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भोपाल मंडल वातानुकूलित ट्रेनों में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे

भोपाल भारतीय रेलवे (Indian Railways) अपने यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता के बेडरोल (Railway Bedroll) देने के मामले में इन दिनों चर्चा में है. वहीं भोपाल रेल मंडल (Bhopal Railway Division) की ओर से बताया गया है कि पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में संचालित होने वाली सभी वातानुकूलित ट्रेनों (AC Train) में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे हैं. सभी चादरों और पिलो कवर को प्रत्येक उपयोग के बाद मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई और इस्त्री (प्रेस) की जाती है ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल देकर उनकी आरामदायक, हाइजीनिक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके. अधिकारियों का क्या कहना है? भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) देवाशीष त्रिपाठी ने कहा, “हम अपने यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले लिनन की आपूर्ति हमारी प्राथमिकताओं में से एक है.” भोपाल मंडल पर्यावरण के प्रति जागरूक है. जल संरक्षण के लिए आधुनिक वॉटर रीसाइकलिंग सिस्टम (ETP) का उपयोग किया जाता है और बायोडिग्रेडेबल डिटर्जेंट्स का प्रयोग किया जाता है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं हैं. लिनन धुलाई की प्रक्रिया ऐसी है :     छंटाई और निरीक्षण: उपयोग किए गए लिनन को लॉन्ड्री में पहुंचने पर छांटा जाता है और किसी भी क्षतिग्रस्त या फटे हुए लिनन को अलग किया जाता है.     प्री-ट्रीटमेंट: दाग-धब्बों को हटाने के लिए लिनन पर प्री-ट्रीटमेंट किया जाता है. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि धुलाई के बाद लिनन पूरी तरह से साफ हो.     स्वचालित धुलाई: लिनन को बड़े औद्योगिक वॉशिंग मशीनों में डाला जाता है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले डिटर्जेंट और सैनेटाइज़र का उपयोग किया जाता है. पानी के तापमान और धुलाई के समय का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि बैक्टीरिया और विषाणुओं का नाश हो सके.     सुखाने की प्रक्रिया: धुले हुए लिनन को टंबल ड्रायर में सुखाया जाता है, जिससे अतिरिक्त सैनेटाइजेशन होता है.     प्रेसिंग और फोल्डिंग: सुखाने के बाद, लिनन को प्रेस किया जाता है और सही तरीके से पैकेजिंग साइज के अनुसार मोड़ा एवं पैक किया जाता है.     गुणवत्ता नियंत्रण: हर लिनन की स्वच्छता, सफेदी की जांच की जाती है एवं व्हाइट नेस मीटर द्वारा धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता को जांच जाता ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके. स्वच्छ और पैक किए गए लिनेन को फिर से ट्रेनों में भेजा जाता है. यहां इन्हें यात्रियों के उपयोग के लिए सेट किया जाता है, जिससे उन्हें स्वच्छ और आरामदायक अनुभव मिलता है. इन ट्रेनों में की जाती है भोपाल मंडल से आपूर्ति वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि वर्तमान में भोपाल मंडल में यात्रियों को लगभग 20 ट्रेनों में लिनन की आपूर्ति की जाती है. इन ट्रेनों में प्रमुख रूप से शान ए भोपाल एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, रीवांचल एक्सप्रेस, उर्जाधानी एक्सप्रेस, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस, सहरसा एक्सप्रेस, भोपाल-रीवा एक्सप्रेस आदि शामिल हैं. वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर आर पी खरे ने बताया, “हम स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष ध्यान देते हैं और यात्रियों की संतुष्टि के लिए हर संभव कदम उठाते हैं.” यात्री लिनन से संबंधित किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए रेल मदद पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं. इन शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाता है. इन सभी प्रयासों के माध्यम से भारतीय रेल यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान साफ, स्वच्छ और आरामदायक लिनन मिले, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो सके.

