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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस लाइन उज्जैन में कई कार्यों का किया लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलिस लाइन उज्जैन स्थित सेल्फ स्टडी जोन, दिशा लर्निंग सेंटर, पार्क और ओपन जिम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पुलिस बैंड द्वारा मुख्यमंत्री डॉ यादव को सलामी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पार्क में सांकेतिक रूप से एक्सरसाइज कर सभी को नियमित व्यायाम कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा,नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी आदि उपस्थित रहे।  

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट में मिलेंगे निवेश के व्यापक अवसर

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सौर ऊर्जीकरण अंतर्गत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट के लक्ष्य को हासिल करने संबंधी स्वप्न को साकार करने में अपना योगदान देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में निरंतर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये एक के बाद एक संयंत्र लगाये जा रहे हैं। इनसे प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में सौर ऊर्जा की भागीदारी निरंतर बढ़ती जा रही है। कृषकों की ऊर्जा आवश्‍यकताओं, मुख्‍य रूप से सिंचाई आवश्‍यकताओं की पूर्ति के लिए, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्‍पादन कर, आय के अवसर उपलब्ध करवाते हुए, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्‍थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना लागू की गयी है। पीएम-कुसुम योजना के घटक कुसुम-सी में ग्रिड संबंद्ध सिंचाई पम्‍पस् को ऊर्जीकृत करने के लिये कृषि फ़ीडर का सोलराइजेशन किया जाना है। योजना में सोलर संयंत्र स्‍थापना के लिये रु. 1.05 करोड़ प्रति मेगावाट केन्‍द्रीय सहायता राशि का प्रावधान है। परियोजना के विकासकों एवं अन्य स्टेक होल्डर्स को निगम द्वारा इस निविदा, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी जानकारी देने के लिये “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट” 10 जून को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित होगी। सौर ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण पक्ष उपयोग करने के स्थान (बिंदु) पर इसके उत्‍पादन के साथ उपयोग करना भी है। सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग के लिये इन परियोजनाओं को विकेंद्रीकृत रूप से स्थापित किया जा सकता है। सरकार कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसानों के हित में सिंचाई के लिये ऊर्जा की 10 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगभग 8000 समर्पित कृषि फीडर स्थापित किए गए हैं। इनका निरंतर विस्तार प्रक्रियाधीन है। प्रदेश में 33/11 किलो वोल्ट विद्युत उप केन्द्रों पर सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना के समग्र लाभ को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में पीएम-कुसुम योजना के घटक कुसुम-सी में प्रदत्‍त लक्ष्‍य तक सीमित न रखते हुए और योजना को तकनीकी रूप से अधिक उपयोगी बनाते हुए कृषि फ़ीडर सोलराइजेशन को विस्तार दिया जा रहा है। इसके विस्तारीकरण के लिये ही ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर” योजना क्रियान्वित की जा रही है। ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर” योजना के प्रमुख उद्देश्य म.प्र. पॉवर मैनेज़मेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध कराना है। सीधे विद्युत खपत स्थल पर ऊर्जा प्रदाय कर पारेषण हानि को कम करना, कृषि लोड का दिन में प्रबंध करना, किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराना भी इसका उद्दइेश्य है ताकि कृषकों की जीवन शैली को बेहतर बनाया जा सके। इसका उद्देश्य 33/11 किलो वोल्ट विद्युत वितरण उप केन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्राँसफार्मर पर ओवर-लोडिंग के परिणाम स्वरूप लो-वोल्टेज एवं पॉवर कट की समस्या को कम करना भी है। इन परियोजनाओं की स्थापना से विद्युत उपकेन्द्रों के उन्नयन पर आने वाले वित्तीय भार से बचा जा सकेगा। साथ ही बिना किसी निवेश के ग्रिड स्‍टेबिलिटी प्रबंधन किया जा सकेगा। ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर” योजना में 100 प्रतिशत क्षमता तक विद्युत् सब-स्टेशन की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी। इन परियोजनाओं के विकासकों के चयन के लिये म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा निविदा जारी की गयी है। इसमें शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत क्रय अनुबंध किया जाएगा। निविदा में 1900 से अधिक सब-स्टेशन पर 14 हजार 500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन के लिये अवसर उपलब्ध हैं। परियोजनाओं की स्थापना में पीएम कुसुम योजनान्तर्गत अनुदान प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध होगा। परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत्त ब्याज में छूट का प्रावधान भी किया गया है। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।  

