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याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में शामिल हुए विधायक

आष्टा  आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर आज मप्र विधानसभा भवन के कक्ष क्र 6 में आयोजित याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में शामिल हुए । बैठक में अध्यक्ष एवं सभी सदस्यो के सामने रखे गये प्रस्तावों,आवेदनों का सभी ने बारीकी से परीक्षण कर चर्चा की एवं सम्बंधित विभाग प्रमुख से उसको लेकर किये कार्य एवं लिये निर्णयों की जानकारी ली एवं समीक्षा कर निर्देश दिये ।

गुना जिले में 1855 सरकारी स्कूल, इनमें से सिर्फ 241 स्कूलों ने ही शिक्षकों की तस्वीर जानकारी के साथ प्रदर्शित की

गुना फर्जी शिक्षकों की स्कूलों में एंट्री रोकने के लिए शासन के 13 माह पुराने आदेश की जिले में धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रत्येक स्कूल के बाहर वहां पदस्थ नियमित शिक्षकों की तस्वीर प्रदर्शित करने के निर्देश शासन ने दिए थे। लेकिन जिले के 1613 स्कूलों में इस आदेश का पालन नहीं हुआ। आखिर यहां के शिक्षकों को अपना चेहरा दिखाने में किस बात का संकोच है? दरअसल, कई स्थानों पर वहां पदस्थ शिक्षकों की बजाय उनके रिश्तेदार या अन्य व्यक्तियों को ठेके पर रख लेने की शिकायत मिलने के बाद सरकारी स्तर पर यह आदेश जारी हुआ था कि सभी स्कूलों में वहां पदस्थ शिक्षकों के फोटो लगाए जाएं। गुना जिले में 1855 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से सिर्फ 241 स्कूलों ने ही शिक्षकों की तस्वीर जानकारी के साथ प्रदर्शित की है। इसमें भी ज्यादातर हाईस्कूल और हायर सेकंडरी शामिल हैं। वहीं 1613 स्कूलों ने तो शिक्षकों की तस्वीर स्कूल में लगाई ही नहीं। 3000 से 5000 रुपए में भाड़े पर रखे शिक्षक सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक मोटा वेतन लेते हैं, लेकिन कई शिक्षक अपनी जगह किसी दूसरे पढ़े-लिखे व्यक्ति को 3000 से 5000 रुपए तक में किराए पर बच्चों को पढ़ाने के लिए रख लेते हैं। पूर्व में ऐसे शिक्षकों को सिर्फ नोटिस देकर शिक्षा अधिकारियों ने मामले को रफादफा कर दिया गया था। वर्तमान में एक सहायक शिक्षक का वेतन भी कम से कम 75 हजार रुपए है। कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनके दूसरे कारोबार भी चलते हैं। या अपने रुतबे के कारण वे अपनी जगह किसी अन्य को स्कूल में पढ़ाने भेज देते हैं। नियमित शिक्षकों की जगह भाड़े के शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल प्रदेश के कई जिलों के स्कूलों की जांच कराई गई थी तब नियमित शिक्षकों की जगह एवज या भाड़े के शिक्षक पढ़ाते हुए मिले थे। गुना में भी कुछ स्कूलों में फर्जी शिक्षक मिले थे। इस खुलासे के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी स्कूलों को आदेश दिए थे कि स्कूलों में पदस्थ प्रत्येक शिक्षकों का नाम, मोबाइल नंबर और विषयवार जानकारी के साथ उनका फोटो प्रदर्शित किया जाए। ताकि छात्र-छात्रा और उनके अभिभावक शिक्षकों के बारे में जानकारी हो। अगर उनकी जगह कोई दूसरा शिक्षक स्कूल में पढ़ाने आए तो पहचान हो सके। भाड़े के शिक्षकों को सबक सिखाने और उनकी पहचान को लेकर यह व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन जिले में अभी तक यह फर्जीवाड़ा नहीं रुक पाए। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश को जारी हुए 13 माह बीत चुके हैं। लेकिन जिले में 87 फीसदी सरकारी स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया। शिक्षा विभाग के अफसर अक्सर स्कूलों का निरीक्षण करते हैं, लेकिन इस तरफ उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। जिला शिक्षा अधिकारी अब इस बारे में कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। नियमों का पालन करवाएंगे डीईओ चंद्रशेखर सिसौदिया ने बताया स्कूलों में पदस्थ शिक्षक की तस्वीर, उनकी योग्यता एवं विषयवार जानकारी नोटिस बोर्ड या फिर स्कूल के बाहर प्रदर्शित करनी है। पूर्व में लोकशिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किए थे। ज्यादातर स्कूलों ने जानकारी प्रदर्शित नहीं की है। आपके द्वारा जानकारी संज्ञान में लाई गई है, हम इसका पालन कराएंगे।  