रोगियों के अधिकार और हितों का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त ने दिए निर्देश

भोपाल आयुक्त, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी ने प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों (नर्सिंग होम) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अस्पताल में प्रदायित सभी चिकित्सकीय सेवाओं की दर सूची (रेट लिस्ट) प्रमुखता से प्रदर्शित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों के हितों की रक्षा करते हुए उन्हें बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिये यह महत्वपूर्ण है। निजी चिकित्सालयों में काउंटर पर दर सूची का प्रदर्शन अनिवार्य है। रोगी या उनके परिवारजन द्वारा मांग करने पर दर सूची दिखाना अस्पताल प्रबंधन का दायित्व भी होगा। इसके अलावा, यदि किसी अस्पताल को दर सूची में संशोधन करना हो, तो इसकी लिखित सूचना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देना आवश्यक है। संशोधित दर सूची को भी प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा। इसका उद्देश्य रोगियों के अधिकारों की रक्षा करने और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाना है। यह निर्देश म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम, 1973 और नियम, 1997 (यथासंशोधित 2021) के नियम 17 के अनुसार जारी किए गए हैं। सभी निजी चिकित्सालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इन प्रावधानों का पालन करें। आयुक्त राठी ने समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इसके अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। दर सूची के बिना अतिरिक्त शुल्क लेना नियमों का उल्लंघन है, मनमानी शुल्क वसूलने की घटनाओं को रोकने के लिए सतत निरीक्षण करने के आयुक्त ने निर्देश दिये हैं।  

Parvati-Kali Sindh-Chambal Link Project में पूर्व में बनाई गई कार्ययोजना में बदलाव

भोपाल   पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से मालवा रीजन में अगले विधानसभा चुनाव के पहले सिंचाई और पेयजल के लिए पानी दिलाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके चलते दूसरे फेज में शामिल मालवा रीजन के कामों को अब पहले फेज में पूरा कराने का फैसला लिया है। इसके लिए पूर्व में बनाई गई कार्ययोजना में बदलाव मंत्री स्तरीय बैठकों में किया है। इसके बाद अब संशोधित पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के चंबल और मालवा क्षेत्र के किसानों को फायदा मिलेगा। किसानों को न केवल सिंचाई और पेयजल के लिए पानी मिलेगा बल्कि संबंधित क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के संबंधित जानकारी     पार्वती काली सिंध चंबल लिंक परियोजना में एमपी की 17 परियोजनाएं एवं राजस्थान की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना शामिल हैं। इस परियोजना की कुल लागत 72 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित है।     परियोजना के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश के लगभग 6.11 लाख हेक्टेयर नवीन क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल मिलेगा।     उद्योगों के लिए लगभग 172 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध होगा। परियोजना से लगभग 40 लाख परिवारों को फायदा होगा। एमपी में 35 हजार करोड़ होंगे खर्च संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना में मध्यप्रदेश से पार्वती, कूनो, कालीसिंध, चंबल, क्षिप्रा एवं सहायक नदियों के जल का अधिकतम उपयोग किया जायेगा। प्रदेश में इन परियोजनाओं की कुल लागत 35 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित है। एमपी में यहां बनेंगे बांध     परियोजना के अंतर्गत श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्प्लेक्स में 4 बांध (कटीला, सोनपुर, पावा एवं धनवाड़ी) बनाए जाएंगे।     यहां 2 बैराज (श्यामपुर, नैनागढ) में बनेंगे।     कुम्भराज कॉम्प्लेक्स में 2 बांध (कुंभराज-1 एवं कुंभराज-2) बनेंगे। रणजीत सागर, लखुंदर बैराज एवं ऊपरी चम्बल कछार में 7 बांध (सोनचिरी, रामवासा, बचेरा, पदुनिया, सेवरखेड़ी, चितावद तथा सीकरी सुल्तानपुरा) बनाए जाएंगे।     गांधी सागर बांध की अप स्ट्रीम में चंबल, क्षिप्रा और गंभीर नदियों पर छोटे-छोटे बांधों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन 13 जिलों को मिलेगा पानी इस परियोजना से राज्य के 13 जिलों मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, भिंड, श्योपुर, इंदौर, उज्जैन, धार, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास एवं राजगढ़ को सिंचाई, पेयजल, मत्स्य पालन एवं औद्योगिक प्रयोजन के लिए पानी मिलेगा। केंद्र सरकार के सहयोग से बनने वाली इस परियोजना का कार्य आगामी 5 वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा। 21 बांध बैराज, रिजर वायर बनाए जाएंगे परियोजना अंतर्गत कुल 21 बांध, बैराज एवं बैलेंसिंग रिजरवायर आदि का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना में मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के मध्य मौजूदा चंबल दायीं मुख्य नहर (CRMC) एवं मध्य प्रदेश क्षेत्र में CRMC सिस्टम को अंतिम छोर तक नवीकरण एवं आधुनिकीकरण का प्रावधान रखा गया है, इससे मध्य प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिंड जिलों को सिंचाई एवं पेयजल के लिए आवंटित जल मिलेगा। ऐसे चली परियोजना डीपीआर बनाने की प्रक्रिया     केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, मध्य प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री और दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव एवं सचिव की मौजूदगी में 28 जनवरी 2024 को परियोजना की डीपीआर तैयार करने के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।     संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश की श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्प्लेक्स की 6 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण, भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है।     शेष परियोजनाओं की डीपीआर विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन है।     संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना सह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का भारत सरकार से प्राप्त ड्राफ्ट समझौता अनुबंध को मध्य प्रदेश शासन द्वारा संशोधन के बाद भारत सरकार को 25 अक्टूबर 2024 को भेजा है।  

