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अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी, 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षा का टाइम टेबल जारी

ग्वालियर मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल(MPBSE) 10वीं व 12वीं की परीक्षा में फेल होने वाले, अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका 17 जून से मिलेगा। जिले में बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट आने के बाद दोनों ही कक्षाओं के 15967 छात्र इस परीक्षा में बैठकर अपने पूरे साल को बचा सकते हैं। यहां बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत अब छात्रों की पूरक परीक्षा नहीं आएगी। अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी और उनकी अंक सूची में सप्लीमेंट्री भी लिखा हुआ नहीं आएगा। यदि छात्र सभी विषयों में फेल हैं, तो वह सभी विषयों की परीक्षा दे सकता है। बोर्ड ने द्वितीय परीक्षा के लिए टाइम टेबल भी जारी कर दिया है। दूसरी परीक्षा में परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से लेकर अन्य जो भी नियम हैं वे फरवरी-मार्च में हुई परीक्षा वाले ही रहेंगे। इसलिए खास है यह परीक्षा दूसरी परीक्षा में छात्र सभी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं। इसके साथ ही जो छात्र पास हो गए हैं, वे श्रेणी सुधार के लिए भी परीक्षा दे सकते है। साथ ही किसी वजह से पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहे छात्र या परीक्षा में समय पर न पहुंचने वाले सभी छात्रों को इस परीक्षा में मौका मिलेगा। पूरा साल खराब नहीं होगा यानी छात्र का पूरा साल खराब नहीं होगा। साथ ही जो छात्र परीक्षा देगा परिणाम आने तक वह अगली परीक्षा में अस्थायी रूप से प्रवेश भी ले सकता है। इससे उसकी अगली परीक्षा की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।

मुख्यमंत्री आज रीवा और सीधी भ्रमण पर रहेंगे, सीधी से लाड़ली बहनों के खातों में राशि करेंगे अंतरित

सीधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 मई को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा और सीधी जिले के दौरे पर आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 10 बजे भोपाल से वायुयान से प्रस्थान कर सुबह 11 बजे एयरपोर्ट रीवा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा की तहसील के दिव्यगवां में मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवनिर्मित शासकीय महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करने के बाद आमसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल गंगा संवर्धन अभियान के 501 खेत तालाबों तथा अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन भी करेंगे। स्वामित्व योजना से हितग्राहियों को भू अधिकार पत्रों का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 एकड़ प्रस्तावित क्षेत्र में पौध-रोपण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 12.55 बजे हेलीपैड सीधी पहुंचेंगे। सीधी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की मई माह की किश्त की राशि हितग्राहियों के बैंक खाते में जारी करेंगे। साथ ही पेंशन हितग्राहियों और सिलेंडर रिफिलिंग की राशि भी अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री विशाल आमसभा को संबोधित करने के साथ निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।  

अब उज्जैन और सागर में खुलेंगे पोषण केंद्र, मोटे अनाज के साथ सभी सामग्री मिलेगी

 भोपाल  मध्य प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा। इसकी शुरुआत इंदौर में 30 जन पोषण केंद्र खोलकर की जा चुकी है। अब इसका विस्तार उज्जैन और सागर में किया जाएगा। यहां 15-15 दुकानों को पोषण केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। यहां मोटे अनाज से बने उत्पादों के साथ अन्य सामग्री भी दुकान संचालक रख सकेंगे। इसका उद्देश्य है कि दुकान संचालकों को अतिरिक्त आय का माध्यम मिले और हितग्राहियों को भी सुविधा मिले। कारगर सिद्ध नहीं हुए नवाचार मध्य प्रदेश में अधिकतर उचित मूल्य राशन दुकानों का संचालन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है। समितियों की सरकार पर निर्भरता कम हो और आय में वृद्धि हो, इसके लिए इन्हें बहुउद्देश्यीय बनाने का प्रविधान रखा गया है। कुछ नवाचार भी हुए, पर वे अधिक कारगत सिद्ध नहीं हुए। इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया अब भारत सरकार ने उचित मूल्य की राशन दुकानों को जन पोषण केंद्र की तरह संचालित करने का माडल लागू किया है। पहले चरण में इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा। अगले चरण में उज्जैन और सागर में 15-15 दुकानों को जन पोषण केंद्र बनाया जाएगा। यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरित होने वाली सामग्री के अलावा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार सभी वस्तुएं रखने की अनुमति होगी। इससे नागरिकों को सुविधा तो मिलेगी ही, दुकान संचालक समिति का आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा।