चिनाब रेलवे ब्रिज और केबल-स्टेड रेलवे पुल का शुभारंभ देशवासियों के लिए गौरव का क्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज और देश के पहले केबल-स्टेड रेलवे पुल का शुभारंभ देशवासियों के लिए गौरव का क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक्स संदेश में कहा है कि जम्मू-कश्मीर में स्थापित चिनाब रेलवे अत्याधुनिक तकनीक, बेमिसाल इंजीनियरिंग और दृढ़ संकल्प को साकार करने का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चिनाब रेलवे ब्रिज और केबल-स्टेड रेलवे पुल “अंजी ब्रिज” का शुभारंभ सभी भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण सौगात है ।  

अरी थाना क्षेत्र में भीषण सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की दर्दनाक मौत, चालक फरार

सिवनी अरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा सिवनी-कटंगी (बालाघाट) मार्ग पर स्थित खमरिया गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कूटी और सब्जी से भरे एक ऑटो वाहन की आमने-सामने से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।   सड़क पर बिखरे पड़े थे शव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सब्जी से भरा ऑटो सिवनी से कटंगी की ओर जा रहा था। स्कूटी पर सवार तीन युवक अरी से सिवनी की दिशा में तेज रफ्तार से जा रहे थे। खमरिया गांव के पास दोनों वाहनों में आमने-सामने से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। तीनों युवक सड़क पर जा गिरे। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। युवकों की मौत से गांव में पसरा मातम हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 35 वर्षीय अविनाश पुत्र सत्यनारायण भलावी निवासी नयेगांव, 26 वर्षीय अरविंद पुत्र सियानंद भालेकर और 23 वर्षीय रोहित पुत्र शिवचरण कुमरे दोनों निवासी रैयतवाड़ी गांव के रूप में हुई है। तीनों युवक मित्र थे। हादसे की खबर लगते ही गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। ऑटो चालक वाहन छोड़कर फरार अरी थाना प्रभारी आशीष खोब्रागढ़े ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद ऑटो चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ऑटो और स्कूटी को जब्त कर लिया है। चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। मृतकों के शवों का पंचनामा कर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। प्राथमिक दृष्टि में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं

रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में सांदीपनि विद्यालय और अन्य विद्यालयों के उन्नयन एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पी.के. गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, रीवा को सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विशेष चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र से सेवाओं का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चनों को त्वरित रूप से उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा शहर के समीपवर्ती क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के प्रस्तावित उन्नयन कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्देशित किया कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूर्ण कर प्रस्तावों को सक्षम स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजा जाए। उन्होंने कहा कि रीवा शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के उन्नयन को प्राथमिकता से किया जाये, जिससे इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उन्हें शिक्षा के लिये शहर आने की असुविधा न हो। आयुक्त, स्कूल शिक्षा श्रीमती शिल्पा गुप्ता, पीआईयू, एवं एप्को के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

गुरू ही जीवन की दिशा तय करते है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ है। ये परिसर राष्ट्रवादी विचारों का जीवंत केंद्र है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में कुलपति के स्थान पर कुलगुरु संबोधित किए जाने पर कहा कि गुरु शब्द अंधेरे से प्रकाश को जोड़ता है। माता-पिता के बाद गुरु ही जीवन की दिशा तय करते हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में लोटी स्कूल से जुड़े अपने विद्यार्थी परिषद के समय के अनुभव भी साझा किए। विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण किशोर खंडेलवाल ने दिया। मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों को पुरस्कार प्रदान किये। खंडेलवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष शिक्षकों के उन्नयन के लिए 3 दिवसीय अभ्यास वर्ग के चलते आयोजित किया जाता है। इसमें अलग-अलग विषय होते हैं। कार्यकम में विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 10वीं में टॉपर 3 छात्र, छात्राओं एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिता मल्लखम्भ खेल में मैडल हासिल करने वाले 4 खिलाड़ी छात्र, छात्राओं का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष किशोर खंडेलवाल, सचिव विश्वनाथ सोमन और गिरीश भालेराव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन गिरीश भालेराव ने किया और आभार प्रदर्शन विश्वनाथ सोमन ने किया।  

नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन की डायरेक्टर जनरल ने इन सभी होम गार्ड की बाहर पोस्टिंग की निरस्त, जारी किया नया आदेश…

