LATEST NEWS

प्रधानमंत्री मोदी के देश को टीबीमुक्त बनाने का संकल्प को मध्यप्रदेश भी कदम से कदम मिला कर चल रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि ‘टीबीमुक्त भारत’ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प में राज्य भी कदम से कदम मिला कर चल रहा है और अगर कोई व्यक्ति टीबी से ग्रस्त है तो उसे इस अभियान का हिस्सा बनाने में सभी मदद करें। डॉ यादव ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में देश को टीबीमुक्त बनाने का संकल्प लिया था। मध्यप्रदेश भी उसमें कदम से कदम मिला कर चल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग के दृष्टिकोण से देश भर के 347 जिलों का चयन किया गया है, जिसमें 100 दिवसीय नि:क्षय अभियान चलाया जा रहा है। इसमें मध्यप्रदेश के 23 जिले अलीराजपुर, अनूपपुर, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, खंडवा, मंडला, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, रतलाम, सीहोर, सिवनी, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि क्षय उन्मूलन की दिशा में इन जिलों में सक्रियता के साथ काम होगा। साथ ही जनता भी इस अभियान में मददगार बनते हुए टीबी से ग्रस्त अगर कोई व्यक्ति है तो उसे इस अभियान का हिस्सा बनाने में मदद करे।मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। इससे डरे नहीं। रोगी की पहचान कर राेगमुक्ति का संकल्प लें।

अंतःरामनिवास रावत का इस्तीफा हुआ मंजूर, नए वनमंत्री के लिए इन नेताओं के नाम बटोर रहे सुर्खियां, जल्द होगा फैसला

भोपाल  मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में हार के बाद वनमंत्री रामनिवास रावत ने 2 दिसंबर को इस्तीफा दिया। विदेश दौरे से लौटने के बाद CM डॉ. मोहन यादव ने रावत के इस्तीफे को अनुशंसा के लिए राज्यपाल मंगू भाई पटेल के पास भेजा। बुधवार (4 दिसंबर) को राम निवास रावत का इस्तीफा मंजूर हो गया है। रावत का इस्तीफा मंजूर होते ही अब नए वन मंत्री की तलाश शुरू हो गई है। रावत की कुर्सी पर बैठने के लिए कई नेताओं के नाम सियासी गलियारों में सुर्खियां बटोर रहे हैं। आइए जानते हैं कौन हैं वो नेता। कुर्सी पाने की होड़ शुरू वनमंत्री की कुर्सी पाने के लिए कई नेताओं ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। अपने-अपने स्तर पर ताकत लगा रहे हैं। सियासी गलियारों में पूर्व वन मंत्री नागर सिंह चौहान और विजय शाह के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव से भेंट की थी। पिछली सरकार में शाह के पास वन विभाग था। नागर सिंह के पास था वन मंत्रालय नागर सिंह चौहान अलीराजपुर से विधायक हैं। नागर की पत्नी अनीता सिंह चौहान रतलाम से बीजेपी सांसद हैं।  रावत को वन मंत्री बनाए जाने से पहले यह महकमा मंत्री नागर सिंह चौहान के पास था। उनसे वन विभाग छीने जाने पर चौहान ने नाराजगी भी जताई थी और बात दिल्ली तक पहुंची थी। ऐसे में उनकी भी दावेदारी इस पद के लिए मानी जा रही है। हाल ही में नागर सिंह ने दिल्ली में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी।   शिवराज सरकार में वनमंत्री थे विजय शाह हरसूद विधायक कुंवर विजय शाह मोहन सरकार में जनजातीय कार्य मंत्री हैं। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में विजय सिंह वनमंत्री की जिम्मेदारी संभान चुके हैं। रावत के इस्तीफे के बाद विजय शाह का नाम भी वनमंत्री के लिए चल रहा है। दो दिन पहले शाह का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो में शाह से पूछा गया था कि रावत के इस्तीफे के बाद वन मंत्री का पद खाली है, क्या वे वन मंत्री बन सकते हैं। इस पर शाह बिना कोई जवाब दिए मुस्कुरा कर चल दिए थे। इनके नाम भी बटोर रहे सुर्खियां नागर सिंह और विजय शाह के अलावा भी कई नेताओं के नाम वनमंत्री के लिए सुर्खियां बटोर रहे हैं। रहली विधायक गोपाल भार्गव, विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक, पाटन विधायक अजय विश्नोई सहित कई विधायकों के नाम भी चर्चा में हैं। इनके अलावा मोहन कैबिनेट में कमजोर विभाग वाले मंत्रियों की निगाहे भी इस विभाग पर हैं। हालांकि इसका अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को ही करना है।   1. मंत्रिमंडल विस्तार और किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी मंत्रिमंडल में रावत के इस्तीफे के बाद मोहन कैबिनेट में अब कुल 32 मंत्री हैं। विधानसभा सदस्यों की संख्या के हिसाब से संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक अधिकतम 35 मंत्री (मुख्यमंत्री सहित) रह सकते हैं। इस हिसाब से 3 मंत्रियों की गुंजाइश है, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार की फिलहाल कोई संभावना नहीं दिख रही है। ऐसी राजनीतिक परिस्थितियां भी नहीं हैं कि संगठन या सरकार के लिए विस्तार मजबूरी हो। 2. मौजूदा मंत्रियों में से किसी को वन विभाग सौंपा जाए इसकी संभावना ज्यादा है। किसी आदिवासी मंत्री को यह जिम्मेदारी मिल सकती है, क्योंकि रावत से पहले यह विभाग आदिवासी मंत्री नागर सिंह के पास ही था। नागर सिंह भी खुलकर दावेदारी कर चुके हैं। आदिवासी चेहरों में पीएचई मंत्री संपतिया उइके प्रबल दावेदार हैं। आदिवासियों से जुड़े मुद्दों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव फील्ड में उन्हें आगे करते रहे हैं। इससे सरकार महिला और आदिवासी दोनों वर्गों में मैसेज देगी। दूसरे दावेदार जनजातीय कार्य मंंत्री विजय शाह हैं जो दिल्ली तक लॉबिंग कर चुके हैं। शिवराज सरकार में वन विभाग उनके पास रह चुका है। दो दिसंबर को इस्तीफा मंजूर, 4 को नोटिफिकेशन रावत का इस्तीफा दो दिसंबर को मंजूर किया गया। इसका नोटिफिकेशन सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 दिसंबर को जारी किया। सीएम डॉ मोहन यादव के जर्मनी और यूके से 30 नवंबर को भोपाल लौटने के बाद मंत्री रावत ने उनसे मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि सीएम से मुलाकात के बाद ही इस्तीफे को स्वीकार करने पर अंतिम फैसला हुआ है। सीएम यादव की अनुशंसा के बाद इस्तीफा राजभवन को भेजा गया। उपचुनाव रिजल्ट आते ही राहत ने दिया था इस्तीफा वनमंत्री राम निवास रावत ने 23 नवंबर को विजयपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद उसी शाम मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि तब से इस पर फैसला पेंडिंग था। मुख्यमंत्री 24 नवंबर को विदेश के लिए रवाना हो गए और तीस नवंबर को भोपाल लौटे। इसके बाद रावत की उनसे मुलाकात हुई और अब इस्तीफे को मंजूरी मिली है। वन मंत्री बनने के सवाल पर मुस्कुरा कर रह गए थे शाह वन मंत्री रह चुके कुंवर विजय शाह का दो दिन पहले एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें जब शाह से पूछा गया कि रावत के इस्तीफे के बाद वन मंत्री का पद खाली है, क्या वे वन मंत्री बन सकते हैं। इस पर शाह बिना कोई जवाब दिए मुस्कुरा कर चल दिए थे। सीएम के पास जीएडी, गृह, जेल, खनिज जैसे महकमे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पास कई महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के अलावा गृह, जेल विभाग, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास विभाग, विमानन, खनिज, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय विभाग शामिल हैं। विभागों के नए बंटवारे में सीएम अपने पास से भी कुछ विभाग दूसरे मंत्रियों को दे सकते हैं।  