छात्रों को डिप्लोमा का लाभ नॉन टेक्निकल कोर्सेस में मिलेगा, ग्रेज्युएशन करने के लिए अब 12वीं कक्षा पास करने की जरुरत नहीं होगी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कक्षा 10वीं के बाद पॉलिटेक्निक करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, अब ऐसे छात्रों को इस डिप्लोमा का लाभ नॉन टेक्निकल कोर्सेस में मिलेगा, जिससे उन्हें ग्रेज्युएशन करने के लिए अब 12वीं कक्षा पास करने की जरुरत नहीं होगी. बल्कि पॉलिटेक्निक करने के बाद स्टूडेंट सीधे बीए, बीकॉम या बीएससी के फर्स्ट ईयर में एडमिशन ले सकेंगे. इस संबंध में तकनीकी शिक्षा विभाग ने एमपी बोर्ड का प्रस्ताव भी भेजा है. इसके मंजूर होने के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा.तकनीकी शिक्षा विभाग ने पॉलिटेक्निक में एडमिशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई विद्यार्थी तीन साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेकर कम से कम दो साल की पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे हायर सेकंडरी यानी 12वीं कक्षा के समकक्ष माना जाएगा। जानकारों का मानना है कि इस पहल से पॉलिटेक्निक की विश्वसनीयता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को करियर के अधिक विकल्प मिलेंगे। इससे न सिर्फ तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को शैक्षणिक लचीलापन भी मिलेगा।  माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने कहा कि प्रस्ताव को बोर्ड में रखा जाएगा। बोर्ड में चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू हो सकती है व्यवस्था तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक प्रस्ताव तैयार किया है. इसके तहत पॉलिटेक्निक के दो साल पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 12वीं पास के समकक्ष माना जाएगा. यह प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा गया है और यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यह व्यवस्था लागू हो सकती है. बता दें कि तकनीकी शिक्षा विभाग वर्तमान में नए कोर्स को तैयार कर प्रवेश कराने के लिए काउंसलिंग की तैयारी में जुटा हुआ है. इंजीनियरिंग में मिलता है डिप्लोमा का लाभ वर्तमान में 10वीं पास करने के बाद जो स्टूडेंट पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं, उनका डिप्लोमा तीन साल का होता है और इसे करने के बाद विद्यार्थी सीधे बीई के सेकंड ईयर में प्रवेश के पात्र होते हैं. लेकिन अब तक पॉलिटेक्निक करने वालों को कॉमर्स, आर्ट्स या अन्य मेन स्ट्रीम्स में प्रवेश नहीं मिल पाता था. ऐसे में पॉलिटेक्निक के बाद यदि छात्र नान टेक्निकल कोर्स में दाखिला लेते थे, तो उन्हें पहले 12वीं की परीक्षा पास करनी होती थी. लेकिन अब इसकी जरुरत नहीं होगी. माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग से जो प्रस्ताव मिला है उसे बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. इसके बाद ही निर्णय हो सकेगा. पालीटेक्निक में प्रवेश बढ़ाने के लिए लिया फैसला अधिकारियों ने बताया कि कई बार स्टूडेंट इसी कारण पॉलिटेक्निक में एडमिशन लेने से हिचकिचाते हैं, जिससे तकनीकी शिक्षा संस्थानों में दाखिले घटे हैं. तकनीकी शिक्षा विभाग ने पॉलिटेक्निक में एडमिशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है. प्रस्ताव के मुताबिक कोई विद्यार्थी तीन साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेकर कम से कम दो साल की पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे हायर सेकंडरी यानी 12वीं कक्षा के समकक्ष माना जाएगा. इसके बाद उसका कॉलेज में मनचाही स्ट्रीम में एडमिशन हो सकेगा.