नए बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन कंपनी की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा

भोपाल बिजली कनेक्शन लेने को लेकर नई खबर सामने आई है। बता दें कि सरकारी कार्यालयों को अब महज पांच रुपए में बिजली का नया कनेक्शन दिया जा रहा है। कंपनी अफसरों के अनुसार शासकीय, अर्धशासकीय विभागों तथा निगम मंडलों को महज पांच रुपए में नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए मैदानी अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। ये विभागों से समन्वय बनाएंगे।  एमपी के भोपाल शहर में नए कनेक्शन के लिए ऑनलाइन कंपनी की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। कंपनी के वितरण केन्द्र जाकर, टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल करने के साथ एमपी ऑनलाइन- कॉमन सर्विस सेंटर से भी आवेदन कर सकते हैं। विकलांग का बिजली कनेक्शन काटा वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली विभाग की अमानवीयता का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला और कार्यकर्ता बिजली विभाग की इस कार्रवाई का विरोध करने चांदबड़ बिजली दफ्तर पहुंचे। अफसरों द्वारा गलती नहीं मानने पर कांग्रेस नेताओं ने जमकर हंगामा किया। शुक्ला ने बताया कि नरेला निवासरत पैरालिसिस की गंभीर बीमारी से पीड़ित मुनीर अहमद कच्चे मकान में रहते हैं। उन्हें अनाप-शनाप बिजली बिल भेजा गया। पर राशि को जमा नहीं किया तो बिजली कंपनी ने उनका कनेक्शन काट दिया और बिजली चोरी का प्रकरण भी बना दिया। पीड़ित परिवार भीषण गर्मी में बेतहाशा परेशान हो रहा था जिसकी सूचना मिलने पर दफ्तर जाकर इसकी शिकायत की गई। आरोप है कि बिजली कंपनी के अफसरों ने बात सुनने की बजाए पीड़ित को आरोपी बताना शुरु कर दिया जिस पर विवाद हो गया। व्हीलचेयर पर पीड़ित को लेकर पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने मौके पर नारेबाजी की।

इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे 713 किमी लंबा होगा, प्रोजेक्ट की लागत 15 हजार करोड़

 इंदौर छोटे शहर को बड़े शहरों से जोड़ने के लिए और  देश की रोड कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार सक्रिय है. अब तक भारत में कई बड़े एक्सप्रेसवे बनाए जा चुके हैं. वहीं भारतमाला परियोजना के तहत मध्यप्रदेश को दूसरे राज्य से जोड़ने के लिए एक प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है, जो जल्द पूरा होने जा रहा है. इंदौर से हैदराबाद को जोड़ने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 713 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है, जिससे हैदराबाद और इंदौर की दूरी महज़ कुछ ही घण्टे का हो जाएगा. 15 हजार करोड़ रुपए आएगा खर्च अधिकारियों के अनुसार, इंदौर-हैदराबाद के बीच बन रहे 713 किलोमीटर के एक्सप्रेस-वे में कई जगहों पर स्टेट हाईवे है, जिसे एनएचएआई के द्वारा नेशनल हाईवे की तरह ही बनाया जा रहा है. साथ ही यह कई स्टेट हाइवे और नेशनल हाईवे से जुड़ेगा. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 15 हजार करोड़ रुपए है. अगर अभी देखा जाए, तो हैदराबाद से इंदौर की दूरी करीब 900 किलोमीटर की है. ये एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद ये दूरी करीब 188 कम होकर 713 किलोमीटर की रह जाएगी. इसके चलते सिर्फ 10 घंटे के भीतर ही इंदौर से हैदराबाद पहुंचा जा सकेगा. इन शहरों से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे यह हाईवे एमपी के इंदौर, बुरहानपुर और बड़वाह होते हुए मुक्तईनगर, जलगांव, अकोला, हिंगोली और नांदेड वहीं तेलंगाना के मंगलूर, रामसनपल्ली, संगारेड्डी होते हुए हैदराबाद तक जाएगा. इसके बन जाने के बाद लोकल व्यापार को लाभ मिलने वाला है. इस एक्सप्रेसवे की मदद से व्यापारी अपना सामान आसानी से बड़े शहरों तक पहुंचा सकेंगे.  

