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खरगोन में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए कवायदें शुरु, सड़क चौड़ीकरण के साथ के साथ सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया जा रहा

खरगोन मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए कवायदें शुरु हो गई हैं। सड़क चौड़ीकरण के साथ के साथ सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया जा रहा है। नगर पालिका अमले ने बिस्टान रोड स्थित पीजी कॉलेज के सामने नर्सरी के लिए आरक्षित जगह पर तारफेसिंग हटाकर जगह समतल किया जाएगा।  इस पर नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी ने बताया कि जनसंख्या और यातायात के दबाव को देखते हुए हुए सड़क चौड़ीकरण की जरुरत है। इसी को देखते हुए पीजी कॉलेज के सामने स्थित नर्सरी को हटाते हुए सड़क चौड़ीकरण के साथ ही सौंदर्यीकरण के लिए योजना बनाई है। इसके अलावा शहर के अन्य मुख्य मार्गो पर अभी अतिक्रमण चिन्हित किया है। इधर, डायवर्सन रोड पर बढ़ते हुए यातायात दबाव और हादसों को देखते हुए प्रशासन ने आरती टॉकीज के सामने सड़क पर डिवाइडर के बीच क्रॉसिंग कट को डिवाइडर से बंद किया है। इससे मार्ग एकांकी हो गया है। इस बदलाव के कारण व्यापारियों ने आपत्ति दर्ज कराई और मार्ग खोलने की मांग की है।

माहवारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, फ्री दी जाएगी ‘पीरियड किट’

भोपाल  भोपाल शहर में बालिकाओं एवं महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने के लिए नया कदम उठाया जा रहा है। भोपाल के वार्ड क्रमांक 28 के अम्बेडकर नगर क्षेत्र में 28 मई को ‘विश्व महावारी स्वच्छता दिवस’ पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक संस्था हम लोग शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति द्वारा ’प्रोजेक्ट पिंक’ का आरंभ किया जा रहा है। 28 मई को कोटरा सुल्तानाबाद स्थित आंबेडकर नगर में शिविर लगाकर इसकी शुरुआत होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहियकाओं के साथ 30-30 बालिकाओं के समूह बनाकर उनके लिए यह कार्यशाला आयोजित की जाएगी। संस्था के नीतेश नेमा ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट पिंक’ अभियान की शुरूआत महावारी स्वच्छता दिवस से की जा रही है। इसके अंतर्गत किशोर बालिकाओं एवं महिलाओं को ‘पीरियड किट’ प्रदान की जाएगी, जो उनके लिए मददगार बनेगी। इस किट में सेनेटरी नेपकिन के साथ फिटकरी और साबुन भी हैं जो उनके लिए मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि जो बातें हमारे समाज में सामान्य रूप से नहीं समझाई जाती लेकिन लघु फिल्म के माध्यम से व विषय विशेषज्ञों की कार्यशाला आयोजित कर इस महत्वपूर्ण विषय पर आवश्यक जानकारी किशोर बालिकाओं को प्रदान की जाएगी। विषय विशेषज्ञ आयुषी पचौरी, श्रीमती शालू मजुमदार एवं श्रीमती नीलिमा ढोंके द्वारा किशोर बालिकाओं एवं महिलाओं को विषय की गंभीरता के बारे में समझाया जाएगा। लघु फिल्म के माध्यम से व कार्यशाला आयोजित कर इस महत्वपूर्ण विषय पर आवश्यक जानकारी दी जाएगी।

धामनोद नगर परिषद की यह योजना मई 2023 को आरंभ हुई, सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया

धार धार जिले के धामनोद नगर परिषद में एशियन डेवलपमेंट बैंक की वित्तीय सहायता से 81 करोड़ 42 लाख रूपये की लागत से एक व्यापक सीवरेज योजना का कार्य प्रगति पर है। इस योजना के अंतर्गत नगर की सीवरेज व्यवस्था को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ तरीके से विकसित किया जा रहा है, जिसमें 6.68 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होगा। यह प्लांट 80.67 किलोमीटर का सीवरेज नेटवर्क का होगा। इसमें एक मुख्य पंपिंग स्टेशन, दो मध्यवर्ती पंपिंग स्टेशन तथा 3 हजार 379 घरेलू सीवरेज कनेक्शन सम्मिलित हैं। धामनोद नगर परिषद की यह योजना मई 2023 को आरंभ हुई थी और सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में योजना की भौतिक प्रगति 55.60% तथा वित्तीय प्रगति 45.60% तक पहुँच चुकी है, जो कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार संतोषजनक है। इस योजना के अंतर्गत जैसे ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और नेटवर्क का कार्य पूर्ण होगा, मलजल का प्रभावी उपचार किया जाएगा। उपचारित मलजल का एक भाग नगर के पार्कों में सिंचाई एवं अन्य नागरिक उपयोगों में किया जाएगा, जबकि शेष जल को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप वन क्षेत्र अथवा नदी में सुरक्षित रूप से छोड़ा जाएगा। यह योजना न केवल धामनोद नगर के नागरिकों को बेहतर स्वच्छता एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगी, बल्कि नर्मदा नदी को प्रदूषण से मुक्त रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी की इंदौर इकाई सभी कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण करने के लिए कटिबद्ध है।  