“ऑपरेशन मुस्कान” के तहत थाना पिपट पुलिस ने 12 वर्षीय गुम बालक को तलाश कर सुरक्षित किया परिजनों के सुपुर्द

छतरपुर छतरपुर पुलिस द्वारा “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत गुम/अपहृत बालक बालिकाओं एवं व्यक्तियों की तलाश कर सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया जा रहा है।दिनांक 15 नवंबर को थाना पिपट में एक 12 वर्षीय बालक के गुमने की सूचना प्राप्त हुई, थाना पिपट में भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। पुलिस टीम द्वारा आसपास के क्षेत्र, बस स्टैंड, चौराहा, रेलवे स्टेशन इत्यादि से जानकारी एकत्र की गई। आसपास के जिलों में गुम बालक की हुलिया, छवि एवं छायाचित्र के माध्यम से सूचना दी गई। संचार तंत्र सक्रिय रहा। थाना पिपट पुलिस को 12 वर्षीय गुम बालक के दिल्ली में होने की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम ने दिल्ली पहुंचकर गुम हुए बालक को दस्तयाब कर सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया। बालक द्वारा स्वेच्छा से घर से घूमने हेतु जाना बताया गया। उक्त कार्यवाही में एसडीओपी बिजावर श्री शशांक जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पिपट उपनिरीक्षक राहुल तिवारी, प्रधान आरक्षक ज्ञान सिंह ,आरक्षक राजेश शर्मा, आरक्षक मयंक शुक्ला ,आरक्षक उमाशंकर ,आरक्षक हरिओम, आरक्षक दामोदर एवं महिला आरक्षक अभिलाषा पांडे की भूमिका रही।

अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव  2024 खजुराहो में साहित्य कला और सिनेमा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रत्येक वर्ष आयोजित