प्रदेश में पंचायतों में उपचुनाव से जुड़ी बड़ी खबर, 1 महीने में होगा यह काम, तैयारियां पूरी

भोपाल मध्य प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं में उपचुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिन पंचायतों में उपचुनाव होना है, वहां हलचल जारी है, ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है. जिसमें इलेक्शन कमीशन की तरफ से कहा गया है कि 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएं, यानि 1 जनवरी 2025 से जो लोग 18 साल के होंगे उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा, जहां रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ग्राम पंचायतों में मतदाता सूची का आखिरी प्रकाशन करेंगे. ताकि उपचुनाव की स्थिति पर काम किया जा सके. आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सभी रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आज शाम तक अधिकारियों को प्रशिक्षण देने और शिफ्टिंग सूची के सत्यापन का कार्य करेंगे। इसके बाद मतदाता सूची तैयार किए जाने का काम शुरू होगा। इसके लिए जो भी कर्मचारी तैनात किए जाएंगे उन्हें आयोग द्वारा तय समय सीमा में मतदाता सूची में बदलाव कर देना होगा ताकि चुनाव कार्यक्रम तय किए जा सकें। ऐसे अपडेट होगी मतदाता सूची मतदाता सूची अपडेट के लिए 30 मई को शिफ्टिंग के साथ-साथ जांच और संशोधन के लिए  चेकलिस्ट रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को सौंपी जाएगी. फिर 5 जून को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा, इस संबंध में मतदाताओं और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी जाएगी, फिर 5 और 6 जून को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित होगी, जिसमें दावे-आपत्तियां 5 से 11 जून तक ली जाएगी, फिर 17 जून तक दावे और आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा. इसके बाद 20 जून को चेकलिस्ट तैयार होगी और 21 जून को वेण्डर भी उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिसके बाद 23 जून को फोटो युक्त मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी, जिसे 23 जून को ही निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया जाएगा. बता दें कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में पंचायतों में उपचुनाव की स्थिति बन रही है, ऐसे में निर्वाचन आयोग ने पंचायत उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसलिए वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की तरफ से शुरू हो गई है. ऐसे चलेगा कार्यक्रम     मतदाता सूची बनाने वाले वेण्डर 30 मई को शिफ्टिंग, जांच और संशोधन के लिए चेकलिस्ट रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को देंगे।     दाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 5 जून को किया जाएगा। इस संबंध में मतदाताओं तथा जनप्रतिनिधियों को जानकारी देने के लिए 5 और 6 जून को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की जाएंगी।     मतदाता सूची के संबंध में दावे-आपत्तियां 5 से 11 जून तक प्राप्त की जाएंगी।     दावे आपत्तियों का निराकरण 17 जून तक किया जाएगा। इसकी चेकलिस्ट 20 जून तक तैयार करके चेकलिस्ट में सुधार के बाद 21 जून को वेण्डर को उपलब्ध करा दिया जाएगा। फोटोयुक्त मतदाता सूची 23 जून तक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं वेण्डर द्वारा जनरेट की जाएगी। इसे 23 जून को ही वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

रातापानी टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास, 12KM का साउंडप्रूफ कॉरिडोर