PM मोदी भोपाल से ‘नमामि क्षिप्रे परियोजना’ के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को भोपाल के जम्बूरी मैदान से सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के अंतर्गत ‘नमामि क्षिप्रे परियोजना’ के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे। क्षिप्रा नदी पर 778.91 करोड़ रुपए की लागत वाले ये निर्माण कार्य धार, उज्जैन, इंदौर और देवास जिले के हैं। प्रधानमंत्री मोदी 83.39 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले बैराज/स्टॉप डैम/वेटेड कॉजवे का भी भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही कालियादेह स्टॉप डैम के 1.39 करोड़ रूपए लागत के मरम्मत कार्य भी शुरू होंगे। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि क्षिप्रा नदी के दोनों किनारों पर शनि मंदिर से नागदा बाईपास तक कुल 29.21 किलोमीटर लम्बाई में घाट निर्माण कार्य किया जाएगा। घाटों पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिये आवश्यक जल स्तर और आवागमन बनाए रखने के लिये वेटेड कॉजवे का निर्माण किया जाएगा। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए क्षिप्रा नदी को अविरल एवं प्रवाहमान बनाए रखने के लिये क्षिप्रा नदी पर बैराज का निर्माण एवं स्टॉप डैम का मरम्मत कार्य भी किया जाएगा। बैराज/स्टॉप डैम/वेटेड कॉजवे निर्माण मंत्री सिलावट ने बताया कि क्षिप्रा नदी पर जल संसाधन विभाग देवास द्वारा 2.53 करोड़ रुपए की लागत से गाजनोद खेडा बैराज ,3.23 करोड़ रूपए की लागत से दखनाखेड़ी बैराज, 3.15 करोड़ रूपए की लागत से पटाड़ा बैराज कम कॉजवे, 3.79 करोड़ रुपए की लागत से रनायर बैराज, 4.73 करोड रुपए की लागत से टिगरियागोगा बैराज, 6.74 करोड रूपए की लागत से सिरोंज बैराज कम कॉजवे और 2.57 करोड़ रूपए की लागत से बरोदपिपलिया बैराज का निर्माण किया जाएगा। नमामि क्षिप्रे परियोजना इकाई उज्जैन के द्वारा क्षिप्रा नदी पर 8.71 करोड़ रुपए की लागत से किट्ठोदाराव स्टॉप डैम तथा कान्ह नदी पर 5.74 करोड़ रुपए की लागत से पंथपिपलई स्टॉप डैम, 4.56 करोड़ रुपए की लागत से जमालपुरा स्टॉप डैम, 6.24 करोड़ रूपए की लागत से गोठड़ा स्टॉप डैम, 5.06 करोड़ रूपए की लागत से पिपलियाराघौ क्रमांक 02 बैराज और 6.34 करोड़ रूपए की लागत से रामवासा क्रमांक 02 बैराज का निर्माण किया जाएगा। जल संसाधन विभाग इंदौर द्वारा 2.69 करोड़ रुपए की लागत से ब्राम्हणपिपलिया स्टॉप डैम, 2.64 करोड़ रुपए की लागत से दर्जीकराड़िया स्टॉप डैम, 1.96 करोड़ रूपए की लागत से कुडाना स्टॉप डैम, 3.43 करोड़ रूपए की लागत से कायस्थ्खेड़ी स्टॉप डैम, 4.32 करोड़ रूपए की लागत से साहदा स्टॉप डैम, 0.53 करोड़ रूपए की लागत से लालखेडी स्टॉप डैम मरम्मत कार्य और 4.43 करोड़ रुपए की लागत से मेलकलमा बैराज सहपुलिया का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा नगर पालिका निगम उज्जैन द्वारा 1.39 करोड़ रुपए की लागत से कालियादेह स्टाप डैम का मरम्मत कार्य किया जाएगा। कान्ह नदी पर उज्जैन जिले में 5 बैराज एवं इंदौर जिले में 6 बैराज, इस प्रकार कुल 11 वैराजों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार क्षिप्रा एवं कान्ह नदीं पर कुल 21 बैराजों/स्टाप डैम का निर्माण किया जावेगा।  

सौगात : भोपाल-दतिया के बीच सिर्फ 999 रुपए में यात्री उड़ान भर सकेंगे, प्रदेश में अब आठ एयरपोर्ट हो जाएंगे

