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बोगदा पुल के पास मेट्रो स्टेशन निर्माण को लेकर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा

भोपाल भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य के अंतर्गत पुल बोगदा के पास नया मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य जा रहा है। इसके लिए  आम लोगों की सुरक्षा की दृष्टिगत रखते हुए पुल बोगदा निर्माण कार्य के दौरान 28 मई से 27 जून तक यातायात डायवर्ट रहेगा, भोपाल पुलिस ने इस क्षेत्र के लिए डायवर्सन प्लान बनाया है। प्रतिबंधित मार्ग भारी/मध्यम/बस वाहन के लिए प्रभात चौराहा से बोगदा पुल होकर भारत टाॅकीज एवं प्रभात चौराहा से बोगदा पुल होकर जिंसी धर्म कांटा, मैदा मिल की ओर आने-जाने वाला मार्ग पूर्णतः बंद रहेगा। हल्के व दो पहिया वाहन के लिए बोगदा पुल से शिव मंदिर रोड (जिंसी के सामने) तक का एक तरफ का मार्ग बंद रहेगा। डायवर्सन मार्ग भारी/मध्यम/बस वाहन के लिए- प्रभात चैराहा से बोगदा पुल होकर भारत टाॅकीज अथवा रेलवे स्टेषन प्लेटफार्म नंबर 6 की ओर आवागमन करने के लिए प्रभात चौराहा -परिहार चौराहा (अशोका गार्डन) – 80 फीट रोड़- स्टेशन बजरिया तिराहा-भारत टाॅकीज ओव्हर ब्रिज-संगम टाॅकीज तिराहा होकर भारत टाॅकीज एवं रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 6 की ओर आवागमन कर सकेंगे। इसी प्रकार भारत टाॅकीज अथवा रेलवे स्टेषन प्लेटफाॅर्म नंबर 6 से प्रभात चैराहा की ओर आवागमन करने के लिए संगम टाॅकीज तिराहा-भारत टाॅकीज ओव्हर ब्रिज-स्टेशन बजरिया तिराहा-80 फीट रोड़-परिहार चैराहा(अषोका गार्डन) से प्रभात चैराहा की ओर आवागमन कर सकेंगे। प्रतिबंधित मार्ग भारी, मध्यम वाहन, बस : प्रभात चौराहा से बोगदा पुल चौराहे से बोगदा पुल होकर जिंसी धर्म कांटा, मैदा मिल की ओर आने-जाने वाला रास्ता बंद रहेगा। हल्के और दो पहिया वाहनों के लिए बोगदा पुल से शिव मंदिर रोड (जिंसी के सामने) तक का एक तरफ का मार्ग बंद रहेगा। डायवर्सन मार्ग भारी, मध्यम और बस के लिए : प्रभात चौराहा से बोगदा पुल होकर, प्लेटफॉर्म नंबर-6 की ओर जाने वाले वाहन प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड, स्टेशन बजरिया तिराहा, भारत टॉकीज ओवर ब्रिज-संगम टॉकीज तिराहा होकर प्लेटफॉर्म नंबर-6 पहुंच सकेंगे। भारत टॉकीज और रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 6 से प्रभात चौराहा की ओर आने वाले वाहन संगम टॉकीज तिराहा, भारत टॉकीज ओवर ब्रिज, स्टेशन बजरिया तिराहा, 80 फीट रोड, परिहार चौराहा से प्रभात चौराहा की ओर आ सकेंगे। हल्के और दो पहिया वाहन बोगदा पुल से भारत टॉकीज आने-जाने वाले वाहन बोगदा पुल से शिव मंदिर तक एक तरफ के मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।  हल्के वाहन/दो पहिया वाहन- बोगदा पुल से भारत टाॅकीज आने-जाने वाले वाहन बोगदा पुल से षिव मंदिर (जिंसी के सामने) तक एक तरफ के मार्ग का उपयोग कर आवागमन कर सकेंगे। पुलिस का जनता से अनुरोध नगरीय पुलिस भोपाल का आम जनता से अनुरोध है कि यातायात नियमों का पालन करे, तथा अपने वाहनों में उक्त प्रतिबंधित वस्तुओं का उपयोग नहीं करें। यातायात व्यवस्था में सहयोग प्रदान करें। किसी प्रकार की असुविधा होने पर यातायात दूरभाष नं. 0755-2677340, 2443850 पर सम्पर्क करें,    

HC ने 31 सप्ताह की गर्भवती नाबालिग को दी प्रसव की अनुमति, दुष्कर्म से जन्मे बच्चों के लिए पॉलिसी बनाने के आदेश

जबलपुर हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में 31 सप्ताह की गर्भवती नाबालिग को बच्चे को जन्म देने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यह फैसला नाबालिग और उसके माता-पिता की बच्चे को जन्म देने की इच्छा को ध्यान में रखते हुए दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नाबालिग को सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने और बच्चे के जन्म के बाद उसकी देखभाल करने का भी निर्देश दिया है। जस्टिस विनय सराफ की पीठ ने दिया आदेश साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा है कि MTP (Medical Termination of Pregnancy) अधिनियम मेडिकल बोर्ड को गर्भावस्था की समाप्ति पर राय बनाते समय गर्भवती की शारीरिक और भावनात्मक भलाई का भी मूल्यांकन करने की अनुमति देता है। जस्टिस विनय सराफ की अवकाशकालीन एकलपीठ ने यह आदेश दिया। सुनवाई में कोर्ट ने की अहम टिप्पणी कोर्ट ने कहा कि MTP अधिनियम मेडिकल बोर्ड को सुरक्षा प्रदान करता है, जब वे गर्भावस्था की समाप्ति के बारे में सद्भावपूर्वक राय बनाते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि मेडिकल बोर्ड को अपनी राय बनाते समय सिर्फ MTP अधिनियम के मानदंडों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें गर्भवती महिला की शारीरिक और भावनात्मक स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मेडिकल बोर्ड को अपनी राय और परिस्थितियों में किसी भी बदलाव के लिए ठोस कारण बताने चाहिए। गर्भावस्था की समाप्ति के मामलों में गर्भवती महिला की सहमति सबसे महत्वपूर्ण है। नाबालिग के साथ हुआ था दुराचार यह मामला मंडला जिले के खटिया थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने एडीजे (अतिरिक्त जिला जज) कोर्ट को जानकारी दी थी कि एक नाबालिग लड़की के साथ दुराचार हुआ है और वह गर्भवती है। मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया था कि नाबालिग के पेट में पल रहा भ्रूण 29 सप्ताह और 6 दिन का है। डॉक्टरों ने कहा था कि अगर गर्भपात किया जाता है तो नाबालिग की जान को खतरा हो सकता है। इसके बाद एडीजे कोर्ट ने इस मामले को हाईकोर्ट में भेजा था। पीड़िता और माता-पिता ने जताई थी इच्छा हाईकोर्ट में नाबालिग और उसके माता-पिता ने एक पत्र पेश किया। उस पत्र में उन्होंने गर्भावस्था जारी रखने और बच्चे को जन्म देने की इच्छा जताई थी। कोर्ट ने कहा कि स्त्री रोग विशेषज्ञ ने भी राय दी है कि भ्रूण 29 सप्ताह से अधिक का है। इसलिए, गर्भपात करने से नाबालिग की जान को खतरा हो सकता है। राज्य सरकार वहन करेगी बच्चे का खर्च कोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि नाबालिग को बच्चे को जन्म देने के लिए डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम के माध्यम से सभी उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएं। कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चे को जन्म देने की प्रक्रिया से संबंधित सभी खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। गर्भावस्था के दौरान, बच्चे के जन्म के समय और उसके बाद डॉक्टरों द्वारा सभी आवश्यक देखभाल और सावधानी बरती जाएगी। प्रसव के बाद नाबालिग की देखभाल की जाएगी और राज्य सरकार का यह कर्तव्य होगा कि वह स्थापित मानदंडों के अनुसार बच्चे की देखभाल करे। 12 तक की पढ़ाई रहेगी फ्री कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चे को कक्षा 12 तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। बच्चे के वयस्क होने तक उसे सभी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि पीड़ित और बच्चे का नाम किसी भी तरह से उजागर नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार को उठाने चाहिए कदम कोर्ट ने राज्य सरकार को यौन उत्पीड़न, बलात्कार या अनाचार से बचे बच्चों के लिए भोजन, आश्रय, शिक्षा और सुरक्षा की सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक नीति बनाने पर विचार करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर नाबालिग और उसके माता-पिता प्रसव के बाद बच्चे को गोद देना चाहते हैं, तो राज्य सरकार को इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कानूनी प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अब गवाह कोर्ट में गवाही दे सकेंगे, कई बार दूर तक जाने की परेशनी से निजात मिल सकेगी

