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राज्य कर्मचारियों का बीमा भी कराएगी सरकार, तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंगलवार को मंत्रालय परिसर में मंत्रालय कर्मचारी परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत व सम्मान किया गया। मंत्रालय परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कमल पुष्प की रजत प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राज्यकर्मी सम्मान और साधुवाद के पात्र हैं, क्योंकि इनकी कर्मठता और सामूहिक परिश्रम से ही मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। राज्यकर्मी सच्चे अर्थों में कर्म योगी है। ये प्रदेश की शासन और प्रशासन व्यवस्था की धुरी हैं। राज्यकर्मी पूरी निष्ठा और मेहनत से अपने पदीय दायित्व निभाएं, इनके सभी हितों और अनुलाभों (इंसेंटिव्स) का सरकार पूरा-पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी रिक्त पदों को क्रमश: भरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जल्दी ही सभी रिक्त पद भरे जाएंगे। पदोन्नति वाले मसले पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के साथ चर्चा कर शासकीय सेवकों को पदोन्नति देने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता से सभी जरूरी कदम उठा रही है। जल्द ही मामले का सकारात्मक समाधान निकालकर पात्रों को पदोन्नति दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी राज्य कर्मचारियों का बीमा कराने की मंशा से आगे बढ़ रही है। सरकार की मंशा है कि सभी राज्य कर्मियों के खुद के मकान भी हों। राज्य कर्मियों को अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में सरकार मदद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कर्मचारी-अधिकारी की क्षमता और योग्यता का पूरा लाभ लेंगे और प्रदेश की बेहतरी के लिए उसका सदुपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी राज्यकर्मी शासन व्यवस्था का अभिन्न अंग है इसलिए इनके हित संवर्धन के लिए सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में प्रदेश का हित है और प्रदेश के हित में ही राष्ट्र का हित है। कार्यक्रम के संयोजक श्री सुभाष वर्मा द्वारा स्वागत उद्बोधन देकर केन्द्र सरकार के समान राज्य कर्मियों को महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, सचिवालय भत्ता व अन्य सभी कर्मचारी हितैषी निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया और अपना मांग पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन एवं भारत माता के चित्र पर मार्ल्यापण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्रालय परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय परिवार द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया और यात्रा को उसके गंतव्य स्थल की ओर रवाना किया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप, क्षेत्रीय विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री कुलदीप गुर्जर, श्री घनश्याम दास भकोरिया, श्री संजय राठौर, श्री जी.पी. सिंह सहित मंत्रालयीन अधिकारी कर्मचारी संघों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष,अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मंत्रालय के कर्मचारी बन्धु उपस्थित थे।  

विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में मंत्री चेतन्‍य काश्‍यप का उदबोधन

एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊंचाईयों पर ले जाने और संभाव्‍य क्‍लस्‍टरों को कॉमन फेसिलिटेशन सेंटर की तरह सुविधाएं दिलाने के प्रयास भोपाल सू‍क्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए नई नीतियों के निर्माण सहित कई महत्‍वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और संभाव्‍य क्‍लस्‍टरों को कॉमन फेसिलिटेशन सेंटर की तरह सुविधाएं दिलाने के प्रयास हो रहें है। मंत्री श्री काश्‍यप आज मंत्रालय वल्‍लभ भवन में विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि गत वित्‍त वर्ष में विभाग का बजट 700 करोड़ रूपये का था, लेकिन मुख्‍यमंत्री के सहयोग से विभाग को 2100 करोड़ रुपये मिले, जिससे अनुदान सहायता की सभी लंबित देनदारियों का भुगतान संभव हो पाया। नव उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए नई स्‍टार्ट अप नीति में उद्योग लगाने का विचार आने से लेकर उसे धरातल पर उतारने तक उद्यमियों को वित्‍तीय और तकनीकी सहायता उपलब्‍ध कराने के प्रावधान किये गये हैं। भारत सरकार के पोर्टल पर पं‍जीयन स्‍वीकृत होने पर नव उद्यमी को 10,000 रूपये प्रतिमाह की सहायता एक साल तक उपलब्‍ध कराने के प्रावधान किये गये हैं। यही नहीं माल निर्यात हेतु परिवहन व्‍यय पर अनुदान का प्रावधान भी किया गया है। प्रदेश में नए औद्योगिक क्षेत्रों/क्‍लस्‍टरों के निर्माण और विकास के प्रयासों में तेजी लाई गई हैं। इन पर मिलने वाले अनुदान का युक्‍तियुक्‍तकरण किया गया है, जिससे अनुदान में एकरूपता आई है। जबलपुर के रेडीमेड गारमेंट और छतरपुर के फर्नीचर क्‍लस्‍टर का उल्‍लेख करते हुए श्री काश्‍यप ने कहा कि वर्तमान में केन्‍द्र सरकार से वर्तमान क्‍लस्‍टरों में कॉमन फेसिलिटेशन सेंटर की जो सहायता मिलती है, वह संभावना वाले क्‍लस्‍टरों को नहीं मिलती है। हम प्रयास कर रहे हैं कि संभावना वाले क्‍लस्‍टरों को भी यह सुविधा मिल सके। खिलौना उद्योग के क्षेत्र में उन्‍होंने आक्रामकता और हिन्‍सक प्रवृत्ति को वढ़ावा देने वाले खिलौने के निर्माण को हतोत्‍साहित कर सकारात्‍मक रचनात्‍मकता को बढ़ावा देने वाले खिलौने के निर्माण को प्रोत्‍साहित करने का सुझाव दिया। सामाजिक सुधार के लिए यह जरूरी है। बैठक में यह विषय पूर्व मंत्री श्री ओम प्रकाश सखलेचा ने उठाया, उनका यह कहना था कि बच्‍चों में आक्रामकता फैलाने वाले खिलौनों के कारण हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है इसे रोकने के लिए आवश्‍यक कदम उठाना जरूरी है। श्री सखलेचा ने विभागीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए श्री काश्‍यप और अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में देवास की विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार भी उपस्थित थीं। मंत्री श्री काश्‍यप के उद्बोधन से पूर्व एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेन्‍द्र सिंह और सचिव दिलीप कुमार ने विभागीय उपलब्धियों एवं भविष्‍य की कार्ययोजना पर प्रजेन्‍टेशन दिया।  