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को भोपाल आ रहे हैं। वे इस दौरान बड़ी सौगात देने वाले हैं। बता दें कि वे महिला सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यहीं से दतिया और सतना एयरपोर्ट व इंदौर मेट्रो का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे।लोकार्पण वाले दिन सतना से हवाई सेवा शुरू करने पर कवायद तेज हो गई है। अभी लाइट के संचालन व किराया तय नहीं हुआ है। इसी तरह इंदौर के लोगों को दिल्ली और मुंबई की तरह मेट्रो की सेवाएं मिलने लगेंगी। हो जाएंगे आठ एयरपोर्ट मध्यप्रदेश में छह एयरपोर्ट कार्यरत हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, रीवा, जबलपुर, खजुराहो और ग्वालियर शामिल हैं। सतना, दतिया एयरपोर्टका लोकार्पण होने के बाद प्रदेश में आठ एयरपोर्ट हो जाएंगे। इंदौर मध्यप्रदेश का पहला मेट्रो रेल वाला शहर बनेगा। मोदी महिला सम्मेलन से ही करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। शिप्रा नदी के दोनों किनारों को मिलाकर 29 किलोमीटर में घाट निर्माण होना है। आधारशिला भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही रखेंगे। इंदौर को मेट्रो की सौगात इंदौर अब मेट्रो शहर बनने जा रहा है. पीएम मोदी के इस दौरे पर इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी किया जाएगा. इंदौरवासियों को जल्द ही दिल्ली और मुंबई की तरह मेट्रो की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे शहर की ट्रैफिक समस्या को राहत मिलेगी और आवाजाही भी आसान हो जाएगी. मेट्रो परियोजना के साथ ही शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर लगभग 29 किलोमीटर तक सुंदर घाटों का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री ही रखेंगे. उड़ेगा आम आदमी उड़ान योजना के तहत दतिया से हवाई सेवा शुरू करने का जिमा बिग चार्टर एयरलाइंस कंपनी को दिया गया है। लोकार्पण वाले दिन दतिया-भोपाल-दतिया हवाई सेवा शुरू होगी। कंपनी 2 जून से नियमित सेवा शुरू करेगी, जो सोम, मंगल, बुध और गुरुवार को मिलेगी। बिग चार्टर एयरलाइंस ये चार दिन भोपाल से रीवा, रीवा से भोपाल, भोपाल से दतिया, दतिया से खजुराहो, खजुराहो से दतिया और दतिया से भोपाल के बीच लाइट सेवा देगी। सिर्फ 999 रुपए में यात्री भर सकेंगे उड़ान भोपाल-दतिया के बीच सिर्फ 999 रुपए में यात्री उड़ान भर सकेंगे। बाकी के शहरों का किराया भी कुछ इसी तरह का होगा, लेकिन इसका लाभ पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर मिलेगा। यानी 50% सीटें ही 999 में मिलेंगी। बाकी पर लेक्सी फेयर सिस्टम के तहत 2500 से 3500 रुपए किराया लगेगा। ऐनवक्त पर मामूली बदलाव हो सकता है। रीवा को यह जरूरत डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से भेंट की। उन्होंने रीवा से इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली एवं प्रयागराज के लिए एटीआर-72 विमानों से उड़ानों की आवश्यकतासे मंत्री को अवगत कराया।  

भोपाल एम्स में लगातर सामने आ रहे खतरनाक और लाइलाज सुपरबग के मामले, कारण जानकर होंगे हैरान