भोपाल अदालतों में गवाहों की पेशी में कई बार केस में देरी की परेशानी अब बीते जमाने की बात होने वाली है. केंद्र सरकार की न्यायश्रुति योजना के तहत मध्य प्रदेश में पुलिस अब करीब 2000 स्थान चिन्हित कर वहां वीडियो कॉन्फ्रेसिंग रूम बनाने की तैयारी में है. दरअसल, यह देखा गया है कि कई बार सिर्फ गवाहों की गैर-मौजूदगी की वजह से अदालत को केस की अगली सुनवाई के लिए तारीख देनी होती है. ज्यादातर ममलों में यह वह गवाह होते हैं जिनकी पुलिस इन्वेस्टिगेशन में अहम भूमिका होती है. जैसे- प्रत्यक्षदर्शी, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, केस से जुड़े आईओ (इन्वेस्टिगेटिव ऑफिसर) या मेडिकल ऑफिसर. वहीं, कई बार केस से जुड़े ऐसे अधिकारीयों या कर्मचारियों का ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन कोर्ट की सुनवाई के दौरान गवाही में सिर्फ ‘हां’ या ‘ना’ कहने के लिए उन्हें उसी शहर या इलाके की कोर्ट में आना होता है, जहां कार्यरत रहने के दौरान उन्होंने केस में योगदान दिया हो. लेकिन देखा गया है कि कई बार अलग-अलग कारणों से यह गवाह कोर्ट समय पर नहीं पहुंच पाते और कोर्ट को अगली तारीख देनी पड़ती है, जिससे सुनवाई में अनावश्यक देरी होती है और केस लंबा खींचता जाता है. अब केंद्र सरकार इसी समस्या को दूर करने के लिए न्यायश्रुति योजना के तहत पुलिस थानों और एसपी कार्यालय, सीएसपी कार्यालय और एसडीओपी कार्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम बनाने के लिए फंड देने वाली है. पुलिस कमिश्नर प्रणाली वाले भोपाल और इंदौर शहर में एसीपी कार्यालय में इसकी व्यवस्था की जाएगी. इस योजना के तहत स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो साउंडप्रूफ केबिन तैयार करेगा, जहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए यह गवाह कोर्ट में गवाही दे सकेंगे और सिर्फ गवाही देने के लिए उन्हें कई बार दूर तक जाने की परेशनी से निजात मिल सकेगी.  

हत्या और बलात्कार के आरोप 5 लोग हैं जेल में बंद… 18 महीने बाद जीवित लौटी महिला

झाबुआ झाबुआ जिले के थांदला में एक महिला की हत्या के आरोप में पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सभी आरोपी डेढ़ साल से सलाखों के पीछे थे। पुलिस ने चार्जशीट भी फाइल कर दी थी और केस की सुनवाई अंतिम दौर में पहुंच गई थी। लेकिन इसी बीच वही महिला थाने पहुंच गई, जिसकी हत्या बताई जा रही थी। उसने कहा, “मैं जिंदा हूं और मजदूरी कर रही थी।” महिला का डीएनए कराया गया, जिससे यह साफ हो गया कि उसकी हत्या नहीं हुई थी। इस खुलासे के बाद हाई कोर्ट ने सभी आरोपियों को रिहा करने के आदेश दिए और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की। 14 सितंबर 2023: जब शव को ललिता मान लिया गया यह पूरा मामला थांदला की रहने वाली ललिता नाम की महिला से जुड़ा है। 14 सितंबर 2023 को पंचायत प्रतिनिधि प्रकाश कटारे को पानी में एक महिला की लाश तैरती दिखी। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था—चेहरा नहीं था और दोनों हाथ भी कटे हुए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। ललिता के माता-पिता और रिश्तेदारों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान ललिता के रूप में की। बिना डीएनए जांच के पुलिस ने यह मान लिया कि शव ललिता का ही है। शाहरुख ने कबूल किया गुनाह जांच में सामने आया कि ललिता की दोस्ती शाहरुख नामक युवक से थी और वह आखिरी बार उसी के साथ देखी गई थी। पुलिस ने शाहरुख को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान शाहरुख ने कबूल किया कि 500 रुपए को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने अपने साथियों- इमरान, एजाज, सोनू और अजीम—के साथ मिलकर लाठी-डंडों से मारकर ललिता की हत्या कर दी। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। तब से सभी आरोपी जेल में थे। मार्च 2025 में ललिता जिंदा थाने पहुंची मामले ने तब नया मोड़ लिया जब मार्च 2025 में ललिता खुद थांदला थाने पहुंच गई। उसने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी के लिए बाहर गई थी और उसके साथ कोई घटना नहीं हुई। पुलिस हैरान रह गई। शव की शिनाख्त करने वाले ललिता के माता-पिता भी चौंक गए। उन्होंने कहा कि शव की कद-काठी और कपड़े देखकर उन्होंने ललिता के रूप में पहचान की थी, लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का अहसास हो रहा है।