रायसेन रातापानी अभ्यारण्य के जंगलों से गुजरे हाइवे के 12 किलोमीटर रोड को पूरी तरह से साउंडप्रूफ कॉरिडोर के रूप में तैयार किया गया है. 12 किमी के दौरान वन्य जीवों के लिए 7 अंडरपास बनाए गए हैं. चारों ओर हरा-भरा जंगल और सड़क के दोनों तरफ 3-3 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल बनाई गई हैं, जोकि पूरी तरह साउंड प्रूफ हैं. इससे रातापानी के जंगल के वन्य जीवों को जहां काफी राहत मिली है तो वहीं, यहां से गुजरने वाले वाहनचालकों को भी अद्भुत अहसास होता है. वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास गौरतलब है कि रायसेन जिला स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए 12.3 किलोमीटर लंबा साउंड प्रूफ गलियारा तैयार किया गया है. यह कॉरिडोर राजधानी के पास वन्य प्राणियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर है, जिसमें वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास बनाए गए हैं. कॉरिडोर के ऊपर से वाहनों का आवागमन होगा तो वहीं, अंडरपास से टाइगर और अन्य वन्य जीव आसानी से वन्य क्षेत्र में आराम से विचरण कर सकेंगे. कॉरिडोर की बाउंड्री वॉल में लगाए नोइज बैरियर कॉरिडोर में 5 बड़े और 2 छोटे अंडरपास बनाए गए हैं. कॉरिडोर से वाहनों से निकलने वाली तेज आवाज को कम करने के लिए नॉइस बैरियर लगाए गए हैं, जिससे वाहनों के शोरगुल को कम किया जा सकता है, इसमें इंसुलेशन मैटेरियल का उपयोग किया गया है और पॉलीकार्बोनेट सीट से नोइज बैरियर लगाए गए हैं. NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नवल ने बताया ” रातापानी टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले कॉरिडोर की सड़क 18 मीटर चौड़ी है. कॉरिडोर से आधे घंटे का सफर अब 10 मिनट में पूरा किया जा सकता है. पहले इस सड़क की चौड़ाई कम होने और जगह-जगह टर्निंग पॉइंट होने की वजह से यहां पर अधिक समय लगता था.” हाल ही में रोड पर तेंदुए की मौत से चिंताएं बढ़ी अब्दुल्लागंज वन मंडल के डीएफओ हेमंत कुमार रैकवार का कहना है “कॉरिडोर की समीक्षा की जा रही है कि इससे कितना लाभ वन्य जीवों को हो सकता है. हाल ही में एक लैपर्ड के कॉरिडोर के बीच में दुर्घटना के चलते मौत हो गई थी. इसलिए फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि इस कॉरिडोर के बनने से जानवरों को पूरी सुरक्षा मिली है. लेकिन कॉरिडोर बनने से जानवरों के वन्य क्षेत्र में ध्वनि का प्रदूषण नहीं होगा और ना ही वाहन सड़क से उतरकर वन्य क्षेत्र में जा पाएंगे.” बता दें कि ये कॉरिडोर भोपाल-नर्मदापुरम रोड पर बरखेड़ा रेंज के पास बनाया गया है. ज्यादातर इसी क्षेत्र में वन्यजीवों की दुर्घटना में मौत होती थी.

कोलार सिक्सलेन रोड 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित करेगा

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में कोलार सिक्सलेन रोड यानी कोलार गेस्ट तिराहे से लेकर गोल जोड़ तिराहे तक करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित कर रहा है।  राजधानी की सबसे पहली और बड़ी सिक्सलेन सड़क पर नगर निगम प्रशासन करीब 10 करोड़ रुपए की राशि से 15 किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 हजार से अधिक पौधे लगाएंगी। यह काम नगर निगम प्रशासन अगले महीने यानी जून से शुरू करने वाली है। नगर निगम प्रशासन करेगा काम सेन्ट्रल वर्ज में ये पौधे लगाए जाएंगे और इनकी सुरक्षा को लेकर करीब तीन फीट ऊंची रैलिंग भी लगाई जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने इस काम को लेकर अपनी कार्ययोजना बना ली है। इस संबंध में काम करने के लिए योजना के हिसाब से काम अंतिम चरणों में काम चल रहा है। जल्द ही इसे मूर्त रुप देने के लिए नगर निगम प्रशासन काम शुरू करेगा। लगातार हो रही हैं बैठकें, जल्द शुरू होगा काम हाल ही में ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने के लिए विधायक रामेश्वर शर्मा ने निगम प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले कोलार सिक्सलेन सड़क बनकर तैयार हो चुकी है, यहां से लगातार आवाजाही भी सुचारू हो गई है। लेकिन अब तक इसका औपचारिक शुभारंभ नहीं हुआ है। ऐसे में अभी इस रोड पर बचे हुए कामों को पूरा किया जा रहा है। लगभग 325 करोड़ रुपए की राशि से कोलार सिक्सलेन सड़क को विकसित किया गया है।

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी, एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म

भोपाल /इंदौर  भोपाल में दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है. पीथमपुर के रामकी संयंत्र में कचरे का निस्तारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार किया जा रहा है. इसकी रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को लगातार दी जा रही है. बड़ी बात ये है कि इस जहरीले कचरे को लेकर खतरनाक प्रदूषण फैलने की आशंकाएं न के बराबर हो गई हैं. दावा है कि प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड ने जहरीले कचरे से होने वाले प्रदूषण को सामान्य बताया है. एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह का कहना है “यूनियन कार्बाइड का कचरा विशेषज्ञों की निगरानी में जलाया जा रहा है, जो अगले 30 से 35 दिन में पूरी तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा. इसके निष्पादन प्रक्रिया की पूरी निगरानी की जा रही है. कचरे के निष्पादन के हरेक चरण की रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई है. वर्तमान में पीथमपुर के आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर भी सामान्य है. यूनियन कार्बाइड के कचरे में कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड के अलावा नैप्थलीन और पार्टिकुलेट मैटर पाया गया. इसके अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन क्लोराइड समेत हाइड्रोजन फ्लुराइड का उत्सर्जन हुआ. प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के मुताबिक सामान्य प्रदूषण श्रेणी का था.” भोपाल से लेकर इंदौर तक दहशत का दौर दरअसल, 3 दिसंबर 1984 की सुबह भोपाल में यूनियन कर्बाइड से निकली मिथाइल आइसोसाइनाइड गैस से 5000 से ज्यादा मौत हुई थीं. इस जहरीली गैस के दुष्प्रभाव के कारण करीब डेढ़ दशक में 15000 लोगों की अलग-अलग बीमारियों से मौत हो गई. तभी से यूनियन कार्बाइड में इस गैस के अवशेष के रूप में यह कचरा परिसर में मौजूद था. लगातार कई सालों से इस कचरे को गैस की तरह ही घातक और प्रदूषण की वजह बताया जा रहा था. भोपाल गैस कांड के 40 साल बाद हाई कोर्ट जबलपुर के आदेश के तहत कचरे को इंदौर के पास पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित रामकी एनवायरो प्लांट में जलाकर नष्ट करने पर सहमति बनी. पीथमपुर में जहरीले कचरे को जलाने की प्रक्रिया जारी इसके बाद 2 जनवरी को 12 कंटेनर में इस कचरे को भरे जाने के बाद एक विशेष प्रकार के ग्रीन कॉरिडोर को तैयार कर 230 किलोमीटर दूर पीथमपुर लाया गया. कचरे को पीथमपुर में जलाए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी विरोध हुआ. फिर 10 मार्च 2025 को कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू की गई. फिलहाल यहां 50 से ज्यादा मजदूर प्रति घंटा 90 किलोग्राम कचरे को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम की निगरानी मे जलाकर नष्ट कर रहे हैं. तीन ट्रायल रन में 6570 किलोग्राम कचरे को नष्ट किए जाने के बाद लगातार शेष कचरे को जलने की प्रक्रिया जारी है.

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू से की सौजन्य भेंट उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से सौजन्य भेंट की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने विंध्य क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार पर सार्थक चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा से इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली एवं प्रयागराज जैसे प्रमुख नगरों के लिए एटीआर-72 विमानों के माध्यम से नियमित उड़ानों की आवश्यकता एवं जनसामान्य की अपेक्षाओं से केंद्रीय मंत्री नायडू को अवगत कराया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट से इन महानगरों के लिए हवाई संपर्क स्थापित होने से क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा, पर्यटन एवं स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी तथा रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र को समावेशी विकास में समुचित स्थान मिलेगा। केंद्रीय मंत्री नायडू ने प्रस्तुत सुझावों और मांगों पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का भरोसा दिलाया।  

झलवारा में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते परिचालन प्रभावित

भोपाल  रेलवे द्वारा अधोसंरचना विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत झलवारा स्टेशन पर IRCON द्वारा कटनी ग्रेड सेपरेटर लाइन (कटनी-मुड़वारा से) तथा सिंगरौली दिशा की ओर टाई-लाइन की कनेक्टिविटी हेतु नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि उक्त कार्यों के कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली निम्नलिखित यात्री गाड़ियाँ निर्धारित तिथियों में निरस्त रहेंगी निरस्त की जाने वाली गाड़ियाँ: 1. दिनांक 01 से 07 जून 2025 तक गाड़ी संख्या 18236 बिलासपुर – भोपाल एक्सप्रेस निरस्त रहेगी। 2. दिनांक 03 से 09 जून 2025 तक गाड़ी संख्या 18235 भोपाल – बिलासपुर एक्सप्रेस निरस्त रहेगी। 3. दिनांक 01 जून 2025 को गाड़ी संख्या 18213 दुर्ग – अजमेर एक्सप्रेस निरस्त रहेगी। 4. दिनांक 02 जून 2025 को गाड़ी संख्या 18214 अजमेर – दुर्ग एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।   यात्रियों से विनम्र अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवाएं जैसे NTES/139 या वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा NTES मोबाइल ऐप के माध्यम से गाड़ी की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें, जिससे किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