 खजुराहो मूर्ति कला के लिए विश्व प्रसिद्ध एवं विश्व विरासत सूची में सम्मिलित पर्यटन नगरी खजुराहो में खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव  2024 खजुराहो में साहित्य कला और सिनेमा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जा रहा है ,जिसमें देश विदेश के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक एवं अभिनेता भाग लेंगे । 5 से 11  दिसंबर 2024  तक प्रातः 10:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक आयोजित विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम  नगर में आयोजित किये जायेंगे । मुख्य कार्यक्रम – शिल्प ग्राम  खजुराहो में होगा । कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मध्य प्रदेश के राज्यपाल महामहिम मंगू भाई पटेल जी करेंगे शुभारंभ के अवसर पर  अन्य आदि भी उपस्थित रहेंगे । प्रातः काल 10:00 से  कार्यशाला का शुभारंभ होगा जिसमें फिल्म में रुचि रखने वाले प्रतिभागी भाग लेंगे । खजुराहो अन्तर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव ” में *रंगमंच एवं फिल्म मेकिंग कार्यशाला  एवं मास्टर क्लास प्रसिद्ध अभिनेता कबीर बेदी  अभिनेत्री  पूनम ढिल्लों ,दीपक पाराशर निर्देशक नीरज पाठक केरला स्टोरी निर्देशक सुदीप्तो  सेन, राज शांडिल    प्रसिद्ध कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबरा प्रशिक्षण करेंगे। फिल्म एवं थिएटर पर्सनलिटी सुस्मिता मुखर्जी जी,राम बुन्देला जी, राकेश साहू जी, आरिफ शहडोली जी,आशीष रिछारिया जी,अनीता साहू जी,सर्वेश खरे जी के मार्गदर्शन में ये वर्कशाप सम्पन्न होंगी।  महोत्सव 2024को डिजाइन कला विशेषज्ञ  राहुल रस्तोगी जी ने किया है. यही पर मास्टर क्लास संपन्न होगी । भारतीय चलचित्र की भूमिका  पर सेमीनार का आयोजन होगा ।आयोजन में किसान जागरूकता, युवा मार्गदर्शन ,  मिशन शक्ति,नशा मुक्ति के लिए जन जागरूकता शिविर आयोजित किए जायेंगे । नगर के विभिन्न स्थानों में पाँच  टपरा टॉकीज के माध्यम से जनजागृति आधारित फिल्मों का प्रदर्शन होगा । इस वर्ष खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म  महोत्सव भारतीय सिनेमा के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना जी की स्मृति को समर्पित है . पांचो टपरा टॉकीज के नाम उनकी फिल्मों पर केंद्रित है टापरा टॉकीज में सुपरस्टार राजेश खन्ना जी की फिल्में दिखाई जायेगी । इसके अलावा पानी और किसानी आधारित भव्य प्रदर्शनी चिकित्सा शिविर ,लोक कला प्रदर्शनी बुंदेली व्यंजन प्रदर्शनी का विशेष आयोजन किया गया है । दसवें फिल्म महोत्सव की खास बात यह होगी कि इसमें विदेशी सिने कलाकार भी भागीदारी करेंगे। लॉरा वीसबेकर शामिल होंगी। लॉरा एक अभिनेत्री लॉरा वीसबेकर अंतरराष्ट्रीय बहुभाषी फ्रांसीसी अभिनेत्री हैं। वे हास्य कलाकार, लेखिका और निर्माता हैं। वे जैकी चैन की सीजेड 12 में उनकी भूमिका के लिए 2013 में सर्वश्रेष्ठ नई अभिनेत्री का चीनी हुडिंग पुरस्कार तीज चुकी हैं। उन्होंने जैकी चैन, सेड्रिक क्लैपिश, एली चौराक्वी, मार्क रोमनेक और टोनी मार्शल जैसे निर्देशकों के साथ फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका और चीन में काम किया है। जैकी चैन द्वारा अभिनीत और निर्देशित फिल्म चाइनीज राशि चक्र 12 में प्रमुख भूमिकाओं में से एक के लिए जैकी चैन द्वारा वीसबेकर को चुना गया था। यह फिल्म एशिया में एक बड़ी व्यावसायिक सफल शामिल हुई थी। इसी तरह तुर्की के अंतरराष्ट्रीय फिल्म मेकर मुस्तफा ओजगुन भी इस फ़िल्म महोत्सव में भाग लेने आ रहे हैं। उनकी फिल्मों का प्रदर्शन भी टपरा टॉकीजों में होगा। इस फिल्म महोत्सव में अपना उल्लेखनीय योगदान दे रहे, एस्टोनिया में रह रहे नितिन नंदा उपरोक्त हॉलीवुड कलाकारों के अलावा अन्य कलाकारों को भी विदेशों से लेकर आ रहे हैं। फिल्मों की शूटिंग की उम्मीदः 5 दिसंबर से 11 दिसंबर तक चलने वाला यह महोत्सव खजुराहो पर्यटन एवं फिल्म टूरिज्म के विकास के लिए हर साल सहायक होता हैं। इस बार यह उम्मीद की जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म मेकर्स के खजुराहो फिल्म महोत्सव में आने से खजुराहो में फिल्म शूटिंग की उम्मीद है। दसवां फिल्म महोत्सव विख्यात हीरो राजेश खत्रा जिन्हें लोग बाबू मोशाय के नाम से भी जाना जाता है। राजेश खत्रा की फिल्म के गीतकार, अभिनेता अभिनेत्रियां भी राजेश खत्रा को श्रद्धांजलि पेश करेंगे। कबीर वेदी भी महोत्सव का आकर्षण होंगे। प्रयास प्रोडक्शन और इस फ़िल्म महोत्सव के जनक फिल्म अभिनेता राजा बुंदेला द्वारा अनेक राजनेताओं को भी फिल्म महोत्सव में कलाकारों के उत्साह वर्धन के लिए आमंत्रित किया है। खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव में रीजनल सिनेमा में दिखाए जाने वाली फिल्मों की सूची  6 दिसंबर 2024 फिल्म बूंद निर्देशक जैनी और दीपायन मुंबई फीचर फिल्म जहां किला निर्देशक दीपक कदम पंजाब प्रदूषण लघु फिल्म निर्देशक सुरेश कुशवाहा दगना   फ़िल्म निर्देशक यशवंत  रायपुर छ. ग. गिल्ट लघु फिल्म निर्देशक प्रिंस  हरिद्वार एम् जीरो  फिल्म निर्देशक सूरज तिवारी आगरा फिल्म छोटा अ निर्देशक संदीप चंदेल फिल्म परवाह निर्देशक रूपेंद्र कुशवाह फिल्म 365 निर्देशक जगदीश शिवहरे फिल्म कोटा स्टोरी निर्देशक:- नीरज निगम एंड डॉक्टर मीनू फिल्म पुणे प्रारंभ निर्देशक:- भागवत लोहार फिल्म मटर पनीर निर्देशक:- चंदन मलाह  7 दिसंबर 2024  शौर्य लघु फिल्म निर्देशक प्रभात पांडे यह गांव मेरा डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्देशक:- हरीश पटेल फिल्म तवामेव सर्वंम निर्देशक:- मनोज सिद्धेश्वर तिवारी लेखक जीवन एस रजक व्हाट ए बिग डील शॉर्ट फिल्मफिल्म चीख निर्देशकों पायल कुशवाहा फिल्म चंबल पार निर्देशक संजीव राजसिंह फिल्म नाच बसंती नाच निर्देशक दिलीप रजा ‘ *अनाथ ‘* निर्देशक –  डीके उरई समय अवधि –  14.29 सेकेंड ऐज यू शो निर्देशक रणविजय पाल देबता . निर्देशक – इकबालअली, आमील खान  भूख लघु  फिल्म निर्देशक तुषार सिन्हा रीवा  स्मोक लघु फिल्म निर्देशक रेहान आबिद अली भोपाल फिल्म  द गिफ्ट  Insat Films: Bhopal Director : Vikram Sharma / Javed Iqbal Film  poitic justice निर्देशक विनायक मेहता भोपाल  8 दिसम्बर 2024 1 – फ़िल्म का नान – ऐज यू शो – इसके निर्देशक रणविजय पाल 2 – फ़िल्म का नाम, देबता. इसके निर्देशक – इकबाल अली, आमील खान 3 – फ़िल्म का नाम,आखिर कब तक, यह पिता पुत्र पर आधारित फ़िल्म है l इसके निर्देशक डॉ एन. एल. पटेल, खिरोधर सोंधिया हैl एसियंट सीक्र्ट्स एंड मॉडन डा.अमित मोहन  गूंज लघु फिल्म कप्तान सिंह कर्णधार फिल्म – रिश्तों की अहमियत निर्देशक नरेंद्र साहू भोपाल फिल्म केवट संवाद निर्देशक भानु तिवारी फिल्म तालियां अपनो की निर्देशक लक्ष्मी नारायण खरे दिल्ली फिल्म सतनाम निर्देशक सुनील शिवहरे फिल्म retour a pondicherry निर्देशक velu फिल्म बुनियाद निर्देशक :-अवनीश राणा फिल्म राखी का बंधन निर्देशक:- हिमालय यादव  9 दिसंबर 2024 दंगा लघु फिल्म निर्देशक यशवंत कुमार उमरिया शहडोल मध्य प्रदेश नशा जीवन का अंत निर्देशक विनोद यादव गलत फहमी निर्देशक – उस्मान खान, रणविजय पाल अनुराग निर्देशक डॉ. एन. एल. पटेल, तलाक अब नहीं  लघु फिल्म निर्देशक सूरज तिवारी आगरा फिल्म क नाम= एक सपना अपना भी, फिल्म निर्देशक का नाम= साहिल खान  फ़िल्म का नाम- लव यू मां निर्देशक- विजय तिवारी फ़िल्म का नाम- … Read more

जिले के 96 हितग्राहियों को 2 करोड़ 16 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि

सीधी                मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘‘मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना’’ के अंतर्गत 10 हजार 236 श्रमिक परिवारों को  225 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया। कार्यक्रम में सीधी जिले के 96 हितग्राहियों को 2 करोड़ 16 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि वितरित की गई। जिले में सभी जनपद मुख्यालयों तथा नगरीय निकायों में वेबकास्ट का सीधा प्रसारण किया गया, जहाँ हितग्राहियों द्वारा सहभागिता की गई। एनआईसी कक्ष में विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, अध्यक्ष जनपद पंचायत सीधी श्री धर्मेन्द्र सिंह परिहार, कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी सहित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीधी श्री अशोक तिवारी, श्रम निरीक्षक एवं प्रभारी श्रम अधिकारी श्री इंद्रजीत सिंह व हितग्राही शामिल हुए।  कार्यक्रम में जिले के संबल योजना अन्तर्गत 96 हितग्राहियों को 02 करोड़ 16 लाख रूपये अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया। जनपद पंचायत सीधी के 43 हितग्राहियों को 94 लाख रूपये, सिहावल के 10 हितग्राहियों को 24 लाख रुपये, कुसमी के 23 हितग्राहियों को 52 लाख रूपये, रामपुर नैकिन के 06 हितग्राहियों को 14 लाख रूपये, नगर पालिका परिषद सीधी के 05 हितग्राहियों को 12 लाख रूपये, नगर पंचायत चुरहट के 03 हितग्राहियों को 06 लाख रूपये, नगर पंचायत मझौली के 02 हितग्राहियों को 04 लाख रूपये एवं नगर पंचायत रामपुर नैकिन के 04 हितग्राहियों को 10 लाख रूपये अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया।

राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष रैंक वाली श्रृंखला मध्य प्रदेश में और विस्तार की योजना बना रही है: बड़वानी और ग्वालियर के बाद, राज्य की राजधानी भोपाल में नया स्कूल खुल रहा है; अप्रैल 2025 से सत्र

सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल्स ने मध्य प्रदेश के लिए भव्य विस्तार योजना का अनावरण किया; अगले 5 वर्षों में 10 के 12 स्कूलों की स्थापना की कल्पना  सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल भारत का सबसे सम्मानित शिक्षा ब्रांड है  राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष रैंक वाली श्रृंखला मध्य प्रदेश में और विस्तार की योजना बना रही है: बड़वानी और ग्वालियर के बाद, राज्य की राजधानी भोपाल में नया स्कूल खुल रहा है; अप्रैल 2025 से सत्र * सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल पूरे भारत के 6 राज्यों: उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश के 51 शहरों में 60+ स्कूलों का एक नेटवर्क संचालित करते हैं। * अगले 5 वर्षों में कम से कम 10 के 12 स्कूल खोलने की कल्पना * विस्तार से कम से कम 10,000 छात्रों के लिए स्कूली शिक्षा में वृद्धि होगी; 1500 शिक्षकों के लिए अवसर भी पैदा करता है, और स्कूलों से जुड़ी सहायक सेवाओं का समर्थन करता है। * रचनात्मकता और नवीनता पर ध्यान केंद्रित करना और छात्रों को सर्वांगीण विकास प्रदान करना भोपाल, 2024 भारत में सबसे सम्मानित और प्रसिद्ध स्कूल श्रृंखताओं में से एक, सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल देश भर में और विस्तार करना चाहता है। वर्तमान में, समूह पूरे भारत में 6 राज्यों और 51 शहरों में 4 प्रबंधन संरधान और 60+ K-12 स्कूल संचालित करता है, जिसमें 55.000+ छात्र और 1,500 शिक्षक समूह से जुड़े हैं। प्रबंधन की योजना अगले 5 वर्षों में एमपी में 10 स्कूल खोलने की है, जिससे कम से कम 10,000-12,000 छात्रों को शिक्षा के अवसर मिलेंगे। राज्य में, समूह की जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, इंदौर के साथ उच्च शिक्षा में पहले से ही उपस्थिति है। इसके बाद, बड़‌वानी और ग्वालियर में K-12 स्कूल स्थापित हुए और नवीनतम उद्यम राजधानी भोपाल में K. 12 स्कूल है। जयपुरिया ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्रीवत्स जयपुरिया ने कहा, हमने हमेशा माना है कि समग्र शिक्षा का उद्देश्य हमारे छात्रों को जीवन जीने के लिए आवश्यक सभी कौशल प्रदान करना है। अपनी जड़ों को मजबूती से पकड़कर, हम अंतरराष्ट्रीय मानसिकता को बढ़ावा देते हैं, क्योंकि हम आज के दिन और युग में इसके महत्व को पहचानते हैं क्योंकि हम 21वीं सदी के विश्व स्तर पर जिम्मेदार नागरिक बनने वाले व्यक्तियों के साथ काम करते हैं। हमारे स्कूत्त पिछले 5 वर्षों में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर 99% प्रथम श्रेणी के साथ भारत के शीर्ष 10 स्कूलों में शुमार है, और हमारे छात्र विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। स्कूल समाज के समग्र विकास में मदद करते हैं। छात्रों को शिक्षा मिलती है. परिवार और समुदाय जुड़ते हैं, गुणवत्तापूर्ण स्कूल से शहर का समग्र उत्थान होता है। कई नौकरियों पैदा हुई है औसतन 1000 छात्रों वाला एक स्कूल 100 से अधिक व्यक्तियों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा यह सहायक और सहायता सेवाओं के विकास में भी मदद करता है। राष्ट्र निर्माण के लिए वास्तव में एक नेक कार्यह। उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा परिवार 1945 से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है, हमने विस्तार की यह यात्रा वर्ष 2014 में शुरू की और प्रशंसा और प्रभाव देखा। हमने उत्तर और मध्य भारत पर प्राथमिक ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी यात्रा शुरू की। दस वर्षों के बाद, जिस तरह से हमारे स्कूलों को पसंद किया गया और 60 से अधिक परिसरों में प्रभाव पैदा किया गया, उससे हम अभिभूत है। अब भी, हमें बड़ी मात्रा में विकास टियर ॥ और टियर । शहरों से आने की उम्मीद है क्योंकि वहां उच्च गुणवत्ता वाले स्कूलों की पहुंच अभी भी कम है, जबकि इन शहरों में विकास की मांग तेजी से बढ़ रही है। हमारे स्कूल स्थानीय स्तर पर शिक्षा उद्यमियों के साथ सहयोग कर रहे हैं, और उनके लिए भी, यह विरासत में निहित एक जबरदस्त व्यावसायिक अवसर होगा। शहर और कस्बे गुणवत्तापूर्ण स्कूलों के आसपास विकसित होते हैं, हम इसे अखिल भारतीय स्तर पर पहले ही देख चुके है। हमारा मानना है कि इस मॉडल ने हमें राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा में अपने अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ उठाने की अनुमति दी है। जयपुरिया स्कूल के एक छात्र को हमेशा अधिकांश आधुनिक पाठ्यक्रम, शिक्षण के तरीके, अत्याधुनिक तकनीक और कई घटनाओं और बहुत उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षकों के माध्यम से अनुभव मिलता है, भले ही वह टियर 1 में हो। टियर 2 या टियर 3 शहर, छात्रों के लिए सीखने के परिणामों के विवरण का हमारा स्तर वास्तव में भारतीय स्कूल प्रणाली में क्रांतिकारी है। जयपुरिया द्वारा संचालित के-12 स्कूलों और प्रबंधन संस्थानों को सफलता मिली है और देश का विश्वास हासिल हुआ है। मध्य प्रदेश पर ध्यान पारंपरिक मूल्यों के साथ आधुनिक दृष्टिकोण का मिश्रण करते हुए एक अद्वितीय शैक्षिक अनुभव प्रदान करेगा। दस स्कूलों की स्थापना से राज्य में कम से कम 200 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे अर्थव्यवस्था और कल्याण में भी सकारात्मक वृद्धि होगी।सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, बड़‌वानी के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र मालवीयजी ने स्कूल की प्रगतिशील, सह-शैक्षिक दृष्टि को रेखांकित किया। “जयपुरिया समूह के समर्थन से, स्कूल ने एक मजबूत शैक्षिक आधार प्रदान किया है, जो गतिविधि- आधारित शिक्षा, समग्र विकास और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण पर केंद्रित है। स्कूल में शीर्ष स्तरीय सुविधाएं, इंटरैक्टिव डिजिटल कक्षाएं, अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और एक वैश्विक पाठ्यक्रम शामिल हैं। स्कूल खेल, कला और अन्य सहित 40 से अधिक गतिविधियाँ प्रदान करता है बहुत प्रसिद्ध डॉक्टर और शिक्षक ने कहा। डॉ मालवीय के प्रयासों से बड़वानी में बड़े पैमाने पर बदलाव आ चुका है। सभा को संबोधित करते हुए, भोपाल स्कूलकी अध्यक्ष, श्रीमती उमा शर्माजीने कहा, “हम जयपुरिया समूह के मध्य प्रदेश पर ध्यान केंद्रित करने से प्रसन्न है। ग्वालियर स्कूल शैक्षिक विशेषज्ञता पर ध्यान केंद्रित करके कार्य करता है, और नई दिल्ली से जयपुरिया ग्रुप कॉर्पोरेट कार्यालय की निरंतर निगरानी के साथ, हम भविष्य के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स की नींव प्रदान करने में सक्षम है। जयपुरिया एनईपी 2020 और एनसीएफ के अनुरूप हस्तक्षेप और सीबीएसई बोर्ड के अनुसार मार्गदर्शन के साथ क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। महान प्रक्रियाएं और भविष्यवादी दृष्टि हमें अलग करती है, जिसकी ग्वालियर जैसे बेहद प्रतिस्पर्धी शहर में जरूरत है। बहुत खुशी के साथ, सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल, भोपाल की निदेशक डॉ दिव्या तिवारीजी ने … Read more

मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को प्रदेश की उपलब्धियों से कराया अवगत

सोयाबीन एवं धान उपार्जन पर निगरानी के लिए मंत्री करें अपने-अपने क्षेत्र का दौरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अत्यधिक सार्थक रही विदेश यात्रा-मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को प्रदेश की उपलब्धियों से कराया अवगत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक निवेश के संदर्भ में की गई जर्मन एवं इंग्लैंड यात्रा अत्यधिक सार्थक और आशाओं से कहीं आगे साबित हुई। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए लगभग 78 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। विदेशी निवेश प्राप्त करने के पहले हमने प्रदेश में रीजनल कॉन्क्लेव आयोजित किए। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा के बाद अगली रीजनल कॉन्क्लेव नर्मदापुरम में 7 दिसम्बर को आयोजित करने जा रहे हैं। नर्मदापुरम् कॉन्क्लेव के पूर्व ही हमें बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। जिससे नर्मदापुरम् रीजन में उद्योगों के लिए 250 हेक्टेयर से बढ़ाकर 750 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रि-परिषद के सदस्यों को विभिन्न क्षेत्रों में किए जाने वाले आयोजनों और उपलब्धियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन और धान उपार्जन का काम जारी है। प्रदेश में 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक समर्थन मूल्य पर सोयाबीन का उपार्जन किया जा रहा है। अब तक 77 हजार से अधिक किसानों से 2 लाख 4 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जन किया गया है। प्रतिदिन 20 हजार मीट्रिक टन की आवक हो रही है। प्रदेश में 2 दिसम्बर से 1184 उपार्जन केन्द्रों पर धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर प्रारंभ है, जिसमें लगभग 7 लाख 68 हजार किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। मंत्रीगण अपने क्षेत्र में भ्रमण कर‌किसानों से उपार्जन प्रक्रिया एवं खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त करें। गीता जयंती, तानसेन शताब्दी समारोह तथा जन-कल्याण उत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 8 से 11 दिसम्बर तक उज्जैन और 11 दिसम्बर को भोपाल एवं समस्त जिलों में गीता जयंती का भव्य आयोजन किया जा रहा है। तानसेन शताब्दी समारोह 15 से 19 दिसम्बर तक ग्वालियर में आयोजित किया जायेगा। महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण तथा विकास से जुड़े जन-कल्याण उत्सव प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबंधित विभागीय मंत्री पृथक-पृथक कमेटी बनाएं। राज्य शासन द्वारा इन वर्गों के लोगों के लिए किए गए कार्यों को आमजन के बीच में लेकर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रातापानी अभयारण्य को प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व के रूप में स्वीकृति मिली है। विश्व में किसी भी राज्य की राजधानी से एकदम सटे एकमात्र टाइगर रिजर्व से न सिर्फ पर्यटन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि राजधानी के पास स्थित टाइगर रिजर्व के जंगलों, बाघों तथा अन्य जंगली पशुओं का प्रभावी संरक्षण हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदेश की जनता की ओर से धन्यवाद देता हूँ हुए कहा कि मध्यप्रदेश में 4100 मेगावाट के नवीन थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयला आवंटन की स्वीकृत प्रदान की है। इससे लगभग 25 हजार करोड़ रूपए के निवेश और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर इस प्लांट से सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो अभियान चंबल संभाग में पार्वती-कालीसिंध-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा लिंक परियोजना को केंद्र एवं राज्य सरकारों ने अपनी सहमति प्रदान की है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से प्रदेश के 11 जिलों के 2094 गांवों में लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना पर सहमति से बुंदेलखंड अंचल में सिंचाई सहज और सुलभ होगी।  

एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के राष्ट्रीय सम्मेलन में टूरिज्म बोर्ड ने की सहभागिता

भोपाल मध्यप्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने के लिये मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रयासों को निरंतर सफलता हासिल हो रही है। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के राष्ट्रीय सम्मेलन में म.प्र. टूरिज्म बोर्ड को सर्वश्रेष्ठ साहसिक पर्यटन राज्य (बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म स्टेट) के रूप में सम्मानित किया गया। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने टूरिज्म बोर्ड के संयुक्त संचालक डॉ. एस.के. श्रीवास्तव को यह सम्मान सौंपा। सर्वश्रेष्ठ साहसिक राज्य पुरस्कार उन राज्यों को दिया जाता है, जिन्होंने बुनियादी ढांचे, विविध गतिविधियों एवं नवाचारों के माध्यम से साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने में उत्कृष्टता हासिल की हो। प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति विभाग एवं प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने पुरस्कार पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी के मार्गदर्शन में प्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने हेतु विभिन्न स्तरों पर प्रयास किये जा रहे हैं। यह पुरस्कार न केवल हमारे प्रदेश की अद्वितीय प्राकृतिक संपदा और विविध पर्यटन अनुभवों की पहचान है, बल्कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों का भी परिणाम है। उन्होंने कहा कि सतपुड़ा, पचमढ़ी, अमरकंटक और नर्मदा घाटी जैसे स्थानों ने साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य में स्काई डाइविंग, ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों के संचालन ने युवाओं और साहसिक पर्यटकों को आकर्षित किया है।  

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के लिये तैयार है नर्मदापुरम्