मध्‍यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड 559 Student Trainee पदों के लिए भर्ती, मिलेगा 10 हजार रुपए स्टाइपेंड

जबलपुर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी प्रदेश के 559 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण का मौका देगी। इस एकवर्षीय प्रशिक्षण में युवाओं को स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। कम्पनी ने यह पहल मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत की है। इन्सके लिए आवेदन जमा कराए जाएंगे।  10 हजार रुपए तक स्टाइपेंड कम्पनी की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इंजीनियरिंग अथवा नॉन-इंजीनियरिंग आईटीआई व स्नातक एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग के अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। अधिकतम आयु 29 वर्ष के युवाओं का चयन प्रशिक्षण के लिए हो जाने के बाद साढ़े आठ हजार रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक स्टाइपेंड दिया जाएगा। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के मुख्य अभियंता मानव संसाधन व प्रशासन ने जानकारी दी कि एकवर्षीय प्रशिक्षण हेतु वर्तमान में कुल 559 रिक्तियां हैं। यह रिक्तियां जबलपुर, सारनी, बिरसिंगपुर, चचाई, खंडवा, मंदसौर, नागपुर, सिरमौर, उमरिया, अशोकनगर, शहडोल, रीवा, सतना, शिवपुरी में हैं। मेरिट आधार में चयन इंजीनियरिंग अथवा नॉन इंजीनियरिंग में प्राप्तांकों के प्रतिशत के आधार पर वरीयता क्रम (मेरिट आधार) में चयन किया जाएगा। समान अंक होने पर अधिक आयु वाले अभ्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवश्यकता होने पर वेटिंग लिस्ट से चयन किया जायेगा। चयन होने पर चयनित अभ्यार्थी को मुख्यमंत्री सीखों कमाओ योजना के आनलाईन पोर्टल पर आनलाईन कांट्रैक्ट ऑफर किया जाएगा। मध्‍यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड एक पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली कंपनी है, जो कि मध्‍यप्रदेश शासन के अधीन मध्‍यप्रदेश राज्‍य में विद्युत उत्‍पादन में क्रियाशील है। यह मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत मण्‍डल की उत्‍तरवर्ती कंपनी है। यह कंपनी संचारण एवं संधारण के साथ ही मध्‍यप्रदेश राज्‍य में विद्युत उत्‍पादन क्षमता वृद्धि हेतु नये विद्युत गृहों का निर्माण भी कर रही है. मध्‍य्रप्रदेश राज्‍य में विद्युत क्षेत्र सुधार कार्यक्रम लागू करने के फलस्‍वरूप म.प्र.शासन द्वारा म.प्र.पा.जन.कं.लि. का गठन किया गया । कंपनी द्वारा विद्युत उत्‍पादन संबंधी गतिविधि का दायित्‍व म.प्र.रा.वि.मं. से अधिग्रहीत किया गया । कंपनी म.प्र.शासन की पूर्ण स्‍वामित्‍व की सार्वजनिक क्षेत्र की एक इकाई है । कंपनी का प्रादुर्भाव दिनांक 22.11.2001 को हुआ । कंपनी द्वारा व्‍यावसायिक क्रियाकलाप संबंधी प्रमाण पत्र दि.16.07.2007 को प्राप्‍त किया गया। कंपनी का पंजीकृत कार्यालय शक्ति भवन, रामपुर जबलपुर में स्थित है । कंपनी की प्राधिकृत पूंजी वर्तमान में रू. 10,000 करोड़ है, जो कि रू. 100/- प्रत्‍येक के 10,000,00,000 करोड़ शेयरों में विभक्‍त हैं। वर्तमान में कंपनी के अंशदान प्रदत्‍त पूंजी रू..5325,54,68,800 (रू.पॉंच हजार तीन सौ पच्‍चीस करोड़ चौवन लाख अड़सठ हजार आठ सौ मात्र) है, जो कि रू. 100/- प्रत्‍येक के 5,3255,4,688 शेयरों में विभक्‍त है । MPPGCL पता संचालन पावर हाउस क्रमांक 2 अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई जिला अनुपपुर (म . प्र ) – 484220 फ़ोन: 07659263464 वेबसाइट: http://www.mppgcl.mp.gov.in/

