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अभिभावक भी बच्चों से उम्मीद करें, लेकिन दबाव नहीं बनाएं, एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं रिजल्ट से बोर्ड की पेरेंट्स को सलाह

भोपाल मप्र बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा का परिणाम मंगलवार को जारी कर दिया गया है। परिणाम कैसा भी रहे, उसे सहज स्वीकार करें। अभिभावक भी बच्चों से उम्मीद करें, लेकिन दबाव नहीं बनाएं। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की हेल्पलाइन में काउंसलर ने अभिभावकों, विद्यार्थियों की काउंसलिंग की। रिजल्ट को लेकर हेल्पलाइन में फोन की संख्या दो से तीन गुना रही। हालांकि सोमवार को परिणाम घोषित होने को लेकर मंडल का एक फर्जी आदेश इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने से एक दिन में हेल्पलाइन में 1476 विद्यार्थियों के फोन आए। सभी का एक ही सवाल था कि कितने बजे परिणाम आएगा, कौन से वेबसाइट पर परिणाम देख सकते हैं। साथ ही 90 फीसदी से अधिक विद्यार्थी ने परिणाम को लेकर तनाव से संबंधित सवाल पूछे। बच्चों ने पूछे इस तरह के प्रश्न     12वीं के विद्यार्थी ने पूछा कि अगर वह द्वितीय श्रेणी से पास होगा तो अभिभावक नाराज होंगे। आगे क्या विकल्प होगा। इस पर जवाब मिला- चाहे प्रथम या द्वितीय श्रेणी से पास हो। इससे फर्क नहीं पड़ता है। आगे करियर में आपके पास बहुत विकल्प हैं।     10वीं के विद्यार्थी ने पूछा कि मेरा एक पेपर बिगड़ गया था, तो डर लग रहा है। कहीं परिणाम खराब ना हो जाए। जवाब मिला- आप बिल्कुल नहीं घबराएं, परिणाम अच्छा ही आएगा। आप द्वितीय परीक्षा देकर अच्छे अंक ला सकते हैं।     12वीं के विद्यार्थी ने पूछा- अगर अच्छे श्रेणी से पास नहीं हो पाया तो आगे क्या करूंगा। एक्सपर्ट ने जवाब दिया- अब सीखने पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। हर जगह नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा हो रही है, इसलिए श्रेणी से कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा।     12वीं के विद्यार्थी ने पूछा- कुछ पेपर ठीक नहीं गए हैं। लगता है परिणाम बेहतर नहीं होगा। द्वितीय परीक्षा के बारे में बताइए। जवाब मिला- अगर श्रेणी सुधार करना है तो जुलाई में पूरक के बदले द्वितीय परीक्षा होगी। उसमें शामिल हो सकते हैं।     10वीं के विद्यार्थी ने पूछा- अगर परिणाम बेहतर नहीं आएगा तो क्या विकल्प है। जवाब मिला- जैसा भी परिणाम आए उसे स्वीकार करें और आगे की तैयारी करें। इसके अलावा द्वितीय परीक्षा दे सकते हैं।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने उपभोक्ताओं से की लंबित प्रकरणों का निराकरण कराने की अपील, 10 मई को लोक अदालत

भोपाल प्रदेश में 10 मई 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी। इसमें बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को समझौते के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को ही प्रकरणों में छूट दी जाएगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। प्री-लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट शर्तों के तहत दी जाएगी     आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा।     उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा।     आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा।     नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे।     सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।     नेशनल लोक अदालत में उपरोक्‍तानुसार दी जा रही छूट आकलित सिविल दायित्‍व राशि दस लाख रुपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी।     यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 10 मई 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।  

मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025 सहित अन्य नीतियाँ लाँच, और अधिक आकर्षक: प्रमुख सचिव शुक्ला