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में संतुलित और सामान विकास के संकल्प को सकार करने के लिये पूरे प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में होगी, जिसकी तैयारी जोरों है। नर्मदापुम् राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय उद्योगपतियों के स्वागत के लिये तैयार है। इसके माध्यम से स्थानीय निवेशकों और उद्योगपतियों को भी प्रदेश की औद्योगिक रणनीतियों से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम में आयोजित होने वाले इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में नर्मदापुरम और आस-पास के क्षेत्र के औद्योगिक विकास और निवेश संभावनाओं के लिहाज से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों, विकासात्मक योजनाओं और विभिन्न उद्योगों की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। क्षेत्रीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में क्षेत्रीय उद्योगों से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। व्यापार संवर्धन केंद्र भी खुले रहेंगे, जहां निवेशक मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को देख सकेंगे और संभावनाओं पर चर्चा कर सकेंगे। यह सम्मेलन न केवल राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा। कॉन्क्लेव में निवेश के अवसर विषय पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आईटीईएस और ईएसडीएम, माइनिंग, पर्यटन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद दोहपर 12 बजे प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा राज्य के व्यवसायिक माहौल पर अपने विचार साझा किए जाएंगे। राज्य की विकासात्मक संभावनाओं पर एक शार्ट फिल्म का प्रजेंटेशन भी किया जायेगा। कॉन्क्लेव में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा।  

विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट की यूनिट ने लगातार 200 दिन उत्पादन का बनाया नया रिकार्ड

भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट की यूनिट नंबर 5 ने 200 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने नया रिकार्ड बनाया। इससे पूर्व इस यूनिट ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 178 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड दर्ज किया था। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई ने संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 के अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई दी। उन्होंने यूनिट के अभियंताओं व कार्मिकों की सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, कड़ी मेहनत व प्रतिबद्धता से लक्ष्य अर्जित करने का यह सर्वश्रेष्ठ व अनुकरणीय उदाहरण है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 ने इस वर्ष 17 मई से लगातार संचालित रहते हुए गत दिवस 200 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया। यूनिट ने 98.09 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ), 93.75 फीसदी प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) व यूनिट ने 5.81 प्रतिशत की ऑक्जलरी कंजम्पशन (एपीसी) की उपलब्धि हासिल की। यह यूनिट वर्तमान में भी सतत् विद्युत उत्पादन कर रही है। यह यूनिट 27 अगस्त 2008 को क्रियाशील हुई थी। 500 मेगावाट की इकाई ने पिछले वर्ष बनाया था अधिकतम विद्युत उत्पादन का रिकार्ड संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता कि इकाई क्रमांक पांच ने पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 3927.6 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन एवं 89.7 प्रतिशत पीएलएफ अर्जित करते हुए अभी तक का सर्वाधिक विद्युत उत्पादन व सर्वाधिक पीएलएफ अर्जित करने का रिकार्ड कायम किया था। यूनिट की कुल विशिष्ट तेल खपत 0.24 मिलीलीटर प्रति यूनिट रही थी जो कि अभी तक की न्यूनतम तेल खपत है।  

निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित कार्यशाला संपन्न : मंत्री सिंह

लोक निर्माण से लोक कल्याण नवाचार हमारी ताकत, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ इन्हें लागू करें : मंत्री सिंह निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित कार्यशाला संपन्न भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्रशासनिक अकादमी में किया गया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता एमडी एमपीआरडीसी अविनाश लावनिया,एमडी एमपीबीडीसी डॉ पंकज जैन,ईएनसी पीडब्ल्यूडी केपीएस राणा, ईएनसी (भवन) एसआर बघेल एवं ईएनसी भवन विकास निगम अनिल श्रीवास्तव सहित विभाग के अन्य सभी मुख्य अभियंता, वरिष्ठ अधिकारी एवं इंजीनियर उपस्थित रहे। विभाग में नवाचार,पारदर्शिता और सामूहिकता से बढ़ेगी कार्यक्षमता  लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में नवाचार, पारदर्शिता और सामूहिकता की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा “नवाचार हमारी ताकत है हमें नवाचार के साथ समरस होकर कार्य करना चाहिए।”  मंत्री सिंह ने कहा कि “विकसित प्रदेश से विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने में इंजीनियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हम सभी भाग्यशाली हैं कि हमें ‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’ की भावना को मूर्त रूप देने का अवसर मिला है। विभाग को अधिक जनहितैषी बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।” मंत्री सिंह ने विभाग में नए आने वाले इंजीनियर्स को प्रेरित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी नवाचारों के माध्यम से विभाग को और अधिक सक्षम बना सकती है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे हमारे युवा इंजीनियरों की नई सोच को समझें और अगर कोई सुझाव उपयोगी हो तो उसे अपनाएं। हमारे निर्णय सही होने के साथ सही दिखना भी चाहिए  निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीक व्हाइट टॉपिंग पर चर्चा के दौरान कुछ इंजीनियर ने सुझाव दिया कि व्हाइट टॉपिंग के लिए सड़कों का चुनाव करते समय परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों को भी सम्मिलित किया जा सकता है क्योंकि व्हाइट टॉपिंग के लिए ऐसी सड़के चाहिए जिनकी बुनियाद या क्रस्ट मजबूत हो। इस बात पर मंत्री सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारे निर्णय सही होने के साथ-साथ सही दिखने भी चाहिए। यदि तकनीकी रूप से ऐसा करना आवश्यक है तो इस आशय की सूचना सार्वजनिक रूप से जारी कर इस आवश्यकता को प्रचारित करना बेहतर होगा। अपने निर्माण कार्य को गर्व के साथ प्रचारित करें  मंत्री सिंह ने विभाग के अधिकारियों और इंजीनियर्स को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने निर्माण कार्यों के प्रति स्वामित्व का भाव रखते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ सामने आना चाहिए और गर्व से कहना चाहिए कि निर्माण हमने किया है। भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। कार्य की पूर्णता और सफलता तब होती है जब उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया जाए।”  मंत्री सिंह ने सड़कों और संरचनाओं की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा, “जो संरचनाएं हम बनाते हैं, उन पर पीढ़ियां चलती हैं। हमें गर्व होना चाहिए कि हम ऐसा काम कर रहे हैं जो लंबे समय तक समाज के लिए उपयोगी साबित हो।”  मंत्री सिंह ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, “हमारे अच्छे कार्य संवाद के अभाव में जनता तक नहीं पहुँच पाते हैं। हमें अपने कार्यों की जानकारी लोगों तक प्रामाणिकता के साथ पहुंचानी चाहिए।” मानक निविदा दस्तावेज पर हुई वृहद चर्चा विभाग में पहली बार ऐसा हुआ कि निविदा दस्तावेज पर इतने व्यापक स्तर और एक बड़े मंच पर गहन चर्चा की गई है। मानक निविदा दस्तावेज में सुधार की संभावनाओं को तलाशने के लिए अन्य राज्यों में प्रचलित निर्माण कार्यों के निविदा दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया गया। मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग से तीन अध्ययन दल महाराष्ट्र, तेलंगाना और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भेज कर निविदा शर्तों का अध्ययन कराया गया। इन दलों से प्राप्त सुझावों को कार्यशाला में सम्मिलित करते हुए इन पर विस्तार से चर्चा की गई। निविदा पत्र दस्तावेज में प्रस्तावित संशोधनो पर सार्थक चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि सभी निर्माण विभागों के लिए एक मानक निविदा दस्तावेज वर्ष 2014 में तैयार किया गया था। कालांतर में हुए तकनीकी विकास और नियमों में परिवर्तन के कारण इस दस्तावेज में अनेक सुधारो की गुंजाइश है। आज की आवश्यकताओं के अनुरूप मानक निविदा दस्तावेज को संशोधित कर निर्माण कार्यों को और अधिक पारदर्शी,गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।   निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने हेतु कार्यशाला में निविदा दस्तावेज में सुधार हेतु अनेक सुझाव प्राप्त हुए जिनमें मुख्य सुझाव इस प्रकार हैं:         2 करोड़ से अधिक लागत वाली सभी निविदाओं में प्रीक्वालिफिकेशन शर्तें लागू की जाएं पूर्व में यह सीमा 5 करोड़ थी।         अनुमानित लागत के 20% के बराबर के तीन कार्यों के अनुभव के स्थान पर 40% के तीन कार्यों को रखाजाए।         निविदाकर्ता के पास उपलब्ध मानव संसाधन और उपकरणों के लिए न्यूनतम शर्ते जोड़ी जाए।         2 करोड़ से अधिक के सड़क निर्माण कार्यों के लिए निर्माण स्थल पर गुणवत्ता परीक्षण लेब की स्थापना अनिवार्यकी जाए।         अव्यावहारिक दरें डालकर टेंडर प्राप्त की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए 80 प्रतिशत से कम दरें डालने वाले निविदाकर्ताओ से अंतर की दोगुनी परफॉर्मेंस गारंटी ली जाए। साथ ही बैंक गारंटी के स्थान पर फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट के माध्यम से परफॉर्मेंस सिक्योरिटी ली जाए।         क्षमता से अधिक कार्यों के ठेके लेने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए बिड कैपेसिटी संबंधी शर्तों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।         निविदाकर्ता के पास बैच मिक्स प्लांट, डब्लू एम एम मिक्स प्लांट एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता संबंधी शर्त जोड़ी जाए।         गुणवत्ता नियंत्रण हेतु समय-समय पर किए जाने वाले परीक्षणों, डामर की गुणवत्ता, आदि से संबंधित शर्तें भी जोड़ी जाए।  इसी प्रकार कंसलटेंट के चयन हेतु निर्धारित निविदा दस्तावेज पर भी अनेक सुझाव प्राप्त हुए जिसे कंसलटेंट एजेंसी और नियुक्त इंजीनियरिंग स्टॉफ की गुणवत्ता में सुधार हो सके।  मंत्री सिंह राकेश सिंह ने इन सभी सुझावों के अनुसार निविदा दस्तावेज में सुधार करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।  मानक निविदा दस्तावेज में सुधार की यह प्रक्रिया न केवल कार्यकुशलता को बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि ठेकेदारों से होने वाले विवादों को … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को दी जानकारी