भोपाल डॉक्टर से बिना परामर्श लिए एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक उपयोग या अनुचित तरीके से सेवन मुश्किलें पैदा कर सकता है। इससे शरीर में संक्रमण फैलाने वाले विभिन्न रोगजनक सुपरबग पैदा हो जाते हैं। विशेषज्ञ ने बताया कि ये लाइलाज हैं, क्योंकि इन पर कोई भी दवा असर नहीं करती जो जानलेवा हो सकता है। एम्स भोपाल सहित राजधानी और एमपी के अस्पतालोें में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। उपचार के लिए उपयोग की गई विभिन्न दवाइयों के ठीक से डिस्पोज नहीं करने से भी सुपरबग पैदा होते हैं। AIIMS की रिपोर्ट में हुआ था चौंकाने वाला खुलासा पिछले साल 2024 भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) की रिपोर्ट में देश के 21 नामचीन हॉस्पिटल के ओपीडी वार्ड से लेकर आइसीयू में भर्ती एक लाख मरीजों के रक्त, मलमूत्र, पस, मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी से संग्रह सीएसएफ नमूने की जांच में सुपरबग की श्रेणी के 10 तरह के घातक बैक्टीरिया पाए गए। सुपरबग के बढ़ने में मददगार आम एंटीबायोटिक शोधकर्ताओं ने एक आम एंटीबायोटिक की पहचान की है जो लगभग लाइलाज सुपरबग के बढ़ने में मददगार है.  प्रकाशित एक अध्ययन में अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने पाया कि आम तौर पर लीवर रोग के उपचार के लिए दिए जाने वाले एक एंटीबायोटिक से रोगियों को खतरनाक सुपरबग का जोखिम बढ़ सकता है. मेलबर्न विश्वविद्यालय के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में पीटर डोहर्टी इंस्टीट्यूट फॉर इंफेक्शन एंड इम्युनिटी और ऑस्टिन हेल्थ भी शामिल थे. सुपरबग ऐसे बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या कवक को दिया गया नाम है, जिन्होंने उनके इलाज के लिए उपयोग किए जाने वाले एक या अधिक एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लिया है, जिसे रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) के रूप में भी जाना जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एएमआर को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य और विकास के लिए एक शीर्ष जोखिम बताया है. साथ ही यह अनुमान लगाया है कि 2019 में वैश्विक स्तर पर इसके कारण 49.5 लाख लोगों की मौत हुई. आठ साल तक चले नए अध्ययन में पाया गया कि एंटीबायोटिक रिफैक्सीमिन के कारण एएमआर सुपरबग वैनकॉमाइसिन-प्रतिरोधी एंटरोकोकस फेसियम (वीआरई) का लगभग लाइलाज वर्जन वैश्विक स्तर पर उभर आया है, जो एक संक्रामक जीवाणु संक्रमण है, जो अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. शोधकर्ताओं द्वारा किए गए प्रयोगशाला प्रयोग और नैदानिक ​​​​अध्ययनों में पाया गया है कि रिफैक्सिमिन के उपयोग से वीआरई के डीएनए में परिवर्तन हुआ है, जिससे यह डैप्टोमाइसिन एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोधी हो गया है, जो मल्टीड्रग-प्रतिरोधी रोगजनकों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रमुख आखिरी उपाय है.  यह अध्ययन पहले से चली आ रही इस धारणा को चुनौती देता है कि रिफैक्सीमिन से एएमआर होने का जोखिम कम है. उन्होंने कहा, “हमने दिखाया है कि रिफैक्सीमिन वीआरई को डैप्टोमाइसिन के प्रति प्रतिरोधी बनाता है, जो पहले कभी नहीं देखा गया. “यह भी चिंता का विषय है कि ये डैप्टोमाइसिन-प्रतिरोधी वीआरई अस्पताल में अन्य रोगियों में भी फैल सकते हैं. यह एक परिकल्पना है, जिसकी हम वर्तमान में जांच कर रहे हैं.” शोधकर्ताओं ने कहा कि निष्कर्ष उभरते एएमआर का पता लगाने के लिए प्रभावी जीनोमिक्स-आधारित निगरानी की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर प्रकाश डालते हैं.

मां पीताबरा और मैहर वाली मां शारदा समेत श्रीराम तीर्थ चित्रकूट के लिए तीर्थ यात्री ले सकेंगे फ्लाइट