भोपाल  वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) 2025 में मध्यप्रदेश अपनी रचनात्मकता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं के साथ वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बनाई। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता आमिर खान मध्यप्रदेश द्वारा तैयार किए गए “अतुलनीय मध्यप्रदेश” पेवेलियन पहुंचे। मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव आईटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे और प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने वेव्स में उनका स्वागत किया। आमिर खान ने कहा कि मध्यप्रदेश के लोग सिनेमा फ्रेंडली हैं, जिससे कलाकारों के साथ–साथ फिल्म निर्माण में जुटी पूरी टीम को काम करने में सहजता और सरलता का अनुभव होता है। इसके अलावा मध्यप्रदेश में वेरायटी ऑफ लोकेशन्स हैं, खूबसूरती है, जिसकी वजह से फिल्म निर्माण के अलग–अलग दृश्यों को शूट करने में आसानी होती है। यह न केवल फिल्म के निर्माण की अवधि को कम करता है बल्कि बजट में भी कमी आती है। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025 की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के ग्रामीण परिवेश में बन रही फिल्में सिनेमा जगत में कमाल कर रही हैं। उन्होंने आगामी भविष्य में फिल्में प्रदेश में शूट करने की इच्छा जाहिर की। वे मध्यप्रदेश की नई एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी-2025 की विशेषताओं को जाना और सहभागिता करने के लिये उत्सुक नजर आए। प्रदेश में शूट हुई फिल्म लापता लेडीज को भारत की तरफ से आधिकारिक रूप से ऑस्कर पुरस्कार के भेजा गया था। नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (NMACC) में “डिजिटल सपनों और सिनेमाई दृष्टिकोण के साथ: मध्यप्रदेश—अगला रचनात्मक केंद्र” विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ। प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशिका सुश्री एकता कपूर, फिक्की एवीजीसी फोरम व एमसीसीआईए एनिमेशन एंड गेमिंग कमेटी के चेयरमैन श्री आशीष एस. कुलकर्णी, अगस्त मीडिया ग्रुप के फाउंडर एवं सीईओ श्री ज्योर्तिमय सहा, क्रिएटिव लैंड स्टूडियोज़ की सीईओ सुश्री शोभा सेंट, सुप्रसिद्ध लेखक और पत्रकार श्री नमन रामचंद्रन, अभिनेता श्री अमित सियाल और श्री शरद केलकर की मौजूदगी में मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2025 और मध्यप्रदेश एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी AVGC-XR नीति 2025 को लॉन्च किया गया। प्रदेश के फिल्म फैसिलिटेशन पोर्टल के सेकंड फेस को भी लॉन्च किया गया। सुश्री एकता कपूर ने म.प्र. को बताया पहली पसंद प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशिका सुश्री एकता कपूर ने कहा कि फिल्म निर्माण के लिए मुख्य रूप से वित्तीय सहायता, छूट, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, मनभावन लोकेशन और ईज ऑफ शूट को ध्यान में रखा जाता है। इन सभी चीजों के साथ मध्यप्रदेश में समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत आज भी अपने मूल रूप में है। स्पेन ने अपनी पॉलिसी के द्वारा अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी स्पेन की तरह ही फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनेगा।  नई पॉलिसी और अधिक आकर्षक- प्रमुख सचिव श्री शुक्ला प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि फिल्म निर्माताओं के लिए मनभावन शूटिंग स्थलों के साथ, शूटिंग फ्रेंडली स्थानीय नागरिक, फिल्म सहयोगी ईको सिस्टम, समृद्ध स्थानीय संस्कृति के साथ मध्यप्रदेश विशेष रूप से ईज ऑफ शूटिंग डेस्टिनेशन बन गया है। फिल्म टूरिज्म पॉलिसी की विशेषताओं को बताते हुए प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में फिल्म और वेब सीरीज की श्रृंखला को शूट करने पर इन्क्रीमेंटल इनसेंटिव्स का प्रावधान है। पहली बार शूट करने पर अधिकतम 1.5 करोड़ रुपये, दूसरी बार शूट करने पर 1.75 करोड़ रुपये और इसी तरफ तीसरी बार शूट करने पर 2 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही स्थानीय भाषा में फिल्म बनाने और स्थानीय कलाकारों को काम देने पर अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाती है। अपनी विशेष सहायता राशि, सिंगल विंडो फिल्म शूटिंग अनुमति, स्थानीय टैलेंट के साथ मध्यप्रदेश अब शूटिंग के हब मुंबई को रन फॉर मनी देने के लिए तैयार है। “अमृतस्य मध्यप्रदेश” ने बिखेरी अतुलनीय मध्यप्रदेश की अनुपम छटा वेव्स की सांस्कृतिक संध्या में “अमृतस्य मध्यप्रदेश” समवेत नृत्य नाटिका ने अपनी अद्भुत और ओजपूर्ण प्रस्तुति से “अतुलनीय मध्यप्रदेश” की अनुपम छटा बिखेरी। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, समृद्ध पर्यटन, इतिहास, कला और परंपराओं को दर्शाया गया। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्री पहाड़ी के निर्देशन में इस नृत्य नाटिका में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, मणिपुरी, मोहिनी अट्टम, कुचिपुड़ी के साथ ही मध्यप्रदेश के बधाई, बरेदी, मटकी, गोंड, जैसे लोक नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी। इसके अलावा नृत्य नाटिका में श्री मुमताज खान के निर्देशन में मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल जैसे महेश्वरी, चंदेरी, बाग के वैभव को दर्शाता एक विशेष वॉक हुआ। अतुलनीय मध्यप्रदेश पेवेलियन बना आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र वेव्स में एमपी टूरिज्म का “अतुलनीय मध्यप्रदेश” पेवेलियन, प्रदेश के पर्यटन स्थलों और संस्कृति के अनूठे और रोचक प्रस्तुतीकरण के कारण आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदेश के वन्य संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों की रोमांचक यात्रा कराने के लिए पेवेलियन में आधुनिक तकनीक से बनी एनामॉर्फिक स्क्रीन लगाई गई, जहां पर्यटन स्थलों, वन्य क्षेत्रों और वन्य जीवों को थ्रीडी तकनीक से प्रदर्शित किया गया। मध्यप्रदेश टूरिज्म पॉलिसी और मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा निवेश और उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए किए जा रहे ठोस प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का प्रतिफल है कि राजधानी भोपाल में रेडीमेड गारमेंट्स होजियरी पार्क की स्थापना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पार्क न केवल राज्य के टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति देगा, बल्कि मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में जो उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, उससे निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। रेडीमेड गारमेंट्स होजियरी पार्क इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा। सतगढ़ी गांव, तहसील कोलार, भोपाल में यह औद्योगिक पार्क मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की देखरेख में विकसित किया जा रहा है। कुल 69.60 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले इस पार्क को मल्टी प्रोडक्ट पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे विविध औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी की दृष्टि से यह पार्क बेहतर स्थान पर बन रहा है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-46 से 12 किलोमीटर, राजा भोज एयरपोर्ट से 25 किलोमीटर तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भोपाल शहर से मात्र 13 किलोमीटर की दूरी होने के कारण श्रमिकों, उद्यमियों और औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवागमन की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो जाती है। पार्क में आधारभूत संरचना का विकास भी सुनियोजित ढंग से किया गया है। जल आपूर्ति की व्यवस्था केरवा डैम से की गई है। बिजली आपूर्ति के लिए निकटस्थ 33 केवी/11 केवी सब-स्टेशन की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। कोलार रोड से पार्क को जोड़ने के लिए 2.2 किलोमीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण भी पूर्ण किया जा चुका है, जिससे परिवहन व्यवस्था और सुदृढ़ हो गई है। इस औद्योगिक परियोजना पर कुल 1997.97 लाख रुपये की लागत संभावित है। पार्क के निर्माण से भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