भोपाल आपदा प्रबंधन के लिए प्रदेश में होम गार्ड के स्वीकृत पदों में से 38 प्रतिशत कम हैं। इंदौर में होम गार्ड के 650 पद हैं, लेकिन पद स्थापना केवल 537 की है। इनमें से भी करीब 100 होम गार्ड के जवानों की पोस्टिंग बड़े अधिकारियों के बंगलों या अन्य जगह है।  यह आपदा प्रबंधन के लिए काम ही नहीं करते हैं। अब होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन की डायरेक्टर जनरल ने सभी होम गार्ड की बाहर पोस्टिंग निरस्त कर होम गार्ड लाइन में बुलाने के निर्देश दिए हैं। इन्हें आपदा प्रबंधन के काम में लगाया जाएगा। उन्हें अब अन्य विभागों में काम करने की अनुमति नहीं होगी। वापस आने वाले होम गार्ड की संवेदनशील इलाकों में तैनाती होगी या अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। बारिश से पहले होगी वापसी पुलिस मुख्यालय से 3 जून को जारी आदेश के अनुसार, बारिश से पहले होम गार्ड जवानों को होम गार्ड लाइन में वापस बुलाया जाए। इन्हें और कहीं पदस्थ नहीं किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी है कि अन्य स्थानों पर इनकी पोस्टिंग करने से पहले पुलिस मुख्यालय से अनुमति ली जाए। मुयालय से जारी आदेश के बाद मनचाही पोस्टिंग लेकर बंगलों या अन्य जगह काम करने वाले बेचैन हैं, क्योंकि अब तक ये जवान आपदा प्रबंधन के कार्यों से मुक्त थे। अन्य विभागों में नियुक्ति के दौरान ऑफिस के समय में ही काम करना होता है और सप्ताह में दो दिन का अवकाश भी मिल जाता है। इन विभागों में काम करते हैं जवान -ट्रैफिक पुलिस थाना। -पुलिस थाना। -कलेक्टर कार्यालय सहित अन्य सरकारी भवन। -सरकारी अफसरों के बंगले। -सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा में। -एसडीएम और एडीएम कार्यालयों में। समीक्षा में हुआ खुलासा होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन में हाल ही में डायरेक्टर जनरल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव की पोस्टिंग हुई है। उन्होंने विभागीय समीक्षा की तो खुलासा हुआ कि प्रदेश के सभी जिलों में होम गार्ड की भारी कमी है। इससे राहत एवं आपदा प्रबंधन का काम प्रभावित होता है। पता चला कि बड़ी संख्या में ऐसे होम गार्ड के जवान हैं, जिनकी पोस्टिंग होम गार्ड लाइन में है, लेकिन वे अन्य स्थानों पर काम कर रहे हैं। मौखिक आदेश पर सरकारी बिल्डिंग, अफसरों के बंगले, ट्रैफिक थाने, पुलिस थाने, बाल संप्रेषण गृह (बच्चा जेल), सरकारी अधिकारियों के सुरक्षाकर्मी के तौर पर काम कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा बंगले या अफसरों के सहयोगी सुरक्षाकर्मी के तौर पर पदस्थ हैं। इन जवानों की वापसी के बाद इन्हें बाढ़ एवं आपदा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में डीआरसी (डिजास्टर रिकवरी सेंटर) या फिर क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) में पदस्थ किया जाएगा। कार्रवाई की जा रही यह सामान्य प्रक्रिया है। बारिश में आपदा को लेकर तैयारी की जाती है। इन तीन महीनों के बाद स्टाफ की अधिकता हो जाती है, इसलिए जिन विभागों से बल की मांग की जाती है, वहां विभागीय अटैचमेंट कर दिया जाता है। 15 जून से 15 सितंबर तक विभागीय वापसी करते हैं। मुयालय से उसी क्रम में आदेश प्राप्त हुआ है। उसके अनुरूप कार्रवाई की जा रही है। -समित जैन, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट

छिंदवाड़ा में कांग्रेस जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार फिर से विवादों में, मामला अब मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा में कांग्रेस जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार फिर से विवादों में हैं। उनके जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर फिर से जांच शुरू हो गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा। यह मामला पहले एसडीएम और कलेक्टर के पास गया, लेकिन अब मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। इससे प्रशासन में हलचल है। नरेशराम गोहिया और अन्य लोगों ने पहले कलेक्टर से शिकायत की थी। बाद में यह शिकायत सीएम ऑफिस में भी भेजी गई। गृह विभाग ने कलेक्टर को जांच के आदेश दिए हैं। शिकायत में पुन्हार के चुनाव को रद्द करने की मांग की गई है। पुन्हार ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जांच की पुष्टि की है। इस मामले से जिले की राजनीति में गर्मी आ गई है। गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप संजय पुन्हार जो छिंदवाड़ा में कांग्रेस पार्टी से जिला पंचायत के अध्यक्ष हैं एक बार फिर मुश्किल में फंसते दिख रहे हैं। उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर फिर से जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि उन्होंने गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाया और उसी के आधार पर जिला पंचायत का चुनाव लड़ा। ऐसा रहा जांच का घटनाक्रम पहले मार्च के महीने में इस मामले को लेकर एसडीएम और कलेक्टर से शिकायत की गई थी। लेकिन अब यह मामला एक नया मोड़ ले चुका है।उन पर चुनाव में फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र उपयोग करने का आरोप लगा है। इस मामले में पहली शिकायत 16 अप्रैल को नरेशराम गोहिया और कुछ अन्य लोगों ने छिंदवाड़ा के कलेक्टर से की थी। इसके बाद 7 मई को सीएम ऑफिस में भी शिकायत भेजी गई। इस पर कार्रवाई करते हुए 27 मई को गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने छिंदवाड़ा के कलेक्टर को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया। शिकायतकर्ताओं की मांग शिकायत में यह मांग की गई है कि संजय पुन्हार ने गलत तरीके से अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा है। इसलिए, इस चुनाव को तुरंत रद्द कर दिया जाए। कलेक्टर को इस शिकायत पत्र पर जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। संजय पुन्हार का कहना इस पूरे मामले पर संजय पुन्हार ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी इस मामले में जांच के लिए पत्र लिखा था। लेकिन अब भोपाल से जांच के लिए पत्र लिखकर उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि शुक्रवार को होने वाली सामान्य सभा की बैठक से ठीक पहले यह पत्र सामने आना सिर्फ एक संयोग नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। डिप्टी कलेक्टर का कहना उप जिला निर्वाचन अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर रमेश कुमार मेहरा ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीएम ऑफिस में जिला पंचायत अध्यक्ष के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा एक मामला आया है। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं और नियमों के अनुसार इसकी जांच की जाएगी।