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को करेंगे दतिया और सतना एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण दतिया और सतना को मिलेगी हवाई उड़ान की सुविधा, विकास को मिलेगी रफ्तार मां पीताबरा और मैहर वाली मां शारदा समेत श्रीराम तीर्थ चित्रकूट के लिए तीर्थ यात्री ले सकेंगे फ्लाइट   भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को प्रदेश के दो प्रमुख तीर्थ स्थलों दतिया और सतना को हवाई उड़ान की ऐतिहासिक सौगात देंगे। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल से वर्चुअली दतिया और सतना में नव निर्मित एयरपोर्ट्स का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी लोकार्पण कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रारंभ से ही प्रदेश के प्रमुख शहरों को हवाई सुविधा से जोड़ने में जुटे हुये हैं। दतिया औऱ सतना शहर धार्मिक , औद्योगिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहां एयरपोर्ट्स की सुविधा आ जाने से तीर्थ यात्रियों को दतिया की मां पीतांबरा पीठ, सतना की मैहर वाली मां शारदा और श्रीराम के वनवास के साक्षी चित्रकूट धाम पहुंचने के लिए हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इस सुविधा से तीर्थ यात्रा सुगम हो जाएगी, साथ ही दोनों क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी। दतिया को मिली हवाई सेवा की सौगात प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पीतांबरा की नगरी दतिया अब हवाई सेवा से देश से और भी बेहतर रूप से जुड़ सकेगी। प्रधानमंत्री मोदी के एयपरपोर्ट लोकार्पण के बाद 60 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित 124 एकड़ में फैले एयरपोर्ट पर प्रारंभिक चरण में 19 सीटर एयरक्राफ्ट उतर सकेंगे। नया एयरपोर्ट पर 1.81 किलोमीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा रनवे बनाया गया है। एयरपोर्ट की पार्किंग में लगभग 50 कारों की पार्किंग व्यवस्था है। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर दो चेक-इन काउंटर बनाए गए हैं। यह एयरपोर्ट ATR 72 विमानों की क्षमता वाला है। यहां फ्लाई बिग एयरलाइन्स की उड़ानें सप्ताह में चार दिन संचालित होंगी। यह एयरपोर्ट दतिया वासियों के साथ-साथ देशभर से मां पीतांबरा के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का एक सुविधाजनक साधन बनेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। सतना एयरपोर्ट से विन्ध्य को मिलेगी नई पहचान विन्ध्य क्षेत्र की औद्योगिक राजधानी सतना में भी नये एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। 37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह एयरपोर्ट पूर्व निर्मित हवाई पट्टी का पुनर्निर्माण कर आधुनिक स्वरूप में विकसित किया गया है। भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (AAI) ने निर्माण कार्य को रिकॉर्ड समय में 31 अक्टूबर 2024 को पूर्ण कर लिया था और DGCA द्वारा 20 दिसंबर 2024 को लाइसेंस जारी कर दिया गया। इस एयरपोर्ट पर  12 सौ मीटर लंबा रनवे, 750 वर्गमीटर में निर्मित टर्मिनल बिल्डिंग, और एक समय में दो एयरक्राफ्ट पार्किंग की व्यवस्था है। यह एयरपोर्ट अब 19 सीटर विमानों के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। एयरपोर्ट में सभी आधुनिक सुविधाएं – एटीसी टावर, फायर स्टेशन, वीआईपी लाउंज, दिव्यांग और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं, ट्रांसफार्मर, डीजी सेट, एम्बुलेंस और सुरक्षा व्यवस्थाएं – छोटे स्वरूप में उपलब्ध कराई गई हैं। यह एयरपोर्ट सतना ही नहीं, बल्कि पूरे विन्ध्य क्षेत्र के उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा और क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ बनाएगा। सतना के एयरपोर्ट के प्रारंभ होने से देश और दुनिया में प्रसिद्ध मैहर की शारदा देवी, भगवान राम की वनस्थली चित्रकूट और ज्ञान के तीर्थ के रूप में विकसित नानाजी देशमुख ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट आने वालों के लिए बड़ी सुविधा मिल जाएगी। सतना और आसपास का क्षेत्र खनिजों के साथ सीमेंट आदि कारखानों के लिए आने वाले उद्योगपतियों के लिए भी सुविधाजनक हवाई सफर सुनिश्चित हो सकेगा। सतना के एयरपोर्ट्स तीर्थ यात्रियों के आवागमन के लिए नए द्वार खोल रहा है। इससे प्रधानमंत्री मोदी का ‘नये भारत’ का वह विजन भी साकार हो रहा है, जिसमें छोटे शहरों को भी बड़ी उड़ान सुविधा दिये जाने का सपना संजोया गया है।  

राह-वीर योजना को लेकर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

भोपाल सड़क दुर्घटनाओं में होनी वाली मृत्युदर में कमी लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गत केबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार ‘राह-वीर’ योजना शुरू की गई है। योजना की गाईड लाईन जारी कर दी गई है। गाईड लाईन के अनुसार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर (दुर्घटना से एक घंटे के भीतर का समय) में अस्पताल पहुंचाने वाले ‘राह-वीर’ को 25 हजार रूपये की नगद प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र दिया जायेगा।इसके साथ ही चुने हुए ‘राह-वीरों’ में से सबसे योग्य 10 राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये पुरस्कार स्वरूप दिये जायेंगे। ‘राह-वीर’ के लिए पात्रता कोई भी व्यक्ति जो मोटर यान सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल/ट्रामा केयर सेंटर तत्परता से पहुँचाकर जान बचाता है ऐसे सभी व्यक्ति ‘राह-वीर’ योजना के लिए पात्र होंगे। गोल्डन ऑवर अर्थात दुर्घटना होने के एक घंटे के भीतर गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराना है। कैसे चुने जाएंगे ‘राह-वीर’ कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा पुलिस थाना, अस्पताल/ट्रामा केयर सेंटर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। इसकी प्रति संबंधित ‘राह-वीर’ को भी भेजी जाएगी। मूल्यांकन समिति में संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी, सीएमएचओ, आरटीओ (परिवहन विभाग) शामिल होंगे। ये समिति मासिक आधार पर प्रस्तावों की समीक्षा कर उन्हें मंजूरी देगी। चुने हुए राह वीर को राज्य परिवहन आयुक्त द्वारा सीधे बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि का अंतरण किया जाएगा। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी के लिए प्रमुख सचिव (गृह) की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय निगरानी समिति बनाई जाएगी। जो हर तीन महीने में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। योजना 21 अप्रैल 2025 से प्रभावशील है। ‘राह-वीर’ की जानकारी केवल अवार्ड प्रदाय के लिए उपयोग की जाएगी, अन्य किसी कार्य के लिए नहीं। एक ‘राह-वीर’ को वर्षभर में अधिकतम 5 प्रकरणों में अवार्ड दिया जा सकेगा। इस योजना के तहत दिए जाने वाले सम्मान की राशि परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वहन की जाएगी।  