10वीं में प्रज्ञा जायसवाल को 500/500, 12वीं में सतना की प्रियल द्विवेदी ने किया टॉप, एमपी बोर्ड का परिणाम जारी

भोपाल mpbse.nic.in, mpresults.nic.in, MP Board 10th, 12th Result 2025: माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम (MP Board Result 2025 LIVE) मंगलवार को घोषित कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से परिणाम घोषित किया। अब स्टूडेंट्स बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स जैसे- www.mpresults.nic.in, https://mpbse.mponline.gov.in, www.mpbse.nic.in, www.jagranjosh.com, https://www.fastresult.in, https://www.digilocker.gov.in/web/dashboard/issuers पर परिणाम देख सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल एप पर परिणाम जानने के लिए गूगल स्टोर पर एमपीबीएसई या एमपी मोबाइल एप डाउनलोड करें। नो योर रिजल्ट का चयन करने के बाद अपना रोल नंबर और आवेदन क्रमांक प्रविष्ट कर परीक्षा परिणाम जान सकते हैं। सीएम ने जारी की टॉपर की मार्कशीट परिणाम जारी करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दसवीं की टॉपर प्रज्ञा जायसवाल की मार्कशीट भी दिखाई, जिनको 500 में से 500 अंक हासिल हुए। सरकारी स्कूलों का परिणाम बेहतर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार सरकारी स्कूलों का परिणाम प्राइवेट से बेहतर रहा है। 12वीं में 169 ने मेरिट में पाया स्थान  12वीं में मेरिट सूची में 169 में से 90 छात्राओं ने स्थान बनाया है। मेरिट सूची में 212 छात्र दसवीं में 212 विद्यार्थियों मेरिट सूची में स्थान बनाया है, जिसमें 144 लड़कियां शामिल हैं। लड़कियों ने मारी बाजी  हर बार की तरह इस बार भी लड़कियों का परिणाम लड़कों से बेहतर रहा है।  12वीं का 76.22 प्रतिशत रहा  12वीं का पास परसेंटेज 76.22 प्रतिशत रहा है। दसवीं का 74.48 प्रतिशत  दसवीं का पास परसेंटेज 74.48 प्रतिशत रहा।

जल गंगा संवर्धन अभियान बना जन आंदोलन, प्रशासन युद्ध स्तर पर कर रहा जल स्रोंतों का संरक्षण

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार पानी की बूंद-बूंद बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए शुरू किया गया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जंल गंगा संवर्धन अभियान अब असर दिखाने लगा है। करीब-करीब एक महीने के अंदर ही सरकार और प्रशासन ने पूरे प्रदेश में जल से संबंधित 8202 पुरानी इकाइयों का संरक्षण किया है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रदेश सरकार का लक्ष्य 70 हजार पुराने कुएं-तालाब-बावड़ियों को ठीक करना है। इस अभियान के अंतर्गत अभी तक पूरे प्रदेश में 31 हजार 857 खेत तालाब खोदे गए हैं। सरकार का लक्ष्य 81 हजार 078 खेत तालाब खोदना है। एक महीने के अंदर सरकार ने 34 हजार 171 कुओं को पानी से रिचार्ज कर दिया है। अभियान में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार अंत तक एक लाख कुओं को रिचार्ज किया जाएगा। मोहन सरकार ने अभियान की शुरुआत से अभी तक 932 अमृत सरोवरों के संरक्षण एवं संवर्धन का काम किया है। सरकार का लक्ष्य अभियान के आखिरी तक एक हजार अमृत सरोवरों का निर्माण करना है। गौरतलब है कि गंगा जल संवर्धन अभियान 52 जिलों में चलाया जा रहा है। सभी जिलों में सरकार और प्रशासन युद्ध स्तर पर पानी के संरक्षण की व्यवस्था कर रही है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से शुरू हुआ है। यह 30 जून तक चलेगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दें और एकजुट होकर इसे सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन के अस्तित्व का आधार जल ही है। इसलिए इसकी एक-एक बूंद बचाने की जरूरत है। इस अभियान को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव इतने प्रतिबद्ध हैं कि उन्होंने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को भी इसकी देखरेख सौंपी है। बता दें, प्रदेश सरकार का यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कामों में शामिल है। बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे आमजन इस अभियान का उद्देश्य राज्य के जल स्रोतों, नदियों, तालाबों, झीलों, पुराने कुओं, बावड़ियों और जल-धाराओं को फिर से जीवित करना है। जीवित करने के बाद इन स्रोतों की देखरेख और संरक्षण किया जाएगा। सरकार ने इन सभी स्रोतों को जीवित करने, सफाई, सीमांकन करने के लिए जनभागीदारी का भी सहारा लिया है। लोग बड़ी संख्या में श्रमदान कर पानी को बचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। जिला प्रशासन विशेष रूप से नदियों के किनारे देशी प्रजातियों के पौधे रोप रहा है। इससे जमीन के नीचे जल-स्तर बढ़ रहा है और मिट्टी को नुकसान से बचाया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूल और कॉलेजों में जल-संरक्षण पर जन-जागरण अभियान, रैलियां, निबंध प्रतियोगिताएं, जल संवाद और ‘जल प्रहरी’ जैसी गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। सरकार पानी को बचाने के लिए ड्रोन से सर्वेक्षण, वैज्ञानिक तरीके से जलग्रहण क्षेत्र की मैपिंग, भू-जल पुनर्भरण तकनीकों का उपयोग कर रही है। दिखने लगे प्रभावी परिणाम प्रदेश की मोहन सरकार जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल दीप यात्रा, जल संकल्प कार्यक्रम, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है। इनके माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है और उनके बीच जल संरक्षण का संदेश भी पहुंचाया जा रहा है। अभियान के एक महीने के अंदर ही हजारों जल स्रोत पुनर्जीवित होने लगे हैं। बता दें, इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल मॉनिटरिंग और मूल्यांकन प्रणाली की व्यवस्था की है। सभी गतिविधियों की जीआईएस ट्रैकिंग और इंपैक्ट वैल्युएशन किया जा रहा है।

उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच झाबुआ में भी एयर सेवा शुरू होने की उम्मीद बंधी

 झाबुआ उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश के झाबुआ में भी एयर सेवा शुरू होने की उम्मीद बंधी है। इसके लिए जिला मुख्यालय से महज 4 कि.मी दूर ग्राम गोपालपुरा में स्थित एयर स्ट्रीप के विस्तार के लिए करीब 52 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।  फिलहाल, वीआइपी विजिट के दौरान इसी एयर स्ट्रीप पर हेलीकॉप्टर उतरते हैं। चूंकि, एयर स्ट्रीप की लंबाई महज 792 मीटर है। इसलिए यहां बड़े प्लेन नहीं उतारे जा सकते। इसके लिए रन-वे की लंबाई बढ़ानी होगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा था। इसमें रनवे की लंबाई 2600 मीटर की जाएगी। साथ ही, आधारभूत ढांचे के रूप में विमान हेंगर, नियंत्रण कक्ष, विद्युतीकरण और बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। वन विभाग से ली जाएगी जमीन रन-वे की लंबाई के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी। इसके लिए वन विभाग से अनुमति लेकर भूमि का हस्तांतरण करना होगा। क्योंकि, रनवे के विस्तार के लिए जो जमीन चाहिए वो वन विभाग के अधीन है। एयर स्ट्रीप के विस्तार से फायदा उज्जैन सिंहस्थ के दौरान इंदौर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। ऐसे में झाबुआ की एयर स्ट्रीप के विस्तार से यहां पर भी छोटे प्लेन उतारे जा सकेंगे। फिर तीर्थ यात्री और पर्यटक सड़क मार्ग से सीधे उज्जैन जा सकेंगे। खास बात ये है कि, पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा और पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा में भी झाबुआ की एयर स्ट्रीप का नाम शामिल है। 35 साल पहले हुआ था निर्माण लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, झाबुआ के गोपालपुरा में एयर स्ट्रीप का निर्माण 35 साल पहले वर्ष 1989-90 में हुआ था। मौजूदा समय में वीआइपी विजिट के दौरान यहीं पर हेलीकॉप्टर लैंड होते हैं। दो बार झाबुआ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेलीकॉप्टर से यहीं उतरे थे। एविएशन ट्रेनिंग सेंटर खोले जाने की योजना विफल गोपालपुरा में एविएशन ट्रेनिंग सेंटर खोले जाने की योजना थी। इसके लिए वर्ष 2006-07 में एयरोस्पेस एकेडमी आफ सेंट्रल इंडिया और राज्य शासन के बीच करार भी हुआ था। इसके तहत एयर स्ट्रीप को 10 साल के लिए लीज पर दिया था। हालांकि बात आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में अनुबंध भी रद्द हो गया। एयर स्ट्रीप के विस्तारीकरण का प्रस्ताव भेजा है झाबुआ लोक निर्माण विभाग के ईई आरिफ मोहम्मद गौरी का कहना है कि, झाबुआ के गोपालपुरा में स्थित एयर स्ट्रीप के विस्तारीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा है। उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए जल्द ही प्रस्ताव मंजूर होने की उम्मीद है। जिले के विकास और पर्यटन दोनों ही दृष्टि से ये बेहतर होगा।

तबादलों पर बनी नई व्‍यवस्‍था: अधिकारियों की जिले में पदस्थापना शासन ही तय करेगा

भोपाल जिले के अंदर किस अधिकारी को कहां पदस्थ करना है या उससे क्या काम लेना है, यह अब प्रभारी मंत्री तय करेंगे। अभी व्यवस्था यह है कि सरकार राज्य पुलिस सेवा या फिर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी का जिले में तबादला कर देती है और वहां पदस्थापना कलेक्टर करते हैं। अब इसके लिए कलेक्टर को प्रभारी मंत्री से सहमति लेनी होगी। इसके बाद ही पदस्थापना कर पाएंगे। उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय ने सरकार से यह अधिकार मांगा था, जिले के भीतर पदस्थापना का अधिकार पुलिस अधीक्षक को दे दिया जाए, जिस पर सहमति नहीं बनी और प्रस्ताव लौटा दिया था। वर्ष 2025-26 की तबादला नीति में सरकार ने जिले के भीतर तबादले और पदस्थापना में प्रभारी मंत्री को अधिकार संपन्न बनाया है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जिले में की जाएगी। जिले में डिप्टी कलेक्टर या संयुक्त कलेक्टर की अनुविभाग में पदस्थापना या अनुविभाग परिवर्तन कलेक्टर करेंगे लेकिन इसके लिए प्रभारी मंत्री से परामर्श कर सहमति लेनी होगी। सहमति होने पर ही आदेश जारी किए जा सकेंगे। तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के संबंध में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। उप पुलिस अधीक्षक स्तर से नीचे के अधिकारियों की जिले के भीतर पदस्थापना पुलिस अधीक्षक प्रभारी मंत्री से पूछकर करेंगे।

नायब तहसीलदार ने मांगी 50 लाख की रिश्वत, कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई

Naib Tehsildar demanded a bribe of 50 lakhs, Collector took strict action इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में जमीन के फौती नामांतरण के बदले 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगे जाने का बड़ा मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल प्रभाव से संबंधित पटवारी को निलंबित कर दिया है और नायब तहसीलदार नागेंद्र त्रिपाठी पर विभागीय जांच बैठा दी गई है। क्या है पूरा मामला?मल्हारगंज तहसील के जाख्या क्षेत्र में स्थित 31 हजार वर्गफुट जमीन का फौती नामांतरण करवाने के लिए वैभव, पिता अशोक, ने वकील राहुल दवे के माध्यम से आवेदन दिया था। आरोप है कि पटवारी ओम त्रिपुरेश मिश्रा ने पहले वकील से, फिर सीधे वैभव से संपर्क कर 50 लाख रुपये की मांग की। यह रकम नायब तहसीलदार के लिए बताई गई थी और आश्वासन दिया गया था कि रकम मिलते ही नामांतरण दो दिन में हो जाएगा। जब वैभव ने रिश्वत देने से इनकार किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी वकील को दी, तब वकील ने कलेक्टर से सीधे संपर्क कर सभी साक्ष्यों सहित पूरी बात बताई। कलेक्टर का त्वरित एक्शनकलेक्टर आशीष सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पटवारी को निलंबित कर दिया और एसडीएम निधि वर्मा को मामले की जांच सौंपी। साथ ही, नायब तहसीलदार त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। बढ़ता भ्रष्टाचार और जमीनों की आसमान छूती कीमतेंइंदौर में जमीन की बढ़ती कीमतों के साथ नामांतरण, बटांकन और सीमांकन जैसे मामलों में भ्रष्टाचार भी तेजी से बढ़ा है। आम नागरिकों को बिना लेन-देन के वैध कार्यों में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों का भंडार, संवाद केंद्र से खुल रही पोलकलेक्टर द्वारा शुरू किए गए संवाद केंद्र पर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें कई पटवारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है। इस केंद्र से आवेदकों से सीधे संपर्क कर यह जाना जा रहा है कि उनसे रिश्वत तो नहीं मांगी गई। अंतिम निर्णय रिपोर्ट के बादएसडीएम निधि वर्मा की जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि “नामांतरण भी होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” इस खबर से जुड़ी हर अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता का लाभ संपूर्ण प्रदेश को समान रूप से मिले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना हमारा संकल्प है। इसके लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की डेयरी क्षेत्र में विशेषज्ञता का लाभ संपूर्ण प्रदेश को समान रूप से मिले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। सहकारी संघों के साथ निजी डेयरी संचालकों को भी आवश्यक कंसल्टेंसी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए अन्य राज्यों की बेहतर नस्ल की गाय-भैंसों को प्रदेश में लाने और उन्हें किसानों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि प्रदेश में उत्पादित दूध के वैल्यू एडिशन के बाद ही डेयरी उत्पाद प्रदेश के बाहर जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और म.प्र. राज्य सहकारी दुग्ध संघ के मध्य संपादित अनुबंध के बाद की गई कार्रवाई की समत्व भवन में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के प्रमुख श्री मिनेश शाह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री एस. रघुपति, महाप्रबंधक श्री संजय गोबानी सहित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़ी गौशालाएं विकसित की जा रही हैं। इनके विकास और बेहतर प्रबंधन से भी दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालय भी डेयरी टेक्नोलॉजी और एनिमल हसबेंडरी संबंधी कोर्स संचालित करें। विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थाओं के तकनीकी विशेषज्ञों को गौशालाओं से जोड़कर उनके मार्गदर्शन और निर्देशन से गौशालाओं के प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। बैठक में बताया गया कि अनुबंध के परिपालन में प्रदेश के दुग्ध संघों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का प्रभार राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा नामित मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सौंपा जा चुका है। निर्देशानुसार प्रदेश की दुग्ध सहकारी समितियों के कव्हरेज क्षेत्र के विस्तार, दुग्ध संकलन, दुग्ध प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादों के लिए अद्यतन तकनीक पर आधारित अधोसंरचना विकसित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के समन्वय से कार्य जारी है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड अगले पांच साल में प्रदेश के कम से कम 50 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है। इससे बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलेगा। किसानों को दूध का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से दुग्ध संघों द्वारा दूध खरीदने की दर में वृद्धि की गई है। दुग्ध संकलन, गुणवत्ता नियंत्रण, भंडारण व्यवस्था आदि की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जा रही है। सम्पूर्ण डेयरी वैल्यू चेन के डिजिटलाईजेशन के अंतर्गत ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन सिस्टम का क्रियान्वयन प्रस्तावित है।  मध्यप्रदेश डेयरी विकास योजना के अंतर्गत डेयरी सहकारी कव्हरेज के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के साथ ही दूध और दूध के उत्पादों के विपणन में सुधार के लिए कोल्ड चैन इन्फ्रास्ट्रक्चर, मिल्क पार्लर स्थापना, ब्राण्ड प्रमोशन, मार्केट स्टडी प्रस्तावित है। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए पशुओं के पोषण और स्वास्थ्य के संबंध में विशेषज्ञतापूर्ण गतिविधियां संचालित की जाएंगी। साथ ही राज्य शासन की किसान कल्याण योजनाओं की डेयरी सहकारी संस्थाओं के समन्वय से क्रियान्वयन के लिए भी पहल होगी।  

23वीं कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैम्पियनशिप का समापन

भोपाल. 23वीं कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैम्पियनशिप 2025 का आयोजन दिनांक 22 अप्रैल से 05 मई 2025 तक भोपाल में किया गया। भोपाल में आयोजित इस शूटिंग चैम्पियनशिप में खेल अकादमी के शूटिंग खिलाड़ी चेतन सप्कल ने स्वर्ण और साहिल चौधरी ने कांस्य पदक अर्जित कर कुल 02 पदक अर्जित किये। 5 मई 2025 को प्रतियोगिता के अंतिम दिन खेल अकादमी के शूटिंग खिलाडी ने अपने खेल का शानदार प्रदर्शन कर पहले चरण में 279 और द्वितीय चरण में 270 अंक सहित कुल 549 अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसी प्रतियोगिता में खेल अकादमी के शूटिंग खिलाडी ने भी 25मी. सेन्टर फायर पिस्टल सीनियर मेन वर्ग में शानदार प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीता। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है।