अगस्त 2025 में मेट्रो का कमर्शियल रन यात्रियों के साथ होगा शुरू, स्टेशन से 500 मीटर दायरे में मिलेगी पार्किंग

भोपाल  मेट्रो ट्रेन स्टेशन पहुंचने के बाद वाहन कहां पार्क करें। इसके लिए अब संबंधित स्टेशन के पास के क्षेत्रों में पार्किंग स्थल की तलाश की जा रही है। ये पार्किंग स्थल स्टेशन से 500 मीटर के दायरे में होंगे। इस माह आखिर तक इसके लिए योजना तय होगी। इसका लाभ ये होगा कि लोग अपने वाहन से स्टेशन तक पहुंचेंगे, स्टेशन से कुछ दूरी पर वाहन पार्क कर मेट्रो में बैठ जाएंगे। कंप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत मेट्रो रेल कारपोरेशन को इसके लिए शासन ने निर्देश दिए थे। इसी प्लान में इन पार्किंग स्थलों को भी शामिल करना है। इसलिए जरूरी मेट्रो ट्रेन(Bhopal Metro) के सामने अब यात्रियों की चुनौती होगी। भोपाल में कमजोर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की वजह से लोगों को बाजार, कार्यालय के लिए निजी वाहनों का उपयोग करना ही होता है। ऐसे में स्टेशन से 500 मीटर दायरे में भी पार्किंग मिली तो वे लाभ लेंगे, जिससे मेट्रो को यात्री मिलेंगे। एमडी एस कृष्ण चैतन्य का कहना है कि मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं। यात्रियों को मेट्रो तक लाने की प्लानिंग भी अभी से की जा रही। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में मेट्रो का कमर्शियल रन यानि यात्रियों के साथ सफर शुरू करने की योजना है। भोपाल में आठ स्टेशन के साथ 6.22 किमी की लाइन तैयार लगभग तैयार है। ● एस मेट्रो स्टेशन(Bhopal Metro) के लिए शक्तिनगर व साकेतनगर में पार्किंग विकसित होगी। ● इसके बाद अलकापुरी स्टेशन के लिए भी शक्तिनगर की ओर पार्किंग क्षेत्र रहेगा। ● डीआरएम ऑफिस स्टेशन में भी रेलवे कॉलोनी व उससे लगे क्षेत्र में पार्किंग तय करेंगे। ● रानी कमलापति के लिए रेलवे की पार्किंग के साथ सात नंबर अरेरा कॉलोनी या फिर मानसरोवर कॉप्लेक्स के पास जगह तय होगी। ● प्रगति स्टेशन में एमपी नगर के सरगम टॉकीज वाले क्षेत्र में पार्किंग होगी। ● बोर्ड ऑफिस वालों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग में जगह तय कराएंगे। यहां ज्योति की ओर अंडरग्राउंड पार्किंग को भी खोला जा सकता है। ● केंद्रीय विद्यालय स्टेशन की पार्किंग के लिए अरेरा हिल्स व सुभाष नगर के लिए डिपो की तरफ पार्किंग तय की जाएगी।  

एम्स भोपाल में एक और नई सुविधा शुरु, 3 डी प्रिंटिंग तकनीक से होगा हड्डी रोग का निशुल्क इलाज