1947 में हुए देश विभाजन के बाद देश के जो हालात थे, उनको संभालने के लिए नेहरू और पटेल ने कायम किया था भाईचारा

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत विभाजन के बाद हालातों को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल सहित अन्य नेताओं ने संभाला था और भाईचारा कायम किया था। पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर दिग्विजय सिंह सहित कांग्रेस नेताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में हुए देश विभाजन के बाद देश के जो हालात थे, उनको संभालने के लिए जिस प्रकार का नेतृत्व पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ पटेल और और उनके साथ सभी वरिष्ठ कांग्रेसजन और अन्य दलों के नेताओं ने दिया वह मिसाल है। ये वैसे नेता थे जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में योगदान दिया था। सभी लोगों ने मिलकर भाईचारे को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि पं. जवाहरलाल नेहरू ने सिंचाई के क्षेत्र में, खेती के क्षेत्र में, शिक्षा के क्षेत्र में, उद्योग के क्षेत्र में और अधोसंरचना के क्षेत्र में जो महत्वपूर्ण फैसले लिए, जो आज स्वतंत्र भारत के मंदिर हैं, उसी के कारण आज देश के करोड़ों लोग विदेश में रोजगार पा रहे हैं और अच्छे से अच्छे पदों पर हैं। इस सबका श्रेय पं. जवाहरलाल नेहरू को जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, “पं. नेहरू एक दूरदर्शी व्यक्ति थे, जिन्होंने अपनी कुशल योजना, आर्थिक नीतियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। आईआईटी, आईआईएम, एम्स, डीआरडीओ, ओएनजीसी, एलआईसी सहित देश के अनेक औद्योगिक संस्थानों की उन्होंने स्थापना की। कमलनाथ ने कहा, “आधुनिक भारत के तीर्थ के रूप में बांध, सार्वजनिक उपक्रम से लेकर परमाणु संस्थान और अंतरिक्ष कार्यक्रम तक सब कुछ पंडित नेहरू की भविष्य-उन्मुखी दृष्टि के कारण ही स्थापित हुए हैं। आज पंडित नेहरू की विरासत का ही कमाल है कि भारत एक अग्रणी वैश्विक शक्ति के रूप में विश्व पटल पर खड़ा है।”

सेटेलाइट से होगी खनिजों के अवैध उत्खनन की निगरानी : प्रमुख सचिव श्री उमराव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के लिये सेटेलाइट (उपग्रह) आधारित खनन निगरानी प्रणाली विकसित की गयी है। प्रमुख सचिव खनिज श्री उमाकांत उमराव ने सेटेलाइट (उपग्रह) आधारित खनन निगरानी प्रणाली को लागू किये जाने के संबंध में जिला कलेक्टर्स को आदेश जारी कर दिये हैं। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश की समस्त खदानों को जियो टैग किया गया है तथा इसे पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। विभाग द्वारा निर्मित पोर्टल URL – https://mines.mp.gov.in/Surveillance/ पर क्लिक कर एक्सेस किया जा सकता है। प्रमुख सचिव ने बताया कि इस पोर्टल से सेटेलाइट के माध्यम से अवैध उत्खनन की पहचान कर एलर्ट्स जारी किये जा रहे हैं, जिसे पोर्टल पर जिला कलेक्टर एवं जिला खनिज अधिकारी द्वारा लॉग इन कर देखा जा सकता है। लॉग इन की जानकारी पृथक से विभागीय ई-मेल आईडी में दी गयी है। जिला कलेक्टर एवं खनिज अधिकारी को एलर्ट की जानकारी एसएमएस द्वारा प्रत्येक माह पोर्टल के माध्यम से दी जायेगी। जिले के अंतर्गत जारी किये गये एलर्ट मैप पर चिन्हित रहेंगे, जिनका अन्य स्थापित खदानों, जियो लॉजिकल लेयर एवं खसरे की जानकारी के आधार पर परीक्षण किया जा सकता है। जारी किये गये एलर्ट को खनिज अधिकारी द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन कर मोबाइल ऐप के माध्यम से वेरीफाई किया जायेगा। फील्ड वेरिफिकेशन के बाद अवैध उत्खनन पाये जाने पर मध्यप्रदेश अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण नियम-2022 के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी। पोर्टल के संबंध में वीसी के माध्यम से समस्त जिला कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रमुख सचिव खनिज द्वारा जिला कलेक्टर्स को सेटेलाइट आधारित खनन निगरानी प्रणाली का जिले में तत्परता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अवैध उत्खनन पाये जाने पर परिवहन एवं भण्डारण नियम के अंतर्गत कार्यवाही करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।  

तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने रोजगारोन्मुखी डिप्‍लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश संबंधी प्रचार रथ को हरी दिखाई झंडी