नौतपा के पहले दिन 10 डिग्री कम रहा पारा, आज भी जबलपुर समेत 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा के पहला दिन नहीं तपा, भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश का दौर रहा। साथ ही मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल समेत कई शहरों में बारिश हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश में दिन के पारे में गिरावट दर्ज की गई। सिर्फ खजुराहो में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच सका। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार दिन का तापमान 10 डिग्री कम है। सोमवार को इंदौर, जबलपुर सहित 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इन जिलों में आंधी-बारिश की संभावना इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में आंधी और बारिश की संभावना है। मंडला में आधा इंच पानी गिरा रविवार को मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल समेत कई शहरों में पानी गिरा। मंडला में करीब आधा इंच पानी गिर गया। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश में दिन के पारे में गिरावट रही। यहां बादल छाए रहे। सिर्फ एक शहर खजुराहो में ही पारा 40 डिग्री पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदले होने की संभावना जताई है। पचमढ़ी में पारा सबसे कम 29.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मलाजखंड में 30.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31 डिग्री, बैतूल में 31.5 डिग्री और सिवनी में 32 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 34.5 डिग्री दर्ज रहा। मंडला में आधा इंच बारिश, खजुराहो में पारा 40 डिग्री पहुंचा रविवार को मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल और कई अन्य शहरों में बारिश हुई। मंडला में लगभग आधा इंच पानी गिरा। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर सहित पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट आई। यहां बादल छाए रहे। केवल खजुराहो में ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों में प्रदेश में मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। पचमढ़ी में पारा सबसे कम 29.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मलाजखंड में 30.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31 डिग्री, बैतूल में 31.5 डिग्री और सिवनी में 32 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 34.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग क्या कह रहा ? सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा कि तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने के कारण मौसम का हाल बदला हुआ है। इसी वजह से अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम ? 26 मई : भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। 27 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 28 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। मई में बारिश-आंधी का दौर, दूसरे पखवाड़े में गर्मी का असर मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलती हे तो रातें भी गर्म रहती हैं, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग रहा। लगातार 19 दिन तक बारिश हुई है। ऐसे में रविवार-सोमवार से गर्मी ने असर दिखाना शुरू किया। खासकर छतरपुर जिले के खजुराहो-नौगांव, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, उज्जैन, निवाड़ी, नीमच, मंदसौर में गर्मी का असर रहा। अगले कुछ दिन तक बारिश का दौर बना रहेगा। इसके बाद ही गर्मी का असर तेज होने की संभावना है। इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी रहेगी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने के आखिरी दिनों में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है। अप्रैल में भी बारिश-गर्मी का असर रहा अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 … Read more

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दी जानकारी

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में होंगे विभिन्न कार्यक्रम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में जून माह में तीन तिथियों पर होंगी महत्वपूर्ण गतिविधियां प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी माह तीन ऐसी महत्वपूर्ण तिथियां होंगी जिनका मध्यप्रदेश और देश के लिए विशेष महत्व है। आगामी पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस है इस नाते यह दिन जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। यह पर्यावरण दिवस भी है, और राज्य सरकार पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए अधिकाधिक प्रयास कर रही है। जल गंगा संर्वधन अभियान का औपचारिक शुभारम्भ गुड़ी पड़वा से हो चुका है। प्रदेश में 30 मार्च से प्रारंभ यह अभियान निरंतर 30 जून तक चलेगा। जनप्रतिनिधि और आम नागरिक अभियान में व्यापक भागीदारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज नई दिल्ली में मीडिया से चर्चा में जून माह के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी दी। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण दिवस के पश्चात 9 जून को महत्वपूर्ण तिथि है जब यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के सफल 11 साल पूरे होने का भी दिन है। यह विशेष उपलब्धि है। मध्यप्रदेश में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी न केवल लगातार तीन कार्यकाल के लिए सरकार बनाने के लिए बधाई के पात्र हैं, बल्कि उन्होंने जो ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, वे इस बात का प्रमाण हैं कि प्रधानमंत्री जी के लिए राष्ट्र हित सर्वोपरि है। इन ऐतिहासिक निर्णयों में चाहे वो ट्रिपल तलाक का विषय हो या सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को सभी समुदायों की ओर से मिलकर पूरा करवाना हो या फिर पाकिस्तान को तीन बार तगड़ा जवाब देने की कार्यवाही जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और हाल ही में पाकिस्तान के अंदर ऑपरेशन सिंदूर करने की त्वरित कार्यवाही हो और साथ ही सीमाओं पर चीन का सामना करना हो, यह सभी ऐसे निर्णयों में शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी लागू करने से लेकर कई बदलाव, बदलते दौर के भारत में देखने को मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के सक्षम नेतृत्व का ही यह प्रमाण है कि भारत का महत्व बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के ठोस प्रयासों ने भारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया है। काला दिवस से स्मरण किया जाता है लोकतंत्र का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास में काला दिवस माना जाता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट कर दिया गया था। ऐसी स्थिति में जनता ने आपातकाल का प्रतिकार भी लिया। वर्तमान में यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 25 जून को इस काले दिवस का स्मरण कर पूरे राष्ट्र में लोकतंत्र के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने का कार्य हो रहा है। आगामी माह व्यापक स्तर पर इस तिथि पर भी विभिन्न कार्यक्रम होंगे। उद्योग वर्ष में किसानों को देंगे सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोमवार 26मई को नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी पधार रहे हैं। हमारी कृषि आधारित व्यवस्थाओं, कृषि यंत्रों के उपयोग, प्राकृतिक खेती, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कारखानों की स्थापना और इनसे मिलने वाले रोजगार,फसलों के संवर्धन और उपार्जन की दृष्टि से किसानों को उचित मूल्य दिलवाने का प्रयास है। प्रदेश में प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता बढ़ाने का अभियान संचालित होगा। उद्योग वर्ष में किसानों को महत्वपूर्ण सौगात मिलेगी। नरसिंहपुर के कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन, एआई आधारित उपकरणों और जैविक खेती के जीवंत प्रादर्श किसानों का मार्गदर्शन करेंगे। अनेक विभाग स्टॉल लगाकर शासकीय कृषक कल्याण योजनाओं की जानकारी भी प्रदान करेंगे।  