भोपाल  एम्स भोपाल में एक और नई सुविधा शुरु हो गई है, जो अब तक देश के चुनिंदा अस्पतालों में ही थी. इस सुविधा के शुरु होने से एम्स भोपाल में हड्डी रोग के मरीजों का अधिक सटीकता के साथ इलाज किया जा सकेगा. इसमें ऑपरेशन का खर्च निशुल्क रहेगा और मरीज को ज्यादा दवाइयां भी नहीं लेनी पड़ेगी. एम्स भोपाल के डाक्टरों ने बताया कि, इस तकनीक से हड्डी रोग के इलाज में नई क्रांति आएगी. मध्य प्रदेश समेत आसपास के लोगों को उपचार की बेहतर सुविधा मिलेगी. 3 डी प्रिंटिंग तकनीक से किया सफल इलाज एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर अजय सिंह ने बताया कि, ”ऑर्थोपेडिक्स विभाग में अब इन-हाउस 3 डी प्रिंटिंग सुविधा की शुरुआत की गई है, जो चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. हाल ही में इस तकनीक का उपयोग करते हुए एक डिस्टल फीमर मैलयून के जटिल मामले का सफलतापूर्वक सर्जिकल सुधार किया गया है. इस प्रक्रिया के लिए रोगी-विशिष्ट 3-डी प्रिंटेड कटिंग गाइड का निर्माण एम्स भोपाल में ही किया गया, और यह पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया गया, जिससे मरीज पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा.” पेशेंट फर्स्ट के आधार पर होगा इलाज 3-डी प्रिंटिंग तकनीक की मदद से हड्डियों की सर्जरी अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी बनती है. यह मरीजों को उनकी विशेष शारीरिक संरचना के अनुसार कस्टमाइज्ड उपचार उपलब्ध कराती है, जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में बेहतर परिणाम देती है. इस तकनीक का उपयोग भविष्य में कई अन्य जटिल मामलों में भी किया जाएगा. प्रो. सिंह ने बताया कि, ”एम्स भोपाल में इन-हाउस 3 डी प्रिंटिंग सुविधा की शुरुआत चिकित्सा विज्ञान में एक बड़ी प्रगति है. यह तकनीक हमें हर मरीज के लिए व्यक्तिगत और सटीक उपचार की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सुविधा मरीजों को बिना किसी आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराई जा रही है, जो हमारे पेशेंट फर्स्ट दृष्टिकोण को दर्शाती है.” 3 डी प्रिंटिंग तकनीकी से ये होगा फायदा अब तक हड्डी रोग की सर्जरी में धातु प्रत्यारोपण और दान की गई हड्डी का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें सर्जन मरीज के शारीरिक रचना के अनुसार उसमें ऊतक प्रदान करते हैं. लेकिन कई बार यह मरीज की शारीरिक संरचना के अनुसार फिट नहीं होता है. अब इन समस्याओं को दूर करने के लिए 3 डी प्रिंटर तकनीकी का इस्तेमाल किए जाने से हड्डी की जगह धातु की प्लेट लगाने की जरुरत नहीं होती. इससे संक्रमण का खतरा भी नहीं रहेगा.

मुख्यमंत्री मोहन यादव मझौली में एक कार्यक्रम में लाडली बहना योजना की 24वीं किस्त की राशि जारी करेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश की महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 24वीं किस्त 15 मई 2025 को जारी होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव सीधी जिले के मझौली में एक कार्यक्रम में यह राशि जारी करेंगे। इस योजना के तहत, लाखों बहनों के खातों में ₹1250 की अगली किस्त डाली जाएगी। साथ ही, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सब्सिडी की राशि भी 25 लाख से ज्यादा महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी। 24वीं किस्त होगी जारी लाडली बहना योजना की 24वीं किस्त 15 मई 2025 को जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव सीधी जिले के मझौली में राज्य स्तरीय सम्मेलन में योजना की राशि जारी करेंगे। इस दिन लाखों बहनों के खाते में ₹1250 की किस्त ट्रांसफर की जाएगी। सीधी में तैयारी तेज मुख्यमंत्री लाडली बहना सम्मेलन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर इसकी पुष्टि हो चुकी है। सीएम मोहन यादव लाडली बहनों से बात भी करेंगे। उज्ज्वला योजना के तहत गैस सब्सिडी की राशि भी 25 लाख से ज्यादा महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। पहले 10 तारीख को आती थी राशि लाडली बहना योजना की राशि पहले हर महीने 10 तारीख को आती थी। सरकार ने फैसला किया है कि हर महीने की 15 तारीख को लाडली बहनों को किस्त की राशि दी जाएगी। अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त भेजी गई थी। अब मई में 15 तारीख को 24वीं किस्त जारी होने जा रही है। इस योजना के तहत महिलाओं हर महीने ₹1250 की आर्थिक मदद मिल रही है। नहीं जुड़ रहे नए नाम वहीं, लाडली बहना योजना की राशि से महिलाओं की जिंदगी में बदलाव आ रहे हैं। हालांकि योजना शुरू होने के बाद से अब तक लाभार्थियों की संख्या घटते जा रहे हैं। वहीं, नए नाम अभी इस योजना में नहीं जोड़े जा रहे हैं। अब योजना की शुरुआत के दो साल हो गए हैं लेकिन नए नाम नहीं जोड़े गए हैं। कब हुई थी शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना की शुरुआत की. इसकी घोषणा 28 जनवरी 2023 को हुई थी जिसे 5 मार्च से लागू किया गया. इसके तरह हर महीने राज्य की महिलाओं को 1250 रुपये उनके खाते में दिए जाते हैं. सरकार ने इसे महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक स्वावलम्बन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. योजना का लाभ पाने के लिए क्या हैं शर्तें? महिला मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी हो. शादीशुदा हो या विधवा, तलाकशुदा महिलाएं इसमें शामिल हैं. आवेदक की आयु 21 वर्ष से 60 वर्ष के बीच की हो. बहरहाल, महिलाओं के खाते में 24वीं किस्त सीएम मोहन यादव ट्रांसफर करने वाले हैं. बता दें कि यह राज्य की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है. इस योजना की चर्चा पूरे देश में होती है. कई राज्यों ने मध्य प्रदेश की तर्ज पर अपने-अपने राज्यों की बहनों के लिए इस तरह की योजनाओं की शुरुआत की है.