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल स्थित सरदार वल्लभ भाई पॉलीटेक्निक महाविद्यालय से, रोजगारोन्‍मुखी डिप्‍लोमा पाठ्यक्रमों में शत-प्रतिशत प्रवेश के संबंध में प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार “प्रचार रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ 10वीं पास विद्यार्थियों के लिए लाभदायक होंगे। यह प्रचार रथ, भोपाल शहर एवं आस-पास के गांवों में तकनीकी शिक्षा अंतर्गत संचालित विभिन्‍न पाठ्यक्रमों, प्रवेश की प्रक्रिया एवं अन्‍य जानकारियों से विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को अवगत कराएगा। ज्ञातव्य है कि संचालनालय तकनीकी शिक्षा द्वारा सत्र 2025-26 के लिए तकनीकी एवं व्‍यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है। इस अवसर पर आयुक्‍त तकनीकी शिक्षा श्री अवधेश शर्मा सहित विभिन्न अधिकारीगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

राज्य कर्मचारियों का बीमा भी कराएगी सरकार, तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंगलवार को मंत्रालय परिसर में मंत्रालय कर्मचारी परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत व सम्मान किया गया। मंत्रालय परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कमल पुष्प की रजत प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राज्यकर्मी सम्मान और साधुवाद के पात्र हैं, क्योंकि इनकी कर्मठता और सामूहिक परिश्रम से ही मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। राज्यकर्मी सच्चे अर्थों में कर्म योगी है। ये प्रदेश की शासन और प्रशासन व्यवस्था की धुरी हैं। राज्यकर्मी पूरी निष्ठा और मेहनत से अपने पदीय दायित्व निभाएं, इनके सभी हितों और अनुलाभों (इंसेंटिव्स) का सरकार पूरा-पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी रिक्त पदों को क्रमश: भरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जल्दी ही सभी रिक्त पद भरे जाएंगे। पदोन्नति वाले मसले पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के साथ चर्चा कर शासकीय सेवकों को पदोन्नति देने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता से सभी जरूरी कदम उठा रही है। जल्द ही मामले का सकारात्मक समाधान निकालकर पात्रों को पदोन्नति दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी राज्य कर्मचारियों का बीमा कराने की मंशा से आगे बढ़ रही है। सरकार की मंशा है कि सभी राज्य कर्मियों के खुद के मकान भी हों। राज्य कर्मियों को अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में सरकार मदद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कर्मचारी-अधिकारी की क्षमता और योग्यता का पूरा लाभ लेंगे और प्रदेश की बेहतरी के लिए उसका सदुपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी राज्यकर्मी शासन व्यवस्था का अभिन्न अंग है इसलिए इनके हित संवर्धन के लिए सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में प्रदेश का हित है और प्रदेश के हित में ही राष्ट्र का हित है। कार्यक्रम के संयोजक श्री सुभाष वर्मा द्वारा स्वागत उद्बोधन देकर केन्द्र सरकार के समान राज्य कर्मियों को महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, सचिवालय भत्ता व अन्य सभी कर्मचारी हितैषी निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया और अपना मांग पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन एवं भारत माता के चित्र पर मार्ल्यापण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्रालय परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय परिवार द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया और यात्रा को उसके गंतव्य स्थल की ओर रवाना किया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप, क्षेत्रीय विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री कुलदीप गुर्जर, श्री घनश्याम दास भकोरिया, श्री संजय राठौर, श्री जी.पी. सिंह सहित मंत्रालयीन अधिकारी कर्मचारी संघों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष,अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मंत्रालय के कर्मचारी बन्धु उपस्थित थे।  

विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में मंत्री चेतन्‍य काश्‍यप का उदबोधन

एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊंचाईयों पर ले जाने और संभाव्‍य क्‍लस्‍टरों को कॉमन फेसिलिटेशन सेंटर की तरह सुविधाएं दिलाने के प्रयास भोपाल सू‍क्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए नई नीतियों के निर्माण सहित कई महत्‍वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और संभाव्‍य क्‍लस्‍टरों को कॉमन फेसिलिटेशन सेंटर की तरह सुविधाएं दिलाने के प्रयास हो रहें है। मंत्री श्री काश्‍यप आज मंत्रालय वल्‍लभ भवन में विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि गत वित्‍त वर्ष में विभाग का बजट 700 करोड़ रूपये का था, लेकिन मुख्‍यमंत्री के सहयोग से विभाग को 2100 करोड़ रुपये मिले, जिससे अनुदान सहायता की सभी लंबित देनदारियों का भुगतान संभव हो पाया। नव उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए नई स्‍टार्ट अप नीति में उद्योग लगाने का विचार आने से लेकर उसे धरातल पर उतारने तक उद्यमियों को वित्‍तीय और तकनीकी सहायता उपलब्‍ध कराने के प्रावधान किये गये हैं। भारत सरकार के पोर्टल पर पं‍जीयन स्‍वीकृत होने पर नव उद्यमी को 10,000 रूपये प्रतिमाह की सहायता एक साल तक उपलब्‍ध कराने के प्रावधान किये गये हैं। यही नहीं माल निर्यात हेतु परिवहन व्‍यय पर अनुदान का प्रावधान भी किया गया है। प्रदेश में नए औद्योगिक क्षेत्रों/क्‍लस्‍टरों के निर्माण और विकास के प्रयासों में तेजी लाई गई हैं। इन पर मिलने वाले अनुदान का युक्‍तियुक्‍तकरण किया गया है, जिससे अनुदान में एकरूपता आई है। जबलपुर के रेडीमेड गारमेंट और छतरपुर के फर्नीचर क्‍लस्‍टर का उल्‍लेख करते हुए श्री काश्‍यप ने कहा कि वर्तमान में केन्‍द्र सरकार से वर्तमान क्‍लस्‍टरों में कॉमन फेसिलिटेशन सेंटर की जो सहायता मिलती है, वह संभावना वाले क्‍लस्‍टरों को नहीं मिलती है। हम प्रयास कर रहे हैं कि संभावना वाले क्‍लस्‍टरों को भी यह सुविधा मिल सके। खिलौना उद्योग के क्षेत्र में उन्‍होंने आक्रामकता और हिन्‍सक प्रवृत्ति को वढ़ावा देने वाले खिलौने के निर्माण को हतोत्‍साहित कर सकारात्‍मक रचनात्‍मकता को बढ़ावा देने वाले खिलौने के निर्माण को प्रोत्‍साहित करने का सुझाव दिया। सामाजिक सुधार के लिए यह जरूरी है। बैठक में यह विषय पूर्व मंत्री श्री ओम प्रकाश सखलेचा ने उठाया, उनका यह कहना था कि बच्‍चों में आक्रामकता फैलाने वाले खिलौनों के कारण हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है इसे रोकने के लिए आवश्‍यक कदम उठाना जरूरी है। श्री सखलेचा ने विभागीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए श्री काश्‍यप और अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में देवास की विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार भी उपस्थित थीं। मंत्री श्री काश्‍यप के उद्बोधन से पूर्व एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेन्‍द्र सिंह और सचिव दिलीप कुमार ने विभागीय उपलब्धियों एवं भविष्‍य की कार्ययोजना पर प्रजेन्‍टेशन दिया।  

प्रदेश में एक पेड़ माँ के नाम अभियान 5 जून से 30 सितम्बर तक चलेगा: प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी

भोपाल एक पेड़ माँ के नाम भारत शासन का जन एवं सामुदायिक सहयोग से एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। इस अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 2024 को एक पौधा रोपित कर किया गया था। प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि इस वर्ष यह अभियान प्रदेश में 5 जून से 30 सितम्बर तक पूर्ण उत्साह एवं व्यापक रूप से मनाया जाना है। इस संबंध में जिला कलेक्टर्स को अपने जिले में “एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान की कार्य-योजना तैयार करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।  

श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग : पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया अनूठा कदम

भोपाल मध्यप्रदेश के खंडवा जिले का पवित्र तीर्थ स्थल, श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में आध्यात्मिकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठा कदम उठाया गया है। श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने जिला प्रशासन और ‘पुष्पांजलि इकोनिर्मित’ के सहयोग से मंदिर में अर्पित फूलों और बेलपत्रों के पुनर्चक्रण की एक अभिनव पहल शुरू की है, जो न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रतिदिन मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले फूलों और अन्य पूजन सामग्री को अब बेकार नहीं जाने दिया जाता। ट्रस्ट द्वारा इन फूलों को एकत्रित कर स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों के हाथों में सौंपा जा रहा है। ये इन फूलों को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदल रही हैं। ‘पुष्पांजलि इकोनिर्मित’ संस्था इन महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, मशीनें और आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। इससे वे अगरबत्ती, धूपबत्ती, हवन सामग्री, प्राकृतिक जैविक खाद और प्राकृतिक रंग जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं। स्व-सहायता समूह के यह उत्पाद न केवल मंदिर परिसर में, बल्कि स्थानीय बाजारों में भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जिससे इन महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। मंदिर में चढ़ावे के फूलों को भगवान का प्रसाद मानकर उपयोगी संसाधन में बदलकर यह मॉडल ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को भी सशक्त रूप से समर्थन दे रहा है। श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के इस प्रयास को जिला प्रशासन का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त है। यह साझेदारी न केवल पर्यावरण की रक्षा कर रही है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। यह मॉडल तीर्थ स्थल पर आस्था, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता के संगम को दर्शाता है। श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग अब केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि एक ऐसा उदाहरण बन रहा है जो यह साबित करता है कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चल सकते हैं। इस राह पर चलकर महिलाएं समाज की नई शक्ति बनकर उभर रही हैं।  

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