जबलपुर स्टेशन पर सुधार कार्य के दौरान इटारसी-कटनी मेमू निरस्त

भोपाल रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास के कार्यों को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी संदर्भ में पमरे के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर दिनांक 27 मई से 30 मई 2025 तक सुधार कार्य के दौरान चार दिनों तक तीन घंटों का रेलवे ब्लॉक लेने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान पश्चिम मध्य रेल से प्रारम्भ/टर्मिनेट होने वाली इटारसी- कटनी-इटारसी मेमू ट्रेन  को निरस्त किया गया है।  दिनांक 27 से 30 मई 2025 तक जबलपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 61617 इटारस-कटनी मेमू ट्रेन रद्द रहेगी। इसी प्रकार दिनांक 27 से 30 मई 2025 तक कटनी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 61618 कटनी- इटारसी मेमू ट्रेन निरस्त रहेगी।       यात्रीगण कृपया असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा एनटीईएस /139 रेल मदद से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।

हिंदू लड़कियों को फंसाने के बाद इस्लाम की शिक्षा दे रहे, गिरोह में कई कॉलेज फैकल्टी के भी शामिल होने की बात पीड़िताओं ने बताई

 भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में हिंदू लड़कियों के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की कई घटनाएं हाल ही में एक-एककर सामने आई हैं। सभी घटनाओं में समान बात यह भी पता चली है कि आरोपित हिंदू लड़कियों को फंसाने के बाद उन्हें इस्लाम की शिक्षा दे रहे थे। आरोपित लड़कियों में सनातन परंपरा के विरुद्ध जहर भरते और फिर समझाते कि हमारी दुआ में बहुत ताकत होती है। उनका ब्रेन वाश कर उन्हें बताते थे कि कलमा क्या होता है। रोजा क्यों रखा जाता है। हमारे इस्लाम में पद्धति कठिन जरूर है लेकिन दुआ जल्दी स्वीकार होती है। पीड़ित लड़कियों के बयान और बरामद साक्ष्यों से ऐसे कई तथ्य मिले हैं, जिससे पता चलता है कि फरहान और उसके साथियों का यह संगठित अपराध कई वर्षों से चला आ रहा था। भोपाल में दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के मुख्य आरोपित फरहान के ही मोबाइल में पुलिस को 64 लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें से 58 टीआईटी कॉलेज में पढ़ चुकी हैं। जोया लड़कियों को फोन करती थी हिंदू लड़कियों को फंसाने में फरहान की बहन जोया उसकी और अन्य आरोपितों की मदद किया करती थी। पीड़ित लड़कियों ने बताया कि जब वे फरहान से दूर जाने का प्रयास करती थी, तब जोया उन्हें फोन किया करती थी कि फरहान भाई अपसेट हैं। भाई आपको बहुत मानते हैं, आप उनसे एक बार बात कर लो। जोया भी वीडियो वायरल करने की धमकी देती थी एक पीड़िता ने जब जोया से दुष्कर्म और ब्लैकमेल की शिकायत की। उससे कहा कि फरहान के मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दो, वह हमारे वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, तो जोया ने डराया कि ज्यादा बोला तो भाई बाद में करेगा, मैं तेरे वीडियो पहले वायरल कर दूंगी। लापरवाही का चरम यह है कि इन तथ्यों के सामने आने के बाद भी भोपाल पुलिस ने जोया व फरहान के अन्य स्वजन को आरोपित नहीं बनाया। माता के जगराते में शामिल होते थे फरहान व अन्य आरोपित हिंदू लड़कियों को फंसाने और उनका विश्वास जीतने के लिए आरोपित माता के जगराते में भी शामिल होते थे। इसके बाद वे कहते कि आज से मैं भी वर्मा हो गया। जम्मू-कश्मीर और बंगाल के सर्वाधिक छात्र भोपाल स्थित टीआईटी कॉलेज में जिन हिंदू छात्राओं को लव जिहाद का शिकार बनाया गया, उस कॉलेज में जम्मू-कश्मीर और बंगाल के छात्र अधिक संख्या में प्रवेश लेते हैं। इनमें भी अधिकांश मुस्लिम