प्रथम त्रैमास की बजट राशि का उपयोग समय-सीमा में करें : राज्य मंत्री जायसवाल

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को प्रथम त्रैमास में मिली बजट राशि का उपयोग समय-सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिस मद में राशि खर्च की जाना है, उसी में नियमानुसार खर्च करें। किसी भी हालत में बजट राशि लैप्स न हो। प्रथम त्रैमास की राशि 30 जून तक खर्च कर ली जाए। राज्यमंत्री श्री जायसवाल मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि कौशल तकनीकी विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा की विभागीय योजनाओं का भौतिक लक्ष्य भी समय -सीमा में पूरा करें। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली, साथ ही विभागीय उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि शासन के निर्देशों पर तत्परता से कार्यवाही हो। हाथकरघा के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों को चिंहित कर रोजगार से जोड़ें। उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करें। केंद्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि विभागीय योजनाओं का 30 सितंबर के पहले नवीनीकरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं और बजट के संबंध में विस्तृत जानकारी और प्रस्तुत करें, शीघ्र ही पुनः बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रबंध संचालक खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड श्री माल सिंह, कमिश्नर एवं प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम श्री मदन नागरगोजे, कमिश्नर रेशम संचालनालय श्री मोहित बुंदस सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नीलाम खनिज ब्लॉक की समीक्षा के लिए समिति गठित

भोपाल राज्य शासन ने मुख्य खनिज के नीलाम खनिज ब्लॉक में स्वीकृति एवं अनुबंध निष्पादन के लिए आवश्यक विभिन्न अनुमतियां नियत समयावधि में प्राप्त किये जाने एवं नीलाम खनिज ब्लॉक में शीघ्र प्रारंभ कार्य की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। समिति में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, गृह, वन, राजस्व, पर्यावरण सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, खनिज साधन को सदस्य सचिव बनाया गया हैं। समिति मुख्यत: मुख्य खनिज के नीलाम खनिज ब्लॉक में नियत समयावधि में विभिन्न स्वीकृतियां जारी किये जाने की समीक्षा करेंगी। नीलाम खनिज ब्लॉक स्वीकृति के लिए आवश्यक विभिन्न अनुमतियों नियत समयावधि में जारी किये जाने तथा नीलाम खनिज ब्लॉक में शीघ्र खनिज उत्पादन प्रारम्भ होने की समीक्षा करेगी।

दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को विकास भवन के सभागार में किया जायेगा