कुर्बानी के लिए नियमों और कानून का सख्ती से पालन किया जाए, जिलाधिकारी इसका कड़ाई से पालन कराएं -वक्फ बोर्ड

भोपाल  ईद उल अजहा (बकरीद) के पर्व को लेकर मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की ओर से एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया कि कुर्बानी बंद स्थान पर दें और खुले में नमाज न पढ़ें. मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अधीन राज्य में मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाहें, मजार, कर्बला और स्कूल व मदरसे आते हैं. इनकी संख्या 15 हजार है. कुर्बानी के लिए नियमों और कानून की सख्ती बोर्ड ने अपने अधीन आने वाले सभी मुतवल्लियों (प्रबंधक) और प्रबंध समितियों को निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों में कहा गया है कि कुर्बानी के लिए नियमों और कानून का सख्ती से पालन किया जाए. साथ ही, जिलाधिकारी इसका कड़ाई से पालन कराएं. बोर्ड ने एडवाइजरी में कहा कि नमाज केवल ईदगाह के अंदर और मस्जिद के परिसर में पढ़ी जाए और सड़क पर नमाज अदा करने से बचें. जरूरत होने पर स्थानीय प्रशासन को भरोसे में लेकर ईद की नमाज अदा की जाए. चयनित स्थानों पर ही करें कुर्बानी बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कुर्बानी की जगह को चारों तरफ से दीवार, टीनशेड से बंद रखें, इन स्थानों पर आवश्यक दवाइयों का छिड़काव करें. साफ-सफाई का ध्यान रखा जाना अपनी धार्मिक और नैतिक जिम्मेदारी समझें. कुर्बानी के लिए चयनित स्थानों पर ही कुर्बानी करें, उसे भली-भांति ढंक कर अपने स्थान तक ले जाएं. कुर्बानी के जानवर की अनुपयोगी चीजों को सुरक्षित और नगर निगम, पालिका द्वारा रखे कंटेनर अथवा चयनित जगहों पर ही डालें. कुर्बानी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालें बोर्ड के निर्देशों में कहा गया है कि प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी भी सूरत में न करें और सरकारी आदेशों का पूरी तरह से पालन करें. कुर्बानी का कोई वीडियो और ऑडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल न करें. बोर्ड की ओर से प्रदेश के सभी कलेक्टर्स और जिला दंडाधिकारियों को कहा गया है कि वे कुर्बानी के त्योहार को सफल बनाने की दृष्टि से जारी एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें और इससे आमजन को अवगत कराएं ताकि राज्य शासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन सुनिश्चित हो सके.  

उषा ठाकुर ने महाकाल के दरबार में पूजा-अर्चना कर देश प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना

उज्जैन मध्य प्रदेश की पूर्व कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर पहुंचीं। जहां उन्होंने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। उषा ठाकुर ने पूजा-अर्चना कर देश प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की हैं। वहीं मंदिर प्रबंधन समिति ने उनका स्वागत और सम्मान किया। एमपी की पूर्व कैबिनेट मंत्री व बीजेपी नेत्री उषा ठाकुर शुक्रवार को उज्जैन प्रवास पर पहुंची। जहां उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने नंदी बाबा की पूजा कर उनके कानों में अपनी मनोकामना भी कही। महाकाल मंदिर प्रबंधन की ओर से समिति के सदस्य आशीष दुबे ने उषा ठाकुर का स्वागत व सम्मान किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं भी मौजूद रहे। वहीं दर्शन के पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि प्रभु श्री महाकाल के चरणों का दर्शन आज प्राप्त हुआ है। बाबा महाकाल के दर्शन इसी तरह होते रहें, यही हमारे जीवन का सौभाग्य है। यहां आकर बहुत अच्छा लगा।