जबलपुर स्टेशन पर 4 दिन का मेगा रेलवे ब्लॉक, मदनमहल से चलेगी इंटरसिटी एक्सप्रेस

जबलपुर  पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) द्वारा जबलपुर रेलवे स्टेशन में विभिन्न निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते 27 मई से 30 मई तक चार दिन के लिए प्रतिदिन तीन घंटे का रेलवे ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान रानी कमलापति- अधारताल-रानी कमलापति इंटरसिटी ट्रेन (गाड़ी नंबर 22187-22188) की सेवाओं में आंशिक बदलाव किया गया है। अब 27 से 30 मई तक रानी कमलापति से रवाना होने वाली इंटरसिटी ट्रेन 22187 मदनमहल स्टेशन पर शार्ट टर्मिनेट होगी। यह ट्रेन मदनमहल से अधारताल के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। वहीं 27 से 30 मई तक अधारताल से रवाना होने वाली इंटरसिटी ट्रेन 22188 मदनमहल स्टेशन से चलेगी। यह ट्रेन अधारताल से मदनमहल के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। इससे यात्रियों को परेशानी होगी। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार     गाड़ी संख्या 22187, जो रानी कमलापति से अधारताल जाती है, 27 से 30 मई तक मदनमहल स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट कर दी जाएगी। यानी यह ट्रेन इन तारीखों में मदनमहल से आगे अधारताल तक नहीं जाएगी।     वहीं गाड़ी संख्या 22188, जो अधारताल से रानी कमलापति आती है, इन्हीं तारीखों में मदनमहल स्टेशन से शॉर्ट ऑरिजिनेट होगी। यानी यह ट्रेन अधारताल से मदनमहल तक नहीं चलेगी। इधर… ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी का संचालन आज से रोज ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी का संचालन अब हर दिन किया जाएगा। सोमवार से ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी। यह ट्रेन अभी तक सप्ताह में केवल पांच दिन चलाई जा रही थी। इसे नियमित रूप से चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। भोपाल से यह ट्रेन दोपहर 3:15 बजे रवाना होगी और रात 11:58 बजे ग्वालियर स्टेशन पहुंचेगी। वहीं, ग्वालियर से सुबह 6:20 बजे रवाना होगी और दोपहर 2:35 बजे भोपाल पहुंचेगी। इधर, प्रयागराज से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन तक नियमित रूप से चलने वाली ट्रेन नंबर 11802 का संचालन सोमवार से ग्वालियर तक किया जाएगा। यह ट्रेन सोमवार को प्रयागराज जंक्शन से सुबह 6:05 बजे रवाना होकर शाम 5:15 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंचेगी और इसके बाद रात नौ बजे ग्वालियर स्टेशन पर आएगी। इसी दिन से यह ट्रेन नियमित हो जाएगी।

सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की छोटी आंत बाहर, दो गिरफ्तार, डॉक्टर ने किए कई खुलासे

खंडवा खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में आदिवासी महिला से निर्भया कांड जैसा दरिंदगी का मामला सामने आया है। शनिवार को गैंगरेप के बाद 45 साल की महिला की मौत हो गई। रविवार को डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान प्राइवेट पार्ट पर कट के निशान, पेट में आंतरिक चोट, छोटी आंत बाहर मिली। साक्ष्य के लिए पीएम की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। पुलिस ने रविवार को आरोपी हरि और सुनील को गिरफ्तार कर लया है। दोनों पीड़िता के परिचित हैं।  खंडवा एएसपी राजेश रघुवंशी के अनुसार, पीड़िता शादी समारोह में आई थी। उसके साथ हरि नाम का व्यक्ति था। शादी के बाद पीड़िता को एक महिला उसके घर छोड़ने गई। यहां से पीड़िता हरि के साथ उसके घर आई। कुछ देर बाद ही एक अन्य व्यक्ति सुनील भी आ गया। रात में दोनों ने गैंगरेप किया। अत्यधिक ब्लीडिंग से महिला की मौत हो गई। कांग्रेस ने अपने स्तर पर मामले की जांच को तीन सदस्यीय दल बनाया है। इसमें महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष शोभा ओझा, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ और विधायक झूमा सोलंकी शामिल हैं। यह दल पीड़ित परिवार से मुलाकात कर प्रदेश कांग्रेस को रिपोर्ट सौंपेगा। परिवार की लापरवाही, नहीं ले गए अस्पताल पीड़िता(Khandwa Tribal Women Gangrape) ने परिजन को बताया कि गैंगरेप की जानकारी के बाद पीड़िता जब परिवार को मिली तब वह बातचीत कर रही थी। उसे ब्लीडिंग हो रही थी। पीड़िता ने परिवार के सदस्यों को आरोपी सुनील और हरि के नाम बताए। इसके बाद सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक पीड़िता को घर में रखा। इस दौरान मौत हो गई। इसके बाद डायल 100 को सूचित किया। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, आदिवासी के साथ ऐसी घटना ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह हैवानियत किसी सभ्य समाज की नहीं, बल्कि जंगलराज की तस्वीर है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि अब चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए। आप ऐसे कितने शर्मनाक मामलों पर चुप रहेंगे। क्यों आपकी पुलिस और प्रशासन अपराधियों के सामने बेबस नजर आते हैं। महिला सुरक्षा को लेकर आपकी सरकार की जिम्मेदारी कहां है। अब सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, सिर्फ दिखावे नहीं। बेटे से बोली थी- अब मैं नहीं बचूंगी पीड़िता के बेटे ने बताया कि मां शादी समरोह में गई थी। रात को घर नहीं लौटी। हमें लगा कि वो वहीं रुक गई होगी। गांव की एक महिला ने बताया कि वो हमारे आंगन में बैठी है। तब हम वहां पहुंचे तो मां बेहोश अवस्था में थी। हमने उन्हें पानी पिलाया और होश में लाए। मां ने कहा कि मेरे साथ गलत हुआ है, अब मैं नहीं बचूंगी। सुनील और हरि ने मेरे साथ जबर्दस्ती की। पूर्व पीसीसी चीफ बोले- बहन-बेटी सुरक्षित नहीं खंडवा में हुए गैंगरेप के मामले पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा खालवा में दिल दहला देने वाली घटना हुई है। मप्र में हमारी बहन-बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों में महिलाओं से अत्याचार पर हम प्रथम स्थान पर हैं। खालवा कांड को लेकर मुख्यमंत्री, गृह मंत्री एवं क्षेत्र के मंत्री दुष्कर्मियों पर क्या कार्यवाही करेंगे यह प्रदेश की जनता जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि दुष्कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होना चाहिए। यह है पूरा मामला रविवार को एएसपी ग्रामीण राजेश रघुवंशी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 23 मई को एक गांव में शादी समारोह में पीड़िता शामिल हुई थी। उसके साथ हरि भी था। शादी समारोह के बाद पीड़िता उसके साथ इसी समारोह में शामिल एक अन्य महिला को उसके घर छोड़ने गई थी। लगभग 6:30 बजे दोनों ने उस महिला को खेत वाले घर पर छोड़ा। उसके बाद पीड़िता हरि के साथ उसके घर पर आई। वहां पर कुछ देर बाद सुनील भी आ गया। हरि के घर पर सुनील, हरि व पीड़िता को देखा गया था। घटना स्थल पर पुलिस को महिला की बच्चेदानी बाहर निकलने जैसी कोई स्थिति नहीं दिखी। इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी, जिससे अन्य चीजों का खुलासा हो पाएगा। जिला अस्पताल में मेडिकल की फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. सीमा सूते और जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी डूडबे द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। तीनों ने साथ में पी थी शराब पड़ोस के एक व्यक्ति ने तीनों को रात में शराब पीते हुए देखा। इसके बाद सुबह हरि की मां ने देखा कि पीड़िता घायल अवस्था में उसके आंगन में बैठी हुई थी। इस पर उसने पीड़िता के घर वालों को सूचित किया। पीड़िता के घरवाले आए और घर चले गए। इसके बाद पीडिता ने बताया कि सुनील और हरि ने उसके साथ जबर्दस्ती की।