नई फिल्म टूरिज्म पॉलिसी और अधिक आकर्षक : प्रमुख सचिव शुक्ला

भोपाल. वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) 2025 में मध्यप्रदेश अपनी रचनात्मकता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं के साथ वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बनाई। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता आमिर खान मध्यप्रदेश द्वारा तैयार किए गए “अतुलनीय मध्यप्रदेश” पेवेलियन पहुंचे। मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव आईटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे और प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने वेव्स में उनका स्वागत किया। आमिर खान ने कहा कि मध्यप्रदेश के लोग सिनेमा फ्रेंडली हैं, जिससे कलाकारों के साथ–साथ फिल्म निर्माण में जुटी पूरी टीम को काम करने में सहजता और सरलता का अनुभव होता है। इसके अलावा मध्यप्रदेश में वेरायटी ऑफ लोकेशन्स हैं, खूबसूरती है, जिसकी वजह से फिल्म निर्माण के अलग–अलग दृश्यों को शूट करने में आसानी होती है। यह न केवल फिल्म के निर्माण की अवधि को कम करता है बल्कि बजट में भी कमी आती है। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025 की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के ग्रामीण परिवेश में बन रही फिल्में सिनेमा जगत में कमाल कर रही हैं। उन्होंने आगामी भविष्य में फिल्में प्रदेश में शूट करने की इच्छा जाहिर की। वे मध्यप्रदेश की नई एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी-2025 की विशेषताओं को जाना और सहभागिता करने के लिये उत्सुक नजर आए। प्रदेश में शूट हुई फिल्म लापता लेडीज को भारत की तरफ से आधिकारिक रूप से ऑस्कर पुरस्कार के भेजा गया था। नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (NMACC) में “डिजिटल सपनों और सिनेमाई दृष्टिकोण के साथ: मध्यप्रदेश—अगला रचनात्मक केंद्र” विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ। प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशिका सुश्री एकता कपूर, फिक्की एवीजीसी फोरम व एमसीसीआईए एनिमेशन एंड गेमिंग कमेटी के चेयरमैन श्री आशीष एस. कुलकर्णी, अगस्त मीडिया ग्रुप के फाउंडर एवं सीईओ श्री ज्योर्तिमय सहा, क्रिएटिव लैंड स्टूडियोज़ की सीईओ सुश्री शोभा सेंट, सुप्रसिद्ध लेखक और पत्रकार श्री नमन रामचंद्रन, अभिनेता श्री अमित सियाल और श्री शरद केलकर की मौजूदगी में मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2025 और मध्यप्रदेश एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी AVGC-XR नीति 2025 को लॉन्च किया गया। प्रदेश के फिल्म फैसिलिटेशन पोर्टल के सेकंड फेस को भी लॉन्च किया गया। एकता कपूर ने म.प्र. को बताया पहली पसंद प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशिका सुश्री एकता कपूर ने कहा कि फिल्म निर्माण के लिए मुख्य रूप से वित्तीय सहायता, छूट, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, मनभावन लोकेशन और ईज ऑफ शूट को ध्यान में रखा जाता है। इन सभी चीजों के साथ मध्यप्रदेश में समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत आज भी अपने मूल रूप में है। स्पेन ने अपनी पॉलिसी के द्वारा अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी स्पेन की तरह ही फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनेगा।  नई पॉलिसी और अधिक आकर्षक- प्रमुख सचिव श्री शुक्ला प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि फिल्म निर्माताओं के लिए मनभावन शूटिंग स्थलों के साथ, शूटिंग फ्रेंडली स्थानीय नागरिक, फिल्म सहयोगी ईको सिस्टम, समृद्ध स्थानीय संस्कृति के साथ मध्यप्रदेश विशेष रूप से ईज ऑफ शूटिंग डेस्टिनेशन बन गया है। फिल्म टूरिज्म पॉलिसी की विशेषताओं को बताते हुए प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में फिल्म और वेब सीरीज की श्रृंखला को शूट करने पर इन्क्रीमेंटल इनसेंटिव्स का प्रावधान है। पहली बार शूट करने पर अधिकतम 1.5 करोड़ रुपये, दूसरी बार शूट करने पर 1.75 करोड़ रुपये और इसी तरफ तीसरी बार शूट करने पर 2 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही स्थानीय भाषा में फिल्म बनाने और स्थानीय कलाकारों को काम देने पर अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाती है। अपनी विशेष सहायता राशि, सिंगल विंडो फिल्म शूटिंग अनुमति, स्थानीय टैलेंट के साथ मध्यप्रदेश अब शूटिंग के हब मुंबई को रन फॉर मनी देने के लिए तैयार है। “अमृतस्य मध्यप्रदेश” ने बिखेरी अतुलनीय मध्यप्रदेश की अनुपम छटा वेव्स की सांस्कृतिक संध्या में “अमृतस्य मध्यप्रदेश” समवेत नृत्य नाटिका ने अपनी अद्भुत और ओजपूर्ण प्रस्तुति से “अतुलनीय मध्यप्रदेश” की अनुपम छटा बिखेरी। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, समृद्ध पर्यटन, इतिहास, कला और परंपराओं को दर्शाया गया। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्री पहाड़ी के निर्देशन में इस नृत्य नाटिका में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, मणिपुरी, मोहिनी अट्टम, कुचिपुड़ी के साथ ही मध्यप्रदेश के बधाई, बरेदी, मटकी, गोंड, जैसे लोक नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी। इसके अलावा नृत्य नाटिका में श्री मुमताज खान के निर्देशन में मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल जैसे महेश्वरी, चंदेरी, बाग के वैभव को दर्शाता एक विशेष वॉक हुआ।    अतुलनीय मध्यप्रदेश पेवेलियन बना आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र वेव्स में एमपी टूरिज्म का “अतुलनीय मध्यप्रदेश” पेवेलियन, प्रदेश के पर्यटन स्थलों और संस्कृति के अनूठे और रोचक प्रस्तुतीकरण के कारण आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदेश के वन्य संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों की रोमांचक यात्रा कराने के लिए पेवेलियन में आधुनिक तकनीक से बनी एनामॉर्फिक स्क्रीन लगाई गई, जहां पर्यटन स्थलों, वन्य क्षेत्रों और वन्य जीवों को थ्रीडी तकनीक से प्रदर्शित किया गया। मध्यप्रदेश टूरिज्म पॉलिसी और मध्यप्रदेश की फिल्म पॉलिसी से अवगत कराने के लिए टच स्क्रीन लगाई गई। सभी आंगतुकों को ब्रोसर, मध्यप्रदेश का पर्यटन मैप, साहित्य और सोवेनियर भी प्रदान किए गए। ऑकुलस के माध्यम से भी प्रदेश के पर्यटन स्थलों की वर्चुअल सैर भी कराई गई। यहां देश–विदेश से आने वाले आर्टिस्ट, इनोवेटर्स, इंवेस्टर्स और पॉलिसी मेकर्स को मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, प्रदेश की परंपराओं, संस्कृति, वन संपदा और वन्य जीवन के बारे में अवगत कराया गया।