पति का शव मिला, पत्नी अभी भी लापता, सोनम के भाई ने कहा- हमें लगता है वह जिंदा है

इंदौर मेघालय में इंदौर के नवविवाहित जोड़े राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उनकी पत्नी सोनम अब तक लापता हैं. इस मामले में रघुवंशी समुदाय और परिवार ने अब सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. मृतक राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने इस मांग को और मुखर करते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है. राजा और सोनम बीती 11 मई को शादी के बंधन में बंधे थे, 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय गए थे. 22 मई को वे शिलांग के पास मावलखियाट गांव पहुंचे और नोंग्रीट गांव के शिपारा होम स्टे में रुके. 23 मई को सुबह होम स्टे से चेकआउट करने के बाद दोनों लापता हो गए. उनकी किराए की स्कूटी 24 मई को सोहरिम में लावारिस हालत में मिली. 2 जून को वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक गहरी खाई में राजा का शव मिला, जिसकी पहचान उनके दाहिने हाथ पर ‘राजा’ टैटू से हुई. मेघालय पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, लेकिन सोनम का अब तक कोई सुराग नहीं मिला. विपिन रघुवंशी ने मीडिया से कहा, ”हम CBI जांच की मांग कर रहे हैं. राजा का शव स्कूटी मिलने की जगह से 25 किलोमीटर दूर पाया गया. हमें शक है कि उनका अपहरण कर हत्या की गई. सोनम का अपहरण हुआ हो सकता है. स्थानीय पुलिस शुरुआती 8 दिनों तक गंभीर नहीं थी.” परिवार ने आरोप लगाया कि राजा की सोने की चेन, हीरे की अंगूठी, कंगन और पर्स गायब हैं, जिससे लूट और हत्या की आशंका गहरा रही है. रघुवंशी समुदाय ने PM मोदी को लिखे पत्र में इस मामले को गंभीरता से लेने और सीबीआई से जांच करवाने की अपील की है. विपिन ने कहा, ”हमारी बहू सोनम को हर हाल में जिंदा ढूंढा जाए. हम चाहते हैं कि इस हत्याकांड की सच्चाई सामने आए.” परिवार ने यह भी आशंका जताई कि स्थानीय गैंग और स्कूटर किराए पर देने वाले व्यक्ति की इसमें भूमिका हो सकती है. मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने इस घटना को अभूतपूर्व बताते हुए न्याय का आश्वासन दिया है. ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सियेम ने कहा, ”यह स्पष्ट हत्या का मामला है. हमने हत्या में प्रयुक्त ‘दाओ’ (धारदार हथियार) और राजा का मोबाइल बरामद किया है. सोनम की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से 150 वर्ग किमी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चल रहा है.” हालांकि, भारी बारिश और दुर्गम इलाका खोज को मुश्किल बना रहा है. इस बीच, इंदौर में राजा के अंतिम संस्कार के दौरान उनके घर के बाहर लगे पोस्टर, जिनमें लिखा था, ”राजा की आत्मा कह रही है- मैं मरा नहीं, मुझे मारा गया. सीबीआई जांच हो,”  अब सभी की निगाहें पीएम मोदी के जवाब और सीबीआई जांच की संभावना पर टिकी हैं. सोनम के भाई ने क्या कहा? सोनम के बड़े भाई गोविंद रघुवंशी ने कहा कि “मुझे लगता है कि इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत है, जैसा कि राजा रघुवंशी के परिवार ने मांग की है. सोनम और राजा के फोन में लापता होने से पहले नोंग्रियाट का टावर लोकेशन दिखाया गया था, लेकिन राजा का आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट वेइसाडोंग से था, जो मेघालय के प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस चेरापूंजी या सोहरा के पास है. सोनम ने आखिरी बार 23 मई की दोपहर को अपनी सास से बात की थी. उसी दिन दंपत्ति लापता हो गए थे.” गोविंद रघुवंशी ने कहा कि “इतने दिन हो गए हैं और सर्चिंग में जुटी टीम को कोई सुराग नहीं मिला है. रेस्क्यू टीम को अभी तक उसका फोन या बैग नहीं मिला है. इसलिए, यह अपहरण का मामला है, हम पुलिस और बचाव दल से अपील करते हैं कि वे उम्मीद न छोड़ें और उसे जीवित खोजने के लिए अपना तरीका बदलें. जिस जगह राजा का शव मिला था, उससे लगभग 200 मीटर नीचे टनों कचरा था. अगर यह जगह सुनसान है, तो कचरा कौन डाल रहा है? यह स्थानीय लोग ही होंगे. कौन जानेगा कि उस कचरे के ढेर में एक शव फेंका गया था.” सबसे पहले जानिए कैसे हुए हनीमून मिस्ट्री की शुरुआत? इंदौर में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करने वाले राजा रघुवंशी की शादी 11 मई को सोनम के साथ धूमधाम से हुई। शादी के करीब आठ दिन बाद 20 मई को दोनों हनीमून के लिए रवाना हो गए। कपल इंदौर से गुवाहाटी पहुंचा और कामाख्या माता के दर्शन किए। एक दो दिन घूमने के बाद राजा और सोनम 23 मई को मेघालय के शिलांग के लिए रवाना हुए। इस बीच राजा और सोनम की परिजनों से बात होती रही। लेकिन, बाद में उनसे बात नहीं हो सकी। 24 मई को दोनों के मोबाइल नंबर बंद हो गए। काफी इंतजार और प्रयास के बाद भी दोनों से परिवार वालों का संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद इंदौर से सोनम के भाई गोविंद और राजा के भाई विपिन शिलांग पहुंचे और पुलिस के साथ मिलकर दोनों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास, पर नहीं मिली सफलता   24-25 मई के बाद से शिलांग पुलिस समेत प्रशासन की अन्य टीमें राजा और सोनम की जुटे रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। पहाड़ी, चट्टान और जंगली इलाका होने के कारण सर्चिंग टीम को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बार खराब मौसम भी सर्च अभियान में बाध बना। स्थानीय पुलिस ने होम स्टे में मिले कपल के बैग खोलकर तलाशी ली, लेकिन उसमें मोबाइल फोन और आभूषण नहीं मिले। खोजी कुत्तों को दोनो के कपड़े सुंघाकर तलाश करने की कोशिश की गई, लेकिन कुत्ते जहां तक गए, वहां भी दोनों नहीं मिले। काफी प्रयास के बाद भी दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों ने उनकी जानकारी देने वालों को पांच लाख का इनाम देने की घोषणा की। इधर, पुलिस लगातार दोनों के बारे में जानकारी जुटा रही थी। राजा और सोनम के गाइड से पूछताछ की जा रही थी। इस दौरान पता चला कि वे शिलांग से पचास किलोमीटर दूर डबलडेकर रूट पर घूमने के लिए गए थे। दोनों ने एक स्कूटी भी रेंट पर ली थी। स्कूटी संचालक और आसपास के … Read more