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिये बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के लिये नित नये प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को भोपाल में अरेरा हिल्स स्थित विकास भवन के सभागार में किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल 15 मई को प्रातः 11 बजे दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों सहित क्रेता एवं समूहों की दीदियां उपस्थित रहेंगी। विभिन्न जिलों से आ रही समूहों की दीदियों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों का प्रदर्शन करते हुये क्रेताओं को उत्पादों की विशेषताएँ बताई जायेंगी। क्रेता उत्पाद खरीदने का ऑर्डर सीधे समूहों को देंगे। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के माध्यम से समूहों के उत्पादों को देखने तथा उनकी विशेषताएँ जानने का अवसर क्रेताओं को मिलता है। दीदियां इन दो दिनों में अपने उत्पाद क्रेताओं को दिखायें, उत्पादों की विशेषताएँ बतायें तथा क्रेता-विक्रेता के बीच अनुबंध कर अपने व्यवसाय को बढ़ाने का प्रयास करें। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्रीमती हर्षिता सिंह ने बताया कि समूह उत्पादों को विभिन्न ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर लाने के साथ-साथ वृहद बाजारों से जोडने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समूह सदस्यों को सीधा क्रेताओं से जुडकर अधिक-अधिक लाभ प्राप्त होने का अवसर मिल सके। इसी उद्देश्य से बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया है।  

मुख्यमंत्री ने बीईएमएल के 2100वें मेट्रो कोच की टेस्ट राइड कर किया रवाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे क्षेत्र में अद्भुत काम हुआ है। अलग-अलग कम्पनियों ने इस क्षेत्र में जो कार्य किया है वह ‘मेड इन इंडिया’ का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। देश में मेट्रो और वन्देभारत जैसी आधुनिक रेल के विभिन्न उपकरणों का निर्माण हो रहा है। बीईएमएल, मध्यप्रदेश में रोलिंग स्टॉफ और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से मध्यप्रदेश के संबंध प्रगाढ़ होंगे। हम अनेक कार्यों में परस्पर विकास के नये रास्ते खालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को बेंगलुरू में बीईएमएल कार्यशाला के भ्रमण के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बेंगलुरू स्थित बीईएमएल लिमिटेड के अत्याधुनिक रेल कोच विनिर्माण संयंत्र से 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले के उमरिया क्षेत्र में बीईएमएल की नई रोलिंग स्टॉक विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए भूमि आवंटन-पत्र कंपनी के चेयरमेन और एमडी श्री शांतनु रॉय को सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरवपूर्ण है। बीईएमएल में निर्मित 2100वें मेट्रो कोच का शुभारंभ भारत की उन्नत निर्माण क्षमता, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और स्वदेशी तकनीक के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के रायसेन में बीईएमएल की इकाई स्थापना को एक अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश-प्रदेश का औद्योगिक इको सिस्टम सशक्त बनेगा। साथ ही युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। रायसेन में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना प्रदेश के समावेशी एवं सतत् विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।” मध्यप्रदेश शासन, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम और बीईएमएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश शासन ने इस इकाई के लिए कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। प्रस्तावित इकाई मुख्य रेल एवं नगरीय परिवहन परियोजनाओं के लिए रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इससे प्रदेश और देश के अन्य भागों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सशक्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए बीईएमएल के चेयरमेन और एमडी श्री शांतनु रॉय ने कहा कि बीईएमएल उनके विश्वास पर खरी उतरेगी। रायसेन में हमारी इकाई का विस्तार भारत के नगरीय रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और गतिशीलता एवं सशक्त बनाएगा। 2100वें मेट्रो कोच का निर्माण इस बात का प्रमाण है कि हमारे सहयोगी संस्थानों ने बीईएमएल पर निरंतर विश्वास जताया है। यह उपलब्धि हमारे नवाचार, स्वदेशीकरण एवं गुणवत्ता के प्रति समर्पण को दर्शाती है। साथ ही देश की औद्योगिक उन्नति एवं रोजगार सृजन में हमारी भूमिका को सुदृढ़ करती है। भारत की अग्रणी रेल निर्माण कंपनी बीईएमएल (BEML) भोपाल में एक अत्याधुनिक निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। यह ऐतिहासिक पहल रेल तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति का प्रतीक है और विशेष रूप से शहरी परिवहन के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। इस इकाई के प्रारंभिक चरण में स्टेनलेस स्टील कार बॉडी कोच का निर्माण किया जाएगा और भविष्य में एल्यूमीनियम कार बॉडी कोच के निर्माण की क्षमताओं का विस्तार किया जाएगा। यह प्लांट आधुनिक आधारभूत संरचना से सुसज्जित होगा, जो न केवल देश की आवश्यकताओं को बल्कि वैश्विक बाजार की मांग को भी पूरा करेगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे इसका संचालन रणनीतिक और टिकाऊ रूप से हो सके। औद्योगिक प्रगति के साथ यह परियोजना क्षेत्र में महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक लाभ भी लेकर आएगी। यह स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के विकास को प्रोत्साहित करेगी और एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली को आकार देगी। इसके अलावा, यह मध्यप्रदेश के युवाओं, विशेषकर तकनीकी संस्थानों, कॉलेजों और स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास के नए अवसर खोलेगी। विशेष रूप से यह रायसेन जिले के ग्रामीण समुदायों के विकास और उत्थान में भी योगदान देगी, जिससे आजीविका और स्थानीय आधारभूत संरचना को बल मिलेगा। बीईएमएल का 2100वां मेट्रो कोच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से निर्मित किया गया है। इसमें ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन मानकों के अनुसार ड्राइवरलेस संचालन की सुविधा उपलब्ध है। इस कोच में अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियाँ और वैश्विक मानकों के अनुरूप अनेक आधुनिक सुविधाएँ शामिल की गई हैं। इस नवीन कोच की विशेषता “ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम” है, जो भारत में पहली बार किसी मेट्रो ट्रेन में शामिल किया गया है। इस प्रणाली में पाँच प्रमुख मॉड्यूल – रेल ट्रैक स्थिति की निगरानी, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की स्थिति, पैंटोग्राफ-ओएचई संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण शामिल हैं।  

