत घोषणा कर दी। अब इस सीट पर वीरेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट थमाया गया है और हिम्मत श्रीमाल को चुनावी समर से बाहर कर दिया गया है। सात प्रत्याशी बदले, दो सीटों पर अभी भी फंसा पेंचशीर्ष नेतृत्व की मनमानी के आधार पर हुए टिकट वितरण के बाद उठी बगावत के चलते कांग्रेस को अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदलने पड़े हैं। पार्टी ने दूसरी सूची में तीन सीटों गोटेगांव, दतिया और पिछोर में प्रत्याशी बदले थे। जबकि अब सुमावली, पिपरिया, बड़नगर और जावरा में प्रत्याशी बदले हैं। मतलब पार्टी ने अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं। जबकि पार्टी मंडला जिले की निवास सीट पर प्रत्याशियों की अदला बदली पहले ही कर चुकी है।इतनी सब उठा – पटक करने के बाद भी खास बात यह है कि कांग्रेस की समस्या अभी भी पूरी तरह से दूरी होती नजर नहीं आ रही है। पार्टी ने भले ही सात सीटों पर प्रत्याशी बदल दिए हैं, लेकिन अभी भी आमला और शिवपुरी विधानसभा सीट पर पेंच फंसा हुआ है। डिप्टी कलेक्टर रही निशा बांगरे का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह इस सीट से टिकट की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस यहां से मनोज मालवे को मैदान में उतार चुकी है, ऐसे में कांग्रेस यहां भी फंसी नजर आ रही है। क्योंकि निशा बांगरे ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर पहले ही तय कर लिया था कि वो त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद आमला से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगी। जिसके लिए निशा बांगरे ने नौकरी से इस्तीफा देने के बाद राज्य शासन द्वारा स्वीकार ना किए जाने पर सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बड़ी लड़ाई लड़ी है। इधर शिवपुरी में कांग्रेस ने सीनियर विधायक केपी सिंह को टिकट दिया है, जबकि केपी सिंह अपनी परंपरागत पिछोर सीट से ही चुनाव लड़ते रहे हैं। पिछोर सीट पर पहले केपी सिंह के भांजे शैलेन्द्र सिंह को टिकट दिया था लेकिन बाद में रूठों को मनाने के चक्कर यहां भी प्रत्याशी बदल दिया था। अब शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में भी बाहरी प्रत्याशी को लेकर माहौल गरमाया हुआ है जिससे यहां भी मामला फंसा हुआ है। बगावत पर विराम लगाने के चक्कर में लेने के देने पड़ेकांग्रेस पार्टी ने टिकट बटवारे के बाद नेताओं और विधायकों की नाराजगी और बगावत पर विराम लगाने के लिए पार्टी ने बड़ा फैंसला लेते हुए एक साथ चार विधानसभाओं में पूर्व घोषित प्रत्याशियों को बदल तो दिया लेकिन बगावत पर विराम लगाने का यह फार्मूला कांग्रेस के लिए दौहरा खतरनाक साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है। दरअसल जब पार्टी ने इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत घोषणा कर दी तो घोषित प्रत्याशियों ने अपने अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। अब पार्टी ने रूठों को मनाने के चक्कर में टिकट बदलकर उन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों … Read more

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर उठाए सवाल ?

Former Chief Minister Digvijay Singh raised questions about the EVM (Electronic Voting Machine). वोट कहां गया यह जानना हमारा संवैधानिक अधिकार। निष्पक्षता से सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी दे ईसी। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह नेएक बार फिर ईवीएम मशीन से वोटिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईवीएम से वोट कराने का विरोध नहीं करता, लेकिन चुनाव आयोग बताए कि जिस मशीन में चिप लगी हो तो वह टेंपर प्रूफ कैसे हो सकती है? ईवीएम में वोट कहां गया ये जानना हमारा संवैधानिक अधिकार है। ईवीएम, वीवीपैट और काउंटिंग यूनिट में जो सॉफ्टवेयर है, चुनाव आयोग को निष्पक्षता से उस सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी देनी चाहिए। इलेक्शन कमिशन हमसे मिलने को तैयार नहीं है। हमने एक सवालों की फेहरिस्त बनाई थी लेकिन आयोग उसका जवाब नहीं दे रहा है। बता दें कि कांग्रेस की ओर से ईवीएम मशीन को लेकर बनाई गई कमेटी को दिग्विजय सिंह लीड कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ईवीएम के संबंध में विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें भी कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह की अगुवाई में देश के प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन आयोग से मांग की जा रही है कि वीवीपैट की पर्ची से काउंटिंग की जाए।  देश में लोकतंत्र को बचाए – सुप्रीम कोर्ट:- दिग्विजय सिंह  सोमवार को पूर्व सीएम ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए भी लिखा कि चुनाव आयोग से एक ही गुज़ारिश है कि वीवीपैट स्लिप हमें हाथ में दे दो जिसे हम अलग से मतपेटी में डाल दें। मतगणना के पहले किसी भी 10 मतपेटी के वोट गिन लो और काउंटिंग के नतीजों से मेल कर लो। यदि दोनों का नतीजा एक जैसा है तो काउंटिंग के नतीजों से रिजल्ट डिक्लेअर कर दो। इसमें चुनाव आयोग को क्या दिक़्क़त है? सुप्रीम कोर्ट से यही प्रार्थना है इसे गंभीरता से लें देश में लोकतंत्र को बचाइए।

हुजूर का बेटा हूँ, जरूरत पड़ी तो प्राण देकर भी बेटे का कर्तव्य निभाऊंगा – रामेश्वर शर्मा

“I am the son of the master; if necessary, I will fulfill the duty of a son even at the cost of my life.” – Rameshwar Sharma.

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