पश्चिमी विक्षोभ, द्रोणिका और चक्रवात के चलते प्रदेश में 9 जून तक बादल बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी

भोपाल पश्चिमी विक्षोभ, द्रोणिका और चक्रवात के चलते प्रदेश में 9 जून तक बादल बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी। आज शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभाग में कहीं कहीं बादल छाने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, बालुरघाट से होकर ही गुजर रही है, ऐसे में प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 से 15 जून के बीच होने की संभावना है।15 जून के बाद पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो सकता है। आज इन जिलों में बारिश/आंधी का अलर्ट आज शुक्रवार को 45 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से आंधी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा। 10 के बाद मानसून की होगी एंट्री प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। हालांकि मध्य प्रदेश में प्री मानसून की बारिश लगातार चल रही है जिस वजह से प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। लोगों को गर्मी से राहत मिली हुई है। वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ यूपी के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान एवं उससे लगे हुए उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। दक्षिणी हरियाणा पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से ओडिशा, झारखंड, दक्षिणी बिहार, पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला बना हुआ है।फिलहाल 9 जून तक मौसम ऐसा ही रहेगा। 9 जून तक ऐसा रहेगा मौसम     6 जून शुक्रवार : भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी-बारिश का अलर्ट।     7 जून शनिवार : मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खंडवा, इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर में तेज आंधी/हल्की बारिश।     8 जून रविवार : इंदौर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खंडवा, धार, बड़वानी में तेज आंधी/हल्की बारिश ।     9 जून सोमवार : उज्जैन, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर में तेज आंधी/बारिश। 26 अप्रैल से जारी है आंधी-बारिश इस बार भीषण गर्मी में भी आंधी-बारिश वाला मौसम रहा। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 5 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 41 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है, या आंधी चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन यानी, 9 जून तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है। आगे नहीं बढ़ रहा मानसून इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। अब जानिए, 10 साल में कैसा रहा मौसम… इस साल मई में टूटे रिकॉर्ड, गर्मी की बजाय आंधी-बारिश पूरे मई महीने में आंधी, बारिश और ओले वाला मौसम रहा। एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब प्रदेश के किसी न किसी जिले में आंधी-बारिश न हुई हो। एमपी में ऐसा पहली बार हुआ। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कुल 53 जिले भीग गए। सिर्फ निवाड़ी ही ऐसा जिला रहा, जहां बूंदाबांदी तो हुई, लेकिन दर्ज नहीं हो सकी। दूसरी ओर, मई महीने में बारिश के कई रिकॉर्ड भी टूटे। इंदौर में 139 साल में सबसे ज्यादा 4.6 इंच पानी गिरा। वहीं, उज्जैन में सबसे ज्यादा बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना। इससे पहले इंदौर में साल 1886 के मई महीने में 107.7 मिमी यानी, 4.2 इंच पानी गिरा था, जबकि इस बार 114.8 मिमी यानी, 4.6 इंच पानी गिर गया है। इस तरह 139 साल में इंदौर का रिकॉर्ड टूट गया है। उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है। इस बार 111.8 मिमी यानी, 4.3 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। साल 2021 में कुल मासिक बारिश 65 मिमी (2.5 इंच) हुई थी। इस हिसाब से उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है। दूसरी ओर, मई में अप्रैल जितनी गर्मी नहीं रही। अप्रैल में कई शहरों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। इस साल मई में प्रदेश के किसी भी शहर में दिन का तापमान 43 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। नौतपा में भी कम ही गर्मी रही। नौगांव, खजुराहो, टीकमगढ़, ग्वालियर, दमोह, शिवपुरी जैसे शहरों में ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा। बाकी शहरों में इससे काफी नीचे रहा। क्यों रहा ऐसा मौसम? मई में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश होने के पीछे क्या वजह रही? इसके बारे में मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्रन ने जाना। उन्होंने बताया कि मई की शुरुआत से आखिरी तक प्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और ट्रफ की एक्टिविटी देखने को मिली। लगातार सिस्टम एक्टिव होते रहे। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर भी चलता रहा। आखिरी दिन भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा।