प्रदेश में एक पेड़ माँ के नाम अभियान 5 जून से 30 सितम्बर तक चलेगा: प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी

भोपाल एक पेड़ माँ के नाम भारत शासन का जन एवं सामुदायिक सहयोग से एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। इस अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 2024 को एक पौधा रोपित कर किया गया था। प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि इस वर्ष यह अभियान प्रदेश में 5 जून से 30 सितम्बर तक पूर्ण उत्साह एवं व्यापक रूप से मनाया जाना है। इस संबंध में जिला कलेक्टर्स को अपने जिले में “एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान की कार्य-योजना तैयार करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।  

श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग : पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया अनूठा कदम

भोपाल मध्यप्रदेश के खंडवा जिले का पवित्र तीर्थ स्थल, श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में आध्यात्मिकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठा कदम उठाया गया है। श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने जिला प्रशासन और ‘पुष्पांजलि इकोनिर्मित’ के सहयोग से मंदिर में अर्पित फूलों और बेलपत्रों के पुनर्चक्रण की एक अभिनव पहल शुरू की है, जो न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रतिदिन मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले फूलों और अन्य पूजन सामग्री को अब बेकार नहीं जाने दिया जाता। ट्रस्ट द्वारा इन फूलों को एकत्रित कर स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों के हाथों में सौंपा जा रहा है। ये इन फूलों को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदल रही हैं। ‘पुष्पांजलि इकोनिर्मित’ संस्था इन महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, मशीनें और आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। इससे वे अगरबत्ती, धूपबत्ती, हवन सामग्री, प्राकृतिक जैविक खाद और प्राकृतिक रंग जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं। स्व-सहायता समूह के यह उत्पाद न केवल मंदिर परिसर में, बल्कि स्थानीय बाजारों में भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जिससे इन महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। मंदिर में चढ़ावे के फूलों को भगवान का प्रसाद मानकर उपयोगी संसाधन में बदलकर यह मॉडल ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को भी सशक्त रूप से समर्थन दे रहा है। श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के इस प्रयास को जिला प्रशासन का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त है। यह साझेदारी न केवल पर्यावरण की रक्षा कर रही है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। यह मॉडल तीर्थ स्थल पर आस्था, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता के संगम को दर्शाता है। श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग अब केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि एक ऐसा उदाहरण बन रहा है जो यह साबित करता है कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चल सकते हैं। इस राह पर चलकर महिलाएं समाज की नई शक्ति बनकर उभर रही हैं।  

अलीराजपुर के बड़ागुड़ा में आरडीएसएस अंतर्गत 70वां बिजली ग्रिड ऊर्जीकृत

भोपाल रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत इंदौर संभाग के अलीराजपुर जिले के बड़ागुड़ा ग्राम में बना 70वें सब स्टेशन (ग्रिड) को ऊर्जीकृत कर दिया गया है। आरडीएसएस अंतर्गत बने 33/11 केवी के 5 एमवीए क्षमता के 70 ग्रिड से कुल वितरण क्षमता में 350 मेंगा वोल्ट एमपीयर की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। योजना में मालवा और निमाड़ में बिजली वितरण क्षमता का औद्योगिक क्षेत्र, कृषि क्षेत्र, आबादी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र में विस्तार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि बड़ागुड़ा का ग्रिड 5 एमवीए क्षमता का तैयार कर ऊर्जीकृत किया गया है। लगभग 1.86 करोड़ रूपए की लागत के इस ग्रिड से हजारों ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा गुणवत्ता के साथ बिजली मिलेगी। आरडीएसएस अंतर्गत सबसे ज्यादा इंदौर जिलें में 9 और उज्जैन में 10 स्थानों पर ग्रिड तैयार किए गए हैं। आरडीएसएस में ग्रिडों के साथ ही केबल, ट्रांसफार्मर, पोल, तार, केपिसिटर बैंक इत्यादि के कार्य भी गुणवत्ता के साथ कराए गए हैं इससे उपभोक्ता सेवाओं में बढ़ोत्तरी के साथ ही लाइन लॉस में कमी आ रही है।  

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का शासन, न्याय और सुशासन का प्रतीक, सफाई अभियान में शामिल हुए प्रभारी मंत्री

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम लला मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद सतना जिले के धार्मिक स्थल चित्रकूट में तीर्थ यात्रियों का आवागमन कई गुना बड़ा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार चित्रकूट के समग्र विकास के लिये परियोजना कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट को विकास के जरिए भारत के नक्शे पर पहचान दिलाई जाएगी। सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय सोमवार को चित्रकूट में रामायण कुटी में साधु-संतों से भेंट कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि चित्रकूट को हरा-भरा रखने के लिये मंदाकिनी नदी के आसपास 5 लाख पौधे लगाएं जाएंगे। उन्होंने इस कार्य के लिये जनभागीदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार, महापौर योगेश ताम्रकार, रामायण कुटी के संत रामहृदय दास और संतगण मौजूद थे। प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय का ग्रामोदय विश्वविद्यालय में व्याख्यान प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के व्याख्यानमाला में अपने संबोधन में कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का शासन अनूठा उदाहरण है। माता अहिल्या कुशल प्रशासक और रणनीतिकार महिला शासक रहीं है। तत्कालीन समय में सारा देश युद्ध के वातावरण में था लेकिन उन्होंने अपने राज्य में कोई भी युद्ध नहीं होने दिया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि 31 मई से पूरे देश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह को जयंती वर्ष के रूप में में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सनातन परंपरा को पल्लवित करने का काम किया है। उन्होंने देश भर में 250 मंदिर बनवाएं। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर से जीवन से बहुत कुछ सीखा जा सकता है और हर वर्ग का व्यक्ति उनके जीवन का अनुसरण कर महान बन सकता है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन चरित्र पर आधारित चित्र तैयार किये थे। मंदाकिनी नदी के सफाई अभियान में शामिल हुए प्रभारी मंत्री जल गंगा संवर्द्धन अभियान में प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय मंदाकिनी नदी के सफाई अभियान में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पवित्र मंदाकिनी नदी की सफाई और गाद निकालने का कार्य साल भर चलेगा। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि नदी को स्वच्छ रखने के लिये उनके विभाग की तरफ से हर संभव सहायता की जाएगी।  

इंदौर से मेघालय भ्रमण के लिए गए दम्पति का लापता होना चिंताजनक: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर निवासी नवदम्पति राजा और पत्नी श्रीमती सोनम रघुवंशी के मेघालय भ्रमण के दौरान शिलांग में लापता होने के समाचार पर चिंता व्यक्त है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड कोंगकल संगमा से दूरभाष पर चर्चा कर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम लापता नवदम्पति की सुरक्षित वापसी के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि मेघालय के मुख्यमंत्री श्री संगमा ने आश्वस्त किया है कि राज्य की पुलिस और प्रशासन अमला गंभीरता से नवदम्पति का पता लगा रहा है। श्री संगमा ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस मामले में मेघालय प्रशासन से निरंतर संपर्क बनाए रखने और समन्वय के लिए निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से मेघालय पर्यटन के लिए गए राजा और सोनम के सकुशल अपने घर वापस लौटने की प्रार्थना भी की है।  

आज MP सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय

विशेष लेख भोपाल एक समय था जब महिलाएं सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को लेकर असमंजस में थीं, लेकिन आज मध्यप्रदेश में हालात बदल रहे हैं। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन की नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। आज मध्यप्रदेश सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय है। यह बदलाव धीरे-धीरे हर घर, हर गांव और हर शहर में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिये निरंतर प्रयासरत होकर सक्रियता पूर्वक कार्य कर रहे है। उनका कहना है कि हम नारी सशक्तिकरण को केवल योजना के रूप में नहीं जन आंदोलन के रूप में देख रहे है। नारी शक्ति मिशन हमारे इस दृष्टिकोण का विस्तार है जिसमें हर जिले से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। कामकाजी महिलाओं को मिलेगा अब “अपना सुरक्षित आवास” प्रदेश में इंदौर और भोपाल में 250 बेड क्षमता के 3 वर्किंग वुमन हॉस्टल संचालित है। इसके अतिरिक्त “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट”  योजना में वर्ष 2024-25 में 5412 बिस्तरीय 8 नये हॉस्टलों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 4 महिला एवं बाल विकास विभाग और 4 उद्योग विभाग द्वारा संचालित किये जायेगे। इसमें सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम और झाबुआ में 100-100 बिस्तरों के 4 हॉस्टलों के लिए 40.59 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब घर से दूर काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा। जब ज़िंदगी मुश्किल हो, तब साथ देता है वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा, शोषण या किसी भी संकट में फंसी महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर पहले से ही संचालित हैं। जिनके माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 763 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई। अब 8 और नए सेंटर मंजूर किए गए हैं- पेटलावद, पीथमपुर, मनावर, लसूडिया, साबेंर, मैहर, पांढूर्णा और मऊगंज में वन स्टॉप सेंटर की मंजूरी दी गई है। अब तक कुल एक लाख 27 हजार 94 संकटग्रस्त महिलाओं को इन केन्द्रों से लाभ मिल चुका है।  एक कॉल, और मदद हाजिर महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को अब 112 आपात सेवा से जोड़ा गया है। यानी अब कोई भी महिला मुसीबत में हो तो सिर्फ एक कॉल से पुलिस, काउंसलिंग, आश्रय और कानूनी मदद सब एक साथ मिल सकती है। वर्ष 2024-25 में लगभग 82 हजार 552 महिलाओं को त्वरित सहायता मिली है। योजना के प्रारंभ से अब तक एक लाख 57 हजार महिलाओं को लाभ मिल चुका है। बहनों के हक की कमाई: सीधे उनके हाथ में लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1551.86 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता उनके खातों में पहुंच रही है। न केवल पैसा, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी दी जा रही है ताकि बहनें सिर्फ उपभोक्ता नहीं, डिजिटल युग की सहभागी बनें। छोटे कदम, बड़ी उड़ान – लाड़ली लक्ष्मी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 2 लाख 73 हजार 605 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ और लगभग 223 करोड़ रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति यूनि-पे के जरिए वितरित की गई। अब तक कुल 50 लाख 41 हजार 810 बेटियां इस योजना का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में विगत वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी मध्यप्रदेश द्वारा शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदाय की गई। वर्ष 2024-25 में लगभग 6 लाख 30 हजार 929 हितग्राही महिला पंजीकृत किये गये। आत्म-निर्भरता की राह पर महिला उद्यमिता मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना ने हजारों महिला समूहों को कम ब्याज पर ऋण दिलाकर उनके छोटे-छोटे व्यवसायों को सहारा दिया है। अब महिलाएं न सिर्फ घर चला रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। अब तक 30 हजार 264 महिला समूहों और 12 हजार 685 महिला उद्यमियों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में 648.67 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है। कठिन वक्त में “शक्ति-सदन” बन रहा सहारा ऐसी महिलाएं और बच्चियां जो बेहद कठिन हालात में हैं, उनके लिए 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित किये जा रहे हैं, जहां उन्हें सुरक्षित अस्थायी आश्रय मिलता है। वर्ष 2024-25 में एक हजार 824 महिलाएं और 461 बच्चे लाभान्वित हुए है। आगामी समय में सभी 10 संभागीय मुख्यालयों में शक्ति सदन स्थापित किये जायेगें। सशक्त वाहिनी से बदलाव- 156 को मिली नौकरी ‘सशक्त वाहिनी’ के तहत हजारों बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आत्म रक्षा प्रशिक्षण मिला है। इसके तहत 11 हजार से अधिक बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये शैक्षणिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 156 युवतियों का विभिन्न सरकारी पदों पर चयन हुआ। साथ ही 2.6 लाख से अधिक महिलाओं ने सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान में भाग लिया। एक राज्य, एक संकल्प – नारी शक्ति को देना सम्मान राज्य सरकार द्वारा नारी शक्ति मिशन के तहत जिला, परियोजना और ग्राम स्तर पर 100 दिवसीय जागरूकता “हम होंगे कामयाब अभियान” चलाया गया। इसमें प्रदेश में जेंडर संवादों, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, सायबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की महिलाओं को न केवल जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना भी सिखाया गया। निश्चित ही सरकार के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में महिलाएँ स्वाबंलबी हो रही है और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही है।   बिन्दु सुनील  

ग्वालियर की सड़कों पर अब नहीं दौड़ेंगे पुराने वाहन, कबाड़ में भेजने के आदेश

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में वायु प्रदूषण सुधारने की ओर कलेक्टर ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने पुराने वाहनों को लेकर परिवहन विभाग को एक निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार अब जिले की सड़कों पर 20 वर्ष से अधिक पुराने निजी वाहन और 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर नहीं आएंगे। अगर ऐसा वाहन चलता मिलता है तो परिवहन विभाग इनको जब्त कर लेगा। जहां से इन्हें परिवहन विभाग के स्क्रैप केंद्र भेज दिया जाएगा। कलेक्टर ने तीन दिन में मांगी सूची कलेक्टर रुचिका चौहान ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को ऐसे वाहनों की सूची तीन दिन में पेश करने का निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सरकार के प्रावधान को भी प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रावधानों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ने कहा कि प्राप्त सूची के आधार पर वाहनों का चलना प्रतिबंधित किया जाएगा। अब सड़कों पर न चलें पुराने वाहन कलेक्टर ने सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए हैं. शासन के प्रावधानों एवं प्रदूषण को देखते हुए ग्वालियर जिले में पुराने वाहन सड़क पर न चलें. इस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. निजी एवं शासकीय वाहनों के उपयोग की समय-सीमा शासन द्वारा निर्धारित की गई है. बारिश से पहले सड़कों का पूरा हो निर्माण कलेक्टर ने बरसात से पूर्व सड़कों की मरम्मत के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभाग की सभी सड़कों की मरम्मत बरसात से पहले करा लें. इसके साथ ही पुल-पुलियों की मरम्मत कराएं और शामन बोर्ड जरूर लगवाएं. शाइन बोर्ड पर ग्लोशाइन पट्टी भी लगाई जाए ताकि अंधेरे में भी नागरिकों को दिखाई दे सकें.  जिले में 12 लाख 53 हजार वाहन रजिस्टर्ड ग्वालियर जिले में लगभग 12 लाख 53 हजार वाहन रजिस्टर्ड है। इनमें 01 लाख 33 हजार निजी वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने शामिल है। वहीं प्रदेश में लगभग 13 लाख 50 हजार वाहन स्क्रैप कराने लायक है। इनमें दो पहिया,तीन पहिया और चार पहिया वाहन शामिल है। निजी वाहन स्क्रैप कराने पर रोड टैक्स में 25% की छूट मिलेगी। वहीं कमर्शियल वाहन पर 15% तक की रोड टैक्स की छूट मिलेगी। शासन द्वारा अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर डिस्पोजल करने पर ही यह छूट दी जाएगी।

मोहन सरकार ने ट्रांसफर की तारीख बढ़ाई, अब इस दिन तक कर सकेंगे तबादले के लिए आवेदन

भोपाल  मध्य प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने ट्रांसफर की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। तबादले के लिए ज्यादा आवेदन के चलते यह फैसला लिया गया है। आइए जानते है एमपी में कब तक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। मध्य प्रदेश में तबादले को लेकर मारामारी देखने को मिल रही है। शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक आवेदन आए है। सबसे ज्यादा ट्रांसफर की मारामारी स्कूल शिक्षा विभाग में है, जहां 35 हजार आवेदन आ चुके हैं। राजस्व में 8 हजार और स्वास्थ्य में 4 हजार से ज्यादा तबादलों के आवेदन आए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। 10 जून तक हो सकेंगे टांसफर मध्यप्रदेश सरकार ने तबादलों की तारीफ 31 मई से बढ़ाकर 10 जून कर दी है इसके बाद अब प्रदेश के सरकारी अधिकारी-कर्मचारी अपने ट्रांसफर के लिए 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं। यहां बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले तीन साल से ट्रांसफर पर प्रतिबंध था जो बीते दिनों हटाया गया है और अब नई तबादला नीति के तहत ट्रांसफर हो रहे हैं। एमपी के सरकारी कर्मचारी-अधिकारी अब 10 जून तक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले प्रदेश सरकार ने तबादले के लिए आवदेन की तिथि 31 मई निर्धारित की थी। आपको बता दें कि प्रदेश में पिछले तीन सालों से ट्रांसफर पर प्रतिबंध था। अब नई तबादला नीति के तहत ट्रांसफर होने हैं। ट्रांसफर के लिए आए ज्यादा आवेदन तीन साल बाद ट्रांसफर विंडो खुलने से प्रदेश में तबादले को लेकर मारामारी देखने को मिल रही है। शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक आवेदन आए हैं। सबसे ज्यादा ट्रांसफर की मारामारी स्कूल शिक्षा विभाग में है, जहां 35 हजार आवेदन आ चुके हैं। राजस्व में 8 हजार और स्वास्थ्य में 4 हजार से ज्यादा तबादलों के आवेदन आए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

जल बचायें, क्योंकि जल की हर बूंद में समाया है जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शीतलदास की बगिया में घाटों की सफाई की सफाई मित्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार की सुबह भोपाल शहर स्थित शीतलदास की बगिया पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के घाटों की सफाई में सेवा कार्य (श्रमदान) किया और सफाई मित्रों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां घाटों की सफाई की। मुख्यमंत्री ने सफाई नौका में बैठकर सफाई कर्मियों से चर्चा की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने की आत्मीय अपील भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से आव्हान किया कि हर संभव तरीके से जल बचाईये, क्योंकि जल की हर बूंद में जीवन है, अमृत है। इसकी हर बूंद में हमारा सुनहरा भविष्य समाया है। जल बचाना हमारी आज की जरूरत भी है और बेहतर कल के लिए जिम्मेदारी भी। आज जल बचेगा, तभी हमारा कल सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी संभव उपाय किये जायें। जल बचाना सिर्फ सरकार की ही क्यूं, पूरे समाज, हर वर्ग, हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। आज जल सहजेंगे, तभी तो हमारा आने वाला कल संवरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सतत उपयोग के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जिसके तहत पुरानी बावड़ियों, कुंओं, तालाबों, सरोवरों और अन्य परम्परागत जल स्रोतों का जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अपने-अपने स्तर पर पानी बचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है, यह पुण्य भावना प्रदेश के हर नागरिक के मन में होनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफाई मित्रों को “सफाई दूत” निरुपित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि हमारे जीवन की शैली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। जहां स्वच्छता होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि अपने घर, आस-पड़ोस और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय सहभागिता दें और जल स्रोतों की स्वच्छता व संरक्षण को प्राथमिकता दें। बड़ा बाग की पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य का अवलोकन भी किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शीतलदास की बगिया से बड़ा बाग स्थित ऐतिहासिक पुरानी बावड़ी पहुंचें और वहां जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर निगम भोपाल द्वारा कराए जा चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विरासत से विकास” की सोच के साथ आगे बढ़ रही है और पुरानी विरासतों के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जल संरक्षण के लिए अद्भुत व्यवस्थाएं बनाई थीं। आज जरूरत है कि हम उन ऐतिहासिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन करें और उन्हें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संजोकर रखें। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ में सबकी सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बावड़ी का जीर्णोद्धार कार्य पूरी गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ पूर्ण किए जाएं। इस दौरान लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम सभापति किशन सूर्यवंशी, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त, अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। बड़े बाग की पुरानी बावड़ी नगर निगम भोपाल के जोन क्रमांक 05 वार्ड क्रमांक 09 में स्थित जल संरचनाओं में बड़े बाग की बावड़ी का महत्वपूर्ण स्थान है। बावड़ी का निर्माण लगभग 200 वर्ष पूर्व किया गया था। बावड़ी तीन मंजिला है, इसकी दीवार सीढियों और मुंडेर से लेकर मेहराब तक बेल पत्तियां बनी है। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर निगम भोपाल द्वारा इस बावड़ी से प्लास्टिक वेस्ट, फ्लोटिंग पदार्थ एवं लगभग 40 क्यूबिक मीटर सिल्ट निकाली गयी। बावड़ी की दीवारों से नुकसानदेह खरपतवार को अलग किया गया, जिससे बावड़ी की आवक क्षमता 2000 लीटर प्रति घंटा हो गयी है। वर्तमान में इसके जल का उपयोग निस्तार कार्यों में हो रहा है। बावड़ी में दीवारों एवं सीढ़ियों की मरम्मत कर इनकी रंगाई-पुताई, पलेग स्टोन बिछाने एवं लोहे की जाली (फेब्रीकेशन) लगाने का कार्य भी किया गया है।  

एम्स भोपाल ने कोरोना मरीजों के उपचार के लिए कसी कमर, 20 बेड का वार्ड तैयार,टास्क फोर्स का किया गठन

भोपाल देश में कोरोना के दो नए वैरिएंट के मामले एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगे हैं। मध्यप्रदेश में अब तक इंदौर में 6 मामले ही सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य संस्थाओं को सारी तैयारियां करने के निर्देश भी दिए हैं। एम्स भोपाल ने भी कोरोना मरीजों के उपचार के लिए तैयारियां तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक एम्स में 20 बेड का जनरल वार्ड तैयार कर लिया गया है। वहीं वेंटीलेटर से युक्त एक आईसीयू भी कोविड मरीजों के लिए तैयार किया गया है। टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। जबकि जिला अस्पताल जेपी और हमीदिया में किसी तरह की तैयारी नहीं दिख रही है। लोगों को जागरूक होना जरूरी कोरोन के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन वैरिएंट (जेएन. 1) के दो सब-वैरिएंट (एनबी. 1.8.1 और आईएफ 7) एक्टिव हैं। एमपी में अभी तक इंदौर में 6 मरीज मिले हैं। जिसमें से एक वृद्धा की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को जागरूक होना जरूरी है। जो लोग विदेश से यात्रा कर लौटे हैं, उन्हें एहतियातन जांच कराना चाहिए। यदि सर्दी-जुकाम या वायरल से पीड़ित होते हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं और ट्रैवल हिस्ट्री भी न छिपाएं। चार साल में धूल खा रही मशीन हमीदिया अस्पताल में कोरोना के वैरिएंट की जांच करने वाली जीनोम सिक्वेसिंग मशीन धूल खा रही है। गौरतलब है कि चार साल पहले कोरोना लहर के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने जीएमसी में पांच करोड़ रुपए की लागत से जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन स्थापित की थी। लेकिन तब से अब तक इस मशीन से एक भी टेस्ट नहीं हो सका। यही नहीं जीएमसी की वायरोलॉजी लैब की हालत भी खराब है। यहां कोरोना टेस्ट के लिए रिएजेंट तक नहीं है।  नए वेरिएंट से डर नहीं बचाव है जरूरी एक बार फिर कोरोनावायरस (Coronavirus in Madhya Pradesh) ने अपना डरावना रूप दिखाना शुरू कर दिया है. भारत के भी 20 राज्यों में Covid-19 मरीजों की बड़ी संख्या सामने आ रही है. कोविड-19 के नए वेरिएंट के बढ़ते प्रकोप के असर से मध्य प्रदेश भी अछूता नहीं है. इंदौर और उज्जैन में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. अब कोविड के नए रूप के बीच एमपी और राजधानी भोपाल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का क्या हाल है और खुद को कैसे बचाना है, भोपाल के वरिष्ठ डॉक्टर सुरेशचंद्र शर्मा से जानिए. कोरोनावायरस के नए वेरिएंट के बढ़ते असर के बीच भोपाल के रेडक्रॉस हॉस्पिटल में एडिशनल सुपरीटेंडेंट वरिष्ठ डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि इस नए वायरस का राजधानी भोपाल में अब तक तो कोई खास असर नहीं दिखा है, हां बस वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या जरूर बढ़ी है लेकिन वो कोविड नहीं है. कोरोना का ये वेरिएंट जरूर नया है, पर हमें अपनी वही पुरानी आदत जैसे- मास्क लगाना और लगातार हाथ धुलने की आदत को अपनाना होगा. कोरोना के खिलाफ एक ही ब्रह्मास्त्र कोविड-19 के दो नए वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 के भारत में केस मिलने के बाद पब्लिक में डर को लेकर डॉ शर्मा ने कहा कि इस वायरस से डरने की नहीं बल्कि हमें वही अपनी पुरानी आदतों को अपनाना होगा. इसके साथ ही कोरोना के खिलाफ हमें सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र यानी सैनिटाइजर का लगातार उपयोग करना है. इसके साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अभी जाने से बचना है. बाकी इस बीमारी में डर नहीं बस सावधानी बरतने की जरूरत है. मध्य प्रदेश कोविड से लड़ाई को कितना तैयार? दुनियाभर के कई देशों में कोविड-19 के बढ़ते केस का डर भारत में भी दिखने लगा है. जिसके चलते केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकारें भी स्वास्थ सुविधाओं को पुख्ता करने में जुट गई हैं. कोरोना के इस नए वेरिएंट से लड़ने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने भी सभी जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा है. जिसके बाद राजधानी भोपाल में भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सीएमएचओ समेत बड़े अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया. भोपाल के सीनियर डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने तैयारियों को लेकर कहा कि भोपाल पूरी तरह से कोरोना के इस नए हमले से लड़ने को तैयार है. नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा कि नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। एम्स पूरी तरह तैयार है। समय पर जांच, बेहतर इलाज और सही जानकारी देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक को सही जानकारी मिले और डर की जगह सतर्कता बरती जाए। संस्थान ने तेज जांच और इलाज के लिए जरूरी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया है।  

MP में पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए मंगलवार को 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया. गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन अधिकारियों को एडिशनल एसपी और डिप्टी कमांडेंट के पद पर पदोन्नत कर नई नियुक्तियाँ दी गई हैं. प्रमुख रूप से, 2013 बैच के सहायक सेनानी संजय कौल को डिप्टी कमांडेंट बनाकर 14वीं बटालियन SAF ग्वालियर में तैनात किया गया है. वहीं, नीरज कुमार ठाकुर को 25वीं बटालियन भोपाल में डिप्टी कमांडेंट के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. भोपाल मुख्यालय में कई वरिष्ठ अधिकारियों को AIG स्तर पर पदोन्नति दी गई है, जिनमें रवि कुमार द्विवेदी, अलरिज बिसेंट सिंह, विपिन शिल्पी और स्वाति मुराब वाडेकर शामिल हैं. विशेष शाखा, SAF, RAPTC, हॉक फोर्स, हाईकोर्ट सुरक्षा, और जिला इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है. गीता डोंगरे चौहान को एएसपी पीटीसी इंदौर, नरेश बाबू अन्नोटिया को एएसपी ट्रैफिक इंदौर और दीपक नायक को एडिशनल डीसीपी सुरक्षा भोपाल नियुक्त किया गया है. गृह विभाग ने जारी किया आदेश, पुलिस विभाग में संतुलन बनेगा इसके अलावा, रणजीत सिंह राठौर, सुभाष शर्मा, वेदांत प्रकाश शर्मा, सूरजमल राजोरिया, अजय प्रिय आनंद और निहित उपाध्याय सहित कई अधिकारियों को अलग-अलग बटालियनों और इकाइयों में डिप्टी कमांडेंट के पद पर नियुक्त किया गया है. गृह विभाग की इस कार्यवाही को पुलिस महकमे के भीतर नेतृत्व और जिम्मेदारियों में संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. दीपक नायक, अमित कुमार, नदीम को भोपाल में मिली जिम्‍मेदारी दीपक नायक, सहायक पुलिस आयुक्त गोविंदपुरा भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सुरक्षा भोपाल में नियुक्त किया गया है. अमित कुमार मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (स्टाफ ऑफिसर), पुलिस कमिश्नर कार्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. नदीम उल्लाह खान, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल को उप सेनानी, सुरक्षा वाहिनी, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. सुरेश कुमार दामले, एसडीओपी बरेली, जिला रायसेन को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भोपाल नियुक्त किया गया है. नरेश बाबू, गीता डोंगरे को इंदौर में मिली नई जिम्‍मेदारी नरेश बाबू अन्नोटिया, सहायक पुलिस आयुक्त ट्रैफिक जोन 1, नगरीय पुलिस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस उपयुक्त ट्रैफिक, इंदौर में पदस्थ किया गया है. गीता डोंगरे चौहान, उप पुलिस अधीक्षक पीटीएस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पीटीसी इंदौर में पदोन्नति दी गई है. अजय प्रिय आनंद बालाघाट तो निहित उपाध्याय पहुंचे छिंदवाड़ा अजय प्रिय आनंद, सहायक सेनानी 23वीं बटालियन भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थ किया गया है. निहित उपाध्याय, सहायक पुलिस आयुक्त हबीबगंज भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, आठवीं बटालियन छिंदवाड़ा में नियुक्त किया गया है. रविंद्र कुमार बोयट, एसडीओपी मूंदी, नर्मदा नगर जिला खंडवा को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आगर मालवा में पदस्थ किया गया है सुजीत सिंह भदौरिया, एसडीओपी पोहरी, जिला शिवपुरी को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला दमोह में तैनाती मिली है. ज्योति उमठ, नगर पुलिस अधीक्षक गुना को सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन में पदोन्नत किया गया है. भावना मरावी, एसडीओपी गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर में पदस्थ किया गया है.

जून के अंत तक चलती रहेगी रीवा से चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद) के मध्य समर स्पेशल ट्रेन

जून के अंत तक चलती रहेगी रीवा से चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद) के मध्य समर स्पेशल ट्रेन भोपाल मंडल के बीना, रानी कमलापति, इटारसी स्टेशनों से होकर गुजरती है  भोपाल समर के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने रीवा–चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद)–रीवा द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि को 30 जून 2025 तक यानि 10-10 ट्रिप विस्तार करने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य को जाती है। रीवा–चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद)–रीवा द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (20 सेवाएं) ट्रेन संख्या 01704 रीवा–चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद) द्वि-साप्ताहिक (गुरुवार एवं रविवार) स्पेशल ट्रेन, जो दिनांक 29.05.2025 तक अधिसूचित थी, अब दिनांक 01.06.2025 से 29.06.2025 तक और चलती रहेगी। (10 सेवाएं) ट्रेन संख्या 01703 चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद)–रीवा द्वि-साप्ताहिक (शुक्रवार एवं सोमवार) स्पेशल ट्रेन, जो दिनांक 30.05.2025 तक अधिसूचित थी, अब दिनांक 02.06.2025 से 30.06.2025 तक और चलती रहेगी। (10 सेवाएं) समर स्पेशल ट्रेन के समय एवं ठहराव की विस्तृत जानकारी के लिए, कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएँ या NTES ऐप डाउनलोड करें। यात्रियों से अनुरोध है कि वे समर स्पेशल ट्रेन की विस्तारित सेवाओं का लाभ उठाएँ।

रेलकर्मी की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास में गिरते यात्री को बचाया

रेलकर्मी की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास में गिरते यात्री को बचाया भोपाल एक्सप्रेस के ट्रेन मैनेजर की तत्परता से एक यात्री की जान बची भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण दिनांक 26 मई 2025 को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जब एक सतर्क रेलकर्मी की तत्परता से एक यात्री की जान बचाई गई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि दिनांक 26.05.2025 की रात लगभग 22:40 बजे जब गाड़ी संख्या 12155 भोपाल एक्सप्रेस रानी कमलापति स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 से रवाना हो रही थी, तभी एक यात्री—कपिल लीलानी, निवासी विदिशा (उम्र 45 वर्ष)—चलती ट्रेन के पीछे दौड़ते हुए उसे पकड़ने का प्रयास कर रहे थे। ट्रेन के अंतिम छोर पर पहुँचते ही जैसे ही उन्होंने डिब्बे के हैंडल को पकड़ने का प्रयास किया, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर पड़े। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात ट्रेन मैनेजर वैभव भारतीय ने अत्यंत सतर्कता का परिचय देते हुए तुरंत प्रतिक्रिया दी और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, जिससे यात्री एक गंभीर दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। इसके बाद उन्होंने यात्री को ब्रेक वैन में लाकर न केवल उनकी स्थिति की जानकारी ली, बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य जांच भी सुनिश्चित की। जब यात्री की हालत सामान्य पाई गई, तब ट्रेन को पुनः सावधानीपूर्वक रवाना किया गया।   घटना के समय ट्रेन में तैनात ट्रेन मैनेजर वैभव भारतीय ने अत्यंत सतर्कता का परिचय देते हुए तुरंत प्रतिक्रिया दी और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, जिससे यात्री रन ओवर होने से बच गए। तत्पश्चात उन्होंने यात्री को ब्रेक वैन में लाकर प्राथमिक पूछताछ की तथा उनकी चोटों का जायजा लिया। यात्री की स्थिति संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने पुनः ट्रेन को रवाना किया। रेल प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास न करें। ऐसे प्रयास जानलेवा हो सकते हैं और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकते हैं।

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