वर्ग से आते हैं। यही वजह है कि कॉलेज प्रबंधन ने आरोपितों को बेजा संरक्षण दिया हुआ था। इस गिरोह में कई फैकल्टी के भी शामिल होने की बात पीड़िताओं ने बताई है। महंगी गाड़ियां, फाइव स्टार होटल और 50 लाख के ट्रांजैक्शन भोपाल में हिंदू छात्राओं से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के मुस्लिम आरोपियों से बड़ा खुलासा हुआ है। उनके बैंक खातों की पड़ताल से उनकी फंडिंग पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच के दौरान मुख्य आरोपी फरहान के दो बैंक खातों से करीब 50 लाख रुपये का लेनदेन मिला है। कमाल की बात यह है कि यह लेनदेन पिछले ढाई वर्षों में किया गया है। महंगी गाड़ियों और होटलों पर करता था खर्च प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि इन रुपयों के माध्यम से फरहान महंगी गाड़ियों और आलीशान होटलों में खर्च करता था और इसी तरह युवतियों को आकर्षित करता था। इसके बाद उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनसे दुष्कर्म करता, जिसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेलिंग करने लगता। आशंका है कि लेनदेन में बड़ी राशि इस काम के लिए बाहर से मिल रही वित्तीय मदद का हिस्सा हो सकती है। पुलिस ने साधी चुप्पी पुलिस ने इन बैंक खातों में हुए इस लेनदेन और फंडिंग की आशंकाओं पर अब तक चुप्पी ही साध रखी है। आपको बता दें कि करीब एक महीने की जांच के बावजूद पुलिस फंडिंग की बात से इनकार ही करती आ रही है, जबकि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और महिला आयोग की समिति ने आरोपियों की फंडिंग की जांच की अनुशंसा की थी। ढाई साल में 50 लाख के लेनदेन पर सवाल एक छात्र के बैंक खातों में महज ढाई साल में 50 लाख रुपये की राशि का लेनदेन एक बार फिर फंडिंग की ओर इशारा कर रहा है। बताया जा रहा है कि जांच में सामने आया है कि फरहान पुरानी गाड़ियां खरीदता-बेचता था। पहले वह बाइकों की डीलिंग करता था, जबकि एक साल से पुरानी कारों की खरीद-फरोख्त का काम भी कर रहा था। इस काम में अतीक नाम का एक युवक भी उसके साथ था। पुलिस ने उसके नाम से मिली छह से अधिक गाड़ियों को जब्त किया है। आशंका जताई जा रही है कि बैंक खाते में मिली लेनदेन की राशि इस कारोबार से भी जुड़ी हो सकती है। पीड़ित युवतियों के बैंक खातों का भी करता था इस्तेमाल वहीं, फरहान पीड़ित युवतियों के बैंक खातों का उपयोग भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए करता था। वह किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए शेयर बाजार में पैसा लगाता। यहां लेनदेन के लिए चंगुल में फंसी छात्राओं का बैंक खाता इस्तेमाल किया जाता। पुलिस को शक है कि वह मनी म्यूल एकाउंट की तरह इन खातों का इस्तेमाल कर रहा था।  खुलासा :रेप और ब्लैकमेलिंग के पीछे बड़े नेटवर्क और फंडिंग की आशंका राजधानी भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गंभीर तथ्य उजागर किए हैं. आयोग ने इस मामले को संगठित अपराध और संभावित धर्मांतरण नेटवर्क से जोड़ा है. इस संबंध में तैयार की गई जांच रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेज दी है. दरअसल, भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में कुछ छात्रों ने छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया और इसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित छात्राओं पर दबाव डाला कि वे अपनी परिचित अन्य लड़कियों को भी उनसे दोस्ती करने के लिए लाएं, अन्यथा वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित … Read more

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जैविक उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण नवाचारों की प्रशंसा की