शराब माफियाओं का तंडाव, चाचा-भतीजे की गोली मारकर की हत्या, वारदात से फैली सनसनी

मुरैना अवैध शराब खपाने जा रहे शराब माफ़ियाओं ने चाचा भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। सोमवार की सुबह यह वारदात सिहोनिया थाना क्षेत्र में भाटापुरा नहर पुलिया के पास हुई है। महेंद्र भदौरिया और उसका भतीजा सौरभ भदौरिया आबकारी शराब ठेकेदार की दुकानों का काम संभालते हैं। दोनों को सूचना मिली कि दिमनी से गोपी-पंचोली गांव की तरफ़ अवैध शराब की गाड़ी जा रही है। चाचा भतीजे ने अवैध शराब की गाड़ी को रोकने के लिए अपनी बोलेरो गाड़ी सड़क पर लगा दी। इसी बीच अवैध शराब लेकर जा रहे हैं माफ़ियाओं ने सीधे फायरिंग कर दी। सीने में गोली लगने से सौरभ और महेंद्र भदौरिया की मौक़े पर ही मौत हो गई। दोनों के शव जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लाए गए हैं। घटना के बाद से दिमनी सिहोनिया से लेकर जिला अस्पताल परिसर में भी तनाव का माहौल है। इधर…कार से ले जाई जा रहीं 24 पेटी अवैध शराब की जब्त मुरैना के बानमोर थाना पुलिस ने शनिवार की रात को थाने के सामने हाइवे पर कार में भरकर ले जाई जा रही अवैध शराब को पकड़ा है। आरोपित पुलिस को देखकर कार छोड़कर भाग गया। पुलिस को पता चला कि हाइवे पर कार में अवैध शराब भरकर ले जाई जा रही है। इसी सूचना पर थाने के सामने चेकिंग की। इसी बीच चालक ने पुलिस को देखकर कार छोड़कर भाग गया। पुलिस ने कार क्रमांक एमपी 07 सीबी 3179 को जब्त किया। जिसकी तलाशी ली तो उसमें पांच पेटी बीयर की, 19 पेटी देशी शराब की भरी हुई थीं। पुलिस ने मामले में अज्ञात शराब तस्कर के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। नयापुरा गांव में दो गुटों के बीच हुई मारपीट मुरैना के जौरा थाना क्षेत्र के नयापुरा गांव निवासी शिशुपाल कुशवाह गांव के रामवरन कुशवाह के बीच शनिवार को विवाद हो गया। इसी विवाद पर दोनों ही पक्ष हाथों में लाठियां लेकर आमने सामने आ गए और एक दूसरे की मारपीट कर दी। जिससे दोनों ही गुट चोटिल हुए। पुलिस ने शिशुपाल कुशवाह की फरियाद पर आरोपित हाकिम कुशवाह, रामलखन कुशवाह, रामवरन कुशवाह व सुनील कुशवाह के खिलाफ तथा रामवरन कुशवाह की फरियाद पर आरोपित शिशुपाल, दिनेश, धर्मसिंह व बंटी कुशवाह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- क्षिप्रा नदी के किनारे विकास कार्यों को प्रमुखता से लिया

भोपाल महाकाल की पावन नगरी उज्जयनी में गंगा दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में 4 एवं 5 जून को क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा आयोजित की जायेगी। यह परिक्रमा प्रतिवर्ष गंगा दशहरा पर्व पर की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण के लिये 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य को लेकर ज्येष्ठ शुल्क पक्ष नवमीं से ज्येष्ठ शुल्क दसवीं गंगा दशहरा के अवसर पर दो दिवसीय माँ क्षिप्रा परिक्रमा आयोजित की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोक्षदायिनी क्षिप्रा तीर्थ के संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरण के लिये सभी से सहभागिता के लिये आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि परिक्रमा में विद्वतजन, विषय-विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और समाज के सभी वर्ग शामिल होकर क्षिप्रा संरक्षण कार्य में संलग्न रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा के दौरान पर्यावरणविद्, जीव और वनस्पति वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गयी परीक्षण रिपोर्ट प्रतिवर्ष शासन को भेजी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षिप्रा नदी के किनारे विकास कार्यों को प्रमुखता से लिया गया है। क्षिप्रा परिक्रमा में घाटों का निर्माण, मंदिरों का पुनर्निर्माण, क्षिप्रा नदी का शुद्धिकरण और खान डायवर्सन योजना और नौका-विहार जैसे कार्य किये जा रहे हैं। क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा में व्यवस्था निदेशक महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ उज्जैन श्री श्रीराम तिवारी ने बताया कि क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा में प्रशासन द्वारा सभी जरूरी व्यवस्थाएँ की जायेंगी। इसमें नगर निगम उज्जैन द्वारा परिक्रमा मार्ग की सफाई, रामघाट, दत्त अखाड़ा, गुरुनानक देव घाट और राणोजी की छत्री घाट के साथ परिक्रमा मार्ग के घाटों की साफ-सफाई का कार्य किया जायेगा। क्षिप्रा नदी की सफाई, फव्वारे, मंदिरों की पुताई एवं विद्युत साज-सज्जा का कार्य किया जायेगा। दत्त अखाड़ा, गुरुनानक घाट, रामघाट, चुनरी-पूजन स्थल और भजन संध्या स्थल पर हैलोजन लगाये जायेंगे। नगर निगम द्वारा यात्रा के पहले-दूसरे दिन 4 एवं 5 जून को दत्त अखाड़ा घाट क्षेत्र, गुरुद्वारा नानक साहिब में विश्राम व्यवस्था की जायेगी। प्रति वर्षानुसार यात्रियों की सुविधा के लिये त्रिवेणी, रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट पर टेंट, मंच, विद्युत व्यवस्था की जायेगी। क्षिप्रा परिक्रमा के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विभिन्न स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था की जायेगी। उज्जैन विकास प्राधिकरण की मेंटेनेंस गैंग द्वारा मार्ग का चिन्हीकरण एवं चुनरी व्यवस्था के साथ यात्रा मार्ग पर मुरम का भराव कर रास्ता तैयार किया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिक्रमा के साथ एम्बुलेंस, डॉक्टर तथा पड़ाव स्थलों पर चिकित्सा व्यवस्था की जायेगी। यात्रा के दौरान सम्पूर्ण परिक्रमा स्थल एवं मार्ग पर पुलिस व्यवस्था रहेगी। साँची दुग्ध संघ द्वारा श्रीखण्ड एवं छाछ की व्यवस्था की जायेगी। जिला प्रशासन द्वारा मुख्य समारोह में भजन संध्या की व्यवस्था, वीआईपी अतिथियों की व्यवस्था और सेक्टर बनाकर परिक्रमा मार्ग पर अधिकारियों को नियुक्त किया जायेगा। यात्रा में विभिन्न ग्रामों की सहकारी समितियों का सहयोग भी लिया जायेगा। जिला पंचायत द्वारा परिक्रमा मार्ग पर आने वाले ग्रामों में छाँव व जलपान की व्यवस्था की जायेगी। क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा में पुरातत्व दल विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के डॉ. आर.सी. ठाकुर, अश्विनी शोध संस्थान महिदपुर, डॉ. रमण सोलंकी, पुराविद् विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, प्रो. डॉ. विजय कुमार वर्मा राष्ट्रीय सेवा योजना विक्रम विश्वविद्यालय डॉ. हेमंत लोधवाल, प्राचीन भारतीय इतिहास, विक्रम विश्वविद्यालय डॉ. निहाल सिंह, वनस्पति विज्ञान विक्रम विश्वविद्यालय और भारत स्काउट एण्ड गाइड एवं राष्ट्रीय छात्र सेना शामिल रहेंगे।  