टेक्सटाइल सेक्टर को नई उड़ान देने विकसित हो रहा रेडीमेड गारमेंट्स होजियरी पार्क

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा निवेश और उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए किए जा रहे ठोस प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का प्रतिफल है कि राजधानी भोपाल में रेडीमेड गारमेंट्स होजियरी पार्क की स्थापना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पार्क न केवल राज्य के टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति देगा, बल्कि मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में जो उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, उससे निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। रेडीमेड गारमेंट्स होजियरी पार्क इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा। सतगढ़ी गांव, तहसील कोलार, भोपाल में यह औद्योगिक पार्क मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की देखरेख में विकसित किया जा रहा है। कुल 69.60 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले इस पार्क को मल्टी प्रोडक्ट पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे विविध औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी की दृष्टि से यह पार्क बेहतर स्थान पर बन रहा है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-46 से 12 किलोमीटर, राजा भोज एयरपोर्ट से 25 किलोमीटर तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भोपाल शहर से मात्र 13 किलोमीटर की दूरी होने के कारण श्रमिकों, उद्यमियों और औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवागमन की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो जाती है। पार्क में आधारभूत संरचना का विकास भी सुनियोजित ढंग से किया गया है। जल आपूर्ति की व्यवस्था केरवा डैम से की गई है। बिजली आपूर्ति के लिए निकटस्थ 33 केवी/11 केवी सब-स्टेशन की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। कोलार रोड से पार्क को जोड़ने के लिए 2.2 किलोमीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण भी पूर्ण किया जा चुका है, जिससे परिवहन व्यवस्था और सुदृढ़ हो गई है। इस औद्योगिक परियोजना पर कुल 1997.97 लाख रुपये की लागत संभावित है। पार्क के निर्माण से भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 मई को हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूल के परीक्षा परिणाम करेंगे घोषित

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 मई 2025 को शाम 5 बजे मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी एवं विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डी.पी.एस.ई.) मुख्य परीक्षा 2025 के परीक्षा परिणाम मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) में घोषित करेंगे। मण्डल द्वारा विभिन्न पोर्टल के माध्यम से परीक्षा परिणाम ज्ञात करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। निम्न वेबसाईट पर परिणाम परीक्षा उपलब्ध रहेंगे। 1. https://mpbse.mponline.gov.in 2. https://www.digilocker.gov.in/web/dashboard/issuers 3. www.jagranjosh.com 4. https://education.indianexpress.com 5. https://www.fastresult.in 6. https://www.hindustantimes.com/education www.livehindustan.com 7. https://www.aajtak.in/education/board-exam-results https://www.indiatoday.in/education-today/results 8. https://results.amarujala.com 9. toi.in/mpbseresult_class12 toi.in/mpbseresult_class10 10. https://www.tv9hindi.com/education 11. https://www.ndtv.in 12. https://arivihan.com/search-mp-board-result MOBILE APPS पर परिणाम प्राप्त करने के लिए छात्र Digilocker के माध्यम से परीक्षा परिणाम देख सकेंगे। साथ ही Google Play Store पर MPBSE MOBILE App अथवा MP Mobile App Download करें एवं Know Your Result का चयन करने के बाद अपना अनुक्रमांक (Roll Number) तथा आवेदन क्रमांक (Application Number) प्रविष्ट (submit) कर परीक्षा परिणाम ज्ञात कर सकते है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किये भगवान विष्णु वराह के दर्शन

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के मझौली में भगवान विष्णु वराह के दर्शन करविष्णु वराह मंदिर में पूजा अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, सांसद श्री आशीष दुबे, विधायक श्री अजय विश्नोई, श्री राजकुमार पटेल भी इस अवसर पर उनके साथ थे। जबलपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर मझौली स्थित विष्णु वराह मंदिर का निर्माण 11 वीं शती में किया गया था। कालांतर में ध्वस्त हुये कल्चुरीकालीन इस मंदिर का 18 वीं शती में पुनर्निर्माण कराया गया। बताया जाता है कि इस मंदिर में स्थापित भगवान विष्णु वराह की प्रतिमा विश्व की सबसे बड़ी और एकमात्र ऐसी प्रतिमा है जिसकी पूजा होती है। इसे 11वीं शती में मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित किया गया था। धार्मिक एवं पौराणिक महत्व का विष्णु वराह मंदिर कला की दृष्टि से भी उत्कृष्ट है और राज्य सरंक्षित स्मारकों में शामिल है।

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