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम 2025 कृषि प्रदर्शनी का किया शुभारंभ कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जैविक उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण नवाचारों की प्रशंसा की  नरसिंहपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम-2025 में कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ड्रोन आधारित कृषि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, जैविक एवं नैनो फर्टिलाइज़र सहित विविध नवीनतम संसाधनों को प्रदर्शित किया गया। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर विकसित की गई तकनीकों की प्रशंसा की। उप राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी में कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उत्पादों की गुणवत्ता, तकनीक एवं विपणन के विषय में जानकारी ली तथा उनके नवाचारों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना की एवं उन्हें आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए सशक्त कड़ी बताया। पशुपालन विभाग द्वारा आचार्य गोवंश संवर्धन योजना के अंतर्गत प्रदर्शनी में भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों का प्रदर्शन किया गया। इसमें गिर नस्ल की उस गाय को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया, हाल ही में आयोजित भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारु गाय प्रतियोगिता 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने स्वयं गाय को चारा खिलाकर गौसंवर्धन के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की।  

याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में शामिल हुए विधायक

आष्टा आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर आज मप्र विधानसभा भवन के कक्ष क्र 6 में आयोजित याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में शामिल हुए । बैठक में अध्यक्ष एवं सभी सदस्यो के सामने रखे गये प्रस्तावों,आवेदनों का सभी ने बारीकी से परीक्षण कर चर्चा की एवं सम्बंधित विभाग प्रमुख से उसको लेकर किये कार्य एवं लिये निर्णयों की जानकारी ली एवं समीक्षा कर निर्देश दिये ।

ट्रायल रूम में दुकान मालिक ने हिडन कैमरा लगाया, महिलाओं और लड़कियों के वीडियो होने लगे वायरल

शहडोल  अगर आप कपड़े खरीदने जा रहे हैं और वहां के ट्रायल रूम का इस्तेमाल कर रहे हैं तो काफी सोच समझकर करें. अच्छे से जांच परख कर लें, क्योंकि थोड़ी सी असावधानी आपको भारी पड़ सकती है. एक ऐसा ही मामला आदिवासी बहुल जिला शहडोल के बुढ़वा गांव से आया है. जहां कपड़े दुकान की ट्रायल रूम से हिडन कैमरा मिला है. कपड़े दुकान के ट्रायल रूम में सावधान आपने शहरों में हिडन कैमरे लगे होने की खबरें सुनी होंगी. लेकिन ग्रामीण इलाकों में भी इस तरह के केसेस सामने आने लगे हैं. ताजा मामला शहडोल जिले के देवलोंद थाना क्षेत्र अंतर्गत बुढ़वा गांव से सामने आया है. जहां कपड़े की दुकान में मालिक ने ट्रायल रूम में हिडन कैमरा लगा कर रखा था. जब महिलाओं को उनके ही आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर मिले तो उनके होश उड़ गए. चेंजिंग रूम में छुपा था सीक्रेट कैमरा इस मामले को लेकर कृष्ण कुमार नामक एक व्यक्ति ने देवलोंद थाने में जाकर शिकायत की और शिकायत में यह बताया कि कई महिलाओं के वीडियो उनकी जानकारी और अनुमति के बिना रिकॉर्ड किए गए हैं और सोशल मीडिया पर इसे वायरल किया जा रहा है. इस मामले को देवलोंद थाने की पुलिस ने गंभीरता से लिया और तुरंत ही जांच शुरू कर दी. शिकायत के बाद देवलोंद थाना प्रभारी सुभाष दुबे तत्काल ही एक्शन में आ गए और वहां पर छापा मार दिया. ट्रायल रूम की गहराई से जांच की. इस दौरान उन्हें चेंजिंग रूम में एक हिडन कैमरा मिला, जिसे बहुत ही शातिर अंदाज में छुपाया गया था. दुकानदार के बेटे की गलती से हुआ खुलासा आरोपी से पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने यह स्वीकार भी किया कि उसने कैमरा लगाया था और इन वीडियो को बाद में अपने कंप्यूटर पर देखा करता था. जांच में यह भी सामने आई है कि आरोपी के नाबालिक बेटे को भी यह बात पता हो गई थी, और वो भी इन वीडियो देखा करता था और इसे अपने दोस्तों के साथ साझा भी करता था. इसलिए वहीं से यह वीडियो वायरल भी हुए. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शहडोल एसपी राम जी श्रीवास्तव का कहना है कि, ”एक कपड़ा व्यापारी के चेंजिंग रूम में कैमरा लगे होने की सूचना मिली थी. जिस पर दो लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है. आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

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