प्रदेश में आईजीएसटी के रूप में प्री सेटलमेंट और पोस्ट सेटलमेंट के रूप में राजस्व में वृद्धि हुई

भोपाल दीपावली की रौनक थमने के बाद नवम्बर महीने में जीएसटी से राज्य सरकार को होने वाली ग्रोथ घटी है। दीपावली के कारण अक्टूबर में जहां राज्य सरकार को बाजार में खरीददारी बढ़ने से 554 करोड़ रुपए का अधिक राजस्व सितम्बर के मुकाबले मिला था। वहीं नवम्बर में यह घट गया और अक्टूबर के मुकाबले सिर्फ 166 करोड़ रुपए ही अधिक रेवेन्य राज्य शासन के खाते में जमा हो सकी है। हालांकि यह ओवरआल पांच प्रतिशत बढ़ी है। इसके अलावा प्रदेश में इंटर स्टेट जीएसटी (आईजीएसटी) के रूप में प्री सेटलमेंट और पोस्ट सेटलमेंट के रूप में राजस्व में वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने एक दिसम्बर को सभी राज्यों के हिस्से में आए और केंद्र को मिले जीएसटी का राज्यवार ब्यौरा जारी किया है। इसकी पड़ताल करने पर यह बात सामने आई है कि एमपी में अक्टूबर महीने में दीपावली और नवरात्र पर्व के कारण बढ़ी खरीददारी के चलते सरकार को जीएसटी से खासा मुनाफा हुआ था जो नवम्बर में कम हो गया है। एमपी सरकार को नवम्बर 2023 में जीएसटी से होने वाली आमदनी 3646 करोड़ रुपए थी जो नवम्बर 2024 में बढ़कर 3812 करोड़ हो गई है। इस तरह एक साल में ग्रोथ 5 प्रतिशत बढ़ी है। आईजीएसटी से ऐसे जुटता है राजस्व जीएसटी की आईजीएसटी कैटेगरी में सरकार को जो राजस्व मिला है, उसके अनुसार प्री-सेटलमेंट एसजीएसटी के रूप में साल 2023-24 में एमपी को 8496 करोड़ मिले थे। जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 9043 करोड़ रुपए हो गए हैं। इसमें ग्रोथ 6 प्रतिशत रही है। इसी तरह पोस्ट सेटलमेंट एसजीएसटी से मिलने वाला राजस्व वर्ष 2023-24 में 20673 करोड़ था। जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 23674 करोड़ हो गया है। इसमें ग्रोथ 15 प्रतिशत रही है। ऐसे लगती है आईजीएसटी इंटरस्टेट सप्लाई होने पर आईजीएसटी लगती है। आईजीएसटी बच जाती है उसे पोस्ट सेटलमेंट कहते हैं। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर पंजाब से एमपी के लिए कोई माल सप्लाई होता है तो वहां का व्यापारी 18 प्रतिशत जीएसटी वसूली करता है। इसे आईजीएसटी कैटेगरी में शामिल किया जाता है। ऐसी स्थिति में माल सप्लाई करने वाले पंजाब को जीएसटी की राशि अलग से नहीं दी जाती है। इसके बाद जब माल का कंजप्शन एमपी में हो जाता है तो एमपी की सरकार को एसजीएसटी मिलता है। इसमें केंद्र के हिस्से की राशि केंद्र सरकार को चली जाती है।

साध्वी राधा किशोरी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार रोकने की अपील करते हुए भारतीय मुसलमानों को ही धमकी दे डाली

गुना बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ मध्य प्रदेश के गुना में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। ‘हिंदू आक्रोश रैली’ में हजारों लोगों ने हाथ में बैनर-पोस्टर लेकर मार्च निकाला। इस दौरान साध्वी राधा किशोरी ने विवादित बयान भी दे डाला। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार रोकने की अपील करते हुए भारतीय मुसलमानों को ही धमकी दे डाली और कहा कि उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके भाईजान भारत में हैं और वे भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। राधा किशोरी ने हिंदुओं से एक होने की अपील करते हुए कहा कि भारत को बांग्लादेश बनने से बचाने के लिए एकजुट रहना है। उन्होंने पड़ोसी देश में हिंदुओं पर अत्याचार का जिक्र करते हुए देश के मुसलमानों से ही बदला लेने की धमकी दे डाली। साध्वी ने कहा, ‘मैं बांग्लादेश के लोगों को बताना चाहती हूं कि जो अत्याचार तुम हमारे भाई-बहनों पर कर रहे हो, यहां भारत में भी आपके कुछ भाई हैं, जिन्हें आप भाईजान कहते हो। वो भारत में सुरक्षित नहीं रहेंगे, यदि बांग्लादेश में हिंदुओं को परेशान किया तो। वहां की सरकार भी कान खोलकर सुन ले कि हमारा हिंदू सड़कों पर आ चुका है। बहुत सह लिया, अब नहीं सहेंगे। हम हिंदू हैं, हम लेकर ही रहेंगे।’ साध्वी ने बागेश्वर बाबा की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वह हिंदुओं की एकता के लिए यात्रा कर रहे हैं। उनका सपना है कि हमारा भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा। राधा किशोरी ने कहा, ‘मेरा मन यह देखकर बहुत दुखी होती है कि भारत में भगवान राम के उत्पन्न होने का प्रमाण मांगा जाता है। हिन्दुस्तान में एक तुच्छ व्यक्ति रामचरितमानस को जला देता है। अमरनाथ की यात्रा को रोक दिया जाता है। पालघर में संतों की हत्या की गई। इससे भी ज्यादा दुख की बात है कि यह सब नजारा हिंदू भाई चुपचाप देखते हैं, वीडियो बनाते रहते हैं। आवाज नहीं उठाते। हम सब मिलकर संकल्प लेते हैं कि जब किसी हिंदू भाई पर कोई संकट आए तो हमें डटकर सामना करना है। हाथ पकड़कर कहना है कि हम तुम्हारे साथ हैं।’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश के डॉ. शर्मा को राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण पुरस्कार से किया सम्मानित

भोपाल राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को नई दिल्ली में छतरपुर जिले के डॉ. संजय कुमार शर्मा को दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें ‘दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति’ की श्रेणी में उत्कृष्टत कार्यों के लिए यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। समारोह में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार भी उपस्थित थे। डॉ. शर्मा विगत 34 वर्षों से बुंदेलखंड क्षेत्र में मानसिक रोगियों के पुनर्वास के लिए कार्यरत हैं। अपने निजी प्रयासों और धन से वे मानसिक रोगियों को बचाने और समाज की मुख्य धारा में जोड़ने का काम कर रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति पर जागरूकता बढ़ाने में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिये जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाई जाये

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिये जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाई जाये। उन्होंने नक्सल प्रभावी क्षेत्रों में गश्त बढ़ाते हुए मुखबिर व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 36वीं बटालियन, हॉक फोर्स सहित सभी स्पेशल फोर्स एक्टिव होकर जिम्मेदारी से कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को बालाघाट में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर जन-प्रतिनिधियों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने आईजी श्री संजय सिंह एवं पुलिस अधीक्षक नागेंद्र कुमार द्वारा जिले में नक्सल गतिविधियों के उन्मूलन के उद्देश्य से तैयार की गई योजना के प्रेजेंटेशन का अवलोकन भी किया। बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा एवं बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री श्री लखन पटेल, सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्री गौरव पारधी, विधायक राजकुमार कर्राहे, विधायक श्री मधु भगत, विधायक श्री विक्की पटेल, पूर्व मंत्री श्री रामकिशोर कावरे, पूर्व मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल, संभागायुक्त श्री अभय वर्मा, कलेक्टर श्री मृणाल मीना सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन हमारी संस्कृति रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन हमारी संस्कृति रही है। कई जन्मों के पुण्य के बाद देवता हमारे यज्ञ की आहुति स्वीकारते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बालाघाट के सरदार पटेल विश्वविद्यालय में आयोजित 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा नवीन शिक्षा नीति में भारत की गौरवशाली इतिहास एवं हमारी संस्कृति तथा आदर्शो को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि नवीन शिक्षा नीति में किये गये प्रावधान अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति अब गायत्री मंत्र के मर्म एवं महिमा में पीएचडी करना चाहे तो कर सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गायत्री परिवार के नशामुक्ति, नारी सशक्तिकरण जैसे जनजागृति अभियानों से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का आहवान किया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर डॉ. चिन्मय पाण्ड्या ने आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री श्री लखन पटेल, सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्री गौरव पारधी, विधायक राजकुमार कर्राहे, पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे, पूर्व मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल, पूर्व सांसद श्री ढालसिंह बिसेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गायत्री परिवार के पदाधिकारी की उपस्थिति रहीं।  

ASI ने पत्नी और साली को उतरा मौत के घाट, डबल मर्डर से भोपाल में सनसनी, हैरान कर देगी वजह

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मंगलवार को डबल मर्डर से दहल गया। राजधानी भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) ने अपनी अलग रह रही पत्नी और साली की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ASI ने पत्नी और साली को उतरा मौत के घाट एएसआई की पहचान योगेश मरावी के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह मंडला में पदस्थ हैं। उनकी पत्नी विनीत भोपाल में नौकरी करती थीं और अपनी बहन के साथ ऐशबाग इलाके में फ्लैट लेकर रहती थीं। बताया जा रहा है कि योगेश का पिछले कुछ समय से अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था। जांच में जुटी पुलिस हत्या की जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रियंका शुक्ला ने बताया, “एएसआई की पहचान योगेश मरावी के रूप में हुई है। उसकी पत्नी विनीता अपनी बहन के साथ ऐशबाग इलाके में एक फ्लैट में रहती थी, जहां सुबह मरावी आया और दोनों की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। मृतकों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच थी।” पुलिस उपायुक्त प्रियंका शुक्ला ने कहा कि मृतक के घरेलू सहायक ने उनके रिश्तेदारों को इसकी सूचना दी, जिन्होंने बाद में पुलिस को सूचित किया। आरोपी अपनी पत्नी के फ्लैट पर सुबह करीब 11 बजे पहुंचा था। डीसीपी ने आगे कहा कि आते ही आरोपी ने घरेलू सहायक को बाहर धकेल दिया और अपराध करने से पहले अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। 10 साल पहले हुई थी शादी उल्लेखनीय है कि मरावी वर्तमान में मंडला में ड्यूटी पर तैनात थे और उन्होंने करीब 10 साल पहले विनीता से शादी की थी। डीसीपी ने बताया कि वे विवाद के चलते लंबे समय से अलग रह रहे थे। उन्होंने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गया था।

निजी चिकित्सालयों में दर सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य

भोपाल आयुक्त, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी ने प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों (नर्सिंग होम) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अस्पताल में प्रदायित सभी चिकित्सकीय सेवाओं की दर सूची (रेट लिस्ट) प्रमुखता से प्रदर्शित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों के हितों की रक्षा करते हुए उन्हें बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिये यह महत्वपूर्ण है। निजी चिकित्सालयों में काउंटर पर दर सूची का प्रदर्शन अनिवार्य है। रोगी या उनके परिवारजन द्वारा मांग करने पर दर सूची दिखाना अस्पताल प्रबंधन का दायित्व भी होगा। इसके अलावा, यदि किसी अस्पताल को दर सूची में संशोधन करना हो, तो इसकी लिखित सूचना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देना आवश्यक है। संशोधित दर सूची को भी प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा। इसका उद्देश्य रोगियों के अधिकारों की रक्षा करने और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाना है। यह निर्देश म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम, 1973 और नियम, 1997 (यथासंशोधित 2021) के नियम 17 के अनुसार जारी किए गए हैं। सभी निजी चिकित्सालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इन प्रावधानों का पालन करें। आयुक्त श्री राठी ने समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इसके अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। दर सूची के बिना अतिरिक्त शुल्क लेना नियमों का उल्लंघन है, मनमानी शुल्क वसूलने की घटनाओं को रोकने के लिए सतत निरीक्षण करने के आयुक्त ने निर्देश दिये हैं।  

श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह को मिलेगा कलिंगा सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड

भोपाल इंस्टीट्यूट ऑफ क्वालिटी एन्ड एनवायरनमेंट मैनेजमेंट सर्विसेस एवं इंस्टीट्यूट ऑफ पब्ल‍िक इंटरप्राइजेस का प्रतिष्ठ‍ित कलिंगा सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड-2023 मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना को देने का निर्णय लिया गया है। विद्युत गृह को यह अवार्ड लार्ज स्केल इंटरप्राइजेस मेजर इंडस्ट्री केटेगरी में मिलेगा। उल्लेखनीय है कि श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना ने अवार्ड के लिए निर्धारि‍त सेफ्टी (सुरक्षा), स्वास्थ्य व पर्यावरण से संबंधित सभी मापदंडों को सफलातपूर्वक पूर्ण किया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई व पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के समस्त अभियंताओं एवं कार्मिकों को इस अवार्ड के लिए चयनित होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी। श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना को यह अवार्ड 18 दिसंबर को भुवनेश्वर में आयोजित होने वाले समारोह में दिया जाएगा। सबसे अधिक उत्पादन क्षमता वाला विद्युत गृह मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की प्रदेश में सबसे बड़े ताप विद्युत गृह के रूप में श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगलिया (खंडवा) की पहचान है। इसकी वर्तमान उत्पादन क्षमता 2520 मेगावाट है। इस विद्युत गृह में 600 मेगावाट की दो और 660 मेगावाट की दो ताप विद्युत यूनिट हैं। सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर विशेष ध्यान श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में व्यावसायिक सेफ्टी (सुरक्षा), स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया है। विद्युत परियोजना द्वारा कलिंगा अवार्ड के लिए निर्धारित मापदंड OSH (Occupational Safety and Health) और SHE (Safety, Health, and Environment) को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है।  

राज्यस्तरीय दिव्यांगजन कल्याण कार्यक्रम बुधवार को

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के उपलक्ष पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 4 दिसंबर को प्रातः 11:00 बजे से सामाजिक न्याय दिव्यांग जन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा के मुख्य अतिथि में संपन्न होगा। यह कार्यक्रम भोपाल में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के एडिटोरियल हॉल में आयोजित किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री बालाघाट में स्वदेशी मेले में हुए शामिल, कहा- उद्यमशीलता के संवर्धन का सशक्त माध्यम हैं मेले

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी स्टार्ट-अप, मेक-इन-इंडिया और वोकल-फॉर-लोकल के प्रेरणादायक आह्वान ने देश में उद्यमिता के पुनर्जागरण की अलख जगाई है। भारत आज इंग्लैंड को पीछे छोड़कर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मंगलवार को बालाघाट में स्वदेशी मेले को संबोधित कर रहे थे। डॉ. यादव ने मेले में शासकीय विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। साथ ही युवाओं को ऑफर लेटर और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्रदान किए और उपस्थित युवाओं से संवाद किया। स्वदेशी विचारक श्री भैया जी जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेले में आने के लिए श्री भैयाजी जोशी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेला का अर्थ मेल-जोल है और इसमें व्यापार के साथ ही सांस्कृतिक मेलजोल को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेले का प्रारंभ वर्ष 1999 से निरंतर विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है। मुम्बई से प्रारंभ स्वदेशी मेले में स्वदेशी उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय से छोटे-बड़े उद्योगों को बल मिला है। यह केवल मेला ही नहीं स्वदेशी मेले के रूप में मिनी इंडिया का स्वरूप देखने को मिल रहा है। यहाँ अलग-अलग प्रांतों की लोककला और कारीगरी को एक स्थान और एक मंच पर देखने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले हमारा देश सोने की चिड़िया हुआ करता था, हम दुनिया की शीर्षस्थ अर्थव्यवस्था थे और हमारे उद्योग, धंधे, मसाले, रेशम और मलमल जैसे चमत्कारी वस्त्र दुनिया भर में मशहूर थे। कहा जाता है कि ढाका का बना मलमल अंगूठी के छल्ले से निकल जाता था। अंग्रेजों ने हमारी इसी स्वदेशी ताकत को कमजोर बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन और प्रेरणा से देश के साथ ही प्रदेश के युवा ने भी नौकरी मांगने नहीं, देने वाले बनने के गंभीर और दूरदर्शी संदेश को समझा। आज हमारे यहां 37 हजार से भी अधिक स्वदेशी स्टार्ट-अप सक्रिय हैं। हमारा युवा उद्यमशील होकर नौकरी देने वाला बन रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से आगे बढ़ रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के कंसेप्ट को आगे बढ़ाने में हमें प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन भी मिला है। हमारे प्रयास सफल रहे, हमने सागर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी सफलतापूर्वक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया और अब जल्द ही नर्मदापुरम में भी करने जा रहे हैं। नर्मदापुरम में इंडस्ट्री के लिए पूर्व में आरक्षित 250 हेक्टेयर भूमि को बढ़ाकर 500 हेक्टेयर कर दिया गया है। इसे हम 750 हेक्टेयर तक बढ़ायेंगे। इसमें नवकरणीय ऊर्जा पार्क और अन्य दूसरे उद्योगों की स्थापना के प्रस्ताव भी मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अब तक हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से 2.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए और इनसे 2 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि  हम उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी को इंडस्ट्री-फ्रेंडली बनाने के लिये हर स्तर पर जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हम उद्योगों को पारिश्रमिक के रूप में प्रति कर्मचारी 5 हजार रुपए की प्रारंभिक सहायता भी दे रहे हैं। प्रदेश में हुए 17 मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर के नागरिक के लिए भी अच्छे स्वास्थ्य और उसे चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पबद्ध है।  प्रदेश में वर्ष 2003-04 में 5 मेडिकल कॉलेज थे, जिन्हें बढ़ाकर हमने 17 कर दिया है। इतना ही नहीं प्रदेश में निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या भी 13 हो गई है। आने वाले वर्ष में 12 और सरकारी कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज भी खोले जाएंगे, इनमें से एक बालाघाट में भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेले की सराहना करते हुए कहा कि इसमें आयुर्वेदिक औषधियों को बिक्री के लिए प्रदर्शित किया जाना अच्छी पहल है। कोविड त्रासदी के दौर में हमारी स्वदेशी आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली की जीवन-रक्षक शक्ति की महत्ता पूरे देश ने जानी समझी। आयुर्वेद में असीम संभावनाएं हैं, इसलिए प्रदेश सरकार इसे बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश का बजट 3.25 लाख करोड़ से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ हो चुका है। हमारा लक्ष्य इसे 7 लाख करोड़ रुपए तक ले जाना है, जिससे हम प्रधानमंत्री श्री मोदी के देश को 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। मेला हमारे जीवन का अभिन्न अंग बालाघाट में आयोजित स्वदेशी मेले के शुभारंभ में स्वदेशी विचारक श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि मेले हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं और इनमें स्वदेशी के समावेश से हम आर्थिक रूप से शक्तिशाली बन रहे हैं। श्री जोशी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से भारत सभी क्षेत्रों में विश्व में अग्रणी बन रहा है। चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हमने इतना विकास किया है कि आज विदेशी भी इलाज के लिये भारत आते हैं। स्वदेशी मेले में आयोजक पूर्व मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, आयोजक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। इसमें जनजातीय कलाकारों ने आकर्षक लोकनृत्य की प्रस्तुति दी।  

जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ पर मेहरबान विभाग, अब तक कोई एक्शन नहीं : जबलपुर विकास प्राधिकरण का घोटाला

जबलपुर जबलपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा अपराध पंजीकृत किए जाने के बाद से शहर में एक नई बहस छिड़ गई है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को उजागर करता है, बल्कि शहर के विकास कार्यों पर भी सवाल खड़े करता है। करप्शन सामने आने के बाद भी अब तक भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, पीङित किसान परेशान हैं। न्याय के लिए भटक रहे हैं। जिम्मेदारों ने साध रखी चुप्पी सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। यह चुप्पी लोगों में और अधिक संदेह पैदा कर रही है। क्या सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है? यह एक गंभीर सवाल है जिसका जवाब सरकार को कारॅवाई कर देना होगा।   यह था मामला… जेडीए की जमीन में फर्जीवाड़ा कर सरकार को 2 करोड़ 40 लाख चपत लगाने एवं 25 लाख की स्टाम्प ड्यूटी की हानि पहुँचाने के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जेडीए के सीईओ दीपक वैद्य सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में गढ़ा मानस स्कूल के पास रहने वाली विद्याबाई प्यासी और उनके बेटे हरीश प्यासी, सौरभ प्यासी, प्रवीण प्यासी और आशीष प्यासी को भी आरोपी बनाया गया है। ज्ञात हो कि पूर्व में संजीवनी नगर थाने में विद्याबाई और उसके बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार ईओडब्ल्यू को गढ़ा निवासी अशोक प्यासी द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि कछपुरा में योजना क्रमांक 6 और 41 की कुछ जमीन को जेडीए द्वारा अधिग्रहित किया गया था। इसके एवज में जेडीए ने भू-स्वामियों को दो करोड़ 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया। जेडीए इस जमीन के दस्तावेजों में अपना नाम नहीं चढ़वा पाई। इस दौरान विद्या बाई और उनके बेटों ने जेडीए अधिकारियों के साथ साँठगाँठ कर अधिग्रहित की गई जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए और जमीन को बेच दिया। इसमें 25 लाख रुपए के स्टाम्प की भी हानि शासन को पहुँचाई। गलत जानकारी प्रस्तुत की थी जाँच के दौरान ईओडब्ल्यू ने सीईओ दीपक वैद्य से जानकारी माँगी, तो उनके द्वारा ईओडब्ल्यू को गलत जानकारियाँ दी गईं। इस पूरे मामले में तत्कालीन जेडीए सीईओ समेत भू-अर्जन अधिकारी और राजस्व अधिकारी की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। इनकी भी जाँच की जा रही है। जाँच में जिन अधिकारियों की मिलीभगत होगी उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। यह सवाल लोगों के जेहन में उठ रहे  * क्या इस मामले में राजनीतिक दखल है?  * क्या विभाग इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है?  * क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीतियां कागजों पर ही सिमट कर रह गई हैं?

बैहर में थप्पड़कांड का वीडियो वायरल, कांग्रेस नेता रणजीत बैस पर एफआईआर दर्ज

बालाघाट एक अनुसूचित आदिवासी छात्र को स्कूल में थप्पड़ मारने के आरोप में मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस प्रदेश सचिव और बैहर जनपद उपाध्यक्ष रणजीत बैस पर एफआईआर दर्ज हो गया है. कांग्रेस के दोनों नेताओं पर गढ़ी थाने में एसटी/एससी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. बता दें, थप्पड़कांड का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद कार्रवाई हुई है. युवक कांग्रेस नेताओं पर एसटी-एससी एक्ट के तहत दर्ज हुई प्राथमिकी गौरतलब है युवक कांग्रेस नेताओं ने आदिवासी छात्र को स्कूल के अंदर गुटखा लाने से इनकार करने पर थप्पड़ जड़ दिया था. स्कूल छात्र को थप्पड़ मारने की घटना का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ था. अब गढ़ी पुलिस ने दोनों कांग्रेस नेताओ के ऊपर एसटी-एससी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. स्कूल में गुटखा लाने से इनकार करने पर कांग्रेस नेताओं ने मारा थप्पड़ रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल पहुंचे युवक कांग्रेस सचिव और युवक कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आदिवासी छात्र से गुटखा खरीदकर लाने के कहा, लेकिन ने स्कूल में गुटखा खरीदकर लाने से आदिवासी छात्र ने इनकार कर दिया. आदिवासी छात्र के इनकार से कांग्रेस नेता को गुस्सा आ गया और उसने छात्र को थप्पड़ जड़ दिया.  

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