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल को जिला बड़वानी का भी प्रभार

भोपाल राज्य शासन द्वारा कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल को जिला उज्जैन के अतिरिक्त जिला बड़वानी का भी प्रभार सौंपा गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिये गये हैं।  

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की, दो नेताओं को पार्टी से निलंबित किया

भोपाल मध्यप्रदेश कांग्रेस में उथलपुथल का दौर अभी थमा नहीं है। पार्टी में आपसी खींचातानी और अनुशासनहीनता बदस्तूर जारी है। कांग्रेस नेता पार्टी हित की बजाए व्यक्तिगत हित को सर्वोपरि रखकर काम करते देखे जा रहे हैं। यहां तक कि इसके लिए अपनी घोर प्रतिद्वंद्वी बीजेपी से भी जब तब हाथ मिलाते रहते हैं। ऐसे ही एक मामले में पार्टी ने सख्त रुख दिखाते हुए कई नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की है। संगठन ने कुछ नेताओं को तो पार्टी से निलंबित ही कर दिया है। एमपी कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गेंदाल डामोर को पद से हटा दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा यह कार्रवाई की गई है। थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पर अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप में यह कार्रवाई की गई है। गेंदाल डामोर पर कांग्रेस स​मर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाने के​ लिए बीजेपी से हाथ मिलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का आरोप है। संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं इसी के साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की है। गेंदाल डामोर के पुत्र और पुत्रवधू को पार्टी से निलंबित किया गया है। इस संबंध में जारी आदेश में जिला पंचायत सदस्य शांति राजेश डामोर एवं राजेश गेंदाल डामोर को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किए जाने की बात कही गई है। गेंदाल डामोर, राजेश डामोर और शांति डामोर पर कार्रवाई के संबंध में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय कामले ने आदेश जारी किया है। पत्र में साफ कहा गया है कि कांग्रेस संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाकिस्तान हिरासत से बीएसएफ के जवान की वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूलवश सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे बीएसएफ कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ के सकुशल भारत लौट आने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। 23 अप्रैल को सीमा पार पहुंचे बीएसएफ कांस्टेबल पाक हिरासत में थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ रही कूटनीतिक शक्ति से दुश्मन देश सहित सम्पूर्ण विश्व परिचित है। यही हमारा सशक्त नया भारत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना के पहले पाकिस्तान को भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर श्री अभिनंदन वर्धमान को भी छोड़ना पड़ा था।  

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