एमपी में 24 घंटे में 9 नए कोरोना मामले दर्ज हुए, स्वास्थ्य विभाग ने मास्क पहनने और भीड़ से बचने की अपील की

भोपाल / इंदौर मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है. बीते 24 घंटे में प्रदेश में कुल 9 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं. इनमें इंदौर से 5, भोपाल और ग्वालियर से 2-2 मरीजों की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को कुल 17 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें अधिकांश मामले शहरी क्षेत्रों से हैं. इस समय प्रदेश में कुल 36 एक्टिव केस हैं, जबकि 13 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं. राजधानी भोपाल में फिलहाल तीन एक्टिव मरीज हैं. इंदौर एक बार फिर हॉटस्पॉट के रूप में उभरता दिख रहा है. तेजी से फैल सकता है संक्रमण विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और लापरवाही के चलते संक्रमण तेजी से फैल सकता है. स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से मास्क पहनने, हाथ धोने और भीड़भाड़ से बचने की अपील की है. साथ ही, जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं ली है, उन्हें जल्द से जल्द लगवाने की सलाह दी गई है. राज्य सरकार ने फिलहाल किसी तरह की पाबंदी की घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है. स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं. वायरस के दो नए सब-वैरिएंट की हो चुकी पुष्टि बता दें दो दिन पहले ही मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के दो नए सब-वैरिएंट XFG और LF.7.9 की पुष्टि हुई थी. एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर द्वारा भेजे गए सात सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में की गई थी, जिसमें यह जानकारी सामने आई. इंदौर शहर में  पिछले पांच दिनों में 18 मरीज मिल चुके हैं, लेकिन अभी भी जिम्मेदार इसे लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। शहर के अस्पतालों में स्थित ऑक्सीजन प्लांट की अभी तक माकड्रिल नहीं हुई है। वर्ष 2023 में इन्हें आखिरी बार चलाकर देखा गया था। जांच को लेकर अव्यवस्था का आलम यह है कि एकमात्र एमआरटीबी अस्पताल में ही मरीजों को कोरोना जांच की सुविधा मिल रही है, लेकिन सिर्फ दो बजे के पहले तक। इसके बाद यहां जांच करने वाला स्टाफ ही नहीं रहता है। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी लैब में जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही अभी तक मेडिकल कालेज में जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन भी शुरू नहीं हो पाई है। जांच के लिए सैंपल भोपाल ही भेज रहे हैं। अभी शहर में कोरोना को लेकर कहीं कोई जागरूकता नजर नहीं आ रही है। बाजारों में भीड़ नजर आ रही है, लेकिन कोई मास्क नहीं लगा रहा है। सिंगापुर से आए दोस्त से मिली महिला पॉजिटिव अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को मिले मरीजों में 47 वर्षीय महिला सिंगापुर से आए दोस्त और 13 वर्षीय बच्ची बद्रीनाथ से लौटे व्यक्ति के संपर्क में आई थी। वहीं पुणे से लौटी 34 वर्षीय महिला के अलावा 62 वर्षीय और 30 वर्षीय पुरुष पॉजिटिव मिले हैं। इन्हें होम आइसोलेशन में ही रखा है। इंदौर में अब तक 38 मरीज मिले इंदौर में अब तक कुल 38 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 30 इंदौर के और बाकी अन्य जिलों के हैं। इंदौर में अभी 20 सक्रिय मरीज हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना से हमें घबराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन सतर्कता बरतते हुए भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। यदि किसी को सर्दी-खांसी है तो दूसरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

मंत्री विजयवर्गीय का बयान, बोले- कम कपड़े वाली लड़कियां मुझे पसंद नहीं, सेल्फी के लिए अच्छे कपड़े पहनकर आओ

इंदौर  कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने महिलाओं के पहनावे पर टिप्पणी की है. इंदौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों में कम कपड़े पहनने वाली लड़कियों को सुंदर माना जाता है, लेकिन वे इस सोच से सहमत नहीं हैं. उनके इस बयान ने विवाद को जन्म दे दिया है, खासकर तब जब हाल ही में एक अन्य कैबिनेट मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया पर दिया बयान भी चर्चा में था. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ”एक पाश्चात्य कहावत है, जो अच्छी नहीं है. विदेशों में कम कपड़े पहनने वाली लड़की को अच्छा मानते हैं, लेकिन हमारे यहां अच्छे कपड़े, श्रृंगार और गहने पहनने वाली लड़की को सुंदर माना जाता है.” उन्होंने आगे कहा, ”विदेशों में यह भी कहते हैं कि जैसे कम कपड़े पहनने वाली लड़की सुंदर होती है, वैसे ही कम बोलने वाला नेता भी अच्छा होता है. मैं इस कहावत को नहीं मानता. मेरे लिए महिलाएं देवी का स्वरूप हैं, उन्हें अच्छे कपड़े पहनने चाहिए.” हालांकि, बयान के अंत में उन्होंने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा, ”मुझे कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां अच्छी नहीं लगतीं. जब बच्चियां सेल्फी लेने आती हैं, तो मैं कहता हूं, बेटा, पहले अच्छे कपड़े पहनकर आना, फिर सेल्फी लेंगे.” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे उनकी व्यक्तिगत राय मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे महिलाओं के पहनावे पर अनुचित टिप्पणी बता रहे हैं. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब विजय शाह के एक बयान को लेकर विवाद अभी ठंडा भी नहीं हुआ था. कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान से नया विवाद खड़ा होने की संभावना है.  

न्याय कीआस में पूर्व MLA की पत्नी ने खुद पर डाला केरोसिन, MP के इस तहसील कार्यालय में हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा

कटनी  कटनी एक बड़ी खबर सामने आई है.  जिले के बड़वारा तहसील में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बड़वारा से कांग्रेस के पूर्व विधायक विजय राघवेंद्र सिंह की पत्नी रंजीता सिंह ने तहसील कार्यालय में आत्मदाह करने का प्रयास किया. जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से हादसा टल गया. घटना की जानकारी लगते ही बड़वारा पुलिस तहसील कार्यालय पहुंच गई. मामले पर रंजीता सिंह ने नायब तहसीलदार पर पक्षपात रवैया का आरोप लगाया है. पूर्व विधायक की पत्नी रंजीता सिंह ने कहा कि उनका जमीन का मामला विलायत कला में पिछले छह महीने से तहसील में चल रहा है. लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. नायब तहसीलदार मैडम कोई सुनवाई नहीं कर रही है और आज न्याय के लिए यहां आई लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होने से अपने ऊपर केरोसिन डाल ली. ‘…जवाबदारी मैडम की होगी’ यदि उन्हें न्याय नहीं मिलेगा तो यही तहसील में आत्महत्या कर लेंगी. जिसकी जवाबदारी मैडम की होगी. उन्हें आश्वासन दिया गया है कि एक हफ्ते में उनकी जमीन पर कार्रवाई हो जाएगी और उनकी जमीन उन्हें सौंप दी जाएगी. जानें क्या बोले एसडीओपी एसडीओपी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि पूर्व विधायक की पत्नी ने न्याय न मिलने के कारण आत्महत्या करने के लिए केरोसिन डाला है. उन्होंने अनुरोध किया है कि उन्हें 7 दिन का समय दिया है कि नाजायज कब्जाधारी व्यक्ति को तहसीलदार कब्जा हटाने के लिए लिखकर देंगे तो आदेशानुसार वह कार्रवाई करेंगे.

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