कैंसर रोगियों के जीवन में प्रसन्नता का संचार करता बिराट हॉस्पिटल

भोपाल साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी का जबलपुर में स्थापित विराट हॉस्पिटल ‘स्वालम्बी नारी, सशक्त राष्ट्र’ की अवधारणा को साकार कर रहा है। कैंसर की जंग हार चुके रोगियों के उपचार और उनकी सेवा के लिए इस हॉस्पिटल का समर्पण सराहनीय है। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने विराट हॉस्पिटल को प्रारंभ से ही कैंसर रोगियों के लिये सेवा और उपचार के आदर्श केन्द्र की स्थापना के संकल्प की सिद्धि की साधना स्थली बनाया। इस समर्पण भाव के कारण विराट हॉस्पिटल कैंसर चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान औऱ सम्मान अर्जित कर सका है। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी का यह प्रकल्प असाध्य रोगों के उपचार और सेवा सुश्रूषा की प्रेरणा स्थली बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को जबलपुर प्रवास के दौरान इस अस्पताल का अवलोकन करेंगे। कैंसर रोगियों के जीवन में प्रसन्नता का संचार करता बिराट हॉस्पिटल कैंसर मरीजों की जीवन के अंतिम समय में विराट हॉस्पिटल में की जा रही देखभाल की ऐसे ही तारीफ नहीं की जाती, बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान यहां भेजा जाना इसका प्रमाण है। कैंसर रोगियों के चेहरे पर यहां सेवाभाव से की जा रही देखभाल को लेकर संतोष देखा जा सकता है। ज्ञानेश्वरी दीदी ने बताया कि शुरूआत में लगता था कि ऐसे कैंसर मरीजों की देखभाल कैसे की जा सकेगी, जिनके बचने की कोई उम्मीद नहीं है, डॉक्टर भी जबाब दे चुके हैं और परिवार भी उनका साथ छोड़ चुका है, लेकिन लोगों, दानदाताओं और कॉरपोरेट कंपनियों के सहयोग से धीरे-धीरे सारी व्यवस्थाएं होती गई और पिछले करीब बारह वर्षों में ढाई हजार से अधिक कैंसर मरीजों की सेवा की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि विराट हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों को चाय, दूध, नास्ता और दोनों समय का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। मरीज के परिवार के एक सदस्य को भी यहॉं रहने की अनुमति है उनके भोजन आदि की व्यवस्था भी हॉस्पिटल की ओर से की जाती है। भोजन पौष्टिक हो इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। भोजन पकाने में बायो गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिसर में उगाई गई आर्गेनिक सब्जियां ही भोजन में परोसी जाती हैं। परिसर स्थित गौशाला की गायों का दूध मरीजों को दिया जाता है। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने बताया कि करीब सवा तीन एकड़ में फैले विराट हॉस्पिटल का पूरा परिसर इको फ्रेंडली है। यहाँ सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। हॉस्पिटल परिसर से निकला प्रदूषित पानी माँ नर्मदा में न मिले इसके लिये यहाँ दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाये गये हैं। इनसे साफ किया गया पानी परिसर में लगे पेड़-पौधों की सिंचाई और निस्तार में इस्तेमाल किया जाता है। अब उपचारात्मक सुविधाएं देने की तैयारी, बनेगा कैंसर अस्पताल कैंसर से जंग हार चुके मरीजों की जीवन के अंतिम समय में देखभाल करने वाले विराट हॉस्पिटल परिसर में अब कैंसर के नये मरीजों को उपचारात्मक सेवाएं देने 75 बिस्तरों का तीन मंजिला अस्पताल भी बनाया जा रहा है। विराट हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ अखिलेश गुमास्ता ने बताया कि अस्पताल का भूतल बनकर तैयार हो चुका है। दान दाताओं और कार्पोरेट्स के सहयोग से यहाँ ब्रेकी थेरेपी जैसी अत्याधुनिक मशीन लगाई गई है इससे कैंसर मरीजों का उपचार शुरू भी कर दिया गया है। भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर से अनुमति मिलते ही यहाँ स्थापित कोबाल्ट मशीन से भी कैंसर मरीजों की रेडियो थेरेपी शुरू की जाएगी। सर्जरी की जरूरत वाले कैंसर मरीजों के लिये इस नये भवन में सर्जिकल वार्ड भी बनाया जा रहा है। विराट हॉस्पिटल की संस्थापक ज्ञानेश्वरी दीदी मूल रूप से हरियाणा के पिंजौर की रहने वाली हैं। अपने गुरु ब्रह्मर्षि विश्वात्मा बावराजी महाराज से दीक्षा लेने के बाद साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने समाजसेवा के लिए अलग-अलग शहरों में भ्रमण किया। नर्मदा नदी के किनारे बसा जबलपुर शहर पसंद आया और इसे ही उन्होंने अपना कर्मक्षेत्र बना लिया। साध्‍वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने बताया कि उनकी इच्छा एक ऐसा परिसर बनाने की थी, जहां जीवन के अंतिम समय में कैंसर मरीजों को पारिवारिक माहौल में रखकर इलाज और सेवा की जा सके।  

आज से 28 मई तक नरसिंहपुर समागम में नवाचार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के खुलेंगे द्वार

भोपाल मध्यप्रदेश में “उद्योग एवं रोजगार वर्ष” के अंतर्गत “कृषि उद्योग समागम 2025” प्रदेश के कृषि क्षेत्र को उद्योग, नवाचार और निवेश से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल बनकर सामने आया है। त्रि-दिवसीय समागम का शुभारंभ आज नरसिंहपुर में कृषि उपज मंडी के समीप उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवसहित किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म,लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, स्थानीय सांसद, क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधि, कृषि उद्यमी, निर्यातक समूह के प्रतिनिधि, कृषि नवाचार कंपनियां, एफपीओ, किसान संगठन और बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहेंगे। समागम 28 मई तक चलेगा। समागम से खुलेंगे रोजगार के नये द्वार ‘कृषि उद्योग समागम 2025’ का उद्देश्य प्रदेश की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से जोड़ते हुए निवेश, नवाचार और नौकरियों के नए द्वार खोलना है। मध्यप्रदेश अब गेहूं, दलहन, तिलहन, दुग्ध उत्पादन से लेकर एग्री-टेक तक कृषि से जुड़ी संभावनाओं का राष्ट्रीय केंद्र बनता जा रहा है। नरसिंहपुर की तुअर दाल को “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” योजना के तहत राज्य की पहचान के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है, जो स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में सार्थक कदम है। यह समागम नीतिगत घोषणाओं को जमीनी क्रियान्वयन और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में बदलने का सशक्त उदाहरण बनेगा। शुगर उद्यमियों से मुख्यमंत्री करेंगे संवाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गन्ना उत्पादक किसानों के हित में शुगर इंडस्ट्री निवेशकों से संवाद करेंगे। निवेशकों को नरसिंहपुर अंचल में शुगर इंडस्ट्रीज की स्थापना और उसके संबंध में राज्य शासन की प्रोत्साहन नीतियों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को हितलाभ प्रदान करेंगे और कृषि निवेश से जुड़े समूहों से भी संवाद करेंगे। नरसिंहपुर अंचल को चीनी उद्योग का केंद्र बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा। तकनीक व नवाचार का प्रदर्शन समागम स्थल पर एग्री-हॉर्टी एक्सपो के तहत आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रोन, एआई आधारित उपकरण, पॉलीहाउस, जैविक व नैनो उर्वरक, दुग्ध एवं गौशाला उत्पाद, और जल कृषि मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। प्राकृतिक व जैविक खेती के लाइव मॉडल भी लगाए जाएंगे। खेती, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात से जुड़े विषयों पर व्याख्यान आयोजित किए जायेंगे। इसके अलावा समागम में विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को तकनीकी ज्ञान व परामर्श प्रदान करने के लिये औषधीय फसलों, एफपीओ और निर्यातकों के लिए विशेष नेटवर्किंग सेशन व संगोष्ठियाँ आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तरीय 90 स्टॉल समागम में आठ विभागों द्वारा कृषि नवाचारों पर आधारित 90 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जो किसानों को आधुनिक तकनीक व सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।नरसिंहपुर जिले के किसानों के नवाचारों को वीडियो क्लिप्स के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जाएगा।  