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के “मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट” पर सहमति  पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी परियोजना के  “मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट” पर हस्ताक्षर की सहमति बन गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के “मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग” के बाद अब उसके “मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट” पर हस्ताक्षर की सहमति बन गई है। योजना की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए मंत्रि-परिषद के समक्ष संक्षेपिका 15 दिवस में प्रस्तुत की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के पूर्व मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 75 हजार करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश के 11 जिले गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर और मुरैना के 2094 गांवों में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। साथ ही पेयजल एवं औद्योगिक आपूर्ति के लिए जल भी उपलब्ध होगा। योजना में मध्यप्रदेश में 21 बांध एवं बैराज बनाए जाएंगे। योजना अंतर्गत प्रदेश में कराए जाने कार्यों की लागत लगभग 36 हजार 800 करोड़ रुपए है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के चंबल और मालवा क्षेत्र के लाखों किसानों का जीवन बदलेगा। उन्हें न केवल सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, अपितु संबंधित क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की 17 परियोजनाएं एवं राजस्थान की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना शामिल हैं। परियोजना की कुल लागत 72 हजार करोड़ रूपए प्रस्तावित है। परियोजना के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश के कुल लगभग 6.11 लाख हेक्टेयर नवीन क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल व उद्योगों के लिए लगभग 172 मि.घ.मी. जल का प्रावधान किया गया है। परियोजना से लगभग 40 लाख परिवार लाभांवित होंगे। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना में मध्यप्रदेश से प्रारम्भ होने वाली पार्वती, कूनो, कालीसिंध, चंबल, क्षिप्रा एवं सहायक नदियों के जल का अधिकतम उपयोग किया जायेगा। परियोजना के अंतर्गत श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स में 04 बांध (कटीला, सोनपुर, पावा एवं धनवाड़ी), 02 बैराज (श्यामपुर, नैनागढ), कुम्भराज कॉम्पलेक्स में 02 बांध (कुम्भराज-1 एवं कुम्भराज-2) तथा रणजीत सागर, लखुंदर बैराज एवं ऊपरी चम्बल कछार में 07 बांध (सोनचिरी, रामवासा, बचेरा, पदुनिया, सेवरखेडी, चितावद तथा सीकरी सुल्तानपुरा) शामिल हैं। इसके अलावा गांधी सागर बांध की अपस्ट्रीम में चंबल, क्षिप्रा और गंभीर नदियों पर छोटे-छोटे बांधों का निर्माण भी प्रस्तावित है। राज्य शासन की यह एक बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। केन्द्र सरकार के सहयोग से बनने वाली इस परियोजना का कार्य आगामी 05 वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा। परियोजना अंतर्गत कुल 21 बांध, बैराज एवं बैलेंसिंग रिजर्वायर आदि का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही परियोजना में मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के मध्य मौजूदा चंबल दायीं मुख्य नहर (CRMC) एवं मध्य प्रदेश क्षेत्र में CRMC सिस्टम को अंतिम छोर तक नवीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु प्रावधान रखा गया है, जिससे मध्य प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिण्ड जिलों को सिंचाई एवं पेयजल हेतु आवंटित जल प्राप्त हो सकेगा। जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के मंत्री, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री और दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव एवं सचिव की उपस्थिति में दिनांक 28 जनवरी 2024 को परियोजना की डी.पी. आर. तैयार करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स की 06 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण, भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। शेष परियोजनाओं की डीपीआर विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना सह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का भारत सरकार से प्राप्त ड्राफ्ट समझौता अनुबंध (MOA) को मध्य प्रदेश शासन द्वारा संशोधन उपरांत भारत सरकार को 25 अक्टूबर 2024 को प्रेषित कर अनुरोध किया गया था कि मध्यप्रदेश के बिन्दुओं (कार्यों) को MOA में समावेश कर अंतिम रूप दिये ड्राफ्ट समझौता अनुबंध (MOA) को मध्य प्रदेश शासन को भेजें, जिससे अंतिम ड्राफ्ट (MOA) पर शासन से अनुमोदन प्राप्त किया जा सके।  