देवी अहिल्या की जयंती पर भोपाल में बड़ा सम्मेलन, पीएम मोदी होंगे शामिल

इंदौर देवी अहिल्या की जयंती पर भोपाल में बड़ा सम्मेलन हो रहा है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हो रहे है। प्रधानमंत्री उनकी जयंती पर 300 रुपये का एक विशेष सिक्का भी जारी कर रहा है। इसका नोटिफिकेशन हो चुका है देवी अहिल्या की 300 वीं जयंती 31 मई को आ रही है। इसे लेकर 28 मई से 31 मई तक शहर में अलग-अलग आयोजन होने जा रहे है। नगर निगम इस जयंती को इंदौर गौरव दिवस के रूप में बना रहा है। गौरव दिवस पर गायक जुबिन नौटियाल का एक शो भी इंदौर में होने जा रहा है। इसके अलावा अहिल्या बाई के जीवन पर आधारित एक नाटिका का मंचन भी इंदौर में होगा। देवी अहिल्या की जयंती पर भोपाल में बड़ा सम्मेलन हो रहा है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हो रहे है। प्रधानमंत्री उनकी जयंती पर 300 रुपये का एक विशेष सिक्का भी जारी कर रहा है। इसका नोटिफिकेशन हो चुका है। इंदौर में उल्लेखनीय काम करने वालों को नगर निगम की तरफ से इंदौर गौरव सम्मान भी दिया जाएगा। इसके अलावा गौरव दिवस पर प्रमुख स्थानों पर आतिशबाजी भी होगी। मेट्रो का संचालन होगा शुरू देवी अहिल्या की जयंती पर इंदौर मेट्रो ट्रेन का संचालन भी होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत करेंगे। मेट्रो ट्रेन शहर के सात किलोमीटर हिस्से में चलेगी। शहर के अन्य सामाजिक संगठन व संस्थाएं भी अलग-अलग आयोजन 28 मई से करने जा रहे है। इंदौर के राजवाड़ा पर प्रदेश सरकार 20 मई को कैबिनेट बैठक भी कर चुकी है।  

उज्जैन जिला पंचायत सीईओ द्वारा शुरू किया गया ‘तीन रंगों वाला हैंडपंप मॉडल’ अब पूरे प्रदेश में लागू होने जा रहा

उज्जैन जल संकट की समस्या से निजात पाने के लिए प्रदेश को उज्जैन से एक नई राह मिली है। यहां की जिला पंचायत सीईओ जयति सिंह द्वारा शुरू किया गया ‘तीन रंगों वाला हैंडपंप मॉडल’ अब पूरे प्रदेश में लागू होने जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी. नरहरी ने इसे राज्यव्यापी नीति के तौर पर अपनाने के निर्देश दिए हैं। यह मॉडल महज रंगों का खेल नहीं है, बल्कि वर्षों से उपेक्षित हैंडपंपों की हालत बताने और सुधार की ठोस कार्ययोजना की नींव है। बंद हैंडपंपों को चालू कर देना हो या सीमित जल वाले पंपों की गहराई बढ़ाकर उन्हें उपयोगी बनाना, यह सब अब रंग देखकर तय हो रहा है। नवाचार के सकारात्मक परिणामों से ग्रामीण बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि ये नवाचार पूरे राज्य के लिए एक मिसाल है।   जल संकट समाधान की ओर तीन रंगों का चमत्कार जयति सिंह ने मार्च-अप्रैल 2025 के बीच ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के सहयोग से जिले के शासकीय हैंडपंपों की जियो टैगिंग करवाई। इसके बाद इन सभी को तीन रंगों में श्रेणीबद्ध किया। हरा हैंडपंप, जिनमें सालभर जल उपलब्ध रहता है। पीला हैंडपंप जिनमें गर्मी के महीनों में जल स्तर घटता है और सुधार की जरूरत होती है। लाल हैंडपंप जो पूरी तरह बंद हो चुके हैं और जिन्हें रिचार्ज या अन्य तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता है। अब विभाग इन्हीं रंगों के आधार पर मरम्मत, गहराई बढ़ाने, जल रिचार्ज जैसी जरूरी कार्यवाही कर रहा है। यह मॉडल जलप्रबंधन को सिर्फ वैज्ञानिक ही नहीं, व्यावहारिक भी बना रहा है।   9440 हैंडपंपों पर सफलता, अब पूरे प्रदेश में विस्तार उज्जैन जिले की 609 पंचायतों में 1101 गांव हैं, जिनमें 9440 हैंडपंप हैं। इनमें 8500 चालू और 940 बंद हालात में हैं। पहले इनमें से किसमें पानी है, किसमें नहीं, इसका कोई व्यवस्थित रिकार्ड नहीं होता था, लेकिन अब रंगीन कोडिंग के कारण न केवल ग्रामीणों को जानकारी मिल रही है, बल्कि प्रशासनिक मानिटरिंग भी आसान हो गई है। जियो टैगिंग और गूगल अर्थ आधारित निगरानी से प्रत्येक हैंडपंप का यूनिक कोड तैयार किया गया है। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो गई है। जलस्तर, उपयोगिता और सुधार की ज़रूरत जैसी सूचनाएं अब एक क्लिक पर उपलब्ध हैं। रिपोर्ट के अनुसार 6500 हैंडपंप हरे श्रेणी के, दो हजार हैंडपंर पीले श्रेणी के और 940 हैंडपंप लाल श्रेणी के पाए गए हैं। जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने की ठोस कार्ययोजना पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने शोक पिट, वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, परकोलेशन टैंक और कुआं रिचार्ज जैसे उपायों को भी अपनाया है। खासतौर पर पीले रंग वाले हैंडपंप, जो गर्मियों में सूखने लगते हैं, उनके पास जलस्रोत पुनर्भरण कार्य तेजी से चल रहे हैं। इस मॉडल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह समस्या की पहचान से लेकर समाधान तक की एक पूर्ण श्रृंखला बनाता है- मूल्यांकन, वर्गीकरण, सुधार और मॉनिटरिंग। कंट्रोल रूम से 24 घंटे में निवारण ग्रामीण क्षेत्रों में जल से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला और जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां नल-जल और हैंडपंप से जुड़ी शिकायतों का 24 घंटे के भीतर समाधान किया जा रहा है।

राज्यपाल पटेल ने कहा- परिवार एवं समाज के उत्थान के लिए बालिका शिक्षा है जरूरी

भोपाल वर्तमान समय में मौसम कुछ ऐसा चल रहा है कि सुबह ठंड लगती है, दोपहर में तेज गर्मी एवं शाम होने तक बारिश होने लगती है। यह सब जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहा है। जलवायु परिवर्तन के लिए हम मनुष्य ही दोषी हैं, क्योंकि हमने वनों को काटकर उन्हें समाप्त कर दिया है। प्रकृति ने हर मौसम के लिए चार माह का समय निर्धारित किया है, परन्तु मनुष्य ने अपने स्वार्थ के लिए वनों को समाप्त कर प्रकृति के चक्र में अवरोध उत्पन्न किया है। वर्तमान में मौसम का जो स्वरूप है उसके लिए यह आवश्यक है कि हम सभी अधिक से अधिक पेड़ लगाकर प्रकृति का पुनः श्रृंगार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने उक्त बातें रविवार को बड़वानी जिले की राजपुर तहसील के ग्राम पंचायत इंदरपुर के ग्राम लोटनदेव में गुजराती चारण समाज न्यास द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है, परन्तु मनुष्य ने तो सिर्फ लिया ही लिया है। प्रकृति में मनुष्य की हर राशि, नक्षत्र के हिसाब से भी पेड़ निर्धारित हैं। अगर हर व्यक्ति वर्षाकाल में मात्र दो ही पेड़ लगाकर उन्हें बड़ा करे तो जलवायु परिवर्तन की स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सकता है, अन्यथा इसी तरह वनों का दोहन होता रहा तो आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन की भयावह स्थिति हमारे समक्ष होगी और हम उसका सामना भी नहीं कर पायेंगे। बालिका शिक्षा पर दिया जोर राज्यपाल श्री पटेल ने अपने उद्बोधन में बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि परिवार एवं समाज के उत्थान के लिए सभी लोग अपनी बेटियों को अनिवार्य रूप से शिक्षित करें क्योंकि बेटी जब शिक्षित होगी तो वह अपने मायके एवं ससुराल दोनों का नाम रोशन करेगी। शिक्षा के कारण उसकी शादी अच्छे परिवार में होगी, जहां वह अपने बच्चों को भी शिक्षा देकर उनका भी जीवन संवारेगी। शिक्षित माता ही बच्चों में वे सभी संस्कारों को डाल सकती है जो आगे चलकर समाज और देश की उन्नति के लिए आवश्यक है, एक शिक्षित मां 100 शिक्षकों के बराबर है । आवड़ माता जी का किया पूजन अर्चन ग्राम लोटनदेव पहुंचकर महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने सबसे पहले ग्राम में स्थित श्री आवड़ माताजी के मंदिर में पहुंचकर माताजी का पूजन अर्चन कर ग्रामवासियों के सुख एवं समृद्धि की कामना की। साथ ही मंदिर में उनके स्वागत में खड़ी चारण समुदाय की बालिकाओं के सिर पर हाथ रखकर उन्हे आर्शीवाद भी दिया। साथ ही महामहिम राज्यपाल ने मंदिर के समीप ही त्रिवेणी (पीपल, बरगद, नीम) पौधों का भी रोपण किया। चारण समुदाय ने पारंपरिक पगड़ी, जैकेट एवं तीर कमान भेंटकर किया स्वागत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर महामहिम राज्यपाल श्री पटेल का स्वागत चारण समुदाय की पारंपरिक पगड़ी एवं जैकेट पहनाकर ग्राम के श्री हुकुमनाथा चारण , भूरारामजी चारण, जीवाजी चारण एवं शिवाजी चारण ने किया। इस दौरान ग्राम के सरपंच एवं उप सरपंच ने महामहिम राज्यपाल को स्मृति स्वरूप तीर कमान भी भेंट किया। शहीद की पत्नी को किया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री पटेल, चारण समुदाय के अध्यक्ष श्री वल्लभ भाई पटेल एवं श्री हीरालाल पाटीदार ने ग्राम नरावला के शहीद श्री नायक बघेल की धर्मपत्नी श्रीमती संतोषी बघेल को पटेल मोटर्स की तरफ से चेक एवं साड़ी देकर सम्मानित किया। कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाली बालिकाओं को किया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान बनाने वाली जिले की कक्षा 12वीं की छात्रा सुश्री राधिका सोनी एवं 10वी की छात्रा लीना यादव को प्रशस्ति पत्र एवं चेक देकर सम्मानित किया। टीबी मरीजों को किया पोषण आहार किट का वितरण कार्यक्रम के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने अतिथियों के साथ सुशीला देवी उमरावसिंह पटेल सेवा संस्थान खरगोन-बड़वानी के सौजन्य से 2 टीबी मरीजों को प्रतीकात्मक रूप से पोषण आहार का किट का वितरण किया। साथ ही एक सिकलसेल पॉजिटिव बालक को दिव्यांगता प्रमाण पत्र का वितरण किया। 50 करोड़ की लागत से क्षेत्र में बनेगा विशेष स्वास्थ्य केन्द्र कार्यक्रम के दौरान चारण समुदाय के अध्यक्ष श्री वल्लभ भाई पटेल ने संबोधित करते हुए कहा कि वे हमेशा से ही अपने क्षेत्र एवं समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं। उन्हें हमेशा ही अपने समाज के युवा वर्ग की फिक्र रहती है, उनका हमेशा से ही यही फोकस रहता था कि उनके समाज का युवा कही भटक न जाये। इसे ध्यान में रखते हुए श्री वल्लभ भाई एवं कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्री हीरालाल पाटीदार ने मंच से यह घोषणा की, कि 50 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में एक विशेष स्वास्थ्य केन्द्र बनेगा जो कि आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से संबंद्ध रहेगा। साथ ही समाज के युवा वर्ग के लिए एक स्किल डेवलपमेंट केन्द्र खोला जायेगा। यहाँ पर उन्हें शिक्षित कर एवं हुनर सिखाकर रोजगार भी दिया जायेगा। इन्द्रपुर से लोटनदेव मार्ग निर्माण में भी सरकार को उनके द्वारा विशेष सहयोग दिया जायेगा। लोकसभा सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल ने भी कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, पेयजल एवं सड़क हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी देकर जन समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया। साथ ही क्षेत्र में किये जा रहे सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत किये जा रहे सराहनीय कार्यों का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

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