किसान ओरिजनल की जगह डुप्लीकेट खाद खरीदने को मजबूर

किसान ओरिजनल की जगह डुप्लीकेट खाद खरीदने को मजबूर अन्नदाता के खेत ताव पर सरकार खाद की पूर्ति नही कर पा रही बमीठा राजनगर तहसील में अन्नदाताओं किसानों को वेयर हाउस, सोसायटियों से खाद नहीं मिल रहा व्यापारियों द्वारा डुप्लीकेट खाद की बिक्री जोरो पर की जा रही है अन्नदाताओं के खेत ताव पर है लेकिन सरकार उन्हें खाद उपलब्ध कराने में अक्षम है किसान मजबूर हो कर डुप्लीकेट के खाद ख़रीने को मजबूर हैं व्यापारी किसान की मजबूरी का भरपूर फायदा उठा रहे हैं राजनगर क्षेत्र में किसानों को एन पी के 123206 डुप्लीकेट खाद बेचा जा रहा है किसानों ने इस खाद को खेत मे डाल कर बोनी कर दी 5-,6के बाद फसल उग आई लेकिन खाद अभी तक नहीं घुली यह खाद घुलनशील नहीं है डुप्लीकेट खाद से किसानों की मेहनत पर पानी व्यापारी फेर रहे हैं 7सात सौ की बारी 15 सौ रुपये में बेच कर मुनाफा कमा रहे हैं क्षेत्र में खाद की किल्लत ज्यादा ही है डुप्लीकेट खाद बेकवाने में व्यापारी नीचे से ऊपर तक के अधिकारियों को संभाल कर धंधा करते हैं सभी को नजराना भेट किया जाता है कहावत चरितार्थ है जब काजल नही होता तो लुगर अंजा जाता है वर्तमान में अन्नदाता किसानों की स्थिति ऐसी ही है अब देखना है क्या डुप्लीकेट खाद बेचने वाले व्यापारियों पर कोई कार्यवाही होनी या अन्नदाता किसान ठगते रहेंगे शुभांशु शुक्ला खजुराहो*।।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से हुआ चीता अभियान शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई चीते हमारे प्रदेश ही नहीं देश की भी धरोहर, इसको संभालकर रखना है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से हुआ चीता अभियान शुरू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चीता दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पूरे देश में वन्यजीवों के लिए एक आदर्श स्थान है। इसी कारण मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट बना है। चीते हमारे प्रदेश ही नहीं देश की धरोहर हैं। इस नाते इस धरोहर को हमें संभालकर रखना है। चीतों से हमारा ऐसा ही आत्मीय स्नेह बना रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों की सौगात मिली है। “अग्नि और “वायु” को स्वतंत्र वन क्षेत्र में छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों के साथ मध्यप्रदेश में पर्यटन भी रफ्तार भरेगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि भारत के सभी राज्यों में जितने टायगर नहीं हैं उससे अधिक संख्या में मध्यप्रदेश में हैं, जो एक रिकार्ड है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने दो दिन पहले ही टाइगर रिजर्व को मंजूरी दी है। रातापानी टाइगर रिजर्व 8वें क्रम पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार माधव टाइगर पार्क के लिए भी जल्द ही आवश्यक मंजूरी देने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग सौ साल पहले चीता मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देश या एशिया से भी विलुप्त हो गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से हमने अन्य महाद्वीप से लाकर इस प्राणी को अपने यहां बसाने का अभियान शुरू किया। मुझे संतोष है मध्यप्रदेश में चीतों का परिवार फल-फूल रहा है। अब उनकी नई पीढ़ी आंखें खोल कर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस प्रयोग से आगे चलकर यह संभव होगा कि अन्य राज्य भी भागीदार बन सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीता दिवस के अवसर पर आनंद के क्षणों के साथ प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देना चाहता हूँ जिनके प्रयासों से हमें यह चीता प्रोजेक्ट मिला। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विभिन्न आयोजन अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर श्योपुर जिले के विभिन्न हिस्सों में कूनो राष्ट्रीय उद्यान द्वारा चीता-मित्रों की रैलियों का आयोजन किया गया। इस अवसर को यादगार बनाने के लिये भारतीय भूमि पर चीतों के रोचक छायाचित्रों से भरपूर कूनो राष्ट्रीय उद्यान के ऑफीशियल कैलेण्डर-2025 का विमोचन पालपुर में किया गया। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर एक लघु फिल्म जारी की गयी। फिल्म में चीता परियोजना के पिछले 2 वर्षों की झलक दिखायी गयी। नेशनल पार्क के अंतिम विस्थापित ग्राम बागचा की एक वीडियो स्टोरी भी जारी की गयी। इस अवसर पर वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल, पीसीसीएफ एण्ड होप असीम श्रीवास्तव, पीसीसीएफ वन्य-जीव शुभरंजन सेन एवं मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक और चीता स्टीरिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजेश गोपाल, सदस्य डॉ. एच.एस. नेगी और सलाहकार डॉ. एस.पी. यादव उपस्थित रहे।  

बांध सुजारा की नहर बनी शो फीस, ध्यान समय पर नहीं आ रहा है पानी किसान बूंद-बूंद के लिए परेशान

टीकमगढ़ टीकमगढ़ जिले की तहसील पलेरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कनेरा बम्होरी मोतीजरिया  जीत कौरा टीला नरैनी और कई ग्रामों में किसान पानी के लिए बूंद बूंद के लिए परेशान आखिर किसके इशारे पर  हो रहा है या खेल समय पर नहीं मिल रहा है किसानों को पानी आखिर कौन है उसका जिम्मेदार कई ग्रामों में अवैध कनेक्शन कर दिए गई लेकिन आखिर कौन कर रहा है या अवैध कनेक्शन किसके द्वाराखेला जा यह भ्रष्टाचारियों का खेल क्यों नहीं होती है इन पर कार्रवाई इस संबंध में कनेरा ग्राम के लोगों ने कलेक्टर साहब और एसडीएम साहब को आवेदन दिया है आखिर किसकी देख रेख में चल रहा है यह खेल क्यों नहीं दिया जाता है पानी ग्राम के लोगों द्वारा बताया गया कि कई हजारों हेक्टर जमीन असंचित पड़ी हुई है नहर को देखकर कब पानी आएगा लेकिन आज तक परी नहीं आ रहा है ग्राम के लोगों का कहना है कि जब सुजारा बांध के पाइपों को डाला गया तब हमारे ग्रामों में इतनी खुशी हुई कि अब हमारे खेत संचित हो जाएगी और हमारा परिवार अच्छी तरह से पल जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं है सुजारा बांध की नहर बनी सो फीस भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा जगह-जगह अवैध कनेक्शन कर दिए गए हैं अब देखना यह खबर की जल्दी इस पर क्या कार्रवाई होतीहै या पिछली साल जैसी लीपापोती होती है इस संबंध में नहर के ठेकेदार से बात की गई तो उन्होंने लीपा पोती करते हुए मीडिया के सवालों से बचते नजर आए

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet